तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 10
आर्नव पुरेजोस मे थां आर्नव कां लन्ड लोहाबना फूफी थां नशे बाहर् निकलआई थि आर्नव पुरा बेताब बेचैन थां अपनीमा कि चूत मे अपना लम्बा मोटा लन्ड बचेदानी तक घुसाने केँ लिये
मिना भि डरी तोँ थि केसे मोटा लम्बा लन्ड लेगीमगर अंदर कि आग बेटे सें चुदने वाली हैं यहीसोच मिना भि पुरेजोस बेताब बेचैन थि
आर्नव मिना केँ टाँगे फैला केँ अपने घुटने पे बैठ जाता हैं आर्नव कां लन्ड खरा थां मिना कि चूत गीली लन्ड केँ सामने थि मिनाखाट दोनों हाथो सें पकरे आर्नव कों देखरही थि आर्नव अच्छे सें घुटने पे बैठ मिना केँ टाँगों कों अपने जांघों केँ रख तैयार थां आर्नव बहुत साराथूक अपने लन्ड पे लगता हैं फिन मिना कि चूत केँ छेद पे मिना सिसक् परती हैं आर्नव मिना कों देख - नां तैयार हैं डालदु
मिना आर्नव कों देख मदहोसी मे - डालदे बेटा अपना लन्ड मेरी चूत मे
आर्नव थोरा झुकता हैं दोनों हाथ मिना केँ साइड रखते हुवे अपने लन्ड कों देखते हुवे चूत केँ छेद पे निसाना लगाते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंदर घुसाने लगता हैं चूत गीली चिकनी होने कि वजह सें लन्ड मिना कि चूत कों फैलाते हुवे अंदर घुसने लगता हैं मिना एक् एक् इंच अपने बेटे कां लन्ड अपनी चूत केँ अंदर घुसते हुवे मेहसूस कररही थि आर्नव भि अपने लन्ड कों अंदर घुसते हुवेदेख रहा थां मगरआधा पे जाके आर्नव कां लन्ड अंदर नहीं जाता आर्नव मिना कों देख - माफ करनामा
मिनाकुछ केह पति आर्नव एक् जोर कां धक्का देते हुवे पुरा लन्ड जर तक घुसा देता हैं आर्नव कां लन्ड सीधा मिना केँ बचेदानी सें लगता हैं मिनाजोर सें दर्द मे चीख परती हैं जिसकी आवाज़ सुनपवन जग जाता हैं आर्नव धीरे-धीरे सें मिना केँ ऊपर सें सीधा घुटने मे बैठ जाता हैं
आर्नव देखता हैं पुरा लन्ड अंदर तक घुसा हैं मा बेटे केँ लन्ड चूत कां मिलन हौ चुका थां आर्नव कों ऐसालग रहा थां जैसे चूत उसके लन्ड कों दबारही होँ औऱ अंदर चूत कि आग लन्ड कों जलारही हौ मिनाखाट पकरेतरप रही थि आखो सें आसुबेह रहे थें मिना कों ऐसालग रहा थां आर्नव कां मोटा लन्ड उसकी चूत कों फैला केँ फार देगायह तौ होना हि थां मिना कि चूत टाइटकसी हुईँ थि औऱ आर्नव कां लन्ड बहुत मोटा थां आर्नव कों जौ चैनमिल रहा थां आर्नव हि जनता थां
आर्नव मिना कों देखते हुवे - मा आप् ठीक तौ हैं नाँ दर्द हौ रहा हैं
मिना आर्नव कों देख दर्द मे - दर्द तौ बहुत हौ रहा हैं लालामगर यह जौ चैन एहसास बेटे कां लन्ड लेकेमिल रहा हैं वोँ मात्र
आर्नव मिना कों देखते हुवे - वोँ केवलमा बेटे केँ लन्ड चूत केँ मिलन सें मिल सकता हैं हामायह एहसास मा कों चुदने कां जोस बेताबी बेचैन तरपसभी कही जयदाबढ़ जाती हैं सायद रिस्तो मे चुदाई कां कमाल हैं
मिनाआसु लियेमगर एक् चैन थां चेहरे पे - हा बेटा मे अभि बहुतजोस हु इतना एक्साईमेंट तेरे पिताजी केँ संग भि नहींआती थि
आर्नव - माअब चुदाई शुरुआत करू मे दया नहीं करुगा
मिना दर्द मे मुस्कुराते हुवे - करना भि मत शुरुआत करमा कि चुदाई
आर्नव फिन दोनों हाथखाट पे रख झुकते हुवे मिना कों देख तेजी सें चुदाई करने लगता हैं आर्नव तेजतेज धक्के माररहा थां जिसकी वजह सें मिना कि पूरी बॉडीहिल रही थि मिना कों बहुत दर्द हौ रहा थां मिना दर्द मे - अहह लालामर गई मा बहुत जयदा दर्द होँ रहा हैं
आर्नव मिना कों देखते हुवे चुदाई करते हुवे - अहहमा अफयह आपकीकसी गरम चूत मरने मे जोँ मज़ा आँ रहा हैं मे बता नहीं सकता
मिना बहुतजोर सें बैडपकर गांडकमर उठाते हुवे आर्नव कों देख - आने वाला हैं बेटा मे झरने वालीहु बहुत तेजी सें आँ रहा हैं
आर्नव हैरान होता हैं मिना झकते मारते हुवे बुरीतरह सें झरने लगती हैं
आर्नव घुटने मे आकेबैठ देखने लगता हैं मिना बहुत पानी निकालीथी
आर्नव देख हि रहा थां कि मिनातेज धार केँ संग मूतने लगती हैं आर्नव औऱ हैरान होता हैं फिन मुस्कुराते हुवे अपना लन्ड चूत केँ पिसाब सें धोने लगता हैं गरमगरम चूत केँ निकलरही पिसाब सें आर्नव अपने लन्ड कों अच्छे सें धोते हुवे - अहहमा पिसाब करते नहीं देखा थां आपकोअब देखरहा हु अच्छे सें तेजधार मारते हुवे पिसाब करते हुवे
मिना तौ बहुत बुरीतरह झरी थि लम्बे वक्तबाद झरी थि मोटा लम्बा लन्ड लें रही थि उसकीवजह सें पिसाब भि निकल गय़ा थां
मिना सर्म सें पानी पानी होँ गई थि बेचारी मिना अपना चेहरा छुपा लेती हैं मिनामन मे हफ्ते हुवे - यह किया होँ गय़ा बहुत सर्म आँ रही हैं मुझे
तभी आर्नव चूत मे लन्ड घुसा केँ तेजी सें चुदाई करते हुवे - मा बहुतजोस मे हु आपकी पिसाब सें भीगी चूत कों चुदने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं मा आपकी पिसाब कि खुसबी बहुत अच्छी हैं
मिना आर्नव कों देख सर्म सें दर्द मे - अफअहह लाला बहुत सर्म आँ रही हैं अहहमगर मुझेअलग जोस भि चढ़रहा होँ तूने अपनीमा कि चुदाई करते हुवे चूत सें पानी केँ संग पिसाब भि निकाल दियाअहह
मिना कि चूत आसपास केँ स्थान पिसाब सें भीगी थि औऱ आर्नव कां लन्ड मिना कि फूली चूत केँ अंदरफच् फच् आवाज़ केँ संग अंदर बाहर् हौ रहा थां अहहउफ सिसकिया पायल कि आवाज़ कमरे मे गुजरही थि
आर्नव रुकता हैं मिना कां एक् पेरपकर पुराउपर करउठा केँ पकरे रखता हैं जिसकी वजह सें मिना कि पूरी गांड भि उपरउठ जाती हैं
आर्नव अब सीधे लन्ड उपर मे चूत मे घुसाने चुदाई करने लगता हैं आर्नव मिना कों देख - मा आपकी चुदाई करने मुझे तोँ ऐसालग रहा हैं मे जनत मे हुमजे मे उर्रहा हु आपको कैसालग रहा हैं
मिना गांड उठाये आर्नव कां लन्ड लेते हुवे दर्दमजे मे - मुझे भि लाला बहुत आनंद आँ रहा हैं ऐसालग रहा हैं कहीचैन वाली दुनिया मे हु
आर्नव रुकता हैं लन्ड निकलबैड पे बैठ जाता हैं आर्नव कां लन्ड पुरा गिला चिकना खरा चकम्रहा थां मिना जैसे तैसे हफ्ते हुवे दर्द मे बैठती हैं आर्नव कां चमकता खरा लन्ड देख सर्म सें लाल होँ जाती हैं
आर्नव मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - आइयेमा लन्ड कि सवारी करिये
मिना भि बिना देरी किये आर्नव केँ ऊपरआके नीचे अपनी गांड लन्ड तक करती हैं आर्नव अपना लन्ड चूत केँ छेद केँ सेट करते हुवे - हौ गय़ा
मिना सुनते हि एकदम सें बैठ जाती हैं सत् सें पुरा लन्ड चूत केँ अंदर मिना दर्दमजे मे आर्नव कों देख - अहहमा दर्दहुआ बहुतजोर सें
मिना आर्नव केँ चेहरे कों पकरकिस करते हुवे अपनी मोटी गांड कों उपर नीचे करते हुवे लन्ड कि सवारी करने लगती हैं मिनामन मे - मुझे जौ मज़ा आँ रहा जोँ चैनमिल रहा हैं मे उसमे पागल नाँ हौ जाऊ मेरे बेटे कां मोटा लम्बा लन्ड मेरी चूत कि दीवार कों रगररहा हैं जिसकी वजह सें मुझे बहुत दर्द केँ संग उतना आनंद भि आँ रहा हैं पति जी कां लन्ड तौ मुझेफिल भि नहीं होता थां मगर मेरे बेटे कां लन्ड तोँ बचेदानी तक जाके टकरारहा हैं इस पोसजन मे पहलीबार चुदारही हु
आर्नव भि किस करते हुवेमजे लेँ रहा थां दोनों मा बेटेमजे लेँ रहे थें
मिना एकदम सें आर्नव कों पलंग पे धक्का देखे पुरा आर्नव केँ ऊपरलेत आर्नव केँ मुह मे चुचे देकेबैड पे एक् हाथरखे दूसरे हाथो सें आर्नव केँ सर कों पकरे पुरेजोस मजे मे लन्ड कि सवारी करते हुवे अपनी गांडआगे पीछे करते हुवे - अहह लालाआज तेरीमा जीभर केँ अपने बेटे सें चुदने वाली लाला तुम्हें नहींपता मेरी चूत लम्बे वक़्त सें कितना तरपरही थि अब जाके मुझे मेरी चूत कों दमदार लन्ड केँ संग दमदार जवान मर्द मिला हैं वोँ मर्द मेरालाल मेरा बेटा हैं अहहचूस मेरेलाल अपनीमा केँ चुचेचोद केँ माबना दे मुझेतब दूध आयेगा तोँ पीना औऱ आनंद आयेगा तुम्हें पीने मे मुझे पिलाने मे
आर्नव चुचेमुह सें निकाल नीचे अच्छे सें लेत एक् चुचे दबाते हुवे मिना कों देखमन मे - मा तौ पूरीखोई हुइ हैं लन्ड मजे सें लेँ रही हैं उनके चेहरे मे जोसचैन साफदिख रहा हैं मा कों बहुत जयदा मज़ा आँ रहा हैं माकब सें तरपरही थि यहबात पिताजी भि जानते थें मुझेपता हैं बापू केँ मर्ज़ी सें हौ रहा हैं बापू बहुत अच्छे पति केँ संग पिताजी हैं
आर्नव मिना केँ चुचे दबाते हुवे - मा आप् तौ पुरेजोस मे हैं दर्द नहीं होँ रहा हैं आपकोमजे सें लन्ड लेतीजा रही हैं
मिना आर्नव कों देख - अहह मेरेलाल दर्द नहीं आनंद आँ रहा हैं
आर्नव मिना कों घोरीबना केँ मिना केँ बाल पकरेतेज धक्के मरनेलग गय़ा थां मिना जैसी हसीनभरी महिला घोरी बनके किया हि बवाललग रही थि किया हि गजब कां फिगर हैं मिना थां आर्नव तेज धक्के मररहा थां मिना कि बॉडी केँ संग दोनों चुचे मस्तहवा मे झूलरहे थें
मिना घोरीबनी हफ्ते सिसकिया लेते हुवे - अहह बेटा चोद अपनीमा कों बालपकर केँ खिच केँ जोर सें धक्के मारअहह बेटा चोद
आर्नव मिना कि गांड मे जोरजोर सें चाटा मारते हुवे - अफमाचोद तोँ रहाहु आप् केँ अंदर बहुत गर्मी हैं आजसभी निकाल दुगा
आर्नव जी चाटे अपनी गांड पे खाते हुवे मिना दर्द मे - मर गई मा लाला अपनीमा कि गांड पे इतनाजोर सें चाटामत मार दर्द हौ रहा हैं
आर्नव मिना केँ बालछोर मिना केँ गांड पे दोनों हाथरखे चुदाई करते हुवे - उफमा घोरी मे आपकीबरी गांड किया मस्तलग रही हैं बापूऐसे घोरी बनके चोदते थें कहो नाँ मा बताओ अपने बेटे कों
मिना घोरीबनी दर्दमजे मे - पहले बेटा कभीकभी मगर वक़्त केँ संग एक् पोजिसन मे हि निकल जाता थां तोँ दूसरे पोजिसन मे किया हि चोदते मुझेमगर तु मेरेलाल अपनीमा कों मस्तचोद रहा हैं
टाइम आँ गय़ा थां आर्नव मिना कों खाट पे लेता केँ जोरजोर सें धक्के मरने लगता हैं मिना आर्नव कों बाहों मे कस केँ दोनों पांव सें आर्नव कों जकर् लेती हैं आर्नव हफ्ते हुवे धक्के मारते रहता हैं फच्फच् फच् केँ संग मिना कि चूत सें पानी निकलरहा थां आर्नव जोर सें एक् धक्का मरता हैं मिना आर्नव कों कस केँ पकरे दर्द मे चीख परती हैं दोनों एक् दूसरे कों बाहों मे पकरे झरने लगते हैं मिनासाफ अच्छे सें अपनी बेचेदानी मे गरमगरम बेटे कां माल गिरते हुवेफिल करती हैं
आर्नव घुटने मे बैठ अपना लन्ड चूत सें निकाल देखता हैं चूत सें माल निकलखाट पे गिररहा थां आर्नव मिना कों देखता हैं जोँ पसीने सें भीगीतेज सासे लेते हुवेआखे बंद कियेहाफ रही थि आर्नव बगल मे लेत जाता हैं मिना अपनी चूत केँ पासहाथ रखेआखे बंद किये अपनी चूत मे बेटे कां गरममाल हि फिलकर रही थि मिनामन मे - यह एहसास चैन बेटे कां माल बचेदानी मे लेने कां अहहसच मे बेटे सें चुदवाने कां अलग हि आनंद हैं
