my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - १०२
इतना कहेकर दादीमा पांव फेलाके लेटगइ तब मेभी पैरके बीचआके लन्ड पुरा घुसा दीयाओर दादीको धनाधन पेलने लगातब दादीभी मेरासंग देके मजेसे चुदवाने लगी दादीको बहुतदेर पेलनेके बाद दोनो साथमें जडगये फीर बाथरुमें जाके दोनो फ्रेस होगये फीर बहारआके अेसेही लेटगये तब दादीने कहा.अब आगे
दादीमा : बीटु तुतो जानता हैं दिवानजी तेरे दादाके गुजरजानेके बादकभी उसकेघऱ नहींगये तोँ मे मेरे बेटेके हाथोसे उसकेघऱ पैसे भेजतीथी अब उसकी पत्नि इतने सालोसे उससे नहीं चुदीथी तोँ उसको अेकही बच्चा थां तबदोतीन महीनेमे चार पांच मुलाकातके बाद मेरे बेटेके संग उसके नाजायज सबंध होगये ओर वोँ दिवानजीकी बीवीको आयेदीन उसकेघऱ जाके चोदने लगा
मे : क्याँ चाचु? वोँ भि अेसे थें? फीर क्याँ हुआ?
दादीमा : अेकदीन वोँ पेटसे होगइतब दिवानजीको समजायाकी उसनेघऱ जानां बंध कीयातब वोँ पेटसे होगइथी तब उसको यकीन आगयाफीर नो महीने बाद उसने माधवीको जन्म दीया
मे : मतलब माधवी आपकी पोती हैं, यहबात कीस कीसको पता हैं?
दादीमा : कीसीको नहीं सीर्फ उसकी माँ ओर मेही जानती हुं स्वयं माधवीकोभी नहींपता मे उस वक्तदो लोगोके पैसे भेजती थि दुसरी मंजरीदेवी जोँ उसकापती हमारे यहा डड्ढाइवींग करते अेक्सीडेन्टमें गुजर गय़ा थां उसकोभी मे पेसे भेजती थि तब उसकोकोइ संन्तान नहीं थां तब मेरा बेटा उसेभी रखेलकी तराह रखता थां ओरवही पडा रहेता थां तब उसकोभी गर्भवती करदिया ओर मनीषाको पेदाकर लीया
मे : मतलब कनीषाभी आपकी पोती हे
दादीमा : सुनतो सहीतब आपके दादाने उसे इन्गलेन्ड भेजनेका फैसला करलीया तब वोँ मेरी ननंदकी लडकीको लेकरही चला गय़ा दोनो आपसमें प्यारजो करते थें वोँ प्रेम वालीबात तेरे दादाजी जानते थें तोँ उसकेसंग वोँ जगडाभी कर चुका हैं प्यारके लीये उसने सारी दोलत ठुकरादी तब उसकीसभी टेन्सनमें तेरे दादाजी चलबसे फीरयह दोनो कांड कीया तौ उसको लगाकी अबसभी भंडाफुट जाये इससे पहेले नीकल जानां चाहीये तोँ मेरी ननंदकी लडकीके संगभाग गय़ा ओर दोनोचले गयेवहा उसकोअेक बेटाही हुआहे
मे : दादीमा चाचुतो मेरे बापके भि बाप नीकले
दादीमा : बीटुतु वादाकर यहबात कीसीको नहीं बतायेगा नेनुको भि नहीं, मे तुजेभी नहीं बतानेवाली थि पर्र क्याँ करुतु मेरा पतीजो हैं तोँ तुमसे केसे छीपाती मनीषाभी मेरी पोती हैं मेराही खुन इसलीयेतो दोनोकी सादी तुजसे करवारही हुंओर वेसेभी तेरी रानीयाभी हैं हैं.हैं.हैं।
मे : दादीमा मे कल मंजरीदेवीसे मीला थां मे ओर दिवुजब काम देखने गयेथे तब
दादीमा : केसीलगी दीखती हेना आजभी वेसी लेकीन उसने मेरे बेटेओर उसके पतीके अलावा कीसीको अपने सरीरको नहीं छुने दीया वोँ मेरे बेटेको प्रेम करनेलगी थि पर्र मेरा नालायक बेटाने उसे रखेलकी तराह इस्तेमाल कीया वोँ बहोत अच्छी हैं
मे : हां दादीमा मेने देखा हैं वोँ बहोत नेक हैं
तब दरवाजा खोलके मीराआगइ ओर हमारे संगबेठ गइओर हम् दोनोके सामने देखक मुस्कराते कहेने लगी
मीरा : मां आपने इसकोयहा क्यु सुलाया उधरभी बहोत सोनेकी जगाह हैं
मे : यहा बहोत सुकुनकी नींदआइ वहा तुम् कहा सोने देती होँ हैं.हैं.हैं।
मीरा : (मुजे मारके) कुछतो शर्मकरो मम्मीके सामने शर्म नहींआती हैं.हैं.हैं।
दादीमा : रहेने दे बेटी तुजे बहोत प्रेम करता हैं इसलीयेतो अेसाकेह रहा हैं
मीरा : क्याँ मां आपभी आपही इसकीआदत बीगाड दोगीअब फ्रेसभी होजाओ अभि चाइ नास्ता होगया हैं जाओ दोनो
फीर मे ओर दादीमा बारी बारी फ्रेस होके होलमें आगयेतब सोनु धाराजसु अंजुसभी मुजे दादीके संग सोनेकी वजहसे अेकअेक मुका मारती गइ तोँ मे ओर दादीमा हसतेरहे तभी ताराभाभी ओर सारीकाभाभी सुनीलके संग आगयेतब चाइ नास्ताभी आगया तोँ सभी करनेलगे तबभी सुनीलभाइने दादीसे कहा
सुनील : माइ मेरे बंगलेका कल मुहुर्त करना हैं हम् सबको सुभह७ बजेउधर जानां हैं
दादीमा : बेटा मेतो नहीं आपाउगी तुसभी मेरी बेटीओको लेजाना
मे : भाइ काजलतो इधर नहीं हैं पऱ सगुन इधरही हेतो उसेभी बुलालेना फीर सारादीन इधर रहेगी तोवो फ्रेस होजायेगी वेसे आप् पुजारीजीसे मील लीये? कीसके हाथो मुहुर्त हैं
सुनील : कलसभी देखनेके बादउस मोबाइल कीया थां तोँ सारीकाके हाथो मुहुर्त नीकला
तारा : वेसेभी मेरी बहेन आपके लीये लक्की हे
तब सारीकाने सरमाते हसकर ताराको मुकामार दीया तौ सभी हसनेलगे फीर सबनेचाइ नास्ता फीनीस कीयाफीर अेकके बादअेक ओफीसमें जानेलगी ओरसभी कामपे लगगइतब सुनीलभी ताराओर सारीकाको लेकर बहार नीकल गय़ा होलमे सीर्फ मे नेनु मायाओर दादीही बेठे थें तब मेभी नेनुओर मीराके संग बहार घुमने लगातब अंदर दादीने मायासे कहा
दादीमा : मायाबेटी तु मेरे बीटुके संग खुसतो हेना? तुजेइधर कोइ तकलीफतो नहीं हेनां?
माया : दादीमा आप् क्याँ केहरही हैं? आपके बेटेने तौ मेरी जींदगी सवरदी हेकास यह पहेले मुजेमील जाते तोँ उसीसे सादीकर लेती इतना प्रेम करतेहे मुजसे
दादीमा : मेरा बेटा हेही अेसा, जीसे देखो उसके पीछे पागल होजाती हे
माया : दादीमा आपतो बाबासे बहोत बारमील चुकी हैं ओर बाबा आपकोहर राज बताते भि हैं तौ कहीयेनां कोनहे यह
दादीमा : बेटी मे सीर्फ इतना जानती हुंजब उसनेतीन पत्नीओके संगइस मंदिरकी स्थापना कीथी तबभीयह हमारे खानदानसे तालुक रखते थें मेरा बेटा तेरे दादाजी सभी इन्हीके परपोते हेओरबार बारइस खानदानमें जन्म लेतेआया हैं तब उसको उसकीतीन पत्नि साथमें नहीं मीलतीथी सीर्फ मेरी नेनुओर सोनुही मीलतीथी अंजु नहीं मीलती थि तौ इस जन्ममें सभीमील गइहे तोँ मंदिरका काम होँ रहा हैं, रहीबात तेरी तोँ तुम् दोनो बहोत प्रेम करते थें पर्र कभीमील नहीं पायेओर नां मीलनेकी वजहसे तु उसके प्यारमें जानदे देती थि फीर भटकती रहेती थि इस महेलमे
माया : तोँ दादीमा इस जन्ममे हमारा मीलन क्युहुआ?
दादीमा : जब मे ब्याहकर इस घरमें आइतब बाबाभी इधर आगये थें अेकदीन तेरे दादाजी बाबाको धर लेआये तौ तेरी आत्मा इसी घरमे भटकतीथी तब बाबाने सारीबात जानली ओर तेरे दादाको बतादी फीर उसनेइस घरमें हवन करके तुजे मुक्त करवाया ओर तेरीगती करादी फीरकुछ दीनबाद बाबा वापस घरमें आयेओर कुछ वीधी करवाइ तब उसने कहाथा कि अब महाराज जीसदीन इस खानदानमें जन्म लेगेउस जन्ममे उसको तुम् मील जाओगी तुजब पहेली बार बीटुके संगइधर आइथी तबही मे तुजे पहेचान गइथी कि तुहीहे जौ मेरे बीटुसे सादी करेगी
माया : (हसकर) तोँ आप् सभी जानती थि तोँ मुजेउस दीन बताया क्यु नहीं?
दादीमा : केसे बताती तबतु दुसरेकी पत्नि थि मेने बाबासेभी कहाकी उसकीतो सादी होगइहे ओरदो बच्ची भि हैं तब बाबाने कहा कि सभी वक़्त पऱ छोडदो ओर आखीरतु मेरे बेटेको मीलगइ अबसुन आगे तुजेअेक प्यारासा बेटाभी होगा मेरा राजकुमार हैं.हैं.हैं।
माया : क्याँ दादीमा अब आपको लगता हैं यहसभी इस उमरमें होगा हैं.हैं.हैं।
दादीमा : बेटी सभी संभव हैं मेरी मीराको देख उसकोतो बच्चाभी नहीं होरहा थां फीरभी पेटसे हुइकी नहींबस इसके सम्पर्कमे आतेही सभी संभव हौ जाता हैं, अेकबात ओरहमे आने वाले समयमे बहोत कुछ दीखनेको मीलेगा जोँ हमनेकभी कल्पनाभी नहीकी होगी, येभी तेरे दादाजी हि हैं उसीका दुसरा जन्महे यहबात मे ओर नेनु बेटीही जानते हैं पता नहीं तुजे केसे बतानेको जी चाहता हैं तौ बता दीया पर्र यहबात कीसी ओरकोमत कहेना समजी
माया : क्याँ.यह हमारे दादाजी भि हैं? हे ईश्वर तुभी क्याँ क्याँ रुप दीखाता हैं
दादीमा : बेटा येसब प्रकृतीके नीयमसे चलरहा हैं इसमे मेरी याँ तेरी नहीं चलतीइस बात मे समजगइ हुं इसलीयेतो राजने दोनो बहेनसे सादी करली फीरभी मे वीचलीत नहीं हुइ
माया : कीतना अजीबहे सभी, देखोना मे ओर मेरी बेटी रीटा, फीर मीराओर उसकी बेटी धारा हम् सभीआज इनकी बीवीया हैं फीरभी कीसीके मनकेभाव नहीं बदलेओर नाही कीसीको कोइ क्षोभ हे
दादीमा : वोँ इसलीयेकी हम् सभी प्रकृतीके आधीन होगइ हैं ओरसभी बाबाकी कृपासे होरहा हैं ओरयह भगवानका इतनाबडा भक्त थाकीसभी ईश्वर आज इनकेसंग खडे हैं पता नहींइस मंदिरमें अेसा क्याँ राजहें अभीभी लीगं बहार नीकली तबसे थोडी टेडीही हैं कोइउसे सीधी नहींकर सका, ओर मजेकी बाततो येहेकी यहयहा तक आभी गय़ा हैं पर्र अभि तक वोँ शिवलींगके पास नहीं गय़ा ओर बाबानेभी उसे अभि इनकेपास जानेको रोकके रखा हैं पता नहीं क्याँ राज छुपाहे
माया : भगवानकी लीलातो भगवानही जाने दादीमा आगे समयही बतायेगा कि क्याँ होने वाला हैं आपका बेटाभी मंदिरको लेके बहोत बडा वीजनदेख रहा हैं कहेते थें यह मंदिर देखकर लोग ताजमहेल भुल जायेगे
दादीमा : सचकेह रहा हैं वोँ उसकेसंग तेरी बेटी रीटाओर दिवुको आनेवाली कीतनी पीढीया याद करती रहेगी दोनो बहोत लकी हैं जोँ मंदिरका नीर्माण देखरही हैं, राजकोइ सामान्य व्यक्ती नहीं हैं कोइपरम तत्वका हि स्वरुप हैं अेसा मुजे लगता हैं
माया : दादीमा अब आपनेसही पकडा मुजेभी अेसाही लगता हैं
तब नेनुओर मीरा अंदरआके बेठगइ ओर दादीमा मायाको कहेने लगी
नेनु : दोनो सासुबहु कबसे क्याँ बातेकर रही हैं?
दादीमा : कुछ नहीं तेरे पतीकी बाते होरही हैं आजाबेठ इधर, कीधर गय़ा वोँ
नेनु : होटेल कि ओर, राजनभाइ आगये हेंतो उसे मीलने गयेहे
माया : दि अबउसे आयेदीन अेसेही दौड़ना पडेगा आप् अपना खयाल रखीयेगा अब आप् जरुरीहो तबही उनकेसंग जानां वरना बच्चेकी ओर आपकी सहेत पऱ असर पडेगा
दादीमा : नेनुबेटी माया बेटी बीलकुल सहीकेह रही हैं तु अपना खयाल रखना
नेनु : (हसकर)जी दादीमा अबतो मेरीदो दो दादीमा आगइहे खयाल रखने हैं.हैं.हैं।
इधर वोँ सभीहसी मजाक करते बातेकर रही थि ओर मे वाहन लेके नीकल गय़ा तब रास्तेमें मेने माधवीको मोबाइल कीया
माधवी : बोलो जानु आखीर हमारी यादआही गइ, कहाहो आप्?
मे : वोँ सभीछोड पहेले यहबता तुने मशीनका ओर्डर दे दीयाकी नहीं
माधवी : देदीया बाबु आप् बोलोओर मे काम नाकरु अेसा होसकता हैं कीधर होँ आप्?
मे : मे होटेल जारहा हुं अकेले तुजे आनां हैं क्याँ?
माधवी : सोरी जानुआज बहोत पेसन्ट हैं मे नहीं आपाउगी आपहीचले जाओ
मे : चलठीक हैं रीटनमें देखता हुंओके चलबाय टेककेर, मुं.हां।
फीर मे फोनपेही कीस देकेआगे नीकल गय़ा ओर थोडी देरमें होटेल पहोच गय़ा तब राजन मुजे बहारही मील गय़ा
मे : बोलो राजनसभी कंपलीट करआये?
राजन : (खुस होकर)हां जीजु बहोत बडीया कीमत दीलवाइ महेशभाइने ओर राजकोटभी हमारा फार्म देखकर आया बहोत बडाओर मस्त हैं
मे : बबलुको मीलाकी नहीं, क्याँ कररहा थां वोँ?
राजन : जीजु बबलुतो बहोत फास्ट नीकला हमेतो पताही नहीं उसकी सादी होगइ वोभी अपनी बहेनसे क्याँ इसलीये आपनेउसे वहाभेज दीया हैं?
मे : हां राजन दोनोही मेरी तराह प्रेम करतेथे तौ करदी सादी उसका केसभी अजयकी तराह थां यहबात यहा कीसीको मत बताना वेसे क्याँ कररहा थां?
राजन : जीजुकुछ नइ बील्डींग बन रहीथी हमारी फेक्टरीके बीलकुल बगलमें ओरकुछ कोल्ड स्टोरजका कामचल रहा थां दोनो बहोत बीजीथे तौ मे इधर आगया
मे : (बाते करते चलते हुअे दोनो हमारे ओफीसमें आगये)चलो ठीकहे मेभीदो दीनबाद जारहा हुं
राजन : जीजु आप् इधर बेठे होतो मे कमलाको कीसी डोक्टरको दीखाके आताहुं उसकी तबीयत कुछठीक नहींलग रहीकुछ बुखार जेसा होगया हे मे अभि आजाउगा
मे : तु माधवीके पासचला जा मे मोबाइल करदेता हुंओर मे सामतक इधरही हुं तौ आरामसे जा
फीर राजनचला गय़ा तब मनीषा मेरी ओफीसमें आइओर दरवाजा बंध करके मेरे सामने बेठगइ ओर मुजेअेक नजरसे देखने लगी
मे : हेलो मनीषा केसी होँ कुछकाम हे क्याँ?
मनीषा : क्याँ मे कामके अलावा नहीं आँ सकती?
मे : बीलकुल आँ सकती हैं तु मानेतो यह ओफीस तेराही हैं, यह ओफीस क्याँ पुरी होटेल तेरी हैं हैं.हैं.हैं।
मनीषा : राजअब आपको केसे समजाउ मुजेकुछ सुजही नहींरहा क्युकी हमेनइ जींदगीकी सुरुआत करनीहे तौ मे आपसेकोइ बात छीपाना नहीं चाहती ओर बाबाने कहाहे तौ मेरी सादी आपसे होकर हि रहेगी मुजेभी आपसे प्रेम होगया हेजब आप् पहेली बार आयेथे तब मुजे नहीं मालुम थाकी आपही हमारे राजा होँ जबपता चला तबसे मे अेक उलजनमें फसीहुं मुजे आपसेअेक बात कहेनी हैं
मे : क्याँ तुम् मुजे सचमें प्रेम करती होँ? तौ फीर मुजसे बात क्यु नहीं कि?
मनीषा : अब आपको केसे यकीन दीलाउ कि मे आपसे प्रेम करनेलगी हुंखेर छोडो सायद मेरे नसीबमें यहसभी नहीं हैं मे महजअेक पत्नि बनकरही रह जाउगी इसी लीये मे आपसेअेक बात बताना चाहती हुं
मे : मुजेपता हैं तुम् क्याँ कहेना चाहती होँ फीरभी मे तेरे मुहसे सुनना चाहता हुं
मनीषा : क्याँ., आप् सभी जानते हौ? पर्र केसे?यह बात सीर्फ हम् तीन लोगही जानते हैं
मे : तेरे अलावा तेरी मां ओर हमारी दादीमा, यही होनां तुम् तीनलोग बता क्याँ कहेना चाहती हैं
मनीषा : (चोंकके मेरीओर अेक नजरसे देखते तब उसकीआंख गीली होगइ)राज अब केसेकहु पता हैं मे आपकीकोन लगतीहुं? सायद आप् सभीजान चुकेहो
मे : हांपता हैं तु रीस्तेमे मेरी बहेन लगती हैं यही कहेना चाहती थीनां? ओरयही तेरी उलजन थीनां? अबबोल ओर क्याँ कहेना हैं
तब मनीषाकी आंखसे आंसुकी धारा बहेने लगीतब मे खडा होके उसकेपास चला गय़ा ओर उसकासर पकडके मेरे सीनेमे लगाके उसे बेठेही हगकर लीया तौ मनीषाभी खडे होकर मुजसे लीपटगइ ओर फुटफुटकर रोनेलगी तब मे उसे पीठपर हाथ घुमाके सहेलाता रहा
फीर उसके आंसु पोछके उसको पानी पीलाया तब जाके वोँ सांत हुइ ओर अपनी जगाहबेठ गइफीर मेभी उसकीबगल वाली चेरमें बेठके उसके दोनोहाथ मेरे हाथमें पकडकर कहा
मे : मनीषा आज अपने आपको बीलकुल खाली करदे जोभी मनमें दबाके बेठी हौ सभी बतादे तेरेसभी गमओरदु:ख आज मुजे देदे मे सीर्फ अेसेही मेरी पत्नीके नाते नहींकेह रहाहुं मेभी तुजे बेहद चाहता हुंबस तेरे प्यारके इजहारकाही वेइटकर रहा थां आज तुनेबता दीया तोँ मे तुजे पुरी तराह समर्पीत होचुका हुं, बता क्याँ कहेना चाहती हैं? ओर तुजेसभी केसेपता चला?
