my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १०दुसरी ओर नेनुओर अंजु शोपींग करनेचले गये अंजु केँ लीयेकुछ अंडरगारमेन्ट कि शोपींग करनी थि कि कुछ नेनु नें शोपींग कि फीर वहांसे दोनो मंदिर कि ओरचलपडी मंदिर पहुंचकर वहा दोनो नें दर्शन कीयेफीर दोनो बाबा केँ मीलने पहुंच गइ बाबा केँ पास जाके दोनो नें आशीर्वाद लीयेफीर बाबा नें दोनो कों बैठनेके लीये बोला.अब आगे
बाबा : आओ बेटी अच्छा हुआ तुम् आगइओर यह साथमें कोनहे आपकी सहेली हेनां?
नेनु : जी बाबा येमेरी सहेली हे अंजना ओरराज जोँ नयाकाम सुरुकर रहाहे वोँ काम इनकाही हेराज कों उसनेयह काममें पार्टनर बनाया हैं ओर कोलेजमें अध्यापक हैं
बाबा : बहोत अच्छे बेटा इसकाम मे आप् कों कामयाबी मीले अेसी मेरी प्रार्थना हे
नेनु : कहीये बाबा क्याँ आदेशहे मेरे लीयेराज केहरहा थां आप् मुजेयाद कररहे थें
बाबा : हां बेटी आज मे तुजे अपना यहांआने कां मक्सद बताउंगा क्युकी यह तुम् दोनो केँ लीयेयह जानना जरुरी हैं
अंजना : लेकीन बाबा मे तौ इनकेसंग अनायास हि आगइहुं फीर मेरे लीये क्युं?
बाबा : (हसके) अेसा तुम् मानती होँ बेटा दरसल मेनेही तुमको बुलाया हैं खेरयह जानना अभि तुम्हमरे लीये जरुरी नहि हे तुम्हारी सहेलीको मेरे बारेमें थोडा बहोत पताहे तौ उसीसे जान लेनाआज मुजे तुम्हारे मनका क्षोभ दुर करना हैं ओर तुम्हारा कार्य बताना हे
नेनु : जी बाबा बताइअे, हम् जाननेके लीये बहोत उत्सुक हे
बाबा : हां तौ सुनो आजसे सेंकडो साल पहेले हिमाचल मे अेक विरसींह नाम कां अेक राजा थां जोँ अेक कुलमें अेक ईश्वर कि कइ पीढी केँ बाद कां वंसज थां जौ बहोत हि पराक्रमी ओर साहसी थां जौ हमेंसा प्रजालक्षी कार्य करता थां जोँ प्रजा पर्र राजकम ओर सेवा ज़्यादा करता थां उनकीतीन रानीया थि जौ सबको बराबर न्याय देता थां ओर वोँ बडाशिव भक्त थां वहां कि प्रजा केँ लीये उसनेअेक भव्य शिवालय बनवाया उसने तीनो रानीओ केँ संग मीलकर यहांतीन दीन तक पुजाओर हवन कीया बादमें शिवालय मे शिवलींग कि स्थापनाकी बाद मे साल मे हर महाशिवरात्री केँ दीन अपनी तीनो रानीओ केँ संगआता ओर पुजा अभीसेक करताजब तक जीवीत रहातब तक यह कार्य करतारहा फीर वक़्त केँ संग धरती पऱ बहोत बडा परीवर्तन हुआओर वोँ शिवालय धरती मे समा गय़ा ओरइस बातको सेंकडो बरसबीत गय़ा
मेंनें बचपनमें हि दीक्षा लेली थि ओर मे मेरे गुरुजी केँ संग रहेने लगाओर उनके सानीध्यमे मेने आध्यात्मीक सीक्षा हासीलकी फीरअेक दीन मेरे गुरुजी मुजे हिमालय घुमने लें गये वहां उसने मुजे बहोत बडे साधु संतोओर महात्माओसे मीलवाया ओर सबका आशीर्वाद दिलवाया बाद मे वोँ मुजे हिमाचल प्रदेश केँ उस देहात मे लेगये जीसके पासकी धरतीके नीचेयह शिवालय थां तब मुजेकुछ नहि पता थां वहांगाव सें थोडेदुर अेक आश्रम थां जहांअेक बहोत हि बुढे महात्मा थें मेरे गुरुजी मुजेइस आश्रम मे लेगये फीर गुरुजी नें उस बुढी मुर्ती केँ संग अकेले मे कुछ बाते कि फीर हम् वहांतीन दीन रुकेजब जाने कां वक़्त आया तौ मेरे गुरुजी नें मुजे वहीं रुकने कां आदेश दीयाओर कहां
गुरुजी : आजसेयही तेरा कार्य क्षेत्र हेओरअब तुजे यहीं रुकना पडेगा
बाबा : लेकीन गुरुजी मे आपको अकेला केसेछोड सकताहुं मुजे आपकी सेवा करनीं हे
गुरुजी : नहि वत्स तेरा जन्मअेक खास मक्सद सें हुआहे ओरइसी लीये तुम् यह आध्यात्मीक रास्ता मे आये हौ इसीलीये मेनेयह बातआज तक तुमसे छुपाइ हेओरअब वक्त आगया हैं इस कार्य कों पुरा करनेका अब तुम्हारे जीवनका अेकही मक्सद होना चाहीये जीसके लीये तुमने जन्म लीया हैं ओरयह मेरा आदेश भि हे कि तुम् अपने कार्य मे लगजाओ
बाबा : गुरुजी आपका आदेशसर आंखो पे कहेके मेने गुरुजी कों दंडवत कीयाफीर वोँ चलेगये ओरकुछ टाइमबाद वोँ बुढे महात्मा भि मुजेसभी कुछ सोंपके हमेंसा केँ लीये प्रकृतीकी गोदमें चलेगये फीर धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेनेइस स्थान कों थोडा वीकसीत कीयावहा मेनेअेक गौशाला भि बनवाया देहात केँ लोग भि टाइम वक़्त सेवा देनेआते रहे
अेक दीन सामको देहात वालो केँ संग सत्संग कररहा थां तबगाइ कि सेवामें आने वालाअेक आदमीआया ओर मुजे बताने लगा कि बाबा पीछले कइ दीनोसे मे गाइ कों चराने केँ लीये जाताहुं पर्र अेक अेसी स्थान हैं जौ गायउस स्थान पर्र जाते हि अपनादुध अपने आप् छोडने लगतीहे अेसा मेनेतीर बार देखाहे यहबात आपको बताना जरुरी समजाइस लीये आपकोबता रहाहुं
फीर हम् सभी वोँ स्थान पर्र गये जौ आश्रम सें थोडी हि दुरी पऱ थि फीर मे नें उस स्थान पऱ बेठके ध्यान लगाया फीर वापस मेरे आश्रम आगया सामको सभीलोग अपने देहात लोटगये आश्रम मे सीर्फ मेही अकेला रह गय़ा फीर अगली सुभह मे तीनबजे उठ गय़ा ओरसभी नीत्य करके वापसउसी स्थान पे जाके ध्यान मे बैठ गय़ा
तोँ ध्यान केँ माध्यम सें मुजेसभी वोँ बातपता चली जोँ मे तुमको बतारहा हुंउस जमीन केँ नीचे मुजे वोही शिवलींग नजरआया जौ उसीदीन सुभहजब देहात वालेआये तोँ मेने खुदाइ करकेउसे बहार नीकालनेकी कोसीस कि पर्र हम् सीर्फ उसेउपर तक हि लें पाये हम् उसकी मंदिर केँ संग दुबारा स्थापना करना चाहते थें पऱ हम् कर नहि पायेहर कोसीस केँ संग हम् नाकामीयाब हि रहे
कुछ नां कुछ हमें मुस्कीलो कां सामना करनापडा तब जाकेअेक दीन मेने मेरे गुरुजीसे ध्यान मे संपर्क कीयाओर अपनी समस्या बताइतब जाके गुरुजी नें मुजेअेक बात बताइ कि जीस राजाने यह शिवलींग स्थापीत कीया थां उसी राजाके द्वारा यह स्थापीत होगाफीर मेनेउस राजा केँ बारे मे ध्यान केँ माध्यम सें जानां तौ पताचला कि उसकेकइ जन्मो हु चुकेहे पर्र हर जन्ममें वोँ अधुरा थां
क्युंकी जब वोँ राजा थें तब वोँ अपनी तीनो रानी सें बेहद प्रेम करता थां तोँ उसने शिवलींग केँ स्थापनाकी उसने पुजा केँ टाइम शिवजीसे प्रार्थना कीथी कि हर जन्म मे मुजेयह तीनो रानीया मुजे पत्नि केँ रुप मे मीले पर्र हर जन्म मे उसको वोँ दो पत्नि हि मीलती थि ओर उसनेकइ ओर रानीया भि थि ओर तीसरी पत्नि अपनेमन कि चंचलता केँ कारन दुसरी स्थान ब्याह करचली जाती थि
फीर मेने जानां कि जब तक तीनो पत्नि उसको नहीं मीलती तब तक यह शिवलींग कि स्थापना नहि होगीओर इसी केँ हाथो सें हि स्थापना होगीफीर ध्यान केँ माध्यम सें मेनेउस राजा कि खोज आरंभकर दि तबपता चला कि उसका जन्म गुजराके अेक सहरमें हौ गय़ा हे उसकीदो पत्नि भि जन्म लें चुकीहे तीसरी पत्नि कां जन्म अभि नहि हुआ थां तौ मेरेपास इन्तजार करने केँ अलावा कोइ मार्ग नहि थां
इसीबीच मे उस पऱ बराबर ध्यान रख रहाथा उसके जन्म केँ दोसाल बाद उसकी तीसरी पत्नि कां भि जन्म होगया पऱ अेक उलजन मे फस गय़ा थां क्यु कि उसकीदो पत्नि इसबार उसके बहेन केँ रुप मे जन्मी थि फीर मेने वापस गुरुजी कां मार्गदर्शन लेना उचीत समजा
तब जाके गुरुजी नें मुजे धर्म, सभ्य समाजओर प्रकृती केँ नीयम कां ग्यान दीया जौ मे उसे मीलकर समजासकु क्यु कि धर्मओर सभ्य समाज केँ नीयमो केँ कारण वोँ सभीआपस मे शादी नहि करेंगे तोँ इसी लीये मुजे यहां आनांपडा ता कि उसको समजासकु कि वोँ प्रकृृती केँ नीयम कों माने जोँ आदीकाल सें चलताहे
नेनु : (बीचमें) तौ क्याँ बाबा वोँ राजा यहांहे क्याँ? उसीके खोज मे आयेहे आप्, मेरेमन मे संकाअे आँ रहीहे बाबाकोन हे वोँ राजा कहीं हमारा राज.
बाबा : (हसते)ठीक समजी मेरी बच्ची वोँ राजा तुम्हमरा भाइराज हि हेओर तुम् दोनो बहेनो हि उसकी रानीया थि जौ हर जन्म मे उसकी पत्नि होती थि जोँ इस जन्म मे तुम् बहेने हौ ओर उसकी तीसरी रानी भि उसके संपर्क मे आचुकी हे इसीलीये अब वोँ शिवलींग कि स्थापना करना मुमकीन हेओर येही मेरे जिंदगी कां उदेस्य हे
नेनु : पर्र बाबायह केसे संभवहे हम् भाइ बहेनआपस मे। ओर समाज क्याँ कहेंगे हमें
बाबा : बेटा इसीलीये तुम्हे आज मेने बुलाया हे ताकी मेरे गुरुजी कि बात तुम्हे केहसकु क्यु कि इसे समजने केँ लीये तुम् पुरी तराह परीपक्वव हौ सायदराज इसबात कों समज न् सकेओर हांयह बात तुम्हे राज कों बतानी हैं ओर जोँ मेने तुम्हे जोँ जडी बुटी दि थि वोँ इसी लीये तौ दि थि ताकी तुम् चारो कां जिंदगी खुसीसे भरारहे
नेनु : तोँ बाबा उसकी तीसरी पत्नि कोनहे क्याँ हम् उनको जानते हे?
बाबा : जीओर तुम् उसीके संग तौ आइ होँ, ओर इसीलीये मेने अपनी ख़्वाहिश सक्तिसे आप् दोनो कों बुलाया हे ताकी मे अपनीइस बेटी कों भि कुछ बताना थां जौ बारबार हर जीवनमें अपनेपती सें अपनी मनकी चंचलता केँ कारण उससेदुर रहेती हेफीर कुछ दीनो मेंही उसका जिंदगी डामाडोल होने लगताहे ओर जिंदगी भर दुखो कां सामना करना पडताहे इसे, लेकीन अब नहि होगा क्यु कि आजउसे सारा ग्यान मील जायेगा
फीर नेनुओर अंजु दोनो आपसमें अेक दुसरे कों आस्चर्य केँ भावसे देखने लगीफीर नेनु नें बाबा कि ओर देखके कहा
नेनु : बाबा धर्मओर सभ्य समाजके नीयमको हम् थोडा बहोत जानते हे लेकीन यह प्रकृतीके नीयम क्याँ हैं? कृपया उस पऱ थोडा प्रकाश डाले हम् जानने केँ लीये उत्सुक हे
बाबा : बेटी इस पुरे ब्रह्मांड कों अेक अेसी शक्ति चलारही हे जोँ नीराकार हे तुम् उसे परमशिव केह सकती हौ यातोपरा शक्ति, फीरइस धरती मे कइ देवी देवता, रुषी, मनुष्य आदीओका अवतरण हुआतब नाँ कोइ धर्म थां नां कोइ सभ्य समाज केँ नीयमओर नां कोइआपस मे रीस्ता थां मात्र अेकही रीस्ता थां पुरुस ओर महिला कां, ओरयही रीस्ता आज भि कायमहे
सभीपसु पक्षी जानवर प्रकृती केँ नीयम कों मानते हे, उसकेआपस मे कोइ रीस्ता नहि हे नां भाइ नां बहेन नां फूफी नां मामाजी, मात्र मनुस्य कों छोडके, क्युकी मनुस्य अेकही अेसा प्राणी हे जीनके पास बुध्धी हे तर्क वितर्क ओर विचार हे जौ उसे मोक्ष प्राप्ती केँ लीये मीले थें, फीरकुछ सभ्य आदमीओर रुषी मुनीओने कुछ नीयमो कां समुह बनाया जीसे धर्मनाम देकर मनुस्यको उसका पालन कराना आरंभकर दीयाउसे पापओर पुन्य कां ज्ञान देनेलगे इसका नतीजा यहहुआ कि कोइ मनुस्य पाप करता थां तोँ उसे आत्मग्लानी होनेलगी
तब सें मनुस्यकी आध्यात्मीक प्रगती प्रभावीत होनेलगी, ओर मनुस्यको बारबार उसीमे जन्म लेना पडताहे, पसु पक्षी याँ जानवर मे आपसमें संबध करने पऱ उसेकोइ ग्लानी नहि होती थि क्यु कि सभी प्रकृती केँ नीयम सें चलते थें फीरभी वोँ अेक योनी मे सीर्फ अेक हि बार जन्म लेते थें, यानी कि उसकीफीर भि प्रगती हौ रही थि, ओर मनुस्य फंस जाता थां
अंजु : तौ बाबाइसे तौ देवी देवता भि बाकात नहि हे, ओरजब धरती पऱ मनुस्य आयेतब तौ धर्म नहि थां तौ क्याँ तबवे भि प्रकृती केँ नीयम पालते थें?
बाबा : (हसके) बीलकुल बेटी, तुनेठीक समजा, तुजे मे अेक उदाहरन देताहुं ताकी तेरेमन कि संकादुर होँ सके, हमारे इस धरती केँ ग्रह पर्र अेकयेन नामके राजा थें जोँ बीलकुल नीर्बल थें उसकोकोइ संतान नहि थि क्यु कि वोँ इसके लीये सक्षम नहि थें जब वोँ अपनी मृत्यु केँ लगभग थें तबकुछ रुषी मुनीओने उसकावंस आगेबढे इसलीय उसके सरीर कां मर्दन कीया
ओर उसके हाथकी भुजाओसे अेक लडकाओर अेक लडकी कों उत्पन कीयाफीर राजा कि मृत्यु होगइ वक़्त केँ संग लडकाओर लडकीबडे हुअे लडका बहुतही परमक्रमी ओर साहसी हुआओर लडकीअती स्वरुपवान ओर खूबसूरत अप्सरा जेसी होगइफीर अेकदीन लडके नें उसी हसीन लडकी सें सादी करलीओर अपनी रानी बनाया बादमें वोँ इस धरती कां पहेला सम्राट बना, पुरी धरती उसका राज्य थां ओरइस धरती कों उसकानाम दीया गय़ा जौ हम् आजउस ग्रह कों हम् पृथ्वी केँ नाम सें जानते हे, अब तुम् हि बताओ अेकही सरीर सें उत्पन हुअे लडके लडकी कों तुम् रीस्ते मे क्याँ कहोगे
अंजु : बाबाअेक सरीर सें जन्म लीया हेतो वोतोभाइ बहेन हि कहेलायेंगे नां
बाबा : हां तुम्हारे सभ्य समाज केँ नीयम केँ मुताबीक तुम् सही हौ लेकीन तबयह नीयम नहि थें वं प्रकृती केँ नीयम सें जीरहे थें तौ उनकेमन मे कोइ ग्लानी नहि थि ओर अेसे सेंकडो उदाहरन हे जौ पती पत्नि हैं ओर आपसी रीस्तो मे भाइ बहेन भि हे,
नेनु : बाबा हमतो कन्फ्युस होँ गयेहे क्याँ करनाहे हमे आपही मार्गदर्शन दे हमें
बाबा : बेटी कोइ कन्फ्युजन नहींहे बस तुम् प्रकृतीके हीसाब सें जीयो ताकी तुमको कोइ ग्लानी नहि होगी इसमें कोइपाप पुन्य वालीबात नहि हेओर मे हमेंसा तुम्हारे संगहुं
अंजु : बाबाअब मे क्याँ करु मुजे भि मार्गदर्शन करीये
बाबा : बेटी अभि तुमने जौ घऱ पे निर्णय लीयाहे नां वोँ ठीक हि हैं अबओर तुम् दोनो ध्यान सें सुनो शिवालय केँ स्थापना सें पहेले तुम् तीनो कि सादी पुरे सास्त्रोक वीधी केँ संग मेरे आश्रम मे होगी इसके बारे मे मे तुम्हे बाद मे बता दुंगा, हांतब तक तुम् आपस मे गांधर्व शादी करकें संसार सुरुकर सकती होँ, ओर भविस्य मे कभी तुम्हे कोइ ग्लानी लगे तौ मेरेपास आँ जानां क्यु कि हम् आसपास हीं होंगे ओर मे आप् लोगोको मार्गदर्शन देता रहुंगा, ओर आजके लीये इतना बहुतहे अब आप् दोनोजाओ शाम भि होँ गइ हैं
फीर नेनुओर अंजना दोनो बाबा कों प्रणाम करकेअेक बारफीर मंदिर मे गइओर दर्शन करके दोनो वापस अंजु केँ घऱचली गइओर अंदर जाके दोनो सोफे पर्र बैठकर सोच मे डुबगइ आज बाबा कि बातो नें दोनो कों जंजोरके रखदिया थां आखीर वाहन नेनु नें चुपी तोडी
नेनु : तौ सौतनजी मे अब चलुं?
