My Life @Jindgi Ek Safar Begana ( Action , , Thriller , Adult) (Full Storyd) (romance special) – New Episode
Update 132
15 मिनट धुआधार चुदाई केँ बाद हम् तीनों हि एक् संगझड गये। औऱ पालग पऱ लेटकर सुसताने लगे.
रात काफ़ी हौ चुकी थि, सोकुछ देर केँ बाद आईशा नें फ्रेश होकर अपने कपड़े पहने औऱ बोलि – धन्यवाद अशफ़ाक़ साब ! अब आप् दोनो मज़ेकरो मे चलती हूं, औऱ हम् दोनो कों किस देकरचली गई,.
मे बेडशीट लपेटकर गेटबंद करने केँ बादफिन अपनीजान शाकीना केँ पहलू मे आकरलेट गय़ा.
शाकीना – अशफ़ाक़ ! क्याँ वाकई मे आप् हिन्दुस्तान कि हुकूमत सें तालुकात बनाएहुए हें.? क्याँ वोँ हमारी वाकई सहायता करेंगे.?
मे – हां ! औऱ कर भि रहे हें.! क्याँ तुम्हें नहीं लगता कि मे अदना सां व्यक्ति तुम् सभी लोगों कि सहायता मात्र अपनेदम पऱ केसेकर सकता थां.
मगर मेरीजान ! इसबात कों अपने तक हि रखना.! अपनी अम्मी केँ सामने भि जिकरमत करना…!
उसने हामीभरी औऱ फिन सें हम् दोनो एक् दूसरे कों किस करतेहुए एक् दूसरे मे समाते चलेगये। सारीरात शाकीना नां स्वयं सोई औऱ नां मुझे सोने दिया.
सिर्फ 3 घंटे कि नींद लेकर 7 बजे वोँ मेरेपास सें उठकर अपनेघऱ चली गयीँ,, औऱ मे फ्रेश होने बाथरूम मे घुस गय़ा….!!!
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आज़मगढ़ यूपी कां एक् छोटा सां शहर, मगर बदनामी मे सबसेआगे, यहा कि ज्यादातर आबादी मुस्लिम समुदाय हैं,
देश कों बड़े बड़े नामी गिरामी गॅंग्स्टर इसशहर नें हि दिए हें.
मुंबई अंडरवर्ल्ड कों फलने फूलने मे हमेशा हि इसशहर कां बड़ा योगदान रहा हैं…!
फिन चाहे वोँ अबू सलेम होँ, छोटा राजन हौ याँ फिन दाऊद कां दाहिना हाथ छोटा शकील.
शहर केँ एक् सस्ते सें होटेल केँ रूम नंबर। 204 मे एक् कपलरात केँ 11 बजे एक् दूसरे कि बाहों मे जीवन कां मजालूट रहे हें.
23-24 साल कि निहायत सुंदर लड़की, जौ इस वक्त सिर्फ ब्रा औऱ पेंटी मे थि, अपने प्रेमी कि गोद मे मचलरही थि,
उसकी गदराई हुई जवानी, जोँ किसी मुर्दे मे भि जानडाल दे, अपने प्रेमी केँ होठों सें रस निकालने मे लगी हुई थि.
उसकी आँखें वासना केँ कारणलाल सुर्ख होँ चुकी थि, मध्यम हाइट काठी औऱ रंगत वालायह युवक जौ इस टाइम केवल अपने अंडरवेर मे थां उस लड़की केँ गदराए यौवन सें खेलरहा थां।
लड़की कि दोनो टाँगें सोफे पऱ बैठे उसके दोस्त कि कमर मे लिपटी हुई थि औऱ मादक सिसकियाँ लेती हुईँ वोँ अपनी गान्ड उसके लन्ड केँ उपर रगड़रही थि, मानो वोँ अपनी गान्ड सें उसके लन्ड कि मालिस कररही हौ.
जब युवक नें उसके होठों कों चुसते हुए अपनीजीभ उसके मुँह मे ठूंस दि, तोँ उसने उसकी ज़ीँभ कों अपने दाँतों केँ बीचदबा लिया औऱ स्वयं भि उसकीजीभ कों अपनीजीभ केँ संग भिड़ाने लगी.
