❤️❤️ बेटे केँ बच्चे कि माँ बनी❤️❤️ – New Episode
Update 07
अभय सॉरीबोल कर हड़बड़ाते हुए बाहर् चला गय़ा। मुझे अपने आप् पर्र क्रोध आँ रहा थां कि मे गेटलॉक करना केसेभूल गई। मे जल्द सें नहाईओर कपड़े पहनकर बाहर् आँ गई।
मे जबनहा कर बाहर् आई तोँ अभय कमरे मे नहि थां। मुझेलगा बाहर् होगा। मे सजधजकर होनेलगी ओरजब बाहर् आई तौ अभय मुझेकही नहि दिखा। मे किचन मे गई तौ रेखा ब्रेकफास्ट बनारही थि।
रेखा - अरे माँ जी आप् किचन मे क्याँ कररही हैं मे ब्रेकफास्ट बना लूंगी।
मे - (मे हैरानी सें रेखा कों देखने लगी)बहु तेरी तबीयत तोँ ठीक हैं नां मे तौ रोज तेरी ब्रेकफास्ट बनाने मे सहायता करतीहु तौ आजऐसा क्याँ हौ गय़ा।
रेखा - (सीरियस हौ कर ) हुआ तोँ नहि हैं माँ जीमगर होने वाला हैं।
मे - मतलब।
रेखा - माँ जी आप् ओरअभय जितना टाइम एक् दूसरे केँ संग बिताएंगे उतनी हि जल्दइस घऱ मे खुश खबरी आएगी
रेखा कि बातसुन कर मे शर्मा गई ओर रेखा कि ब्रेकफास्ट बनाने मे हेल्प करनेलगी।
रेखा - माँ जी एक् बात पूछूं आप् सें
मे - हापूछ
रेखा - वोँ मां जी। वोँ कलरात आप् ओरअभय केँ बीच.
रेखाआगे कुछ नहि बोलि मगर मे रेखा कि बातसमझ गई थि कि मेरेओर अभय केँ बीचकल रातकुछ हुआ कि नहि।
मे - बहुभले हि मे ओरअभय एक् दूसरे सें प्रेम करते हैं मगर एक् सचयह भि हैं कि हम् दोनों कां नातामा बेटे कां हैं। इतनी जल्द आसान नहि हैं एक् रात मे सभीकुछ भुलाकर आगेबढ़ जानां
मुझे थोडा टाइमदे बहु।
रेखा - माजीमै जानती हुमगर माँ जी आप् भि जानती हैं हम् तीन बहने हैं ओर मे सबसे बड़ीहु मेरी दोनो छोटी बहनों केँ दोदो बच्चे हैं ओर मेरे एक् भि नहि इसलिये माँ जी थोडा जल्द कीजिए।
मे - (मन मे )जल्द करने सें क्याँ होता हैं वोँ तोँ होंगे तभीजब वक़्त आएगा।
मे - रेखा मे मंदिर जाकरआती हु।
मे रेखा सें कहकर मंदिर निकल गई यह हमारे घऱ केँ पास कां हि मंदिर थां। जब भि मे परेशान होती थि तौ इस मंदिर मे जाकरबैठ जाती थि। मे जाकर बहुत वक्त तक मंदिर मे बैठीरही ओर सोचती रही कि क्याँ मे सहीकर रहींहु? क्याँ अभयओर मेरा मिलनसही हैं ? क्याँ एक् मा हौ कर मुझेअभय केँ संग वोँ सभी करना चाहिए? क्याँ अभय केँ संग वोँ सभी करने सें मा बेटा कां नाता बचेगा?ऐसे हि कई प्रश्न मेरेमन मे चलतेरहे मगर जवाब मेरेपास एक् भि नहि थां। मैने अपनेमन कों शांत कियाओर ओर.
