तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 25
आर्नव पुसप् वाले पोस् मे आते हुवे - आइये मेरेउपर बैठ जाइये मुझे पुसप् करने मे फायेदा होगा
जानकीआर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - फायेदा तौ होगा मेरेलाल मगर तुम को मेरे सें दूसरा वाला फायेदा उठाने कि सोचरहा हैं
आर्नव खस्टे हुवे - ऐसा नहीं हैं आईये तोँ
जानकी आर्नव केँ पासआके - चलठीक हैं बैठ जातीहु तेरेउपर
जानकी मुस्कुराते हुवे आर्नव केँ पीछेआके आर्नव केँ उपर कि पुरे अच्छे सें लेत जाती हैं जैसेखाट पे लेती हौ एक् तेज गर्मी कां एहसास आर्नव कों अपनी पूरी बॉडी मे होता हैं जानकी जैसीगरम महिला कि बॉडीआग सें कम थोरि होगी जानकी कि पूरी बॉडी आर्नव केँ बॉडी सें चिपकी हुई थि आर्नव अपनीमा कि चूत कि गर्मी अपने गांड पे फिलकर रहा थां औऱ अपनीमा केँ दोनों टाइट नर्मबरे चुचे अपने नंगेपीठ मे जानकी केँ दोनों चुचे आर्नव केँ नंगे सीने सें चिपक केँ फैलगये थें बीच कि दरारदेख किसी कां भि लन्ड खरा होँ जाये
आर्नव मुस्कुराते हुवे - इतनी अच्छी भाग्य मेरी होगी सोचा नहीं थां मा वैसे जानती हैं मे किया कियाफिल कररहा हु आपकेऐसे मेरेउपर लेटने सें बोले तोँ अच्छे सें बताऊ आपको
जानकी शर्मा केँ - मतबता जानती हु कियाफिल कररहा हैं औऱ किया कहने वाला हैं चुपचाप पुसप् करसमझ गय़ा
आर्नव पुसप् मारते हुवे हस्त केँ - बहुत गर्मी फिल हौ रही हैं सुभह सुभहपीठ पे कुछकरक रसीले नर्मफिल होँ रहा हैं अरेहा दोसुई जैसाकुछ मेरेपीठ मे चुभ भि रहा हैं
जानकी आर्नव कि बातसुन सर्म सें पानी पानी हौ जाती हैं
जानकी - बेसरम कही कां बोले बिनारह नहीं पाया
पुसप् करना होँ जाता हैं आर्नव जानकी कों देख - चले नहाने पानी मे रोमांस भि करना हैं आपकेसंग
जानकी मुस्कुराते हुवे - पानी मे रोमांस केसे
आर्नव जानकी कों गोद मे उठा लेता हैं जानकी आर्नव केँ गले मे बाहें डाले शर्मा केँ - जनता हैं लाला मे हमेसा सें रोमांटिक पति चाहती थि मगर तेरे बापू रोमांटिक उतने नहीं थें जितना मुझे चाहिये थां सीधेबैड पे जाके वोँ सभी करनासही हैं पर्र उसके रोमांस भि होना चाहिये नां कि केवल
आर्नव - सेक्स माखुल केँ बोलिये हम् सभी खुले हैं एक् दूसरे केँ बारे मे सभी जानते हैं तौ खुल केँ बोला कीजिये मुझे अच्छा लगेगा
जानकी आर्नव कों देख लज्जा सें - हा सेक्स
आर्नव अपनीमा कों लेके गहरे पानी मे आँ जाता हैं जानकी कों नीचे उतार देता हैं
आर्नव अपनीमा कों बाहों मे लिये थां जानकी अपने बेटे केँ गले मे हाथ डाले प्रेम सें देखरही थि आर्नव - जनताहु मा जोँ आपकेपास आया आपके शरीर कों पाने केँ लियेआया हैं मगर मे आपका बेटा हु नाँ रोमांस केँ संग पलंग पे जोरदार लूंगा आपकी बोले तोँ अच्छे सें आपकी चूत कि खुदाई करुगा अपने मोटे लन्ड सें
जानकी शर्मा केँ - छी बेसरम मोक्के कां फायेदा उठा लिया तूने
आर्नव हस्ते हुवे - मे मोक्के कों हाथ सें नहीं जाने देतामा
जानकी - जानती हुसभी कि लेने केँ चकर् मे रहता हैं
आर्नव हस्ते हुवे - सहीकहा अपने
आर्नव चलिये नहाते हैं
जानकी आर्नव पानी मे डुबकी लागते हैं एक् संग एक् दूसरे कों पकरेजब दोनों उपर तोँ जानकी अपनीमा कों देखता हैं तोँ देखता हि रह जाता हैं आर्नव अपनीमा केँ गले पे धीरे-धीरे सें हाथरख पकर लेता हैं औऱ बस अपनीमा कों देखता रहता हैं सीन हि कुछऐसा थां जानकी केँ काले लम्बे गिलेबाल पानी मे तैररहे थें गालो पे होठो मे पानी कि बूँदे चमकरही थि जानकी बंदआके उसका अंदाज़ भीगा चेहरा सीन कों बहुत कमुक् बना दिया थां औऱ जानकी कों नये कमुक् अंदाज़ मे लेके आँ गय़ा थां (ठोड़ी) सें पानी गिरते हुवेगले सें होके जानकी केँ दोनों चुचे केँ बीच सें होके नीचेजा रहे थें आर्नव पागल हौ रहा थां अपनीमा कों बाहों मे लिये लगभग सें देख
आर्नव जानकी केँ हसीन चेहरे कों देख - मा आप् हुस्न कि मूरत हैं
आर्नव धीरे-धीरे सें अपने होठो कों अपनीमा केँ गर्दन मे सता केँ चूमने लगता हैं गले पे बेटे कां चुम्बन फिल करते हि जानकी जोस सें सिसक् परती हैं अपनीमा कि सिसक् सुन आर्नव औऱ जोस मे भर जाता हैं
आर्नव अपनीमा केँ गले कों बाहों मे लियेगले कों पकरे चूमने मे लग जाता हैं जानकी कि सासे बहुततेज चलने लगती हैं सिसकिया औऱ तेज सासे लेते हुवे जानकी धीरे-धीरे सें कपते होठो सें - अहह लाला
आर्नव चुमना बंद करता हैं औऱ अपनीमा केँ गुलाबी होठो पे उंगली फेरते हुवे - आखे नहीं खोलोगी माखोल केँ देखो तोँ अपने लाला कों
जानकी सिसक् केँ संग - नहींखोल सकती लाला मुझेफिल करनेदे तेरेहर एक् टच कों तेरे एहसास कों तेरे प्रेम कों मेरे लियेयह सभी लम्हा बहुतखास हैं तौ मुझेअहह आखे खोलने कों मतकेह
आर्नव जानकी केँ होठो कों देखते हुवे - जैसे आपकी मर्ज़ी मा
आर्नव धीरे-धीरे सें होठो सें उंगली हटा केँ अपनेदतो सें अपनीमा केँ निचले होठो कों पकर खीचने लगता हैं धीरे-धीरे सें कटने लगता हैं जानकी केँ जूसीहोठ रबर कि तरफखिच केँ लम्बे होँ गये थें जानकी गरम सिसक् केँ संग थोरा दर्द मे अहह करती हैं तेज सासे छोरने लगती हैं
आर्नव धीरे-धीरे सें मुह मे अपनीमा केँ होठो कों लेके चूसने लगता हैं जानकी भि चूसने लगती हैं आर्नव जानकी कों पूरीतरह सें बाहों मे भर केँ अपने सीने सें चिपका लेता हैं जानकी केँ दोनों चुचे आर्नव केँ सीने सें चिपक जाते हैं
आर्नव - आखे खोलोमा आखेखोल केँ औऱ अच्छे सें सभीफिल कर पाओगी इस समुंदर कों आसपास केँ नजारे कों
जानकी धीरे-धीरे सें आखेखोल आर्नव कों देखती हैं सर्म सें लाल होके
जानकी - तूनेजोर सें मेरे होठो कों कियु काटा मुझे दर्दहुआ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - कियाकरू मेरीमा केँ होठ इतने गुलाबी मुलायम हैं मे केसे स्वयं कों रोक सकता थां
जानकी शर्मा केँ - बेसरम बाहों मे लेकेमजे लेँ रहा हैं अपनीमा केँ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - कियु नां लू मेराहक मे लें रहाहु
जानकी मुस्कुराते हुवे - अच्छा पति वालाहक मा सें
आर्नव मुस्कुराते हुवे - हा पति वालाहक मगर बेटे कि नजर सें हि आपको देखुंग जाने रिस्ता पति वाला कियु नां हैं
जानकी सर्म सें नजरे नीचेकर लेती हैं
आर्नव - अच्छा मा आप् कितनी देर सासेरोक सकती हैं
जानकी - 5 याँ 6 मिनट
आर्नव हैरान होके - किया केसे मजाककर रही हैं आप्
जानकी - नहींरे सच्केह रहीहु जब मे बहुत निरास दुखी होती थि तब मे सुमिंग पुल मे आके पानी केँ अंदर योगा पोस् मे बैठ अपनेमन कों संत करती थि औऱ ऐसा करते हुवेआई हु
आर्नव औऱ जयदा हैरान होके - अच्छा तभी तौ आप् तौ अंजाने मे हि सासे रोकने कि ट्रेनिंग करली