अुजु : (हसके) तुभी नां कमीनी हे, क्याँ आप् लोग मुजे स्वीकार करोंगे खासकर राज
नेनु : अरे मेंने तौ तभी डीसाइड करलीया थां जब बाबाने कहां, मेतो तुजे तबसे मेरी भाभी केँ रुपमें देखने लगी थि, ओर इसके लीये मे बहोत अेक्साइड भि हुं कि कबतु मेरेघऱ मे आये भाभी बनकर, अब तुम् तैयारी सुरु करदोओर पडजाओ राज केँ पीछे ताकी मुजे तुजेघऱ लाने मे ज़्यादा महेनत नं करनीपडे समजगइ नां
अंजु : कीतनी उतावली होँ रहीहे भाभी बनाने केँ लीये, तु मेरी सौतन भि तोँ बनेगी, ओर तुजे भि तौ प्रयास करना पडेगा
नेनु : अरेहां यही तोँ समज मे नहींआता कि सुरुआत कहां सें करु क्युकी मे संग मे बडी बहेन भि हुं तौ सुरुआत मे नहि कर सकती, आगे तौ राजको हि बढना पडेगा
अंजु : तौ कोनसी बडीबात हे, तुअेक कामकर आजसे उसकेसंग अेक बहेन जैसा बर्ताव करनाबंध करदेओर अेक गर्लफ्रेन्ड जेसा बर्ताव करना सुरु करदे मामला अपने आप् फीट हौ जायेगा, ओर वोँ आगेबढे तौ कीसी केँ लीयेमना मत करनाओर उसकोयह अहेसास तोँ कभी नहीं होने देना कि तु उसकी बहेन लगतीहे समजी
नेनु : सायद तुम् ठीककेह रही हौ, थेन्क यु अंजु थेन्क यु वेरीमच
अंजु : अंजु नहीं भाभीबोल, ओर थेन्क यु तौ कभी नहि हमारे बीच समजी
नेनु फोरनखडी होँ गइओर उसने अंजु कों गलेलगा लीयाओर उसकी आंखेनम करलीयह देखके अंजु नें उसके साडी केँ पालवसे नेनु केँ आंसु पोछेफीर उसकेगाल पे कीस करदी
अंजु : मेरी प्यारी ननंदजी अब आंसु एक्सक्यूज़ छोडदो अबतो आपके भि मेजे केँ दीनआने वालेहे, अेककाम कर मे राज कों मोबाइल कर देतीहुं तुजे लेजाये ओर तेरेसंग थोडीदेर अकेला भि रह लेगा तौ अभीसे सुरुआत करदे तुम्
कहेके अुजु नें नेनु केँ बुब्स कों प्रेस करदीया ओरयह हरकत सें नेनु हसनेलगी ओर उसने अंजु कों अेक मुकामार दीया
नेनु : कमीनी कहींकी तु सुधरने वाली नहि हेघऱआजा फीर राजसे कहेके बदला लुगी वहां सोनु कों भि सभी बताना पडेगा ओरउसे मनाना भि पडेगा ओरहां राज कों अभि कुछ नहि बताना हे इसके बारें मे समजी
फीर अंजु नें राज कों मोबाइल करके नेनु कों लेजाने लीयेकहा तौ राज नें फोरनहां कहे दीयाओर वोँ बाइक लेके नीकल गय़ा ओर थोडी हि देर मे वोँ अंजु केँ घऱ पऱ पहोंच गय़ा अंदर जातेही अंजु उससेबात करनेलगी
अंजु : आओआओ हिरो केसे होँ तुम्, जबसेगये तबसे नाँ कोइ मोबाइल, नां मीलने आये भुलतो नहि गये नाँ हमें
मे : (हसके) नहि दि अभि दोतीन दीनकाम हैं फीरलग जायेंगे हमारे कामपें फेक्टरी मे कुछ मशीन मेइनटेनस करनी हेतो हमारे पुराने कारीगर कों ढुंढरहा हुंओर सफाइ भि करवानी हे तोँ दोदीन मे हौ जायेगा ओर नेनु दि केँ संग जयपुर कुछकाम भि हेदोदीन कां वोँ सभी नीपटाके लग जायेंगे हम् दोनोफीर अेक हप्ते मे खतम करदेंगे ओके
अंजु : ठीकहे मे तोँ देखरही थि तुजेयाद हेकी नहि हे। हैं। हैं.
मे : तोँ चले दि कि यहीं डिनर करके जानां हैं? हैं.हैं.हैं.
नेनु : (सरमाके उठते हुअे)हां हांचलो हम् चलतेहे बाय अंजु
फीर अंजु सें विदाय लेके दोनो बाइक पऱ बैठगये ओर राजने बाइकघऱ कि ओर चलादी आज नेनु बीनाकहे हि राजसे चीपककर बैठी थि ओरइस बर्ताव सें राज भि थोडा अचंभीत हुआ कि बीनाकहे नेनु मे बदलाव केसे आगयाफीर दोनोघऱ पर्र आगये
ओरघऱ केँ अंदरआते हि सोफे पर्र बैठगइ तभी सोनु भि आकेबैठ गइओरफीर राज भि आगया नेनु नें सोनु केँ फेइस कि तरफ देखा तौ वोँ बहुत प्रफुलीत ओरखुश लगरही थि
नेनु : क्याँ बातहे मेरी गुडीया बहोत खुशलग रहीहे लगताहे आज राजने तंग नहि कीया
सोनु : क्याँ दि आप् भि, भाइ क्युतंग करेंगे मुजे, वोँ तौ आज आप् नहि थि तौ उसने मुजेकाम मे भि हाथ बटाया, हमारा डीनर भि तैयार हेबस दादीमा कों खीलाने जाहीरही थि कि आप् आगइ, आप् बैठके आरामकरो मे अभि दादीमा कों खीलाके आइफीर हम् डीनर करेंगे
नेनु : वाउरे मेरी बच्ची तुने तोँ पुरे घरकी जीमेदारी लेलीहे, अब मे कहीं भि जा सकुंगी
मे : हां घुमते रहो, थोडा तोँ बच्ची पऱ रहेमकरो केसेकाम करकेथक गइहे
नेनु : अरेआज उल्टी गंगा केसे बहेने लगी, बडा तरसखा रहाहे, उन पर्र तेरी तबीयत तौ ठीक हैनां
मे : तुम् भि, जरासा मौका मीला नहींकी टांग खिंचना सुरु, अब सोनु कां ध्यान रखो तौ भि तकलीफ, हे ईश्वर करुतो क्याँ करु मे (उपरहाथ करके)
नेनु : (हसके)ठीक हेठीक हेचल नौटंकी बंधकर ओरबता तुम्हे कारीगर कि क्याँ जरुरत पडगइ मे जानती हुं हमारे मीस्त्रीको (फोरमेन)
मे : क्याँ सचमें जानती होँ? मुजे उनसे हमारे मशीन चालु करवाने हे जौ इतने समयसे बंध थें मेने जौ मशीन बनानी हैं उसमे हमारे सभी मशीन कि जरुरत पडेगी बताओ नाँ दि वोँ कहां मीलेंगे
नेनु : अरे पागल तुम् भि सायद उनको जानते होँ जब हमारी फेक्टरी चालु थि तोँ तुम् छोटे थें नाँ इसलीये उनको पहेचानता नहि वोँ हमारी हि सोसायटी मे रहेते हे
मे : क्याँ केहरही होँ दि कोनहे वोँ बताओ मे डीनर केँ बाद मीलके आताहुं
नेनु : अरे वोँ हमारी सोनु कि सहेली हेना सीमा उसके पीताजी, रामुकाका जबसे हमारी फेक्टरी बंध हुइ तबसे वोँ रीटायर जेसी जींदगी जीरहे हे अच्छा हुआकी उनका लडका समजदार हे कि उन्होने सारेघऱ कि जीमेदारी उठाली हेओर खाते पीते हौ गये हैं
मे : दि आपको नहि लगता बरसो हमारे यहांकाम कीया तौ हमे इनके लीयेकुछ करना चाहीये ताकी बाकी कि जींदगी वोँ आहिस्ता गुजार सके वेसे भि हमे पापाकी सेवा कां मौका तौ नहि मीला पऱ इनकी मददसे बापू भि खुश हौ जायेंगे
यह सुनतेही नेनु नें राजको गलेलगा लीयाओर अंसु बहाने लगीओर कहेने लगी
नेनु : तुठीक केहरहा हेभाइ तेरीसोच बीलकुल पिताजी जेसी हि हे, हम् तोँ खुश नसीबहे तेरे जैसाभाइ पाकर तुजे जोँ अच्छा लगेकर इसके लीये हमारी परमीशन कि जरुरत नहि हे तुजे, आइ अेम प्राउड फोरयु बेबी
तभी सोनु भि आगइ दादीमा कों खीलाके भाइ बहेनको लीपटकर बेठा देखके कहेने लगी
सोनु : आप् दोनो कों शर्म नहि आती जाहेर मे लीपटकर बेठनें मे चलो तुम्हारे रुम मे जाके लीपटो क्याँ इजतरेह जायेगी मेरी
नेनु : (राजसे अलग होतेही सोनु कों मारने लगी)अरे कमीनी हम् तोँ अेसेही इमोस्नल मे बेठे थें कहीं प्रेम नहि कररहे थें समजी, चुडैल कहींकी (हसनेलगी)
सोनु : तौ मेनेकब कहां कि आप् लव बर्ड हौ मेने तोँ सीर्फ इतना कहां कि अंदर जाकर लीपटो (कहेके ठहाका मारके हसनेलगी)
मे : अरे सोनु तेरी सहेली सीमा सें मोबाइल करकेपुछ केँ उसके पिताजी घऱ पे हे कि नहि मुजे उनसे मीलने जानां हे डीनर केँ बाद
सोनु : (खुश होके)भाइ मे भि चलुगी मे सीमासे मील लुंगी ओर आप् उसके बापू सें मील लेना मे अभि मोबाइल करतीहुं
कहेके सोनुउपर अपने रुममे चलीगइ नेनुउसे देखती रहीफीर राजकी ओर मोडके
नेनु : राजचल हम् डीनर करतेहे मुजे तोँ जोरोकी भुखलगी हे चलनां
मे : हां दि चलो तैयारी करोतब तक सोनु भि आँ जायेगी
कहेके हम् दोनो डाइनींग पऱ आँ गये नेनु कीचन कि ओर जाहीरही थि कि तभी सोनुआगइ ओर नेनु कों रोक लीया
सोनु : अरे दि आप् रहेने दो मे लगाती हुं खानां, ओरहां आजसे आपको खानां खीलाने कि सारी जीमेंदारी मेरीहे आप् कों सीर्फ यहींआके बैठजाना हे (कहेके कीचन मे चलीगइ)
नेनु : (बेठते हुअे)राज क्याँ होगया हे सोनुतोे धडाधड सभी जीम्वेवारी लेनेलगी हे
मे : (हसके) लगताहे इसका स्क्रु ढीला हौ गय़ा हेचेक करालो दिदी उसे
नेनु : (मुजे मारते) चुपकर बदमास, मुजे तौ कुछ समजमे नहि आँ रहाहे
अब नेनु कों केसे समजाउ कि अब वोँ तेरीबहु जौ बनगइहे याँ फीर भाभीतभी सोनु खानां लेकेआगइ सबसे पहेले उसने हम् दोनो कों परोसा बाद मे वोँ अपना खानां लेकेबैठ गइ नेनु तोँ उसे देखती हि रेहगइ वेसे भि उसने सोनु कों कुछ बाते कहेनी थि बाबा वालीबात फीर मुजसे सादी करनेके लीयेउसे मनाना भि थां उसे क्याँ मालुम थाकी हम् दोनो सादीकर चुकेहे सभीअेक दुसरो कि बात कों अेक दुसरेसे छीपाना चाहते थें फीरभी नेनु नें कहा
नेनु : अरे सोनु क्याँ बातहे तुने तौ इसघऱ कि अेसे जीम्वेवारी लेलीहे कि तुइसघऱ कि बेटी नहि बहु हौ
सोनु : (अंदर सें खुस होके) क्याँ दि आप् कुछ भि बोलती रहेती हेभाइ केँ सामने तोँ अेसामत कहो
नेनु : ठीकहे सामने नहि बोलुंगी अकेले मे बोलुंगी बस, वेसे तुमसे मुजेकुछ बताना भि हेतुआके सीधे मेरेरुम मे आजाना
मुजे टेन्सन होनेलगा कहीं नेनु कों सादी कां पता तोँ नहि चल गय़ा तोँ मेनेजान नें कि कोसीस कि
मे : क्याँ कोइ सीक्रेट बातहे जौ आप् मुजे नहींबता रही हैं
नेनु : हां सीक्रेट बातही हे हम् लडकीयोकी जौ तुजे जाननेकी जरुरत नहि हे समजे
मे : कोइबात नहि मेरी भि बारी आयेगी मे भि आपको नहि बताउंगा
नेनु : अरे बुध्धु कोइ सीक्रेट बात नहि हे तुजसे भि अेकबात करनीहे पऱ बाद मे ओके
फीर हमने बाते करते डीनरखतम कीया सोनु कीचन मे बर्तन रखनेजा रही थि तोँ नेनु नें उसेरोक लीया
नेनु : सोनु तुम् रहेने दो मे करलुंगी तुम् दोनोजाओ सीमा केँ घऱओर वापस जल्द आँ जानां मे यहीं तुम् दोनो कां वेइट करुगी
कहेके नेनुसभी लें जानेलगी तोँ मे ओर सोनु बहार आगये मे बाइक कि ओर जानेलगा तौ सोनु नें मुजेरोक लीया
सोनु : रहेने दोभाइ हम् चलके जातेहे इधर हि तोँ हेदोगली छोडके पैदल चलते हेनां
मे : ठीकहे रानीसाहिबा जोँ हुकुम, (पैदल चलनेलगे)
सोनु : भाइ क्याँ काम हैं वहां, वोँ भि इनके पिताजी सें
मे : चलआज तेरी फ्रेन्डका भि उधारकर हि देतेहे
सोनु : मतलब आप् कहेना क्याँ चाहते हे?
मे : मतलबयह कि सीमा कि सुहागरात कां इन्तजाम करनेजा रहेहे आफ्टर ओल तेरी बेस्ट फ्रेन्ड जोँ हेओर उसकाभाइ भि तौ तडपता होगा मेरीतरह
सोनु : क्याँ केहरहे होँ आप्? भाइ लगताहे पुरे मामले कों जानते हे आप् आपको केसेपता लगा? लगताहे हमारी सारी बाते सुनीहे आपने, मे सहीकेह रहीहुं नां?
मे : (हसके)अब ठीक समजीतु केसीलगी मेरी सरप्राइज
सोनु : भाइ अेसा क्याँ हे आपकेपास जोँ मेरीहर बात जानते होँ आप्, कहीं नेनु दि कि बातभी तौ आप् नहि सुनते आपही नें कहा थां कि नेनुओर अंजना बातकर रही थि तौ आपनेसुन लीयाथा सच बताना भाइ मे आपकी पत्नि हुंजुठ मत केहना मुजसे
मे : (हसके)चल ठीकहे तुजे तोँ अबसच बताना हि पडेगा मे नहि चाहता कि मेरेओर मेरी पत्नि केँ बीचकोइ पर्दा रहे, हां मे नेनु कि बात भि सुनता हुं मुजे जबभी मोका मीलता थां मे तुम् दोनो कि मोबाइल कि बातेसुन सकताहुं क्युकी मेनेअेक गेजेट बनाया
हे इसके जरीयी यहसभी संभवहुआ तभी तौ मुजे तुम्हारे दील कि बातपता चली कि तुम् मुजे कीतना चाहती होँ
सोनु : मेंतो आपको कबसे चाहती थि फीर आपने इसके बारेमे मुजसे बात क्यो नहि कि
मे : क्युकी मे चाहता थां कि पहेले तु मुजे प्रपोज करे इसके लीये तुजे उकसाता रहाओर आखीर गाड़ी तुने मुजसे गीफ्ट केँ तोर पऱ अपनादील मांग हि लीया
सोनु : भाइयह आपने अच्छा नहि कीया, आपने कीतना तडपाया मुजे, आपकी यादमें मेने रातमें कीतने आंसु बहाये हे पताहे आपको इसका बदला मे जरुर लुंगी याद रखीयो
मे : अरे मेरी जानु मुजेमाफ करदेबस इसी लीये तोँ तेरी सहेली कां काम करनेजा रहांहुं क्युकी इनकी वजेसे मुजे मेरी बहेन कां प्रेम मीलाहे अगरउस दिन स्कुल मे तुम् दोनो कि बात न् सुनता तौ मे तुजेआज भि अेक बहेनभाइ वाला हि प्रेम देता पत्नि वाला नहि
सोनु : चलोठीक हैं माफ करदीया पर्र आइन्दा कुछ छुपायाना तोँ मे आपसेबात नहि करुगी
मे : (कान पकडते) मेरी सामतआइ हे जौ अबकुछ छुपाउ तुजसे टड्ढस्ट मी बेबीओके तु वहां जाके सीमा सें कहेना पहेले हमारी तराह सादीकरे बामें सुहागरात मनाये ताकी हम् पाप मे नां पडेतब तक मे कुछचकर चलाता हुंठीक हे, अब तौ खुश होजा बेबी
सोनु : (हसके)ठीक हे पतीदेवजी जोँ हुकुम
हम् बाते करते सीमाके घऱ आगये अंदरगये तौ सीमाके माता पीताओर वोँ भाइ बहेनसभी सोफे पर्र बेठके टी.वी.देख रहे थें हमेआते देख सीमाखुस हौ गइ उसने सोनु कां हाथपकड लीयाफीर उसके मां बापू सें मेरा सोनु केँ भाइहे कहेके परीचय
करवाया उसकाभाइ तोँ मुजे जानताही थां तोँ उसनेखडे होकर मुजसे हाथ मीलाया फीर सीमा केँ बापू
रामुकाका : आओ बेटा केसे होँ बैठो बैठोइधर
मे सीमा केँ बापू केँ पांव छुके सोफे पऱ बैठ गय़ा ओर सीमा सोनु कों लेकर अपनेरुम मे चलीगइ फीर मेनेकहा
मे : अंकल सायद आपने मुजेठीक सें पहेचाना नहि
रामुकाका : (मुजे थीडीदेर घुरने लगे)हां बेटा ठीकसे पहेचान नहीं पाया
मे : अंकल मे अमीतजी कां पुत्र हुं, वोँ अमीतजी जीसकी फेक्टरी आप् संभालते थें
रामुकाका : क्याँ कहेरहे होँ बेटा तुम् वोहीराज हौ जोँ अेकदम छोटा थां जौ कभीकभी अपनेपाप केँ संगआया करता थां?
कहेके खडे होगये ओर मुजेगले लगा लीया उसकी आंखो मे पानी आगयाफीर मेनेउसे वापस सोफे पऱ बीठाया फीर मेरीओर देखके बोले
रामुकाका : बेटा हमे बहोत दुखहुआ इस हादसे सें, खेर छोडो वोँ बातयाद करके तुम्हे दुखी करना नहि चाहता, वेसे मेरी दोनो बेटी केसीहे नेनुओर छोटी क्याँ नाम थां उसकाहां सोनीया कहीयह अभि आइ वोँ सोनीया तोँ नहि?
