हवस का नंगा नाच complete - jawaani ki pyaas - Latest Update 1
हवस कां नंगानाच
फ्रेंड्स आपकेलिए एक् औऱ तड़कती फड़कती कथापेश कररहा हूं जैसा कि मैने पहले भि कहा हैं मे कोई लेखक नहीं हूं
मुझे जौ कथा अच्छी लगती हैं आपकेसंग शेअरकर लेता हूं यह किस्सा आकाश नें लिखी हैं मे इसे आपकेलिए हिन्दी फ़ॉन्ट मे कंवर्ट कररहा हूं
भाग 1
साना नें आज अपनी उम्र कि 19 वीं सीढ़ी पर्र कदमरख दिए थें.उसकीसाल गीरह मनाने कां अंदाज़ नायाब थां.औऱ क्यूं नां होँ.शहेर केँ सभी सें नामी गीरामी बिज़्नेसमॅन लाला हरदयाल कि एक् लौटी बेटी जोँ थि। नायाब बेटी केँ नायाब कारनामे.
उसकीहर चीज़ नायाब थि। लंबी, छरहरे जिस्म कि मालकीन.5'6" कि लंबाई, जिस्म मे सही जागेह सही गोलाई औऱ उभार.नाक सुडौल रंग सफ़ेद। किसी भि मर्द केँ सपनों कि रानी.उस नें अपने पैसे, जवानी औऱ शरीर कां भरपूर इस्तेमाल करना सीखा थां। भरपूर ज़िंदगी कां लुत्फ़ उठाना सीखा थां.लाला नें भि उसे भरपूर जीवन जीने कि छूटदे रखी थि। इस कि वजह थि साना कि मा कि उसके बचपन मे हि मौत.
मा केँ प्रेम कि कमी लालाजी नें अपने पैसे औऱ साना कों अपनी ज़िंदगी भरपूर जीने कि आज़ादी देकर पूरी करनी चाही थि.नतीज़ा येहुआ साना कों प्रेम तौ नसीब नहि हुआ पर्र वोँ हवस कों प्रेम समझ बैठी औऱ उसकी ज़िंदगी एक् हवस कि भूख मिटाने कां हि सबबबन गय़ा.पऱ हवसकभी पूरी हुई हैं.????
आज लालाजी केँ फार्म हाउस मे साना कि 19 वीं साल्गीरह धूमधाम सें मनाईजा रहे हैं.शराब औऱ शबाब सें भरपूर.
साना नायाब थि.उसकी बर्थडे पार्टी भि नायाब.
हवस कि पुतली साना कि बर्थडे पार्टी भि हवस केँ रंग मे शराबोर थि.हवस कां नंगानाच हौ रहा थां.
साना केँ कुछ गिने चुनेयार हि वहा मौज़ूद थें.उसके दोस्तों मे सिर्फ़ मर्द हि नहि बल्कि लड़कियाँ भि शामिल थीं.साना कि हि तरेह अमीर, बिगड़ी औऱ हवस कि भूखी.
केककट चूका थां। डिन्नर कां भि दौर समाप्त हौ चूका थां.फ्रेंच शॅंपेन कि बोतलें कितनी खूली औऱ कितने जाम उनकेगले केँ नीचे उतरे इसकाकोई पैमाना नहि थां.हल्की हल्की मदहोश करने वाली डॅन्स कि धूनों पऱ डॅन्स फ्लोर पर्र जोड़े एक् दूसरे सें चीपके, कमर हिलाते.अपने, हाथों सें एक् दूसरे कि पीठ सहलाते, होंठों कों चूमते, सीने सें सीना दबाए थीरकरहे थें.
कपड़े नीचे फर्श पऱ गिरते जारहे थें किसी कों कोईहोश नहीं। लड़कियों केँ हाथ लड़कों केँ कपड़े उताररहे थें.लड़कों कि हथेलिया लड़कियों केँ जिस्म औऱ कपड़ों पऱ जुटे थें, एक् दूसरे कों नंगा करने कि होड़मची थि.
