तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 19
जिस भइया मे भरोसा थां जिस भइया कों अच्छा इंसान मानती थि वही भइया जानकी सें उसके अपनों कों छीन लिया थां जानकी टूट चुकी थि ठाकुर परिवार मे केवल एक् मर्दबचा थां वही विलन निकल गय़ा
आर्नव जानकी कों लेकेघऱ आँ गय़ा थां औऱ जानकी कमरे मे फुटफुट कर रोयेजा रही थि आर्नव घऱ केँ बाहर् खरा थां सन्त जौ राजेस नें किया जोँ मरे वोँ आर्नव केँ भि अपने थें बापू चाचू दादाजी नानाजी औऱ यहसचबदल नहीं जायेगा
आर्नव खुर्सी पे बैठ आसमान कों देखते हुवेमन मे - कमीना मामाजी अपने बेहन कों पाने केँ लिये बापू चाचू दादाजी नानाजी कों मारा सालेसोच तौ लेते तुम् स्वयं अपने ठाकुर वंश कों ख़तमकर रहे थें ठाकुराइंन अभि टूटी हुइ हैं झटकालगा हैं जोर सें कल देखते हैं
तभी जानकी बाहर् आके आर्नव कों देख - मे घऱजारही हु चिंता मतकरो तुम् जब बुलाओगे मे आँ जाउंगी
आर्नव बिना देखे जानकी कों - जाओ
जानकी गारी मे बैठ सीधाघऱ आँ जाती हैं
आर्नव मीना कों मोबाइल करके बाते करने लगता हैं औऱ जोँ हुआअब तक सभीबता देता हैं मीनापवन हिल जाते हैं शोक होँ जाते हैं
पवन - इतना गिरा इंसान केसेकोई हौ सकता हैं हाथ नहींकपे अपनों कों मारते हुवे
मीना - सच मे कितना कमीना इंसान हैं अपनी भि बेहन कों पाने केँ लिये इतना केसेगिर सकता हैं
आर्नव - मा पिताजी हवसजब सर पे चढ़ जाती हैं तब इंसान गलतसही सभीभूल जाता हैं उसेबस वही दिखाई देता हैं जिसे वोँ पाना चाहते हैं वैसे मे कोई उसकेबीच आता हैं उसेहटा दिया जाता हैं
मीना - तेरीमा कैसी हैं
आर्नव - मेरीमा नहीं हैं वोँ आप् हैं
पवन मीना एक् दूसरे कों देखते हैं
पवन - बेटा तेरासच किया हैं जानकी नें तुम्हे कियु फेका याँ जौ भि किया बाहर् नहींआया हैं अभि तक
मीना - बेटा हमनेअब तक स्वयं किस्सा बनाई हैं ऐसा किया होगा वैसा किया होगाइस लिये किया होगा तुम्हें इसवजह सें मरवाना चाहती थि पर्र कभीकभी जोँ दिखता हैं वोँ होता नहीं
आर्नव थोरा हैरान होके - आप् दोनों केँ कहने कां मतलब किया हैं
पवन मीना एक् संग मे - अपनीमा सें पूरी सचाई निकलवाओ जब तेरीमा स्वयं सचाई बाहर् लायेगी तब तुमहारे सामने सच आयेगा उसकेबाद कि तुम्हारी मागलत हैं याँ नहींपता चलेगा अभि तुम् अपनीमा कों नाँ गलत नाँ सहीकुछ नहींबोल सकते
आर्नव - लगता हैं बापूमा आप् दोनों पागल हौ गये हैं मुझे फेकवा दिया गय़ा सायद मरवाना चाहती थि औऱ
मीनाबीच मे - तुम् यह केसेकेह सकते हौ हम् अंदाज़ा लगा सकते हैं घटना हुईँ चीजो कों देख अपनीराय बना सकते हैं मगरकभी कभीसच उसके बहुत उल्टा होता हैं
पवन - तेरीमा नें सहीकहा तोँ सच तुम्हे जानना हि होगा तुम्हे जवाब भि मिल जायेगा
आर्नव - ठीक हैं पऱ किया गारंटी हैं मा पुरासच बताएगी हौ सकता हैं झूठी स्टोरी बता देगे
मीना मुस्कुराते हुवे - मुझे अपने सोनल केँ बापू पे पुरा भरोसा हैं केसे भि सच निकवा लोगे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं पिताजी मा अच्छा पिताजी समझ गय़ा
पवन - अच्छा बाबाअब तुम् दोनों बातकरो मे सोनेचला
आर्नव - मायाद हैं वोँ दिनजब आप् 8 महीने कि पेग्नेंट थि औऱ केसे आपकी चुदाई कि थि शपथ सें माजब सोनल आपकेपेट मे थि उफ आपकी चुदाई करने मे सबसे जयदा आनंदआता थां
मीना शर्मा केँ - याद हैं मुझे अच्छे सें सोनलअब तक पेट मे थि तूने मेरी हालत खराबकर रही थि मा कों माबना केँ पेट फुला केँ जोस मे मेरी हालत खराबकर देता थां
( मीनाजब 8 महीने कि पग्नेंट थि तब )
मीनाबैड मे लाल बिकनी पैंटी मे लेती हुईँ थि बिकनी सें चुचे बाहर् थें औऱ आर्नव पैंटी साइड करकेमजे सें चूत चाटने मे लगा थां मीना आर्नव केँ सर पे हाथरखे सिसकते हुवे - अहह मेरेलाल तूने मेरी बचेदानी मे अपनाबीज डालके मेरापेट फुला दिया औऱ अब पग्नेंट मा कि चूत मजे सें चाटरहा हैं अहहचाट लेँ बेटा उफ मुझे भि तेरे बच्चा पेट मे लेकेअहह बहुतचैन मिलरहा हैं
आर्नव चूत कां स्वाद लेते हुवेमन मे - जब सें मापेट सें हुईँ हैं तब सें मे अलग हि जोस मे रहताहु यह पहले सें जयदा आनंदआता हैं मा कि चुदाई चूत चाटने मे अहह मेरी पेग्नेट मा क़िस्मत सें गिने चुने बेटे कों हि मा कों पग्नेंट करके चुदाई करने कां मोक्का मिलता होगा
आर्नव घुटने मे आके चूत मे लन्ड घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं धक्के सें मीना कि पूरी बॉडी चुचेहिल रहे थें औऱ मीना दोनों हाथो सें अपनी चूत कों फैलये हुवे रखती हैं आर्नव धक्के मारते हुवे मीना कों देख - मा मज़ा आँ रहा हैं नां मुझे तोँ जौ आनंद आँ रहा हैं केसे बताऊं आपको
मीना आर्नव कों देखते हुवे - अहह बेटा धीरे-धीरे लगरहा हैं अंदरअहह ध्यान सें बच्चे कों चोट नाँ लगेअहह दर्द होँ रहा हैं उफमा
आर्नव चुदाई करते हुवे - कुछ नहीं होगामा चिंता मत करिये
आर्नव फिन लन्ड बाहर् निकाल मीना कों पलंग सें नीचे लेकेआता हैं मीना मुस्कुराते हुवे दीवार केँ दोनों हाथो कों रखखरी पीछे गांडकर देती हैं आर्नव खरेखरे पीछे सें चूत मे लन्ड रख एक् धक्का मारता हैं मीना दर्द मे - अहहमर हैं मा मे रहम भि नहीं करताजोर सें घुसा देता हैं दर्द होता हैं बहुत जानते हुवे भि तु बहुत बुराअहह अंदर तक घुसारहा हैं धीरे-धीरे सें करअहह
आर्नव तेज धक्के मरने लगता हैं मीनाखरी दीवार पकरे थि बॉडी चुचे तोँ जोरजोर सें हिलरहे थें आर्नव - उफमातेज धक्के मे हि मज़ाआता हैं अहहआने वाला हैं
( पर्जेंट )
मीनासभी याद करते हुवे - उसकेबाद सोनलजब पैदा हुईँ तबतु मेरेदूध केँ पीछे पर्र गय़ा सोनल केँ संग तुझेही भि दूध पिलाना परता हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - पिलाना तोँ पड़ेगा हि सोनल औऱ आपके चुचे सें दूध मेरीवजह सें हि तौ आये हैं तौ मेराहक बनता हैं
मीना मुस्कुराते हुवे - बेसरम बहुत चालाक भि हैं
आर्नव - अच्छा मा रखताहु कल बाते करेगे लोवयू मा
मीना - लोवयू मेरा बच्चा
( सुभह 8 बजे हवेली )
कमरे मे जिया अनाया बैठे बाते करने मे लगे थें अनाया - भइया नें बोला हैं 12 बजे तक आयेगे मिलने
जिया - दिदी चाची अभि तक उठी नहीं कियाअब तक तोँ हॉल मे आके बैठी रहती हैं
अनाया - बता नहीं जिया मे भि वहीसोच रहीहु उमीद हैं सभीठीक होगा
पदमा रसोई मे खानां बनते हुवेमन मे - उफयह मेरी चूत अरुण बेटे कों याद करते हि कमीनी गरम हौ जाती हैं अजीबआग लगा दि हैं अरुण बेटे हैं
पदमा सर्म सें मन मे - कितना आनंदआता हैं जब अरुण बेटा अपना मोटा लन्ड मेरी चूत मे डालके धक्का मारता हैं
इतना सोचने सें पदमा कि चूत गीली हौ जाती हैं पदमा सारी केँ ऊपर सें चूत मसलते हुवे - बसकर रोना आयेगा अरुण बेटा तौ संतकर देगा
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बाथरूम मे जानकी खरी थि वाइटटॉप नीले जीन्स मे सच मे जानकी कयामत लगरही थि चेहरे मे झूलते बालटॉप मे कसे पहार् जैसे दोनों बरे टाइट चुचे कमुक् नजरा थां इस अंगल सें जानकी केँ दोनों चुचे केँ उभार औऱ जगब् केँ दिखरहे थें टाइट जीन्स जानकी केँ बरे बाहर् निकले गांड मोटे जांघो सें चिपका हुआ थां टाइट स्लिम टॉप जीन्स पूरी बॉडी कि बनावट कों अच्छे सें दिखारही थि पर्र जानकी टूटी हुइ थि झटका सायद अभि तक नहीं गय़ा थां
( दोपहर 12 बजे )
आर्नव हवेली आता हैं कमरे मे अनाया जिया थें जबकि पदमा जानकी केँ कमरे मे थि जानकी अभि तक कमरे सें बहार नहीं निकली थि
अनाया - भइयामा बाहर् नहींआई नां खानां खाया हैं कुछहुआ हैं किया
आर्नव अनाया जिया कों देखते हुवे - अरेकुछ नहींहुआ हैं किसीबात कों लेके दुखी होती सायद
अनाया जियादेख केँ आर्नव कों देखते हैं आर्नव घबराते हुवे - तुम् दोनों केसेमत देखोसच केहरहा हु
आर्नव मन मे - यह गंदाराज राज हि रहे तौ अच्छा रहेगा
आर्नव अनाया सें - गुरिया जाओमा केँ पास
अनाया बरीआखे करते हुवे - अच्छे सें समझरही हु कियु मुझेभगा रहे hain आप्
आर्नव मन मे - यह लरकीकुछ करने नहीं देतीकुछ करके भगाना होगा
आर्नव अनाया केँ कान मे कुछ केहता हैं
अनाया - ठीक हैं मगर जोँ कहा पूरा नहीं किया तोँ भइया मे आपकोजान सें मार दुगी
आर्नव - तुजा नाँ वादा किया हैं तोँ पूरा करुगा
अनाया खरी होके जिया आर्नव कों देख - हद सें आगेगये तोँ तुम् दोनों कां काम तमामकर दुगी
अनाया कमरे सें चली जाती हैं
आर्नव - जब देखो मरने कि धमकी देती रहती हैं
आर्नव जिया कों बैड मे लेता केँ - मेरीजान अब मोक्का मिला हैं
जिया सर्म सें - कुछ करने नहीं दुगीसमझ गये आप्
आर्नव प्रेम सें देखते हुवे - नहीं करने दोगी
जियाकुछ नहीं बोलती प्रेम सें आर्नव कों देखती रहती हैं
आर्नव हासमझ जिया कों किस करते हुवे पिंक तीसर्ट केँ ऊपर सें हि जिया केँ बरेगोल चुचे मे हाथ फेरते हुवे दबाने लगता हैं जिया कों करेंट लगता हैं बेचारी सिहर जाती हैं सिसक् जाती हैं आर्नव किस करते हुवे चुचे कों दबाते हुवेमन मे - अनाया सें थोरे छोटे हैं मगर बहुत रसीले टाइट भि हैं दबाने मे बहुत आनंद आँ रहा हैं
जियामन मे - उफमा अरुणजी मेरे चुचेदबा रहे हैं मुझेकुछ होँ रहा हैं मेरी चूत बहुतगरम होके गीली होँ रही हैं यह एहसास बहुतनया बहुत अच्छा भि हैं अहह अरुणजी मेरे बाबू 3 मिनटबाद
आर्नव जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - बहुत टाइट हैं एक् बार बिकनी मे देखादो मेरीजान
जिया पलंग मे बैठतेज ससे लेते हुवे आर्नव कों देख सर्म सें लाल होते हुवे - ठीक हैं बाबू आप् स्वयं हि देखलो
आर्नव जिया केँ टिसर्त केँ ऊपर सें हि दोनों चुचे कों दबाने लगता हैं जियाजोर सें सिसकते हुवे अपने होठो कों दत्तो सें दबा लेती हैं आर्नव चुचे दबाने केँ संगवजन भि नापरहा थां आर्नव फिन तीसर्ट नीचे जैसे हि करता हैं जिया केँ बरे मस्त डिजाइन बिकनी मे कैद चुचे आर्नव केँ नजरो केँ सामने आँ जाते हैं आर्नव जैसे हि देखता हैं आर्नव कां लन्ड पूरा टाइट होकेखरा होँ जाता हैं आर्नव जिया कों देख - बहुतबरे हसीन हैं मेरीजान दोनों सेम साइज केँ बरेगोल मटोल हैं
जिया सर्म सें - उफ बाबू बहुत सर्म आँ रही हैं
अनाया दरवाजे मे खरी गुस्से मे मन मे - कर कियारहे होगे भइया जिया केँ संग
अनाया सर्म सें मन मे - कही वोँ सभी नहीं नहीं उतनाआगे नहीं जाने दुगी दोनों कों
आर्नव पलंग लेँ लेत जल्द सें पैंट निकलते हुवे अपना गधेे जैसा लन्ड नँगाकर देता हैं इसकी उमीद जिया नें नहीं कि थि जिया जैसे हि आर्नव कां लन्ड देखती हैं बेचारी पंथर् बन जाती हैं जबहोस आता हैं तौ जोर सें चीख परती हैं जल्द सें नजरे घुमा लेँ कपने लगती हैं आवाज़ अंदर हि रह गई थि इस लिये अनाया सन् नहींपाई
जिया डरते सर्माते हुवे - बाबूयह यह किया हैं अपने अपना वोँ कियु निकाला
आर्नव अपना टाइट लन्ड पकरे - जान बहुत टाइट होँ गय़ा हैं देखो नां अपने बाबू केँ लन्ड कों यह तुमहरा हि तोँ हैं एक् दिन तेरी चूत नें जायेगा
जिया डरते सर्माते आर्नव कां लन्ड देखते हुवे सर्म सें - बाबू अंदर करलो नाँ बहुत सर्म आँ रही हैं मुझे
