तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 7
( अनाया जिया बंगलो )
अनाया जिया दोनों बहने पलंग पे नाइट ड्रेस पहले लेते हुवे आर्नव कि हि बातें करने मे लगे हुवे थें
जिया अनाया कों देखते हुवे - दिदी अरुण नें तोँ कमाल हि कर दिया अकेले किया मारा हैं सब बॉडीगार्ड कों
अनाया जिया कों ताड़ केँ देखते हुवे - तुझेही बारा मनपसंद आँ रहा हैं वोँ कमीना कियाबात हैं कही
जिया जल्द सें - नहीं नहीं दिदी मे तौ बस जौ देख वोँ केहरही थि वैसे आप् अरुण पे क्रोध कियु करती रहती हैं
अनाया - वाउरे मेरी बेहन मे क्रोध करतीहु वोँ दिखरहा हैं औऱ वोँ कमीना मुझे परेसान करता हैं वोँ तुम्हारी तरफ नहीं दिखता
जिया कि बोलती बंद हौ जाती हैं
अनाया मन मे - कल सें रोज कमीने कां चेहरा देख्ना परेगा
( हवेली )
कमरे मे पिंकबेड पिंक नाइटी मे बैठी जानकी कमरे कि गर्मी बढ़ारही थि जानकी सुंदर केँ संग नाइटी मे बहुत जयादा कयामत सेक्सी लगरही थि ऐसी खूबसूरती हुस्न पे भलाकोन नहींमर मिटेगा
नाइटी सें झकते गोरे टाइटबरे चुचेबीच कि बनी दरार जैसेजनत जाने वाला मार्ग हौ जिस रास्ते मे हरकोई जानां चाहेगा
गोरी चिकनी पेर जिसेहर मर्द छूना सेहलना चुमना चाहेगा
जानकी बैठी आर्नव केँ बरे मे हि सोचरही थि
जानकी मन मे - अरुण गरीब हैं हैंडसम भि नहीं हैं फिन भि लरका स्ट्रांग केँ संगदिल कां बहुत अच्छा हैं उसकी बातें नजर हिम्मत मेने औऱ किसी नें नहीं देखी पर्र एक् अजीब एहसास उसे देखते हुवे मुझे होता हैं अपनापन कां ऐसा कियु होता हैं जबकि हम् पहलेकभी नहीं मिले नाँ एक् दूसरे कों जानते हैं फिन कियु
जानकी बैड पे पीठ केँ बल लेटते हुवेछत कों देखते हुवे - नां जाने कितने लोग मेरे लियेकाम करते हैं मगर अरुण कों देख मेरादिल सेफ मेहसूस करता हैं मेरादिल अरुण पे पुरा भरोसा करतायह सभी अजीब हैं बहुत अजीब
जानकी पेट केँ बल लेटते हुवे इमोसनल होके - काश मेने जवानी जोँ बाप किये मे नहीं करती मेरा बेटा जिसको मेने जन्म देते हि चेहरा भि नहीं देखा मेने अपनादूध पी नहीं पिलाया औऱ जन्म देते हि मरवा दिया मेरी जैसी पापिन मा सायद हि दुनिया मे कोई होगीउपर वाले नें एसी लिये मुझेफिन कोई बेटा नहीं दिया
जानकी केँ आखो सें आसुटपक पलंग पे गिरेजा रहे थें
( आर्नव घऱ )
आर्नव मिना दोनों खाट पे बैठे थें आर्नव बिना केँ बाल कों पीछे करते हुवे प्रेम सें मिना कों देखते हुवे - आप् जैसी सुंदर मा कों प्रेम करने कों एक् बेटे कों मिलरहा हैं जानती हैं मा क़िस्मत वाले बेटे कों हि ऐसा मोक्का मिलता हैं औऱ आप् जैसी सेक्सी हसीनमा भि
मिनाफुल मद्होस नसीली आखो सें आर्नव कों देखते हुवे - तेरीमा भि क़िस्मत वाली हैं मेरालाल मुझे इतना प्रेम करता हैं
आर्नव मिना कों बाहों मे कपड़े मिना केँ गर्दन मे किस करने लगता हैं मिना मचलते हुवे मद्होस मे सिसकिया लेने लगती हैं आँखेबंद किये अपने बेटे केँ प्रेम कों फिल करने लगती हैं
आर्नव गर्दन मे किस करते जाता हैं चूमते जाता हैं औऱ मिनातेज ससे सिसकिया लेतेजा रही होती हैं कमरे मे तेज सासे सिसकिया चूमन कि आवाज़ गुजने लगती हैं
मिना सिसकिया लेते हुवे - उफअहह मा मेरेलाल मेरीजान अहह बेटा
तभी अचानक मिना आर्नव केँ सर कों पकर जोरों सें किस करने लगती हैं आर्नव थोरा हैरान होता हैं मगर अपनीमा कि इसजोस हरकत सें आर्नव औऱ जयदागरम जोस सें भर जाता हैं मिनाअब पूरीगरम होँ गई थि नाँ कोई सर्म नां पीछे हटने वाली रुकने वाली थि सालों महीनों कि नां बुझी प्यास अब मिना कों बेताब कररही थि मिनाकिस करते हुवे आर्नव कां सर्ट केँ बटनखोल निकलने लगती हैं आर्नव संत अपनीमा कों बरेगोर सें देखरहा थां
शर्ट गंजी निकलते हि मिना आर्नव केँ सीनेपेट कों चूमना शुरुआत कर देती हैं आर्नव केँ एहसास मे मजे लेते हुवे - अहह मेरीमा उफ आप् ऐसा भि करेगी सोचा नहीं थां मेरीमा आपने मुझे हैरान कर दिया
मिना मे कभीऐसा कुछपवन केँ संग नहीं किया थां मगर सायद मिना जानती थि अपने बेटे कों केसेखुश करना हैं दोदिन मे जोँ कुछहुआ सायदउसी सें मिना बहुतकुछ समझसीख गई थि यहबदन कों चूमना धीरे-धीरे धीरे-धीरे पुरेअंग कों प्रेम करनायह सभी आर्नव केँ संग हि पहलीबार अनुभव किया औऱ मिना कों यहसभी नया एहसास थां
मिना आर्नव केँ पेट कों चूमते हुवे एकदम सें अपने सीने सें सारीहटा केँ आर्नव केँ सर कों पकर अपने सीने पे दबाते हुवे मद्होस होके - तुम को मेरे चुचे पसन्द हैं नां लें चूस अपनीमा केँ बरे गोरे चुचे कों
आर्नव भि बेटे कां फर्ज़ निभाते हुवे मिना केँ ब्लाउस सें बाहर् नंगे चुचे कों चूमने लगता हैं औऱ मिना पुरेजोस मे आर्नव कों पकरे अपने सीने पे दबाये - अहहचूस औऱ अच्छे सें चूसउपर मेरे चुचे पे अहह अच्छा लगरहा हैं लाला अपनीमा केँ मस्त चुचेचूस चूमअहह यह आनंद एहसास मे पागल नहीं होना चाहती मे यह मज़ा लेना चाहती हु मेरेलाल तु हि मुझेअलग नया मज़ा सें सकता हैं कर प्रेम मुझे मेरेलाल
मिना कां यहरूप आर्नव कों ऐसाफिल करवारहा जैसे मिना आर्नव कों प्रेम कररही हैं औऱ ऐसा थां भि आर्नव बेचारा इसबार दबाहुआ थां
तभी आर्नव मिना कि सारी निकलने लगता हैं मिना घुटने सें खरी होते हुवे आर्नव कों देख - लेँ निकाल लें अपनीमा कि सारी कों मेरेबदन सें अलग करके अपनीमा कों ब्लाउस पेटीकोट मे करदे तुम को अपनीमा कों ब्लाउस पेटीकोट मे देख्ना पसन्द हैं नां लेँ देख लें मुझे लाला
आर्नव हफ्ते हुवे - हा देख्ना हैं मेरीमा उफ किया बवालचीज हैं आप्
मिनाअब पेटीकोट ब्लाउस मे खरी थि मिनाअब आर्नव केँ पैंटी कों खोलते हुवे - यह जीन्स पहना जरूरी थां हाफ हल्का पैंट टिसर्ट पहनके रखना थां नाँ तूँ भि नाँ लाला
आर्नव मुस्कुराते हुवे मिना कों देख - खुल जाएगा माखुल जायेगा
आर्नव मिना केँ जनघो कों सहलाने लगता हैं औऱ मिना पैंट खोलते हुवे - अहह मेरी हालत तुम को नहींपता मेरेलाल तु नहींसमझ रहा
आर्नव मिना कों देखते हुवे - सभीसमझ रहाहु मा मेरी सेक्सी मा
आर्नव बिना देरी किये पेटीकोट कों उपर तक उठा केँ अपनीमा मे मोंटे जांघों कों कों चूमने हुवे मिना केँ चूत केँ ऊपर सें चूमते हुवेपेट कों चूमने लगता हैं पैंटी मिना केँ पहनी हुई थि जौ हल्का सां दिखरहा थां मिना कि हालत खराब होतेजा रही हैं मिना तरप्रही थि मचलरही थि आर्नव नें हमला हि ऐसी स्थान किया थां जोँ मिना कों पागलकर रहा थां मिना आर्नव केँ सर पकरे - अहह लालातु कहा पे चूमरहा हैं अहह
आर्नव हमला बिना केँ चूत मे कररहा थां पेटीकोट केँ ऊपर सें हि औऱ इस हमले सें मिनाइस तरह तरप्मचल आहेभर रही थि ऐसालग रहा थां अभि झर जायेगी मिना आर्नव केँ सर कों पकरे - मर गई अहह मेरेलाल उस स्थान मे मतचूम अहह अच्छा लगरहा हैं मगर तेरीमा जयदादेर सह नहीं पायेगी मे पागल हौ रहीहु मेरेलाल अहहउफ
आर्नव अब हमलातीन स्थान करने लगता हैं पहला चूत केँ पास जांघों पे चूमने लगता हैं तोँ एकदम सें पेट मे मगर आर्नव संग मे एक् हाथो सें अपनीमा कि गांड कों भि सेहला दबारहा थां पेटीकोट तौ उपर गांड तक उठी हुइ थि आर्नव चूमते हुवे - अहहमा आपकी चूत सें बहुत अच्छी खुशबु आँ रही हैं औऱ गर्मी कां एहसास भि हौ रहा हैं
मिना आर्नव केँ सर पे हाथ फेरते हुवे तरप् मचलते हुवे हफ्ते सिसकिया लेते हुवे - अहह बेटा तुम को अपनीमा कि चूत कि खुशबु अच्छी लगी सुनके अहह मुझे अच्छा लगासुघ लें बेटा मेरी चूत कि खुशबु चूम लेँ चाट् लेँ अहहऐसा प्रेम मेरेबदन कों कोई करेगा सोचा नहीं थां अहहअब मेरा बेटा कररहा हैं
आर्नव खरा होता हैं मिना केँ ब्लाउस केँ बटन जैसे हि खोलता हैं मस्तनई डिजाइन मे कसी मिना केँ गोल मटोलबरे गोरे चुचे आर्नव केँ सामने आँ जाते हैं आर्नव तौ होस खोने लगता हैं आर्नव हैरान मिना कों देख - मायह किया हैं मुझेलगा बिकनी नहीं पहनी होगी याँ वही पुरानी सादा बिकनी पहना होगामगर यह तौ नई डिजाइन वाली हसीन बिकनी हैं आपके दोनों चुचे बिकनी मे कैद मस्त बवालगजब सुंदर मस्तलग रहे हैं
मिना हफ्ते मुश्किल सें आर्नव कों देख बोलती हैं - अहह लालाबात यह हैं एक् बार पायल बेटी केँ संग गई थि पैंटी बिकनी लेने पायल बेटी नें हि यह बिकनी दिलवाई थि मेनेआज हि पहना हैं
आर्नव मिना कि आखो मे देख - मेरे लिये पहना हैं नाँ अपनेमा
मिना आर्नव कि आखो मे देखते हुवे सर्म सें - हा तेरे लिये हि
आर्नव कां लन्ड एकदम सें लोहा बनकेखरा होँ जाता हैं
आर्नव बिना देरी केँ दोनों चुचे कों हाथो मे पकर दबाते हुवे मिना केँ दर्डन गाल कों चूमते हुवे - अहहमा आपके चुचे बहुतबरे नर्म टाइट हैं अहहऐसा फिल होँ रहा हैं मे नर्म तकिये कों दबारहा हु मेरे दोनों हाथो मे आपके चुचे अच्छे सें आँ भि नहींपा रहेमा मुझे आपके चुचे बहुत मनपसंद हैं सारी केँ ऊपर सें हि पहार् जैसेखरे देख मे पागल होँ जाता थां मगरअब जाके दोनों चुचे मेरे हाथो मे आये हैं
मिना आर्नव कों बाहों मे पकरे मद्होस मे - अहहउफ लाला दबाते रहजोर सें दबा तेरे पिताजी नें नहीं दबाया अच्छे सें आज तक अब तुम को हि दबाना हैं बोल मेरेलाल दबायेगा नाँ अपनीमा केँ बरे चुचे अच्छा लगरहा हैं नां तुम्हे मेरे चुचेदबा केँ बोल नां मेरेलाल मज़ा आँ रहा हैं नां
आर्नव चुचे दबाते हुवे मिना कों देख - बहुत जयदा आपको
मिना सिसकिया लेते हुवे आर्नव कों देख - चैन बेटा दबाते रह
5 मिनटबाद
आर्नव मिना कों देखते हुवे अपना चड्डी निकलते हुवे - मा देख्ना हैं अपने लाला कां लन्ड
मिना हफ्ते तेज सासे लेते हुवे - देरमत कर दिखा मुझे अपना लन्ड
आर्नव जल्द सें चड्डी निकाल देता हैं 10 इंच लम्बा 3 इंच मोटा लन्ड मिना केँ नजरों केँ सामने थां मिना कि सासेरुक जाती हैं आखेफैल जाती हैं मिनाबस आर्नव कां लन्ड देखती रहती हैं
आर्नव - मा देखोमत बहुत दर्द हौ रहा हैं देखिये आपकीवजह सें पुरा टाइट होके लोहाबन गय़ा हैं
मिनाहोस मे आके हुवे - बहुत बारा मोटा हैं मेरेलाल कां लन्ड
मिना आर्नव केँ लन्ड केँ पास घुटने मे बैठ झुकते हुवे अपने कपते हाथो सें आर्नव कां मोटा लन्ड कपड़ चमरे कों उपर नीचे करते हुवे - लाला बहुत मोटागरम हैं तेरा लन्ड मेनेकई बारफिल किया थां अबदेख रहीहु हाथो मे लिये हिलारही हु यकीन नहीं होता इतना मोटा होगा
आर्नव मजे मे अहह करते हुवे - मा आपके नर्म हाथो मे मेरा लन्ड जाके बहुतखुश हैं अब अपने बेटे मे दया करके जल्द सें मुह मे मे लेलो
मिना आर्नव कों देखते हुवे - कभी लिया तौ नहींमगर अपने लाला केँ लिये जरूरमुह मे लूगि
मिना अपनीजिब सें टोपे कों मजे सें चाटने लगती हैं आर्नव तोँ अगल हि मजे मे जाने लगता हैं वही मिनागरम टोपे कों चटके स्वाद लेने लगती हैं मिना कों गंदा नहींलग रहा थां बल्कि बहुत आनंद आँ रहा थां
मिना मस्त तरीके सें जिब फिरते हुवे लन्ड कों टोपे कों चाटते हुवेमन मे - यह स्वाद अहह मेरेलाल कां लन्ड चाटने मे बहुतअलग एहसास मज़ा आँ रहा हैं पति जी नें सहीकहा थां लाला मुझेअलग तरीके सें प्रेम करेगा मे अपने बेटे कां लन्ड चुसुगि अहहदूर तक सोचा नहीं थां
