Family Forever - गराज में चुदाई – New Episode
UPDATE 7अंजलि:- "वेलसच कहू तौ मुझेलगा थां कि हमसे नहि होँ पाएगा, मगर तुम् तौ। कमाल केँ हौ। "
मे:- "हं”
वो हल्की मुस्कुराइ औऱ मुझसे बोलीं:- "अच्छा लगरहा हैं, रोहित?”
"मे:- “अंजलि, तुम्हारी बुर."
उसने अपनी बाहों कों नीचेबेड पऱ रखकर, अपने पैरों कों लपेटने कि कोशिश कि, तोँ वो कांप गई औऱ कराहउठी। मे जल्दी अपने हाथो पर्र उठ गय़ा क्योंकि वो दर्द कि कराहरही थि। उसने जल्दी हि अपने हाथो कों मेरेऊपर डालकर मुझेकस केँ मुझेगले लगा लियाफिन थोड़ीदेर बाद वो बोलि " मे ठीक हूं,। मुझेबस थोड़ा वक़्त चाहिए। ”
अंजलि:- "क्याँ तुम् चाहती हौ कि मे बाहर् निकलूं?”
अंजलि:- "नहि। औऱ तुम् अभि भि। हार्ड होँ!”
मे:- "मे एक् जवान व्यक्ति हूं। औऱ तुम् इतनी सुंदर होँ कि अगरमै पूरी कोशिश करूंगा तब भि शायद ढीला नहीं होँ पाऊँगा। ”
मेरीबात सुनकर वोँ शर्मा गयीँ,, हम् एक् संगऐसे हि जुड़े रहे। अंजलि हमेशा सें हि एक् खुशमिजाज लड़की थि, मगरइस टाइम जोँ मुस्कान उसके चहरे पर्र थि वो अहसास देरही थि कि वोँ इतनीखुश कभी नहि थि। मैंने उसे पहलेकभी इतनाखुश नहीं देखा थां। मे धीरे-धीरे सें उस पर्र लेट गय़ा औऱ इसतरह सें घूम गय़ा जिसकी वजह सें अब हमारी पोसिशन बादल गई, थि औऱ अबमै नीचे थां औऱ अंजलि मेरेऊपर लेती हुई थि। पहले तोँ वोँ हैरान होँ गयीँ, मगरफिन शर्माते हुए मेरेऊपर हि बैठ गई,। मेरा लन्ड अभि भि उसकीचुत मे हि थां। मे हमेशा सें हि यह pose करना चाहता थां जब सें मैंने इसके बारे मे पढ़ा थां।
मे:- “वैसे अभि उतनीरात भि नहि हुईँ हैं”।
अंजलि मेरे सीने पर्र झुक गयीँ, औऱ मेरेकान केँ पासआके बोलि:- "मैंने पढ़ा हैं कि इस pose मे बहोत ताकत कि जरूरत होती हैं, ……। "मुझे आपकी सहायता कि आवश्यकता होगी। ”
हम् इसे एक् संग समझने मे कामयाब रहे, उस गड़बड़ी कों अनदेखा करतेहुए जौ हमनेअब तक किया थां, क्योंकि उसने मेरी पैरो कों फैलाया थां। मेरे लन्ड कों अपनेलिए ऊपर उठाते हुए, उसने मोटेतौर पऱ निशाना लगाया औऱ मुस्कुरायी क्योंकि मेरा लन्ड आहिस्ता उसके अंदर गायब होनेलगा थां। बसये देख्ना कि किसतरह सें उसकीचुत मेरे लन्ड कों अपने अंदर गायबकर रही थि, वो ऐसा एहसास थां कि अपने आप् हि मेरी आंखेबंद हौ गयीँ, औऱ मे अपने लन्ड पऱ उसकेचुत कि अंदरूनी हिस्से कों लन्ड केँ चारों तरफ मजबूती सें लपेटा हुआ महसूस करनेलगा। मुझेये बहोत अच्छा लगरहा थां।