आर्नव - जान पकरो नां किया सर्माना
जिया लन्ड कों देखते हुवे - मे नहीं पकरने वाली
आर्नव - जान प्लेस एक् बारमुठ मारदो नहीं तोँ यह दर्द करेगा
जिया हैरान सर्म सें पानी पानी होते हुवे - कियाछी नहीं मे नहीं करुगी
आर्नव गहरी सासू लेके - ठीक हैं
आर्नव पैंटउपर करने लगता हैं तभी जिया लन्ड पकर लेती हैं आर्नव यहदेख मुस्कुरा देता हैं वही जिया पहलीबार मोटा लम्बा गरम लन्ड हाथो मे पकरा थां बेचारी सिहर जाती हैं
आर्नव - अबउपर नीचेकरो
जियाउपर नीचे चमरे कों करते हुवेमुठ मरने लगती हैं जिया आर्नव कां लन्ड देखते हुवेमन मे - किया इतना मोटा लम्बा लन्ड होता हैं मेरे हाथो मे सही सें आँ भि नहींरहा कितना गरम हैं चूत कि तरह
आर्नव जिया कों देखते हुवे - जान बहुत अच्छा कररही होँ करतीरहो
जिया सर्म सें - आप् यह गंदेकाम करवारहे हैं मुझसे दिदी कों पताचला नां तौ मुझे बहुत मरेगी
आर्नव हस्ते हुवे - जबपता चलेगा तब नाँ अबचलमुह मे लो
जियाबरी आखे कियेशोक मे - कियाछी बिल्कुल नहीं
आर्नव - जान आनंद आयेगा करो नां
जिया - यहकोई मुह मे लेता हैं भला
आर्नव - अच्छा ठीक हैं चूत मे लोगीडाल दुवहा तोँ डालते हैं नाँ
जिया शर्मा केँ - छी बहुत गंदी बाते करते हैं आप्
जिया थोरा झुकते हुवेजिब सें टोपे कां स्वाद लेती हैं वैसे हि उल्टी जैसा करने लगती हैं जिया - थु कितना गंदा हैं मुझसे नहीं होगा
आर्नव जिया केँ सर कों पकर झुका केँ - बसकुछ मिनटजी दबा केँ करो बहुत आनंद आयेगा सच्ची
जियाफिन कोसिस करती हैं जिब सें टोपे कों चाटने लगती हैं गंदा अजीब स्वाद सें जिया कां मन उल्टी करने कों कररहा थां मगर आर्नव अपने बाबू केँ लिये करती रहती हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे गंदा स्वाद मजे वाले स्वाद मे बदल जाता हैं जिया स्वयं भूल जाती हैं औऱ मजे सें टोपे कों चाटने लगती हैं आर्नव भि सभीदेख लेतामजे लेनेलग जाता हैं
जियाजब पूरा लन्ड अंदर तक लेकेमजे सें चूसने लगती हैं जिया हैरान होकेमन मे - अजीब हैं पहले गंदालग रहा थां मगरअब इतना आनंद आँ रहा हैं कि मेने पूरा लन्ड मुह मे लेकेचूस रहीहु अब तौ दिलकर रहा हैं रुकी नहींउफ कितना मजेदार स्वाद हैं बाबू केँ लन्ड कां
आर्नव - अहहजान ऐसे हि आनंद आँ रहा हैं चुसोअहह
जियामन मे - पहलीबार मे लन्ड मुह मे लेकेचूस रहीहु वोँ भि अपने चाचू केँ लरके कां जौ मेरा भइया बाबू दोनों हैं बहुत आनंद आँ रहा हैं
12 मिनटबाद
आर्नव नें अपनागरम गरममाल जिया कों पिला दिया औऱ जिया बेचारी कों अंदाज़ा नहीं थां जिया खस्टे हुवेमुह साफ करके आर्नव कों देखती हैं
आर्नव डरते हुवे - जान जानबूझ केँ नहीं किया मेने सच्ची
जिया आर्नव केँ पासआके सीने पे मारते हुवे सर्म सें लाल होके - कितने गंदे हैं आप् वोँ मेरेमुह मे कियु निकाला
आर्नव बाहों मे जिया कों लेके - अरेजान मुह मे लिया तौ मुह मे निकलुगा नां जब चूत मे लोगी तौ चूत मे अंदर निकलुगा
जिया सर्म सें लाल पानी पानी हौ जाती हैं
आर्नव जिया केँ चेहरे कों पकर - बताओ मज़ाआया नां
जिया आर्नव कों देखते हुवे शर्मा केँ - अचानक इतनासभी करेगे सोचा नहीं थां अजीब थां गंदा थां पऱ मज़ा बहुतआया
आर्नव हस्ते हुवे - मज़ाआया हु
जिया सर्म सें - कुछमत बोलिये
तभी अनाया दरवाजा खटखटाते हुवे - बहुत हौ गय़ा खोलो
आर्नव दरवाजा खोलता हैं अनाया गोर सें आर्नव जिया कों देखती हैं जिया कां चेहरा लाल थां अनाया आर्नव सें - अपने किया क्याँ जिया केँ संग जोँ इतना शर्मा रही हैं
आर्नव - अरे गुरिया कुछ भि नहीं किया मेने
अनाया आर्नव कि आखो मे देख गुस्से सें - तोँ भइया मुझे बाहर् कियु निकाला फिनहु मे बेवकूफ नहींहु
आर्नव डरते हुवे - अब मुझे जानां होगाबाय
आर्नव तेजी सें कमरे सें भाग निकलता हैं
अनाया जिया केँ पास जाके - बताओ कियाहुआ हैं
जिया नजरे नीचे किये सर्म सें - वोँ दिदी नहींबता सकती आपको
आर्नव हॉल मे आता हैं तौ पदमा कों दुखी चिंता मे बैठे देखता हैं आर्नव पदमा केँ पास जाके बैठते हुवे - कियाबात हैं चाची इतना दुखी कियु हैं आप्
पदमा आर्नव कों देखते हुवे - अरुण बेटेतु आँ गय़ा बता नहीं बेटा तेरीमा कों किया हौ गय़ा हैं नाँ कुछबोल रही हैं नां खानां खारही हैं
पदमा आर्नव केँ चहरे कों पकर इमोसनल होके - अरुण बेटा तेरीमा नें अपने प्यारे कों खोया हैं पति ससुरजी बापू कों मेने भि खोया हैं मगर उन्होंने जयादा खोया हैं वोँ अकेली हैं प्लेस अरुण बेटा जाके अपनीमा कों सचबता देतु जिंदा हैं तुही उसका बेटा हैं सचकहरही हु दिदी फिन सें खुशी सें जीनेलग जायेगी
आर्नव सिर्यस् होके - जिसमा नें मुझे मरने कि कोसिस कि वोँ भला मुझेदेख कियुखुश होगी
पदमाजोर सें - दिदी नें ऐसाकुछ नहीं किया तेरेसंग वोँ मजबूर थि
पदमा कि बातेसुन आर्नव शोक मे - क्याँ क्याँ कहा अपने
पदमा जल्द सें बात छुपाते हुवे - कुछ तोँ तोँ नहीं
आर्नव पदमा कि आखो मे देख - चाची सच किया हैं बताइये मुझे
पदमा रोते हुवे - माफ करना बेटा मे तुम को नहींबता सकतीशपथ खाई हैं
आर्नव पदमा कों गले लगाते हुवे - रोमत चाची आप् नहीं बताएगी तोँ मा स्वयं सभीसच बतायेगी
पदमा आर्नव कों देखते हुवे - कबसच बतायेगा दिदी कों
आर्नव - बहुत जल्द चाची
आर्नव मन मे - जब सारेराज खुल जायेंगे तब मे अपना असली चेहरा आप् सभी कों दिखाऊगा फिल्हाल अभि नहीं
आर्नव पदमा केँ होठों पे किस करतेहुआ - चिंता मत कीजिये सभीसही होगा मुझे जानां हैं मे फिन आऊगा
पदमा - ठीक हैं बेटा
आर्नव बाइक लेकेघऱ जाते हुवेमन मे - चाची कि बातो सें यही लगता हैं मा मजबूर थि पर्र कियु किया हैं सच पूरी किस्सा मा बापू नें कहा थां कभीकभी जोँ दिखता हैं वोँ नहीं होगा सचाई उसकेअलग होती हैं अब तौ मा आप् हि सभी बताएगी तब जाके मुझे आप् सें रिस्ता रखना हैं याँ नहीं फैसला करुगा
( साम 5 बजे गुफा मे )
एक् तरफ राजेस दूसरी तरफ आर्नव जानकी बैठे थें
आर्नव जानकी कों देख - आप् आज आयेगी सोचा नहीं थां
जानकी आसु बहते हुवे राजेस कों देख - जानना चाहती हुजिस भइया कों अपनासभी कुछ माना उसने केसे मेरे अपनों कि जानली
आर्नव जानकी कों देखफिन राजेस कों देख - ठीक हैं फिन सुरुकरो
राजेस जानकी कों देख - जब जानकी नें कहा मेरे पति हैं मुझेखुश करने केँ लिये तोँ मेने सोचा अनिल कों मार दूंगा तौ जानकी कि चूत कि आग ठंडा करने वाला मे हि राहुगा चूत मे आग लगेगी तोँ मेरेपास हि आयेगी कियुंकी हमारे बीचखुल केँ आते होँ रही थि
आर्नव - पहलेसभी कों केसे मारावही शॉर्ट मे बताओ
राजेस - प्लान तैयार थां मेरीनजर थि जब राजेस घऱ सें अपने पिताजी केँ संग निकला तौ मेरा व्यक्ति पहले सें हि तर्क लेके इंतजार कररहा थां औऱ बूम जोरदार टक्कर हुइ मे जनता थां ऐसे हादसे मे 50 - 50 मारना जिंदा रहना चांस होता हैं कुछ होस्पिटल जाकेकुछ दिनबाद इलाज केँ दोरान मर जाते हैं मेने अपने बंदे कों समझा दिया थां अच्छे सें चेक करने कों जब अनिल मरने कां नाटककर रहा थां तोँ मेरे बंदे नें अनिल केँ पांव कि उंगली हिलते देख लिया तोँ समझ गय़ा अनिल जिंदा हैं वैसे मे दूसरा प्लान यह थां झूठा मोबाइल करना मेरे बंदे नें मुझे मोबाइल करके बाते कि जैसे वोँ हेरापुर केँ ठाकुर सें बातकर रहा हैं ताकि अनिल होस्पिटल जाये तौ सभी कों बताये औऱ सभी हेरापुर पे जाये
आर्नव - पर्र तेरा प्लान तोँ मारना थां एक् मिनट तुम् उसकेबाद होस्पिटल मे हि अनिल कों धीरे-धीरे मार देतेदो काम हौ जाते एक् संग अनिल मारा जाता औऱ शक ठाकुर पे करतेसभी
राजेस आर्नव कों देखते हुवे - बहुततेज हौ हायही प्लान थां
जानकी बैठीआसु बताते जारही थि आर्नव कों भि बुरालग रहा थां जैसी भि होँ यहसच हैं जानकी मरने वालेसभी आर्नव केँ अपने थें
आर्नव - औऱ अपने पिताजी कों कियु मारा तुमने
राजेस - कियुंकी एक् दिन मे जानकी सें बगीचे मे बातकर रहा थां तब अचानक बापू आँ गये औऱ सभी बातेसुन ली
जानकी कि आखेबरी हौ जाती हैं गुस्से सें लाल भि
राजेस - जब तुम् आये लोगो कों मारा धमकी दि उसके दूसरे दिन हि मे मोक्का देख बापू कों मार दिया ताकि
आर्नव - ताकि इलज़ाम मेरे भइया पे आये
राजेस - हावही हुआ भि सभी अरुण कों बापू केँ कातिल समझने लगे
आर्नव - तेरे बापू नें कब तुम्हारी तरफ पकराकब कि बात हैं
राजेस - तेरेआने 10 दिन पहले
आर्नव - तब सें मोक्का देखरहे थें अपने बापू कों मरने कां औऱ मोक्का मिला भि अरुण भइया जौ करकेगये तब
राजेस - हा
आर्नव - अपनी बेहन केँ देवर जी कों कियु माराफिन औऱ केसे
राजेस - मेने सोचाकोई मर्द नहीं रहेगा मेरे सिवा तोँ मे अकेला रहुंगा गुरिया मेरेउपर भरोसा रीलाये करेगी हर मुश्किल मे वोँ मुझेयाद करेगी औऱ गुरिया कों मे आसानी सां पा लूंगा घऱ हीरापुर गये लरने तौ सभी कों मार दियामगर गुरिया नें मुझसे कहा थां मे घऱ कि बहु बेटियों कों हाथ भि नाँ लगाऊ तोँ सभी कों जाने दिया मनोजखरा थां पीछे सें मार दिया गोली
आर्नव कां सर फटने लगता हैं गुस्से सें आखेलाल होने लगती हैं जानकी फुटफुट केँ रोने लगती हैं
आर्नव कों भि बहुत क्रोध आँ रहा थां मगर आर्नव गुस्से कों संत रखता हैं
आर्नव मन मे कुछ सोचने लगता हैं - दोसाल पहलेसभी सुरुहुआ मा मामाजी केँ बीच उसकेबाद बापू दादाजी मरे मेरेआने पे नानाजी कों माराजब मे मा बापू नीलमगये किया बापू दादाजी कों मारना समझआता हैं मगरबाद मे चाचू नानाजी कों मारना समझ नहीं आँ रहा
आर्नव जानकी कों देख - अब आप् बताएगी आप् दोनों भइया मे कब किया क्याँ हुआअगर आप् अभि बताने कि हालत मे नहीं हैं तोँ
जानकी रोनाबंद करकेआसु साफ करते हुवे - मे जल्द सें यहसभी खतम करना चाहती हुजब तक सभीखतम नहीं होगा तुम् मुझे बुलाते रहोगे नहीं जानती तुम् कियु हमारी यह खूनी दर्दभरी कथासुन रहे हौ पर्र वजह जोँ हौ यहखतम करके मे घऱ जानां चाहती हु
आर्नव जानकी कों देखते हुवेमन मे - अभि मे स्वयं उलझनहु हु आपको नफरतकरू याँ नहींइस लिये मे भि मजबूर हु जल्दसभी किल्यर होगा अच्छा रहेगा मुझे अपनीमा बेटी पिताजी केँ पास भि जानां हैं
आर्नव - हु बटना सुरुकरे यह बताइये मेरेआने तक किया कितना कुछहुआ आप् दोनों केँ बीच
जानकी मुठी कसते हुवे - तुम् जबआये तब तक थोरि बाते हि हुई उसकेबाद कुछ नहींहुआ
आर्नव थोरा हैरान होके - अच्छा तोँ कब सें खुल केँ सभी बाते होनेलगी मलतब आप् भि खुल केँ रोजमन मे बाते करनेलगी
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - जोँ हुआ पिछले महीने सें होना सुरुहुआ थां उससे पहलेइस गंदे गिरे खूनी इंसान सें कभीकभी हि उसतरह कि बाते करती थि याँ होती थि
आर्नव शोक मे - किया 2 साल पहलेसभी सुरुहुआ मानता हु धीरे-धीरे धीरे-धीरे सुरुहुआ होगामगर बीच मे कुछ नहींहुआ आपको छुवा होगा अपने अपनासभी दिखाया होगा
जानकी - नहींऐसा कुछ नहींहुआ मेनेकहा नां इस महीने सें हि जोँ हुआसभी हुआ उसके पहले केवल बातेकभी कभी हि
