ये साला है बड़ी किस्मत वाला है - Desi sex story – New Episode
यह साला हैं बड़ी क़िस्मत वाला हैं – 4
पर्र मे क्याँ करूंआदत सें मजबूर हूं डार्टी ब्रायन औऱ शालिनी कि कहानी पढ़कर मेरी गांड मे एक् कीड़ा घुस गय़ा हैं औऱ मे अपने आपकोयह किस्सा लिखने सें रोक पाया मेरी फर्स्ट किस्सा जुंगुल मे आदिवासीयो सें मजे थि यह दूसरी किस्सा हैं पर्र मुश्किल एक् समान हैं जौ कि उप्पर लिकी गई हैं इस सारी बकवास कां मतलबयह हैं कि यदिकभी मुझसे उपदेट देने मे देर हौ जाए तोँ प्लीज़ उप्पर लिखी बातें याद रखनाखास टूर पर्र पावरकट औऱ कोवरेग वाली
चलो अब किस्सा कों आगे बढ़ते हैं
खानां कहा चूकने केँ बाद पानी समाप्त हौ चुका थां मधु पानी लेने केँ लिए उत्त् थि हैं बहुतदेर सें कुर्सी पऱ बैठे होने केँ कारण उसका लोवर उसकी गांड कि दरार मे घुस गय़ा होता हैं जैसे हि वोँ पानी लेने केँ लिएआगे बढ़ती हैं उसकीपीठ योगेश कि ओर होँ जाती हैं औऱ योगेश कि नज़र सीधेमधु कि बड़ी सि गांड पऱ पड़ती हैं औऱ वोँ फिन सें पागल सां हौ जाता हैं उसका लन्ड अब बहोत जोरों सें दर्द करने लगता हैं पहलेमधु केँ बूब्स औऱ अब उसकी गांड दोनों हि शायदउसे बेहनचोद बनने पर्र मजबूर कररहे थें वोँ एकटकमधु कि बड़ी सि गांड औऱ उसमें फँसे लोवर कों देखने लग जाता हैं एकाएक मधु कों ठोकरलग जाती हैं औऱ वोँ पेर कों सहलाने केँ लिए नीचे झुकती हैं अब उसकी गांड पूरीतरह खुलकर योगेश केँ सामने आँ जाती हैं वोँ मुंह खोलेउसे देखने लगता हैं मधुउसी पोज़ मे पीछे देखती हैं तोँ अपने छोटे भइया कों अपनी गांड कों घूरते हुए पति हैं ‘यहआज क्याँ हौ रहा हैं’ यह सोचते हुए वोँ आगेतरफ कर पानी लाती हैं औऱ योगेश कॉडेटी हैं चूँकि अभि हुए हादसे केँ कारण योगेश कां मुंह पूरीतरह सुख चुका थां इसलिये वोँ एक् सांस मे हि पूरा गिलास समाप्त कर देता हैं औऱ फिन पानी माँगता हैं ‘लगता हैं आज तेरी प्यास कुछ ज़्यादा हि तरफ गई हैं’ मधु बोलती हैं ‘हाँ दिदी गर्मी कुछ अधिक हि होँ गई हैं’ वोँ बोला
‘मुझे नहि लगता केँ पानी सें तेरी गर्मी कुछकम होगीजा अपने कमरेजा कर कूलर कि थोड़ी हवा मे आरामकर तौ हि शायदकुछ हौ’ कहतेहुए मधु बर्तन समेटने लगी.योगेश भि इसकम मे उसकी सहायता करता हैं औऱ दोनों हि कम पूराकर मे दरवाजा बंद करके अपने अपनेरूम मे चले जाते हैं
दूसरी तरफ मनीषा औऱ मोनिका ट्रेन मे सवार हौ जाते हैं उनका सफ़र करीब-करीब 5 घंटे कां थां ट्रेन मे बैयतन्े केँ थोड़ी देरबाद हि मोनिका कों नींदआने लगती हैं चूँकि ट्रेन करीब-करीब खाली हि थि तौ वोँ अपनी बर्थ पर्र पांव फैलाकर सो जाती हैं मनीषा भि आराम करना चाहती तौ वोँ भि सांदिल उतरने केँ लिएपेर आगे पीछे करती हैं अचानक उसके पैरों सें कुछ टकराता हैं वोँ नीचेझुक कर देखती हैं वोँ एक् बुक थि वोँ उसेउठा लेती हैं अपनीसीट पऱ अच्छे सें बैठकर वोँ पुस्तक खोलती हैं उस पुस्तक कां नाम ‘उलझन’ थां यह एक् चुदाई कि कहानियो वाली किताब थि जिसमें पाठको कि समस्याओ कां समाधान होता हैं अबयहबात औऱ हैं कि समस्या 5 पेज कि होती थि औऱ समाधान 2 लाइन कां वोँ वक्तपास करने केँ लिएबुक पढ़ने लगती हैं पहली किस्सा पढ़ते हि उसे झटका सां लगता हैं यह स्टोरी भइया बेहन कि चुदाई केँ बारे मे थि कि केसे एक् भइया औऱ बेहन अपने जिस्मो कि आग बुझाने केँ लिएआपस मे चुदाई करते हैं वोँ पहली किस्सा पढ़ केँ बुकबंद कर देती हैं औऱ सोच मे पड़ जाती हैं केँ ऐसा केसे होँ सकता हैं यह संभव हि नहि हैं चाहेलाख मजबूरियाँ हौ पर्र एक् बेहन अपने भइया सें कभी भि चुदाई नहि करा सकती वोँ भि तौ 25 साल कि होँ गई हैं औऱ अभि उसकी विवाह भि नहि हुइ हैं औऱ नहि उसकाकोई बाय्फ्रेंड हैं आज तक वोँ ऊंची हि हैं पर्र उसनेकभी भि अपने भइया केँ बारे मे ऐसाकुछ भि नहि सोचा.
‘नहि नहि यहसभी मनगढ़ंत बातें हैं ‘ यहसोच कर उसने पुस्तक खोली औऱ आगे पढ़ने लगीआगे भि भइया बेहन वाली 4-5 कहानियां औऱ थि उसने पूरी पुस्तक पढ़ी औऱ नां जाने क्यूं उस पुस्तक कों अपनेबैग मे रख लिया इतनी सारी गर्म स्टोरयस पढ़कर उसकीचुत गीली होँ गई थि उसने चारों ओर नज़र दौड़ाई उसकेआस पास उसकी माँ केँ अलावा सिर्फ़ एक् आंटी थि जोँ कि सोई पढ़ी थि अब उसने अपना राइट हॅंड सलवार केँ अंदरडाल लिया औऱ अपनीचुत मे उंगली करनेलगी.
