my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
Dilavar bhay ap iska bhag 2 bi likhna kyo की sab के bacche bi hone he और hotal bi abi दो hi he joo और kholne he और puja के bad alag sakti bi milegi too उसका bi jaan kalyan mai upyog hnaa he iss liye bhay bhag 2 likhna
Dusri story joo likhna chahte hu bo bad mai ya sath sath chalne देना
bhay muze text के bare mai jankar नहीं he too plz bhay saral bhasa mai batana kaise iss ko padhe plz madad mai
Thanks
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
Dilavar bhay ap ne बहुत juldi likhdi और लोग too ten चार sal mai bi sirf 100 ya 50 update पर latke he jabki ap की jesi story bi नहीं he
Comment mai bi na के brabar krta ho लेकिन ap की story mai bager comment के raha hi नहीं गया
bhay bhag 2 के bare mai सोचना jarur lekhak ko apni kalam पर dyan देना चाहिए comment पर नहीं
ap kaa likhne kaa uddesya bager bhag 2 के poora नहीं hoskta ya फिर isko hi 250 300 update tak लेकर jao plz
maira sirf nibedan he bhay
Text mai जब story hu jaye too beech bale update jarur padhne he batana plz उसके bager story adhuri si lag rahi he
Thanks bhay naraj na hnaa plz
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १७५
बबलुने पीछे देखातो देवयानी दोनोहाथ लंबा करके बबलुको बुला रहीथी तब बबलुभी सभीजान गयाथा तौ दोडके अपनी मम्मीसे लीपट गय़ा फीर पांव छुके माफी मांगने लगातब देवयानीने अेकबार फीरसे सीनेसे लगालीया तब बबलुकी आंखसेभी आंसुबेह
रहेथे फीर दोनोही मेरेपास बेठगये तब बबलु नीचेसर करके बेठा रहा.अब आगे
देवयानी : कुडीतो बहुत खूबसूरत लायाहे पऱ ध्यान रखना वोँ हमारी बेटी हे
बबलु : मोम मेने भाइसे केह दीयाहे अब कोइभी अेसी गलती करुतो मुजे बीजनेस ओर घरसे नीकाल देना मे हवसमे अंधा होँ गयाथा ओर मेने बहोत सारी गलती कीथी
देवयानी : बस भुलजा सभी तेरीअकल ठीकाने आगइ वोही हमारे लीये बहुतहे
बबलु : मोम आपतो वहाभी मुजे मीलीथी तब नहीं पताथा आपही मेरीमोम होँ
देवयानी : हां बेटा मेरीकुछ जीमेवारीथी जोँ पुरी करदीओर मेने पुरानां रुप त्याग दीया
बबलु : मोम मे कीतना खुस नसीब हुजो आपकी कोखसे जन्म लीया क्याँ आप् पापासे फीरकभी नहीं मीली.?
देवयानी : नहींकल मीलुगी वोभी पुराने रुपमे ओर सायद आखरीबार.
बबलु : मोम आखरीबार.? क्यु.? क्याँ होने वालाहे.?
मे : बबलुकल तेरे पापाका आखरीदीन हेकलउसे मुक्ती मील जायेगी
बबलु : भाइ मे उसे मीलना चाहता हु अभि.उनको पीयुको मीलादु ओर उनसे माफीभी मांग लुगा क्याँ आप् मेरेसंग चलोगे.?
मे : बबलुतु नहीं जानता पीयुकोन हे उनको अपने असली माँ पापासे भि मीलवाना हेतु जानताहे वोँ कीसकी बेटी हे.?
बबलु : नहींभाइ वोभी नहीं जानती होगी उनकोतो अपनी मम्मीही यादहे वोँ उनकानाम सारीका बता रहीथी कही वोँ हमारी सारीकाभाभी.तोँ.नहीं.?
मे : हां बबलु वोँ सारीका ओर सुनीलभाइकी बेटी हे उनका असली बाप सुनीलभाइ हे
बबलु : (खुस होते)भाइ तबतो हम् उनकोभी मीलेगे कहाहे वोँ सभी.?
मे : चल चलतेहे अपने पापासेभी मील लेनाओर अपने सासू ससुरसेभी मील लेना हैं.हैं.हैं.
बबलु : (सरमाके हसते) क्याँ भाइ., मोम आपभीचलो.
देवयानी : नहीं बेटा मे कल मीलुगी तुही चलाजा मे नहीं आँ सकतीकुछ रीजनहे
बबलु : ठीकहे मोम मे भाइ नेनुभाभी ओर पीयुचले जातेहे
नेनु : (पीयुके संगआते) देवरजी अकेले अकेले कीधर जानां हेअबकही अकेले गयेतो टांगे तोड दुगी लीजीये अबनी बीवीको सम्हालीये हैं.हैं.हैं.
बबलु : क्याँ भाभी.अभि तब टांग खीचनेकी आदत नहींगइ मे सुधर गय़ा पऱ। हैं.हैं.
तब नेनु बबलुको मारनेके लीयेआगे आइतो बबलुदुर भाग गय़ा ओर हम् हसनेलगे फीर मेने वाहन बुलाइ ओर बबलुके संग नेनु पीयुको लेके हम् आश्रमकी ओरचले गयेतब पीयु बहुतखुस हौ रहीथी उनको पताही नहीथाकी हम् कहाजा रहेहे तब नेनुने
पीयुको अपने ससुरसे मीलनेकी बात कीतो सुनके बहोत खुस होगइओर हम् आगये
बाबा : आओ बेटा आखीर अपनी बेटीको लेकरआही गये.
मे : बाबा इनकोतो आप् जानतेही हौ हमारे पुजारीदादाका बेटा.ओर यह इनकी पत्नि पीयुहे बाबा हमने उनके माता पीताके बारेमे कोइबात नहीं कि आपहीकुछ बतादो
तब बबलुओर पीयुभी हमारे संग बाबाके पांव छुनेलगे ओर हम् सभीवही बेठगये तब पीयुओर नेनुने सरपेपलु ढककेरखा थां तब बाबाने पीयुके सरपे प्यारसे हाथरख दीयाओर स्नेह भरी नजरोसे उसे देखते रहेओर सरपेहाथ घुमाते रहे
बाबा : बेटी तुजे नहींपता तुकोन हेतु जीनके संगआइ वोँ लोगकोन हे तेरे माता पीताकोन हे क्याँ तुजेइन सबके रीस्तेके बारेमे पताहे.?
पीयु : हां बाबाबस थोडा बहोत बबलुजीसे जानलीया हेयह यहाके महाराज ओर उनकी रानीहे जोँ पुराने रीस्तेमे भाइ बहेन थें मुजे इनके बारेमे सभी मालुम हे
बाबा : (हसते) तौ क्याँ तुजेकुछ अचरज नहींलगा.?
पीयु : (नेनुकी ओर देखते सरमाके हसते) बाबा पहेले लगताथा पऱ अब नहीं लगताओर मेनेतो सुनाहे आपनेयहा अेकनइ परंपराभी सुरु कीहे तोँ अबतो बीलकुल नहीं लगता तबसे मेभी प्रकृतीकी तराह जीनेकी कोसीस कर रहीहु ओर सायद इसीलीये मे मेरी
मम्मीसे दुर हौ गइथी क्युकी मुजे मेरे पापाने बतायाथाकी मेरी मम्मीका नाजायज रीस्ता मेरे मामाके संगहे तबसे मे उसे नफरत करतीथी पर्र मे गलत थि आज पछता रहीहु कास मेने मम्मीको नहीं छोडा होता तौ आज मे इतनी मुसीबतमे नहीं पडती
बाबा : बेटी तुजे जीतनी तकलीफ भोगनीथी भोगली.ओर सुन तेराजो वोँ बाप हेनां जौ तुजे पैसेके लीये मारताथा वोँ तेरा असली बाप नहींहे तेरे असली पीताकोइ ओरहीहे
पीयु : (चोंकते आस्चर्यसे) तौ फीर., बाबा क्याँ वोँ मेरे पीता नहीं थें.? तोफीर मेरे असली पीताकोन हे.? क्याँ आप् उनको जानतेहे.मम्मीतो जानतीही होगी.
बाबा : बेटी क्याँ तु उनको मीलना चाहोगी.?
पीयु : (खुस होके)हां बाबा आपको नहींपता आपने मुजे कीतनी खुसखबरी सुनाइहे
बाबा : (हसते) जा.पहेले अपने ससुरसे मीलले फीरयह राजाही तुजे सरप्राइज देगे हैं.हैं.हैं.
कहातो पीयु मेरीओर खुसीसे अेकआस भरी नजरोसे हसते हुअे देखती रहीतब हम् सभीखडे होगये ओर बाबाको दादासे मीलनेको कहेके पु.दादाके रुमकी ओर जानेलगे तब पीयुओर बबलुकी दीलकी धडकनतेज चलनेलगी ओर हम् सभी दादाके रुममे चले
गये तब दादाजी हमे देखतेही खडे होगये ओर बबलुकी ओरदोड पडे तौ बबलु दोडके उनकेगले लग गय़ा ओरफुट फुटके रोनेलगा ओरबार बार माफी मांगने लगा
पु.दादाजी : (हसते)बस बेटा होगइ गलती तुजे पछतावा हौ रहाहे वोही तेरी माफीहे
बबलु : (रोते) नहीं पिताजी मेने बहोत बडेपाप कीयेहे मे माफीके लायकभी नहींहु
पु.दादाजी : (हसते)बस होगया बेटा.सभी प्रकृतीका खेलथा तु नहीं समजेगा चल अपनामुह साफ करलेओर मेरीइस बेटीको खुब प्रेम देना इनकी जींदगी तु खुसीयोसे भरदेयही तेरा पस्च्याताप हे तुजे माफीमील जायेगी
तब पीयु दादाके पांव छुने लगतीहे तब दादाजी जटसे उनकोखडा करदेतेहे फीर
पु.दादाजी : अरे नहीं बेटी तु मेरीबहु थोडीना हे तुतो हमारी बेटीहे हम् सबकी लाडली
पीयु : बापु क्याँ आप् मुजे जानते हे.?
