Meri Jung (Restart) – New Episode
बहोत हि शानदार एपसोड भइयामजा आँ रहा हैं। लगता हैं अज्जू कां शक बढ़ता हि जारहा हैं ज़ोया पऱ औऱ होना भि चाहिए तभी तौ कथा औऱ मजेदार होगी। अगले जबरदस्त एक्शन एपिसोड कां प्रतीक्षा रहेगा
Ajju nisha k karib ane k too koy chans hi drishti nahee arahe he plz der kitni bi hu halanki nisha k sath koy or durghatana mat karbana plz plz plx
Meri Jung (Restart) – New Episode
भाग 136 -
निशा केँ जाने केँ बाद इकराम नें हिना कि तरफ देखा, जिसका चेहरा लज्जा सें पूरीतरह सें लाल होँ चुका थां। पता नहि क्यूं पर्र इकराम कों हिना कां चेहरा देखकर उसपर औऱ भि ज़्यादा प्रेम आँ रहा थां। इसलिये उसने जल्दी अपने दफ़्तर कों अंदर सें लॉककर लिया औऱ हिना केँ पासआकर उसे एक् बारफिन अपनी बाहों मे भऱ लिया। पऱ अब हिना कों बहुत अधिक लज्जा आँ रही थि। इसलिये वोँ इकराम कों रोकते हुए बोलि
हिना- इकराम स्टॉप इट….ऐ तुम् क्याँ कररहे हौ। छोडो मुझे….
इकराम- मे तौ कुछ भि नहि कररहा…
हिना- तौ फिन तुमने मुझे अपनी बाहों मे क्यूं भररखा हैं
इकराम- वोँ इसलिये मेरीजान…। क्योंकि ऐसा करना मुझे अच्छा लगता हैं
इकराम कि बात सुनकर हिना नें उसकी आखों मे झांकते हुएकहा
हिना- अच्छा जी…। औऱ क्याँ क्याँ क्याँ अच्छा लगता हैं तुम्हें
इकराम- तुम्हें किस करना भि मुझे बहोत पसन्द हैं…। इसकेआगे कां कुछमत पूछना क्योंकि उससेआगे बडने कि तुमने अभि मुझे परमीशन नहि दि हैं, बर्ना उसके बारे मे भि बता देता।
इकराम कि बात सुनकर हिना बुरीतरह सें शर्माते हुए बोलीं
हिना-छी…। कितने गंदे हौ तुम्… कोईभला किसी लडकी सें ऐसी बातें करता हैं क्याँ
इकराम- हाँ… मे करता हूं…
हिना-चलो हटो छोडो मुझे… मुझे नहि करनी तुमसे कोईबात
इकराम- तौ फिनठीक हैं, हम् बातें नहि करते हें… बल्कि डायरेक्ट अपनाकाम शूरू करते हें, जोँ जोया अप्पी केँ अचानक आने सें अधूरा रह गय़ा थां
हिना-कौन सां काम….
इकराम- वही एक् दूसरे कों किस करने कां….
हिना-छी…। मुझे नहि करनाकिस
इकराम- ठीक हैं… तुम् मत करना… मे स्वयं हि कर लूँगा….
हिना- प्लीज इकराम छोडो नाँ मुझे….कोई आँ जाऐगा….
इकराम- अबकोई नहि आऐगा जानेमन… मैंने दरवाजा पहले हि अंदर सें लॉककर दिया हैं औऱ अब तौ जोया अप्पी सें भि हमें पूरी परमीशन मिल गई हैं, तोँ फिन शर्माना कैसा
इतना बोलकर इकराम नें अपने होंठ हिना कों होंठों पऱ रखदिए। हिना नें जैसे हि इकराम कि गरमगरम सांसे अपने चेहरे पऱ महसूस कि तौ वोँ भि इकराम कि बाहों मे पिघलने लगी औऱ फिन वोँ दोनों हि एक् दूसरे कों किस करनेलगे। उनके प्रेम कां येसफर बहुतदेर तक यूँ हि चलतारहा औऱ जबउन दोनों कि सांसे उखडने लगीं तोँ वोँ एक् दूसरे सें अलग होँ गए। अबजब वोँ एक् दूसरे कों प्रेम करके सेटिस्फाई हौ चुके थें। तोँ उन्होंने लम्बी लम्बी सांस लेकर अपने आप् कों रिलेक्स किया औऱ फिन अपना हुलिया ठीक करके निशा केँ दफ़्तर कि तरफचल पडे। हाँलाकि हिना कों निशा केँ पास जाने मे अब बहोत अधिक लज्जा आँ रही थि। पर्र निशा नें स्वयं उसे अपने दफ़्तर मे बुलाया थां। इसलिये निशा केँ पास जानां उसकी मजबूरी थि। जब वोँ दोनों निशा केँ दफ़्तर मे पहुँचे तोँ निशा उनकी टांग खींचते हुए बोलि
निशा-अरे… इतनी जल्द तुम् दोनों कां काम भि पूरा हौ गय़ा… मुझे तौ लगा थां कि प्रोग्राम लम्बा चलेगा।
निशा कि बात सुनकर हिना कां चेहरा लज्जा केँ कारण औऱ भि अधिक सुर्ख लाल होँ गय़ा थां। हाँलाकि इकराम कों भि निशा केँ सामने आने मे लज्जा आँ रही थि। पऱ फिन भि वोँ जैसे तैसे करके निशा सें बोला
इकराम- अरे दोस्त अप्पी अबबंद भि करो नां… कब तक हम् दोनों कि ऐसे हि टांग खींचती रहोगी।
