बड़े घर की बहू (कामया बहू से कामयानी देवी) completee - bahu ki chudai – New Episode
कमरे मे तक कामया वैसे हि बिना कपड़ों मे घूमती हुईँ पहुँच गई थि रास्ते मे उसेकोई भि दासी याँ ऐसाकोई भि नहि मिला थां जिससे उसेकोई शरम याँ हया होती अपने कमरे मे पहुँचकर वोँ बेड पऱ लेटेहुए कल केँ बारे मे सोचते हुएसो गई थि
दूसरे दिन सुभह सें वही नहाना धोना औऱ जिस्म कां सौंदर्य बढ़ाने मे लगेहुए कामया सजधजकर होकरजब खड़ी हुईँ तोँ एक् दासी नें आकेकहा कि गुरुजी नें याद किया हैं
कामया एक् जानी पहचानी सि मुश्कान बिखेरती हुइ उठी औऱ गुरुजी सें मिलने कों चल पड़ी एक् कमरे मे गुरुजी बैठेहुए थें औऱ पास मे कुछलोग अजीब सि पोशाक पहनेहुए भि थें देखने मे आफ्रिकन्स लगरहे थें येलोग गुरुजी केँ पास क्याँ कररहे हैं क्याँ पता कामया कों देखते हि गुरुजी मुस्कुराए औऱ
गुरुजी- आओसखी देखोकौन हैं यहांकुछ माइन ओनर्स हैं डायमंड केँ औऱ गोल्ड केँ आफ्रिका केँ हैं वहां बड़ा रुतवा हैं इनका असोसियेशन केँ सर्वेसर्वा हैं तुमसे मिलने आए हैं कुछलाभ लें सको तोँ लेलो तुम्हारा भि तोँ गोल्ड औऱ डायमंड कां काम हैं नां
वोँ लोग कामया कों एकटकदेख रहे थें लालायित सें काम अग्नि सें भरे कामया केँ जिश्म कों खा जाने वालीनजर सें दोलोग हि थें पर्र कामया कों लगरहा थां कि भरीसभा मे उसे नंगा करके देखने कि ख़्वाहिश हैं उनमें गुरुजी केँ पासरखे हुए आसान पऱ जब वोँ बैठी तौ उसका ड्रेस जाँघो केँ बहोत ऊपरउठ गय़ा थां अंदरकुछ नहि थां पर्र कामया नें अपनी जाँघो कों एक् केँ ऊपर एक् रखकर अपनी आंतरिक अंगो कों छुपा लिया थां एक् मधुर मुश्कान लिए उसने गुरुजी कि ओर देखा थां गुरुजी उसी कि ओर देखते हुए एक् अजीब सि हँसीलिए हुए बोले
गुरुजी- आज सें शुरुआत करो अपना मुहिम औऱ अपनेनाम दोचार माइन औऱ बिज़नेस करलो यहां सें शुरुआत होता हैं तुम्हारे ऐश्वर्य कां सफर बोलो कैसा हैं इन लोगों कि नजर कों देखो क्याँ नहि हैं जोँ चाहो लेलो मंजूर हैं याँ कोई रूपसा याँ मंदिरा कों बुलाए
कामया- नहीं मुझे मंजूर हैं गुरुजी जौ आप् जैसा कहेंगे करूँगी
गुरुजी- मन सें कहरही होँ याँ सिर्फ़ हमारा मन रखने केँ लिएकह रही हौ
कामया- नहि गुरुजी मन सें आपने हि तोँ कहा थां कि अपनेबदन कों यूज़करो देखती हूं क्याँ कर पाती हूं हिहीही
हँसती हुई कामया कि नजरउन भूखे हब्सियो कि ओरउठी थि वोँ लोगकोई बात नहि समझरहे थें पर्र एक् लालसा उनके चेहरे पऱ साफ देखने कों मिलरहा थां कामया केँ बदन कों देखने कि ओर भोगने कि उनके सामने बैठी हुइ ये स्त्री किसी अप्सरा कि तरह अदाए बिखेरे हुए बैठी थि