साना डॅन्स फ्लोर सें अलग बहुत हि पतली औऱ झीनी सि ड्रेस पहने, हाथ मे जामलिए अपने दोनों बगल अपनेसभी सें करीबी दोस्तों केँ संग बैठी थि। उसके एक् हाथ मे शॅंपेन कां जाम थां। दूसरा हाथ अपनेबगल बैठे मित्र केँ पॅंट केँ उभार पर्र थां। औऱ उसकेयार केँ हाथ साना केँ जिस्म सें खेलरहे थें.दोनों एक् दूसरे मे खोए थें.साना दुनिया सें बेख़बर, शराब औऱ शबाब कि मस्ती मे डूबी.अपने आप् कों अपने दोनों दोस्तों केँ हाथ छोड़ दिया थां.
शराब कि मस्ती, हवस कि प्यास औऱ उम्र केँ तकाज़े नें अब तक वहा मौज़ूद सभी केँ कपड़े उतारदिए थें.
डॅन्स फ्लोर पर्र सब नंगे थें। एक् दूसरे कों सहलाते, चीपकते, नोचते, चूमते औऱ कमर हिलाते एक् दूसरे मे समान जाने कों बेताब। सिसकारियाँ। थपथपाहट, चूमने कि चटखारों, अया.उईईईई। हाई। कि धीमी पर्र मदहोश आवाज़ें निकाल रहे थें.उनके हाथों कि उंगलियाँ चूचियों कि गोलाई.बुर कि गहराई, जिस्म केँ भरपूर गोश्त कां जायज़ा लेँ रही थि.होंठ एक् दूसरे केँ होंठों सें चीपके एक् दूसरे कों पूरी तरेहखा जाने कों बेताब थें.कुछ जोड़ों सें अब औऱ रहा नहीं गय़ा।, उनके सब्र कां बाँधफूट पड़ा थां.लड़कियों नें अपनी टाँगें फैला दि.अपने हाथों सें अपने गीली, रसीली बुर कि फाँकें अलगकर दि, डॅन्स फ्लोर पर्र झूमती हुइ लेट गयीं.उनके साथियों नें अपने तन्नाए, फन्फनाते लौड़ों कों सहलाते हुए अपने पार्ट्नर्स केँ इन्विटेशन कों क़बूल किया, उनके टाँगों केँ बीच आँ गये.औऱ फिन फ्लोर पर्र चुदाई कां आलम शूरू हौ गय़ा.
अब तक फ्लोर पऱ जोड़े खड़े थें.अब जोड़े फ्लोर पऱ पड़े थें.कमर खड़े खड़े भि हिलरही थि औऱ कमरअब पड़े पड़े भि हिलरही थि.पऱ अबसंग मे लौड़ों औऱ बुर कां भि खेल बराबर चलरहा थां.पूरा हॉल आआआः.उूुउऊहह.हाईईईईईईई.हाआँ। उईईईई कि धीमी सिसकारियों औऱ चीखों सें गूँजरहा थां.हवस कां नंगानाच अपनी बुलंदियों पर्र थां
इधर साना केँ कपड़े भि उतर चूके थें.अब तक वोँ अपने दोनों दोस्तों कि गोद मे बिल्कुल नंगी पड़ी थि.उसकी आँखें बंदथीं.उसके दोस्तों केँ हाथ साना केँ जिस्म कां भरपूर मजा लेँ रहे थें.
एक् साना कि रसीले, गीली, रसीली बुर कां मजाचाट चाटकर लेँ रहा थां.दूसरा साना केँ होंठों कि मस्ती, उसकीजीभ कि मीठी औऱ गीली स्वाद कां मजा उन्हें चूसचूस कर लेँ रहा थां.उसकी हथेलिया साना कि 32ब साइज़ वाली चूचियों सें खेलरही थीं.उन्हें दबारही थि.उनकी घुंडीयों कों सहलारही थि जितना ज्यादा साना कि चूचियाँ औऱ होंठ चूसे जाते.उतना हि मस्ती सें उसकी बुर फदकउठ ती औऱ उसकी बुर भि उतनी हि गीली होती जाती.औऱ बुर चाटने वालेयार कां मुँहभर उठता साना कि बुर रस सें.
