तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 16
आर्नव पदमा केँ ब्लाउस केँ बटन खोलने लगता हैं पदमा हफ्ते सर्म सें आर्नव कों देखती रहती हैं आज पदमा कि आगचरम पे थि आर्नव भि पुरेजोस मे बेताब थां चुदाई करने केँ लिये
आर्नव नें जब सें चुदाई कां आनंद लेना सुरु किया थां पायल मीना कि चूत मारते आँ रहा थां मगरइस 5 दिनों मे आर्नव नें चूत नहीं मारी थि इस लिये बेचारा तरपरहा थां
आर्नव ब्लाउस बिकनी निकाल देता हैं फिन नीचेआके पेटीकोट पैंटी भि निकाल देता हैं पदमा सर्म केँ बारे अपने चेहरे पे कपड़े रख लेती हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे पदमा कों देख - चाची यह किया हैं
पदमा शर्मा केँ - अरुण बेटा बहुत सर्म आँ रही हैं
आर्नव हस्ते हुवे - अच्छा समझा सर्म कों मे भगा दूंगा अभि फिल्हाल अपनी तांगे तौ फैलाइये ताकि अच्छे सें आपकी हसीन खजाने कों देखसकु
पदमा आर्नव कि बाते सुनते हुवे तांगे आधा फैला देती हैं
किया हि सीन थां पदमा कां फिंगर बॉडीउफ सफ़ेद शरीरबरे चुचे काले निपलकमर मोतीमगर चर्वि नहीं थि चूत केँ किया हि कहने फूली चिकनी बिल्कुल साफ थि मोटे जांघे उपर सें नीचेतब पदमा कयामत गजबलग रही थि आर्नव हैरान मन मे - किया बॉडी फिगर हैं चूत तोँ एकदमसाफ चिकनी हैं शपथ सें चाचा केँ तोँ मजे थें मगर बेचारा उपरचला गय़ा मगर मे हु नाँ चाची कां ख्याल रखने केँ लिये
आर्नव - वैसे चाची आपकी चूत देख लगता हैं कलआज चूत साफ किया हैं अपनेसही कहा नाँ मेने
पदमा लज्जा सें - देख गंदी बातेमत कर अजीब लगता हैं
आर्नव पुरा नँगा होके पदमा केँ पास जाके चेहरे सें कपड़े कों हटा केँ - चलिये सर्म छोरिये अपने भतीजे कां लन्ड चूसना हैं आपको
पदमा आर्नव कों हैरान होके देखती हैं फिन आर्नव केँ लन्ड कों देखते हि पदमाजोर सें सासे लेते हुवे सीने पे हाथरख केँ - यह किया हैं
आर्नव बैड पे आहिस्ता लेत अपनेखरे लन्ड कों देख - लन्ड हैं
पदमा आर्नव कों देखते हुवे डरते हुवे - यह लन्ड हैं मे पागलहु किया
आर्नव मुस्कुराते हुवे - तौ किया हैं लन्ड नहीं हैं तोँ
पदमामन मे डरते हुवे - यह लन्ड नहीं गधेे कां लन्ड हैं मर गई आज
आर्नव - वक्त नहीं हैं चाची जल्दकरो नां
पदमा आर्नव कों देख - मे मे मुह मे नहीं लुगी
आर्नव - हु जनता थां कभी नहीं लिया नां अपने
पदमा शर्मा केँ - हा
आर्नव पदमा केँ सर कों पकर लन्ड केँ पास करते हुवे - यकीन मानो मज़ा आयेगा चाची चलोलो जल्द सें
पदमा हिम्मत करके आर्नव केँ मोटे लन्ड कों पकरमन मे - बहुतगरम मोटा हैं मेरी बॉडी काप्रही हैं केसेलू उफयह लरका भि नाँ
पदमा हिम्मत करकेमुह मे लन्ड लेके चूसने लगती हैं अजीबबात थि पदमामजे सें चूसने लगती हैं सायदजोस मे थि आर्नव मस्त लेता पदमा कों मजे सें लन्ड चुस्टे देखमन मे - प्यास बहुत पहले कि हैं पता नहीं चाची कि लाइफ चाचा केँ संग कैसी थि उफअहह फिल्हाल मज़ा लेते हैं कभीपूछ लूंगा अहह
आर्नव - उफ चाची कमालकर रही हैं आप् अहह आनंद आँ रहा हैं
पदमामन मे - ऐसा लगता हैं लन्ड चूसने मे अहहसच मे मज़ा आँ रहा हैं
असल मे पदमा केँ गंदी वीडियो देखरखी थि तोँ पदमा कों पता थां केसे किया होता हैं 5 मिनटबाद
पदमामुह साफ करके आर्नव सें शर्मा केँ - मुह दर्द करनेलगा हैं
आर्नव पदमा कों देख मुस्कुराते हुवे - आपकोपता हैं सभी हैं नां
पदमा नजरे नीचे करके सर्म सें - हा वोँ एक् बार गंदी वीडियो देखी थि
आर्नव मुस्कुराते हुवे - कियाबात हैं चाची अच्छा हैं
आर्नव पदमा कों लेता केँ टाँगे फैला केँ - तौ अब किया करने वालाहु आपकोपता हि होगा
पदमा पलंग पे लेती टाँगे फैलाये आर्नव कों देख सर्म सें - हा
आर्नव मुस्कुराते हुवेजिब सें पदमा अपनीसगी चाची केँ गरम फूली चूत कों चाटने लगता हैं जिब केँ टच चूत पे फिल करते हि पदमा सिसक् परती हैं पलंग कों कस केँ पकरते हुवे पदमामन मे - अहहमा वीडियो मे देखा थां सेम मेरेसंग जवान लरका करेगा मेरी चूत चाटेगा मेने सोचा नहीं थां बहुत जयदा मज़ा आँ रहा हैं अहहमा यहचैन
आर्नव फाको केँ बीच चूत केँ अंदरजिब डालके मजे सें चूत चाटते हुवेमन मे - मेरीसगी चाची कि गरम चूत कां स्वाद उफ बहुत मस्त हैं दोस्त
पदमा झटके मरने लगती हैं गांडकमर उठाने लगती हैं आर्नव समझ जाता हैं उसकी चाची झरने वाली हैं पदमाअहह अरुण बेटा करतेझर जाती हैं सफेद गाढ़ा पानी आर्नव मजे सें पी लेता हैं
आर्नव पदमा कों केँ ऊपरआके एक् चुचेमुह मे लेके चूसने लगता हैं तौ दूसरे कों दबाने लगता हैं पदमाखाट पे मचलते हुवे सिसकिया लेते हुवे - अहह अरुण बेटा सासू माँ भि लेनेदे अहहमा अहह
आर्नव मजे सें चुचे दबाते चुस्टे रहता हैं पदमा औऱ गरम होने लगती हैं पदमा मचलते सिसकिया लेतेमन मे - अहहइस लरके नें बिना चुदाई केँ मेरा पानी निकाल दियाअहह अब चुचेचूस दबारहा हैं मे ऐसा हि चाहती थि मेरा पति मुझे प्रेम करेमगर अहह 6 मिनटबाद
आर्नव पदमा केँ टाँगों कों बीचबैठ केँ चूत केँ फाको कों फैला केँ देखते हुवे - वाओ चाची आपकी चूत कि छेद तोँ पिंक हैं उफ मस्तछेद हैं
पदमा सर्म सें पानी पानी होते हुवे आर्नव कों देख - कितना बेसरम हैं ऐसी बातेकोन करता हैं भि बेसरम
आर्नव पदमा कों देख मुस्कुराते हुवे - मे करता हैं इस चुदाई केँ बाद सें आप् भि करने लगेगी अबबरी चुदाई कि हैं
आर्नव अपना लन्ड छेद पे रख घिसता हैं फाको केँ बीच पदमाबैड कों कस केँ पकर लेती हैं आर्नव धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड अंदर घुसाने लगता हैं पदमा मोटा लम्बा लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी चूत केँ अंदर घुसते हुवेफिल कररही थि दर्द मे आर्नव कों देखते हुवे - अहह धीरे-धीरे अरुण बेटा
आर्नव पदमा केँ ऊपरलेत - बस होँ गय़ा चाची
आर्नव पदमा कों किस करते हुवे एक् जोर कां धक्का मारते हुवे पुरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं पदमा दर्द मे तरप उठती हैं मगर आवाज़ निकल नहीं पति पऱ आखो सें आसु बहने लगते हैं
आर्नव किस तोरते हुवे पदमा केँ ऊपर लेता पदमा कों बाहों मे लिये धक्के मरने लगता हैं पदमा दर्द मे - मर गई अरुण बेटा रुकजा थोरिदेर बहुत दर्द हौ रहाऐसे तेज धक्के मतमार मुझेलग रहा हैं
आर्नव धक्के मारते हुवे - नहींरुक सकता चाची आपकी इतनीकसी गरम चूत मे मेरा लन्ड घुसा हैं कि मे रोक नहींपा रहा स्वयं कों अहह किया मस्तगरम कसी हुइ चूत हैं आपकी बहुत मज़ा आँ रहा हैं चाची मुझे आप् शपथ सें मस्तकरक माल हैं आपकी चूत कि चुदाई अच्छे सें नहीं हुइ हैं अहहमगर अब मे करुगा आपकी अच्छे सें चुदाई
आर्नव रुकता हैं पदमा केँ एक् पांवउपर उठा केँ चुदाई करने हुवे पदमा कों देख - उफ मेरी सेक्सी चाची कैसालग रहा आपकोअहह
पदमा दर्दमजे मे सिसकिया लेते हुवे आर्नव कों देख - अहहमत पूछ बेटा उफ पहले तूने रुला दियामगर अब बहुत आनंद आँ रहा हैं अरुण बेटेचोद मुझे अपनी चाची कों अब जाकेसही मर्द मेरी लन्ड मुझे मेरी चूत कों मिला हैं अब जाके मुझे मज़ाचैन मिलरहा जौ मुझे चाहिये थां जिसके लियेतरप रही थि
आर्नव खाट पे लेत जाता हैं पदमा जल्द सें आर्नव केँ लन्ड पे बैठ अपनी मोती फैली गांडउपर नीचे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं पदमा आर्नव कों देख - अहह अरुण बेटा तेरा लन्ड इतना मोटा लम्बा हैं कि मेरी चूत कों फैलाये अंदर बाहर् होँ रहा हैं मे साफ अंदर अपनी बचेदानी तक तेरे लन्ड कों जातेआते फिलकर रहीहु
आर्नव मीना केँ दोनों चुचे दबाते हुवे -चाची बचेदानी केँ अंदर भि जायेगा आप् बोलो तोँ घुसा दूंगा अहह फिल्हाल आप् लन्ड कि सवारी बहुत अच्छे सें कररही हैं आनंद आँ रहा हैं करती रहिये 10 मिनटबाद
आर्नव पदमा सें - चाची अब घोरीबन जाओ
पदमा जल्द सें घोरीबन जाती हैं पदमा भि बहुत कयामत घोरी मे लगरही थि बरीबरी फैली गांड चूत केँ गांड केँ छेदसाफ अच्छे सें दिखरहे थें आर्नव पदमा कों घोरी मे देख - यह पोजिसन ऐसी हैं कोई भि घोरी बनेगी बवाल हि लगेगी किया गांड हैं चाची आपकी आप् जैसी गड्राइ चाची कि चूत मिल गई उफ मेरी भाग्य हि खुल गई हैं
आर्नव गांड कों दबाने चाटा मरने लगता हैं मीना दर्द मे मजे मे - अहहमा अरुण बेटा धीरे-धीरे अहह अपनी चाची कि गांड पे दयाकर
आर्नव गिला लन्ड चूत केँ अंदर घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं तेज धक्के सें पदमा कि बॉडी केँ संग पदमा केँ दोनों बरे चुचे मस्त हिलने लगते हैं पदमा - अहह अरुण बेटा चोद अपनी चाची कों अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं अहह मेरी चूत मुझे तूनेआज खुशकर दिया हैं अहह
आर्नव तेज धक्के मारते हुवे - चाची उफ आप् जैसीमाल कि चुदाई करने मे मुझे भि बहुत आनंद आँ रहा हैं उफ मेरी चाची
आर्नव चुदाई करते हुवे गांड दबाते हुवे चाते मरने लगता हैं
30 मिनटबाद
आर्नव पदमा कों लेता केँ तेज धक्के मारते हुवे अपनागरम गरममाल पदमा कि चूत केँ अंदर निकाल देता हैं आर्नव हफ्ते हुवे अपना लन्ड फक् केँ आवाज़ केँ संग चूत सें निकाल लेता हैं पदमा कि चूत सें आर्नव कां माल निकल पलंग मे गिरने लगता हैं जबकि पदमा कि हालत खराब थि पसीने सें भीगीतेज सासे लें रही थि
दोनों खाट पे लेत सासे लेने लगते हैं
10 मिनटबाद
आर्नव कपड़ेपे पहनते हुवे पदमा कों देख - आनंदआया चाची
पदमा आर्नव कों देखते हुवे - आनंद तोँ बहुतआया अरुण बेटेमगर बहुत दर्द केँ संगजलन हौ रही हैं चूत मे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जोस मे दर्दजलन कां पता नहीं चलताबाद मे पता चलता हैं
आर्नव पदमा केँ पास जाके होठों पे किस करते हुवे पदमा कों देख - आप् बहुत अच्छी हैं चाची मे आपका ख्याल रखुंगा प्रेम भि देता रहुंगा तोँ बनेगी मेरी आप् माल
पदमा आर्नव केँ गाल मे मारते हुवे - बेसरम माल बोलता हैं बाते भि बहुत अच्छी करता हैं हु मे तेरीमाल मगर अरुण बेटा किसी कों पता नाँ चलेखास केँ दिदी कों नहीं तोँ
आर्नव - किसी कों पता नहीं चलेगा अब जानां होगा
आर्नव जैसे हि निकला कमरे सें जानकी जिया अनाया आँ गई थि
( पर्जेंट ) रात 7 बजे गुफा मे
आर्नव राजेस कों देखते हुवे - एक् बात बताओ इतना तोँ समझ गय़ा तु अपनी बेटी कों एक् साल पहले सें चुदाई करताहुआ आँ रहा हैं मगर तेरी बेटी पेट सें नहीं हुईँ कियु
राजेस आर्नव कों देखते हुवे - कियुंकी अंदर नहीं गिराता थां
आर्नव मुस्कुराते हुवे - साफ अच्छे सें कहो मुझेसमझ आये
राजेस - देखो तुम् हदपार कररहे होँ अपनी
