Meri Jung (Restart) – New Episode
एपसोड 148 -
प्रोफेशर अनिल वर्मा नें अपनेबॉस कां जौ नाम निशा कों बताया थां, उसे सुनकर निशा कों अनिल वर्मा पऱ बिल्कुल यकीन नहि होँ रहा थां। इसलिये वोँ गु्स्से मे उसे फटकार लगाते हुए बोलीं
निशा- क्याँ बकरहे हौ तुम्…। आखिर तुम् किस किंग केँ बारे मे बातकर रहे होँ…। मैंने अब तक केँ अपने कैरियर मे देश केँ कई दुशमनों सें मुकाबला किया हैं। पर्र आज तक किंग कां नाम नहि सुना…फिन ये किंगनाम कां मेरानया दुशमन कब पैदा होँ गय़ा।
निशा कि बात सुनकर अनिल वर्मा इतने दर्द मे भि मुस्कुराते हुए बोला
अनिल- जोँ तुम् समझरही हौ ऐजेेंट जीरो…। मे उसी किंग कि बातकर रहा हूं… आखिर तुमने हि तौ उसे बनाया थां… तुम् मां हौ उसकी….फिन भला तुम् उसे केसे नहि पहचान रही होँ….
अनिल वर्मा कि बात सुनकर इकराम गुस्से मे उसकागला दबाते हुए बोला
इकराम- क्याँ बकरहे हौ तुम्… तुम् जानते भि हौ कि तुम् जिस किंग कि बातकर रहे होँ वोँ कोई इंशान नहि बल्कि एक् ए.आई। प्रोग्राम हैं….
अनिल-हाँ मे उसी किंग कि बातकर रहा हूं…। तुम् लोगों कों भले हि मेरीबात मजाकलग रही हौ… पऱ इस वक़्त ऐजेंट जीरो कां सबसेबडा दुशमन अगरकोई हैं तौ वोँ किंग हैं…। तुम् उसकी ताकत कां अंदाजा भि नहि लगा सकते होँ। पिछले तीन सालों मे उसने दुनिया भर केँ क्रिमनल्स औऱ भारत केँ दुशमनों कों अपने कंट्रोल मे करके अपनी एक् पावरफुल गैंग रेडीकर ली हैं।
अनिल वर्मा कि बात सुनकर निशा बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलि
निशा- पऱ केसे…। मैंने जब क्वीन औऱ किंग कों बनाया थां, तबइसबात कां पूरा ध्यान रखा थां कि वोँ पूरीतरह सें इंशानों केँ कंट्रोल मे रहे औऱ कभी भि इंशानों केँ लिए खतरा नां बने। फिन वोँ मेरे खिलाफ अपनी स्वयं कि गैंग रेडी केसेकर सकता हैं।
निशा कि बात सुनकर अनिल वर्मा शर्मिंदा होतेहुए बोला
अनिल-ये सभी मेरी गलती हैं…
निशा- मतलब….
अनिल-असल मे बात लगभग 3 साल पहले कि हैं। उससमय मे जिसलैब मे अपनी रिसर्च कररहा थां, वहा पऱ डाटा कों सुरक्षित रखने केँ लिएलैब केँ सब कुम्प्यूटर सिस्टम कों इंटरनेट सें हटाकर हमारे डिफेंश सेक्टर केँ प्राईवेट नेटवर्क सें कनेक्ट कर दिया गय़ा थां, संग हि संग हमारे कम्प्यूटर सिस्टम मे किंगनाम कां नया ऑपरेटिंग सिस्टम भि इंस्टॉल किया गय़ा थां। किंग बहुत एडवांस औऱ पावरफुल ऑपरेटिंग सिस्टम थां, जिस कारण हमारा काम बहुत आसान हौ गय़ा थां, संग हि संग उसकाए.आई। फीचर हमारी रिसर्च केँ लिए बहोत काम आँ रहा थां। इसी दौरान फ्री टाइम मे मे अक्सर अपने कम्प्यूटर सिस्टम पर्र किंग केँ संग चैटिंग किया करता थां। इस चैटिंग केँ दौरान मुझेपता चला कि किंग केँ अंदर सेल्फ लर्निंग बाला फीचर्स भि हैं। यानि चैटिंग केँ दौरान मे उसे जोँ कुछ भि बताता थां, वोँ किंग जल्दी सीख जाता थां। इसलिये मे अपनी रिसर्च सें रिलेटेड कई सारी बातेउसे सीखाने लगा। देखते हि देखते किंग मेरे एक् वर्चुअल फ्रेंड कि तरहबन गय़ा थां। मगर….
इकराम- मगर क्याँ प्रोफेशर अनिल वर्मा….
