अंजू की चूत की सुगन्ध - चुदाई - Latest Update 1
अंजू कि बुर कि सुगन्ध
सलोनी रानी सें सम्बंध बनेहुए हें औऱ जब भि अवसर मिलता हैं हम् मिलकर खूब चुदाई
कर लेते हें।
सलोनी रानी कि हि तरह एक् औऱ पाठिका कि मेलआई जौ उसने नीलम रानी कि चुदाई कि
स्टोरी पढ़कर लिखी थि। उसने लिखा- चूतनिवास जी, मे भि नीलम रानी जैसे नौकरी केँ बदले
मे चुदवाना चाहती हूं। उसकानाम अंजू शर्मा हैं मैंने पूछा कि तुम् केवल नौकरी लेने केँ लिये
बुर मरवाना चाहती हौ याँ तुम्हें वैसे भि चुदास बहोत तेज़उठा करती हैं।
उसनेकहा- नहि चूतनिवास जी, मेरा बहोत दिल करता हैं कि मे रोज़ रोज़ चुदूं… अगर चुदाई
केँ संगसंग नौकरी भि मिल जाये तोँ एक् पंथदो काज…
मैंने पूछा- अंजू रानी, तुम् पहलेकभी चुदाई हैं?
बोलि- हाँ, मैंने कईबार अपनेबॉय फ्रेंड कों चोदा हैं मगरअब उसकी विवाह हौ गई हैं किसी
औऱ लड़की सें, तोँ मे पिछले तीन महीनों सें सूखी पड़ी हूं, उसने विवाह केँ बाद दुबारा मिलने
कि कोशिश कि थि मगर मैंने उस धोखेबाज़ कों गालियाँ देकरभगा दिया।
मैंने पूछा- क्याँ तुम् सेक्रेटरी कां कामकर सकोगी?
उसने जवाब दिया-हाँ, वैसेकभी किया तौ नहि हैं मगर मेरा वर्ड औऱ एक्स्सेल मे अच्छा
हाथसेट हैं तोँ कर लूँगी।
मैंने फिन पूछा- रानी, तुमको मुझसे भि चोदना होगा औऱ मेरेउस फ्रेंड सें भि जोँ तुम्हें नौकरी
देगा।
उसनेकहा- मे तौ इतनी प्यासी हूं कि जितना भि चोदी जाऊँगी उतना हि आनन्द आयेगा
मुझे… आप् दोनों खुशी सें मेरी बुर मारिये!
उसकी इतनी रंगीली औऱ लन्ड, बुर जैसे शब्दों सें भरी हुईँ भाषासुन कर मे दंगरह गय़ा।
आमतौर पऱ लड़कीऐसे शब्दों कां प्रयोग नहि करती हें, औऱ यदि करती भि हें तोँ चुदाई केँ
वक़्त नां कि आम बोलचाल मे…
अंजू रानी तोँ सलोनी रानी सें भि एक् कदमआगे थि।
उसकेमुख सें यह शब्दसुन कर बेहदमजा भि आया, खासकर जब कि उसकी आवाज़ हि
बहोत मीठी थि, बिल्कुल यूं लगता थां कि कोईदूर कहीं बांसुरी बजारहा हैं। पलक झपकते हि
यह चूतनिवास मस्ता गय़ा।
मैंने अपनेकुछ सहयोगियों सें मालूम किया तौ तीन लोगों कों सेक्रेटरी कि ज़रूरत थि औऱ
जबपता चला कि ये सेक्रेटरी काम केँ संगसंग बुर भि देगी तोँ सब जल्दी मानगये
औऱ एक् नें तोँ सबसेआगे बढ़ते हुए बिना किसी इंटरव्यू केँ उसे नौकरी कां ऑफरभेज दिया,
तनख्वाह भि बढ़िया लगा दि, Rs 18000 प्रति माह…
नौकरी मिल जाने केँ बाद अंजू रानी नें मोबाइल किया- बुर निवास जी, बताईये कहां औऱ केसे
मिलेंगे? आपने मेरी नौकरी लगवाई हैं उसका आपसेचुद कर शुक्रिया देना हैं आपको…
मैंने अंजू रानी कों गुड़गाँव अपनेघऱ कां पता देकर वहीं पऱ हि आने कों कहा।
मेरी पत्नि जूसी रानीचार पांचदिन केँ लिये अपनी बेहन केँ घऱ फ़रीदाबाद गई हुई थि।
अपनी पत्नि केँ खाट पर्र दूसरी लड़की कों भोगने मे मजा हि कुछअलग होता हैं।
अंजू रानी अगलेदिन सुभह 11 बजे मेरेघऱ पर्र पहुँच गई।
उसे मैंने ड्रॉइंग रूम मे बिठा दिया। वोँ सिकुची सि सोफे केँ सिरे पर्र बैठ गई।
अंजू एक् फैशनेबल लड़की हैं, सांवला रंग, बड़ी बड़ी सुन्दर सि आँखें, झक सफेद दांत औऱ
कंधों पऱ लहराते हुएहुए गहरे कालेबाल। मस्त फिगर जिसमें बड़ी बड़ी चूचियाँ ऐसी कि व्यक्ति
टकाटक घूरे हि जाये। उसकी चूचियाँ कम सें कम 36C साइज़ कि होंगी। गोलगोल मदमस्त
उसकीटॉप कों फाड़ केँ बाहर् कूदने कों सजधजकर !