पहली किस्सा पढ़ केँ उसकेमान मे जोँ सोच थि अब वोँ पूरीतरह मिट चुकी थि इतनी सारी गर्म कहानियो नें उसकी भावनाओं कों भड़का दिया थां अब वोँ पहले सें एकदम उल्टा सोचने लगी थि ‘होँ सकता हैं ऐसा होता हौ आख़िर जबकोई मार्ग नहि होगा तौ बेचारे अपनी प्यास भुझहने कहा जाएँगे भले हि नाता भइया बेहन कां हौ पऱ आख़िर वोँ पहले तौ महिला औऱ मर्द हि हैं नां औऱ इसमें गलत हि क्याँ हैं अगर भइया बेहनयह सभी करते हैं तोँ। यह तौ औऱ भि अच्छा हैं घऱ कि बातघऱ मे हि रहती हैं नाँ कोई बदनामी कां डर औऱ नहि बाहर् कां व्यक्ति ढूंढ़ने कां झंझट.
तौ क्याँ वोँ भि अपने भइया सें चुदाया लेगीऐसा सोचते हि उसकी आंखों केँ सामने योगेश कां चेहरा आँ गय़ा औऱ अब उसकी उंगली चुत मे औऱ भि बढ़ता सें चलनेलगी कितना अच्छा हैं उसका भइया हॅंडसम, स्मार्ट, गूड़लूकिंग औऱ क्याँ पेर्सनोलिटी हैं उसकी औऱ कितना क्यूट भि हैं जब वोँ मुझे छोड़ेगाआआआ………योगेषह…………। उसका भइयाउसे छोड़ेगा यह सोचते हि वोँ अपने भइया कां नाम लेतेहुए झाड़ गई.
वॉमउठी औऱ टॉयलेट सें फ्रेश होकर आगाई वोँ फिन सोचने लगी क्याँ वोँ अपने भइया सें चुड़वाएगी कभीहाँ कभी नाँ अनेको विचार उसकेमान मे आनेलगे आख़िर मे उसने फैसला कर हि लिया चाहेकुछ भि होज़ाये वोँ अपनेबदन कि आग कों सबसे पहले अपने भइया सें हि बुझवाएगी हाँ मे अपने भइया सें चुदवाएगी। अचानक ट्रेन केँ रुकने सें उसका ध्यान टूटा उनका स्टेशन आँ गय़ा थां दोनों माँ बेटी ट्रेन सें उतरी तौ उसने देखा केँ माआंटी लेनेआए हैं औऱ वोँ दोनों उनकेसंग चल दि.
योगेश औऱ मधु दोनों हि अपने अपनेरूम मे आँ चुके थें योगेश कां मन भाननाया हुआ थां उसकी आंखों केँ सामने मधु कि गांड हि घूमरही थि उसका लन्ड करीब-करीब 2 घंटे सें खड़ा थां उसने अपना लॅपटॉप निकाला औऱ ब्लू फिल्आंटी वाला फोल्डर निकल केँ एक् फिल्म चला दि फिल्म कि हेरोइन कि गांड भि मधु केँ जैसी हि बड़ी थि मान मे मधु कि गांड कों एमेगिं करतेहुए वोँ नीचे सें पूरा नंगा होँ चुका थां उसने लॅपटॉप बिस्तर पर्र रख दिया औऱ सामने एक् कुर्सी रखउस पर्र बैठ वोँ मूठ मरनेलगा उसके दिमाग़ मे सिर्फ़ मधु कि गांड औऱ उसके बूब्स हि घूमरहे थें अब फिल्म कि हेरोइन उसेमधु नज़र आँ रही थि औऱ हीरो मे वोँ स्वयं कों देखरहा थां फिल्म मे अभि लन्ड चूसने कां सीनचल रहा थां योगेश धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपना लन्ड सहलाते जारहा थां.
उधर माधुरी कि हालतकुछ अलग नहि थि सुभह सें जोँ कुछ भि हुआ थां वोँ उसकी आंखों मे फिल्म कि तरहचल रहा थां उसेबार बार योगेश केँ लन्ड कां उभर नज़र आँ रहा थां यह क्याँ हौ गय़ा हैं मुझे वोँ सोचने लगी वैसेउसे भि किसी लड़के सें चुदवाने कि बहोत ख़्वाहिश होती थि पर्र यह नामुमकिन थां क्योंकि घऱ सें बाहर् अकेले तौ वोँ निकल हि नहि सकती थि अभि तक तोँ सभीठीक हि चलरहा थां पर्र आज उसकी कामग्नी भड़क चुकी थि उसेसमझ नहि आँ रहा थां केँ वोँ क्याँ करेकुछ भि होँ योगेश उसका सागा भइया हैं उसके बारे मे ऐसा सोचना भि पाप हैं मगर वोँ भि तोँ उसे केसे ताड़रहा थां ऐसालग रहा थां केँ बूब्स औऱ गांड कों कच्चा हि कहा जाएगा, यह मे क्याँ अनप शनापसोच रही हूं उसकेमान मे मेरेलिए ऐसाकुछ नहि हैं वोँ तोँ उसकीउमर हि ऐसी हैं औऱ बेचारे नें किया भि क्याँ हैं कुछ भि तोँ नहि मुझे उसके बारे मे ऐसा नहि सोचना चाहिए अब वोँ कुछ शांत हुइ अब वोँ कुछदेर सोना चाहती थि सोने सें पहले उसकी पानी पीने कि ख़्वाहिश हुइ उसने बोतल उठाई तौ देखा पानी समाप्त थां वोँ बोतल लेँ कर नीचे जानेलगी योगेश केँ रूम केँ सामने सें निकलते हुएउसे कुछ अजीब सि आवाज़ आई उसने धीरे-धीरे सें दसरवाजा खोला औऱ अंदर दाखिल हुईँ अंदर कां नज़ारा देखते हि वोँ मगरबन गई उसका मुंह खुला कां खुलारही गय़ा लॅपटॉप पऱ बाय्फ्रेंड चलरही थि जिसमें लड़की घोड़ी बनी हुईँ थि औऱ लड़का उसकी गांडमर रहा थां इधर योगेश उससीन कों देखते हुए अपने लंबे चौड़े लन्ड कों मूठमर रहा थां उसके 8 इंच लंबे औऱ 2.5 इंच मोटे लन्ड कों देखकर मधु कि आंखें फट गई वोँ अपनीजीभ पऱ होंठ फिरने लगीउधर योगेश अब झड़ने केँ लगभग थां वोँ ज़ोर ज़ोर सें हाथ हिलने लगा औऱ उसकी आंखें बंद हौ गई आअहह……… Mआडःऊउउउउउउउ…… कहतेहुए उसका लन्ड पिचकारी चोदने लगा अचानक मधुहोश मे आई
