मे बाजी औऱ बहोत कुछ (Full Storyd) – New Episode
अपनी गाण्ड पे मेरे होंठों केँ स्पर्श कों पा केँ बाजी तड़पती हुइ सिसकियाँ लेती हुइ थोड़ी सि ऊपर कों हुई ((उसीतरह करवटलिए रखी)) औऱ मेरेसिर केँ बालों सें मुझे पकड़ते हुए पीछे करने कि कोशिश कि। मेरेबाल खींचने कि वजह सेएकसमय मेरा चेहरा पीछे कों हुआ, उसी दौरान मेरी नज़र उनके चेहरे पे पड़ी तौ उन केँ चेहरे पे मामूली तकलीफ़ औऱ मुँह सें सिसकियाँ निकलरही थीं औऱ नजरें मुझ पे हि जमीथीं। मे अपनेबाल खींचने कि परवाह किए बिना, फिन सें आगेहुआ औऱ इसबार मैंने अपने होंठ उनकी गाण्ड कि लाइन पे जारखे औऱ अपनीजीभ बाहर् निकाललते हुए उनकी गाण्ड कि लाइन मे मे घुसाने लगा।
जब मैंने बाजी कि गान्ड कि लाइन मे अपनी ज़ुबान फेरी तोँ उससमय वो मुझे पीछे खींचने हि वाली थि कि ज़ुबान केँ फेरते हि जैसे बाजी कांपउठी औऱ मचलते हुए पीछे कि बजाय मेरेसिर कों आगे कि ओर यानी कि अपनी गाण्ड कि ओरदबा दिया। मेरा मुंह जैसे बाजी कि मोटी गाण्ड मे घुसता हि चला गय़ा औऱ मैंने अपनीजीभ कों उनकी गान्ड कि लाइन मे फेरना शुरुआत कर दिया। बाजी कि गाण्ड कि लाइन बहोत गहरी थि, मे अपनीजीभ कों उसकी गहराई मे उतारता चलाजा रहा थां मेरीजीभ उनकी लाइन कि गहराई मे फिसलती चली जाती। फिन वैसे हि बाहर् लाता अपनीजीभ औऱ फिन अंदर तक लें जाता। अब एक् प्रक्रिया सि बन चुकी थि कि जैसे हि मेरीजीभ उनकी लाइन कि गहराई सें वापसआती तौ उनकी गाण्ड कि साइड पे एक् मामूली बाइट भि कर देता, जिससे बाजी अपने मुंह सें निकलती अहह न् रोक पाती थि। कितनी हि देर मे उनकी गाण्ड कों चाटता औऱ काटता रहा।
कितना हि वक़्त बीत गय़ा, हम् दोनों बहकेहुए डूबेरहे उन्ही मस्तियों मे, कि अचानक मे ऊपरहुआ औऱ बाजी कां हाथ अपनेसिर सें हटा दिया। मेरेहाथ हटाने औऱ ऊपर होने सें बाजीफिन सें नीचे हुईँ औऱ मुंह दूसरी तरफकर लिया औऱ अपनेहाथ सें सलवार पकड़ऊपर कों करनेलगी कि मैंने फिन सें उनकेउस हाथ कों पकड़ लिया। अब मे ऊपरहुआ फिन सें उनके बराबर आँ केँ लेट गय़ा थां। मैंने थोडा ऊपर होतेहुए दूसरे हाथ सें अपनी सलवार घुटनों तक नीचेकर दि। मेरा मोटा लंबा लन्ड अभि सलवार कि कैद सें मुक्त होँ चुका थां। मैंने वक्त ज़ाया किए बिना अपने लन्ड कों बाजी कि गाण्ड पे रखा। मेरा लन्ड उसकी मोटी गाण्ड कि लाइन मे डूबता चला गय़ा।।
