Meri Jung (Restart) – New Episode
Congratulations bhay firse aane keliye mein tumhari kahani kaa बहुत बड़ा wala pankha ho tm muze sayad bhool gaye honge too mein yaad dila deta ho मेरी दो id thi एक jinesh singh से aur एक Ashish120 से sayad अब yaad aajaye thank you bhay firse kahani start karne के liye।
Xp say xf p bhut si kahani sift hoyi h yeh v xp kee behtareen kahaniyan m s thi.hope kee yaha yeh complete kaa tag le sake. welcome bhay.
Well come bro yaar aapki es kahani kaa ne fen hoon maine ab tak kamse kam 20 baar kahani reed kee he fhirse aapko yahan dekhkar bata nahee sakta kitni khusi mili he aur bhot sukriya bhay kahani ko restart karne k liye
Meri Jung (Restart) – New Episode
Thanks bhay ap ko yha dekh krr बहुत khusi horahe bhay karib एक year से ap ko dekhne के liye taras raha thaa bhay xp की sabse jyada badhiya kahani he mai जब से xf start हुआ he siraj bhay से bar bar iss kahani के bare mai gujaris krr ta raha ho unke pdf mai bi last के das update नहीं he
bhay ap ko आज yha dekh krr muze बहुत khusi hoyi he plz bhay iss kahani ko jarur और jald से jald poora kare plz
Thanks
Welcome bhay khafi waqt baad Darshan hue h bhay k or ap sharu say likh rehe hu kahani bhay kahani ko veha say sharu karo jeha pr ap ne khatam kee thi tkx bhay
Welcome here bhay. Please pahle ise complete kare fir new start krna waise bi bhay iss kahani ko bohat waqt hu choka h. Dekhte h Nisha or Ajju kee dobara mulaqat kab tak hoty h.
Welcome bhay khafi waqt baad Darshan hue h bhay k or ap sharu say likh rehe hu kahani bhay kahani ko veha say sharu karo jeha pr ap ne khatam kee thi tkx bhay
Welcome bhay or is kahani ko phir say start karne ke liye bohot sukriya aapka jitni juldi hu sake purane updates ko deke new updates dena suru karo Dekhte h Ajju or Nisha kee mulakat kab or kese hotha h
Meri Jung (Restart) – New Episode
एपसोड 001 –
येकथा हैं मध्य प्रदेश सें दिल्ली आए एक् सीधे साधे लडके कि जोँ दिल्ली मे माईक्रो बॉयोलॉजी कि डिग्री कररहा थां, पऱ हालत नें उसे क्याँ सें क्याँ बना दिया। उस लडके कां नाम हैं अजय शर्मा उम्र 22 वर्ष, सब लोगउसे प्रेम सें अज्जू कहकर बुलाते हें। अज्जू मध्य प्रदेश केँ एक् छोटे सें गाँव कां रहने बाला हैं। उसकेघऱ मे केबल उसके पिता संजय शर्मा उम्र 50 वर्ष हें। अज्जू कि मम्मी कि डेथ बचपन मे हि होँ गई थि। अज्जू कों तोँ याद भि नहि हैं कि उसकी मां कैसी दिखती थीं। बस कुछ धुंधली सि यादें हें, जोँ उसे सपनों मे कभीकभी दिखाई देतीं हें।
