my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - ७
फीर मेने गाड़ी पार्क कि ओर सोनु कों बैठे रहेने केँ लीयेकहा फीर मे गाड़ी सें उतरकर दुसरी साइड सोनुके दरवाजे केँ पास आगयाओर मेने सोनु कां दरवाजा खोल दीयाओर सोनु कां अेहाथ पकडकर उसे नीचे उतराफीर उसका दरवाजा बंध करकेफीर हाथ पकडाओर सीथमें चलने कों कहा उसने फोरन अपनाहाथ मुजसे छुडा लीयाओर मुजे धीमी आवाज़ मे कहा.अब आगे
सोनु : भाइ प्लीज दिदी देख लेगी तौ हमें डांटेगी पहेले मुजे जानेदो आप् पीछेसे आनां प्लीज
मे : ठीकहे डार्लिंग पहेले तुम् जाओ
जेसे हि सोनु नें डार्लिंग सुना वोँ सरमके मारे पानी पानी होगइओर अेकदम अंदर कि ओर हसती हुइ दोड केँ भागने लगी, मेभी उसके पीछेचल पडा अंदर गय़ा तौ नेनु जेसे हमारा हि इन्तजार कररही हौ अेसेहमे सामने खडीमील गइ हमको देखते हि
नेनु : आगये मेरे बच्चो, अरेवाउ मेरी गुडीया तौ इस फुलो कि वेनी मे ओर भि ज़्यादा खुबशुरत लगरही हैं कहींनजर नाँ लग जाये मेरी
कहेके नेनु नें अपनीअेक उंगली अपनी आंखोके कोने पे लगाके आंजन लीयाफीर सोनु केँ कान मे नीचेलगा दीयायह देखकर मे भि उसकेपास चला गय़ा ओर अपनाकान उसकेपास लेजाकर कहां
मे : दिदी हमे भि तौ लगाओ हम् भि संगगये थें
फीर नेनु नें हसके मुजे भि कान केँ नीचे काजललगा दीयाफीर मेराकान पकड लीयाफीर सोनु कि तरफ देखके बोलीं
नेनु : सोनुइस बदमास नें तुजे परेसान तौ नहीं कीयाना?
सोनु : (मेरीतरफ कातील भरी मुस्कान केँ संग देखते हुअे) नहीं दि भाइ नें मेरा अच्छी तरह सें ख्याल रखा, मेने जोमांगा वोँ सभी दीया, ओर। ओरभाइ नें मुजेखुब खीलाया
नेनु : अरेवाउ राजखुब तारीफ होरही हे तेरी, कभी हमे भि घुमाने लें जाओ
मे : अरे चलोनां मेंतो हंमेसा रेडी रहेताहुं तुम् दोनो कों घुमाने केँ लीये(डबल मीनींग)
नेनु : (हसके)चल जा बदमास, खुब समजती हुं तेरी बाते, मुजे बेवकुफ समजता हे, घुमाना हे तौ करले सादीओर घुमाना अपनी पत्नि कों सारादीन हैं.हैं.हैं.
मे : सारादीन उसे घुमाउंगा तौ आप् कब घुमेगी, इसी लीये मे सादी नहि करना चाहता ताकी आपको घुमासकु, जब आप् हे तौ मुजे पत्नि कि कां जरुरत हे घुमानेकी
नेनु : तोँ क्याँ मे तुजे अपनी पत्नि जेसी लगतीहुं, बदमास
मे : (नेनु केँ कान केँ पास धीरे-धीरे सें) पत्नि जेसी नहीं, गर्लफ्रेन्ड जेसी
कहेके मे हसनेलगा जेसे नेनु नें सुना मुजे मारने केँ लीये दोडीओर मे दोड केँ अपनेरुम मे भाग गय़ा, फीर नेनु मुजे सीडी केँ पासखडे होकरउपर देख केँ गालीया देनेलगी, सोनु भि अपनीहसी नहींरोक पाइओर वोँ जोरजोर सें हसरही थि, फीर नेनुचुप होगइओर अपने दोनोहाथ अपनीकमर पे रखकर सोनु कि तरफ घुमीओर सोनु कों अेकनजर देखने लगी, यह देखके सोनु फोरनचुप हौ गइ
ओर उसने नजरे जुकाली, थीडी देर दोनो अेसेचुप खडेरहे फीर सोनु कि गभराहट वाली हालत देखके नेनु कि हसीछुट गइ, यह देखकर सोनु फीरसे हसनेलगी फीर नेनु सोनु केँ पासचली गइओरउसे अपनी बाहोमें भर लीया थोडीदेर अेसेखडी रहेने बाद नेनु नें सोनु कां चहेरा अपनेहाथ मे लीयाओर उसके माथे कों चुम लीयाफीर सोनु कि आंखो मे हसती हुइ प्रेम भरी नजरो सें देखने लगीफीर धीरे-धीरे सें कहा
नेनु : मेरी बच्ची तुखुश तौ हे नाँ?
सोनु : हां दि बहोत खुशहुं, जब प्रेम ओर ममता देने वाली मेरी दिदी, ओरसही मार्गदर्शन देने वाली आप् जेसी सहेली हौ तौ मुजे क्याँ गम, मे अेकदम खुशहुं
नेनु : बसतु अेसी हि खुशरहा कर, ओरसदा हसतीरहे, अबजा फ्रेस होकरआजा ओर वोँ कमीने कों भि बुलाले मुजे जोरोकी भुखलगी हेजा फटाफट
सोनु : जी दि अभि बुलाके लाइ
कहेके सोनुउपर भागगइ ओर नेनुउसे तबतक प्रेम भरी नजरोसे देखती रही जबतक सोनु अपनी आंखो सें ओजल नहि हुइ फीर वोँ डीनर कां खानां लाने कीचन मे चलीगइ उधर सोनुउपर जाके पहेले सीधेराज केँ रुम केँ आगेखडी होँ गइओर दरवाजे पऱ हल्की दस्तक कर दि तोँ राज दरवाजा खोलके पहेले बहारचेक करनेलगा कि नेनु भि तोँ उपर नहींआइ फीर सोनु कां हाथ पकडके उसे अंदर लें गय़ा फीर दरवाजा बंध करदीया यह देखके सोनु नें कहां
सोनु : दरवाजा क्युबंध कीया, चलो नीचे दि बुलारही हे डीनर केँ लीये
मे : छोडोउसे तुमसे अेकबात करनीहे
यह सुनते सोनु अंदर सें खुश हौ गइ कि कहीभाइ मुजे प्रपोज तौ नहीं करना चाहते यह सोचते हि इसकी दीलकी धडकने बढनेलगी ओर कांपने लगीफीर
सोनु : क्याँ भाइ, क्याँ बात करनीहे मुजसे
मे : सोनुतु अभि चेन्ज मत करना
सोनु : क्यु?
मे : क्यु कि इन कपडो मे तु बहोत खुबसुरत लगरही हे, तेरीयह चोटीयह लंबेबाल संग मे यह फुलो कि वेनीतुज पर्र चार चांदलगा रहेहे ओर.ओर.
सोनु : (सरमाके) ओर क्याँ?
मे : ओर तेरे जूसी होंठ.
इतना सुनते हि सोनु अेकदम सरमाके जानेलगी तौ राज नें उसकाहाथ पकडके खीच लीया सोनु कों सीनेसे लगाकर अपनी बाहों मे भर लीया थीडीदेर अेसे दोनोखडे रहेफीर राज नें सोनु कां चहेरा पकड लीयाओर अपने होंठ फोरन सोनु केँ होंठो पऱ रख दीया दोनो केँ होंठो केँ बीच दबाव इतना ज़्यादा थां कि कुछदेर मे सोनु छटपटाने लगी
तब जाकेराज नें सोनु कों छोडाफीर दोनो अपने सांस पऱ कंट्रोल करनेलगे फीर सोनु नें सरमा केँ अपनीनजर नीचे करलीओर वहींखठी रहकर सोचती रही कि अभि भाइ मुजे प्रपोज करेंगे पर्र राजकुछ नहि बोला सोनु कि ओर देखकर मंदमंद मेस्कराये जारहा थां ओर धीरे-धीरे सें सोनुसे कहा
मे : जब तक मे नां कहुंतब तक यह डड्ढेस मत नीकालना (डबल मीनींग)
इतना सुनके सोनु दरवाजा खोलके दोडके अपनेरुम मे चलीगइ ओर अंदरआते खुसीके मारे उछलने लगीआज भाइ नें उसे जोँ खुशी दि थि उसके सामने सारी दुनीया कि खुशीउसे कम लगनेलगी थि फीर अचानक सांत हौ गइ कि भाइ नें उसे प्रपोज तौ कीया हि नहि यह सोचते वोँ मायुस हौ गइ कि आजभाइ नें फीरउसे नीरास कीयातब उसकोलगा कि अब मेरी दुसरी गीफ्ट लेने कां टाइम आँ गय़ा हे
फीर उसके चहेरे पऱ मुस्कान आँ गइओर फ्रेस होने वोँ बाथरुम मे चलीगइ जब वोँ फ्रेस होके नीचेआइ तोँ देखा कि भाइ दादीमा केँ रुम सें बहार आँ रहा थां यह देखके अेकबार फीर वोँ नीरास होँ गइ सोनु कों मालुम नहि थां कि नेनु उसको तीरछी नजरो सें नोटीस कररही थि फीरसभी आके अपनी स्थान पर्र बैठगये ओर खानां खानेलगे थोडीदेर बाद नेनु नें तीरछी नजरो सें मुजे देखाबाद मे उसने सोनु कि तरफ देखा
फीर खानेलगी थोडीदेर बादवही हरकत दुबारा कि तौ मेरी नोटीस मे आगयाफीर उसनें वोही हरकत दुबारा कि तोँ मे उसेंदेख रहाहुं वोँ देखकर वोँ थोडी गभरागइ ओर अपनासर जुका केँ अेसे खानां खानेलगी कि जेसेकुछ हुआ हि नहींओर माहोल नोर्मल करने कोसीस मे वोँ बात करनेलगी
नेनु : राज तुजेपता हेना कि कलसे सुभह तुजेचार दीन पुजा केँ लीये जानां हे
मे : ओह। सोरी दि मेतोभुल हि गय़ा थां, थेन्क युयाद दीलाने केँ लीये
नेनु : (बनावटी गुसे मे) तुतोभुल हि जायेगाना बीझी जौ रहेता हे, समय कहाहे बेठकर अपनीबडी दि सें बात करने कां
मे : क्याँ दि सारादीन घऱ पऱ हि तोँ रहेता हुं, आज अेकदीन घुमने गय़ा थां, वोँ भि तेरीइस लाडलीको घुमाने,
नेनु : ठीकहे ठीकहे मे तौ अेसे हि केहरही थि, नाराज क्यु होताहे
मे : नाराज कहां हुं, मे आपसेकभी नाराज हुआहुं जौ अब हुंगा, (फीर मजाक मे) लगताहे अब आपको घुमाना पडेगा तब जाके आपको सांती मीलेगी
नेनु : चलचलजा, बडाआया मुजे घुमाने वाला, मे तेरेसंग नहि जाउंगी घुमने बुमने
तबकुछ नेनु कों अचानक यादआया, वोँ खानां खातेरुक गइओरराज कि ओर देखके
नेनु : अरेहां राजयाद आया, आज सामको तुम् लोग घुमने गये इसकेबाद हमारे वकील कां मोबाइल आया थां, वोँ हमारी जयपुर वाली प्रोपर्टी केँ लीये, केह रहा थां जश्नअेन। आर.आइ.हे, ओर सौदा होते हि फोरन वापस जानां चाहते हे, हमें जयपुर बुलाया हे इसेलीये हमसे मीटींग केँ लीये वक्त मांगा हे, हम् उसेकब कां वक्तदे?
मे : अरे दि आप् हि तैइ करकेबता दोओरचली जाओ सौदा करके वापस आजाना
नेनु : अरेडफर मे अकेली नीर्णय नहीं लें पाउंगी, तुजे आनां पडेगा संग मे
मे : पर्र दि कल सें सुभह मुजेचार दीन केँ लीय पुजा करना भि जानां हेओरअेक हप्ते केँ बाद सोनु कां बर्थडे भीतोहे
नेनु : तोँ हम् चोथेदीन तेरी पुजाखतम होते हि चले जायेंगे ओरदोदीन मे कामखतम करके वापसआपस आजायेंगे फीरधुम धाम सें मेरी गुडीया कां बर्थडे मनांयेगे
सोनु : मुजे नहि मनाना धुमधाम सें बर्थडे हम् घऱ मे रहकर हि मनायेंगे वोँ भि सीर्फ हम् फेमीली मेम्बर, आप् दोनोजाओ नीस्चीत होकर, मे यहां हेन्डल कर लुंगी अकेले
मे : अरेवाउ सोनु तुमतो वाकइ सुधरगइ, तुमने नेनु कि टेन्सन हि खतमकर दि,
नेनु : अेय बंदर मेरी गुडीया कों कुछमत कहेना, वरना पीटुंगी तुजे
सोनु : थेन्क यु दि (ओर मेरीतरफ अपनीजीभ नीकारलकर मुंह बानाया यह देखकर मे ओर नेनु हसनेलगे)
मे : दि तौ प्रोग्राम फीक्स, हम् राजकोट चले जायेंगे ओर वहासे प्लेन मे जयपुर, फीरकाम खतम होतेही प्लेनमे वापस ताकी हम् यहांसमय पऱ पहोंच सके क्याँ कहेती हौ दि
नेनु : अेकदम परफेक्ट प्रोग्राम कीया तुने, ठीक हे मे कल हि प्लेन ओर जयपुर मे होटेल बुकींग कर देतीहुं, ओर सोनुकल शामचार बजे मुजे अंजु केँ घऱ भि जानां हे उसकोकुछ सोपींग भि करनीहे
मे : अरेवा दि तुम् तोँ बहोत हि टेलेन्टेड हौ, तुम् लडकीयो मे शोपींग अलावा क्याँ क्याँ टेलेन्ट होताहे जरा वोँ भि बतादो हमे (कहेके मे हसनेलगा)
नेनु : मेरी टांग खीचता हे, कमीने अेकदीन मेरेहाथ कि मार खायेगा तु(मेरे कान पकडते)
मे : अरे छोडो दि कान दुखता हे (दीनेकान छोडते हि) आप् समय देदो मुजे कि कब मारोगी मुजे मे हाजीर हौ जाउंगा मार खाने केँ लीये हैं.हैं.हैं.
नेनु : तु नहीं सुधरेगा, लगताहे सारी जींदगी तुजे अेसेही जेलना पडेगा हमें
फीर हम् तीनो हसनेलगे, फीर हमने खानां खतम कीयाओर मे जा केँ सोफे पर्र बैठ गय़ा नेनुओर सोनुसभी उठाके कीचन मे चलीगइ ओरकुछ हि देर मे सोनु भि आके मेरेपास बैठगइ ओर मेनुपलट केँ कीचन कि ओर देखा तोँ नेनुकाम कररही थि, मे सोनु कि ओर घुमके
मे : तु इतनी जल्द फ्री होगइओर दि तौ अभि कामकर रहीहे?
सोनु : आज दि नें मुजेमना कर दीया, कहा जातु बहारबैठ थकगइ होगी घुमके मे कर लुंगी साराकाम
मे : दि आजकल तेरा तोँ बहोत ख्याल रखनेलगी हेदोदीन सें दि कुछ अजीबो गरीब बातेओर हरकते करतीहे मेने नोटीस कीयाहे, माजरा क्याँ हे सोनु तुजेपता हे?
सोनु : हांभाइ मेने भि नोटीस कीयाहे, शाम कों देखा नहि उसने स्वयं हमे दादीमा केँ रुम मे भेज दीयाओर हरकते तोँ मेरेसंग अेसीकर रहीहे जेसे मे। मे। (अपनीबात छोड दि)
म.ं : अरे बताना क्याँ मे मे?
सोनु : नहि भाइ नहि बता पाउंगी मुजेबडी शर्म आँ रही हैं
मे : अरे सरमामत, बता मुजे, नहि तोँ शपथदे दुंगा
सोनु : अरे नहींभाइ शपथमत देना बताती हुं कि दिदी मेरेसंग अेसा व्यवहरा कररही हे कि जेसे मे इसघऱ कि नइनइ ब्वाहकर आइकोइ दुल्हन हुं
कहेके सोनु सरमागइ पर्र मे कुछ मजाक केँ मुड मे थां ओर सोनु कों उक्साना भि चाहता थां
मे : हां सोनु मुजे भि अेसाही लगताहे, आज दादीमा कां बर्ताव भि कुछ अजीब थां देखा नहीं तुने, केसे तेराहाथ मेरेहाथ मे थमा दीया जेसेकह रही हौ कि इस मुसीबत कों संभालना
सोनु : (मायुस होकरउठ गइ) क्याँ भाइ मे तुजे मुसीबत लगतीहुं?