निशा-अरे बाबा मे कहां कुछकह रही हूं…। अच्छा छोडोये सभी औऱ चुपचाप आकरबैठ जाओ। मुझे तुम् दोनों सें एक् जरूरी बात पर्र डिस्कस करना हैं।
निशा कि बात सुनकर इकराम औऱ हिना दोनों हि चुपचाप निशा केँ सामने बाली चेयर पर्र बैठगऐ। जिसके बाद निशा नें केहना शुरुआत किया।
निशा- देखो तुम् दोनों केँ बीच जौ येसभी चलरहा हैं, वोँ मुझसे याँ रॉ दफ़्तर मे किसी औऱ सें छिपा नहि हैं, औऱ नाँ हि किसी कों इसमें कोई ऐतराज हैं। बल्कि सच तौ ये हैं कि मे हिना कों अपनी भाभी केँ रूप मे बहुत पहले हि एक्सेप्ट कर चुकी हूं। इसलिये मे चाहती हूं कि तुम् दोनों अपनेइस रिश्ते कों एक् नामदो।
निशा कि बात सुनकर इकराम जल्दी बोला
इकराम- हमें अपने रिश्ते कों आगे बडाने मे कोई प्राब्लम नहि हैं अप्पी। मगर आप् तोँ जानती हि हें कि जब तक आपकाघऱ फिन सें नहि बस जाता। तब तक मे विवाह नहि कर सकता।
निशा-हाँ मुझेपता हैं। मगर मेरीबजह सें हिना कों प्रतीक्षा करवाना भि तौ ठीक नहि हैं।
हिना- मुझे प्रतीक्षा करने मे कोई प्राब्लम नहि हैं अप्पी। जब इकराम दिल सें हमारे रिश्ते कों आगे बडाना चाहेगा, हम् दोनों तभी विवाह करेंगे।
हिना कि बात सुनकर निशा चिढते हुए बोलि
निशा-ऐ तौ हद होँ गई… मैंने तोँ सोचा थां कि हिना तुम् इकराम सें कहीं ज़्यादा समझदार हौ औऱ मेरीबात समझोगी। मगर तुम् तौ उसका हि संगदे रही होँ।
हिना-अब जब इकराम सें प्रेम किया हैं तौ उसकासंग देना तौ बनता हैं नां अप्पी
हिना कि बात सुनकर निशा चिढते हुए बोलि
निशा-ऐ फिल्मी डायलॉग बाजी मेरे सामने तौ करो हि मत…। मे इन सबसे बहोत पहले हि आगेबड चुकी हूं। कम सें कम एक् बार प्रैक्टिकली मेरीकही बात केँ बारे मे सोचो तौ सही। इकराम जोँ चाहता हैं, वोँ इतनी जल्द पॉसिवल नहि हैं।
हिना- क्यूं पॉसिबल नहि हैं अप्पी… वोँ बस इतना हि तौ चाहता हैं कि आप् विवाह करके सैटल हौ जाऐं। बैसे भि आज नहि तोँ कल आपको विवाह करनी हि हैं। तोँ आपकी विवाह केँ बाद हम् दोनों भि विवाह कर लेंगे।
निशा-ऐसा नहि हैं हिना…। मे कोई विवाह बादी नहि करने बाली
हिना- पर्र क्यूं
निशा- क्योंकि मेरी विवाह बहुत पहले हि हौ चुकी हैं। मगर एक् मिस अंडरस्टैंडिंग कि बजह सें मे अपने पति सें अलग हौ गई हूं। हाँलाकि हमारा डायवोर्स नहि हुआ हैं। इसलिये इकराम चाहता हैं कि मेरे औऱ मेरे पति केँ बीच मे सभीकुछ ठीक होँ जाऐ।
हिना-हाँ तौ इसमें क्याँ प्राब्लम हैं… जोँ हुआउसे भूल जाईऐ नां…। आखिर गलतियाँ किससे नहि होती हें। पुरानी बातों कों भूलकर नऐ शिरे सें अपने रिश्ते कि शुरूआत करने मे कोई बुराई नहि हैं।
निशा- तुम् नहि समझोगी मेरीजान…। जबकोई अपना जौ तुम्हारे दिल केँ सबसे अधिक लगभग हौ, अगर वोँ तुम्हें ठुकरा दे तौ कैसा लगता हैं।
निशा कि बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होतेहुए बोलि
हिना- मुझे तौ कुछ भि समझ नहि आँ रहा हैं कि आप् आखिर क्याँ कहरही होँ।
हिना कि बात सुनकर निशाउसे समझाते हुए बोलीं
निशा-असल मे मे औऱ मेरे पति बचपन केँ यार थें, हम् दोनों संग मे पलेबडे हें, यहा तक कि हम् दोनों बचपन मे एक् हि थाली मे खानां भि खाते थें। इसबात सें तुम् अंदाजा लगा सकती होँ कि हमारे बीच कितना गहरा प्रेम होगा, एक् संग हंसते खेलते जब हम् बडेहुए तोँ एक् दूसरे सें प्रेम कर बैठे औऱ फिन विवाह। मगर विवाह केँ कुछ सालों बाद अंतदीन दर्द मिला। जिसे भुलाना इतना आसान नहि हैं।
हिना- तोँ फिन आप् उस इंशान सें तलाक लेकरनए शिरे सें जीवन शुरुआत क्यूं नहि करती होँ।
निशा- नहि कर सकती… क्योंकि मे अब भि उनसे बेइंतहां प्रेम करती हूं
हिना- औऱ वोँ….
