𝐊𝐊𝐊 - (𝐊𝐢𝐫𝐚𝐧 𝐊𝐢 𝐊𝐚𝐡𝐚𝐧𝐢) | incest indian sex story – New Episode
Chapter 26
उसकाहाथ मेरी जाँघों केँ अंदर वाले हिस्से मे थां औऱ नाप लें रहा थां जिससे मेरी आँखें बंद होँ गई, औऱ टाँगें अपने आप् हि खुल गयीँ, थि औऱ मे उसकेहाथ कों अपनी बुर सें खेलने कां आसान एक्सेस देरही थि। मेटलपीस बुर केँ अंदर महसूस करते हि बुर गीली होना शुरुआत हौ गई, औऱ बदन मे सनसनी दौड़ने लगी। वोँ खड़ा होँ गय़ा औऱ मेरीकमर कां नाप लेनेलगा औऱ बोला कि “मैडम कमीज़ कों थोडा ऊपरउठा लीजिये” तौ मैंने कमीज़ कों थोडा उठाया जिससे मेरापेट दिखायी देनेलगा तौ उसनेकहा कि “मैडम आपकाकलर तौ क्रीम जैसा हैं औऱ बहोत चिकना भि हैं। “ मे शर्मा गई, पर्र कुछ नहि बोलि। जबसे मुझे उसकाहाथ मेरी जाँघों केँ अंदर महसूस हुआ, उसी वक्त सें मुझे तौ मस्ती छानेलगी थि औऱ बुर मे खुजली भि होनेलगी थि। मे सोचने लगी कि फैशन -मॉडल्स ऐसे केसे नंगी होँ करनाप देती होंगी। यह सोचते हि मेरा भि मन करनेलगा कि अनिलअगर मुझसे भि कहे तोँ मे नंगी हौ करनाप दे सकती हूं औऱ फिनयह खयालआते हि मे औऱ गीली होँ गई,।
इतने मे वोँ खड़ा हौ गय़ा औऱ कमीज़ कां नाप लेनेलगा। लंबाई लेने केँ लिये कंधों सें नीचे तक टेप लगाया। टेप मेरी चूचियों कों टच करनेलगा तोँ एक् दम सें मेरे निप्पल खड़े होँ गये औऱ साँसें तेज़ी सें चलनेलगी। फिन उसने मुझेहाथ सीधे रखने कों कहा औऱ मेरीबगल केँ अंदर सें टेपडाल कर चूचियों केँ ऊपर सें नाप लेना शुरुआत किया। उसी वक्त पे पीछे सें जब वोँ टेपठीक कररहा थां तोँ उसकी गर्म साँस मेरे नंगे कंधों पे महसूस होनेलगी जिससे मे औऱ गर्म होँ गई,। वोँ भि लगभग मेरी हि हाईट कां थां। जब वोँ खड़ाहुआ तोँ मेरेहाथ कों ऐसालगा जैसे उसका लन्ड मेरेहाथ सें टचहुआ होँ। बसऐसा महसूस होते हि मेरे ज़हन मे एस-केँ कां लन्ड घूमने लगा। वोँ थोडा औऱ आगेआया औऱ टेप पीछे सें ठीक करनेलगा तौ इसबार सही मे उसका लन्ड मेरेहाथ पे लगा। उसका लन्ड एक् दम सें खड़ा हौ चुका थां। शायद वोँ भि गर्म होँ गय़ा थां। उसका लन्ड मेरेहाथ सें टच होते हि मेरी बुर समंदर जैसी गीली होँ गई, औऱ मुझे यकीन होँ गय़ा कि उसे भि एहसास थां कि उसका लन्ड मेरेहाथ सें टकराया हैं पर्र वोँ पीछे नहि हटा औऱ अपने लन्ड कों मेरेहाथ पे हि रखे-रखे टेपठीक करनेलगा। मेरी साँसें तेज़ी सें चलनेलगी औऱ मेरे ज़हन मे जौ साम सें चुदाई कां भूत सवार थां वोँ अब ज़ोर पकड़ने लगा औऱ मे हवस कि आग मे जलनेलगी। ऊपर सें साम कि व्हिस्की औऱ अभि अनिल केँ संगपी हुई रम कां नशा मेरीहवस कों औऱ भड़का रहा थां औऱ मे सोचने लगी कि अगर अनिल नें मुझे नहि चोदा तौ मे स्वयं हि उसकोचोद डालुँगी आज। नशे भरे मेरेमन मे आया कि उसके अकड़े हुए लन्ड कों पकड़कर अपनी गीली गर्म बुर मे घुसेड़ डालूँ पर्र बड़ी मुश्किल सें अपने आप् कों कंट्रोल कर पायी औऱ चाहते हुए भि उसके लन्ड कों अपनी मुट्ठी मे लेँ कर नहि दबाया।