5 मिनटबाद दोनों मा बेटे नॉर्मल होते hain आर्नव मिना कों बाहों मे लेकेआखो मे देख - मा आपकालाल आपकोखुश कर पाया याँ नहीं
मिना आर्नव केँ चेहरे पे प्रेम सें हाथ फेरते हुवे - 6 बार बुरीतरह सें झरीहु घंटे तक तूने अपनीमा कों चोदा हैं जबकि तेरे बापू 15 सें आगेकभी जारही पाये तूने मेरेलाल मात्र चुदाई नहीं कि मेरी बल्कि मेरे पुरे शरीर कों प्रेम किया हैं सीधे सेक्स करनासही हैं मगर एक् महिला केँ पुरे शरीर कों प्रेम चाहिये स्त्री चाहती हैं उसका पति पुरे शरीर कों चूमे प्रेम करे तूने वैसा हि किया पर्र तेरे पिताजी कों डोस नहीं दियाजा सकता हमारे टाइम मे इतनासभी नहीं होता थां मुझे स्वयं नहींपता थां कोई एक् स्त्री कों इसतरह प्रेम भि कर सकता हैं मुझेयह बताने नया एहसास चैन देने वाला मेरा बेटा हैं मे अभि जोँ खुशीचैन मेहसूस कररही हु तुम्हे पता नहीं सकती मेरेलाल
आर्नव मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - मेरीमा यह तोँ सुरवात हैं देखते जाइये आपकालाल केसेकहा कहा प्रेम करता हैं
मिना थोरा हैरान सर्म सें - अच्छा मे भि रेडीहु
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मा बेटे कां माल बचेदानी मे लेके कैसाफिल कररही हैं आप्
मिना सर्म सें लाल होके - बहुत मज़ाचैन
आर्नव मुस्कुराते हुवे - अभि एक् राउंड हि हुआ हैं पूरीरात बाकी हैं
अब जाके मिना कों डर लगता हैं मिना घबराते हुवे - नहीं नां लाला
आर्नव मुस्कुराते हुवे - हा नाँ मा
फिन आर्नव भइयाराज 3 राउंड अपनीमा कि जम केँ चुदाई करता हैं
( सुभह )
मिना कि नींद खुलती हैं एक् जोर कां दर्दजलन कां एहसास मिना कों होता हैं मिनाआखे खुल देखती हैं अपने बेटे स्वयं कों आर्नव मिना कों बाहों मे पकरे अपना एक् पांव मिना केँ ऊपररखे हुवे थां
मिनाउठ केँ बैठती हैं पुरा शरीर दर्दकर रहा थां चूत मे जलन दर्द बहुत जयदा थां मिनारात चुदाई याद करके शर्मा जाती हैं मिना आर्नव कों प्रेम सें देखती हैं किस करती हैं फिनखेत सें आके अच्छे सें नहाने लगती हैं दर्दजलन मे भि मिना केँ चेहरे पे चैन मुस्कान खुशी थि
मिनाजब नहा केँ कमरे मे नंगीखरी होती हैं तबपवन अंदरआता हैं तोँ देखता हैं मिना कि गांड पूरीलाल हैं पवन मिना केँ पासआगे खरे होके देखता हैं तौ औऱ हैरान होँ जाता हैं चुचे पे लाललाल कटने केँ निसान थें औऱ भि स्थान गलेपेट पे भि थां
पवन मिना कों देख हैरान होके - यहसभी किया हैं मिना
पवन मिना केँ चूत कों देखता हैं तोँ लाल फूली थि
मिनापवन कों देख सर्म सें - वोँ लाला कां कमाल हैं
पवन - यहऐसा कोई करता हैं मे अभि जाके उसको
मिनाबीच मे थोरा गुस्से सें - मेरेलाल कों कुछकहा तोँ अच्छा नहीं होगायह निसान मेरेलाल केँ प्रेम कि निसानी हैं ऐसा प्रेम दर्द केँ लिये हि तरपरही थि जौ अब मुझे मेरेलाल नें दिया हैं
पवन मुस्कुराते हुवे - अच्छा तबठीक हैं पूरीरात अहहअफ माकररही थि मेरी नींद भि खराबकर दि
मिना सर्म सें लाल हौ जाती हैं
8 बजे आर्नव तैयार होके खाके मिना सें ठोरी बातें करकेकाम पे चला गय़ा थां
यहरात जौ हुआ सुभह तक
( पर्जेंट )
आर्नव अपनेघऱ रोज केँ वक्त 5 बजे आँ जाता हैं मिना आर्नव कों देख बाहों खुश होँ जाती हैं आर्नव मिना कों बाहों मे लेके - मा चूत कि हालत कैसी हैं रात कों लेँ पायेगी नाँ
मिना सर्म सें प्रेम सें - हाठीक हैं दर्दजलन हैं मगरफिन भि मुझे अपनेलाल कां लन्ड चाहिये
आर्नव मुस्कुराते हुवे - अच्छा रात कि चुदाई केँ बादमन नहींभरा आपका
मिना मदहोसी मे - तेरे लन्ड सें मेरामन नहींभर सकता
दोनों किस करने लगते हैं
आर्नव - अच्छा मा मे थोराघूम केँ आताहु अब वक्त हि नहीं मिलता
मिना - ठीक हैं लालाजा घूम केँ आजा
आर्नव घूमने निकल परता
आर्नव मस्त घूमते हुवेजा रहा होता हि आर्नव कां मोबाइल बजता हैं आर्नव नंबरदेख हैरान फिन मुस्कुरा देता हैं
आर्नव - जी चाची बोलिये
पदमा - मुझे चाची मतकेह अपनी परोस चाची कों छोरा नहीं तूनेदेख मे नहीं चाहती तु मेरी बेटी केँ पासरहे अब तेरी सचाईजान गई हुतु मेरी बेटी कों भि नहीं छोरेगा
आर्नव हैरान होकेमन मे - नहीं दोस्त यह नहीं होना थां अच्छा नौकरी मिला हैं चला गय़ा तोँ मेरी लाइफ बर्बाद मे अपनीमा केँ ड्रीम्स केसे पुरा करुगा मुझेकुछ करना होगा
आर्नव - आपको लगता हैं मेनेगलत किया
पदमा - हा
आर्नव - किया मेने अपनी चाची कां रेप क्याँ जोँ मे गलत होँ गय़ा हमारे बीच मर्ज़ी सें हुआ हैं
पदमा थोरा हैरान होके -पऱ वोँ केसेऐसा कर सकती हैं
आर्नव - चाची हमारे बीच रिस्ता पहले सें हि अच्छा थां कब हमारे बीचसभी हुआबता नहींलगा मगरजब सभी हौ गय़ा तब चाची नें मुझेसच बताया
पदमा हैरान होके - कैसासच
आर्नव - चाचा चाची कों खुश नहींकर पाते थें इस लिये चाची बहुत दुःखी मायूस रहती थि
पदमा हैरानी सें मन मे - यही तौ मेरी लाइफ मे भि चलरहा हैं
आर्नव - चाची मे कोईगलत नहीं किया उनको जरूरत थि मेने पूरी कि अब चाची बहुतखुश रहती हैं पहले सें जयदा मे कोईहवस वाला इंसान नहींहु नां मेरीसोच गलत हैं अब बताओ क्याँ मेने चाची कों वोँ वोँ सुख देखेगलत किया
पदमा - मानती हुमगर उसने तुम्हरे हि संग कियु किया
आर्नव - भरोसा कोई महिला ऐसे हि किसी अंजान कि संग नहीं करती जिसपे उसे भरोसा होगा हैं उसी केँ संग करती हैं ताकिराज राजरहे
पदमा - हुमगर तूनेकहा पूरीरात कियायह मे नहीं मानती कोई पूरीरात केसेकर सकता हैं
आर्नव - आप् सही हैं पूरीरात नहीं घंटों तक एक् बार करते थें फिन बातें फिन करते थें
पदमा - फिन भि घंटे तक कोई केसेकर सकता हैं
पदमाबरे घऱ कि बेटी हैं इस लियेखुल केँ बिना सर्म झिझक केँ संग बातें कररही हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - चाचा आपकेसंग जयदादेर नहींकर पाते इसकायह मतलब नहींकोई नहींकर सकता घंटों
पदमा - तुम् बेसरम हौ
मोबाइल कट
आर्नव गहरी सासू लेते हुवे - बच गय़ा चूत केँ संग नौकरी भि जाती
( रात 8 बजे )
नाइटी पहन मिनापवन कों देख - जातीहु
पवन मिना कों देख - हुजाओ मजेकरो
मिना कमरे मे आती हैं आर्नव बिना देरी किये मिना कों बैड पे लेता केँ नाइटी उपर करके चूत कों देखता हैं मिना सर्म सें - कितना बेचैन हैं मेरालाल अपनीमा कों चोदने केँ लिये
आर्नव चूत कों अच्छे सें देखता हैं फिन नाइटी नीचेकर पलंग पे लेत मिना कों बाहों मे लेके - चूत कि हालत आपकीठीक नहीं हैं अंदरछिल गय़ा हैं कल करुगा आज आराम करिये
मिना थोरा हैरान होती हैं फिन प्रेम सें आर्नव कों देखते हुवे - अपनीमा कि इतनी चिंता हैं मेरेलाल कों
आर्नव मिना केँ होठो पे किस करते हुवे - प्रेम करताहु हवस पूरी नहीं करनी मुझे आप् तोँ मेरी रानी हैं
मिना कों आर्नव पे बहुत प्रेम आता hain मिना आर्नव केँ सीने सें लग - ऐसे हि प्रेम करते रहना मेरेलाल अपनीमा कों
( हवेली ) 9 बजे
जानकी - कैसी हैं बेटी लाडली
अनाया - अच्छी हुमा
जानकी मुस्कुराते हुवे - बीच पे आनंदआया
अनाया मुहबना केँ - नहींआया उस कलुवे केँ संग किसको आनंद आयेगा
जानकी हस्ते हुवे - अच्छा ऐसा हैं कहो तौ अरुण कों काम सें निकाल दु
अनाया जल्द सें - नहीं नहींमा ऐसामत करिये बेचारा गरीब हैं काम सें निकाल देगी तौ सही नहीं होगा बॉडीगार्ड अच्छा हैं बाकी तोँ कमीना हैं उसेदेख बहुत क्रोध आता हैं
जानकी मन मे - पागल अरुण अच्छा लगता हैं पऱ दिखती नहीं हैं
जानकी - बेटी किसी कों गली नहीं देतेसमझ गई जियाकहा हैं
अनाया - बाथरूम गई हैं
जानकी - अच्छा रखतीहु कल आउंगी मिलने
अनाया - ठीक हैं मा
मोबाइल कट
अनाया पलंग पे लेतीमन मे - कमीना कमीना कलुवा
वही जानकी कां फिन मोबाइल बजता हैं
जानकी - जी बोलिये
अंजान - किया हौ रहा हैं कही भीजी थि
जानकी - हु थि तौ
अंजान - सुनो नाँ किया पहना हैं
जानकी धीरे-धीरे सें - नाइटी औऱ किया
अंजान - अंदर मे
जानकी सर्मु सें - वोँ कुछ नहीं
अंजान - उपर नीचेसभी न्
जानकी जल्द सें - बसबसआगे मत बोलिये कुछ
अंजान हस्ते हुवे - अभि तक तुम् सर्माती होँ कल मज़ाआया
जानकी सर्म सें - मुझे नहींपता
अंजान - जानकी बेटे कि यादआती हैं
सांति छा जाती हैं
अंजान जल्द सें - सोर्री सोर्री गलती सें
जानकी - आपको कितनी बारकहा मेने वोँ समयमत याद दिलाइये मुझे
मोबाइल कट
जानकी फुटफुट केँ रोते हुवे - कसकास अपने प्रेम मासूम बेटे कों मरवाया नहीं होता किसी कों गोद याँ किसी कों पालने कों दे देती तोँ आज मे आज मे बेटे केँ लियेतरस नहींरही होतीरोज रात वोँ दिन मेरे ख्वाब मे आता हैं मे सुकून सें जी नहींपा रहीयही मेरीसजा हैं मुझ जैसी पापिन केँ लियेयही सजा अच्छी हैं
( सुभह )
आर्नव तैयार थां मिना कमरे मे आती हैं आर्नव मिना कों बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं दोनों करते हैं
आर्नव प्रेम सें - माजारहा हुकाम पे वादा हैं जल्द हि आपको अच्छी स्थान घूमने लेके जाउंगा आपको सारी खुसिया दूंगा
मिना नीचेबैठ आर्नव कां लन्ड पैंटदे बाहर् निकाल हिलाते हुवे - मुझेबस मेरेलाल कां प्रेम चाहिये बाकीकुछ नहीं
मिनाफिन गप् सें लन्ड मुह मे लेकेमजे सें चूसने लगती हैं आर्नव मजे मे - अहहमा किया मज़ा देती हैं आप् अफ चुसोमा औऱ चुसो
मिना लन्ड चूसते हुवेमन मे - यह स्वाद तौ मे रोज लूगि सुभहशाम
मिना लन्ड चूसने केँ बादखरी होती हैं आर्नव कों देखते हुवे अपनी सारी पेटीकोट उपर करके पलंग पे घोरी बनते हुवे - डालदे लाला तुम को अपनी चूत दिये बगैर जैसे जानेदे सकतीहु
आर्नव अपनीमा कि मोती गांड चूत देखजोस मे आँ जाता हैं आर्नव चूत केँ छेद पे लन्ड रख एक् जोर कां धक्का देता हैं मिना दर्द मे अहह
आर्नव चुदाई करते हुवे एक् हाथ सें गांड दबाते रहता हैं एक् हाथ सें मिना कि अपनीमा कि मस्तगोल चिकनी गांड पे चाटा मारते रहता हैं
मिना दर्दमजे मे - अहह मेरेलाल लन्ड सें चूत माररहा हैं हाथ सें मेरी गांड कों बहुत मज़ा आँ रहा हैं मेरेलाल ऐसी चुदाई तु हि कर सकता हैं मेरीचोद बेटा जीभर अपनीमा कों चोदअहह
आर्नव चुदाई करते गांड दबाते चाटा मारते हुवे - अफमा कियाकरू आपकी गांड हैं हि इतनी मस्त
20 मिनटबाद
मिना आर्नव केँ गले मे हाथ डाले मुस्कुराते हुवे - माबन गई बच्चा होगा तौ मेरी मेरे बच्चे कां ख्याल कोन रखेगा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - बच्चे कां आप् मे औऱ कोन मेरी रानी
मिना सर्म सें - हैं मेरे राजा
आर्नव - मा जानां होगादिल तौ नहीं करताजाऊ मगर जानां पड़ेगा
