INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स – New Episode
आज कि दोपहर मेरे लन्ड केँ लिए जितनी अच्छी गई थि साम उतनी हि बुरी साबित होँ रही थि एक् तौ कविता दिदी केँ संग मस्ती मे मेरे लन्ड कों वैसे हि बहोत परेशान किया थां उस पर्र प्रिया दिदी केँ रूम मे कीर्ति कि मौजूदगी नें औऱ बड़ा सदमादे दिया थां
प्रीति दिदी केँ रूम मे सोनेजा रहा हूं.
मे प्रीति दिदी केँ रूम मे आया वोँ सोरही थि मे उनके पिछेआकर लेट गय़ा औऱ सोने कि कोशिश करनेलगा मगर मेरा लन्ड हार्ड थां अब मे उसका क्याँ करता मेरे सामने प्रीति दिदी थि मगर मे उनकेसंग कोई रिस्क नहीं लेना चाहता थां क्योंकि एक् तौ वोँ उमर मे भि कम थि औऱ बहोत गुस्से वाली भि थि औऱ मुझे तोँ लगता थां कि उन्हे चुदाई उड़ाई केँ बारे मे कुच्छ मालूम भि नहीं थां फिन भि मे पिछे सें प्रीति दिदी सें सटकर सोनेलगा जिससे मेरा लन्ड प्रीति दिदी कि गान्ड सें सट गय़ा औऱ मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे नींद केँ आगोश मे डूब गय़ा
मेरीआँख लगे अभि कुच्छ हि वक्तहुआ थां कि अचानक किसी नें मुझे हिलाकर उठाया मैनेउठ कर देखा तौ प्रिया दिदी थि
प्रिया दिदी नें मुझे बाहर् आने कां इशारा किया औऱ चुपचाप रूम सें बाहर् चली गई मे भि धीरे-धीरे सें उठा औऱ रूम सें बाहर् आगया
"हां दिदी क्याँ बात हैं" मैने बाहर् आकर दिदी सें पुछा
"भइया मुझे नींद नहीं आरहि हैं औऱ तुम्हारे संग प्रेम करने कां बहोत दिलकर रहा हैं" प्रिया दिदी मेराहाथ पकड़कर बोलीं
"मगर दिदी करेंगे कहां कोई भि स्थान खाली नहीं हैं" मे बोला
"चलो बाहर् वाले बाथरूम मे चलते हैं" दिदी बोलीं औऱ वोँ मुझे अपनेसंग बाथरूम मे लेँ गई हम् बाथरूम केँ अंदर पहुचे तौ दिदी नें गैटलॉक कर लिया औऱ मुझेगले सें लगाकर किस करनेलगी मैने भि दिदी कि किस कां जवाब देना शुरुआत कर दिया
"भइया अधिकसमय नहीं हैं हमारे पासकिस विस्स फिनकभी कर लेंगे अभि असलीकाम करते हैं" दिदी मेरा लन्ड दबाते हुए बोलीं
"ठीक हैं दिदी जैसा आप् कहे" मे बोला
अब दिदी औऱ मैने जल्द सें अपने अपने कपड़े उतारदिए औऱ हम् दोनो हि नंगे एक् दूसरे केँ सामने खड़े थें
प्रिया दिदी नें अपनीपीठ मेरे सामने कर दि औऱ झुककर टाँगे खोल दि मैने भि देर नाँ करतेहुए अपना लन्ड पकड़कर प्रिया दिदी कि बुर पर्र रखा औऱ धक्का दिया मेरा लन्ड दिदी कि टाइट बुर कि दीवारो सें रगड़ते हुए उनकी गर्म औऱ गीली बुर मे घुस गय़ा
"भइयावहा सें भि पिछे सें करो जहाँ सें अभि कविता दिदी कों कररहे थें" प्रिया दिदी बोलीं शायद वोँ कविता दिदी केँ रूम मे हम् दोनो कों उस पोज़िशन मे देखकर यही समझी थि कि मे कविता दिदी कि गान्ड माररहा थां
"मगर दिदी उसमे तौ बहोत दर्द होता हैं पहलीबार मे" मे बोला
"क्याँ बड़ी दिदी कों भि हुआ थां क्याँ?" दिदी नें पुछा
"हां पहलीबार मे हुआ थां" मैनेसॉफ झूठ बोलामगर मे पहलेसुन चुका थां कि पहलीबार गान्ड मरवाने मे बहोत दर्द होता हैं
"औऱ अब भि होता हैं क्याँ" दिदी नें फिन पुछा
"नहींअब तोँ नहीं होताअब तौ वोँ मज़े सें करवाती हैं" दिदी कि गान्ड मारने केँ चक्कर मे मेरेझूठ बढ़ते हि जारहे थें
"तोँ ठीक हैं मुझे मंजूर हैं मगर आहिस्ता करना" दिदी बोलीं औऱ पास हि पड़ी अपनी चुनरी कों गोल करके अपनेमूह मे भर लिया मे समझ गय़ा कि दर्द कि वजह सें हंगामा नाँ होँ इसीलिए उन्होने ऐसा किया हैं
प्रिया दिदी कि बात सुनकर मे बहोत खुश हौ गय़ा थां सेक्स लाइफ स्टार्ट होने केँ पहले हि दिन मुझे दोपहर मे बुर औऱ रात मे गान्ड मारने कों मिलरही थि वोँ भि बिल्कुल कुवारि औऱ मुझे क्याँ चाहिए थां वैसे भि मे बता चुका थां कि मेरी तीनो हि बहनो मे सबसे सेक्सी फिगर प्रिया दिदी कां हि थां जिसमे प्लस पॉइंट उनकी गान्ड हि थि जिसे वोँ स्वयं आगे होकर मेरेलिए पेशकर रही थि तौ मे कोई पागल तौ थां नहीं हौ इतना सुनहरा मौका छोड़ता।.
अब मैने प्रिया दिदी कि बुर सें अपना लन्ड बाहर् निकाल लिया जोँ दिदी कि बुर केँ पानी सें बहोत गीला थां फिन मैने दिदी कि गान्ड खोली औऱ उस केँ छेद पर्र अपनी उंगली घुमाने लगा मेरेऐसा करने सें दिदी सिहरसो गई उसकी गान्ड कां छेद खुलने बंद होनेलगा
फिन मैने अपनी उंगली कों थूक सें गीला किया औऱ औऱ दिदी कि गंद मे घुसेड दिया दिदी अचानक हुएइस हमले सें चौंक गई औऱ दर्द सें कराहउठी
दिदी नें अपनी गान्ड टाइटकर ली औऱ बोलि "अहह.भइया आहिस्ता करो दर्द होता हैं"
दिदी कि बात सुनकर मे चुपरहा औऱ फिन आराम आहिस्ता उंगली अंदर बाहर् करनेलगा जब मेरी एक् उंगली आहिस्ता उनकी गान्ड मे जानेलगी तौ मैनेदो उंगलियो सें कोशिश करनी शुरुआत कर दि मे नहीं चाहता थां कि जब मेरा मोटा लन्ड दिदी कि गान्ड मे जाए तौ उन्हे ज्यादा दर्द होँ जब दोनो हि उंगलिया धीरे-धीरे इनआउट होनेलगी तौ मैने दिदी कि गान्ड कों अपनेथूक सें अच्छे सें गीलाकर दिया
"दिदी अब थोडा औऱ झुकजाओ औऱ अपनी गान्ड बाहर् कों निकाल लो" मे अपने लन्ड कों जोकि पहले सें हि दिदी केँ पानी सें गीला थां कों अपनेथूक सें औऱ गीला करतेहुए बोला
मेरीबात सुनकर दिदी चुपचाप सामने कां पाइप पकड़कर झुक गई औऱ अपनी गान्ड बाहर् कों निकाल दि तौ मैने अपना लन्ड पकड़कर दिदी कि गंद पऱ लगाया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे आयेज दबाव बनाने लगा मेरा लन्ड दिदी कि गंद कों चौड़ी करतेहुए आयेज बढ़ने लगा मुझे बहोत मजा आरहा थां जब लन्ड 1/4 अंदरघुस गय़ा तोँ दिदी नें मुझेरोक दिया
"भइया अभि रूको दर्द होँ रहा हैं" दिदी कराहती हुई बोलीं
दिदी कि बात सुनकर मे थोड़ी देररुक गय़ा तब मैने औऱ थूक निकाल कर दिदी कि गान्ड पऱ लगा दिया औऱ जितना लन्ड अंदर गय़ा थां उतनी हि स्थान मे आगे पिछे करनेलगा
मेरेऐसा करने सें दिदी भि अपनी गान्ड कों कभी टाइट तौ कभीलूस कररही थि जिससे इतनामजा आरहा थां कि बयान करना मुश्किल हैं
मे लन्ड आगे पिछे करने केँ संग थोडा थोडा आगे भि बढ़ारहा थां जिसवजह सें अब तक मेराआधे सें भि ज्यादा लन्ड दिदी कि गान्ड मे थां
मे बारबार दिदी कि गान्ड कों अपनेथूक सें चिकना कररहा थां औऱ अब तोँ मैने उनकीकमर पकड़कर ज़ोर केँ धक्के लगाने शुरुआत करदिए थें मेरा करीब-करीब पूरा हि लन्ड दिदी कि गान्ड मे थां औऱ अबइनआउट करने मे भि तकलीफ़ नहीं होँ रही थि अबशYआड दिदी कां भि दर्द ख़तम होँ गय़ा थां औऱ उसेमजा आरहा थां क्योंकि अब वोँ भि अपनी गान्ड आगे पिछे करके मेरासंग देरही थि औऱ मेरे धक्को कि स्पीड बढ़ती हि जारही थि
"भइया धीरे-धीरे करोयह मेरा पहलीबार हैं दर्द हौ रहा हैं, वैसे भइया दर्द तोँ कविता दिदी कों भि हुआ होगा नां औऱ तुम्हे दिदी केँ संग ज्यादा मजाआया याँ मेरेसंग ज्यादा मजा आरहा हैं" दिदी गान्ड मरवाते हुए बोलीं
अब मे उन्हे क्याँ बताता कि कविता दिदी केँ संग तोँ कभी किया हि नहीं हैं औऱ बेचारी प्रिया दिदी ग़लत फ़हमी मे हि आज अपनी दोनोसील मुझसे तुडवा चुकी थि
"दिदी कविता दिदी केँ संग भि बहोत मजाआया थां मगर आपकेसंग कुच्छ ज्यादा हि आरहा हैं" मे प्रिया दिदी कि चापलूसी करतेहुए बोला
उसकेबाद मैनेकोई 5 मिनिट औऱ धक्के लगाए औऱ मुझे लगनेलगा कि मे झड़ने वाला हूं तोँ मेरे धक्को कि स्पीड बढ़ गई औऱ लन्ड भि दिदी कि गान्ड मे पूरी गहराई तक उतररहा थां दिदी भि अपने एक् हाथ सें अपनी बुर सहलाते हुए अपनी गान्ड आगे पिछे करतेहुए मेरासंग देरही थि औऱ कुच्छ हि धक्को केँ बाद मैने दिदी कि गान्ड केँ गोदाम कों अपनेमाल सें भर दिया मेरे लन्ड केँ पानी कि अपनी गान्ड मे महसूस करके दिदी भि झड गई थि
"आहह-आहह।। भइया.आहह-आहह.मेरे अंदर सें कुच्छ निकलरहा हैं जैसा दोपहर मे निकला थां औऱ जब भि यह निकलता हैं मुझे बहोत मजाआता हैं सच भइया आहह-आहह। भइया तुम् बहोत अच्छे हौ मुझेऐसा मजा देने केँ लिए थॅंक्स भइया उम्म्म्मममममह.मजा आगया भइया" दिदी झड़ते हुए बोलि
फिनपता नहीं क्याँ हुआ कि प्रिया दिदी नें अपनेहाथ पिछे करके मुझे कुल्हो सें पकड़ा औऱ अपनी गान्ड तेज़ी सें आगे पिछे करनेलगी भले हि मेरा लन्ड झड गय़ा थां मगर अभि भि मुरझाया नहीं थां तौ वोँ भि सटासॅट दिदी कि गान्ड मे आगे पिछे होँ रहा थां
जब मेरा लन्ड ढीला होनेलगा तोँ दिदी नें उसे अपनी गान्ड सें निकाल दिया औऱ मुझे साइड पे कर केँ पेशाब करनेबैठ गई मे दिदी केँ सामने बैठ गय़ा औऱ उन्हे पेशाब करतेहुए देखने लगा पहले थोडा सां पेशाब उनकी बुर सें निकला औऱ फिन मेराकम उनकी गान्ड सें बाहर् आनेलगा
मैनेहाथ आगे करके दिदी कि गान्ड मे एक् उंगली डाली तौ वोँ आहिस्ता अंदर तक चली गई दिदी कों मजाआने लगाफिन दिदी नें ज़ोर लगाया तोँ उनकी बुर सें तेजधार मे पेशाब निकलने लगी मे मज़े सें देखता रहाफिन मैने अपनी उंगली दिदी कि गान्ड सें बाहर् निकाल ली तोँ मेरी सारीकम दिदी कि गान्ड सें बाहर् निकलकर फर्श पऱ गिरने लगी
मैने हॅंडशवर उठाकर दिदी कि बुर औऱ गान्ड कों अच्छे सें वॉश किया औऱ दिदी नें मेरे लन्ड कों फिन हमने कपड़े पहने औऱ पहले दिदी बाहर् निकली फिन मे भि बाथरूम सें बाहर् आगया.
