गलत संगत कां असर – New Episode
भाग - 7
घऱ पहुंच कर देखता कि कोमल कमरे मे खड़ी किनारे रोरही होती हैं। निधिबेड पे बैठ केँ रोरही होती।
विक्की -क्याँ मां औऱ कोमल दोनों लोगरो क्यूं रहे हौ।
किसी नें कुछकहा क्याँ?
विक्की कों देखकर निधि कों बहोत तेज क्रोध औऱ उनसे खींच केँ थप्पड़ मार दिया औऱ रोतेहुए चिलाने लगी। ( विक्की कों लगा लफड़ा कुछ बड़ा इसलिये वोँ चुपचाप खड़े खड़ेअब सुनता रहा)
विक्की जाके अपनी माँ केँ गलेलग औऱ पूछने लगा क्याँ हुआ।
निधि - कलरात सें मोबाइल लगारही हूं उठाया क्यूं नहि,
विक्की - वोँ मां सो गय़ा थां इसलिये, बात क्याँ हुईँ ये तौ बताओ
निधि - कलरात सें तेरे बापू गायब हैं पता नहि कहागए हुए हैं। पूरे देहात मे कोमल औऱ मे ढूंढआई पता नहि चला।
विक्की - ठीक हैं मै अभि नहा केँ आताहु फिन ढूंढता हु जाकर
(निधि कों विक्की केँ मुंह सें शराब कि गंधलगी)
निधि - तूँ शराबपी केँ आया हैं
विक्की - नहि मम्मी, आप् कों किसीने बोला, मै शराब नहि पीता, वोँ कुछ चटपटा क्याँ उसी कि गंध
इतनाकहे विक्की वहांऊपर रूम मे भाग गय़ा।
(विक्की मन मे अहहआज तोँ बालबाल बचाये सालारवि भोंसड़ी कां गांडमारा)
लगभग 30 मिनटबाद विक्की नहा केँ नीचेआया।
जैसे विक्की घऱ केँ बाहर् निकलने कों थां जल्दी गेट बजनेलगा कोई 2 अनजान व्यक्ति थें।
विक्की जाके जैसेगेट खोलने कों थां। वोँ लोगकुछ बातकर रहे थें जिसे विक्की चुपचाप सुनने लगा। (पहले व्यक्ति कों P.A, दूसरे व्यक्ति कों D.A, विक्की कों V, निधि कों N)
P.a- दोस्त इसकी महिला तौ एक् नंबर कि मॉल हैं।
D.a- हाबे मे तोँ कहता हूं कि ये साली कां व्यक्ति पैसे नां देपाए फिन प्रधान केँ संग - संग हम् लोग इसकेमजे लेंगे।
P.a- हाबे इसकी महिला कि फिंगर देखते हि लार निकलने लगती हैं मन करता हैं जहां मिलेवही पटक केँ छोड़दूं।
D.a - हां नें ये तोँ बात पऱ रहनेदे बातमत करकोई सुन लेगा तोँ दिक्कत होँ जाएगी।
विक्की गेट खोलता हैं गुस्से मे p.a केँ मुंह पे मुक्का मार देता हैं। जिससे वोँ नीचेगिर जाता हैं।
D.a- ओह हौ क्याँ क्रोध हैं। चल साम तक तेरीसभी ऐठ निकलेंगे रुक तूँ,
P.a उठकर खड़ा होता हैं औऱ पूछता हैं संजय कां घऱयही हैं। तुम् कौन होँ
V - हायही हैं बोलबे क्याँ काम हैं, मै उनका लड़का हूं।
P.a - संजयकल साम सें हमारे जुआखेल रहे थें
100000 रुपएहार गए हैं।
D.A - प्रधान जी नें कहाआज साम तक रुपया देदे अपने बाप कों छुड़ा लें जाए।
इतने मे निधि भि बाहर् आँ गई वोँ येसभी सुनके फिन सें रोनेलगी।