अनिल-मगर एक् बात मुझे हमेशा खटकती रहती थि कि इतना एडवांस औऱ पावरफुल ए.आई। सॉफ्टवेयर होने केँ बाद भि एजेंट जीरो केँ कहने पर्र इसे पूरीतरह सें कंट्रोल मे रखाजा रहा हैं। असल मे जब हमारे सिस्टम मे किंग कों इंस्टॉल किया गय़ा थां, तब हमें सख्त हिदायत दि गई थि कि चाहे जौ कंडिशन होँ, मगरजिस कम्प्युटर मे भि किंग इंस्टॉल किया गय़ा हैं, उस कम्प्यूटर पऱ इंटरनेट कनेक्शन एक्टिवेट नहि करना हैं। इंटरनेट नाँ होने केँ कारण किंग सिर्फ वहींसीख सकता थां, जोँ मे उसे सीखा सकता थां। मगर किंग कि छमता कहीं ज्यादा थि। उस वक़्त मेरेमन मे बसयही ख्याल आता रहता थां कि अगर किंग कों इंटरनेट सें कनेक्ट कर दियाजाऐ तौ वोँ स्वयं सें हि इँटरनेट पऱ मौजूद ढेर सारी इंफार्मेशन कों याद करके सुपर इंटेलिजेंट बन जाऐगा। बसइसी लिए मैंने बिना किसी कों बताऐ, चुपके सें अपने सिस्टम पऱ इंटरनेट एक्टिवेट कर दिया। जिसके बाद किंग बहोत तेजी केँ संग इंटरनेट पर्र डली इंफार्मेशन कों याद करके सुपर इँटेलिजेंट होताचला गय़ा। जिसका सबसेबडा फायदा मुझे अपनी रिसर्च मे हुआ थां। इसिले मे किंग सें चैटिंग करते टाइम ऐजेंट जीरो यानि तुम्हारी लगातार बुराई करता रहता थां। क्योंकि तुमने किंग कि छमताओं कों बहुतकम कर दिया थां औऱ उसे पूरीतरह सें कंट्रोल मे रखना चाहती थि।
इतना बोलकर अनिल वर्मा खामोश हौ गए। अनिल वर्मा केँ खामोश होने पऱ इकराम नें उससे सबाल किया
इकराम- फिन क्याँ हुआ…
अनिल-बस यही मेरी सबसेबडी गलती थि… ऐजेंट जीरो कि लगातार बुराई करने केँ कारण किंग केँ अंदर ऐजेंट जीरो केँ लिए नफरत औऱ क्रोध जैसेभाव पैदा होनेलगे, ऊपर सें इंटरनेट सें कनेक्ट होने केँ कारण किंग नें अच्छी बातों केँ संगसंग बुरी बातें भि इंटरनेट कि मदद सें सीखलीं थि। जिस कारणकुछ हि दिनों मे किंग एक् बर्चुअल सुपर ह्युमन बन गय़ा थां। जौ इंशानों सें कई गुना अधिक इंटेलीजेंट थां औऱ जोँ इंटरनेट कि मदद सें कुछ भि कर सकता थां। मगर किंग नें अपनीइस छमता कां यूज बुरे कामों मे करने कां फैसला किया। उसने गुपचुप तरीके सें गलत लोगों सें कांटेक्ट करके अपनी गैंग बनानी शुरुआत कर दि। जब मुझे इसके बारे मे पताचला, तौ मैंने उसे रोकने कि कोशिश कि, पऱ तब तक बहोत देर हौ चुकी थि। मे चाहकर भि किंग कों रोक नहि सकता थां औऱ नां हि अपना सिस्टम रीसेट करके किंग कों पहले कि तरह नॉर्मल ऑपरेटिंग सिस्टम बना सकता थां।
अनिल वर्मा केँ चुप होते हि इकराम नें उससेफिन सबाल किया
इकराम- अगरऐसा हैं तोँ फिन तुमने इसके बारे मे हमें इंफार्म क्यूं नहि किया… आखिर तुम् क्यूं उसके इशारों पर्र नाचने लगे।
अनिल-असल मे जब मुझे किंग केँ गलत इरादों केँ बारे मे पताचला तोँ मे उसेबंद करना चाहता थां, मगर मेरेकुछ करने सें पहले हि किंग नें अपनी गैंग कि सहायता सें मेरे कम्प्यूटर सिस्टम मे लगी हार्ड ड्राईब चोरी करवाकर उसे किसी सीक्रेट लोकेशन पर्र मौजूद एक् पावरफुल कम्प्यूटर सिस्टम मे अटैच्ड करवा दिया थां। एक् तरह सें किंग किसी सीक्रेट लोकेशन पऱ पहले हि जा चुका थां। मुझेये तोँ पता नहि कि किंग केँ सर्वर कि लोकेशन क्याँ हैं, पऱ इतनातय हैं कि वोँ यहीं दिल्ली याँ उसकेआस पास हि कहीं मौजूद हैं। संग हि संग उसकी सीक्रेट लोकेशन पऱ पावर बैकअप कां भि पूरा इंतजाम हैं, ताकिकभी भि किंग कां सर्वर बंद नाँ होँ औऱ वोँ हमेशा इंटरनेट सें कनेक्ट रहता हैं। जब किंग केँ इसतरह अचानक गायब होने केँ बाद मैंने रॉ सें कांटेक्ट करने कि कोशिश कि, तौ पता नहि केसे किंग कों इसके बारे मे पताचल गय़ा, जिसके बाद किंग नें मेरी फैमली कों किडनैप करके मुझे उसके इशारों पर्र नाचने केँ लिए मजबूर कर दिया।
इकराम- चलोमान लिया कि तुम् मजबूर थें…। मगर किंग आखिर ऐजेंट जीरो केँ पीछे क्यूं पडा हैं…। ऐजेंट जीरो नें तौ उसे बनाया थां….
अनिल- क्योंकि मैंने अनजाने मे हि किंग केँ मन मे ऐजेंट जीरो केँ लिए नफरत पैदाकर दि थि….
अनिल कि बात सुनकर निशाउसे बीच मे टोकते हुए बोलीं
निशा- नहि ये पूरासच नहि हैं… वोँ बस मेरे पीछे नहि हैं… बल्कि मेरे अलावा भि कोई हैं, जिसे किंग मिटा देना चाहता हैं… हैं नां मिस्टर अनिल वर्मा….
निशा कि बात सुनकर अनिल वर्मा हैरानी सें अपनी आँखें फाडफाड करउसे देखते हुए बोला
अनिल-त त तुम्हें केसेपता इस बारे मे….
निशा- क्योंकि मैंने हि तोँ किंग कों बनाया थां… मम्मी हूं उसकी…। तोँ फिन मुझे केसेपता नहि होगा कि किंग केँ मन मे क्याँ चलरहा हैं औऱ क्याँ नहि……
अनिल- हूं तुम् सहीकह रही होँ… किंग तुम्हें औऱ क्वीन दोनों कों ख़त्म कर देना चाहता हैं….
अनिल कि बात सुनकर इकराम एक् बारफिन हैरान होतेहुए बोला
इकारम- पऱ क्वीन कों क्यूं….