मे बाथरूम सें निकलकर प्रीति दिदी केँ रूम मे आगया वोँ सोरही थि जिसवजह सें उनकी कुरती थोड़ी उपर होँ गई थि औऱ उनकापेट सॉफ नज़र आरहा थां मे फिन सें प्रीति दिदी केँ पिछे उनकीपीठ सें चिपककर लेट गय़ा औऱ उसकीकमर पर्र हल्के हल्के सें किस करनेलगा
फिन मैने धीरे-धीरे सें प्रीति दिदी कि सलवार थोड़ी नीचे कों तौ उनके भारी चूतड़ थोड़े थोड़े नज़रआने लगे तौ मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे आहिस्ता उन्हे किस करनेलगा
अब मैने अपना एक् हाथ सलवार केँ उपर सें हि प्रीति दिदी कि बुर पर्र रखा औऱ एक् उनके चिकने सपाटपेट पर्र रख दिया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे उन्हे सहलाने लगायूँ हि काफ़ी देर तक मे प्रीति दिदी केँ शरीर केँ संग खेलता रहाफिन मुझे नींद आँ गई औऱ मे सो गय़ा
आज कि dophar मेरे loda केँ liye jitni achhi gayi thi sham utni hi buri sabit hu rahi thi एक् too kavita didi केँ sath masti mai मेरे loda ko waise hi बहोत pareshan किया thaa us पऱ priya didi केँ kamara mai kirti कि maujudgi ne औऱ बड़ा sadma de दिया thaa
preeti didi ke kamara mein sonay ja raha hun.
mein priti didi केँ kamara mai आया woh so rahi thi mein unke pichhe aakar let गय़ा औऱ sone कि koshish karne laga मगर मेरा loda hard thaa अब mein उसका क्याँ krta मेरे samne priti didi thi मगर mein unke sath कोई risk नहि लेना chahta thaa kyunki एक् too woh umar mai bi कम thi औऱ बहोत gusse wali bi thi औऱ muze too lagta thaa कि unhe chudayi wudai केँ bare mai kuchh malum bi नहि thaa फिन bi mein pichhe सें priti didi सें sat krr sone laga jisse मेरा loda priti didi कि gaand सें sat गय़ा औऱ mein dhire dhire neend केँ aagosh mai dub गय़ा
मेरीआंख lage abi kuchh hi waqt हुआ thaa कि achanak kisi ne muze hila krr uthaia mene uthh krr देखा too priya didi thi
priya didi ne muze बाहर् aane kaa ishara किया औऱ chupchap kamara सें बाहर् chali gayi mein bi dhire सें utha औऱ kamara सें बाहर् aagaya
"ha didi क्याँ बात h" mene बाहर् aakar didi सें puchha
"bhay muze neend नहि aarahi h औऱ तुंहारे sath pyaar karne kaa बहोत dill ❤️ krr raha h" priya didi मेरा hath pakad krr boli
"मगर didi karenge kahan koy bi स्थान khali नहि h" mein बोला
"chalo बाहर् wale batroom mai chalte h" didi boli औऱ woh muze apne sath batroom mai le gayi हम् batroom केँ andar pahuche too didi ne gait lock krr लिया औऱ muze gale सें laga krr kiss karne lagi mene bi didi कि kiss kaa jawab देना shuru krr दिया
"bhay jyada waqt नहि h humare pas kiss wiss फिनकभी krr lenge abi asli काम karte h" didi मेरा loda dabate hue boli
"thik h didi jaisa ap kahe" mein बोला
अब didi औऱ mene juldi सें apne apne kapde utar diye औऱ हम् dono hi nange एक् doosre केँ samne khade the
priya didi ne apni pith मेरे samne krr di औऱ jhuk krr tange khol di mene bi der na karte hue अपना loda pakad krr priya didi कि choot पऱ rakkha औऱ dhakka दिया मेरा loda didi कि tight choot कि diwaro सें ragadte hue unki garam औऱ gili choot mai ghus गय़ा
"bhay वहा सें bi pichhe सें Karo jahan सें abi kavita didi ko krr rahe the" priya didi boli shaiad woh kavita didi केँ kamara mai हम् dono ko us position mai dekh krr yahi samjhi thi कि mein kavita didi कि gaand maar raha thaa
"halanki didi usme too बहोत durd hotha h pahli baar mai" mein बोला
"क्याँ badi didi ko bi हुआ thaa क्याँ?" didi ne puchha
"ha pahli baar mai हुआ thaa" mene saaf jhut बोलामगर mein pehle sun chuka thaa कि pahli baar gaand marwane mai बहोत durd hotha h
"औऱ अब bi hotha h क्याँ" didi ne फिन puchha
"नहि अब too नहि hotha अब too woh maje सें karwati h" didi कि gaand marne केँ chakkar mai मेरे jhut badhte hi jarahe the
"too thik h muze manjur h मगर aaram सें krna" didi boli औऱ pas hi padi apni chunri ko gol karke apne muh mai bhar लिया mein samajh गय़ा कि durd कि wajah सें shor na hu isiliye unhone aesa किया h
priya didi कि बात sunkar mein बहोत खुश hu गय़ा thaa sex life start hone केँ pehle hi दिन muze dophar mai choot औऱ rath mai gaand marne ko mil rahi thi woh bi bilkul kuwari औऱ muze क्याँ चाहिए thaa waise bi mein bata chuka thaa कि मेरे tino hi bahno mai sabse sexy figure priya didi kaa hi thaa jisme plus point unki gaand hi thi jise woh khud aage hokar मेरे liye pesh krr rahi thi too mein koy pagal too thaa नहि hu itna sunhara chance chhodta।.
अब mene priya didi कि choot सें अपना loda बाहर् nikal लिया joo didi कि choot केँ paani सें बहोत gila thaa फिन mene didi कि gaand kholi औऱ us केँ chhed पऱ apni ungli ghumane laga मेरे aesa karne सें didi sihar so gayi उसकी gaand kaa chhed khulne बंद hone laga
फिन mene apni ungli ko thuk सें gila किया औऱ औऱ didi कि gaand mai ghused दिया didi achanak hue iss hamle सें chaunk gayi औऱ durd सें karah uthhi
didi ne apni gaand tight krr li औऱ boli "aah.bhay aaram सें Karo durd hotha h"
didi कि बात sunkar mein khamosh raha औऱ फिन aaram aaram सें ungli andar बाहर् karne laga जब मेरी एक् ungli aaram सें unki gaand mai Jane lagi too mene दो ungliyo सें koshish karni shuru krr di mein नहि chahta thaa कि जब मेरा mota loda didi कि gaand mai jaye too unhe jyada durd hu जब dono hi ungliya aaram सें in out hone lagi too mene didi कि gaand ko apne thuk सें achhe सें gila krr दिया
"didi अब थोडा औऱ jhuk jao औऱ apni gaand बाहर् ko nikal lo" mein apne loda ko joki pehle सें hi didi केँ paani सें gila thaa ko apne thuk सें औऱ gila karte hue बोला
मेरीबात sunkar didi khamosh chap samne kaa pipe pakad krr jhuk gayi औऱ apni gaand बाहर् ko nikal di too mene अपना loda pakad krr didi कि gaand पर्र lagaya औऱ dhire dhire aage dabaw banane laga मेरा loda didi कि gaand ko chaudi karte hue aage badhne laga muze बहोत mazaa aaraha thaa जब loda 1/4 andar ghus गय़ा too didi ne muze rok दिया
"bhay abi ruko durd hu raha h" didi karahati hoyi boli
didi कि बात sunkar mein thodi der rukh गय़ा तब mene औऱ thuk nikal krr didi कि gaand पऱ laga दिया औऱ jitna loda andar गय़ा thaa utni hi स्थान mai aage pichhe karne laga
मेरे aesa karne सें didi bi apni gaand ko कभी tight too कभी loose krr rahi thi jisse itna mazaa aaraha thaa कि bayan krna मुश्किल h
mein loda aage pichhe karne केँ sath थोडा थोडा aage bi badha raha thaa jis wajah सें अब tak मेरा aadhe सें bi jyada loda didi कि gaand mai thaa
mein bar bar didi कि gaand ko apne thuk सें chikna krr raha thaa औऱ अब too mene unki kamar pakad krr jor केँ dhakke lagane shuru krr diye the मेरा lagbhag poora hi loda didi कि gaand mai thaa औऱ अब in out karne mai bi samasya नहि hu rahi thi अब shaiad didi kaa bi durd khatam hu गय़ा thaa औऱ use mazaa aaraha thaa kyunki अब woh bi apni gaand aage pichhe karke मेरा sath de rahi thi औऱ मेरे dhakko कि speed badhti hi jaa rahi thi
"bhay dhire Karo yeh मेरा pahli baar h durd hu raha h, waise bhay durd too kavita didi ko bi हुआ hoga na औऱ tumhe didi केँ sath jyada mazaa आया ya मेरे sath jyada mazaa aaraha h" didi gaand marwate hue boli
अब mein unhe क्याँ batata कि kavita didi केँ sath too कभी किया hi नहि h औऱ bechari priya didi galt fahmi mai hi आज apni dono seal mujhse tudwa chuki thi
"didi kavita didi केँ sath bi बहोत mazaa आया thaa मगर aapke sath kuchh jyada hi aaraha h" mein Priya didi कि chaplusi karte hue बोला
उसकेबाद mene koy 5 min औऱ dhakke lagaye औऱ muze lagne laga कि mein jhadne wala ho too मेरे dhakko कि speed badh gayi औऱ loda bi didi कि gaand mai puri gahrayi tak utar raha thaa didi bi apne एक् hath सें apni choot sahlate hue apni gaand aage pichhe karte hue मेरा sath de rahi thi औऱ kuchh hi dhakko केँ बाद mene didi कि gaand केँ godam ko apne maal सें bhar दिया मेरे loda केँ paani कि apni gaand mai mehsus karke didi bi jhad gayi thi
"aahhhhhhh।। bhay.aahhhhhhh.मेरे andar सें kuchh nikal raha h jaisa dophar mai nikla thaa औऱ जब bi yeh nikalta h muze बहोत mazaa aata h sacch bhay aahhhhhh। bhay tm बहोत achhe hu muze aesa mazaa dene केँ liye thanks bhay ummmmmmmmhhhhhhhhhh.mazaa aagaya bhay" didi jhadte hue boli
फिन ptaa नहि क्याँ हुआ कि priya didi ne apne hath pichhe karke muze kulho सें pakda औऱ apni gaand teji सें aage pichhe karne lagi bhale hi मेरा loda jhad गय़ा thaa मगर abi bi murjhaia नहि thaa too woh bi sata sat didi कि gaand mai aage pichhe hu raha thaa
जब मेरा loda dhila hone laga too didi ne use apni gaand सें nikal दिया औऱ muze side pe krr केँ peshab karne baith gayi mein didi केँ samne baith गय़ा औऱ unhe peshab karte hue dekhne laga pehle थोडा sa peshab unki choot सें nikla औऱ फिन मेरा cum unki gaand सें बाहर् aane laga
mene hath aage karke didi कि gaand mai एक् ungli dali too woh aaram सें andar tak chali gayi didi ko mazaa aane laga फिन didi ne jor lagaya too unki choot सें tej dhar mai peshab nikalne lagi mein maje सें dekhta raha फिन mene apni ungli didi कि gaand सें बाहर् nikal li too मेरी sari cum didi कि gaand सें बाहर् nikal krr farsh पर्र girne lagi
mene hand shower utha krr didi कि choot औऱ gaand ko achhe सें wash किया औऱ didi ne मेरे loda ko फिन hamne kapde pahne औऱ pehle didi बाहर् nikli फिन mein bi batroom सें बाहर् aagaya.
