गलत संगत कां असर – New Episode
bhay yeh क्या chakkar h। Priya kis कम के liye komal ko fansa rahi h। Vicky क्या sirf loda hilata rahega। Komal की 1st kiss और seal todne kaa chance vicky ko milna चाहिए। Uske bhay kaa adhikar sabse jyada h। yar me chunk गया। Meri badi didi की seal todne से। Kiss too sabhi behene krti thi। Chhota thaa tabse। yar हम 4 behen और sabse last हम judwa bhay behen और badi behen humse 7 sal badi। 1 4 sal badi और 1 2 sal badi और bad mai हम 2 judwa। bhay yakin mane 18 sal kaa bi नहीं thaa। Muzper एक khatoon की nazar padi। joo की teacher thi मेरी। Meri khushkismati ya badkismati की me उसका gulam ban गया। uskah hagne के bad gaand chatkar saf krta। Uski moot pita vo Kai dino tak brush नहीं krti thi बहुत gandi badboo aati thi उसके muh से और kiss krti zabardasti। or mujhe apni saheliyon ko bi use karne deti। Vaise madam seal pack thi और mene unki seal और apni seal unke sath hi kholi thi। Didi की shaadi 12 sal kaa thaa तभी hoyi thi। too kese seal tod ptaa। Ab didi devorce lene wali h। kyunki didi bachcha नहीं hu raha thaa jija mai dam नहीं h ya kahu उसकी sauteli mummy ne usse namard banne की dawai khilai thi jisse sperm hi khatm hu gaye the jijaji के। or mene didi ko abi 2 sal pahle bachcha huwaa h। or अब didi kehti h me उसके sath नहीं apne bhay के sath rahungi।
गलत संगत कां असर – New Episode
भाग - 10
निधि जैसी हि उठकर देखती हैं तोँ वोँ कुछ नहि मात्र एक् सपना थां जिसका उसे अपनी पैंटी बहोत गिली सि महसूस हौ रही थि।
पूरी साड़ी औऱ जिस्म पसीने सें भीगा होता हैं। वोँ मन हि मन मुस्कुराने लगी औऱ घऱ केँ काम मे लग गयीँ,।
कोमलसाम केँ 5 बजेघऱ पहुंचती हैं वही विक्की दोपहर सें कमरे मे सोरहा थां 5 बजे उठकर वोँ जाके बाहर् घूम-घाम केँ 8 बजेघऱ आँ गय़ा।
रवि केँ संग कां झगड़ा ध्यान हि नहि थां।
सबलोग खानां खाया औऱ सोनेचले गए। विक्की रोज कि तरहमूठ मार केँ सो गय़ा औऱ कोमल कों आज पलंग पऱ लेटते हि नींद आँ गई। औऱवही निधि बेचैन होँ कर केँ सो गई।
दूसरा दिन बिल्कुल रोज कि तरह थां, आज रविवार केँ कारणकोई विद्यालय नहि गय़ा थां। आज भि कुछ नहि, विक्की बसदूर सें निधि औऱ उसके ड्रीम्स देखरहा थां।
कोमल अपने कमरे मे पढ़ाई केँ नाम पर्र पूरी नंगी होकर एक् हाथ सें अपनेदूध दबाती औऱ दूसरे हाथ सें अपनी बुर मे उंगली कररही होती हैं। जिसमें उसे बहोत मज़ा आँ रहा थां। पुरादिन इन्ही सभी मे गुजर गय़ा।