मे : जी अंकलवही सोनीया थि आज आपकोयाद कीया तोँ नेनु नें बताया कि आप् हि सीमा केँ पिताजी हे तौ मीलने चलाआया ओर आपसेअेक जरुरी काम भि थां
रामुकाका : अरेहां हांकहो क्याँ कामथा बेटा मेरे अहोभाग्य जोमे तुम्हारे काम आसकु
मे : अंकल आप् अेसे नां बोले क़िस्मत तौ हमारा अच्छा हे कि हमे आपकी सेवा कां मोका मीला, आज जोभीहे आप् बापू केँ संग कंधे सें कंधा मीलाकर काम करते थें आपहीकी बद्दोलत हम् सभीइस मुकाम पर्र हे
रामुकाका : नहि बेटा यह तौ तुम्हारा बड्पन हे जोँ मुज नाचीज कों इतनीइजत देते होँ आजके जमाने मे कोन अेसा होताहे जौ अपने भुतपुर्व वर्कर कों इतनीइजत देता हौ तुम् बीलकुल अपने पिताजी जेसा हि होँ कहो क्याँ सेवाकरु तुम्हारी
मे : अंकल सेवा नहि बिनती करनेआया हुं आपसे कि पापाके जाने केँ बादबंध पडी फेक्टरीमें जोँ मशीने लगी हुइ हे वोँ फीरसे वापस चालु करनीहे इसमे मुजे आपकी सहायता चाहीये ओरइसे चलाने वालाअेक इन्जीनीयर भि चाहीयें, मे चाहता हुंकी आप् हमारी फेक्टरी फीर सें संभालले अगर ईश्वर नें चाहातो हम् बाकी कि फेक्टरीया भि सुरु करेंगे ओर सबका वहिवट आप् स्वतंत्र रुप सें करेंगे प्लीज अंकल आप् मुजे हेल्प करीये
रामुकाका : ठीकहे बेटा वेसे भि मे अब फ्रिहुं ओर मेरा वक्त भि नहि जारहा हैं कहोकब सुरु करना हैं
मे : थेन्क यु अंकल आपने मेराबोज हल्का कर दीया, अंकल मे चाहता हुं कि पांचदीन बादहमे काम सुरु करनाहे इसे पहेले सभी सफाइ भि करवानी हेओर मशीन मे जोभी मेइनटेनेस हे वोँ करवाके पहेले मशीन चालु करवानी हे
रामुकाका : बेटा मे कलसेसभी सुरु करवा देताहुं अब इसकी तुम् कोइ टेन्सन मतलो वोँ सभी मे करवा दुंगा ओरयह मेरा बेटा अजयहे वोही इन्जीनीयर हैं तौ सभी मशीन वोही प्रोग्रामींग कर देगाओर हम् हेल्परसे काम करवा लेंगे
मे : अंकल आप् इनसभी डीसीजन केँ लीये स्वतंत्र हेबस आपनेहां बोलदी वोही मेरे लीये बहोत हे वेसे अंकल मेरीअेक ओर ख़्वाहिश भि हे आप् मनामत करीयेगा मे चाहता हुं कि आप् ओर आंटी हरीद्वार घुमआगे चार पांचदीन कां प्रोग्राम बनाइअे फीर हम् काम सुरु करेंगे ओर आप् बाइ अेयर जाइअे ओरबाइ अेयर आइअे मे इन्तजाम करताहुं
रामुकाका : नहि बेटा इसकीकोइ जरुरत नहि हे
मे : अंकल क्याँ मेरे बापू होते तोँ मे उसे यात्रा नहि कराता आप् मेरे पापाकी हि जगाहे यह समजीयेगा कि आपका दुसरा बेटा आपको यात्रा करारहा हैं प्लीज मनामत करीअेगा
फीर अंकल कि आंखेनम होँ गइओरअेक बारफीर मुजेगले लगा लीया दुसरी ओर सोनुओर सीमाउपर बातेकर रही थि
सीमा : हां सोनुबोल कहां तक पहोंची तुंआगे बढी कि नहि मुजे तौ लगताहे मामला फीट होँ गय़ा हे इसीलीये अपनेभाइ केँ संगआइ हे
सोनु : क्याँ बताउ तुजे मे (सीमा सें अभि छुपाना चाहती थि) छोरा पटता हि नहि मेरीछोड मे तेरा सेटींग करनेआइ हुं
सीमा : केसी संटींग
सोनु : तेरी सुहागरात कि, ओरइस बारे मे भाइ कों दुसरी बात समजा केँ आइहुं बसतु देखती जाओरहां इसे पहेले अपनेभाइ सें गांधर्व शादीकर लेना
सीमा : वोँ क्याँ होताहे
फीर सोनु नें उसेसभी समजा दीया जौ मेने कहां थां ओर मे क्याँ पलानींग कररहा हुं वोँ जानने लीये दोनो नीचे सीडीके पास छीपकर सबकी बातेसुन रही थि जेसे हि उनकोपता चलाभाइ सीमाके मां पिताजी कों यात्रा केँ लीयेभेज रहेहे सोनुखुस होँ गइओर सीमासे गलेलगा लीया दुसरी तरफ सीमा कां भाइ जौ उसकानाम अजय थां
वोँ भि अंदर सें कुदने लगा लेकीन बहार जाहीर नहि होने दीयाफीर मे खडा हौ गय़ा ओरइसबार सीमा केँ माँ पिताजी दोनो केँ पांव छुके जाने कि इजाजत मांगरहा थां
मे : तोँ अंकल मुजेअब इजाजत दीजीये बाकीका प्रोग्राम मे अजयके संग मीलकर फीक्स करताहु ओरअजय अेक मीनीट चलो मेरेसंग बहार तक तुमको कुछ समजाना भि हे
मेने सोनु कों आवाज़ लगाइ तोँ दोनो सहेली संग मे बहारआगइ ओर हम् चारो बहार नीकलगये बहारगेट केँ पास हम् सभीखडे रहेतब मेने सोनु कि ओर देखके
मे : तोँ मेडम हमने आपकाकाम कर दीयाहे ओरअजय तुचल मेरेसंग
फीर मे अजय कों लेके थोडा दुरचला गय़ा ओर उससे बाते करनें लगाओर दोनो सहेली हमसेदुर खडे होकर हमारी बात सुननेकी कोसीस करनेलगी
मे : अजय तुम् कलही अंकल आंटी केँ लीये अेयर टीकीट ओर होटेल बुकींग करलोओर यहलो मेरा डेबीट कार्ड पेमेन्ट इनमेसे करदेना फीर वापीस मुजेदे देनाओर यहसभी मेने तुम्हारे लीये हि कीयाहे ताकी तुम् दोनो सादी करके फीलहाल घरमें हि हनीमुन मनालो बाद मे मे तुम् दोनो कों बहार भेजुंगा मेने पुरी प्लीनींग कि हे
अजय : (आस्चर्यसे) राजभाइ आपको केसेपता हमारे बारे मे कहीं मां पिताजी कों पताचल गय़ा तौ वोतो मरही जायेंगे
मे : तुम् इनकी टेन्शन मतलो मे तुम् दोनो कों दुसरे राज्य मे रहेने भेज दुंगा वहा हमारा काम करते रहेना ओर अपनी लाइफ अेन्जोइ करना समजे बाकी कां मुज पऱ छोडदे ओर बाकीरहे तौ सीमा सें जान लेना सोनु नें उसेसभी समजा दीयाहे
अजय : थेन्क युभाइ हमारी सहायता करने केँ लीये आपकायह अेहसान मे केसे चुकाउगा
मे : अरे दोस्ती मे कोइ अहेसान नहींबस तुम् मोजकरो ओकेअब हम् चलतेहे
फीरउन दोनोसे विदाइ लेके हम् चलनेलगे सोनु नें मेरीतरफ देखके स्माइल कीया
सोनु : थेन्क यु जानु सीमा कि सहायता करने केँ लीये आखीरदो प्रमी केँ मीलन कां इन्तजाम कर हि दीया आपने सीमाने आपको थेन्क युकहा हे
मे : सोनु तुमने हमारे बारे मे उसे अभि कुछ बताया तोँ नहीं
सोनु : नहि जब तक आप् परमीसन नहि देतेतब तक कीसीसे कोइबात नहीं करनी
मे : थेन्क यु सोनु वेसेआज रात कां क्याँ प्रोग्राम हे आपका
सोनु : (सरमाके) कोइ प्रोग्राम नहि अगर प्रोग्राम करना हेतोहमे नेनु कों यात्रा मे भेजना पडेगा, हैं.हैं.हैं.(हसने लगी)
मे : प्लीज जानुमान भि जाओ वेसे हम् सीर्फ फोरप्लेय हि करेगें प्लीज
सोनु : अब आप् हमारे पती जोँ हे इतना तोँ करही सकतेहे आपके लीये तोँ नेनु केँ सो जाने केँ बाद आउंगी वेसे अभि नेनु कों क्याँ काम होगा मुजसे चलो जल्दफीर मे आपको बताउगी उसको क्याँ काम थां मुजसे ओके
मे : तु वाकइ समजदार होगइ हैं अरेहां सोनुआज तुने जोँ हमको खीलाया फीर खानां खीलाने कि जीम्वेवारी लीउसे देखके मुजसे कहेरही थि कि सोनुइस घऱ कि बेटी नहि मेरीबहु लगतीहे तोँ ध्यान रखनाउसे कुछ संकाअे होनेलगी हे तौ बीकेर फुल बेबी
हम् बाते करतेघऱ पहुंच गये नेनु हमारा इन्जार करते टी.वी.देख रही थि जेसेही हमको देखा उसने टी.वी.बंध करके हमारी तरफदेख रही थि उसके चहेरे पऱ हमे खुशी छलकती दीखरही थि हम् जाके उसकेपास बैठगये फीर मेने नेनु कों वोँ सारीबात बताइ फेक्टरीकी ओर उसको यात्रा पऱ भेजनेकी यह सुनते नेनु बहोत खुश होँ गइ
कन्टीन्यु।
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - ११
हम् बाते करतेघऱ पहुंच गये नेनु हमारा इन्जार करते टी.वी.देख रही थि जेसेही हमको देखा उसने टी.वी.बंध करके हमारी तरफदेख रही थि उसके चहेरे पऱ हमे खुशी छलकती दीखरही थि हम् जाके उसकेपास बैठगये फीर मेने नेनु कों वोँ सारीबात बताइ फेक्टरीकी ओर उसको यात्रा पऱ भेजनेकी यह सुनते नेनु बहोत खुश होँ गइ.अबआगे
नेनु : अच्छा कीयाभाइ तुमने आज हमारे बापू भि बहोत खुश होगे, राज तुम् अब आरामकरो तुम्हे सुभह जल्द पुजाके लीये जानां भि हे तौ जाकेसो जाओ बेबी, मे सोनु सें कुछबात करलुफीर हम् भि सो जायेंगे
मे : ठीकहे दि गुड नाइट
कहेके मे उपरजा हि रहा थां तब देखा नेनु सोनु कां हाथ पकडकर अपनेरुम मे लेँ जारही थि ओर सोनु कों अंदर लेजाकर उसने दरवाजा बंधकर लीयाओर दोनोबेड पऱ जाकेबैठ गइ, यह देखके मेरी फटनेलगी तभी मुजे मेरा वोँ गेजेड यादआया, तौ मे दोडकर अपनेरुम मे गय़ा ओरउसे बहार नीकाला फीर कानमें लगाके सुनने लगा तौ नेनु सोनु कों पुछरही थि
नेनु : सोनु मुजे तुमसे कुछ जानना हे क्याँ तुम् मुजेसच बात बतायेगी
सोनु : हां दि कहो क्याँ जानना हे मुजसे
नेनु : पीछले कुछ दीनोसे मे तेरा बर्ताव मे बदलाव देखरही हुं इनकीवजह जाननी हे
सोनु : दि आप् हमारा कीतना खयाल रखतीहे पुरे घरकी जीम्वेवारी लीहे तोँ मुजेसमज मे आया तोँ आपकीकुछ हेल्प करशकु इसलीये मेनेकुछ जीम्वेवारी उठाने कां फेसला लीयाहे बसओरकुछ नहि
नेनु : ओर वोँ तुम् ओरराज पीछले कइ दीनो सें दादीमा सें आशीर्वाद लें रहे होँ वोँ?
सोनु : (थोडा घबराके) वोँ। वोतोबस अेसे हि हम् रोज लेतेहे यह तोँ हमारा रुटीन हेहां कभीकभी आशीर्वाद लेने मे हम् संग हौ जातेहे बस
नेनु : तु घबरामत मे तुजे डांटने वाली नहि हुं वेसेअेक सहेली कि हेसीयत सें पुछु तुजे
सोनु : अरे दि क्युबार बार परमीशन लेर हि हौ जोँ पुछना होँ बीन्दास पुछो
नेनु : क्याँ.तुम् राज कों मनपसंद करती हौ, तुम् उससे प्रेम करती होँ
सोनु : क्याँ दि आप् भि वोँ हमारा भाइहे हम् दोनोउसे प्रेम करतेहे
मे सुनरहा थां सोनु कीसी भि तराह नेनुके हाथ नहि आँ रही थि फीर नेनुआगे बढी वोँ खडी हौ कर सोनु केँ सामने घुटने बलबैठ गइओर अपना पालव अपने हाथो मे लेके
नेनु : सोनुआज मे तुजसे कुछ मांगरही हुं क्याँ दोगी मुजसे?
सोनु : क्याँ कर रहीहो दि आप् उठ जाइअे मेरीकोइ चीज मांगने केलीये मुजसे परमीशन मांगनेकी जरुरत नहि हे आप् मेरी बहेनही नहि मेरी सहेलीभी होँ कहो क्याँ चाहीअे
नेनु : सोनु आजमें तुजसे मेरेराज केँ लीये तेराहाथ मांगरही हुं प्लीज मनामत करना
सोनु नें नेनु कों फोरनखडा कर दीयाओर अपनेपास बीठा दीयाओर नेनु कि ओर देखके
सोनु : क्याँ केहरही हौ दि आप्, आप् कों कुछहोस भि हे कि नहींभाइ हे वोँ मेरा
नेनु : जानती हुं सोनु मेनेसोच समजकर हि फैसला लीयाहे मानजा प्लीज.
सोनु : दि यह मुमकीन नहि हे, मे मानती हुं कि मे उसे प्रेम करतीहुं पऱ यह केसे संभवहे दि प्लीज आप् अेसामत मांगीये जौ मे दे नं सकु
नेनु : सोनु मे जानती हुं सीर्फ तुम् हि नहि हम् दोनोउसे बहोत प्रेम करतेहे ओर वोँ भि हम् दोनोसे बहोत प्रेम करतेहे बस आपसीभाइ बहेन केँ रीस्तो कि वजह सें हम् अेक दुसरो प्रती हमारी फीलींग्सको छुपाते हे मे सीर्फ तुजेराज केँ लीये नहि मांगरही हुं मुजे भि उससे सादी करनी पडेगी
सोनु : क्याँ कहेरही हौ दि आप् अेसा क्याँ होगया जौ आपने इतनाबडा फैसला लेलीया
नेनु : लगताहे तुजे सारीबात डीटेइल मे करनी पडेगी
फीर नेनु नें वोँ सारीबात बताइ जोँ बाबा नें उससेकही थि, मेभी अपनेरुम मे बैठके सारीबात सुनरहा थां मेेंइस बात सें अंदर सें बेहदखुश हुआ पर्र मेनेइन बातो सें अनजान बननेका फैसला लेलीया मे इसबात कां पुरा मज़ा लेना चाहता थां कि मेरी बहेने मेरेसंग कैसा बर्ताव करेगी अब,
ओर मुजे अंजना केँ बारे मे भि पताचल गय़ा तोँ मेभी जानना चाहता थां अंजना अब मुजेकीस तरह टड्ढीट करेगी इस लीये मेनेसोच लीया कि मे अब इससे अंजान बनने कां नाटक करुगा ओर नीचे नेनु सोनु कों सारीबात बताइ तोँ सोनु अंदर सें बहोत खुश हुइ पर्र उपर सें वोँ इन बातो सें हैरान हे अेसा नाटककर रही थि
सोनु : दि हमने तौ सादी नाँ करने कां फैसला लीया थां अब उसका क्याँ
नेनु : हमे हमारा फेसला बदलना पडेगा क्युकी हमने फैसला इस लीये लीया थां ता कि हम् अेक दुसरो कां खयालरख सकेओर हम् अलग नाँ होजाये तोँ फीर फैसला बदलने सें हमे उससेकोइ फर्क नहीं पडेगा क्यु कि हम् आपमें सादी करके भि हम् जुदा नहि होंगे ओरअेक दुसरो कां खयालरख सकेंगे
सोनु : तोँ दि अंजना दि भि.
नेनु : हां बाबा केँ कहेने केँ मुताबीक वोँ भि राज कि तीसरी पत्नि थि ओर हमें इससेकोइ फर्क नहि पडेगा तौ अब तौ मानेगी नां अपने दि कि बात
सोनु : (सरमाके) जी दि जेसे आप् कहेंअब आगेहमे क्याँ करनाहे वोँ भि बता दीजीये
नेनु : अब हम् राज कों अेकभाइ कि नजरो सें नहि देख पायेंगे तुम् जानती हौ अब वोँ हमारा होने वालापती जोँ हैं तौ अब हमारे आपसी बर्ताव मे कोइ बदलाव दीखे तोँ हम् मांइन्ड नहि करेगे ओके, हम् उसे हमारी ओर आकर्सीत करेगे ओरउसे सादी केँ लीये सजधजकर करेगे, ओर.ओर वोँ इस मामले मे आगेबढे तोँ हम् मना नहि करेंगे मे क्याँ कहेना चाहती हुंसमज गइनातुं वेसे भि तुम् इतना तौ समजदार होँ हि मे जानती हुं हैं। हैं। हैं.