हवस का नंगा नाच complete - jawaani ki pyaas – New Episode
तीनों मस्ती कि सीढ़ियों पऱ आगे औऱ आगे बढ़ते जेयारहे थें.साना कराहरही थि, सिसकारियाँ लें रही थि.उसकी आँखें बंद थि.
उसके दोनों दोस्तों नें उसे उठाया औऱ सामने पड़े बड़े सें सोफे पर्र लीटा दिया औऱ अपनी अपनी पोज़िशन बदल ली.बुर चाटनेवाला अब उसकी चूचियों सें खेलरहा थां औऱ चूचियों सें खेलनेवाला अब उसकी बुर पऱ टूट पड़ा थां.
साना अपनी टाँगे फैलाए.घूटने उपरकिए लेटी लेटी मज़े लेँ रही थि.उसकी बुर सें रस कि बारिश हौ रही थि.चूचियों कि घुंडी कड़ी, तनी हुइ औऱ ऐसेउपर उठी थि मानो किसी बच्चे कि नूनी। उन्हें छूते हि साना केँ जिस्म मे करेंट सां दौड़ जाता.
साना बड़बड़ा रही थि." उफफफफ्फ़.दोस्त तुम् दोनों क्याँ कररहे होँ.अरे कोई तौ चोद लें.मेरी बुर बहुत खुज़ला रही हैं.अबचोद भि दो नां.कमऑन."
उसकी बुर कि तरफवाले लड़के नें अपनासर साना कि बुर सें हटाया, उसकीओर देखा औऱ कहा.
" हां साना.तेरी बुर सें तोँ नदीबह रही हैं दोस्त.चल तूँ भि क्याँ नाम लेगी.लेँ आज तेरा बर्थडे प्रेज़ेंट मे हि देता हूं."
" हां जानूबस आँ जा.भरदे मेरी बुर अपने लन्ड सें.अयादेर मतकर.बस आँ जा." साना नें अपनी टाँगें औऱ भि फैलादीं.
साना कि बातों सें वोँ औऱ भि जोश मे आँ गय़ा, औऱ उसकी टाँगें उठाता हुआ अपने कंधों पऱ लेँ लिया औऱ अपना लन्ड उसकी बुर पे रखा औऱ एक् जोरदार धक्का मारा.फच सें पुर कां पूरा लॉडा साना कि बुर केँ अंदर थां.
साना कां पूरा शरीर सीहरउठा, कांपउठा " हान हाअन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.बसऐसे हि लगाओ धक्के, रूकना मत.आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हां औऱ ज़ोर.औऱ ज़ोर.अबे मा केँ लौडे औऱ ज़ोरलगा नाँ.सालेकुछ खाया पिया नहि.? मार.मार मदर्चोद मार नां धक्के.साला चुदाई कररहा हैं कि बुर लन्ड सें खुजारहा हैं.मार मार.मदर्चोद जब लन्ड मे दम नहि फिन मुझे चोदने कि हिम्मत केसे हुईँ.अबे गान्डू औऱ ज़ोरलगा.अयाया अयाया.औऱ ज़ोर.""
सानाकुछ भि बेकजा रही थि.
उसकी बातें सूनसून लड़का पूरेजोश मे धक्के लगता लगाता स्वयं तोँ बूरी तरेह झाड़ गय़ा साना कि बुर मे.पर्र साना अभि भि फारिग नहीं हुईँ थि.उसकी बुर अभि भि गरम थि.आग बूझने कां नाम नहि थां.
दूसरे लड़के नें भि अपने लौडे कि करामात दीखाई.पर्र साना कि बुर केँ सामने उसके लौडे नें भि हारमान ली.