मनीषा : (नम आंखोसे) राज जबसे मे मेरे पेरपे खडी हुइ तबअेक दीन मुजे पापाकी तस्वीरके पीछेसे मुजेअेक ओर तस्वीर मीली जौ मेरी मां ओर दादीके बेटेकी थि तब मेने मेरी मम्मीसे पुछा तौ उसनेसभी बता दीया तबसे हमने दादीसे सहायता लेनाबंध कर दीयाओर मे काम करनेलगी मां जब वीधवा होगइतब वोँ दादीके बेटेसे सचे दीलसे प्रेम करतीथी ओर उसने मेरी मम्मीके जजबातोसे खेलाफीर वोँ मेरी मम्मीको मजधारमें छोडके अपनी बुआकी लडकीको लेकर युकेचला गय़ा
मे : सायद तुजेसभी बातेपता चलगइहे ओरबता
मनीषा : हांअब तुमही बताओ हम् फरीयादभी करते तोँ कीससे करते दादीमा हमे अपनेसंग रखनेको तैयारथी पर्र मेंने मनाकर दीया क्युकी मुजमे उनके बेटेके लीये बहोत खुनसभर गयाथा उसनेवहा जाकेभी मम्मीको अेक बारभी मोबाइल नहीं कीयाअब तुमही बताओ मे क्याँ करती येबात मे कीसीको केहभी नहीं सकती कि मे मेरी मम्मीकी नाजाइज ओलादहुं तौ यहसभी बोज लेके मे तुम्हे केसे अपनाती मेने आपको समजनेकी बहोत कोसीसकी ओर आपकी इतनी सारी रानीयाभी हैं तोँ अेकयह वजहसे मेभी आपको दादीके बेटेकी तराह अैयास समजती थि पर्र जबसे बाबासे बात हुइ तबपता चलाकी मे तुम्हारे बारेमे गलत थि
मे : मनु तेरा सोचना बीलकुल सही हैं रहीबात बहेनकी तोँ मेने अपनी दोनोसगी बहेनसे प्रेम कीया हैं ओर उसकेसंग सादीभी करली हैं ओर आजभी मे सबसे ज़्यादा प्रेम मेरी नेनुको देरहा हुं क्युकी वोही मेरे लीये सबकुछ हैं मेरी माँ मेरा बाप मेरी बहेनसभी कुछओर तुमतो मेरी रीस्तेमे बहेनहो तुअेक बातओर नहीं जानती जोँ मे वोभी जानता हुं
मनीषा : क्याँ? आप् मुजेबता सकते हौ?
मे : अबजब मे तुजे समर्पीत होँ चुका हुंतो तुजसे अबकोइ बात छुपा नहीं सकता मेरा असुल हैं तुम् सीर्फ तेरे बारेमे जानती हौ मेरीओर बीवीओके बारे मे नहीं उसकासमय आयेगातो वोभीबता दुगा इसकेलीये अभि वक़्त नहीं हैं मुजपर विस्वास रखो
मनीषा : वीस्वासतो अब खुदसेभी अधिक हैं, राज क्याँ आप् अबभी मुजे स्वीकार करनेकेलीये सजधजकर हौ?
मे : मनु अबतोतु नां कहेगीनां तोभी तुजे अपनाउगा ओर कीसी ओरसे सादी करेगीना तौ तुजे जबरदस्तीसे मंडपसे उठाके लेजाउगा हैं.हैं.हैं।
मनीषा : (हसते) बीलकुल पागलहो, राजआइ लवयु, क्याँ मेरे प्यारको स्वीकार करोगे?
मे : लवयुटु मनु, मेनेतो तेरा प्रेम पहेलेही स्वीकार करलीया थां जबपता चलाकी तु मेरी पत्नि हैं
तब मनीषा खडी होकर मेरेपास आइ तौ मेने बाहे फेलाके उसे बाहोमें भरलीया ओर उसने मेरे सीनेमें अपनासर छुपा लीयाफीर उसनेसर उचाकीया तब मेने अपना होंठ उसकेहोठ पऱ रखदीया तोँ उसने आंखेबंध करलीओर मेरासंग देनेलगी फीर मे उनसेअलग होगया ओरउसे बीठा दीयाफीर खुदभी बेठके कहेने लगा
मे : मनु सोरीबस सादीसे पहेले यहा तकही सीमीत रहेना मेभीसभी सादीसे पहेले आगे बढना नहीं चाहता ओर मेनेआज तक मेरी कीसीभी बीवीका गलत फायदा नहीं उठाया
मनीषा : जानती हुंआज मुजे दिवुने सभीकुछ बताया हैं इसीलीयेतो तुमसे प्रेम कर बेठी
मे : मनु तुजे मेरीअेक बात माननी पडेगी, हमारी सादीके बाद तेरी मम्मीको हम् हमारे साथही रखेगे अब मे उसका बेटा बनकर उसका खयाल रखुगा
मनीषा : ओह.राज आइलवयु सोमच, मुजे सीर्फ उनकीही चीन्ता थि
मे : मनुकल मे ओर दिवु तेरेघऱ गये थें तेरी माँ बहोत अच्छी हैं
मनीषा : क्याँ.तुम् गये थें घऱ? मम्मीनेतो कुछ नहीं बोला
मे : हमनेउसे मना कीया थां तुजे बतानेको मे समजताथा कि तु अकडु हैं तेरी खुदारीका तुजे धमंड हैं पर्र मे रोंग थां मुजे नहींपता थां तुजेयह सभीराज पताहे इसलीये तु अेसा बीहेव कररही हैं आइअेम सोरीमनु
मनीषा : अब हमारे बीचनो सोरीओर नो थेन्कस ओके, वेसे आपको येसबराज केसेपता
मे : मुजेसभी दादीने बताया ओर सीर्फ हम् दोनोके बीचही सीमीत हैं तोँ तु चीन्ता मत करनायह राजअब राजही रहेगा तोँ तु फीकरमत करना
मनीषा : राज कीतने दीनोका बोजआज हल्का होगया ओर मुजे मेरा प्यारभी मील गय़ा
मे : मनु मे ओर माधवी सादीकर रहेहे क्याँ तुजेसभी पता हैं
मनीषा : हां पीछलीबार आइथीतब मीलीथी इधर आपके पीछेतो पुरी पागल हैं क्याँ जादु करदीया आपने, पहेलेतो वोभी धमंडी थि जौ आपसे नफरत करतीथी ओरअब स्वयं सादी करके जल्द आपकेपास आजाना चाहती हैं कहीना कही आप् पका जादुगर हौ हैं.हैं.हैं।
मे : नहींमनु तेरी तराह उसकोभी कुछगलत फेहमी थि जौ दुर होगइ तोँ मुजे प्रेम करनेलगी अबतो दादीमा ओर नेनुभी चाहती हैं माधु जल्द सादी करकेइधर आजाये तौ मे अब तक टालता थां क्युकी मुजे तेरी टेन्सनथी अब दादीने ओर दिवानजीने कलहीतैय कीयाकी जब हम् टुरसे वापसआये तब दोनोकी सादीकर देगेअब तुबता कब आनां चाहती हैं मेरेपास
मनीषा : अभि इसी टाइम हैं.हैं.हैं., राज मम्मीतो कबसे पीछेपडी हैं उसनेओर दादीनेभी बुछतैय कीयाथा पर्र मे मनाकर रहीथी, अब आपही डीसाइड करलोकब मुजे लेजारहे होँ कहोतो अभि चलीआउ हैं.हैं.हैं।
मे : तुतो माधुसेभी फास्ट नीकली हैं.हैं.हैं., बेबीतु जब चाहेगी तब हम् सादीकर लेगेओके तुअबसभी टेन्सन छोडदे
मनीषा : राज मे महेलमें आके नेनुदीसे माफी मागना चाहती हुंकही अन्जानेमें मेनेउसे कुछकेह दीया हौ
मे : कोइ जरुरत नहीं मे नेनुसे बातकर लुगा, अब छोडसभी आइसक्रिम बाइसक्रिम खीलायेगी कि नहीं
फीर मनीषा हसते हुअेउठ गइओर बहारचली गइफीर वापसआके बेठगइ तब मेभी अपनी जगाहबेठ गयातो मनीषा मेरी आंखोमेही देखती रहीओर मंदमंद मुस्कराती रही
मे : क्याँ सोचके हसरही हैं अेसेना देख मुजे वरना अधिक प्रेम होँ जायेगा तौ अभि सादी करनी पडेगी
मनीषा : हौ जानेदो आपके प्यारके सागरमें खो जानां चाहती हुं, राज मुजे आपके प्यारमें समालीजीये मेभी माधवीकी तराह आपकेपास आनां चाहती हुं अबये दुरी मुजसे बरदास्त नहीं होगीकही मे कुछ करना बेठु
मे : पागलहे क्याँ मेतोअब तेरे साथही हुंबस अेकबार हमारा मीलन होजाये फीरतु हमेसा मुजे तेरेसंग पायेगी
मनीषा : (नसीली आंखोसे हसते)राज मे उस पलका इन्तजार करुगी जब हमारा मीलन होगातब मे पुरी तराह आपको समर्पीत होजाउगी तब मे मेरा अस्तीत्व मीटा दुगीओर आपके अंदरसमा जाउगी बस मुजे लें चलो मे मम्मीसे आजहीकहे दुगी मुजे मेरे राजके पास जानां हैं
मे : मनुतु चीन्ता मतकरबस तुअेक बार मायाओर नेनुसे मीलले फीरतु मुजे हमेसा तेरेसंग पायेगी
तभी भारती तीनकप आइसक्रिम लेके अंदरआगइ ओर हमारे संगबेठ गइदोकप हमे देकरअेक स्वयं खानेलगी ओर मेरीओर देखकर कहेने लगी
भारती : तौ देवरजी पटालीया हमारी देवरानीको कि अभि कुछ बाकी हैं हैं.हैं.हैं।
मे : भाभी पटालीया हैं अबइसे हमारे घऱ लेजाना हैं इसकोकहो कब आनां चाहती हैं
तब मनीषा सरमके मारे पानी पानी होकर हसतीरही तब भारती उसे देखकर कहेने लगी
भारती : हाये.हमारी देवरानी केसे सरमाती हैं कहोतो इसे आजही सादी करवाके घऱ भेजदु
मे : भाभी तबतो आपके मुहमें घीसकर, करवादो हमारी सादी हैं.हैं.हैं।
मनीषा : राज आपने हमारी दादीको देखाहें आपको कच्चाही खा जायेगी, क्याँ भाभी आपभी
भारती : अरे मे सचकेह रहीहुं कहोतो दोनोका इधरही गांधर्व शादी करवादु
मे : नहीं भाभी सुक्रिया मे मेरी मनुको बाकायदा सादी करके लेजाउगा वोभी बहोत जल्द
तभी राजनओर कमलाभी आगयेतब कमलाभाभी मुजे देखतेही सरमाके मुस्कराने लगीतब राजननें हमे रोपोर्ट थमादी तोँ मे देखने लगाजब रीपोट देखली तब मेने उसके सामने देखातो उसके चहेरेपे खुसीसमा नहींरही थि तब मे खडे होकर उसकोगले लगा लीया
भारती : अरे क्याँ हुआ हमेभीतो कुछ बताओ
मे : भाभी राजन बापू बनने वाला हैं कमलाभाभी इस प्रेगनेन्ट वोँ मा बनने वाली हैं
तब भारती उछलके कमलाभाभीके गलेलग गइतब मनीषानेभी उसको अभीनंदन दीयाफीर मेनेभी दोनोको बारी बारी अभीनंदन दीयातब राजनभी मोबाइल करके जसुको बताने लगातब कमलाभाभीने मुजे सबसे छुपकर धीरेसे थेन्कयु कहा
मनीषा : राज प्लीज आज आप् दादीसे हमारे बारेमें बात करलेना अब मे चलतीहुं घऱ भि जानां हैं
मे : कीसमें जायेगी चल मेरेसंग आजाना मुजे रास्तेमें माधुसेभी मीलना हैं
मनीषा : नहीं मे कंपनीकी गाडीसे चली जाउगी वोही मुजे छोडने आती हैं
मे : चुपचाप बेठइधर मेरेसंग चली आनां, ओर मेरेसंग तुजेकोइ खतरा नहीं हैं हैं.हैं.हैं।
भारती : लो करलोबात बीलीको दुधकी रखवाली मीलगइ हैं.हैं.हैं।
मे : चुपकर बंदरीया क्यु मेरी मनुको भडकारही हैं तुजेभी देख लुगा
कमला : भाग भारती यहाअब खतरा हैं वरना तेरेसंग मेराभी नंबर आजायेगा
कहेके दोनो बहार हसते हुअे चलीगइ तब मे ओर मनीनषा जोरोसे हसनेलगे तब मेनेकहा
मे : मनुबस अेसेही हसतीरहे चल हम् नीकलते हैं मे तुजेघऱ छोड दुगा
फीर मे राजन कमलाओर भारतीसे मीलकर मनीषाको लेके नीकल गय़ा तब मनीषा मेरेसंग बेठते हि मेरीओर तीरछी नजरसे देखती हसरही थि
मनीषा : राजअेक बात पुछु, आपकी इतनी सारी पत्नि हेतो सबको केसे सम्हालते हौ
मे : वोँ राजतो तुजब सादी करके मेरेपास आयेगी तभीपता चलेगा
मनीषा : हां तोँ करलोना मुजसे सादी मे जानना चाहती हुं
मे : तुअेक कामकर अेकबार नेनुओर मायासे बात करही लेँ वोँ तुजेसभी बतायेगी
मनीषा : तोँ लेचलो मुजे महेल मे उसे मीलकेही जाउगी उसे बातभी करनी हैं
फीर हम् दोनो माधवीके क्लीनीक पर्र आगयेतब माधवी मेराही वेइटकर रही थि जेसेही हम् दोनोको देखा खुसीसे उछलपडी ओर मनीषाको गलेलग गइफीर मुजेभी गले लगकरकीस करदीया तोँ मनीषा हसनेलगी तब मुजेओर मनीषाको हाथ पकडकर अंदर लेगइओर इसारा कीया तौ सोनोग्राफी मशीन आगइथी जौ पेकथी ओर कहेने लगी
माधवी : जानु अभि अभि आइ हैं कल इस्टोलेशनके लीये कंपनी वाले आजायेगे फीर हम् काम सुरुकर देगे थेन्कयु वेरीमच
मे : मनुतु जरा बहारतो जा मे उसे थेन्कयुका जवाब देदु हैं.हैं.हैं।
माधवी : नहीं मनीषा तुइधर रहे सोरी सोरी मे भुलगइ थि ओर सोरी केलीयेभी माफ करदो बाबा मुजेपता हैं आपकीसजा हैं.हैं.हैं।
फीर तीनो हसनेलगे ओर बहारआके बेठगये तब मेने माधवीको कहा
मे : माधु मे चाहता हुंतु यह मशीनका मुहुर्त तेरे बापुजीके हाथोसे करवा वोँ बहोत खुस होगे
माधवी : (अेक नजरसे मेरीओर नम आखोसे) सबकी खुसीका कीतना खयाल रखते होँ आपनेतो मेरे दीलकी बातभी बता दि, लवयु जानु मे वही करुगी जोँ आपनेकहा हे
मे : बसअब आंसुमत बहाने वरना बकरी जेसी लगेगी, चलघऱ नहीं जानां?
तब माधवीने फोरनआंख साफ करके हसते हुअे मुजे मुकामार दीयाओर खडी होगइफीर हम् तीनो अपनी अपनी गाडीमें महेलमें आगये जेसेही हम् तीनो अंदरआये तोँ नेनु दादीमा ओर मेरीसभी बीवीया हमेसंग देखतेही खुसीसे उछलपडी ओरसभी दोडके बारी बारी मनीषा ओर माधुको गलेलग गइतब लास्टमें नेनु मुजेगले मीलतेही कहेने लगी
नेनु : जानु आखीर आपने मनुको मनाही लीयाअब ठीकहे दोनोकी सादी साथमें हौ जायेगी, पर्र उसे मनाया केसे मुजे बताना पडेगा समजे
मे : (धीरेसे) नेनु वोँ अेक सीक्रेट बात हैं सीर्फ तुम् तक हि सीमीत रखना बादमें बताता हुं
नेनु : ओके पऱ बताना जरुर
कहेके नेनु मुजसे अलग होगइओर सबकेसंग बेठगइ तब मनीषा दादीके संग बेठीथी ओर दादीमा उसकेसर पऱ हाथ घुमारही थि तब मे अंदर फ्रेस होनेचला गय़ा ओर फ्रेस होके बहार आगया अभि तक सुनीलभाइ नहीं आयेथे तब मेभी दादीसे चीपकर बेठ गय़ा तब दादीमा हसनेलगी फीर मनीषाको कहेने लगी
दादीमा : तेरी मम्मीको कहेना कल सुनीलके बंगलेका मुहुर्त हे उसकी हवेलीपे आजाये फीरसभी इधर आजायेगे तब मुजे उनसेकुछ बात करनी हैं ओर तुमभी आजाना कल होटेल जानेकी जरुरत नहीं हैं ओर माधवी तेरे घरभी सबकोबोल देना सबका लञ्च डीनर इधरही हैं समजी मे तेरे बापुजीकोभी बोल दुगी, ओर क्याँ हुआ तेरे मशीनका ओर्डर दीयाकी नहीं
मनीषा : दादीमा मशीनतो आभी गय़ा कल उसकाभी मुहुर्त करना हैं दादाके हाथोसे
दादीमा : क्याँ.आँ गय़ा इतनी जल्द?इधर मीलता हे क्याँ?
माधवी : नहीं दादीमा दिल्हीसे मंगवाया थां तौ बाय प्लेनही आगया
दादीमा : बहोत फास्ट सर्विसहे उसकी, चलो खच्छा हुआअब तुमे सोनोग्राफीके लीये कीसीको सीमलातो नहीं भेजना पडेगा तु मेरीसभी बहुओसेही मुहुर्त करदेजब मुहुर्त होँ जायेतब सबकोउधर लेकेजा
सोनु : (हसके) दादीमा सबकोउधर भेजनेकी क्याँ जरुरत हैं, जौ प्रेगनेन्ट हेउसे लेजाना हैं हैं.हैं.हैं।
तबसभी हसने लगेतो दादीनेभी हसकर सोनुको मुकामार दीयाफीर सभी बाते करतेरहे तब मनीषाने घऱ जानेको कहा तोँ मे उसे छोडने चला गय़ा माधवी लंचके लीये रुकने वालीथी ओर मनीषाने अपनी मां अकेलीथी तौ मनाकर दीयाओर हम् दोनो उसकेघऱ आगयेतब मनीषा मुजे अंदर लेँ गइतब उसकी मां हम् दोनोको देखकर बहोत खुस होगइ मेने जातेही उसके पांव छुअेतो वोँ मना करनेलगी तब मनीषाने मुजे पानी पीलाया फीर मेरे लीयेचाइ बनाने चलीगइ तब उसकी मां मेरेपास आकेबेठ गइओर मुजसे धीमी आवाजमें पुछने लगी
मंजरीदेवी : बेटा क्याँ मनीषा मानगइ इतनीखुस क्युहे?
मे : हां आंटी वोँ मानगइ हैं ओर मुजसे जल्द सादी करना चाहती हैं आपकोतो कोइ अेतराज नहीं हेनां?
मंजरीदेवी : मुजे क्याँ अेतराज हौ सकता हैं वेसेभी उसकी सादी तुम्हारे साथही होने वाली हैं (हसकर) वेसे कीतनी बीवीया हुइ क्याँ १६ पुरी होगइ?
मे : (हसकर)जी मेने गीनी नहीं पऱ अबओर सादी नहीं करना चाहता बसमनु ओर माधवी आजायेतो बातखतम
मंजरीदेवी : (हसकर) क्याँ नसीब पाया हैं इस जमानेमे १६ बीवीया वेसे बोडी मस्त बनाइहे आपनेजीम बीम जाते थें क्याँ?
मे : नहीं आंटी घरपेही जीम थां ओर मुजे सोकभी थां (उसकी मस्ती करनी सुजी) वेसे आपभी मनीषाकी बडी बहेनही लगती हैं इतनी छोटी उमरथी तोँ आपने दुसरी सादी क्यु नहीकी तब मनीषाभी छोटी थि दादीने बताया थां मुजे
मंजरीदेवी : (सरमाते हसकर) क्याँ आपभी.मे छोटी लगतीहुं? मनु छोटीथी तबबात कुछओर थि जौ मे आपको नहींबता सकती आपकी दादीको सभीपता हैं
मे : आपहीबता दो, क्युकी आप् बातेभी बडी प्यारी करतीहे बीलकुल आपही कि तराहजी चाहता हैं आपसे बाते करताही रहु इतनी मधुर आवाज़ हे आपकी
मंजरीदेवी : (सरमाके हसते हुअे) बातेतो आप् प्यारी करते हौ जौ कीसीकोभी बातोमें वस करलो कहासे सीखायह हुनर हैं.हैं.हैं।
मे : (हसकर) कहीसे नहींबस आपजेसी खुबसुरत खूबसूरत औरत सामने होतो बाते अपने आप् होँ जाती हैं यह सीखनेकी जरुरत नहीं हैं
मंजरीदेवी : (हसते) अच्छा। मे खुबसुरत! ओर हसीनाभी! जनाब बेटीको छोडके कही मम्मीको लाइनमे लेनेका इरादातो नहीं हैं.हैं.हैं।
मे : (सरमाके हसते) क्याँ आंटी आपभी मेतोइधर आपकी बेटीका हाथ मागने आयाहुं
मनीषा : (चाइ लेकेआते) सासु जमाइ क्याँ बातेकर रहेहो कही मुजेइस घरसे भगानेका प्लानतो नहींकर रहे होँ हैं.हैं.हैं।
मे : नहीं तेरी मम्मीको केहरहा थां अब आप् मेरी जीम्वसवारी होँ तोँ आपको सादीके बाद हमारे संग महेलमेही रहेना पडेगा
तब मंजरीदेवीकी आंखोमें चमकआगइ ओर मेराजुठ बोलनाभी उसको पसन्द आँ गय़ा तौ मेरीओर तीरछी नजर करकेचाइ पीते हसनेलगी फीर मे ओर मनीषाभी चाइ पीनेलगे तब मनीषाने उसकी मम्मीसे कहा
मनीषा : मोम मुजे राजसे प्रेम होगया हैं ओर हम् दोनो अेकदुसरेको बहोत प्रेम करते हैं तौ मे उसे जल्दसे जल्द सादी करना चाहती हुं इसके लीयेकल दादीने आपको बुलाया हैं
मंजरीदेवी : (हसकर मेरीओर देखते) देखाआज कलकी लडकी कीतनी बेसर्म होगइ हैं मांसे सीधेमुह परहीकहे देती हैं, ठीकहे भइमील लुगी कीतने बजे मीलना हैं?