इसबार हिना केँ सबाल कां जबाब इकराम नें दिया
इकराम- जीजाजी तोँ अप्पी केँ प्रेम मे पूरीतरह सें पागल हें…। जब सें अप्पी उनसेदूर हुईं हें, तब सें वोँ पागलों कि तरह सारी दुनिया मे अप्पी कों तलास करतेफिन रहे हें, पर्र अप्पी हें कि उनके सामने जानां हि नहि चाहती।
इकराम कि बात सुनकर हिना हैरान होतेहुए बोलीं
हिना- पर्र क्यूं…। जब उन्हें अपनी गलती कां एहसास होँ चका हैं तोँ फिन जोया अप्पी आखिर उनसे मिलकर सारीमिस अंडरस्टैंडिंग क्लियर क्यूं नहि कर रहीं हें।
निशा- क्योंकि मे अभि तक उनपर इतना विश्वास नहि करपाई हूं कि वोँ आगे चलकरफिन कोई गलती नहि करेंगे। जब मुझे उनपर पूरा यकीन हौ जाऐगा, तौ मे स्वयं हि उनसे मिलकर सभीकुछ सुलझा लूँगी। पर्र इसमें बहुत वक़्त लग सकता हैं।
हिना- आखिर वोँ इंसान हैं कौन जिसने आपकेसंग येसभी किया….दिल तौ कररहा हैं कि सीधा उसके सामने जाकर उसका मूँहतोड दूँ।
हिना कि बात सुनकर इकराम एक् गहरी सांस लेतेहुए बोला
इकराम- तुम् उसे अच्छी तरह सें जानती हौ हिना… इन्फेक्ट रॉ दफ़्तर कां हर एक् इंशान उसे जानता हैं।
इकराम कि बात सुनकर हिना औऱ भि अधिक हैरान होतेहुए बोलि
हिना-कौन हैं वोँ……
अब चूँकि बातइस मोढ तक आँ पहुँची थि, तौ निशा नें मन हि मनतय किया कि हिना सें अब अपनासच औऱ अधिक छिपाना ठीक नहि हैं, क्योंकि वोँ औऱ इकराम एक् संग हें, जिस कारणआज नहि तौ कल हिना कों उसके औऱ अज्जू केँ बारे मे सारासच पताचल हि जाऐगा। निशा नहि चाहती थि कि कुछ सालों पहले पूरासच पता नाँ होने केँ कारण जोँ गलत फहमी जिया कों हुइ थि, वैसी हि कोईगलत फहमीकभी हिना कों होँ। इसलिये निशा एक् गहरी सांसे लेतेहुए बोलीं
निशा- देखो हिना तुम् कोईगैर नहि होँ… इन्फेक्ट तुम् मेरे औऱ इकराम केँ परिवार कां हि एक् हिस्सा हौ। इसलिये तुमसे कुछ भि छिपाना ठीक नहि हैं। पऱ मे चाहती हूं कि तुम् मुझसे बादाकरो कि अब मे तुम्हें जौ बताने बाली हूं वोँ तुम् बस अपने तक हि रखोगी औऱ गलती सें भि किसी सें भि नहि कहोगी।
निशा कि बात सुनकर हिना औऱ भि ज़्यादा कन्फ्यूज होतेहुए बोलीं
हिना-ठीक हैं…। मे आपसे वादा करती हूं जोया अप्पी…। मगर आखिरऐसी कौन सि बात हैं जिसके लिए आपको मुझसे ये वादा लेनापडा।
हिना कि बात सुनकर निशा नें एक् नजर इकराम कि तरफ देखा औऱ फिन एक् लम्बी सांस लेतेहुए बोलीं
निशा- देखो हिना…। मे औऱ इकराम सगे भइया बेहन नहि हैं औऱ नाँ हि हमारे बीचदूर दूर तक कोई नाता हैं। इन्फेक्ट मे तौ तुम्हारे मजहब कि भि नहि हूं। मगर इकराम मुझेदिल सें अपनी बेहन मानता हैं औऱ मे भि पूरेदिल सें इकराम कों अपना भइयामान चुकी हूं। भले हि हमारे बीचकोई खून कां नाता नां होँ पऱ हमारा ये नातासगे भइया बहनों सें कम भि नहि हैं।
इतना बोलकर निशा नें एक् नजर हिना पर्र डाली… जिसके चेहरे पऱ हैरानी बालाकोई भाव नहि थां। जिसका मतलतब थां कि हिना कों पहले सें हि इसबात कां अंदाजा थां औऱ हुआ भि यही। निशा केँ चुप होते हि हिना बोलि
हिना- मुझेइस बात कां पहले सें हि अंदाजा थां कि आप् औऱ इकराम सगे भइया बेहन नहि हौ, पऱ ये नहि पता थां कि आप् हमारे मजहब सें भि नहि होँ…। तौ फिन आपका असलीसच क्याँ हैं औऱ मैंने इकराम केँ मोबाईल मे उसके बचपन केँ जोँ फोटो देखे हें, उनमें आप् क्याँ कररही हें।
निशा-असल मे वोँ मे नहि हूं…। बल्कि इकराम कि सगी बेहन जोया हैं……
हिना-बेट…। अबभला इसबात कां क्याँ मतलबहुआ कि वोँ इकराम कि सगी बेहन जोया हैं…। क्याँ आप् जोया नहि होँ….