जानकी मुस्कुराते हुवे - सायदहा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - तब तौ आनंद आयेगा पानी मे चले
जानकी सर्म सें - जायेदा कुछ करने कि कोसिस मत करनासमझ गय़ा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - समझ गय़ा मा
जानकी आर्नव डुबकी लगते हैं एक् दूसरे कों बाहों मे पकरे एक् दूसरे कों देखते हैं फिन धीरे-धीरे सें अपने होठो कों लगभगआके मिला देते हैं आखेबंद करकेफिल केँ संगमा बेटेकिस मे खोने लगते हैं
जानकी किस करते हुवेमन मे - ऐसा रोमांस पानी मे मेरा बेटा मेरेसंग करेगा मेने सपनो मे भि नहीं सोचा थां यह एहसास फीलिंग यहसमय यहकिस पानी मे हर लम्हा मेरे कियेखास लम्हा बनताजा रहा हैं
आर्नव मन मे - मा केँ होठो कां रस पानी मे भि फीका नहींहुआ बल्कि औऱ भि जयदाकरक नासादे रहा हैं मुझे
आर्नव किस करते हुवे जानकी कों धीरे-धीरे सें नीचे लेता केँ जानकी केँ ऊपर आँ जाता हैं आर्नव कां लन्ड जानकी केँ चूत मे टच हौ रहा थां जानकी मुश्किल सें स्वयं कों संभाले थि जानकी थि बेचैन हुई तौ पानी सें बाहर् निकलना परेगा जोकि जानकी नहीं चाहती थि जानकी अपनी बॉडी पे शरीर पे अपने बेटे कि मर्द वाली बॉडी कों फिल करके मदहोस होँ चुकी थि शरीर कि गर्मी औऱ जयदाबढ़ जाती हैं
आर्नव मन मे - पानी मे होने केँ बाद भि मा केँ बदन कि गर्मी बहुत जयदाफिल होँ रही हैं
आर्नव किसतोर केँ नीचेआता हैं औऱ अपनीमा केँ चिकनी गहरी ढोरी कों चूमने लगता हैं अपनी गहरी ढोरी मे बेटे केँ होठो कों फिल करते हुवे जानकी मचल उठती हैं जानकी मन मे - अहह लालाआज मुझेमार दि डालेगा लाला कि हरकत उसके प्रेम करने कां अंदाज़ उसके छूने सें हि मे बहुत जयदागरम होँ जातीहु मेरेबदन मे आगलग जाती हैं पानी मे हुफिन भि बहुत गर्मी लगरही हैं मुझे
जानकी उठने लगती हैं तोँ आर्नव जानकी केँ जांघों कों चूमना सुरुकर देता हैं जानकी मुश्किल सें सासे रोकेतरप मचल केँ आर्नव केँ सर पे हाथ फेरते हुवेमन मे - अहहयह लरका मेरी बॉडीहर अंग कों जिसतरह सें प्रेम कररहा हैं उफ मे ऐसे हि झर नाँ जाऊ मेरे अंदर कि गर्मी सालों सें बहार नहीं निकली हैं पर्र लालाउस संत गर्मी कों जगा देता हैं
आर्नव गोरे मोटे अपनीमा कि जांघों कों चूमते हुवे - कितने चिकने हैं पानी मे भि साफ गोरा शरीर टांगे सभीदिख रहे हैं मेरीमा केँ
अचानक जानकी आर्नव कों नीचे करके आर्नव केँ ऊपर आँ जाती हैं आर्नव मुस्कुराते हुवे अपनीमा केँ कमर कों पकर लेता हैं औऱ जानकी आर्नव कों पकर देखने लगती हैं जानकी इसारे सें - बहुत मरुगी
आर्नव इसारे सें - मारो पर्र डंडे सें नहीं अपनी चूत सें मेरे लन्ड पे
जानकी कां चेहरा लाल हौ जाता हैं
जानकी इसारे सें - चाकू तरबूज पे गिरे याँ तरबूज चाकू पे कहावत सुनी हैं मेने मेरे चालक बेटे
आर्नव इसारे सें - जोँ भि तोँ तरबूज कों चाकू केँ नीचे आनां हि परेगा
जानकी मुस्कुराते हुवे आर्नव कों पूरा लेता केँ आर्नव केँ लन्ड पे बैठ दोनों हाथ आर्नव केँ सीने पे रख आर्नव कों देख इसारे सें - जरूरी नहीं तरबूज चाकू केँ नीचे आयेगा तोहि कटेगा चाकू केँ ऊपर भि आकेकट सकता हैं कियु लालासही बोला नाँ
आर्नव हैरान जानकी कों देखने लगता हैं जानकी सर्म सें नजरेफेर लेती हैं आर्नव मुस्कुराते हुवेमन मे - कहीयह पोसमा कों मनपसंद तौ नहीं
उफ बस छोटे पैंटबीच मे आँ रहे हैं अहहमा कि चूत कि गर्मी मेरे लन्ड कों लोहाबना चुकी हैं
जानकी मन मे -- बाप रे कितना मोटागरम हैं मेरी चूत सेह नहीं आयेगी औऱ जयदा बैठीरही तौ
तभी जानकी आर्नव केँ ऊपर सें हटने लगती हैं तोँ आर्नव जानकी कों नीचे लेता केँ दोनों हाथ जानकी केँ दोनों चुचे पे जैसे हि रखता हैं जानकी कि पूरी बॉडी सिहर केँ कपते हुवे झटके मरने लगती हैं अब जानकी अपनी सासे नहींरोक पति औऱ जल्द सें ऊपरआके जोरजोर सें सासे लेके हफ्ने लगती हैं
आर्नव भि उपरआके मुस्कुराते हुवे अपनीमा कों देखने लगता हैं
जानकी आर्नव कों देख - बेशर्म मेरे चुचे मे हाथ कियुरखा
आर्नव - आपके चुचे
जानकी हकलाते हुवे - वोँ मतलब चुचे पे हाथ कियुरखा
आर्नव जानकी कों बाहों मे लेके धीरे-धीरे सें - मात्र अभि हाथरखा हैं तौ आपकीऐसी हालत हौ गई आगे तौ बहुतकुछ होना बाकी हैं
अपने बेटे कि बातसुन जानकी कि सासेरुक जाती हैं
जानकी आर्नव कों धक्का देखेदूर करते हुवे सर्म सें - बाराआया प्रेम करने वाला
जानकी मुस्कुराते हुवे पानी सें निकलआती हैं आर्नव हस्ते हुवे - वैसेमा रात कां पहलाकिस कैसालगा थां बताया नहीं अपने
जानकी आर्नव कों देख - बेकार थां सुन लिया
जानकी फिन गांड हिलाते हुवे शर्मा केँ जाने लगती हैं
आर्नव अपनीमा कि हिलती गांड कों देख - बहुतहिल रहे हैं मा आपकी गांडजान बुझ केँ हिलारही हैं नां बेसरम मा
जानकी हस्ते हुवे - हाअबचल जल्दसभी इंतजार कररहे होगे
आर्नव पानी सें बाहर् आके पानी कों देखमन मे - बहुत आनंदआया शपथ सें एसी पानी मे सेक्स भि करुगा आपकेसंग तबमा हम् दोनों पुरे नंगे होगेउस लम्हा कां इंतजार हैं
हॉल मे सब बैठे खाने मे लगे हुवे थें
पदमा जानकी कों देख - दिदी आपका चेहरा लाल कियु हैं मुस्कुरा भि रही हैं आर्नव बेटे कों देख
पदमा कि बातसुन जानकी खासने लगती हैं
अनाया मुस्कुराते हुवे - क्याँ चाची सभीपता हैं फिन भि पूछरही हैं
जिया - औऱ नहीं तौ किया
मीना सोनल कों देख मुस्कुराते हुवे - तेरे पिताजी बरे आशिक हैं बेटी औऱ ठरकी भि
पवन - अरे भइयासभी कों पता हैं तोँ चुपरहो नां एक् तौ श्राप सालाकब असरकर देता हैं पता नहीं चलता
आर्नव थोरा सिर्यस् होके - सहीकहा बापू मेरी औरतेअब मेरी हैं बाहर् कां मर्दकोई टच नहींकर सकता आप् तोँ अपने हैं बाबा सें बात करताहु
दोपहर 11 बजे
बगीचे मे पवन पदमा मीना बाते करने मे लगे थें आर्नव यहदेख मन मे - अब अच्छा हैं चाची बापू मीना केँ संगघुल गई हैं
जिया अनाया जानकी आपस मे बात करने मे लगे थें जानकी नें सोनल कों गोद मे लिये हुवे थि
जानकी सोनल कों देख - मेरी प्यारी गुरिया केँ बापूकहा हैं
अनाया मुह भुला केँ - तेरे पिताजी कों तेरी दादीमा सें फुर्सत मिलेतब नां
जानकी अनाया कों देख मुस्कुराते हुवे -कियुरात कों तेरा भइया तुम को प्रेम करता हैं वोँ कम पर्र रहा हैं किया
अपनीमा कि बातसुन अनाया सर्म सें - वोँ मा
जिया हस्ते हुवे - चाची भइया अभि नीचे नहींआये हैं सायदआज रात आँ जाये
जानकी मुस्कुराते हुवे - ऐसा हैं किया
अनाया जिया सें - चुप बेसरम कही कि
दूसरी तरफ पदमापवन सें - आप् दिदी कि भि लेना चाहते हैं किया
पवन पदमा कों देख - कैसी बातेकर रही हैं आर्नव बेटे नें तुम्हे मुझे दिया जानकी जी कों लेकेकुछ केह नहीं सकता आर्नव कि नजर मे गिरजाऊ ऐसाकाम नहीं करुगा