पु.दादाजी : हां बेटी सीर्फ मेही नहींयहा जीतनेभी हे वोँ सभी तुजे जानते हेबसयही समजले आनेवाले दीनोमे यही महाराज ओर मेरी नेनु बीटीया तुम्हारे माता पीताहे
पीयु : बापु मेरीतो कुछ समजमे नहीं आरहासभी गोलगोल बाते करतेहे हैं.हैं.हैं.
पु.दादाजी : (हसते) बेटी अभीतो तुनइनइ आइहे धीरे-धीरे धीरे-धीरे सभीपता चल जायेगा हैं.हैं.हैं., बसअबइस नालायकको तुमार मारके सुधारदे हैं.हैं.हैं.
कहातो हम् सभीओर बबलु पीयुभी हसनेलगे फीर दादाने हम् सबकोखुब आशीर्वाद दीया तबतक बबलु उनको देखताही रहा जेसे वोँ अबने बाबाको आखरीबार मीलरहा हौ फीर हम् चारो वहासे बाबाके पास आगयेफीर उनकी इजाजत लेकर हम् सुनीलके
घरकीओर चलेगये तबशाम ढल चुकीथी सुनील काका अभि नहीं आयेथे
जेसेही हम् अंदरगये तब काकी ताराओर सारीका बाते करते सोफेपे बेठी हुइथी मंजु काकी अपने रुममे कुछकाम कर रहीथी मुजे देखतेही सभीखुस होगइओर मुजेहग करनेलगी तौ बबलुको अंदरआते देखातो सभी उनकोगले मीलके उनकाहाल चाल
पुछने लगी अभि नेनुने पीयुको बहारही खडे रखाथा तोँ सभी हमसेही बात करनेलगी
काका : क्याँ बातहे राजआज आपकेसंग कोइ रानीदीख नहींरही हैं.हैं.हैं.
तारा : रमा.क्यु इनकी टांगखीच रहीहे फीर तुजेही भुगतना होगा हैं.हैं.हैं.
मे : (सारीकासे चीपकके बेठते) रहेनेदो भाभी अभि इनकी हालत अेसी नहीहेकी मे इनका जवाबदे सकु नहीतो अभीका अभि सभी जवाबदे दता
कहातो सारीका काकीओर तारासभी समजगइ तोँ सारीकाने मुजे हसके मुकाभी मारदीया ओर हम् सभी हसनेलगे तब बबलुभी सभी तमासा देखके हस रहाथा मे सारीकाके पीछेचला गय़ा ओर उनकी आंखपे दोनोहाथ रख दीया तौ वोँ जोरोसे हसनेलगी ओर
मुजे क्याँ सरारत हे पुछने लगीतब नेनु पीयुको लेकर अंदरआगइ तब पीयु सारीकाको देखके सोक्ट होगइओर मेनेभी हाथ हटालीया तब सारीका पुयुको देखतेही
सारीका : (जोरोसे) पीयु बेटा.तुम्.
पीयु : (जोरोसे खुसीसे) मोम.आप्.
ओर दोनोही अेक दुसरेसे लीपटगइ ओर जोरोसे रोनेलगी तब सारीकाने पीयुका चहेरा पकडलीया ओर थोडीदेर अेक नजरसे देखके उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगीतब पीयुनेभी अपनी मम्मीको कसकेपकड रखाथा तब ताराभी खुसीके मारे आंसु
बहाते दोनो मम्मी बेटीके मीलनको देख रहीथी ओर दोनोही मा बेटी अेक दुसरेको चुमती रहीतब जाके दोनोको अहेसास हुआकी हम् सबभीयही हे
तब पीयु ताराको मामीजी कहेते गलेलग गइफीर थोडीदेर रहेके उनसेअलग होँ गइतब मंजुकाकीभी बहारआके सभीदेख रहीथी तब पीयुआके मेरेगले लगगइओर मुजे थेन्यु पिताजी कहा तोँ नेनु हसनेलगी ओर पीयुको बाथरुममे लेगइ तोँ सारीकाभी उनके
पीछेमुह धोनेचली गइतब अंदरभी दोनोअेब बारगले लगगइ
नेनु : दिदी अब बहारभी चलो बहोत कुछ बाते करनीहे कहाहे सुनीलभाइ.?
सारीका : कल प्रतीष्ठा हेतो अभि तक सभी तैयारीया देखरहे होगे अभीतक नहींआये
पीयु : मोम.आप् कहाचली गइथी मेने आपको बहोत ढुंढाथा ओर आपका फोनभी बंध थां मेने आपको बहोत मीस कीया.क्याँ अेकबारभी मेरीयाद नहींआइ.?
सारीका : (आंसु बहाते) बीटु बहोत यादआइ बस तुने मेरेसंग आनेको मना करदीया तोँ मेरा दीलही टुट गय़ा फीरसभी कीस्मतपे छोड दीया.मुजे माफ करदे बेटा.
पीयु : मोम आप् माफीमत मांगो वोँ मेरी सबसेबडी गलतीथी आपनेतो मुजे बहोत समजायाथा पऱ मेही नहीं मानी तौ माफतो आप् मुजे करदे.
नेनु : दोनोचलो बहारअब कोइ माफी बाफी मांगनेकी जरुरत नहीहे सभी अच्छा हौ गय़ा तोँ आरामसे सभी बाते करते रहेना
फीर तीनो बहारआगइ तौ पीयु अपनी मां सारीकासे चीपकके बेठगइ तभी उनको अहेसास होगयाकी साथमे उनके पतीभी आयेहे तोवो बबलुकी ओर देखके सरमागइ ओर हसनेलगी फीर बबलुको इसारेसे उनके मम्मीके पैर छुनेको कहेने लगी तोँ बबलुभी
सरमाके सारीका फीर ताराओर दोनो काकीको पैर छुनेलगा
तारा : अरे देवरजी अचानक पैर छुना केसेयाद आँ गय़ा हैं.हैं.हैं.
नेनु : (जोरोसे हसते) भाभीओ अबयह आपके देवरु नहीं आपके जमाइहे हमारी पीयुके पती दोनोने सादी करलीहे हैं.हैं.हैं.
सारीका : (खुसीसे) व्होट.क्याँ पीयु तुने बबलुभाइसे सादी करलीहे.?
पीयु : (सरमाके हसते)हां मोम.अब यही मेरी आखरी मंजील हे हम् दोनोने सादी करलीहे उन हरामीओके चंगुलसे मुजे बबलुजीने हि छुडवाया हे
फीर पीयु सारीका ओर तारा सबको सारीबात बतातीहे तब सारीकाके आंखसे आंसु बहेने लगेओर उसनेअेक बारफीर पीयुको अपने सीनेसे भीचलीया फीर बबलुको हाथ जोडके शुक्रिया देनेलगी तौ बबलुने मना करदीया ओर उनकेपास जाकेबेठ गय़ा
तारा : (खुस होके हसते) सारीका हमे जमाइ बडाही काबील ओर होशीयार मीलाहे
पीयु : (धीरेसे) मोम बापूकहा हे.क्याँ आपने मामासेही सादी करलीहेना.? ओर मेरे पापाभी वोही हेनां.? मुजे उनसे मीलना हे मुजे उनसेभी माफी मांगनी हे
सारीका : नहीं बीटु बेटीया कभी माफी नहीं मांगती मेरा सुनील सुनेगाकी तुने उनको अेक्सेप्ट करलीया हे तोँ कीतना खुस होजायेगा देख्ना रोही पडेगा
तारा : हां बेटी तुकोइ माफीमत मांगना वोँ सहेन नहींकर पायेगे
पीयु : (हसते)ठीक हेबडी मोम.हैं.हैं.हैं.
कहातो हम् सभी हसनेलगे तबभी काकाओर सुनीलभी आगयेओर पीयुको देखतेही सुनील उनकोगले लग गय़ा ओर रोनेही लगातब पीयुकी आंखभी गीली होगइओर सुनीलको पिताजी पिताजी कहेके उनको सांत करतीरही तब हमभीसभी भावुक होके बाप बेटीका
मीलनदेख रहेथे फीरसभी फ्रेस होके होलमे बेठगये तब विभाआगइ
विभा : दिदी सबनेरो लीया होतो मे सबका खानां नीकालु.हैं.हैं.हैं.
