तुँ निकला छुपा रुस्तम - Real Story Continue Part 1
chapter 1 तुँ निकला छुपा रुस्तम
एक् हसीनमगर छोटे बंगले केँ एक् कमरे मे चारलोग थें एक्, डॉक्टर, नर्स, हैंडसम लरका, बहुत हसीन लरकी
डॉक्टर 30 कि होगी नर्स 25 कि लरका 20 लरकी 19
लरकीबैड पे लेती होती हैं लरकी कि हुस्न कि जितनी तारीफ कि जायेकब पर्र जायेगा हूरकहे रूप कि रानीकहे याँ खूबसूरती कि मलिका खैर हुस्न मायने रखती तोँ हैं मगर सबसे जयदादिल कितना साफ हैं वोँ मायने रखता हैं
लरकीबेड पे लेती पलंग कों पकरें अपनी पूरी ताकत लगाके दर्द मे कहारते हुवे पूरीजोर लगारहा हि असल मे लरकी बच्चे कों जन्मदे रही थि लरकाखरा सभीदेख रहा थां धीरे-धीरे ठोरीदेर बाद लरकी कि जोरदार चीख केँ संग कमरे मे बच्चे कि किलकारी गुजने लगती हैं लरकी कि हालत ठोरी खराब थि जोरजोर सें साने लेने लगती हैं औऱ लरके कों गुस्से सें देखती हैं लरकाडर केँ नजरे दूसरी तरफकर लेता हैं
डॉक्टर अपनाकाम करके बच्चे कों नर्स कों दे देती हैं नर्स बच्चे कों अच्छे सें साफ करती हैं उसकेबाद नर्सजब अच्छे सें बच्चे कों देखती हैं तोँ उसकीआखे हैरानी सें फैल जाती हैं कियुंकी बच्चा बहुत सुंदर थां मगर अगले हि समय नर्स कि आखो मे दर्दझलक परता हैं नर्स लरके कों देखती हैं औऱ मन मे सोचती हैं बाप इतना हैंडसम हैं तोँ उसका बेटा हैंडसम होगा हि मगरदिल सें दोनों बुरे हैं
नर्स बच्चे कों लेके लरकी केँ पासखरी बैठ जाती हैं लरकी जोँ बैड पे थि एक् बार भि अपने बच्चे कों देखने कि कोसिस नहीं करती बल्की लरकी दूसरी तरफनजर फेर लेती हैं
नर्स डॉक्टर कों देखती हैं डॉक्टर इशारे सें अपनाकम करने कों कहती हैं
लरकीफिन गुस्से सें लरके कों देखती हैं लरका लरकी कों देखते हुवे डरते हुवे - दोस्त हमेसा कोंडोम यूज़ करता थां एक् बार बिना कोंडोम केँ किया औऱ तुम् एक् बार मे हि पेग्नेंट हौ गई इसमे मेरी क्याँ गलती हैं
लरके कि बातसुन लरकी औऱ क्रोध हौ जाती हैं लरकी गुस्से सें इशारे सें कुछ कहती हैं जिसेसमझ लरका नर्स कों देखते हुवे - जैसा हमारे बीच वादाहुआ हैं तयहुआ हैं इस बच्चे कों लेकेजाओ पीछे पहारों मे मार केँ दफनादो
डॉक्टर लरके कों देखकुछ कहने कि कोसिस करती हैं तोँ लरका डॉक्टर कों देख थोरा गुस्से सें - जानती होँ नाँ मे कोनहु अपनाकाम करो पैसेलो औऱ जाओ
डॉक्टर थोराडर जाती हैं औऱ नर्स कों देख - ठीक हैं जाओ जैसाकहे हैं वैसाकरो
नर्सखरी होके जाने लगती हैं तभी लरकी नर्स कों अपनेगले सें एक् लॉकेट निकाल नर्स कों देने लगती हैं नर्स लॉकेट लेने लगती हैं लरकी नर्स कों देख थोरा दर्द मे धीरे-धीरे सें - लॉकेट बच्चे केँ गले मे पहनादो ऊपर जायेगा तौ यह नहीं कहेगा मेनेकुछ दिया नहीं हैं
लरकी कि बातसुन नर्सखरी डॉक्टर औऱ हैरान लरकी कों देखते रह जाते हैं मगरकुछ कर नहीं सकते थें
लरका नर्स कों देख - अबजाओ याद रखनाकोई देखे नां औऱ अच्छे सें बच्चे कों दफना देनासमझ गई
नर्सखरी होके लरके कों देख - जी
लरका - आगेकुछ मत केहना जाओ
नर्स डॉक्टर कों देखती हैं फिन बच्चे कों लेकेचली जाती हैं कमरे मे लरकी लरका डॉक्टर रह जाते हैं जौ कुछ जरूरी बातें करने लगते हैं
नर्स बगलो केँ बाहर् एक् गारी केँ पासआके दरवाजा खोलके आगे वालीसीट मे बच्चे कों रखती हैं फिन दूसरी साइड दरवाजा खोलके सीट मे बैठ गारी चालू करके एक् बार बच्चे कों देखती हैं जोँ रो नहींरहा थां चुप थां
नर्सफिन गारी लेके पहारों कि तरफ निकल बर्थडे पार्टी हैं 25 मिनटबाद नर्स जितना हौ सके पहारों केँ ऊपर गारी लेके जाती हैं फिन एक् स्थान गारीलगा देती हैं
नर्स गारी सें सें बाहर् आती हैं दूसरी तरफ जाके दरवाजा खोलके बच्चे कों गोद मे लेके दरवाजा बंद करते चारों तरफ एक् नजर दोराते देखती हैं कोई नहीं थां आसपास
नर्स भि जंगल सें होते पहारों केँ ऊपर जाने लगती हैं छोटे सें रास्ते सें दोनों तरफबरे बरेपैर झरिया थि नर्स बच्चे कों लिये तेजी सें आगे बढ़ते रहती हैं चलते चलते 10 मिनटबाद नर्स एक् स्थान पे आकेरुक जाती हैं अब नर्स कों वोँ करना थां जौ एक् पाप थां जिसकी माफीकभी मिल नहीं सकती थि
नर्स बच्चे कों देखती हैं औऱ कपते हाथो सें बच्चे केँ गले कों पकर् लेती हैं मगर बच्चे कों मार नहीं पाती नर्सहाथ बच्चे केँ गले सें हटा केँ आगे कि तरफ देखती हैं फिन औऱ आगेउपर कि तरफ जाने लगती हैं चलते चलते नर्स एक् स्थान आती हैं
नर्सजब सामने देखती हैं तौ पहारों केँ बीच बासा एक् छोटा सां गाव नर्स कों दिखाई देता हैं नर्सगाव कों देखते हुवेकुछ सोचने लगती हैं सोचते सोचते नर्स केँ मन मे कुछआता हैं नर्स बच्चे कों एक् नजर देखती हैं फिन पीछे कि तरफआती हैं
नर्स देखती हैं एक् पतला मार्ग हैं यानी इंसान याहा सें आते जाते हैं नर्स एक् बरे जंगली पत्ते कों तोरके रास्ते पे पास हि पत्ते मे बच्चे कों रख देती हैं औऱ जौ लॉकेट थां वोँ भि बच्चे केँ गले मे पहना देती हैं
नर्स बच्चे कों देख थोरा दुखी दर्दभरी आवाज़ मे - माफ करनाइस दुनिया मे आये तुम्हे एक् घंटे भि नहीं हुवे औऱ तुम्हरे मा पिताजी
नर्स आँसूसाफ करते हुवे, तेरे मां बापू नहीं चाहते तुम् जिंदा रहो नां दोनों चाहते हैं तुम्हें कोई पालेइस लिये मुझे तुम्हे मरने कों कहा थां मगर मे एक् माहु तुम् इतने प्यारे कों मे तुम कोमार नहींपाई
नर्सखरी होके बच्चे कों देखती हैं फिन जाते हुवे - अगरउपर वाला चाहता हैं तुम् जिंदा रहो तोँ कोई नाँ कोई आयेगा जौ तुम्हे लेके जायेगा
मे इतना हि तुमहारे लियेकर सकतीहु मे मजबूर हु मुझेमाफ कर देना
नर्स कहते कहतेदूर निकल जाती हैं औऱ बच्चा रोने लगता हैं
नर्स जल्द सें अपनी गारी केँ पासआती हैं दरवाजा खोलबैठ गारी चालू करके वक्त देखती हैं दोपहर केँ 2 बजरहे थें नर्सफिन तेजी सें गारी लेकेचली जाती हैं एक् बार भि पीछे नहीं देखती
साम 3 बजगये थें मौसम अच्छा ठंडा होँ गय़ा थां एक् झोपरी केँ बाहर् 21 साल कां लरकाखरा घऱ कि तरफदेख किसी कों आवाज़ लगारहा थां लरके थां नाम - पवन
पवन - अरे मेरीजान मेरी रसभरी औऱ कितना देर करने वाली होँ तुम्
तभीघऱ सें बाहर् एक् बहुत सुंदर लरकी सारी मे पवन केँ पासआके खरी हौ जाती हैं औऱ पवन कों देख - सर्म करिये कोईसुन लेगा तोँ किया सोचगे
पवन मुस्कुराते हुवे - अरे भइया किया सोचेगा यही कि पति पत्नि केँ बीच कितना प्रेम हैं
लरकी कां चेहरा सर्म सें लाल होँ जाता हैं
मिना 20 कि हैं पवन कि वाइफ बहुत कि जयदा हसीन पर्फेट बॉडी चुचे तौ इसउमर मे भि सारी केँ ऊपर सें खरेसाफ दिखाई देते हैं चाहे मिनाकुछ भि पहन लें चुचे केँ उभारदिख हि जाते हैं मगर सबसे जयदा मिना कि बाहर् निकली गांड पे नजरहर किसी कि जयदा रहती हैं मिनाजब चलती हैं तोँ उफ गांडऐसे हिलते हैं जैसेदो ढोल केँ बीच लराइ हौ रही होँ
पवन मिना कों देख - अबचले तैयार तौ ऐसे होकेआती होँ जैसे हम् कही घुमने जारहे हैं मेरीजान लकरि लेनेजा रहे हैं हम्
मिना सारीसर पे डालते हुवेपवन कों देखमुह बाना केँ - पताजी अच्छे सें पता हैं मगर आपको क्याँ महिला कों हमेससज केँ रहना चाहिये समझगये
पवन अपनासर पकर् - समझ गय़ा स्त्री सें बहस जीवनतहस नहसअब चले
मिना - होँ तोँ चलो नां
पवन मिना पहारों कि तरफ सुखी लकरि लेने निकल परते हैं पवन मिना दोनों हि रहते हैं गरीब हैं विवाह केँ 2 साल सें जयादा होने वाले हैं मगर मिनामा नहींबन पाई कियुंकी पवन केँ माल मे दम नहीं हैं डॉक्टर नें बस कोसिस करते रहने कों बोला हैं
पवन मिना बातें करते जंगल मे आके सुखी लकरि उठाने लगते हैं दोनों संग मे बातें भि कररहे थें पवन मिना सें दुखी होके केहता हैं - मिनाअगर मेरीवजह सें तुम् मा नहींबन पाई तोँ तुम् दूसरी विवाह कर लेना
मिना हैरान पवन कों देखती हैं फिन थोरे गुस्से सें कहती हैं - दुबारा मत कहना मे प्यारी करतीहु आपसेरही बातमा नहींबन पाई तौ भि आपसेसंग पूरी जीवन मुझे जीना हैं हम् एक् बच्चा गोद लें लेगे
पवन नजरे झुकाते हुवे - हा जैसा तुम् बोलो
मिनापवन लकरि सारी लकरि कों रस्सी सें बांध देते हैं औऱ पास मे दोनों बैठ जाते हैं
पवन मिना कों अपनेगोद मे बैठा केँ गर्दन मे किस करते हुवे - कोईइधर जयदाआता जाता नहीं किया कहती होँ एक् राउंड होँ जाये
मिनापवन कों देख थोरा सर्म सें लाललाल होते हुवे धीरे-धीरे सें - हु
पवन मिना कों नीचे लेता लेता हैं सूखे पत्ते पे औऱ पवन मिना केँ टाँगो केँ बीच घुटने मे बैठे मिना कि सारी पेटीकोट कों पुराउपर कर देता हैं मिना कि छोटे बालों वाली चूत पवन केँ सामने थि
मिना तांगे फैलाते हुवेपवन कों देख - जल्द करिये इसतरफ जादेलोग आते नहीं इसका मतलबयह नहींकोई नहीं आँ सकता
पवन अपना पैंट चड्डी नीचे करते हुवे - तुम्हारी बात भि सही हैं
पवन मिना केँ दोनों टाँगो केँ बीच अच्छे सें बैठ अपने लन्ड पे थूक लगाता हैं फिन उंगली मे थूक लेके मिना कि चूत केँ छेद फाको केँ बीचलगा लगाने लगता हैं मिना सिसक् परती हैं