यह क्याँ कररहा हैं तुउउउ….मधु ज़ोर सें चिल्लाई
मधु कि आवाज़ सुनते हि योगड़ष एकाएक मगर सां बन गय़ा उसेसमझ हि नहि पड़ा केँ वोँ केसे रिएक्ट करे वोँ बिनाकुछ बोले बिनाकुछ करे अपनी स्थान बैठारहा
माधुरी कि आंखों मे आँसू आगाए थें वोँ पलटी औऱ भागते हुए अपनेरूम मे चली गई योगेश अभि भि सकते कि हालत मे बैठाहुआ थां एकाएक उसकी तंद्रा टूटीअब उसेसमझ आया कि क्याँ हौ चुका थां उसकीसगी बड़ी बेहन नें उसे अपनेनाम कि मूठ मरतेहुए रंगे हाथों पकड़ लिया थां अब वोँ डर केँ मारेथर थर काँपरहा थां अगरमधु नें अंकल आंटी औऱ मनीषा दिदी कों यहसभी बता दिया तौ क्याँ हालत होँ जाएगी उसकीसभी उसकेनाम सें तुनकेंगे वोँ जीवनभर भि किसी केँ सामने सरउठा केँ नहि चल पाएगा औऱ माधुरी उसकी सबसे प्यारी बेहन हैं कितना प्रेम करती हैं वोँ उस सें एक् बेहन केँ संग एक् साथी कां भि प्रेम देती हैं वोँ उसे औऱ यह मैंने क्याँ कियाअब वोँ अपने आप् कों कोसने लगाउसे लगाआज उसने थोड़ी सि एक्शैतमेंट केँ लिए अपनी प्यारी बेहन औऱ साथी कों हमेशा केँ लिएखो दिया हैं यह ख्याल आते हि उसे रोना आँ गय़ा उसकी आंखों सें आँसूबह निकले
थोड़ी देररो चूकने केँ बाद वोँ उठा औऱ बाथरूम जाकर फ्रेश हुआ औऱ सोचने लगा कि माधुरी तोँ अबउसे कभी भि माफ नहि करने वाली पऱ यदिउसे मनाया जाए तोँ शायद वोँ घऱ वालो कों इस बारे मे कुछ नां बताएयह आइडिया उसेसही लगा वोँ उठा औऱ धीमे धीमे कदआंटी सें माधुरी केँ कमरे कि ओर बढ़ा उसने देखा केँ कमरे कां दरवाजा खुलाहुआ थां औऱ माधुरी बिस्तर पऱ उल्टी लेती हुई थि उसकी बड़ी गांड उप्पर कों उठी हुई थि जिसेदेख कर उसकामान फिन खराब होनेलगा मगर जैसी स्थिति मे वोँ थां उसनेयह गंदा ख्याल जल्दी हि अपनेमान सें निकल दिया औऱ धीरे-धीरे सें बोलामधु दिदी उधरजब माधुरी योगेश कों इस हालत मे देखकर अपने कमरे मे आईतब सें वोँ इसी बारे मे सोचरही थि कि केसे उसका इकलौता भइया जिसे वोँ इतना प्रेम करती हैं उसे हि अपने ख़यालो मे उसकानाम लें लें करचोद रहा थां नहि मे कभीउसे माफ नहि करूँगी आनेदो सब कों मे उसकीयह हरकतसब कों बता दूँगी फिन उसकी हालत कां जिम्मेदार वोँ स्वयं होगातभी उसेयाद आया कि नहाते टाइमचुत मे उंगली करतेहुए उसने भि तोँ योेश कों इमेगिं किया थां…। पर्र यह मैंने जानबुझ कर तोँ नहि किया थां वोँ तौ पता नहि केसे हौ गय़ा थां…। शायदऐसा हि योगेश केँ संग भि धोके सें हौ गय़ा होँ उसके दिमाग़ नें करवट बदली….पऱ वोँ तोँ बाय्फ्रेंड देखते हुएयह सभीकर रहा थां इसमें धोखे वालीकोई बात नहि हैं वोँ जानबुझ करऐसा कररहा थां उसकी सोचे दोनों तरफचल रही थि एक् तरफ तौ वोँ योगेश कों कुसूरवार मानरही थि औऱ दूसरी ओर वोँ उसे संदेह कां लाभ भि देरही थि कुलमिला कर वोँ असमंजस कि स्थिति मे थि उसेकुछ समझ मे नहि आँ रहा थां तभीउसे आवाज़ आईमधु दिदी उसने सीधी होतेहुए देखा योगेश सर झुकाए हुए खड़ा थां ‘आँ गय़ा तूँ कपड़े उतारू याँ तुँ स्वयं हि उतार लेगा’ वोँ बोलीं ‘यह क्याँ कहरही होँ दिदी’ योगेश बोला ‘क्यूं यही तौ करना चाहता हैं नाँ तुँ अभि तोँ देखा थां नाँ मैंने किसतरह तुँ वोँ गंदी फिल्म देखते हुए मेरानाम लेँ लें कर वोँ गंदाकम कररहा थां’ वोँ गुस्से सें बोलि तभी योगेश नें इसके पांव पकड़लिए औऱ रोतेहुए बोला ‘मुझेमाफ करदो दिदी पता नहि यहसभी केसे होँ गय़ा मेरेमान मे आपकेलिए कोई भि गलत ख्याल नहि थां पर्र नां जाने केसेयह होँ गय़ा’
‘जब तेरेमान मे मेरे बारे मे कोईगलत ख्याल नहि थां तौ क्यूं मेरानाम लेँ कर तुँ अपने लुऊउ… वोँ गलतकम कररहा थां’ जल्द सें माधुरी नें अपनी गलती सुधरते हुए अपनीबात पूरी कि वरना अभि मुंह सें लन्ड शब्द निकल हि गय़ा थां
यह साला हैं बड़ी क़िस्मत वाला हैं – 4
दोस्तो मेनेयह कथा दूसरी स्थान सें कॉपी किया हैं इसमे मेराकोई योगदान नहीं हैं ! इसकथा केँ लिए आप् सभी रायटर कों शुक्रिया दे !