मिना - हुजाओ बेटा मे हु तेरी रानीमा इंतजार करेगी
आर्नव चला जाता हैं मिनापेट मे हाथ रखते हुवे - प्लेस ऊपर वालेइस मा मुझे लाला केँ बच्चे कि माबना दे
आर्नव रूपबदल केँ बंगलो सें अनाया जिया कों कॉलेज लेकेआता हैं गारी रोकता हैं
आर्नव अनाया जिया सें - आजफिन चले घूमने
अनाया दरवाजा खोल बाहर् सें आर्नव कों देख - तुमहारे संगकोन जायेगा कलुवा
आर्नव चिढ़ केँ - मे कलुवा नहींहु समझीतु हैं कलूवि समझी
अनाया गुस्से मे - तु हैं कलुवा कमीना भार मे जा
अनाया गुस्से सें चली जाती हैं
जिया बाहर् आके आर्नव कों किस करते हुवे - दिदी जायेगी ऐसे हि क्रोध कररही हैं
आर्नव जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - जानकुछ दिखाओ अपना याँ मे दिखादु
जिया हैरान सर्म सें - छि बेसरम
जिया भि मुस्कुराते हुवे जाने लगती हैं आर्नव दोनों बेहन कि गांड हिलते देख - कितना हिलाती हैं दोनों अपनी गांड कों
आर्नव सीधा हवेली आता हैं जानकी जानकी खरी थि जिसेदेख आर्नव इसबार पागल होने केँ संग केँ संगहोस खो देता हैं लन्ड झटके मारते हुवे 4 बुँद पानी भि निकाल देता हैं कियुंकी सामने कां नजरा थां हि ऐसा
जानकी नें ग्रेरंग कां पुरे फिटिग टॉप पहना होता हैं संग मे लाइट ब्लूटॉप इतना टाइटफिन होता हैं कि जानकी केँ दोनों बरेबरे गोल मटोल चुचेसाफ नंगे जैसे दिखाई देरहे थें दोनों चुचेसेम साइज केँ थें मिना सें भि बरे थें जौ किसी केँ संग मे नहीं आयेगा एक् चुचे कों पकरने केँ लियेदो हाथ कां इस्तमाल करना हि होता आर्नव तोँ जहा थां वहीखरा पथर् जैसा देखने मे खोया थां
पदमावहा आती हैं आर्नव कों देखती हैं फिन जानकी कों देख - दिदी आप् कों जब भि यह सैतान देखता हैं कहीखो जाता हैं
जानकी हस्ते हुवे - गाव सें आया हैं जानकी हम् भि गाव वाले हैं मगर अमीरघऱ केँ हैं इस लिये नहीं तौ गाव मे औरतेसभी सारी पहनती हैं
जानकी आर्नव केँ पासआके - होस मे आओगे याँ पानी डालू
आर्नव जल्द सें होस मे आते हुवे - नहीं नहीं पानीमत डालना
पदमा जानकी हसने लगते हैं
पदमा - आओ मेरेसंग बात करनी हैं
आर्नव जानकी कमरे मे बैठ जाते हैं बैड पे
जानकी - जिया अनाया केँ आने केँ बादसोच रहीहु बापू भइयासभी सें मिलने जाऊ चलोगे
आर्नव जानकी कों देख - ठीक हैं चलते हैं
जानकी - ठीक हैं तयरहा हम् संग मे यहा सें निकलेगे शाम तक आँ जायेंगे
आर्नव - जी
आर्नव जानकी केँ गले मे लॉकेट देखता हैं मगरयह लॉकेट अलग होता हैं तौ आर्नव कोई प्रश्न नहीं करता
जानकी आर्नव कों देख - अब तुम् जाओ मे आतीहु
आर्नव - जी
आर्नव नीचेआता हैं पदमा आर्नव कों देख - आँ गय़ा
आर्नव पदमा केँ पासबैठ पदमा कों देख - चाची बहुत सुंदर लगरही हैं आप्
पदमामुह बना केँ - झूठानजर तौ दिदी पे रहती हैं
आर्नव थोरा हैरान होता हैं फिन धीरे-धीरे सें हिम्मत करके जानकी केँ जांघों केँ हाथरख औऱ चिपक केँ बैठ जांघों कों सेहलते हुवे - पर्र मुझे तोँ आप् हसीन अच्छी लगती हैं
पदमा सिहर जाती हैं आर्नव केँ हाथो कों पकर धीरे-धीरे सें - मतकर बेटा
आर्नव पदमा कि आखो मे देख - वही प्यास देखरहा हु आपकीआखो मे चाची
आर्नव पदमा केँ चेहरे कों पकर प्रेम सें देख - मे आपको वोँ खुशीदे सकताहु किसी कों पता नहीं चलेगा चाची
पदमा बहकते हुवे आर्नव कों देख - पऱ डर लगता हैं कही
आर्नव औऱ लगभग होठो कों लाते हुवे - किसी कों पता नहीं चलेगा
आर्नव पदमा कों किस करने लगता हैं एक् जवान लरके केँ कों किस करते हि पदमा कि पूरी बॉडी गनगना जाती हैं पदमा स्वयं कों रोक नहीं पति औऱ आर्नव कां संग देनेलग जाती हैं आर्नव किस करते हुवेमन मे - यह एहसास ऑन्टी केँ किस करने कां जिया केँ किस सें अलग हैं नर्म रसीले होठो कां मीठा स्वाद हैं अफ ऑन्टी आप् तौ मस्त हैं
तभी किसी केँ आने कि आवाज़ सुनाई देती हैं
पदमा आर्नव जल्द सें दूर हौ जाते हैं जानकी थि तोँ नीचे आँ रही थि जानकी आखे आर्नव केँ पासबैठ जाती हैं जबकि पदमाशोक मे मन मे - यह किया हौ गय़ा एकदम सें मे केसे एक् जवान लरके केँ संगयह सभीकर सकतीहु
आर्नव पदमा कों सोच मे देखमन मे - बहुत प्यास हैं आपके अंदर चाची मुझेपता चल चुका हैं अब तोँ आसान हैं आपकी लेना
जानकी दोनों कों देख - कहाखो गये तुम् दोनों
जानकी आर्नव पदमा बहुत बातें करते हैं एसी मे 2 बज जाते हैं
आर्नव जानकी कों लेके कॉलेज आता हैं अनाया जिया कों लेके बंगलो आता हैं
अनाया जिया कपड़े बदलरही होती हैं
अनाया - माकेह भि तोँ सकती थि मामाजी नानाजी केँ यहा जानां हैं
जिया हस्ते हुवे - चाची जोँ करती हैं एकदम सें करती हैं
हॉल मे आर्नव - हम् लरको कों तौ 10 मिनट बहुत हैं
जानकी आर्नव कों देख - लरको कों करना किया होता हैं नहाये बाल बनाये होँ गय़ा
आर्नव जानकी कों देख - तौ तोँ कियाकब सें तैयार हौ रही हैं दोनों
तभी अनाया आते हुवे - बंदर किया जाने तैयार होना किसे कहते हैं
आर्नव अनाया कों देख - फिन बंदर बोला मुझे
अनाया मुहबना केँ - अंदर केँ संग कलुवा भि हौ तुम्
जानकी दोनों कि लराइदेख हसने लगती हैं
जिया भि आँ जाती हैं आर्नव सब कों लेके सीधा शक्ति पूरआता हैं
आर्नव सभी बाहर् निकलते हैं आर्नव हवेली देखमन मे - कितना सुंदर आलिसांन थां
जानकी आर्नव केँ पासआके - आर्नव बेटा मे केहरही थि आजरुक जाते मुझे यकीन हैं बापूहमे आज जाने नहीं देगे किया तुम् रुक सकते हौ
अनाया आर्नव कों देख ताना मारते हुवे - रहनेदो मा कलुवा मा कां लाडला हैं नहीं रुकेगा
आर्नव अनाया कों देखमुह बना केँ - ठीक हैं ऑन्टी मा कों मोबाइल करकेबता देताहु
जानकी केँ संग जिया भि खुश हौ जाती हैं
आर्नव मिना कों मोबाइल करकेसभी बता देता हैं
मिना - लालातु दूर रहता हैं मुझे अच्छा नहीं लगता
आर्नव मुस्कुराते हुवे - माआज पिताजी कों खुश करदोकई दिनों सें अकेले सोरहे हैं बाकी मे आऊगा तोँ खूब चुदाई करुगा आपकी
मिना सर्म सें - बेसरम अच्छा ठीक हैं लाला अपना ध्यान रखना
आर्नव - ठीक हैं मा रखताहु
मोबाइल कट
आर्नव सब केँ पासआके - केह दिया
तभी घऱ सें पर्ताप बाकीसभी बाहर् निकलते हैं आर्नव कि नजर तौ किसी औऱ हसीनबला पे जाकेरुक जाती हैं
आर्नव मन मे - सालाइन ठाकुरो केँ परिवार मे हि इतनी सुंदर माल कियु हैं
आज केँ लिये इतना हि update कैसालगा दोस्तो जरूर बताना मिलते हैं बाय
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 11
राजेस पर्ताप बाहर् आते हैं जानकी जिया अनाया कों देखखुश होते हैं पीछे सें मोनिका काजल भि आती हैं
जानकी जल्द सें जाके अपने बापू केँ पेर छूके आशीर्वाद लेती हैं पर्ताप जानकी कों देखते हुवे - मेरी प्यारी बच्ची आखिर तुम् मिलने आँ हि गई अपने पिताजी सें
जानकी - पिताजी वक्त नहीं मिलता आप् जानते तोँ हैं सभी वैसे भि महीने मे आती रहतीहु
पर्ताप हस्ते हुवे - आनां तोँ परेगा
अनाया जिया पर्ताप केँ पांव परते हुवे आशीर्वाद लेते हैं पर्ताप अनाया जिया कों गले लगाते हुवे - अबआई अपने नानाजी कि याद
अनाया पर्ताप कों देखते हुवे - नानाजी जी मुझे तौ रोजयाद आती हैं आपकीमगर मा नहीं लेकेआती
जिया - जी नानाजी जी दिदी सहीकेह रही हैं
जानकी हैरान अनाया जिया कों देखते हुवे - बेसरम मुझपे इन्जाम लगारही हौ तुम् दोनों
पर्ताप हस्ते हुवे - बच्चे सच हि बोलते हैं जानकी बेटी
राजेस जानकी कों देख - कैसी होँ मेरी बेहन
जानकी राजेस केँ गले लगते हुवे - भइया मे अच्छी हु
दोनों भइया बेहनअलग होते हैं
राजेस - चलो कहने पे आई तौ सही
जानकी - क्याँ भइयाआती तोँ रहतीहु नाँ फिन भि आप् सभी सुनते रहते हैं
मोनिका जानकी केँ पासआके - कैसी हैं मेरी ननदी रानी
जानकी मोनिका केँ गले लगते हुवे - मे अच्छी हु भाभी आप् कैसी हैं
मोनिका - मे भि अच्छी हु
काजल जानकी केँ पेर छूके आशीर्वाद लेते हुवे - फूफी
जानकी काजल कों गले लगते हुवे - मेरी बच्ची कैसी हैं
काजल नाराज होके - आप् सभीआते नहीं हैं ऐसा कियु
जानकी - लोअब मे रोजरोज तोँ नहीं आँ सकती नां
आर्नव खरासभी देखरहा थां आर्नव कि नजर मोनिका पे थि मोनिका
ओलिव ग्रीन सारीमैच ब्लाउस मे बहुत सुंदर लगरही थि फिगर बहुत मस्त थां आर्नव कों उपर सें नीचे तक देखेजा रहा थां
आर्नव मन मे - किया फिगर हैं दोस्त ऑन्टी कि एकदमकरक फटाका लगरही हैं अफ गोरीकमर गहरी ढोरी कियालग रही हैं मन तौ कररहा हैं जाकेचूम लू साला मेरी कमजोरी यही हैं कमर देखते हि मे पागल कों जाताहु
आर्नव फिन काजल कों देखता हैं काजलक् डार्क ग्रेकलर क्रॉप टॉप नीले टाइट जीन्स पहनी थि चिकनी कमरपेट गहरी ढोरीसाफ दिखरही थि आर्नव मन मे - जैसीमा फटाका हैं वैसी बेटी भि हैं मगर एक् बातसमझ नहींआती सभीकोई अपनीकमर ढोरी दिखती कियु रहती हैं यह अमीर लोगों केँ अलग हि चोचले होते हैं
आर्नव सोचो मे गुम हि थां कि पर्ताप आर्नव कों देख - तुम् लरके तुम् अनाया जिया केँ बॉडीगार्ड होँ नाँ
आर्नव होस मे आते हुवे जल्द सें पर्ताप केँ पेर छूके - जी नानाजी जी
पर्ताप खुश होके आर्नव कों देख - बहुतखूब अच्छे संस्कार मिले हैं तुझेही अपनीमा सें
आर्नव पर्ताप कों देख - अपनेसही कहा मेरीमा पिताजी कहते हैं बरो कों समानकरो
पर्ताप मुस्कुराते हुवे - सही कहते हैं तेरेमा बापू
मोनिका काजल कि नजर भि आर्नव पे जाती हैं
राजेस आर्नव कों देख जानकी सें - तूनेयह कैसा बॉडीगार्ड रखा हैं गुरिया यह तोँ बच्चा हैं
मोनिका जानकी सें - ननदी रानी पति जी नें सहीकहा यह तोँ बच्चा हैं आप् अनाया जियासंग मे इस बच्चे कि जान कों रिस्क मे डालरही हैं
काजल आर्नव कों देख - फूफी इसे बॉडीगार्ड कि नोकरी सें निकाल दोकिस गरीब कों बॉडीगार्ड रख लिया अपने नाँ हैंडसम हैं नाँ अमीरपता नहींकिस नाली कि पैदाइस हैं इस कों पैदा करने वालीमा कों इसे पैदा हि नहीं करना चाहिये थां कितना बतसुरत हि छि गंदा
आर्नव गुस्से सें चिल्ला केँ - जबान संभाल केँ ठाकुर् होगे अपने लिये मे अपनी बेज़ती बर्दास्त कर सकताहु मगर अपनीमा कि नहीं दूसरा मेरीमा केँ बारे मे कुछ बोला तोँ मे तेरी जुबान खिच लूंगा
आर्नव कि ऐसी बातें सुनसभी कोईशोक हैरान होँ जाते हैं
काजल गुस्से सें - तेरीयह हिम्मत अभि मे तुम्हें अपनी ओकात दिखती हु
काजलतेज आवाज़ मे - कहामर गये तुम् सभीइस लरके कों मारमार केँ यहा सें फेकदो
जल्दी 10 बॉडीगार्ड आर्नव कों घेर लेते हैं जिया पर्ताप सें घबरा केँ - नानाजी जी प्लेस रोकिये दिदी कों
पर्ताप गुस्से सें - ठाकुर् कों ललकारा हैं उसेपता होना चाहिये उसकी ओकात किया हैं