मेरे लन्ड कों अपनी गाण्ड कि लाइन मे फील करते हि बाजी केँ जिस्म कों एक् झटकालगा, वो पीछे मुड़ते हुए बोलीं: ये क्याँ कररहे होँ, पागल होँ गए हौ तुम्, निकालो इसे बाहर् अहह सलमान इसकी एक् सीमा हैं, तुम् क्याँ चाहते होँ, हाँ, निकालो नाँ इसे बाहर्।।। बाजी कि नशे औऱ मस्ती मे डूबी आवाज़ मुझे कहींदूर सें आती सुनाई दि औऱ मे नशे मे चूर हवाओं मे उड़ता बस अपने लन्ड कों उनकी गाण्ड सें रगड़ता रहा।।
वास्तविकता ये थि कि बाजी वक़्त केँ संग प्रेम केँ नएनए मोड़ सें परिचित होने केँ बाद, प्रेम कों स्वीकार तोँ कर बैठी थि, पर्र शायद एक् डर अभि भि उनके अंदर कहीं मौजूद थां, वो डर ज़माने कां थां याँ कुछ औऱ इसका मुझेपता नहि। वो अपने आप् कों मुझे सौंप देने केँ बाद भि एक् तरह सें जैसे नहि सौंपी थीं। आज जौ आग उनके औऱ मेरे अंदर सुभह कि घटना सें बढ़की थि उसआग मे जल केँ हम् दोनों हि शायद कुंदन हौ चुके थें। हां इसीलिए तौ जिस मिलन कि प्यास मे अब तक प्यास रहा थां, वो मिलनआज मुझे बहोत लगभगलग रहा थां, हाँ शायद वो भि तोँ मिलन कि प्यास मे बेचैनी रही थि, ये केसे होँ सकता थां कि मेरा जिस्म मेरी आत्मा तड़पे औऱ वहीं दूसरी ओर बाजी कों कुछ न् हौ।।।।
"" सलमान मतकरो नां अहहअहह कब समझोने तुम् ममअहह कहो ""
मे आहिस्ता पीछे होँ गय़ा औऱ घुटनों केँ बलबेड पे खड़ाहुआ औऱ अपनाएक हाथ उनकीकमर पे तथा कंधे पे रखतेहुए उन्हें सीधा करकेबेड पे लिटाया इससे पहलेवे कुछ कहती मे उनकी नीचे वाली साइड पे खिसका औऱ उनकी पहले सें आधी उतरी सलवार कों पूरा अपनेपेर सें अलग करताचला गय़ा।।।।
बाजी अपनी टांगों कों एक् दूसरे सें मिलाकर फ़ोल्ड करती हुइ बेड पे उठ बैठी। "" ये क्याँ पागलपन हैं
"मैंने दिदी केँ दोनों गालों कों प्रेम सें थामेहुए कहा" मेरी आंखों मे देखें जरा "
उन्होंने अपनी बड़ी बड़ी हसीन आँखों सें मेरी आँखों मे देखा तौ कुछ हि समयलगे, इनदो पतंगों कों एक् दूजे मे खोने मे
"" किसबात कि सजादे रही हें स्वयं कों औऱ मुझे?आज तक एक् बार नहि बोला, जोँ आपनेकह दिया, उसी कों हमेशा माना, जोँ अबबोल रहा हूं जब पहलीबार किया तोँ क्यूं आगे बढ़ने दिया आपने मुझे, हाँ, मुझे रोकाक्यों नहि आपने "" मे जब पहलीबार बोला तोँ फिन बोलता हि चला गय़ा औऱ रुकाजब बाजी नें अपनाएक हाथ मेरे मुँह पे रख दिया, पऱ मेरी आँखों मे उलझी अपनी आँखें हटाई नहीं