अज्जू केँ घऱ सें लगाहुआ उसके चाचा जी कां घर-मकान हैं, जिनका नाम प्रकाश शर्मा हैं। चाचा जी केँ परिवार मे कुल 5 सदस्य हें।
चाचा - प्रकाश शर्मा उम्र 48 वर्ष
चाची - मीना शर्मा उम्र 46 वर्ष
चाचा कि बडी लड़की – निशा शर्मा उर्म 22 वर्ष (निशा मेरी हम् उम्र हैं)
चाचा कि छोटी लडकी - नेहा शर्मा उम्र 19 वर्ष
चाचा जी कां लडका - सौरव उम्र 19 वर्ष
मे आपकोयहा बातादूँ कि नेहा औऱ सौरव दोनों हि जुडवा हें। नेहा कां जन्म सौरव सें 2 घंटे पहलेहुआ थां।
अज्जू केँ पिता अधिकतर शान्त हि रहते हें, अज्जू सें भि उनकीबात मात्र तभी होती हैं, जब बहोत जरूरी हौ। इसलिये अज्जू अपनेघऱ कि स्थान अपने चाचा जी केँ घऱ पर्र ज़्यादा रहता हैं। चाचा चाची भि उसे अपनेसगे बेटे कि तरह समझते हें। चाचा जी कि बडी लड़की निशा अज्जू कि हम् उम्र हैं औऱ दोनों कां जन्म एक् हि दिनहुआ थां, इसलिये दोनों कि एक् दूसरे सें अच्छी खासी बनती भि हैं। हालाँकि अज्जू केँ पिता मन्दिर केँ पुजारी हें एवंयही उनकीआय कां एकमात्र साधन हैं। जबकि अज्जू केँ चाचा प्रकाश शर्मा बहुत ज़्यादा पैसे बाले हें। उनकेपास कईएकड जमीन औऱ कई फार्महाउस हें। बैसे तोँ अज्जू बहोत सीधा-साधा लडका हैं, पर्र फिन भि वोँ जिससे मिलता हैं, उसे हँसाता रहता हैं। बैसे तोँ उसकेकई सारेयार हें, पर्र उसका सबसेखास यार मनोज दुबे हैं। जिसेबो मोनू कहकर बुलाता हैं।
चलिएअब मे आप् लोगों कों अधिकबोर नं करतेहुए सीधेकथा पर्र आता हूं……।।
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मध्य प्रदेश केँ दूर दराज केँ इलाके केँ एक् छोटे सें गाँव शिवगढ कि एक् शर्दरात जिस्में चारों तरफघना कोहरा छायाहुआ थां। अमावस कां दिन थां, जिस कारण चारों तरफ अंधेरा फैलाहुआ थां औऱ गाँव केँ सबलोग अपने अपने घऱों केँ अंदर सोयेहुए थें। उस अंधेरी रात मे बसकुछ आवारा कुत्तों केँ भोंकने कि आवाज़ सुनाई देरही थि, ऊपर सें सर्दी केँ मौसम औऱ घने कोहरे नें उसरात कों कुछ ज़्यादा हि डरावना बना दिया थां। तभी एक् अनजान काला सायाउस घने अंधेरे कां फायदा उठाते हुए चोरी छिपे एक् घर-मकान कि छत पऱ चडने कि कोशिश करनेलगा, कुछदेर प्रयास करने केँ बाद जल्द हि वोँ अपनी कोशिशों मे कामयाव रहा औऱ अगले हि समय वोँ उस घर-मकान कि छत पर्र थां।
जिसके बाद वोँ बिना किसीडर केँ सीढियों केँ रास्ते चुपचाप घर-मकान केँ अंदर दाखिल होँ गय़ा। ऐसालग रहा थां जैसे वोँ अनजान सख्स पहले सें हि इसघऱ केँ हर एक् कोने सें अच्छी तरह सें परिचित हैं। उस रहस्यमई अनजान सख्स नें कालेरंग केँ कपडे पहनेहुए थें, संग हि अपने चेहरे कों भि काले नकाब सें ढंकरखा थां, जोँ उसेरात केँ अंधेरे मे दूसरे लोगों कि नजरों मे आने सें बचारहा थां। वोँ सख्स बिनाकोई आवाज़ किए औऱ बिना किसी तकलीफ़ केँ बडी हि आसानी सें उस घर-मकान केँ अंदर दाखिल हौ चुका थां औऱ बिना किसीडर केँ एक् कमरे कि तरफबढ रहा थां। शायदउस सख्स कों पहले सें हि पता थां कि उसे कहां जानां हैं।