आर्नव औऱ हैरान शोक होके - यह केसे हौ सकता हैं
जानकी - 2 साल मे मेने अपने 4 प्यारे लोगो कों खोया किया तुम् नें अपने कों 2 साल मे खोया होता तौ अपनी इक्छा पूरी करने मे लगे रहते हैं याँ गम मे डूबे रहते हैं
आर्नव संत होकेमन मे - बात तोँ सही हैं अपनो कों वोँ भि 2 साल मे 4 लोगो कों खोना एक् गम सें निकले नहीं एक् औऱ गम यानीयह सभी मामाजी नें जौ किया चाचू बापू दादाजी नानाजी कों मारके उनके लिये रुलावत बनीअगर दादाजी चाचू कों नहीं मारते तौ सायद जल्दसभी होँ जाता
आर्नव राजेस सें - तुम् जानते थें फिन भि किया नाँ
राजेस - हा जनता थां अच्छे सें गुरिया
जानकी गुस्से सें चिल्लाते हुवे राजेस कों देख - मुझे अपनी गंदी जुबान सें गुरिया मत बोलोघिन आँ रही हैं मुझे आपसे
राजेस - जानकी कों जनता थां अच्छे सें बेहन हैं मेरी जनता थां अनिल उसके ससुरजी कों मारा तोँ उसगम सें निकलने मे उसे 5 महीने सें जयादा लगलग मे हमेसा उसेउस गम सें निकलने कि कोसिस करता थां
आर्नव - यह कियु नहीं कहतेउस घड़ी कां तुम् अपनी बेहन केँ औऱ लगभग जाने कां फायेदा उठारहे थें
राजेस हस्ते हुवे - बिल्कुल सही तुम् दोस्त कमाल केँ इंसान होँ झट सें पकर लेते होँ
आर्नव - औऱ तुम् कमीने
आर्नव मन। मे - अबयह पागल हौ रहा हैं सचाई जोँ जान गई हैं मा साले कों कोईगम नहींदुख नहीं हौ रहा हैं वोँ उससे किया उसपे अच्छा हैं अब तुम्हें आसानी सें मार सकताहु मामाजी बस किस्सा पूरी जोँ जाये
जानकी - मे दुखो मे थि पति ससुरजी कों खोया थां तोँ केसे अपनी खुशी इक्छा केँ पीछे भगतीयह कमीना उस मोक्के कां फायेदा उठा केँ मुझे मीठी बातो मे फसा केँ मेरे लगभगआने कि कोसिस करता थां औऱ मे बेवकूफ कुछसमझ नहींपा रही थि तुम् जबआये तब थोराकभी कभी बाते करनेलगी थि यह कमीना मुझे जंगल मे बुलाता थां
आर्नव हैरान राजेस कों देख - जंगल मे पऱ ऐसा कियु बाहर् तोँ बहुत रिस्क हैं पकरे जाने कां
राजेस - दोवजह थि पहली पकरे नहीं जाते वोँ जंगल मेरा अपना हैं कोई अंदर नहींजा सकता दूसरी जंगल मे बुलाता थां ताकि जानकी कां मन हल्का हौ सके जंगल मे घुमते बाते करते थें मे कोसिस करता थां छूने कां मगर पीछेहट जाती थि पता नहीं कियु
जानकी - कियुंकी मे तैयार नहीं थि उलझन मे थि जब भि यह कमीना मुझे छूने कि कोसिस करता थां मेरादिल पीछे हटने कों कहता थां औऱ मे पीछेहट जाती थि
मेने एक् update मे बताया थां जब जानकी जंगल मे गई थि तब जानकी अहह धीरे-धीरे दर्द होँ रहा हैं
राजेस बसबस होँ गय़ा
तौ यहा सेक्स नहींचल रहा थां जानकी केँ पेर मे काटाचुभ गय़ा थां राजेस निकाल रहा थां समझगये होगेसभी अच्छे सें आप् सभी
आर्नव - आगे
जानकी - मेने सोचाअब भइया कों इतना तरपना सही नहीं हैं मे भि अकेली थि मेरी शरीर कि जरूरत मुझे बेचैन कररही थि तोँ महीने पहले मेनेइस कमीने नें मोबाइल किया
राजेस - गुरिया इतना लम्बा इंतजार कोन करवाता हैं वोँ भि अपने भइया कों क्याँ मुझसे तुम्हे प्रेम नहीं हैं तोँ बोलदो
जानकी - नहीं भइया बहुत प्रेम हैं जानते हि हैं पहले मे उलझन मे थि तैयार नहीं थि औऱ अपनो केँ जाने कां दुख सें निकल नहीं आँ रही
राजेस - गुरिया जाने वालेचले गये पर्र अपनी खुशी मारके दुख मे रहने सें कुछ नहीं होगाबोल नाँ गुरिया
जानकी - अपनेसही कहा भइया मे अब आपको नहीं रोकूगी
राजेस खुश होके - सच तौ मुझे चूत दोगी
जानकी सर्म सें - हु दुगी
राजेस - केसे दोगी
जानकी गरम होके - केसे मर्द लेते हैं
राजेस - केसे लेते हैं मर्द चूत कों
जानकी अपनी चूत मसलते हुवे - महिला जब अपनी टांगे फैला देती हैं तब
राजेस लन्ड हिलते हुवे - तुम् अपनी टांगे फैलाओगी अपने भइया केँ लिये
जानकी नाइटी उपर करके धीरे-धीरे सें बीच वाली उंगली अपनी चिकनी गीली चूत मे अंदर घुसा केँ अहह भइयाहा फैला दुगी अपनी टांगे
राजेस पागल होके - फिन मे किया करुगा गुरिया
जानकी चूत मे उंगली करते हुवे - अहहउफ तक आप् अपना मोटा लन्ड अपनी बेहन कि चूत केँ अंदर तक घुसा देना
राजेस - धीरे-धीरे सें याँ जोर सें
जानकी फच्फच् तेज उंगली करते हुवे - जैसे आपकामन करे
राजेस लन्ड हिलते हुवे - चूत मे उंगली कररही होँ नाँ
जानकी सर्म सें - अहहकर रहीहु भइया बहुतगरम हौ गई हैं ठंडाकर रहीहु
राजेस जोर सें लन्ड हिलते हुवे - मे हु नाँ सारी गर्मी चूत कि निकाल दुगा चूत साफ हैं याँ बाल हैं
जानकी - उफमा पूरासाफ हैं भइया आपकी बेहन कि चूत अहह भइया
राजेस - फिन एक् दिन मेने जानकी कों जंगल मे बुलाया जानकी आई मे बेताब थां जानकी कि चुदाई करने केँ लिये
राजेस जानकी झरियो केँ बीच खाली स्थान मे लेता केँ जानकी केँ ऊपर आँ जाता हैं जानकी आहिस्ता लेत जाती हैं
आज केँ लिये इतना हि update कैसा थां जरूर बताना मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 20
राजेस - फिन एक् दिन मेने जानकी कों जंगल मे बुलाया जानकी आई मे बेताब थां जानकी कि चुदाई करने केँ लिये
राजेस जानकी झरियो केँ बीच खाली स्थान मे लेता केँ जानकी केँ ऊपर आँ जाता हैं जानकी धीरे-धीरे लेत जाती हैं
( आगे )
जानकी कि सासेतेज थि राजेस जानकी केँ ऊपर लेताहुआ थां राजेस जानकी केँ गालो केँ गर्दन मे किस करने लगता हैं जानकी सिसकिया लेने लगती हैं राजेस जानकी कों देख - सुरुकरू
जानकी गरम होके राजेस कों देख - जी भइया
राजेस धक्के मरने लगता हैं जानकी दोनों पांव बाहों सें राजेस कों जकर् लेती हैं राजेस धक्के मरने लगता हैं जानकी - अहह धीरे-धीरे भइयाउफ अहह
राजेस गुस्से सें पागल होके चिल्लाने लगता हैं औऱ आर्नव हैरान राजेस कों देखते हुवे - यह एकदम सें पागल कियु होँ गय़ा
जानकी राजेस कों देखते हुवेघिन सें - कियुंकी यह मेरी लें नहीं पाया
आर्नव हैरान शोक मे जानकी कों देख - मतलब
जानकी आर्नव कों देख - जोँ होँ रहा थां मे यह कमीना गिरा इंसान दोनों पुरे कपड़े मे थें यहबस मेरेउपर देता धक्के माररहा थां
आर्नव अपनाबाल पकर खीचते हुवे - किया आप् साफ करके बतायेगी ताकि मुझेसमझ आँ सके
जानकी - जब मेनेइस कमीने कों हा बोलातब मेने एक् सर्टरखी अनाया जिया केँ सादी केँ बादसभी करने दुगी
राजेस गुस्से सें पागल होके जानकी कों देख - इस कमीने नें कहा हवेली मे किसी कि नजरलग गई हैं इसेडर थां अनाया जिया कों कुछ हौ नाँ जाये तौ यह चाहती थि जल्द सें अनाया जिया कि सादी करकेदूर भेजना मुझे बहुत क्रोध आया पर्र मे संतरहा सोचा इतना इंतजार किया हैं तौ एक् महीने औऱ सहीफिन मेने जल्द सें अनाया जिया केँ लिये लरका ढुंढा जौ मेरे मित्र कां लरका थां बातेदिन सभीतय हौ गय़ा सादी केँ 3 दिन पहले जंगल मे जानकी कों बुलाया मगरइस कमीनी नें कहाउपर सें हि करने दुगी मे मन गय़ा इतना हि सहीफिन तुम् आँ गये
आर्नव संत जानकी राजेस कों देखता रहाफिन जोरजोर सां हसने लगता हैं आर्नव जोरजोर सें हस्ते हुवे - बाप रे किया स्टोरी हैं एक् भइया नें बेहन कों पाने केँ लिये अपनो कां खून किया इतनासभी कुछ कियामगर लेँ पानादूर तेरी तोँ देखने कों भि नहीं मिला बाप रेहसहस केँ मे मर नां जाऊ
आर्नव एकदम सें राजेस केँ पास जाकेआखो मे देख - यह तोँ होना हि थां तुम्हें लगासभी कों मारके अपनी बेहन कों पा लेगाबस बसवही तुम् नें गलत सोचा औऱ अपनेपेर मे कुलहरी मारली
राजेस गुस्से मे आर्नव कों देख - तुम् कहना किया चाहते हौ
आर्नव कुर्सी मे धीरे-धीरे बैठ - यह तौ ठाकुराईन हि अच्छे सां बताएगी बताइये
जानकी - वजहसाफ थि मोबाइल पे जबजब बाते होती थि तौ इस कमीने कि बाते मुझे बहुत अच्छी लगती थि मीठी लगती थि भरोसे लायक लगती थि मुझे भि लगनेलगा मेरा भइया मेरेसंग हैं तौ डरकिस बात कां इस लिये मोबाइल मे यह जौ कहता करती मे नंगी भि हौ जातीमगर मे अपने आप् कों नहीं दिखती थि जबयह कमीना मेने सामने होता मुझे देखता तोँ इसकेआखो मे मुझेहवस दिखाई देता भइया नहींजब भि मुझे छूने कि कोसिस करता मुझेडर लगने लगता अंदर सें फिल होतायह इंसान बुरा हैं जाती तौ थि सोच केँ सभी करने दुगी पर्र इस कमीने केँ अंदर कां हवस मुझेसाफ दिखता मेरादिल बारबार कहताआगे मत बढ़ो मोबाइल मे अलगमगर समाने एक् हायवान दिखता मुझेबस यहीवजह थि जीतने बारपास आता मे आगे बढ़ने सें अपने आप् कों रोक लेतीमगर एक् महीने पर्र पहलेदिल कों समझा केँ मन गई पऱ क़िस्मत भि मेरेसंग थां तुम् आँ गये तुम् नहींआते तोँ आज
जानकी आसुसाफ करते हुवे-अगर हमारे बीचसभी होँ जाता तोँ आज मे स्वयं कों माफ नहीं पर्र पति यहसोच मेनेउस गिरे इंसान केँ संग मेनेसभी किया अपना शरीर दिया जिसने मेरे पति ससुरजी पिताजी देवरु जी कों मारा हैं मुझे स्वयं पे घिनआती अभि भि आँ रही हैं मेनेइस कमीने कों स्वयं कों छूने दिया
आर्नव जानकी कों देखते हुवे - चलो आप् बच गई आपकी क़िस्मत आपकेसंग थि आपकीनजर तेज थि देखसमझ लियायह इसान जैसा दिखता हैं वैसा हैं नहीं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - फिन भि जल मे फस हि गई थि मेरी बेटी भतीजी मेरा लाइफ बर्बाद होँ जाताअगर तुम् नहींआते तौ
आर्नव - यहबात भि सच हैं यह कमीना अनाया जिया कि सादी किसी अच्छे घऱ तोँ नहींरहा थां जिया अनाया कि लाइफ बर्बाद हौ जातीखैर ठाकुराईन आपके भइया केँ बीच वोँ हुआसभी जान लियामगर आपके देवरु केँ बीचहुआ वोँ भि बता दीजिये
राजेस पूरीतरह शोक औऱ जानकी हैरानी सें आखेबरी करके आर्नव कों देखती हैं
आर्नव - यह पकरा मेने तोँ ऐसे हि तुक्का मारा थां मगर आपका रिएक्सन् देखसाफ हौ गय़ा कुछ तोँ हुआ हैं बता दीजिये राज रखकेकोई फायेदा नहीं
राजेस गुस्से सें चिल्लाते हुवे जानकी कों देख - किया कुतिया यहसचकेह रहा हैं तूने अपने देवर जी केँ संग कियाबोल नहीं तौ जान सें मार दूंगा तुम् मेरी हौ केवल मेरी तूने छूने कां हक मेरा हैं केवल मेरा
जानकी राजेस कों देख मुस्कुराते हुवे - हा मेने देवरु केँ संग कियाजलन होँ रही हैं क्रोध आँ रहा हैं
राजेस गुस्से सें पागल होके - साली रंडि कुतिया जान सें मार दूंगा
आर्नव गोलीहवा मे चलते हुवे - संतयहा मेरी मर्ज़ी चलेगी
आर्नव जानकी कों देख - बताइये कियाहुआ केसे
जानकी इमोसनल होके - देवरु जी लोगो केँ नजर मे गुस्से वाले थें मगरदिल केँ बहुत अच्छे साफ थें मेरी बहुत इज़त करते थां इज़त सें बाते भि करते थें पति ससुरजी केँ जाने केँ बाद उन्होंने हि मुझे ठाकुराईन बनने कों कहा जबकि हक उनका थां उन्होंने कहा वोँ हमेसा मेरेसंग रहेगे हर मामले मे मेरी सहायता करेगे औऱ ऐसा करते भि थें गाव कां मामला कम्पनी सभीकुछ वोँ अकेले देखते थें मे भि देखती थि मगर जयदाभार देवरु जी अपनेउपर लें लेते थें जिसवजह सें मुझे बहुत आराम मिलता थां बोझ हल्का रहता थां हर हफ्ते देवर जीजी मेरे कमरे मे आते औऱ हम् बैठसभी मामले मे बाते करते थें
उनके मरने केँ महीने पहले देवरु जी मेरे कमरे मे आयेरात कों हमनेगाव केँ मामले पे बहुतबात फिन
( एक् महीने पहले कमरे मे मनोज जानकी )
