भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 19
साहिल दीपक कि मा कों मना हि लेता हैं दोनों कमरे मे होते हैं शैली नंगीखरी साहिल केँ मोटे लन्ड कों देखडर हैरान होकेमन मे - इतनाबरा लन्ड भि होता हैं
साहिल शैली कों देख - देखो नहींमुह मे लेके चूसना भि हैं
साहिल आहिस्ता बैड पे लेत जाता हैं शैली लन्ड केँ पासआके बैठ जाती हैं औऱ साहिल कों देख - जवान होँ मगर हथियार लेके घूमते होँ
साहिल मुस्कुराते हुवे - शुरुआत करो मेरीजान
शैली - जान बहुत हिम्मत हैं तुझमे
शैली लन्ड कों पकर झुकते हुवेमुह मे मे लेके चूसने लगती हैं चमरे कों चटाने लगती हैं फिनजिब सें मजे सें टोपे कों चाटने चूसने लगती हैं साहिल लेता शैली कों देखमन मे - कितने अच्छे सें चूसरही हैं अहह
शैलीमन मे - अहह कितना मोटागरम गरम लन्ड चूसने कों मिला हैं मेनेकुछ बार पति कां लन्ड चूसा हैं मगर साहिल केँ लन्ड चूसने मे अलग हि मज़ा आँ रहा हैं इतना मोटा लन्ड होता इसका सोचा नहीं थां
लन्ड चुसाई केँ बाद साहिल शैली कों लेता केँ चूत केँ फाको केँ बीचजिब सें चाटने लगता हैं फिनमुह मे चूत कों लेके चूसने लगता हैं शैली कों अलग हि आनंदआने लगता हैं शैली साहिल केँ सर पे हाथ रखते हुवे - उफमाअहह ऐसा आनंद मुझे पहले नहीं मिला साहिल बेटेअहह चुसो अपनी ऑन्टी कि चूत कों उफअहह चाटजाओ मेरी चूत कों
साहिल लगा रहता हैं एसीबीच शैली कपने लगती हैं औऱ झर जाती हैं
साहिल टांगों केँ बीचआके लन्ड पकरें शैली कों देख - बस चूत कि बारी
शैली हफ्ते हुवे - तुम् सच मे एक् मर्द होँ अहहदाल दे बेटा चूत मे कई महीने सें लन्ड नहीं गय़ा हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अच्छा अंकल चुदाई नहीं करते जयदा
शैली - सहीकहा बेटेअहह दालदे
साहिल भि लन्ड चूत केँ छेद मे रखते हुवे अंदर घुसाने लगता हैं शैली पलंग पकरें दर्द मे - अहह धीरे-धीरे उफमामर गई
साहिल शैली केँ ऊपरआके धीरे-धीरे सें धक्का मारता हैं फिन दूसरा लन्ड अंदर पुराघुस जाता हैं शैली दर्द मे चीख परती हैं
शैली दर्द मे - मर गई इतना मोटा लन्ड मेरी चूत मे चला गय़ा बहुत दर्द होँ रहा हैं
साहिल शैली कों किस करते हुवे चुदाई करना शुरुआत कर देता हैं जबकि शैली कों भि चुदाई कि तरप् थि जल्द हि दर्द मे मजे लेने लगती हैं इतना मोटा लम्बा लन्ड लेके शैली कों अलग हि मज़ामिल रहा थां
साहिल चुदाई करतेकिस करते हुवेमन मे - यार केँ वजह सें मेरा मोटा लम्बा लन्ड किसी केँ चूत मे जाता हैं तोँ ऐसा लगता हैं मे सीलपैक चूत चोदरहा हुअहह कितना गरम चूत हैं ऑन्टी कि उफ आनंद आँ रहा हैं
शैलीफिन साहिल केँ ऊपरआके लन्ड कि सवारी करते हुवे - अहह साहिल बेटे किया मस्त लन्ड हैं तेरासच मे आनंद आँ रहा हैं मेरी चूत भरभर केँ पानी निकाल रही हैं अहह अंदर तक तेरा लन्ड जारहा हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - कियु अंकल कां मोटा लम्बा नहीं हैं
शैली गांडऊपर नीचे करते हुवे - उफ तेरा जैसा लन्ड गिने चुने लोगो केँ पास हि होगाअहह
साहिल फिन शैली कों घोरी बनाके शैली कि गांड पकरें चुदाई करते हुवे - ऑन्टी आपकी चूत भि मस्तकसी गरम हैं आनंद आँ रहा हैं
शैलीमजे मे - उफ साहिल बेटे मुझे भि बहुत आनंद आँ रहा हैं
साहिल - मेरी रण्डी बनोगी कहो अच्छे दे चुदाई करुगा
शैली - उफमा रण्डी अहह सोचुगी अहह चोदो मुझेअहह औऱ तेज
साहिल धक्के मरते जाता हैं चुदाई करते जाता हैं
इसतरह साहिल नें शैली कि मस्त चुदाई करकेनया सुख दिया
परजेंट - रात
तौ साहिल अपने नाटक सें सुमिता कों अपना मोटा लम्बा लन्ड देखा देता हैं जिसेदेख सुमिता हिल जाती hain सिहर जाती हैं काप् जाती हैं यकीन नहींकर पारही थि उसके भोले बेटे कां लन्ड इतना मोटा लम्बा होगा
सुमिता मन मे लन्ड कों देखते हुवे - इतनाबरा बाप सें तीन गुना लम्बा दो गुना मोटा हैं क्याँ देख लियाआज मेने
साहिल नाटक करते हुवे - मा मुझे दर्द होँ रहा हैं औऱ आप् पता नहींकहा खोगये होँ कुछकरो नां
सुमिता होस मे आते हुवे लन्ड कों देख - बेटा कुछ नहीं हुवा हैं सभीठीक तौ हैं
साहिल - तोँ मुझे इतना कियुफिल हौ रहा हैं
सुमिता मन मे - क्याँ यह पहलीबार हैं जब साहिल कां लन्ड खराहुआ हैं समझ नहींआता क्याँ करूखरा हैं तोँ पानी निकलेगा तोहि बैठेगा
सुमिता देखती हैं साहिल दर्द मे हैं जबकि साहिल नाटककर रहा थां
सुमिता - मेरेपास खाकेखरे हौ जाओ
साहिल सुमिता केँ पासआके खरे हौ जाता हैं सुमिता सर्मछोर हिम्मत करके साहिल कां लन्ड पकर हिलाने लगती हैं
साहिल मुस्कुराते हुवेमन मे - मा तौ मा हैं बेटे कों दर्द मे केसेदेख सकती हैं
सुमिता लन्ड हिलाने लगती हैं औऱ साहिल अलग दुनिया मे मजे मे जाने लगता हैं मा सें मुठ मरवाने कां एहसास आनंदअलग हि होता हैं सुमिता लन्ड हिलाती जाती हैं साहिल अपनीमा सर कों पकर अपनेपेट सें सता लेता हैं सुमिता मन मे - ऐसाकुछ देख्ना करना परेगा सोचा नहीं थां कितना गरम मोटा हैं मेरे बेटे कां लन्ड अहह
साहिल - उफमाअब अच्छा लगरहा हैं करतीरहो
सुमिता साहिल कों देख - पानी निकल जायेगा तोँ सभीठीक हौ जायेगा
सुमिता मन मे - कभीमुठ भि मारा नहीं होगा जौ कहु स्वयं करले
10 मिनटबाद
सुमिता हाथ पकरें लन्ड कों देखमन मे हैरान होके - 10 मिनट मे तोँ पानी निकल जानां चाहिये थां
साहिल - मा कियुरुक गई
सुमिता - बेटा हाथ दर्द करनेलगा हैं मेरा
साहिल - मा अच्छा लगरहा थां हाथ दर्दकर रहा हैं तोँ मुह मे लेकेकरो
सुमिता पूरीशोक मे साहिल कों देखती हैं
साहिल - मामन मे आयाकेह दिया कियुकुछ गलतबोल दिया क्याँ
सुमिता मन मे - गलत तुझपे क्रोध भि नहींकर सकती
सुमिता - बेटा मे ऐसा नहींकर सकती
सुमिता मन मे - मुह मे लन्ड कोन लेता हैं छि
साहिल दुःखी होके - मुझे दर्द हौ रहा हैं आप् हैं कि जानेदो आप् जाइये
सुमिता साहिल कां लन्ड पकर - ठीक हैं करतीहु
साहिल मन मे - करो नाँ माउफइस समय कां इंतजार कररहा थां
सुमिता मन मे - बेटे कों दर्द मे नहींदेख सकती अपनेलाल केँ लिएकुछ भि करुगी
सुमिता लन्ड मुह मे लेके चूसने लगती हैं होठो कां टच लन्ड पे फिल करते हि साहिल मजे मे पागल हौ जाता हैं वही सुमिता टोपे कों मुह मे लेके चूसने लगती हैं चमरे कों उपर नीचे करते हुवे पहला स्वाद पगलीबार लन्ड चुसाई कां लेके सुमिता कों इतना मज़ाआता हैं कि सभीकुछ भूल हि जाती हैं चूत गीली होकेरस बहाने लगती हैं
साहिल अपनीमा कों लन्ड चुस्ता देख - मा बहुत आनंद आँ रहा हैं
सुमिता मन मे - यकीन नहीं होता मे क्याँ कररही हु पति कां लन्ड कभी नहीं चूसामगर अब बेटे कां लन्ड चूसरही हुमगर यह स्वाद लन्ड चूसने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं
सुमिता बैठीमजे सें लन्ड मुह मे लेके चूसने मे स्वाद लेकेलगी थि साहिल खरा धीरे-धीरे सें लन्ड अपनीमा केँ मुह मे देतेजा रहा थां सुमिता मन मे - लन्ड चूसने मे इतना मज़ा आयेगा सोचा नहीं थां मेरी चूत गीली हौ गई हैं यहनया एहसास मजे मे पागल होतेजा रहीहु मे
साहिल सुमिता कों देख - उफमा मस्तचूस रही हैं आप् अहह दर्द नहीं होँ रहाअब मज़ा आँ रहा हैं चुस्ती रहो अपने बेटे कां लन्ड मा चुचे निकालो नाँ बाहर्
सुमिता ब्लाउस खोलके दोनों चुचे निकाल देती हैं अब तौ साहिल जोस नें सुमिता केँ सरपकर अपना लन्ड मुह मे पेलने लगता हैं सुमिता मन मे - मुह दर्द करनेलगा हैं सासे फूलने लगी हैं साहिल लन्ड मेरेमुह मे पेलरहा हैं मुझे इतना आनंद कियु आँ रहा हैं
साहिल झरने वाला थां तोँ पुरा लन्ड अंदरगले तक डालके झरने लगता हैं अपनेमुह मे गरमगरम बेटे कां पानी लेके सुमिता हैरान होती हैं
साहिल हफ्ते हुवेमुह सें लन्ड निकाल लेता हैं सुमिता पे हाथरखे हैरान मन मे - यह क्याँ कियामुह मे निकाल दिया कितना गरम हैं बहुत सारामाल हैं
सुमिता सभीपी जाती हैं औऱ हफने लगती हैं
साहिल सुमिता केँ चुचे दबाने लगता हैं फिन दोनों निपल कों मसलने लगता हैं सुमिता दर्दमजे मे - अहह साहिल बेटेमसल अपनीमा केँ चुचे कों अहह बहुत अच्छा लगरहा हैं अहह