अंजु रानी नें एक् हलके नीलेरंग कां स्लीवलेस टॉप औऱ उसके नीचे एक् बड़े घेरेदार प्रिंट
वाली स्कर्ट पहनरखी थि जौ उसके घुटनों केँ नीचे तक पहुंच रही थि। पैरों मे ऊंचेहील कि
हसीन सैंडल थि। सैंडल औऱ स्कर्ट केँ बीच मे अंजु रानी कि सुडौल, चिकनी टांगें औऱ
सुन्दर सें पेरदीख रहे थें। उसके एक् हाथ मे एक् बढ़िया बैग औऱ दूसरे हाथ मे एक् फोल्डर
थां।
अंजु रानी कां चेहरा बहोत सुन्दर तौ नहि थां मगर दिलकश अवश्य हैं। उसेदेख कर अच्छा
लगता थां औऱ नज़र हटाने कों बिल्कुल भि दिल नहि करता।
हाइट थां कोई 5 फुट 5 इंच…
ज्यादा सुंदर नाँ होतेहुए भि अंजू रानी बहोत आकर्षक औऱ सेक्सी लगती हैं।
मैंने कहा- रानी ज़राचल केँ तौ दिखाओ? बोलि- क्याँ देख्ना चाहते हौ? मे लंगड़ी तोँ नहि हूं?
मे बोला- नहि अंजू रानी, मे तोँ तुम्हारे गोलगोल नितम्ब चलतेहुए केसे झूमते हें, यह देख्ना
चाहता थां।
अंजु रानी खिलखिला कर हंसी… क्याँ मनलुभावनी हंसी हैं इस सेक्स बम कि !!!
उठ केँ अंजु रानी हँसते हँसते एक् मॉडल कि तरहकमर लहरा लहरा केँ चल केँ दिखाने लगी।
मे भि हंसामगर संगसंग उसके मदमस्त चूतड़ों केँ उछलकूद सें मे मोहित भि हौ गय़ा।
चूतनिवास… साले चोदू, कितना मजा आयगाजब यह मस्त नितम्ब चाटने कों, हाथ फेरने औऱ
चूमने कों मिलेंगे !!!
दसकदम चलकर अंजु रानी नें मुझे मंत्रमुग्ध कर डाला। वोँ वापिस आकर सोफे पऱ बैठ
गई। इसबार वोँ सिकुची सिकुची नहि बल्कि ठीक सें धीरे-धीरे बैठी, मुस्कराते हुए बोलि-
बुर निवास जी आपसे मिलने केँ लिये मैंने बहुत तैयारी कि हैं।
मे बोला-रुक ज़रा… सबसे पहले तोँ मुझे बुर निवास जी कहनाबंद कर। मेरे मित्र मुझे
राजे कहते हें औऱ तुँ कह केँ संबोधित करते हें। तुँ भि राजेकह औऱ तुँ सें बातकर!
अंजु रानी नें इतरा केँ मेरेकान मे शहद घोला- मे नां कहूँगी राजे… मे तोँ राजा कहूँगी…हाँ तूँ
कह सकती हूं।
मैंने पूछा- अंजू रानी, तौ बता क्याँ तैयारी कि हैं?
अंजू रानी बोलीं- राजा…मैंने तेरीसभी कहानियाँ पढ़ी हें… उन्हें पढ़ केँ मैंने ये अन्दाज़ लगाने
कि कोशिश करी कि तूँ किनकिन हरकतों सें खुश होकर चुदासा होता हैं… लड़की क्याँ क्याँ
करे जिससे तेरीठरक अंधाधुंध बढ़े…इस पर्र मैंने बड़े ध्यान सें रिसर्च कि औऱ उसी हिसाब
सें तैयारी कि।
अंजू की चूत की सुगन्ध - चुदाई – New Episode
मे बोला- अंजू रानी, माना तूँ बड़ी रिसर्च स्कॉलर हैं, पऱ अबबता तोँ सही क्याँ होम वर्क
करकेआई हैं?