कहातो हम् सभी जोरोसे हसनेलगे ओर ताराने हसकेहां केह दीयाओर हम् सभी डीनर करनेबेठ गयेतब सभी बाते करते खानेलगे ओर पीयुकी सभी किस्सा सुनके सुनीलने बबलुका आभार जताया ओर खुसीसे पीयुके पतीके रुपमे अेक्सेप्ट कर लीयाआज सभी
खुस थें तब सारीकाने बबलुओर पीयुको वही रहेनेको केह दीया
तब बबलुओर पीयुवही रुकगये तोँ मे ओर नेनु वापस महेलमे आगयेतब सभी घेरा बनाके डीनर करके बहार बेठेथे ओर कलकी तैयारीया कर रहेथे तोँ कृणाल नीरजओर उनके दोनो साले महेश कामेश अजयसभी हमारी होटेलपे चले गयेथे तौ विमला संजना
ओर उनकी दोनो भाभीया हम् सभी मस्ती मजाक करते बेठेरहे तब रीटा सोनु नीराली मनुसभी मीरा काजु लताभाभी सगुके बच्चेको लेकर उनकेसंग खेलती रही
केशर : अबचलो सभीकल जल्द उठनाहे हम् सबको सुभह पांचबजे उधर पुजाके लीये पहोंच जानाहे इतनी पीढीयोसे हम् सबने जीनका वेइट कीया आखीर वोँ दीनकल आही गय़ा अभीसे कीतने लोगदीख रहेहे पता नहीं सुभहहमे चलनेकी जगाह मीलेगीभी
याँ नहीं तौ हम् सभी जल्दचले जायेगे
दिवानजी : रानी साहीबा आप् फीकर नाँ करे हमारे लीयेअलग जानेकी व्यवस्था हेओर सुभहहमे बाबाकहे तबही जानां हे मेरीसभी बाते सुनीलभाइ ओर राघवजीसे हौ गइहे
काका सुनील : (हमारे पासआते) हां बरखुदार पीयुके मीलनेके चकरमे हम् आपको कहेनाही भुलगये आप् सबका स्वागत बेन्डबाजेके संग होगासभी जगाहओर पुरे महेलसे आश्रमके रुट तक पोलीस बंदोबस्त होगया हेओर हमारी सीक्युरीटी भि होगी
मे : क्याँ भाइयह सभी तामजाम करनाठीक रहेगा.?
काका : बेटा यहसभी बाबाके कहेनेपे हुआहे इतने सालोके बाद उत्सव हौ रहा हेतो येसबतो होगाही सभीलोग अेतीयात बरतकेही आँ रहेहे सबको मालुम हेकी क्याँ होगा तौ चीन्ता करनेकी जरुरत नहींहे हम् सबभी सुभह जल्द इधरही आजायेगे
तभी कामेश महेश सबलोग हम् सबके लीये आइसक्रिम लेके आजातेहे तौ साथमे भारतीभाभी कमलाभाभी भि थें आज होटेल फुलथी फीरभी राजनओर राकेश पुरी होटेल सम्हालके बेठेथे तोँ दुसरी ओर माथुरसाहेब रक्षामोसी ओर रीमा सबलोग सुबहही हमे
जोइन्ट करने वालेथे यहबात उनकी सुनीलभाइके संग हौ गइथी अेसेही सभी तैयारीके बारेमे बाते हौ रहीथी फीर सुनील काकाचले गयेओर हम् सबभी सोनेके लीये जानेलगे
आजकोइ संभोग नहींहुआ ओर नाहीकोइ अनुभुती सभी सुभह जल्द उठनेके चकरमे सोनेलगे तब रुपेशभाइ अपने रुममे जाके नीर्मलाभाभीकी जबरदस्त चुदाइ कर रहेथे दोनोही अेक दुसरेको कामुक तरीकेसे प्रेम कर रहेथे तब दुसरी ओर राजु चंदाओर
वीभाको वायाग्रा खाके चुदाइ कर रहाथा
तबआज बबलुओर पीयु बंगलेपे अलग रुममें सोयेथे तब बबलु बडेही प्यासे पीयुकी चुदाइ कर रहथाओर बीच बीचमे दोनो हमारे बारेमे बातेभी कर रहेथे तब नेनु सोनुने आज जबरदस्तीसे काम्याको हमारे रुममें सामील करलीयाथा तब सोनु काम्या मेरेसंग
मुजसे चीपकके सोगइओर हम् सभी सुभह४ बजे तक सोतेरहे
सुभह नेनु केशर देवयानी माया अंजु सोनुसभी दोदो करके नहाने जानेलगी तब काम्या नीराली अलग रुममें नहाने चलीगइ तब लास्टमे मुजे दिवुने जगाया ओर जगाके हसती हुइ दुरभाग गइफीर मेभी नहाके कंपलीट होँ गय़ा तब दिवानजीने मुजे साफा
बांधके राजाकी तराहसजा दीया तोँ दुसरी ओर नेनु अंजु सोजु माया देवयानी यानी मेरीसभी बीवीया रानीकी तराहसजी हुइथी
तब केशरने महेलकी सेवीकाको बच्चोको सम्हालनेकी जीमेम्वारीदी ताकी मीरालता काजुसगु सभी पुजामे सामील होसके क्युकी जीनकोभी मेने पत्नि मानाथा सबका आनां जरुरी थां तब रीमाभाभी ओर रक्षामोसीभी आँ गयेओर हम् सभी होलमे बेठगये
माथुर : (हसते)भाइ बहारतो देखो हजारोकी मेदनी अभीसे आँ गइहेपता नहींसभी केसे सम्हलेगे हमारी पुलीस फोर्सभी कमपड रहीहे सभी सांतीसे मंदिरकी ओरजा रहेहे
मे : भाइसभी सही होजायेगा बस देखते रहीये क्याँ होताहे
तब सुनील काका दोनो काकी तारा सारीका बबलु पीयुसभी आँ गये तौ साथमे राघवजीभी थें तोँ आकेही मुजेसभी जानेकी तैयारीया करनेको कहेने लगेआज हमारी सभी बगीया धोडेके संग सजाके रखी गइथीहमे उनमेही जानाथा ओर साथमे हमारी सभी
कारेभी आने वालीथी उनमेसभी महेमान बेठने वालेथे
तब विमला संजनाकी भाभीया ओर भाइतो देखतेही रेहगये ओर हम् सबकोआज कोइ चाइनास्ता नहीं करनाथा तौ सभी बहारकी ओर जानेलगे तौ बहार हमारे सम सीक्युरीटी घोडेपे सवार होके लाइनमे खडेथे तब सुलक्षणादेवी मंजुकाकीके पासचली गइओर
उनकेसंग आने वालीथी तब दिवानजीका पुरा परीवारभी अहेमदाबादसे आके सीधेही मंदिर चला गयाथा आजसभी सजधजके जच रहेथे ओर हम् बहार जानेलगे
मेरेसंग बगीमे नेनु सोनु अंजु मायाजसु ओर देवयानी थि तौ दुसरी दोनो बगीमे केशर सहीत मेरीसभी बीवीया बेठगइ बाकीसभी कारमे बेठने लगेआज केशरभी मेरी रानी बनकेचज रहीथी आजकी केशरकुछ अलग हि दीख रहीथी ओर हमारा काफीला
नीकलपडा तबढोल नगारे ओर बेन्डके संग हम् बहार नीकलने लगे
तब बहार फटाके फोडेजा रहेथे ओरलोग हमे देखने लाइमे खडे पडापडी कर रहेथे ओर हमारी ओरफुल बरसा रहेथे जीसदीन हम् पहेली बार आयेथे इनसेकही अधिकलोग आगयेथे तब नेनु सोनुतो देखतेही आंसु नहींरोक पाइ दोनोने मेरीओर देखके आंख
गीली करलीतब मे सिर्फ मुस्कुरा रहाथा तब अंजुभी सभी देखती हि रेहगइ
सोनु : भाइ क्याँ यही लम्हा थां जीनके उदेस्यसे हमारा जन्महुआ हे.?