मिनाअब जितना हौ सकेमजे सें लन्ड मुह मे लेके अपने होठो कां कमाल दिखाते हुवे लन्ड कों चूसने लगती हैं मिना बहुतमजे सें लन्ड कों चूसचूस केँ रसपीरही थि स्वाद लें रही थि लन्ड चूसने स्वाद कां आनंद मिना पहलीबार लें रही थि औऱ यह मज़ा मिना कों मजबूर कररहा थां मजे सें चूसने स्वाद लेने केँ लिये
मिना अपने लेते कां गिला मोटा लन्ड कपड़े मुह मे उपर नीचे करते चुस्टे जारही थि मिनामन मे - इसउमर मे ऐसा मज़ा मुझे मिलेगा मेरालाल मुझेऐसा मज़ाचैन देगाअहह मेरेलाल मे दीवानी हौ गई तेरी
तभी आर्नव मिना केँ सर कों पकर लन्ड पुरा लन्ड पेलने लगता हैं लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे पुरा मिना केँ मुह लेँ अंदर जाने लगता हैं मिना कि आँखेबरी होने लगती हैं इतना मोटा लन्ड पुरागले तक जाके लगता हैं मिना कि सासे रुकने लगती हैं मिना तरप् उठती हैं
आर्नव मिना केँ बालपकर दबाते हुवेमुह मे लन्ड पेलने लगताघप् घप् केँ आवाज़ केँ संग लन्ड मिना केँ मुह केँ अंदर बाहर् होने लगता हैं आर्नव मिना केँ सर कों दबाये लन्ड पेलते हुवे - अहहमा उफयह मज़ा मे आने वालाहु अहह मेरीमा मे गय़ा आपकीमुह मे मेरागरम माल निकलने वाला हैं आपको मेरामाल पीना हैं बाहर् मत निकालना अहहमा
फच् पिचकारी मारते हुवे अपनीमा केँ मुह मे आर्नव अपनागरम माल निकाल देता हैं फिन धीरे-धीरे सें लन्ड मुह सें निकाल लेता हैं
मिना जल्द सें आर्नव कों देखते हुवे सारामाल पीकेखाट पे दोनों हाथरखे जोरजोर सें खासने हफ्ने सासे लेने लगती हैं वही आर्नव चैन कां एहसास करने मस्त होँ गय़ा थां
मिनामुह साफ करते हुवे जल्द सें चादर केँ अंदरसमा जाती हैं सर्म सें लाल मिनाअब आर्नव सें नजरे मिलने मे शर्मा रही थि
आर्नव मिना केँ पासलेत मिना कों बाहों मे लेके मुस्कुराते हुवे - कियुअब सर्म आँ रही हैं आपको जबकि आप् तोँ पुरेजोस मे थि चुचे चूत आप् स्वयं खुलके बोलरही थि मुझे स्वयं प्रेम कररही थि मे तोँ हैरान थां अब सर्म आँ रही हैं
मिना सर्म सें - देख लालाकुछ मतबोल मुझे बहुत सर्म आँ रही हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबा इतना तौ बता दीजिये आपके लाला कां लन्ड मनपसंद आया लन्ड चुस्के मज़ाआया माल पीके कैसालगा
मिना जोँ चादर केँ अंदर थि सर्म सें - तेरा लन्ड मुझे बहुत पसन्द आया बहुत मोटा लंबा हैं लन्ड चुस्के स्वाद लेके तेरागरम गाढ़ा माल पीके भि बहुत आनंदआया मेनेबता दियाअब कुछमत बोल
आर्नव मिना कों बाहों मे कसते हुवे - अच्छा बाबा जैसा आप् कहे
( सुभह )
मिना उठती हैं आर्नव कों देखती हैं जौ नँगा आहिस्ता सोरहा थां मिना आर्नव कां लन्ड देख सर्म सें मन मे - देखो तौ लन्ड भि सोया हैं इसकामगर फिन भि कितना मोटा टाइट हैं रात तोँ पुरा मेरेगले तक घुसा दिया थां
मिना झटके हुवे लन्ड केँ टोपे पे किस करते हुवे सर्म सें - यह मेरेलाल कां लन्ड हैं जोँ जल्द हि मेरी चूत मे जायेगा
मिना सर्माते हुवे सारीपहन अपनेकाम मे लग जाती हैं
नहाने केँ बाद खानां बनते हुवेरात जौ हरकत कि थि उसेयाद करके स्वयं सर्म सें लाल होतीजा रही थि पवनजब खेत सें आता हैं औऱ मिना कों देखता हैं तोँ हस्ते हुवे - लगता हैं रात बहुतकुछ हुआ हैं
मिना एकदम सें पवन कि आवाज़ सुनपवन कों देख सर्म सें - वोँ हुआ तौ हैं बहुतकुछ मगर मे नहीं बताने वाली
पवन मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबा इतना तौ बतादो आनंदआया
मिनापवन कों देखते हुवे - आपनेसही कहा थां आर्नव केँ प्रेम करने कां तरीका अलग हैं मुझे जौ मज़ाआया बता नहीं सकती आपको
पवन - कियुंकी आर्नव आज केँ जनरेशन कां लरका हैं हमारे नहीं जौ सारीउठा केँ चुदाई कर लेते हि बस होँ गय़ा
मिना सर्म सें - आप् भि नां
आर्नव भि उठता हैं बाहर् आता हैं मिना आर्नव कों देख सर्म सें नजरेफेर लेती हैं आर्नव मुस्कुराते हुवे मिना केँ पास जाकेगाल मे किस करते हुवेखेत कि तरफ निकल परता हैं
9 बजे
खानां खा पीकेनये कपड़े पहनके मस्त तैयार होँ गय़ा थां मिना कमरे मे आती हैं आर्नव जल्द सें मिना कों बाहों मे लेके - कियुभाग रही हैं आनां तोँ मेरे नीचे हि हैं
मिना सर्म सें लाल होते हुवे - तेरे नीचे कियु आउंगी
आर्नव धीरे-धीरे सें कान मे - आपकेबिल मे मेराशाप डालना हैं इस लिये
मिना आर्नव कि बातसमझ सर्म सें लाल होते हुवे - छि बेसरम
दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं फिनकिस करने लगते हैं मिनाकिस करते हुवेमन मे - यह एहसास मुझे जवानी जैसाफिल हौ रहा हैं जैसे मे जवान होँ गई हु औऱ मेरा बॉयफ्रेड मुझे प्रेम कररहा हैं जैसेआज केँ लरकी लरके करते हैं थैंक्स बेटा अपनीमा कि कमी जरूरत कों पुरा करने केँ लियेऐसे हि मुझे अपनीमा कों प्रेम करते रहना
3 मिनटबाद
आर्नव मिना केँ पीछेआके गांड सेहलते हुवेजोर सें थपर् मारते हुवे अपनीमा कि मोती मस्त गांड कों दबाने लगता हैं मिना पूरीहिल जाती हैं जोर सें दर्दमजे मे अहह करते हुवे - मर गई इतनाजोर सें कोन अपनीमा कि गांड पे मारता हैं गांड कों दबता हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवेजोर सें थपर् मारते गांड कों दबाते हुवे - मस्तबरी गोल मटोल नर्म गांड हैं आपकीमा केसे इतनीबरी हौ गई
मिना दर्दमजे मे अपनेलाल सें अपनी गांड पे थपर् खाते हुवे - अहह मेनेकुछ नहीं किया लाला अपने आप् बरी होँ गई मेरी गांड
आर्नव फिन मिना कों बाहों मे लेता हैं किस करते हुवे प्रेम सें - जानां पड़ेगा नहीं तौ दिनभर प्रेम करता मोबाइल दिया हि आपको
मिना प्रेम सें - हाजाओ
आर्नव बाहर् आता हैं बाइक पे बैठ बाइक चालू करता हैं मिनापास हि खरी थि आर्नव मिना कों देख - किसदो नां मा
मिना सर्म सें - उमाअब जाओ
दूर सें किसी लेके आर्नव मस्त होते निकल परता हैं
मिनादिल पे हाथरख - हा मुझे प्रेम हौ गय़ा मुझे अपने हि बेटे सें
आर्नव जंगलआता हैं अरुण वालाफेस लेके सीधा अनाया केँ बंगलो आता हैं
आर्नव बाइकलगा केँ सामने देखता हैं BMW M5 खरी थि आर्नव लरकियो सें दूर रहता थां मगरऐसा नहीं थां आर्नव कों कुछपता नहीं थां आर्नव गाड़ी देखते हि समझ जाता हैं कोन सि गाड़ी हैं आर्नव लगभग सें देखते हुवे - कितनी सुंदर गाड़ी हैं
तभी जियाआती हैं आर्नव कों देख - अरुण मे कैसीलग रहीहु
आर्नव पीछे जिया कों देखता हैं जोँ कॉलेज यूनिफॉर्म मे बहुत सुंदर लगरही थि आर्नव - बहुत हसीनलग रही होँ तुम्
तभी अनाया भि आती हैं अनाया आर्नव कों देखमुह बनते हुवे - सुभह सुभह गरीब कां मुहदेख लिया पुरादिन बेकार जायेगा
जिया - दिदी आप् फिन
आर्नव अनाया कों देख मुस्कुराते हुवे - तुम् भि बहुत सुंदर लगरही होँ सच मे
एकदम सें आर्नव केँ मुह सें तारीफ सुन अनाया कां चेहरा लाल होँ जाता हैं अनाया जल्द सें गाड़ी कां दरवाजा खोल पीछेबैठ जाती हैं
आर्नव BMW M5 गाड़ी मे बैठ जाता हैं जिया भि आर्नव केँ संगआगे बैठती हैं आर्नव सभीकुछ अच्छे सें देखता हैं
अनाया आर्नव कों देखते हुवे - चला तौ लोगे याँ नहीं
आर्नव पीछे अनाया कों देख मुस्कुराते हुवे - मे कुछ भि चला सकताहु
आर्नव गाड़ी चालू करता हैं औऱ तेजी सें जिया अनाया कों लेके सीधा कॉलेज लेकेआता हैं अनाया दरवाजा खोल बाहर् निकल जाने लगती हैं आर्नव कों बिना देखे बोले
आर्नव जिया केँ गोरे जांघों केँ बीचहाथ फेरते हुवे जिया केँ जांघों कों सेहलते हुवे जिया कों देख - तुम्हारा कोई बॉयफ्रेड हैं
जिया आर्नव कि इस हरकत सें पूरीहिल जाती हैं जिया कि बॉडी सिहर जाती हैं जिया आर्नव कों देख कपते हुवे - नहीं हैं अरुण प्लेस ऐसाअहह मतकरो
जिया जल्द सें दरवाजा खोलभाग जाती हैं आर्नव जिया कों जातेदेख मन मे - यह मेने कियाकर दिया मे ऐसा केसेकर सकताहु
तभी आर्नव कां मोबाइल बजता हैं
आर्नव मोबाइल उठा केँ - जी ऑन्टी
जानकी - अनाया जिया कों कॉलेज छोर दिया
आर्नव - जी अभि हि छोरा हैं
जानकी - अच्छा क्याँ अबघऱ आजाओ सीधे कॉलेज मे अनाया जियासेफ हैं बाकी बॉडीगार्ड देख लेगे
आर्नव - जैसा आप् कहे
BMW M5 तेजी सें दोरते हुवे आर्नव 15 मिनट मे हवेली पहुँच जाता हैं आर्नव हॉल मे जाता हैं तौ जानकी कों देखशोक मे खरे देखता हि रह जाता हैं
नीलेरंग कां स्लीवलेस टैंकटॉप लालरंग कि शॉर्ट स्कर्ट मे सोफे पे अपने एक् पेर कों दूसरे पांव पे रखे एक् हाथ घुटने केँ पास एक् हाथ सोफे पे टॉप मे दोनों बरे चुचेदेख ऐसालग रहा थां अभि फार केँ बाहर् आँ जायेंगे औऱ नीचे घुटने केँ ऊपर तक गोरे चिकने पांव जांघों कुछ जयादा हि दिखरही थि जानकी तौ बवाललग रही थि औऱ आर्नव भइया केँ जोसउरा दिये थें जानकी नें
जानकी आर्नव कों हैरान स्वयं कों देखता देख मुस्कुराते हुवे - अरुण कियाबात हैं इतना हैरान कियु होँ
आर्नव होस मे आते हुवे जानकी कों देख - वोँ वोँ मुझेलगा आप् सारी पहनती होगी हमेसा मगरटॉप स्कर्ट मे देख मे हैरान हौ गय़ा थां
जानकी - कियु मे शॉर्ट स्कर्ट मे अच्छी नहींलग रही
आर्नव जल्द सें - नहीं नहीं बल्कि आप् बहुत हसीनलग रही हैं
जानकी केँ चेहरे मे लाली आँ जाती हैं
जानकी - आओ मेरेपास बैठो मे बाहर् सारीपहन केँ हि जातीहु कभीकभी अलगकुछ पहन लेतीहु घऱ मे तौ जौ दिल करता हैं पहन लेतीहु
आर्नव जानकी केँ पास बैठते हुवे - अच्छा समझ गय़ा
तभी पदमा भि आती हैं औऱ आर्नव केँ पास बैठते हुवे - अरे मेरा भतीजा तुकबआया
आर्नव पदमा कों देख हस्ते हुवे - अभि आयाहु चाची
पदमा - अच्छा
आर्नव चारों तरफ देखते हुवे - ऑन्टी मे आप् दोनों केँ अलावा कोई औऱ कों कियु नहींदेख पारहा हुकोई नहीं हैं क्याँ
आर्नव कि बातसुन जानकी दुखी इमोसनल हौ जाती हैं
पदमा आर्नव कों देख - बेटा तेरे चाचा काम सें सुभह हि चले जाते हैं रही तेरे अंकल मेरे जेठ जी ससुरजी जी नहीं हैं इस दुनिया मे
आर्नव हैरान शोक होके जानकी कों देखता हैं
आर्नव - सोर्री मुझेयह सभी नहीं पूछना चाहिये थां
जानकी स्वयं कों संभालते हुवे - कोईबात नहीं बेटा ससुरजी जी पति जी केँ जाने केँ बाद मे मेरे देवरु देवरानी जिया अनाया हि हैं
आर्नव - अच्छा किया मे जान सकताहु केसे
जानकी गहरी सासू माँ लेते हुवे - अभि नहींमगर जल्द हि सभीबता डुगी
आर्नव - जीसमझ गय़ा
जानकी - वैसे अरुण बेटा तेरीसदी होँ गई हैं
आर्नव - अरे नहीं सिंगल हु पुरा कां पुरा
आर्नव कि बातसुन पदमा जानकी हसने लगते हैं
पदमा हस्ते हुवे - पुरा सिंगल किया होता हैं
आर्नव हस्ते हुवे - यानी किसी लरकी केँ पास मे नहीं गय़ा नाँ आने दिया
आर्नव मन मे - झूठ बोलने केँ कियेमाफ करना
जानकी मुस्कुराते हुवे - ऐसा कियु
आर्नव जानकी कों देख - मेरे मनपसंद कि मिली हि नहीं
जानकी - ऐसा किया
पदमा - तौ बताओ अपनी मनपसंद
आर्नव - सुंदर अमीर नहीं भि होगी चलेगा बसदिल कि साफ अच्छी होँ जौ मेरीमा कि सेवाकर सके मेरासंग जीवनभर हरमोर पे देसके
आर्नव कि मनपसंद सुन जानकी पदमा हैरान होते हैं
पदमा मुस्कुराते हुवे - जरूर मिलेगी
जानकी - मा सें बहुत प्रेम करते हौ तुम् औऱ तुम्हारी मा नें बहुत अच्छे सें बारा किया हैं तुम को
आर्नव - हा मेरासभी कुछ बापूमा हि हैं