पवनथूक लगाने केँ बाद अपना लन्ड पकर् मिना कि चूत केँ फाको केँ बीच घिसने लगता हैं मिना सिसकते हुवेआस पास चारों तरफदेख रही थि तभीपवन एक् जोर केँ धक्के केँ संग पुरा लन्ड जर तक मिना कि चूत मे घुसा देता हैं मिना एकदम सें अहहमर गई मा
मिनापवन कों देख दर्द मे - कितनी बारकहा होँ धीरे-धीरे डालने कों मगर आप् हैं सुनते हि नहीं
पवन मिना केँ ऊपर पुरालेत जाता हैं औऱ मिना कों किस करते हुवे - सोर्री मेरीजान
पवन धीरे-धीरे धीरे-धीरे मिना कों बाहों मे लिये चुदाई करने लगता हैं मिनापवन कों अपने दोनों पैरो सें जकर् लेती हैं औऱ दोनों हाथो सें पवन कों बाहों मे पकर लेती हैं संत जंगल मे फच्फच् पायल औऱ तेजससे सिसकिया कि आवाजे गुजने लगती हैं
10 मिनटबाद तेजअहह कि आवाजे केँ संग चुदाई खतम हौ जाती हैं
पवनखरा होके चड्डी फिन पैंट पहने लगता हैं मिना भि खरी होके सारी औऱ बालसभी सही करकेबदन मे लगे तिनके पत्ते साफ करने लगती हैं
पवन मिना कों देख - अबचले
मिनापवन कों देखते हुवे - जी
पवन मिना लकरिउठा केँ जाने लगते हैं बातें करते हुवेइस बार वोँ दूसरे रास्ते सें जारहे थें कों थोराआगे सें थां तभीपवन मिना कों जोरजोर सें बच्चे केँ रोने कि आवाजे सुनाई देती हैं मिनापवन हैरान पीछेमूर आवाज़ कि तरफ देखने लगते हैं
मिना हैरानी सें - पति जीयह तोँ बच्चे केँ रोने कि आवाज़ हैं मगरइस जंगल मे
पवन थोरा सन्त होके - मेरी लड़ो मुझे लगता हैं कोईमा अपने बच्चे कों लेकेआई होगी
मिनापवन कों देख - अगरऐसा नहींहुआ तौ देखिये हमे जाके देख्ना चाहिये
पवन मिना कों देखता हैं फिन - ठीक हैं बाबाचलो
पवन मिना आवाज़ कि तरफ चलते जाते हैं कुछ मिनट केँ बाद हि दोनों कों वोँ बच्चा जमीन मे रोता दिखाई देता हैं आसपास किसी औऱ कों नां देखपवन मिना पुरे हैरान बच्चे कों देखने लगते हैं
मिनामुह मे हाथरखे हैरानी सें - यह बच्चा केसे जंगल मे आया
पवन मिना कों संभालते हुवे - संत मिना मे देखता हुआसपास सायदकोई होँ
मिना - ठीक हैं जाके देखिये
पवनआस पास थोरिदूर तक जाके देखता हैं आवाज़ देता हैं सायदकोई हौ तौ पताचले पर्र कोई नहीं थां
पवन वापस मिना केँ पासआके - बच्चे कां कोई नहीं यानीइस बच्चे कों
पवन दुखी आवाज़ मे केहता हैं
मिनासमझ जाती हैं औऱ बच्चे केँ पासबैठ जाती हैं पवन भि नीचेबैठ बच्चे कों देखने लगता हैं मिना बच्चे कों चेक करती हैं बच्चा सही तौ हैं तभी मिनापवन कों बच्चे केँ गले मे सोने कां लॉकेट सिखाई देता हैं पवन मिना औऱ हैरान होते हैं मिना जल्द सें बच्चे कों गोद मे उठा लेती हैं औऱ खरी होती हैं
पवनखरा होके मिना कों देख - किसी अमीर कां बच्चा हैं सायदगलत टाइम पैदा हौ गय़ा उसकीसजा इस प्यारे मासूम कों मिलरही हैं
मिना बच्चे कों दर्दभरी नजरो सें देख गुस्से मे - कितने गिरेनीच लोग हैं इस दुनिया मे कितना प्यारा बच्चा हैं औऱ इस प्यारे बच्चे कों जंगल मे जंगली जानवरो कों खाने मरने केँ लियेफेक दियाअरे मे मा बनने केँ लिये तरप्रही हुमगर उपर वाले नें इतना प्यारा बच्चा दिया तोँ
मिना केँ आखो सें आँसूछलक परते हैं
पवन मिना केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे गहरी सासे लेते हुवे - यही सचाई हैं मिना जिसेउपर वाला देता हैं जिसे जौ चीजे आसानी सें मिल जाती हैं वोँ लोगउस कि कदर नहीं करते हैं वैसेयह लरका हैं याँ लरकी
मिना नीचे कां कपराहटा केँ देखती हैं तौ पता चलता हैं लरका हैं
पवन - हु लरका हैं अब क्याँ करे हम्
मिना बच्चे कों सीने सें लगा केँ - अब सें यह बच्चा मेरा बेटा हैं मे इसकीमा
पवन हैरान होके - मिनामगर
मिनापवन कों देख उमीद सें - पति जी भाग्य हमे लेकेआज यहाआई हैं हम् आजआने वाले नहीं थें दोदिन बादआने वाले थें सोचिये हम् नहींआते यह बच्चा हमे नहीं मिलता तौ
पवन। मिना कि बात समझते हुवे - तोँ रात कों हि
मिना - सुन लीजिये अबयह बच्चा हमारा हैं हमारा बेटा
पवन बच्चे कों देख - तुम् नें सहीकहा भाग्य सायदयही चाहती हैं
पवन मिना बच्चे कों लेके अपनेघऱ आते हैं शाम होँ चुकी थि जन्म लेने केँ बाद सें बच्चा भुका थां इस लियेरो रहा थां मिना चटाई मे बैठी गोदी मे बच्चे कों लिये प्रेम सें - रोते नहीं मेरा बच्चा मा हैं नां तेरेपास
पवनपास मे बैठा मिना कों देख - जान बच्चा भूखा हैं मे दावे सें केह सकताहु जन्म देने केँ बाद इसकीमा नें एक् बार भि दूध नहीं पिलाया होगा
मिनापवन कि बातें सुन औऱ गुस्से सें भर जाती हैं
मिना गुस्से सें - कितनी गिरी हुई मा होगी
पवन - बच्चा
मिनाबीच मे - यह बच्चा बच्चा किया हैं बेटा कहिये
पवन थोरा मुस्कुराते हुवे - हा हमारा बच्चा भूखा हैं आज हि पैदाहुआ हैं इस लियेकुछ महीने हमेइसे पाउडर कां दूध पिलाना होगा
मिना बच्चे कों रोतादेख पवन कों देख - तौ बैठे कियु हैं जाइये जल्द सें मेरे बेटे केँ लिये पाउडर वालादूध बोतल लेके आइये
पवन जल्द सें खरा होके - समझ गय़ा बाबा अभि लेकेआता हु
पवन जल्द सें चला जाता हैं दूध लानेवही मिनाबरे प्रेम सें बच्चे कों खेलने लगती हैं मिना केँ चेहरे मे अलग हि खुशीचैन थां
10 मिनटबाद पवनआता हैं दूध रेडी करके बोतल मे रखके मिना कों दे देता हैं औऱ पास मे बैठ जाता हैं
मिना बोतल लेके निपल बच्चे केँ मुह मे देकेदूध पिलाने लगती हैं बच्चा भि भूखा थां तोँ दूध पीने लगता हैं मिनायह देखखुश होके - देखिये नाँ केसे हमारा बच्चा दूधपी रहा हैं
पवन भि खुश होके - हा मिना मे देखरहा हु
पवन मिना कों इतनाखुश देख वोँ भि बहुतखुश थां मा बाप बनने कां एहसास दोनों केँ चेहरे पे साफदिख रहा थां दोनों बहुतखुश थें
बच्चे कों दूध पिलाने केँ बाद मिना बच्चे कों नीचे लेता देती हैं औऱ स्वयं देत जाती हैं औऱ बच्चे कों प्रेम सें देखते हुवे थपकी देते हुवेपवन सें - देखिये नाँ केसे मुझे अपनी प्यारी आखो सें देखरहा हैं
पवन मुस्कुराते हुवे - हादेख रहाहु सोचरहा हैं यह पयारी सुंदर स्त्री मेरीमा हैं
मिना थोरा इमोसनल होके बच्चे कों औऱ पास सें देख प्रेम सें - सच मे मेरा बच्चा यहीसोच रहा हैं हु
बच्चा थोरिदेर मे हि सो जाता हैं
पवन मिना कों देख - रात भि हौ गई खानां भि नहीं बनाया खायेंगे क्याँ
मिनापवन कों देख - एक् रात नहीं खायेंगे तोँ क्याँ हौ जायेगा चुपचाप सो जाइये
मिना पूरीतरह बैडलेत जाती हैं औऱ बच्चे कों अपने सें चिपका लेती हैं दूसरी साइडपवन भि लेत जाता हैं दोनों बच्चे कों देखने लगते हैं
मिना बच्चे कों देख - कल हम् बाबा केँ पास जायेंगे वही हामरे बच्चे कां नामकरण करेगे
पवन मिना कों देख - जैसा तुम् बोलो
दोनों भि सो जाते हैं
सुभह मिना खानां बनारही थि औऱ पवनगोद मे लिये बच्चे कों दूध पिलारहा थां बेचारे केँ आखो मे नींद थि जौ पूरी नहीं हुईँ थि
पवन बच्चे कों देख - रातभर इस शैतान नें सोने नहीं दिया मुझे
मिना जौ खानां बनारही थि पवन कि बात सुनते हि पवन कों देख गुस्से सें - किसको शैतान बोला आपनेहा
पवन मिना कों गुस्से मे देख डरते हुवे - अरे मेरीजान मेने प्यारा बोला पयारा बच्चा
मिना रोटीतवे पे रखते हुवे - मेरेलाल कों कोई बुरा बोलेगा उसकीनाक तोर दूंगी
पवन अपनेनाक पे हाथ रखते हुवेमन मे - आगे सें ध्यान देना होगा नहीं तोँ मेरीनाक नाँ तोरदे
खानां बनके तैयार होता हैं पवन मिना खानां खाते हैं फिन मिनाकुछ रोटी सब्जी पैक करती हैं औऱ पवन केँ संग बच्चे कों लेकेगाव सें बाहर् थोरिदूर पीपल केँ पैर केँ नीचे एक् बाबा बैठे थें उनकेबाद आकेबैठ जाते हैं
बाबा अपनीआखे खोलपवन मिनागोद मे बच्चा देख हैरान होते हैं असल मे मिना बाबा सें मिलने आती रहती थि
बाबा मिना सें - मिना बेटी यह तेरेगोद मे किसका बच्चा हैं
मिना बच्चे कों देख - बाबा मेरा हमारा बच्चा हैं
बाबा हैरान होके - मगर तुम् तोँ
पवन बाबा कों देखते हुवे सारीकथा बता देता हैं बाबा हैरान फिन मुस्कुरा देते हैं
बाबा मिना कों देख - बेटी कहा थां नां इंतजार करोउपर वाला तुम को जरूरमा बनने कां सुख देगाभले यह बच्चा तेरेकोख सें जन्म नहीं लियामगर मरने सें बारा बचाने वाला होताहु हा तुम् हि इसकीमा कों औऱ पवन बेटा तुम् उसके बापू
पवन मिना एक् दूसरे कों देख मुस्कुराते हैं
मिना बाबा कों देख - बाबा मे आपकेपास आईहु ताकि आप् हमारे बच्चे कां नामकरण करदेदे
बाबा मुस्कुराते हुवे - मुझे खुशी होगी
बाबाबचे केँ सर पे हाथ रखते हुवेआखे बंद करके बच्चे केँ भावीसय् कों देखने लगते हैं बाबा जोँ भि देखते हैं उनके चेहरे मे वैसाभाव आने लगता हैं कभी बाबा मुस्कुराते हैं कभी अजीब चेहरा बनते हैं कभी हसने लगते हैं तौ कभी हैरान होते हैं तौ कभीशोक होते हैं तौ कभी इमोसनल हौ जाते हैं
बाबा कों ऐसा रियेक्सन् देख मिनापवन हैरान होते हैं
तभी बाबा केँ मुह सें निकलता हैं ( तु नीकला छुपा रुस्तम्
मिनापवन भि सुनके हैरान होते हैं
बाबा अपनीआखे खोलते हैं मिना बेताबी सें - बाबा आपकेमुह सें जोँ निकला
बाबा मिना कों देख थोरा मुस्कुराते हुवे - कुछबता तोँ नहीं सकतामगर टाइमआने मे यह बच्चा जब बारा होगा तुम् दोनों कों तबपता चल जायेगा मेरेमुह सें कियु ( तु निकला छुपा रुस्तम् ) निकला हैं