मे : हां सोनुइसी पलके लीयेआज मेरी दोनो बहेने मेरी पत्नि हेआजहमे वोँ कार्य करनाहे जीनके उदेस्यसे हम् सबका जन्महुआ हेजब हम् पैदा हुअेथे तबहमे पताही नहीथाकी हमारे हाथोसे अेसा कार्य होगाओर हम् अेक विरासतके राजा होगे
नेनु : भाइ जोभी होँ.आज हम् दोनो बहेने आपकी रानी बनके बहुतही गौवरांतीत महेसुस कररहे हेबसयही प्रार्थना हेकीअब हर जन्ममे आपही हमारे पती होँ
अेसेही बाते करते हम् सबका अभीवाद करते आश्रमकी ओरबढ रहेथे तबलोग हमारे नीकलतेही महादेवकी ओर हमारी जयघोस करतेरहे ओर हमपे फुलोकी बारीस करतेरहे अेसेही ढोल नगारे बेन्डके संग हम् सभी आश्रमके नजदीक पहोंच गगेतब बीचमे
सीअेमका काफला ओर उनकेसभी मंत्री मंडलओर कुछओर राज्यके सीअेमभी हमारे संग सामील होँ गये सबके लीये सुनीलभाइने हमारे महेलमेही व्यवस्था करदी थि
वोँ बात मुजे बादमे पताचली क्युकी आने वाले खतरेसे सबको बचाना उनकी प्राथमीक्ता थि ओर अेसेही हम् सभी गाजे बाजेके संग आश्रममे पहोंच गयेतब बाबाने आश्रमके परीसरमेही हवनका कार्य रखाथा जहा मुजे मेरी तीनो रानीओके संग हवनमे बेठना थां
तब मेरीसभी बीया साथमे रहेने वालीथी फीर हम् सभी मंदिरमे जाने वालेथे
वहाभी पुजा करके शीवलींग स्थनपीत करनीथी फीर उनका अभीसेक करनाथा फीर सबके लीये भोजनका प्रबंध थां इसीबार सुनीलभाइ ओर बाबाकी सुचनासे कुछ जगाह पुलीस वाले खाली करवा रहेथे जहा खतराथा लोगोको यह नहीं मालुमथाकी पुलीस वालेयह
जगाह क्यु खाली करवारहे हे पुरा प्रसासन कामपे लगा हुआथा
हमे सीधे हवनकी जगाह लेजाया गय़ा वहा सुरक्षाके कडे इन्तजाम थें कोइभी अंदर नहीं आँ सकतेथे सभी दुरसेही हमेदेख रहेथे वहा सीर्फ हमारे महेमान ओरसभी मंत्री सीअेमके लीयेही बेठनेकी व्यवस्थाथी तब सरकारी चेनल वाले पुरा कार्यक्रम लाइव दीखा रहेथे
जौ पुरे भारतमे उनका लाइव प्रसारण चल रहाथा ओरकुछ पांइवेट चेनल वालेभी थें
फीर मे नेनु सोनुओर अंजु हवनके लीयेबेठ गयेतब पीछे मेरीसभी बीवीया सहीतसभी लेडीसको बीठा दीयाओर सभी हमारे संग हवनमे सामील होगइतब पु.दादाने हवन कार्य सुरु कीयातब देवयानी उनकोही देख रहीथी ओरबार बार गीलीआंख करलेतीथी
ओर कार्य सुरु होँ गय़ा वहा हम् सबने आहुतीया डालीफीर कार्य संपनहुआ ओर बाबाने सीर्फ हमेही मंदिरमे जानेकी सुचना देदीतब आकासमे बादल गरजने लगे तोँ लोग अचानक वातावरणमे परीवर्तनसे आस्चर्यसे देखने लगे
तब पु दादाने हम् सबको जटसे चलनेको कहाओर हम् सभी मंदिरकी ओर जानेलगे तब मंदिर अेसादीख रहाथा मानो पुरे गोबरसे बनाया गय़ा होँ सभी मारबलपे गोबरलगा हुआथा लेकीन उनका रीजन कीसीको नहीं पताथा उनकोसभी अेक सामान्य मंदिरकी
तराहही देख रहेथे कीसीको नहीं पताथाकी उनकी स्पेसीयालीटी क्याँ हे
वहा मंदिरके परीसरमे कीसीको आनेकी इजाजत नहीथी जेसे जेसे हम् मंदिरकी ओर बढनेलगे अेसेही काले बादल मंदिरके उपर छानेलगे ओर बादल गरजनेके संग बीजलीया चमकने लगीओर हम् मंदिरके परीसरमे आगयेतब बारीस गीरने लगीतभी बाबाभी
सुनीलको सुचना देके मंदिरमे आगये
सभी पुलीस वाले माइकमे लोगोको सुरक्षीत जगाह जानेको कहेने लगेतब अधिकतर देहात वालोको सरपंचोने आगाह करदीयाथा तौ सभी फटाफट सुरक्षीत जगाह जानेलगे तब माथुर साहेबभी सभी सीअेम ओर मंत्रीके काफीलोको लेके महेलमे जानेलगे तब उनके
सभी सीअेम मंत्रीभी आस्चर्यसे माथुरकी ओरदेख रहेथेकी सभी क्याँ होँ रहाहे तब माथुरने सबको जटसे जानेकी सुचना देदीओर खुदभी सबकेसंग जानेलगे
सभी सरपंचो ओर बाबाकी अेडवांस सुचनाकी वजहसे अफरा तफरीके माहोलसे बच गयेथे सभीलोग सुरक्षीत जगाह पहोंच गयेतब धर्मशाला भोजनशाला हमारी सभी स्कुल कोलेज होस्पीटल महेलसभी जगाह जीनको जहा नजदीक पड रहाथा सभीवहा चलेगये तब
हमभी मंदिरके परीसरमे पहोंच गयेतब जोरोकी बारीस होनेलगी
ओर साथमे बीजलीया कडाकेके संग गीरने लगीओर यहसभी सीर्फ मंदिर परीसरके आसपासही होँ रहाथा बाकी हमारे महेलके पासकुछ हल्की बारीसही हौ रहीथी तोँ वहासभी मंत्री टेलीविज़न पऱ सभी लाइव देखने लगेओर अपने अपने धरपे मोबाइल करतेरहे कि कही
वहाभीतो अेसा नहीं होँ रहा कीसीको कुछ समजमेही नहीं आँ रहाथा
ओर हम् मंदिरमे आँ गयेआज मेने पहेली बार मंदिरमे पाव रखाथा ओर मेरीसभी बीवीया ओर जीतनीभी मेरी बीवीया हुइथी याँ होने वालीथी सभी हमारे संग सामील थि उनमे तारा सारीका रीमा रक्षामोसी काकी मंजुकाकी सुलक्षणादेवी ओर कमला भारतीभी
सामील थि पु.दादाजी मुजे नेनु सोनुओर अंजुको फटाफट बीठाके पुजा कराने लगे
बाकीकी मेरीसभी बीवीया ओर दुसरी ओरते जीसमे विमला संजनाभी सामीलथे सभी नेनु अंजुओर सोनुको हाथसे टच करके उनके पीछेही बेठगइ ओर पुजा आरंभ होँ गइतब जोरोसे बादलओर बीजलीओकी आवाजके संग बीजलीया मंदिरके परीसरमे गीरने
लगीतब मेरा ध्यान मात्र पुजामे थां तब माया देवयानी सीर्फ मुजेही देख रहीथी
तभी बाबाने शीलींगपे जौ कपडेसे ढकीथी वोँ कपडा हटाया ओर मेने पहेली बार शीवलींगको देखाओर हम् सबकीआंख नीली होगइओर हमेखडे होनेको कहाओर बाकीके सबको नेनु सोनुओर अंजुको हाथ लगानेको कहाओर बाबाने मुजे शीवलींग उठानेका
आदेश दीयातब जोरोसे बीजलीकी आवाज़ आइओर बादलफट गय़ा
तब मेने नेनुने ओर अंजुने शीवलींगको हाथ लगाया तब वोँ फुलकी माफक होगइओर हमने आरामसे उसे मंदिरके बीचमे स्थापीत करदीया तबतकतो बादल फटकेसभी पानी मंदिरके उपरगीर गय़ा ओर पुरा गोबर भीगोके बहा दीया तबतक हमनेभी शीवलींगको
रख दीयाथा शीवलींग रखतेही अचानक सभी सांत होनेलगा
ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे करते बारीसभी रुकने लगी तबतकतो पुरा इलाका पानी पानी होँ गय़ा ओरआजु बाजुसभी बहेने लगाओर पानी मंदिरके अंदर आगयाओर शीवलींगको भीगोने लगातब हम् सबभीअेक तरफ होँ गयेओर पु.दादाजी पानी नीकालने लगे अेसेही धीरे-धीरे
धीरे-धीरे करते पानी बहार नीकलने लगाओर हमने बहार देखातो सैलाब बेह रहाथा
तब दादाने खडे खडेही हमसे अभीसेक करवाया ओरसभी पुजाखडे खडेही संपन करवाइ तब वोँ मंदिरकी घजा लेकर बहारचले गयेओर हम् कुछकहे इससे पहेलेही वोँ स्वयं धजा लगाने उपर चडनेलगे ओर पीछेसे सीडीयोसे होकर मंदिरके गुंबजपे चलेगये फीर
वहा उसनेधजा फरकाइ ओर नीचेआने लगेतब देवयानी जटसे बहार नीकलगइ
ओर दादाको ध्यानसे नीचे आनेकी सुचना नीचेखडी रहेके देनेलगी तब दादाने उनकीओर देखा तौ उसने देवयानीको पुराने रुपमे पायाओर दादाजी उनको देखतेही रेहगये ओर देखनेके चकरमे नाजाने कब उनकापैर फीसल गय़ा ओर सीधे पानीके सैलाबमे जाके
गीरेतब देवीके मुहसे चीख नीकलगइ ओर उनको बचाने पानीमे कुदपडी तब मेभीकुछ सोचे समजे दोडके पानीमे कुद गय़ा
तब देवीने मुजे पकडलीया ओर हम् दादाको बचानेकी कोसीस करनेलगे तबतक दादाजी पानीमे बहेते हमसेकही दुरचले गयेओर मे देवीको पकडके वापस मंदिरके परीसरकी ओरआने लगातब राघवजी ओरकुछ सरपंचोने हमेरसी डालके बचालीया पऱ वोँ लोग
दादाको नहींबचा पायेतब कुछ सरपंच दादाकी ओरदोड पडेवहा वोँ बहेके चले गयेथे
