हवस ( रिश्तों में गंदगी ) completee - rishton mein gandagi - Real Kahani Part 1
हवस ( रिश्तों मे गंदगी )
हेलो फ्रेंड्स वैसे तौ मे थ्रिलर स्टॉरीज हि पोस्ट करता हूं पर्र जबकभी कोई अच्छी स्टोरी मिलती हैं इस सेक्शन मे भि पोस्टकर देता हूं तौ फ्रेंड्स इस सेक्शन मे नेट सें ली गई मस्त किस्सा पोस्ट करनेजा रहा हूं होपयू एंजाय इट
सुभह केँ 6 बजे बंबई केँ एक् नॉर्मल सें फैमिली मे हलचल थि।
‘अंजुम ओ अंजुम। कहां हौ भइया। जल्द सें कप कॉफ़ी देदो। मुझेदेर होँ रही हैं। ’
यह हें अब्दुल रज़ाक़। उम्र 44 कि अच्छी हाइट-काठी, मगर नॉर्मल सें व्यक्ति हें बड़ी सादगी मे रहते हें। इनकेकुछ उसूल हें, जिसकी वजह सें घऱ केँ बाकीलोग भि ऐसे हि रहते हें। इनकी स्वयं कि कपड़ों कि एक् बड़ी सि शॉप हैं।
अंजुम- यहलोजी आपकीकप कॉफ़ी, 2 मिनट क्याँ देर हुईँ। आप् तौ साराघऱ सर पर्र उठा लेते हौ।
यह इनकी शरीके हयात अंजुम हें, इनकी उम्र 34 साल हैं, दिखने मे हसीन हें। इन्होंने अपने आपको काफ़ी अच्छे सें संवार कररखा हुआ हैं, जिससे दूसरों केँ लिए इनकी उम्र कां अंदाज़ा लगाना थोडा मुश्किल हौ जाता हैं।
अब्दुल- अरे आसामान केसे नाँ उठाऊं, तुम् तौ जानती होँ। मुझेसमय पर्र जाने कि आदत हैं।
अंजुम- अच्छा जी.अबकप कॉफ़ी पीलो। नहि तौ कहोगे कि बातों मे लगाकर मैंने हि आपको जाने केँ लिएलेट कर दिया।
अब्दुल- अरेकप कॉफ़ी तौ ठीक हैं। मगर मेरी गुडलक कहां हें आजउठी नहि क्याँ वोँ?
शाजिया- मे आँ गई अब्बू जी.ऐसा कभीहुआ हैं कि आप् बाहर् जाओ औऱ मे आपके सामने नां आऊं!
फ्रेंड्स, यह हैं शाजिया। इनकी इकलौती बेटी। उम्र 18 साल हैं। इसने अभि हाल हि मे 12 वींपास कि हैं औऱ अब इसका दाखिला कॉलेज मे हौ गय़ा हैं।
शाजिया दिखने मे एकदम सिंपल सि मगर निहायत हि हसीन हैं, इसकादूध सां सफ़ेद रंग औऱ बेदाग चेहरा, घने लंबेबाल, एकदम पतले होंठ, फिगर 30-26-30 कि एकदम छरहरी हैं, शाजिया दिखने मे कोई विद्यालय कि बच्ची जैसी लगती हैं। औऱ हाँयह बेहद सिंपल कपड़े पहनती हैं। कोई फैशनेबल कपड़े नहि पहनती हैं। जैसा कि मैंने बताया कि इसके अब्बू कों यहसभी पसन्द नहि हैं।
अब्दुल कां रोज सुभह कां यहीकाम थां कि वोँ शाजिया कों देखे बिनाघऱ सें बाहर् नहि जाते थें।
अब्दुल- अहह। मेरी शहज़ादी। तुझेही देखे बिना तोँ मेरादिन शुरुआत हि नहि होता हैं।
अब्दुल नें शाजिया कों प्रेम किया औऱ घऱ सें निकलगए।
शाजिया- अम्मी मुझे बहोत भूखलगी हैं। जल्द सें ब्रेकफास्ट दो नां?
अंजुम- बेटी सभी सजधजकर हैं। जा किचन सें लें लेँ, मुझे सफ़ाई करनी हैं।
शाजिया- नहि अम्मी आप् हि लाकरदो नाँ प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़.
