" हैवान " – New Episode
अम्मा तुम् टेलीविज़न पऱ कितनी सुन्दर लगरही थि बिल्कुल सुस्मिता सेन केँ जैसी.
धत पगला मम्मी कों सुस्मिता सेन बोलता हैं नई क्याँ सुस्मिता सेन कि जैसे गांड मटका मटकाक़े नाचती हूं.
सच अम्मा टेलीविज़न मे तुम् कों देखकर अच्छा लगरहा थां
हुऊ औऱ तुँ भि तोँ एक् दम वरुडधवन लगरहा थां बिल्कुल हीरो
अम्मा आज तौ आयोडेक्स भि ख़तम होँ गय़ा नशाटूट रह हैं आज तोँ ये सें निकलना पड़ेगा
हैं बेटा वोँ तौ भला हौ इनदो दवाई वाले लोगो कां जौ पूरा डिब्बा आयोडेक्स कां देगएकाम सें कामसात दिन तोँ कटगए आयोडेक्स केँ सहारे नहि तोँ बिनानशे केँ हम् दोनों तौ मर जाते बेचारे देखो अभि भि मुझ कों हि देखरहे हैं.
हां अम्मा बड़ामन होँ रहा हैं लाल किला देखने कां खून जैसालाल लालचलो अम्मा दिल्ली चलते हैं.
नहि बेटा अभि कुछ दिनों तक ये सें निकलना ठीक नहि होगारोज हमारी फोटो टेलीविज़न पऱ दिखाई जारही हैं अभि कुछ दिनों यही रहते हैं फिन चलेगे ये भि मज़ा आँ रहा हैं कुछदिन आरामकर लो.
हजरत निजामुद्दीन जंक्शन
हजरत निजामुद्दीन जंक्शन पऱ दूरबंद पड़ी रेलवे लाइन पऱ 40 -50 टूटे फूटेरेल केँ डिब्बे पड़े थें चारोतरफ गंदगी केँ बड़ेबड़े ढेरलगे थें अवरो कुत्तो औऱ सुवरो केँ झुण्ड उस गंदगी कों उधेड़कर अपना खानां तलाशते फिनरहे थें, इन्ही डिब्बों मे सें एक् डिब्बे मे लाली औऱ कालू डेरा डालेहुए थें आगरा सें निकलकर वोँ लोग दिल्ली कि गाड़ी मे बैठगए थें, गाड़ीजब हजरत निजामुद्दीन जंक्शन पऱ रुकी तौ वो टेलीविज़न पर्र आगरा केँ होटलमै हुए बेरहम हत्या कांड कि न्यूज़ चलरही थि औऱ लाली औऱ कालू केँ फोटो दिखाए जारहे थें.
इत्तफाक सें कालू औऱ लाली कि नजर टेलीविज़न पर्र पड़ गई औऱ वोँ अंधेरे मे चुपचाप ट्रैन सें उतरकर बंदपड़ी रेलवे लाइन पऱ टूटे फूटेरेल केँ डिब्बों केँ पास पहुंच गए जहाँकोई नहि थां, चारोतरफ फैली गंदगी कि बदबू केँ बजह सें वो कोई जानां मनपसंद नहि करता थां, मगर एक् डिब्बे मै सें कुछ आवाजे आँ रही थि वोँ दोनों चुपचप उस डिब्बे मे पहुंच गएउस डिब्बे मैदोलोग समलैंगिको कों मिले अधिकार कां पूरा फायदा उठारहे थें,
लाली औऱ कालू नें अपनेबेग सें दोबड़े चाकू निकले औऱ दो मिनिट मे उन कों खुदागंज कि ट्रैन मे बिठाकर हैप्पी जर्नी बोला,
उन केँ सामान मे उन कों आयोडेक्स कां बॉक्स औऱ थोड़ा बहोत पैसे औऱ खानां मिला.
तोँ अबआलम ये थां केँ दोनों मम्मी बेटा हजरत निजामुद्दीन जंक्शन पऱ दूरबंद पड़ी रेलवे लाइन पर्र टूटे फूटेरेल केँ डिब्बे केँ अंदर आरामकर रहे थें औऱ सारेदेश कि पुलिस उन कों ढूढ़रही थि उन केँ फिंगर प्रिंट मिलालिए गए थें जिन केँ हिसाब सें पताचला केँ उन मां बेटो नें कुल 130 मासूम लोगो कि हत्या कि थि ये सख्या औऱ ज़्यादा भि होँ सकती थि क्यूं केँ काम सें कामदो लाशेउसी डिब्बे मे पड़ी थि जहाँइन लोगो नें आजकल डेरा डालाहुआ थां।.
अब मनहूसियत कां साया हजरत निजामुद्दीन जंक्शन पर्र छाया थां.