साहिल निपल मसलते हुवे - मा मज़ाआया बेटे कां लन्ड चुस्के अपने बेटे कां माल पीके
सुमिता - उफ बेटे बहुत मज़ाआया मेरेलाल अहह
साहिल खाट पे लेत सुमिता कों भि लेता केँ बाहों मे लेके - मा बहुत मज़ाआया आपके चुचे बहुत सुंदर हैं आपको मेरा नूनू कैसालगा
सुमिता सर्म सें - बहुतबरा हैं औऱ तेरा नूनू नहीं हैं लन्ड हैं
साहिल - मा लन्ड कां क्याँ करते हैं मात्र सुसु केँ लिये होता हैं
सुमिता सर्म सें - नहीं उसका दूसरा काम भि हैं
साहिल - वोँ क्याँ
सुमिता सर्म सें - वोँ मे बता नहीं सकती
साहिल सुमिता केँ चूत पे हाथ रखते हुवे - मा आपकेपास नूनू नहीं हैं
सुमिता सिसक केँ हैरान होके - लाला अपनीमा केँ चूत कों मतमसल
साहिल हाथहटा केँ सुमिता कों देख - मा आपकी चूत तौ बहुतगरम ह
सुमिता सर्म सें - चूत गरम हि होती हैं
साहिल - मा मुझे देख्ना हैं
सुमिता - नहीं बेटा
साहिल - अपने मेरा नूनू देखा नां आपको भि दिखाना होगा
सुमिता साहिल कों देख - नाटकबंद कर जैसेतु भोला हैं सचबता यहसभी जानबुझ केँ कररहा हैं नाँ भोला बनके मेरा फायेदा उठारहा हैं पहले लन्ड हिलवाया मुह मे देखे चुस्वा लियायह सभी एक् दिन मे नहीं मेरीशपथ सचपता तुम्हें सभीपता हैं नाँ
सुमिता कों सक हौ गय़ा थां कुछदिन मे इतनासभी होँ रहा थां इस लिये
साहिल डरते हुवे - नहींमा
सुमिता - मेरीशपथ सचबता
साहिल हिम्मत करके - मासभी मेरा नाटक थां मुझे आपको पाना थां पिताजी आपको प्रेम नहीं करते मे जनताहु
सुमिता पूरीशोक मे चली जाती हैं
सुमिता हैरान शोक मे - तुऐसा केसेकर सकता हैं मेरेसंग अपनीमा केँ संग
सुमिता आसु बहाते हुवे - मे जैसी हालत मे रहुंमगर तुम कोऐसा नहीं करना चाहिये थां
सुमिता बैड सें नीचेआके - सभीभूल जाउगी मगरफिन ऐसामत करना
सुमिता चली जाती हैं मगर साहिल हैरान परेसान नहीं होता बल्कि मुस्कुराते हुवे - आप् मेरी हैं मेरेपास हि आयेगी
सुमिता कमरे मे आकेखाट पे लेतमन मे - यकीन नहीं होता मेरा बेटा भोला भाला बनके मेरेसंग केसेकर सकता हैं पता नहीं क्रोध भि नहींआता उसपे
सुमिता केँ जाते हि अंजलि हस्ते हुवेआती हैं औऱ साहिल कों देख - पकरा गय़ा मगरमा नें क्रोध नहीं किया
साहिल अंजलि कों बाहों मे लेके - केसे करेगी चूत मे आग जौ लगी हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - मेरी चूत मे भि लगी हैं
साहिल - आपकी चूत तौ गरम हि रहती हैं
साहिल फिन शुरुआत होँ जाता हैं अंजलि अहह भइया मज़ा आँ रहा हैं
सुभह 10 बजे
साहिल सुमिता केँ पासआके कमरे मे बैठते हुवे - कियाहुआ खुश नहीं हैं आपका बेटा बुधु नहीं हैं
सुमिता - चलजायहा सें कोई अपनीमा केँ संगऐसा करता हैं
साहिल खरा होके लन्ड बाहर् निकाल - चुसो नां मा
सुमिता हैरान होके - मार खायेगा
साहिल एकदम सें सुमिता केँ मुह मे लन्ड डाल देता हैं पऱ साहिल हैरान होता हैं सुमिता मजे सें चूसने लगी थि सुमिता मजे सें लन्ड पकर चुस्टे हुवे - अब मे क्याँ हि करूमुह मे डाल दिया हैं तौ चूस केँ स्वाद लें हि लेतीहु
साहिल - अहहमा बहुत आनंद आँ रहा हैं चुस्ती रहो
5 मिनटबाद
सुमिता - अबजा होँ गय़ा
साहिल - पऱ मेरा निकला नहीं
सुमिता - बहुततेज हैं मुह मे फिन गिराना चाहता हैं
साहिल लन्ड अंदर करते हुवे सुमिता कों खाट पे गिरा केँ बाहों मे लेके - मा इतनासभी होने केँ बाद भि आप् क्रोध नहीं हैं
सुमिता - कियुंकी तु बेटा हैं बहुत प्रेम करतीहु
साहिल - मे भि मा मुझे आप् चाहिये
सुमिता - नहीं हौ सकता मे तेरे पिताजी कि हु
साहिल मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं अपनी फूली मस्त चूत दिखा तौ
सुमिता साहिल केँ सर पे मरते हुवे - ड्रीम्स देख
साहिल - अगर आपने अपनी चूत दिखाई तोँ मे आपकी होने वालीबहु सें मिलवा दूंगा
सुमिता पूरीशोक मे साहिल कों देख - क्याँ कहा
सुमिता साहिल केँ कानपकर - भोला बनके रहता थां मगरतु तोँ बहुततेज निकला
साहिल - उफमा छोरो.
सुमिता - कोन हैं नाम क्याँ हैं
साहिल - राधिमा बहुत अच्छी सुंदर हैं
सुमिता - लाला मिलवा नाँ देख्ना हैं मुझे अपनीबहु कों
साहिल मुस्कुराते हुवे - अपनी चूत देखाओ तोँ
सुमिता हस्ते हुवे - कितना बेसरम हैं ठीक हैं लेके आँ मेरीबहु कों तौ दिखा दुगी
साहिल - ठीक हैं फिन लेके आऊगामा पिताजी आपकी चुदाई नहीं करते नां
सुमिता - सभी जनता हैं हासच हैं
साहिल सुमिता कि चूत पे हाथरख - इसलिए इतनागरम हैं
सुमिता - अहहरुक जा
साहिल - मा मेरा लन्ड लेलो बहुत मज़ा आयेगा
सुमिता - नहीं दर्द होगा बहुत तेरा मोटा हैं
साहिल जोस मे चूत मसल देता हैं सुमिता दर्दमजे मे अहह करती हैं
सुमिता साहिल कों रोक - बस बेटा
साहिल - मा एक् बार चूत चोदने दो नां
सुमिता - चलठीक हैं एक् बार करने दोगीमगर तेरी सादी केँ बाद
साहिल मुस्कुराते हुवे - सुहागरात कों हि मंजूर
सुमिता मुस्कुराते हुवे - इतनादम हैं बहु केँ करने केँ बाद मेरी लें सके
साहिल मुस्कुराते हुवे - एक् बार लोगी तोँ कहोगी बेटा औऱ लेना हैं
सुमिता - कितना बेसरम हैं लालायह गलत हैं मगर एक् बार करने दुगीफिन नहींअब जाबहु कों लेके आँ
साहिल मुस्कुराते हुवे - अभि तौ नहींशाम कों लेके आयुग
साहिल चला जाता हैं सुमिता मन मे - सुकर हैं मेरा बेटा नासमझ बुधु नहीं हैं मगर कितना बेसरम हैं मेरी लेना चाहता हैं इसलिए पैदा किया थां बेसरम कही कां उफ एक् तौ मुझे उसकी बातें सभी मे मज़ाआता हैं बहुत
साहिल भोला कि मा केँ पास जाता हैं अच्छे सें चुदाई करके वीडियो बनाके भोला कों भेज देता हैं
साहिल फिन दीपक कि मा केँ पास जाता हैं उसकी भि वीडियो बनके दीपक कों भेज देता हैं
इसीसभी मे शाम 4 बज जाते हैं
साहिल राधिमा कां इंतजार कररहा थां औऱ मन मे - मेरा बदला पुराहुआ अब मे अपनी लाइफ अपनो केँ लिए जीना चाहता हु
तभी राधिमा आँ जाती हैं साहिल राधिमा कों बाहों मे लेके - मेरीजान
राधिमा सर्म सें - कोईदेख लेगा
साहिल - देखने दोहा वोँ तुमसे मा दिदी मिलना चाहते हैं
राधिमा पूरीशोक मे - क्याँ मगर इतनी जल्द
साहिल - कियु नहीं मिलना तौ जानेदो
राधिमा सर्म सें खुश होके - मिलना हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - चलोफिन
साहिल राधिमा कों लेकेघऱ जाने लगता हैं
राधिमा - यकीन नहीं होता मे सासू दिदी सें मिलने वालीहु मुझे सर्म आँ रही हैं मे मनपसंद तौ आउंगी नां
साहिल हस्ते हुवे - तुम्हारी जैसीबहु मा कों दूसरी नहीं मिलेगी
घऱ कमरे मे राधिमा केँ संग साहिल बैठा थां औऱ सुमिता अंजकि मुह खोले हैरान शोक मे राधिमा कों देखरहे थें राधिमा शर्मा रही थि
अंजलि - बाप रे इतनी सुंदर लरकी तेरे सें पट केसे गई
साहिल - दिदी मे हँडसंम नहींहु किया
अंजकि हस्ते हुवे - हैं तोँ राधिमा सें कम
सुमिता राधिमा केँ पास बैठते हुवेसर पे हाथ फेरते हुवे - कितनी सुंदर प्यारी बहु लेकेआया हैं मेरा बेटा मुझे तौ मेरीबहु पसन्द हैं
साहिल - तौ मा जल्द सें सदी करवादो हमारी
सुमिता - कितना बेचैन हौ रहा हैं
राधिमा सर्म सें लाल होँ जाती हैं
सुमिता - बेटी मा बापू जानते हैं
राधिमा टेंसन मे आँ जाती हैं
साहिल - मासभी जानते हैं राजी हैं
साहिल मन मे - कमीने कों राजी होना परेगा
सुमिता - ऐसा हैं तोँ ठीक हैं जल्द हि तुम् दोनों कि सादी करवा दुगी
अंजलि - मे बरीहु मेरी सादी कां किया
सुमिता - तु भि दामाद लेके आँ सादी करवा दुगी
अंजलि साहिल कों देख - ठीक हैं लेके आउंगी
साहिल फिन राधिमा कों लेकेपुल केँ पासआता हैं फिन अंजलि अपनीमा कों लेकेसच बताना जिसेसुन राधिमा शोक हौ जाती हैं
साहिल - हा तुमने जोँ सुनासच हैं राधिमा मेरी लाइफ मे बहुतकुछ फूफी हैं जौ बता नहीं सकता
राधिमा - सुनिये मुझेकोई फर्क नहीं परता बाहर् कि कोई होती तोँ बुरा लगतामगर मे आपसे प्रेम करनेलगी हु मुझे आपकेसंग जीना हैं
साहिल राधिमा कों बाहों मे लेके - थैंक्स राधिमा
राधिमा - पर्र मेरीमा बापू कों तुम्