नशे सें मेरी हिम्मत खुलरही थि औऱ अब मैंने फ़ैसला कर लिया कि मे भि नंगी होँ कर हि नाप दुँगी। मैंने कहा, “अनिल! क्याँ तुम् मेरे लिये भि डिज़ाईनर औऱ परफेक्ट फिटिंग कि सलवार कमीज़ बना सकते होँ?” तौ उसनेकहा कि “मैडम उसके लिये आपको.। “ मैंने कहा, “कोई बात नहि यहा सिर्फ़ हम् दो हि तौ हें। क्याँ हुआ, कोई बात नहि। जैसा तुम् चाहोगे मे नापदे दुँगी” तोँ उसके चेहरे सें खुशी छलकने लगी। उसनेकहा कि “ओके मैडम, आप् अपने कपड़े उतार लीजिये” तौ मैंने कमीज़ केँ अंदरहाथ डाल केँ कमीज़ कों ऊपरउठा कर निकाल दिया जिससे मेरी गोल-गोल चूचियाँ हिलने लगीं। उसके मुँह सें ‘वोव वंडरफुल’ निकल गय़ा। अब मे उसके सामने आधी-नंगी खड़ी थि। उसनेकहा कि “अब सलवार भि निकाल दीजिये मैडम, ताकि मे नाप लेँ सकूँ” तोँ मैंने सलवार कां स्ट्रिंग खोल दिया औऱ मेरी सलवार फरमान बरदार कनीज़ कि तरह सें मेरे कदमों मे गिर पड़ी। मैंने अपने सैंडलों केँ स्ट्रैप खोलकर सलवार कों अपने पैरों सें निकाल कर एक् तरफ़हटा दिया। फिन उसनेकहा कि “मैडम आप् सैंडल पहन लीजिये ताकि आपके सैंडल कि ऊँचाई केँ अनुसार मे आपकानाप लें सकुँ औऱ क्योंकि हाई-हील सें आपकी चेस्ट औऱ हिप्स कां पोसचर भि पर्फेक्ट रहेगा औऱ मे ठीक सें आपकी ड्रेस बना सकुँगा। ”
𝐊𝐊𝐊 - (𝐊𝐢𝐫𝐚𝐧 𝐊𝐢 𝐊𝐚𝐡𝐚𝐧𝐢) | incest indian sex story – New Episode
Chapter 27
अब मे केवल हाई-हील सैंडल पहने, उसके सामने बिल्कुल हि नंगी खड़ी थि। मेरीउसी दिन कि शेव कि हुई चिकनी चमकदार बुर देखकर उसनेकहा “आप् बहोत हि सुंदर हें मैडम। इतनी सुंदर मैंने किसी कों नहि देखा। आप् एक् दम सें परफेक्ट फिगर कि होँ। आपको तौ मॉडलिंग करनी चाहिये। “ उसके मुँह सें अपनी तारीफ सुनकर मुझे बेहद अच्छा लगरहा थां। बाहर् हवा तेज़ी सें चलनेलगी थि औऱ लाईट बार-बार जलने-बुझने लगी जैसे कहीं लूज़ कनेक्शन होँ गय़ा हौ तोँ उसने साईड मे रखी हुइ एक् केंडल जला दि। नशे औऱ हवस मे मेरा रहा-सहा पश-ओ-पेश भि हवा होँ गय़ा थां औऱ मैंने हँसते हुए पूछा कि “क्याँ नाप लेते टाइम तुम् सिर्फ़ मॉडल्स कों हि नंगा करते हौ याँ तुम् भि नंगे होँ जाते हौ?” तौ वोँ शर्मा गय़ा औऱ बोला कि “अगर मॉडल चाहे तौ मे भि नंगा होँ कर हि