गुरुजी- यूकनगो वितहर शीविल टेलयू व्हाट आई वॉंटआंड यूकनबी माइ गेस्ट आंड एंजाय युवर स्टे डियर
पहला आफ्रिकन गुरुजी यूआरसो काइंड आंड गेनरस हाउकन वीबोत हौनोर यूवीआर लेक स्लेव्स टूयू प्लीज फर्गिव असइफएनी थिंग रॉंग हपन्स
गुरुजी- नोनोमाइ डियर डान’तबी अफ्रेड यूआरइन गुड हँड्ज़ डियरमाइ सखीविल डिस्क्राइब यूआंड फेसयू टूदा एक्शत्रेआं प्लेषर आंड डेमाक्रेसी शीईज़ आँ लव्ली फीमेल आंड लोवेलबले टू
दूसरा आफ्रिकन- (हाथ जोड़कर) डियरसर प्लीज हेल्प असवीआर सजधजकर टू महसूस दापवर आंड प्लेषर प्लीज गाइडअस
गुरुजी- डेफीनितली डियरनाउ यूगोवित हरशीविल टीचयू आंडटेल यू व्हाट टूडू (औऱ कामया कि ओर देखकर ) जाओसखी पहला दीक्षा देने कां काम शुरुआत करोये लोग तुम्हें वोँ सभी देने मे सक्षम हैं जोँ तुम्हें चाहिए औऱ इन्हें जोँ चाहिए वोँ तुम् इन्हें दोफिन देख्ना ये केसे तुम्हारे गुलाम बनकर रहते हैं सारी जीवनजाओ
औऱ अपने हाथों केँ इशारे सें उसने कामया औऱ उन आफ्रिकन्स कों जाने कों कहा थां कामया भि बड़ीअदा सें अपने सीने कों बाहर् कि ओर धकेलते हुए बड़े हि अंदाज सें उठी थि औऱ उन दोनों आफ्रिकन्स कों लेकर गुरुजी केँ कमरे सें बाहर् आँ गई थि उसके चलने कि अदा इतनी लुभावनी थि कि पीछेचल रहे दोनों आफ्रिकन कि नजर उसके नितंबों सें नहि हटरही थि उसकी शारीर कि लचक इतनी मादक थि कि उनकादिल मुँह सें बाहर् कि ओर निकला जारहा थां मादकता औऱ लचकती हुइ कामया दासियों केँ बीचोबीच चलती हुई उन आफ्रिकन्स कों लेकर अपने भव्य कमरे मे पहुँचि थि औऱ कमरे मे आते हि उन महिलाओं नें रूमबंद करके बाहर् हि रुकगये थें कमरे मे पहुँचते हि कामया नें उन्हें बैठने कां इशारा किया थां
उन आफ्रिकन्स कि नजर कामया केँ हुश्न सें हट हि नहि रही थि मुँह फाडेहुए उसकेबदन केँ हर हिस्से कों देखने कि कोशिश कररहे थें कामया उन्हे देखकर थोडा सां मुस्कुराई थि औऱ बोलीं
कामया- यस जेंटल मे वाइ औऱ यू हियरकन यू डिस्क्राइब मे
पहला आफ्रिकन- वी हर्डआफ गुरुजी सोवीकेम हियर …
कामया- आंडयू आंड व्हाट यू पीपलडू …
दूसरा आफ्रिकन- वीआर पोस्ट होल्डर टू यूनियन आफ माइनइन आफ्रिका गोल्ड आंड डायमंड माइन्स वीआर हियरफार ट्रेडिंग वी हर्डआफ गुरुजी सोवीकेम टू विजिट आंडफार हिज ब्लेससिंग्स
कामया- ओह्ह…एस यूआरइन राइट प्लेस वेलटेल मीहाउ कनवी हेल्प यू …
1स्ट आफ्रिकन(सम)- वेलअसल मे वी वांटेड टू जाय्न हँड्ज़ वितसम आफदागुड आंडफेर पूरचआरएस हियरइन इंडिया हूकन टर्न औऱ रहा गोल्ड आंड डायमंड इंटो आर्नमेंट्स आंडवित गुड कटिंग आफरहा डायमंड कनयू हेल्प अस …