तबतक पानीभी बहुतउतर चुकाथा तब बाबाने हम् सबको दर्शन करनेको कहाओर हम् सबनेवही खडे रहेके दर्शन कीये जबतक पानी नहीं उतरता तबतक हममेसे कोइ मंदिरके परीसरसे बहार नहीं नीकल सकतेथे ओरहमे वेइट करनापडा तब थोडीही देरमे
सभी पानी बहेके चला गय़ा
ओर हम् सभी आश्रमकी ओर जानेलगे तबदो सरपंच दोडके आयेओर सुचना दि कि दादाजी गोशालामे फसेमील गयेहे तोँ मे ओर देवयानी गौशालाकी ओरदोड पडे देखातो दादाको कुछलोग आश्रमकी ओर उठाके लेजारहेथे तौ हमभीसंग चलते आश्रममे आँ
गयेओर दादाको वहीअेक खटीयापे लीटाया तब बाबाभी आँ गये
तब देवयानी उनकाहाथ पकडके सरके पासही बेठगइ ओर मेभी उनकेसंग दादाके सरपेहाथ रखकेबेठ गय़ा तब दादाने धीरेसे ओंख खोलदी तब उनको देवीने अपना प्राचीन रुप दीखादीया तब दादाके मुहसे धीरेसे स्माइल आँ गइओर उन्होने देवीसे हाथ
जोडलीया तब देवीने उनकाहाथ पकडलीया तौ दादाने वोँ हाथ मुजे सोंपदीया ओर अेसेही अपनेहाथ जोडलीये ओर हमारी ओर देखतेही रहे
वोँ अबहील नहीं रहेथे तब बाबाने उनकी हाथकी नब्ज पकडली ओरचेक करनेलगे फीरहाथ छोडके बाबाने उनकी दोनो आंखोपे हाथ फेरके आंखबंध करदीतब हम् समज गयेकी दादाजी अब नहींरहे तब देवीकी आंखसे आंसु नीकलने लगेतब बबलुओर
मालीनी मंदाकीनी सभी दोडके आँ गयेओर हमे आंसु बहाते देखातो सभीसमज गइ
बाबा : बेटा इनके पीछेकोइ आंसु नहीं बहायेगे उनका जानां नीस्चीत थां वोँ उनकोभी पताथा बसअब उनकी अंतीम वीधीकी तैयारीया करोहमे उनको सामको यही अग्नी संस्कार करनाहे
मे : बाबा मे इनको अभि महेलमे लेजा रहाहु ताकीयहा सभी भोेजन वगैरे संम्पन होजाये
बाबा : बेटा इनकोयही गौशाला मेही अंतीम संस्कार करनाहे अबयहा कीसीको आने नहीं देगे बहारही सभी भोजन वगैरे चलता रहेगा इनको वहीसे वीदा करेगे
मे : ठीकहे बाबाअब हम् सभीयही हेयही सभी वीधीया संपन करतेहे
सुनील : भाइ आप् सभी अंदर बेठो हम् सभी तैयारीया करतेहे बहारसभी सरपंचो सम्हाल लेगे आप् सबको लेके अंदरचले जाओ
बाबा : हां बेटा सबको लेकेबेठ मे अभि आताहु बहुतही पवीत्र आत्मा गय़ा हेआज हम् सबको उनके पीछे उपवास करनाहे चलो आजाओसभी अंदर बेठो
फीर मे ओरसभी लेडीज बाबाके बेठनेकी जगाह जाकेबेठ गयेतब मंदाकीनी मालीन देवीसे लीपटके रो रहीथी तब नेनु केशरने सबको सम्हाला तब बबलुभी अेकतरफ खडा रहेके रो रहाथा तब सुनील इनको मेरेपास लेके आगया तोँ मेने पासमे बीठादीया तौ
मुजसे लीपटके रोनेलगा तब मेरीभी आंख गीली होगइ
आज मेनेअेक अेसी व्यक्तीको खोयाथा जौ हमारे दुखकी घडीमे हम् सबको सम्हालाथा ओरआजवही सभी उल्टा होगया तब मुजे इनके बेटेको सम्हालनाथा तब बाबाभी हम् सबकेपास आके अपनी जगाहबेठ गयेओर सबको कहेने लगे
बाबा : इनकाआज जानां तैयथा मेरेमना करनेके बावजुदभी वोँ उपरधजा लगाने चलेगये क्युकी उनकोभी सभी मालुमथा वोँ आजही मोक्ष पाना चाहताथा तौ हम् उनको नहींरोक सकतेथे माइ तुनेभी अपनीजान जोखीममे डाली वोँ इतने सैलाबमे तेरेहाथ
थोडीआने वालेथे अच्छा हुआ महाराजने तुजेबचा लीया वरना क्याँ होता.?
देवयानी : माफ करना बाबा हमारा प्राचीन रुणानुबंध थां तौ मे अपने आपकोरोक नहींपाइ मुजेभी पताथा हमारा मीलन होतेही वोँ चले जायेगे ओरवही हुआ.
बाबा : माइसभी वीधीके वीधान हे जोँ होने वालाहे हम् उसेरोक नहीं सकतेओर यहबात आपसे बहेतर कोनजान सकताहे अब आपकोही सबको सम्हालना हे
देवयानी : जी बाबासभी वही हौ रहाहे जौ होने वाला थां मुजेकोइ दुख नहींहे
बाबा : साबास माइबस अेसेही हीमत रखके सबको सम्हालीये सभी आपहीकी संतान हे
देवयानी : बाबा इनकीअेक आखरी इच्छाथी जोँ हमे पुरी करनीहे
बाबा : हांपता हेसभी वोही होगा जौ आप् चाहती हे हम् वही करेगे
फीर सुनीलभाइ काकासभी तैयारीया करनेलगे ओर बहार बहोत कम लोगोको मालुमथाकी दादाजी नहींरहे तोँ सभी भोजनकी ओर जानेलगे ओरवहा बडे पेमानेमे भोजन हौ रहाथा तब केशरके कहेनेपे दिवानजीने सभी सीअेम ओर मंत्रीओके लीये महेल मेही
भोजनका प्रबंध करवा दीयाथा तौ इधरभी सभी तैयारीया हौ चुकीथी
फीर बाबाको गौशालामे लेँ गयेतब मेने बबलुने सुनील ओर काकाने कंधा दीयाफीर वहा बाबाने कुछ वीधी करवाइ ओर देवयानीने मुजे मुखाग्नी देनेको कहातब मेने बबलुकी ओर देखातो अेक बाजुखडे रहेके रो रहाथा तब मेने उनकोभी बुलाया ओर हम्
दोनोने मीलके दादाको मुखाग्नी देदीतब उनकी चीता जलनेलगी
तब मेरीसभी बीवीयाभी बाबाने दि हुइ आहुती डालने लगीफीर सभीहाथ जोडके खडीरही तब मालीनी मंदाकीनी ओर पीयु साथमे खडे रहेके आंसुबहा रहीथी तौ नेनुओर सोनुने उन तीनोको आंसु बहानेको मना करदीया ओर अेसेही दादाकी हमने वीदाइ करदी
फीर उनकेफुल इक्ठे कीये जौ बाबाने अेक जगाह रखवा दीये
फीर हम् सभी वापस आश्रममे आगये तबतकशाम चार बजनेको आयेथे तबतक बहारभी हजारो लोगोका भोजन कार्यक्रम संपन होनेको आयाथा तब महेलमेभी सभी सीअेम मंत्रीओ भोजनके बादचले गयेथे आज प्रतीष्ठाके आनंदका दीनभी थां ओर दादाके जानेका
दुखभी थां हम् सभी अेसेही थोडीदेर खामोस बेठेरहे
आज हमारे संग सुनील तारा सारीका काकाओर दोनो काकीयाभी हमारे संग आँ गइथीतब दुसरी ओर मालीनी मंदाकीनी अभीभी रुक रुकके आंसुबहा रहीथी तब
देवयानी : सुनो बेटा जौ होनाथा वोँ सभी पहेलेसेही तैय थां नाँ हम् उसेरोक सकतेथे ओर नाहीकोइ ओर बाबा खुदभी उनकोरोक नहींसके तौ फीर दुखी होके क्याँ फायदा अगरआज वोँ नाँ जाते तोँ पता नहीं उनको कीतनी बार जन्म लेना पडता
माया : ठीककहा दिदी आपनेहमे उनको जानेका दुखसे नहीं खुसीसे स्वागत करना चाहीये ताकी वोँ आत्मा हमसे खुसी खुसी वीदा लेसके हमे रोके उनको रोकना नहींहे
काका : चलोठीक हे वेसेभी आज हजारो लोग आयेथे कीसीको पताही नहीहेकी क्याँ हुआइस अवसरकी लोग कीतनी पीढीयोसे राहदेख रहेथे जोँ आज वोँ कार्य संपनहुआ
महेश : (कृणाल नीरजके संगआते) जीजु क्याँ मंदिर लगरहा हेलोग अभीभी वहाडटे हुअेहे बारीसमे सभी गोबरसाफ हौ गय़ा तोँ मंदिरका कलर चेन्ज हौ रहाहे अभि संध्याके वक्त पुरा मंदिर गोल्डा लग रहाहे जेसे जेसे सुरजकी रोसनी कम होतीहे अेसे
अेसेही उनकाकलर चेन्ज होताहे सभीयही देख रहेहे ओर अंदरभी सभीचमक रहाहे
मे : महेशयह सभी मेरी रीटाओर दिव्याका कमालहे जब तक यह मंदिर रहेगा उनकेसंग यह दोनोका नाम जुडा रहेगा अब मंदिरके संग हमारे परीवारकी कहानीभी लोगोके जुबापे आती रहेगी ओर इनमे रीटाओर दिवुका नामभी लोगोकी जुबानपे सुननेको मीलेगा
तब रीटाओर दिवु दोनोही खुस होगइओर सभीउन दोनोको बधाइ देनेलगे ओर सबनेकल मंदिर देखने जानेका डीसाइड कीया क्युकी दादाके हादसेकी वजहसे हममेसे कीसीका उनपर ध्यानही नहीं दीयाथा ओर सुबहही सबने जानेका तैय कीयातब पीयुसभी
ध्यानसे सबकी बातेसुन रहीथी ओर वोँ हसके रीटाके पासचली गइ
पीयु : (धीरेसे) रीटुदी क्याँ मंदिरका मारबल आपने सीलेक्ट कीयाहे.?
रीटा : (हसते)हां बीटु मेनेओर दिवुदीने सीलेक्ट कीयाहे मंदिरका पुरा प्लान दिवुदीने ओरसभी मटीरीयल ओर इन्टीरीयल मेने सीलेक्ट कीयाहे
पीयु : वाव.दिदी मेने मंदिर बहारसे देखा तौ गोबरलगा हुआथा अेसा क्यु.?