नाप लेता हूं। “ मैंने फिन हँसते हुएकहा कि “अब क्याँ इरादा हैं?” तौ उसनेकहा कि “मैडमअगर आप् चाहें तौ मे भि आपकीतरह हि नंगा हौ करनाप लेँ सकता हूं। “ मैंने कहा, “तुम्हारी मर्ज़ी” औऱ अपनी टाँगें थोड़ी खोल दि ताकि वोँ नाप लेना शुरुआत करसके। उसने मेरा इशारा शायदसमझ लिया थां औऱ बैठे-बैठे हि अपनीटी -शर्ट निकाल दि। अब वोँ सिर्फ़ लुँगी मे बैठाहुआ थां औऱ नाप लेना शुरुआत किया। एक् बारफिन सें उसकेहाथ मेरे जाँघों केँ अंदर वाले हिस्से पे लगनेलगे औऱ मेटल कां पीस बुर केँ अंदर महसूस होनेलगा। उसने भि शरारत मे मेटलपीस बुर केँ अंदर घुसा दिया औऱ मैंने अपनी टाँगें खोलदीं। मेटलपीस बुर केँ अंदर लगते हि मेरे मुँह सें मस्ती भरी सिसकरी निकल गई,। उसकी अँगुलियाँ मेरी बुर सें टकरारही थीं औऱ मेरी बुर औऱ अधिक गीली होनेलगी। उसने बैठे-बैठे पूछा कि मैडम, “सच आप् चाहती हें कि मे भि नंगा हौ जाऊँ?” तोँ मैंने मुस्कुरा केँ कहा, “तुम्हारी मर्ज़ी। मुझे तौ कोई प्रॉबलम नहि हैं क्योंकि मे भि तौ तुम्हारे सामने नंगी खड़ी हूं। “
मेरी चिकनी बुर लाईट मे चमकरही थि औऱ गीली भि होँ गयीँ, थि औऱ मुझे पक्का यकीन थां कि अनिल कों मेरी गीली बुर कि गंध अवश्य आँ रही होगी। जिस तरह वोँ नीचे बैठा थां, मेरी बुर उसके मुँह केँ सामने थि। उसनेऊपर टेप कि तरफ़ देखते-देखते मेरी बुर पे किसकर दिया तोँ मेरी टाँगें स्वयं हि खुल गयीं औऱ मेराहाथ उसकेसिर पे चला गय़ा औऱ वोँ घुटनों केँ बलझुक गय़ा औऱ मेरीगोल गाँड पे हाथरख कर मेरी बुर कों चूमने औऱ चूसने लगा। मे तौ नशे मे मदहोश थि हि औऱ हवस कि आग मे पहले सें हि जलरही थि। उसका मुँह अपनी बुर पे महसूस करते हि मे तोँ जैसे दीवानी हौ गई, औऱ उसकेसिर कों पकड़ केँ अपनी बुर मे दबाने लगी। उसने मेरी पूरी बुर कों अपने मुँह मे लेकर दाँतों सें कटा तोँ मेरे मुँह सें मस्ती कि चींख निकल गई,, “आआआआहहहहह “औऱ मे एक् दम सें झड़ने लगी। मेरी आँखें बंद होँ गयीं औऱ मे अपनी बुर कों उसके मुँह सें रगड़ने लगी। मे झड़ती गई, औऱ वोँ मेराजूस पीता गय़ा। जब मेरा झड़ना खतमहुआ तोँ मैंने झुककर उसके कंधों कों पकड़ा तोँ वोँ उठ खड़ाहुआ। उसने पहले हि बैठे-बैठे हि अपनी लुँगी कों खोल दिया थां औऱ मेरी बुर चाटते हुए वोँ अपना लन्ड मेरे सैंडलों पऱ रगड़रहा थां। जब वोँ खड़ाहुआ तौ उसकी लुँगी भि नीचेगिर पड़ी औऱ वोँ भि नंगा हौ चुका थां औऱ उसका लन्ड स्प्रिंग केँ जैसेऊपर नीचे हौ करहिल रहा थां जैसे मेरी बुर कों सेल्यूट कररहा होँ। उसका लन्ड भि बहोत हि मस्त थां। बड़ा औऱ मोटा बिला-खतना