मैंने बाजी कि शर्ट औऱ ब्रा कों हटाते हुए, उन्हें दोनों बाजुओं सें पकड़ते हुए लेटा दिया औऱ उनके पैरों कों प्रेम सें धीरे-धीरे खोल दिया।। उनके खूबसूरत गोरे पांव खोलते हि मेरी नज़र उनकी पिंककलर कि योनी पे पड़ी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अहहहाय राम कितनी प्यारी सि योनी थि, पिंककलर केँ बंदहुए लिप्स अहह बाजी वैसे हि मझेएक टक देखेजा रही थि। जानेकब सें प्रतीक्षा कररहे थें हम् दोनों इस मिलन केँ लिए, इसलिये मैंने देर नहि कि औऱ बाजी केँ पैरों केँ बीच मे आँ गय़ा। पैरों केँ बीच मे आते हि मैंने बाजी केँ दोनों पैरों केँ नीचे सें हाथ किया औऱ उनके दोनों पेर अपनेशोल्डरज़ पे रखलिए औऱ अपना लन्ड उनकी योनी पे जाकररख दिया
"अहह" "अहह" हम् दोनों केँ मुंह सेएक हि वक़्त मे निकला।।। मे अपने लन्ड हाथ मे पकड़ते हुए अपनी टोपी बाजी कि योनी पे धीरे-धीरे रगड़ी।। योनी पे मेरी टोपी कों फीलकर बाजी मस्ती केँ समुद्र मे फिन सें डूबना शुरुआत होँ गईं, मिलन केँ वक्त कों इतने लगभगपा केँ बाजी कि आँखें अबबंद होँ चुकीथीं। मे वैसे हि अपनी टोपी कों उनकी योनी पे रगड़ता जारहा थां। मस्ती औऱ मजे केँ संग एक् अजीब सि संतुष्टि औऱ आराम थां इन पलों मे।
टोपी रगड़ते रगड़ते बाजी कि पहले सें गीली योनी औऱ ज्यादा गीली होँ चुकी थि कि मैंने लन्ड कां एक् हल्का सां धक्का उनकी योनी मे मारा, गीली हुईँ योनी मे लन्ड कां टोपा थोडा ज्यादा अंदरचला गय़ा औऱ बाजी नें बिलबिला कर आँखें खोल दि औऱ अपनी आँखें मेरी आँखों मे डालते हुएकहा "प्लीज़ थोडा धीरे-धीरे करो, दर्द हौ रहा हैं"
मैंने कहा: आप् अपनी टाँगें मेरीकमर पे दूसरी ओरकर लें।। बाजी नें संकट मे डूबे, नं समझआने वाली शैली मे मेरीओर देखा तोँ मैंने उनकी टाँगों कों अपनेशोल्डरज़ सें उतारा औऱ अपनीकमर केँ पास लेँ जातेहुए कहा कि: मेरीकमर एक् पे लें जा केएक टांग दूसरे पेर पे रख लें। बाजी नें ऐसा हि किया। इतनासभी करने मे मेरा लन्ड फिन सें बाहर् आँ चुका थां, मैंने फिन सें उसे योनी केँ ऊपररखा तथा झटका मारा
"" अहहअहह हाय आहिस्ता करो "" बाजी नें दर्द सें चीखते हुएकहा
लन्ड पहले जितना फिन सें अंदरजा चुका थां। मे अब बाजी पे झुक चुका थां औऱ उनकेऊपर झुककर मैंने उनके बूब्ज़ कों बारी बारीसंग चूसना भि शुरुआत कर दिया। बाजी केँ मोटे मम्मे मेरे मुँह मे जाते तोँ उन्हें चूसता औऱ अपनीजीभ सें चाटता उनके निपल्स पे भि अपनी ज़ुबान फेरता तोँ दर्द केँ संग बाजी कों राहत भि मिलना शुरुआत होँ जाती। कुछ देर बीतने केँ बाद मैंने एक् झटका औऱ जोर सें मारा, जिस सें लन्ड औऱ आगे बढ़ता चला गय़ा
