Meri Jung (Restart) – New Episode
भाग 144 -
इकराम केँ बाहर् जाते हि हिना नें सबाल किया
हिना- जोया अप्पी तोँ क्याँ ये कंपनी सच मे आपकी हैं…
हिना कां सबाल सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलीं
निशा-हाँ… ये मेरी औऱ इकराम दोनों कि कम्पनी हैं…। इसे मैंने औऱ इकारम नें लगभग 2 साल पहले शुरुआत किया थां।
निशा कि बात सुनकर हिना हैरान होतेहुए बोलीं
हिना- यकीन नहि होता अप्पी… आपनेदो साल सें भि कम वक़्त मे इस कम्पनी कों इतनेबडे मुकाम तक पहुंचा दिया हैं।
निशा-ये बस मेरीबजह सें नहि हुआ हैं…। इस कम्पनी कों आगे बडाने मे मेरे अलावा यहाकाम करने बालेसब लोगों कां महत्वपूर्ण योग्यदान हैं। बैसे मे तुम्हें बतादूँ कि हमारी इस कम्पनी मे दुनिया केँ बेस्ट हार्डवेयर एवं सॉफ्टबेयर एक्सपर्ट यानि प्रिया, सोनल, कपिल औऱ गगन भि काम करते हें। अगरइन सब लोगों केँ होतेहुए भि हमारी कम्पनी इतनी तरक्की नहि कर पाती तौ शायद मुझे ज़्यादा हैरानी होती।
निशा कि बात सुनकर हिना एकबार फिन हैरान होतेहुए बोलि
हिना- व्हॉट… वोँ लोग पहले सें हि यहा पर्र काम करते हें… मतलबउन लोगों कों आपकी असली पहचान केँ बारे मे पहले सें हि सभीकुछ पता थां।
निशा-हाँ…। उनके अलावा मोनिका औऱ हमारे चीफ यानिमि। प्रभू भि मेरे बारे मे सभीकुछ जानते हें। ओह मे तौ तुम्हें बताना भूल हि गई कि मि। प्रभू नें मुझे औऱ इकराम कों ऑफीशियली एडोप्ट कर लिया हैं। तोँ इस नातेमि। प्रभू अब तुम्हारे ससुरजी जीहुऐ।
निशा कि बात सुनकर हिना बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलीं
हिना- व्हॉट… चीफअब मेरे होने बाले ससुरजी जी हें…। याँ अल्लाह अब मे उनका सामना केसे करूँगी…। बैसेअगर चीफ नें आप् दोनों कों एडोप्ट किया हैं तौ फिन आपने मेरी औऱ इकराम कि इंगेज्मेंट बालीबात उनकोअब तक क्यूं नहि बताई।
निशा- अंकल कों तुम् दोनों केँ बारे मे पहले सें हि सभीकुछ जानते हैं, औऱ उनकी रजामंदी केँ बाद हि ये नाताआगे बडरहा हैं।
हिना- तोँ फिनउस दिन मेरेघऱ पऱ आप् लोगों केँ संगचीफ क्यूं नहि आऐ थें।
निशा- वोँ इसलिये क्योंकि मैंने हि उन्हें आने सें मना किया थां। मे नहि चाहती थि कि चीफ कों अपनेघऱ पर्र देखकर तुम् लोगडर जाओ…। बैसे भि अंकल कां सिड्यूल बहुत बिजी रहता हैं।
हिना-हाँ वोँ तौ हैं….
निशा-मगर चिंता मतकरो वोँ तुम्हारी इंगेज्मेंट मे जरूर सामिल होंगे।
निशा कि बात ख़त्म होते हि इकराम दफ़्तर केँ अंदरआते हुए बोला
इकारम- मेरी मनोज भइया औऱ जीजाजी सें बात होँ गई हैं… बो 10 मिनट मे यहींआने बाले हें। उसकेबाद हम् सबलोग एक् संग शॉपिंग पर्र जाऐंगे।
इकारम कि बात सुनकर निशा बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलीं
निशा- व्हॉट…। अरेडफर तुमने उन लोगों कों यहा क्यूं बुला लिया…। क्याँ तुम् भूलगए हौ कि वोँ लोग नहि जानते कि ये कम्पनी हमारी हैं औऱ दिव्या हमारे संगकाम करती हैं।
इकराम- अरेकुछ नहि भूला हूं अप्पी… मगरये इतनीबडी बात भि नहि हैं, जिसे मनोज भइया औऱ जीजाजी सें छिपाकर रखीजाऐ… बैसे भि आप् जोया केँ रूप मे उनसेकई बारमिल चुकी होँ तौ एक् बारफिन सही, औऱ फिनआज नहि तौ कलउन लोगों कों पताचल हि जाऐगा कि दिव्या भाभी हमारी कम्पनी मे काम करती हें। मतलब कि हम् लोग पहले सें हि एक् दूसरे कों जानते हें। बैसे भि क्याँ आप् चाहती कों कि मेरी इंगेज्मेंट पर्र दिव्या भाभी औऱ अँकलजी सबके सामने हमें नां पहचानने कां नाटक करें।
इकराम कि बात सुनकर निशा चिढते हुए बोलीं
निशा- अच्छा बाबाठीक हैं…। जौ होगासो देखा जाऐगा। मगर हम् लोगअलग अलग शॉपिंग करेंगे…। मतलब तुम् मोनू औऱ अज्जू केँ संगअलग शॉपिंग करोगे, जबकि मे हिना औऱ दिव्या अलग शॉपिंग करेंगे।
इकराम- हाँठीक हैं…। बस मेरी शेरवानी खरीदते टाइम आप् लोग अपनी अपनीराय जरूरदे देना।
निशा- तूँ उसकी टेंशन मत लें… क्योंकि तुम्हारी तरफ हमारी किसी भि राय कि जरूरत नहि पडेगी….