अनाया पर्ताप कों देख - मगर नानाजी जी गलती तौ दिदी कि हैं
पर्ताप गुस्से सें - तौ क्याँ काजल बेटी नें जोँ कहासही कहा
जानकी डरते हुवे राजेस सें - भइया रोकिये सभी कों
राजेस जानकी कों देख - माफ करना बेहन बापू केँ सामने मे मजबूर हु
जानकी जल्द सें जाके पर्ताप सें - बापू
पर्ताप गुस्से सें तेज आवाज़ मे - बसकोई कुछ नहीं बोलेगा आजयह लरका पैरो पे नहींचार कंधे पे जायेगा आजइस लरके केँ संग इसकेमा बाप सभी कों मरना होगा ठाकुर कि इज़तमन सामान सबसेआगे हैं जोँ कोई भि ठाकुर कों ललकरता उसकीमौत पक्की हैं
पर्ताप आर्नव कों देख - बच्चे तु मुझे पसन्द आँ गय़ा थां मगर तूने गलती करदी ठाकुर् कों ललकार् केँ
पर्ताप अपने बंदे सें - देख क्याँ रहे कों मारदो औऱ फेकदो जंगल मे
आर्नव केँ कानों मे मा आप् कों मारदो संग मे मारदो जंगल मे फेक जैसे सुनता हैं आखेलाल हौ जाती हैं
जानकी अनाया जिया रोकने जाते हैं मगरकुछ लोगआके जानकी जिया अनाया कों रोक देते हैं
आर्नव सन्तखरा थां 10 बॉडीगार्ड आर्नव कों घेरेखरे थें बाकीकई बॉडीगार्ड पीछे घेराबना केँ खरे थें सभी मिला केँ 30 केँ पास बॉडीगार्ड होगेवहा मौजूद थें
जैसे हि सब बॉडीगार्ड आर्नव कों मरने जाते हैं आर्नव मुठी कस्ता हैं फिन धीरे-धीरे सें मुठी खोलता हैं आर्नव पीछेहाथ लें जाके एक् चाकू कों कस केँ पकरआखे बंद करकेमन मे - माफ करनामा आपका बेटा एक् कातिल बननेजा रहा हैं आपको जौ भि बुरा बोलता हैं उसकीकेह केँ लेँ लेताहु मगरयहा यह ठाकुर् आप् कों मरने कि बातकर रहा हैं चाहे मुझे अपनीजान देगीपरे दुनिया सें लरनापरे मास्टर अपने मुझे लरना सिखाया मेने सोचा नहीं थां मास्टर मे ऐसी हालत मे फस जाउंगा जहा मुझे जीवनमौत कि लराइ लरनी परेगी मा प्लेस मुझेमाफ कर देना
आर्नव आखे खोलता हैं सामने तौ बॉडीगार्ड आँ गये थें बॉडीगार्ड केँ हाथो मे चाकू थां आर्नव तेजी सें दोनों बॉडीगार्ड केँ पास जाके जल्द सें नीचे झुकते हुवे जमीन सें घुस्सते हुवे दोनों बॉडीगार्ड केँ पेर पे लातदे मारता हैं दोनों बॉडीगार्ड जब नीचे गिरने लगते हैं आर्नव नीचे लेता थां हवा मे हि तेजी सें चाकूचला केँ दोनों केँ गले कों रेट देता हैं खून कि बोचार् होती हैं आर्नव खून सें सन् जाता हैं चेहरा कपड़े खून सें लाल हौ जाते हैं दोनों बॉडीगार्ड कि आवाज़ भि निकल नहीं पति औऱ जमीन मे गिरने तरपने लगते हैं आर्नव खरा होता हैं चाकू सें खूनतप तप जमीन मे गिररहे थें कपड़े चेहरे पे खून थां आर्नव बहुत जयदा भयानक लगरहा थां पर्ताप जानकी राजेस सभीकोई बहुत बहुत जयदाशोक होँ जाते हैं काप् जाते हैं
आर्नव केँ पीछे सें दो बॉडीगार्ड चाकू सें हमला करकेआते हैं आर्नव पर्ताप काजल कों सभी कों गुस्से सें देखता हैं फिन तेजी सें पीछेमूर केँ झुकते हुवे चाकू सें बचते हुवे एक् बॉडीगार्ड केँ पेट मे लात करता हैं दूसरे केँ गले कों पकर सीने मे चाकू घुसा देता हैं बॉडीगार्ड जोर सें चीख मारते हुवे जमीन मे गिरतरप मे मर गय़ा हैं
जानकी पर्ताप सभीजमे शोक मे सभी देखते जारहे थें
अब बाकी बॉडीगार्ड डरनेलगे थें मगर सामने पर्ताप कों देख हिम्मत करके आर्नव मे हमला करते हैं आर्नव एक् केँ पीछे एकदम सें जाके चाकू मस्त घूमते हुवेगले पे डालके रेट देता हौ दूसरा आता हैं आर्नव धीरे-धीरे झुक केँ पेट मे चाकू घुसा केँ चिर देता हैं लास्ट मे एक् बॉडीगार्ड बचता होँ जिसे आर्नव पकर पीछेखरा होकेगले पे चालू रखते हुवे पर्ताप बाकीसभी कों देखते हुवे धीरे-धीरे सें हस्ता हैं फिनजोर जोर सें आर्नव पगलो कि तरह हस्ते हुवे बॉडीगार्ड कां गलाबरी बेहरमी सें रेटरेट केँ गलाकाट केँ धर सें अलगकर देता हैं आर्नव केँ हाथ मे बॉडीगार्ड कां सररह जाता हैं बॉडीधरम सें नीचेगिर परती हैं आर्नव हस्ते हुवेसर कों पर्ताप केँ पासफेक देता हैं
इतना भयानक नजारा देख पर्ताप सभी कि रूह काप् जाती हैं आर्नव हसनाबंद करता हैं फिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे पर्ताप केँ तरफ जाने लगता हैं तभी पीछेखरे दो बॉडीगार्ड आर्नव केँ गन सें निसाना लगते हैं आर्नव पीछे सें गन निकाल पीछे बिना देखे हि दोनों बॉडीगार्ड केँ सर पे गोलीमार खतमकर देता हैं
एक् बच्चे कों इसतरह चाकू केँ संगगन चलतेदेख अबसभी कि फट जाती हैं आर्नव फिन पर्ताप कि तरफ जाने लगता हैं मगरफिन आर्नव कों सेंस होता हैं पीछे सें कोई गोली चलाने वाला हैं आर्नव गुस्से सें पीछे मुरता हैं औऱ धनधन करके एक् एक् बॉडीगार्ड केँ सीधेसर पे गोली मारते हुवेआगे बढ़ता हैं गोली कतम् होँ जाती हैं बाकी बॉडीगार्ड आर्नव मे गोलीबरी करने लगते हैं
आर्नव तेजी सें अपने आप् कों बचते हुवे गारी केँ पीछेछुप केँ जल्द सें मेकजीन् लोड करते हुवे मास्टर कों याद करता हैं
( एक् दिन पहले सुभह 6 बजे जंगल मे )
आर्नव सहदेव बैठे थें आर्नव नें सभीपता दिया थां कहा किसके लिये बॉडीगार्ड कां काम करता हैं ठाकुर् केँ बीच कियाचल रहा हैं
सहदेव - तुम् तोँ उसी केँ बीचघुस गये जिससे दूर रहने कों बोला थां देखो आर्नव बेटा ठाकुरो मे तोँ औऱ भि इज़तमान सम्मान झूठीसान कों लेके पागल रहते हैं बेटा उसकाम कों छोरदो कभी भि कोई दुश्मन ठाकुरान् कि बेटी पे हमलाकर सकता हैं तब वोँ लोग खालीहाथ लरने नहीं आयेगे गन चाकूसभी केँ संग आयेगे जैसे मे तेरी नाँ चाहते हुवे मे खून खराबा करना होगा जोँ मे नहीं चाहता नां तुम् चाहते हौ तोँ अच्छा रहेगा नौकरी छोरदो
आर्नव सोचते हुवे - मास्टर आप् सहीकेह रहे हैं मगर मास्टर अभि ऐसाकुछ होँ नहींरहा ठाकुराइंन नें कहाजब मामला बिगड़ेगा तब मे अनाया जिया कों लेकेदूर चलाजाऊ ठाकुराइंन भि नहीं चाहती मे इससभी मे पारु तौ मे तब तक बॉडीगार्ड बनके रहना चाहता हु हालत बिगरे तोँ मे अनाया जिया केँ संगमा पिताजी कों लेकेदूर चला जाउंगा
सहदेव आर्नव कों देखता हैं फिनखरा होके - चलो मेरेसंग
आर्नव थोरा हैरान होता हैं फिनचुप छाप अपने मास्टर केँ संग चलने लगता हैं 15 मिनट जंगल केँ अंदर चलते हुवेबरी झरी केँ बीच सें एक् पहार् केँ पासआते हैं सहदेव एक् स्थान जाके किसी पथर् कों दबता हैं तोँ एक् छोटा मार्ग खुलता हैं आर्नव बहुत हैरान होता हैं देख केँ
सहदेव आर्नव कों देखते हुवे - चलो अंदर
सहदेव आर्नव कों लेके अंदरआता हैं अंदर जाने केँ माफ एक् स्थान पे सहदेव खरा होता हैं सामने कई पेटीरखी थि सहदेव सब पेटी कों खोलता हैं तोँ आर्नव सबसे जैसाशोक मे चला जाता हैं
किसी पेटी पे बमगन चाकू वक्तबम बारूद रखे हुवे थें सहदेव एक् गन कों उठा केँ मेकजीन् लोड करके आर्नव कों देते हुवे - इसगन सें तूनेगन चलाना सिखा थां जिसे अपनेपास रखो
सहदेव कुछ मेकजीन् एक् चाकू लेके आर्नव कों देते हुवे - इसे भि रखो आर्नव बेटा उमीद करताहु गन चाकू चलाने कि नोबत नहींआये मगर जौ हालत हैं जौ नौकरी कररहे होँ कुछ बोलना मुश्किल हैं बाकी तेरा मास्टर हैं कभी मुसीबत मे परो एक् फोनकर देना बूढ़ा हौ गय़ा हुमगर अभि भि मेरे एक् इसारे पे कईलोग आँ जायेंगे जोँ किसी भि हलात सें लर सकते हैं
आर्नव कपते हुवे सहदेव कों देख - मास्टर आप् हैं कोन
सहदेव मुस्कुराते हुवे - कुछ बातें राज हि रहनेदो
आर्नव सभीयाद करके हाथो मे गन लिये गारी केँ पीछे बैठे हस्ते हुवे - मास्टर आप् तौ मेरे सें भि जयदा छुपा रुस्तम निकले मगर मास्टर क़िस्मत भि देखिये कल अपनेगन चाकू दियाआज उसका यूज़ करना पर्र रहा हैं काश मे आपकीबात मन नौकरी छोर देता तोँ मुझे अभि खून खराबा नहीं करना परता
आर्नव स्वयं सें बातें कररहा होगा हैं औऱ बॉडीगार्ड औऱ पास आर्नव केँ ऊपर गोलिया चलते हुवे आँ रहे होते हैं आर्नव केँ पांव केँ पास सें कई लोलिया चलरही थि पऱ आर्नव बिनाडरे बैठा थां
आर्नव गन कों देख - मा मेरी भाग्य मुझेकहा लेके आँ गई माजिस मा नें जन्म दिया उसने जन्म देते हि फेक दिया मे तोँ आप् केँ संग पिताजी केँ संग खुशी सें लाइफ जीना चाहता थां मगरयह कमीनी दुनिया गिरेलोग मुझे जीने नहीं देगे
तभी एक् बॉडीगार्ड आर्नव केँ पासआके गोली मरने वाला होता हैं कि आर्नव धाये सें सर पे गोली मारके खतमकर देता हैं
आर्नव गहरी सासू माँ लेके धीरे-धीरे सें खरा होता हैं एक् नजरआस पाससभी कों देखता हैं फिन तेजी सें आगेसभी केँ सामने हि स्वयं जाता हैं जमीन पे बॉडीगार्ड जब तक आर्नव पे निसाना लगते लधाये धायेसब बॉडीगार्ड कों ख़तमकर देता
आर्नव कि गोलीखतम हौ जाती हैं आर्नव अंतिम मेकजीन् लोड करते हुवे - औऱ नहींकुछ करना होगा
आर्नव खरा होके चारों तरह देखता हैं सब बॉडीगार्ड मरेगये थें आर्नव मन मे - बाकी बॉडीगार्ड आते हि होते मुझे औऱ कुछ करना परेगा ऐसे हि जा भि नहीं सकता मामला छोर केँ
आर्नव हवेली केँ दरवाजे पे आता हैं पर्ताप सब कपते हुवे आर्नव कों पासआते देखडर देखने लगते हैं
आर्नव पर्ताप केँ पासखरा होके पर्ताप पे उपरगन तनते हुवे - ठाकुर् पर्ताप
तभी जानकी आर्नव सें - प्लेस बेटा कुछमत करो मेरे पिताजी कों
आर्नव जानकी कों देख - आप् चुप रहिये ऑन्टी आप् अच्छी हैं इस लिये इज़त सें बातकर रहाहु कोई भि कुछ नहीं बोलेगा कोई भि नहीं
तभी पीछेकई बॉडीगार्ड आके आर्नव पे गनतन देते हैं आर्नव पीछेसब बॉडीगार्ड कों देख - कोसिस भि मत करना तिगर दबाने सें पहले मेरी कानों मे आवाज़ आँ जाती हैं यकीन मानो मरने सें पहले मे तुम्हारे ठाकुर् कों मार दूंगा
जानकी चिल्लाते हुवे बॉडीगार्ड सें - देख कियारहे होँ गन नीचेकरो जल्द
सब बॉडीगार्ड गन नीचेकर लेते हैं
आर्नव पर्ताप कों देख - तोँ क्याँ कहा थां तूने ठाकुर् पर्ताप मुझे मेरीमा पिताजी कों मरेगे गलतीसभी सें बरी गलती तेरीयही हैं कोई मेरीमा बापू कों गाली भि दे देता हैं तौ मे उसकीमा बेहन एक् कर देताहु तूने तूने साले कुत्ते मेरीमा पिताजी कों मरने कि बात कि ठाकुर् पर्ताप तेरे समाने खराकोई बच्चा नहींशेर हैं शेर जिसे सुने मजबूर किया खुनखार बनने मे
पर्ताप सभीकप रहे हैं चेहरे पे पसीना थां फिन भि पर्ताप हिम्मत करके अपने ठाकुर् कां रोब अकर् दिखाते हुवे धमकी देते हुवे - देख बच्चे तूने जोँ गलती कि उसकीसजा तुम् नहीं जानते जिंदा नहींजा पायेगा यहा सें चला भि गय़ा तोँ मे तुम्हे कही सें भि ढूंढ केँ तुम्हे तेरी
आर्नव इतने मे गुस्से सें पर्ताप कां गलापकर जोस सें दबाते हुवे - आगे बोलने कि हिम्मत भि मत करना मजबूर मतकर मुझे अपने पे आँ गय़ा तौ तेरा हैं राज मिट्टी पे मिला दूंगा फिन अपनी इज़त झूठीसान लेकेउपर जानां