अंजू रानी खिलखिला केँ हंसी औऱ बोलि- तेरी लड़की कां सारा शरीर चाटने कां बड़ाशौक हैं…
इसलिये मे अपनी टांगें औऱ बाहें वेक्सिंग करवा केँ आई… वैसे मेरेबाल बहोत थोड़े हें फिन भि
मैंने सोचा कि चूतनिवास कों मे एकदम चिकनी मिलूं…
मगर झांटें पूरी कि पूरी जंगल समान रहनेदीं क्योंकि तुँ उनमें मुंह रगड़ता हैं…
बगल केँ बाल भि यूं हि रहने दिये…
मेरीसमझ मे आया कि चूतनिवास लड़की केँ पैरों औऱ हाथों कों चाट केँ बहोत उत्तेजित होता
हैं इसलिये मैंने पेडीक्यूर औऱ मैनीक्यूर करवाया…
चूतनिवास कों लड़की कां स्वर्ण रस पीने मे मजाआता हैं तौ इसलिये मे सुभह 5 बजेउठी
औऱ टोइलेट सें फ्री होँ गई ताकि मेरे राजा कों कम सें कम 6 सें 7 घंटे कां जमा कियाहुआ
अमृत तोँ मिले…
नई सैंडल खरीदी ऐसे डिज़ाइन कि जिसमें तूँ मेरेपेर तकरीबन पूरे अच्छे सें हर वक़्त देख
सके… मैंने लिपस्टिक भि नहि लगाई जिससे राजा कों मेरे होंठ चूसने सें पहले उन्हें पोंछना
न् पड़े क्योंकि राजा कों होंठों कां स्वाद मनपसंद हैं नं कि लिपस्टिक कां…
फिन मैंने ये स्कर्ट औऱ टॉप खरीदी जिसे उतारने मे ज़रा भि दिक्कत नाँ होँ…
दोस्त चूतनिवास मेरे पांच हज़ार खर्च होँ गये तेरे कों खुश करने कि तैयारी मे… सचसचबता
मेरी रिसर्च सही हैं कि नहि?
मुझे मानना पड़ा कि हाँ अंजू रानी कां होम वर्क एकदम पर्फेक्ट हैं, मे हंस केँ बोला- अंजू
रानी बिल्कुल सही…दोस्त तुँ स्टोरी पढ़ती थि याँ मुझे?
उठकर मे अंजू रानी केँ नज़दीक गय़ा औऱ उसे सोफे सें उठाकर उसे आलिंगन मे कस केँ
बाँध लिया।
मे उसके हसीन चेहरे कों निहारता हुआ बोला- रानी तूने तौ मुझे मोहित कर लिया हैं
दोस्त… तूँ सच मे एक् सेक्स बॉम्ब हैं…तुँ पांच हज़ार कि चिंता न् कर, मे दे दूंगा।
अंजू रानी थोड़ी दुःखी होकर बोलि- नहि राजा, तुँ सरासर झूठबोल रहा हैं…तुँ कोई मेरेऊपर
मोहित वोहित नहि हुआ… मेरे जैसी काली लड़की पऱ कौन मोहित होगा…यही तोँ ट्रैजेडी हैं
मेरी कि मे काली हूं… मुझे मालूम हैं तुँ मेरादिल रखने केँ लियेकह रहा हैं।
मे उसकी चुम्मी लेकर बोला- रानी, कौन चूतिया कहता हैं कि तूँ सुन्दर नहि हैं… इतनी काली
भि तूँ नहि हैं जितना तुँ समझती हैं… तेरारंग उत्तर भारत केँ एक् आम हिन्दुतानी जैसा हैं…
गोरा नहि हैं मगर काला भि नहि हैं… थोडा सांवला हैं… तेराहर अंग सुंदर हैं… तेरा
चेहरा कितना खिला खिला एक् हंसते हुएफूल जैसा हैं… तुँ अंजू रानी सुन्दर हि नहि बहोत
सुन्दर हैं… लें अब मेरी चुम्मी लें।
अंजू रानी नें खुश होके मुझे बड़े प्रेम सें मुंह पऱ चूमा औऱ बोलीं- राजा…तूँ बहोत चूतिया
बनाता हैं लड़कियों कों पऱ तेरी बातें सुन केँ अच्छा भि लगता हैं… आजकुछ ऐसा करेंगे जौ
तेरी किसी भि कथा मे नहि किया गय़ा… मे प्लानिंग कर केँ लाई हूं… बताऊँ याँ ससपेन्स
रहनेदूं तेरे लिये?
मैंने कहा- नहि, बताने कि ज़रूरत नहि हैं, यह ससपेन्स रहे तोँ ज्यादा मजा आयेगा।
अंजू रानी नें कहा- मे एक् गानाफोन पऱ बजाऊँगी… उस गाने पऱ हम् दोनों अपना एक्
एक् कपड़ा उतार केँ फेंक देंगे… मे टॉप उतारूं तोँ तूँ शर्ट उतारना… मे स्कर्ट उतारूं तौ तूँ
अपनी पैंट उतारना… मात्र उतारना नहि हैं बल्कि उतार केँ दूर फेंकना हैं… जब तक गाना
समाप्त होगा हमें पूरा नंगा होँ जानां हैं… ठीक हैं न्?