सोनु : (अंजान बनने कां नाटक करते) दि मुजे तोँ बहोत शर्म आयेगी कि भाइ कों हमे अपना बोइफ्रेन्ड कि तराह टड्ढीट करना पडेगा कुछ गडबड हुइ तोँ सम्हाल लेना आप्
नेनु : तु चींता मतकर, वेसे देखा जाये तौ मेरी भि हालत तेरे जेसी हि हे पऱ हम् दोनो मीलके मेनेज कर लेंगे तोँ अबदेर होगइहे तुम् जाओओर सोजाओ कलसे हमारे लीये हमारी जींदगी कां नया सुरज उगने वालाहे बेस्ट ओफलक गुडीया
सोनु : (सरमाके) आपको भि बेस्ट ओफलक दि मे जा रहींहुं
कहेके सोनु नेनु केँ रुम सें नीकलगइ ओरइधर मेने फटाफट अपना गेजेट छुपा दीयाओर बेड पर्र आंखबंध करके लेटने कां नाटक करनें लगातभी सोनु नें मेरेरुम कां दरवाजा हल्का खोलके अंदर देखाओर वापसरुम बंध करके अपनेरुम मे चलीगइ ओर चेन्ज करकेसो गइ मुजे सोनु केँ बर्ताव सें थोडा अजीबलगा
तभी अचानक मेरा दरवाजा फीर खुला देखा तोँ इसबार नेनु अपना नाइट गाउन पहेनके आँ गइओर मुजे देखने लगी मुजे गहरी नींद मे सोयाहुआ देखकर वोँ थोडीदेर खडीरही फीर दरवाजा बंध करके सोनु केँ रुम कि तरफचली गइ वहां भि उसने सोनु कों सोताहुआ पाया तौ वोँ नीचेचली गइओर अपनेरुम मे जाकेसो गइ
ओर सोनु कां वेइट करते करते मेरीआंख भि लगगइतभी मुजे अपने सरीर केँ उपरकुछ भारीपन महेसुस हुआओर आपने होंठो पऱ कुछ गीलापन महेसुस हुआ मेंने आंख खोलके देखा तौ सोनुमुज पऱ लेटी हुइ थि ओर मेरे होंठो कों चुसरही थि मेनेउसे फोरन लेटेलटे हि अपनी बाहोंमे भर लीयाओर उसके चहेरे कों पागलो कि तरह चुमने लगा
फीर मे सोनु कों बाहों मे लेकेपलट गय़ा अब सोनु मेरे नीचे थि ओर मे सोनु केँ उपरओर फीर वापसउसे चुमने लगा सोनु भि मुजे चुमने लगीफीर अचानक सोनु मेरे सर्ट केँ बटन खोलने लगीफीर मे भि उसका गाउन नीकालने लगाअब सोनु सीर्फ ब्राओर पेन्टी मे थि थोडीदेर उसे अेसेही देखता रहा
सोनु : क्याँ देखरहे हौ
मे : तुजेदेख रहाहुं तुइनटु पीस मे भि अेकदम होटलग रहीहे पता नहि तेरा बर्थडे कब आयेगा ओरतु पुरी तराह मेरी हौ जायेगी
इतना सुनके सोनु नें सरमाके अपने दोनो हाथोसे अपने चहेरेको ढक लीया तौ मेने उसकी ब्रा नीकाल दि फीर मेने इनकी पेन्टी भि नीकाल दि सोनु अबभी अपने चहेरे कों छुपारही थि तौ मे उस पर्र चड गय़ा ओर उसकाअेक बुब्स अपने मुंह मे लेलीया सोनु केँ मुंहसे सीसकारी नीकलगइ फीर बारी बारी दोनो बुब्स कों मे चुसने लगा
तौ सोनु नें मेरेसीर कों पकड लीयाओर वोँ अपना मुंहइधर उधर करनेलगी फीर उसने अपनाअेक हाथ नीचे लेजाकर मेरे लंडको पकड लीयाओर उसे हल्का हल्का दबाने लगी तोँ मेंने फोरन अपने होंठ सोनु केँ होंठ पर्र रख दीयेओर हम् दोनो चुसने लगे दोनो पुरीतरह कामुक होँ गये थें
फीर अचानक मे सोनु पऱ लेटे लेटे हि उल्टा हौ गय़ा ओर सोनु केँ दोनो पांव जांगोसे पकडकर थोडा फैला दीयाओर अपना मुंह सोनु कि चुत पऱ लगा दीयाइस पोजीसन मे मेरा लन्ड सोनु केँ मुह पर्र आँ गय़ा तौ सोनुसमज गइ कि क्याँ करनाहे उसने भि मेरा लन्ड अपने मुंह मे लेलीया तोँ मे अपनीकमर उपर नीचे हीलाने लगाओर सोनुके मुंह कों चोदने लगा सोनु भि अेसा करनेलगी वोँ भि अपनीकमर उपर कि ओर उछालने लगी
दोनो सीक्ष नाइन पोजीसन कों पुरीतरह अेन्जोइ करनेलगे मे अपनीजीभ सोनु कि चुत केँ अंदर अंदर बहार करतारहा ओर जीभसे हि सोनु कों पेलने लगा थोडीदेर अेसेही दोनो करतेरहे फीर अचानक सोनु नें पानीछोड दीयाओर जडगइ जेसेही सोनु कां लावा मेरे मुंह मे गय़ा मे सुरसुराहट केँ मारे कंटड्ढोल नहींकर पायाओर मे सोनु केँ मुंह मे जड गय़ा फीर दोनो थोडीदेर सांत अेसे हि लेटेरहे
फीर मे बेड सें उठ गय़ा ओर सोनु कों लेटी हुइ हि अपनी बाहोंमे उठालीया ओर बाथरुम कि ओरचलपडा सोनु नें भि अपनेहाथ मेरेगले मे डाल लीये थें फीर वहां दोनोने अेक दुसरो कों साफ कीयाओर नहलाया बाद मे अपने आपकोपोछ केँ बहार मेरेबेड मे आकेबैठ गयेओर मे नें सोनु कि ओर देखके स्माइल कीयाओर कहा
मे : बोलो रानीसाहिबा केसारहा
सोनु : (अेकदम सरमागइ) अकदम जकास क्याँ आपके पेटमें टंकीलगी हुइ हे कीतना पानी नीकालते होँ आप् पुरा ज्युस केँ ग्लास केँ बराबर थां मेरा तौ पेटभर गय़ा
मे : (हसके)अब तौ आदत डालही दो क्यु कि अबयह तुमको रोज मीलने वालाहे
सोनु : फीर तौ मे ज्युस पीते पीते हि प्रेगनेन्ट हौ जाउंगी देख्ना भाइ अभि मे प्रेगनेन्ट नहीं होना चाहती पुरे पांचसाल तक आनंद करनाहे आपकेसंग, आप् पहेले नेनु कों प्रेगनेन्ट करना वेसे भि वोँ हमसेबडी हे तोँ बच्चा पहेला उसका हि होना चाहीये
मे : अरेहां सोनु क्याँ केहरही थि नेनु तुजे अंदर लेजाकर
वेसे मेने तोँ सभीसुन हि लीया थां, फीर सोनु नें उसे सारीबात बता दि कि केसे नेनु नें तुम्हारे लीये मेराहाथ मांगा ओरफीर वोँ सारीबात जोँ उसने नेनु नें बताइइसे सुनके अेक बातकी मुजको तस्सली होँ गइ कि सोनु नें मुजसे कुछमत छुपाया इसका मतलब सोनु पुरी तराह अपना पत्नि धर्म नीभारही थि फीर मेनेउसे कहा
मे : सोनुतु अेसा समजले कि तुने मुजेकुछ बतायाही नहि ताकी मे देखसकु कि वोँ दोनो मेरेसंग अब केसा बर्ताव करेगी तुम् देखती रहनाओर पुरा नाटक अेन्जोय करते रहेना
सोनु : ठीकहे भाइ बहोत आनंद आयेगा मुजेओर कभीकभी मुजे भि नाटक करना पडेगा
फीर दोनोअेक दुसरोकी बाहोंमे बैठेरहे ओरबीच बीच मे अेक दुसरो कों चुमते रहेफीर बहुतदेर बैठने केँ बाद सोनु बोलि
सोनु : भाइअब आप् सोजाओ सुभह आपको पुजा मे भि जानां हे जल्द उठके
मे : हांठीक हेअेक काम करना सोनु पुजा मे तीन घंटे लगतेहे अगर तुम् बोर नहोतो चलो मेरेसंग आप् अेक साइड बेठे रहनाओर मे पुजा करता रहुंगा, क्याँ हेना कि मेरी जानु मेरे सामने रहेगी तौ मेरासमय तौ युचला जायेगा क्याँ कहेती होँ?
सोनु : वावभाइ ग्रेट आइडीया ठीकहे मे चलुंगी पर्र दि कों पुछना पडेगा वोँ हां कहेंगी तोँ मे अवस्य चलुगी ओकेअब चलतीहु जानुगुड नाइट अेन्ड स्वीट डड्ढीम बाय.
कहेके सोनु अपनेरुम मे चलीगइ ओर मे भि सो गय़ा जब सुभह पांचबज गये तोँ नेनु मुजे उठाने आगइआज वोँ मुजपर जुकके मुजेउठा रही थि ओरबार बार दरवाजे कि तरफदेख रही थि जेसे वोँ कोइ चोरी करनेआइ हौ ओर मुजे अेकदम धीमी आवाज़ मे उठारही थि मे तोँ जाग गय़ा थां पऱ हलकीआंख खोलके देखरहा थां कि वोँ क्याँ कररही हे मे भि अब बीन्दास थां कि कुछ भि करुअब मुजेकोइ कुछ कहेने वाला नहि थां ओर नाँ डांट पडने कां डर मेने भि थोढी मस्ती करनी सुजी नेनु मेरे पर्र जुकते मुजे आवाज़ देरही थि
नेनु : बेबीउठ जाओ पुजा केँ लीये जानां हे तुम्हे, राजओराज उठजा
फीर मेने अपनाअेक हाथ उसकी गरदनमें डाल दीयाओर उसे मेरेउपर खीच लीया
मे : सोने दोना नेनु क्युतंग कररही हौ इतनी सुभहओर तुम् भि सोजाओ
नेनु मेरेउपर लेटी थि ओर मुजसे छुटने कि कोसीस करनेलगी
नेनु : अरेछोड मुजेराज उठजा नहि तोँ मारुगी तुजेओर छोडदे मुजे कमीने, कोइ आँ जायेगा तोँ क्याँ कहेगा
मे : यही कि मे अपनी नेनु दिदी कों प्रेम कररहा हुंआने दो जीसे आनां हैं
नेनु : (सरमाके) शर्म नहींआती तुजे, तेरी पत्नि आये तोँ उसे पकडना अबछोड मुजे
मे : (आंखबंध करके)जब तक वोँ नहि आतीतब तक अेसेही रहो
नेनु : मेरे अच्छे बेबीछोड दे मुजेओर तु भि उठजा५.३० बजगये हे
मे नें ५.३० सुना तोँ फोरन नेनु कों छोडके घडीकी ओर देखने लगा कहींदेर तौ नहीं होगइजब मेने देखा तोँ अभि ५.०५ हि बजे थें मेने नेनु कि ओर देखा तौ वोँ मुजसे छुटतेही भागकर दरवाजे केँ पासखडी खठीहस रही थि ओर मुजे अपनेहाथ कां अंगुठा दीखारही थि मे अेसे फटाक सें बेड सें उतरा कि उसेलगा मे उसे पकडने आँ रहाहुं तौ वोँ वहांसे हसती हुइ नीचेभाग गइओर मे बाथरुम मे घुंस गय़ा
सजधजकर होके नीचेआया तोँ सोनु रेडी होके पहेलेसे हि वहां बैठी थि मे जाके सीधे दादीमा केँ रुम मे घुस गय़ा ओर उसकेपेर छुके वापस डाइनींग पऱ अपनीचैर पे बैठ गय़ा फीर मेने सोनु कि तरफ देखा तोँ मंदमंद मुस्करा रही थि मेनेउसे इसारे सें पुछा आँ रहीहे कि नहि तभी नेनुदुध कां ग्लास लेकेआगइ
नेनु : राज लेँ दुध पीलेओर सोनु कों भि संग लेकेजा मंदिर उसकीकुछ मनत भि हे
मे : जी दिदी लेकीन मुजे वहां वक्त लगेगा तौ वोँ बोर तोँ नहि होँ जायेगी
नेनु : अरेइस बंदरीयाको तु घुमाता रहा तोँ सारादीन घुमती रहेगी कोइबोर नहि होगी
सोनु : क्याँ दि आप् भि सुभह सुभह सुरु होँ गइ घुमने थोडीजा रहीहुं मंदिर जारही हुं
नेनु : ठीकहे ठीकहे तुजे नास्ता अभि करनाहे कि हमारे संगजब भाइआये
सोनु : नहि बादमे, हम् सभी साथमे हि नास्ता करेंगे
तब तक मेनेदुध खतम कीयाओर मे नेनु कों हग करके बहारकी ओर जानेलगा तोँ सोनु भि उठके मेरे पीछे पीछे चलनेलगी मे सीधा कारमें जाकेबेठ गय़ा तब सोनुभी मेरेसंग वालीआगे कि स्थान पर्र बैठगइ फीर मेने गाड़ी मंदिर कि ओर चलाने लगा
मे : तुने अच्छा बहाने बनाया मनत कां ओर नास्ता क्यु नहि कीया वहांदेर लगेगी
सोनु : (हसके)जब मेरेपती फास्ट रखतेतो मे केसेखा सकतीहुं सो मेने भि रख लीया
मे : सोनु तुम्हारा संग मुजे बहोत अच्छा लगताहे कास जयपुर तुम् भि चलती हमारे संग
सोनु : मुजे भि अच्छा नहीं लगताजब मुजसे दुर होते हौ तब, पऱ क्याँ करु जानु दादीमा कां भि तोँ खयाल रखनाहे, ओरहां आपसेअेक बात कहेनी थि आप् जयपुर सें काम होते हि नीकल जानां मुजेअब दादीमा कि चींता होनेलगी हे
मे : क्याँ हुआ बेबीकुछ प्रोबलेम तोँ नहि हुइ तौ कहो हम् जानां केन्शल कर देतेहे
सोनु : अरे नहि नहि आप् आरामसे जाओ मेने दि सें बात करलीहे मे यहा अकेली नहि हुजब तक तुम् नहींआते तब तक अंजु दिदी मेरेसंग रहेगी दीने उससेबात करलीहे
फीर हम् मंदिर पहुचगये जब हम् गाड़ी सें उतरकर मंदिर कि ओरजारहे थें तब सोनु नें अपना दुपटा अपनेसीर पऱ रख लीयाओर वोँ बीलकुल मेरी पत्नि लगरही थि हम् संगसंग चलरहे थें ओर अंदर जाके हम् साथमें हि खडे रहेके पहेले ईश्वर कां दर्शन कीयातब तक पुजारीजी भि आगये हमनेअेक संग उनकेपेर छुअे उसनेहमे आशीर्वाद दीयाओर मेरीतरफ देखके बोले
पुजारीजी : चलोराज बेटा सभी तैयारही हे आजाओ अंदर (सोनुुको देखके) बेटा तबतक तुम् यहां बेठो दरवाजाके पास ताकी तुम् पुजादेख सकोओर बोर भि नहि होगी (हसनेलगे)
फीर पुजारीजी नें मुजे२.५ घंटे लगातार पुजा करवाइ फीर पुजाखतम करके बहार आँ गयेफीर हम् दोनोने पुजारीजी केँ पांव छुअेओर उनसे वीदा लेके बाबा केँ पासगये वहां हमने उनकेपेर छुअे तोँ बाबा नें सोनुको अखंड सौभाग्यवती केँ आशीर्वाद दीयेओर उनसे वीदा लेके घरकीओर चलपडे वाहन मे बैठते हि सोनु बोलि
सोनु : भाइ देखा आपने बाबाने मुजे अखंड सौभाग्य कां आशीर्वाद दीया उन्हे केसेपता कि हमने सादी करलीहे, यहबात तौ सीर्फ हम् दोनोही जानते हे
मे : सोनु बाबासभी जानते हे हमारे बारे मे उसे तुम् त्रिकाल ज्ञानी केह सकती हौ तुमको नेनु नें नहीं बताया
सोनु : अरेहां मेतो भुलही गइ भि अब आपके तोँ मजे हि हेतीन रानीया जौ मीलेगी
मे : (हसके) क्यु तुजेजलन हौ रहीहे
सोनु : मे क्यु जलुगी जले मेरी जुती वेसेअेक बात पुछु आपसे जोँ बुरा नां माने तोँ
मे : हां पुछनां, वेसेअब तु मेरी पत्नि हौ कुछ भि पुछ सकती होँ बोल क्याँ पुछना हे
सोनु : भाइसच बताना हम् तीनो मेसे सबसे ज़्यादा कोन मनपसंद हे आपको
मे : तुने बहोत मुस्कील प्रश्न कीयाहे फीर भि मे प्रयास करुगा कि मुजे पसन्द केँ मामलेमे तुम् दोनो कों मे बहोत चाहता हुं पर्र पत्नि केँ मामलेमे मे तुजे मनपसंद करताहुं क्यु कि मेरी भि कुछ फेन्टासी हे
सोनु : वाव बताओ मुजे, आपकी क्याँ फेन्टासी हे हम् उसे पुरा करने कां प्रयास करेंगे
मे : सोनु मेनेजब प्रेम ओर सेक्स केँ बारेमें पहेला ज्ञान हुआ तबसे मे तुजेअेक बहेन कि नजर सें नहि हमेंसा तुजे मेरी पत्नि कि नजरसे हि देखता थां ओरअेक तुही होगी जौ पुर्ण रुप सें तुजे पत्नि मानकर हि फीजीकल होउगा बाकी नेनुओर अंजु कों मे मेरी पत्नि होनेके बावजुद बहेन मानके हि फीजीकल होउगा क्यु कि मेरी फेन्टासी बहेन कों चोदने कि हे
सोनु : (हसके)चलो मे बचगइओर हांभाइ आपकी फेन्टासी जरुर पुरी करुगी यह वादाहे आपकी पत्नीका
हम् अेसी बाते करतेघऱ पऱ आगयेओर मे चेन्ज करनेउपर चला गय़ा नेनु सोफे पर्र हमारा इन्तजार कररही थि सोनु भि उसकेपास जाकेबैठ गइफीर नेनुने कहा
नेनु : क्याँ केहरहा हे हमारा हिरो मामला कुछबढा कि नहि
सोनु : क्याँ दि आपभी, वोँ तौ मंदिर केँ अंदर थें ओर मे बहार बैठी थि तोँ बात हि नहीं होपाइ (जुठ बोला)
नेनु : हां सोनु मेने अंजु सें बात करलीहे वोँ कल सामको हि आजायेयी ताकी दादीमा कों कुछ होजाये तोँ तु अकेली घबरा नाँ जायेओके
तभी मे उपर सें आगयाओर सीधा डाइनींग पऱ बेठ गय़ा ओर दोनो कि तरफ देखके
मे : अरेओ बंदरीयाओ नास्ता नहि करना क्याँ आपको आजाओ
मेरी आवाज़ सुनकर दोनोखडी हौ गइओर अपनी जगाह पे आकेबैठ गइ टेबल पर्र चाइ नास्ता तैयार थां फीर सोनु नें हमकोचाइ नास्ता सर्व कीयाओर खुदने भि लीया हम् नास्ता करनेलगे फीर नेनु मेरीओर मुडके
नेनु : क्युरे बंदरउछल कुदकर रहा हैं हम् तेरीही राहदेख रहेथे बोलअब क्याँ प्रोग्राम हे तेरा
मे : प्रोग्राम कोइखास नहि हेबस हमारे रामुकाका कों लेकर फेक्टरी जानां हेओर दि मुजे फेक्टरी कि दुसरी चाबी भि चाहीअे ताकी रामुकाका कों देनीहे
नेनु : ठीकहे, हे मेरेपास तुजे अभि दे देतीहुं
फीर हमने नास्ता खतम कीया तोँ नेनुने मुजे दुसरी चाबी दि फीर मेनेकुछ पैसे भि लीये वोँ लेके रामुकाकाके घऱ जानेके लीये नीकल गय़ा ओर दोनो बहेने घऱ केँ काम मे लगगइजब मे रामुकाका केँ घऱ गय़ा तोँ रामुकाका अकेले सोफे पऱ बैठे थें मेने जाके काका केँ पेर छुअेओर उसकेपास बैठ गय़ा ओर मेनेउसे चाबी देदीओर कहा
मे : यहलो काका चाबी आजसेयह आपकेपास हि रहेगी ओरअेक चाबी मेरेपास भि हे
रामुकाका : ठीक बेटा मे आज हि काम सुरु करवा देताहुं अभि जाकेचार पांच मजदुर लेँ जाउंगा मे वहासभी सफाइ करवा दुंगा इसकेबाद हम् मशीन कां भि देख लेंगे तुम् चींता मत करना
मे : काका आप् कहो तोँ मे आपकी सहायता करनेसंग मे आँ जाउ?ओर साथमें थोडा इलेकटड्ढीक कां भि देख्ना पडेगा सभी वाइरींग चेक करवाना पडेगा
फीर रामुकाका नें अंदरचाइ केँ लीये आवाज़ लगाइफीर मेरीतरफ देखके
रामुकाका : अरे वोँ सभी मे देख लुगा हमारा प्राचीन इलेक्टड्ढीसयन हेंना मे उसेबोल दुंगा वोँ सभीदेख लेंगे ओर तुम्हे आने कि जरुरत नहि हे बेटा यह मेरीही फेक्टरी हे तुम् चींता मतकरो