mein batroom सें nikal krr priti didi केँ kamara mai aagaya woh so rahi thi jis wajah सें unki kurti thodi ऊपर hu gayi thi औऱ unkah pet saaf drishti aaraha thaa mein फिन सें priti didi केँ pichhe unki pith सें chipak krr let गय़ा औऱ उसकी kamar पऱ halke halke सें kiss karne laga
फिन mene dhire सें priti didi कि salwar thodi नीचे ko too unke bhari chutad thode thode drishti aane lage too mein dhire dhire aaram सें unhe kiss karne laga
अब mene अपना एक् hath salwar केँ ऊपर सें hi priti didi कि choot पर्र rakkha औऱ एक् unke chikne sapat pet पर्र रख दिया औऱ dhire dhire unhe sahlane laga yun hi kaafi der tak mein priti didi केँ jism केँ sath khelta raha फिन muze neend aagai औऱ mein so गय़ा
Mast update
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स – New Episode
सुभह मे देर सें उठा तौ देखा कि प्रीति दिदी रूम मे नहीं थि तभी वोँ बाथरूम सें बाहर् आई
"उठगये भैया, तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट बनादूं क्याँ" प्रीति दिदी बड़े प्रेम सें बोलि
"क्यूं.आज आप् ब्रेकफास्ट क्यूं बनाएगी, बाकीसभी कहां हैं" मैने पुछा
"वोँ क्याँ हैं नां आजसब मामाजी केँ घऱगये हैं अगर तुम् जल्द उठते तौ तुम्हे भि पता होता" दिदी बोलि
"आप् क्यूं नहीं गई उनकेसंग" मैने पुछा
"मुझे विद्यालय कां बहोत काम हैं औऱ पढ़ाई भि करनी हैं उपर सें तुम् भि घोड़े बेचकर सोरहे थें तोँ घऱ पऱ किसी कों तौ रहना हि थां तोँ मे हि रुक गई" प्रीति दिदी बोलीं
"ठीक हैं आप् ब्रेकफास्ट बनालो तब तक मे नहा लेता हूं" मे सिर हिलाते हुए बोला
मे उठा औऱ बाथरूम मे घुस गय़ा वहा मैने प्रीति दिदी केँ उतरेहुए कपड़े देखे तोँ उनकी ब्रा ढूंढी औऱ उसे सूँघा तोँ एक् बहोत हि सेक्सी स्मेल मेरीनाक सें टकराई जौ मेरी सबसे छोटी दिदी केँ शरीर कि थि उसे सूंघकर मेरामन अपने काबू मे नहींरहा औऱ मेरा लन्ड टाइट होनेलगा
मैने वहीं प्रीति दिदी कों इमॅजिन कर केँ मूठ मारी औऱ अपना सारामाल दिदी केँ ब्रा केँ कप मे निकाल दियामगर अब मे प्रीति दिदी केँ संग भि रियल मे कुच्छ करना चाहता थां तोँ मे नहाकर दिदी कि वोँ ब्रा वैसे हि लेकर बाहर् आगया प्रीति दिदी मेरा ब्रेकफास्ट लेकरबेड पर्र हि बैठी थि
"दिदी यह क्याँ हैं मुझे बाथरूम मे मिला" मे दिदी कों उनकी ब्रा दिखाते हुए बोला
"छोटूयह क्यूं उठालाए तुम् औऱ यह तुम्हे कहां सें मिलीइसे तौ मैने कपड़ो केँ अंदररखा थां, क्याँ तुमने मेरे कपड़े खोले? औऱ अगरऐसा किया तोँ क्यूं किया, लाओ मुझेदो यह तुम्हारे काम कि चीज़ नहीं हैं" दिदी मेरेहाथ मे अपनी ब्रादेख कर सकपकाते हुए गुस्से सें बोलीं
"दिदी मैने आपके कपड़े चेक नहींकिए मेराहाथ लगा तौ वोँ नीचेगिर गये थें जब मे उठाकर वापस रखनेलगा तौ उनमे सें यह निकला, बताइए नां दिदी कि यह क्याँ हैं औऱ आप् क्यूं पहनती हैं इसे" मे एक् बारफिन नादान बनतेहुए बोला
"भइया मे नहींबता सकती कि यह क्याँ हैं, प्लीज़ जल्द सें मुझेदो वरना मे बड़े भैया सें तुम्हारी शिकायत कर दूँगी" दिदी भड़कते हुए बोलीं
जब मैने उनकीबात सुनकर भि उन्हे ब्रा नहीं दि तोँ वोँ औऱ भि भड़कते हुए बोलीं "सुना नहीं क्याँ, यह तुम्हारे काम कि नहीं हैं वापसदो मुझे"
"दिदी क्रोध क्यूं करती हौ मे तोँ बस पुच्छ हि रहा हूं नां औऱ यह तौ सच मे मेरेकाम कि निकली यह देखो" कहतेहुए मैने दिदी कों ब्राखोल कर दिखाई जहाँ मेरीकम थि
प्रीति दिदी नें ब्रा मुझसे लेँ ली औऱ मेरीकम देखने लगीमगर उसे कुच्छ समझ नहींआया कि यह क्याँ हैं उसने मेरीकम कों टच भि कियामगर तब भि नहींसमझ पाई क्योंकि वोँ यहसभी बाते नहीं जानती थि
"दिपुयह क्याँ हैं, जब मे नहाकर निकली तब तोँ कुच्छ भि नहीं थां फिनयह कहां सें आगया औऱ यह तुम्हारे काम केसेआती हैं क्याँ तुम् भि इसे पहनते हौ" दिदी आन थोड़े असमंजस सें बोलीं उसे कुच्छ समझ नहीं आरहा थां
"दिदी मैनेउसे उठाया औऱ सूँघा तौ मुझे बहोत अच्छी खुश्बू आनेलगी फिनपता नहीं क्याँ हुआ कि मैनेउसे नीचे किया औऱ मेरे नीचे सें यह निकलने लगा औऱ इसमे गिरने लगा" मे बहोत मासूमियत सें बोला
"क्याँ मतलब? कहां सें निकलने लगा औऱ यह हैं क्याँ" प्रीति दिदी नें हैरत सें पुछा
चूँकि मे अभि नहाकर हि निकला थां औऱ इस वक़्त सिर्फ़ एक् टवल हि लपेटा हुआ थां तौ मैनेटवल निकाल दिया औऱ प्रीति दिदी कों अपना लन्ड दिखाकर बोला "दिदी इसमे सें निकला हैं यह"
प्रीति दिदी नें मेरा लन्ड देखामगर जल्दी हि अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया
"दिपु प्लीज़ टवलपहन लो कुच्छ तौ शरमकरो" प्रीति दिदी वैसे हि दूसरी तरफ देखते हुए बोलि
मैनेटवल नहीं पहना औऱ नंगे हि दिदी केँ संगबेड पर्र बैठ गय़ा
"क्यूं दिदी आपने बचपन मे भि तोँ देखा हैं मुझेऐसे, मुझेपता हैं कि आप् सब बहने मुझे नहलाती थि तौ अब क्याँ होँ जाएगा" मे बोला
"भैया तब तुम् छोटे बच्चे थें मगरअब तुम् बड़े होँ गये हौ" प्रीति दिदी थोड़ी शांत होतेहुए बोलीं उसपर मासूमियत केँ मेरे आख़िरी हथियार कां वारचल गय़ा थां
"जौ भि थां मगर आपने देखा तौ थां नां मुझे, अब मे आपको भि वैसे हि देख्ना चाहता हूं प्लीज़ दिदी बस एक् बार" मे गिडगिडाते हुए बोला
"नहीं भइयायह ग़लतबात हैं, मुझे नहींपता कि इसमे क्याँ ग़लत हैं मगरबस इतना जानती हूं कि ऐसा करना ग़लत हैं" दिदी बोलीं मगरतभी उसकी नज़र मेरे टाइट होते लन्ड पऱ गई औऱ हैरत सें उसकामूह खुल गय़ा औऱ वोँ फिन बोलि "वैसे भइयायह हैं क्याँ अरे देखो तोँ अभि यहसोरहा थां औऱ अब खड़ा होँ रहा हैं, ऐसा क्यूं होँ रहा हैं भइया"
"दिदी यहसभी आपकीवजह सें होँ रहा हैं क्योंकि आप् बहोत प्यारी हैं औऱ जब सें इसने आपकी ब्रा देखी हैं तब सें इसकायही हाल हैं" मे अपने लन्ड कों सहलाते हुए बोला
प्रीति दिदी आन अपनी गर्दन झुकाकर मेरे लन्ड कों देखरही थि
"मगर भैया अभि तोँ कुच्छ नहींदेख रहे हौ फिन भि क्यूं खड़ा हौ रहा हैं औऱ वोँ भि तौ नहीं निकलरहा जौ मेरी ब्रा मे हैं जोँ तुमने कहा थां कि इसमे सें निकला हैं" दिदी बड़े ध्यान सें मेरे लन्ड कों देखते हुए बोलीं
"आप् वोँ निकलते हुए देख्ना चाहती होँ क्याँ" मैने पुछा
"हां दिखाओ नां वोँ कब निकलेगा औऱ केसे निकलेगा" आन दिदी थोड़ी उत्सुकता सें बोलि
अब मैने प्रीति दिदी केँ एक् हाथ कों पकड़कर अपने लन्ड पर्र रख दिया औऱ बोला "दिदी इसे अपनेहाथ मे पकडोफिन यह वोँ लिक्विड निकाल देगा औऱ सच मे दिदी जब वोँ निकलता हैं तौ बड़ामजा आता हैं"
"भैया यह तौ बहोत हार्ड हौ गय़ा हैं औऱ बहोत हॉट भि हैं" प्रीति दिदी मेरे लन्ड कों गर्मी कि अपनेहाथ मे महसूस करतेहुए बोलि दिदी नें मेरा लन्ड अपनेहाथ मे पकड़रखा थां मगर कुच्छ कर नहींरही थि तोँ मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपना लन्ड कों हिलाने लगा.