मनीषा : (हसकर)मोम कल सुनीलभाइके बंगलेपे मुहुर्त हैं उसकेबाद हम् सभी महेलचले जायेगे ओर पुरादीन उधरही रहेना हैं लञ्च डीनरसभी दादीके संग, क्युराज
मंजरीदेवी : मनु कीतनी बीगडगइ हेतु होनेवाले पतीको नामसे बुलाती हैं शर्म नहींआती
मे : आंटी आप् कोनसे जमानेमें जीरही हैं येतोसभी आमबात हैं ओर मेभी मेरीसभी बीवीओको नामसेही बुलाता हुं
मंजरीदेवी : हांभाइ अब हमारा जमाना नहींरहा सभी चेन्ज होगया हैं कोइबात नहीं
मनीषा : क्याँ मोम आपभी, राज आप् पांच मीनीट बेठो मे अभि कलके लीयेदुध लेआती हुं
मे : कल दुधका क्याँ करेगी कलतो पुरादीन उधरही रहेना हैं
मनीषा : (बहार जाते) वोँ आप् नहीं समजोगे मे कल आपको बताउगी दुधका क्याँ करना हैं
मंजरीदेवी : (मनीषाके जातेही) तौ जनाबने मनीषाके सामने जुठ क्यु बोलदीया ओर आपने मेरी सारी जीम्वेवारीभी लेली इसका मतलबभी जानते हे आप् ओर मुजे पुछे बगेर अपनेसंग महेलभी लेजारहे हौ (हसते मेरीओर आंख नचाते) जनाबका इरादा क्याँ हैं?
मे : आंटी इरादातो अेकदम नेकहें सादीके बाद आप् इधर अकेली क्याँ करोगी, फीर आपकी जीम्वेवारी भीतो मनीषा उठारही हैं तोँ सादीके बाद मेरीभी जीम्वेवारीहो जाती हैं आपकी देखभाल करनेकी तोमे महेल लेजारहा हुं इसमेगलत क्याहें अगर हमारे संग नहीं रहेना चाहती तोभी मेनेअलग व्यवस्था करली हैं, वेसेभी उस महेलमें आपकाभी हक हैं
तब मंजरीदेवी चोंककर अेक नजरसे मेरीओर देखने लगीओर उसकीआंख गीली होगइ
मे : आंटी अफसोस आप् मुजेगलत समज रहीहें जौ आप् मानतीहे वोमें नहींहुं (खडा होकेहाथ जोडकर) नमस्कार, मनीषाको कहीयेगा मोबाइल आयातो चला गय़ा गुडबाय
कहेके मे बहारआके सीधे कारमें बेठके नीकल गय़ा पीछे मंजरीदेवीने बहोत आवाजे दि पर्र मेने अनसुनी करके नीकल गय़ा ओर रास्तेमें मेने मनुको मोबाइल करदीया
मे : मनु मुजे अरजन्ट जानां पडातो मे नीकल गय़ा हुं हम् कल मीलते हैं ओकेबाय
कहेके नीकल गय़ा ओर सीधे महेल पहोच गय़ा तौ सभी होलमें बेठके बातेकर रही थि उधर मनीषा जबघऱआइ तौ उसकी मां रोरही थि मनीषाके आनेकी आहट सुनके आंसु पोछके मनीषाको कहेने लगी
मंजरीदेवी : बेटा वोँ राजचला गय़ा उसकोकुछ मोबाइल आया थां
मनीषा : हांमोम उससेबात होगइ हम् कलतो मीलही रहे हैं कोइबात नहीं
मंजरीदेवी : बेटा तुउसे अच्छेसे जानगइ हेनाकोइ गडबडतो नहींहे?
मनीषा : (उसकी मोमकी ओर देखकर) मोमआज तक मे इसको सीर्फ परख हि रहीथी ओर मेनेहर तराहसे परखा हैं उसके बादही सभी नीर्णय कीयाहें यहराज बहोत अच्छा लडका हैं उसकी तराह नहीं जोँ आपको छोडके भाग गय़ा उससे बीलकुल वीपरीत हैं आज तक उसकीकोइ बीवीसे जबरदस्ती नहीं कीहेओर सबकेसंग सादीके बादही रोलेशनमें आया हैं बडा उसुलवाला लडका हैं माधवीतो डोक्टर हैं बहोत पढीलीखी ओर धमंडीभी फीर भि उसे पागलोकी तराह प्रेम करनेलगी हैं क्यु? क्युकी मुजसे अधिक उसनेहर तरहसे परखा हैं उसने स्वयं मुजेसभी बताया तभी जाके मेंने हाकहा हैं
मंजरीदेवी : तबठीक हैं उसने मेरी भि जीम्वेवारी लीहे क्यु?
मनीषा : क्युकी वोँ हमारी सभी परीस्थीतीसे वाकेफ हैं सादीके बाद आपकी जीम्वेवारी कोन उठायेगा यहसभी वोँ भलीभांती जानता हैं सायद आपकोपता नहीं होगा मीरा दिदी ओर माया दिदी उसकीही बीवीकी मम्मी हैं ओर दोनोकी बेटीओके कहेने परही उसकी मम्मीसे सादी करली हैं तोँ कोइ बेटी अेसा क्यु करेगी कुछतो रीजन होगा
मंजरीदेवी : क्याँ मा बेटी दोनोसे सादी कीहे?
मनीषा : मायादीसेतो अभि अभीही सादी कीहे उसके पतीने दोनो बच्चीके ब्याहके बाद उसकी माकोछोड दीया क्युकी उसकीभी दुसरी बीवीथी तब राजने रीटाकी मम्मीकी सभी जीम्वेवारी उठाली ओर अपनेसंग रखनेका फेसला लीयातब रीटाओर दिव्यादी केँ कहेने पऱ उसे सादी करली तोँ क्याँ हम् उसेगलत माने क्युकोन इन्सान होगा जोँ इस उमरमें १६ बीवीयाको सम्हालेगा हेकोइ आपकी नजरमें
मंजरीदेवी : तौ उसने मेरी जीम्वेवारी लीहे तोँ क्याँ तुभी अेसा करेगी क्याँ कहेना चाहती हेतु?
मनीषा : मोम मे आपकेसंग बहेस करना नहीं चाहती मुजे सीर्फ इतनापता हैं वोँ अेसा नहीं हैं अब मे इसे प्रेम करनेलगी हुंआगे जाकेपता नहींअगर अेसी सीचुअेशन आगइओर मुजेकोइ अेसा नीर्णय लेना पडातो मुजे नहीं लगता उसमेकोइ गलत हैं कमसेकम आप् सुकुनकी जींदगीतो जी सकोगी वेसे अेसा होने वाला नहीं हैं फीरभी मे केहरही हुं ताराआंटी तौ केहरही हैं मायाअब तक नरककी जींदगी जीती आरही हैं ओरयहा वोँ स्वयं स्वर्गकी अनुभुती करती हैं इतनाअगर तब सोचा होता तौ आजहमे यहदीन नहीं देखने पडते
मंजरीदेवी : इसका मतलबतु अभीभी मुजेइस परीस्थीतीकी जीम्वेवार मानती हैं?
मनीषा : नहींमोम आप् अभीभी मुजेगलत समजरही हैं, छोडीये सभी खामखा आप् परेसान होगी मुजेतो बस इतना मालुम हेंकी मुजेअब राजसे सादी करनी हैं
तब मंजरीदेवी सोचमें पड गइकी मनीषाकी बातमें बहोत दम हैं अगर राजभी उससे सादी करलेतो मनीषाको कोइ अेतराज नहीं करेगी यह सोचके वोँ मनहीमन खुस होनेलगी तब राजके बारेमें सोचतेही चुतसे पानी बहेने लगा तौ बहोत सरमाइ क्युकी इतने बरसोके बाद उसकी प्यास बुजानेका मार्ग दीखरहा थां
वोँ राजको अपने पतीके रुपमें इमेजींग करनलगी ओर उसकीचुत पानी बहाती रहीतब उससेरहा नहीं गय़ा ओर वोँ बाथरुम मे चलीगइ ओर राजको इमेजींग करते चुतमें उंगली करनेलगी जबजडगइ तब सांत होकेचुत साफ करलीओर गाउन पहेनकर आगइओर डीनरकी तैयारी करनेलगी
इधरजब मे अंदरआया तबसभी हसनेलगी तब दादीने कहा
दादीमा : (हसकर)छोड आया होने वाली बीवीको क्याँ केह रहीथी तेरी सासुमां?
मे : क्याँ कहेगी मुजेकुछ कहेनाही नहीं थां सभी मनुनेही केहे दियाकी मे राजसे सादी करना चाहतीहु आप् चाहो याँ नाचाहो उसनेतो सीधी ब्युगल बजादी कमालकी लडकी हैं
माधवी : सभी मेरी तराह सीधीओर भोलीभाली थोडीना होती हैं क्यु दादीमा?
मे : हां बहोत भोलीहो ओर सीधीभी जलेबीकी तराह, चुप कर तुनेभी कम पापड नहीं बेलवाये
माधवी : (जुठमुठ गुसा करते) दादीमा.समजालो अपने लाडलेको मेनेकहा पापाड बेलवाये
दादीमा : अरे.चुप होजाओ दोनो क्याँ जगडतेही रहेते हौ सोनु बीटीया तुही सम्हाल इसे वोँ सीर्फ तेरी बातही मानेगी
सोनु : (हसते हुअे)ठीक हैं दादीमा अभि समजाती हुंइसे
माधवी : (हसकर) नहीं नहीं मे समजगइ दादीमा आप् सोनुदीसे मत कहीये हैं.हैं.हैं।
कहेकर सोनुकी ओर देखकर जोरोसे हसनेलगी तब मेरीसभी बीवीया जोरोसे हसनेलगी तब मे कुछ सोचमें डुबाहुआ थां तोँ नेनुने नोटीस कर लीया तौ धीरेसे उठकर मेरेपास आकेबेठ गइ
नेनु : क्याँ बातहे जानु आपको क्याँ परेसानी हैं मुजे बताइअे क्याँ बात हुइ उसकी मम्मीसे
मे : नेनु तुजेसभी पता केसे चलजाता हैं मेरी कीससे बात हुइ तु जादुगर हे क्याँ?
नेनु : जानु आपको भि पता हैं मे कहा रहेती हुं तोँ बारबार बताना नहीं चाहती बस आप् मुजे अपनीबात बताइअे
फीर मेने नेनुको सारीबात बतादी तब नेनुभी कुछ सोचमें पडगइफीर कहेने लगी
नेनु : आप् फीकरमत करो उसने कीसीसे बहोत बडा धोखा खाया होगा तोँ अेसीबात कररही हैं आपको मनीषानेतो कुछ नहीं कहाने तोँ बसअबसभी हम् पऱ छोड दीजीये ओरहां आप् सबकी टीकीट बुक होगइ हैं परसो सुभह नीकलना हैं तोँ मे सभी तैयारी करलुगी
मे : आप् सबका मतलबतु नहीं आरही क्याँ?
नेनु : नहीं जानु मे नहीं आँ पाउगी आप् जानतेहेना सभी मेरी वजहसे कीतने परेसान होगये थें मे तीनचार दीन नीकाल लुगी आपसे फोनपे बात करलीया करुगी बस
फीर हम् सभी डीनर करनेबेठ गयेतब माधवी मेरीओर देखकर हसते हुअे उल्टा सीधा इसारा कर रहीथी फीर सबने डीनर फीनीस कीयातब दादीने दिवानजीसे सुनीलके यहा आनेका न्योता देदीया फीर दोनो बाप बेटी चलेगये तब सुनीलभी तारा सारीकाको लेकर जल्द सोना चाहताथा तोँ चला गय़ा क्युकी उसे सुभह जल्द उठनाभीथा तब दादीने धीरेसे मुजे अपने रुममें आनेको कहाफीर सभी अपनेरुम मे जानेलगे तब नेनुओर मे दादीके रुममें चलेगये ओर नेनुने दरवाजा बंध करलीया तब नेनुने धीरेसे मुजेकहा
नेनु : जानु आप् जल्दीसे उसे ठंडा करदोफीर हमे जानाभी हैं, दादीमा बहोत ठरकी होगइ हैं हैं.हैं.हैं।
फीर दादीके पासचले गयेओर बेठगये तब दादीने कहा
दादीमा : हांबोल बीटु क्याँ केह रहीथी मंजरी कुछ उलटा सीधातो नहींकहा तुजे मेरे बेटेने गलत कीया तबसे कीसीपे भरोसा नहीं करती बहोत अच्छी हैं वोँ
मे : नहीं दादीमा अेसीकोइ बात नहीं हुइ बस मुजेपरख रही थि
नेनु : दादीमा क्याँ गलत हुआहे उसकेसंग मुजे बताइअे
मे : दादीमा आप् नेनुको बताने दो वोँ कीसीसे नहीं कहेगी क्युकी मे कोइबात उससे नहीं छीपाता ओर आपकोभी वादा कीया हैं, दादीमा ओरअेक बात, मनीषाभी यहसभी बाते जानती हैं आज उसने मुजेसभी कुछ बताया जौ आपनें मुजे बताया थां
दादीमा : (चोंकते) क्याँ.? फीरकुछ नहीं बोलीं?
मे : नहीं दादीमा उसके दीलका बोजआज हल्का होगया फीर उसने मुजे प्यारका इजहारभी कीया तौ अब नेनुको बतानेमे कोइ हर्ज नहीं हैं
दादीमा : ठीक हैं बातादे पर्र नेनु सीर्फ तेरे तकही सीमीत रखना
फीर मेने माधवी ओर मनीषाकी सारी कहानी सुनादी तब नेनु जोरसे हसनेलगी ओर हसतीही जारही थि फीर सांत होके करेने लगी
नेनु : (हसकर) जानु क्याँ आपके नसीबमें सीर्फ बहेनके संग सादी करनाही लीखा हैं कीतनी बहेन हुइ आपकी हैं.हैं.हैं।
दादीमा : अरेहां बीटु येतो मेने सोचाही नहीं कीतनी बहेनसे सादी होगी हैं.हैं.हैं।
नेनु : पांच दादीमा मे सोनु धाराओर अब मनीषा ओर माधवी हैं.हैं.हैं।
मे : नेनुइस बारेकें माधवीको कुछ नहींपता तोँ बी केरफुल समजी
नेनु : जी पतीदेव समजगइ अबयह बातको यही भुलजाओ अब चलना हेकी अपनी पुरानी बीवीसे प्रेम करना हैं
तब दादीमा सरमाके हसनेलगी तब नेनुने दादीको सुलादीया ओर उसकी सारीभी कमर तक करदीतब दादीमा खुब सरमाइ ओर मे दादीकी चुत देखतीही गर्म होगया ओर सीधा लन्ड नीकालकर पैरके बीच बेठके चुतमें लन्ड रगडने लगाजब गीला होगया तब चुतमें लन्ड उतार दीयाओर दादीको धनाधन पेलने लगातब नेनुभी अपनीचुत सहेलाने लगीओर वोभी दादीके पास सोगइओर दादीको कीस करनेलगी तब दादीमा अेकदम गर्म होगइओर अपनीकमर उछालने लगी मेरीओर दादीके बीच१५ मीनीट तब घमासान चुदाइ हुइ फीर दोनो साथमें जडगये फीर दादीमा बाथरुम मे चलीगइ ओर हम् उसे सुलाके हमारे रुम मे आगये
माया : आगये दोनोचलो सभी आपकाही वेइटकर रही थि
फीर धारा मीराजसु अंजु माया दिवुओर रीटा सोनुको दोदो राउन्ड पेल लीया तौ सभी नहाके सोगइतब मे ओर नेनु महासागरमें गोते लगाने लगे नेनु अभि भि मेरी पहेली मनपसंद हैं उसकेसंग सेक्समें अेक अलगही अनुभुती होती हैं ओर आजभी दोनोका प्रेम हरदीन बढताही जारहा हैं मे ओर नेनु सुभह४ बजे तक चुदाइ करतेरहे नां वोँ थकतीथी नाँ मे बस लगातार सागरमें गोते लगाते हि रहेओर ४बजे दोनो नहाके हमेसाकी तराह चुतमें लन्ड डालके नंगेही सोगये
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
भाग - १०३
फीर धारा मीराजसु अंजु माया दिवुओर रीटा सोनु कों दोदो राउन्ड चोद लीया तोँ सभी नहाके सोगइतब मे ओर नेनु महासागरमें गोते लगाने लगे नेनु अभि भि मेरी पहेली पसन्द हैं उसकेसंग सेक्समें अेक अलगही अनुभुती होती हैं ओर आजभी दोनोका प्रेम हरदीन बढताही जारहा हैं मे ओर नेनु सुभह४ बजे तक चुदाइ करतेरहे नाँ वोँ थकतीथी नाँ मे बस लगातार सागरमें गोते लगाते हि रहेओर ४बजे दोनो नहाके हमेसाकी तराह चुतमें लन्ड डालके नंगेही सोगये.अब आगे
सुभह मीराने सबको पांचबजे उठाया ओरसभी बारी बारीदो दो करके नहाने जानेलगी ओर बहारआके सजधजकर होनेलगी फीर लास्टमें मे ओर नेनु अंदरचले गये तोँ जाहीरसी बात हैं ओनोने अंदरखडे खडेअेक राउन्ड लगाही लीयाफीर बहारआके रेडी होगये तब सबकी मांग भरदीओर सभी मेरे पांव छुकेकीस करके दादीके रुमकी ओर जानेलगी तब दिवुओर सोनुभी मेरेसंग चलनेलगी
फीरसभी दादीके पांव छुकेउसे लेकर बहारआगइ क्युकी दादीने मुजेअब पांव छुनेको मना करदीया थां रीजन आप् सभी जानते हैं फीरचाइ नास्ता करके हम् सभी सुनीलकी हवेलीकी तराफ नीकलगये वहा पुजारीजीने सभी तैयार रखाथा तब दिवानजी कि फेमीलीभी आगइओर थोडीदेर बार मनीषा ओर उसकी मम्मीभी आगइतब सुनीलभाइ सारीका ओर ताराभाभी पुजामें बेठगये
तब राजन राकेश कामेश ओर सगुनभी आगयेअेक मंडप लगवाया थां ओरचेर थि तौ सभीबेठ गयेओर पुजा सुरु होगइ थोडीदेर बाद भारती ओर मनीषा चलीगइ आधे घंटेबाद दोनो वापसआइ तब सबकेलीये चाइ नास्ता बनाके लाइतब पताचला कल मनीसा दुध लेने क्युचली गइ थि फीर सबको दोनोचाइ नास्ता देनेलगी फीर मेरेपास आके मुजेचाइ देते कहेने लगी
मनीषा : क्यु बाबुअब पताचला मे कल क्युदुध लेनेगइ थि
मे : (हसकर) वेरी स्मार्ट गर्ल
मनीषा : (हसते) थेन्कयु बाबुअब लो नास्ता करना हेकी नहीं?
