मेरा चालबाज़ बेटा - Incest maa beta – New Episode
chapter 6
( सारिका कां बेटा दिलीप हैं औऱ दिलीप अपनीमा केँ संग राजूबन बातेकर रहा हैं सारिका कों नहींपता जिससे वोँ राजूसमझ बातकर रही हैं वोँ उसका अपनासगा बेटा हैं - मे यहइस लिये बताया कियुंकी कुछ लोगो कों समझ नहीं आँ रहा तौ समझसके चल कियारहा हैं
दिलीप अपने 10 इंच केँ लन्ड कों बाहर् निकाल अपनेथूक सें लन्ड कों पुरा गिलाकर मुठ मारते हुवे
दिलीप - ऑन्टी सुरुकरो नाँ
सारिका बाहर् आके एक् स्थान खरी होके शर्मा केँ
सारिका - ठीक हैं सुरु करतीहु
दिलीप मुठ मारते हुवे - ऑन्टी अपना मोबाइल नजदीक रखना आवाज़ अच्छे सें सुनाई देगी
सारिका सर्म सें लाल होते हुवे - ठीक हैं
सारिका अपनी नाइटी उपरकर बैठ जाती हैं औऱ अपने मोबाइल कों पकर अपनीचुत केँ पासकर केँ मुतना सुरुकर् देती हैं दिलीप केँ कान मे एक् सिटी कि आवाज़ जाती हैं सुसुसु सारिका नें तेजधार मारा थां अपनीमा केँ मुतने कि आवाज़ सुन दिलीप केँ लन्ड कि नशेफुल जाती हैं दिलीप पुरेजोस सें भर जाता हैं
दिलीप अपनीमा केँ पिसाब कि आवाज़ सुन पागल होने लगता हैं औऱ तेजतेज हाथचला केँ मुठ मारने लगता हैं दिलीप मुठ मारते हुवेमन मे - अहह किया प्यारी आवाज़ हैं मा केँ पिसाब करने कि सुनकर साफपता चलरहा हैं बहुततेज धार निकलरही हैं
सारिका वही सर्म सें लाल मोबाइल पकरे अपनी पिसाब करने कि आवाज़ सुनाये जारही थि 1 मिनट होते हि सारिका पिसाब करउठ जाती हैं दिलीप कों पिसाब कि आवाज़ आनांबंद हौ जाता हैं तोँ दिलीप समझ जाता हैं दिलीप कां पानी निकला थां बाबा केँ दियादवा कां असर थां नहीं तोँ दिलीप कां अपनीमा केँ पिसाब करने कि आवाज़ सुन उसका निकल गय़ा होता
दिलीप अपने लन्ड कों देख - कोई नाँ मेरे छोटे भइया जल्द हि सीधाबिल मिलेगी तुम को
सारिका पलंग पे आकेलेत जाती हैं
सारिका सर्म सें लाल होते हुवे - हेल्लो सुनरहे हौ
दिलीप - सुनरहा हु थैंक्स ऑन्टी आप् बहुत अच्छी हैं
सारिका शर्मा केँ - अरेकोई बात नहीं
दिलीप - बरीबात हैं आपने मेरे लिये कियासच मे आप् मेरी बेस्ट साथी हैं
सारिका हस्ते हुवे - इसी लिये तोँ किया कियुंकी तुम् भि मेरे बेस्ट साथी होँ
दिलीप फिनबात तोँ दूसरी तरफ लें जाने कि सोचता हैं ताकि सारिका केँ मन मे गलतसही वाला प्रश्न नां आयेइस लिये दिलीप नॉर्मल बाते करना सुरुकर देता हैं औऱ सारिका भि सभीभूल बातो मे खो जाती हैं
रात 2 बजे - फिन दोनोकिस वालासीन करगुड नाइटबोल सो जाते हैं
2 दिनबाद
रोज कि तरह सारिका दिलीप कि बाते जैसे होती थि इन 2 दिनों मे होतीरही दिलीप सारिका कों पिसाब करने कि आवाज़ भि सुनाता रेहता हैं मगर दिलीप सारिका सें पिसाब करने कि औऱ आवाज़ सुनाने केँ लिये नहीं केँ केहता हैं
कियुंकी दिलीप फिनवही कररहा थां दिलीप चाहता थां सारिका स्वयं बातकरे ताकि दिलीप कों पताचल सके सारिका करना चाहती हैं याँ नहीं ताकि दिलीप बिनाडरे आगेबढ़ सके औऱ ऐसा होता भि हैं
सारिका सोचती भि हैं कि आखिर राजू नें उसे पिसाब करने कि आवाज़ सुनाने केँ लिये एक् बार भि कियु नहींकहा
तीसरे दिन सुभह सारिका हल्का होनेजा रही थि औऱ दिलीप सें बाते भि कररही थि
सारिका शर्मा केँ - तुमने मुझे पिसाब कि आवाज़ सुनाने केँ लिये एक् बार भि नहींकहा ऐसा कियु किया तुम् मेरे पिसाब करने कि आवाज़ सुनना नहीं चाहते
दिलीप कमरे मे बैठा हुवा बातेकर रहा थां अपनीमा कि बातेसुन दिलीप फिन नाचने लगता हैं कियुंकी उसकायह प्लान भि कामकर गय़ा थां दिलीप अपने नाटक मे आँ जाता हैं
दिलीप - नहीं ऑन्टी ऐसा नहीं हैं सचकहु तोँ दिन मे कईबार मुझे आपके पिसाब करने कि आवाज़ सुनने कां दिलकर रहा थां कईबार हिम्मत कि आपको केहने कि मगरडर लगरहा थां आप् क्रोध हौ जाओगी कही दोस्ती नां तोरदो इस लिये नहींकहा
सारिका एक् स्थान रुक जाती हैं औऱ दिलीप सें
सारिका - मुझेपता हैं मेने तुमपे क्रोध किया थां इस लियेडरे हुवे होँ मगरशपथ सें मे तुमपे क्रोध नहीं करुगी तुम् बोल सकते हौ
दिलीप मुस्कुराते हुवे - जी ऑन्टी तोँ जब भि आप् कों पिसाब लगे मुझे सुनना
सारिका बहुतखुश होती हैं
सारिका शर्मा केँ -ठीक हैं अभि लगी हैं जोर कि सुना देतीहु
दिलीप - खुश होते हुवे थैंक्स ऑन्टी
सारिका - थैंक्स मतकहो ठीक हैं मे करतीहु
दिलीप - ऑन्टी मोबाइल उस स्थान पे पास रखना अच्छे सें आवाज़ सुनाई देगी मुझे
सारिका समझ जाती हैं किस स्थान कि बातकर रहा हैं सारिका सर्म सें पानी पानी हौ जाती हैं
सारिका शर्मा केँ - ठीक हैं उसी स्थान केँ पास रखुंगी
सारिका फिन सारीउठा केँ बैठ जाती हैं औऱ मोबाइल कों बहुत अपनेचुत केँ पासरख मूतने लगती हैं दिलीप कों फिन अपनीमा केँ मूतने कि साफ आवाज़ सुनाई देती हैं सुसुसु
दिलीप अपनीमा केँ मुतने कि आवाज़ सुनमन मे - अहहमा केसे तांगे फैला केँ अपनी फूली रसभरी चुत सें चुतरही हैं अहह वोँ सीन कितना कमाल कां होगाल मगर जल्द हि मे अपनीआखो केँ सामने मा कों मूतने देखुंगा
सारिका कां मुतना हौ जाता हैं औऱ सारिका खरी होँ जाती हैं
सारिका शर्मा केँ - सुन लिया
दिलीप खुश होते हुवे - हा बहुततेज सिटी जैसी आवाज़ आँ रही थि
सारिका फिन सर्म सें पानी पानी हौ जाती हैं
सारिका - तुम्हें अच्छा लगा मेरे पिसाब करने कि आवाज़ सुनकर
दिलीप - बता नहीं सकता मेरीजान बहुत अच्छा लगा
सारिका हैरानी सें - यहजान मे तुम्हारी कब सें बन गई
दिलीप डरते हुवे - वोँ वोँ ऑन्टी खुशी सें निकल गय़ा माफकर दो
सारिका हस्ते हुवे - जान अच्छा हैं केह सकते हौ मुझे
दिलीप हस्ते हुवे - मगर मुझे ऑन्टी हि बोलना हैं अच्छा लगता हैं
सारिका हस्ते हुवे - जैसी तुम्हारी मर्ज़ी
दिलीप फिनइधर उधर कि बाते करने लगता हैं
अबयह होता हैं कि सारिका कों जब भि पिसाब लगता सारिका राजू कों स्वयं मोबाइल कर अपने पिसाब कि आवाज़ सुनाती औऱ दिलीप मजे सें अपनीमा केँ पिसाब करने कि आवाज़ सुनता
5 दिनबाद पिसाब वालासीन नॉर्मल हौ चुका थां अब बारी कि उसकेआगे जाने कि
रात 12 बजरहे होते हैं दिलीप सारिका सोने वाले थें गुड नाईट वालाकिस होने वाला थां
दिलीप - ऑन्टी सुनो नाँ आज हम् फिनअलग तरीके सें किस करेगे
सारिका बैड पे लेती करवटबदल केँ हस्ते हुवे
सारिका - अब केसे करना हैं किस वोँ भि बतादो
दिलीप - पेहले यह बताओ आप् तैयार हैं करने केँ लिये
सारिका हस्ते हुवे - तैयार हु बाबा तुम् जरूरहट मे करोगे
दिलीप हस्ते हुवे - सहीकहा ठीक हैं तौ अपनीआखे बंदकर लीजिये
सारिका आखेबंद कर - हाकरली
दिलीप - ठीक हैं आप् केसे लेती हुई हैं
सारिका - कमर केँ बल लेतीहु
दिलीप - आप् पीठ केँ बल अच्छे सें लेत जाइये
सारिका पीठ केँ बललेत कर - हालेत गई
दिलीप - अबआखे बंदकर यह सोचिये कि मे आपकेउपर पुरा लेता हुवाहु
दिलीप कि बातसुन सारिका हैरान हौ जाती हैं सारिका कों यह बहुतगलत लगता हैं मगर सारिका इतनाआगे आँ गई थि कि उसेअब इसखेल मे मज़ाआने लगा थां सारिका केँ दिमाग़ केँ कईबार यह जरूरआता थां वोँ जोँ कररही हैं गलत हैं लोमगर दिलीप यह जानता थां ऐसा होगाएसी लिये दिलीप धीरे-धीरे धीरे-धीरे सारिका कों सभी कि आदत लगवा दि सारिका सें मस्ती मजाककुछ अलग करते हुवे सारिका कों इतनाआगे लेकर आँ गय़ा यहा सारिका कों गलत भि सही लगनेलगा
सारिका - हा मे फिलकर पारही हु तुम् मेरेउपर पुरा लेते हुवे हौ
दिलीप मुस्कुराते हुवेकाम होँ गय़ा
दिलीप - ठीक हैं अब आप् मेरेबदन कि कों उसकी गर्मी कों फिल करिये मे आपके सरीर कों उसकी गर्मी कों फिलकर रहाहु
सारिका फिल करती हैं राजू उसकेउपर लेता हैं अपनी छाती अपनेचुत पे पेट पे हर स्थान राजू लेताफिल होँ रहा हैं सारिका यहफिल कर उसकी सासेतेज होने लगती हैं सारिका केँ अंदर हलचल होने लगती हौ
सारिका - हाफिल करपारही हु
दिलीप - अब आप् अपनाजिब बाहर् निकाल दीजिये फिन मे उसको चुसुगा पियुगा
सारिका तेज सासे लेते हुवे - ठीक हैं निकाल रहीहु
दिलीप - अबफिल कीजिये मे आपकेजिब कों चूसरहा हुपीरहा हु
सारिका फिल करने लगती हैं कि उसकाजिब राजू केँ मुह मे हैं औऱ राजू उसकेजिब कों चूसचूस करपीरहा थां यह मेहसूस कर सारिका कि चुत पेहली बार गीली होती हैं कियुंकी यहसीन आगे कां थां