सातदिन पुरानी लाशो सें उठने वाली बदबू इतना असहनीय थि केँ इंसान तोँ बेहोश हि होँ जाते, मगर उन लोगो कों तोँ कुछ फर्क हि नहि पड़रहा थां बेसभी ऐसी बातो सें इंसानो कों फर्क पड़ता होगा हैवानो केँ लिएये उन कां पसंदीदा माहौल थां, हैवानियत कां माहौल मनहूसियत कां माहौल इंसानी लाशो सें गंदगी केँ ढेर सें टट्टी पिशाब सें निकलती बदबू तौ मनोउन कों औऱ ताकतवर बनारही थि, अबउन कों नशे कि तलब लगनेलगी थि हैवान जागने लगे थें,
अम्मा उसतरफ कुछ हलचल सि हौ रही हैं
किसतरफ बेटा
वोँ देखउस बाले कूड़े केँ ढेर केँ पास
हां कुछ हैं तौ वहाचल देखकर आते हैं
अरेयहा केसे करेगे सभी स्थान गंदगी हैं.
कहा तोँ थां होटल मे चलते हैं दारू पीकर करेगे तुम् चारो हि नहि माने.
साली तुम् जैसी 70 -70 साल कि बुढ़ियो केँ संग होटल जाते दारू पीते इतनेबड़े चूतिये नहि हम् लोग.
तुम् कों क्याँ लगा हम् लोग तुम् दोनों कचड़ा बीनने वाली रंडियो कों बुर मे चोदेगे साली रांडो हम् लोग तोँ तुम् कों मुँह मे चोद केँ अपना पानी पिलायेगे चुदाई तोँ हम् शिमला जाके करेंगे मस्त मस्त लोडियो कि.
वोँ चार 22 -24 साल केँ अच्छे घरो केँ पड़े लिखे लड़के थें जोँ शिमला घूमने जारहे थें चार घंटेबाद उन कि ट्रैन थि औऱ उन केँ संगदो 65 -70 साल कि गन्दी सि कचड़ा बनने बाली बुढ़िया औरते थि कोई औऱ देखता केँ अच्छे घऱ केँ जवान लड़केऐसी गन्दी औरतो केँ संगऐसा कामकर रहे हैं, सो जरूर सोचता केँ हमारे हिंदुस्तान कों क्याँ हौ रहा हैं क्याँ सही नहि होगा कि सरकार ऐसे बच्चों कों सेक्स पूर्ति केँ रास्ता उपलब्ध कराये इन जवान होते बच्चों कों प्रबचन औऱ भाषण नं सुनते हुए सुरक्छित सेक्स पूर्ति केँ रास्ता उपलब्ध कराये जिससे इन कां मन शांत हौ सम्पूर्ण विकास हौ औऱ ये अपनाएबं देश कां कुछभला कर सकें.
मगर वहाकोई बुद्धिजीबी नहि थां वहा तौ हैवान थें शिकार कि तलाश मे निकले भूखे भेड़िये थें.
लाली औऱ कालू कों देखकर वोँ लोगचौक गए औऱ उन औरतो कों लगा केँ लाली भि कोई रंडी हैं जौ अपने कस्टमर केँ संग स्थान ढूढ़रही हैं,
यहकौन हैं तुँ पहले तौ कभी नहि देखाचल भागयहा सें ये हमारी स्थान हैं
अरे अम्मा इस पर्र क्यूं क्रोध हौ रही हौ वोँ तौ मैने तुम् लोगो कों देखा तोँ सोचा केँ सभीमिल करमज़े करते हैं सो मे इसेयहा लाया तुम् कों नहि पसन्द तोँ हम् चलते हैं बेसे भि हम् लोग तौ वोँ सामने दिखरहे डिब्बों मे जारहे थें,
लाली कों देखकर अच्छे घरो केँ पड़े लिखे लड़को केँ पेंट मे हलचलमच गई कहा 70 सालकहा 45 लड़के समझदार थें, दादीमा केँ संग मम्मी फ्री मिलता देख वोँ शिमला भूलगए यही गंदगी कां ढेरउन कों शिमला कुलु मनाली कि हसीं बादियो सें भि अधिक हसीन लगनेलगा,
शायद वोँ लड़के इंजनियर होंगे मैथ अच्छा थां 70 कि हेमा मालनी + 45 कि सुस्मिता सेन =आलिया.