V - ठीक हैं साम तक हम् आँ जायेगे।
P.a - नाँ पैसों कों इंतेज़ाम होँ अपनी अम्मा कों लेँ आनां
V - जा अपनी स्त्री कों संभल देहात भर मे चूदी-2घूम रही हैं।
वोँ दोनों लोग हंसके चले जाते हैं। ये p.a थां रमेश जिसकी महिला सविता प्रधान केँ लड़के सें चुदाती थि।
D.a थां कालू पहलवान इसेआज तक कुश्ती मे देहात कां कोई व्यक्ति नहि हरा पाया। पहले रमेश भि पहलवानी करता थां मगर उसके एक्सीडेंट होने केँ कारण वोँ कमजोर होँ गय़ा औऱ प्रधान जी कि सेवा मे लग गय़ा।
दिन बीतते सुभह सें साम होँ गई मगर अभि तक थोड़े बहोत पैसे कां इंतेज़ाम हुआ थां।
N - ऐसाकर तुँ मेरे गहने गिरबी रखदे औऱ थोड़े बहोत घऱ मे पड़े उन्हें लेँ जाकर प्रधान कों देदे।
बाकी पैसों केँ लिए मोहलत मांग लेना शायदकुछ रहमकर दे।
V - नहि माँ मे ऐसा नहि कर सकता,
N - नहि तुझेही मेरीशपथ जैसा मैने बोला हैं वैसाकर तुँ, जा अपने पिताजी कों लेकर आँ औऱ गलती भि तेरे बाप कि हैं।
विक्की अबकुछ नहि कर सकता थां। इसमें इसकी जौ सहायता कर सकता थां उससे विक्की नें लड़ाई करली।
विक्की हिम्मत बांध केँ प्रधान केँ घऱ कि ओर निकल जाता हैं। गहने औऱ पैसे लेकर,
प्रधान केँ घऱ केँ बाहर् वही दोनों व्यक्ति,
क्याँ पैसेलाए होँ याँ अम्मा, इतना सुनते हि विक्की कां खून खोलने लगता हैं। मगर विक्की विनम्रता सें काम लेता हैं।
V - प्रधान जीकहा हैं उनसेबात करनी हैं
रमेश - आओ बाबू तुमको मिलते हैं प्रधान जी सें,
विक्की पीछे-पीछे चलने लगता हैं प्रधान जी केँ रूम सबसे अंतिम मे थां उसे पहलेआस - पास मे घऱ केँ सब लोगों केँ कमरे औऱ किचेन बघेरा थि।
प्रधान केँ कमरेबगल सें नीचेहाल कि लिए मार्ग गई हैं वहा प्रधान जितने 2 नंबर केँ काम वोँ करता हैं।
एक् स्थान जाके रमेशरुक गय़ा, जा जाकेबात कर लें,
मैने प्रधान कों नमस्कार किया, प्रधान केँ संग 2- 3 लोग औऱ भि बैठें थें अधिक ध्यान नहि दिया।
(प्रधान कों P औऱ विक्की कों V)
P बड़ी विनम्रता सें, हाकहो बेटा क्याँ काम हैं
V - प्रधान जी मेरे पिता जीकलये हारगए हैं कुछ पैसेलाए हैं लेँ लीजिए उन्हें छोड़दे।
P - बेटा पैसेलाओ अपने पिता कों लेँ जाओ,
V - वोँ प्रधान जीकुछ पैसेकम पड़रहे हैं। आप् कों मक्का कों फसल कटते हि चुका दूंगा।
P - नहि बेटा हमारे येयह नहि होता जीतो तोँ नगदहरो तोँ नगद,
V - प्रधान हम् आपकी भोली भाली जनता हैं हम् पऱ कुछतरस तोँ खाओ,
P - अच्छा चलोठीक हैं मगर किसी कि जमानत केँ बिना मे नहि कर सकता हूं।
V - अब जमानती कहा सें लाऊ।
P - बेटा वोँ आपकी समस्या हैं। देखलो फिन आनां,