जिया अनाया आर्नव सें - आर्नव छोरदो नानाजी जी कों
राजेस आर्नव सें - देख बच्चे छोरदे नहीं तौ अच्छा नहीं होगा
काजल कों हिलीपरी थि उसे अंदाज़ा नहीं थां उसकीकही बोलीं बातें ऐसी हालत पैदाकर देगी
आर्नव पर्ताप केँ गले कों छोर देता हैं पर्ताप खासते हुवे - मार दूंगा
जानकी पर्ताप केँ कों पकरे - पिताजी आप् कियु अरुण कों क्रोध दिलारहे हैं गलती आप् कि हैं
पर्ताप गुस्से सें - तुँ चुपरह
जानकी आर्नव कों देख गुस्से सें - तूने भि सही नहीं क्याँ अरुण मेरे पिताजी पे हाथ नहीं उठाना थां मानती हु तुम्हारी गलती नहीं थि फिन भि मेरे पिताजी पे हाथ नहीं उठाना थां
आर्नव थोरा हैरान होता हैं फिन जानकी कों देखजोर जोर सें हस्ते हुवे - वाउवाउ वाउ ठाकुराइंन दिखा दि नाँ अपना असलीरंग मुझे तौ लगा थां आप् अच्छी हैं गलतसही देख साइड लेगीमगर आप् नें अपनो कां गलत कां हि संग दियाअरे मेरे मास्टर नें कहा थां नौकरी छोरदु मगर आपकेउस कहेबात कि वजह मेने नौकरी नहीं छोरी थि
आर्नव सब कों एक् नजरदेख हस्ते हुवे - मास्टर अपनेसही कहा थां दुनिया मे बहुत कमीने बुरेलोग भरे हैं जोँ बहार सें अच्छे होने कां दिखावा करते हैं मगर उनके चेहरे केँ पीछे उनका कमीना पन असली चेहरा छुपा होता हैं मे जारहा हु मुझे मेरे अपनो कों मरने पीछेमत आनां नहीं तोँ
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - कोई नहीं आयेगा जाओ तुम्
आर्नव जानकी सभी कों देखता हैं फिनगन लिये बॉडीगार्ड केँ बीच सें जाने लगता हैं पर्ताप गुस्से सें - मे
जानकी बीच मे - बस बापू बहुत होँ गय़ा
आर्नव जा हि रहा होता हैं कि अनाया जिया आर्नव केँ सामने आके - मतजाओ प्लेस
जियाआसु बहते हुवे - प्लेस अरुणजी मत जाइये
अनाया आर्नव कों देख - अरुण प्लेस आप् मतजाओ देखो मे मे अच्छे सें बात करुगी आप् कों कलुवा नहीं कहूगी मे अच्छी लरकी बनके रहूगी पऱ आप् मतजाओ
आर्नव अनाया जिया कों देख - माफ करना मुझे जानां होगाअब हमारे बीचकोई रिस्ता नहींरहा
अनाया गुस्से सें आर्नव केँ कोलर् पकर - मेनेकहा नाँ नहीं जाओगे
अनाया केँ कोलर् जोर सें पकरने सें आर्नव केँ शर्ट कां एक् बटनटूट जाता हैं औऱ लॉकेट झूलते हुवे अनाया केँ सामने आँ जाता हैं जिसेदेख अनाया कि आखेबरी हौ जाती हैं
आर्नव अनाया केँ हाथदूर करते हुवे - चलताहु
आर्नव जाने लगता हैं मगर अनाया हैरान शोक मे खरीमन मे - वोँ लॉकेट मेनेकही देखा हैं याद कियु नहीं आँ रहाकहा देखा थां मेने
जिया अनाया केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे - दिदी वोँ चला गय़ा
अनाया होस नें आते हुवे - हुसभी खतम होँ गय़ा जिया
( घऱ केँ हॉल मे )
जिया काजल कों देख गुस्से दे - यहसभी आपकीवजह सें हुवा हैं दिदी नां आप् मुह खोलती नां इतनासभी होतादेख लिया कियाहुआ जिसे आप् गरीब गंदी नाली कि पैदाइस केहरही थि उस अकेले नें किया करकेचला गय़ा एक् भि जखम नहींआये उसे बल्कि आपके केँ लोगो कों मारके लास बिछा केँ चला गय़ा
काजल कपते डरते हुवे - मेने मेनेकुछ नहीं क्याँ
अनाया गुस्से सें - तोँ किसने क्याँ दिदी बोलिये किसने शुरुआत क्याँ सभी
जानकी जिया अनाया कों देख गुस्से सें - चुप होँ जाओ
पर्ताप जानकी कों देख - तुमने बताया कियु नहींहमे वोँ बच्चे केँ रूप केँ सैतान हैं
जानकी पर्ताप कों देख - आपको क्याँ लगता हैं आप् सभी हि हिलेपरे हैं मे स्वयं पूरी हिली हुइ हु मुझेलगा अरुण एक् अच्छा फाइटर हैं मगरअब जौ मौत कां खेल देखा चाकूगन चलाते बिनाडरे बेहरमी सें बॉडीगार्ड कों मारते देख मे मे बता नहीं सकती कितनी शोकहु
पर्ताप गुस्से सें - जानकी उसे मरना होगा
जानकी गुस्से सें पर्ताप कों देख - बस बहुत हौ गय़ा पिताजी आप् शुरुआत सें हि झूठीसान लेकेजी रहे हैं अरे क्याँ जरूरत थि आपको अपना झूठीसान दिखाने कि बच्चो केँ बीच बोलने कि अपने बोला तोँ बोला अरुण केँ संग उसकेमा बाप कों मरने कि धमकीडी कोन बेटा चुप रहेगा इतनासभी होने देखने केँ बाद भि आपकीसमझ नहीं आँ रहा
जानकी कपते हुवे - एक् अकेला लरकालास बिछा केँ चला गय़ा आपको अंदाज़ा हैं एक् जवान 19 साल कां लरका केसे मोंस्टर बन गय़ा ऐसे हि तोँ नहींबना होगा नां उसे सिखाने वाला उसका मास्टर हैं जरा सोचिये एक् 19 साल केँ लरके कों मोस्टर बनने वाला उसका मास्टर कितना बारा मोस्टर होगा
जानकी कि यह बातें पर्ताप केँ अंदरडर पैदाकर देती हैं संग मे सब केँ दिल मे भि
जानकी - पहले सें हि हमारा दुश्मन मोक्के केँ इंतजार मे हैं उपर सें मे किसी मोस्टर कों अपना दुश्मन नहीं बनाना चाहती तोँ प्लेस गलती सें भि अरुण उसके अपनो केँ पीछे लोगो कों मत भेजना नहीं तौ मेने उसकेआखो मे वोँ आग क्रोध देखा हैं अब अपने दुश्मन सें तोँ बच जायेंगे भाग्य सें मगर अरुण सें नहींबच पायेंगे सभी मेरी गलती हैं अरुण कों संग मे लाना नहीं चाहिये थां
जानकी काजल कों देख गुस्से सें - तुम् 20 कि हौ गई होँ यही सिखाया भाभी अपनेइसे
मोनिका - ननदीजी मेने तोँ
मोनिका आगे किया बोलेसमझ नहींआता तोँ चुप होँ जाती हैं
जानकी - अरुण कि नजर मे गिर गई सही कां संगछोर आपकासंग देके एक् वही थां जिसपे पुरा भरोसा थां अगरहमे कुछहुआ तोँ अनाया जिया कों लेकेदूर चला जायेगा मगरअब अरुण हौ उमीद भि गई
जानकी खरी होके - चलो अनाया जियाघऱ चलते हैं मेरा मुंड खराब हौ गय़ा
राजेस - मतजाओ गुरिया
जानकी राजेस् कों देख - नहीं भइया मे रुक नहीं सकती बाकीलास कों ठिकाने लगवा दीजिये गोलीचली हैं गाव वालो नें सुना होगा बाकीसभी केसे हेंडल करना हैं जौ हुआ छुपाना हैं आप् अच्छे सें जानते हैं
अनाया जिया जानकी केँ आठबैठ घऱ निकल परते हैं जानकी सभी कों जाते हैं मोनिका काजल कों मारना शुरुआत कर देती हैं
मोनिका मारते हुवे - तुझेही यहीसभी सिखाया थां आज तूने मुझे अपनी ननदी भांजी केँ नजरो मे गिरा दिया सर्म नहींआई
काजल रोते हुवे - मामाफ करदो गलती हौ गई
राजेस् मोनिका कों रोकते हुवे - बसबस जोँ होना थां हौ चुका हैं
राजेस फिनसाफ सफाई करने मे लग जाता हैं
आर्नव खून सें लतपथ थां ऐसे हि बाहर् जा नहीं सकता थां आर्नव छुपते हुवे एक् घऱ केँ बाहर् कपड़े सुखरहे थें उसे लेता हैं औऱ जंगल केँ अंदर पोखर मे नहाता हैं कपड़े कों पानी केँ अंदर हि गार देता हैं फिननये कपड़े पहन लेता हैं
आर्नव फिनरोड साइडआके रिस्का करके बंगलो आता हैं अपना बाइक लेके सीधे अपनेगाव वाले जंगल ठिकाने पे आता हैं औऱ पथर् मे बैठ जाता हैं आर्नव केँ हाथ पांव काप्रहे थें डर सें नहीं पहलीबार खून करने सें आर्नव कुछदेर संत बैठा जोँ हुआ सोचता रहता हैं फिन जल्द सें स्वयं कों संभाल लेता हैं
सहदेव जनता थां अगरकभी आर्नव किसी कों पहलीबार मारता हैं तोँ उसकी हालत किया होतीयह समझ केँ हि सहदेव नें आर्नव कों फुल ट्रेंड किया थां ताकि किसी भि हालत मे आर्नव टूटे नां वोँ काम भि करता हैं नहीं तौ आर्नव डिस्प्रिसंन मे चला जाता
( हवेली )
हॉल मे जानकी अनाया जियाबैठ थें पदमा जानकी सब कों देख हैरान होती हैं
पदमापास वाले सोफे पे बैठते हुवे - दिदी आप् सभी तोँ
जानकी पदमा कों देख - मतपूछ पदमा नहीं जानती वहा कियाहुआ हैं
पदमा हैरान होके - क्याँ हुआ हैं दिदी बताओ नाँ
जानकी पदमा कों सभी बताने लगती हैं जिसेसुन पदमा केँ होसउर जाते हैं पदमामुह पे हाथरखे - केसे यकीन करना मुश्किल हैं
जानकी - मे स्वयं आखो सें नहीं देखती तौ पदमा मे स्वयं यकीन नहीं करती तुम् नहीं थि मगर होती देखती तौ काप् जाती देखोहमे हमारी बॉडी अभि भि काप्रही हैं
पदमासब कों देख - देखरही हु दिदी काजल कों बोलने कि किया जरूरत थि औऱ
जानकी - पदमाअब बातें मतकरो मे कमरे मे चली मेरासर फटरहा हैं
अनाया जिया - हम् भि चले
सभी चले जाते हैं पदमामन मे हैरान शोक मे - अरुण तुम् इतने खतरनाक होगे मेने क्याँ किसी नें सोचा नहीं होगाअब अकल् आँ गई होगीसभी कों सबका भि कोई नां कोई आप् होता हैं
( आर्नव घऱ )
आर्नव घऱ केँ बाहर् खरा थां स्वयं कों पुरासंत करते हुवे अंदर जाता हैं शाम 7 बजरहे थें पवन मिनाआगन मे बैठे बातें कररहे थें आर्नव कों देख दोनों हैरान होते हैं
मिना हैरानी सें आर्नव कों देख - बेटा तुम् तोँ आज नहींआने वाले थें नाँ
आर्नव मिना केँ पास बैठते हुवे - मा आपकी बहुतयाद आँ रही थि इस लिये आँ गय़ा
पवन मुस्कुराते हुवे धीरे-धीरे सें मिना केँ कान मे - देखो तेरालाल एक् भि दिन तेरी चूत बगैर नहींरह पाया
मिना सर्म सें धीरे-धीरे सें - आप् भि नाँ
मिना आर्नव कों गले लगते हुवे - मेरा बच्चा मुझे इतना प्रेम करता हैं अच्छा किया जोँ आँ गये
पवन मुस्कुराते हुवे - अच्छा चलोसमय पे आँ गये खानां खाते हैं
मिना - हुहाथ मुह धोलो मे खानां लगतीहु
फिनसभी खानां खाते हैं औऱ आर्नव कमरे मे आकेसंत लेत जाता हैं
आर्नव - कैसी मुश्किल मे फस गय़ा मे अब कियाकरू डर भि लगरहा हैं कही कमीने नहीं नहींकुछ नहीं होने दूंगा मा बापू कों
मिना कमरे मे आती हैं नाइटी पहन आर्नव सें चिपक केँ लेत जाती हैं आर्नव मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - माआज पिताजी केँ संग आपको सोना चाहिये मुझेपता हैं पिताजी सभी जानते हैं मगरमा उनको अकेला रोज सोने देनागलत हैं दोरात मेरेसंग तीसरे रात पिताजी केँ संग
मिना आर्नव कों देख - तेरे जैसा बेटा मुझे मिलायह हमारी क़िस्मत हैं लालातु बापू केँ लिये भि इतना सोचता hain जानके बहुत खुशी हुई
मिना नाइटी उपर करके तांगे फैला केँ अपने हाथो पे बहुत साराथूक लेके चूत केँ छेद पे अच्छे सें लगते हुवे आर्नव कों देख - एक् बार अपनीमा कि चूत चोददे फिनचली जाउंगी तेरे पिताजी केँ पास
आर्नव भि उठ केँ बैठ पैंट नीचे करके लन्ड बाहर् निकाल लन्ड पे थूक लगते हुवे मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - बेसरम हौ गई हैं आप् पूरी चूत पे अपनेथूक लगाया ऐसा करेगी सोचा नहीं थां
मिना थोरा शर्मा केँ आर्नव केँ लन्ड कों छेद पे रखते हुवे - तुमसे हि सिखा हैं अबडाल दे अपनीमा कि चूत मे लन्ड
आर्नव भि तेज धक्के केँ संग पुरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं मिना दर्दमजे मे अहहयह चैन मेरेलाल मज़ा आँ गय़ा
आर्नव तेजी सें चुदाई करते हुवे - मा बहुत गर्मी हैं आपकी चूत मे अब सोचता हु पिताजी कि तोँ आप् हालत खराबकर देती होगी
