my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
Update achchha laga bt अब woh mja nahii arha joo abse 4 ya 5 update pehle aata thaa क्योंकि aapne seema munni ya phir kisi aur bi ladies ko Raj ke alawa doosre mardo की taraf attract kr rhe hu अगर बुरा lge too sorry bt yeh मेरी apni सोच hain kisi aur kaa ptaa nahii
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my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १२९
तब मेरीसभी बीवीयाभी जागने लगीओर सबकी हालतआज खराब होँ चुकी थि सबकीचुत आज सुजके पाव जेसी होगइ थि उधरजब नंदा अपनीचुत साफ करके बहार जानेलगी तब भावीका जागगइ ओर अपनी मम्मीको बहार जाते देखने लगीइधर नेनुओर माया जागके अपनी जगाह बेठीरही तब मायाने घडीमे देखातो ५.३०बज गयेथे तोँ माया देखके चोंक गइ.अबआगे
माया : ओर बापरे कीतने बजगये देखो नेनुदी सभी इनकेसंग सुभह तक प्रेम करतीरही सबकी हालत देखनी पडेगी इनफेक्ट हमारीभी हम् सभी इनकेसंग ५.३०बजे तक चुदती रहीओ बापरे उठो फटाफट ५.३०बज गयेहे
नेनु : दादीमा आपने केसी प्रार्थना कीथी? कि यह सुभह तक सबकी बजाते रहे हैं.हैं.हैं.
केशर : नेनु बेटी मुजेभी नहीं पताथा देखो अभि तक अंदर डालके पडेहे पता नहींकब नीकालेगे मेरीतो हालतभी खराब होगइहे बहोत जलन होतीहे कीतनी जोरोसे करते थें
आज कोइभी चलनेकी हालतमें नहीथी तौ सभी अपनी जगाहपे बेठीरही ओर हमारी तरफ अेखने लगी मे अब भि केशरकी चुतमें लन्ड डालके पडाथा मुजे केशरने सरपेहाथ घुमाके जगा दीयाओर कहेने लगी
केशर : राजउठो देखो कीतने बजगये हे उठना नहींहे क्याँ?
मे : नहीं केशर मुजेआज तुमपे बहोत प्रेम आरहाहे मे ओर प्रेम करना चाहता हुं
केशर : नहीं जानु आपनेआज सबकी हालत खराब करदीहे देखोकोइ खडीभी नहीं होपारही हेआज आपको क्याँ होगया थां सबको कीतना प्रेम कीया आपने
सोनु : जानु हम् सभी देख्ना चाहती हेआज आप् हमारी दादीको हमारे सामने हि प्रेम करो जेसे हम् सबकेसंग करते होँ आज हम् सभीउसे चुदते हुअे देख्ना चाहती हे
रीटा : हां जानु हमारी बडी तम्मना हे दादीको अेसे देखनेकी प्लीज.
केशर : (हसते) प्लीजकी बच्ची अभि देखती नहीं पुरीरात तोँ ठुकवाती रहीहुं फीरभी तुम्हारा दील नहींभरा, राज प्लीज अब नीचे उतरो मे थकगइहुं
नेनु : (हसते) क्याँ दादीमा यह आप् बोलरही हे?१६१६ घंटे लगातार हमारे पतीके नीचे लेटनेका आपकेनाम रीकोर्ड हे फीरभी.हैं.हैं.हैं.
केशर : (हसते) नेनु मारुगी तुजे क्यु हमारे पतीको उक्साती होँ हैं.हैं.हैं.
मे : जोभी हौ जब तक मे तुजे प्रेम नहीं करलेता तबतक मे उतरने वाला नहींहुं चलोआज सभीइधर आजाओओर सभीअेक संगयहा खडी होकर देखो मे मेरी केशरको आज सबके सामने प्रेम करुगा आजाओसभी फटाफट
कहातो मेरीसभी बीवीया हसती हुइ हमारे बेडके पासआके धेरा बनाके खडी होगइओर हमे देखने लगीतब केशरखुब सरमाके हसते हुअे मुजे सीनेपे मुका मारने लगीओर मेभी केशरके होंठ चुमते हुअेअेक हाथसे उनकेदुध मसलने लगाओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे कमर हीलाके केशरको चोदने लगातब केशरभी उतेजीत होके मेरीपीठ सहेलाने लगी
ओर नसीली आंखोसे मुजे देखते हुअे सीसकारीया करनेलगी तब मे हाथके बलउचा होगया ओर केशरके दोनोपेर मेरे हाथमे फसाके हवामे उचा करके जोरोसे चोदने लगातब केशर बहुतही कामुक होके अपनीकमर उछालने लगीओर मुजसे तालमेलमें चुदवाने लगीफीर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ
केशरआजु बाजुकोन खडाहे सभी भुलके मुजसे उछल उछलके जोरोसे सीसकारीया करते चुदवाने लगीओर अचानक मुजे सरसे पकडके अपनेसंग चीपकालीया फीर मुजे जोरोसे बाहोमे भीचलीया ओर जडनेलगी फीरभी मे उसे लगातार चोदेही जा रहाथा
तब थोडी देरबाद केशरभी मुजे दुबारा संग देनेलगी इसी तराह मेने केशरको दोबार ओरजडा दीयाओर आखीर मेने अपना लन्ड केशरकी चुतमें जडतक घुसाके टेडा हीलाने लगातब केशर दर्दके मारे चीलाने लगीओर मेरे सीनेमे दात गडाके काट लीयातब मे केशरकी चुतमें मेरे लावेकी पीचकारीया छोडने लगा
तब केशरने मुजे जोरोसे बाहोमें भीच लीयाओर वोभी साथमें जडनेलगी दोनोही जडनेके बाद सांत होगये तब केशर मेरीपीठ ओर सरके बालोमें हाथ डालके सहेलाने लगीओर मेरीतरफ देखके मुस्कराने लगी
केशर : (सोनुकी ओर देखते) क्यु दादीको चुदते हुअे देखके तसलीमील गइ हैं.हैं.हैं.
मे : (हसते) केशु सोनुको कुछमत कहेना वोँ सबकी सीनीयर हे मेरी पहेली पत्नि हे उनकोकुछ कहा तौ मे अेकबार ओर प्रेम करलुगा
केशर : (जोरोसे हसते) नाँ बाबा नाँ मे कुछ नहीं कहुगी अब उतरो मुजे नीचेकुछ हौ रहाहे सोरी सोनुबहु माफ करदो मुजे हैं.हैं.हैं.
रीटा : दादीमा माफीमत मांगो मालुम हेनां हमारे यहा इनकीभी सजा मीलती हे हैं.हैं.हैं.
सोनु : जानेदे रीटा इनकी सजातो हमारे पती अंदर जाकेदे देगे हैं.हैं.हैं.
अंजु : कीतनी कमीनी दोनो, अबभीजी नहींभरा, जानु आप् दादीको अंदर लेजाओ ओर दोनो आरामसे बहार आनां हम् सभी वेइटकर लेगे हैं.हैं.हैं.
सोनु : देखा दादीमा आप् समज गइना दोनो कों आरामसे आनेको कहेती हे हैं.हैं.हैं.
केशर : हां मे समजती हुं सबकी नौटंकी राजअब चलो मुजमेतो खडे होनेकीभी ताकत नहींहे आजतो मेरा पुरा सरीर आपने नीचोड लीयाहे पुरीरात मेरी ठुकाइ करते रहेहो ओर अबभीजी नहीं भरातो अभीभी नीचे नहीं उतरते हौ
मे : अरे डार्लींग चल लें चलताहुं तुजे, तुतो मेरी अच्छी पत्नि हेचलआजा.
कहेके मे केशरके उपरसे उतर गयातो केशरकी चुतसे ढेर सारा हमारा कामरस बहेने लगाजब वोँ बहेना बंधहुआ तौ मे केशरको गोदमें उठाके अंदर लेगया ओर उनको नहेलाने लगातब केशर भावुक होकेबस मुजेही देखती रहीजब मे नहाने लगातो केशर मुजे नहेलाने लगीओर नहेलाते नहेलाते मुजसे बाहोमें भरके चीपकगइ
केशर : राज मेने कोनसे पुन्य कीयेहे जोँ आप् मुजे पतीके रुपमें मीले मुजेतो कभीइस तराह आपके दादानेभी नहीं नहेलाया आप् मेरी कीतनी केर करते होँ लवयुराज
मे : बस केशुओर कुछमत बोल मे सीर्फ तुजे नहीं मेरीसभी बीवीओको दुनीयाकी सारी खुसीया देना चाहता हुंओर तुमतो मेरीखास पत्नि होँ जोँ मे हमेसा तुजे अेसेही प्रेम करता रहुगा मेरातो अबभीजी नहींभरा तुमभी मेरी नेनु मायाकी तराह सदाबहार हौ
केशर : (मेरे होंठ चुमते) राज जीतो मेराभी नहींभरा पऱ सबके सामने मुजे बहोत शर्म आँ रहीथी प्लीज अेकबार अपनी फेवरीट स्टाइलमें मुजे प्रेम करोनां
कहेके केशरने मुजसे चीपकते हुअे मेरा लन्ड पकडके मसल दीयाओर अपनी चुतपे रखकेसेट करनेलगी ओर नसीली आंखोसे मेरीओर देखने लगीतब मेने देरना करते उनके नीतंबपे पीछेहाथ रखके मेरीओर खीचलीया तब मेरा पुरा लन्ड केशरकी चुतकी लकीरमें घुस गय़ा ओर हम् दनोखडे खडेही चुदाइ करनेलगे
केशर : राजजब आप् मुजसे सेक्स करतेहो तब अेसा लगताहे बसदीन रात आपसे चुदतीही रहुपता नहीं आपको देखतेही आपने आपकोरोक नहीं पाती आपने मुजे इतनी ठरकीबना दीयाहे क्याँ मेरी मीरा नीराली ओर मायाभी अेसाही चाहती हे?
मे : हां केशु मेरीसभी बीवीया मुजे अेसेही प्रेम करना चाहती हैं फीरभी मे जब तुजसे प्रेम करता हुंतो अेक अलगही फीलींग आतीहे मुजे मुजसे बडी उमरकी ओरतोकी चुदाइ करनेमे बहोत आनंदआता हे मे तेरा दीवीना होगया हुं
केशर : तौ आजाना चाहीयेना मेरे रुममें मेतो हमेसाही आपसे चुदनेके लीये तैयार हि रहेती हुं तबतो मेरी मीरा नीराली तारा सारीका माया नेनु बहुतही खुस रहेगी राजअेक बार पीछेभी करोनां बहोत ख़्वाहिश होँ रहीहे
मे : अभि नहीं केशु मे दो पहोरको दीनमें आउगातब मे तेरीहर ख्वाहीस पुरीकर दुगा
ओर हमारे बीच घमासान चुदाइ होनेलगी जब दोनो जडनेको आयेतब दोनोने अेक दुसरेकी बाहोको कसके पकडलीये ओर दोनोने अपने होंठ लीपलोक करलीये ओर साथमें जडनेलगे फीर दोनो नहाके कंपलीट होके नंगेही बहार आगये मे केशरको अपनी गोदमेही उठाके लेआया तब मेरीसभी बीवीया केशरकी ओर देखते हसनेलगी
ओरदोदो करतेसभी नहाने जानेलगी तबतक नेनुओर मायाने हमारी चदर चेन्ज करदीथी मेने केशरको बेडपे सुलाया तौ वोँ बेठगइ ओर अपने कपडे पहेनने लगीतब मायाओर नेनु उनकी सहायता करनेलगी फीरदो दो करकेसभी नहाके कंपलीट सजधजकर होगइओर मेभी कंपलीट सजधजकर होगया तब नेनु सींदुरकी डीबी लेकेआइ
तब मेने सबसे पहेले नेनुकी ओरफीर सबकीअेक अेक करके मांग भरदीओर सभी मेरे पांव छुकेखडी रहीतब केशरने मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर मेरे होंठ चुमलीये ओर मेरीओर देखके हसनेलगी तौ मेरीसभी बीवीया तालीया बजाने लगीतो
केशर सरमाके मेरे सीनेपे सर रखके हसनेलगी तब मीराने दरवाजा खोलके बहार देखलीया कि कोइ बहारतो नहींहे जबकोइ नहीथातो नीराली ओर मीरा दादीका हाथ पकडके करीब-करीब बहारकी ओर दोडही पडीतब हम् सभी हसनेलगे ओर दोनोही केशरको अपने रुममें छोडके वापसआगइ ओर जोरोसे हसनेलगी
नीराली : (हसते) जानु आपनेआज वाकइ मम्मीकी हालत खराब करदीहे वोतो चलभी नहीं सकतीथी जातेही सीधे बेडपे लेटगइ वोँ दोतीन घंटे सोना चाहती हे
माया : सीर्फ दादीही नहीं हमारी हालतभी यहीहे, राज आपको क्याँ होगया थां कि आज सबकी हालत आपने खराब करदीआज हमारा सरीरभी बहोत दर्दकर रहाहे
नेनु : तोँ फीरओर नहीतो क्याँ राजआज मेभी थकान महेसुस कररही हुं, चलो चलो
सभी चाइ नास्ता करलो दोपहरको सभी लञ्च करके सोजाना कहातो मे नेनुके संग बहार जानेलगा तौ सभी हमारे संगदोड पडीओर हम् सभी होलमें आगयेतब काकाओर सुनील चलके आँ रहेथे तब पीछे तारा सारीका काकी धीरे-धीरे धीरे-धीरे थोठी लंगडाके आरही थि ओर आतेही सारीकाने मुजे हसते हुअे मुकाभी मार दीया तौ सभी समजके हसनेलगी तभी मोहन रसीलाभी आगयेओर बेठगये
तभीअजय ओर सीमा दोनो हाथमें हाथ डालके धीरे-धीरे धीरे-धीरे हमारी ओर आँ रहेथे तब कजरीकी बेटी मुनीखुस होतेहुअे दोनोके सामने क्रोस होते गुजरी तब मुनीने हसते हुअे अजयके सामने सीमासे छुपके कुछ इसारा कीया तौ अजयहस पडाओर मुनीको हसते हुअे तीरछी नजरसे देखते हुअे हमारी ओरआने लगा तोँ मेनेदेख लीया
फीर वोँ दोनो हमारे पासआके बेठगये आज दादीमा बहार नीकलने वाली नहीथी तब कजरी मुनीओर दो सेवीका सबके लीयेचाइ नास्ता लेकरआगइ ओर सबको देनेलगी तब मुनी अजयको नास्ता देते वक़्त अजयके सामने कातील मुस्कान करनेलगी
तब अजयनेभी नास्ता लेते टाइम मुनीके हाथको छुलीया तौ मुनी सरमाके हसनेलगी ओर हम् सभीचाइ नास्ता करनेलगे तभी दिवुओर मनु मेरेपास आकेबेठ गइओर नास्ता करनेलगी तोँ मेने मनुको नास्ता खीला दीया तोँ दिवुओर मनु हसनेलगी ओर खानेलगी तब मेने मनुको कहा
मे : हां बेबी आप् अपनी मम्मीके पास जानां चाहती होनां? चलो मे आपकोछोड देताहुं आज मे दिवुओर रीटाके संग साइटपे जा रहाहुं तोँ आपकोभी छोड दुगा
मनीषा : देखा दिवुदीदी मुजेतो कुछ बोलनाही नहींपडा मेरे दिलकी बात केसे जानली, राज क्याँ आप् जादुगर हौ आप् हम् सबकीबात केसेजान लेते हौ?