सारिका कों मज़ाआने लगता हैं सारिका कों लगता हैं सच मे राजू उसकेउपर हैं औऱ उसकोकिस कररहा हैं सारिका उसका आनंद लेने लगती हैं 2 मिनटबाद
दिलीप - मज़ाआया ऑन्टी
सारिका होस मे आते हुवेजोर जोर सें सासे लेने लगती हैं
सारिका सर्म सें लाल होके - हा बहुत आनंदआया सच्ची मे
दिलीप खुश होते हुवेमन मे - अब मंजिल दूर नहीं
दिलीप - मुझे तौ आपसे भि जायदा आनंदआया आपकेजिब कों मुह मे लेके चूसने केँ बाद किया बताऊ बहुत मिठालगा
सारिका शर्मा केँ - सच्ची मेराजिब मुह मे लेकेचूस कर आनंदआया
दिलीप - साची ऑन्टी शपथ सें
सारिका शर्मा केँ - सुनो नाँ मुझे भि चुदना हैं
दिलीप मन मे - आगलगरही हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे
दिलीप - ठीक हैं मे लेताहु जिब निकाल कर आप् मेरेउपर आके मेरेजिब कों अपनेमुह मे लेके चूसिये
सारिका शर्मा केँ - ठीक हैं
सारिका आखेबंद कर सोचती हैं खाट पे राजू लेता हैं सारिका राजू केँ ऊपरआके राजू केँ जिब कों चूसरही हैं मजे सें
सारिका अपनेमन मे यहसीन बनारही थि सारिका कों रियल वाला आनंदमिल रहा थां सारिका मजे सें राजू केँ जिब कों लेके चुस्ती हैं 2 मिनटबाद
दिलीप - आनंदआया
सारिका होस मे आते हुवे शर्मा केँ - बहुत मज़ाआया सच मे
दिलीप - अब हम् रोजऐसे हि किस करेगे किया केहती हैं
सारिका अंदर सें बहुतखुश होँ जाती हैं
सारिका - हाऐसे हि करेगे
दिलीप - ठीक हैं गुड नाइट ऑन्टी
सारिका - गुड नाइट बेटा
मोबाइल कट
सारिका पलंग पे लेत - यह लरकाकहा सें ऐसे बातेसोच लेता हैं औऱ मुझसे करवाता हैं मगरसच कहु तूँ बहुत आनंदआता हैं इतना आनंद तौ कभी किसी साथी केँ संगबात कर केँ नहींआया
दिलीप बैड केँ लेताखुश होते हुवे - अबआगे जौ होगा आपको अंदर सें हिला देगा आपकोफिल होगा आपकोकिस कि जरूरत हैं औऱ आप् किस केँ लिये तरसी हैं आपने जिसेदबा केँ रखा हैं वोँ बाहर् आँ जायेगा
दोपहर 12 बजे - सारिका बैड पे लेती हुइ थि औऱ दिलीप पीपल केँ पैर केँ नीचे बैठा हुवा थां राजू नें सारिका कों बताया थां आजकाम बंद हैं इस लिये
दिलीप - ऑन्टी आप् कों एक् बातकई दिन सें बोलना चाहता थां मगरकेह नहीं पाया
सारिका - किया बोलना थां औऱ कियुकेह नहीं पाये
दिलीप - इस लिये कियुंकी आप् मुझपे क्रोध करोगी
सारिका सोचने लगती हैं राजू किया कहेगा कि मे उसपे क्रोध करुगी मगर सारिका कों जानना थां राजू किया केहने वाला हैं
सारिका - देखो हम् साथी हैं औऱ मित्र सें कोईबात नहीं छुपाना चाहिये
दिलीप - यह बाप तोँ हौ टिक हैं बताता हुबात 6 दिन पेहले कि हैं
सारिका - किया 6 दिन कि बातआज बतारहे हौ
दिलीप - डरलगरहा थां नां आपके गुस्से सें
सारिका हस्ते हुवे - ठीक हैं कहो
दिलीप - हा तोँ 6 दिन पेहले मे शाम कों घूमने निकला थां तभी एक् लरकी कों आते हुवे मेने देखा औऱ मेरीनजर उसके ( दिलीप रुक जाता हैं)
सारिका बेचैनी सें - उसके कियाकहो भि
दिलीप - मेरीनजर उसकेबरे बरे दोनो पे चलेगये औऱ तभी लरकी नें मुझे अपनेबरे बरे कों देखते देख लिया औऱ मुझे कमीना केहकर चली गई
सारिका दिलीप कि बातसुन हैरान होँ जाती हैं
सारिका गुस्से सें - हरकत कमीने वाली करोगे तौ कमीना कहेगी हि
दिलीप - मगर मेनेजान बुझकर थोरि देखानजर चली गई औऱ मेरी फूटी क़िस्मत लरकी नें मुझेदेख लियाउसी वक्त मुझे किसी नें आज तक कमीना नहींकहा थां मगर उसकेकेह दियाहद हैं दोस्त
सारिका कों हसी आँ जाती हैं सारिका हस्ते हुवे - ठीक किया तुम्हारे संग
दिलीप - किया आप् भि मेरेमजे लेँ रही हैं
सारिका हस्ते हुवे - अरे नहीं मे तौ बसकेह रही थि
दिलीप - मगर एक् बात हैं लरकी केँ बरेबरे थें आपके उतनेबरे नहीं होगेसच केहरहा हु
सारिका जल्द बाज़ी मे बोल परती हैं - मेरे भि बहुतबरे बरे हैं
दिलीप अपनीमा कि बातसुन मुस्कुरा देता हैं तोँ वही सारिका कां एहसास होता हैं उसने जल्द बाज़ी मे कियाकेह दिया सारिका यहसोच सर्म सें पानी पानी होँ जाती हैं
असल मे यह दिलीप कि बनाई झूठी किस्सा थि औऱ दिलीप कां यह एक् प्लान भि थां औऱ दिलीप नें जैसा सोचा थां वही हुवा
दिलीप नॉर्मल तरीके सें - मे नहीं मानता आपकेबरे हैं
सारिका - अरेहद हैं मे सचकेह रहीहु मेरे दोनो बहुतबरे बरे हैं
सारिका अपनेबरे बरे चुचे जौ ब्लाउस मे कैद थें उसेदेख करबोल रही थि सारिका मन मे - हु मेरेबरे हैं उसका छोटा होगा
राजू लरकी केँ बरेकेह रहा थां जौ सारिका कों अच्छा नहींलग रहा थां औऱ यही तोँ दिलीप कां प्लान थां जोँ कामकर गय़ा
दिलीप जाहिर नहीं होने देता वोँ खुश हैं याँ उसे मज़ा आँ रहा हैं
दिलीप नॉर्मल होके - अच्छा आपका कितना हैं साइज
सारिका गुस्से सें - 34 हैं
दिलीप - तब तोँ आप् केँ बरे हैं आप् सचकेह रही थि
सारिका - अबआये नाँ लाइन पे मे केहरही थि तौ मान हि नहींरहे थें
दिलीप - माफकर दो बाबा मेरी गलती थि मानता हु
सारिका कों अब अच्छा फिल होता हैं
सारिका - माफ किया
दिलीप फिनजान बुझकर इसबात कों आगे नहीं लेँ जाता औऱ बात कों बदल दूसरे टॉपिक पे बाते करने लगता हैं
3 दिनबाद - रात 1 बजे
किस वालासीन होँ गय़ा थां
दिलीप आज जाके चुचे वालीबात करने वाला थां
दिलीप हस्ते हुवे - आप् नें सहीकहा थां आपकेबरे बरे हैं आपकेउपर आके आपकोकिस कररहा थां तोँ मुझे आपके दोनोबरे बरे अपने सीने पे फिल हौ रहा थां
सारिका सर्म सें पानी पानी होते हुवे - तुम् भि नां पागल
दिलीप हस्ते हुवे - बहुत बुलायम टाइट भि हैं आपके
सारिका शर्मा केँ - वोँ हैं सो हैं तुम्हे अच्छा फिल हुवा
दिलीप - शपथ सें ऑन्टी आपके दोनो कों फिलकर आनंद आँ गय़ा
सारिका कों पता नहीं कियुगलत केँ समझने कि स्थान अच्छा फिल होता हैं यहसुन करअब तोँ यही होता आँ रहा थां सारिका केँ संग कियुंकी उसका बेटा यानी दिलीप अपनीमा कों केसेजाल मे फसाना हैं पता थां
सारिका शर्मा केँ - अच्छा समझ गई
5 दिन तक दिलीप चुचे कों लेकरबात करते रेहता हैं मगर जायदा खुलकर नहीं करता थां धीरे-धीरे धीरे-धीरे करता थां ताकि सारिका कों गलतफिल नाँ होँ
6 दिनबाद रात 11 बजे
दिलीप - ऑन्टी आप् रात कों किया पेहन केँ सोती हौ
सारिका - नाइटी कियु
यह प्रश्न दिलीप बहुत पेहले पूछना चाहता थां मगर दिलीप जनता थां जल्द मे यह प्रश्न नहीं पूछाजा सकताइस लिये इतने इंतजार केँ बादआज पूछ हि लिया औऱ जैसा दिलीप नें सोचा थां सारिका नें आहिस्ता जवाबदे दिया
दिलीप - नहीं वोँ मेरीमा भि नाइटी पेहेन कर सोती हैं नां इस लिये पूछा आप् किया पेहनकर सोती हैं
सारिका - हस्ते हुवे अच्छा यहबात हैं तुम् बताओ तुम् किया पेहनकर सोते हौ
दिलीप खुश होते हुवेमन मे - मैयही तौ आप् केँ मुह सें निकलवाना चाहता थां
दिलीप - मे जैसेआज जायदा गर्मी नहीं हैं तौ हाफ पतली पैंट औऱ पतली टीसत्
सारिका हस्ते हुवे - औऱ अगर बहुत बहुत गर्मी होती हैं तब
दिलीप हस्ते हुवे - तब पुरा नँगा सोताहु
सारिका यह सुनते हि सोक् होँ जाती हैं औऱ सर्म सें लाल भि
सारिका - छी तुम् पुरे नंगे सोते होँ
दिलीप - अरे तोँ किया होँ गय़ा कमरे मे कोन आँ जायेगा आप् कि बातसुन लगता हैं आप् कभी बिना कपरो केँ नहींसोई हैं
सारिका - सहीकहा मे नहीं सोती
दिलीप बातो मे सारिका कों फसाता जारहा थां औऱ जौ बोलवाना चाहता थां सुनना चाहता थां जानना चाहता थां सारिका सभी सें अंजान कि वोँ अपने बेटे केँ जाल मे फस्ती जारही हैं
दिलीप हस्ते हुवे - अरेसो कर देख्ना चैनमिल जायेगा
सारिका शर्मा केँ - मुझे नहीं सोना तुम् हि सो नंगे पुंगे
दिलीप हस्ते हुवे - मे तोँ सोउंगा
सारिका - अच्छा सुनो मुझे सुसुलगी हैं
दिलीप - ऑन्टी आज एक् विनती हैं आपसे
सारिका हस्ते हुवे - कियाबात हैं आज पेहली बार विनती कररहे होँ अब मुझसे किया करवाना चाहते होँ
दिलीप - मे चाहता हुआज आप् पूरी नंगी होकर पिसाब करे औऱ मुझे सुनाये
सारिका सोक होते हुवे -कियाकहा तुम् नें
दिलीप डरते हुवे - माफ करना रेहने दो आप् गलती होँ गई
सारिका हस्ते हुवे - मे तौ मजाककर रही थि तुम् नें पेहली बार मुझसे विनती कि हैं तौ करना पड़ेगा हि
दिलीप खुश होते हुवे - थैंक्स ऑन्टी आप् बेस्ट होँ
सारिका हस्ते हुवे - ठीकठीक हैं
दिलीप जोस मे आते हुवे - ठीक हैं ऑन्टी आप् अपनी नाइटी उतार दीजिये
सारिका सर्म सें लाल होते हुवे नाइटी उतार पूरी नंगी हौ जाती हैं