ओर उसके आंसु छलकने लगेओर दोडकर उपरभाग गइ सीधा अपनेरुम मे बेड पऱ जाके पेटके बललेट गइओर आंसु बहाने लगी अच्छा हुआकी नेनु नें नहीं देखा वरनाआज तोँ मुजे सचमे डांट पडने वाली थि थोडीदेर बादकाम खतम करके नेनु भि मेरे बाजुमे आकेबैठ गइओर मुजेअेक नजरसे देखने लगीतो मुजेकुछ बेचेनी होनेलगी
मे : दि अेसे क्युदेख रही हौ मेनेकुछ कीयाहे क्याँ?
नेनु : हां क्यु रुलाया मेरी गुडीया कों, मेने देखलीया थां उसे रोकरउपर भागते हुअे
मे : नहि दि मेने तौ सीर्फ थोडा मजाक कीया थां तौ थोडा हर्ट होँ गइ
नेनु : तु पहेले उपर जाकेमना उसे, फीर नीचेआके बातकर मुजसे मे यही बैठीहुं
मे उठकर फोरनउपर दोडपडा उसकेरुम मे जाके देखा तोँ सोनु उल्टी पडी सुबकरही थि, मे फोरन उसकेबेड पर्र जाकेबैठ गय़ा ओर उसकेसर पऱ हाथ रखकर सहेलाने लगा, तोँ उसनेसर उपर करकेअेक बार मेरीतरफ देख लीयाओर फोरन दुसरी तरफ करलीया ओर अपने आंसु पोछने लगीतभी मुजे रीयलाइज हुआ कि आज मेने सोनु कों कुछ ज्यादाही हर्ट कीयाहे यह सोचते मेरादील भर गय़ा ओर मेरी आंखोसे कुछ आंसुओ कि बुंद गीरने लगी
मे : सोरी सोनु मे मजाक मे कुछ ज्यादाही बोल गय़ा, माफ नहि करेगी तेरेइस कमीने भाइ कों
सोनु नें पलटकर मेरीओर देखा मेरे आंसु देखते हि वोँ फोरनबैठ गइओर मुजसे लीपटकर फीर रोनेलगी ओर रोते रोेते बात करनेलगी
सोनु : आप् क्युं रोरहे हौ, भाइ आप् मतरोओ मे आपको रोते हुअे नहि देख सकती प्लीज भाइमान जाओ नहीतो मे कुछकर बैठुंगी प्लीज। प्लीज
मे : ईश्वर मुजेकभी माफ नहि करेगा, क्यु कि मेने अपनी गुडीयाको रुलाया हैं
सोनु : प्लीज भाइ अेसामत कहो मुजे आपसेकोइ सीकायत नहींहे आप् सांतहो जाओ
फीर सोनु मेरे आंसु पोछने लगीओर मेने भि सोनु केँ आंसु पोछेयह द्रस्य देखकर ओरअेक आंख मे आंसु बहेने लगे जौ रुमके बहारखडी होकर दोनो कां प्रेम देखरही थि, वोँ थि नेनु जोँ चुपके सें राज केँ पीछेउपर आइ थि, जेसे हि उसकोलगा कि वोँ जोरोसे रो पडेगी फोरन अपनें आंसु पोछते वापस नीचेभाग गइ
इधर सोनुओर राज थीडीदेर खामोस बैठेरहे अबराज इस मामले कों जल्द सें जल्द समाप्त करना चाहता थां क्युकी उसका अपनी बहेनो केँ प्रती इतना प्रेम बढ चुका थां कि अब उससे बरदास्त करना मुस्कील होँ रहा थां ओर उसने माहोल हल्का करने कि कोसीस करनी चाही, इस लीये उसने अपनेकान पकडते कहा
मे : सोनुआइ अेम सोरी आजकेबाद तुजेकभी हर्ट नहीं करुगा यह वादाहे मेरा
सोनु : (उसकाहाथ छुडाते) आपसे माफी मांगनेकी जरुरत नहीं, ओर भाइकान मत पकडोकान पकडते आप् गध्धे जेसे लगते होँ (कहेके हसनेलगी) हैं.हैं.हैं.
मे : मे तुजे कहांसे गध्धे जेसा लगताहुं, कहींतु सुभह वाली घटनाके बादतो नहीं केरही
सोनुको फोरन वोँ याद आगया कि भाइका टोलीया गीर गय़ा थां ओर उसका गध्धे जेसा लन्ड दीख गय़ा थां, बापरे कीतना बडा थां, यहयाद आतेही वोँ राजको मुका मारने लगी
सोनु : छींभाइ आप् कीतने गंदे होँ, शर्म नहींआती अेसीबात करते आपको
मे : (बेसर्म होके) नहि, नहि आती बल्के मे तोँ केहरहा हुंअब तु भि बेसर्म होजा
सोनु : नहीं होना मुजे बेसर्म, आपकी बेसर्मी आपीको मुबारक, ओर जाइअे मुजे थोडा हुलीया भि ठीक करनाहे तोँ मे जारही हुं बाथरुम मे
वोँ उठके जानेलगी तौ मे भि उठ गय़ा ओर जेसेमे दरवाजाके पास पहुँचा सोनु नें मुजे आवाज़ दि
सोनु : भाइअेक मीनीट
मे : क्याँ हे सोनुकुछ काम थां?
सोनु : हां आप् अभि कीधरजा रहेहे?
मे : वोँ तेरी नेनु केँ पास, डांट खाने
सोनु : वोँ आपको नहि टाटेंगी, ओर आप् जल्द आजाना, मेरा गीफ्ट जोँ बाकीहे
मे : अरेहा सोनु इतनीदेर बेठे थें हम्, मांगा क्यु नहीं,
सोनु : क्याँ मे रोते रोते मांगती गीफ्ट आपसे, जाओ ओर जल्द वापसआओ
मे : (जान बुजकर) जी रानीसाहिबा
जेसे हि सोनु नें रानीसाहिबा सुना वोँ शर्म सें पानी पानी होँ गइओर बाथरुम मे घुसगइ जेसे हि मे नीचेआया नेनु वापस नोर्मल होके सोफे पर्र बैठे थि, ओर मे जाके उसके बगलमे बैठ गय़ा
नेनु : मनाआया तु गुडीया कों?
मे : हां दि वोँ मानभी गइओरउसे खुब हसाके भि आया वोँ अबखुस हे
नेनु : अेकबात कहुराज आजकेबाद सोनु कों अेसीकोइ बातमत करना जौ वोँ हर्ट होजाये, चाहे तोँ मुजे जोँ कहनाहे कहेना मे बुरा नहीं मानुंगी, लेकीन मेरी गुडीया कों कभीमत रुलाना क्योकी वोँ बहोत सेन्सेटीव हे,
मे : नहीं दि आइअेम सोरी, मेभीउसे हर्ट करना नहीं चाहता थां, पर्र बातो बातो मे मेरे मुंह सें अेसीकोइ बात पर्र वोँ हर्ट होँ गइ, मुजेमाफ करदो
नेनु : तु माफीमत मांग, तु अच्छा नहीं लगता, गध्धा कहीका हैं.हैं.हैं.
मे : क्याँ मे वाकइ गध्धा जेसा दीखता हुंउपर सोनु भि मुजे गध्धा केहरही थि
यें सुनते नेनुजोर सें हसनेलगी साथमें मेभी हसनेलगा ओर नेनु हसते हुअे
नेनु : हां बीलकुल सहीकेह रही थि, तु अेकदम गध्धा हे हैं.हैं.हैं.
मे : हां इसीलीये दोनो बहेने मुजसे मजदुरी करवारही होँ, कभी शोपींग कभी घुमाना
यह सुनते नेनुफीर अेकबार खीलखीलाट हसपडी थोडा हसने केँ बाद वोँ थोडी गंभीर हौ गइओर मेरीओर देखके उसने अपने दोनो हाथो सें मेराहाथ पकडलीया ओर मेरीओर देखके
नेनु : राजअेक चीज मांगु तुजसे, देगा मुजको?
मे : दि मेने आपसे पहेले भि कहाहे आपको मांगने कि जरुरत नहींहे आप् सीर्फ हुकुम कीजीये मेरीहर चीज पऱ आपका पुरा अधीकार हे बलके मेरे जिंदगी पर्र भि
यह सुनते हि नेनु नें मुजे जोरोसे हग करलीया तभी दि केँ लीये जोलाया थां मुजेयाद आँ गय़ा आपकोयाद होगा वोँ लडकी केँ पाससे मेने चमेली कि दो वेनीली थि अेक सोनु केँ बालो मे लगाइओर दुसरी मेनेबहा छुपााके रखी थि ताकी नेनु कोभी पहेना सकु
मे : अरे दि देनेसे मुजेकुछ यादआया आप् अपनी आंखेबंध करलीजीये मे अभि आया
नेनु : अरे आंखे क्युबंध करनाहे, क्याँ भुल गय़ा, क्याँ यादआया तुजे
मे : अरे करोना मे आपके लीयेअेक गीफ्ट लायाहुं प्लीज करोने बंध
फीर दि नें ठीकहे कहेके अपनी दोनो आंखो पऱ अपनेहाथ रख दीये, अपनी दोनो हथेली अपनी आंखो पऱ थि ओर हाथकी कोनी अपनेपेर पर्र टीकाते जुकके बैठगइ तोँ मे फोरन दोडके बहार गय़ा ओर फटाफट फुलो कि वेनी लेके वापीस आगया, ओर आके दिदी केँ बगल मे बैठ गय़ा दिदी जुकी हुइ थि तौ मेने दि सें कहा
मे: दि जब तक मे नां कहुहाथ मत हटाना, ओर आप् थोडी सीधी होकरबैठ जाओ
दि फोरन सीधीबैठ गइओर मे उसके बालो मे उसकी नागीन सि चोटी कि साइड मे वेनी लगाने लगा दि भि अपनेसर पर्र मेराहाथ लगते हि रोमांचीत हौ गइओरमंद मंद मुस्कराने लगी, मेने भि वेनी लगाके उसके सामने घुटने टीकाके नीचेबैठ गय़ा ओर अपना हाथोसे नेनु केँ हाथो कों पकड लीया
ओर आहिस्ता आहिस्ता हटाने लगा नेनु नें आंख खोली तौ मुजे उसके सामने नीचे बैठे पायाफीर मेरीतरफ हसके अपनाअेक हाथ पीछे लें जाकरर चेक करनेलगी जेसे हि उनकोपता चला मेने उसके बालो मे वेनी लगाइहे तौ उसने वेनीको पकडके आगेकर दीयाओर उसे देखने लगी चमेलीके फुलो कि वेनी देखते हि वोँ अेकदम खडी हौ गइ
ओर मेरी बांहे पकडके मुजे भि खडा करदी याँ ओर मुजे अपनी बाहोंमे लेलीया फीर उसने अपनी आंखेनम करलीओर मुजे थेन्क यु थेन्क युकहे जारही थि फीर हम् अलग हुअे उसने मेरा चहेरा पकड लीयाओर मेरे माथाचुम लीया मेनेउसे हाथ पकडके सोफे पऱ बीठा दीयाओर स्वयं उसके बगलमे बैठ गय़ा फीर नेनु मेरीतरफ देखके
नेनु : थेन्क यु वेरीमच बेबी, आज तुने जौ खुशी दि हे मे उसे जींदगी भर नहीं भुलुंगी तु नहीं जानता यह मेरी जींदगी कां सबसे अनमोल तोहफा हे
मे : अरे दि वेनी हि तौ हे मुजेलगा कि मेरी दि कों पहेनाउगा तौ उसका खूबसूरत सां चहेरा चांदसा हौ जायेगा ओरवे अधिक खूबसूरत लगेगी, वेसेअेक बात बताउ आपको, इस गजरे मे आप् बहोत खुबसुरत लगती हौ
नेनु : अरे बुध्धु यह सीर्फ वेनी हि नहीं इसकी अेहमीयत क्याँ हे तुजको पता हैं? कि वेसे हि लें आया, तु जानता भि हे, वे कीसे दि जातीहे, ओरकोन देताहे, कि समजाना पडेगा
मे : तौ समजाओने दिदी मुजे कि कोन देताहे ओर कीससे दि जातीहे मे जानना चाहता हुं
नेनु : अरे बुध्धु झयादातर यह गजराअेक पती अपनी पत्नि कों देताहे बलकी पहेनाता भि हे समजे बुध्धु केँ ओर समजाना पडेगा, वेसेतु क्याँ समजकर लेआया थां
मे : मेतोबाद मे बताउंगा पहेले तुम् बताओ, तुम् नें क्याँ समजकर पहेना हे, जौ बाद मे देखके आप् अेकदम खुश होगइ थि, आप् तोँ इसकी अहेमीयत जानती थि फीर मुजे गुसा क्यु नहि हुइ ओर येतो मेने सोनु कों भि पहेनाया हे
नेनुयह सुनते हि सकपकाइ जेसे उसकी चोरी राजने पकडली हौ, दरसलयह बातराज भि जानता थां ओर उसने अपनी बहेनोको पत्नि मानकर हि पहेनाया थां लेकीन दीखावा अनजान बननेका कररहा थां वोँ अपनी दोनो बहेनो सें बराबर प्रेम करता थां ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगे बढना चाहता थां ओर अेसी हरकत बातेसभी जानबुजकर हि करता थां ओर बातको मजाक कहेके दोनो कों उकसारहा थां, ओरआज नेनु भि उसे छोडने वाली नहींथीं
नेनु : वोँ। वोः मे.मे.,
मे : अरे बकरीबेन गभराओ नहीं, नहि बताना हे तौ फोर्स नहीं करुगा, देखो केसामुह होगया आपका
नेनु : (मुजे मुका मारते) कमीने मे कोइ गभराइ नहीं, बताना मुजे क्याँ समजकर लें आया थां प्लीज ताकी मे धीरे-धीरे सोसकु (कहेके हसनेलगी)
मे : ठीकहे पऱ गुसामत करना मे। मे पत्नि हि समजकर लें आया थां
यह सुनते हि नेनु अेकदम सीरीयस हौ गइओर मेरीओर अेक नजरसे देखने लगी मे भि इसका रीअेक्शन देख्ना चाहता थां बात गंभीर हुइ तोँ संभाल लुंगा इसलीये मेने भि गंभीर होने कां नाटक करते नीचे मुंह करकेबेठ गय़ा ओर नेनु केँ उतर कां इन्तजार करनेलगा
नेनु : राजआर यु सीरीयस क्याँ इसके लीये तुम् सजधजकर होँ?
नेनु कों इतनी गंभीर देखके मेरीहसी छुटगइ ओर मे जोरजोर सें हसनेलगा पऱ नेनु नहि हसपाइ वोँ अभि भि मुजे घुरकर देअरही थि वोँ थीडी मायुस भि हुइ आजउसे राज सें बहोत उमीद थि आज वोँ राज कों सोनु कि बात करने वाली थि ओरराज नें उसे पत्नि कहेकर जटका देदीया, वोँ जानती थि राज दोनो बहेनो सें बराबर बहोत प्रेम करता थां वोँ अब कस्मकस मे पडगइओर कोइ नीर्णय नहीं लें पारही थि
मे : क्याँ दि आप् भि, मेरा इतना मजाक भि नहीं समजती हैं.हैं.हैं.
