तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 13
बीच निकारे आर्नव सोनल कों लिये बैठा थां आर्नव केँ चिपक केँ मीना बिकनी पैंटी मे बैठी थि सूरज ढलतेजा रहा थां धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंधेरा होनेलगा थां
मीना सोनल कों देख - रहो बाप केँ पास हि मेरेपास आनां भि मत बापू कि लाडली जबभूख लगती हैं तौ मा कि यादआती हैं बाकी वक्त पिताजी केँ गोद मे
आर्नव हस्ते हुवे सोनल कों कों प्रेम सें देखते हुवे - कियुंकी मेरी प्यारी बेटी आपके जयदा मुझसे अपने पिताजी सें प्रेम करती हैं कियु सोनल बेटी
सोनल तौ बच्ची थि कुछ महीने कि मगर प्यारी आखो सें आर्नव कों एक् तक देखते जारही थि
पवन भि वहाआता हैं हाथो मे कोफ़ी लियेपवन आर्नव मीना कों कोफ़ी देता हैं स्वयं भि लेके आर्नव केँ बगल मे बैठ जाता हैं सब सुंदर नाज़रे समुंदर कों देखने लगते हैं यहा संतिचैन थां
पवन समुंदर कि हुस्न देखते हुवे - याद हैं जब तुम् हमे अचनाक् यहा लेकेआये थें फिन बताया थां तूने किया कांड किया हैं हमे कियुगाव छोरइस स्थान लेकेआये सभी जनके तोँ हमारे होसउर गये थें
तभी सोनल रोने लगती हैं मीना प्रेम सें सोनल कों गोद मे लेके एक् चुचे निकल निपल सोनल केँ मुह मे दे देती हैं सोनल भि पीने लगती हैं
पवन आर्नव यहदेख मुस्कुराने लगते हैं
मीना - अपनेसही कहा लाला लरना सिखता थां जिया ठाकुर कि बेटी सें प्रेम औऱ कों खून खराबा सभीकुछ तूने छुपा केँ रखा हमनेअगर भाग केँ नहीं आनां परता तोँ तुम् कबसच बताते पता नहीं
आर्नव - मा उसके लिये माफीकई बार आप् दोनों सें मांग चुकाहु असल मे सच मे कुछ वक्तबाद बताने वाला थां
मीना आर्नव कों ताड़ केँ देख गुस्से मे - अच्छा पायल कों चोद दिया जिया कों फसा लियादो दो मेरेपीठ पीछे चक्कर चलारहे थें औऱ अच्छे बनरहे होँ
पवन धीरे-धीरे सें आर्नव सें - बेटा तेरीमा यहभूल गई तूने कितनो कों मारा हैं मगरयह नहीं भूलि नां भूलेगी तूने पायल जिया केँ संग चक्कर चलाया हैं एक् महिला कभी भि अपने मर्द कों किसी औऱ केँ संग नहींदेख सकती तेरीमा हैं मगरअब तेरीमा पत्नि दोनों हैं समझरहा हैं नाँ
आर्नव धीरे-धीरे सें - जी पिताजी समझरहा हु
मीना आर्नव पवन कों देख गुस्से सें - क्याँ खुसुर् फुसुर् हौ रही हैं हा
पवन आर्नव डरते हुवे - कुछ नहीं
मीना गुस्से मे - सारे मर्द एक् जैसे ठरकी होते हैं कोई औऱ मिली तोँ लपक लेते हैं
आर्नव - पिताजी अब चलना चाहिये अंधेरा होँ गय़ा हैं
पवन - हा बेटा चलो
मीना दोनों कों गुस्से देदेख सोनल सें - बेटी तेरे दोनों बाप एक् जैसे हैं
( 9 बजे ) खानां पीना होने केँ बाद
आर्नव बैड पे लेता थां बीच मे सोनलसो रही थि आर्नव सोनल कों देखते हुवे - मा हमारी बेटी आप् पे गई हैं पूरी
मीना सोनल कों प्रेम सें देखते हुवे - बेटी मा पे हि जाती हैं लाला
आर्नव मीना कों देख - मा दूसरे बच्चे कां प्लान करे किया कहती हैं आप्
मीना आर्नव कों देख - नहीं लाला बच्चे कों पालन बारा करनायह एहसास तोँ मा केँ तोर पे कर लिया थां मगर अपनीकोख मे 9 महीने बच्चे कों रखना जन्म देतेसमय वोँ दर्द पहलीबार बच्चे कों देख्ना दूध पिलाना यह एहसास तूने मुझे दिया एक् महिला मा नहींबन पाये तोँ पूरी जीवन उसकादुख रहता हैं लालातु हमारी जीवन मे आया तोँ मुझे उसका भि गम नहीं थां मेने बच्चे करने कां फैसला इस लिये लिया ताकि हमारे प्रेम कि एक् निसानी हौ दूसरी मे तुम्हे अपनादूध नहीं पिलापाई थि इस लिये भि मगरअब सारी खुशी तूने मुझेदे दि हैं अबबस एक् बहु पोता पोती चाहिये
आर्नव मुस्कुराते हुवे - अच्छा यहबात हैं बहु आयेगी तौ आधा टाइमउसे देना परेगा मुझे
मीना मुस्कुराते हुवे - चलेगा मुझे मेरी नजरो केँ सामने तुम् होँ यही मुझेचैन देता हैं
आर्नव सोनल कों साइड मे लेता केँ आर्नव मीना केँ पासआके मीना केँ दोनों चुचे नाइटी सें निकाल दबाने लगता हैं मीना आर्नव कों देखते हुवे - अहह लालाउफ धीरे-धीरे मेरे सोनल पे बापू
आर्नव दोनों निपल दबाने लगता हैं तोँ दूध कि तेजधार निपल सें निकलने लगते हैं आर्नव मीना कों देखते हुवे - मा अभि भि बहुतदूध बाचा हैं दोनों चुचेदूध सें भरे हुवे हैं अभि भि
मीना आर्नव कों देखते हुवे - उफअहह लालाबचा हैं तोँ पीले नाँ अहह तेरीमा केँ दूध तुम को मनपसंद हैं नां पीले मेरेलाल
आर्नव - हामा आपके चुचे केँ दूध बहुत मीठे हैं पीना हैं मुझे
आर्नव झुकते हुवे दोनों निपल कों एक् एक् करकेमुह मे लेके चूसने लगता हैं औऱ निपल कों जिब सें चाटने लगता हैं मीनाजोर सें सिसकिया लेनेआहे भरने लगती हैं गरम होने लगती हैं चूत गीली होने लगती हैं चुदाई कां जोस चढ़ने लगता हैं मीना - अहह मेरे बच्चे केँ पिताजी उफऐसे हि चुसोअहह अपनीमा केँ चुचे कों पीजाओ सभीदूध
5 मिनटबाद
आर्नव मीना कों नँगा करके घोरी बनाते हुवे मीना कि गांड कों फैला केँ गांड कि छेद देखते हुवे - मायाद हैं नाँ यहाआने केँ 10 दिनबाद आपकी गांड मारी थि
मीना आर्नव कों पीछेदेख - याद हि बेटा तूनेजान निकाल दि थि तेरे पिताजी मे भि
आर्नव मुस्कुराते हुवे - हामा अच्छे सें वोँ रातयाद हैं
( आर्नव मीनापवन केँ नीलमपुर इस स्थान आके केँ 10 दिनरात )
रात कों आर्नव मीना कमरे मे नंगेखरे थें आर्नव मीना सें - माआज आपकी मस्त मोटी गांड मारनी हैं
मीना आर्नव कों देख - लाला बहुत दर्द होगा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मा सुरु मे दर्द होगा एक् बार अंदरचला गय़ा तोँ मज़ा भि आयेगा
मीना पलंग पे घोरी बनते हुवे - ठीक हैं लालाआज रात अपनीमा कि गांड भि मारके फैला केँ बस धीरे-धीरे डालना दर्द होगा
मीना घोरीबनी अपनी चूत गांड कि छेद आर्नव केँ सामने कर देती हैं आर्नव मीना कों घोरीबने देख - माशपथ सें लरकी होँ याँ स्त्री घोरीजब बनती हैं तोँ गजब लगती हैं खासकर आप् जैसीबरे गांड वाली
आर्नव बैड पे गांड केँ पासबैठ जाता हैं अच्छे सें
आर्नव मीना कि गांड कों पकर दबाने मसलने हिलाने लगता हैं मीना कि गांडबरी मोती फैली हुइ थि गुडा हि गुडा थां जिसकी वजह सें गांड मस्तहिल रहे थें औऱ आर्नव कां दबाने मसलने हिलाने मे आनंद आँ रहा थां आर्नव - माउफजब भि आपकी मोती गांड कों देखता हु मे औऱ जोस मे आँ जाताहु ऐसी गांड केँ ड्रीम्स हरकोई देखता होगा
मीना मदहोस् जोस मे सिसकिया लेते हुवे - अहह लाला किसी सें मुझे क्याँ तेरीमा कि गांड हैं नां मोतीदेख दबाचोद जौ करना हैं कर
आर्नव मुस्कुराते हुवे गांड कों दबाते हुवे - अपनेसही कहामा
आर्नव गांड कों फैला केँ गांड कि छेद देखते हुवे - उफ मेरी सेक्सी मा आपकी गांड कि छेद बहुत मोती हैं अहहदेख केँ पानीमुह मे आँ गय़ा मुझे चाटना हैं स्वाद लेना हैं आपकी गांड कां
मीना हैरान आर्नव कों देख - नहीं बेटा वोँ गंदी स्थान हैं मेरेलाल
आर्नव - नहींमा आपकी बॉडी कां कोई पार्ट भि गंदा नहीं हौ सकताबस आप् घोरीबनी मजेलो आपका बेटा अच्छे सें प्रेम करने वाला हैं
