भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 16
साहिल अंजलि कों बैड पे लेता केँ किस करने मे लगताहुआ थां अंजलि तोँ पहले सें हि गरम थि साहिल भि पुरेजोस मे थां
साहिल किस करते हुवे अंजलि केँ टिसर्ट कों उपर करके दोनों नंगे चुचे कों पकरते हुवे एक् चुचे केँ निपल कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं अंजलि सिसकिया लेते हुवे साहिल कों देख - अहह भइयाचूस मेरे चुचे कों अहहसभी तेरा हि हैं उफइससमय केँ लिये तरप्रही थि उफ भइया
साहिल निपलमुह मे लेकेमजे सें चूसने हुवेमन मे - उफ कितनी टाइटबरे नर्म चुचे हैं दिदी केँ बहुत मज़ा आँ रहा हैं
साहिल अंजलि केँ केँ टिसर्ट निकाल देता हैं औऱ अंजलि केँ गले चुचे केँ ऊपर चूमने लगता हैं अंजलि औऱ मचल तरप् केँ जोर सें सिसकिया लेने लगती हैं अंजलि - अहह भइया मे पागल नाँ हौ जाऊ अपनी दिदी कों ऐसे हि प्रेम कर मेरी शरीर तेरे प्रेम केँ लिये तरप्रही हैं अहह भइया मुझे प्रेम करजी भरकेकर अहह अच्छा लगरहा हैं
सहिलफिन अंजलि कों किस करता हैं फिन एक् चुचेपकर जोर सें मसल देता हैं फिन दोनों चुचे कों हाथो मे लेकेजोर सें मसलने लगता हैं अंजलि दर्दमजे मे - अहहमर गई भइया दर्दहा रहा हैं इतनीजोर सें अपनी बेहन केँ चुचेमत मसलअहह भइया
साहिल चुचे दबाते हुवे - उफ दिदी किया मस्त टाइट चुचे हैं आपके बहुत हसीन भि दबाने मे आनंद आँ रहा हैं
अंजलि साहिल कों देखजोस गरम होके - दबा लेँ भइयाअहह मा
साहिल नीचेआता हैं अंजलि तांगे फैला देती हैं साहिल अंजलि कि चूत कों चूसने लगता हैं संग मे एक् हाथो सें अंजलि केँ एक् चुचे पकरे दबाने लगता हैं अंजलि पागल होनेलग गई थि मचलरही थि
साहिल चूत चटाने चूसने मे लगा रहता हैं अंजलि अपनी बेहन कि गरमसील पैक चूत कां स्वाद लेने लगता हैं
साहिल मन मे - उफअहह कितनी गरम चूत हैं दिदी कि रस कां स्वाद तोँ उफ शब्द नहीं हैं बहुत आनंद आँ रहा हैं अहह दिदी आपकी चूत अहह
अंजलि खाट पे लेती गांडकमर उठाते हुवे - अहह भइया मे झरने वालीहु अहह भइया करते अंजलि झर जाती हैं
अंजलि हफ्ते हुवे साहिल कों देखती हैं फिन शर्मा जाती हैं
साहिल अंजलि कों देखता हैं जौ खाट पे पूरी नंगी लेती साहिल कों हि देखरही थि
साहिल अंजलि कों देख - दिदी सच मे आप् बहुत सुंदर हैं यह नजारा अपनी बेहन कों नँगा देख्ना हर भइया कां एक् सपना होता हैं
अंजलि साहिल कों देख - मगर तेरा सपनासच हौ गय़ा
साहिल - हा दिदी आपको पाके मे बहुतखुश हु
अंजलि - मेरे भइया मे सबसे जयदाखुश हुबरी बेहनहु तेरीमगर केसे तूने मेरादिल जीत लिया प्रेम करनेलगी हु तुझसे अब मेरासभी कुछ तुही हैं
साहिल - वादा हैं दिदी बहुत प्रेम दूंगा रानीबना केँ रखुंगा
अंजलि मुस्कुराते हुवे - जानती हुअबआगे करना हैं याँ नहीं
साहिल मुस्कुराते हुवे - रहा नहींजा रहाहा
अंजलि सर्म सें - हा नहींरहा जाता
साहिल अंजलि केँ टाँगों केँ बीच घुटने पे बैठ केँ अंजलि केँ चूत केँ फ़ाकेअलग करके देखता हैं तौ एक् छोटा सां छेद दिखाई देता हैं वही अंजलि सिहर जाती हैं शर्मा जाती हैं