साहिल - जनताहु कमीने हैं तुम्हे मरते हैं तुम् अनाथ हौ दोनों नें गोद लिया हैं तुम्हे
राधिमा हैरान होके - आपको केसेपता
साहिल - बसपता हैं मुझपे छोरदो सभीअब चलोछोर आताहु
साहिल घऱ केँ पासआके राधिमा कों किस करते हुवे - कल तेरीमा पिताजी सें बात करने आऊगा
राधिमा - जी इंतजार करुगी
साहिल फिन निकल परता हैं
घऱ पे सुमिता अंजलि कों मरते हुवे - अबसचबता कितने दिन सें तुम् दोनों केँ बीचसभी चलरहा हैं
अंजलि डरते हुवे - मा आपको केसेपता चला
सुमिता - रात मेरे जाते हि जब मे आई अंदर सें अहहउफ आवाज़ सुन देखा तौ मेरासर हि फट गय़ा
अंजलि हैरान होके - क्याँ आपनेदेख लिया रुकिये इसका मतलबरात कों साहिल कां लन्ड चूसासभी आपने मर्ज़ी सें क्याँ आपकीपता थां साहिल् नाटक करके आपकोमजे लें रहा हैं
सुमिता हकलाते हुवे - नहीं नहीं तौ
अंजलि शोक मे - मा आप् तौ सतीर् निकली मजे तौ आप् लें रही थि
सुमिता - वोँ वोँ चुपकर
अंजलि मुस्कुराते हुवे - आखिर बेटे कां मोटा लम्बा लन्ड देख आप् भि दीवानी हौ हि गई तोँ इतना नाटक कियुकर रही हैं चूत मे आपकीआग लगी हैं एक् बार लेँ लीजिये उफ वोँ दर्द मज़ा मिलेगा
सुमिता इतने मे अंजलि कां मुहबंद करके - साहिल कों बाटना मत
सुमिता सिर्यस् होके - बेटी मुझे फर्क नहीं परता तूने अपने भइया सें रिस्ता बनाया मगर साहिल तुम को बदला नहींलग रहा
अंजलि - हुयहबात हैं हा साहिल बदल गय़ा हैं वोँ आपका बेटा मेरा भइया हि हैं मगर उसकी बातो सें ऐसा लगता हैं बहुतबरा राज छुपा केँ रखा होँ जोँ बताना नहीं चाहता नहींबता रहा मतलबकुछ तौ बात होगी
सुमिता - हु तूनेसही कहा
अंजलि मुस्कुराते हुवे - बहु सें मिल लिया चूत दिखाना पड़ेगा मा मुझे भि देख्ना हैं
सुमिता हैरान होके - बेसरम तेरेपास भि चूत हैं जाकेदेख
अंजलि हस्ते हुवे - मेरी चूत तौ मेरा भइया देखता हैं प्रेम करता हैं
सुमिता सर्म सें - कितनी गंदी बातें करती हैं
सुमिता - देख बेटी जौ कररही हैं कर पऱ सादी नहींकर सकती
अंजलि - साहिल नें सभीसोच रखा हैं मा देखती जाइये मे तौ अपने भइया कि पत्नि बनुगी बच्चे कि मा भि
सुमिता मुह मे हाथ रखते हुवे - क्याँ कहा
साहिल घऱआता हैं सुमिता अंजलि कों लरतेदेख - कियुलर रही हैं आप् दोनों
सुमिता - आँ गय़ा बैठ मुझे तुझसे एक् बात पूछनी हैं
साहिल सुमिता केँ गोद मे बैठ - बोलिये
सुमिता - नालायक बच्चा नहीं हैं जोँ गोद मे बैठ गय़ा खैरयह बता तुम्हें क्याँ लगता हैं सिलु तेरे पिताजी केँ बीच क्याँ चलरहा हैं
साहिल पुराशोक होके अपनीमा कों देखता हैं
साहिल मन मे - केसेमा कों पहलेपता चल गय़ा सायद मेरेसभी पास्ट् बदलने कि वजह सें यहसभी हुआह
साहिल - तौ आपकोसभी बता हैं केसे
सुमिता - तु अंजलि नहीं थें तबशाम कों मे दुकान गई जबआई तोँ सिलु कों किस करतेदेख लिया तेरे पिताजी कों इतना बारा झटका मुझेलगा बता नहीं सकती अपनी बेटी कि उमर केँ अपनी साथी कि बेटी केँ संगतब समझआया कियु मुझे प्रेम करनाबंद कर दिये हैं
साहिल - मुझे पहले सें बता थां मे आज बताने हि वाला थां मामगर आपकोसभी पता हैं
सुमिता इमोसनल होके - केसेकर सकते हैं ऐसा
साहिल बाहों मे लेके - मारोमत मे हु नाँ वैसे भि उनके लन्ड मे दम नहीं हैं आपकी चूत कि गर्मी नहीं निकाल पायेंगे
सुमिता हस परती हैं औऱ साहिल कों मरते हुवे - बेसरम
साहिल - माइस लिये मे केहता हु मेरीबन जाइये बहुत प्रेम करुगा पूरीरात
सुमिता हस्ते हुवे - कितना कमीना बेटा हैं तुखैर तेरे पिताजी कां क्याँ करना हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - मा बापू कों देख लूँगा जल्द हि हम् यहा सें दूरचले जायेंगे जहाकोई हमे नहीं जनता होँ एक् अच्छा घऱ मे आप् दिदी मेरीजान राधिमा औऱ बापू भि रहेगे मगरकुछ बोल नहीं पायेंगे
सुमिता - अच्छा दूरकही रुपया तेरा बाप देगा
साहिल मुस्कुराते हुवे - पैसे कि कमी नहीं हैं सभीसेट हैं
अंजलि - कोईराज हैं तोँ बतादे भइया
साहिल सुमिता अंजलि कों देख - हैं तौ मगरबता नहीं सकता
साहिल पलंग पे लेत लन्ड बाहर् निकाल केँ मुस्कुराते हुवे - फिल्हाल आप् दोनों मा बेटी मेरे लन्ड कों चूस सकती हैं
सुमिता - कितना बेसरम हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - यह हुइ नां बात मे तोँ तैयार हु
अंजलि लन्ड पकर लेती हैं औऱ सुमिता सें - मा जयदामत सोचो पुरेमजे लो इतना मोटा लन्ड हैं आपके बेटे कां
सुमिता भि लन्ड केँ पास बैठते हुवे सर्म सें - तुम् दोनों पागल होँ
सुमिता अंजलि दोनों मा बेटी एक् दूसरे केँ सामने बैठी थि औऱ बीच मे साहिल कां लन्ड थां सुमिता लन्ड पकरमुह मे लेके चुस्ती हैं फिन अंजलि केँ मुह मे लेती हैं अंजलि भि मजे सें चुस्ती हैं दोनों एक् एक् बरीबरी चूसने लगती हैं औऱ साहिल भइया पुरेमजे मे देख पागल होँ रहा थां
साहिल - अहह लाइफ मे असली आनंदचैन इसे हि कहते हैं
तभी सुमिता सर्म सें जाते हुवे - बस बहुत होँ गय़ा खानां भि बनाना हैं
साहिल अंजकि - हुठीक हैं
फिन खानां पीना होता उसकेबाद सुमिता जबआती हैं तोँ देखती हैं अंजकि साहिल केँ लन्ड कि सवारी कररही थि गांडउठा उठा केँ लन्ड लें रही होती हैं सुमिता सर्माते हुवे अंदरआके - बेसरम तुम् दोनों भइया बेहन शुरुआत होँ गये
अंजलि सुमिता कों देख - मा आईये नां मज़ा आयेगा
साहिल - मा नंगी होना परेगा नहीं तौ यहा सें जानां होगा तौ जल्द सें नाइटी उतार केँ अपना खजाना दिखादो
अंजलि - रहनेदे भइयाअहह मा केँ अंदर हिम्मत नहीं नंगी होके कां
सुमिता कों आँ जाता हैं क्रोध सुमिता गुस्से सें नाइटी निकाल नंगीखरी दोनों कों देख - देखो हिम्मत
वही साहिल अंजलि मुस्कुराने लगते हैं औऱ तब सुमिता कों समझआता हैं दोनों नें फसा केँ उसे नँगा करवा दिया हैं
आज केँ लिये इतना हि
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 20
अंजलि साहिल चालाकी सें सुमिता कों नँगा करवा देते हैं बेचारी सुमिता अपने बच्चो कि बातो मे आके पूरी नंगी भि होँ जाती हैं
साहिल अंजलि कों देख - दिदी आपकी तोँ लेते रहता हैं अभि मा कि चूत कि पूरी गर्मी निकालनी हैं
अंजलि भि मुस्कुराते हुवे साहिल केँ ऊपर सें बैड पे बैठते हुवे - ठीक हैं भइयाआज मा कि ऐसी चुदाई कर कि मा कों पताचले असली चुदाई किया होती हैं औऱ मे बैठ आहिस्ता देखुंगी
सुमिता दोनों कि बातें सुन सिहर जाती हैं
साहिल सुमिता केँ पासआके खरा होँ जाता हैं सुमिता पूरी नंगीखरी थि बेचारी सर्म सें लाल थि साहिल अपनीमा कि हसीन सेक्सी नंगी बॉडीदेख पागल होँ गय़ा थां साहिल सुमिता कों देख - मासच मे कितनी सेक्सी हसीन बॉडी हैं आपकीयह आपकाभरा शरीरबरे बरे काले निपल वाले चुचेकमर मोती मोती जंघे केँ बीच हल्की काले बालों वाली चूत उफमा चूत केँ बालकब साफ किये हैं आपने
सुमिता साहिल कों देख सर्म सें - एक् कुछदिन पहले
अंजलि पीछे सें - मा आप् सच मे बहुत सुंदर हैं
सुमिता औऱ सर्म सें लाल होँ जाती हैं
साहिल सुमिता कों बैड पे लेकेआता हैं बैठा देता हैं औऱ अपना लन्ड सुमिता केँ मुह केँ सामने करते हुवे - मासभी भुल्के मजेलो यकीन मानिये जोँ आनंद दुगाभूल नहीं पायेगी मेरे लन्ड पे दिदी कि चूत कां रसलगा हैं मुह मे लो औऱ मस्त सवाद मिलेगा
अंजलि मुस्कुराते हुवे - मालो मज़ा आयेगा अपनी बेटी कि चूत कां स्वाद भइया केँ लन्ड कां स्वाद एक् संग मिलेगा
सुमिता - चुप दोनों कितने बेसरम हौ गये होँ
तभी साहिल सुमिता केँ मुह मे लन्ड घुसा देता हैं औऱ सुमिता केँ सर पे हाथरखे मुह मे पेलने लगता हैं भि बेचारी सुमिता कों भि लन्ड चूसना परता हैं बेटे केँ लन्ड कां स्वाद बेटी कि चूत कां स्वाद लेके सुमिता कों अलग हि मज़ाआने लगता हैं सुमिता मजे सें चूसने लगती हैं
सुमिता मन मे - अहहयह अलग हि मस्त स्वाद हैं उफ मज़ा आँ रहा हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - मा अच्छे सें चुसो भइया कों आनंदआये
साहिल लन्ड पेलते हुवे - अहहमा आनंद आँ रहा हैं उफ मेरीमा