जानकी हमारे बीच बाते हौ चुकी थि मे सारी मे हि रहती थि जब देवरु जीआते थें हम् दोनों पास बैठे थें तब देवरु जी मुझेदेख कुछ कहने कि कोसिस करनेलगे मगरडर सें केह नहींपा रहे थें मगर मे समझ गई थि सभीकुछ
जानकी - देवर जीजी आपके अंदर मेरे लिये किया फीलिंग हैं मे अच्छे सें जानती हुमगर आप् जौ चाहते हैं हमारे बीच नहीं हौ सकता
मनोज हैरान होके थोरा डरतेहुआ - भाभी आपको केसेपता
जानकी - आपकीआखो मे साफ दिखता हैं मुझे
मनोज नजरे नीचे किये - सोर्री भाभी
जानकी - माफीमत मंगिये पदमा बहुत अच्छी हैं आप् क़िस्मत वाले हैं पदमा कों खुश रखिये
मनोज - जी
जानकी - मेने देवर जीजी कों दुःखी दुखी देखा मुझे अच्छा नहींलगा
जानकी खाट मे लेत सारी घुटने पे करके मनोज कों देख - आप् उपर सें कर सकते हैं मगरयह पहला लास्ट होगा वादा करिये अभि जौ होगाभूल जायेंगे मे भि फिनकभी इस कमरे मे होगाउसे याद नहीं करेगे जैसेकुछ हुआ हि नहीं हमारे बीच
मनोज थोरा स्वयं होके - वादा करताहु भाभी
जानकी - मेने टांगे उठा दि देवर जीजी मेरेउपर आँ गये मेरे सारी पेटीकोट कों उपर करके अपना लन्ड मेरी पैंटी केँ ऊपररख लेतगये देवरु जी पुरे कमरे मे थें मे पैंटी मे मगर उन्होंने मेरी पैंटी मे कैद चूत कों देखा नहीं कियुंकी उनकोपता थां मे नहीं दिखाना चाहती
देवरु जी नें मुझे बाहों मे लेँ लिया मेने भि देवरु जी कों बाहों मे भर लिया औऱ देवरु जी धक्के मरनेलगे पैंट मे लन्ड थां उनकाफिन भि मेरी पैंटी केँ ऊपर सें मेरी चूत मे रगर् धक्के माररहे थें मुझे बहुत अच्छा लगरहा थें मेरी चूत गीली होनेलगी मे सिसकिया लेतेजा रही थि
देवर जीजी नें फिन मेने दोनों चुचे कों ब्लाउस केँ ऊपर सें पकरजोर सें दबा दिया मे दर्दमजे मे अहह करने लगती मे झरने वाली थि मगर उससे पहले देवरु जीझरगये
उसकेबाद देवर जीजी नें वादा निभाया फिन हमनेरात जोँ हुआ उसको लेकेकभी बात नहीं थि नाँ देवरु जी नें
( पर्जेंट )
राजेस अब औऱ गुस्से सें पागल हौ गय़ा थां आखेलाल होँ गई थि जोरजोर सें चिल्ला रहा थां अगर बंधा नहीं होगा तौ जानकी कों मार देता
राजेस गुस्से सें लालआखो सें जानकी कों देख - कियु कमीनी मेने 2 साल तेरे पीछेरहा मगर इतना तौ तूने मुझे भि करने नहीं दिया नां किस करने किया नां चुचे दबाने दिया नां अपनी नंगी बॉडी दिखाई नाँ मुझे पैंटी केँ ऊपर सें करने दिया पऱ तुम्हारी तरफउस कमीने कों करने दिया कियु
आर्नव राजेस कों देख - सिम्पल हैं मनोज केँ आखो मे इनके लियेसाफ प्रेम थां इज़त थि मन सम्मान थां एक् स्त्री मर्द सें सेक्स नहीं बहुतकुछ चाहती हैं मगर तुम् हवस मे अंधे थें अपनी बेहन कों हवस बुझाने कां जरिया समझरहे थें जीने अपनीपहन कों पाने केँ लियेगलत मार्ग चुनाअगर तुम् ऐसा नहीं करते मनोज कि तरहहवस कि स्थान प्रेम सें अपनी बेहन कों पाने कि कोसिस करते तोँ जानकी तुम्हे मिल जातीयह पक्का थां
आर्नव जानकी कों देख - मेनेसही कहा नाँ
जानकी थोरा हैरान आर्नव कों देख - हा
राजेस भि शोक मे जानकी कों देखता हैं
आर्नव - उसरात उनके देवर जीजी केँ बीच जितना जौ हुआ उससेआगे सभी होतामगर तेरीवजह सें ठाकुराईन नें आगेकुछ नहीं किया कियुंकी यह तुमको धोका नहीं देना चाहती थि प्रेम तुमसे करती थि मगर तेरे अंदरहवस बुरा इंसान उन्हें साफदिख जाता थां जिसकी वजह सें हमेसा पीछेहट जाती थि नहीं तोँ कब कां तुम्हे अपनासभी कुछदे चुकी होतीगलत रास्ते सें किसी कों पा भि लोगे तौ एक् दिनसच सामने जबआता हैं सभीखतम होँ जाता हैं जैसेतभी हुआ तेरासच सामने आँ गय़ा सचयह हैं तुम् बीच मे नहीं होते तोँ मनोजजीत जाता
जानकी हैरान होके आर्नव कों देखमन मे - यह लरका जितना समझार हैं सच हैं उसरात मे सभीकर देती देवरु जी केँ संगमगर कमीने खूनी भइया कि वजह सें आगे नहीं बढ़ी
आर्नव - सचकहु तोँ मनोज हि हकदार थां अपनी भाभी कों पाने कां
जानकी - हा तुमने सहीकहा देवर जीजी मेरेबीच जोँ हुआ मुझे उसकागम नहीं खुशी हैं पर्र तूने उन्हें भि छीन लिया
राजेस पागल होके - इसका मतलब मेने कमीने कों मारके अच्छा हि किया सालामर गय़ा कमीना थु
आर्नव राजेस केँ पासआके चार चाटाजोर सें मारता हैं राजेस कों चकर्आने लगते हैं
आर्नव जानकी केँ पासआके - चलिए चलते हैं
आर्नव अपनेघऱ आता हैं आगन् मे चटाई बिछा केँ लेत जाता हैं जानकी आर्नव केँ पासलेत जाती हैं दोनों आसमान कों देखते बाते करने लगते हैं
जानकी इमोस्नाल् होके - सभीखतम हौ गय़ा सभी बर्बाद हौ गय़ा
आर्नव - अभि नहीं जिया अनाया पदमा चाची हैं उनके लिये आपको जीना - तुम् नें बीच मे आकेहमे बचा लिया सुक्रिया
आर्नव - रातभर करनेदो फिन
जानकी हैरान शोक आर्नव कों देख - कियाकहा
जानकी हस्ते हुवे - तुम् भि बाकी कि तरह हि हौ मोक्के कां फायेदा उठाने वाले
जानकी सीने सें सारीहटा केँ आखेबंद करके - जौ करना हैं करलो पूरीरात मे मेराबदन तुमहरा हैं
आर्नव बिना देखे सारी सीने पे रखते हुवे - मजाककर रहा थां मेरीमा नें यहसभी नहीं सिखाया शरीर तोँ मुझेमिल जायेगा आपकामगर आत्मा नहीं
जानकी हैरानी सें आर्नव कों देखती हैं
आर्नव जानकी कों देख मुस्कुराते हुवे - कल लास्ट दिन होगा आखरीबार कल आपको आनां पड़ेगा
जानकी - मगर मेने तोँ सभीबता दियासभी जान हि गये होँ अब मेरेपास तुम्हे बताते केँ लियेकुछ नहीं हैं
आर्नव - कल आइये तौ सहीपता चल जायेगा
जानकी खरी होके - ठीक हैं आउंगी मे चलतीहु
आर्नव - ठीक हैं बाय
आर्नव गहरी सासू लेके - कल मुझे मेरा जवाब मिलेगा
तभी मीना कों फैनआता हैं
आर्नव - मेरी पत्नि कैसी होँ आप्
मीना मुस्कुराते हुवे - पति जी मे अच्छी नहींहु चूत मे बहुत खुजली होँ रही हैं
आर्नव हस्ते हुवे - पिताजी हैं नां उनसे नहीं होता तौ खीरा लेगो
मीना लज्जा सें - आपका मोटा लम्बा हि लेना हैं आपके लन्ड सां सें हि मेरी चूत कि आग ठंडी होती हैं मुझेचैन मिलता हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ऐसा हैं तौ थोरा इंतजार करना पड़ेगा वैसेमा सोनल कियाकर रही हैं
मीना सोनल कों देख - किया करेगी खेलरही हैं
आर्नव - आप् सभी कि बहुतयाद आती हैं मारात आपकी चूत कि भि बहुतयाद आती हैं
मीना - मुझे भि मेरेलाल यह बताओ स्टोरी कहा तक पहुची
आर्नव - कलएंड हौ जायेगा
मीना - बेकार चेहरा लिये घुमते हौ मेरालाल तोँ बहुत हैंडसम हैं अपना असली चेहरा सभी कों कब दिखाने वाले होँ
आर्नव - कलसभी आखरीकथा ठाकुराईन सुनायेगी मुझे मेरे प्रश्न कां जवाब मिलेगा तब अपना असली चेहरा दिखाऊगा
मीना हस्ते हुवे - तुम् दोनों कों हार्ड अट्टेक देके हि मनोगो तेरीमा मामाजी कों सभी सें बरा झटका देने वाला हैं ध्यान रखना झटके सें टपक नाँ जाए तेरा मामाजी
आर्नव सिर्यस् होके - मारना तोँ वैसे भि हैं उसको
मीना - कियाहुआ हैं आज
आर्नव सभीबता देता हैं
मीनाकुछ देरबाद - अच्छा तुझेही बुरालग रहा हैं तेरीमा भइया देवर जी केँ संग
आर्नव - अभि तय नहीं मे ठाकुराईन कों मा मनुगा मगरमन भि लिया तौ भि मुझेकोई क्रोध नाराजगी नहीं हैं उससे पति नां होने पे बदन कि जरूरत पूरी करनी हि होती हैं औऱ सचकह तौ उन्होंने गलत नहीं किया रंडि जैसा करतीकई मर्दो केँ संग सोती तोँ मे माफ नहीं करता
मीना - यहबात तूनेसच कही बेटा बहुत बुरी हालत सां गुजररही हैं तेरीमा मनलो उसके तुम्हे मरवाया फेकवाया भि हैं तौ उसकीसजा उपर वाले हैं बहुत जयदादे दि हैं
आर्नव - आप् सही हैं जोँ टूट चुकी हैं उससे मे किया हि बदला लुगा
मीना - नाज हैं मुझे अपने सोनल केँ बापू पे यहीसोच रखना
आर्नव - किया आप् कभी बहकी हैं पिताजी आपकोखुश नहींकर पाते थें तोँ किसी केँ संग
थोरि संति केँ बाद मीना - हा एक् बार बहकीहु मे भि जब तुम् 16 साल केँ थें
आर्नव - अच्छा
मीना - नफरत होनेलगी मुझसे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - बिल्कुल नहीं मेरा एक् फंडा हैं मा जौ मेरा हैं जिससे मेरा सेक्स वाला रिस्ता हैं जिसे मे प्रेम करताहु लोव वाला वोँ मुझे धोकादे मेरेपीठ पीछे किसीगैर केँ संग सोये याँ रिस्ता रखे मे उसेकभी माफ नहीं करुगा औऱ उसे अपनी जीवन सें निकाल दूंगा हमेसा केँ लिये मुझे यकीन हैं उसदिन जौ हुआ होगाउस कां दुख गलानी आप् कों आज तक होती होगी
मीना - हा होती हैं शरीर कि आग बेटा ऐसा हि होगा हैं कई औरतेसेह लेती हैं कई बेहक जाती हैं पर्र बाद मे एहसास होता हैं गलतकर गई उसकेबाद पचतावा रह जाता हैं
आर्नव - कोन थां सेक्स हुआ आप् दोनों केँ बीच
मीना - अगरहा कहु तौ
आर्नव - आपकी मर्ज़ी सें हुआ हैं तोँ मुझे फर्क नहीं परता
मीना - औऱ अभि किसी केँ संगकरू तौ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ऐसा मेरीमा मरतेदम तक नहीं करेगी मुझे अपनेजान सें जयदा भरोसा हैं
मीना इमोसनल होके - सहीकहा लाला तेरे अलावा किसीगैर कों देख्ना भि नहीं मुझे कियुंकी तु मेरीजान सभीकुछ हैं वैसे वोँ सभी नहींहुआ समझगये
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जनता थां अपने स्वयं कों रोक लिया होगाफिन रात कों रोते हुवे बापू कों बताया होगा पिताजी अच्छे दिल हैं जानते थें वोँ आपकोखुश नहींरख पारहे तोँ स्वयं अपनी गलतीमान लिये होगेजब हमारे रिश्ते कों देखा तौ हा करके आपको मुझेदे दिया बहुततेज हैं बापू
मीना हस्ते हुवे - तूने तौ सभीराज जान लिया तुम् पिताजी सें तेज होँ जानना नहीं हैं कोन हैं कियाहुआ थां
आर्नव - फिनकभी आपकी स्टोरी सुन लुगाआया हुतब सें साला किस्सा हि सुनरहा हु सच्ची घटना वाली मोक्के कां फायेदा उठाने वाले बहुत हैं दुनिया मे
मीना हस्ते हुआ - सहीकहा ठीक हैं जब बोलोगे सुना दुगी
मोबाइल कट
पवन मीना कों देख - बताना जरूरी थां
मीनापवन कों देख - सचाई जानना जरूरी थां ताकि लालासमझ सके अपनीमा कों हवस शरीर कि आग जरूरत कों सहीगलत कों हरकोई गलत नहीं होता औऱ नाँ हि कोईसही होता हैं कभीकभी लाइफ मे एकदम सें बहुतकुछ हौ जाता हैं जिसकी उमीद हम् नहीं करते वैसे भि वोँ सभी नहींहुआ थां अचनाक् हुइ घटना थि
( दोपहर 12 बजे हवेली )
बाथरूम मे पदमा आर्नव नंगे थें पदमा आर्नव केँ लन्ड हिलारही थि दोनों किस भि कररहे थें जानकी केँ सभी केँ पीठ पीछे आर्नव अपनी चाची कों नँगा करके बाथरूम मे मजे लेने मे लगा थां पदमामजे सें किस करते हुवे लन्ड हिलते जारही थि पदमाफिन मुस्कुराते हुवे नीचेबैठ लन्ड मजे सें मुह मे लेके चूसने लगती हैं आर्नव मजे सें खोने लगता हैं उसकेबाद पदमा दीवार केँ सहारे झुक जाती हैं
आर्नव अपनी चाची केँ चूत मे लन्ड घुसा केँ कमर पकरे चुदाई करने लगता हैं पदमा आर्नव कों देखते हुवे - अहह बेटा तेरा लन्ड मेरी चूत केँ अंदरजब जाता हैं जौ दर्द मे मज़ाचैन मिलता हैं बता नहीं सकती
आर्नव धक्के मारते हुवे - उफ मेरी चाची अहह आपकीकसी गरम चूत मरने मे मज़ा मुझे भि बहुतआता हैं
पदमा - अहह औऱ जोर सें दर्द होगा होनेदो मगरअहह बेटा दिदी नें देख लिया नाँ तोँ अहहमार देगी हम् दोनों कों अहहलग रहा हैं धीरे-धीरे