पवन - बाबा हम् समझगये बस इतनाबता दीजिये हमारे बच्चे कां भावीसय् कैसा हैं
बाबापवन मिना कों देख - अच्छे केँ लिये अच्छा बुरो केँ लिये बुरा मजबूर लोगो केँ लिये मसीहा जरूरत लोगो केँ लिये दानी जौ जैसा रिस्ता तेरे बेटे सें रखेगा उसे वैसा हि मिलेगा
मिना बच्चे कों देखते हुवेखुश होके - बाबा तोँ कोईनाम बताइये नां
बाबा बच्चे कों देखमन मे - दोरूप होगेइस बच्चे केँ तेज दिमाग़ चालाकी ताकतसभी मे माहिर बनेगा लोगो केँ नजरो केँ सामने होगामगर कोई पहचान नहीं पायेगा
बाबा मिनापवन कों देख - आज अभि सें इस बच्चे कां नाम होगा ( आर्नव )
मिना बच्चे केँ गल मे उंगली फेरते हुवे धीरे-धीरे सें - आर्नव
मिनापवन कों देखखुश होके - बहुत प्यारा नाम हैं नाँ
पवनखुश होके - हा हमारा बेटा आर्नव
मिना बाबा कों रोटी सब्जी कुछ पैसे देखे आशीर्वाद लेके जाने लगते हैं
बाबा बैठेपवन मिना कों जातेदेख मन मे - जोँ जैसा रिस्ता रखेगा वैसाउसे मिलेगा मगर मे यहसोच रहाहु जिनमा नें पहले हि अपना रिस्ता इसतरह तोरउसे फेक दिया उसका क्याँ होगा एक् दिनअगर आर्नव कों पताचला सचाईतब क्याँ होगा
बाबाआखे बंद करते हुवे - सभी कों अपने कर्मो कां फल बुघतना परता हैं
रात 9 बजे मिनापवन खानां पीना खाने केँ बाद पलंग पे लेते हुवे थें दोनों केँ बीच मे आर्नव लेता थां दूध पीके मस्त होके मिनापवन कों देखरहा थां
मिना आर्नव केँ गल कों छुटे हुवे - मेरालाल कितना कियुत् हैं अपने बाप सें भि हैंडसम होगा बारा होके
पवन मिना कों देखते हुवे - तुम्हारे कहने कां क्याँ मतलब हैं मे हैंडसम नहींहु
मिना अजीबमुह बनते हुवे - हैं मगर मेरेलाल केँ जयदा नहीं
पवन हस्ते हुवे - आते हि मेरी पत्नि कों अपनीतरफ कर लिया
मिना आर्नव कों अपने सें चिपका केँ - मे तोँ स्वयं अपनेलाल केँ तरफ खीचीचली गई हु मेरा बच्चा
15 मिनटबाद
आर्नव सो जाता हैं पवन मिना केँ पासआके मिना केँ ऊपरलेत किस करने लगता हैं मिना आर्नव कों देखते हुवे - मेरालाल उठा तौ आपकीखैर नहीं
पवन डरते हुवे मिना कों देख - समझ गय़ा मेरीजान
पवन अपना पैंट नीचे करके निकाल देता हैं औऱ मिना कि सारी पेटिकोट कों उपर करके मिना केँ ऊपरलेत जाता हैं मिना अपने हाथो पे थूक लेके अपनी चूत केँ अच्छे सें लगा केँ पवन कां लन्ड अपनी चूत केँ छेद पे सेटकर देती हैं पवन मिना केँ ऊपर पुरा लेते मिना कों बाहों मे लिये धीरे-धीरे धीरे-धीरे पुरा लन्ड अंदर मिना कि चूत मे घुसा देता हैं मिनाअहह करती हैं औऱ पवन केँ गांड पे दोनों हाथ रखते हुवे अपनी चूत मे दबने लगती हैं पवन धीरे-धीरे धीरे-धीरे चुदाई करने लगता हैं
( 19 सालबाद )
गाव सें दूर जंगल मे एक् बूढ़ा खरा थां जैसे किसी कां इंतजार कररहा होँ तभी बूढ़े केँ पास एक् लरकाआता हैं औऱ बूढ़े कों झुकते हुवे आशीर्वाद लेते हुवे मास्टर केहता हैं
बूढ़ा लरके कों आशीर्वाद देते हुवे - खुशरहो आर्नव बेटा
हायह आर्नव हैं होँ अब 19 साल कां एक् जवान हैंडसम लरकाबन गय़ा हैं
बूढ़ा मामूली इंसान नहीं एक् रितायेर् माहिर एजेंट होता हैं जिसका नाम हैं सहदेव
सहदेव - आर्नव कों देख हस्ते हुवे - फिनमा सें छुप केँ आये होँ नाँ
आर्नव थोरा डरते हुवे - क्याँ बताऊ मास्टर मा मेरे पीछेपरी रहती हैं कही जाने नहीं देती
सहदेव आर्यन कों देख - भाग्य वाले कों इतनी प्रेम करने वालीमा मिली हैं तुम को
आर्नव नजरे नीचे करके - हा जनताहु मे भि मा पिताजी सें बहुत प्रेम करताहु अपनेजान सें जयादा
सहदेव - 2 साल सें तुम्हारी तरफ सिखाते आँ रहाहु जब तुम् नें मुझे गुंडे सें लरते देखा तौ जिद करनेलगे सिखाने केँ लिये मेनेमना कियामगर तुम्हारी किस्सा मकसदसुन मे मुझे राजी होना पारा मुझे खुशी हैं तुम् जैसा स्टूडेंट मुझे मिलाअब मेरेपास तुझेही सिखाने केँ लियेकुछ नहीं हैं
चलो लास्ट बार मास्टर स्टूडेंट एक् डुवॉल करते हैं देखु तोँ मेरा स्टूडेंट कितना ताकतवर होँ गय़ा हैं कियुंकी उसकेबाद तुम् अब अपने मिसन मे जाने केँ लिये सजधजकर हौ
आर्नव मुस्कुराते हुवे अपने दोनों हाथ कि मुठीकस आगे करते हुवे - तौ देरकिस बात कि मास्टर
सहदेव हि दोनों हाथो कि मुठी करते हुवे तैयार होके मुस्कुराते हुवे - चलोफिन
आर्नव सहदेव मे फाइट होने लगती हैं दोनों पूरी ताकत सें लरने लगते हैं
वही मिना डंडा लिये गुस्से सें आर्नव कों धुनरही थि
मिना गुस्से मे - यह सैतान बहुत बिगर गय़ा हैं घऱ मे पांव टिकता हि नहींआज तौ मार परेगी तभी जाके सुधरेगा
मिना जोँ 20 कि जवान भाभी थि अब मिनाभरी जिस्म गदराइ बॉडी कि मालकिन 39 साल कि ऑन्टी बन गई थि जोँ चुचे 20 कि उमर मे भि खरेखरे पहार् जैसे दिखाई देते थें अब औऱ बरेबरे खरे दिखाई देते हैं जौ गांड 20 कि उमर मे भि बरी मस्त हिलती थि अब वोँ गांड औऱ बरीबरी मोटी बाहर् निकलआई थां ऊपर सें नीचे तक मिना कयामत बन गई थि
सायदउपर वाले कों पता थां मिनामा बन नहीं पायेगी इस लिये आर्नव मिना कों मिलाहा मिना केँ लिये उसकेआखो कां तारादिल कां टुकरा उसकीजान सभी आर्नव हैं
कल पे एक् सुंदर भाभी पानीभर रही होती हैं उसकीनजर मिना पे जाती हैं भाभी मिना केँ पासआके हस्ते हुवे - कियु ऑन्टी देवर जीजीफिल भागगये घऱ सें
मिना भाभी कों देख - क्याँ बताऊ पायलयह लरकाघऱ सें बहार हि रहता हैं यह नहींमा केँ संग वक़्त बिताय
पायल 19 साल कि परोसी विवाह सुधा हैं पायल आर्नव कों बहुत प्रेम करती हैं देवर जी केँ रूप मे बहुत मानती हैं आर्नव कों आर्नव भि पायल कों बहुत मानता हैं बहुत सुंदर हैं दिल कि भि बहुत अच्छी हैं
पायल हस्ते हुवे - ऑन्टी डंडा तौ लाती हौ मगर एक् भि दिन देवर जीजी कों मारते हुवे नहीं देखा
मिना - आज मरुगी देख लेना तेरे लाडले देवरु कों
तभी एक् बूढ़ा व्यक्ति मिना पायल केँ पासआते हुवे - बच्चे कों मारना गलत हैं प्रेम सें संझाओ मारना गलतबात हैं
बूढ़ा यह कहके जाने लगता हैं औऱ मिना पायल हैरान बूढ़े कों जाते देखती रहती हैं
बूढ़ा जौ जारहा थां मुस्कुराने लगता हैं यह बूढ़ा कोई औऱ नहीं आर्नव होता हैं
आज केँ लिये इतना हि
उमीद हैं आप् इस किस्सा कों प्रेम देगे औऱ update कैसालगा जरूर बताना
kahani say Badhiya vibe aa rahi h waise main bi abi ek kahani likh rha ho or new ho yeh site bi thik say use karni nahee aati
नई स्टोरी केँ लिए हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी पिछली कहानियों कि तुलना मे आशा हैं कि यह किस्सा औऱ आकर्षक औऱ रंगीन होगी
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 2
तभी एक् बूढ़ा व्यक्ति मिना पायल केँ पासआते हुवे - बच्चे कों मारना गलत हैं प्रेम सें संझाओ मारना गलतबात हैं
बूढ़ा यह कहके जाने लगता हैं औऱ मिना पायल हैरान बूढ़े कों जाते देखती रहती हैं
बूढ़ा जौ जारहा थां मुस्कुराने लगता हैं यह बूढ़ा कोई औऱ नहीं आर्नव होता हैं
आगे
आर्नव तोँ अपनीमा पायल केँ सामने सें हि एक् बूढ़ा व्यक्ति बनके दोनों कों धोका देकेचला जाता हैं तोँ वही मिना पायल देखते रह जाते हैं
पायल मिना सें - अजीब बूढ़ा थां
मिना - हा थां तोँ
मिना पायल कों देख - बेटी पायल तुमसे एक् जरूरी बात करनी हैं
पायल मिना कों देखते हुवे - बोलिये नां ऑन्टी
मिना थोरा टेंसन मे - आर्नव कों पताचल गय़ा हैं हम् उसके असली माँ पिताजी नहीं हैं मुझे पति जी कों पता थां एक् दिन आर्नव कों सचाई कां पताचल हि जायेगा
पायल हैरान नहीं होती कियुंकी पायल कों पहले सें हि पता थां
पायल - ऑन्टी तौ क्याँ हुआ अपने अंकल नें देवर जीजी कों पाला हैं बारा क्याँ हैं आर्नव केँ लिये आप् अंकल हि देवरु जी केँ लियेसभी कुछ हैं देवर जीजी आपको अंकल कों बहुत प्रेम करते हैं जितना आप् करती हैं
मिना पायल कों देखते हुवे - जानती हु 2 साल पहले एक् दिन आर्नव कि लराइ सरला केँ बेटे सोनू सें होँ गई थि आर्नव नें सोनू कों बहुत मारा थां
पायल हैरान फिन हस्ते हुवे - वाउ देवरु जी तोँ बहुत मजबूत स्ट्रांग हैं वैसे भि सोनू बहुत बिगरा लरका हैं जरूर उल्टी बातें कि होगीतभी देवर जीजी नें मारा होगा
मिना पायल कों देख - हा किया थां मेरे बारे मे
पायल हैरान होके मिना कों देखती हैं
2 साल पहले
दोपहर 1 बजे बहुत गर्मी थि गाव केँ जयदातर लोगघऱ मे याँ पेरो केँ नीचे बैठे बैठे गर्मी सें अपने आप् कों बचाने मे लगे थें
एक् बरगद कां आर्नव केँ घऱ केँ पीछे थोरिदूर खेत मे थां आर्नव भि गर्मी मे उसीपैर केँ पास जाता थां
आर्नव आज भि उसीपैर केँ पास जाता हैं जैसे हि आर्नव वाहा पहुँचता हैं आर्नव कों किसी केँ बात करने कों आवाजे सुनाई देती हैं आर्नव औऱ पास जाता हैं तोँ सोनू मिना कों लेके गंदी बातें अपने एक् मित्र सें करने मे लगा थां
सोनू उसकायार बैठे बातें करने हुवेखेत कि तरफदेख रहे थें पीछे आर्नव सभीखरा सुनरहा थां