प्रीति दिदी कां हाथ बहोत सॉफ्ट थां औऱ उनकेनरम औऱ गर्महाथ मे अपना लन्ड देकर मुझे बहोत मजा आरहा थां
"दिदी आप् अपने कपड़े तोँ उतारदो देख्ना बड़ामजा आएगा, प्ल्ज़ दिदी उतारदो नां" मे अपनाहाथ दिदी केँ हाथ पऱ रखकर अपना लन्ड हिलाते हुए बोला
"नहीं भैया मुझे बहोत शरमआती हैं मे नहीं उतारूँगी। प्ल्ज़ भइयाहर बात पऱ ज़िदमत करो नां" दिदी बोलीं
"अच्छा दिदी मगर अपनेहाथ कों उपर नीचे धीरे-धीरे धीरे-धीरे हिलाओ नाँ मगर अधिक टाइटमत पकड़ना यह बहोत नाज़ुक होता हैं" मे बोला
इतनाकह कर मैने अपना एक् हाथ प्रीति दिदी केँ बूब पऱ रख दिया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे सहलाने लगा
"दिपुयह क्याँ कररहे हौ हटाओ अपनाहाथ" दिदी नें मेराहाथ अलग किया औऱ फिन बोलि "मगर भइयायह इतना नाज़ुक क्यूं हैं औऱ यहकिस कामआता हैं औऱ मेरेपास तोँ हैं भि नहींयह"
मे समझ गय़ा थां कि दिदी कों सेक्स केँ बारे मे कुच्छ पता नहीं हैं औऱ उसकीइस नादानी कां फ़ायदा उठाकर आज मे उसेचोद भि सकता हूं
"दिदी प्लीज़ थोड़ी देर करनेदो नां, औऱ दिदी नें सबका नाज़ुक हि होता हैं उसे लन्ड कहते हैं औऱ यह सिर्फ़ बाय्स केँ पास होता हैं औऱ दिदी कि लड़कियो केँ पास होती हैं नाँ टाँगो केँ बीच मे उसमे जाता हैं जिस सें लड़के औऱ लड़कियो दोनो कों बहोत मजाआता हैं" मे दिदी कों समझाते हुए बोला औऱ वापस अपनाहाथ उनकेबूब पऱ रखकरउसे धीरे-धीरे धीरे-धीरे दबाने लगा
"क्याँ मतलब, यह कहां जाता हैं औऱ क्यूं जाता हैं औऱ ऐसा करने सें क्याँ होता हैं भइयाजिस सें मजाआता हैं?" दिदी नें पुचछा
"दिदी जहाँ सें आप् लोग पेशाब करती हौ नाँ उसहोल केँ पास एक् होल औऱ होता हैं यह उसमे जाता हैं औऱ इसेवहा डालकर आगे पिछे करने सें बहोत मजाआता हैं" मे बोला औऱ मैने अपनी उंगली दिदी कि बुर पऱ रखकर उन्हे बताया
"भैया क्यूं मज़ाक कररहे हौ वोँ होल तोँ बहोत छोटा हिला हैं औऱ यह तौ बहोत लंबा औऱ मोटा हैं यहवहा केसे जासकता हैं" दिदी हैरत सें बोलि
"जाता हैं दिदी इसीलिए तोँ कहरहा थां कि अपने कपड़े उतारदो फिन मे आपकोसभी दिखाता हूं" मे दिदी कों उकसाते हुए बोला
"नहीं नहीं भइयाऐसे हि ठीक हैं मे समझ गई हूं" दिदी बोलीं वोँ मछ्ली कि तरह मेरेहाथ सें फिसली जारही थि
"अच्छा दिदी चेक तौ करनेदो कि आप् नीचे सें गीली हौ याँ नहीं" मे भि हार नहीं मानने वाला थां
"नीचे सें गीली.क्याँ मतलब?" प्रीति दिदी केँ मूह सें निकला
मे अपनाहाथ दिदी कि बुर केँ पास लेँ गय़ा औऱ बोला "इसकीबात कररहा थां मे अगरयह गीली होगी तौ यह सजधजकर हैं लन्ड अंदर लेने केँ लिएअगर गीली नहीं हैं तौ अभि सजधजकर नहीं हैं, बस"
मेरीबात सुनकर दिदी सोच मे पड़ गई
"मे चेककर लूँ क्याँ दिदी" मौकासही देखकर मे बोला
"नहीं भइया मे स्वयं हि चेक करती हूं" दिदी बोलि
अब दिदी नें मेरा लन्ड छोड़ दिया औऱ अपनाहाथ अपनी सलवार मे डालकर अपनी बुर कों टच किया
"अरे भइयायह तोँ गीली हैं सच मे, तौ क्याँ यह रेडी हैं तुम्हारा लन्ड अंदर लेने केँ लिए" दिदी अपनी बुर कि हालतजान मार हैरान होतेहुए बोलि
"हां दिदी यह बिल्कुल सजधजकर हैं प्ल्ज़ अब तोँ अपने कपड़े उतारदो औऱ स्वयं भि मज़ेलो औऱ मुझे भि लेनेदो" मे बोला
"नहीं भइया मुझे बहोत डरलगरहा हैं, नहीं मे नहीं करने दूँगी" दिदी घबराते हुए बोलि
"दिदी कुच्छ नहीं होता मैने प्रिया दिदी केँ संग भि किया हैं यहसभी औऱ उन्हे तौ बहोत मजाआता हैं रात कों भि मैने उनकेसंग किया थां" मैने बताया
"सचकहरहे होँ भइया? क्योंकि रात कों तौ तुम् यहा थें औऱ वोँ अपनेरूम मे थि तौ फिन केसे किया, तुम् झूठबोल रहे होँ नां" दिदी बोलीं
"नहीं दिदी मे झूठ नहींबोल रहा हूं मे उनकेरूम मे गय़ा थां मगरइस वक़्त प्रिया दिदी केँ संग कीर्ति भि थि तौ मे आपकेरूम मे आगयाफिन देररात प्रिया दिदी मुझेउठा कर बाहर् वाले बाथरूम मे लेँ गई औऱ फिनवहा हमने किया औऱ सच दोनो कों हि बहोत मजाआया" मे बोला
"मगर भइया कुच्छ होगा तोँ नहीं, दर्द तोँ नहीं होगा नाँ" दिदी नें पुछा वोँ अभि भि नॉर्मल नहीं हुइ थि
"कुच्छ नहीं होता दिदी आप् करने तोँ दो देख्ना बहोत मजा आएगा" मे खुश होतेहुए बोला
अब मे दिदी केँ पास गय़ा औऱ पहले मैने उनकी कुरती उतारी फिन ब्रा औऱ लास्ट मे पैंटी सहित सलवार कों भि नीचे करके उतार दियाअब प्रीति दिदी औऱ मे दोनो हि नंगे आमने सामने खड़े थें दिदी कि नज़रे शरम सें झुकी हुईँ थि फिन मैने दिदी कों बेड पऱ बैठा दिया औऱ स्वयं भि उनकेपास बैठ गय़ा
अब मैने दिदी कों किस करना शुरुआत कियाफेस सें लेकर बूब्स नवलपेट जाँघसब स्थान किस कियाकोई स्थान नहीं छोड़ी जिससे प्रीति दिदी कों भि मजाआने लगाअब मैने अपना एक् हाथ दिदी कि बुर पऱ रखा जौ सच मे गीली थि मगर ज्यादा नहीं थोड़ी थोड़ी थि
"दिदी आप् लेटजाओ पहले हम् किस करेंगे फिन अंदर डालेंगे इससे हम् दोनो कों हि बहोत मजा आएगा" मैने बोलते हुए दिदी कों लेटा दिया
दिदी लेट गई तोँ मे भि उसकेसंग लेट गय़ा औऱ दिदी कों किस करनेलगा बिल्कुल वैसे हि जैसे प्रिया दिदी कों किया थां दिदी कों मजा आरहा थां उनकी आँखेबंद हुइ जारही थि औऱ साँसे तेजचल रही थि मेरा लन्ड भि बहोत हार्ड हौ गय़ा थां कुच्छ देरबाद मैने दिदी कि टाँगे खोललो औऱ अपना लन्ड उसकी बुर केँ छेद पर्र रख दियाअब तक दिदी कि बुर पूरीतरह गीली होँ गई थि औऱ उससे पानी भि बाहर् आरहा थां
"दिदी आप् रेडी हैं नां, शुरुआत मे थोडा सां दर्द होगामगर बाद मे बहोत मजा आएगा" मे अपने लन्ड कों दिदी कि बुर केँ छेद पऱ रगड़ते हुए बोला
"हां भैया मगर देख्ना ज्यादा दर्द नाँ हौ वरना मे नहीं करने दूँगी" दिदी बोलीं शायदयह अभि तक मिले मज़े कां हि कमाल थां जौ वोँ चुदने कों सजधजकर थि
अब मैने लन्ड कों अंदर धकेला तौ थोडा सां लन्ड आहिस्ता दिदी कि बुर मे चला गय़ा
"भैया धीरे-धीरे मुझे दर्द हौ रहा हैं प्ल्ज़." प्रीति दिदी बोलीं
"दिदी अभि सभीठीक हि जाएगा" मे बोला औऱ जितना लन्ड अंदर गय़ा थां उतने कों हि धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंदर बाहर् करनेलगा काफ़ी देर तक तक मे ऐसा हि करतारहा अभि दिदी कों मजा आरहा थां औऱ दर्द भि ख़तम होँ गय़ा थां
"दिदी मजा आरहा हैं नाँ आपको" मैनेउसे चोदते हुए पुछा
"हां भइयाअब मजा आरहा हैं मगर प्लीज़ आराम धीरे-धीरे करना" दिदी मज़े सें बोलि
मैने दिदी केँ दोनो बूब्स कों किस करना मसलना औऱ सक करना शुरुआत कर दियासंग हि संग धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड भि अंदर बाहर् करनेलगा थां फिन मैने अपने लिप्स दिदी केँ लिप्स पर्र रखे औऱ किस करनेलगा दिदी मदहोश हौ गई थि उन्हे अब बहोत मजा आरहा थां मैने मौकादेख कर लन्ड पिछे खींचा औऱ एक् ज़ोर कां धक्का लगा दिया जिससे मेरा लन्ड दिदी कि सील तोड़ते हुए पूरा अंदरघुस गय़ा औऱ दिदी कि आँखे बाहर् निकलआई दिदी तड़पने लगीमगर मैने लन्ड अंदर हि रखा मेरे होंठ अभि भि दिदी केँ लिप्स सें जुड़े हुए थें जिसवजह सें उसकी आवाज़ बस गन.गन.हि निकलरही थि
दिदी छटपटाने लगी थि औऱ स्वयं कों मुझसे छुड़ाने कि कोशिश करनेलगी मगर मैने उन्हे नहीं छोड़ा मुझे दिदी कि टाइट बुर अपने लन्ड कों भींचते हुए महसूस होँ रही थि औऱ जैसे मेरा लन्ड उनकी बुर मे जकड लिया थां मुझे बहोत अधिकमजा आरहा थां
कुच्छ देरबाद दिदी नॉर्मल हुईँ तोँ मैने अपनामूह उनकेमूह सें हटाया
"दिपु तुम् बहोत गंदे होँ तुमने कहा थां अब दर्द नहीं होगा औऱ सिर्फ़ मजा आएगामगर अभि जब तुमने धक्का मारा तौ मुझे बहोत दर्दहुआ ऐसालग रहा थां कि अभि मर जाउन्गी" दिदी मेरे सीने पर्र मुक्के मारती हुई बोलीं
"सॉरी दिदी मगरअब तौ दर्द नहीं होँ रहा हैं नाँ आपको" मे दिदी केँ गाल चूमते हुए बोला
"अब भि होँ रहा हैं मगर उतना नहीं जितना तबहुआ थां" दिदी बोलीं
"दिदी तब आपकी बुर कि सील टूटी थि इसलिये दर्द ज्यादा हुआ थां मगरअब कभी भि दर्द नहीं होगा" मैने उन्हे समझाइया औऱ दिदी केँ बूब्स सककिए उनकी दबाता रहाफिन लिप्स पे किस करतायहा वहाइधर उधर बहोत किस मैने दिदी कों
"भैया अभि मजा आरहा हैं मुझे औऱ दर्द भि नहीं होरहा हैं मगरफिन भि आराम आहिस्ता करनातेज तेज नहीं अभि अच्छा फीलकर रही हूं मे" दिदी बोलीं
"देख दिदी मैनेकहा थां नाँ कि कुच्छ देरबाद आपको बहोत मजा आएगा" कहतेहुए मे दोबारा दिदी कों चोदने लगा मे उन्हे किसकर रहा थां रबकररहा थां मुझे बहोत मजा आरहा थां औऱ अब तोँ दिदी कों भि बहोत मजा आरहा थां वोँ मेरीपीठ पर्र हाथ फिरारही थि
"भैया थोडा तेजतेज करो मुझेमजा आरहा हैं हां भैया औऱ ज़ोर सें औऱ तेजएर ज़ोर सें धक्के मारो.