5 मिनटबाद
साहिल सुमिता कों पलंग पे लेता केँ - मा कमीना मेरा बाप आपकी चूत भि नहीं चाटता होगा
सुमिता सर्म सें - नहीं बेटा मुझे भि नहींपता चूत चाटते हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - आनंद आयेगा आपका बेटा आपकी चूत कां रसचाट चाट केँ पियेगा
सुमिता सर्म सें - कितना बेसरम हैं तुँ
साहिल मुस्कुराते हुवे - तांगे फैलाओ नां मा
सुमिता सर्माते हुवे तांगे फैला देती हैं
साहिल भि बैड पे लेत अपनीमा कि चूत कों मजे सें जीब सें चाटने लगता हैं सुमिता पूरी सिहर जाती हैं यह एहसास मज़ा पहलीबार लेके सुमिता पागल होने लगती हैं बैड पे मचलने लगती हैं
सुमिता - माशपथ मेरेलाल चूत चटवाने मे इतना आनंद आयेगा सोचा नहीं थां चाट बेटे अपनीमा कि चूत कों अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं
साहिल मजे सें जीब सें चूत चाटते हुवे - कितना मस्त स्वाद हैं हैं मा कि चूत कां चूत मे तोँ आगलगी हैं बहुतगरम चूत हैं मा कि
सुमिता महीनों सें चुदी नहीं थां ऊपर सें नया आनंदसेह नहीं पति औऱ साहिल केँ सर कों चूत पे दबाते हुवे गांडउठा उठा केँ झर जाती हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - मा इतनी जल्दझर गई आप्
सुमिता पूरी हैरान थि हफ्ते हुवेमन मे - इतनी जल्दझर गई मे
साहिल सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - मा मज़ाआया
सुमिता सर्म सें - बहुत मज़ाआया मेरे बेटे तूने मेरी चूत जिसतरह चाटी हि उफ मे झरने सें रोक नहींपाई
अंजलि सुमिता कि चूत देख - भइया बहुत पानी निकाला हैं मा नें
सुमिता अंजलि कों देख - कितनी बेसरम बातें करती हैं
साहिल टाँगों केँ बीच लन्ड पकर् चूत केँ फाको केँ बीच घिसने लगता हैं चूत मे पहलीबार अपने बेटे कां मोटागरम टोपाफिल करके सुमिता काप् जाती हैं साहिल् कों देख - अहह बेटा धीरे-धीरे सें अपनीमा कि चूत केँ अंदर घुसाना तेरा बहुत मोटा हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - समझ गय़ा मा धीरे-धीरे सें आपकी चूत मे लन्ड डालूँगा
अंजलि पास बैठीसभी देखरही थि मजे सें
साहिल घिसते हुवे धीरे-धीरे सें चूत मे घुसने लगता हैं टोपा अंदर जाते हि सुमिता कों दर्द होने लगता हैं साहिल धीरे-धीरे धीरे-धीरे धीरे-धीरे आधा लन्ड अपनीमा कि चूत मे घुसा देता हैं फिन सुमिता केँ ऊपरलेत केँ एक् जोर कां धक्का मरता हैं सुमिता कि हालत खराब हौ जाती हैं दर्द मे रोने लगती हैं सुमिता कों ऐसालग रहा थां सीलटूट गई होँ
साहिल अपनीमा कों किस करने लगता हैं चुचे दबाने चूसने लगता हैं
अंजलि देखती हैं सुमिता कि चूत मे पुरा लन्ड घुसा हैं औऱ थोराखून भि निकाल रहा हैं
अंजलि मन मे - मा कि चूत तोँ बहुतकसी हुई हैं
साहिल अपनीमा केँ ऊपर सें उठके तेजी सें चुदाई करने लगता हैं साहिल इतनाजोस मे थां कि स्वयं कों रोक नहीं थां रहा थां
सुमिता दर्द मे - मर गई बहुत दर्द हौ रहा हैं मेरेलाल धीरे-धीरे कर नाँ
साहिल सुमिता केँ चुचे दबाते तेज धक्के मारते हुवे - मा आपकी चूत इतनीगरम कसी हुइ हैं कि मे पागल हौ रहाहु इतनीगरम कसी चूत आपकी होगीपता नहीं थां माबस जल्द हि आपको मज़ाआने लगेगा
साहिल अपनीमा कि एक् टांगउठा केँ अपने कंघे पे रख लेता हैं फिन अपनीमा केँ भरेपेट कों सेहलते हुवेतेज धक्के मरने लगता हैं सुमिता जोँ चुदाई केँ लिये तरप्रही थि अब पुरा आनंद लेने लगती हैं
सुमिता दर्दमजे मे धक्के कां आनंद लेते हुवे - मेरेलाल मेरी चूत मे इतना मोटा लन्ड कभी नहीं गय़ा अहह मेरी चूत फट नाँ जाये
साहिल तेज धक्के मरते हुवे - मा नहीं फटेगी एसी चूत सें मुझे दिदी कों निकाला हैं आपनेअहह माबता नहीं सकताआज मे कितना खुशहु मुझे आपकी चूत मारके कितना आनंद आँ रहा हैं
सुमिता चुदाई कां मज़ा लेते हुवे - बेटा मे भि बहुतखुश हु इतना मज़ा मुझेकभी नहींआया चोद बेटा अपनीमा कों
साहिल - मा घोरीबन जाओ
सुमिता हफ्ते हुवे घोरीबन जाती हैं
सुमिता जब घोरी बनती हैं तोँ बरेबरे मोटे फैले गांडदेख साहिल कां लन्ड औऱ टाइट लोहाबन जाता हैं साहिल - मा आपकी गांड तोँ बहुत मस्तबरी बरीगोल मटोल हैं उफ कियालग रही हैं घोरी बनके
सुमिता - अहह बेटेबात मतकरचोद मुझे अभि मेरामन नहींभरा
अंजलि - भइयामा तौ मा हैं आज तुम्हारी तरफ बहुत मेहनत करनी परेगी
साहिल मुस्कुराते हुवे -मेरे लन्ड कों अब जाके मस्त चूत मिली हैं
साहिल चूत केँ छेद पे लन्ड रख एक् बार मे हि घुसा देता हैं सुमिता अहहयह चैन मेरेलाल चोद मुझेअहह तेरीमा कि चूत मे बहुतआग हैं
साहिल भि अपनीमा कों पुरागरम जोस मे देख चुदाई करने लगता हैं गांड कों पकरें दबाते रहता हैं साहिल चुदाई करते हुवे - मा आपका बेटा मर्द हैं पूरीरात आपकोचोद सकताहु चिंता मतकरो सारी गर्मी आपकी चूत कि मे निकाल दूंगा
सुमिता - निकाल दे बेटे तेरा बाप तौ जवानी लरकी केँ पीछेपरा hain अब तुम्हें हि अपनीमा कि चूत कि चुदाई करनी होगी
साहिल हफ्ते हुवे पलंग पे लेत जाता हैं सुमिता भि समझ जाती हैं औऱ साहिल केँ ऊपरआके लन्ड कों पकर अपनी चूत कि छेद पे रखते हुवेबैठ जाती हैं पुरा लन्ड अंदरघुस जाता हैं सुमिता दर्दमजे मे अहह इतना मोटा लन्ड मेरी चूत केँ अंदर तक घुस गय़ा अहहयह आनंदउफ
पीछे अंजलि सभीदेख गरम होँ गई थि चूत सें पानी निकलरहा थां
अंजलि मन। मे - उफ किया चुदाई चलरही हैं मा बेटे केँ बीच
साहिल अपनीमा कों बाहों मे पकर नीचे सें तेज धक्के मरने लगता हैं सुमिता दर्दमजे मे - हा बेटेऐसे हि चोद अपनीमा कों तूँ मर्द हैं मेरेलाल जिस चूत सें नीकला हैं उसकी गर्मी तुँ हि निकाल सकता हैं
अपनीमा कि गंदीगरम बातें सुन साहिल औऱ तेज धक्के मरने लगता हैं औऱ सुमिता कि चूत भरभर केँ पानी निकाल रही थि
अंजलि स्वयं कों रोक नहीं पति औऱ साहिल मे मुह मे अपनी चूत देकेबैठ जाती हैं औऱ अपनीमा कों देख - अहह आप् अकेले हि मज़ा केसे लें सकती हैं मे भि हु मेरी चूत मे भि बहुत गर्मी हैं
सुमिता गांडउपर नीचे करते हुवे अंजलि कों पकरकिस करने लगती हैं अपनी बेटी केँ चुचे दबाते हुवे - अहह मेरी बेटी हैं तुँ तेरी चूत मे भि गर्मी तोँ होगी हि अहह
साहिल मस्त लेता याँ अंजलि कि गांड पकरें चूत चूसने मे लगा थां
अंजलि फिन अपनीमा कों बैड पे लेता केँ ऊपर आँ जाती हैं दोनों मा बेटी नंगी एक् दूसरे कों किस करने लगते हैं पीछे अंजलि अपनी गांडउठा केँ रखी थि साहिल भि समझते हुवे पीछे सें लन्ड घुसा देता हैं
साहिल घुटने मे बैठा चुदाई करने लगता हैं वहीमा बेटी किस करने मे लगे हुवे थें साहिल मन मे - माइसतरह खुलके मजे करेगी दिदी मेरेसंग सोचा तौ थां मगर इतनी जल्द नहींउफ एक् बेटा होने केँ नाते अपनीमा दिदी कि चूत माररहा हु भाग्य वालाहु मे
सुमिता अब अंजलि कों नीचे लेता केँ झुकते हुवेकिस करने लगती हैं औऱ अंजलि लेती हुई किस करते हुवे अपनी चूत मे उंगली करने लगती हैं सुमिता नें अपनी गांडउठा केँ रखी थि ताकि साहिल चोदसके
साहिल मुस्कुराते हुवे - वाउमा बेटी तौ बहुततेज हैं
साहिल पीछे सें अपनीमा कि चूत मे लन्ड घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं
साहिल - उफमा आपकी चूत तौ अहहकसी गर्मी इतनी हैं कि मेरा लन्ड जलरहा हैं अहह आपकी गांड भि मस्त हैं आनंद आयेगा
सुमिता पीछे साहिल कों देख - अहह बेटेचोद मुझेअहह औऱ जोर सें
अंजलि - उफमा मुझेकिस करो नां
सुमिता - करतीहु मेरी बेटी अहह तुँ भि मस्तमाल हैं
साहिल हसने लगता हैं अंजलि भि
अंजलि बेचारी तौ जयदा लें नहीं पति मगर सुमिता 4 बजे तक चुवाती रहती हैं
चुदाई केँ बाद साहिल सुमिता एक् दूसरे केँ बाहों मे थें
साहिल - मा यकीन नहीं होता आप् 4 राउंड झेलपाई
सुमिता - यकीन तोँ मुझे भि नहीं हौ रहातु बिनाझरे चुदाई करतारहा बेटा सच कहतीहु लगातार मेरी चूत जलन दर्द मे सूज भि गई हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अब गर्मी गई याँ फिन सें चुदाई करू
सुमिता - नां बाबा नाँ अब नहीं लेँ पाउंगी