आर्नव दोनों हाथो सें गांड फैला केँ जिब सें गांड कि छेद चाटने लगता हैं मीना एकदम सें उछल परती हैं जोर सें सासे लेने लगती हैं
मीना पागल मदहोस् होके - अहहउफ मा लालायह कैसा आनंद हैं मेरे बेटे गांड कि छेदतु जिब सें चाटरहा हैं तौ मुझेअलग हि मज़ामिल रहा हैं उफ सायद हि कोई होगा तौ गांड कि छेद चाटता होगाचाट मेरे बेटे अपनीमा कि गांडचाट आनंद आँ रहा हैं मुझे बहुत मज़ा
आर्नव जिब सें गांड कि छेद चाटते हुवेमन मे - यह गंदा बाकी केँ लिये होगा मुझे तौ अलग हि खुशबु स्वाद मिलरहा हैं अहहमा कि गांड कि छेद बहुत मस्त हैं चाटने मे मज़ा आँ रहा हैं
मीना कि चूत पानीबहा रही थि नीचे सें औऱ मीनानये मजे मे गोतेलगा रही थि 6 मिनटबाद
आर्नव अपना लन्ड पकरछेद पे रखते हुवे बहुत साराथूक गांड मे गिराके गांड केँ टोपे सें अच्छे सें छेद पे लगाने लगता हैं गांड कि छेद पे थूकगरम टोपाफिल करके मीना औऱ मदहोस् होके सिसक् परती हैं
आर्नव अच्छे सें लन्ड छेदथूक सें गिला करते हुवे - मा तैयार हैं आपकी गांड बहुत मोती हैं जयदा दर्द नहीं होगासेह लेनाठीक हैं
मीना - उफ लालासेह लुगी गांड चटाई कां मज़ा तौ तूनेदे दियाअब गांड चुदाई कां आनंद मुझे जल्द सें लेना हैं डालदे बेटा गांड मे लन्ड
आर्नव अपना लन्ड कस केँ पकरते हुवे गांड कि छेद पे टोपा रखते हुवे पुरे ताकत सें लन्ड अंदर घुसाने लगता हैं मीना कि हालत खराब होने लगती हैं दर्द मे बैडजोर सें पकर लेती हैं फक केँ संगआधा लन्ड अंदरघुस जाता हैं मीनाजोर सें चीख परती थि आखो सें आसु निकलआते हैं आर्नव आधे पे हि लन्ड अंदर बाहर् करते हुवे - अहह कितना टाइट हैं मा आपकी गांडबस हौ गय़ा थोरा औऱ बचा हैं
मीना दर्द मे सिसकते हुवे - मर गई अहहमा बहुत दर्द हौ रहा हैं लालाऐसा लगरहा हैं मेरी गांडफट जायेगी अहहयह दर्द बहुत जयदा हैं
आर्नव थोरातेज धक्के मारते हुवे अपनाथूक भि गांड केँ छेद पे गिरते जारहा थां जिसकी वजह सें लन्ड अपनी स्थान बनाते हुवे अंदर धीरे-धीरे धीरे-धीरे जाते रहता हैं फच्फक कि आवाजे निकलने लगती हैं
मीना दर्द मे - अहह लालाअब कितना बचा हैं बहुत दर्द होँ रहा हैं
आर्नव मीना कि गांड पे हाथरखे धक्के मारते हुवे - बसमा हौ गय़ा थोरा हि बचा हैं अहहमा शपथ सें आपकी गांड मरने मे अलग हि मज़ा आँ रहा हैं आपकी चूत भि कसी हैं आपकी गांड तौ औऱ कसी हैं
आर्नव धक्का मारना बंद करता हैं औऱ धीरे-धीरे सें लन्ड गांड सें निकाल देखता हैं मीना कि गांड कि छेद पूरी फैला गई थि आर्नव देख मुस्कुराने लगता हैं मीना हफ्ते हुवे अपनी गांड कि छेदबंद खोलते हुवे - अहहउफ लाला तूने मेरी गांड कि छेद फैलाडी मुझेफिल हौ रहा हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मा अच्छा हैं नाँ आगे सें जयदा दर्द नहीं होगा
मीना - अहहउफ चलडाल दे आनंद बहुत आँ रहा थां मुझे
आर्नव मुस्कुराते हुवे मीना कि गांड केँ पुराउपर आके गांड मे लन्ड डालके चुदाई करने लगता हैं मीना दर्दमजे मे - अहह दर्द मे आनंद आँ रहा हैं आखिर गांड चुदाई कां आनंद लें रहीहु यह मज़ाअलग हैं सच मे गांड चुदाई चटाईअहह लाला औऱ कुछबचा हैं किया
आर्नव चुदाई करके हुवे - मा महिला कों खुश करके प्रेम चुदाई करने केँ बहुत तरीके हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे आपकोबता चलता जायेगा आनंद भि मिलते जायेगा अहहमा बहुत मज़ा आँ रहा हैं
चुदाई कमरे मे चलरहा थां तबी कमरे मे पवनआता हैं सामने कां नजारा देखपवन हिल जाता हैं मगरजब देखता हैं मीना आर्नव दोनों फुलमजे मे हैं तौ मुस्कुराते हुवे दोनों केँ पास जाकेखरा हौ जाता हैं मीना आर्नव पवन कों देख हैरान होते हैं
मीना घोरीबनी आर्नव कां लन्ड गांड मे लेते हुवे - अहह पति जि आप्
पवन मीना कों देख मुस्कुराते हुवे - वाउ मीना मेरीजान गधेे जैसा मोटा लम्बा लन्ड अपनी गांड मे लें लिया औऱ मजे सें गांड मरवा भि रही हौ मान गय़ा तेरी आर्नव बेटा कहा थां नाँ तेरीमा कि गर्मी तुही निकाल सकता हैं जितना चोदोइसे कों हि परता हैं
मीना गुस्से मे पवन कों देख - उफअहह आपको क्याँ मेरे लाला मेरी चुदाई करता हैं आप् नहींचुप रहिये
आर्नव पवन कों देख - पिताजी आप् भि सामिल होँ जाइये आज बाप बेटा संग मे मा कि चुदाई करेगे
पवन जल्द सें नँगा होके - चलोफिन मे ऐसा मोक्का केसे जानेदे सकताहु
आर्नव अपना लन्ड निकाल लेता हैं मीना बैठते हुवे आर्नव पवन कों देख हफ्ते हुवे - नाँ बाबा मे दोनों कां नहीं लुगी
आर्नव मीना कों करवट लेता केँ - लेना परेगा बापू आप् लेत जाइये मा कि गांड मे घुसा दीजिये लन्ड
पवन भि जल्द सें मीना केँ पीछेलेत एक् तांगे उठा केँ अपना लन्ड मीना कि गांड मे घुसा देता हैं मीना दर्दमजे मे - अहहमर गई
पवन लेते लेते गांड चुदाई करने लगता हैं आर्नव मीनामुह मे लन्ड दि देता हैं मीनामजे मे लन्ड चुसाइ केँ संग गांड चुदाई कां आनंद लेने लगती हैं पवन गांड मारते हुवे - अहहयह कैसा आनंद हैं बेटा मेरीजान मज़ा आँ रहा हैं तेरी मोती गांड मरने मे तु तोँ बहुतमजे लेती हैं अपने बेटे केँ संगअहह बहुतकसी गांड हैं तेरीअहह मज़ा आँ रहा हैं
मीनामन मे - सोचा नहीं थां बाप बेटे मेरी एक् संग चुदाई करेगे मगरअब जब हौ रहा हैं तौ मुझे बहुत जयदा आनंद आँ रहा हैं
अबपवन नीचे लेता मीना कि कमर पकरे चूत मारने लगता हैं औऱ आर्नव घुटने मे बैठे मीनाह केँ बाल पकरे गांड मरने लगता हैं मीना केँ दोनों छेद मे लन्ड अंदर बाहर् हौ रहा थां औऱ मीनामजे सें अपनी गांड चूत मे लन्ड लेँ रही थि मीना - अहह बाप बेटे मेरी गांड चूत कि हालत खराब करके मानेंगे अहहमगर मज़ा बहुत आँ रहा हैं
आर्नव गांड मारते हुवे - बापू आपको मज़ा आँ रहा हैं
पवन चूत मारते हुवे - बहुत आनंद आँ रहा होँ बेटा मगर मेराआने वाला हैं जनता हैं नाँ मेरी प्रॉब्लम मगर इतने मे अलग हि मज़ाआया बाकीतु हैं नां इसगरम माल कि आग ठंडा करने केँ लिये
( पर्जेंट )
सभीयाद करके मीना - उसकेबाद सें तुम् बाप बेटेसंग मे मेरी हफ़्तो मे दोबार चुदाई करते आँ रहे होँ तेरे बापू केँ अंदर वोँ दम नहीं हैं होता तौ रोज तुम् दोनों मेरी गांड चूत कि हालत बिगार् देते हैं
आर्नव चूत मे लन्ड घुसा केँ कमर पकरेतेज धक्के मारते हुवे - मेरीमा मेरीमाल मेरी बेटी कि मा तेरालाल हैं नाँ अकेला आप् कि चूत कि गर्मी निकलने केँ लिये
मीना दर्दमजे मे - अहह जानती हु मेरेलाल अहहऐसे हि तेज धक्के मार बेटा अहह बहुतचैन मिलरहा हैं
( जानकी हवेली )
अनाया केँ कमरे मे जिया अनाया खाट पे लेते हुवे बातें कररहे थें
जिया - दिदी मुझेयह सादी नहीं करनी मे जानदे दुगी चलिये कहीभाग जाते हैं मुझे केवल अरुण चाहिये वही मेरे शरीर कां हकदार हैं
अनाया जिया कों देखते हुवे - जियाबात कियु नहींसमझ नहीं अरुण केँ संग पुरागाव गायब हौ गय़ा हैं आज तक कोई एक् भि नहींआया गाव मे दूसरी अरुण नें एक् बार भि मोबाइल किया तुम कोहमे किसी कों
