इंतकाम की ज्वाला - desi daru – New Episode
गीता बोलि- इसे तोँ 3-3 लण्डों सें पिलवाना पड़ेगा, तब सुधरेगी ये।
उसकेबाद हम् सभी नंगे होकर प्यार सें गरमचाय पीनेलगे। मैंने मुन्नी केँ गले मे हाथ डालते हुए कुसुम कि तरफ देखते हुएकहा- मुन्नी, तुम्हें एक् वादा करना होगा !
मुन्नी बोलि- राकेश, तुमने मुझ पऱ इतने अहसान किये हें, तुम् कहोगे तौ मे तुम्हारा मूत भि ख़ुशी ख़ुशी पी लूँगी।
मे बोला-आज कि सजा केँ बाद तुम् कुसुम सें वैसा हि प्रेम करोगी जैसा पहले करतीथीं।
मुन्नी बोलीं- ठीक हैं, मगरआज केँ बदले केँ बाद !
कुसुम रोतेहुए बोलीं- दिदी, सच मेरे कारण गीता भाभी औऱ आपको बहोत सहना पड़ा, आप् मेरी 3-3 सें नहि 4-4 लण्डों सें मेरी बुर चुदवाओ पऱ आप् मुझसे प्रेम करनामत छोड़ना औऱ मेरे गाँव मे कुछ नहि कहना ! आगे सें मे कभी आपको धोखा नहि दूंगी।
गरमचाय पीने केँ बादआधा घंटा हम् सभी नें आराम किया।
आराम करने केँ बाद मुन्नी कुसुम सें बोलीं- अब जाकरमूत आँ ! इसकेबाद तौ तेरे तीनों छेदों मे व्हीकल दोड़ेगी औऱ बीच मे रुकेगी भि नहि !
कुसुम मूतने चली गई।
गीता नें मोहन कों घऱभेज दिया औऱ किसी कों फ़ोन करनेलगी, शायद किसी कों बुलारही थि।
हम् लोगअब घऱ केँ तीसरे कमरे मे आँ गए थें, यहा एक् बड़ा सां शीशालगा हुआ थां औऱ नीचे पलंग बिछेहुए थें।
तीनों औरतें अपने नंगे शरीर शीशे मे देखकर एक् दूसरे कि बुर औऱ चूचियों सें खेलते हुए हंसी ठिठोली कररही थीं।
मुन्नी कुसुम सें बोलीं- चल शीशे केँ सामने घोड़ी बन ! राकेश भैया कां लण्ड तेरी बुर मे डलवाती हूं ! शीशे मे तेरी चुदाई देखने मे तोँ मजा आँ जाएगा।
कुसुम बोलीं- दिदी, पिछले कमरे मे चलते हें नं !
मुन्नी बोलि- उह… अपनी फ़ुद्दी चुदती देखने मे लज्जा आँ रही हैं? अच्छा तूँ ये काली पट्टी बांध लेँ ! उसकेबाद लज्जा नहि आएगी।
गीता औऱ मुन्नी नें कसकर पट्टी उसकी आँखों पर्र बाँध दि। उसकेबाद गीता नें मेरेकान मे बताया कि मुकुंद सेठ औऱ चिंटू आँ रहे हें दोनों केँ लण्ड औऱ डलवाने हें इस रंडी कि बुर मे।
पट्टी बंधने केँ बाद कुसुम कों मुन्नी नें शीशे केँ सामने घोड़ी बना दिया मैंने पीछे जाकर कुसुम कि बुर मे अपना लंड लगा दिया औऱ कुसुम कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे चोदने लगा।
तभी मुझे शीशे मे चिंटू औऱ मुकुंद सेठ दरवाज़े पर्र खड़े दिखे, मुन्नी औऱ गीता नें मुझेचुप रहने कां इशारा किया। कुसुम कि बुर धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा लण्डखा रही थि।
मुन्नी चिंटू कि तरफआँख मारने कां इशारा करतेहुए बोलीं- मोहनजी, आप् भि अपना लौड़ा इसके मुँह मे डालिए नां ! कितना अच्छा लगेगा जब एक् लण्ड बुर मे औऱ दूसरा मुँह मे संगसंग दोड़ेगा ! जल्द करिए !