मे : नहीं मे सीर्फ तेरे हाथकी चाइ हि पीयुगा
फीरमनु मुजेचाइ देकेआगे नीकलगइ तब दादीमा ओर दिवानजीकी पत्नि ओर मंजरीदेवी बातोमें मसगुल थि तब नेनु नें मुजे दादीकी ओर इसारा करतेकहा
नेनु : (हसके) जानु लगताहें दादीमा पुरा प्रोग्राम फीक्स करके आयेगी तीनो केसे गंभीर होकेबात कर रहीहें हैं.हैं.हैं।
अेक घंटेबाद पुजाखतम होगइफीर सारीकाने त्रीकम मारके मुहुर्त कीयातब सबके लीये आइसक्रिम आगयाफीर सभी बाते करते आइसक्रिम खानेलगे तब माधवी आगइ तौ राजननें उसेभी आइसक्रिम दीयातब खाते खाते वोँ बात करनेलगी
माधवी : नेनुदी क्लीनीक पऱ मशीनका मुहुर्त करना हैं मे दादाको लेनेआइ हुंवहा कोन आँ रहा हैं मेतो कहेतीहुं इधरसेही सभीचलो
मे : जाजा मुफ्त मे कोनआये, उधरतु कुछ खीलाने पीलाने वालीतो हे नहीं
माधवी : (गुसा होकर) मे आपकी तराह कंजुस नहींहुं समजे, (दादीकी ओर) दादीमा समजालो अपने लाडलेको मुजे कंजुस समजता हैं मे सबको मुहुर्त करने लेनेआइ हुंओर उसकोवहा बर्थडे पार्टी चाहीये
दादीमा : हे ईश्वर तुम् दोनोफीर जगडने लगे बर्थडे पार्टी मे देदुगी तुचलसभी सीधे तेरी क्लीनीक पर्र आरहेहे फीरसभी महेलमें आजायेगे उधर जश्नरखी हैं बस
मे : दादीमा क्याँ तुम् भि मुहुर्त कोइओर करेओर बर्थडे पार्टी हम् दे, अेसाकही होता हैं?
दादीमा : (हसकर) बीटु जानेदे वोँ मेरीभी बेटी हैं चल बेटी
कहेके दादीमा खडी होगइतब हम् सबभीखडे होगये तब माधवीने हसकर दांत पीसके मुजे मुका मारदीया तबसभी हसनेलगे फीर हम् सभी कारमें बेठके सीधे क्लीनीक पर्र चलेगये तब पुजारीजीनें मशीनकी पुजाकी फीर माधवीने अपने पीताजी ओर दादीके हाथसे मुहुर्त कीयाफीर वहाभी माधवीने सभी इन्तजाम करके रखाथा
सबके लीये समोसे ओर कोल्डड्ढींक आगयाफीर सभीखतम करके वापस महेल आगयेतब माधवीके संग उसकी सेक्रेटरीभी आइ थि ओरसभी होलमें बेठगये तबसभी बारी बारी फ्रेस होने जानेलगे तब माधवी कि मां सुलक्षणादेवी मेरेपास आगइओर मुजसे कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : बेटा कलउधर मंजरीके यहाआये थें तोँ हमारा घरभी पासमें हि थां तौ उधरभी आनां चाहीयेनां (तब माधवीभी हमारे पासआगइ)
मे : मम्मीजी मे आनातो चाहता थां पऱ मेनेघऱ नहीं देखाथा तोँ मुजेउधर लायेगा कोन वहातो साथमें मनीषाथी जोँ मुजे उसकेघऱ लेगइ पर्र कुछलोग हैं जौ मुजे अपना ससुरगृह दीखाना नहीं चाहते
माधवी : मां जुठबोल रहे हैं यह मुजे कहेना चाहीयेना मे तेरे घरकीओर जारहा हुंओर वेसेअेक बारतो उधर आगयेहे खामखा जुठबोल रहेहे
सुलक्षणदेवी : (हसकर) क्याँ तुम् दोनो जगडतेही रहेते होँ दादीमा केहरही थि हैं.हैं.हैं।
मे : मम्मीजी क्याँ मे आपको पहेले जगडालु दीखता हुं येतो इसकी संगतका असर होगया हैं
माधवी : तोँ क्याँ मे आपको हमेसा जगडते दीखती हुं, माँ इनकी बातोमें मत आनांयह दो पथ्थरके बीचभी जगडा करवा देतेहें बहोत पहोची हुइ चीज हैं (मेरीओर मुह बनाते)
सुलक्षणादेवी : चुपकर मेरे जमाइको मेरे सामने कुछकत कहेना यह बहोत अच्छे हे
माधवी : (हसकर) तुमभी आगइना इनकी बातोमें कोइबात नहीं मेरीतरफ दादीमा हैं तुरहे तेरे जमाइके संग
कहेके वोँ मुह बीगाडकर चलीगइ तोमें ओर सुलक्षणादेवी हसनेलगे फीर मेरीओर देखकर कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : बेटा बहोत नटखट हैं कभी इनसे गलती होजाये तोँ माफ करदेना
मे : मां क्याँ बातकर रही हैं आपकी बेटीसे कभी गलती होही नहीं सकती वोँ मुजसे बहोत प्रेम करती हैं ओर मुजेभी इनकीसभी सरारत अच्छी लगती हैं
सुलक्षणादेवी : ईश्वर करे तुम् दोनोका प्रेम अेसेही बरकरार रहे बेटा सादीसे पहेले अेकबार घऱ पे आजाओ
मे : मां मे जरुर आउगा प्रोमीस मे आजही माधुसे बातकर लुगाकल तौ हमभीटुर पे जा रहेहे तौ होसकतो आजही आजाउगा, वेसे हम् अहेमदाबाद जारहे हे आपको अपने बेटेके पास नहीं जानां? चलीये हमारे संग
सुलक्षणादेवी : (हसते) वोतो बहोत केहरहा हैं पऱ यहासभी जंजटमें कहा वक्त मीलता हैं अबतो आपके दादाभी आगये हैं तोँ कही जानेका मनही नहीं करता
मे : मे अेकदीन आपकोउधर घुमाने लें जाउगा आप् अपने बेटेसेभी मील लेनाओर उधरसभी जगाह घुमभी लेनाअब तौ मे जाकेउन चाचा भतीजाको हमारे फेक्टरीके क्वाटरमेही रहेनेका इन्तजाम करके आउगा ताकीउसे बहार कीराया नाँ देनापडे
सुलक्षणादेवी : तबतो अच्छा हैं उसकीआधी सेलेरीतो कीरायेमेही चली जातीहे, वेसे तुम् बहोत दीलचस्प बाते करते होँ बीलकुल माधवीके पापाकी तराहअेक दीन मे तुम्हारे संग जरुर घुमने आउगी
मे : क्याँ माधवीके पापाभी मेरी तराह बाते करते थें? उसमेओर मुजमे बहुत फर्क हैं मेनेआज तक कीसीको धोखा नहीं दीया
तब सुलक्षणादेवी चोंकगइ ओर उसको उसकी गलतीका अहेसास होगयाकी मे क्याँ बोलगइ वोमुजे अेक नजरसे देखती रहीओर उसके चहेरेपे गभराहटके भाव आँ गयेतब
मे : मम्मीजी चीन्ता मत कीजीये मे सभीराज जानता हुंओर यहबात मुजतकही सीमीत हैं ओर आगेभी मुज तकही रहेगी माधवीकोभी पता नहीं चलेगा इसलीये गभराये नहीं
सुलक्षणादेवी : पर्र आपकोसभी केसेपता चला?यह बाततो हम् तीन लोगके सीवाकोइ नहीं जानता
मे : मम्मीजी छोडीये सभी, अब इन बातोको यहीदफन करदीजीये ओर भुलजाइअे सभी भुतकाल जौ मात्र हमे तकलीफ हि देता हैं मुजे आपसे पुरी हमदर्दी हैं
सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा तुम् वाकइअेक नेक इन्सान हौ मेरेपती बीलकुल सहीकेह रहेहे, वाकइयह विरासतको अेकसही राजामील गय़ा हैं, अबतो मे तुम्हारे संग जरुर घुमने आउगीअब मुजे पुरी तसली हौ गइकी मेरी बेटीका हाथसही आदमीने थामा हैं
मे : मम्मीजी मे यहा हमारे सभी गांवके लीयेअेक बडी होस्पीटल बनवारहा हुंओर उसका पुरा वहीवट माधुको सोपने वालाहुं आप् यहबात अभि कीसीको मत बताना मे माधुको कुछओर सरप्राइजभी देना चाहता हुं
सुलक्षणादेवी : (हसकर)अरे वाउ., ठीक हैं नहीं बताउगी पर्र आप् मुजपे इतना भरोसा करके क्युसभी बतारहे होँ, अन्जानपे इतना भरोसा ठीक नहीं हैं हैं.हैं.हैं।
मे : मे अन्जानपे नहीं, जीसको मे अपना मानता हुं, ओर अपने होतेहे उसीपे हि भरोसा करताहुं, ओरपता नहीं हमारा क्याँ रुणानुबंध हेसो आपकोसभी बतादीया ओर मुजे आपपे पुरा यकीन हैं आप् मेरा भरोसा कभी नहीं तीडेगी
सुलक्षणादेवी : (हसकर)ओर अगरतोड दीया तौ? हैं.हैं.हैं।
मे : (हसते उसकी आंखोमें देखते) नहीं तोडेगी क्युकी आपभी मुजे दीलसे अपनामान चुकी हैं मे आपकी आंखोमें साफदेख रहाहुं
सुलक्षणादेवी : (सरमाते हसकर) वाकइ आप् जादुगर हौ, सभीकुछ जान लेते हौ यहा तक कि मनकीबात ओर दीलकी बातभी, अबपता चला आपकीसभी रानीया आपके पीछे क्यु पागल हैं, जी चाहताहें आपसे बाते करतीही रहु पर्र यहा नहींकभी घऱ आइअेवही ढेर सारी बाते करेगे आप् बहोत दीलचस्प होँ
नेनु : (हमारे पासआके हसते) सासु जमाइ कबसे क्याँ बातेकर रहे हौ हमभीइधर हैं
सुलक्षणादेवी : अरे बेटी कुछ नहीं आप् सभी अहेमदाबाद जारहे होँ तौ वहा मेरा बेटाभी हैं तौ केह रहेथे आप् चलो अपने बेटेको मीलने
नेनु : हांतो चलीयेनां कुछदीन रहे लेना उनकेसंग फीर हमारे संग वापस आजाइअेगा
सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा पऱ इधरसभी सादीकीभी तैयारी करनी हैं तोँ अभि आनां मुस्कील हैं ओर मेरे बेटेओर देवरकोभी इधर सादीके लीये बुलाना पडेगा तौ वोँ इधरही आयेगे वहा मे जाके क्याँ करुगी
नेनु : हां येभीसही हैं चलोअब दोपहर का खाना नहीं करना क्याँ आप् लोग फ्रेस होकर आजाओ, चलो जानु आपभी
फीर हम् सभी फ्रेस होनेचले गयेतब नेनुभी मेरेसंग चलनेलगी ओर बाते करनेलगी
नेनु : (हसकर) जानु मुजेयह माधवीकी मम्मीकी नीयतकुछ ठीक नहींलगी आपसे अेसेबात कररही थि जेसे आपपेलटु होँ, (हसते) ध्यान रखना बाबाअब ओर सौतन बरदास्त नहीं होगी हैं.हैं.हैं।
मे : क्याँ नेनु तुमभी अेसाकुछ नहीं हैं, उसकोभी कुछ संकायेथी कि मेभी माधवीके पीताकी तराहतो नहीं जौ उसकी बेटीको धोखा देगा तौ मुजेपरख रही थि
नेनु : (हसकर)ओह तौ येबात हैं तबतो आपनेउसे पुरा वकीन दीला दीया होगा, इसीलीये अेसे हसकर बातेकर रही थि
फीर हम् अंदरआके सभी फ्रेस होगये ओर साथमें बहारआके सीधे डाइनींग चलेगये तब दादीभी आकेबेठ गइ सामने सुनील राजन राकेश बेठे थें आज दिवानजीकी फेमीलीथी तौ उनकेसंग दिवानजीकोभी बीठा दीयाआज मेरीअेक साइड नेनु तौ दुसरी ओर माधवी बेठी थि ओर उसकेसंग मनीषाभी थि जसु कमलाभाभी भारती सभी मेरे साथही बेठी थि
मे : अब सुनोसभी अेकओर अच्छी खबरअब हमारे साले साहब राजनभाइभी पिताजी बनने वाले हैं
तब कमलाभाभी सरमाके हसनेलगी ओर सबने ताली बजाके दोनोको बधाइ दि फीर खानां आगयाओर सभी खानेलगे तब माधु मेरे पैरको सहेलाने लगीओर खातीरही जेसेकुछ हुआही नहींतब सबसे छुपकर मेने उसकी जांघ पऱ हाथ रखदीया ओर सहेलाने लगातो वोँ गर्म होगइओर मेरीओर कामुक नजर करके हसनेलगी ओर मेनेहाथ हटालीया
फीर सबने दोपहर का खाना फीनीस कीया तौ मनीषाको लेकर अंदरके रुममें भागगइ ओर हम् बहार जानेलगे ओर हम् सभी होलमें बेठगये तब दादीने कमलाको अेक सोनेका सेट दीयातब कमलाकी आखेनम होगइफीर सबने बारी बारी कमलाको गले लगाकर बधाइआ दि ओर राजन राकेश कमलाओर भारती सबकी इजाजत लेके होटेल चलेगये तब दादीभी सुलक्षणादेवी ओर मंजरीदेवीको लेकर अपने रुममें आराम करनेचली गइतब सुनीलभी ताराभाभी ओर सारीकाभाभीको लेके अंदरचला गय़ा तब
माया : सखा आपभी आराम करलो आपकोयही वक्त आराम करनेको मीलता हैं चलो
मे : तुम् सभीचलो मे अभि आताहुं
फीरसभी अंदरचले गयेतब उनकेसंग माधवी ओर मनीषाभी चलीगइ फीर मे कामेश ओर सगुनही बेठे थें तब कामेशने मुजेसभी कुछ बतायाकी कहा बंगलो मीलाकहा सीमलामें हमारी ब्रान्च हैं फीर मेनेभी उसेसभी कहाकी हमे कीतनी जमीन सरकारनें कीस कामके लीये दीहें फीर मेने मंदिरकी पुरी प्लानीग सुनाइ कि कीतनी अेफडी करनी हैं तब
कामेस : भाइ प्लानतो कहुतबडा हैं हमारी ब्रान्चमें नया अेकाउन्ट मंदिर सेही करना चाहता हुं
मे : अरेवाउ येतो बहुत बडीया हैं फीर अेफडी भि उसमें करदो वोँ सभी सुनीलभाइ ओर दिवुही देखरहे हैं तुम् उसेही मील लेना
सगुन : वोँ मे अभि अंदर जाके दिवुदीसे बात करलेती हुं आपको जानाहेतो जाओ मुजे सामको कोइछोड जायेगा
कामेश : ठीकहें तोँ चलोभाइ मे नीकलत हुं मंदिरके सभी पेपर मे पिताजी सेही लेलुगा ओर बेंन्कके उद्घाटनमें सबको आनाहें वोँ अभि अेक हप्तेके बादहें मे इन्वीटेशन कार्ड देजाउगा
फीर कामेश जानेलगा तौ मे ओर सगुन बहार तक उसे छोडने चलेगये ओर वोँ चला गय़ा सीधा सीमला तब मे ओर सगुन अकेले रेहगये ओर अंदरआने लगेतब सुगुन नें कहा
सगुन : तोँ पतीदेव अब हमारा मार्ग क्लीलीयर होगया हैं चलोआज मोका हैं मुजे छोडनेके बहाने घऱचलो कामेशतो अबरात ७बजे पहेले आनेवाला नहीं हैं ओर अबतो सारादीन मे घरपे अकेलेही रहेती हुं तौ कभीभी मोबाइल करके आँ सकतेहे आप्
मे : तुअेक कामकर अभि अेक घंटेइधर रुक ताकी कीसीको यह नाँ लगेकी कामेश क्यु छोडके नहीं गय़ा, वेसे क्याँ केहरहा हैं हमारा बेबी
सगुन : (हसके) जानु बेबीकी फीकर अभि मतकरो उसकी मम्मीकी करो वोँ तडपरही हैं
मे : सगुन हम् अेक घंटेके बादमील रहेहे नां क्यु फीकरकर रही हैं
सगुन : वेसे क्याँ केहरही हैं आपकीनइ पत्नि उसकेसंग कुछ नाइट बाइट मनाइकी नहीं
मे : (हसकर)हां मनाली मेरी चहीती पत्नि हेवो मेरी नेनुकी तराह इनकी वजहसे मेरीसभी बीवीयाने बहोत अनुभुती कीहें सबकी गुरु हैं वोँ
सगुन : उसने बहोत दुख जेला हैं अब जाकेसुख मीला हैं आप् उसका खयाल रखीयेगा
मे : तुमने तेरे पापासे बातचीत कीहेकी नहीं?
सगुन : नहींउस आदमीका नामभी नहीं लेना चाहती
मे : क्यु तेरी मां जब नर्कमें थि तबतो बहोत बाते करती थि अब उसकोसुख मीलाहेतो अबबात क्यु नहीं करनी उल्टा तुजेतो उसका आभार व्यक्त करना चाहीये जब उसने छोडातब तेरी माँ सुखी हुइनां तोअब क्युबात नहीं करनी? चाहे जोँ समजले पापातो तेरावही कहेलायेगे तु माने याँ नामाने
सगुन : बात तौ आपकीसही हैं, पऱ अबउसे बात करनेका मेरा मनही नहीं हैं पता नहीं मेरीनइ मां केसी हैं
मे : वोँ बहोत अच्छी हैं ताराभाभी सारीकाभाभी सबनेबात कीहें सबको वोँ बहोत मीसकर रही हैं ओर देखा जायेतो उसकी गलतीभी नहीं हैं सभी लडकेके चकरमें हुआ हैं ओर गलती करणभैयाकी हैं
सगुन : हं.ठीक हैं कभी मोका मीलातो बात करलुगी परसीर्फ आपके कहेनेपे कररही हुं वरना मेतो उसकीसकल तक देख्ना नहीं चाहती थि
बाते करते होलमें आगये तौ सगुननें मुजेयही बेठेबात करनेको कहातो दोनो बेठके बाते करनेलगे फीर मेने सगुनको बहोत समजाया तब जाके करणसे बात करनेको राजी होगइफीर वोँ हमारे मीलनकी कइ प्लानींग करनेलगी
सगुन : जानुअब आपसे दुरी बरदास्त नहीं होती, ओर आपको मेराअेक बदलाभी लेना हैं
मे : केसा बदलातु कबसे बदलेकी बाते करनेलगी कीससे बदला लेना हैं
सगुन : क्याँ करु मनमें इतना खुनसभरा हैं उसको नीकालना हैं मुजे प्रोमीस करो मेरा बदला आप् लोगे
मे : पर्र कीस बातका ओर कीससे?
सगुन : पापासे, मुजेअेक बार पापासे बदला लेना हैं तबही मुजे सांती मीलेगी फीर मुजे उनसेकोइ सीकायत नहीं होगीकहो लोगेना मेरा बदला? पहेले मुजे आप् प्रोमीस करो
मे : सगुनतु पागलतो नहीं हैं कीस बातका बदलालु मेनेआज तब चीटीभी नहीं मारी हैं तौ मे कहासे बदला लुगा
सगुन : मुजे मारपीट वाला बदला नहीं लेना मुजे तोँ मेरी मम्मीको छोडनेका बदला लेना हैं जौ सीर्फ आपही लें सकते हौ
मे : देख सगुनतु सभी भुलजा मे कीसीको नुकसान करना नहीं चाहता, मुजसे येसबमत करवा
सगुन : उसमे कीसीका नुकसान नहीं होगाबस सीर्फ मुजे तसली मीलेगी
मे : अेसा कोनसा बदला लेना हैं जोँ नुकसान नाँ होँ तौ फीर मे कोसीस करुगा अगर तेरे दीलको तसली मीलती हैं बता मुजे क्याँ करना हैं
सगुन : पहेले आप् प्रोमीस करोफीर बताउगी
मे : हां बाबा प्रोमीस बस अबतोबता केसे बदला लेना हैं
सगुन : (धीरेसे) मेरीनइ मम्मीको अपने मुसल लंडसे पेलकर मेरा बदला लेना हैं
मे : (चोकके) पागल हैं क्याँ? तु जानतीहेना मेनेआज तक कीसीसे जबरदस्ती नहीं कि हैं फीर तुमने सोचाभी केसे?