अभि वोँ लोगआपस मे बातें कर हि रहे थें कि तभी दफ़्तर कां दरवाजा खुला औऱ पूनम अंदरआते हुए बोलि
पूनम-मैम इसी महीने कि 22 तारीख कों दिल्ली मे होने बाले हैकाथॉन काम्पटीशन मे पार्टिशिपेट करने केँ लिए हमारी कम्पनी कों ऑफीशियली इन्वाईट किया गय़ा हैं।
इतना बोलकर पूनम नें अपने हाथों मे पकडे डॉक्यूमेंट्स निशा कि तरफबडा दिए। उन डॉक्यूमेंट कों एक् नजर देखने केँ बाद निशा बोलि
निशा- हुम्मम ठीक हैं…। हम् इसमें पार्टिशिपेट जरूर करेंगे। तुम् एक् कामकरो प्रिया कों कॉलआई करके इसके बारे मे इन्फार्म करदो औऱ उससे बोलो कि वोँ इस काम्पटीशन मे हमारी कंपनी कों रिप्रजेंट करने केँ लिए रेडीरहे औऱ आज हि दफ़्तर आकर अपनीटीम सिलेक्ट करके प्रैक्टिस शुरुआत करदे। क्योंकि हमें किसी भि कीमत पऱ इससाल कां हैकाथॉन काम्पटीशन जीतना हैं।
पूनम-जी मैम…
इतना बोलकर पूनम निशा केँ दफ़्तर सें बाहर् निकल गई। पूनम केँ बाहर् जाते हि हिना नें हैरान होतेहुए सबाल किया
हिना- आखिरये हैकाथॉन काम्पटीशन क्याँ हैं….
हिना कां सबाल सुनते हि दिव्या उसे समझाते हुए बोलि
दिव्या- असल मे ये आई.टी। फील्ड कां सबसेबडा काम्पटीशन होता हैं। जसमें दुनिया भर केँ हैकर पार्टिशिपेट करते हें। तुम् इसे एक् तरह सें हैकिंग कि दुनिया कां ओलंपिक मान सकती होँ। हैकाथॉन काम्पटीशन हर 4 साल मे एक् बारलीप ईयर कों होता हैं औऱ हरबार येअलग अलग देशो मे आयोजित किया जाता हैं। जिसमें दुनिया भर कि आई.टी। कम्पनी अपने अपने ऑफिशियल हैकर केँ संग पार्टिशिपेट करती हें। चूँकि हमारा देश बहोत तेजी सें आई.टी। कि फील्ड मे आगेबड रहा हैं। इसलिये इससाल हैकाथॉन काम्पटीशन हमारे देश मे आयोजित किया गय़ा हैं।
हिना- व्हॉट… पऱ हैकिंग तोँ इल्लीगल हैं नाँ… फिन इतनेबडे स्तर पऱ हमारे देश मे हैकिंग काम्पटीशन भला केसे आयोजित होँ सकता हैं।
दिव्या- हैकाथॉन काम्पटीशन केँ लिए पहले सें हि गवर्मेंट परमीशन लेँ ली गई हैं। बैसे भि सब प्रकार कि हैकिंग इल्लीगल नहि होती हैं। जब हम् हैकिंग कां यूज करके किसी कों नुकशान पहुँचाते हें तौ वोँ काम इल्लीगल होता हैं। मगरजब हम् हैकिंग कां यूज किसी अच्छे काम केँ लिए याँ फिन किसी सॉफ्टवेयर बगैरह कि कमियों यानिबग कों ढूंडने मे करते हें, तोँ वोँ गलत नहि होता हैं….
हिना- तौ फिनइस हैकाथॉन काम्पटीशन मे आखिर होता क्याँ हैं….
दिव्या- असल मे इस काम्पटीशन कां मुख्य उद्देश एण्टी बायरस, इंटनेट सिक्योरिटी औऱ फायरवॉल जैसे सॉफ्टवेयर कों टेस्ट करना हैं। हैकाथॉन काम्पटीशन मे दुनिया भर कि बडीबडी कम्पनियाँ अपने सॉफ्टवेयर सर्वर पऱ इंशटॉल कर देते हें। जिसके बाद दूसरी कम्पनी कों रिप्रजेंट करने बाले हैकर याँ फिन फ्रीलांसर केँ रूप मे काम करने बाले हैकरउस सॉफ्टवेयर कों हैक करने कि कोशिश करते हें। जोँ सॉफ्टवेयर जितनी अधिकदेर तक उन हैकर्स केँ अटैक कों सर्वाईब कर पाता हैं। उस सॉफ्टवेयर कि रेटिंग उतनी हि ज़्यादा होती हैं औऱ आखिर मे जीतने बाले सॉफ्टवेयर कों अच्छा खासा इनाम भि मिलता हैं, संग हि संगकई बडीबडी कम्पनियों केँ बिजिनेश एग्रीमेंट भि मिलते हें। इसके अलावा कम्पनियाँ अपने सॉफ्टवेयर कि कमियाँ बताने पर्र हैकर्स कों अलग सें पैसे भि देती हें।
दिव्या कि पूरीबात सुनने केँ बाद हिना बोलि….
हिना- हुम्म तौ येबात हैं…। इसका मतलब हैं कि जोया अप्पी इससाल आप् भि अपनाकोई सॉफ्टवेयर इस हैकाथॉन काम्पटीशन मे भेजने बाली हें।
निशा-हाँ… असल मे हमारी कम्पनी एंटी वायरस एण्ड एंटरनेट सिक्योरिटी भि बेचती हैं। मगर फिलहाल हमारा मार्केट शेयर बहुतकम हैं। अगर हमारी कम्पनी इस काम्पटीशन मे हिस्सा लेगी तोँ हमारे सॉफ्टवेयर कों अच्छी खासी रेटिंग मिल सकती हैं। जिसके बाद हमारे सॉफ्टवेयर कां मार्केट शेयर एकदम सें बड जाऐगा।
इतना बोलकर निशा दिव्या कि तरफ देखते हुए बोलि
निशा- तौ अब तुम्हें समझ आँ हि गय़ा होगा कि कुछदेर पहले मैंने तुमसे क्यूं कहा थां कि “एक् महिने केँ अंदर एंटीबायरस एण्ड इंटरनेट सिक्योरिटी केँ 15 सें 20 प्रतिशत मार्केट पर्र हमारा कब्जा होगा। ”
निशा कि बात सुनकर दिव्या मुस्कुराते हुए बोलि
दिव्या- मतलब आप् इस काम्पटीशन मे पार्टिशिपेट करने कां फैसला पहले हि कर चुकी थि।
निशा-हाँ… अब रातों रात अपने सॉफ्टवेयर कों फेमस करने केँ लिए इससे अच्छा मौका औऱ कहां मिलेगा……
निशा कि बात ख़त्म होते हि इकराम अपनासिर खुजलाते हुए बोला
इकराम- सॉरी अप्पी…। वोँ इंगेज्मेंट कि तैयारियों केँ चक्कर मे मे आपको एक् जरूरी बात बताना तोँ भूल हि गय़ा।
निशा- क्याँ….