कामया- ओह्ह…वाइ नोटआई विल सेंडयू टूदा मिस्टर धरंपाल हि इज आँ नाइस पर्सन हैं विल गाइडयू हेल्प यूआर सेल्फ़ आंडडील वितदा पर्सन वीआरफेर बिज़नेसमन ओके…
कामया नें पास मे रखी घंटी कों बजाया एक् दासी करीब-करीब दौड़ती हुईँ आई थि
कामया- इन्हें धरंपाल जी केँ शोरुम मे पहुंचा दो (औऱ उन दोनों आफीकंस कि ओर)यूगो वितहर शीविल अरेंज फारयू इफएनी फर्दर हेल्प इस रिक्वाइयर्ड प्लीज महसूस फ्री तोँ अस्कमी थैंकयू
कहती हुइ कामया उस कमरे सें बाहर् निकल गई थि उन दोनों आफ्रिकन्स कि नजरअब भि कामया केँ नितंबों केँ घुमाव औऱ मटकती चाल केँ आगे समर्पण कर चुके थें पर्र हिम्मत नहि थि कि आगेकुछ करसके पर्र दिल मे उस खूबसूरत औरत केँ लिए स्थान बनाली थि कामया भि जानती थि कि उन आफ्रिकन्स कि नजर कहां पऱ हैं वोँ औऱ मटकती हुईँ चाल मे अपनीकमर कों लचकाती हुई एक् मादक खूबसूरत औरत कि तरह उनके दिलो मे बिजली गिराती हुई बाहर् कि ओरचल दि थि उन आफ्रिकन्स कों लेकर वोँ दासीचली गई थि कामया उसकेबाद अपने कमरे मे वापस आँ गई थि औऱ प्रतीक्षा मे थि कि गुरुजी शायदअब बुलाएँगे पऱ ऐसाकुछ नहि हुआ दोपहर केँ बादसाम भि होँ गई थि रूपसा औऱ मंदिरा भि उसे नहि मिले औऱ नहि कोईऐसी घटना हुईँ
शानदार भाग।
बड़े घर की बहू (कामया बहू से कामयानी देवी) completee - bahu ki chudai – New Episode
साम कों नहाने केँ बाद वोँ एक् बारफिन सें उत्तेजना सें घिरी हुइ गुरुजी कां प्रतीक्षा करतीरही पऱ ऐसाकुछ नहि हुआ एक् ख़्वाहिश औऱ ललक थि कमीआके अंदरसाम होते होते उसके उत्तेजना एक् बारचरम सीमा तक आँ गई थि उसेकोई चाहिए थां गुरुजी केँ संगठीक हैं उसने दासी कों आवाज़ दि
दासी-जी रानी साहिबा
कामया- गुरुजी कहां हैं …
दासी-जी वोँ सुभह वालेलोग आए हैं उनकेसंग बैठे हैं
कामया- वोँ आफ्रिकन्स …
दासी-जी कुछ कहना हैं गुरुजी कों …
कामया- नहि जाओ …
कामया सोचने लगी थि कि गुरुजी क्याँ कररहे हैं उन लोगों केँ संग वोँ लोगफिन यहां क्यूं आए हैं कामबना कि नहि पहलीबार गुरुजी नें मेरेपास भेजा थां फिन क्याँ हुआ वोँ कमरे मे चालकदमी करनेलगी थि पऱ कुछ भि निष्कर्ष नहि निकाल पाई थि इतने मे एक् दासी नें आकरकहा
दासी-जी रानी साहिबा वोँ दोनों आफ्रिकन्स आपसे मिलना चाहते हैं …
कामया- क्यूं …
दासी -गुरुजी नें कहा हैं कि उनकाकाम बन गय़ा हैं औऱ वोँ लोग आपका शुक्रिया करना चाहते हैं उन्हे आपकेपास लाने कों कहा हैं कहां बिठाऊ उन्हें …
कामया- उन्हें बड़े कमरे मे बिठाओ मे आती हूं