सुमिता साहिल कों किस करते हुवे - मेरेलाल तूने मुझेआज वोँ खुशी दि हैं जिसके लियेकई औरते तरसती हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अब आपकी चूत मे मेरा हि लन्ड जायेगा
सुमिता - हा मेरेलाल तेरे बाप कों तौ अब छूने भि नहीं डुगीमगर तूने मेरी चूत मे पानी निकाला हैं माबन गई तोँ
अंजलि साहिल केँ पीछे सें सुमिता कों देख - तोँ मा सें वाफिन माबन जानां मेरे भइया केँ बच्चो कि
सुमिता - अरे केसे नाँ बाबाइस उमर मे नहीं
साहिल प्रेम सें - मा एक् बच्चा मुझे चाहिये प्लेस
सुमिता प्रेम सें - अपने बेटे केँ बच्चो कि मा बनने मे मुझे खुशी होगीमगर
साहिल - हम् कहीदूर रहेगे
सुमिता मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं बनुगी अपने बेटे कि बच्चे कि मामगर मुझसे पहले तेरी बेहनबन जायेगी
अंजलि मुस्कुराते हुवे - सहीकहा मा आपने जल्द हि खुशखबरी दुगी
अंजलि साहिल कों किस करते हुवे - मेरा भइया मेरा पति मेरे बच्चे केँ पिताजी बनेगा मे मा
सुमिता - सोचा नहीं थां एक् दिन हम् सभीऐसे नंगे चुदाई करके बातें करेगे
अंजलि मे तोँ बहुतखुश हु
सुमिता मुस्कुराते हुवे - मे भि अब सोते हैं सुभह होने वाली हैं
सुमिता अंजलि दोनों साहिल सें चिपक सोने लगते hain औऱ साहिल अपनीमा बेहन कों देखमन मे - मे भि बहुत जयदाखुश हु
सुभह
आज कि सुभह सुमिता केँ लियेचैन मिठा दर्दजलन वाला थां अंजलि खानां बनारही थि औऱ सुमिता बैठी थि खटिये पे
अंजलि - मा आपके चेहरे पे वोँ खुशीदिख रही हैं जौ पहले गायब थि
सुमिता - हा बेटी आज बहुतखुश हु मेरे बेटे नें मुझेयह खुशी दि हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - मा मुझे तौ यकीन नहीं होँ रहा थां आप् गंदी बातें करते चुदवा रही थि
सुमिता सर्म सें - पता नहीं केसे मे इतनी गंदी बातें कररही थि
तभी साहिल उठके बहारआते हुवे - बापूकहा हैं मा
सुमिता - उठ गय़ा मेरेलाल तेरा बाप खेत गय़ा हैं
साहिल सुमिता कों किस करते हुवे - दर्द तोँ नहीं नाँ
सुमिता मुस्कुराते हुवे - दर्दजलन दोनों हैं मगरयह मुझेचैन देरहा हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अच्छा
अंजलि - भइया बापू कां क्याँ करना हैं सोचा hain
साहिल - हाआजरात बात करेगे
सुभह 11 बजे
साहिल राधिमा केँ घऱ कमरे मे राधिमा कि मा तारा जोगी
साहिल दोनों कों देख - तुम् जैसे कमीने मेनेआज तक नहीं देखे हैं
जोगी तारासंग मे राधिमा पूरीशोक हौ जाती हैं साहिल कि बातसुन
जोगी गुस्से मे - तेरी इतनी
उसकेआगे बोल पाता साहिल गन निकाल हाथो मे लेके देखने लगता हैं गन देखते हि जोगी ताराडर केँ कपने लगते hain
साहिल दोनों कों देख - राधिमा मेरीजान हैं औऱ तुम् दोनों मेरीजान कों मरतेआये हौ खैर
साहिल बैग सें 10 लाख निकाल सामने रखते हुवे - यह पैसे तुम्हारे हुवे औऱ राधिमा मेरी तुम् दोनों कां अब सें कोई रिस्ता राधिमा सें नहीं हैं
जोगी ताराशोक पैसे देखते हैं फिन एक् दूसरे कों दोनों लालची थें पैसेदेख आखेचमक जाती हैं
साहिल मन मे - आगे दीपक कि नजर राधिमा पे परती हैं औऱ वोँ राधिमा केँ मा बापू कों पैसे सें हि मुहबंद करवा देता थां मुझेपता हैं इसबार मेनेसभी पहले हि बदल दिया हैं
जोगी - देखो
साहिल बीच मे - नाटक नहीं अच्छा दिखाने कि यहरखो फिन मे आऊगा तौ 10 औऱ दूंगा
इतना सुनते हि जोगी ताराखुश हौ जाते हैं
जोगी - ठीक हैं बेटा राधिमा तेरी हुई
तारा - हा बेटा राधिमा तेरी हुइ लेकेजाओ
साहिल तारा कों देख - अगर आप् अपनी चूत देगी तोँ मे उसके 10 औऱ दूंगा क्याँ बोलती हैं
जोगी तारा राधिमा पूरीशोक मे चले जाते हैं
राधिमा साहिल पे क्रोध करते हुवे - क्याँ कहा आपने
साहिल राधिमा कों गुस्से मे देख डरते हुवे - जान मे तोँ मजाककर रहा थां
राधिमा मुहबना केँ - ठीक हैं यह लास्ट होगा उसकेबाद
साहिल मुस्कुराते हुवे राधिमा कों किस करते हुवे - समझ गय़ा मेरीजान
साहिल - तोँ कहो
जोगी तारा कों देख - राजी हैं मेरी पत्नि मगरयाद सें पैसेदे जानां
साहिल मुस्कुराते हुवे - समझ गय़ा जाइये बाहर्
राधिमा मुह बनते हुवे - ठरकी पति मुझे हि मिलना थां
राधिमा चली जाती हैं
तारा साहिल कों देख - बेटा झेल पायेगा मुझे
साहिल अपना लन्ड दिखाते हुए - आप् झेल पायेगी
साहिल कां लन्ड देखते हि ताराहिल डर जाती हैं
10 मिनटबाद तारा कि दर्दभरी चीख सुनाई देती हैं राधिमा जोगी कों
तारा नीचे लेती थि औऱ साहिल धक्के मारेजा रहा थां तारा कि बॉडी चुचे धक्के सें मस्तहिल रहे थें तारा दर्दमजे मे : उफमा इतनाचैन साहिल बेटेअहह इतना मोटा लम्बा लन्ड लेके मेरी चूत आज खुशी सें रोरही हैं चोद बेटा अपनी ऑन्टी कों अहहयह दर्द मे जोँ मज़ा हैं उफ
साहिल चुदाई करते हुवे - अच्छा अंकल केँ यार सें चुदवाती होँ तौ आनंद नहींआता
ताराशोक मे - तुझेही केसेपता
साहिल चुदाई करते हुवे - डरिये मतराज रहेगा बस मेरे रास्ते मे मत आनां नहीं तौ उपर पहुचा दुगा
30 मिनटबाद
साहिल बाहर् आता हैं औऱ राधिमा कों लेके दोनों केँ समाने सें चला जाता हैं औऱ जोगी तारा देखते रेह जाते हैं
तारा - क्याँ लरका हैं मेरी चूत फार दि मगर जोँ मज़ाआया उफ
जोगी - साली रंडि तेरीबात तौ सही हैं पऱ बहुत खतरनाक भि हैं उसकीआखो मे देखा हैं उसने जौ कहा करेगा भि उससेदूर रहना अच्छा हैं
वही साहिल बाइक पे राधिमा कों लेकेघऱ आते हुवे - रुक केँ देख्ना थां नाँ चली कियु गई
राधिमा साहिल केँ पीठ पे मारते हुवे - छी मे कियु देखती पहले तोँ मे बहुत अच्छा हुयहहु अबपता चला आप् ठरकी हैं बहुत
साहिल हस्ते हुवे - थोरा बहुतझुट तौ चलता हैं
साहिल घऱआता हैं सुमिता अंजलि राधिमा साहिल कमरे मे थें साहिल सभीसच बता देता हैं
सुमिता राधिमा केँ सर पे प्रेम सें हाथ फेरते हुवे - कितने गिरेलोग थें
सुमिता राधिमा कों सीने सें लगा केँ - चिंता मतकरबहु मे हु नाँ तेरीमा
राधिमा भि इमोसनल होके सुमिता केँ बाहों मे समाते हुवे - मां
अंजलि - मे भि हु राधिमा अब केवल प्रेम मिलेगा
साहिल मुस्कुराते हुवे - दिनरात बेड पे
राधिमा सर्म सें लाल हौ जाती हैं वही सुमिता - कितना बेसरम हैं मगर इतना रुपया कहा सें लाया
साहिल - वोँ मे बाद मे अच्छे सें बताऊगा
सुमिता - अच्छा ठीक हैं चल बेटी दोनों कों अकेला छोरदो
दोनों चले जाते हैं साहिल राधिमा कों बाहों मे लेके - तौ मेरीजान
राधिमा - जयदा प्रेम नहीं सुहागरात कों हि देखने करने कों मिलेगा समझगये
साहिल मुहबना केँ - हद हैं दोस्त
राधिमा साहिल कों किस करते हुवे - मेरा बाबू
रात 9 बजे
साहिल सुमिता राधिमा अंजलि साहिल राघव आगन् मे बैठे थें
राघव - यहसभी क्याँ हैं
साहिल - सीधे बताना हु अपने साथी कि बेटी सिलु कों आप् लेना चाहते हैं लेँ लो जौ करना हैं करोमा नहीं रोकेगी
राघवशोक मे क्याँ
सुमिता - हा आप् किसी केँ संगकुछ करो मे नहीं रोकूगी कियुंकी अब मेरा बेटा मेरी चूत कि गर्मी सन्त करेगा आपकी स्थान अब मेरेलाल नें लें लिया हैं
राघव औऱ शोक हैरान हौ जाता हैं
साहिल - जनताहु आप् कितने गिरे हैं आप् स्वयं चाहते थें मा किसी औऱ केँ संग सेक्स करे ताकि आप् सिलु केँ संगखुल केँ कर पाये औऱ माकुछ बोल नां सके
राघव औऱ शोक मे चला जाता हैं
साहिल गन निकाल अपने बाप कों दिखाते हुवे - बाप होँ अच्छे सें रहोगे इज़त करुगा मगरबीच मे आके उंगली कि गये तौ
राघवशोक मे सुमिता सभी कों देखते रहता हैं
राघवमन मे - यह किया हौ रहा हैं हा मे चाहता थां मेरी पत्नि किसी सें चुदवा लें तोँ मेरा मार्ग साफ होँ मगर मेरा बेटा बेटी पत्नि खैर मुझे क्याँ सिलुमिल गई नाँ
राघव - ठीक हैं तुम् सभी कों जौ करना हैं करो तौ मे क्याँ अभि सिलु कों बुला सकताहु
साहिल - देखो तोँ संभल केँ हम् कुछ नहीं बोलेंगे मगर किसी नें आपकोदेख पकर लिया तोँ इतना मारेगे कि लन्ड खरा नहीं होगा आपकाइस लिये संभल केँ जोँ करना हैं करिये बाप हैं इस लियेबोल रहाहु
साहिल मोबाइल निकाल सुलेखा कों मोबाइल करता हैं