इकराम- वोँ वोँ हमारे चायना बाले ऐजेंट नें इंफार्मेशन भेजी हैं कि इसबार केँ हैकाथॉन काम्पटीशन मे ड्रैगन भि आने वाला हैं।
इकराम कि बात सुनते हि निशा कि आँखों मे अचानक सें चमक आँ गई। इस टाइम उसकी आँखों कि चमकउस भूखी शेरनी कि तरह थि, जिसे अपना शिकार साफसाफ नजर आँ रहा होँ। इससे पहले कि निशा कि आँखों मे आऐइस बदलाव कों देखकर कोईकुछ कहना निशा इकराम कों देखकर मुस्कुराते हुए बोलीं
निशा-ये तोँ बहोत शानदार बात हैं…। अब आऐगा नाँ हैकाथॉन काम्पटीशन कां असली आनंद…। इकराम तुम् आज हि प्रिया कों कॉलआई करकेबता देना कि उसकीटीम मे बैकअप केँ रूप मे शैडो भि रहेगी….
निशा कि बात सुनकर इकारम हैरान होतेहुए बोला
इकराम– अप्पी आरयू सीरियस…… ये बहोत बडाकदम होगा….ये बस एक् छोटा सां काम्पटीशन हैं… इसकेलिए हमें शैडो कि जरूरत नहि हैं….
निशा-अगर येकोई मामूली काम्पटीशन होता तौ ड्रैगन यहा नहि आता… बैसे भि ड्रैगन कों उसकी हि फील्ड मे हराने कां इससे अच्छा मौका हमेंफिन कभी नहि मिलेगा….
इकराम- तौ फिन आपका प्लान क्याँ हैं…
निशा- मुझेहर हाल मे ड्रैगन चाहिए… वोँ भि जिंदा…। मगर उससे पहले मे उसे बुरीतरह हराना चाहती हूं….
इकराम- ठीक हैं…। मे सारा इंतजाम कर दूंगा….
इकराम कि बात ख़त्म होते हि हिना एक् बारफिन बोलि
हिना-अब ऐ शैडो औऱ ड्रैगन भलाकौन हें….
हिना कि बात सुनकर इकराम उसे हैरानी सें देखते हुए बोला
इकराम- आई.पी.एस। ऑफिसर होने केँ बाद भि, औऱ हमारी टीम कां इंपोर्टेंट हिस्सा होने केँ बाद भि तुम् डैगन औऱ शैडो कों नहि जानती….
इकराम कि बात सुनकर हिनाबडी हि मासूमियत केँ संग बोलीं
हिना- नहि….
इतना बोलकर अचानक सें हिना बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलि
हिना- एक् मिनट… कहीं आप् लोग दुनिया केँ नंबरबन हैकर शैडो औऱ दूसरे नंबर केँ हैकर ड्रैगन केँ बारे मे बात तौ नहि कररहे होँ…
हिना कि बात सुनकर दिव्या मुस्कुराते हुए बोलि
दिव्या- ऑफकोर्स निशा दि औऱ इकराम भाईजान उन्हीं केँ बारे मे बातकर रहे हें।
हिना- पर्र ड्रैगन तोँ एक् चाईनीज हैकर हैं नाँ….
दिव्या- हाँ… ड्रैगन चाईना सें हैं औऱ उसने हमारे देश कि कई गवर्मेंट बेवसाईट औऱ डिफेंस नेटवर्क कों हैक करने कि कईबार कोशिश कि हैं। हाँलाकि ड्रैगन कां खौफ पूरी दुनिया मे फैलाहुआ हैं, पर्र आज तक उसे हमारे देश मे कोईखास सफलता नहि मिली हैं।
हिना- मतलब कि हमारे देश केँ हैकर ड्रैगन सें अधिक बेहतर हें….
दिव्या- हाँ…। खासकर रेडरोज…। वोँ दुनिया कि तीसरे नम्बर कि हैकर हैं…। रेडरोज नें अपनीटीम केँ संग मिलकर कईबार ड्रैगन कों टक्कर दि हैं….
हिना- एक् मिनट… हम् तोँ ड्रैगन औऱ शैडो कि बातकर रहे थें… फिनभला येरेड रोजबीच मे कहां सें आँ गई….
इसबार हिना केँ सबाल कां जबाब इकराम नें दिया
इकराम- रेडरोड बीच मे नहि आई हैं… बल्कि वोँ हमेशा सें यहीं पर्र थि….
हिना- मतलब….
इकराम– मतलब मे बाद मे बताऊंगा…। पहले तुम् ये बताओ कि क्याँ तुम् जानती हौ कि आखिरये रेडरोज कौन हैं…
हिना- नहि….
इकराम- बस इसीलिए तोँ तुम्हें मेरीबात कां मतलबसमझ मे नहि आया थां…
हिना-अब भलाये कौन सि बात हुईँ… किसीबात कां मतलब समझने केँ लिए किसी दूसरे इंसान कों जनना जरूरी हैं क्याँ…। औऱ नाम भि तोँ देखो कितना अजीब हैं “रेडरोज”…। अबभला कोईरेड रोजनाम कि लडकी कों कहां ढूंडता फिरे…
इससे पहले कि इकराम हिना कि बात कां जबाब देता दिव्या भि बीच मे बोलपडी
दिव्या- हाँ। हिनासही कहरही हैं…। रेडरोज कि असली पहचान तोँ मे भि जानना चाहती हूं…। बैसे मैंने उसका बहुतनाम सुना हैं औऱ मे दिल सें उसकीफैन भि हूं…। काश कि मे कभी उससेमिल पाती….