नेनु : राजकभी तौ सीरीयस बात कराकर हर टाइम मजाक सुजता हे मे तुजसे आजकुछ मांगने वाली थि पऱ तुमने मेरी उमीदो पऱ पानीफेर दीया
मे : दि आइअेम सोरी, आइंदा कभी भि मजाक नहीं करुगा अेकबार माफ करदो
नेनु : तुहरबार माफी मांगके छुट जाताहे ओर मे तुजे मजाक करनेसे नहीं रोकती पर्र बात कों पहेले समजोसही वक्त देखोबाद मे मजाककरो, वेसे तेरी मजाक केँ बगैर हमारा दीन भि नहीं गुजरता तुम् करो मजाकखुब मजाककरो पर्र माहोल देखके समजे
मे : जी दिदी आइंदा खयाल रखुंगा, थेन्क्स माय स्वीट दि समजाने केँ लीये आपकी बातो कों याद रखुंगा
नेनु : (हसके) वेसे थेन्क्स तौ मुजे कहेना चाहीअे इस ब्युटीफुल तोहफे केँ लीये, जाओ आज घुमने गये थें थकगये होगे जाकरसो जाओ सुभह तुजे जानां भि हे तोँ सातबजे पहोंच जानां मंदिर
कहेके नेनु नें मेरेगाल पर्र कीस करनी चाहीतभी मेने उसकेतरफ मुह घुमाया तौ दि सें मेरेगाल केँ बजाय मेरे होंठ पऱ कीस हौ गइ उसने फोरन अपना चहेरा पीछे लेलीया ओर सरमागइ वोँ फोरन उठके अपनेरुम कि ओर जडपसे जानेलगी पीछे मेने गुडनाइट कहा पऱ उसनेकोइ जवाब नहि दीयाओर दरवाजा बंधकर लीया
मे भि उठके जानेलगा तभी मुजेकुछ यादआया मे आहिस्तासे नेनु केँ दरवाजे केँ पास पहुंच गय़ा फीरआजु बाजु देखकर जुकके दरवाजे कि कीहोल सें देखने लगा अंदरदेआ तोँ दि अपनेबेड पऱ बैठके हांफरही थि उसके दोनोहाथ अपने सीने पर्र थें ओर वोँ अपनी सांसोको कंटड्ढोल करनेकी कोसीस कररही थि थोडीदेर बादजब सांस कंटड्ढोल हुइ तब वोँ सरमा केँ हसनेलगी
फीर अपनेअेक हाथ कि दो उंगली अपने होंठो पे रखदीफीर वोही उंगलीयो केँ अपनेदील पर्र लेजाकर रखदी बादमें वही बुब्स कों मसलने लगीओर दुसरा हाथसे अपनी चूत कों सहेलाने लयीओर धीमी आवाज़ मे बडबडाने लगी
नेनु : ओहराज क्याँ होँ गय़ा मुजसे अब केसे नजरे मीलाउगी तुजसे तुने तोँ मुजे पागलकर दीया कमीने आइलवयु आके प्रेम कर अपनी नेनु कों तुजे केसेकहु कि तेरी नेनु तुजे कीतना प्रेम करतीहे तु पहेल करके क्यु मुकर जाताहे तेरी नेनु तुजे कीतना हीन्ट देतीहे तुहे केँ समजता नहींओर मेरीसोत कों लेके घुमता हे, कमीने वोँ भि तोँ तुजे इतना प्रेम करतीहे कहीचोद तोँ नहीं लीया तुनेउसे फकमी हार्ड राजओर जोरसे चोद मुजे
नेनु बडबडाये जाती थि ओर अपनीचुत कों सहेलाये जारही थि जेसे जेसे बडबडाये जाती थि अेसेही उसकी सहेलानेकी स्पीड बढतीगइ फीरओह राज मे गइ कहेके अपनी सलवार मे हि जडगइफीर सांत हुइ ओरउसे रीयलाइज हुआ कि वोँ जोरोे बोलरही थि कही कीसीने सुन तौ नहि लीयायह देखने वोँ उठके दरवाजे कि ओरआने लगीयह देखके मे फोरन दोडके सीडीचड गय़ा ओर अपने बाथरुम मे घुस गय़ा
उधर नेनु नें हल्का दरवाजा खोलके बहार जाका यहांकोइ नहीं थां पर्र उसकेकान बहोत चोककने थें कीसी केँ सीडी चडने कि आवाज़ उसनेसुन लीथीफीर दरवाजा बंध करके सीधे बाथरुम मे घुसगइ ओर कपडे नीकालकर नहाने लगीफीर नहाकर अपना गाउन पहेनकर बेड पर्र आकेलेट गइओर लेटे लेटे हि सोचने लगीकोन होगा सायद सोनु होगी जोँ पानी पीनेआइ होगी यातोराज पर्र राज तोँ मेरेसंग हि खडा हौ गय़ा थां जानेके लीयेकही अेसा तोँ नहि कि वोँ गय़ा हि नहोयही सोचते उसेकब नींदआगइ उसे पताही नहींचला
कन्टीन्यु।
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - ८
फीर नहाकर अपना गाउन पहेनकर बेड पर्र आकेलेट गइओर लेटे लेटेही सोचने लगीकोन होगा सायद सोनु होगी जोँ पानी पीनेआइ होगी यातोराज पऱ राज तोँ मेरे साथही खडा हौ गय़ा थां जाके लीयेकही अेसा तोँ नहि कि वोँ गय़ा हि नहोयही सोचते उसेकब नींदआगइ उसे पताही नहीं चला.अब आगे
उधर राज बाथरुम मे फ्रेस होकर अपना नाइट डड्ढेस पहेन लीयाओर जाके अपनेबेड पऱ साइड मे बैठ गय़ा ओर सोचने लगा कि नेनु भि मुजे इतना प्रेम करतीहे पर्र मुजेकेह नहीं पाती सायद वोँ कहेने सें डरतीहे ओ मेंभी तौ उसे इतना चाहता हुं मे भि इसे कहने सें डरताहुं
लेकीन अेक तोँ वोँ लडकीहे उपर सें मुजसे बडी बहेनहे तोँ पहेले पहेल तोँ करेगी नहीं, मुजे हि पहेल करनी पडेगी इस लीये मुजे हि आगे बढना पडेगा, यह सोचते सोचते अेक घंटाबीत गय़ा, तभीउसे अपने दरवाजे पर्र सोनुखडी दिखाइ दि तोँ वोँ अपने विचारोसे बहार आगयाओर सोनु कि ओर देखके कहेने लगा
राज : अरेआओ सोनु, वहां क्युखडी हेआजा अंदर
फीर सोनु अंदरआके दरवाजा बंध करलीया ओरआके राज केँ सामने खडी होगइ उसकाअेक हाथ पीछे छीपारखा थां, सोनु नें वोही डड्ढेस अभि भि पहेनरखा थां ओर वापसउसी तराह सजधजकर होकेआइ थि, पर्र आज सोनु केँ चहेरे पर्र शर्म केँ संग नजाकत भि छलकरही थि ओर अपने दिलकी धडकन भि थोडीतेज चलरही थि, राजउसे देखताही रह गय़ा तौ सोनु सरमसे पानी पानी हौ रही थि
सोनु : भाइ मे आपसे अपना गीफ्ट मांगने आइहुं
राज : हांहां स्योर कहो सोनु क्याँ चाहीये तुजे मांगले अपनेभीइ सें, मना नहि करुगा
फोरन सोनुराज केँ आगे घुटने बलबैठ गइओर पीछे जोँ हाथ छुपाया थां वोँ राज केँ सामने लेँ गइ जौ उसनेअेक गुलाब कां फुल पकडा थां ओरअब दोनो हाथो सें फुलपकड लीयाओर राज केँ आगे करलीया
सोनु : भाइ मे आपसे बहोत प्रेम करतीहुं प्लीज मेरा प्रेम कबुल करलो, आइ लवयु
राज यह देखके अंदरसे बहोत खुश होगया चलो आखीरकार सोनु नें प्रपोज करही दीया पर्र वोँ थोडा मजे भि लेना चाहता थां ओरसंग हि संग आगेका नेनु वालीबात काभी मार्ग रेडी करना चाहता थां ताकीआगे कोइ प्रोबलेम नाहो
राज : सोनु चाहता तौ मेभीहुं तुजसे पर्र क्याँ करु हमारे बीचयह भाइ बहेन कां रीस्ता जोँ हेइसी लीये मे तुजेकेह नहि पायाओर कहेने सें डरता थां
सोनु : भुलजाओ कि तुम् मेराभाइ होँ, मेनेकभी आपकोभाइ मानाही नहींहे ओर स्वीकार करलो मेरे प्रेम कों, अपनालो मुजे हंमेसाके लीयेअब मे आपके बगैर नहि रेह सकतीभाइ सादी करलो मुजसे, बनालो मुजे अपनी पत्नि
राज : पऱ सोनु हम् नेनु कों क्याँ कहेंगे, केसेबात करेंगे उसे, कहीं मुजे घरसे हि नां नीकालदे ओर तुभी तोँ मेरी बहेनहे मे बहेन कों केसे अपनाउ बहोत उलजन मे हुं
सोनु : कोइ उलजन नहि भाइ, ओर नेनु कों हम् दोनो मीलकर मनालेंगे, मुजे पुरा यकीनहे कि वोँ मान जायेगी ओरइस रीस्ते कों कबुलकर लेगी, तब तक हम् यह रीस्ता उससे छुपायेंगे, रहीबात बहेन कि तोँ आपकेपास अेक बहेन तौ हेहीउसे बहेन कां प्रेम दे देनाओर मुजे पत्नीका प्रेम देना, मे तौ अब आपसे सीर्फ पत्नीका हि प्रेम दुगी, वेसे भि जब हम् घुमने गये थें तबही मेनेमन हि मन आपकोपती मान लीया थां, ओर आपने भि अंजाने मे हि सही मुजेअेक पत्नि कि तराह हि टड्ढीट कीया थां भुलगये
यह फुलो कि वेनी जोँ अेकपती हि अपनी पत्नीको पहेनाता हे तोँ भाइ प्लीज कबुल करलो मेरे प्रेम कों
राज : मे तेरे प्रेम कों कबुल तौ करलुगा फीर भि मेरी उलजनखतम नहि होगी
सोनु : अब केसी उलजनभाइ बताओ मुजे हम् दोनो मीलकर उसे सुलजायेगे
राज : दरसलपती ओर पत्नि कां अेक अेसा रीस्ता हे जौ उसकी बुनीयाद विस्वास पर्र टीकी हुइ हेओर मेरा भि यही मानना हे कि दोनोअेक दुसरोके प्रती खुली कीताब होँ जानां चाहीये
सोनु : सोनु अेसी उलजनभरी बाते नाँ करो, जोँ कहेना हेसाफ साफ बोलो मे आपकीकोइ बातका बुरा नहीं मनुंगी, विस्वास करो मुजपर ओर बोलो जोँ कहेना हे
राज : दरसल सोनु मे। मे अेकओर लडकीसे भि प्रेम करताहुं, क्यु कि यहबात छुपाके मे तुजेकोइ धोखेमे रखना नहि चाहता
सोनु : जानती हुं मे., जानती हुं कि वोँ लडकीकोन हे पर्र इससे मुजेकोइ अेतराज नहींकी आपके जिंदगी मे कीतनी लडकी हैं मेतो सीर्फ इतना चाहती हुं कि तुम् मुजे तुम्हारी पहेली पत्नि कां दरज्जा दो, मेतो सीर्फ तुम्हे चाहती हुं, ओर हंमेसा तुम्हारी रहुंगी यह वादाहे मेरा
मे : (आस्चर्य होते हुअे) तुम् जानती हौ उसे?ओर तुम्हे यह भि पताहे कि मे उसे भि प्रेम करताहुं फीर भि तुमने मुजे चाहा? बताओ मुजे वोँ कोनहे?
सोनु : वोँ लडकीहे। हमारी नेनु दिदी, तुम् नेनु कों भि प्रेम करते होना? मुजेपता हे, फीर भि मेने आपको चाहा, सीर्फ मेंही नहीं सायद दि भि आपको चाहती हैं, ओर हम् दोनो कों भि पताहे कि आप् भि हम् दोनो सें बहोत प्रेम करते होँ
मे : कमाल हैं, सोनु मुजे तोँ पता थां कि तुम् मुजे बेहद चाहती हौ पर्र नेनु कां मुजे नहींपता थां, तुमको केसे मालुम हुआ कि नेनु मुजे चाहती हे बताओना
सोनु : भाइ हम् लडकीयो कि भि कोइ जरुरत हे, तौ अेकबार मेने छुपकेसे नेनु कों वोँ हरकत करते देखलीया थां वोँ तुमहे इमेंजींग कररही थि, क्युकी उसकेमुह सें आपकानाम नीकल गय़ा थां तब मुजे मालुम हुआ कि दि भि आपको मेरीतरह चाहती हे, उसी समय मेनेसोच लीया कि अगर दि भि आपसे सादी करले तौ हम् दोनो बहेने आपसमें मीलजुलकर रहेंगी, वेसेभी हमारी आपसमें अच्छी पटती भि हे, तौ भाइ प्लीज अबओरमत तडपाओ मुजेअब तौ दादीने भि मेराहाथ आपको सोंप दीयाहे भाइअब तोँ इश्वर भि हमारे संगहे
मे नें सोनु केँ हाथ सें गुलाब कां फुल लेलीया ओर मे बेड सें खडा होगया फीर उसेभी कंधोसे पकडकर खडा कीयाओर मेने उसकी आंखोमे देखते हुअेकहा
मे : ठीकहे, मुजे कबुलहे तेरा प्रेम, आइलवयु सोनु
सोनु : (अेकदम खुश होके)आइ लवयुटु जानु, थेन्क यु वेरीमच मेरा प्रेम कबुल करने केँ लीये, यें मेरी जींदगी कां सबसे बेस्ट तोहफा हे
इतना कहेके वोँ मुजसे लीपटगइ, ओर मेने भि उसे कसकर अपनी बांहोमे भर लीयाओर अेसे लीपटे हुअे थें कि बरसो केँ बाद मीले होँ, नीचे मेरे लन्ड नें हरकत करना सुरुकर दीयाओर अेसेखडा होनेलगा जेसे कहींजेक लगरहा होँ, मेने सोनु कां चहेरा अपने दोनो हाथो मे लीयाफीर उसके आंखो मे देखने लगा तौ उसने अपनीनजर सरमाके जुकाली
ओर मे अपने होंठ आहिस्ता आहिस्ता सोनु केँ होंठो केँ पास लेजाने लगा, सोनु भि अपना चेहरा धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगे करनेलगी फीर अचानक स्वयं सोनुने हि मेरे होंठो कों भींच लीया हम् दोनोअेक दुसरेके होंठो पर्र दबाव बनाने कि कोसीस करतेरहे फीर अचानक सोनु नें चहेरा दुर कीयाओर मेरी आंखोमे देखने लगी थोडीदेर देखने केँ बाद वोँ पागलो कि तराह मेरे चहेरे कों चुमने लगीओर चुमते चुमते कहेजा रही थि
सोनु : लवयु जानु, मुंआाा। आइलव यु, बुच। बुबुचच.बुचच ओह जानुलव युलवयु
मे भि उसेइसी तरहा चुमता रहा हम् दोनोआपस मे अेसेचुम रहे थें कि जेसेकोइ बरसोसे बीछडे हुअे प्रमी हौ फीर हम् सांत होकेअेक दुसरो कि बाहों मे कहीदेर खडेरहे बाद मे मेने सोनु कां हाथ पकडकर उसे मेरेबेड पर्र बीठा दीयाओर मे भि उसे अेकदम सटकरबैठ गय़ा फीर मेने सोनु कि कमर मे हाथडाल दीयाओर उसे अपनीतरफ खीचा सोनु केँ मुंह सें आउच कि आवाज़ नीकलगइ ओर मेने उसकीतरफ देखके हस दीयाओर उसे कहेने लगा
मे : सोनुआज मे बहोत खुसहुं तु नहि जानती कि तुमने मुजे कीतनी खुशी दि हेजी चाहता हे सारी जींदगी तुजे अेसेही अपनी बाहों मे लेके बैठा रहुं
सोनु : भाइ मे भि तोँ यही चाहती हुं आपकोपता हे मे बचपन सेही आपकोपती मान चुकीहुं इसीलीये तोँ कभी आपको राखी नहीं बांधी मेने हमेसा आपको अपनापती हि मानाहे चाहती हुकी मे आपसेकभी अलग नां होअु आपने मेरा प्रेम कबुल करकेमुज पर्र बहोत बडा अहेसान कीयाहे आइलवयु सोमच
मे : नहि आज केँ बाद हमारे बीचकोइ अहेसान जेसा शब्द नहि, बल्के मे स्वयं इतना धन्यहुं कि मुजे पागलो कि तराह प्रेम करने वाली मेरी दोनो बहेने मीलीहे, थेन्क यु जानु
सोनु : तुम् भि नाँ, अभि मुजे भासणदे रहे थें कि हमारे बीचकोइ अहेसान नहि तौ यहबीच मे थेन्कयु कहासे आया? मेरा पागल मजनुं हैं.हैं.हैं.
फीर हम् दोनो हसनेलगे, ओर सोनु मुजे बेठे बेठेही लीपटगइ ओर मेरेगाल चुमने लगी
मे : सोनु मुजे तुमसे अेकबात कहेनी थि, जब तक हम् नेनु नहींमान जातीतब तक हम् हमारे रीस्तेको छुपायेंगे, नेनु केँ सामने हम् पहेले कि तरह नोर्मल रहें, ओर तुम् भि कभी अेक्साइटमेन्ट मे उसके सामने कोइ अेसी वेसी हरकते मत करना, समजी?
सोनु : ठीकहे भाइ जेसे आप् बोलो, वेसाही करुगी, वेसे भि अब मुजे आपकाहर हुकुम मानना पडेगा, मेरे होने वाले पतीदेव जौ होँ हैं.हैं.हैं.
मे : हुकुमवाली, मे नहि करुगा हुकुम बुकुम, ओर हुकुम करके मे अपनी पत्नि कों गुलाम बनाना नहीं चाहता, वोँ तोँ मेरेदिल मे रहकरराज करेगी राज, समजी
सोनु : समजगइ जानु, ओर कोइ हुकुम (कहेके हसनेलगी) हैं.हैं.हैं.
