my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
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my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १नमस्कार दोस्तो मे अेकनयी स्टोरी लिखने जारहा हुं येजो किस्सा हे वोँ इनसेस्ट ओरलव कहानी केँ संग अेडल्टरीभी हेयह मात्र मनोरंजनके लीयेलीख रहाहुं यह किस्सा सीर्फ मेरी कल्पना हेओर मेने जीवनमे कुछ अनुभुती कीहे उसके आधारका सहारा लेकरलीख रहाहुं
मेरा मकसद कीसीकी भावनाओको ठेस पहोचाना नहींहे मेरी कोसीस यही रहेगी, ओरकथा आपको अच्छी लगे तौ कोमेन्ट करके मेरम उत्साह बढाते रहेना क्युकी यहकथा मे अेक अेसे सीचुअेशनमे लीखरहा हुं जौ मेरेकइ स्वजन यह कोरोना महामारीके कालमे मरते हि जारहे थें तब मे बहोत अपसेट रहेने लगातब मेने मेरे मनको डाइवर्ट करनेकी सोचीओर मुजे मोबाइलमे यह अेक्सफोरम साइटहाथ लगगइतब मेने सोचाकी चलो अेसीकथा मेभी लीखुओर मेने स्टोरी लीखना सुरुकीया ओर लीखताही गय़ा कभीकभी तौ मेनेइसे १४ घंटे लगातार बैठके लीखता हि रहाओर लीखते लीखते ३०००पने कब लीखलीये पताही नहींचला तौ चलीये किस्सा सुरु करतेहे
यहकथा सीर्फ मेरीअेक कल्पना हे जोँ अेक परिवार कि हैं यह स्टोरी मे हिरोकी जुबान सें चलानेकी कोसीस कररहा हुं, तोँ आइअे सुरुआत करतेहे, हमारा अेक छोटासा परिवार हैं मे गुजरात कां अेक छोटासा सहेर कां रहनेवाला हुं हमारे सहेरकी बस्तीमें तकरीबन ५लाख सें ६.५लाख लोग रहेते हे मेरे पापाका बहोत बडा बिजनेस थां उसका कारोबार हमारे सहर केँ अलावा दुसरे राज्योमेंभी फैलाहुआ थां तब मे १२ कक्षामें पढता थां आप् कहेगे इतनाबडा कारोबार थातो छोटे सहेरमे क्यु रहेते थें तोँ आपकोआगे पताचल जायेगा
मे पढाइके अलावा दुसरी चीजोमें ज़्यादा ध्यान देता थां जेसे कि इलेक्टड्ढोनिक्स, मीकेनीकल, पेन्टींग, जीम मे जानां, कराटे वगेरे चीजोमें ज़्यादा दिलचस्पी थि अेसा नहीं केँ मे पढाइ मे कमजोर थां इसमे भि अच्छे परसेन्ट सें पास होता थां, मेरे परिवार मे माँ, पिताजी, दादीमा, अेकबडी बहेन, मे, ओरअेक छोटी बहेनहे हमारा घर-मकान अेक बंगलो हे जौ १००० स्कवेर मीटर मे हेआगे लोन, पार्किंग, निचे अेक बडासा होल रसोईदो बडेरुम ओर उपरकी मंजील मे तीनरुम ओर खुला टेरेसहै तोँ आइअे मेरे परिवार कां परिचय करवा देताहुं
पिताजी : अमीतजी उमर४५ साल बहोत सांत स्वभावके थें हमारे सहरमें ओर दुसरे राज्यो मे भि उसकेकइ फेक्टरी थि उनका अच्छे कारोबार कि वजहसे उन्हे बहोत सारी प्रोपर्टीया भि खरीदकर रेन्ट पर्र देरखी थि हम् दो पीढी बैठे बैठे खाये तौ भि हमे बहुत पेसे मीलते रहे अेसी पापाने व्यवस्था कि हुइ थि ओरअब वोँ इस दुनीयामे नहीं हैं
माँ : सुसीला उमर४१ वर्षअेक हाउसवाइफ थि पिताजी कि तरह बहोत सरलओर सांत स्वभाव कि थि दोसाल पहेले माँ, पिताजी अेक बिजनेस टुर पे गये थें तब लोटते टाइमअेक वाहन हादसे मे उनकीमोत होगयी
दादीमा : कुंवर उमर६४ साल माँ, पिताजी केँ हादसे केँ बाद बहोत बडा सदमालगा उसकीवजह सें उनको पेरेलेसीस कां दोरापडा जीनकी वजह सें वोँ बिस्तबर मे हे, स्वयं वेकुछ नहिंकर सकतीहमे उनको खानां पीलाना नहलाना पडता हैं जोँ हम् सभीभाइ, बहेने मीलकर उनकी सेवा करतेहे इसे हम् सभी हमारा सौभाग्य मानते हैं वोँ अेक नीचेके लास्ट वालेरुम मे हे
बडी बहेन : नंदीनी उमर२२ सालकद ५.१०फुट प्यारसे उसेसभी नेनु कहकर बुलाते हे ग्रेज्युअेसन खतमकर चुकीहे आगेकुछ करने कां इरादा नहिंहे मां, पापाकी मोत केँ बाद सारे घरकी जीमेदारी संभालती हैं तीखेनैन नक्स लम्बे बाल साइझ ३३, २९, ३२ सुंदरताकी देवी जेसे संपुर्ण आदर्श नारीके गुण होते हैं वोँ सभीगुण मेरी बहेन मे थें बहुतहि सरल स्वभाव सबको बहोत प्रेम करती हैं विषेस मेरा बहोत खयाल रखती हैं मुजे मां, पापाकी कमीकभी महेसुस नहीं होने दि, कभी प्रेम व्यार केँ चक्कर मे नहींपडी मां पिताजी थें तब केहती थि जहा आप् चाहोंगे मे वहिं सादी करुंगी हम् प्यारसे उसे नेनु कहेते हे
मे : राजउमर २१साल लंबाई ५.११फुट, प्यारसे मुजेसभी राज कहकर बुलाते हैं फाइनल यर मे हुंजीम कि वजह सें अच्छी बोडी हैं अब वर्कआउट घऱ पे करताहुं उपर कि मंजील मे लास्ट वालारूम मे रहेता हुं कोलेज मे ज़्यादा साथी नहिं हैं सीर्फ दोतीन यार हि हे जोँ कोलेज तक सीमीत हैं कभी प्यारके चकर मे नहींपडा अेसा नहीं हैं कि कोइ लडकी पटती नहिं मेंहि इन चीजो मे पडना नहीं चाहता, मेरा मानना हैं कि प्रेम केवल दिलका मामला हैं इस लिये उसको इमानदारी सें सारी जींदगी निभाना चाहिये प्रेम सीर्फ मोज याँ केवल सेक्स केँ लिये नहीं होना चाहिअे यह मेरी नीझीसोच हे, कोलेज जाके इसका (प्रेम, सेक्स) सारा ज्ञान बातो सें चर्चा केँ माध्यम सें याँ पोर्न फिल्म द्वारा लें चुकाहुं मेरे पेनीस कि साइझ ६.२५ङ्कङ्क घऱ मे मेरा पर्सनल पी.सि। भि हे जीसके माध्यम सें मे माँ बेटेकी, भाइ बहेन, मौसी भांजा, चाची भतीजा कि सेक्स कहानीया पढता रहेता हुंफिन मेरा नजरिया मेरे बहेनोके प्रती बदलने लगा क्युंकी मे बचपनसे अपनी छोटी बहेनको अेक पत्नीकी नजरसे हि देखता थां मे प्यारको अेक पवित्र रिस्ता मानता हुं प्रेम मे सेक्स होता हैं, सेक्सके लिये प्रेम नहिं होता अेसा मेरा मानना हे, मे थोडा बहोत आध्यात्मीक इन्सान भि हुं जोँ पुजा, मंदिर मे भि जाताहुं, मुजेनइ चीजोकी इन्वेशन मे ज़्यादा रुचीहे तौ पापाकी बंधपडी हुइ फेक्टरीमें कुछना कुछ करता रहेता हुं, ओर मे कभीकभी कोलेजमें सोखसे गाना भि गा लेताहुं
छोटी बहेन : सोनीया उमर१९ साल लंबाई ५.८फुट बारवी कक्षा मे पढरहि हैं स्वभाव अेकदम मस्तीखोर चुलबुली हमेसा नेनुओर मेरी टांगे खीचती रहेती हैं हम् दोनोको बहोत प्रेम करती हैं उसे हम् प्यारसे सोनु कहेते हे हम् दोनोमें किसीभी बिमार पड जाये तोँ सबसे ज़्यादा चिंता उसीको रहेती हैं क्यु कि वोँ भि मुजे बचपनसे अपनापती मानती थि यहबात उसने मुजे बादमे बताइ, दिखने मे किसी हिरोइन सें कम नहीं लगतीअेक दमहोट ओर सेक्सी टाइप लगती हैं साइझ ३१, २८, ३१ बाल लम्बे घुटनो तक जेसे कामदेव कि मुरत लगतीहे स्कुल जाने केँ लियेअेक स्कुटी दिलवाइ हैं वोँ उसीमे घुमती रहेती हैं इनकी बहुत सारी फ्रेन्ड्स भि हैं जौ आयेदिन हमारे घऱ पे आती जाती रहेती हे वोँ उपर कि मंजील मे मेरेबगल वालेरुम मे रहेती हैं हम् सभी प्यारसे उसे सोनु बुलाते हे वोँ कभीकभी स्कुल कां कोइ प्रोजेक्ट करने केलिये मेरा पी.सि.युझ करने केँ लिये याँ गप्पे सप्पे मारने केँ लिये मेरेरुम मे आजाती हे
नेनुकी सहेली : अंजना उमर तकरीबन २४साल कद५.१फुट बाल अपने चुतड तक लंबेहे बहोत हि आकर्सक चहेरा उसे देखते हि खडा हौ जाये साइज३६, ३०, ३६ जौ मेरेही कोलेजमें टेक्नीकल विभागमें हेओर नेनु कि खास सहेली हे हम् उसे अंजु कहेगे
अब दुसरे केरेक्टर जरुरत पडनेपर आगेअेड करके उसका परीचय देता ररुगा तोँ आइअे किस्सा कि तरफ बढतेहे
जब माँ, पिताजी कां हादसा हुआ तौ हम् मानसीक रुप सें टुट चुके थें अेसा नहीं थां कि हमे फाइनान्सीयल तकलीफ होगइ क्युकी पिताजी कां बिजनेस बडा थां ओर पापाने बहोत सारी प्रोपर्टी भि ली थि जोँ बहुत प्रोपर्टी रेन्ट पर्र देरखी थि जौ इसका किराया हर महिने टाइमपे आजाता थां केवल किरायाहि महिनाका ६.५लाख आजाता थां तोँ वोँ प्रोबलेम नहीं थि, लेकीन दादीमा ओर मुजे ज़्यादा तकलीफ हुइ क्योकी पिताजी मेरा बहुत ख्याल रखते थें इसकाअेक कारण थां कि बचपन मे मुजे पेरमें इफेक्ट आगया थां पिताजी मम्मीने बहोत खर्चा करके मुजे९८ % चलने फिरने लायक बनाया जब मे चलताहुं तोँ बहोत मामुली असर दीखता हैं बाकी कीसीको पता भि नहीं लगताइसी कारणसभी मेरा बहोत ख्याल रखते हैं
फिन हम् सबको नेनुने संभाला ओर हम् सबकोइस टड्ढेस सें बहार निकाला, अधिकतर लञ्च डिनर हम् साथमें करते हैं पहेले दादीको खानां खीलाके हम् सभीसंग बेठके खानां खाते हैं वक्तके संगसभी नोर्मल होताचला गय़ा, येसभी सोचते सोचते मे रातको आंसु बहाता कबसो गय़ा पता नहींचला तभी मेरे कानोमें आवाज़ आनेलगी
नेनु : राज उठजा कितनी देर सोता रहेगा कोलेज नहीं जानां क्याँ?
मे : सोने दोना नेनु अभि तोँ सोयाहुं
नेनु : अभीके बच्चे सुभहसात बज गय़ा हैं कुंभकर्ण उठजाओर कोलेज चलाजा
मे : क्याँ सातबज गये?यह कहेकर मेने रजाइ निकाली ओर फटाक सें उठकर दीदीकी तरफ देखा तौ हसरहि थि लेकीन जेसे मेरे चहेरे कि तरफ देखा तोँ रात केँ आंसु चहेरे पर्र जमगये थें वोँ देखके गभरागइ ओर मेरेबेड पे मेरेसंग बैठगइ
नेनु : क्याँ हुआथा रातको क्यु रोया थां बेबी(कभी कभी प्यारसे बेबी बुलाती हैं)
मै : कुछ नहींहुआ दि बस अेसेही.
नेनु : तुजे मेरीशपथ, बतारात कों क्यु रोया थां?
मै : कुछ नहीं दि बस मां पापाकी याद आँ गइ थि, यह सुनते नेनु नें मुजेगले लगाया ओर खुदकी आंखे भि नम होगइ
नेनु : मे हुं नाँ बेबीकुछ चाहिये थां क्याँ? बता मुजे
मे : नहीं दि कुछ नहीं चाहिअे बस अेसेहि यादआगइ
नेनु : अच्छा चल जलदी तयार होजा मे तेरे लीये नास्ता लगाती हु, यह कहेके मेरे सरपेकिस करकेचली गइ
मे भि जलदी उठके बाथरुम मे चला गय़ा ओर फ्रेस होकर बहार आगया सजधजकर होके निचे आयातो डाइनिंग टेबल पऱ सोनु भि थि
मे : गुड मोर्निंग दि
सोनु : मोर्निंग भाइआज तौ हिरोलग रहे हौ किसपे बिजली गीराने जारहे होँ?
मे : चुपकर बंदरीया कोलेज जारहा हुं, यह सुनते हुअे नेनु किचनमें नासता बनाते हुअेहस रहि थि
सोनु : देखो दि भाइ मुजे बंदरीया कहेता हैं ओर आप् खडेखडे हसरहि होँ?
कहेते हुअे वोँ चेर सें उठ केँ मुजे मारने केँ लीये मेरीतरफ दोडी मे उठके भानेलगा लेकीन उसने मुजे पिछेसे कसकेपकड लीया मे छुडाने कि कोसीस करनेलगा ओर मे अेकदम पलट गय़ा ओरउसे पकड केँ कसकेभीच दिया अेसालग रहा थां कि दो प्रमी आलिंगन कररहे थें सोनु केँ बुब्स मेरे छाती मे दबगये थें तोँ वोँ अेकदम सरमागइ ओर मुजसे हसते हुअे तीरछी नजरसे देखते हुअे कहनेलगी
सोनु : भाइ प्लीज छोडदो मुजे दर्द हौ रहाहे, पलीज.प्लीज.
मेने अपनीपकड थोडी कमकीओर हम् अेक दुसरे कि आंखो मे देखने लगे वोँ थोडा सरमाके अपनीनजर जुकाली आज मुजे अपनी बहेनके प्रती कुछअलग हि फिलींग्स हुइ ओर उनकी मेरे प्रती क्याँ फिलींग्स हे वोँ जानने केँ लीये मेनेआगे बात करना जारीरखा
मे : नहीं छोडुगा अेसे पकडके रखुंग तुजे हिमत हैं तोँ छुडाले मुजसे
सोनु : भाइ मे आपसे अमने आप् कभी नहींछुट सकती छोडदो प्लीज नेनुदी देख लेगी
तभी हमे रसोई कि तरफ सें कुछ आवाज़ आइ तोँ हम् जटसेअलग होगये ओर डाइनींग पर्र बेठगये सोनु अपनासर जुकाके मंदमंद हसरही थि तभी नेनुचाइ ओर नास्ता लेकरआइ ओर हम् सभीसंग मे बेठके नास्ता करनेलगे तभी सोनु बोलि
सोनु : भाइकल मेरी स्कुटी मे कुछ प्रोबलेम आगइ हैं ठीक सें चल नहींरहि उसे रिपेर करवाना पडेगा तोँ कोलेज जाते वक्त मुजे स्कुल छोड दोगे प्लीज.
मे : स्योर दि ओर तुम्हारी स्कुटी मे सामको ठीक करवालुंगा नो टेन्सन ओके
सोनु : (मेरीओर हसते)ठीक हैं भाइ थेन्क्स
नेनु : सुनराज शाम कों कुछ सोपींग करनी हैं मेरेसंग चलना
मे : ठीकहे दि चलुंगा पर्र आप् स्कुटर चलाना क्यो नहिं सीखती मे आपको सीखाउंगा
नेनु : नाँ बाबा मुजे नहीं सीखनी तुजे लेँ जानां हैं तौ लेजा वरना रिक्षा मे चली जाउंगी
मे : क्याँ दि मेने थोडी हि मना कीया हैं आप् कहो तोँ सारी जींदगी आपको गाडी मे डड्ढाइवर बनके घुमाता रहुंगा आप् हुकुम करो हैं.हैं.हैं.
नेनु : चलचलठीक हैं नौटंकीबाज हम् शाम५बजे जायेंगे ओर सोनु तुजेकया क्याँ लेनाहे तेरी लीस्ट मुजेदे देनाओर राज तोँ संगचल हि रहा हैं
सोनु : दि वोँ मे दोपहर कों स्कुल सें आने केँ बाददे दुंगी
मेरी नेनु दीदीको स्कुटर चलाना नहिंआता अेकबार कोसीस कि थि लेकीन बुरीतरह गीरपडी थि उसे बहुतचोट आइ थि तबसे बहुतडर गइ हैं, मेरेपास अपनी बाइक भि हे पापाकी कारभी हैं जोँ हम् कहिं फंक्शन याँ दुसरे सहर जानां हौ तब इस्तमाल करतेहे मे कभीकभी सामको याँ रात कों घुमने लीये नीकालता हुं, हम् नास्ता करके तैयार होगये ओर नीचेहोल मे आके सोनुका वेइट करनेलगा देर लगने पऱ मेने सोनुको आवाज़ लगाइ
मे : चलअे छिपकली सारादिन रुम मे चीपकती रहती हैं
सोनु : आइ भैइया क्याँ मे तुजे छिपकली दिखती हुं (धीमी आवाज़ मे) बंदर कहिका
मे : क्याँ बोलि ठहेरतु अभि
कहेके मे उसे पकडने भागा तोँ वो दोडके नेनु केँ पीछेछीप गइ
सोनु : बचाओ दि भाइको कहो नां पकडे मुजे
नेनु : अरे क्याँ तुम् दोनो बच्चोकी तरह लडते रहेते हौ, सोनु रहनेदे उसेओर हां अभि उसको छोडके दोपहरको छुटी केँ बाद उसको वापीस भि लेते आनां बंदरीयाको, (कहके दिदी ठहाका मारके हसनेलगी)
सोनु : दि आप् भि, जाओ मुजेबात नहीं करनी किसीसे
वोँ पैरपटक केँ बहार जानेलगी तोँ नेनु नें उसकाहाथ पकड लीयाओर उसेगले लगा लीयाओर सोरी बोलके गाल पे पप्पी दि सोनु मुस्कराके बहार जानेलगी फीर दि नें मुजे ध्यानसे स्कुल पहोंचाने कां बोलके मुजे भि हग कीया तोँ मेने अपनागाल उनके सामने कर दीया तौ उसने मुजे गालपे चुटकी भरके
नेनु : चलजा बदमास ओर ध्यान सें चलाना, (कहके कीचन मे जानेलगी)
मे : बाय दि.
