बिना झान्टो वाली बुर complete - bur chudai – New Episode
"हाई! मेरे चोदुसनम! इस शैतान नें मेरी मुनिया कों दीवाना बना दिया हैं। अब
इसे उससे मिलवा दो." मैने उनके लौरे कों हाथ मारते हुएकहा।
जीजाजी नें मेरेवे कपरे उतारदिए जिससे मे अपनी नग्नता च्छुपाए हुए थि
औऱ मुझे बिस्तर पर्र लिटाकर मेरे पैरों कों फैला दिया.अब मेरी मदमस्त रसीली
योवन गुहा उनके सामने थि। उन्होने उसेफिन अपनीजीभ सें छेड़ा।
कुच्छ देर तोँ उनकी दीवानगी कां मजा लियामगर मे परमसुख केँ लिए बेचैन
होँ उठी औऱ उन्हे अपनेउपर खिच लिया औऱ बोलीं, "राजाअब उन दोनो कों मिलने दो"
जीजाजी मेरी निपल कों मूह सें निकाल कर बोले, "किसको"
मैने उनके लौरे कों चूत केँ मूह पर्र लगाते हुए बोलीं "इनको.चूत औऱ लन्ड
कों.समझे मेरे चुदक्कर सनम। मेरी चूत केँ खेवनहार। अब चोदो भि."
इस पर्र उन्होने एक् जबारजस्ट शॉट लगाया औऱ मेरी चूत कों चीरता हुआ पूरा लन्ड
अंदरसमा गय़ा, "हाईईईईईईई मररर्र्ररर डालाओह मेरे चोदुसनम। मेरी
मुनिया तौ प्रेम करना चाहती पऱ इस मोटू कों दर्द पहुचाने मे ज्यादा मजाआता
हैं। अब रुके क्यो होँ?। कुच्छ पाने केँ लिए कुच्छ तौ सहना
परेगा.ओह माआआ। अब कुच्छ ठीकलग रहा हैं। हाँअब तिककककककक
हाईईईईईईईईईई फाड़ डालोइस लालची चूत कों." मे चुदाई केँ उन्माद मे नीचे सें
चूतरउठा उठाकर उनके लन्ड कों चूत मे लें रही थि औऱ जीजाजी उपर सें कस
कसकरशॉट पऱ शॉट लगाते हुएबोल रहे थें, " हैं चुदसी रनीईईइ।
तुम्हारी बिना झांट वाली चूत नें तौ मेरे लन्ड कों पागलबना दिया हैं.वो इस
साली मुनिया कां दीवाना होँ गय़ा हैं.इसे चोदचोद करजब तक यहा हूं जन्नत
कि सैर करूँगा। रानी बहोत मजा आँ रहा हैं."
क्रमशः.
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बिना झान्टो वाली चूत पार्ट--2
गतान्क सें आगे।
मे चुदाई केँ नशे मे जीजाजी कों कसकसकर धक्के लगाने एक् लिए प्रोत्साहित
कररही थि, "हाँ राजा !!!!!! चोदलो अपनी साली केँ बुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर कूऊऊ
औऱ जोर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर सीईए फर्रर्र्र्र्ररर डूऊऊऊ एस सलीईईई
बुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर कों ओह राज्ज्जज्ज्जाआअ मे जन्नत कीईईईईए सैरकर
रही हूऊओ.चोदो राजा चोद्द्द्द्द्दूऊ औऱ ज़ोर सीईईई हाईईईईई कसकस
कर मारो.ओह बस मे अनीईई वलीईईइ हुन्न्ञणणन् उई माआअ मे
गइईईई." मेरी चूत नें सुधारस छोड़ दिया पर्र जीजाजी धक्के पऱ धक्के
लगाएजा रहे थें झरने कां नाम हि नहीं लेँ रहे थें, मैनेकहा, "जीजाजी ज़रा
जल्द! चमेली गरमचाय लें करआती होगी"
"मे तोँ कब सें गरमचाय लेकरखरी हूं। गरमचाय ठंडी होँ गयीँ, औऱ मे गर्म"