"" सलमान खुदा कां वास्ता हैं तुम्हें धीरे-धीरे करो मेरी सांसरुक रही हैं "" बाजी कां चेहरा एक् बारफिन सें दर्द कि तीव्रता सें अजीब सां होँ गय़ा थां। मे बाजी केँ निपल्स मुंह मे लेकर अपनीजीब फेरता रहा।। बाजी कि योनी मे लन्ड करीब-करीब आधे सें थोडा कम तक जा चुका थां, ऐसालग रहा थां कि किसी नें मेरे लन्ड कों सख्ती सें पकड़ केँ दबारखा हैं। जिंदगी मे पहलीबार मे मज़े औऱ मस्ती कि ऐसी स्थिति सें गुजररहा थां। एक् अजीब सां नशानस नस मे मुझे महसूस होँ रहा थां।। ( हालाँकि इससे पहले मे साना कों चोद चुका थां पऱ कहते हें नां जब आप् अपने प्रेम केँ संगजब पहला मिलन करते हें तौ उसमजा केँ सामने बाकी दुनियाँ कि सब लज़्जतें फीकीपद जाती हें ) बाजी केँ चेहरे पे थोड़े आराम केँ आसार नज़रआते हि मैंने एक् झटका औऱ मारा औऱ जहां एक् ओर बाजी कि योनी मे मेरा लन्ड औऱ आगे बढ़ता चला गय़ा वहीं दूसरी ओर बाजी केँ मुंह सेएकचीख निकल गई।
मे अपनाएक हाथ उनके मुंह पे रख दिया ताकि वो औऱ चीख न् सकें। बाजी कितनी हि देर निश्चल अवस्था मे लेटीकभी अपनी आँखें बंदकर लेती तौ कभीखोल लेती। मैंने अपना दूसरा हाथ बाजी केँ एक् पांव पे फेरते हुए एक् हाथ उनके मुंह पे रखेहुए औऱ अपने मुँह मे उन कां एक् मम्मा जितना भि आँ सकता ठेलते हुए औऱ उस पे अपनीजीब फेरते हुए एक् झटका औऱ मारा, मेरा लन्ड जड़ तक बाजी कि योनी मे चला गय़ा।।। अबकीबार वो चीख न् सकी पर्र अपनाबदन हिला हिलाकर तड़पी बहोत, हिली अवश्य।। मे बाजी केँ सामान्य होने तक उनके मम्मे कों जीभर केँ चूसता रहा।
जब बाजी बहुतदेर बीतने केँ बाद बाजी कां सामान्य होना शुरुआत हुआ तौ मैंने अपनाहाथ उनके मुंह सें उठा दिया।
"सलमान बहोत दर्द हौ रहा हैं, अहह, मे क्याँ करूँ, अहह" बाजी नें दर्द सें तड़पते हुएकहा
" बाजीबस हौ गय़ा थोडा सां धैर्य रखेंअब आपको दर्द नहीं होगा मैने उन्हे समझाते हुएकहा
"मैंने धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने लन्ड कों पीछे कि ओर खींचना शुरुआत किया।। मजा कि एक् संग कितनी हि लहरें मेरे शरीर मे दौड़ गई"
"धीरे-धीरे ओइईईईईईईईईईईईई धीरे-धीरे अहहअहह अब आहिस्ता करना प्लीज़ आहिस्ता करनाअब आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह "" बाजी नें दर्द सें कराहते हुएकहा
मैंने बाजी केँ होठों कों अपने होंठो मे लिया औऱ हम् दोनों एक् दूसरे कों धीरे-धीरे चूमने लगे। अब टोपी सिर्फ योनी केँ अंदररह गई थि बाकी लन्ड बाहर् आँ चुका थां। मैंने एक् बारफिन सें बाजी कि योनी मे लन्ड डालना शुरुआत किया।
"" हायरे सलमान अहहअहह उफ़ सलमान उफ़यह कयाआह अहहअहह धीरे-धीरे सलमान इतना दर्द क्यूं होता हैं? "" अब कि बार जैसे बाजी लन्ड केँ अंदर जाने सें कहींखो सि गई।। लन्ड फिन सें जड़ तक अंदर चुका थां।।।