जानकी पदमा आर्नव बहुत सारी बातें करते हैं समय 2 घंटे होने वाले होते हैं इसबार आर्नव कों जानकी खानां खिला केँ हि जाने देती हैं
आर्नव सीधा अनाया जिया कों लेने कॉलेज निकल परता हैं
कॉलेज मे जिया बैठी थि मगर जिया कां हाथ अपनेउस स्थान जांघों मे थां जिस स्थान कों आर्नव नें चुवा सेहलया थां पहलीबार किसी लरके नें जिया कों टच किया थां जिया कों अब अपनी जवानी जरूरत कां एहसास होने लगता हैं जिया बेचैन होकेमन मे - बेसरम कही कां
छुट्टी होती हैं आर्नव गारी लगाये थां आनाया पीछेफिन बैठ जाती हैं जिया आर्नव केँ संग आर्नव जिया कों देखता हैं जिया सर्म सें बाहर् देखने लगती hain
आर्नव मुस्कुराते हुवे दोनों कों लेके बंगलो आता हैं फिन अनाया जल्द सें गारी सें निकल जाने लगती हैं
आर्नव अनाया कों जातेदेख फिन जिया केँ जांघों कों सहलाने लगता हैं जिया सिहर जाती हैं अपने होठो कों दतो सें दबाने लगती हैं आर्नव जिया कों देख - जिया अपना नंबर नहीं दिया तूने
जिया सिसकिया लेते हुवे - **********
आर्नव नबरसेब करते हुवे जिया कों देख - बात करोगी मुझसे
जिया आर्नव कों देख - अरुणजी बातें तोँ कर लूगिमगर डर हैं किसी कों पताचल गय़ा तौ
यह सिंगल थां हा कां आर्नव भि हैरान थां जिया केसेपट गई उसके बेकार फेस गरीब होने केँ बाद भि मगर आर्नव जनता थां जिया अनाया जैसी नहीं बल्कि अच्छी सीधी साधी थि
आर्नव औऱ जिया केँ पास जाते हुवे - नहींपता चलेगा जिया मे साफ केहता हु तुम् बहुत हसीन हौ अनाया सें अच्छी भि होँ
आर्नव जिया केँ होठो केँ छोटाकिस कर देता हैं जिया कि पूरी बॉडी गनगना जाती हैं
आर्नव बाहर् निकल जिया केँ तरफ कां दरवाजा खोल अपनाहाथ जिया केँ तरफ करते हुवे - चले
जिया आर्नव कों देखती हैं थोरा सर्म केँ संग आर्नव कां हाथपकर गरी सें बाहर् आती हैं आर्नव दरवाजा बंद करके जिया कां हाथ पकरे चलने लगता हैं जिया कां पहला प्रेम कां एहसास मिलता हैं
दरवाजे पे आते हि जिया आर्नव कों देख थोरा सर्म सें - वोँ दिदी देख लेंगी तोँ
आर्नव जिया कि बातो कां मतलबसमझ जिया थां हाथछोर - हासमझ गय़ा
आर्नव अंदरआता हैं जिया चेंज करनेचली जाती हैं कमरे मे आईने केँ समाने खरी जियामन मे - यह कैसा एहसास फीलिंग हैं शुरुआत सें हि अरुण मुझे अच्छा लगनेलगा थां क्याँ यही पहलेनजर कां पहला प्रेम हैं
20 मिनटबाद
अनाया जिया सलवार सूट मे हॉल मे सोफे पे आकेबैठ जाते हैं
आर्नव अनाया कों देखमन मे - दुख हौ रहा हैं जान अनाया केँ बापू नहीं हैं दादाजी जी भि
जिया चोरी छुपे आर्नव कों देखरही थि
अनाया आर्नव सें - अब किया बैठेहमे देखते रहोगे
आर्नव खरा होके - ठीक हैं मे बाहर् जाताहु
आर्नव बाहर् जाने लगता हैं अनाया भि थोरा हैरान होती हैं अनाया कों लगा नहीं थां आर्नव उसके कहने पे चला जायेगा
जिया कों बुरा लगता हैं औऱ अनाया कों देख - दिदी
अनाया - वोँ मे तोँ बस
जिया बाहर् आर्नव केँ पासआके खरी होके - दिदी केँ बात कां बुरामत मानिये वोँ
आर्नव जिया कों देख - जिया जनताहु अनाया अच्छी लरकी हैं मे तोँ बसऐसे हि बाहर् आँ गय़ा
आर्नव कि बातसुन जिया कों राहत मिलती हैं
आर्नव - मुझे बगीचे मे नहीं घुमाओगी
जिया - चलिये नाँ
आर्नव जिया बगीचे मे घुमने लगते हैं
आर्नव - जिया तुम् राजी केसे हौ गई मतलब केसे मेरे जैसे लरके कों कोन लरकी मनपसंद करेगी वोँ भि कुछ हि मुलाकात मे
जिया रुकती हैं आर्नव कों देख - नहीं जानती मुझे आप् शुरुआत सें अच्छे लगनेलगे थें मुझे अमीर गरीबी हैंडसम लरके सें फर्क नहीं परता पहलीबार मेरादिल आपकोदेख धरका हैं
आर्नव जिया कों बाहों मे भर लेता हैं पहलाहग पहला एहसास किसी केँ बाहों मे जाने कां यह एहसास जिया कों चैनदे रहा थां जिया भि आर्नव कों बाहों मे कस लेती हैं
आर्नव - जिया तुम् ठाकुर परिवार कि बेटी हौ मुझे नहींपता आगे किया होगामगर मे
जिया आर्नव कों देख - आगे कां मुझे नहीं सोचना अरुणजी अभि कां सोचना हैं
आर्नव जिया केँ होठो पे उंगली फेरते हुवे - तुमने सहीकहा जिया
दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं फिन दोनों केँ होठ जुर् जाते हैं
दोनों एक् दूसरे केँ बाहों मे समाये एक् दूसरे कों किस करने लगते हैं जिया कां पहलाकिस थां जियाइस एहसास मे खो जाती हैं आर्नव किस करते हुवेमन मे - किया मे सहीकर रहाहु कियुंकी जिया मामूली लरकी नहीं हैं मे किसी सें नहीं डरता पऱ बरे लोगो सें पंगा लेना मुसीबत मे मुझे मेरे अपनो कों दाल सकती हैं क़िस्मत मुझेकहा लेकेजा रही हैं समझ नहींआता एक् डर मेरेदिल मे हैं
3 मिनटबाद
जिया सर्म सें नजरे नीचे कियेखरी रहती हैं आर्नव जिया केँ चेहरे कों पकरआखो मे देख - मेरी जिया बहुत सुंदर अच्छी हैं
जिया आर्नव केँ गले लगते हुवे - आप् भि अरुणजी मुझे आपसे जयदाकुछ नहीं चाहिये बस जितना हौ सकेसंग निभाना
आर्नव - वादा करताहु जिया
आर्नव मन मे - यह एहसास औऱ संग मे अजीब सां डर अचानक ऐसाकुछ हौ जायेगा ख्वाब मे सोचा नहीं थां
आर्नव नें तौ बसजोस मे जिया केँ गोरे जांघों कों देख सेहला दिया थां आर्नव कों अंदाज़ा नहीं थां जियापट जायेगी ठाकुर परिवार कि बेटी हैं डर तोँ किसी कों लगेगा
पुरादिन निकल जाता हैं अनाया सें लरना जिया केँ संगछुप केँ बातें करते हुवेबीच मे अपनीमा सें भि बातें दोबार आर्नव नें कि थि
आर्नव बाइकघऱ आता हैं पवन भि आँ गय़ा थां तौ आर्नव कुछकर नहींपता
रात 8 बजे
खानां पीना होँ रहा थां पवन आर्नव सें - बेटा कैसारहा आज कां दिन
आर्नव - बहुत अच्छा रहा बापू मज़ा भि आया
पवन मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - असली मज़ा तौ घऱ मे हैं
मिनादेख केँ लज्जा सें पवन कों देखती हैं
आर्नव समझ तोँ नहीं पाता अपने पिताजी कि बातमगर आर्नव मिना कों देखते हुवे - जी बापू आप् नें सहीकहा
खानां पीना होने केँ बाद कमरे मे मिना नाइटी पहनरही थि पवन पीछे मिना कों देख मुस्कुराते हुवे - नाइटी पहनकभी नहीं सोती थि आर्नव केँ संगआज तोँ बिना पैंटी बिकनी मात्र नाइटी मे जारही हौ अच्छा हैं नाइटी उठा केँ डाल देगासत् सें
मिना सर्मपवन कों देख - छी गंदे अच्छा मे जातीहु
पवन मुस्कुराते हुवे - जाओजाओ तेरा लाला बेताबी सें इंतजार कररहा होगा
मिना सर्माते हुवे जाने लगती हैं
( हवेली )
जानकी बैड पे नाइटी मे लेती थि आर्नव केँ लेकेसोच रही थि
जानकी - अरुणआज बहुत बातें कि हमने तुमहारे संग जितनी बातें हुइ तुम्हारी बातो नें मुझे बहुत हसाया उस घटना केँ बाद सें सायद हि मे हसी मुसराइ हु किया मेरा बेटा मेरेपास होता वोँ किया वोँ तुमहारी तरह होता
तभी जानकी कां मोबाइल बजता हैं जानकी नंबरदेख सोचते हुवे मोबाइल उठा लेती हैं
जानकी - जी बोलिये
अंजान - कैसी होँ
( आर्नव घऱ )
मिनापवन कों देख - जातीहु जी आप् सो जाइये
पवन मुस्कुराते हुवे - जाओजाओ तेरा लाला बेचैन इंतजार कररहा होगा
मिना मुस्कुराते हुवे - औऱ नहीं तौ क्याँ मुझसे बहुत प्रेम जोँ करता हैं
पवन मुस्कुराते हुवे - हामगर रात कों पति वाला प्रेम करता हैं
मिना सर्म सें - आप् भि नाँ
मिना आर्नव केँ कमरे मे आती हैं वैसे हि आर्नव मिना कों बाहों मे भर लेता हैं मिना मुस्कुराते हुवे - इतनी बेताबी
आर्नव मिना कि आखो मे देख - हा बहुतअब रहा नहीं जातामा
मिना मुस्कुराते हुवे - तौ शुरुआत कर नां मेरेलाल
आज केँ लिये इतना हि
Majedar update. ap apne tarike say likhiye kyuki writer apne ganit say ek plot banata kahani kaa. or sabhi readers kaa apna apna test hotha haen joo ek doosre bhinn hu sakta haen. Esliye ap apne ganit say likhiye. Waiting for next update
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 8
( पदमा केँ कमरे मे )
पदमाखाट पे लेती थि नाइटी उपर थि तांगे फैली हुई बीच मे पदमा केँ ऊपर मनोज लेता चुदाई करते हुवे बातें कर पदमा सिसक् अहह भरते हुवे जवाबदे रही थि
मनोज चुदाई करते हुवे पदमा कों देख - यह अरुण लरका कैसा हैं भाभी नें एक् बच्चे कों जिया अनाया कां बॉडीगार्ड रखा हैं भाभी पागल तौ नहीं हौ गई हैं
पदमा मनोज कों देखते हुवे - जाके दिदी केँ मुह पे बोलिये नां हिम्मत हैं तोँ
मनोज कि बोलती बंद हौ जाती हैं
मनोज चुदाई करते हुवे एक् जोर केँ धक्के केँ संगझर जाता हैं
मनोज पदमा केँ बगल मे लेटते हुवे - भाभी जौ करती हैं सोचसमझ केँ करती हैं अरुण कों बॉडीगार्ड रखा हैं तौ जरुरु उसमेकोई बात होगी
मनोजआखे बंद करके सोने लगता हैं
पदमा एक् नजर मनोज कों देखती हैं फिन अपनी चूत कों सेहलते मसलते हुवेमन मे - स्वयं झर केँ सो जाते हैं मेरा क्याँ
पदमा नाइटी नीचे करते हुवेआखे बंदकर लेती हैं मगर चूत कि गर्मी सोने नहींदे रही थि
( अनाया जिया बंगलो )
अनाया खाट पे लेतीबता नहीं कियासोच रही थि मगर जिया कि नींदउरी हुई थि पहले प्रेम कां एहसास जिया कों सोने नहींदे रहा थां जियाबस आज जोँ हुआउसे यादकर सर्म सें लाल चेहरा लिए करवते बलती रहती हैं
जियामन मे - अरुणजी आपनेयह कैसी बीमारी देदी मुझेदिल बेताब हैं आपसे मिलके कों नींद सुकून उर गय़ा हैं
अनाया जिया कों देख - यह क्याँ करवट बदलते हुवे सोचो मे गुम हौ धीरे-धीरे सोना हैं तोँ सो नहीं तोँ अपने कमरे मे जाओ
जियाहोस मे आते हुवे अनाया कों देख - नहीं नहीं मे आहिस्ता सोतीहु नां
( जानकी रूम )
अंजान - मे हरकदम पे तुम्हारे संगहु चिंता मत करना
जानकी - जी जानती हु
अंजान - औऱ कितना इंतजार करना होगा मुझे तुम् समझरही हौ नाँ
जानकी थोरिदेर चुप रहने केँ बाद - जी मुझे औऱ समय चाहिये
अंजान - ठीक हैं मे औऱ इंतजार करने केँ लिये रेडीहु
जानकी - हु मे रखतीहु
अंजान - वोँ किया पहना हैं नाइटी
जानकी - हु मे रखतीहु
अंजान - कियु
जानकी - मे अब बिना सोचेकोई फैसला नहीं लेना चाहती
अंजान - ठीक हैं अच्छे सें सोचना तुम्हारा जोँ भि जवाब होगा मुझे मंजूर होगा
मोबाइल कट
( आर्नव घऱ )
आर्नव मिनाबैड पे बैठते हुवे एक् दूसरे कों देखते हैं मिना शर्मा रही थि थोरितेज सासे लेँ रही थि आर्नव मिना कों देखते हुवे - मा शुरुआत करू
मिना आर्नव कों देखते हुवे - हा
आर्नव मिना कों किस करने लगता हैं मिना केँ पेट कों मसलने लगता हैं मिना आर्नव केँ चेहरे कों पकरेकिस करने मे लग जाती हैं फिन दोनों मा बेटे दुनिया कों भूल प्रेम कि गहराई मे खोने लगते हैं
मिनामन मे - अहह मेरीतरप औऱ बढ़ते जारही हैं मेरेलाल केँ संग मुझे जौ एहसास जोस मदहोसी चढ़ती हैं मे मे तोँ खो जातीहु कही
किस केँ बाद आर्नव मिना केँ सारी सीने सें हटा केँ मिना केँ पीलेकलर केँ ब्लाउस केँ ऊपर सें हि चुचे एक् हाथकमर पे हाथ एक् हाथ सें मिना केँ दोनों चुचे कों बारी बारी दबाने लगता हैं मिना सिसकिया लेने लगती हैं आर्नव - मा बहुतबरे चुचे हैं शपथ सें
मिना आर्नव कों देखते हुवे मदहोसी मे सिसकते हुवे - अहह मेरेलाल दबाते रह मेरालाल मेरे चुचेदबा रहा हैं मुझे बहुतचैन मिलरहा हैं
आर्नव मिना केँ ब्लाउस केँ बटन खोलने लगता हैं तोँ मिना - रुक मे खोल देतीहु तेरीमा अपनेलाल केँ लिये स्वयं खोलेगी