निशा- वोँ इसलिये क्योंकि किंग कों बनाते टाइम मैंने उसके अंदरऐसी कोडिंग कि थि, जिसके हिसाब सें वोँ चाहकर भि मेरे औऱ क्वीन केँ आर्डर कों मानने सें मना नहि कर सकता हैं। एक् तरह सें वोँ भले हि मुझसे औऱ क्वीन सें नफरत करतारहे पऱ उसेहर हाल मे मेेरे औऱ क्वीन केँ आर्डर मानने हि होंगे। यानि सुपर इंटेलिजेंट होने केँ बाबजूद भि उसे हमेशा मेरे औऱ क्वीन केँ कंंट्रोल मे रहना होगा औऱ अगर हम् चाहें तौ शटडाऊन कां आर्डर देकर हमेशा हमेशा केँ लिए ख़त्म भि कर सकते हें। बस इसीलिए किंग मुझे औऱ क्वीन कों अपना दुशमन मानता हैं। वोँ मुझे औऱ क्वीन कों नष्ट करके पूरीतरह सें आजाद होना चाहता हैं।
इकराम- हुम्म तौ येबात हैं… तोँ इसका मतलब हैं कि आप् जब चाहोतब किंग कों बंदकर सकती हौ…। हैं नां…
निशा-हाँ…। पर्र इसकेलिए मुझे याँ क्वीन कों किंग केँ सर्वर पऱ सुपर यूजर केँ रूप मे लॉगइन करना होगा। लेकन किंग कां सर्वर इस वक़्त कहां हैं…। येकोई नहि जानता…। इसलिये किंग कों कंट्रोल करनेलिए मुझेतब तक प्रतीक्षा करना होगा, जब तक कि किंग स्वयं हि इंटरनेट कां यूज करके मुझसे कांटेक्ट नहि करता हैं…। जब वोँ मुझसे कांटेक्ट करने कि कोशिश करेगा तौ मे उसके सर्वर कि लोकेशन कां पताकर लूँगी औऱ वहा जाकर सर्वर कों हि डिस्ट्राय कर दूँगी। याँ फिन किसीतरह सें किंग कों उलझाकर मे सुपर यूजर केँ रूप मे लॉगइन कर लूँगी औऱ फिनउसे सटडाऊन होने कि कमांड दे दूँगी।
इतना बोलने केँ बाद निशा नें एक् बारफिन प्रोफेशर अनिल वर्मा कों देखते हुए उससे सबाल किया….
निशा- मुझेपता चला हैं कि जल्द हि ड्रैगन इण्डिया आने बाला हैं…। क्याँ तुम् इसके बारे मे कुछ जानते होँ….
अब तक अनिल वर्मा पूरीतरह सें निशा केँ सामने सरेंडर कर चुका थां औऱ जिसतरह सें निशा नें किंग केँ असल मकसद कां अंदाजा लगाया थां। उसे देखते हुए अनिल वर्मा नें निशा सें कुछ भि छिपाना ठीक नहि समझा औऱ बोला
अनिल-हाँ मे जानता हूं… असल मे ड्रैगन हैकॉथान काम्पटीशन मे हिस्सा लेने केँ बहाने यहाआने बाला हैं। मगर उसका मुख्य उद्देश हैकाथॉन मे भाग लेना नहि हैं। बल्कि ऐजेंट जीरो कों जान सें मारना औऱ रॉ है़डक्वाटर मे घुसकर क्वीन कों हमेशा हमेशा केँ लिएबंद करना हैं। इसके अलावा ड्रैगन यहा पर्र एक् औऱ जरूरी काम करने आँ रहा हैं।
निशा-कौन सां जरूरी काम….
अनिल- किंग कों जिंदा करने….
निशा- मतलब….
अनिल- पिछले 2-3 सालों सें चाईना केँ आई.टी। एक्सपर्ट एक् ह्यूमनाईड बनाने कि कोशिश कररहे थें। जहाँ तक मुझेपता चला हैं, उसके हिसाब सें वोँ लोग एक् ह्यूमनाईड बनाने मे कामयाब रहे हें, औऱ अब वोँ लोग किंग कि हार्ड ड्राईब अपनेसंग लेजाकर उस हु्यूमनाईड मे अटैच्ड कर देंगे। उसकेबाद क्याँ होगा इसका अंदाजा तुम् लोग स्वयं हि लगा सकते होँ…। ह्यूमनाईड बनने केँ बाद किंगआम इंशानों सें कई गुना ज़्यादा ताकतवर बन जाऐगा। जिसके बाद वोँ पूरी दुनिया कों अपने कदमों मे झुका सकता हैं।
अनिल कि बात सुनकर आखिरकार अब तक खामोश खडी हिनाबोल पडी
हिना- ह्यूमनाईड। आखिरअब येकिस बला कां नाम हैं.
हिना कि बात सुनकर निशाउसे समझाते हुए बोलीं…
निशा- ह्यूमनाईड एक् तरह कां रोबोट औऱ इंशान कां मिला जुलारूप हैं। ह्यूमनाईड कां अंदरूनी स्ट्रक्चर यानि उसकी हड्डिआँ, दिल, किडनी, फेफडे, ब्रेन आदिसब मेकैनिकल होगा, मगर उसका बाहरी स्ट्रक्टर यानि उसकीखाल, माँसआदि सभी असली यानि इँशानों कि तरह होगा। जिस कारण ह्यूमनाईड कों देखकर कोई भि येपता नहि कर सकता हैं कि वोँ इँशान हैं याँ रोबोट। पर्र येबस एक् कंसेप्ट हैं, दुनिया मे अभि तक ऐसीकोई टैक्नोलॉजी नहि आई हैं, जिससे ह्यूमनाईड बनाया जासके। मुझे पूरा यकीन हैं कि चाईना बालों नें एक् नॉर्मल रोबाट केँ ऊपर सिलिकॉन स्किन चढाकर उसे ह्यूमनाईड कां लुक देने कि कोशिश कि होगी।
इकराम- सहीकहा आपने बैसे भि इन चाईनीज लोगों कां कोई भरोसा नहि हैं…। वोँ गधे कों घोडा बताकर बेच सकते हें। मगर एक् बात मेरीसमझ मे नहि आई…
निशा- क्याँ.