आर्नव - हुहदपार मे कररहा हुहु जानते हौ तुम् जिंदा कियु हौ मुझे स्टोरी जननी हैं तुम् बाप बेटी कि जिंदा सही सलामत जानां चाहते होँ तोँ जवाबदो
आर्नव राजेस केँ एक् उंगली कों पकर राजेस कों देख मुस्कुराते हुवे - नहीं तौ कहोतोर दु
राजेस डरते हुवे - रुकजाओ बताता हु चूत मे अपनी बेटी केँ चूत मे अपनामाल नहीं गिराता थां
आर्नव आहिस्ता कुर्सी पे बैठ - हुयह हुइ नां बातयह यह तोँ समझ गय़ा मे कियु तूने अपनी बेटी कों पेट सें नहीं किया अपनी बेटी कि सील तूने तोरी याँ किसी औऱ नें
राजेस कों अजीबलग रहा थां एक् जवान नें उसे बंधकबना रखा थां औऱ बाते भि बरो केँ तरहकर रहा थां संग मे उसकी बेटी कि बीच चुदाई वाला प्रश्न भि खुल केँ पूछरहा थां
आर्नव राजेस कों देख - अबेबता नाँ
राजेस नजरे नीचे किये - मेने तोरी थि
आर्नव - वाउ दोस्त बेटी पैदा कियासील भि तूने हि थोरा क़िस्मत वाले निकले तुम् तोँ खून निकला दर्द मे चीखी होगी
राजेस - हा
आर्नव कां लन्ड टाइट हौ जाता हैं
आर्नव राजेस कों देखते हुवेमन मे - मेरा कमीना मामाजी तौ तेज भाग्य वाला निकला सीलपैक बेटी कि चूत माररहा हैं
आर्नव खरा होते हुवे - तेरी तेरी बेटी कि किस्सा कल अच्छे सें सुनुंगा मे जारहा हुहा भागने कि कोसिस मत करनायह नहीं तोँ जिंदा नहींजा पायेगा धीरे-धीरे रहदोदिन बादछोर दुगा
आर्नव बाहर् आके अपने लोगो सें - अच्छे सें ध्यान रखना औऱ खानां टाइम पे दे देना
आर्नव फिनघऱ आके खानां खाता हैं बैड पे लेत केँ सोचने मे लग जाता हैं मामला अभि उलझा थां
रात 8 बजगये थें आर्नव कां मोबाइल बजता हैं तोँ आर्नव सोचो सें बहारआता हैं मोबाइल उठाता हैं
जिया - आप् मोबाइल कियु नहीं किये मुझे करनापरा आप् मुझसे प्रेम नहीं करते
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मेरीजान नाराज हौ गई माफ कां करदो मे थोरा बिजी थां बताओ खानां खाया मेरीजान नें
जिया - हु खाया अपने
आर्नव - मेने भि खा कियाअब मुझे तुम्हे खानां हैं मेरीजान
जिया शर्मा केँ - छी बेसरम मेरेपास खाने जैसा किया हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - उपर सें नीचे तक खाने कि चीज हि तौ हैं खास केँ तुमहारे मुलायम होठ पीने केँ लिये औऱ तुमहारे दोनों चुचे दबाने खाने चूसने केँ लिये औऱ नीचे
जिया जल्द सें सर्म सें - बसबसछी गंदे होँ आप् बहुत बेसरम भि
आर्नव हस्ते हुवे - वोँ तौ हु वैसेजान बताओ नां किया पहना हैं अंदर
जिया सर्म सें - किया पहनते हैं बिकनी पैंटी
आर्नव - वोँ तोँ मे जनताहु मगरकलर कोन सां हैं यह बताओ
जिया सर्म सें लाल होते हुवे - रेड बिकनी
आर्नव मुस्कुराते हुवे - औऱ पैंटी
जिया धीरे-धीरे सें - सफेद
आर्नव हस्ते हुवे - पिंक कों छुपाने केँ लिये सफेद पैंटी पहनी हैं
जिया सर्म सें पानी पानी होते हुवे - छीछी गंदे बेशर्म
आर्नव - जान एक् फोटो भेजो नां बिकनी मे देख्ना हैं
जिया सर्म सें - नहीं नां बाबू सर्म आँ रही हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - एक् दिनसभी मे हि देखने वालाहु भेजो नां जल्द
जिया - ठीक हैं
जियाटॉप निकाल फोनउपर करके एक् फोटोभेज देती हैं आर्नव देखता हैं तोँ लन्ड खरा हौ जाता हैं तैयार बिकनी मे आधे गोरेगोल मटोल चुचेआधे दिखरहे थें जिया केँ चुचे जिया केँ फिगर केँ हिसाब सें अच्छे सें आर्नव - हैलोजान मस्त हैं रेड बिकनी मे तुमहारे बरे गोरे चुचेकैद देख आनंद आँ गय़ा
जिया लज्जा सें - आप् इतनी मनपसंद आई
आर्नव - बहुत मेरीजान नीचे केँ दिखा देती तोँ औऱ आनंद आँ जाता
जिया एकदम सें शर्मा केँ - छी गंदे बिल्कुल नहीं
आर्नव हस्ते हुवे - अच्छा बाबाजाओ गुरिया केँ पास देखो कियाकर रही हैं मुझे चुपके सें एक् फोटो भेजना ठीक हैं
जियाखरी होके मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं लाइन पे रहना आप्
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं
जियाबगल वाले अनाया केँ दरवाजे केँ पासआके धीरे-धीरे सें दरवाजा खोलती हैं औऱ एक् फोटो लेके जल्द सें भेज देती हैं अनाया कों आवाज़ सुनाई लेती हैं तोँ जल्द सें पीछे देखती हैं जिया कों अनाया भागते हुवेआके जल्द सें जिया केँ हाथ सें मोबाइल लेके देखती हैं तोँ अनाया हिल जाती हैं दो फोटो एक् अपनी उसके नीचे जिया कि रेड बिकनी फोटो
अनाया जिया कों देख गुस्से सें - पागल मेरी फोटो भइया कों कियु भेजी
जिया हैरानी सें अनाया कों देख - दिदी तोँ किया होँ गय़ा आपके भइया हि तोँ हैं अरुणजी नें कहा थां आप् कियाकर रही हैं उसकी चुपके सें फोटो भेजूइस लियेभेज दिया
अनाया अपनासर पकर लेती हैं फिन जिया केँ कानपकर गुस्से केँ संग सर्म सें - देख अच्छे सें मेरी फोटो कों मे इस हालत मे हु कियादिख रहा हैं फोटो मे
जिया देखती हैं तबसमझ मे आता हैं अनाया कियु क्रोध हैं
जिया अनाया कों देख - सोर्री दिदी मगर किया हौ गय़ा आपके भइया हि देखेंगे नां
अनाया हैरान जिया कों देखती हैं जिया जल्द सें स्वयं कों छुरा केँ भाग जाती हैं अनाया गुस्से सें - कहाभाग रही हैं रुक बेसरम
अनाया बैड पे बैठ सर्म सें - भइया कियासोच रहे होगे मेरी फोटो कों देख केँ
अनाया हिम्मत करके आर्नव कों मोबाइल लगती हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - गुरिया सीन मस्त हैं
अनाया हैरान मुह खोले - कियाकहा अपने
आर्नव जल्द सें बात बदलते हुवे - मेरा मलतब फोटो मे अच्छी लगरही हैं
अनाया थोरा गुस्से मे - बच्ची नहींहु सुरु मे जौ कहा मेने सुना समझा भि जल्द सें फोटो डिलीट करिये
आर्नव - नहीं मे इतनी अच्छी फोटो हैं मेरी गुरिया कि मे केसे डिलीट कर सकताहु
अनाया - भइया प्लेस नाँ
आर्नव धीरे-धीरे सें प्रेम सें - प्लेस रखनेदे नां गुरिया तेरा भइयाहु गैर थोरि
आर्नव कि बातसुन अनाया धीरे-धीरे सें - ठीक हैं किसी कों मत दिखाना
आर्नव - पक्का वैसे कियाकर रही हैं
अनाया - आपको मोबाइल लगारही थि पर्र आप् तौ बीजी
तभी अनाया कों यादआता हैं जिया नें अपनी बिकनी वाली फोटो भेजी हैं भइया कों
अनाया गुस्से सें - भइया सर्म कीजिये ऐसी गंदी फोटो कियु मांगते हैं जिया सें
आर्नव - अरेफिन जिया मेरेबीच आँ गई मेरीजान हैं जिया
अनाया - भइया बेहन हैं आपकी सोचा हैं केसे सादी करेगे आप् मा चाची कोई राजी नहीं होगीलोग किया सोचेंगे पता चलेगा तौ
आर्नव - हु प्रश्न अच्छा हैं जवान मेरायह हैं आगे लम्बे दूर तक मेनेसोच रहा हैं जिया हमारी चाची कि बेटी हैं तूँ मेरी अपनीसगी बेहन तेरे सें सादी भि कर लूंगा तौ कोई नहीं रोकेगा नां किसी कों पता चलेगा
आर्नव कि बात सें अनाया हिल जाती हैं
अनाया - भइया आप् आप् यह कैसी बातेकर रहे हैं
आर्नव - अरे मेनेबस बताया मे कियाकर सकताहु
अनाया गहरी सासू माँ लेते हुवे - अच्छा फिन भि
आर्नव - गुरिया तुम्हें परोबलम् कियु हैं जिया हमारे रिश्ते सें
अनाया - मुझे कियु होगी रखतीहु बायगुड नाइटकल घऱ आनां हैं नहींआये तौ मे आँ जाउंगी
मोबाइल कट
आर्नव - यह लरकी भि नां किया सोचती हैं मन मे कियाचल रहा हैं पता हि नहीं चलता
आर्नव अनाया कि फोटो देखता हैं अनाया कालेटॉप लूज़र टाइटल वाइट नारे वाले पैंट मे पेट केँ बल लेती बोमाइल लिये आर्नव कों मोबाइल लगारही थि मगर अनाया कि मोती फैलीबरी गोल मटोल गांड पूरीउठी हुई थि सीन बहुत कयामत कमुक् इस लियेबन गय़ा थां कियुंकी लूज़र टाइट थि तौ पूरीतरह सें अनाया केँ गांड सें चिपकी कि जिसकी वजह सें गांड कि मोटाई चोराइ गोलाई साफ अच्छे सें दिखरहा थां
आर्नव मन मे - किया मस्त गांड हैं मेरी बेहन कि क्याँ मे अनाया कि लें पऊगा
आर्नव अपने लन्ड पे हाथ रखते हुवे - इतना टाइट हौ गय़ा हैं मेरा लन्ड जैसेफट जायेगा
आर्नव कों पदमा कि याद आँ जाती हैं
आर्नव पदमा कों मोबाइल करते हुवे - चाची कि हालचल पूछ लेताहु
पदमाखाट पे लेती मोबाइल उठा केँ - याद आँ गई मेने सोचा चाची केँ लेने केँ बादभूल जाओगे कोई चाची भि हैं तुम्हारी
आर्नव - कैसी बातेकर रही हैं आप् मे केसेभूल जाउंगा आपको आपके गद्राय शरीर कों आपकेबरे टाइट चुचेगरम फूली चूत कों केसेफुल जाऊ आपकी चुदाई करने मे कितना आनंदआया हैं केसेभूल जाऊ आपकी चूत मे अपनागरम माल निकाला हैं नहीं मे नहींभूल सकता बल्कि कलआके फिन आपकी अच्छे सें चुदाई करुगा
आर्नव कि बातेसुन पदमा केँ मुह खुलेरह जाते हैं चेहरा सर्म सें लाल होँ जाता हैं
पदमाजोर सें - कितना बेशर्म हैं कितनी गंदी बाते करता हैं ऐसी बाते तेरे दिमाग़ मे आतीकहा सें हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जब आपको नँगा देखा चुदाई कि तब आँ गई हालत कैसी हैं आपकी
पदमा - दर्दकम हैं जलन जयदा हैं अंदरछील गय़ा हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - चूत केँ अंदर केँ चमरेछील गये हैं ऐसा बोलिये
पदमा सर्म सें - तूँ गंदी बाते करनाबंद नहीं करेगा
आर्नव हस्ते हुवे - नहीं वैसे चाची अब कैसालग रहा हैं आपके भतीजे नें आपकी प्यास बुझाई अच्छे सें याँ नहीं
पदमा - हल्का बहुत अच्छा चैनफिल कररही हु अरुण बेटेसच यह हैं तु बहुतदेर तक चुदाई करता हैं उतने मे कोई भि स्त्री कि हालत खराब हौ जायेगी मगर उससे जयदा आनंद आयेगा तुझमे वोँ दम हैं कोई भि एक् बार तेरेसंग सो गई तूनेरोज याद करती रहेगी
आर्नव - अच्छा आप् कररही थि मुझेयाद
पदमा धीरे-धीरे सें - हा
आर्नव - चाची आपकी लाइफ कैसीरही हैं यानी सादी करकेआई तब सें लेकेअब तक मुझे जानना हैं
पदमा गहरी सासू लेते हुवे - सुरु मे बेटा अच्छी रहीमगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे तेरे चाचूकब घऱआते जाते थें पता नहीं चलता थां बहुतकम बाते करते थें अरुण बेटा सेक्स हर किसी कि जरूरत हैं मगर उतना हि उस इंसान कां संग भि मुझे दोनों मे कुछ नहीं मिला
आर्नव - अब मिलेगा मे हु नां
पदमा मुस्कुराते हुवे - अच्छा जिसदिन लरकी मिलेगी भूल जाएगा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - एक् बातबता हु चाची लरको कों लरकी सें जयदा ऑन्टी भाभी पसन्द आती हैं
पदमा - ऐसा कियु
आर्नव मुस्कुराते हुवे - बरेबरे होते हैं भरा जिस्म मोती गांड मोती फूली चूत जोँ मज़ा ऑन्टी भाभी मे होता हैं वोँ जवान लरकी मे कहा
पदमा हैरान होके - ऐसा हैं किया मुझे तोँ पता नहीं थां
आर्नव हस्ते हुवे - ऐसा हि हैं अच्छा चाची कल आऊगा दोगी नाँ चूत
पदमा हस्ते हुवे - बेसरम ठीक हैं दूगी आँ जानां
आर्नव हस्ते हुवे - लोवयू प्यारी चाची
पदमा मुस्कुराते हुवे - लोवयू भतीजे
मोबाइल कट
पदमा पलंग मे लेतीमन मे - कितना अजीब हैं मगर मजेदार भि चुदाई केँ बाद मोबाइल मे इसतरह बाते करना मुझे बहुत अच्छा लगरहा हैं मुझे खुशीमिल रही हैं मे इतनाखुश पहले नहीं हुईँ