दासीचली गई थि कामया कां बदनफिन एक् बार उत्तेजना सें भरउठा थां उनकीनजर उसेयाद आँ गई थि लालची नजर औऱ उसेखा जाने वालीनजर सें देख्ना वोँ भूल नहि पाई थि उसके जिस्म केँ कुछ औऱ दीवाने पूरादिन निकलने केँ बादअब उससेरहा नहि जारहा थां कामया एक् बार जाकर मिरर केँ सामने खड़ी हुई थि औऱ अपने आपको देखा थां वही महीन सां कपड़ा कंधे केँ दोनों ओर सें उतरते हुए उसके सीने कों ढँकेहुए थां औऱ जाँघो केँ बीच तक जाता थां हल्के गोल्ड सुकून सें आपस मे जुड़ा हुआउस ड्रेस सें उसके साइड सें औऱ सामने सें बहोत कुछदिख रहा थां कामया कां जिस्म एक् बारफिन सें काम अग्नि मे जलताहुआ दिखरहा थां आखें भारी औऱ बड़ी-बड़ी थि खुमारी छाइ हुई थि औऱ हल्की सि मुश्कान बिखेरती हुईँ कामया पलटकर अपने कमरे सें निकली थि
बाहर् खड़ी दासी झटके सें उसके पीछे-पीछे चल दि थि औऱ भि कुछ दासिया दौड़ती हुई आई थि
कामया- रहने दीजिए हम् चले जाएँगे जरूरत हुइ तौ आवाज़ दे देंगे
दासिया वहीरुक गई थि औऱ सिर झुकाए खड़ी हि रह गई थि कामया मटकती हुईँ चली थि अपने अगले मिशन कि ओर कमरे केँ पास देखा थां कि दो दासिया खड़ी थि कामया कों देखते हि सिर झुकाकर उन्होंने डोरखोल दिया थां औऱ कामिया कमरे मे दाखिल हौ गई थि
कमरे मे वोँ दोनों सख्स बातें करतेहुए कुछपी रहे थें औऱ जैसे हि कामया कों देखाउठ खड़ेहुए औऱ हाथों कों जोड़कर उसे प्रणाम किया थां कामया एक् मधुर सि मुश्कान बिखेरती हुइ उन दोनों केँ बीच सें होती हुईँ अपने आसान पर्र जाकेबैठ गई थि लचकति हुईँ लहराती हुई औऱ मटकती हुई बैठ-ते वक्त भि उसने अपने कपड़ों कां बिल्कुल ध्यान नहि दिया थां जौ जहां तक उठे याँ दिखे उठनेदो याँ दिखने दो वाला स्टाइल थां उसका
कामया केँ बैठते हि दोनों आफ्रिकन्स कि नजर उसकी जाँघो पर्र टिक गई थि गुलाबी औऱ कोमल सि दिखने वाली सुडोल औऱ गोलाई लिएहुए उन जाँघो केँ संग-संग गोरी चिट्टी टांगों पऱ हि उनकी निगाहे रुक सि गई थि भूकीनजर लिए वोँ कामया कों निहारते रहे थें आहिस्ता उनकीनजर सें कामया कां कोई भि अंग नहि बच पाया थां साइड सें दिखती हुइ गोरी चिकनी त्वचा औऱ, सामने सें दिखने वाली चुचियों कां आधा हिस्सा औऱ फिन नीचे कि औऱ कईबार नजर खुमाकर वोँ कामया कों देखते रहे कामया भि उनकीनजर कों पड़ सख्ती थि एक् उत्तेजना कि लहर उसके अंदर तक उतरती चली गई थि उसे अपनीभूख कों शांत करना हि थां पऱ गुरुजी उनसे पूछे बिना
कामया- सोहाउ वाज युवर विजिट …