निशा- नहि… मे जोया नहि हूं…। बातबस इतनी सि हैं कि कुछ सालों पहले कश्मीर मे कुछ आतंकवादियों नें इकराम कि बडी बेहन जोया कां रेप करके उसका मर्डर कर दिया थां। उससमय इकराम इंडियन आर्मी मे नौकरी करता थां। मगरजब उसे अपनी बेहन केँ बारे मे पताचला तौ उसनेउन आतंकवादियों कों चुन चुनकर मार डाला। जिसके बाद इकराम कां कोर्ट मार्सल करके इण्डियन आर्मी सें निकाल दिया गय़ा। मगर इकराम कि काबीलियत देखते हुएचीफ नें इकराम कों रॉ मे शामिल कर लिया थां। जिसके बाद एक् मिशन केँ दौरान मेरी इकराम सें मुलाकात हुईँ थि। उस दौरान इकराम कों मेरानाम नहि पता थां औऱ उसे मुझमें अपनीबही बेहन जोयाझलक दिखाई देती थि। इसलिये तब सें हि इकराम मुझे जोया अप्पी कहकर बुलाने लगा, औऱ फिन इकराम कि देखा देखी मे रॉ केँ बाकीलोग भि मुझे जोयानाम सें जानने लगे।
हिना- हुम्मम येबात हैं… तौ फिन आप् चीफ कि फैमली सें हौ क्याँ… आईमीन क्याँ आप् चीफ कि भतीजी हौ…। क्योंकि रॉ मे कई लोगों नें आपकोचीफ सें अंकल कहतेहुए सुना हैं।
निशा- नहि… हमारे चीफ सें भि मेराकोई ब्लड रिलेशन नहि हैं…। असल मे चीफ नें अपनी सारी जीवनइस देश केँ नामकर दि थि, जिस कारण उन्होंने कभी विवाह नहि कि, औऱ इसीलिए उनकाकोई उत्तराधिकारी भि नहि थां। जिस कारण मुझसे मिलने केँ बाद उन्होंने ऑफिशियली मुझे एडोप्ट करके अपनी भतीजी बना लिया थां औऱ बाद मे इकराम कों भि एडोप्ट करके अपना बेटा बना लिया। इस तरह सें अब मे, हमारे चीफ, औऱ इकराम हम् तीनों हि एक् हि परिवार कां हिस्सा बन चुके हें।
निशा कि बात सुनकर हिना हैरान होतेहुए बोलीं
हिना-ओ ओ…येबात हैं………। बडी हि इंट्रेस्टिंग किस्सा हैं आप् लोगों कि…… तौ फिन आपका असलीनाम क्याँ हैं….
हिना कां सबाल सुनकर एक् बारफिन निशा औऱ इकराम कि नजरें एक् दूसरे सें मिलीं, अगले हि लम्हा निशा नें कुछ पलों केँ लिए अपनीं आँखें बंद कि, जिसके बाद देखते हि देखते निशा कां चेहरा बदलने लगा औऱ अब वोँ जोया कि स्थान निशा यानि अपने असली चेहरे केँ संग हिना केँ सामने बैठी हुई थि। निशा कों इसतरह अपना चेहरा बदलते देख हिना करीब अपनी चेयर सें उछलपडी औऱ हकलाते हुए बोलि
हिना-ऐ ऐऐ आपने केसे किया जोया अप्पी…। क्याँ आप् कोई मैजिक बगैरह जानती होँ…
हिना केँ इसतरह हैरान होने सें निशा मुस्कुराते हुए बोलीं
निशा- नहि ऐसा नहि हैं… असल मे मेरे अंदरकुछ सुपर पावर्स हें… जिनकी सहायता सें मे अपना चेहरा बदल सकती हूं… इसके अलावा मेरे अंदरकुछ औऱ पावर्स हें… जौ मे तुम्हें फिन किसीदिन बता दूँगी।
हिना- पऱ केसे… आप् इंशान हि हौ याँ फिन एलियन….
हिना कि बात सुनकर निशा हंसते हुए बोलीं
निशा-अरे बाबा मे 100 प्रतिशत इंशान हि हूं…। बातबस इतनी सि हैं कि कुछ सालों पहले मेरे पति नें एक्सपेरीमेंट केँ दौरान एक् सीरम रेडी किया थां, जौ इंशानों कां डी.एन.ए। बदलकर उसे सुपर ह्यूमन बना देता हैं। मगरजब उन्हें इसबात कां अंदाजा हुआ कि अगर वोँ सीरम किसीगलत इंशान केँ हाथ मे लग गय़ा तौ पूरी मानवता खतरे मे पड सकती हैं। तौ उन्होंने अपनेउस सीरम कों मेरे औऱ अपने अंदर इंजेक्ट कर लिया। ताकिकोई गलत इंशान हमसे वोँ सीरम छीनने कि कोशिश नां करे। संग हि संग उन्होंने अपना फार्मूला औऱ रिसर्च सें रिलेडेट सारा डाटा नष्टकर दिया थां, ताकि फ्यूचर मे वोँ स्वयं भि उस सीरम कों दोवारा नाँ बना सकें। उस सीरम केँ कारण हमारी कुण्डलिनी शक्ति एक्टिवेट हौ गई। जिसके बाद हमेंऐ सुपर पवार मिलीं हें।
निशा कि पूरीबात सुनकर हिना नें एक् गहरी सांस लेतेहुए कहा
हिना-ओह। तोँ येबात हैं… खैर जौ भि होँ, मगरये हमारे देश केँ लिए तोँ अच्छा हि हैं…। पर्र आपनेअब तक ये नहि बताया कि आपका असलीनाम क्याँ हैं…। एक् मिनट… मुझे आपका चेहरा कुछकुछ जानां पहचाना क्यूं लगरहा हैं…….