लड़की कां दोस्त अब उसकोगोद मे उठाएहुए बिस्तर कि ओरचल दिया औऱ पलग केँ पास पहुँच उसेउपर सें हि पटक दिया, औऱ स्वयं उसकेउपर चढ़ गय़ा,
पहले उसने उसके ब्रा कों पकड़ केँ खींच दिया, चर्र्र्र्र्ररर। कि आवाज़ केँ संग उसके ब्रा केँ हुक उसकी ब्रा कि बॅक कों फाड़ते चलेगये, उसने उसकेचार अंगुल सें भि छोटे ब्रा कों कमरे केँ एक् कोने मे उछाल दिया.
उसके34डी साइज़ केँ गोरे-चिट्टे सुडौल बूब्स उच्छल कर थर-थराते हुए जैसे हि उसके सामने आए, वोँ उनपर भूके कुत्ते कि तरहटूट पड़ा औऱ अपने मुँह मे भरके चूसने लगा,
कभी उसकी निपल्स कों दाँतों सें काट लेता तौ वोँ जोरदार चीख केँ संग उच्छल पड़ती.
अबउस लड़के नें अपनी मित्र लड़की कि पेंटी भि फाड़ दि औऱ उसे भि दूर उछाल दिया.
लड़की भि कहां पीछे रहने वाली थि, झट सें बैठी औऱ उसने भि उसके अंडरवेर कों फाड़ डाला, उसका 8” कां तगड़ा मोटा सोटा सां लन्ड देखते हि वोँ उस पर्र भूखी बिल्ली कि तरहटूट पड़ी औऱ उसे अपने मुँह मे भर लिया.
लड़के कां थोबड़ा उपर कों उठताचला गय़ा औऱ आँखें बंद करके उसनेउस लड़की केँ मुँह कों अपने लन्ड पऱ दबा दिया…
आअहह…। नुसरत….मेरी जानन्न….चूस इसको हरम्जादि…कुतिया। खाजा मेरे लन्ड कों साली रंडी…
वोँ लड़कीउपर कों मुँह करके लड़के कि आँखों मे आँखें डालते हुए पूरे लन्ड कों मुँह मे भरने कि कोशिश कररही थि, लाख कोशिशों केँ बबजूद भि वोँ उसका 3/4 लन्ड हि मुँह मे लें पारही थि.
थोड़ी हि देर मे उस लड़के कि कमर नें जोरदार झटका खाया औऱ उसने अपनेहाथ सें उसका मुँह अपने लन्ड पर्र दबा दिया जिससे उसका टोपा उसकेगले मे फँस गय़ा औऱ सीधी पिचकारी उसकेपेट मे उतार दि.
जबतक वोँ पूरीतरह निपट नहीं गय़ा उसने उसकासर नहीं छोड़ा, नुसरत कि आँखें उबल पड़ने कों सजधजकर थि,
जैसे हि उसने उसकेसर सें अपना दबाब हटाया, वोँ लड़की खो-खो करके खांसने लगी औऱ लंबी-2 साँसें लेकर बोलि-
ओह शकीब तुमने तोँ मुझेमार हि डाला थां, ऐसे भि कोई करता हैं.? पूरे जंगली होँ तुम् तौ.
शकीब नें उसकेहोठ चूसकर उसको सॉरी बोला, औऱ उसे कंधे पकड़कर बिस्तर पऱ धकेल दिया, अब उसकी बारी थि, तोँ वोँ उसको चूमते चाटते हुए नीचे तक आया औऱ फिन उसने भि उसकी बुर पर्र हमलाबोल दिया.
जैसे हि उसने उसकी बुर कों जीभ सें चाटा नुसरत कि सिसकियाँ फ़िज़ा मे गूंजने लगी, अब वोँ उसके बुर केँ उपरीभाग कों जीभ सें चाटरहा थां औऱ अपनी उंगली सें उसकेछेद मे डालकर अंदर बाहर् करनेलगा.
नुसरत अपनीकमर हवा मे झुलाते हुए सिसकिया लेँ रही थि.अब शकीब नें एक् कि वजायदो उंगलिया उसकी बुर मे डाल दि औऱ तेज़ी सें अंदर बाहर् करनेलगा, संग हि अपनीजीभ औऱ होठ केँ बीच उसके भज्नासा कों पकड़कर चूसने लगा.
5 मिनट मे हि वोँ एक् जोरदार किल्कारी मारती हुईँ उसके मुँह पर्र झड़ने लगी औऱ अपना सारारस उसकोचटा दिया.