उस कमरे कां दरवाजा अंदर सें लॉक नहि थां। शायदउस कमरे केँ अंदरइस टाइम जोँ भि इंशान मौजूद थां, उसने याँ तौ इसतरह किसी अनजान आदमी केँ घऱ मे आने केँ बारे मे कभी सोचा हि नहि थां, याँ फिनउसे किसी केँ आने कां प्रतीक्षा थां। जबउस अनजान सख्स नें बिना किसी आवाज़ केँ आहिस्ता सें कमरे केँ दरवाजे कों खोलकर अंदर झांककर देखा, तौ उससमय कमरे मे नाईट बल्ब कि हल्की रोशनी फैली हुईँ थि, जिसमें उसे एक् महिला अपने बच्चे केँ संगबैड पऱ बेखबर सोती हुइ साफसाफ दिखाई देरही थि। जिसे देखकर उस अनजान साये कि आँखों मे एक् अलग हि प्रकार कि चमक आँ गई थि।
इसलिये वोँ बिना किसी आवाज़ केँ चुपचाप उस कमरे मे दाखिल होँ गय़ा औऱ जैसे हि वोँ उस स्त्री केँ पास पहुंचा, तोँ वोँ उस स्त्री कि हुस्न मे पूरीतरह खो गय़ा। वो एक् 26-27 साल कि बला सि हसीन स्त्री थि, सोते टाइम उसके कालेघने बाल उसके चेहरे पर्र आँ गए थें औऱ उन कालेघने बालों केँ बीच सें झाँकता उसका दूधिया सफेद चेहरा कुछ ज़्यादा हि मनमोहक लगरहा थां, ऐसालग रहा थां जैसे कोयले कि खान मे कोई हीराचमक रहा हौ याँ फिन कालेघने बादलों केँ बीच सें चाँद अपनीचमक विखेर रहा होँ। ऊपर सें उस स्त्री कि सांसों कि लय मे ऊपर नीचे होता उसका सीना देखकर तोँ उस काले साये कों अपनी साँसे रुकती हुईँ महसूस हौ रहींथीं।
इस वक़्त वोँ अनजान आदमी पूरीतरह सें उस महिला कि हुस्न मे खो चुका थां, तभी अचानक सें घऱ केँ पासगली मे सें किसी आवारा कुत्ते केँ भोंकने कि तेज आवाज़ सुनाई दि, जिसे सुनकर वोँ साया बापिस फिन सें अपनेहोश मे आँ गय़ा। अपने होशो हवास मे बापिस आते हि उस साये नें तेजी सें अपने प्लान कों अंजाम देना शुरुआत कर दिया। सबसे पहले उसनेबैड पऱ बेखबर सोईउस स्त्री केँ बच्चे कों चुपके सें अपनीगोद मे उठा लिया औऱ बिना किसी आवाज़ केँ उस कमरे सें बाहर् निकल गय़ा। वोँ सायाउस मासूम बच्चे कों उसीघऱ केँ एक् दूसरे कमरे मे लेँ गय़ा औऱ उसेखाट पर्र लिटा दिया। फिन उस कमरे सें बाहर् आकर दरवाजा बाहर् सें लॉककर दिया। ताकि किसी कों पता नां चले कि वोँ बच्चा इस वक़्त कहां पर्र हैं।