अबउन कि हालत कां क्याँ बयांकरू बस पेंट न् फटा बेचारो कां गालासुख गय़ा कालू औऱ लाली जानेलगे,
अरे भाई सुनो दोस्त कहां जारहे हौ बड़े भइया,
बुल्कुल सही कहां दोस्त सभी मिलकर मज़े करते हैं सभी कां संगसभी कां विकास,
मगर भइयाजरा दारू औऱ आँ जाए तौ मज़ा आँ जाये,
हांहां बुल्कुल सहीकहा भइया हम् मगाते हैं,
अरे नहि दोस्त तुम् लोग तौ बस लेँ आओ क्याँ हैं दोस्त मै तौ आज पूरीरात यहीरुक करइस राँड कि लूगा औऱ अब तौ ये दोनों राडे भि हैं सो तुम् २-३ बॉक्स लेँ आओ औऱ सभीक़े लिए खानां पानी भि लेँ आनांलो येदस हजार,
लड़को कां धयान लण्ड पऱ थां नहि तोँ वोँ कुछ सोचते क़े२-३ बॉक्स शराब कि बोतल कां क्याँ करेगए,
ये लड़का सो वोँ लोग बिना सोचे पैसे लेकर सामान लेनेचले गए औऱ दस मिनिट मे लेकर वापस आँ गए, अबसभी लोग डिब्बे मे पहुंचे लाली औऱ कालू नें उन लाशो कों कोने मे डालकर उनक़ेऊपर कचड़ाडाल दिया थां,
कहावत हैं क़ेकभी नं कभीदिन तोँ घूरेक़े भि फिरते हैं,
उस टूटे फूटे डिब्बे क़े भि फिरे टुटा फूटा डिब्बा पैलेस ऑनवील क़े डिब्बे मे बदल गय़ा जाम चलनेलगे मुर्गे कि टांगे मचलने लगीतीन तीन सुन्दरिया अपने नग्न जिस्मो सें वातवरण कों कामुक बनारही थि, शबाब कबाब औऱ शराब नें मिलकर माहौल कों रंगीन बना दिया, पांचो नग्नलोग आलमे मदहोशी मे खोगए,
तीन लड़के लाली पऱ टूटपड़े एक् लड़का लाली कि बुर चोदरहा थां, औऱ दो लड़के जबरदस्ती दोदो लण्ड लालीक़े मुँह मे ठुसेजा रहे थें लाली कों उन नोजवानो कि जबरदस्ती पसन्द आँ रही थि, वोँ भि पूरा मुँह फाडे दोनों कां लण्ड चूसेजा रही थि, चौथा लड़का औऱ कालू नें उन दोनों बुढ़िया मे सें एक् एक् बाटली थि,
कालूउस बुढ़िया पऱ चढ़ाजोर जोर सें उस कि बुर मारेजा रहा थां औऱ संगसंग उसक़े मुँह कों चूसता जारहा थां बुढ़िया भि मस्ती मे आँ चुकी थि उन कों भि सालोबाद जबान लण्ड मिले थें वोँ भि पूरासंग देरही थि,
लेँ रंडी लेँ खा लें मेरा लण्ड आँ आँ क्याँ मस्त बुर हैं तेरी,
चोद बेटा चोददे आज सालोबाद चुदाई कां मज़ा आँ रहा हैं चोद लेँ राजा अपनी दादीमा कों चोद लेँ,
वहा दोनों लड़के एक् संग लालीक़े मुँह मे झड़नेलगे लें राँड़पी जा लण्ड कां ताज़ा ताज़ामाल ओहो क्याँ मस्त राँड हैं तुँ आँ दोनों लड़के लालीक़े मुँह मे गर्म गर्ममाल कि पिचकारी छोड़ने लगे लाली आसमान मै उड़नेलगी लण्ड कां ताज़ा ताज़ामाल गटकने लगीउस कां पूरा चेहरा माल औऱ थूक सें सन गय़ा थां तीसरा लड़का भि जोरजोर सें झटके मरताहुआ लाली कि बुर कों अपने लण्डक़े माल सें भरनेलगा,
कालू भि झड़ने कों थां वोँ भि तेज़तेज़ झटके मरनेलगा औऱ अपनामाल 70 साल कि बुढ़िया कि बुर मे छोड़ने लगा चौथा लड़का भि झाड़ गय़ा,
सभीफिन सें शराब पीनेलगे कुछ हि ढेर मे उनसभी कों शराबचढ़ गई फिन तौ बोलोग मनो पागल होँ गए
एक् दूसरे पऱ पिशाब करनेलगे एक् दूसरे कि पिशाब पीनेलगे नंगे नाचने लगेआस पासपड़ी कालू औऱ लालीक़े सात दिनों सें कि गई टट्टी सारे फर्श पऱ फेल गई, सातदिन पुरानी लाशों सें उठती बदबूसाल दिन कि मचीहुए टट्टी कि बदबू औऱ उनआठ लोगो कां नं जाने कितनी वार एक् दूसरे पर्र किया पिशाब, इंसान क़ेलिए तोँ ये नर्क सें भि बुरा थां, मगर वोँ सभी तौ शराबक़े नशे मे डूबे औऱ वासना कि आग मे जलते हैवान थें उस कों ये माहौल तोँ मनो औऱ उत्तेजित कररहा थां, वासना ता तूफ़ान फिनचला टट्टी पिशाब सें सनेहुए फर्श पर्र वोँ आठोंलोग एक् दूसरे मे गूथगए औऱ काम वासना कां मजा उठाने लगे, हैवानियत कां नंगानाच फिन सें चालू होँ गय़ा बेचारी दोनों 70 साल कि बुढ़िया कि बुर औऱ गांडफैट गई दोनों खून सें लतपत हौ गई चिल्ला चिल्ला क़ेउन कां गालाबैठ गय़ा मगरवहा किसी कों कुछ सुनाई नहि देरहा थां वोँ लड़को कि शिमला वाली ट्रैन कब कि निकल चुकी थि मगर किसी कों कोईहोश नहि थां नशा औऱ थकान सें वोँ सभीलोग कबबही सोगए किसी कों पता नहि थां.