थोड़ी देर वोँ दोनो एक् दूसरे केँ बगल मे लेटकर एक् दूसरे कों चूमते-चाटते रहे,
उसकेबाद शकीब उसकी टाँगों केँ बीच बैठा औऱ अपने मूसल जैसे लन्ड कों उसकीरस सें सनी बुर पऱ रखकर रगड़ने लगा।
आहह-आहह… शकीबअब डाल भि दोइसे औऱ कितना घिसोगे… तोँ उसने अपने लन्ड कां सुपाडा उसकेछेद पर्र रखा औऱ एक् तगड़ा सां झटका अपनीकमर कों दिया.
सर्र्र्ररर…। सें उसका तीन-चौथाई मूसल उसकी बुर मे समा गय़ा… नुसरत केँ फरिस्ते कून्च करगये औऱ उसके मुँह सें एक् लंबीईइ…सि चीख निकल गयीँ, …
आईईई…….अम्मिईीई…। माररर डाला… भोसड़ी केँ धीरे-धीरे सें नहींडाल सकता थां, मदर्चोद….
उसके मुँह सें गालीसुन कर शकीब नें एक् औऱ जोरदार झटका मारा औऱ पूरा लन्ड उसकी बुर मे चेंपकर बोला…
साली रंडी कि औलाद गाली देती हैं मदर्चोद लेँ मेरा लॉडाखा… अबदेख भेनचोद साली रंडी, केसे मे तेरी बुर कों आज फाड़कर भोसड़ा बनाता हूं.
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Update 133
आहह-आहह… हरामी साले तूँ क्याँ मेरी बुर कां भोसड़ा बनाएगा… लगा लें जितनी तेरी गान्ड मे दम होँ सभी… देखती हूं कितना दम हैं तुझमें बहन केँ लौडे…
ऐसी हि एक् दूसरे सें गाली गलौज करतेहुए वोँ दोनो चुदाई कां फुलमजा लेँ रहे थें, बीच-2 मे शकीब उसके गोरे-गोरे गालों पर्र तमाचे भि मार देता…
कुछ देरबाद उसने उसको घोड़ी बना दिया औऱ पीछे सें ताबड़तोड़ उसकी बुर कां भोसड़ा बनाने कि कोशिश मे जुट गय़ा.
इस दौरान नुसरत एक् बार अपना कुलाबा खोल चुकी थि, मगर उसने अपने उत्तेजना मे कोईकमी नहींआने दि, औऱ वोँ अपने गान्ड कों पीछे धकेल-2कर उसके लन्ड पऱ अपनी बुर कों पटक-2कर चुदती रही.
आख़िरकार 20-25 मिनट कि दमदार चुदाई केँ बाद दोनो एक् संगझड गये औऱ एक् दूसरे केँ बगल मे लेटकर लंबी-2 साँस लेनेलगे.
अभि वोँ अपनी साँसें ठीक सें कंट्रोल भि नहींकर पाए थें कि शकीब कां फोनचीख उठा, औऱ पड़े-2 हि उसने अपना मोबाइल उठाया,
जैसे हि स्क्रीन पर्र नाम देखा वोँ फ़ौरन उच्छल कर खड़ा हौ गय़ा, चुदाई कि खुमारी नाँ जाने कहां गायब होँ गई, औऱ उसके चेहरे पर्र संजीदगी नज़रआने लगी…………….!!!
शकीब नें बड़ी संजीदगी सें फोन उठाई कि औऱ बोला – हेलो भइया ! सलाम बलेकुम.!
दूसरी तरफ सें क्याँ कहा गय़ा…? हमकोकुछ पता नहीं।
वोँ बस सामने वाले केँ जबाब मे जी, जी भइया, बेहतर, बिल्कुल, अभि निकलते हें भइया.बस ऐसे हि कुछ जबाब देने केँ बाद उसने मोबाइल पऱ सामने वाले कों खुदा हाफ़िज कहा औऱ मोबाइल बंद करते हि नुशरत कि नंगी गान्ड पऱ एक् चपत लगाई औऱ उसको रेडी होने कां बोलकर स्वयं नें भि बिस्तर सें छलान्ग लगा दि औऱ बाथरूम मे घुस गय़ा.