सम- इट्सवाज ओके… देवीजी धर्मपाल जीइज आँ गुडगाइ हि विल हेल्प असवीविल सेंडदा रा गोल्ड आंड डायमंड्स हियरआंड हि विल कानवर्ट इंटो आर्नमेंट्स आंड डायमंड इंटो फिनिश्ड वनवीआर हपीआंड विल स्टार्ट डीलिंग वितहिम
कामया- सोआल फाइनदॅन हाउयू केमबक हियर …
ड्षन (सेकेंड आफ्रिकन)- वी जस्ट वांटेड टू थैंकयू आंड गुरुजी फारदा हेल्प एक्सटेंडेड टूअसआंड ब्रॉट सम तोहफा फारयू
सम औऱ ड्षन नें एक् बड़ा सां पैकेट उसकीओर कर दिया कामया उत्सुक थि कि उसमें क्याँ हैं पऱ एक् सधेहुए अंदाज मे पासरखे हुए टेबल कि ओर इशारा किया
कामया- ओके… देयर नतिंग टूबी थॅंकफुल आंडनो फारमलिटीस प्लीज यूआरअवर गेस्ट वी हेल्प यू जस्टइट ईज़अवर ड्यूटी
सम- प्लीज देवीजी यूकन हेल्प असमोर वीआर वेरीमच इंप्रेस्ड बाइदा वर्किंग आफ युवर अश्राम
कामया-ओह्ह… एसवीआर हियरफार दा पर्पस
इतने मे गुरुजी कां आगमनहुआ उस कमरे मे बहोत हि मंद सि मुस्कान बेखेरे वोँ उनकेपास आते हि
गुरुजी- सो डियरहाउ ईज़इट हियरयू थँक्ड कामया देवी
कहतेहुए वोँ कामया केँ पास उसके आसान पर्र हि बैठगये थें कामया भि गुरुजी केँ पास बैठी औऱ वोँ दोनों आफ्रिकन्स भि गुरुजी औऱ कामया कि ओर देखतहुए बोले
गुरुजी- ये एकानमी हैं इन्हें अपनेहाथ सें जानेमत देना औऱ ऐसा चमत्कार करो कि जब भि सोए याँ उठे इन्हें सिर्फ़ तुम्हारी यादआए औऱ अपने माइन्स मे होने वालेहर गोल्ड औऱ डायमंड कों तुम्हारे पास लेँ आएये तुम्हारे चमत्कार सें हि होँ सकता हैं
औऱ कहतेहुए गुरुजी नें अपनी हथेली कों उसकी जाँघो पऱ रख दिया औऱ बड़े प्रेम सें सहलाते हुए कामया कि ओर एकटक निगाहो सें देखने लगे वोँ दोनों आफ्रिकन्स भि एकटक गुरुजी औऱ कामया कि ओर हि देखरहे थें गुरुजी केँ हाथों केँ स्पर्श सें कामया केँ बदन मे एक् बारफिन उत्तेजना कि लहर दौड़ गई थि
Smoothdad wrote: ↑09 Jun 2017 20:29 शानदार एपसोड। जारीरखे, आगे कि इंतजार मे Dolly sharma wrote: ↑10 Jun 2017 12:33 nice update rakesh1015 wrote: ↑10 Jun 2017 14:34 शानदार एपसोड। mastram wrote: ↑10 Jun 2017 19:38 Sexi munda bhay aapki story bi 1ooooo ( एक् lakh ) केँ club men shamil hu chuki h iske liye apko badhaai Shuqriya
Nice updates mitr
बड़े घर की बहू (कामया बहू से कामयानी देवी) completee - bahu ki chudai – New Episode
वोँ दोनों आफ्रिकन्स कि नजर भि अब कामया कि जाँघो कि ओरउठ गई थि औऱ गुरुजी केँ हाथों केँ संग-संग उनकीनजर भि ऊपर-नीचे कि ओर हौ रही थि कामया कि नजर मे एक् मस्ती सि छा गई थि उसकीनजर अबउन आफ्रिकन्स कि ओर घूमी थि, औऱ बड़े हि अंदाज सें उनकीओर देखते हुए गुरुजी कों कहा थां