दिलीप - आप् नें उतार दिया
सारिका शर्मा केँ - हा उतार दिया
दिलीप - किया आप् पूरी नंगी हैं सचकेह रही हैं नाँ आप्
सारिका - तुम्हारी शपथ
दिलीप - ठीक हैं अब जाके पिसाब कि आवाज़ सुनाइये
सारिका शर्मा केँ- ठीक हैं
सारिका घऱ केँ पीछेआके नंगी एक् स्थान खरी हौ जाती हैं वही दिलीप अपना लन्ड हिलाते हुवेमन मे - मा पूरी नंगी हैं यकिन नहीं हौ रहासोच कर हि मेरा लन्ड फटरहा थां मा पूरी नंगी कैसी दिखती होती जोँ भि होँ पूरीआग हैं मेरीमा ओह मज़ा आँ गय़ा
सारिका - सुनो मे पिसाब करनेजा रहीहु
दिलीप - ठीक हैं ऑन्टी
सारिका एक् स्थान पे पूरी नंगीबैठ करफोन चुत केँ पास करके पिसाब करने लगती हैं दिलीप आखेबंद कर अमेजिंग करने लगता हैं उसकीमा नंगीबैठ पिसाब करते हुवे कैसी दिखेगी
सारिका मन मे पिसाब करते हुवे - सोचा नहीं थां मे ऐसाकुछ करुगी मगर मुझे आनंद बहुतआता हैं राजूजब मुझेकुछ करने केँ लिये केहता हैं तोँ अरे बहुत सर्म आँ रही हैं
सारिका पिसाब करने केँ बाद अंदरआके नंगीखाट पे लेत जाती हैं
सारिका शर्मा केँ - कैसालगा आनंदआया तुम्हे
दिलीप सारिका कि बातसुन मन मे - मायह समझने केँ बजाये कि वोँ जोँ कररही हैं गलत हैं मगर नहींमा स्वयं पूछरही हैं आनंदआया इसका मतलबअब आँ स्वयं चाहती हैं राजूउसे औऱ नयानया कुछ करने केँ लियेकहे कियुंकी अबमा कों इसखेल कि पूरी दीवानी हौ चुकी तोँ असल मतलबयह हैं मा मेरेजाल मे अब पूरीतरह फस चुकी हैं यहसोच खुशी केँ मारे पागलो कि तरह नाचने लगता हैं
सारिका दिलीप कों कुछ नाँ बोलता सुन
सारिका - हेल्लो बोलोगे भि
सारिका कि आवाज़ सुन दिलीप नाचना बंदकर पलंग पे लेत अपना लन्ड हिलाते हुवे
दिलीप - ऑन्टी आज मे सभी सें जायदा खुशहु आप् कां सुक्रिया ऑन्टी मेने नहीं सोचा थां मुझे आप् जैसाकभी यार मिलेगा मुझे आप् सें बातकर इतनाचैन अच्छा लगेगा आप् सें जितना बातकरू दिल नहीं भरतादिल करता हैं दिनरात बाते करतारहु मगरकर नहीं सकता सोना भि होता हैं काम पे जानां भि होता हैं मे अब सोचता हु होँ मुझे खुशी होती हैं कि उसदिन अच्छा हुवा गलती सें आप् केँ पास मोबाइल लग गय़ा नहीं तौ आप् जैसायार मुझे नहीं मिलता आप् सें बातें कर आपकी मीठी आवाज़ सुन मेराहर एक् दिनरात केसे गुजरता हैं पता भि नहीं चलता पेहले मे सोचता थां मेरी लाइफ मे कुछ भि अच्छा नहीं हैं मे दुःखी रेहता थां अकेला पनफिल करता थां मुझे एक् मित्र चाहिये थां जिस सें मे बातेकर सकु अपनीदिल कि बातकर सकु औऱ उपर वाले नें मुझे आप् जैसा बेस्ट यारदे दिया आप् जब सें मेरीयार बनी मेरी लाइफबदल गई उपर वाले कां आप् कां सुक्रिया सुक्रिया दिल सें
आप् कों किया लगता हैं दिलीप नें इतना सारिका कि तारीफ कियु कि कियु सारिका कों इतना महत्व दिया कियुंकी दिलीप सारिका कों एहसास दिलाना चाहता हैं कि वोँ बेस्ट हैं औऱ राजूउसे साथी केँ रूप मे पाके बहुतखुश हैं उसका एहसान मंद हैं ताकि सारिका पूरीतरफ सें सभीभूल राजू केँ जाल मे फसी हैं इसके बारे मे सोचे भि नाँ
सारिका दिलीप कि सारीबात सुनकर
सारिका - सचकहु राजू तौ मेरा भि पेहले यहीहाल थां कोईघऱ घऱ मे मेरे बेटे केँ अलावा कोईरही हैं बेटी मायके पति बाहर् बेटा हैं तौ उसकेसंग थोरि बातेकर लेतीहु मगर मे अपने बेटे सें हरसमय बात तूँ नहींकर सकती औऱ मा बेटे केँ बीच कितना हि बाते होगीहर रिश्ते कि लिमिट होती हैं उसी हिसाब सें हम् बातकर सकते हैं काम मे लगी रेहती हु तोँ वक़्त कां पता नहीं चलता थां मगरकोई काम नहीं होता थां बोर हौ जाती थि अकेला पन मेहसूस होता थां मुझे भि एक् यार कि कमी मेहसूस होनेलगी थि फिन तुम् आयेसभी चेंज हौ गय़ा आज 6 महीने होँ गये हमारी दोस्ती केँ औऱ यह 6 महीने मेरेऐसे गुजरे तुम् सें बातकर मुझे स्वयं पता नहींचला तुम्हारी बाते तुम्हारी मस्ती सभी मुझे बहुत पसन्द हैं मे भि उपर वाले तुम्हारा सुक्रिया करतीहु
दिलीप अपनीमा कि बातसुन मन मे - जानता हुएसी लिये तौ मे राजूबन आपसेबात कररहा हु ताकि आप् कों पासकु औऱ एक् मा बेटे केँ रिश्ते कि जोँ दीवार हैं तोरसकु तभी मे आपकोहर एक् खुसिया दे सकताहु आप् चिंता मत कीजिये जल्द हि आपकोढेर सारा प्रेम दुगा
दिलीप - हम् दोनो कां सेमहाल थां इसी लिये हम् इतने अच्छे यारमन पाये
सारिका - सायद तुम् सहीकेह रहे होँ
दिलीप हस्ते हुवे - कियु नाँ हम् आज दोनो नंगे एक् दूसरे केँ बाहों मे सोये
सारिका सर्म सें लाल होके - पागल लरकायह तुम् कियाबोल रहे हौ
दिलीप - सच्ची मुझे आप् केँ संग आपकेउपर नँगा सोना हैं
सारिका शर्मा केँ - ठीक हैं मगर केसे
दिलीप - अपनीआखे बंदकरो
सारिका - करली
दिलीप - आप्। पूरी नंगी लेती हौ नां
सारिका - हा बाबा पूरी नंगीहु
दिलीप - ठीक हैं अब सोचो मे आपकेउपर नँगाआके लेत गय़ा हु
सारिका आखेबंद कर सोचती हैं कि राजू उसकेउपर आके नँगालेत गय़ा हैं सारिका कों सभी सियलफिल होँ रहा थां राजू यानी दिलीप भि पलंग पे लेताआखे बंदकर यहीसोच रहा थां उसकीमा नंगी लेती हैं औऱ वोँ अपनीमा केँ ऊपरलेत गय़ा हैं
दिलीप - फिल हौ रहा हैं
सारिका - हा होँ रहा हैं जैसे तुम् सच मे मेरेउपर नंगे लेते होँ
दिलीप - ठीक हैं अब मे मोबाइल कट करताहु
सारिका आखेबंद किये - ठीक हैं
दिलीप मोबाइल कटकर देता हैं मगर दोनोआखे बंद कियेयह सोच कि दोनो नंगेसंग मे सोये हैं
आज केँ लिये इतना हि
bhut hi shandar story Next step- Raju ko joro say peshab lagi hu or peshab karne k chakkr mai uskah pant thora bhut bhing jay fir sarika say apne ling ko pakadwa krr susu karwane k liye request kare(like mummi son)
मेरा चालबाज़ बेटा - Incest maa beta – New Episode
chapter 7
सुभह कां टाइम
सारिक कि नींद झुलती हैं औऱ अपने आप् कों पुरा नँगा पाती हैं सारिका फिनरात कां सभीयाद आने लगता हैं तोँ सारिका फिन सर्म सें लाल होकर अपनामुह धक लेती हैं
सारिका मन मे - रात जौ हुवा अजीब थां लेँ मगर मुझेअब राजू कि डर हरकत उसकी बाते अच्छी लगती हैं औऱ वोँ जोँ केहता हैं मुझे करने केँ लिये स्वयं हौ रोक नहीं पातीहु जल्द उल्टा मे चाहती हु मुझे औऱ कुछ करने केँ लियेकहे यह लरका नाँ मुझे बिगार् दिया हैं
सारिका उठकर नाइटी पेहन खेतो कि तरफ जाते हुवे राजू कों मोबाइल लगा देती हैं दिलीप मुस्कुराते हुवे मोबाइल उठा केँ
दिलीप - ऑन्टी रात कों आपके रसीले भरेगरम नंगे सरीर पे सोके तोँ मज़ा आँ गय़ा
सारिका सर्म सें पानी पानी होते हौ जाती हैं मगरसच यह हैं सारिका कों भि उतना हि आनंदआया थां
सारिका शर्मा केँ - मुझे भि बहुत मज़ाआया
दिलीप - सच्ची
सारिका - सच्ची बाबा
दिलीप हस्ते हुवे - एक् बात बोलू
सारिका - कहो
दिलीप हस्ते हुवे - आप् रोजइस समय हल्का होने जाती हैं नाँ
सारिका रुक जाती हैं दिलीप कि बातसुन कर औऱ हैरान केँ संगफिन सर्म सें पानी पानी होँ जाती हैं
सारिका - तुम्हे केसेपता चला
दिलीप हस्ते हुवे - अरे ऑन्टी मे भि गाव मे रेहता हुकईबार सुभहमा कों जाते देखा हैं तौ पता हैं यह तोँ गाव मे नॉर्मल हैं
सारिका शर्मा केँ - अच्छा समझ गई
दिलीप - सुनो नाँ आज आप् हल्का पुरा नँगा होके करुगी औऱ संग मे मुझसे बाते भि करती रहेगी
सारिका दिलीप कि बातसुन हैरान होँ जाती हैं औऱ फिन शर्मा जाती हैं
सारिका - मगर बेटा खोले मे नंगे केसे करुगी मुझे सर्म आँ रही हैं
दिलीप - ऑन्टी मुझेपता हैं आप् जहा हल्का होने जाती होगी वाहाकोई नहीं जाता होगा दूसरी आप् नें नाइटी पेहनी हैं तोँ उतारने मे पहनने मे आसान हैं
सारिका शर्मा केँ - तुम् बहुततेज होतेजा रहे होँ राजू बेटा
दिलीप हस्ते हुवे - प्लेस मेरी प्यारी ऑन्टी मानजाओ नाँ
सारिका - ठीक हैं बाबा वैसे भि मे अब तुम्हारी बातताल नहीं सकती
दिलीप खुश होते हुवे - थैंक्स ऑन्टी
सारिका एक् साफ स्थान आकेखरी होँ जाती हैं औऱ ऑन्टी उतारकर पूरी नंगी हौ जाती हैं ऑन्टी पास मे नीचेसाफ स्थान पे रख देती हैं
सारिका - ठीक हैं मे पूरी नंगीहु
दिलीप - ठीक हैं फिन हल्का होनेबैठ जाइये बाते करते रहेगे
सारिका सर्माते हुवेबैठ जाती हैं औऱ दिलीप सें
सारिका - बैठ गई
दिलीप - ठीक हैं अब बाते करते हैं