तभी पीछे सें एक् जानी पहचानी आवाज़ आती हैं,
प्रधान चाचा हम् लेते हैं जमानत इसको 6 महीना कां वक्त देदो नहि तौ हम् इसका कर्जा भर देंगे।
P - अरेआओ भइया सुरेन्द्र क्याँ हालचाल बहोत दिनों बाद दिखे,
रवि - हा चाचा देखो पिताजी कों वक़्त हि नहि मिलता आप् लोगो सें मिलने हैं अब तोँ त्यौहार पर्र हि घऱआते
P - अरे भइया सुरेन्द्र ध्यान दोघऱ पे पैसों मे ज़्यादा अंधेमत बनो
विक्की नें देखये रवि औऱ उसके पिताजी थें। विक्की नें सुरेन्द्र कों प्रणाम किया। रवि सें हाथ तक नहि मिलाया।
सुरेन्द्र - देखिए ये पैसों कि बातबोल कौनरहा हैं।
फिन दोनों लोग हंसने लगते हैं।
V - प्रधान जीये 50000 रुपएरख लीजिए।
P - अब मेरे भतीजे कि बात तौ मे काट नहि सकता, ठीक हैं तुमको 6माह कां समय हैं।
प्रधान फिन रमेश कों ऑर्डर देता हैं। तब वोँ मेरे पिता कों लेकेआते हैं। जोँ पूरीतरह सें नशे मे डूबे थें। विक्की वहां सें जाने लगता हैं।
रवि - अबे मुझसे तौ मिल
विक्की औऱ रविगले मिलने लगते हैं।
रवि - मै किसी कां अहसान नहि रखताआगे सें अपनीसकल मत दिखना।
विक्की बिनाकुछ बोले वो सें चला जाता हैं।
प्रधान केँ घऱ मे उसे एक् रूम दिखता हैं जहां एक् अप्सरा ऐसी लड़की बाहर् निकलरही होती हैं।
रमेश टोकते हुए - रंजू बाबू कि बिटिया हैं सावधान रहिए रंजू बाबू आंखे निकलवा लेंगे।
विक्की संजय कों लेकेघऱ पहुंचता हैं। निधि मे मन मे विक्की कि औऱ इज्जत बढ़ जाती हैं।
रात केँ वक़्त सभी खानां खा केँ सो जाते हैं। मगर निधि कों नींद नहि आती हैं। वोँ उठकर सीधे विक्की केँ रूम जाने लगती हैं। उससे पहले कोमल भि कमरे केँ बाहर् कानलगा कर आवाजें सुनरही होती हैं। किसी केँ आने कि आवाज़ सें वोँ किनारे बाथरूम मे छिप जाती हैं।
विक्की रोज कि तरह निधि कां नाम लेँ लेकरमूठ माररहा होता हैं। जिसे कान लगाकर निधि भि सुन लेती हैं। बिना कुछकहे पहले निधिबाद मे कोमल नीचेचली जाती हैं।
बहोत हि बढ़िया एपसोड दिया हैं ! विक्की औऱ निधि कां प्रोग्राम जल्द सें आगे बढ़ाओ दोस्त !
गलत संगत कां असर – New Episode
भाग -8
सुभह निधि उठकरघऱ केँ काम मे लग जाती हैं संजय लज्जा केँ मारे कमरे मे हि पड़ा रहता हैं।
कोमलआज प्रिया सें मिलने वाली थि वही विक्की निधि केँ ख्यालों मे सोरहा थां।
कुछ वक़्त बाद कोमल निधि कों बताकर प्रिया केँ घऱ मिलने दूसरे देहात चली जाती हैं।
कोमल अपनी सहेली प्रिया सें मिलने उसकेघऱ जाती हैं।
कोमलघऱ कां दरवाजा बजती हैं।
प्रिया अबकौन आँ गय़ा, (p - प्रिया, कोमल - ke)
P- कौन हैं?