सोनू अपने साथी सें - दोस्त मिना ऑन्टी बहुत सेक्सी उफगजब माल हैं उनकेबरे बरे चुचे देखता हु जोँ साला सारी केँ ऊपर सें भि साफ पहार् जैसेखरे दिखाई देते हैं जानता हैं राजू सबसे जयदा मुझे मिना ऑन्टी कि बरीबरी गांडजब चलती हैं तोँ उफगजब हिलती हैं जैसेदो नाग नागिन डांसकर रहे हौ इतनी मस्त मोती गांड हैं लगता हैं अंकल बहुत गांड मारते हैं दबाते हैं बस एक् बार
इतने मे एक् जोरदार लात सोनू केँ पीठ पे परता हैं सोनू दर्द मे अहह करते सीधाखेत मे जाके गिरता हैं राजू आर्नव कों देखते हि डर केँ भाग जाता हैं
आर्नव लाल गुस्से वालीआखो केँ संग सोनू केँ पास जाता हैं सोनू जैसे तैसेउठ केँ बैठ सामने देखता हैं आर्नव कों देख सोनू भि डर जाता हैं आर्नव सोनू केँ पास जाकेबैठ केँ सोनू केँ बाल पकर्आखो मे गुस्से सें देख - मेरी पूरी दुनिया मेरे बापूमा हैं औऱ तूनेजिस तरह मेरीमा कों लेकरसोच रखी गंदी बातें बोलीं उसकीसजा तेरी मिलेगी
सोनू दर्द मे आर्नव कों देख - देख आर्नव मुझेछोर दे नहीं तोँ तेरे लिये अच्छा नहीं होगा
आर्नव औऱ जोर सें बाल खीचते हुवे सोनू केँ आखो मे आखे मिलते हुवे गुस्से सें - मेरीमा पिताजी कों लेकर चाहेकोई भि हौ गलत करने कि कोसिस याँ कुछगलत बोला मुझे परवाह नहीं जोँ कमीना कोई भि फर्क नहीं परता
आर्नव सोनू कों बहुत मारता हैं सोनू दर्द मे चिल्लाते रहता हैं रोते हुवे आर्नव कों रुकने केँ लिये केहता रहता हैं मगर आर्नव तब तक मारता हैं जब तक आर्नव कां क्रोध कम नहीं हौ जातामगर तब तक सोनू कि हालत भि खराब होँ गई थि
उसकेबाद सोनू कि मा सरला मिना केँ घऱ केँ बाहर् आके गुस्से सें शोर करना शुरुआत कर देती हैं
सरला गुस्से सें - कहा हैं मिना बाहर् निकल तेरे कमीने बेटे कि हिम्मत केसे हुईँ मेरे बेटे कों मरने कि
मिना गुस्से सें बाहर् आते हुवे सरला कों देख - तेरी हिम्मत केसे हुईँ मेरेलाल कों कमीना बोलने कि कमीना तेरा बेटा हैं
पवन आर्नव भि बाहर् आँ जाते हैं आर्नव थोराडरा हुआ थां
सरला आर्नव कों देख गुस्से सें - तेरा बेटा कमीना नहीं हैं बल्कि नजयाज़ औलाद हैं पता नहींकहा सें किस कचरे सें उठा केँ लेकेआई होँ किस गंदी केँ नाली
सरलाआगे कुछबोल पाती एक् जोरदार चाटा सरला केँ गाल पे परता हैं औऱ मरने वाली मिना थि पवन भि गुस्से मे सरला कों मरने केँ लियेपास आँ गय़ा थां यह तोँ सरला कि भाग्य रहीपवन कां चाटा नहींपरा फिन भि मिना कां चाटा सरला केँ मन कों हिला दिया थां
आर्नव पुरा हिलाशोक मे पथर् बनकेखरा थां सचाई जानके कि जिसमा बाप कों अपनासमझ रहा थां दोनों उसके अपने असलीमा बाप नहीं हैं
सरलागाल पे हाथरखे गुस्से सें मिना कों देख - तेरी इतनी हिम्मत कमीनी अभि तुझेही बताती हु
सरला मिना कों चाटा मरने जाती हैं मगरबीच मे आर्नव आके सरला कां हाथ पकर् गुस्से सें लाल करक् आवाज़ मे सरला कों देख - यही गलती तेरे कमीने बेटे नें कि थि मेरीमा केँ लिये गंदे बातें बोला थां भले हि मेरीमा बापू मेरे अपनेसगे मा बाप नहीं हैं मगर मेरे लियेसगे मा बाप सें बढ़के हैं मेरी दुनिया हैं मेरीमा बापू औऱ जोँ मेरीमा बापू कों लेके बुरा बोलेगा हाथ उठाने कि हिम्मत करेगा आर्नव उसकी वोँ हालत करेगा फिन जीवन मे कभी किसी केँ संगगलत कर नहीं पायेगा
तभी सरला कां पति आते हि सरला कों दो चाटेदे मारता हैं सरला पूरीहिल जाती हैं आर्नव मिनापवन भि हैरान होके देखते हैं
सरलागाल मे हाथरखे रोने जैसामुह किये अपने पति कों देख - आपने मुझे कियु मारा जबकि आपको
सरला कां पति हरि गुस्से सें - तुमने जानने कि कोसिस कि तुझेही पता भि हैं सोनू कितना बिगर गय़ा हैं गाव मे क्याँ क्याँ करता रहता हैं पता हैं याँ नहींबोल
सरला डरते हुवे -नहीं
हरी एक् औऱ चाटा मारते हुवे गुस्से सें - तोँ पहलाकाम थां तुम्हें पता करना हमारा बेटा गलत हैं याँ सहीफिन तुम्हे आनां थां दूसरी आर्नव जैसा लरकाइस पुरेगाव मे नहीं हैं तेरीयह हिम्मत भाभी आर्नव केँ लिये गंदी बातें बोलीं
हरी मिनापवन आर्नव कों देख - माफ करना मेरी पत्नि नें जौ कहा किया उसके लिये
पवन - कोईबात नहीं दोस्त चलता हैं
मिना - देवरु जी जानेदो यहीसभी खतम करते हैं लरने सें कोई फायेदा नहीं
हरि सरला कों देख गुस्से सें - देखा सुनायह होते हैं अच्छे लोग तूनेगलत बोलाफिन भि माफकर दिया
हरि सरला केँ हाथ पकर् लेँ जाते हुवे - आज तुम्हें सहीगलत कां ज्ञान अच्छे सें घऱ पे दूंगा
हरि सरला कों लेकेचला जाता हैं मिनाआस पास देखती हैं कुछलोग सभी तमसामजे सें देखरहे थें
मिना आर्नव कों लेकेपवन केँ संगघऱ मे आती हैं
मिना आर्नव कों देख घबराते हुवे - बेटा
आर्नव मिना कों बाहों मे लेके - माकुछ मत बोलो सचाई तौ मुझे बहुत पहलेपता चल गई थि मा मुझेकोई फर्क नहीं परता आप् हि मेरीमा सभीकुछ हैं मेरी दुनिया हैं आपसे बहुत प्रेम करताहु
मिना भि आर्नव कों बाहों मे कस्टे हुवे खुशी केँ आँसू बहते हुवे - हा मेरेलाल तु मेरा बेटा हैं मे तेरीमा
पवनसभी देख इमोसनल होके - अरे भइया मे भि हु
आर्नव मिनापवन कों देख मुस्कुराते हैं फिन तीनों गले एक् दूसरे केँ लग जाते हैं
( पर्जेंट )
मिना पूरी स्टोरी बताने केँ बाद पायल सें - मुझेलगा लाला हमसे पूछेगा हमनेउसे कहा सें लायाकोन हैं उसकीमा मगरआज तक उसने पूछा नहींसमझ नहींआता लाला केँ अंदरचल क्याँ रहा हैं
सारी किस्सा सुनने समझने केँ बाद पायल मिना कों देख - ऑन्टी आर्नव जानने कि कोसिस तोँ जरूर करेगा उसकीमा कोन हैं कियुंकी उसकी स्थान कोई औऱ भि होता तोँ यही करता अभि तक आपसे सचाई जानने कि कोसिस नहीं कि उसके पीछे भि उसकीवजह होगी पऱ एक् दिन आप् अंकल सें पूछेगें जरूर
मिना घबराते हुवे - अगरऐसा हुआ लाला कों उसकीमा मिल गई तौ कही मुझे अपने बापू कों छोर
पायल हस्ते हुवे - ऐसाकभी नहीं होगा मे जानती हु आर्नव आपसे अंकल सें कितना जयादा प्रेम करते हैं वोँ बस सचाई जानने कि कोसिस करेगे उसके अलावा आप् कों छोरकही नहीं जायेगा
पायल कि बातसुन मिना कों राहत मिलती हैं
मिना - 19 पारकर चुका हैं पायल बेटी गाव केँ लरके लरकी बाज़ी करते हैं मगर मेरा लाला तोँ लरकी केँ तरफ देखता हि नहीं
पायलजोर जोर सें हस्ते हुवे - आप् भि अजीबमा हैं एक् बेटा लरकी बाज़ी करता हैं तौ मा महोत् मारती हैं मगर देवरु जी नहींकर रहे तोँ आप् टेंसन लें रही हैं
मिना अजीबमुह बना केँ - अरे थोरा तोँ करे बिल्कुल नहीं करेगा तौ टेंसन तोँ होगी नां खैरतु मेरीनजर मे पहलेआई होती तौ तेरी विवाह मे अपने लाला सें करवाती
मिना कि बातसुन पायल हैरान होती हैं सर्म सें लाल होते हुवे - आप् भि नां ऑन्टी
पायल मिना कों देख - देवरु जीऐसे हि किसी कों नहींमिल जायेंगे भाग्य वाले कों हि मिलेंगे जैसे आपको मिले मुझे लगता हैं देवरु इतने अच्छे हैंडसम हैं तौ आपकीबहु भि बहुत सुशील हसीन लाखों मे एक् मिलेगी अभि कहा हैं कहना मुश्किल हैं पर्र कही होगी जरूर
दूरकही एक् पब केँ बाहर् खरी एक् हसीन सि लरकी बुलु जीन्स ओरेंग टिसर्ट मे खरी किसी कां इंतजार कररही थि सुंदर आदये तौ साफउसे देखझलक रहा थां सबसे बवाल तोँ चिकनी कमर गहरी ढोरी थि उफ किसी भि लोंडे कि नजर पहलेवही जायेगी
नाम - जिया 18 साल
जिया सामने देखते हुवे - दोस्त यह दिदी अब आयेगी
पीछे औऱ कुछ लरकिया खरी थि जोँ सभी किसी लरकी केँ आने कां इंतजार कररहे थें
तभी एक् मस्त गारीआके सब केँ सामने थोरिदूर रुकती हैं जिया गारी कों देखखुश होते हुवे - आँ गई दिदी
गारी केँ सीट केँ बगल कां दरवाजा खुलता हैं एक् बहुत हि जयदा हसीन लरकी बाहर् निकलती हैं दरवाजा बंद करते हुवे अपने दोस्तों कि तरफ जाने लगती हैं
लरकी मस्त अदाये केँ संग चलते हुवे अपने दोस्तो कि तरफ बढ़ते जारही थि टॉप निले टाइट जीन्स काला चस्मा उसके चलने कि अदाये लचकते हिलते कमर मतवाली चल ठुमुकते हिलते गांड चलने कि अदा जोँ किसी केँ होसउरा देकोई देखे तौ यकीन मानोकुछ समय केँ लियेखो सां जायेगा
लरकी अपने चम्से कों निकलते हुवे हाथो मे पकरें बरेदबा केँ संग अपनेघने खुले लम्बे बालों कों हवा मे झूलते हुवे अपने दोस्तो केँ पासआती हैं औऱ सब कों देखते हुवेअरे करती हैं
जिया लरकी कों देख - दिदी इतनीदेर कियुलगा दि
लरकी पीछे गारी मे किसी कों देखते हुवे - आँ तौ गई नां
बाकीसब यार जौ मात्र लरकिया थि उसमे सें एक् लरकी कों देख
साथी - अनाया हमे तोँ लगा तुम् जश्न देने केँ डर सें आओगी हि नहीं
अनाया 18 साल कि एक् महीने पहले हुइ हैं
अनाया अपने दोस्तो कों देखते हुवे - मे अनाया एक् छोटी जश्न देने सें डर जाउंगी किया मजाक हैं
तभी सारी केँ सीट केँ केँ तरफ कां दरवाजा खुलता हैं जिया गारी कि तरफदेख थोरा डरते हुवे - चाची भि आई हैं अपने बताया कियु नहीं
अनाया पीछे देखती हैं
एक् महिला पीले नीले सारी मे उसी अदाये केँ संग मतवाली मस्तानी चाल केँ संग चलते हुवे अनाया उसके दोस्तो कि तरफ जाने लगती हैं खुले लम्बे कालेबाल बैक नीले ब्लाउस केँ बीच चिकनी नंगीपीठ केँ बीच बंधी डोरी नीचेझूल रही थि कमरलचक रहे थें मोतीबरी गांडमटक रहे थें आगे पीछे बाहर् निकल अपनी मोटे गांड होने कां सबूतदे रहे थें कोई भि मर्दऐसी मतवाली चाल पे हि मर मिटेगा