चिंटू नें अपनी लुंगी उतार दि उसका लण्ड मुझसे भि मोटा औऱ लम्बा थां।
कुसुम केँ मुँह केँ आगे खड़े होकर चिंटू नें लौड़ा उसके होंटों पर्र रख दिया।
मोहन केँ धोखे मे कुसुम नें एक् हि लम्हा मे लंड मुँह मे लें लिया।
एक् मोटा लण्ड उसके मुँह मे घुस गय़ा थां।
हम् दोनों नें एक् दूसरे कों देखते हुए उसकी बुर औऱ मुँह मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे लंड पेलना शुरुआत कर दिया। मुन्नी अबदोदो लण्डों कां मजा लें रही थि, उसकी घुटी आवाज़ हमारी चुदाई कां आनन्द बढ़ारही थि।
थोड़ी देरबाद हम् दोनों हटगए, कुसुम होंटों पऱ जीभ फिराते हुए बोलीं- औऱ… अहह…अहह… उह… औऱ चोदिये नं… बड़ामजा आँ रहा थां… जल्द डालिए… औऱ चोदिये नं…
मुकुंद सेठ कि लुंगी गीता नें खोल दि, उनका पिचकू लण्ड भि खड़ाहुआ थां। मुन्नी नें मुकुंद सेठ कां हाथ पकड़कर कुसुम केँ मुँह केँ आगे उनका लण्डडाल दिया।
कुसुम नें पतला सां तीन इंची लम्बा लण्ड मुँह मे लेँ लिया। अब कुसुम कि बुर पऱ चिंटू नें पीछे सें जाकर अपना कब्ज़ा कर लिया थां औऱ लण्डडाल कर उसकी बुर चोदने लगा थां।
मे कुसुम केँ सामने पड़ी कुर्सी पर्र बैठ गय़ा मुन्नी सें रहा नहि गय़ा, वोँ मेरे लोड़े पर्र आकरबैठ गई।
उसने गीता कों इशारा किया, गीता नें जाकर कुसुम कि पट्टी खोल दि।
कुसुम नें जब सामने देखा तौ वोँ चोंक गई, सामने सेठ कां लंड उसके मुँह मे घुसाहुआ थां औऱ उसकेआगे मुन्नी मेरे लण्ड पऱ बैठी हुईँ थि औऱ शीशे मे चिंटू उसकी बुर मे ठकाठक लण्डपेल रहा थां।
उसके मुँह सें सेठ कां लण्ड निकल गय़ा, गीता बोलीं- कुतिया, सेठजी कां लौड़ा मुँह मे चूस ! मुझे भि चूसना पड़ा थां, तुझेही याद होगा बहोत तालीबजा रही थि तुँ।
चिंटू नें उसकी चोटी खींचकर लौड़ा उसकी गांड पऱ लगा दिया, चिंटू कां लण्डगधे कि तरह थां, गांड मे घुसते हि कुसुम कि चीख निकल गई, दो धक्कों मे चिंटू नें गांड केँ अंदर पूरा लण्डपेल दिया औऱ 5-6 करारे झटके कुसुम कि गांड पऱ मारे।
कुसुम दर्द सें चिल्ला उठी, इसकेबाद चिंटू नें लण्ड बाहर् निकाल लिया औऱ गालों पर्र एक् पप्पी लेतेहुए बोला-सेठ जी केँ पिचकू कों मुँह मे लेँ नां ! शीशे मे जब तुम्हारी तरफ लंड चूसते देखता हूं तोँ चोदने मे बड़ा आनन्द आता हैं।
इंतकाम की ज्वाला - desi daru – New Episode
कुसुम नें लण्ड मुँह मे लिया, इस बीच चिंटू नें 2-3 झटके कुसुम कि गांड मे मारे होंगे कि 70 साल केँ सेठ कुसुम केँ मुँह मे झड़गए, उसका पूरा मुँह कसेला हौ गय़ा।
चिंटू नें कुसुम कि गांडअब पूरी ताकत सें चोदनी शुरुआत कर दि थि।
चिंटू बहोत बुरीतरह सें कुसुम कि चोदरहा थां, कुसुम कि आँखों मे आँसू आँ गए थें औऱ अब वोँ वाकयी गांड चुदाई केँ दर्द सें चीखरही थि।
थोड़ी देर मे चिन्टू नें अपनारस कुसुम कि गांड मे छोड़ दिया। इस बीच मेरा भि रस मुन्नी कि बुर मे भर गय़ा थां।
चिंटू नें कुसुम कों छोड़ दिया, अब वोँ निढाल होकर नीचे पड़ेखाट पर्र गिर गई।
मुन्नी नें कुसुम कि बुर सहलाते हुएकहा- अब थोडा मजाआया।
तभी गीता बीयर औऱ व्हिस्की कि बोतल लें आई, मैंने औऱ चिंटू नें चियर्स करतेहुए आधा घंटे तक शराब कां मजा लिया, कुसुम कों भि थोड़ी थोड़ी बीयर हमने पिलाई।
इसकेबाद लेटी हुइ कुसुम केँ दोनों तरफ हम् लोगलेट गए औऱ उसकी एक् मम्मों अपने मुँह मे भरली औऱ बुर मे एक् एक् उंगली संगसंग डालकर बारी बारी पाँचों उँगलियों सें उसकी बुर संगसंग रगड़ी।
कुसुम कि कामाग्नि कम नहि हौ रही थि, वोँ दोनों हाथों मे हम् दोनों कां लण्ड पकड़कर सहलारही थि। चिंटू कुसुम कि बुर चूसने लगा औऱ मैंने उसका मुँहगोद मे रख लिया, कुसुम नें देर किये बिना मेरा लंड अपने मुँह मे लें लिया।
कुछ देरबाद कुसुम चिल्लाने लगी- चोदो मेरे कुत्तों… चोदो…देर क्यूं कररहे हौ?