कहके बहारचला आया तौ सोनु बाइकके पासखडी थि मे बाइक स्टार्ट करकेबैठ गय़ा सोनु भि पीछे दोनोपेर पसारके बैठगइ लेकीन थोडी दुरी बनाके बैठी थि तौ सुबहकी घटना केँ बाद मेरी फिलींग्स कुछअलग लगरही थि तोँ मुजे थोडी मस्ती सुजी मेनेजान बुजके बाइक स्पीड बढाइओर अेक कारके आगे जाकेजोर सें ब्रेक लगाइ तौ सोनुआगे खीसक केँ मुजेपकड लीयाओर सरमाके हसनेलगी
सोनु : भाइ देखके, थोडी आहिस्ता चलाओना अभि गीर मे जाती
मे : तु मुजेपकड केँ बैठनां यह थोडी तेरी स्कुटी हैं जोँ सायकीलके माफक चलेगी ओर मे तुजेकभी भि गीरने नहिं दुगा टड्ढस्टमी बेबी
सोनु कों मैने पहेली बार बेबी बोला तौ वोँ थीडी सरमागइ ओरमंद मंद मुस्कराने लगीओर थोडी हिंमत करकेअेक हाथ मेरे सोल्डरपे रखके मुजे चीपकके बैठगइ तभी उसका स्कुल भि आगयाओर उतरके मुजे तीरछी नजरसे देखते हसते धीरेसे बाय बोलके अंदर जानेलगी मेंभी वोँ जबतक अंदर नहींचली गइतब तक उसे देखता रहा वोँ अंदर मुडने सें पहेले अेकबार पीछे पलटके मुजे देखने लगी तौ मेनेअेक हाथउचा करकेबाय बोलाओर कोलेजके लीये निकलपडा कोलेज पहोंचते मेने बाइक पार्किंगपे पार्ककी ओर क्लास कि ओर जानेलगा तभी मुजे अंजना मेडम जौ टेक्नीकल विभाग मे हे उसने आवाज़ लगाइ वोँ मुजे अच्छी तरह सें जानती थि मे अधिक कीसीसे बात नहीं करती मेरेबेक ग्राउन्ड केँ बारे मे थोडा जानती थि इसका कारण थां मेरी नेनुदी जोँ उस कोलेजमें पढ चुकीहै ओर अंजना मेडमकी सहेलीभी हे जौ अपनेपती केँ संग सोसायटी मे रहेती हैं उनकी अभि तक कोइ संतान नहीं हैं उनकापती अेकपास वालेअेक बडा सहेर राजकोट मे बडी कंपनी मे मार्केटींग मेनेजर हैं जौ अप डाउन करता हैं जोँ हमारे छोटे शहेर सें ३० कि.मी.दुर हैं ओर उनकी पुरी फेमीली भि राजकोट मे रहेती हैं.
मे : गुड मोर्नींग मेम
अंजना : गुड मोर्नींग, राज मुजे तुमसे अेक जरुरी कामहे फ्री होके मेरे ओफीस मे मीलके जानां
मे : ओकेमेम
कहेके मे क्लास अेटेन्ड करनेचला गय़ा लेकीन आज क्लास मे मन नहींलग रहा थां बारबार सोनु कां चेहरा सामने आँ जाताथा मे सोचने लगा सोनु मुजसे नाराज क्यु नहीं हुइ तोँ दुसरी तरफ अंजना मेमका खयालआने लगा क्याँ काम होँ सकताहे पढाइ मे मन नहींलग रहा थां सोचते सोचते देखा तोँ मेराखडा हौ चुका थां यह मे क्याँ सोचरहा हुं अपनी बहेनके बारे मे अेसे हि सोचते सोचते २ घंटेबीत गयेफीर अचानक अंजना मेमका खयालआया तौ मे उनसे मीलने उनके ओफीसतरफ चला गय़ा अंदर वोँ अपने स्टाफ केँ संगकुछ डिस्कशन कररही थि मुजे देखते हि दो मीनीट रुकने कों कहा मे बहार वेइट करनेलगा थोडीदेर बाद आवाज़ आइ
अंजना : चलोराज मेरेसंग, मे उनकेसंग चलनेलगा
मे : मेम आपकोकुछ काम थां मुजसे आपने बुलाया थां तौ आँ गय़ा
अंजना : रिलेक्स राजकोइ सीरीयस बात नहींहे, उसी सीलसीले मे बात करनेजा रहे हैं यहबात मे ओफीस मे करना नहीं चाहती इसीलीये हम् केन्टीन मे जारहे हैं
मेरादिल थोडा धकधक करनेलगा कि मेम मुजसे क्याँ बात करनेजा रही हैं जोँ उनके ओफीस बजाय केन्टीन लेँ जारही हैं मे केन्टीन मे बहुतकम आताहुं तोँ हम् केन्टीन पहोच केँ अेक कोने केँ टेबल पऱ जाकेबैठ गये जौ बीलकुल खाली थां बैठते हि मेमने दो चायका ओर्डर दे दीया मेने मेमकी तरफ प्रस्नार्थ भरे नजरोसे देखामेम मुस्कराइ ओर बोलीं
अंजना : जेसे नेनु कहेती थि वेसेही हौ अेकदम गभरु जवान हैं.हैं.(मेम हसनेलगी) रिलेक्स राज अेसीकोइ बात नहि दरसल मे तुजेअेक प्रोजेक्ट देना चाहती हुं तुम् इस प्रोजेक्ट मे कामकरो स्वतंत्र रुपसे क्युकी इसकी चर्चा मे स्टाफके सामने नहि करना चाहती थि इसीलीये तुजे मे यहा लायी ताकीयह प्रोजेक्ट गुप्त रहे इनकी जानकारी सीर्फ हम् दोनोके बीचहि रहीनी चाहिये नेनुको भि नहि बताना जबतकयह काम पुरा नं होजाये तबगरम चाय भि आगइ हम् गरमचाय पीतेबात करनेलगे
मे : लेकीन मेम प्रोजेक्ट क्याँ हे?ओरयह काम केँ लिये सीर्फ मुजेहि क्यु चुना?
अंजना : क्युकी इस कामके लीये जरुरी सामान, प्लेस, रुपया औऱ सबसे जरुरी काबीलीयत जौ तुम्हारे पासहे, ओर तेरी होबी भि हैं अेसा शख्स पुरे कोलेज मे मुजे कहिं नहीं मीला जोँ मे विस्वास करसकु बाकिरही प्रोजेक्टकी बात तोँ कलशाम ४बजे मेरेघऱ आजाना इसकी डीस्कसन मे यहा नहीं करना चाहती समजगये?
मे : जीमेम
फीर हम् खडे होगये मेने चायका बील पे कियाओर बहारआके मेम कि इजाजत लेके घरकीतरफ बढ गय़ा तभीयाद आयाके सोनुको भि संग लेँ जानां हैं तोँ मे उनकी स्कुलकी तरफबढ गय़ा ओरवहा पहोंच केँ गेट केँ पासखडा रहा थोडा इन्तजार केँ बाद सोनु अपनी सहेली सीमाके संगबात करते हुअे बहारकी तरफआने लगी उनकी सहेली हमारी हि सोसायटी मे दुसरी गलीमें रहेती थि लेकीन दोनो सरमाके सरमाके बातकर रही थि तोँ मुजे थोडा अजीबलगा तोँ उनकीबात सुनेन केँ लीये बाइक समेतअेक कारके पीछेखडा होगया वे दोनो बहारआइ तोँ सोनु मुजे ढुंढने लगीतभी देखाके उनकी सहेलीका भाइ बाइक लेके आरहा हैं तब सोनु बोलि
सोनु : लो आगया तेरा बोयफ्रेन्ड हैं.हैं.हैं.
सीमा : चुपकर कमीनी कोइसुन लेगा तोँ मेरी बदनामी होँ जायेगी
तभी सीमाका भाइ वहिंआके रुका सीमा जटसे उनके पीछे अेकदम चीपकके बैठगइ ओर वोँ दोनोचले गये मे तोँ हेरान रह गय़ा क्याँ भाइ बहेन गर्लफ्रेन्ड बोयफ्रेन्ड होँ सकताहे यह सोचते हि मेरा माथाघुम गय़ा ओर सोचते सोचते कारकी दुसरी तरफ सें बहारआया तोँ सोनु मुजे देखते हि
सोनु : भाइ तुम् कबआये?
मे : अरे पगली मेतोइधर खडा थां तुमारी आवाज़ सुनी तौ इधर आगयाचल घऱ नेनु केँ संग सोपींगके लीये भि जानां हैं
यह सुनते हि सोनु फटाक सें बाइक मे बैठगइ ओर सोचने लगी कहींभाइ नें मेरीओर सीमा कि बात तोँ नहि सुनली वोँ थोडा टेन्सन मे आगइओर कन्फर्म करने केँ लीये मुजेबात करनेलगी मेने बाइक घरकीतरफ चाला दि
सोनु : भाइ आपने मेरी आवाज़ कब सुनी मे तोँ कुछ बोलीं हि नहि
मे : अरे तेरी आवाज़ जेसाकुछ लगाइसी लीयेयहा आगया मेने सोचातु कीसीसे बातकर रही हैं लेकीन तुतोयहा अकेली खडी हैं
सोनु कों सर्मिंन्दा नं होनापडे इसीलीये मेनेजुठ बोल दीया सोनु नें भि राहत कि सांसली लेकीन सीमाने जौ उसेआज अपनेभाइ केँ संग रीलेशन मे हे वोँ बताया तब सें सोनु मुजेओर उनके बीचकी इमेजींग करके बहुत उतेजीत होगइ थि वोँ मुजसे बीना
कहे हि अेकदम चीपकके बैठी थि उतेजनाकी वजह सें उनकी पेन्टी पुरी गीली हौ चुकी थि जौ उसके लीयेयह पहेली बारहुआ थां
जेसे हि बाइकघऱ पऱ रुकी वोँ उतरके अंदर भागीओर अपनेरुम मे जाके सीधा बाथरुम मे घुसगइ ओर पेन्टी उतारके चुतमें उंगली घुसादी ओर मुजे उनकेसंग इमेजींग करके अंदर बहार करनेलगी ओर थीडी हि देरमे उनकी चुतसे फवारा नीकल गय़ा
जब पानी नीकला तब वोँ बहुत उतेजनाकी वजहसे मेरानाम जोर सें पुकार दिया अहह.राज.जब उनकोहोस आया तोँ बहुत सर्मिंदा हुइ ओर गभरागइ कि कीसीने सुनतो नहि लीया फोरन बाथरुम कां दरवाजा खोलके मुह बहार नीकालके देख लीयावहा उसके रुममें कोइ नहि थां तोँ उसने राहतकी सांसली लेकीन उसको नहीं मालुम थां कि मे बाइक रखके फ्रेस होने सीधा उनके पीछेउपर आयाओर उनके गेटके बहार हि खडा थां ओर मेरेनाम कि चीख सुनके मे हेरान रेह गय़ा मे समज चुका थां कि वोँ अंदर क्याँ कररही थि मे फोरन मेरेरुम मे आके फ्रेस होनेलगा
आज सुबहसे हि कुछ अजीबसा होरहा थां सोनु मेरा इमेजींग कररही हैं यह सोचते हि मेरे लन्ड महारजने अपनी हरकत सुरु करदी थि जोँ आज पहेली बार मेरी बहेनो केँ प्रती कुछ बजीब फीलींग महेसुस कररहा थां ओर बहुत उतेजीतभी थां जौ मुजे सेक्स केँ प्रती धकेलरहा थां यहीसभी सोचते हुअे बहुत रोमांचीत महेसुस कररहा थां, मे फ्रेस होके बाथरुम सें बहारआया तोँ नेनुदी मेरेरुम मे थि मुजे बहाररुम मे आता देखते हि
नेनु : फ्रेस होगया बेबी तौ आँ चल नीचे लञ्च सजधजकर हे, मे सोनुको बुलाके आतीहुं
नेनु केँ जातेही मे नीचे जानेलगा ओर सीधा दादीके रुममें आगया उनकेपास बेठके उनका हालचाल पुछाओर खाने केँ बारे मे पुछा उसने अपनाअेक हाथउपर उठाके हाथ हिलाया ओर मेरेसर पऱ रख दियाओर खुस हुइ केँ मेरा पोता मेरीखबर लेताहे, तभी सोनुभी अंदरआइ ओर मेरे बाजुमे मुजसे सटकरबैठ गइ जौ मुजेकुछ अजीबसा लगा
सोनु : दादीमां आप् सीर्फ अपने पोतेकोही आसिर्वाद देगी उसकेसंग मुजे नहि देगी?
यह सुनते हि मे चोंक गय़ा लेकीन बहारसे जारी नहीं होने दीया क्युके सोनुयह भि बोल सकती थि अपनी पोतीको आसिर्वाद नहि दोगी बजाय उसने मेरे साथका आसिर्वाद मांगा जोँ पती पत्नि वाला आसिर्वाद मांगा आज उसनेडबल मींनींग वालीबात कही थि जौ यह समजती थि कि मुजे समजमे नहि आयेगा यह सुनके मे बहुत रोमांचीत होँ गय़ा मेने भि थोडा आगे बढने कि सोचीओर अेकहाथ उनकी कमरमे डाला वोँ थोडी गभराइ ओर मुजे देखने लगीओर उसने भि मेराहाथ हटाने कि कोसीस नहीं कि वोँ मेरीतरफ देखेजा रहीथी लेकीन मेने उनकीतरफ ध्यान न् देते हुअे दादीमा मम्मी सें कहा
मे : हा दादीमां हम् दोनो साथमें शुभारंभ करनेजा रहे हैं इसके लीये आसिर्वाद दिजीये
अब चोंकने कि बारी सोनुकी थि दादीमां नें हम् दोनोको बारी बारीअेक संग आसिर्वाद दिया सोनु मुजेअेक नजर सें देखने लगी लेकीन मेने उनकीतरफ नं देखते हुअे वहासे खडा होगया ओर बहार जानेलगा तभी सोनुने मेराहाथ पकडके रोक लीयाओर खुदभी खडी होगइ मेरेअेक दम लगभगआके मेरी आंखो मे देखते हुअे
सोनु : भाइ तुम् कोनसे नये शुभारंभ कि बातकर रहे होँ?
मे : हेअेक बात जोँ तुमको बाद मे बता दुंगा
यह कहेके मे बहार कि ओर जानेलगा तभी पीछे आवाज़ आइभाइ। मेने मुडके नहि देखाओर जाके डाइनींग टेबलकी मेरीचेर पऱ बैठ गय़ा, पीछे सोनुभी आकेबैठ गइ औऱ मुजेघुर रही थि केजेसे अभि मुजे चबाके खाजायेगी तभी नेनुभी आगइओर हम् सभी खानां खानेलगे खानां खाते वक्त भि मुजेघुर रही थि वोँ बोखलाइ हुइ लगरही थि तभी उसकेमन मे मेरीबात नीकलवानेका अेक आइडीया आयाओर मुस्कराके कहेने लगी
सोनु : नेनुदी भाइकुछ नया करनेजा रहा हैं अभि दादीमांको अंदरकुछ बतारहा थां
नेनु : अच्छा? भाइ क्याँ करने वाले होँ हमे भि बतादो
मे : कुछ नहीं दि मे सोच रहाहुं कि स्पेर वक्त मे हमारी फेक्टरीपे जाउ जोँ बहुत टाइमसे बंधपडी हैं
यहबात कहेके मे सोनुकी तरफ देखके हसनेलगा, तभी नेनुभडक गइ
नेनु : भाइ तुजेवहा जानेकी कया जरुरत हे, तु कहीं नहि जायेगा केह देतीहुं तुजे
दिदी थोडा नाराज होगइयह देखके सोनु हसनेलगी
नेनु : तु क्युं हसरही हे खानां खालेओर तु भि खाके थोडा आराम करले सामको मेरेसंग आनां भि हे, याद हे नां बडाआया फेक्टरी जाने वाला
नेनु दीदीका मुड देखके हम् चुपचाप खानेलगे दि थि तोँ मुजसे १.५साल हि बडी लेकीन हम् उसका बहुत रिस्पेक्ट करते थें वोँ हमारा मम्मी कि तरह ख्याल जोँ रखती थि, मे उपर अपने रुममें आकेआंख बंध करके आराम करनेलगा ओर सोनु नेनुदी कां हाथ बटाने लगीआधे घंटेबाद मुजे मेरे रुमके दरवाजे पऱ कुछआहट सुनाइ दि मेनेअेक आंख थोडी खोलके देखा तौ सोनु मेरेरुम कां दरवाजा खोलके देखने आइ मे जागरहा हुं कि सो गय़ा वोँ मुजसे कुछबात करना चाहती थि
मे उसके मनमें क्याँ हे वोँ पुरा नं जानलु तब तक उनको नज़रअंदाज़ करना चाहता थां, मुजे सोयाहुआ समजकर वोँ चलीगइ मुजे निंद नहीं आँ रही थि तौ मे मेराफोन नीकालके फेसबुक देखने लगा उसमे मेरे बहुत फ्रेन्डडस थें उनकाआया हुआ संदेश पढनेलगा फीरफोन रखके मेने अपना पी.सि.ओन किया मेइलचेक करने केँ बाद मेने अपनीकुछ फेवरीट साइटहे जोँ नयेनये इलेक्टड्ढोनिक्स ओर मीकेनीकल प्रोजेक्टस आते रहेते हैं वोँ देखने लगा मुजे इनमे सें अेक प्रोजेक्ट देखते हि मेरे दिमागकी बतीजली छोटेबग कां प्रोजेक्ट मीला वोँ बटन माइक वाला जोँ दुसरो कि बातचीत सुनी जाती हैं
जोँ जासुसीके लीये इस्तमाल कि जातीहे वोँ मेने अपने पी.सि.पे सेव करलीया कयुकी मुजेउसे युझ करना थां, यहसभी देखते देखते शाम४.३० बजगये मे पी.सि। सटडाउन करके बाथरुम मे फ्रेस होनेचला गय़ा बहारआके सजधजकर होगया ओर नीचे जानेसे पहेले मे सोनुके रुम मे गय़ा वोतो अेकदम गहेरी नींद मे सोइ हुइथी फीर नीचेहोल मे आँ गय़ा वहाकोइ नहि थातो मे नेनु दीदीके रुमकी चरफ गय़ा वोभीसोइ हुइ पडी थि दि सोते हुअे अेकदम मासुम लगरही थि नेनुरोज मुजे सुबहमें उठाने आती थि ओरमुज पर्र चीलाती थि आज मुजे बदला लेनेका मोका मीला तोँ मेने उसकोअेक हाथ उनकीपीठ पर्र ओर दुसरा हाथ उनके चुतड पऱ रखके उनको जोरोसे हिलाया ओर चिलाया
मे : उठजा सोपींग नहीं जानां क्याँ कितना सोती हैं ५बजगये.
