एक अनोखा बंधन - पुन: प्रारंभ (Completed) Garam Chut/Lund Mere jeevan ki sabse anokhi kahani, jahan maine apni bhabhi ke sath anokha bandhan banaya. Yeh kahani meri apni zindagi ki kahani hai, jahan maine apni bhabhi ke sath hot chut/lund ki kahani likhi hai. Yeh kahani ek romantic kahani hai, lekin yeh samaj ke niyamon ke khilaf hai. To apni kursi ki petiyan baandh kar baithiye aur padhiye yeh kahani.
Yeh kahani mere aur meri bhabhi ke beech ki kahani hai, jahan humne ek dusre ke sath hot chut/lund ki kahani banayi hai. Yeh kahani meri apni zindagi ki kahani hai, jahan maine apni bhabhi ke sath anokha bandhan banaya hai.
एक अनोखा बंधन - पुन: प्रारंभ (Completed) - Garam Chut/Lund - Real Story Continue Part 1
एक् अनोखा बंधन
नमस्कार दोस्तों!
यह मेरी सबसे पहली स्टोरी थि जिसे मैंने Xossip पऱ शुरुआत किया थां| वहा मुझेइस स्टोरी कां बहोत हि जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थि, सब रीडर्स नें इसे बहोत सरहाया थां यहा तक कि मुझे इसका दूसरा पार्ट भि लिखने कों कहा गय़ा थां, पर्र कुछ कारणों सें मे उसे पूरा नहि कर पाया.
इसबार यहकथा मे दुबारा शुरुआत कररहा हूं, क्योंकि यह मेरी पहली स्टोरी थि तौ उस वक़्त इसकथा मे बहुत त्रुटियाँ रह गई थीं!अब आपकोइस स्टोरी केँ बारे मे कुछख़ास बातें बतादूँ, यहकथा मेरेमन कि उपज नहि हैं बल्कि यह स्टोरी मेरे जिंदगी कां अटूट हिस्सा हैं| चूँकि यह मेरी आप् बीती हैं तौ कृपया कमेंट करते टाइम धैर्य रखेंतथा शब्दों कां सही चुनाव कर केँ कमेंट करें| मे इस स्टोरी केँ प्रति बहोत संवेदनशील हूं! इसलिये कृपया अपने सवालों कों सोचसमझ कर पूछें!
स्टोरी मे आगेचल कर एक् ऐसामोड़ आएगा जहाँ सें मेरी असली जीवन बहोत ज़्यादा प्रभावित हुईँ थि औऱ ठीकइसी स्थान सें कथा मे काल्पनिक बदलाव आएंगे| वोँ मोड़कौन सां थां यह आपकोकथा केँ अंत मे पता लगेगा!
इसकथा कों मैंने INCEST कि केटेगरी मे इसलिये डाला हैं क्योंकि इसमें रिश्ते बने हि ऐसे थें| बाकीयह एक् पूरीतरह सें रोमांटिक स्टोरी हैं! यहकथा पूरे तरीके सें समाज केँ नियमों केँ खिलाफ जाती हैं इसलिये अपनी कुर्सी कि पेटियाँ बाँधकर बैठिएगा!
इस स्टोरी केँ दो मुख्य किरदार हें, मानु औऱ भौजी|अब आप् सभी सोचेंगे कि मैंने इस स्टोरी मे फिन सें 'मानु'नाम कां चयन क्यूं किया तौ मे आपकोबता दूँ चूँकि यह मेरी अपनी आप् बीती हैं इसलिये मैंने इसमें अपनानाम डाला हैं! यहकथा मानु केँ नजरिये सें लिखी गई हैं औऱ कथा मे एक् ऐसामोड़ भि आएगाजब यह किस्सा भौजी केँ द्वारा लिखी जायेगी| जब वोँ वक्त आएगातब कथा केँ टेक्स्ट कां रंगबदल जायेगा, आप् चिंता न् करें मे आपको स्वयं बता दूँगा जब भौजी लिखना शुरुआत करेगी|
मित्रों मे कोशिश करूँगा कि कथा कि एपसोड रोजदूँ पऱ मे आपसेकोई वादा नहि करता! किस्सा पूरी ज़रूर होगी औऱ मुझे पूरा यक़ीन हैं कि आपको बहोत पसन्द भि आएगी!