दिव्या कि बात सुनकर इकराम मुस्कुराते हुए बोला
इकराम- लोजीकर दि नाँ आपनेदिल दुखाने बालीबात…। ओजी आपका देवरु कबकाम मे आऐगा… मेरी भाभीजी किसी सें मिलना चाहती हें औऱ मे उनकी इक्षा पूरी नाँ कर सकूं तोँ मे किसकाम कां… मे कल हि आपकोरेड रोज सें मिलवा दूँगा……
इकराम कि बात सुनकर निशा उसकी टांग खींचते हुए बोलि
निशा-ओऐ इकराम केँ बच्चे… फ्लॉप फिल्मी डॉयलॉग बोलकर पकामत…। बैसे भि तुँ शायदभूल रहा हैं कि रेडरोज केँ बारे मे मैने हि तुम्हारी तरफ बताया थां।
निशा कि बात सुनकर इकराम थोडा चिढते हुए बोला
इकराम- अरे दोस्त अप्पी थोडा बहोत हंसी मजाक तौ करनेदो नां…। मेरा औऱ दिव्या भाभी कां नाता हि देवर जी भाभी कां हैं…। जिसमें थोडा बहोत हंसी मजाक तोँ चलता हि हैं….
इकराम कि बात सुनकर दिव्या उसका एक् कान ऐंठते हुए बोलि
दिव्या- हाँ देवरु जी बिल्कुल चलता हैं… मगर भाभी कों अपने देवर जी केँ कान खींचने कां भि पूराहक होता हैं…। अब फटाफट रेडरोज केँ बारे मे बताओ बर्ना तुम्हारा एक् कान छोटा औऱ एक् बड़ा होँ जाऐगा
दिव्या कि बात सुनकर इकराम दर्द सें कराहता हुआ बोला
इकराम- आहहहह भाभी प्लीज छोडो नां… मे बताता हूं…
इकराम कि बात सुनकर दिव्या नें जल्दी उसकाकान छोड दिया। जिसके जल्दी बाद इकराम अपनेकान कों सहलाते हुए बोला
इकराम- दिव्या भाभी लगता हैं कि आप् पऱ भि मनोज भइया कां असर होताजा रहा हैं…। कितनी जोर सें मेराकान खींचा हैं….
दिव्या- बच्चू अभि तुम्हारा दूसरा कानबचा हैं नां….
दिव्या कि बात सुनकर निशा औऱ हिना कि हंसीछूट गई…। जबकी इकराम अपने दोनों हाथों सें अपने दोनों कानों कों ढंकता हुआ बोला
इकराम- अरे बाबाबता रहा हूं नां…। आप् ऐबारबार झांसी कि रानी क्यूं बन जाती होँ…। वोँ वोँ वोँ हैं नाँ हमारी प्रिया चोपडा… वहीरेड रोज हैं….
इकराम कि बात सुनकर हिना औऱ दिव्या करीब-करीब एक् संग बोलि
“व्हॉट…। प्रिया हि रेडरोज हैं….”
दिव्या- ओहमाई गॉड… मे कितने वक्त सें यहा पऱ कामकर रही हूं औऱ कईबार प्रिया सें भि मिल चुकी हूं। उसकेबाद भि मुझेअब तक पता नहि चला कि वहीरेड रोज हैं….
हिना-सेम हियर दिव्या दिदी…
दिव्या- वेट… हम् लोग तोँ ड्रैगन औऱ शैडो कि बातकर रहे थें नां… फिनये रेडरोज बीच मे कहां सें आँ गई…। बाईदवे किसी कों ड्रैगन औऱ शैडो कि असली पहचान केँ बारे मे पता हैं क्याँ
इकराम- हाँ…… ड्रैगन कां असलीनाम “वांगची लुंग” हैं औऱ वोँ चाईना सीक्रेट सर्विस मे एक् बडी पॉजीशन पर्र हैं। पिछले कई सालों सें ड्रैगन औऱ जोया अप्पी केँ बीच 36 कां आंकडा रहा हैं। लास्ट टाईम जोया अप्पी पर्र हुए हमले मे भि ड्रैगन कां हि हाथ थां। कमीना कुछ अधिक हि भाग्य बाला हैं… कईबार अप्पी कि पकड मे आतेआते बचा हैं। पर्र इसबार हम् उसे नहि छोडेंगे….
इकराम कि बात सुनकर दिव्या थोडा परेशान होतेहुए बोलीं
दिव्या- कहीँ तुम्हारे कहने कां मतलबये तोँ नहि हैं कि ड्रैगन यहा पर्र हैकाथॉन केँ बहाने निशा दि पर्र एक् बारफिन सें अटैक करने याँ फिन हमारे देश कों नुकशान पहुँचाने तोँ नहि आँ रहा हैं।
इकराम- पूरे यकीन सें तोँ नहि कह सकता….मगर फिन भि हमें ड्रैगन पऱ नजर तौ रखनी हि होगी।
हिना- हुम्ममम ये भि सही हैं…। बैसे क्याँ कोई शैडो केँ बारे मे भि जानता हैं….
दिव्या- इम्पॉसिबल… शैडो एक् बहोत बडी मिस्टीरियस हैकर हैं…। आज तक किसी नें भि उसे देखा नहि हैं औऱ वोँ किसदेश सें हैं। ये भि कोई नहि जानता…। यहा तक कि किसी कों ये भि नहि पता कि वोँ लडका हैं याँ लडकी…
हिना-हाँ दिव्या दिदी आप् सहीकह रही हौ…। मुझे तोँ लगता हैं कि शैडो इँशान नां होकरकोई भूत हैं….
दिव्या- तुम् सहीकह रही होँ… शायद वोँ कोईभूत याँ एलियन हि हैं….
अभि दिव्या औऱ हिनाआपस मे शैडो केँ बारे मे बातकर हि रहीथीं कि तभी हिना कों कुछयाद आया औऱ वोँ बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलीं
हिना- एक् मिनट…। अभि कुछदेर पहले जोया अप्पी बोलरही थि कि हैकाथॉन काम्पटीशन मे प्रिया कि टीम मे शैडो भि रहेगी…। इसका मतलब हैं कि जोया अप्पी शैडो कों अच्छी तरह सें जानती हें….