मे : (हसते)हां बहोत बडा जादुगर हुं जोँ मेरीसभी बीवीओके दिलकी बातजान लेताहुं, सुन माधुकोभी अपनी मम्मीको मीलनाहेतो बोलदे वोभीसंग आजायेगी
माधवी : (पीछेसे आते मेरी गरदनमे बाहे डालके) नहीं जानु आप् जाओ मुजे क्लीनीकपे जानां हे हम् बादमें जायेगे ओर आपतो साइटपेभी जा रहेहो मे कहा घुमुगी
मे : हांचलो मेभी आँ रहाहुं देखुतो सही मेरी दोनो पत्नि कीतनी महेनत कररही हे
कहातो दिवुखुस होगइफीर सबने नास्ता करलीया तब काकाओर अजय सबको मीलके नीकल रहेथे तब उसने मोहनसेभी पुछलीयाकी आराम करना हेयासंग चलनाहे तौ मोहनभी साथमे जानेको तैयार होगया ओर तीनो नीकलगये तब सुनील मे ओर मेरी तीनो पत्नि दिव्या रीटाओर मनु हम् सभी अेकही गाडीमें नीकलगये
सबसे पहेले हम् सभी सुनीलके बंगलेपे गयेतब वहा बहुतकाम होँ चुकथा फीर हम् सभी मंदिरकी साइटपे आगयेतब वहा मंदिरके अंदर गर्भगृहमें हमे कपडेसे ढकी शीवलींग दीखरही थि जेसेही मे उधर जाने लगातो मुजे दिवुने दोडके पकडलीया ओर मुजे बाबाने अंदर जानेको मना कीयाहे कहेके वापस बुलालीया
फीर हम् सभी मारबलकी साइटपे चलेगये तोँ वहाभी बडी सावधानीसे जोरोसे कामचल रहा थां तब सुनील गौशालाकी ओरचले गये तोँ मे मेरी तीनो बीवीके संग बाबाके पासचला गय़ा ओर अंदर जातेही हम् सबने उनको दंडवत कीया तौ बाबा बहोत खुसलग रहे थें उसने मुजे पीठमें मुका मारदीया तौ मेरी तीनो पत्नि हसनेलगी फीर हम् उनके चरणोके पासबेठ गये
बाबा : क्याँ बातहे आजतो सुभह सुभह हि अपनी बीवीकी सहायता करने आँ गय़ा हैं.हैं.हैं.
मे : हां बाबायह दोनो बहुतही महेनत कररही हे तौ मे देखने आँ गय़ा
बाबा : केसी होँ मनु बेटा अपनी मांके पास जाती होकी नहीं
मनीषा : हां बाबा उसेही मीलने जारही हुंओर यह स्वयं मुजे लेके आरहेहे
बाबा : बेटा अब उनको बोलो तुम्हारे संग आजाये वहा अकेली क्याँ करेगी
मे : जी बाबा मे इसीलीयेही जारहा हुंजब तक मनुवहा रहेगी तब तक भलेवहा रहेजब मनु वापस आयेगी तौ उनकोसंग लेके आजायेगी
बाबा : हांयह तुनेसही कीया बडीही खुदार ओरतहे बीलकुल मनुकी तराह हैं.हैं.हैं., बेटा तुजेपता हेअब तेरी मम्मीकी जींदगी बदलने वालीहे यहबात तुम् दोनोही याद रखना हौ सकताहे आनेवाले दीनोमे उनकी दोबारा सादी होगी तौ क्याँ तुम् उसे स्वीकार करोगी?
मनीषा : क्याँ केह रहेहे बाबा, अगर उनकी जींदगीमें वापस खुसीया आयेगीतो मे क्यु नहीं स्वीकार करुगी मीरादी मायादीकी भि जींदगीमें खुसी आँ सकतीहे तोँ मेरी मम्मीके जींदगीमें क्यु नहीं बाबा मे इसके लीये बीलकुल रेडीहु
बाबा : बेटा जोँ तुसमज रहीहे वोँ नहींहे तेरी मम्मीकी जींदगीमें इसबार कोइओर आने वालाहे जोँ अभि महेलमेही हेओर वोँ तेरी मम्मीकी जीदगीमे खुसीया भर देगा
मनीषा : बाबा मुजेकोइ अेतराज नहींहे बस मेरी मां खुस रहेनी चाहीये
बाबा : बस बेटा थोडा समय वेइट करलेफीर तेरायह पतीही सभीठीक करदेगा वोँ सबकुछ जानता हेकभी वोँ बताना चाहेतो फुरसतमे पुछलेना
कहातो मनु मेरीओर आस्चर्यसे देखने लगीफीर बाबासे बहुत बाते करके हम् उसे विदाइ लेके बहार आगयेतब दिवु रीटाओर सुनील मुजे मनुको मंजरीदेवीके घऱ छोडनेके लीये कहेकर अपने कामपे लगगये ओर मे मनुको लेके मंजरीदेवीके घऱ आगयातब मंजरीदेवीके घऱ सुलक्षणादेवीभी थि हम् दोनोको देखतेही दोनो बहोत खुस होगइओर हमेबडे आदरसे अंदर बुलाया
सुलक्षणादेवी : क्याँ बातहे आजतो हमारे जमाइ हमारे घरका मार्ग भुलगये?
मे : हां मेने सोचाचलो आज मेरी दोनो सीसुमाको मीलके आताहुं देखुतो सही इनको हमारी याद आतीभी हे याँ नहीं
मनीषा : जानु आप् बेठो मे पानी लेकरआती हुं, आप् क्याँ पीओगे चाइ केँ कुछ ठंडा?
मे : अरे मेरी पत्नि जोभी प्यारसे पीलादे पीलुगा हैं.हैं.हैं.
मनीषा : (हसते मुजे मुका मारते) कुछतो शर्मकरो यहा मेरी माँ हे हैं.हैं.हैं.
मंजरीदेवी : अेय मेरे जमाइको मतमार वोँ तुजसे प्रेम करताहे हैं.हैं.हैं.
मनीषा : लो जमाइमील गयातो बेटीको भुलगइ, आप् अपने जमाइको सम्हालो मे चाइ बनाके अभि आइ
कहेते वोँ मुजेअेक बारफीर मेरे सामने मुह बीगाडके मुका मारके चलीगइ तौ हम् तीनो हसनेलगे तब मंजरी ओर सुलक्षणादेवी मेरीओर कुछ अजीब नीगाहोसे देखने लगीफीर दोनोही सरकके मेरेपास आगइओर धीरेसे कहेने लगी
मंजरीदेवी : आपने मेरी बेटीको क्याँ पीला दीयाहे आपके प्यारमें कीतनी अंधी होगइहे, राज आप् अकेले नहीं आँ सकते? देखो आजतो सुसीभी इधरहे हम् खुबमजे करतेकभी हमे अकेलेभी मीलने आयाकरो
सुलक्षणादेवी : हां राजजी अबइस बुढीओकी तरफ भि कभी देखलीया करो हैं.हैं.हैं.
मे : क्याँ आंटी आप् कहासे बुढीदीख रहीहे अभीतो आप् माधुकी बडी दिदी दीखरही हे
सुलक्षणादेवी : तौ फीरआते क्यु नहीं? हम् दोनोको कीतना तडपाओगे आप्
मे : बसअब मे अधिकतर फ्रिहुं तोँ इधर जरुर आउगाओर आजतो मंजरीआंटीको लेकर हि जानां हेमनु उसे लेने हि आइहे
मंजरीदेवी : राज अभि नहींकुछ दीन ठहेरजाओ हमेइधर मीलनेमे आसानी रहेगी
सुलक्षणादेवी : हांराज मंजुसही केहरही हेइधर हम् दोनो आपसे खुलके मील सकतीहे
मंजरीदेवी : राजजब तक हम् इधर आपकोमील नहीं लेतीतब तक मे नहीं आउगी
तभी मनु हम् सबके लीयेचाइ लेकरआगइ ओर सबकोचाइ नास्ता देनेलगी ओर उनकी मम्मीकी ओर देखते बात करनेलगी
मनीधा : तीनो सासु जमाइ क्याँ बातेकर रहे हौ?
मे : कुछ नहींमनु मे मम्मीको उधर आनेकेलीये केहरहा हुं वोँ अभि मनाकर रहीहे
मनीषा : माँ मे कुछ नहीं सुनुगी आपकोआज मेरेसंग आनाही हे
मंजरीदेवी : बेटा मे बादमें आती हुंना अभि इधर सुसीभी अकेली पड जायेगी
मनीषा : सुसी आंटी आपभीचलो उधर बहोत जगाहे आप् दादाके संग आजाना ओर रातको इनके साथही चली जानां बस अबतोकोइ दीकत नहीं हेनां?
सुलक्षणादेवी : अरे बाबा क्युजीद कररही हे तेरी मां इधर अकेली नहींहे समजीओर हम् बेटीके घऱ रहेगी तौ क्याँ अच्छी लगेगी मेतोअब सारादीन इधरही रहेती हुं
मे : ठीकहे आप् दीवाली तक इधररहो फीरकोइ बहाने नहीं चलेगा वरना मे आपको जबरदस्तीसे उठाके लेजाउगा फीरमत कहेना हमारे जमाइने मेरा अपहरण कर लीया
कहातो मंजरीदेवी सरमाके हसनेलगी ओर हम् तीनो खुलके हसनेलगे तब मनुने मुजे हसते हुअे मुकाभी मारदीया फीर मे वहासे सबकी लजाजत लेके बहार नीकल गय़ा तबमनु दोडके मेरेपास बहार तक आइओर जटसे मेरे होंठ चुमलीये ओर मुजे सामको लेनेके लीयेबोल दीया तोँ मेंने हां कहेके पुजारीदादाके घऱ आगया तौ वहा दादाजी उनकी वाइफओर मंदाकीनी बेठे थें
पुजारीजी : आओ बेटा बहोत दीनोके बादआये?
मे : हां दादाजी मे आपको कहेने आयाथा मे कल सायद राजकोट जारहा हुं क्याँ मंदाकीनीको आनांहे तोँ मे ओर माया नेनुजा रहेहे तोँ संग लेके जायेगे
देवयानीजी : तबतोबडी महेरबानी बेटा मालीनीकाभी बारबार मोबाइल आँ रहाहे तोँ वही पढाइ करलेगी हम् अभि इनका सामान पेक करतेहे आप् इनकोसंग लेजाइअे
मंदाकीनी : हां भैया मे चलुगी आपकेसंग मेरीभी पढाइयहा डीस्टर्ब होँ रहीहे गुजरातमे कीतना आनंदआता थां मुजे दीदीभी बहोत फोर्स कर रहीहे कि इधरआजा यहा पढाइ करलेना ओर भैयाभी आनेको बहोत बोलरहे हे मे आजही मेरासभी सामान पेक करलेती हुइधर तोँ आप् सभीहे तोँ मां पापाकी चीन्ताभी नहींहे
मे : ठीकहे दादाजी मे चलताहुं मे सुभह गाडी भेजुगा आप् मंदाकीनीको सामानके संगभेज देना हम् जायेगे तब इनकोभी संग लेते जायेगे ओर इनकी पढाइकी आप् चीन्ता मत करना वोँ अब उधरही रहेगी
पुजारीजी : हांठीक हे बेटा तुम् होतो मुजे क्याँ चीन्ता करनी, अरे कुछ पीकेतो जाओ
मे : नहीं दादाजी अभि मंजरीआंटीके घरसेचाइ पीकेही आयाहुं मे चलताहुं
फीर मे उनसे वीदाइ लेके आगयातब सुनील दिवुओर रीटाभी तैयार थें ओर हम् चारो वापस महेलमें आगयेतब मेरीसभी बीवीया अपनी ओफीसमें कामकर रहीथी हमे देखतेही सभी बहारआगइ ओरसभी मुजे लेके हमारे रुममें फ्रेस होनेके लीयेआगइ अंदर आतेही सभी मुजेकीस करके प्रेम देनेलगी फीर हम् सभी फ्रेस होके डाइनींग होलमें आगयेतब काका मोहनओर अजयभी आगयेओर फटाफट फ्रेस होकरबेठ गये
तब कजरीदो सेवीका मुनीओर दादाजी हम् सबको खानां परोसने लगेतब मेने नोटीस कीया कि मुनी अजयपे कुछ ज्यादाही ध्यान देरही थि तब काकीबार बार कजरीकी ओरदेख रही थि वोँ कजरीको काकाके संगसेट करना चाहती थि फीर हम् सबने डीनर फीनीस कीयाओर सभी होलमें आकेबेठ गयेतब काका मेरेपास बेठगये ओर कहेने लगे
काका : बेटा आपकोअेक बार राजकोट अहेमदाबाद जाकेदेख लेना चाहीये
मे : काका आप् सहीकेह रहेहे मे कलही नीकल जाताहुं फीर दिवालीभी आँ रहीहे
काका : बेटा यह मोहन बडाही होशीयार हे उनको ज़्यादा कुछ सीखानेकी जरुरत नहींहे वोँ अकेलाही सभीकुछ कर सकताहे अजयसे कुछबात करलीफीर सभी अपने आपही करनेलगा बडाही काबील लडकाहे मेतो केहता हुं आप् इसे राजकोटही सेट करदो क्युकी अब अजयतो इधरही रहेनेवाला हे
मे : काका उनकी बीवीभी होशीयार हैं वोभी अेमबीेअे कर रहीहे बस फाइनल अेक्क्षाम देनी बाकीहे तोँ इधरही इनका अेडमीशन करवाना हे
काका : तौ क्याँ प्रोबलेम हे वोतो राजकोटमेभी कर सकतीहे अभीतो दोनोको इधरही रहेने दोजब यहाका काम पुरा होजाये तब आप् मोहनको वहा सीफ्ट कर देना
मे : हां येभीठीक हेचलो देखते हे मे नेनुओर अंजुसे बात करलेता हुंफीर रसीलाका अेडमीशनभी करवाना हे मे नंदाभाभीसे बात करलुगा
कहेके हम् सभीउठ गयेओर सभी अपने रुममें जानेलगे तोँ नेनु माया सबको लेके हमारे रुममें चलीगइ ओर मुजे केशरके रुममें आराम करनेभेज दीयाआज सभी आराम करना चाहतीथी तोँ मे केशरके रुममें चला गय़ा तोँ केशर आरामकर रहीथी तोँ मेने जातेही दरवाजा लोक करदीया ओर धीरेसे केशरके पीछे लेटके उसनको बाहोमे भरकेलेट गय़ा ओर आराम करतेकब नींदआगइ पताही नहींचला
जब नींद खुलीतब केशर मेरे सामने मुह करके मुजसे चीपकी हुइथी ओर मेरे होंठ धीरे-धीरे धीरे-धीरे स्मुच कररही थि मुजे जागता हुआ देखतेही मुजे कसके बाहोमें भीचलीया ओर मेरेउपर चडकेलेट गइओर मेरे चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगीतब मेनेभी उनके बुब्स अपने हाथोमे जकडलीये ओर जोरोसे मसलने लगा
केशर : उइ.माँ.राज धीरेसे दबाओनां दर्द होताहे पता नहीं आपको देखतेही बस अेकही कामयाद आताहे कि आपसे चुदाइ करवाले, आपने सुभहकुछ वादा कीयाथा
मे : हांपता हे इसलीये तेरेपास सोनेआया थां चलआज तेरी ख़्वाहिश पुरी करताहुं
फीर केशरओर मेरेबीच अेक घमासान चुदाइका दोरचल पडा केशरको दोबार जडाके दोनो साथमें खलास होगये तब मेने केशरको पीछे जमकर पेलाओर उनकी ख़्वाहिश पुरी करदीफीर दोनो साथमे नहाने चलेगये तब केशरने वहाभी मुजसे खडेखडे चुदवालीया अब वोभी मेरी नेनुकी तराह इतनी ठरकी होगइ थि ओर हम् दोनो रेडी होगये तब वोँ मेरी बाहोमे आके मुजसे लीपटगइ
केशर : राजअब आपके बीना रहेना बहोत मुस्कील होगा मुजेआज नेनुकी मनोदसाका अहेसास होताहे अब मेरी स्थीतीभी मेरी नेनु जेसी होगइहे आप् हमे इतना प्रेम क्यु करते होँ ओर हमेभीतो आपकाढेर सारा प्रेम चाहीये
मे : केशु मे मेरीसभी बीवीओको इतनाही चाहता हुं जीतना नेनुओर आपको चाहता हुं
केशर : फीरभी राज आप् हमे प्रेम करते होतो अेसाही लगताहे आप् हमसे सबसे ज़्यादा प्रेम करते हौ वाकइ आपने हम् सबका जिंदगी सार्थक करदीया हेलवयु राज
मे : लवयु केशुबस मुजेभी आपका बेसुमार प्रेम चाहीअे मे प्यारके आगे वीवसहुं
फीर हम् दोनोने अेक दुसरेके होंठ चुमलीये ओरअलग होके बहारआके होलमें बेठगये तब होलमें अभि कोइ नहींआया थां तौ मे ओर केशुअेक सोफेपे साथमें चीपकके बेठगये तब केशर मेरे कंधेपे सर रखकेबेठ गइओरअेक हाथ मेरे सीनेपे रखके सहेलाने लगीओर मुजसे धीरेसे बाते करनेलगी
केशर : राजआगे आपने मेरे बारेमें यहाके बारेमे क्याँ सोचाहे?