सगुन : रीलेकस पतीदेव मे यहसभी बाते जानती हुं मेरी बाततो सुनीये आपको देखकर हम् सबकी हालत खराब होजातीहें तोँ वोँ कीस खेतकी मुली हैं वोभी आपसे चुदवानेकी सामनेसे टड्ढाइ करेगी तबठोक देना मे कहा जबरदस्ती करनेको केहरही हुंबस अेकबार मेरे सामने ठोकदो फीर मे सबको प्यारसे बुलाउगी प्रोमीस हैं.हैं.हैं।
मे : क्याँ सगुन तुमभी, येतो करणभाइसे धोखा हुआना
सगुन : बस वहीतो मेरी माको धोखा दीयातब कुछ नहीं मेभीउसे सीर्फ अेकबार धोखा देना चाहती हुंओर उसेभी हम् कहा बताने वाले हैं, बाबु आपने प्रोमीस कीया हैं याद रखना
मे : (हसकर)चल ठीक हैं मेरीयह रानीकेलीये इतना करुगा बस अबतोखुस
सगुन : (खुस होकर)जी बहोत खुस थेन्कयु जान, वेसेइस सजामेभी आपकातो मजाही हैं, वेसे काजुदीदीकोे फीरसे मीलेकी नहीं वोभी मुजेकेह रहीथी कि अबतो महेश अंदर डालता हेतो पताही नहीं चलताओर मेराभी यहीहाल हैं इसलीयेतो हम् सभी आपकी दीवानी होगइ हैं
मे : तुमभी मेरीसभी बीवीयोकी तराह ठरकी होगइ होँ ध्यान रखनाफीर कामेश छोडना दे
सगुन : कोइ परवा नहींअब आपतो हेही मे अकेली रेह लुगी मुजे मीलने आते रहेना हैं.हैं.हैं., बायधवे आपसे पुछनाथा क्याँ तारामम्मी ओर सारीकामम्मी दोनो प्रेगनेन्ट हैं?
मे : हां अभि अभि हुइ हैं, तेरेबडे पापाने बहोत महेनत कि हैं हैं.हैं.हैं।
सगुन : देखायह चीजही अेसी हैं दीलही नहीं भरता वेसे आपकी कीतनी बीवीया पेटसे हैं
मे : धारा मीराजसु ओर नेनुसभी प्रेगनेन्ट हेओर अभि माधवी सबका सोनोग्राफी करने वाली हैं तुभी रुकजा तेराभी करवा लेते हैं
सगुन : चलो करवा लेते हैं, अबचलो अंदर थोडा आराम करलो वरना आपकीसभी बीवीया मुजेनोच डालेगी हैं.हैं.हैं।
फीर हम् दोनो हमारे रुममें आगयेतब सभी लेटकर बातेकर रहीथी तौ सगुन आतेही रीटाओर मायाको गलेलग गइफीर वोभी सबकेसंग बेठगइ तब मायाने मुजे सोनेकी जगअ करनेलगी तोँ मेनेउसे रोककर तकीया लेके नीचे सोगया तोँ सभी हसनेलगी तब मुजेकब नींदआगइ पताही नहींचला ओरसभी बाते करनेलगी
नेनु : सगु माधवी आजइधर मशीनलाइ हेतो तुभी सोनोग्राफी करवाले पतातो चले
माधवी : हां सगुनदी कर दुगी वेसेभी आपको तोँ बहुत वक्त होगया हैं तोँ सभीपता चल जायेगा खासतो ताराभाभी ओर धारादीका हि देख्ना हैं
सगुन : उन दोनोके लीयेखास क्यु?कुछ प्रोबलेम तोँ नहीं?
सोनु : नहीं रे.उन दोनोका सीर्फ कंन्फोर्म करना हैं जुडवा हेकी नहीं, पता नहीं दोनोका केसा मशीनहे डबल प्रोडक्शन कररही हैं हैं.हैं.हैं।
यह सुनतेही सभी जोरोसे हसनेलगी तब धाराभी हसतेहुअे सोनुको मुका मारने लगीतब मेरीभी हसीछुट गइ तोँ सभी सरमाके फीरसे हसनेलगी
माया : (हसते) आप् अभीभी जागरहे होँ नींद नहींआती क्याँ?
अेसे केसेनीद आयेगी सोनुइधर आजा मेरेपास मुजे मेरी बीवीके संग सोनेकी आदत होगइ हैं
इतना सुनतेही सोनु दोडके मेरेपास आकेलेट गइ तोँ दोनोअेक दुसरेकी बाहोमें सोनेलगे तबसभी अेकबार फीर हसनेलगी तब मनीषा सरमाके हसरही थि
अंजु : कीतनी बेसर्म होकेसो रहे हैं कमीनी सबकातो खयालरख
सोनु : (सोते) तुजे सोनेको नहीं मीलातो तेरी क्यु जलतीहे आजाइधर दुसरी ओरजगा हैं
अंजु : मुजे नहीं सोना तुही सोजाअेक महीनेबाद तेराभी टेस्ट माधु करदेगी (सभी हसनेलगी)
सोनु : अेक महीने बाद क्यु, इससे पहेले नहीं होसकता माधुतु अेक हप्ते बाद आजाना
कहातो सभी अेकबार फीर हसनेलगी तब अंजुने जाके हसते हुअे सोनुको लात लगादी
अंजु : बच्चा पेदा करनेकी कीतनी आगलगी हुइ हैं कमीनीको
तबकोइ जवाब नहीं मीला तौ अंजु देखने आइ तौ मे ओर सोनुको नींदआगइ थि
अंजु : लोजीयह दोनोतो सोभीगये
माया : सोनेदे अंजुदी सुभह जागेभी जल्द हैं
माधवी : यहा कीतना आनंदआता हैं सभी मजाक मस्ती करतेहे तौ टाइमतो युही नीकल जाता होगा
नेनु : इसलीयेतो केहरही हुं दोनो आजाओ जल्द बहोत मज़ा करेगे
माधवी : दि कहोतो मे यहीरुक जातीहुं मनुका पता नहीं हैं.हैं.हैं।
जसु : नहीं नहींबस अेक हप्ते रुकजाओ फीर दोनोको इधर लेआयेगे
माधवी : क्याँ जसुदी हम् सजधजकर हेतोमना करती हैं
मनीषा : क्युरी तुजेबडी आगलगी हुइ हैं आनेकी अेक हप्ता नहींरुक सकती
माधवी : हायेतु क्याँ जाने प्रेम क्याँ चीज हैं अेकबार इसने ठीकसे मीलले फीर कहेना हैं.हैं.हैं।
मनीषा : कीतनी बारमील चुकीहुं ओर मेभी इनको बहोत प्रेम करतीहुं तेरी तराह नहीं
नेनु : बस.जगडा नहीं, दोनोजब तक सादी नहीं होतीइधर आतीरहो सुभह आजाना ओर रातको चली जानां बस
मनीषा : दीद नहीं आसकते हमे कामपेभी जानां पडता हैं
जसु : मनुतु अब दुसरी लडकीको रेडी करदेओर उसेसभी सोंपदे आगे तुजे बहोत कुछ सम्हालना हैं तुजे सायदपता नहीं तुम् दोनोके लीयेइधर क्याँ क्याँ तैयारीया होँ रही हैं
मनीषा : ठीकहे दिदी वेसे मेरी आसीस्टन्ट तैयार हि हैं मे उसेसभी सीखा दुगी
सभी बाते करतीरही तब४.३० बजगये तब मायाने मुजेओर सोनुको जगाया तोँ हम् दोनोउठ गये तोँ सभी फ्रेस होके तैयार होकर बेठी थि तब मे ओर सोनुअेक संग बाथरुम मे घुसगये फीर क्याँ दोनो अंदर जातेही अेक दुसरेसे लीपटगये ओरअेक होगये सोनुखडे खडेही मुजसे धनाधन चुदवाने लगी
ओर मेभी जोरोसे सोनुको सोट मारने लगातब सोनु पुरी मदहोस हौ चुकी थि ओरदोबार जड चुकीथी फीर दोनो साथमें जडथगे तब लन्ड बहार नीकलके सोनुने मुहमें लेके चुमसे लगीओर अंदर बहार करनेलगी जब दुबारा जोस आगया तौ सोनु घोडीबन गइफीर मे पीछेसे उसकीकमर पकडकर जोरोसे धके मारने लगा
सोनु : जानु सारीकशर नीकालदो मुजेभी मा बनना हैं कब बनाओगे, ओर जोरसे चोदो मुजे
मे : सोनु अभि नहींकुछ टाइमके बाद पुरीरात तेरी होगीओर पुरीरात इसे अंदर रखुगा तबतुमा बन जायेगी
सोनु : येस जानु जोरोसे करो बहोत आनंद आरहा हैं आप् मुजेचोद लीयाकरो मे आपको केहभी नहीं सकतीकी मुजे चुदना हैं
मे : क्यु नहीं कहेती पहेलेतो सामनेसे आकेचुद जाती थि अब क्यु नहीं
सोनु : जानु आपको सबकोसमय देना पडताहे तौ कहासे बोलु
मे : तु बोलदीया कर तुहीतो मेरी पहेली रानी हैं ओर मेरी बहेनभीतो हैं
सोनु : थेन्कस जानुअब बोलदीया करुगी फीर आप् देखलेना कीधर करना हैं
फीर दोनोअेक बारफीर जडगये ओर नहाके बहार आगयेतब नेनुओर मायाहमे देखकर हसरही थि फीर दोनो फटाफट सजधजकर होगये ओर बहार जानेलगे तब नेनु मायाओर सोनुहस हसकर बातेकर रही थि फीरसभी होलमें आगयेओर सभीचाइ नास्ता करनेलगे फीरचाइ नास्ता करके माधवी उसकी आसीस्टन्टको लेकर दादीके रुम मे मशीन लेकरचली गइ
ओरवहा सेटअप लगा दीयाफीर सबकोअेक अेक करके बुलाने लगी पहेले मीराफीर नेनु सारीका सबकोचेक करके बहार भेजने लगी धारा ताराभाभीको भि चेककर लीयाफीर सगुनकोभी बुला लीयाओर आखीर जसुकोभी बुलाया सबका होगया तौ सभी समेटकर बहारआके बेठगइ ओरकहा
माधवी : (पेपरमें देखकर) नेनुदी सभीओके हैं सभी नोर्मल जेन्डर अेक महीने बाद, मीरादी आप् ध्यान रखना आपको जुडवा बच्चे हे बाकीसभी नोर्मल जेन्डरका कीसको अभि नहींबता सकती वोँ मनाभी हैं जसु दि आपकाभी सभी नोर्मल हैं तारा भाभी आप् खयाल रखीयेगा आपको जुडवा हैं सारीकाभाभी सभी नोर्मल हे धारादी आपकोभी जुडवा बच्चे हे आपकोभी ध्यान रखना हैं सगुनदीदी आपकाभी सभी नोर्मल हैं
दादीमा : चलोसभी अच्छा हैं तुम् सबको अपनी सेहतका बहोत खयाल रखना हैं खास करके मीरा बेटी, धाराबेटी ओर तारा तुम्, खानेपीनेमें कोइकशर मत छोडना सबका खयाल मेरी अंजु अच्छेसे रखरही हैं ओरआज माधवीके मशीनका मुहुतभी यहासे कीया हैं तोँ मे माधवीको सुकुनके पेसा देना चाहती हुं जौ इसने यहीसे सुरुआत कीहें लेँ बेटा इधरआ
कहेके दादीनें माधवीको ५१००० दीये तौ माधवी मना करनेलगी तब मेनेकहा
मे : माधु चुपचाप लेलो दादीको मना नहीं करतेयह सुकुनका हैं समजी लेलो
माधवी : (सरमाके हसते)जी लेलेती हुं दीजीये दादीमा
अंजु : देखाजब दादीने इतनाकुछ कहातोभी नाँ नाँ करती थि ओर होने वाले पतीने अेकबार कहातो केसे फटसे लेलीया हैं.हैं.हैं।
तबसभी हसनेलगे तब सुलक्षणादेवी भि हसते हुअे मेरीओर देखने लगीतब मे खडा होगया ओर दादीके रुममें चला गय़ा वहा फ्रेस होकर वापस बहार आगया तोँ मे बहार जानेलगा तौ सुलक्षणादेवी मेरेपास आगइओर कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : जमाइराज मेरी बेटीतो आपसे बहोत प्रेम करनेलगी हैं? क्याँ जादु करदीया हैं आपने
मे : कुछ नहींबस अेसेही हम् प्रेम करते हैं चलो मुजे होटेलपे जानां हैं डीनरपे मीलते हैं
सुलक्षणादेवी : ठीकहें पऱ आप् याद रखना आप् मुजे घुमाने लेजाने वालेहो तौ कब लेँ जारहे हौ? हैं.हैं.हैं।
मे : जब आप् कहे मेतो तैयारही हुं आप् जेसी खुबसुरत सासुमाको कोन नहीं लेजाना चाहेगा हैं.हैं.हैं।
सुलक्षणादेवी : (हसकर) सम्हालके जमाइराजा क्याँ मे आपको खुबसुरत लगतीहुं? कीसीने सुनलीयातो पंगा हौ सकता हैं हैं.हैं.हैं., लगताहे अबतो आपकेसंग आनाही पडेगा माधुकी सादीके बाद चलेगे (धीरेसे मेरे कानके पास हसते) वोभी अकेले सीर्फ हम् दोनो समजेकुछ हैं.हैं.हैं
मे : (सरमाके हसते) आपतोबडी फास्ट जारही हैं ध्यान रखीयेगा वरना मेतो अभि लें चलुगा
सुलक्षणादेवी : तौ लेचलो कब जानां हैं ओरकहा जानाहें मे रेडीहुं, मेरी बेटीकी तराह आपने मुजेभी पागल करदीया हैं बस आपसेबात नहीं होपारही थि वरना हम् दोनातोे कबकाघुम चुके होते आपका नंबर देदो मे बात करुगी आप् मोबाइल मत करनाबस मेही करुगी
कहेके उसने मुजे चुपकेसे उसका मोबाइल देदीया तौ मेने उसमें मेरा नंबर जमाइके नामसे सेव करलीया ओर मेनेअेक मीसकोलभी कर लीया ताकी मेरे फोनपे नंबर आजाये फीर उसको मोबाइल देकरकहा
मे : जमाइके नामसे सेव कीया हैं मे फोनका इन्तजार करुगा बाय कहेके मे नेनुके पास जाके केहने लगातब मायाभी संगखडी थि
मे : नेनु मे जरा होटेल जाकेआता हुंकुछ कामतो नहींओर कीसीको याँ तुजे चलना होतोचल
नेनु : नहीं जानु आप् जाकेआओ मुने दादीके संग दोनोकी मम्मीसे बातभी करनी हैं
माया : जानु आप् जाकेआओ ओरहां आप् सगुनको छोड देगे उसकाघऱ रास्तेमे हि आता हैं
मे : माया तुजे रीक्जेस्ट करनेकी कबसे जरुरत पडगइ सीधा ओर्डर नहींकर सकती?
तब माया हसते हुअे अपनेकान पकड लीयेओर सगुनको बुलाने लगीफीर मे ओर सगुन नीकलगये तब रास्तेमें सगुन हसनेलगी
सगुन : क्यु पतीदेव आपकी बीसीनेही भेज दीयानां आपकेसंग हैं.हैं.हैं।
मे : हं.तोँ यह तेरा कारस्तान थां तेरी मम्मीको क्याँ मालुमकी वोँ बेटीको चुदवाने भेजरही हैं
सगुन : (जुठा गुसा करके)अेय खबरदार मेरी मम्मीको कुछ कहातो, वेसे आपसे चुदवाते चुदवाते उसके चहेरेपे बहुत नीखार आगया हैं हैं.हैं.हैं., उसको कब मम्मी बनारहे होँ?
मे : (हसकर) तेरीबडी फेन्टासीहे उसकोमा बनानेकी तेराही भाइ आयेगा हैं.हैं.हैं।
सगुन : (खुस होकर) तबतो आप् उसे प्रेगनेन्ट करहीदो क्युकी हमे राखी बांधनेकोतो मीलेगी हैं.हैं.हैं।
मे : (हसकर)बडी चालुहे तु, शर्म नहींआती मम्मीके बारेमे अेसा बोलनेमे?
सगुन : जब दोनो बेटी ओर मासे सादी करलीतो कहा रहेगये सभी रीस्तेनाते तीनोकोतो आपने चोदलीया हैं ओर आगेभी चुदती रहेगी, चलोअब आपनेतो बातोसेही गर्म करदीया हे वरना मे इधरही आपसे चुदवाने लगुगी
मे : सबरकर बेबी कीतनी दुरहे तेराघऱ अबतो मुजसेभी कंटड्ढोल करना मुस्कील हैं
थोडीदुर आगे जातेही अेक सोसायटी आगइओर अेक बंगलेके सामनें उसने रोकनेको कहा तोँ फटाफट उतरके घरका दरवाजा खोलने लगी मे गाड़ी पार्क करके अंदर गयातो उसने फटाकसे दरवाजा बंध करलीया ओर मुजसे लीपटक पागलोकी तराह मुजे चुमने लगीतब मेनेउसे गोदमें उठालीया
तब उसने इसारेसे बेडरुम दीखाया ओर मे उसे अंदर लेँ गय़ा तब वोँ अपनेसभी कपडे नीकालने लगीओर मुजेभी सभी कपडे नीकालनेको कहा दोनोही नंगे होगये ओर उसने अपने बालभी खोल दीये तोँ वोँ बहुतही कामुक दीखने लगीतब वोँ पांव फेलाके लेटगइ ओर मुजे उसकेउपर खीचलीया ओर कहेने लगी
सगुन : जानु अभि ओरकुज नहीं पहेले मुजे जटसे ठंडा करदोफीर हम् सभीकुछ करेगे मेरी पुसी गीली होगइ हैं ओर बहोत खुजली होरही हैं उसे मीटादो आप्
तब मेने उसकेहोठ पर्र कीस करनेलगा तौ वोभी मेरी गरदनमें दोनोहाथ रखकरहोठ चुसने लगीफीर मे उसका बुब्स चुसने लगातो वोँ सीसकारीया करनेलगी ओरहाथ नीचे लेजाकर मेरा लन्ड पकडके मसलने लगीओर अपनी चुतपे सेटकर दीयाओर मुजेकहा
सगुन : जानअब मत तडपाओ डालदो अपना मुसल लन्ड ओर बुजादो मेरी प्यास
तब मेनेअेक जोरसे धका मारदीया तोँ पुरा लन्ड अेकही बारमें चुतमें उतर गय़ा तोँ सगुनकी चीख नीकलगइ ओर मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर मे उसेधके मारने लगा तौ वोभीकमर उछालके मेरासंग देनेलगी ओर दोनो चुदाइमें मशगुल होगये दोनोके बीच घमासान चुदाइ होनेलगी
अब तक सगुनतीन बारजड चुकी थि ओर पसीनेसे भीग चुकी थि तब मेने आखरीवार कीयाओर सगुनकी चुतमें जड तक घुसा दीयाओर अपना गर्म लावासे सगुनकी चुत भरनेलगा तब सगुनभी मुजे कसके बाहोमें भरते साथमें जडगइओर दोनो सांत होगये मे उसकेउपर लेटारहा तब सगुने कहा
सगुन : जानु आपनेतो मुजेथका दीया कीतना पानी नीकालते हौ कोइ अेकही बारमें पेटसे होँ जाये, ओर आपतो अेकहीबारमें मानने वाले नहीं हैं आजतो मेरा कचुम्बर नीकलना तय हैं
मे : जब आँ रहे थें तबतोबडी आगलगी हुइ थि अब क्याँ हुआ?