हिना कि बात समाप्त होते हि दिव्या औऱ हिना हैरानी सें निशा कों देखने लगे। जिसके चेहरे पर्र इससमय रहस्यमई मुस्कान थि।
स्टोरी जारी हैं.
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शुरुआत मे मुझेलगा क्याँ शानदार किस्सा हैं, लेखक नें पूरीजान डाल दि इसे लिखने मे।
lekin अबलगरहा हैं क्याँ bakchodi चलरही हैं
जैसेयह निशा कि बाते नहि, कोई महाभारत हौ गई
जौ समाप्त होने कां नाम नहि लेँ रही
काश इसको मैने पढ़ा हि नहि होता
टोटल waqt west !
Meri Jung (Restart) – New Episode
भाग 145 -
निशा केँ चेहरे पऱ आई रहस्यमई मुस्कान कों देखकर दिव्या औऱ हिना बुरीतरह सें हैरान थि। अचानक सें दिव्या नें निशा सें सबाल किया
दिव्या- निशा दि…। जिसतरह सें शैडो कां नाम सुनकर आप् मुस्कुरा रहीं हें…
उसे देखकर तोँ मुझेऐसा लगरहा हैं जैसे आप् हि शैडो होँ….
हिना-हाँ जोया अप्पी…। कहीं आप् हि तौ वोँ मिस्टीरियस हैकरद शैडो तौ नहि होँ….
आखिरकार हिना औऱ दिव्या कि बातें सुनकर निशाबोल हि पडी…
निशा-हाँ… मे हि शैडो हूं…। पऱ प्लीज मेरीये पहचान सीक्रेट हि रखना….
हिना-अरे आप् बेफिक्र रहो अप्पी… हम् किसी कों नहि बताऐंगे…। बैसे आपकीइस पहचान केँ बारे मे हमारे अलावा औऱ कौनकौन जानता हैं।
निशा- उम्ममम…… मेरे अंकल यानिमि। प्रभू, प्रिया औऱ अज्जू…। बस इतने हि लोग जानते हें….
निशा कि बात सुनकर दिव्या हैरान होतेहुए बोलि
दिव्या- अज्जू…। पऱ उसे तौ आपके बारे मे अधिककुछ पता नहि हैं…। फिनउसे आपकीइस पहचान केँ बारे मे केसेपता चला….
दिव्या कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलीं….
निशा- वोँ शुरुआत सें हि मेरीइस पहचान केँ बारे मे जानता हैं…। असल मे जब मे औऱ अज्जू अपने दुशमनों सें बदला लेँ रहे थें। उसी दौरान न्यूज चैनल केँ शेयर खरीदने औऱ नेताओं कि ब्लैक मनी कों व्हाईट मे कंवर्ट करने केँ लिए मैंने अज्जू केँ सामने हि शैडोनाम सें अपनी हैकिंग आई.डी। बनाई थि। इन्फेक्ट शैडोनाम अज्जू नें हि मुझे सजेश किया थां। जिस कारण अज्जू पहलेदिन सें हि जानता हैं कि शैडोनाम कि हैकरकोई औऱ नहि, बल्कि मे हूं। बस इसीलिए अज्जू सें छिपने केँ लिए मे अपनी शैडो बाली आईडेंटिटी कों सीक्रेट रखती हूं।
हिना-ओह तोँ येबात हैं…। पर्र हैकाथॉन मे आपकी औऱ ड्रैगन कि टक्कर देखने मे बडा आनंद आऐगा…। बैसे जोया अप्पी क्याँ हम् लोग भि आपकेसंग हैकाथॉन मे जा सकते हें….
निशा- उम्म…। दिव्या औऱ इकराम तौ पहले सें हि हमारी कम्पनी कों रिप्रजेंट करने केँ लिएवहा जाने बाले हें। इसलिये अगर तुम् भि संग चलोगी तौ कोई प्राब्लम नहि हैं। मगर वहां पऱ तुम्हें अपना दिमाग़ लगाने कि जरूरत नहि हैं…। ड्रैगन कों मे औऱ इकराम अपने तरीके सें हैंडिल कर लेंगे… इसलिये वहा पर्र तुम्हारा कामबस दिव्या औऱ हमारी टैक्निकल टीम कों प्रोटेक्ट करना होगा….
हिना-ओह थैंक्यू थैंक्यू थैंक्यू जोया अप्पी…। पक्का मे वही करूँगी जौ आप् कहेंगी.
अभि वोँ लोगआपस मे बातें कर हि रहे थें कि तभी एक् बारफिन पूजावहा आई औऱ बोलीं
पूजा-मैम कोई मिस्टर अजय औऱ मिस्टर मनोजआऐ हें….
पूजा कि बात सुनकर निशा नें कहा
निशा-हाँ वोँ हमारे वी.आई.पी। गेस्ट हें…। असल मे मिस्टर मनोज दिव्या मैम केँ हसबैंड हें…। इसलिये उन्हें पूरी रिस्पेक्ट केँ संगयहा लेँ आओ….
निशा कि बात सुनकर पूजा जैसे हि जानेलगी तोँ निशा नें अचानक सें उसे रोकते हुएकहा
निशा-वेट पूजा…। तुम् रहनेदो… इकराम उन दोनों कों यहा लें आऐगा। तब तक तुम् हम् सब केँ लिएकप कॉफ़ी मंगवा दो…
इतना बोलकर निशा नें जैसे हि इकराम कि तरफ देखा तौ वोँ जल्दी दफ़्तर सें बाहर् निकल गय़ा। जबकि पूजा नें एक् नजर दफ़्तर मे मौजूद बाकी लोगों पर्र डाली औऱ फिन बोलीं
पूजा-जी मैम मे अभि लाई….