दिदी हडबडाके अेकदम उठगइओर मेरीओर देखने लगीफीर घडी मे ४.३० देखके वापीस मुजे देखने लगी, तौ मेरीहसी छुटगइ तोँ मुजे मारनेके लीया बेडसे उतरने लगी लेकीन मे भागा नहि
नेनु : रुक कमीने तेरीखबर लेतीहुं बदला लेँ रहा हैं मेरा साले
कहके मुजे पकडने केँ लीये मेरीतरफ दोडी वोँ मुजे पकडे इससे पहेले मेनेउसे पीछेसे बाहोमे पकड लीया वोँ छुटनेकी नाकाम कोसीस करतीरही मेनेउसे हिलने तक नहीं दियाफीर उसने छुटने कि कोसीस बंध करदी मे उसे वेसेही पकडते हुआ बाथरुम तक छोडआया वोँ बाथरुमके अेदर जाने सें पहेले मुडकर हसते हुअे मुजे तीरछी नजरोसे देखते हुअे अंदरचली गइओर अंदर सें बोलि
नेनु : राज वोँ बंदरीयाको भि उठादे
मे : जी दि अभि उठाता हुं
कहेके मे उपर सोनु केँ रुम मे चला गय़ा वोँ अभि भि गहेरी नींद मे सोरही थि मे उसकेपास जाके दोनोहाथ उनके नीचे लेँ जाकर सोते हुअे हि अपनीगोद मे उठा लीयाओर बाथरुम कि तरफ जानेलगा वोँ चोंकके नींद सें जागगइ ओर खुदको मेरीगोद मे पाकर सारी सीचुअेशन समजगइ ओर मेरे सीने पे मुके मारने लगी मेने बाथरुम खोलके उसे अंदर धकेल दीया तोँ नीचे उतरते हि मेरीतरफ दोडी मेने उसेभी नेनुकी तरह कसके आगेसे पकड लीया वोँ भि छुटने कि भरपुर कोसीस करनेलगी लेकीन छुट नाँ पाइओर सांत होगइ हमारा चहेरा अेकदम आमने सामने थां जेसेदो प्रमी अेक दुसरोकी बाहोंमें होँ सोनु मेरी आंखो मे देखने लगी मे भि उसकी आंखो मे देखने लगा मेरा चहेरा अपने आप् आहिस्ता आहिस्ता उनके चहेरे कि तरफ जुकता जारहा थां सोनु फोरन सीचुअेशन समजके कहेने लगी
सोनु : भाइ छोडदो प्लीज.
मे : नदीं छोडुंगा बहोत सताती हे मुजे
सोनु : भाइ प्लीज छोडो नेनुदी आजायेगी
मे : आनेदो जीसको आनाहे उनको मे कीसीसे डरता नहि, कहेके मेनेउसे छोड दीया
सोनु : (सहरमाते हसते)भाइ तुम् भि नां.,
वोँ थोडा सरमाके मुस्कराइ ओर जटसे बाथरुम मे घुसगइ मे भि नीचेहोल मे आके सोफेबैठ गय़ा थोडीदेर बाद नेनु दिदी रेडी होके बहारआइ तोँ मे उसे देखता हि रह गय़ा क्याँ लगरही थि दिदी अेकदम कयामत उसेइस रुप मे देखते हि मेरे नीचे हलचलतेज होगइ दीदीने ब्लेक कलर कि साडी पहने हुइ थि इसके चोटी जोँ घुटनो तक लहेराती थि कोइ अधिक मेकअप नहि कीया थां फीर भि दिदी कामदेवकी मुरतलग रही थि मेरेमुह सें अनायास नीकल गय़ा
मे : अरेवाह। दि क्याँ लगरही होँ अेकदम होट, लगताहे आज सहेर मे बहुत अेक्सीडन्ट होने वाला हैं, (तबतक सोनुभी नीचेआगइ)
नेनु : इधरआतो बदमास अपनी दीदीको होट बोलता हैं पागल कहीका
कहेके दिदी कातील स्माइल करते तीरछी नजरसे हसनेलगी मेभी हसनेलगा फीर सोनु कि तरफ देखा तोँ वोँ मुजेकुछ अजीब नीगाहो सें देखरही थि मे कुछसमज नहींपा रहा थां फीर दि नें चाइ बनाइओर चाइ पीके हम् माक्रेट जाने केँ लीयेघऱ सें बहार नीकले मे बाइकतरफ जानेलगा तोँ दीने गाडी मे जानेको बोला कयुं कि सामान अधिक लाना थां तोँ मेने गाडी कि चाबी लेने अंदरचला गय़ा तोँ सोनु सोफे पर्र बैठके अपनेफोन सें कीसी सें बातकर रही थि जोँ मुजे वापसघऱ मे आते देखकर हडबडाके खडी होगइयह मेनेदेख लीया थां लेकीन मे कुछ नहि जानता यह दिखाने केँ लीये मेनेउसे हाथसे इसारा करते हुअे बेठने केँ लीयेकहा
मे : बैठजा बंदरीया इतनीइजत देनेकी जरुरत नहि हैं हैं.हैं.हैं.
यह सुनते हि उठके मेरे पीछे दोडी मेभी दोडके जलदीसे गाडीका दरवाजा खोलके अंदरबैठ गय़ा ओर जोरोसे हसरहा थां तबतक नेनु दिदी बहारखडी रहेके सारा तमासा देखरही थि ओर सोनुको बहार सें हि रोक लीया
नेनु : अरे रुकजा क्यु लडते रहेते हौ जा अंरद रातका लञ्च तैयार रखनाओर दादीको समय पे खीला देना
सोनु : ठीकहे दि लेकीन समजालो अपनेइस बंदबको नहीतो कच्चा खा जाउंगी उसे
कहेके वेघऱ केँ अंदर जानेलगी मेंने गाडी स्टार्ट रखा थां ओर नेनुदी भि आगेआके बगल वालीसीट पर्र बैठगइ ओर मेरीतरफ देखके
नेनु : क्युतंग करता हैं उसे, उसीके लीये खरीदारी करनेजा रहे हैं हम् चल जानेदे मार्केट वरनादेर होजायेगी
मे : (गाडी चलाते हुअे) उसके लीये क्याँ लेना हैं उनकेपास तौ बहोत सारे कपडे भि हैं ज्वेलरी भि हैं बढीया फोन भि हैं अब क्याँ चाहीये उसे
नेनु : अरे बुध्धु १०दीन बाद उसका बर्थडे नहि हैं क्याँ?
मे : अरे बापरे मैतो भुलही गयाथा, थेंक्स दि याद दीलाने केँ लीये
नेनु : सुन उनकोमत बताना मेने तुजे बताया हैं उसनेमना कीया थां कहेती थि देख्ना हैं भैयाको याद रहेता हैं कि नहि वेसे क्याँ गीफ्ट लेँ रहे होँ सोनुके लीये
मे : वोँ तौ सरप्राइज हैं मे नहीं बताउंगा ओर मेरेफोन पे सबका बर्थडे रींमाइन्डर पऱ रख दुंगा ताकी आगसेकोइ पंगा नाहो (सुनते हि दिदी हसपडी) वेसे दिदी अेकबात बताउ आपको, जोँ आप् बुरा नाँ माने तोँ
नेनु : चलबता, भला मेनेकभी तेरी बातोका बुरा माना हैं क्याँ? नौटंकीबाज
मे : दि आज आप् बहोत खुबसुरत लगरही हौ अकदम नेचरल ब्युटी
नेनु : (हसते) क्याँ बात हैं आजबडी तारीफ कररहे होँ दीदीकी इसका मतलबहे मे पहेले खुबसुरत नहि थि, ओर इसमें बुरा मानने वालीबात हि नहि हैं
मे : नहीदी खुबसुरत तौ आप् पहेलेसे हौ लेकीन मे बताने मे डरता थां
नेनु : तारीफ केँ लीये शुक्रीया बेबी, बाय धवे तुम् इतना डरते क्युं होँ लडकीयो सें बात करनेमें? घऱ पे तौ बडा लडता रहेता हैं तेरी सीकायत आइहे मेरेपास हैं.हैं.हैं.
मे : अंजना मेडमका मोबाइल आयाथा क्याँ?
नेन : जीकल४ बजे बुलाया हे तुम्हे कहेती थि जरुरी कामके सीलसीले मे बात करनी हैं
मे : अंजना मेम भि., मुजे कहेती थि नेनुको मत बताना ओर स्वयं हि बतारही हैं
नेनु : वेसे आजकलतुप बहोत छुपारहे हौ मुजसे लगता हैं तुम्हे अपनी दिदी पे विस्वास नहींरहा, अंजनाकी बातफीर गीफ्टकी बात, लगताहे अपनी दि सें प्रेम नहीं करता
हम् बाते करते मोलके पार्किंग मे आगयेओर मे वाहन पार्क करनेलगा
मे : क्याँ दि मेरासभी कुछ आपही तौ हौ, मे आपसे केसे छीपाता अंजना मेमने भलेमना कीया लेकीन आपसेसेर जरुर करताओर सोनुकी गीफ्ट आपके बगैर खरीदता भि नहि, बससही समयकी राहदेख रहा थां, लेकीन आज.आज आपसे पराया होँ गय़ा हुं अेसाफील होता हैं
कहेते हि मेरे आंखो सें आंसुओकी धारा बहेने लगीयह देखतेही दि वीचलीत होगइओर मुजे कारके अंदर हि हग करलीया ओर स्वयं भि रोनेलगी फीर रोते रोते मेरे आंसु पोछते हुअे कहेने लगी
नेनु : अरे बाबा मेतो मजाककर रही थि ओर आजकेबाद अपने आपको पराया बोला तोँ मे अपनीजान दे दुंगी समजा, समजता क्याँ हैं अपने आपकोअरे मे सोनुसे भि ज़्यादा तुजे प्रेम करतीहुं तेरे बगैर तेरी दि जींदाही नहि रहे सकती (कहेते दिदी जोरोसे रोनेलगी)
मे : दि प्लीज सोरी.आज केँ बाद मे अपने आपकोकभी पराया नहि कहुंगा मुजेमाफ करदो आप् तौ मेरीजान होँ जान
कहेके मेने दीदीको हग करके उसके आंसुओ कों पोछने लगाओर दीदीको पानी पीलाया आज मुजे दिदी पऱ बहोत प्रेम आरहा थां जेसे मेने कीसी देवीको दु:ख पहोंचाया हौ अेक आदर्श नारीके रुप मे दिदी अेकदम परफेक्ट लगरही थि अगर दिदी सादी करकेचली गइ तोँ हमारा खास करके मेरा क्याँ होगायह सोचते हि मेरीरुह कापगइ ओर मे दीदीको अेकनजर सें देखने लगा
नेनु : क्याँ हुआ अेसे क्युदेख रहा हैं?
मे : कुछ नहीं दि बसकुछ सोचतेहि दिलमें गभराहट आगइ, अब चलेमोल मे?(कहेते हम् दोनो बाते करते चलनेलगे)
नेनु : (मेरीओर देखके) अेसा क्याँ सोचा जोँ तेरादिल गभरा गय़ा?
मे : कुछ नहीं दि इसके बारे मे हम् कभी आहिस्ता बात करेंगे चलो बहुतदेर होगइओर हम् अंदर तक नहींगये चलो जल्द
नेनु : (मेराहाथ पकडके चलते हुअे) बेबी तुजे मेरीशपथ कोइ सीरीयस बात तोँ नहि
मे : अरे नहीं दि अेसीकोइ सीरीयस बात नहीं हैं, ओर आजकेबाद जींदगीभर मेराहर राज पर्र आपकाहक रहेगा यह मेरा वादाहे तुमसे हर फेसले पे आप् इन्वोल होगीअब खुस
नेनु : तु जानता नहीं हैं तुने बहुतबडा डीसीजन बीना सोचे समजे करलीया हैं इनका मतलब भि जानता हैं ?
मे : दि प्लीज, हम् कल इसपे चर्चा करेंगे प्लीज देखो हम् पहुंच गये हैं
नेनु : ठीक हैं भाइ अभीतो छोड देतीहुं लेकीन मुजसे इस बारे मे बात करनी पडेगी तुजे
ओर दि मुजेहाथ पकडके अंदर लेगइवहा उइनेअेक हप्तेका खाने पीनेका जरुरी सामान लीयाफीर हम् सोनु केँ लीयेकुछ डड्ढेसीस खरीदे जीसे दिदी हर डड्ढेस मुजसे मनपसंद करवाती थि, फीर मेनेअेक अेसा डड्ढेस देखा पुरा सफेद फ्रोक जेसा तौ मेने नेनुके लीये मनपसंद कीया दिदी मनाकर रही थि मेनेउसे जबरदस्ती दिलवाया
नेनु : भाइ मे अेसा डड्ढेस नहीं पहनती येतो छोटी बच्ची जेसा लगेगा
मे : तोँ आप् अभि छोटी बच्चीही हौ कोइ सादी सुदाओरत नहि, समजी मेरे लीये आप् अेक प्यारी सि अेंन्जलही हौ प्लीज मेरी खातीर दि प्लीज.प्लीज.
नेनु : (हसके)ठीक हैं ठीक हैं चल लेले बीलकुल पागल हौ, बडाआया मुजे अेन्जल बनाने वाला हैं.हैं.हैं.
वहा खरीदारी करके हम् लेडिज अंडरगारमेन्ट कि शोपमे गये दिदी नें मुजे बहार हि रोक दीया
नेनु : भाइ तुम् यहा रुको, मेरे लीयेओर सोनुके लीयेकुछ कपडे खरीदने हैं मे अभि आइ
मे : अंदर आनेदोना दि उधरशोप मे तौ मुजेसभी दीखाके दीखाके खरीदरही थि (कहेके जुठमुठ उनके पीछे जानेलगा)
नेनु : मारुंगी तुजेचल जा बदमाश, बेसर्म कहीका (कहके मुजे बहारधका मार दीयाओर हसते हुअे अंदरचली गइ)
मे जुठ मुठका मुह बनाके बहार गेलेरी मे खडा होगया थोडीदेर बाद दिदी आगइ
नेनु : चलोभाइ होगइ शोपींग तुजेकुछ नहि लेना हैं?
मे : नहीं दि मेरेपास बहुत सारे कपडेपडे हे
नेनु : सोनुकी गीफ्ट भि नहीं लेनी? (मुस्कराते हुअे)
मे : नहि दि अभि नहि तुजेबडी जल्द हैं जानने कि टड्ढस्टमी दि हम् साथमे जायेंगे गीफ्ट लेनेअब तुमसे छुपाके कुछ भि नहि (उसकेअेक गालपे चीटकी लेते हुअे)
नेनु : इतना भरोसा मुज पर्र अेक लडकी पर्र इतना भरोसा नहीं करना चाहीअे हैं.हैं.हैं.
मे : आप् लडकी थोडीहो आप् तौ मेरासभी कुछ हौ मेरे जीगरका टुकडा हौ समजी आप्, चलीअे अब मेरे पीछे आइअे बीना प्रश्न कीअे
नेनु : लेकीन कीधर लें जारहे होँ?
मे : बोलाना कोइ प्रश्न नहि चुपचाप चलो
नेनुदी अपने मुंह पर्र उंगली रखके हसते हुअे मेरे पीछे पीछे चलनेलगी मे नेनुको अेक आइसक्रीम शोपपे लें गय़ा ओरअेक खाली टेबल पऱ बैठगये ओर दीका फेवरीट राजभोग आइसक्रीम कि दोबडी कप ओर्डर करदी
नेनु : अरे तुतो वेनीला खाता हैं नाँ तौ तु वोही मंगवाले
मे : नहीं दि आज सें आपकी फेवरीट, मेरी फेवरीट
नेनु : तु बीलकुल पागल हैं मुजे इतना प्रेम न् देभाइ मे नहि सहनकर पाउंगी
कहेते दिदी कि आंखे थोडीनम होगइओर मेरीआंओ मे अेकनजर देखने लगी मे भि उसकी आंखो मे देखने लगा हम् दोनोसभी कुछ भुलकर अेसेही देखते रहेपता भि नहींचला कब आइस्क्रीम आगइ मेने दीदीको देखते हुअेअेक चम्मच लीओर दिदी केँ मुहपे लगाइतब दि कों होसआया वोँ थोडा हडबडाइ फीर मुंह खोलके आइसक्रीम खागइआज दि मेरे बारेकुछ सोच मे पडगइ वोँ क्याँ सोचरही थि उसने मुजेबाद मे बताया थां फीर हम् बील पे करतेघऱ कि तरफ जानेलगे पुरे रास्ते पे नेनुने कोइबात नहि कि ओर नां मेंने रास्ते पे अेकशीव मंदिर आया मेनेकुछ बोले बीना हि अंदर दर्शन केँ लीयेचला गय़ा पीछे नेनुभी आगइओर मेरेआगे खडी होकेहाथ जोडके दर्शन करनेलगी
फीर हम् घऱ पहोंचे मेने गाडी पार्क कि ओर उतरके शोपींग कां सारा सामान मेनेउठा लीया दि नें कुछबेग उठानी चाही लेकीन मेने वोँ भि लेलीया ओर अंदर जानेलगा नेनु यंत्रवत मेरे पीछे पीछे चलनेलगी मेने सारा सामान सोफे पे रख दीयाओर मे अपने रुममें आकेबेड पऱ लेट गय़ा नेनु भि सीधे अपने कमरे मे चलीगइ
कन्टीन्यु.