एक अनोखा बंधन - पुन: प्रारंभ (Completed) - Garam Chut/Lund – New Episode
★ INDEX ★
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बाईसवाँ अध्याय: अनपेक्षित आगमन
तेईसवाँ अध्याय: अभिलाषित प्यार बन्धन
चौबीसवाँ अध्याय: उलझते-सुलझते बंधन
पच्चीसवाँ अध्याय: खुशियों कां आगमन
छब्बीसवाँ अध्याय: दुखों कां ग्रहण
सत्ताईसवाँ अध्याय: विपरीत - प्रेम औऱ जलन!
अठाईसवाँ अध्याय: पिता-पुत्री प्यार
उनत्तीसवाँ अध्याय: मुश्किलों भरी शुरुआत
तीसवाँ अध्याय: नियति कां खेल
इकत्तीसवाँ अध्याय: घऱ संसार
एक अनोखा बंधन - पुन: प्रारंभ (Completed) - Garam Chut/Lund – New Episode
Note: मे INDEX अच्छे सें बनाता, परन्तु इस website पर्र जब सें ads शुरुआत हुए हें मेरेलिए कुछ भि post करना मुश्किल होँ चूका हैं| ज़रा सि एडिटिंग करनेलगो तोँ ads कि वजह सें page redirect हौ जाता हैं!
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एक अनोखा बंधन - पुन: प्रारंभ (Completed) - Garam Chut/Lund - Kahani ab aur interesting hogi
mein kafi khush hoon je jaan krr k apki beti stuti apke pass h lekin yeh kahani main mention nahii kia apne ofcourse mein apki dusri kahani bhi read karuga bro
Devendra
Tareef k liye aabhar bhaai! Umeed krta hoon kee ap iss kahani ko pura padhoge aur apna final detailed review doge. https://xforum.live/threads/काला-इश्क़-completed.6287/ yeh bi ek love kahani h aur isme ek kirdaar Sangeeta pr based h.
Urja
यह मेरी किस्सा हैं.औऱ मेरी हि जुबानी होगी.लेखक जी सें मैंने एडिटिंग कि सहायता मांगी थि मगर वोँ फ़िलहाल खामोश हें.
Eela
एडिटिंग कि जरूरत नहि, हमें पूरा विश्वास हैं कि आप् जोँ भि लिखेंगी, दिल सें लिखेंगी
Devikaa
यह सिद्धान्त मात्र संगीता पर्र हि नहि. मानु कि माताजी पर्र भि लागू होता हैं. प्रत्यक्ष अनुभव मानु भइयाकर सकते हें
Ragini
हर किसी कां मन बचपन मे लौटना चाहता हैं. भोलापन, नादानी, अनजान. मगर. ज्ञान, योग्यता, उपलब्धि. आगे लें हि जाती हें. कब तक बचोगे. कहीं तौ फंसोगे
Mohini
मे भि होली केँ बाद गर्मियों भर दिल्ली हि रहूँगा. तौ मे तोँ बारात भि कर लूँगा
Dulari
अच्छा लगाजान कर। औऱ काम जमाना जरूरी हैं, पर्र विवाह वाली कोशिश जारी रखिए, शायद आपकी भाग्य आने वाली केँ संग जुड़कर कुछ कमालकर जाय।
Meena
विजयी भव! मेरा आशीर्वाद, मार्गदर्शन औऱ सहयोग हमेशा आपकेसंग रहेगा. सुखद नहि संकटकाल मे जरूरयाद कर लेना.
Sudha
उनको शायद अनाथ बताया गय़ा थां। बिलकुल माँ केँ विषय मे मे भि सोचरहा थां, बस अनुभव भारीपड़ गय़ा आपका।