मे : (हसके) तुम् नहि सुधरोगी, अरेहां सोनु मुजे तेरी सहायता चाहीये नेनु केँ मामले मे
सोनु : केसी सहायता, आप् कहोभाइ मुजे क्याँ करना होगा मे आपकाहर काम करुगी
मे : ठीकहे तोँ सुन, नेनु मेरे बारे मे क्याँ सोचती हे, क्याँ नहीं वोँ, ओर नेनु मुजे प्रेम कां इज्हार करे इसके लीये तुजे उसको उक्साना पडेगा, मतलब तुजे इसकीहर बात मुजे बतानी पडेगी मतलब.तु समज गइना
सोनुं : (हसकर)हां मेरे मजनुं मे सभीकुछ समजगइ, मतलब येहे कि मुजे मेरी सोतन कों सजधजकर करनाहे, यहीकेह रहे थें नां जानु, मुंहा.(मुजे चुम लीया)
मे : वाउ मेरा नसीब, मुजे कीतनी समजदार पत्नि मीलेगी, मेतो धन्य हौ गय़ा
सोनु : अच्छाजी, इतनी तारीफ, अब तारीफ हि करोगे याँ। ओर.कुछ.
इतना सुनते हि राजबेड सें उठ गय़ा ओर सोनु कों उठाके बेड पर्र लीटा दीयाओर स्वयं भि जाके उसके बाजु मे लेटकर उस पऱ जुक गय़ा ओर सोनु केँ होंठो कों चुमने लगा, सोनुने भि अपनाअेक हाथ उठाकर राज केँ गले मे डाल दीयाफीर अचानक सोनु कों अपने बुब्स पर्र राज कां हाथ महेसुस हुआ
जोँ राजउसे हल्का हल्का दबारहा थां इस हरकत सें सोनु अेकदम उतेजीत होँ गइओर अपनी टंग(जीभ)राज केँ मुह मे डालदी ओरराज उसे लोलीपोप कि तराह चुसने लगाओर राज उसके बुब्स कों जोर सें मसलने लगा सोनु कों अपने बुब्स पर्र थोडा दर्द होनेलगा पर्र उसनेराज कों महेसुस नहीं होने दिया वोँ आज पुरी तराहराज कों समर्पीत होजाना चाहती थि
फीर उसने अपनाहाथ नीचे लेजाकर राज कां लन्ड राज केँ पाइजामाके उपरसेही पकड लीयाओर हल्के हल्के दबाने लगी राजकी भि सीसकारीया नीकलने लगीफीर अचानक राज सोनु केँ उपरलेट गय़ा अपने दोनो हाथोकी कोहनी साइड मे टीकाकर दोनो हाथो सें सोनु केँ दोनो बुब्स मसलने लगा साथमे दोनो पागलोकी तरहअेक दुसरेके होंठ स्मुच कररहे थें
अचानक सोनु अपनाआपा खो बेठीओर अपने दोनो हाथो सें राज केँ सर्ट केँ बटन खोलने लगीतभी राज कों रीयलाइज हुआ कि सोनु कंटड्ढोल खो चुकीहे ओरअब वोँ मुजसे फीजीकल होना चाहती हेराज नें उसे फोरनरोक लीयाओर सोनु कि ओर देखके कहेने लगा
मे : नहि सोनु प्लीज अभि नहि जब तक हमारी सादी नहि होती तबतक मे यह करना नहि चाहता मान जाओना प्लीज.
सोनु : (रुककर) पर्र क्युं भाइआज पुरी तराह मुजे अपनी बनालो मे कबसेतरस रहीहु तुम्हारा इस प्रेम पाने केँ लीयेमना मतकरो भाइ मे नहींरेह पाउंगी
मे : सोनु तुम् समजती क्यु नहि तुमसे अधिक मे उतावला हुं तुम्हमरे संग फीजीकल होने केँ लीयेओर यहकाम मे बीना सादी नहि करुगा क्युकी बीना सादी कीसीसे सबंध बनाना मे येपाप मानता हुंपता नहि यहसचहे कि सीर्फ मेरी धारणा, तुम् अपनी जानु कि इतनीबात नहि मानोंगी, ओरकल पुजा भि हे तौ प्लीज समजो मेरीबात कों
सोनु : भाइ पऱ हम् सादीकब करेंगे क्यु कि मे पुरी तराह आपकी होना चाहती हुं
जब दोनोबात कररहे थें तब भि राज सोनु केँ उपर हि लेटा थां
मे : सोनु मेने तुजे बोला थाना कि आज सीर्फ बर्थडे गीफ्ट मांगना, मीलेगा तुजे तेरे बर्थडे केँ दीन तोँ आज मेने तेरा प्रेम कबुल करलीया, पऱ अपनाउंगा तुजे बर्थडे केँ दीन, तब तक हम् अेसेही प्रेम करते रहेंगे ओरउसदीन तुजे अपनी पत्नि बना लुगा
सोनु : पऱ भाइयह केसे संभवहे, अभि तौ हमें नेनु दिदी कों भि मनाना हेफीर सादी कि तैयारी भि क्याँ इतनी जल्दयह सभी संभवहे?
मे : वोँ सभीतु मुज पर्र छोडदे तेरे भाइका गीफ्ट इतना कमजोर नहि हेयह वादारहा मेरा तेरे बर्थडे केँ दीन हि तुजे मे अपनी पत्नि बनाउंगा ओर हम् सुहागरात भि मनायेंगे फीर तुजे जमकरचो.
सोनुं : (राज केँ मुंह पऱ हाथ रखके)बस भाइआगे मत केहना मुजे शर्म आँ रहीहे
मे : अरे मेरी जानु सें बात करना केसी सर्म, बेबीअब तु भि थोडा बेसर्म होजा अभीतो मेरेसंग सभीकुछ करना चाहती थि, आगे बहोत कुछ होने वाला हैं, अगर शर्म आयेगी तोँ मेरे बच्चे केसे पैदा करोगी हैं.हैं.हैं.
सोनु : (हसके मेरे सीनेपे मुका मारके) कीतने बेसर्म हौ अपनी बहेन कों प्रेगनेन्ट करोगे? कहे दुंगी नेनु दिदी कों मारेगी आपको हैं.हैं.हैं.
मे : वोँ मारेगी उससे पहेले मे मारुगा उसकी, फीर वोँ भि तेरीतरह पेट फुलाके घुमती रहेगी सारेघऱ मे हैं.हैं.हैं.
सोनुं : छीं कीतने उतावले हौ तुम् अपनी बहेनो कों प्रेगनन्ट बनाने केँ लीये, अब तौ मुजे जल्द हि नेनु कों मनाना पडेगा मेभी तौ देखु मेरी बहेनपेट फुलाके केसी लगतीहे हैं.हैं.हैं.
मे : जानु वेसेभले हम् फीजीकली नहो पऱ हम् अेक दुसरोको सेटीसफाइ तोँ करही सकतेहे
कहेके राज सोनु केँ होंठो कों चुमने लगाओर सोनु केँ बुब्स दबाने लगा, सोनु नें भि अपने दोनोहाथ सें राज कों अपनेउपर भींच लीयाओर राज कां संग देनेलगी फीर मे आहिस्ता आहिस्ता अपना मुंह नीचे कि तरफ लेँ जानेलगा ओर सोनु केँ फ्रोक केँ उपरसेही सोनु कां बुब्स अपने मुंह मे लेके चुसने लगाओर अेसे करते अपने दांतोसे सोनु केँ बुब्सकी नीपल कों पकड लीयाओर हल्कासा उपर कि ओर खींच लीया
सोनु केँ मुंहसे अहह.कि आवाज़ नीकलगइ, फीरराज ओर नीचे कि तरफबढा ओर सोनु केँ फ्रोक कों कमरसे उपर करदीया राजकी इस हरकतसे सोनु सीरहउठी तभी सोनुको अपनी नाभीपे गीलेपनका अहेसास होनेलगा उसने नीचेकी तरफदेआ तोँ राज सोनु केँ पेटको चाटरहा थां ओर चाटते चाटते राजओर नीचे कि तरफ बढनेलगा
जेसे हि राजका मुंह सोनु कि चुत पर्र लगा सोनु केँ सरीर मे अेक कंपारी छुटगइ ओर वोँ हल्का हल्का कांपने लगीओर अपने दोनो हाथोसे राज केँ सरकोपकड लीयाओर उसे सहेलाने लगीतभी अचानक राजने अपनासर सोनु कि चुत सें हटालीया ओर वोँ सोनु केँ दोनो पैरोके बीच घुटनो बलबैठ गय़ा ओर अपने हाथोसे सोनु कि नीकरको नीकालने लगा
फीर नीकर नीकालके सोनुकी ओर देखाफीर अेक कातील स्माइल करके अपने मुंह सें सीधा सोनु कि चुतपे हमला कीयाओर वोँ उसे चाटने लगा अपनीचुत केँ अंदरराज कि जीभ(टंग) महेसुस होते हि वोँ मछलीतरह तडपने लगीओर अपने हाथो सें राज केँ बालो कों पकडके खीचने लगीओर जोरजोर सें सीसकारीया करनेलगी, फीरराज भि अपनीजीभ कों सोनुकी चुत मे घुसाके अंदर बहार करनेलगा, सोनु कां अेसा पहेला अनुभव थां तौ वोँ बहुत गर्म हौ गइ थि
वोेइस हरकत कों ज़्यादा देर नहींसेह सकीओर मुजसे कुछकहे इसे पहेलीही उसकीचुत नें फवारा छोड दीया जोँ सीधा मेरे मुंह पऱ गीरा सोनुजड गइओरफीर सांत हौ गइ, फीर मेने भि अपना मुंह सोनु कि चुत सें हटा लीयाओर सोनु कों देखने लगा तौ सोनु आंखेबंध करकेपडी थि उसके चहेरे पऱ संतुस्टी केँ भाव थें फीर आहिस्ता सें आंख खोलके मेरीओर देखा तोँ मेरा मुंह पुराभरा हुआ थां अपने छोडे हुअे पानी सें ओर मेरी हालत हेखके उसकीहसी छुटगइ
मे : हसले बच्चु, हसले सुहागरात मे तेरी हालत न् बीगाडु तौ मेरानाम राज नहि
सोनु : अरेजाओ जाओ, वेसे भि अब आपकानाम बदलने हि वालाहे,
मे : अच्छा, केसे बदलेगा, ओरकोन बदलेगा मेरानाम?
सोनु : हम् बदलेगे आपकानाम, हमतो आपको सादी केँ बाद जानु कहेके हि पुकारेंगे
मे : अच्छा बच्चु अभीसे पुरी प्लानींग करलीहे कोइबात नहि पर्र सोनु तेरा तोँ होँ गय़ा अब मेरा क्याँ होगा देखो केसेखडा हे बेठनेका नामही नहीं लेरहा हे इसका क्याँ करु
सोनु : इसमे कोनसी बडी बातहे लाओइसे आज मे अपने हाथोसे सांत करुगी, मेरे जानुने मुजे सांत कीयाहे तौ मेराभी फर्ज बनताहे, आखीर मेरे होने वाले पतीजो हे आप्
फीर सोनु उठके वेसे हि बैठगइ अपने दोनोपेर पसारके फीर मे भि अपनेपेर पसार केँ सोनु कि जांघ पऱ रखकर उसके सामने बैठ गय़ा, सोनु नें अपनाअेक हाथराज कि गरदन मे डाल दीयाओर दुसरे हाथ सें राज केँ लन्ड कों अपनी मुठी सें पकड लीयाओर आहिस्ता आहिस्ता उसेउपर नीचे करनेलगी राज केँ लन्ड कों हीलाते हीलाते उसकी आंखोमे कामुक नजरसे देखेजा रही थि
राज भि गर्म होनेलगा ओर उसने अपने दोनो हाथोसे सोनु केँ बुब्स कों उपरसेही पकड लीयाओर उसे हल्का हल्का मसलने लगाफीर अपने होंठो कों सोनु केँ होंठो पर्र रखकर चुसने लगा सोनु भि अेकबार फीर गर्म होनेलगी यह देखके राजने भि अपनीअेक हाथकी उगली सोनु कि चुत मे घुसेड दि ओर वोँ भि घुसेड करउसे अंदर बहार करनेलगा दोनेअेक बारफीर उतेजीत होगये
दोनो पागलीकी तराहअेक दुसरे केँ होंठोको चुसे जारहे थें सोनु भि अब सीसकारीया करनेलगी अब उसकीआग बरदास्त सें बहार होनेलगी ओर वोँ राजके लन्ड केँ जोरजोर सें हीलाने लगीआज राज केँ लन्ड कों कीसी लडकी नें पहेली बार पकडा थां इसलीये वोँ अपनाआपा खो बेठाओर आवाज़ करनेलगा
मे : ओह सोनुआइ लवयु, लव युजान तुम् कीतनी होट हौ जी करताहे अभि तुजेपटक करचोद डालुओर जोरसे हीलाओ बेबी
सोनु : तोँ चोद डालोने जानु अपनी सोनुको क्यु तडपारहे होँ मुजे, लव यु जानुलव यु
वोँ दोनो अेसे कि उतेजनामे बडबडाये जारहे थें ओर दोनो जडने केँ अेकदम लगभग थें फीर अचानक सोनु धीमी आवाज़ मे
सोनु : येस जानुओर फास्ट करो मे छुटने वालीहुं येस.येस। बस अेसे हि ओह.ओह। मे आइ.राज अहह। गइ.इइइइइ
ओर सोनुफीर अेकबार जडगइओर उसनेराज कां लन्ड हीलाने कि स्पीड बढा दि तोँ.
मे : ओर सोनु मेभी आँ रहाहुं ओरतेज करो याँ.याँ। सि.इ.ओह ओह.अहह
कहेके मेने अपनीआंख बंध करलीओर अपने लन्ड सें पीचकारीया छोडने लगा, लन्ड उपर कि तरफ होने कि वजह सें पीचकारी सीधी सोनु केँ मुंह पऱ जा गीरीओर कुछ पीचकारी सोनु केँ कपडो पर्र बुब्स केँ पास गीरी इसकी वजहसे सोनु कां फ्रोक बहुत गीला हौ गय़ा
जब उसने अपनीआंख खोली तौ देखा सोनु अपने चहेरे पऱ पडेराज केँ विर्य कों अपनीदो उंगलीयो पेलेरही थि मेभी सोनु कि इस हरकत कों देखरहा थां फीर सोनु मेरे विर्य लगे हुइ उंगली अपनेनाक केँ पास लेकर सुंघने लगीफीर सुंघके मेरीओर कामुक नजरो सें देखके अपने मुंह मे लेकर उंगलीयो पऱ लगे मेरे विर्य कों चाटने लगी
मे : यह क्याँ कररही हे सोनु
सोनु : वाउ कीतना मस्त टेस्ट हे मेरे जानुके मालका मज़ा आगया, धन्यवाद जानु
मे : सोनु तेरे कपडे भि खराब हौ गयेहे, तुउसे अभि जाकरधो देना कहीं नेनु सुभह सबके कपडे लेनेआइ ओर उसने तेरे कपडो कों गंदा देखलीया तोँ क्याँ सोचेगी
सोनु : भाइ आप् टेन्सन मतलो मे इसे धोने वाली नहि हुं क्यु कि इस पर्र मेरे पहेले प्रेम कि नीसानी हेअब तौ मे इसे सारी जींदगी अैसेही संभालकर रखुंगी सबसे छुपाकर
मे : सोनुअब तुजे जानां चाहीये कहीं नेनुचेक करने आगयी तोँ मुस्कील होगी वेसे भि पीछले दोतीन दीन सें इसका बर्ताव सें मुजे अेसा लगताहे कि उसको हम् दोनो पर्र कुछसक हैं तोँ बीकेर फुल बेबी
सोनु : क्याँ भैया आज मुजेइधर हि सोने दोना आपकेपास, मे सुभहचार बजेचली जाउंगी
मे : नां बाबा नाँ, मे कोइ जोखम उठाना नहि चाहता कुछ हौ गय़ा तौ?
सोनु : तौ चोद लेना मुजे, तुम् भि नां भाइ जौ डाइलोग मुजे मारना चाहीये वोँ तुम् माररहे हौ इतना डरते हौ
मे : डर नहींरहा हुंडफर, सुभह मुजे नेनु केँ संग पांच बजेही उठना पडेगा, क्यु कि पुजा केँ लीये मुजे सुभह जल्द बुलाया हे, ओरतु यहां सोयेगी तौ होली मेरीं नींन्द सुभह तक जागता रहुंगा
सोनु : पऱ आप् सोजाना ओर मे भि तौ सो जाउंगी आपकेसंग सोना कीतना रोमांचीत होगा
मे : इसीलीये मनाकर रहाहुं, अगरतु रोंमाचीत होँ गइ तौ मेरा तोँ बलात्कार हि कर देगी हैं.हैं.हैं.