बच्चे कों उसकी मां सें अलग करने केँ बाद वोँ साया एक् बारफिन उस महिला केँ पासजा पहुंचा। जोँ अब भि पूरीतरह सें बेखबर गहरी नींद मे सोरही थि। मगरअब वोँ नकाबपोस साया बिना किसीडर औऱ हिचक केँ लगातार उस स्त्री कों घूरेजा रहा थां। उसकी आँखों मे इससमय वासना साफसाफ दिखाई देरही थि। अचानक सें उस नकाबपोस साये नें औरत केँ गालों कों छूआ औऱ तभीपता नहि केसेउस स्त्री नें किसी अनजान व्यक्ति कां स्पर्श अपनी नींद मे भि महसूस कर लिया, जिसके अगले लम्हा हि वोँ स्त्री जल्दी हि अपनी नींद सें जाग गई। मगर जैसे हि उसकीनजर उस नकाबपोस काले साये पर्र पडी तोँ उसने चीखने केँ लिए अपना मुंह खोला।
पर्र इससे पहले वोँ स्त्री चीख पाती याँ फिन अपनी सहायता केँ लिए किसी औऱ कों बुला पाती। उस काले साये नें बिजली कि गती सें अपना एक् हाथ मजबूती सें उस महिला केँ मुंह पऱ रख दिया। जिस कारणउस महिला कि चीख उसकेगले मे हि घुटकर रह गई। इस अचानक हुए हमले सें वोँ महिला बुरीतरह सें डर गई थि, औऱ इसनऐ माहौल कों समझने कि कोशिश कर हि रही थि। ठीकतभी उस स्त्री केँ कानों मे एक् मर्दाना सर्द आवाज़ गूँजी
“अगर तुमने अपने मुँह सें जरा सि भि आवाज़ निकालने कि गलती कि, तौ तुम् हमेशा हमेशा केँ लिए अपने बच्चे कों खो दोगी”
वोँ महिला उस सर्द आवाज़ कों सुनकर बुरीतरह सें हैरान रह गई थि, उसकी आँखों मे साफसाफ दिकाई देरहा थां कि वोँ महिला उस आवाज़ केँ मालिक कों बहोत अच्छी तरह सें पहचानती हैं। हाँलाकि इसबात कां एहसास उस नकाबपोस कों भि होँ गय़ा थां। इसलिये उस नकाबपोस व्यक्ति नें अपने चेहरे सें नकाबहटा दिया, क्योंकि अब उसकेपास अपना चेहरा छिपाने कि कोईबजह नहि बची थि। मगर जैसे हि उस व्यक्ति नें उस महिला कि मूँह सें अपनाहाथ हटाया तोँ वोँ महिला करीब-करीब चीखते हुए बोलीं
स्त्री- ततत तुम्। तुम् यहा क्याँ कररहे होँ.
उस स्त्री कि बात सुनकर उस व्यक्ति नें कहा
व्यक्ति- स्स्स्स्स् स्स्स्स्स कहा नां आवाज़ नहि। लगता हैं तुम् मेरीबात ठीक सें समझी नहि याँ फिन अपने बच्चे सें तुम् प्रेम हि नहि करती
उस व्यक्ति कि धमकी सुनकर उस स्त्री कों अपने बच्चे कि याद आँ गई औऱ वोँ बैड पऱ चारों तरफ अपने बच्चे कों देखने कि कोशिश करनेलगी। मगर उसका बच्चा वहा नहि थां। जिसे देखकर वोँ स्त्री बुरीतरह सें डर गई थि। इसबार वोँ स्त्री धीमी आवाज़ मे गिडगिडाते हुए बोलीं
महिला- क्क्क्क कहां हैं मेरा बच्चा। क्याँ किया तुमने उसकेसंग
उस स्त्री कि डरभरी आवाज़ सुनकर वोँ व्यक्ति मुस्कुराता हुआ बोला
व्यक्ति- जहाँ भि हैं फिलहाल ठीकठाक हैं। मगरअगर तुमने कोई गडबड कि याँ मेरीबात नहि मानी तोँ मे गारंटी नहि लें सकता कि वोँ आगे भि ठीक रहेगा याँ नहि।
उस व्यक्ति कि बात सुनकर वोँ महिला एक् बारफिन डरतेहुए बोलि
स्त्री- आखिर क्क्क्क् क्याँ चाहते होँ तुम् औऱ इसतरह इतनीरात तौ यहाआने कां क्याँ मतलब हैं
उस महिला कि बात सुनकर वोँ व्यक्ति वासना भरी नजरों सें उस महिला कों घूरते हुए बोला
व्यक्ति- तुम् जानती तोँ होँ मेरीजान मे यहा क्यूं आया हूं
औरती- क्क्क्क् क्याँ मतलब हैं तुम्हारा.