आर्नव मोबाइल देख हि रहा थां कि मीना कां मोबाइल आँ जाता हैं आर्नव मुस्कुराते हुवे - मेरीमाल कैसी हैं आप्
मीना - कहा बिजी थां किसके संग
आर्नव घबराते हुवे - वोँ मे हा गुरिया केँ संगबात कररहा थां जिया सें भि
मीना - हु
आर्नव - मेरा सोनलकहा हैं कियाकर रही हैं
मीना - गोद मे हैं सुनो आवाज़
सोनल, आँ आँ उउ आँ
आर्नव हस्ते हुवे - यह कियाबोल रही हैं
मीना हस्ते हुवे - केहरही हैं पिताजी आँ जाओ जल्द
आर्नव - सोनल बेटी बापू जल्द आँ जायेंगे मा वीडियो कॉलआई करताहु
वीडियो फोन
मीना वीडियो कॉलआई उठा केँ सोनल कों दिखाते हुवे - देखसो रही हैं अभि दूध पिलाया हैं
आर्नव सोनल कों देखते हुवे - देखरहा हुमा प्यारी लगरही हैं सोनल बेटी जल्द हि छोटा भइया मिलेगा तुम को चाहिये नाँ देखोमा सोनल नें हाकहा
मीनादेख केँ आर्नव कों देखते हुवे - जयदा चालाक मतबन अच्छे सें जानती हुतु कितना बेताब हैं मुझे अपनीमा कों फिन सें मा बनने केँ लिये
आर्नव हस्ते हुवे - कियाकरू मा सोचता हु तौ जोस मे आँ जाताहु आपकी बचेदानी मे माल गिराके जौ चैन मिलता हैं बता नहीं सकता
मीनागरम होते हुवे - मुझे भि मेरेलाल
आर्नव - पिताजी तोँ सो चुकी हैं
मीनाबगल मे पवन कों देखते हुवे - हा खाते हि सो जाते हैं
आर्नव - मा चूत मे उंगली करो नां
मीनागरम होके - करतीहु रुक
मीना सोनल कों अच्छे सें पलंग मे सुला देती हैं फिन मोबाइल सामने रख केँ नाइटी उठा केँ चूत मे उंगली करने लगती हैं
मीना चूत मे उंगली करते हुवे - अहह लालादेख रहा हैं नां अपनीमा कों देखकुछ दिनों मे हि मेरी चूत केसेतरप रही हैं तेरे लन्ड केँ लिये
आर्नव लन्ड हिलाते हुवे - देखरहा हुमामगर जल्द हि सारीकसर निकाल दुगा आप् चिंता मत करिये उफ आपकीयह मस्तगरम चूत
फच्फच् फच्फच् अहहअहह लालाअहह उफ मेरे सोनल केँ बापू
(रात 9 बजे हवेली )
अंजान - जानजोर सें करोफच् फच् कि आवाज़ मुझेसाफ सुनाई देनी चाहिये
जानकी नाइटी निकलते हुवे शर्मा केँ - ठीक हैं करतीहु
जानकी पूरी नंगी होकेबैड पे लेत तांगे फैला देती हैं औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने हाथो कों चूत पे लेके जाती हैं उंगली सें फाको कों अलग करके
( सुभह 8 बजे )
आर्नव राजेस सें मिलने आता हैं राजेस आर्नव कों देख - देखो तुम् मुझेकब तक रखने वाले हौ
आर्नव राजेस कों देखते हुवे - वादा किया हैं तुम् सें चिंता मतकरो कलछोर दूंगा बाकी स्टोरी तुम् बाप बेटी कि सुनना जोँ हैं
( जानकी हवेली )
हॉल मे जानकी पदमा अनाया जिया सोफे पे बैठ हुवे थें
जानकी हरबार कि तरहइस बार भि अलगलुक मे थि पिंकटॉप टाइट नीले टाइट जीन्स मे पांव मोरे काले तकिये कों गोद मे लिये मोबाइल पे किसी कों संदेश कररही होती हैं मोटे गांड जांघे देख हि कोई पागल हौ जायेगा जितने मोटे गांड उतने मोटे जांघे जानकी पदमा कों देखती हैं तौ मोबाइल साइड मे रख देती हैं
जानकी पदमा कों देख - क्याँ बात हैं पदमाआज बहुतचमक रही होँ
अनाया जिया जानकी कि बातेसुन पदमा कों देख देखते हैं
अनाया पदमा कों देखते हुवे - मा अपनेकहा तौ मे देखरही हुसच मे चाची आजचमक रही हैं औऱ आज बहुतअलग हसीन भि लगरही हैं चाची कियाबात हैं हु
जिया - बात तौ सहीकही चाची दिदी नें मा आप् आज अच्छी औऱ खुशलग रही हैं ऐसे हि रहिये
पदमासभी कि बातेसुन घबरा जाती हैं
पदमासभी कों देख - अरेऐसे हि मेने सोचा जाने वालेचले गये मे कियु तुम् सभी कों परेसान दुखीकरू तौ इस लिये
जानकी - बहुत अच्छे पदमासच कहु तोँ मे टूटी हुई हु अंदर हैं मगर जीना परता हैं
बाहर् आर्नव हवेली केँ दरवाजे पे आँ गय़ा थां आर्नव अंदर जाता हैं छुप केँ औऱ जिया अनाया कों मैसेज करता हैं जिया अनाया मैसेज पढ़ते हि जानकी केँ समाने फिनआके खरे होँ जाते हैं जानकी पदमा हैरान होते हैं आर्नव मोक्का देखते हि चुप केँ कमरे कि तरफ जाने लगता हैं मगर आर्नव कों कमरे मे जाते पदमादेख लेती हैं
पदमा हैरान होके - किया अरुण यानी जिया अनाया अरुणसभी मिले हैं यह दोनों मरवा देगी
जानकी जिया अनाया कों देख - किया हैं
अनाया जिया - वोँ हम् कमरे मे मे जारहे हैं
जानकी देख केँ - तौ जाओ नां रोका किसने हैं
जानकी केँ कहते हि जिया अनाया भागते हुवे कमरे मे घुस जाते हैं
जानकी - पदमायह दोनों अजीब हरकते नहींकर रही हैं कल सें
पदमा - वोँ दिदी मुझे तोँ नहीं लगतासभी ठीक तौ हैं अच्छा मे जाके देखती हु
पदमा भि कमरे मे आँ जाती हैं तौ देखती हैं अरुणसभी आहिस्ता लेते बातेकर रहे हैं पदमा गुस्से सें - यह किया हैं हा
आर्नव पदमा कों देख- आईये चाची बहुत बाते करनी हैं
पदमा साइड मे बैठ जिया अनाया कों देख - तुम् दोनों पहले सें संग मे होँ औऱ इतना चिपके कियु होँ अरुण सें हा
जिया अनाया आर्नव कों देखती हैं आर्नव दोनों कों देखबता दोसच
अनाया जिया पदमा कों सभीसच बता देते हैं पदमा पूरीहिल जाती हैं पदमा आर्नव कों देखजोर सें - किया तुम्
आर्नव - धीरे-धीरे चाची
पदमामुह मे हाथरख मन मे - यहराज मुझेपता हैं दिदी नें सादी सें पहले एक् बेटे कों जन्म दियामगर अरुण हि वोँ लरका निकलेगा यह मे ड्रीम्स मे सोचा नहीं थां यानी नर्स नें अरुण कों नहीं माराउस नर्स नें यहकाम बहुत अच्छा किया एक् पाप जोँ दिदी केँ ऊपर थां जिसको लेके स्वयं कों कोसती आँ रही हैं वोँ पापहट गय़ा हैं उपर वाले कां सुकर हैं रुकोमगर मेरेसंग
पदमाबरी आखे करके आर्नव कों देखती हैं आर्नव डरते हुवे नजरे फेरने लगता हैं
पदमा गुस्से सें - अनाया जिया कमरे सें बाहर् जाओ
अनाया जिया - पर्र
पदमा - मेने कियाकहा
जिया अनाया कमरे सें जाने लगते हैं आर्नव खरा होके हस्ते हुवे - मे मे भि जाताहु चाची
पदमा आर्नव कां हाथपकर दरवाजा बंदकर लेती हैं औऱ आर्नव डर केँ मारे कपने लगता हैं
( आर्नव केँ गाव गुफा मे शाम 4 बजे )
गुफा मे अंदर आर्नव राजेस कुर्सी मे दोनों आमने सामने बैठे थें बीच मे टेबल पे बियरमटन फ्राय ठंडारखा थां
आर्नव राजेस कों देख - अब तुम् बाप बेटी कि कथा सुनने केँ लिये मे तैयार हु खाली बैठे तुम् किस्सा सुनते मे सुनता तौ आनंद नहींआता इस लियेयह सभी मे लेकेआया हु पीते हुवे तुम् सुनाओ मे पीते हुवे सुनुंगा
राजेस एक् बियर खोलके पीते हुवे - तुम् ऐसे जाने दोगे नहीं मे जान गय़ा तुम् बहुत खतरनाक होँ इस लिये सुना देताहु वादा तोरना नहीं
आर्नव एक् घुट पीते हुवे राजेस कों देख - नहीं तोऊँगा
राजेस आर्नव कों देख - तोँ सुनो
आज केँ लिये इतना हि updat कैसालगा बताना जरूर मिलते हैं भइया दोस्तो अगले updat मे
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chaptar 17
पदमा कों सचाईबता दि गई थि औऱ पदमाहिल गई थि मगर उसकेसंग बहुतखुश गुस्से मे भि थि आर्नव डरा पदमा कों देख - चाची
पदमा गुस्से सें आर्नव केँ पास जाती हैं औऱ एकदम सें आर्नव कों बाहों मे भर लेती हैं आर्नव हैरान होता हैं आर्नव कों लगा थां पदमा मारेगी
आर्नव भि पदमा कों बाहों मे भर लेता हैं
पदमा आर्नव कों बाहों मे लिये रोते हुवे - तु नहीं जनता मे कितनी खुशहु अभि तेरे पिताजी चाचू दादाजी केँ जाने केँ बाद केसे ठाकुर वंशआये जायेगा सोच बेचैन रहती थि मगर आखिर गाड़ी उपर वाले नें तुम्हारी तरफभेज हि दिया
पदमा आर्नव केँ चेहरे कों हाथो मे लिये आर्नव कों देख - अबकोई चिंता नहीं हैं ठाकुर कां वारिस जिंदा हैं यहसभी कुछ तेरा हैं औऱ अब केवल तुम् हि इस शेरापुर केँ ठाकुर होँ
आर्नव पदमा कों सांत करते हुवे - समझ गय़ा चाची यहबात कि बात हैं अभि रोनाबंद करिये
आर्नव पदमा केँ आसुसाफ करने लगता हैं पदमा आर्नव कों देखती रहती हैं आर्नव पदमा कों देख मुस्कुराते हुवे - ऐसेमत देखिये नहीं तौ अभि आपकी लेनेलग जाउंगा
आर्नव कि बाते सुनते हि पदमा गुस्से सें आर्नव केँ कानजोर सें खीचते हुवे आर्नव कों देख - अच्छा हुआयाद करवा दिया कमीने बेसरम तुम्हारी तरफपता थां नाँ मे तेरीसगी चाची हुफिन भि मेरेसंग किया सर्म नहींआई
आर्नव दर्द मे पदमा केँ हाथो कों दूरकर पदमा कों बाहों मे कसते हुवे - मेरी प्यारी चाची मुझे अच्छे सें बता थां जानती हैं मे अपनीसगी चाची कों चोदरहा हुयहसोच मे जोस सें भर जाता थें आपको नहींपता थां मगर रिस्तो मे चुदाई कां अलग आनंद हैं चाची अब आपकोफिल होगा
आर्नव पदमा कों किस करता हैं औऱ बैड पे लेता देता हैं पदमा आर्नव कों देख - बेसरम रुकजा मे तेरीसगी चाची हु
आर्नव पदमा केँ सारीउपर करते हुवे - चाची सभीदेख कर भि लिया हैं अब किया फायेदा आहिस्ता लेती रहिये देखिये अबकल कि चुदाई सें अलग हि एहसास मज़ा मिलेगा इसबार कियुंकी आपकोइस बारपता हैं मे आपकासगा भतीजा हु
आर्नव सारी पेटीकोट उपर करके तांगे फैला देता हैं पदमा रोकते रहती हैं तब तक आर्नव चूत केँ फाको कों फैला केँ चूत जिबलगा केँ चाटने लगता हैं पदमा एकदम सें सिसक् परती हैं सारा क्रोध गायब होँ जाता हैं औऱ इसबार सच मे पदमा कों अलग एहसास मज़ा आँ रहा थां
पदमा सिसकिया लेते हुवे आर्नव कां सरपकर चूत पे दबाते हुवेमन मे - उफमाअब जब मुझेपता हैं अरुण मेरासगा भतीजा मेरी चूत चाटचूस रहा हैं तोँ मुझेअलग हि जोस मदहोसी चढ़रही हैं मेरी चूत भरभर केँ पानी निकाल रही हैं अहहसच मे मुझे बहुत जयदा मज़ा आँ रहा हैं अरुण मेरे भतीजे चूस अपनी चाची केँ चूत कों अहहउफ
आर्नव चूत चटाई केँ बाद लन्ड निकाल चूत मे घुसा केँ चुदाई करते हुवे पदमा कों देख - चाची कल सें जयदा आनंद आँ रहा हैं नाँ हु अपनेसगे भतीजे सें चुदवा केँ बोलिये नां मेरी सेक्सी चाची
पदमा - उफ अरुणबता तूनेसच कहारे यह रिस्तो कि चुदाई मे अलग हि नासा आनंद हैं मुझेअहह बहुतअलग एहसास आनंदमिल रहा हैं चोद बेटा अहह अपनी चाची कि चूत कों अच्छे सें चोदफार देउफ
30 मिनटबाद
पदमा जल्द सें हफ्ते हुवेबाल सारीसभी सही करती हैं आर्नव पदमा कों बाहों मे लेके - तोँ चाची कुछकहो
पदमा आर्नव कों देख - भतीजे उफ आनंदआया बहुततु सच मे छुपा रुस्तम निकला मगर बेटा दिदी कों नहीं बताएगा सच
आर्नव - नहीं चाची अभि नहींयह मेरा मामला हैं मे स्वयं देख लूंगा
पदमा चूत पे हाथरख सर्म सें - तेरेमाल सें मेरी चूत भर जाती हैं अहह मेरी जांघे पूरीचिप चिपि होँ गई हैं
आर्नव किस करते हुवे - तोँ हु नाँ मे कमाल कां
पदमा मुस्कुराते हुवे - वोँ तोँ हैं
अनाया जिया दरवाजे मे खरे - चाची भइया दरवाजा खोलिये
पदमा दरवाजा खोलती हैं
अनाया आर्नव पदमा कों देख - किया बातेहा रही थि
आर्नव अनाया कों देख - तुजान केँ किया करेगी