इतना बोलकर पूजा जल्दी वहा सें चली गई। चूँकि निशा दफ़्तर मे अक्सर जोया केँ रूप मे हि रहती थि औऱ आज सुभह सें हि वोँ जोया केँ रूप थि। इसलिये निशा कों अज्जू औऱ मोनू द्वारा पहचाने जाने कां कोईडर नहि थां। लगभग 5 मिनटबाद हि इकराम मोनू औऱ अज्जू कों लेकर दफ़्तर केँ अंदंर आया। अभि तक मोनू औऱ अज्जू कों इसबात कां बिल्कुल भि अंदाजा नहि थां कि यहाआकर उन्हें एक् बहोत बडा सरप्राईज मिलने बाला हैं। क्योंकि वोँ नहि जानते थें कि दिव्या यहीं पऱ काम करती हैं, संग हि संग वोँ जोया कों पहले सें हि जानती हैं। इसलिये जैसे हि मोनू औऱ अज्जू कि नजर दिव्या पऱ पडी तोँ वोँ बुरीतरह सें हैरान होँ गए औऱ इसी हैरानी मे मोनू नें दिव्या सें सबाल किया….
मोनू- दिव्या तुम् यहा…। आखिर तुम् यहाकर क्याँ रही होँ… औऱ तुम् जोयामैम कों केसे जानती होँ….
मोनू कि बात सुनकर दिव्या मुस्कुराते हुए बोलीं
दिव्या- मिस्टर हसबैंड लगता हैं कि आप् भूलगए हें कि मे यहीँइसी कम्पनी मे काम करती हूं….
मोनू- व्हॉट…। तुम् यहाकाम करती होँ… पर्र तुमने कभी मुझेइस बारे मे बताया क्यूं नहि….
दिव्या- बताया तोँ थां पतिदेव पऱ शायद आपकोयाद नहि रहा…। बैसे भि पिछले कई दिनों सें आप् कुछ ज़्यादा हि बिजीचल रहे हें…। बैसे आप् औऱ अज्जू आखिरयहा क्याँ कररहे हें……
दिव्या कि बात सुनकर मोनू अपनासिर खुजलाते हुए बोला
मोनू- वोँ वोँ हम् लोग तोँ यहा पऱ जोयामैम औऱ इकराम केँ बुलाने पऱ यहाआऐ हें।
इतना बोलकर मोनू निशा कि तरफ देखते हुए बोला
मोनू- बैसे जोयामैम आप् औऱ इकराम यहा पर्र क्याँ कररहे होँ….
हाँलाकि मोनू नें सबाल निशा सें किया थां, पऱ इसका जबाब दिव्या नें दिया
दिव्या- क्याँ मतलब कि जोयामैम यहा क्याँ कररही हें… अरे बाबाये कम्पनी जोयामैम कि हैं… वोँ प्रैसिडेंट हें इस कम्पनी कि… संग हि संग उनके औऱ इकराम केँ नाम पऱ कम्पनी केँ 60 परसेंट सें भि ज़्यादा शेयर हें। इसलिये वोँ यहा नहि होंगी तोँ कहां होंगी….
दिव्या कि बात सुनकर मोनू बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोला
मोनू- व्हॉट…। पर्र जोयामैम औऱ इकराम तौ गवर्मेंट ज़ॉब करते हें औऱ जोयामैम एक् इम्पोर्टेंट पॉजीशन पर्र भि हें… फिन वोँ अपना स्वयं कां बिजिनेश केसेरन कर सकती हें… ये तौ पूरीतरह सें इल्लीगल हैं….
इसबार मोनू केँ सबाल कां जबाब निशा नें दिया…
निशा-अब लीगल हौ याँ इल्लीगल… सच तौ यही हैं… बैस मिस्टर मनोज तुम् भि एक् आई.पी.एस। ऑफिसर होँ…। उसके बाबजूद भि तुम् एक् दूसरी गवर्मेंट नौकरी करते हौ…। क्याँ मे पूछ सकती हूं कि तुम्हें एक् संगदो दो गवर्मेंट नौकरी करने कि पर्मीशन हैं भि याँ नहि…। औऱ आपकेयार मिस्टर अजय केँ भि कई सारे बिजिनेश पहले सें हि हें, उसके बाबजूद भि वोँ मेरी हि तरह गवर्मेंट नौकरी मे इम्पोर्टेंट पॉजीशन मे हैं… क्याँ येसभी मिस्टर अजय केँ लिए इल्लीगल नहि हैं….
निशा कि बात सुनकर मोनू केँ पास कहने केँ लिएकुछ भि नहि बचा थां, असल मे निशा नें सहीकहा थां, दिव्या कों छोडकर वहा मौजूद हर इंशान दोअलग अलग नौकरी याँ बिजिनेश रनकररहा थां। ऐसी कंडीशन मे किसी एक् कों सहीगलत कां पाठ पढाना पूरीतरह सें गलत थां। जिस कारणवहा कुछदेर तक खामोशी छाईरही। आखिरकार दिव्या उस खामोशी कों भंग करतेहुए बोलीं
दिव्या- अरे दोस्त अब छोडो भि इनसभी फालतू कि बातों कों…। आप् औऱ अज्जू पहलीबार मेरे दफ़्तर आऐ हौ इसलिये धीरे-धीरे बैठकर बातें करते हें.