इतना बोलते हि हिना अचानक सें हैरान होतेहुए बोलीं
हिना- याँ अल्लाह…। आप् तौ निशा शर्मा हौ…। वही निशा शर्मा जिसे मिस्टर अजयकई सालों सें ढूंडरहे हें……
अब हैरान होने कि बारी इकराम कि थि…। वोँ हिना कि बात सुनकर बुरीतरह सें कंफ्यूज होतेहुए बोला
इकराम- तुम्हें जोया अप्पी केँ बारे मे इतनासभी कुछ केसेपता
इकराम कि बात सुनकर उस कमरे मे एक् लम्बी खामोशी छा गई……
कथा जारी हैं.
Sandar update sayed ajju nisha k karib pahuch jaye ya phir ekram kee sagai mai family samil hongi too divya too jarur pehchane gi or agar monu k papa honge too bo bi pehachanjayege Sabse badi bat mummy or chutki too jarur pahechane gi
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भाग 137 -
कुछदेर कि खामोशी केँ बाद अचानक सें हिना मुस्कुराते हुए बोलि
हिना- शायद मिस्टर इकराम आप् भूलरहे हें कि मे मिस्टर मनोज कि तरह हि एक् आई.पी.एस। ऑफिसर हूं औऱ मेरी पोस्टिंग भि यहीं दिल्ली शहर मे हैं। जब मिस्टर अजय नें निशामैम मेरा मतलब हैं कि जोया अप्पी कों ढूंडने केँ लिए उनकी डिटले औऱ फोटो पुलिस डिपार्टमेंट कों दिए थें, तौ उनकी एक् कॉपी मेरेपास भि भेजी गई थि, उस वक़्त मैंने जोया अप्पी कों ढूंडने कि बहुत कोशिश कि थि, मगर मुझे उनके बारे मे कोई सुराग नहि मिला थां। मुझे क्याँ पता थां कि निशा शर्मा हम् सबकी आंखों केँ सामने अपनी पहचान बदलकर रह रहीं हें। अब तोँ मुझे मिस्टर अजय पऱ भि तरस आँ रहा हैं। वोँ बेचारे जानते हि नहि हें कि जिसे वोँ सारी दुनिया मे ढूंडते फिनरहे हें, वोँ उनकी आँखों केँ सामने हि हें।
हिना कि बात सुनकर निशा मुस्कुराई औऱ फिन अपने बारे मे बाकी बातें हिना कों बताने लगी। सारी बातें बताने केँ बाद निशा नें कहा।
निशा-अब जब तुम् मेरे बारे मे सभीकुछ जान हि गई होँ तौ मे तुमसे उम्मीद करती हूं कि तुम् भूलकर भि मिस्टर मनोज औऱ मिस्टर अजय कों मेरासच नहि बताओगी।
निशा कि बात सुनकर हिना मुस्कुराते हुए बोलि
हिना- मे वादा करती हूं जोया अप्पी… मे आपकासच मरतेदम तक कभी किसी कों नहि बताऊँगी।
हिना कि बात सुनकर निशा औऱ इकराम नें एक् राहत कि सांसली, औऱ फिन निशा नें हिना सें कहा
निशा- तौ फिनअब आगे कां क्याँ सोचा हैं…
निशा कि बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होतेहुए बोलीं
हिना- मतलब
निशा- मतलब कि अबजब तुम् मेरे बारे मे सभीकुछ जान हि गई हौ तोँ अब मेरेइस नालायक भइया कों समझाओ औऱ जल्द सें जल्द विवाह करलो।
निश कि बात सुनकर हिना मुस्कुराते हुए बोलि
हिना- देखो जोया अप्पी इसबात मे तोँ मे इकराम केँ संग हूं… जब तक आपके औऱ अजयसर केँ बीचसभी कुछठीक नहि हौ जाता। तब तक हम् दोनोें विवाह नहि करेंगे।
हिना कि बात सुनकर निशा अपनासिर पकडते हुए बोलीं
निशा-हे ईश्वर मे भि कहां अपनीसिर माररही हूं…। लगता हैं कि मैंने इस हिना कि बच्ची कों अपनी भाभी बनाकर गलतीकर दि। अरे बेबकूफों अगर मेरे चक्कर मे रहे तोँ तुम् दोनों ऐसे हि कुंवारे केँ कुंवारे हि रह जाओगे।
हिना- हमेंकोई प्राब्लम नहि हैं अप्पी…। बैसे भि मे औऱ इकराम मिलकर कोई नां कोई चक्कर चला हि लेंगे, जिससे आप् औऱ अजयसर केँ बीच कि दूरियाँ कम होँ जाऐं।
आखिरकार निशाउन दोनों केँ सामने हार मानते हुए बोलीं
निशा- अच्छा ठीक हैं बाबामत करो विवाह… मगरकम सें कम तुम् दोनों सगाई मेरा मतलब खित्बा तौ कर हि सकते हौ।
निशा कि बात सुनकर इकराम औऱ हिना नें एक् दूसरे कों देखा औऱ फिन इकराम मुस्कुराते हुए बोला
इकराम- हाँ उसमें हमेंकोई प्राब्लम नहि हैं….
निशा- थैंक्स गॉड….कम सें कम सें मेरी एक् बात केँ लिए तोँ तुम् दोनों माने। तौ फिनठीक हैं हिना, तुम् अपनेघऱ पर्र इकराम केँ बारे मे बातकर लो, उसकेबाद हम् दोनों तुम्हारे घऱ ऱिश्ता लेकर आँ जाऐंगे औऱ फिन एक् छोटी सि सेरेमनी करके तुम् दोनों कि सगाई भि कर देंगे।
निशा कि बात सुनकर हिना थोडा शर्माते हुए बोलि
हिना- वोँ वोँ मैंने अपनेघऱ पऱ इकराम केँ बारे मे पहले हि बता दिया हैं, औऱ मेरेघऱ बालों कों हमारे रिश्ते सें कोई प्राब्लम नहि हैं।
निशा-ऐ तोँ औऱ भि अच्छी बात हैं… तौ फिन एक् दोदिन मे मे औऱ इकराम तुम्हारे घऱआकर तुम्हारे पैरेंट्स सें बातकर लेंगे।
हिना- जैसा आपकोठीक लगे…। आप् डेट डिसाईड करके मुझेबता देना….