यह केसी अनुभुती
भाग - २मेने गाडी पार्क कि ओर उतरके शोपींग कां सारा सामान मेनेउठा लीया दि नें कुछबेग उठानी चाही लेकीन मेने वोँ भि लेलीया ओर अंदर जानेलगा नेनु यंत्रवत मेरे पीछे पीछे चलनेलगी मेने सारा सामान सोफे पे रख दीयाओर मे अपने रुममें आकेबेड पर्र लेट गय़ा नेनु भि सीधे अपने कमरे मे चलीगइ। अबआगे
मे सोचरहा थां आज मेने नेनुके संग केसी केसी बाते कि मे उसे पुरा समर्पीत कयु होगया कही दि सें प्रेम तौ नहीं होगया क्याँ इसे प्रेम कहेते हैं? यही सोचते सोचते कबआंख लगगइ पताही नहींचला तभी मुजे सोनु कि आवाज़ आइ
सोनु : उठजा बंदर अभि कहासो गय़ा डीनर नहि करना क्याँ?
मे उठके सीधे बाथरुम केँ तरफ जानेलगा सोनु मुजे यंत्रवत देखती रहगइउसे लगाभाइ मुजेपकड लेगा लेकीन मेरीकुछ प्रतीक्रिया नाँ देखके वोँ निरास होकर थोडीदेर वहींखडी रहीफीर नीचे चलकर सोफे पे बैठगइ ओर सोचने लगी भाइको क्याँ हे गय़ा हेकुछ दुःखी लगरहा हैं कही दि केँ संगकोइ जगडा तोँ नहीं किया
येतो दि केँ संगउची आवाज़ मे बात तक नहीं करता तोँ फीरइसे क्याँ होगया हैं यहीसभी सोचती रहीतभी मे नीचेआके सीधा दादीके रुममे गय़ा यह देखते सोनु भि मेरे पीछेआने लगी मेने दादीके रुम मे जाके उनका हालचाल पुछाओर दादीके पेर छुके उनकेपास बैठ गय़ा तभी सोनु भि मेरेपास आकेबैठ गइओर दादीको कहेने लगी
सोनु : दादीमा हम् दोनोको संग मे आशीर्वाद नहीं देगी?
दादीमा नें बारी बारी हम् दोनोको आशीर्वाद दीया, ओर मे उठके बहारआके सोफे पर्र बैठ गय़ा मुजे सोनुको ओर तडपाना थां ओर मुजे उनकी मेरे बारे मे फीलींग्स जाननी थि दिमाग़ मे फीलींग्स सब्दआते हि मुजेकुछ याद आगया जीसके लीये मुजे फेक्टरी जानां थां जोँ अेकडेढ घंटेका काम थां तोँ मे डीनरका वेइट करनेलगा सोनुभी दादीमा केँ रुम सें नीकलते हि नेनुके पास कीचन मे चलीगइ ओर दीको मेरे बारे मे पुछने लगी
सोनु : दि भाइ जबसे वापसआया हैं तब सें कुछ बोलही नहि रहा, कहीं आपसे जगडा तोँ नहीं होगया?
नेनु : अरे नहींरे आज उनको मोलमे बहोत चलाया सामानके संग चलाके चलाके उनकोथका दीया इसीलीये
नेनुने सोनुके सामने जुठ बोला ताकी उनकी फीलींग्स पकडी नाँ जायेफीर दि कों भि लगाराज केँ संग नोर्मल बात करनी पडेगी नहींतो अे बंदरीया सक करेगी मुजे भि लगा नोर्मल बात करनी पडेगी फीर नेनु डीनर बहार डाइनींग पऱ लाके
नेनु : चलराज आजा डिनर तैयार हैं ओर तुभीआजा सोनु मुजे जोरोकी भुखलगी हैं
नेनु नोर्मल बात करनेकी कोसीस करनेलगी फीर हम् सभी डाइनींग टेबल पऱ आकेबैठ गयेओर खानां खानेलगे तभी सोनुने कहा
सोनु : भाइआज मेरा स्कुटी रीपैर नहीं हुइ आपने बोला थां
नेनु : अरेकल करवा देगाआज भाइ मेरे साथथा तोँ तेरा स्कुटी कहासे ठीक होगाकल भि भाइके संग स्कुल चली जानां ओके, क्युराज?
मे : जी दि अधिक सें ज़्यादा लोग क्याँ कहेंगे मुजे सरकस वाला
नेनु : तुजेकोइ सरकस वाला क्यु बोलेंगे?
मे : क्याँ दि आप् भि कभी तोँ दिमाग़ इस्तमाल करो बंदरीया लेके घुमुगा तौ लोग तोँ मुजे सरकस वाला हि समजेगे नां (मे ओर नेनु ठहाके मारके हसनेलगे)
सोनु : ओय तुम् दोनोचुप करोकुछ तोँ सरमहया करो शर्म नहि आती छोटी बहेनकी टांग खीचते हुअे
नेनु : सोरी सोरी.
फीर हम् दोनो आकदम सीरीयस होगये फीर वापीस हसनेलगे हमकोे हसता देखकर सोनुभी मुजे देखकर मंदमंद हसरही भि
सोनु : (अपनेमन मे) हसले बच्चु तु नहि जानता तेरी सोनु तुजे कीतना चाहती हैं तेरीहर सरारत कबुल हैं मुजे, तुजे मे केसे बताउ तेरी अहेमीयत क्याँ हे मेरे
जिंदगी मे अेकदीन तुजे अपनापती नहीं बनाया तोँ कहेना
नेनु : सुनराज हमारे लीगल अेडवाइजरका मोबाइल आया थां केहरहा थां राजस्थान मे जयपुर वाली फेक्टरी हे जोँ बंध हैं उसकाअेक खरीददार आयाहे तौ बेचना
चाहो तोँ मीटींग फिक्स करवाउ, क्याँ कहेतो तुम् दोनो?
मे : दिदी पापाकी कोइ प्रोपर्टी हम् बेचनातो नहीे चाहते लेकीन मेनेकुछ अलग सोचाहे
दोनो दिदी : क्याँ सोचा हैं?
मे : क्युनां हम् इस प्रोपर्टीको बेचके उसी पैसासे हम् अेसी जगाहपे प्रोपर्टी लेले जौ टुरीस्ट प्लेसहो ओर हमेभी कामआये
सोनु : वाव.भाइ ग्रेट आइडीया (तभी सोनुके दिमागमें सेतानी आइडीया चल रहाथा)
नेनु : बात तौ तेरीसही हैं अभि तोँ हमे पेसोकी जरुरत नहीं हैं तौ हम् यहकर सकते हैं ठीक हैं मे हमारे वकीलको बता देतीहुं वोँ मीटींग फिक्स करे
मे ओर सोनु : थेन्कयु दि, लवयु
नेनु : लवयुटु मुं.हां.
मे : दि मेरा डीनर होगया मे बहार घुमके अेक घंटे मे आताहुं
नेनु : ओके बेबी हमारे सोनेसे पहेले जलदी आजाना
मे : ओके दि आजाउंगा
केहके मे बाइक लेके सीधा हमारी फेक्टरी मे चला गय़ा यहा मे स्पेर वक्त पे आता रहेता हुंओर मेरी होबी केँ काम करता रहेता हुं फेक्टरी मे पापाका अेक ओफीस भि थां ओर ओफीससे सटकरअेक रुम भि थां जीसमें बेड, फ्रिज सोफे वगेरे पापाने लगवाया थां पिताजी कभीदो दिनकभी तीनदिन यहा रुकते तौ यहीरुम कां इस्तमाल करते थें
हम् सबको पताथा मे वहां पहोंचकर अपना माइक्रोफोन वाला प्रोजेक्ट बनाने लगा मेनेबटन माइक्रोफोन अेकदम छोटा लोंग रेन्ज वालादो सेट बनाया ओरअेक कोमन रीसीवर बनाया अेसे इलेकटड्ढोनीक्स आइटम बनाना मेरे लीयेकोइ नयीबात नहि थि अेसी चीजे मे अक्सर बनाता रहेता हुं तौ यहसभी बनाके मे ९ बजेके लगभग वापसघऱ पर्र आगया
नेनुओर सोनु सोफे पे बेठके टेलीविज़न सीरीयल देखरही थि मेंभी वही नेनुदी केँ पासआके बैठ गय़ा मुजेइन माइक्रोफोनको छुपाना थां यह दोनो टेलीविज़न देखने मे मसगुल थि तौ सोचायही मौका हैं तौ दादीको मीलके आताहुं कहके मे जानेलगा दोनो मे सें कीसीने ध्यान नहि दीया तोँ सीधा दादीके बगल वाला नेनुके रुम मे चला गय़ा
वहा अेसीचीज ढुंढने लगा जोँ नेनु हमेसा अपनेपास रखेतभी मुजे दीदीका पर्सयाद आया बहार जाते टाइम दोनो दिदी अपना पर्स पासमें रखती थि मेने टेबल केँ डड्ढोअरसे उसका पर्स नीकाला ओरअेक ब्लेड लेके अेसी जगाह छोटा कापा लगाया ओर माइक्रोफोन डाल दीयाजहा दि पर्स खोले तोभी न् दीखेफीर पर्स डड्ढोअर मे रखके मे उपरचला गय़ा
सीधा सोनुके रुममें सोनु अपना पर्स हमेंसा अपनेबेड केँ तकीये केँ नीचे हि रखती थि तोँ दो मीनीट मे अपनाकाम करके वापीस नीचेआके बैठ गय़ा थोडीदेर बाद सीरीयल भि खतम होगइ दिदी नें फोरन टीवीका वोल्युम कम करदीया ओर मेरीतरफ मुडी
नेनु : हां तोँ बेबीकल क्याँ प्रोग्राम हे तेरा?
मे : क्यु दिदी कुछकाम थां? सुभह कोलेज फीर सामको अंजना मेमको मीलने जानां हैं
नेनु : हांकाम तौ.थां, लेकीन अंजनाको तुमसे क्याँ कामहे तुने बताया नहि
मे : मुजे क्याँ पता दिदी उसे मीलुगा तभीतो पता चलेगा उसे मीलके आपकोबता दुगा टड्ढस्टमी दिदी कीतनी उतावली हौ तुम्
नेनु : ठीक हैं ठीक हैं सोजाओ अब सुभह कोलेज भि जानां हैं
कहेके नेनु उठके अपते रुममें जानेलगी मे भि खडा होगया यह देखके सोनु
सोनु : क्याँ भाइ बेठो नां कुछ बाते करतेहे मुजे अभि नींद नहि आँ रहीहे
मे : तुजे बेठना होँ तोँ बेठ, सुभह स्कुल नहि जानां क्याँ?
कहेके मे उपर अपनेरुम मे जानेलगा सोनुभी पीछे पीछेआने लगी मे मेरेरुम मे आके दरवाजा बंधकर लीयाओर कीहोलसे बहार देखने लगा सोनु थोडीदेर मेरे दरवाजे केँ सामने खडीरही फीरकुछ बडबडाके अपने रुममें चलीगइ फीर मेने टेबल केँ डड्ढोअर सें इयरफोन नीकाला ओरजेब मे सें रीसीवर नीकालके उसमे कनेक्ट कर दीया
ओर अपनेबेड पऱ जाकेबेठ गय़ा दोनो माइक्रोफोन अलगअलग चेनलका बनाया थां ओर रीसीवर मे दोनो चेनलका चेन्ज ओवर स्वीच लगाया थां ताकी दोनोकी अलगअलग बातसुन सकुअेक नंबर पर्र नेनु कां माइकओर दो नंबर पऱ सोनुका माइकसेट कियाथा जब मेंने रीसीवर ओन करके इयरफोन कानपे लगाया तोँ मुजे खरराटे कि आवाज़ आनेलगी
मेने रीसीवर मे देखा तौ स्वीच अेक नंबर परथी लगताहे नेनुसो रही हैं मेने स्वीच दो नंबर पे सेटकी तोँ लगता थां सोनु कीसीसे मोबाइल पर्र बातकर रही थि तौ सामने वालेकी भि बात सुनाइ देती थि मुजे मालुमही नहींथा कि मेरा माइक फोनकी फ्रिकवन्सी भि पकड लेताहे मे बात सुनने लगा तौ पताचला सोनु अपनी सहेली सीमा सें बातकर रही थि
सोनु : क्युरे कमीनी कहाहे तुओर क्याँ कररही हे?
सीमा : कुछ नहींतु सुनातु क्याँ कररही हे मे तोँ मेरेरुम मे हुं, तु कहाहे?
सोनु : मे भि मेरेरुम मे हि हुं मे समजीतु अपने बोयफ्रेन्ड केँ संग होगी हे.हे.हे.
सीमा : नहींभाइ अपनेरुम मे हे दोस्त.
सोनु : सुन स्कुलकी छुटीके वक़्त हमारी अधिक बाते नहीं हुइ तु मुजे सुरुसे बताना अपनीलव कहानी मुजे जानना हे पहेले कीसने प्रपोज कीया प्लीज.
सीमा : लगताहे तु भि बहुत इन्टड्ढेस्टेड हे अपने भाइको पटाने मे कमीनी
सोनु : चुपकर कमीनी बताना हे तोँ बता वरना मोबाइल रखतीहुं
सीमा : ओये.ओये। मेरी स्वीटी नाराज होगइठीक हेसुन, मेंने मेरे पी.सि.मेसे नेट चलाते वक़्त अेक कहानीकी सीइटहाथ लगगइ जीसमे भाइ बहेनकी प्यार कहानीया थि जोँ मे रोज पढनेलगी फीर भाइके प्रती मेरा नजरीगा बदलने लगाफीर मे भाइको लाइक करनेलगी ओर कहानीयो मे लीखाहुआ आइडीया मेने टड्ढाइ किया मेनेअेक अलगफेक आइडी बनाके मेरे भाइको रीकवेस्ट भेजीभाइ नेभी मेरी रीकवेस्ट अेक्सेप करलीफीर बातोका दोर सुरुहुआ
फीर हम् प्यार सेक्स जेसे सबजेक्टके बारे मे बात करनेलगे इसी बातोके बीच मे भाइ सें अधिक सें ज़्यादा लगभग रहेने लगी भाइका साराकाम करना सुरुकर दिया जेसेभाइ जब अपनेरुम मे होँ तब मे उनकारुम, पी.सि। कां टेबल वगेरे साफ करतीओर मेरे सरीर केँ उपर केँ अंगोका दर्शन कराती अेकदीन भाइ मुजे घुमाने लेगया
फीरअेक दीन फील्म देखने लेगया भाइअब पुरामुज पर्र लटु होँ गये थें ओर मे भि भाइको चाहने लगी थि बस इन्तजार थां कि कबभाइ मुजे प्रपोज करे मे चाहती थि कि पहेलभाइ करेइसी इन्तजार मे बहुतदीन नीकलगये फीरअेक दीनभाइ मुजे गार्डन मे घुमने लें गय़ा ओर डरते डरते मुजे प्रपोज कर दीया
मेने भि थोडा नखरा दिखायाकी मे आपकी बहेनहुं समाजओर घऱ वाले क्याँ कहेंगे वगेरे तोँ भाइ नें कहा मे कीसीकी परवाह नहि करता मे सारी जींदगी तुम्हारे संग गुजारना चाहता हुं मे तुमसे सादी भि करलुंगा तुम् चाहोतो? यह सुनतेही मे भाइ सें अेकदम लीपटगइ फीर क्याँ थां
चलपडी हमारी लव कहानी इसेअेक महीना भि होगया भाइ मुजे बहुत चाहते हैं ओर मे भि भाइ कों दिलोजान सें प्रेम करतीहुं ओरसुन आज स्कुल सें हम् वापस आँ रहे थें तबभाइ नें कहा अपने रुमका दरवाजा खुला रखनारात कों १बजे आउंगा
सोनु : वाव.बडी इन्टड्ढेस्टींग हे तेरी किस्सा लगताहे आजकुछ होने वालाहे
सीमा : मुजे भि डरलगरहा हे कहींभाइ मुजे फीजीकली तौ होना नहि चाहता?
सोनु : वाउ तोँ इसमें डरनेकी क्याँ बातहे प्रेम मे तोँ यहीसभी होता हि हे
सीमा : तुजेबडी नोलेज हैं इस बारे मे कही मेरे जेसाचकर तेराभी तोँ नहीं जोँ मुजे बाताती नहींकही अेसा तोँ नहि मेराराज जान लीयाओर अपना छुपारही हौ, कमीनी मे तुजे अपनी पक्की सहेली मानती हुंओर तेरे पऱ विस्वास करतीहुं ओरतुहे केँ मुजे मानती हि नहि
सोनु : अरे अेसाकुछ नहि हैं बस तुहीतो अेकहे जीसे मे मेरीहर बातसेर करना चाहती हुंओर तु मानती हौ अेसाकुछ भि नहि हे मेरेओर मेरे भाइके बीच मेरा अेसा नसीबकहा जोँ भाइसे प्रेम करु लाइक तौ मे बचपन सें करतीहुं भाइको पऱ भाइ मेरीतरफ ज़्यादा ध्यान हि नहीं देतातु कुछबता नां
सीमा : अरे मेरी गुडीया तु भि भाइको पसन्द करतीहे मुजे बताया क्यु नहि
सोनु : कहांसे बताउ पीछले दो दीनसे कुछ अजीब घटनाअे होतीहे कभी लगताहे भाइ मुजे लाइक करताहे कभी लगताहे भाइको मुजमे इन्टड्ढेस्टही नहींहे मे समज नहींपा रही भाइको इसी लीये तोँ केहरही हुं मुजे थोडा गाइडकर प्लीज.