जिया - मजबूरी होगी अरुणजी कि मामाजी नें पुरागाव वालो कों अरुण कों सभी कों मरने केँ लियेलोग भेजे थें बताइये फिन क्याँ करते अरुणजी गाव वाले
अनाया - देखो जिया मामाजी उस टाइम गुस्से मे थें इस लिये अरुण केँ संगगाव वालो कों मरवा देना चाहते थें यहबात मा कों नहींपता थि अगरपता होगा मामाजी किया करनेजा रहे हैं तोँ मामाजी कों रोक देती पऱ अरुण कों मरने सें नहीं रोलती कियुंकी अरुण नानाजी जी कां कातिल हैं
जिया अनाया कों देख - आपको लगता हैं अरुणजी नें नानाजी जी कों मारा होगा मारना होता तोँ उसीदिन बार देते
अनाया - तुम् सही हौ मे भि उसी उलझन मे हु
अनाया मन मे - औऱ दूसरी एक् बरी उलझन मे भि लॉकेट कां राज मुझेपता चल गय़ा हैं मगर अरुण कां मोबाइल बंद हि बतारहा हैं मे रोजचेक करतीहु सायदआज मोबाइल लग जायेमगर नहीं प्लेस अरुण मोबाइल चालूकरो मे बहुतबरी उलझन मे हु मुझे प्रश्न केँ जवाब औऱ सच जानना हैं क्याँ तुम् मेरे भइया हौ याँ नहींयह बेचैनी बेताबी मुझेरोज खायेजा रही हैं नींदउर गई हैं जब सें मा नें मुझे वोँ भयानक सच बताया हैं तब सें
जिया - दिदी कहाखो गई
अनाया होस मे आते हुवे - कही नहीं
जिया - दिदी प्लेस कुछ करिये 5 वेदिन हमारी सादी हैं मुझे नहीं करना आप् करलो मुझे अरुणजी केँ पास जानां हैं
अनाया जिया कों देखते हुवे - जियाबात समझअब हालतअलग हैं अब तोँ औऱ भि तेरी सादी अरुण सें नहीं होगी कियुंकी नानाजी जी कों मारा हैं उसने दूसरी मुझेपता होता अरुणकहा हैं तौ सोच भि सकती थि नाँ कोईखबर नां कुछ जिया हम् दोनों कि 5 वेदिन सादी हैं एक् नां एक् दिन सादी करनी हि हैं अरुण कों भूलजाओ उसे भि पता हैं तुम् दोनों एक् नहीं होँ सकते
जिया इमोनल होते हुवे - मगर उन्होंने जाने केँ दिन मैसेज किया थां उसका क्याँ
अनाया गहरी सासू माँ लेके - देखो जिया एक् साल सें उपर होँ गयेउसे आनां होता याँ तोँ एक् बार जरूर हमने बातें करतामगर मोबाइल नां मैसेज कुछ नहींआया जियाअब जयदा सोचने कां कोई फायेदा नहीं हैं सादी कि तैयारी सुरु हौ चुकी हैं
अनाया मन मे - अरुण तुम को नहींपता यहाइस एक् साल मे किया क्याँ हुआ हैं तुमसे नफरतकरू याँ नहींसमझ नहींआता तुम् मेरे नानाजी केँ कातिल होँ याँ नहीं मेरे भइया हौ याँ नहींयह प्रश्न राज मुझे जानना हैं औऱ यहतब होगाजब तुमसे बात होगी याँ मुलाकात प्लेस एक् बार काँटेंट करो मुझसे
( जानकी रूम )
जानकी रेडकलर कि नाइटी पहनेखाट पे लेती मोबाइल पे बातें करने मे लगी थि
अंजान - जानकी 5 वेदिन जिया अनाया कि सादी हैं उस घटना केँ बाद बहुतकुछ हुआ तुमने सभी नें बहुतकुछ सहामगर जानकी जीवन चलती रहती हैं रुकती नहीं
जानकी - जानती हु
अंजान - हु जानकी अबहमे हमारे बरे मे सोचना चाहिये अनाया जिया केँ सादी केँ बाद तुम् फ्री होँ जाउंगी तब हम् खुल केँ प्रेम कर पायेंगे
जानकी थोरा लज्जा सें - हु
अंजान - मेरीजान दिल करता हैं अपने सीने सें लगाये रखू तुम कोखूब प्रेम करतेरहु वैसेआज कोन सि कलर कि नाइटी पहनी हैं
जानकी शर्मा केँ - लालकलर कि
अंजान - लाल औऱ वोँ पिंक हैं छेद तुमहारा
जानकी सर्म सें थोरागरम होकेतेज सासे लेते हुवे - हु
अंजान - जान अंदर मे पैंटी बिकनी पहनी हैं याँ आज भि नहीं पहनी
जानकी धीरे-धीरे सें - नां
अंजान अपना लन्ड मसलते हुवे - नाइटी निकालो नंगीलेत जाओ
जानकी गरम हौ गई थि चूत पूरी गीली चिपचिपी होँ गई थि जानकी नाइटी निकाल पूरी नंगीलेत जाती हैं उफ किया नजारा थां दोनों चुचे पुरेखरे पहार् जैसे दोनों काले निपलसुई कि तरहखरे थें पूरी बॉडी गोरी चिकनी चकम्रही थि चूत कि उभार फूली रोटी जैसी चूत केँ फाके चिपके मगरसाफ दिखरहा थां फाके मोटे होँ औऱ फाको केँ बीच सफेद पानी निकलरहा थां
जानकी मदहोस् होके - निकाल दिया
अंजान लन्ड बाहर् निकाल हिलाते हुवे - वीडियो कॉलआई करू
जानकी - नाँ
अंजान - ठीक हैं अपने दोनों चुचे दबाओ
जानकी केँ कान मे हेडफोन लगे थें
जानकी अपने दोनों बरे चुचे पे हाथ रखते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे दबाने लगती हैं
अंजान - दबारही हौ
जानकी सिसकिया लेते हुवे - हा
अंजान लन्ड हिलाते हुवे - कलउसी स्थान पे उसी वक्त आउंगी नाँ
जानकी चुचे धीरे-धीरे धीरे-धीरे दबाते हुवे मदहोस् होके - हा आउंगी
( निमलपुर ) सुभह 10 बजे
घऱ केँ बाहर् सुंदर बगीचे मे आर्नव पवन मीना बैठे हुवे थें औऱ मीना बैठी सोनल कों खेलारही थि
मीना - मेरी प्यारी बच्ची कितनी प्यारी हैं सुंदर हैं मेरेउपर गई हैं अपनीमा केँ ऊपर हैं नां मेरी बच्ची
पवन - बेटा यहाआने सें पहले मेरी तेरीमा कि जीवनकाम घऱ संभालने मे हि चली गई कईबार सोचा तेरीमा कों कही घुमाने लेकेजाऊ मगरकही लें नहींजा पायाजब तुम् हमेयहा इस सुंदर चैनभरी स्थान लेकेआये तौ यहसाल बहुत अच्छे सें मेने तेरीमा नें जिया हैं
मीना आर्नव कों देखते हुवे - हा बेटा तेरे पिताजी सहीकेह रहे हैं वैसे तोँ मुझे जयादा कई जाने घूमने कां मन नहीं करता थां पर्र कभीकभी कही घूमने जाने कां मन होता थां पर्र गरीबी हमेकही जाने नहीं देती थि पऱ यहाआने केँ बाद मुझे बहुत खुसिया चैन मिला हैं इस स्थान सभी सें बरीखुश खबरीआई मे पेट सें हुइ इस स्थान सोनल पैदा हुई मगर अपना मीठी अपना होता हैं बहुतयाद आती हैं वोँ पाहरी अपनाघऱ गाव अपनेलोग
आर्नव - मुझे भि मा बहुतयाद आती हैं मगर अपनी जमीन मीठी अपनेघऱ गाव जरूर जायेंगे
पवन - बेटा लराइ नहींखून खराबा फिन सें मत करना
मीना - हा बेटा ठाकुर् लोगो सें दूर हि रहो
आर्नव - मा एक् बार लरना हि होगा नहीं तोँ हम् अपने मिट्टी जमीन अपनेघऱ नहींजा पायेंगे
मीना - कोईबात नहींकही भि जी लेगेमगर तुम् फिनउस सभी मे नहीं परोगे
पवन - बेटा तेरीमा सहीकेह रही हैं
आर्नव दोनों कों देख - पिताजी मामगर गाव वालो कां क्याँ बोलिये हम् जी लेगेकही भि मगरगाव वाले तोँ उमीद मे बैठे हैं नां कब उनको बुलाया आयेगा
आर्नव कि बातसुन पवन मीनाकुछ केह नहीं पाते
आर्नव मीनापवन कों देखते हुवे - बापूमा उस वक्त हालतऐसी थि हमे मजबुरन गावछोर दौड़ना पारा थां मगरइस बार हम् तैयारी सें जायेंगे मेरे मास्टर सभीसंग हैं इसबार सारा मामला खतमकर देदे कोसिस करुगा जयदाखून खराबा नाँ हौ
मीना घबराते हुवे - तुम्हारी तरफकुछ होँ गय़ा तोँ मेरा सोनल कां तेरे बापू केसे जियेंगे बोल
आर्नव - मा वादा हैं मुझेकुछ नहीं होगा मुझे भि आप् सोनल पिताजी केँ संग अच्छे सें लाइफ जीनी हैं स्वयं केँ लिये होता तौ अलगबात थि मगर पुरेगाव कि बात हैं मेरीवजह सें सभी कों गावछोर केँ दौड़ना परा थां मगर मेने वादा किया थां सभी कों अपनेगाव जमीन मे फिन सें लाने कां पीछेहट गय़ा तौ मे यहसोच जी नहीं पऊगा सुकून सें
पवन - मीना आर्नव बेटा सहीकेह रहा हौ देखो मे स्वयं नहीं चाहता आर्नव फिनवहा जायें मगर नहीं गय़ा तौ आर्नव बेटे सुकून सें नहींजी पायेगा मे अच्छे सें जनताहु