दिव्या कि बात सुनकर सबलोग वहाडले सोफे पऱ आहिस्ता बैठगए। तब तक पूजासब लोगों केँ लिएकप कॉफ़ी सर्व करकेचली गई थि। पूजा केँ जाने केँ बाद वोँ लोगकप कॉफ़ी शिप करतेहुए आपस मे बातें करनेलगे। चूँकि सबलोग पहले सें हि एक् दूसरे कों जानते थें, इसलिये जल्द हि वोँ सबलोग रिलेक्स होकर हंसी मजाक करतेहुए अपनेआज केँ शिड्यूल कि पूरी प्लानिंग करनेलगे औऱ कप कॉफ़ी ख़त्म होने केँ बाद वोँ लोग शॉपिंग करने केँ लिएवहा सें निकलगए।
चूँकि उन लोगों कां प्लान तौ यही थां कि अज्जू औऱ मोनू इकराम कि शॉपिंग करवाऐंगे, जबकि निशा औऱ दिव्या हिना कि शॉपिंग करवाऐंगी। मगरजब वोँ सबलोग मॉल पहुँचे तोँ पूरा प्लान बेकार होँ गय़ा औऱ सबलोग एक् संग शॉपिंग करने मे बिजी होँ गए। आखिरकार तयहुआ कि सबसे पहले हिना कि शॉपिंग होगी, उसकेबाद इकराम कि शॉपिंग होगी। मगर लडकियों कि शॉपिंग इतनी भि आसान नहि होती हैं…। औऱ यहा तौ एक् संगतीन तीन लडकियाँ थि…। जिस कारणउन लोगों कों शॉपिंग मे कुछ अधिक हि वक़्त लग गय़ा थां।
इसी दौरान निशा औऱ दिव्या नें अपनेसंग संग जिया, रीनू औऱ मम्मी केँ लिए भि शॉपिंग करली थि। जिसका पूरा पेमेंट निशा नें किया थां। हाँलाकि अज्जू औऱ मोनू अपनीतरफ सें पेमेंट करना चाहते थें, पर्र निशा नें एक्सक्यूज़ बनाकर किसीतरह उन दोनोें कों कन्बिंस कर हि लिया। इसके अलावा निशा नें मौका देखकर राधा केँ लिए भि ढेर सारे खिलौने, एक् प्यारी सि फ्रॉक औऱ सोने कि छोटी छोटी पायलें खऱीदकर अज्जू कों दे दि थीं। जिन्हें लेने सें अज्जू नें साफमना कर दिया थां। इसलिये निशाउसे कन्विन्स करतेहुए बोलीं
निशा- मिस्टर अजयअब जब हम् साथीबन हि चुके हें तौ फिन आपको मुझसे ये छोटा सां उपहार लेने मे क्याँ प्राब्लम हैं। बैसे भि मे ये आपकेलिए नहि देरही हूं। बल्कि आपकी बच्ची राधा केँ लिएदे रही हूं।
अज्जू- मुझे तोहफा लेने मे कोई प्राब्लम नहि हैं…। मगर तुम् पहले हि मां औऱ जिया केँ लिएढेर सारी शॉपिंग कर चुकी हौ। अब मे इन सबको लेकर औऱ शर्मिंदा नहि हौ सकता….
निशा- इसमें शर्मिंदा होने बालीकौन सि बात हैं…। दोस्तों केँ बीच तौ येसभी चलता हैं…। बैसे भि आपने मेरीजान बचाई हैं, उसका एहसान तोँ मे कभी चुका हि नहि सकती…संग हि संग आप् मेरे भइया कि इंगेज्मेंट मे भि एक् फैमली मैंबर कि तरह मेरी सहायता कररहे हें। तोँ फिन आप् मुझे अपना फैमली मैंबर मानकर राधा केँ लिए खरीदे गए छोटे मोटे तोहफा क्यूं एक्सेप्ट नहि कर सकते। क्याँ आप् मुझे अपना फैमली मैंबर नहि मानते….
अज्जू- नहि जोयाऐसी बात नहि हैं…
अज्जू कि बात सुनकर निशाउसे तना मारते हुए बोलीं
निशा- तौ फिन कैसीबात हैं… क्याँ तुम्हें ऐसा लगता हैं कि मेरेदिए उपहार तुम्हारे स्टेटस केँ हिसाब सें नहि हैं।
निशा कि बात सुनकर अज्जू बुरीतरह सें चिढते हुए बोला
अज्जू- शटआप जोया…ये तुम् क्याँ बकवास कररही हौ…। मे तौ बस इसलिये मनाकर रहा हूं, क्योंकि तुम् पहले हि मेरी फैमली पर्र अच्छा खासा रुपया खर्चकर चुकी होँ….
निशा-हाँ तौ ठीक हैं नां… तुम् मेरेलिए कुछ खरीदकर देदो… मे खुशी खुशी लें लूँगी… इसतरह तुम्हें शर्मिंदा भि नहि होना पडेगा औऱ हमारा हिसाब भि बराबर हौ जाऐगा….
निशा कि बात सुनकर अज्जू उसका मजाक उढाता हुआ बोला
अज्जू- अच्छा तोँ अगर मे तुम्हारे लिएकोई तोहफा खरीदूँगा तौ तुम् उसे एक्सेप्ट कर लोगी…
निशा-हाँ… क्यूं नहि…। तुम् खरीदकर तोँ देखो…
अज्जू- अच्छा तौ तुम् हि बता तौ कि तुम्हें क्याँ चाहिए… मे वही खरीदकर तुम्हें उपहार कर दूँगा….
निशा-भला किसी कि मर्जी पूछकर कोई तोहफा दिया जाता हैं क्याँ… अगर अपनेमन सें हि लेना होता तोँ मे कबका खरीद चुकी होती…। इतना भि कॉमन सेंसं नहि हैं क्याँ तुम्हारे अंदर….
निशा कि बात सुनकर अज्जू झल्लाते हुए बोला
अज्जू- अरे दोस्त मुझे नहि आता किसी केँ लिए तोहफा लेना… मुझेपता भि नहि हैं कि तुम्हें क्याँ मनपसंद हैं औऱ क्याँ नहि…। फिन मे अपनेमन सें तुम्हारे लिए क्याँ खरीदलूँ…। मानलो अगर मैंने किसीतरह तुम्हारे लिए उपहार खरीद भि लिया औऱ वोँ तुम्हें मनपसंद नहि आया तौ….
निशा- तोँ भि मे उसेयूज करूँगी….
निशा कि बात सुनकर अज्जू चिढते हुए बोला
अज्जू- अच्छा….
निशा-हाँ जी….