मे बोला-हाँ ठीक हैं।
उसकी चुदाई केँ लिये कि गई इतनी प्लानिंग सें मे बहोत प्रभावित थां औऱ मुझेदिख रहा थां
कि ये लड़की बेतहाशा मजा देने वाली हैं।
अंजू रानीचहक केँ बोलीं- देख राजा…दो गाने हें जोँ मर्द मे कामवासना इतनी अधिक
भड़काते हें जिसकी कोईहद नहि… मे बहोत गाने सुनती हूं मगर व्यक्ति कि गोलियों मे
आग लगाने वालेयह हि दो गाने मुझे सबसे ज़्यादा मनपसंद हें। तुम्हे बसये चूज़ करना हैं कि
किस गाने पऱ कपड़े उतारते हुए डांस करूं औऱ किस पऱ नंगी होकर…
मे बोला- रानी, गानेकौन सें हें यह तौ बताओतभी तोँ चूज़ करूंगा।
अंजू रानी नें बताया- एक् गाना हैं- खूबसूरती केँ लाखों रंगकौन सां रंग देखोगे, आग हैं यह शरीर
कौन सां अंग देखोगे।
औऱ दूसरा हैं- अंग सें अंगलगा लें सांसों मे हैं तूफान, जलनेलगी हैं काया जलनेलगी हैं
जान! दोनों हि गाने गज़ब केँ लन्ड खड़ाकर देने वाले हें… अब जल्द सें बता राजा पहलेकिस
गाने पऱ नाचूँ?
मैंने कुछदेर सोचा, मैंने दोनों गाने सुनेहुए थें फिरभी बहुत पुराने वक्त केँ थें… फिन मैंने
फैसला किया कि ‘खूबसूरती केँ लाखों रंग’ गाना नंगे डांस केँ लिये बेहतर रहेगा औऱ यही मैंने
अंजू रानी कों कह दिया।
अंजू रानी नें गाना चालू किया औऱ लगी डांस करने…
एक् कैबरे डांसर कि तरह वोँ बड़ा भड़कीला डांसकर रही थि… उसकीभाव भंगिमायें औऱ
मुद्राएं उत्तेजित करने वालीथीं।
अंजू रानी कि ज़बरदस्त चूचियाँ अंजू केँ नाचते हुएखूब उछलकूद कररहे थें जिन्हें देखकर
मे पागलहुए जारहा थां।
अचानक अंजू रानी नें नाचते नाचते अपनी स्कर्ट नीचे कि औऱ वैसे हि नाचते हुएपेर स्कर्ट
सें बाहर् निकाल लिये, उसने एक् किक जोँ मारी हैं स्कर्ट कों तौ वोँ दसगज़ दूर जाकर
गिरी।
मैंने भि झट सें अपनी पतलून उतार केँ दूर कहीं कों उछाल फेंकी।
अंजू रानीखूब मस्त होकर डांसकर रही थि। फिन उसने अपनीटॉप भि नाचते हुए उतारी
औऱ दूर फेंक दिया।
अब अंजू रानी सिर्फ ब्रा औऱ चड्डी मे थि…
क्याँ मस्त फिगर थि दोस्त अंजू रानी कि…
औऱ चूचों कां तौ कहना हि क्याँ !!!
ऐसे गज़ब केँ चूचे मैंने तौ कभी नहि देखे थें।
मेरा अंदाज़ गलत थां, उसके चूचों केँ साइज़ केँ बारे मे… मैंने लिखा थां कि कपड़े पहनेहुए
अंजू रानी केँ चूचुक 36C केँ होंगे मगरअब मुझे लगनेलगा कि यह मतवाले चूचे 38C होने
चाहियें।
अंजू रानी केँ डांस केँ संगयह भि नाचरहे थें औऱ देखने वालेइस चूतनिवास कि गांड फाड़े
डालरहे थें।
तभी अंजू रानी नें अपनी ब्रा कों उतार केँ जाने कहां फेक दिया औऱ अपनी आलीशान चूचियों
कों जैसे क़ैद सें आज़ाद कर दिया।
बड़ी बड़ीगोल गोल मतवाली चूचियाँ ब्रा केँ हटते हि कूद केँ बाहर् कों निकलीं।
ओओओओओ….ओहहह !!!!