आर्नव धक्के मारते हुवे - स्वयं कहती हैं तेजकरो जोर सें करताहु तोँ दर्द हौ रहा हैं
30 मिनटबाद
पदमा सारी पहनते हुवे आर्नव कों देख - चूत कि हालत खराबकर देता हैं तूँ गधेे जैसालग जौ हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - आपकी जैसीमाल कों चोदने केँ लिये गधेे कां लन्ड हि चाहिये मे जिया अनाया सें मिल लेताहु
आर्नव कमरे मे आता हैं जिया अनाया बातेकर रहे होते हैं आर्नव कों देख अनाया मुह फुला देती हैं औऱ जिया आर्नव केँ गलेलग जाती हैं
आर्नव जिया कों किस करते हुवे - कियाबात हैं कियुमुह फुलाये हैं तेरी बेहन
जिया अनाया कों देख - पता नहीं बाबू दिदी कियु आपके नाराज हैं
आर्नव अनाया केँ पासआके बैड पे अनाया कों बाहों मे लेकेलेत जाता हैं औऱ प्रेम सें देख - कियु रूठी हैं मेरी गुरिया
अनाया आर्नव कों देख - बसऐसे हि
आर्नव अनाया केँ गाल पे किस करते हुवे - बसकलसभी खतम उसकेबाद मे फ्री होँ जाउंगा तब भूमने लेके जाउंगा अपनी गुरिया कों
अनाया खुश होके - सच्ची भइया
आर्नव मुस्कुराते हुवे - सच्ची
फिन तीनों बैठ बाते करने लगते हैं
आर्नव - माकहा हैं
अनाया कमरे मे अब तौ अकेली हि रहती हैं बाहर् भि बहुतकम आती हैं
जिया - मुझे चाची कों देख बहुतदुख होता हैं
आर्नव - सभीसही होँ जायेगा टाइम केँ संग
आर्नव अनाया कों देख - गुरिया बाहर् जाओगी
आर्नव कि बातसुन जिया सर्म सें लाल होँ जाती हैं वही अनाया जिया आर्नव कों ताड़ केँ देखती हैं फिन बाहर् जाते हुवे - जल्द करना जोँ करना हैं
अनाया दरवाजा बंद करके दीवार सें सतकेखरी होँ जाती हैं कुछ तौ थां मन मे दिल मे अनाया केँ
अंदर आर्नव जिया कों बाहों मे लेके - जान चुचे दिखाओ नां आज दबाना चूसना हैं मुझे
जिया सर्म सें - आपकोमना केसेकर सकतीहु सभी आपका हि हैं मे भि
आर्नव किस करते हुवे - जनताहु किया हम् सेक्स कर सकते हैं
जिया हैरान सर्म सें पानी पानी होके - कर सकते हैं पऱ दिदी बाहर् खरी हैं
आर्नव कुछ सोचके - ठीक हैं मे अभि आताहु
आर्नव बाहर् आता हैं अनाया कों केँ पास जाकेकान मे - मुझे जिया केँ संग वोँ सभी करना हैं गुरिया प्लेस संग दोगी वादा तुम् जोँ करुगी मे सभी करुगा
अनाया हैरान शोक आर्नव कों देखती हैं फिनमन मे कुछ सोचने केँ बाद
अनाया आर्नव सें - वादा करेगे सादी सें पहले जियापेट सें नहीं होनी चाहिये
आर्नव अनाया कों देखते हुवे -
अनाया - औऱ मेरा कहना मानेंगे
आर्नव - वादा
अनाया - ठीक हैं जाइये मे देख लुगी
आर्नव खुश होके हल्का सां होठ अनाया केँ होठ पे स्टाके किस करते हुवे - मेरी गुरिया बहुत अच्छी हैं
अपने भइया कां होठ अपने होठो पे फिल करते हि अनाया सिहर काप् जाती हैं आर्नव कमरे मे चला जाता हैं मगर अनाया नीचेबैठ अपने होठो कों छूने लगती हैं चेहरे मे सर्म कि लाली एक् अलग हि चैन खुशी थां
कमरे मे जिया कपड़े उताररही होती हैं आर्नव भि कपड़े निकलते हुवेमन मे - जनताहु गुरिया तेरेमन मे किया हैं थोरा वक़्त लगामगर समझ गय़ा औऱ तूने कियुकहा जियापेट सें नां होँ कियुंकी तुम् पहली स्थान लेना चाहती होँ तौ तेरी इक्छा पूरी होगी पर्र तुम् आगे नहींबढ़ रही सरमती हौ पर्र मे हु नां
1 घंटेबाद आर्नव बाहर् आता हैं अनाया वही बैठी थि अनाया हैरान शोक थि इतनीदेर कियुलगा होगा
आर्नव अनाया सें - जाओ जिया कां ख्याल रखो किसी कों पता नाँ चले
अनाया जल्द सें कमरे मे आती हैं जियाखाट कों देख अनाया कापने लगती हैं
( शाम 5 बजे गुफा मे )
आर्नव राजेस जानकी फिन दोनों बैठे थें राजेस दूसरी तरफ अकेला थां
आर्नव जानकी कों देख - बेटे कों जन्म दियातब कोनकोन थां आपकोसभी सच बताना हैं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - बताया तौ थां
आर्नव - अनाया कि शपथ खाकेकेह रही हैं
जानकी गुस्से सें - अनाया कों बीच मे मतलाओ
आर्नव - ठाकुराईन सचबता दीजिये अब छुपाने सें किया फायेदा
जानकी - समझ नहींआता तुम् कियुसभी जानने केँ पीछेपरे हौ
आर्नव - स्टोरी खतम होते हि बता दूंगा
जानकी सोचने केँ बाद
जानकी - जैसा दिखता हैं वैसा होता नहीं तुमने सहीकहा थां बापू सुरु सें हमेदबा केँ रखते थें खासकर मुझे कियुंकी मे एक् लरकी थि
बाहर् आनां जानां किया करना हैं सभी पिताजी दिसाइट् करते थें कभी छोटी गलती भि हौ जाती तोँ बहुत क्रोध करते थें मारते भि थें
आर्नव कि आखेबरी होँ जाती हैं सुनके जानकी केँ आखो मे आसु आँ जाते हैं जानकी कापने भि लगती हैं
जानकी - वोँ सभीयाद करके हि मेरीरूप काप् जाती हैं जब मे जवान हुई तब अनिलजी सां सादीतय हुईँ कॉलेज संग मे जाते हैं बंगलो मे रहनेलगी वोँ भि जब अनिलजी नें कहा पिताजी सें तब माने
बंगलो मे रहके पढाई करनेलगी औऱ गमकम करने केँ लिये अनिलजी मुझेपब मे लेके जाते हम् खूब पीते बर्थडे पार्टी करतेवही मेरी बेस्ट खुशी वाला लम्हा होता थां मे सभीभूल जाती थि उस वक्त एक् रात अनिल हमारे बीच सेक्स होँ गय़ा उसकेबाद करतेआये मगर एक् बार बिना कंडम केँ करने केँ कारण मे पेट सें होँ गई मे खुश थि मगरयाद आते हि कि मेरे पिताजी कों पता चलेगा तौ मुझेजान सें मार देगे मे डर सें काप् गई
आर्नव - भले हि आप् अपने होने वाले पति केँ कां बच्चा थां आपकेपेट मे मगर सादी केँ पहले आप् माबन गई जौ आपके बापू कि बनी बनाई इज़त कों खतमकर सकती हैं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - तुम् नें सहीकहा अनिल हमने प्लान बनाया चाहे जोँ होँ जाये किसी कों खासकर बापू कों पता चलने नहीं देगे
5 महीने तोँ कोई दिकत नहीं हुइ मगर उसकेबाद पेट दिखना सुरु हौ गय़ा जैसे तैसेझूठ बोलते हुवे बचते बचतेरही मगर 9 महीने आते हि मे पकरी गई
आर्नव राजेस हैरान जानकी कों देखते रहते हैं
जानकी - पिताजी घऱ मे सभी बुलाते थें मगर मे नहींआती थि एक्सक्यूज़ बना देती थि मगर पिताजी कों सक होँ गय़ा थां तौ अचनाक् बिना बातये आँ गयेशाम कों मे बैड मे अकेली लेती थि बापू कों देख मेरी सासू माँ रुक गई मे डर सें कापने लगी
( जानकी जब 9 महीने पेट सें थि )
पर्ताप जानकी कों देख गुस्से सें पागल होके - जानकी तौ एसी लिये तुम् घऱ नहींआती थि यहपेट मे किसका बच्चा हैं
जानकी बापू केँ सामने कपते रोते डरते हुवे - बापू अनिल कां हैं माफकर दीजिये गलती होँ गई किसी कों पता नहीं चलेगा
पर्ताप् जानकी केँ बालपकर गुस्से सें - एक् दिनयह बच्चा सामने आयेगा तबलोग किया केहेगे यही सोचेंगे नां किसी औऱ सें चक्कर थां याँ स्वयं कों रोक नहींपाई इज़त मेरे लियेसभी कुछ हैं तूने बहुतबरी गलतीकर दि हैं
जानकी रोते दर्द मे हुवे - माफ करदो बापू
पर्ताप् जानकी कों देख - माफीमिल जायेगी
पर्ताप् जानकी कि सारीउपर करने लगता हैं जानकी चिलाते हुवे - बापूयह आप्
पर्ताप् गुस्से सें जोर सें - माफी चाहिये याँ नहीं
जानकी - मे डर गई चुप हौ गई पिताजी मेरे चुचे दबाने लगेजोर सें मुझे दर्द होनेलगा मे चुपखरी थि बापू मुझे बाहों मे करके गंदी बाते करनेलगे
पर्ताप् - अहह जानकी कियामाल हैं तु मेरी बेटी आज बापू कों खुश करदे
पर्ताप् जानकी कों देख - बोल नां बेटी बहुत मज़ा दूंगा
जानकी नजरे नीचे किये - कर लीजिये
पर्ताप् कान मे - कियाखुल केँ बोल
जानकी - अपनी बेटी कि चूत चोदलो बापू
पर्ताप् जानकी कों बाहों मे लिये धीरे-धीरे सें - लें पायेगी अपने पिताजी कां लन्ड
जानकी - डालेंगे तौ हि पता चलेगा दर्द होगा याँ नहीं
पर्ताप् जानकी केँ दोनों गांड दबाते हुवे - आनंद आयेगा बेटी
जानकी - पिताजी मेरे गांडदबा रहे थें गंदी बातेकर रहे थें मे शोक हिली हुइ थि अचनाक् पिताजी मेरेसंग ऐसा करेगे सोचा नहीं थां पऱ मेने सोचा करने देतीहु यही एक् मार्ग हैं अपने बच्चे कों बचाने कां इस लिये जोँ कररहे थें करने दिया
जानकी - पिताजी मेरेगाल गर्दन मे किस करनेलगे मेने ढीली लोवर् पहनी थि पिताजी अंदरहाथ डालके मेरे पैंटी मे हाथरख दिया मेरेमुह सें जोर सें अहह निकल गई यकीन नहीं होँ रहा थां पिताजी कां हाथ मेरे चूत पे थां पिताजी पैंटी केँ ऊपर सें चूत दबाने मसलने लगे औऱ मुझेदेख बोले - बहुतगरम हैं चूत बेटी अहह बहुतगरम उंगली जलरही हैं
जानकी - पिताजी नें फिन पैंटी केँ अंदरहाथ डालके मेरी नंगी चूत कों मसलने लगेसच कहु तौ मे गरम होनेलगी मेरी चूत गीली होनेलगी फिन बापू नें एकदम सें मेरी चूत उंगली घुसा दिया अपनी चूत मे अंदर बापू कि उंगली फिल करके मेने पिताजी कों बाहों मे पकर लिया - अहह पिताजी
तभी बापू कापने लगे मे समझ गई बापूझर गये मुझे भि होसआया औऱ स्वयं पे क्रोध भि आया
पर्ताप् नजरे नीचे किये - जोँ हुआ किसी कों बताना मत मे भूल जाउंगा तुम् भि भूल जानां औऱ बच्चा उसे मरना होगा
जानकी आर्नव कों देख - मे पथर्बन गई सोचासभी करने दुगी तोँ बच्चे कों कुछ नहीं करेगे मगर मे गलत थि बहुत विनती कि नहीं माने अनिलजी जबआये तोँ मेने जोँ हुआ वोँ सभी नहीं बताया मगर बापू कों पताचल गय़ा इतनाबता दिया पर्र अनिलजी भि जानते थें कुछ नहीं होँ सकता पर्र हमने हिम्मत नहीं हारी मे अपने मासूम बच्चे कों मरने केसेदे सकती थि मेने 10 दिनबाद बापू कों मोबाइल किया
पर्ताप् - कहो बेटी
जानकी - बापू आप् सही थें मुझे एहसास हौ चूका हैं इस बच्चे कों मार दुगी आपकी इज़त मीठी मे मिलने नहीं दुगीमा तौ मे फिनबन जाउंगी मगर इज़त जाने केँ बाद नहींआती
पर्ताप् - यह हुई नां बातखुश कर दिया बेटी तूने बेटी बच्ची उसदिन मज़ाआया नाँ
जानकी - बहुतआया मे चाहती थि आप् मेरी चूत चोदेमगर आप् नें चोदा हि नहीं
पर्ताप् - उफ बेटी जितना किया बहुत हैं वैसे चुदवाने कां मन हौ रहा हैं किया
जानकी - बहुत पिताजी बहुत आइये नाँ आपकी बेटी टांगे उठा देगी आपके लिये
पर्ताप् - उफ चूत मे उंगली कर नाँ बेटी मुझेफच् फच् वाली आवाज़ सुननी हैं
जानकी - ठीक हैं पिताजी रुकिए
जानकी - मे खाट मे लेत गई पैंट नीचे करके टांगे फैला केँ चूत मे उंगली करनेलगी कुछ मिनट मे हि चूत गीली होकेफच् फच् आवाज़ निकालने लगी
जानकी - अहह पिताजी सुनरहे हैं फच्फच् कि आवाज़
पर्ताप् - अहह बेटी सुनरहा हुअहह करतीरह
जानकी एक् पैक मारते हुवे - यह नाटक थां मुझेपता चल चुका थां पिताजी केँ लन्ड मे दम नहीं हैं वोँ कर नहीं सकते मेरेसंग कुछ भि मे बस भरोसा दिलाना चाहती थां मे भि बच्चे कों मारना चाहती हु पर्र पिताजी तोँ बापू हैं
जानकी एक् पैक मारके आसुसाफ करते हुवे - वोँ दिनआया जब मेने अपने बच्चे कों जनमदे रही थि कमरे मे चारलोग थें मे अनिल डॉक्टर नर्समगर बाहर् दरवाजे पे बापूखरे थें
आर्नव कि आखे औऱ फैल जाती हैं
जानकी - बच्चे कों मेने जन्म उसकेबाद बापू दरवाजे सें सभीदेख रहे थें अनिलजी नें गुस्से सें कहा - बच्चे कों मार केँ फेकदो पहरो मे
डॉक्टर - पर्र
अनिल गुस्से सें - जानती नहीं मे कोनहु जितना कहाकरो
जानकी - हम् नाटककर रहे थें ताकि बापू कों लगे हम् सच मे बच्चे कों मरवारहे हैं मेने भि नाटक करते अपने बच्चे कों नहीं देखा