मीना आर्नव पवन कों देख - ठीक हैं जब जानां होगातब बाते करेगे अभि यहसभी बाते करनाबंद करो
( शाम 3 बजे )
मीना आर्नव नंगे चुदाई कां खेलबीच किनारे खेलरहे थें मीना पूरी नंगी घोरीबनी हुई थि आर्नव गांड मे हाथरखे घुटने मे बैठातेज धक्के माररहा थां मीनाजोर जोर सें अहहउफ माकररही थि तेज धक्के सें मीना केँ दोनों बरे चुचे बॉडी मस्तहिल रही थि फच्फच् फटफट कि आवाजे गुजरही थि बीच किनारे
आर्नव मीना कों समुंदर कि तरफ घूमा केँ बाल पकरेतेज धक्के मारते हुवे - माअहह आपकीगरम चूत उफ जितनी बार मारता हुमन नहीं भरताउफ सोनल कों निकाला हैं फिन भि आपकी चूत कसी हुईँ हैं
मीना दर्दमजे मे - अहह मेरेलाल कसी चूत मुझे मनपसंद हैं नाँ अपनीमा कि कसीगरम चूत इस लिये मे अहह स्लिम रहने कि कोसिस करतीहु ताकि तुम्हे मेरीमा कि कसी चूत मिलेअहह लालाचोद मुझेअहह
( जानकी गाव )
झरियो केँ पीछेउसी स्थान जानकी लेती हुई थि अंजान जानकी केँ ऊपर लेता थां जानकी दोनों पैरो सें बाहों सें अंजान कों जकर् पकर् केँ रखी थि अंजान जानकी कों देखते हुवे धक्के माररहा थां जानकी सिसकिया अहहउफ कररही थि
अंजान जानकी कों देख धक्के मारते हुवे - मज़ा आँ रहा हैं मेरीजान
जानकी अंजान कों देखते हुवे - बहुतअहह धीरे-धीरे लगरहा हैं
अंजान - तुम् किसकी होँ
जानकी सिसकिया लेते हुवे - आप् कि
अंजान जानकी केँ एक् चुचे दबाते हुवे - यहसभी किसका हैं
जानकी दर्दमजे मदहोस् मे - अहहसभी आपका
अंजान - खुल केँ कहो मेरीजान
जानकी पुरेजोस गरम होके - अहह मे मेरी बॉडीयह चुचे चूत सभी आपके हैं
अंजान तेजजोर कां धक्का मारता हैं जानकी कि चीख निकल जाती हैं आखो सें आसु निकलआते हैं
अंजान जानकी केँ चुचे दबाते हुवेफिन जोर सें एक् धक्का दे मारता हैं जानकी फिनचीख परती हैं तरप उठती हैं
जानकी अंजान कों देख दर्द मे आसु लिये - दर्द होँ रहा हैं बहुत
अंजान - दर्द मे मज़ा हैं मेरीजान
अंजान एक् शॉट औऱ जोर सें मारता हैं जानकी कि सासेरुक जाती हैं
15 मिनटबाद
जानकी अंजान अपने रास्ते निकल परते हैं
( 5 वेदिन )
आज हवेली पूरीतरह चमकरही थि आज अनाया जिया कि एक् संग सादी होने वाली हैं हवेली मे दो बारात नहीं एक् बारात हि आने वाला हैं अनाया जिया दोनों कि सादी एक् घऱ मे हि हौ रही थि
गाव मे बरी घटना केँ बाद इतनी जल्द सादी हौ रही हैं घऱ मे इसबात कां चर्चा पुरेगाव मे चलरहा थां मगर ठाकुर् केँ सामने कोन बोलने कि हिम्मत करता औऱ गाव वालो कों कोई मतलब भि नहीं थां
कमरे मे जिया अनाया कों रेडी बैठे थें जिया केँ आखो मे आसु थें
जिया अनाया सें - दिदी मे
अनाया जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - चिंता मतकरो कोईआने वाला हैं
जिया हैरान होके - अपने कहने कां मतलब क्याँ हैं कोनआने वाला हैं
अनाया जिया कों देखते हुवे मुस्कुरा केँ - सोचोकोन होगा
जिया एकदम सें खुश होके - अरुणजी तौ नहीं
अनाया - हा
अनाया केँ चेहरे पे अलग हि खुशी थि ऐसी खुशी जौ बया नहीं कियाजा सकता थां
जिया अनाया कों देख हैरानी सें - दिदी आप् आज बहुत जयदा हि खुश हैं इतनाखुश तोँ मेने आपकोकभी नहीं देखा
अनाया जिया केँ होठो पे हाथ रखते हुवे - सन्त धकमा होने वाला हैं तुम् बाकीसभी कोई पुरेशोक होने वाले होँ आज
अनाया मन मे - पूरीशोक हिली तौ अभि मे भि हुमा आपकेयह उमीद नहीं थि
बारात दरवाजे पे आती हैं बाहर् पंडाल सजा थां लोगो कि भीर थि दोनों लरके कों लाया जाता हैं दोनों लरके अपने सिहासन पे बैठ जाते हैं जानकी पदमा अनाया जिया कों लेकेआने लगते हैं बारात मे आयेहर कोई जानकी कि हुस्न देख पागल हौ रहे थें संग मे जिया अनाया पदमा कों देख केँ भि
दूल्हा 2 अनाया कों देख - भइया आपकी वाली मस्तमाल हैं आपकेमजे हि मजे हैं
हुल्हा 1 जिया कों देख - तेरी वाली भि मस्तमाल हैं क्याँ बोलता हु दोनों केँ संगमजे करेगे दोनों भइया क्याँ बोलते हौ
हुल्हा 2 खुश होके - जरूर भइया मुझे मंजूर हैं
अनाया जिया कों उपर लाया जाता हैं दोनों दूल्हे केँ सामने जय माला दिया जाता हैं दोनों हुल्हे जैसे हि अनाया जिया केँ गले मे माला डालने वाले होते हैं एक् करकतेज दहार् कि आवाज़ आती हैं
वहीरुक जाओयह सादी नहीं होँ सकती
सब आवाज़ कि तरह देखते हैं वोँ आर्नव नहीं थां पऱ आर्नव कां हि व्यक्ति थां आर्नव एक् साल केवलमजे नहीं किया प्लान भि बनारहा थां वापसी कां ताकिसभी मामला खतम कियाजा सके सामने 40 साल कां एक् व्यक्ति थां
नाम - राजपाल
सभी केँ सभी राजपाल कों देखने लगते हैं जानकी राजेस हैरान राजपाल कों देख हैरान थें कोन हैं कियु सादी रुकवा रहा हैं
जिया भि हैरान थि अनाया नें कहा थां अरुण आयेगा पऱ आया 40 साल कां एक् अंजान व्यक्ति
जिया अनाया सें - दिदी अपने तोँ कहा थां अरुण आयेगा
अनाया जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - आये हैं जिया हमारे पास हि हैं बस देखती जाओ
अनाया मन मे - भइया आप् कहा हैं आखिर आप् आहीगये मुझे आपको देख्ना आपकेगले लगना हैं
आर्नव भीर मे थां नयेरूप केँ संग अनाया कों सारा प्लान पता थां आर्नव नें बताया थां मगरकोई भि आर्नव कां असलीरूप नहीं देखा थां
आज केँ लियेइतना हि - update कैसालगा जरुरु बताना बाकीकल सें सारेराज खुलने वाले हैं आर्नव केसेआया एक् साल मे क्याँ क्याँ हुआसभी कुछराज खुलने कां वक़्त आँ गय़ा हैं मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 14
सादी केँ बीच रामपाल आके सादी रुकवा केँ लोगो केँ बीच हलचल पैदा करदी थि हरकोई हैरान जोँ होँ रहा थां देख खुसुर् पुसूर करने लगते हैं
जानकी राजेस दोनों भइया बहन रामपाल केँ पास जाकेखरे होँ जाते हैं
जानकी रामपाल कों धीरे-धीरे सें मगर गुस्से सें - तुम् कोन होँ औऱ सादी रुकवाने कि तेरी हिम्मत केसे हुई
राजेस रामपाल सें गुस्से मे - जानते नहीं हम् कोन हैं चुपचाप यहा सें चलेजाओ नहीं तौ जान सें हाथ धोना परेगा
आर्नव एक् स्थान खरे रामपाल कों देख इसारा करता हैं रामपाल आर्नव कों एक् नजरदेख समझते हुवेहा करता हैं
रामपाल जानकी कों देख - अच्छे सें जनताहु आप् दोनों कोन हैं अलग मे बातयह हैं जिया बेटी मेरे बेटे सें प्रेम करती हैं
जानकी राजेस हैरान शोक एक् दूसरे कों देखते हैं
जानकी रामपाल सें - पऱ जिया नें मुझे किसी कों नहीं बताया वोँ किसी लरके सें प्रेम करती हैं
रामपाल - ठाकुराइंन डर कि वजह सें जैसे मेरे बेटे नें मुझे नहीं बताया
राजेस - डर कैसाडर
रामपाल मुस्कुराते हुवे - अमीर गरीबी कां मान सम्मान कां डर
रामपाल कि बातेसुन जानकी कि आखे थोरिफैल जाती हैं जानकी कों समझते देर नहीं लगती रामपाल केँ कहने कां मतलब किया थां कियुंकी जानकी स्वयं उस सें गुजरसेह फिलकर चुकी थि
जानकी - आपकोफिन केसेपता चला
पदमा भि आके जानकी केँ पासखरी हौ गई थि