ये चमेली कि आवाज़ थि।
मे चुदाई केँ तूफान मे इसकदर खो गई, थि कि चमेली कि तरफ ध्यान हि
नहीं गय़ा, मे जीजाजी कों अपनेउपर सें हटतेहुए बोलि, "तूँ कबआई""जब आप्
चोदुसनम सें चुदवा रही थि औऱ चुदक्कर रानी कों जीजाजी चोदरहे थें"
"अच्छा! ठीक हैं! येसभी छोड़जब तूँ यहाआकर मर हि गई, तौ चूत
खुजलाना छ्होर आँ जीजाजी कों सम्हाल" मे उठी औऱ चमेली केँ सारे कपरे उतार
दिए औऱ उसे जीजाजी केँ पास बिस्तर पर्र धकेल दिया। जीजाजी नें उसे दबोच लिया।
उन्होने अपना लन्ड उसके बुर मे लगाकर धक्का दिया। उसकेमूह सें एक् कराह
सि निकली। मोटा लन्ड जाने सें दर्द हौ रहा थां। मे आरामसे उसके उरोजो कों
मसलने लगी जिससे उसकी उत्तेजना बढ़ती जाए औऱ दर्दकम। आरामसे
जीजाजी अपना पूरा लन्ड चमेली कि चूत मे घुसा दिया.अब उसकीतरफ सें पूरा
सहयोग मिलरहा थां।
जीजाजी अब अपने लन्ड कों चमेली कि बुर मे अंदर बाहर् करनेलगे औऱ
चमेली भि अपनेकमर कों उठाकर जीजाजी केँ लन्ड कों अपने बुर मे धीरे-धीरे
लेँ रही थि, दोनो एक् दूसरे सें गुथेहुए थें चंपा बर्बरा रही थि, "दिदी!
जीजाजी मस्त चुदाई करते हें.जीजाजी चोददो। औऱ ज़ोर सें। औऱ ज़ोर सें।
मुझे भि आने देना ओह्ह्ह्ह आज बहोत दिनो कि प्यसस्स्स्स्सस्स बुझीईईईई
गीईईई अब आँ जाओ दिदी केँ चोदुसनम.ओह्ह्ह्ह माआअ मे गइईई."
जीजाजी केँ अंदर उबाल पहले सें हि उठरहा थां जोँ बाहर् आने कों बेचैन थां।
थोरीदेर मे दोनो संग-संग खलास हौ गये।
थोरीदेर चमेली केँ जिस्म पर्र परे रहने केँ बादजब जीजाजी उठे तोँ मे
चमेली सें बोलीं, "गर्मी शांत हौ गयीँ, ? जाअब चुदक्कर जीजाजी केँ लिएफिन सें
स्पेशल गरमचाय बनाकर ला क्यूं कि जीजाजी नें तेरी स्पेशल चुदाई कि हैं" "दिदी
आप् भि." वो अपने कपरे उठाने लगी तौ मैनेछीन लिए औऱ बोलि, "जा
ऐसे हि जा" "नहीं दिदी कपरेदे दो, गरम चाय लेकर जीजाजी केँ सामने नंगेआने मे
शरम लगेगी" मे बोलीं, "जाभाग गरमचाय लेकर आँ, नंगी होकर चुदवाने मे
शरम नहींआए, अच्च्छा जा हम् लोग भि यहा नंगे रहेंगे" शैतान चमेली ये
कहतेहुए नंगी हि भाग गई,, "नंगेरह कर चुदाई करते रहेंगे"
चमेली नीचेगरम चाय बनाने चली गई,। जीजाजी मुझे छेड़ते हुए बोले, "मालकिन
कि तरह नौकरानी भि जबारजस्ट हैं" मे बोलि, " जीजाजी उसे अधिकभाव नाँ
दीजिए गा नहीं तौ वो जॉक कि तरह चिपक जाएगी। पऱ जीजाजी वो हैं बरी
भली, बस सेक्स केँ मामले मे हि थोरी कमजोर हैं" "आनेदो देखता हूं कमजोर
हैं कि खिलाड़ी हैं"
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चमेली केँ जाने केँ बाद साफ-सफाई केँ लिए हम् दोनो बाथरूम मे आँ गये। मैने
शावरखोल दिया। हम् दोनो केँ नंगे शरीर पर्र पानी कि फुहार पड़ने लगी। बाथरूम