.अहह।.मेरे प्यारे छोटे भइया ज़ोर सें छोड़ो मुझे" दिदी अपनीकमर उच्छालती हूं सेक्सी आवाज़ मे बोलि
अब मेरे धक्को कि भि स्पीड बहोत बढ़ गई औऱ धुआँधार चुदाई शुरुआत हौ गई औऱ कुच्छ हि देर मे दिदी झड गई औऱ उनकी बुर मेरे लन्ड कों जकड़ने औऱ छोड़ने लगी मे भि अधिकदेर सह नहीं पाया औऱ मेरे लन्ड नें ज़ोर ज़ोर सें पिचकारियाँ मारकर दिदी कि बुर कों भर दिया.
वक्त बहोत हि गय़ा थां तोँ बाद मे हमने कुच्छ नहीं किया औऱ अपने आप् कों सॉफ करके कपड़े पहनलिए
थोड़ी हि देरबाद जबलोग वापस आगयेमगर कीर्ति वापस अपनेघऱ जा चुकी थि औऱ मेरे मामाजी कि दो जुड़वा बेटियाँ यानी मेरी ममेरी बहने जौ सिर्फ़ दो मिनिट सें छोटी बड़ी थि मेरे भइया बहनो केँ संगआई थि एक् कां नाम रूपा थां जबकि दूसरी कां नाम दीपा थां दोनो हि मस्त आइटम थि औऱ जुड़वा होने केँ कारण दोनो कि शकल सूरत केँ संगसंग फिगर भि करीब-करीब सेम हि थां दोनो केँ हि बूब्स बड़े थें औऱ गोल मटोल गान्ड बाहर् कों निकली हुईँ थि मेरी दोनो सें हि अच्छी बनती थि औऱ छोटा भइया होने केँ कारण वोँ दोनो भि मुझे बहोत प्रेम करती थि मगरजब सें सेक्स केँ कीड़े नें मुझे काटा थां तब सें मे इन दोनो सेक्स बॉम्ब कों चोदने कों बहोत बेताब थां
खैरआते हि कविता दिदी नें खुश खबरी सुनाई कि बादल भैया औऱ प्रिया दिदी कि विवाह एक् हि दिन एक् हि मंडप सें होगी इसलिये सब तैयारियो मे लगजाओ औऱ रूपा औऱ दीपा भि अब विवाह तक यहींरह कर हमारी सहायता करेंगी
दिदी कि बात सुनकर मे बहोत खुश हौ गय़ा थां क्योंकि मुझेलग रहा थां कि अभि तक जोँ कुच्छ भि हुआ हैं अगर वैसा हि चलतारहा तोँ शायद मे रूपा औऱ दीपानाम कि सेक्स कि दो देवियो कों भि निपटा सकता हूं
subah mein der सें utha too देखा कि priti didi kamara mai नहि thi तभी woh batroom सें बाहर् aayi
"uthh gaye bhaiya, तुंहारे liye nashta bnaa du क्याँ" priti didi bade pyaar सें boli
"kyon.आज ap nashta kyon banayegi, baki sab kahan h" mene puchha
"woh क्याँ h na आज sabhi mama केँ घऱ gaye h अगर tm juldi uthhte too tumhe bi ptaa hotha" didi boli
"ap kyon नहि gayi unke sath" mene puchha
"muze school kaa बहोत काम h औऱ padhai bi karni h ऊपर सें tm bi ghode bech krr so rahe the too घऱ पर्र kisi ko too rahna hi thaa too mein hi rukh gayi" priti didi boli
"thik h ap nashta bnaa lo तब tak mein naha leta ho" mein sir hilate hue बोला
mein utha औऱ batroom mai ghus गय़ा वहा mene priti didi केँ utare hue kapde dekhe too unki bra dhundi औऱ use sungha too एक् बहोत hi sexy smell मेरी naak सें takrai joo मेरी sabse choti didi केँ jism कि thi use sungh krr मेरा man apne kabu mai नहि raha औऱ मेरा loda tight hone laga
mene wahin priti didi ko imagine krr केँ muthh mari औऱ अपना Sara maal didi केँ bra केँ cup mai nikal दियामगर अब mein priti didi केँ sath bi real mai kuchh krna chahta thaa too mein naha krr didi कि woh bra waise hi लेकर बाहर् aagaya priti didi मेरा nashta लेकर bed पर्र hi baithi thi
"didi yeh क्याँ h muze batroom mai मिला" mein didi ko unki bra dikhate hue बोला
"chhotu yeh kyon utha laye tm औऱ yeh tumhe kahan सें mili ise too mene kapdo केँ andar rakkha thaa, क्याँ tumne मेरे kapde khole? औऱ अगर aesa किया too kyon किया, lao muze दो yeh तुंहारे काम कि chij नहि h" didi मेरे hath mai apni bra dekh krr sakpakate hue gusse सें boli
"didi mene aapke kapde check नहि kiye मेरा hath laga too woh नीचे gir gaye the जब mein utha krr wapis rakhne laga too unme सें yeh nikla, bataiye na didi कि yeh क्याँ h औऱ ap kyon pahanti h ise" mein एक् baar फिन nadaan bante hue बोला
"bhay mein नहि bata sakti कि yeh क्याँ h, please juldi सें muze दो वरना mein bade bhaiya सें tumhari fariyaad krr dungi" didi bhadakte hue boli
जब mene unki बात sunkar bi unhe bra नहि di too woh औऱ bi bhadakte hue boli "suna नहि क्याँ, yeh तुंहारे काम कि नहि h wapis दो muze"
"didi क्रोध kyon krti hu mein too bus puchh hi raha ho na औऱ yeh too sacch mai मेरेकाम कि nikli yeh dekho" kahte hue mene didi ko bra khol krr dikhai jahan मेरी cum thi
priti didi ne bra mujhse le li औऱ मेरी cum dekhne lagi मगर use kuchh samajh नहि आया कि yeh क्याँ h usne मेरी cum ko touch bi कियामगर तब bi नहि samajh payi kyunki woh yeh sab bate नहि janti thi
"dipu yeh क्याँ h, जब mein naha krr nikli तब too kuchh bi नहि thaa फिन yeh kahan सें aagaya औऱ yeh तुंहारे काम kese aati h क्याँ tm bi ise pahante hu" didi an thode asmanjas सें boli use kuchh samajh नहि aaraha thaa
"didi mene use uthaia औऱ sungha too muze बहोत achhi mehak aane lagi फिन ptaa नहि क्याँ हुआ कि mene use नीचे किया औऱ मेरे नीचे सें yeh nikalne laga औऱ ismein girne laga" mein बहोत masumiyat सें बोला
"क्याँ matlab? kahan सें nikalne laga औऱ yeh h क्याँ" priti didi ne hairat सें puchha
chunki mein abi naha krr hi nikla thaa औऱ iss vaqt sirf एक् towel hi lapeta हुआ thaa too mene towel nikal दिया औऱ priti didi ko अपना loda dikha krr बोला "didi ismein सें nikla h yeh"
priti didi ne मेरा loda देखामगर turant hi अपना चेहरा dusri tarf ghuma लिया
"dipu please towel pahan lo kuchh too lajja karo" priti didi waise hi dusri tarf dekhte hue boli
mene towel नहि pahna औऱ nange hi didi केँ sath bed पर्र baith गय़ा
"kyon didi aapne bachpan mai bi too देखा h muze ayese, muze ptaa h कि ap sabhi bahne muze nahlati thi too अब क्याँ hu jayega" mein बोला
"bhaiya तब tm chhote bachhe the मगरअब tm bade hu gaye hu" priti didi thodi shant hote hue boli uspar masumiyat केँ मेरे aakhiri hathiyar kaa waar chl गय़ा thaa
"joo bi thaa मगर aapne देखा too thaa na muze, अब mein aapko bi waise hi देख्ना chahta ho please didi bus एक् baar" mein gidgidate hue बोला
"नहि bhay yeh galt बात h, muze नहि ptaa कि ismein क्याँ galt h मगर bus itna janti ho कि aesa krna galt h" didi boli मगरतभी उसकी drishti मेरे tight hote loda पर्र gayi औऱ hairat सें उसका muh khul गय़ा औऱ woh फिन boli "waise bhay yeh h क्याँ are dekho too abi yeh दो raha thaa औऱ अब khada hu raha h, aesa kyon hu raha h bhay"
"didi yeh sab aapki wajah सें hu raha h kyunki ap बहोत pyari h औऱ जब सें isne aapki bra देखी h तब सें iska yahi dasha h" mein apne loda ko sahlate hue बोला
priti didi an apni gardan jhuka krr मेरे loda ko dekh rahi thi
"मगर bhaiya abi too kuchh नहि dekh rahe hu फिन bi kyon khada hu raha h औऱ woh bi too नहि nikal raha joo मेरी bra mai h joo tumne कहा thaa कि ismein सें nikla h" didi bade dhyaan सें मेरे loda ko dekhte hue boli
"ap woh nikalte hue देख्ना chahti hu क्याँ" mene puchha
"ha dikhao na woh कब niklega औऱ kese niklega" an didi thodi utsukta सें boli
अब mene priti didi केँ एक् hath ko pakad krr apne loda पऱ रख दिया औऱ बोला "didi ise apne hath mai pakdo फिन yeh woh liquid nikal dega औऱ sacch mai didi जब woh nikalta h too बड़ा mazaa aata h"
"bhaiya yeh too बहोत hard hu गय़ा h औऱ बहोत hot bi h" priti didi मेरे loda ko garmi कि apne hath mai mehsus karte hue boli didi ne मेरा loda apne hath mai pakad rakkha thaa मगर kuchh krr नहि rahi thi too mein dhire dhire अपना loda ko hilane laga.