महिला अनाया केँ केँ पासआके खरी हौ जाती हैं जिया जल्द सें जाके स्त्री केँ गले लगते हुवे - मेरी प्यारी चाची
स्त्री जिया केँ सर पे हाथ फेरते हुवे - मेरी प्यारी बच्ची
अनाया महिला कों देख - माअब आप् जाओ मे जिया आँ जायेंगे
महिला देख केँ अनाया कों देखते हुवे - जारही हुमगर याद रखनानसा किया तौ उसकीसजा तुम् सेह नहीं पाओगी
अनाया - हद हैं मा मे थोरा दोस्तो केँ संगपी
उसके पहले हि स्त्री गुस्से सें करक आवाज़ मे - मेने क्याँ कहा तुम्हारी तरफसमझ नहींआया क्याँ
स्त्री कि तेजकरक आवाज़ सुन अनाया बाकीसभी डर केँ करण जाते हैं
अनाया नाराज आवाज़ मे - जीमासमझ गई
स्त्री जिया कों देख - तुम् भि जिया
जिया - जी चाची
महिला फिनउसी अदा केँ संगचली जाती हैं
अनाया सब कों देख - चलो चलते हैं बर्थडे पार्टी करते हैं
अनाया मे एक् पब हि पुराबुक कर लिया थां पब मे गाना बर्थडे पार्टी डांस मस्ती सभी करने लगते हैं
आर्नव अपने कमरे मे आके चमरे वाला मास्क हाथो मे जोँ लगा थां सभी निकाल कपड़े सभीखाट केँ नीचे छुपा केँ रख देता हैं औऱ पलंग पे बैठ जाता हैं
आर्नव गहरी सासू माँ लेते हुवे - अरे दोस्त किसी जवान लरके कां रूप लेना आसान होता हैं बस आवाजे फेस बदलना परता हैं मगर बूढ़ों मनने मे समय भि लगता हैं कपड़े चलने बोलने कां तरीका आवाज़ भि बदलना परता हैं उफ
तभी मिना बरबाराते हुवेआती हैं औऱ आर्नव केँ कमरे मे आते हुवे - अभि तक नहींआया आज तोँ पक्का पिटेगा
आर्नव दरवाजे केँ पीछे छुपा थां मिना जैसे हि जाने कों मूर्ति हैं आर्नव पीछे सें आके मिना कों बाहों मे कस केँ पकर् लेता हैं औऱ गर्दन पे किस करने लगता हैं अचनाक् हमले सें मिना पूरीतरह सिहर जाती हैं पूरी बॉडी गनगना जाती हैं मिना केँ मुह सें एक् कमुक् सिसकिया फुट परती हैं अहह
मिना अगले हि लम्हा स्वयं कों आर्नव सें अलग करके पीछेमुह आर्नव केँ कान पकर् आर्नव कों देखते हुवे - यहआदत तुकब छोरेगा बता
आर्नव दर्द मे भि मिना कों प्रेम सें देख - अपनी हसीनमा कों बाहों मे लेके कां मोक्का मे कियुं जानेदु
मिना आर्नव कों पलंग पे बैठा केँ अपनेकमर मे दोनों हाथ रखते हुवे आर्नव कों देख - अच्छा मा कों बाहों मे भरने सें कुछ नहीं होगा कितनी बारकहा हैं मेरे लियेबहु लेके आँ मगरतु सुनता हि नहीं 19 कां होँ गय़ा हैं देख लालातु स्वयं बहु लेके आँ नहीं तोँ मे स्वयं तेरे लिये लरकी देख्ना शुरुआत कर दूंगी
मिना रोने दुखी होने कां नाटक करते हुवे - मे बुढ़िया कब तक घऱखेत तेरे बापू तेरी संभालूगि बहु आयेगी तोँ मुझे आराम मिलेगा मगरतु समझ हि नहींरहा मेरेदुख कों
आर्नव जोरजोर सें हसने लगता हैं मिना हैरान आर्नव कों देखती हैं
मिना - तुहस कियुरहा हैं समझ गई तुम्हे मेरी परवाह हि नहीं हैं
आर्नव हस्ते हुवे - अरे नहींमा मे किसी औऱ वजह सें हसरहा हु
मिना कंफ्यूज होके - तेरे कहने कां मतलब क्याँ हैं
मिना मैचिंग सारी ब्लाउस मे खरी थि आर्नव उपर सां नीचे तक देखता हैं फिन मिना कों देखते हुवे - स्वयं कों देखिये कोई कहेगा आप् बुढी होँ गई हैं कालि कजरारी आखे सुंदर चेहरा गुलाबी होठ औऱ बस इतनी हसीन जवान हैं फिन भि बुढी कहती हैं मे अंधाहु क्याँ
आर्नव फिन अपनीमा कि मस्त गहरी ढोरी कों देखने मे खो जाता हैं अजीब चमत्कार थां आर्नव अपनीमा कि चिकनी पेट ढोरीदेख अपने आप् कों खोने सें रोक नहीं पाता थां
आर्नव कि तारीफ बातें सुन मिना कां चेहरा लाल हौ जाता हैं मिना अपने चेहरे कों थोरा घुमा केँ स्वयं कों संभलते हुवे आर्नव कों देखती हैं
मिना - तारीफ भि कि तौ आधी पऱ मेरेलाल यही तारीफ किसी लरकी कों करेगा तौ मुझेबहु मिल जायेगी
आर्नव - देखोमा आप् चाहती हैं तोँ ठीक हैं मगरअब तक मुझे आपकी जैसी सुंदर लरकी मिली हि नहींमिल जायेगी तौ देखेंगे
आर्नव कि बातसुन मिनाफिन सर्म सें लाल हौ जाती हैं
मिना जाते हुवे - बातें तारीफ अच्छी कर लेता हैं पऱ लरकी सें दूर रहता हैं
आर्नव मिना केँ जाते हि गहरी सासू लेते हुवे - बच गय़ा मा तोँ पीछे हि पऱ जाती हैं
मिना कमरे मे आती हैं तभीयाद आता हैं उसने आर्नव पे क्रोध तोँ क्याँ हि नहीं
मिना मुस्कुराते हुवे - कितना चालक हैं बातो मे मुझे भुलवा दिया
शाम 3 बजे
आर्नव तैयार होकेघऱ केँ बाहर् खरी पुरानी बाइक केँ पासखरा होके बाइक कों देखते हुवे यादों मे खो जाता हैं
आर्नव केँ 18 साल जन्मदिन केँ दिन
सुभहजब आर्नव देरी सें सोके उठता हैं औऱ बाहर् आता हैं तौ मिनापवन खरे थें आर्नव - मा पिताजी
मिना आर्नव कां हाथ पकर् बाहर् लेकेआती हैं सामने आर्नव एक् पुरानी होना कि बाइकखरी देखता हैं आर्नव हैरान पीछे अपनीकोइ बापू कों देखता हैं पवन मुस्कुराते हुवे - यह तेरा तोहफा हैं
आर्नव हैरान मिनापवन कों देख - मगर बापू आपको केसेपता मुझे बाइक चाहिये
पवन आर्नव केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे - बेटा बाप हु तेरा हमसेकुछ नहीं मागेगा तोँ हमेपता नहीं चलेगा हमारे बेटे कों क्याँ चाहिये
मिना भि दूसरी तरफ सें आर्नव केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - लालातु राजीव सें बाइक सिखता थां मेने तेरे पिताजी नें देखसमझ लिया थां
राजीव पायल कां पति हैं
आर्नव हैरान होता हैं
आर्नव कों सच मे बाइक चाहिये थां वजह थि अपनीमा कि सचाईपता करने केँ लिये आर्नव बारबार बसऑटो सें जा नहीं सकता थां औऱ चला भि जातामगर उस स्थान नहींजा पताजहा बाइक सें आहिस्ता जायाजा सकता हैं इस लिये आर्नव पहले सें हि बाइकसिख लिया थां
मिना दूसरे हाथ सें एक् मोबाइल आर्नव कों देते हुवे - यहनया हैं मेहगा नहीं
इतने मे हि आर्नव पवन मिना केँ गलेलग जाता हैं मिनापवन भि मुस्कुराते हुवे आर्नव कों बाहों मे भर लेते हैं
आर्नव खुश केँ आँसू बहते हुवे - सुक्रिया मां पिताजी मे क़िस्मत वालाहु जौ आप् मेरीमा बापू हैं
मिना आर्नव कों दूर करके आँसूसाफ करते हुवे - नहीं बेटा हम् क़िस्मत वाले हैं कभी किसीचीज केँ लिये तूनेजिद नहीं थि जोँ मिला प्रेम सें लिया
पवन - गरीब हैं बेटा हम् जयदाकुछ तुम्हें दे नहीं सकतेमगर जितना हौ सके अपने बेटे कों सभी देगे
आर्नव मिनापवन कों देख इमोसनल होके - मा बापू मेरे लिये आप् दोनों कि सबसे बारा तोहफा हैं औऱ मुझे क्याँ हि चाहिये होगा
आर्नव मिना केँ गाल मे किस करते करता हैं पवन भि मुस्कुराते हुवे इसारा करता हैं आर्नव मुस्कुराते हुवे - केवलमा कों हि गाल मे किस करुगा
मिना हस्ते हुवेपवन कों देख - सुन लिया
पवन हस्ते हुवे - यह तोँ गलत हैं
आर्नव सभीयाद करते हुवे मुस्कुराते हुवे बाइक मे बैठ सीधा निकल परता हैं थोरा घूमने केँ लिये
आर्नव नें अपनी मस्त बॉडीबना ली थि सहदेव नें आर्नव कों पुरा रेडीकर दिया थां सहदेव जितना कुछ जनता थां सभी दिखा दिया थां आर्नव नें फाइट मात्र अपनीमा पिताजी अपने लिये बचाव करने केँ लिये सिखा थां पऱ आर्नव अंजान थां जल्द हि उसे जौ सिखा हैं उसका पुरा यूज़ करना परेगा
( शेरापुर गाव )
एक् आलिसान् तीन मंजिला मेहल अपनी रोसनी हुस्न बिखेर रहा थां ऐसा हौ भि कियु कां ठाकुर कां मेहल जोँ हैं शेरापुर गाव मे मात्र ठाकुर कां राज हैं समझलो ठाकुर हि पुरेगाव कां राजा हैं इसगाव मे नियम कानून केवल ठाकुर कि चलती हैं
घऱ केँ बाहर् एक् गारीआके रुकती हैं गारी सें जिया अनाया बाहर् निकलते हैं जिया थोराडरी हुईँ थि दोनों अंदरहोल मे जाते हैं
अनाया जिया सीधे अपने कमरे कि तरफ तेजी सें जारहे थें कि एक् करक्तेज आवाज़ दोनों कों रोक देती हैं जिया अनाया डरते हुवे पीछे देखते हैं
सोफे पे वाइट टाइट बॉडी फीटिंग वाली मिनी ड्रेस पहने अनाया कि मा बैठी थि जौ अपनेघने बालों कों उंगली सें सवाररही होती हैं
हसीन मुस्कुराता चेहरा नसीली आखे गुलाबी होठों टाइट मिनी ड्रेस मे बॉडी कां सभी पार्ट अच्छे सें दिखरहा थां कोन सां पार्ट कितना मोटा बारा गोरा हैं घुटने केँ अपर तक मोटे जंघेपेर पूरी बॉडीदूध जैसी गोरी
ऐसा लगरहा होता हैं जैसेकोई हूर खूबसूरती कि मालिका बैठी होँ
अनाया कि मा - ठाकुराइंन जानकी 40 साल कि हैं शेरपुर मे अभि इसका हि राज हैं हुस्न मे मत जानां जितनी हसीन हैं उतनी कातिल खूबसूरत औरत भि हैं
जानकी अनाया जिया दोनों कों अपनेपास बुलाती हैं दोनों डरते हुवे जानकी केँ पासखरे हौ जाते हैं जानकी दोनों केँ पास जाती हैं सराब कि मेहक जानकी केँ नको मे जाते हि जानकी गुस्से सें भरक् जाती हैं
जानकी जिया अनाया कों गुस्से सें देख - मेने क्याँ कहा थां तुम् दोनों कों बताओ मुझे
तेज आवाज़ सुन दोनों कप् जाते हैं तभी एक् औऱ सुंदर स्त्री आती हैं यह होती हैं जिया कि मा - पदमा - 38 साल हि हैं बहुत हसीन हैं एक् हि बेटी हैं जिया
पदमा जल्द सें आके अनाया जिया कों इशारे सें जाने कों कहती हैं अनाया जिया जल्द सें अपनेउपर वाले कमरे मे भाग जाते हैं
जानकी पदमा कों देख - तूने अच्छा नहीं किया पदमा
पदमा जानकी कों देख - दिदी पहलीबार पिया हैं जाने दीजिये आगे सें ऐसी गलतीफिन करेगी तोँ मे स्वयं दोनों कों सजा दुगी