दोस्त चूचेहों तौ अंजू रानी जैसेहों… उसके चूचेदेख केँ मेरी सांसऊपर कि ऊपर औऱ नीचे
कि नीचे हि रह गई, गलासूख गय़ा औऱ माथे पर्र पसीना छलकउठा, जिस्म एकदम सें मानो
चार पांच डिग्री गर्म होँ गय़ा।
मस्त चिकनी चूचियाँ ! खूब बड़े बड़े, उठे हुए गहरे काले निप्पल औऱ हर निप्पल कां एक्
एक् बड़ा सां दायरा जिसका रंग हल्का काला ! अभि मे स्वयं कों संभाल भि नहि पाया थां कि
अंजू रानी नें अपनी पतली सि चड्डी भि उतार दि औऱ उसे नाचते नाचते मेरेपास लाकर
मेरीनाक कों चड्डी मे घुसा दिया।
फिन उसने चड्डी कों मेरीनाक औऱ मुंह सें खूब ज़ोर ज़ोर सें रगड़ा।
उसकी चड्डी सूंघ केँ यारों मजा आँ गय़ा ! लुत्फ आँ गय़ा !! स्वाद आँ गय़ा !!! मुझे एक्
संग अंजू रानी कि बुर, गाण्ड औऱ झांटों कि सुगंध मिलरही थि। थोड़ी सि महक उसके पसीने
कि भि इनसब गंधों मे मिली हुई थि।
एक् चुदास सें लबालब भरी हुइ लड़की केँ जिस्म कि अंतरंग सुगंधें एक् संग पहलीबार मैंने
सूँघी थीं।
‘अब बहनचोद मुझे देखेगा भि याँ मेरी कच्छी हि मे घुसा रहेगा… खायेगा क्याँ इसे? …एक्
लड़की नंगीनाच रही हैं औऱ एक् गांडू चड्डी सें खेलेजा रहा हैं?’ अंजू रानी कि फटकार नें
मुझे जैसे सोते सें जगाया।
जैसे हि मैंने नज़र उठाई तौ सारा जिस्म झनझना उठा, यूँ लगा कि बिजली कां एक् तेज़ करंट
कां तार मुझेछू गय़ा होँ।
अंजू रानी मादरजात नंगी मेरे सामने नाचरही थि औऱ वोँ सेक्सी गानाबजे जारहा थां
जिसकी धुन पऱ मेरी चुदासी अंजू रानी डांसकर रही थि।
क्याँ मदमस्त फिगर थि ! क्याँ जिस्म थां !! ये तोँ वोँ पटाखा थां जौ हिजड़ों मे भि गर्मी पैदा
कर दे, कब्र मे लटके पैरों कों भि मिल्खा सिंहबना दे औऱ जौ लन्ड बरसों सें ढीले पड़ेहों
उनको भि खड़ाकर केँ लोहे केँ समानबना दे। ये वोँ लड़की थि जिस सेक्स केँ भंडारे कों
देखकर तौ सन्यासी भि बलात्कारी बन जाएँ।
अंजू रानीमचल मचल केँ, थिरक थिरक केँ नाचरही थि, उसका अंदाज़ बेहद कामुक औऱ
उत्तेजक थां।
जिसने गाना लिखा थां उसे भि ये ख्याल नहि आया होगा कि उसके मस्ती वाले गाने पऱ
नाचते हुए एक् ज़ोरदार चुदाई कां खेल होगा। नंगी अंजू रानी एक् जन्नत कि हूर जैसीलग
रही थि।
माफ़ चाहता हूं अंजू रानी पूरी नंगी नहि थि, उसने अपने सैंडल नहि उतारे थें, नंगी अंजू रानी
अपनेहाइ हील केँ सैंडल मे डांस करती हुई गज़बढा रही थि।
उसकी अदाओं पर्र मर मिटने कों जी चाहता थां, लन्ड अकड़ अकड़ केँ पागल हौ रहा थां औऱ
तुनके पे तुनका मारेजा रहा थां मानो कि अंजू रानी कों सलामकर रहा होँ।
अंजू रानी थिरकते हुए मेरेपास आई औऱ मुझे इशारा किया कि क्योंकि उस नें अपनी चड्डी
उतार दि हैं तोँ मे भि अपना अंडरवीयर उतार फेंकूँ।
बिना एक् भि लम्हा गंवाये मैंने अपना कच्छा उतारा औऱ उसे एक् तरफ कों फेंक दिया।
कच्छे कि क़ैद सें आज़ाद होते हि लन्ड उछलउछल कर बताने लगा कि वोँ भि सजधजकर हैं इस
खेल कां हिस्सा बन जाने केँ लिये…
जैसे हि मे नंगाहुआ, अंजू थिरकती हुईँ मेरे लगभग आँ गई औऱ उसने अपने दिलकश चूचे मेरे