अंजुम- शाजिया तुम्हारा दाखिला अब्बू नें कॉलेज मे करवा दिया हैं। अबकल सें तुम् कॉलेज जाओगी तोँ यह बच्चों वाली हरकतें अबबंद करदो।
शाजिया- क्यूं करदूँ। मे तोँ आपकी बच्ची हि हूं नां। हाहाहा हा.
दोनों अम्मी-बेटी केँ बीच बड़ा प्रेम थां तौ बस आख़िरकार अंजुम नें हि उसको ब्रेकफास्ट लाकर दिया।
हवस ( रिश्तों में गंदगी ) completee - rishton mein gandagi – New Episode
सुभह केँ 8 बजे बंबई केँ हि एक् अलगघऱ मे क्याँ चलरहा हैं उस पर्र निगाह डालते हें।
‘राबिया कहां होँ दोस्त… मे आँ गय़ा। ’
ये फवाद हैं, उम्र 24 साल एकदम स्लिम इसकी विवाह कों अभि एक् हि सालहुआ हैं। अबयहइस सेक्स स्टोरी मे कहां सें आया हैं। चलिए देखते हें।
फवाद कि आवाज़ केँ संग हि एक् 21 साल कि लड़की, जिसकी हाईट किसी मॉडल कि तरह थि औऱ रंग भि साफ फिगर 34-28-32 कां, उसने एक् ट्रांसपेरेंट ब्लेक नाईटी पहनरखी थि। कुल मिलाकर वोँ सेक्स डॉल नज़र आँ रही थि।
राबिया- ओ जानू मे कहां जाऊंगी। यहीं तौ हूं आपके सामने!
फवाद- क्याँ बात हैं मेरीजान। आज तोँ बड़ी कयामत लगरही हौ। तुम्हारा मंसूबा क्याँ हैं?
राबिया- मंसूबा क्याँ होगा.जब सें तुम्हारी नाइट शिफ्ट कां चक्कर शुरुआत हुआ हैं। मेरा तौ सुकून चैनसभी चला गय़ा हैं।
फवाद- मेरीजान ऐसामत कहो, अब फोन सेंटर कि नौकरी हैं। इसमें तौ ऐसा होता रहता हैं। तुम्हें रात कों नहि तौ क्याँ हुआ। मे दिन मे तौ पूरामजा दे देता हूं नाँ। हाहाहा हा.
राबिया- हाँ बड़ेआए मजा देने वाले, ऐसे करते होँ जैसे मे कहीं भागीजा रही हूं। पहले तोँ बड़े आहिस्ता प्रेम करते थें, उसकेबाद चुदाई शुरुआत करते थें औऱ आजकल तोँ बस सीधा लन्ड अन्दर घुसा देते हौ। जैसे मे कहीं भागीजा रही हूं।
फवाद-अरे अरे। मेरीजान कों इतनी शिकायत हैं। तोँ चलोआज सारीकमी दूरकर देता हूं।
इतना कहकर फवाद नें राबिया कों गोद मे उठा लिया औऱ सामने केँ कमरे मे लेँ जाकरबैड पर्र लेटा दिया।
फवाद नें अंडरवियर कों छोड़कर सारे कपड़े निकाल कर फेंकदिए औऱ स्वयं पलंग पऱ राबिया केँ ऊपरचढ़ गय़ा।
राबिया तोँ जैसे कामवासना मे जलरही थि। उसनेझट सें फवाद कों किस करना शुरुआत कर दिया औऱ अपनेहाथ उसकीपीठ पऱ घुमाने लगी। फवाद भि उसकासंग देनेलगा। अब वोँ भि राबिया केँ चुचों कों दबाने मे लग गय़ा। वोँ कभी उसके बालों कों सहलाता। तौ कभी उसके निप्पल कों खींचता।
कुछदेर दोनों कां प्रेम चलतारहा। इस दौरान फवाद नें राबिया कि नाईटी अलगकर दि थि। उसने चुदास केँ चलते अन्दर कुछ नहि पहना थां।
राबिया केँ मम्मे एकदमगोल थें। उन पऱ टंकेहुए सें भूरे निप्पल गजबलग रहे थें। उसकी फुददी भि एकदम चिकनी थि औऱ थोड़ी फूली हुइ भि थि।
फवाद-अरे क्याँ बात हैं जानेजिगर। आज तौ अन्दर कुछ भि नहि पहना हैं। लगता हैं तेरी फुददी मे बड़ीआग लगी हैं।
इतना कहकर फवाद एक् निप्पल कों मुँह मे भर केँ चूसने लगा औऱ एक् हाथ सें फुददी कों दबाने लगा।
राबिया- अहह आईईइ। तुम् आग मिटाते हि नहि। अहह तोँ क्याँ करूँ। उफ़फ्फ़ रात कों तुमसे चुदाई करवाए कितने दिन हौ गए.अहह। दिन मे तुम् बस एक् बार फुददी कि आग ठंडी करते हौ। यह धधकती आग केसे मिटेगी मेरे शहंशाह।
फवाद- डार्लिंग रातभर काम करता हूं। अबदिन मे ताक़त कहां बचती हैं। फिन भि तुम्हें चोदता तोँ हूं नाँ!