सभी जानते थें वहा साना कों चोदना औऱ उसे झड़ाना उनमें सें किसी केँ वश कि बात नहीं थि, पर्र सिर्फ़ साना जानती थि.बस सिर्फ़ एक् हि लन्ड थां जिसकी मार सें साना कि बुर मे हलचलमच जाती.उसकीआग ठंडी होँ जाती.पऱ उस लन्ड कां मालिक अभि तक वहा नहींआया थां.
साना अपनी बुर फैलाए। सिसकारियाँ लेते उसका बेसब्री सें इंतेज़ार कररही थि.
उसकेसब साथीजा चूके थें.
साना अकेली रह गई, थि.उस विशाल हॉल केँ सोफे पऱ लेटी.बुर सें रस, वीर्य टपकाती.पर्र फिन भि दहक्ते अंगार केँ तरेहगरम.
उसकी आँखें बंदथीं.
तभी उसके कानों मे किसी केँ कदमों कि आहट हुई
साना नें आँखें खोलीं.देखा तोँ सामने सोफे केँ लगभग, उसके बिल्कुल सर केँ पास लाला हरदयाल खड़े थें.उसके प्यारे बापू। !
Saina ne आज apni umra कि 19 ween seedhi पऱ kadam रख diye the.उसकीसाल geerah manaane kaa andaaz nayaab tha.औऱ kyoon na hu.sheher केँ sab सें naami geeraami businessman Lala Hardayaal कि एक् lauti beti joo thee। nayaab beti केँ nayaab kaarnaame.
Uski har चीज़ nayaab thee। lambi, charhaari badan कि maalkeen.5'6" कि lambaai, badan मे sahee jageh sahee golai औऱ ubhaar.nak sudaul rang gora। kisi bi mard केँ sapnon कि raani। Us ne apne paise, jawaani औऱ badan kaa bharpoor istemaal krna seekha thaa। bharpoor जीवन kaa lutf uthaanaa seekha tha.Lala ne bi use bharpoor jindagi jeene कि chhoot de rakhee thee। iss कि wazeh thee Saina कि mummy kaa उसके bachpan मे hi moth.
mummy केँ pyar कि abhav Lala ji ne apne paise औऱ Saina ko apni जीवन bharpoor jeene कि swatantrata de krr poori karni chaahee thee.nateeza ye हुआ Saina ko pyar too naseeb nahin हुआ पर्र wo hawas ko pyar samajh baithee औऱ उसकी जीवन एक् hawas कि bhukh mitaane kaa hi sabab ban गय़ा.पऱ hawas कभी poori hoyi h.????
aj Lala Ji केँ farm house मे Saina कि 19 ween saalgeerah dhoomdhaam सें manayi jaa rahe h.sharab औऱ shabab सें bharpoor.
Saina nayaab thee.उसकी party bi nayaab.
Hawas कि putli Saina कि party bi hawas केँ rang मे sharabor thee.hawas kaa nanga naach hu rahaa tha.
Saina केँ कुछ gine choone friend hi vahaan mauzood the.उसके doston मे sirf mard hi nahin balke ladkiyan bi shamil theen.Saina कि hi tareh ameer, bigde औऱ hawas केँ bhookhe.
Cake kat chooka tha। dinner kaa bi daur khatm hu chooka thaaa.french champaign कि botlein kitni khooli औऱ kitne jaam unke gale केँ neeche utre iska कोई paimana nahin tha.halki halki nasha karnewaaali dance कि dhoonon पर्र dance floor पर्र jode एक् dusre सें cheepke, kamar hilate.apne, hathon सें एक् dusre कि peeth sehlaate, honthon ko choomte, seene सें seena dabaye theerak rahe the.
Kapde neeche farsh पऱ geerte jaa rahe the kisi ko कोई hosh nahi। ladkiyon केँ हाथ ladkon केँ kapde utaar rahe the.ladkon कि hatheliyan ladkiyon केँ badan औऱ kapdon पऱ joote the, एक् dusre ko nanga karne कि hod machee thee.
