भाई बहन की दोस्ती complete - Bhai Behan Ki Dosti - Latest Update 1
भइया बेहन कि दोस्ती
मेरानाम अदिती हैं औऱ मै चन्डीगढ कि रहने वाली हूं.आज मै आप् कों अपनी फ़ैमली कि एक् ऐसी काहानी बताने जारही हूं जौ मैने अबतक किसी सें भि शेयर नहींकरी हैं। इस काहानी मे कुछ भि झूट नहीं हैं हरबात सचसच हैं मगर सिर्फ़ नामबदल दिये हें मैने.
मै एक् मिडल क्लास फ़ैमली सें हूं। हमारी फ़ैमली एक् बडी फ़ैमली हैं। मेरेदो भइया औऱ एक् बैहन हें। सभी सें बडा भइया सुनील २५साल फिन समीर२२ सालफिन मै२०साल औऱ सबसे छोटी कल्पना १७साल कि हैं। मेरे पापा कि एक् ट्रांसपोर्ट कम्पनी हैं। मा ग्रिहणी हें। बडा भइया विवाह शुदा हैं औऱ वोँ भि पापा केँ संगकाम करता हैं। हम् सभीसंग हि रहते हें। बाकी बेहन भइया विवाह शुदा नहीं हें.
मै औऱ समीरघऱ मे सभी सें अच्छे मित्र हें। हमारी सिटी मे शायद हि किसी बेहन भइया मे इतनी दोस्ती होँ जितनी केँ मेरी औऱ समीर कि हैं। मैनेकभी भि यह सोचा नाँ थां केँ मैऐसा भि कर बैठूंगी। पता नहीं समीर केँ दिमाग़ मैऐसी बातें कब सें आँ गयीँ, थीं.
अक्सर हम् रात कों देररात तक बातें करते रहते थें। एक् रात हम् बातें करते करते टेलीविज़न भि देखरहे थें औऱ हमारी बातों कां टॊपिक लव मैरिज थां। उस कां कैहना थां केँ विवाह हमेशा मा बाप कि मरज़ी सें करनी चाहिये औऱ मैलव मैरिज कों वोटकर रही थि। क्यूं केँ मुझे एक् लडके सें प्रेम थां मगर समीर कों इसबात कां पता नहीं थां। उसरात जब मैनेलव मैरिज कों इतनावोट किया तौ अचानक समीर नें मुझसे एक् प्रश्न किया जिसके लियेमै तय्यार नहीं थि.
उसने काहा: अदिती एक् बात तौ बताओ। क्याँ तुम्हे किसी लडके मे इन्टरस्ट हैं? मेरा मतलब क्याँ तुम् किसी सें प्रेम करती हौ? मै अचानक इस प्रश्न कों सुनकर चुप होँ गई,। वोँ फिन बोला: बताओ तोँ सही.इस मे कोई बुराई तोँ नहीं.सभी कों हौ जाता हैं। होँ सकता हैं तुम् कों भि होँ गय़ा हौ, मुझ सें शेयरकर लोगी तौ शायदमै तुम्हारी सहायता कर सकूं.यह सुनकर मेराकुछ हौसला बढ गय़ा। औऱ मैने सिर्फ़ सर हिलाकर उसेहां काहा। वोँ बोला:कौन हैं वोँ? मैनेउसे बता दिया केँ मै अपनी क्लास केँ लडके रिशी कों मनपसंद करती हूं.
कुछदेर बाद वोँ बोला: एक् बात बताओ.सच सच बताना। क्याँ तुम् दोनो मे कुछहुआ हैं? मैयह प्रश्न समझ नहींसकी तोँ मैने पूछा: क्याँ मतलब?
वोँ फिन बोला।.मेरा मतलबकोई ऐसी वैसी हर्कत कि हैं उसकेसंग?
अबमैउस कां मतलबसमझ गई, औऱ बोलीं : नहीं। वोँ कईबार कोशिश कर चुका हैं। पऱ मैनेकभी भि उसे अपने कों छूने नहीं दिया.
वोँ बोला: वैसेमै जानता हूं उसके बारे मे। काफ़ी लडकियां हें उसकेजाल मे तुम्हारी तरह। औऱ बहुतों केँ संग तोँ वोँ काफ़ी कुछकर भि चुका हैं.
मै बोलीं: क्याँ कर चुका हैं?
वोँ कुछदेर चुप रहने केँ बाद बोला।.सेक्स कर चुका हैं औऱ क्याँ.
मैसुन कर हैरान रह गयीँ, औऱ फ़ोरन समीर सें लडने वाले अन्दाज़ मे बोलि: नहीं वोँ ऐसा नहीं हैं।.हां मुझसे वोँ अवश्य छेडछाड करता हैं मगर उसका किसी औऱ लडकी केँ संग चक्कर नहीं हैं.
वोँ बोला:अरे तुम् चाहो तौ मेरेयार कि बेहन सिमरन सें पूछ लेना। वोँ उसकी शिकार बन चुकी हैं.
