करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा - Karina Kapoor – New Episode
8:35 पी॰एम॰
गोगा कों अब अपनी पत्नि केँ आने कां डर थां तोँ वोँ जरा घबरा जाता हैं, औऱ अपना प्लान चेंजकर देता हैं, औऱ किसी शातिर कि तरह बोलता हैं- “क्याँ मुझमें तुम्हें हवस दिखती हैं? एक् बीमार कां तुम् एसे केसे मजाक उड़ा सकती होँ? मे तुम्हारे बदन कां प्यासा नहि हूं, मे तुम्हारे प्रेम कां प्यासा हूं…” औऱ गोगा अपनेदिल औऱ लण्ड पर्र पत्थर रखकर औऱ ‘दीवार’ केँ अमिताभ कि तरह खड़ा करीना केँ आगे जाकर दरवाजा खोलता हैं औऱ बोलता हैं- “बेबो, तुँ अबजायहा सें, तुँ नहि समझी मुझे…”
करीना- “तुम् मेरीबात कां गलत मतलब निकाल रहे होँ गोगा…”एसे कहते-कहते करीना अपने चेहरे पर्र काला नकाबपहन लेती हैं।
गोगा क्रोध होने कां नाटक करते हुये, करीना कि बातबीच मे काटकर बोलता हैं- “तूँ जा नां यहा सें, साली हरामजादी…”
करीना मन हि मन- “मेरीवजह सें अब गोगा क्रोध होँ गय़ा, अगर मेरे जाने केँ बाद इसने अपनीजान दे दि तोँ मे अपने आपको क्षमा नहि कर सकती, मुझे गोगा केँ गुस्से कों ठंडा करना होगा…”
ऐसा सोचते-सोचते करीना दरवाजे केँ नज़दीक खड़े गोगा केँ पास जाती हैं, इतने नज़दीक जाती हैं कि करीना कि चुचियों कां उभार गोगा केँ काले सीने पऱ, जिसने स्थान-स्थान सें फटाहुआ शर्ट पहनाहुआ थां उससे रगड़रहा थां।
करीना कों इतने नज़दीक पाकर गोगा कि बोलती बंद होँ गई। गोगामन हि मन- “साली रंडी, अगर मेरी पत्नि नहि आँ रही होती तोँ, तुम्हारी बुर कां नगाड़ा बजा देताआज…”
गोगा कां लण्ड करीना जैसी एक्ट्रेस कों इतने नज़दीक पाकर खड़ा थां, गोगा स्वयं कों कंट्रोल कररहा थां, मगर सामने अगर बेबो केँ जैसाहरा भरामाल होँ तौ किससे कंट्रोल होँ सकता हैं। गोगा करीना कि कमर कों दोनों हाथों सें पकड़ लेता हैं।
गोगा केँ इस स्पर्श सें करीना अपनी आँखें बंदकर लेती हैं।
यह देखकर गोगा करीना कि कमर पकड़कर अपनीओर खींचता हैं। इससे करीना कि चुचियाँ किसी गुब्बारे कि तरह गोगा केँ सीने सें दब जाती हें। करीना कों गोगा केँ मुँह सें आती बदबू कि गंध परेशान तौ करती हैं, मगर बेबो कों तौ गोगा कां क्रोध शांत करना थां।
गोगा पहले करीना कि नकाब निकालता हैं, औऱ करीना केँ लाल होंठ देखकर बावरा सां होने लगता हैं। तभी गोगा करीना केँ बाल एक् हाथ सें पकड़ता हैं औऱ अपने काले भोंडे होठों कों करीना केँ गुलाबी जूसी होठों सें लाक करके फ्रेंच किस करने लगता हैं, औऱ करीना केँ होंठ पेप्सी कि तरह चूसने लगता हैं, औऱ दूसरा हाथ एरोटिक अंदाज सें कमर सें रगड़ते-रगड़ते करीना कि मस्त गाण्ड कों दबोच लेता हैं। इससे करीना केँ मुँह सें ‘ऊह्ह’ कि आवाज़ निकल जाती हैं। क्याँ मस्त एरोटिक दृश्य चलरहा हैं वाह्ह… करीना जैसी मस्त लचीली गाण्ड वाली गोरे शरीर वाली जिसकी बड़ी चुचियाँ अब गोगा केँ शरीर सें दब चुकी हें औऱ गोगा पागलों कि तरह करीना केँ होंठचूस रहा हैं।
करीना छूटने कि कोशिश करती हैं मगर गोगा कि पकड़ इतनी टाइट थि कि वोँ पकड़ सें छूट नाँ सकी।
तभी गोगा नें जौ अलार्म सेट किया थां वोँ घड़ी रिंग बजना शुरुआत करती हैं, इसका मतलब गोगा कि पत्नि आने वाली हैं। अलार्म सुनते हि गोगा करीना केँ होठों कों अपने काले होंठों सें आज़ाद कर देता हैं।
गोगा कि पकड़ सें आज़ाद होते हि करीना कि साँस मे साँसआती हैं, औऱ करीना बोलती हैं- “यह क्याँ कररहे थें तुम्म्म?”