इसकेबाद उन तीनों नें कुछदेर यूँ हि एक् दूसरे सें बातें कि औऱ फिन इकराम हिना केँ संगवहा सें चला गय़ा। उन दोनों केँ जाने केँ कुछदेर बाद हि अज्जू निशा केँ दफ़्तर मे आया। असल मे पूरीतरह सें ठीक होने केँ बाद निशा नें अज्जू कों ढेर सारे ऑफीशियल काम सौंपदिए थें। जिस कारण अज्जू पिछले कुछ दिनों सें उन कामों कों पूरा करने मे बिजी थां औऱ इसी सिलसिले मे उसेकुछ फाईलों पऱ ऐजेंट जीरो यानि जोया केँ साईन चाहिए थें। जब अज्जू जोया केँ दफ़्तर केँ अंदरआया तोँ उससमय जोया कवर्ड केँ सामने खडी होकरकोई सामान याँ फाईल ढूंडरही थि। जिसबजह सें जोया कि बैक साईड अज्जू कि तरफ थि।
चूँकि आज जोया नें ब्लैक कलर कि स्किन टाईट जींस औऱ पिंककलर कि फार्मल शर्ट पहनी हुइ थि। जिसमें वोँ कुछ ज़्यादा हि सेक्सी लगरही थि। ऊपर सें उसकी टाईट जींस मे जोया कि पेंटी शेप भि साफसाफ दिखाई देरही थि, जिस कारण अज्जू कों अपने पेंट केँ अंदर हलचल महसूस होनेलगी। पऱ जल्द हि उसने अपने इमोशन कों कंट्रोल कर लिया। मगर पता नहि क्यूं उसे पीछे कि तरह सें जोया कां फिगर बिल्कुल निशा केँ फिगर कि तरह दिखाई देरहा थां। अगरउसे पहले सें पता नहि होता कि उसके सामने खडी लडकी जोया हैं, तौ वोँ पक्का आजउसे निशा हि समझ लेता।
अचानक सें निशा कां ख्याल मन मे आते हि, अज्जू कुछ पलों केँ लिए अपनी पुरानी यादों मे खो गय़ा। इस दौरान उसेपता हि नहि चला कि जोयाकब अपनाकाम पूरा करके बापिस अपनी चेयर पर्र बैठ चुकी हैं। जब जोया कों लगा कि अज्जू बहुतदेर सें उसेयूँ हि ताड़रहा हैं तोँ उसने अज्जू कों टोकते हुएकहा।
निशा- मिस्टर अजय…। आप् यहा पर्र किसीकाम सें आऐ थें याँ शिर्फ मुझे घूरने यहाआऐ हें।
निशा कि बात सुनकर अचानक सें अज्जू अपनी यादों सें बाहर् आया औऱ हडबडाते हुए बोला
अज्जू- आईआईएम सॉरीमिस जोया… वोँ वोँ मुझेइन फाईलों पर्र तुम्हारे साईन चाहिए
इतना बोलकर अज्जू नें अपने हाथों मे पकडी हुई फाईल्स निशा केँ सामने रख दींं। एक् नजरउन फाईल्स कों देखते निशासमझ गई कि वोँ कमप्लीट होँ चुके ऑपरेशन कि रिकार्ड फाईल हें। मगर निशा अज्जू केँ सामने उनपर साईन नहि करना चाहती थि। क्योंकि उसके ऑफीशियल साईनअब भि वही पुराने साईन थें, जिन्हें देखते हि अज्जू उसे पहचान सकता थां। इसलिये निशा अज्जू कों टालते हुए बोलि।
निशा- एक् कामकरो मिस्टर अजय, तुम् इन फाईलों कों यहीँछोड दो… मे एक् बारसब फाईलों कों अच्छी तरहचैक करने केँ बाद साईनकर दूँगी औऱ स्वयं हि फाईलचीफ केँ पासजमा भि करवा दूँगी।
अज्जू कों इसमें कोई प्राब्लम नहि थि। इसलिये वोँ बोला
अज्जू- ठीक हैं… जैसा तु्म्हें ठीकलगे….
इतना बोलकर अज्जू जैसे हि वहां सें जानेलगा तोँ, ठीकतभी उसेयाद आया कि यहाआते टाइम उसने देखा थां कि जोया केँ दफ़्तर सें इकराम औऱ हिना दोनों हि खुश होतेहुए बाहर् निकले हें। बैसे भि पिछले कुछ दिनों सें वोँ उन दोनों कों एक् संग अकेले मे टाईम स्पेंड करतेहुए देख चुका थां। जिससे उसे इतना अंदाजा तौ होँ गय़ा थां कि इकराम औऱ हिना केँ बीच जरूरकुछ पकरहा हैं। मगर वोँ इसबात कों लेकर कंफर्म नहि थां। तभी उसकेमन मे ख्याल आया कि क्यूं नां इस बारे मे मिस जोया सें हि पूछ लियाजाऐ। आखिर वोँ इकराम कि बेहन हैं। इसलिये वोँ थोडा हिचकिचाते हुऐ बोला
अज्जू- बैसेमिस जोया मैंने अभि अभि इकराम औऱ हिना कों आपके दफ़्तर सें बाहर् जातेहुए देखा हैं। क्याँ वोँ दोनों किसी मिशन पर्र संग मे कामकर रहे हें।
अज्जू कां सबाल सुनकर निशा नें एक् नजर अज्जू पऱ डाली औऱ फिन लापरवाही सें अपनी फाईलों कों चैक करतेहुए बोलीं
निशा-हाँ…। वोँ दोनोंं अपनी जीवन केँ सबसे मुश्किल मिशन पऱ कामकर रहे हें
निशा कि बात सुनकर अज्जू थोडा हैरान होतेहुए बोला
अज्जू- कौन सें मिशन पऱ…। औऱ मुझे उसके बारे मे क्यूं नहि पता
निशा- मिशन विवाह…….