आधे घंटे मे हि वोँ दोनो एक्-एक् बॅगहाथ मे पकड़े हुए होटेल केँ बाहर् आए औऱ एक् टॅक्सी मे बैठकर लखनऊ कि तरफ जाने वालेरोड पर्र निकल पड़े।
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चौथेदिन साम 7:30 – 8 बजे केँ लगभग एक् सफेदरंग कि टाटा इंडिगो, मुंबई सें बड़ोदा हाइवे पऱ भागीचली जारही हैं…
आओचलो देखते हें इसमें कॉन-कॉन हें…? अरेयह क्याँ, इसमें तोँ वोँ आज़मगढ़ केँ होटेल वालेकपल हें, जिनकी मस्त-2 चुदाई कां हम् उसदिन मजा लें चुके हें,
अरे ! मगर इनकेसंग यहदो औऱ लोगकॉन हें ड्राइवर केँ अलावा…?
देखते हें यह कहां औऱ क्याँ करनेजा रहे हें, चलो इनकी बात-चीत कां मजा लेते हें, हौ सकता हैं शायदकोई गरमा-गर्म सीन देखने कों भि मिलजाए.?
वाह ! आज तोँ मामला एक् दम उल्टा हि नज़र आँ रहा हैं, शकीब तोँ ड्राइवर केँ बगल वालीसीट पर्र आगे बैठा हैं, औऱ यह दोनो अजनबी पीछे कि सीट पर्र नुसरत कों बीच मे बिठाकर उसकेसंग मज़ेकर रहे हें…!
इनमें सें एक् उसके होठों कों चूसरहा हैं संग-2 उसकी चुचियों कों भि मसलरहा हैं, दूसरा उसकी बुर कों मसलरहा हैं औऱ संग-2 अपने साइड वाली चुचि कों मसलरहा हैं, नुसरत जहाँ भि उनकी हरकतों कां भरपूर जबाब देतेहुए उन दोनो केँ लन्ड मसलती जारही हैं.
ड्राइवर यह नज़ारा बॅक मिरर सें देखकर गर्म हौ रहा हैं औऱ बीच-2 मे अपने खड़े होँ चुके लन्ड कों अपने पाजामे मे अड्जस्ट कर लेता हैं.
दूसरी तरफ शकीब अपनीसीट पऱ पीछे मुड़कर उनकी रासलीला कां लुफ्त उठारहा हैं औऱ उनकेसंग बात-चीत भि करताजा रहा हैं.
शकीब – भइयाजान ! आख़िर फाइनल प्लान क्याँ हैं। आजरात कां.??
उनमें सें एक् जोँ नुसरत केँ होठों कां रस निकाल रहा थां, बालों कों पकड़कर उसकेसर कों पीछे करता हैं औऱ अपने होठों कों उसकी गिरफ़्त सें दूर करतेहुए उसने शकीब सें पुछा- अहमदाबाद हम् कितने बजे होंगे.?
शकीब – यहीकोई 3 - 3:15 कों हम् वहा पहुँच जाएँगे.
वोँ – हमारी जानकारी केँ मुतविक वोँ ***मंत्री सुभह-2 अपने बंगले केँ गार्डन मे टहलता हैं, उसी टाइम हम् गेमबजा देंगे.
उस साले कि वजह सें हमारे नाँ जाने कितने प्लान चौपटहुए हें इस राज्य मे, यही नहीं इसकीवजह सें हमारे कितने हि लोगों कों जानमाल कां नुकसान उठाना पड़ा हैं.
करीब-करीब इस राज्य सें हमारा अस्तित्व हि ख़तमकर चुका हैं यह *** मंत्री। अब इसका मरना हमारे लिए बहोत ज़रूरी होँ गय़ा हैं.
इनकीयह बातें सुनकर तौ हमारी गान्ड कि फटफटी चलनेलगी, बाप रे ! तोँ इसका मतलबयह साले आतंकवादी हें…! औऱ यह *** मंत्री कों मारने जारहे हें…! अब क्याँ करें.?
अभि हमारी फटतीबंद भि नहीं हुई थि, कि तभी हमारी नज़रइस व्हीकल केँ पीछे-2 लगभग 500 मीटर कि दूरी पर्र आँ रही एक् टाटा सफ़ारी पर्र पड़ी जिसमें 4 लोग सफ़ारी सूट पहनेहुए बैठे थें.