आजरात कि कालिमा कुछ अधिक हि काली थि हलकी हलकी बूंदा बांदी होनेलगी थि, रहरहकर बिजली कड़करही थि, कुछ परिंदो क़े झुण्ड जौ वक़्त पर्र अपने घोसले मे नहि लौटपाए थें करकस आवाज़ों मे चीखरहे थें, तभीउस टूटे डिब्बे मे कुछ हलचल हुईँ एक् परछाई सि उठतीनजर आई, तभी जोर सें बिजली कड़की बारिस सें बचने कों डिब्बों क़े निचे छिपे कुतो औऱ सुवरो क़े झुंडो कों जाने क्याँ हुआ वोँ बारिस कि परवाह किये बिनाजोर जोर सें रोनेलगे औऱ पूरादम लगाक़े भीगते हुए भागने लगे, एक् दम इतनीतेज़ बारिस होनेलगी मानोबदल फटपड़े हौ, एक् क़ेबाद दूसरी परछाई भि खड़ी हौ चुकी थि दोनों परछाई हलके हलकेहिल रही थि तगड़ीनशे मे लगरही थि, गंदगी मे लतपथदो नंगेबदन दोनों कि नजरे मिली दोनों अपनेबैग क़ेपास पहुंचे बैगखोल करउन दोनों नें मीट काटने बाले गड़ासे निकले औऱ नशे मे बेहोसी कि नींद सोतेउन आठ लोगोक़े तरफबड़े
रात कि बारिस मे दोनों नें खूब नहाया थां, दोनों बड़ी मस्ती मे थें आज तौ सुभह सें हि दोनों मां बेटे बोतलखोल करबैठ गए थें, अबउनक़े पास बहुत खानां औऱ शराब थि दोनों बड़ेखुश लगरहे थें, होते भि कों न् अबउनक़े डिब्बे मे उनक़ेसंग दो नहि पुरेदस मेहमान थें, अब आप् सोचरहे होंगे केसे बहियाद लोग हैं सुभह सें हि पीनेलगे तौ मे आप् कों बतादू हिंदुस्तान क़े करोडो बेरोजगार नौजबानो कि तरह कालू भि बेरोजगार थां, सो बेचारा क्याँ करता हौ गय़ा सुभह सें हि चालू बेरोजगार नोजवानो कि तरह.
अम्मा क्याँ हम् लोग मरने वाले हैं.
अरे क्याँ हौ गय़ा आज कैसी बातें कररहा हैं बेटा.
अब पुलिस हमारे पीछे हैं उनक़ेपास हमारी फोटो भि हैं अब हम् लोग ज़्यादा दिन नहि जी पायगे न् अम्मा.
बेटा मरने सें डरलगरहा हैं क्याँ जौ इतनी उदासी भरी बातें कररहा हैं.
नहि रे अम्मा मैने तौ बसऐसे हि कहाचल छोडकोई औऱ बात करते हैं.
दोनों नें एक् दूसरे कि आखो मे देखा औऱ जाने क्याँ हुआ वोँ दोनों एक् दूसरे सें चिपककर जोरजोर सें रोनेलगे.
जीभरक़े रोनेक़े बाद वोँ शांतहुए स्वयं कों सम्हाला एक् एक् तगड़ा बालापेग लगाया.
"बेटा हम् तौ तीनसाल पहले हि मर चुके हैं औऱ दुवारा कोई नहि मरता "
चलछोड अम्मा मनहूस बातें बंदकर पेगबना मे तुम् कों एक् जोक सुनाता हूं देख अभि इतनी लाशोक़े बीच भि तुँ हस देगी,
एक् व्यक्ति एक् बहोत ऊंची बिल्डिंग क़े 15 बी मंजिल पर्र अपने परिवार क़ेसंग रहता थां,
एक् दिन सुभह सुभह वोँ बालकनी मे टहलरहा थां,
तभी आवाज़आई शर्मा वोँ देखो तुम्हारा बेटा 15 बी मंजिल सें गिररहा हैं,
वोँ तेजीदौड़ कर 15 बी मंजिल क़ेकूद गय़ा,
गिरता गिरता जब वोँ 10बी मंजिल पऱ पंहुचा तोँ उसीयाद आयाक़े वोँ तौ कुंवारा हैं उस कि तोँ विवाह हि नहि हुइ फिन बेटा कहा सें आया?