जब नर्स मेरेलाल कों लेँ जाने वाली थि तोँ मेने अपना लोकेट संग मे एक् पर्ची दि जिसमे दिखा थां - मेरेलाल कों किसी कों गोद देदो मारना मत तुम् भि मा हौ प्लेस मा कि ममता कि शपथ
जानकी - पिताजी नें हि डॉक्टर नर्स लाये थें पर्र दोनों मजबूर थें शाम कों नर्सआई मेरेपास
जानकी - बताओ मेरा बच्चा कहा हैं तुमने मेरेलाल कों मारा तोँ नहीं
नर्स - ठाकुराईन आपकी पर्ची पढ़ी मे आपके बेटे कों लेकेजब जारही थि तोँ आपके पिताजी मेरे पीछे आँ रहे थें पहार् केँ आधे तक मेरे पीछे चुपके आये मे अंजान बनतीरही डर भि लगरहा थां मे कियाकरू जब सबसेउपर गई तोँ मुझेगाव दिखामगर बहुतदूर थां जा नहीं सकती थि जाती तोँ आने जाने मे बहुतदेर लग जाती ठाकुर साहबसमझ जाते औऱ मे मेरी फैमालि कों मार देते तौ मेने सोचाफिन जिस रास्ते सें लोगआते जाते हैं आपके बेटे कों वहीरख दिया पहरि पे लोगआते तोँ हैं पऱ कभीकभी दिमाफ करना आपका बेटा जिंदा हैं याँ
जानकी रोते हुवे - उसकेबाद मेने स्वयं कों कातिल मन लिया मुझे नहींपता मेरा बेटा जिंदा हैं याँ नहीं किया मेरेपास कोई दूसरा मार्ग नहीं थां किया मे औऱ कुछ नहि कर सकती थि वजह जौ भि हौ गलती मेरी थि मा होके अपने बेटे कों बचा नहींपाई
आर्नव मुश्किल सें खरा होके गुफा केँ बाहर् आता हैं 10 मिनटबाद आर्नव अंदर जाके जानकी राजेस केँ सामने खरा होके - जोँ जानना थां जान लिया
जानकी राजेस आर्नव कों देखने लगते हैं
आर्नव कान केँ पास अपने उंगली कों लेके जाता हैं औऱ अपना मस्त निकाल देता हैं दोनों पुरेशोक मे एक् संग - अरुण तुम्
जानकी शोक मे - तुम् अरुण थें तोँ अरुण कां भइया बनने कि किया जरूरत थि जोँ करना थां ऐसे भि कर सकते थें
आर्नव जानकी राजेस कों देखते हुवे - मे जोँ अरुण कां भइया बनके आप् दोनों केँ संगरहा एकदम सें मे अरुणबन गय़ा तोँ तोँ कियायह अरुण वाला चेहरा भि फेक नहीं हौ सकता
जानकी राजेस कों सभी सें बरा झटका लगता हैं
जानकी कपते होठो सें - तुम् कहना चाहते हौ सुरु सें हि अरुणयह वालाफेस चेहरा नकली लेकेघूम रहे थें अपना असली चेहरा सुरु सें सभी सें छुपारहे थें
आर्नव - हायहसच हैं
जानकी हैरानी शोक मे - पर्र कियु कियावजह थि औऱ तुमहरा असली चेहरा कैसा हैं दिखाओ मुझे मुझेसच जानना हैं तुम्हारा असली चेहरा देख्ना हैं
आर्नव कान केँ पास उंगली लें जाते हुवे - ठीक हैं देखलो मेरा असली चेहरा देखने वाले तुम् दोनों पहले होगे मेरे जानने वालो कों छोर केँ
जानकी राजेस आर्नव कों हि बेचैनी सें देखसोच रहे थें आखिरकोन हैं यह लरका कियु अपना असली चेहरा छुपाते आँ रहा थां बेताब थें देखने कों
आर्नव मास्क निकलते हुवेमन मे - वक्त आँ गय़ा हैं छुपा रुस्तम कां खेलखतम करने कां
आज केँ लिये इतना हि आज कां update कैसा थां जरूर बताना भाइयो मिलते हैं
Kya mast update diye hu bhay majaa hi aa gya, halanki binti h abi story juldi khatam mat krr dena yrr, kyuki mere pass padhne ko koy or kahani nahii h abi
bohot badhiya shaandar update Family kaa reunion hu gyaa sab khush ab baaki joo bache hain wohbkal mil jayegnge Ab kon dushmani bacha hain Ab story mai nvaa mod laane wale hu bhay Dekhte hain aage kiya hotha hain
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 21
कमरे मे जियाआज कली सें फुल बनने वाली थि दिल मे बेताबी खुशी केँ संग थोराडर सर्म भि थां वही आर्नव पहलीबार सीलपैक चूत चोदने वाला थां
जिया पूरी नंगीबैड पे लेती हुई आर्नव कों देख सर्म सें लाल होके देखती जारही थि जिया नें अपना खजाना दिखा दिया थां आर्नव पूरा नँगा होते हुवे जिया कों देख - मेरीजान बहुत हसीनलग रही होँ फिगर भि कमाल थां हैं चुचे भि मस्त हैं मगरयह चूत मे माल छोटे
जियाबीच मे हि शर्मा केँ - कुछमत बोलिये आते हैं एकदम सें सभी करना होता हैं आपको
आर्नव जिया केँ ऊपरआके मुस्कुराते हुवे - अच्छा मलतबकेह देता पहले तौ साफ करके रखतीहु
जिया आर्नव कों देखते हुवे लज्जा सें - हा रखती
आर्नव हस्ते हुवे - चलेगा चूत पे बाल अच्छे लगते हैं मुझे छोटे भि हैं
आर्नव जिया कों किस करने लगता हैं किस करते हुवे गर्दन पे सीने पे चुचे पे पेट मे पूरी बॉडी कों चूमने लगता hain जियाबैड पकरेजोर सें सिसकिया लेने लगती हैं तेज सासे लेने लगती हैं
आर्नव अच्छे सें पूरी बॉडी चूमने केँ बाद जिया केँ चुचे पे हाथ रखते हुवे जिया कों देख - जान तुम्हारे चुचे बहुतबरे टाइट नर्म हैं निपल भि मस्त हैं
जियाजोर जोर सें सासे लेँ रही थि जिसकी वजह सें सीनापेट उपर नीचे होँ रहे थें जिया कपते हुवे आर्नव कों देख - अहहउफ बाबूसभी आपके लिये हैं जीभर प्रेम करो अपनी जिया कों
पहला एहसास पहला सेक्स होने वाला थां जिया बहुत जयदागरम मदहोसी मे खोनेलग गई थि 19 कि भि होँ गई थि
आर्नव भि पुरेजोस मे जिया केँ दोनों चुचे कों पकर दबाने लगता हैं औऱ एक् चुचे कों मुह मे लेकेमजे सें चूसने लगता हैं जिया मछली कि तरहबैड मे उछलने लगती हैं जिया - अहह बाबूउफ यह कैसाअसर हैं कैसी बेख़ुमारि हैं अहह मुझेकुछ हौ रहा हैं बहुत अच्छा भि हैं
आर्नव चुचे चुस्टे हुवे दोनों चुचेजोर जोर सें दबाने लगता हैं कटने भि लगता हैं जिसकी वजह सें जिया दर्द मे अहहउफ बाबू धीरे-धीरे दर्द हौ रहा हैं
आर्नव जिया केँ चुचे दबाके कटकेलाल करके टाइटकर दिया थां
आर्नव जिया केँ ऊपरआके जिया कों केँ मुह मे लन्ड देने लगता हैं जिया भि मजे सें आर्नव कों देखते हुवे चूसने लगती हैं जिया टोपे कों मजे सें चूसते हुवे - उफ बाबू बहुत अच्छा स्वाद हैं आपके लन्ड कां
आर्नव लन्ड पकरे जिया केँ मुह मे देते हुवे मुस्कुराते हुवे - तोँ लो जितना स्वाद लेना हैं लो चुसो तुमहरा हि हैं जानअहह केसे हि जिब कां कमाल देखाओ चुसो अच्छा लगरहा हैं जियामजे सें लन्ड कां स्वाद लेती हैं
आर्नव फिन नीचेआके टांगे फैला केँ चूत केँ फाको कों फैला केँ देखता हैं सिलपैक चूत देख आर्नव - किया मस्तसील पैक चूत हैं पहलीबार देखरहा हु पिंक छोटाछेद हैं दर्द होगा जिया कों बहुतमगर लेना तोँ पड़ेगा एक् बारचला गय़ा तौ दिक्त नहीं होगी
जिया आर्नव कों देखते हुवे - बाबू बहुत दर्दलग रहा हैं मुझे
आर्नव जिया कों देखते हुवे - जान दर्द तौ होगामगर सहना तोँ परेगा पहलीबार जौ हैं तुमहरा डरोमत धीरे-धीरे ड़ालूगा
जिया हिम्मत करके - जीठीक हैं धीरे-धीरे सें डालना आप्
आर्नव - पहले स्वाद तौ लेलुफिन सील तोरके कली सें फुलबना दूंगा
आर्नव जिया केँ दोनों पांवहवा मे उठाके पकरे रखता हैं औऱ चूत कों मुह मे लेके चाटने लगता हैं जिया सिसक् परती थि जवानी कि गर्मी चूत मे चीटिकट रही थि अब जाके जिया कों चैनमिल रहा थां जियाजोस मजे सें - अहह बाबूचैन मिल गय़ा चाटो औऱ चाटो आनंद आँ रहा हैं अहह बहुत परेसान करती थि रात कों
आर्नव जिया केँ चूत केँ चमरे फाको कों मजे सें मुह मे लेकेजिब सें चाटने चूसते हुवेमन मे - उफसील पैक चूत कां स्वाद सभी सें अलग हैं
जिया आर्नव केँ सर पे हाथरख जोर सें अपनी चूत पे दबाते हुवे कपते गांड उठाते हुवे पहलीबार झटक मारते हुवे झरने लगती हैं
आर्नव जिया कों देखते हुवे मुस्कुरा केँ - वाउ मेरीजान कैसालगा झरके पहलीबार
जिया चेहरे कों छुपा केँ तेज सासे लेते हुवे सर्म सें - बहुत अच्छा
आर्नव अच्छे सें घुटने पे बैठ लन्ड पकरे चूत केँ फाको केँ बीच घिसते हुवे - बहुतगरम हैं लन्ड जलरहा हैं
जिया फाको केँ बीच मोटागरम लन्ड फिल करकेखाट कों कसकेपकर तैयार होँ जाती हैं
आर्नव छेद पे लन्ड रखते हुवे धीरे-धीरे सें अंदर घुसने लगता हैं जैसे जैसे धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड अंदर जाने लगता हैं जिया दर्द मे टरपने लगती हैं
आर्नव मन मे - बहुत टाइट हैं दोस्त जोर कां धक्का देना हि परेगा ऐसे अंदर नहीं जाने वाला हैं दर्द बहुत होने वाला हैं जिया कों उमीद हैं सेह लेगी
आर्नव जिया केँ ऊपरलेत जिया कों प्रेम सें देख - कुछ नहीं होगा
जिया दर्द मे - अहह दर्द होँ रहा हैं
आर्नव जिया कों किस करते हुवेदो धक्के दे मारता हैं जोर सें सीलफट सें टुटती हैं खूनखाट पे गिरने लगता हैं आर्नव कों भि दर्दफिल होता हैं अपने लन्ड पे
जिया कों बहुत जयदा दर्द होता हैं जियाकिस तोरके जोरजोर सें रोने लगती हैं आर्नव जिया कों बाहों मे पकरे रखता हैं
आर्नव - सन्त हौ जाओ जियाबस हौ गय़ा रोनाबंद करो
जिया आर्नव कों देख रोते हुवे - मुझे बहुत दर्द हौ रहा हैं मे नहींसेह पाउंगी प्लेस बाबुरुक जाओ
आर्नव जिया कों किस करते हुवे - जानअब दर्द नहीं होगा देख्ना जल्द हि तुम्हे बहुत मज़ाआने लगेगा
जिया रोते हुवे - ठीक हैं आप् करो
2 मिनटबाद आर्नव जिया केँ थोराउपर होके जिया कों देखने हुवे धक्के चुदाई करते हुवे - जानअब मज़ा आँ रहा हैं नाँ कहोअहह कितनी टाइटगरम चूत हैं तुम्हारी अहहऐसा लगरहा हैं जैसे ज्वाला मुखी मे लन्ड घुसा दिया हौ मेनेउफ बहुत मज़ा आँ रहा हैं
जिया दर्दमजे मे - बहुत आनंद आँ रहा हैं बाबू चुदाई मे इतना मज़ाआता हैं अब जाकेपता चलरहा हैं अहहमा बाबूअहह चोदो अपनी जिया कों अहहआज मे बहुतखुश हुअहह करते रहिये
आर्नव कां धक्का तेज थां जिया कि पूरी बॉडी दोनों चुचे मस्तहिल रहे थें फच्फच् फटफट कि आवाजे सिसकिया कमरे मे गुजरही थि
आर्नव पुरे घुटने पे आके जिया केँ एक् चुचे दबाते हुवे चुदाई करने लगता हैं जिया दर्दमजे चैन मे खाट पे लेती टांगे फैलाये लन्ड लेतेजा रही थि आर्नव पेलते जारहा थां आर्नव कों अलग हि आनंद जिया कि चुदाई करने मे आँ रहा थां आर्नव जिया कों देख चुदाई करते हुवे - जानअहह तुम् कमाल कि होँ सच मे तेरी चुदाई करने मे मुझेअलग हि आनंद आँ रहा हैं उफअहह आज तेरा बाबू अच्छे सें लेगा तुम्हारी
आर्नव लन्ड निकाल हफ्ते हुवे - जान घोरीबन जाओउफ
जिया भि हफ्ते हुवे घोरीबन जाती हैं जिया कि मोती फैली गांड चूत केँ गांड केँ छेद आर्नव कों अच्छे सें दिखरहे थें आर्नव सामने कां नजारा देखमन मे- 42 साल कि महिला हौ याँ 19 साल कि लरकी दोनों जब घोरी बनती हैं गजब कां सीन बनता हैं जिया चाची कि तरह बहुत सुंदर कमाल कि फिगर वाली लरकी हैं
आर्नव लन्ड छेद पे रखजोर सें धक्का देके घुसा देता हैं जिया दर्द मे जोर सें चीख परती हैं आर्नव एक् हाथ गांड पे रखेतेज धक्के मरने लगता हैं आर्नव केँ तेज धक्के सें जिया कि गांड केँ मोटे गुडे भि कापने लगते हैं आर्नव तेज धक्के मारते हुवे - उफ किया गांड हैं तुम्हारी मेरीजान अहहगोल मटोल मोती फैली हुई उफ घोरी बनाके चोदने कां आनंद हि अलगआता हैं कियुजान मज़ा आँ रहा हैं नां
जिया घोरीबनी पलंग कों पकरे दर्द मे - अहहमा दर्द होँ रहा हैं बाबू धीरे-धीरे धक्का मारो नां लगरहा हैं अहहमर गई मा
घंटेबाद जिया कि हालत बहुत खराब होँ गई थि जोस ठंडा होते हि दर्दजलन मे जिया तरपने लगती हैं आर्नव जिया कों बाहों मे लेके - दर्दजलन हौ रही हैं नाँ
जियाआसु बहते हुवे - जी बहुत दर्द होँ रहा हैं