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है - Desi sex story – New Episode
यह साला हैं बड़ी क़िस्मत वाला हैं – 5
‘वोँ दिदी उसमें मेरीकोई गलती नहि हैं वोँ सुभह सें हि कुछ घटनाए ऐसी हुईँ कि औऱ यहसभी हौ गय़ा’ वोँ बोला‘ऐसा क्याँ हुआ थां जोँ तूनेऐसा किया’मधु नें पूछा योगेश सें बोलते नहि बनरहा थां केसे वोँ अपनी बेहन कों बताए कि वोँ उसके बूब्स औऱ गांडदेख कर एक्शैटेड होँ गय़ा थां ‘जानेदो नाँ दिदी बस इतनासमझ लो कि जौ भि कुछहुआ वोँ सिर्फ़ उस बाय्फ्रेंड केँ कारणहुआ औऱ मे आपसेदिल सें माफी माँगता हूं आगे सें ऐसी गलतीकभी नहि होगी औऱ यदि हुई तोँ जौ भि सजा आप् डोगी मुझे मंजूर होगी प्लीज़ दिदी मुझेमाफ कर दोनों’ वोँ मधु केँ पेर पकड़े हुए बोला ‘हूंम्म मे तुम्हे माफ तोँ कर सकती हूं पऱ पहले तुँ मुझेखुल करबता केँ सुभह सें ऐसा क्याँ हुआ जोँ तूनेऐसा किया’ हलकी वोँ सभी जानती थि पऱ योगेश कों शर्मिंदा करने केँ लिए जानबूझ कर उसके मुंह सें कहलवाया चाहती थि अब योगेश लज्जा केँ मारे ज़मीन मे गाड़े जारहा थां उसेसमझ मे नहि आँ रहा थां केँ वोँ केसे बताए पर्र अब उसने सोचा कि अगर एक् बार बताने सें माफीमिल सकती हैं तौ बताने मे क्याँ हर्ज हैं औऱ मधु तौ वैसे भि उसेमूठ मरतेहुए भि देख चुकी हैं यहसोच कर वोँ बोला ‘दिदी वोँ सुभहजब रसोई मे आपके बूब्स मेरे सीने मे चुबहे तभी सें पता नहि मुझे क्याँ होँ गय़ा फिन खाने केँ बादजब आप् पानी लेने केँ आप् उठी औऱ झुकी तौ आपकी बड़ी सि गाअ…बॅक देखकर मे औऱ भि पागल होँ गय़ा मेरा लुऊउ। वोँ बहोत दर्द करनेलगा उसे शांत करने केँ लिए मैंने वोँ बाय्फ्रेंड लगा दि औऱ यहीं वोँ गड़बड़ होँ गई उस बाय्फ्रेंड वाली लड़की कि गय़ा। बॅक मुझे आप् केँ जैसी हि दिखाई दि औऱ एक्शैतमेंट मे यहसभी होँ गय़ा’
‘वोँ रे मेरे भइया जिसे मे इतना प्रेम करती हूं उसने सिर्फ़ एक् हि बार बूब्स टच होने औऱ बॅकदिख जाने सें ऐसाकर दियायदि यह हि इन्सिडेंट 2-4 बार औऱ हौ गय़ा तौ पता नहि केँ शायद वोँ मुझेचूऊ। क्याँ कर डालेयह तेरी पहली गलती थि इसलिये मे तेरीमाफ कर सकती हूं पर्र एक् शर्त केँ संगबोल तुम्हें वोँ शर्त मंजूर होगी’ वोँ बोलि ‘मुझे आपकीसब शर्त मंजूर हैं मुझसे गलती हुईँ हैं तोँ सजा भि मिलनी चाहिए’ योगेश बोला‘ठीक हैं तोँ सुन मेरी शर्तयह हैं कि आज सें तेरी मेरीहर बात माननी पड़ेगी चाहे वोँ तुम्हे अच्छी लगे याँ बुरीअगर तूनेकभी भि मेरीकोई बात मानने सें इनकार किया तोँ यह शर्तटूट जाएगी औऱ मे घऱ मे सब कों तेरीयह बातबता दूँगी फिन क्याँ होगा तुम्हें पता हि हैं बोल सार्ट मंजूर हैं’वोँ बोलीं अंजाम कां सोचते हि योगेश केँ जिस्म नें एक् झुरजुरी ली औऱ उसने बिनाकुछ ऐतराज किएमधु कि शर्तमान ली औऱ अपने कमरे मे आँ गय़ा उधरमधु कि आंखों मे अजीब टाइप कि चमक थि…
उधर कोलेडग कि छुट्टी केँ बाद योगिता औऱ पूजापास हि केँ एक् पार्क मे जाती हैं यहा वोँ अक्सर आती रहती थि थि अभि उन्हें यहा पहुंचे थोडा हि वक्तहुआ थां केँ तभी वहाँ10-12 कुत्टू कां एक् झुंड आँ आयाउस झुंड मे एक् हि कुतिया थि बाकी पूरे कुत्ते थें उनके भौंकने औऱ गुर्राने कि आवाज़ सें दोनों बहानो कां ध्यान उन पऱ गय़ा ओट दोनों बहनेअब उन्हें देखने लगीदो कुत्ते एक् दूसरे कों देखकर लगातार गुर्रा रहे थें औऱ कुट्टी केँ पीछे जाने कि कोशिश कररहे थें तभी उनमें सें एक् कुत्ता पीछेहाथ गय़ा औऱ दूसरा कुत्ता कुट्टी केँ पीछेजा कर कुट्टी कि चुत सूंघने लगायह देखकर दोनों बहनों कि नज़र मिली वोँ दोनों मुस्कराने लगी ”लगता हैं आज लाइव चुदाई देखने कों मिलेगी” योगिता बोलि
पूजाकुछ कह पति इससे पहले हि उस कुत्ते नहि अपनी सामने कि दोनों टाँगे उठाकर कुट्टी केँ ऊपररख दि औऱ उसे चोदने लगायह देखकर दोनों बहने गर्म होँ गई औऱ उनकीचुत गीली होनेलगी थोड़ी देरबाद वोँ कुत्ता कुट्टी केँ उप्पर सें उतारकर हापने लगा उसके लन्ड सें घड़ा सां पानी जैसाकुछ बहरहा थां तभी दूसरा कुत्ता कुट्टी कों चोदने लगा ”हैं क्याँ भाग्य हैं इस कुट्टी कि एक् संगदो दो लुंडो सें चुदाई करवारही हैं साली” योगिता सबकी नज़र बच्चा कर अपनीचुत सहलाते हुए बोलि
”अभि तोँ इसेयह सारे कुत्ते छोड़ेंगे यह तोँ शुरूआत हैं” पूजा नें जवाब दियातभी वोँ कुत्ता रुक गय़ा शायद उसकाकम होँ गय़ा थां पर्र वोँ कुट्टी सें अलग नहि हौ पारहा थां तभीदो कुत्ते उन कुत्ता कुट्टी पर्र झपट पड़ेजिस वजह सें कुत्ता कुट्टी केँ ऊपर सें नीचे तौ आँ गय़ा पऱ उसका लन्ड कुट्टी कि चुत मे हि फँसारहा अबउन दोनों कुत्ता कुट्टी कां मुंह एक् दूसरे सें विपरीत दिशा मे होँ गय़ा थां औऱ वोँ दोनों लन्ड कों चुत सें निकालने केँ लिए एक् दूसरे कों अपनीओर खींचने लगे पर्र लन्ड निकालने कां नाम हि नहि लें रहा थां यहदेख कर दोनों बहनों कि आंखें फटी कि फटीरही गई उन दोनों कि नज़रे मिली औऱ दोनों उठकर पार्क सें बाहर् कि ओरचल दि.