मे : थेन्क यु काका आपने तोँ मेरासभी बोज हलकाकर दीया, वेसेसभी लोग कहां हे
रामुकाका : तुम्हारी आंटी मंदिर गइहेओर अजय तोँ सुभह सेही तुमने कुछकाम सोपाहे इसके लीये गय़ा हेओर सीमाचाइ बनारही हि, तुम् थोडीदेर बेठोतब तक मे थोडा फ्रेस होके चेन्ज करलु
कहेके काका अंदरचले गयेतभी सीमा मेरे लीयेचाइ लेकेआगइ ओर मुजेचाइ देके मेरे बाजु मे बैठगइ ओर मुजसे कहेने लगी
सीमा : भाइ थेन्क यु वेरीमच आपने हमारे लीये जोँ कीया इसका अहेसान मे केसे चुकाउ
मे : अरे टेन्सन मत लेँ सीमा मे हुंना ओरयह थेन्कयु बेन्कयु अहेसान क्याँ लगारखा हे आइन्दा मेरे सामने अेसे वर्ड नीकाला तौ तुजे पीटुंगा समजी
सीमा : (हसके)जी भाइ सोरी, पर्र भाइआगे हमारा क्याँ होगा हम् मां पिताजी कों केसे समजाये, आप् हि कोइ मार्ग दीखाना क्युकी अब हम् दोनो जुदा नहि रेह सकते
मे : वोँ सभीतु मुज पऱ छोडदे स्वयं तेरे मां बापू तुम् दोनो कि सादी करेंगे
सीमा : क्याँ सचमें अेसा होँ सकताहे भाइतब तोँ मे आपका जींदगी भर अहेसान मंद रहुगी.ओह सोरीभाइ फीर गलती हौ गइ
मे : लगताहे तुजेओर सोनु कों दोनो कों पीटना पडेगा हमे पागल जौ कर दीयाहे
यह सुनते हि सीमा सरमागइ ओर मेरीतरफ तीरछी नजरोसे देखके हसरही थि तभी अंकल आँ गयेफीर सीमाने उनको भि चाइ दि फीर हम् चाइखतम करकेउठ गयेओर मेने काका कों पैसे दीये
मे : यह लीजीये काकायह ५०.००० हैं आप् इनमेसे खर्च करनाओर कमपडे तोँ मुजसे मांग लेना आप् काम सुरु करीये अब मे चलताहुं
रामुकाका : ठीकहे बेटा कलशाम तक सभी हौ जायेगा, ओर मेरेसंग अजय भि तौ हे
फीर मे काका सें वीदा लेके बाइक केँ पास आँ गय़ा तभी मुजे अंजना दि याद आँ गइ तोँ सोचाचलो अेकबार जाकेआता हुं क्याँ कररही हे मेरी तीसरी वाइफओर मुजसे केसा व्यवहार करेगी क्युकी वोँ सभी जानती थि ओर वोँ समजती थि कि मे इन बातो सें अंजान हुं तौ मे बाइक लेके सीधा उनकेघऱ कि तरफचल पडा उसकेघऱ जाके देखा तौ वहां तालालगा हुआ थां सोचा कोलेज मे तौ छुटीहे कहां गइ होगी मेनेउसे मोबाइल लगया तोँ
मे: हेलो अंजना दि मे राजबोल रहाहुं कहां हे आप् मेतो आपके घरपेआया थां
अंजना : हांराज मे यहा वकील सें मीलने आइहुं अेककाम करो यहां आँ जाओ
फीर अंजना दि नें मुजे वकील कां अेडड्ढेस दीयाओर बाइक लेके सीधा वहां पहोंच गय़ा तोँ वोँ वकील कि चेम्बरसे बहार नीकलती हुइ मेरेपास आगइ
अंजु : हांराज कहो क्याँ काम थां
मे : सोरी मुजे नहि मालुम थां कि आपकोकाम केँ अलावा नहि मीलना हे सोरी अगेन आपको डीस्टर्ब कीया
अंजु : (मेरीकमर मे चीटकी काटते) सोरी केँ बच्चे अधिक नौटंकी मतकर मेने अेसा तौ नहि कहा, वोँ तोँ तुजेआज अचानक हमारी यादआगइ इसलीये पुछा, वेसे तोँ तुम् कभी भि मेरेघऱ आँ सकते होँ पऱ जनाब कों फुरसत कहां मालती हे
मे : (हसके) सोरी दि वोँ मे थोडा काम मे फस गय़ा थां तौ नहि मील पाया
अंजु : अब यहींखडे खडेबात करेगा कि मुजे कहीं लेजायेगा कंजुस कहीका
मे : ओह चलीये क्याँ पसन्द करेगी कोफी याँ आइसक्रिम
अंजु : तेरा जहांमन करे लेजाआज लडकी सामने सें डेट पऱ आइहे घुमाले
मे : (हसके) चलीये बैठीये बाइक पर्र हम् आइसक्रिम खाने चलेगें
फीर मेने वोँ आइसक्रिम पार्लर लेँ गय़ा ओर मे बहार टेबल पऱ बैठने लगा तौ अंजु नें मेराहाथ पकडाओर बोलि
अंजु : यहां नहि चलो केबीन मे बुध्धु इतना भि नहि मालुम कि डेट पे जातेहे तौ केबीन मे बेठते हे
फीर हम् वोही केबीन मे बैठगये जहां मे सोनु कों लेकेआया थां ओर बैठते हि मेने कहां
मे : (थोडा आनंद लेने) मुजे क्याँ मालुम डेट मे क्याँ क्याँ करते हैं मे थोडी गय़ा हुंकभी
अंजु : ज़्यादा भोलामत बन तेरे जेसा हेन्डसम लडकाओर डेटपे नहि गय़ा, इम्पोसीबल
मे : शपथ सें सचकेह रहाहुं पुछना आप् नेनु दि कों मे कभीइस लफडे मे नहि पडा मेरी तोँ दुनीया हि मेराघऱ ओर मेरी बहेने हे कसमसे
अंजु : (मुजेअेक नजरसे देखते) क्याँ वाकइतु सचकेह रहाहे, मे तौ हेरान हुंआज कि दुनीया मे भि अेसे लडकेहे आइ कांट बीलीव
मे : यहसभी छोडीये ओर बताइअे आप् कि फेवरीट कोनसी हे मे ओर्डर कर देताहुं
अंजु : आजतु जोँ खीलादे वोँ हि मेरी फेवरीट हेचल मंगाले जौ तुजे मनपसंद होँ
फीर मेने वेइटर कों बुलाके दो आइसक्रिम मंगाली थोडीदेर बाद वेइटर दे गय़ा ओर हम् खानेलगे ओर खाते खाते मेनेबात छेडी
मे : अंजु दि उसदीन आपनेबात अधुरी छोडी थि, अपनी फेमीली केँ बारे मे प्लीज बताइअे अगर आप् बताना चाहे तौ
फीर अंजु नें वोँ सारीबात बताइ जौ उसने नेनु कों बताइ थि ओर मेने अपने गेजेटसे सुनी थि वोभी बताया जीसमे उसकेपती ओर सासू माँ केँ बीचओर उनकी विधवा भाभी केँ बीच फीजीकल सबंध थें अंजु नें मुजसे कुछमत छुपाया
अंजु : तौ सुन लीयाअब बताओ मुजे क्याँ करना चाहींये
मे : (कुछ सोचके) मुजे आपकोराय देने कां हक तोँ नहि पऱ आप् पुछ हि रहीहे तोँ मेरी सलाहहे कि आपको आपकेपती कों छोड देना चाहीये
अंजु : (राज कों परखने लगी)अगर मे मेरेपती कों छोड दुंगी तौ कहां जाउगी ओर कहां रहुगी क्यु कि मेरेघऱ वालोने भि मुजसे रीस्ता तोड दीयाहे
राज भि जानता थां कि यह मुजे परखना चाहती हे
मे : दि आप् जोब करती होँ, ओर आपकी उमरतो बीलकुल नहि हे अभि आप् नेनुदी केँ बराबर दीखती होँ तोँ कोइ अच्छा लडका देख्ना आसपास धीरे-धीरे फीर उससे सादी करलेना रहीबात रहेने कि तोँ मे आपको दि वेसेही नहि कहेता ओर नेनुओर आपमेकोइ फर्क नहीं करता तौ हमारा घऱ आपहीका घऱहे वहां आजाना ओर सादी तक रहेना
अंजु : वाकइ जेसा नेनु कहेती हे वैसे हि हौ तुम् अेक विसाल हृदयके होँ जीस लडकी कों तुम् मीलोगे वोतो धन्य होँ जायेगी, वेसेराज तुजको मे अब बतादुं कि मे यहां अपने डीवोर्स पेपर फाइल करने हि आइथी मे अपनेपती सें तलाक लें रहीहुं तौ कहोकब तुम्हारे घऱ पऱ आजाउं? हैं.हैं.हैं.
मे : अभि। अभि मेरेसंग हि चलो आपकोकोइ तकलीफ नहि होगीयह मेरा वादाहे
अंजु : (अपनी आंखेनम करके मुजे देखने लगी थोडीदेर बाद)राज तु वाकइअेक अच्छा इन्सान हेकास तुम् मुजे.
फीर अंजु कि आंखोसे आंसुओकी धारा बहेने लगी मे फोरनखडा होके उसकेपास चला गय़ा ओर उसकासर अपने दोनो हाथो मे लेके मेरे सीनेसे लगा लीयाओर वोँ भि मेरे सीने मे सर छुपाके रोनेलगी राज नें उसे थीडीदेर रोने दीयाबाद मे अपनीजेब सें रुमाल नीकाल केँ अंजु केँ आंसु पोछने लगाफीर उसको पानी पीलाया ओर वापस अपनीजगा पे बेठ गय़ा ओर अंजु कि ओर देखके कहेने लगा
मे : अंजु दि आज आपको मुजसे अेक वादा करना पडेगा
अंजु : कोनसा वादाराज
मे : आज आपको मेरीशपथ खाकेयह वादा करना पडेगा कि आजकेबाद आप् इस बातको लेकरकभी रोयेगी नहि जोभी होगा आप् सामना करीये मे आपकेसंग हुं
अंजु : (अपनीनजर नीची करके)ठीक हैं तुम्हारी शपथ मे कभी नहि रोउगी
मे : हं धेट्स गुड गर्लअब हस भि दो आजकेबाद आप् सीर्फ हसेगी
अंजु : आज मुजे भि तुमसे वादा चाहीये
मे : अब मे कोनसा वादादुं मे थोडी रोयाहुं हैं.हैं.हैं.ठीक हे मांगलो आप् भि क्याँ याद रखेगी
अंजु : आजकेबाद तु मुजे अपना टीचर याँ मेडम नहि समजेगा मुजेअेक मित्र चाहीअे जौ मे उसेसुख ओरदुख बाटसकु ओर मेरी नजरोमे तुमसे बहेतर कोइ नहि हे तोँ क्याँ तुम् मेरी दोस्ती कबुल करोगे
मे : जी बीलकुल आजसे हम् पक्के वाले साथीअब खुशअब तोँ हसदो
फीर मेनेओर अंजु नें हसकेहाथ मीलाया ओर वोँ बहोत खुसलग रही थि फीर मे पार्लर सें बील पे करके सीधा अंजु कों छोडने उसकेघऱ पहुंच गय़ा मे बहारसे उसे डड्ढोप करदीया उसने मुजे अंदरआने कों कहा पऱ मे बादमे आने कां वादा करके अपनेघऱ पऱ आगया तोँ दोपहर केँ १बज गय़ा थां दोनो बहेने दोपहर का खाना केँ लीये सोफे पऱ बेठके मेरा वेइटकर रही थि ओर जेसे हि घऱ मे आया तोँ
नेनु : आँ गये जनाब बहार कीसीनें दोपहर का खाना नहीं करवाया
मे : क्याँ दि मे कामसे गय़ा थां अब आप् आदत डाललो क्युकी अबतो मुजेहर दीन जानां पडेगा तौ कभीकभी देर भि होँ जायेगी
नेनु : (भडकगइ) भाड मे जाये तेराकाम तुजेआज कहे देतीहुं खानां खायेंगे तौ संग मे वरना हम् भि नहि खायेंगे, क्याँ कहेती हौ सोनुं
सोनु : हां दि सहीकहा आपने हम् आपके बीना खाने कों हाथ तक नहि लगायेंगे
मे : (हाथ जोडके) ठीकहे मेरी माँ गलती होगइअब वक्त पे आजाउंगा अबखुश
दोनो हसनेलगी तौ मे उपर फ्रेस होनेचला गय़ा जब फ्रेस होके नीचेआया तोँ दोनो खानेकी तैयारी कररही थि मे जाके सीधा अपनी स्थान बैठ गय़ा बाद मे नेनु भि बैठगइ ओर सोनु हम् दोनो कों खानां परोसने लगीबाद मे वोभीबैठ गइओर हम् खानेलगे
मे : आप् दोनो कों खा लेना चाहीये मेरीवजह सें आप् क्युं भुखी रहती होँ
नेनु : हम् तेरे बगैर नहि खायेंगे धेट्स ओल, समज गय़ा, कि तुजेओर तरीकेसे समजाना पडेगा
मे : तुम् धमकी बहोत देती होँ बोला नां आजाउगा,
फीर मेने नेनु कां गुसा सांत करने केँ लीये खाते खाते थोडा मस्ती करना चालु कीया मेंने नीचेसे मेरापैर नेनु केँ पेर पर्र रखकरदबा दीया तोँ नेनु नें अेकदम मेरीतरफ देखा तोँ मे खाने मे व्यस्तथा अेसा अेक्टींग करनेलगा फीर नेनु नें सोनु कि तरफ देखा तौ वोँ भि नीचेसर करकेखा रही थि बाद मे नेनु नें अपना पांव छुडाके मेरेपेर पऱ रख दीयाओर नीचेसर करके खाते खाते मुस्करा रही थि उसको मेरी हरकत अच्छी लगनेलगी थि क्यु कि अंजु नें उसे सलाह दीथी कि राज जोँ करे करने देना ताकी वोँ आगेबढ सकेइसी बात मे नेनुचल रही थि
फीर मेने भि अपना दुसरा पेर नेनु केँ उस पांव पऱ रख दीया जोँ मेरे पांव पर्र रखा थां ओरपेर सें हि उसे सहेलाने लगा तौ नेनु अेबदम सरमागइ ओर अपने दोनोपेर दुर करलीये यह उसकाआज पहेला अनुभव थां जोँ कोइ लडकाउसे इसतरह पहेली बार छेडता थां वोँ अेकदम अेक्साइड हौ गइओर उसकी सांसे तेज चलनेलगी फीर सरमा केँ जडपसे खानेलगी उसे अेसे खाते देखके मेनेबात आगे बढाइ
मे : क्याँ हुआ अेसेजडप सें क्युखा रही हौ खानां थोडीभाग जाने वालाहे
नेनु : (हडबडाइ) वोँ.वोँ। मे। मे.
मे : (जोरोसे हसनेलगा) सोनुदेख बकरीफीर सें आँ गइ केसे मे मे कररही हे
यह सुनते मे सोनुफीर सें हसनेलगे हमें हसते देखके नेनु मुजे मारने केँ लीयेउठी तोँ मेभी उठके सोफे केँ पीछेभाग गय़ा नेनु मुजे पकडनेकी कोसीस करनेलगी हम् दोनो सोफे केँ आसपास घुमने लगे नेनु हसके मुजे गालीया देतीरही ओर सोनु हम् दोनो कों देखके हसेजा रही थि
नेनु : कमीने मे तुजे बकरी लगतीहुं तुइधर आँ आज तुजे नहि छोडुंगी कुता कहीका
फीर घुमते घुमते नेनुथक गइओर वापस अपनी स्थान पर्र बैठगइ ओर मुजसे कहेने लगी
नेनु : चल पहेले आके खानां खाले बादमें तुजे देखुंगी कमीना कहीका
फीर मेंभी जाके उसकेबगल मे अपनीचेर पर्र बैठ गय़ा ओर खाने लगातो नेनुने मुजें मौका देखके मेरी पीठमें अेक जोरदार मुका माराफीर मेने भि खानां छोडकर उसका दोनोहाथ पकड लीये तोँ वोँ हाथ छुडानेकी नाकाम कोसीस करतीरही फीरनरम होगइ
नेनु : प्लीज छोडदे मेराहाथ मेरा अच्छा भाइ हेनातु, अब तुजे नहि मारुगी छोडदे
मे : नहि इससे पहेले भि तुयही केहरही थि अब तौ तेराहाथ मे कभी नहि छोडुंगा (डबल मीनींग)
सोनु : हांभाइ अबमत छोडना दि काहाथ बडी मुस्कीलसे आयाहे हाथ(डबल मीनींग)
नेनु भि समजरही थि कि हम् दोनो उससेडबल मीनींग मे बातकर रहेहे उसको भि अच्छा लगता थां फीर सोेनु कि तरफ कामुक नजर सें देखके
नेनु : हांहां बैठजा भाइकी गोदमें, बडीआइ भाइकी तरफदारी करनेदेख लुगी तुजे भि
मे : आप् मेरेवस मे हौ फीर भि आपकीअकड नहि गइ सोनु कों धमकारही हौ (फीर सोनु कि ओर देखके) सोनु लगताहे इनकीअकड अब नीकालनी पडगीबोल क्याँ करु इसकेसंग
सोनु : भाइ जाने दोने बेचारी कों देखो केसामुह होँ गय़ा हे इसका, कही रो नां पडे
नेनु : तु बडबडमत कर कमीनी मे कोइ रोने वाली नहि हुं समजी (मेरीतरफ पलटके) प्लीज छोड नाँ भाइ कलाइ दुखने लगीहे मेरे अच्छे भाइ होना आप् प्लीज छोडदो
फीर मेनेतरस खाकेछोड दीया तौ उठगइओर मुजे मुका मारके अपनेरुम मे भागगइ ओर दरवाजा बंध करलीया हमने खानां खालीया थां हम् उठगये सोनुसभी बरतन उठाके काम करनेलगी ओर मे अपनेरुम मे आकेबेड पऱ लेट गय़ा ओर मेने गेजेट लगा लीया क्युकी आज मेने नेनु कों गर्मकर दीया थां तोँ वोँ जरुर अंजना सें बात करेगी ओर मेरा अंदाजा सही नीकला नेनु वाकइ अंजु सें बातकर रही थि
अंजु : हां नेनुबोल क्यु मोबाइल कीया कहींकुछ बातबनी केँ नहि
नेनु : हां दोस्त आजकुछ अेसी हरकत कि उसने मे तौ सरमसे पानी पानी होँ गइ मुजे तोँ बहोत घबराहट हौ रही थि
अंजु : अरे घबरामत सभी मुवमेन्टको अेन्जोय करओरआगे बढआज मेंभी उनसे मीलीथी मे जब वकीलके यहांगइ थि तौ उसका मोबाइल आया थां तोँ मेनेउसे बुला लीया
नेनु : क्याँ केहरहा थां तेरीबात कुछआगे बढी कि नहि
अंजु : हम् आइसक्रिम पार्लर गयेवहा हमनें थोडा समय स्पेन्ड कीयाफीर मुजेघऱ छोडने आया थां मेनेउसे अंदर बुलाया तोँ वोँ मना करके जलदी सें भाग गय़ा
नेनु : ओह तौ वोँ तेरेसंग थां मुजे कहेता थां कि फेक्टरी गय़ा थां
अंजु : तौ सचही तौ कहेरहा थां वोँ सीधा वहींसे आँ रहा थां वोभी मेने बुलाया तोँ आया उसकोकुछ कहेना नहि तेरीइसी आदत कि वजह सें दुर भागता हे
नेनु : ओह सोरी दोस्त मेरीआदत जौ हेयह भुलने मे थोडा समय लगेगा लेकीन मे अब मेनेज कर लुगी आफटरओल हमारा पती जौ होने वालाहे चल रखतीहुं मोबाइल सोनु कीचन मे अकेली हे बेचारी
कहेके नेनु नें मोबाइल काट दीयाओर दरवाजा खोलके पहेले बहार देखा मुजे वहां नं पाकर वोभीकाम कराने लगीओर मे भि सो गय़ा नेनुओर सोनु दोनोकाम खतम करके सोफे पऱ बैठी थि तब नेनु बोलीं
नेनु : सोनुपता नहि राज केँ नजदीक जाने मे हमे थोडा अजीबसा डरलगरहा हे
सोनु : हां दि मुजे भि अेसाही फील होताहे पता नहि हम् कीससे डरतेहे
नेनु : (कुछ सोचके) मुजे लगताहे दरसल हम् अेक दुसरे सें डरतेहे
सोनु : वोँ केसे? थोडा डीटेइल मे समजाओ
नेनु : मेनेफील कीयाहे जब मे ओरराज साथमें होतेहे तोँ मुजे तेराडर लगताहे कि कहीतु हमारे बारेमे उल्टा सीधातो नहि सोचेगी ओर मुजे लगताहे तेरी हालत भि वोँ हि होगी
सोनु : अरेहां दि जबभाइ कोइ अेसी हरकत करताहे तोँ मेरा ध्यान जल्दी आपकीओर हि जाताहे कि कही आप् देख नाँ लेँ हांयही डर कि वजहसे हम् आगे नहि बढरहे हे
नेनु : अब हम् क्याँ करे तुजेकोइ मार्ग मीलता हे तौ बोल मुजे तौ कुछसुज नहि रहा
सोनु : (कुछ सोचके) हैं दि अेक मार्ग हे, अगर आप् मानो तोँ?