अगलेदिन विक्की सुभहउठ कर रेडी होके विद्यालय जानेलगा वही कोमल अपने पिताजी केँ संग विद्यालय चली गई औऱ घऱ मे मात्र अकेली निधि थि।
निधिमन हि मन विक्की केँ लंड कों देखकर सोचरही थि कि वोँ आगे बढ़े याँ सभीकुछ यही पे रोकदे।
उसकेमन मे मम्मी बेटे केँ रिश्ते केँ लिए बहोत सें प्रश्न आँ रहे होते हैं। मगर वोँ अपनी वासना कों अपनेऊपर हावी नहि होने देती। आज वोँ विक्की सें इस विषय पऱ बात करेगी।
विक्की केँ विद्यालय मे,
लोगआज विक्की कों आंख फाड़ फाड़कर केँ देखरहे हें मगर विक्की कों इनसभी सें कोई मतलब नहि थां वोँ अपनी क्लास मे जानेलगा।
(विक्की विद्यालय आने पहलेसोच रहा थां कि अगररवि आएगा तोँ उसे सॉरीबोल दूंगा मगर वोँ उसेउस दिन केँ बाद सें नहि दिखाएगा)
टीचर, प्रिंसिपल, विद्यालय स्टाफ हर बच्चे केँ मन मे यही प्रश्न थां कि आज विक्की अकेले केसे।
उसको भि मालूम थां कि सभीलोग मुझेदेख रहे हें
कुछ लड़के ग्राउंड मे किनारे खड़े थें।
1 लड़का-अबे आजयह क्याँ देखने कों मिलरहा हैं
2 लड़का- एक्साइटमेंट मे क्याँ देखने कों मिलरहा हैं।
1 लड़का-अबे यह सल्ला विक्की बहचोद आज अकेला विद्यालय आँ गय़ा.
2 लड़का-अबे हौ सकता हैं रवि गुजिया ज़्यादा खाली हौ बीमार होँ गय़ा होँ इसकेलिए नहि आया।
3 लड़का-कौन अकेला होँ मास्टर कि लौंडिया जिसने हम् खेत मे छेड़े थें।
4 लड़का - अरे नहि रे वोँ देख विक्की आज अकेला हैं।
3 लड़का-पता नहि आयो पूछता चलके,
2 लड़का-हा जाके चुम्मा लेँ लें
1 लड़का-हा बेयह बहोत आश्चर्य कि बात हैं बे,
3 लड़का-अबे मौका बढ़िया हैं आजपेल लो इसको भड़ास निकाल लें।
2 लड़का- नहि बेऐसे रिस्क नहीं पहलेइसे पक्का कन्फर्म करे कहींऐसा नाँ हौ कि वोँ सालाबाद मे आँ जाए।
4 लड़का-हां यहबात तौ सही हैं तेरी
राघव तुँ एक् कामकर इसका पीछाकर देखआज यह कितनी बार मिलता हैं फिनबाद मे देखता हैं।
3 लड़का-हां ठीक हैं बाद मे साले कों घेर केँ मरेंगे। साले कि बहोत जवानचल रही थि उसदिन प्रिंसिपल केँ सामने,
4 लड़का-हां साले मुझेउस मास्टर कि लौंडिया केँ चक्कर मे बहोत मार पड़ी औऱ देहात मे बेइज्जत अलग सें हुई।
यह चारो लड़के (1L- गगन, 2L- रिशु 3L-राघव 4L- मलिक )
मिलके श्यामू मास्टर कि बड़ी बेटी जौ क्लास 12 मे ज्योति कों छेड़रहे थें सुनसान स्थान मे जहां मात्र विक्की औऱ रवि जाते थें सिगरेट पीने केँ लिएइन दोनों नें मिलके उन चारो लड़कों कां भांडा फोड़ दिया।
आज कां दिन विक्की केँ लिए बहोत भारीपड़ रहा हैं।
क्लास स्टूडेंट, औऱ टीचरउसे बार-बार यहीं प्रश्न कररहे थें कि रवि क्यूं नहि आया क्याँ हुआरवि कों आदि।