जानकी सोते मे बैठते हुवे - हाबरी आई मुझे नहींपता तुम् दोनों कों हमेसा बचते हुवेआई हौ पदमाबार बार गलती करती रहेगी तौ दोनों बिगर जायेंगे
पदमा जानकी केँ पास बैठते हुवे - दिदी इतनी चिंता मत करिये आगे सें मे ध्यान रखुंगी
रात 9 बजे
मिना अपने कमरे मे बेड पे लेती तांगे फैलाये हुवेपवन कों पैरो सें पकर जकर्रखा थां मीना कि गोरी मोती जांघे जैसे फैलीदिख रही थि उफ किसी कि भि जोस कों औऱ बढ़ादे सीने पे सारी नहीं थि ब्लाउस मे मुश्किल सें कसे दोनों चुचे तरप्रहे थें बाहर् आने केँ लिये दोनो गोरे चुचे केँ बीच मे बने दरारअहह जैसेजनत कां मार्ग हौ पवनबेड केँ नीचेखरा होके मिना कि सारी पकरें चुदाई करने मे लगा थां धीरे-धीरे सिसकिया पायल कि झन कि आवाज़ तेज फुलती सासे चूत सें निकलती मधुरफच् फच् कि आवाज़ कमरे मे गुजरही थि
मिना पलंग कों कस केँ पकरति हैं तभीपवन झर जाता हैं
मिनापवन कों देखती हैं फिन सारी नीचेकर लेती हैं पवन दुःखी होके मिना कों देख - माफ करनाजान मा बनने कि खुशी नहींदे पायाअब उमर केँ संग मे जयदादेर सेक्स कर भि नहींपा रहा तुम् झरने वाली होती होँ तभी मे झर जाताहु
मिनाउठ केँ बैठती हैं औऱ पवन केँ गालो कों पकर् प्रेम सें - कितनी बार मुझे कहना होगा बेटा हमारा हैं बाकी ससीर कि सुख सें जयदा मुझे आपसे अपनेलाल सें प्रेम हैं आप् दोनों मेरेसंग हैं बस मुझेकुछ नहीं चाहिये
पवन मिना केँ पासबैठ जाता हैं
मिना - आर्नव नें अभि तक हमनेकुछ प्रश्न नहीं क्याँ हैं मुझे थोराडर लगरहा हैं
पवन मिना केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - मेने देखा हैं फिल किया हैं जल्द हि वोँ हमसे सचाई पूछेगा मुझे लगता हैं आर्नव अपनीमा केँ बारे मे सच जानके अपनीसगी मा कों ढूढ़ने कि जरूर कोसिस करेगा औऱ वोँ वक्त मुझे लगता हैं अब आँ गय़ा हैं
मिना डरते हुवे - कियामगर कही आर्नव कि सगीमा मिल गई तोँ मुझेछोर चला जायेगा
पवन मिना कों देख - पागल आर्नव कभीहमे छोर नहीं जायेगा यह तौ सोचना भि मत वोँ जबकुछ जवान करेगा अपनीसगी मा सें मे उसकी स्थान होता तोँ मे भि वही करतामगर डरयह हैं आर्नव किसी अमीरघऱ कां बच्चा हैं औऱ अमीर लोगो कि इज़तमान सामान हि सभीकुछ होता हैं
मिना - हम् रोक नहीं सकते लाला कों
पवन - नहींयह उसकेसंग गलत होँ औऱ आर्नव सच जाने बगैर सुकून सें जी नहीं पायेगा ऐसा मुझेफिल होता हैं उसेदेख मुझे लगता हैं वोँ जल्द हि
मिनाबीच मे - मे चली अपनेलाल केँ पास आँ सोजाओ
पवन मुस्कुराते हुवे - पति कों अकेले छोर बेटे केँ संग सोती हौ यह तोँ गलत हैं
मिना गुस्से सें देख - फिन सें बोलिये
पवन डरते हुवे - मेनेकहा जाओजाओ
मिनादेख केँ एक् बार देखती हैं औऱ चली जाती हैं
वही अपने कमरे मे बेड पे आर्नव मन मे सोचरहा थां
आर्नव - अब टाइम आँ गय़ा हैं मे अपनीसगी मा कां पता लगाउकोन हैं मेरीमा कियु मुझेफेक दिया किया गलती थि मेरीकई प्रश्न हैं जिसका जवाब उसको देना होना तुम् कही भि हौ ढुंढ लूंगा तुम्हे
तभी मीना कमरे मे आती हैं आर्नव मीना कि तरफ देखता हैं मगरतभी आर्नव कि नजर मीना केँ चिकनी गोरीपेट कि गहरी ढोरी पे जाती हैं मीना कि कमर कीचनी पेट गहरी नाभिदेख आर्नव फिनखो जाता हैं अलगफिल होता हैं कुछकुछ होने लगता हैं
मीनाजब देखती हैं आर्नव कि नजर उसकी ढोरी पे हैं औऱ एक् तक उसकालाल देखेजा रहा हैं तोँ मीना थोरा हैरान होती हैं मगरफिन कुछ सोचते हुवे मुस्कुराने लगती हैं
आज केँ लिये इतना हि दोस्तो आज कां update कैसा हैं जरूर बताना बाकी मे आपकासब कां कमेंट पढ़ता हु अच्छा लगता हैं मेरीआदत हैं मे किसी केँ कमेंट मे रिप्लाये नहीं देता मे देताहु तोँ अपने update मे हि बाकी मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 3
आर्नव कों जब सें पताचला थां सचाई कां तब सें आर्नव अलग हि दुनिया मे खोया रहता थां बारबार हरबार एक् हि प्रश्न आर्नव कों परेसान करता थां कोन हैं उसकीमा बाप कियुउसे फेक दिया
इसी बीच सहदेव सें मुलाकात केँ बाद आर्नव 2 साल सहदेव केँ संग ट्रेनिंग मे लगा देता हैं यही एक् वजहरही कि आर्नव सभी चीजो मे बेस्ट हैं मगर लरकी केँ मामले मे थोरा सर्मिला रह गय़ा कियुंकी आर्नव नें कभी लरकियों पे ध्यान दिया हि नहीं कियुंकी उसका ध्यान हमेसा सचाई जानने मे लगा रहता थां पऱ अब जवानी आर्नव कों एहसास करवारही थि अबउसे किसकी जरूरत हैं
मिना कमरे मे आई थि पर्र अपनेलाल कों अपनीपेट ढोरी कों इसतरह देखता देख मिना कों थोरा अजीब लगता हैं मगर अंदर सें अलग खुशी भि थि पता नहीं कियु पर्र थि
मिना आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - कियाबात हैं बेटा अपनीमा कि ढोरी कों ऐसे कियु देखेजा राहा हैं हु
मिना कि बात सुनते हि आर्नव सर्म सें जल्द सें दूसरी तरफफेस करके - वोँ वोँ माऐसे हि
मिना थोरा सिर्यस् चलउठ केँ बैठ औऱ मेरीतरफ देख मुझेकुछ बात करनी हैं तुमसे
आर्नव पलंग पे बैठते हुवे मिना कों देख - जी बोलिये
मिना आर्नव केँ पास बैठते हुवे - जिसउमर मे लरके लरकिया पटाते हैं तु अपने मे खोया रहता हैं लाला मे यह नहीं कहती लरकियों कों जाके छेरो बल्कि लोव प्रेम करोमगर तु हैं कि दूर भागता हैं सचबता
आर्नव मिना कों देखते हुवे - माजब सें मुझे साचाई पताचली बस एक् प्रश्न मुझे बेचैन करते रहता हैं कोन हैं मेरी असलीमा बाप कियु मुझे फेकाबस यहीवजह सें मे किसी औऱ चीजो पे ध्यान नहींदे पातामगर अब दूंगा वादा
मिना आर्नव कों देख - तेरे पिताजी नें मुझे पहले हि कहा थां ऐसा एक् दिन आयेगा औऱ सच जानने कां तेरा पुराहक हैं सुन तुम्हें हम् पास वाली पहारी सें लाये थें तेरेगले मे एक् लॉकेट थां सोने कां जिसपे लाइन कां सिम्बल बना थां मेनेउसे रखा हैं संभाल केँ सुभहदेख लेना
आर्नव हैरान होकेमन मे सोचते हुवे - किया मेरेगले मे एक् लॉकेट थां सोने कां बना लाइन सिम्बल भि बना हैं अब तौ मेरे लिये औऱ आसान हौ गय़ा हैं अपनीमा कों ढूँढना
आर्नव मिना कों देख - मायह दुःखी चेहरा मत बनाओ मे बसकुछ सवालों केँ जवाब पूछने हैं उससेबस मे आपका बेटा हु रहुंगा
आर्नव मिना केँ गलेलग जाता हैं मिना भि गले लगाते हुवे - हु जरूर प्रश्न करना मेरेलाल औऱ उसे जवाब देना हि परेगा
दोनों खाट पे लेत जाते हैं दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं
मिना - तु मेरेपेट कों कियु देखता रहता हैं सच बताना झुठ तौ केहना भि मत
आर्नव मिना कों देखते हुवे थोरा डरते हुवे - वोँ मा आपकीउमर कि जितने ऑन्टी हैं उसमे जयदातर केँ पेट बाहर् निकले हैं मगर आपकापेट सरप् स्लिम हैं इस लिये
मिना थोरा शर्मा जाती हैं मगर अपनी तारीफ सुनके अच्छा भि लगता हैं
मिना आर्नव कों देखते हुवे - तेरे पिताजी तोँ कभी मेरी रारीफ नहीं करते हैं
आर्नव हस्ते हुवे - मे हु नाँ मा किया मे आपकेपेट कों चूम सकताहु
मिना हैरान आर्नव कों देखती हैं आर्नव थोराडर जाता हैं सोचता हैं क्याँ बोल दिया उसनेमगर जोँ देखता हैं आर्नव भि हैरान रह जाता हैं
मिना पलंग पे पीठ केँ बल लेती अपने सीने सें सारीहटा केँ मुस्कुराते हुवे - आजाचूम नें अपनीमा केँ पेट कों
आर्नव हैरान अपनीमा मिना कों उपर सें नीचे तक देखता हि रह जाता हैं आज पहलीबार आर्नव केँ अंदर जवान लरके होने कां एहसास होता हैं आर्नव अपनीमा कि हुस्न देख खोने लगता हें
मिना लेती थि ब्लाउस केँ कैद दोनों बरे चुचे पहार जैसेखरे थें चिकनी सरप्पेट गहरी ढोरीउफ मिना नहीं जैसेकोई खूबसूरती कि परी लेती होँ
मिना थोरा सर्माते हुवे आर्नव कों देखते हुवे - अरेकहा खो गय़ा
आर्नव होस मे आते हुवे मिना कों देख - माआज मे लगभग अच्छे सें आपकी हुस्न कों देखरहा हुमासच मे आप् बहुतहॉट हैं माफ करनामा मे आपका बेटा हु कहना नहीं चाहिये पर्र आप् कयामत लगरही हैं इसउमर मे आपकी बॉडी परफेक्ट हैं ऐसी बॉडी बनने केँ लियेलोग जिम जाते हैं मगर आपकी बॉडी नेचुरल हैं मे कईबार आपकोदेख कहीखो जाताहु कभी किसी कों गोर सें देखा हैं तोँ आप् हि हैं
मिना आर्नव कि बातसुन हैरान होती हैं ऐसी तारीफ तोँ पवन नें कभी नहीं कि थि यह एहसास आर्नव कि बातें मिना केँ अंदर हलचल पैदाकर देती हैं आर्नव कि बातें मिना केँ दिल कों जैसेचैन पहुंचा रही हौ एक् स्त्री हमेसा तारीफ सुनना पसन्द करती हैं
मिनाहोस मे आते हुवे थोरा सर्म सें - अच्छा अच्छा समझ गई जनके अच्छा लगा मेरा मेरा अपनीमा कि तारीफ भि करता हैं चलचूम लेँ औऱ सोते हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मुझेकुछ करना हैं रुकिये
आर्नव खरा होकेखाट केँ नीचे सें एक् छोटा गारी वालातोय निकाल केँ मिना केँ पासबैठ जाता हैं
मिना हैरान होके - अबयह किया हैं
आर्नव - मा गारी हैं
मिना - जानती हुमगर तु जोँ करने वाला हैं मतकर नां गुदगुदी होती हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मे तोँ करुगा