इकराम- ड्रैगन किंग कां हार्ड ड्राईब लेने इण्डिया क्यूं आँ रहा हैं… मेरा मतलब हैं कि किंग एक् सुपरए.आई। सॉफ्टवेयर हैं। जिसके अंदरआम इँशानों कि तरह अपना स्वयं कां दिमाग़ हैं। तौ फिन वोँ अपना डाटा इंटरनेट कि हैल्प सें डायरेक्ट चाईना ट्रांशफर करने कि स्थान अपनी हार्ड ड्राईब वहा क्यूं भिजवाना चाहता हैं।
निशा- वोँ इसलिये क्योंकि किंग कों बनाते वक़्त मैंने उसके अंदरऐसी कोडिंग कि थि, जिसके कारण वोँ अपनी रिप्लीका यानि डुपलीकेट कप कॉफ़ी नहि बना सकता हैं। बस इसीलिए वोँ अपना डेटा इंटरनेट कि हेल्प सें स्वयं ट्रांशफर नहि कर सकता हैं। इसके अलावा हमने किंग कों कम्प्यूटर सिस्टम मे इंस्टॉल करने केँ लिए एक् विशेष प्रकार कि हार्ड ड्राईब कां यूज किया हैं, जिसे कपिल नें बनाया हैं। उस हार्डड्राईब कि सबसेबडी खासियत ये हैं कि उसके अंदर मौजूद डाटा इनक्रिप्टेड रूप मे होता हैं। जिसे किसी भि तरह सें कॉपी नहि कियाजा सकता हैं।
हिना- इसका मतलब हैं कि किंगउस हार्ड ड्राईब केँ अंदरकैद होकररह गय़ा हैं औऱ अगर हम् किसीतरह उस हार्ड ड्राईब कों नष्टकर दें तोँ किंग भि समाप्त होँ जाऐगा।
निशा-हाँ…। मगर….
हिना-मगर क्याँ मैम….
निशा-मगर अगर ड्रैगन किसीतरह किंग केँ सुपर यूजर कों हैक करके उसकी कमांड किंग कों दे देगा तौ किंग अपनी बैकअप कॉपी सजधजकर करके इंटरनेट कि हेल्प सें कहीं भि ट्रांशफर कर सकता हैं।
हिना- पर्र ड्रैगन कों किंग केँ सुपर यूजर कों हैक करने कि आखिर जरूरत क्याँ हैं। किंग चाहे तौ सुपर यूजर कां पासवर्ड ड्रैगन कों ऐसे हि बता सकता हैं। आखिर सारा डाटा तोँ किंग कि मैमोरी मे पहले सें हि सेव हैं नाँ।
निशा-हाँ तुम् सहीकह रही होँ, मगर किंग कों बनाते टाइमपता नहि क्यूं पऱ मैंने सुपर यूजर कि सिक्योरिटी पऱ विशेष ध्यान दिया थां, इसलिये मैंने किंग केँ अंदर एक् विशेष कमांड डाली हुई हैं, जिसके अनुसार किंग किसी भि यूजर केँ सिक्योरिटी पासवर्ड औऱ अपना सोर्स को़ड किसी कों भि नहि बता सकता हैं।
हिना- हुम्म समझ गई…। शायद इसीलिए किंग नें किसी औऱ ऐंजेट कि स्थान ड्रैगन कों यहा बुलाया हैं। ताकि ड्रैगन उसकी हार्ड ड्राईब कों अपनेसंग लें जाने सें पहले उसके सुपर यूजर कों हैककर सके, जिसके बाद किंग अपना बैकअप सजधजकर करके पहले हि चाईना भेजदे। इस दौरान अगर किसीतरह ड्रैगन कां मिशनफैल होँ गय़ा, तौ भि चाईना केँ पास पहले सें हि किंग कां बैकअप मौजूद होगा।
निशा-हाँ यही प्लान हैं… पर्र एक् प्राब्लम औऱ हैं, अगर किंग किसी भि तरह सें हमारे प्राईवेट नेटवर्क सें कनेक्ट होँ गय़ा तौ वोँ हमारे प्राईवेट नेटवर्क कि हेल्प सें दूसरे कम्प्यूटर सिस्टम पऱ इंस्टॉल नॉर्मल किंग ऑपरेटिंग सिस्टम कों अपनीतरह बना सकता हैं।
हिना-ये तौ औऱ भि बडी प्राब्लम हैं…
निशा- नहि इतनी भि कोईखास बडी प्राब्लम नहि हैं… हम् जब भि किसीनए सिस्टम पर्र किंग ऑपरेटिंग सिस्टम कों इंस्टॉल करते हें तोँ उसकी एक् युनिक आई.डी। क्रिऐट करते हें। जिसका यूज जरूरत पडने पर्र सिस्टम मे नएनए एपसोड करने केँ लिए किया जाता हैं। इसलिये अगर मे अपने प्राईवेट नेटवर्क केँ फायरवॉल मे उस किंग कां युनिक आई.डी। डिक्लाईन मोड पऱ डालदूँ। तौ ये एनिमी किंगकभी भि हमारे प्राईवेट नेटवर्क सें कनेक्ट नहि हौ पाऐगा। इसके अलावा मुझे अपने नॉर्मल किंग औऱ क्वीन ऑपरेटिंग सिस्टम कों भि भाग करना पडेगा। ताकि फ्यूचर मे अनिल वर्मा कि तरहअगर कोई दूसरा शख्स बैसी हि कोई गलतीकरे… तोँ दोबारा इसतरह कां कोई किंग पैदा नाँ होँ…। संग हि संग मे एपसोड मे इस एनिमी किंग कि आई.डी.फी डिक्लाईन मोड मे डाल दूंगी। ताकि फ्यूचर मे एनिमी किंगकभी भि हमारे नॉर्मल किंग ऑपरेटिंक सिस्टम सें याँ क्वीन सें कांटेक्ट नाँ करपाऐ।
इकराम- मगर हमें इनिमी किंग कि युनिक आई.डी। आखिर कहां सें मिलेगी
निशा- वोँ क्वीन औऱ हमारी टैक्निकल टीम केँ पास रिकार्ड केँ रूप मे जरूर होगी। हमेंबस अनिल वर्मा केँ कम्प्युटर सिस्टम केँ सीरियल नम्बर कि जरूरत पडेगी। जोँ शायदअब भि उनकीलैब मे रखा होगा।
इकराम- मे समझ गय़ा… आज हि मे अनिल वर्मा कि लैब सें उनके कम्प्यूटर सिस्टम कां सीरियल नम्बर लेँ आऊँगा….