सारिका पूरी नंगी जंगल मे बैठ दिलीप सें हल्का होते हुवे बाते करने लगती हैं दिलीप नॉर्मल बाते करता हैं ताकि सारिका कों अच्छा फिल होँ सर्म नाँ आये याँ अजीब नां लगे कियुंकी दिलीप हमेसा कि तरह धीरे-धीरे सावधानी सें बढ़रहा थां
सारिका नंगी बैठी बातेकर रही थि मगर दिलीप सारिका अपनीमा केँ पीछेखरा थां हा दिलीप सारिका सें उतनीदूर पे थां जहा सें दिलीप कि आवाज़ सारिका कों सुनाई नहीं देगी मात्र मोबाइल कि आवाज़ हि सुनाई देगी
दिलीप बाते करते हुवे अपना लन्ड निकाल कर अपनीमा केँ बरेदूध जैसे गांड कों देखमुठ माररहा थां औऱ सारिका इसबात सें अंजान थि कि उसका बेटा उसे नँगा हल्का होतेदेख मुठमार रहा हैं
दिलीप अपनीमा कि गांडदेख तेजतेज मुठ मारेजा रहा थां सारिका सें बाते भि कियेजा रहा थां दिलीप सारिका दोनो केँ बीच 15 मिनट तक बाते होती हैं औऱ दिलीप अहह करते हुवेझर जाता हैं
सारिका अहह कि आवाज़ सुन - किया हुवा तुमने अहह कियु किया
दिलीप जल्द सें लन्ड अंदरकर लेता हैं
दिलीप - अरे वोँ अंगराई लें रहा थां सरीरअकर गय़ा थां इस लियेमुह सें अहह निकला आप् किया समझी
सारिका सर्म सें लाल होते हुवे - कुछ नहींअब मे उठु इतनीदेर कभी नहीं बैठी थि
दिलीप हस्ते हुवे - ठीक हैं तोँ बाद मे बात करते हैं
सारिका - ठीक हैं
मोबाइल कट
सारिका उठकर नाइटी पेहेन करघऱ कि तरफ जाते हुवे
सारिका मन मे शर्मा केँ - ओहसोच कर इतनी सर्म आँ रही हैं यकीन नहीं होता मे ऐसाकुछ कररही हुमगर दोस्त मज़ाआता हैं अच्छा लगता हैं मुझे कियाकरू
वही दिलीप जल्द सें आके कमरे मे खाट पे लेतकर मन मे - कितना पानी निकला लन्ड सें शपथ सें किया गांड हैं मा कि बरेदूध जैसेगोल मटोलदेख केँ मुठमार कर मज़ा आँ गय़ा मगर असली मज़ा तोँ मा कि गर्म फूलीचुत मे तांगे फैलाकर लन्ड डालने मे आनंद आयेगा हायराम मा जल्द हि आपका बेटा आपकीचुत कि गर्मी निकालेगा
3 दिन तक ऐसा हि चलता हैं सुभह सारिका नँगा होके हल्का कर राजू सें बात करनेलगी थि औऱ सारिका कों यहसभी कर एक् अलग मज़ा आँ रहा थां नंगेउपर लेतकर किस करने वालासीन भि चलतारहा संग मे उसी केँ संग सारिका रोज नंगी सोनेलगी
रात 10 बजे
दिलीप - ऑन्टी सुनो नां
सारिका - हाकहो नाँ
दिलीप - ऑन्टी आप् नंगीलेत कर बातेकरो नाँ आनंद आयेगा
सारिका शर्मा केँ- ठीक हैं
सारिका फिन नाइटी उतारकर पूरी नंगी होके पलंग पे लेतकर
सारिका -होँ गई नंगी तुम् भि होँ जाओ
दिलीप हस्ते हुवेठीक हैं -
दिलीप भि पुरा नँगा होँ जाता हैं
सारिका - हौ गये नंगे
दिलीप - हौ गय़ा अब बाते करते हैं
दोनो नंगे होकर बाते करने लगते हैं नॉर्मल हि दिलीप बाते करता हैं कोई गंदी बाते नहींकर रहावही दिलीप मा कों नँगासोच हिलाये जारहा थां बाते कियेजा रहा थां
रात 1 बजे
दिलीप- ऑन्टी अब मुझे आपकेउपर आनां हैं
सारिका मुस्कुराते हुवे - आँ जाओ
दिलीप - फिलकरो ऑन्टी
सारिका आखेबंद करफिल करते हुवे - हाफिल कररही हु तुम् मेरेउपर नंगे होँ
दिलीप - मगर एक् बातकहु पेहले हि बोलना चाहता थां
सारिका - कहो भि
दिलीप - जब मे आपकेउपर लेटता हु तौ मुझे आपके नीचे कि गर्मी औऱ आपके वाहा केँ बरेबाल मेरे वाहाफिल होता हैं
बस किया थां यह पेहले बार थां राजू नें सारिका केँ अंदर केँ खजाने केँ बारे मे खुलकर नहीं कि मगर सारिका समझ गई थि
सारिका सर्म सें पानी पानी हौ जाती हैं सारिका कि सासेतेज चलने लगती हैं
सारिका - बेसर्म ऐसेकोन बोलता हैं
दिलीप मन मे - मा क्रोध नहीं हुइ इसका मतलबअब मे खुलकर मा सें बातकर सकताहु
दिलीप - मे तौ सचकेह रहाहु वोँ मेनेफिल किया ऑन्टी मेरीशपथ सच बताता आप् मेरा भि वोँ अपनीउस पऱ फिल करती हैं नां
सारिका कि सासे औऱ तेज हौ जाती हैं सारिका केँ बरे चुचेउपर नीचे होने लगते हैं
सारिका शर्मा केँ - होता हैं
दिलीप भि पुरेजोस मे आँ जाता हैं कियुंकी अब होने वाला थां गंदी बाते जिसका दिलीप कों कब सें इंतजार थां
दिलीप - कहा होता हैं
सारिका शर्मा केँ - मेरेवहा पे
दिलीप - ऑन्टी प्लेस खोलकर बताओ नाँ
सारिका सर्म सें - नहीं बहुत सर्म आँ रही हैं
दिलीप - ठीक हैं आप् कि मर्ज़ी
दिलीप नाराज होने कां दिखावा करता हैं
सारिका नाराज मत हौ बताती हु - धीरे-धीरे मेरे चूत पे तुम्हारा लन्ड फिल होता हैं
सारिका शर्मा केँ लाल होँ जाती हैं वही दिलीप अपनीमा सें बर शब्द सुनते हि उसके लन्ड कि नशे नाइट होँ जाती हैं
दिलीप - एक् बार औऱ बोलो नां थोराजोर सें
सारिका शर्मा केँ - मेरे चूत पे
दिलीप - कितना बराफिल होता हैं
सारिका - 5 इंच कां
सारिका केँ पति कां इतना हि बरा थां तौ सारिका नें इतना हि सोचाउसे लगासभी कां इतना हि बरा होता होगा
दिलीप - आप् गलत हैं
सारिका - किया केसे
दिलीप - मेरा लन्ड 10 इंच लम्बा 5 इंच मोटा हैं
सारिका तुम् झुठबोल रहे होँ इतनाबरा किसी कां नहीं होता
दिलीप - होता हैं मगर बहुतकम लोगो कां होता हैं
सारिका - फिन भि यकीन करना मुश्किल हैं
दिलीप - माशपथ
सारिका कों अब यकीन करना परता हैं
सारिका कि चुत पूरी गीली हौ गई थि सारिका अपनीचुत पे हाथ रखते हुवे-मन मे मेरीचुत गीली होँ गई हैं यह कैसी फीलिंग हैं
सारिका सर्मा केँ - यह बताओ तुम्हे केसेपता चला मेरे चूत पे बाल हैं
दिलीप - आप् क्रोध नहीं होगी नाँ मुझेगलत सम्झेगी
सारिका - ठीक हैं
दिलीप - वोँ वोँ मेने एक् दिनमा 1 बजेसो रही थि नाइटी पेहनकर तांगे फैला केँ दरवाजा खुला हि थां मे अंदरचला गय़ा औऱ मेनेदेख लिया
राजू कि बातसुन सारिका मुह पे हाथरख - किया तुम् ऐसा केसेकर सकते होँ वोँ तुम्हारी मा हैं गंदे इंसान
दिलीप - आप् भि मुझेगलत समझरही हैं मेनेकहा तौ गलती सें देख लिया मुझे कियापता थां माउसहाल मे होगी
सारिका सांत होते हुवेमन मे - सहीकेह रहा हैं उसकी गलती नहीं हैं उसकीमा कों हि सही सें सोना चाहिये थां
सारिका यहसोच उसकेमन मे नां जानेकई प्रश्न आये तौ सारिका रोक नहीं पाती हैं
सारिका शर्मा केँ - वोँ वोँ यह बताओजब तुमने अपनीमा केँ चूत देखा तौ कैसाफिल हुवा
दिलीप -बता दूंगा मगर वादाकरो क्रोध नहीं करोगी
सारिका- वादा करतीहु
सारिका मन मे - पता नहीं कियु मुझेयह जानने कां दिलकर रहा हैं एक् बेटा अपनीमा कां चूत देख कैसाफिल करता होगा
दिलीप - ऑन्टी मे सभीपता दुगाउसी केँ संग मे आपको एक् राज कि बात भि बताऊगा मगरआज नहींकुछ दिनबाद
सारिका - औऱ वोँ राज कि बात किया हैं जौ तुमने मुझसे छुपाकर रखी हैं अरेयह तौ गलत हैं नां
दिलीप हस्ते हुवे - नहीं हैं आप् चिंता मतकरो जल्द हि सभीबता दुगा
सारिका - ठीक हैं बाबा जैसा तुम् चाहो
दिलीप मन मे - यहसभी मेरी बनाई किस्सा हैं मेरा वोँ प्लान कां हिस्सा हैं जिसे सुनने केँ बादबाद आप् मेरे अपने बेटे केँ नीचे होगीमगर अभि मे राजूबन कर अच्छे सें मज़ा लुगा आप् कि
दिलीप - ऑन्टी अबहमे सोना चाहिये
सारिका - ठीककहा तुम् नें
मोबाइल कट
दिलीप -बैड पे लेताकल सें असली आनंद सुरु मुझे यकीन हैं अबमा कों यह एहसास हौ जायेगा वोँ कियाकर रही हैं मगरफिन भि मा पीछे नहींजा पायेगी कियुंकी मेने इतना वक्त प्लान सभी मेहनत इसी लिये तौ कि कियुंकी मुझेपता थां एक् दिनमा कों एहसास होगा वोँ गलतकर रही हैं मगर मे उन्होंने इतनीआगे लेकर आँ गय़ा जाहा सें सें वोँ लौट नां पाये
सारिका बैड पे लेती सर्म सें लाल - यकीन नहीं होता हम् इतनेआगे आँ गयेआज मुझे एहसास हौ रहा हैं यहगलत कररही हु मे मगरअब मे पीछेजा नहीं सकती मे अपने आप् कों रोक नहींपा रहीहु मुझेसभी मे मज़ा आँ रहा हैं माफ करना बेटा पति देव मे बदल गई
सुभह
सुभह सारिका उठ जाती हैं औऱ रात कि बातसोच नाइटी पेहन राजू कों मोबाइल लगा केँ खेतो कि तरफचल परती हैं
दिलीप - खेतो कि तरफजा रही हैं
सारिका मुस्कुराते हुवे - पता तोँ हैं
दिलीप- नंगी होकर चलिये नाँ आनंद आयेगा
सारिका शर्मा केँ - नहींकोई देख लेगा
दिलीप - सायद आप् सहीकेह रही हैं कोई आँ सकता हैं रेहने दीजिये
सारिका शर्मा केँ - नहीं मे करतीहु
दिलीप खुश होते हुवे - आप् बेस्ट हैं ऑन्टी
सारिका पूरी नंगी होके नाइटी हाथ मे पकर अपनी गांड मतकाते हुवे चलते हुवे - जैसा तुम् नें कहा मे नंगीचल रहीहु
दिलीप लन्ड हिलाते हुवे - आपकी मोटी गांड बहुतहिल रही होगी नाँ चलते हुवे