सीमा : ठीकहे तुअेक कामकर कलसे तुभी मेरीतरह अधिक भाइके संगरहे ओर उसको अपनापती मानके उसकाहर कामकर लीयाकर ओर अपने बुब्सका दर्शन कराती जाओर मेरीतरह तुम् भि अपने भाइका मन जानने केँ लीयेअेक फेक आइडीबना केँ फ्रेन्ड रीकवेस्ट भेजदे ओरउसे बाते कीयाकर फीरआगे क्याँ करनाहे वोँ हम् बाद मे डिसकस करेंगे लगताहे मेराभाइ आँ रहा हैं
सोनु : सुन अभि फीजीकली मत होना मेने सुना हेकी इसमे पहेली बार बहोत दर्द होताहे जब तुम् दोनो घरपेदो तीनदीन अकेले हौ तबयेसभी करना, चल मोबाइल रखतीहुं कमीनी तुने अेसी बाते करते हुअे मुजेभी गर्म करदीया हैं चलबाय। अेन्ड ओलध बेस्ट
जेसे हि सोनु मोबाइल कट करदीया मुजेलगा अब सोनुकुछ करने वालीहे मेनेरुम मे उपर कि तरफ देखाजहा हम् दोनोके रुमकी कोमन दिवाल पे छत कि नीचेअेक छोटी वेन्टीलेटर विन्डो थि जौ बहुत टाइम सें उसमे लकडी कां अेक छोटा पटीया रखाहुआ थां उसके नीचे हि मेरा पी.सि.कां टेबलरखा हुआ थां लगताहे
ईश्वर भि मेरेसंग थां जेसे वोँ भि चाहता हौ हम् दोनो कि जोडीबने मे मन हि मन उनको शुक्रिया करके टेबलकी ओर जाने लगाओर आहीस्ता सें टेबलपे चड गय़ा ओर लकडीको हटाके टेबल पर्र रख दीयाफीर विन्डो मे देखा तोँ सामने हि सोनुका बेड थां जौ मुजे पुरादीख रहा थां मे अंदर कां नजारा आहिस्ता देख सकता थां अेकबार फीर भगवानका धन्यवाद अदा कीयाकी मुजे अधिक महेनतके बीना मेराकाम होगया थां
अंदर देखा तोँ सोनु डड्ढोअर मे सें कुछ नीकाल रहीथी फीरआके वोँ चीज बेडपे रखदीओर अपनाटोप उतारने लगीबेड पऱ रखीचीज देखी तोँ मे चोंक गय़ा क्युकी यह मेरी तस्वीर थि फीर सोनु नें अपना लोअरभी उतार दीया थां अब वोँ सीर्फ ब्राओर पेन्टी मे थि ओर उसकी बालकी चोटी उनके घुटने केँ चीने तक लेहराती थि
यह देखते हि मेरा लन्ड अेकदम रोड केँ माफीक खडा होँ गय़ा थोडीदेर तौ अेसालगा सारी सरमहया छेडके उनकेरुम मे चला जाउंओर उसेपटक पटकके चोद डालुफीर मेने देखा सोनुबेड पर्र आकेबैठ गइओर मेरे तस्वीर सें बात करनेलगी
सोनु : कितना प्यारा लगरहा हे मेराराज, तु मुजको देखता क्यु नहीं तेरी सोनु तुजको कीतना चाहती हैं बेबी, तेरी सोनु तुजसे बहोत प्रेम करतीहे सारी जींदगी तेरेसंग गुजारना चाहती हेतु मुजसे सादी करलेफीर देख्ना तेरी सोनु तुजे सारी जींदगी दीनरात चुदवाती रहेगी
यह कहेके सोनु मेरी तस्वीर कों पागलो कि तरह चुमने लगी मे यह देखके हेरान रह गय़ा मेरी बहेन मुजे इतना चाहती हे मुजसे सादी भि करना चाहती हेयह उसकाअेक प्रेम हेकीअेक वासना यहबात जानने बगैर मे आगे नहि बढुगा, ओरउसे प्रपोज भि मे पहेले नहि करुगा यह मेनेमन हि मन डीसाइड कर लीया
फीर अंदर देखने लगा तोँ सोनु अपनी पेन्टी साइड मे करके दायेहाथ मे मेरी तस्वीरको बीच बीचमे चुमेजा रही थि ओर बाये हाथकी अेक उंगलीसे अपनी बुरमें फीगरींग कररही थि ओरबीच बीच मे बोलेजा रही थि
सोनु : अहह.आहहहहहहहह.रा। जज.फकमीहार्ड ओह.अहह.सीसीसी। अहहराज प्लीज.लव युभाइ ओरजोर सें चोदो अपनी बहेनको भाइ आहह-आहह मे आँ
रहीहु, राजओर जोरसे भाइ चोदो अपनी बहेनको आइइइइइइइ ओहहहहहहह गइ मे
सोनुकी चुत केँ फवारा छुट गय़ा उसने पुरीचदर खराबकर दि ओरकुछ छींटे मेरी तस्वीर पर्र भि पडेफिन वोँ थोडीदेर सांत बेठीरही फिन उठके मेरी तस्वीर टेबलके अंदर रखदीओर वोँ बाथरुम तरफ जानेलगी मे भि लकडी वापस अपनी स्थान रखके वापस अपनेबेड पर्र आकरलेट गय़ा ओर लेटे लेटे हि सोचने लगा
क्याँ यह प्रेम हेओर वोँ भि मेरी दिदी, क्याँ सचमे वोँ मुजे इतना प्रेम करतीहे सोनुके बारे मे सोचते मे कबसो गय़ा पता हि नहींचला जब मेने अपने माथे पऱ कुछ महेसुस कीया तौ अेकआंख थोडीसी खोलके देखने लगाकी कोनहे, देखा तोँ मेरी नेनु दिदी मेरेबेड पे बैठके अपनाअेक हाथ मेरेसर पे प्रेम सें घुमारही थि मुजे थोडा अजीबलगा रोज जोरोसे आवाज़ लगाके उठाने वाली मेरी दिदी आज प्रेम सें हाथफेर रही हैं मेंभी साइड पे होगया ओर मेरे दीदीके गोद मे अपनासर रख दीयायह देखके नेनु मुस्कराके
नेनु : अच्छा तौ मेरा सोनाजाग रहाहे ओर मज़ा लेँ रहा हैं चल उठजा, कोलेज जानां हे कि नहि?
मे : नहि दि, नहि जानां कोलेज सारादिन आपकीगोद मे सर रखके सोनाहे
नेनु : चलहट बदमास सारादिन सोयेगा तोँ घरकाकाम कोन करेगा ओर वोँ बंदरीयाको भि स्कुल छोडना हे, चल उठजा मे उसको उठाती हुंतु फ्रेस होकरआजा नीचे
कहेके दि चलीगइ सोनुको उठाने, कलरात कि पुरी फिल्म मेरे सामने आँ गइयहसभी यादआते हि मेराखडा हे गय़ा मे उठकेजट बाथरुम मे भागा फ्रेस होकर फुआरे केँ चीचेखडा होकर नहाने लगा लेकीन मेरे लन्ड महाराज नीचे बेठनेका नाम हि नहीं लेँ रहे थें मे नहाके बहारआया ओर रेडी होके नीचेचला गय़ा
तब तक दिदी नास्ता लगा चुकीथी लेकीन अभि तक सोनु नीचे नहि आइ थि थोडीदेर बाद वोभी नीचेआगइ ओर नेनु भि आकेबैठ गइ हम् तीनो नास्ता करनेलगे नास्ता करते मेने सोनु कि तरफ देखा तौ मुजे देखकर अेक प्रेम भरी स्माइल देरही थि दीदीको अजीब न् लगे इसलीये फोरन मेने अपना मुंह दिदी तरफ करदीया
ओर उसको देखने लगा कहीं वोँ हमारी तरफ तोँ नहि देखरही वोँ नास्ता करने मे व्यस्त थि तोँ मेने राहतकी सांसली मुजे संभाल केँ रहेना पडेगा इस लडकी सें मेरा ध्यान वापस सोनु कि तरफ नाँ जाये इसलीये मे दिदी सें बात करनेलगा
मे : दिदी आप् सारादिन घरकाकाम करती होँ थक नहि जाती, आप् अेक नोकरानी क्युं रख नहि लेती?यह भि सारादिन अपनेरुम मे फोन लेकेपडे रहीती हैं ओर नहि कि दीदीका हाथ बटाओ
नेनु : क्यु दिदी केँ हाथका खानां अच्छा नहि लगताओर घऱ मे जवान लडकाहे मे नोकरानी रखकेकोइ रीस्क लेना नहीं चाहती समजे हैं.हैं.हैं.
यह सुनके हम् तीनो हसनेलगे लेकीन यह बोलके मेने गलती करदी क्युके सोनुने फोरन वोँ बात पकडली
सोनु : दि भाइठीक केहरहा हेअब मे आपकाकाम मे हाथ बटाउंगी काम होने केँ बाद हि अपनेरुम मे जाउंगी आजसे नीचे कि सफाइ आप् देख्ना ओर उपरकी सफाइकी जींमेवारी आज सें मेरी (मेरीतरफ देखते हुअेअेक कातील स्माइल करते हुअे) थेन्कयु भाइ मेरी जीमेवारी याद दीलाने केँ लीये
नेनु : अरेवाउ मेरी गुडीया तुतोबहु समजदार नीकली नसीब वाले होगे जोँ मेरी लाडली जीसघऱ मे सादी करके जायेगी
सोनु : कहीं नहीं जानां मुजे सादी करके सारी जींदगी कुंआरी रहुंगी मगर आप् दोनो कों छोडके मे कहीं नहीं जाउंगी कहे देतीहुं तुमसे (क्रोध होके)
ये कहेते हि सोनु मेरीतरफ देखकर जोरोसे रोनेलगी मुजे पहेली बार थोडा अेतबार हुआ कि सोनु कों मेरे प्रती वासना नहि हेयह सचमुच मे मुजे प्रेम करनेलगी हे मुजसे रहा नहीं गय़ा मे फोरन उठके उसकेपास चला गय़ा वोभी उठके मुजेहग करके रोयेजा रही थि इतनी देरमे नेनुभी हमारे पासआगइ हम् तीनोअेक दुसरेको हग करके थोडीदेर खडेरहे
फीर मेने अपनीजेब सें रुमाल नीकालके प्रेम भरी नजरो सें सोनु केँ आंसु पोछने लगा नेनुदी नें सोनु कों पानी पीलाया फीर तीनो अपनी जगाह पे बैठगये लेकीन नेनु दि कुछसोच मे पडगइफीर मे कोलेज जाने केँ लीयेउठ गय़ा पीछे सोनुओर
नेनु भि उठगइ पहेले सोनुने दीकोहग कीयाओर बहार जानेलगी बाद मे मेनेभी दीकोहग कीयाओर जानेही वाला थाकी नेनु नें मुजेहाथ पकडके रोक लीयाओर मेरी आंखो मे देखते हुअे
नेनु : राज जलदी वापस आँ जानां तुजसे जरुरी बात करनी हैं अकेले मे, मेरी पर्सनल
मे : दिदी आप् कहो तौ आज कोलेज नहि जाता अभि सोनुको छेडके वापसआता हुं
नेनु : अरे नहि इतनी भि इम्पोर्टन्स बात नहींहे तु आहिस्ता जा
मे : ठीक हैं दि लास्ट तीन क्लास बहोत जरुरी नहि हैं मे दसबजे आजाउंगा ओर बाराह बजेउस बंदरीया कों लेनेचला जाउंगा
नेनु : ठिकहे राज आजाना
इसबार दिदी नें आके मुजेहग कीयाओर मेरे माथे पे कीस केँ संगसंग आज पहेली बार मेरेगाल पे भि पप्पी कि मे तोँ हेरान रहेके उसको देखने लगा दिदी भि मुजे देखते सरमाके हसरही थि ओर अपनीनजर जुकाअे खडी थि मे थोडा मस्ती केँ मुडमे
मे : थेन्कयु बेबीफोर स्वीट कीस
नेनु : (सरमाके हसके) मुजे बेबी कहेता हैं चलजा बदमास कहीका
मे बहारआया तोँ सोनु मेरा बाइक केँ पास वेइटकर रही थि मेने बाइक स्टार्ट कि ओर सोनुपेर पसार केँ इसबार पहेले सेही चीपककर बैठगइ
सोनु : बडीदेर करदीबात करनें मे कहीेकोइ सीक्रेट बात तोँ नहींचल रही थि?
मे : हां थि अेक सीक्रेट बात जौ तेरे कामकी नहींथी ओर बहारतो नीकलने देफीर चीपकना
ओर जेसे हम् बहार नीकले इसबार सोनु नाँ सीर्फ चीपकके बैठी बल्की अपना दोनो हाथभी दोनोतरफ सें डालके मेरापेट पकड लीया जेसेदो प्रेमी हौ
मे : अेसे पकडेगी तोँ लोग क्याँ समजेंगे हाथ लेले
सोनु : जीसको जौ समजना हैं समजने दो मे कीसीसे डरती नहि समजे
मे : अच्छा बच््चु मेरा डाइलोग मुजे वापस दीया, घऱ चलफीर तेरीखबर लेताहुं
सोनु : हाये.मे तोँ कब सें इन्तजार कररही हुं केँ कबखबर लोगे मेरी हा.हा.हा.
मे : तु बहुत बेसरम होगइहे सोनु, दिदी सें सीकायत करनी पडेगी
सोनु : क्याँ भाइ अेसी थोडी बहोत तोँ मस्ती चलतीहे हम् बच्चोकी बात बडोसे नहीं कि जाती तुम्हे अच्छा नहींलगा तौ आगेसे मस्ती नहीं करुंगी, सोरी
मे : चलचलठीक हेओर सोरी बोलनेकी जरुरत नहि हे करना मस्ती लेकीन हम् अकेले हौ तब करना दिदी केँ सामने अेसी मस्ती नहि समजी
सोनु : (मुजे जोरोसे चीपकते हुअे) थेन्कयु भाइलव यु, बाय धवेभाइ आज लास्ट टु पीरीयड फ्रिहे तौ ग्यारा बजे आजाना, आप् कों देरलगे तोँ मे सीमाके संग स्कुल केँ गार्डन मे मीलुंगी
इतनीदेर मे सोनुका स्कुल भि आँ गय़ा ओर वोँ उतरके आगेआइ ओर कातील मुस्कान केँ संग मुजेअेक फ्लाइंग कीस देके बीना मुडे दोडके क्लासपे चलीगइ मुजे इसकी अेसी हरकत देखके कोइ आस्चर्य नहि हुआ वोँ सीमाकी सलाहके अनुसार सहीजा रही थि लेकीन वोँ उसबात सें अंजान थि कि मे उसकी सारी बाते जानता थां ओर मुजे भि यह खेलमें आनंदआने लगाथा फीर मे बाइक लेके सीधा कोलेज आँ गय़ा अेक क्सास अेटेन्ड करनेबाद सीधा अंजना मेम केँ पासचला गय़ा मेम अकेली फ्रि बैठी थि मुजे देखते हि
अंजना : आओराज यादहे नाँ आज मेरेघऱ पऱ ४बजे आनांहे
मे : जीमेम मे स्वयं आपको रीमांइन्डर दे नें आयाहुं
अंजना : अरेवाउ तुमतो बडे जीमेंदार लडके होँ मेने तुमको काम देकेकोइ गलती नहि कि
मे : लेकीन आपने गलतीकर दि
अंजना : मे नें? मेनेकब गलती कि?
मे : अेकतरफ आपने बोलाथा नेनु कों नहि बताना ओर आपने स्वयं हि उसेबता दीया
अंजना : ओह.सोरी लेकीन क्याँ करु तुम्हारी दिदी मेरीखाल फ्रेन्ड हेओर उनका व्यक्तित्व हि अेसा हेकी मे उनके सामने कोइबात सेर कीये बीना नहींरेह सकतीसो। सोरीराज
मे : अरेमेम सोरी क्यु बोलती होँ इसबात पे हम् भि बाकात नहि हैं हैं.हैं.हैं.
इसबात पे हम् दोनो हसनें लगेफीर मे मेमसे विदाय लेकेघऱ कि तरफचल दीयाओर सारे रास्ते नेनुदी केँ बारे मे सोचता रहा क्याँ बात होगी जौ नेनु मुजे पहेली बार अपनी पर्सनल बात डीस्कस करनाचाह रहीहे यह सोचते सोचते घऱ आगया
ओर आके सीधा दि रुम मे चला गय़ा दि अपनेबेड पऱ सुभह जल्द उठने कि वजहआंख बंध करके आरामकर रही थि मे जाके उसकेबगल मे बेठ गय़ा ओर नेनुको सोते हुअे देखने लगा कितनी मासुम लगरही थि मेराहाथ अनायस उसके माथे पऱ चला गय़ा ओर उसकासर सहेलाने लगा मेराहाथ लगते हि वोँ उठने कि कोसीस करनेलगी मेनेउसे लेटे रहेने कों कहा लेकीन वोँ नहीं मानीओर उठके मेरेबगल मे बैठगइ ओरघडी मे देखने लगी
नेनु : भाइ अभि तौ साडेआठ बजेहे तु इतनी जल्द आँ गय़ा कोलेज गय़ा हे कि नहि
मे : गय़ा थां दि वोँ आपकी सहेलीको मील केँ थोडा डांट केँ वापस आगया
नेनु : (हसते हुअे) क्युं क्याँ कीया बेचारीने तुम्हारे संग
मे : कुछ नहि दि मुजे आपको बतानेको मनाकर रहीथी ओर स्वयं तुमेबता दीया इसीलीये
नेनु : अरे बेचारी बहोत दुखीहे लेकीन बहुत अच्छी हे मेरेसंग उनकीहर बातसेर करतीहे ओर अपनादिल कां बोज हलका करतीहे
मे : उसको क्याँ प्रोबलेम हे अच्छी खासी तनख्वाह हेपती पत्नि अकेले रहेते हैं
नेनु : अरे उसकी बाकी कि फेमीली राजकोट रहेती हे उसकी सासू माँ बडी जगडालु हैं ओरउपर सें संतान कां इस्यु तु नहीं समजेगा छोडइन बातोको अपनीबात पऱ आते हैं
मे : दि कोइ टेंन्सनकी बात तौ नहि आप् बताओ मुजे, चुटकी मे दुरकर दुगा
नेनु : अरे नहि दरसलदो दिन पहेले हमारा अेक दुरके रीस्तेदार हमारे घऱआये थें मेरे रीस्तेकी बात लेके
यह सुनते मे मायुस होगया, नेनु दि नें अेबात नोटीस करली
मे : फीर आपने क्याँ कहा?उसे मना तौ नहीं कीयाने आपने?