Saina dance floor सें alag bohot hi patli औऱ jheeni si dress pehne, हाथ मे jaam liye apne donon bagal apne sab सें kareebi doston केँ saath baithee thee। उसके एक् हाथ मे champaign kaa jaam tha। doosra हाथ apne bagal baithe friend केँ pant केँ ubhar पर्र tha। औऱ उसके friend केँ हाथ Saina केँ badan सें game rahe the.donon एक् dusre मे khoye the.Saina world सें bekhabar, sharab औऱ shabab कि masti मे doobi.apne ap ko apne donon doston केँ हाथ chhod दिया tha.
Sharab कि masti, hawas कि pyaas औऱ umra केँ takaze ne अब tak वहा mauzood sab केँ kapde utaar diye the.
dance floor पर्र sabhi nange the। एक् dusre ko sehlate, cheepkate, nochte, choomte औऱ kamar hilate एक् dusre मे सामान jaane ko betab। siskariyan। thapthapaahat, choomne कि chatkhaaron, aaah.uiiiiii। haai। कि dheemi पऱ nasha awaazein nikaal rahe the.unke haathon कि ungliyan choochiyon कि golai.chut कि gehrai, badan केँ bharpoor gosht kaa jaizaa le rahee thee.honth एक् dusre केँ honthon सें cheepke एक् dusre ko poori tareh khaa jane ko betab the.कुछ jodon सें अब औऱ rahaa nahi gayaa।, unke sabra kaa baandh phoot padaa tha.ladkiyon ne apni tangein phaila dee.apne hathon सें apne geeli, raseeli chut कि phankein alag krr dee, dance floor पर्र jhoomtee hoyi let gayeen.unke saathiyon ne apne tannaye, phanphante laudon ko sehlaate hue apne partners केँ invitation ko qabool किया, unke tangon केँ beech aa gaye.औऱ फिन floor पऱ choodai kaa alaam shooroo hu gayaa.
Ab tak floor पर्र jode khade the.अब jode floor पर्र pade the.kamar khade khade bi hil rahe the औऱ kamar अब pade pade bi hil rahe the.पऱ अब saath मे laudon औऱ chut kaa bi game barabar chl raha tha.pura hall aaaaah.uuuuuhhh.haiiiiiiii.haaan। uiiiiii कि dheemi siskariyon औऱ cheekhon सें gunj rahaa tha.hawas kaa nanga naach apni bulandiyon पऱ tha
Idhar Saina केँ kapde bi utar chooke the.अब tak wo apne donon doston कि god मे bilkul nangi padee thee.उसकी ankhein बंद theen.उसके doston केँ हाथ Saina केँ badan kaa bharpoor maja le rahe the.
Ek Saina कि mulayam, geeli, raseeli chut kaa majaa chaat chaat krr le rahaa tha.doosra Saina केँ honthon कि masti, उसकी jeebh कि meethee औऱ geeli swaad kaa maja उन्हें choos choos krr le raha tha.उसकी hatheliyan Saina कि 32B size waali choochiyon सें game rahee theen.उन्हें dabaa rahee thee.unki ghundiyon ko sehla rahee jitna jyada Saina कि choochiyan औऱ honth choose jate.utna hi masti सें उसकी chut phadak uth ti औऱ उसकी chut bi utni hi geeli hoty jaati.औऱ chut chatne wale friend kaa munh bhar uthta Saina केँ chut ras सें.
Teenon masti कि seedhiyon पर्र aage औऱ aage badhte ja rahe the.Saina karah rahee thee, siskariyan le rahee thee.उसकी ankhein बंद thee.
Uske donon doston ne use uthaya औऱ samne pade bade सें sofe पर्र leeta दिया औऱ apni apni position badal li.chut chatnewalaa अब उसकी choochiyon सें game rahaa tha औऱ choochiyon सें khelnewalaa अब उसकी chut पर्र toot pada tha.
Saina apni tange phailaye.ghootne ऊपर kiye leti leti maje le rahee thee.उसकी chut सें ras कि baarish hu rahee thee.choochiyon कि ghundi kadi, tani hoyi औऱ ayese ऊपर uthee thee mano kisi bachee कि nuni। उन्हें choote hi Saina केँ badan मे current si daud jaati.