रीटा : बेबी वोँ इसलीयेकी अेसेही रखतेतो लोग तबसेही देखनेको आने लगतेओर हमे काममे डीस्टर्ब होता इसीलीये अेसा कीयाथा मुजे क्याँ पताकी गोबरसाफ करनेमे स्वयं इेशरही हमारी सहायता करता कीतना डरावनाथा वोँ सभी पुरा बादल फटके मंदिरपेही गीरा
मे : बीटु वोँ सभी होनेही वाला थां वरना हम् ईतना गोबर केसेसाफ करते सोचो कीतना समय लगताहमे अेकअेक कोनासाफ करना पडताओर सभी अेसेही साफ होँ गय़ा
बबलु : भाइ जोभीहुआ अबइस मंदिरके संग हमारे पापाका नामभी जुड गय़ा ओर
देखो बाबाने उनको गौशालामे हि अग्नी संस्कार करदीया वोँ कीतनी प्रवीत्र जगाह होती
हे हमारे पापाकी यादेअब हमेसाके लीये मंदिरके संगजुड गइहे
देवयानी : बेटा तेरे पापने कुरबानीही दीहे वरनापता नहीं कीतने लोगोकी जान जोखीम मेथीओर यहबात उनकोभी पता थि ओर हमेभी पता थि तेरेभाइ सभीकुछ जानतेथे ओर मे मायादी नेनुदी जसुदी सभी जानतेथे क्याँ होने वालाहे इसे हमभीकोइ नहींरोक
सकतेथे तोँ अबसभी भुलजाओ इस बातको ओर मंदिरकी खुसीया मनाओ
केशर : साबास देवीबस हम् सभीयही सुनना चाहतेथे तेरी हीमतही हमारा गौरवहे
मंदाकीनी : हां दादीमा माँ बहंतही स्टड्ढोंग हेओरअब हमेभी इनकी कुरबानीपे गौरवहे
अेसेही बाते करतेहस सभी बेठेरहे आज पुरेदीन कीसीने कुछ नहीं खायाथा ओर नाही कीसीका खानेका मुड थां रुपेशभाइ कृणाल नीरज उनके दोनो साले सहलजयह सभी देखकेतो सोक्टही होँ गयेथे उनलोगोने इतनी पब्लीक कभी नहीं देखीथी ओरसभी हमारे
साथही थें तोँ कीसीको कोइ प्रोबलेमभी नहीं हुइथी सभी हमेही देखते हमारी सभी बातेसुन रहेथे तब जाके उनकोपता चलाकी हम् कोनहे
काका : चलोभाइ अब सोना नहीहे क्याँ.? सभी सुभह४ बजे उठेहे मेतोथक गय़ा हु
फीर हम् सभी सुभह सुरज जीकलनेसे पहेले मंदिर जानेका तैय करके सोनेचले गयेआज सभी थकके जल्द सोनेके मुडमे थि तब मंदाकीनी ओर सोनु मुजसे चीपकके सोनेलगी सोनुतो सोतेही नींदमे चलीगइ तब मुजेलगा कीसीने मेरा लन्ड मुठीमे पकडलीया
ओर मेने देखातो मंदाकीनीथी जोँ लन्ड पकडके अपनी चुतमे घुसा रहीथी
मे : (धीरेसे) बेबी क्याँ कर रहीहे सोना नहींहे क्याँ.?
मंदाकीनी : (धीरेसे मेरीओर मुह करते)भाइ कुछ नहीं पुरीरात इसे अंदर रखोनां मुजे नेनुभाभीकी तराह सोनाहे अंदर डालके मुजसे चीपकजाओ.
फीर मंदाकीनीने चुतमे लंडको घुसादीया तौ मेने अेकही घकेमे पुरा लन्ड चुतमे उतार दीया तोँ मुहसे अहह नीकलगइ ओर हसनेलगी फीर मेने बुब्स पकडके बाहोमे भरलीया
मंदाकीनी : बसभाइ अेसेही मुजे बाहोमे लेके सुभह तक रखना बहोत आनंदआता हे
तबआज काकासो गयेथे तब रुपेशभाइ नीर्मलाभाभीको चोद रहेथे ओर वोहीहाल कृणालकाथा वोभी विमलाको चोद रहथातब बाजुके उनके दोनो सालेभी अपनी वाइफके उपर चडके कमरको जटकेदे रहेथे तब संजनाने नीरजको थकानका एक्सक्यूज़ बनाके छुने
नहीं दीयातब दुसरी ओर अजयभी कजरीको जमकेचोद रहाथा
तबइधर पीयु बबलुके उपर सवारथी वोँ बबलुकी कमरपे बबलुका लन्ड अपनी चुतमे घुसाके धीरे-धीरे धीरे-धीरे उछल रहीथी जबजडगइ तब बबलुके सीनेपे सर रखके उनकेबाल सहेला रहीथी तब बबलुभी प्यारसे उनकासर सहेला रहाथा ओर दोनो बाते करनेलगे
पीयु : जानु मुजे भाइकी पुरी किस्सा सुननी हे वोँ लोगकोन हे.? जोँ आजके जमानेमे इम्पोसीबल हे जोँ कार्य आज कीयाहे वोँ इम्पोसीबल हे जोँ सीर्फ उन चारोने कीयाहे तब मेभी अंदर उनके पासही खडीथी ओर माँ ओर मामाकी सादीके बारेमे जानना हे
बबलु : बेबी वोँ सबतोभाइ याँ फीर नेनुभाभी सोनुभाभीही बता सकतेहे
पीयु : तोँ फीरठीक हे मे कल सोनुभाभीसेही सभीजान लुगी मेरीओर रीटादीकी उनसेखुब पटतीहे, जानु मे कुछदीन यहा मम्मीके पास रुकना चाहती हु
बबलु : हांकोइ बात नहीं मे भाइसे बात करलुगा तुफीर उनके साथही चले आनां
अेसेही बाते करते दोनोइस पोजीसनमेही सोगये तब पीयु अेकदम मासुम लग रहीथी तब बबलुकी उनको देखकेही आंख गीली होगइओर मनहीमन पीयुको खुब प्रेम देनेकी ठानली वोँ पीयुको कभी नहीं छोडेगा उनका सारागम भुला देगायही सभी सोचते
उनकीभी आंखलग गइओर हम् सभी सुभह४ बजे तक सोतेरहे
आजभीसभी जल्दउठ गयेओर सभी फटाफट रेडी होनेलगे तब लास्टमे नेनुने मुजे जगाया ओर मेभी नहाके सजधजकर होगया तब मेरीसभी बीवीया हमारे रुममे आगइतब आज काम्याभी थि साथमेथी तोँ मेरीओर देखके हसनेलगी फीर मेने सबकी मांग भरदी
सभी मेरे पांव छुनेलगी ओर हम् सभी बहार जानेलगे तब काका सुनील बबलु नीरज कृणाल दुसयंत सभी तैयार होकेचाइ नास्ता कर रहेथे तौ हमची चाइनास्ता करनेलगे
फीर हम् सभी कारे लेके मंदिरकी ओर नीकलगये ओर हमनेवहा जाके देखातो सभीदंग रेहगये क्युकी करीब-करीब दो हजारके आसपास लोग इकठे हौ गयेथे वोँ सबभी सुरजकी पहेली कीरनपे मंदिर कोनसा कलर पकडता हे वोँ देखने आयेथे तबकुछ मीडीया
वालेभी सभीकवर करने आयेथे जीसे देखके रीटाओर दिवु बहुतही खुस होगइ
ओर जेसेही सुरजकी पहेली कीरन मंदिरके उपरपडी तब पुरा मंदिर मानो सोनेका होँ अेसे गोल्डन कलरमे चमकने लगाओर अंदरभी हीरे कि वजहसे पुरा मंदिर रोसनीसे दमकने लगातब लोग हर्षोलास करनेलगे ओर मीडीया सभीकवर करनेलगा तब नेनुने
अंदर दर्शन करनेकी बातकी तोँ हम् सभीचले गयेतब जाके लोगोका ध्यान पडा
कि हमभी देखने आयेथे तोँ लोग हमारे पीछेदोड पडेओर हम् मंदिरमे चलेगये तब मीडीयावालेभी दोडके आगयेओर हमे दर्शन करतेसुट करनेलगे तब मेने नेनुने सोनु अंजुफीर सबने बारी बारी मेरेसंग दर्शन कीयातब बहोत भीड बढनेलगी ओरसभी
मुजसे हाथ मीलने लगेओर हमारे संग सेल्फी लेनेलगे ओर हम् सभी भागके कारमे बेठगये तब सुनील ओर काका ठहाके मारके हसनेलगे फीर हम् सभी आश्रममे आँ गये
बाबा : आँ गये बरखुदार करलीये दर्शन हैं.हैं.हैं.
मे : (हसते) हां.बाबा करलीये दर्शन.बडी मुस्कीलसे छुटके आयाहु अभीसे कीतने लोग मंदिर देखने आयेहे पुरा मेदान भराहे हैं.हैं.हैं.
बाबा : (हसते)यह सभी मेरीयह दोनो बेटीकी वजहसे मुमकीन हुआहे सभी उनके बदलते कलर देखने आयेहे बसयही खुबीया दोनोको कहासे कहा तक पहोंचा देगी पताही नहीं चलेगा (देवीकी ओर देखते) माइ केसी हौ.नींदतो आगइथीनां.
देवयानी : हां बाबाआज अेसा लगताहे आज सोनेका सुरज नीकलके आयाहे
बाबा : हांबस अबतो हरदीन यही होगा मेरीयह दोनो बेटीओने ओर सुनीलने बहोत महेनत कीहे (दिवुओर रीटाको) बेटी मांगले आज तेरायह बुढाबाबा तुजे आशीर्वाद देरहा हे तेरीहर मनकी मुराद पुरी होजाये बोलअब क्याँ चाहीये
दिवु : बस बाबाकुछ नहीं चाहीये आपकीओर इेशरकी कृपा हमेसा हम् सबपेबनी रहे
रीटा : बाबाहां हमेयही चाहीये बस अेकही तमनाहे अबहर जन्ममे हमेयही पतीके रुपमे मीले अेसी हमारी कामना हेबसओर कुछ नहीं चाहीये
बाबा : (हसते)ठीक हे बेटा मेरा आशीर्वाद हेयही होगा (देवयानीको) माइबस जल्दसे जल्द मेरी दोनो बेटीओकी ख़्वाहिश पुरी करदो
देवयानी : (हसते)जी बाबा.बस दोकाकाम ओर करनाहे सबका होँ जायेगा
बाबा : (पीयुको) क्याँ यह सुनीलकी बेटी हेनां.? बेटी कुछदीन इधरही रुकजा.