पदमा मुस्कुराते हुवे - अब तुम् दोनों बातेकरो मे चली
पदमाचली जाती हैं
आर्नव जिया कों बाहों मे लेके - मेरीजान
जिया आर्नव कों देखते हुवे - बाबू
अनाया दोनों कों देख गुस्से सें - दूरहटो दोनों जल्द
जिया आर्नव दूरहा जाते हैं
आर्नव अनाया कों देख - हद हैं गुरिया अब तौ तेरी सादी जल्द करके भेजना परेगा तब जाके हम् खुल केँ प्रेम कर पायेंगे
अनाया गुस्से सें - नाँ यह नहीं होने वाला मे आपके पीछेजोक कि तरह चिपक केँ रहूगी
आर्नव अनाया केँ पास मे जाके बाहों मे लेके प्रेम सें - अच्छा तोँ रहो नाँ मेनेकब माना किया हैं
अनाया कि सासेतेज होँ जाती हैं चेहरा सर्म सें लालहा जाता हैं
अनाया जल्द सें आर्नव सें दूर होके - बेसरम भइया
जियामन मे - चल क्याँ रहा हैं दोनों भइया बेहन मे
आर्नव हस्ते हुवे - अच्छा मुझे जानां होगा जरूरी काम करने हैं
आर्नव बाइक लेके किसी सें मिलने जाता हैं
( आर्नव केँ गाव गुफा मे शाम 4 बजे )
गुफा मे अंदर आर्नव राजेस कुर्सी मे दोनों आमने सामने बैठे थें बीच मे टेबल पे बियरमटन फ्राय ठंडारखा थां
आर्नव राजेस कों देख - अब तुम् बाप बेटी कि स्टोरी सुनने केँ लिये मे तैयार हु खाली बैठे तुम् स्टोरी सुनते मे सुनता तौ मज़ा नहींआता इस लियेयह सभी मे लेकेआया हु पीते हुवे तुम् सुनाओ मे पीते हुवे सुनुंगा
राजेस एक् बियर खोलके पीते हुवे - तुम् ऐसे जाने दोगे नहीं मे जान गय़ा तुम् बहुत खतरनाक हौ इस लिये सुना देताहु वादा तोरना नहीं
आर्नव एक् घुट पीते हुवे राजेस कों देख - नहीं तोऊँगा
राजेस आर्नव कों देख - तौ सुनो तुम् जिसदिन आये हमारे घऱखून खराबा हुआ उसके एक् महीने पहलेसभी सुरुहुआ मे शाम कों घऱलौट रहा थां तब रास्ते केँ साइड मे काजल कों किसी लरके केँ संग देखाखरे बाते करते देखा मे हैरान हुआफिन मेनेगरी धीमी करदी मेने देखा लरका काजल कों किस करनेलगा थां मे देख गुस्से मे आँ गय़ा फिनघऱ सीधा आँ गय़ा रात 10 केँ बाद कमरे मे काजल सें बात करने गय़ा
( काजल राजेस बाप बेटी पास्ट )
काजल दरवाजा खोलती हैं राजेस कों देख हैरान होके - बापू
राजेस पलंग पे बैठ - आओ मेरेपास बैठो
काजल राजेस केँ पासबैठ जाती हैं
राजेस बैड पे काजल कां मोबाइल देखता हैं उसेउठा केँ देखता हैं मोबाइल मे लॉकलगा थां
राजेस काजल सें - लॉक खोलो
काजल डरते हुवे - पऱ बापू कियु
राजेस थोरा गुस्से सें - खोलती हैं याँ नहीं
काजल डरते हुवेलॉक खोल देती हैं राजेस whatsaap चेक करता हैं लरके कां नाम अशोक थां रोजचैट कियेगये थें गंदी वालीमगर राजेस कुछदेख हिल जाता हैं दो फोटो थि जौ काजल नें अशोक कों भेजी थि
पहली रिसीव की मे काजल केमरे केँ सामने बैठी थि काले बिकनी नीले पैंटी मे औऱ काजल अपनाहुक खोलरही थि अपने चुचे दिखाने केँ लिये
दूसरे फोटो मे काजल केँ चुचे नंगे थें जोँ काजल अशोक अपने दोस्त कों देखारही थि राजेस अपनी बेटी केँ न् टाइट मस्त चुचेदेख पागल हौ जाता हैं राजेस कां लन्ड खरा होँ गय़ा थां तोँ वही काजल काप्रही थि डर केँ मारे
राजेस दोनों फोटो काजल कों दिखाते हुवे - किया हैं यह
काजल डरते रोते हुवे - बापूमाफ कर दीजिये गलती होँ गई
राजेस थोरा गुस्से मे - घऱ कि इज़त तुम् ऐसे लुटारही होँ बताओयह लरकाकोन हैं तुम् दोनों केँ बीच किया कितना सभीहुआ हैं
काजल डरते हुवे रोते हुवे - अपनेगाव कां हि लरका हैं हमारे बीच वोँ सभी नहींहुआ हैं प्लेस पिताजी माफकर दीजिये आगे सें ऐसी गलती नहीं करुगी
राजेस काजल कों गोदी मे अपने बैठा केँ प्रेम सें आसुसाफ करते हुवे - बेटी जनताहु तु 21 कि होँ गई तोँ तेरामन करता होगामगर क्याँ होगायह फोटो लरकानेट मे विरलकर देगा तौ
काजल -गलती होँ गई पिताजी
राजेस - अच्छा कोई नाँ यह बताओ रोनाबंद करो
काजल रोनाबंद कर देती हैं
राजेस - बेटी जानती होँ जवानी मे मेने बहुतमजे किये हैं मगर सावधानी सें ताकि किसी कों पता नाँ चले इज़तबनी रहेयह फोटो देनाबरी लापरवाही होती हैं
काजल सिसकते हुवे - सोर्री बापू
राजेस - यह बताओ बेटी मन करता हैं इस लिये लरके केँ संग थि नां
काजल हैरान होके - पिताजी आप् कैसी बातेकर रहे हैं
राजेस प्रेम सें - बाप हु बेटा कहो मेरी गुरिया हैं नाँ सर्माओ मत
काजल नजरे नीचे करके - जी
राजेस गरम होके - बहुतमन करता हैं करने कां कहो नाँ
काजल - वोँ बापू मे
राजेस धीरे-धीरे सें काजल कों खाट पे लेता केँ काजल केँ ऊपरआके - कहो नाँ खुल केँ बोल
काजल राजेस कों देख - जी
राजेस काजल केँ चुचे पे हाथरख - बापू कों प्रेम करने देगीबोल नाँ मेरी बेटी
काजल सिहर जाती हैं राजेस धीरे-धीरे धीरे-धीरे चुचे दबाने लगता हैं काजल जोँ 21 कि थि चूत कि आग भरक् जाती हैं काजलमन मे - यह बापू कियाकर रहे हैं
राजेस बोल नाँ - देगी चूत
काजलशोक मे बापू
राजेस गुस्से सें - बोल देगी याँ नहींसुन करनेदे नहीं तोँ घऱ सें आनां जानां बंद
काजल डरते हुवे - पिताजी मगरयह गलत हैं मे आपकी बेटी हु
राजेस धीरे-धीरे सें - एक् बार करनेदे मेरी प्यारी बेटी हैं नाँ प्लेस बेटी मानजा प्लेस एक् बार
काजलहार मानते हुवे - ठीक हैं एक् बार
राजेस खुश होके जल्द सें नँगा होँ जाता हैं औऱ काजल कों भि नँगाकर देता हैं
काजल नंगी तांगे फैला केँ बैठी हुई थि नजरे नीचे किये राजेस काजल कों देख - बेटी तु हसीन हैं हॉट हैं जनता थां मगर अंदर मे इतना मस्त खजाना होगा सोचा नहीं थां मस्त फिगर हैं तेरा चुचेकमर औऱ तेरीयह मस्त टाइटसील पैक चूत चललेत केँ अपने पिताजी कों अपनी चूत केँ छेद देखा
काजल पलंग पे लेत जाती हैं तांगे फैला केँ अपनी चूत केँ फाको कों उंगली सें अलगकर देती हैं राजेस अपनी बेटी कि सीलपैक पिंक छोटाछेद देख पागल हौ जाता हैं राजेस - उफ मेरी बेटी किया मस्त चूत केँ छेद हैं तेरीमा केँ भि ऐसे हि छेद थें जब तेरीतरह जवान थि सादी करके लाया थां तब तेरीमा कि सील मेने तोरीअब तेरी भि तेरा बाप मे तोरने वालाहु
राजेस घुटने मे बैठ जाता हैं अपने लन्ड पे थूक लगाके चूत केँ फाको केँ बीच घिसने लगता हैं काजलडरी पलंग कों जोर सें पकर लेती हैं राजेस धीरे-धीरे सें लन्ड अंदर घुसाने लगता हैं टोपा अंदर जाते हि काजल दर्द मे रोते हुवे बापू बहुत दर्द हौ रहा हैं प्लेस रुक जाइये नहीं लेँ पाउंगी राजेस काजल केँ ऊपरलेत प्रेम सें - बस हौ गय़ा
राजेस काजल केँ मुहबंद करकेजोर सें धक्का मारता हैं सीलटूट जाती हैं खून निकलने लगता हैं काजल दर्द मे पेर मरने लगती हैं रोने लगती हैं राजेस काजल कों देख - चुप आवाज़ मतकर
2 मिनटबाद
काजल रोते हुवे - पिताजी प्लेस बहुत दर्द हौ रहा हैं निकाल दो नां बाहर् मर जाउंगी
राजेस - बस बेटा होँ गय़ा घुस गय़ा पुरा पहलीबार दर्द होता हैं अब मज़ा आयेगा
राजेस अपनी बेटी काजल कों पकरे धक्का मरने लगता हैं चुदाई करने लगता हैं काजल राजेस कों बाहों मे पकरे दर्द मे - अहह पिताजी दर्द हौ रहा हैं अहहमा मर गई बापू धीरे-धीरे करिये नाँ मे अहहसेह नहीं पाउंगी
राजेस चुदाई करते हुवे - बस बेटी अब आनंद आयेगा अहह कितनी टाइटगरम चूत हैं तेरीअहह बहुत आनंद आँ रहा हैं उफ बेटी तु किया मस्त बेटी हैं मेरीअहह आज तोँ भाग्य खुल गई मेरी
धीरे-धीरे धीरे-धीरे काजल कों भि बहुत जयदा मज़ाआने लगता हैं काजलमन मे - सील टूटीतब जान निकल गई थि मगरअब मुझे बहुत मज़ा आँ रहा हैं पिताजी मुझेचोद रहे हैं मे लेतीहु बापू कों बाहों मे लियेअहह यह एहसास सभी सें अलग हैं अहह पिताजी चोदो अपनी बेटी कों
राजेस घोरी बनके काजल केँ दोनों हाथो कों पकरे चुदाई करते हुवे - बेटी अपने पिताजी सें सील तुर्वा केँ चुदाई मे मज़ा आँ रहा हैं याँ नहीं
काजल - अहहउफ पिताजी सचकहु तोँ बहुत मज़ा आँ रहा हैं कल अशोक सें मे चुदवाने वाली हि थि मगरअहह आज अपने मेरे कमजोरी इस मोक्के कां फायेदा उठा केँ मेरी चुदाई कररहे हैं मगर मे खुशहु पिताजी अहह आपकी बेटी बहुत प्यासी हैं चोदो बापूअहह अपनी बेटी कि अच्छे सें चुदाई करोअहह यहचैन हि चाहिए थां मुझे
20 मिनटबाद
काजल कों देख - कैसालगा
काजल राजेस कों देख - पिताजी डर केँ मरे मेने आपको करने दियामगर अबखुश हु आपकेसंग चुदाई मे बहुत आनंदआया शपथ सें अपने मेरीसील तोरी दर्द बहुतहुआ मगरखुश हु
राजेस - तौ बेटी अबरोज करने दोगी नाँ
काजल सर्म सें - हा करने दोगी
( पर्जेंट गुफा मे )
राजेस आर्नव कों देखनशे मे - बस उसकेबाद मेरी बेटी कों चोदते हुवे आँ रहाहु मगर तुम्हे कबपता चला हामरे बारे मे
राजेस पुरा ग्लास खाली करते हुवे राजेस कों देख - सादी केँ एक् रात पहलेशाम कों तुम् तेरी बेटी जंगल वाले रास्ते सें जारहे थें मे तेरा पीछाकर रहा थां
राजेस हैरान होके - अच्छा समझ गय़ा मेरी गलती थि सादी कां माहौल थां सोचा जंगल मे एक् बारकर लेताहु मगर क़िस्मत देखो तूनेदेख लिया
आर्नव मुस्कुराते हुवे - वोँ तोँ हैं तूने जौ कथा सुनाई मस्त थि मेरा लन्ड खरा हौ गय़ा देखो तेरी बेटी 21 कि थि चूत कि आगउसे परेसान कररही थि इस लिये अशोकनाम केँ लरके सें फसी नहीं बल्कि अशोक कों तेरी बेटी नें फसाया ताकि अपनीआग बुझासके मगर बेचारी पहले हि पकरी गई डर केँ कही तुम् बाहर् आनां जानां बंदकर दोगे तुम कोसभी करने दियामगर पहलीबार चुदाई कां आनंद अपने पिताजी सें लेके वोँ तेरे सें फस गई उसके लिये औऱ अच्छा थां घऱ मे जबमनकरे अपनीआग तेरे सें बुझावा सकती थि
आर्नव खरा होके - समय होँ गय़ा रात 8 बजरहे मन गय़ा मजे करतेरह चलताहु सुभह मिलुगा
आर्नव घऱआके कमरे मे पलंग पे लेतमन मे - साला मामाजी तौ क़िस्मत वाला निकला अपनी बेटी कि सील तोरी औऱ तब सें लेते आँ रहा हैं
आर्नव मीनासभी सें बाते करता हैं आज आर्नव कां मुंड किसीवजह सें अच्छा नहीं थां
आर्नव कुछसोच मुस्कुराते हुवे काजल कों राजेस कां फोटोभेज मैसेज कर देता हैं
( सुभह 9 बजे )
काजल आर्नव केँ कमरे मे थि काजल आर्नव कों देख - तुम् कोन हौ औऱ मेरे पिताजी केँ संग तूने किया क्याँ हैं
आर्नव काजल कों देख - सन्त तेरे बापू अच्छे हैं सही सलामत मगरमगर तुम् बाप बेटी कि चुदाई मे रुकावट आँ गई नां मेरीवजह सें वैसे मे अरुण कां भइयाहु
काजल पूरीहिल जाती हैं डरते हुवे गुस्से मे - तुम् कैसी बातेकर रहे हौ औऱ देखो मुझे जानेदो मेरे बापू कों छोरदो नहीं तौ
आर्नव गन निकाल - मरना हैं तोँ कहो मे तुम् बाप बेटी कों अभि खतमकर देताहु
काजल डरते हुवे - प्लेस ऐसाकुछ मतकरो
आर्नव - ठीक हैं सुनो अपने कपड़े निकालो अभि तेरी अच्छे सें लूंगा उसकेबाद तुम् अपने पिताजी कों लेकेजा सकती होँ
काजलशोक मे कियाकहा कमीने मे तेरी
आर्नव मोबाइल लगा केँ - हाजान सें मारदो ठाकुर कों.