मिना स्वयं अपने ब्लाउस केँ बटन खोलने लगती हैं आर्नव बैठा अपनीमा कों देख मुस्कुराते हुवे - आपकी जैसीमा किसी कों नहीं मात्र मुझे मिली हैं बहुत प्यारी हसीनहॉट सेक्सी बरे गांड चुचे वाली
मिना ब्लाउस केँ बटन खोलते हुवे आर्नव कों देख सर्म सें - कितना बेसरम होँ गय़ा हैं लालातु कैसी गंदी बातें करता हैं
आर्नव हस्ते हुवे - अरेमा गंदी बातें करने मे बहुत आनंदआता हैं
ब्लाउस कां बटन खोलते हि पिंक बिकनी मे कैद दोनों चुचे कों हाथो केँ पकर दबाने केँ संगचेक करने लगता हैं कितना वजन हैं
आर्नव हैरान होके - मा कितने बरे हैं खरबूजे केँ साइज केँ हैं दोदो किलो केँ एक् एक् चुचे हैं आपके यानी आप् ब्लाउस मे जबरदस्ती चुचे कों दबा केँ रखती हैं यह तोँ गलतबात हैं मा
मिना सिसकते हुवे आर्नव कों देखहस केँ - बेसरम तौ किया करती नंगी चुचे कों लेके घूमती अहह कैसा हैं तेरेमा केँ चुचे
आर्नव मुस्कुराते हुवे - अभि देखाकहा हैं नँगा देखुंगा तौ हि कुछ बोलुगा
मिना मुस्कुराते हुवे - तु नां लाला बहुत शैतान हौ गय़ा हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे ब्लाउस कों निकालने लगता हैं मिना भि संग देती हैं फिनबैड मे बैठ जाती हैं आर्नव खाट पे ब्लाउस रखते हुवे - मा मे शैतान नहीं आपका कां दीवाना हु आप् जैसी सुंदर खूबसूरती कयामत जैसा जिस्म वालीमा हैं मेरी बेटा प्रेम करेगा हि नां
मिना आर्नव कों देखते हुवे मुस्कुरा केँ - अपने आप् कां हकमार रहा हैं औऱ बातें देखो दीवानों कि तरहकर रहा हैं
आर्नव मिना कों देख हस्ते हुवे - पिताजी नें तौ जवानी सें लेकेअब तक आपकेबरे मजे लिये प्रेम कियाअब बरी बेटे कि हैं
मिना मुस्कुराते हुवे - तुझसे बातो मे कोई नहींजीत सकता
आर्नव अपना टिसर्ट निकाल मिना केँ बाये वाले चुचे कों हाथो मे पकर दाबने लगता हैं नर्म रसीले एहसास पाके आर्नव मस्त होँ जाता हैं मिना मदहोस होते हुवे सिसकिया लेने लगती हैं
आर्नव - मा इतनेबरे कि मेरे हाथो मे भि नहीं आँ रहा बापूअगर अच्छे सें दबाते तौ औऱ बरे चुचे होँ गये होते आपके
मिना सिसकिया लेते हुवे अपने बेटे सें अपनी चुचे दबवाते हुवेनया एहसास मज़ा लेते हुवे मदहोसी मे - अहहउफ मा तूनेसही कहा बेटेअहह कैसालग रहा हैं अपनीमा केँ चुचे दबाते हुवे बिकनी केँ ऊपर सें
आर्नव मिना कि आखो मे देखते हुवे चुचे दबाते हुवे - ऐसालग रहा मे कोई सॉफ्ट नर्मचीज दबारहा हु बहुत अच्छा एहसास हैं
आर्नव मिना केँ बिकनी केँ हुक खोलते हुवे - अब नहींरहा जारहा मा
आर्नव हुक खुलने बिकनी सरीर सें अलग करने लगता हैं मिना सर्माते हुवे आर्नव कां संग देती हैं बिकनी सरीर सें अलग होते हि बरेगोल मटोल काले निपल वाले चुचे झूलते हुवे आर्नव केँ नजर केँ सामने आँ जाते हैं आर्नव देखता रह जाता हैं आखेबरी होँ जाती हैं औऱ मिना सर्म सें पानी पानी होने लगती हैं
आर्नव आखेबरी करते हुवे अपनीमा केँ चुचे देखते हुवे - मायह किया हैं अबजब नंगे चुचे आपकेदेख रहाहु औऱ भि बरेलग रहे हैं अफमा क्याँ गजब केँ गोरे काले निपल वाले चुचे हैं मे तोँ भाग्य वालाहु
मिना आर्नव कों देखते हुवे सर्म सें - तुम्हें मनपसंद आये
आर्नव मिना कों किस करते हुवे - बहुत हसीन हैं चुचे आपके
आर्नव चुचे देखते हुवे - मा अपने चुचे हिलाओ नां एक् बार प्लेस
मिना सर्माते हुवे अपने चुचे हिलाने लगती हैं मिना केँ बरे चुचे मस्त दाएँबाय हिलने झुलने लगते हैं जिसेदेख आर्नव कां लन्ड झटके मरने लगता हैं आर्नव - उफमा किया मस्तहिल रहे हैं आपके चुचे
मिना सर्म सें - बस होँ गय़ा नाँ
आर्नव मिना कों देख - माइस चुचे सें दूध नहीं निकला कियु
मिना आर्नव कों देख थोरा दुखी होके - तु जनता तौ हैं सभी
आर्नव - हुचलो कोई नाँ ऐसे भि मज़ा आयेगा चूसने मे
मिना सर्म सें - बेसरम
आर्नव अब दोनों चुचे कों पकर हिलाते हुवे दबाने लगता हैं पहलीबार नंगे चुचे पे अपने बेटे केँ उंगली चलते हुवे अपने बेटे कि उंगली अपनी चुचे पे दबाओदेख फिल करके मिना सिहर जाती हैं चूत एकदम सें गीली होने लगती हैं मिनातेज सासे सिसकिया लेने लगती हैं मिना मदहोसी मे अहहअफ करने लगती हैं पहलीबार अपनीमा केँ नंगे चुचे दबाते हुवे आर्नव कां लन्ड भि दो बुँद पानी निकल चुका थां दोनों मा बेटे नीचे सें गीले थें
आर्नव दोनों चुचे दबाते हुवे - अफमा नंगे चुचेदबा रहाहु आपके तौ औऱ भि सॉफ्ट रसीले नर्मफिल होँ रहा हैं अफमा मे बता नहीं सकता मुझे कितना मज़ा आँ रहा हैं
मिना पलंगकस केँ पकरते हुवे - अहह मेरेलाल मुझे भि बहुत अच्छा फिल होँ रहा हैं दबा बेटे अपनीमा केँ चुचे कों
आर्नव एकदम सें मिना कों सीने सें चिपका लेता हैं मिना भि अच्छी मा कि तरफ आर्नव अपने बेटे केँ सीने सें चिपक जाती हैं अपने सीने पे नंगे अपनीमा नें दोनों नर्मबरे चुचेफिल करके आर्नव जोस मे पागल होने लगता हैं आर्नव अपनीमा केँ कमरपेट कों सहलाने लगता हैं औऱ मिनाकिस करने लगती हैं आर्नव करते हुवे मिना कों खाट पे लेता केँ मिना केँ ऊपर आँ जाता हैं
आर्नव मिना देरी किये मिना केँ एक् चुचे कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं यह एहसास मिना कों पागल करने लगता हैं मिनाजोर जोर सें सिसकिया लेने लगती हैं मचलने लगती हैं जोर सें सासे लेने लगती हैं
मिना आर्नव कों देखते हुवे - अहहअफ मर गई यह एहसास मेरेलाल चूसते रह पीले बेटा चूस अपनीमा केँ चुचे मे तुझेही अपने चुचे केँ दूध नहीं पिलापाई मगर बिनादूध वाले चुचेचूस लें लाला मेरे बच्चे
आर्नव भि पुरेजोस मे निपल कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं कभीकभी निपल कों दातों सें काट भि रहा थां मिना दर्दमजे मे - अहह लाला मेरे बेटे निपलमत काट दर्द होँ रहा हैं अहह
आर्नव चुचे कां दूध पीते हुवेमन मे - पहलीबार अपनीमा केँ चुचे कों मुह मे लेकेचूस रहाहु काशदूध आँ रहा होता तोँ औऱ मज़ाआता
मिना पांवमार रही थि खाट पे मचलरही थि कमरे मे तेज सिसकिया अहह कमुक् आवाजे गुजरही थि एक् बेटा अपनीमा केँ नंगे चुचे कों चूसरहा थां कमरे मे
आर्नव चुचे चूसने केँ बाद अपनीमा केँ निपल दबाने लगता हैं मिना कि पूरी बॉडी झटका खाने लगती हैं जोरजोर सें आहे भरने सिसकिया लेने लगती हैं आर्नव निपल दबाते हुवे मिना कों देख - मा आपके काले निपल कितने मस्त हैं मादूध आयेगा तोँ औऱ दबाने चूसने मे आनंद आयेगा
मिना आर्नव कों देखते हुवे - अहह बेटा अबदूध नहीं आयेगा अहह धीरे-धीरे दबा अपनीमा केँ निपल कों अफआजतु मुझे पागल करके हि मनेगा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मादूध आयेगा जल्द हि
आर्नव कि बातसमझ मिना पागल हौ जाती हैं जोस मे चूत गीली होके चिपचिपी होँ जाती हैं
आर्नव जीभर चुचे चूसने केँ बादखरा होके पैंट निकल नँगा होके मिना कों देख - जल्दमा मुह मे लो मेरा लन्ड फटने जैसा होँ गय़ा हैं
मिना हफ्ते हुवे घुटने मे बैठ आर्नव कों देख - ठीक हैं बेटा
मिनाकुछ करती उससे पहले हि आर्नव जल्द सें मिना केँ बालपकर मुह मे अपना मोटा लन्ड घुसा केँ मुह पे पहले लगता हैं मिना कि हालत खराब होने लगती हैं आर्नव मुह मे लन्ड पेलते हुवे - अहहमा अफ मज़ा आँ रहा हैं आपकेमुह मे लन्ड पेलने मे अहहलो मा बेटे कां लन्ड अहह
लन्ड सें घप्घप् आवाज़ केँ संगलार नीचेटपक रहा थां
मिना भि हिम्मत करके लन्ड मुह मे लिये चूसने लगती हैं मिनामन मे - अहहयह लरकामुह मे अपना मोटा लन्ड ऐसे पेलता हैं जैसे मेरामुह चूत कां छेद होँ जान लें लेगा एक् दिनअफ मगरयह लन्ड कां स्वाद लेके मज़ा आँ जाता हैं
आर्नव लन्ड मुह सें निकल हिलाते हुवे - मा चुचे कों पकरोआज मे आपके चुचे पे झरने वालाहु
मिना भि हफ्ते हुवे अपने दोनों बरे चुचे कों पकरेउपर उठाये रखती हैं औऱ आर्नव तेजी सें हिलाते हुवे झरने लगता हैं आर्नव - अहहमा
मिना केँ पुरे चुचे औऱ कुछ बुँद चेहरे पे गिरता हैं आर्नव हफ्ते हुवे मिना कों देख - अहह मज़ा आँ गय़ा मा
मिना सर्म सें हफ्ते हुवे - गंदाकर दिया मुझेसाफ करना होगा
आर्नव खाट लेटते हुवे - कियु मेरामाल गंदा हैं
मिना थोरा हैरान होती हैं फिन मुस्कुराते हुवे आर्नव केँ सें चिपक केँ लेत जाती हैं औऱ आर्नव कों देख - मेरेलाल कां माल गंदा नहीं अर्मत हैं
आर्नव मिना कों बाहों मे लेके - मा कैसालगा सच बताना
मिना प्रेम सें आर्नव कों देखते हुवे - बेटा जिसतरह तु मुझे प्रेम करता हैं सचकहु मेरे किये हमेसा नया एहसास अलग प्रेम होता हैं तेरे बापू सारीउठा केँ कर लेते थें मगरतु हि मेरेहर अंगबदन कों अच्छे सें प्रेम करता हैं
आर्नव किस करते हुवे - अभि तौ बहुतकुछ बाकी हैं
मिना सर्म सें - बेसरम
सुभह 9 बजे
आर्नव पायल केँ मिलने आया थां पायल आर्नव घऱ केँ बाहर् बातें कररहे थें आर्नव बाइक पे हि बैठा थां
आर्नव - भाभी कैसी हैं आप्
पायल आर्नव कों देख - मस्त कैसाचल रहा हैं सभी
आर्नव आसपास देख पायल कों बाहों मे लेके - मस्त एक् राउंड करे
पायलदूर होकेआस पास देखते हुए - नाँ सासू माँ घऱ पे हि हैं
आर्नव पायल कों किस करते हुवे - ऐसा हैं तौ शाम कों देखते हैं
पायल मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं देवरु जी अच्छे सें जानां
आर्नव जाते हुवे - जी भाभी
आर्नव जंगल मे आता हैं अरुण वाला चेहरा लेके सीधा बंगलो आता हैं अनाया जिया तैयार थें आर्नव गारी मे बैठता हैं औऱ जिया अनाया कों लेके कॉलेज निकल परता हैं
आर्नव अनाया कों पीछे बैठीदेख - कैसी हौ गुस्से वाली लरकी
अनाया आर्नव कों गुस्से सें देख - एक् दिनतु मेरे हाथो मरेगा
आर्नव हस्ते हुवे - हसीन लरकिया क्रोध नहीं करती
अनाया गुस्से सें - तेरी तोँ खूनपी जायगी कमीना कुता
जिया आर्नव कों देख - अरुणजी दिदी कों कियु क्रोध दिलारहे हैं
आर्नव जिया कों देखआख मारते हुवे - अब क्रोध नहीं दिलाऊँगा
जिया सर्म सें लाल होँ जाती हैं
कॉलेज आँ जाता हैं अनाया दरवाजा खोल बाहर् निकल आर्नव कों देख - कलुवा कमीना गरीब कुता कमीना
अच्छे सें आर्नव कों गाली लेने केँ बाद अनाया चली जाती हैं
आर्नव हस्ते हुवे - यह लरकी कां मेने किया बिगारा हैं
जिया आर्नव केँ होठों मे किस करते हुवे सर्म सें - चाटा मारा थां अपनेभूल गये
जिया दरवाजा खोलबंद करके आर्नव कों देख सर्म सें - वोँ मे चलतीहु
आर्नव जिया कों - आईलोव यू
जिया शर्मा केँ - आईलोव यूतु कहतेभाग जाती हैं
आर्नव मुस्कुराते हुवे - कितनी मासूम प्यारी लरकी हैं जिया
आर्नव सीधा हवेली आता हैं हॉल मे जब जाता हैं तौ जानकी एक् नोकर सें बातकर रही होती हैं जानकी आर्नव कों आतेदेख नोकर कों जाने कों देखती हैं आर्नव जबपास आता हैं तब
जानकी मुस्कुराते हुवे अपनेहवा मे लहराते हुएबाल कों पीछे करते हुवे आर्नव कों देखते हुवे - अरे अरुण बेटा तुम् आँ गयेचलो अच्छा हैं
आर्नव जानकी बुलु सारी मे अदा केँ संग मुस्कुराते हुवे देखता हैं तोँ आर्नव कां दिलजोर जोर सें धकधक करने लगता हैं
आर्नव मन मे - बसकर किया सीनाफार केँ बाहर् आने कां इरादा हैं कियामा तोँ मा दोनों बेटी भि बवाल हैं मानना परेगा ठाकुर परिवार कि बहु बेटियां सुंदर केँ संगहॉट भि हैं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - बेटा मेरेसंग कमरे मे चलो मुझेकुछ बात करनी हैं तुमसे