भले हि मे अभय सें प्रेम करतीहु मगर मुझे प्रैक्टिकल हौ कर सोचना होगा। अगर किसी कों पताचल गय़ा कि मेरेकोख मे अभय कां बच्चा लम्हा रहा हैं तोँ समाज मे हमारी क्याँ इज्जत रह जाएगी। लोगअभय कों क्याँ कहेंगे। क्याँ उसकेबाद मे ओरअभय एक् दूसरे सें आंख मिला पाएंगे।
ऐसे हि सवालों सें मुझे बहोत डरलगरहा रहा थां। मगर मेरेपास जवाब मे कुछ नहि थां
मुझे बहोत समय होँ गय़ा थां मंदिर आएहुए। तौ मै मंदिर सें घऱ आँ गई। मे अपनी सोचने खोई थि तौ रेखा नें मुझ सें पूछा
रेखा - क्याँ सोच रहीं होँ माँ जी।
मे - (सीरियस होँ कर ) रेखा मे मेरेओर अभय केँ बारे मे सोचरही हु।
रेखा - मतलब। आप् नें तोँ अभय केँ बच्चे कि माँ बनने केँ लिएहा कर दि हैं नाँ तौ अब क्याँ सोचना।
मे - हा मे मानती हु कि मैनेअभय केँ बच्चे कि मम्मी बनने केँ लिएहा कर दि हैं मगरसोच रेखाअगर मे ओरअभय एक् बारआगे बढ़गए तौ मुझ सें पीछे नहि हटा जाएगा। अभि वक्त हैं बहु एक् बारओर सोच लें। मैने अपने आप् कों बहोत मुश्किल सें संभाल हैं।
रेखा -( मेरीबात सुनकर थोडा सीरियस मोड मे ) मे जानती हु मां जी कि आप् कों पत्नि सुख नहि मिला हैं आप् बस अपनी जिम्मेदारीयो कों पूरा करती आँ रही हैं। ओर आप् ओरअभय एक् होँ जाते हौ तौ मुझेकोई प्रॉब्लम नहि हैं। अगर आप् अभय केँ बच्चे कि मम्मी बनेगी तोँ मुझ सें ज़्यादा उसका ख्याल आप् रखेगी।
मे - हैरानी सें रेखा कों देखरही थि।
रेखा - हैरान मत होइए मां जी मे एक् स्त्री हुओर आप् भि एक् महिला हैं ओर इतनेदिन हम् एक् संगरह रहे हैं तौ मुझेपता हैं कि आप् केँ ओर पिताजी जी केँ बीचकुछ नहि हैं।
ओर मैने आप् कि आँखें मे अभय केँ लिए एक् बेचैनी देखी हैं।
मे बस रेखा कि बातसुन रही थि मुझे लगता थां कि मेरेओर सुभाष केँ रिश्ते केँ बारे मे मात्र हम् दोनों हि जानते हैं। मगर मे गलत थि। रेखा मेरे बारे मे सभी जानती हैं।
रेखा - मां जी। माँ जी। रेखा नें मुझे हिलाया तब मे मे अपनीसोच सें बाहर् आई।
मे - तुम्हे सभीपता हैं।
रेखा - सभी कां तोँ पता नहि मगर जहां तक मैने आप् कों जानां हैं बसवही बतारही हु।
मे - मान लेँ अगर मे अभय केँ बच्चे कि मां बनने केँ बाद भि अगरअभय केँ संग संबंध बनाओ तौ।
रेखा - मुझेकोई दिक्कत नहि हैं एक् तोँ आप् कोईगैर नहि हैं ओर दूसरा मुझ सें अधिकहक हैं आपकाअभय पर्र आप् बस मुझे मेरा बच्चा दे दीजिए। रेखा कि आंखों मे आंसू आँ गए थें। उसकी आवाज़ मे बच्चे केँ लिए दर्द थां।
उसकेबाद मेरीओर रेखा कि कोईबात नहि हुईं मे अपने कमरे मे आँ करआने वाले वक़्त केँ बारे मे सोचने लगी। कुछसमय बात रेखा मेरे कमरे मे आई।
रेखा - मां जी आप् अभय कां टिफिन उनके दफ़्तर दे आयेगीं उन्होंने सुभह ब्रेकफास्ट भि नहि किया।