अभि वोँ पार्क केँ दरवाजा पर्र हि पहुँची थि कि उनकी नज़र एक् कोने मे बैठे एक् पागल पऱ पड़ी उन्हें एक् झटका औऱ लगा उनकेकदम वहीरुक गये वोँ पागल अपने लंबे मोटे काले लन्ड कों मूठमर रहा थां यहदेख कर दोनों बहनों केँ गलेसुख गए उनकी नज़रे पागल केँ लन्ड सें हटने कां नाम हि नहि लेँ रही थि तभी वोँ पागल उन्हें देखकर मुस्कराया दोनों बहनों कों ऐसालगा जैसे वोँ आसमान सें ज़मीन पर्र आँ गिरी होँ बिना देरीकिए दोनों भागकर बाहर् आगाई औऱ अपनी स्कुटी चालूकर केँ घऱ कि ओरचल दि पूजा स्कुटी चलारही थि औऱ योगिता पीछे बैठी थि ”वॅन दोस्त क्याँ लन्ड थां कस वोँ लन्ड मेरीचुत मे घुससके तौ कितना मज़ा आएगा” योगिता नें अपने बूब्स पूजा कि पीठ मे गाड़ते हुएकहा ”क्याँ दिदी तुँ भि कैसीबात कररही हैं” पूजा अपनीपीठ पऱ योगिता कि चुभती छाती कों महसूस कर केँ बोलीं ”क्याँ तेरी ख़्वाहिश चुदाई करने कि नहि होतीसच बताना मे तौ पता नहि कब सें चुदाया लेतीयदि मौकामिल जाता तोँ” योगिता बोलीं
”दिदी ख़्वाहिश तोँ मेरी भि होती हैं पर्र चुदाई केँ लिए एक् लन्ड औऱ वक्त चाहिए जौ हमें नहि मिल सकतायदि किसी लड़के कों पता भि लिया तोँ उससे चुड़ाएंगे कब कोलेडग सें आने जाने केँ समयए हम् दो मिनट कि देरी भि नहि कर सकते औऱ कॉलेग भि बंक नहि कर सकते क्योंकि वहा भि हमारी निगरानी कां इंतजाम हैं इसलिये तुँ विवाह सें पहले चुदाई कि बात तौ भूल हि जा औऱ यहसोच सोचकर अपनीजान मतजला” पूजा नें जवाब दिया
”देख मुझेपता हैं कि यह नामुमकिन हैं पर्र हम् कोशिश तोँ कर हि सकते हैं औऱ जहांचाह हैं वहांरही हैं यदिकभी हमें मौका मिला तोँ तुँ छुड़ाने कों सजधजकर होगी” योगिता नें पूछा
”यदि कभीऐसा मायका आया तोँ तुझ सें पहले मे चुदवाएगी समझीअब ज़्यादा बातें मतकर औऱ मुझे व्हीकल जल्द सें चलाने दे मुझेघऱ पहुंच कर जल्द सें अपनीचुत कि खुजली मिटानी हैं”पूजा नें जवाब दिया ”खुजली तोँ तेरे सें अधिक मेरीचुत मे हौ रही हैं पऱ हायरे रही भाग्य उंगली सें हि कम चलना पड़ेगा तभी उनकाघऱ आँ गय़ा वाहन कड़ीकर केँ उन्होंने दूरबेल बजाईबेल कि आवाज़ सुनकर योगेश कि नींद खुली उसनेसमय देखा 4.30 हुए थें वोँ समझ गय़ा कि दोनों बहने कॉलेग सें आगाई हैं वोँ उठा औऱ नीचे जानेलगा उसने अभि बॉक्सर पहनाहुआ थां औऱ नींद सें जागने केँ कारण अभीमुस्का लन्ड खड़ाहुआ थां जिससे उसके बॉक्सर मे एक् बड़ा सां टेंटबना हुआ थां पर्र इसबात कां उसेपता नहि थां उस दरवाजा खोला औऱ बोला आगाई तुम् दोनों ”हाँ भैया”पूजा नें जवाब दियातब तक योगिता कि नज़र योगेश केँ बॉक्सर मे बने टेंट पर्र पड़ी औऱ उसका मुंह खुला कां खुलारही गय़ा औऱ उसकी नज़रवही टिक गई पूजा नें उसेऐसे देखा तौ उसकी नज़र भि टेंट पर्र पड़ी औऱ वोँ भि क्कऔंक गई अब वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे घऱ केँ अंदर आँ गये ”तोँ कैसारहा आज कां दिन” योगेश नें उनसे पूछा पऱ वोँ दोनों तौ उसके टेंट कों हि घुरेजा रही थि उसनेउन दोनों कि निगाहों कां पीछा कियातब जाकरउसे अपने टेंट कां पताचला पर्र अब क्याँ हौ सकता थां ”अरे मैंने कुछ पूछा हैं”वोँ ज़ोर सें चिल्ला केँ बोला अचानक जैसी वोँ दोनों नींद सें जागी”सभी अच्छा बिता भैया” योगिता नें जवाब दिया औऱ अपनेरूम कि ओर उप्पर कों भागी पूजा भि कहां पीछे रहने वाली थि उसने भि योगिता केँ पीछे दौड़लगा दि पीछे हक्कबाक्का सां खड़ा योगेश सोचने लगायह क्याँ हौ रहा हैं आज मेरेसंग सुभह माधुरी वाला हादसा औऱ अबयहसभी हे ईश्वर तुम् मेरेसंग यहसभी क्यूं कररहे होँ अब वोँ ईश्वर कों कोसने लगा.