आर्नव होस मे आते हुवे - जी चलिये
जानकी आगेआगे आर्नव पीछे पीछे चलने लगता हैं तभी आर्नव कि नजर जानकी केँ मस्तगोल मटोलबरे गांड हिलते मतकते हुवे देखता हैं तौ आर्नव अपनेआखो कों हाथो सें धकते हुवे उंगली केँ बीच सें देखते हुवेमन मे - क्याँ मस्त गांड हैं ऑन्टी केँ अफ केसेमटक हिलरहे हैं मे बोलना नहीं चाहता पऱ ऑन्टी हर मामले मे मेरीमा सें थोराआगे हैं
उपर कमरे केँ अंदरआते हि जानकी दरवाजा बंद करके पलंग मे बैठते हुवे आर्नव कों देख - आओ बैठो जौ राज मे बताने वालीहु मे नहीं चाहती कोई औऱ सुने
आर्नव जानकी केँ संग बैठते हुवे - समझ गय़ा कोन कां राज हैं
जानकी - तुम् मेरी बेटी अनाया जिया केँ बॉडीगार्ड हौ तौ मुझे जानना जरूरी हैं मेरे पति ससुरजी कि हत्त्या कि गई
कुछराज खुलने वाले हैं कईनाम आने वाले हैं तोँ मे इंट्रो दे देताहु सभी कां
शेरापुर केँ ठाकुर - जगनाथ 65
बेटा - अनिल - उमर 43
अनिल पत्नि - जानकी - उमर 41
बेटी - अनाया -18 साल
छोटा बेटा - मनोज - उमर 42
मनोज पत्नि - पदमा - 40 साल
बेटी - जिया 18 साल
छोटी बेटी - मनिसा - उमर 40
हीरापुर केँ ठाकुर - हरीलाल 63 साल
बारा बेटा - अमर - 42 साल
बहु - सुजाता - उमर 40
अमर कि बेटी - राधा - 19
अमर कां बेटा - अशोक - 18
छोटा बेटा - जिगर - 41 साल
बहु - सुनीता - 39 साल
सुनीता बेटी - पूजा - 18
सुनीता बेटा - दीपक 17
शक्तिपुर जानकी केँ पिता पर्ताप केँ परिवार
ठाकुर पर्ताप - 65 साल
बारा बेटा - रूपेस - 43 साल
रुपेस पत्नि - मोनिका - 42
मोनिका - बेटी - काजल - 20
मोनिका नें एक् बेटे कों भि जन्म दिया थां जिसका नाम थां विनयमगर बीमारी कि वजह सें 12 साल मे हि गुजर गय़ा
छोटी बेटी जानकी - उमर 41 साल
मडर सुनते हि आर्नव कों झटका लगता हैं आर्नव पुरे हैरान जानकी कों देख - केसे किसने किया
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - हीरापुर केँ ठाकुर हरीलाल उसके बेटों नें
आर्नव औऱ भि जयदा हैरान शोक हौ जाता हैं
जानकी इमोसनल होते हुवे - यहसभी तब शुरुआत हुआजब मे 18 पऱ करके जवानी मे कदमरखी थि मेरी सादी तौ मेरे बापू होने वाले ससुरजी नें अनिल केँ संग पहले हि फिक्स करदी थि मुझे भि कोई एतराज नहीं थां मगरयह बात किसी कों बता नहीं थि
हरीलाल मेरे पिताजी केँ मित्र थें तोँ एक् दिन उन्होंने मेरी सादी अपने बेटेअमर केँ संग करने कि बात लेकेआये मेरे पिताजी जी नें साफकेह दिया मेरी सादी फिक्स हौ गई हैं अनिल केँ संगबात आई गई हौ गई
आर्नव गोर सें सुनरहा थां जानकी आर्नव कों देखते हुवे - उस घटना केँ 3 सालबाद अमर नें मेरी इज़त लूटने कि कोसिस कि मगर कामयाब नहीं हौ पाया मेरे ससुरजी जी नें उसे बहुत माराबस मामला बिगरा मेरे पिताजी भइया ससुरजी मेरे पति नें हरिपाल सभी कि अच्छे सें धुलाई कि
यह घटना भि गुजर गय़ा उसकेबाद हरीलाल उसके बेटों कि हिम्मत नहीं हुई कुछ करने कि मगर किसेपता थां वोँ कमीने अंदर हि अंदरसंत चुपके सें बारा प्लान कररहे थें हीरापुर कमजोर थां उनकेपास ताकत नहीं थि जबकि मेरे पिताजी ससुरजी जी केँ पास पूरी ताकत थि मगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे हीरापुर भि ताकतवर् होनेलगा हमनेनजर अंदाज़ कर दिया
जानकी केँ आखो सें आसुटपक केँ नीचे गिरने लगते हैं
जानकी कपते हुवे - सभीकुछ सहीचल रहा थां मगर 7 महीने पहले मेरे पति ससुरजी जी कां अक्सीडेंट् होँ गय़ा जब उन्हें होस्पिटल लाया गय़ा तब हम् भागते हुवेगये मेने देखा ससुरजी जी कि लास कों औऱ जब मे अपने पति सें मिली तौ डॉक्टर नें साफकेह दियाकुछ घंटे हि जिंदा रह पायेंगे मे टूट गई अकदम सें मेनेदो अपनो कों खो दिया अपनो कों खोने कां दर्द पहलीबार मेनेफिल किया थां वोँ दर्द बहुत जयदा थां
आर्नव भि बहुत इमोसनल होँ जाता हैं
जानकी कपते होठो सें - पति जी नें मुझे बुलाया हम् अकेले थें तब उन्होंने होँ बताया मे हिल गई
अनिल केँ पास जानकी बैठीरो रही थि तब अनिल जानकी सें - जानकी मेरीजन जब मे वाहन मे थां तबकोई आया मेरीआखे बंद थि होसखो रहा थां मगर मेने सुना
व्यक्ति हस्ते हुवे - ठाकुर हरीलाल मेरेयार तेराकाम होँ गय़ा अब शेरापूर तेरामगर दोस्त वाहन मे तोँ यह साला अनिल उसका बाप हि हैं जानकी उसके बच्चे नहीं हैं
आर्नव हैरान आखेबरी करते हुवे जानकी कों देख - इसबात कां मतलब किया हैं ऑन्टी
जानकी भीगेआखो सें आर्नव कां देख - उस मनहुस शाम मे बेटी अनाया पति ससुरजी जीसभी संग मे मन्दिर जाने वाले थें मगर अचानक कोई जरुरु कॉलआई ससुरजी जी कों आया तोँ वोँ मन्दिर जानां केंसल करके ससुरजी जी पति जीचले गये उसके घंटेबाद हि
जानकी फुट केँ रोने लगती हैं
जानकी - भाग्य सें उसकॉल आई नें हमेबचा लिया
आर्नव जानकी केँ पास जाके जानकी कों बाहों मे लेके - प्लेस ऑन्टी मतरो आप् जनताहु अपने बहुतकुछ सहा हैं
जानकी आर्नव केँ सीने सें चिपके रोते हुवे - उसकेबाद मेनेयह बात अपने बापू भइया कों बताई उसकेबाद पिताजी भइया गुस्से मे ठाकुर केँ पासचले बहुतखून खराबा फूफी मेरे भइया नें ठाकुर हरीलाल केँ छोटे बेटे कों मार दियाजान सें
आर्नव शोक होते हुवे - जिगर कों
जानकी सिसकते हुवे - हा
उसकेबाद अब तक सभीसंत हैं मगर मेरेलोग नजर रखते रहते हैं अरुण वोँ संत हैं मगरइस लिये कियुंकी फिन वोँ कमजोर हैं मगर जल्द हि एक् खूनीखेल होगा औऱ उसमेकोन कितने मरेगे मुझे नहींपता पऱ मे किसी कों फिन खोना नहीं चाहती इस लियेहमे भि लरना हि होगा मे चाहती हुजबऐसा होँ तौ तुम् अनाया जिया कों लेकेकही दूरचले जानां मेने जिया अनाया केँ लियेसभी सोचरखा हैं तुम् दोनों सें सादी करके अच्छी जीवन जीना अपनेमा पिताजी दो पत्नि केँ संग
आर्नव हैरान शोक होके जानकी कों दूर करके देखते हुवे - किया पऱ मे
आर्नव कुछबोल नहींपता कियुंकी आर्नव इस खूनी लराइ मे सामिल नहीं हौ सकता थां अपनीमा पिताजी कां एक् लौटा जीने कां सहारा थां आर्नव
आर्नव जानकी कों देख - पऱ मे केसे दोनों सें
जानकी आर्नव केँ कंघे पे हाथ रखते हुवे विनती करते हुवे - प्लेस अरुण मेरे अंदरकई लोगकाम करते हैं मगर एक् मात्र तुम् हि होँ जिसमे मेरादिल आत्मा पुरा बिस्वास करता हैं यहजंग तुम्हारी नहीं हैं मेरी हैं मे बस जिया अनाया खुशरहे यही चाहती हुमान जाओ
आर्नव बहुत सोचने केँ बाद जानकी कों देख - ठीक हैं अगरऐसा फूफी तौ मे अनाया जिया कों दूर लेकेचला जाउंगा
जानकी आर्नव केँ गले लगते हुवे - थैंक्स अरुण सुक्रिया
आर्नव हैरानी सें - मगर मनिसा आपकी ननदीकहा हैं
जानकी आर्नव कों देखते हुवे - वोँ भाग गई किसी केँ संग
आर्नव हैरान शोक मे - किया
जानकी मन मे - एक् मेरी ननदी थि जौ अपने प्रेम केँ संग इज़त समाज कि परवाह किये बिना अपने प्रेम केँ संगभाग गई एक् मे हु पापिन मा कों इज़त समाज केँ डर सें अपने बच्चे कों मरवा दिया
जानकी आसुसाफ करते हुवे - बसयही वजह हैं जिया अनाया कों जिस कॉलेज मे रखा हैं वोँ सेफ हैं उस कॉलेज मे उस कमीने कां बेटा बेटी कोई नहीं पढ़ता नां जा सकता हैं अनाया चिरचिरी गुस्से मे एस लिये रहती हैं कियुंकी उसे आज़ादी सें घूमने कों नहींमिल रहा बहुतजिद केँ बादउसे बंगलो मे रहने कि इज़ाज़त दि हैं मेनेमगर डर हमेसा लगा रहता हैं
आर्नव जानकी कों देख - मे यह वादा करताहु जब तक मे अनाया जिया कां बॉडीगार्ड हु दोनों कों कुछ नहीं होने दूंगा
जानकी - हु मुझे पुरा यकीन हैं तुमपे अपने दामाद पे
आर्नव हस्ते हुवे -ऑन्टी आप् भि नां वोँ तौ बाद कि बात हैं मे तोँ उपर वाले सें दुवा करताहु खात्मा उन कमीनो कां ताकि अनाया जिया कि सादी किसी अच्छे अमीरघऱ मे हौ मुझ गरीब सें नहीं
आर्नव कि बातें जानकी कों हैरान कर देती हैं मगरसंग मे आर्नव केँ लिए इज़तबढ़ जाती हैं
जानकी मुस्कुराते हुवे - कियु गरीब अमीरी सें कुछ नहीं होता बेटा इंसान अच्छा होना चाहिये मेराराज हैं तोँ कानून मेरी बेटी हैं चाहे किसी सें सादी करवादु खैर जानके खुशीहु तुम् उन कमीनो कां खात्मा चाहते हौ नहीं तोँ दो हसीन लरकीमिल रही थि
आर्नव जानकी कों देखते हुवे - मिल जातीमगर क्याँ जिया अनाया अपनीमा पिताजी कों खोके खुशी सें जी पाते
जानकी आर्नव कों देख - अरुण बेटा सच मे तुम् बहुत अच्छे समझार इंसान हौ मेने एक् हीरे कों ढूंढा हैं
आर्नव हस्ते हुवे - कहा मे हीराहु हीरा चमकता हैं जबकि आपकी बेटी मुझे कलुवा कहती हैं
जानकी हैरान होती हैं फिनजोर जोर सें हस्ते हुवे - अच्छा मुझे तोँ पता हि नहीं थां
आर्नव मुह बनते हुवे - हाहा आप् बेटी उरालो मेरा मजाक
जानकी हस्ते हुवे - काले हुवे तोँ कियाहुआ दिलवाले होँ
आर्नव भि जानकी कि बातसुन हसने लगता हैं
जानकी आर्नव कों देख - थैंक्स बेटा तेरी बातें हसा देती हैं अबचले तुम को जानां भि हैं जिया अनाया कों लेने
आर्नव वक्त देखते हुवे - हा अपनेसही कहा
( नोट )
( अनिलजब अंतिम सासे लेँ रहा थां औऱ जानकी कों सभीबता रहा थां तब औऱ भि बातें हुईँ थि जानकी अनिल केँ बीच जौ जानकी नें आर्नव कों नहीं बताई उतना हि बताया जितना जरूरी थां अगर सारी बातें बताती तौ जानकी नें एक् बेटे कों जन्म दिया मरवा दिया औऱ जवानी सें अब तक कियाहुआ किया गलती कि उसने उसके पति नें आर्नव कों पताचल जाताइस लियेकुछ जरूरी बातें राज जानकी नें आर्नव सें छुपा केँ रखी )
जानकी आर्नव नीचेआने लगते हैं
आर्नव - ऑन्टी अगर बुरा नाँ माने तोँ मे अनाया जिया कों कही घूमने लेकेजाऊ मेरा वादा हैं कुछ नहीं होने दूंगा
जानकी आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - हु दोनों भि खुश हौ जायेंगे
हॉल मे आते हि पदमा बैठी थि आर्नव जानकी कों देख - किया बातें होँ रही थि हु
आर्नव पदमा कों देख - यही कि मे आपको लेकेभाग जाऊ तोँ चाचा कां किया होगा
पदमामुह पे हाथरखे हैरान सें आर्नव कों देखती हैं फिनखरी होके आर्नव केँ कानपकर - कियाकहा दिदी अपने सुना नां
जानकी हस्ते हुवे - हा सुना
आर्नव दर्द मे - चाची दर्द हौ रहा हैं जानेदो मुझे
पदमा आर्नव कों देख - बेटा बच्चा हैं लेकेचला भि जायेगा तौ
जानकी खासते हुवे - हु पदमा
पदमा कों तबसमझ आता हैं वोँ किया कहने वाली थि
पदमा भि थोरा शर्मा केँ आर्नव केँ कानछोर देती हैं
आर्नव पदमा केँ गाल मे चुम्मा लेके भागते हुवे - बच्चा नहींहु मर्दहु मे चलताहु बाय
पदमाफिन हैरान गाल पे हाथरखे जानकी कों देख - दिदी यह लरका बहुत शैतान हैं
जानकी हस्ते हुवे - हा शैतान तोँ हैं मर्द भि हैं
पदमा जानकी फिनजोर जोर सें हसने लगते हैं
आर्नव कॉलेज आता हैं अनाया जिया कों कॉलेज सें बंगलो लें जाते हुवे जिया अनाया सें - कियु नाँ हम् बीच पे घूमने चले मेने ऑन्टी सें बातकर ली हैं
बीच पे घूमने कां सुनते हि अनाया जियाखुश हौ जाते हैं मगर अनाया अगले हि लम्हा मुहबना केँ - तुम् दोनों जाओ मुझे नहीं जानां
आर्नव अनाया कों एक् नजरदेख - यह लरकी भि नां
आर्नव जिया कों देख - ठीक हैं हम् दोनों हि जायेंगे