मे : केशर तुजेतो सभीपता हेतुअेक बहुतही खुबसुरत बेबीको जन्म देगीओर उनकी मेरी सोनुके बेटेसे सादी होगीजब इनकी सादी होगीतब तु माया मीराओर नीराली मेरी नेनुकी तराह जवान दीखेगी तब हमारा प्रेम चरमो पर्र होगा
केशर : राज क्याँ कभी अेसा होसकताहे हम् अेक उमरकी देहलीजपे हेओर हम् सभी वापस जवान होती जायेगी? आपके लीयेसभी संभवहे पता नहींतब लोग क्याँ कहेगे मेतोयह सभी सोचतेही बहोत अेक्साइड होँ जातीहुं
मे : तु लोगोकी चीन्ता मतकरतब हमारी अेक अलगही दुनीया होगी तुम् चारोतब यहा नहीं रहोगी सभी बोम्बे ओर लंडनमे होगी हमारे सभी बच्चे तब लंडनमें पढरहे होगे
केशर : हं.समज गइ लेकीन आपकोभी हमारे संग रहेना होगाकेह देतीहु
तभी सुनील ताराआते दीखाइ दीये तोँ मे ओर केशरअेक दुसरसे दुरसही होकेबेठ गयेतभी मेरीसभी बीवीयाभी आते दीखाइ दि मुजे देखतेही सभी दोडके मेरेपास आगइतब नेनु मेरेपास बेठगइ तभी काका काकीभी आगयेतब अजय सीमाके संग मोहन रसीलाभी आकेबेठ गयेओर तब हम् सबके लीयेचाइ नास्ता आगयातब चाइ देते वक़्त मुनीने अजयसे कुछ इसारेसे बात करली
नेनु : (धीरेसे मेरे कानमें) जानु देखो तुम् मुनी अजयसे कुछ इसारा कररही हेचकर क्याँ हे? आपकोपता हे?
मे : नहीं नेनु हम् इस बारेमे बादमें बात करेगे जब हम् अकेले होगे
फीर हम् सबनेचाइ नास्ता करतेरहे तब रसीला बारबार मुजेदेख रहीथी जब हम् दोनोकी नजर मीलती तब वोँ सरमाके हस देती थि तबफीर काकाअजय ओहन साइटपे चलेगये तब सुनील ओर रीटा दिवुभी मुजसे मीलके चलेगये तब हम् सभी बहार गार्डनकी ओर चलनेलगे तब मायाओर नेनु मेरेसंग चलकेबात करनेलगी ओर हम् तीनो गार्डनकी ओरचलपडे
माया : सखा अभि दिवालीके कुछदीन बाकी हेतो आप् अेकबार राजकोट अहेमदाबाद चकर लगाके आजाइअे देखोतो सहीवहा क्याँ प्रोग्रेस हुइ हे आप् ओर नेनुदी अकेलेही चलेजाओ
नेनु : मायादी आपभीचलो, आप् मंदाकोभी मील लेनाफीर हम् राजकोट चले जायेगे, जानु आप् नंदाभाभीसेभी बात करलोहमे रसीलाका अेडमीशनभी करवाना हे
माया : मे अभि हमारी टीकीट करवाती हु मीरादीदी ओर नीरालीदीसे भि बात करनी पडेगी देखा नहींआज कल हमारी दादीमे बहोत कुछ बदलाव आरहाहे कही कीसीको सक नां होजाये
नेनु : हां जानु मुजे लगताहे आपके प्यारमें वोँ बहुतही बीन्दास होगइहे कुछ गडबड नां करदे मायादी बीलकुल ठीककेह रहीहे हमे ध्यान रखना पडेगा, वेसे ध्यानतो अब अजयपेभी रखना पडेगा वोँ कजरीकी बेटी मुनी आजकलकुछ ज्यादाही अजयका ख्याल रखरही हे
मे : जानु अजयको जडीबुटी देनेके चकरमे काकाको देदीफीर अजयकोभी देदीअब परीस्थीती यह आगइहे दोनोकी सेक्स पावर इतनीबढ गइहेकी दोनोकी पत्नि अकेली उनको नहींजेल सकती इसलीये काकी काकाके लीये दुसरी ओरतका इन्तजाम करनेमे लगीहे ओर मुनी बहुत दीजोसे काका अजयकी रास लीला छुपकेसे देखरही हे इसलीये वोँ अजयसे सबंध बनानेके फीराकमें हे
नेनु : जानु मेरे ख्यालसे गलती हमारीही हे हमनेही उनकोयह जडीबुटी दि हे
माया : सखा तौ इसके लीये आप् क्याँ सोचरहे हे आपनेतो कुछ सोचा होगा
मे : सखी मुजे नहीं लगता वोँ कुछगलत कररहे हे मेने काकाके बारेमें कुछ सोचाहे ओर रहीबात अजयकी तौ मुनी उनकेसंग सबंध बनायेगी तौ हम् सीमाको समजाके उन दोनोकी सादीकर देगेअब अजयभी दो पत्नि सम्हाल सकताहे ओर काकाभी यही करेगे जोँ हौ रहाहे होनेदो
नेनु : जानु वोतोठीक हे पर्र काका केँ बारेमे आपने क्याँ सोचाहे?
मे : नेनु आप् बाबाकी बातसे अेसा लगाकी हमे मंजरीदेवीकी सादी काकासे करदेनी चाहीये ताकी उनको सहारा मील जायेओर काकाभी उसे अच्छेसे प्रेम दे सकेगे
माया : क्याँ इसकेलीये मंजरीदेवी राजी होजायेगी? उनकी छोडो क्याँ मनुमान जायेगी?
मे : मुजे मनुकी टेन्शन नहींहे बस मंजरीदेवीसे बात करनीहे ओर वोँ मे मनुको कहुगा
तभी बबलुका मोबाइल आँ गय़ा ओर मुजेदो दीनमें मशीन आनेकी जानकारी देदी तौ मेनेभी वहा आनेकी जानकारी देदीतब बबलुने कहा
बबलु : भैया आप् आँ रहे होतो क्याँ मंदाकीनीको संग लेते आओगे?
मे : हां मुजेपता हे तुजे अपनी सालीको मीलनेकी बहोत जल्दहे हैं.हैं.हैं.
बबलु : (हसते) क्याँ भैया अेसा कुछभी नहींहे येतो मालीनी केह रहीथी इसलीये हैं.हैं.हैं.
मे : हांचल ठीकहे मे उनको लेकरही आँ रहाहुं बसअब तौ खुस.मे दो दीनमें आँ रहाहुं उधरसभी तैयार हेनां?
बबलु : जी भैया ओलमोस्ट सभी तैयार हे आप् अेकबार आके देखलीजीये ताकीकुछ चेन्ज करना होतोकर लेगे, भैया आपसे मालीनी बात करना चाहती हे लीजीये
मालीनी : (मोबाइल लेतेही) हां भैया आप् आँ रहेहो तोँ मंदाकीनीकोभी लेते आनां
मे : हांपता हे वोँ मेरे साथही आँ रहीहे ओरसुन इधर सीमाका सभीठीक होगया हे
मालीनी : हां भैया उनसे मेरीबात होगइहे ओरकुछ नहींकहा क्याँ?
मे : कहा वोँ तेरी भि कुछ सीकायत कर रहीथी पऱ अधिकबात नहीं हौ पाइबोल क्याँ प्रोबलेम हे मे आतेही ठीककर दुगा
मालीनी : वोँ.भैया.आप् आओतोसही मे आपसेबात कर लुगी हम् मीलेगे तब बताउगी कुछ प्रोबलेमतो नहींहे बस मंदाकीनी केँ बारेमें बात करनी थि
कहेके मोबाइल काट दीया तौ नेनुओर माया मेरीओर देखने लगीफीर मेने दोनोको सारीबात बतादी फीर नेनुने मंदाकीनीसे फोनपे बात करलीओर उनकी आइडी मंगवाली ओर हम् तीनो बाते करते अंदर आगयेतब तक नेनुके फोनमें मंदाकीनीकी आइडी भि आगइ थि ओर नेनुने हम् चारोकी टीकीट बुक करलीफीर अेसेही शाम होगइतब मे ओर नेनु वाहन लेके बाते करते मनुके धरचले गये
नेनु : हां जानु क्याँ परेसानी हे आपको मुजे बताइअे
मे : (हसते) कीतनी समजदार हे मेरी बहेनसभी समज जातीहे
नेनु : (हसते) क्याँ बातहे आज बहेनकी यादआगइ लगताहे आज मेरीखैर नहीं हैं.हैं.हैं.आप् जबभी बहेनको याद करतेहो हमारी हालत बीगड जातीहे हैं.हैं.हैं.
मे : नहीं नेनु मे तुमसे बहोत प्रेम करताहुं सबसे ज़्यादा पर्र मे सबके सामने यही जताता हुं कि सबसे बरोबरका प्रेम करताहुं दरसल मे तुमसे बहोत प्रेम करताहुं
नेनु : (भावुक होके मेरीओर देखते) जानु मे जानतीथी आप् मुजसे सबसे अधिक प्रेम करतेहे आप् आपके मुहसे सुनभी लीया मे कीतनी भाग्यसाली हुं जौ आप् मुजे मीले मुजसे कभीअलग मत होना वरना मेरा अस्तीत्व मीट जायेगा
कहेके वोँ आंसु बहाने लगीतब मेने उनके आंसुपोछ दीये तोँ वोभीसही होकेबेठ गइओरकुछ सोचमें डुबगइ तोँ मेने गाडी साइडमें खडी करकेउसे बेठेही हग करलीया तब नेनु मुजसे जोरोसे चीपकगइ ओर मुजेबार बारआइ लवयु कहेने लगी तौ मेनेभी नेनुके होठ चुमके अपना बेसुमार प्रेम जता दीयाफीर दोनो वापस मनुको लेने चलनेलगे ओर बादमे बात करेगे कहेके मंजरीदेवीके घऱ पहोंच गये
मंजरीदेवी : आओ नेनुबीटीया केसीहो? क्याँ कररही हे हमारी राजमाता?
नेनु : (हसते)बस आंटीसभी मजेमे हेचलो मे आपको लेनेआइ हुं हैं.हैं.हैं.
मंजरीदेवी : अरे बेटी मनु सुबहसे हि पीछेलगी हे मे दिवालीके बाद आजाउगीनां
नेनु : चलोठीक हेअब दिवालीके दिनभी कीतने बचेहे फीर देख्ना मे आपकोइधर नहीं रहेने दुगीकेह देतीहुं हैं.हैं.हैं.
मंजरीदेनी : (हसते)अरे हां बाबाहां मे स्वयं चली आउगीबस.
तभीमनु हम् दोनोके लीये पानी लेकरआइ फीर वोँ चाइ बनाने चली गइतो पीछे नेनुभी कीचनमें चलीगइ तब मंजरीदेवी मेरेपास आकेबेठ गइ
मंजरीदेवी : (धीरेसे) राज चलोना कुछ जुगाड करोनां हम् कहीचले जातेहे जबसे हमारा मीलन हुआहे तबसेकही चेइनही नहीं मीलता आप् कुछ करोनां कीतने दीन हौ गये
मे : मे कल राजकोट जारहा हुफीर आकेकुछ करताहुं मेने आपके लीयेकुछ ओर हि सोचाहे ताकी आप् हरसमय मेरे सामनेही रहे
मंजरीदेवी : (हसते धीरेसे) अेसा क्याँ सोचाहे? कही मीराओर मायाकी तराह मुजसेभी सादी करनेका इरादातो नहीं हैं.हैं.हैं.
मे : (हसते)हां आपकी सादीतो होगी पऱ मुजसे नहीं मेनेइस बारेमें कुछ ओरही सोचाहे मे आपको वापसआके जब मीलने आउगातब बताउगा जोँ आप् उनकेसंग बहुतही खुस रहेगी फीर मेतो हुहीजब जी चाहे हम् प्रेम कर लेगे
मंजरीदेवी : (थोडी गंभीर होते) लगता हैं आपने मेरे बारेमे बहुतकुछ प्लान करकेरखा हेठीक हेकोइ बात नहींबस मुजेतो आपका प्रेम चाहीये हम् बादमें बात करेगे, वोँ सुलक्षणाभी मेरे पीछेलगी हे कि आप् हमारे जमाइको इधर बुलालो वोभी आपसे मीलना चाहती हे मतलब.आप् समज गयेनां?
मे : हां मे सभीसमज गय़ा क्याँ यहसभी सहीहे?
मंजरीदेवी : वोँ मुजे नहींपता बस इतना जानती हुं आपको देखतेही हमारी हालत खराब होजाती हेफीर सही गलतका कुछ ख्याल नहीं रहेता
तभी नेनुओर मनु दोनोचाइ लेकेआगइ फीर हम् चारोने चाइपी फीर मनुको लेके हम् वापसघऱ आगयेओर हम् सबने साथमें डीनरकर लीयाओर सभी बहार गार्डनमें अेकठा होकेबेठ गयेतब नेनुने सबकोकल हमारे अहेमादाबाद ओर राजकोट जानेकी जानकारी देदीतब मेरीसभी बीवीया कुछ मायुस होगइ
काका : अरेसभी केसेमुह लटकाके बेठगइ अेसे थोडी चलेगा बीजनेसभी जरुरी हैं फीर येतोदो तीन दीनमें वापस आजायेगे आप् सभी कहोतो यह बीजनेसही बंधकर देतेहे
अंजु : नहीं नहीं काका हम् कहा उनकोमना करतेहे जाने दीजीये.
माया : नहीं काका धीरे-धीरे धीरे-धीरे सभीआदी होजायेगी मे सबको समजा दुगीओके?
सुनील : बेटा देखो मेरी दिवुओर रीटाको सारादीन इनसेदुर रहेके कामकर रहीहे फीरभी कुछ नहीं कहेती बस इनकोतो अेकही लगनहे हमारे पतीका सपना पुरा करनाहे
धारा : सोरी अंकल हम् इनको खुसी खुसीभेज देगे
सोनु : हां काका हम् कोइ मायुस नहींहे अब हम् सबको क्याँ फर्क पडताहे वोँ कहीभी घुमे हैं.हैं.हैं.
कहातो सारीकाने सरमाके पीछेसे सोनुको धीरेसे हसते हुअे मुका मारदीया तौ नेनुभी सकपकाके सबको लेकेउठ गइओर हमारे रुमकी ओर जानेलगी तौ माधुओर नीरालीभी सरमाते हसते हुअे सोनुको मुका मारते लेजाने लगीतब तारा सारीका ओर केशर धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुस्कराके सरमा रहीथी तभी मोहनओर रसीला अजयओर सीमाभी जानेलगे
तौ सुनील तारा सारीकाभी उठगये तब ताराओर सारीका दोनोही मुजसे इसारेसे अनुभुती करानेका इसारा करके जानेलगे तब काका उठनेलगे तब मेने उनको वापसहाथ पकडके बीठा दीया तोँ काका वापसबेठ गये तौ काकी हमारी ओर देखते जानेलगी तब काका मुजे प्रस्नार्थ भरी नजरोसे देखने लगे
तब मेने काकासे खुलके बात करनेका फैसला करलीया ओर जडीबुटी केसे गलतीसे उन्होने पीली वोँ सभी बाते मेने बतादी ओरफीर अजयको हमेकीन परीस्थीतीमें देनीपडी वोभीबता दीया तौ काकाबडे हि आस्चर्यसे मुजेसुन रहे थें फीर मेरीसभी बातेखतम होतेही काकाबोल पडे
काका : तभी मे सोचुकी मुजमें इतनी ताकत कहासे आगइ? बेटा अबतो तुमसे क्याँ छुपाउ तुअब मेरा बेटाही नहीं मेराअेक अच्छा दीस्तभी होगया हेयहसभी बाते तुमसे खुलके बतारहा हुंरमा अब मुजे अकेली नहीं जेलपाती वोँ मुजसे दुसरी ओरतोके संग सबंध करनेको केहरही हे क्याँ यहसही हे?अब तुमही कोइ मार्ग दीखाओ
मे : काका इसके लीये मेने आपके बारेमे ओर अजयके बारेमें कुछ सोचाहे क्युकी अजयकी स्थीतीभी अब आपके जेसीहे
काका : बेटा मुजे जल्द बताओ आपने हमारे बारेमे क्याँ सोचाहे?