ke- मै हूं कोमल,
P- ओह अच्छा तूँ हैं रुक एक् मिनटगेट खोलती हैं।
गेट खोलते हि,
P- क्याँ सप्राइज दिया हैं तूने कोमल मुझे तोँ लगा तुँ आयेगी हि नहि,
ke- मेरी बेस्टफ्रेंड बुलाए औऱ मे नाँ आऊऐसा हौ सकता हैं।
P- ये तूँ बेस्ट फ्रेंड केँ बुलावे पे आई हैं याँ गरमी केँ बुलावे पे,
ke- मतलब मे समझी नहि,
P- अरे तुँ अंदरफिन सभी समझती हूं।
अंदर जाने केँ बाद कोमल प्रिया कि माँ औऱ भाभी सें नमस्कार करती हैं।
(प्रिया एक् अमीर परिवार सें हैं उसकेघऱ मे कुल 7- 8 लोग हैं) प्रिया,
दूसरे नं केँ भैया-सुमित
भाभी-शालू,
मां- अनीता,
पिताजी-विजेंद्र,
छोटी बेहन - निशा,
औऱ बड़े भइया वोँ यहां नहि रहते तौ उनसे मतलब नहि, सुमित केँ 1 बेटा हैं।
(pkm- प्रिया कि मां, pkb- प्रिया कि भाभी)
P- कोमल तूँ थोड़ी देरबैठ मे तेरे लियागरम चाय लेकेआती हूं।
Pkm- हाजी बेटा कहा रहती होँ तुमको पहलीबार प्रिया सें संग देखा।
ke- जी मे पास वाले दूसरे देहात मे रहती हूं हम् दोनों एक् विद्यालय मे एक् हि कक्षा मे पढ़ते हें।
Pkb- अच्छा तुम् कोमल होँ हैं नाँ
ke - जी भाभी
Pkm- बेटा इसका ध्यान रखाकरो बहोत बिगड़ती जारही हैं।
ke - नहि आंटीऐसा नहि विद्यालय मे तोँ अच्छे सें पेशाआती हैं।
प्रिया गरमचाय लातेहुए अगर आप् लोगो केँ इंटरव्यू ख़त्म हौ गए हौ तौ हम् लोगजाए। आजा कोमल मेरेरूम मे,
फिन दोनों वहां सें चले जाते हैं।
प्रिया कमरे मे पहुंच केँ गेटबंद करती हैं दोनों लोगबेड पे बैठ केँ गरमचाय पीने लगते हैं।
दोनों लोग बिल्कुल शांत, प्रिया चुप्पी तोड़ते हुए,
औऱ बता तेरे क्याँ हालचाल
ke - मेरेठीक हैं अपनेबता होली कैसीरही,
P - हा होली तौ बढ़िया रही पर्र इस गर्मी कों कोई इलाज नहि,
ke - तेरेये तोँ AC लगी हैं फिन क्याँ दिक्कत हैं।
P - अबे तुँ न् बिल्कुल चोमू रहेगी क्याँ, मैबदन कि गर्मी कि बातकर रही हूं। तुँ नहि समझेगी, येसभी छोड़ तुँ उसदिन क्याँ बतारही थि मोबाइल पर्र,
ke - किसदिन,
P - अब ज़्यादा भोलीमत
ke - अब औऱ क्याँ बताऊं बता तौ दिया थां उसदिन सभीकुछ,
P - अच्छा उसकेबाद तूनेउसे फिन सें वहीसभी करते देखा,
ke - हा देखा, वोँ उससे हिला हिलाकर औऱ अपने मोबाइल मे किसी फोटो देखकर अपनी मम्मी कां नाम लेता हैं। औऱ फिनकुछ वक्तबाद उसके वहां केँ कुछ सफेद-सफेद क्रीम जैसा निकलता हैं औऱ बहोत तेज थकने लगता हैं।
जबजब मे उसे देखती हूं मेरी धड़कनें बहोत तेज चलने लगती मेरे नीचे बहोत गर्म होँ जाती हैं 1-2 बार तोँ मेरी चड्डी भि गीली हौ गई अपने आप्,
प्रिया उसकीबात ध्यान सें सुनकर हस्ते हुए बोलीं -
अरे मेरी भोली भाली कोमल, तुँ क्याँ उसके, क्रीम पता नहि क्याँ क्याँ बोल रहीं हैं,