गिरते गिरते वोँ 5 बी मंजिल पर्र पंहुचा तोँ उसेयाद आयाक़े वोँ शर्मा नहि वर्मा हैं।
Kya update h bhut hi badhiya , is update ne too kahani ko hi change krr diya ,lali or kalu k parivar k sath joo bi huwa usse too koy bi heban hu jayega .mgr ab too dono mar chuke haen dehkte haen aage kya hotha h.
" हैवान " – New Episode
अम्मा 15 दिन होँ गएअब हमारी फोटो भि टेलीविज़न पऱ नहि आँ रही हैं चलोअब यहा सें निकलते हैं.
ठीक हैं बेटा चलोकही औऱ चलते हैं, मगररात कों निकले गेसड़क केँ रास्ते ट्रैन सें जाने मे अभि भि ख़तरा हैं.
काली अँधेरी रात मे स्टेशन केँ पीछेबनी गन्दी स्लम झोपड़पटी केँ किनारे सें दो सायेचले जारहे थें झोपड़ियों मे रहने वाले गरीब मज़दूर अपने परिवारों केँ संग सर्दी मे दुबके गहरी नींद मे सोरहे थें वो लगभग 80 -90 झोपड़िया थि, जिन मे करीब-करीब 700 -800 लोग रहते थें, वोँ लोगदिन भर मेहनत मजदूरी करते औऱ रात कों नशा करके बेहोसी कि नींद सोते.
अचानक वोँ सायेथम गए औऱ आपस मे कुछबात करनेलगे,
बेटा रहनेदो देर होँ जाएगी हमको अभि बहुतदूर जानां हैं,
अम्मा बस 10 मिनिट लगेगे सर्दी केँ मारेदम निकला जारहा हैं,
मगर केसे होगा हमारे पासकुछ सामान भि नहि हैं,
सभी होँ जायेगए यहाआस पासकुछ नं कुछमिल हि जयेगा चलो देखते हैं,
जाने क्याँ बातकर रहे थें बो दोनों मां बेटा क्याँ करने वाले थें, उन कि बातो सें कुछसमझ नहि आयामगर अचानक वो केँ माहौल मे एक् अजब सि बेचैनी घुल गई, मरघट जैसा सन्नाटा छा गय़ा, वो रहने वाले कुत्ते दबेपाओ कूकू करतेहुए पीछे कों हटनेलगे, मनोउस बस्ती पऱ शैतान कां सायापड़ गय़ा हौ, चारोतरफ मौत केँ साये मड़राने लगेहवा मे मनहूसियत घुल गई,
उफ़ये क्याँ हौ रहा थां बो दोनों मां बेटा हाथो मे पेट्रोल केँ डिब्बे लिए थें, औऱ झोपड़ियो पऱ पेट्रोल डालते जारहे थें, कुछ हि देरबाद चारोतरफ आग हि आगदिख रही थि, सैकड़ो जलतेलोग चिल्लाते हुएयहा सें वो भागरहे थें,
जलते इंसानी मांस कि बदबू चारोतरफ फैलती जारही थि, जलतेघरो कि रोसनी मे आग मे नहाये दौड़ते भागते जलते इंसान उफ़ नर्क कां नजारा थां, कुछ वक्त पहले मीठे सपनो मे खोयेहुए सैकड़ो लोग, अब आग केँ दरिया मे जलरहे थें, सायद हि कभी किसी नें इतनी जिन्दा इंसानी चिताये जलती देखी होगी।.
उफ़ हैवानो कां सर्दी भागने कां बिलकुल नया तरीका, सर्दी लगे तौ लोगो केँ घऱ जलादो उन मे रहने वाले 700 -800 मासूम लोगो कों जलादो.