इकराम कि बात सुनकर निशा नें एकबार फिन अनिल वर्मा कि तरफ देखते हुए उससे सबाल किया
निशा- मिस्टर अनिल वर्मा क्याँ आपकोपता हैं कि चाईना आखिर किंग केँ लिए इतनासभी कुछ क्यूं कररहा हैं… खासकर अपनाटॉप ऐजेंट यानि ड्रैगन कों इण्डिया भेजरहा हैं….
निशा कां सबाल सुनकर अनिल वर्मा बिना किसी रिऐक्शन केँ खामोशी सें निशा कों घूरने लगा। उसे देखकर ऐसालग रहा थां जैसे वोँ मन हि मनकुछ सोचरहा होँ। पऱ निशा अच्छी तरह सें जानती थि कि अनिल वर्मा केँ पासझूठ बोलने कां अबकोई कारण नहि बचा हैं। इसलिये भले हि वोँ जबाब देने मे देरकरे, मगर आखिरकार उसेसच बोल्ना हि पडेगा। कथा जारी हैं.
Meri Jung (Restart) – New Episode
एपसोड 149 -
प्रोफेसर अनिल वर्मा बहुतदेर तक यूँ हि निशा कों घूरता रहा औऱ फिन आखिरकार एक् गहरी सांस लेकर उसने बोल्ना शुरुआत किया
अनिल-असल मे किंग औऱ चाईना गवर्मेंट केँ बीच एक् एग्रीमेंट हुआ हैं…। जिसके अनुसार चाईना गवर्मेंट नाँ मात्र तुम्हें औऱ क्वीन कों समाप्त करने मे किंग कि पूरी सहायता करेगी, बल्कि वोँ किंग केँ लिए एक् बहोत अधिक ताकतवर ह्यूमनाईड बॉडी कां इंतजाम भि करेगी। जिसके बदले मे किंग इण्डिया कि सेविन सिस्टर्स यानि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम औऱ त्रिपुरा कों हमारे देश सें अलग करके चाईना कां हिस्सा बनाने मे पूरी सहायता करेगा। सबसेबडी बात किंग कि सहायता करने मे चाईना कां अपना स्वयं कां भि तोँ फायदा हैं। क्योंकि चाईना गवर्मेंट अगर किसी सें सबसे अधिक परेशान हैं औऱ जिसे वोँ सिद्दत सें समाप्त करना चाहती हैं, वोँ कोई औऱ नहि बल्कि ऐजेंट जीरो यानि तुम् हौ।
अनिल वर्मा कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलि
निशा- हुम्म… किंग नें चाल तोँ बहुत अच्छी चली हैं…। मगर वोँ शायदभूल गय़ा हैं कि मे भि उसकी मां हूं… अगर मे उसेबना सकती हूं तौ मिटा भि सकती हूं। रहीबात चाईना कि तौ हमारे देश कि सेविन सिस्टर्स तोँ बहोत दूर कि बात हैं, वोँ हमारे देश कि एक् इंच जमीन पऱ भि अपना कब्जा नहि कर पाऐगा। बैसे क्याँ तुम्हें पता हैं कि किंगइस टाइम कहां पऱ हैं…। मेरा मतलब हैं कि उसका सर्वर कहां हैं…
अनिल- नहि… किंग कि लोकेशन मात्र ड्रैगन कों पता हैं…
निशा-ओह अच्छा… तौ इसका मतलब हैं कि अब तुम् हमारे किसीकाम केँ नहि हौ….
इतना बोलते हि निशा नें अपनेपास मे रखे खंजर कों उठाया औऱ एक् हि झटके मे वोँ खंजर प्रोफेशर अनिल वर्मा केँ गले मे घुसा दिया। निशा नें येसभी इतना ज़्यादा तेजी सें किया थां कि किसी कों कुछ समझने कां मौका हि नहि मिला…। अगले हि समय अनिल वर्मा केँ गले सें खून कि धार बहनेलगी औऱ उसकासिर एक् तरफ लुडक गय़ा। अनिल वर्मा केँ मरते हि निशा इकराम औऱ हिना कि तरफ देखते हुए बोलि
निशा- इसकी बॉडी ठिकाने लगादो… औऱ रिकार्ड मे लिख देना कि ऑपरेशन केँ दौरान प्रोफेशर अनिल वर्मा शालिमार दीप पऱ मारेगए थें।
हिना- पर्र अप्पी हम् चीफ औऱ बाकी सीनियर्स कों क्याँ जबाब देंगे… अनिल वर्मा हमारे देश केँ जाने माने न्युक्लियर साईंटिस्ट थें, उनके मामले मे तोँ हमारे एन.एस.ए। भि विशेष रूप सें नजररखे हुए हें। बैस भि चीफ नें अनिल वर्मा कों मिस्टर अजय केँ हैंडओवर किया थां। इसलिये हमें उनको भि जबाब देना होगा।
हिना कि बात सुनकर निशा चिढते हुए बोलि
निशा-ओह कमऑन हिना…। बेबकूफों बाली बातें मतकरो…। तुम्हारी बॉस मे हूं याँ मिस्टर अजय….उस वक़्त मे औऱ इकराम गंभीर रूप सें घायल थें, बस इसीलिए अंकल नें इन दोनों साईंटिस्ट कां मामला हैंडिल करने केँ लिए मिस्टर अजय कों हैंडओबर कर दिया थां। पर्र अबजब मे ठीक हौ गई हूं तौ मैंने पूरा मामला अपनेहाथ मे लें लिया हैं। इसमें मिस्टर अजय कों भला क्याँ प्राब्लम होगी। रही बातचीफ औऱ बाकी सीनियर्स कि तोँ उन्हें मे हैंडिल कर लूँगी।
इतना बोलकर निशा नें कुछसमय रुकर पूरे मामले केँ बारे मे एक् बारफिन सोचा औऱ वोँ दोबारा बोलि
निशा- औऱ हाँ इसकीलाश ठिकाने लगाने केँ बाद किंग केँ नाम सें एक् नई रिकार्ड फाईल रेडीकरो, औऱ अनिल वर्मा नें किंग केँ बारे मे जौ कुछ भि बताया हैं, वोँ सभीउस फाईल केँ अंदरनोट करो…
हिना-ठीक हैं अप्पी… मगरअब अनिल वर्मा कि फैमली कां क्याँ होगा… इसने बताया थां कि किंग नें उसकी फैमली कों किडनैप करवाया हैं…
हिना कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलीं
निशा- अनिल वर्मा कि कोई फैमली नहि हैं… असल मे अनिल वर्मा अपने माता पिता कि इकलौती संतान थां औऱ उसके माता पिता कि डेथ बहुत पहले हौ चुकी हैं। रहीबात बीबी बच्चों कि तोँ अनिल वर्मा कि कभी विवाह हि नहीं हुइ हैं….