नेनु : तुजेबडी जल्दहे मुजे भगानेकी ताकीमोज मस्ती केँ लीये तुजे पुरी आजादी मीले मेनेउसे उसी टाइममना कर दीयाहे (कहेके मेरीओर देखने लगी)
मे : लेकीन क्गुं दि आपनेमना क्यो कीया?
नेनु : अगर मे चलीगइ तोँ मेरे राजका ख्याल कोन रखेगा मेरी सोनुका ख्याल कोन रखेगा मुजेओर कीसीपे विस्वास नहीं हैं (दीदीकी आंखेनम होगइ)
मे : बट दि आपकी भि जींदगी हे हम् सभी तौ अभि छोटेहे पुरी लाइफ अकेली केसे काटोगी ओर मुजे अेसी बाते आपसे नहि करनी चाहीये दि आप् मेरी दि केँ संगअेक मित्र भि होँ इसीलीये हिंमत करकेकेह रहाहुं कि आपकीकुछ जरुरते भि हे, केसेरेह पाओगी
नेनु मुजेअक नजर सें देखने लगीओर आंसु बहाने लगी मेनेउसे फोरनहग कर लीयाओर मेरे सीनेपे सर छुपाके जोरोसे रोनेलगी मेंभी अपना आंसु नहींरोक पाया मे भि रोनेलगा हम् थोडीदेर अेसे आंसु बहाते रहेफीर मेने जेबसे रुमाल नीकाला ओर दि कां मुंहउपर करके उनके आंसु पोछने लगा दि मेरीओर देखती रही उनकोरुक रुककर आंसु आँ रहेथे ओर मे पोछता रहेता थां फीर दीने भि मेरे आंसु पोछेफीर दि अलग होते हि
नेनु : तु कीतना समजता हे अपनी दीको मेतो धन्य होगइ तेरा जेसे भाइको पाकरतु अब वाकइबडा ओर समजदार होँ गायाहे मुजे विस्वास हे तुजपे कि तुअब हम् सभी कि जीन्मेदारी नीभा सकताहे, लवयु बेबी
मे : लवयुटु डार्लींग
कहेके मे हसनेलगा ओर दीने मेरी छाती पे मुका मारके हसनेलगी
नेनु : शर्म नहींआती दीको डार्लींग बोलता हे, मे तेरी डार्लींग हुं क्याँ? लेकीन मेनेआज अेक फेसला कर लीयाहे ओर वोँ भि पक्का, फीर इसके बारे मे हम् कभी डीस्कशन नहीं करेंगे
मे : क्याँ?
नेनु : अब मे सादी नहि करुंगी ओरयह मेरा आखरी फेसला हे
मे : पऱ दि.
नेनु : बोला नें कोइ प्रश्न नहि
मे : आपकोयाद हे दिदी हम् मोल पे शोपींगके लीये गयेथे तब मेनेदिल गभराने कि बात कीथी
नेनु : अरेहां तुनेबाद मे बतानेको कहा थां, बताना तेरादिल क्यु गभराया थां?
मे : यही दि आपकी सादी वालीबात यादआगइ थि कि आप् सादी करकेचली जाओगी तोँ हमारा क्याँ होगा, यही सोचते दिल गभरा गय़ा थां
नेनु : मुजे भि पता थां जब तुम् मुजे अपनेहर फैसला, तेराहर राजओर तोँ ओर तुमने अपनी फेवरीट चीज त्यागके मेरी फेवरीट चीज अपनाइ ओर तेरा मेरे प्रती अपना समर्पण देखके तभी डिसाइड करलीया थाकी मेरे बगैर मेराराज नहि रह पायेंगा इसी लीये मेनेयह फेसला लीयाओर येफेसला लेके मेनेकोइ गलती नहींकी आइअेम सेटीसफाइ
मे : पऱ दि आप् तौ ठीक, लेकीन सुभहउस बंदरीया भि सादीकी मनाकर रही थि ओर वोँ कीतनी जीद्दी हे आपको तौ पता हि हे, अगर तुम् दोनो सादी नहि करोगे तौ मे क्याँ कंरुगा
नेनु : तुम् सादी करलेना ओर क्याँ, ओरउस बंदरीयाको हम् दोनो मीलके मनायेंगे
मे : नहि दि पता नहीं मेरी जींदगी मे केसी लडकी आयेगी सादीके बादकभी उसने आपसे उंची आवाज़ मे बातभी कि तौ मे सहन नहींकर पाउंगा ओरउसे तभीछोड दुंगा
यह सुनतेही दिदी जट सें आके मुजे लीपटगइ उसने मुजे अपनी बाहों मे भर लीया मेने भि अपनाहाथ दिदी केँ पीछे लेजाकर उसकीपीठ सहलीने लगाओर हमारा सरअेक दुसरो केँ कंधे पऱ रखके अेसेही बहुतदेर खडेरहे ओर बाते करतेरहे
नेनु : भाइतु कीतना प्रेम करताहे अपनी दिदी सें, मे तौ धन्य होगइ, इतना प्रेम नं करभाइ मे सहन नहि कर पाउंगी मरजाउंगी मे
मे नें फोरन दीकोअलग कीयाओर उसके गालपे अेक तमाचा जड दीया दीके आंखसे आंसु बहेने लगे, तौ उसको वापस अपनी बाहों मे भर लीया दि मुजे लीपटकर रोनेलगी
मे : खबरदार जौ मरनेकी बातकी, अगर आइंदा अेसी बातकी तौ मे सचमुच घऱ छोडके तुम् सें दुरचला जाउंगा
नेनु फोरन मुजसे जुदा होके अपना दोनोहाथ मेरे गालपे रखके मेरी आंखो मे देखने लगी थोडीदेर अेक नजरसे मेरी आंखोमें देखते हुये
नेनु : भाइ तुम् अपनी दीको कीतना प्रेम करते होँ?
मे : अपनीजान सें भि ज़्यादा कोइ सकहे आपको?
नेनुं : कोइसक नहि भाइजब भाइ इतना प्रेम करने वाला मीला तोँ मुजे सादी करने कि क्याँ जरुरत हे
मे : बट दि मे तुजेभाइ वाला प्रेम दे सकताहुं पती वाला नहि
यह बोलके मुजे गलती कां अहेसास हौ गय़ा, यह मे क्याँ बोल गय़ा कहीं दि गलत न् समजे मुजे, लेकीन दिदी फीरभी कुछ नहि बोलीं वोतोबस मुजे प्यारभरी नजरोसे देखे जारही थि फीर दिदी आहीस्ता आहीस्ता अपनासर आगे करनेलगी ओर मेरे गालपे अेक पप्पी करदीफीर थोडीदेर मुजे देखके अेकदम मुजे कसके लीपटगइ
उसके बुब्स मेरी छाती पे दबगये यह अेहसास होतेही मेरा लन्ड अेकखम खडा होगया ओर दीदीकी बुरको बहार सें टच करनेलगा दीदीको अहेसास होते हि वोँ मुजसे दोकदम दुरहट गइओर थोडी नीचेनजर करके मेरे पेंटमे आये उभार कों देखने लगीओर सरमागइ खुदकी चूत भि गीली होगइ मे सीचुअेसन कि गंभीरता समज केँ बहार जानेलगा
लेकीन मुजे जौ बात करनी थि वोँ कहेने केँ लीये दरवाजा केँ पास जाकेपलट कर वहींखडा रहेके दीदीको देखा तौ मुजे अेसे प्यारभरी नजरोसे देखरही थि मानोकह रही होँ राज मुजे छोडके मतजाओ यहींरुक जाओ मेरेपास तेरी नेनु तुजसे बहोत प्रेम करतीहे पर्र मुजे मेरीबात कहेनी थि
मे : नेनु दि, मेने भि अेक फैसला करलीया हैं, अब मे भि सादी नहि कंरुगा
कहेके फोरन मे बहार जानेलगा, पीछे राज.रुक जाओ लेकीन मेनेपलट केँ नहि देखाओर अपनी बाइक लेके सीधा सोनु केँ स्कुल पहोंच गय़ा घडी मे देखा तौ १०.४५बज गये थें इसका मतलब सोनु अपनी सहेली सीमा केँ संग गार्डन मे होगी मे अंदर जाहीरहा थां कि मुजेयाद आया दोनो क्याँ बातेकर रही हैं
मे वहीरुक केँ जेब मे सें इयरफोन नीकाला ओर रीसीवर ओन करके उनकीबो सुनने लगा आवाज़ स्पस्ट आँ रही थि लगता थां दोनो यहां बहुत नजदीक हि बैठीहे सोनु सीमा सें पुछरही थि
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - ३
मे बहार जानेलगा पीछेराज। रुकजाओ लेकीन मेनेपलट केँ नहि देखाओर अपनी
बाइक लेके सीधा सोनु केँ स्कुल पहोंच गय़ा घडी मे देखा तौ १०.४५बज गये थें इसका
मतलब सोनु अपनी सहेली सीमा केँ संग गार्डन मे होगी मे अंदर जाहीरहा थां कि मुजे
यादआया दोनो क्याँ बातेकर रही हैं मे वहीरुक केँ जेब मे सें इयरफोन नीकाला ओर
रीसीवर ओन करके उनकीबो सुनने लगा आवाज़ स्पस्ट आँ रही थि लगता थां दोनो
यहां बहुत नजदीक हि बैठीहे सोनु सीमा सें पुछरही थि.अबआगे
सोनु : तुजे बताना हौ तौ बताभाव क्युं खारही हैं क्याँ हुआकल
सीमा : ठीक हैं कल तेरा मोबाइल रखते हि थोडीदेर मे भाइ चुपकेसे मेरेरुम मे आगया
ओर दरवाजा बंधकर दीयाओर दोडके मेरेपास आके मुजेबेड सें उतारके उसके सामने
खडाकर दीयाओर मुजे पागलो कि तराह चुमने लगाफीर मुजे बाहों मे लेलीया थोडी
देरखडे रहेने केँ बाद उसने अपना होंठ मेरे होंठ पे लगा दीया
ओर हम् अेक दुसरोसे जीभ मुंह मे डालकर फ्रेन्च कीस करनेलगे हम् दोनो बहुत
उतेजीत हौ गये थें फीर आहीस्ता सें भाइ नें मुजेबेड पर्र लीटा दीयाओर मेरेउपर लेट
गय़ा ओर हम् फीरकीस करनेलगे भाइकीस करते करते अपनाअेक हाथ मेरी चुची पे
लें जाके मसलने लगा मे बहुत गर्म होगइ थि
फीेर चुची मसलते मसलते भाइ अपनाहाथ नीचे लेगया ओर सलवार केँ उपरसे हौ
मेरीचुत कों सहेलाने लगा मे सीसकारीया करनेलगी अेकबार तोँ लगाभाइ जलदी
अपना मुसल लन्ड मेरीचुत मे डालदे लेकीन तभी मुजे तेरीबात यादआगइ भाइ मेरे
सलवार कां नाडा खोलने कि कोसीस करनेलगा मेने फोरनउसे रोक लीयाओर मना
करनेलगी
(अब सीमाकी फेमीलीको मीलाना जरुरी हैं रामुकाका - उमर४४ वर्ष
अमीतजीने उसकोसभी तराह कि हेल्पकी ओर उसकी फेक्टरीके वकशोपके हेड थें
अमीतजीको अपनाबडा भाइ मानते थें उसने बरसो सें अपने दीलमें अेकराज छुपाके
रखाहे जौ आज तक अमीतजीके सीवाय कोइ नहीं जानता थां जोँ आगे जाके हमारे
हीरो कों बतायेगे मे कथा मे उसे काका लीखुगा
रमाकाकी - रामुकाका कि पत्नि उमर४१ वर्षहे तौ बहोत धार्मिक पर्र कभीकभी
उसकामन भटक जाताहे क्युकी काका नें उससे पीछले ४ वर्षसे फीजीकली होनाछोड
दीयाहे तोँ इसकी सरीरकी भुखबढ गइहेओर अपने आपको अपने हाथोसे सांत
करतीहे मे किस्सा मे उसे काकी लीखुंगा
अजय - रामुकाका ओर रमाकाकी कां बेटा उमर२२ वर्ष अेन्जीनीयरींग कर चुका
हेफील हालअेक कंपनी मे जोब करताहे ओर अपनी बहेनसे प्रेम करताहे
सीमा - रामुकाका ओर रमाकाकी कि बेटी उमर२० वर्ष जौ सोनु कि बेस्ट फ्रेन्ड हेओर
अपने भाइसे बहोत प्रेम करतीहे दीखनेमें कयामत लगतीहे रंग अेकदम सफ़ेद चहेरा
आकर्सीत उसे देअते हि प्रेम होँ जायेइसी लीये उसकाभाइ इसके प्रेम मे पड गय़ा)
सीमा : भाइ प्लीज अभि नहि मानजाओ प्लीज।
अजय : लेकीन क्यूं दि प्लीज मे तेरे बगैर नहि रेह सकता
सीमा : भाइ मुजेकुछ समय चाहीये इसके लीये मे अभि सजधजकर नहि हुं, मानजा प्लीज
क्याँ मुजसे प्रेम नहीं करता? अपनी दिदी कि इतनीबात नहि मानेगा?
अजय : प्रेम तौ मे अपनीजान सें अधिक करताहुं ओर सारी जींदगी करता रहुंगा
तुजसे सादीजो करना चाहता हुं मेरी स्वीटहार्ट हेतु, अबतोतुं जब कहेगी तब हि करुगा
सीमा : थेन्कयु भाइजब घऱ मे हम् तीनदिन अकेले होंगे तबसही मोका देखके हम्
हमारी सुहागरात मनायेंगे
फीर क्याँ भाइमान गय़ा ओर हम् सुभहचार बजे तक फोरप्ले करतेरहे ओर सुभह
चारबजे भाइचला गय़ा, ओरबता अबखुस ओर तुने कहां तक प्रोग्रसकी यह तौ बता
सोनु : अभि तक कुछ नहि कीया लेकीन आज सुभह मेने अपनी दिलकी बातभाइ ओर
बडीदीको बतादी कि मे सादी नहि करुगी ताकी जींदगी भर भाइके संगरेह सकु सादी
करुगी तौ सीर्फ भाइसे वरना सारी जींदगी भाइके नामकी उंगली करते बीता दुंगी
सीमा : अरे सोनुतु इतना प्रेम करती हैं भाइसे मे तौ समजती थि हमारे अंदर उमरकी
अेकमहज वासना हे लेकीन तुम् तोँ सचमुच अपने भाइकी दिवानी हे, सायदइसे हि
सच्चा प्रेम केहते हेतुअेक कामकर आजही अपने भाइको फेक आइडी सें रीक्वेस्ट भेज
देओर जल्दआगे बढ मे तुजे हेल्प करुगी तेरा सच्चा प्रेम पाने मे
सोनु : थेन्कस सीमा, मे भि चाहती हुं जल्द सें जल्दभाइ मुजे अपनाले ओर भाइने मेरा
प्रेम कबुल नहि कीया तौ मे अपनी हाथकी नस काटके अपनी जींदगी ख़त्म कर दुंगी
सीमा : अरे पागलहे क्याँ अेसाकुछ नहि करना तुजे तेरे भाइकी शपथतु कहे तौ मे
तेरेभाइ सें इस बारे मे बातकरु?
सोनु : अरे नहि कमीनी भाइकी शपथ क्युं दि, अब मे मरभी नहि सकती, ओर इसबात
कों मे हीं हेंडल कर लुंगी तुम् चिंता मतकरभाइ अभि नहींआया लेने
मेनें फोरन रीसीवर ओफ कीयाओर इयरफोन अपनीजेब मे रख दीयाओर अंदर
चला गय़ा दोनो सहेली पेडके नीचे बैठी थि सोनु मुजे देखते हि मेरीतरफ दोडपडी ओर
आके मुजे लीपटगइ वोँ देखके सीमा हसनेलगी (अपनेमन मे)कितनी उतावली होँ
रहीहे अपने यारको मीलनेके लीये मेने सीमाको हसते हुअे देखते हि सोनुसे अलग
होकर धीमेसे सोनुको कहा
मे : क्याँ कररही हे सीमादेख रहीहे हमे अेसे लीपटके देखते क्याँ सोचेगी
सोनु : जौ सोचना हे सोचने दो मे कीसीसे डरने वाली नहींहुं
मे : अच्छा इतनी हिंमत आगइ मेरी गुडीयाको चलअबघऱ चलतेहे (फीर सीमाकी ओर
देखके) चल सीमा तुजे भि छोडदु अपनेघऱ अकेली यहां क्याँ करेगी
सीमा : नहि भाई भाइ अभि आता हि होगा मेने मोबाइल कर दियाहे
अभि हम् बात करहीरहे थें तब सीमाका भाइभी आँ गय़ा ओर मेरेपास आके
मुजसे हाथ मीलाया फीर हम् घरकीओर चल दिये सीमा अपनेभाइ केँ पीछे बैठके आगे
नीकलगइ ओर सोनु मेरे पीछे बैठते हुअे मुजसे कहेने लगी
सोनु : चलोने भाइ कहीं घुमके आतेहे अभि तौ सीर्फ ११.१५ हि बजेहे
मे : अगर दीदीको पताचल गयाके मे तुजे घुमारहा हुं तौ हमें डांटेगी
सोनु : दीदीको कहा पताहे कि आज मेरी जल्द छुटी होगइहे चलोने प्लीज।
मे : ठीकहे चल तुजे आइसक्रिम शोप लेजाता हुं खायेगी आइसक्रिम?
सोनु : अरेवाह। स्योर भाइचलो जल्द
फीर हम् दोनोअेक आइसक्रिम शोप मे आगये यहांकुछ पर्सनल केबीन भि थि
ओरवहा ओपन टेबलभी थें जौ बीलकुल खालीथे सोनु मेरेआगे नीकलके अेक पर्सनल
केबीन मे घुसगइ उसके पीछे मुजे भि जानां पडा हम् दोनोअेक दुसरेके सामने बैठगये
सोनु बहुतखुस लगरही थि तभी ओर्डर लेनेअेक व्यक्ति आया
सोनुने हम् दोनो केँ आइक्रिम ओर्डर कर दीयाजब तक आइसक्रिम नहींआइ तब
तक हम् दोनोअेक दुसरेको देखते हुअे खामोस बैठेरहे जेसेही आइसक्रिम आँ गइ सोनु
नें अपने आइसक्रिम सें चमच भरके मेरे मुहकी तरफ करदीया मेने गरदन नाँ मे हिलाया
तौ वे थोडा मायुस होगइ
फीर मेने उसकाचमच वालाहाथ पकडाओर मेने अपने मुंह मे लेलीया यह देखते
वोँ खुस होगइफीर हम् दोनो अपनी अपनी आइसक्रिम खानेलगे तभी मुजे नीचे अपने
पेर पऱ कुछ महेसुस हुआओर मेने खाते खाते हि नजर नीचे करते देखा तौ सोनु अपने
अेकपेर मेने भि थोडा आगे बढने कि सोची
मे : यह क्याँ कररही हे?