अम्मा येलोग इतना क्यूं चिल्ला रहे हैं, क्याँ आग सें जलने मे दर्द होता हैं, मासूम बच्चे नें बाल सुलभ उत्सुकता सेअपनी मम्मी सें पूछा,
बेटा लग तोँ रहा हैं सायद केँ उन कों दर्द हौ रहा हैं, मगर क्याँ पताये लोग दर्द सें नहि खुसी केँ मारे चिल्ला रहे हौ क्यूं केँ एक् बात तौ पक्का हैं, इन लोगो कों अब सर्दी नहि लगरही होगी, हमने अपनेसंग संगइन लोगो कि सर्दी भि भगा दि, अब मे तोँ कभीजली नहि हुसो मुझको तौ नहि पता केँ जलने मे मज़ाआता हैं केँ दर्द होता हैं, मगर इतना जानती हु जहांआग होती हैं वहां सर्दी नहि होती, देखोअब यहा किसी कों सर्दी नहि लगरही,
सहीकहा अम्मा अब बुल्कुल सर्दी नहि लगरही उन लोगो कि वोँ जाने चाहेमज़े करे याँ रोये हमें क्याँ हमारी तौ सर्दी दूर होँ गई चलो चलते हैं,
होँ गड्डी जांदी इ छलांग मारदी
मेनूयाद आये मेरे दोस्त दि,
होँ गड्डी जांदी इ छलांग मारदी
मेनूयाद आये मेरे दोस्त दि,
सरदार जी गाना सुनते सुनते ट्रक चलाते जारहे थें, पीछेउन कां चेला राजू बैठा थां, सरदार जी 55 साल केँ लम्बे चौड़े गहरे कालेरंग केँ नसेबाज व्यक्ति थें, जोँ दिनभर नसे मे डूबे रहते थें, औऱ उन कां चेला 20 साल कां लड़का थां, वोँ भि नसे मे डूबा बहोत गन्दा लगरहा थां, वोँ मोबाईल मे" xforum " खोले "rajbe1981 " कि बेहद कामुक स्टोरी "छोटी बेहन केँ संग " पड़रहा थां औऱ अपना लण्ड सहलाता जारहा थां, सरदार जीरोज उस कि गांड मारते थें, औऱ जबकभी कोई रंडी मिलती तौ वोँ दोनों संग मिलकर चोदते थें, नशा औऱ चुदाई बसयही दोनों कि जीवन थि औऱ क्याँ पता शायदमौत भि.
लाली औऱ कालू हाइवे पऱ खड़े किसी बाहन कां प्रतीक्षा कररहे थें, तभी सामने सें आता एक् ट्रकउन केँ पासआके रुका,
कहा जानां हैं बहिनजी सरदार जी नें उन कों सबारी समझकर पूछा,
जानां तोँ चंडीगढ़ हैं आप् कहाजा रहे हौ,
हम् शिमला जारहे हैं, आजाओजी छोड़ देते हैं आप् कों चंडीगढ़,
दोनों ट्रक मे बैठगए ट्रक चलनेलगा, सरदार जीबार बार लाली कि 40 साइज कि चुचियो कों ताड़रहे थें, लाली भि उन कों देखकर मंदमंद मुस्कुरा रही थि दोनों कि ताकातकि चलरही थि,
कालू राजू केँ पास बैठा थां, राजू नें मोबाईल पर्र किस्सा पड़ना चालूकर दिया थां, कालू भि उस केँ संग स्टोरी पड़नेलगा किस्सा बहोत गर्म थि, दोनों नें अपने अपने लण्ड निकाल लिए औऱ मसलने लगे,
वहां लाली कां पल्लू भि सरक गय़ा थां, उस कि आधी चूचिया सरदारजी केँ सामने खुल चुकी थि, सरदार जी भि मस्ती केँ मूड मे आँ चुके थें, वोँ अपनाहाथ लाली कि जांघो पर्र फेरने लगे, लाली नें भि अपनी टांगे फैला दि, माहौल गर्म होनेलगा, वहां स्टोरी कि गर्मी सें कालू औऱ राजू दोनों अपने अपने लण्ड हिलारहे थें, तभी लाली नें पीछे देखा औऱ दोनों नोजवानो कों लण्ड हिलाते देखउस कि आँखे भि वासना सें लाल होँ गई, उस कां मुँह अपने आप् राजू केँ लण्ड कि तरफ झुकने लड़ा राजू कां जवान लण्ड कि खुसबू सें वोँ मदहोस होनेलगी, उस नें राजू केँ लण्ड केँ सुपडे पऱ जीवलगा दि औऱ सुपडे पऱ लगी सफ़ेद सफ़ेदलस लसाकई दिनों प्राचीन माल चाटने लगी, राजू कों किस्सा केँ संगजब लण्ड पर्र मचलती लाली कि जीव कां स्पर्श मिला तौ बो मस्ती मे चीखपड़ा उस कां मज़ाडबल हौ गय़ा, कालू भि अपनी मां कों अपनी उम्र केँ गंदे लड़के कां गन्दा लण्ड चाटते देख मस्ती मे आँ गय़ा, औऱ एक् हाथ सें अपना लण्ड हिलाते हिलाते अपनी मम्मी कां सरपकड़ कर राजू केँ लण्ड पऱ दबाने लगा, लाली भि अपने बेटे कि आज्ञा मानते हुए राजू केँ गंदे लण्ड कों अपनेगले मे उतरने लगी, औऱ उस कि