उसकीकमर कों मेरेकमर पर्र दवाब महसूस करने पऱ, मैंने अपनी आँखें खोलीं, तोँ मुझे दिखा कि मेरे लन्ड कि पूरी लंबाई उसके अंदर गायब हौ गई थि। हमारी आँखें फिन सें उससे मिलीं तौ वो शर्मा गयीँ, औऱ उसेदूर देख्ना पड़ा।
अपने कूल्हों कों मेरे हाथों पऱ रखतेहुए, उसनेमौन सुझाव दिया कि मे उसकी सहायता करूँ इसलिये मैंने अपने हाथों कों उसके कूल्हों पर्र हि रहने दिया औऱ उसेऊपर नीचे होने मे सहायता करनेलगा, फिरभी मे उसके बूब्स केँ संग खेलना चाहता थां। पहले थोड़ीदेर तौ मैऐसे हि रहामगर जब भि मेरीनजर उसकी बूब्स पर्र पड़तीजब वोँ ऊपर नीचे होती तोँ उसीतरह सें उसके बूब्स भि ऊपर नीचे हौ रहे थें, उनऊपर नीचे होते बूब्स कों देखते हि मेरे अंदर उन्हे पकड़ने कि लालसा बढ़ जाती थि, थोड़ीदेर तक स्वयं कों रोकने केँ बावजूद मै ज़्यादा देर तक स्वयं कों रोक नहि पाया औऱ मैंने जल्दी हि उसके दोनों बूब्स कों कस केँ पकड़ लिया, जिससे अंजलि जोर सें हंसने लगी, कुछ मिनट तक तोँ मे ऐसे हि स्तब्ध हि रहा वंही वो अभि भि धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऊपर नीचे होतीरही। मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके बूब्स कों मसलने लगा, वो एक् बहोत हि excite करने वालासीन थां वोँ तौ शुक्र हैं, कि मे अभि कुछदेर पहले हि झड़ा थां, इसलिये मुझे उम्मीद थि कि मैइसबार कम सें कम थोडा लंबा टिकूंगा।
अंजलि:- "हे ईश्वर, रोहित, ये, जैसे, सबसे अच्छी फीलिंग्स हैं, " वो कराहरही थि।
मे तोँ जैसे उसकीकोई बातसुन हि नहि रहा थां, मै तौ जैसे अपने आँखों सें हि उसकेबदन कों पीरहा थां, ये देखते हुए कि वो किसरूप मे मेरे लन्ड पऱ उछलरही थि।
वो आगेझुक गई जिसकी वजह सें मेराहाथ उसके बूब्स सें हाथ गय़ा थां, मगर उसने मेरे लन्ड कि सवारी करना जारी हि रखा, मैंने सोचा कि उसनेऐसा क्यू किया होगा, मगर फिन उसने अपनेसिर कों नीचे कि ओर घुमाया औऱ नीचे मेरे लन्ड कों गायब होतेहुए देखने लगी, कि किसतरह सें वोँ गायब औऱ फिन सें प्रकट हौ रहा थां। येदेख केँ वो भि बहुत excite हौ गई थि इसलिये उसने मुझेजोर सें चूमा औऱ फिन सें कराहने लगी। "रोहित। ये वास्तव मे बहोत अच्छा लगरहा हैं."