चिंटू नें मुझेहटा कर उसकी बुर मे अपना लण्डलगा दिया औऱ कुसुम कों चिपका कर चोदने लगा। मेरीतरफ कुसुम कि गांडचमक रही थि जिसे देखकर मेरा लंड खुजलाने लगा।
इस बीच मुन्नी बोलि- आप् इसकी गांड मारिये नाँ ! कितनी हसीनलग रही हैं।
मैंने कुसुम कि गांड मे अपना लण्ड घुसा दिया।
अब कुसुम कि चुन्नी मुन्नी दोनों एक् संगचुद रहीथीं, वोँ दर्द सें कराहरही थि औऱ संगसंग दो लण्ड उसके दोनों छेद फाड़रहे थें।
चिंटू औऱ मैंने धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुन्नी केँ दोनों छेदों कों तेज चोदना शुरुआत कर दिया।
कुसुम कां बुराहाल हौ रहा थां, दोदो लण्डों सें वोँ चुद वोँ उह…ऊई…मर गई… मर गई… अहह…अहह… ऊमर गई… बसबस… कि दर्दभरी आवाजें भररही थि।
कुसुम सैंडविच बनी हुईँ थि।
हम् दोनों नें पलटीली, चिंटू अब कुसुम केँ नीचे औऱ मे उपर थां, मे उठाकर खड़ाहुआ औऱ उसकी जांघें चौड़ी करके बुर पेलने लगा।
ये देखकर मुकुंद सेठ उठकरआए औऱ कुसुम केँ मुँह मे अपना लण्डलगा दिया।
अब कुसुम कि गांड मे नीचे सें चिंटू कां लण्ड, मुँह मे मुकुंद सेठ कां औऱ बुर मे मेरा लण्ड घुसाहुआ थां।
अब वोँ 3-3 लण्डों सें चुदरही थि।
गीता ताली बजाते हुए बोलि- अहह, अब मेरा बदला पूराहुआ !
तीनों लण्डों नें एक् संग वीर्य कुसुम कि बुर, गांड औऱ मुँह मे छोड़ा।
हम् तीनों हटगए, कुसुम कि दूसरी पारी खत्म होँ गई।
गीता औऱ मुन्नी नें सहारा देकर कुसुम कों दस मिनटबाद उठाया औऱ उसको पेशाब कराया, थोडा चलवाया, अब उनका बदला पूरा होँ गय़ा थां।
कुसुम कों पेन किलर भि खाने कों दि।
कुसुम अबठीक थि, चिंटू औऱ मुकुंद सेठचले गए थें, कुसुम नें मुझेहाथ पकड़कर रोक लिया।
गीता कुसुम औऱ मुन्नी आपस मे एक् दूसरे सें चिपककर खूब रोईं।
गीता बोलीं- अगर हम् औरतें हि औरतों कि चुदती देखने कां मजा लेंगे तौ मर्दों कि तौ बल्ले बल्ले होँ जाएगी। हम् सभीआपस मे वादा करती हें आज सें किसी कि चुदती देखने कां मजा नहि लेंगी औऱ दूसरी औरतों कों भि ऐसा करने सें रोकेंगे !
बारी बारीसभी मुझसे भि गले मिली, मुन्नी बोलि- कोईअगर प्रेम औऱ सहमति सें चोदे औऱ हमारी सहायता भि करे तोँ चुदने मे कोई बुराई नहि हैं, बुर तोँ चुदने केँ लिए हि होती हैं पर्र अपने स्वयं केँ मर्द भि बुर कां मजा पूरा लेते हें औऱ उसकेबाद दो प्रेम भरे शब्द भि नहि बोलते। आज सें हम् तीनों औरतें अच्छी यार हें।
इसकेबाद हम् सभीचाल मे वापस आँ गए।
अगलेदिन सें चाल मे सभी सामन्य थां, मुन्नी, गीता औऱ कुसुम अब पक्की सहेलियाँ थीं।
तीनों मेरी भि यार हें औऱ तीनों नें मुझे अपनी बुर कां फ्री लाइसेंस देरखा हैं औऱ वादा लेँ रखा हैं कि महीने मे एक् बार उनकी बुर औऱ एक् बार उनकी गांड पक्का चोदूँगा।
मे अपना वायदा तीन महीने सें इमानदारी सें पूराकर रहा हूं। संग हि संग आप् सें भि उम्मीद करता हूं आप् भि अपनी सहेलियों कि चुदाई कां मजा लेँ रहे होंगे नां कि उनकी चुदाई कां तमाशा बनारहे होंगे।
स्टोरी काल्पनिक हैं, किस्सा कां किसी वास्तविक घटना सें कोई सम्बन्ध नहि हैं। किस्सा मात्र मनोरंजन केँ लिए हैं, इसका वास्तविक जिंदगी मे अनुसरण मानसिक औऱ शारीरिक कष्टदे सकता हैं।
खत्म
इंतकाम की ज्वाला - desi daru - Kahani ab aur interesting hogi
Dhansu update bhay bhut hi Shandar औऱ lajawab ekdum jhakaas mind-blowing. Keep going We will wait for next update
बहोत हि बढ़िया समापन..
बढ़िया
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