उधर वोँ दोनों अपनेरूम मे पहुँची औऱ दरवाजा बंद करके हांपने लगी अचानक योगिता नें बिनाकुछ बोले पूजा कों अपने सें चिपका कर उसकाहाथ अपनी सलवार केअडर करचुत पऱ लगा दिया औऱ अपना एक् हाथ पूजा कि सलवार केँ अंदरकर उसके होंठ चुस्ती हुइ उसकीचुत मे उंगली अंदर बाहर् करनेलगी पूजा भि योगिता कां इशारा समझ गई औऱ वोँ भि योगिता कों सहयोग करतेहुए उसकीचुत मे उंगली करनेलगी दोनों बहने पहले सें हि गर्म थि इसलिये दो मिनट मे हि झाड़ गई औऱ पलंग पर्र लेटकर ज़ोर ज़ोर सें सांसें लेनेलगी…
रात होँ चुकी थि तीनों बहने अभि अभि खानां बना केँ हटी थि योगेश हाल मे बैठा टेलीविज़न देखरहा थां तभी योगिता उसके बाजू मे आकरबैठ गई उसने एक् बारेगले वाला सलवार सूट पहना थां जिसमें सें उसके बूब्स आधे बाहर् दिखरहे थें एकाएक वोँ योगेश कि बाँह पकड़कर उससे चिपक गयीँ, जिस सें उसके कड़क कड़क बूब्स योगेश कि बाँह मे चुभने लगे योगिता केँ बूब्स कां एहसास होते हि योगेश केँ लन्ड मे तनावआने लगातभी योगिता बोलि ”क्याँ भइया लगता हैं आप् हम् सें प्रेम नहि करते हैं” ”तूँ ऐसा क्यूं बोलरही हैं मे तुम् सब कों कितना प्रेम करता हूं यहकोई छिपी हुई चीज़ हैं” योगेश नें जवाब दिया”यदि आप् हमसे प्रेम करते हैं तौ हमें कहीं घूमने क्यूं नहि लें जातेहर रोजघऱ सें कोलेडग औऱ कोलेडग सें घऱ कितना बोर लगता हैं हम् लोगों कों” योगिता बोलीं
अब योगेश नें योगिता केँ बूब्स केँ नीचे सें अपनी बाँह निकलली औऱ उसे अपने सीने सें लगाकर उसकीपीठ सहलाते हुए बोला ”तुम् सहीकह रही हौ अभि अंकल मुम्मी औऱ दिदी कों वापस आजाने दोफिन मे उनसेपूछ कर कहीं कां टूर बनता हूं” योगेश नें कहा
”कहां कां टूर बनाया जारहा हैं” पूजापास आतेहुए बोलीं ”कुछ नहि दोस्त मे भैया सें कहीं घूमने चलने कां बोलरही थि” इतनाकह कर योगिता योगेश केँ सीने सें अपनागाल रगड़ने लगी औऱ पूजा कों देखकर आँखमर दि पूजा एकदम सकते मे पड़ गई तोँ क्याँ योगिता अब भैया सें हि चुदवाने कि प्लानिंग कररही हैं नहि योगिता ऐसासोच भि नहि सकती मेरा हि मन खराब होँ गय़ा हैं जोँ मे ऐसासोच रही हूं उधर योगेश कां लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने पूरेआकर मे आँ गय़ा थां आख़िर एक् जवान लड़की उसके सीने सें चिपकी हुई अपनेगाल उस सें रगड़रही थि औऱ वोँ स्वयं भि तोँ उसकीपीठ सहलारहा थां अचानक योगेश केँ हाथ योगिता केँ ब्रा कि स्ट्रीप सें टचहुए उसकाहाथ वहींरुक गय़ा अब वोँ ब्रा कि स्ट्रीप पर्र हि हाथ फेरने लगा योगिता भि समझ गई कि योगेश कां हाथ कहां टच हौ रहा हैं इन सबकाअसर देखने केँ लिए जैसे हि उसने योगेश कि लन्ड कि तरफ देखा तौ हैरान रही गई वहाफिन सें बड़ा सां तंबूबन गय़ा थां उधर पूजा भि सभीदेख औऱ समझरही थि तभी योगिता सें उसकी नज़र मिली तोँ योगिता नें उसे योगेश केँ लन्ड कि ओर इशारा किया पूजा भि लन्ड कां टेंटदेख हैरान रही गई तभी माधुरी नें पूजा कों अंदर बुलाया पूजा कों नां चाहते हुए भि अंदर जानां पड़ा”यह क्याँ हैं योगिता” ब्रा कि स्ट्रीप कों छेड़ते हुए योगेश बोला ”आपको नहि पता ” योगिता पूछा”पता होता तौ तुझसे क्यूं पूछता”योगेश बोला ”वोँ हम् लड़कियां अंदर जौ पहनती हैं नां उसकी स्ट्रीप हैं” योगिता शरमाते हुए बोलीं अब उसेभी बहोत मज़ाआने लगा उसकीचुत धीरे-धीरे धीरे-धीरे गर्म होनेलगी थि उसका भइया धीरे-धीरे धीरे-धीरे उससे खुल्म रहा थां यदि वोँ उसे अच्छे सें हॅंडेल कर लें तोँ उसेघऱ मे हि एक् लन्ड मिल सकता थां (अभि जोँ भि हौ रहा थां वोँ एकाएक हि नहि होँ रहा थां इससभी कि प्लानिंग योगिता नें कोलेडग सें आने केँ बाद योगेश केँ लन्ड कां टेंटदेख कर हि बनाली थि औऱ उसकी भाग्य भि उसकासंग देरही थि) ”अरे वोँ तौ मुझे भि पता हैं केँ यह किसी कपड़े कां हि कुछ हैं पर्र उस कपड़े कों क्याँ कहते हैं” योगेश भि अब बहकने लगा थां ”क्याँ भैया आप् भि नाँ ….मुझे लज्जा आती हैं” वोँ बोलि
”अरे एक् नाम बताने मे कैसी लज्जा” योगेश नें उसको औऱ उकसाया योगिता उप्पर कि ओरउठी औऱ योेश केँ कान केँ पास मुंह लेकर धीरे-धीरे सें बोलि ”ब्रा” उसके मुंह सें यह शब्दसुन कर योगेश केँ लन्ड नें झटका मारायह देखकर योगिता बोलीं ”भैया यह आपके नीचे क्याँ हौ गय़ा हैं एक् दम फूलाहुआ रहता हैं कल भि ऐसा हि दिखरहा थां पहले तोँ ऐसा नहि दिखता थां कुछ हौ तोँ नहि गय़ा आपको”
यह साला हैं बड़ी क़िस्मत वाला हैं – 5
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है - Desi sex story – New Episode
यह साला हैं बड़ी भाग्य वाला हैं – 6
“अरेऐसा कुछ नहि हुआयह शुरुआत सें हि ऐसा हि रहता हैं तूने पहलेकभी ध्यान हि नहि दिया होगा” वोँ बोला