लन्ड। नशे मे मे पूरी बेशर्म तौ हौ हि गई, थि औऱ मैंने एक् हि सेकेंड मे उसका लन्ड अपनेहाथ मे पकड़ लिया औऱ दबाने लगी। वॉव। मस्त औऱ बहोत हि कड़क लन्ड थां उसका। बहुत लंबा औऱ मोटा, लोहे जैसा सख्त थां। मैंने एक् हाथ उसकीबैक पे रखकर उसको अपनी तरफ़ खींच लिया औऱ दूसरे हाथ सें उसके लन्ड कों पकड़ केँ अपनी बुर मे ऊपर सें नीचे औऱ नीचे सें ऊपर रगड़ने लगी। उसनेझुक कर मेरी चूचियों कों अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरुआत कर दिया। उसके लन्ड मे सें प्री-कम निकलरहा थां जोँ बुर कों स्लिपरी बनारहा थां।
मेरी बुर मे तौ जैसेआग लगी हुई थि औऱ नशे मे मे खड़ी-खड़ी हि हाईहील सैंडलों मे झूमने लगी थि। मे नीचेबैठ गई, औऱ उसके लन्ड कों किस किया औऱ उसके लन्ड कों अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी तौ उसने मेरासिर पकड़कर अपनीगोल गाँड आगे पीछे करके मेरे मुँह कों चोदना शुरुआत कर दिया। अब मुझसे सब्र नहि होँ रहा थां। अब तोँ बस मेरी गर्म औऱ गीली बुर कों उसका लंबा मोटा कड़क औऱ तगड़ा लन्ड चाहिये थां। मे बैठे-बैठे हि लेट गई, औऱ उसको अपनेऊपर खींच लिया। बस उसीसमय बिजली चली गयीँ, औऱ कमरे मे एक् दम सें अंधेरा होँ गय़ा पऱ केंडल कि रोशनी सें रूम बहोत हि रोमैंटिक लगनेलगा। उससमय जितने नशे औऱ वासना मे मे चूर थि, उस हालत मे म्यूनिसपैलटी कां कुढ़ाघर भि मुझे रोमैंटिक लगता। खैर, मे लेट गई, औऱ उसको अपनेऊपर खींच लिया औऱ अपनी टाँगें फैलालीं। अनिल मेरी दोनों टाँगों केँ बीच मे आँ गय़ा। उसने अपनेपेर पीछे कि तरफ़ कों सीधेकर दिये औऱ उसका लन्ड मेरी बुर केँ लिप्स केँ बीच मे थां। अपनी दोनों कुहनियों कों मेरेबदन केँ दोनों तरफ़रख कर वोँ मुझ पऱ झुक गय़ा औऱ मुझेकिस करनेलगा। उसकी ज़ुबान मेरे मुँह मे घुस गयीँ, थि औऱ मुझे अपनी बुर केँ जूस कां टेस्ट उसके मुँह सें आनेलगा। वोँ अपने लन्ड केँ सुपाड़े कों मेरी चिकनी बुर केँ अंदर-बाहर् कररहा थां। मेरी टाँगें उसकीगोल गाँड पे क्रॉस रखी हुई थि। उसने सुपाड़े कों अंदर-बाहर् करते-करते एक् ज़ोर कां धक्का मारा तौ मेरे मुँह सें मस्ती कि “आआआआआहहहहह” निकल गई, औऱ उसका गर्म लन्ड मेरी तंदूर जैसी बुर मे ऐसेघुस गय़ा जैसे गर्म चाकू मक्खन मे घुस जाता हैं। उसका लन्ड बेहद मोटा थां। उसके लन्ड सें मेरी बुर खुल गयीँ, थि। मेरीआँख सें दो बूँद आँसू भि निकलगये। यह आँसू मस्ती केँ थें जिसे उसने नहि देखा।
𝐊𝐊𝐊 - (𝐊𝐢𝐫𝐚𝐧 𝐊𝐢 𝐊𝐚𝐡𝐚𝐧𝐢) | incest indian sex story – New Episode
Chapter 28