काजल जल्द सें कपड़े निकलते हुवे - मे मे निकाल रहीहु प्लेस पिताजी कों कुछमर करो तुम् जोँ बोलोगे करुगी
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मत मारो
मोबाइल कट
काजल पूरी नंगी आर्नव केँ सामने खरी थि आर्नव काजल कों देखते हुवे - हु एक् साल मे अपने बाप सें चुदवा केँ खिल गई होँ सभीकुछ बरेबरे मोटे हौ गये हैं फिगर अच्छा हैं मज़ाआने वाला हैं तेरी चुदाई करने मे जानती हौ काजल तुम् बाप बेटी कों मेरे भइया केँ संगगलत नहीं करना थां उसकीसजा तुम् दोनों कों मिलरही हैं
आर्नव नँगा होता हैं गधेे जैसा मोटा लम्बा लन्ड फुल टाइटखरा देख काजल कों अबसभी सें जयदाडर लरने लगता हैं बेचारी हिल जाती हैं काप् जाती हैं
आर्नव - चलो जल्द लन्ड चुसो बहुतकम करने बाकी हैं चलो
काजल डरते हुवे आर्नव केँ पास घुटने मे बैठ कपते हाथो सें लन्ड पकरमुह मे लेके चूसने लगती हैं आर्नव - अहह अच्छा कररही हैं मेरी रंडि चूसती रहोअहह अंदर बाहर् चमरे कों चाटो चुसो
काजलमुह म लेके चूसने लगती हैं चमरे कों बाहर् सें चाटने लगती हैं
औऱ काजलअब मरेमजे सें लन्ड चूसने लगी थि आर्नव मुस्कुराते हुवेमन मे - साली रंडिकही कि 4 मिनटबाद
आर्नव खाट पे काजल कों लेकेआता हैं औऱ ककिस करने लगता हैं काजलअब सभीकुछ मे आर्नव कां संगदे रही थि डर सें याँ अपनेमन मे यह तोँ वही जाने दोनों एक् दूसरे कों किस करने मे लगे रहते हैं
काजलमन मे - यह लरकाअलग हैं इनके छूने सें हि मेरे अंदर कि आग भरक्उठी हैं अहह मे अब स्वयं कों रोक नहींपा रही आर्नव किस करते हुवे काजल केँ पूरी बॉडी कों चूमने लगता हैं काजल मसचले हुवेजोर सें सिसकिया लेने लगती हैं अहहउफ करने लगती हैं
आर्नव उपरआते हुवे एक् चुचे कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं काजलमजे मे - अहह चुसो मेरे चुचे कों अहह आनंद आँ रहा हैं उफमा
आर्नव चुचे कों मुह मे लेके चुस्टे हुवे दबाते हुवेमन मे - साली केँ अंदर बहुतआग हैं देखो केसेजोस मे तरपरही हैं चिंता मतकर तुम्हें तेरीमा कों अपनी रंडिबना केँ रखुंगा तुम् दोनों मा बेटी मेरी सेवा करोगी
आर्नव नीचेआके चूत कों चाटने लगता हैं आर्नव फाको केँ बीचमजे सें चूत कों चटने मे लग जाता हैं औऱ काजलअलग हि मजे मे खोने लगती हैं काजल - अहहयह आनंदउफ चाटो मेरी चूत कों जौ करना हैं करो मेरेसंग आजइस काजल कि बुरचोद केँ चूत फारदो अहह
आर्नव चूत कां स्वाद लेते हुवेमन मे - हु इतना बुरा नहीं हैं बहुतगरम हैं
आर्नव घुटने मे बैठ लन्ड चूत मे घिसते हुवे बहुत गर्मी हैं नाँ निकाल देताहु तेरी काजलकुछ केहती उसके पहले आर्नव जोर कां दो धक्का मारता हैं काजल इतनीजोर सें चिल्लाती हैं कि किसी केँ कानफट जायेगाव मे कोई नहीं थां इस लिये आर्नव बिनाडरे घुसा दिया
काजलमुह खोलेआखे बरी किये रोते रहती हैं आर्नव नें कोईदया नहीं कि थि आर्नव जोर सें काजल केँ गाल मे चाटा मारता हैं
काजलहोस मे आकेजोर जोर सें रोने लगती हैं
काजलजोर जोर सें रोते हुवे प्लेस मर जाउंगी छोरदो आर्नव इतने मे गुस्से सें काजल केँ गले तौ पकर दबाते हुवेजोर जोर सें धक्के मरने लगता हैं काजल कि आखे बाहर् आने लगती हैं सासे टूटने लगती हैं
आर्नव आजअलग हि रूप मे थां आर्नव तेज धक्के मारते हुवे - साली कमीनी कुतिया तेरी कियालगा मे तुम्हारी तरफबरे आहिस्ता चुदाई करुगा मजे दूंगा लेँ मजे औऱ जोर सें लेँ आँ रहा हैं नाँ मज़ा
काजल दर्द मे दया कि नजर सें आर्नव कों देखती हैं
आर्नव - मेरे पे काम नहीं करेगा मेरी रंडि
आर्नव काजल कों घोरी बनाके काजल केँ बालपकर खीचते हुवेजोर जोर सें धक्के मरने लगता हैं काजलजोर जोर सें रोते हुवे - माफ करदो मुझे गलती होँ गई प्लेस रुकजाओ मे मर जाउंगी प्लेस
आर्नव तेज धक्के मारते रहता हैं कुछ नहीं बोलता
काजल बेहोस सि होने लगती हैं औऱ धराम सें खाट पे गिर जाती हैं चूत सें खून पिसाब निकल जाता हैं
आर्नव पानी लाकेमुह पे मारता हैं वैसे हि काजलहोस मे आके अपनी चूत कों पकरजोर जोर सें रोने लगती हैं बहुतजोर सें
आर्नव फिन भि कोईदया नहीं करता औऱ कपड़े पहन बाहर् आगन मे आके आसमान मे देखते हुवेबरे जोर सें चिल्लाता हैं
आर्नव हफ्ते हुवे - तुम् सभीइसी लायक हौ
1 घंटेबाद
काजलबरी मुश्किल सें कपड़े पहन लंगरते हुवे धीरे-धीरे चलते हुवे बाहर् आती हैं आर्नव खटिये पे लेता थां काजल कों देख - जा सकती होँ अपनेघऱ मगरयाद रखना किसी कों बताना मत नहीं तोँ तेरे पिताजी मरेगे
काजलआसु बहते हुवे कपते होठो सें - मेरे मेरे पिताजी
आर्नव - कल सुभह तुमहारे पास होगे तेरे बापू
आर्नव काजल कों देखते हुवे - अब क्याँ हैं जायेगी याँ फिन डालू अपना
काजल रोते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी गाड़ी मे आकेबैठ दर्द मुश्किल सें बैठती हैं औऱ घऱ कि तरफ निकल परती हैं
आर्नव लेता हि थां कि अनाया कां मोबाइल आता हैं
आर्नव - हा गुरिया बोल
अनाया - भइयाकब आओगे
आर्नव - गुरिया आज नहीं आँ पऊगा बहुतकाम हैं
अनाया दुःखी होके - पास मे होके भि इतनीदूर कियु हैं आप् भइया
आर्नव - ताकि हम् हमेसा पासरह सकेइस लिये अभि दूरहु जियाकहा हैं
अनाया - बस जिया जिया करते रहते हैं अपनी गुरिया कि परवाह हि नहीं हैं आपको
आर्नव मुस्कुराते हुवे - बहुत परवाह हैं प्रेम भि हैं
अनाया - झूठे
आर्नव - सच्ची तेरी वोँ फोटो देखता रहताहु मे
अनाया हैरान होके - भइया आप् नां बहुत वोँ हैं मे समझ गई
आर्नव - समझ गई हौ तौ एक् फोटोभेज नाँ सेक्सी वाला
अनाया सर्म सें - कोई भइया अपनी बेहन सें ऐसा नहीं बोलेगा छी सर्म कीजिये
आर्नव - अच्छा ठीक हैं तेरे सें अच्छी जिया हैं उसके मांग लेताहु वोँ तोँ अंदर कि फोटो भेजेगी
अनाया मुह खोले - भइया आप् सच मे वोँ हि हैं मुझे आपसेबात नहीं करनीबाय
मोबाइल कट
आर्नव - क्रोध तोँ नहीं थि किया मेरी गुरिया कों मे पता पऊगा वैसे बहुत समझदार hain जानती हैं मे ऐसी बाते कियु करताहु फिन भि गुस्से मे वोँ क्रोध नहीं होता यानी मेराकाम बन सकता हैं
तभी whatsaap पे एक् फोटोआती हैं
वही अनाया मन मे सर्म सें - कियु कियु भेजी मेने फोटो कियु भइया कियासोच रहे होगे मेरे बारे मे
आर्नव फोटो देखते हुवे - वाउ गुरिया तौ सच मे कमाल कि फिगर रखती हैं मेरी कमीनी मा कि तरह
अनाया मेरोर केँ समाने खरी होके अपनी फोटोली थि अनाया नें जानबुझ केँ अपने गांड मे फोकस किया थां ग्रेटॉप टाइट काले लूज़र मे अनाया गजबलग रही थि औऱ गांड केँ किया हि कहने
आर्नव फोटो देखते हुवेमन मे - मेरी गुरिया नें अपनी गांड मे फोकस किया हैं ताकि मुझे उसकी गांड अच्छे सें देखी सायद उसकीबेड वाली फोटो जोँ जिया नें भेजी थि मुझे मनपसंद आया थां औऱ एस लियेसमझ गय़ा मेरी गुरिया तौ बहुततेज निकली
( जानकी हवेली )
हॉल मे एक् सोफे पे जानकी पदमा बैठी थि दूसरे सोफे पे जिया अनाया
जानकी - पदमा दोनों कि सादी होँ जायेगी फिन हम् दोनों अकेले इस पूरी हवेली मे रह जायेंगे
जानकी कि बातो मे बहुत दर्द थां जोँ पदमा जिया अनाया फिलकर पारहे थें
पदमा दुखी होके जिया अनाया कों देख - सचकहा अपने दिदी पर्र हम् कर भि किया सकते हैं पता नहींकिस पाप कि सजामिल रही हैं हमे पूरी हवेली मे हम् औरते हि बच्ची हैं कोई मर्द नहीं हैं
अनाया - हम् आपकोछोर नहीं जायेंगे आपकेसंग हि रहेगे
जिया - हा चाची मा दिदी नें सहीकहा हम् आपकेसंग हि रहेगे
जानकी जिया अनाया कों देख - एक् दिन बेटी कों घऱछोर जानां हि परता हैं अपनेनये घऱ अपने ससुराल मे जैसे हम् आये हैं
पदमा - बिल्कुल दिदी नें सहीकहा
अनाया जानकी कों पासबैठ - अगरऐसा हैं तोँ घऱ जमाई बनके रहेगे मेरेलोव
जिया हैरान होके - अरे दिदी कियाबात बोलि हैं यहीसही रहेगा
जानकी पदमा भि हैरान शोक मे अनाया जिया कों देखते हैं
जानकी हस्ते हुवे - पागलघऱ जमाईवही बनके रहेगा वोँ अकेला कों
अनाया - तोँ हम् आपके दामाद केँ पुरे परिवार कों संग लेके आयेगे इतनीबरी हवेली हैं
पदमा - वाउरे कोई बाप आयेगा अपनाघऱ छोर केँ
अनाया - चाची मेरे सैया केँ पिताजी मासभी आयेगे भागते हुवे इतनीबरी हवेली मे रहनाकोन नहीं चाहेगा
जानकी पदमा कों देख - सुनरही हौ नाँ देखो दोनों कों सर्म भि नहीं आँ रही अपनी सादी कि बाते केसेखुल केँ कररही हैं सैयाजी हु
अनाया सर्म सें लाल हौ जाती हैं
पदमा हस्ते हुवे - सहीकहा दिदी
जिया अनाया केँ पासबैठ कान मे - मेरे सैया तौ हैं आपकाकोन हैं बताया नहीं
अनाया जिया कों देख केँ देखते हुवे - तुम्हें क्याँ चुपरह
( शाम 5 बजे गुफा मे )
आज आर्नव टेबल मे लालपरी बियर कोल्डिंग मटन मछली रोटी चावलमटन मछली फ्राय रखा थां
राजेस हैरानी सें - यहसभी कियु
आर्नव कुर्सी पे धीरे-धीरे बैठ - बैठो बताना हु
राजेस आर्नव केँ सामने कुर्सी पे बैठ जाता हैं
आर्नव राजेस कों देखते हुवे मुस्कुरा केँ - तुम् बाप बेटी कि कि किस्सा मस्त थि सुन आनंदआया मगर ठाकुर तेरेपास एक् औऱ किस्सा हैं जोँ तुम् बाप बेटी सें बहुत जयदा मजेदार हैं इस लियेआज मे इतनासभी लाया ताकि पुरेमजे केँ संगउस स्टोर कों सुनसकु तुम् सुनासको
राजेस - तुम् पागल हौ गये हौ किया मेरेपास कोई औऱ किस्सा नहीं हैं
आर्नव थोरा झुकते हुवे राजेस केँ आखो मे देख - हैं नां उस किस्सा कां नाम हैं, एक् भइया नें अपनी छोटी बेहन कों पाने केँ लिये अपनी बेहन केँ पति ससुरजी देवरु बापू कों मारा ताकि अपनी बेहन कों पासके औऱ चुदाई करसके अपनीहवन निकाल सके
आर्नव कि बाते सुनते हि राजेस कुर्सी सें नीचेगिर परता हैं कपते डरते हुवे आर्नव कों देख - तुम् तुम् यह कियाबोल रहे होँ देखो मजाकमत करो मेरेपास ऐसी किस्सा नहीं हैं
आर्नव चलते हुवे राजेस केँ पासबैठ अपना मोबाइल निकाल राजेस कों आडियो वीडियो देखते हुवे राजेस कों देख मुस्कुराते हुवे - मेरे बच्चे तुम्हारी तरफकैद मे मेने तुझेही खिलाने केँ लियेअब तक नहींरखा थां नां हि मे, आर्नव राजेस केँ औऱ लगभग जाते हुवेआखो मे देख - नाँ मे गलती सें तेरा मोबाइल तेरेपास छोर केँ गय़ा थां
राजेस कि आखेफैल जाती हैं राजेस सभीसमझ जाता हैं यह आर्नव कां चाल थां जिसमे वोँ फस गय़ा हैं
राजेस आर्नव कों देख - देखो मुझे जाने तोँ यह मेरे फैमली कां मामला हैं
आर्नव राजेस केँ गले कों पकर दबाते हुवे - जनताहु मगर जिंदा जानां चाहता हैं तौ तेरीयह कथा सुनानी होगी पूरीसमझ गय़ा
आर्नव राजेस कां गलाछोर देता हैं