मे : काका बुरामत मानना मेने आपकीओर अजयकी दुसरी सादीके बारेमें सोचाहे
काका : व्होट? क्याँ आपकोपता हे आप् क्याँ बोलरहे हेओर आपकी काकीओर सीमाको आप् क्याँ जवाब देगे वोँ इनकेलीये कभी राजी नहीं होगी
मे : काका उनसे नेनुबात करलेगी क्याँ वोँ दोनोमान जायेगे आप् इनकेलीये राजीहे?
काका : (मनमें लडु फुटने लगे) वोँ.मे.ठीक हे आप् अपनी काकीसे बात करलो क्युकी अब आपकोभी पताहे मेरी क्याँ हालत होतीहे आपकी काकीको बहोत तकलीफ होतीहे तौ मे उनको अधिक तकलीफ देना नहीं चाहता
मे : ठीकहे काका मे टुरसे वापस आतेही उनसेबात करताहुं
हम् बातेकर रहेथे तभीअजय सीमा अपने रुममे जातेही अेक दुसरेके उरपटुट पडे जेसे दोनोके सरपेकोइ भुत सवार होगया हौ दोनोही अेक दुसरेको बीलकुल पागलोकी तराहचुम रहेथे ओर दोनोही अेक दुसरेके कपडे नीकालनेकी कोसीस कररहे थें तब अजयने सीमाका ब्लाउस करीब खीचके फाडही दीयाओर अजय सीमाको गोदमें उठाके बेडपे पटकदीया ओर उनकेउपर चडकेलेट गय़ा ओर सीमापे टुटपडा
सीमा : भाइ पागल होगये होँ क्याँ? थोडातो सबर करलो मुजेभी आज आपसे बहोत प्रेम करनाहे मेभी आपसे बहुप प्रेम करना चाहती हुं पर्र अेसे नहीं
अजय : सोरी सीमा तुजे देखतेही मे सभी कंटड्ढोल खो चुकाहुं आज मुजेमत रोकना
कहेके सीमाकी पेन्टीभी खीचके नीकालदी ओर सीमाकी टांगके बीच बेठतेही अपना लन्ड सीमाकी चुतमें घुसादीया ओर सीमाके उपर लेटके सीमाको जोरोसे चोदने लगातब सीमाकी हालत पतली होगइफीर थोडीदेर बाद वोभीउछल उछलके अजयका संग देनेलगी सीमाको दोबार जडाके थोडीही देरमें दोनो अकडने लगेओर साथमें जडगये तबअजय सीमाके उपर अेसेही लेटारहा तब सीमा अजयके सरको सहेलाते बाते करनेलगी
सीमा : भाइआज आपको क्याँ होगया थां आपनेतो मेरी हालतही खराब करदीकोइ इतनी बेहरेहमीसे चोदता हे क्याँ? लगताहे मुजेभी नेनु सोनुभाभीकी तराह आपको बहार सेक्स करनेकी परमीसन देनी पडेगी वरना आपतोरोज मेरी हालत खराबकर दोगे
अजय : सोरी सीमापता नहीं तुजे देखतेही मे जानवर बन जाताहुं आइअेम सोरी, मुजे अभि तोँ तु प्रेम दे सकतीहे पर्र जब तुम्हारा पेट नीकलेगा तब मे क्याँ करुगा
सीमा : तबकीतब देखी जायेगी मे नेनुभाभीसे बातकर लुगीअब मुजे आपकाभी खयाल करना पडेगा मे आपकाओर इन्तजाम कर दुगीपब मुजेभुल मत जानां वरना आपकीखेर नहीं हैं.हैं.हैं.
अजय : (सीमाको चुमते) अरे नहीं तुमतो मेरा पहेला प्रेम हौ ओर मेरी पहेली पसन्द हौ तुमको केसेभुल सकताहुं अबतो मुजे तुमसे ओर प्रेम होगया हे अबतो अेसा लगताहे दीनरात बस तुजे चोदताही रहु
सीमा : (सरमाके हसते) आप् बहोत ठरकी हौ गये होँ हैं.हैं.हैं., भाइ सचकहु तोँ मेरीभी हालत आपके जेसे होगइहे अबतो मुजसेभी बहोत ख़्वाहिश होतीहे मेभीदीन रात आपके हथीयारको अंदर लेनेके लीये तडपती रहेती हुं अेसा लगताहे इनको अंदरही रखु
दोनो अेसीही कामुक बाते करते चुदाइमें मग्नथे तब खीडकीसे मुनी दोनोकी चुदाइ देखके अपनी चुतमें उंगली कर रहीथी ओरतभी अजयकी नजर खीडकीपे पडगइ तौ मुनीनेभी अजयको देखते हुअेदेख लीया तोँ अजयने सीमासे छुपके मुनीको वही रुकनेका इसीरा करदीया तौ मुनीहस पडीओर अजयसे मीलनेका इसारा करनेलगी
इधर मे ओर काका बाते करते अंदरकी ओरआने लगेतब नीराली केशर कों लेके हमारे रुममें जा चुकीथी ओर काका अपने रुममें चलेगये ओर जातेही काकीके उपरटुट पडे क्युकी आज दुसरी सादीका सोचके वोँ बहुतही अेक्साइटेड होगये थें आज नातो सीमाकी खैर थि ओर नातो काकीकी खेर थि
दोनोकीही हालतआज बहोत बीगडने वालीथी आज दोनोही बडी बेहरेहमीसे चुदरही थि इधर मे अपने रुममें आगयातब मेरीसभी बीवीया मुजसे लीपटने लगीओर कीस करनेलगी तब नेनुअेक तरफखडी रहेके मेरीओर भावुक होकेदेख रहीथी तब सोनुकी नजरचली गइ तौ वोँ नेनुके पास जाकेउसे हग करकेखडी रही
फीर नेनुके दोनोगाल सहेलाने लगीतब नेनु भावुक होकेअेक बारफीर सोनुसे लीपटगइ ओर आंसु बहाने लगीतब मायाने देख लीया तोँ वोभी उनकेपास जाके नेनुके आंसु पोछने लगीओर दोनोसे बाते करके पुछने लगी
माया : नेनुदी क्याँ हुआ तुम् दोनोको रो क्यु रहीथी?
नेनु : (अपने आंसु पोछते) कुछ नहीदी मे देख रहीथी सभी हमारे पतीको कीतना प्रेम करतीहे ओर हमारा भाइभी कीतना लकीहे हमने सपनेमेभी नहीं सोचाथा अेक सर्मीला जोँ कभी लडकीयोसे बात करनेमेभी सर्माता थां इनकीआज इतनी सारी रानीया हेओर सबकोखुस रखताहे बाबासही केह रहेथे हमारा जिंदगी हमारे हाथमें हेही नहींपता नहीं इनकोकोन चलारहा हे
माया : नेनुदी राजअेक अेसा व्यक्तीत्व हे जौ हम् सबके जीवनकी डोर उनके हाथमें हेओरहमे पताभी नहींहे, पता नहीं इेशरका कोनसा अंसहे वोँ
ओरइसरात नेनु सोनुओर मायाने मीलके आज अंजुके संग संभोग कराके सबको पर्सनल संभोगकी अनुभुतीका डीसाइड करलीया तौ अंजु बहोत खुस होगइओर सभी फटाफट कपडे नीकालके रेडी होनेलगी सभीअेक दुसरेका हाथ पकडके लेटने लगीतब नेनुओर मायाभी अंजुके संगसभी कपडे नीकालके सबकेबीच आकेलेट गइ
ओर उसने अंजुको बीचमें लीटाके दोनो उनकेअगल बगलमें अंजुका हाथ पकडके लेटगइ तब नेनुने मुजे इसारा कीयातब मेभीसभी कपडे नीकालके अंजुके पैरके बीचबेठ गय़ा ओर जेसेही अंजुकी योनीकी लकीरमें मेरा लन्ड रखा तोँ अंजुके सरीरमें अेक कंपनकी लहेरआगइ ओर उनका सरीर कांपने लगा मानो वोँ आज पहेली बारही चुदाइका अनुभव कर रहीहो ओर सबकी चुतसे पानी बहेने लगा
तब मेने अंजुकी चुतकी लकीरमें लन्ड थोडा फसाके उनकेउपर लेट गय़ा ओर उनके बुब्सको अपने मुहमें लेके चुसने लगा तौ अंजु सीहरउठी ओर नसीली आंख करके मेरे सरमें हाथ रखके सहेलाने लगीतब मेरीसभी बीवीया प्रार्थना करनेलगी तब ताराओर सारीकाभी प्रार्थना कररही थि तभी हम् सबसेदुर आज भावीका अपने रुमका दरवाजा अंदरसे लोक करके वोभीआज प्रार्थना कररही थि ताकी उनके रुममें रातको कोइ नहीं आसके
वोँ अपनी मम्मीको दोबार अपनेसंग अनुभुती करतेदेख चुकी थि पर्र उनकोकुछ बोल नहीं सकती थि इसलीये अब उसने अपनारुम अंदरसे लोक करनेका फेसला करलीया थां इधर मे अंजुके संग प्रेम कररहा थां तब अंजुने मेरा चहेरा दोनो हाथसे पकडलीया ओर मेरी आंखोमें नसीली आंखोसे देखते कहेने लगी
अंजु : राजआज अपनी अंजुको इतनी तृप्त करदोओर साथमे मेरीसभी बेहेनोभी आप् इतना प्रेम देदोकी अेक हप्ते तक आपके प्यारके यादोके सहारेही हम् वक़्त गुजार लेगीआज मुजे बहोत अच्छा मोका मीलाहे मे मेरे माध्यमसे मेरीसभी बहेनेको अेसी अनुभुती करवाना चाहती हुंआज हम् सबको अपने अंदर समाहीत करदोओर हम् सभी हमेसाके लीये आपकेसंग होनेका अहेसास करतीरहे ओर आपसेदुर रहेतेभी सभीसंग होते प्यारकी अनुभुती करतीरहे यही मेरी परमात्मासे प्रार्थना हे
कहेके उसने मुजे अपनी बाहोमें जोरोसे भीचलीया तब मेने अेकही जटकेमें अंजुकी चुतमें लन्ड उतार दीयाओर हम् सभी स्वप्नकी दुनीयामें चलेगये तब अंजु मुजे परीके रुपमें खुले बालोके संग दीखाइ दि ओर वोँ हसतेखील खीलाते हुअे मुजेहाथ पकडके हवामें उडाके लेजाने लगीतब मेरीसभी बीवीयाभी अेसी अनुभुती करनेलगी
मेरीसभी बीवीया मुजे लेके वहासें अपनी पसंदकी जगाहपे अनंतकी ओर लेजाने लगीजहा हम् दोनोके सीवाइ कोइओर नाहोतब नीचेकी ओरसभी आंखबंध करके मुजे बाहोमें लेके मेरेसंग कमर उछाल उछालके संभोगकी अनुभुती कररही थि आज तारा सारीका ओरउधर भावीकाभी मुजसे संभोगकी अनुभुती करते मजेसे चुदवा रही थि
तभी केशर नीराली मायासभी अपने चरणो पर्र थि ओरबार बार स्खलीत होँ रही थि सबकी योनीआज जोरोसे फडफडा रहीथी जेसे अंदरकी ओर मेरा लन्ड अंदर बहार होरहा हौ सभीजब जडती थि तौ मुजे बाहोमें कसके पकडनेका अहेसास करती थि दुसरी ओर नंदा सबसे छुपके अपनी बेटी भावीकाके कमरेपे आतीहे
धीरेसे दरवाजा खोलने लगतीहे पऱ आज दरवाजा अंदरसे लोक थां तोवोसमज गइकी भावीकाने उसे उनकेसंग अनुभुती करते देखलीया हे तोवो भारी मनसे वापस अपने कमरेमे चलीगइ ओर बेडपे लेटके जल्दसे जल्द मुजसे मीलनेका मनबना चुकी थि आज सोनुओर केशरकी चुतकुछ ज्यादाही फडफडा रही थि
दोनोही मुजसे जोरोसे संभोगकी अनुभुती कर रहीथी ओर दोनोकी चुतसे लगातार पानीबेह रहा थां तब मायाओर नीरालीभी मेरेसंग आज बहुतही कामुक तरीकेसे चुदानेकी अनुभुती कररही थि तभी मेरी नेनुबस मुस्कराते हुअे मेरेसंग चीपपकके संभोगकी अनुभुती कररही थि आज सबकीसभी नाजाने कीतनी बारजड चुकीथी
ओर हम् सभी सुभहचार बजे तक संभोगकी अनुभुती कर रहेथे तब अंजुकी आंखखुल गइतब उनको अहेसास हुआकी मे उसे बहोत जोरोसे कमर उछाल उछालके चोदरहा थां तब उसने मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर मुजे रोकनेकी कोसीस करनेलगी तब मेरा लावाफुट पडाओर दोनोही साथमें जडनेलगे
तब अंजु मेरीपीठ सहेलाती रहीओर मेरी आंखभी खुलगइ तबसभी जडके सांत होगइओर सबकी चुतसे ढेर सारा कामरस बहेने लगाजब मेने अंजुकी ओर देखातो वोँ मेरे सामने देखके हसभी रहीथी ओर उनकी आंखसे आंसुभी बेह रहेथे ओर वोँ मुजेबार बार चुमके थेन्कयु थेन्कयु केहेती जारही थि
तब मेनेउसे बाहोमें भरके उनके होंठ चुमलीये फीर उनके सरपेकीस करदीतब उसने मुजे अेकबार फीरसे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर मेरे होंठ चुमलीये तब येसब देखके नेनुओर माया हसनेलगी तब मेरीसभी बीवीया बेडसे उठके बेठने लगीतब केशरकी ओर सोनुकी हालत बहोत खराब हौ चुकी थि तब दुसरे रुममें ताराओर सारीकाभी थकके चकनाचुर होचुकी थि
ओर दोनोही बेडपे बेठके अेक दुसरेको बाहोमें लेके बेठीरही तब भावीकाभी अेसेही आंख खोलके लेटीरही उनकी चुतसे अबभी कामरस बेहरहा थां ओर वोँ सोचमें डुबी हुइथी कि मेरी अनुभुतीमेही अेसी हालतहे तौ मे जब रीयलमें राजसे चुदुगी तोँ मेरी क्याँ हालत होगी जोभी होँ अब मुजे जल्दसे जल्द राजसे चुदवाना हि हेओरइधर
सोनु : क्याँ भैया अभीतो सीर्फ चारही बजेहे आपको सुभह तक सबको ठोकना चाहीयेनां
कहातो मेरीसभी बीवीया ठहाका मारके हसनेलगी तब केशरनेतो हसते हुअे सोनुको मुकाभी मार दीयातब मे अंजुके उपरसे उतर गयातो अंजुकी चुतसे हमारा कामरस बहेने लगातब मे अंजुको सोतीहुइ बाहोमें उठालीया ओर बाथरुमकी ओरदोड पडातब अंजु दोनोहाथ मेरी गरदनमें डालके हसनेलगी ओर दोनो अंदरचले गये
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १३०
कहातो मेरीसभी बीवीया ठहाका मारके हसनेलगी तब केशरनेतो हसते हुअे सोनुको मुकाभी मार दीयातब मे अंजुके उपरसे उतर गयातो अंजुकी चुतसे हमारा कामरस बहेने लगातब मे अंजुको सोतीहुइ बाहोमें उठालीया ओर बाथरुमकी ओरदोड पडातब अंजु दोनोहाथ मेरी गरदनमें डालके हसनेलगी ओर दोनो अंदरचले गये.अब आगे
अंजु : राजआइ लवयुसो मचआाज आपने मेरी सारी तम्मना पुरी करदी आप् हमे अेसेही प्रेम करते रहेना आज मे बहोत खुसहु
मे : बस अंजु तुजे नहींपता आज मे तेरेसंग संभोगकी अनुभुती करवाके कीतना खुसहुं मे तुजे बहोत चाहता हुं पऱ मेरी इतनी सारी बीवीओकी वजहसे तुजेकम टाइमदे पाताहुं इसलीये मुजेमाफ करदेना आइ रीयली लवयुसो मच
कहेके हम् अेक दुसरोकी बाहोमें थोडीदेर अेसेही खडेरहे फीर दोनोने अेकदुजेको नहेलाया फीर दोनोही बहार आगयेतब सोनुने बेठेही अपने दोनोहाथ मेरीओर आगे कीया तोँ मे उनको उठाके बाथरुममें लें गय़ा तोँ मेरीसभी बीवीया हसनेलगी फीर सोनुने मुजे नहेलानेको कहा तोँ मे उसे नहेलाने लगा
तब सोनु अचानक मुजसे लीपटगइ ओर मुजसे बेइम्तहा चुमने लगीओर दोनोही भावनाओमें बहेकने लगेतब मेने सोनुकी चुतमें खडे खडेही लन्ड उतार दीयाओर हमारे बीच धमासान चुदाइ सुरु होगइजब दोनो साथमें जडगये तब सोनुने मेरे होंठ चुमलीये फीर दोनोही नहाके बहार आगयेतब मेरीसभी बीवीया हसनेलगी ओरदोदो करकेसभी नहाने जानेलगी आजकोइ सोना नहीं चाहतीथी सभी रेडी होके तैयार होगइतब नेनुनेभी मुजे मेरे कपडे देदीये तब मेभी सजधजकर होकेबेठ गय़ा तब नेनु डीबी लेकेआइ
ओर मेने उनकी मांग भरदीफीर मेने बारी बारी सबकी मांग भरदीतब सभीअेक अेक करके मेरेपेर छुनेलगी जब हम् सभी अनुभुती करते संभोग कररहे थें तभी दुसरे कमरेमे काका काकीको ओरअजय सीमाको बहुतही बेहरहेमीसे चोदरहे थें
ओर दोनोकी हालतआज बहुतही पतली होगइ थि ओर सीमा अजयको ओर काकी काकाको बारबार छोड देनेकी मन्नते कररही थि तब पीछेसे खीडकीसे मुनीअजय सीमाकी चुदाइ देखके अपनी चुतमें उंगली कररही थि आज सामको मुनीने सबसे छुपके अजयसे खीडकी खुली रखनेको कहा थां
तब अजयभी सीमाको चोदते हुअेबार बार खीडकीकी ओरदेख रहाथा ओरअजय मुनीकी नजर मीलतेही मुनी अजयको दुसरे रुममें आनेका इसारा कररही थि तब अजयको आजदो गुनाजोस चडाहुआ थां ओर वोँ सीमाको बहुतही बुरी तराहचोद रहा थां
सीमा : अजयआज तुमको क्याँ होगया हे इतनी बेहरहेमीसे कोइ चोदता हे मे तुम्हारी पत्नि हुंकोइ रंडी नहीं धीरे-धीरे करोनां बहोत दर्द होताहे
अजय : सीमाआज मुजेमत रोक मुजसे कंटड्ढोल नहीं होताआज मे सुभह तक प्रेम करुगा वरना मेरा लन्ड फट जायेगा तुनेभीतो वोँ जडीबुटी खाइहे फीर भि?