मे लगेबरे शीसे मे मे देखरही थि, शावर केँ नीचे मेरे उत्तेजक
जिस्म पर्र पानी पऱ रहा थां, मेरेतने मुम्मो सें टपकता पानी जोँ पैरों केँ बीच
मेरी चूत सें होताहुआ पैरो पऱ छ्होटी-छ्होटी धार बनाते हुए नीचेगिर रहा
थां। मेरी सुपस्ट चून्चियो सें गिरता हुआ पानीआज बहोत अच्च्छा लगरहा थां।
जीजा केँ चौरे सीने सें बहता पानी उनके लौरे सें धार बनकरबह रहा थां
जैसेवे मूतरहे हों। मैने उनका लन्ड हाथ मे लेँ लिया औऱ सुपरे कों
खोलने औऱ बंद करनेलगी। लन्ड हाथ मे आते हि सजग हौ गय़ा औऱ मेरी
चूत कों देखकर अकरने लगा। मैनेमदन (जीजाजी) केँ नंगे सुपस्ट बदन कों
अपनी छाती सें चिपका कर उनके होंठ अपने ओठों मे लेँ लिए। मेरीकसी हुई
चून्चिया जीजाजी केँ सीने मे रगर खानेलगी। मैने उनके शिश्न (कॉक) कों
पकरकर अपनी चूत सें सटा लिया औऱ थोरापेर फलाकर उसे अपने यौवांद्वार
(कंट) पर्र रगर्ने लगी।
जीजाजी मेरे बूब्स कों दबाते औऱ सहलाते हुए मेरे ओठों कों चूसरहे थें औऱ
उनका लन्ड मेरी मुनियाको अपने होंठ सें सहलारहा थां। बैठकर नहाने केँ लिए
रखे स्टूल पर्र मैने अपना एक् पेरउठा कररखा लिया औऱ औऱ उनके लन्ड कों
चूत मे आगे बढ़ने कां मौकामिल गय़ा। शीशे मे दिखरहा थां उनका लन्ड
उन्दर बाहर् होतेहुए मेरी प्यारी चूत सें खिलवाड़ कररहा थां। मेरी मुनिया उसे
पूरा अपनेमूह मे लेने कि कोशिश कररही थि। कुछदेर बाद मे अपने कों छुड़ा
कर बाथ-टब कों पकड़कर झुक गयीँ,। मेरे चूतरउठे हुए थें औऱ मेरा
योआवान्द्वार दिखने लगा। जीजाजी नें उसपर अपने तननाए हुए लन्ड कों लगाकर
थक्का दिया। पूरा लन्ड गॅप सें चूत मे समा गय़ा। फिन क्याँ थां लन्ड औऱ बुर कां
खेल शुरुआत हुआ। शीशे मे जैसे ब्लू फिल्म चलरही हौ, जिसकी हेरोइन मे थि
औऱ हीरो थें मेरेमदन जीजा। जीजाजी कां लन्ड मेरी चूत मे अंदर बाहर् हौ रहा
थां जिससे चूत बावली होँ रही थि पर्र मुझे शीशे मे लन्ड कां घुसना औऱ
निकलना बहोत भलालग रहा थां।
शावेर सें पानी कि फुहार हम् दोनो पऱ पड़रही थि, हमलोग उसकी परवाह नाँ कर
तन कि तपिस मिटाने मे लगे थें। जीजाजी पीछे मेरी चून्चिया पकड़कर
बराबर धक्के लगाएजा रहे थें। शीशे मे अपनी चुदाई देखकर मे काफ़ी
गर्म हौ चुकी थि एसलिए मे अपने चूतर कों आगे पिछेकर गपगाप लौरे कों
चूत मे लेरही थि औऱ बोलती जारही थि, "जीजाजी ! बहोत अच्च्छा लगरहा
हैं। चुदाई मे चोद्दो मेरेसनम जीवन कां पूरामजा लें लो.हाई !!!!!!
मेरे चोदुबलम। तुम्हारा लॉराबरा जानदार हैं। मारो राजा धक्का। औऱ
ज़ोर सें। हाई राजा औऱ ज़ोर सें। औऱ ज़ोर सें। हाई!इस जालिम लौरे सें फारदो
मेरी बुर्र्र्र्र्र्र्ररर ब्ब्ब्ब्बबबाहुत अच्च्छााआआ लगगगगगगग रहाा हाईईईईई."