नेनु : बोल क्याँ मार्ग हेअगर हमे कामीयाबी मीलती हे तोँ क्यु नहि मानुगी बोल
सोनु : दि अबहमे अेक दुसरो सें डरने कि जरुरत नहि हेहमे बेसर्म बनना पडेगा
नेनु : क्याँ मतलब केसेतु मुजे थोडा विस्तार सें समजा
सोनु : देखो दि भाइअगर मेरेसंग कुछ उल्टी सीधी हरकतकरे ओर आप् देखले तोँ नजर अंदाज करनाहे ओर अेसा रीअेक्ट करनाहे कि यह देखके आपकोकुछ फर्क नहि पडाओर अेसी हरकत आपकेसंग करे तोँ भि मुजे आस्चर्य नहि होना चाहीये अब तौ हम् तीनोभाइ कि पत्नि बनने वालीहे हौ सकताहे हमारा अलगरूम भाइ मनपसंद न् करेओर हमे तीनो कों अेकसंग अपनेबेड पे सुलाये हौ सकरता हेहमे फोरसम करनापडे तोँ वहां हमारी शर्म कहां जायेगी?
नेनु : बात तोँ तेरीसही हे मतलबअब हमे बेसर्म बनना पडेगा ओर हम् दोनो कों अेक दुसरेकी हाजरी सें कोइ फर्क नहि पडना चाहीये, यही तेरा कहेना हेना?
सोनु : जी दि अब आप् समजगइ कहो क्याँ नीर्णय हे आपकी
नेनु : हं.ठीक हे आजसे हि लगजाओ मीशन पतीदेव, राजअब तु गय़ा देख तेरी नेनुओर सोनुका नया अवतार देखने कों मीलेगा थेन्क यु गुडीया तुने मेरी सारी उलजनदुर करदी, ओर अेकबात सोनु, सबकी हाजरीमें हम् नोर्मल बर्ताह हि करेंगे जेसे हम् आज तक करतेआये हे, सीर्फ हम् दोनो मेंसे अेकराज केँ संग हौ तभीहमे बेसर्म बननाहे ओरयहबात हम् दोनो केँ बाच सीमीत रहेनी चाहीये
कहेके नेनु नें सोनु कों खडे होकरहग कीया तौ सोनु भि खडी हौ गइओर नेनु कों अपनी बाहों मे भीच लीया दोनो केँ बुब्स आपस मे दबगये जीनकी वजहसे नेनु गर्म होगइफीर अचानक सोनु नें अपने होंठ नेनु केँ होंठ सें जोड दीयेओर उसने जोरोसे चुस लीया
नेनु : हुम। कमीनी तुतो अभि सें सुरु होगइचल जा तेरेरुम मे, ओर आराम करले
फीर दोनो अपने अपने कमरे मे जाकरसो गइ, सुभह जल्द उठने कि वजहसे तीनोशाम पांचबजे तक सोतेरहे, पहेले नेनुकी नींदखुल गइओर उसनेघडी मे देखा तौ पांचबज गये थें तोँ वोँ फटाक सें उठीआज उठने मे देर होगइ थि फीर वोँ बाथरुम मे फ्रेस होकर बहारआइ तोँ उसने देखा अभि नीचेकोइ नहि आया थां तौ वोँ दोनो कों उठाने उपरचली गइ पहेले उसने सोनु कों उठाया तोँ वोँ उठके बाथरुम मे घुसगइ, बाद मे वोँ राज केँ रुम मे आइ तोँ वोँ भि घोडे बेचके सोरहा थां, नेनुउसे उठाने लगी
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - १२
फीर दोनो अपने अपने कमरे मे जाकरसो गइ, सुभह जल्द उठने कि वजहसे तीनेशाम पांचबजे तक सोतेरहे, पहेले नेनु कि नींदखुल गइओर उसनेघडी मे देखा तोँ पांचबज गये थें तौ वोँ फटाक सें उठीआज उठने मे देर होँ गइ थि फीर वोँ बाथरुम मे फ्रेस होकर बहारआइ तोँ उसने देखा अभि नीचेकोइ नहि आया थां तोँ वोँ दोनो कों उठाने उपरचली गइ पहेले उसने सोनु कों उठाया तोँ वोँ उठके बाथरुम मे घुसगइ, बाद मे वोँ राज केँ रुम मे आइ तोँ वोँ भि घोडे बेचके सोरहा थां, नेनुउसे उठाने लगी.अब आगे
नेनु : उठराज शाम पांचबज गयेहे कीतनी देर सोता रहेगा उठजा
फीर राज नें आहिस्ता सें आंख खोली तोँ नेनुउसे जगारही थि तबउसे नेनु मारके भागगइ थि वोँ यादआया तौ उसने सोते सोते हि नेनुका हाथपकड केँ अपनेउपर खींच लीया नेनु सीधेराज केँ उपर गीरीओर राज नें दोनोहाथ सें अपनेउपर भींच लीयाओर कहा
मे : हं.अब कहां जायेगी, मुजे मारके भागगइ थि अब छुटके बता
नेनु : भाइछोड मुजेकोइ आँ जायेगा क्याँ सोचेगा हमेइस हालत मे देखके
मे : जीसको आनांहे आये वेसे भि हमारे घऱ मे कोन आयेगा, मे तुजेअब छोडने वाला नहि हुं तुने बहोत चालाकी करलीहे अब अेसे हि पडीरहे
नेनुको भि राज कि बाहोंमे अच्छा लगनेलगा थां वोभी चाहती थि कि राजआगे बढे ताकी उनको अधिक महेनत नहि करनीपडे तोँ उसनेराज कि बाहों मे पडे रहेने कां फैसला कर लीयातभी उसके नीचेकुछ चुभने लगा, वोँ फोरनसमज गइ कि यहराज कां लन्ड हे जौ उसकीचुत पर्र दस्तक देरहा हेफीर भि वोँ हिंमत करकेपडी रही उसने वीरोध करनाछोड दीयाओर देखने लगीआगे राज क्याँ करताहे
नेनु : ठीकहे मुजे क्याँ, अब तोँ जब तक तु नहि छोडेगा मे अेसेही पडी रहुंगी
कहेके नेनु कामुक मुस्कान केँ संगराज कि आंखोमे देखने लगी, राज भि नेनु कों अेसे हि देखता रहा दोनो थोडीदेर अेसे हि देखते देखते आंखोसे बहोत कुछ केँ रहे थें नेनु कों नीचे चुभन हदसे बहार होगइ थि ओर उसकी चूत पानी छोडेने लगी थि पानी इतना नीकला कि राज कि पेंन्ट भि गीली होँ गइफीर भि नेनु हटने कां नाम नहि लेँ रही थि तोँ राज नें थोडा आगे बढना सोचा
ओर आहिस्ता आहिस्ता अपने होंठ नेनु केँ होंठो कि तरफ लेँ जानेलगा फीर भि नेनु नें अपना चहेरा नहि हटाया ओर वोँ मेरी आंखोमें देखते मुस्कराये जारही थि राज भि नेनु केँ इस व्यवहार सें हेरान थां फीर अचानक राज नें अपने होंठ नेनु केँ होंठ पर्र रख दीयेओर होंठो पऱ कीस करके उसने नेनु कों छोड दीया तौ नेनु फोरन उठके सरमागइ ओरमंद मंद मुस्कराके नीचेदोड केँ भागगइ
राज कों बडा आस्चर्य हुआ, उसे नेनु कों हसते हुअे भागता देखा तोँ समज गय़ा नेनु केँ दील मे उसके लीये क्याँ हे, अबउसे प्रपोज करने मे कोइ प्रोबलेम नहि हे, तब उसने मनहीमन ठान लीया कि अबसही मोका देखकर वोँ नेनु कों अपनेदील कि बातकेह देगाफीर वोँ फ्रेस होके नीचेआके सोफे पऱ बैठ गय़ा तभी सोनु भि मुजे उपरसे आतीनजर आइओरआके मेरेबगल मे बैठगइ ओर मुजे धीमी आवाज़ मे मेरेकान मे कहेने लगी
सोनु : भाइ आप् तोँ अेकदम आगेबढ गये, जीस पोजीसन मे आप् दोनोपडे थें तोँ मुजेलगा आज हि नेनु कां काम तमाम हौ जायेगा, लेकीन आपनेछोड क्यु दीया अच्छा मौका थां आपकेपास
मे : तौ रानीसाहेबा आपनेदेख लीया, ठीक हे, लेकीन दोस्त मुजेडर लगरहा हे कि नेनु कहीं नाराज न् होजाये
सोनु : भाइअेक बात बताओ, जब आपने नेनु कों कीस कीया तौ उसका रीअेक्शन क्याँ थां
मे : कुछ नहि बस सरमाके हसती हुइ भागगइ
सोनु : तौ फीर डरने कि क्याँ जरुरत हे, लडकी सरमाइ इसका मतलब वोभी सजधजकर हेओरइस मामलेमे उसकीमुक रजामंदी हेभाइ आप् बिन्दास आगेबढो बीना डरके
तभी नेनु भि अपनेरुम सें आगइओर आके हमारे पासबैठ गइ बेठके वोँ मेरीतरफ तीरछी नजरोसे देखके मंदमंद सरमाते मुस्कराये जारही थि सोनुइसे देखकर नोटीस कररही थि
सोनु : क्याँ बातहे दि बडीखुश होरही होँ, हसते जारही होँ, कोइ खजाना हाथलगा क्याँ?
नेनु : चुपकर मे तौ तुम् दोनो खुसर फुसरकर रहे थें तौ देखकर हसरही थि (जुठ)
मे थोडा नेनु कों ओर तडपाना चाहता थां सोनु कि तरह ताकी लोहा गर्म होँ जाये
मे : दि मे जरा फेक्टरी होकरआता हुं दीखता हुं रामुकाका नें क्याँ कीयाहे
कहेके मे उठकर वहां सें बहारचला गय़ा ओर पीछे मुडकर देखा तौ नेनु कां चहेरा दुःखी हौ गय़ा थां मे मन मे हसके हमारी फेक्टरी कि ओरचलपडा वहांआया तोँ देखा पांचछे मजदुर मीलकर कामकर रहे थें करीब-करीब उसने सारी फेक्टरी कि सफाइकर डाली थि ओरअब वोँ पुरी फेक्टरी पानी डालके धोरहे थें ओर रामुकाका स्वयं वहांखडे होकर सबसे सफाइ करवारहे थें, मुजे देखकर फोरन मेरेपास आँ गयेओर बोले
रामुकाका : आओराज बेटा, देखोसभी सफाइ हौ गइहेबस यह थाडा बाकीहे वोँ अभि खतम होँ जायेगा, आओ दीखाता हुं मेने तुम्हारा ओफीसओर आराम केँ लीयेरुम थां वोभीसाफ करवा दीयाहे
फीर मे ओर काका ओफीसकें अंदरचले गये, मेने देखा तौ हमारा ओफीस चमकने लगाथा फीररुम केँ अंदर गय़ा तोँ सबकी सफाइघऱ कि तरह होँ गइ थि
रामुकाका : यह भि हौ गय़ा, बसयहबेड कि चदरओर यह सोफे केँ कवर अभि जाते टाइम लोन्डरी मे देते जाउंगा ताकीकल साफ होके आजाये
मे : अरेवाउ काका आपने तोँ अेसेसभी सजा दीया कि मे घऱ छोडके यहां आजाउ रहेने केँ लीये, थेन्क यु काका
रामुकाका अपनी तारीफ सुनके खुश हौ गयेओर उत्साहीत होँ गये
रामुकाका : अरेराज बेटा देखोकल तक यहरुम भि चमकने लगेगा क्युकी कभी नाइटमे तुम्हे यहा रुकना पडे तौ तुम् यहीं आरामकर सकते हौ, तुम्हारे पिताजी भि यही करते थें, ओरयह मशीन भि कल कंपलीट हौ जायेगी
मे : धन्यवाद काकाअगर ईश्वर नें चाहा तोँ हमारी दुसरी फेक्टरीया भि हमें चालु करनीहे
रामुकाका : वोँ भि होँ जायेगी, अगर अमीतजीका तुम्हमरे जेसा होनहार बेटा हे तोँ कोइ मुस्कील काम नहि हे, ईश्वर पे भरोसा रखो
मे : ठीकहे काकाअब मे चलताहुं ओर आप् भि जाइअे बाकी कां कामकल कर लेना आप् भि तौ थकगये होंगे पुरादीन इन सबकेसंग काम करते
रामुकाका : तुम् मेरी चींता नाँ करो, मुजे तौ यहसभी करने कि आदतहे, आप् जाओ
फीर मे फेक्टरी सें सीधाघऱ आँ गय़ा वोँ दोनो कीचन मे कामकर रही थि मे जाके सीधे सोफे पऱ बैठ गय़ा ओरटी.वी। चला दीयाओर न्युज देखने लगा वोही बोरींग न्युज कहीं खेडुत आंन्दोलन, तौ कहीं पानी कि दीक्कत, तोँ कहीं बीजली केँ लीये आन्दोलन, मेरेटी। वी.बंध कर दीयातभी नेनु मेरेपास आकेबैठ गइ
नेनु : क्यु क्याँ हुआ टी.वी। क्योबंध करदी,
मे : क्याँ दि वोही हमेसा कि तरह बोरींग न्युज रोजअेक हि चीज देखने कों मीलती हे
नेनु : तोँ कोइ फील्म वील्म देखले
मे : नहि फील्म देखनेका आनंद तौ सीर्फ सीनेमा मे आताहे टी.वी। पऱ नहि
नेनु : तौ सीनेमा चलाजा वहां अेन्जोय कर
मे : नहि दि अकेले अकेले वहां भि वोहीहाल होगा अकेले देखने मे आनंद नहि आता
नेनु : तौ कीसीके संगचले जाओ, याँ कोइ गर्लफ्रेन्ड कों लेकेजाओ
मे : यही तौ, कीसके संग जाउं, ओर कोइ गलफ्रेन्ड भि तौ नहि हे, ओर जीसके संग जानां चाहता हुं उसकेपास समय नहि हे
नेनु : कोनहे वोँ, कहो मे उससेबात करतीहुं
मे : आप्, आपही तोँ हौ जोँ हमेसा बीजी रहेती हौ हमारी वजह सें
नेनु : (सरमाके) तुम् भि नां भाइ.
नेनु सरमाके फोरनखडी हौ गइओर कीचन मे भागगइ ओर अंदर जाके हसनेलगी सोनु नें रीजन पुछा तौ वोँ सभी बाते हसके बताने लगी, तोँ सोनु नें मुडके मेरीतरफ देखाओर हसनेलगी, फीर मे उठके अपनेरुम मे गय़ा ओरबेड पर्र अेसेही लेट गय़ा, तभी सोनुउपर आके सीधे मेरेबेड पर्र बैठगइ
सोनु : भाइ आप् नेनु केँ संग फील्म देख्ना चाहते हे?