सीमा : अजय तोँ क्याँ मुजे सारीरात अेसेही ठोकते रहोगे? आज मेरी तबीयतभी ठीक नहींहे तुम् कीसीओर दीन अेसाही प्रेम करलेना पऱ आज मुजे बक्सदों मुजे बहुतही थकावट महेसुस होतीहे प्लीज।
अजय : ठीकहे डार्लींग तुम् सोजाओ चल मे तुजे बाथरुम लेके जाताहुं
सीमा : अजय तुम् अेकबार अपना मालतो नीकाललो वरना तुम् ठीकसे सोनही पाओगे
अजय : नहीं सीमाआज तुम् थक गइहोतो कुछभी नहीं मुजे मेरी बहेनसे बहुत प्रेम हे
कहातो सीमाने अजयको जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर उनके होंठ चुमलीये फीरअजय सीमाको बाथरुममें लेगया ओर दोनोसाफ होके नहालीये फीर दोनोही बहारआके अेक दुसरेसे चीपकके सोगये तब अजयने सीमासे छुपके खीडकी कीओर मुनीसे कुछ इसारा करदीया तोँ मुनीने हां मे सर हीला दीयाओर वोँ वहासे हटगइ
इधर काकीभी काकाको दुसरी ओरतसे सबंध बनानेके लीये कहेने लगी तोँ काकाने उसे चोदते हुअे दुसरी ओरत काकीकोही ढुंढनेको कहेने लगेतब काकीने मनहीमन मुजसे बात करनेका सोचलीया जब काकाजड गयेतो काकीने उसे जबरदस्तीसे अपने उपरसे उतारा ओर उनसे कहेने लगी
काकी : आपतो समजतेही नहींअब मे अकेली आपको नहींजेल सकती आप् दुसरी ओरतका इन्तजाम करलो इतनी बेदर्दीसे कोइ अपनी बीवीसे करताहे आपको क्याँ होजाता हे पहेलेतो अेसे नहीं थें
काका : रमा तुम् राजसे याँ नेनु बेटीसे अेकबार बात करलेना अेसा क्यु होरहा हे वोँ सभी जानतेहे
काकी : अेसा क्याँ हे जोँ मुजेइस बारेमें उनसेबात करनी पडेगी
फीर काका काकीको सभी बाते बताने लगतेहे कि कीस गलतीकी वजहसे अजयके बदले उन्होने यह जडीबुटी पीलीथी फीर अजयको क्यु दुबारा देनीपडी सभी बाते काकाबता देतेहे यह सुनके काकी सोक्ट होजातीहे ओर उन्हे काकाके अंदर क्यु बदलाव आगया वोँ सभीपता चल जाताहे ओर काकीकुछ सोचमें पडगइओर कुछ सोचके मनहीमन खुस होके मुस्कराने लगी
काका : रमा क्याँ हुआ क्यु मुस्करा रहीहे? चलनाअेक बारओर करतेहे
काकी : नहींआज इतनाबस हे मे राज नेनु वापस आजायेगे तब उनसेबात करलुगी
कहेके काकी अपनीचुत साफ करके बाथरुममें चलीगइ ओरइधर सीमा बाथरुमसे नीकलतेही अजयसे चीपकके सोगइजब वोँ गहेरी नींदमें चलीगइ तबअजय धीरेसे सीमाकी बाहोसे नीकलकर चुपकेसे दरवाजा खोलके बहार आगयातब उनको मुनीअेक रुमके दरवाजेके पासखडी दीखाइ दि
तब अजयने धीरेसे दरवाजा बंध करके बहारसे लोक करदीया ओर मुनीके रुमके पास जानेलगा तब मुनी अंदरचली गइअजय वहा पहोंचके धीरेसे मुनीके रुममें चला गय़ा तब अजयके आतेही मुनीने धीरेसे दरवाजा बंध करकेलोक करदीया जब वोँ पलटीतब अजयने मुनीको जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर दोनोअेक दुसरेको बेइम्तहा चुमने लगे
फीर अजयने मुनीका चहेरा अपने हााथोमें पकडलीया ओर उनकी आंखोमें प्रेम भरी नजरोसे देखने लगातब मुनीसे सरमके मारे अपनी नजरे जुकाली तब अजयने धीरेसे मुनीके होठोपे अपने होंठ रखदीये ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे स्मुच करनेलगा तब मुनीभी उनकोसंग देनेलगी तब अचानक मुनीने अजयको अपनी बाहोमें भरलीया
ओरउसे आइलवयु कहेने लगीतब अजयनेभी उनकोआइ लवयुटु कहेके जोरोसे बाहोमें भीचलीया तब अजयने मुनीको अपनी गोदमें उठालीया ओर बेडकी ओरचलपडा तब मुनी बहुतही सरमारही थि ओरमंद मंद मुस्करा रही थि तभी अजयने मुनीको बेडपे सुलादीया ओर स्वयं उनकेसंग चीपकके लेट गय़ा
ओर मुनीको बाहोमें भरके उनके चहेरेको चुमने लगाओर अेकहाथ मुनीके बुब्सपे लेजाके धीरेसे मसलने लगातब मुनीके सरीरमें कंपनआगइ ओर वोँ सीसकारीया करनेलगी तभीअजय मुनीकी सारी नीकालने लगातब मुनी नसीली आंखोसे अजयको देखते हुअे उनके सर्टका बटन खोलने लगीजब सारी नीकालदी तबअजय मुनीके ब्लाउसके बटन खोलने लगा दोनोही अेक दुसरेके कपडे नीकालनेमे मसगुल होँ गये
अब दोनो मात्र अंतरवस्त्रमेही थें तब अजयने मुनीकी ब्रा नीकालदी तोँ मुनीके संतरे जेसे बुब्स बहार आगये जीनको देखतेही अजय पागल जेसा होगया क्युकी मुनी अेकदम गोरी थि ओर उनके बुब्सतो ओरभी कामुक दीख रहेथे अजय उनको मुहमें लेके जोरोसे चुसने लगातब मुनी अजयका सर सहेलाने लगीओर कहेने लगी
मुनी : अहह.सीइइइ अजययह आपके लीयेही हे जबसे मेने आपको देखाहे मुजे आपसे प्रेम होगया हे मुजे स्वीकार करलो मे आपकी दुसरी पत्नि बनकेइधर रहुगी
अजय : (मुनीके होंठ चुमते) हां मुनी मे तुजेओर तेरा प्रेम स्वीकार करताहुं मे तुजे सबसे छुपके दुसरी पत्नि बनाके रखुगा आजसेतु मेरी पत्नि हे
कहेके दोनोअेक दुसरेकी बाहोमें कसकेजकड लेतेहे तबअजय धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुनीको चुमते नीचेकी ओर सरकता हैं जेसेही मुनीकी नाभीमें जीभ डालके चाटने लगताहे तब मुनी वासनाकी आगमें जलने लगतीहे ओर उनका सरीर अकडने लगताहे मुनीका आज पहेला अनुभव थां जोँ कोइ मर्द उनसेइस तराह प्रेम कररहा थां
तभीअजय मुनीका नीकर उंगली फसाके नीकाल देताहे तब मुनी सीहर जातीहे ओर अपने दोनो हाथोसे अपनीचुत ढकनेका प्रयास करने लगतीहे तबअजय उनकेहाथ पकडके हटा देताहे ओर वोँ मुनीकी कसी हुइ अनछुइ चुतको देखके पागल होँ जाताहे ओरअेक नजरसे बस देखतेही रहेता हेतब मुनी बहोत सरमाती हे
ओर अपनीनजर इधरउधर करने लगतीहे तबअजय अपनेअेक हाथसे उनकी चुतको सहेलाने लगताहे तोँ मुनी सीसकारीया करने लगतीहे तभी अचानक अजय मुनीकी चुतपे अपनामुह लगा देताहे ओर अंदरजीभ डालके चुसने लगताहे तब मुनी अचानक हुअे हमलेसे सीहर उठतीहे
ओर अपनीकमर उछालते अजयके सरको पकडकर अपनी चुतपे दबाव डालने लगतीहे ओर जोरोसे सीसकारीया करने लगतीहे तब अजयभी जोरोसे मुनीकी चुतके दानेको अपनी जीभसे खरोदने लगता हैं ओर मुनीके बरदास्तसे बहार होँ जाता हैं वोँ अपनीकमर उची करके अकडने लगतीहे ओर वोँ जडते हुअे अपना पानी अजयके मुहमें छोडने लगतीहे फीर धडाम करके अपनीकमर वापस बेडपे पटक देतीहे
ओर वोँ हांफते हुअे अपनी सासू माँ कंटड्ढोल करने लगतीहे तबअजय मुनीको छोडके बाथरुमकी ओर अपनामुह साफ करनेदोड पडताहे जब वोँ वापसआया तब मुनी उनकीओर देखते बहुतही सरमाते हसने लगतीहे तबअजय उनकेसंग लेट जाताहे तब मुनीउसे जोरोसे बाहोमें भरलेती हेओर अजयको चुमने लगतीहे फीर उनकीओर देखते कहेती हे
मुनी : अजययह मेरा पहेला अनुभव हे मे इसेकभी नहीं भुलुगी
अजय : मुनी क्याँ तुमभी अेसा करना चाहोगी मतलब अपने मुहमें.चुसना
मुनी : नहीं मुजे बहोत शर्म आँ रहीहे ओर वोँ आपका बहोत बडाभी हे
अजय : कहाहे बडा अभीतो तुमने देखाभी नहींहे कुछ नहीं होता
मुनी : (सरमाते) जी वोँ मेनेकइ बार आपकोओर सीमादीदीको देखाहे वोँ सभी करते हुअेतब देखलीया थां कीतना बडाहे
अजय : (थोडा मज़ा लेते) मुजेओर सीमाको क्याँ करते देखलीया बताओनां
मुनी : (बहोत सरमाते हसते) जी.वोँ.मुजे बहोत शर्म आँ रहीहे मे नहींबता पाउगी
अजय : अरे बोलनां इसमें सरमानेकी क्याँ बातहे अबतोतु मेरी गर्लफ्रेन्डभी होँ गइहे
मुनी : (बहोत सरमाते धीरेसे) जी.वोँ.आप् दोनोको चुदाइ करतेकइ बार देखाहे
अजय : तौ इसमे इतने सरमानेकी क्याँ बातहे आज नहीं तौ कल हम् भीतो वोही करने वालेहे क्युतु नहीं चाहती हमभी वोँ सभीकरे
मुनी : (अेकदम सरमाके) जी.वोँ.मुजे नहीं मालुम, मेने सुनाहे पहेली बारमें बहोत दर्द होताहे ओर खुनभी नीकलता हे
अजय : हां मुनी बहोत मामुली दर्द होताहे वोभी सीर्फ अेकही बार फीरतो मजेही मजेहे
मुनी : अजय आप् बुरामत मानना अगर अेसा हेतो हम् आज वोँ सभी नहीं करेगे अभि मेरी माँ उठ जायेगी ओर वोँ मुजे अपनेपास नहीं देखेगीतो गडबड हौ जायेगी हम् कल मोका देखके करेगे आज नहीं प्लीज।
कहेके अजय मुनीके होठोको चुमने लगातब मुनीभी सरमाके उनका धीरे-धीरे धीरे-धीरे संग देनेलगी तब अजयने उसे बेडपे बीठा दीयाओर अपना लन्ड बहार नीकाल दीया तौ वोँ देखके मुनी सरमाके हसनेलगी तब अजयने उनकाहाथ पकडके अपने लंडपे रखदीया तौ मुनीने उसे मुठीमें भरलीया ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे उपर नीचे करके हीलाने लगी
तभी अजयने उसे मुहमे लेनेके लीये बोला तोँ मुनीने सरमके मारे मुहमें लीयातब अजयने उसे धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुहमें अंदर बहार करनेको कहातब मुनी मुहसे अंदर बहार करनेलगी तब अजयका लन्ड अेकदम तनके रोडके माफीक सख्त होगया ओरअजय मुनीका सर पकडके उनके मुहको जोरोसे चोदने लगातब मुनीकी हालत पतली होगइ
तब मुनी गु.गु.उउ करनेलगी ओरअजय बहुतही अेक्साइटेड होके जोरोसे मुनीके मुहमें लन्ड डालके चोदेजा रहा थां ओर थोडीही देरमें वोँ मुनीके मुहमें जडनेलगा ओर मुनीका मुह अपने वीर्यसे भरदीया तबकुछ पानी मुनीके हलकके नीचेउतर गय़ा तब मुनी खासने लगीओर अपने मुहपे हाथ रखके बाथरुमकी ओरदोड पडी
तभी बहारसे कुछआहट हुइतो अजय अपने कपडे फटाफट पहेनने लगाओर बहारकी ओर देखने लगाजब वहाकोइ नहीं थां तब वोँ अपने रुममें दरवाजा खोलके चुपचाप सीमाके बगलमें लेट गय़ा ओरआने वाले कलके बारेमें सोचते बहोत खुस होनेलगा सोचते सोचते कब नींदआगइ उसे पताही नहींचला
ओर मुनीभी मुहसाफ करके कपडे पहेनके अपनी मम्मीके पासलेट गइतब उनकी मम्मीने आंख खोलके मुनीकी ओर देखलीया ओर उनको मुनीकी चीन्ता होनेलगी क्युकी जबवो थोठीदेर पहेले उठीथी तब मुनीको अपनेसंग नां पाकर वोँ उठके बहार देखने आइ थि तब उसने बाजुके कमरेमें अजयओर मुनीको नंगा देखलीया थां ओर वोँ वापसआके सोगइ थि
कजरी बडीही कस्मकसमें थि ओर सोतेहुअे सोच रहीथी कि मुनीके बारेमें दिवानजीसे बातकरे याँ नां करे क्युकी मुनीके बारेमे ओर कीसीकोभी नहींपता थां कि यह दिवानजी ओर कजरीकी बेटी हे कजरीबडी दुवीधामें फसी थि तब उसनें सीधेही अजयसे बात करनेका फैसला करलीया थां अगरअजय नाभी कहेदे तबभी वोँ करभी क्याँ सकती थि
इधर मे ओर मेरीसभी बीवीया अपने रुममें अेकसंग बेठे थें ओरसभी अेक दुसरेकी मस्ती मजाक करते थें तब नेनुओर माया हमारे कपडेको पेकींग कर रहीथी नीराली केशरको अपने रुममें छोडके आइफीर हम् सभी होलमें आगयेतब दिवानजी ओर कजरीभी आगये थोडीदेर बाद सुनील ताराओर सारीकाके संग काका काकीभी आगये
आज सीमाअजय बहोत देर तक सोतेरहे तब मुनीभी तीन सेवीकाके संगआगइ तभी मोहन रसीलाभी आते दीखाइ दीये मोहन आतेही मेरेपास बेठ गय़ा तब मेने उनसेकुछ जरुरी बातेकी फीर रसीलाका अेडमीशनभी इधर करवानेको केह दीया तौ वोँ सुनके बहोत खुस होगया ओर रसीलाके पास जाके उनसे बाते करनेलगा
तब केशरभी आगइ तौ हम् सबनेचाइ नास्ता करलीया फीर थोडीदेर बाद सोनुओर माधु मंदाकीनीको लेने गाड़ी लेकेचली गइजब हम् बातेकर रहेथे तब थोडीही देरमें सोनुओर माधु मंदाकीनीको लेकेआगइ फीर हम् काकाओर सुनील दिवुओर रीटासे फीर अंजु धारासे कुछ जरुरी बात करके मे नेनु मायाओर मंदाकीनी सबकोगले मीलके अेयरपोर्टकी ओर नीकलगये तब नेनुने अहेमदाबादमें लताभाभीसे बात करलीफीर हम् सभी फीर्मालीटी पुरी करके फ्लाइटमें बेठगये ओर हमारी फ्लाइट टेकओफ करगइ
मंदाकीनी : नेनुभाभी मे यह दुसरी बार फ्लाइटमें बेठरही हुं
नेनु : नंनदजी आप् अेकबार अच्छी तरहसे पढाइ करलोफीर तुम् फ्लाइटमेंही घुमती रहोगी अगर यकीन नहीं होतातो पुछलो अपने भैयासे हैं.हैं.हैं।
मे : हां मंदाकीनी तुजेवहा जातेही पढाइके संगआगे कुछ जीमेदारीभी मीलने वालीहे तुवहा हमारी कंपनीमेही जोब करेगी ओर तेरेसंग अेकओर लेडीझ होगीफीर तुम् दोनोको बहोत घुमना होगा
मंदाकीनी : (खुस होते) वाव.भाइ क्याँ मेें सचमें आपकेवहा जोब करुगी?