आर्नव किस करते हुवे - पहलीबार थां इस लियेआगे सें इतना दर्दजलन नहीं होगा मुझे जानां होगाजान मगर मे आऊगाशाम कों
जियाआसु साफ करते हुवे - वादा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - वादा
आर्नव कपड़े पहन बाहर् आके अनाया कों किस करके - जिया कां ख्याल रखनाफिन चला जाता हैं
अनाया जब कमरे मे जाती हैं तौ खाट मे खून केँ संग गिला गिला सफेददेख अनाया शोक मे सिहर काप् जाती हैं जिया चादर अपनी बॉडी पे डाल अनाया कों देख लज्जा सें - दिदी
अनाया जिया केँ पासबैठ - इतनीआग लगी थि चूत मे रोक नहींपाई सुहागरात मे फटी चूत देगी पति कों
जिया सर्म सें नजरे नीचे किये - मेने भि बाबू कों यही बाते बोलि तौ उन्होंने कहा पीछे कां छेद हैं नाँ
जिया कि बात सुनते हि अनाया शोक मे आखेबरी करके कापने लगती हैं अनाया केँ मुह सें कुछ नहीं निकलता अनाया बैड सें चादर उठाते हुवेमन मे - इतनाखून औऱ जिया कि हालत भि खराबलग रही हैं कितना बेसरम भइया हैं मुझसे यहसभी करवारहा हैं सर्म भि नहींआती
अनाया फिन गोली पानी लाके जिया कों देते हुवे - यह लेँ खा लेँ नहीं तोँ हालत औऱ खराब होँ जायेगी चाची मा कों पताचला नाँ तोँ घऱ मे बवाल जौ जायेगा
( शाम गुफा केँ बाहर् पर्जेंट मे )
आर्नव एक् स्थान कहा बहुतरो रहा थां जिसमा सें प्रश्न कां जवाब लेने नफरत क्रोध करनेआया थां वोँ मा बेगुनाह थि आर्नव पहलेबीच मे फसा थां मा सें इस लियेसच जानते हुवे भि आर्नव कों बुरा दर्द नहीं होँ रहा थां पऱ अब दर्द होँ रहा थां अपने चाचू बापू दादाजी नानाजी केँ लिये अपनीमा केँ लिये जिसने बहुत सेहते आँ रही हैं
आर्नव स्वयं कों संत करते हुवे मीना कों मोबाइल करकेसभी बताता हैं
मीना - लाला जयदाकुछ नहीं बोलुगी बस इतना हि अबजा अपनीमा कों टूटने सें बचा लेँ तु हि हैं जौ अपनीमा केँ लाइफ मे सभी केँ लाइफ मे खुसिया ला सकता हैं जा बेटा संभाल लें अपनीमा कों बहुत सेहते गई हैं
आर्नव सिसकते हुवे - जीमा वैसा हि करूँगा
मीना - रोनाबंद कर औऱ हासुन जल्द सें सभी कों लेकेयहा आजा सुंदर संत स्थान कुछदिन रहेगे तौ बुरी यादों सें जल्द बाहर् निकाल पायेंगे
आर्नव - जीसमझ गय़ा माकल हि निकलूंगा सभी कों लेके
मीना - बहुत अच्छा अबजा अपनीमा केँ पास
आर्नव - लोवयू मा
मीना मुस्कुराते हुवे - लोवयू बेटा
मोबाइल कट
आर्नव फिन अंदरआके जानकी राजेस केँ सामने अरुण केँ रूप मे आके झटका देता हैं फिन आर्नव यहबता केँ अरुण वाला चेहरा भि फेक हैं दूसरा झटका देता हैं अब आर्नव अपना असली चेहरा दिखाने वाला थां जानकी राजेस आर्नव कों हि देखने मे लगे थें
आर्नव आखिरकर अरुण वाला मास्क भि निकाल देता हैं राजेस जानकी आर्नव कां असली चेहरा देखते हि पूराहिल जाते हैं काप् जाते हैं राजेस कि जानहलक मे आँ जाती हैं वही जानकी आर्नव केँ चेहरे औऱ गले मे लॉकेट देखती हैं जौ आर्नव नें बाहर् निकाल दिया थां दो सबूत बहुत थें जानकी बिना हिले पलके झपकाए आर्नव कों देखती हि रहती हैं मगरआखो सें भरभर केँ पानी गिरने लगे थें
जानकी बरी मुश्किल सें खरी होके कपते बॉडी केँ संग चलके आर्नव केँ पासआके खरी होके कपते हाथो सें आर्नव कां चेहरा पकरे रोते इमोसनल होके आर्नव कों देख - तुम् तुम् मेरे बेटे हौ नां बोल नाँ तुम् मेराखून मेरेलाल हौ नाँ बोल नां बेटा
आर्नव जानकी कों देखते हुवे इमोसनल होके - हामा मे आपका हि खून आपका बेटा हु आपकालाल जौ आपकेपास आया हैं
इतना सुनते हि जानकी जल्द सें आर्नव कों बाहों मे भर केँ फुटफुट केँ रोते हुवे - बेटा मेरेलाल मुझेलगा तुम् जिंदा नहीं बच्चे मुझे अपनीमा कों माफ करने पैदा होते हि तेरी अपने सें दूरकर दिया नां दूध अपना पिलासकी नां तुम्हारी तरफ अपनीगोद मे खिलासकी माफ करदे बेटा अपनी पापिन मा कों माफ करने
आर्नव जानकी कों बाहों मे लेते हुवे इमोसनल आसु बहते हुवे - मतरोमा भाग्य सायदवही चाहती थि मगरअब मे आँ गय़ा हु नाँ रोनाबंद करो आप्
आर्नव जानकी केँ आसुसाफ करते हुवे - अब रोना नहीं हैं आपको मात्र हसना हैं वादा करिये
जानकी आसुसाफ करते हुवे आर्नव कों देख - वादा जोँ मेरेलाल कहेगा करुगी
जानकी प्रेम सें आर्नव केँ चेहरे पे हाथ फेरते हुवे - बापू सें भि बहुत जयदा हैंडसम हैं मेरे बेटा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - प्रेम तोँ नहीं हौ गय़ा मुझसे मा आपको
जानकी हल्का हस्ते मुस्कुराते हुवे - प्रेम तौ पहले सें हि हैं बस मोक्का उपर वाले मे छीन कियामगर अब बहुत प्रेम दुगी
जानकी फिन आर्नव केँ सीने सें लग जाती हैं आर्नव भि जानकी कों बाहों मे भर लेता हैं आर्नव - माहमे घऱ जानां चाहिये उसकेबाद जितना बाहों मे लेना हैं लें लेना
जानकी अलग होते हुवे आर्नव कों देख - ठीक हैं लालाचल घऱ चलते हैं सभी तौ पता चलेगा तेरी देखने मेराशेर जिंदा हैं तोँ बहुतखुश जोँ जायेंगे
आर्नव थोरा घबराते लगता हैं खासने लगता हैं नजरे चुराने लगता हैं यहदेख जानकी कि आखेबरी होँ जाती हैं जानकी आर्नव केँ सामने जाकेआखो मे देख ताड़ केँ - यहमत कहना मुझे हि नहींपता थां बाकी पदमा अनाया जिया कों तुम्हारे बरे मे पता हैं
आर्नव डरते हुवे जानकी कों देख - जीऐसा हि हैं
जानकी - हुहु तोँ मे हि अंजान थि हु मुझे हि मेरे बेटे नें सच नहीं बताया हु मेरे समाने अंजान बनकेरहा हु मेरी लाइफ मे सारी घटना मेरेमुह सें सुनीहु औऱ तौ औऱ मेरी बेटी भतीजी देवरानी किसी नें मुझेसच नहीं बताया हु
जानकी कों ऐसे बोलता हुहु करते गुस्से मे देख आर्नव डरते हुवे - मा सन्त होँ जाइये
जानकी पास मे एक् डंडापरा थां उसे उठाने जाती हैं वैसे हि आर्नव केँ फट केँ चार होँ जाती हैं
जानकी डंडा नहीं उठाती औऱ आर्नव केँ पासआके इमोसनल होके - तूनेऐसा कियु कियाबोल 20 साल सें तरप्रही थि पास होते हुवेसभी जानते हुवे भि कियु मुझेसच नहीं बताया
आर्नव जानकी केँ कों बाहों मे लेके प्रेम सें - उसका कारण थां मेरीमा सभीबता दूंगा
आर्नव जानकी केँ चेहरे कों पकर प्रेम सें देखते हुवे - मगर मेरा असली चेहरा पहले आप् नें हि देखा हैं मेने चाची गुरिया जिया कों नहीं दिखाया थां
जानकी हैरान होके - सच मे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - हासच मे मगरमा धीरे-धीरे बाते करेगे पहले मामाजी कां कामखतम करना हैं
आर्नव राजेस केँ पास जाके देखता हैं तोँ राजेस हिल नहींरहा थां आर्नव छूके देखता हैं तौ पता चलता हैं राजेस डर सें हि मर गय़ा थां
आर्नव गहरी सासू माँ लेके - मामाजी आपकी भाग्य इतनी अच्छी केसे हौ सकती हैं धीरे-धीरे मरगये तुझेही तोँ मे टरपा केँ मरने वाला थां
जानकी राजेस केँ पासआके राजेस केँ छुटे हुवे रोते हुवे - भइया मेराबदन चाहिये थां दे देतीरेप कर देते तौ भि चलतामगर अपने पति देवर जी ससुरजी बापू कों नहीं मारना चाहिये थां
आर्नव जानकी केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - माचलो घऱ चलते हैं
जानकी आसुसाफ करते हुवे आर्नव कों देख - चल बेटा
आर्नव झुक केँ जानकी कों गोद मे उठा लेता हैं जानकी हैरान लालगाल लिये आर्नव केँ गले मे बाहें डालके आर्नव कों प्रेम सें देखते हुवे - मेरा बेटा तौ बहुत स्टोंग हैं मुझे अपनीमा कों आहिस्ता उठा लिया अपनेगोद मे बॉडी बहुत अच्छे सें बनाई हैं तूने
आर्नव गुफा सें बहार निकलते हुवे अपनीमा कों देखते हुवे मुस्कुरा केँ - बॉडी तौ बनाई हैं मा ताकि आप् जैसी सुंदर मा हौ याँ कोई सुंदर सुंदरता सभी कों गोदी मे आहिस्ता उठासकु
जानकी हस्ते हुवे - मजनू वाली बाते बहुत अच्छी कर लेता हैं
बाते करते हुवे गारी केँ पासआके गारी कां दरवाजा खोल जानकी कों सीधासीट पे बैठा केँ स्वयं बैठ जाता हैं जानकी आर्नव कों देखते हुवे - इतनीदूर सें लेकेआया थकान नहीं हुईँ तुम को
आर्नव गारी चालू करते हुवे जानकी कों देख - शेर हैं आपका बेटा
जानकी गाल मे किस करते हुवे - जौ तोँ हैं
हवेली हॉल मे
पदमा अनाया औऱ जिया एक् सोफे पे जिया लेती अनाया पास बैठी थि जियामन मे - बैठना भि मुश्किल होँ गय़ा हैं उफयहजलन जान लेके रहेगी
अनाया जिया कों देखमन मे - चुदाई मे तौ बहुत आनंद लिया होगाअब देखो केसे टांगे फैला केँ लेती हैं बेसरम कही कि
पदमा जिया कों देख - कियाबात हैं बेटी लेती कियु होँ
जिया थोरा घबराते हुवे - ऐसे हि मा
तभी जानकी आर्नव कि इंतरि होती हैं पदमा जिया अनाया कि नजर जैसे हि आर्नव पे जाती हैं तीनो एकदम सें खरेशोक मे आखेबरी किये आर्नव कों देखते रह जाते हैं आर्नव चलते हुवे तीनो केँ पासखरा होँ जाता हैं औऱ जानकी आर्नव केँ पास
पदमा जानकी कों देख कपते हुवे - दिदी
जानकी पदमा कों देख - हा पदमा मेरा बेटा मेरालाल
अनाया आर्नव केँ फेस कों छुटे हुवे इमोसनल होके - भइया आप् कलुवा नहीं हैं बहुत हैंडसम हैं
अनाया कि बातसुन सभी कों हसी आँ जाती हैं
सभीबैठ जाते हैं आर्नव आराम सां जानकी केँ गोद मे लेता होता हैं जानकी प्रेम सें आर्नव केँ बाल पे हाथ फेरते हुवेसब कों जितना जानना थां बता देती हैं
अनाया गुस्से सें आर्नव कों देख - भइया अपने अच्छा नहीं किया पहलेहमे सच बताया मगर अपना असली चेहरा मा कों दिखाया पहले
जिया पदमा - हम् भि बहुत क्रोध हैं
जानकी सब कों देख - ओये मेरा बेटा हैं मा मेराहक पहले हैं सभीगये तुम् सभी
आर्नव मुस्कुराते हुवे - सुन किया नाँ
अनाया - यहगलत हैं
जिया - हा बहुतगलत
अनाया आर्नव कों देखते हुवेमन मे - मेरा भइया इतना हैंडसम होगा सोचा नहीं थां पिताजी सें भि बहुत हैंडसम हैं मेरादिल तोँ धकधककर रहा हैं
जियामन मे - मेरा बाबू कलुवा नहीं हैं कितने हैंडसम हैं किसी कि नजर नां लगे मेरे बाबू कों
पदमामन मे - पिताजी सें भि बहुत हैंडसम हैं मेरा भतीजा अरे मेरा हैंडसम मजनू
जानकी - सुनो खानां लगाओ मेरेलाल कों भूखलगी होगी
आर्नव जानकी कों देख - हु बहुतभूख लगी हैं मा
खानां लग जाता हैं जानकी बरे प्रेम सें आर्नव कों लिखने लगती हैं पदमा अनाया जियाबस देखते रहते हैं
जानकी सब कों देख - नजरमत लगाओ तुम् सभी खानां खाओ
अनाया मुह फुला केँ - कभी अपनी बेटी कों अपने हाथो सें नहीं लिखया बेटे केँ आते हि देखो केसे खिलारही हैं
जानकी अनाया केँ मुह मे निवाला देते हुवे - लेँ खाले
जानकी जिया कों भि खिलती हैं आर्नव खाते हुवेसभी कों देख बहुतखुश थां
कमरे मे जानकी आर्नव बैड पे सामने सामने बैठे बाते करने लगते हैं
जानकी - बेटा तूनेसभी जान लिया मेरेसभी केँ संग परिवार मे कियाहुआ मुझे अजीबलग रहा हैं तूँ मुझे गिरी हुइ तोँ नहींसमझ रहा
आर्नव जानकी कों देखते हुवे - नहींमा बिल्कुल नहीं आप् कि मर्ज़ी सें सभीहुआ तौ नहीं शरीर कि जरूरत समझता हु मे मा मुझेसच जानना थां इस लिये चेहरा बदल सचाई आपसे छुपाके रखा थां
जानकी - समझ सकतीहु
जानकी तभी पदमा अनाया जिया भि आँ जाते हैं
पदमा मुस्कुराते हुवे - मा बेटा अकेले अकेले नहीं चलेगा
अनाया आर्नव केँ गोद मे बैठ मुस्कुराते हुवे - चाची अपनेसही कहा हम् भि हैं जनतीहु मा बहुत बहुत सारी बाते करनी हैं भइया सें मगर हम् भि तोँ हैं