मे : मे तोँ बस अेसेही बातकर रहा थां क्यु क्याँ कहा उसने
सोनु : कुछ नहीं वोतो सरमके मारे पानी पानी होँ गइ, मुजे लगताहे भाइअब आपको प्रपोज कर देना चाहीये मत तडपाओ उसे, प्रेम कि तडप क्याँ होतीहे वोँ सीर्फ मे हि जानती हुं, वेसेअेक बात कहुं आपसे
मे : मेने कीतनी बारकहा हे कि तुजे मुजसे बात कि परमीसन नहि लेनीहे अब तुम् मेरी पत्नि हौ तेराहक हेमुज पर्र बोल क्याँ कहेना चाहती हेतुं
सोनु : सोरीभाइ गलती होगइ, दरसलबात येहे कि आप् दोनो जयपुर तोँ जाहीरहे होँ तौ मे चाहती हुं वापसआओ तब पुरा मामला खतम होँ
मे : क्याँ कहेना चाहती हे सोनु खुलकर बताओ
सोनु : भाइ वहां सें वापसआओ तोँ नेनु मेरीतरह आपकी पत्नि बनगइ होँ ओर होँ सके तोँ आप् अपनी फस्टनाइट भि मनालो, क्यु कि वोँ हमारी बडी बहेनहे ओर उसने हमारे लीये सादी नाँ करने कां बहोत बडा डीसीजन भि लीया थां तोँ मे चाहती हुं कि मुजसे पहेले नेनु कां हक आप् पर्र पहेला हे तौ आप् नेनु केँ संग पहेले सुहागरात मनाये यह मेरी ख़्वाहिश हे
मे : (सोनु केँ गालपे हाथ रखके) तेरी कीतनी अच्छी सोचहे सोनु, आइ अेम प्राउड फोरयु, पर्र क्याँ नेनु इसके लीये रेडी होगी, अभीतो मेनेउसे प्रपोज भि नहि कीयाहे
सोनु : आप् इसकी चींता मत करना मे बातो बातो मे आजही दीदीसे जान लुगी कि इसकी फीलींग्स क्याँ हेफीर मे रात कों आके आपकोबता दुंगी
मे : ठीकहे जानु मे तेरी ख़्वाहिश पुरी करने कि कोसीस करुगा अबजाओर दरवाजा बंध करकेआजा मुजे मेरी पत्नि सें प्रेम करना हैं
सोनु : (बहार जानेलगी) नहि जानु अभि नहि नेनु नीचे मेरीराह देखरही हे मे रात कों आजाउंगी तब प्रेम करलेना
ओर सोनु मुजे फ्लाइंग कीस देकेचली गइफीर थोडीदेर अेसे हि नेनु केँ बारे मे सोचते लेटारहा तब मुजे नीचे सें सोनु कि आवाज़ आइओर मे बाथरुम मे फ्रेस होके नीचेचला गय़ा ओर जाके सोफे पऱ बैठ गय़ा तब नेनु मेरेपास आकेबैठ गइ उसके पीछे पीछे सोनु भि आगइओर नेनु केँ पासबैठ गइ मेने सोनु कि तरफ देखा तोँ उसने मुजे नेनु सें छुपके थम्सअप वाला साइन दीया मे समज गय़ा लाइन क्सीलीयर हेतब नेनु नें कहा
नेनु : भाइ आप् अपनी पेकींग कर लेना परसो हमारी राजकोट सें १ बजेकी फ्लाइट हे हम् वहां६ बजे तक पहुंच जायेगे ओर अगली सुभह१० बजे हमारी मीटींग हेहमे सीर्फ कीमततैय करनीहे बाकी कि फोर्मालीटी हमारा वकीलकर देगाफीर वहां सें हमारी ४बजे कि फ्लाइट सें वापस आजायेंगे
मे : हांठीक हे परफेक्ट प्रोग्राम बनाया हे आपने हम् समयसर यहां पहोंच जायेगे
नेनु : कल तुजेअेक काम करना पडेगा, तुजे अंजुको शाम४बजे लेके आनांहे वोँ यहां सोनु केँ संग रहेगी ताकी दादीमा कों कुछ प्रोबलेम आये तौ सम्हाल सके सोनु अकेली मेनेज नहि कर पायेगी
सोनु : आप् चीन्ता मतकरो अंजु दि हे तोँ मुजे भि कंपनी मील जायेगी
नेनु : चलो आजाओ डीनर तैयार हे
फीर हम् तीनो डीनर केँ लीये उठकर डाइनींग पर्र जाकेबैठ गयेफीर रुटीन कि तराह सोनु नें हमे सर्व कीयाओर स्वयं भि लेकेबैठ गइओर हम् डीनर करनेलगे, आज नेनु मुजेबीच बीच मे तीरछी नजरसे देखती रहीजब हमारी नजरे मीलती तौ सरमाके नीचे देखने लगती मतलब मामला आगेबढ चुका थां
मेने भि खानां खाते हुअे अपनाअेक पांव नेनु केँ पांव पऱ रख दीया तोँ नेनु नें गभराके पहेले सोनु कि तरफदेख लीया कि कही वोँ देखतो नहींरही सोनु खानां खाने मे व्यस्त थि फीर नेनु नें मेरीओर तीरछी नजर सें देखाओर मन हि मन मुस्करा रही थि उसने मेरेपेर रखने केँ बावजुद अपनापेर नहि हटाया तोँ मे समज गय़ा कि नेनु कि मुक रजामंदी हेफीर मे पैरसे आहिस्ता आहिस्ता उसकेपेर कों सहलाने लगा
फीर भि नेनु नें कोइ प्रतीक्रिया नहि कि वोँ तौ बस सरमाके मूस्कराये जारही थि फीर मेने सहलाना बंध कीयाओर अपना पांवहटा लीया तोँ मुजे अपनेपेर पे नेनु केँ पांव महुसुस हुअेफीर वोँ भि मेरे पांव कों सहलाने लगी तौ मेने हिंमत करके अपनाअेक हाथ नीचे लेँ जाकर उनकी जांग पर्र रखा तौ वोँ खानां खाते खो.खो। करनेलगी तोँ मेने अपनाहाथ हटा लीया नेनु कों इसी हालत मे देखके सोनु नें उसे पानी दीयाओर कहा
सोनु : क्याँ हुआ दि थोडा धीमे खाओना खानां कही जाने वाला नहि हे
नेनु : (पानी पीकर) चुपकर बंदरीया येतो नीवाला गले मे फंस गय़ा थां (जुठ)
मे : देखो दि आप् सोनु कों बंदरीया मतकहो नहीतो वोँ भि आपको बकरी बोलेगी
नेनु : तुचुप कर तुही तोँ इसी बहाने मुजे बकरी कहेता हे वोतो बेचारी बोलि भि नहि
मे : नहि दि मेतो सीर्फ आपको आगाहकर रहा थां मुजे क्याँ जरुरत हे आपको बकरी बोलने कि वोँ तौ देखते हि पताचल जाताहे हैं.हैं.हैं.
नेनु : खीचले बचु खीचले आज मेरी टांगजब तेरी बारी आयेगी तब तुजे मे छोडने वाली नहि हुं(डबल मीनींग)
मे : पहेले मुजे पकडना तौ सुरुकर बाद मे छोडनेकी बात करना वेसे मे भि छुटना नहीं चाहता (डबल मीनीग)
कहातो नेनु सरमाके नीचेमुह करके हसनेलगी फीर अेसे हि मस्ती मजाक करके हमने डीनरखतम कीयाफीर मे सोफे पर्र जाकेबैठ गय़ा ओर वोँ दोनो खुसर पुसर करते करते कीचन मे जानेलगी थोडीदेर बाद दोनो अपनाकाम नीपटाके मेरेबगल मे बैठगइ नेनु मुजसे नजरे नहि मीला पाती थि अब वोँ मुजसे बहोत सरमाती थि ओर सरमाते टाइम वोँ मुजे बहोत हि कामुक लगरही थि तभी
सोनु : भाइ फेक्टरी कब सुरु करनीहे?
मे : मे सोचरहा हुंजीस दीन तेरा बर्थडे हेउसी दीन मुजे वहां पुजा रखनीहे ओर अंजु दिदी कों भि बुलाना पडेगा आफटरओल वोँ भि तोँ इस प्रोजेक्ट कि पार्टनर हे क्याँ कहेती हौ नेनु
नेनु : हांतु सहीकेह रहाहे मेतो चाहती हुं हम् चारो केँ हाथसे पुजा होँ इसलीये हम् चारो पुजा मे बैठेगे केसा आइडीया हे मेरा?
सोनु : दि बेस्ट आइडीया हे मेरा बर्थडे हे तोँ मेरे हाथसे भि पुजा हौ जायेगी क्युभाइ
मुजे मालुम थाकी पुजामे बेठने केँ लीयेकपल कि जरुरत होतीहे ओर नेनु मुजे मेरीसभी पत्नीओ केँ संग पुजा करवाना चाहती थि उसको लगताहे मुजे मालुम नहीं पडेगा पऱ मे भि कुछकम नहि थां तौ मेने नेनु कि थोडी टांग खीचनी चाही
मे : दि मेने सुनाहे कि पुजा मे सीर्फ सादी सुधाकपल हि बैठ सकतेहे
नेनु : (फसगइ) वोँ। वोँ। मे.वोँ मे बाबा सें बातकर लुगीबाद मे तैय करेंगे
मे : गभराओ मत केसे मे मे कररही हे मेनेपुछ लीयाहे आप् तीनोबैठ सकती होँ
सोनु हसनेलगी तोँ नेनु नें उसको मुकामार दीयाओर मेरीतरफ देखके सरमाके मुस्कराने लगी तौ मेनेउसे आंखमार लीया तौ थोडा सोकेड हुइ फीर गभराके सोनु कि ओरदेख लीया कि सोनु नें देखा तोँ नहि ओर वोँ उठके अपनेरुम मे भागगइ
सोनु : (मेरीतरफ देखके धीमेसे) क्याँ भाइ बीचारी कों क्युतंग कररहे होँ ओरमत तडपाओ
मे : क्याँ सोनु तुने जानां इसकी फीलींग केँ बारे मे क्याँ उसनेकुछ कहा तुमसे?
सोनु : हांभाइ मेने बातचीत सें जान लीयाहे उसका क्याँ कहेना हे पऱ अभि यहां नहीं हमारे रुम मे जाकेबात करेगे वोँ कभी भि बहार आँ सकतीहे
फीर सोनु नेनु केँ रुम मे चलीगइ ओर उसने दरवाजा बंधकर लीया तोँ मे फोरन उठके दरवाजे केँ पासचला गय़ा ओर कीहोल सें देखने लगा तौ नेनु अपनेबेड पे उल्टा होकर पेटके बल लेटी थि ओर सोनु जाके उसकेसर केँ पासबैठ गइओर अपनेअेक हाथसे नेनु केँ सरको सहलाने लगी
नेनु नें अपनासर उठाके सोनु कि तरफ देखाओर सोनु कों देखते हि अपनासर सोनु कि गोद मे रख लीयाफीर वोँ धीमी आवाज़ मे रोनेलगी सोनु भि सरपेहाथ घुमाने लगीओर नेनु कों सांत करतीरही फीरकुछ देरबाद नेनु सांत हौ गइओर सोनु कि ओर देखके उसेबात करनेलगी
नेनु : सोनु मे केसेभाइ कों कहुकी तुम्हारी नेनु तुजसे प्रेम करनेलगी हे, मे बडीहु, तोँ अपनेदील कि बातभी सामनेसे नहींकर सकती मे उसेबात केसेकरु मुजे तौ समजमें नहि आता, आज पहेली बार मुजे सबसेबडा होने कां दुखहुआ, कास मे तु्म्हारी तराह छोटी होती तौ भाइ सें प्रेम मांग लेती मे क्याँ करु
सोनु : दि आप् चींता मतकरो भाइ आपको जरुर सामने सें प्रपोज करेगा मे कुछचकर चलाती हुंबस आप् रेडी रहेना, मे अबओर आपको प्रेम केँ लीये तडपता नहि देख सकती
नेनु : मे जानती हुं वोँ भि मुजे बहोत चाहता हेफीर भि वोँ अपनेदील कि बात मुजे क्यु नहि करता, क्याँ वाकइभाइ मुजे प्रपोज करेगा, तुजे यकीनहे क्याँ, अगर अेसाहुआ तौ मे फोरन उसका प्रेम अेक्सेप्ट कर लुगीओर भाइ सें सादी भि करलुगी प्लीज तुम् कुछकरो अबमें उनके प्यारके बीना नहींरेह सकती
सोनु : मुजेभाइ पर्र पुरा भरोसा हे आप् चींन्ता मत करीये, अगर ईश्वर नें चाहा तोँ कल सें आपकेदीन बदलने वालेहे मुज पर्र यकीन करीये
नेनु : अगर अेसाहुआ तौ मे जीदगी भर तुम्हारा अहेसान मानुंगी प्लीज तुम् कुछकरो
सोनु : बसअब आप् सो जाइअे सुभह आपको जल्द उठना होताहे ओरहां मुजे भि संग मे उठा देनाओके चलो गुडनाइट आजभाइ सें आप् ड्रीम्स मे मस्ती करो मे चली
नेनु : (सरमाके हसते) ख्वाब कि बच्ची चलजा गुडनाइट
जेसे हि सोनु नें गुडनाइट कहा मे फोरन दोडके अपनेरुम मे चला गय़ा ओर जाके अपनेबेड पर्र सो गय़ा, फीर सोनुउपर जाके सीधे अपनेरुम मे चलीगइ ओर उसने चेन्च करके अपना गाउन पहेन लीयाफीर मेरेरुम मे आनेलगी आजउसे नेनु कां डर नहि थां वोँ दरवाजा बंध करके सीधे मेरेबेड पऱ चलीआइ देखा तोँ मे अपनाअेक आथ अपनी दोनो आंखो पऱ रखके सोया थां सोनु मेरेपास बेठकर थोडीदेर मुजको देखती रहीफीर जुकके उसने मेरे होठो कों चुम लीया
तोँ मेने अपनाहाथ हटाकर देखा तोँ सोनु कों अपनेपास बेठा पाया उसने फोरन अपनाहाथ सोनु कि कमरमें डालके सोनु कों अपनेउपर खीच लीयाओर उसे चुमने लगाफीर सोनु मेरी बाजु मे उसकीकमर मे हाथ डालके सोइ मेने भि सोनु केँ कमर मे हाथडाल दीयाओर दोनोअेक दुसरो केँ सामने अपना मुंहअेक दमकम फासले पऱ रखके थोडीदेर अेक दुसरोकी आंखो मे देखते रहेफीर सोनु बोलीं
सोनु : भाइ मे आज आपसेअेक बीनती करनेआइ हुं
राज : (जानताथा फीरभी) कहो जानु बीनती नहीं हुकुम करो
सोनु : भाइ आप् कल सुभह हि नेनु कों प्रपोज करदोआज वोँ बहोत रोइहे आपके लीये
राज : जानता हुं मेने तुम् दोनो कि सारीबात सुनली हेओर देखा भि हे
सोनु : (आस्चर्यसे) वोँ केसे क्याँ तुम् वहीं थें?
राज : हं। जेसे पहेले तुम् देखती थि उसके कमरें मे वेसे मेने देखाओर सुना
सोनु : (चोंकके) क्याँ केहरहे हौ आपको मालुम थां कि मे उसके कमरे मे देखरही थि
राज : जी रानासाहिबा, अेकबार नहि आप् दोबार देख चुकी होँ हैं। हैं। हैं.
सोनु : जानु तुम् कीतने कमीने होँ, मेरीहर मुवमेन्ट पे आपकीनजर थि फीर भि आपने मुजे पहेले प्रपोज नहि कीयाओर मुजे तडपाया, लेकीन भाइ मे नेनु कों तडपते नहि देख सकती प्लीज उसे अपनालो
राज : हां सोनु मुजे भि उसेइस हालत मे रखकर अच्छा नहि लगता मे भि नेनु कों जल्द सें जल्द अपनाना चाहता हुं(कुछ सोचने लगाफीर) अच्छा सोनुतु अेककाम करकल हम् नेनु कों सारादीन खुसीयो सें भर देंगे उसेअेक जबरदस्त सरप्राइज देगे क्याँ कहेती होँ तुम्?
सोनु : वावभाइ वोँ केसे, आपनेकुछ प्लान सोचके रखाहे क्याँ?
राज : हां डार्लींग सुनो
फीर मे उसे सारा प्लान समजा देताहुं ओरयह सुनते हि सोनुबेड पऱ खडी होके उछलने लगतीहे फीर वोँ मेरेउपर दोनोपैर पसारके बैठ जातीहे ओर मेरेउपर जुकके मुजे चुमने लगतीहे
सोनु : भाइ क्याँ आइडीया हे आपका, अब मेरी नेनु बहोत खुश होजायेगी थेन्क यु जानु
फीर सोनु अपनेहोठ मेरे होंठ पर्र रखकर स्मुच करने लगतीहे ओर मेभी सोनु कों अपनेउपर खीचके सुला देताहु ओरउसे बाहों मे भरकर फ्रेन्च कीस करने लगताहु फीर सोनु कों बाहोे मे भरकरपलट देताहु ओर सोनुअब मेरे नीचे थि ओर मे उसकेउपर फीर मे सोनु केँ बुब्स दबाने लगताहु फीर मे रुककर
राज : डार्लींग मे अब कंटड्ढोल नहि कर सकता लगताहे आज हि कही तेरीचुत कां उद्घाटन नाँ हौ जायेगा
सोनु : थोडा सबरकरो मेरे सरताज अब तोँ हमारी सुहागरात कां स्वयं नेनु इन्तजाम करेगी फीलहाल तोँ आप् थोडा कंटड्ढोल कीजीये मे भि कररही हुं समजेजब मे सबकुछ करना चाहतीथी तौ जनाबमना कररहे थें ओरअब सुहागरात मनानी हे आपको
सोनी : ठीकहे जानु तुम् कहेती तौ कर लुंगा
कहेके मे फटाफट सोनु केँ कपडे नीकालने लगा, ओर सोनु भि मेरीओर कामुक नजरोसे देखती हुइ मेरे कपडे नीकाल नें लगी थोडी हि देर मे दोनो बीलकुल नग्न अवस्था मे थें फीर मेने सोनु कों वापसबेड पऱ सुला दीयाओर स्वयं उसकेउपर लेट गय़ा फीर तोँ चुमने कां सीलसीला चलपडा मेंने सोनु केँ होेठो कों चुमना चालु करके आहिस्ता आहिस्ता नीचे सरकने लगा
जब मे सोनु कि चुत तक आयातब सोनु बीनपानी मछली कि तराह तडपने लगीओर अपने दोनोहाथ मेरेसर पऱ रखकरउसे दबाने लगी जेसे वोँ मेरे सरको अपनीचुत केँ अंदर डालना चाहती होँ ओर वोँ जोरोसे सीसकारीया भि करनेलगी सि.इइ.अहह। आहहहह। भाइइइइ। घुमजाओ, कहेते हि मे घुम गय़ा अब हम् दोनो सीक्ष नाइन पोजीसन मे थें सोनु नें फोरन मेरा लन्ड अपने मुंह मे लेलीया ओर जोरोसे चुसने लगी
मे भि सोनु कि चुत मे अपनीजीभ डालके जीभ कों अंदर बहार करनेलगा ओर साथमें अपनीकमर हीलाके सोनु केँ मुंह कों चोदने लगाफीर मेने अपनामुह हटाके चुत मे अेक उंगली डाल दि ओर उंगली अंदर बहार करनेलगा तौ सोनु केँ बर्दास्त नहि हुआओर उसने अहह.आइ। करके पानी नीकाल दिया
फीर भि मेने लगातार उंगली सें चोदना जारीरखा थोडी हि देर मे सोनु फीरसे जोस मे आँ गइ तौ उसने मेरीकमर केँ संग अपना मुंह भि हीलाने लगी तौ मुजे दोगुना जोसचड गय़ा फीर मेने उगली केँ संग अपनीजीभ भि सोनु कि चुत मे डाल दि तौ सोनु केँ मुह मे लन्ड होते हुअे भि वोँ उंह.उंह। करनेलगी अब वोँ पुरीतरह जोसमें थि आज वोँ पहेली बार दुबारा जडनेजा रही थि
ओरफीर अेकबार हल्का चीखके मेरेमुह मे जडगइ जेसे हि सोनु कां पानी मेरे मुंहमे गय़ा मेरे सरीर मे अेक अजीबसी जनजनाहट हुइ ओर मेने सोनु केँ मुंह मे अपना लावाछोड दीया जौ सीधा सोनु केँ गले मे उतर गय़ा फीर दोनो थोडीदेर अेसे हि पडेरहे आज सोनु केँ अंदर संतुस्टी कां भाव थां क्यु कि आज वोँ दोबार जड चुकी थि
फीर मेनेइसी पोजीसन मे पीछे मुडके देखा तोँ सोनु कां मुंह मेरे विर्य सें भराहुआ थां ओर वोँ अपने होठो कों वोँ जीभ घुमाके चाटरही थि फीर मे उसकेउपर सें हट गय़ा ओरबैठ गय़ा तौ सोनु अभि भि लेटी हुइ थि मेरामुह भि सोनु केँ पानी सें भर गय़ा थां तोँ मेनेउसी हालत मे सोनु केँ बुब्स कों चाटने लगा चाटने केँ बाद मे बेड सें उठकर सीधा सोनु कों सोती हुइ हालत मे अपनी गोदमें उठाके बाथरुम कि ओर जानेलगा
कुछदेर बाद नहाधोकर बहारआये फीर मेने सोनु कों नेनु केँ लीये दुसरी वाली साडी दि जौ अेक मेने सोनु कों दि थि सोनु वोँ साडी लेके मेरे होंठ पऱ कीस करके गुडनाइट बोलीं ओर अपनेरुम मे चलीगइ बाद मे मेभीकल केँ प्लान केँ बारे मे सोचते सोचते सो गय़ा अगली सुभहजब नेनु मुजे पुजा केँ लीये सुभह५ बजे उठाने आइ तौ पुरारुम खाली थां तोँ उसनेदो बार मुजे पुकारा कोइ जवाब नहि मीला
फीर वोँ सोनु केँ रुम मे गइ तोँ वहां सोनु अपनेबेड पऱ सोतीनजर आइ नेनु वापसअेक बार मेरेरुम मे आगइओर सोचने लगी मे सायद बाथरुम मे होगा तौ वोँ मेरेबेड पर्र बैठगइ ओर सोचने लगी कि आजराज इतनी जल्द उठके कहां गय़ा वोँ सोचही रही थि कि तभी मे उसको नीचे सें उपरआते देख लीयाओर मे पुरानहा धोके कंपलीट थां नेनु कों बडा आस्चर्य हुआ जेसे हि मे रुम मे दाखील हुआ नेनुखडी होँ गइओर मुजसे पुछने लगी
नेनु : अरेवाउ राज मेतो तुजे उठाने आइ थि तुम् तौ पुरे रेडी होके बैठे हौ इतनी सुबेह सुबेह कहां गय़ा थां मेतो तुजे ढुंढरही थि
राज : कहीं नहीं नीचे जाके पुजाकी ओर दादीके पेर छुने गयाथा आजखास दीन हेनां
नेनु : (हसके)आज कोनसा खासदीन हे जौ तु इतनी जल्दउठ गय़ा?