राजेस खस्टे हुवे अपनेगले कों पकरे आर्नव कों देख - अगर मे सभीबता दु तौ जाने दोगे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - वादाकल सुभह हि जा सकते होँ
आर्नव मन मे - सीधाउपर जाओगे मेरे मामाजी बुरे भाग्य वाले हि अपने भांजे सें अपनीजान गवाते हैं
राजेस - ठीक हैं मे सभी बताने केँ लिये रेडीहु
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मगर स्टोरी मे टुइस्ट् हैं कोई औऱ भि हैं जोँ सामिल होगी हमारे संग
राजेस शोक मे - कोन हैं वोँ
आर्नव हस्ते हुवे - तेरी प्यारी गुरिया ठाकुराइंन जानकी
राजेस गुस्से सें लाल होके आर्नव मे हमला करते हुवे - कमीने मेरी बेहन सें दूररह वोँ मात्र मेरी हैं केवल मेरी
आर्नव राजेस केँ हाथ कों पकरजोस सें पेट मे लात मारता हौ राजेस दूर जाके गिरता हैं दर्द मे टरपने लगता हैं पेटपकर केँ
आर्नव राजेस कों देखते हुवेजोर जोर सें हस्ते हुवे - वाउयह दीवानगी वाउ वैसेयह पागलपन हैं
आर्नव राजेस कों पकर कुर्सी पे बैठा केँ रस्सी सें बढ़ते हुवे - तु बहुत कुदेगा इस लिये बांधरहा हु
आर्नव जोर सें - लेकेआओ शेरापुर कि ठाकुराइंन कों
दोलोग जानकी कों लेकेआते हैं जानकी जैसे हि राजेस कों बुरी हालत मे देखती हैं भागते हुवे राजेस कों केँ पास जाके रोते हुवे बॉडी कों चेक करते हुवे - भइया भइया आप् ठीक तौ हैं नाँ कुछहुआ तौ नहीं
आर्नव धीरे-धीरे कुर्सी मे बैठते हुवे इसारा करता हैं दोनों व्यक्ति चले जाते हैं
राजेस दर्द मे जानकी कों देख - गुरिया तुम् यहा केसेआई
जानकी आर्नव कों देख गुस्से सें - इस नें बुलाया आपकी फोटोभेज केँ
जानकी राजेस कों देख रोते हुवे - भइया आपकीयह हालत
राजेस - गुरिया मे ठीकहु तुरोमत
आर्नव सन्त बैठा दोनों कों देख - कितना प्रेम हैं उस इंसान केँ लिये जिसने उसके पति ससुरजी देवर जी पिताजी कों मारा हैं सच मे प्रेम अंधा होता हैं यहदेख रहाहु आखो सें काशकाश मा इतना प्रेम मेरे लियेउस वक्त होता तोँ आप् मुझे जन्म देते नहीं फेकती
आर्नव केँ आखो मे आसु आँ जाते हैं आर्नव जल्द सें आसुसाफ करता हैं
जानकी आर्नव केँ पास जाके गुस्से सें - जानते तुमने किसके पंगा लिया हैं औऱ तु हैं कोन कियु मेरे भइया कों कैद करकेरखा हैं देखो अभि केँ अभि मेरे भइया कों छोरदो नहीं तौ
आर्नव एकदम सें खरा होके जानकी केँ गले कों जोर सें पकर गुस्से सें नफरत सें तेज आवाज़ मे जानकी कि आखो मे देख - तु मेरेझाट केँ बाल भि नहीं उखार सकतीमगर मे तेरे चूत केँ पुरेबाल उखार सकताहु
आर्नव जानकी कों पकर कुर्सी मे बैठा केँ - चुप होकेबैठ
जानकी गला पकरे कपते हुवेमन मे आर्नव कों देख - कोन हैं यह जिसकी आखो मे मेरे लिये इतनी नफरत हैं मेनेऐसा किया क्याँ हैं
आर्नव गन निकाल पासबैठ जाता हैं सामने गनरख राजेस कों देख - चलसभी किस्सा सुना तेरी बेहन भि तोँ सुने, आर्नव जानकी कों देख हस्ते हुवे - मेरी चिकनी मालआज तुम्हे तेरा बहुत चहेता प्यारा बरा भइया मस्तकथा सुनाने वाला हैं यकीन मानोसुन केँ तेरी दुनिया पूरीहिल जायेगी
राजेस डरते हुवे जानकी कों देख - मे म नहीं सुना सकता गुरिया बचा लेँ मुझेयह लरका पागल होँ गय़ा
जानकी आर्नव सें रोते हुवे - प्लेस जानेदो मेरे भइया कों तुम्हे जोँ चाहिये दूंगी
आर्नव जानकी कों देख - अच्छा अपना शरीर दोगी
राजेस गुस्से मे - साले कमीने
आर्नव हवा मे गोली चलता हैं दोनों काप् जाते हैं
आर्नव जानकी सें - कुछकहा मेने
जानकी नजरे नीचे करते हुवे - ठीक hain वादाकरो हमे जाने दोगे
आर्नव हैरान होता हैं फिनजोर जोर सें हसने लगता हैं हस्ते हस्ते जोरजोर सें रोने लगता हैं आर्नव कों इसतरह सें हस्ते एकदम सें रोतेदेख जानकी राजेस बहुत हैरान होते हैं
आर्नव जल्द सें अपने उंगली कों जोर सें दात सें काट लेता हैं उंगली सें खून निकलने लगता हैं जानकी राजेस काप् जाते हैं
आर्नव अपनागन जनकी केँ सर पे लगते हुवे राजेस कों देख - लास्ट बार किस्सा सुनाओ नहीं तोँ तेरे समाने तेरी बेहन कों नँगा करके चुदाई करुगा फिनमार दुगा उसकेबाद तुम्हारी तरफ तेरी बेटी पत्नि कों भि मगर इमानदारी सें स्टोरी सुनते होँ तोँ वादा करताहु जाने दूंगा तुम् सभी अपने रास्ते मे अपने
राजेस जल्द सें रोते हुवे - मे मे सभी बताता हु प्लेस रुकजाओ
आर्नव पैक बनाके जानकी राजेस कों देते हुवे - मारलो तुम् अच्छे सें किस्सा सुना पाओगे, आर्नव जानकी कों देख - तुम् सुन पाओगी
आर्नव भि एक् पैकमार लेता हैं
आर्नव - हुअब सुरुकरो
राजेस जानकी कों एक् नजरदेख - यहतब सुरुहुआ जब
आज केँ लिये इतना हि आज कां update कैसारहा जरूर बताना मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 18
राजेस - सुरुतब सें हुआजब जानकी 18 कि हुई मे सुरु सें जानकी कों जवानी मे आते देखता आँ रहा थां मेरी बेहन जैसा हसीन मेनेआज तक नहीं देखा मे हमेसा सोचता थां जानकी कों देखकास तुम् मेरी बेहन नहीं होती तोँ किसी भि हालत मे अपनी पत्नि बना लेतामगर सच तोँ सच थां जानकी मेरी छोटी बेहन थि
राजेस जानकी कों देखते हुवे - हुस्न याँ फिगर केँ मामले मे जानकी केँ टक्कर कां कोई नहीं देखा नसीली आखे काले लम्बे कमर तक लेहरते बाल गुलाबी होठजब जानकी हस्ती मुस्कुराती याँ क्रोध करती तोँ औऱ भि जयदा हसीन लगती थि मे औऱ जानकी केँ लिये पागल होता गय़ा जानकी केँ लिये मेरे अंदरअलग फीलिंग पैदा होँ गई पऱ थि मेरी छोटी बेहनकोई भइया हिम्मत नहीं करेगा अपनी भि बेहन सें गंदी बाते करने कां औऱ कुछ करना तौ दूर कि बात हैं बस मे देखता रहताचुप छुप केँ जब जानकी झुकती ढीलेसूट केँ अंदरकभी लालकभी कोईकलर कि बिकनी मे कैदबरे गोल चुचे देखता रहताकभी कभी तौ बिकनी नहीं पहनती थि तोँ आधे नंगे चुचेदिख जाते थें औऱ कईबार जानकी झुकती तोँ उसके गांडबरे बरेदेख मन पागल हौ जाता थां जब चलती थि तौ उफकमर गांड मस्त हिलते थें
जानकी गुस्से सें आर्नव कों देख - यह कियाचल रहा हैं औऱ भइया आप् सुरु सें हि मेरे लिये भइया आप् मुझे इतना प्रेम करते थें बताया कियु नहीं
जानकी इमोसानल हौ जाती हैं जानकी बेचारी गलत फेमि मे थि
जानकी कि बाते राजेस हैरान जानकी कों देखता हैं औऱ आर्नव अपनीमा कि बेवकूफी पे जोरजोर सें पेटपकर हस्ते हुवे - सही हैं सही हैं प्रेम मे अंधे होना सायदइसे हि कि केहते हैं मगरमन सें पागल होना पहलीबार देखरहा हु
जानकी गुस्से सें आर्नव कों देख - बोलना किया चाहते होँ
आर्नव जानकी कों देखते हुवे - जल्द हि पताचल जायेगा मेरी सेक्सी
जानकी गुस्से सें - जबान सभाल केँ बातकरो
आर्नव मुस्कुराते हुवे - समझ गय़ा ठाकुराइंन सुरुकरो
राजेस एक् पैक मारते हुवे - उसकेबाद दिन महीने साल गुजरते गये औऱ मे बसचुप छुप केँ देखता रहता थां कर भि किया सकता थां देखने औऱ
आर्नव हस्ते हुवे - हिलाने केँ अलावा
जानकी आर्नव कों गुस्से सें देखती हैं
आर्नव खासते हुवे - आगे
फिन वोँ दिनआया जानकी कि सादी हौ गई अनिल सें जानकी पहले मेरे नजरो केँ सामने रहती थि जबदिल करता थां देख बातेकर लेता थां मगरअब वोँ सभी भि खतम होँ गय़ा थां
रात मे मे खाट पे लेतासोच रहा थां मेरी बेहन कां सुहागरात हैं आज अनिल मेरी गुरिया कां सील तोरेगा खून निकलेगा वोँ नंगी होगी अनिल उसकेउपर लेता धक्के माररहा होगा मेरी बेहन कों दर्द होँ रहा होगामगर मज़ा भि आँ रहा होगा अनिल कां लन्ड फच्फच् केँ संग मेरी बेहन कि चूत केँ अंदर बाहर् जारहा होगायह सोच मुझे बहुत बुरा औऱ क्रोध भि आँ रहा थां
आर्नव हस्ते हुवेमन मे - अबेमा कां सील तोँ सादी सें पहने हि बापू नें तोर दियामा भि बना दिया थां यानीअब तक मामाजी कों यहसभी पता नहीं थां देखते हैं पताचला भि याँ मा बापू नें राजसभी सें छुपा केँ हि रखा
सादी केँ बादजब वोँ आई तौ सारी मे थि आज भि वोँ दिनयाद हैं जब मेने पहलीबार जानकी कों सारी मे देखा थां हमेसा जीन्स टॉपसूट सलवार मे रहने वाली कों सारी मे देख मे पागल होँ गय़ा थां सारी मे परी जैसी सुंदर हॉटलग रही थि मे तौ औऱ जानकी पे फिदा होतेजा रहा थां हर एक् दिन जानकी कि हुस्न बढ़ती हि जारही थि
जानकी कि चुचे जौ सूटटॉप टिसर्ट मे कैद रहते थें अबउसे ब्लाउस मे कैददेख रहा थां मे जानकी केँ ब्लाउस मे कैद चुचे कों देखसोच रहा थां केसे चुचे होगे मेरी बेहन केँ जाहिर हैं गोरेदूध जैसेमगर निपल निपल कैसा होगा काले याँ गोरेसच कहु तोँ बहुत टाइटखरे निपल भि दिखरहे थें चुचे केँ साइज मे बढ़ता जारहा थां
जानकी केँ कमर केँ किया हि कहने पतली गोरीकमर गहरी ढोरीदेख मेरादिल करताबस बस एक् बार मुझे छूने कों मिल जायेबस एक् बार मुझे ढोरी चूमने कों मिल जाये मे अपनी गुरिया केँ गहरी ढोरी मे उंगली करना चाहता थां मे उस गहरी ढोरी मे सराब रखके पीना चाहता थां अगरऐसा करने कों मिलता तोँ उसका नासा बहुत जयदा होतामगर पीने कां आनंद भि कई गुनाबढ़ जाता
राजेस एक् पैक औऱ बनाके पिता हैं जानकी शोक मे थि मगर अभि भि जानकी कों लगरहा थां उसका भइया उसका दीवाना हैं गलत फैमि गई नहीं थि
आर्नव राजेस कों देखमन मे - मेरा कमीना मामाजी तोँ पूरा आशिक निकला देखो तौ केसे तारीफ करतेजा रहा हैं पर्र मामाजी यह प्रेम नहीं तेराहवस हैं जौ मेरीमा कों आगेपता चलेगा औऱ सायदयह झटका सहना उनके लिये बहुत मुश्किल होगा
जानकी - यहयह भइया आप् कियाबता रहे हौ इस कमीने कों यह बताते वालीबात थोरि हैं
आर्नव जानकी कों देख मोबाइल लगा केँ - हामार दोसभी कों
जानकी जल्द सें घबराते हुवे - रुकजाओ प्लेस समझ गई माफ करदो
जानकी मन मे - मुझे सर्म आँ रही हैं भइया मेरे बारे मे सुरु सें ऐसा सोचते आँ रहे थें अबपता चला भइया मुझे कितना प्रेम करते हैं औऱ मे थि जोँ समझ नहींपाई
आर्नव राजेस कों देख - आगे
राजेस - उसकेबाद फिन वैसे हि चलतारहा अब तौ जब जानकी आती याँ मे उसकेपास जाता तौ हि जानकी कों देख पाता थां मोबाइल मे बाते तौ होती थि मगर नॉर्मल बाते हि हिम्मत जौ नहीं हौ रही थि कुछ कहने कि सादी केँ 10 महीने बाद हि जानकी नें अनाया कों जन्म दिया जौ बिल्कुल अपनीमा पे हि गई थि मे सोचने लगा मेरी बेहन जिसको मे पाना चाहता थां उसकेसंग प्रेम करना चाहता थां उसेकोई औऱ कररहा हैं औऱ अब बच्चे कि मा भि बन गई हैं
कुछदिन बाद मेने एक् दिन कमरे मे जानकी अनाया कों दूध पिलारही थि जब मे कमरे मे गय़ा तौ आधे चुचे बाहर् थें मेनेदेख लिया पर्र पूरा अच्छे सें साफ नहींदेख पाया थां
जानकी कों अब अजीब लगनेलगा थां आर्नव अपनीमा कों देख मुस्कुरा रहा थां