तभी पूजा नें उन्हें खाने केँ लिए बुलाया वोँ दोनों उठे औऱ खानां खाने जानेलगे ”तुँ रात कों मेरे कमरे मे आनांतुझ सें कुछ पूछना हैं” योगेश बोलाअब उसकी नज़र अपनी हि बेहन पऱ खराब होनेलगी थि वोँ जिस्मानी भूख केँ कारण रिश्तो कों भि भूलता जारहा थां औऱ योगिता तोँ चाहती हि यही थि ”ठीक हैं भैया” वोँ बोलीं
खानां खाने केँ बाद तीनों बहनेसाफ सफाई मे लग गई, औऱ योगेश वही बैठा उन्हें देखने लगा माधुरी अपनी बड़ी बड़ी गांड जोँ कि टाइट लोवर मे औऱ भि बड़ी दिखती थि मटकाकर कमकररही थि उसनेतय कर लिया थां कि आगे उसने क्याँ करना हैं औऱ वोँ अपने प्लान केँ हिसाब सें हि सभीकम कररही थि उसेपता थां कि योगेश उसकी गांड कां दीवाना होँ चुका हैं इसलिये वोँ गांड कों कुछ अधिक हि मटकारही थि अचानक उसनेहाथ सें एक् प्लेट नीचे गिरा दि औऱ उसे उठाने केँ लिए नीचे झुकी औऱ कुछदेर उसी पोज़ मे रही योगेश कां ध्यान जैसे हि उसकी बाहर् निकली हुईँ गांड पऱ गय़ा वोँ उसे हि घॉरने लगा अचानक माधुरी पलटी औऱ गुस्से सें योगेश कों देखा अपनी चोरी पकड़ी जाने सें योगेश कि डर केँ मारे गांडफट गई अभि सवेरे हि थि उसने बड़ी मुश्किल सें माधुरी कों मनाया थां अबपता नहि वोँ क्याँ करेगी ”मे अपनेरूम मे जारहा हूं” यहकहकर वोँ वहा सें चला गय़ा यहदेख कर माधुरी केँ होठों पर्र एक् कुटिल मुस्कान सजधजकर गई उधर योगिता तोँ कम मे लगी थि पऱ पूजा नें यह सारा हादसा पूरा देखाउसे समझ नहि आया केँ यह क्याँ होँ रहा हैं उसकी बड़ी बेहन उसके हि भइया कों जानबूझ कर अपनी गांड दिखारही हैं औऱ भइया भि उसकी गांड कों घुरेजा रहा हैं औऱ फिनजिस तरह सें माधुरी नें योगेश कों गुस्से सें देखा थां उससे पूजा नें अंदाज लगाया कि माधुरी कोई बड़ागेम खेलरही हैं औऱ अभि योगिता औऱ योगेश केँ बीच जौ उसने देखा थां उससेउसे लगनेलगा कि आगे जरूरकुछ नया हि गुल खिलने वाला हैं इसघऱ मे
अपनेरूम मे आकर योगेश योगिता केँ बारे मे सोचने लगाउसे लगनेलगा कि चोदने केँ लिए योगिता एकदम सजधजकर माल हैं अगर उसने ज़रा भि कोशिश कि तोँ वोँ उसे आहिस्ता चोद सकता हैं पऱ उसेलगा कि पूजा केँ कारण वोँ शायदऐसा नहि करपाए क्यूं कि वोँ तोँ हरदम योगिता सें चिपकी हि रहती हैं औऱ रूम भि दोनों एक् हि शेयर करती हैं समयआने पर्र इस मसले कां भि हाल निकल जाएगा पहले योगिता पाते तौ सहीतभी उसके सामने माधुरी कां गुस्से भरा चेहरा आयाउसे कुछ अजीब सां लगा क्याँ माधुरी उसे जानबूझ कर अपनी गांड दिखारही थि यदिऐसा हैं तौ फिन उसने गुस्से सें क्यूं देखाउसे कुछसमझ नहि आयामगर उसे एक् बात पऱ पक्का यकीन थां कि रात मे माधुरी उसकेरूम मे जरूर आएगीतभी उससेबात कर लूँगा उसने सोचाउधर तीनों बहनेकाम निपटा कर अपने अपनेरूम मे आँ गये थि
योगिता नें दरवाजा बंद करतेहुए पूजा सें कहा ”लगता हैं ईश्वर नें हमारी सुनली हैं अपन्द लिएघऱ मे हि एक् लन्ड कां इंतजाम होनेजा रहा हैं”
”यह तूँ क्याँ बोलरही हैं घऱ मे हमें किसका लन्ड मिलने वाला हैं” पूजा बोलीं
“भैया कां” यहकहकर योगिता नें उसके औऱ योगेश केँ बीच मे हुई सारी बातें पूजा कों बता दि यहसभी सुनकर पूजा कां मुंह हैरत सें खुला कां खुलारही गय़ा ”मगरयह गलत हैं पाप हैं हम् अपनेसगे भइया सें हि केसे चुदाया सकती हैं” पूजा बोलीं
”अरे इसमें क्याँ गलत हैं देख पूजा हम् दोनों कि हि हालत एक् सि हैं दोनों कि हि चुत मे आगलगी हुइ हैं हमें एक् लन्ड कि सख्त जरूरत हैं यदि हम् बाहर् किसी सें यहसभी करते हैं तोँ वोँ हमारा गलत फायदा भि उठा सकता हैं औऱ हमारी बदनामी भि हौ सकती हैं जब कि भैया केँ संगऐसा करने मे बात खुलने कां कोईडर नहि हैं औऱ वोँ भि मुझे सेक्स केँ मामले मे अपने जैसा हि भूखालगा यदि उसकी औऱ हमारी प्यास घऱ मे हि बुझती रहे तोँ इसमें प्राब्लम हि क्याँ हैं” इतनाकह कर योगिता चुप होँ गई उसेपता थां कि इस सारे मामले मे वोँ पूजा केँ बगैरकुछ नहि कर सकती हैं इसलिये उसने सबसे पहले पूजा कों अपनेतरफ मिलने कि सोची वैसेउसे मालूम थां कि किसी औऱ लड़के केँ संग सेक्स करने केँ लिए पूजा एक् बात मे हि सजधजकर होँ जाएगी मगरसगे भइया केँ लिएउसे मानने केँ लिएउसे इतना बड़ा लेक्चुर देना पड़ा थां
”मगर भैया मानेंगे” पूजा नें प्रश्न किया
उसे पटरी पर्र आतेदेख योगिता खुशी सें चहकी ”तूँ उसकी चिंता मतकर वोँ मे देख लूँगी औऱ मैंने तुझेही एक् बात तौ बताई हि नहि भैया नें रात कों मुझे अपने कमरे मे बुलाया हैं”
”क्याँ…… तौ क्याँ तुँ आजरात कों हि चुदाया लेगी” पूजा बारे असचारी मे थि
”नहि दोस्त देख वोँ हमारा भइया हैं इतनी जल्द तौ चुदाई कि बात होँ हि नहि सकतीसभी कुछ धीरे-धीरे धीरे-धीरे हि होगा पर्र अगर भैया मानगये तोँ मायटो आज हि उनसे छुड़ाने कों सजधजकर हूं देखा नहि थां तूने पेंट केँ ऊपर सें उनका फूलाहुआ लन्ड”योगिता अपनीचुत कों सलवार केँ उप्पर सें सहलाते हुए बोलीं जोँ कि पता नहि कब सें पानीचुद रही थि