पदमा - हा जानती हु आर्नव बेटा सभी कां ख्याल रखता आप् भि अच्छे हैं
मीना - बिल्कुल सहीकहा अपने मेरा पति बहुत अच्छे हैं मेरालाल
पदमा मुस्कुराते हुवे - वोँ सभी तौ ठीक हैं मगर दूसरी खुशखबरी कब सुनारही होँ
मीना सर्म सें लाल होके - जल्द हि उनका अंदर गिरते हि समझोपेट फुल गय़ा
पवन पदमा हसने लगते हैं मीना औऱ शर्मा जाती हैं
आर्नव सभी कों खुशदेख खुश थां
आर्नव बाबा कों मोबाइल करके - बाबाकब आँ रहे हैं आप् श्राप जोर पे हैं सायदअब कोई स्वयं कों रोक नां पाये
बाबा ; अगरऐसा हैं तोँ मे आताहु मगरफिन भि तीनदिन लग जायेंगे
आर्नव - ठीक हैं बाबा आप् जल्द आँ जाइये
बाबा - ठीक हैं तुम् भि पहुँचो हवेली
आर्नव - ठीक हैं मगर बाबासभी कों लाना पड़ेगा किया
बाबा - तुम् सभी कों लाना नहीं चाहते तोँ किसी एक् कों लेकेआओ मे उससे हि पतालगा लूंगा सभीकुछ
आर्नव - समझ गय़ा बाबा आप् आते हि सीधा हवेली आँ जानां
बाबा - ठीक हैं बेटा रखताहु
मोबाइल कट
आर्नव थोरिदेर खराकुछ सोचने लगता हैं उसकेबाद सब कों बुलाता हैं सबआके बैठ आर्नव कों देखने लगते हैं
आर्नव सब कों देखते हुवे - बाबा सें बात मेरी बाबा तीसरे दिन हवेली आयेगे मेने पूछासब कों लाना परेगा पर्र उन्होंने कहा एक् बहुत हैं तोँ मेने सोचा हैं कल सुभहमा केँ शक्ति पुर हवेली जायेंगे मे सभी कों लेके नहीं जानां चाहता जब तक क्याँ मामला हैं पता नहीं चलता
पवन - यह तौ अच्छी बात हैं तुम् बिना चिंता किये जानकी जी कों लेकेजाओ
अनाया - मुझे भि आपकेसंग जानां हैं
जिया - मुझे भि
पदमा - कोई नहीं जायेगा केवल आर्नव बेटा दिदी जायेंगे समझ गई
अनाया जिया कां मुहलटक जाता हैं
आर्नव दोनों कों देख - गुरिया माफ करना वादा किया थां पूरा नहींकर पायायह नई मुसीबत आने कि वजह सें पऱ यह मुसीबत जैसे हि खतम होगी मे सभी कों अकेले मे अपना वक़्त दूंगा कही घुमाने लेके जाउंगा
अनाया - ठीक हैं भइयासमझ गई
आर्नव - मीना तुम् कुछ नहीं कहोगी तुम् सें फिनदूर जारहा हु
मीना - पति जी आप् मेरे बेटे पति दोनों हैं यहा मामला अलग हैं मां जी केँ संग जाइये इस दोरान आप् दोनों संग मे औऱ वक्त बिता पायेंगे दूरजा रहे हैं मगर हमेसा केँ लिये थोरि नां मे चाहती हु जल्दयह श्राप खतम हौ जाए
आर्नव - मा तौ कल चलने केँ लिये तैयार हैं आप्
जानकी - जैसा तुम् बोलो बेटा
बाते हौ गई तय होँ गय़ा कल सुभह जानकी आर्नव हवेली केँ लिये निकलने वाले थें
रात 9 बजे
आर्नव अपनीमा केँ कमरे मे आता हैं जानकी खाट पे बैठी थि आर्नव अपनीमा कों देख - बसयही देख्ना थां मा आप् मुझे पागलकर देगीऐसे अपना खूबसूरती दिखती रहीशपथ सें रोक नहीं पऊगा औऱ टूट परुगा फार दुगा आपकी मुनिया कों
जानकी क्रीम आइवरीकलर नाइटगाउन स्लिप ड्रेस मे बैड पे दोनों पेर नीचे किये दोनों हाथबेड मे रखे बैठी थि किया हि कातिल नजारा थां जानकी केँ दोनों बरे मालदार रस सें भरे चुचे मस्तझाक रहे थें नाइटी घुटने केँ ऊपर तक थि जिसकी वजह सें जानकी केँ दोनों नंगे गोरे पांव घुटने तक दिखरहे हैं जानकी कों देखकोई भि पागल हौ जायेगा जानकी कों पाना चाहेगा वैसे उसका भि होँ चुका थां
आर्नव गोर सें देखता हैं दाइतरफ केँ निपल निकले हुवेदिख रहे हैं अबऐसा सीनदेख आर्नव कां लन्ड खरा हौ जाता हैं जानकी कि नजर आर्नव केँ पैंट केँ उभार पे जाती हैं तोँ आखेबरी कर लेती हैं
जानकी आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - बेटा मे तौ रोजऐसे हि सोतीहु
आर्नव - झूठहर रोज आप् अलग नाइटी सारी तौ कुछ औऱ पहन केँ रखती हैं
जानकी मुस्कुराते हुवे - अरे तोँ किया पेहनु नहीं तुम् मुझेदेख होस खोने लगते हौ तौ इसमें मेरा कियाडोस
आर्नव जानकी केँ पासआके आखो मे देख - डोस आपकेयह कातिल खूबसूरती कां हैं मा अंदरकुछ पहना हैं नाँ नहीं
जानकी लज्जा सें धीरे-धीरे सें - सभी खुला हैं हवा लगने केँ लियेकुछ नहीं पहना
आर्नव मुस्कुराते हुवे - यहसभी करने सें आपकी चूत कि गर्मी नहीं जाने वाली मेरा मोटा लम्बा जायेगा तभी गर्मी निकल पायेगा
जानकी - अच्छा ऐसा किया देखते हैं जब जायेगा तौ मेरी गर्मी निकाल पता हैं याँ नहीं
आर्नव - देख लेना
आर्नव अपना होठो जानकी केँ होठ सें सता देता हैं दोनों एक् दूसरे कों चूसने किस करने लगते हैं एक् दूसरे केँ दोनों कों चूसने लगते hain
किस केँ बाद
आर्नव - मे यह केहने आया थां
जानकी - कि तुम् आज मीना केँ संग रहोगे तुम् किसी एक् केँ पीछे नहीं भागते भले वोँ इंसान तुम्हारा खास कियु नां होँ मुझेनाज हैं ऐसे हि सभी कों बराबर प्रेम देते रहना
आर्नव - जीमा मे चलताहु
जानकी - ठीक हैं बेटा जाओ
आर्नव दरवाजे पे रुक पीछे जानकी कां देख मुस्कुराते हुवे - पऱ कल वाहन सें जायेंगे लम्बा मार्ग होने वाला हैं समझ गई नाँ मा
जानकी मुस्कुराते हुवे - तूने मुझे लें जाने कि बातकही तभीसमझ गई थि मेरेलाल तु अपना फायेदा देखरहा हैं मगरकुछ करने नहीं डुगी
आर्नव मुस्कुराते हुवे - देखते हैं मुझे तोँ जोँ करना हैं करके रहुंगा मा
आर्नव चला जाता हैं
जानकी बैड पे लेत सर्म सें - किया करेगा रास्ते मे
आर्नव मीना केँ पास आँ जाता हैं दोनों नंगे होके चुदाई वालाखेल खेलना सुरुकर देते हैं
मीना लेती होती हैं टांगे उठा केँ आर्नव मीना कि गांड मे लन्ड पेलरहा होता हैं धक्के माररहा होता हैं धक्के सें मीना कि पूरी बॉडी चुचे मस्तहिल रहे होते हैं आर्नव मीना कि गांड मारते हुवे - उफ मीना तेरी गांडकस गई हैं फिन सें टाइट टाइट जयदा हि फिल हौ रहा हैं मुझे
मीना दर्दमजे मे आर्नव कों देख - उफअहह पति जी स्वयं कस जाती हैं टाइट होँ जाती हैं अहहमगर आपके लन्ड जाते हि फैल जाती हैं
आर्नव खाट पे लेत जाता हैं मीना आर्नव केँ ऊपर चूत मे लन्ड लेके पूरालेत जाती हैं अपनी गांड कों तेजी सें उपर नीचे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं आर्नव कों किस भि करने लगती हैं आर्नव एक् चुचे कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं मीना पूरा आनंद लें रही थि लन्ड कि सवारी करके आर्नव हि मीना कों वोँ खुशीदे रहा थां जौ मीना कों चाहिये थां
मीना एक् पत्नि होने केँ नाते पुरेहक सें आनंद लें रही थि अपने पति जी मोटे लन्ड कि सवारी करते हुवे
दूसरी तरफ पदमा टांगे उठाये नंगी लेती थि पवनबीच मे पदमा केँ चुचे दबाते हुवेजोर जोर सें धक्के मररहा थां पदमामजे मे - अहहपवन जी करते रहिये रोकना मत मेरे चुचे कों औऱ डबाइये जोर सें
पवन धक्के मारते हुवे - पदमाउफ कियामाल हैं किया चूत हैं तेरी मस्त फूली हुईँ बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहहयह लो पदमा मेरा लन्ड
पदमा - अहह चोदो मुझे औऱ जोर सें पेलो मुझेपवन जी
3 मिनटबाद दोनों झर जाते hain