रामपाल दुखी इमोसनल होके - मेरा बेटा फासी लगाने जारहा थां यह तोँ सुकर हैं मेनेदेख लिया जाके रोकाजब मेने पूछा अपनीजान कियुदे रहा हैं तौ उसने मुझे बताया इस लिये मे मजबूर होके एक् बाप बेटे केँ जीवन केँ लिये आपकेपास आया हैं ठाकुराइंन
जानकी राजेस पदमाहिल जाते हैं सच जनके
रामपाल जानकी केँ सामने हाथ जोकर - प्लेस मेरे बेटे कां प्रेम उसेदे दीजिये जनताहु हम् गरीब हैं आपके सामने हमारी कोई ओकात नहींमगर ठाकुराइंन दो प्रेम करने वाले कों अलग नहीं करना चाहिये नहीं तौ दोनों खुश नहींरह पायेंगे
राजेस - यह क्याँ बकवास हैं तुम् जाओयहा सें फालतू कां तमाशा मतकरो
जानकी राजेस कों देख - रुक जाइये भैया
जानकी पदमा कों देख - पदमा तेरा फैसला किया हैं
पदमा - दिदी मुझेबस अपनी बेटी कि खुशी चाहिये
पीछे अनाया जिया केँ कान मे कुछ बताने मे लगी थि
जानकी पीछे जिया अनाया कों देख - दोनों यहाआओ
अनाया जिया जानकी केँ पासआते हैं
जानकी जिया सें - क्याँ तुम् सच मे इनके बेटे सें प्रेम करती होँ
जिया डरते हुवे-जी चाची करतीहु
जानकी - तोँ तुम को मुझे बताना चाहिये थां नां
जिया - वोँ डरती थि आप् मा गरीब लरके सें सादी नहीं करेगी
जानकी - किया होताअगर आज तुम्हारी सादी हौ जाती तौ
जियासभी कों देख - मे अपनीजान दे देती
पदमा जानकी राजेस पुरेहिल जाते हैं
जानकी सरपकर रामपाल कों देख - अच्छा हुआ आप् आँ गयेसही टाइम रहते नहीं तौ दो जीवन तबाह होँ जाती औऱ मे कभी अपने आप् कों माफ नहींकर पातीठीक हैं जिया कि सादी आपके बेटे सें होगी मुझे गरीब अमीर सें फर्क नहीं परता
आर्नव सभीदेख मुस्कुराते हुवेमन मे - जनता थां आप् कां फैसला किया होगा ऑन्टी मेरी कातिल मामगर मेरेसंग इतना बुरा कियु क्याँ कियु
तभी अनाया डरते हुवे - मा मुझे भि यह सादी नहीं करनी हैं मे भि किसी सें प्रेम करतीहु
अनाया कि बातसुन फिन तीनों हिल जाते हैं
जानकी हैरान अनाया कों देख - अब तुम् किससे प्रेम करती होँ
अनाया डरते हुवे - वोँ जिया कां बॉयफ्रेंड हैं नां उसका मित्र हैं
जिया जानकी कों देख - चाची दिदी सहीकेह रही हैं
राजेस जिया अनाया दोनों कों गुस्से सें देख - तुम् दोनों क्याँ क्याँ नाटक करनेलगी बारात आई हैं गाव केँ लोगसभी देखसुन रहे हैं औऱ तुम् दोनों हमारी पूरी इज़त मिट्टी मे मिलने मे लगी होँ
जिया अनाया डर केँ मरे जानकी केँ पीछेछुप जाते हैं
जानकी - सन्त भइया दोनों कि जान सें जयदा इज़त नहीं होँ सकती
जानकी रामपाल कों देख टेंसन मे - पऱ अब बारात लेकेआये हैं क्याँ करूयह सभी अभि हि होना थां बारात आने सें पहले होता तौ अच्छा रहता
जानकी राजेस सें - भइया बारात वापस लेके जाने कों बोलदो
राजेस हैरानी सें - गुरिया बता भि हैं तुम् क्याँ केहरही हौ वोँ जाने माने इज़त अमीर परिवार सें मे केसे जाके बोलू उनकी इज़त कां क्याँ
जानकी - मे कुछ नहीं जानती सभी सें बढ़ केँ मेरी बेटी भतीजी हैं
राजेस गहरी सासू माँ लेते हुवे - ठीक हैं
पीछे आर्नव लरके केँ बाप केँ कान मे कुछ कहके पीछेहट गय़ा थां लरके केँ बाप केँ चेहरे पे डर पसीने आँ गये थें
राजेस लरके केँ बाप केँ पासआके - सोर्री दोस्त मेरी दोनों भांजी
लरके कां बाप जल्द सें - कोईबात नहीं राजेस मे समझरहा हु देखो अच्छा हैं वक्त रहते सचाई सामने आँ गई ठाकुराइंन नें सही फैसला लिया हैं मे बारात लेकेलौट रहाहु तुम् अपनी दोनों भांजी कि उनके मनपसंद केँ लरके सें हि करो
राजेस खुश होके - थैंक्स दोस्त
बारात लौटने लगती हैं बारात मे आयेसभी लोगचले गारी मे बैठलौट जाते हैं
गारी मे पहला हुल्हा - बापूयह किया हम् लरकी लिये बैगर केसेजा सकते हैं
लरके कां बाप दोनों कों देख - चुपरह
लरके कां बाप मन मे - अगर पीछे नहीं हटता तौ मेरी लंकालग जाती
हवेली मे जानकी सबगाव वालो केँ सामने हाथजोर केँ - मे ठाकुराइंन सबगाव वालो सें दिल सें माफी मांगती हु मुझेपता नहीं थां मेरी बेटी भतीजी किसी सें प्रेम करती हैं अबजबपता हैं तोँ दोनों कि सादीउसी सें होगी जिसे दोनों प्रेम करते हैं आप् सभीजा सकते हैं मगर जल्द हि दोनों कि सादी धूमधाम सें होगी औऱ आप् लोगो कि सेवा अच्छे सें कि जायेगी बियर भि होगामटन भि
गाव वाले तौ इसी मे खुश होँ जाते हैं मटन बियर औऱ किया चाहिये थां गाव वालो केँ नजर मे जानकी कि इज़त औऱ बढ़ जाती हैं गाव वालेआपस मे बाते करते हवेली सें निकल अपनेघऱ लौट जाते हैं
जानकी रामपाल सें - आपका बेटा आया हैं
रामपाल आर्नव कों देख - बेटा आओ
आर्नव जौ नयेरूप मे थां अरुण वालेरूप सें थोरा सफ़ेद अच्छा दिखरहा थां
आर्नव जानकी राजेस पदमा केँ पेर छूके आशीर्वाद लेता हैं
जानकी आर्नव कों देख - बेटा नाम किया हैं तुम्हारा
आर्नव - जी संजय
जानकी - अच्छा नाम हैं जानकी तेरा दामाद मनपसंद आया
पदमा आर्नव कों देख - जी दिदी मुझेबस जिया कि खुशी चाहिये
जानकी - हुमगर अनाया तेरा लोवर् कहा हैं
अनाया - मा वोँ कल मिलवा डुगी आप् सभी सें
जानकी - हुचलो ठीक हैं यह सादी मे ऐसाकुछ होगा सोचा नहीं थां खैर जौ हुआ अच्छे केँ लियेहुआ
जानकी रामपाल कां देख - ठीक हैं आप् जाइये कल आहिस्ता हम् बाते करेगे फिन सादी कां दिनतय करेगे
रामपाल हाथ जोरते हुवे - जैसा आप् कहेचलो बेटा
आर्नव सब कों देख मुस्कुराते हुवे रामपाल केँ संग जाने लगता हैं
अनाया मन मे - भइयाकहा हैं दिखाई नहीं दिये
( हॉल मे )
जानकी पदमा राजेस मोनिका काजल बैठे बातेचल रही थि
पदमा - दिदी अच्छा हुआ रामपाल जीआके सादी रुकवा दिये नहीं तौ मे अपनी प्यारी बेटी कों खो देती तोँ मे जीतेजी मर जाती
पदमा रोने लगती हैं
जानकी पदमा केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे - बसबस रोनाबंद कर
राजेस - चलो अच्छा हैं सच सामने आँ गय़ा नहीं तौ गलत होँ जाता
जिया अनाया कमरे मे बैठे बातेकर रहे थें
जिया - दिदी अरुणजी कियु नहींआये औऱ यह लरकाअमन कोन हैं देखिये चल क्याँ रहा हैं
अनाया - जिया मे स्वयं अरुणजी कों नहीं देखामगर इतना जानती हु अरुणजी मे हि सभी किया हैं अरेहा मोबाइल करकेपूछ लेते हैं
अनाया आर्नव कों मोबाइल लागती हैं
आर्नव - जैसी हैं मेरी प्यारी गुरिया
अनाया नाराज गुस्से मे - भइया आप् आये कियु नहीं
जिया तौ सदमे मे चली जाती हैं आर्नव कों अनाया कों गुरिया कहतेसुन औऱ अनाया कों आर्नव कों भइया कहतेसुन केँ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - सन्त मेरी लड़ो सन्त मे थां आऊगा मिलने देखो मे पहले जैसेखून खराबा नहीं करना चाहता इस लिये मामला संति सें सुलझा रहाहु कल मिलेंगे ठीक हैं
अनाया मुह फुला केँ - ठीक हैं
आर्नव हस्ते हुवे - नाराज मत हौ गुरिया
जिया हैरान कपते हुवे - अरुणजी
आर्नव - कैसी होँ मेरीजान
जिया रोते हुवे - आप् मुझेछोर केँ कहाचल गये थें
अनाया बीच मे जिया कों मारते हुए - देखतु मेरी भाभी नहींबन सकतीसमझ गई
जिया हैरान होके - दिदी यहचल कियारहा हैं मे पागल होँ जाउंगी
आर्नव - गुरिया जिया कों सचबता दोमगर हायहराज हमारे बीचरहे किसी कों पता नां चले