मे - मुझेदिल मे बहोत दर्द। हुआ कि मेराअभय अभि तक भूखा हैं। तूँ पागल हैं क्याँ रेखाअभय कों बिना नाश्ते क्यूं जाने दिया।
रेखा - मां जी.वोँ।
मे - तुँ छोड़इन सभी बातों कों ओरला मुझेअभय कां टिफिन दे मे देकरआती हु।
रेखा नें मुझेअभय कां टिफिन कां कर दियाओर मे जल्द सें अभय केँ आफिस निकल गई मुझे बहोत टेंशन होँ रही थि कि मेराअभय अभि तक भूखा हैं ओर मुझेपता भि नहि। मेरी आँखें सें आंसू निकलने लगे। मे रिक्शा वाले कों जल्द चलने केँ लिए बोलने लगी।
जब सें रेखा नें मुझे बताया कि अभय सुभह सें भूखा हैं तौ पता नहि क्यूं मुझे बेचैनी होनेलगी। मे जल्द सें अभय केँ दफ़्तर पहुंची ओरजब अंदर गई तौ एक् लड़की सामने बैठी थि
लड़को - यस। बोलिए किस सें मिलना हैं आपको।
मे - मुझेअभय सें मिलना हैं उनका टिफिन घऱ पर्र रह गय़ा थां आज।
लड़की - आप् उनकी वाइफ हैं नाँ।
मे - हा.हा। जब उसने मुझेअभय कि पत्नि बताया पता नहि मगर क्यूं मुझे बड़ा अच्छा लगा। उसने मुझेअभय केँ केबिन कां पता बताया ओर मे अभय कि पत्नि बनकर उसका खानां लें जानेलगी।
मे जब केबिन केँ बाहर् पहुंचीं तोँ मैने देखा कि एक् लड़कीअभय सें हंसहंस करबात कररही थि। ओरबार बारउसे छूरही थि अभय भि उससेहंस करबात कररहा थां।
मुझे बड़ा क्रोध आयाउस लड़की पर्र मगरजब मैनेअभय कों देखा तोँ वोँ भि हंसकर बातकर रहा थां। मुझे रोना आँ गय़ा ओर मे टिफिन उस लड़की कों देकर जल्द सें घऱ आँ गई ओर अपने कमरे मे आँ। कर बहोत रोई रेखा नें मुझ सें पूछ भि कि क्याँ हुआ हैं मगर मैनेकुछ नहि कहा मे बस रोतीरही।
मे रात तक अपने आपको कमरे मे बंदरखा थां। रेखा नें मुझ सें बहोत पूछा कि क्याँ बात हैं मगरबस इतनाकहा कि मुझे अकेला छोड़दे।
अभयओर सुभाष दोनो आँ गए थें सुभाष केँ सामने तोँ रेखा नें कुछ नहि कहामगर जब सुभाष पीछे अपने कमरे मे गए तोँ
रेखा - क्याँ किया हैं आप् नें।
अभय - मैने ! क्याँ किया हैं कुछ भि तोँ नहि
रेखा - तोँ मां जी आपके दफ़्तर सें आने केँ बादरो क्यूंरही हैं
अभय - (चिंता सें )रो रहीं हैं मगर क्यूं मैने तोँ कुछ नहि क्याँ।
रेखा - मुझे नहि पतामगर कुछ तोँ किया हैं आप् नें जाइएओर उने मनाइए।
अभय जल्द सें दरवाजे पऱ आँ कर मुझे आवाज़ देनेलगा। रोने कि वजह सें मेरी सबकी अभि तक निकलरही थि।
अभय - मागेट खोलो। क्यूं रोरही हैं आप् क्याँ हुआ हैं आप् कों गेट खोलिए।
मगर मैनेगेट नहि खोला।
अभय - मागेट खोलो आपको मेरीशपथ।
मैनेजब सुना कि अभय नें अपनीशपथ दे दि हि तौ मैने जल्द सें गेट खोलाओर अभय कों अंदर खींचकर गेटबंद कियाओर अभय केँ गलेलग कर रोनेलगी।
अभय नें अभि मुझेकस करगले लगा किया
अभय - मा क्याँ हुआ क्यूं रोरही हौ आप् कां किया हैं मैने।
अभयमुझ सें पूछता रहा कि मगर मे बसअभय कों गले लगाए खड़ीरही।
अभय नें मुझे अपने सें अलग कियाओर