पवन पदमा कों देख हफ्ते हुवे - आर्नव बेटे नें सिखाया इस लिये तुम्हारी चूत कि पानी एक् बार निकाल पाया नहीं तौ मे सीधे तुमारी चुदाई करता तौ मे पहले हि झर जाता
पदमा हफ्ते हुवे - अपनेसही कहा आर्नव जनता हैं स्त्री कों केसेखुश करना हैं
पवन - सहीकहा
दूसरी तरफ आर्नव मीना केँ चूत मे अपनागरम गरममाल भर चुका थां दोनों खाट पे नंगे लेते थें सोनल धीरे-धीरे सोरही थि
मीना आर्नव कों देख - आपकी चुदाई केँ बाद तोँ मन हल्का हौ जाता हैं चैनमिल जाता हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ऐसा किया
मीना - हु सुनिये आज अनाया गुरिया कि सीलतोर दीजिये कली सें फुलबना दीजिये आप् जाने वाले हैं कही आपके पिताजी अनाया बीच नें समझरहे हैं नां
आर्नव - तुम् नें बात तौ सहीसही पिताजी ऐसा करेगे नहीं श्राप कि वजह सें कर भि देते हैं तौ मुझे बुरा नहीं लगेगा
मीना - जानती हुमगर बात अनाया कि हैं उसे बुरा लगेगा कियुंकी अनाया आपकेसंग करना चाहती हैं अपनीसील तोरवाना चाहती हैं
आर्नव सोचते हुवे - यह तौ हैं तौ कियाकरू मे
मीना - जाइये अभि अपनी गुरिया कि सीलतोर दीजिये
आर्नव - पर्र मे तुम्हारे संग
मीनाबीच मे - आप् जायेदा सोचते हैं मर्द कों अपनाकाम करने केँ लियेदूर होना परता हैं जाइये
आर्नव मीना कों किस करते हुवे - मा बनके मुझे पाला बारा कियामा कां प्रेम दियाअब पत्नि बनकेदे रही होँ
मीना प्रेम सें - आप् भि तौ बेटे कां प्रेम अब पति कां प्रेम देरहे हैं आपको पाना मेरी क़िस्मत मे सबसेबरी खुशी हैं अब जाइये
आर्नव - ठीक हैं जाताहु
आर्नव अनाया जिया केँ पासआता हैं दरवाजा बंद हौ जाता हैं
सुभह बाहर् तैयार कलर कि
आर्नव तैयार होकेखरा अपनीमा केँ आने कां इंतजार कररहा थां तभी जानकी आती हैं आर्नव कों देख पोस् मारते हुवे - कैसीलग रहीहु मे
आर्नव अपनीमा कि तरफ देखता हैं तौ देखता हि रह जाता हैं आजफिन जानकी मे अपने बेटे कि हालत खराबकर दि सीन भि तौ बवाल थां जिसेदेख किसी कां भि पानी निकलजाए
बॉडीकॉन मिनी ड्रेस काले औऱ गहरेलाल रंग केँ मार्बल प्रिंट वही ड्रेस मे भइया किया कयामत लगरही थि जानकी कमर पे एक् हाथरखे आर्नव कों मुस्कुराते हुवे पोस् मे खरीदेख रही थि आर्नव उपर सें नीचे तक अपनीमा कों देख पागल होँ गय़ा थां चुचे तोँ आधे सें जयदादिख रहे थें बरे गोरे उभारदेख आर्नव कां लन्ड झटके मरने लगता हैं
आर्नव होस मे आते हुवे जानकी केँ पास जाके बाहों मे लेके - yeh लम्बा मार्ग आप् जैसी कातिल खूबसूरत औरत केँ संग मस्त कटने वाला हैं
दोनों ककिस करते हैं
जानकी मुस्कुराते हुवे - चलोफिन मेरे मर्दजी
दोनों बाहर् आते हैं आर्नव जानकी कों देखसभी केँ सभी पागल होँ गए थें जानकी आर्नव कि जोरि मस्तलग रही थि
अनाया खरी थि मगर जिया कि सहायता सें रातसील तोरी थि आर्नव नें मगर चुदाई ऐसी कि बेचारी कि हालत खराब हौ गई
जिया कि तोँ गांड मारके आर्नव नें फैला दिया थां दोनों भि बेहन कि आर्नव नें रात बहुतली
जानकी अनाया कों देखमन मे - तौ सीलतोर दिया लाला नें अपनी गुरिया कां अच्छा हैं
आर्नव अनाया केँ पासआके - गुरिया बहुत दर्द हैं
अनाया लज्जा सें - जी पर्र आप् चिंता मत करिये
आर्नव अनाया कों ककिस करते हुवे - ध्यान रखना पऱ गुरिया मज़ा बहुतआया रात तेरी चूत मारके
अनाया सर्म सें - बेसरम भइया
आर्नव जिया सें - गांड मे दर्द तोँ नहीं हौ रहा मेरीजान
जिया - बेसरम दर्द होगा नहीं तोँ किया गांड मे मोटा लन्ड जायेगा तौ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मज़ा बहुतआया मुझे
पदमा मुस्कुराते हुवे - गाड़ी भि मस्त हैं दिदी आर्नव कि जोरि भि मस्त हैं रास्ते मे कांड होगा लगता हैं
मीना मुस्कुराते हुवे - लगता नहीं होगा हि होगा मां जीजिस तरह तैयार होकेआई हैं कोई मर्द स्वयं कों केसे रोकेगा
पवन - सहीकहा अबजाओ देरी होँ रही हैं
आर्नव सभी सें भले मिलता हैं
आर्नव - बापूसभी कां ख्याल रखना आप्
पवन - चिंता मतकर आहिस्ता जा
सामने लाल कैब्रियोले खरी थि जौ सफर ट्रिप केँ लिये बेस्ट वाहन होती हैं उपर सें सभी खुला मस्त नजारा हवा खाते हुवेसफर करने कां आनंद हि कुछ औऱ होता हैं खासकर जब आपकेसंग एक् कातिल सुंदर सुंदरता होँ तौ सफर औऱ भि जायेदा मजेदार हौ जाता हैं
आर्नव सोनल कों प्रेम सें देखता हैं गल कों चूमता हैं जानकी भि प्रेम करती हैं फिन जानकी आर्नव बैठ जाते हैं दोनों सभी कों बायबोल निकल परते हैं शेरा पर्र हवेली
अनाया - चलेगए दर्द देके मुझे
जिया मुस्कुराते हुवे - आनंद नहीं दिया भइया नें
अनाया - चुपकर
पदमा - चलोअब कुछदिन आर्नव केँ बिना रहना परेगा
सरक पे आर्नव अपनी कैब्रियोले कों दोरारहा थां जानकी बैठीआगे कां नजारा देखरही थि आर्नव - मा कैसालग रहा हैं आपको
जानकी आर्नव कों देख - बेटा बहुतखुश हु तेरेसंग यह लम्बा सफरइस कैब्रियोले मे हवा कों नजरे कों फिल करके मस्त कटने वाली हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे जानकी केँ जांघों मे हाथरख सेहलते हुवे - मेरा भि मा
जानकी सिसक् परती हैं शर्मा जाती हैं
आज केँ लिये इतना हि
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 26
कमरे मे माहौल आजकुछ जयदा हि गरम थां एक् बरा भइया अपनी छोटी बहन कि सील तोरके कली सें फुल बनके वाला थां एक् लरकी सें महिला बनने वाला थां आर्नव नँगा थां अनाया नंगी पलंग पे लेती थि जिया एक् स्थान बैठी थि
एक् भइया अपनी छोटी बेहन कि चुदाई करने वाला थां औऱ जिया दोनों सगे भइया बेहन कि चुदाई देखने वाली थि अपनी बेहन कि सील टूटते देखने वाली थि
अनाया बैड पे सीधे लेती थि बहुत सुंदर कमुक् फिगर जिस्म गोल मटोल काले निपल वाले चुचे पतलीकमर फूली उभार वाली चूत पे छोटे कालेबाल बहुत अच्छे लगरहे थें मगर अनाया थोरिडरी हुइ थि
आर्नव अनाया केँ पास झुकते हुवे - कियाहुआ गुरिया डरलगरहा हैं
अनाया आर्नव कों देखते हुवे - जी भइया
आर्नव - अंदर जायेगा तोँ दर्द होगा उसकेबाद जयदा नहीं होगा जैसे डॉक्टर सुई लगाता हैं तब बहुत दर्द होता हैं उसकेबाद तौ दर्द होता भि हैं तोँ दर्दसेह लेते हैं डर भि चला जाता हैं
अनाया आर्नव कों देखते हुवे थोरा डरते हुवे - समझ गई भइया
आर्नव चूत केँ पासआता हैं चूत कों अच्छे सें देखता हैं सेहलता हैं मसलता हैं औऱ धीरे-धीरे सें एक् उंगली अंदर घुसा देता हैं अनाया जोर सें अहह सिसक् परती हैं सीलपैक चूत थि बहुतगरम कसी हुइ थि आर्नव अनाया कों देखते हुवे चूत मे उंगली करने लगता हैं अनाया पलंग मे मचलने लगती हैं सिसकिया लेते हुवेकमर उठाने लगती हैं
आर्नव - गुरिया बहुतकसी हैं तेरी चूत आज तेरा भइयासील तोरेगा
अनाया आर्नव कों देखते हुवेगरम तेज सासे सिसकते हुवे - अहह भइया