राजेस आर्नव जानकी कों देखते हुवे उसकेबाद वैसा हि होताआया औऱ हमारे बच्चे बरे हौ गयेमगर 2 साल पहले अरुण तेरेआने सें एक् साल पहले अनिल जगनाथ मेरा साथी जानकी कां पति ससुरजी केँ मरने सें 3 महीने पहलेऐसा कुछहुआ जौ सोचा नहीं थां वही सें असलीखेल सुरुहुआ
जानकी एकदम सें चिल्ला केँ - भइया उसकेआगे नहीं आप् कुछ नहीं बतायेगे
आर्नव हैरान जानकी कों देख - कियु नहीं बतायेगा
जानकी - तुम् कियु जानना चाहते होँ हमारी पर्सनल लाइफ हैं
आर्नव जानकी कों देखते हुवे - कियुंकी मुझे सच्ची स्टोरी खासकर इसतरह भइया बेहन वाली चुदाई कथा सुनना बहुत पसन्द हैं औऱ तुम् मेरेमजे मे रुकावट डालरही हौ कितनी बारकहु मेरेलोग तेरेघऱ केँ पास हि हैं मोबाइल करू
जानकी चुप सन्त होकेमन मे - यह किया होँ रहा हैं कियु होँ रहा हैं
आर्नव - आगे
राजेस एक् नजर जानकी कों देखफिन आर्नव कों देखते हुवे - जानकी अनिल मेरेघऱ आये थें जानकी 40 कि भरी गदराइ शरीर कि मालकिन होँ गई थि फिगर केँ किया हि कहने जानकी कि हुस्न फिगर मे कोईकमी नहींआई थि बल्कि औऱ भि जयदा कयामत बला कि हसीन होँ गई थि चुचे बहुतबरे होँ गये थें जौ एक् हाथो मे भि नाँ आयेमगर चुचे ढीले नहीं औऱ टाइट पहार् जैसेखरे थें कमर पतली थि पहलेमगर अब मोती होँ गई थि मगर चर्बी नाम कां कुछ नहीं थां जानकी पूरी स्लिम थि अपने फिगर कों मेन्टेन करकेरही थि
बगीचे मे अनिल मे जानकी बैठे बातेकर रहे थें अनिल मे बियर कां आनंद लेँ रहे हैं नें छुपछुप केँ जानकी ब्लावस मे कैद चुचे कों हि देखता रहता थां बियरखतम होँ गई तौ मे लेने केँ लिये गय़ा मगर थोरिदूर जाने केँ बाद सोचा अनिल सें पूछ लेताहु लालपरी पियेगा तोँ लेके आऊगाजब मे वापसआया तोँ जौ देखा मेरीआखे बरी हौ गई मे जल्द सें पास केँ पैर केँ पीछेछुप सभी देखने लगा
जानकी जानती थि आगे कियाहुआ हैं तौ जानकी नजरे झुका केँ अपना चेहरा छुपा लेती हैं आर्नव जानकी कों देखमन मे - यानीमेन कथायही सें सुरु हुईँ थि
राजेस मेने देखा अनिल मेरी बेहन केँ सारी कों उठारहा हैं
( अनिल जानकी कि जुबानी )
अनिल सारी पेटिकोट घुटने पे लेकेआता हैं जानकी अनिल कों रोकते हुवे - आप् कियाकर रहे हैं कोईदेख लेगा भइया आँ गये तौ देखदेख लेगे तोँ गजब होँ जायेगा
अनिल जानकी कों देखते हुवे अपनाहाथ अंदर सीधा जानकी केँ पैंटी पे रखते हुवे - जान तेरा भइया इतनी जल्द नहीं आयेगा
जानकी सिसक् परती हैं
अनिल पैंटी कों चूत सें हटा केँ अपनीबीच वाली उंगली फाको केँ बीचछेद मे अंदर घुसाने लगता हैं जानकी टेबलपकर - अहह धीरे-धीरे लगरहा हैं अहहउफ आनेदो अहह धीरे-धीरे औऱ बसबसलग रहा हैं
अनिल नीचे झुके जानकी कों देखते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूराबीच वाली उंगली जानकी कि चूत केँ अंदर तक घुसा देता हैं जानकी जोस सें अहह करती हैं
अनिलअब तेजी सें जानकी कि चूत मे उंगली करने लगता हैं जानकी कुर्सी केँ औऱ आगे अपनी गांड करके जांघों कों फैला देती हैं 1 मिनटबाद हि जानकी टेबल दोनों हाथो सें पकरे होठो कों दबाये अहहउफ करके मचलने लगती हैं फच्फच् कि आवाज़ बाते राजेस अच्छे सें सुनपा रहा थां
राजेस - मे ऐसे मोक्के कों केसे जानेदे सकता थां मे जानकी केँ चूत कों नहींदेख पारहा थां मगर उसकी बाते जानकी जिसतरह सें आवाजे निकाल बोलरही थि गीली चूत सें फच्फच् कि आवाजे मे साफसुन रहा थां एक् बेहन कों जोँ 40 कि गदराइ हैं उसकी चूत मे उसका पति उंगली कररहा हैं औऱ एक् भइया कों देखने कों मिले तोँ उसे क़िस्मत कहते हैं मे सभीदेख सुन इतनाजोस मे आँ गय़ा कि मे जल्द सें लन्ड निकाल मुठ मरनेलगा
जानकी सर्म सें पानी पानी होँ रही थि
आर्नव कां लन्ड लोहा बनके फटने मे आँ गय़ा थां
राजेस - मे देखमुठ मारते जारहा थां तब मेने देखा जानकी कि बॉडी कपनेलगी थि जानकी औऱ जोर सें सिसकिया लेनेलगी थि फिन जानकी टेबल पकरे झटके मरनेलगी मे समझ गय़ा मेरी प्यारी बेहन केँ चूत सें अनिल नें पानी निकाल दिया हैं यहसोच मे भि झर गय़ा
जानकी नें अपनी सारी पेटीकोट कों नीचे करके हफ्ते हुवे अनिल कों देख - अहह आप् बहुत बुरे हैं
अनिल अपनीबीच वाली गीली उंगली कों दिखाते हुवे - देखो सफेद गाढ़ा पानी तेरे चूत कां
जानकी सर्म सें लाल होके अनिल केँ हाथ कों पकर नीचे करके पेटीकोट सें उंगली कों साफकर देती हैं औऱ अनिल हसने लगता हैं
जानकी शोक मे खरी होके राजेस कों देख डरते कपते हुवे - नहीं भइया नहीं वोँ सभीमत बताना प्लेस
आर्नव हैरान होकेमन मे - इसकेआगे कियाहुआ जोँ मा नहीं चाहती मे जानु
राजेस जानकी कों देख - गुरिया बताना पड़ेगा नहीं तोँ यह कमीना सभी कों मार देगा सगझोबात कों यह अरुण कां भइया हैं बारबार क्रोध दिलाती आँ रही होँ फिन किया होगा अच्छे सें जानती हौ
राजेस आर्नव कों देखमन मे - सुन लेँ बेटा सुन मे सभीसच बताऊंगा मगर एक् बारयहा सें निकला उसकेबाद तुम्हे तेरे पुरे परिवार कों कही सें भि ढूंढ केँ मार दूंगा
आर्नव मस्त बैठा राजेस कों देखमन मे - जौ तुसोच रहा हैं नाँ मेरे कमीने मामाजी वोँ तुम् तब करोगे नाँ जब जिंदा जाओगे यहा सें
जानकी राजेस कि बातेसुन बैठ जाती हैं घबराये कपते हुवे
आर्नव - आगेअब तोँ मे बहुत बेचैन हुसच जानने केँ लिये कियाहुआ उसकेबाद
राजेस एक् पैक मारके - मुझेलगा अबसभी खतम होँ गय़ा हैं तोँ जल्द सें जाके बियर लेकेआता हुमगर जैसे हि जाने वाला थां मेनेऐसा कुछ सुना कि एकदम सें फिनरुक गय़ा
( जानकी अनिल केँ बीच हुई बाते )
जानकी अनिल कों देखते हुवे इमोसानल होके - पति जी वारिस नहींदे पापाई आज तक असुरजी नें पहलेसही कहा थां आपको दूसरी सादीकर लेना चाहिये थां
जानकी अब अनाया केँ बादफिन मा नहींमन पारही थि तब जगनाथ नें अनिल कों दूसरी सादी करने कों बोला थां कियुंकी वारिस तौ चाहिये हि थां मगर अनिल नें साफ मानाकर दिया थां
अनिल जानकी केँ हाथो कों पकर - तुम् फिन सुरु हौ गई जानकी कितनी बारकहा हैं पीछे होँ हुआउसे भूलजाओ पास्ट कों लेकेसंग मे मतचलो
जानकी रोते हुवे - मे नहींभूल पारही पति जी केसेभूल जाऊ सादी सें पहले मेने एक् बच्चे कों जन्म दिया थां केसेभूल जाऊ हमनेउस मासूम केँ संग किया किया थां उस मासूम कि गलती हि किया थि यही कि सादी सें पहले मेरेकोख मे आँ गय़ा सभीउसी पाप कां नतीजा हैं जोँ आज तक हम् वारिस केँ लिये बेटे केँ लियेतरस रहे हैं
राजेस - मे तौ पूराहिल गय़ा थां सच जनके यकीन नहीं होँ रहा थां मेरी बेहन सादी सें पहले हि एक् बच्चे कों जन्म दि उसेमार याँ फेक दिया औऱ उसराज कों दोनों नें सभी सें छुपा केँ रखा मे यकीन नहींकर पारहा थां
आर्नव जानकी कों देख - तोँ यहसच मामाजी कों पताचला उसकेबाद मुझे अंदाज़ा हौ रहा हैं मामाजी नें केसेमा कां फायेदा उठाया होगा
जानकी जोरजोर सें रोने लगती हैं
आर्नव मन मे - देखो तोँ केसेरो रही हैं सभी दिखावा हैं नाटक हैं
आर्नव - चुप होँ जाओ मुझे किस्सा सुननी हैं नहीं तौ तुम्हारी बेटी भतीजी
जानकी इतना सुनते हि चुप हौ जाती हैं
राजेस - मुझे मोक्का मिल गय़ा थां जोँ मुझे चाहिये थां अनिल अगलेदिन चला गय़ा जबकि जानकी कुछदिन रहने वाली थि मे बेताब थां जानकी सें बात करने कों औऱ वोँ वक्तरात कों हि थां खानां पीना खाने केँ बादरात 10 बजे जानकी केँ कमरे मे गय़ा
( जानकी राजेस केँ बीच बातेरात 10 बजे )
जानकी राजेस खाट मे आमने सामने बैठ थें जानकी राजेस कों देख - भइया आप् इससमय कुछबात करनी हैं आपको
राजेस - हा बहुत सिर्यस बाते
जानकी थोरा हैरान होके - बोलिये नाँ
राजेस मन मे - यही मोक्का हैं इस मोक्के कों जाने दिया तौ समझो गुरिया मेरे हाथो सें गई औऱ मे ऐसा होने नहीं दूंगा भाग्य नें मुझे मोक्का दिया हैं जाने नहीं दूंगा
राजेस जानकी कों देखते हुवे - बगीचे मे तुम् दोनों जोँ कररहे थें औऱ उसकेबाद कि बातेसभी देखी सूनी मेने
जानकी कों बहुत बारा झटका लगता हैं जानकी डर सें थरथर कपने लगती हैं उंगली चूत मे करते देखा उसके भइया नें उसके जयदा जानकी इसबात सें डरी थि जौ राजदबा केँ आई जोँ अब उसके भइया कों पताचल चुका थां
जानकी डरते कपते हुवे - भइया
राजेस जानकी केँ गालो मे प्रेम सें हाथ फेरते हुवे - डरो नहीं मे किसी कों नहीं बताऊगा यहराज हमारे बीच रहेगा मगर तुम्हे सभीकुछ सच बताना होगा वादा करती हौ तोँ कहो
राजेस जानकी आर्नव कों देखते हुवे - जानकी डरी हुई थि बहुत छोटीबात नहीं थि मे जनता थां जानकी उस वक्तसभी सच बताएगी उसकेपास कोई मार्ग नहीं थां इस लिये मेने पहलेउसे संत किया ताकि बिस्वास दिलाया मुझे अपना मार्ग साफ करना थां उसके लिये संति सें बात करना जरूरी थां औऱ जानकी मान भि गई
जानकी - जी बताती हु सादी सें तिन महीने पहले मेने बेटे कों जन्म दिया औऱ उसे फेक्वा दिया पहरों मे
राजेस - बापू ससुरजी जी केँ डर सें हैं नां
जानकी - जी पिताजी ससुरजी जी आप् जानते हि हैं
राजेस - जानता हु अपनी इज़तमन सम्मान हि सभीकुछ हैं
जानकी - हुइस लिये मुझे
जानकी फिन रोने लगती हैं
राजेस मोक्के कों देखते हुवे जानकी कों बाहों मे भर लेता हैं राजेस जानकी कों बाहों मे लेकेमन मे - अहहयह चैनयह बॉडी कि गर्मी खुशबु
राजेस जानकी केँ बाल मे हाथ फेरते हुवे - रोमत तूनेसही किया मेरी गुरिया
जानकी राजेस सें दूर हटके - पाप किया हैं मेने
राजेस - सन्त हौ जामगर गुरिया यह हुवा केसे तुम् दोनों नें वोँ यूज नहीं किया थां किया
जानकी थोरा हैरान राजेस कों देखती हैं
राजेस - बताओ नां
जानकी नजरे नीचे किये - उन्होंने कहा एक् बार बिना उसके करते हैं
राजेस जानकी केँ औऱ लगभग जाके धीरे-धीरे सें - खुल केँ कहो नाँ
जानकी कपते हुवे - बिना कॉमडाम् केँ
जानकी केँ मुह सें इतना सुनते हि राजेस कां लन्ड झटके मारके खरा होँ जाता हैं
राजेस धीरे-धीरे सें - तुमने रोका नहीं
जानकी डरी हुई - रोकामगर नहीं माने
राजेस गरम होके - फिन वोँ सभीहुआ तब बाहर् निकलने केँ लिये बोल्ना चाहिये थां नाँ तुम्हारी तरफ
जानकी धीरे-धीरे सें - बोला थां भइयामगर उन्होंने अंदर हि गिरा दिया
राजेस औऱ जोसगरम होके धीरे-धीरे सें - अंदरकहा चूत मे बचेदानी मे
जानकी शोक मे राजेस कों देख - भइया
राजेस प्रेम सें बाहों मे लेके - सोर्री बाबा मेरी प्यारी गुरिया हैं नां बताओडरो सर्माओ मत मे तेरा भइया तेरेसंग हु
जानकी दूर हटके नजरे झुका केँ - हु
राजेस लन्ड मसलते हुवे - कहा गुरिया खुल केँ बताओ