सोनु : ठीकहे बच्चु अभि तोँ आपकोछोड रहीहुं जीसदीन मुजे मोका मीला छोडुगी नहीं आपको, जा रहीहुं मे
मे : धन्यवाद माय स्वीट हार्ट, अपने जानु कि बात कों मानने केँ लीये
फीर सोनु मेरे होंठो पर्र कीस देके अपनेरुम मे चलीगइ ओर मे भि बेड कों व्यवस्थीत करकेसो गय़ा, अगली सुभहजब पांचबज गयेतब नेनु मुजे उठाने आँ गइओर मेरेउपर जुकके मुजे उठाने लगी
नेनु : राज उठजा सुबहके पांचबज गयेहे तुजे पुजा करने जानां नहि हे क्याँ?
मे : अरे सोने दोना दिदी बहोत नींद आँ रहीहे (मेने सोते सोते हि जवाब दीया)
नेनु : नींद केँ बच्चे, उठताहे कि नहि वरना पानीं डालुंगी तुज पऱ ओर तुजे घसीटकर लें जाउगी, रातको कीतने बजे सोया थां?
नेनु रातको कोनआया थां नीचेयह जानने केँ लीये मुजे सोने केँ बारे मे पुछने लगी, वोँ ज़्यादा प्रश्न न् करे इसलीये मे फटाक सें उठकरबैठ गय़ा नेनु कि ओर देखा तोँ वोँ अपनी कमरपे अेकहाथ रखकेखडी थि ओर मुजेघुर रही थि, मे भि उसकामुड देखके थोडा डर गय़ा फीर उसकामुड चेन्च करने केँ लीये उसकाहाथ पकडकर खीच लीयाओर बेड पऱ मेरेपास बीठा दीयाफीर उसकेगाल पऱ कीस करते हुअेकहा
मे : गुड मोर्नींग स्वीट बेबी, सुभह गुस्से मे अच्छी नहीं लगती होँ तौ स्माइल प्लीज.
नेनु : (हसीछुट गइ) सुभह सुभह हि सुरु होगया, ओर मुजे बेबी कहेता हे कमीना
मे : क्याँ करु दि तुजे देखते हि मस्तीका मुड होजाता हे, मे बस इतना चाहता हु आप् खुशरहे
नेनु : ठीकहे ठीकहे तु जल्दआजा नीचे फ्रेस होकरतब तक मे तेरे लीयेकुछ बनाती हुं
कहेके नेनु नीचेचली गइओर मे बाथरुम मे घुस गय़ा फीर सारा नीत्य क्रमखतम करके बहार आगया, मुजे अभीसेकके लीये जानां थां तोँ मेने पुजा केँ कपडे पहेने धोतीओर कुर्ता, कंपलीट होके मे नीचेचला गय़ा सीधा दादीमा केँ रुम मे देखा तौ दादीमा जागरही थि मेने जाके उसका हालचाल पुछाओर आशीर्वाद लीया
फीर बहार आँ गय़ा, बहारआके देखा तोँ नेनु कीचन मे कुछकर रही थि मेने भि मौके कां फायदा उठाना चाहा मे सीधा उसकेपास पहोंचके उसे पीछेसे उसके पेटमे दोनोहाथ डालके हगकर लीयाओर कहा क्याँ कररही हे मेरी स्वीट दिदी, मेरीइस हरकत सें उसको भि मज़ा आँ रहा थां पर्र उपर सें नाराज होनेका दीखावा करके
नेनु : क्याँ कररहा हे देखता नहीं तेरे लीयेदुध बनारही हुं, छोड मुजेओर जाके बेठजा बहार डाइनींग पर्र
मे : (उसे छोडके बहार जाते हुअे)दुध क्युं मे तौ चाइ पीताहुं,
नेनु वोँ दुधबना रही थि जोँ बाबाने नें उसेतीन पुडीया दीथी उसमेसे अेक पुडी कां दुध मेरे लीये वोँ बना केँ उसमेसे उसने थोडा पी लीयाफीर थोडी देरके बाद वोँ बहार आँ रही थि
नेनु : अभि चाइ नहि मीलेगी, फीलहाल तौ तुजेदुध पीके हि जानां पडेगा तु पुजा करके वापस आयेगा तभी तुजेचाइ नास्ता मीलेगा, पता हेना तुजे पुजा केँ वक़्त फास्ट रखना होताहे
मे : ओ बापरे मेतोभुल हि गय़ा थां थेन्कस याद दीलाने केँ लीये
यह सुनते नेनुहस दि, फीर मेनेदुध कां ग्लीस खतम कीयाओर खडा हौ गय़ा, फीर मे नेनु कों अेकबार फीरहग करके उसकेगाल चुमलीया फीर मे जाने केँ लीये नीकला
मे : बाय दि जलदी आँ जाउंगा पुजा करके
नेनु : बायबाय बेबीटेक केयर
कहेके मे बहार आँ गय़ा धोती कुर्ता कि वजहसे मे हमारी वाहन कों लेके मंदिर चला गय़ा, वहांआया तौ पुजारी जेसे मेरीराह देखरहा होँ मेरे जाते हि
पुजारीजी : अरेवाउ राज बेटा तुमतो अेकदम समय पे आँ गयेचलो चलो तुम् मंदिर मे जाओ मे बाबाको मीलके आता हैं
कहेके पुजारीजी बाबाको मीनेचले गयेओर मे मंदिर मे जाके देखा तोँ पुजा केँ लीयेसभी सामान केँ संग पुरी तैयारी होँ चुकी थि, अभीसेक मे इतनी तैयारी मे पहेली बारदेख रहा थां तभी मुजे पुजारीजी आतेनजर आये अंदरआते हि
पुजारीजी : राज बेटा तुम् यहांबेठ जाओओर अपनाजगह ग्रहण करो
मे पुजारीजी कि बताइ स्थान पर्र बैठ गय़ा ओर स्वयं भि सामने केँ आसन पर्र बैठगये फीर हमने पहेले गणपती कि पुजा सें सुरुआत कि फीर वहांअक श्रीयंत्र रखा थां मुजे इसकी पुजा भि करवाइ इसकेबाद शीवलींग कि पुजा कि बादमें अभीसेक कां दौर सुरुहुआ, पुजारीजी मंत्रपाठ करतेरहे ओरबीच बीचमे मुजे जरुरी मार्गदर्शन करतेरहे
हमारी पुजा कां दौर पुरेतीन घंटेचला फीर पुजा समाप्त हुइ तोँ मेने महादेव कों नमस्ते कीयाफीर खडे होके मेने पुजारीजी केँ पेर छुकर उसका आशीर्वाद लीयाओर उसे दक्षीणा भि दि, फीर हम् मंदिर केँ गर्भगृहसे बहार नीकले तोँ मुजे पुजारीजीने आजकी तराहकल वक्त पे आनेकी सुचना दि
ओर मुजे बाबाके मीलकर जाने कां बोलके वोँ चलेगये, मेभी बाबाकी रुम कि तरफचल पडा जेसे मे अंदर गय़ा तोँ बाबा अपनेआसन पऱ बीराजमान थें मेने जाके उसकेपेर छुआ उसने मुजे लंबी आयुके आशीर्वाद दीयेओर बेठनेके लीयेकहा
बाबा : बेटा आजकी पुजा हौ गइ?
मे : जी बाबा अभि पुजाखतम करके हि आयाहुं
बाबा : अभि तीनदीन ओरयह पुजा करनीहे, ओरहां आपकी बहेन जौ अेकबार तुम्हारे संगआइ थि उनसे कहना बाबायाद कररहे थें वक्त मीलेतब आजाये उनसेकुछ जरुरी बात भि करनीहे तुभी उसकेसंग आजाना याँ फीर उसकी सहेली संग आजाये, उसको अकेली मत भेजना ताकी वोँ अपने आपको सुरक्षीत महेसुस करे वेसे भि उसकोकभी तुम् अकेली कहीमत जाने देना बेटा जमाना अब पहेले जेसा नहींरहा, ओर तुम् भि जबभी वक्त मीले आजाया करो तुमसे ढेर सारीबात करनीहे, अब तुम् जाओओर कलसमय पे आजाना
मे : ठीक हैं बाबा चलताहुं
कहेके मेने बाबाके अेकबार फीर पांवछुआ ओर अपनेघऱ कि तरफचल पडा, सारे रास्ते मे सोचता रहा बाबा मुजसे अेसा क्याँ काम कराने जारहे हे जौ सीर्फ मुजसे हि संभवहे ओर वोँ नेनु कों क्याँ बताने वालेहे अेसे हि सोचते कबघऱ आगया पताहीं नहींचला जब वाहन पार्क करके घरमें घुसा तौ देखा दोनो दिदी सोफे पऱ बेठके मेरा इन्तजार कर रहीथी मे सीधा जाके दोनोके बीचबैठ गय़ा मुजेआते देखकर नेनु नें कहां
नेनु : आँ गय़ा मेरा बेबी बहोत देर करदी पुजा मे?
मे : पुजाही इतनी लंबी चलीकी देर होगइ, दिदी मेनेकइ बार अभीसेक कीयाहे लेकीन आजका अभीसेक कुछ अलगही थां आनंद आगया कीतना सुध्ध वातावरण थां
नेनु : अच्छा, तु चेन्च करके आँ तब तक मे गरमचाय बनाती हुंफीर हम् नास्ता करेंगे
मे : क्याँ दि, तौ आप् लोगोने नास्ता नहि कीया, करलेना चाहीयेना मुजेतो देर लगती
नेनु : तेरे बीना नास्ता करने कां मज़ा नहि आता, तेरे सें टांग खीचवानेकी आदत जोँ पडगइहे तोँ जा फटाफट चेन्ज करलेओर आजा नीचे हैं.हैं.हैं.
सोनु : दि आप् बेठो मे चाइ बनाती हुं तबतक आप् भाइसे बातेकरो (कहेके सोनुगइ)
मे : अरेवाउ बंदरीया तौ वाकइ सुधरगइ (सोनु कों जाते देखके)
नेनु : (मुजे मुका मारके) अेय खबरदार जौ मेरी गुडीयाको बंदरीया कहातो पीटुगी तुजे
मे : हाये.कब पीटोगी मुजे, मेतो कबसेराह देखरहा हुं (कहेके हसनेलगा)
नेनु : (हसके) लगताहे तु नहीं सुधरेगा तुजे सुधारने केँ लीये तेरी पत्नि लानी पडेगी
मे : आपही मुजे मुकामार मार केँ सुधार रही होँ तोँ मुजे पत्नि कि क्याँ जरुरत हैं
यह सुनते हि नेनु सरमागइ फीरअेक ओर मुकामार दीया मेरी बाजुमे
नेनु : (धीरेसे सरमाते) कीतने बेसरम हौ तेरी बहेनहुं पत्नि नहीं समजे?
मे : (उसकेपास मुह लेजाके धीरीसे) तोँ बनजाओ वेसेभी पत्नि कि तराह हि तौ मारती होँ
नेनु : (मुजेअेक नजरसे देखते हुअे) तुफीर मजाक करनेलगा, जा मुजसे बातमत कर
कहेके वोँ उठगइओर जानेलगी तोँ मेने उसकाहाथ पकडके वापस सोफे पर्र बीठा दीयाओर मेने अपनेकान पकड लीयेओर उसेकहा
मे : सोरीअब मजाक नहि पऱ मे सादी नहि करुगा यह आप् जानती होँ ओके
नेनु : (हसके)चल ठीकहे अबतुजा ओर चेन्च करले, लगताहे चाइबन गइ
लो अभि आया कहेके उपरचला गय़ा फीर थीडीदेर बाद चेन्ज करके नीचेआया देखा तौ दोनो दिदी डाइनींग पऱ अपनी स्थान बैठी मेरा इन्तजार कररही थि मे भि आके अपनी स्थान बेठ गय़ा तोँ सोनु नें मुजेचाइ नास्ता दीयाओर हम् तीनो नास्ता करनेलगे तभी मुजेयाद आया
मे : नेनु दि आपको बाबायाद कररहे थें कहेते थेकीसमय मीलेतब आजाये कब जानां हे
नेनु : देखती हुंआज अंजु केँ घऱ भि जानां हैं फीर उसकी शोपींग, हम् जल्द फ्री हुअे तौ बाबाको मीलने चली जाअेगी हम् दोनो वेसे तुजे आनां पडेगा मुजे अंजु केँ घऱ छोडने
मे : आदमी हाजीर हे आपकी खीद्मतमें कहोकब जानां हैं?
नेनु : नौटंकीबाज, वेसे जानां तोँ चारबजे थां पर्र अबतीन बजे जायेंगे, जल्द जायेंगे तोँ हम् जल्द फ्री होँ जायेगे फीर बाबा कों मीलने चले जायेंगे
मे : मे गाड़ी लेकेआउ आपकेसंग ताकी आप् दोनो आहिस्ता घुमसके
दरसल मे उन दोनो कि बात सुनने कों उत्सुक थां मेनेकह दीया
नेनु : नां बाबा नां, हम् रीक्षा मे चली जायेगी, तु सीर्फ मुजे उसकेघऱ पऱ छोड देना
मे : जौ हुकुम मेमसाब ओरकोइ सेवा (मे हसनेलगा)
नेनु : (मुजे मुका मारके) मेमसाब केँ बच्चे, अब तोँ सचमेमार खायेगा,
मे : अरेहां दि आपकोआज अयरलाइन्स ओर होटेल कि बुकींग भि करनीहे याद हेना
नेनु : अच्छा कीया तुने मुजेयाद दीला दीया मे तोँ भुलही गइ थि, अभि तुजे अपने पी.सि। मे कोइकाम तोँ नहीं हैं मुजे ओनलाइन बुकींग करनीहे
मे : नहि दि आप् आहिस्ता करोतब तक मे बहार घुमके आताहुं
फीर हम् सबने नास्ता खतम कीया नेनु मेरेरुम मे चलीगइ सोनु कीचन मे काम करनेचली गइओर मे बहार हमारी फेक्टरी कि ओर नीकल गय़ा वहां पहोंचके मेने हमारा वर्कशोप कां जायजा लीया, फेक्टरी बंध होने केँ कारण वहां बहुतधुल मीटीलगी हुइ थि
जोँ उसेसाफ करवाना थां फीर हमारे मशीन केँ हालत भि वोही थि यहसभी कंपलीट करने मे पुराअेक दीन लगने वाला थां सभी नीरीक्षण करके मे हमारे घऱ वापस आँ गय़ा आके सीधा सोफे पऱ आँ गय़ा मुजेआया देखकर सोनु भि आके मुजसे सटकरबेठ गइओर मुजेपकड करचुम लीया
मे : क्याँ कररही हेदुर बैठ दीदीने देख लीया तोँ पंगा होँ जायेगा
सोनु : वोँ अभि आपकेरुम मे हेतब तक तोँ प्रेम करनेदो मेरे जानुसे
मे : जान तुम् समजती क्यु नहीं वोँ कभी भि आँ सकतीहे, वेसेआज दोपहर उसके जाने केँ बाद हमारे पासतीन घंटाहे जी भरकेकर लेना प्रेम, ओके
इतना केहीरहा थां कि उपरसे कुछआहट सुनी तोँ सोनुसरक केँ मुजसे थोडीदुर बैठगइ तभी हमें नीचे नेनुआती दीखाइ दि ओरआके सोनु केँ बगल मे बैठगइ ओर मेरीतरफ देखके बोलीं
नेनु : अरे तुमतो बहार घुमने गये थेना?
मे : जी, फेक्टरी गय़ा थां ओर जाके वापस भि आँ गय़ा वक्त देखाहे पुराअेक घंटा हौ गय़ा, आप् कोहीदेर लगी बुकींग करनें मे, वेसे क्याँ हुआ होगइ बुकींग
नेनु : हां लेकीन पुराकाम नहि हुआ, सीर्फ प्लेन कि बुकींग हुइ वोँ भि रीटर्न केँ संग, होटेल कि नहि हुइ
मे : क्युं वोतो टुरीस्ट प्लेस हे, वहां तौ बहोत सारी होटेल भि हे, फीरभी नहि मीली?
नेनु : वोही तोँ, अभि राजस्थानमें अेक महीने तक कोइ फेस्टीवल चलरहा हेइसी वक्त बहोत सारे फोरेर्नस भि आतेहे, तोँ सारे होटेल्स फुल हैं, हमारा जानाभी जरुरी हे, लगताहे हमें जयपुर सें थोडा दुर रुकना पडेगा (नीरास होके)
मे : दि मे कुछ टड्ढाइ करु, आप् कहो तौ?