जैसा तैसे विद्यालय कां वक्त निकला औऱ विक्की विद्यालय जल्द सें भाग निकला।
रिशु, राघव सें होँ पुरी पूरी जानकारी
राघव-हां भइया कन्फर्म कर केँ बताता हूं।
इधर कोमल केँ विद्यालय मे,
प्रिया- औऱ कैसी होलीरही मेरी कम्मो
कोमल - दोस्त पुछमत उसदिन तौ तूने जन्नत दिखा दि आनंद आँ गय़ा उसरात तोँ इतनीथक गई थि कि जाते हि सो गई।
प्रिया- अबेयह तौ कुछ भि नहि जब तूँ पहलीबार लन्ड लेगी नां तुझसे भि बहोत मज़ा आएगा
कोमल-हां दोस्त मैंने लड़के लड़की बाली पोर्न देखी उसमें लड़की केँ जबरदस्त बहोत बड़ा एक् दम काला लन्ड डाल दिया पहले तोँ लड़कीखूब रोयी चिल्लाई फिन आनंद लेने लगी। मे उसेदेख कर बहोत गर्म हौ गई थि।
प्रिया- अबेजब लन्ड अंदर जाता हैं तौ पूरेबदन कि गर्मी कों बाहर् कर देता हैं।
कोमल- तूने लिया हैं कभीलंद अपनी बुर केँ अंदर,
प्रिया- नहि मे भि तेरीतरह कुंवारी हूं
पऱ अगर तूँ मेरासंग दे तोँ हम् दोनों लोग एन्जॉय कर सकते हें।
कोमल- वोँ केसे
प्रिया- अभि नहि समयआने पर्र बताऊंगी तब तक तूँ उंगली कर केँ कामचला औऱ हा डेली एक् हि बार कियाकर
कोमल-ठीक हैं बाबू औऱ कोमल प्रिया केँ दूध दबाती हैं।
प्रिया- हट बदमाश कहीं कि दोनों लोग एक् किसकर केँ क्लास मे जानेलगी।
विद्यालय केँ बाद विक्की जबरवि केँ घऱ जातागेट खट खतने पऱ रजनीघऱ गेट खोलती हैं।
जोँ केवल ब्लाउज औऱ पेटीकोट मे थि।
जैसागेट खुलता हैं विक्की रजनी कों देखते हि रह जाता हैं। रजनीयह सभीदेख कर मुस्कुरा देती हैं।
रजनी विक्की कों हिलाते हुएकहा गम होँ गय़ा
विक्की- कहीं नहि वोँ मुझे। नमस्कार आंटी
रजनी- नमस्कार अंकलजी
विक्की- सॉरी छोटी मम्मी
रजनी-चल अन्दर आँ
रजनीफिन अंदर जाने लगती हैं औऱ विक्की भि उसके पीछे पीछे जाने लगता हैं औऱ उसकी बलखाती गांड देखते देखते,
हॉल मे बैठकर,
विक्की- छोटी मम्मी रवि औऱ बाकीसभी लोगकहा हें।
रजनी सड़ा सां मुंहू बनाते हुए,
रवि आज सुभह सें कहीं गय़ा हुआ हैं औऱ बाकीसभी लोग त्यौहार कर केँ अपने-अपने काम पऱ लौटगये।
विक्की रजनी सें आई कॉन्टैक्ट नहि करपारहा थां वही रजनीइस चीज कों देखकर मुस्कुरा रही थि।
विक्की- औऱ निक्की दि कहा उनको तोँ कॉलेज कि छुट्टी थि नाँ,
रजनी- छुट्टी तोँ थि पता नहि अर्जेंट कॉलआई आया किसी मित्र कां टर्नट जानां पड़ा। औऱ तूँ मुझसे मिलने आया हैं कि इससभी कि जानकारी लेने,
विक्की- अच्छा मां जी मे भि चलता हूं बाद मे आता हूं। वोँ मैरवि केँ लिएआया थां।
रजनी- अच्छा साथी नहि मिला तौ जल्दी भागेजा रहा होँ।
विक्की- नहि ऐसीबात नहि हैं।
रजनी-फिन कैसीबात हैं चुपचाप बैठकर खानां लें करआती हूं खानां खाकर जानां।