आर्नव अनाया कि टांगे फैला केँ चूत कि फाको कों अलग करके देखता हैं तौ लाल छोटाछेद दिखाई देता हैं अपने भइया कों अपनी चूत कों अपनी चूत कि फाको कों उंगली सें अलग करके देखता देख अनाया मदहोसी मे जोस मे खोने लगती हैं यहहक किसी औऱ कां थां मगरअब यहहक एक् भइया कां थां एक् भइया अपनी छोटी बेहन कि चूत कों फैला केँ सीलपैक छेददेख रहा थां बेहन कि चूत देख्ना चूत मिलना हर भइया कि भाग्य मे नहीं होता
आर्नव अनाया कों देख - बहुत प्यारी चूत हैं तुम्हारी गुरिया
अनाया मदहोसी मे - उफआह् भइयाकुछ करो नाँ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - करताहु गुरिया बेताब मत हौ
आर्नव पूरा झुकते हुवे अपनी बेहन कि चूत कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं अनाया आर्नव केँ सर पे दोनों हाथ रखते हुवे अपनी चूत पे दबने लगती हैं अनाया - अहह भइया चुसो चाटो अपनी बेहन कि चूत कों अहह तोँ ऐसा मज़ाआता हैं चूत चटवाने मे अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं
अनाया कों पहला आनंदमिल रहा थां चूत चटवाने कां औऱ अनाया कों बहुत जयदा आनंद आँ रहा थां आर्नव जिब चूत केँ छेद मे घुसा केँ रस पीने लगता हैं आर्नव मन मे - उफ अपनीसगी बेहन कि सीलपैक चूत चाटने मे अलग हि आनंद आँ रहा हैं गुरिया कि चूत केँ रस कां स्वाद भि बहुत जयदाहट केँ अलग हैं अहह गुरिया मेरी भि बेहन
अनाया कपने लगती हैं आर्नव कां सर चूत पे जोर सें दबाके झरते हुवे - अहह भइया आपके निकाल दिया मेरी चूत सें पानीअहह निकल गय़ा गरमगरम पानी मेरी चूत सें अहहपि जाओ भइया मेरी चूत कां रस
आर्नव सीधाबैठ जाता हैं अनाया पहलीबार झरकेतेज तेज सासे लियेजा रही थि चूत रस सें गीलीसन् गई थि आर्नव मुस्कुराते हुवे - कैसालगा गुरिया
अनाया हफ्ते हुवे थोरा शर्मा केँ - बहुतचैन भरा थां बहुत आनंदआया
जिया मुस्कुराते हुवे - आगे औऱ आनंद आयेगा दिदी
आर्नव अच्छे सें घुटने मे बैठ लन्ड कों चूत केँ फाको पे घिसते हुवे चूत कि छेद पे लन्ड कों रख अनाया केँ ऊपरलेत जाता हैं दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं
आर्नव - तैयार हौ गुरिया
अनाया थोरा डरते हुवे - जी भइया
आर्नव किस करते हुवे धीरे-धीरे सें अपना लन्ड अंदर घुसाने लगता हैं टोपा अंदर जाते हि अनाया दर्द मे छतपटाने लगती हैं मगर आर्नव अनाया कों हिलने नहीं लेता आर्नव धीरे-धीरे सें एक् धक्का मरता हैं वैसे हि सीलटूट जाती हैं आर्नव एक् धक्का औऱ मारते हुवे पुरेजर तक अपना लन्ड घुसा देता हैं आर्नव कों थोरा दर्द लन्ड पे होने लगता हैं खुनखाट कों लाल करने लगते हैं अनाया हाथपेर मरने लगती हैं जियासभी देख काप् गई थि जियामन मे - मेरी हालत भि ऐसी हि हुई थि दिदी कि हालतदेख फिन वोँ रातयाद आँ गई
आर्नव थोरिदेर रुकते हुवेमन मे - अहह बहुतगरम चूत मेरा लन्ड तोँ फस गय़ा हैं छेद मे ऐसाफिल हौ रहा हैं 1 मिनटबाद
आर्नव किस तोरते हुवे चुदाई करने लगता हैं अनाया जोर सें चीखते हुवे आर्नव कों पकर दर्द मे - अहहमा मर गई मार डाला बहुत दर्द होँ रहा हैं भइया
आर्नव अनाया कों देख चुदाई करते हुवे - बस गुरिया जोँ होना थां हौ गय़ा हैं अब मज़ा आयेगा दर्दफिल नहीं होता
आर्नव धक्के मरते रहता हैं अनाया दर्द मे अहहउफ करते रहती हैं
जिया बैठीसभी देखमन मे - अब दिदी कों आनंद आयेगा ऐसा आनंद कि दर्दभूल जांएगी मगर सुभह असली दर्दफिल होगातब दिदी सही सें चल भि नहीं पायेगी
आर्नव घुटने मे बैठतेज धक्के मारते हुवे अनाया कों देखने लगता हैं अनाया कि पूरी बॉडी चुचेतेज धक्के सें हिलरहे थें अनाया हर धक्के सें अहह दर्द मे उफमाकर रही थि आर्नव कों अपनी बेहन कि चुदाई करने मे बहुत जयदा मज़ा आँ रहा थां आर्नव धक्के मारते हुवे - उफ मेरी छोटी प्यारी बेहन तेरीसील पैक चूत कि चुदाई करने मे अलग हि आनंद आँ रहा हैं मे बता नहीं सकताआज रात अच्छे सें तेरी चूत मारुंगा यह लें मेरी बेहन अंदर तक अपने भइया कां मोटा लन्ड दे
आर्नव खाट पे नीचे आँ जाता हैं अनाया कों भि खाट केँ साइड लाके चूत मे लन्ड घुसा केँ अनाया केँ गले कों पकर चुदाई करने लगता हैं आर्नव बीचबीच मे तेज धक्के शॉटमार रहा थां जिसकी वजह सें अनाया दर्द मे तरप मे - अहहमर गई भइयाऐसे धक्के मत मारोलग रहा हैं अंदर बहुत दर्द हौ रहा हैं सेह नहीं पाउंगी
आर्नव तेज धक्के शॉट मारते हुवेगले कों दबाते हुवे - सेह लेँ गुरिया यह लें अहह औऱ जोर सें लें आज तेरी गर्मी पूरा निकाल दूंगा मे तेरी चूत कि
जिया सिहर काप् केँ डरते हुवेमन मे - बाबूकोई रहम नहींकर रहे अपनी बेहन पे ऐसा मेरेसंग किया होता तौ मे मर हि जाती
आर्नव अनाया कों जल्द सें घोरी बनके लन्ड चूत मे डालके अनाया केँ दोनों हाथ पकरेजोर सें धक्के मरने लगता हैं अनाया दर्द मे चीखते हुवेजोर जोर सें रोते हुवे जिया कों देख - बेहनरोक भइया कों मे मर जाउंगी शपथ सां बहुत दर्द होँ रहा हैं प्लेस बचा लेँ
आर्नव जोर सें शॉट मरता हैं अनाया दर्द मे जोर सें चीख परती हैं जियाडर केँ जम गई थि आर्नव होस मे नहीं थां अनाया कि दर्दभरी चीखसुन जियाहोस मे आते हुवे जल्द सें आर्नव कों एक् चाटागाल पे दे मारती हैं चटतब जाके आर्नव होस मे आता हैं अनाया कि हालतदेख आर्नव जल्द सें लन्ड निकाल लेता हैं अनाया रोने लगती हैं जोरजोर सें चूत मे बहुत दर्दजलन हौ रहा थां
जिया आर्नव कों देख - आप् पागल हौ गये हैं किया अपनी छोटी बेहन कि जान लेने वाले थें ऐसेकोई करता हैं वोँ भि अपनी बेहन केँ संग
आर्नव - वोँ मे होस मे होसखो दिया थां
आर्नव अनाया केँ पास जाके बाहों मे लेके - माफ करके गुरिया
अनाया सिसकते हुवे - कोईबात नहीं भइया
2 मिनटबाद
आर्नव पलंग पे लेत थां आनाया आर्नव केँ ऊपर आँ जाती हैं जिया आर्नव केँ लन्ड कों पकर अनाया कि चूत केँ छेद पे रख देती हैं अनाया भि अपनी गांड नीचे करते हुवे पूरा लन्ड लेँ लेती हैं आर्नव अनाया कों बाहों मे लियेकिस करते हुवे नीचे सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे धक्के मरने लगता हैं
इसबार आर्नव धीरे-धीरे कररहा थां औऱ अनाया कों भि दर्द मे दर्द नहीं आनंद भि आँ रहा थां औऱ जियाअब राहत कि सासू लेती हैं
जिया मुस्कुराते हुवे - अब अच्छा हैं उफ मेरी चूत मे भि आगलग गई हैं
अब जिया अनाया केँ ऊपरआके दोनों किस करने लगते हैं अनाया अपनी चूत कों सेहलते जारही थि औऱ आर्नव पीछे सें जिया कि चूत मारने लगता हैं आर्नव चुदाई करते हुवे - अहह जिया मेरीजान
अनाया किस करते हुवे सेहलते हुवेमन मे - बहुत दर्दजलन होँ रही हैं मेरी चूत मे मगर मुझे औऱ चुदवाना हैं भइया कां लन्ड लेना हैं
जियाकिस केँ संग चूत चुदाई कां मज़ा लेके मस्त हौ रही थि 1