Saina badbadaa rahee thee." Ufffff.yar tm donon क्याँ krr rahe hu.are कोई too chod le.मेरी chut bohot khujla rahee h.अब chod bi दो na.come on."
Uski chut कि tarafwaale ladke ne अपना sar Saina कि chut सें hataya, उसकी aur देखा औऱ kahaa.
" ha Saina.tairi chut सें too nadi beh rahee h yar.chl tu bi क्याँ naaam legi.le आज teraa Birth Day present mein hi deta hun."
" ha jaanu bus aa jaa.bhar de मेरी chut apne laude सें.aaah der mat krr.bus aa jaa." Saina ne apni tangein औऱ bi phaila deen.
Saina कि baton सें wo औऱ bi josh मे aa gayaa, औऱ उसकी tangein uthata हुआ apne kandhon पऱ le लिया औऱ अपना loda उसकी chut pe rakhaa औऱ एक् jordaar dhakka maraa.futch सें poore kaa pura lauda Saina कि chut केँ andar tha.
Saina kaa pura badan seehar uthaaa, kanp uthaa " ha haaan.bus ayese hi lagao dhakke, rookna mat.aaaaah ha औऱ jor.औऱ jor.abe mummy केँ laude औऱ jor lagaa na.saale कुछ khayaa piya nahin.? Maar.maar madarchod maar na dhakke.salaa chudayi krr rahaa h केँ chut loda सें khooja raha h.maar maar.madarchod जब loda मे dam nahin फिन muze codne कि himmat kese hoyi.abe gaandu औऱ jor lagaa.aaaah aaaah.औऱ jor.""
Saina कुछ bi bake ja rahee thee.
Uski batein soon soon ldka poore josh मे dhakke lagata lagaata khud too boori tareh jhad gayaa Saina कि chut मे.पऱ Saina abi bi faarig nahe hoyi thee.उसकी chut abi bi garm thee.aaag boojhne kaa nam nahin thaa.
dusre ladke ne bi apne laude कि karaamaat deekhayee.पऱ Saina कि chut केँ saamne उसके laude ne bi haar maan lee.
Sab jante the vahaan Saina ko chodna औऱ use jhadaanaa unmein सें kisi केँ vash कि बात nahi thee, पऱ sirf Saina janti thee.bus sirf एक् hi loda tha jiski maar सें Saina कि chut मे halchal mach jaaati.उसकी agni thandi hu jaatee.पर्र us loda kaa maalik abi tak vahaan nahi aayaa tha.
Saina apni chut phailaaye। siskariyan lete उसका besabri सें intezaar krr rahee thee.
Uske sabhi friend ja chooke the.
Saina akeli rha gayee thee.us vishaal hall केँ sofe पऱ leti.chut सें ras, virya tapakti.पऱ फिन bhee dahakte angaar केँ tareh garm.
Uski ankhein बंद theen.
Tabhi उसके kanon मे kisi केँ kadmon कि aahat hoyi
Saina ne ankhein kholeen.देखा too saamne sofe केँ kareeb, उसके bilkul sar केँ pas Lala Hardayal khade the.उसके pyaare Papa। !
हवस का नंगा नाच complete - jawaani ki pyaas – New Episode
लालाजी आँखें फाडे अपनी बेटी केँ सर केँ पास खड़ेउस कि ओरताक रहे थें.अपनी पूरी 5' 11" कि लंबाई सें झाँकते हुए.उन्हें हैरानी तौ हुइ। क्रोध भि आया.पर्र अपनी बेटी कों अच्छी तरेह जानते थें.औऱ उन दोनों केँ बीच कां नाता भि बाप-बेटी कां कम औऱ करीबी यार कां अधिक थां.उनकी उम्र भि कोई अधिक नहि 48 साल कि हि थि औऱ ख्यालात भि काफ़ी खुले औऱ ज़माने केँ संग थें.उन्होने समझदारी सें काम लेने कां फ़ैसला किया.गुस्से सें साना औऱ भि भड़क उठती औऱ बात बीगड़ने कां ख़तरा थां.साना उनका क्रोध बर्दाश्त नहींकर सकती। औऱ साना केँ इसहद तक गिरने मे लालाजी कां भि कुछकम हाथ नहीं थां.उनकी छूट कां हि ये नतीज़ा थां.उन्होने गुस्से कों पी डाला.