सुनील : हां बाबायह मेरी बेटी हेओर हमारे दादाकी बेटेके संग सादी करलीहे यहीहे हमारे जमाइ बबलु जौ महाराजका आइसक्रिमका बीजनेस सम्हालता हे हैं.हैं.हैं.
बाबा : (जोरोसे हसते)हां यहसही कहा तुने.महाराज.हैं.हैं.हैं.
मे : क्याँ बाबा सुभह.सुबहही.अब काहेका महाराज.हैं.हैं.हैं.
बाबा : नहीं बेटा हमतो मजाककर रहेहे पऱ सुनयह सुनीलकी बेटी लक्ष्मी बनके आइहेइस लडकेकी जींदगी बदल जायेगी.
कहातो पीयु सरमाके बबलुकी ओर देखके हसनेलगी फीर बाबासे सभी खुलके बाते करनेलगे ओर बाबाभी सबको जवाब देतेरहे तब मे ओर काका सुनीलभाइ गौशालाकी ओरचले गयेतब सुनीलभाइने पु.दादाकी अस्थीके बारेमे बात कि तब मे बबलुओर
देवयानी पीयु मालीनी ओर मंदाकीनीको लेकर कलही हरद्वार जानेका फैसला करलीया फीर हम् सभी महेलमे वापस आगये
आतेही मेने जानेकी जानकारी देदीतब नेनुने सोनुको संग लेजानेकी बात कहीतो सोनुखुस होगइतब नीरज कृणाल उनके दोनो साले सबने दोपहरको जानेकी बातकही तौ अजयभी सबकेसंग चलेजानेको सजधजकर होँ गय़ा तब काका उनके सामनेभी नहींदेख
रहेथे तोँ दुसयंत महेशभी बहुत दीनोसे इधर थातो वोभी जानां चाहता थां
महेश : जीजुवहा अभि कोइ नहींओर बबलुभी आपकेसंग आँ रहा हेतोवहा जानां जरुरी हे बंगलो ओर फेक्टरी अेसेही हेफीर बबलुकाम खतम होकेही आजायेगा
बबलु : भाइ मे हरद्वारसे सीधेही उधर आजाउगा क्युकी पीयुकुछ दीनइधर रुकने वालीहे फीर वोँ सीमाभाभी सभी साथमे चले आयेगे
सीमा : हां वोँ हमारे संग आजायेगी अबयहा सभीकाम खतम होँ गय़ा हे
अेसेही सभी प्राग्राम तैय करके हम् सभी लञ्च करनेबेठ गयेओर वहाभी खानां खातेयही चर्चा कर रहेथे तब पीयु सोनुके संगकुछ बातेकर रहीथी फीर खानां खाकेसभी जानेकी तैयारीया करनेलगे कृणाल विमला नीरज संजना फीर उनके दोनो भाइभाभी फीर
दुसयंत महेशअजय मुनी कजरीसभी महेमान जानेको सजधजकर होँ गये
ओर सभीहमे गले मीलने लगेतब संजनाकी दोनो भाभीने मुजे कसकेगले लगाया ओर धीरेसे घऱ आनेकी बातकही फीर दोनो हसनेलगी तब संजना ओर विमलाभी मुजे मीलनेको कहेके नीकलगइ ओर सबको हमारी वाहन अेयरपोर्ट छोडके आँ गइतब अंजुने
मेरी सोनु देवी मालीनी मंदाकीनी बबलु पीयुकी टीकीट बुक करली
तब मे मीरा लताभाभीके रुममे चला गय़ा तौ मीराने दरवाजा बंध करके आनेको कहा तोँ मेने दरवाजा बंध करदीया ओर मीराके पासचला गयातो वोँ बेडपे बेठके हमारे बच्चको दुध पीला रहीथी ओर मेरे सामने देखके हस रहीथी तब लताभाभीभी अपने बच्चेको
दुध पीलाने लगीतब मेने मीराकी गोदमे सर रखदीया ओर उनका दुसरा बुब्स खालीथा वहामुह लगादीया तौ दोनोही हसनेलगी ओर मे भि दुध पीनेलगा
मीरा : (हसते)अरे मेरा बेबी., हैं.हैं.हैं.आप् बीलकुल अपने बच्चे जेसेहे
मे : (फीर उठते मीराको बाहोमे भरते)हां बेबीअब बोल केसालग रहाहे आपको.?
मीरा : (गीलीआंख करते) थेन्कयु बाबु आपनेतो मेरी जींदगी हरीभरी करदी मेनेतो कभी कल्पनाही नहीं कीथीकी मेभीकभी बच्चे पैदा करुगी.ओर आपनेसभी मुमकीन करदीया आइलवयु सो मच.मु.हां.
लताभाभी : हांराज आइलवयु अभि दुसयंत मीलके गय़ा वोँ कीतना खुस थां
मे : ठीकहे आप् इनकोदुध पीलाओ मे मेरी दुसरी बीवीओको मीलके आताहु देखुतो सही दोनो क्याँ कररही हे वोभी बच्चोको दुध पीलाती होगी.
मीरा : जानुअब धाराका समय हौ गय़ा हेहमे कीसीभी वकत उनको लेकर जानां पडेगा आप् इधरही रहीयेगा कहीमत जानां
मे : बेबी हमनेकल दादाके अस्थी वीसर्जनके लीये जानां हे सामको वापस आजायेगे
मीरा : ठीक हेतोफीर काका याँ सुनीलभाइको सभी कहेके जानां
मे : हां बेबी फीकरमत करो भावुओर काम्याको सभी पताही हेओर वेसेभी रुपेशभाइ हे
मीरा : जानु वोँ काम्यासेभी आपने सादी करलीहे उनकाभी मेरे जेसाही इस्युथा तौ बेचारीका काम करदेना वोँ बहुतही अच्छी लडकीहे
मे : (धीरेसे) बेबीकाम करदीया.सि इस प्रेगनेन्ट कुछही दीनोमे वोभीखुस खबरी सुनायेगी
मीरा : (खुसीसे हसते)सच.? तबतो अच्छा हे बाबा उनकीभी जींदगी सवर जायेगी
लता : (हसते) दिदी पता नहीं केसा हथीयार हे इनका सबको अेकही बारमे पेटसे कर देतेहे बस बाबु अेसेही हम् सबका खयाल रखीयेगा। हैं.हैं.हैं.
फीर मे काजुओर सगुके पासचला गयातो दोनोही लेटके अपने बच्चोको दुध पीलातीथी तोँ मुजे देखतेही सरमाके हसनेलगी फीर दोनोके बुब्सके संग खेलके उनकोफीर बच्चेको प्रेम दीयातब काम्या हमारे रुममें आँ गइआके दोनोको चेक कीयाफीर मेरा
हाथ पकडके बहार जानेलगी ओर सीधेही दोनो उनके दुसरे रुममे चलेगये
काम्या : जानुचलो दरवाजा बंध करदो मुजे प्रेम करनाहे कमीनी कोइ आपको छोडतीही नहींओर मे यहा अकेली पडीहु आपको मेरीयाद नहींआती.?
मे : बेबी तौ फीर तुभी हम् सबकेसंग आजावहा क्यो अकेली पडीहे
काम्या : (अपने कपडे नीकालते) जानु समजोना मुजे सबके सामने बहोत शर्म आँ रहीहे
मे : (मेरे कपडे नीकालते) अरे इसमे सरमानेकी क्याँ बातहे अब सबको पताही हेकीतु मेरी पत्नि होँ गइहे तोँ फीरकीस बात कि शर्म आरहीहे चलआजा.
ओर हम् दोनोदो जीस्म अेकजान होगये ओर प्यारके महासागरमे गोते लगाने लगे काम्या बहुतही कामुक तरीकेसे मुजसे उछल उछलके चुदवा रहीथी वोँ पुरी तराह कामाग्नीमे जल रहीथी मानो वोँ बरसोसे इस प्यारके लीये प्यासी होँ मे लगातार चुदाइ करते
उनके बुब्स गरदन कानकी बुटओर उनके मुलायम होठ चुमेही जा रहाथा
दो दीनसे मेनेभी सेक्स नहीं कीयाथातो सारीकसर काम्याको चोदके नीकाल रहाथा तब दोनोही वाइल्ड सेक्सकी ओर बढनेलगे ओर काम्याने सेक्स करते हींसक रुप धारण करलीया तब मेने उनके होंठओर दोनो बुब्स काटके सुजादीये फीरभी मुजे जोरोसे
चोदनेके लीये उक्साती रहीओर मेरीपीठ नाखुन गाडके सुजादी मेरे होंठभी काटलीये
ओर काम्याको तीनबार जडाके दोनोअेक संगछुट पडेओर दोनोही ढेर होगये तब काम्या पुरी पसीनेसे भीग चुकीथी ओर अपनी सांस कंटड्ढोल करते मेरीओर देखके हस रहीथी ओर मेने उनके बुब्सपे सर रखदीया तब वोँ मेरे सरको सहेलाने लगी
काम्या : जानु आनंद आगया.आपने क्याँ मस्त चुदाइकी मेरीबस मुजे अेसेही प्रेम करना
मे : बेबी तुभी मेरी अंजुकी तराहहे तुजे वाइल्ड सेक्स करनेकी क्याँ जरुरतथी तेरी हालत देखी तुमने.? दोनो बुब्स ओर होंठसुज गये तेरे.ओर मेरे होंठभी सुजा दीये.