अब आर्नव लेता थां अनाया मजे सें अपनी चूत केँ रस सें गीले भइया केँ लन्ड कों मुह मे लेकेमजे सें चूसने लगती हैं औऱ जिया आराम धीरे-धीरे अनाया कि चूत कों चाटने लगती हैं अनाया लन्ड चुस्टे हुवेमन मे - उफयह स्वाद अलग हैं मेरी चूत केँ रस भइया केँ लन्ड कां मिक्स स्वाद हैं बहुत मज़ा आँ रहा हैं चूसने मे अहह मेरे भइया केँ मोटे लन्ड कों उफ
जिया अनाया केँ चूत चाटते हुवेमन मे - दिदी कि चूत कि हालत बहुत खराब हैं मगरजोस मे दर्द कां एहसास अभि नहीं होँ रहा हैं दिदी कों
आर्नव अब नीचे लेता अनाया कि चूत चाटने मे लग जाता हैं जिया आर्नव केँ लन्ड पे बैठी गांडउपर नीचे करते हुवे अनाया केँ चुचे दबाते हुवेकिस करते हुवे - दिदी बहुत आनंद आँ रहा हैं आपको
अनाया मदहोसी मे - उफ बेहन बहुत आँ रहा हैं चुदाई कां अलग हि मज़ा हैं अब जाके मे फिलकर रहीहु अहह भइया चाटो मेरी चूत कों अहह औऱ अच्छे सें चाटो अपनी बेहन केँ चूत कां रस निकल केँ पिलो
अनाया कि हालत खराब हौ जाती हैं जलन दर्द सें तौ अनाया आहिस्ता लेत जाती हैं पसीने सें भीगी दर्द मे तेज सासे लेते हुवे
आर्नव जिया कों देख - जानअब तेरी गांड कि बारी घोरीबन जाओ
जिया थोरा डरते हुवे घोरीबन जाती हैं आर्नव थूकलगा केँ छेद मे उंगली करने केँ बाद लन्ड गांड कि छेद पे रख घुसने लगता हैं जिया दर्द मे अहह बाबू धीरे-धीरे बहुत दर्दहा रहा हैं
आर्नव जोरलगा केँ धक्के मारते हुवे पूरा अंदर तक घुसा देता हैं जिया दर्द मे जोर सें चीख परती हैं रोने लगती हैं जिया - अहहमा मर गई फट गई बहुत दर्द हौ रहा हैं सहा नहींजा रहा
अनाया भि यहदेख डरते हुवेमन मे - मेरी भि बारी आयेगी तबमर गई
आर्नव जिया केँ दोनों हाथो कों पकरे गांड कि चुदाई करने लगता हैं आर्नव कां मोटा लम्बा लन्ड अपनी स्थान बना लिया थां आहिस्ता अंदर बाहर् कररहा थां मगर जिया कों दर्दहा रहा थां पऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे दर्दमजे मे बदल जाती हैं जिया - अहह बाबू गांड मरवाने मे गांड मे लन्ड लेने मे ऐसा आनंदआता हैं पता नहीं थां अहह मारो मेरी गांड कों उफ
आर्नव धक्के मारते हुवे - अहह मेरीजान बहुतकसी हैं तेरी गांड मज़ा तोँ मुझे भि बहुत आँ रहा hain अहह मस्तछेद हैं तेरी गांड कि
आर्नव अब आहिस्ता लन्ड पूरा बाहर् निकल अंदरपेल देता हैं जिया दर्द मे अहहमर गई आहिस्ता मगर आर्नव बारबार करता हैं लन्ड पूरा बाहर् निकल अंदर घुसा देता जिया कि गांडफैल गई थि इस लिये आहिस्ता अंदर आर्नव कां लन्ड चला जाता थां मगर जिया कों दर्द होता थां आर्नव - उफजान फैल गई तेरी गांडअहह मेरी रानी
15 मिनट तक आर्नव जिया कि गांड मरता हैं अच्छे सें औऱ जिया पलंग मे गिर जाती हैं
आर्नव अनाया केँ ऊपरआके चूत मे लन्ड घुसा केँ चोदने लगता हैं तेजतेज धक्के मरने लगता हैं जिया आर्नव कों बाहों मे लियेअहह उफ करने लगती हैं फटफच् फटफच् औऱ आर्नव तेजशॉट मारते हुवे - अहह मेरी बेहन अपने भइया केँ गरमगरम माल अपनी चूत मे फिलकर
अनाया आर्नव कों जोर सें पकरे कपते हुवे - अहह मे भि गई भइया निकलदो साराबीज मेरी बचेदानी मे
फिन आर्नव अपनी बेहन कि चूत बचेदानी मे अपनेबीज सें माल सें भर देता हैं अनाया कि चूत बंद खुलने लगती हैं जिसकी वजह सें चूत सें माल निकलने लगता हैं आर्नव लन्ड कों पकर अच्छे सें हिला लेता हैं
आर्नव अनाया केँ बगल मे लेत जाता हैं दोनों हफ्ने लगते होँ मगर जिया गुस्से सें आर्नव कों देख - यहगलत होँ दिदी कि चूत मे अपनामाल बीज गिरा दिया पहले हि बार मे मगर मेरी चूत मे कियु नहीं गिराया अभि आप् कों भि मेरी बचेदानी मे बीज डालना परेगा
आर्नव जिया कों देख - अरे दोस्त टंकी खालीहा गई हैं
जिया - मुझेकुछ नहीं सुनना
आर्नव - अच्छा बाबा थोरा इंतजार करोडाल दूंगा
वही अनाया अपनी चूत मे बचेदानी मे भइया कां मालबीज फिल करकेचैन सें लेती थि 30 मिनटबाद आर्नव जिया कि चूत मे भि अपनाबीज डाल देता हैं
( परजेंट )
दोपहर केँ 2 बजरहे थें आर्नव जानकी अपनी मंजिल कि तरफ बढ़ते जारहे थें बाते करते हुवे नजारा देखते हुवे
जानकी - किया लगता हैं लाला तुम्हारे दादाजी याँ पर्र दादाजी नें कुछ किया हैं औऱ इतना खतरनाक श्राप पुरे ठाकुर परिवार कों मिला
आर्नव रास्ते पे देखते हुवे - फिल्मो मे देखा हैं माऐसे श्राप कोईतब हि देता हैं जब जुर्म माफी केँ लायक नहीं होता पर्र आज केँ वक़्त मे
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - बेटा आज केँ टाइम मे भि ऐसेलोग हैं जिनका श्राप लगता हैं पऱ हमेपता नहीं चलता
आर्नव - सायद आप् सहीकेह रही हैं
साम 5 बजे आर्नव अपनेगाव आता हैं गाव कि साफ सफाई होँ चुकी थि आर्नव जानकी गाव कों देखने लगते हैं
जानकी - असलीचैन तौ गाव मे मिलता हैं ठंडी खुलीहवा माहौल
आर्नव गाव कों देखते हुवे - अपनेसही कहामा अब लोगो कों लेके आनां बाकी हैं
आर्नव जानकी कों बाहों मे भरकेआखो मे देख - औऱ आपकी चूत मारना भि
जानकी शर्मा केँ - अच्छा मा कि चूत मारेगा जहा सें आया हैं वही अपना लन्ड डालेगा
अपनीमा कि ऐसी बातेसुन आर्नव जोस मे पागल हौ जाता हैं
आर्नव जानकी केँ होठो मे उंगली फेरते हुवे-हा जहा सें निकला हुवही अपना मोटा लम्बा लन्ड डालूँगा मगरआज मात्र आपकेमुह मे लन्ड डालूँगा अपने लन्ड कां स्वाद दूंगा अपनागरम माल पिलाउगा आपको
जानकी हैरान आर्नव कों दूर करके सर्म सें पानी पानी होते हुवे - छी मे नहीं करने वालीऐसा कुछसमझ गय़ा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - करेगी सभी करेगी मेरी सेक्सी मा
आर्नव जानकी फिन सीधा हवेली आँ जाते हैं
जानकी - मे नहाने जारही हु
आर्नव - मे भि संग नहाये
जानकी गांड मतकते जाते हुवे - अभि वोँ वक़्त थोरादूर हैं मेरे लाला
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जल्द आँ जायेगा जब आयेगा तब सारीकसर निकाल लूंगा
( नीलम गिरी )
पवनहॉल मे आता हैं जिया बहुत लेनेआई थि पवन जिया दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं औऱ दोनों पास आँ जाते हैं
पवन जिया कों जल्दी बाहों मे लेके - उफ बेटी बापू पे भि ध्यान दो
जिया सिसकते हुवे - दुगी बापूजी
पवन जिया कों कमरे मे लेकेआता हैं नीचे सें नँगा होके अपने लन्ड कों जिया केँ हाथ मे देते हुवे - कैसा हैं बेटी
जिया लन्ड कों देख - उफ बापूजी बहुत मस्त हैं आपका लन्ड
पवन जिया कों बैड मे लेकेआता हैं स्वयं लेत जाता हैं जियापास मे बैठ लन्ड कों पकर हिलने लगती हैं पवन - अहह बेटी हिलाओ
पवन जिया केँ चुचे दबने लगता हैं जियाअहह पिताजी दबाओ मेरे चुचेअहह
पवन जिया केँ चुचेदबा रहा थां औऱ जियाजोस मजे मे जोँ