विक्की- नहि मम्मी जीफिन कभी मुझे थोडा काम हैं।
रजनी-चल बैगउतर कां बैथ मे खानां लेकेआती हूं आया बड़ाकाम करने बाला।
कोमल जिसेये नईचीज मे बहोत आनंद आँ रहा थां। विक्की केँ लिए सबसे मुश्किल थां रवि कों ढूंढकर मानना, निधि आगे क्याँ फैसला लेती हैं औऱ वोँ लड़के क्याँ विक्की कों सबक सिखा पाएंगे।
गलत संगत कां असर – New Episode
भाग - 11
विक्की वही बैठा रहता हैं तभी रसोई सें रजनी कि चीखने कि आवाज़ आती हैं।
विक्की उठकर रसोई मे देखता हैं तोँ रजनी नीचे गिरी हुइ हैं उसकेऊपर पूरा खानां फैलाहुआ होता हैं।
रजनी कहराते हुए-देख क्याँ रहे हौ उठाओ मुझे,
विक्की जल्दी झुक केँ रजनी कों गोद मुझे उठाता हैं रजनी केँ दूध विक्की केँ सीने मे लगरहा थां।
रजनी दोनों हाथ विक्की केँ गले मे डालकर विक्की कों देखती हैं।
विक्की- छोटी मम्मी आप् कों बेडरूम मे लेँ चलूं,
रजनी-हाँ जल्दचल बहोत दर्द हौ रहा हैं।
विक्की कमरे रजनी कों बेड पे लिता देता हैं।
रजनीलेट कर दर्द सें कहाररही थि विक्की कि पूरी विद्यालय ड्रेस पर्र खाने केँ दागलग चुके थें।
रजनी- विक्की एक् कामकरो वोँ दुपट्टा उठाओउसे थोडा गिलाकर केँ मेरा कपड़े साफकर दो पूरी सब्जी मेरे हि ऊपरगिर गई।
विक्की- मगर मे केसे,
रजनी-अरे तौ क्याँ हुआ जैसेरवि वैसे तुँ शर्मा मत जल्द वरनादाग पड़ जाएगा जल्दकर,
रजनी सीधीलेट जाती हैं, विकी दुपट्टे सें पहले ब्लाउज केँ ऊपर केँ फिनपेट औऱ अंतिम मे पेटीकोट केँ दागसाफ करता हैं। जिससे विकी केँ लन्ड खड़ा होँ जाता हैं विकी कि धड़कने तेज चलने लगती हैं।
रजनी-अरे तेरे भि कपड़े ख़राब होँ गए।
विक्की- कोईबात नहि छोटी माँ मे घऱ जाकेसाफ करा लूंगा।
रजनी-ठीक हैं मगर एक् काम करनाजब तक कोईआता नहि तब तुँ यहीं पर्र बनारह।
विक्की- ठीक हैं मे बाहर् बैठकर प्रतीक्षा करता हूं किसी केँ आने कां,
रजनी उल्टा लेट जाती हैं कहराते हुए सोने लगती हैं।
विक्की- अगर मां जी आपकोकोई समस्या न् हौ तोँ मे आपकी मालिश कर सकता हूं।
रजनी-हा मे भि तुझसे यहीं कहने वाली थि मगर संकोच मे नहि कहेपा रही थि।
विक्की- अरे मां जी अभि आप् बोलरही थीं कि तुम् औऱ रवि एक् जैसे हौ फिन मुझसे संकोच यह बताओमूव याँ कोईबाम रखा हैं।
रजनी-हाँ रसोई सें तेल लें आओ जाकर।
विक्की रसोई सें तेल लेकरआता हैं अब बताओ कहां दर्द हैं आपके
रजनी- वैसे तोँ पूराबदन दर्द हौ रहा हैं तूँ मेरीपीठ औऱ पैरो कि मालिश केँ दे।
विक्की बेड पऱ बैठ जाता हैं तेल लेकर औऱ कमर पर्र तेल लगाने लगता हैं
रजनी- विक्की रुक एक् मिनट,
विक्की- क्याँ हुआ,