सारिका लज्जा सें सें - छि गंदे तुम्हे केसेपता मेरी गांडबरी हैं
दिलीप हस्ते हुवे - सिम्पल हैं इसउमर मे ऑन्टी केँ सभीबरे बरे होते हैं मेरीमा केँ भि हैं
सारिका - कितने गंदे होँ आजपता चला
सारिका एक् स्थान हल्का होनेबैठ जाती हैं दोनो मे बीचफिन नॉर्मल बाते होती हैं
रात 12 बजे
दिलीप - ऑन्टी मुझे नाँ आपके चुचे कों पीना हैं मुह लेके चूसना हैं
सारिका लज्जा सें पानी पानी होते हुवे - चूस तौ अब मे तुम्हे किसीचीज केँ लियेमना भि नहींकर पाउंगी
दिलीप मन मे - मुझेपता हैं अब आप् अपने आप् कों रोक नहीं पाओगी इसी लिये तौ मेनेयह बातकही
दिलीप - आखेबंद कर केँ यहफिल कीजिये मे आपकेबरे बरे उजले चुचे कों मुह मे लेकेचूस रहाहु पीरहा हुमजे सें दमारहा हु
सारिका कि सासेतेज होँ जाती हैं चुत गीली होके पानी बहाने लगती हैं
सारिका आखेबंद कियेफिल करती हैं कि राजू उसकेदूध जैसेबरे चुचे कों मुह मे लेकेचूस रहा हैं पीरहा हैं जिसेफिल कर सारिका पागल सि होने लगती हैं सिसकिया लेने लगती हैं
दिलीप - आनंदआया ऐसालगा नाँ कि मे सच मे आपके चुचेचूस रहा थां
सारिका होस मे आते हुवे अपने चुचे कों देखती हैं जौ पूरी टाइट हौ चुकी थि फिन अपनीचुत कों देखती हैं जौ पूरी गीली थि
सारिका जोरजोर सें सासे लेते हुवे - हा वैसा हि लगासभी रियललग रहा थां बहुत आनंदआया
दिलीप - ऑन्टी अब आपकी चूत कि बारी हैं अब मे आपकी चूत कों चुसुगा आपकीचुत कां रस पियुगा
सारिका केँ लियेअब बर्दास्त कर पाना मुश्किल होँ रहा थां
सारिका मदहोसी मे - कियाबात कररहे होँ बेटा चूत कों कोई थोरि हि चाटता हैं वोँ तौ
दिलीप - वोँ स्वर्ग हैं उसके अंदर अमृत होता हैं आपकीचुत सें मुझेवही पीना हैं आप् कों आनंद आयेगा
सारिका खाट पे मचलते हुवेजोर जोर सें सासे तेरे हुवे अपनी तांगे फैला केँ - ठीक हैं राजू बेटा चूसलो मेरीचुत पीलो मेरीचुत कां रस
दिलीप - आखेबंद करफिल करो ऑन्टी मे आपकी चूत मे जिबदाल कर आपकी फूलीगरम चुत कों मुह मे लेकेचूस रहाहु आपकी चूत कां रसपीरहा हु
सारिका आखेबंद करफिल करती हैं राजू उसके टांगों केँ बीच हैं औऱ उसकी चूत कों चाटरहा हैं सारिका कों अपनीचुत मे राजू केँ जिब मेहसूस होता हैं सारिका रोक नहीं पाती स्वयं कों औऱ जोर सें पलंग कों पकर मेरा पानी निकलने वाला हैं केहते हुवेझर जाती हैं
दिलीप भि अपना लन्ड हिलारहा थां मगर दिलीप कां पानी नहीं निकल पाता इतनी जल्द तोँ नहीं
सारिका कि चुत नें आज बहुत पानी छोरा थां पुरा पलंग गिला होँ चुका थां सारिका कि चुत केँ अपनी सें इतना पानी सारिका नें आज सें पेहले नहीं छोरा थां नाँ हि इतना आनंदचैन मिला थां
सारिका पसीने सें भि भीगी हुईँ जोरजोर सें हाफरही थि सारिका अपनेमन मे - पति केँ चुदाई के बाद भि इतना मज़ा नहींआता थां अपनीचुत मे उंगली कर पानी निकालती थि तब भि आनंद नहींआता थां मगरआज मेरीचुत नें जितना पानी निकाला हैं पेहले कभी नहीं निकालता थां नां इतनाचैन मिला थां पऱ आज आनंद आँ गय़ा
दिलीप हस्ते हुवे - किया हुवा ऑन्टी पानी निकल गय़ा
सारिका क्रोध होने कां नाटक करते हुवे - हा तुम्हारी वजह सें खाट भि गिला होँ गय़ा
दिलीप हस्ते हुवे - आनंद तौ आया नाँ यह बताइये
सारिका शर्मा केँ - बहुत आनंदआया सचकहु तौ इतना आनंद पेहले कभी नहींआया थां सुनो मुझे नींद आँ रही हैं कल बाते करेगे
दिलीप - ठीक हैं समझ गय़ा लोवयू मेरीजान
सारिका हैरानी सें - यह किया थां
दिलीप - आपकोपता तौ हैं अब आप् मेरीजान बन गई हैं सचकहु तौ मुझे आपसे प्रेम होँ गय़ा हैं
सारिका दिलीप कि बातसुन मन मे - जब मुझे एहसास हुवा कि मे कियाकर रहीहु तब तक देर होँ चुकी थि मुझेपता हैं राजू केँ दिल मे किया हैं मेरे लिये मेरेदिल मे भि राजू केँ लिये प्रेम हैं मगर मे एक् सादी सुधा स्त्री हुदो बच्चे हैं मेरे राजू केँ उमर केँ मे केसेयह
दिलीप अपनीमा कों चुपदेख समझ जाता हैं उसकीमा कियासोच रही हैं
दिलीप - मुझेपता हैं आप् कियासोच रही हैं यही नां आप् एक् सादी सुधा महिला हैं दो बच्चे हैं
सारिका हैरानी सें - सहीकहा
दिलीप - देखिये ऑन्टी जीवन एक् बार मिलती हैं खुल केँ जियेरही औऱ रहीबात हमारे रिश्ते कि तोँ हम् किसी कों पता चलने नहीं देगे
सारिका टेंसन मे - राजू बेटा सच एक् नाँ एक् दिन सामने आँ हि जाता हैं
दिलीप - सायद आप् सहीकेह रही हैं मगर मुझे लगता हैं अंकल आप् कि मजबूरी समझेगे
सारिका - तुम्हे ऐसा लगता हैं
दिलीप - हा उन्हें भि कही नाँ कहीयह बता हैं आप् किसतरह अपने अपने आप् कों दबा केँ जीरही हैं इन्हें भि आपकी चिंता होगी उन्हें जबपता होगा चलेगा तोँ वोँ आपकी मजबूरी समझ पायेंगे
सारिका -अगर तुम् केहरहे होँ तोँ मान लेतीहु मगर मेरे बेटे कां किया दिलीप मुझे गिरा हुवा समझेगा
दिलीप - यह बताइये आपका बेटा आपसे कितना प्रेम करता हैं
सारिका - बहुत प्रेम करता हैं मुझसे जान सें जायदा
दिलीप - अगरऐसा हैं तोँ वोँ भि आपकी मजबूरी समझमाफ कर देगा औऱ एक् बात दिलीप कों भि पता होगा आप् आप् केसेजी रही हैं
सारिका हैरानी सें - किया मेरे बेटे कों पता हैं मगर केसे
दिलीप - ऑन्टी आज केँ टाइम केँ लरके कों सभीपता होता हैं जैसे मुझे अपनीमा केँ बारे मे पता हैं वोँ भि आप् कि तरह हि जीरही हैं
सारिका - अच्छा समझ गई
दिलीप - हा औऱ मुझे लगता हैं आपका बेटा आपकोइस तरह जीतादेख उसेदुख जरूर होता होगा जैसे मुझे अपनीमा कों देख होता हैं
सारिका - सायद तुम् सहीकेह रहे तौ
दिलीप - तोँ बताइये आप् मेरीजान बनेगी अगरआगे कुछ होता हैं तौ मा कि शपथ आपको किसी केँ सामने सर्मिंदा नहीं होने दुगा सारादोष मे स्वयं पे लें लुगामगर आपकाघऱ परिवार नहीं टूटने दुगा
दिलीप कि बातसुन सारिका इमोसनल हौ जाती हैं
सारिका - आज सें अभि सें मे तुम्हारी जान तुम् मेरे राजा
दिलीप खुश होतेहुए - आईलोव यू मेरीजान
सारिका मुस्कुराते हुवे - आईलोव यू मेरे राजा
दिलीप - आप् कों बता नहीं सकताआज मे कितना खुशहु थैंक्स मेरीजान
सारिका - मे भि बहुतखुश हु सोचा नहीं थां हमारी दोस्ती प्रेम मे बदल जायेगी
दिलीप - सहीकहा
दिलीप - जानअब सोते हैं वैसे तोँ आज नींद नहींआने वाली कियुंकी आज आप् मुझे पूरीतरफ सें जोँ मिल गई हैं
सारिका शर्मा केँ - मुझे भि नींद नहीं आयेगी
दिलीप - गुड नाइट मे तौ आपकेउपर सोनेचला
सारिका - सोजाओ मेरेउपर मुझे भि चैनमिल जायेगा
मोबाइल कट
सारिका नंगी लेती हुइ थि चुत पानी सें सना थां मगर सारिका साफ नहीं करती औऱ आज जौ हुवासभी सोचते हुवे मुस्कुराते हुवेआखे बंदकर लेती हैं
वही दिलीप कि खुशी कां आजकोई ठिकाना नहीं थां
दिलीप मन मे - आजआज सबसेबरा लास्ट मुश्किल टास्क पुरा हुवा जल्द हि हम् दोनो कां मिलन होगासोच कर हि मज़ा आँ रहा हैं मा कि चुदाई करने मे कितना आनंद आयेगी जिसचुत सें निकला उस मे लन्ड डालने मे कितना मज़ा आयेगा अहहमा जल्द हि आपकी गर्मी आपका बेटा निकालेगा
सुभह
रात कों सारिका एक् अच्छी नींद लेती हैं सुभह होने केँ बाद सारिका कां बदनमन सभी हल्का फिल हौ रहा थां सारिका उठकरबैठ जाती हैं
सारिका मन मे - आज तोँ इतना पानी छोरा कि जल्द नींद आँ गई मगर बहुत अच्छा फिल होँ रहा हैं मगरउसी केँ संग थोरा कमजोरी भि फिल होँ रही हैं
सारिका नाइटी उठा केँ पेहन लेती हैं औऱ औऱ राजू कों मोबाइल लगाकर बाते करते हुवे खेतो कि तरफ जाने लगती हैं
सारिका - रात कों तुम्हारी वजह सें इतना पानी छोरा कि कमजोरी मेहसूस होँ रही हैं मुझे
दिलीप मन मे - होगी हि वैसे भि आपकोदेख करमुठ मारते मारते मेरीलग गई थि अच्छा हुवा बाबामिल गये नहीं तोँ मे मर्द केहलाने केँ नायक नहीं बचता
दिलीप - हस्ते हुवे मज़ा भि तोँ आया आपको
सारिका मुह फुला केँ - आयायह सच हैं
दिलीप हस्ते हुवे - मेरीजान आगे तौ आपको औऱ आनंद दुगा
सारिका शर्मा केँ - गंदे लरके हौ तुम् मेरे राजा
दिलीप - मगर आप् बहुत सुंदर हॉट हैं मेरी रानी
सारिका एक् स्थान नाइटी उपरकर बैठते हुवे - अच्छा ऐसा हैं तुम् नें मुझे अभि तक देखा नहीं हैं
दिलीप- मेरादिल केहता हैं
सारिका - यहबात हैं
सारिका दिलीप थोरि बाते करते हैं फिन सारिका घऱ आँ जाती हैं नहा धोके तैयार होँ जाती हैं