चेहरे सें रगड़ने शुरुआत कर दिये।
उसने मेरासिर पकड़ केँ खूब अच्छी तरह सें मेरा मुंह अपनी चूचियों सें, चूचियों केँ बीच मे
औऱ निप्पलस मे घुसा घुसा केँ रगड़ा। वोँ मेरासिर बालों सें कस केँ जकड़े हुए थि औऱ जैसा
उसकादिल होता थां वैसे मेरे मुंह कों इधरउधर घुमाते हुए मम्मोँ पऱ दबादबा कर रगड़ती
औऱ कभी चूचों सें मेरे मुंह कों दबा देती, कभी एक्, तौ कभी दूसरी निप्पल मुझे चूसने कों
देती।
मे भि मस्ती सें भराहुआ थां औऱ जब भि मौका लगता उसकी मम्मों मे दाँत गड़ा देता याँ
निप्पल कों काट लेता।
अंजू की चूत की सुगन्ध - चुदाई – New Episode
थोड़ी देर केँ बाद मैंने अंजू रानी कि कमर जकड़ली, दूसरे हाथ सें उसकी गर्दन औऱ फिन
मैंने चूचियों कों आहिस्ता चूसना शुरुआत किया। यारो, क्याँ हि मदमस्त चूचे थें नरम, रेशम सें
चिकने औऱ बहोत हि ज़ायकेदार… चूस केँ मज़ा इतना आँ रहा थां कि बयान करना मुश्किल
हैं।
जब मे मम्मों कों कस केँ काट लेता तोँ अंजू रानी कराह उठती।
वोँ गालियाँ दियेजा रही थि- चूसचूस बेहन केँ लौड़े बुर निवास.। चूस मादरचोद चूस.। हाँ
औऱ ज़ोर सें दाँत गाड़इन हरामज़ादी चूचों म़ें.। काट केँ खाजा कुत्ते.। तुँ काट केँ खा हि जा
बेहन केँ दोस्त.। हाँहाँ.। औऱ ज़ोर सें कमीने.। चूसचूस.। तेरी मां कों कुत्ते चोदें साले
हरामी.। बेहनचोद.। गांडू.। चूसेजा चूसेजा साले चूसेजा.। इत्यादि इत्यादि…
औऱ मे चूसे गय़ा।
मैंने अंजू रानी कि बुर पर्र हाथ फिराया तोँ हाथ पूराभीग गय़ा।
अंजू रानी कि बुर पूरीगरम थि औऱ चुद जाने कों रेडी हि नहि बेकरार भि…
अंजू रानी चूचियाँ चुसवाते हुए भि थिरकरही थि गाने कि धुन पर्र… इस सें मम्मों मुंह म़ें घुसे
घुसे भि थोडा थोडा हिलरही थि।
ये एक् अनूठा अनुभव थां जौ मैंने पहलीबार किया थां, नाचते हुएइस सें पहले किसी
लड़की नें चूचे नहि चुसवाये थें।
बहुत टाइम केँ बाद अंजू रानी सिसकारते हुए बोलीं- सुन राजा…हरामी अब मे तेरे कों ऐसा
मज़ा दूंगी जोँ तूने पहलेकभी नहि लिया होगा…अब तूँ चूसना बंदकर नहि तौ कुत्ते मे गर्म
होकर तुम्हारी तरफ अभि चोद डालूँगी!
मैंने जैसे हि मम्मों सें मुंह हटाया, अंजू रानी नें फिन सें डांस करना शुरुआत कर दिया।
उसकी चुसी हुइ गीली चूचियाँ भि नाचने लगीं जिससे मेरीठरक बढ़ेचली जारही थि।
अंजू रानी नें अब अपनी टांग मेरेतरफ बढ़ाते हुए सैंडल पहनेहुए पेर मेरे मुंह पऱ रख दिया
औऱ बोलि- चाट मेरेपेर भोसडी केँ गांडू। जीभर केँ चाट इनको.चाट चाट केँ मेरादिल
खुशकर मादरचोद। ज़रा सि कसररह गई तोँ बेहन केँ लौड़े, इन्ही सैंडल सें तेरी गांड़
बजाऊँगी। कमीने मादरचोद। अबचाट। बेहन कां दोस्त इतनीदेर लगारहा हैं कमीना…
अंधा क्याँ चाहेदो आँखें… मैंने वोँ हसीनपेर सैण्डल पहने पहने हि चाटना शुरुआत किया। उसके
पांव सें सैण्डल केँ चमड़े कों हल्की सि महक आँ रही थि। बहोत ठरक बढ़ाने वालीमहक थि
बहनचोद उसके पैरों कि। मैंने दीवानों कि तरह एक् केँ बाद एक् उसके दोनों पांव चाटने शुरुआत