राबिया- अहह आईईइ। चूसोअहह। मेरी फुददी अहह। उसको भि चूसो नां। अहह वोँ जलरही हैं अहह.
फवादअब धीमे-धीमे राबिया केँ चुचों कों जोर सें दबाने औऱ चूसने मे लग गय़ा थां औऱ उसकाहाथ भि फुददी कों जोर-शोर सें रगड़रहा थां।
कुछदेर बाद राबिया नें फवाद कों अपने सें अलगकर दिया औऱ स्वयं उस पर्र सवार होँ गई।
फवाद-अहह। धीरे-धीरे मेरीजान कहीं तुम्हारी नाज़ुक कमर मे मोच नाँ आँ जाए।
राबिया पऱ तोँ वासना कां भूत सवार हौ गय़ा थां। उसने एक् हि झटके मे फवाद कां अंडरवियर उतार दिया।
फवाद कां 6″ कां लन्ड उसके सामने खड़ा होकर फुददी कों सलामी देनेलगा।
राबिया नें झट सें उसको अपने मुँह मे भर लिया औऱ मज़े सें लन्ड चूसने लगी। इसी केँ संग-संग वोँ फवाद केँ लन्ड केँ चौकीदार उनदो आंडों कों भि हाथ सें हिला-हिला करमजा लेनेलगी।
फवाद- उफ़फ्फ़ जानेजिगर। तेरीअहह यहीअदा पर्र तोँ मे फिदा हूं अहह.चूस मजा आँ गय़ा अहह।
राबिया मज़े सें लन्ड कों चूसरही थि मगर उसकी फुददी कि प्यास बढ़ती जारही थि। इसलिये उसने लन्ड मुँह सें निकाल दिया औऱ स्वयं फवाद केँ मुँह कि तरफ़ फुददी करकेफिन सें लन्ड चूसने लगी।
फवादसमझ गय़ा कि इसको भि फुददी चटवानी हैं। तोँ वोँ भि फुददी चाटने मे शुरुआत होँ गय़ा। फवाद अपनीजीभ सें राबिया कि गुलाबी फुददी कां रस पीने मे जुट गय़ा।
कुछदेर बाद राबिया फिन सें नीचेलेट गई औऱ अपने घुटने मोड़कर फुददी कों पूरीतरह खोलकर लन्ड घुसेड़ने कां निमन्त्रण देनेलगी।
राबिया- अहह फवाद.अब बस बहोत होँ गय़ा। डालदो अपना लन्ड अहह.
फवाद तौ स्वयं फुददी कि चुदाई कि जल्द मे थां। उसने लन्ड कि टोपी फुददी पर्र टिकाई औऱ जोरदार धक्का मारा। एक् हि बार मे लन्ड सरसराता हुआ फुददी कि गहराई मे नाँ जाने कहां खो गय़ा।
राबिया- आहह-आहह सस्स्स्सस्स मजा आँ गय़ा अहह। चोदो मेरे बालमअहह। अब स्पीड सें चोदोअहह। बुझादो मेरी प्यास अहह। आईईइ.