काम्या : (हसते) तोँ क्याँ हुआ लोगोको पतातो चलना चाहीयेना कि हम् दोनो कीतना प्रेम करतेहे.बाबु मुजे कीसीकी परवाह नहीहे मुजे सीर्फ आपकीओर मेरीसभी बहेनोकी परवाह हे बस.जीसे जोँ समजना हे समजे.
मे : बेबीबात कुछ ओरहीहे बतादो आजकीस खुसीमे प्रेम कर रहीथी.हैं.हैं.हैं.
काम्या : (जोरोसे हसते) तोँ मेरे जानुको पताचल गयाकी मे कोइ खुसीमे आपसे प्रेम कर रहीथी., सहीकहा आपने जानु आपसेअेक बात कहेनीथी जब हमने पहेली बार कीया तबसे मुजे पेटमे कुछ अजीबसा लग रहाथा फीर मेनेओर माधुदीदीने मेरीसभी
रीपोर्टकी तोँ पताचला मे ठीक होगइहु्र मेरा गर्भासय सबकी तराह नोर्मल होगया हेओर मे सायद प्रेगनेन्टभी होँ चुकीहुं बसकलसभी पताचल जायेगा आइलवयु बाबु
मे : क्याँ मस्त खुसखबरी सुनाइहे तुनेचल इस खुसीमे अेक राउन्ड ओर होजाये.
काम्या : (हसते) जानुअेक क्याँ दो राउन्ड होजानेदो मुजेआज आपसे बहोत प्रेम करनाहे जी चाहता हेबसदीन रात आपसे चुदवातीही रहु क्याँ मस्त चोदतेहो आप्
कहेके वोँ कमर हीलाने लगीओर इसबार दोनोके बीच घमासान चुदाइ हुइ इस बारभी काम्याको तीनबार जडादीया फीर दोनोही साथमे जडनेलगे तब काम्याने मुजे कसके बाहोमे भीचलीयाथा ओर मुजसे लीपलोक करलीयाथा जब दोनो सांत हौ गयेतब जाके
मेरे होंठ छोडेओर मेरी आंखोमे हसते हुअे देखती रहीफीर मुजे सीनेसे लगालीया
काम्या : राजआइ लवयुआइ लवयु जीतो चाहताहे आपको छोडुही नहीं पऱ क्याँ करु होस्पीटल जानां पडेगा आप् रातमेभी मुजेरगड रगडके प्रेम करना.मे उधर आजाउगी
मे : हां.अब ठीकहे बेबी सबकेसंग रहाकर अेकबार सबकी डीलीवरी होँ जानेदे हम् फीरसे अनुभुती करेगे तब तुजेकोइ सीकायत नहीं रहेगी
काम्या : ठीकहे जानुअब चलो बाथरुममे जानां हे आपनेतो मुजे पुरी नीचोडली.
मे : (लन्ड बहार नीकालते) अरे.उल्टा चोर कोटवालको डांटे.हैं.हैं.हैं.
काम्या : (बेडसे खडे होते हसते)अरे आपतो अेसेकेह रहेहे जेसे आपने मजेही नहीं कीये कीतने उछल उछलके मुजेचोद रहेथे.बात करतेहे.हैं.हैं.हैं.
तब मे उसे बाहोमे पकड लेताहु तौ जोरोसे हसते मुजसे छुटनेकी कोसीस करतीरही ओर हम् दोनो मस्ती करते बाथरुममें चलेगये वहाभी मेने काम्याको खडेखडे ओर घोडी बनाके चोद लीयातब वोँ बहुतही कामुक तरीकेसे मेरे सामने देखके हस रहीथी फीर
दोनो नहाके बहार आँ गयेओर सजधजकर होँ गये तबभी काम्या मुजे नसीली आंखोसे हसते हुअेदेख रहीथी ओर हम् हमारे रुममे आगयेतब मेरीसभी बीवीया हमारी ओरघुर रहीथी
तोँ हमेहसी आगइतब माधुहमे मारनेके लीये दोडी तौ मे ओर काम्या हसते हुअे बहारभाग गयेओर सीधे होलमे आँ गयेवहा केशर नंदाभाभी काकी ताराओर सारीका बेठे थें तब सारीका बहुतही कामुक नजरोसे मेरीओर देखके मुस्करा रहीथी तब मे उनसे
चीपकके बेठ गय़ा तोँ मुजे हसके बाजुमे मुका मारदीया ओर हसनेलगी तभी बबलुओर पीयु आगयेतो मुजे उनकी मम्मीसे चीपकते हुअे देखके वोभी हसनेलगी
पीयु : माँ मे बबलुजीके संग हमारी होटेल देखने जारही हुं मेनेकभी नहीं देखी
सारीका : हां बेटा ध्यान रखके जानां दोनो कारमेही चलेजाओ ओर टाइमपे आजाना
बबलु : जी मम्मीजी बसअेक घंटेमेही सबको मीलके आजायेगे
केशर : (हसते) बबलु बेटा आतेसमय आइसक्रिम लेके आनां कीतने दीन हौ गये तेरे हाथकी आइसक्रिम नहींखाइ हैं.हैं.हैं.
बबलु : (हसते)ठीक हे भाभी लेआउगा.हैं.हैं.हैं.
केशर : (खडी होके हसते) भाभीके बच्चे.इधर आतो.दादीमा हु तेरी.
बबलु : (दुर भागते हसते)जी नहीं.पहेले थि अब नहींअब बाकायदा मेरी भाभीहो पुछलो भैयासे हैं.हैं.हैं.
काकी : (जोरोसे हसते)हां सहीकहा बबलु तुने बैठीये आप् उनकी भाभीही हे हैं.हैं.हैं.
केशर : (हसते) तुभी क्याँ रमा इनकी हांमे हाकर रहीहे देखने अब जानबुजके कहेगा
पीयु : (हसते जाते)चलो मां हम् चलतेहे जल्द आजायेगे हैं.हैं.हैं.
केशर : (मेरीओर कातील नजरसे हसते) बहोत बदमास हौ गय़ा हेसभी इन्होने हि सीखाया हे हैं.हैं.हैं.
तभी मेरी सबभी बीवीया आगइओर हमनेचाइ नास्ता करलीया तब माधुओर काम्या मेरीओर हसते हुअे होस्पीटलकी ओरचली गइतब बाकीकी सभी अपनी ओफीसमे जाकेसभी काम देखने लगी तोँ भावुनेभी कल वापस बोम्बे जानेकी बातकी ओर अपनी
टीकीट बुक कराने अंजुके पास ओफीसमे चलीगइ तभी दिवु दोडके आगइ
दिव्या : जानु फटाफट गाड़ी नीकालो धारादीको पेइन होँ रहाहे
कहेके वोँ दोडके वापसचली गइ मेने फटाफट जाके देखातो धारा दोनोहाथसे पेट पकडके दर्दके मारेमुह बीगाडते खुरशीपे बेठीथी तौ काक आगयेओर गाड़ी लेनेदोड पडेओर मुजे धाराको लेकर आनेको कहा तोँ मेने जाके धाराको गोदमे उठालीया
नेनु : भाइ धीरेसे मे माधुको मोबाइल करदेतीहु सभी सजधजकर रखे
तब मे धाराको लेकर बहारकी ओर जटसे जानेलगा तब धाराने दोनोहाथ मेरी गरदनमे डालदीयाथा ओर मुजे देखने लगीतब देवयानी ओर मायाभी आँ गइओर मेने धाराको पीछे सुलादीया तब दिवुने वाहन नीकाली तौ देवयानी ओर माया उनमे बेठने लगी
ओर मे धाराके पासबेठ गय़ा ओर दोनो गाड़ी हमने होस्पीटलकी ओर दोडादी
धारा : (दर्दसे) भाइ आप् मेरेसंग हि रहेना बहोत डरलगरहा हे
मे : कुछ नहींहुआ बेबीबस अभि डीलेवरी हौ जायेगी मे हुनां.
ओर हम् होस्पीटल पहोंच गयेतब मे धाराको गोदमे उठाके अंदर जानेलगा तब सामनेही स्टड्ढेचर लेके आँ रहेथे धाराको मेने उनमे सुला दीयाओर मेभी उनकेसंग सीधेही ओटीमे चला गय़ा तब धाराको ओटीके टेबलपे सुलादीया तब माधुओर काम्या
दोनोही तैयारीया करनेलगी मुजेभी डड्ढेस पहेना दीयाओर मे धाराके पासचला गय़ा
तब धारा दोनोहाथ मेरी गरदनमे डालके मुजे उनसे चीपकालीया ओर हमारे होंठमील गयेतब धारा बहुतही कामुक नजरोसे मेरी आंखोमे देखती रहीओर हम् मदहोस होगये तब धारा बहुतही कामुक होगइओर मेरे मुहमे जीभ डालके मेरी जीभसे पेच लडाने
लगीओर मेराहाथ उनके बुब्सपे चला गय़ा ओर दोनोही प्रेम करनेलगे
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) - Aage kya hua? Next part padhiye
Dilavar bhay update kaa intjar nahee thaa phir bi update mast thaa ange too dhara k bacche k bare mai jankari hongi kee beta beti he ya dono saman he bhay 110 k bad k update bi text mai dal do plz
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