सगुन : (हसकर) आपनेतो अेकही बारमें सारीआग बुजादी अगर आपकेसंग रहेती तौ सारादीन अेसेही पडी रहेती जेसे अभि पडे हैं जानुअब सुरु होजाओ मुजेकुछ हौ रहा हैं
फीर हम् दोनो दुबारा सुरु होगये ओर इसबार सगुनके संग जबरदस्त चुदाइ हुइ ओर सगुनको लगभगचोद चोदके बेहोस जेसाही कर दीयाफीर दोनो साथमें जडगये तब मे उसे बाथरुम मे लेगया ओर नहाते नहातेभी अेकबार सगुनको चोद लीया तौ उसने मुजेहाथ जोड लीयाफीर दोनो नहाके बहार आगयेतब वोँ थोडा लंगडाते चलरही थि फीर दोनो सजधजकर होगये तब सगुननें मुजेचाइ नास्ता करा दीयाफीर दोनोने साथमें खायाओर मे जानेको कहा तोँ मुजसे लीपटगइ ओरकहा
सगुन : अब आप् वापसकब आओगे आपकीइस बीवीका आपको बहोत खयाल रखना पडेंगा, मे सीर्फ आपके लीयेही इधरआइ हुं कमसेकम हप्तेमें अेकदो बारतो आनां हि पडेगा वरना मे सभीकुछ छोडके आपकेपास चली आउगी
मे : चलठीक हैं आजाउगा बस, अब चलताहुं हमारे बेबीका खयाल रखनाओके मुजे मोबाइल करनाबाय
फीर सगुनको लीपकीस करके मे होटेलकी ओरचला गय़ा वहा जाकेसभी कुछ देखाफीर ओफीसमें आकेबेठ गय़ा तब कमलाभाभी आगइओर कोइ नहीं थां तोँ मुजेहोठ पर्र कीस करके सामनें बेठगइ ओर मेरीओर देखकर मुस्कराने लगी
कन्टीन्यु.
my new kahani yeh kesi ehasaas (Full Storyd) – New Episode
यह केसी अनुभुती
एपसोड - १०४
फीर सगुनको लीपकीस करके मे होटेलकी ओरचला गय़ा वहा जाकेसभी कुछ देखाफीर ओफीसमें आकेबेठ गय़ा तब कमलाभाभी आगइओर कोइ नहीं थां तौ मुजेहोठ पर्र कीस करके सामनें बेठगइ ओर मेरीओर देखकर मुस्कराने लगी.अब आगे
कमला : थेन्कयु देवरजी आपनेतो अेकही बारमें मुजे अपना बनालीया अबकब आरहे होँ अबतो हमारा कोटेजही बहुत हैं आप् कभीभी मुजे बुला सकतेहो मेतो आपकी दासी होगइहुं बोलो हम् दुबारा कबकील रहेहे
मे : मीलेगे भाभी पर्र आपका राजनके प्रती बर्ताव नहीं बदलना चाहीये, वेसे हमारे मीलनके बाद उनकेसंग कीयाकी नहीं देख्ना कही गडबड नाँ होजाये
कमला : (सरमाके) जी कीयाथा पर्र पताही नहींचला, आपने अपने मुसलके साइजकी करदी हैं अबतो मुजे राजनका फीलभी नहीं होता इसलीयेतो आपसेकेह रहीहुं कि अब आपकोही मुजे ठंडा करना पडेगा, ओरहां भारतीभी पुछ रहीथीकी मेरी बारीकब आयेगी वोतो कबसे आपसे चुदवानेके लीये उतावली होँ रही हैं
मे : भाभी मे टुर पे जारहा हुं आतेही उसेभी प्रेगनेन्ट कर दुगा आनेके बाद हि आपको मीलुगा तबतक आप् सभी घ्यान रखीयेगा खासकर आपकी सेहतका बच्चे पऱ कोइअसर नहीं होना चाहीये
कमला : जी मुजे माधवीने अपना नंबर दीया हैं ओर दादीभी मुजसे फोनपे बात करेगी
फीर मे वहा भारती राजन राकेशको सभी सुचना देके घरकीओर नीकल गय़ा ओर सीधा महेल आगया तौ सभी लेडीस बहार गार्डनमें बठीथी तब दादीभी माधवीकी मम्मीके संग बातेकर रहीथी मुजे देखतेही उसके चहेरेपे चमकआगइ ओर मेरीओर देखकर मुस्कराने लगी मे सीधा अंदर जाके फ्रेस होगया
ओरजब बहार नीकला तब अंदरकोइ नहीथा तौ अेक रुममें मुजे दादीकी सेवीका (कजरी) जौ आधेड उमरकी तकरीबन ४५ सालकी अेकदम लंबी लंबाई लंबेबाल पतलीकमर जौ बहोत खुबसुरत थि वोँ ओर हमारे दिवानजी अेक रुममें घुसते हुअे मेनेदेख लीया तौ मे चुपकेसे वहापला गय़ा ओरअेक खीडकी थोडी खुलीथी तोमें चुपकेसे देखने लगा
तब मुजेयाद आयातो मे मोबाइल नीकालके सुट करनेलगा तब कजरी सारीकमर तक उची करकेपेर फेलाके बेडपे लेटती नजरआइ ओर दिवानजी लन्ड नीकालके हाथोसे हीलाते नजरआये फीर उसकेउपर लेटगये ओर कजरीकी चुतमें लन्ड डालके उसे पेलने लगेतब दोनो बाते करनेलगे
कजरी : सुनीयेजी हमारे इस महाराजतो बहोत नेकहे आज तक कीसीभी दासीको छुआ तक नहीं हैं वोतो कीसीके सामने तक नहीं देखते ओरअेक वोँ राज कुवरथे जोँ अब तक कीसको छोडाही नहीं
दिवानजी : हां कजरी, बहोत नेक हैं इसी लीयेतो मे मेरी बेटी इसे ब्याह रहाहुं अच्छा हुआ मे यहा थातो तुने मेराखुब संग नीभाया वरना मे क्याँ करता अबतो सुलक्षणाभी मुजे अच्छी नहीं लगती तेरी आदतजो पडगइ हैं वोभी बुहत कामी हैं इतनेसाल मुजसे दुरजो रही जबरदस्तीसे मेरेउपर चड जाती हैं
कजरी : देख्ना अबतो आपही मेरे पतीहो आपने मुजसे सबसे छीपके सादीभी कीहेपता हेना मेरी मुनीके पीताभी आपहो वोँ आपहीकी बेटी हे मुजेभुल मत जानां आपके चकरमें मेने अपने पतीकोभी छोड दीया हैं कमीनेको सक होगया थां हम् दोनोपर तौ तलाक होगया जब आप् घऱचले गयेतब मुजे बहोत चीन्ता हौ रहीथी कि अब मेरा क्याँ होगाअब आप् मुजेछोड मत देना वरना मे कहा जाउगी
मे : (सोट मारते) तु चीन्ता मतकर तुजे मे कभी नहीं छोडने वाला मे सुलक्षणाको छोड सकताहुं तुजे नहीं समजी, ओह। मेरा नीकलने वालाहे तेरा नीकला कि नहीं?
कजरी : नहींअब आप् बहोत जल्द नीकालतेहो ओर मे प्यासी रेह जातीहुं मेराभी नीकलने दो वरना उंगलीसे नीकालना पडेगा
फीर थोडी देरमें दिवानजी उसकेउपर ढेर होगये ओर मे मोबाइल बंध करनेलगा ओर वहासे हट गय़ा तब मेराहाथ खीडकीसे टकरा गय़ा ओर मे जटसे बहार आगयापता नहीं उसने मुजेदेख लीयाकी नहीं मे सबकेसंग बेठ गय़ा तब सुनील साइटपे गये थें तब नेनुओर मायाजसु सभी मेरेपास आके बेठने लगीतब मायाने पुछा
माया : छोडआये सगुनको केसाघऱ हे उसका अच्छातो हेनां?
मे : अच्छा? अरे वोतो बंगलो हैं बहोत बडाघऱ मीला हैं उसको, मेंतो चाइ पीकेफीर होटेल चला गयाथा आप् सबकोउधर आनेको केहरही थि
नेनु : हां हम् वापसआके जायेगे उधर, मायादी आप् ओर धारा ताराओर सारीकाभाभीतो इधर हि रहोगे तौ आप् सभीअेक बार सगुनके वहा जाके आइअे सगुनकोभी अच्छा लगेगा
माया : हांठीक हैं चले जायेगे, नेनुदी राजओर आपतो सीधे पुनाही जारहे होनाफीर राजकोट अहेमदाबाद जाओगेकी नहीं
नेनु : मे जाने वाली नहीथी पर्र राजने जीदकीतो जारही हुंयह सभी पहेले अहेमदाबाद फीर वहासे राजकोट जायेगी ओर हम् दोनो यहासे पुनाफीर सीधे राजकोट चले जायेगे
माया : सखा आप् दोनो जल्द आजाना, अब आपसेदुर रहेना बहोत मुस्कील लगरहा हैं
नेनु : दि तौ आपभी चलोना अबतोआये दीन करणभाइ ओर उसकी बीवीका सामनातो होताही रहेगा कीतने दीन भागती रहोगी
माया : नहीं दि मे इसकी वजहसे नहीं आरहीहुं अेसा नहीं हैं अबतो मुजेकोइ फर्क नहीं पडेगा, बस मेतो सीर्फ धारादी ओर मीरादीका खयाल रखनेके लीयेही रुकीहुं यहा भीतो रहेना पडेगा ओर दादीमा भीतो अकेली रहेगी अबअेक बार जाकेसभी सेट करके आजाओफीर बारी बारी जानेकी जरुरत नहीं हैं फीर महेशभाइ ओरउधर दुसयंत सभी सम्हाल लेगा
मे : हांसखी अबयही होगाअब जानां पडेतो मे ओर नेनु याँ तुम् हि जायेगे
माया : नेनुदीभी चार पांच महीनाही आँ पायेगी फीर तौ मुजेही आनां पडेगा इसलीये मे इसबार नहीं आरहीहुं चार महीने आप् नेनुदीके संग घुमलो फीर मेतो हुही हैं.हैं.हैं।
सभी बाते करतेरहे ओर७.३० बजगये तब दिवानजी सबको डीनरके लीये बुलाने आगये तौ सभी फ्रेस होनेचले गयेतब दिवानजी मुजसे नजरे चुराने लगे तौ मे समज गयाकी उसने मुजेदेख लीया हैं तब मेंभी फ्रेस होके आगयाओर सभी डीनर करनेबेठ गयेओर सभी दासीया परोसने लगीओर हम् खानेलगे
तब सुलक्षणादेवी ओर मंजरीदेवी दोनोही आपसमे बाते करतेबार बार मेरीओर देखकर नजर मीलतेही मुस्करादेती थि फीर हमने डीनर फीनीस कीयाओर सभी बहार जानेलगे तौ मे भि सुनीलके संग चलनेलगा तब सुनीलने कहा
सुनील : अबकरण ओर दुसयंतको केहकर सभी प्रोडक्शन चालु करवादो, ओर आप् सभी आतेही इधर फेक्टरीकाभी मुहुर्त करदो ताकीकाम सुरु होजाये, तब तक मेभी मंदिरका कामदेख लुगा
मे : बंगलेका काम सुरु होगया?
सुनील : २६ व्यक्ति कामपे लगा दीया हैं आपने उसकोसभी बील्डींगके कामकी बातकी तोँ बंगला जल्दखतम करना चाहता हैं, उसकेपास बहोत बडीटीम हैं मंदिरमेभी १२५ व्यक्ति कामपे लगाये हैं मुजे लगताहें समयसे पहेले वोँ कामखतम कर देगा
मे : कीतना काम बाकी हैं सभी बील्डींगसे पहेले मे फेक्टरी खतम करना चाहता हुं वोँ बहोत जरुरी हैं क्युकी सभी मशीनकी अेसेम्बली इधरही करनी पडेगी
सुनील : सहीहें मे उसेबोल दुगा पहेले फेक्टरीका काम सुरु करदेओर उसमेतो टाइमभी नहीं लगेगा तोँ फटाफट होँ जायेगा वेसे आपके आइसक्रिम केँ प्रोजेक्टका क्याँ हुआ?
मे : वोँ सभी सुरु होगया हैं वहा बबलु बहोत फास्ट कामकर रहा हैं बबलु हेतो उसकी चीन्ता नहीं हैं वोँ बहोत पहोची हुइ माया हैं बहोत होनहार लडकामील गय़ा हैं
फीर हम् बेठगये तब मनीषा ओर माधवी दोनो उसकी मम्मीके पास बेठी थि साथमें दादीभी थि तौ दादीने मुजे बुलाया तोँ मे मंजरीदेवीके पास जाकेबेठ गय़ा
दादीमा : बीटु तुम् सभी वापसआओ तब मे तुम् सबकी सादीकर देना चाहती हुंअेक हप्तेके बादकी मेरी टीकीटभी आगइ हैं फीर तेरेसंग चली आउगी वरना वोँ मुजेवही रोक लेगे तौ तुम् सभीइधर जल्द वापस आजाना
मे : जी दादीमा मे सीर्फ पुनाओर राजकोटही जारहा हुंओर बाकीसभी अहेमदाबाद सें सीधे राजकोट जायेगे फीरसभी साथमें आजायेगे
दादीमा : ओरइधर सभी बील्डींगका कामभी सुरु करवादे सभी मुहुर्त तुम् सभी करलेना मेरा वेइट करनेकी जरुरत नहीं हैं इसके लीयेसभी मेने नेनु बेटी ओर मीराको सोप दीया हैं
मे : ठीक हैं दादीमा हम् सादी सादाइसे करेगे सीर्फ फेमीली मेम्बर ओरकोइ नहीं येलोग जीसको बुलाना चाहे बुला सकते हैं
दादीमा : सुलक्षणा ओर मजंरीभी वहीकेह रहीहें वोभी दोनोयही चाहती हैं मेरीयह दोनोसे सभीबात होगइ हैं
तब मनीषा ओर माधवी सरमाते सभी बातेसुन रही थि फीर दोनो उठके नेनुओर मायाके संग जाकेबेठ गइ हमसब थोडीदुर बेठे थें तब सुलक्षणादेवी दादीसे बाते करनेलगी तब मंजरीदेवी सरकके मेरेपास आगइओर मुजसे बाते करनेलगी
मंजरीदेवी : (धीरेसे) हातो जमाइजी अबतो मनुके संग मुजेभी आपको जेलना पडेगा आपने मेरी जीम्वेवारीजो लीहे, कोइ अेतराजतो नहीं हेना हैं.हैं.हैं।
मे : क्याँ मम्मीजी मुजे केसा अेतराज आप् मेरीभी तोँ माँ होँ
मंजरीदेवी : ठीकहे तोँ फीर मुजेभी आपका नंबर देदो येलो मेरा मोबाइल इसमेभी जमाइके नामसे सेव करदो
मे : (चोंकके) जी आपको केसे पता.ओर यह नंबर।
मंजरीदेवी : (हसकर) गभराये नहीं आपकी जानकारीके लीये बतादु मे ओर सुलक्षणा अच्छी सहेलीभी हैं हम् अेक दुसरेसे कभी अपनीबात नहीं छीपाते मेनेही उसे आपसेबात करनेको कहाथा आप् नीस्चीत रहीये हमारी बात सीर्फ हम् तीनोके बीचही रहेगी आप् मे ओर सुलक्षणा मुजेकही घुमानेकी जरुरत नहीं हैं क्युकी मेतो आपके साथही रहेने आरहीहुं हैं.हैं.हैं।
मे : बडीपकी सहेली हैं आपकीसभी कुछबता दीया आपको
मंजरीदेवी : जी क्युकी दोनो अेकही आदमीकी सीकार हैं तबसेपकी सहेली बनगइ हैं बोलोओर कुछ जानना हैं
मे : नहीं जानना ( कहेकर मेने उसके मोबाइलमें मेरा नंबरसेव करके मेरे फोनमें मीसकोल करदीया ओरउसे मोबाइल वापस देदीया) लीजीये आपका मोबाइल
मंजरीदेवी : वेसे दोनो कीधर घुमने जानेवाले हौ?
मे : उसके बेटेके पास जानाथा अेहमदाबाद तौ हमारे संग आनेको कहाथा ओरकुछ नहीं
मंजरीदेवी : माफ करना मे आपकोगलत समजतीथी पर्र मे गलत थि, उसदीन आपको कीतनी आवाजे दि फीरभी आप् चले क्युगये क्याँ मुजसे कोइ गलती होगइ थि?
मे : नहीं मम्मीजी कुछ नहीं मुजेलगा आप् मुजेगलत समजरही हैं इसलीये चला गय़ा
मंजरीदेवी : आइअेम सोरी, मुजेमाफ करदोउस दीन वाकइमें आपकोगलत समजी थि
मे : खैर छोडीये यहसभी बाते अबतो आपको तसली होगइ कि ओरभी साबीती देनी पडेगी
मंजरीदेवी : (हसके सरमाते) साबीती तोँ देनी पडेगी पऱ हमारे घऱआके, इधर नहीं मे आपकोकोल कर दुगीतब आके साबीत करजानाकी आप् हमारे जमाइ बननेके काबील होकी नहीं, आपको बुरातो नहींलगा?
मे : जी नहीं मेरी मनुके लीये मे कोइभी साबीती देनके लीये रेडीहुं बोलोकब आनां हैं
मंजरीदेवी : (हसके मेरी आंखोमें देखते) मे कोल करुगी, इन्तजार कीजीये हैं.हैं.हैं।
दादीमा : सासु जमाइ कबसे क्याँ बातेकर रहे होँ हमेभी बताओकुछ प्लानींगतो नहीं हैं
मंजरीदेवी : जी नहीं, यह मुजे अपने होटेलके बीजनेसके बारेमें बतारहे थें
दादीमा : अरेहां मंजु तेरा जमाइ इधरभी अेकबडा होटेल बनारहा हैं तुजे बतायाकी नहीं?
मे : बस दादीमा वोहीबता रहाथाकी बीचमें आपने रोकलीया, बोलो दोनोने क्याँ तैय कीया
दादीमा : कुछ नहींसभी तैयहे उनके मुताबीकही सभी होगाओर मंजरी तुजेभी कुछ करनेकी जरुरत नहीं हैं सभी इन्तजाम इधर होजायेगा मे सुलक्षणाकोभी यहीकेह रही थि
मंजरीदेवी : जी लेकीन कुछतो मुजे करने दीजीये
दादीमा : अरे सुना नहींकुछ नहीं करना वरना तेरा जमाइ देखा हैं हम् तीनोको कच्चा खा जायेगा हैं.हैं.हैं.ओर सुन सुलक्षणा तुभी।
कहेके दादीमा फीरसे सुलक्षणादेवीसे बाते करनेलगी तब मेने मंजरीदेवीसे कहा
मे : (धीरेसे) आपने दादीसे जुठ क्यु बोला मे कहा होटेलका बोला
मंजरीदेवी : (सरमाके हसते) तोँ क्याँ कहेती, येतो नहींकेह सकतीकी आपके पोतेको मे अकेली मीलना चाहती हुं मुजेकुछ साबीती चाहीये हैं.हैं.हैं।
मे : (हसके) आप् मुजे केसी साबाती चाहती हैं जौ उसमें हम् दोनोको अकेला मीलना पडे
मंजरीदेवी : (सरमाके) मुजे नहींपता, जेसेकी आप् कुछ समजतेही नहीं हौ (सरमाइ)
मे : समज गय़ा, अबतो मेभी जल्द आपको साबीती देना चाहता हुं ताकी मेरी सासुमाको तसली होजाये जमाइ इसकी बेटीके काबीलहेकी नहीं, ठीकहे बेटीसे पहेले आप् टेस्ट करलो
मंजरीदेवी : (सरमाते हसते) मुजे लगताहे अब आप् पुरी तराहसमज गये हैं मे मोबाइल करुगी
कहेके वोँ अंदर जानेलगी तब सुलक्षणादेवीभी उसके पीछेचली गइतब दादीने कहा
दादीमा : (धीरेसे) बीटु तुने अेसा क्याँ केहदीयाकी सीधी बाथरुममें भागगइ हैं.हैं.हैं., सम्हालना दोनो बहोत कमीनी हैं पुजे पताहें दोनो आपसमेही सुरु होजाती हैं इस लीयेतो दोनोसंग गइ हैं.हैं.हैं।
मे : दादीमा आपकोसभी पता हैं? कमीनी बहोत गर्म करकेगइ मुजे, दादीमा आप् सजधजकर रहेना मुजे मेरी पुरानी बीवीसे प्रेम करना हैं वोभीदो बार
दादीमा : (धीरसे कानमें) बीटु मुजेभी करनाहे पर्र अेकबार मेहीतु मुजेथका देता हैं तोँ दोबार कहासे जेल पाउगी ठीकहे तुआजा फीर देखते हैं
मे : दादीमा कास आप् देरसे पेदा होतीतो मे सचमें आपसे सादी करलेता आप् अभीभी होटहो
दादीमा : (हसते) बीलकुल पागल, क्याँ सचमें मे तुजे इतनी अच्छी लगतीहुं?
मे : हां दादीमा मे सचकेह रहाहुं आप् मीरा याँ मायाकी उमरकी होती तोभी आपको मे भगाके लेजाता ओर आपसे सादीकर लेता
दादीमा : बीटु मुजेपता हैं इसी लीये मेनेअेक प्लान कीया हैं जौ तुजे बादमें बताउगी
तब मंजरीदेवी सुलक्षणादेवी माधवी मनीषा सभी बहारआगइ ओर दादीसे जानेकी इजाजत मांगी तब दादीने सबको छोडनेके लीये गाडीकी व्यवस्था करदीतब मनीषाने कहा
मनीषा : दादीमा आपका पोता हमेछोड जायेगा नेनुदीभी संग आरही हैं
दादीमा : ठीक हैं फीर जल्द वापस आजाना जा बीटु तेरी दोनो सासको छोडके आजा
फीर मेंने बडी वाहन लेलीओर उसमें सभीबेठ गयेओर चलपडे दोनोअगल बगलमेही रहेतेथे तौ मे गाड़ी मनीषाके घरपेखडी करदी पहेले हम् मनीषाके घऱगये सुलक्षणादेवी ओर माधवीभी साथमें थि फीर हमनेवहा चाइ पीयाफीर सभी माधवीके घऱचले गयेतब दादाजी अभि नहीं आयेथे उसकाघऱ बहोत बडाथा तोँ माधवी नेनुओर मनुको लेके उसकाघऱ दीखाने चलीगइ मंजरीदेवी इधर नहींआइ थि तब सुलक्षणादेवी मेरेपास आगइओर कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : आपकोघऱ नहीं देख्ना क्याँ? कोइबात नहीं बादमें मे आपको दीखा दुगी
मे : इसीलीयेतो नहीं गयामे, क्युकी आपके साथमें इस घरकाअेक अेकरूम देख्ना चाहता हुं देखायेगीनां मुजे?