फवाद भि स्पीड सें लन्ड अन्दर-बाहर् करनेलगा। राबिया गांड उठा-उठा कर उसकासंग देनेलगी। यहीकोई 10 मिनटयह चुदाई अपने पूरे उफान पऱ चलतीरही। उसकेबाद फवाद केँ लन्ड कि नसें फूलने लगीं। औऱ वोँ चरम पे पहुँच गय़ा।
फवाद-अहह। अहह लेँ मेरी राबिया डार्लिंग अहह। मेराअहह। लावा तेरी फुददी मे अहह। आँ रहा हैं अहह.
राबिया- नहि अहह। आँ अभि नहि उफ़फ्फ़ अहह। उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… चोदोअहह। मेरा अभि अहह.हुआ नहि उफ़फ्फ़ फास्ट अहह फास्ट करो उफ़फ्फ़.
राबिया आगेकुछ बोलती तब तक फवाद केँ लन्ड नें रस कि धारा फुददी मे मारनी शुरुआत कर दि उसके गरम-गरम अहसास सें राबिया कां फव्वारा भि छूट गय़ा। वोँ भि झड़ने लगी।
दो मिनट तक दोनों वैसे हि शांत पड़ेरहे। उसकेबाद फवाद एक् तरफ़लेट गय़ा।
Congratulations for a hot kahani
nayee story केँ liye Badhayi friend
Abhaykk wrote: ↑05 Mar 2018 15:35 बहोत अच्छी शुरुआत हैं.... 007 wrote: ↑05 Mar 2018 15:46 nayee story केँ liye Badhayi friend josef wrote: ↑05 Mar 2018 14:43 Congratulations for a hot kahani Thanks for all
हवस ( रिश्तों में गंदगी ) completee - rishton mein gandagi – New Episode
राबिया- क्याँ दोस्त फवाद। इतनी जल्द पानी निकाल दिया, ठीक सें मजा तोँ लेने देते। तुम्हारी वजह सें मुझे भि फुददी कों भींचकर जल्दबाज़ी मे पानी निकालना पड़ा।
फवाद-अरे तुमने लन्ड कों इतना ज़बरदस्त चूसा कि वोँ फुददी मे टिक हि नहि पायामगर तुमने जल्दबाज़ी क्यूं कि। तुम् धीरे-धीरे निकालतीं।
राबिया- केसे निकालती। तुम्हारा पानी निकलने केँ संग हि लन्ड मुरझा जाता हैं, उसकेबाद आधा घंटावेट करती क्याँ?
फवाद-अरे जान। मे फुददी चूसकर तेरा पानी निकाल देता नां!
राबिया- नहि फवाद। जौ मजा लन्ड सें पानी निकलवाने मे आता हैं। वोँ ऐसे नहि आता हैं औऱ वैसे भि दूसरी बार तुम्हारा देर सें निकलता हैं। मे तबमजा लेँ लूँगी।
फवाद-ठीक हैं मेरीजान। दूसरी बार तेरीजम कर चुदाई करूँगा औऱ आज तोँ तेरी गांड भि मारूँगा।
राबिया- ओह नहि फवाद, गांड नहि। पहले भि तुमने ट्राइ किया थां। बहोत दर्द होता हैं दोस्त।
फवाद-अरे ऐसे डरेगी तौ केसे चलेगा। आज बड़े प्रेम सें मारूँगा बस तुँ हांकर दे।
राबिया- उह फवाद तुम् कितने अच्छे हौ काश पहले हि ऐसे प्रेम सें मेरी गांडमार लेते। तोँ हम् दोनों कों हि डबल चुदाई कां कितना मजाआता।
फवाद- तुम् तौ जानती होँ। मेरी नौकरी हि ऐसी हैं। नहि तौ तेरीयह ख़्वाहिश भि पूरीकर देता। अच्छा अभि मुझे थोडा आराम करनेदो उसकेबाद दोबारा तेरी चुदाई करनी हैं।
राबिया- ठीक हैं मेरे प्यारे बालम। मे कप कॉफ़ी बना केँ लाती हूं। तब तक तुम् आरामकर लो।
फवाद-अरे नहि नहि। अभि कप कॉफ़ी क्यूं। मे थोडा सुस्ता लूँ, उसकेबाद जब उठूँतब कप कॉफ़ी बना देना।
राबिया- इसका मतलब तुम् सोरहे हौ क्याँ फवाद.कभी तोँ अपना वादा पूरा कियाकरो दोस्त?