यहसुन करमै बहोत परेशान हौ गयीँ, मगर मुझेअब भि इसबात कां यकीन नहीं थां।
भाई बहन की दोस्ती complete - Bhai Behan Ki Dosti – New Episode
एक् दोदिन बाद मुझे सिमरन मिली तोँ मैने उससे रिशी केँ बारे मे पूछा। सिमरन नें समीर कि बात कों कन्फ़र्म कर दिया केँ दोसाल पहले रिशी नें उसेपटा केँ उसकेसंग सेक्स किया थां। मुझे बहोत बडा धक्का लगा औऱ मैने रिशी सें अपना रिशता तोड दिया.उस दिनमै घऱआके सारादिन रोतीरही। रात कों भि ठीक सें नहींसोई औऱ रोतीरही.
अगलेदिन सन्डे थां। जबमैउठी तौ ९बज चुके थें पर्र मेरी आंखें अभि भि लाल थि। मा नें देखकर पूछा क्याँ हुआ अदिती तुम् कों? मै बोलि कुछ नहींमा बसरात कों नीन्द ठीक सें नहींआई। वोँ यहसुन कर दांटने लगी : एक् तौ तुम् दोनो बेहन भइयापता नहींरात कों इतनीदेर तक क्याँ बातें करते रहते हौ। कभी जलदी भि सो जायाकरो, बीमार होँ जायेगी औऱ वोँ तुम्हारा भइया भि.
मै बोलि: कुछ नहीं होतामा। औऱ बाथरूम मे चली गई,। ब्रेकफास्ट करतेहुए मा नें बताया केँ आज रोहित कां मुन्डन हैं औऱ हम् सभीजा रहे हें, नाशते केँ बाद तय्यार होँ जाओ। (रोहित मेरी चाची कां दोसाल कां लडका हैं) मेरा जाने कां मूड नहीं थां इसलिये बोलि: मा मेरी तबीयत ठीक नहीं हैं। मै नहीं जानां चाहती। मायहसुन कर गुस्से मे बोलीं: औऱ जागो सारी सारीरात, मगर तुम् घऱमै अकेली क्याँ करोगी?
समीर बोला:मा मै भि नहीं जानां चाह राहा.मै अदिती केँ पास रहता हूं आप् लोगचले जाओ.
नाशते केँ बादसभी लोग तय्यार होनेलगे औऱ लगभग११ बजेसभी चलेगये। अबघऱ मे सिर्फ़ मै औऱ समीर थें। वोँ टेलीविज़न देख राहा थां औऱ मै अपने कमरे मे थि। कुछदेर बाद समीर मेरे कमरे मे आया औऱ बोला : कैसी होँ अदिती तुम् अब?
मै:ठीक हूं समीर.
समीर: नराज़ होँ क्याँ मुझसे?
मै: नहीं समीरयह केसेसोच लिया तुमने?
समीर:बात तौ करती नहीं मुझसे तौ फिनऐसा हि सोचूंगा नाँ.
मै:कुछ नहीं समीर तुम् भि नां। अच्छा चलो कोयी औऱ बातकरो.
समीर: पहलेहंस कर दिखाओ.
इसबात पऱ मै फ़ोरन हि हंसपडी औऱ उसने मुझे हंस्ता हुआदेख कर उसने अपनेगले लगा लिया। उसने मुझे माथे पर्र किस भि किया.ऐसा पहलेकभी नहीं किया थां उसने। मुझे बहोत हि अच्छा लगा औऱ मै औऱ भि चिपक गयीँ, उसकेसंग। हम् ऐसे हि कोई२ - ३ मिनट तक रहे.
फिन मैने भइया सें पूछा: समीर एक् बात तौ बताओ?
समीर: क्याँ?
मै: क्याँ सभी लडके हम् लडकियों केँ बारेमै ऐसा हि सोचते हें?
समीर: म्म्म्म्म हां अधिकतर लडकेऐसा हि सोचते हें आजकल.
मै: क्याँ तुम् भि ऐसा सोचते हौ किसी केँ लिये?
समीर: म्म्म्म्म्*म्म्म्म्म हां
मै: किसके लिये?
समीर: हौ सकती हैं कोई भि तुम्हे इससे क्याँ मतलब?
मै : नहीं.मुझे बताओ नां?
समीर: छोडोइस बात कों अब.किस तरह कि बातें कररही होँ तुम्?
मै: तुमने रात कों हि काहा थां केँ हम् सभीकुछ शेयरकर सकते हें। अब क्यूं छुपारहे होँ?
समीर:देख लो। तुम् जानती होँ कि मै काफ़ी बोल्ड हूं। अगरकुछ बोला तौ किसी कों बताना नहीं.
मै: नहीं बताऊंगी.अब बताओ नां?
समीर: तोँ सुनो.मै रीना केँ बारेमै ऐसा सोचता हूं। (रीना मेरी भाभी हें)
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मैयहसुन कर हैरान हौ गयीँ,.औऱ उससे पीछेहट गयीँ,। वोँ अब मुझे सिर्फ़ मुसकुराता हुआ देखता राहा। मेरीसमझ मे नहीं आँ राहा थां केँ अबमै उससे क्याँ कहूं.फिन मै बोलीं: क्याँ मतलब हैं तुम्हारा? क्याँ तुम् भाभी कि बातकर रहे होँ?