फीर मे नेनु केँ आगेआकर खडा हौ गय़ा ओर उसकी आंखोमे देखने लगा
नेनु : क्याँ होँ गय़ा तुजे अेसे क्युदेख रहाहे मुजे (सरमाइ)
फीर मेने नेनु कां हाथ पकडाओर उसेबेड पऱ बीठा दीयाओर स्वयं उसके पैरो केँ पास नीचे घुटनेबल बैठ गय़ा ओर मेने अपनी जेबसे गुलाब कां फुल नीकरलकर अपने दोनो हाथो मे थाम लीयाओर आहिस्ता आहिस्ता नेनु कि ओर लेँ गय़ा ओर बोला
मे : दि मुजेमाफ करदो मेने आपको बहोत तडपायाहे मे आपसे बहोत प्रेम करताहुं आप् मेरा प्रेम कबुल करलो क्यु कि मे आपसे सादी करना चाहता हुं प्लीज दि कबुल करलो
नेनु मेरीबात सुनते हि अपने आपकोरोक नहि पाइओर उसने अपने दोनो हाथो सें अपना चहेरा ढक लीयाओर फुटफुट कर रोनेलगी मेनेउसे थोडीदेर रोने देना बहेतर समजा लेकीन नेनु कों ज़्यादा रोते नहि देखसका फीर मेरी आंखोमे भि आंसुओ कि धारा बहेने लगी नेनु नें अपनाहाथ अपने चहेसे हटा लीया तौ देखा मेभीरो रहाहु तौ फोरन अपनी चुनी सें मेरी आंखे पोछने लगीओर खुदने भि रोनाबंध कर दीयाफीर दोनो सांत हुअे तोँ नेनु नें मेरे हाथमे जोँ गुलाब थां उसे लेलीया ओर मुजसे कहा
नेनु : तु बहोत गंदाहे तुने अपनी नेनु कों बहोत तडपाया हेअरे पगले मे तौ कबसे तेरे प्रेम कां इन्तजार कररही हुं मे तेरे बीना नहि जी सकती, मे सादी करके तुजसे बीछडना नहि चाहती थि इसीलीये मेने सादी नां करने कां फैसला लीया थां ताकी तुजसे जुदा नाँ होँ सकु इतना चाहती हु तुजसे बस तेरी प्रपोज कां इन्जार कररही थि तुनेआज मेरी सारी तमंना पुरी करदी आखीर तुम् मुजेमील हि गये मुजे तेरा प्रेम कबुलहे पगलेआइ लवयुआइ लवयुसो मच
कहेके नेनु नें मुजे कंधेसे पकडकर खडाकर दीयाओर जेसे हि मे खडाहुआ दोनोअेक दुसरोकी बाहोंमे समागये ओर हम् दोनोकी आंखेअेक बारफीर भरआइओर नजाने कीतनी देर युहीं अेक दुसरोकी बाहोंमे खडेरहे तभी अचानक दोनो कों ताली कि आवाज़ आनेलगी नेनु नें दरवाजे कि तरफ देखा तोँ सोनु हसते हुअे ताली बजाती अंदरआगइ नेनु नें सोनु कों देखके मुजसे छुटने कि कोसीस कि पर्र मेनेउसे नहीं छुटने दीयाओर अेसेही नेनु कों अपनी बाहों मे लेकेखडा रहा
सोनु : वाउ क्याँ सीनहे आखीर गाड़ी आप् दोनोमील हि गयेओर अेय बंदरअब तौ छोडो मेरी भाभी कों कीतना बेसर्म होँ तुम्, सामने अेक जवान लडकीखडी हेओर तुम् दोनो बेसर्म बनके प्रेम करने मे लगे होँ शर्म नहींआती
यह सुनतेही नेनुअेक दम सरमागइ ओर उसने अपना चहेरा हसके मेरेसीने मे छुपा लीयाओर सोनुकी ओर तीरछी नरजसे देखके मंदमंद मुस्कराने लगी
मे : तुजा बंदरीया यहां क्युआगइ कबाब मे हडी बनने, अगर तुजे भि चाहीये तोँ आजा
कहेके मेने अपनाअेक हाथखोल दीया तौ सोनु भि दोडके आगइओर हमसे चीपकगइ नेनु नें भि अेकहाथ सें उसकोहग कर लीयाफीर तीनो थीडीदेर अेसे हि खडेरहे फीर सोनुने नेनु केँ चहेरे कों थोडा उपर उठाया तौ नेनु शर्म केँ मारे पानी पानी हौ रही थि फीर उसने अपनीनजर हल्की उठाइओर सोनु कि ओर देखके धीमी आवाज़ मे बोलीं थेन्क यु वेरीमच
सोनु : ओये थेन्कयु कि बच्ची अब थेन्कयु सें काम नहि चलेगा आज तौ पुरादिन घऱ मे सेलीब्रेशन होगा क्युभाइ क्याँ कहेते होँ?
मे : (हसके)ठीक हे गुडीया आजघऱ कां सारा कंटड्ढोल तेरेहाथ मे जोँ मनकरे वोँ कर
सोनु : ठीकहे मे चली नीचे आप् लोगलगे रहोजब थकजाओ तोँ आजाना नीचे
कहेके सोनु नीची जानेलगी, नेनु अभि भि मेरी बाहोंमे थि जेसे हि सोनु नें बोलालगे रहोतब जाके उसको अहेसास हुआकी वोँ अभि भि मेरी बाहोंमे खडीहे उसने मुजसे छुटने कि कोसीस कि तोँ
मे : अेसे हि रहो नें दि आज मुजे कीतना सकुन मीलाहे तेरी बाहोमें अबतो मे अेसेही आपकी बाहोमें रहेना चाहता हुं
नेनु : अब जानेदो मुजेभाइ सोनु अकेली क्याँ करेगी ओर मुजे आपके लीयेदुध भीतो बनाना हे, आपको पुजामे देर होँ जायेगी तोँ चलीयेनां मुजे बहोत शर्मआती हे
मे : ठीकहे चलो हम् आजसंग हि चलेगे
फीर मेने नेनु कि कमरमें हाथडाल दीयाओर नेनुका हाथभी पकडके अपनीकमर मे डाल लीयाओर हम् दोनोसंग मे चलके नीचे जानेलगे यह नेनु कों पुरा रोमांचक अनुभव थां वोँ मनहीमन बारबार इेशर कां आभारमान रही थि, जब सोनु नें नेनुओर मुजेअेक दुसरोकी बाहों मे आते देखा तौ वोँ बहोत खुश हुइ ओर कहेने लगी
सोनु : भाइअब छोड भाभी कों ताकी तेरे लीयेदुध बनासके चल भाभी अंदर
नेनु : (जुठा क्रोध दीखाके) इधर आँ भाभीकी बच्ची अभि मे तेरी भाभी नहि हुं समजी
कहेके वोँ मुजसे छुटके सोनु केँ पीछे भागी तौ सोनु हसते हुअे कीचन मे घुसगइ ओर मे जाके डीइनींग पऱ बैठके दोनो कां तमासा देखने लगा अंदर देखा तौ नेनु सोनु कों पकडके गुदगुदी करनेलगी फीर सोनुको हगकर लीयाओर बारबार थेन्क यु बोलेजा रहीथी थोडीदेर बाद सोनु केँ संग नेनुभी अपनेहाथ मे दुध कां ग्लास लेकेआगइ आके मेरेपास बैठगइ फीर नेनु नें सरमाके मुजको दुध कां ग्लास थमा दीयायह देखके
सोनु : ओयहोय कीतना सरमाती हे मेरी बहेन इतना तोँ नइ दुल्हन भि नहि सरमाती
नेनु : तु.तु.चुप कर कमीनी, तु क्युजल रहीहे, ओर तुजेआज मंदिर नहि जानां क्याँ
सोनु : (प्लान केँ हीसाब सें नहि जाने वाली थि) नहि जानां मुजेआज, ओर भाभी सें केसीजलन, (सोनुउसे भाभी कहेके छेडरही थि)
नेनु : (सरमाते) सोनुतु चुप भि करतु भाभी कहेती हे तौ बडी शर्मआती हेभाइ कुछ बोलने इस बंदरीयाको
मे : सोनु रहेने देमततंग कर मेरी नेनु कों जब तक सादी नहि होतीतब तक उसे दिदी बुला, ओर खबरदार जौ सादी केँ बाद दिदी कहा तौ तुजे पीटुंगा (हसनेलगा)
नेनु : भाइ तुम् भि, जाओ तुम् दोनोसे बात करना हि बेकार हैं
कहेके नेनु नें अपना मुंह फुलाके जुठमुठ कां गुसा होँ गइओर उसने अपना मुंह दुसरी तरफ घुमा लीया तौ मे दुध कां ग्लास खतम करकेउठ गय़ा ओर नेनु केँ पास जाके उसके सरको अपने दोनो हाथोसे मेरे सीने मे रखकरउसे हग करलीया तौ उसने भि अपना मुंह घुमाके अपनासर मेरे सीनेमें छीपा लीयायह देखके सोनुखुश होके बोलि
सोनु : हाये मे मरजावा देखो केसे दोनोलव बर्ड प्रेम कररहे हे ईश्वर करे दोनो अेसे हि खुशरहो,
फीर मे नेनु सें अलगहुआ ओर उसकेगाल पे कीस करके मे पुजा केँ लीये नीकल गय़ा, जेसे हि मे गय़ा तौ दोनो बहेने खडी होकरआपस मे लीपटगइ ओर नेनु नें अेकबार फीर सोनुको थेन्क युकहा तोँ सोनुने नेनु कां चहेरा अपने हाथमे लीयाओर उसकी आंखोमे हसते हुअे देखके कहेने लगी
सोनु : अब तोँ खुश हेनां ओर खबरदार अब मुजे थेन्कयु कहा तौ भाइ सें केहकर पीटवा दुंगी तुजसे (डबल मीनींग) हम् बहेन केँ अलावा सहेली भि हेभुल गइ आप्?
नेनु : (सरमाके) सोरीअब नहि कहुंगी वेसेअेक बात कहुंतु मुजे भाभी कहेती हे तोँ बहोत अच्छा लगताहे ओर शर्म भि बहोत आतीहे
सोनु : ओये होये कीतनी उतावली हे मेरी भाभी बनने केँ लीयेअेक कामकर तु थोडा आराम करले मे यहसभी कामकर लुंगी फीरकाम खतम करके तेरे रुममें आतीहुं ओके
केहके सोनुउपर चलीगइ पहेले उसने मुजको मोबाइल कीया उसको मालुम थाकीभाइ अभि गय़ा हे इसलीये अभि पुजामे नहि बैठा होगा जेसे हि मेने मोबाइल उठाया तौ पुजाके बादआते वक़्त मुजेदो फुल मालाये लानेको कहाओर नीकलते समय मुजे मीसकोल करने कि सुचना देकर वोँ वापस नीचेआगइ
तब नेनु अपनेरुम मे जा चुकी थि सोनु नें फटाफट घऱ कां साराकाम करलीया फीर वोँ भि अपनेरुम मे जाके सजधजकर होगइफीर मेरी दि हुइ साडी लेके नीचेआकर सीधा पुजाके रुम मे चलीगइ वहां भि उसने प्लान केँ मुताबीक कुछ तैयारी करलीफीर वोँ नेनु केँ रुम मे चलीगइ देखा तौ नेनु बाथरुम सें नहांकर बहार नीकल रहीथी तोँ सोनु जाकेबेड पऱ बैठगइ ओर नेनु सें बात करनेलगी
सोनु : वाव दि आज आपके चहेरे पऱ भाइ केँ प्रेम कि वजहसे बहुत नीखार आगयाहे कही मुजसे भि आपसे प्रेम नां हौ जाये हैं.हैं.हैं.
नेनु : क्याँ तु भि, कुछ भि बोलती रहेती हे, चल अेसाकुछ भि नहि हे (सरमागइ)
सोनु : सचकेह रहीहुं दि आज आप् अेककाम करोआज आप् यह साडी पहेनो आपपे बहोत अच्छी लगेगी
नेनु : नहि बाबा मे कोइ साडी वाडी पहेनने वाली नहि हु मेरायह डड्ढेस हि अच्छा हे
सोनु : दि भुलगइ क्याँ? भाइने क्याँ कहा थां, कि आजघऱ कां सारा कंटड्ढोल मेरेहाथ मे हे तोँ आपको मेरा हुकुम मानना पडेगा चलो पहेनलो यह साडी
नेनु : तेराघऱ पऱ हुकुम चलेगा मुज पर्र नहि समजीजा यहांसे ओर मुजे रेडी होनेदे
फीर सोनु कों अपनीबात मनवाने केँ लीयेअेक सचाइ बतानी पडीओर उसने सोचायह बात उसके प्लान कों प्रभावीत नहि करेगी इसलीये उसने नेनु सें कहा
सोनु : ठीक हैं जारही हु मेतो इसलीये आइ थि कि भाइ नें बोला थां, उसने मुजे साडी दि ओरकहा नेनु कों कहेना आजयह पहेने इसलीये आपको देनेआइ थि अगर आपको नहि पहेननी हे तौ मे जातीहुं
फीर सोनु जुठमुठ जाने केँ लीयेबेड सेउठगइ तभी उसने देखा नेनुने अपने हांथमे जोँ अपना डड्ढेस पकडाहुआ थां उसने वोँ घा करके वहीं नीचे फेंक दीयाओर सोनु कि तरफ भागकर साडी लेनेआने लगी तौ सोनु भि नां देने केँ इरादे सें भागने लगीओर वोँ साडी लेके नेनु केँ बेड पर्र चडगइओर उसने साडी अपने पीछे छुपाली ओरजोर सें हसकर कहेने लगी
सोनु : अब आप् कों नहि दुंगी मे भाइ कों वापसदे दुंगी
नेनु : सोनु प्लीज लाओ वोँ साडी मुजे देदो मे पहेनुंगी उसे, लाओ प्लीज.
कहेके सोनु कों पकनेकी कोसीस करनेलगी तोँ सोनु भि साडी छुपाके पीछे पीछे जानेलगी तौ नेनु भि बेड पर्र चडगइ, सोनु नीचे उतरके दुसरी ओरभाग गइ तौ नेनु भि नीचे उतरके उसे पकडने दोडी सोनु भागकर वापसबेड पे चडगइअब नेनु कों सोनु कों पकडना मुस्कील लगातब उसने आखरी हथीयार चला दीयाओर सोनु सें कहा
नेनु : प्लीज सोनु देदो वोँ साडी मेरी प्यारी बहेन हेनातु, अगर तुने नहि दि तौ तुजे मेरीशपथ हे
यह सुनके सोनु नें साडीको नेनु कि तरफफेक दीयाओर नेनुके पासआके नेनु कों अेक हल्का तमाचा मार दीयाओर बेड पऱ बैठके रोनेलगी, यह देखके नेनु भि वोँ साडीबेड पर्र रखके सोनुको खडे खडेही हग करलीया ओर उनसे सोरी बोलने लगीफीर उसने अपने हाथो सें सोनु केँ आंसुसाफ कीयेफीर उसकीओर देखकर अेकबार फीर सोरी बोलाओर अपनेकान पकडलीये यह देखकर सोनु कि हसीछुट गइओर नेनु कों बकरी कहेके हसनेलगी ओरअेक बारफीर दोनो आपसमे लीपटगइ फीर सोनु बोलीं
सोनु : खबरदार जौ आजकेबाद आपनेशपथ दि तौ मे आपसेकभी बात नहि करुगी
नेनु : मुजेमाफ करदे बाबाअब कभीशपथ नहि दुंगी बसअब थोडा हस भि दे मेरी प्यारी नंनदजी हैं.हैं.हैं.
सोनु : (हसके)ठीक हेचलो आज मे आपको सजधजकर करतीहुं आफटरओल आप् जौ मेरी भाभी हौ
यह सुनते हि नेनु नें अेक हल्का मुकामार दीयाओर कहा
नेनु : चलआजा आज मेरी प्यारी ननंदकी भि ख्वाहीस पुरी करतीहुं
फीर सोनु नेनु कों अेक दुल्हन कि तराह सजाने लगी, नेनुइस बात सें अनजान थि कि आज सोनुउसे कीस मक्सद सें सजधजकर कररही हेफीर जब सोनु नें पुरी तराह नेनु कों रेडीकर दीया तोँ उसे आइने केँ सामने खडाकर दीयाअे देखके नेनु सरमाइ फीर बोलीं
नेनु : सोनु तुने तोँ अेसा सजधजकर कीया मुजको कि मे कोइ दुल्हन हुं
सोनु : तोँ क्याँ हुआ दि आज आपको आपका प्रेम मीलाहे तोँ फुल अेन्जोइ करो
नेनु : तु बीलकुल राज कि तराह हि पागलहे अपनी मनमानी करवाके हि छोडती हौ चलअबकुछ काम भि करतेहे तबतकराज आजायेगा तब हम् संग मे नास्ता करेगे
सोनु : दि आज आप् चींता मतकरो कामसभी होँ गय़ा हेबसभाइ कां इन्तजार हे
फीर दोनो बहेने बहार सोफे पऱ आकेबैठ गइओर आपसमे बात करनेलगी ओर दुसरी तरफ मेभी अपनी पुजाखतम कर चुका थां फीर मे पुजारीजी ओर बाबा कां आशीर्वाद लेकेघऱ कि तरफआने लगाओर बीच मे मेनेदो फुल मालाये भि लेलीओर अेक मीसकोल सोनु कों लगादी
जेसे हि सोनु केँ फोन मे वाइब्रेसन हुआ सोनु नें अपनाफोन चुपकेसे चेक कीया तौ मेरा मीसकोल थां तौ समजगइ कि मे कभी भि आँ सकताहु तौ वोँ नेनु कों अभि आइ कहेके बहारगइ ओर जेसे हि मुजकों गेइट केँ अंदरआते देखा तोँ भाग केँ नेनु केँ पीछेखडी होँ गइओर अपने दुपटा नेनु कि आंखोमें बांधने लगी
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) - Aage kya hua? Next part padhiye
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