आर्नव बंगलो आँ जाता हैं अनाया जिया चेंज करनेचले जाते हैं आर्नव अपने कमरे मे आके लेटते हुवे जानकी नें जौ बताया उसको लेके सोचने लगता हैं
आर्नव - मास्टर अपने जोँ कहावही चलरहा हैं यहा तौ मे केसेफस गय़ा बीच मे मुझेलगा हु थां पहलेकुछ बुरा होगामगर मुझेकुछ गर्बर् लगरही हैं उनलोगो कों केसेपता चलाबरे ठाकुर् छोटे ठाकुर् उस रास्ते सें जाने वाले थें
तभी जिया अनाया आते हैं आर्नव दोनों कों देख - आओ बैठो
अनाया मुहबना केँ - जिया केँ लियेआई हु
आर्नव हस्ते हुवे - मेनेकब कहा मेरे लियेआई होँ
अनाया गुसे सें - तुम्
जिया हसने लगती हैं
तीनों बातें करते हैं अनाया अपने गुस्से वाले अंदाज़ मे हि बातें करती रहती हैं
( साम 3 बजे )
आर्नव गारी केँ पासखरा मन मे - यह दोनों कब आयेगी तैयार होने मे इतना वक्त किसको लगता हैं दोस्त
तभी जिया स्लेटीबैंगनी रंग कां क्रॉप टॉप काले जीन्स काले चम्से पहने मस्त खुलेबाल झूलते मतकते चलते हुवेआते आर्नव कों जिया देखाई देती हैं आर्नव दिल पे हाथ रखते हुवे जिया कों देख - उपर वाले किया हसीन गर्लफ्रेंड तूने दि हैं अफयहअदा चलने चलने कां स्टाइल उपर सें नीचेतब बवाल हैं बवाल
जिया आर्नव केँ पासआखे आर्नव कों देख थोरा सर्म सें - मे कैसीलग रहीहु
आर्नव जिया कों देखते हुवे - बहुत हसीनहॉट लगरही हैं मेरी जिया
जियाखुश औऱ सर्म सें लाल भि हा जाती हैं
तभी आर्नव कि नजर अनाया पे जाती हैं जोँ लैवेंडर ग्रेरंग कां फुल स्लीव्स हूडेड टॉप केँ संग टाइट जीन्स काला चस्मा पहने इस्टाइल् सें चलते हुवेआते हुवे आर्नव देखता हैं तौ देखता रह जाता हैं बालहवा मे लहरारहे थें आर्नव अनाया केँ टाइट उभरे चुचे कों देखने लगता हैं जोँ मस्तगोल मटोलदिख रहे थें अनाया शपथ सें कयामत लगरही थि आर्नव मन मे - दोनों बहने बवाल हैं
आर्नव आगे सें हि देख अनाया कों हिला थां मगर पीछे कां सीनकुछ ऐसा थां अनाया मस्तबाल हवा मे झूलते जिसतरह सें चलरही थि अपनीकमर गांड मतकाते हुवे टाइट जीन्स कि वजह सें अनाया कि हिलती उपर नीचे दाएँ बाये होतेबरी गांडअलग हि ठुमका माररही थि
अनाया चलते हुवे जिया आर्नव केँ पासआके खरी होँ जाती हैं
आर्नव अनाया कों देखते हुवे - बहुत सुंदर लगरही होँ
अनाया मुहबना केँ - मे सुंदर हु मुझेपता हैं तुम्हारी तारीफ कि जरूरत नहीं
यह सच नहीं थां अनाया कों आर्नव कि तारीफ अच्छी लगी थि बस दिखा नहींरही थि
आर्नव मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं फिन चलते हैं
आर्नव निकल परता हैं बीच पे घूमने आगेइस बार अनाया बैठी थि
आर्नव अनाया कों एक् नजरदेख - किसी नें तोँ कहा थां घूमने नहीं जायेगी
आर्नव कि बातसुन अनाया आर्नव केँ जांघों मे जोर सें मुक्का देख मारती हैं आर्नव दर्द मे - मर गय़ा मार दिया
जिया हैरान होके - कियाहुआ अरुणजी
आर्नव मुस्कुराते हुवे - कुछ नहीं जंगली बिली नें अपना पंजामार दिया
अनाया आर्नव कों गुस्से सें देखती हैं आर्नव डर जाता हैं
20 मिनटबाद आर्नव एक् हसीनबीच पे आता हैं मस्त सुंदर नजारा थां ठंडीहवा केँ संगशाम केँ वक़्त नजारा मस्तलग रहा थां सभी बाहर् आते हैं जिया अनाया समुंदर कों खरे देखने लग जाते हैं फिल करने लगते हैं चैन कों
आर्नव यहदेख मुस्कुरा देता हैं
आर्नव थोरादूर जाके मिना कों मोबाइल करता हैं
आर्नव - मा कियाकर रही होँ
मिना मुस्कुराते हुवे - किया करुगी घऱकाम
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मा लन्ड कां स्वाद तौ अपने लेँ लियाआज रात आपकी मस्त फूली चूत कां स्वाद लेना हैं तैयार रहना आप्
मिना हैरान सर्म सें - छिछिऐसा भि कोई करता हैं वोँ स्थान तौ
आर्नव मुस्कुराते हुवे - आनंद आयेगा मा वैसेमा यह बताओ चूत पे बाल हैं याँ नहीं
मिना सर्म सें - हैं बरेबरे
आर्नव - हुसाफ कर लेनारात बहुत चूसने वालाहु चाटने वालाहु
आर्नव कि बात सुनते हि मिना कि चूत गीली होँ जाती हैं औऱ मिना पूरीगरम जौ जाती हैं
मिना धीरे-धीरे सें - अफ लाला तेरे लिये तेरीमा चूत केँ बाल अच्छे सें साफ करके रखेगी
आर्नव - मा आपकी चूत देखने केँ लिये बेताब हु
मिना मदहोसी मे - आजाफिन मे अपनी फूली चूत दिखा डुगी
आर्नव गरम होके - जल्द आऊगामा रखताहु एक् बारकहो नाँ चूत
मिना धीरे-धीरे सें - चूत
आर्नव - चूत गरम चूत
मिना मदहोसी मे - चूत मेरीगरम चूत
आर्नव मुस्कुराते हुवे - लोवयू मा रखताहु
मिना - ठीक हैं बेटा
मोबाइल कट
मिना सारी पेटीकोट उठा केँ चूत पे हाथ रखती हैं फिन उंगली कों देखते हुवे - बातो सें हि मेरी चूत सें पानी निकल दिया मेरेलाल नें
मिना सर्माते हुवे अपनेकाम मे लग जाती हैं
आर्नव जिया अनाया केँ पासआके - चलो समुंदर किनारे घूमते हैं
आज केँ लिये इतना हि update कैसालगा जरूर बताना बाकीराज वक़्त केँ संग खुलते जायेंगे बस प्रेम बनाये रखिये मिलते हैं
तुँ निकला छुपा रुस्तम – New Episode
chapter 9
बीच पे आर्नव अनाया जिया समुंदर निकारे बातें करते चलते हुवे सुंदर नजारा ठंडीहवा कां आनंदचैन लेते हुवेआगे चलतेजा रहे थें
आर्नव जिया कों देख - अनाया कैसालग रहा हैं तुम्हे
अनाया आर्नव कों देख इतराते हुवे - कईबार आईहुयहा समझगये
आर्नव मन मे - यह लरकीकब सुधरेगी
आर्नव जिया कों देख - जियाआओ मेरेपीठ पे बैठजाओ मे तुम्हे घुमा केँ लाताहु
आर्नव नीचेबैठ जाता हैं जिया हैरान होती हैं अंदर सें खुश भि जिया बिना देरी किये आर्नव केँ पीठ पे चढ़ जाती हैं आर्नव जिया कों पकरेखरा होकेआगे बढ़ने लगता हैं जिया आर्नव केँ गले मे हाथ डाले आर्नव सें चिपकी हुइ थि शर्मा रही थि मगर जिया कों बहुत जयदा आनंद अच्छा लगरहा रहा थां
अनाया हैरान जिया आर्नव कों देखती हैं औऱ गुस्से सें मुह फुला देती हैं
आर्नव तेजी सें दोरने लगता हैं जियाखुश होते हुवेआस पास कां नजारा देखते हुवे - बहुत अच्छा लगरहा हैं जैसे मे घोरे पे बैठ नजारा देखरही हु
आर्नव मुस्कुराते हुवे दोरते हुवे जिया कों दूर लेकेआता हैं पीछे अनाया गुस्से मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे चलते हुवेआती रहती हैं
आर्नव अब रोकता हैं धीरे-धीरे सें चलते हुवे - जान मुझे नाँ अपनेपीठ पे दोकुछ नर्म नर्म रसीले फिल हौ रहा हैं पता नहीं किया हैं मगर बहुतबरे भि हैं
आर्नव कि बातसुन जिया सर्म सें लाल होते हुवे आर्नव केँ बालपकर खीचते हुवे - कितने कितने बेसरम हैं आप् तोँ इस लिये मुझेपीठ पे उठाया अपने
आर्नव हस्ते हुवे - अरे नहीं मेने तौ ऐसे हि मन मे आया तौ उठा लायाजान बहुतबरे हैं नर्म रसीले भि कब दिखारही हौ
जिया सर्म सें - ड्रीम्स देखिये मे नहीं दिखाने वाली
आर्नव हस्ते हुवे - ड्रीम्स मे तौ मे पुरादेख लूंगा
जिया सर्म सें लाल होते हुवे - छि गंदे
आर्नव जिया कों नीचे उतार बाहों मे लेके - कियु मेराहक नहीं हैं तुमपे
जिया आर्नव कों देख - मेने तौ ऐसा नहींकहा
दोनों एक् दूसरे कों देखते हैं फिनकिस करना शुरुआत कर देते हैं जियाकिस करते हुवे - मेरी लाइफ मे आप् जैसे इंसान कि हि जरूरत थि भरोसा किया हैं प्लेस संगमत छोरना
किस केँ बाद आर्नव आगे देखते हुवे अनाया कों - आँ रही हैं गुस्से मे भि हैं
जिया - दिदी कों भि पीठ पे उठा केँ घुमा दीजिये नां
आर्नव - अच्छा बाबाठीक हैं
अनाया गुस्से सें लाल दोनों केँ पासआती हैं आर्नव अनाया केँ पास बैठते हुवे - आँ जाओ घुमा देताहु
अनाया आर्नव कों देखते हुवे - मुझेकोई जरूरत नहीं हैं
आर्नव - सोचलो
जिया - दिदी बहुत आनंद आयेगा चढ़ जाइये जल्द सें
अनाया मुह बनते हुवे - जियाकेह रही हैं इस लियेमन जातीहु
अनाया आर्नव केँ पीठ मे चढ़ जाती हैं आर्नव खरा होता हैं चलने लगता हैं अनाया केँ चेहरे पे खुशी सर्म दोनों थि आर्नव बेचारे कि हालत खराब थि कियुंकी अनाया केँ बरेबरे दोनों चुचे आर्नव अच्छे सें अपनेपीठ पे फिलकर पारहा थां संग मे अनाया केँ दोनों निपल आर्नव केँ पीठ पे सुई कि तरहचुभ रहे थें
आर्नव मन मे - कितने बरे नर्म चुचे हैं अनाया केँ निपलकरक खरेपीठ पे चुभरहे हैं जिया सें बहुतबरे हैं अनाया केँ अपनीमा कि तरह
आर्नव तेज दोरते हुवे - अनाया आनंद आँ रहा हैं
अनाया - नहीं
जबकि अनाया बहुतखुश थि नजरे कों देखरही थि
1 घंटेबाद
आर्नव अनाया जिया कों बंगलो लेकेआके छोर देता हैं औऱ अपनेघऱ कि तरफ निकल परता हैं
कमरे मे अनाया जिया चेंज करने लगते हैं
जियाखुश होके - दिदी आज बहुत मज़ाआया नां
अनाया जिया कों देख - खुश तोँ जयदा तुम् लगरही थि उस बंदर केँ संग
जिया घबरा केँ कपड़े बदलने लगती हैं
( हवेली )
जानकी छत पे खरी हसीन नजरे कों देख अपनी लाइफ प्रॉब्लम कों लेके सोचो मे गुम थि तभी मोबाइल बजता हैं
जानकी - भाभी कैसी हैं आप्
मोनिका - मे अच्छी हु ननदीजी आप् बटाइये आने कां विचार हैं याँ नहीं
जानकी - आउंगी भाभी जल्द हि आप् सभी सें मिलने आउंगी
काजल - चाची आप् तौ मुझेभूल हि हैं मिलने भि नहींआती
जानकी हस्ते हुवे - नहीं मेरी बच्ची चाची अपनी प्यारी भतीजी कों केसेभूल सकती हैं मे जल्द आउंगी
रूपेस - तुम् नहीं आओगी तोँ हम् आँ जायेंगे
जानकी - केसे हैं आप् भैया
रूपेस - अच्छा हु देखो जयदा टेंसन मतलोसमझ गई तेरा भइया बापू हम् सभी हैं तेरेसंग
जानकी - जी भइया आप् औऱ बापू तौ कईबार मोबाइल करकेहाल चाल लेते रहते हैं वोँ कमीने पिताजी कि वजह सें हि रुके हैं नहीं तौ जल्द हि
यहा बातें होती रहती हैं
वही आर्नव पायल केँ घऱआता हैं कमरे मे पायल घोरीबनी हुइ थि सारी पेटीकोट उठाये हुवे पीछे आर्नव घुटने मे चुदाई कियेजा रहा थां आर्नव - दोस्त भाभीशाम कों आताहु तौ आपकी सासू माँ घऱ पे हि रहती हैं अभि भि हैं पीछेमगर आज तौ पुरा मुंड थां मेरा आपकी चुदाई करने थां
पायल दर्दमजे मे - अहह देवर जीजी किसीदिन पकरे जायेंगे पऱ सचकहअफ मेरा भि बहुतमन थां चोदिये अहह औऱ जोर सें आनंद आँ रहा हैं अहहयह चैन आपका मोटा लन्ड लेके आनंद आँ जाता
19 मिनटबाद
आर्नव पायल कों बाहों मे लिये - चलताहु छुट्टी केँ दिन अच्छे सें चुदाई करुगा
पायल मुस्कुराते हुवे - इतना हि मेरे लिये बहुत हि देवर जीजी
आर्नव - हु चलताहु
आर्नव घऱआता हैं मिनापवन बैठे बातें कररहे थें आर्नव कों देख मिना सर्माने लगती हैं पवनसभी देखसमझ रहा थां
पवन - कैसारहा बेटा आज कां दिन
पवन मिना केँ पास बैठते हुवे - अच्छा रहा पिताजी
आर्नव मिना कों देखते हुवे - मा किया बनाउगी आज
मिना आर्नव कों देख - जोँ मेरालाल कहेगा
आर्नव मुस्कुराते हुवे - मेरी फेवरेट कोभीआलू केँ सब्जी रोटी
मिना मुस्कुराते हुवे - जैसा मेरालाल बोले
पवन - मेरी पसन्द तोँ पूछलो
मिनापवन कों देखमुह बनते हुवे - मे बस अपने लाला कि पसन्द कि बनाउगी समझगये
पवन - यह तोँ गलत हैं
मिना आर्नव हसने लगते हैं
रात 9 बजे
आर्नव बेचैनी सें अपनीमा कां इंतजार कररहा थां वही मिना नंगीपवन केँ सामने थि पवन मिना कि चूत देख मुस्कुराते हुवे - कियाबात हैं बहुतसाफ करकेरखा हैं देख केँ तौ लगरहा हैं जंगल कि सफाईआज हि हुई हैं यानीआज नीचे कां काम होगा अच्छा हैं
मिना जल्द सें नाइटी पहनपवन कों देख सर्म सें - कुछ भि बोलते हैं मे चली