नेनु : ठीकहे तुजे टड्ढाइ करनाहे तोँ कर, मुजे नहीं लगता तुजेकोइ खाली मीले क्यु कि मेने वहाकी सभी होटलचेक करलीया हे, होटेल छोड मेने गेस्ट हाउस भि टड्ढाइ कीया वोभीफुल हे
मे : ठीकहे आप् देदो मुजे हम् दोनोके आइडी कार्ड मे देखता हुं
फीर दीने मुजे हम् दोनो केँ आइडी कार्ड ओर साथमें मुजे इनका डेबीट कार्ड भि दीया
नेनु : लेँ यह दोनोके आइडी, ओर यह डेबीट कार्ड इनमें सें पेमेन्ट कर देना
मे : मुजे सीर्फ आइडीदो पेमेन्ट मे मेरे कार्ड सें कर दुंगा ओके
नेनु : ओके बेबी वेसे भि तुम् मानने वालो मेंसे नहीं होँ, ओरहां राज आप् दोनो सें अेक सीरीयस बात कहेना हे
सोनु : क्याँ बातहे दि कुछ प्रोबलेम तोँ नहि?
नेनु : अरे नहीं गुडीया अेसीकोइ बात नहि दरसल दादीमा कि तबीयत दीनभर दीननरम होती जारही हे मुजे नहि लगता वोँ अब ज़्यादा दीन नीकालेगी तोँ अबहमे उसका ज़्यादा ध्यान रखना पडेगा होँ सकताहे हमेउसे कभी भि होस्पीटल लें जानां पडे
मे : नहि दि आप् टेन्सन मतलो हम् सभी मीलकर उनका ख्याल रखेंगे, वेसे भि अेकदीन तोँ हमेइस परीस्थीतीयो कों फेस करनाहीं थां,
नेनु : ठीककेह रहे हौ तुम् अगर अेसी परीस्थीती आइ तोँ हम् पहेले जाके उनको होस्पीटलाइज करेंगे बाद मे आगेका सोचेंगे ओके
सोनु : जी दि यही बेटर रहेगा, अबचलो हमे लञ्च कि तैयारी नहीं करना क्याँ?
नेनु : अरेहां। हांचलो चलो सोनु कीचन मे
कहेके नेनुओर सोनु कीचन मे चलीगइ, मे उपर अपनेरुम मे जाके अपना पी.सि। चालु करकेचेक करनेलगा, नेनु केँ कहेने केँ मुताबीक सारे होटेल बुक थें तभी मुजे जयपुर पेलेस कि साइट दीखी, देखा तौ उसमेआधा पेलेस होटेंल मे कन्वर्ट थां वहां उसमें कुछ कोन्टक्ट नंबर भि थें तोँ मेने जस्ट टड्ढाइ करनेके लीये मोबाइल कीयातो थोडीदेर बाद वहासे आवाज़ आइ
मेनेजर : येस। मे राज पेलेस होटेल सें मेनेजर बातकर रहाहुं क्याँ सेवाकर सकताहुं आपकी
मे : मे गुजरात सें.सीटी सें राजबोल रहाहुं क्याँ आपके होटेल मे मुजेकोइ रुम, स्युट जौ भि अवेलेबल हौ मुजे.सें.तारीख तक दो दीनके लीयेमील सकता हैं?
मेनेजर : सोरीसर हमारें सारेरुम ओर स्युट बुकहे मे आपकीकोइ सहायता नहि कर सकता
मे : प्लीज कुछ कीजीयेना क्युकी हमारे लीये बहोत जरुरी हे आप् रेटकी चीन्ता मत करीये
मेनेजर : सरसभी रुम स्युट तोँ बुकहे लेकिन हमारा अेक हनीमुन स्पेसीयल स्युट खालीरखा हे जौ हम् सीर्फ हनीमुन कपल कोही देतेहे ओर उसकीरेट भि ज़्यादा हे आपकेसंग ओरकोन हे
मे : (थोडा खुश होके) हम् कपल हि हेओररेट मे कोइ प्रोबलेम नहि हैं प्लीज
मेनेजर : ठीकहे सर आप् हमारी साइट मे जाके ओनलाइन फोर्म फीलप करीये ओर स्युटमे ओप्शन मे आप् हनीमुन सीलेक्ट करीये बादमे आप् दोनो केँ आइडी अपलोड करनाहे बादमें पेमेन्ट कां ओप्शन आतेही आप् पेमेन्ट कर देना होँ जायेगा बुकींग
मे : थेन्क यु वेरीमच
मेनेजर : मेन्शन नोटसर हेवअे नाइसडे बाय
कहेके मेनेजर नें मोबाइल रख दीया मेने फटाफट उसकी साइट मे जाके फोर्म फीलप करनेलगा आइडी भि अपलोड कि ओर पेमेन्ट भि करदीया होँ गइ मेरी बुकींग मे नेनु सें इसबात कों छुपाना चाहता थां कि मेने हनीमुन स्युट बुक कीयाहे मे उसे वहां सरप्राइज देना चाहता थां
फीर मुजेकुछ याद आयाकी मे घऱ सें नीकला फीर वापस भि आगया इतनीदेर नेनु मेरे पी.सि। पे क्याँ कररही थि, मेने हीस्टरी चेक कि तौ कुछ होटेल कि साइट अलावा नेनु नें मेरी पी.सि। मे रखी हुइ कुछ कामुक स्टोरी भि पडी थि जोँ मेनेअेक फोल्डरमे रखी थि, तभी मुजे सोनु मेरेरुम मे आती हुइ दीखी तौ मेने अपना पी.सीे। सटडाउन करदीया
सोनु : हौ गइभाइ बुकींग?
मे : हांबडी मुस्कील सें अेकरुम मीला
सोनु : वावभाइ आप् दोनोअेक रुममें ठहेरोगे आपकेपास मौकाहे कुछआगे बढने कां
मे : (मस्ती केँ मुड मे) तुजेजलन नहीं होगी तेरी सोतन केँ संगजा रहाहुं
सोनुं : (मेरीगोद मे बेठके) जलन क्यु होगी वोभी तौ हमारी बहेनहे बहेनसे केसीजलन
मे : फीर भि, बहेन हेतो क्याँ हुआ हेतो वोँ भि अेक लडकी
सोनु : नहि भाइ मेंबस इतना जानती हु हम् दोनो आपसे बरोबर कां प्रेम करतीहे ओर आप् भि हम् दोनो कों बरोबर कां प्रेम करते हौ नाँ कीसीसे ज़्यादा नां कीसीसे कम
मे : सोनु मे कीतना लक्की हुं मुजे तुम् जेसी बहेने मीली, जोँ मेरी पत्नि बनने वालीहे आइअेम सो हेप्पी
कहेके मेने सोनु केँ होंठचुम लीयेफीर सोनु नें भि मुजेगाल पर्र कीस कि तभी नेनु नें सोनु कों आवाज़ दि तोँ वोँ फोरन मेरी गोदसे उतरगइ ओर मेरे होंठ कों चुमके नीचेभाग गइतभी अचानक मुजेयाद आया कि कल मेने दोनो केँ लीयेकुछ खरीदा थां जौ मेने बहार छुपाके रखा थां मे फोरन नीचे भागा मेने कीचन मे देखा तोँ दोनोकुछ काम मे व्यस्त थि मे छुपकेसे बहार गय़ा ओर सामान लेके वापीस उपरचला गय़ा ओर मेरेरुम मे अलमारी मे छुपाके रख दीयाजब सामान रखकें मे घुमा तोँ मुजे नेनुउपर आती हुइ दीखाइ दि मे जाके अपनेबेड पर्र बैठ गय़ा नेनु भि अंदरआके मेरे सामने खडी होँ गइओर मुजसे पुछने लगी
कन्टीन्यु।
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - ९
कल मेने दोनो केँ लीयेकुछ खरीदा थां जोँ मेने बहार छुपाके रखा थां मे फोरन नीचे भागा मेने कीचन मे देखा तोँ दोनोकुछ काम मे व्यस्त थि मे छुपकेसे बहार गय़ा ओर सामान लेके वापीस उपरचला गय़ा ओर मेरेरुम मे अलमारी मे छुपाके रख दीयाजब सामान रखकें मे घुमा तौ मुने नेनुउपर आती हुइ दीखाइ दि मे जाके अपनेबेड पर्र बैठ गय़ा नेनु भि अंदरआके मेरे सामने खडी हौ गइओर मुजसे पुछने लगी.अब आगे
नेनु : राज सोनुकेह रहीथी होटेल बुकींग करलीया तुमने, कहां हुइ ओर कीतनी दुर हुइ
मे : अरेदुर नहि जयपुर मे हि बडी मुस्कील सें अेक होटेल मे अेकरुम मीलाहे
नेनु : कीस होटेल मे रुम मीलाहे नाम तौ बता, अेक रुम तोँ अेक हि सही मीला वोँ भि बहोत हे
मे : नाम नहि बताउंगा, तुम्हारे लीये सरप्राइज हैं, अेक हि रुमथा खालीतो बुकींग होँ गइ
नेनु : ठीकहे ठीकहे, हम् अेकरुम मे रेह लेगे, वेसे तेरेसंग अेकरुम मे मुजेकोइ खतरा नहि आफ्टर ओलतुभाइ जौ हे मेरा (खुशी केँ मारे मुजसे मजाक करनेलगी)
मे : खतरा क्यु नहि भाइहुआ तौ क्याँ हुआहुं तौ अेक लडका मे (हसके मजाक मे)
नेनु : (हसके)अगर खतराहुआ तोँ मे भि थोडा बहोत कराटे कां दांव जानती हुं, ओर चलअब नीचे लञ्च तैयार हे
मे भि खडा होगया ओर अपनाअेक हाथ उसकी गरदन मे डालके दबोच लीयाओर अपनीतरफ खीचं लीया तौ हसते हुअे मुजसे सटकरखडी होगइओर अपनी गरदन छुडानेकी कोसीस करनेलगी, मे उसे अेसेही दबोच केँ नीचे कि ओरबात करके चलनेलगा
मे : अच्छा मुजे मारेगी आप् पहेले अपने आप् छुडाओतो सही मुजसे फीर मारनेकी सोचना
नेनु : (हसेजा रही थि) छोड मुजे कुते नहि तौ सचमुच पीटुंगी तुजे हैं.हैं.हैं.
मे : आज देखही लेतेहे कीतना हेदम तुजमे, छुडाले मुजसे तुजीत गइ तौ जोँ तु बोलेगी वही करुगा ओरहार गइ तोँ तुम्हे मेरीहर बात माननी पडेगी कहो मंजुर हे
नेनु : मुजे मंजुर हे तेरी चेलेन्ज, हैं.हैं.हैं.
नेनु नें अेकबार फीर छुटने कि नाकाम कोसीस कि फीर कोसीस छोड दि, क्यु कि इस खेलमें उसे बहोत मज़ा आँ रहा थां वोँ मेरी बांहोमें जौ थि उसकीचुत गीली होनेलगी थि ओर चाहती थि मे उसे अेसीही मस्ती करतारहु वोँ मेरी बाहोमें रहेना चाहती थि दोनो सीडी उतरने लगे उतरते हि नेनु नें सोनु कों आवाज़ लगाइ
नेनु : सोनु बहारआजा ओर छुडा मुजेइस कमीने सें हैं.हैं.हैं.
आवाज़ सुनते हि सोनु बहारआगइ ओर नेनु कों मेने दबोच केँ रखा थां ओर नेनु मेरी बाहों मे फसी थि यह देखके सोनु हसनेलगी ओर कीचन केँ पासखडी रहेके हम् दोनो कां तमासा देखने लगी
मे : सोनुतुं आज हमारे बीच मे मत पडना हमारी सर्तलगी हे
नेनु : सर्त केँ बच्चे गरदनतुट जायेगी मेरी, छोड कमीने, कुता कहीका
मे : जीतनी गलीया देनीहे देना मे गालीयो काहीसाब भि पुरा लुगा
नेनु : मे हाथ जोडती हुंछोड मुजे, तु जीत गय़ा बसअब तोँ छोड
मे : तोँ अब आप् मेरीहर बात मानेंगी आजसे
नेनु : हां बाबाहां मानुगी बसअबछोड भि दे
फीर मेने नेनु कों छोड दीया तोँ नेनु अपनी गरदन पे दोनोहाथ रखकेइधर उधरमुह घुमाने लगीफीर मेरीतरफ देखके हसनेलगी हम् अलग हुअे तौ सोनु भि कीचन मे चलीगइ फीर नेनु मेरे सामने आके मेरीतरफ कामुक नजरोसे देखके मंदमंद मुस्कराती हुइ धीरेसे कहेने लगी
नेनु : भाइ सादी करलेतु (धीमी आवाजमे) लडकी मे ढुंढुगी तेरे लीये
मे : आप् मेरा जवाब जानती हौ तोँ फीरयह बारबार क्यु कहेतो हौ कहीं तुम्हारा मन तौ बदल नहि गय़ा
नेनु : नहि भाइ मेरामन बदलेगा तोँ मे पहेले तुजसे बात करुगी बाद मे सोनु सें
मे : ठीकहे जब तेरामन बदले तोँ बताना तोँ मे भि सोचुंगा ओर तुजे सामने सें कहुंगा
तभी सोनु खानां लेके बहार आँ गइओर हमारी ओर देखके कहेनें लगी
सोनु : अब तुम् दोनो कि मस्ती होँ गइ होतो आजाओ खानां तैयार हे
फीर हम् तीनो अपनी स्थान बेठगये ओर नेनु हम् कों खानां परोसने लगी, जब नेनु मुजे खानां परोसरही थि तब वोँ मेरी आंखोमें देखके मुस्करा रही थि जेसे मेरी पत्नि हौ तभी मुजे अपने पांव मे सोनु कां पेर महेसुस हुआ मेरे खानां खाते खाते अपनीनजर उची करके सोनु कों देखा तोँ मुजे नेनु कि ओर इसारा करकेपुछ रही थि क्याँ होँ रहाहे
तोँ मेने गरदन आहिस्तासे नां मे हिलाते कहाकुछ नहि फीर मेने नेनु कि ओर देखा तौ उसकेहाथ मे अेक नीवाला थां जोँ उसने मेरे मुंह केँ आगेरख दीयाओर मेरीतरफ सरारती मुस्कान सें देखरही थि मुजेलगा कि मे उसका नीवाला अपने मुंह मे लुओर उसने अपनाहाथ वापस खींच लीयातो?
मुजे इसकी सरारत समजमें आगइ इसलीये मेने पहेले उसका नीवाला वालाहाथ पकड लीयाओर अपना मुंह उसके हाथकी तरफ लेगया तोँ वोे जोरसे हसके अपनाहाथ वापस खींचने लगी तोँ मेने अपना मुुहसे फोरन उसका नीवाला अपने मुंह मे लेलीया ओरसंग मे मेने उसकी उंगली कों भि काट लीया तौ उसके मुहसे चीख नीकलगइ यह देखके मे ओर सोनु हसनेलगे तोँ नेनु मुजे मुका मारने लगी
नेनु : कुते काटलीया मुजे तुजे छोडुगी नहि मे
मे : पहेले ठीक सें पकडो तौ सहीबाद मे छोडनेकी बात करना(डबल मीनींग)
नेनु : (सरमाके) तु.तु। नां तुजसे बात करना हि बेकार हे, जा नहींबात करनी तुजसे
कहेके नेनु नें अपना मुंह घुमाके रुठने कां नाटक करनेलगी मेने सोनु कि तरफ देखा तौ मेरीओर अपनानैन नचाने लगीओर मुजे थम्सअप कि साइन देदीफीर मेनें अेक नीवाला लीयाओर दुसरे हाथ सें मेने नेनु कां मुंह पकडके अपनीतरफ कीया जेसे हि उसने मेरीओर देखा मेने अपनेहाथ कां नीवाला उसे खीला दीयाओर नेनु मुजे प्रेम भरी नजरोसे देखके खानां खानेलगी फीर मेने दुसरा नीवाला लीयाओर सोनु कों खीला दीयाफीर वे दोनो भि बारी बारी मुजे खीलाने लगीयह सीलसीला खानां समाप्त होने तक चला
नेनु : राजअब तु थोडा आराम करलेतीन बजे नीचे आजाना मे सजधजकर रहुंगी
सोनु : दि आप् भि आराम करलो मे यहसभी काम करके जाउंगी
फीर मे अपनेरुम मे चला गय़ा तभी मुजे मेरा इयरफोन वालाबग यादआया मेनेउसे फोरन नीकाला ओरचेक करनेलगा कि नेनु क्याँ कररही हे जेसे मेने रीसीवर ओन कीया तोँ नेनु गानागुन गुनारही थि आज वोँ मेरी मस्ती सें बहोत खुशलग रही थि ओर वोँ अंजना कों मोबाइल कर रहीथी तभी आवाज़ आइ जोँ अपने आपसेबात कररही थि
नेनु : मोबाइल उठा कमीनी, यह मोबाइल क्यु नहि उठाती (तभी सामने मोबाइल उठाते)
अंजना : हां नेनुबोल क्यु रींग पे रींगदे रहीहे कुछ इमरजन्सी.