देख जोँ वोँ हिलारहा हैं उसको हिलाना नहि मूठ मारना याँ मास्टरबेट करना बोलते हैं
औऱ अपने उससे नहि लंड सें जौ उसमें निकलता हैं उसे क्रीम नहि मलाई याँ लड़कों कां वीर्य बहोत लजीज होता हैं कभी ख़ाके देख्ना,
प्रिया उसकी बुर पकड़ते हुए बोलती हैं इसको कहते हैं बुर समझी,
जब महिला गर्म होँ जाती हैं तौ ये अपने आप् पानी फेकने लगती हैं समझी
ke - छी दोस्त तुँ कैसी बातें कर रहीं हैं। औऱ हाथहटा अपना,
P - मतलब तूनेआज कभी उंगली तक नहि अपने अंदर,
ke - मुझे क्याँ पता केसे कि जाती हैं।
प्रिया हस्ते हुए अच्छा तुँ रुक तुम्हारी तरफ एक् मूवी दिखाती हूं।
बेड सें उठकर प्रिया अपना लैपटॉप लाती हैं औऱ उसमें लेस्बियन पोर्न लगा देती औऱ कोमल सें बोलती हैं इसको तूँ ध्यान सें देखफिन तुझको भि जन्नत दिखाती हूं।
ये कहकर प्रिया अपनी अलमारी सें कुछ निकलने लगती हैं औऱ फिन कोमल केँ पासआके बैठ जाती हैं।
ke - येसभी क्याँ लगा दिया तूने,
P - चुपचाप देख औऱ कुछबोल मत,
इधर घऱ मे,
अब विक्की औऱ निधि होते हैं। विक्की उठकर जैसे हि नहाने केँ लिए बाथरूम जाता हैं उसके दिमाग़ मे आइडिया आता हैं औऱ वोँ अपने बाथरूम केँ नलों कां वालबंद कर देता हैं। जिसके कारण वोँ नीचे नहाने चला जाता हैं।
नीचे,
N - क्याँ हुआ विक्की अभि नहाए नहि हौ 11 बजने वाले हैं।
V - वोँ मम्मी ऊपर वाले बाथरूम मे पानी नहि आँ रहा हैं इसलिये नीचे नहाने आया हूं।
N - अच्छा ठीक हैं जल्दनहा केँ आँ फिन तेरे लिया खानां लगा देती हूं।
V - ठीक हैं मम्मी
N - दिन प्रतिदिन ये लड़का अलसी होता हैं जारहा हैं।
विक्की नहाने केँ लिए जैसे हि बाथरूम मे घुसता हैं वोँ जानबूझ केँ थोडा गेटखुल छोड़ देता हैं।
बाथरूम मे जाके पूरा नंगा हौ जाता हैं औऱ सामने नल पे रखी निधि कि पैंटी उठाकर चाटने लगता हैं दूसरे हाथ निधि कां नाम लेकर अपना लंड पकड़ केँ हिलाने लगता हैं।
औऱ कुछदेर मे पैंटी केँ ऊपर अपनामॉल छोड़ केँ पैंटी किनारे रख केँ नहाने लगता हैं।
वही बाहर् जब निधि कों बाथरूम सें कुछ आवाजे सुनाई देती हैं
जाकरदेख केँ वोँ मुस्कुरा देती हैं उधर विक्की निधि-निधि चिल्लाकर अपना लंड हिलारहा होता हैं
औऱ खड़े खड़े अपने बेटे कि हरकते देखने लगती हैं
अपने बेटे कां लंड देखकर निधि गर्म होँ जाती हैं औऱ अपनी बुर ऊपर सें रगड़ने लगती हैं।
कुछदेर बादजब विक्की निकलने कों होता हैं तौ निधि वहां सें भाग जाती हैं औऱ विक्की अपने कमरे मे ऊपरचला जाता हैं।
इधर निधि बाथरूम मे जाकर अपनी पैंटी उठाकर उसे सुंघाने लगती हैं। (निधिमन मे वाउआज भि वही खुशबू जोँ आज सें कुछ सालों पहले संजय केँ वीर्य मे थि)