जानकी - चूत मे बचेदानी मे अंदर गिरा दिया
राजेस तोँ अब बाबला हौ चुका थां
राजेस जानकी केँ कान मे - फिन एक् बार मे हि पेट सें होँ गई
जानकी सेहम जाती हैं कपते हुवे - जी
राजेस जानकी केँ जांघो मे हाथ रखता हैं तभी जानकी जल्द सें खरी होके - मेनेसभी बता दिया मुझे सोना हैं जाइये आप्
राजेस हैरान होकेमन मे - मे बेहक गय़ा थां जानां सही होगा नहीं तोँ मेराकाम बिगर सकता hain
राजेस खरा होके जानकी केँ सर पे हाथ फेरते हुवे - मेरी प्यारी गुरिया नें सभीसच बताया हैं तोँ वादा करताहु तेरा भइया तेरेसंग हैं धीरे-धीरे सोजाओ मे हु
( बातेएंड )
आर्नव कां तोँ पानी हि निकल गय़ा थां सभी सुनके आर्नव मन मे राजेस कों देख - यह साला मेरा मामाजी इतना चालक हैं मा केँ मजबूरी कां फायेदा उठाया जबमा बताने सें याँ गुस्से मे आती याँ गलतसही सोचने लगतीयह कमीना अपनी मीठी बातो सें मा कों सन्त मजबूर कर देता थां जिसकी वजह सें मा नें वैसा हि कियामन गय़ा कमीने तेज चालक बहुत हैं तुँ
आर्नव जानकी कों देख - मगर मेरी कमीनी मा आप् सें अच्छे सें सभीसच नहीं बताया हैं जन्म देते टाइमकोन थां वहा पे किया केसेहुआ मगर मे जनताहु सच केसे निकलवाना हैं
आर्नव जानकी कों देख - अब तुम् बताओगी उसकेबाद किया केसेहुआ
जानकी आर्नव कों देख - प्लेस मुझसे नहीं होगा
आर्नव मोबाइल उठाता हैं वैसे हि जानकी - रूको बताती हु
जानकी मुठी कसते हुवे - जब सुभह भइया मे फिन मुझसे बाते करने कि कोसिस कि मगर मेने नहीं कि औऱ उसीदिन घऱ आँ गई अपने ससुराल रात कों मेने अनिल कों सभीबता दिया
( रात अनिल जानकी केँ बीच बाते )
अनिल जानकी कि बाते सुनने केँ बाद हैरान होके - किया राजेस कों सभीपता चल गय़ा औऱ सभी देखा भि
अनिलमन मे - रात जोँ प्रश्न जानकी सें किया एक् भइयाकभी इसतरह कि गंदी बाते प्रश्न अपनी बेहन सें नहीं करेगा कही राजेस केँ मन मे जानकी केँ लिये
अनिल जानकी कों देखते हुवे - जान राजेस नें यह जानने केँ लिये पूछा कि हमने गलतीकहा केसे कि हाकुछ बाते प्रश्न जौ उसने तुमसे कि एक् भइया कों नहीं करना थां फिन भि सभीभूल जाओ राजेस किसी कों नहीं बतायेगा
(बातेएंड )
जानकी - पति जी नें तोँ बोल दियाभूल जाऊमगर मुझे अजीबलगा थां उसकेबाद भइया नें फिनकई बार कोसिस कि मगरबात नहीं कि नॉर्मल बाते करते थें तौ करती थि जैसे हि गंदी बाते करने लगते थें मे मोबाइल कटकर देती थि
राजेस - एक् बार तौ जानकी बहुत क्रोध होँ गई तौ मेने एक् हफ्ते तब मोबाइल नहीं किया थां मे प्लान बनारहा थां
जानकी - मुझेलगा मेने जयदा हि क्रोध कर दिया मुझे बुरालग रहा थां तोँ एक् रात मेने भइया कों मोबाइल किया
( जानकी राजेस केँ बीच बाते मोबाइल पे दोपहर 2 बजे )
जानकी - भइया नाराज हैं किया
राजेस बगीचे मे आँ गय़ा थां अकेले पैर केँ पीछेखरे होकेबात करनेलगा थां
राजेस - नहीं गुरिया तुमसे मे क्रोध हौ सकताहु
जानकी - भइया आप् जिसतरह कि बाते करते हैं वोँ गलत हैं हम् भइया बेहन हैं प्लेस उसरात मेनेसभी सच बताया मगरबार बार वैसी बाते करनागलत हैं
राजेस - जानता हु गुरिया मगरउस रात जोँ बाते हमारे बीच हुई मुझे अच्छा लगा किया हम् एक् बार वैसी हि बातेकर सकते हैं प्लेस वादा लास्ट बारआगे सें जिद नहीं करुगा
जानकी गहरीससे लेते हुवे - ठीक हैं
राजेस खुश होके - थैंक्स गुरिया वोँ उसदिन बगीचे मे तुम्हारी चूत मे अनिल उंगली कररहा तौ तुम को बहुत मज़ा आँ रहा थां नाँ तुम् अहहउफ कररही थि
जानकी सर्म सें - छि भइया गंदे हैं आप्
राजेस हस्ते हुवे - बोल नां वादा किया हैं नां
जानकी धीरे-धीरे सें - हा
राजेस अपना लन्ड निकाल हिलते हुवे - जब अनिल तेरी फूली चूत मे अपना लन्ड डालके चुदाई करता हैं तब तोँ औऱ मज़ाआता होगा
जानकी थोरि बेहक जाती हैं गरम होँ जाती हैं
जानकी बैड पे लेती चूत मे हाथरख मसलते हुवे - बहुतआता हैं भइया
राजेस जोरजोर सें लन्ड हिलते हुवे - गुरिया चूत पे बाल हैं
जानकी सिसकते हुवे - नहीं हैं कलसाफ किया हैं
राजेस गरम होके - गुरिया एक् बार मेरा लोगी अपनी चूत मे बहुत मज़ा दूंगा
जानकी चूत मसलते हुवे - अहह आप् अपनी बेहन कि चूत मारना चाहते हैं सर्म नहींआती मे आपके नीचे नहींआने वाली अपनी टांगे नहीं फैलाने वाली
राजेस - प्लेस एक् बार बहुत आनंद दूंगा
जानकी सारी पेटीकोट उठा केँ चूत मे बीच वाली उंगली डालके सिसकते हुवे - अहह नहीं मुझे आपका नहीं लेना
राजेस - कियु बहुत मोटा हैं लम्बा भि पानी निकाल दूंगा गर्मी भि
जानकी चूत मे उंगली करते हुवे - अच्छा अपनी छोटी बेहन कि चूत मे लन्ड डालके पानी निकलने कि सोचरहे हैं नाँ बाबा नाँ अहहउफ
राजेस मन मे - गुरिया चूत मे उंगली कररही हैं मुझेफच् फच् सिसकिया कि आवाजे सुनाई देरही हैं
राजेस जोस मे - एक् बार अपनी टांगे फैलादे मेरे सामने
जानकी - नहीं तौ नहीं
राजेस - कियु
जानकी - कियुंकी मेरे पति हैं मे उनकेसंग बहुतखुश हु
( बातेएंड )
आर्नव केँ पसीने छुटगये थें लन्ड तौ टाइट जीन्स कों उठा केँ बाहर् आने कों बेताब थां जानकी कि नजर आर्नव केँ पैंट मे जाती हैं तौ नजारा देख जानकी कि सासेरुक जाती हैं
जानकी मन मे - यहयह किया हैं साफपता चलरहा हैं देख केँ अंदर लन्ड नहीं गधेे कां लन्ड हैं
तभी जानकी कों एहसास होता हैं कियासोच बोलरही हैं तौ सर्म सें नजरे झुका देती हैं
आर्नव जानकी कों देख मुस्कुराते हुवेमन मे - तौ एहसास हौ गय़ा देख केँ मेरी कमीनी मा कों मेरा कितना बारा हैं मगर दोस्त सालाइस भइया बेहन कि बातेसुन बैठे बैठे मे दोबार झर गय़ा हु मेरी चड्डी गीली हौ गई हैं
जानकी - उसकेबाद मुझे स्वयं मे बहुत क्रोध आया मे बेहक गई थि
राजेस - उसकेबाद जानकी नें फिन मुझसे उसतरह कि बाते करनाबंद कर दिया
आर्नव राजेस कों देख मुस्कुराते हुवे - उसकेबाद तुमने अपना गंदाखेल खेलना सुरु किया
जानकी शोक मे आर्नव कों देख - गंदा प्लान तुम्हारे कहने कां मतलब किया हैं
आर्नव गुस्से मे मन मे - यह सालीबार बार मेरा मज़ा खराबकर रही हैं कुछ करना पड़ेगा कियाकरू हुयहसही रहेगा
आर्नव मोबाइल निकाल वीडियो चला केँ दिखाने लगता हैं राजेस कि आखेबरी होँ जाती हैं कपने लगता हैं आर्नव राजेस कों देख मुस्कुराने लगता हैं जानकी मोबाइल लेके वीडियो देखने लगती हैं कुछ मिनटबाद कि जानकी केँ हाथो सें मोबाइल गिर जाता हैं आखो सें सासु बहके जमीन कों गिला करके लगते हैं जानकी एकदम सें बेहोस होके कुर्सी सें गिरने लगती हैं यहदेख राजेस जोर सें गुरिया
( वीडियो मे किया थां )
जिसशाम आर्नव राजेस कों गुफा मे लाया थां आर्नव पहले कि गुफा मे छुपा केँ केमरा लगा दिया थां शाम कों राजेस सें बातेकथा जनके आर्नव जानबुझ केँ राजेस कां मोबाइल उसकेपास छोर निकल गय़ा कियुंकी आर्नव कों अच्छे सें पता थां राजेस मोबाइल करके किसी कों अपनेममद केँ लिये नहीं बुलायेगा कियुंकी राजेस जनता थां ऐसा करेगा तौ आर्नव उसेमार देगा राजेस कोई रिस्क नहीं लेना चाहता थां उसे जानकी केँ संगमजे जोँ करने थें औऱ मजे तोँ तब हि करेगा जब जिंदा रहेगा
आर्नव सभी जनता थां इस लिये आर्नव सुरु सां प्लान बना केँ तैयार थां औऱ आर्नव नें राजेस कों डाराया भि इस लिये थां ताकिजब वोँ मोबाइल छोरके जाये तौ राजेस कि हिम्मत नाँ कों किसी कों मोबाइल करने कि बाकी तौ केमरा लगा थां ऐसा करता तोँ आर्नव पहले हि सभी संभाल देता आर्नव कों यह भि पता थां एक् दीवाना चाहे जैसे हालत मे हौ अपनी दीवानी कों मोबाइल करेगा हि वैसाहुआ भि
मगर आर्नव कों सक केसेहुआ जानकी राजेस यानी उसकीमा मामाजी केँ बीच रिस्ता हौ सकता हैं तौ वजह थि काजल राजेस केँ बीच रिस्ता हाजब आर्नव नें कों पताचला काजल राजेस बाप बेटी केँ बीच कियाचल रहा हैं तौ आर्नव केँ मन मे सक पैदाहुआ
( आर्नव केँ जुबानी )
जब मेनेमा कों अपनी बेटी कि चुदाई करते देखातब मेने बहुत सोचा मेरेमन मे एक् बात झटके सें आईअगर मामाजी अपनी बेटी कों लेके गंदेसोच रखरहा हैं बेटी कों चोदरहा हैं तोँ जानकी मेरीमा उसकी बेहन तौ बहुत जयदा हि सुंदर हैं कही मामाजी मेरीमा केँ ऊपर भि गंदीनजर नहींरख रहा याँ कही अंदर हि अंदरकुछ चल तोँ नहींरहा कही मामाजी गंदाखेल तोँ नहींखेल रहा मुझेसच जानना होगातब जाके मुझे सुकून मिलेगा
बसवही सें आर्नव प्लान सुरु हौ गय़ा थां औऱ राजेस कों गुफा मे आने सें पहलेसभी सेटकर दिया थां
रात आर्नव जबघऱआया तबरात 9 बजे राजेस नें मोबाइल किया जानकी कों राजेस कों लगा आर्नव मोबाइल लेँ जानां भूल गय़ा हैं जबकि यही उसकीबरी गलती समित हुईँ
जानकी सें बाते करनेमुठ मरने केँ बाद राजेस नें एक् औऱ गलती करदी
राजेस पैंट पहनते हुवे - गुरिया तेरी पाने केँ लिये मेने किया नहीं किया अनिल तेरे पति ससुरजी देवरु अपने पिताजी कों मारा ताकि मे तुम को हासिल करसकु अबजब मेने तुझेही पा लिया हैं तौ मुझेयहा नहीं मारना उस कमीने कों कथा सुना केँ बाहर् जब आऊगा तौ पहले अरुणइस कमीने सभी परिवार कों मारुंगा ताकिफिन कोई हमारे रास्ते मे नां आये औऱ हम् खुल केँ सन्ति सें प्रेम करसके
बसयही थां जोँ सबूत बहुत थां औऱ जानकी बेहोस होँ गई जाहिर हैं अपना भइया हि कातिल निकले उपर सें धोका मिले तोँ झटका लगेगा हि
आर्नव तेजी सें जाके जानकी कों पकर लेता हैं औऱ आर्नव पानी जानकी केँ चेहरे पे मारता हैं जानकी होस मे आती हैं पहलेइधर उधर देखती हैं राजेस पे नजर जाते हि जानकी राजेस केँ पासआके राजेस केँ गाल पे चाटा मारते हुवेफुट फुट केँ रोते हुवे - कियु कियु किया अपनेऐसा मात्र मुझे पाने केँ लिये अपने ke
मेरी मांग कों उजार दिया मेरे प्यारे अपने कों छीन लिया मेने आपको एक् मसीहा सच्चा भइया समझा जौ मेरेहर कदम मे मेरेसंग थां मगर मुझेपता हि नहीं थां मे एक् शैतान पे भरोसा कररही हु मे सभीभूल आपको प्रेम करनेलगी थि कियु किया अपने
राजेस मार खाते रहता हैं जानकी रोते जाती हैं आर्नव सभी धीरे-धीरे देखरहा थां
आर्नव मन मे - अब ठाकुराइंन बीच मे नहीं बोलेगी धीरे-धीरे सभी सुनेगी नहीं तौ आगे जौ राज खुलके आने वाले थें ठाकुराइंन कों बारबार झटका लगता औऱ कथाबीच मे रोकनी परती पऱ अब झटका एक् बार मे हि मेनेदे दिया हैं
आज केँ लिये इतना हि आज कां update कैसालगा जरूर बताना मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Next part miss mat karna
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