मैंने उसको ज़ोर सें पकड़ा हुआ थां औऱ मेरी टाँगें उसकी मोटी गाँड पे क्रॉस थि। उसने लन्ड कों बाहर् निकाल कर चोदना शुरुआत कर दिया। बहोत हि मजा आँ रहा थां उसकी चुदाई सें। उसकेहाथ मेरीबगल सें निकलकर कंधों कों पकड़े हुए थें। वोँ अपनी टाँगें पीछे दीवार सें टिकाकर गचागच चोदरहा थां। उसकेहर झटके सें मेरे चूचियाँ डाँस करनेलगी थि। कमरे मे हल्की सि रोशनी चुदाई मे मजादे रही थि। रूम रोमैंटिक लगरहा थां औऱ चुदाने मे मजा आँ रहा थां। वोँ गचागच चोदरहा थां औऱ मुझेलग रहा थां कि आज उसका लन्ड मेरी बुर फाड़ डालेगा। मगर मे भि रेडी थि, मे चाहती थि कि आज वोँ सच मे मेरी बुर कों फाड़ डाले औऱ चोदते-चोदते मेरी बुर कों अपनीमनि सें भरदे। एक् हफ़्ते सें मेरी चुदाई नहि हुई थि औऱ मेरी बुर कों तौ बस लन्ड चाहिये थां। मेरी बुर कि खुजली बढ़ गयीँ, थि औऱ मे चाहती थि कि मस्त चुदाई होँ। अनिल कां लन्ड बेहद वंडरफुल थां। वोँ पूरी मस्ती मे चोदरहा थां। लन्ड कों पूरा सुपाड़े तक बाहर् निकाल-निकाल कर बुर मे घुसेड़ देता तोँ उसके लन्ड कां हेल्मेट जैसा सुपाड़ा मेरी बच्चे दानी सें टकरा जाता औऱ मेरा सारा शरीर काँप जाता। अब वोँ बहोत तेज़ी सें चोदरहा थां औऱ मे शायदतीन बारझड़ चुकी थि। मेरेजूस सें बुर बहोत हि गीली होँ चुकी थि औऱ अब उसका लन्ड आसानी सें अंदर-बाहर् होँ रहा थां औऱ वोँ बहोत हि ज़ोर-ज़ोर सें बुर फाड़ झटकेमार रहा थां। यंग थां नां, इसी लिये पूरी ताकत सें धक्के मार-मार केँ चुदाई कररहा थां। मेरे मुँह सें स्वयं-ब-स्वयं निकलना शुरुआत होँ गय़ा, “आआआईईईईईई आहहहहाआआआआआ ऐसे हि.ईईईईई चोदो। ओओओओ ऊऊऊईईईई आआआआआहहह मजा.आआआआ रहा हैं। औऱ ज़ोर सें.एएएएए आआंआंआंआंहहह” औऱ उसका लन्ड बड़ी बे-दर्दी सें मेरी बुर कों चोदरहा थां। अब उसके चोदने कि रफ़्तार बढ़ गई, थि औऱ उसके मुँह सें भि अजीब आवाज़ें निकलने लगी थि। फिन अचानक उसने अपना पूरा लन्ड बाहर् निकाल कर इतनी ज़ोर सें मेरी बुर केँ अंदर धक्का मारकर घुसेड़ दिया कि मेरे मुँह सें चींख निकल गई,, “ऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईई अल्लाह.आआआआआ”, औऱ मैंने उसको बहोत ज़ोर सें पकड़ लिया औऱ उसके लन्ड मे सें मलाई कि पिचकारियाँ निकलनी शुरुआत होँ गयीँ,। उसकी पहली पिचकारी जब मेरी बुर केँ अंदर पड़ी तोँ मे फिन सें झड़ने लगी औऱ अब उसके लन्ड मे सें क्रीम निकल-निकल कर मेरी एक् हफते सें प्यासी बुर कि प्यास बुझाने लगी। उसकी मलाई निकलती रही औऱ मेरी बुर भरतीरही। उसकी मलाई भि बहोत हि गाढ़ी थि, मजा आँ रहा थां उसकी मलाई बुर केँ अंदर महसूस करके।