अब पूजा भि उसकी बातें सुनकर गर्म हौ गई थि ”पर्र देख योगिता पहले तेरी हि चुदवाना होगा भैया सें मे पहले नहि करने वाली समझी नां”पूजा नें कहा
”अरे वोँ तौ वैसे भि पहले मे हि करूँगी मे इतनी मेहनत तेरेलिए थोड़े हि नाँ कररही हूं” योगिता बोलि
”अरे दोस्त मे एक् बात तौ तुम्हारी तरफ बताना हि भूल गई” कहकर पूजा नें माधुरी औऱ योगेश वाली सारीबात योगिता कों बता दि जोँ उसने खानां खाने केँ बाद देखी थि यहसभी सुनकर योगिता केँ भि कान खड़े हौ गये
”मगर माधुरी दिदी केँ ऐसा करने कां क्याँ मतलब होगा मैंने स्वयं देखा थां कि उन्होंने जानबूझ कर प्लेट गिराई थि औऱ उठाने मे देर भि लगाई थि जब वोँ स्वयं हि अपनी गांड भैया कों दिखारही थि तौ फिन उन्हें गुस्से सें देखने कां क्याँ मतलब”कह कर पूजा योगिता कों देखने लगी जौ कि कुछसोच रही थि ”मुझे तोँ इसका एक् हि मतलबसमझ मे आता हैं मेरे ख्याल सें उन दोनों केँ संगऐसा हि कुछ पहले भि होँ चुका हैं औऱ शायद मदूरी दिदी भि भैया सें चुदना चाहती हैं क्योंकि बाहर् केँ मामले मे उसकी हालत भि हमारे जैसी हि हैं तौ वोँ भि घऱ मे हि चुदना चाहती हैं पर्र वोँ डायरेक्ट बहाईया सें ऐसा नाँ बोलकर उन्हें धीरे-धीरे धीरे-धीरे उकसाकर यहकम करना चाहती हैं ताकि शुरूआत करने कां इल्जाम उनपर नां आए” योगिता अब माधुरी कां पूरा प्लान समझ गई
”पर्र उसकेइस प्लान सें कही हमारा कम नाँ बिगड़ जाए” पूजा कों ऐसालगा जैसे माधुरी उसकाहक छीनरही हौ
”अरे नहि दोस्त उसकेऐसा करने सें हमेंकोई फर्क नहि पड़ेगा इन लड़कों कों मे अच्छी तरह जानती हूं इनको तौ रोज नहि नहि चुत चाहिए एक् सें इनकामान नहि भरता औऱ वैसे भि माधुरी दिदी भि तोँ भैया कि बेहन हि हैं हमारी तरह उनका भि भैया पऱ पूराहक हैं औऱ अगर वोँ भैया सें चुदाया भि लेगी तोँ कोई भैया कां लन्ड घिस तोँ नहि जाएगा” यहसुन कर पूजा कों बहोत शांति मिली थोड़ी देरबाद उसने योगिता सें पूछा ‘तुँ भैया केँ रूम मे कब जाएगी’ ”चली तौ मे अभि हि जाती पऱ यह माधुरी दिदी वालीबात सुनकर मे सोचरही हूं कि उनके सोने केँ बाद हि मे भैया केँ रूम मे जाओ क्यूं कि दिदी भि अपने जुगाड़ मे कुछ नाँ कुछकर हि रही होगी ” यहकहकर योगिता फिन सें सोच मे डूब गई
उधर माधुरी रूम मे आकर सोचने लगी कि अबआगे क्याँ कियाजाए वोँ कलरात मे हि तयकर चुकी थि कि भइया बेहन कां यह नाता दुनिया कां बनाया हुआ हैं ईश्वर नें तोँ सिर्फ़ व्यक्ति औऱ महिला हि बनाए थें इसलिये भइया केँ संग सेक्स करे मे कोईपाप वाप नहि हिटायह सिर्फ़ धिकवे कि बातें हैं वोँ अब मनीषा केँ वापसआने सें पहले हि योगेश सें चुदाया लेना चाहती थि क्योंकि मनीषा केँ आनेबाद वोँ योगेश सें चुदाया तोँ सकती थि पर्र उसे पत्ता नहि सकती थि अब वोँ उठी औऱ योगेश केँ रूम मे चली गई योगेश अपने लॅपटॉप पऱ कुछकम कररहा थां मदूरी कों देखकर वोँ खड़ा होँ गय़ा औऱ माधुरी कों बैठने कों कहा उसकी गांडफटी जारही थि कि अब वोँ क्याँ बोलेगी
”तुँ अभि फिन सें मेरी गान्ड…बॅक कों ताड़रहा थां वोँ बोलि
”वोँ दिदी, दिदी वोँ…” योगेश सें कुछ बोलते हि नहि बना
”देख योगेश मे तेरीभान हूं औऱ हमारे समाज मे यह नाता बहोत पवित्र मना जाता हैं इसलिए तुँ मुझेइस तरह घूर्ना चोदकर कहीं औऱ ट्राइ कर क्योंकि मुझसे तुम कोकुछ नहि मिलने वाला औऱ मे समझ सकती हूं कि तेरीउमर मे सब कि सेक्स करने कि ख़्वाहिश होती हि हैं” वोँ बोलीं
मनीषा केँ ऐसे बोलने सें योगेश कों विश्वास हि नहि हुआ वोँ तोँ दाँत खाने कि उम्मीद कररहा थां अब माधुरी केँ ऐसा सीधे सेक्स कि बात करने सें उसका कॉन्फिडेंट औऱ तरफ गय़ा थां ”एक् बात बोलू दिदी आप् बुरा तोँ नहि मानोगे” वोँ बोला
”नहि मानूँगी बुरा पऱ तूँ यह दिदी औऱ आप् केहना बंदकर पहले कि तरह हि मुझसे बातकर” माधुरी बोलि
”श थॅंक्स मधु डार्लिंग पऱ तूँ भि तोँ मेरी हि उमर कि हैं तोँ क्याँ तेरी ख़्वाहिश नहि होतीयह सभी करने कि” वोँ बोला, माधुरी पहले तौ मुस्कुराईं फिन बोलि ‘मेरी भि बहोत ख़्वाहिश होती हैं पऱ बाहर् मे किसी केँ संगकर नहि सकती औऱ सगे भइया केँ संगयह सभी करने कि मेरी हिम्मत नहि हैं तौ जैसाचल रहा हैं वहीठीक हैं’
”तौ फिन तुम् क्याँ करती हौ मेरा मतलब हैं कि जब तुम्हारी सेक्स करने कि ख़्वाहिश होती तोँ तुम् अपने आप् कों संतुष्ट केसे करती हौ” योगेश बोला
”वैसे हि जैसे तुम् अपनेहाथ सें करते हौ मे भि अपनेहाथ सें हि कम चलती हूं पर्र तुम्हारे पास लापी भि हैं जौ मेरेपास नहि हैं इसलिये आनंदकुछ कमआता हैं’ उसने जवाब दिया
”अगर तुम् चाहो तौ मेरा लापीउसे कर सकती हौ’ वोँ बोला
यह साला हैं बड़ी भाग्य वाला हैं – 6
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है - Desi sex story - Next part miss mat karna
Relavant source : click here