मे बाजी औऱ बहोत कुछ (Full Storyd) – New Episode
मैंने बाजी केँ होठों कों अपने होंठो मे लिया औऱ हम् दोनों एक् दूसरे कों धीरे-धीरे चूमने लगे। अब टोपी सिर्फ योनी केँ अंदररह गई थि बाकी लन्ड बाहर् आँ चुका थां। मैंने एक् बारफिन सें बाजी कि योनी मे लन्ड डालना शुरुआत किया।
"" ओह सलमान अहहअहह उफ़ सलमान उफ़यह कयाआह अहहअहह धीरे-धीरे सलमान इतना दर्द क्यूं होता हैं? "" अब कि बार जैसे बाजी लन्ड केँ अंदर जाने सें कहींखो सि गई।। लन्ड फिन सें जड़ तक अंदर चुका थां।।।
बाजी कि जीभ मेरीजीभ सें टकरारही थि कि उन्होंने मेरीजीभ कों अपने मुँह मे लेकर प्रेम सें चूसना शुरुआत कर दिया।.एक् बारफिन सें मैंने लन्ड कों बाहर् खेंचा
"" हायराम सलमान ये क्याँ हौ रहा हैं मुझे। पागल सि होँ रही हूं मे आहिस्ता डालो जानी " बाजी नें मज़े शिद्दत सें बेहाल होतेहुए कहा
सच हि तौ थां उस वक़्त जोँ नशा, जिस मजा औऱ मस्ती पर्र हम् दोनों हि जा पहुँचे थें, उसमें समर्पित होते हि यही तोँ हाल होता हैं।।। एक् बारफिन सें मेरा लन्ड आगे बढ़ा, पर्र पहले सें थोड़ी ज़्यादा तेजी केँ संग
"" "अहह धीरे-धीरे करो नां अहहअहह उफ़मम" हाई सलमान तुमने मुझे पहले हि इस प्रेम केँ मिलन केँ मज़े सें परिचित क्यूं नाँ करा दिया अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह धीरे-धीरे करतेरहो मेरीजान ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह""
"किस आहिस्ता करूँजान? मैने बाजी कों छेड़ते हुएकहा
तंग क्यूं करते हौ "जौ कररहे हौ, उसी सें करो नाँ" बाजी नें शरमाते हुए हल्की आँखे खोलते हुएकहा
"कुछनाम भि तोँ हैं उसका नां" मैनेफिन बाजी कों छेड़ा
"सलमान तंगमत करो" बाजी नें मज़े मे डूबी हुई आवाज़ मे मुझे झिड़का
"तेजतेज करूँगा फिन" "" मैने बाजी कों फिन सें छेड़ा
"" प्रेम सें " बाजी नें मज़े कि कराह भरतेहुए कहा
"ये क्याँ सीधे सें बोलिए कि क्याँ करना हैं " मैनेफिन कहा
"सलमान सीधे सें हि तौ बोला हैं नाँ" " बाजी नें शिकायत भरे लहजे मे जवाब दिया
" बोलें अपना लन्ड आहिस्ता डालो सलमान "" मैने बाजी केँ एक् मम्मे मसल्ते उन्हे कहा
"सलमान प्लीज़ तंगमत करो, ये कितना गंदा शब्द हैं? " बाजी नें मचलते हुएकहा
" ओहो मे अबतेज तेज करूँगा "टोपी अंदर रखतेहुए बाकी लन्ड कों मैंने तेजी सें बाहर् खींचा औऱ फिनउसी तेजी सें अंदर उतारता चला गय़ा।।।
"" अहहअहह अहहहाय रामउफ़ इंसान क्यूं नहि बनते, क्यूं हरसमय तड़पातेरहते हौ मुझेअहह "" बाजी नें रोनी सि सूरत बनाते हुएकहा