उसके धक्के अब धीरे-धीरे होनेलगे औऱ अभि भि उसका लन्ड अंदर हि थां। वोँ मेरे सीने पऱ गिर गय़ा जिससे मेरे चूचियाँ दब गई,। वोँ थोड़ी देरऐसे हि लेटारहा औऱ उसका लन्ड अभि अंदर हि थां। जब मेरा झड़ना खतमहुआ औऱ मेरी साँसें ठीक हुई तौ देखा कि अभि तक उसका लन्ड मेरी बुर केँ अंदर हि घुसाहुआ हैं औऱ वैसे हि तनाहुआ हैं, लोहे जैसा सख्त। उसकी क्रीम निकलने सें भि लन्ड नरम नहि हुआ थां। थोड़ी हि देर मे उसकी साँसें भि ठीक होँ गयीँ, औऱ फिन उसने मेरे मुँह मे अपनीजीभ डाल दि औऱ हम् एक् दूसरे कि जीभ कों चूसने लगे। कमरे मे अभि भि मोमबत्ती जलरही थि औऱ धीमी रोशनी बहोत दिलकश औऱ रोमैंटिक लगरही थि। मैंने गौर किया हैं कि रूम मे अगर थोडा अंधेरा होँ औऱ लड़की नें शराबपी हुइ हौ तौ लड़की मे शरम नहि रहती औऱ वोँ हर तरीके सें चुदवा सकती हैं औऱ वोँ भि कर लेती हैं जोँ वोँ बिना शराब पिये नहि कर सकती। कुछ यहीहाल मेरा भि थां। मेरेपास अबकोई शरम-हया बाकी नहि थि। ऐसालग रहा थां जैसे सारे जहाँ मे बस हम् दो हि हों औऱ कोई नहि। फिन चाहेजिस तरह सें चुदाई हौ, लन्ड चूसलो याँ अपनी बुर चटवालो। कोई फ़रक नहि पड़ता।
अनिल मेरेऊपर हि लेटाहुआ थां औऱ उसका अकड़ा हुआ सख्त लन्ड अभि भि मेरी बुर केँ अंदर घुसाहुआ थां। उसका लन्ड मेरी बुर केँ अंदरऐसे फिक्स बैठा थां जैसे बोतल केँ ऊपर कॉर्क औऱ लन्ड अंदर हि रहने कि वजह सें हमारी दोनों कि क्रीम भि मेरी बुर केँ अंदर हि फंसी हुइ थि, बाहर् नहि निकली थि। हम् दोनों किसकर रहे थें औऱ वोँ मेरी चूचियों कों मसलरहा थां। वोँ मेरे निप्पलों कों अंगूठे औऱ उंगली सें मसलरहा थां। थोड़ी हि देर मे उसने मेरी चूचियों कों चूसना शुरुआत कर दिया जिससे मेरी बुर मे फिन सें खुजली होनेलगी औऱ शरीर मे बिजली सि दौड़ने लगी। पऱ उसका इरादा तौ कुछ औऱ हि थां। उसने एक् हि हरकत मे अपना लन्ड मेरी बुर मे सें बाहर् निकाल लिया औऱ इस सें पहले कि मेरी क्रीम सें भरी बुर मे सें क्रीम बहने लगती, वोँ पलट गय़ा औऱ अपनी दोनों टाँगें मेरेसिर केँ दोनों तरफ़रख केँ अपना लन्ड मेरे होंठों सें लगा दिया। उसके लन्ड सें हम् दोनों कि मिक्स क्रीम टपककर मेरे मुँह पे गिररही थि तौ मैंने मुँहखोल दिया औऱ हम् दोनों कि मिक्स क्रीम सें भीगेहुए उसके लन्ड कों अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरुआत कर दिया। बहोत हि टेस्टी थां उसका लन्ड। ऐसेलग रहा थां जैसे मे कोईशहद चूसरही हूं।
𝐊𝐊𝐊 - (𝐊𝐢𝐫𝐚𝐧 𝐊𝐢 𝐊𝐚𝐡𝐚𝐧𝐢) | incest indian sex story - Kahani ab aur interesting hogi
Relavant source : click here