priti didi kaa hath बहोत soft thaa औऱ unke naram औऱ garam hath mai अपना loda देकर muze बहोत mazaa aaraha thaa
"didi ap apne kapde too utar दो देख्ना बड़ा mazaa aayega, plz didi utar दो na" mein अपना hath didi केँ hath पर्र रख krr अपना loda hilate hue बोला
"नहि bhaiya muze बहोत lajja aati h mein नहि utarungi। plz bhay har बात पऱ jidd mat Karo na" didi boli
"अच्छा didi मगर apne hath ko ऊपर नीचे dhire dhire hilao na मगर jyada tight mat pakadna yeh बहोत najuk hotha h" mein बोला
itna kah krr mene अपना एक् hath priti didi केँ boob पर्र रख दिया औऱ dhire dhire sahlane laga
"dipu yeh क्याँ krr rahe hu hatao अपना hath" didi ne मेरा hath alag किया औऱ फिन boli "मगर bhay yeh itna najuk kyon h औऱ yeh kis काम aata h औऱ मेरे pas too h bi नहि yeh"
mein samajh गय़ा thaa कि didi ko sex केँ bare mai kuchh ptaa नहि h औऱ उसकी iss nadaani kaa fayda utha krr आज mein use chod bi sakta ho
"didi please thodi der karne दो na, औऱ didi ne sabka najuk hi hotha h use loda kahte h औऱ yeh sirf boys केँ pas hotha h औऱ didi कि ladkiyo केँ pas hoty h na tango केँ bich mai usme jata h jis सें ladke औऱ ladkiyo dono ko बहोत mazaa aata h" mein didi ko samjhate hue बोला औऱ wapis अपना hath unke boob पर्र रख krr use dhire dhire dabane laga
"क्याँ matlab, yeh kahan jata h औऱ kyon jata h औऱ aesa karne सें क्याँ hotha h bhay jis सें mazaa aata h?" didi ne puchha
"didi jahan सें ap लोग peshab krti hu na us hole केँ pas एक् hole औऱ hotha h yeh usme jata h औऱ ise वहा daal krr aage pichhe karne सें बहोत mazaa aata h" mein बोला औऱ mene apni ungli didi कि choot पऱ रख krr unhe bataya
"bhaiya kyon majak krr rahe hu woh hole too बहोत chota hila h औऱ yeh too बहोत लम्बा औऱ mota h yeh वहा kese jasakta h" didi hairat सें boli
"jata h didi isiliye too kah raha thaa कि apne kapde utar दोफिन mein aapko sab dikhata ho" mein didi ko uksate hue बोला
"नहि नहि bhay ayese hi thik h mein samajh gayi ho" didi boli woh machhli कि prakaar मेरे hath सें phisli jarahi thi
"अच्छा didi check too karne दो कि ap नीचे सें gili hu ya नहि" mein bi haar नहि manne wala thaa
"नीचे सें gili.क्याँ matlab?" priti didi केँ muh सें nikla
mein अपना hath didi कि choot केँ pas le गय़ा औऱ बोला "iski बात krr raha thaa mein अगर yeh gili hongi too yeh tayyar h loda andar lene केँ liye अगर gili नहि h too abi tayyar नहि h, bus"
मेरीबात sunkar didi सोच mai pad gayi
"mein check krr lu क्याँ didi" chance sai dekh krr mein बोला
"नहि bhay mein khud hi check krti ho" didi boli
अब didi ne मेरा loda chhod दिया औऱ अपना hath apni salwar mai daal krr apni choot ko touch किया
"are bhay yeh too gili h sacch mai, too क्याँ yeh tayyar h tumhara loda andar lene केँ liye" didi apni choot कि halat jan mar हैरान hote hue boli
"ha didi yeh bilkul tayyar h plz अब too apne kapde utar दो औऱ khud bi maje lo औऱ muze bi lene दो" mein बोला
"नहि bhay muze बहोत darr lag raha h, नहि mein नहि karne dungi" didi ghabrate hue boli
"didi kuchh नहि hotha mene priya didi केँ sath bi किया h yeh sab औऱ unhe too बहोत mazaa aata h rath ko bi mene unke sath किया thaa" mene bataya
"sacch kah rahe hu bhay? kyunki rath ko too tm यहा the औऱ woh apne kamara mai thi too फिन kese किया, tm jhut bol rahe hu na" didi boli
"नहि didi mein jhut नहि bol raha ho mein unke kamara mai गय़ा thaa मगर iss vaqt priya didi केँ sath kirti bi thi too mein aapke kamara mai aagaya फिन der rath priya didi muze utha krr बाहर् wale batroom mai le gayi औऱ फिनवहा hamne किया औऱ sacch dono ko hi बहोत mazaa आया" mein बोला
"मगर bhay kuchh hoga too नहि, durd too नहि hoga na" didi ne puchha woh abi bi normal नहि hoyi thi
"kuchh नहि hotha didi ap karne too दो देख्ना बहोत mazaa aayega" mein खुश hote hue बोला
अब mein didi केँ pas गय़ा औऱ pehle mene unki kurti utari फिन bra औऱ last mai pantie sahit salwar ko bi नीचे karke utar दियाअब priti didi औऱ mein dono hi nange aamne samne khade the didi कि najre lajja सें jhuki hoyi thi फिन mene didi ko bed पऱ baitha दिया औऱ khud bi unke pas baith गय़ा
अब mene didi ko kiss krna shuru किया chehra सें लेकर mammay naval pet jangh sabhi स्थान kiss किया koy स्थान नहि chhodi jisse priti didi ko bi mazaa aane laga अब mene अपना एक् hath didi कि choot पऱ rakkha joo sacch mai gili thi मगर jyada नहि thodi thodi thi
"didi ap let jao pehle हम् kiss karenge फिन andar dalenge isse हम् dono ko hi बहोत mazaa aayega" mene bolte hue didi ko leta दिया
didi let gayi too mein bi उसके sath let गय़ा औऱ didi ko kiss karne laga bilkul waise hi जैसे priya didi ko किया thaa didi ko mazaa aaraha thaa unki aankhe बंद hoyi jarahi thi औऱ sanse tej chl rahi thi मेरा loda bi बहोत hard hu गय़ा thaa kuchh der बाद mene didi कि tange khol lo औऱ अपना loda उसकी choot केँ chhed पर्र रख दियाअब tak didi कि choot puri prakaar gili hu gayi thi औऱ usse paani bi बाहर् aaraha thaa
"didi ap tayyar h na, shuru mai थोडा sa durd hoga मगरबाद mai बहोत mazaa aayega" mein apne loda ko didi कि choot केँ chhed पऱ ragadte hue बोला
"ha bhaiya मगर देख्ना jyada durd na hu वरना mein नहि karne dungi" didi boli shaiad yeh abi tak mile maje kaa hi kamal thaa joo woh chudne ko tayyar thi
अब mene loda ko andar dhakela too थोडा sa loda aaram सें didi कि choot mai chala गय़ा
"bhaiya aaram सें muze durd hu raha h plz." priti didi boli
"didi abi sab thik hi jayega" mein बोला औऱ jitna loda andar गय़ा thaa utne ko hi dhire dhire andar बाहर् karne laga kaafi der tak tak mein aesa hi krta raha abi didi ko mazaa aaraha thaa औऱ durd bi khatam hu गय़ा thaa
"didi mazaa aaraha h na aapko" mene use chodtay hue puchha
"ha bhay अब mazaa aaraha h मगर please aaram aaram सें krna" didi maje सें boli
mene didi केँ dono mammay ko kiss krna masalna औऱ suck krna shuru krr दिया sath hi sath dhire dhire loda bi andar बाहर् karne laga thaa फिन mene apne lips didi केँ lips पर्र rakhe औऱ kiss karne laga didi nasha hu gayi thi unhe an बहोत mazaa aaraha thaa mene chance dekh krr loda pichhe khincha औऱ एक् jor kaa dhakka laga दिया jisse मेरा loda didi कि seal todte hue poora andar ghus गय़ा औऱ didi kinaankhe बाहर् nikal aayi didi tadpane lagi मगर mene loda andar hi rakkha मेरे honth abi bi didi केँ lips सें Jude hue the jis wajah सें उसकी aawaj bus gun.gun.hi nikal rahi thi
didi chatpatane lagi thi औऱ khud ko mujhse chhudane कि koshish karne lagi मगर mene unhe नहि chhoda muze didi कि tight choot apne loda ko bhinchte hue mehsus hu rahi thi औऱ जैसे मेरा loda unki choot mai jakad लिया thaa muze बहोत jyada mazaa aaraha thaa
kuchh der बाद didi normal hoyi too mene अपना muh unke muh सें hataya
"dipu tm बहोत gande hu tumne कहा thaa अब durd नहि hoga औऱ sirf mazaa aayega मगर abi जब tumne dhakka mara too muze बहोत durd हुआ aesa lag raha thaa कि abi mar jaungi" didi मेरे sine पऱ mukke marti hoyi boli
"sorry didi मगरअब too durd नहि hu raha h na aapko" mein didi केँ gaal chumte hue बोला
"अब bi hu raha h मगर utna नहि jitna तबहुआ thaa" didi boli
"didi तब aapki choot कि seal tuti thi इसलिये durd jyada हुआ thaa मगरअब कभी bi durd नहि hoga" mene unhe samjhaia औऱ didi केँ mammay suck kiye unki dabata raha फिन lips pe kiss krta यहावहा idhar udhar बहोत kiss mene didi ko
"bhaiya abi mazaa aaraha h muze औऱ durd bi नहि horaha h मगरफिन bi aaram aaram सें krna tej tej नहि abi अच्छा feel karenge rahi ho mein" didi boli
"dekh didi mene कहा thaa na कि kuchh der बाद aapko बहोत mazaa aayega" kahte hue mein dobara didi ko chodne laga mein unhe kiss krr raha thaa rub krr raha thaa muze बहोत mazaa aaraha thaa औऱ अब too didi ko bi बहोत mazaa aaraha thaa woh मेरी pith पर्र hath phira rahi thi
"bhaiya थोडा tej tej Karo muze mazaa aaraha h ha bhaiya औऱ jor सें औऱ tej air jor सें dhakke maro.