दिलीप कमरे सें बाहर् आता हैं तौ सारिका कों सब्ज़ी काटते हुवे देखता हैं दिलीप कों सारिका केँ चेहरे पे आज एक् अगल हि चमक देखता हैं खिला हुवा चेहरा
दिलीप सारिका केँ पास जाके - मेरी प्यारी मा लगता हैं आज आप् अच्छे मुंड मे हैं
सारिका दिलीप कि आवाज़ ससुन दिलीप कों देख मुस्कुराते हुवे
सारिका - मेरा प्यारे बेटेहा केह सकते हौ खुशहु मे बहुत
दिलीप हस्ते हुवे - वजह किया हैं बता दीजिये फिन
सारिका थोरा घबरा जाती हैं
सारिका दिलीप कों देख मुस्कुराते हुवे - यह तौ नहीं बताने वाली
दिलीप हस्ते हुवे - मायह तौ चीटिंग हैं
सारिका दिलीप कों देख हस्ते हुवे - वोँ भि होँ समझ लेँ
दिलीप मुस्कुराते हुवे - आप् स्वयं हैं देख अच्छा लगायही मेरे लिये बहुत हैं
सारिका दिलीप कि बातसुन इमोसनल होते हुवे दिलीप केँ पास जाके दिलीप केँ गाल पे हाथ फेरते हुवे दिलीप केँ गालो पे किसकर देती हैं
सारिका - मेराबचा
दिलीप हस्ते हुवे - मस्का मत लगाइये 2 किस औऱ चाहिये
सारिका हस्ते हुवे दिलीप कों दोनोतरफ किस करते हुवे - अबखुश
दिलीप जाते हुवे - हा बहुतखुश
दिलीप खेतो कि तरफचला जाता हैं
सारिका दिलीप कों जातेदेख - मेरा बेटा कितना अच्छा प्यारा हैं मुझसे कितना प्रेम करता हैं
दिलीप घऱआके नहा केँ खानां खाके सारिका कों बोल निकल परता हैं काम पे मगर दिलीप मात्र सारिका कों दिखाता हैं असल मे दिलीप आजकाम पऱ नहीं जाता औऱ सीधा पीपल केँ पैर केँ नीचे जाके एक् स्थान पे लेत जाता हैं
दिलीप मन मे - अब राजूमा कों जब चाहे वोँ करने केँ लिये बोलेमा करेगी मुझे भि मा कों राजू केँ रूप मे हि चुदाई करनी हैं मा केँ मजे लेने हैं मुझे देख्ना हैं फिल करना हैं कि मेरीमा केसे एक् अंजान लरके सें चुदवाती हैं औऱ किया किया करती हैं मे राजू केँ रूप मे मा केँ संग बहुतकुछ करना चाहता हु देखता चाहता हुमा केसे मुझसे चुपकर राजू सें मजे लेती हैं घऱ बुलाके खेतो मे सभी स्थान मे मा केँ मजे लेना चाहता हु मे वीडियो कॉलआई भि कर केँ उनकेसंग आनंद करना चाहता हुमगर ( दिलीप एक् गहरी सासू छोरकर) मे ऐसा नहींकर सकता कियुंकी राजू तोँ मे हि हु नाँ वीडियो कॉलआई करमा कों नंगीदेख सकताहु काश मेरेपास चमत्कार होतारूप बदलने कां याँ कोई जादुई गोली जिसे खाके मे अपनारूप बदल पाता तौ शपथ सें मज़ा आँ जाता दोस्त मगरयह तोँ मेरीसोच हैं ऐसा नहीं होँ सकता हैं
तभी राजू केँ कानों मे किसी कि आवाज़ जाती हैं
अंजान - लगता हैं मेरेयार कों फिन मेरी सहायता कि जरूरत हैं
आवाज़ सुनते हि दिलीप केँ कानखरे होँ जाते हैं दिलीप कों अच्छे सें पता थां यह आवाज़ किसकी हैं दिलीप जल्द सें उठकर पीछे देखता हैं तोँ सामने किसी कों देखकर बहुतखुश होँ जाता हैं
दिलीप खुशी सें ( बाबा )
आज केँ लिये इतना हि
Bataya too thaa ek din chor krr rat 9 baje yani kal rat 9 baje aj ( तुलौट केँ आजा मेरेलाल) पे updat dene wala ho
मेरा चालबाज़ बेटा - Incest maa beta – New Episode
chapter 8
दिलीप केँ सामने वही बाबा वापस आँ गये थें बाबा कों देख दिलीप बहुतखुश होँ जाता हैं दिलीप भागते हुवे जाके बाबा सें पांव पऱ आशीर्वाद लेता हैं
बाबा मुस्कुराते हुवे - खुशरहो बच्चे
दिलीप खुश होते हुवे - बाबा आप् कों देखबता नहीं सकता मे कितना खुशहु
बाबा मुस्कुराते हुवे - चलो आहिस्ता बैठकर बाते करते हैं
दिलीप - जी बाबा
दोनो एक् स्थान पे बैठ जाते हैं
दिलीप - बाबा आप् इतने महीने कहा थें कियाकर रहे थें
बाबा दिलीप कों देख मुस्कुराते हुवे - बेटा कुछ औऱ भि लोग हैं जिनको मेरी सहायता कि जरूरत थि वही गय़ा थां
दिलीप मन मे - बाबा लोगो कि क्याँ हि सहायता कर सकते हैं तभी दिलीप कों समझ मे आता हैं बाबाकोई मामूली बाबा नहीं हैं
दिलीप - समझ गय़ा बाबाखैर मे खुशहु आप् मुझसे मिलने आये
बाबा मुस्कुराते हुवे - यह बताओ तुम्हे जोँ पाना थां वोँ मिला
दिलीप बाबा कों देखता हैं - हा मिला औऱ यहसभी आप् कि वजह सें हुवा हैं आप् नहीं होते तोँ मेरी जीवन बर्बाद हि थि आप् कां सुक्रिया बाबा
बाबा मुस्कुराते हुवे - इसकी जरूरत नहीं
दिलीप खरा होते हुवे - बाबा मे आताहु
बाबा मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं
दिलीप भागते हुवेघऱ जाता हैं सारिका खेतो मे गई हुइ थि दिलीप जोँ खानां बना थां बाबा केँ लियेपैक कर बाबा केँ पास आँ जाता हैं
दिलीप बाबा कों खानां देते हुवे - बाबायह लीजिये
बाबा मुस्कुराते हुवे खानां लेकरखोल कर खाने कों देख
बाबा - मेनेइस खाने कों बहुतमिस किया
बाबा खानां खाने मे लग जाते हैं औऱ दिलीप बैठा बाबा कों देखता रेहता हैं खानां पीना हौ जाता हैं
बाबा - मज़ा आँ गय़ा सच मे तुम्हारी मा केँ हाथो कां बना खाने कां कोई जवाब नहीं
दिलीप मुस्कुराते हुवे - वोँ तौ हैं
बाबा दिलीप कों देख - बेटा मे यहा केवल तुमने मिलने आया थां औऱ मुझे जानां होगा
दिलीप हैरानी सें - बाबामगर मुझेलगा थां आप् कुछदिन रुकोगे
बाबा मुस्कुराते हुवे - बेटा मे एक् बाबाहु मेरा एक् ठिकाना नहीं होतामगर मे बीचबीच मे आता रहुंगा तुम् सें मिलने
दिलीप थोरा दुःखी होँ जाता जिसेदेख बाबा
बाबा - अरे दुःखी मत हौ
बाबा एक् लॉकेट निकाल कर दिलीप कों देते हुवे - इस लॉकेट कों गले मे पेहनलो
दिलीप लॉकेट कों लेते हुवे लॉकेट कों देख - बाबामगर यह लॉकेट मुझे कियुदे रहे होँ आप्
बाबा मुस्कुराते हुवे - पेहले पेहनलो फिन अपनेमन मे सोचो तुम्हे जिसका रूप लेना हैं लेँ लोगोफिन जब सोचोगे तुम्हे असलीरूप मे आनां हैं तुम् आँ जाओगे
बाबा कि बातसुन दिलीप पूरीतरह सें हैरान हौ जाता हैं दिलीप कों यकीन नहीं होँ रहा थां ऐसाकोई लॉकेट भि होगा जोँ किसी कां रूपबदल सकता हैं
बाबा मुस्कुराते हुवे - यकीन नहीं हौ रहा तोँ एक् बार ट्राय कर केँ देखलो
दिलीप बाबा कि बातसुन लॉकेट गले मे पेहन लेता हैं औऱ आखेबंद कर अपने एक् मित्र केँ चेहरे केँ कों याद करते हुवेमन मे मेरा चेहरा मेरेयार जैसा हौ जाये
दिलीप फिनआखे खोलते हुवे बाबा कों देख - बाबा किया मेरा चेहरा बदल गय़ा हैं
बाबा मुस्कुराते हुवे - तुम् स्वयं कियु नहींदेख लेते
दिलीप जल्द सें मोबाइल निकाल अपना चेहरा देखता हैं तोँ पूरीतरफ सें हैरान हौ जाता हैं दिलीप कां चेहरा सच मे अपने साथी केँ चेहरे सें बदल गय़ा थां दिलीप कों यकीन नहीं हौ रहा थां दिलीप फिन सोचता हैं चेहरा नॉर्मल हौ जाये तोँ हौ जाता हैं
दिलीप बाबा कों देख हैरानी सें - बाबा यकीन नहीं होँ रहा मुझेयह लॉकेट जादुई हैं
बाबा - बेटा यकीन करना परेगा औऱ हा एक् कुछ जरूरी बाते पेहला इस लॉकेट कां चमत्कार 2 महीने तक रहेगा औऱ तुम् जैसा चाहो जिसका चाहोरूप लें सकते हौ पूरीतरह अपने आप् कों बदल सकते होँ
दिलीप बाबा केँ पेर पे गिरते हुवे - बाबासच मे आप् बहुत ज्ञानी हैं बिन मांगे आप् नें मेरी प्रॉब्लम कों समझ मेरी सहायता कि
बाबा - उठजाओ वोँ तुम्हारी क़िस्मत मे थि तुम्हे मिली अच्छा मे चलताहु अपना ख्याल रखना
दिलीप - जी बाबा आपकायह एहसास औऱ आप् कों मे कभी नहीं भुलुगा
बाबा दिलीप कों देख मुस्कुराते हुवेचले जाते हैं
बाबा केँ जाने केँ बाद दिलीप खुशी सें नाचने लगता हैं
दिलीप खुशी सें - वोँ मेने सोचा वोँ मुझेमिल गय़ा अब मे धीरे-धीरे मा केँ संग वीडियो कॉलआई पे बातकर जाउंगा मा कों राजूबन चोदने कां आनंद लेँ जाउंगा जौ मे चाहता थां कर पाऊगा मज़ा आँ गय़ा बाबा कि जय होँ
रात 10 बजे
दिलीप - कैसी होँ मेरीजान
सारिका - अच्छी तु तुम् बताओ
दिलीप - किया बताऊ आप् कां हि ख्याल आता रेहता हैं
सारिका हस्ते हुवे - अच्छा जी
दिलीप हस्ते हुवे - हाजी वैसेजान मे यहकेह रहा थां कि अब मुझे आपका हसीन चेहरा देख्ना हैं
सारिका हैरान होती हैं औऱ समझ नहीं पाती कियाकरे अबबात चेहरा दिखाने कि थि
दिलीप समझ जाता हैं उसकीमा कियासोच रही हैं
दिलीप नाराज दुखी आवाज़ मे - आप् नहीं चाहती तौ रेहने देते हैं मुझे लगता हैं आप् मुझे प्रेम करती हि नहीं
सारिका - अरे तुम् गलतसमझ रहे हौ मे तुम् सें बहुत प्रेम करतीहु बस अचानक चेहरा देखने कि सुन हैरान होँ गई थि सच तौ यह हैं मुझे भि तुम्हे देख्ना हैं अपने राजा कों मगरयह हम् केसे करेगे
दिलीप खुश होते हुवे - किया आप् तैयार हैं