निशा नें बस एक् हि शब्द मे अपनीबात कह दि थि। जिसे सुनकर अज्जू बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोला
अज्जू- व्हॉट…। पऱ येकबहुआ
निशा- नहि नहि अभि उनकी विवाह नहि हुइ हैं… मगर जल्द हि होने बाली हैं। असल मे वोँ दोनों अभि एक् दूसरे कों डेटकर रहे हें। एक् दोदिन मे मे हिना केँ पैरेंट्स सें मिलकर दोनों कि सगाई फिक्स करवा दूँगी। उसकेबाद उन दोनों कि मर्जी कि कब वोँ विवाह करना चाहते हें। बसइसी सिलसिले मे बात करने केँ लिए मैंने दोनों कों अपनेपास बुलाया थां। हाँलाकि येरॉ हेडक्वाटर हैं, जहाँइस तरह कि बातें डिस्कस करनाठीक नहि हैं। पर्र रॉ कि डिप्युटी चीफ होने कां मे इतना फायदा तोँ उठा हि सकती हूं। हैं नां मिस्टर अजय………….
निशा कि बात सुनकर अज्जू थोडा हडबडाते हुए बोला
अज्जू- हाँहाँ क्यूं नहि…। तौ फिनठीक हैं मे चलता हूं……
इतना बोलकर जैसे हि अज्जू वहा सें जानेलगा तौ इसबार निशाउसे टोकते हुए बोलि
निशा- मिस्टर अजय एक् मिनट… क्याँ आप् मेरे एक् छोटी सि हेल्प कर सकते हें
निशा कि बात सुनकर अज्जू जल्दी बापिस सें पलटा औऱ निशा केँ सामने बाली चेयर पर्र बैठते हुआ बोला
अज्जू- हाँहाँ जरूर… कहिए मे तुम्हारी क्याँ सहायता कर सकता हूं
निशा- वोँ बात दरअसल ये हैं कि मेरेयहा पऱ ज्याद मित्र नहि हैं औऱ नां हि इकराम औऱ मेरे अंकल केँ अलावा मेरायहा पर्र कोई फैमली मैंबर हैं। इसलिये मे चाहती हूं कि आप् औऱ मिस्टर मनोज मेरे भइया इकराम कि सगाई केँ लिए उसकी शॉपिंग करने मे सहायता करें। आई होप कि आपको इससेकोई प्राब्लम नहि होगी। मगर अगर आप् बिजी हें तोँ कोईबात नहि मे स्वयं हि मैनेज कर लूँगी।
निशा कि बात सुनकर अज्जू नें कुछ पलों तक इस बाले मे सोचा औऱ फिन बोला
अज्जू- नो प्राब्लम मिस जोया, मे इकराम कि हेल्प कर दूँगा…। औऱ अगर आप् चाहें तौ इकराम कि सगाई कि तैयारियों मे भि मे आपकी सहायता कर सकता हूं।
अज्जू कि बात सुनकर निशा थोडा हैरान होतेहुए बोलीं
निशा-आर यू सीरियस….
अज्जू- क्यूं इसमें इतनी हैरान होने बाली क्याँ बात हैं….
निशा-अरे कुछ नहि… मुझेबस येलगा कि हिना औऱ मिस्टर मनोज एक् हि डिपार्टमेंट सें हें तोँ शायद आप् मिस्टर मनोज केँ बेस्ट फ्रेंड होने केँ नाते हिना कि तरफ सें सगाई मे सामिल होंगे।
अज्जू- हाँ होना तौ यही चाहिए…। मगरअब जब तुम् भि मेरी मित्र बन चुकी होँ तौ मुझे तुम्हारी सहायता करने मे खुशी होगी।
निशा-ये तोँ वहुत अच्छी बात हैं…। सच कहूँ तोँ यहा कि टेक्निकल टीम केँ अलावा मेराइस दिल्ली शहर मे कोईयार नहि हैं। मगर वोँ सबलोग कुछ अधिक हि बिजी रहते हें। संग हि संग इकराम औऱ मेरे अंकल केँ अलावा मेरे परिवार मे कोईबडा औऱ समझदार सदस्य भि नहि हैं। जिस कारण इकराम कि सगाई कां साराकाम मुझे हि मैनेज करना पडेगा। मगरअगर आप् मेरी सहायता केँ लिए रेडी हें, तोँ फिन मेरेलिए सभीकुछ बहोत आसान हौ जाऐगा।
निशा कि बात सुनकर इकराम खुश होतेहुए बोला
अज्जू- तोँ फिनतय रहा कि मे इकराम कि शॉपिंग सें लेकर बाकीसब तैयारियों मे मे तुम्हारी सहायता करूँगा औऱ हौ सके तोँ मोनू कों भि अपनेसंग लेते आऊँगा।
निशा-जब इतनासभी कुछ आप् कर हि रहे हें तोँ फिन मेरेसंग हिना केँ घऱ सगाई कि डेट फिक्स करने भि चलना, अगर आप् भि संग होंगे तौ मुझे अच्छा लगेगा
अज्जू- हाँहाँ कोईबात नहि हैं…। तुम् मुझेडेट औऱ टाईमबता देना…
अज्जू कि बात सुनकर निशा भि खुश होतेहुए बोलीं
निशा- तौ फिनठीक हैं मिस्टर अजय… इकराम कि शॉपिंग सें लेकर सगाई तक कि सारी जिम्मेदारियाँ मे आपकेऊपर छोडती हूं औऱ हाँ इकराम कि सगाई मे आप् अपनी औऱ मनोज कि पूरी फैमली कों अपनेसंग लानामत भूलना। इस बहाने मै आप् लोगों कि फैमली सें भि मिल लूँगी।
अज्जू- हाँहाँ ठीक हैं…। मे सब लोगों कों इस बारे मे बता दूँगा… बैसेमिस जोयाअगर तुम् बुरा नां मानो तौ क्याँ मे तुमसे एक् सबालपूछ सकता हूं।
निशा-हाँ हाँ पूछो….