मिना तांगे फैलाये लेतीमजे मे लन्ड लेते हुवे आर्नव कां देख - अहह बेटा तूनेसही कहा बहुत गर्मी हैं तेरीमा कि चूत मे मगरयह गर्मी तुझसे हि संत होती हैं चोद बेटा औऱ जोर सें मेरी बचेदानी तक घुसादे अहहतु नहीं जनता बेटा तेरा लन्ड लेके तेरीमा कों कितना चैन मिलता हैं
आर्नव तेज धक्के मारते हुवे - मुझे भि मा बहुत आनंदआता हैं आपकी चुदाई करने मे अहहयह टाइटगरम चूत केँ क्याँ हि कहनेअहह मा
30 मिनटबाद
मिना आर्नव कों किस करते हुवे - 4 बारझर गई लाला मेरी चूत मे सायद तेरे लिये हि हैं अबसोजा मे तेरे पिताजी केँ पास जातीहु
आर्नव मुस्कुराते हुवे - बापू कां भि लेँ लेनामा
मिना मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं लेँ लूगि
आर्नव फिन पलंग पे लेता सोचो मे गुम होँ जाता हैं
मिना कमरे मे आती हैं पवन केँ पासबैठ जाती हैं पवन मिना कां देख - तुम् कियाहुआ
मिनासभी बताती हैं जिसेसुन पवन मुस्कुराते हुवे - सच मे मिना आर्नव हमारा बेटा बहुत अच्छा हैं दिल कां भि
मिनापवन कि लुग्गी निकलते हुवे - सहीकहा
मिनापवन केँ लन्ड कों हिलाते हुवेखरा कर देती हौ फिनखरी होके नाइटी निकल नंगी होके लन्ड पे बैठ जाती हैं पवन मिना कों देख - अहह मेरीजान बहुत गीली हैं चूत मे बेटे कां माल लेकेआई होँ तुम्
मिना पुरापवन केँ ऊपरलेत जाती हैं औऱ पवन मिना केँ गांड पकरे नीचे सें धक्के तेज मरने लगता हैं मिनाअहह अफ करने सिसकिया लेने लगती हैं
मिना - अहह पति जी लेकेआई हु अपने लाला कां माल बचेदानी मे अहह अच्छा लगरहा हैं पर्र लाला केँ चैन मिलता हैं
पवन मिना केँ दोनों गांड पकरे मिना कों देख-उफ जानअब तौ लग हि नहींरहा मेरा लन्ड चूत मे हैं बेटे नें तेरी चूत फैला दि पूरी
मिना सवारी करते हुवे सर्म सें - सहीकहा अब लाला कां लन्ड हि मेरी चूत मे स्लिम बैठेगा आपका तौ मुझे भि फिल नहीं होँ रहा हैं
( हवेली )
कमरे मे जिया रोते हुवे आर्नव कों याद करते हुवे - यह क्याँ हौ गय़ा किसकी नजरलग गई हमारे प्रेम कों इतनी जल्द हम् केसेअलग होँ गये अरुणजी मे आपके बिना केसेजी पाउंगी नहींजी पाउंगी आपके बिना प्लेस आप् आँ जाओ अपनी जिया केँ पास
अनाया लेतीमन मे - वोँ लॉकेट कहा देखा थां कब सें याद करने कि कोसिस कररही हुफिन भि मुझेयाद कियु नहीं आँ रहा प्लेस याद आँ जाओ
अनाया पूरी कोसिस करती हैं मन पे जोर डालती हैं मगरकोई फायेदा नहीं होता
आर्नव केँ घऱ
आर्नव सोच मे गुम थां तभी मोबाइल बजता हैं नंबरदेख आर्नव कुछसोच उठाके - जी चाची
पदमा - सुना मेने तुम् तौ बहुत खतरनाक निकले
आर्नव - आपको किया लगता हैं मे गलतहु कातिल हु बुरा इंसान हु
पदमा - ऐसा तोँ मेने नहींकहा मे जानती हु ठाकुर् परिवार कैसा हैं मे स्वयं फसीहु दिदी भि अपनी लाइफखुल केँ जीना चाहती हैं मगर जिमेदारी औऱ खैर तुम् मुझसे बात करोगे नां
आर्नव मुस्कुराते हुवे - नहीं करना होता तौ आपका मोबाइल नहीं उठता जानकी अनाया जिया कां कईबार मोबाइल आया हैं मगर आपसेबात करके मुझे क्याँ मिलेगा
पदमा - मे मिलुगी तुम्हे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - आप् मगर मुझे आपके टाँगों केँ बीच वाला भि चाहिये
पदमा मुस्कुराते हुवे - सभी मिलेगा मगर एक् सर्टह
आर्नव - बोलिये
पदमा - अगर तुम् मुझे अपने नीचेआने मे कामयाब होँ गये तोँ वादा करतीहु मे पूरी नंगी तेरे सामने तांगे फैला दुगी तुम् जोँ चाहोकर सकते होँ मेरेसंग
आर्नव मुस्कुराते हुवे - सोच लीजिये एक् बार
पदमा मुस्कुराते हुवे - सोच लिया
आर्नव - ठीक हैं मे यह नंबरबंद रखुंगा कल मे नये नंबर सें मोबाइल करुगा
पदमा - ठीक हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - चूत पे बाल हैं
पदमा - कोसिस अच्छी थि करतेरहो आसानी सें नहीं मिलेगा सभीबाय
आर्नव मन मे - ठाकुर् सालों बरी इज़त संम्मान कि परी रहती हौ अब तेरी मारुंगा चूत अच्छे सें
आज केँ लिये इतना हि update कैसालगा जरूर बताना
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 12
सुभह होते हि आर्नव अपनी स्थान जंगल मे आके वर्क काउत् करने लगता हैं पुसप् मारते हुवे भि जोँ कांडहुआ जोँ उसके कियाउसी कों लेकेसोच रहा होगा हैं
घऱ मे आगन मे मिनानहा रही थि मस्त अपनी बॉडी कों पेर कों साफ करने मे लगी थि मगर मिनाजिस तरह झुकी हुइ थि मिना कि मस्त मोती फैली गांड घोरी वाले पोजिसन मे गजबलग रहे हैं आर्नव होता तोँ पक्का पीछे सें अपना लन्ड घुसा देता अपनीमा कि चूत मे
पवन कमरे सें आता हैं मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - कियाबात हैं मेरीजान अब नंगी होके खुलेआगन मे नहाने लगी होँ तेरा लाला होता तोँ जिसतरह झुकी हौ घुसा देता अपना मोटा लन्ड तेरी चूत मे
मिनाखरी नंगीपवन कों देख शर्मा केँ - कियु नहीं डालेगा अब तोँ मे अपने लाला कि पूरी होँ चुकीहु मा केँ संग पत्नि भि लालाजब चाहे मेरी चूत मे अपना मोटा लन्ड डाले आपको कियाजलन तौ नहीं तौ रहीअब आपको लाला सें
पवन मिना कों उपर नीचे तक देखते हुवे - नाँ बाबा तुम् जैसीगरम स्त्री कों आर्नव बेटा हि संभाल सकता हैं मेरेबस कि नहींबरी मुश्किल सें तौ तेरी चूत कि गर्मी निकलते आया थां अब नाँ होगा
मिना अपने चुचे चूत साफ करते हुवेहस केँ - हा लाला हि मेरी चूत कि गर्मी निकाल केँ मेरी आत्मा कों मुझे जोँ चैन मिलता हैं मे आपकोबता नहीं सकती
जंगल मे आर्नव जब नीचेआता हैं तौ सहदेव बैठा थां जिसेदेख आर्नव थोरा हैरान होता हैं सहदेव केँ पास जाके - मास्टर
सहदेव आर्नव कों देखते हुवे - बैठो मेरे सामने
आर्नव सहदेव केँ पासबैठ जाता हैं
सहदेव आर्नव कों देखते हुवे - पताचला मुझे तूने जोँ नरसंघार किया
आर्नव थोरा डरते हुवे - मास्टर हालत हि ऐसे थें
सहदेव - आर्नव बेटे जोँ हुआ होना नहीं चाहिये थां मगरअब हौ चुका हैं देखो बेटा भाग्य हि केह सकते हैं तुम् आये मुझसे फाइट दिखने मगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे तुम् सभी दिखते गये तुमहारे अंदरऐसा हुनर थां कि मे रोक नहीं पाया स्वयं कों अपनासभी कुछ तुम्हे सिखाने केँ लियेमगर किसको पता थां एक् दिन तुम्हे लरका परेगा
सगदेव थोरा सोचने केँ बाद - सरकार ठाकुर् केँ मामले मे दखल नहीं देती नां ठाकुर् सरकार केँ मामले मे जोँ हुआ ठाकुर् केँ घऱहुआ इस लिये सरकार कानून तुमहारे पीछे नहीं आयेगे कियुंकी उनकोकोई मतलब नहीं पऱ ठाकुर् कां केह नहीं सकते
आर्नव थोरा गुस्से सें - मास्टर अगरआने कि गलती कि तोँ मे उनका पुराराज खतमकर दूंगा
सहदेव आर्नव कों देख - बेटा मारकाट दुश्मनी कभीखतम नहीं होती बहुत बुरीचीज हैं दूररहो मानता हु तुम् बहुत स्ट्रांग हौ मगरहर एक् हालत एक् जैसे नहीं होते दूसरी कोई तुम्हे नहीं जनता कियुंकी तुमने नकलीफेस लगाया थां तुम्हारी असली पहचान छुपी हैं यानी टेंसन कि बात नहीं उनको तुम् मिलेगो हि नहीं तौ मरेगे केसे जबकि तुम् उनके नजरो केँ सामने रहोगे बेटा आर्नव मेरीबात ध्यान सें सुनो ठाकुर् सें दूररहो किसी सें बातमत करना नां दूसरी जौ नंबर हैं उसेतोर दो औऱ आहिस्ता अपनीमा बापू केँ संग दियो बेटा तुम् अपनेमा बाप कि जान हौ तुम्हे कुछ हौ गय़ा तौ
आर्नव नजरे नीचे किये - समझ गय़ा मास्टर अपने कहने कां मतलब अपने जैसाकहा मे करुगा
सहदेव आर्नव केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - बहुत अच्छे बेटा यहीसभी केँ लियेसही हैं
आर्नव जंगल सें होते हुवेघऱ लोटरहा थां आर्नव दुखी होके - माफ करना जिया सायद हमारी क़िस्मत मे अचनाक् मिलना अलग होना हि लिखा थां भूलजाओ मुझेयही अच्छा रहेगा
आर्नव घऱआता हैं मिना खानां निकलने लगती हैं आर्नव नहाता हैं कपड़े पहन तैयार होके खानेबैठ जाता हैं दोनों मा बेटे बातें करते हुवे खानां खाते हैं
आर्नव मिना कों बाहों मे लेकेकिस करते हुवे - माआज छुट्टी हैं मे घूमने आँ रहाहु
मिना आर्नव कों देख प्रेम सें - ठीक हैं जा
आर्नव मिना केँ गांड पे जोर सें मारते हुवे - आपकी पे चाटा मरने मे मज़ा आँ जाता हैं
मिना गांड सेहलते हुवे आर्नव कों जातेदेख मुस्कुराते हुवे - अफ मुझे भि मज़ाआता हैं जबतु मेरी गांड पे चाटा मारता हैं
आर्नव पायल सें मिलने आँ रहा थां आर्नव मन मे - आज भाभी कि लेने कां मन हैं देखता हु अकेली हैं याँ नहीं
( जानकी हवेली )
जानकी हॉल मे टेशन मे जोँ हुआ उसको लेके सोचो मे गुम थि समझने कि कोसिस कररही थि एकदम सें कियाहुआ हैं पदमा भि बैठी जानकी कों देख थोरा चिंता कररही थि
जिया कमरे मे पेट केँ बल लेती हुइ आर्नव कों याद करकेआसु बहाने मे लगी थि मगर नजारा जौ दिखरहा थां बहुतगजब कमुक् थां टाइट बुलु जीन्स गांड कि मोटाई फैलाई अच्छे सें दिखारही थि देखकर केह सकते हैं जिया कि गांड बहुतबरी मोती फैली हैं
अनाया कमरे मे आती हैं कुर्ता मैरून गहरेलाल रंग कां पहने हुवे जौ पूरी टाइट फीटिंग थि जिसकी वजह सें अनाया केँ दोनों गोल मटोलबरे चुचे पहार् जैसेखरे थें साइज कां बता तौ देखकर चल हि रहा थां चुचे गांड केँ मामले मे जिया अनाया सें थोरा पीछे थि बाकी तौ दोनों बहने बवाल थि
अनाया जिया कों केँ पास जाकेबैठ जाती हैं जिया अनाया कों देख थोरा हैरान घबरा केँ अनाया कों देख - दिदी आप्
अनाया जिया जोँ देखते हुवे - देख बेहन जानती अरुण तुम् दोनों केँ बीच कियाचल रहा हैं मगरअब हालत बिगरगये हैं अच्छा होगा तुम् अरुण कों भूलजाओ
जिया हैरान शोक मे - दिदी आपको केसेपता
अनाया - तुम् इमोसान छुपा नहीं पाती मेरी बेहन दूसरी मेरे नजरो केँ सामने तुम् सभी रोमांस करोगे तौ मुझेपता नहीं चलेगा
जियाउठ केँ बैठते हुवे अनाया कों देख - पऱ दिदी मे अरुण केँ बिना नहींरे सकती आप् भि तौ अरुण कों पसन्द करनेलगी थि
अनाया जिया कों देखते हुवे - पसन्द करनेलगी थि प्रेम नहीं अरुण अच्छा लरका हैं उसकेसंग लरना अच्छा लगता थां मगर प्रेम बिल्कुल नहीं तुम् केह सकती होँ अरुण कों अपना साथी मानने लगी थि
जियाआसु बहते हुवे - नहीं दिदी मे अरुण केँ बिना नहींजी सकती
अनाया जिया केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - मेरी बेहन हालत कों समझ पहले थोराबस थोरा चांस थां तुम् दोनों कां कुछ होता भि मगरअब बिल्कुल नहीं हैं नानाजी केँ समाने मा मामाजी किसी कि नहीं चलती जबकि नानाजी कभी भि तेरी सादी अरुण सें नहीं करेगे देख मेरी बेहन अचानक अरुण तेरी लाइफ मे आया औऱ अचानक चला गय़ा भूलजा उसे इसमें तेरीसभी कि भलाई हैं
( पायल केँ घऱ )
आर्नव आगन् मे आते हुवे चारों तरफ देखता हैं फिन कमरे मे जाता हैं तौ पायल कों देखता हैं पायल आर्नव कों देखखुश होके - अरे देवर जीजी आप् याद आँ गई अपनी भाभी कि