कामया- जी गुरुजी जैसा आप् कहे,
गुरुजी- सो डियर वांतआई विल साजेस्ट ईज़यू पीपलहव डिनरवित असदॅन कामया देवीविल अरेंज फारफार युवर रेस्ट आंडअदर थिंग्स प्लीज महसूस फ्री टूअस्क एनी हेल्प यू वॉंट फ्रॉम हर
कहतेहुए वोँ उठ खड़ेहुए औऱ मुस्कुराते हुए कामया कि कमर पऱ हाथ रखतेहुए आगे कि ओरबढ़ चले थें वोँ दोनों आफ्रिकन्स भि अपनीनजर मे लालसा लिए औऱ एक् भूखी निगाहे कामया कि ओर डालते हुए उनके पीछे-पीछे चलदिए थें गुरुजी केँ हाथ कामया कि पीठ पऱ कपड़े सें खाली स्थान पऱ बिंदास घूमरहे थें औऱ कभी-कभी तौ उसके कपड़ों केँ अंदर तक चले जाते थें
पीछे सें वोँ दोनों आफ्रिकन्स गुरुजी कि हरकत कों देखते हुए अपने आप् पर्र नियंत्रण रखतेहुए उनके पीछे पीछेचल दिए थें खाने कि ओर
कामया कां जिस्म तोँ सुलगरहा थां पऱ गुरुजी केँ होते वोँ कुछ भि ऐसा नहि करना चाहती थि कि जिससे उन्हें बुरालगे वोँ जानती थि, कि आज कि रात वोँ उन आफ्रिकन्स केँ संग गुजर सकती हैं गुरुजी नें तोँ कह हि दिया थां पऱ एकदम आपरिचित थें वोँ लोग उनकी आखों मे जौ भूख वोँ देखरही थि औऱ उनकी हाइट काठी कों जोँ वोँ देखपा रही थि उससे एक् अंदाजा तोँ उसनेलगा हि लिया थां कि आज कि रात बहोत कुछ होने वाला हैं
गुरुजी केँ संगसब उठे औऱ एक् ओरआके खड़े होँ गये गुरुजी अपनेपास खड़ी हुई कामया केँ कंधे पऱ हाथरखे हुएउन आफ्रिकन्स सें कहते हैं
गुरुजी- सो जेंटलमेन नाउयू कन रेस्ट अंड रिलीस युवर टेन्शन
औऱ गुरुजी नें एक् बार कामया केँ नंगे कंधो पऱ हाथ फेरते हुए उसकीओर देखा औऱ बोले
गुरुजी- बॅटवन थिंगईज़ देयर जेंटलमेन शीईज़ आँ लेडीटू बी टेकन एक्सट्रा केरशी ईज़ आँ लेडीटू वारशिप यूहव तौ वर्कशिप हर वारक्षिप हर बाडीहर सौलआंड ईचआंड एवेरी कार्नर आफहरशी इज आँ डेलिकेट आंड प्राइड आड औऱ अश्राम बी देयरशी विल जाय्न यूइन फ्यू मोमेंट डियर
औऱ कामया केँ संग-संग उन दोनों आफ्रिकन्स कि ओर देखकर उन्हें जाने कों कहा इतने मे दो बहोत हि सुंदर महिलाए उनकेपास आके खड़ी हौ गई थि दिखने मे रूपसा औऱ मंदिरा जैसे हि थि पर्र थोड़ी मोटी थि उन हबशियो केँ लायक गुरुजी सबकुछ जानते थें औऱ किसी कों क्याँ चाहिए वोँ भि कामया केँ कंधे सें उसकेहाथ अब साइड सें उसकी चूचियां सहलारहे थें कामया अब बहोत उत्तेजित थि उसे अपने जिस्म पर्र काबू रखना मुश्किल सां हौ गय़ा थां पर्र गुरुजी कां आगे कां प्रोग्राम जानने कों उत्सुक थि उन आफ्रिकन्स केँ जाने केँ बाद कामया गुरुजी सें थोडा सां चिपककर खड़ी होँ गई थि औऱ
कामया- मेरेलिए क्याँ आदेश हैं गुरुजी