गोगा- “तुमने हि तोँ कहा थां, कि तुम् मुझेछू सकते होँ…”
करीना अटकते-अटकते बोलती हैं- “हाँहाँ ओके… ज्यादा होशियार मतबनो, अब बहोत रात होँ चुकी हैं, मे घऱजारही हूं…” गोगा कों फिन सें गुस्से कां दौरा नाँ लगे इसलिये करीना गोगा कि इस हरकत कों नज़रअंदाज कर देती हैं।
गोगा- “मुझेअब यकीन हौ गय़ा हैं कि तुम् मेरे दर्द कों अच्छी तरह सें समझ चुकी हौ, अब मुझे तुम्हारे संगकल रेलवे स्टेशन सें उतरप्रदेश केँ सफ़र कां कोई प्राब्लम नहि, मे आँ जाऊँगा…” गोगा तोँ ऐसेबोल रहा थां कि वोँ करीना कि हेल्प करना चाहता हैं, मगर अंदर सें उसके इरादे अच्छे नहि थें।
गोगा कि बात सुनकर करीना मन हि मन- “मुझेसमझ मे नहि आँ रहा कि मुझेइस व्यक्ति केँ संग सफ़र करना चाहिए? औऱ वोँ मानसिक रूप सें बीमार भि तौ हैं, अगर मे इसकेसंग सफ़र करूँगी तोँ पता नहि यह कितना मुश्किल होगा?मगर कल मुझे उतरप्रदेश जानां हि हैं, सिर्फ़ 6-7 घंटे कां तौ प्रश्न हैं, उसकेबाद मे अपने रास्ते औऱ गोगा अपने रास्ते चले जाएँगे, औऱ मुझे तौ यह भि नहि भूलना चाहिए कि गोगा मुझे करीना कि हमशकल समझरहा हैं…”
करीना- “ह्म् म्म्म… हाँ तौ ठीक हैं तुम् कल सुभह 6:30 बजे बांद्रा रेलवे स्टेशन पर्र आँ जाओ, मे तुम्हें वहा पहुँचते हि फ़ोन करूँगी, ठीक हैं?”
गोगा-“हाँ ठीक हैं, मगर तूने मुझे तेरा फ़ोन नम्बर कहां दिया हैं?”
करीना- “ओह्ह… मे तोँ भूल हि गई थि, तुम्हें जौ नम्बर दूँगी, उस नम्बर पऱ तुम् मिस-काल दो अभि…” औऱ करीना गोगा कों एक् कागज पर्र लिखकर नम्बर दे देती हैं।
गोगाउस नम्बर कों सेव करके मिस-काल मार देता हैं।
औऱ मिस-काल मिलते हि करीना गोगा कां नम्बर सेवकर लेती हैं। फिन करीना नकाब पहनते हुये बोलती हैं- “चलोअब मे चलती हूं, मुझेघऱ जाकर बहोत सारी चीजों कि सफ़र केँ लिये पैकिंग भि तोँ करनी हैं…”
गोगा-“ठीक हैं, मेरी बेबो…”
यह सुनकर करीना केँ कान खड़े होँ जाते हें, उसे लगता हैं कि गोगा उसकी असली पहचान जान चुका हैं औऱ वोँ बोलती हैं- “कौन?कौन बेबो? मेरानाम तौ सोनाली हैं…”
गोगा-“भूल गई क्याँ? तुँ हि तौ बोलीं थि कि मे तुम्हे बेबोनाम सें बुला सकता हूं, क्योंकि तूँ करीना कि हमशकल हैं… ह्म…”
करीना मन हि मन- “ओह्ह… थैंकगोड…”
करीना हड़बड़ी मे बोलती हैं- “अरेहाँ, मैंने हि तोँ कहा थां, यादआया, मे भि नाँ भुलक्कड़ हूं। चलोअब मे निकलती हूं, बाइ गोगा…”
गोगा करीना कि बड़ी-बड़ी चुचियों कों देखकर बोलता हैं- “बाइ बेबो, कल मिलते हें मेरीजान…”
गोगा कि यहबात सुनकर करीना झेप जाती हैं, क्योंकि गोगा नें उसे‘जान’ कहकर पुकारा थां। बीमार गोगा कि बात अनसुना करके करीना बोलती हैं- “ठीक हैं, ठीक हैं, बाइ… औऱ कल बराबर सबेरे 6:30 बजे आँ जानां बांद्रा रेलवे स्टेशन पऱ…” औऱ करीना दरवाजे सें बाहर् चली जाती हैं।
गोगा-“हाँ, आँ जाऊँगा, तेरे लिये मेरीजान हाजिर हैं…”
करीना गोगा कों बाइ कहकर अपनी गाण्ड मटकाते हुये अपनी गाड़ी कि तरफ बढ़ती हैं।
तबचाल केँ कुछलोग बाहर् लाइट केँ खंबे सें आती रोशनी मे क्रिकेट खेलरहे थें, 10-12 लोग थि, जैसे हि उसकीनजर नकाब पहने स्त्री याने करीना पे जाती हैं तब सबका मुँह खुला कां खुलारह जाता हैं, सभीलोग करीना कि मस्त फिगर कों नीचे सें ऊपर तक नजर घुमाकर देखरहे थें, करीना कि मोटी गाण्ड, बड़े-बड़े दोनों दूध केँ टैंकर, जौ उसकीहर चाल पऱ ऊपर नीचेहिल रहे थें। करीना कों यह अहसास हुआ कि लोगउसे ताड़रहे हें, मगर करीना इसे एक् कॉम्पलीमेंट कि तरह लाइटली लेती हैं।