सुलक्षणादेवी : (सरमाके हसते)जी जरुर दीखाउगी, वेसे आप् बहोत नोटीहो हैं.हैं.हैं।
तब माधु नेनुओर मनु उपरकी ओर सीडीसे जानेलगी तब सुलक्षणादेवी मुजेहाथ पकडकें नीचेके अेक कमरेमे लेगइओर मुजसे बाहोमें भरके मुजे पागलकी तराह चुमने लगीतब मेने उसकेहोठ पऱ अपनाहोठ रखके चुसने लगा तोँ वोँ आंखबंध करके मदहोइ होनेलगी ओर मेने उसके बुब्स मसल दीये तौ वोँ सीहरउठी
ओर सीत्कार करनेलगी फीर नीचेहाथ लेजाकर मेरा लन्ड पेन्टके उपरसेही पकडलीया ओर मसलने लगीओर मुजे अचानक छोड दीयाओर मेरी पेन्टकी ओरमुह ओर आंखे फाडके देखती रहीफीर हम् बहारआके बेठगये तब वोँ बहोत सरमारही थि फीर धीरेसे कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : कीतना बडाहे आपका आपकीसभी बीवीया केसे जेलती होगी आपको, बापरे मेरी हालतभी खराब होँ जायेगी तोँ आप् माधुकीतो फाडकेही रख देगे
मे : कुछ नहीं होतासभी बीवीया आदी होगइ हैं तोँ माधुभी होजायेगी ओर आपभी
सुलक्षणादेवी : बापरे उपर सेही गध्धे जेसालग रहा हैं दीखनेमे केसा होगा मुजे तोँ डरलगरहा हैं, मंजुकी भि हालत खराब होजायेगी बहोत फुदक रहीहें आपका लेनेके लीये
मे : मेने सुनाहे आप् दोनो लेसबीयन हौ आपकोसभी मंजरीदेवीने हि बताया हेना
सुलक्षणादेवी : हां उसीने बताया क्युकी हम् दोनो अेककी कस्तीमें सवारथी तबसेसंग हैं समजगये ओर अेकदुसरेकी प्यास हम् आपसमेही बुजालेती हैं पता नहीं आपको देखके हमे क्याँ होगया हैं हम् पर्र अपना कंटड्ढोलही नहीं करपाती हम् दोनोही आप् पर्र फीदा होगइ हैं
मे : ठीक हैं मे सादीके बाद आप् दोनोसे मीलुगा ओर दोनोकी आगको ठंडाकर दुगा
सुलक्षणादेवी : तबतो अच्छा हैं हम् दोनो इसके बीना बहोत तडपी हैं मे मंजुको केह दुगी
तब तीनो नीचेआगइ ओर हमारे संगबेठ गइतब माधुने सबके लीये ठंडा बनाया फीर मे ओर नेनु नीकलगये ओर सीधे महेल आगयेआये तबसभी अपनेरुम मे जा चुके थें तब नेनुभी मेरेसंग दादीके रुममें आगइओर मेने उसेभी दादीके पास बेठनेको कहा तौ दादीमा रजाइ डालके लेटी हुइ थि जब मेने उसके उपरसे रजाइ हटाइ तौ दादीमा पुरी नंगी थि ओर दादीमा रजाइ हटतेही सरमाके हसनेलगी ओर अपनीचुत हाथोसे ढकनेलगी
नेनु : (हसकर) दादीमा सभी क्याँ हैं, आपो पहेलेसेही सजधजकर हैं हैं.हैं.हैं।
दादीमा : बेटी उन दोनो कमीनीओने अपनी बातोसे मुजे बहोत गर्मकर दीयाथा तोमें तैयार होके लेटगइ ताकी आप् सबका वक्त नाबीगडे मेरी वजहसे आप् सबको तकलीफ होती हैं
मे : आप् फीकरमत करो इसलीयेतो सीधे नेनुको इधर लायाहुं ताकी उसको लगेकी हम् अभीभी बहारसे नहींआये हे
फीर मे कपडे नीकालके दादीके पेरके बीच आगयाओर लन्ड सेट करके दादीको जोरोसे पेलने लगा तोँ दादीमा मदहोस होके पेलवाने लगीतब नेनुभी गर्म होकरचुत सहेलाने लगी दादीको दोबार जडाके उसकी चुतमें खाली होगया ओर उसकेउपर लेटारहा
दादीमा : बीटुआज बहोत आनंद आगयाबस अेसेही करतारहे
फीर थोडीदेर बाद मे ओर दादीमा वापस सुरु होगये इसबार जोरोसे धका मारते दादीको पेल रहाथा तोँ दादीको दर्द होनेलगी फीरभी वोँ मेरासंग देतीरही फीर दोनो साथमें जडगये तब दादीमा थककर पसीनेसे भीगगइ थि फीर दोनो नहाके बहार आगयेओर नेनुने दादीको सुला दीयाफीर मे ओर नेनु अपने रुममें आगयेतब सभीहसी मजाक करते बातेकर रहीथी सभी धाराकी टांगे खीचरही थि
फीर हम् गये तौ सभी हसनेलगी फीर मायाने मेरेओर नेनुके पासआके कहा
माया : नेनुदी आज दीनभी अच्छा हैं ओर नक्षत्रभी अच्छा हैं तौ क्युना आज अंजुदीकी बारी लेले, उसकी भि बडी तमना हेतोसभी होजायेगा सबकोआज अनुभुतीभी करनी हैं
नेनु : क्याँ कहेते होँ जानु आप् तैयार हौ?
मे : हां नेनुआज मेरी अंजु मेरेसंग सोयेगी सबको बोलोसभी नहाके आजाये बीना कपडेके बहारआके सोना हैं
तबसभी खुस होगइओर दोदो करकेसभी नहाने लगीओर बहारआने लगीतब मायाओर नेनुजसु चलीगइ ओर वोभी नहाके बहारआगइ तब मे अंजुको लेकर अंदरचला गय़ा ओर दोनो नहाने लगेतब मेने अंजुसे पुछा
मे : अंजुतु तैयार हेनाआज पुरीरात तेरेसंग रहुगा ओरआज हम् दोनोके बीजमील जायेगे
अंजु : जानुइस पलके लीये तोमें तरसरही हुं, आज होजानेदो दोनोका मीलन मे इसके लीये तैयार हुंआज पुरीरात मे आपकी रानी बनके आपकेसंग घुमना चाहती हुं
फीर मे अंजुको गोदमें उठाके बेड पर्र आगयातब मायाने सबको सुला दीया थां ओररूम लाइटसभी बंध करके वोभी नेनुके संगलेट गइआज अंजुने अपनेबाल खुले छोडके रखेथे ओर मे अंजुके उपर आगयातब सभी प्रार्थना करनेलगी ओर कमरेका पुरा वातावरण चेन्ज होनेलगा
पुरे कमरेमे अेक सुगंध आनेलगी ओरसभी मदहोस होनेलगी तब मेने अंजुके होठ पर्र होठरख दीयेओर दोनोअेक दुसरे सें रसपान करनेलगे तब अंजुने पार्थना सुरु करदीओर मदहोस होनेलगी तब मे उसके बुब्स चुमरहा थां ओर अंजु मेरासर सहेलाते कहेने लगी
अंजु : मेरे सरताज, हे मेरे परमात्मा आज हमारे बीजका मीलन करवादो ओर डालदो अपनाबीज मेरे गर्भमें मुजेभी नेनुकी तराह प्रेगनेन्ट करदो मे आपको पुरी समर्पीत होतीहुं आज मीटादो मेरी हस्ती ओर दोनोकी आत्मा अेक करदो समालो मुजे आपके अंदरआज यह अंजु आपके अंदर वीलीन होजाना चाहती हे
कहेके उसने मेरा लन्ड पकड लीयाओर अपनी गीली चुतमें प्रवेस करा दीयातब मेरी आंखेओर अंजुकी आंखेबंध होनेलगी मानो धीरे-धीरे धीरे-धीरे म्यूज़िक बजनेलगा हौ तब मेरीसभी बीवीओ आंखबंध करकेकमर हिलाने लगीओर सबके चहेरे खीलउठे मानो मेही उसकेसंग संभोग कररहा हुं
अंजुभी चरम सुखकी ओर बढनेलगी ओर हल्का हल्का मुस्कराने लगीओर उसने मुजे कसके बाहोमें पकड लीयातब मेरीकमर जटका मारने लगीओर अचानक हम् सभी स्वप्नकी दुनीयामे चलेगये आज अंजु मुजेहाथ पकडके उडनेलगी ओर मेरीसभी बीवीओने अेक दुसरेका हाथ पकडके लास्टमे नेनुओर मायाने मेराहाथ पकड लीया
ओरसभी हवामे गोते मारने लगीतब यहा मेरीओर अंजुकी कमर पुरी तालमेलमें स्पीडसे उछल रहीथी ओर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ थि मेरीसभी बीवीयाभी जोरोसे कमर हीला रहीथी तब दादीके रुम मे दादीभी मुस्कराती हुइ अपनीकमर उछाल रहीथी ओरवही हाल ताराओर सारीकाका थां
इधर हम् सभी हवासे सीधे सागरकी गहेराइओमे चलेगये ओर अंदर गोते मारने लगेतब नेनु सबकाहाथ पकडकर उपर लेआइ थोडीदेर बाद अंजु फीरसे सबको गहेराइमें लेगइओर सभी उछलके गोते मारने लगीओर सभी जडनेलगी तभी माया सबको लेके उडनेलगी ओर सबको स्वर्गकी ओर लेजाने लगी
तब अचानक सभी परीया घेरा बनाके खडी होगइतब नेनुओर माया दोनोअेक जोपडीमें चलीगइ ओर थोडीदेर बाद दोनोकी गोदमें अेकअेक बच्चा थां जोँ हाथमें छोटीछडी लेकेखेल रहाथा तबअेक आधेड परीने अंजुका हाथ पकडके सबकेबीच खडाकर दीयातब पहेले नेनुओर बादमें मायाने वोँ बच्चा अंजुके गर्भमे रख दीया
तबसभी हर्षोउलास करते नाचने लगीफीर मायाने सबकाहाथ पकड लीयाओर सबको लेके उडनेलगी ओर धरतीकी ओरआने लगीइधर नीचे हमारे कमरेमें अभीभी सभी अपनीकमर उछालके बारबार चरमसुख पा रहीथी ओर मे ओर अंजु अभीभी तालमेलमें कमर उछालके चुदाइ कररहे थें तब नेनुओर मायाकी आंखखुल गइ
ओर दोनोकमर उछालते रुकगइ ओरआजु बाजुसभी देखने लगीतो सभी अपनीकमर उछालरही थि ओर सबके पेरके बीच कामरस बहेता जा रहाथा तब मायाने सबको जगाया ओर हमारी ओर इसारा करके सबको दीखाने लगी तौ सभीबेठ गइओरहमे देखने लगी तोमें ओर अंजु अभीभी स्पीडसे तालमेलके संगकमर हीलाके चुदाइ कर रहेथे
तबसभी देखती हि रही हम् दोनोकी आंखेबंध थि ओर अंजु अभीभी मुस्कराये जारही थि तब५बज चुके थें ओर मायाने प्रार्थनाकी तब जाके हम् दोनो सांत हुअे सबसे पहेले अंजुजाग गइ तौ मे उसकेउपर उसकी चुतमें लन्ड डालकर लेटा थां ओरवोे मेरे सरको सहेलाने लगीओर कहा
अंजु : मेरे प्राणनाथ उठो सुभह होगइ हैं, जानु उठना नहींहे क्याँ?
तब मेनेआंख खोली तोँ मे अंजुके उपर लेटा थां तबआंख खोलतेही अंजुके होंठ चुमने लगातो वोभी मेरासंग देनेलगी तबसभी हमेही देखेजा रहीथी तब मेनेकहा
मे : मेरी प्रीय प्राणेशरी आज तेरे अंदर मेरादो बीज स्थापीत हौ चुकाहे तु पुरेनौ महीने बादअेक राजकुमार ओरअेक राजकुमारीको जन्म देगी
कहेके मे फीर अंजुके उपरलेट गय़ा तब अंजुभी मुस्कराने लगीओर मेरासर सहेलाने लगीतब उसका ध्यान सबकीओर गय़ा तोँ वोँ सरमाके हसनेलगी तब मायाने मुजे जगाया तोँ मे उठकेबेठ गय़ा तब अंजुकी चुतसे ढेर साराकाम रस बहेने लगातब नेनुने उसे लेटे रहेनेको कहाजब बहेना बंधहुआ तोँ मे अंजुको उठाके बाथरुम मे लेगया ओर दोनो नहाने लगेतब मे अंजुको प्रेम करनेलगा
ओर अंजुभी मेरासंग देनेलगी ओर दोनोखडे खडेही सुरु होगये अंजुभी अपने दोनोहाथ मेरी गरदनमे डालके नसीली आंखसे मुजे देखते हुअेखडे खडेही चुदवा रही थि जब दोनो साथमें जडगये तब नहाके बहार आगयेओर अंजुको नंगेही बाहोमें लेकेखडा रहातब नेनु सोनुदो दो करकेसभी नहाने जानेलगी सबनेनहा लीयातब तक मे ओर अंजुअेक दुसरेकी बाहोम खडेरहे तब नेनुने कहा
नेनु : जानुअब दोनो रेडी होजाओ सभी नहाके सजधजकर होचुकी हैं
अंजु : नेनु इनकी बाहीमें रहेने दोना कीतना सुकुन मीलता हैं आज मेने परमात्माको पालीया हैं यही मेरे ईश्वर हैं ओरयही मेरा इेशर हैं ओर तुम् सभी देवीहो मेने सबकोदेख लीया हैं
माया : बस अंजुदी अब आप् स्वप्नसे बहार आइअे नेनुदी आप् उसे फीरसे नहेलादो
तब नेनु अंजुका हाथ पकडकर नहाने लेगइओर मे सजधजकर होनेलगा तब अंजुभी नहाके बहारआइ ओर सजधजकर होनेलगी तब वोँ बहोत सरमा रहीथी फीर मेने सबकी मांग भरदीओर सभी मेरेपेर छुके बहार जानेलगी तब अंजु मेरे पैरमें सर रखकरपेर छुनेलगी ओर मेनेउसे खडा करदीया ओर बाहोमें भरलीया तब उसनेकहा
अंजु : जानुयह केसी अनुभुती थि? मुजेतो आपने धन्यकर दीया मुजे मेरा प्रमात्मासे मीला दीयाकोन होँ आप् मुजे बताइअे
मे : बस अंजुचल सभी हमारा वेइट करते हैं मे तेरेसंग हुनां चल
कहेके मे अंजुकी कमरको पकडकर चलते बहार लेगया तब नेनु जटसे दादीके रुम मे चलीगइ तौ दादीमा स्वयं चदर चेन्ज कर रहीथी नेनुको देखतेही राहतकी सासू लीफीर नेनुने चदर चेन्ज करलीओर दादीको नहाने भेज दीयाजब नहाके बहार आइतो दादीमा कहेने लगी
दादीमा : नेनुयह केसी अनुभुती सारीरात तेरापती मुजे प्रेम करतारहा वोँ तुम् सबकेसंग थाकी यहाथा मुजेतो कुछ समजमेही नहींआता मुजेतो अेसाही लगा कि सारीरात वोँ मेरी कुटाइ करतारहा
नेनु : दादीमा आज आपकीअेक ओर बहुको प्रेगनेन्ट करनेकी बारीथी तौ आज सबने अनुभुतीकी आपभी मायाकी सादीमें थीतो आपकोभी होती रहेगी, अच्छा हेना आपके भि मजेहे हैं.हैं.हैं।
दादीमा : भगवानकीभी केसी केसी लीला हैं, इस जमानेमेभी यहसभी होता हैं कोइ सोचभी नहीं सकता, पता नहींकोन हेयह जोभीओरत इसके संपर्कमें आतीहे इसके नीचे लेटे बगैर नहींरेह सकती चाहे मेरी जेसी बुढीही क्यु नाहो, हम् कीतनीभी कोसीस करलेअब इसे नहींरोक सकते, नेनुअब इसेसभी छुट देदे
नेनु : (हसकर) दादीमा हमनेतो कबसेछुट देरखी हैं जब हम् यहा आयेभी नहीं थें
दादीमा : क्याँ.? तब तोँ अब तक कोइ नहींबची होगी हैं.हैं.हैं.कही तारा सारीका कोभी इन्होनेतो नहीं पेटसे कीया? अबतो मुजेभी संका होनेलगी हैं
नेनु : दादीमा प्लीज आप् कीसीसे कहीगेगा नहीं, येबात सच हैं वे दोनोके पेटमेभी इन्हीका बच्चा समयरहा हैं, ओर आनेवाले दीनोमें वोभी आपकी बहुअे बन जायेगी, अच्छाहे अब आपकीउमर होँ गइहे वरना आपभी इसमें बाकात नहींरेह सकती, फीरभी खयाल रखीयेगा
दादीमा : (गंभीर होके)सही केह रहीहो नेनु, कुछ दीनोसे मुजेभी तीव्र ख़्वाहिश हौ रहीहें कि इनका बच्चा पेदा करुतो कीतना अच्छा हैं पता नहीं इनमे केसा आकर्सण हे हम् सभी इन्हे देखतेही पागल होने लगती हैं देखा नहींकल मंजुओर सुसी केसे इनसे बातेकर रही थि
नेनु : (हसकर) दादीमा अबहमे वोँ सभी नहीं सोचना चलीये सभी आपका वेइटकर रही हैं मुजे लगताहें वे दोनोभी नहीं बचेगी हैं.हैं.हैं।
दादीमा : हे ईश्वर, चलचल वरना मेरीसभी बहुअे मुजसे नाराज होगीकी इतनीदेर तक सोती हैं इनको क्याँ मालुम उसके पतीने मेरी हालत खराब करकेरखी हैं चल
कहेके नेनुओर दादीमा हसती हुइ बहारआगइ तोँ सभीखडी होकर इनकेपेर छुनेलगी मे अबभी अंजुको मेरे सीनेसे चीपकाके बेठा थां तब दादीमा हमारे पास आइतो अंजु तंद्रासे जागीओर दादीके पांव छुलीये तब मेभीखडा होगयातो दादीने मुजे सीनेसे लगा लीयाओर जोरोसे भीचलीया फीर हसनेलगी फीर दादीमा अंजुके पासबेठ गइओर उसके सरपेहाथ रखकर सहेलाने लगी
दादीमा : तुअब चीन्ता मत करनातु मेरीबहु नहीं मेरी बेटी हैं मेरे वारीसकी मम्मी हेतु
मे : दादीमा तेरीइस बहु मीराओर धाराकी माफीक दो वारीसको जन्म देने वाली हैं
दादीमा : हां मुजेपता हैं मेनही मायाओर नेनुको आपना वारीस सोप दीया थां जोँ उन दोनोने इसके गर्भमें स्थापीत कीया हैं, मेभी आप् सबकेसंग थि
अंजु : दादीमा आपका बेटा कोनहे पताहे आपको? वोँ मेरे परमात्मा हैं मेरा ईश्वर
दादीमा : सीर्फ तेराही नहीं हम् सबकाहे चलोअब नास्ता नहीं करना क्याँ (नेनुकी ओर देखकर) बेटी इसका खयाल रखनायह बहोत इमोस्नल हैं सभी कीतने बजे नीकलने वाले होँ
नेनु : दादीमा हम् लञ्च करके नीकल जायेगे २ बजेकी फ्लाइट हैं, क्याँ अंजुको इस हालतमे लेजाना उचीतहे?