निधि कों लगता हैं विक्की अपनेरूम मे चला गय़ा मगरये भि विक्की केँ प्लान कां हिस्सा थां।
जिसे विक्की बाहर् खड़े होकरदेख रहा होता हैं।
आगे विक्की क्याँ प्लान करता औऱ निधि विक्की कि इस हरकत क्याँ प्रतिक्रिया देती हैं याँ नजरअंदाज कर देती हैं।
Sbki apni sochna kisi ko dirty sex pasand h too kisi ko normal sex, kahani k k update aate rhenge padte raho sab samjh mai aayega kee ye sab kyu huwa smjh lo marvel wale jaesa hint dete h last mai bas usi kee prakaar ye bi h
गलत संगत कां असर – New Episode
भाग -9
इधर प्रिया केँ घऱ मे,
कोमलउस वीडियो मे देखती हैं कों दोनों लड़कियां पहले चूमा चाटी करती हैं फिन अपने कपड़े उतारकर एक् दूसरे कों प्रेम करती हैं।
दोनों लोग एक् दूसरे केँ दूध दबती हैं फिन बुर चाटकर एक् दूसरे केँ संतुष्ट करती हैं।
कोमलये सभी पहलीबार देखरही थि जिसेउसे बर्दास्त करना मुश्किल होँ रहा थां। औऱ वोँ एक् अपनेदूध कों दबा देती थि जिससे उसके कों बहोत खुशीमिल रहा थां। संग हि उसकी कराह भि निकलरही थि।
कोमल वीडियो देखने केँ इतनीघूम हौ गई उसेपता हि नहि चला औऱ इधर प्रिया नें उठकर पऱ कमरे कि लाइटबंद कर दि औऱ अपने पूरे कपड़े उतार केँ मात्र ब्रा पैंटी मे आँ गई।
(प्रिया बहोत पहुंची हुइ लड़की हैं वोँ सेक्स केँ लिए पूरीतरह सें पागल रहती हैं। ये तक वोँ अपनी भाभी केँ संग भि लेस्बियन सेक्स कर चुकी हैं)
औऱ बीचबीच मे कोमल केँ गालों कों चुम्बन कर देती। कोमल जौ पूरीतरह सें मदहोश हौ चुकी थि।
प्रिया नें कोमल चेहरा अपनीतरफ घुमाया औऱ उसकेओंठ पे अपनेओंठ रख केँ चूमने लगी। कोमल कों भि इसमें आनंदआने लगा औऱ प्रिया नें कोमल केँ दूध दबनेलगी जिससे कोमल कि हल्की चीख निकल गई।
प्रिया नें लैपटॉप बंद किया औऱ कोमल कों बेड पे लिटाकर उसकेऊपर दूध दबने औऱ उसकोकिस करनेलगी।
दूसरे हाथ सें उसकी बुर कों रगड़ने लगी।
कोमलआंख बंद करके मात्र आहेभर रही औऱ अपनेहाथ पांव छूटने कि कोशिश कररही थि(जैसे कोई उससे जबरदस्ती कररहा हौ)
फिन उसके कुर्ता निकलकर किनारे फेक देती हैं औऱ ब्रा केँ ऊपर सें बूब्स चूसने लगती हैं।
औऱ बुर रगड़ते रगड़ते वोँ कोमल कि पायजामा कां नाराखोल कर पैंटी केँ अंदरहाथ डालकर उंगली करने लगती हैं।
बुर मे उंगली जाते हि कोमल कों जैसे सारेसुख मिलगए हौ वोँ बस प्रिया प्रिया चिल्लाए जारही थि औऱ आहेभरे जारही थि। दोनों लोगरुक जाते हैं।
अब कोमलउठ कर प्रिया कों किस करनेलगी औऱ प्रिया नें कोमल ब्राउतर दि संग मे अपनी भि दोनों लोगआहे भररहे कभी प्रिया कोमल तोँ कभी कोमल प्रिया केँ दोनों लोग एक् दूसरे केँ दूधचूस रहे होते हैं।