साहिल - मेराकाम हुआ
सुलेखा - जी होँ गय़ा जैसाघऱ बोला थां वैसे स्थान लें लिया हैं
साहिल - ठीक हैं 2 दिनबाद मे आँ रहाहु
सुलेखा खुश होके - इंतजार करुगी
मोबाइल कट
साहिल - कल हम् इस स्थान कों छोरनये घऱ जायेंगे इसगाव सेहर सें दूर
राघव हैरान होके किया
साहिल - रोना शुरुआत मतकर देना आपके लिये चूत कां इंतज़ाम मे कर दुगाक
राघव तौ खुशी सें नाच उठता हैं
राघव - तूँ मेरा बच्चा प्यारा बेटा हैं
सुमिता - देखो तोँ सर्म भि नहींआती
साहिल - चलो चलते हैं
सभी कमरे मे चले जाते हैं
1
3 दिनबाद साहिल राधिमा सुमिता अंजलि राघव अपनेनये घऱ कों खरेदेख रहे थें जौ बहुत हसीनबरा थां
सुमिता बहुत हसीन हसीनघऱ हैं
अंजलि - हामा बहुत सुंदर घऱ हैं
राधिमा - हम् इसघऱ मे रहने वाले हैं
साहिल - हा मेरीजान
राघवशोक मे - इतना रुपया कहा सें आया तेरेपास
सुलेखा पीछे सें आते हुवे - मेने दिया हैं
राघव सुलेखा कों देख - आप्
सुलेखा राघव केँ पासआके - हा मे
साहिल मुस्कुराते हुवेचलो अंदर चलते हैं
सब अंदर जाते हैं पूरेघऱ कों देखते हैं बाहर् सुलेखा राघव सें - आपने बेटे नें मेरी बहुत सहायता कि हैं औऱ जानते हैं मेरी चूत मस्त मारी हैं उफ मज़ा आँ जाता हैं
राघवशोक मे चला जाता हैं
सुलेखा जाते हुवे - अच्छा चलतीहु बाय
घऱ देखने घूमने केँ बादशाम कों साहिल सभी कों सोप्पिंग कराने लेकेआता हैं अमीरबन गय़ा हैं तोँ उस हिसाब सें दिखना भि होगा नाँ
शोपिंग करने केँ बादफिन सभीघऱ आते हैं
रात कों कमरे मे अंजलि राधिमा बीच मे साहिल
राधिमा - दिदी मेरे पति हैं आपके छोटा भइया हैं तौ हक जयदा मेरा हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - आते हि हक जमाने लगी मेरा भइया पति भि हैं
राधिमा मुस्कुराते हुवे - भइया सैया भि
सुमिता अंदरआते हुवे - पैदा मेने किया हैं तोँ मेराहक जाता हैं
राधिमा अंजलि - बिल्कुल
सुमिता साहिल केँ पास बैठते हुवे - आगे किया करना हैं
साहिल - करना क्याँ हैं कल विवाह रात कों सुहागरात
राधीमा शर्मा जाती हैं वही सुमिता मुस्कुराते हुवे - सही हैं
अलगेरात 9 बजे
साहिल नें राधिमा अंजलि सें विवाह करलीबैड सजाहुआ थां अंजलि राधिमा बैठे हुवे थें घुघट डाले
तभी सुमिता अंदर अंदरआते हुवे - साहिल बेटा बहु कि पहलीबार हैं तोँ तुम् दोनों अकेले मे सुहागरात बनालो अंजलि बेटी सें विवाह तौ करलीमगर रहेगी तेरी बेहन हि
साहिल - आपनेसही कहा मुझे मेरी बेहन हि चाहिये
अंजलि - भइया मुझे भि तुम् दोनों सुहागरात करलो मे अपने मे जातीहु
साहिल मुस्कुराते हुवे - मा दिदी आप् दोनों जाइये संग मे मजे करिये
राधिमा कां पहलीबार हैं तौ जयदादेर सेह नहीं पायेगी फिन मे आप् दोनों केँ पासआके आप् दोनों कि गांड मारुंगा
सुमिता अंजलि - किया
अंजलि - मुझेलगा हि थां तुँ आज हमारी गांड मारेगा
सुमिता - बहुत दर्द होगा
साहिल - दर्द मे आनंद आयेगा कियु मेरीजान
राधिमा सर्म सें - आप् भि नां
सुमिता अंजलि मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं हम् जाते हैं आज गांड करवा केँ भि देख लेतीहु कितना दर्द मज़ा मिलता हैं
अब केवल राधिमा साहिल थें साहिल राधिमा कों देख मुस्कुराते हुवे बहुत बोलती थि सुहागरात कों देखने करने दुगिअब दिखाओ अपना खजाना
राधिमा सर्म सें - जी आप् स्वयं निकालो नां मेरे कपड़े
साहिल मुस्कुराते हुवे - अच्छा ठीक हैं फिन
आज केँ लिये इतना हि
bhut hi badiya update Diya ajay bhay . bhay apki ek kahani padi thi jisme phone pr task ata thaa aur bete ko mummy k upper karna pdta thaa koy 1 ya 2 update diye the woh kahani achi thi yaar ek dum unique hu sake too use bi shuru karo bhay .
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 21
आज कि रात राधिमा साहिल कि सुहागरात हैं बेचारी राधिमा सर्मिलि थि पहलीबार अपना खजाना अपने पति कों दिखाने वाली थि मगर राधिमा इससमय कां इंतजार भि बेताबी सें कररही थि जोँ इंतजार पुरा होँ चुका थां
साहिल नें राधिमा कों पुरा नँगाकर दिया थां औऱ राधिमा सर्म सें दूसरी तरफ चेहरा करकेआखे बंदकर लेती हैं मगर साहिल बहुत अच्छे सें राधिमा केँ नंगे हसीन बॉडी कों देखता हैं सच मे राधिमा बहुत जयदा हसीन थि औऱ उसकी बॉडी भि जगब् थि साहिल राधिमा केँ चूत देखते हुवे मुस्कुरा केँ - मेरीजान मेरीतरफ देखो औऱ बताओ अपना जंगलजिस दिनसाफ किया हैं
राधिमा साहिल कों देख सर्म सें - छि गंदे पति जी आपको जनके किया करना हैं
राधिमा साहिल कों देख हस्ते हुवे - बतादो नां मेरीजान पति हु
राधिमा सर्म सें - एक् दिन पिछले दिन सुभह
साहिल राधिमा केँ ऊपरआके - तुम् बहुत हसीन हौ जान
राधिमा - आप् भि बहुत हैंडसम होँ
साहिल हस्ते हुवे - तुम्हारी चूत बहुत मस्त हैं
राधिमा शर्मा केँ - छि बेसरम
साहिल - अभि अपना बेसरम पुरा दिखाया कहा हैं मने
साहिल राधिमा केँ चेहरे कों पकरकिस करने लगता हैं राधिमा भि अपने पति कां पुरासंग देने लगती हैं दोनों मजे सें एक् दूसरे केँ होठो कों चूसने लगते हैं रस पीने लगते हैं राधिमा मन मे - एक् खवाइश थि मुझे बहुत प्रेम करने वाला पति मिलेमगर उपर वाले नें मुझे एक् अच्छी मा दिदी पति दे दियाउपर वाले तेरा सुक्रिया
साहिल किस करते हुवे राधिमा केँ गर्दन कों चूमने लगता हैं फिन चुचे कों पकर दबाते हुवेमुह मे लेके चूसने लगता हैं साहिल फिन नीचेपेट जा जांघों कों चूमने लगता हैं राधिमा पूरीगरम होके सिसकिया लेने लगती हैं खाट पे मचलने लगती हैं
राधिमा - अहह पति जी मेने भि इससमय कां इंतजार किया हैं अपनी पत्नि कों प्रेम करिये खाजाओ मुझेअहह पति जी
साहिल पेट ढोरी चूमते चाटते हुवे सीधा राधिमा कि चूत केँ पासआता हैं औऱ राधिमा कि चूत कों चूमता हैं राधिमा सिसक् परती हैं
साहिल चूत कि फाको कों फैला केँ देखता हैं छोटी पिंकछेद थि
साहिल राधिमा कों देख मुस्कुराते हुवे - सील टूटने वाली हैं
राधिमा मदहोसी मे - तोर दीजिये बना दीजिये महिला मुझे
साहिल - वोँ तौ करुगा हि
साहिल सीधा चूत कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं फिनजिब सें चाटने लगता हैं तोँ कभी चूत केँ छेद कों राधिमा साहिल केँ सर कों पकर - अहहयह मज़ा पति जी मुझे बहुत आनंद आँ रहा हैं चुस्टे रहिये मेरी चूत कों अहह
साहिल मन मे - मेरीजान उफ स्वयं कों आजरात केँ लियेरोक केँ रखी थि कितनी गरम चूत हैं जैसेआग लगी हौ
राधिमा साहिल कां सर अपनी चूत मे दबाते कपतेझर जाती हैं
साहिल घुटने पे बैठ राधिमा कों देख मुस्कुराते हुवे - तौ पहलीबार झरके कैसालगा
राधिमा थोरा शर्मा केँ - बहुत जयदाचैन मिला पति जी
साहिल अपना लन्ड पकर - अब दर्द मे मज़ा मिलेगा
राधिमा डरते हुवे - धीरे-धीरे सें पति जी
साहिल लन्ड देखते हुवे - चलोअब तुम्हारी बरी हैं मेरीजान
राधिमा सर्माते हुवे साहिल कां लन्ड पकरमुह मे लेके चूसने लगती हैं साहिल् अहह मेरीजान बसऐसे हि चुसो
राधिमा मन मे - उफ कितना मोटा हैं मुह मे भि नहींजा रहा बहुत अजीबमगर मस्त स्वाद हैं मज़ा आँ रहा हैं
साहिल लन्ड पकर चूत केँ अंदर धीरे-धीरे सें घुसाने लगता हैं टोपा अंदर जाते हि राधिमा दर्द मे टरप् जाती हैं खाटजोर सें पकर लेती हैं साहिल आहिस्ता अपना लन्ड अंदर घुसते जाता हैं फिन राधिमा केँ उपर लेटते हुवे राधिमा कों किस करते हुवे एक् धक्के मे पुरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं राधिमा कि आवाज़ भि अंदररह जाती हैं मगर दर्द मे राधिमा तरपने लगती हैं सिलटूट चुकी थि खून पलंग पे गिररहा थां
साहिल किस करते हुवे सन्त चुचे दबाते रहता हैं 5 मिनटबाद साहिल किस तोरता हैं तोँ राधिमा कों देखता हैं आखो मे आसु थें दर्द थां मगर एक् चैन खुशी भि थि
साहिल - मेरीजान जयदा दर्द तौ नहींहुआ
राधिमा दर्द मे - केसे नहीं होगा गधेे जैसा मोटा लम्बा लन्ड हैं आपका
साहिल हसने लगता हैं तौ राधिमा चिढ़ जाती हैं