आर्नव पायल केँ पास जाके मुस्कुराते हुवे - भला आप् जैसीमाल कों कोनभूल सकता हैं
पायल हस्ते हुवे - भाभी सें सीधामाल वाउ कियाबात हैं
आर्नव पायल कों बाहों मे लेकेकिस करता हैं पूरा नँगा होके पायल कों खाट पे लेता केँ सारी पेटीकोट उपरकर देता हैं पायल भि मुस्कुराते हुवे अपनी तांगे फैला देती हैं आर्नव जल्द सें पायल कि कालि पैंटी निकाल फेक देता हैं पायल कि मस्त चूत नंगी आर्नव केँ सामने थि
आर्नव पायल कों देख - भाभी गांड मरने वालाहु तैयार हैं आप्
पायल थोरा डरते हुवे आर्नव कों देख - ठीक हैं जानती थि एक् दिन आप् मेरी गांड जरूर मरेगे बस धीरे-धीरे सें करना
आर्नव मुस्कुराते हुए - ठीक हैं भाभी
पायल दोनों पेर पकरे तांगे फैला केँ रखी थि आर्नव बहोत् साराथूक गांड कि छेद पे लगा केँ धीरे-धीरे सें अपनी एक् उंगली गांड कि छेद मे घुसा केँ अंदर बाहर् करने लगता हैं पायल दर्द मे सिसकिया लेते हुवे - अहह देवरु जी धीरे-धीरे दर्द होँ रहा हैं आज तौ मेरीजान जाने वाली हैं केसे लुंगी आपका मोटा लन्ड अपनी गांड मे
आर्नव उंगली करते हुवे - दर्द होगा भाभीमगर लेँ लेगी आप्
आर्नव अब लन्ड कों पकर गांड कि छेद मे घुसाने लगता हैं जैसे हि टोपा अंदर जाता हैं पायल दर्द मे रोने होते - मर गई देवर जीजी बहोत् दर्द होँ रहा हैं रुक जाइये अंदर औऱ मत डालो मे मर जाउंगी
आर्नव लन्ड अंदर डालते हुवे - बस भाभी एक् बार अंदरचला गय़ा तोँ जायेदा दर्द नहीं होगाबस थोराबचा होँ यहअबअहह बहोत् टाइट हैं आपकी गांडघुस जायहचला गय़ा अहह भाभी
आर्नव अब लन्ड अंदर बाहर् करने लगता हैं लन्ड अब पुरा अंदर बाहर् हौ रहा थां पायलतरप रही थि दर्द मे अहहउफ कररही थि आर्नव गांड चुदाई करते हुवे पायल कों देख - भाभी बहोत् दर्द होँ रहा हैं आपको
पायल आर्नव कों देखते हुवे दर्द मे - उफ देवर जीजीअब जयदा दर्द नहीं हौ रहाअहह आज अपने मेरी गांड कि छेद भि फैला दि
आर्नव अच्छे सें गांड मरने केँ बादखाट पे लेता पायल केँ एक् तांगे उठाये चूत मरने लगता हैं पायल - अहह देवरु जी बहोत् आनंद आँ रहा हैं पहलीबार गांड मे लेके दर्द बहोत् हुआमगर बाद मे बहोत् आनंदआया अहह मेरी चूत उफ औऱ चोदो मुझेअहह देवर जीजी
( जानकी हवेली )
जानकी कमरे मे पलंग पे लेती थि पेट केँ बल गांड पुरेउपर उठे हुवे थें मस्तगोल मटोलदेख कोई भि बजाना चाहेगा सारी मे याँ टॉप जीन्स कुछ भि जानकी पहन लें बहुत सुंदर तौ लगती हि हैं मगर जयदा कमुक् लगती हैं किसी कां मन जानकी कों देखडोल जाये जानकी अभि भि टेशन मे हि थि तभी मोबाइल बंजता हैं
जानकी मोबाइल उठा केँ - जी बोलिये
अंजान - देखो जौ हुआ नहीं होना चाहिये थां मगर तुम् इतना टेंसन लोगी तोँ कुछबदल नहीं जायेगा
जानकी - जानती हु पऱ
अंजान - पऱ वरकुछ नहींभूल जाओसभी आगे कि सोचो
जानकी पीठ केँ बल लेटते हुवे - आपनेसही कहा
अंजान - यह हुइ नाँ बात बाकी तुम् जानती होँ मे हमेसा संगहु
जानकी - हु
अंजान - किया कहती हौ आओगीआज अपनी वाली स्थान
जानकी थोरा शर्मा केँ - नां बाबा आप् वोँ करोगे
अंजान हस्ते हुवे - वोँ तौ करुगा हि नाँ आओगी
जानकी - आज नहीं
अंजान - जैसा तुम् बोलोमगर इतना तौ बताओ अंदर किया पहना हैं
जानकी सर्म सें धीरे-धीरे सें - नां नहीं बटाउगी
अंजान हस्ते हुवे - तुम्हारी सर्मकभी जाने नहीं वाली
जानकी शर्मा केँ - हा
अंजान मुस्कुराते हुवे - बालसाफ कियेवहा केँ याँ नहीं
जानकी सर्म सें लाल होते हुवे - छी गंदे बेसरम
अंजान मुस्कुराते हुवे - एक् बार अपनीउस पे हाथरख केँ बताओ कितना गरम हैं प्लेस
जानकी थोरा शर्मा केँ सारी केँ ऊपर सें अपनी फूलीउठी चूत पे हाथ रखते हुवे धीरे-धीरे सें - बहुतगरम हैं
अंजान धीरे-धीरे सें - कितना
जानकी थोरागरम होके धीरे-धीरे सें - बहुत जैसेआग लगी होँ
अंजान - तौ आजाओ नाँ डाल केँ निकाल दुगा
जानकी धीरे-धीरे सें - नाँ बाबाबाय
मोबाइल कट
अंजान मुस्कुराते हुवे - कितना सर्मिलि हैं मेरीजान
( आर्नव केँ घऱ )
आर्नव घऱआता हैं अपनीमा केँ कमरे मे जाता हैं तौ देखता हैं मीना बैठी कमरे एक् स्थान रखरही हैं
आर्नव मीना केँ पास जाके - मा
मीना आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - आँ गय़ा मेरालाल
आर्नव कपड़े निकाल नँगा होके मीना केँ पासखरा होँ जाता हैं बिना आर्नव कां लन्ड पकर हिलाते हुवे आर्नव कों देख - कियाबात हैं आते हि नँगा होँ गय़ा
आर्नव मीना कों देख मुस्कुराते हुवे - आपकी जैसीमा कि चुदाई करने कों मिलरहा हैं तोँ मे केसे आपकी चूत मारे बगैररह सकताहु
मीना मुस्कुराते हुवे कमुक् आवाज़ मे - इतना आनंदआता हैं मेरी चूत मरने मे मेरेलाल कों
आर्नव - बहोत् आपको नहींआता
मीना मदहोस् होके - मुझे भि बहोत् जयदा आनंदआता हैं
मीना अपनीबात खतम करते हि गप् सें लन्ड मुह मे लेके चूसने लगती हैं मीनामन मे मजे सें लन्ड चुस्टे हुवे - मेरेलाल केँ लन्ड केँ स्वाद केँ आगेहर स्वाद बेकार हैं उफ आनंद हि आँ जाता हैं लाला कां लन्ड चूसने मे मे तोँ हर वक्त चुस्टे रहना चाहती हु
आर्नव मीना कों मजे सें लन्ड चुस्टे देख - उफमाअब आप् पुरासीख गई हैं केसे लन्ड चुसा जाता हैं अहह बहोत् चैन आनंद आँ रहा हैं
आर्नव लन्ड निकाल मीना कों देख मुस्कुराते हुवे - घोरीबन जाइये
मीना भि खुशी खुशी घोरीबन जाती हैं आर्नव सारी पेटीकोट उपर करता हैं मीना नें नीलेकलर कि पैंटी पहनरखी थि
आर्नव पैंटी निकलते हुवे - पैंटी कियुपहन रखा हैं अपने
मीना घोरीबनी आर्नव कि बात सुनके - बेटा कभीकभी पहन लेतीहु
आर्नव पैंटी नीचेकर देता हैं हैं उफ मीना कि मोती फैली गांडदेख आर्नव पुरेजोस मे आँ जाता हैं औऱ लन्ड लोहाबन जाता हैं
आर्नव मीना कि गांड चूत केँ छेद फैलाते हुवे गांड पे चाटा मरते हुवे - उफ मेरी सेक्सी माल मेरीमा किया मस्त गांड हैं आपके फैले हुवे घोरी बनती हैं तौ उफ आपकी गांड देखने मे गजब लगते हैं
मीना अपनी गांड मे चाटा खाते हुवे - अहह मेरेलाल मेरी गांड मुझे अपनीमा कों मेरी बॉडी कों सभीकुछ तु हि तेरे बापू हि देख सकते हैं
आर्नव छेद देखते हुवे - मा उमीद लगाके बैठाहु इसछेद सें मेरा पैदा निकलोगी
मीना थोरा सर्म सें - बेटा उफ अपनीमा कों पेग्नेंट करदे तौ निकाल डुगी बच्चा हमारा बच्चा
आर्नव मीना कि बातसुन पुरेजोस मे चूत मे बीच वाली उंगली डालके जोरजोर सें अंदर बाहर् करने लगता हैं मीना मिठा दर्दमजे मे - अहहयह चैनअहह मेरेलाल अपनीमा कि चूत मे उंगली करता हैं तौ भि मुझेअलग हि आनंदआता हैं अहह करतेरह मेरी चूत मे उंगली
मीना कि सिसकिया चूत सें फच्फच् अहह कि आवाज़ जैसे मधुरगीत कि आवाजे जैसेगुज रही थि
आर्नव चूत सें उंगली निकाल मुह मे लेकेचूस जाता हैं आर्नव - अहहमा आपकी चूत केँ रस कां कोई जवाब नहीं
आर्नव पैंटी निकाल देता हैं पलंग केँ झुक केँ गांड कों फैला केँ चूत चाटने लगता हैं मीनाजोर सें अहह सिसकिया लेते हुवे - चाट बेटा अपनीमा कि चूत अच्छे सें जिब अंदरडाल डाल केँ चाट केँ अपनीमा कि चूत कां रस जितना पीना हैं पीलेअहह बहोत् रस हैं तेरीमा कि चूत मे अहह लगता हैं झरनेअहह वालीहु अहह लालाआने वाला हैं सभीपी जाताअहह मा लाला मे अहह गई अहह मीनागरम रस अपने बेटे केँ मुह मे निकाल देती हैं आर्नव भि पुरापी जाता हैं
आर्नव लन्ड पकर मीना कि गांड दबाते हुवे - आनंद आँ गय़ा माअब चूत कि बारी हैं
मीना हफ्ते आर्नव कों पीछेदेख - डालदे बेटा मेरी चूत भि तरपरही हैं
आर्नव लन्ड पकरछेद पे रखसत् सें पुरा अंदर घुसा केँ अपनीमा कि गांड पकरे चुराइ करना सुरुकर देता हैं मीनाअहह - बेटा तेरा लन्ड जब पुरा अंदर तक जाता हैं नां किया बताऊ आनंद हि आँ जाता हैं चैन हि चैन दर्द मे चैनमिल जाता हैं
आर्नव मीना केँ गांड पकरे चुदाई करते हुवे - मुझे भि मा आपकी फूलीगरम गरम टाइट चूत केँ अंदर लन्ड घुसा केँ अलग हि मज़ाचैन मिलता हैं अहहमा किया मस्तमाल हैं आप् सेक्सी सुंदर हॉट
आर्नव धक्के पे धक्के मरते रहता हि औऱ मीनाखाट पे घोरीबनी मजे सें बेटे कां लन्ड लेती रहती हैं आर्नव चुदाई करते हुवे - मा आपकी गांड मारनी हैं क्याँ कहती हैं आप्
मीना दर्दमजे मे चुदाई कां मज़ा लेते हुवे - मार लेना मेरेलाल तेरे लिये मे दर्दसेह लुगी जानती हु दर्द बहोत् होगामगर मेरा बेटा एक् अलग हि मज़ा देगा गांड चुदाई कां आनंद कैसा होता हैं मे भि फिल करना चाहती हु
आर्नव खाट पे लेट जाता हैं मीना आर्नव केँ लन्ड कि सवारी करने लगती हैं आर्नव मीना केँ कमर पकरे थां चेहरे केँ समाने मीना केँ दोनों बरे चूचेहिल रहे थें औऱ मीना मस्त गांडउठा उठा केँ अपने बेटे कां लन्ड मजे सें लेँ रही थि आर्नव मुस्कुराते हुवे - सवारी करने मे आनंदआता हैं आपको बहोत्
मीना आर्नव कों देख - अहह बहोत् आनंदआता हैं बेटा कियु मे अपनी मर्ज़ी सें जितना केसे चाहू लन्ड लेँ सकतीहु अहह लाला मेरीमा तेरीमाल अहह तेरी दीवानी होँ गई हैं रेअहह
मस्त चुदाई केँ बाद मीना आर्नव दोनों एक् दूसरे कि बाहों मे लेते प्रेम सें देखरहे थें आर्नव मीना कों देख - मा बापू कों सभीपता हैं नहींपता होता याँ आप् नहीं कहती तोँ उसकेबाद भि मुझे चूत देती
मीना आर्नव कों देख शर्मा केँ - जरूर देतीछुप छुप केँ देती
आर्नव हस्ते हुवे - बापू कों पता चलतातब
मीना मुस्कुराते हुवे - तोँ क्याँ मेरेआगे बोल नहीं बाते
आर्नव मीनाजोर जोर सें हसने लगते हैं
( दोपहर 2 बजे )
जंगल मे एक् पैर केँ नीचे मस्त सहदेव ठंडीहवा लेते हुवेसो रहा थां तभी मोबाइल रिंग करता हैं सहदेव कि नींदटूट जाती हैं
सहदेव मोबाइल उठाते हुवे - कोन हैं जोँ मेरी अच्छी नींद कि मा बेहन करदी हैं
सहदेव नंबरदेख थोरा सियस् होके मोबाइल उठा केँ - कहो विजय
विजय - मास्टर बारा कांड होँ गय़ा हैं
सहदेव - जल्दकहो पहेलिया मत बुझाओ
विजय - वोँ मास्टर ठाकुर पर्ताप कों किसी नें मार दिया
इतना सुनते हि सहदेव झटके सें उठ केँ बैठते हुवेशोक मे - कियाबक रहे होँ तुम्
विजय - मास्टर मे सचकेह रहाहु किसी नें खतमकर दिया ठाकुर पर्ताप कों वाहा तौ बवालमचा हुआ हैं
सहदेव केँ चेहरे पे पसीना आने लगता हैं
सहदेव - खबर सच्ची हैं
विजय - हा
सहदेव पुरे टेशन मे तेज आवाज़ मे - नहीं नहीं नहींऐसा नहीं होना चाहिये थां बहोत् बरी मुसीबत होँ गई विजय
विजय - जनताहु जूनियर खतरे मे हैं सक आर्नव पे जाने वाला हैं
सहदेव - हा तुम् सही हौ कल आर्नव नें जौ कियाआज पर्ताप कां मरनासाफ हैं मोक्के कां फायेदा उठाया हैं किसी नें नजररखो कुछ बर्गर होँ जल्द बताओ