व्यक्ति- तुम् इतनीबडी मूर्ख तौ दिखाई नहि देती जौ इतना भि नां समझो कि एक् मर्द इतनीरात कों एक् महिला केँ पास आखिरकिस लिए जाता हैं।
उस व्यक्ति कि बातों कां मतलब समझते हि वोँ महिला गुस्से मे गुर्राते हुए बोलि
स्त्री- कमीने। तुम् मेरे बारे मे इतनी गंदीसोच रखते होँ। अगर मेरे पति कों पताचल गय़ा तोँ वोँ तुम्हारी जान लेँ लेंगे।
उस महिला कि बात सुनकर वोँ व्यक्ति एक् बहसी हँसी हंसते हुए बोला
व्यक्ति- हाहाहा हा तेरे पति कों तौ इस बारे मे तबपता चलेगा नां, जबकोई उसेकुछ बताऐगा। जानेमन मेरासंग दो औऱ मुझेजी भरकर तेरे खूबसूरती कां मज़ा लेनेदो। मे तुम्हें रानीबना कर रखूँगा। क्यूं उस भिखारी केँ संग अपनी जवानी खराबकर रही हौ।
उस व्यक्ति कि बात सुनकर वोँ स्त्री करीब-करीब चीखते हुए बोलीं
महिला- नहि कमीने मेरे जीतेजी ऐसाकभी नहि हौ सकता
व्यक्ति- देखो मेरीजान अगर प्रेम सें मेरीबात मान जाओगी तौ चुमऐश करोगी, वर्ना मे तुम्हें किसी कों भि मूँह दिखाने केँ लायक भि नहि छोडूँगा।
उस व्यक्ति कि बात सुनकर उस स्त्री नें जैसे हि उस व्यक्ति कि आँखों मे वासना औऱ बहसीपन देखा तोँ वोँ बुरीतरह सें डर गई। उसेकुछ भि समझ नहि आँ रहा थां कि वोँ अबउस व्यक्ति सें अपने बच्चे औऱ अपने आप् कों केसे बचाऐ। उस स्त्री कों यूँ खामोश देखकर उस व्यक्ति कों लगा कि उस महिला नें आत्मसमर्पण कर दिया हैं। इसलिये वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे उस महिला कि तरफ बडनेलगा पर्र तभी अचानक सें उस महिला नें पूरी ताकत केँ संगउस व्यक्ति कों धक्का दिया औऱ वहा सें भागने कि कोशिश करनेलगी। मगर वोँ व्यक्ति पहले सें हि ऐसी किसी भि स्थिती कां सामना करने केँ लिए पूरीतरह सें रेडी थां।
इसलिये उसने महिला कों वहां सें भागने कां कोई मौका नहि दिया औऱ उस स्त्री कों धक्का देकर एक् बारफिन सें विस्तर पऱ गिरा दिया। इससे पहले वोँ महिला फिन सें भागने कि कोशिश करती, वोँ व्यक्ति उस स्त्री कि कमर केँ ऊपर जाकरबैठ गय़ा औऱ उसके दोनों हाथों कों अपने हाथों सें मजबूती सें पकडकर, उस महिला केँ चेहरे कि तरफ झूकने लगा। उस स्त्री नें डर औऱ घृणा सें अपनी आँखें बंदकर लीथीं औऱ अपना चेहता दूसरी तरफ करके करीब रोतेहुए बोलि
महिला- प्लीज ईश्वर केँ लिएऐसा मतकरो। अगर तुमने मुझेछुआ भि तौ मे अपनीजान दे दूँगी।
उस महिला कि लाचारी पर्र वोँ व्यक्ति हंसता हुआ बोला
व्यक्ति- हाहाहा जानदे दोगीहा हाहा…। जानेमन ज़्यादा नौटंकी करने कि जरूरत नहि हैं। अगर मे तेरेसंग थोडा बहोत प्रेम कर भि लूँगा तोँ कौन सां तुम् घिस जाओगी। अबअगर तुमने अपने मूँह सें एक् शब्द औऱ निकाला, तोँ फिन तुम् फिनकभी अपने बच्चे कां चेहरा नहि देख पाओगी। इसलिये चुपचाप मुझेमजे करनेदो।