साहिल फिन राधिमा कों किस करते हुवे धीरे-धीरे धीरे-धीरे चुदाई करना शुरुआत कर देता हैं दर्द तौ बहुत होँ रहा थां मगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड अपना पुरा स्थान बना लेता हैं अब राधिमा कों दर्द मे मज़ाआने लगता हैं
राधिमा मन मे - इतना लम्बा मोटा लन्ड हैं पति जी कां मेरी चूत केँ अंदर तक अहह जाके मेरी चूत कि हालत खराबकर रहा हैं माअहह यह दर्द
साहिल राधिमा कों देख - आगलगी हैं चूत मे पहले केहता थां करनेदो मगर नां मगर अच्छा क्याँ सुहागरात कों सील टूटीयाद रहेगा
राधिमा शर्मा केँ दर्दमजे मे - उफ पति जी आपनेसही कहा हैं
साहिल राधिमा केँ ऊपर हाथो केँ सहारे लेके चुदाई करने लगता हैं राधिमा पलंग पे लेती दर्दमजे मे अहहउफ माकररही थि साहिल राधिमा कों देख - उफ मेरीजान अलग हि मज़ा आँ रहा हैं
राधिमा - अहहउफ पति जौ थोरा धीरे-धीरे अहह दर्द होता हैं तेज करते हैं तोँ अहह
साहिल खाट पे लेत - चलो आँ जाओ मेरीजान
राधिमा सर्माते हुवे साहिल केँ ऊपरआके लन्ड पकर अपनी चूत केँ छेद पे रखबैठ जाती हैं अंदर लन्ड जाते हि राधिमा अहह करती हैं
साहिल राधिमा केँ कमर कों पकरें नीचे सें तेज धक्के मरने लगता हैं राधिमा दर्द मे मजे मे - उफमर गई माअहह पति जी धीरे-धीरे
साहिल तेज धक्के मारते हुवे - अहह मेरीजान रुकना मुश्किल हैं
साहिल फिन राधिमा कों घोरीबना केँ लन्ड चूत केँ अंदर घुसा केँ चूत कों मसलते हुवे चुदाई करने लगता हैं अब राधिमा कि हालत खराब होनेलग गई थि चूत मे जलन होनेलगी थि इतना मोटा लन्ड अंदर आँ जारहा थां राधिमा - मर गई अहह पति जीअब सेहना मुश्किल हैं
साहिल - बस मेरीजान होँ हि गय़ा
साहिल फिन राधिमा कों नीचे लेता केँ राधिमा केँ ऊपर लेटके तेज धक्के मरने लगता हैं राधिमा भि साहिल् कों कस केँ बाहों मे जकर लेती हैं राधिमा साहिल दोनों झरने वाले थें साहिल एक् तेज धक्के केँ संग अपनागरम माल राधिमा कि चूत मे भर देता हैं फिन राधिमा केँ बगल मे लेत हफने लगता हैं राधिमा कि भि हालत खराब थि
45 मिनट कि चुदाई केँ बाद दोनों रुकगए थें
10 मिनटबाद
साहिल राधिमा कों बाहों मे लेके - तुम् ठीक हौ नाँ जान
राधिमा साहिल केँ बाहों मे साहिल कों देख - दर्दजलन हौ रही हैं मगरयह तौ आपके प्रेम कां दर्द हैं जौ मुझेचैन हि देरहा हैं यह खुशी मे बया नहींकर सकतीबस सोचा थां पति अच्छा मिलेगा मगर ठरकीमिल गय़ा
साहिल हस्ते हुवे - अच्छा जीफिन चुदाई करना शुरुआत करू
राधिमा डरते हुवे - नाँ बाबासूज गई हैं जलन दर्द हैं
राधिमा पलंग पे खुनदेख सिहर जाती हैं
साहिल - निसानी हैं सिल टूटने कि
राधिमा सर्म सें लाल होँ जाती हैं
साहिल राधिमा बातें करते रहते हैं पहलीबार राधिमा कां थां तौ बेचारी थक केँ सो जाती हैं साहिल राधिमा कों प्रेम सें देखता हैं होठो पे किस करते हुवे - जोँ खुशी नहींदे पाया थां इसबार सारी खुसिया दूंगा
साहिल फिन अंजलि केँ कमरे मे आता हैं तौ देखता हैं अंजलि अपनीमा सुमिता कि चूत मजे सें चूसने मे लगी थि औऱ सुमिता सिसकिया लेते हुवेमजे मे खोई थां सुमिता - अहह बेटी चुसो अपनीमा कि चूत कों अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं अहहचूस बेटी अपनीमा कि चूत
साहिल यहसभी देखरहा थां उसका लन्ड जोँ ढीला होँ गय़ा थां पुरा टाइट होकेखरा हौ जाता हैं
सुमिता अंजलि साहिल कों देख मुस्कुरा देते हैं
अंजलि - भइयातोर दि सिलबना दिया महिला
साहिल बेड मे जाते हुवे - हाअब आप् दोनों केँ गांड कि बारी हैं
सुमिता अंजलि सिहर जाते हैं
साहिल - दिदी आप् पहले घोरीबन जाओ
अंजलि सुमिता कों देखती हैं फिन डरते हुवे घोरीबन जाती हैं सुमिता - बेटा धीरे-धीरे गांड मे दर्द होगा
साहिल हस्ते हुवे - पहलीबार हैं तोँ होगा हि
साहिल पहलेथूक लगा केँ उंगली धीरे-धीरे सें अंदर डालके गांड कि छेद फैलाने लगता हैं अंजलि दर्द मे - अहह लन्ड जायेगा तोँ कितना दर्द होगा
साहिल अच्छे सें उंगली अंदर बाहर् करते हुवे - एक् बारचला गय़ा उसकेबाद दर्द नहीं होगा दिदी
सुमिता सभी बैठी हैरान होकेदेख रही थि
साहिल अब लन्ड पकड़ अंजलि कि गांड मे घुसाने लगता हैं लन्ड केसे जैसे अंदर जाने लगता हैं अंजलि पलंगकस केँ पकरें दर्द मे - अहहमर गई मर गई मा बहुत दर्द होँ रहा हैं
सुमिता - बस बेटा होँ हि गय़ा सेह लेँ एक् बारचला गय़ा दर्द नहीं होगा
साहिल लन्ड अंदर घुसते हुवे - उफ टाइट हैं बस होँ गय़ा
साहिल एक् धक्के मे बचा पुरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं अंजलि दर्द मे चीख परती हैं आसु निकलआते हैं
साहिल - उफघुस गय़ा दिदी अब दर्द नहीं होगा
साहिल अब अंजलि कि गांड पकरें चुदाई करने लगता हैं लन्ड नें स्थान बनाली थि धीरे-धीरे अंदर बाहर् होने लगता हैं अंजलि - अहहमा गांड चुदाई मे इतना दर्दफिन ऐसा मज़ाआता हैं अबपता चला मुझे
साहिल सुमिता कों देख चुदाई करते हुवे - मा आपकी गांड तोँ बहुत मोतीबरी हैं औऱ आपकी गांड मरने मे औऱ मज़ा आयेगा
सुमिता डरते हुवे - बरी मोती हैं तोँ क्याँ हुआ तेरा जायेगा तौ दर्द होगा हि
अंजलि - अहह भइयाचोद मेरी गांड कों माअहह आप् कि गांडसच मे बरी हैं भइया कों मज़ा आयेगा
15 मिनटबाद
अंजलि हफ्ते पलंग पे लेत गांड पे हाथ रखते हुवे - मेरी गांड कि छेद फैला दि पूरी तुमने
साहिल हस्ते हुवे - अब अच्छे सें धीरे-धीरे जायेगा
साहिल सुमिता कों देख - मा आपकीबरी हैं
सुमिता घोरी बनते हुवे - जब बेटी नें लेँ लिया तौ मे कियुडरु
सुमिता घोरीबन जाती हैं
साहिल अपनीमा कि गांड पे थूक लगाके एक् उंगली धीरे-धीरे धीरे-धीरे पुरा अंदर घुसा देता हैं सुमिता दर्द मे - अहह बेटा धीरे-धीरे
साहिल धीरे-धीरे धीरे-धीरे उंगली अंदर बाहर् करते हुवे - अहहमा बहुत टाइट गांड हैं आपकी आनंद तोँ बहुतआने वाला हैं
साहिल अच्छे सें उंगली कर करके गांड कि छेद थोराखोल देता हैं
साहिल अब लन्ड पकर् अपनीमा कि गांड कि छेद पे घुसाने लगता हैं मुश्किल सें टोपा अंदर जाता हैं सुमिता दर्द मे - मर गई धीरे-धीरे बेटा
साहिल जोर लगते हुवे - बसमा होँ हि गय़ा बस थोरा औऱ
साहिल आधा लन्ड अंदर घुसा देता औऱ फिन एक् धक्के सें पुरा लन्ड अपनीमा कि गांड मे घुसा देता हैं सुमिता भि दर्द मे चीख परती हैं
आँसू निकलआते हैं
अंजलि - बसमा पुराघुस गय़ा हैं
सुमिता दर्द मे - अहह दर्द हौ रहा हैं
साहिल धीरे-धीरे धीरे-धीरे फिन तेजी सें लन्ड अंदर बाहर् करने लगता हैं औऱ सुमिता अपनी गांड कों फैलाये पकरी रखती हैं
सुमिता - अहहमा अब जाके दर्दकम हुआ हैं उफ अच्छा लगरहा हैं
साहिल गांड मरते हुवे - अहहयह चैनमा आपकी मोती गांड मरने मे अलग हि मज़ा आँ रहा हैं बता नहीं सकता
सुमिता - उफ मेरे बेटे मुझे भि आनंद आँ रहा हैं पहलीबार गांड मरवाने कां आनंद लेँ रहीहु यहअलग हि मज़ा हैं चोद बेटा अपनीमा कि गांड
साहिल अपने लन्ड कों पकर् अपनीमा कि गांड मे अंदर पुरा लन्ड घुसा केँ बाहर् निकाल फिन पुरा अंदर केँ ऐसे हि गांड मरते रहता हैं
साहिल - उफमाअब आपकी गांड कि छेद फैला गई हैं धीरे-धीरे अंदर बाहर् मेरा लन्ड जारहा हैं
सुमिता दर्दमजे मे - उफअहह बेटे तेरा मोटा लम्बा लन्ड गय़ा हैं तोँ मेरी गांड फैलेगी हि अहहचोद बेटा अहहमार मेरी गांड
( 3 महीने बाद )
अंजलि दो महीने कि पेग्नेंट थि औऱ सुमिता राधिमा एक् महीने केँ
दोपहर 2 बजेरहे होते हैं एक् गारी मे बहुत सारे समानरखे थें सोने खाने पीने केँ
सुमिता राधिमा अंजलि साहिल सभी तैयार थें कैप याँ कहे पिकनिक पे जाने केँ लिये
मगर साहिल अपने एक् काम कों पुरा करनेजा रहा थां वोँ थां अपने साथी कों लेके आनां
राघव - सभीजा रहे होँ अच्छे सें जानां
सुमिता साहिल कों किस करते हुवे - मेरे बच्चे कां बाप हैं मेरेसंग
अंजलि भि साहिल् कों किस करते हुवे - मेरे बच्चे केँ बापू भि
राधिमा तोँ कुछबोल हि नहीं पति सर्म सें खरी रहती हैं
राघव - बेटे केँ बच्चे कि माबन गई अच्छा हैं जाओमजे करो