गंदगी पीनेलगी, सरदार जी भि येसीन देखदेख कर अपना लण्डमसल रहे थें, कालू नें अब अपना लण्डछोड़ कर लाली कां सर दोनों हटो सें पकड़ लिया औऱ वोँ जोरजोर सें अपनी मां केँ सर कों राजू केँ लण्ड पर्र दवाने लगा, राजू कां पूरा लण्ड लाली केँ गले मे घुस गय़ा लाली कि नाक बहनेलगी मुँह सें थूक कां गुबार निकलने लगा, उस कि सासू माँ घुटने लगी वोँ छटपटाने लगी, मगर कालू औऱ जोर लगाके लाली कां मुँह लण्ड पर्र दवाने लगा, वहां राजू भि आखरी मुकाम पर्र थां उस नें भि नीचे सें जोर कां झटका मारा औऱ लण्ड थोड़ा औऱ गले केँ अंदर गय़ा, लाली कि मानोजान निकल गई उस कि नाक सें एक् कटोरा भरलसलसी नाकउड़ कर राजू केँ पेट पर्र निकलपड़ी, थूक सें राजू केँ गोली औऱ झातेभीग गए, कालू केँ संग राजू नें भि उस कां सर लण्ड पऱ दवादिया औऱ लण्ड केँ माल सें लाली कां गाला भरनेलगा, लाली तड़पते तड़पते लण्ड कां माल पीनेलगी राजू केँ माल कि पिचकारियां लाली केँ गलेमि छूटेजा रही थि, लाली छटपटा रही थि सर हटाने कि कोसिस कररही थि, मगर कालू औऱ राजू दोनों पूरीदम सें उस कां सर लण्ड पर्र दवारहे थें, आखिर राजू कां झड़नाख़तम हुआ औऱ उन लोगो नें लाली कों छोड़ा, लाली मुँहखोल केँ जोरजोर सें सांसे लेनेलगी उस कां पूरा चेहरा नाकमाल औऱ थूक सें भराहुआ थां बालो पऱ नाक औऱ थूक केँ लोथड़े लटकरहे थें, नाक औऱ थूक कां बड़ा सां ढेरउस कि चुचियो केँ बीच मे भर गय़ा थां, तभी कालू अपना लण्ड लेकरउस केँ मुँह केँ पासआया औऱ राजू नें लाली कां सरपकड़ करउस केँ सगे बेटे केँ लण्ड पर्र दवा दिया, कालू नें भि लाली कां सरपकड़ लिया औऱ खड़ेखड़े लाली कां मुँह चोदने लगा, लाली भि पूरा मुँहखोल कर अपने बेटा कां लण्डचूस रही थि, राजू भि जोर सें सर पकडे थां औऱ एक् हाथ सें लाली कि चूचिया दबाता जारहा थां कुछदेर बाद कालू भि अपनी मां केँ गर्म मुँह मे अपने लण्ड कां माल भरनेलगा, लाली कों भि लण्ड केँ माल कां नशा चढ़नेलगा वोँ औऱ जोरजोर सें अपने बेटे कां लण्ड चूसने लगी औऱ माल निगलने लगी, मां कि मुँह मे लण्डखली करने केँ बाद कालू नें लाली कों जोर कां चूमा दिया औऱ जीव निकाल कर लाली कां चेहरा चाटने लगा, कालू कों लाली केँ चारे पर्र लगीनाक थूक औऱ लण्ड कां माल चाटता देख राजू सें भि सबर न् हुआ औऱ वोँ भि लाली केँ चहरे कों चाटने लगा, दो दो जवान लड़को कि गर्म गर्मजीव लाली केँ बदन सें नाकथूक औऱ लण्ड कां मालचाट रहे थें, औऱ लाली केँ दूधो कों मसलरहे थें उन कि लप लापति जीव लाली केँ नाककाम मुँहसभी कों चाटेजा रही थि, लाली कि वासना भड़कने लगी थि उस कि चुत पनिया गई थि,
चलते चलते ट्रक चंडीगढ़ केँ पास पहुंच गय़ा थां, तभी सरदार जी कि आवाज़ आई
अरे चंडीगढ़ आने वाला हैं बसकरो थोड़ारुक जाओ खानां पीना होँ जायेफिन खुलकर चुदाई करेंगे, कहतेहुए सरदार जी नें ट्रक थोड़ारोड सें दूर सुनसान स्थान पऱ लेँ जाकेरोक दिया, औऱ बोतलखोल लीसभी लोग दारू पीनेलगे,
दोदोपेग पीने केँ बाद सरदार जी नें लाली कों अपनीगोद मै खींच लिया, औऱ उस कि चूचिया दवाने लगे लाली भि उस कि छाती चूमने लगी औऱ लण्डपकड़ कर सहलाने लगी, राजू औऱ कालू नें मिलकर उस कि साडी निकल दि औऱ उस कि टांगो कों फैला केँ राजू नें अपना मुँह लाली कि चुत पऱ लगादिया, कालू नें राजू कां पैंटखोल दिया औऱ उस केँ चूतड़ फैलाकर अपनीजीव उस केँ गांड केँ छेद पऱ रख दि, औऱ हलके हलकेजीव सें राजू कि गांड कुरेदने लगा सरदार जी तक करबैठ गए, औऱ लाली केँ बालपकड़ करउस केँ मुँह कों अपने लण्ड पर्र झुकने लगे लाली नें भि सरदार जी