"" बोलेंगी याँ फिन करूँ"ये कहतेहुए लन्ड कों पीछे खींचने हि लगा थां कि बाजी तड़पकर बोलीं" "सलमान अपना लन्ड आहिस्ता डालो नाँ प्लीज़ "" ये मिलनकुछ अजीब हि रंग अपनेसंग लाया थां, कि हम् दोनों हि कुछऐसे रंग मे रंगगए कि हमेंकुछ खबर न् थि हम् एक् दूसरे कों क्याँ कहरहे हें।
बाजी मुंह सें ये सुनते हि जैसेमजा कई गुनाबढ़ गय़ा। मेरा लन्ड बाजी कि योनी कि गहराई मे उतरकर, वहा ठहराकुछ समय साँस लें रहा थां इतने मे मैंने कहा "" "अपना लन्ड कहां आहिस्ता डालना हैं"
"क्यूं तड़पा रहे हौ, सलमान " बाजी नें मेरी मनुहार करतेहुए जबाव दिया
" अच्छा बोलिए सलमान अपना लन्ड आहिस्ता मेरी योनी मे डालो "" मैने बाजी केँ गालों कों सहलाते हुए उन्हे छेड़ा
"ये केसे केसे जैसे तुम् बोलरहे वहीकरो नां सलमान डर्टी" बाजी नें मेरेगाल पऱ किस करतेहुए कहा
"बोलें नहि तोँ फिन वैसे हि डालूंगा अपना लन्ड" मैने उन्हे प्रेम कां क्रोध दिखाते हुएकहा
"" ठीक नाँ, सलमान डर्टी अपना लन्ड धीरे-धीरे मेरी योनी मे डालो " बाजी नें मेरेसिर मे चपत लगाते हुए हँसते हुएकहा
बाजी नें आख़िर वही शब्द दुहरा दिए जोँ मे उनके मुँह सें सुनना चाहता थां
मे बाजी औऱ बहोत कुछ (Full Storyd) – New Episode
मैंने आहिस्ता अपना लन्ड बाहर् कि ओर खींचा औऱ फिन धीरे-धीरे अंदर कों पुश किया औऱ वहीं पे फिन रोका"
"अहहअहह हाँऐसे हि करोअहह ओश्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हमम" बाजी नें मस्ती कि नई ऊँचाइयों कों छूतेहुए कहा
"इतने मे मैंने अपने मुंह मे बाजी कां मम्मा लेँ लिया औऱ चूसते हुएकहा "अब बोलें सलमान मेरा मम्मा चूसो"
"" प्लीज़, उफ़ नां मे यह नहींकह सकती""
मैंने बिनाकोई उत्तर दिए अपने लन्ड कों जल्द बाहर् खेंचा औऱ फिन 2, 3 स्ट्रोक एक् संग हि लगादिए
"" अहहअहह अरे पागलओह अहह नहि करोअहह "" बाजी नें दर्द सें कराहते हुएकहा
"बोलें तौ" सलमान मेरा मम्मा चूसो "" मे बहकी हुईँ आवाज़ मे बोला:फिन कहीं।।।
"सलमान प्लीज़ मेरा मम्मा चूसो नाँ" बाजी कि बहकी सि नशीली आवाज़ मेरे कानों मे टकराई औऱ मैंने उनके मम्मे पर्र एक् बाइट किया
"" अहह छोडूंगा नहि तुम्हें मे "" बाजी केँ पेर वहीं मेरीकमर सें लगेहुए, औऱ बाजी मेरे सामने बिल्कुल नंगी लेटी, मेरा लन्ड अपनी योनी मे लिए मस्ती, नशे, मज़े सें निढाल थि कि मैंने अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपना लन्ड अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया। बाजी कि सिसकियों मे वृद्धि होतीचली गई ""