अंजु : मुजे क्याँ हुआहें मे बीलकुल सहीहुं मे जानुके बगैरइधर नहींरेह सकती मुजे आनांहे
मे : ठीकहे बाबा आजाना बस, चलअब कुछ खाले
फीरसभी चाइ नास्ता करनेलगे तब मेने अंजुको खीलाया फीर मायाउसे लेकर अंदरचली गइतब सुनील ताराभाभी सारीकाभी आगइओर सभीचाइ नास्ता करनेलगी तब दादीमा उन दोनोके देखकर खुस होनेलगी ओरमंद मंद मुस्करा रही थि, फीर सबने नास्ता कर लीयातब दिवानजीभी आगये थें तब दादीने उसे गाडी नीकालनेको कहा तौ वोँ चलेगये
दादीमा : नेनुबेटा तुम् ओर मायाबहु चलो मुजेकुछ काम हैं हमे आश्रम जानां हे
फीर वोँ तीनो कारमें बेठ गयेतो दादीने सीधे आश्रमे जानेको कहाओर तीनो आश्रममें आगयेतब बाबा अकेले बेठे थें तीनो नें उसे दंडवत कीयाओर बेठगइ
दादीमा : बाबायह सभी केसी माया हैं, क्याँ जौ कुछ हौ रहा हैं वोँ सहीहे? कही हम् सभी पापतो नहींकर रहेकोन हे वोँ ओरकोन हे हम् मुजेतो कुछ समजमेही नहींआता
बाबा : (हसकर) अच्छा कीयाउसे संग नहीं लेँ आये वरमा मे उतर नहीं देपाता वोँ परमात्माका अेकअंस सिर्फ हैं जोँ जाग गय़ा हैं ओर तुम् सभीकोइ नाँ कोइ जन्ममे उसे जुडी हुइ हौ ओरहर जन्ममे कोइना कोइ रुपमें उनसे मीलती रहेती होँ तुमभी कइ जन्मोमे उनकी रानीरेह चुकीहो जोँ इस जन्ममे दादीमा बनकेआइ होँ फीरभी वोँ तुम्हे रानी बनाकेही रखेगा तुम् चाहोया नाँ चाहोओर अगले जन्ममे फीर उनकी रानी बनोगी सभीअेक चक्रहे
दादीमा : पीछले कइ दीनोसे सबको अनुभुती होती हैं वोँ सभी? जौ हम् देखते हेओर वोँ कहेता हैं सभीसच होजाता हैं
बाबा : पता हैं सभी, आजहीदो नये जीवनको जन्म दीयाहे उन्होने उसमें तुम् सभी सामीलथी ओर स्वयं तुमनेहीतो तुम्हारा अंसइन दोनोको सोपा हैं तौ क्यु परेसानहे जोँ होँ रहाहें होनेदे सभी प्रकृतीके हिसाबसे तौ चलरहा हैं तोँ क्यु बाधा डालती हैं वोँ जौ करता हैं करनेदे ओरकोइ पाप पुन्य नहीं होता, क्युकी उसका जिंदगी स्वयं उसके हाथमें हेही नहीं वोँ कोइ ओरहीचला रहा हैं, मेरे जिंदगी कालमेभी यहसभी नया हैं मुजेभी उनके माध्यमसे बहोत कुछ सीखनेको मीला हैं कभीकभी मुजेभी संदेह होताहे कि मे उनका गुरुहुं याँ वोँ मेरा गुरु हैं
माया : बाबा येतो कालका भि चक्रहे, हर जन्ममे गुरु शीष्य अेक दुसरे केँ पुरक बनतेआये हेकभी यह गुरु तोँ कभी शीष्य गुरु क्याँ यही जिंदगी हैं, बस आप् हमारे लीयेयही प्रार्थना कीजीयेकी अबहर जन्ममे वोँ हमे पतीके रुपमें मीलते रहेओर हम् उनकी पत्नि केँ रुपमें आतीरहे
बाबा : तथास्तु., बेटी अबवही होगाअब तु उनसेकभी नहीं बीछडेगी मेरा आशीर्वाद हैं
नेनु : बाबा उसने बहोत सारेकाम सुरु कीया हैं आशीर्वाद दीजीयेकी सभी पुरा होजाये
बाबा : तु उनकी चीन्ता मतकर उसका कामही पुरे प्रदेशको बदलके रख देगातु चीन्ता मतकर
दादीमा : बाबा हमारे लीये क्याँ आदेश हैं बस वोहीबता दीजीये
बाबा : कुज नहीं जौ हौ रहाहें होनेदो ओर तुम् सभीउसे खुसरखो ओर खुदभी खुसरहो आने वाले समयमें बहोत कुछनया होगाओर आपकीतो जींदगीही बदल जायेगी बसओरकुछ नहीं कहेना मुजे
फीर तीनो दंडवत करके बाबाको दक्षीणा देके नीकलगये, इधरजब वोँ गयेतब मे गार्डनमें चला गयाथा तबअेक मोबाइल आया देखातो मंजरीदेवीका फोनथा तौ मेने उठालीया ओर दोनो बाते करनेलगे
मे : हांजी सासुमा कहीये केसेयाद कीया
मंजरीदेवी : यादतो करना पडेगानां वरना आप् हमेभुल गयेतो? क्याँ कररहे हे आप्?
मे : कुछ नहीं अकेला घुमरहा हुं गार्डनमें, वेसे क्याँ कररही हैं मनु?
मंजरीदेवी : वोतो होटेल चलीगइ, मे अकेलीथी तौ सोचा आपसेबात करलु क्याँ आप् मुजे मीलने आसकते हैं? मनुतो सीधी सामकोही आयेगी ओर मे अकेलीही हुं
मे : ठीकहे अभि आताहुं वहाकोइ खतरातो नहीं क्युकी दीनमें गावमें आनां मुस्कील हैं
मंजरीदेवी : वोभीसही हैं लगताहें हमे मीलनके लीये दुसरा इन्तजाम करना पडेगा उधरभी सभी होते हेतो मे वहाभी नहीं आसकती ओर आपके होटेलमेभी मनु रहेती हैं
मे : अभि रहेने दीजीये सादीके बाद तौ आप् इधरही आरहीहे तौ हम् मील लेगे
मंजरीदेवी : चलोठीक हे दुसरा कोइ रास्ताभी नहीं हैं, बस आप् हमेभुल मत जानां चलो रखतीहुं फीरबात करेगे बाय।
कहेके मोबाइल काट दीयाओर सोचने लगाकी सबको क्याँ होजाता हैं कोइउमर तक नहीं देखती जीसे देखो मेरे नीचे लेटनाही चाहती हैं ओर मे अंदरआही रहाथा कि गार्डन मे पीछेअेक पंपकी रुमथी वहासे मुजे दिवानजी ओर कजरी अपने आपकोसही करते बहार नीकलते नजरआये
ओर जेसेही दिवानजीकी नजर मुजपे गइ तोँ उसके होंसही उडगये ओर कजरी नीचेमुह करके अंदरभाग गइतब दिवानजी मेरेपास आके मेरे पैरमें गीरकर माफी मागने लगेतब मेनेउसे अपनेपास बेंचपे बीठाया ओर वोँ मुजसे हाथ जोडके गीडगीडाते कहेने लगे
दिवानजी : माफ करदो बेटा तुमतो समजतेहोना कि मे इतनेसाल अपनी बीवीसे दुररहा तोँ मेरी क्याँ हालत हुइ होगी तौ मेने कजरीसे छुपकेसे सादी करलीहे ओर हम् दोनोयहा संग हेतो मीलते रहेते हैं आप् कीसीको मत कहेना वरना मे कीसीको मुह दीखाने काबील नहीं रहुगा
मे : दादाजी आप् गभराये नहीं मे कीसीको कुछ नहीं कहेने वाला मेभी आपकी स्थीती समजता हुंओर मुजेसभी मालुम हेकी आप् दोनोकी अेक संतानभी हैं जोँ हमारे महेलमेही काम करती हैं तोँ आप् परेसान नाहो मेरीभी कीतनी रानीया हैं ओर होने वाली हैं
दिवानजी : आपतो राजा हैं आपकी होसकती हैं हमतो नोकरहें हमेसभी शोभा नहीं देता
मे : छोडीये सभी बाते मजबुरी आदमीको क्याँ क्याँ करवाती हैं मे जानता हुं आप् नीस्चीन्त रहीये यहराज सीर्फ मुज तक सीमीत रहेगा ओर आप् कजरीभाभीसे मीलभी सकते हैं बस सबसे सम्हालके मीलना क्युकी आपने उससे सादी कीहें आप् ओर कीसीके सामने देखते तक नहीं हैं वोभी मे जानता हुं इसीलीये मे कुछ नहीं बोला दादाजी सबको अपनी जींदगी अपनी तरीकेसे जीनेका हकहे तोँ आप् नीस्चींत रहीये
दिवानजी : आपका बहोत बहोत शुक्रिया, बेटा आपको अेकबात ओर करनी थि आपकी सेक्रेटरीके लीये बहोत सारी अेप्लीकेशन आइ हैं क्याँ आप् देख्ना चाहेगे?
मे : नहीं दादाजी फीलहाल मुजेकोइ सेक्रेटरीकी जरुरत नहीं हैं आगे देखा जायेगा
दिवानजी : ठीक हैं मे ओफीसमें अभि मनाकर देताहुं अेकबार फीर आपका शक्रिया
फीर दिवानजी चले गयेतो मे हसनेलगा फीर मे अंदर आगया तौ मेरीसभी रानीया ताराओर सारीका बेठी थि सुनील बंगलो देखने गयाथा तौ मे सीधे फ्रेस होनेचला गय़ा दादीके रुम मे फ्रेस होके बहार आगयाओर सबकेसंग बेठ गय़ा
दिव्या : जानु आपने कृणाल भाइको मोबाइल करदीयाकी नहीं आपकोदो दीनमें तीनो जगाह मुहुर्त करना हैं धारादीने सभी पेपर तैयार कर दीये हैं ओर हमारे फार्मके पेपरभी सभी तैयार कर दीये हैं
मे : वोँ मे अभि मोबाइल कर देताहुं तुने प्लानका कामकहा पहोचाया कुछ कीयाकी नहीं
रीटा : जानु वोँ मेरेओर दिवुदीने ओल मोस्ट खतम करलीया हैं सीर्फ फेक्टरीके स्टाफ क्वाटर ओर ओफीसका कामही बाकी हैं बाकी स्कुल कोलेज होस्पीटल आइटीआइ सभी कंपलीट हैं
मे : अरेवाउ छोटी रानी तुतो मेरी सोनुकी तराहबडी फास्ट हैं सजधजकर रहीयो हम् आतेही सबका मुहुर्त करना चाहते हैं
दिव्या : सोनुकी चेली हेतो सोनुकी तराह फास्टतो होगीनां हैं.हैं.हैं।
सोनु : तौ तुम् क्यु जलती हैं चेलीहे तोँ हैं आजा रीटुइधर बेठ मेरेपास
तब रीटा हसते हुअे सोनुकी गोदमें बेठगइ तोँ सभी हसनेलगे तभी दादीमा नेनुओर मायाभी आगये तौ रीटा फटाकसे सोनुकी गोदसे उतरगइ तब दिवुने कहा
दिव्या : क्युरी बेठनां चीबावली उतर क्युगइ अब शर्मआती हे? हैं.हैं.हैं।
तब तक दादीमा माया नेनु हमारे संगआके बेठगये थें तब सोनुने वापस उसकाहाथ पकडकर गोदमें बीठा दीया तोँ दादीमा नेनु मायासभी हसनेलगे तब सबके लीये कजरीचाइ लेकेआइ ओर मेरे सामने देखकर हसनेलगी तौ मे समज गयाकी दादाने उसेसभी कुछबता दीया हैं फीरचाइ पीके अंजु नेनु सोनुजसु दिवु रीटासभी अपनी पंकींग करनेचली गइ
धारा मायाओर मीराआने वाली नहीथी तब मेने कृणालको मोबाइल करकेसभी बता दीयाकी मे सामको सीधे पुना आउगा नेनु दिवुसभी अहेमदाबाद जाने वाले थें फीर मेने नीरजकोभी मोबाइल करदीया तौ उसने बतायाकी वोभी दोनो पुना मुहुर्तमें आँ रहेहे वही मीलेगे तभी दादीमा माया धारासभी दादीके रुम मे उसे लेकरचली गइतब मे सारीका ओर ताराभाभी हि थें तब
सारीका : जानुयह आप् हमे केसी अनुभुती करवारहे हौ क्याँ सचमें आप् अपनी बीवीयोके संग होते होकी सबसे छुपके हमारे पास आजाते हौ
मे : नहीं मे मेरीसभी बीवीयीके पास हि होताहुं क्यु क्याँ हुआ?
तारा : कलतो सारीरात आप् हमारे साथही थें ओर हम् दोनोको पुरीरात सोने नहीं दीया दोनोको आप् सुभह तक ठोकते रहे हम् दोनोकी हालत खराब करदीओर हमारी चादरभी खराब करदीओर आप् कहेते हौ हमारे संग नहीथे
तब माया बहारआके हमारे संगबेठ गइओरआते टाइम उसने सुनलीयातो दोनोको सारीबात बतादी कि अनुभुती क्यु होती हैं ओर मायाने बातखतम करके मेरे कंधे पर्र सररख दीयातो मे उसकासर सहेलाने लगातब मायाने मेरे कानमें कहा
माया : सखा आपतोचले जाओगे फीर मेरा क्याँ होगा मुजेपता होताकी आप् अहेमदाबाद नहीं जारहे होँ तौ मेभी आपकेसंग चलती
मे : तौ अभि क्याँ बीगडाहे तुजा फटाफट अपनी पेकींग करले मेरेसंग पुनाचल
माया : क्याँ अब टीकीट मील जायेगी? मुजे आपकेसंग रहेना हैं
तब मेने दिवुको कहेकर टीकीटकी जानकारी मांगी तोँ दिवुने पाच मीनीके बाद मोबाइल करतीहुं कहेके मोबाइल काट दीयाफीर पांच मीनीटके बाद सीधी हमारे पासही आगइ तोँ मेनेसभी बतादीयाकी माया मेरेसंग आनां चाहती हैं फीर दिवुचली गइओर उसने टीकीट बुक करलीथी माया मुजेकीस करके पेकींग करनेदोड पडी तौ ताराओर सारीका हसनेलगी
सारीका : राज माया आपसे बहोत प्रेम करती हैं, इधर वोँ कीतनी खुसहें उधर हमनेकभी इतनीउछल कुद करते नहीं देखा बीलकुल छोटी बच्चीकी तराह होगइ हैं
तारा : अच्छा हुआ वोँ नरककी जींदगीसे नीकलगइ ओर भलाहो उस नंदाका जीसकी वजहसे मायाको नइ जींदगी मीलगइ हैं.हैं.हैं।
मे : इसलीये आपको कहेता थाकी जौ होरहा हैं होनेदो मुजेभी मेरी मायामील गइ
सारीका : आप् दोनोने कीस तरीकेसे कीया मुजेभी बताइअे कि दोदो बच्चे डालदीये
तारा : (हसकर) क्यु तुजेभी दो बच्चे चाहीये थां क्याँ? कहेतो अभीभी डलवादु हैं.हैं.हैं।
सारीका : अगर पहेले तरीका पता होता तौ जरुर डलवाती अबकुछ नहीं होसकता, कोइबात नहीं दुसरी बार मे वही टड्ढाइ करुगी आप् मुजेबता देना हैं.हैं.हैं।
तारा : (हसकर) कीतना बच्या पेदा करना हैं तुजे
सारीका : जीतना हमारे यहपती चाहेगा मे रेडीहुं इसके लीये हैं.हैं.हैं।
मे : अभि कुछ नहींअब जोभी होगा हमारी सादीके बादही होगा
तारा : बाबा हम् दोनोको कबसे वेईटकर रही हैं कब होगी हमारी सादी
मे : भाभी आपकोतो सभीकुछ पता हैं फीरभी क्यु पुछती हौ
तारा : आपसे सादीकी बात करतेही हमे बहोत कुछ होने लगता हैं इसलीये केहरही हुं
मे : क्यु अनुभुतीसे दील नहीं भरता
सारीका : ओ बापरे दोनो सारीरात ठुकती रहेती हैं बहोत मज़ा आताहें आप् हमेरोज अनुभुती करवाये
तब मुजे दादीने बुलाया तोँ मे उसके रुममें चला गय़ा तोँ वहा दादीके अलावा कोइ नहीं थां तब दरवाजा बंध करके उसकेपास चला गय़ा तोँ दादीमा मुजसे लीपटगइ ओर मेरे चहेरेपे पागलकी तराहकीस करनेलगी फीर सांत होके कहेने लगी
दादीमा : राजतु जारहा हे तोँ अेकबार अपनी केशरसे प्रेम नहीं करेगा? फीर तुमसे कुछ बातभी करनी हैं चलआजा मुजे बहोत ख़्वाहिश होरही हैं
फीर दादीमा लेटगइ ओर अपनी सारीकमर तक करदी देखातो उसकीचुत गीलीथी फीर क्याँ मेने लन्ड नीकालके उसकी चुतकी गहेराइओमें उतार दीयाओर उसे जोरोसे चोदने लगातब दादीभी सीसकारीया करनेलगी ओर नसीली आंखसे मुजे देखती रही दादीको धनाधन पेलने लगातब दादीको तीनबार जडा दीया
ओर दोनो साथमें जडगये दादीमा जीतनी बार जडती इतनीबार मुजे कसके बाहोमें भीच लेतीथी फीर दादीको बाथरुममें लेगया ओर वहाभी उसेखडे खडे चोदने लगा वहाभी दोनो साथमें जडगये तब दादीमा थक चुकीथी फीर दोनोसाफ होके बहार आगयेतब दादीने कहा
दादीमा : राज भलेही मे अेक हप्तेके लीयेजा रहीहुं पऱ वहा मे सीर्फ चार दीनही रुकने वालीहुं तुतीन दीन बादही नीकल जानां मेनेसभी अेरेन्ज करलीया हैं तुजब आयेगा तबअेक दीनवहा रुकके दोनो नीकल जायेगे ओर दुसरे शहेरमें हम् होटेल बुक करके दोनोतीन दीनउसी होटेलमें रहेगे समजलो वही हमारा हनीमुन हैं फीर दोनो वापसइधर आजायेगे
मे : दादीमा आपनेतो पुरी प्लानींग करकेरखी हैं हैं.हैं.हैं।
दादीमा : अेय.दादीमा नहीं केशर, मेभी तेरी पत्नि हुं समजेकास मेभी तेरा बच्चा पेदाकर सकती कीतनी मस्त चुदाइ करता हैं तुजी चाहता हैं बस तुजसे चुदवातीही रहु चलनाअेक बारओर होजाये फीरतु अेक हप्ते बादही हाथ आयेगा चल सुरु होजा
कहेके दादीमा घोडीबन गइफीर तौ क्याथा मे पीछेसे उसकीकमर पकडकर सुरु होगया ओर दादीकी हालत बीगाडदी तब दोनो साथमें जडके सांत हुअेओर मे हमारे रुममें नहाने चला गय़ा तब सबने पेकींग करलीया थां ओरसभी गपेमार रही थि फीर बहारआके रेडी होगया तब सोनुने कहा
सोनु : क्यु जानु अभि नहाने गयेथे कहा महेनत करकेआये हैं? हैं.हैं.हैं।
कहातो मेरीसभी बीवीया मेरे सामनें देखकर हसनेलगी तब मेने सोनुकी गरदन पकडीओर उसे पकडके बाथरुम मे लेगया ओर दरवाजा बंध करकेउसे घोडी बनाके धनाधन पेलने लगातब सोनुभी मदहोसहोके चुदवाने लगीजब लन्ड टेडा हीलाया तौ सोनु चीलाने लगी जोँ उसकी आवाज़ बहार तक आतीरही
फीर दोनो साथमें जडगये तब मेनेउसे गोदमें उठाके खडेखडे पेलने लगाओर सोनुको नीतंबसे पकडकर उछालने लगासभी सोनुभी जोरोसे अहहअहह करती चुदवाने लगी वोँ दोबार जडगइफीर दोनो साथमें जडगये ओर दोनो साथमें नहाके नंगेही बहार नीकले तब सोनु थोडा लंगडा रही थि फीरउसे गोदमें उठाके बहार लेआया ओर मेने कपडे चेन्ज कर लीयेओर सोनुबेट पऱ अेसेही नंगी लेटीरही ओर मेरीओर देखकर मुस्कराये जा रहीथी तब मेरीसभी बीवीया देख रहीथी
धारा : कमीनी तुजे कीसने कहाथा कि उसकी उंगली करोअब देख केसेपडी हैं
सोनु : चुपकर बंदरीया तु क्याँ जाने प्रेम क्याँ होता हैं आजतो इन्होने खुस करदीया अेक हप्तेका कोटा पुराकर दीया हाये.कीतना आनंदआया
अंजु : अब चुपभी कर क्यु सबको गर्मकर रही हैं वरना हमारी फ्लाइट छुट जायेगी चलोसभी लञ्च करलोअब हमे नीकलना हैं
तब सोनुभी उठगइओर सजधजकर होगइफीर सभी बहार आगये तबभी ताराओर सारीका होलमें बेठी थि फीर हम् लञ्च करनेबेठ गयेतब सुनीलभी आगयेओर वोभी खानां खानेबेठ गयेतब तक हमारी सभी कारे भि तैयार थि फीर लञ्च करकेसभी होलमें आगयेतब दिवानजीसे सभी सामान कारमें रखवादीया थां
फीर हम् सभी दादीमा केँ गले मीलने लगेतब दादीने मुजे जोरोसे भीचलीया फीर मे सुनील तारा सारीकाको गले मीलाफीर धाराओर मीराको गले मीलकर मेने दोनोके होंठ पर्र कीसभी करली तोँ दादीमा सरमागइ तब धाराओर मीराने मुजे जल्द आनेको कहाओर हम् सभी नीकलगये तब धारा दादीमा ओर मीराकी आंखेभी नम होगइ थि तब ताराभाभीको मेने सबका खयाल रखनेको कहा
ओर हम् नीकलगये अेरपोर्ट पहोचते हि सभी डड्ढाइवरने हमारा सामान रखवाया ओर वोँ चलेगये अहेमदाबाद तक हमारा प्लेन अेकही थां ओर हम् वही प्लेनमें सीधे पुने जाने वाले थें सभीबेठ गयेओर प्लेन टेक ओफभी होगया तब मेरेसंग नेनुओर जसु बेठी थि दिवु रीटा सोनु बेठी थि ओर साइडमें माया अंजुबेठ गइ
कन्टीन्यु.
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