इस वक्त करीब-करीब 11 बज चुके थें औऱ यहलोग वॅल्सा क्रॉस करके नवसारी पहुँचने वाले थें, सफ़ारी मे बैठे बन्दो मे सें एक् नें अपनेफोन सें किसी कों कॉलआई किया औऱ अपनी स्थिति बताई.
उन दोनो बन्दो कि हरकतों सें नुसरत इतनी गर्म हौ चुकी थि कि अब उसकी बुर लगातार लार टपकारही थि, अबउसे जल्द हि किसी लन्ड कि दरकार थि,
सो उसने साइड मे बैठेउस बंदे जौ शायद इनका लीडर थां, कां पाजामा खोल दिया औऱ अपनी भि पाजामा औऱ पेंटी घुटनों तक करके, उसकीगोद मे अपनी बुर कों उसके लन्ड पर्र रखकर बैठने लगी.
सरसराता हुआ उसका मोटा तगड़ा मूसल जैसा लन्ड उसकी गीली बुर मे जड़ तक समा गय़ा, जैसे हि उसका सुपाडा उसकी बच्चेदानी केँ मुँह सें टकराया, उसके मुँह सें सिसकी निकल पड़ी औऱ वोँ आँखें बंद करके उसके लन्ड कि मालिस करनेलगी…
अभि वोँ ढंग सें पूरे लन्ड कां मजा अपनी बुर मे लेँ भि नहींपाई थि कि दूसरे बंदे नें अपनी मोटी उंगली उसकीकसी हुईँ गान्ड केँ छेद मे डाल दि…
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Update 134
हइई…। अल्लहह… मरररर… गयीँ, …। औऱ अपनाहाथ पीछे लेजाकर उस बंदे कि कलाई पकड़ ली…मानो वोँ उसको रोकना चाहती होँ अपनी गान्ड मे उंगली करने सें…
मगर नहीं ! ऐसा कतयि नहींहुआ उल्टा उसने उसकेहाथ कों औऱ ज़ोर्से पानी गान्ड पर्र दबा लिया औऱ अपनीकमर कों औऱ तेज-2 लन्ड पऱ पटकने लगी.
उस दूसरे बंदे नें अपनी उंगली उसकी गान्ड सें निकाली औऱ नुसरत केँ मुँह मे डाल दि, वोँ बड़े मज़े सें चटकारे लेँ-लेकर उसे चूसने लगी.
अब वोँ व्यक्ति जोँ अपना लन्ड उसकी बुर मे डाले थां, कार कि सीट पऱ लेट गय़ा औऱ नुसारत अपनीछूट लेकर उसके लन्ड पर्र बाथगाई औऱ उसके होठों कों चुस्ती हुईँ कमर चलाने लगी.
ओमाइगॉड ! यह क्याँ ? वोँ दूसरे बंदे नें भि अपना पाजामा घुटनों तक किया औऱ अपने लन्ड पर्र ढेर साराथूक लगाया औऱ नुसरत कि गान्ड मे डाल दिया.
कार केँ बंद ग्लासों मे नुसरत कि एक् तेजचीख घुटकर रह गई,, औऱ उसकीकमर कां चलनाथम सां गय़ा, उस बंदे नें धीरे-धीरे-2 करके अपना पूरा लन्ड उसकी गान्ड मे पेवस्त कर दिया.
नुसरत कों लगा जैसे किसी नें उसकी गान्ड कों दो भागों मे चीर दिया हौ।
दर्द सें उसकाहाल बहाल थां, दोनो कों लगा जैसे उनके लन्ड आपस मे भिड़गये हों.!
मगर ग़ज़ब कि सहनशक्ति दिखाते हुए वोँ दोनो लन्ड अपने दोनो छेदों मे निगल गई,.
अब धीरे-धीरे-2 उपर- नीचे सें धक्के देना शुरुआत हुए, थोड़ी हि देर मे वोँ जन्नत मे पहुँच गयीँ, मानो, उसकोआज डबलमजा आनेलगा थां।
आज उसके दोनो छेदों कि खुजली एक् संगमिट रही थि.
दोनो हि बंदे उसकोहमच-2 करचोद रहे थें।
वोँ भि अपनी मादक सिसकारियों सें उनकेजोश कों औऱ बढ़ावा देरही थि।
जब 20 – 25 मिनट केँ बाद तूफान थामा तोँ वोँ तीनों हि पीछे कि सीट पऱ एक् दूसरे सें गुथेहुए पड़ेरह गये….!