हँसते हुए गुरुजी- कहो अपने हाथों मे नहि लेना चाहोगी देश मे आनेआली एकानमी कों ऐसाखेल खेलोसखी कि ये दोनों तुम्हारे दीवाने होँ जाए औऱ हरबार जब भि देश केँ बाहर् देखे तौ यही देखे औऱ कही नहि तुम् जानती हौ ये केसे होगा बिनाकोई शरम औऱ हया केँ इनको अपनेबस मे करोजाओ
कहतेहुए गुरुजी नें कामया कि पीठ थपथपाई औऱ उसे जाने कां इशारा किया कामया मुस्कुराती हुईँ आगे बढ़ी औऱ मूडकर एक् लंबा सां चुंबन गुरुजी केँ होंठों पर्र किया औऱ वापस अपनेखेल कों अंजाम देने केँ लिएचल पड़ी थि
कामया अपने कमरे मे गई औऱ थोडा सां अपने आपको मिरर मे देखकर अपने हुश्न कों निहारा थां कमर मे बँधेउस गोल्डन बेल्ट कों उतार दिया थां औऱ एक् बारफिन सें अलट पलटकर अपने आपको निहारा थां गजब कि लगरही थि कपड़े केँ अंदर सें उसकाबदन हर कोने सें दिखरहा थां वोँ जानती थि कि उसे क्याँ करना हैं औऱ वोँ चाहती भि थि एक् मुस्कुराहट अपने होंठों पऱ लगाती हुईँ कामया अपने कमरे सें बाहर् निकली थि
जब वोँ उन आफ्रिकन्स केँ कमरे केँ बाहर् पहुँचि तोँ एक् अजीब सि सनसनाहट उसकेबदन मे दौड़ गई थि अंदर सें कोई आवाज़ नहि आँ रही थि पर्र डोर खुलते हि अंदर सें उन महिलाओं कि हँसी कि आवाज़ केँ संग-संग उन आफ्रिकन्स कि गुर-राने कि आवाज़ भि उसके कानों मे भिड़ गय़ा थां
कामया कि नजरजब बेड पऱ पड़ी तोँ वोँ दोनों महिलाए उन आफ्रिकन्स केँ नीचे थि औऱ एक् व्यक्ति एक् स्त्री कि योनि कों चाटरहा थां औऱ दूसरा अपने लिंग कों एक् केँ मुँह मे डालेहुए अपनासिर उठाकर गुरारहा थां कमरे मे किसी केँ दाखिल होते हि थोडा सां सन्नाटा छा गय़ा पऱ कामया नें कहा
कामया- डोंटबाइ शाइ प्लीज केर्रि ऑनआईम हियरटू अस्कइफ एनी हेल्प फ्रॉम माइ साइड
वोँ दोनों आफ्रिकन्स नें एक् बार एक् दूसरे कि ओर देखा औऱ झट सें बिना कपड़ों केँ हि एक् छलाँग मे बेड सें नीचेउतर आए औऱ घुटनों केँ बल बैठकर कामया केँ आगेहाथ जोड़कर कहनेलगे
ड्षन- प्लीज देवीजी हेल्प असवीआर फसिनटिंग अबाउत यू ससेंसे वीकेम हियर प्लीज फर्गिव अस प्लीज हेल्प अस
समऽयस देवीजी प्लीज वीआरयू आर स्लेव आंड रिमेन स्लेव्स थ्रूआउट औऱ लाइफ औऱ माओने आंड एवेरी थिंगईज़ युवर्ज़ प्लीज हेल्प अस
कामया हँसते हुए थोडा सां उनकेपास चली गई थि औऱ अपने कोमलहाथ उनकेसिर पर्र रखतेहुए बोलि
कामया- ओह्ह…यस डियरयू आर माइन डोंट बॉदरयू आर सेल्फ़ प्लीज एंजाय युवर स्टे हियरआर लडीस् यूकनयूज देमऐज पर्र यूआरविल बी नाइसटू देमआई म हियर प्लीज रिलीस युवर सेल्फ़ आंडदॅन कमटूमी आईम हियरटू हेल्प यूइट’स आन आर्डर टूमीबाइ माइ गुरुजी