जाते वक्त करीना कि लचकती गाण्ड देखकर गोगा अपने लण्ड कों मसलते हुयेमन हि मन- “क्याँ नशीब थां मेरा, बोलीवुड कि सुंदरता आज मेरेघऱ आई, मेरी गोदी मे बैठी, किस किया, उसकी चुचियाँ दबाई, उसकी मोटी गाण्ड कों हाथों सें मसला। वाह्ह… अब तौ शेर केँ मुँह कों खूनलग गय़ा हैं इस हिरनी कां, अब मे इसकी बुर कां नगाड़ा तोँ बजाऊँगा हि, आज हि बजाया होता, अगर मेरी पत्नि नहि आँ रही होती…”
करीना वाहन तक पहुँच जाती हैं, औऱ गाड़ी कि ड्राइविंग सीट कां दरवाजा खोलकर ड्राइविंग सीट पऱ बैठते-बैठते मन हि मन- “मुझे अपने आप् पऱ क्रोध आँ रहा हैं, कि केसे मैंने एक् बदसूरत व्यक्ति कों अपनेपास आने कां निमंत्रण दे दिया?मगर गोगा केँ नज़रिये सें मे करीना कि हमशकल सोनाली हूं, तोँ उसने जौ भि मेरेसंग किया वोँ मे नहि, वोँ सोनाली थि, इसवजह सें मुझे अपराधबोध नहि होनी चाहिए। मे आज भि एक् पतिव्रता नारी हूं, औऱ आगे भि वैसे हि रहूींगी। आज जोँ भि हुआ सोनाली केँ संगहुआ, आज कां दिन मुझेभूल जानां चाहिए औऱ कल सें नई शुरुआत करनी चाहिए…”
सहीकहा करीना नें, कल सें एक् नई शुरुआत तौ होगी, मगर वोँ शुरुआत केसे शुरुआत होगी वोँ पता नहि।
करीना गाड़ी स्टार्ट करके अपनेघऱ कि ओर बढ़ती हैं। करीना गोगा केँ बारे मे सोचते-सोचते वाहनचला रही थि, औऱ कब वोँ स्वयं केँ घऱ केँ गेट केँ पास आँ गई उसेपता भि नां चला। करीना कि गाड़ी देखकर वाचमैन नें गेट खोला। करीना वाहन ड्राइव करके अपनेघऱ केँ पार्किंग मे गाड़ी पार्क कि।
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करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा - Karina Kapoor – New Episode
फिन वोँ घऱ केँ दरवाजे पे जाने वाली थि कि पीछे सें आवाज़ आई-“मेम, हमें आपकी बहोत चिंता हौ रही थि, पूछना तोँ नहि चाहिए मगर आपको इतनालेट क्यूं हौ गय़ा?”
करीना नें पीछे मुड़कर देखा तौ वोँ सोहेल थां, जौ उसके बाडीगार्ड्स कां कैप्टन थां। करीना नें कहा- “सोहेल, मेरा पर्सनल काम थां, औऱ अब मे थक चुकी हूं, मुझसे अबकोई प्रश्न जवाबमत करो, औऱ तुम् जाकरसो जाओ। फिकर करने कि कोई जरूरत नहि…” ऐसे बोलते-बोलते करीना घऱ कां दरवाजा खोलती हैं।
सोहेल- “मेडमजी आपकाकल कोई प्रोग्राम हैं क्याँ?”
करीना घऱ कां दरवाजा बंद करतेसमय- “हैं काम, मगर उसमें तुम्हारी कोई जरूरत नहि होगी…”
सोहेल मन हि मन- “मेडमजी आज गुस्से मे लगरही हें, अभि बात करनाठीक नहि…” फिन सोहेल नें कहा-“ओके मेडमजी, गुड नाइट…”
औऱ करीना कुछ बोले बिना सोहेल केँ सामने दरवाजा बंदकर लेती हैं।
करीना कि इस हरकत सें सोहेल मुँह लटकाकर वहा सें चला जाता हैं।
फिन करीना घऱ केँ अंदर जाकरहाल मे सोफे केँ ऊपरबैठ जाती हैं, औऱ गोगा केँ संग जौ हुआ उसपर वोँ सोचने लगती हैं- “आज कां दिन मे कभीभूल नहि सकती, मेरेसंग जोँ हुआ वोँ गलत थां, मगर गोगा कि बीमारी केँ नज़रिये सें देखूं तौ सही थां। वोँ बेचारा तौ अपनी मजबूरी कां मारा थां, मैंने तोँ सिर्फ़ उसकी हेल्प कि थि…”
तभी नौकर रामू किचेन सें निकलता हुआहाल मे आँ जाता हैं औऱ करीना कों सोफे पऱ बैठे देखकर बोलता हैं- “मेडमजी आप् कबआई? क्याँ मे खानां डाइनिंग टेबल पऱ लगाऊँ आपके लिये?”