मे : हां गुडीया तु हमारी कंपनीका पुरा मेनेजमेन्ट देखेगी ओर इसके लीये तुजे अच्छी खासी सेलेरी भि मीलेगी फीर दादाकी चीन्ता खतमओर अपने पतीके संग घुमती रहेना हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : (सरमाके हसते) क्याँ भैया आपभी.मे कोइ सादी बादी नहीं करुगी
माया : नंनदजी नाँ भि बोलतीहो तबभी मनमेंतो बहोत लडुफुट रहेहे हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : क्याँ मायाभाभी आपभी इनकी तराह मेरी टांग खीचती होँ मे सचमें सादी नहीं करना चाहती, रीयली मेनेकुछ डीसाइड कीयाहे पहेले मे पढके सेटल होजाउ फीरकुछ सोचेगे याँ फीरभाइ ओर नेनुभाभी कहेगे वहा सादी करलुगी अबतो मेरेभाइ सीर्फ यहीहे बबलुतो अब जीजाजी होगया हे हैं.हैं.हैं।
कहातो हम् तीनो हसनेलगे फीर पुरे सफरके दौरान नेनुओर माया मंदाकीनीकी टांगे खीचती रहीओर हम् अहेमदाबाद पहोंच गये जेसेही हम् बहारआये तब लताभाभी हमे वाहन लेके लेने आइथी जेसेही हम् बहारआये तौ वोँ हमे दीखाइदी ओर हमारी ओर दोडके मायाओर नेनुको गलेलग गइ
फीर मंदाकीनीको मीलीओर आखीर मुजेगले लगतेही मुजे कसके भीचलीया ओर मेरे गालपे चुमी देदीयह देखके नेनुओर माया हसनेलगी फीर हम् चारो बहार नीकलके उनकी गाडीमें बेठगये ओर हम् सुनीलके घरकीओर नीकलपडे तबबीच बीचमें लताभाभी बारबार मायाकी ओर देखते मुस्करातीथी ओरखुस होती थि फीर मेरीओर देखके हसपडी तौ मायाने पुछही लीया
माया : क्याँ बातहे लताआज हमे देखके बहुतखुस लगरही हे क्याँ सोचरही हे?
लता : (हसते)कुछ नहींदेख रहीहुं राजसे सादी करके आप् बहुत छोटीलग रही हैं ओर चहेरेपे नीखारभी बहोत आगयाहे आपको देखके अभि कोइ नहींकेह सकता आप् सगुनओर रीटाकी मां हैं बीलकुल उनकीबडी बहेन लगतीहे हैं.हैं.हैं।
माया : (सरमाके हसते) तुभीना.अेक मारुगी अेसा कुछभी नहींहे हैं.हैं.हैं., वेसे तेरे चहेरेपेभी बहुत नीखार आगयाहे लगताहे दुसयंत तेरा बहोत खयाल रखताहे
लता : अरे पुछोही मतरोज मुजे वोकींग कराने लेजाता हैं ओर मंदाभाभी भि मेरा बहोत खयाल रखती हैं मुजेकुछ कामही नहीं करने देती मायादी वोँ आपको बहोत मीस करती हैं प्लीज हौ सकेतो उनकोमाफ करदोओर वोँ आपकी सहेलीभीतो थि
माया : हं.तुम् फीकरमत करो मे इसलीयेही उनसे मीलने आइहुं क्युकी उन्हीकी वजहसे मुजेराज पतीके रुपमें मीलाहे मे उनसे मीलके थेन्कयु कहेना चाहती हुं
यह सुनतेही लताभाभी बहोत खुस होगइओर हम् सभी उनके बंगलेपे पहोंच गयेतब बहार मंदाके दोनो बच्चे खेल रहेथे बहुतही प्यारे बच्चे थें हमे देखतेही वोँ दोनोखडे रहेके हम् सबको देखने लगे जेसेही लताभाभीको देखातो दोनोही दोडके उनसे लीपटगये ओर हमारे बारे मे कोनहे कहेके उनसे पुछने लगेतब लताभाभीने कहा
लता : बच्चो यह दोनो आपकी फूफी हेओरयह आपके फुफाहे ओरयह दिदी हेओके चलो इतको नमस्कार करोफीर दोनोयहा खेलो मेरे अच्छे बच्चे चलोचलो
दोनो बच्चे : नमस्कार फूफी नमस्कार फुफाजी नमस्कार दिदी
कहेके दोनोही हसते हुअे वापस जाके खेलने लगेतब नेनुओर माया दोनोको बडे भावसे देखती रहीफीर हम् सभी अंदर आगयेतब मंदाभाभी अपनेहाथ पोछते बहारआगइ ओर जेसेही हमे देखा तोँ मायाको देखतेही उनकी आंखोसे आंसुओकी धारा बहेने लगीओर दोडके हमारे पास आतेही मायाके पैरमें गीरपडी
ओर उनसे माफी मांगने लगीतब मायाने उनको दोनो हाथसे पकडके खडा कीयाआरे उनका चहेरा अपने दोनो हाथोसे पकड लीयाफीर उनके चहेरेकी ओर देखने लगीफीर उनकोगले लगालीया ओर उनके कानोमें थेन्कयु थेन्कयु कहेने लगीतब मंदा थोडी सोक्ट हौ गइ
मंदा : मायादी क्याँ आपने मुजेमाफ करदीया? ओर आप् मुजे थेन्कयु क्युकेह रहीहे?
माया : हां मंदा क्युकी तुम्हारी हि वजहसे मुजे मेराराज पतीके रुपमें मील गय़ा हे मे हमेसा तेरी अहेसानमंद रहुगी तु माफीमत मांग मेनेतो तुजे तबसेमाफ कर करदीया हेजब मुजे मेराराज मील गय़ा ओर तुतो मेरी फ्रेन्ड हे तौ सहेलीयोके बीच माफी नहीं होनी चाहीये अपनोके बीचकभी माफी अहेसान नहीं होतायह मेरेइस पतीने मुजे सीखाया हे हैं.हैं.हैं।
कहातो तभी मंदाका ध्यान गयाकी मे ओर नेनुभी आयेहे तब वोँ नेनुके गलेलग गइफीर जेसेही हमारी नजर मीली तौ यंत्रवत हाथ जोडके वहीखडी रहीओर मुजेही देखती रहीतब मेने मुस्कराके कहा
मे : क्याँ भाभी सीर्फ अपनी ननंदकोही गले मीली हमभीइधर खडेहे
कहातो वोँ हसती हुइ दोडके आगइओर मेरेगले लगगइफीर मुजसे अलग होके मेरे दोनोहाथ अपने हाथमें पकडके मेरीओर हसते हुअे देखने लगीफीर मुजसे कहा
मंदा : राज आप् नहीं जानते मे कीतनी टेन्सनमें थि सभी आपहीकी वजहसे मुमकीन हुआहे मे जींदगी भर आपकी अहेसानमंद रहुगी ओर आपसे मीलनेकी कबसेआस लेके बेठी थि
मे : बस भाभीकुछ मत कहीये जौ हुआहे वोँ सभीभुल जाइअे ओरनये सीरेसे अपनी लाइफ अेन्जोय कीजीये देखाआज मेने अपना वादा पुराकर दियाहे
मंदा : हां सचमें.थेन्कयु वेरीमच
लता : मंदाभाभी अब इनको वापस थेन्कयु मत कहेना यह इनकी सजाभी देतेहे हैं.हैं.हैं।
मंदा : (जोरोसे हसते) ओह.सोरी.सोरी.सोरी।
नेनु : (हसते) भाभी सोरीकी मीलती हैं हैं.हैं.हैं।
कहातो मंदाभाभीने अपनेही सरपे टपलीमार दीयाओर हम् सभी हसनेलगे तब मंदाभाभी मायाओर नेनुका हाथ पकडके उनको अंदर फ्रेस होनेके लीये लेगइतब उनकेसंग मंदाकीनीभी चलीगइ तब लताभाभी जटसे मेरेपास आइओर मुजेहाथ पकडके दुसरे रुममें फ्रेस करवाने लेगइ जेसेही हम् दोनो रुममें आये लताभाभी मुजसे बाहोमें लेके चीपकगइ ओर मेरे चहेरेपे चुमने लगीफीर मेरा चहेरा पकडके मेरीओर प्यारभरी नजरोसे देखने लगीफीर मेरे होंठपे अपने होंठ रखदीये ओर स्मुच करनेलगी
लता : केसेहे हमारे पतीदेव क्याँ कभीइस बीवीकी याद नहींआती नाँ कभी मोबाइल नाँ कभी मीलने आते होँ लगताहे हमे आप् भुलही गयेहे
मे : नहीं मे कभी मेरी कीसीभी बीवीको नहीं भुलता हांकुछ कामकी वजहसे कभीदेर होजाती हे पर्र मे आपकोकभी नहींभुल सकता
कहातो लताने मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओरहोठ चुमलीये तभी बहारकुछ आहट हुइ तोवो जटसे बहार नीकलगइ ओर मे फ्रेस होके होलमें आगयातभी नेनुओर माया मंदाकीनीभी आके मेरेपास बेठगइ तब नेनु मेरेपास बेठतेही अपनासर मेरे कंधेपे रख दीयाओर मायाकी ओर देखके कहेने लगी
नेनु : देखा मायादी अेसा लगताहे मंदाभाभीका बरसोका बोज जौ वोँ लेके घुमतीथी वोँ आज हल्का होगया केसेखुस दीखरही हेओर आपकोभी जोँ अेक तनाव महेसुुस होँ रहाथा वोभीखतम होगया
माया : वाकइ जेसे मेरे सखाने कहाथा अेसाही मे फीलकर रहीहुं थेन्कयु सखा
नेनु : (जोरसे हसते) मायादी देख्ना कही आपकोसजा नां मीलजाये हैं.हैं.हैं।
माया : (हसते)अरे मेरे सखाकी अेसी हसीनसजा मीलजायेतो क्याँ बोलना मे सजधजकर हुं
मे : तौ ठीकहे आप् दोनको सजा मीलेगी हैं.हैं.हैं।
नेनु : (जोरसे हसते) अरे.मुजे क्यु? मायादी आपके चकरमें मेभीफस गइ हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : अरे आप् सभीलोग कोनसी बातकर रहेहो मेरीतो कुछ समजमेही नहीं आँ रहा
नेनु : (जोरोसे हसते)तु रहेने बीटु राजकोट जाके मालीनीसे पुछ लेना वोँ सभी जानती हे तुजेबता देगी हैं.हैं.हैं।
तभी लताभाभी भि आजाती हेओर हमारे संगबेठ जातीहे तब मंदाभाभी सबके लीये कोल्डड्ढीन्क्स लेकरआती हेओरओर सबको देके हमारे संगबेठ जातीहे ओर हम् सबकोकरण नीरजओर कृणाल तीनो राजस्थान गयेहे कि सुचना देतीहे फीर वोँ मायाओर नेनुके संगहस हसकेकुछ बाते करती रहेती हेतब मे उठके बहार गार्डनकी ओर जाने लगताहुं तब मेरेसंग मंदाकीनीभी टहेलने आजाती हे
तब मोका देखतेही मंदाकीनी मुजसे अपने फ्युचरके बारेमे बाते करने लगतीहे दरसल मालीनीसे मंदाकीनी अेकदम बीन्दास थि वोँ कीसीभी चर्चा खुलके करतीहे तोँ मुजसे भि वोँ सभी बाते बिन्दास कररही थि जेसे मे उनकी पुरानी सहेली हु उनको कीसीभी बात करनेमे कोइ संकोच नहीं होँ रहा थां
मंदाकीनी : भैया क्याँ मे सचमें आपकी कंपनीपे जोब करुगी? अगर आपकेयहा जोब करनीहेतो मे रहुगी कहा आप् मुजेकहा रखोगे हिमाचलमे कि राजकोटमें?