.ahhh।.मेरे pyare chhote bhay jor सें chhodo muze" didi apni kamar uchhalti ho sexy aawaj mai boli
अब मेरे dhakko कि bi speed बहोत badh gayi औऱ dhudhar chudayi shuru hu gayi औऱ kuchh hi der mai didi jhad gayi औऱ unki choot मेरे loda ko jakadne औऱ chhodne lagi mein bi jyada der sah नहि paya औऱ मेरे loda ne jor jor सें pichkariya maar krr didi कि choot ko bhar दिया.
waqt बहोत hi गय़ा thaa too बाद mai hamne kuchh नहि किया औऱ apne ap ko saaf karke kapde pahan liye
Thodi hi der बादजब लोग wapis aagaye मगर kirti wapis apne घऱ jaa chuki thi औऱ मेरे mama कि दो judwa betiya yani मेरी mameri bahne joo sirf दो min सें choti badi thi मेरे bhay bahno केँ sath aayi thi एक् kaa nam rupa thaa jabki dusri kaa nam dipa thaa dono hi mast item thi औऱ judwa hone केँ karan dono कि shakal soorat केँ sath sath figure bi lagbhag same hi thaa dono केँ hi mammay bade the औऱ gol matol gaand बाहर् ko nikli hoyi thi मेरी dono सें hi achhi banti thi औऱ chota bhay hone केँ karan woh dono bi muze बहोत pyaar krti thi मगरजब सें sex केँ kide ne muze kata thaa तब सें mein in dono sex bomb ko chodne ko बहोत betab thaa
khair आते hi kavita didi ne खुश khabri sunai कि badal bhaiya औऱ priya didi कि shaadi एक् hi दिन एक् hi mandap सें hongi इसलिये sabhi taiyariyo mai lag jao औऱ rupa औऱ dipa bi अब shaadi tak yahin rha krr hamaari help karengi
didi कि बात sunkar mein बहोत खुश hu गय़ा thaa kyunki muze lag raha thaa कि abi tak joo kuchh bi हुआ h अगर waisa hi chalta raha too shaiad mein rupa औऱ dipa nam कि sex कि दो deviyo ko bi nipta sakta ho
मासूम बनने केँ फायदे
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स – New Episode
मगरयह सभी इतना आसान नहीं थां क्योंकि विवाह कि डेट बहोत पास थि औऱ मेहमान आनां शुरुआत गये थें जोकि मेरेनये नये चुदाई केँ अखाड़े मे उतरे लन्ड केँ संग बहोत नां-इंसाफी थि मगरअब मे कर भि क्याँ सकता थां एक् दोबार प्रिया दिदी औऱ प्रीति दिदी कों चुदाई केँ लिए मनाने कि कोशिश कि मगर मेहमानो केँ कारण उन्होने भि मनाकर दियामगर इसबीच केसे भि बेचारी प्रिया दिदी नें दोबार मुझे चोदने दियामगर ज्यादा मज़े करने केँ लिएअब मेरेपास अपने लन्ड कों हाथ सें हिलाकर शांत करने केँ सिवा औऱ कोई चारा नहीं थां
आज एक् हि मंडप मे बादल भैया औऱ प्रिया दिदी कि विवाह थि बहोत अच्छी बर्थडे पार्टी हुइ औऱ सब नें बहोत एंजाय किया सुभह होते हि प्रिया दिदी कि विदाई हौ गई औऱ हम् भाभी कों लेकरघऱ वापस आँ गये हम् सब बहोत खुश थें औऱ मे मन हि मनसोच रहा थां कि आज कि रात भैया भाभी कि सुहागरात हैं औऱ भैया आज भाभी कों चोद डालेंगे औऱ यहीसोच कर मे थोडा सॅड भि फीलकर रहा थां क्योंकि भाभी केँ जैसा कड़कमाल मेरेहाथ नाँ लगकर भैया केँ हाथलग चुका थां
मगर होनी कों कुच्छ औऱ हि मंजूर थां उसरात भैया केँ कुच्छ मित्र जोँ विवाह मे दूसरे शहर सें आएहुए थें उन्हे खानां खिलाने केँ लिए भैया होटल लें गये थें औऱ हम् सभी भाभी केँ संग भैया केँ रूम मे मे बैठेहुए थें भाभी बहोत सेक्सी लगरही थि मेरादिल कररहा थां कि भाभी कों अभि केँ अभि चोद डालुमगर यह नामुमकिन थां
काफ़ी देर हौ गई थि लेट नाइट भैया अभि तक वापस नहींआए थें हम् सभी परेशान थें फिन एक् मोबाइल आया कि भैया कां आक्सिडेंट होँ गय़ा हैं औऱ वोँ हॉस्पिटल मे अड्मिट हैं
भैया केँ दोस्तो नें शराबपी रखी थि औऱ वोँ सभी खानां खाकर वापस आरहे थें औऱ भैया कां जोँ फ्रेंड गाड़ी चलारहा थां उससे गाड़ी कंट्रोल नहीं हुई औऱ रोड केँ बाजू मे खंबे सें जा टकराई भैया उसी साइड बैठे थें औऱ बहोत ज़ख्मी होँ गये थें जबराह चलते लोगो नें उन्हे देखा तौ उठाकर हॉस्पिटल पहुचाया
हम् सभी जल्द सें हॉस्पिटल मे निकले भाभी भि संग हि थि सभीरो रहे थें हॉस्पिटल पहुचकर पताचला कि भैया कि हालत खराब थि वोँ खून सें लथपथ थें मगर डॉक्टर नें कहा कि ख़तरे कि कोईबात नहीं हैं मगर उन्हे ठीक होने मे कुच्छ वक्त लगेगा
मे बहोत रोरहा थां क्योंकि मेरेमोम डॅड नहीं थें औऱ मेरे भैया नें हि उनकीकमी पूरी कि थि औऱ वोँ हि मेरेलिए सभी कुच्छ थें
तभी कविता दिदी वहाआई औऱ पहले मुझे समझाइया औऱ फिनकब मे चुप होँ गय़ा तौ वोँ बोलि कि सभीलोग वापसघऱ जाओयहा सिर्फ़ मे रुकूंगी औऱ फिन मामाजी भि वहा थें हि तोँ हम् सबघऱ वापस आगये
सारीरात कोई नहि सोयासब लोग टेन्षन कि वजह सें जागते रहेउधर प्रिया दिदी भि बहोत परेशान थि भैया कि खबर सुनकर मगर वोँ बेचारी भि क्याँ करती आख़िर आज उसकी भि सुहागरात थि
खैरसब मे हिम्मत सें काम लिया औऱ अगलेदिन भाभी कों बहोत परेशान थि कों मनाकर जैसे तैसे खानां खिला हि दियाउधर हॉस्पिटल सें भि दिदी कि खबरआई कि भैया कि हालत बहोत तेज़ी सें सुधररही हैं तौ भाभी औऱ हम् सब थोड़े औऱ रिलॅक्स हौ गये थें
उसरात मे भाभी केँ रूम मे गय़ा वोँ अकेली थि मे वहाबैठ कर भाभी केँ संग बाते करनेलगा भाभी देवर जी होने केँ नाते मुझे भैया याँ भइया कहती थि
"भाभी आप् परेशान नां हौ ईश्वर नें चाहा तोँ भैया बहोत जल्दठीक हि जाएँगे" मे भाभी कों दिलासा देतेहुए बोला
"भैया ईश्वर करे कि वोँ जल्दठीक हि जाएमगर भैया सबलोग कहरहे हैं कि मे मनहूस हूं जैसे हि मेरेकदम इसघऱ मे पड़ेयह सभी हौ गय़ा" भाभी दुःखी लहजे मे बोलीं
"नहीं भाभीऐसा नहीं हैं औऱ किसने कहा आपसेयह सभी मुझे बताओ मे उसे नहीं छोड़ूँगा, सच भाभीऐसा केसे हौ सकता हैं बताओ किसने कहा आप् सें ऐसा" भाभी कि बात सुनकर मे गुस्से सें बोला "क्याँ मेरी बहनो मे सें किसे नें कहा"
"नहीं भैया वोँ सभी तौ बहोत अच्छी हैं मगर जौ औऱ भि लोगआए हैं नाँ उन्ही मे सें किसी नें कहा थां औऱ मैनेसुन लिया थां" भाभी बोलीं
इतनाकह कर भाभी रोनेलगी तोँ मैने उन्हे चुप कराया औऱ अपनेगले सें भि लगा लिया
"भाभी प्ल्ज़ रोनाबंद करोयह जौ दूसरे लोग हैं नां सभी बकवास करते हैं असल मे वोँ जलते हैं कि मेरी भाभी बहोत अच्छी हैं औऱ बहोत प्यारी हैं इसलिये" मे भाभी कों दिलासा देतेहुए बोला
मेरीबात सुनकर भाभीचुप होँ गई औऱ फिन हँसने लगी
"अच्छा जी तोँ मे अच्छी हूं, मगर तुम्हे केसेपता जबकि अभि मुझेयहा आएदोदिन हि हुए हैं अब क्याँ पता कि मे अच्छी हूं याँ नहीं औऱ क्याँ पता कि कुच्छ दिनबाद आप् हि कहरहे होवो कि भाभी अच्छी नहीं हैं" भाभी बोलि
"नहीं भाभी मे ऐसाकभी भि नहीं कहूँगा चाहे जौ होँ जाए मुझेपता हैं कि आप् बहोत अच्छी औऱ बहोत प्यारी हैं" मे बोला
अभि हमारी बातचल हि रही थि कि कविता दिदी रूम मे आँ गई
"अरे वाउ.देवरु भाभी एक् संग क्याँ बाते होँ रही हैं" कविता दिदी हमे एक् संगदेख कर बोलीं
"कुच्छ नहीं दिदी बसयह महोदय मेरी बहोत तारीफ कररहे हैं" भाभी बोलि
"अच्छा जी ज़रा हम् भि तोँ सुने कि कितना मक्खन लगारहे हैं जनाब" कविता दिदी मुस्कुराते हुए बोलीं
"दिदी मे भाभी कों कोई मक्खन नहींलगा रहा हूं, भाभीरो रही थि क्योंकि उन्होने कुच्छ लोगो सें सुना जोँ उन्हे मनहूस कहरहे थें क्योंकि उनकेआते हि भैया कां आक्सिडेंट होँ गय़ा तौ मे भाभी कों वही समझारहा थां कि ऐसा कुच्छ नहीं होतायह सभी बकवास हैं" मे बोला
"भइया तुम् बिल्कुल ठीककह रहे हौ सचयहसभी बकवास हैं औऱ भाभी आप् चिंता क्यूं कररही हौ हम् लोगो मे सें किसे नें तोँ ऐसा नहींकहा नाँ" कविता दिदी बोलीं
"दिदी ऐसीबात नहीं हैं आप् सभी बहोत अच्छे हैं मगर कुच्छ लोगो नें कहा हौ मैने सुना इसीलिए सिर्फ़ बता हि रही थि औऱ बहोत दुःखी थि औऱ रोरही थि मगर दिपु भैया इतने अच्छे हैं कि उन्होने मुझे हंसा दिया" भाभी बोलीं
"भाभी आप् भि नां.लोगो कि बाते क्यूं सुनती हौ लोग तोँ किसी कों नहीं छोड़ते औऱ फिन जौ होना हैं वोँ तोँ होकर हि रहता हैं औऱ किसी कि वजह सें तौ कभी भि नहीं होता जौ लिखा हैं बसवही होता हैं" दिदी भाभी कों समझाते हुए बोलि
"देखा भाभी मैने भि तौ यहीकहा थां आप् सें" मे बोला
"ओके बेटा अब भाभी कों अधिक परेशन मत करना औऱ जल्द हि अपनेरूम मे जाकरसो जानां" कविता दिदी बोलि औऱ रूम सें बाहर् निकल गई
फिन मे औऱ भाभी बाते करनेलगे औऱ बाते करते करते हौ मुझे नींद आँ गई औऱ मे भाभी केँ बेड पर्र हि सो गय़ा
मे गहरी नींद मे थां औऱ मेरे कानो मे किसी केँ बोलने कि आवाज़े आरहि थि मे जाग गय़ा मगर मैने आँखे नहीं खोली औऱ सुनने लगा
"भाभी आप् परेशान मतहोओ लोग तोँ बकवास करते हौ रहते हैं उनकीबात दिल पऱ नहीं लेते" मेरे कानो सें प्रीति दिदी कि आवाज़ टकराई "भाभी आपको नींद आरहि होगी आप् सोजाओ, मगरइन कों तौ देखोयह साहब यहींगये, भइयाउठो अपनेरूम मे जाओ भाभी कों सोनेदो"
प्रीति दिदी नें मुझे उठाना चाहा शायद वोँ चुदवाना चाहती थि क्योंकि बहोत दिन होँ गये थें उन्हे चुदाई किए बगैरमगर मैनेकोई रिप्लाइ नहीं किया औऱ वैसे हि पड़ारहा
कब मे नहींउठा तोँ भाभी बोलि "कोईबात नहींसो रहा हैं तौ सोनेदो इसे यहीं वैसे भि मे अकेली हूं"
भाभी कि बात सुनकर मे खुश होँ गय़ा
"अच्छा भाभी कुच्छ चाहिए तोँ बतादो" भाभी कि बात सुनकर प्रीति दिदी बोलि
"नहीं दिदी कुच्छ नहीं चाहिए बस आप् जाओ औऱ सोजाओ रात बहोत हि गई हैं" भाभी बोलि
भाभी कि बात सुनकर प्रीति दिदी चली गई औऱ भाभी नें उठकरगेट लॉककर दिया औऱ कपड़े चेंज करनेलगी मैने थोड़ी सि आँखखोल कर देखा तौ भाभी नें पहले कुरती उतारी भाभी केँ बूब्स ब्रा मे बहोत सेक्सी लगरहे थें फिन भाभी नें दूसरी कुरती उठाकर पहनली औऱ अपनी सलवार उतार दि मगर उनकी कुरती बहोत लंबी थि इसलिये मे ज्यादा कुच्छ नहींदेख पाया.