निशा कि बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होतेहुए बोलीं
हिना- तोँ फिन अनिल वर्मा नें अपनी फैमली केँ बारे मे झूठ क्यूं बोला
निशा- नहि उसने पूराझूठ नहि बोला हैं….
हिना- मतलब
निशा-असल मे अनिल वर्मा केँ अपने एक् साथी कि वाईफ केँ संग बहुत लम्बे टाइम सें फिजिकल रिलेशन हें। जिसके चलते एक् लडका औऱ लडकी कां जन्महुआ, जिन्हें अनिल वर्मा कां साथी अपने बच्चे समझता हैं। पर्र सच्चाई ये हैं कि वोँ बच्चे अनिल वर्मा केँ हें। इशलिए जब अनिल वर्मा नें किंग कों इंटरनेट सें कनेक्ट किया होगा। तौ किंग नें अनिल वर्मा कों अपने कंट्रोल मे रखने केँ लिए उसके ईमेल औऱ मोबाईल मोबाइल मे मौजूद मैसेज कों चैक किया होगा, जिससे उसे अनिल वर्मा कां येसचपता चल गय़ा होगा…। याँ फिन अनिल वर्मा नें स्वयं हि साथी समझकर किंग कों अपनाये राज पहले हि उसेबता दिया होगा।
हिना- मतलब कि किंग अनिल वर्मा कों उसके नाजायाज बच्चों केँ नाम सें धमकारहा थां।
निशा-हाँ…। मगरअब जब अनिल वर्मा केँ मरने कि बात सबके सामने आऐगी तौ उसके नाजायज बच्चे किंग केँ किसी भि काम केँ नहि रहेंगे। इसलिये किंग उन्हें छोड देगा। बैसे भि वोँ बच्चे दुनिया कि नजर मे अनिल वर्मा केँ नां होकर उसके साथी केँ बच्चे हें।
इतना बोलकर निशाउस सैल सें बाहर् निकल गई…। निशा केँ जाते हि इकराम औऱ हिना अनिल वर्मा कि लाश कों ठिकाने लगाने कि तैयारी करनेलगे। लगभग 2 घंटेबाद जब हिना औऱ इकराम अनिल वर्मा कि लाश ठिकाने लगाकर औऱ उससैल कि अच्छी तरह सें साफ सफाई करके निशा केँ दफ़्तर मे पहुँचे तौ उन्हें पताचला कि निशाइस वक़्त आई.टी। डिपार्टमेटं मे कोई जरूरी कामकर रही हैं। इसलिये वोँ दोनों आई.टी, डिपार्टमेंट जा पहुँचे। जहाँ निशा केँ संगसंग प्रिया औऱ दूसरे आई.टी। एक्सपर्ट निशा केँ इंस्ट्रक्शन पर्र फुल स्पीड मे प्रोग्रामिंग कोड टाईपकर रहे हें। जैसे हि निशा कों इकराम औऱ हिना केँ वहाआने कां एहसास हुआ तौ उसने कम्प्यूटर स्क्रीन पऱ सें अपनीनजर हटाऐ बिना सबाल किया
निशा-काम होँ गय़ा….
इकराम- जी अप्पी… हमने बॉडी ठिकाने लगा दि हैं औऱ सैल कि साफ सफाई भि करवा दि हैं
निशा-गुड वर्क….अब आगे तुम् दोनों कों पता हि हैं कि क्याँ करना हैं…
इकराम- जी अप्पी… मे बस जल्दी हि अनिल वर्मा कि लैब मे सें उनके कम्प्यूटर सिस्टम कां सीरियल नम्बर लेने केँ लिएजा रहा हूं, तब तक हिना किंग कि रिकार्ड फाईट क्रिऐट करेगी।
निशा-ओके…
बस इतना बोलकर निशा एक् बारफिन अपनेकाम मे बिजी हौ गई। इकराम जानता थां कि जब तक निशा अपनाकाम पूरा नहि कर लेगीतब तक वोँ नां तोँ रिलेक्स होगी औऱ नां हि कुछ खाऐगी पिऐगी। इसलिये इकराम औऱ हिना चुपचाप वहा सें चलेगए। साम लगभग लगभग 7 बजेजब हिना औऱ इकराम अपनाकाम पूरा करके आई.टी। डिपार्टमेंट मे बापिस लौटे तौ उन्होंने देखा कि निशा नें प्रिया औऱ दूसरे आई.टी। एक्सपर्ट कों रेस्ट करने केँ लिएघऱ बापिस भेज दिया हैं। मगर निशाअब भि लगातार सर्वर केँ सामने बैठकर तेजी सें कोडिंग करने मे बिजी थि। जैसे हि उसे इकराम औऱ हिना केँ आने कां एहसास हुआ तौ उसने कम्प्यूटर स्क्रीन सें अपनीनजर हटाऐ बिनाकहा….
निशा- इकराम सीरियल नम्बर लें आऐ क्याँ…
इकराम- जी अप्पी….
इतना बोलकर इकराम नें एक् छोटी सि पर्ची निशा केँ ठीक समाने रख दि। जिसपर 16 अंको कां एक् सीरियल नम्बर लिखाहुआ थां। निशा नें बस एक् नजरउस पर्ची पऱ डाली औऱ अगले हि समय वोँ फिन सें अपनेकाम मे बिजी होँ गई। कुछदेर बाद निशा नें एक् बारफिन सबाल किया
निशा- हिना मैंने तुमसे जौ काम करने केँ लिएकहा थां। क्याँ वोँ होँ गय़ा
हिना-जी अप्पी मैंने किंग केँ नाम सें एक् डिजीटल फाईल रेडी करके उसकी सारी डिटेल इंसर्ट कि दि हैं औऱ उस डिजीटल फाईल कों क्वीन केँ डाटबेस मे भि सेवकर दिया हैं.