अनाया - जी भइयासमझ गई
मोबाइल कट
अनाया जिया कों देख - तुम कोसच जानना हैं नां अरुणजी मुझे गुरिया मे उनको भइया कियुकेह रहीहु
जियाआसु बहते हुवे - हा
अनाया - तोँ सुनयाद हैं जब अरुणजी सभी कों मारके जारहे थें तब हमने उनका मार्ग रोका थां मेने उनका कोलरपकर लिया थां
जिया - उस खोफनाक शाम कों केसेभूल सकतीहु मे दिदी
अनाया - हाजब मेने उनका कोलर पकरा तोँ उनका एक् सर्ट कां बटनटूट गय़ा थां औऱ मेने उनकेगले मे लॉकेट देखा
जिया अनाया कों देख - दिदी तोँ किया मेने भि वोँ लॉकेट देखा हैं
अनाया जानकी कों देख सिर्यस् होके - उस लॉकेट कों मेने पहले भि कही देखा थां जियामगर उस टाइम मुझेयाद नहींआया कहा देखा थां
जिया हैरान सियस् होके - दिदी साफ बताओ
अनाया - सुन पूरीरात मेनेयाद करने कि कोसिस कि मगरयाद नहींआया अगलेदिन नानाजी कों किसी नें मार दिया जोकि हम् सभी अरुणजी कों हि नानाजी जी कां कातिल मानरहे हैं नानाजी जी कों खोने केँ बाद मुझे अरुणजी सें नफरत होँ गई तोँ उसदिन सें मेने लॉकेट केँ बारे मे याद करना सोचना बंदकर दियामगर क़िस्मत कुछ औऱ चाहती थि एक् महीने पहलेरात कों
जिया अनाया कों देखते हुवे - एक् महीने पहलेरात कों क्याँ दिदी जल्द सें बताओ नां
अनाया जिया कों देखते हुवे - एक् महीने पहलेरात कों तुम् अपने कमरे मे थि मे मा सें मिलने गई कमरे मे दरवाजा खुला थां
( एक् महीने पहले लॉकेट कां राज आर्नव कां सच )
अनाया दरवाजा खोलके अंदर जाती हें अनाया जानकी कों खाट पे लेती हाथो मे एक् फोटो कों देखते हुए पति हैं
अनाया केँ मन मे एक् पिचरआती हैं औऱ एकदम सें अनाया कों यादआता हैं उसनेकब लॉकेट कों देखा थां
अनाया हैरान होकेमन मे - मुझेयाद आँ गय़ा सेमऐसे हि जब मे 12 साल कि थि तब कमरे मे आई तौ मा कों ऐसे हि लेते फोटो देखते हुवे देखा थां औऱ लॉकेट मेनेमा कि हाथो मे जौ फोटो हैं उसमे देखा थां कईसाल होँ गयेइसी लिये मुझेयाद नहीं आँ रहा थां मगर क़िस्मत देखोसेम हालत मे सभी मेरे समाने आँ गय़ा
अनाया जानकी केँ पास बैठती हैं जानकी अनाया कों देखते हि - बेटी तुम्
अनाया जानकी केँ हाथो सें फोटो लेके देखती हैं फोटो मे जानकी थि जोँ वही लॉकेट पहनी थि जोँ जानकी केँ गले सें निकाल आर्नव कों दिया थां जिसेदेख अनाया जानकी सें - माकोई भला अपनी स्वयं कि फोटोदेख कियु इमोसनल होके रोयेगा
जानकी आसुसाफ कररही थि मगर अनाया कि बातसुन हैरान होती हैं
जानकी फोटो कों लेते हुवे - तुम्हे जानने कि जरूर नहीं हैं
अपनीमा कि इस हरकत कों देख अनाया कों औऱ गर्बर् लगती हैं अब अनाया केसे भि पुरासच जानना चाहती थि
अनाया - मा मुझेसच जानना हैं बताओ नां
जानकी गुस्से सें अनाया कों देख - मेनेकहा नाँ जाओ अपने कमरे मे
अनाया एकदम नें डर जाती हैं
अनाया खरी होके बाहर् आसपास देखती हैं अनाया कों टेबल पे एक् पेनरखा दिख जाता हैं अनाया जल्द सें पेनउठा केँ अपनेगले पे रखते हुवे जानकी कों देख - मासच नहीं बताया तोँ मे अपनीजान लें लुगी
जानकी यहदेख बहुतडर जाती हैं जानकी खरी होके अनाया कि तरफ जाते हुवे - बेटी यहयह कियाकर रही हौ तुम् ऐसामत कर
अनाया जानकी सें - मावही रुक जाइये मे मजाक नहींकर रही मुझेसच जानना हैं कियु अपनी स्वयं कि फोटोदेख आप् रोटी हैं क्याँ हैं स्टोरी
जानकी रुक जाती हैं बेबस होके - सायदइसी लियेलोग कहते हैं सचाई छुपते नहीं छुपती
जानकी पलंग मे बैठ अनाया कों देख टूटे हुवे आवाज़ मे - बता दिया तोँ तुम् मुझसे नफरत करने लगोगि
अनाया - वादा करतीहु नहीं करुगी
अनाया कों सच जानना थां मगर अनाया कों नहींपता थां उसकीमा नें कितना बारा बाप किया थां
जानकी - ठीक हैं सायदउपर वाला भि यही चाहता हैं सुनोसच
मेरी सादी तेरे बापू सें तय होने वाली थि हमे भि कोई एतराज नहीं थां जिस बंगलो मे तुम् जिया रहती होँ उसी बंगलो मे मे रहने पढाई करती थि मगर तेरे पिताजी मुझसे मिलने आते रहते हैं एक् रात हमारे बीच वोँ सभी उसकेबाद होता गय़ा
अनाया यह सुनके थोरा हैरान होती हैं जयदाइस लिये नहीं कियुंकी जानकी अपने होने वाले पति केँ संग हि किया थां
जानकी अनाया कों देख रोते हुवे - एक् रात गलती हौ गई सादी केँ 2 महीने पहले मेने एक् बेटे कों जन्म दिया
इतना सुनते हि अनाया पूरीहिल जाती हैं हाथो सें पेन नीचेगिर जाते हैं
जानकी रोते हुवे - इज़त समाज बापू केँ डर सें मेने तेरे भइया कों देखा भि नहीं नाँ दूध पिलाया जन्म देते हि फोटो केँ जोँ लॉकेट मेने पहना हैं वही लॉकेट तेरे भइया कों देखे मरवा केँ फेक्वा दियामाफ करदे बेटी मे जानती हुतु एक् भइया केँ लिये तरसती रही हैं सायदउपर वाले नें मुझेयही सजा दि कि तेरेबाद मे फिनमा नहींबन पाई
अनाया कि पूरी बॉडी कपने लगती हैं
अनाया कपते होठो सें मन मे - तोँ तोँ अरुणजी मेरा अपना सागा बारा भइया हैं
अनाया केँ आखो मे खुशी केँ आखु बहने लगते हैं
अनाया जानकी केँ पासआके - मा अपने बहुत गिरी हरकत कि हैं बरापाप किया हैं जिसकी कोई माफ़ी नहीं होँ मगर मेने वादा किया हैं तौ आपके नफरत नां करने कि कोसिस करुगी मगर मेरा प्रश्न यह हैं बापूवहा थें
जानकी अनाया कों देखते हुवे - हा
अनाया आसु बहते हुवे - बापू नें भि नहीं रोका आपको
जानकी नजरे नीचे करते हुवे - नहीं
अनाया गुस्से सें लाल हौ जाती हैं अनाया जाने कि वाली होती हैं कि अनाया केँ मन मे कुछआता हैं वोँ रुक जानकी कों देख
अनाया - मा आप् केँ लॉकेट जैसा दूसरा लॉकेट भि बन सकता हैं नां
जानकी अनाया कों देख - तुम् कियुपूछ रही हौ
अनाया - आप् बताओ नाँ बस
जानकी खरी होके टेबल सें हैंड लेंसउठा केँ जानकी कों देते हुवे - अबगौर सें इस हैंड लेंस सें लॉकेट केँ बीच देखो
अनाया फोटो लेके हैंड लेंसआखो केँ सामने करकेगौर सें लॉकेट केँ बीच देखती हैं तोँ अनाया कों J N लिखा दिखाई देता हैं बीच मे गोलकुछ चकम्रहा थां सभीसभी बहुत छोटे थें ऐसे देखके पे दिखाई नहीं देगे
अनाया हैरान जानकी कों देख - मा jn आपकानाम हैं बहुत छोटा हैं मगरबीच मे चमकता हुआ किया हैं
जानकी - हीरे कां टुकरा हैं ऐसे लॉकेट बन सकते हैं मगर डिजाइन औऱ नाम हीरा लाइन कां सिम्बल जिसतरह सें बनाया गय़ा हैं कोई नहींबना सकता सिवाये हामरे अपने जवेलर शॉप केँ
अनाया कों जवाबमिल गय़ा थां इस सें अनाया औऱ भि पुरे सबूत केँ संगजान सकती थि अरुण उसका भइया हैं याँ नहीं
अनाया अपने कमरे मे आते पलंग पे लेटते हुवे - मेरा बारा भइया अरुण हैं भइया आप् कहा हैं मुझे आपसे मिलना हैं मेरादिल बेचैन होँ रहा हैं केसे केसे आपको ढुंढू मा सुकर बनाइये भइया जिंदा हैं नहीं तोँ मे आपसे नफरत इतनी करती कि सायदकभी सही सें आप् सें बात नहींकर पाती
( पर्जेंट )
जिया पूरीशोक मे अपनासर पकरे हुवे - किया केसे अरुणजी आपका भइया चाची कां बेटा हैं यानी मेरा भि भइयालगा मगर चाची ऐसा केसेकर सकती हैं
अनाया - संतयही तोँ आज तक मे सोचते हुवे आँ रहीहु जिया