करीना रामू कि ओर देखकर बोलती हैं- “हाँ…लगा दो, मे जरा फ्रेश होकरआई…” ऐसे कहकर करीना सोफे सें उठकर अपने बेडरूम कि ओरचली जाती हैं।
रामूमन हि मन-“आज तोँ मेडमजी परेशान लगरही हें, लगता हैं किसी नें जबरदस्त ठुकाई कि हैं मेडमजी कि…”
करीना बेडरूम मे पहुँचकर आईने केँ सामने खड़ी होकर अपनी हुस्न कों निहारते हुयेमन हि मन बोलती हैं- “आज एक् बात तौ पताचली कि मेरी हुस्न कि वजह सें बीमार व्यक्ति भि ठीक हौ सकता हैं…” औऱ इस खयाल सें करीना केँ दुःखी चेहरे पर्र स्माइल आँ जाती हैं, मगर गोगा केँ शरीर कि घिनौनी महक औऱ तंबाकू कि गंध करीना कों यादआती हैं, इसलिये वोँ बाथरूम मे स्नान करने जाती हैं।
14 मिनटबाद, 9:45 पी॰एम॰
कुछ मिनटबाद रामू नें खानां डाइनिंग टेबल पर्र परोस दिया थां, इसलिये रामू करीना कों खानां खाने बुलाने केँ लिये करीना केँ बेडरूम कि तरफबढ़ जाता हैं। बेडरूम कां दरवाजा खुला हि होता हैं, मगरजब वोँ बेडरूम मे देखता हैं, तोँ कोई नहि होता।
औऱ 20 साल केँ गँवार रामू कों लगता हैं कि करीना किसी दूसरे रूम मे होगी, मगर जब वोँ शावर कि आवाज़ सुनता हैं तौ मन हि मन बोलता हैं- “लगता हैं मेडमजी नें गलती सें शावर चालूरख दिया हैं…”
औऱ करीना नें बाथरूम कां दरवाजा गलती सें जरा सां खुला हि रखा थां।
तभी बेवकूफ़ रामू बाथरूम कां दरवाजा धीरे-धीरे सें खोलकर अंदर आँ जाता हैं, औऱ सामने करीना रामू कि तरफपीठ करके शावर सें स्नान कररही थि। करीना कों तब अहसास भि नहि थां कि रामू उसके पीछे दरवाजे सें अंदरआया हैं।
रामूआगे कां नजारा देखकर बावरा सां होँ जाता हैं, स्वयं केँ मुँह सें कोई आवाज़ नां आए इसलिये वोँ अपने मुँह पर्र हाथरख लेता हैं, औऱ करीना उसके सामने पूरी नंगी थि इसकाउसे यकीन नहि होता। रामूमन हि मन-“यह क्याँ? ऊऊऊऊ… क्याँ मे सच मे अपनी मेडमजी कि नंगी गाण्ड देखरहा हूं?” रामू कां लण्ड पूरीतरह सें उसकी पहनी हुईँ हाफ़ पैंट मे खड़ा होँ चुका थां।
करीना अपने हि खयालों मे खोई अपने जिस्म पऱ साबुन लगारही थि, औऱ रामू करीना केँ पीछे केँ नजारे कों देखकर होशखो रहा थां। करीना कि गोरी मोटी-ताजी जांघें, मोटी गाण्ड कों देखकर रामू अपने लौड़े कों मसलरहा होता हैं, कि तभी करीना मुड़ने वाली हैं इसका अहसास रामू कों होता हैं औऱ वोँ दौड़कर बाथरूम सें बाहर् चला जाता हैं। मगर उसके पाँव गीले थें, जिससे रामू फिसलकर धड़ाम सें फर्श पर्र गिर जाता हैं, औऱ रामू कां सिर जमीन पर्र जोर सें लगता हैं, इस कारण रामू बेहोश हौ जाता हैं।
इस आवाज़ सें करीना चौंक जाती हैं, करीना कां स्नान भि पूरा होँ चुका थां। उसे जानना थां कि यह आवाज़ कैसी थि? इसलिये वोँ जल्द-जल्द अपने गोरे शरीर कों तौलिया सें पोंछकर, फिन तौलिया कों अपने नंगे गोरे शरीर पऱ लपेटटी हैं। मगरजब उसकीनजर बाथरूम केँ जरा सें खुले हुये दरवाजे पऱ जाती हैं तोँ वोँ जरासोच मे पड़ जाती हैं। उसे लगता हैं कि उसने हि दरवाजा खुलारख दिया होगा। फिन करीना बाथरूम सें बाहर् आँ जाती हैं, औऱ यहावहा देखने लगती हैं। फिन रामू कों नीचे फर्श पऱ बेहोश लेटा देखकर करीना डर जाती हैं, औऱ तौलिया मे हि रामू केँ पास जाकरउसे हिलाते हुये कहती हैं- “रामू, ओ रामू, क्याँ हुआ, उठो…”