सोनु : क्याँ? मेतोखा रहीहुं हैं.हैं.हैं।
मे : (हसते हुअे)तु नहीं सुधरेगी दिनभर दिन तेरी सरारत बढतीजा रहीहे अेकदिन
मार खाअेगी मुजसे
सोनु : हाये.कब मारोगे मुजे मे तोँ कब कां वेइटकर रहीहुं कि आप् मारो मुजे
सोनु नें आज भि डबल मीनींग बातकी यह सुनके मेरा लन्ड खडा होगया ओर मे नें
भि जानने उत्सुक थां कि मेरे बहेन मेरे लीये कीतना तैयार हे तोँ मेने अपनाचमच साइड
पे रख दियाओर अपनेकप सें मे नें उंगली सें आइसक्रिम उठाइओर अपनेमुह मे
आधी उंगली डालके चाटने लगा सोनु मेरीइस हरकत देखके खाते खातेरुक गइ
ओर मेरीओर देखने लगीफीर मेनेआधी आइसक्रिम वाली उंगली उसके मुंहकी
तरफ लेगया ओरउसे देखने लगाअब वोँ क्याँ करेगी लेकीन उसने अपनाचमच
साइडपे रखकर मेराहाथ पकड लीयाओर खींचके मेरी उंगली अपने मुंह लेके मेरीओर
देखके चाटने लगी जेसे मेरा लन्ड अपनेमुह मे लेलीया हौ अेसी हरकत करनेलगी
ओरफीर जेसा मेने कीया वेसा उसने भि कीया मेभी उसकी उंगली चाटने लगा
सोनुकी आंख मे मेनेअेक कामुक नसा देखा मुजे यकीन होगया थां कि यह लडकी
इसारा करते हि मेरे नीचेलेट जायेगी मे बहोत उतेजीत होगया वोँ बातआगे बढाये
इससे पहेले मे खडा होगया ओर उससेकहा
मे : चलो सोनुदेर हौ जायेगी तोँ दिदी कि डांट पडेगी बाकी सरारत बाद मे कर लेना
सोनु : (सेड होके) ठीकहे भैया चलोओर थेन्कयु स्पेसीयल आइसक्रिम खीलाने केँ लीये
मे : अरेयह तोँ ओर्डिनरी आइसक्रिम थि स्पेसीयल तौ तुजेबाद मे कभी खीलाउंगा
यह सुनते हि वोँ अेकदम सरमागइ ओर मुजे कामुक नजरो सें हसते हुअे देखते
बहार जानेलगी फीर हम् बील पे करके घरकीओर नीकलपडे सोनुबार बार अपनी
पेन्टी गीलीकी वजह सें बाइक मे ठीकसे बैठ नहीं पारही थि वोँ थोडीदेर थोडीदेर इधर
उधर हीलती रहेती थि मुजे इनकी पोजीसन मालुम थि तोँ मेने सरारत करने केँ मुड मे
उसे कहेने लगा
मे : अरेठीक सें बैठ नें क्यु हीलती रहेती हैं हम् गीर जायेंगे
सेनु : भाइ वोँ। वोँ। मेरी।
मे : क्याँ मेरीकही तेरी पीसाब तोँ नहि छुटगइ हे.हे.हे.(मे हसनेलगा)
सोनु : (सरमाते मेरीपीठ पे मुका मारत हुअे)भाइ तुनबडे वोँ होँ
मे : (तब तक घऱ आँ गयाथा ओर बाइक सें उतरते समय) क्याँ बडाहे केहना।
सोनु : (सरमाते) मुजे नहीं मालुम
कहेके वोँ अेकदम हसके सरमाइ ओर अंदर भागने लगी सीधाउपर जाके अपने
बाथरुम मे घुसगइ मे भि उपरआके फ्रेस हुआओर नीचेआके सीधा दादीके रुम मे
चला गय़ा वहां नेनु दादीको अपने हाथसे खानां खीलारही थि मेने नेनुके हाथ सें खाने
कां डीस लेलीया ओर उसकीओर देखके कहेने लगा
मे : लाओ दि मे दादीमा कों खानां खीला देताहुं आप् दुसरा ओरकाम देखलो
नेनुखडी होगइफीर थोडीदेर मेरीओर देखती रहीफीर मेरे सरपेहाथ फेरके
बहारचली गइओर थीडीदेर बाद सोनु भि अपनी पेन्टी बदलके फ्रेस होकर दादीमा केँ
रुममें आके मुजसे सटकरबैठ गइउसे देखतेही अपना मुंह उनकेकान केँ पास लेजाकर
धीमी आवाजमें
मे : चडी बदलकर आँ गइ मेरी स्वीटु (कहेके मे हसनेलगा)
सोनु : (सरमाके हसते)क्याँ भाइ शर्म नहींआती अपने बहेनसे अेसी बाते करते हुअे?
मे : अरेवाउ तुजेबडी सरमहैया हेभुल गइ आइसक्रिम पार्लर?
फीर सरमाके उसने अपनीनजर नीचे करलीफीर मंदमंद हसते हुअे तीरछी
नजरसे मुजे देखा मे उसे देखकर धीमे धीमेहस रहा थां, दीदीका हाथ बटाने जा रहीहु
कहेके वोँ खडी होगइओर जानेलगी तौ मेनेउसे कहा
मे : अरे दादीमा कां संग वाला आशीर्वाद तौ लेतीजाओ
इसबात पे ओर सरमाइ ओर हसते हुअे दोडके बहारभाग गइ दादीको खीलाने
केँ बाद दादीमा कां मुहसाफ कीयाहाथ धुलाया ओर दादीको पानी पीलाके दादीकी डीस
वापीस रखने केँ लीये कीचन कि ओर जानेलगा कीचन मे जाके मेने वोसबेस मे डीस
रखदीओर अपनेहाथ साफ करके बहार सोफे पऱ बैठ गय़ा मुजे अेसेकाम करते दोनो
दिदी देखरही थि फीर सुभह कि घटना केँ बारे मे सोचने लगा
मेराओर नेनु कां लगभग आनां दि सें इतना लगाउ जौ पहेले इतना नहि थां मे क्यु
दीकीतरफ खीचता जारहा हुंकही मे दीसे प्यारतो नहीं करनेलगा ओर दीका भि मेरे
प्रती लगाव बढताजा रहा थां अेसालग रहा थां वोँ भि तौ मेरीतरफ आकर्सीत हौ रही
हेअगर अैसाहे तौ मे दुनीयाका सबसे खुसनसीब इन्सान हुं जोँ मुजे इतना प्रेम करने
वाली सुसील सुदरअेक संपुर्णनारी केँ रुपमे मे नेनु कों पाकर धन्य हौ जाउंगा
तब मेनेमन हि मनअेक डीसीजन लेलीया मे सादी करुगा तौ सीर्फ नेनु सें वरना
सारी जींदगी कुंआरा रहुंगा यही सोचते सोचते सोफे पर्र बेठे हि मेरीआंख लगगइतब
मेने महेसुस कीया कि सोफे पे कुछ हलचलहे मेनेआंख खोलके देखातो दोनो दि मेरी
आजु बाजु मे बैठी थि ओर मुजे अेसे सोते देखकर मज़ा लेँ रही थि मुजे जागता देखकर
सोनु : दादीको खानां खीलाके थकगये हौ?(दोनो हसपडी)
मे : चुपकर बंदरीया अेसेही आंखबंध करकेजाग रहा थां (मेनेजुठ बोला)
नेनु : अच्छा लेकीन हम् तौ यहां कबसे बैठेहे, तुतोबडी जोरोसे खरराटे माररहा थां
नेनु : (जुठ पकडे जाने सें मे थोडा सरमां गय़ा) अलेले अलेले मेरा बेबी सरमाता भि हे
सोनु : हाउस्वीट सोते हुअे कीतना प्यारा बंदरलग रहा थां, हेना दि?(दोनो फीरहसी)
मे : लगताहे तुम् दोनोआज मेरी टांग खीचने केँ मुड मे हौ, अेक अेकको देख लुंगा
नेनुओर सोनुसंग मे : हाये.कब देखेगा हमे, हम् तौ कब सें इन्तजार मे हे
कहेके दोनो मुजे गुदगुदी करनेलगी मेने भि अपना दोनोहाथ उनकी गरदन मे
डालके मेरीतरफ खीच लीयाओर दोनोको दबोच लीयाअब दोनोने छुटनेकी नाकाम
कोसीसकी फीर सांत होगइइस पऱ सोनुको मौकामील गय़ा डबल मींनींग बात करने कां
सोनु : भाइछोड दे हम् दोनोको, तुजसे कभी नहींजीत सकती आजसे हम् दोनो तुमसे
सरेन्डर करते क्युं दि
नेनु : हाभाइ छोडदे आजसे तेरी गुलाम बस। अब तौ छोडदे (दोनोको छोड दीया)
सोनु : भाइ तुने तौ हमारी गरदनतोड दि तेराहाथ हैकी हथोडा
नेनु : चलो बहोत होँ गइ मस्ती अब दोपहर का खाना करलो
हम् तीनो डाइनींग टेबल पर्र आकेबैठ गये सोनु मेरे सामने बैठी थि ओर नेनु मेरे
बाजु मे बैठी थि ओर हम् खानां खानेलगे सोनु मुजे नीचेसे पैर मारने कोसीस कररही
थि पऱ मे यहांकोइ रीस्क लेना नहीं चाहता थां तोँ मेने अपना पांव पीछेचेर केँ नीचे
मुडके रखा थां मेरे पांव हाथमे नहीं आरहे थें
तोँ सोनु नें जान बुजकर अपना खानेका चमच नीचे गीरा दीयाओर वोँ लेने केँ
बहाने नीचे जुकके देखने लगी तौ मेरा पांव पीछे देखकर वापीस सीधी होकरबैठ गइ
ओर मुजे नाराज नजरोसे देखते हुअे खानां खानेलगी इसकी सरारत दिदी कि नजरोमें
न् पड जाये इसलीये मेने दि सें बात करना मुनासीब समजा
मे : दिदी ४बजे तुम्हारी सहेलीके यहांजा रहाहुं उससेकोइ काम हौ तोँ कहो
नेनु : काम तोँ हे पर्र मे मोबाइल पऱ बात करलुंगी (फीर दिदी मुजे छेडते हुअे)तु ध्यान
रखना अभि वोँ वहां अकेली होंगी हैं.हैं.हैं।
मे : क्याँ मतलब अकेली होंगी, वोँ मुजेखा थोडी जायेगी आपकी सहेली मांसाहारी हे
क्याँ?
नेनु : अरे मेतो मजाककर रही थि वेसे कोलेज केँ फाइनल यर मे हौ अभि तक कोइ
लडकीने तुजे प्रपोज नहि कीया मेराभाइ इतना मासुम हैं जवान हैं ओर टेलेन्टतो
फुटफुट करभरा हे फीरभी तु अभि तक प्रेम केँ चकर मे कयुं नहींपडा?
मे : क्याँ दि आप् भि इन बातो कों लेकेबैठ गइ मे इनसभी चकरो मे पडने वाला नहि
नेनु : क्युं आजतक तेरी जींदगी मे कोइ लडकी आइही नहि? मेनेतो सुनाथा कि जबतुं
बारवी कक्षामें थां तबअेक लडकीके संग तेरा क्रस थां तौ तुनेउसे प्रपोज नहीं कीया?
मे : कीयाथा जीसदिन उसे प्रपोज कीया तोँ उसनेमना कर दीया, पता हैं क्युं? क्युकी
मे अपंग थां, वोँ मुजे प्रेम नहीं करती थि उसे सीर्फ मेरी अपंगतासे सहानुभुती थि ओर
मे बेवकुफ उसे प्रेम समज बैठाउस दीन मे अपना रुममे जाके मे खुब रोयाफीर वक़्त
केसाथ मेरा पैरभी बहुतहद तक ठीक होगया इसकेबाद मे कइ लडकीयो सें क्रस
बावजुद कभी प्रेम केँ चकर मे नहींपडा सीर्फ प्रेम दिलमे दबाके बैठ गय़ा क्युके मुजे
बेचारा नहीं बनना थां मे प्यारके लीये तरसता हुं सहानुभुती केँ लीये नहि
दि सें मेरी दिलकी बाते करते करते मेरी आंखो सें आंसु बहेने लगे नेनु नें मुजे
खडा होकेहग करलीया ओर मेरा चेहरा उसके सीनेमें छुपा लीया
नेनु : अरे मेरे बेबी रोना नहीं नहीतो हमभीरो पडेंगे, हम् तुम्हारी लीये अच्छी लडकी
ढुंढके तुम्हारी सादी करेंगे
मे : दिदी प्लीज मेने अपना डीसीजन आपको सुभहबता दीया थां
सोनु : केसा डीसीजन भाइकोइ मुजे भि तौ बताये मे भि इसघऱ कि सदस्य हुं, क्याँ
मुजे इतनाहक भि नहि कि मे घऱ कि बातजान सकु
मे : हांहे तुम्हे भि पुराहक हे (नेनु कि तरफ देखते हुअे) दि आपका फैसला भि सोनु
कों बतादो मुजे लगता हैं यहबात जाननी उसके लीये जरुरी हे
सोनु : लेकीन क्याँ आगे भि तौ बताओ
मे : सोनु जेसे तुम् सुभह सादी नं करनेका अपना फैसला सुनाके गइ वेसे नेनुने भि
सादी न् करनेका फैसला लीया हैं इस बारे मे तुम्हे क्याँ कहेना हे
सोनु : इस घरकीजीस तरह दीदीने जींमेदारी लीहे अेसे मे भि कुछ जीमेदारी लेना
चाहती हुंओर आप् दोनो कां प्रेम देखके मुजे लगताहे मुजे कहीं नहीं मीलेगा इसलीये
मेनेअे फेसला लीयाहे रहीबात दीदीकी तोँ मुजसे अधिक दिदी पऱ हम् सबकी बहुत
जीन्मेदारी हैं इसलीये मे पुरीतरह दिदी केँ फैसलेके संगहुं रहीबात तुम्हारी तोँ तुम्
कीस फेसलेकी बातकर रहे हौ हमे भि बताओ
नेनु : हम् दोनोका फैसला सुनके वोँ भि लगाव मे आके सादी नं करनेका फैसला लेँ
बैठाहे मेरीतो मानता नहि इस बारे मे तुबात करकेदेख सायद तुजे अधिक प्रेम करता
होगा तौ तेरीबात मान लेगा
मे : दिदी आप् इमोस्नल ब्लेकमेइल मतकरो मेरी दोनो बहेने घरके लीये इतनीबडी
कुरबानी देरही हे तौ मे नहींदे सकता कहीं अेसातो नहीं बाकी लडकीयोकी तरह मुजे
बेचारा समजकेआपने डीसीजन लीया हौ
तभी दीदीने अपनी चेरसे उठकर मुजेअेक जोरदार तमाचा जड दीयाओर स्वयं
जोरोसे रोनेलयी मेरेगाल पर्र नीशान पडगये थें दिदी रोते हुअेकहे जा रहीथी
नेनु : तेरी हिंमत केसे हुइ अेसीबात करने कि क्याँ हम् दोनोतुज पर्र तरस खाते हैं अरे
हम् तोँ तुम्हे अपना जीगरका टुकडा मानते हे तेरे बगैर हमारे जीवनकी कोइ अेहमीयत
नहीं मानते ओरतु हेकी अेकही समय मे हमे पराया कर दीया
कहेके दिदी फुट फुटकर रोनेलगी इसकेसंग सोनु भि रोनेलगी तब मुजे मेरी
गलतीका अेहसास हुआ कि मे गलतबोल गय़ा दोनो दिदी तौ मुजे जानसे ज़्यादा प्रेम
करतीहे तौ मेरे मुंह सें अेसा क्युं नीकल गय़ा वोँ दोनो केँ देखके मेंभी आंसु बहाने
लगाओर फोरन नेनु दीदीके पांव मे गीरपडा
मे : मुजेमाफ करदो दिदी मुजसे बहोत बडी गलती होगइ आप् दोनो तौ मेरीजान होँ मे
आप् दोनोसे बहोत प्रेम करताहुं दि प्लीज मुजेमाफ करदो दुबारा अेसी गलतीकभी
नहि करुगा अगर कि तोँ आप् मेरामरा मुंह दीखोगी दि प्लीज
दिदी नें फोरन मुजे अपने पैरो सें उठालीया ओर मुजे सीने सें लगा लीयाओर
हम् दोनो रोयेजा रहेथे सोनु भि उठके हमारे पासआगइ वोँ भि हमसे लीपटकर रोरही
थि थोडीदेर हम् अेसेखडे रहेफीर नेनु मुजसे अलग हुइ ओर अपनी चुनी सें मेरे आंसु
पोछने लगी मे सोनुके आंसु पोछने लगाओर सोनु दीके खांसु हम् अेक दुसरोको सांत
करतेरहे फीर दि हम् दोनो कों कहेने लगी
नेनु : जीसका जोँ फैसला हे उसपे कायम रहेना याँ फैसला बदलना स्वयं पऱ नीर्भर
रहेगा जीसका जौ फैसला होगा इनमे हम् सबकी सहमती होगीओर आजकेबाद इस
विसय पर्र कभीबात नहीं होगीयह मेरा आखरी फैसला हेओके
मे ओर सोनु : जी दि मंजुर
फीर दीको मेनेओर सोनुने अेकअेक गाल पऱ पप्पीदी, दीने भि हम् दोनोको बारी
बारी चुमाइस फैसलेसे सोनु अंदर सें बहोत खुस थि क्युकी मेरेसंग हमेंसा रहेने कां
इसका मार्ग साफ होगया थां फीर दि ओर सोनु कीचनमे चलेगये ओर मे अपने रुममे
आगयाओर बेड पर्र अेसेही लेटारहा थोडीदेर बाद नेनु मेरेरुम मे अेक केरीबेग लेके
आइओर मे उठकेबैठ गय़ा दिदी मेरेपास आकेबैठ गइओर मेरागाल देखने लगी
नेनु : बहोत जोरोसे लगी मेरे बेबीको? माफ करदे मुजे तेरी दिदी बहोत बुरीहे नां (मुजे
केरीबेग देते हुअे)ओर यह लेँ तेरे लीये
मे : नहीं दि आपका तोँ हकहेहमे डांटनेका, मारनेका आपका बुरा हम् कभीभी नहीं
मानते ओर आप् बुरी नहि हौ आप् तोँ हमारी स्वीट दिदी होँ ओर इतनी स्वीटके खाने
कां मनकररहा हे, ओरयह क्याँ हे
नेनु : (हसते हुअे)चल हट बदमास तुअब बीगडता जारहा हे (तीरछी नजरोसे देखते
हुअे) अपनी दीको खायेगा, चलजा खाजाना अबखुस ओरयह तेरा टीसर्ट हे मेरी पसन्द
कां हे, शोपींग केँ लीयेगये थें तब मेने तेरे लीये लेलीया थां मेरी मनपसंद कां
दीदीके बोलते हि मेने बेगसे टीसर्ट नीकाला तौ रेडओर व्हाइट कलरका
कोम्बीनेशन वाला अेकदम बढीया टीसर्ट थां जौ मुजे बहोत मनपसंद आयाफीर उनकामुह
पकडके अेकगाल पे मेने अपने दांतो सें काट लीया
नेनु : क्याँ कररहा हे सोनु देखलेगी तोँ क्याँ सोचेगी दुरहट (सरमाके हसते)
मे : देखने दो मे उसे डरता नहीं मे मेरी दीको प्रेम देरहा हुंकोइ गलतकाम थोडेकर
रहाहुं ओर ब्युटीफुल गीफ्ट केँ लीये धन्यवाद ( फीरइस बार मेने उसके काटे हुअेगाल
पे कीस करदी)
नेनु : तु पुरा पागलहे ओर मुजेभी पागलकर देगा मे जारही हुंयहा रुकना मतलब
बहुतबडा खतरा हैं.हैं.हैं।
दि उठके जानेलगी मेने उसकाहाथ पकडके रोक लीया वोँ पलट केँ मुजे प्रेम
भरी नजरोसे देखने लगी
मे : बैठो नें दिदी आपकेसंग बेठके सकुन मीलता हैं मुजे छोडके मतजाओ
नेनु : नहीं जानेदो मुजे नीचेकुछ काम भि बाकी हैं बाद मे बात करेंगे प्लीज।
मे : ठीकहे दि अभि तोँ आपको जानेकी परमीशन देरहा हुं भुलना नहीं तुम् दोनो मेरी
गुलाम हौ
नेनु : ठीकहे मालीक परमीशन देनेके लीये धन्यवाद (कहेके हसनेलगी ओरचली गइ)
अभि बैठा हि थां कि मेरेफोन मे मेसेजकी रींगबजी मेने देखातो केइ मीना
नामकी फ्रेन्ड रीक्वेस्ट थि मे समज गय़ा यह सोनुने भेजीहे मे फोरन अपने रुमका
दरवाजा बंध कीयाओर पी.सि। केँ टेबल पऱ चड गय़ा लकडी हटाकर देखा तोँ सोनु
अपने मोबाइल मे कुछकर रही थि मे भि मोबाइल लेकेखडा थां मेने उसकी रीकवेस्ट अेक्सेप
कीतो वोँ मोबाइल पे देखके बेड पऱ खुशी केँ मारेउछल पडीओर मोबाइल कों चुमने लगीफीर
बेठके कुछ टाइप करनेलगी
मीना (सोनु) : हाइ रीकवे्सट अेक्सेप करने केँ लीये थे्न्कस
मे : मोस्ट वेलकम क्याँ सचमे आपकानाम मीना हि हे
मीना : अेसा क्युपुछ रहे हौ आप् विस्वास नहि हे?