"अच्छे सें बेहतर, " मैंने जवाब दिया।
मैंने अपने हाथो सें उसके गांद कों पकड़ पे मसलना शुरुआत कर दिया।
मै:- "मुझे लगता हैं कि मैफिन सें जल्द हि झड़ने वाला हूं"।
अब न् मे कुछबोल रहा थां न् हि वोँ कुछबोल रही थि।
मैंने उसकेगाल कों सहलाते हुए उसकेसिर कों अपनेहाथ कि हथेली मे जातेहुए देखा। उस वक्त मे उसकी आँखें बदल गई थींजब सें हमने प्रेम करना शुरुआत कर दिया थां तब सें हि उसकी आंखे उसकी उत्तेजना कि वजह सें लाल हुईँ पड़ी थि। वो हमेशा मुझे एक् निश्चित तरीके सें देखती थि, मगरअब जौ मे महसूस कररहा थां उसने उसकी आंखो मे प्रेम कि वोँ गहराई थि कि मेरा युवामन भि समझ सकता थां। मैंने धीरे-धीरे सें नीचे सें जोर देना शुरुआत कर दिया, जिसने हमें दोनों कों moan करने पऱ मजबूर कर दिया, अब मुझे महसूस होनेलगा कि मे मुश्किल सें कुछ धक्को तक हि तिक सकता थां।
अपने आप् कों उसके अंदरफिन सें खाली होताहुआ महसूस करना एक् ऐसी भावना थि जोँ मे अपने जिंदगी केँ बाकी हिस्सों केँ लिए बार-बार अनुभव करना चाहता थां। अंजलि नें जब मेरीतरफ सें ज़ोर लगाते हुए देखा तौ उसने अपने आप् कों मेरे लन्ड पर्र नीचे बैठा दिया औऱ मेरी छाती पर्र हाथरख करज़ोर सें मेरासंग देनेलगी। अब मुझे लगनेलगा कि मे किसी भि लम्हा झड सकता थां फिनपता कि मुझे क्याँ हुआ औऱ मैंने अपने राइटहाथ सें उसकीचुत पऱ रख दिया औऱ उसकीचुत कि दाने कों मसलने लगा, जिसकी वजह सें अंजलि अचानक नें चिल्लाई औऱ ज़ोर सें झड़नेलगी, झड़ते वक़्त उसकीचुत कि पकड़ बहोत ज़्यादा होँ गयीँ, थि जिसकी वजह सें मै भि स्वयं कों न् रोकसका औऱ उसके अंदर हि झड़नेलगा। थोड़ीदेर तक तोँ वो वैसे हि ऊपरउठी हि रहीफिन अचानक सें मेरेऊपर आकरगिर गई,, मेरी बाहों नें उसे चारों ओर लपेटा औऱ उसकेसिर कों चूमते हुएकहा। "मे तुमसे बहोत प्रेम करता हूं"।
"मे भि तुमसे बहोत प्रेम करती हूं, " उसने वापस फुसफुसाते हुएकहा।
हम् एक्-दूसरे सें प्रेम करते थें। याँ शायद हम् हमेशा सें एक्-दूसरे सें प्रेम करते थें फिरभी अधिकांश चचेरे भइया बेहन सामान्य रूप सें एक् दूसरे सें प्रेम करते होंगे। मगर मुझे लगता हैं कि ये पूरीतरह सें प्रेम कां एक् अलग स्तर थां। मे हमेशा सें उससे प्रेम करता थां, मुझे यकीन थां। मगर मुझेपता थां कि अंजलि कां मेरी जीवन कि पहली मित्र होने केँ नातेकुछ ऐसा थां जिससे मे कभी पछतावा नहि करूंगा।
हम् दोनों हि बहुतदेर सें गुथम गुथा होँ रहे थें जिसकी वजह सें हम् पूरीतरफ सें पशीने मे भीगेहुए थें, मैंने उसकाहाथ लिया औऱ उसे अपने बाथरूम मे लें गय़ा, गरम पानी कां स्विच ऑन करने केँ बाद हम् जल्द हि एक्-दूसरे कों धोनेलगे, येरात मेरे जिंदगी कि सबसे अच्छी रात थि, औऱ मुझेये पता थां कि ये अंतिम रात नहीं थि, जिसकी वजह सें मेरे चहरे पर्र एक् मुस्कान फैल गई,।