"क्या बात है सलमान अहहअहह अहह क्या बात है उफ़ प्लीज़" "" बाजी नें मस्ती मे सिसकते हुएकहा
"" मजा आँ रहा हैं? " मैने अपने धक्कों कि रफ़्तार बढ़ाते हुएकहा
" अहहहाय रेअहह हाँउफ़ हाईईईईईईईईईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सलमान तेजकरो अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेरी योनि कों फाड़दो "
फिन वो टाइम भि आँ गय़ा जब हम् अपने गंतव्य पे पहुँच गये लन्ड तेजी सें अंदर बाहर् होताहुआ, बाजी कि योनी केँ अंदर फारिग होना शुरुआत होँ गय़ा औऱ बाजी नें अपनी योनीऊपर उठाना औऱ मेरे लन्ड पे धीरे-धीरे धीरे-धीरे मारना शुरुआत कर दिया
"" अहहअहह बाजीचूस लो मेरे लन्ड कों अपनी योनी सें अहह "" मे जब अपने लन्ड कों बाजी कि योनी मे अंदरमार केँ बाहर् खेंचता तौ बाजी अपनी योनी कों फिन मेरे लन्ड पे मारती
"अहहअहह हाय सलमान बहोत मजादे रहे होँ अहह"फिन एक् आखिरी झटका मैंने बाजी कि योनी मे मारा, औऱ मेरा लन्ड बाजी कि योनी कि गहराई तक उतरता चला गय़ा, तभी दिदी नें भि अपनी योनी कां आख़िरी झटका मेरे लन्ड कि ओर मारा, यानी कि बाजी कि योनी कां जोर मेरे लन्ड कि ओर थां औऱ मेरे लन्ड कां जोर बाजी कि योनी कि ओर। ऐसा करने सें मुझेऐसा लगनेलगा कि जैसे बाजी नें मेरे लन्ड कों अपनी योनी सें जोर सें जकड़रखा हैं औऱ मेरे वीर्य काआख़री कटरा तक उनकी योनी केँ रस सें मिलकर क्रीमयुक्त होँ रहा हैं।।।।।।
मिलन कि इस मंजिल कों पाकर मेरी आत्मा औऱ बदन कों वो संतुष्टि औऱ आराम नसीबहुआ, जैसे किसी प्यासे कों रेगिस्तान मे भटकते भटकते पानी सेभरा कुंआमिल गय़ा होँ, जिससे वो जन्मों जन्मों कि प्यास बुझा लेँ पर्र पानीकम नाँ हौ। प्रेम कि मंज़िलें तय करते हम् दोनों आगेआगे हि बढ़ते चलेजा रहे थें औऱ प्रेम थां कि कहीं एक् स्थान पे ठहरता हि नहीं थां वक्त केँ संगऐसा लगनेलगा कि जैसेकोई ऐसा भि जगहआने वाला हैं जहां पे पहुँच करये आत्मा फ़ना होँ जाएगी।। हां प्रेम केँ स्थानों कि ग्लो हि कुछऐसी होती हैं।।।।
गुजरते दिनों मे सेएकदिन फिनऐसा आया कि उसदिन शायद कहीं पे किसी नें मेरी तकदीर कां कुछ औऱ हि फैसला किया।
रात केँ खाने पे कुछलेट हौ गय़ा औऱ जब नीचेआया तौ अबू अपनेरूम मे जा चुके थें शायद। अम्मी औऱ बाजीनजर नहि आँ रहीथीं। मे रसोई कि तरफ बढ़ा तोँ किचन केँ लगभग पहुँचते हि, मेरे कानों मे अम्मी कि आवाज़ टकराई "" देखो बेटा रफ़ी साहब कां परिवार बहोत अच्छा हैं, ऐसे रिश्ते कों रोज नहि आते ""