हरदयाल अपनी बेटी केँ बगल चूपचाप उसकीओर ताकते हुएबैठ गये। कुछकहा नहीं। अपने घूटनों पर्र अपनेहाथ रखे अपना चेहरा हथेलियों सें छुपाए हुए बैठे थें.
साना नें अपनी बदहाली देखी.वोँ समझ गयीँ, उसके प्यारे पिताजी कों शायद बूरालगा थां., अपने पिताजी सें बहुत प्रेम करती थि.सारी दुनिया मे वोही तोँ उसके अपने थें.साथी थें उसके पऱ सच्ची दोस्ती किसी सें नहीं थि.सब सिर्फ़ मौज़ मस्ती केँ हि साथी थें.अपनेदिल कि बात सिर्फ़ पिताजी सें हि कर सकती थि.
साना वैसे हि लेटी थि, शॅंपेन कां नशा अभि भि उस पर्र थां.फिन भि अपनी लड़खड़ाती ज़ुबान सें उस नें कहा." बापू.आप् खामोश क्यूं हैं.कुछकहो नां.आज मेरे बर्थडे पर्र अभि तक मुझेविश भि नहि किया.आप् बहुत गंदे हौ.बहुत गंदे होँ."
हरदयाल अपनी बेटी कि मासूमियत, उसके भोलेपन औऱ उसकीइस हालत कों देखफूट पड़े.उनकी आँखों सें आँसुओं कि धारफूट पड़ी.
उन्होने अपनासर उसकी तरेफ घुमाते हुए उसके नंगे शरीर, उसके अपने दोस्तों सें रौंदे हुए शरीर कों देखा औऱ फिन अपनासर नीचेकर लिया.कुछ देरबाद सर उठाया.औऱ कहा
" बेटी.तूँ अपने बाप कों औऱ कितना तडपाएगी.? औऱ कितना दूख देगी.क्याँ तुम्हे इस हालत मे देख मे तालियाँ बजाऊं.खुश होउँ.? सारेशहर मे ढिढोरा पिटवाउ। लोगों कि छोड़ो.मुझे दूसरों सें कुछ लेना देना नहि.पर्र मेरेदिल मे, मेरे दिमाग़ मे तेरी हालात पर्र जौ हथौड़े चलरहे हें.उसकीचोट कों मे केसे बर्दाश्त करूँ बेटी.बोल नाँ साना.बोल नां.?" हरदयाल बच्चो कि तरेहफूट फूटकर रोरहे थें.
साना कां नशा अपने बाप कि हालतदेख काफूर होँ चूका थां.
वोँ अपने पिताजी सें लिपट गयीँ,.उनका चेहरा अपने हथेलियों सें थाम लिया.उनके आँसू पोंछते हुएउन सें कहा.
" पिताजी.आइआम रियली वेरी सॉरी.मे समझ सकती हूं आप् पऱ क्याँ बीतरही होगी.पर्र पिताजी आप् नें मुझे पहलीबार तोँ नंगी नहि देखा हैं नां। फिनआज क्याँ हौ गय़ा.?" साना नें बड़े भोलेपन सें जवाब दिया.
लालाजी चौंक पड़ेउस कि इसबात पऱ.येसच थां कि उनके औऱ उनकी बेटी केँ बीच इनसेस्चूयियल नाता थां.पऱ वोँ उनका जाती मामला थां.वोँ एक् ऐसा नाता थां जौ सिर्फ़ उन दोनों केँ बीच कां थां.सारी दुनिया मे नुमाइश केँ लिए नहि.
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