1:30 कों उन्होने बड़ोदा- अहमदाबाद एक्सप्रेसवे टोल नाके सें टोल लिया औऱ वाहनआगे बढ़ा दि, तब तक दूसरे गेट पऱ वोँ सफ़ारी आकर रुकी औऱ टोल कटाने लगी.
अभि सफ़ारी टोल लें हि रही थि कि उससे पहले एक् लालकलर कि स्कॉर्पियो जोँ पहले सें हि यहा खड़ी थि वोँ उस इंडिका केँ पीछेलग गई,, अब इंडिका आगे उसकेकोई 300 मीटर कि दूरी पऱ वोँ स्कॉर्पियो औऱ उसके पीछे-2 वोँ सफ़ारी आँ रही थि.
आओ देखते हें स्कॉर्पियो मे कॉन-2 हें। ?
अरेअरे वाह ! इसकी अगलीसीट पर्र तौ सादे कपड़ों मे अपनी एसीपी ट्रिशा हैं, औऱ पीछे उसके 4 स्टाफ केँ लोग।
अब हमेंकुछ तसल्ली सि हुईँ कि ख़तरा टलने कि उम्मीद दिखाई देरही हैं.
रात केँ सन्नाटे मे खालीरोड वोँ भि शीशे केँ माफिक चमचमाता हुआ अहमदाबाद – बड़ोदा एक्सप्रेसवे, जोँ शायददेश कां सर्वोत्तम हाइवे हैं, गाड़ियाँ अपनीफुल स्पीड मे भागीजा रही थि.
देखते-हि देखते लगभग 40-45 मिनट मे हि एक्सप्रेसवे ख़तम होँ गय़ा औऱ अब वोँ रिंगरोड सें होतेहुए गाँधीनगर कि तरफजा रहे थें.
अभि कोई पौनेतीन कां समयहुआ होगा, औऱ वोँ लोग रिंगरोड कों छोड़ गाँधी नगर वालेरोड पर्र मूडगये, लगभगआधा किमी हि गये होंगे कि सामने सें रोंग साइड सें एक् तेज रोशनी मे नहागये।
अचानक तेज रोशनी आँखों पर्र पड़ने सें इंडिका कि स्पीड कमपड़ गई,, सामने वाली व्हीकल ठीक उसकी लाइन मे हि तेज़ी सें बढ़ीचली आँ रही थि.
अभि वोँ इस मुसीबत सें बचने केँ लिए अपनी लाइन चेंज करने कि सोच हि रहा थां कि तभी सन्नाटे कों चीरती हुईँ एक् गोली कि आवाज़ हुईँ.
भाड़ामम्म… सें इंडिका कां पीछे कां एक् टाइयर ब्रस्ट हौ गय़ा, वाहनरोड केँ उपर लहराने लगी औऱ लहराते हुएहुए हि सामने सें आरहिकार कि ओर बढ़ने लगी.
तभी सामने कि वाहन सें एक् गोलीचली औऱ उस ड्राइवर कां भेजा तोड़ते हुए निकल गई,।
बिना ड्राइवर कि कार डिवाइडर सें जा टकराई औऱ पलतियाँ मारती हुइ दूसरे साइड केँ रोड पर्र दूर तक घिसती हुइ चली गयीँ,.
वोँ तीनों गाड़ियाँ भि वहाआकर रुक गई, औऱ आनन फानन मे सब बाहर् लोग निकले,
सबके हाथों मे गन्स थि, सबसेआगे सामने वाली व्हीकल सें उतरने वाला ऑफीसर जोँ कोई औऱ नहीं *** मंत्रीजी कां स्पेशल सेक्यूरिटी ऑफीसर थां.
उसके पीछे-2 एसीपी ट्रिशा औऱ बाद मे दूसरे लोग जोँ कुलमिलाकर 10 तोँ थें हि।
अभि वोँ डिवाइडर पर्र खड़े फूलों वाले पेड़ों तक हि पहुँचे थें कि इंडिका कि आड़ सें गोलियों कि एक् बाढ़ सि निकली, इससे पहले कि कोईकुछ समझे, एक् गोली ट्रिशा केँ लेफ्ट कंधे मे घुस गयीँ,।
उसके शरीर मे आग सि भरतीचली गयीँ, मानो.