नेनु : कोइ इमरजन्सी नहीं कमीनी तुकहा गइथी चुदाने कबसे रींगदे रहीहुं
अंजना : अरे बाथरुम मे थि आने मे देर तोँ लगेगीना, ओर आजकल तुजे चुदाइ बहोत यादआती हेकही तेरी भि हालत मेरीतरह तोँ नहि हे बीना चुदाइ जेसी, वेसे तुनेकोइ नीर्णय लीया कि नहि
नेनु : अरेआज तुजे शोपींगके लीये जानां थां इसी लीये मोबाइल कीया कि मे चारबजे नहि तीनबजे आजाउगी वेसे मे कोइ नीर्णय नहीं लेँ पारही हु तोँ तेरी हेल्प भि चाहीये
अंजना : हाहा आजाना हम् यहीं बैठके बात करेंगे मे भि तौ तुजे भाभी बुलाना चाहती हु (कहेके हसनेलगी)
नेनु : चुपकर कमीनी कुछ भि बोलती हे मोबाइल रख, तीन बजेओके बाय
कहेके नेनु नें मोबाइल काट लीयाओर बडबडाने लगी मुजे इयरफोनमे स्पस्ट आवाज़ मे सुनाइ देताथा
नेनु : अेक नंबर कि कमीनी मुजे भाभी बनाने चलीइसे पहेले मे तुजे अपनी भाभीबना लुगीओर तुजेपता भि नहि चलेगा बडीआइ भाभी बानाने वाली मुजे
फीर मेने रीसीवर ओफ कीयाओर कुछ सोचके मेनेउसे अपनीजेब मे डाल दीया थोडीदेर बाद सोनु भि उपरआगइ आके सीधे मेरेरुम मे घुसकर दरवाजा बंध करलीया ओर मुजेबेड पर्र गीराके मेरेपेट पऱ दोनो पांव पसार केँ बेठगइ ओरअेक हाथ सें केरे कोलर पकडके
सोनु : क्युरे मेरे मजनुआज नेनु केँ संगबडी मस्ती सुजरही थि इरादा क्याँ हे?
मे : क्युं जलन होँ रहीहे मेरी जानु कों? कि कही मेरे पहेले चुद न् जाये
सोनु : छी कीतने गंदे होँ, ओरजले मेरी जुती, मे क्यु जलुगी, इसमें मे स्वयं सहायता कररही हु आपकी, मेतोबस इतना चाहती हुं कि आपकी पहेली पत्नि मे बनुबस ओरकुछ नहि
मे : अरेहां सोनु तुजेअेक बात बतानी थि, दरसल जयपुर मे मुजेबडी मुस्कील सें अेकरुम मीलाहेना वोँ अेक हनीमुन स्युट हे, मेनेइस बात कों नेनु सें छुपाके रखाहे, मे उसे सरप्राइज देना चाहता हुं, हौ सकताहे वहा मामला कुछआगे बढे, तौ तुम् इसकोकुछ मत बताना
सोनु : भाइअगर तुम्हारी बातआगे बढी तोँ मे तोँ दुसरी पत्नि बन जाउगी, मेरा क्याँ होगा
तभी मेनेकुछ सोचाफीर मुजेअेक आइडीया आया ताकी सोनु कि बातरेह जाये मे सोनु कों अपने उपरसे हटाके बेडसे उतर गय़ा ओर मेरी अलमारी खोलकें जोँ दोनो केँ लीयेदो सेट लाया थां उनमेसे अेकरेड साडी जोँ दुल्हन केँ लीये खरीदी थि तौ मेने सोनु कों देदी
मे : सोनु मे जब नेनु कों छोडके वापसआउ तब तुम् इसे पहेनके रेडी रहेना
सोनु : क्याँ हेयहभाइ? (कहेके साडी बहार नीकालदी)
दुल्हन कि साडी देखते हि सोनु खुशी केँ मारेउछल पडीफीर मेरीओर पलटके मेरी गरदन मे अपने दोनोहाथ डालके मुजे चुमने लगी
मे : बसबस आवाज़ धीमीकर वरना नेनु नें सुन लीया तौ लफडा होजायेगा पहेले येलेजा तेरे रुममें ओरइसे रखदेओर दरवाजा खोलदे जल्द नेनुआज आराम नहि करेगी
मेरीबात सुनके सोनु नें फोरन साडी वापस केरीबेग मे रखदीओर उठके मेरेहोठ चुमके अपनेरुम मे भागगइ फीर आगेका प्लानींग करते करतेकब मेरीआंख लगगइपता हीं नहि चला, तभी मेरेकान मे जोरोसे आवाज़ आइ
नेनु : अरेतु यहां सोतापडा हे मे कबसे नीचे तेरा वेइटकर रहीहुं उठजा जानां नहि क्याँ?
तोँ मेने सोते सोते हि घडी कि ओर देखा तौ ३.०५बज गये थें मे फोरन उठके बेंड सें उतर गय़ा ओर दोडके सीधा बाथरुम मे घुस गय़ा हाथ मुंह धोके वापस बहारआया तौ नेनु वहींखडी मेरा इन्तजार कररही थि ओर अपना चहेरा पोछते नेनु कि तरफ देखा तौ देखता हि रेह गय़ा ओर मेरे मुंहसे नीकल गय़ा
मे : वाव क्याँ लगरही होँ दि अेकदम अप्सरा, आप् बस यहींरहो मेरे सामने कहीं नहीं जानां आपको बेठीरहो मेरे सामने (हसनेलगा)
नेनु : चलचलजा, जल्दआजा नीचे सजधजकर होके, यही बेठने मे मुजे खतरा लगताहे
हसके नेनु नीचे जानेलगी, ओर मे भि फटाफट रेडी होके नीचेचला गय़ा तोँ नेनु मेरा सोफे पर्र बेठके इन्तजार कररही थि मुजे नीचेआता देखते हि वोँ खडी होगइ
नेनु : चलो जल्दराज अंजुराह देखती होगी
मे सीधा बहार बाइक केँ पास जाके बाइक स्टार्ट कीयाओर बैठ गय़ा नेनु भि अेक साइड पे पांव रखकेबेठ गइओरअेक हाथ मेरे कंधे पर्र रख दीया
मे : थोडा नजदीक चीपक केँ बैठोनां, लोग क्याँ कहेंगे इतनी खुबसुरत लडकी लेकेजा रहाहे ओरदुर बीठाया हे क्याँ इजतरह जायेगी मेरी
इतना सुनते हि नेनु नें मेरी कमरमें चीटकी भरके मरोड दीयाओर कहेने लगी
नेनु : पहेले सादी करलेना फीर अपनी बीवीको चीपकाना, कमीने बहेनहुं तेरी गर्लफ्रेन्ड नहि समजे, अब चलदेर हौ रहीहे
मे : (बाइक चलाते) लोगो कों थोडीपता हे आप् मेरी बहेन होँ वोँ तौ आपको मेरी गर्लफ्रेन्ड हि समजेगेंना इसी लीयेकेह रहा थां, ओर मेरेसंग घुमके थोडी आपकी भि इजतबढ जायेगी क्यु कि मे अैरो गैरो कों घुमाता नहि, आपके जेसीकोइ खुबसुरत लडकी हौ तभी मे घुमाता हुं
नेनु : (पीठ मे मुका मारके हसते) बहोत बदमास हौ गय़ा हे, घऱआके तेरीखबर लेतीहुं आजकलतु मेरी बहोत तारीफ करनेलगा हे क्याँ बातहे, चल तुभी क्याँ याद करेगा
केहके नेनु मुजसे सटकरबैठ गइओर अपनासर मेरीपीठ पे रख दीया, अेसा करके उसको बहोत मज़ा आँ रहा थां यह उसका पहेला रोमांचीत करने वाला अनुभव थां अबउसे मेरी अेसी सरारत अच्छी लगनेलगी थि, ओर सोचने लगी कहींराज सें प्रेम तौ नहि होँ गय़ा तभी अंजना घऱ आँ गय़ा, मेने बाइक रोका तौ नेनु मेरीओर देखके हसनेलगी ओर अंजना केँ घऱ मे जानेलगी, तभी अंजना भि बहारआगइ
मे : दि शाम कों लेनेआउ क्याँ?
नेनु : नहि मे अपने आप् आजाउंगी तुम्हे अब तस्दी लेनेकी कोइ जरुरत नहि समजे
अंजना : (दोनो कि बातो सें हसके)अरे राज अंदर तोँ आओ
नेनु : नहींं अंजु जानेदो उसे नहीतो हम् दोनो खतरे मे आसकती हे (हसनेलगी)
फीर हम् तीनो हसनेलगे ओर मे बाय बोलके जानेलगा, ओर वोँ दोनो भि अंदरचली गइओर दरवाजा बंधकर लीया, फीर थोडा आगे गय़ा हि थां कि मुजेकुछ यादआया मेंने फोरन अपनी बाइक वापस घुमादी ओर वापस अंजना केँ घऱ केँ पास थोडीदुर आके बाइकरोक दि फीर बाइक कि घोडी लगाके मे उसके पर्र बैठारहा ओर अपना इयरफोन जेबसे नीकालके कान पे लगा दीयाओर वोँ दोनो कि बाते सुनने लगा आवाज़ थोडी धीमी आँ रही थि पर्र बाते स्पस्ट सुनाइ देती थि
अंजु : तुबेठ मे चाइ नास्ता लेकरआती हुं मुजे भि थोडीभुख लगीहे
नेनु : चलना मे भि आतीहुं यहां अकेली बोर होंजाउगी (थीडीदेर सांती केँ बाद)
अंजु : क्याँ केहरहा थां राज? अंदर क्यु नहि आया?
नेनु : कुछ नहि आजकल बहोत फ्लर्ट करनेलगा हे जेसे मे उसकी गर्लफ्रेन्ड हुं
अंजना : मुजे तोँ पुरा यकीन हेकी वोँ तुजसे चाहने लगाहे, वैसे तुने क्याँ सोचा इसकै बारें मे हमारी बाततब अधुरी रेहगइ थि
नेनु : इसी लीये तोँ आइहुं क्युकी अब मुजेभी इसकीआदत लग चुकीहे जबतक वोँ कोइ सरारत नहि करता तबतक मुजे अच्छा नहि लगताअेक बार तोँ उसने मुजेकीस करनेकी भि कोसीस कि लेकीन मेने नाँ कहेके मना करदीया कभीहग करलेता हेकभी गाल पे कीस मे तोँ उलजन मे हुं क्याँ करुअब तुही मार्ग दीखा मुजे तोँ चेइन नहि हे
अंजना : अरे बुध्धु इसेतो प्रेम कहेते हे, इसका मतलबअब तुभी राजको चाहने लगीहे
नेनु : हां सायद तुम् ठीककेह रही हौ, पऱ मे उससेबडी भि हुंओर उसकी बहेन भि
अजना : प्रेम मे उमर नहि देखी जाती, ओर तु भुलजा वोँ तेराभाइ हैं उसे सीर्फ अेक बोयफ्रेन्ड कि नजरसे देख्ना चालु करदेफीर देख तेरी जींदगीमे केसे बहारआती हे
नेनु : लेकीन मे उसेसमज नहि पा रहीहु जेसे वोँ आगे बढताहे फीर मजाक कहेके टाल देताहे दो बारतो मे इस मामलेमें सीरीयसथी लेकीन भीर मजाक कहेके उसनेटाल दीया
अंजना : अबसभी छोड, पहेले तुबता कि तुआगे बढना चाहती हे कि नहीं याँ फीर सारी जींदगी कुंआरी रहेके जींदगी खराब करनी हैं तेरेपास सीर्फ दो ओप्शन हेअेक यातो तुम् तीनोभाइ बहेन कुंआरे रहो दुसरा आपसमे सादी करके लाइफ अेन्जोय करो
नेनु : पहेला ओप्शन बहोत तकलीफ देने वालाहे येतो मे भि जानती हुंओर दुसरा मे आगे बढना चाहती हुं पर्र मेरीअेक हि उलजनहे
अुजना : केसी उलजनबता अभि सोल्व कर देतीहुं
नेनु : प्रेम तोँ मे राज सें बहोत करतीहुं पऱ पहेल मे नहीं करना चाहती क्यु कि मे उससेबडी हुहां अगर वोँ स्वयं आगे बढताहे तोँ मे अबउसे मना नहि करुगी इतना तुजे आसवासन देतीहुं
अुजना : अेककाम कर जेसे मे कहुं अैसा करतीजा सबसे पहेले तोँ तु आजसे उसकोअेक भाइ कि तरह टड्ढीट करनाछोड देओर अेसासमज कि वोँ तेरा दोस्त हे याँ पतीहे ओरअब वोँ कोइभी हरकतकरे तोँ तुम् उसे रोकोगी नहीं चाहेबात कहातक भि जायेजब वोँ तुमसे सादी केँ लीये प्रपोज करेतब इसकेसंग सादी करलेफीर देख आनंद जींदगी कां
फीर दोनो बहारआके सोफेमें बैठ जातीहे ओर बाते करतेचाइ नास्ता करने लगतीहे
नेनु : सायदतु ठीककेह रहीहे क्यु कि अबराज केँ बीना हम् नहि रेह पायेगी, ओरअेक बात, जोहाल मेराहे वोहीहाल सायद सोनु कां भि हैं
अंजना : क्याँ केहरही हौ नेनु, (फीर कुछ सोचके) तौ क्याँ हुआ तुम् दोनो सादी करलो उससे क्यु कि तुम् बहेनो कि आपस मे पटती भि हैं, ओर तुम्हारी तराह उसकी लाइफ भि संवर जायेगी, ओर मुजे इसमेकोइ बुराइ नहि लगती, कया कहेती होँ तुम्
नेनु : बात तोँ तेरीसही हे, वास्तव मे हम् तीनो कि स्थीती अेसीहे कि तीनोअेक दुसरे केँ बीना नहींरेह पाते, ओर तीनोआपस मे प्रेम भि बहोत करतेहे
अंजन : अब नीर्णय तुजे लेनाहे हां याँ नां
नेनु : ठीकहे जेसा तुने बोलो वेसा हि करुगी अब नहि रेह सकती उसके बीना, ओर सोनु सें मे स्वयं बात करुगी, अब मेरीछोड तुजे क्याँ प्रोबलेम हौ गइ थि तुकुछ तेरी सासू केँ बारेमें केहरही थि फीरकुछ हुआ क्याँ?
अंजना : अरेहां केहरही थि बच्चा देदोओर उपरसे कमीनी मेरेपती कों छोडती नहि अगर मेरेपती केँ संग हि सोनाहे तौ स्वयं बच्चे पैदा क्यु नहि करती, चुदकड कहीं कि
नेनु : फीर तोँ लफडाकुछ ओरही लगताहे, अेककाम करतु राजकोट मे कीसी विस्वासु सें इनकी थोडी इंनकवायरी कर मामला क्याँ हेसच सामने आजायेगा
अंजना : कि हैं, जब मेरी सासका मोबाइल आया थां, मेरेघऱ वालोने तौ मेरेसंग हर रिश्ता तोड दीयाहे यह तौ तुम् जनती होँ तब मेने मेरीअेक सहेली हे उसको इंनकवायरी करने कों कहा थां आज हि उनका मोबाइल आया थां केहरही थि मुजसे बच्चा होँ गय़ा तौ मे मेरेपती कों कभी छोडुगी नहीं ताको मेरायह घऱ उसकेपास रहेफीर वोँ कीसी तराह मुजे मारके इसघऱ मे माँ बेटा धीरे-धीरे रेहसके क्युकी यहघऱ मेने अपनी सेलेरी जमा करके खरीदा हेओरयह मेरेनाम हे
नेनु : कीतने घटीया लोगहे, तुम्हारा पती यहां नहि आता तौ तुम् उसेकुछ कहेती क्यो नहि
अंजना : अच्छा हे नहि आता अबतो मुजे भि इससे नफरत होगइहे, पऱ आज मेरी सहेली केँ मोबाइल केँ बाद मेनेअेक नीर्णय लेलीया हे
नेनु : कोनसा नीर्णय लीया तुने?
अंजना : मे मेरेपती कों छोड दुंगी, इससे तलाक लेने कां फैसला लीयाहे
नेनु : क्याँ यहसही रहेगा? तुनेसोच समजकर यह फैसला लीया हेना?
अुजना : हां नेनु मे अबमनबना चुकीहुं, मेभीउसे दीखा दुंगी मे कल हि डीवोर्स पेपर फाइलकर दुंगी मुजे तेरासंग चाहीये
नेनु : अरे पागलयह भि कोइ पुछने कि बातहे, हम् सभी तेरेसंग हे तुजे हम् अकेली कभी नहि छोडेगे
अंजना : थेन्कस नेनु मेरे मनकाबोज हल्का हौ गय़ा
फीर नेनु नें कुछ मस्ती करनी सुजी ताकी वातावरण गंभीर नां होँ जाये
नेनु : अरे दोस्ती मे थेन्क्स नहीं होता कमीनी, तुजे अकेला नाँ लगे इसलीये मे कल हि राज कों यहांभेज देतीहुं ताकी तेरा अकेलापन दुर हौ जाये हैं.हैं.हैं.