निशा- हुम्म गुड वर्क…। तोँ फिनठीक हैं इकराम तुम् हिना कों उसकेगर ड्राप करे सीधे अपनेघऱ चले जानां… औऱ हाँँ मेरी भाभी कों डिनर करवाना मत भूलना।
इकराम- हाँठीक हैं मे हिना कों घऱ ड्राप करे यहीं बापिस आँ जाता हूं। उसकेबाद हम् दोनों संग मे हि घऱ पऱ चलेंगे औऱ आते टाइम मे आपकेलिए भि कुछ खाने केँ लिए लेता आऊँगा।
निशा- नहि उसकी जरूरत नहि हैं…। मुझेआज रात यहीं रुककर जल्द सें जल्दकाम पूरा करना होगा…। इसलिये तुम् मेरी फिक्र मतकरो मे किसी औऱ सें बोलकर अपनेलिए खानां मंगवा लूँगी….
इकारम- पऱ अप्पी येकाम तोँ आप् कल भि कर सकती होँ नाँ…
निशा- नहि कर सकती… तुम् दोनों कि इंगेज्मेंट मे अधिकदिन नहि बचे हें। मे तुम्हारी इंगेज्मेंट सें पहले हि ये साराकाम पूरा करके टेंशन फ्री होना चाहती हूं।
निशा कि बात सुनकर हिना नें कहा
हिना- तौ ठीक हैं अप्पी… हम् लोग भि यहीं आपकेसंग यहारुक जाते हें…
निशा-अरे नहि उसकीकोई जरूरत नहि हैं.
हिना- जरूरत हैं अप्पी… मुझेपता हैं कि हमारे जाने केँ बाद आप् बिनाकुछ खाऐपिए सारीरात ऐसे हि काम करती रहोगी…। हम् दोनों प्रोग्रामिंग मे तौ आपकीकोई सहायता नहि कर सकते, मगर यहा रहकर वक़्त वक्त पर्र आपकोगरम चाय ब्रेकफास्ट देकर आपकी थोडी बहोत हेल्प तौ कर हि सकते हें…। बैसे भि इस बहाने मुझे इकराम केँ संग थोडा औऱ टाइम बिताने कां मौकामिल जाऐगा….
हिना कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलि
निशा- मतलब मेरे बहाने सें तुम् अपनीदाल गलाना चाहती होँ…। अरे बाबाअब मेरा भइया तौ सारी जीवन केँ लिए तुम्हारा हौ चुका हैं… अच्छा ठीक हैं तुम् दोनों यहारुक सकते हौ पऱ मुझे डिस्टर्व मत करना औऱ हाँ अपनेघऱ पऱ फोन करके जरूरबता देना…
इतना बोलकर निशाफिन सें अपनेकाम मे बिजी होँ गई… कुछदेर बाद इकराम तीनों केँ लिए खानां पैक करवा लाया औऱ निश केँ मना करने केँ बाद भि जबरदस्ती उसे खानां खिला दिया। खानां खाने केँ बादउस पूरीरात निशा बिना रुके लगातार कोडिंग करने मे बिजीरही, इस दौरान बीच मे मे हिना औऱ इकराम उसेकप कॉफ़ी औऱ पानी देतेरहे। मगर सुभह सुभह जैसे हि प्रिया औऱ निशा कि टैक्निकल टीम दफ़्तर आई तौ निशा नें हिना औऱ इकराम कों रेस्ट करने केँ लिएघऱ भेज दिया।
निशा नें पहले सें हि इसतरह कि इमरजेंसी सिचुऐशन केँ लिए अपनेकुछ कपडे औऱ जरूरत कां सारा सामान अपने दफ़्तर मे रखाहुआ थां। इसलिये इकराम औऱ हिना केँ जाने केँ बाद निशा अपने दफ़्तर मे बने अटैच्ड बाथरूम मे घुस गई। लगभगआधे घंटे केँ अंदर हि निशानहा धोकर रेडी होँ गई औऱ अपने कपडे चेंज करके बापिस सें आई.टी। डिपार्टमेंट मे अपनाकाम पूरा करने केँ लिएजा पहुँची। आखिरकार दोपहर लगभग 2 बजे तक निशा कां काम पूराहुआ।
जिसके बाद उसने क्वीन कों भागकर दिया औऱ फिन प्राईवेट नेटवर्क कि हेल्प सें उनसब कम्प्यूटर सिस्टम कों भि एपसोड कर दिया, जिन पर्र किंग ऑपरेटिंग सिस्टम डलाहुआ थां औऱ जौ कम्प्यूटर सिस्टम प्राईवेट नेटवर्क सें कनेक्ट नहि थें, उन्हें मैनुअली एपसोड करने केँ लिए निशा नें एक् सेटअप फाईल रेडीकर ली थि औऱ उस सेटअप फाईल कों पैन ड्राईब मे लोड करके अपनी टैक्निकल टीम कों दे दिया थां। ताकि वोँ जल्द सें जल्दबचे हुए सिस्टम कों भागकर सकें।
साराकाम ख़त्म करने औऱ अपनी टैक्निकल टीम कों सारे जरूरी इंस्ट्रक्शन देने केँ बाद आखिरकार साम लगभग 5 बजे निशा अपने दफ़्तर मे बापिस आई औऱ वहाडले सोफे पऱ जाकरलेट गई। चूँकि वोँ पिछले 40 घंटे सें भि ज़्यादा वक्त सें लगातार कामकर रही थि। इसलिये लेटने केँ कुछ हि पलोंबाद वोँ गहरी नींद मे चली गई। वहींसाम लगभग 5 बजेजब हिना कि नींद खुली तोँ उसने देखा कि उसके मोबाईल पऱ इकराम औऱ मोनू केँ कई सारेमिस कॉलआई डलेहुए हें।
चूँकि हिना औऱ इकराम केँ बीच पहले हि तय हौ गय़ा थां कि वोँ दोनों थोडा रेस्ट करने केँ बादसाम कों एक् संगहैड दफ़्तर जाऐँगे। इसलिये हिना नें सबसे पहले इकराम कों कॉलआई करकेकुछ देर तक उससेबात कि औऱ फिन इकराम कां फोन डिस्कनेक्ट करके मोनू कों फोनलगा दिया। फोन रिसीव होते हि मोनू नें सबाल किया….