अब तक अज्जू पूरीतरह सें बौखला चुका थां… उसेसच मे समझ नहि आँ रहा थां कि वोँ जोया कों क्याँ तोहफा खरीदकर दे…। बहुतमन लगाने केँ बादजब अज्जू कों कुछ भि समझ नहि आया तोँ वोँ यूँ हि मॉल केँ अंदर चारों तरफ देखने लगा.तभी उसकीनजर साडियों केँ शोरूम पऱ पडी, जहाँ सें कछदेर पहले हि उन लोगों नें मम्मी केँ लिए साडी खरीदी थि… उसी शोरूम केँ अंदर एक् मैनेक्वीन पऱ यलो एण्डरेड काम्बिनेशन कि एक् साडीलगी हुईँ थि। हाँलाकि वोँ साडी ज़्यादा मंहगी नहि थि औऱ नां हि देखने मे कुछखास अच्छी लगरही थि।
पऱ उस साडी पऱ नजर पडते हि अज्जू कों यादआया कि जिसदिन वोँ लोग हिना केँ घऱ इकराम औऱ हिना कि विवाह कि बात करनेगए थें, उसदिन कों छोडकर अज्जू नें आज तक जोया कों कभी भि इण्डियन ड्रेस मे नहि देखा हैं, क्योंकि जोया अक्सर जींसटॉप मे हि रहती हैं, संग हि संग जोया केँ मजहब मे भि लडकियाँ साडी नहि पहनती हैं। अब चूँकि अज्जू कों कुछसमझ नहि आँ रहा थां कि वोँ जोया कों क्याँ तोहफा दे, इसलिये वोँ चिढते हुए बोला
अज्जू- तौ अगर मे तुम्हें सामने बाले शोरूम मे रेड एण्डयलो काम्बिनेशन मे दिखरही साडी खरीदकर दूँ…। तोँ क्याँ तुम् उसे पहनोगी….
अज्जू- कि बात सुनकर निशा नें उसकी आँखों मे झाँका… हाँलाकि निशाइस समय जोया केँ रूप मे थि, जिस कारण वोँ अज्जू कां दिमाग़ तोँ नहि पढ सकती थि, मगर अज्जू केँ चेहरे पर्र आऐ मजाक उढाने बाले एक्प्रेशन कों देखकर निशासमझ गई कि अज्जू बस किसीतरह बात कों टालना चाहता हैं। इसलिये निशा मुस्कुराते हुए बोलि
निशा-हाँ पहन लूँगी….
निशा कां जबाब सुनकर अज्जू बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोला
अज्जू- व्हॉट…। पऱ क्यूं… तुम्हारे मजहब मे तौ लडकियाँ साडी नहि पहनती हैं
निशा- व्हॉट यूमीन… तुमसे किसने कहा कि हमारे मजहब मे लडकियाँ साडी नहि पहनती हैं… भला मजहब देखकर कपडेकौन खरीदता हैं… अगर तुम् मुझे वोँ साडी उपहार करना चाहते हौ तौ दे सकते हौ… मे उसे जरूर पहनूँगी.
अज्जू- तोँ क्याँ वोँ साडी तुम्हें मनपसंद हैं… आईमीन जब हम् लोग मम्मी केँ लिएउस शोरूम पऱ साडियाँ देखने गए थें, उस वक़्त तौ तुमने एक् नजर भि उस साडी पऱ नहि डाली थि। बैसे भि वोँ साडी देखने मे कुछखास हसीन नहि लगरही हैं औऱ नाँ हि किसीबडे ब्रांड कि हैं….
निशा- तोँ इससे क्याँ फर्क पडता हैं… उपहार तौ उपहार होता हैं… बैसे भि उपहार कि कीमत याँ सुंदरता नहि देखी जाती… बल्कि तोहफा देने बाले कि नियत देखी जाती हैं। अगर तुम्हें वोँ साडी मनपसंद हैं औऱ तुम् मुझे तोहफा करना चाहते हौ। तौ मुझे तुम्हारा उपहार एक्सेप्ट हैं औऱ मे उसे जरूर पहनूँगी….
अब अज्जू केँ पास कहने केँ लिएकुछ भि नहि बचा थां… इसलिये वोँ चुपचाप उस शोरूम केँ अंदर गय़ा औऱ वही साडी खरीदकर लें आया। हाँलाकि अज्जू कों अब भि यहीलग रहा थां कि जोयाबस उसकादिल रखने केँ लिए वोँ साडी लेँ रही हैं। मगर वोँ उस साडी कों कभी पहनेगी नहि। जैसे हि अज्जू उस शोरूम सें बाहर् निकला, निशा नें उससे साडी बालाबैग लें लिया औऱ फिन राधा केँ लिए खरीदे तोहफा अज्जू कों देतेहुए बोलीं
निशा-लो अब तौ तुम् राधा केँ लिए खरीदे मेरे तोहफा एक्सेप्ट करोगे नां….
अब चूँकी अज्जू केँ पासमना करने कां कोई कारण नहि बचा थां। इसलिये उसने चुपचाप राधा केँ लिए खरीदे गऐ तोहफा निशा सें लें लिए औऱ जोया केँ लिए खरीदी गई साडी जोया यानि निशा कों दे दि। हाँलाकि इस टाइम बाकीलोग उन दोनों सें दूर किसी दूसरे शोरूम मे थें। जिस कारण अज्जू औऱ निशा केँ बीचचल रही बातचीत सें वोँ सब पूरीतरह सें अंजान थें। पऱ अचानक सें मोनू कि नजर अज्जू औऱ निशा पर्र पड चुकी थि औऱ उसने निशा केँ द्वारा खरीदे तोहफा अज्जू कों देतेहुए औऱ अज्जू द्वारा एक् साडी खरीदकर निशा कों देतेहुए देख लिया थां।
हाँलाकि वोँ उन दोनों केँ बीच हुई बातचीत कों सुन नहि पाया थां। पर्र फिन भि उसेये सभीसही नहि लगरहा थां। पऱ यहासब केँ सामने अज्जू सें इस बारे मे बात करनाठीक नहि थां। जिस कारण मोनू नें फिलहाल खामोश रहने कां फैसला किया। कुछ हि देरबाद अज्जू औऱ निशा नें दोबारा सें सब लोगों कों ज्वाईन कर लिया थां। चूँकि हिना कि शॉपिंग पूरी हौ चुकी थि। इसलिये अब इकराम केँ लिए शॉपिंग करना बाकी थि। पर्र इकराम केँ लिए शॉपिंग करने सें पहलेउन लोगों नें एक् रेस्टोरेंट दोपहर का खाना किया औऱ उसकेबाद वोँ लोग इकराम कि शॉपिंग करने केँ लिए बापिस सें मॉल आँ गए।
कथा जारी हैं.
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