यह सुनते हि अंजना नें हसकेअेक मुका नेनु कों मार दीयाफीर दोनो हसनेलगी
अंजना : हांभेज देना पहेले तुम् दोनो तोँ ठंडीहो जाओजब जी भरजाये तौ भेज देना
नेनु : कीतनी कमीनी हेतुं, भाइ कों बचाके रखना पडेगा (फीर दोनो हसनेलगी) अबचले शोपींग केँ बादहमे मंदिर भि जानां हे बाबा कों मीलने लगताहे ७बज जायेंगे
कहेके दोनोउठ गइ वोँ बहारआके मुजको देखले इससे पहेले मे वहां सें नीकल गय़ा ओरयाद आया कि सोनु मेरा रेडी होके वेइटकर रही होगीते मेनें रास्तेसे दो फुलो कि मालाये खरीदी ओर सीधाघऱ आँ गय़ा अंदरआके देखा तौ सोनुअेक दुल्हन कि तराह रेडी होके बैठी थि
सोनु : आँ गये आप् मे तौ कबसे वेइटकर रहीहुं
मे : सोनु अभि दो मीनीट मे आया सजधजकर होकेतब तक तुम् मेइन गेइटबंध करदो
कहेके मे फुलोकी माला सोफे पऱ छोडके उपरचला गय़ा सजधजकर होनेफीर चेन्ज करके मे वापस नीचे आँ गय़ा तोँ सोनु नीचे मुजे देखके मुस्कराइ फीर उसने पुछा
सोनु : भाइ हम् क्याँ करनेजा रहेहे बताओना मेरादील घबरारहा हे
मेने सोनु केँ पास जाकेउसे बांहोमे भरलीया ओर उसके कानके पासमुह लेजाकर धीरे-धीरे सें कहा
मे : तुजेआज पहेली पत्नि कां दर्जा देनेजा रहाहुं हम् गांधर्व शादीकर रहेहे
सोनु : पऱ भाइ दि केँ बीना क्याँ यहसही रहेगा? ओरयह तौ मंदिरमें होता हेना?
मे : हां हमारे घऱ केँ मंदिर केँ सामने करेगे ओर हम् पहेले दादीमा कां आशीर्वाद लेगे
सोनु : लेकीन दादीमा नें नेनु कों बता दीया तौ
मे : नहि बतायेगी अेक तोँ वोँ बोल नहि सकती, दुसरा उसने स्वयं तेराहाथ मेरेहाथ मे सोंपा हे तोँ येभीवही चाहती हे जोँ हम् चाहते हे
फीर मे सोनु कां हाथ पकडके दादीमा केँ रुम मे लेँ गय़ा जहा हमारा मंदीर भि हे हम् दोनो नें पहेले दादीमा केँ पांवछुआ तौ हमेइन कपडो मे देखके उसके चहेरे पर्र खुशीआगइ फीर हम् मंदिर केँ सामने अेक दुजे केँ सामने खडेरहे ओर मेने केरी बेगसे दोनो मालाअे नीकालकर अेक सोनु कों दि ओर दुसरी मेरेपास रखी
फीर मेने सोनु कि तरफ देखा तोँ नजरे जुकाके खडी थि फीर सोनु नें मेरीओर देखातो मेने इसारा कीया तोँ उसने मुजे माला पहेनाइ फीर मेने भि सोनु कों माला पहेना दि ओर उसकेबाद हम् ईश्वर कि तरफहाथ जोडके घुमगये ओर मेंने सोनु कों
अपनीबात दोहराने कों कहाफीर अेक केँ बादअेक करकेहर शपथ खानेलगे जोँ सण्तपदी मे खाइ जातीहे ओर लास्ट मे मेने सोनु सें कहा
मे : आजसे मे तुजे ईश्वर कि साक्षी मे अपनी धर्मपत्नी स्वीकार करताहुं
सोनु : आजसे मेंभी आपको अपनेपती केँ रुप मे स्वीकार करतीहुं
फीर हमनेअेक बारफीर ईश्वर कों नमन कीया, बाद मे सोनुने मेरे पांव छुअे तौ मेनेउसे फोरनखडा कर दीयाओर उसेकहा
मे : नहि सोनु मेरे पांव छुनेकी जरुरत नहींहे मे तुजे दासी नहि रानी बनाके रखना चाहता हुं
सोनु : लेकीन आपकापेर छुना मेरा कर्तव्य नहि मेरा अधीकार भि हेओर मुजे अच्छा भि लगताहे सो प्लीज कभीमना मत करना जानु
फीर हम् दोनो दादीमा कि ओर घुमे तौ दादीमा हमेसर पर्र हाथ रखकरकुछ इसारा कररही थि सोेनु जल्दी समजगइ ओर उसने मंदिर मेसेअेक डीबा नीकाला जोँ सींदुर कां थां ओर उसने लाके मेरे सामने करदीया तोँ मेने उसमेसे चुटकी सींदुर लेके सोनु कि मांगभर दि तब सोनु कि आंखबंध होगइओर खुली तोँ आंसुओकी धारा केँ संग
फीर मेने उसके आंसु पोछेओर रोने कां कारन पुछा तौ मेरीआंख भि छलकगइ फीर सोनु नें मेरे आंसु पोछे आंसुओ कां कारण थां मेरे मां पिताजी फीर हमने दादीमा केँ पेर छुअेओर उसके तकीये केँ नीचे सें हाथ डालकर कुछ रुपये नीकाले फीर सोनुओर मुजे सगुन केँ तोर पर्र दीयेफीर होल मे आके हमने माँ पिताजी कि तस्वीर कों नमन कीयाफीर मेने सोनु कों हाथ पकडके सोफे पऱ बीठा दीयाओर मेभी उसकीबगल मे बैठ गय़ा तौ सोनु नें अपनासर मेरे कंधो पऱ रख दीयाओर मुजसे बात करनेलगी
सोनु : थेन्क यु, आज आपने मेरीहर तम्मना पुरी करदी मे बहोत खुशहुं थेन्क युसोमच मे आज भगवानको यही प्रार्थना करतीहुं हर जन्म मे मुजे आप् पती केँ रुपमें मीले
मे : हां सोनु, मेरी भि यही प्रार्थना हे कि हर जन्म मे तुजे पत्नि केँ रुप मे पाउं
सोनु : अब आपकाआगे कां क्याँ प्लान हे मुजे बताइअे ताकी मे नीस्चींत रहु
मे : सोनुजब तक हम् सबके सामने सादी नहीं करतेतब तक हम् यह शादी छुपायेंगे मेने गांधर्व शादीइस लीये कीया ताकी मे तुजे मेरी पहेली पत्नि कां दर्जा देसकु जौ तेरी ख़्वाहिश थि इसलीये
सोनु : लेकीन जानु हम् बादमे नेनुदी सें बात करके सादी करते तोँ भि मे आपकी पहेली पत्नि हि कहेलाती, हमने जल्दबाजी नहींकी ?
मे : नहि सोनुआज मेने नेनुओर अंजना कि बात सुनली इसकी बातो सें पताचला कि नेनु भि मुजे तेरी हि तराह प्रेम करतीहे
ओर हम् दोदीन केँ बाद जयपुर जाने वालेहे वहांकुछ सीच्युअेशन अेसी होगइ कि मुजे नेनु केँ संग गांधर्व शादी करनापडे तौ तुम्हारी पहेली पत्नि कि ख्वाहीस अधुरी रेह जाती इसीलीये आज हि सादी करनीपडी ताकी तुम् मेरी पहेली पत्नि कहेलाओ
सोनु : (मुजे मेरे होंठो कों चुमते) ओहजान धन्यवाद मेरा कीतना ख्याल रखते हौ आप्
मे : ओरयह आप् आप् क्याँ लगारखा हे मुजे तौ मेरी बहेन वाली सोनु हि चाहीअे
सोनु : (हसके) नहि अब तौ मे आप् हि कहुंगी क्युकी मेरेपती जौ हे आप्
मे : (कानमें) अगर आइंदा आप् कहा तौ सुहागरात मे पटकपटक कर चोदुंगा तुजे
सोनु : (अेकदम सरमाके) छी कीतना गंदा बोलते हौ आप्
मे : वेसे सोनु हम् हमारी सुहागरात तेरे बर्थडेके दीन नहि मना पायेंगें
सोनु : क्युअब क्याँ प्रोबलेम आँ गइ जानु मे तोँ कीतनी अेक्साइडेट थि उसे लेकर
मे : तुम्हे तौ रीझनपता हे, उसदीन तेरी सहेली सीमा कों नहि बतारही थि
सोनु : ओह.सीट् आपनेकब सुनलीया हमारी बातो कों मेतो मेरेरुम मे थि
मे : यह तौ राज कि बातहे पऱ अब तुम् मेरी धर्मपत्नी बनगइ होतोअब हमारे बीचकोइ राज नहि इसलीये मेरेरुम मे जाकेबता दुंगा वेसे चलोना रुम मे अब तोँ हमने सादी भि करली हैं
सोनु : नहि। नहि आनां हमेंरुम मे हम् दिदी कों क्याँ जवाब देंगे कि हम् क्यु लंगडाके चलते हैं (हैं.हैं.हैं.)
मे : केह देनापेर मे मोच आँ गइ थि चलो नां मे अब तेरे बीना नहि रेह सकता
कहेके मे सोनुको अपनीगोद मे उठाके सीडीयो कि तरफ जाहीरहा थां कि सोनु मेरी गोदसे उछलकर नीकलगइ ओर वापस सोफेके पीछेभाग गइ मे भि फोरन उसके पीछे भागा तौ वोँ हसते हसते सोफेके चकर लगाने लगीफीर मेने सोफे पे चडकर दुसरी तरफकुद गय़ा ओर सोनु कों पकड लीयाफीर वापस गोदमे उठा लीया इसबार मेने कसके पकडकर रखा थां
सोनु : प्लीज छोडदो भाइआज नहि हम् दोतीन दीन अकेले होगेतब करलेना भाइ प्लीज छोडदो
मे : तोँ भागी क्युं तुंआज तोँ गइ आजही मेने तेरीचाल कों बीगाडना हैं मुजसे पंगा
सोनु : भाइ तुम् समजते क्यु नहंी मेभीतरस रहीहुं इसके लीये पऱ आज नहि मानजाओ मेरे प्यारे भाइ मेरे जानु होना आप् तोँ मानजाओ प्लीज प्लीज
तब तक राज सोनु कों अपनेबेड पऱ सुला देताहे ओर उसकेउपर वेसेही लेट जाताहे
मे : चलठीक हेतु इतनी मनते करतीहे तौ मान जाताहुं लेकीन सोनुअब वाकइ मुस्कील लगताहे देख नीचे केसे फनफना रहाहे तेरे अंदर घुसने कों, इसको मे केसे मनाउं
सोनु नें आजकुछ सोच लीयाओर भाइ कों तोहफे तौर पर्र देने केँ लीये फैसला करलीया
सोनु : भाइ इसको मे मना लुंगी पर्र आजकुछ ओर नहि प्लीज
मे : ठीकहे मनाओ मे भि तोँ देखु तुम् केसे मनाती हौ
कहेके मे बेड केँ नीचेखडा होँ गय़ा सोनु भि नीचेउतर गइओर मेराहाथ पकडके अपनेरुम मे जानेलगी रुम केँ अंदर जाते हि सोनुने दरवाजा बंध करलीया फीर अपनी सादी कि सारी नीकालकर उसेबेड पर्र रख दि सोनुअब पेटीकोट ओर ब्लाउस मे मेरे सामने खडी होगइफीर वोँ घुटने केँ बल मेरे पांव केँ पासबैठ गइ
ओर अपने हाथो सें मेरे पे्रन्ट केँ बटन खोलने लगी मेभीदेख रहा थां सोनु क्याँ कररही हेओर सोनु भि मेरीओर देखके मुस्कराये जारही थि ओर साथमे पेंन्ट कों नीचे सरकारही थि अब मेरा नीकर दीखने लगा जेसे हि सोनु नें नीकर कों सरकाके नीचे कीया तोँ मेरानाग छेसा लन्ड लहेराने लगा उसको देखते हि सोनु पागल होँ गइ
सोनु : भाइ मेंतो मरही जाउंगी इसे अपने अंदर लेके कमसेकम तीनचार दीन तोँ मे चलही नहि पाउंगी अच्छा हुआ आप् मानगये नहीं तौ मेंतो आजगइ हि थि हैं.हैं.हैं.
फीर सोनु नें अपने हाथकी मुठी मे पकड लीयाफीर मेरीओर कामुक नजरसे देखते हुअे अपनी जीभ(टंग)नीकाल कर मेरे लन्ड पर्र फीराने लगीफीर आहिस्ता आहिस्ता लंडके टोपे कों चाटने लगी थोडीदेर चाटनेके बाद मेरीओर देखके उसने अपना मुंहखोल दीया मेरे लन्ड कों अपने मुंह मे भर लीयाफीर आहिस्ता आहिस्ता मुह केँ अंदर बहार करनेलगी मेभी आहें भरनेलगा
ओर उतेजनाकी वजहसे सोनु कां सीरपकड लीयायह मेरा पहेला अनुभव थां जोँ कीसी लडकीने मेरा लन्ड मुंह मे लीया हौ फीर सोनु मेरी सीसकरीया सुनके मेरे लन्ड कों जडपसे अंदर बहार करनेलगी तभी मेरे सरीर मे जुनजुनाट होनेलगी ओर मे जडने केँ लगभग थां सोनुके आंखके डोरेलाल हौ गय़ा थां फीर अचानक मे आहे भरनेलगा
सोनुउपर देखके कुछसमज पाती इससे पहेले उसके मुंह मे मेरे वीर्यकी पचकारी छुटने लगीओर मेंने जडते टाइम सोनु केँ सीर कों अपनें लन्ड पऱ भींच दीया जीसकी वजहसे मेरा पुरा लन्ड सोनु केँ गले तक चला गय़ा ओर वीर्य सीधागले मे उतर गय़ा सोनु नें फोरन अपनामुह हटा लीयाओर जोरजोर सें खासने लगीतभी मुजे अहेसास हुआ कि सोनु कि सांसे फुलगइ हे
फीर कुछदेर बाद सोनु नोर्मल हुइ लेकीन उसका मुंह पुराभरा हुआ थां उनको मेरे वीर्यका स्वाद टेस्टी लगा तोँ वोँ पुरा वीर्य घटकगइ फीर अपनीजीभ अपने होंठो पऱ फीराने लगीफीर मेरीओर कामुक नजरोसे देखने लगी मे आंखबंध करकेखडा थां जब मेनेआंख खोलके सोनु कि तरफ देखातो सोनु मेरीओर कमुक्तासे देखरही थि ओर अपनीजीभ अपने होंठो पर्र घुमारही थि यह देखके मे हसपडा
मे : क्याँ तु पुरापी गइ?कुछ हुआ तोँ नहि तुजे?
सोनु : अरे अपनेपती कां माल थां अेसे केसे व्यर्थ जाने देती वेसे मस्त स्वाद थां अेकदीन खीर बनाके खाउंगी इसकी (हसनेलगी) हैं.हैं.हैं.
मे : थेन्कयु सोनु मुजे समजने केँ लीये तेरी जेसी पत्नि पाके धन्य हौ गय़ा मे
सोनु : बसबस अधिक तारीफ मतकरो ओर मुजे बाथरुम मे जानेदो अपने आपको पुरासाफ करना पडेगा कही दि नें मेरी मांग मे सींदुर याँ कुछओर देख लीया तौ पंगा करेगी ओर आपभी वापस चेन्ज करलोओर फुलहार कां नीकाल करदो कहींकुछ नजर नहि आनां चाहीअे समजगये तब तक मेंभी चेन्ज करतीहुं बादमे आपकेरुम मे ओह। सोरी हमारे रुम मे आतीहु
मे : ठीकहे डार्लिंग जोँ हुकुम आपका
कहेके मे अपने रुममें चला गय़ा चेन्ज करनें थोडीदेर बाद सोनु भि आगइफीर हम् दोनो नें मीलकर सभीसाफ साफाइ करदीओर हम् आके सोफे पऱ बैठगये ओर आगेकी प्लानींग डीसकस करनेलगे
दुसरी ओर नेनुओर अंजु शोपींग करनेचले गये अंजु केँ लीयेकुछ अंडरगारमेन्ट कि शोपींग करनी थि कुछ नेनु नें शोपींग कि फीर वहांसे दोनो मंदिर कि ओरचलपडी मंदिर पहुंचकर वहा दोनो नें दर्शन कीयेफीर दोनो बाबा केँ मीलने पहुंच गइ बाबा केँ पास जाके दोनो नें आशीर्वाद लीयेफीर बाबा नें दोनो कों बैठनेके लीये बोला
कन्टीन्यु।
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) - Next part miss mat karna
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