आर्नव थोरा झुकते हुवे छोटी गारी कों पकरें मिना अपनीमा केँ पेट मे रख चलाने लगता हैं चल मेरे गारीतेज चल एकदम सें मिना सिहर जाती हैं पूरी बॉडी गनगना जाती हैं मिना आर्नव कों देख मुश्किल सें तेज सासे लेते हुवे - उफ लालाअब यह कियाकर रहा हैं तूँ बच्चा नहींरहा समझ नाँ
आर्नव तौ मिना केँ चिकने पेट कों रोडसमझ गारीगोल गोल चलाये जारहा थां औऱ मिनातेज सासे लेते हुवे अपने होठो कों दातों सें दबाने लगती हैं आर्नव मिना कों देख - मा छोटा थां तोँ ऐसे हि आपकेपेट मे गारी चलता थां फिनयह खेल खेलने अच्छा लगरहा हैं
मिना जल्द सें आर्नव केँ हाथपकर तेज सासे लेते हुवे - बस बेटा अब बहुत होँ गय़ा फिनकभी
आर्नव मिना कों देख - ठीक हैं मासमझ गय़ा
मिना मुश्किल सें सासू माँ लेते हुवेमन मे - बच्चा थां तोँ बहुत खेलता थां मगरअब जब जवान होँ गय़ा हैं यह एहसास पहले सें अलग थां बहुतअलग मुझेऐसा लगरहा थां मे मादहोस् हौ रहीहु मेरी सासेफुल रही हैं यह किया थां यहनया एहसास कैसा थां
आर्नव - अच्छा माअब आपकेपेट कों चूमलू
मिनाहोस मे आते हुवे - अच्छा बाबाचूम लेँ छोटा थां तौ हमेसा चूमते रहता थां
आर्नव हस्ते हुवे - अब बारा हौ गय़ा हु
मुना मुस्कुराते हुवे - देखरही हु मे
आर्नव झुकता हैं जैसे हि अपनाहोठ अपनीमा केँ पेट सें टच करता हैं मिना कों एकदम सें जोर कां झटका लगता हैं सबसे जयदा मिना केँ टाँगों केँ बीच मे लगता हैं नाँ चाहते हुवे भि मिना केँ मुह सें जोर सें अहह सिसक् निकल जाती हैं तौ वही आर्नव जवानी मे पहलीबार अपनीमा केँ चिकने गोरेपेट कों चूमने अलग एहसास मे खोने लगता हैं
नतीजा आर्नव सभी भुलके मिना अपनी कां केँ पेट कों सेहलते हुवे चूमने नहीं खाने लगता हैं मुह मे लेकेऐसे चूसने लगता हैं जैसे मिना केँ पेट कों खा हि जायेगा एकदम सें मिना कां हाथ आर्नव केँ सर पे जाता हैं एक् संग आर्नव केँ सेहलते पेट केँ हाथो मे मिनाबैड पे मचलरही थि तरप्रही थि मिना - अहह मेरेलाल तु क्याँ कररहा हैं
मिना केँ लियेयह एहसास पहले जैसा नहीं थां जब आर्नव छोटा थां तब चूमता थां अबयह एहसास मिना कि तरप्आग कों निकाल रहा थां
आर्नव जवानी मे पहलीबार अलगफिल एहसास मे खो चुका थां होस मे थां हि नहींमगर मिना कों फिल होता हैं कुछ बाहर् आने वाला हैं
मिनाबरी मुश्किल सें साहिल कों रोकते हुवेउठ केँ बैठजोर जोर सें हफने सासे लेने लगती हैं आर्नव भि होस मे आता हैं मिना कि हालतदेख घबरा जाता हैं औऱ जल्द सें पानी लेकेआता हैं
आर्नव पानी देते हुवे - मा पानी पिलो
मिना पानी पीते हुवे आर्नव कों देखमन मे - ऐसा तौ नहीं होना चाहिये एक् बेटा मा कों टचकरे तोँ ऐसी फीलिंग जगानी नहीं चाहिये पऱ कियु मेरेसंग ऐसाहुआ हैं क्याँ मुझे सेक्स सही सें नहींमिल रहाइस लियेफिन भि अपनेलाल केँ छुने सें जोँ मेनेफिल क्याँ जोँ मेरी हालत हुइ ऐसा तोँ पति केँ संगकभी नहींहुआ
मिना पानी पीके ग्लास रख देती हैं आर्नव मिना कों देख - मा आप् ठीक तौ हैं नां
मिना मुस्कुराते हुवे - हा बाबा मुझे कियाहुआ हैं चल सोते हैं
मिना आर्नव बैड पे लेत सोने लगते हैं औऱ मिनाआखे बंद किये जौ फूफी उसको लेके सोचने लगती हैं
( शेरापूर - ठाकुराइंन जानकी कां घऱ )
जियाजिम मे आईने केँ सामने खरी मस्तजिम आउटफिन मे अपनी बॉडी कों देखने मे लगी थि जिया अपनी बॉडी कों देखते हुवेमन मे - हु अपनी मर्ज़ी सें जिम नहींआती चाची केँ कहने पे आनां परता हैं हम् सभी कों गांडफट जाती हैं मगर बॉडी अच्छी बनी हैं
जियाजिम आउटफिट मे गजब कि लगरही थि
दूसरी तरफपास मे हि अनाया भि सेम आईने केँ सामने खरी अपनी बॉडी कों देखते हुवेमन मे - सुभह होते हि माहमे लेकेजिम आँ जाती हैं वर्ककाउत् करते करतेजान निकल जाती हैं नां करो तोँ मा कां क्रोध झेलना परता हैं खैर बॉडी तोँ अच्छी बन गई हैं मेरी
अनाया तौ कयामत मतरही थि जिमआउट स्लिम मे
जानकी एक् स्थान खरी पसीने सें भीगी जिया अनाया कों देखरही थि
जानकी जिया अनाया सें - तुम् दोनों कों बॉडी स्लिम रखने केँ लिये लेकेआती हु अपनी गांड कि साइज बढ़ने केँ लिये थोरा सां वर्कआउट करा नहीं कि जयदा तोँ तुम् दोनों अपनी बॉडी देखने मे लगी रहती हौ अब तौ मुझे तुम् दोनों केँ लियेऐसा पति धुधना होगा जौ मर्द होँ जिसके बाजु मे दम होँ जौ आसानी सें AK 47 चलाने कां दम रखता हौ कमजोर सें विवाह हुइ तौ तुम् दोनों केँ AK 47 चला नहीं पायेगा सही सें
जानकी उफ उसके किया हि कहने बवाललग रही हैं
अनाया एक् संग हैरानी सें सर्म सें जानकी कों देखती हैं
जानकी - ऐसेमत देखो वर्कआउट करो
जिया पुसम् करते हुवेमन मे - चाची हमेसा गुस्से मे सिर्यस् रहती हैं मगरकभी कभीऐसी बातें बोलती हैं कोई भि सर्म सें पानी पानी हौ जायेपता नहीं जवानी मे चाची केँ कितने कांड किये होगे
अनाया नीचे लेती अपने पांवउपर नीचे करते हुवेमन मे - मा भि नां स्वयं अपनी गांड कों देखती नहीं कितना बारा बाहर् निकला हुआ हैं औऱ हमारी गांड पे नजर रखती हैं खैरबात तौ मा नें सहीकही मुझे संभालने वालाकोई मर्द हि होगा
( पहारी गाव आर्नव कां गाव )
पहारों केँ ऊपर एक् बरे पंथर् पे आर्नव उपर सें नंगे पुसप् मरने मे लगा थां यह स्थान आर्नव कि फेवरेट स्थान थि रोज सुभह आर्नव रनिंग करते हुवेइस स्थान आके पुसप् करता हैं स्थान भि बहुत सुंदर थि चारों तरफदूर दूर कि हुस्न देखीजा सकती थि
आर्नव पुसप् मारते मारते एकदम सें अपने दोनों हाथो कि ताकत सें अपने पुरे बॉडी कों हवा मे उठा केँ पुसप् करने लगता हैं मन मे कई सारे प्रश्न दोररहे थें औऱ कई सारे पलान् भि मनरहे थें
पसीने सें भीगा हफ्ते हुवे भि आर्नव नहीं रुकता
1 घंटेबाद
आर्नव अब धीरे-धीरे बैठ हसीन नजरे कों देखते हुवे - रात जोँ मा लेँ संग मुझेअलग फिलहुआ वोँ क्याँ थां पहलीबार अजीब मेहसूस कररहा हु मुझे अपनीमा केँ संग बातें मस्ती करने मे सबसे जयदा आनंदआता हैं सोचते हुवे अपनेघऱ कि तरफ निकल परता हैं
घऱ पे मिना खानां बनारही थि पवन खटिये पे बैठा थां
मिनापवन कों देख - लाला नें इतनी मस्त बॉडी बनाके रखी हैं मुझेकभी दिखाया नहीं वोँ तौ कभीकभी उसकेसंग सोतीहु तोँ रात एक् दिनदेख लिया मे पूरीहिल गई थि
पवन मिना कों देख - मुझे तौ आर्नव कों देख हि पताचल गय़ा थां यह तौ अच्छा हैं नाँ हैंडसम सिक्स पैक अच्छी बॉडी वाला तेरा लाला हैं अब तोँ औऱ लरकिया तेरेलाल कां दीवानी हौ जायेगी
मिनामुह बनके - मगर आपका बेटा हि कुछ नहीं करेगा तौ घंटाकुछ होगा
पवन हस्ते हुवे - होगा होगासभी होगा टाइम केँ संग
तभी आर्नव आते हुवे - मां बापू किसको लेके बातें होँ रही हैं
पवन मुस्कुराते हुवे - तेरे औऱ किसके
मिना आर्नव कों देख - आँ गय़ा पानीरख दिया हैं जानेनहा लेँ
आर्नव - जीमा
1 घंटेबाद
कमरे मे मिनापवन आर्नव थें
मिना आर्नव कों लॉकेट देते हुवे - यही हैं वोँ लॉकेट जौ तेरेगले मे थां
आर्नव लॉकेट लेकेगोर सें देखने लगता हैं
मिना - उमीद हैं इस लोलेट कि सहायता सें तुम् अपनीमा तक पहुँच पाओगे
आर्नव मिना कों देख बिना इमोसन केँ - मेरीमा आप् हैं रहेगी मुझेबस कुछ प्रश्न केँ जवाब चाहिये उसके अवाला मुझेउस गिरी स्त्री सें कोई रिस्ता नहीं हैं
पवन आर्नव केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे - जोँ भि होँ बेटा यहसाफ हैं तुम् किसी अमीरघऱ सें हौ तोँ संभल केँ अमीरलोग बहुत बुरे होते हैं
मिना चिंता करते हुवे - तेरे बापूसही बोलरहे हैं बेटा
आर्नव मिनापवन कों देख - मा पिताजी आप् दोनों चिंता मत करिये मे बस उसकेपास हि जाउंगा मोक्का मिलते हि अपना प्रश्न लेकेआपस आँ जाउंगा
पवन मिना आर्नव कों गले लगाके - बहुत अच्छे मेरे बेटे
दोपहर 12 बजे
एक् नये आलिसान् हवेली मे 3 लोग बैठे दारू पीते बातें करने मे लगे थें
1 ) मेरा सपनाकब पुरा होगा मेरे मरने केँ बाद तुम् दोनों सें इतना भि नहीं हौ रहाअरे जाकेडूब मरो मरने सें पहले मे शेरापुर कों अपना बनते देख्ना चाहता हुमगर तुम् दोनों सें यह भि नहीं होने वाला
2 ) मुठी कस्टे हुवे पिताजी वोँ साली कमीनी जानकी पहले जवानी मे अय्यास थि वोँ कमीनी अपनेअलग हि दुनिया मे रहती थि मगरजब सें उसके पति ससुरजी कों हमने मारा हैं लगा साराकाम आसान होँ जायेगा मगर नहीं अचनाक् साली शेरनी बन गई अकदम सें उसकेबाद बदल हि गई अब तोँ शेरापुर मे उसकाराज चलता हैं
1 ) तुडररहा हैं एक् महिला सें जाकेडूब मरकही
2 ) पिताजी क्रोध मत करिये आपका सपना जल्द हि पुरा होगाबात यह हैं वोँ अकेली नहीं हैं बहुत पहुँच हैं उसकी औऱ तौ औऱ उस कमीनी केँ बापू भि तोँ हैं उसकेसंग ( ठाकुर - पर्ताप
3 ) जौ सांत बैठा बाप बेटे कों लरते बातें करतेसुन रहा थां
1 ) 3 कों देख तुम् कुछ करोगे तुम् हि एक् हौ जौ हमारी सहायता कर सकते हौ
3 ) दोनों कों देखते हुवे - हु करुगा इस लिये तौ आयाहु मगर मुझे जानकी चाहिये बहुत हसीन हैं उसे देखता हु तौ तनमदन मे मेरेआग लग जाती हैं उसे मे अपनी रंडि बनाके सभी सें छुपाके रखुंगा औऱ रोज उसकी लूंगा
दोनों आखेबरी करते हुवे नंबर 3 कों देखते रह जाते हैं
( साम 3 बजे )