P - अहह कोमल निचोड़ लें इनकोपी जा इनका सारादूध,
कोमल तोँ केवलआहे भररही थि क्योंकि उसकी जीवन मे येसभी नया थां।
फिन प्रिया कोमल कों रोकती हैं औऱ उसका पायजामा औऱ पैंटी निकलकर फेक देती हैं
(जिससे कोमल कों बहोत लज्जा आँ रही होती हैं)औऱ उसकी बालों बाली छोटी सें बुर देखकर चूम लेती हैं।
प्रिया - कोमल तेरी बुर बहोत प्यारी हैं आनंद आएगा ताजी बुर चाटने मे औऱ दोनों हाथों सें बुर खोलकर चाटने लगती हैं जीभ लगते हि कोमल तौ जैसे आसमान मे पहुंच जाती हैं उसे तौ पता हि नहि चलता हैं। (धीरे-धीरे धीरे-धीरे कोमल खुलने लगी थि)
ke -aaaahhh ohbhhhh ohhh yes aaaahh p। ppp। प्रिया ऐसे हि बहोत तपड़रही हैं 4-5 दिनों सें अहहऐसे हि।
कोमल, प्रिया कां सिर पकड़ केँ अपनी बुर पर्र दबनेलगी।
प्रिया अपनीजीभ सें कोमल कि बुर चाटने लगी हैं औऱ कोमल अपनेदूध पकड़ केँ अपने मुंह मे डालने कि कोशिश करने लगती हैं।
प्रिया कों बुर चटाते थोडा जी वक्तहुआ थां कि कोमल बोलीं दोस्त कुछ होँ रहा हैं मेरे अंदर सें कुछ निकालेने वाला हैं।
कुछदेर बाद कोमल कां पानीछूट गय़ा औऱ प्रिया उसका सारा पानीपी गई औऱ कोमल झड़के एक् किनारे लेटकर अपनी सांसों पर्र नियंत्रण करने लगती औऱ जोरजोर सें हांफने लगी।
ke - दोस्त प्रिया यह केसे किया मज़ा आँ गय़ा ऐसालग रह हैं कोईबोझ थां मुझपे वोँ अबउतर गय़ा हैं।
P-अब अधिकबात मतकर मुझेआके संतुष्ट कर
औऱ प्रिया नें कोमल कों पकड़ा अपनी पैंटी केँ ऊपर उसका मुंहरखा दिया।
कोमल तुंरत पैंटी केँ ऊपर सें हि बुर चाटने लगी कोमल थोडा नीचे होकर प्रिया कों पैंटी उतारी औऱ उसकी बुर देखकर बोलि,
वाउ दोस्त तेरी बुर तौ बहोत साफ हैं एक् भि बाल नहि हैं
P - हा दोस्त लड़कों कों हमेशा साफ बुर अच्छी लगती हैं। औऱ कोमल कां मुंह पकड़ केँ अपनी बुर मे लगा देती हैं।
कोमलजीभ निकल कां प्रिया कि बुर चाटने लगी।
प्रिया नें अपनी बुर केँ फांके खोले औऱ कोमल बोलि इसके अंदरजीभ डालकर चाट,
कोमल कां पहलीबार थां औऱ प्रिया जब थोड़ी देरबाद झड़ने कों हुइ उसने कोमल मुंह पकड़ औऱ अपनी बुर मे लगा दिया जिससे कोमल कों मजबूरी मे उसका पानी चाटना पड़ा, प्रिया अब निढाल होके लेती थि उसकेबगल मे कोमल भि लेट गई।
थोड़ी देर दोनों लोग एक् दूसरे केँ संग चिपट केँ लेटेरहे।
P - मज़ाआया कोमल
ke - दोस्त कहा सें सीखाये सभी आनंद नहि बहोत ज़्यादा आनंद,
P - अच्छा, अभि तौ ट्रेलर हैं इसमें जब लंड जाएगा तेरी बुर फाड़ेगा तब तुम्हें औऱ भि आनंद आएगा।
औऱ उठकर लाइट जलती हैं औऱ कोमल कों नकली लंड दिखने लगती हैं। जौ प्रिया नें निकला थां।
ke - प्रिया दोस्त लाइटबंद कर मुझे लज्जा आँ रही हैं।