मगर उसने इसकीकोई परवाह नहीं कि औऱ अपनी पोज़िशन लेली।
दूसरी तरफ सें अब रह-रहकर गोलियाँ चलरही थि, जौ कुछ तौ कार केँ बिल्कुल पास सें आँ रही थि औऱ कुछ थोडा दूर सें.
इसका मतलब वोँ लोगबच निकलने कि कोशिश कररहे हें.
ट्रिशा नें अपने पीछे आँ रहे अपनेदो मात हतों कों अपने पीछेआने कां
इशारा किया औऱ एक् लंबा सां राउन्ड लेकरलेट कर करीब घिसते हुएरोड क्रॉस करलिया.
अब वोँ तीनोरोड केँ दूसरी साइड मे खड़े पेड़ों केँ पीछे पहुँच चुके थें जिधर वोँ आतंकवादी थें, वोँ उन्हें अच्छे सें दिखाई देरहे थें.
धीरे-धीरे-2 पेड़ों कि आड़ लेतेहुए वोँ उनकीओर बढ़ने लगे। वोँ तीनलोग थें जोँ धीरे-धीरे-2 पीछे कि तरफ रेंगते हुए निकल भागने कि कोशिश कररहे थें,
मगर सामने सें लगातार गोलियों कि आबक केँ कारण निकल नहींपा रहे थें.
शायद वोँ लड़की आक्सिडेंट मे याँ तोँ मारीजा चुकी थि याँ फिन अभि-भि वहीं वाहन केँ नीचेदबी पड़ी थि.
उनमें सें एक् आदमी जल्द सें पीछे कों लपका, औऱ जैसे हि वोँ खड़ा होकर पलटा,
अपने सामने तीन यमदूत हाथों मे गनलिए खड़े दिखे, अभि वोँ हैरत सें उन्हें देख हि रहा थां कि एक् गोली उसका भेजा उड़ाते हुए निकल गई,.
वोँ दोनोबचे हुए आतंकी अपने पीछे सें आई गोली कि आवाज़ सुनकर पलटे औऱ अपने दोस्त कों ज़मीन पऱ पड़ा देखकर उन्होने अपनी गनों कां रुख़ ट्रिशा औऱ उसके साथियों कि तरफ किया हि थां कि अनगिनत गोलियाँ उन दोनो केँ जिस्म मे घुस गयीँ, ….!!
सुभह होते हि, यहखबर आग कि तरह पूरेदेश मे फैल गई, ….!
कुछ मानवाधिकार केँ ठेकेदारों नें इसको नेगेटिव रूप देने कि भि कोशिश कि, मगरइस सबकेउलट दूसरी साम स्टेट होम मिनिस्ट्री कों पूरी रिपोर्ट सौंपी गई, जिसे स्वयं एसीपी हॅंडओवर करने सचिवालय पहुँची.
कंधे मे गोली लगने केँ बावजूद भि वोँ हॉस्पिटल मे बसकुछ हि देररही, जितने वक्त मे उसकी गोली निकाल कर फर्स्ट एड दिया गय़ा….
वहा उनका भव्य स्वागत किया औऱ स्वयं राज्य केँ *** मिनिस्टर नें उनकी भूरि-2 प्रांशा कि, क्योंकि इस कार्यवाही मे स्वयं उनका स्पेशल सेक्यूरिटी ऑफीसर इन्वॉल्व थां जिसने इस मिसन कां पूरा क्रेडिट एसीपी कों हि दिया.
एसीपी ट्रिशा कों प्रोमोट करके पड़ोसी डिस्ट्रिक्ट कां अडीशनल कमिश्नर ऑफ पोलीस बना दिया गय़ा.
दूसरी ओर सीमापार केँ दुश्मनों कां यह भि प्लान बुरीतरह फैल होने केँ कारणवहा कि हुकूमत औऱ उसके चट्टे-बट्टे अपने-2बाल नोंचरहे थें।
खालिद इसबात पऱ सोचने कों मजबूर हौ गय़ा कि आख़िर ऐसा होँ केसेरहा हैं, एक् केँ बाद उसका एक् पासा उल्टा हि क्यूं पड़रहा हैं.
अब वोँ ज़रूरत सें ज्यादा चौन्कन्ना होँ गय़ा थां, इसलिये मैने शाकीना कों कुछ दिनो केँ लिए उसकी जासूसी नाँ करने कि हिदायत दे दि थि.
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