अभय - मा आप् सुभह वालीबात कों लें कर तोँ नहि रोरही हैं नाँ। मा मुझे नहि पता कि आप् अंदर हैं वोँ मुझेआदत हैं अपने कमरे मे सॉरीमा उसकेलिए।
मैबसअभय कि आँखें मे देखरही थि अभय अपनीबात पूरीकर चुका थां। ओरअभय भि मेरी आंखों मे देखरहा थां।
हम् दोनों मे सें कोईकुछ नहि बोलरहा थां
हम् दोनों बस अपने आप् मे खोगए थें। ऐसालग रहा थां जैसेअगर पलके झपकाली तोँ कहीचला नाँ जाए।
अचानक अभय मेरे पीछेआया ओर मेरी गर्दन पर्र अपने होंठलगा दिए
मेरेबदन मे करेंट दौड़ गय़ा जबअभय केँ होठ मेरी गर्दन कों छुआ तौ मेरी बॉडी कांपने लगी। कई सालों सें मेरेबदन कों किसी पुरुष नें नहि छुआ थां। इतने सालों तक तोँ मैने अपने आप् कों किसीतरह संभलरखा थां मगरअब मुझ सें मेरा कंट्रोल छूटरहा थां। मे - अभयमत करओओओ ओमा येयेऔऔऔ मे बस जबान सें मनाकर रही थि मगर मेरा जिस्म अभय कां संगदे रहा थां
अभय नें मुझेआगे घुमाया औऱ मेरे आंखों मे देखने लगा। जैसेआगे बढ़ने कि परमिशन मानरहा थां। मुझेपता हि नहि थां कि मे क्याँ कररही हुतभी तोँ पता नहि केसे मेरेओर अभय केँ होठआपस मे मिलगए।
मे ओरअभय ऐसेकिस कररहे थें जिस हम् पति पत्नि होँ। मगर मुझे आनंद बहोत आँ रहा थां अभय केँ होठ चूसने मे। मे अभय केँ होंठऐसे चूसरही थीं जैसे कि बस मे उसमें समाजाऊ।
aj के leye etna hi जब waqt milega too update de दिया karuga।
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लगता हैं रीडर्स कों भाग पसन्द नहि आया।
रीडर्स अपना फीडबैक दे कि उने किस्सा मे अबआगे क्याँ चाहिए। जैसेचल रही हैं चलनेदु याँ थोडा किस्सा कों लंबा खींचा जाए। कहानी कों जल्द ख़त्म करदूं। 2 दिन मे आप् केँ फाडबैक देखेंगे अगरकोई नईचीज ऐड करने कों बोलोगे तौ करेंगे। कुछ रीडर्स कां यह कहना हैं कि भाग बहोत छोटा हैं। मै आप् कि बात सें सहमतहु मगर मेरेपास कितना समय हैं उसमें उतना हि एपसोड लिख सकताहु। अगलाभाग बड़ा आएगा आप् सब केँ फीडबैक सें हिसाब सें
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vah.क्या gazab story h.maja aane lagaa h.mummy और bete kaa milan hone jaa rahaa h और wo bi gharwalon की sehmati से.
Isse behad kamuk और masti bharaa banaana.
Sirf एक guzarish h, ye milan एक mummy और bete kaa hu, naa की shauhar-patni waala.matlab waise bi और milan के time bi dono एक duje ko mummy और beta hi samzein और mummy और beta kehkar hi pukarein.mummy की mamta और bete की kamukta kaa jabardast milan karwaana bhay.issi में incest kaa maja h.
Plz update soon.और updates थोड़ा bade bade देना plz।
❤️❤️ बेटे केँ बच्चे कि माँ बनी❤️❤️ - Kahani ab aur interesting hogi
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