करीना मन हि मन- “ओह्ह…माई गोड…अब यह क्याँ हुआ? रामू मेरेरूम मे क्याँ करनेआया थां? औऱ अबऐसे बेहोश गिरा हैं। मैंने अगर अपने परिवार कों काल कि तौ वोँ सभीयहा आँ जाएँगे हेल्प करने, औऱ मेराकल कां सफ़र कैंसिल होँ जायगा, औऱ मेरा सेक्रेटरी गणेश भि नहि हैं, जिसके पास सारे इमरजेंसी काल्स कि लिस्ट थि। अब मुझे हि इस मुश्किल सें निकलना होगा, ओ माईगोड…”
रामू केँ सिर पऱ फर्श पऱ गिरने सें जबरदस्त धक्का लगा थां, इसवजह सें रामू बेहोश हौ गय़ा थां, औऱ करीना रामू कों होश मे लाने कि कोशिश कररही थि। तभी करीना कि नजर टेबल पर्र रखे पानी कि बोतल पऱ गई, करीना उठ खड़ी हुइ औऱ टेबल कि ओर जाकर बोतल खोलकर जरा सां पानीहाथ मे लेकर, बेहोश रामू केँ पास गई औऱ खो-खो कि पोजीशन मे तौलिया मे हि बैठ गई, औऱ पानी कों रामू केँ चहरे पऱ छिड़क दिया। रामू कि आँखें खुलती देखकर करीना कि जान मे जानआई।
जब रामू अपनी आँखें खोलता हैं तौ उसके सामने करीना तौलिया मे उसकेपास थि, औऱ करीना कि आुँखों मे डर औऱ उसके लिये चिंता देखकर रामूमन हि मन- “क्याँ हुआ थां? हाँयाद आया, मे तोँ बाथरूम सें भागते वक्तगिर गय़ा थां, औऱ बेहोश होँ गय़ा थां। लगता हैं इसवजह सें मेडमजी चिंता मे हें। साला मे गिर गय़ा तोँ क्याँ हुआ, मेडमजी कि गाण्ड कां दर्शन तोँ किया थां मैंने, औऱ अभि मेडमजी मेरे सामने तौलिया मे बैठी हें, जिस्म कों ढकने सें ज्यादा मेडमजी कों मेरी चिंता हैं। यह मौका मुझे नहि गँवाना चाहिए। मे रोज इसकीयाद मे लण्ड हिलाता हूं, आज ईश्वर नें मुझे मौका दिया हैं। मुझे मेडमजी कि चिंता बढ़ानी हि होगी, मुझेइस ईश्वर केँ दिए सिचुयेशन कां फ़ायदा उठाना हि होगा…”
रामू तौ पहले सें हि करीना कि नंगी मस्त गाण्ड देखकर हिलाहुआ थां, औऱ अब करीना उसकेपास तौलिया मे थि, इस कारण उसका लण्ड पूरा खड़ा थां, पैंट मे।
करीना कों एहसास हुआ कि वोँ अभि भि तौलिया मे हैं, औऱ रामू नें आँखें खोल दि हैं। इस कारण करीना झट सें उठकर खड़ी होकरबेड पर्र रखी बड़ी सि चादर सें अपनाआधा अधूरा तौलिया सें ढकाहुआ सफ़ेद शरीर, पूरीतरह सें ढक लेती हैं।
औऱ दूसरी ओर रामू केँ मन मे शैतानी आइडिया आता हैं, उस हिसाब सें रामू झूठ-मूठ कां नाटक करते हुये बोलता हैं- मेडमजी, आप् कहां हौ, मेडमजीईई?”
करीना- “मे यही हूं, तुम्हारे सामने हि तौ खड़ी हूं… तुम् मेरेरूम मे क्याँ करनेआए थें? औऱ यहा केसे बेहोश हुये?”
रामू डरने कि एक्टिंग करते हुये बोलता हैं- “मेडमजी, मगर मुझेकुछ दिख नहि रहा, अंधेरा सां छा गय़ा हैं…”
करीना यह सुनकर जरा फिकर मे आँ…जाती हैं औऱ बोलती हैं- “जराठीक सें देखो, दिखेगा…”
रामू रोने कि एक्टिंग करते हुये बोलता हैं- नहि मेडमजी, नहि दिखरहा, लगता हैं मेरेमन पर्र लगीमार सें मे अँधा होँ गय़ा, अब मेरा क्याँ होगा?”
करीना- “मगरयह मार तुम्हें लगी केसे?”