रजनी-ऐसा कर तुम् अपने कपड़े भि निकाल लो नहि तोँ तेल हाथों सें गंदे हौ जाएंगे फिनजब जानां तबरवि केँ कपड़े पहन लेना मे निक्की सें धुलवा दूंगी।
विक्की- नहि मम्मी जी मे ऐसे हि ठीक हूं
रजनी- अच्छा अभि मुझे ज्ञान देरहा थां संकोच कां अब स्वयं हि जल्द कपड़े उतार मुझसे कुछ नहि सुनना,
विक्की हार मानकर कपड़े उतार देता हैं वोँ केवल अंडरवियर मे होता हैं।
विक्की- मां जी आप् उधर देखो लज्जा आँ रही हैं मुझे,
रजनी- हाँ-हाँ ठीक हैं।
फिन विक्की दोनों हाथों मे तेल लेकर लगाने लगता हैं बार-बार मालिश करने सें रजनी केँ ब्लाउज पर्र दागलग रहे होते हें।
रजनी हल्की नींद मे, विक्की एक् कामकर मेरा ब्लाउज भि निकाल दे नहि तौ गंदा हौ जाएगा फिनतेल कां दागसाफ भि नहि होगा।
विक्की मगर मे केसे,
रजनी अच्छा अपना मुँह दूसरी तरफकर विक्की जैसे अपना मुँह दूसरी ओर करता हैं।
रजनी अपना ब्लाउज निकाल देती हैं अब मात्र पेटीकोट मे होती हैं।
विक्की पीठ पर्र मालिश करने लगता हैं औऱ वोँ रजनी केँ हल्के बूब्स भि देखता रहता हैं जिससे उसका लन्ड झटकेमार रहा होता हैं।
थोड़ी देरबाद रजनी हल्की सि नींद मे अब विक्की अब मेरे पैरों कि भि मालिश करदे।
विक्की नीचे होकर पेटीकोट कों जांघों तक उठाकर दोनों हाथों सें अलग-अलग गोरे-गोरे पैरों कि मालिश करने लगता हैं।
रजनी- विक्की थोडा ऊपरकर नाँ जहाँ पर्र लगी हुईँ हैं
विक्की अब जांघों पऱ मालिश करने लगता हैं जिससे बार-बार उसकेहाथ पेटीकोट मे टच होने लगते हें। रजनी रुको एक् मिनट तुँ तोँ मेरा पेटीकोट भि गंदा करना चाहता हैं तेल सें, कहते कहते रजनी नें पेटीकोट उतार दिया औऱ अब रजनी बिल्कुल नंगी उल्टा मुँह करके लेटी हुइ थि।
औऱ विक्की जांघों केँ संग-संग कूल्हों मे भि तेल सें मालिश कररहा थां।
धीरे-धीरे सें विक्की नें एक् उंगली गांड कि दरार मे डालकर आगे पीछे करके मालिश करनेलगा फिन उंगली तेल मे डुबोकर गांड केँ छेद केँ अंदर उंगली डालकर हिलाने लगा जिसमें विक्की औऱ रजनी कों बहोत मजा आँ रहा थां।
मगर दोनों लोग शांत थें 3-4 बार उंगली अंदर बाहर् करने केँ बाद रजनी केँ मुँह सें अहह निकल गई जिससे विक्की नें घबराकर उंगली बाहर् निकालकर सिंपली मालिश करनेलगा।
रजनी-अहह बेटा क्याँ मालिश कि हैं।
सारा दर्द निकाल दिया निक्की भि नहि ऐसी मालिश कर पातीकभी,
एक् काम करनाकल वक्त मिले तौ फिन सें आकरकर देना। ये कहते हि रजनीबेड पर्र बैठ जाती हैं। विक्की जल्दी सर नीचेकर लेता हैं औऱ रजनी विक्की कि तरफ देखने लगती हैं।
गलत संगत कां असर - Kahani ab aur interesting hogi
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