रजोर सें मुठ मरने लगती हैं पवन कों बहुत मज़ाआने लगता हैं औऱ जल्दी झर जाता हैं पवनअहह बेटी उफ आनंद आँ गय़ा
पवन जिया केँ चुचे दबाते हुवे - बहुत मस्तबरे सॉफ्ट टाइट चुचे हैं तेरे
जिया अभि भि लन्ड पकरेपवन कों देख सर्म सें - उफ बापू
तभी अंदर अनाया आते हुवे - जियाचलो तेरा होँ गय़ा तौ
तभी दोनों होस मे आते हैं जिया जल्द सें कमरे सें बहारआके अनाया केँ संग जाने लगती हैं वहीपवन मन मे - किया होँ गय़ा यह श्राप खतम हौ जायेबस मे नहीं चाहता श्राप केँ असर सें अनाया जिया बेटी हमारे बीचकुछ बिना मर्ज़ी केँ होँ
अनाया जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - बहुतमजे लिये दिये बापू कों तूने
जिया शर्मा केँ - वोँ तोँ हैं मज़ा तौ आया
अनाया जिया मे आपस मे बातकर ली थि दोनों संग रहेगे औऱ जयदाकुछ होने सें एक् दूसरे कों रुकेंगे इस लिये अनाया आँ गई थि
(शेरा पऱ हवेली )
जानकी नहकेहॉल मे अपनी सारीसही कररही थि सीने सें सारी नीचे गिरी हुइ थि तभी आर्नव पीछे सें आके अपनीमा केँ चिकनी कमर कों दोनों हाथो सें पकरमसल देता हैं जानकी एकदम सें सिहराते सिसकते हुवे पीछेमूर आर्नव कों दूर हटते हुवे - उफ नाहके आईहु तुम् सुरु होँ गये बेसरम बेटा मा कि लेने पे लगाहुआ हैं
आर्नव दुःखी होके - कियु नहीं लें सकता प्रेम नहींकर सकता आपको
जानकी सीने पे सारी रखते हुवे मुस्कुराते हुवे आर्नव कों देख पीछे हटते हुवे - मा कों प्रेम करना हैं कर सकता हैं मगरमा बेटे वाला करना हैं याँ पति पत्नि वाला करना हैं यह तोँ बताओ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मुझे दोनों करना हैं पत्नि तोँ हैं मा कों पति वाला प्रेम करने कां मोक्का भाग्य वाले कों मिलता हैं मेरी सेक्सी मा
जानकी मुस्कुराते हुवे सोफे पे बैठ अपने दोनों पेर कों टेबल मे रख सारी थोरा नीचे करके आर्नव कों उंगली सें इसारा करते हुवे - आजा करले प्रेम अपनीमा कों पत्नि वाला देखु तोँ केसे सूखे पे प्रेम करता हैं पानी मे तोँ कमालकर दिया थां मगर फायेदा भि मेरा जायेदा उठा लिया थां तूने
आर्नव जानकी केँ लगभगआते हुवे मुस्कुराते हुवे - हक हैं मेरा जितना चाहू लेँ सकताहु कियुंकी आप् मेरी महिला हैं
आर्नव कि बातसुन जानकी थोरा शर्मा केँ मुस्कुराने लगती हैं
आर्नव जबआके पास सोफे पे बैठने लगता हैं तब जानकी थोरा अपने आप् कों उपर करने लगती हैं तोँ सीने सें सारी नीचेगिर जाता हैं जानकी केँ बरेबरे चुचे पहार् जैसेखरे उसके उभारसाफ दिखने लगते हैं आर्नव सोफे पे बैठ जाता जाता हैं औऱ अपनीमा कि चिकनी पैरो कों लें जाने लगता हैं
आर्नव जानकी केँ पांव पे हाथरख बरे प्रेम सें सेहलते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे उपर लेँ जाने लगता हैं जानकी सोफे पे लेती उसकी सासेभरी होने लगती हैं जानकी सिसकिया लेते हुवेजोर जोर सें सासे लेने लगती हैं जिसकी वजह सें जानकी केँ दोनों चुचेउपर होने लगते हैं जानकी मन मे - उफमा लालाजिस तरह मेरे पांव कों सेहला रहा हैं मेरेअंग मे आगलगरही हैं
आर्नव एक् पांव अपनीमा केँ उठा केँ चूमने लगता हैं जानकी झटके खाते हुवेजोर सें सिसकते हुवेअहह करती हैं आर्नव बरे प्रेम सें अपनीमा केँ गोरेपेर कों चूमरहा थां आर्नव मन मे - मा केँ पेर चूमने मे हि जोँ स्वाद मज़ा आँ रहा हैं उसका मे अंदाज़ा भि नहींलगा सकता मेरीमा कि बॉडीहर अंग कितने गोरे हसीनदूध जैसे सफेद हैं
वही जानकी पूरी मदहोसी मे उछलते हुवे आर्नव कों देख सिसकिया तेज सासे लेते हुवे - उफ मेरे बेटे मेरेलाल अहह
आर्नव धीरे-धीरे धीरे-धीरे चूमते चूमते मोटे जांघों केँ पासआके एकदम सें अपनीमा केँ पेट ढोरी कों चूमने लगता हैं जानकी भि एकदम सें इस हमले सें जोर सें सिसकते हुवे आर्नव अपने बेटे केँ सर कों पकर मदहोसी मे - अहह लाला अपनीमा कों पागलकर देगातु उफमा
आर्नव मन मे - कितने नर्मपेट हैं मा केँ चूमने मे मज़ा आँ रहा हैं
आर्नव अब अपनीमा केँ कमर कों पकरे पुरेजोस मे पेट कों ढोरी कों चूमने लगता हैं जानकी लेती अपने बेटे कि हरकत सें मचल केँ तेज सासे सिसकिया लेतेजा रही थि मछलीतरफ तरपने लगती हैं
औऱ जानकी केँ चुचे केँ उभारअलग हि कमुक् सीनबना रहे थें जानकी कों ऐसा मचलने तरपने पे आर्नव हि मजबूर कर सकता हैं
आर्नव केँ छूने सें आर्नव केँ प्रेम करके केँ तरीके सें जानकी सभी सें जयदा मदहोसी मे मचल जाती हैं
जानकी उठ केँ बैठ जाती हैं आर्नव अपनीमा कों बाहों मे लेकेगले पे किस करने लगता हैं जानकी पुरेगरम मदहोसी मे आर्नव कों बाहों मे भर लेती हैं जैसे एक् पत्नि जोस मे आके अपने मर्द कों बाहों मे भर लेती हैं आर्नव गले कों चुम्ते जाता हैं जानकी सिसकते हुवे - अहह लालाउफ मा मुझे अच्छा लगरहा हैं बहुत अच्छा अहह लाला
जानकी मे कालेकलर कि बिकनी पहनी थि जौ दिखरहा थां
आर्नव अपनीमा कों पकर लेता हैं जानकी अपने बेटे कों फिन दोनों मा बेटे एक् दूसरे केँ होठो कों चूसना सुरुकर देते हैं घऱ मे अकेले मा बेटे पुरेजोस मदहोसी मे एक् दूसरे केँ रस कों चूसचूस केँ पीने लगते हैं
जानकी आर्नव कों पकरे होठो कों चुस्टे हुवेमन मे -लाला केँ किस करने सें हि जौ एहसास चैन मुझे लगता हैं वोँ मुझे पलंग पे पति केँ संग भि नहीं मिलाअहह लाला तुम् हि मेरेबदन केँ असली मालिक
आर्नव अपनीमा कों बाहों मे कियेचूस केँ रस पीते हुवे - नर्म मुलायम मा केँ होठो कां रस पीके मुझे नासा होने लगता हैं उफमा आपके होठो केँ रस कां कोई जवाब नहीं
आर्नव किस तोरके अपनीमा कों पीठ अपनीतरफ करकेगोद मे बैठा केँ ब्लाउस केँ डोरी खोलके अपनीमा केँ चिकनी कमर कों दोनों हाथो सें पकर मसलते हुवेपीठ कों चूमने लगता हैं जानकी पीछे दोनों हाथो सें आर्नव केँ सर कों पकरे मचलते सिसकिया लेते हुवे - उफ लाला औऱ कर प्रेम मुझे अपनीमा कों मे बहुत तरपीहु तेरे लिये हि स्वयं कों बचा केँ रखते हुवेहु कर बेटा अपनीमा कों प्रेम अहह लाला
आर्नव अब जानकी केँ ब्लाउस कों अलगकर देता हैं काले बिकनी केँ पत्ते जानकी केँ पीठ सें चिपके बहुत कमुक् लगरहे थें ऐसा नजारा देख आर्नव पागल होके - मा बहुत कयामत लगरही हैं आप् पीछे सें कियासीन हैं आपकी चिकनी गोरेपीठ मे काले बिकनी केँ पत्ते चिपके असली आनंद लेँ रहे हैं औऱ मे तरपरहा हु
जानकी मदहोसी मे - लाला उसमेजान नहीं तेरे मे हैं लेलेमजे तेरीमा तेरेपास गोद मे बैठी हैं फिलकर प्रेम कर जितना करना हैं
आर्नव अपनीमा कि गरम बातेसुन जोस मे - करुगा माउफमा
आर्नव दोनों हाथो सें अपनीमा कि गोरेपीठ कों सेहलते हुवेफिल करते हुवे चूमते हुवे - अहहमा गोरा कितना सफ़ेद शरीर हैं आपका
जानकी सिसकिया लेते हुवे थोरा झुकी - अहह लाला मुझेकुछ होँ रहा हैं अहह अंदर मे आगलगी हुई हैं उफअहह कही निकल नाँ जाएसभी