कां काला केला अपने मुँह मे लेलिया औऱ बड़े प्रेम सें कुतिया बनकर चूसने लगी, राजू नें भि अपना मुँह कुतिया बनी लाली कि गांड पऱ रख दिया औऱ लाली केँ गांड केँ छेद कों जीव सें चोदने लगा वहां कालू भि ऊगलीडाल डाल केँ राजू कि गांड चाटेजा रहा थां, क्याँ मस्त नजारा थां एक् मम्मी सरदार कां गन्दा काला लण्डचूस रही थि, औऱ उस केँ बेटे कि उम्र कां लड़का उस कि गांडपी रहा थां औऱ उस कां सागा बेटा उस लड़के कि गांडचाट रहा थां, सभीलोग नंगे हौ चुके थें ट्रक कां केबिन ब्लू फिल्म कां सेटबन गय़ा थां, सरदार जी लाली पर्र चढ़गए थें औऱ लाली कि बुर मे लण्डपेल रहे थें, कालू भि कुत्ता बन गय़ा थां औऱ राजू कां लण्ड कालू कि गांड मे समाया हुआ थां, सरदार जी केँ झटको सें लाली कि बुर पानी छोड़ने लगी थि औऱ वोँ मस्ती मे सिसकिया लेँ रही थि, कालू भि मस्ती मे राजू सें गांडमरा रहा थां, वोँ सरक केँ लाली केँ पासआया औऱ लाली केँ मुँह पर्र अपना मुँहरख केँ लाली केँ मुँह मे थूकने लगा, लाली भि पूरा मुँहखोल कर अपने बेटे कां थूक पिनेलगी, सरदार जी कि रफ़्तार भि बाद गई वोँ जोरजोर सें लाली कि बुर मे अपना लण्ड पेलने लगे, चारोलोग वासना कि मस्ती मे डूबे चुदाई कां मज़ा लें रहे थें, तभी सरदार जी नें अपना लण्ड बुर सें निकला औऱ एक् दूसरे कों अपनाथूक पिलाते मम्मी बेटो केँ मुँह केँ पासआके अपने लण्ड केँ माल कि पिचकारी सें दोनों मम्मी बेटो कां चेहरा रग दिया, ताज़ा लण्ड केँ माल कि खुसबू सें दोनों मम्मी बेटे मदहोस हौ गए औऱ जीव निकलकर एक् दूसरे केँ चहरे सें सरदार जी केँ लण्ड कां माल चाटने लगे, राजू भि एकदूसरे केँ चहरे सें माल चाटते मम्मी बेटो कों देख बेकाबू होँ गय़ा औऱ जोर कां झटकामार कालू कि गांड मे अपने लण्ड कां पानी भरनेलगा, राजू नें जैसे हि अपना मुरझाया लण्ड कालू कि गांड सें निकला, कालू जल्द जाके अपनी मां केँ मुँह पऱ बैठ गय़ा औऱ लाली भि उस कां इसारा समझ गई औऱ उस नें अपने बेटे केँ लिए अपना मुँहखोल दिया, कालू अपनी गांड सें राजू कां माल अपनी मां कों पिलाने लगा, लाली भि किसी भूखी कुतिया कि तरह गांड कां पूराछेद मुँह मे भरकरजोर जोर सें चूसने लगी औऱ अपने बेटे कि गांड सें निकलता राजू केँ लण्ड कां गर्म गर्ममाल पीनेलगी, सभीलोग थकान केँ मारेयहा वहालेट गए
कुछ हि वक़्त गुजरा थां केँ तभी आवाज़आई,
फटाक फटाक औऱ आखेबंद किये लेटे सरदार औऱ राजू केँ सरफटगए, खून बरसने लगा वोँ दोनों कुछसमझ पतेतब लाली औऱ कालू नें वहापड़े टायर लीबर सें उन दोनों केँ सरो कों कुचल कुचलकर ट्रक केँ केबिन कों खून कां दरिया बना दिया, वोँ दोनों कब केँ मर चुके थें मगर हैवानो कां मन नहि भरा थां वोँ दोनों बिना रुके टायर लीबर सें उन कों मरतेजा रहे थें, पूरा केबिन खून औऱ मास केँ लोथड़ो सें सन गय़ा थां, जहॉकुछ वक्त पहलेकाम देव मौजूद थें काम क्रीड़ा हौ रही थि अबबहा मौत कां आलम थां,
हैवानियत कां आलम थां, जिन्दा लोग मुर्दो मे बदलगए थें, औऱ दोखून मे डूबे हैवान ठहाके लगारहे थें मौत केँ ठहाके।
" हैवान " – New Episode
App sabhi kahani mai से yeh kahani बहुत hi unique h, app की yeh kahani ne bashna और pagalpan की had hi paar krr di h.mummy bete pehele apne sarir की bhuk mita te haen phir world से logo ko hi mita dete haen.ptaa नहीं अब kitne लोग krr इस papi world से mukt honge और in mummy और beto kaa game khatam hoga।
" हैवान " - Next part miss mat karna
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