उस व्यक्ति कि बात सुनकर वोँ स्त्री डर केँ कारणकुछ भि नहि बोलसकी औऱ चुपचाप दूसरी तरफ अपना चेहरा करकेउस व्यक्ति कों अपनी मर्जी करने दि। उस स्त्री कि इस हरकत पऱ वोँ व्यक्ति किसी बहसी दरिंदे कि तरहउस महिला केँ गालों कों चूमने औऱ काटने लगा। अब उस स्त्री नें विरोध करना भि पूरीतरह सें बंदकर दिया थां। वोँ किसी जिंदा लाश कि तरह विस्तर पऱ पडी हुइ थि औऱ वोँ व्यक्ति उस स्त्री केँ गालों कों औऱ गर्दन कों चूमने एवं काटने मे व्यस्त थां। धीरे-धीरे धीरे-धीरे वोँ व्यक्ति औऱ भि ज़्यादा उत्तेजित होनेलगा थां। उसनेउस स्त्री केँ दोनों हाथों कों छोड दिया थां औऱ अपने हाथों कों उस स्त्री केँ सीने पर्र लेँ जाकर उसके ब्लाऊज कों खोलने कि कोशिश करनेलगा।
उसका ध्यान पूरीतरह सें उस महिला केँ सुडोल औऱ उभरेहुए सीने पर्र थां। जिस कारण वोँ उस महिला केँ हिलते हुए हाथों कों नहि देख पाया। इससे पहले वोँ व्यक्ति उस स्त्री केँ ब्लाऊज कों उसके सीने सें अलगकर पाता, उस स्त्री नें खाट केँ पास टेविल पर्र रखे एक् फ्लावर पॉट कों अपने एक् हाथ मे मजबूती सें पकडा औऱ पूरी ताकत सें उस व्यक्ति केँ सिर पऱ दे मारा। वोँ व्यक्ति इस अचानक हुए हमले केँ लिए बिल्कुल भि रेडी नहि थां। फ्लॉवर पॉटसिर पऱ लगते हि उसकेसिर सें खून निकलने लगा थां औऱ उसकेसिर मे तेज दर्द भि होँ रहा थां। जिस कारण उसने अपने दोनों हाथों सें अपनेसिर कों पकड लिया।
ठीक तभीउस स्त्री नें मौका देखकर पूरी ताकत सें उस व्यक्ति कों धक्का देकर अपनेऊपर सें हटा दिया औऱ बैड सें उठकर कमरे सें बाहर् निकलकर पास हि बने दूसरे ेकमरे मे जा पहुँची। भाग्य सें वोँ स्त्री उसी कमरे केँ अंदर गई थि। जहाँउस व्यक्ति नें बच्चे कों छिपाया थां। अब तक वोँ व्यक्ति पूरीतरह सें सम्हल चुका थां औऱ उस स्त्री केँ पीछे पीछे दूसरे कमरे तक आँ पहुंचा थां। अचानक अपनेऊपर हुईँ हमले सें वोँ इस वक़्त बुरीतरह सें गुस्से मे थां। इससे पहले वोँ महिला उस दूसरे कमरे कों अंदर सें लॉककर पाती। उस व्यक्ति नें एक् जोरदार लात मारकर दरवाजा खोल दिया औऱ आंदरआकर उस स्त्री कों दबोच लिया।
अचानक हुए हंगामा शराबे सें बो बच्चा जाग चुका थां औऱ लगातार रोरहा थां। पऱ उस बच्चे केँ रोने कां उस व्यक्ति पर्र कों असर नहि हुआ। इस टाइमउस व्यक्ति कि आँखें किसी हिंसक भेडिए कि तरह दिखाई दे रहीं थि। उसपरइस समयखून सबार थां, जिस कारणउस व्यक्ति नें बिनाकुछ सोचे समझे अपने पेंट कि जेव सें एक् चाकू निकाल करउस स्त्री कि गर्दन पऱ चला दिया। घाव बहोत गहरा थां, जिससे महिला केँ गले कि नश पूरीतरह सें कट चुकी थि औऱ वहा सें खून कां फब्बारा निकलने लगा थां। जिस कारण वोँ महिला चीख भि नहि पाई।