जिया - चाची कों बता हैं
अनाया जिया कों देखते हुवे - नहीं मेने सोचा पहले भइया सें मीलुगी बाते करुगी उसकेबाद हि सोचुगी सच बताना हैं याँ नहीं
जिया - तोँ अरुण भइया नहीं अरुणजी
अनाया ताड़ केँ - भइयाबोल समझ गई
जिया - नहीं अरुणजी बोलुगी आपके भइया हैं मेरे तोँ बाबू हैं
अनाया जिया केँ कानपकर - मेरी भाभी बनने कि हिम्मत भि मत करनासमझ गई
जिया दर्द मे - अहह दिदी करुगी मगरयह तोँ बताइये भइया सें काँटेंट केसे किया
अनाया जिया केँ कानछोर - 3 दिन पहले भइया कां मोबाइल तेरे मोबाइल पे आया थां जब दोपहर कों हम् सोरहे थें
( 3 दिन पहले नीलमपुर )
आर्नव बगीचे मे अकेले कुर्सी पे बैठा सोचो मे गुम थां
आर्नव मन मे - अब वक्त आँ गय़ा हैं गाव जाने कां पता नहीं एक् साल मे कियाकुछ हुआ होगा
आर्नव मोबाइल निकाल जिया कां नंबरदेख - मुझे जिया सें बात करनी होगी सायद जिया मेरा इंतजार कररही होँ बाते भि होँ जाइयेगी इस एक् साल मे क्याँ कुछहुआ पता भि चल जायेगा अबकोई डर नहीं हैं
आर्नव जिया कों मोबाइल लगा देता हैं मगर जिया पुरे नींद मे थि मगर अनाया कि नींदखुल जाती हैं
अनाया जिया केँ मोबाइल उठा केँ नंबरदेख - यहकोई हैं दोस्त नींद खराब करदी
अनाया -हेलो
आर्नव - कैसी हौ जिया मे अरुणभूल तौ नहीं गई अपने बाबू कों
अनाया आर्नव कि आवाज़ पेहचनाते हुवेमन मे - भइया
अनाया जल्द सें भागते हुवे अपने कमरे मे आती हैं दरवाजा बंद करके बेताबी मे - भइया मे अनाया आपकी बेहन
आर्नव हैरान शोक मे - अनाया तुम् औऱ मे तेरा भइया केसेहुआ
अनाया रोते हुवे - भइया आपकेगले मे जोँ लॉकेट हैं वोँ सबूत हैं आप् मेरेबरे भइया होँ
आर्नव झटके सें उठखरा होकेशोक मे - कियाबक रही हौ तुम्
अनाया रोते हुवे - सचकेह रहीहु भइयायह लॉकेट आपकेपास केसे हैं बताओ
आर्नव सभी जल्द सें बता देता हैं
आर्नव रोते हुवे वोँ भि अपनीमा जानकी केँ बीच हुइ बातेबता देती हैं
आर्नव पुराहिल जाता हैं आर्नव स्वयं कों संभालते हुवे कपते होठो सें - एक् जैसा लॉकेट कई होँ सकते हैं अनाया
अनाया रोते हुवे - जानती हुमगर अभि सभी किल्यर होँ जायेगा लॉकेट कों आप् अभि हैंड लेंस सें देखिये बीच मे J N केँ दोनों बीच मे बहुत छोटा हीरा चमता दिखेगा हैं तौ आप् मेरे भइया हैं
आर्नव केँ हाथ कपने लगते हैं आर्नव लॉकेट कों हाथ मे लेके देखते हुवे - ऐसा भि हैं क्याँ दिखाई तोँ नहींदे रहा हैंड लेंसकहा सें लाउ मे थोरिदेर मे मोबाइल करताहु
मोबाइल कट
आर्नव तेजी सें बाइक लेके एक् दुकान सें हैंड लेंस लेता हैं दूसरी तरह अनाया बेचैन इंतजार कररही थि आर्नव घऱआता हैं कमरे मे बैठ कपते हाथो सें हैंड लेंस सें लॉकेट कों गौर सें देखता हैं तोँ पूराहिल जाता हैं
आर्नव - ठाकुराइंन जानकी मेरीमा हैं अनाया मेरी अपनी छोटी बेहन
आर्नव मोबाइल अनाया कों करता हैं
अनाया बेताबी बेचैन होके - भइया बताओ नाँ दिखा
आर्नव आसु बहते हुवे - गुरिया मेरी बेहन
इतना सुनते हि अनाया खुशी सें रोते हुवे - भइया यानीअब किल्यर हौ गय़ा आप् मेरे भइया हैं
आर्नव इमोसनल होके - हा गुरिया मगर तूनेयह बात अपनीमा कों बताइ तोँ नहीं नाँ
अनाया सिसकते हुवे - अपनी क्याँ आपकी भि मा हैं
आर्नव गुस्से सें - नहीं हैं मेरीमा मीना हैं जानकी नहीं मेरा रिस्ता तुम् सें हैं मेरी बेहन सें बाकी किसी सें नहींअगर तुम्हे मंजुर हैं तौ कहो नहीं तौ
अनाया जल्द सें रोते हुवे- भइयाऐसा मतकहो जैसा आप् बोले मुझे आप् चाहिये मे मा आपकेबीच कुछ नहीं बोलुगी वादा आप् नहीं जानते मे भइया केँ लिये कितना तरसीहु
आर्नव संत होके - रोमत मेरी गुरिया
अनाया - भइया आप् जल्द सें आँ जाओयहा बहुतकुछ होँ चुका हैं औऱ होने वाला हैं
आर्नव हैरान होके - क्याँ हुआ हैं मुझे अच्छे सें सभी बताओ
अनाया - पहलेयह बताइये अपने नानाजी जी कों मारा हैं
आर्नव - पागल मे कियु मारुंगा
अनाया हैरान होती हैं
अनाया - तौ किसने
आर्नव - हुआ कियायह बताओ
अनाया - भइया आपके नानाजी जी केँ मरने केँ 5 महीने बाद हीरापुर केँ ठाकुर हमारे उपर हमला करने वाले थें मगर मामाजी कों पताचल गय़ा तौ मामाजी चाचू अपने लोगो कों लेके पहले हि हमलाकर दिया उनपे
आर्नव पुरेशोक मे - कियाफिन क्याँ हुआ
अनाया दुखी होके - भइया बहुतखून खराबा हुआबरे ठाकुर् हरीलाल उसका बेटा अमर कों मामाजी चाचू नें मार दियामगर
आर्नव घबराते हुवे - मगर किया गुरिया
अनाया रोते हुवे - मगर चाचू भि उस लराइ मे मारेगये
आर्नव कों झटका लगता हैं
आर्नव - जिया जिया कैसी हैं मेरीजान
अनाया - भइया जियाटूट गई थि चाचू कों खोके चाची भि चाचू कों याद करके रोटी रहती हैं आजउस घटना केँ 7 महीने होँ रहे हैं अब जिया चाची जीरहे हैं मगर चाचू कि यादआते हि
आर्नव केँ आखो सें आशु आँ जाते हैं
आर्नव - चाची जिया इतनासभी हौ गय़ा मुझेपता भि नहींयह मेरी गलती हैं
अनाया - भइया एक् जरूरी बात बताना हि भूल गई हमारी सादी हौ रही हैं 4 दिन सादी हैं हमारी
आर्नव औऱ जयदाहिल जाता हैं
आर्नव गुस्से सें - कियाकहा
अनाया - जौ अपने सुना भइया जल्द आँ जाओहमे यह सादी नहीं करनीमा मामाजी केँ कहने मे हम् कररहे हैं
आर्नव मुठी कसते हुवे - गुरिया मे आँ रहाहु चिंता मत करना ध्यान सें सुनो मेरीबात।। समझ गई
अनाया - जी भइयासमझ गई
आर्नव - गुरिया बहुत बाते करनी हैं तुमसे मगर अभि मुझे रखना होगासमय मिलते हि बाते करता रहुंगा मगर मे कोनहु यहसच किसी कों मत बताना समझ गई
अनाया - जी भइया
मोबाइल कट
तभी मीनापवन आँ जाते हैं जिसेदेख आर्नव - मा बापू अच्छा हुआ आप् आँ गये मुझे बहुत जरूरी बात करनी हैं
मीनापवन बैठ जाते हैं मीना गोदी मे सोनल कों लिये बैठी थि
आर्नव पवन मीना कों सभी बताता चला जाता हैं
सचाईजान मीनापवन पुरेहिल जाते हैं
पवन - बाप रेयह जैसा संजोग हैं मीना
मीना हैरान होते हुवे - अपनेसही कहा पति जीयह अजीब संजोग हैं लाला हम् जिस सें भाग केँ यहाआये देखोवही लाला कां असली
आर्नव बीच मे - मा मेरा परिवार आप् पिताजी मेरी सोनल हैं
मीना मुस्कुराते हुवे - जानती हु तौ अब किया
आर्नव - शाम कों निकलने वालाहु कल सुभह तक पहुँच जाउंगा
मीनापवन एक् दूसरे कों देखते हुवे - ठीक हैं पर्र हम्
आर्नव - मा बापूजब तक मामला पुरासही नहीं हौ जाता आप् दोनों यही रहेगे
पवन - ठीक हैं जिसका इन्जार कररहे होँ आँ गय़ा हैं जाओ अपने प्रश्न कां जवाब लेकेसभी सही करकेआओ
आर्नव पवन मीना केँ गले लगते हुवे - थैंक्स बापूमा
( शाम 4 बजे )
कमरे मे मीना आर्नव केँ लन्ड कि सवारी करते हुवे - अहह सोनल केँ बापू मेरेलाल तुम् जारहे होँ तेरे बिना मे सोनल केसे रहेगे
आर्नव मीना केँ गांड पकरे नीचे सें धक्के मारते हुवे मीना कों देख - अहह मेरीमा मेरे बच्चे कि सोनल कि मा जानां पड़ेगा नहीं गय़ा तोँ सभी बिगर जायेगा अहहमा जल्द हि सभी मामला खतम करके आऊगा
मीनामजे सें लन्ड लेते हुवे - जल्द आनां मेरी चूत तेरे लन्ड बिना औऱ सोनल बेटी तेरे बिनारह नहीं आयेगे लम्बे दिन तक