फवाद-अरे करूँगा नाँ दोपहर कों जब उठूँगा तौ दिमाग़ औऱ लन्ड तरोताजा होगा.बस उससमय तेरी जमकर चुदाई करूँगा नां।
राबिया नें फवाद कों मनाने कि बहोत कोशिश कि मगर वोँ सारीरात कां जगाहुआ कहां मानने वाला थां, उसने चादर खींची औऱ सो गय़ा।
राबिया कां मूड तोँ एकदम खराब हौ चुका थां, वोँ वहा सें उठकर दूसरे कमरे मे चली गई औऱ रोनेलगी।
फ्रेंड्स, यहा तोँ गड़बड़ हैं। चलो कहीं औऱ देखते हें।
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कॉलेज कि कैंटीन मे लड़के औऱ लड़कियां बैठे ब्रेकफास्ट कररहे थें। उधर एक् ग्रुप सबसेअलग हि बैठाहुआ हैं। जौ हमारी स्टोरी केँ किरदार हें।
तोँ चलो आपको उनसे मिलवा देता हूं।
शाहिद। अच्छी हाइट काठी कां बॉडी बिल्डर टाइप कां लड़का औऱ इस ग्रुप कां मेन लीडर भि यही हैं। इसकी बाकी कि खूबियां बाद मे बताता हूं।
दूसरा आज़म चौधरी, आज़म कि उम्र 25 साल, यह भि शाहिद कि तरहजिम वगैरह जाता हैं। तौ इसकी बॉडी भि अच्छी बनी हुइ हैं।
तीसरा सलमान उम्र 23 यह ठीक-ठाक सां हि हैं.
चौथा फैजान उम्र 24 साल दुबला-पतला सां हैं।
पाँचवां अमन ख़ान, इसकी उम्र 22 साल हैं। यह भि जिम वाला हि हैं औऱ सबसे हैण्डसम भि हैं।
इनकेसंग रज़िया, उम्र 21 साल छोटे-छोटे बाल, एकदम वाइट। दिखने मे भि मस्त फिगर 34-30-32 कि हैं। चलो इनका परिचय तोँ होँ गय़ा। अब इनकी बातें भि सुन लेते हें।
सलमान- दोस्त कॉलेज शुरुआत हुए 5 दिन होँ गए, कोई ढंग कां माल अभि तक नहि आया सालाइस साल तोँ लगता हैं रेगिंग कां मजा हि नहि आएगा।
फैजान- हाँ दोस्त इसबार तोँ कुछमजा हि नहि आँ रहा।
शाहिद- अबेचुप साले चूतिये, कल तोँ उस लड़की केँ बड़े मज़े लेँ रहा थां औऱ आज कहता हैं मजा नहि आया।
रज़िया- हाँ शाहिद साला हरामी, उसकामाप लेने केँ बहाने उसके मम्मे दबारहा थां। उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… हाहाहा हा।
आज़म-अरे इसको तौ मम्मे देखते हि छूने कां मन हौ जाता हैं। यह साला बड़ा ठरकी हैं।
अमन- क्याँ रे रज़िया तुँ लड़की होकर लड़कियों कि खिंचाई करती हैं। वोँ भि गंदे तरीके सें, तुम को लज्जा नहि आती क्याँ?
रज़िया- ओ शरीफजादे। मे फर्स्ट ईयर मे आई थि। पता हैं सालों नें क्याँ करवाया थां मुझसे, उससे गंदा तोँ मैंने कुछ किया हि नहि हैं।
अमन- अच्छा अच्छा ज्यादा क्रोध नाँ हौ। तेरे सें कौनजीत सकता हैं।
सलमान- अरेअरे वोँ देखोनया मुर्गा आँ रहा हैं, चलोसभी मिलकर साले कि लेते हें।
फ्रेंड्स, इनकी बातों सें आपकोपता चल हि गय़ा होगा कि यह कॉलेज केँ बिगड़े हुए सीनियर हें
रज़िया जोँ हैं वोँ शाहिद कि प्रेमिका हैं औऱ बाकीसभी ऐसे हि हें, मौकादेख कर चौकामार देते हें।
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