रामू- “मे तौ आपको खानां खाने बुलाने यहाआया थां, मगर आप् बेडरूम मे नहि थीं, इस कारणजा हि रहा थां कि फर्श पऱ सें मेरापेर फिसल गय़ा औऱ मेरासिर जोर सें फर्श मे लग गय़ा…”
रामू कि यहबात सुनकर करीना मन हि मन- “रामू बेचारा मुझे बुलाने आया थां, औऱ सिर पऱ लगीमार सें अँधा हौ गय़ा हैं, मुझे इसकी हेल्प करनी चाहिए…” रामूकुछ देख नहि सकताये समझकर करीना चादरहटा देती हैं औऱ तौलिया मे हि रामू केँ सामने खड़ी होँ जाती हैं।
रामू तौ नज़दीक सें फर्श पऱ लेटकर करीना कि मस्त गोरी जांघों कों आहिस्ता देखरहा थां। करीना कां तौलिया छोटा थां, औऱ वोँ करीना केँ घुटनोंसे 12 इंचऊपर तक थां, करीना कि बड़ी-बड़ी चुचियों कों तौलिया बड़ी मुश्किल सें कवरकर रहा थां, यहदेख रामू तोँ पूरा गर्म हौ चुका थां।
करीना मन हि मन- “मुझे लगता हैं, रामू केँ सिर पर्र लगीमार सें उसकी आुँखों पर्र जोँ अंधेरा छा गय़ा हैं, वोँ थोड़ी देर केँ लिये हि होगा। मे अभि सोहेल कों काल करकेइसे घऱ छोड़ने केँ लिये कहती हूं, हाँये ठीक हैं…”
फिन करीना रामू सें कहती हैं- “रामूडरो मत, तुम्हारी आुँखों कि रोशनी वापस आँ जाएगी। मे अभि सोहेल कों काल करके बुलाती हूं औऱ तुम्हें घऱ छोड़ने केँ लिये कहती हूं। तुम् अपनेघऱ आराम करना, ठीक हैं?” औऱ करीना बेडरूम मे कोने मे रखे टेलीफ़ोन कि तरफबढ़ जाती हैं…”
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shuqriya mitro
nice update bhay
करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा - Karina Kapoor – New Episode
वहा करीना रामू कि तरफपीठ करकेसो रही थि, तौलिया छोटा थां इस कारण करीना कि मोटी गाण्ड बड़ी मुश्किल सें पीछे सें ढकी हुई थि, औऱ बेबो कि मांसल जांघें देखकर रामू केँ मुँह सें फिन सें हवस कि लार टपकने लगती हैं।
रामूमन हि मन- “ओह्ह तेरी, मैडमजी तौ मेरेबगल मे हि सोरही हें, लगता हैं बहोत थकने केँ कारण मैडमजी कों नींद आँ गई हैं, अभि देखता हूं मैडमजी कितनी गहरी नींद मे हें…”
रामू- “मैडमजी, ऊओ मैडमजी, आप् कहां हें मैडमजी?” फिन रामू करीना केँ गोरे कंधे कों हल्का सां हिलाते हुये जगाने कि कोशिश करता हैं।
मगर करीना गहरी नींद मे थि इस कारण करीना नींद सें जाग नहि रही थि, औऱ वहा रामू करीना कां तौलिया सें ढका गोरा शरीर देखकर एक् बारफिन गर्म हौ जाता हैं औऱ मन हि मन- “मैडमजी आप् भि नां, आपका गोरा शरीर मुझे बार-बार अपनी औकात सें बाहर् निकलने कों कहरहा हैं…”
औऱ जहाँ करीना सोई थि उसतरफ खिसककर रामू करीना केँ नज़दीक जाता हैं औऱ बेबो केँ बालों कि सुगंध रामू कों मोहित कर लेती हैं। उसनेकभी ऐसी सुंदर स्त्री कां इतने नज़दीक सें दीदार नहि किया थां, फिन रामू अपनीनजर करीना केँ सुंदर चेहरे पर्र डालता हैं औऱ वोँ मन हि मन बोलता हैं- “क्याँ गोरे-गोरे गाल हें मैडमजी केँ, औऱ होंठ तौ लाल-लाल हें, जी तौ कररहा हैं कि होंठों कों चूस हि लूँ…”फिन रामू करीना केँ इतने लगभग गय़ा कि वोँ बेबो कि सासों कों भि महसूस कररहा थां, वोँ अपने होंठों सें करीना केँ गाल पर्र एक् हल्का सां किस करता हैं।
करीना आज बहोत थक चुकी थि इस कारण करीना गहरी नींद मे थि। बेबो तौ अपने सपनों मे खोई हुइ थि, औऱ यहा रामू अपनेहवस सें भरे ड्रीम्स कों सच्चाई मे बदलने कि कोशिश कररहा थां। करीना नींद सें नां जागे इसलिये रामूसोई हुई करीना केँ गोरेगाल पर्र हल्का सां किस करता हैं, जिससे रामू कां कॉन्फिडेन्स औऱ बढ़ गय़ा। फिन तोँ, उसकीतरफ पीठ करकेसोई हुइ करीना कि जाँघ केँ ऊपर वोँ हल्के सें अपना एक् हाथरख देता हैं।