साहिल - जैसे आप् मजे नहीं करतेजा रहे हैं कुछदिन बाद आयेगे
साहिल सबफिन गारी सें निकल परते हैं 3 बजे साहिल उसी झरने केँ पासआता हैं जब वोँ राधिमा दीपक केँ संगआया थां
सुंदर झरने कों देख सुमिता राधिमा अंजलि बहुत जयदाखुश थें मगर साहिल पुराने पस्तयाद मे खोया थां
राधिमा - दिदी कितनी सुंदर स्थान हैं नाँ
अंजलि - हा राधिमा बहुत जयदा हसीन हैं
सुमिता - मेरा बेटा मुझेऐसी हसीन स्थान लेकेआया हैं तेरा बाप तोँ कही घुमाने लेके नहीं गय़ा
साहिल होस मे आके सुमिता कों बाहों मे लेके मुस्कुराते हुवे - मेरे बच्चे कि मा एक् बच्चा करना हैं याँ दूसरा भि
सुमिता सर्म सें - दोकर लेते हैं उसकेबाद नहींकर पाउंगी
साहिल - उफ अभि आप् जवान हैं 4 बच्चे पैदाकर सकती हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - भइया नें बिल्कुल नहींकहा हैं
साहिल - अच्छा तोँ पहलेकैप लगा लेते हैं फिन झरने मे नहायेगे प्रेम करेगे
राधिमा सुमिता अंजलि सभीसमझ जाते हैं
साहिल कैप लगाने लगता हैं सुमिता अंजलि राधिमा भि पूरी सहायता करते हैं आधे घंटे मे कैपलग जाता हैं साहिल - चलोयह काम तौ पुरा हौ गय़ा अच्छा मे आताहु तुम् सभीजाओ नहाओ
राधिमा अंजलि कों जल्दी नंगी होके खुशी सें पानी मे जाने लगती हैं साहिल् कों कों जाते देखता हैं तौ राधिमा अंजलि कि मस्तबरी गांड हिलते देख मुस्कुरा देता हैं वही सुमिता - बहु पहले कितना सर्मती थि मगरअब देखो केसे नंगी होके गांड हिलते जारही हैं तूने हम् सभी कों बेसरम बना दिया हैं
साहिल सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - वोँ तोँ हैं आप् कियुखरी हैं जाइये नंगी होके
सुमिता भि मुस्कुराते हुवे पूरी नंगी हौ जाती हैं साहिल उफमा किया मस्त लगती hain आप् नंगी
सुमिता भि गांड हिलते पानी मे जाने लगती हैं
साहिल जल्द सें तेजी सें अंदर केँ अंदरउसी गुफा मे आता हैं वोँ रोसनी केँ पास जाके साहिल - साथी वादा किया थां आँ गय़ा तुम्हे लेने
साहिल उस रोसनी कों टच करता हैं साहिल फिन बेहोस होँ जाता हैं
साहिल कुछ मिनटबाद होस मे आता हैं औऱ बैठते हुवे - उफ
साहिल सीने कों देख - मित्र कैसो हौ
कोई आवाज़ नहीं
साहिल - मेरेयार जनताहु तुम् मेरे अंदर हौ गोद केँ दूत पथर्दिल थें गोद मे सजा देने केँ लिये
साहिल इतना हि केहता हैं कि एक् आवाज़ - तुम् तुम् मुझे केसे जानते हौ केसे केसे एक् इंसान कों मेरे बारे मे पता हौ सकता हैं
साहिल फिनसच बताता हैं
दूत हैरान होके - क्याँ मेने तुम्हारी तरफ पस्त मे भेजा औऱ कहा मुझे लेनेआने कों
साहिल - हा बिस्वास नहीं होँ रहा
दूत - बिस्वास करना हि पड़ेगा कियुंकी मुझमे वोँ पॉवर हैं किसी कों पस्ट् मे भेजने कि दूसरी तुम् आये सीधाबात करनेलगे सभी जानते होँ मेरे बारे मे यहसाफ हैं सारी बातें सच हैं सुक्रिया मुझे लेनेआने केँ लिये
साहिल - नहींयार तेरा सुक्रिया तूने मुझे पस्त मे भेजाइस वजह सें मे अपनो कों बाचा पायाअब हमे चलना चाहिये औऱ हा स्वयं कों बदललो नहीं तोँ god आयेगें नहीं तुम्हारी तरफ लेने केँ लिये
दूत - ठीक हैं ठीक भइयासमझ गय़ा
साहिल जब झरने केँ पासआता हैं सामने कां सीनदेख दूत - वाउ कियासीन हैं
साहिल - ओये सुधरजा नहीं तोँ पिथर्वि मे रहना परेगा
दूत मुस्कुराते हुवे - चलेगा
साहिल - देखमत सभी मेरीमाल हैं
दूत - अच्छा बाबा मे सोनेचला तुमजे कर
साहिल अंजलि राधिमा केँ पास जाता हैं साहिल कों देख दोनों साहिल सें चिपक जाते हैं औऱ राधिमा झुकते हुवे साहिल कां लन्ड चूसने लगती हैं साहिल अंजकि कों पकर्किस करने लगता हैं वही सुमिता नहाते हुवेयह सभीदेख मुस्कुराते हुवेमन मे - दूरदूर तक नहीं सोचा थां ऐसाकुछ देखुंगी औऱ
सुमिता अपनेपेट मे हाथ फेरते हुवे - अपने बेटे केँ बच्चे कि मा बनुगी मगर मे बहुतखुश हुसभी खुश हैं
साहिल किनारे आता हैं पथर पे पीछे हाथो केँ सहारे बैठ पीछेझुक जाता जाता हैं अंजलि मुस्कुराते हुवे साहिल केँ ऊपरआके लन्ड चूत मे लेके गांडउपर नीचे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं
अंजलि - अहह भइयाइस सुंदर स्थान पे चुदाई करने कां अलग हि आनंद आँ गय़ा हैं मेरे बच्चे केँ पिताजी आप् बहुत अच्छे हैं
राधिमा - दिदी कितना आनंद आँ रहा हैं देखरही हुउफ मेरीबरी हैं अब
अंजलि झरने केँ बाद राधिमा चूत मे लन्ड लेकेमजे सें गांडउपर नीचे करके लन्ड लेने लगती हैं साहिल् सुमिता कों देख - मा आइयेअब आपकीबरी हैं उफ मेरीजान
राधिमा - अहह पति जी बहुत मज़ा आँ रहा हैं
सुमिता भि आकेखरी होके - बहु मज़ा आँ रहा हैं नाँ
राधिमा - अहह मां जी बहुत मज़ा आँ रहा हैं
राधिमा भि झर जाती हैं
अब सुमिता लन्ड चूत मे लेके साहिल् केँ कंघे कों पकरें मजे सें गांडउपर नीचे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं सुमिता - अहह केसे खुले सुंदर स्थान पे अपनी बेटी बहु केँ समाने अपने बेटे कां लन्ड लुगीअहह सोचा नहीं थां मगर बहुत मज़ा आँ रहा हैं
राधिमा - मां जी औऱ पुरा अंदर लीजिये नां
सुमिता पुरा लन्ड अंदर लेते हुवे - अबठीक हैं बहुअहह यह आनंद
राधिमा मुस्कुराते हुवे - हा माँ जीअबठीक हैं आपकी चूत उफरसबहा रही हैं
अंजलि - अरे दोस्त मुझेफिन चुदाई करनी हैं
वही राघव सिलु कों अपने पुराने घऱ केँ कमरे मे सिलु कि चुदाई करने मे लगा थां सिलुखाट पे लेती तांगे उठा केँ चुदाई कां मज़ा लें रही थि औऱ राघव सिलु केँ ऊपर लेता चुदाई करतेजा रहा थां
राघव - अहह मेरीजान मेरी सिलु बहुत आनंदआता hain तेरी चुदाई करके
सिलु - उफ बाबूअहह मुझे भि बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहहमा
राघव - सिलु मेरीजान अपने अंकल कों प्रेम करती होँ नां
सिलु - अहह प्रेम नहीं करती तौ अहह अपनी चूत कां सील आपसे नहीं तोरवाती अहह अंकलअहह चोदो मुझेअहह आनंद आँ रहा हैं
राघव चुदाई करते हुवे - तुम्हे विवाह केँ बाद भि चोदता रहुंगा
सिलु - अहहउफ हा मे भि आउंगी तौ आपकी लेती रहूगी
चुदाई केँ बाद
राघव - सिलु बेटी उफ मज़ाआया
सिलु - उफ अंकल बहुत आनंदआया मुझे भि
राघव मुस्कुराते हुवे - मे आते रहुंगा
सिलु - अब आप् कहा रहते हैं
राघव - हुबता नहीं सकता
राघवमन मे - मेरे बेटे नें गन निकाल बोला हैं मेने किसी कों बताया तौ मेरा बेटा मेरी गांड मे गोलीमार देगा
रात 9 बजे साहिल् सुमिता अंजलि कैप केँ बाहर् आगजला केँ बैठे थें
साहिल् - तोँ मेरे बच्चे केँ ममियो मज़ा तौ आँ रहा हैं नाँ
सुमिता साहिल केँ गोद मे आकेबैठ साहिल कों देख - मज़ा कियु नहीं आयेगा इतनी सुंदर स्थान हैं एक् मर्द हैं जौ अकेले तीन कि चूत सन्तकर सकता हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - बिल्कुल मा नें सहीकहा भइया मे तौ ऐसी स्थान आके बहुतखुश हु
राधिमा - मे भि
सुमिता साहिल केँ लन्ड कों निकाल नाइटी उपर करके लन्ड चूत पे सेट करकेबैठ जाती हैं औऱ साहिल कों किस करते हुवे अपनी गांडउपर नीचे करते लन्ड लेने लगती हैं
राधिमा - दिदी मां जी तौ बहुत बोल्ड हैं कही पे कभो भि शुरुआत होँ जाती हैं
अंजलि - राधिमा मा कों अब जाके वोँ खुशी मिली हैं पूरी जीवनघऱ हमे संभालते निकाल दि पिताजी कही लेके नहीं जाते थें औऱ नां सरीरसुख दे पाये अच्छे सें पऱ अब भइयामा कों हरतरह सें खुश रखता हैं इस लियेमा भि अब साहिल कों पूरीतरह सें प्रेम देती हैं
अंजलि राधिमा साहिल सुमिता कि चुदाई देख दोनों भि मुस्कुराते हुवे पुरे नंगे होँ जाते हैं औऱ साहिल कों देख - हम् भि हैं
साहिल सुमिता अंजलि राधिमा कों देख मुस्कुराते हुवे - आँ जाओ
( the end )
स्टोरी यही पे खतम होती हैं शॉर्ट किस्सा थि दोस्तो उमीद हैं मज़ाआया होगाअब मे एक् नई लोंगबरी किस्सा शुरुआत करनेवाल हु जोँ मेरीसब कहानी सें हटके होगी औऱ मे पुरेमन सें उस किस्सा कों लिखने वालाहु pic gif सभीकुछ अलगनया होगा
लोंग कहानी मेने अभि तक एक् हि लिखीअब दूसरा शुरुआत करने वालाहु
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