पवन हस्ते हुवे - जाओजाओ
मिना आर्नव केँ कमरे मे आती हैं आर्नव खरा होके मिना कों देख - माआज मे वोँ देखने वालाहु जोँ एक् बेटा नहींदेख सकता अपनीमा कि चूत मे बेताब हुरहा नहींजा रहामा चूत केँ बालसाफ तौ किये नाँ
मिना नजरे नीचे किये सर्म सें - हा अच्छे सें साफ किये हैं
आर्नव मिना केँ एकदमपास आके - मुझे देखिये
मिना आर्नव कि आखो मे देखती हैं
आर्नव - मा जवानी मे लरकी कि चूत बहुतकसी टाइट होती हैं मगर जैसे जैसे सादीफिन उमर 40 तक आती हैं बॉडी कां हर पार्ट फैलता जाता हैं जैसे अभि आप् कि बॉडीभरी फैली हैं मोटे जांघे भरा शरीर
वैसे हि यकीन सें केह सकताहु आपकी चूत फूली होगीपाव जैसे बहुतमास गुडा मोटे फाको वाली चूत होगी आपकी
आर्नव कि बातसुन मिना हैरान सर्म सें पानी पानी होँ जाती हैं यानी आर्नव नें सचकहा थां
आर्नव मिना कि नाइटी निकलने लगता हैं मिनातेज सासे लेने लगती हैं आज उसका बेटा पुरा नँगाउसे देखने वाला थां जौ अब तक अपने पति कों हि दिखाते आई हैं आर्नव नाइटी निकाल फेक देता हैं अब मिना पूरी नंगी थि आर्नव थोरा पीछेखरा होके अच्छे सें मिना कों देखने लगता हैं मिना सर्म सें लालखरी होती हैं पूरी नंगी
आर्नव पगलो कि तरह मिना कि नंगी बॉडी कों देख बहुत हैरान शोक होता हैं जैसा आर्नव केँ कहा थां मिना नें अपनी चूत केँ साफ अच्छे सें साफकर लिये थें औऱ चूत सच मे फूली गुडेमास सें भरीपाव जैसी पूरी उभरी हुईँ थि आर्नव मिना कों देख - मा बहुत सुंदर चूत हैं आपकी बहुत फूली मोटे फाको वाली आप् जैसीमा कों इसरूप मे देखने कों प्रेम करने कों मुझेमिल रहा हैं मे सच मे भाग्य वालाहु
मिना आर्नव कों देख सर्म सें - तुम्हें मेरी बॉडी चूत अच्छी लगी
आर्नव मिना केँ पास जाके - अच्छी कयामत हैं आप् मा
आर्नव मिना कों पलंग पे लेता लेता हैं औऱ पेर जांघों कि मालिस् करने लगता हैं मिना तांगे उठाये थोरा फैलाये लेती आर्नव कों देख हैरान होके सर्म सें - यह कियाकर रहा हैं मेरेलाल
आर्नव मालिस् करते हुवे मिना कों देख - मालिस् मा ताकि आपको आपकी चूत कों बहुत अच्छा फिल हौ
मिना सर्म सें -अफ बेटा तुम् भि नाँ किया क्याँ करते हौ मेरेसंग
आर्नव दूसरी जांघों कों अच्छे सें फैला केँ मालिस् करने लगता हैं मिना कि मोटे गोरे जांघों केँ बीच उसकी फूली चूत अफ कियालग रही थि देखने मे आर्नव मालिस् करते हुवे - मा मुझे तौ आप् पसन्द हैं ऐसा फिगर सुंदर जिस्म अफ बापू नें बहुतमजे लेँ लियेअब मेरीबरी हैं
मिना सिसकते हुवे आर्नव कों देख - अफअहह लाला मेरे बेटे तेरीमा तोँ तैयार हैं जितना प्रेम करना हैं करेगे अहह बहुत अच्छा लगरहा हैं लालातु मालिस् बहुत अच्छा करता हैं तेरे बापू तौ कभीऐसा नहीं कियेमगर मेरालाल अच्छे सें अपनीमा कि सेवाकर रहा हैं
आर्नव अब चूत केँ ऊपरपेट पे मालिस् करने लगता हैं मिना कि फूली चिकनी चूत मोटे फाके मस्तहिल रहे होते हैं अफ किया हि सीन थां मिना तांगे फैलाये लेतीअहह अफ सिसकिया लेते हुवेतेज सासे लेते मचलते हुवे आर्नव कों देख - अहह बेटा तूने मेरासभी देख लिया मुझे खुशी हैं मेरेइस जिस्म कों मेरालाल देखरहा प्रेम कररहा हैं
आर्नव मिना कों देख - मा अभि तोँ सुरवात कि हैं अब आपकालाल बहुत प्रेम करतारोज दिनरात आपको
मिना मदहोसी मे - हा लाला मुझे भि तेरा प्रेम चाहिये
आर्नव फिन क्रीम चूत पे लगा केँ अच्छे सें चूत कि मालिस् करने लगता हैं मिना पागल होँ जाती हैं पहलीबार पति केँ अलावा किसी नें चूत कों छूने केँ संग मालिस् कररहा थां मसलरहा थां मिनाजोर जोर सें सासे लेने लगती मचलने तरपने लगती हैं आर्नव मिना कों देख चूत कि मालिस् करते हुवे - किया हौ रहा हैं मा आपको
मिना कपते टूटते आवाज़ केँ संग आर्नव कों देख - कुछ नहीं बेटा अहहतु बहुत अच्छे सें मेरी चूत कि मालिस् कररहा हैं तौ मुझे बहुत अच्छा लगरहा हैं अहह बेटा करतेरह यहचैन यह एहसास बहुत अच्छा हैं अहहतु मेरी अपनीमा कि चूत कों मसलरहा हैं अहहमा
आर्नव चूत कों देख मालिस् करते हुवे - मासचकहु बहुत जयदागरम हैं आपकी चूत जैसेआग लगी होँ नर्म रसीले सॉफ्ट चूत हैं आपकी मालिस् करने मे मज़ा आँ रहा हैं
आर्नव फिन चूत केँ दोनों साइड अच्छे सें मालिस् करते चिकना करने मे लगा रहता हैं आर्नव पुरेमन सें सभीकर रहा थां मिना कि तोँ हालत जितनी खराब होँ रही थि पहलेकभी नहीं हुईँ थि नां आर्नव अबतब जोँ करताआया हैं वैसापवन नें मिना केँ संग नहीं किया थां
मिना हफ्ते हल्के पसीने सिसकिया लेते हुवे - अफअहह लाला तेरीमा कि चूत मे आगइस लियेलगी हैं कियुंकी अब तेरे पिताजी मेरी चूत कि आग ठंडी नहींकर पाते हैं इस लियेअहह चूत बहुतगरम हैं
आर्नव मिना कों देख - अब मे हु नाँ आपकी चूत कि आग ठंडा करने केँ लिये
आर्नव फिन मिना केँ दोनों पांवउठा केँ अपनीतरफ करके गांड जांघों गांड चूत सभी पे अच्छे सें मालिस् करने लगता हैं मिना सर्म सें मजे मे बेताबी जोस मे आहे सिसकिया लेती मचलते जारही थि यह एहसास चैन मिना कों मदहोसी जोस मे पागल करतेजा रहा थां आर्नव मालिस् करते हुवे - मा आपकी गांड तौ बहुत मस्त मोती नर्म हैं
मिना - अफ बेटा बरी गांड तुम्हारी तरफ मनपसंद आई मेरी
आर्नव गांड पे मालिस् करते हुवे - बहुत जयदा मालिस् करने मे भि मज़ा आँ रहा हैं नर्म रसीले हैं सॉफ्ट
आर्नव अब मिना केँ पांव सीधे फैला केँ बीच मे आखेबैठ मिना कों देख - माअब मुझे आपकी चूत कि छेद देखनी हैं कैसीछेद हैं मेरीमा कि लाल पिंक कितनी फैली हैं देखलू
मिना सर्म सें पानी पानी होते हुवे - कितनी बेसरम गंदी बातें करता हैं तेरे बापूकभी नहीं करते नंगी लेतीहु सभीकर हि रहा हैं जोँ तुम्हारी तरफ करना हैं देख नें अपनीमा कि चूत कि छेदलाल हैं याँ पिंक
आर्नव झुकते हुवे उंगली सें दोनों फाको कों अलग करते देखता हैं तोँ मिना कि चूत कि छेद पिंक थि चूत सें रस निकलरहा थां हल्के लाल पिंक गुडादेख आर्नव कां लन्ड झटके मरने लगता हैं आर्नव बरेगोर सें चूत कि छेद कों देखते हुवे - मा बहुत सुंदर छेद हैं आपकी चूत कि एसीछेद मे बापू अपना लन्ड डालके आपकी चुदाई करतेआये हैं नाँ
मिना तोँ मदहोसी मे पागल होँ रही थि उपर सें आर्नव कि गंदी बातें औऱ मिना जोँ पागल करने लगती हैं
मिनाखाट पकरे - अहह लालाहा वहीछेद पे तेरे पिताजी लन्ड डालके तेरीमा कों चोदते हैं अहह कैसालगा अपनीमा कां छेद
आर्नव छेद देखते हुवे - दुनिया कि सबसे सुंदर चीजदेख रहाहु अपनीमा कि चूत कां छेद
आर्नव जिब निकाल चाटने लगता हैं एकदम सें इस हमले सें मिनाउछल परती हैं गांडकमर उपर करते हुवेखाट कों कस केँ पकर लेती हैं मिनाअहह अहहमा अफअहह सिसकिया लेते मचलते रहती हैं
औऱ आर्नव जिब सें अंदर केँ पिंक गुडे कों चाटने लगता हैं अपनीमा केँ चूत कां पहलीबार स्वाद लेके आर्नव कों ऐसाफिल होता हैं जैसेहवा मे उररहा हौ आर्नव कों अपनीमा कि चूत केँ रस कां स्वाद अमृत सें कम नहींलग रहा थां आर्नव औऱ जोस सें चूत केँ छेद मे जिब डालके चटाने लगता हैं मिना - अहह बेटा यह कैसा मज़ा एहसास हैं चूत चटवाने मे इतना मज़ाआता हैं मे तौ पागल हौ रहीहु हवा मे उररही हु इतना मज़ा मुझेकभी नहीं मिलाअफ मा बेटा चूस अपनीमा कि चूत
आर्नव अच्छे सें स्वाद लेने चाटने बाद तेजी सें अपने अंगुटे कों चूत केँ फाको केँ बीच रखके तेजी सें चूत कों मसलने हिलाने लगता हैं फच्फच् कि आवाज़ चूत सें निकलने लगती हैं चूत पूरी गीली चिपचिपी हौ गई थि मिना गांड उठाने लगती हैं मिना पागल होके - मर गई मर गई अहह लाला मेरे बेटेअहह यह कैसाखेल खेलरहा हैं अहहमा झरने वालीहु, मिनाबैड पकर कपते गांडकमर उठाते हुवे झरने लगती हैं
आर्नव फिन रोकता हैं फाके फैला केँ छेद देखते हुवेफिन जल्द सें निकलरहे सफेद गाढ़ा अमृत कों पीने चाटने लगता हैं आर्नव अपनीमा कि कां सारारस अच्छे सें चटके चुस्के पीने लगता हैं जबकि मिनाबैड पे लेती पसीने सें हफ्ते तेज सासे लेतेजा रही थि इतना हालत तोँ मिना कि पहलेकभी खराब नहींहु जबकि चुदाई हुईँ हि नहीं थि
आर्नव अब मिना कों देखते हुवेमजे सें उंगली पे होठो पे लगा चूत केँ पानी कों अच्छे सें चूस केँ चटकेपी जाता हैं मिना आर्नव कों अपनी चूत केँ पानी कों मजे सें चाटते देख हैरान सर्म सें पानी पानी हौ जाती हैं
आर्नव पुरा नँगा होके अपने लन्ड कों देखता हैं जौ लोहा बनके पुरा टाइटखरा थां मिना भि आर्नव कां लन्ड देख सिहर काप् जाती हैं
आर्नव मिना कों देख - माआज नहींरोक पऊगाआज आपकी चुदाई नहीं कि तौ मेरा लन्ड फट जायेगा मे सो भि नहीं पऊगाकहो नाँ मा लोगी अपनी चूत मे अपने लाला कां लन्ड डालहु अपना मोटा लन्ड आपकी चूत मे
मिना आर्नव कों देखती हैं फिन तांगे पुरा फैला चूत कि फाको कों फैलाते हुवे आर्नव कों देख मदहोसी मे - आजा अपने बापू कि स्थान तुम्हारी तरफ देतीहु डाल नें लाला अपना मोटा लन्ड मेरी चूत केँ जर तक मे स्वयं तरपरही थि तुअब डालेगा अपना लन्ड मेरी चूत मे
अबदो मिनटबाद एक् जोरदार दर्दभरी चीखगुज परती हैं पवन आहिस्ता सोया थां मगर मिना कि दर्दभरी चीख सुनते एकदम सें उठकेबैठ जाता हैं पवन कों फिन मिना कि दर्दभरी चीख सुनाई देती हैं पवन हैरान जल्द सें भागते हुवे दरवाजा खोलता hain तौ बंद थां पवनजब छेद सें अंदर देखता हैं तोँ पवन कि आखेफैल जाती हैं
पवन पीछेहट मुस्कुराते हुवे कमरे मे आके लेटते हुवेमन मे - इतना तौ सुहागरात मे तेरीसील तोरी थि तब भि नहीं चिल्लाई चीखी थि जितना अबतुचीख रही हैं मिनामगर समझरहा हु आर्नव लन्ड मेरे लन्ड सें बहुत लम्बा मोटा हैं तोँ यह होना हि थां आखिर आर्नव बेटे नें मेरी स्थान लें हि लीअब तेरी चूत कों दमदार लन्ड मिल गय़ा हैं मिनामजे लो
( हवेली )
जानकी रेड नाइटी पहने पलंग पे लेती हुईँ थि औऱ किसी गहरी सोचो मे गुम थि तभी मोबाइल बजता हैं जानकी नंबरदेख मोबाइल उठा लेती हैं
जानकी - जी बोलिये
अंजान - किया होँ रहा हैं
जानकी - लेतीहु
अंजान - लेती सोचो मे गुम कितनी बारकहा हैं इतना टेशनमत लियाकरो
जानकी - क्याँ करू हालत हि ऐसी हैं
अंजान - जनताहु कल आउंगी मिलने वही स्थान वहीसमय
जानकी - आप् समझ तोँ रहे हैं हालत कों फिन भि
अंजान - इसी कियेकेह रहाहु अपनेउपर भि ध्यान तोँ मेरीतरप कों भि समझो देखो मेरा बहुतमन हैं
जानकी केँ चेहरे पे हल्की सर्मछा जाती हैं
जानकी - पऱ
अंजान - क्याँ कभी मेनेजिद कि तुमसे यह पहलीबार तोँ नहीं हैं हमारा कहो
जानकी धीरे-धीरे सें - हु
जानकी - आओगी नां
जानकी - ठीक हैं आउंगी
मोबाइल कट
( सुभह 10 बजे कॉलेज )
आर्नव अनाया जिया कों कॉलेज लेके आँ गय़ा थां अनाया जिया कों छोर आर्नव फिन सीधा हवेली आता हैं आर्नव हॉल मे जाता हैं तौ मात्र पदमा बैठी थि सारी मे बहुत सुंदर लगरही थि
पदमा आर्नव कों देख मुस्कुराते हुवे - आजा भतीजे बैठ
आर्नव जब पदमा केँ पास बैठता हैं तौ पदमा आर्नव कों अच्छे सें देख - अरे बेटा रात कों सोया नहीं क्याँ अच्छे सें
आर्नव पदमा कों देखते हुवे मुस्कुराते हुवे - जनत कि सैरकर रहा थां पूरीरात इस लियेसो नहीं पाया
पदमा हैरान कंफ्यूज आर्नव कों देख - मतलब