मे : तुबता तुकहा रहेना पसन्द करेगी? मेतो तुजे राजकोटमें अपने पतीके साथही रखुगा तु उनके साथही रहेगी
मंदाकीनी : (सरमाके हसते)हं मे दीदीके पास रहुगी राजकोट मे, यहा बहोत अकेली पडगइहुं ओर बबलुभैयाके बीनाभी अच्छा नहीं लगता वोँ बहोत मस्ती मजाक करतेहे
मे : (हसके) उनको भैया क्यु कहेती हे वोतो तेरे जीजाजी हे हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : (हसके) जी.हैं.हैं.हैं.दरसल मुजे मालीनीदीदी नेहीकहा हेअब वोँ तेरे जीजाजी हेओरसच कहुतो मुजेभी भैया जीजाके रुपमें बहोत अच्छे लगतेहे क्युकी वोँ सालीके संग मस्तीभी बहोत करतेहे जौ अेकभाइ होके नहीं करते थें हैं.हैं.हैं।
मे : (हसते) केसी मस्ती करताहे मुजेभी बता क्युकी मेरीतो कोइ सालीही नहींहे
मंदाकीनी : क्याँ भैया आपकीतो कीतनी सालीहे क्यु काजलदीदी ओर सगुनादीदी आपकी साली नहींहे? ओर आपने सोनुभाभी सेभी सादी करली वरना वोभीतो थि
मे : छोटी तुजेपता हे मेने पहेले सोनुसेही सादी कीहेफीर नेनुसे करली बबलुबडा नसीब वालाहे उनकी साली तोँ हे हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : (सरमाके हसते) भैया पता नहीं वोँ मेरेसंग केसी केसी मजाक करता हैं जेसे मे सचमें उनकी सालीहुं मुजेतो कभीकभी बहोत शर्मआती हैं कहेता हैं मंदाकीनी सालीभी आधी घरवाली होतीहे, कोइ अेसा मजाक करताहे? हैं.हैं.हैं।
मे : हां छोटी जीजा सालीमें अेसी मजाक होती रहेती हे, क्याँ वोँ सभी तुजे अच्छा नहीं लगता? तोँ फीर बबलुको वापसभाइ बनाले हैं.हैं.हैं।
मंदाकीनी : (सरमाके हसते)जी भैया अेसीबात नहींहे आपसेसच कहु तोँ मुजे वोँ अेसी मजाक करते हेतो अच्छाभी लगता हैं ओरकुछ अलगही फीलींग अती हैं जोँ मुजे बहुत रोमांचीत करतीहे, भाइ बाबाकेह रहेथे आपतो बहोत कुछ जानते हौ तौ मेरे भविष्यके बारेमेभी कुछ बताओनां
मे : नहीं छोटीअगर मेने बतादीया तोँ तु अभि इधरसेही वापस हिमाचल चली जायेगी
मंदाकीनी : नहीं जाउगी क्युकी थोडा बहोत मेभी जानती हुं मेने बबलुभैयाको अेसेही जीजाके रुपमें अेक्सेप्ट नहीं कीया, ओर आपनेभीतो अपनी दोनो बहेनसे सादी कि हे
मे : (चोंकते) तौ क्याँ तुजेसभी पताहे? तोँ फीर मुजे क्युसभी पुछरही हे?
मंदाकीनी : (गंभीर होके) भैया मे सीर्फ मेरी बातको कंन्फर्म करनेकेलीये हि पुछरही थि मुजेआने वाले वक्तके बारेमे बहोत कुछ मालुम हे क्युकी मुजे मेरी मम्मीसे बहुतकुछ सीखनेको मीलाहे ओरयहबात बाबाओर मम्मीभी जानते हे तौ आप् टेन्सन मतलो
मे : छोटी तुजेपता हे तेरी सादीकहा होगी, ओर आगे क्याँ होगा?
मंदाकीनी : जी भैया मुजे मालुम हे दरसलजीस तराह आपकी दोनो बहेने आपसे प्रेम करती थि तौ हम् दोनो बहेनेभी उनमें बाकात नहींहे मेभी बबलुभैयासे जीजानसे प्रेम करतीहुं पऱ पहेल मे करना नहीं चाहती ओरअगर वोँ आगे बढना चाहता हेतो मे मनाभी नहीं करुगी मुजे मेरा प्रेम चाहीये क्युकी मेरा भवीष्य उज्वल हे
मे : मालीनीके बारेमें क्याँ जानती हौ?
मंदाकीनी : भैया रहेने दीजीये दरसल दीदीही चाहती हेंकी मे बबलुभैयासे सादी करलु
मे : हं.तौ तुजेसभी पताहे चलो तुमने मेरीसभी टेन्शनही खतम करदी, तु यहसभी तेरी मम्मीके पास केसे सीखके आगइ क्याँ वोँ तुजेसभी सीखानेकेलीये राजी हौ गइ?
मंदाकीनी : नहीं भैया मेने बहोत जीद कि तब मम्मीने मुजेसभी विद्या सीखाइ कहेती थि तुसभी जानलेगी तोँ तुजे बहोत दुख होगा पर्र जब आपकीओर नेनुभाभी सोनुभाभीकी पुरी कहानी सामने आइतो मेरादुख दुर होगया ओर मेभी बबलुभैयाके बारेमें सोचने लगीओर यह बदलाव जब हम् सभीवहा आपकेघऱ आपकी सादीमें आये तबहीहुआ ओर भैया सीर्फ हम् दोनोका रीस्ताही पवीत्र होगा जौ अेकभाइ बहेनका होगा बाकीसभी प्रकुतीके हीसाबसे होगा इनमे मालीनीदीदी भि बाकात नहीं रहेगी तौ आप् टेन्सन मत लेना, ओर हायहबात होँ सकेतो हम् दोनोके बीचही रखना
मे : छोटी तुजे मालुम हेयहबात ओरतीन लोगोको मालुम हे जोँ उनमेभी तेरी तराहसभी सक्तिया हे वोभीयह सभी जानती हे, क्याँ वोँ तुजे मालुम हे?
मंदाकीनी : हां मुजेपता हैं दोतो हमारे साथही हेओरअेक जसुभाभी हेयही हेनां?
तब मेने मंदाकीनीको हग करलीया ओर उनकासर चुमलीया तब मंदाकीनीकी आंखसे आंसुछलक गयेजब हम् अलग हुअे तोँ मेने अपने हाथोसे उनके आंसुपोछ दीये तोँ वोँ हसनेलगी ओरअेक बारफीर मुजसे गलेलग गइफीर हम् दोनो टहेलते वापस बंगलेकी ओर जानेलगे तब मंदाकीनी कहेने लगी
मंदाकीनी : भैया कीतना अजीब हेना? हमनेतो कभी कल्पनाभी नहीं कीथी कि हमारी सादी आपसके घरके रीस्तोमें होगी पहेले मे इनको जायज नहीं मानती थि पऱ जब बाबाने मुजे प्रकृतीके बारेमें बताया तौ सभी जायज लगनेलगा ओर आपनेही सबको प्रकृतीके हीसाबसे जीना सीखा दीयाहे कीसीको अेसे रीस्तोसे कोइ सीकायतही नहींहे
मे : छोटीतु बहोत कुछजान चुकीहे ओरयहसभी तु इतनी छोटी उमरमें सीखगइ मेतो जानके बहुतही खुसहुं तुजे कभीभी हमारी मददकी जरुरत हौ तब हम् चारोमेसे कीसीकोभी पुछ सकतीहे
मंदाकीनी : भैया जब तक मेरी पढाइ समाप्त नहीं हौ जाती तबतक मे सादी नहीं करुगी
मे : हांपता हैं ओरयह बबलुके लीयेभी जरुरी हेफीर वोँ तुमसे सादीके लीये तडपेगा, पर्र तु संसारीक हरसुख पाती रहेगी मेरा मतलब.तु समज गइनां?
मंदाकीनी : (हसते)हां इतनी भोलीभी नहींहु जोँ यहबात समज नां सकु, पऱ भैया मुजेकोइ अेतराज नहींहे सादीसे पहेले यहसभी मे अबगलत नहीं समजती क्याँ पसु पंखीजब यह रीस्ते नीभातेहेतो क्याँ वोँ सादी करतेहे हैं.हैं.हैं।
मे : (हसते) हं.बहुत कुछसमज गइहो तुम्, पर्र ध्यान रखना वक़्त टाइम पे इनकी दवाइआ लेती रहेना वरनाकुछ गडबड होगइ तोँ तेरे पापाको क्याँ जवाब दुगा
मंदाकीनी : जी भैया मे पुरा खयाल रखुगी, वेसे भैया मेराअेक प्रस्न हे आपकी इतनी सारी रानीया हैं सबको आप् केसे सम्हालते हे मतलब सबको संतुस्ट करना.क्युकी मेभीइन सभी बातेपढ चुकीहुं अेक सेक्स सें दुसरे सेक्सके बीच बहुत वक्त चाहीये
मे : तुअब बहोत प्रश्न पुछती हे तुजे अपने भाइसे अेसा पुछते संकोच नहीं होरहा हे
मंदाकीनी : नहीं क्युकी मे जानती हुं मेराभाइ दुनीयाका बेस्ट भाइहे वोँ मुजे अपनी बेटीकी तराह प्रेम करता हैं ओरअेक मांकी तराह टड्ढीट करता हैं तौ केसा संकोंच?
मे : (हसते)तु बहोत नटखटओर होशीयार होगइहे, सुन मुजे बाबाने अेक जडीबुटी दि हे तोँ इनकी वजहसे सबको संतुस्ट करपाता हुंबस जानलीया?
मंदाकीनी : (हसते) मुजेकुछ आसंकायेतो थि फीरभी पुछलीया, भैया क्याँ वोँ जडीबुटी अब भि आपकेपास हे? तौ जब मेरी सादी होजायेतो मुजे थोडीसी देदेना
मे : तु क्याँ करेगी जडीबुटीका बेटा वोँ तेरे खानेकी चीज नहींहे
मंदाकीनी : (सरमाते) अरे नहीं नहीं भैया मुजे नहीं (सरमाके हसते) मे बबलुभैयाको दे दुगी आप् समज गयेना तब उनकीभी दोदो बीवीया होजायेगी तौ मेरा मतलब।
मे : हांसमज गय़ा तेरी नेनुभाभीके पासहे टाइम आनेपे लेँ लेना मे उनसेबात करलुगा
मंदाकीनी : (मुजेहग करते) थेन्कयु भैया देखा इतनातो मेरी मांभी नहीं करती हैं.हैं.हैं।
मे : चलअब बहोत मखन लगालीया अंदरचल वरना तेरी दोनो भाभी मुजे डाटेगी
मंदाकीनी : (हसते) जुठे कहीके मेरी कीसीभी भाभीने आजतक आपको नहीं डाटा
अेसीही बाते करते हम् वापस बंगलेके अंदर आगयेतब दुसयंतभी फेक्टरीसे आगया आतेही दोडके हम् सबकोगले मीलाफीर वोँ फ्रेस होनेचला गय़ा तब मंदाभाभीने सबको लंचके लीये कहातो हम् सभी लञ्च करनेबेठ गयेतब दुसयंतभी आकेबेठ गय़ा ओर हम् सभी दोपहर का खाना करनेलगे
तबबीच बीचमें चोर नजरसे मंदाभाभी मेरीओर देखके अपनीनजर चुरालेती थि तब मंदाकीनी मेरीओर देखके हसनेलगी तोँ मेनेउसे आंख दीखाके हसनेसे मना कीया तोँ वोँ नीचेमुह करके चुपचाप खानेलगी फीर हम् सबने दोपहर का खाना फीनीस कीयाओर वापस होलमें आकेबेठ गयेतब सभी लेडीस आराम करनेउपर रुममें चलीगइ
तब दुसयंतने मुजे आराम करके४ बजे फेक्टरीपे आनेको कहाफीर हमभी आराम करनेचले गये जेसेही मे कमरेमें आयातब नेनुने दरवाजा बंध करलीया तब मायाओर नेनु मुजेहाथ पकडके बेडपे लेगइओर मुजेधका मारके लीटादीया ओर दोनोही मेरेउपर टुटपडी ओर मुजे पागलोकी तराह चुमने लगीफीर मेरे कपडे नीकालने लगी
मे : जानु अभि रुकोतो सही मेरा बलात्कार करनाहे क्याँ?
माया : हां। आप् चुपचाप लेटे रहीये आपने हम् दोनोको सुबहसेही गर्म करकेरखा हे
मे : अरे मेने क्याँ कीया? आजतोकुछ बोलाही नहीं, सोचलो फीर हालत बीगड जायेगी फीर मुजेदोस मत देनाकेह देताहुं
नेनु : उनकी फीकर आप् मतकरो हम् अपनी हालत बीगाडना चाहती हे आप् सुरुकरो
फीर हम् तीनोके बीचआज बहुतही जबरदस्त चुदाइ हुइ मेने नेनुओर माया दोनोको बारी बारीदो दोबार चोद लीयातब दोनोकी हालत वाकइ खराब हौ चुकी थि ओर दोनोही नहाके आपसमें चीपकके सोगइओर मे नहाके कंपलीट सजधजकर होगया ओर नीचे जाही रहाथा तब रुमके बहार दुसयंतभी नीकलरहा थां फीर हम् दोनो नीचे आगये
तब लताभाभीने दोनोको चाइ नास्ता दीयाफीर हम् दोनो फेक्टरीकी ओर नीकलगये तब दुसयंतमें मुजे सारी प्रोग्रेसकी रीपोट देदीओर हम् पहोंच गयेतब गेटपे विरप्रताप ओर विजयसि दोनोही मीलगये दोनोने मुजे घरपे आनेका बहोत आग्रह कीयाफीर दोनोको मीलके मे ओर दुसयंत सभी जगाह घुमके ओफीसमें आकेबेठ गये
काम बहुतही बडीया चलरहा थां तभी मे हमारे स्टाफ क्वाटरकी ओरचलपडा तब मालीनीदेवी मुजे देखके बहोत खुस होगइओर मेरा अच्छी तराहसे स्वागत कीयाफीर मुजे पानी पीलाया फीर मालीनीदेवी चाइ लेकेआगइ ओर मेरेपास बेठगइ फीर हम् दोनोचाइ पीते हुअे बाते करनेलगे
मालीनीदेवी : (मेरीओर कामुक नजरसे देखके हसते)हां तौ जमाइजी केसालग रहाहे इस अहेमदाबादवाली बीवीको मीलके हैं.हैं.हैं।
मे : क्याँ भाभीजी मे अभि अपनी अहेमदाबाद वाली बीवीको कहासे अच्छी तराह मीलाहुं
मालीनीदेवी : (सरमाके हसते) अच्छाजी.अगर अच्छी तराहसे मीलनाहोतो समय नीकालके आजाना चाहीयेना मे कहामना कररही हुं फीरभी मीलना होतोचलो अंदर जल्दबाजीमेही सहीअेक बार मीलतो लेगे, राज आपको नहींपता जबसे मेने आपको देखाहे मेतो आपकी दीवानी होगइहुं चलोना अंदर मे दरवाजा बंध करकेआती हुं
कहेके वोँ धीरेसे दरवाजा बंध करके अंदरआगइ ओर मेराहाथ पकडके अपने बेडरुममें लेगइओर उनकाभी दरवाजा बंध करलीया फीर वोँ आके मुजसे लीपटगइ ओर थोठीदेर अेसेही खडीरही फीरनजर उची करके मेरीओर देखके सरमाने लगीओर अपनीनजर नीची करलीतब हमारे होंठ आपसमें मीलगये तब उनकीआंख बंध होगइओर दोनोही अेक दुसरेके होंठोको चुमने लगे
तब मेराअेक हाथ अनायसही उनके बुब्सपे चला गय़ा ओर मेने हल्कासा दबा दीया तोँ उनकी सीत्कार नीकलगइ ओरओर दोनोही अेक दुसरेको पागलकी तराह चुमने लगेओर थोडीही देरमें दोनोके कपडे हमसेदुर अेक कोनेमें पडेथे तब मेने देरना करते उनको बेडपे पीठके बल लीटादीया ओर उनकेउपर चडकेलेट गय़ा तब मालीनीदेवी मेरीपीठ सहेलाने लगीतब उसनेकहा
मालीनीदेवी : राजजी आजओरकुछ नहीं वोँ सभी हम् कभी फुरसतमें करेगे बस आजतो आप् मुजे सीर्फ ठंडीही करदोआज मेरी प्यास बुजादो
मे : भाभीफीर आपकी हालत बीगड जायेगी फीर मुजेदोस मत देना
मालीनीदेवी : हांपता हे आपका वोँ बहुतही बडाहे इसलीयेतो मे आपकी दीवानी होगइहुं मेनेअेक बार देखाहे जब आप् मंजुचाचीके यहा आयेथे
मे : (चोंकते) आपनेकब देखलीया?