P - अच्छा अभि पूरी बुर कां पानीचाट गई औऱ मुझसे शर्मा रही हैं।
लाइट मे प्रिया कोमल कां जिस्म देखकर उसकेऊपर फिन सें टूट पड़ीअहह कोमल क्याँ बॉडी हैं तेरीफिन वोँ दोनों एक् दूसरे कों चूमने लगे।
फिन प्रिया खड़े होकर वोँ नकलीलंद अपने मुंह मे डालकर उसे गिला करती हैं औऱ नकलीलंद अपनी बुर मे डालने लगती हैं। देखते देखते आधे सें ज़्यादा लंड अंदर लें लेती हैं। कुछ देर बुर पे रगड़ने केँ बादफिन सें पानी छोड़ देती हैं जिसेदेख कर कोमल दोबारा गरम हौ जाती हैं।
प्रिया वोँ लंड फेककर दुबारा सें लग जाते हैं।
अबकीबार प्रिया सीधे जाके बुर मे जाके उंगली डाल केँ बुर चाटने लगती हैं। कोमल केँ झड़ने केँ प्रिया फिन एक् बार अपनी बुर चटवाकर झड़ जाती हैं।
दोनों लोग आरामकर केँ फिन सें बात करने लगती हैं।
ke-क्याँ दोस्त प्रिया तेरेपास क्याँ चमत्कार हैं।
P - अभि जबये जाएगा तब चमत्कार मालूम पड़ेगा
ke - तौ डालदे नाँ तुम को तोँ कुछमना नहि कर सकती मे,
P- नहि दोस्त अभि तेरी बुर सीलपैक थोड़ी खुल जानेदे फिन इसको तेरे अंदर डालूंगी,
कोमलसमय देखती हैं तौ 4 बजेरहे होते हें।
ke - अच्छा प्रिया मे चलती हूं घऱ पहुंचते रात हौ जाएगी।
P - रुक पहले थोडा कुछखा लेँ फिन तुम् निकलना औऱ मस्ती मे इतनाघूम होँ गए कि समय कां ध्यान हि नहि दिया।
ke - दोस्त फिनकभी अभि तेरा पानी पीके पर्र भरा हैं मेरा,
प्रिया कोमल कि बातसुन कर हंसने लगी औऱ यह बात, अब तुँ खुलने लगीचल बाहर् चलकेकुछ खालोग फिनचली जानां।
दोनों लोग कपड़े पहनती हैं औऱ कमरे सें बाहर् निकलने सें पहले,
P - मैजब बुलाऊं तेरी आनां पड़ेगा,
ke - जरूरसमय निकलकर हि आऊंगी,
फिनकुछ देरबाद कोमल जाने लगती हैं प्रिया औऱ प्रिया कि भाभी दोनों लोग कोमल कों छोड़ने आते हैं।
ke - बाय
P, pkb- बाय बेटा,
कोमल केँ जाने केँ बाद
Pkb-कुछ कामबना,
P-हा समझोबन गय़ा अगलीबार इस साली कों गुलाम हि बना लूंगी। मुझे तोँ लगाइसे बहोत मेहनत करनी पड़ेगी। मगर साली स्वयं हि राजी होँ गई।
फिन वोँ दोनों अंदरचली गई।
प्रिया जोँ तीनबार झड़ चुकी थि वोँ जाते हि सो गई।
इधर विक्की केँ घऱ मे,
आज निधि सुभह सें विक्की केँ लंड देखकर बेचैन हुईँ जारही थि औऱ वही विक्की कों भि समझ मे आँ गय़ा कि निधि कि तरफ सें लाइन क्लियर हौ सकती हैं मगर मेहनत करनी पड़ेगी। औऱ घऱ केँ काम निपटा केँ निधि सोने लगती हैं जब उठती हैं तोँ देखती हैं कि वोँ बिल्कुल नंगीबेड पे लेती हि औऱ विक्की उसेचोद रहा हैं वोँ धीरे-धीरे लेटकर चूदरही होती हैं।
वोँ एक् दम सें विक्की कों धक्का देने लगती हैं औऱ कहती हैं तेरी माँ हु तूँ गलतकर रहा हैं।
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