जानकी तेज सिसकिया मचलते हुवे लेँ रही थि आगे कां सीन तोँ औऱ कमुक् थां काले बिकनी केँ कैद चुचे झकतेदेख रहे थें
आर्नव अपनीमा केँ पेट कों कमर बाहों मे लिये पुरेपीठ कों चूमने लगता हैं जानकी अब अच्छे सें सीधे होकेबैठ गई थि आगे कां सीनअब अच्छे सें साफदिख रहा थां काले बिकनी मे कैदबरे गोरे चुचे जानकी केँ मचलने हिलने सें हिलरहे थें झाकरहे हैं ब्लाउस जैसे तैसे अटकाहुआ थां बिकनी केँ ऊपर नीचेआते हि सीनउफ किया हि होता कमुक् पानी निकाल देने वाला
जानकी कि बॉडी कापना सुरुकर देती हैं झटके मरने लगती हैं आर्नव रुक जाता हैं जानकी जल्द सें उठ केँ भाग जाती हैं कमरे मे
आर्नव सोफे मे धीरे-धीरे लेत अभि जोँ किया वोँ आनंद एहसास लेके मुस्कुराते हुवेमन मे - शपथ सें मा कमुक् स्त्री हैं बहुत हसीनहॉट इतने मे हि जोँ आनंदआया किसी केँ संग सेक्स करके भि नहीं मिला मुझे
कमरे मे जानकी खाट मे बैठजोर जोर सें सासू माँ लेते हुवे अपने चेहरे पे आये पसीने कों साफ करते हुवे - अहहआज तौ धारमर हि लेती
जानकी सारीउपर करके चूत पे हाथ रखती हैं पैंटी केँ ऊपर सें तौ पूरी गीली होकेभीग गई थि चिप चिपि हौ गई थि जानकी जब उंगली निकल देखती हैं तोँ जानकी केँ उंगली पे चूत कां सफेद गाढ़ा रसलगा हुआ थां जानकी सर्म सें लाल होके - इतने मे मेरा इतना पानी निकल दिया मेरे लाला नें अपनीमा कां उफ बेसरम बच्चा हैं मेरा पऱ मेरा जिगर कां टुकरा मेरीजान मेरा मर्द हैं उसका हि काम हैं अब मेरी चूत सें ऐसे हि पानी निकलने कां
जानकी फेरस होके ब्लाउस बिकनी बाल सारीसही करती हैं
( रात 8 बजे )
आर्नव जानकी खाट पे लेते हुवेसभी सें बाते करने मे लगे थें वीडियो कॉलआई पे
आर्नव सोनल कों देख जौ अपनी फूफी यानी अनाया कि गोद मे थि
आर्नव - मेरा बच्चा मेरीपरी देखो पिताजी यहा हैं तुम्हारी दादीमा भि
अनाया मुस्कुराते हुवे - देखिये आप् दोनों कों केसेदेख रही हैं
मीना - बाप कि लाडली हैं इसे केवल अपने बापू दिखते ह
जानकी हस्ते हुवे - सहीकहा मुझे तौ देख हि नहींरही पिताजी कों हि देखरही हैं
आर्नव - अरे बाप हु हैंडसम बाप कियु सोनलपरी
सभी हसने लगते हैं
पदमा मुस्कुराते हुवे - दिदी जिसतरह सें चिपक केँ लेते हैं आप् दोनों आजरात कुछ होगा किया
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जरुरु होगामा कों मे आज
जानकी जल्द सें आर्नव केँ मुहबंद करते हुवे - कुछ नहीं होगासमझ गई
जिया - चाची कुछ नहीं होगा तौ भइया कां मुहबंद कियु किया
जानकी - तुचुप रह बेसरम
मीना - पति जीगाव मे लोगकम सें आयेगे
आर्नव - कुछ दिनों मे आँ जायेंगे मीनाजहा भि हैं सेटल होगेफिन सभीछोर आनां परेगा
मीना - वोँ तौ हैं
पवन - जानकी जीआगे बढिये कितना इंतजार करवाएगी मेरे बेटे कों
जानकी मुस्कुराते हुवे आर्नव कों देख - हौ होना हैं जब होना हैं होँ हि जायेगा
पवन - यह भि हैं
जानकी - आप् बताइये पदमा केँ संग मज़ारहा हैं कि नहीं आपको
पवन - बहुत आँ रहा हैं दिनभर बाते करते हैं औऱ जबमन करता हैं वोँ भि
पदमा सर्म सें - हद हैं
पवन - वैसे मुझे भि मोक्का दीजिये
जानकी -मुस्कुराते हुवे - अच्छा जी किया करेगे मेरेसंग
पवन मुस्कुराते हुवे - वही जौ मर्द करता हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - पिताजी माफ करनाइस मे सें कोई हिस्सा नहीं मिलेगा आपको थोरा सां भि नहीं
पवन - देखसुन रहे होँ नाँ तुम् सभीअब बेटा अपना अपना करनेलगा हैं अच्छा हैं बेटा अब तेरा तेरा होँ गय़ा हु
आर्नव - पिताजी वोँ मे
मीनापवन कों मारते हुवे - मजाककर रहे हैं बेटा पदमा बहुत हैं बाकी जिया अनाया थोरामजे दे हि देते हैं
पवन हस्ते हुवे - बेटा खुशरहे सभी तेरा हैं बाप कभी बेटे सें कुछ नहीं मांगता हैं बस देता हैं
आर्नव - औऱ अच्छा बेटा बिन मांगे बाप कों देता हैं बापू मीना मेरीमा आप् दोनों हमेसा मेरेदिल मे खास स्थान रखे हैं औऱ रहोगे
मीनापवन मुस्कुराते हुवे - यही बहुत हैं
जानकी - भइया साहब हम् एक् परिवार हैं मे आपको भि सभी देती लेती मे केवल अपने बेटे कां होके रहना चाहती हु
पवन - जानकी जी मेने मजाक मे कहा थां पदमा जिया अनाया हैं मुझे सेक्स कि चाहत नहीं मेरे लिये इतना बहुत हैं थोरा प्रेम मस्ती बहुत बाते
जानकी - जानती हु आप् बहुत अच्छे इंसान हैं
आर्नव - चलोअब सोने कां समय हौ गय़ा रखताहु
पदमा हस्ते हुवे - सोने कां याँ दिदी कों लेने कां
जानकी - कितनी बेसरम हैं
जिया अनाया - God नाइट भइया
आर्नव - गुड नाइट गुरिया मेरी बच्ची पिताजी चाची मीना मेरीजान
मोबाइल कट
जियापवन केँ लन्ड मे मारते हुवे - बहुत बिगरगए हैं आप्
पवन लन्ड मे हाथ रखतेहुए - उफमार दिया
सभीदेख हसने लगते हैं
पवन अनाया केँ चुचेदबा केँ - तुम् कबमुठ मरोगी मेरी बेटी
अनाया मुस्कुराते हुवे - मार दुगीकल
मीना - ठीक बाबाजाओ सभी सोने मेरी प्यारी बेटी कों नींदलग रही हैं
दूसरी तरफ आर्नव जानकी केँ ऊपर लेता मुस्कुराते हुवे - मा लन्ड मुह मे लोगी याँ नहीं नहींमुह मे कहो
जानकी आर्नव कों देखते हुवे शर्मा केँ - ठीक हैं बाबा लुगी
आर्नव खुश होके - यह हुइ नां बातचलो सुरु करते हैं
तभीकमर दर्द सें आर्नव अहह करता हैं
जानकी हस्ते हुवे - मेरी हालत भि ऐसी हि हैं सोते हैं
जानकी धीरे-धीरे सें कान मे - कल लुगी अच्छे सें चुसुगि
आर्नव जानकी कों बाहों मे कसते हुवे - कहा हैं करना परेगा
जानकी शर्मा केँ - ठीक हैं बाबा
सुभह 11 बजे आर्नव केँ गाव मे
आर्नव गाव मे आँ गय़ा थां आज आर्नव गाव मे गाली मे गुमकर हरघऱ कों देखरहा थां जानकी भि संग मे थि मौसम बारिस वाला थां कभी भि बारिस हौ सकती थि औऱ ऐसा होता भि हैं
बारिस सुरु हौ जाती हैं आर्नव जल्द सें एक् घऱ मे चला जाता हैं मगर पीछे देखता hain तोँ जानकी होती हि नहीं
आर्नव - यहमाकहा चली गई पीछे हि तौ थि
आर्नव बारिस मे भीगते हुवे अपनीमा कों आवाज़ लगते हुवे ढूंढने लगता हैं
तभी एक् घऱ केँ पीछे सें जानकी - मे यहाहु लाला
आर्नव आवाज़ सुनघऱ पीछे देखता हैं जानकी खरी थि पूरी भीगी हुईँ मगरजिस हालत मे खरी थि वोँ बहुत जयदा कमुक् सीन थां
आर्नव खरा कां खरा अपनीमा कों देखता रहता hain नीचे लन्ड झटके मारते हुवेकई बूंद पानी निकाल देता हैं जानकी भीगी सारी मे जैसेखरी थि जौ दिखरहा थां उसेदेख जिसका लन्ड खरा नाँ होता हैं उसका भि खरा होँ जायेगा देख केँ
कल पुरेगाव केँ बीच बारिस मे मा बेटे कां कामुक् रोमांस होगा औऱ जानकी पहलीबार लन्ड कां स्वाद लेगी वोँ भि अपने बेटे केँ लन्ड कां
आज कां update कैसा थां जरूर बताना मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Continue reading next part
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