पीछे सें चुदाई मे मेरेहाथ झुके-झुके दुखने लगे मैने जीजाजी सें कहा,
"राजा ज़रा रूको, इस तरह पूरी चुदाई नहीं होँ पारही हैं, लेटाकर चुदाइ मे
पूरा लॉरा घुसता हैं तोँ झरने मे बहोत मजाआता हैं" मैने शेवरबंद
किया औऱ वही गीली ज़मीन पऱ लेट गई, औऱ बोलि, "अबउपर आँ कर चुदाई करो"
अब जीजाजी मेरेउपर थें औऱ मेरी चूत मे लन्ड डालकर भरपूर चुदाई करनेलगे।
अब मेरी चूत मे लॉरा पूरा कां पूरा अंदर बाहर् हौ रहा थां औऱ मे नीचे सें
सहयोग करतेहुए बर्बरा रही थि, "अब चुदाई कां मज्जा मिलरहा हैं। मारो
राजा.मारो धक्का। औऱ ज़ोर सें। हाँ! राजाइसी तरह सें.भर दो अपने
मदनरस सें चूत कों। आहह-आहह एसस्स्स्स्स्स्स्सस्स ओह। जीजाजी कस-कसकर धक्का
मारकर मेरी चूत कों चोदरहे थें। थोरीदेर बाद उनके लन्ड सें लावा निकला औऱ
मेरी चूत कि गहराई मे झार गयेऔर मे भि संग-संग खलास हौ गयीँ,। मे
सेफ पीरियड मे थि इसलिए परवाह नहीं किया।
कुछदेर परे रहने केँ बाद मे चूत कों साफकर जल्द बाहर् निकलआई। बाहर् आँ
करबैड कों ठीक कियारूम ब्यावस्थित किया औऱ भाभी केँ कमरे सें एक् ब्लू
सीडी लाकर ड्रेसिंग टेबल केँ ड्रॉयर मे डाल दि। तब तक जीजाजी टवल लपेटे कर
बाथ-रूम सें बाहर् आँ गये.वे फ्रेसस दिखरहे थें शायद उन्होने साबुन लगाकर
ठीक सें नहा लिया थां। उन्हे देखकर "मे भि फ्रेसस हौ करआती हूं" कहकर
बाथ-रूम मे घुस गयीँ,।
इसीबीच चमेली गरमचाय लेकरउपर आई औऱ कमरे केँ बाहर् सें आवाज़ दि, "जीजाजी
आँखेबंद करिएगरम चाय लेकरआई हूं" मे बाथरूम सें निकलकर बाहर् आने
वाली थि, तभी सोचा, देखें यहलोग क्याँ करते हें। मे दरवाजे केँ शीशे सें
इन दोनो कों देखने लगी।
जीजाजी बोले, " आँख क्यूं बंद करूँ"
चमेली बरी मासूमियत सें बोलि, "नंगी हूं नाँ" जीजाजी बोले, "अब आँ भि जाओ,
सुधा बाथरूम मे हैं, मुझसे क्याँ शरमाना" चमेली गरमचाय लेकर नंगी हि
अंदर आँ गयीँ,। इसबार गरमचाय केटली मे थि। गरमचाय टेबल पऱ रखकर अपनी
चून्चि औऱ चूतर एक् अदा सें हिलाया मानोकह रही होँ 'माँगता हैं तौ राजा लें
लें, नहीं मे यहचली' फिन उसने जीजाजी कां तौलिया खींच लिया। जीजाजी नें उसे
अपनी बाहों मे भर लिया। वो अपने कों छुड़ाते हुए बोलि, "फिनगरम चाय ठंडी
करनी हैं क्याँ?"
"सुधा कों बाथरूम सें आँ जानेदे संग-संग गरमचाय पिएँगे, तब तक तूँ ड्रॉयर सें
सिगरेट निकाल कर लेँ आँ" चमेली नें ड्रॉयर सें सिगरेट औऱ माचिस निकाली। एक्
सिगरेट अपने मुन्ह मे लगाकर सुलगा दिया औऱ एक् लंबीकश लगाकर सिगरेट कों
अपंनी चूत केँ मूह मे खोंसकर बोलि, "जीजाजी अब मेरी चूत सें सिगरेट निकाल कर
पियो मस्ती आँ जाएगी" मदन जीजा नें सिगरेट चूत सें निकाल कर उसकी बुर कों
चूम लिया औऱ फिन आहिस्ता सिगरेट पीनेलगे। चमेली बोलि, "तब तक मे अपना
सिगरेट पीती हूं" औऱ उसनेमदन केँ लौरे कों अपने मुँह मे लेलिया। मदन नें
सिगरेट ख़तम होने तक लौरा चुसवाने कां मजा लियाफिन उसे लिटाकर उसके
उपरचढ़ गये औऱ अपना लॉरा उसकी बुर मे पेल दिया।
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