तभी करीना नींद मे करवट लेती हैं औऱ सीने केँ बल होकरसो जाती हैं।
करीना कों करवट लेता देखकर रामू डरते-डरते अपनाहाथ करीना कि जाँघ पऱ सें हटा लेता हैं फिन करीना केँ जिस्म सें दूर होँ जाता हैं, औऱ सोने कि एक्टिंग करने लगता हैं। रामूमन हि मन- “ओह्ह तेरी… मैडमजी जागी तौ नहि मेरेहाथ लगाने सें, लगता हैं नींद मे करवटली हैं मैडमजी नें…”
करीना कों करवट लेकर सीने केँ बल दूसरी तरफ मुँह करके सोता देखकर रामू कि साँस मे साँसआती हैं। रामू अपना 12 इंच कां काला लण्ड करीना केँ शरीर कों निहारते हुये हिलारहा थां। करीना सीने केँ बलसोई थि, इस कारण उसकी गाण्ड ऊपर कि ओर थि, औऱ करीना कि गाण्ड कि मोटी फांकों कों तौलिया जैसे-तैसे कवरकर रहा थां।
यह देखकर रामूमन हि मन- “मैंने मैडमजी कों दूर सें, कभी स्कर्ट मे तोँ कभी स्लीवलेश ब्लाउज मे, तोँ कभी टाइट जीन्स मे देखता थां औऱ अपना लण्डदूर सें हि मसलता थां, मगरआज तौ मैंने अपनी मैडमजी कि गाण्ड कां दर्शन तोँ किया औऱ उनकी मोटी लचीली गाण्ड औऱ बुर कि लाल पंखुड़ियाँ भि देखीं, मगर अभि जाकरइस मैडमजी केँ गोरे नंगे जिस्म कों छूने कां मौका मिला हैं, औऱ यह मौकाफिन कभी आएगा नहि, तोँ क्यूं नाँ मे इस मौके कां पूरा फ़ायदा उठालूँ? इसमें रिस्क हैं, मगर मैडमजी तौ भोली हें, मे कुछ भि कहकर मैडमजी कों समझा लूँगा…”
यह सोचते हुये रामू अपनी अंडरवेर औऱ पैंट पूरी निकाल देता हैं औऱ नीचेबेड केँ किनारे फर्श पऱ फैंक देता हैं। अब रामू सिर्फ़ एक् शर्ट मे थां औऱ नीचे सें पूरा नंगा थां, औऱ उधर करीना गहरी नींद मे सोई हुईँ थि। करीना तोँ आज केँ दिन कि भाग-दौड़ सें थकान केँ कारण मजबूरी मे रामू केँ बगल मे 45 इंच कि दूरी रखकरसोई थि, औऱ उधर रामूबेड पर्र उठकर करीना कि गोरी टाँगों केँ नज़दीक बैठ जाता हैं।
रामूमन हि मन- “क्याँ गोरी-गोरी मांसल जांघें हैं मैडमजी कि, वाह्ह… छूने कि हिम्मत तोँ करनी होगी मुझे, नहि तोँ यह मौकाहाथ सें चला जाएगा…” औऱ तभी रामू अपने बायें हाथ सें अपना लण्ड हिलारहा थां औऱ दाँया हाथ करीना कि बाईं जाँघ केँ ऊपररख देता हैं। करीना कि मांसल जांघों कों छूते हि रामू पागल सां हौ जाता हैं, औऱ अपना लण्ड हिलाते हुये दूसरे हाथ सें करीना कि जांघों कों सहलाना शुरुआत करता हैं। फिन हिम्मत करके करीना केँ नीचे गाण्ड कों ढका तौलिया ऊपर कि ओरकमर तक सरकाता हैं।
अब रामू केँ सामने करीना कि मोटी ताजी गोरी गाण्ड पूरी नंगी थि, यह देखकर रामूमन हि मन- “माशा अल्लाह… क्याँ गाण्ड हैं मैडमजी कि… दूर सें तोँ अच्छी लगती हि हैं, मगरपास सें तोँ लाजवाब, मम्मी कि शपथआज तोँ मैडमजी कि गाण्ड मे उंगली करूँगा हि…” औऱ रामू थर-थर काँपते हुये दोनों हाथों कों, करीना कि गाण्ड कि दोनों फांकों पऱ रख देता हैं। पहले तोँ रामूजोश मे मगरहोश मे करीना कि गाण्ड कि फांकों कों दोनों हाथों सें आहिस्ता दबाता हैं, फिन मसलता हैं, औऱ आहिस्ता करीना केँ कुल्हों कि फांकों कों अपने दोनों हाथों सें थर-थर काँपते हुये फैलाता हैं, अब रामू कां सामने करीना कि गाण्ड कां सुनहरा छेद थां।