आर्नव बाइक लेके पायल केँ घऱ केँ बाहर् खरा थां पायल सारी पहने आर्नव केँ पासआती हैं आर्नव पायल कों देख - हसीनलग हैं
पायल थोरा हैरान आर्नव कों देख - अरेवाउ पहलीबार मेरे देवरु जी नें मेरी तारीफ कि यह केसे होँ गय़ा
आर्नव हस्ते हुवे - बस हौ गय़ा चलेअब
पायल बाइक पे बैठ आर्नव केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे - चलिये
आर्नव पायल कों चीटी लेकेजा रहा थां खरीदारी करने केँ लियेअलग मे पायल कों कुछ सारी अंदर केँ समान लेने थें पायल नें राजीव अपने पति कों बोला थां मगरकाम छोर नहीं सकता थां तोँ राजीव नें आर्नव कों लेके जाने कों बोला थां
आर्नव पायल कों लेके सिटीआता हैं एक् छोटे सें मॉल केँ अंदर जाते हैं आर्नव देखता हैं पायल लेडिस् सेक्सन मे जारही हैं तौ आर्नव रोक जाता हैं
पायल पीछे देखती हैं फिन आर्नव केँ हाथ पकर् लेँ जाते हुवे - सर्म छोरिये देवर जीजीजब विवाह होगी तोँ केसे अपनी पत्नि कों जरूरत केँ समान खरीद केँ देगे इतना सर्म करेगे तौ
आर्नव - नहीं नहीं भाभी आप् स्वयं जाइये मुझसे नहीं होगा
पायल आर्नव कों देख - देवरु जी इतना सर्म भि करनाठीक नहीं हैं
आर्नव कों अपने मास्टर कि बातयाद आती हैं
मास्टर - आर्नव बेटे मेनेकई लरकी औरतो कि ली हैं मुझेजब कोई जनकारी चाहिये होती थि तब अपनेकला सें लरकी स्त्री कों पता केँ सारी जानकारी निकलवा लेता थां कई केँ तौ अपने लन्ड केँ दम पे दीवानी बना देता थां औऱ वोँ मुझे सारेखबर देती रहती थि तौ मेरे आर्नव यह भि एक् कला हैं जौ तुम को सीखना होगा मे सिखा नहीं सकता तुम् तोँ बहुत हैंडसम होँ तेरे लिये बहुत आसान होगाबस तुझेही सर्मछोर मर्द बनाना होगा मर्द मे दम होँ तौ महिला कों अपने इसरो पे नचवा सकता हैं पर्र याद रखनाहवस नहीं प्रेम औऱ मर्दानगी सें
अपना प्रेम मर्दानगी सें तुम् किसी लरकी स्त्री कों अपना दीवानी बना सकते हौ औऱ वोँ महिला होँ चाहे लरकी तेरे लिये पागल रहेगी
आर्नव सभीयाद करके पायल केँ संग हिम्मत करके अंदर जाता हैं
पायल सारी लेती हैं आर्नव केँ पसन्द सें फिन बिकनी पैंटी सेक्सन मे जाती हैं
आर्नव कां पहलीबार थां तौ सर्म आँ रही थि मगर अपने मास्टर कि बातयाद करके सर्म दबाके रखता हैं
पायलकई सारी पैंटी ब्रादेख आर्नव सें - देवर जीजी बताइये नां कोन सां लू
आर्नव - अरे भाभी मुझे केसेपता मुझे पहनना थोरि हि हैं
पायल हस्ते हुवे - जानती हु देवरु जीमगर याद रखना मेरीयह बात आप् स्त्री याँ लरकी हौ उसेकोई अपने मनपसंद सें कुछ देता हैं याँ खरीदारी मे सहायता करता हैं अच्छा लगता हैं
आर्नव एक् लाल पैंटी ब्रा कां सेट पायल केँ सामने रखते हुवे - अगरऐसा हैं तौ यह वाला कैसा हैं मुझे लगता हैं यह अच्छा हैं आप् पे अच्छा लगेगा
पायल आर्नव कि पसन्द देख हैरान सर्म सें लाल होँ जाती हैं
पायल आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - मान गई आपकी पसद् कों बहुत अच्छा हैं औऱ भि दो लेना हैं
आर्नव औऱ दोसेट पायल कों पसन्द करके देता हैं
खरीदारी करके केँ बाद पायल आर्नव घऱआते हैं आर्नव पायल केँ कमरे मे बैठा थां पायल समानरख रही थि उसकेबाद आर्नव केँ पास बैठते हुवे - आज आपने बहुत अच्छा क्याँ
आर्नव पायल कों देख - भाभी मुझे भि आपकीममद करके अच्छा लगा
आर्नव पायल केँ औऱ लगभगआके पायल कों देख - भाभी पहले मे अलग हि खोया रहता थां मगरअब देखता हु तौ आप् बहुत हसीन हैं
पायल आर्नव कि आखो मे देखते हुवे - सुकर हैं अब अपनी भाभी पे ध्यान दो दिया अपने
आर्नव कां हाथ अपने आप् पायल केँ मोटे जांघों मे चला जाता हैं पायल सिहर जाती हैं दोनों एक् दूसरे कि आखो मे देखते देखते कब दोनों केँ होठ लगभगआके जुर् जाते हैं पता भि नहीं चलता दोनों दो
आर्नव कां पहला मर्द एक् जरूरत वालाकिस थां आर्नव कों अब अच्छे सें एहसास होँ गय़ा थां वोँ एक् जवान लरका हैं उसे क्याँ चाहिये
पायल भि अलग हि एहसास मे खोई हुईँ थि
आर्नव एकदम सें पायल कों बैड पे लेता केँ पायल कों पकरें जोरों सोरों सें किस करने लगता हैं केसेकई सालों कि प्यास आज बुझारहा हौ सेम पायल भि जैसे अपने अंदर केँ अर्मांन् निकाल जोरों सें किस करने लगती हैं दोनों सभी भुलके एक् दूसरे केँ होठो कों चूसने लगते हैं
आर्नव किस करते हुवे पायल केँ एक् चुचे पे हाथ रखते हुवेजोर सें दबा देता हैं जिसकी वजह सें पायल दर्द मे आर्नव कों दूरकर देती हैं
आर्नव पायल सें दूर होते हि होस मे आता हैं वही पायल अपने चुचे पे हाथरखे दर्द मे आर्नव कों देखती हैं पायल डरते हुवे - भाभी भाभी मुझेमाफ कर दीजिये अचनाक् मुझे कियाहुआ
पायलबीच मे हि आर्नव केँ चेहरे कों दोनों हाथो सें पकर् सांत करते हुवे - इतना डरेगे तौ आनंदकभी किसी कां नहीं लें पायेंगे आपनेजोर सें दबा दिया थां मे क्रोध नाराज नहींहु
आर्नव सांत होते हुवे पायल कों देख - वोँ पहलीबार थां तोँ मुझेपता नहीं थां
पायल हस्ते हुवे - समझ गई अच्छा तौ अबकाम भि करना हैं
आर्नव खरा होते हुवे - जीजी भाभी मे चलताहु
आर्नव जबखरा होता हैं तोँ पायल कि नजर आर्नव केँ पैट पे जाती हैं आर्नव कां मोटा लम्बा लन्ड आज पहलीबार पुरे ओकात सें खरा थां यहदेख पायल कि सासेरुक जाती हैं आखेफैल जाती हैं
जब आर्नव कों एहसास होता हैं कि पायल कियादेख रही हैं तौ आर्नव नीचे देखता हैं औऱ बिना देरी तेजी सें भाग निकलता हैं
आर्नव बाइक पे बैठता हैं औऱ सीधा निकल परता हैं खरा लन्ड लिये एक् पैर केँ नीचेआके बाइक रोकता हैं औऱ पासपास देखता हैं कोई नहीं थां
आर्नव अपने लन्ड कों दबाते हुवे - बैठजा कियुखरा हैं दोस्त मुझेघऱ भि जानां हैं
( शेरापुर हवेली )
शेरापूर केँ संग 2 औऱ ठाकुर हैं जिनका राज अपनेगाव मे चलता हैं
( शेरापुर - अभि ठाकुराइंन जानकी कां राज हैं )
शेरापुर केँ बगल वालेगाव जिसे हीरापुर कहते हैं
( हीरापूर मे अभि ठाकुर हरीलाल कां राज हैं )
हीरापुर केँ बगल मे एक् औऱ गाव हैं जिसे सक्तिपुर कहते हैं
( शक्तिपुर मे ठाकुराइंन जानकी केँ पिता ठाकुर - पर्ताप कां राज हैं)
तीनों गाव मे ठाकुर कां राज हैं गाव कहने केँ लिये हैं मगरगाव एक् सेहर जैसा बारा हैं अपनेबरे इलाके मे सभी अपनाराज चलते हैं
रात 8 बजे
ठाकुराइंन जानकी पलंग पे लेती हुइ थि बैगनी जमुनी सारे केँ संग मैचिंग बैकलेस डीपबैक डिज़ाइन वाला ब्लाउज पहना हैं पेट केँ बल लेते होने कि वजह सें सिन जौ बनरहा थां वोँ खतरनाक थां
चिकनी पीठ सें चिपका ब्लाउस कि डोरीउफ नीचेकमर कि बनावट मोटे मोटे गांड जोँ खरे थें पहार् जैसे सारी ब्लाउस सभीकुछ मैचिंग हि थां जिसमे जानिका बहुतहॉट सुंदर लगरही थि
जानिका थकी हुई लेती थि ठाकुराइंन थि जिसके उपर जिमेदारी थि
अनाया जियाघऱ पे नहीं थें कॉलेज मे पढ़ते हैं वहीपास मे बंगला हैं स्वयं कां दोनों वही रहते पढ़ते हैं औऱ महीने मे आते रहते हैं याँ जानकी मिलने वक्त निकल केँ जाती हैं
तभी दरवाजे खुलने कि आवाज़ जानकी कों सुनाई देती हैं जानकी पीठ केँ बल लेटते हुवे दरवाजे कि तरफ देखती हैं दरवाजे सें कमरे पदमा कां पति जानकी कां देवर जी ठाकुर मनोज थां
मनोज जानकी कों देखते हुवे - भाभी
( आर्नव केँ घऱ )
आर्नव पवन मिना खानां पीना करने केँ बाद बैठे आगन् मे चटाई बिछा केँ बातें करने मे लगे थें
पवन आर्नव कों देखते हुवे - तौ आगे किया करने कां सोचा हैं
आर्नव मिनापवन कों देख - कल सुभहरोज 1 घंटेपास आस केँ केँ ज्वेलर केँ दुकान मे जाकेपता करुगा अब लॉकेट हि मुझेसही स्थान पहुचा सकती हैं
पवन - बिल्कुल सही बोला तुमने बेटेमगर तुम्हे बहुत मेहनत करनी पड़ेगी पर्र देर सवेर हि सही तुम् अपने मंजिल पे पहुँच जाओगे
आर्नव - हा पिताजी मे हर स्थान छन् मारुंगा
मिना - लाला जौ करना संभल केँ करना बाकी हम् तेरेसंग हैं
आर्नव - जनताहु मा
पवन - अच्छा अब मे सोनेचला थक गय़ा हु
मिना आर्नव कों देख - बेटा तुजा मे तेरे बापू केँ पेर दबाके आताहु
आर्नव - जीमा
आर्नव अपने कमरे मे आकेबैड पे धीरे-धीरे लेतकल कां प्लान सोचने लगता हैं
वही मिनापवन केँ पांव दबाने लगती हैं बातें करते हुवेपवन सो जाता हैं दिनभर काम सें थका थां बेचारा
मिना आर्नव केँ कमरे मे आके आर्नव केँ बगल मे लेत जाती हैं दोनों एक् दूसरे कों देखने लगते हैं
मिना मुस्कुराते हुवे - पायल कों लेके गय़ा थां सिटी किया क्याँ लिया हैं उसने
आर्नव - क्याँ बताऊमा भाभी बिकनी पैंटी मनपसंद करने कों बोलने लगी मुझे तोँ सर्म आँ रही थि उनकीजिद केँ आगेहार मनके मुझे उनके लिये बिकनी ब्रा पसन्द करना पारा
फ्लो फ्लो मे आर्नव भइया साहब जौ नहीं बताना थां बोल्ना थां बोल देते हैं जब एहसास होता हैं कियाबोल गय़ा तबफट जाती हैं औऱ मिना कों देखता हैं मिनाआखे बरी करते हुवेजोर सें कियाकहा तुमसे
आज केँ लिये इतना हि आज कां update कैसा हैं जरूर बताना बाकी धीरे-धीरे धीरे-धीरे करेटर राज खुलते जायेंगे
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Next part miss mat karna
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