फिन भाभी नें सलवार पहनी औऱ ज़ीरो कां बल्बऑन करके बाकीसभी लाइटऑफ कर दि औऱ बेड पर्र मेरेपास आकरलेट गई मेरीबॅक भाभी कि तरफ थि
मगर yeh sab itna aasan नहि thaa kyunki shaadi कि date बहोत pas thi औऱ mehmaan आनां shuru gaye the joki मेरे naye naye chudayi केँ akhade mai utre loda केँ sath बहोत na-insafi thi मगरअब mein krr bi क्याँ sakta thaa एक् दो baar priya didi औऱ priti didi ko chudayi केँ liye manane कि koshish कि मगर mehmano केँ karan unhone bi mana krr दियामगर iss bich kese bi bechari priya didi ne दो baar muze chodne दियामगर jyada maje karne केँ liye अब मेरे pas apne loda ko hath सें hila krr shant karne केँ siva औऱ koy chara नहि thaa
आज एक् hi mandap mai badal bhaiya औऱ priya didi कि shaadi thi बहोत achhi party hoyi औऱ sabhi ne बहोत enjoy किया subah hote hi priya didi कि vidai hu gayi औऱ हम् bhabhi ko लेकरघऱ wapis aagaye हम् sabhi बहोत खुश the औऱ mein man hi man सोच raha thaa कि आज कि rath bhaiya bhabhi कि suhagraat h औऱ bhaiya आज bhabhi ko chod dalenge औऱ yahi सोच krr mein थोडा sad bi feel krr raha thaa kyunki bhabhi केँ jaisa kadak maal मेरे hath na lag krr bhaiya केँ hath lag chuka thaa
मगर honi ko kuchh औऱ hi manjur thaa us rath bhaiya केँ kuchh friend joo shaadi mai doosre shahar सें aaye hue the unhe khana khilane केँ liye bhaiya hotel le gaye the औऱ हम् sab bhabhi केँ sath bhaiya केँ kamara mai mai baithe hue the bhabhi बहोत sexy lag rahi thi मेरा dill ❤️ krr raha thaa कि bhabhi ko abi केँ abi chod dalu मगर yeh namumkin thaa
kaafi der hu gayi thi let n bhaiya abi tak wapis नहि aaye the हम् sab pareshan gangster the फिन एक् phone आया कि bhaiya kaa accident hu गय़ा h औऱ woh hospital mai admit h
bhaiya केँ friends ne sharab pee rakhi thi औऱ woh sab khana kha krr wapis aarahe the औऱ bhaiya kaa joo dost gaadi chala raha thaa usse gaadi control नहि hoyi औऱ road केँ baju mai khambe सें jaa takrai bhaiya usi side baithe the औऱ बहोत jakhmi hu gaye the जब rasta chalte logo ne unhe देखा too utha krr hospital pahuchaia
हम् sab juldi सें hospital mai nikle bhabhi bi sath hi thi sab ro rahe the hospital pahuch krr ptaa chala कि bhaiya कि halat bura thi woh khun सें lathpath the मगर doctor ne कहा कि khatre कि कोईबात नहि h मगर unhe thik hone mai kuchh waqt lagega
mein बहोत ro raha thaa kyunki मेरे mummi daddy नहि the औऱ मेरे bhaiya ne hi unki abhav puri कि thi औऱ woh hi मेरे liye sab kuchh the
तभी kavita didi वहा aai औऱ pehle muze samjhaia औऱ फिनकब mein khamosh hu गय़ा too woh boli कि sab लोग wapis घऱ jao यहा sirf mein rukungi औऱ फिन mama bi वहा the hi too him sabhi घऱ wapis aagaye
sari rath koy nahinsoya sabhi लोग tension कि wajah सें jagte rahe udhar priya didi bi बहोत pareshan thi bhaiya कि samachar sunkar मगर woh bechari bi क्याँ krti aakhir आज उसकी bi suhagraat thi
khair sabhi mai himmat सें काम लिया औऱ agle दिन bhabhi ko बहोत pareshan thi ko mana krr जैसे taise khana khila hi दिया udhar hospital सें bi didi कि samachar aai कि bhaiya कि halat बहोत teji सें sudhar rahi h too bhabhi औऱ हम् sabhi thode औऱ relax hu gaye the
us rath mein bhabhi केँ kamara mai गय़ा woh akeli thi mein वहा baith krr bhabhi केँ sath bate karne laga bhabhi devar hone केँ nate muze bhaiya ya bhay kahti thi
"bhabhi ap pareshan na hu bhagwan ne chaha too bhaiya बहोत juldi thik hi jayenge" mein bhabhi ko dilasa dete hue बोला
"bhaiya bhagwan kare कि woh juldi thik hi jaye मगर bhaiya sabhi लोग kah rahe h कि mein manhus ho जैसे hi मेरे kadam iss घऱ mai pade yeh sab hu गय़ा" bhabhi udaas lahje mai boli
"नहि bhabhi aesa नहि h औऱ kisne कहा aapse yeh sab muze batao mein use नहि chhodunga, sacch bhabhi aesa kese hu sakta h batao kisne कहा ap सें aesa" bhabhi कि बात sunkar mein gusse सें बोला "क्याँ मेरी bahno mai सें kise ne कहा"
"नहि bhaiya woh sab too बहोत achhi h मगर joo औऱ bi लोग aaye h na unhi mai सें kisi ne कहा thaa औऱ mene sun लिया thaa" bhabhi boli
itna kah krr bhabhi rone lagi too mene unhe khamosh karaya औऱ apne gale सें bi laga लिया
"bhabhi plz rona बंद karo yeh joo doosre लोग h na sab bakwas karte h asal mai woh jalte h कि मेरी bhabhi बहोत achhi h औऱ बहोत pyari h इसलिये" mein bhabhi ko dilasa dete hue बोला
मेरीबात sunkar bhabhi khamosh hu gayi औऱ फिन hasne lagi
"अच्छा ji too mein achhi ho, मगर tumhe kese ptaa jabki abi muze यहा aaye दोदिन hi hue h अब क्याँ ptaa कि mein achhi ho ya नहि औऱ क्याँ ptaa कि kuchh दिनबाद ap hi kah rahe hovo कि bhabhi achhi नहि h" bhabhi boli
"नहि bhabhi mein aesa कभी bi नहि kahunga chahe joo hu jaye muze ptaa h कि ap बहोत achhi औऱ बहोत pyari h" mein बोला
abi hamaari बात chl hi rahi thi कि kavita didi kamara mai aagai
"are vah.devar bhabhi एक् sath क्याँ bate hu rahi h" kavita didi hame एक् sath dekh krr boli
"kuchh नहि didi bus yeh mahoday मेरी बहोत tarif krr rahe h" bhabhi boli
"अच्छा ji jara हम् bi too sune कि kitna makhhan laga rahe h janab" kavita didi muskurate hue boli
"didi mein bhabhi ko koy makhhan नहि laga raha ho, bhabhi ro rahi thi kyunki unhone kuchh logo सें suna joo unhe manhus kah rahe the kyunki unke आते hi bhaiya kaa accident hu गय़ा too mein bhabhi ko vahi samaja raha thaa कि aesa kuchh नहि hotha yeh sab bakwas h" mein बोला
"bhay tm bilkul thik kah rahe hu sacch yeh sab bakwas h औऱ bhabhi ap fikr kyon krr rahi hu हम् logo mai सें kise ne too aesa नहि कहा na" kavita didi boli
"didi aisi बात नहि h ap sab बहोत achhe h मगर kuchh logo ne कहा hu mene suna isiliye sirf bata hi rahi thi औऱ बहोत udaas thi औऱ ro rahi thi मगर dipu bhaiya itne achhe h कि unhone muze hansa दिया" bhabhi boli
"bhabhi ap bi na.logo कि bate kyon sunti hu लोग too kisi ko नहि chhodte औऱ फिन joo hnaa h woh too hokar hi rahta h औऱ kisi कि wajah सें too कभी bi नहि hotha joo likha h bus vahi hotha h" didi bhabhi ko samjhate hue boli
"देखा bhabhi mene bi too yahi कहा thaa ap सें" mein बोला
"OK beta an bhabhi ko jyada pareshan mat krna औऱ jald hi apne kamara mai jakar so jana" kavita didi boli औऱ kamara सें बाहर् nikal gayi
फिन mein औऱ bhabhi bate karne lage औऱ bate karte karte hu muze neend aagai औऱ mein bhabhi केँ bed पर्र hi so गय़ा
mein gahri neend mai thaa औऱ मेरे kano mai kisi केँ bolne कि aawaje aarahi thi mein jaag गय़ा मगर mene aankhe नहि kholi औऱ sunne laga
"bhabhi ap pareshan mat hovo लोग too bakwas karte hu rahte h unki बात dill ❤️ पर्र नहि lete" मेरे kano सें priti didi कि aawaj takrai "bhabhi aapko neend aarahi hongi ap so jao, मगर in ko too dekho yeh Sahab yahin gaye, bhay uthho apne kamara mai jao bhabhi ko sone दो"
priti didi ne muze uthana chaha shaiad woh chudwana chahti thi kyunki बहोत दिन hu gaye the unhe chudayi kiye bagair मगर mene koy reply नहि किया औऱ waise hi pada raha
कब mein नहि utha too bhabhi boli "koy बात नहि so raha h too sone दो ise yahin waise bi mein akeli ho"
bhabhi कि बात sunkar mein खुश hu गय़ा
"अच्छा bhabhi Kuchh चाहिए too bata दो" bhabhi कि बात sunkar priti didi boli
"नहि didi kuchh नहि चाहिए bus ap jao औऱ so jao rath बहोत hi gayi h" bhabhi boli
bhabhibki बात sunkar priti didi chali gayi औऱ bhabhi ne uthh krr gait lock krr दिया औऱ kapde change karne lagi mene thodi sinankh khol krr देखा too bhabhi ne pehle kurti utari bhabhi केँ mammay bra mai बहोत sexy lag rahe the फिन bhabhi ne dusri kurti utha krr pahan li औऱ apni salwar utar di मगर unki kurti बहोत lambi thi इसलिये mein jyada kuchh नहि dekh paya.
फिन bhabhi ne salwar pahni औऱ zero kaa bulb on karke baki sab light off krr di औऱ bed पर्र मेरे pas aakar let gayi मेरी back bhabhi कि tarf thi
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स - Next part mein bada twist
waiting for next updates bro ?
बहोत हि मस्त
Ankit wrote: ↑01 Sep 2017 20:36superb update pongapandit wrote: ↑01 Sep 2017 20:25 hotttttttt update VKG wrote: ↑02 Sep 2017 15:52बहुत हि मस्त thanks mitro
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