रामूमन हि मन- “आह्ह… ओह्ह… मां कि आँख, कभी सोचा नहि थां कि मे मैडमजी केँ संगयह सभी करूँगा, आज तौ इसछेद कों जी भरके चाटूंगा…” रामू केँ हाथ करीना कि गाण्ड कि फांकों कों फैलाकर थर-थर करके काँपरहे थें, उससेडर थां कि करीना इस वक्तजाग गई तोँ उसकीखैर नहि। मगरहवस कां जोश रामू केँ सरचढ़ चुका थां, अब रामू वोँ करने वाला थां जौ करीना केँ प्रशन्शक ख्वाब मे हि सोच सकते हें, करीना कि गाण्ड चाटना।
रामू दोनों हाथों सें करीना कि गाण्ड कि फांके फैलाकर अपना मुँह करीना कि गाण्ड कि फांकों केँ बीच लेँ जाता हैं, फिन वोँ अपनीनाक करीना कि गाण्ड केँ छेद सें रगड़ता हैं, फिन अपनी गंदी खुरदरी जीभ मुँह सें बाहर् निकालकर करीना कि गाण्ड केँ छेद कों कुत्ते कि तरह चाटने लगता हैं।
औऱ वहा भोली-भाली करीना इस सबसे अंजान गहरी नींदसो रही थि।
उधर रामू करीना कि गाण्ड कां छेद 10 मिनट तक चाटने केँ बाद, अपने दोनों हाथ करीना कि गाण्ड कि फांकों केँ ऊपर सें हटाकर अपना लण्ड हिलाते हुयेमन हि मन बोलता हैं- “आनंद आँ गय़ा मैडमजी कि गाण्ड चाटकर, मुझे तोँ यह ड्रीम्स जैसालग रहा हैं…”
बोलीवुड कि सुपरस्टार करीना केँ चाहने वाले बहोत हें, मगर अपने स्टारडम कां करीना कों कोई अट्टीट्यूड नहि हैं, उसकेमन मे दया, औऱ दूसरों कि सहायता करने कि चाहत कूट-कूट करकेभरी हैं, मगरइस अच्छाई कां रामूगलत इस्तेमाल कररहा थां।
फिन रामू एक् हाथ सें करीना कि गाण्ड कि फांकों कों फैलाता हैं औऱ दूसरे हाथ कि बिचली उंगली सें करीना कि कुँवारी गाण्ड कों रगड़ता हैं, फिन गाण्ड केँ पास मुँह लेजाकर गाण्ड केँ छेद पर्र थूकता हैं। इससे करीना कि गाण्ड गीली हौ जाती हैं। फिन वोँ अपने दूसरे हाथ कि बिचली उंगली करीना कि गाण्ड केँ छेद मे घुसाने कि कोशिश करता हैं। करीना कों दर्द महसूस नाँ हौ, इसलिये वोँ अपनी उंगली आरामसे छेद मे घुसाने केँ लियेजोर लगाता हैं, औऱ गाण्ड कां छेद रामू केँ थूक सें गीला होने केँ कारण, रामू कि बिचली उंगली एक् इंच अंदरघुस जाती हैं। फिनइंच बाइइंच वोँ अपनीआधी उंगली करीना कि गाण्ड मे डाल देता हैं।
मगरअगर रामू नें उंगली पूरी घुसा दि तोँ दर्द सें करीना जाग सकती थि, इस कारण रामू अपनीआधी उंगली सें हि गाण्ड मे अंदर-बाहर् करने लगता हैं।
तभी करीना कां बेडरूम कां दरवाजा तेज़-तेज़ सें सोहेल बाहर् सें खटखटा रहा थां। इस आवाज़ सें चौंककर रामू कां हाथडर सें हिलता हैं, जिस कारण रामू कि बिचली उंगली पूरी करीना कि गाण्ड मे घुस जाती हैं।
औऱ तभी दर्द सें करीना चीखती हुइ नींद सें जाग जाती हैं।
औऱ रामू, एक् झटके सें उंगली गाण्ड केँ छेद सें बाहर् निकालकर, बेड केँ किनारे सें गिरने कि एक्टिंग करते हुये फर्श पर्र गिर जाता हैं। उधर करीना अपना एक् हाथ अपनी गाण्ड कि तरफ पीछे लेजाकर, अपनी गाण्ड कां छेद सहलाते हुये बोलती हैं- “मेरी गाण्ड… अह्ह…”फिन करीना अपना मुँह जहाँ रामू सोया थां, वहा करती हैं। मगरवहा रामू कों नां देखकर रामू कों आवाज़ लगाने हि वाली थि कि दरवाजे पर्र होती खटखट पर्र करीना कां ध्यान जाता हैं।
करीना मन हि मन-“कौन खटखटकर रहा होगा दरवाजे पऱ? मेरे परिवार कोई मेंबर तौ नहि होगा, क्योंकि घऱ केँ मुख्य दरवाजे कि चाभी तौ सिर्फ़ मेरे परिवार मेंबर्स औऱ एक् चाभी वाचमैन केँ पास हैं, मेराकोई फेमिली मेंबर तोँ नहि आया?ओ माँ गोड… औऱ यह बेवकूफ़ रामू कहां हैं?”
करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा - Karina Kapoor - Aage kya hua? Next part padhiye
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