किये।
बेहन कि लौड़ी अब भि एक् पेर पऱ खड़े खड़े थिरके जारही थि। जब मे उसकेपेर ऊपर सें
चाट चुका तौ तलवे चाटने केँ लिये मैंने सैण्डल उतर फेंके।
हाँ यारो, अब अंजू रानी पूरीतरह सें नंगी हौ चुकी थि औऱ अपने जलवा बिखेर रही थि।
मैंने बड़े मज़े सें चटखारे लेतेहुए अंजू रानी केँ सुन्दर पैरों केँ मक्खन जैसे चिकने औऱ नरम
तलवों कों चाटना चूसना शुरुआत किया। यारो, एक् लड़की केँ पेर चाटने कां मजा हि कुछअलग
हैं।
अच्छे सें अंजू रानी केँ तलवेचूस चाट केँ मैंने अपना ध्यान उसके पैरों केँ अंगूठे औऱ
उंगलियों पर्र केन्द्रित किया। उसके अंगूठे केँ संग वाली उंगली अंगूठे सें ज़रा सि बड़ी थि,
बाकी कि तीन उंगलियाँ थोड़ी थोड़ी करके छोटी होतीजा रहीथीं जैसासभी लोगों केँ पैरों मे
होता हैं। उंगलियाँ गोल औऱ सुडौल थीं औऱ नाखून बड़े सलीके सें तराशे हुए, नैचुरल शेड कि
पोलिश कि हुईँ थि।
सच मे अंजू रानी किसी अच्छे ब्यूटी सैलुन मे पैडीक्योर करवा केँ आई थि। इतने मादक पांव
देखकर उत्तेजना सें भरकर मैंने एक् एक् करके अंजू रानी केँ पैरों कि सब उंगलियाँ खूब मज़े
लें लें कर चूसीं। उंगलियों केँ बीच केँ भाग पर्र खुश होकरखूब जीभ फिराई। दोस्त मस्ती आँ
गयीँ, !
लन्ड कां हाल तौ यारों बद सें बदतरहुए जारहा थां। अत्यधिक ठरक चढ़ने केँ कारण मेरे
अंडों मे हल्का हल्का सां दर्द होनेलगा थां। शायद वोँ लावा सें पूरेभर चुके थें औऱ चाहते थें
कि लावा झाड़ दिया जाये।
उधर अंजू रानी कि उत्तेजना भि बढ़ती जारही थि, वोँ अब ज़ोर ज़ोर सें सीत्कार भररही थि,
मुझे मोटी मोटी गालियाँ देरही थि मगरफिन भि गाने कि धुन पऱ थिरके जारही थि।
मैंने उसकेपेर कों पकड़ केँ उसे अपनीतरफ घसीटा औऱ झट सें तीन उंगलियाँ उसकी बुर
मे घुसादीं। चूतरस सें लबालब भरी हुइ थि औऱ जैसे हि उंगलियाँ पूरी अंदरगईं अंजू रानी
एक् ज़ोर कि किलकारी मारते हुए झड़ी।
ढेर सां रस बुर सें छूटा…मेरा पूराहाथ भीग गय़ा परंतु मे उंगलियाँ अंदर बाहर् किएजा रहा
थां।
अंजू रानी उतावलापन उठी औऱ उसनेकस केँ मेरेहाथ कों पकड़ लिया जिससे मे धक्के नाँ लगा
सकूं- हरामी मेरीजान निकालेगा क्याँ?
सारा पानी तौ निकल गय़ा बुर हरामज़ादी फट जायगी अगर तूँ उंगली दिये जायगा तोँ…रुक
जा कमीने…रंडी कि औलाद साले…हाय रामहाय राम…इतना तेज़ तौ राजा मे कभी नहि झड़ी
ऊ.ऊ.ऊ… आआआ…अहह बेहन केँ दोस्त.’
मैंने कहा- बेहनचोद रंडी तूँ तौ कहरही थि कोई स्पेशल मजा देगी… क्याँ हुआउस स्पेशल
मज़े कां… साली रांड…झड़ केँ बैठी हैं… कुतिया, मम्मी कि लौड़ी पहले नहि बक सकती थि कि तुँ
झड़ने वाली हैं तौ मे तेराजूस हि पी लेता… साली रंडी कि औलाद… सारारस होँ गय़ा नाँ
बर्बाद?
अंजू रानी नें एक् गहरी सांस लेतेहुए कहा- ज़रा तसल्ली रख कमीने… तूने क्यूं बुर मे तीन
तीन उंगलियाँ घुसेड़ दीं… घुसेड़ी तोँ घुसेड़ी साले नें ज़ोर सें धक्के भि ठोके। अब दो मिनट
सांस लें लूँ तौ मादरचोद देती हूं तौ तेरे कों जन्नत कां नज़ारा!