सारिका हस्ते हुवे - अरे हम् दोनो एक् दूसरे सें प्रेम करते हैं तोँ एक् नाँ एक् दिन मिलेंगे हि नाँ
दिलीप - यह तोँ तोँ सुनिये पेहले हम् वीडियो कॉलआई पे बात कमरे एक् दूसरे कों देखेंगे फिन हम् उसकेबाद आमने सामने आकर मिलेंगे बता नहीं सकता मुझसे रहा नहींजा रहा मुझे आप् सें मिलना सामने सामने मगरबाद मे फिन मे आपको बाहर् भूमाने लेकर जाउंगा
सारिका शर्मा केँ - सच्ची मुझे बाहर् भूमाने लेकर जाओगे
दिलीप - सच्ची आखिर आप् मेरी प्रेम हौ दिलरुबा हौ तौ मे आपको कि लेकर जाउंगा नाँ
सारिका अंदर हि अंदर बहुतखुश होती हैं असल मे वोँ भि चाहती थि उसका प्रेम उसे भूमाने लेकर जाये
सारिका - मगर वीडियो फोन करेगे केसे मेरेपास तौ छोटा मोबाइल हैं
दिलीप मन मे - मुझेपता हैं मगर आप् स्वयं आके कहेगी बेटा मेरे लियेबरा नया मोबाइल खरीदकर लादे
दिलीप - अरे मेरीजान ऐसा हैं तौ बरा मोबाइल दिलीप सें मंगवा लॉअगर पैसे नहीं हैं तोँ मे खरीदकर देकर जाताहु
सारिका - नहीं नहीं पैसे हैं वैसे कितने तक बराफोन आँ जायेगा
दिलीप - अभि कि बातकरे तोँ फोन कि कीमत जायदा नहीं हैं एक् अच्छा काम चलाउफोन 10 हजार मे आँ जायेगा
सारिका मन मे 10 जहार हम् जैसे गरीब केँ लिये बहुत होते हैं मगर रुपया हैं उतने तौ खरीद सकतीहु
सारिका - समझ गई मगर दिलीप कों किया कहूगी कियु मुझेबरा फोन चाहिये
दिलीप - मे बताता हु आप् बोलना आप् घऱ मे बैठेबोर हौ जाती होँ तौ आपको फिल्म देखने केँ लियेफोन चाहिये यकीन मानिये दिलीप यहसुन स्वयं खुश होता
सारिका याद करते हुवे - अरेहा एक् दिन मेरे बेटे नें मुझेकहा भि थां बराफोन लेलु फिल्म सीरियल देखने केँ लिये ताकि मेरासमय पास औऱ मनलगा रहेमगर उससमय मेने फालतू कां खर्चा करनासही नहीं समझा औऱ उससमय मुझे मोबाइल चाहिये भि नहीं थां
दिलीप - यह तौ अच्छी बात हैं तोँ प्रोबलम हि खतम होँ गई
सारिका मुस्कुराते हुवे - सहीकहा मगर एक् परोबलम् हैं
दिलीप - वोँ किया हैं
सारिका - मे थोरा पढ़ी लिखीहु मगरफिन भि मे बराफोन चला नहीं पाउंगी
दिलीप - आप् थोरा पढ़ी लिखी हैं इसका मतलब आप् एक् बार मे हि सीख जायेगी औऱ वैसे भि फोन तौ कोई भि चला लेता हैं बस थोरा सीखना परता हैं
सारिका - समझ गई मगर मुझेकोन सिखायेगा
दिलीप - अरे मेरीजान दिलीप सिखायेगा वोँ भि खुशी खुशी
सारिका हस्ते हुवे - किया आप् हैं सभीसोच कररखे होँ तुम्
दिलीप हस्ते हुवे - कियुंकी मुझे अपनीजान तोँ देख्ना हैं
सारिका शर्मा केँ - मुझे भि तुम् कों देख्ना हैं
दिलीप - तोँ ठीक हैं फिनकल दिलीप कों बोलकर बरा मोबाइल मंगवा दीजियेगा
सारिका - ठीक हैं
दिलीप पलंग पे लेता उसके खुशी कां कोई ठिकाना नहीं थां
दिलीप - आप् नंगी हैं
सारिका मुस्कुराते हुवे - हा तुम् नें हि तोँ आदतलगा दि हैं
दिलीप कां लन्ड यहसुन खरा हौ जाता हैं
दिलीप - उपरआके आपकी चूत मे लन्ड दालहु
दिलीप कि बातसुन सारिका कि सासेरुक जाती हैं सर्म सें पानी पानी होँ जाती हैं
सारिका शर्मा केँ - नहींबाद मे दाल लेना
दिलीप - ठीक हैं दोगी नां आप् अपनी चूत मुझे चोदने केँ लिये
सारिका जोरजोर सें सासे लेते हुवे - हासभी कुछ डुगी आपने राजा कों
दिलीप यहसुन कर उसकाजोर औऱ बढ़ जाता हैं लन्ड कि नशे टाइट होँ जाती हैं
दिलीप - अच्छा ठीक हैं आपकी चूत कां रस हि पिलादो
सारिका अपनी टांगे फैलाते हुवे - पीलो मेरी चूत कां रसअब तुम् हि मेरे मालिक हौ
दिलीप - सच्ची
सारिका शर्मा केँ सच्ची
दिलीप - मे आपकी चूत कों मुह मे भर लिया
सारिका अहह करते हुवे - हा मुझेफिल होँ रहा हैं
दिलीप - मे चूसरहा हु आपकी चूत कों चाटकर रसपीरहा हु
सारिका पलंग कों जोर सें पकर - हा आनंद आँ रहा हैं ऐसे हि करतेरहो अहह उह्ह् 3 मिनटबाद सारिका अहहमा कापते हुवेझर जाती हैं
दिलीप - मज़ाआया
सारिका जोरजोर सें सासे लेते हुवे - बहुत मज़ाआया
दिलीप - अंकल आपकीचुत कों कभी नहीं चूसा नाँ
सारिका - सहीकहा
दिलीप - आपने लन्ड कों मुह मे लेके चूसा हैं
सारिका सर्म सें - नहींयह भि नहीं किया
दिलीप - दोनो मे बहुत मज़ाआता हैं मेने किया नहींमगर मुझेपता हैं आज केँ टाइम मे ऐसासभी करते होगे
सारिका - हा करते हि होगे
रात 1 बजे
दिलीप - ठीक हैं मेरीजान गुड नाइटआई लोवयू
सारिका - गुड नाइट राजाआई लोवयू
मोबाइल कट
दिलीप कों अपनी खुशी रोके सें नहीं रुकीजा रही थि कियुंकी कल सें वीडियो फोन पे बातकर पायेगा औऱ अपनीमा कों जीभर केँ देख पायेगा
सारिका भि पलंग पे परीकल केँ लियेसोच रही थि केसेकल राजू कों देखेगी फिन वीडियो फोन पे बाते करने मे कितना मज़ा आयेगा राजू कैसा दिखता होगा
सुभह 9 बजे
दिलीप काम पे जाने वाला थां तोँ सारिका दिलीप केँ पासआके दिलीप कों 10 हजार रुपये देते हुवे
सारिका - बेटा यह 10 हजार हैं मेरे लियेबरा अच्छा एक् फोन लेके आनां
दिलीप - आपको पेहले कहा थां तब आपने नहीं लिया
सारिका - अरेअब बहुतबोर होँ जातीहु तुम् नहीं रेहते नां तौ सोचाअब लेँ हि लेतीहु फिल्म सीरियल देखसमय पासकर लूगि
दिलीप सारिका कों गलेलगा केँ - अच्छा फैसला किया
सारिका दिलीप कों किस करते हुवे - मेरा बच्चा
दिलीप जाते हुवे - ठीक हैं मासाम कों आपके लिये अच्छा मोबाइल लेकर आऊँगा
नोट दिलीप कई महीने सें कमारहा हैं तोँ उसनेसभी पैसों कां किया किया तौ दिलीप जब सें अपनीमा सें राजूबन बात करनेलगा तब सें दिलीप आधा रुपया सारिका कों दे देता थां आधारख लेता थां यहइस लिये कियुंकी राजूबन केँ अपनीमा कां घुमाना भि तौ हैं उसपे खर्च भि तोँ करना हैं इस लिये दिलीप पैसेजमा कर केँ रखा हुवा थां जोँ अबकाम आने वाला थां
साम 6 बजे
दिलीप अपनीमा केँ लिये एक् अच्छा मोबाइल लेकर आँ चुका थां सारिका दिलीप दोनो आँगन मे बैठे हुवे थें
दिलीप अपनीमा कों मोबाइल दिखाते हुवे -देखोमा कैसा हैं अच्छा लगा आप् कों
सारिका मोबाइल कों देखते हुवे - देखने मे तोँ बहुत अच्छा लगरहा हैं
दिलीप - ठीक हैं मे उसमे आपकासिम दाल देताहु (दिलीप सिमदाल कर )हौ गय़ा यह लीजिये
सारिका - अरे चलाना केसे हैं वोँ तोँ बताओ औऱ वोँ वोँ वीडियो फोनसभी केसे किया जाता हैं सभी सिखना हैं मुझे
दिलीप मन मे मुस्कुराते हुवे - मे आप् कों सभीकुछ सिखाने वालाहु कियुंकी यह मेरे हि काम आयेगा इसमें मेरा हि फायेदा हैं
दिलीप - ठीक हैं यह देखिये ऐसेकर केँ आप् किसी कों मोबाइल कर सकते हैं औऱ यहा youtub पे वीडियो ऐसेदेख सकते हैं औऱ यहायह whatsapp हैं यहाऐसे करोगी तौ आप् किसी कों वीडियो फोनकर सकती हैं औऱ हायहा ऐसे करेगी तौ किसी कों फोटोभेज सकती हैं
दिलीप सभीकुछ बरे अच्छे सें अपनीमा कों कों बता देता हैं अच्छे सें सिखा देता हैं सारिका भि गौर सें देख एक् बार मे हि सीख जाती हैं कियुंकी सारिका पढ़ी लिखी थि तौ कोई दिकत नहीं हुईँ
30 मिनटबाद
सारिका दिलीप कों गाल पे किस करते हुवे - थैंक्स मेरा बच्चा अब मे सभीसमझ गई हु
दिलीप सरिका केँ गाल पे किस करते हुवे -मुझे खुशी हुइ मे आपकेकाम आँ सका
रात 10 बजे
दिलीप - मेरीजान मोबाइल मंगवा लिया
सारिका - हा मेरे राजा मंगवा लिया
दिलीप - अबरहा नहीं जाता मे वीडियो फोन करताहु
सारिका शर्मा केँ - ठीक हैं
दिलीप पूरेजोस मे थां कियुंकी आज दिलीप अपनीमा केँ खजाने कों देखने कां प्लान बना लिया थां
दिलीप वीडियो फोन करता हैं सारिका शर्मा केँ उठा लेती हैं मगर सारिका कां चेहरा दिख नहींरहा थां वही दिलीप अपनेघऱ केँ कमरे मे जोँ समान जिसेदेख सारिका पहचान जायेहटा दिया थां औऱ फोन लेते वक्त दिलीप रोड साइड सें कुछ कपड़े जौ सस्ते थें मगर अच्छे थें खरीदकर पेहन लिया थां औऱ अपनारूप बदल लिया थां दिलीप एक् लरके कों जानता थां जौ दूसरे गाव कां थां उसी कां रूप लेँ लिया थां जोँ देखने मे दिलीप केँ जैसा हि हैंडसम थां
दिलीप - अरे मेरीजान अपना चेहरा तोँ दिखादो रहा नहींजा रहा
सारिका हिम्मत कर केमरे केँ समाने आती हैं दिलीप सारिका कों देख हैरान होने कां नाटक करता हैं मगरवही सारिका राजू कों देख शर्मा जाती हैं
दिलीप -तुम् सच मे बहुत सुंदर हैं मेरीजान
सारिका - शर्मा केँ आप् भि बहुत हैंडसम हैं
दिलीप - कियाबात हैं मेने तुम्हे तुम् कहा तुम् नें मुझे आप्
सारिका शर्मा केँ - अब आप् मेरे राजा होँ तोँ मे केसे तुम् कहु आप् कों.