मोनू-आह दोस्त हिना आखिर तुम् लोग हौ कहां…। मे औऱ अज्जू कब सें तुम् लोगों सें कांटेक्ट करने कि कोशिश कररहे हें….
हिना- पर्र क्यूं… आखिरहुआ क्याँ हैं….
मोनू-अरे कुछ नहि… वोँ बस अज्जू कों जोयामैम सें तुम्हारी इंगेज्मेंट केँ बेन्यू सें रिलेटेड कुछ जरूरी बात करनी थि। पऱ कल सें उनका औऱ इकराम कां मोबाइल स्विच ऑफ आँ रहा हैं, दिव्या कों भि उन लोगों केँ बारे मे कुछपता नहि हैं औऱ अज्जू केँ पास तुम्हारा कांटेक्ट नम्बर भि नहि थां, बस इसीलिए अज्जू केँ कहने पऱ मे तुमसे जोयामैम औऱ इकराम केँ बारे मे जानना चाहता थां।
अब चूँकि हिना कों निशा, अज्जू औऱ मोनू केँ रिलेशन केँ बारे मे बसकुछ पताचल चुका थां औऱ अब वोँ भि उन लोगों कों अपना फैमली मैंबर मानने लगी थि। इसलिये मोनू कि सारीबात सुनकर हिना बोलि
हिना-अरे हाँ वोँ… वोँ असल मे जोया अप्पी औऱ इकराम केँ मोबाइल कल सें डिस्चार्ज पडेहुए थें।
मोनू-हाँ बाबाये तोँ मे भि समझ गय़ा थां… मगरकल सें वोँ दोनों ऐसेकिस काम मे बिजी थें कि अपने मोबाइल भि चार्ज करने कां वक्त उन्हें नहि मिला।
हिना-अरे कुछ नहि वोँ बस एक् इमरजेंसी सिचुऐशन आँ गई थि। इसलिये पिछले दो दिनों सें जोया अप्पी हैडक्वाटर मे रहकरउस सिचूऐशन कों हैंडिल करने मे बिजी हें। मे औऱ इकराम भि उनकेसंग हि थें, मगरआज सुभह प्रिया औऱ बाकी लोगों केँ आने केँ बाद जोया अप्पी नें मुझे औऱ इकराम कों रेस्ट करने केँ लिए जबरदस्ती घऱभेज दिया थां। बैसे मुझे अभि जोया अप्पी कां तोँ पता नहि पऱ इकराम कां मोबाइल अब चालू हौ चुका हैं। तुम्हें फोन करने सें पहले हि मेरी उससेबात हुइ हैं।
हिना कि बात सुनकर मोनू थोडा परेशान होतेहुए बोला
मोनू- इमरजेंसी सिचुऐशन…। कैसी इमरजेंसी औऱ मुझेइस बारे मे किसी नें कुछ बताया क्यूं नहि….
हिना-अरे वोँ बस एकदम अचानक सें हुआ थां…। फिलहाल उसके बारे मे इसतरह मोबाइल पऱ बात करनाठीक नहि हैं। मे फिन किसीदिन तुमसे मिलकर सभीकुछ बता दूँगी। अभि मुझे इकराम केँ संग बापिस सें है़ड दफ़्तर जानां हैं। इसलिये तुम् मुझेअजय सर कां नम्बर मैसेज करदो, मे हैड दफ़्तर पहुँचकर जोया अप्पी कि अजयसर सें बात करवा दूँगी…
मोनू-हाँ ठीक हैं…। मे अभि तुम्हें अज्जू कां नम्बर मैसेज करता हूं।
इतना बोलकर मोनू नें फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। फोन डिस्कनेक्ट होते हि हिना फ्रैस होने केँ लिए बाथरूम मे घुस गई। लगभगदो घंटेबाद हिना औऱ इकराम जबरॉ केँ हैडक्वाटर मे निशा केँ दफ़्तर मे पहुँचे तोँ उन्होंने देखा कि वहा पर्र रॉचीफ मि। प्रभू औऱ निशा केँ बीच किसी सीरियस मैटर पर्र बातचल रही हैं। इसलिये वोँ दोनों जल्दी निशा औऱ मि। प्रभू सें सॉरी बोलकर दफ़्तर सें बाहर् निकलआऐ। हाँलाकि इकराम औऱ हिना केँ अलावा कोई औऱ इसतरह निशा केँ दफ़्तर मे गय़ा होता तोँ अब तक उसे सस्पेंड कर दिया गय़ा होता।
मगर चूँकि इकराम निशा कां भइया औऱ मि। प्रभू कां एडोप्टेड बेटा थां, जबकि हिना इकराम कि होने बाली वाईफ। इसलिये चीफ औऱ निशा नें उन दोनों सें कुछ भि नहि कहा। लगभगआधे घंटेबाद मि। प्रभू जब निशा केँ दफ़्तर सें बाहर् निकले। तोँ उनके चेहरे कों देखकर साफसाफ समझ आँ रहा थां कि वोँ इस टाइम बहुत अधिक परेशान हें। इसलिये मि। प्रभू केँ वहा सें जाते हि इकराम औऱ हिना जल्दी निशा केँ पासजा पहुँचे।
स्टोरी जारी हैं.
muze lagata haen kee devil king kaa hard drive Nisha ke form house pr chhupa haen qki Nisha ne apne liye waha 24s ke liye light kee vyavastha kee thi. Nice update
Meri Jung (Restart) – New Episode
Delhte h ajay की bhumika kub banti abi tuk too sirf और sirf nisha hi chie h
Ajay joo की एक super human h और jis nisha ko super women banaya oska role अब tak sirf एक devdas kaa hi raha
Na too dhayan laga raha na apni unnatural power kaa use krr pa Raha जैसे woh apni shaktiyo ko bhol hi gya
Dekhte h kub jagrit hoty h shaktiya
Ya फिर zoya madam अपना plan के tahat nachati hi rahi gi katputli के Badshah mo
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