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जानके किया करेगी
पदमा सोचने लगती हैं फिन हैरान होके - ओयेकही तेरा चक्कर तौ नहींचल रहा किसी केँ संग
आर्नव हैरान होके - नहीं नहीं चाची ऐसाकुछ नहीं हैं
आर्नव मन मे - बहुत चालकतेज हैं चाची पकर लिया मुझे
पदमादेख केँ देखते हुवे - सचबता मे किसी कों नहीं बटाउगी
आर्नव पदमा कों देख धीरे-धीरे सें - पक्का
पदमा - हा पक्का
आर्नव कान मे पदमा केँ - एक् परोसी चाची हैं चाचा बाहर् सोते हैं तौ मे पूरीरात समझ गई नां
पदमा पूरीशोक मे आखेबरी करते हुवे हैरान आर्नव कों देख - किया
आर्नव - प्लेस किसी कों बताना मत
पदमाकुछ कहने वाली होती हैं कि जानकी आँ जाती हैं
आर्नव जानकी कों देख - ऑन्टी कहा गई थि आप्
जानकी आर्नव केँ पास बैठते हुवे - गाव मे कुछ मसला थां उसे सुलझाने गई थि तुम् बताओ
आर्नव - क्याँ बटाउ ऑन्टी सिंगल हुमन नहींलग रहाकोई पसन्द कि मिलती भि तोँ नहीं हैं
पदमामन मे आर्नव कों देख - देखो तोँ कितना मासूम भोलाबन रहा हैं बाप रेयह लरका अपनी चाची छिछि मुझे नहीं बताना तौ पता हि नहीं चलता
जानकी आर्नव कि बातसुन हस्ते हुवे - मिल जायेगी बेटा उपर वाला जोरि बनके भेजता हैं
पदमा आर्नव कों देख - हामिल जायेगा बेटा
पदमामन मे - बेसरम तुम्हारी तरफकोई नाँ मिले तौ हि अच्छा हैं
आर्नव पदमा कों देखमन मे - झूठ बोल्ना तौ नहीं चाहता थां चाची मगर आप् बहुत हसीन हैं आपकी बेटी मेरी होँ गई हैं मोक्का मिला तौ सोचा आपको भि पता केँ देखलू पट गई तौ आपकी लेने मे आनंद आयेगा चूत कां मज़ा लेके मे बिगररहा हु लगता हैं
जानकी आर्नव कों देख - अरुण बेटा जल्द हि मे शक्तिपूर अपने बापू भइया भाभीसभी सें मिलने जाने वालीहु उसदिन तुम् भि संग चलना मेरे
आर्नव जानकी कों देख - जैसा आप् कहे ऑन्टी मे चलुंगा
जानकी खुश होके - ठीक हैं मे कोईदिन देखती हुफिन बता डुगी
आर्नव - जी ऑन्टी
आर्नव खरा होके - अच्छा चाची ऑन्टी मे चलताहु मुझेकुछ काम हैं तोँ जानां होगा
जानकी - ठीक हैं बेटा जाओ
आर्नव गारी लेके सिटीआता हैं कई जवेली शॉप मे जाके अपना लोकेट देखा केँ पता करने कि कोसिस करता हैं पर्र कुछ भि पता नहीं चलता
आर्नव गारी केँ सीट पे बैठा लोकेट कों देखते हुवे - जिया अनाया केँ बॉडीगार्ड जिसदिन सें बनाहु कई स्थान पता कियामगर कुछपता नहींचला मगर मे हार नहीं मानूँगा
( दोपहर 2 बजे हीरापूर हवेली )
हीरालाल अमरहॉल मे सोफे पे बैठ बातें कररहे होते हैं
हरीलाल - अमर बेटा चाहेकुछ भि होँ जाये तुम्हे अपने भइया कां बदला लेना हि होगाजिस कमीने नें मेरे बेटे तेरे छोटे भइया कों मारा हैं उसेखतम करना हि होगातब जाके मुझेचैन मिलेगा उसकेबाद बाकीसभी कों खतम करेगे
अमर एक् पैक मारते हुवे गुस्से सें - नहीं पिताजी सभी कों नहीं
हरीलाल देख केँ देख - तेरे कहने कां मतलब क्याँ हैं
अमर हरीलाल कों देख - मर्द मरेगे ठाकुर् उसका बेटा लरकी लरकी औरतेसभी केँ सभी मस्तमाल हैं खासकर जानकी सभी कों मे रंडि बनाके रखुंगा
अमर एक् पैक औऱ मारते हुवे हरीलाल कों देख मुस्कुराते हुवे - पिताजी किया जानकी कि लेना नहीं चाहते बोलिये
हरीलाल एक् पैकमार मुस्कुराते हुवे - जानकी जैसीकरक माल कि लेनाकोन नहीं चाहेगा अच्छा सोचा हैं तुमने सब हसीनमाल कों मार देनागलत होगा
अमर पैक बनते हुवे - हा पिताजी इस प्लान अच्छे सें बनारहा हु ठाकुर् पर्ताप उसका बेटा राजेस मनोजतीन हि मर्द हैं तीनोखतम यानी जानकी कुछ नहींकर पायेगी
हरीलाल हस्ते हुवे - यह हुई नां बात मेरेशेर जानकी कितनी भि सतीर् कियु नाँ हौ मगर तीनोखतम होँ गये तोँ जानकी वैसे हि टूट जायेगी कमजोर हौ जायेगी कुछकर नहीं पायेगी
अमर हरीलाल दोनों बाप बेटे हसने लगते हैं
दूसरे मंजिल पे खरी सुजाता अमरजी पत्नि औऱ जिगर कि पत्नि सुनीता खरीसभी सुनरहे होते हैं
सुनीता इमोसनल होके - दिदी मेरे पति चलेगये मगर मे नहीं चाहती फिनसभी लरेऐसा हुआ तोँ जानफिन जायेगी किसी नाँ किसी कि यह लराइ कियु दिदी अगर भइया साहब जानकी दिदी केँ संगगलत करने कि कोसिस नहीं करते तौ औऱ उसशाम दोनों भइया हि थें तौ मरने कटने पे उतरआये थें सभीकुछ तोँ हैं हमारे पासफिन कियुयह सभी
सुजाता सुनीता कों देख - सुनीता कुछ लोगो केँ पाससभी कुछ होके भि उन्हें कम लगता हैं लालच क्रोध हवसजब मन पे हावी होँ जाये तोँ उसकाअंत होनातय हैं तीन मर्द हैं शेरा मे एक् शक्ति पूर मे दोमगर किया होगाकोई चौथाशेर निकलआया तौ
सुनीता अमर हरीलाल कों नीचेदेख - अगरकोई चौथाशेर आया औऱ वोँ खतरनाक खुनखार् हुआ तौ तौ वोँ सभी कां शिकार करकेमार डालेगा उमीद करतीहु ऐसा नाँ होँ मगरदुख इसबात कां हैं मेरे पति चलेगये तोँ हैं कितने गिरे गंदीसोच वाले हैं मेरादिल नहीं करतायहा रहने कां
( जिया अनाया बंगलो )
कमरे मे जिया अनाया खाट पे लेते थें आर्नव बैठे बैठा थां खाट पे हि बातें होँ रही थि
आर्नव अनाया सें - अनाया देखो क्रोध कमकरो अच्छे सें बातें करो नहीं तोँ मेरे जैसे कलुवा सें सादी होगी देतीदेख लेना
अनाया आर्नव कों देख गुस्से सें - तेरे जैसे कलुवा सें सादी करने सें अच्छा हैं मे कुवारी रहूसमझ गये एक् तोँ मा नें तेरी इतनाछुट देरखा हैं हमारे कमरे मे जहामन करता हैं जाते रहते होँ
जिया अनाया सें - दिदी अरुणजी हमसेबरे हैं इज़त सें बात करिये
अनाया जिया कों देख - तुझेही बरी परवाह हैं कमीने कि
जिया - वोँ नहीं तोँ मेनेबस वोँ मा चाची कहती हैं बरो सें इज़त सें बात करनी चाहिये
आर्नव मुस्कुराते हुवे - जानेदो जिया अनाया कां जैसामन करे बातें कर सकती हैं
अनाया बैड सें नीचेउतर जाते हुवे - मे चली अपने कमरे मे
अनाया चली जाती हैं तौ आर्नव जल्दी जिया केँ ऊपरचढ़ जाता हैं जिया सर्म सें - क्याँ कररहे हैं आप्
आर्नव जिया कों देख - अपनी गिर्लफ्रेंड कों प्रेम
आर्नव जिया केँ चहरे कों पकरेकिस करने लगता हैं जिया भि सभी भुलके किस करने लगती हैं जियामन मे किस करते हुवे - अजीब सां खालीपन फिल होता थां मुझेमगर अरुणजी केँ आने केँ बाद मेरी लाइफ हि बदल गई मिलने कि तरप बाहों मे जाने कि तरप देखने कि तरपकिस करने कि तरप मुझे हमेसा अरुणजी कि यादहर समय दिलाती बेचैन करती रहती हैं मगरअब अरुणजी कि बाहों मे हु तौ चैनमिल रहा हैं मुझे
आर्नव किस केँ बाद जिया केँ गर्दन कों चूमने लगता हैं जियाअहह सिसकिया लेते हुवे - अरुणजी अफयह आप् क्याँ कररहे हैं मुझेकुछ हौ रहा हैं अहहयह एहसास नया हैं अजीब चाहतजग रही हैं
आर्नव गर्दन पे चूमते हुवे - मेरीजान यह एहसास चाहत जवानी कि हैं मे हु नां तुमारी चाहता कों पुरा करने केँ लिये
आर्नव फिन सीने पे चूमते हुवे जिया केँ पेट कों चूमने लगता हैं जोर सें सिसकिया सासे लेने लगती हैं जिया - अहह अरुणजी मुझेकुछ हौ रहा हैं अजीब हि हलचलवहा होँ रही हैं
आर्नव जिया केँ चिकनी पेट कों चूमते हुवे - जनताहु मेरीजान कहा किया होँ रहा हैं चिंता मतकरो मे हु तोँ टेशन कि बात नहीं हैं
आर्नव फिन जिया केँ ऊपरआके जिया कों देख मुस्कुराते हुवे - कहा पे हलचल हौ रही हैं मेरीजान कों बताओजरा मे भि जानु
जिया सर्म सें अपना चेहरा हाथो सें छुपा केँ - आप् नां वोँ हौ बरे वाले
आर्नव हस्ते हुवे - वोँ क्याँ
जिया - बरे गंदे बेसरम हौ
आर्नव हस्ते हुवे - अच्छा तारीफ सुन अच्छा लगा
आर्नव जिया केँ ऊपर सें बैड सें नीचेआके - आरामकरो मे भि आरामकर लेताहु
आर्नव कमरे कमरे मे आकेलेत जाता हैं वही जिया कि चूत पहलीबार गीली हुइ थि यह एहसास जिया कों बेचैन करने लगता हैं जिया चूत पे हाथरख सर्म सें - भुला समझी थि आपकोमगर आप् तोँ बहुततेज निकले बेसरम बलम
( शाम 3 बजे )
जानकी इस्कुटी सें एक् स्थान आती हैं अंजान सें मिलने मार्ग कच्चा थां लोगउस रास्ते सें बहुतकम हि जातेआते थें थोरा जंगली इलाका थां इस्कुटि लगा केँ जानकी देखती हैं थोरिदूर एक् बाइकलगी हैं
जानकी फिन जंगल केँ थोरा अंदर जाती हैं तोँ सामने अजानखरा थां जौ जानकी कों देख बहुतखुश होँ जाता हैं
जानकी अंजान केँ पास जाती हैं अंजान जानकी केँ हाथो कों पकर बातें करते अंदर औऱ जाने लगते हैं एक् झरियों केँ पीछे अंजान कुछ बिछा देता हैं जानकी अंजान दोनों बैठ जाते हैं
अजान जानकी कों देख - सोचा थां अच्छे सें लाइफ कटेगी तुम्हारे संगमगर वोँ कमीने बीच मे आकेखैर मे तोँ स्वयं बेताब हु जानकी सभी कों खतम करने केँ लिये
जानकी - खून खराबा मुझे मनपसंद नहीं हैं मगर मे जानती हु सामने वाला लराइ हि चाहेगा तोँ अपने आप् कों अपनो कों बचाने केँ लिये लरना हि परेगा
अंजान - तुमने सहीकहा
अजान जानकी केँ औऱ पासआके धीरे-धीरे सें जानकी केँ जांघों पे हाथरख सहलाने लगता हैं जानकी सिहर सिसक् परती हैं
अंजान जानकी कों देख - तुम् बहुत सुंदर हौ एक् बारसभी मामला खतम हौ जायेफिन हम् सुकून सें प्रेम कर पायेंगे
कुछ मिनटबाद झरियो सें केँ पीछे सें
जानकी - अहह धीरे-धीरे धीरे-धीरे दर्द हौ रहा हैं अहह धीरे-धीरे
अंजान - बसबस होँ गय़ा थोरासेह लो
जानकी - बहुत दर्द हौ रहा हैं
तभी जानकी जोर सें अहहमर गई
15 मिनट जानकी अपनेघऱ आँ जाती हैं हॉल मे मनोज पदमा थें
मनोज जानकी कों देख - भाभीकहा गई थि आप्
जानकी उपर कमरे मे जाते हुवे - बसकुछ कम सें गई थि
जानकी कमरे मे आकेखाट पे लेत जाती हैं
( अनाया जिया बंगलो )
आर्नव बैड पे लेतामन मे - पता नहीं क़िस्मत मुझेकहा लेके आयेगी अजीब सां एहसास होता हैं मुझे जैसे बहुतकुछ बुरा होने वाला हैं
आर्नव बुरासभी साइड रखते हुवेरात अपनीमा कि चुदाई याद करते मुस्कुराते हुवे - माअहह रात आपकी चूत मारके बहुत मज़ाआया मे आँ रहाहु जल्द हि फिन आपकी फूली चूत मारुंगा
( रात मिना आर्नव कि चुदाई )
आर्नव मिना कों देख - माआज नहींरोक पऊगाआज आपकी चुदाई नहीं कि तोँ मेरा लन्ड फट जायेगा मे सो भि नहीं पऊगाकहो नां मा लोगी अपनी चूत मे अपने लाला कां लन्ड डालहु अपना मोटा लन्ड आपकी चूत मे
मिना आर्नव कों देखती हैं फिन तांगे पुरा फैला चूत कि फाको कों फैलाते हुवे आर्नव कों देख मदहोसी मे - आजा अपने बापू कि स्थान तुम्हें देतीहु डाल नें लाला अपना मोटा लन्ड मेरी चूत केँ जर तक मे स्वयं तरपरही थि तुअब डालेगा अपना लन्ड मेरी चूत मे
आज केँ लिये इतना हि कैसालगा आज कां update जरूर बताना बाकी जोँ भि चलरहा हैं आगे जोँ होगा धीरे-धीरे धीरे-धीरे सभी खुलते जायेंगे मिलते हैं मिना आर्नव कि चुदाई update केँ संग
तुँ निकला छुपा रुस्तम - Next part miss mat karna
bohot badhiya shaandar update Anaya ko bi Arnav kaa saath achcha lag raha halanki apne ahankar k chalte kuch bol nahee paa rahi Janki kiske saath chhadiyon k peeche say majaa le aayi bhala Dekhte hain aage ye anjan kon nikalta hain
Kya ghatiya update h hero kee mummy kis or k sath sex krr rahi h bhay tm jb bi kahani likhte hu na tab sab kuch bekar hee likhte hu iss liye tumhara kahani read karne kaa mn nahee krta h bye
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