मे : विस्वास कि बात नहि हेआजकल कइ लडके लडकीका नाम रखकेबात करतेहे
इसीलीये पुछाअगर तुम् कहेती होँ तोँ मान लेताहुं
मीना : मे सचमुच मे लडकी हि हुं राजकोट मे रहेती हुंउमर १९साल ओर अभि पढरही
हुंकहो ओर क्याँ जानना हे मेरेबो मे
मे : अरे तुम् तौ नाराज होगइ इतनासभी नहीं पुछा थां मेने
मीना : अरे नाराज नहीं हुइ हुंयह सभी तुम् बादमे तौ पुछोगे तौ क्युसमय वेस्ट करना
सोबता दीया आप् मुजे अपने बारेमे बताइअे कोइ अेतराज नं हौ तौ
मे : अरेवा तुम् तोँ बडी फास्ट ओर समजदार नीकली आइअेम इमप्रेस, वेसे मे.इस
शहेर सें हुंनाम तौ तुम् जानती होँ उमर२१ साल फाइनल यरमेहुं ओर क्याँ जानना हे
मेरे बारे मे
मीना : आपकी फेमीली मे कोनकोन हैं
मे : अेकबडी दिदी अेक छोटी दिदी प्रेम सें हम् उसे बंदरीया कहेके चीडाते हेफीर मे
ओर दादीमा तुम् बताओ
मीना : अपनी दीदीको बंदरीया कहेते हौ कुछ कहेती नहि वोँ
मे : अरे प्रेम सें चीडाते हे वेसे मे उसे बहुत प्रेम करताहुं जानहे वोँ मेरी
मीना : (खुस होते) अपनी बहेनको जान कहेते हौ लगताहे तुम् उसेकुछ अधिक हि
चाहते होँ कहीं वोँ वाला प्रेम तौ नहि करते
मे : अरे वोँ वाला प्रेम क्याँ होताहे तुम्हे नहीं लगता पहेलेही चेटींग मे तुम् कुछ अधिक
फास्ट जारही होँ मुजे कंहीं जानां भि हे तौ बाद मे बात करेंगे बाय।
मेने विन्डो सें देखा सोनुकुछ नीरास लग रहीथी ओर उठके बहारआने लगी मे
जटसेसभी सेट कीयाओर नीचेउतर केँ दरवाजा खोल दियाओर अंजना मेमके यहा
जानेके लीये फ्रेस होने बाथरुमके अंदरचला गय़ा फीर बहारआके जींन्स ओर दीका
दीयाहुआ टीसर्ट पहेनकर तैयर होनेलगा तभी सोनु मेरे रुममें आगइओर मुजे देखते हि
सोनु : वाव.भाइ आपतो अेकदम हीरोलग रहेहो लगताहे अंजना मेमगइ आजकाम सें
सोनु मेरी टांग खीचते हुअे हसनेलगी
मे : चुपकर बंदरीया कुछभी बोलती रहेती हे वोँ प्रोफेसर हे हमारी ओर दीकी सहेली भि
सोनु : तोँ क्याँ हुआहे तोँ अेक लडकी हि तुमे देखते हि पागल होँ जायेगी
मे परफ्युम लगा रहाथा यह सुनते हि मे सोनुके अकदम लगभगचला गाओर उसकी
आंखो मे देखते हुअेकहा
मे : तुम्हे बडी नोलेज हेइन मामलोमें तुभी तोँ अेक लडकीहे क्याँ तुम् पागल हुइ
मेरा अेसा प्रश्न सें सोनु अेकदम सरमागइ ओर अपनी नजरे जुकाली (ओर अपने
मनमे सोचने लगी) अभि हिंमत नहीकी तौ भाइसे कभीबात नहीं करपाउंगी फीर नजरे
उठाके
सोनु : हाभाइ मे भि पागल होगइ लेकीन आप् मेरेभाइ होँ वरना।
मे : वरना। वरना क्याँ करती तुम्?
सोनु : वरना.वरना।
वोँ अपनीजीभ नीकालके मुजे दीखाइ ओर दोडके नीचेभाग गइ उनकी अेसी
बातो सें मेरा लन्ड खडा होगया मेने जी्न्स मे हाथ डालके उन्हे अेडजेस्ट कीयाओर नीचे
चलाआया नेनु दि कीचनसे बहार आँ रही थि अरे मुजे देखते हि
नेनु : अरेवाउ मेराभाइ तौ हीरोलग रहाहे
सोनु बहार सोफे पऱ बैठी थि ओर नेनुकी बात सुनते हि वोँ मेरीतरफ आइओर
धीमी आवाजमें बोलि
सोनु : देखा बंदर सबकी हालतअेक जैसी हि हे हैं.हैं.हैं।
फीरअेक कातील मुस्कान देके कीचनकी ओर जानेलगी फीर मे सोफेपे बैठ गय़ा
नेनु अपने रुममें थि मे गरमचाय पी केँ नीकलने वाला थां जेसेही चायके लीये आवाज़
लगाता इससे पहेले सोनु मेरे लीयेचाइ लेकेआगइ ओर मेरेबगल मे बैठके मुजे चायका
कप पकडा दीया
मे : अरेवाउ मेरी सोनु तोँ समजदार होगइ बीनाकहे हि कामकर दीया
सोनु : तुम् सायदभुल गये हौ मेनेकुछ जींमेदारी लीहे वोँ भि उपरकी तोँ उपर तुमभी
रहेते होँ इसलीये
मे : (धीमी आवाज़ मे) तौ अब सें मेराहर कामतु करेगी
सोनु : हां रुमकी सफाइ सें लेके आपकाहर काम जोँ आप् कहो
मे : अेकबार सोचले फीर मुकरगइ तौ।
सोनु : (मेरी आंखो मे देखते हुअे)सभी सोचके हि बोलरही हुंबस आप् हुकुम करो
तभी दिदी बहारआगइ आकर हमारे संगबैठ गइहमे धीमी आवाज़ मे बाते करते
हुअे देखकर
नेनु : दोनो क्याँ खानगी मे घुसुर पुसुर कररहे हौ?
मे : अरे दि कुछ नहि सोनु केँ बर्थडे लीये प्लानींग कररहे थें
मेने हमारी बात दि सें छुपाते हुअेजुठ बोल दीयायह सुनते हि सोनु मुजे आस्चर्य
भावसे देखने लगीओर अंदर सें बहोत खुश हुइकी मुजे उनका बर्थडे यादथा ओरभाइ
हमारे बाचकी बातोको दीसे छुपारहा थां इसका मतलबभाइ भि मुजे लाइक करनेलगा
हेअबउसे बातको आगे बढाना चाहीअे यह सोचके वोँ बहुत अेक्साइड होगइओर खुसी
सें मेरासंग देनेलगी
सोनु : हां दि मे भाइको केहरही भि जश्न सीर्फ हम् तीनोके बीच होगी वोभीघऱ पे क्यु
कि दादीको हम् अकेले नहि छोड सकते
यह सुनते हि नेनु फोरन उठके मेरीओर सोनुके बीचआके मे बैठगइ ओरउसे बैठे
हि हग करलीया ओर उसकाअेक हाथ सें चहेरा सहेलाने लगी
नेनु : वाउ मेरी गुडीया अब कीतनी समजदार होगइहे
कहेके सोनुके गाल पे पप्पी करदी मेने अपना जुठमुठका चहेरा बना लीया
मे : हांअेक हम् हि नासमज हे जोँ हमे पप्पी नहीं मीलती
सुनते हे नेनु हसदीओर मेरीतरफ घुमके मेरेगाल पर्र अेक हलकीचपत लगादी
ओरफीर कीस करदी
नेनु : अबखुश अब जानां नहि हे पोनेचार बजगये हे
मे : अरेहा दि थेन्कस याद दीलानेके लीये आप् दोनोसंग होतो मे सभीकुछ भुल
जाताहुं
यह केहेके मे फोरनउठ गय़ा ओर बहार जानेलगा ओर बाइक लेके पहेले सीधा
मंदिर जानां थां क्युंकी मेम मुजेनया कामदे रहीथी तोँ पहेले मे ईश्वर कां आशीर्वाद
लेना चाहता थां तोँ मे मंदिरकी ओरचलपडा उधर मेरे जातेही दोनो बहेने आपसमें बात
करनेलगी
सोनु : दि भाइहमे कितना प्रेम करताहे नहि? हमसेकुछ घंटेदुर रहेते हे तौ भि हमे
अकेला अकेला लगताहे तोँ हम् सादी करके सारी जींदगी दुर रहेंगेतो हम् केसेरेह
पायेगी यही सोचके दिल कांप जाताहे इसीलीये मेने सादी नं करनेका फैसला लीयाहे
दिदी क्याँ मेनेसही कीया हेनां?
नेनु : (उसेहग करते हुअे)हां मेरी गुडीया तुनेसही फैसला लीयाहे मेरी हालत भि तेरे
जेसी हि हे तुम् मेरी बहेन हि नहि मे तुजे अपनी बेस्ट सहली भि मानती हुं मे चाहती हुं
मेरीहर बात तेरेसंग शेरकरु ओरतु भि तेरीहर बात मुजसे शेरकरे ताकी हम् अपने
दिलका बोजकुछ हलकाकरे क्याँ मेरी फ्रेन्डसीप कबुल करेगी तुम्
सोनु : (नेनु कों हग करते हुअे) थेन्कयु दि मेंभी तोँ यही चाहतीथी कि मेरे दिलकी बात
कीसीसे शेरकरु ओर आपने मुजे अपनी बेस्ट सहेली बनाके मेरे दिलका बोज हलका
कर दिया थेनकयु.थेन्कयु सो.मच
नेनु : अरे पागल दोस्ती मे नो थेन्कस ओके, गुड गर्ल, लेकीन सोनु हमने जोँ फेसला
लीयाहे बहोत हि मुस्कील भराहे तु इसकी गंभीरता समजती हे?
सोनु : हां दि जानती हुं हम् लडकीयो कि कुछ जरुरीयात भि होतीहे पर्र हम् कंटड्ढोल कर
लेंगे अगर कंटड्ढोल नहींहुआ तोँ (अेक उंगली दिखाते हुअे) येतो हेही हमारे पास
हैं.हैं.हैं।
नेनुओर सोनु दोनो हसनेलगी
नेनु : अरेकुछ तोँ शर्मकर तेरी बडीदी हुं मे, बेसरम कहीकी शर्म नहींआती दीसे
अेसीबात करते हुअे (अंदर सें अेसी बातोसे नेनुको अच्छा लगनेलगा थां)
सोनु : नहींआइ शर्मओर मे अपनी सहेली सें बातकर रहीहुं दीसे नहीं समजी
अब नेनुओर सोनुको अेसीबात करना बहोत अच्छा लगनेलगा थां ओर अेसी
बातो सें दोनो गर्म भि होगइ थि ओर दोनोकी चुतसे पानीका रीसाव होनेलगा थां
नेनु : अच्छा बच्चु (कहेके सोनुको गुदगुदी करनेलगी)
यह देखके सोनु भि नेनुको गुदगुदी करनेलगी ओर दोनोअेक दुसरे सें मस्ती
करनेलगी मस्ती करते करते सोनुका अेकहाथ नेनुकी चुततरफ चला गय़ा यहांउसे
कुछ गीलालगा तोँ सोनुने अपनीअेक उंगली यहा लेजाकर फीरा दियायह देखतेही नेनु
रुकगइ ओर अपनेपेर सीकोडके बैठगइ ओर सोनुकी ओर दखातो सोनु उंगली अपने
नाकके पास लेजाकर सुंघने लगीफीर नेनुकी ओर कामुक नजरोसे देखते हुअे उंगली
अपने मुंह मे डालकर चाटने लगीयह सभी देखकर
नेनु : सोनु क्याँ कररही हे शर्म नहि आती अेसी गंदी हरकते करते हुअे गंदी कहीकी
सोनु : वाउ दि क्याँ टेस्ट हेअती खूबसूरत, ओरये गंदी हरकत नहींहे अबआगे जाकेहमे
अेक दुसरोकी अेसेही जरुरत पडेगी सो रीलेक्स बेबी
केहके सोनु उठकर अपनेरुम मे जानेलगी ओर जल्दी वापीस आके देख्ना चाहती
थि कि अब नेनुदी क्याँ करेगी नेनुउसे जाते यंत्रवत देखती रहीफीर थोडीदेर बेठके
खडी हुइ ओर अपने रुमकी ओर जानेलगी जब नेनु रुममें चलीगइ ओर दरवाजा बंध
कर लीया दरवाजा बंध केँ आवाज़ आतेही सोनु फोरन चुपकेसे दोडके नेनुके दरवाजे कि
कीहोलसे देखने लगी
नेनु दरवाजा बंध करके सीधा अपनेबेड पर्र बैठगइ ओर सलवार उपर करके
अपनी चुतकी ओर देखने लगीफीर उसकीअेक उंगली अपनीचुत पऱ लेगइ गीली
जगाह पर्र टच करके वोभी सुंघने लगी सुंघते हि वोँ मदहोस होनेलगी फीर उंगली
अपनेमुह केँ पास रखकर अपनीजीभ नीकाली फीर उंगली पऱ फेरने लगीओर हसने
लगीफीर धीमी आवाज़ मे थेन्कयु सोनु बोलके फोरनखडी होगइ
अपना पेटीकोट उतारके बेडपे अपनापेर पसारके बैठगइ ओर वोही उंगली सें
अपनीचुत सहेलाने लगी वोँ मदहोस होनेलगी ओर अपनी आंखेबंध करके उंगली
अपनीचुत मे हलके हलके अंदर बहार करनेलगी यहआज उसने पहेली बारही कीया थां
वोँ बहोत हि उतेजीत होँ चुकी थि ओर सीसकारीया करनेलगी थि पहेली बार थातो वोँ
जल्द हि आवाज़ करकेजड गइ जेसे हि नेनुका पानी नीकला तब बहारसे सोनु अंदर
जाकते हुअे बोलीं
सोनु : दिदी आवाज़ धीमेकरो कोइसुन लेगाओर मेरीकुछ सहायता चाहीये क्याँ?
नेनु : (सकपकाके) अरे कमीनी भाग यहांसे बेसर्म कहींकी
यह सुनते हि सोनु दोडके उपरचली गइउधर नेनु अेकदम सरमाके मुस्कराती
बाथरुम मे घुसगइ दुसरी तरफ मे सीधा बाइक लेके मंदिर पहुँचा फीर दर्शन कीयेतभी
पुजारीजी मेरीतरफ प्रसाद लेकेआये मे अक्सर यहांआता रहेता हुं तौ पुजारीजी मुजे
अच्छी तरह जानते थें ओर उनकी छोटी मोटी सहायता भि करता रहेता हुं मे उनको दादाजी
कहेके बुलाता हुं
कन्टीन्यु।
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