अज्जू- क्याँ तुम् मेरी पत्नी निशा कों जानती हौ….
अज्जू केँ मूंह सें ये सबाल सुनकर निशा एक् लम्हा केँ लिए हैरान रह गई थि, क्योंकि उसनेकभी भि अज्जू सें इस सबाल कि उम्मीद नहि कि थि। मगर अगले हि समय निशा नें अपने आपको संभाला औऱ मुस्कुराते हुए बोलि
निशा- मेरेसंग इतने दिनों तक काम करने केँ बादआज अचानक सें ये सबाल क्यूं… मेरा मतलब हैं कि आपकोऐसा क्यूं लगता हैं मिस्टर अजय कि मे आपकी एक्स बाईफ कों जानती हूं।
निशा कि बात सुनकर अज्जू थोडा चिढते हुए बोला
अज्जू- पहलीबात तोँ येमिस जोया कि निशा मेरी एक्स बाईफ नहि हैं, बल्कि वोँ अब भि मेरी बीबी हैं। इसलिये उसेबार बार मेरी एक्स बाईफ कहनाबंद कीजिए। मे पहले भि आपकोइस बारे मे बोल चुका हूं। दूसरी बातये कि जब तुम् शालिमार दीप पर्र घायल होँ गई थि, तबमि। प्रभू यानिचीफ नें मुझसे कहा थां कि इस दुनिया मे केबल तुम् होँ जोँ मुझे निशा तक पहुंचा सकती होँ। बस इसीलिए मैंने ये सबाल किया
अज्जू कि बात सुनकर निशा नें उसकी आँखों मे झांका, हाँलाकि निशाइस टाइम जोया केँ रूप मे थि, जिस कारण वोँ अपनी सुपर पावर कां यूज करके अज्जू कां मन नहि पड सकती थि। इसलिये उसने जल्द हि अज्जू सें अपनी नजरें फेरलीं औऱ बोलि
निशा-बस यही कारण हैं याँ फिनकोई औऱ भि कारण हैं मिस्टर अजय
अज्जू- हाँ मेरेइस साबल केँ कुछ औऱ भि कारण हें… असल मे तुम्हारी कई सारी आदतें निशा सें मिलती जुलतीं हें, इसके अलावा मुझेपता चला हैं कि कि तुम् अपनेहर मिशन पर्र हथियार केँ रूप मे अपना आर्चर संग लेँ जाती होँ, इसका मतलब हैं कि तुम् एक् अच्छी तीरअंजाद हौ, जबकि निशा भि एक् शानदार तीरअंदाज हैं, औऱ सबसेबडा कारण क्वीन हैं…। क्वीन कि 3D इमेज निशा सें बहुत ज़्यादा मिलती जुलती हैं।
अज्जू कि बात सुनकर निशा नें एक् गहरी सांस लेतेहुए कहा।
निशा- आपकेसब सबालों कां मेरेपास बस एक् हि जबाब हैं। हाँ….हाँ मे निशा कों जानती हूं। यहा तक कि मे तुमसे भि बेहतर तरीके सें उसे जानती हूं। हम् दोनों कई सालों सें एक् दूसरे कि बेस्टफ्रेंड हें। मे तब भि उसकेसंग रहती थि जब तुमने निशा कों सबसेदूर अकेले मे उस फार्महाऊस पर्र रहने केँ लिएछोड दिया थां। मे तब भि उसकेसंग थि, जब तुमने उसे अपनी जीवन सें निकाल फेंका थां, मैंने ये तीरअंदाजी उसी सें सीखी हैं औऱ शायद उसकेसंग रहते रहते मेरे अंदर उसकीकुछ आदतें भि आँ गईं हैं। औऱ रहीबात क्वीन कि तौ उसे भि निशा नें हि बनाया हैं।
अज्जू कों जोया सें इसतरह सीधे औऱ स्पष्ट जबाब कि उम्मीद नहि थि, इसलिये निशा कां जबाब सुनकर वोँ बुरीतरह सें हैरान रह गय़ा, मगर जल्द हि अपने आपको संभाल कर उसने पूछा
अज्जू- तोँ फिनअब निशा कहां हैं
हाँलाकि अज्जू केँ इससाल कां जबाब निशा केँ पास थां, पऱ वोँ अज्जू कों सही जबाब देना नहि चाहती थि। इसलिये वोँ एक् गहरीनजर सें अज्जू कों घूरने लगी। उस टाइम निशा कों देखकर ऐसालग रहा थां, जैसे वोँ कुछसोच रही हैं। अज्जू भि बेसब्री सें जोया केँ जबाब कां प्रतीक्षा करनेलगा।
किस्सा जारी हैं.
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