मै थोड़ीदेर बाद अंजलि कों उसीतरह शावर केँ नीचे झ्होद कर जल्द सें अपनेरूम मे आया ताकिमै चादरबदल सकूँ, औऱ मैंने जल्द सें उस चादर कों समेटा औऱ उसेबेड केँ नीचेडाल दिया औऱ जल्द सें अलमारी सें एक् बेडशीट निकाल करबेड पर्र बिछा दिया, तब तक अंजलि भि मेरेपास पहुँच गई,, जबमै पीछे पलटा तोँ वो इस वक्त तोलिया लपेटे खड़ी थि मगर उसकी नजरेइस टाइम नीचेदेख रही थि औऱ फिन उसने अचानक सें शर्माते हुए अपनी नजरे नीचे जमीन पऱ कर दि, उसके हाथो नें उसके जिस्म पऱ लपेटे तोलिए कों थामरखा थां ताकि वो कंहीगिर नं जाए, मे मात्र संतोष केँ संगअहह भर सकता थां। मगर मुझे उसके अचानक सें नजरे फेरने कां कारणकुछ समझ मे नहि आया इसलिये मैंने अपनी नजरे नीचे कि, औऱ मुझे जल्दी हि नजरआया कि मै इतनीदेर सें नंगा थां, मैंने भि शरमाते हुए जल्दी सें बगल मे कुर्सी पऱ पड़े तोलिए कों उठाया औऱ अपनेकमर पर्र लपेट लिया। वैसे तौ हम् दोनों थोड़ीदेर पहले हि अपने रिश्तों कि मर्यादा कों लांघ चुके थें मगरफिन भि हमे अभि भि एक् दूसरे सें लज्जा आँ रही थि। कुछदेर यूं हि खड़े रहने केँ बाद मैंने फैसला किया कि मैअब औऱ लज्जा नहीं करूंगा
इसलिये मै अंजलि केँ पासआया औऱ उसकेहाथ कों पकड़ केँ अपनेतरफ खिचा, मेरेयूं अचानक उसे अपनीतरफ खिचने कि वजह सें वो स्वयं कों संभाल नहीं पायी औऱ मेरे सीने मे आँ गई,। इसतरह अचानक खिचने कि वजह सें उसकेहाथ उसके तोलिए सें दूर हौ गई, थि इसलिये उसका तोलिया भि नीचेगिर गय़ा थां औऱ उसके मुझसे टकराने कि वजह सें वोँ तोलिया जोँ मैंने अपनीकमर पऱ लपेटा हुआ थां वो भि नीचेगिर गय़ा, औऱ इतनी फोर्स होने कि वजह सें हम् दोनों हि मेरे पीछे मौजूद बेड पऱ गिरपड़े। इस वक्तमै नीचेबेड पर्र थां औऱ अंजलि मेरेऊपर थि उसकेहाथ मेरे कंधो पर्र थां, उसके बूब्स मेरे सीने मे धसेपड़े थें, औऱ मेरा लन्ड उसकेकमर केँ नीचेदबा हुआ थां। मेरे दोनों हाथ उसकीकमर पर्र थें, औऱ हम् एक् दुसरे कि आँखो मे देखरहे थें। इस वक्त हमारे बीचकोई हवश नहीं थि अगरकुछ थां तौ मात्र प्रेम। थोड़ीदेर मे हम् एक् दूसरे कों kiss करनेलगे औऱ हम् ऐसे हि एक् दूसरे कि बांहों मे सोगए।
Anjali aur Rohit dono hi bachpan say ishq karte h aur aj jab Rohit 18 saal kaa huwa too Anjali aur Rohit ne apne pratham Rati kriya ko anjam diya, aur kya khubsurati k sath prastut kia h aapne sandar jabarjast updates bhay superb
thank you so much everyone joo ap sab maira itna sath de rahe h, kuchh hi der mai next update ummid h ap logo ko pasand aayega
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OMG, mein 3 दिन से जब bi free hu rah hoon too xforum pe bachi hoyi kahaniyan के update hi pad rah hoon लेकिन sabne itne jabardast jabardast update de rakhe hi की abi bi poora nahii pad paya, khash karke warewolf bhay and niwana bhay की kahani के abi 2, 2 update banki h और me सोच bi nahii paa rah की unhone किया kamal किया hnaa। really looking forward too it।
Family Forever - गराज में चुदाई - Next part mein bada twist
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