मालीनीदेवी : वोँ सभी छोडो बादमें बताउगी पहेले मुजे ठंडी करदो आपके लीये बहोत तडपीहुं मेरीबडी तम्मनाथी अेसेबडे लंडसे चुदनेकी चलीये देरमत कीजीये
कहातो मे उनके पैरके बीच आगया देखातो उनकीकसी हुइ चुत फडफडा रहीथी ओर लगातार पानीछोड रही थि तब मेने उनकी चुतकी लकीरमें अपना लन्ड घीसके थोडा फसाया फीर उनकेउपर लेटके उनके दोनोहाथ मजबुतीसे पकडलीया ओर लीपलोक करकेअेक जोरका जटका मारदीया तब मेरा लन्ड उनकीकसी हुइ चुत चीरके अंदरघुस गय़ा
तब मालीनीदेवीकी चीख नीकलके मेरे मुहमेही दबगइओर उनकी आंखसे आंसुकी धारा बहेने लगीओर वोँ अपने दोनोपेर बेडपे पटकने लगीओर मुजसे छुटनेकी कोसीस करनेलगी तब मेनेदेर नाँ करतेअेक जटकाओर मार दीयातब मेरा पुरा लन्ड उनकी चुतमें जड तक घुस गय़ा तब वोँ मेरे मुहमें चीखके बेहोस होगइ
तब मेने उनके होंठ छोडदीये ओर हाथके बलउचा होके मालीनीदेवीको जोरोसे बेहोसीमेही चोदने लगाओर लंबे लंबेसोट मारने लगातब मालीनीदेवीके बुब्स उछलने लगे जीसे देखके मे बहुतही कामुक होगया ओर उनको जोरोसे चोदने लगातब मालीनीदेवीका मुह बीगडने लगातब मुजे समजमें आगयाकी उनकोहोस आँ रहा हैं
तब मे रुकके उनकेउपर जुक गय़ा ओर उनके होंठ चुमने लगातब मालीवीदेवीने अपनी आंखे खोलदी ओर दर्दके मारे सीसकारीया करनेलगी तब मे उनके बुब्स अपने मुहमें लेके चुमने लगातब वोँ मेरे बालोमें हाथ घुमाने लगीओर मुजे नसीली आंखोसे सरमाते हुअे देखने लगीओर मुजसे कहेने लगी
मालीनीदेवी : कीतना बडा लंडहे आपका मुजेतो बेहोसही कर दीयापता नहीं मेरी ननंदकी क्याँ हालत हुइ होगी लगताहे मेरी हालत वाकइआज बीगड जायेगी
मे : अभीतो आपको बहोत जल्दीथी अब क्याँ हुआ? अबतो आपको छोडने वाला नहींहुं
मालीनीदेवी : हांपता हैं जबतक आप् दोबार नहीं जडते तबतक मेरे उपरसे उतरने वाले नहीं हौ मुजेसभी पता हैं मेरी माधुसे अच्छी पटती हैं उन्होनेही मुजेकहा हे मे रेडीहु
फीर हमारे बीच घमासान चुदाइ हुइ ओर मेने मालीनीदेवीको दोबार जडादीया जब मेने लन्ड टेडा घुमाया तब वोँ चीखने लगीओर मेरी पीठमें नाखुन गाडने लगीओर मेने जडतक घुसा दीयाओर मेरा गर्म लावाफुट पडातब वोभी अपने गर्भासयपे गर्म महेसुस करते साथमें जडनेलगी ओर मुजे कसके बाहोमें भीचलीया ओर हम् दोनो सांत होगये तब मे उनकेउपर लेटारहा तब वोँ अपनीनजर चुराने लगीओर सरमाती रही
मे : हां भाभीअब बताइअे आपने मेरा हथीयार कब देखा थां?
मालीनीदेवी : राजजी जब आप् मंजुचाचीको मीलने आयेथे तब मे उनके घरपेही थि तब उन्होने मुजे आपके अंदर आनेसे पहेलेही भगादीया तब मुजेकुछ संका हुइ ओर मे बहार नाँ जाके उनके आंगनमेही छुप गइथीफीर वोँ आपको लेके अपने रुममें गइतो पीछे उनकी खीडकी खुली हुइथी ओर मेने आप् दोनोकी चुदाइ देखली तबही मेने आपकाबडा हथीयारभी देखलीया थां
मे : हं.तौयह बातहे तोँ फीर आपको बुरा नहींलगा?
मालीनीदेवी : इनमें बुरा माननेकी क्याँ बातहे मंचुचाची बरसोसे अकेली हेओर उनकीभी तम्मना होतीहे मे अेसे रीस्तोमें कोइ बुराइ नहीं मानती ओर आपकोपता हे मेरी सासू ओर मंजुचाचीभी आपसमें सभीकुछ करतीहे क्युकी मेरी सासकी हालतभी मंजुचाची जेसीही हे हमारे ससुरजीतो कभी घरपेआते नहीं थें
ओर अेसेही बात करते हम् दोनोफीर गर्म होगये ओर मालीनीदेवी अपनीकमर हीलाने लगीतब हमारे बीच वापस घमासान चुदाइ सुरु होगइइस बार मालीनीदेवी खुलके कमर उछाल उछालके मुजसे चुदवा रही थि ओर उसने अपनी कमरके नीचेअेक तकीयाभी लगालीया थां मे मालीनीदेवीको लगातार २५ मीनीट तक चोदता रहा
तबतक वोँ तीनबार जड चुकीथी ओर जीतनी बार जडतीथी मुजे कसके बाहोमें भीचलेती थि ओर आखीर मेने उनकी बच्चेदानी तक लन्ड घुसा दीयाओर मेरे वीर्यसे उनकी चुतको भरनेलगा तब उसनेभी मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर साथमे जडनेलगी ओर हम् दोनो सांत होगये तब मेरे फोनकी रींगबजी देखातो दुसयंतका मोबाइल थां
तौ हम् दोनो फटाफट नहाने चलेगये ओर नहाके बहार आगयेओर रेडी होगये तब मालीनीदेवीको चलनेमे बहुत प्रोबलेम हौ रही थि तब वोँ मेरी बाहोमें आगइओर मेरे होंट चुमके कहेने लगी
मालीनीदेवी : राजजी आप् मेरी फीकरमत करनाओर हमेसा याद रखना आपकी पत्नि यहाभी हेआज मुजेअगर बच्चा ठहेर गय़ा तौ मे उनको पालुगी यह हमारे प्यारकी नीशानी रहेगी अबतो जीतनेभी बच्चे होगे सीर्फ हमारेही होगे
फीर मे मालीनीदेवीको चुमके वापस दुबारा मीलनेका वादा करके वहासे वापस ओफीसमें आगयातब दुसयंत मेरा वेइट करके बेठाथा फीर हमने आगेके कामके लीये बहोत सारी चर्चाकी तब मुजेपता चलाकी दुसयंत इस बीजनेसके बारेमे कीतना सीरीयस हे मे यह जानके बहोत खुसहुआ फीर हम् दोनो वहासे नीकलके वापसघऱ आगये
तब रास्तेसे हमने आइस्क्रीम लेली जेसेही हम् घरके अंदरगये तबहमे वहा संजनाभी दीखगइ जेसेही उनकीनजर मेरीओर गइ वोँ दोडके मेरेगले लगगइफीर हम् सभी फ्रेस होके होलमें बेठगये फीर हम् सभी ओपचारीक बाते करनेलगे तब संजना ओर मंदाभाभी बारबार मेरीओर देख रहीथी ओर संजनातो कुछ इसाराभी कररही थि
मंदाभाभी : राजजी आपकोकभी अेसा नहीं लगाकी चलो मे मेरे ससुराल होकेआउ इस घरकीतीन तीन लडकीयासे सादी करली फीरभी तीनबार नां सहीअेक बारतो आजाते
मे : भाभीकभी आपने प्यारसे बुलायाही नहीं वरना मे उसी टाइम दोडके आजाता हैं.हैं.हैं।
कहातो मंदाभाभी सरमाके हसनेलगी साथमें सभी हसनेलगे तब नेनुनेतो मुजे हसते हुअे मुकाभी मारदीया तब लताभाभी सबके लीये आइसक्रिम लेकेआगइ ओर हम् सभी आइसक्रिम खानेलगे तब संजनाभाभी ओर लताभाभी मेरीओर देखके आइसक्रिम चाट चाटके खा रहीथी ओरहसरही थि तब मंदाकीनी सभीदेख रही थि
मंदाकीनी : (धीरेसे मेरे कानमें हसते) क्याँ बातहे भैया यहातो सभी आपपेलटु हे लगताहे आप् इधरकफी कुछ महेनत करकेगये होँ हैं.हैं.हैं।
मे : (इनके सरपे हसते हुअे टपली मारते) चुपकर कोइ सुनेगातो क्याँ सोचेगा?
मंदाकीनी : (धीरेसे हसते) क्याँ भैया कीतने डरपोक होँ कहोतो आपकी सेटींग करवादु? हैं.हैं.हैं.ध्यान रखना नेनुभाभीकी नजर आपपेही हैं हैं.हैं.हैं।
मे : (हसते)चुप करबडी आइ सेटींग करवाने वालीओर सुन मेरी सेटींग पहेलेसे हि हेओर येबात तेरी नेनुभाभी भि जानती हैं समजी इसलीये अधिक दीमाग मतलगा
कहातो मंदाकीनी मुजे आस्चर्यसे मुह फाडके देखती रहीतब नेनुओर माया उनके सामने देखके जोरोसे हसनेलगी तब मंदाकीनी उनकोभी मुह फाडके देखती रहीतब नेनुने हसते हुअे मंदाकीनीके सामने अपनीजीभ बहार नीकालके दीखादी तौ मंदाकीनीने मुह बीगाडके मेरी जांगमें चपत लगादी कीसीके समजमें नहींआया क्याँ हुआ
मंदाभाभी : क्यु क्याँ हुआ दोनोभाइ बहेन क्युलड रहेहे हैं.हैं.हैं।
नेनु : (हसते)कुछ नहीं मंदाभाभी वोँ हमारी रीटाकी तराह अेसीही नटखटहे सरारत करतीही रहेती हेकोइ सरारत कीहोगी तौ इनके भाइने हवा नीकालदी होगी हैं.हैं.हैं।
कहातो अेकबार फीरसभी हसनेलगे तोँ मंदाकीनी मुजे वापस जांघपे चपत लगाते उठगइओर मायाके पास जाकेबेठ गइजब आइसक्रिम खालीया तब मंदाकीनी ओर लताभाभी सभीकप लेके कीचनमें चलीगइ तब मे ओर दुसयंत बहार गार्डनकी ओर जानेलगे तबसभी लेडीसभी हमारे पीछेआने लगी
तब दुसयंको मोबाइल आगयातो हमसेदुर जाकेबात करनेलगा तब मोका देखके संजना मेरेसंग चलनेलगी ओर हम् धीरे-धीरे धीरे-धीरे बात करनेलगे पीछे नेनु मंदाभाभी ओर मायाभी बाते करते दुसरी ओर टहेलने लगीतब संजनाने मुजसे कहा
संजना : देवरजी अब आपको नहीं लगता आप् हमे नज़रअंदाज़ कररहे होँ कभीतो मोबाइल करलीया करो आपकोपता हेना मेरीओर वीमलाकी प्रोबलेम क्याँ हे फीरभी।
मे : सोरी भाभी आपको नहींपता मे कीतना बीजीहुं ओर मे यहसभी केसे अेरेन्ज करुयही सोचरहा हुं
संजना : राज नीरजतीन चार दीनकी टुरपे गय़ा हे आप् चाहोतो सबकुछ होँ सकता हैं आजहीचलो मे गाडी लेके हि आइहुं मे सुभह आपकोयहा छोड दुगी
मे : हं.ठीक हैं मे नेनुसे बात करलेता हुं डीनरके बाद देरसे हम् दोनो आपकेसंग चले आयेगे क्युकी मायाओर मंदाकीनीभी साथमें हे तौ उनकोभी लेना पडेगा
संजना : सभी साथमें होगेतो फीरकोइ मुस्कीलतो नहीं आयेगी? वेसेभी मुजेसभी पता हैं आप् नेनुदीसे पुछकेही सभी करतेहे हैं.हैं.हैं।
मे : सीर्फ नेनुही नहीं मेरी मायाभी सभी जानती हैं वोभी होगी आप् उनकी चीन्ता मत करीये
संजना : तौ फीरठीक हैं मे अभि नेनुदीसे बात करतीहुं आजतो मेराकाम करहीदो वेसेभी आपने बहोत तडपाया हे मेरी रातोकी नींद हराम करदीहे पहेलेतो बहोत मोबाइल करते थें अब तौ फोनपेभी बात नहीं होती अबतो कमसेकम आपकेदो बच्चे पेदा करुगी
मे : (हसते)अरे आप् ओरतोको क्याँ होजाता हे जीसे देखो वोँ मेरा बच्चाही पेदा करना चाहती हे हैं.हैं.हैं।
संजना : (हसते) हसीये मत वोसब आप् नहीं जानते हम् ओरतोको कीतनी बाते सुननी पडतीहे आप् ओरत होते तौ पता चलता हमारे उपर बांजका लेबललगा रहेता हे
हम् अेसीहे बाते करतेचल रहेथे तभी पीछे नेनुओर माया हमारी पुरी किस्सा मंदाभाभीको सुना रहीथी जीसेबडे गौरसे मंदाभाभी सुनके आस्चर्य चकीत हौ रही थि फीर हम् सभी गार्डनमें आकेबेठ गयेतब मेने कृणालसेभी बात करकेसभी जानकारीया लेलीतब उनकेसंग नीरजओर करणभाइसे भि बात करली तौ पताचला नीरज नेभी बहोत सारी तैयारीया करलीहे
फीर संजनाने धीरेसे सबसे छुपके नेनुसे बात करली तोँ नेनु मेरीओर देखके हसपडी ओर उसने संजनाको हां कहेदीतो वोँ बहुतही खुस होगइफीर नेनुने डीनर करके सजनाके घऱ जानेकी मंदाभाभीको जानकारी देदीतभी मंदाकीनी हम् सबको डीनरके लीये बुलाने आगइओर हम् सभी फीनर करनेचले गयेआज मंदाकीनी लताभाभीके संग अंदरथी तोँ दोनोने बहोत सारी बाते करली जीसे सुनके लताभाभी मंदाकीनीसे बहुत इम्प्रेस होगइ
फीर हम् सबने डीनर करलीया फीर थोडीदेर बेठके संजना नेनु मायाओर मे संजनाके घऱ नीकलगये मंदाकीनी नहींआइ क्युकी वोआज लताभाभीके कहेनेपे घरपेरुक गइथीओर हम् सभी संजनाभाभीके घऱ आगयेतब घरमें सीर्फ हम् चारोही थें हमे बीठाकर वोँ पानी लेकेआगइ ओर हमारे संगबेठ गइ
कन्टीन्यु.
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