"पऱ अम्मी मेरी मेडिकल स्टडी अभि कंपलेट नहि हुई " बाजी नें अपना विरोध दिखाते हुए अम्मी कों जवाब दिया
" वेकह जोँ रहे हें कि पढ़ाई हिना विवाह केँ बाद कम्प्लीट कर लें, सोचलो, तुम्हारे अब्बू कहरहे थें कि वही होगा, जोँ हिना फैसला करेगी, तुम् कुछदिन सोचलो, फिनबता देना "" (( मुझेबाद मे पताचला कि साना कि बेहन कि विवाह पे उसके भइया नें बाजी कों पहलीनजर मे पसन्द कर लिया थां))
तेज आंधियां, तूफान सें मेरे अंदरचल रहे थें, जोँ जहां थां वही पे रुक सां गय़ा थां, ऐसे लगनेलगा किसी नें तेज तलवार केँ संग मेरे जिस्म कों काट डाला होँ लहू(खून) बहना जानेक्यों नसों मे रुक सां गय़ा। ऐसा तोँ मैंने कभी सोचा भि नहि थां, ये क्याँ तमाशा वक्त मेरेसंग करने वाला थां।।
इतने मे बाजी औऱ अम्मी रसोई सें बाहर् निकली तौ मैंने एक् नज़र बाजी पे डाली, इस एक् नज़र मे मौजूद जाने कितने हि प्रश्न, चाहे दुनिया कों नं दिखें, पर्र उसेनजर आँ हि गए।।। मे मुड़ा औऱ ऊपर कि ओर तेजी सें बढ़ने लगा कि अम्मी नें कहा "बेटा, खानां नहि खानां क्याँ?"
"" जरूरत नहि हैं मुझे"ये कहतेहुए ऊपर कि ओर बढ़ा।.सीढ़याँ चढ़ते हुए जोँ आख़िरी आवाज़ मेरे कानों सें टकराई वो ये थि कि "" हिनाजाओ उसे देखो क्याँ हौ गय़ा हैं उसे""
मे अपने कमरे मे आया औऱ बाजीकुछ हि देर मे मेरे कमरे मे आँ गई औऱ दरवाजा बंदकर दिया।।।
"" ये क्याँ हैं सभी मुझेकुछ बताएंगी? "" मैने गुस्से सें बाजी कों कहा
"" आप् पहले सामान्य तोँ होँ " बाजी नें कहा
" मे सामान्य हूं मुझेपता हैं येसभी क्याँ हैं? आप् क्याँ कररही हैं "" मैने तिलमिलाते हुएकहा
बाजी नें मेरेपास आतेहुए मेरेगाल कों अपनी उंगलियों सें पकड़ा औऱ अपनी गहरी आँखें मेरी आँखों मे डालते हुए बोलि "मे स्वयं मररही हूं, ये जोँ भि हैं ये एक् नं एक् दिन तोँ होना हि थां" "
"" नहि होना थां ये आपकी विवाह किसी औऱ सें नहि, ऐसे नहि होगा, मे करूँगा तुम् सें विवाह, औऱ किसी सें नहि, तुम् मेरी हौ नां? "" मैने उनकेहाथ कों अपनेगाल पर्र दबाते हुएकहा
दिदी नें अपनाहाथ मेरेगाल सें हटाया औऱ अपने दोनों हाथों सें मेरे दोनों हाथ पकड़े औऱ मेरा एक् हाथ अपने सीने पे रखा औऱ दूसरा अपनेसर पे औऱ मेरी आँखों मे वैसे हि देखते हुएकाह "" सलमान अपना ख्याल रखना, तुम्हें कुछ भि नहि होना चाहिए, हिना नें मात्र तुमसे प्रेम किया हैं औऱ मरकर भि तुम्हें हि करेगी, मेरे सलमान कां ख्याल रखना, तुम् मेरीतरह "" बाजी कहतीजा रही थि औऱ उनकी आंखों सें आंसू गिरते जारहे थें।।।
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