इतनाकह केँ उसने लन्ड कों चाटना शुरुआत किया, खूब मुँह गीलाकर केँ अंजू रानी नें लन्ड कों
चाटचाट केँ अपनीलार सें तरकर दिया। मेरा तोँ हाल पहले हि खराब थां उसकेयूं चाटने
सें बड़ी मुश्किल सें मैंने स्वयं कों कंट्रोल किया।
अचानक सें अंजू रानी नें लन्ड कों अपनी मस्त चूचियों केँ बीच मे फंसा लिया औऱ अपनेहाथ
दोनों चूचियों केँ अगलबगल जमा दिये।
फिन अंजू रानी नें अपने हाथों कों चूचियों पर्र जमाये जमाये ऊपर नीचे करना शुरुआत किया जैसे
कि लन्ड कि मथनीचला रही होँ।
अंजू रानी केँ मोटे मोटेनरम गर्म चूचों केँ बीच मे आहिस्ता फंसेहुए लन्ड केँ तौ यारों मज़े
लग गये।
अंजू रानीकभी ऊपर नीचे करके तोँ कभीआगे पीछे करके चूचे मथती। जैसे हि लन्ड थोडा सां
सूख जाता, वोँ दोबारा सें जीभ सें चाटचाट केँ लौड़े कों अपने मुखरस सें तरकर देती।
मेराहाल बिगड़ता जारहा थां, लन्ड इतनी मस्त चूचियों सें मथवाकर फटने कों हौ गय़ा थां।
अंजू रानी कों भि खूबमजा आँ रहा थां क्योंकि उसकी चूचियों कों लगातार लन्ड कां दबाव
औऱ उसके अपने हाथों कि रगड़ सें अंजू रानी भि उत्तेजित होँ चली थि। वोँ गर्मी मे डूबकर
मोटी मोटी गालियाँ देरही थि, उसके सुन्दर चेहरे पर्र तेज़ उत्तेजना कि लालीछा गई थि औऱ
उसकी आँखें मे लाललाल डोरे तैरने लगे थें जैसे कि खूब शराब पीने पऱ होता हैं।
चुदास कां नशा यारों हर दूसरे नशे पर्र भारी होता हैं।
‘क्यूं मेरे राजा? आँ रहा हैं न् मजा जन्नत कां? पहले किसी लौंडिया नें दिया हैं इतना
मजा?… बेहन केँ लन्ड आज तुम्हे पता चलेगा असलीमजा क्याँ होता हैं… लेँ भोसड़ी केँ… लेँ
भोसड़ी वाले लेँ… कमीने मां केँ लौड़े बुर निवास केँ बच्चे… लेँ लेँ लेँ…’ अंजू रानी केँ मुख सें
झाग निकलने लगी थि औऱ मस्ती मे चूर होकर उसकेहाथ अब तेज़ी सें चलरहे थें।
चुदासी अंजू रानीअब चूचियों सें मेरा लन्ड मसलते मसलते गहरी सीत्कारें भररही थि।
येबात तोँ माननी पड़ेगी कि लन्ड कों अंजू रानी केँ गोलगोल नरम चूचियों मे फंसकर जोँ
रगड़ाई हौ रही थि उसमें मजा तोँ ऐसा आँ रहा थां कि पूछो नहि।
वास्तव मे इतना आनन्द पहले किसी भि चुदक्कड़ नें नहि दिया थां।
अंजू रानीबार बार लन्ड कों चाट केँ गीला करती औऱ फिनउसे मम्मों मे मथ डालती। अंजू
रानी नें अपनी टांगें चौड़ी करलीथीं, शायद उसकी बुर धड़ाधड़ रस छोड़रही थि।
तभी अचानक मेरेसिर मे एक् बिजली सि कौंधी औऱ मे ज़ोर कि अहह भरताहुआ बड़े ज़ोर
सें झड़ा।
मोटे मोटे लावा केँ गर्म लौंदे बड़ी तेज़ी सें छूटे, अंजू रानी कि ठुड्डी औऱ उसकागला मेरे
लन्ड कि मलाई सें सन गय़ा। अंजू रानी नें बड़े प्रेम सें लन्ड कों चूचियों केँ बीच सें निकाला
औऱ लन्ड केँ नीचे वाली मोटीनस दबादबा केँ लावा कों अच्छे सें निकल जाने दिया।
अंजू रानी केँ दोनों हाथ, चूचे भि वीर्य सें पूरेसन गये। वोँ भि स्खलित हौ रही थि, बारबार
टांगें फैला औऱ सुकड़ा रही थि औऱ ज़ोर ज़ोर सें सीत्कार लेँ रही थि, संगसंग मे मुझे
गालियाँ भि दियेजा रही थि।
फिन उसने अपनेगले, ठुड्डी औऱ चूचियों पऱ फैलाहुआ लावा उंगलियों सें समेटा औऱ उंगली
चाटचाट केँ सारा वीर्य मुँह मे लें गई।
अंजू की चूत की सुगन्ध - चुदाई - Continue reading for full story
Relavant source : click here