कुछ देर तक तोँ वोँ व्यक्ति यूँ हि गुस्से मे उस स्त्री कों पकडकर खड़ारहा। पर्र जैसे हि उसेहोश आया तोँ उसे एहसास हुआ कि उसने क्याँ कर दिया हैं। वोँ व्यक्ति उस स्त्री कों जान सें नहि मारना चाहता थां। वोँ तौ बसउस स्त्री केँ संग अपने शरीर कि आग कों ठण्डा करना चाहता थां। पर्र उस महिला नें उसे इतना ज़्यादा क्रोध दिला दिया थां कि वोँ अपनेहोश खो वैठा औऱ उस स्त्री कि जान लें ली। अपनी गलती कां एहसास होते हि उस व्यक्ति नें स्त्री कों जल्दी हि छोड दिया। जिस कारण वोँ स्त्री किसीकटे हुए पेड़ कि तरह नीचे फर्श पर्र जा गिरी।
उस व्यक्ति नें स्त्री कों गुस्से औऱ नफरत सें एक् नजर देखा औऱ फिन अपने चाकू कों उस महिला कि साडी केँ पल्लू सें अच्छी तरह सें साफ करने केँ बादउस चाकू कों बापिस सें अपनीजेव मे रख लिया। इसकेबाद वोँ व्यक्ति पूरेघऱ कां सामान इधरउधर फेंककर कुछ तलाश करनेलगा। जल्द हि उसे पहले कमरे मे रखी तिजोरी कि चावीमिल गई थि। जिसके बादउस व्यक्ति नें बिनादेर किए जल्द सें उस तिजोरी कों खोला औऱ उसके अंदररखा सारा सामान अपनेसंग लाये एक् बैग मे भरनेलगा। शायदअब वोँ इस घटना कों चोरी याँ लूट-पाट कां रूप देना चाहता थां।
तिजोरी मे रखा सारा सामान अपनेबैग मे भरने केँ बाद वोँ व्यक्ति बापिस सें उस महिला केँ सामने आकर खड़ा होँ गय़ा। उस महिला कि सांसें अब भि चल रहींथीं पऱ अधिकखून बहने केँ कारण वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनीमौत कि तरफजा रही थि। जिस कारण उसकी आँखें अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे बंद होने लगीं थि। उस व्यक्ति नें एक् गहरीनजर उस स्त्री केँ सुंदर चेहरे कि तरफ देखा औऱ फिनउस स्त्री केँ चेहरे पऱ थूक दिया। इसकेबाद वोँ तेजी सें उस कमरे सें बाहर् निकलकर सीडियों केँ पासजा पहूँचा। मगरतभी वोँ व्यक्ति अचानक सें पलटा औऱ पहले कमरे मे जाकरबैड केँ पासडले अपने नकाब कों उठाकर बापिस सें अपना चेहरा ढंक लिया।
इसकेबाद वोँ दोवारा उस कमरे मे जा पहुंचा जहाँ वोँ स्त्री औऱ उसका बच्चा मौजूद थां। उस स्त्री कि सांसे चलनाअब पूरीतरह सें बंद हौ चूँकी थि। पऱ उसका बच्चा अभि भि रोऐजा रहा थां। मगर बच्चे नें जैसे हि उस दरिंदे कों देखा तौ उसका रोना पूरीतरह सें बंद हौ गय़ा। पऱ वोँ व्यक्ति बिना किसीडर केँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे उस बच्चे केँ नजदीक जानेलगा औऱ तभी वोँ बच्चा डर केँ कारण बेहोश होँ गय़ा।
किस्सा जारी हैं.
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