समीर : हां.उसी कि बातकर राहा हूं.औऱ बात बताऊं तुमको? उसे भि यहपता हैं औऱ उसेयह सुनकर खुशी हुईँ थि.
अब तोँ मेरी हैरानगी कि कोयीहद नहीं थि। मेरीसमझ मे नहीं आँ राहा थां केँ
वोँ क्याँ कह राहा हैं। फिनमै बोलीं: समीर तुम् कों पता हैं नां तुम् क्याँ कहरहे हौ? वोँ तुम्हारी भाभी हें। केसेसोच लिया तुमने उसके बारे मे?
समीर: भाभी हें तोँ क्याँ हुआ। हें तौ एक् लडकी हि नां आखिर। खुबसूरत हें मुझे अच्छी लगती हें औऱ उसेमै भि अच्छा लगता हूं। इसमे बुराई क्याँ हैं?
मै: एक् बात बताओ.किस किसम कां रिशता हैं तुम्हारा औऱ रीना भाभी कां?
समीर: वैसा हि जैसा होता हैं इस सूरत मे.
मै: क्याँ मतलब.कैसा होता हैं इस सूरत मे?
समीर: प्रेम भरा औऱ क्याँ
मै: क्याँ तुम् उसकेसंग कुछकर तोँ नहीं बैठे?
समीर:हां थोडा बहोत कर चुका हूं
मै:हे ईश्वर.भाभी केँ संग? समीर तुम् पागल तौ नहीं हौ गये?किस हद तक गये हौ तुम् उसकेसंग?
समीर:हां पागलकर दिया थां उसने.मै क्याँ करता.औऱ रहीबात हद कि, तौ प्रेम मे कोईहद नहीं होती
मै: क्याँ मतलब?
समीर:वही जोँ प्रेम करने वाले करते हें.कुछ किसिंग.कुछ हगिंन्ग.औऱ कुछ वोँ भि.
मै: वोँ भि.? सचसच बताओ.कहीं सेक्स तोँ नहीं क्याँ तुम् नें?
समीर:हां होँ तौ गय़ा हैं.इसमे मेरा क्याँ कसूर? इतनी खुबसूरत महिला जबपास हौ तौ व्यक्ति सें यहकुछ भि होँ सकता हैं.
मै: कसूर.? क्याँ मतलब ? अगरकोई भि खुबसूरत महिला हौ तुम् उसके बारे मे ऐसा हि सोचोगे? चाहे वोँ तुम्हारी बेहन हि क्यूं नाँ होँ
समीर:म्म्म्म्म्*म्म्म्म्म्*म्म्म।.हां.ऐसा हि हैं.
यहसुन कर तोँ मेरा दिमाग़ खराब होने लगा.कुछ देर तोँ मैचुप रही.फिन बोलि: क्याँ तुम् मेरे बारे भि इसतरह सें सोचते हौ?
समीर: देखो अदिती.तुम् मेरीसभी सें अच्छी साथी हौ.बेहन हि.इस लिये तुमसे कुछ नहीं छुपाऊंगा.हां तुम् मुझे आकर्शित करती होँ.अगर तुम् मेरी बेहन नाँ होती तोँ मै तुमसे विवाह करने कि सोचता.
मै: समीर!!.तुम् पागल तौ नहीं होँ गये। मै तुम्हारी बेहन हूं.केसे व्यक्ति होँ तुम्?
समीर: बेहन तोँ होँ.पऱ खुबसूरत भि बहोत होँ.औऱ सेक्सी भि.अब मेरा क्याँ कसूर?
पता नहीं क्यूं समीर कि इन बातों सें मजा आँ राहा थां औऱ मै भाभी वालीबात कां धक्का भूल गई, थि.अजीब सि हालत थि मेरी.मै सोचरही थि कि अबमैइसे क्याँ कहूं औऱ केसे कहूं.दिमाग़ मैकुछ नहीं आँ राहा थां.मगर मै एक् बात अवश्य नोटकर रही थि। वोँ यह केँ समीर कि यह बातें बुरी नहींलगी मुझे.मै अबकुछ नहींबोल रही थि औऱ वोँ मुझ कों सिर्फ़ देख राहा थां औऱ मुसकुरा राहा थां। मैकुछ डर भि रही थि.पता नहीं क्याँ होँ राहा थां मुझे.पता नहींमै शर्मा कर याँ डरकररूम सें बाहर् चली गयीँ,.समीर वहीं बैठा राहा.मेरे अन्दर एक् अजीब सि हालत थि.मेरा भइया औऱ मेरे बारेमै यह सोचता हैं.क्याँ मैसच मे इतनी खुबसूरत हूं?.अब मुझे क्याँ करना चाहिये?.केसे हैन्डल करूंइस हालात कों? अबमै समीर केँ बारेमै एक् औऱ हि तरह सें सोचरही थि। यहबात तोँ सच थि केँ समीर हैं काफ़ी हैन्ड्सम औऱ सेक्सी भि.मगर वोँ मेरा भइया हैं.यह बातबार बार मेरे दिमाग़ मै आँ रही थि.
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