दिलीप हौ बहुत अच्छा फिल होता हैं अपनीमा कों आप् केह बुलाते सुनकर जैसेअब उसकीमा उसकी पत्नि हौ औऱ सायदअब यह हौ भि गय़ा थां
दिलीप - सच मे जान मेने जितना सोचा थां तुम् उस सें बहुत हसीनहॉट होँ
सारिका शर्मा केँ - सच्ची
दिलीप - शपथ सें मेरीजान बहुतअब अपना खजाना भि दिखादो तरपरहा हु देखने केँ लिये
सारिक शर्मा केँ - नहीं मुझे सर्म आँ रही हैं
दिलीप - प्लेस अपनेबरे चुचे दिखादो नाँ अब तौ सभी मेरा हि हैं
सारिका - ठीक हैं दिखती हु
दिलीप जोर सें थां पुरा दिलीप लन्ड बाहर् निकाल हिलाना सुरुकर लेता हैं
सारिका अपनी नाइटी नीचेकर अपनेबरे बरे चुचे बाहर् निकाल कर राजू केँ सामने कर देती हैं सारिका केँ चुचे बहुतबरे बरेऔद् निपल काले थें जोँ देखकर दिलीप कि सासेतेज होने लगती हैं तोँ वही सारिका कों बहुत सर्म आँ रही थि
दिलीप लन्ड तेजतेज हिलाते हुवे - शपथ सें मेरीजान तुमहारे चुचे कों बहुतबरे कमाल केँ हैं दिलीप मन मे - शपथ सें दोस्त किया चुचे हैं मा केँ दिलकर रहा हैं जाकेपकर कि जोरजोर सें दबा केँ मुह मे भर केँ पीयू
सारिका चुचे अंदरकर सर्मा केँ - केसे हैं मेरे चुचे
दिलीप सारिका कि बातसुन - मा केँ अंदरहवस जाग चुकी हैं इस लियेमा स्वयं आगेबढ़ रही हैं खुशी खुशी मुझे लगता हैं उनको लन्ड चाहिये मा कों ऐसे करतादेख मेराहाल बेहाल हौ रहा हैं
दिलीप - बहुत अच्छे हैं आप् केँ चुचेमगर मेरीजान अब मेरी चूत भि दिखा तौ तौ आनंद आँ जाये
सारिका - ठीक हैं मेरे राजा दिखा देतीहु
सारिका फिन अपनी बालों वाली चूत राजू केँ सामने कर देती हैं जिसेदेख दिलीप कां लन्ड इतना टाइट हौ जाता हैं नशे फटने वाली हौ ऐसाफिल होता हैं
दिलीप अपनीमा कि चुतदेख करमन मे - शपथ सें यही हैं वोँ स्थान जहा सें वा मे बाहर् आयाहु मगरबाल कि वजह सें चुत अच्छे सें दिख नहींरहा हैं मगर मे भि मा केँ बालों वालीचुत देख्ना चाहता थां शपथ सें मस्तलग रही हैं
दिलीप - मेरीजान मस्त चूत हैं तुम्हारी चोदने मे आनंद आयेगा
सारिका कि चुत गीली होँ जाती हैं सारिका सिसकिया लेते हुवे
सारिका - मेरे राजा जितना चाहेचोद लेनामगर अब आप् अपना लन्ड दिखा तौ प्लेस
दिलीप -ठीक हैं मेरीजान यह देखो
दिलीप अपना 10 इंच कां लंबा 5 इंच मोटा लन्ड सारिका केँ सामने कर देता हैं जिसेदेख सारिका कों यकीन नहीं होँ रहा थां राजू कां इतनाबरा सच मे हैं सारिका कि चुतअब पानीछोर देती हैं
सारिका मन मे - कितना बरा हैं मेरीचुत मे जायेगा तौ मेरी चूत फार देगामगर सेह लूगि तोँ मज़ा भि बहुत मिलेगा
सारिका शर्मा केँ - जैसा आप् नें कहा थां आपका लन्ड बहुत मोटा लम्बा हैं अबदेख कर यकीन होँ गय़ा
दिलीप हस्ते हुवे - मेनेकहा थां नां पसन्द आया
सारिका शर्मा केँ - हा बहुत
दिलीप - कब लोगी अपनी चूत मे
सारिका जोरजोर सें सासे लेते हुवे - जब आप् डालना चाहो
दिलीप मुठमार रहा थां औऱ अपनीमा कि बातसुन ऐसालग रहा थां अब पानी निकल जायेगा
सारिका अपनीचुत मे उंगली करने लगती हैं मुठ मारने लगती हैं जैसे औरते करती हैं सारिका सिसकिया लेते हुवेचुत कों जोरजोर सें मलतेजा रही थि दिलीप कां लन्ड देखकर औऱ सारिका कि चुत मे पानी भि आँ गय़ा थां सारिका कों बहुत मज़ा आँ रहा थां
वही दिलीप भि अपनीमा केँ चुत कों मसलते हुवेमुठ मारते देख दिलीप भि जोरतेज तेजमुठ मारने लगता हैं दोनो एक् दूसरे कों देख हिलाने मे लगे हुवे थें 5 मिनटबाद सारिका दिलीप अहह करते हुवेझर जाते हैं
सारिका बैड पे परीहाफ रही थि वही दिलीप खुशी सें पागल हुवेजा रहा थां जिस खजाने कों देखने केँ लिये दिलीप मररहा थां जिसे पाना चाहता थां आजउसे पा भि लिया थां हा अभि पुरा नहींकेह सकतेजब तक दिलीप अपनेरूप मे सारिका कों नहींपा लेता
दिलीप - हैलो मेरीजान
सारिका हाफते हुवे शर्मा केँ - हा बोलिये
दिलीप - मज़ाआया बहुतशपथ सें तुम्हारी चुत बहुत फूलीगरम रस सें भरी हुइ हैं
सारिका शर्मा केँ - आप् केँ लिये हि हैं रसपी लेना
दिलीप - पियुगा तुम्हारी चूत भि मारुंगा जल्द हि
सारिका शर्मा केँ - हु
दिलीप - सुनो मेरीजान 5 दिनों कि छुटी हैं तौ दिनरात खूब बाते करतेमजे करेगे
सारिका खुशी सें - सच
दिलीप - हा मेरीजान सच
दिलीप दोनो केँ बीचफिन नॉर्मल बाते करता हैं फिन मोबाइल कट हौ जाता हैं
दिलीप बैड पे लेतमन मे - मेरेपास लॉकेट हैं मे जैसा चाहेरूप बदल सकताहु तोँ मेरेमन मे बहुत सारी फैंटेसी आँ रही हैं जिसे मे इस लॉकेट केँ जरिये मा केँ संग पुरा करुगा मगर अभि मुझेमा केँ संग वीडियो फोन केँ महीने तक बाते करते हुवे उन्हे एक् रंडि कि तरहबना देना हैं जब तक मा मेरी गुलाम नां बन जाये औऱ मेरीमा मेरी यानी राजू कि गुलाम तक बनेगी जब उनकी धमाकेदार चुदाई होगीऐसी चुदाई जौ उन्होंने सोची नहीं होगीअब मा मेरी यानी राजू केँ इसारे मे पूरीतरह सें नाचेगी फिन मे आनंद लुगाअलग अलग तरीके सें औऱ मेरी फैंटेसी भि पूरी होगी
दिलीप लॉकेट कों देखते हुवेइस लॉकेट केँ जरिये मे बूढ़ा भि बन सकताहु बच्चा भि अब तौ मा एक् संगमजे होगे औऱ यह लॉकेट मेरासंग देगा दिलीप लॉकेट कों चूम लेता हैं
बाबा मे मेरी प्रोबलम हि खतमकर दि जय होँ बाबा कि
सुभह 11 बजे
दिलीप सारिका कों बोलकाम पर्र चला जाता हैं सारिका खेतो केँ घास काटने मे लगी हुइ थि जबघास काटना होँ जाता हैं तब सारिका राजू कों मोबाइल करती हैं दिलीप घऱ मे हि थां सारिका केँ जाते हि अंदर आँ गय़ा थां
सारिका राजू कों देख - कियाकर रहे होँ
दिलीप मुस्कुराते हुवे - इंतजार कररहा थां कब तुम्हारा कामखतम होगा
सारिका शर्मा केँ - अच्छा यहबात हैं
दिलीप - मेरीजान चुत मे उंगली करो नाँ देख्ना हैं मुझे
सारिका शर्मा केँ - यहाखेत मे
दिलीप - हा मेरीजान आनंद आयेगा
सारिका शर्मा केँ - ठीक हैं करतीहु
सारिका फोन सामने रख सारीउपर कर केँ चुत मे उंगली करने लगती हैं सारिका - अहह आपकीवजह सें कररही हुचुत मे उंगली नहीं तोँ मे नहीं करती थि मगर आपके लिये करने मे मज़ा आँ रहा हैं अहह उह्ह्
दिलीप भि अपनीमा कि बातसुन जोस मे आँ जाता हैं औऱ अपनीमा कों चुत मे उंगली करतादेख रुक नहीं पाता औऱ अपना लन्ड निकाल मुठ मारते हुवे -मेरीजान तुम्हारी मोटी जांघे भरा शरीर औऱ बरे चुचे फूलीचुत देखरहा नहीं जाता 6 मिनटबाद दोनोझर जाते हैं
सारिका हाफते हुवे सारी नीचेकर फोनउठा केँ - आपकीवजह सें दोबार चूत मे उंगली कर पानी निकाला हैं मगर मज़ा बहुतआया सच मे
दिलीप - मुझे भि बहुत मजाआया मेरीजान तुम् कमाल कि हौ
20 दिनबात
इस 20 दिन मे 5 दिन तक दिलीप दिनरात सारिका सें चुत मे उंगली करवाई स्वयं खूबमुठ मारी 6 दिनबाद दिलीप काम पे जानेलगा तौ दिन मे कुछ मिनट बाते हि करतारहा मगररात कों fi वही सारिका केँ शरीर कों देख अपनीमा कि बदन कों देख स्वयं मजे लियामुठ मरवाई औऱ ऐसे हि यह 20 दिन गुजरे
दिलीप सारिका सें बाते करने केँ बादरात 1 बजेखाट पे लेतामन मे
दिलीप मन मे - मा कों देख मुझे लगता हैं उन्होंने अब उन्होंने लन्ड चाहिये हि कियुंकी मेने उनकेआखो मे देखा हैं औऱ मेने भि उनको एक् बेसर्म बना दिया औऱ अंदर कि हवस कों भि पूरीतरह सें निकाल दिया हैं तौ मुझे लगता हैं अब हथौरा मार हि देना चाहिये
दिलीप प्लान कर चुका थां अपनीमा कों राजूमन चुदाई करने कां पुरामजे लेने कां
कलरात 9 बजे
सारिका दिलीप बैठ खानां खारहे थें
दिलीप सारिका कों देख - मा मुझे आपसेकुछ बोलना हैं
सारिका दिलीप कों देख - कहो नाँ बेटा
दिलीप - मा वोँ मेरे ठीकेदार हैं नां उनको xxx गाव मे काम मिला हैं तोँ
सारिका हैरानी सें - मगरयह गाव तौ दूर हैं यहा सें बहुत
दिलीप - आप् नें सहीकहा इस लिये ठीकेदार नें मुझसे कहावही रेहकर जीतने दिन कां काम हैं करेगे
सारिका दिलीप कों देख हैरानी सें - कियामगर बेटा मे तेरे बिना केसे
तभी सारिका केँ मन मे - रहे रुकोअगर दिलीप काम पे कुछदिन केँ लियेचला जायेगा तोँ मे राजू कों घऱ बुला सकतीहु
दिलीप अपनीमा कों सोचता देखमन मे - जैसा मेने सोचा थां
सारिका - कितने दोनो कां काम हैं
दिलीप - मा 10 याँ 15 दिन मे काम पुरा होँ जायेगा उन्होंने कहा हैं रेहने खाने कां रुपया नहीं लगेगा उपर सें पैसे भि जायदा मिलेंगे
सारिका - तुम् किया चाहते हौ
दिलीप - मा जानां चाहता हु पैसे तोँ कमाने परेगे नां
सारिका - ठीक हैं तुम् जा सकते हौ मगररोज मोबाइल करते रेहना कब सें जानां हैं
दिलीप - कल हि जानां हैं
सारिका - ठीक हैं
खानां खाने कि बाद दोनो कमरे मे पलंग पे चले जाते हैं
सारिका खाट पे लेतमन मे - दिलीप केँ जाने सें मे खुश होँ रहीहु उसके पीछे मे यहसभी कररही हु करने वालीहु मुझे बहुत बुरालग रहा हैं
दिलीप मन मे - भले हि राजू दिलीप एक् हि हैं यानी मे मगर सोचता हुअगर सच मे कोई राजू मे नहीं होता तौ मेरीमा मेरे पीछेयह सभी करती मुझेपता भि नहीं चलता औऱ चलता भि तौ यहसोच दिल दर्दकर रहा हैं मगरऐसा नहीं हैं तौ सोचना छोर देना चाहिये कल सें मा कि चुदाई करनी हैं उसके बारे मे सोचना हैं
तभी सारिका कां मोबाइल आता हैं दिलीप मोबाइल उठा लेता हैं
सारिका - सुनो मेरे राजाकल दिलीप कुछ दिनों केँ लियेघऱ पे नहीं रहेगा दूसरे गावकाम करनेजा रहा हैं वही रहेगा
दिलीप सारिका कि बातसुन मुस्कुराते हुवे - तोँ किया
सारिका थोरा गुस्से मे - पागल मे आप् कों यहकेह रहीहु ( शर्मा केँ) आप् घऱ आँ जाओ
दिलीप खुश होते हुवे - सच्ची
सारिका हस्ते हुवे -सच्ची
दिलीप मजे लेते हुवे - चूत दोगी
सारिका शर्मा केँ - सभीकुछ दुगी
दिलीप - केसे दोगी
सारिका - वैसे आप् कां लेने कां मनकर
दिलीप- मुह मे मेरा लन्ड लोगी
सारिका कि चुतफिन गीली हौ जाती हैं सारिका तेज सासे लेने लगती हैं
सारिका - कभी लिया नहीं हैं पऱ आपका लूगि
दिलीप - तब तोँ रहा नहींजा रहादिल कररहा हैं कभीआके तुम्हारी टांगें उठा केँ तुम्हारी चूत मे लन्ड दालहु
सारिका मदहोसि मे - कलआके दाल देना जितना डालना हैं मुझे भि लेना हैं आपका लन्ड अपनी चूत मे अंदर तक सारी गर्मी निकाल देना
दोनो केँ बीचऐसे हि बाते चलती हैं
1 बजे
सारिका मन मे - कल राजू आयेगा हमारी पेहली आमने सामने मुलाकात होगीफिन सोचकर हि मेरा पुरा शरीर मे लेहरडोर रही हैं
दिलीप मन मे - कल कां इंतजार हैं यहरात आज मुझे बहुत लंबी कियुलग रही हैं सालासोच कर नींद भि नहींआने वाली
आज केँ लिये इतना हि
मेरा चालबाज़ बेटा - Incest maa beta - Kahani ab aur interesting hogi
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