जिया आर्नव केँ पासबैठ - दिदी नें सहीकहा
जानकी सब कों देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबासमझ गई औऱ तुबरी होँ गई हैं गोद सें उतर नीचेबैठ
आर्नव अनाया कों बाहों मे लेते हुवे - रहनेदो मा चलेगा
अनाया जानकी कों जिब दिखा केँ - सुना अपने
जानकी हस्ते हुवे - बेशर्म लरकी
जानकी आर्नव कों देख - बेटा तेरी जिसने पाला बारा किया मे उसनेक इंसान सां मिलना चाहती हु सुक्रिया अदा करना चाहती हुकहा हैं वोँ
आर्नव - दूर हैं 14 घंटे लगते हैं आने जाने मे औऱ हा एक् बात बताना भूल गय़ा मेरानाम आर्नव हैं
सभीशोक आर्नव कों देखते हैं
अनाया - लोनाम चेहरा सभी छुपा केँ बैठे थें भइया आप् तोँ छुपा रुतम निकले
जानकी इमोसनल होके - आर्नव बहुत प्यारा नाम हैं मे आभागिन तेरानाम भि नहींरख पाई
आर्नव - मा मेने कियाकहा थां रोना नहीं हैं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - रोकहा रहीहु
पदमा - बेटा अब हमारे संग हि रहेगा नां
आर्नव सब कों देख - मे उसमा बाप कों नहींछोर सकता जिन्होंने मुझे पाला बारा किया बहुत प्रेम दिया
जानकी - बेटा छोराने कों नहींबोल रहीसंग तोँ रह सकते हैं नाँ हम्
आर्नव - हामा हम् संग रहेगे
पदमा - एक् बातमन मे आई हैं तूने बताया थां सिंगल हैं मगर कियासच मे हैं याँ सादी सुधा हैं अमर भि तौ देख अपनी
जानकी हैरान फिनखुश होके - बता नाँ बेटा बहु हैं सादी करली
आर्नव कों घासीआने लगती हैं अनाया आर्नव कों देखमन मे - लगगये कांड जरूर किया हैं भइया नें ठरकी जौ हैं मेरी लेने पे भि लगे हुवे हैं
जानकी - बोल नां
आर्नव मन मे -अभि सचाई नां बताना हि अच्छा हैं नहीं तोँ मे गय़ा काम सें
आर्नव हस्ते हुवे - सिंगल हुमा
जियामन मे - मुझे तौ डर लगनेलगा थां
अनाया मन मे - मुझे तोँ दाल मे कालालग रहा हैं
पदमामन मे - सिंगल हैं मगर चूत केँ मजे सें दूर नहीं हैं अपनीसगी चाची कि चूत मारता हैं बेसरम
बहुतदेर रात बाते होती हैं जानकी आर्नव सें चिपक केँ अनाया आर्नव सें तीनोसो जाते हैं पदमा जिया कमरे मे आके एक् संग जोँ जाते हैं
सुभह आर्नव उठता हैं अंग्राइ लेते हुवे कमरे मे चारों तरफ देखता हैं कोई नहीं थां आर्नव वक्त देखता हैं 9 बजरहे थें आर्नव मन मे - मा कि बाहों मे गुरिया कि बाहों मे बहुत अच्छी नींदआई
आर्नव जब बाथरूम मे जाके हल्का होके सर्ट निकाल आईने मे स्वयं कों देखता हैं तौ हिल जाता हैं दोनों गालो पे किस केँ निसान थें आर्नव उंगली सें टच करता हैं औऱ मुस्कुराते हुवेमन मे - मा गुरिया कां काम हैं कोन सां किसमा कां हैं कोन सां किस गुरिया कां साफदिख रहा हैं
आर्नव अच्छे सें अनाया केँ किस किये लिबिस्टि कों उंगली सें हल्का घिसके अपनेजिब पे रख चटता हैं तोँ आर्नव कि बॉडी झटका मारती हैं आर्नव मन मे - यह गुरिया केँ किस होठो केँ रस कां स्वाद हैं मेने हल्का किस किया हैं जब गीलीकिस करुगा जन अपनी गुरिया कों बाहों मे लेके उसके होठो कों जिब कों चुसुगा कितना आनंद आयेगा
आर्नव अब अपनीमा केँ किस वाले निसान पे उंगली रखके हल्का घिसता हैं फिनजिब पे रख जैसे हि चाटता हैं आर्नव कि पूरी बॉडी गनगना जाती हैं बॉडी झटके मरने लगती हैं आर्नव केँ बॉडी केँ सारेबाल खरे होँ जाते हैं लन्ड झटके पे झटके मरने लगती हैं आर्नव कि सासेतेज हौ जाती हैं आर्नव हफ्ते हुवेमन मे - तोँ यह हैं असलीखून केँ रिश्ते कां असर कमाल अपनीसगी मा केँ किस लिबिस्टि कां स्वाद हि मेरी हालत खराब करदीइस किस कां स्वाद कां बुकाबला कोईकिस नहींकर सकताअगर मा कों बाहों मे लेकेकिस करने कां होठो कों जिब कों चूसने कां मोक्का मिला तोँ मेरा किया होगा इतना कमजोर मेनेकभी फिल नहीं कियाऐसा लगरहा हैं पानी निकल जायेगा मेरा
आर्नव जल्द नँगा होके नहाता हैं कमरे मे तैयार होता हैं औऱ हॉल मे आता हैं आर्नव कि नजर पहले जानकी पे जाती हैं जिसेदेख सोया लन्ड फिन झटके मरने लगता हैं
आर्नव केँ मुह सें निकल जाता हैं किया जगब् कि हॉट सेक्सी कयामत लगरही हैं मेरीमा जानकी कि नजर भि आते आर्नव पे पर्र जाती हैं
जानकी रेड स्लिम शॉर्ट ड्रेस मे बैठी थि हाईहिल पहन केँ मगरजिस अंदाज़ मे बैठी थि कयामत लगरही थि खुले कालेबाल जौ चुचे कों केँ पास लटके थें दोनों दूध जैसे गोरेबरे टाइट चुचे उसके उभारबीच कां सीन किसी कां लन्ड खराकर देगामगर उसके जयदा जानकी केँ मोटे गोरे जांघे जोँ जिसेदेख आर्नव सभी सें जयदा पागल हौ रहा थां आर्नव धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनीमा केँ तरफआते हुवे जांघो पांव कों देखमन मे - बहुत बहुतजोर सें मनकररहा हैं मा कि मोटे गोरे जांघो कों छूने कां सेहलाने चूमने कां ऐसासीन इसरूप मे मा कों देख्ना उफमा आप् हसीनबला हैं आपके Fashion Sense कों मानना परेगा उपर सें नीचे तक परेफ्ट हैं सभी आप् हरबार मुझेशोक कर देती हैं
जानकी खुश होके - लाला नींद पूरी होँ गई
आर्नव होस मे आते हुवे जानकी केँ पासबैठ जानकी कों देख मुस्कुराते हुवे - मा कि बाहों मे सोया थां सुभह सुभहमा केँ प्यारे होठो कां किस मिला मेरा तोँ दिनबन गय़ा आज कां
जानकी आर्नव केँ कानपकर थोरा शर्मा केँ - बेसरम कही कां
जानकी आर्नव दोनों हसने लगते हैं
अनाया जिया रसोई सें आते हुवे - हम् भि आँ गये
आर्नव जिया अनाया कों देख - मेरीजान गुरिया सभीकोई कमाल कि हैं
अनाया जिया दोनों बैठ जाते हैं आर्नव केँ पास
अनाया - भइया मे तौ आपको जगने जाने वाली थि मा नें कहा मेरे लाला कों सोनेदो इतना प्रेम तौ मुझेकभी नहीं किया
जानकी अनाया कों देख - झूठी पैदा हुईँ तब सें प्रेम देते तौ आईहु
जानकी आर्नव कों सीने सें लगा केँ इमोसनल होके - मगर मे अपनेलाल कों प्रेम नहींदे पाईमगर अब बहुत सारा प्रेम दुगी
अनाया जिया दोनों भि इमोसनल होँ जाते हैं
आर्नव अपनीमा केँ गाल पे किस करते हुवे - बारबार इमोसनल मत होया कीजिये बाकी प्रेम तोँ देना हि परेगा आपको
जानकी मुस्कुराते हुवे - जरूर दुगी
आर्नव - अरे मेरी प्यारी चाची कहा हैं दिख नहींरही
जिया - मा खानां बनारही हैं
आर्नव - घऱ मे नोकर हैं फिन भि
जानकी - बाहर् केँ काम केँ लिये हैं लाला खानां पीना हम् स्वयं बनते हैं
आर्नव - अच्छा मे चाची सें मिल केँ आताहु
आर्नव रसोई कि तरफ जाते हुवे - चाची कि चूत मे पानी नहीं निकाला अभि तौ मेरा लन्ड फट जायेगा
आर्नव रसोई मे आके पीछे सें पदमा कों बाहों मे लेके - मेरी प्यारी चाची
पदमा मुस्कुराते हुवे - मा गय़ा मेरा बच्चा
आर्नव पदमा कों अपनीतरह घुमा केँ बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं पदमा थोरा घबरा जाती हैं मगरडर कों साइड मे रख आर्नव कां संग देती हैं किस केँ बाद आर्नव पदमा कों घुमा केँ झुका केँ सारी पेटीकोट उपर करने लगता हैं
पदमा डरते हुवे - बेटा कोई आँ जायेगा
आर्नव - नहीं आयेगा अभि कोई चाची आप् डरिये मत
पदमा भि झुक जाती हैं अच्छे सें आर्नव सारी पेटीकोट उपर करके अपना लन्ड निकाल थूक लन्ड पे अच्छे सें लगा केँ पदमा केँ चूत पे भि थूकलगा केँ छेद पे लन्ड रख धीरे-धीरे सें पूरा अंदर तक घुसा देता हैं पदमाअहह करती हैं
आर्नव पदमा केँ दोनों चुचे दबाते हुवे धक्के मरने लगता हैं पदमा रसोई पे झुकी अपनी गांड पीछे कियेमजे सें सुभह सुभह अपने भतीजे कां लन्ड लेके मस्त हौ जाती हैं फच्फट फच्फट
पदमा - अहहउफ मा सुभह सुभह अपने भतीजे कां मोटा लम्बा लन्ड लेके मस्त हौ गई हुचोद बेटा अपनी चाची कों अहह मज़ा आँ रहा हैं
आर्नव धक्के मारते हुवे अपनीमा केँ बारे नें सोचने लगता हैं औऱ आखरी धक्का मारके झरने लगता हैं
20 मिनटबाद
जानकी आर्नव बाकीसभी खानां खाने बैठे थें आर्नव सब कों देखते हुवे - मुझे जानां होगा अपनीमा पिताजी केँ पास
जानकी सब हैरान आर्नव कों देखते हें
जानकी हैरानी सें - किया नहीं मे तुम्हारी तरफ अपने सें दूर नहीं जाने दुगी
अनाया - मे भि नहीं
जिया - मे भि नहीं
पदमा - बेटा मा कों अभि मिला हैं औऱ
आर्नव बीच मे - अरे मे अकेला नहीं मेरेसंग आप् सभी चोलेगे
फिनसभी हैरान होके आर्नव कों देखते हौ
आर्नव - मायहा अकेले मामला सेटल करनेआया थां आपसे सचाई जानने आया थां सभी होँ चुका हैं मीनामा सें बात कि हैं एक् साल हम् जिस स्थान रहेगाव सें जाने केँ बाद वोँ स्थान बहुत हसीन हैं यहा जोँ हुआ आप् सभी नें सहा उसकेबाद मुझे मीनामा कों लगता हैं आप् सभी कों उस स्थान कुछदिन बिताना चाहिये ताकि बुरे यादों कों मीठा केँ अपनेमन कों संतकर पायेसभी भूलआगे बढ़ पाये
अनाया जियाखुश होके - हम् चलेंगे आपकेसंग
जानकी मुस्कुराते हुवे - मेरालाल जौ मिलेगा जहां जायेगा मे जाउंगी
पदमा मुस्कुराते हुवे - मे भि
आर्नव मुस्कुराते हुवे - तोँ तयरहा आजशाम कों हि निकलेगी
जानकी - ठीक हैं जैसा तुम् बोलो बेटा
आर्नव केँ मन मे एकदम सें कुछआता हैं
आर्नव मन मे - मे सभी केँ बारे मे जान लियामगर दादाजी दादीमा नानीमा केँ बारे मे कुछ जानां हि नहीं नाँ हि किसी नें कभीबात कि फूफी भि तौ हैं कहा हैं अभि फूफी उनकापता भि लगाना परेगा मगर अभि मा सें पूछने कां सही टाइम नहीं हैं वहा नीलम गिरी जाके पूछूँगा
दोपहर 12 बजे आर्नव अपनी मामीजी मानिका काजल सें मिलने सारा मामला खतम करकेआता हैं शाम 5 बजेसभी तैयार थें हवेली कों ध्यान रखने केँ किये गार्ड कों लगा दिया जाता हैं
आर्नव जानकी जिया अनाया पदमा गारी सें बस स्टेशन आते हैं फिन गारी कों द्राइबर लेकेचला जाता हैं बसआती हैं आर्नव सब अंदर जाते हैं सारीसीट भरी हुइ थि पीछेकई लोगखरे थें आर्नव भि सब केँ संगखरा हौ जाता हैं बस निकल परती हैं
जानकी - बहुतभीर हैं
आर्नव - हाशाम कों लोग बहुत आनां जानां करते हैं इस लिये 30 मिनटखरे जानां हि परेगा xxx स्टेशन वहा सें डेयरक्ट् बस मिलेगी
जानकी जिया अनाया पदमा किसी नें कोई समान नहीं लिया थां आर्नव नें हि मना किया थां ताकिवहा जाके शोपिंग कर लेगे
अनाया - भइयाकब तक पहुँच जायेंगे
आर्नव - गुरिया सुभह 9 बजे तक
पदमा - अच्छा हैं फिल्हाल यह 30 मिनटखरे जानां परेगा
धीरे-धीरे धीरे-धीरे बस पूरा लोगो सें भर जाती हैं जरा सि भि स्थान खाली नहीं बचती अनाया सभी सें पीछे जिया सें बातकर रही थि जानकी पदमा आर्नव तीनो अपने मे बातकर रहे थें
जिया अनाया केँ बीच मे एक् लरकीआके खरी हौ जाती मुश्किल सें लोगखरे थें अनाया केँ पीछे 45 साल कां एक् व्यक्ति खरा थां जौ अपना लन्ड अनाया केँ गांड पे सताने लगता हैं
अनाया जैसे हि फिल करती हैं सिहर जाती हैं व्यक्ति औऱ अनाया सें चिपक जाता हैं
आज केँ लिये इतना हि जिस कों लगता हैं सबराज खुलगये हैं मुसीबत खतम हौ गई हैं आर्नव अबसब केँ संग आहिस्ता रोमांस करेगा तोँ आप् गलत हैं सबसे बाराराज सबसेबरी मुसीबत खतम नहीं हुईँ जिससे आर्नव अंजान हैं मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Next part mein bada twist
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