उन आफ्रिकन्स नें एक् बार कामया कि ओर देखा उसकी गोरी गोरीमसल जांघे उनकी आखों केँ सामने चमकरही थि बड़ी हिम्मत करतेहुए ड्षन नें अपने हाथों कों कामया कि जाँघो पर्र रखा थां औऱ कामया नें मुस्कुराते हुए उसकेसिर पर्र हाथ फेरते हुएउसे उठाकर खड़ा किया औऱ बेड कि ओर इशारा किया
कामया- गोआईम हियर
औऱ सम कों भि थोडा सां सहारा देकर उठाया थां औऱ मुस्कुराते हुएबेड कि ओर इशारा किया थां सम नें झट सें अपनी हथेलयो कों उसकी जाँघो सें रगड़ते हुए उसकीकमर तक लेँ आया थां शायद अपने आपको औऱ नहि रोक पाया थां झट सें लिपट जानां चाहता थां वोँ पऱ कामया कि मुश्कान औऱ एक् अलग तरीके कां निमंत्रण कों वोँ भि ठुकरा नहि पाया थां औऱ मूडकर बेड कि ओरचल दिया थां पर्र दोनों कि नजरअब भि कामया कि ओर हि थि जौ कि मटकती हुईँ चाल मे पास मे पड़ेहुए आसान पऱ जम गई थि
उसकी आखेंबेड पर्र होने वालेखेल पर्र थि बेड पऱ चढ़ते हि उन महिलाओं नें झट सें उन दोनों कों पकड़कर अपने सें चिपका लिया थां औऱ वोँ दोनों भि घूतम गुत्था होनेलग गये थें बिना अपनीनजर हटाए वोँ उन महिलाओं केँ संग खेलते रहे औऱ कामया कि ओर देखते हुए अपनीआग कों शांत करतेरहे उनकी हालत कों देखकर ये लगता थां कि जैसे वोँ कामया केँ संग हि वोँ सभीकर रहे हैं उन महिलाओं केँ संग नहि वोँ महिलाए उन्हें औऱ भि उत्तेजित करने कि कोशिश कररही थि औऱ हर एक् धक्के केँ संग हि चिल्लाकर उनको प्रोत्साहित करतीजा रही थि
कामया एकटक उन्हें देखकर अपने आपको उत्तेजित कररही थि औऱ थोड़ी देरबाद जब वोँ आफ्रिकन्स थककरगिर गये तोँ उठी औऱ उन महिलाओं सें कहा
कामया जाओ औऱ इन्हें नहलाकर यहांलाओ गोवित दीज लडीसआई म हियर वेटिंग फारयू
थके हारे दोनों आफ्रिकन्स जल्द सें उठे औऱ उन महिलाओं केँ संग बाथरूम मे घुसगये थें थोड़ी देरबाद जब वोँ आए थें तौ फ्रेश थें कमर पर्र एक् तौलिया बँधाहुआ थां पर्र चेहरे कों देखकर लगता थां कि बाथरूम मे भि एक् बार सेक्स कां खेल खेलचुके हैं कामया एक् मंद सि मुश्कान लिए अपने आसान पऱ जमी हुइ थि टांगों कों क्रॉस करतेहुए औऱ अपने ड्रेस कों जितना ऊपर हौ सकेऊपर करतेहुए बैठी हुई कामया कोई अप्सरा कां रूपलग रही थि सफ़ेद रंग औऱ साँचे मे ढलाबदन तोँ थां हि उसका पऱ आखों औऱ होंठों कि भंगिमा ऐसी थि कि सम औऱ ड्षन अपने आप् पऱ काबू नहि रखपाए औऱ करीब दौड़ते हुए हि कामया केँ लगभग पहुँच गये थें आसान पऱ बैठी कामया नें अपने हाथों कों बढ़ाकर उनको अपनेपास आने कां न्योता भि दिया थां
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