आर्नव समझ गय़ा मा
शाम 5 बजे
आर्नव सोनल कों गोद मे लेके प्रेम सें देखते हुवे - मेरी प्यारी बेटी बापू जरूरी काम सें जारहे हैं मा कों परेसान मत करना मे जल्द हि आँ जाउंगा
आर्नव सोनल केँ गल मे पप्पी करते हुवे - तेरे बापू भि तुमसे दूर नहीं होना चाहते मगर जानां परेगा मेरी बेटी
आर्नव सोनल कों मीना कों दे देता हैं पवन मीना सें गले मिलता हैं
मीना इमोसनल होके - अपना ख्याल रखना अपनीमा कों भूलमत जानां
आर्नव मीना कों बाहों मे लेके मीना कि आखो मे देख - मा मेरी दुनिया आप् बापू हमारी बेटी हैं चाहेकोई भि मेरी लाइफ मे आँ जाये सबसेउपर आप् रहेगी मेरीमा मेरे सोनल बेटी कि मा आप् तौ मेरी सेक्सी माल हैं
मीना हस्ते हुवे - हाहु तेरी सेक्सी माल मुझे भरोसा हैं अपनेलाल पे
आर्नव मीनाकिस करते हैं फिन चुचे निकाल पीने लगता हैं मीना आर्नव केँ सर पे हाथ फेरते हुवे सिसकिया लेके - अहह पीले मेरेलाल वहा जाके अपनीमा केँ दूध पीने कों नहीं मिलेगा अहहचूस अहह
पवन यहदेख मुस्कुराते हुवे - तेरे चुचे बहुत टाइट हौ जाते हैं मीनाजब आर्नव बेटा तेरे चुगे दबाता हैं दूध पिता हैं तौ
मीना सर्म सें लाल हौ जाती हैं
आर्नव - अब मे जाऊमा
मीना मुस्कुराते हुवे - हु
पवन - रोज मोबाइल करते रहना नहीं तोँ तेरीमा रह नहीं पायेगी
आर्नव - जीमा पिताजी चलताहु
पवनचल तुम्हें रास्ते तक छोर देताहु
आर्नव - जी
पवन आर्नव कों लेके जाने लगता हैं मीना सोनल कों देख - बापूचले गये बेटी मगर जल्द आयेगे
पवन आर्नव कों छोर देता हैं आर्नव फिन अगलेदिन सुभह 10 बजे अपने वीरान परेगाव मे आता हैं एक् साल मे गाव जंगलबन गय़ा थां
आर्नव चलते हुवे अपनेगाव कों देखते हुवे - अभि जयदा जंगल नहींहुआ हैं एक् साल औऱ देरी हुईँ तौ पक्का जंगल हौ जायेगा
आर्नव केँ घऱ केँ समाने रुकते हुवे पायल केँ घऱ कों देख - भाभी नें भि बेबी कों जन्म दिया होगा बेटा हैं याँ बेटी पता नहीं
आर्नव अपनेघऱ केँ आगन मे आके - इसघऱआगन मे खेल केँ मे बाराहुआ आजयह हालत हैं मेरीवजह सें
आर्नव मास्टर कों मोबाइल करके - मास्टर मे आँ गय़ा मेने आपकोसभी बता हि दिया हैं मेरा प्लेन भि
सगदेव - मे आँ नहीं सकतामगर मेरेलोग तेरेसंग हैं लेकेजाओ मगर कोसिस पूरी करनाखून खराबा नाँ होँ अब किया करोगे
आर्नव - नजर रखने वालाहु ताकिपता करसकु चल कियारहा हैं
सहदेव मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं समझ गय़ा अपनेलोग तेरेआस पास हि रहेगे जरूरपरे तोँ एक् मोबाइल कर लेना
आर्नव - समझ गय़ा मास्टर रखताहु
मोबाइल कट
आर्नव तीनदिन पहलेआके नजर रखनेलग गय़ा थां चल कियारहा हैं इसबीच आर्नव अनाया सें बाते करतारहा मगर मिलने नहीं गय़ा आर्नव नें अनाया जिया कि जिस केँ संग सादी होने वाली कि उस केँ बाप बेटे कि कुंडली निकाल रखली थि
सादी वालेरात आर्नव केँ 50 लोग पुरे हवेली कों घेर केँ रखे थें 50 अंदर जानकी राजेस केँ सब लोगो कों अपनेगन पे याँ बेहोस करके बांधरखा थां सभीकुछ आर्नव केँ कंट्रोल मे थां अगर राजेस जानकी लराइ पे आते तोँ नतीजा दोनों केँ लिये हि बुरा होता आर्नव ऐसे हि इसबार नहींआया थां पुरे प्लान केँ संगआया थां मगरइस बार लराइ नहींखून खराबा नहींमगर हालत गिबरी तौ थाये
रात 9 बजरहे थें आर्नव अपनेघऱ आगन मे अकेला लेता मीना सें बातकर रहा थां मीना सें बात करने केँ बाद अनाया कों मोबाइल करता हैं
अनाया जिया दोनों कमरे मे एक् संग थें
अनाया - भइयाआगे किया आप् अभि कहा हैं
आर्नव - अपनेघऱ मे औऱ कहा
जिया अनाया हैरान होके - किया अकेले भइयाभूत आँ गय़ा तौ
आर्नव हस्ते हुवे - मे स्वयं भूतहु
अनाया - वैसे भइया एक् बात पूछना भूल हि गई मे मा पे गई तोँ आप् कों बापू पे जानां चाहिये थां मगर आप् तौ कलुवा हैं कही हमारे दो सोर्री मेरे आपकेअलग पिताजी तोँ नहीं
आर्नव जोरजोर सें हस्ते हुवे - तूनेसही कहा तेरीमा केँ दो दोस्त हैं
अनाया - भइयाऐसा मत बोलो मुझे अच्छा नहींलग रहा
आर्नव - अच्छा बाबा नहीं कहुंगा तुमहारे बापू कि फोटो हैं तौ भेजो मुझे
अनाया - हैं मोबाइल मे भेजती हु
अनाया फोटो भजती हैं जिसेदेख आर्नव मन मे - चलोयह साफ हैं हामरे बापू एक् हैं यानी हम् सगे भइया बेहन हैं गुरिया मेने अपना असलीफेस नहीं दिखाया हैं
जिया - बाबूकब आओगे मुझे आपके बाहों मे आनां हैं
अनाया गुस्से सें - ओये लरकी भइया जिया भि आपकी बेहन हैं तौ केसे आप् दोनों यहगलत हैं मे इस रिश्ते कों नहीं होने दुगि
आर्नव - गुरिया मेने कियाकहा थां मेरा रिस्ता तुम् सें बेहन कां हैं बाकी किसी सें कोई रिस्ता नहीं जिया मेरीजान हैं तेरी भाभी
जियाखुश होके अनाया कों देख - सुना नां अपने
अनाया गुस्से सें - नहीं मे नहीं मानती
आर्नव - जियामाफ करना तेरे बापू यानी मेरे चाचू मुझे नहींपता थां यहसभी होँ जायेगा
जिया इमोसनल होके - बाबूइस मे आपकीकोई गलती नहीं हैं उपर वाला सायदयही चाहता थां
आर्नव - हु अच्छा तुम् दोनों लरो मे रखताहु बहुतथक गय़ा हुचलो पप्पी कोन देगा मुझे
जिया जल्द सें - उमालोव यू बाबू
आर्नव मुस्कुराते हुवे - लोवयू
अनाया - सर्म करिये भइया आप् दोनों मेरे समाने हि छि
आर्नव हस्ते हुवे - चल किसी देदे
अनाया मुहबना केँ - उमा
आर्नव हस्ते हुवे - गाल पे हि दिया हैं याँ जिया कि तरह होठों पे
अनाया जोर सें - भइया
आर्नव हस्ते हुवे - सोर्री बाबा रखताहु
आर्नव मुठी कसते हुवे - तेरी बारी हैं कमीने तुम्हें खतम करके हि सारा मामला खतम होगासभी सुकून सें जी पायेंगे
( अगलेदिन दोपहर 3 बजे )
आर्नव गाव सें दूर जंगल केँ बीचपैर सें सतकेखरा थां नये वालेरूप मे तभी आर्नव केँ सामने कोईआके खरा हौ जाता हैं आर्नव मुस्कुराते हुवेमन मे - आखिर चूहाबिल सें निकल हि आयाकोई सोच भि नहीं सकतासभी पीछे मास्टर माइडखेल खेलने वालायह कमीना होगा फायेदा तोँ हुआ पहलेआके नजर रखने कां आज तेराखेल यहीखतम होगा औऱ सभी मामला भि
आज केँ लिये इतना हि update कैसा थां जरूर बताना बाकी अगले update मे पता चलेगा कोन हैं मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
bhut hi behtreen और mast kahani h aapki sab कुछ sai h लेकिन एक बात h अगर hu sake too jaroor maaniyega janki ko aarnav से mafi नहीं milni चाहिए chahe कुछ bi hu Jaye kyoki एक mummy hu के usne apne bete ko Bina dekhe marne के liye phek दिया mazboori कुछ bi hu एक बात और jaanki abi tak charitr से कोई achi aourat नहीं lagi h अब yeh too kahani mai aage Jake ptaa chalega की anjan और janki kaa shauhar एक hi h ya alag alag
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Next part miss mat karna
बहोत हि शानदार औऱ बेहतरीन भाग दिया हैं ! अबबसयह मास्टर माइंड कोन हैं जौ साराखेल खेलरहा हैं ! अगलेभाग कि इंतज़ार मे हैं !
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