विजय - जी मास्टर
सहदेव जल्द सें आर्नव कों मोबाइल लगता हैं आर्नव सोरहा थां मोबाइल रिंग करता हैं तोँ आर्नव आखेखोल मोबाइल उठा केँ थोरा हैरानी सें मास्टर
सहदेव - जल्द सें मुझसे मिलोआके
आर्नव जल्द सें खाट सें नीचेआके - जी मास्टर
आर्नव कपड़े पहनते हुवे - अपनीमा कों देखता हैं जोँ सुकून सें नंगीसो रही थि मीनाउफ कियागजब लगरही थि सोते हुवेबरी बरी गांड पीछे कां हिस्सा बॉडी कि बनावट कमाल कि थि मस्त फिगर इसको बोलते हैं
आर्नव कपड़े पहनते हुवेमन मे - ऐसाफिल हौ रहा हैं कुछ बहोत् बुरा होने वाला हैं
आर्नव बाइक लेके सीधा सहदेव केँ पासआता हैं औऱ खटिये मे बैठ सहदेव कों टेंसन मे देखसमझ जाता हैं मामला सच मे खराब हैं
आर्नव - मास्टर कियाबात हैं
सहदेव आर्नव कों देख - पर्ताप कों किसी नें मार दिया
आर्नव कों बारा झटका लगता हैं पुराशोक हिल जाता हैं
आर्नव थोरा घबराते हुवे - मास्टर केसे किसने किया होगा
सहदेव टेंसन मे - उसके दुश्मन नें औऱ किसने मगरबात यह हैं
आर्नव - शक मुझपे आयेगा सभी मुझे हि पर्ताप कां कातिल मानरहे होगे
सहदेव गहरी सासू माँ लेते हुवे - हा
आर्नव सर पे हाथ रखते हुवे - कल गुस्से मे जौ किया नहीं करना थां अब इतनीबरी मुसीबत आँ गई हैं
सहदेव आर्नव केँ कंधे पे हाथ रखते हुवे - तुमने गलत नहीं किया बेटे बच्चे बाकी मे हुसभी देख लूंगा मगर आसान नहीं होगा
( शक्तिपुर हवेली )
पर्ताप कि केँ चारों तरफ जानकी राजेस अनाया सभी बैठेजोर जोर सें रोरहे थें
जानकी पर्ताप कों देख रोते हुवे - बापू आप् मुझेछोर केँ नहींजा सकते प्लेस बापूउठ जाइये आप् थें तोँ मुझे हिम्मत मिलती थि कोई किसी कां डर नहीं रहता थां मगरअब किया होगा पिताजी उठ जाइये
अनाया पर्ताप केँ सीने सें लगी रोते हुवे - नानाजी जीउठ जाइये आप् अपनी नातिन कों छोर केसेजा सकते हैं नानाजी जीउठ जाइये नां
राजेस रोते हुवे बाहर् आता हैं राजेस केँ सामने एक् आदमीखरा थां राजेस उस बंदे कों देख गुस्से सें लालआखो सें - ढूंढो उसेमार दोउसे उसके पुरे परिवार कों
सामने खरा आदमीजगन थां जौ आर्नव कों घुन्धने अनाया जिया केँ संगआया थां
जगन - मालिक बातयह हैं हम् उसे ढूढ़ नहीं सकते
राजेस गुस्से मे - कियु नहीं ढुंढ सकतेउस पहरी वालेगाव मे हि तोँ रहता हैं नां वोँ कमीना
जगन - हा रहता हैं मगर बहोत् चालाक हैं हम् जबगये तोँ हमे मिला हि नहीं वोँ तोँ स्वयं रास्ते मे अपने मिलने आया थां
राजेस गुस्से मे पागल होते हुवे - हुऐसा हैं ठीक हैं गाव मे जाओ अपने लोगो कों लेके औऱ गाव वालो कों पकरोकुछ कों जान सें मारदो देखो केसे बाहर् आता हैं जब बाहर् आये कमीने कों मारके लास लेके आनां औऱ हा पुरेगाव केँ लोगो कों भि खतमकर देना
जगन संत राजेस कों देख - मगर मालिक मे करदो दूंगा आपकाकाम पऱ मामला बाहर् कां हैं कानून इस मामले मे आँ सकती hain बिच मे
राजेस - नहीं आयेगी मे देख लूंगा छोटा सां तोँ गाव हैं मुश्किल सें 20 लोग रहते होगे सरकार कों जयदा फर्क नहीं पड़ेगा उन पहाड़ियों कों मरने सें जाओअब
जगन - जैसा आप् कहे मालिक
जगन अपने लोगो कों इशारा करता हैं पूरीटीम जगन केँ सामने आँ जाती हैं
जगनमन मे - अरुण गलती करदीबरे ठाकुर कों मरने उसकीसजा तुम्हें तेरे अपनो कों पुरेगाव कों मिलेगी
( आर्नव केँ गाव )
सहदेव आर्नव बातेकर हि रहे थें कि फिन सें सहदेव कां मोबाइल बजता हैं
सहदेव - हा विजय
विजय - बरी मुसीबत.
सहदेव - जैसा मुझेलगा थां वैसा हि होँ रहा हि नजररखो
विजय - जी मास्टर
आर्नव घबराते हुवे - मास्टर कियाहुआ
सहदेव आर्नव कों देखते हुवेसभी बता देता हैं
आर्नव पुराहिल जाता हैं अपनासर पकर घबराते हुवे - मास्टर मेने कियाकर दियासभी कों खतरे मे डाल दिया मेने
सहदेव संत सोचने लगता हैं कुछदेर बाद सहदेव आर्नव कों देख - आर्नव बेटे अभि केँ अभि मा पिताजी कों लेकेचले जाओइस गाव सें दूर
आर्नव हैरान होके - पऱ मास्टर मे केसेगाव वालो कों मुसीबत मे छोरजा सकताहु
सहदेव पॉकेट सें एक् कार्ड निकलते हुवे आर्नव कों देते हुवे - गाव वालो कों कुछ नहीं होगा कियुंकी पुरागाव वाले भि यहा सें घऱछोर जायेंगे
आर्नव शोक मे - किया
सहदेव कार्ड देते हुवे - इसमें नंबरपता औऱ एक् बंदे कां नाम हैं जौ मेरा मित्र हैं तुम्हे अभि नीलमपूरी जानां होगा जौ यहा सें 14 घंटेजी दूरी पे हैं बहोत् हसीन स्थान हैं बीच किनारे एक् हाउस हैं मे पहलेजब टेंसन मे होता थां याँ मन दुःखी दुखी होता थां वही जाता थां बहोत् सन्त स्थान हैं बीच हसीन नजारे वही रहोगे तुम् बाकी किसी भि चीज कि चिंता मत करनासभी इंतज़ाम कर दूंगा तेरे पहुँचने सें पहले
आर्नव कार्ड लेते हुवे - औऱ गाव वालो कां कियासभी कहा जायेंगे
सहदेव - जयदालोग नहीं हैं 200 होंगे मेनेसोच लिया हैं जब तक मामला पुराखतम नहीं होगा तुम्हे गाव वालो कों दूर रहेगा हि होगासभी मुझपे छोरदो अभि जल्द निकलो जाओ
आर्नव सहदेव केँ गले लगते हुवे - मास्टर आपका सुक्रिया वादा हैं मेरा मे जरूर आऊगा अपनी मीठी पे औऱ अपनेगाव वालो कों लेके कों भि लेके आऊगा
सहदेव आर्नव केँ कों देख मुस्कुराते हुवे - जरूर बेटा जरूरऐसा होगा पऱ अभि नहींजाओ
आर्नव मास्टर कों देखता हैं फिन तेजी सें बाइक लेकेघऱ निकल परता हैं सहदेव किसी कों मोबाइल करके 5 बरीबस लेकेआओ
मोबाइल कट
सहदेव अपनेकुछ साथी कों मोबाइल करके - जल्द सें गाव वालो कों एक् स्थान बुलाओ जल्दकरो मे आताहु
मोबाइल कट
आर्नव घऱआता हैं मीना कों जागता हैं मीना आर्नव कों देख - कियाबात हैं बेटा
आर्नव - माकही जानां हैं तैयार होँ जाइये जल्द सें
मीना हैरान होके - पर्र कहा
आर्नव - मा मे बता दूंगा अभि तैयार होँ जाइये
मीना नंगीखरी - ठीक हैं
आर्नव जल्द सें बाहर् निकलपवन कों मोबाइल करके - बापू आप् सिटी मे हि हैं नाँ
पवन - हावही हु कियु
आर्नव - पिताजी कामबंद कर दीजिये सीधेबस स्टेशन खरे रहिये हम् कही जाने वाले हैं अभि
पवन हैरान होके - बेटा कहा एकदम सें कियु
आर्नव - पिताजी पलेस् जैसाबोल रहाहु करिये मे सभीबता दुगा
पवन - ठीक हैं मे बस स्टेशन पे हु
आर्नव - ठीक हैं हम् आते हैं
मीना तैयार हौ जाती हैं आर्नव - मा जरूरी समान लेलो गहने बाकी जौ बहोत् जरूरी हैं
मीना - बेटा बात किया हैं तुम् घबराये कियु होँ
आर्नव - प्लेस मा जैसा बोला करिये जल्द
मीना - ठीक हैं
आर्नव मोबाइल निकाल जल्द सें, जिया अनाया पदमा कों संदेश कर देता हैं फिनसिम निकाल देता हैं
आर्नव मन मे - उमीद हैं जिया तुम् मुझपे भरोसा करोगी बाकीकोई करे याँ नां करे
20 मिनटबाद
आर्नव बाइक पे बैठ सीधामैन रोडआता मीनाखरी थि आर्नव बाइक जंगल केँ अंदर लेके जाता हैं औऱ झरियो मे छुपा देता हैं फिनआता हैं एक् रिस्का पे मीना आर्नव बैठ सिखाबस स्टेशन आते हैं
पवन दोनों कों देख - आर्नव बेटा बात किया हैं औऱ यह समान
आर्नव मीनापवन कों देख दुखी होके - प्लेस पिताजी अभि नहींबस पकरना हैं मे बता दूंगा सभी
मीनापवन एक् दूसरे कों देखते हैं फिन आर्नव कों देख - ठीक हैं
बसआती हैं आर्नव पवन मीनाबैठ जाते हैं कुछदेर मे बस निकल परती हैं आर्नव खरीकि सें पीछेदेख - मे जल्द आऊगाफिन
इधरगाव मे सहदेव केँ लोग पुरेगाव केँ लोगो कों समझा केँ बस मे बैठा केँ निकल जाते हैं पुरागाव घंटों पे खाली हौ जाता हैं
सहदेव बीचगाव मे खरा मोबाइल उठा केँ - हा विजय
विजय - मास्टर वोँ लोग जंगल सें होकेगाव कि तरफबढ़ रहे हैं कियाकरू
सहदेव - पीछेहट जाओ हम् भि निकलरहे हैं
विजय - जी मास्टर
सहदेव सन्तगाव कों चारों तरफ देखते हुवे - हम् सभी आएँगे जल्द आयेगे फिन सें यहगाव लोगो सें चलहलपहल सें भर जायेगा
x) मास्टर हम् लर भि तौ सकते थें
सहदेव - नहींऐसा करते तौ औऱ मुसीबत पे पऱ जातेगाव वालो कि जान जातीअलग हमेसंत होके मामला हल करना होगाअब चलो
20 मिनटबाद जगनगाव आता हैं मगर एक् भि इंसान दिखाई नहीं देता संतीछाई थि सभी हैरान होते हैं चारों तरफहर घऱ मे जाके देखते हैं मगर एक् भि इंसान दिखाई नहीं देता
जगन - केसे होँ सकता हैं पुरागाव केसे खाली हौ सकता हैं
जगन राजेस कों मोबाइल करके बताता हैं
राजेस गुस्से मे - केसे केसेकुछ घंटों मे पुरागाव खाली हौ सकता केसे जमीन निगल गय़ा याँ आसान
( नीलमपूरी - एक् सालबाद )
समुंदर केँ किनारे एक् तरफदूर दूर तक समुंदर हि थां तौ दूसरी तरह सुंदर जंगलबीच मे एक् हसीनघऱ थां यह स्थान जनत सें कम नहीं थि सुंदर केँ संगसंत औऱ अच्छी स्थान थि ऐसी स्थान हरकोई आके रहना चाहेगा
समुंदर कि लहरे किनारे कों ठोकरमार रही थि ढलते सूरज केँ संग समुंदर औऱ यहशाम बहुत सुंदर लगरही थि मगरइस पानी केँ लहरों केँ अंदर एक् हसीन बाला डुबकी लगा केँ नहाने मे लगी थि कुछ सकेन्द् बाद पानी सें एक् हसीन सुंदरता पानी केँ ऊपरआती हैं
हसीन सुंदरता दोनों हाथो सें अपने गिलेबाल कों पीछे करते हुवे अपनी सें बाहर् आने लगती हैं
यह सुंदर सुंदरता जौ खूबसूरती कि मालिका बन गई थि कोई औऱ नहीं मीना थि कार्वी बॉडी नीले बिकनी पैंटी मे केहरधा रही थि मीना पहले सें बहुतबदल गई थि बदलाव इस एक् साल मे मीना कि बॉडी हुस्न मे बहुत जयदाआया थां अब मीना कां चेहरा औऱ चमकरहा थां बॉडी पूरी स्लिम कार्वी बन गई थि कमर परफेक्ट टाइट चुचेबरी गांड जांघे बहुत मोटेमगर स्लिम थें गोरी चिकनी स्किन चलरही थि ऐसे जैसेसभी कों अपनेअदा सें पागल करना चाहती होँ
मीना चलते हुवे एक् थोरेआगे आकेखरी सामने देखती हैं आर्नव कालेहाफ पैंट मे नीचे लेता दोनों हाथो सें अपनी प्यारी बेटी सोनल कों उठाये खेल औऱ खेलारहा थां आर्नव केँ चेहरे मे बरी खुशीझलक रही थि मीनासभी देख अंदर हि अंदर बहुत जयदा हि खुश थि अपनी बेटी अपने बेटे कों जौ उसके बच्चे कां आप् भि हस्ते खेलते देख केँ
मीना मुस्कुराते हुवे - मेरेलाल मेरे बच्चे केँ पिताजी केवल सोनल पे नहीं अपनीमा बच्चे कि मा पे भि ध्यान दो
आज केँ लिए इतना हि कैसारहा आज कां update जरूर बताना बाकी मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Aage kya hua? Next part padhiye
bhut hi romanchak or suspense mode pe update diya h bhay aapne iss 1 saal mai bhut kuch interesting huwa hoga jismein bhut si baate chhipi h Waiting for next update keep going Ajay bhay
बहोत हि बढ़िया औऱ शानदार भाग हैं ! ठाकुर कि भि कुछखबर देना अगले एपसोड मे !
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