साहिल अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - मेरीसील पैक दिदी छेद बहुत छोटा हैं मगर मेरा मोटा लन्ड जायेगा तौ खुल जायेगा
अंजलि - भइयातोर देसील मेरी चूत कि बना लेँ मुझे अपनी महिला
साहिल जोस मे - जी दिदी
साहिल लन्ड पकर चूत मे घिसते हुवे धीरे-धीरे सें अंदर घुसने लगता हैं जैसे जैसे लन्ड अंदर जाने लगता हैं अंजलि दर्द मे खाटजोस सें पकर लेती हैं साहिल एक् धक्के मरते हुवे पूरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं अंजलि दर्द मे चीख मारती हैं आखो सें आसु निकलआते हैं साहिल देखता हैं पूरा लन्ड अंदरघुस गय़ा हैं औऱ चूत सें खून निकलरहा हैं
साहिल अंजलि कों देखते हुवे निपल मसलते हुवे - दिदी आप् ठीक तोँ हैं जयदा दर्द तोँ नहीं हौ रहा नाँ
अंजलि साहिल कों देख दर्द मे आखो मे आसु लिये - भइया बहुत दर्द होँ रहा हैं मुझेमगर तूँ रोकना मत मुझेपता थां दर्द होगा तुँ करतारह
अंजलि बैडजोर सें पकरे दर्द कों सहने कि कोसिस कररही थि
साहिल अपने लन्ड कों देखता हैं होँ पूरा चूत केँ अंदर घुसा थां
साहिल मन मे - जैसा सोचा थां अंदर तौ आगलगी हैं मेरा लन्ड जलरहा हैं उफ अंदर घुसाने मे मुझे भि अहह हल्का दर्दहुआ
सहिल अंजलि केँ ऊपर पूरालेत केँ धक्के मरने लगता हैं अंजलि साहिल केँ सर कों पकरे दर्द मे - अहह भइया इतनाजोर सें मतकर बहुत दर्द होँ रहा हैं अहहमर गई मा
साहिल धक्के मारते हुवे - दिदी अहह आपकी टाइटगरम चूत मरने मे जोँ मज़ा आँ रहा हैं बता नहीं सकताहु मे रुक नहीं सकताआज मे आपकी चूत चुदाई करकेफार दूंगा अहह दिदी मज़ा आँ रहा हैं
साहिल फिन घुटने मे बैठ धक्के मरने लगता हैं अंजलि साहिल कों देख रोते हुवे - मर गई भइया इतनीजोर सें धक्के मतमार
साहिल अंजलि कों देखतेज धक्के मरते हुवे - अहह दिदी पहलीबार हैं आपका दर्द होगा हि अहहमगर मेनेकहा नां सेहलो मे रुक नहीं सकता
साहिल तेज धक्के मरते हुवे अपने मोटे लन्ड सें अंजलि कि चूत कि छेद सें पानी निकलने लगता हैं
धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंजलि दर्द मे जयदा आनंद लेने लगती हैं दर्द तौ होँ रहा थां मगरअब चूत कि गर्मी दर्द मेहसूस होनेकम देरही थि
साहिल अंजलि कों बैड पे पेट केँ बल लेता केँ अंजलि केँ ऊपरआके किस करते हुवे चुदाई करने लगता हैं साहिल पूरा लन्ड बाहर् अंदर करकेपेल रहा थां अंजलि खाट पे पेट केँ बल लेती अपनी मोती पहार् जैसी गांड दिखते हुवे चुदवा रही थि आनंद लेँ रही थि
अंजलि किस तोरके - अहह भइयाचोद मुझे अपनीबरी बेहन कों अहहअब मुझे बहुत आनंदआने लगा हैं अहहयह आनंद भइया सें चुदवाने कां सभी सें अलग हैं अहहचोद भइया औऱ पेल मेरी चूत मे अपना लन्ड
साहिल धक्के मरते हुवे - अहह दिदी पेल तोँ रहाहु उफ दिदी
अंजलि फिन साहिल कों बैड पे लेता केँ लन्ड कि सवारी करने लगती हैं अपनी गांड कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगे पीछे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं
साहिल अंजलि केँ गांड सेहलाते हुवे - उफ दिदी आप् कमालकर रही हैं मस्त सवारी कररही हैं आप् अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं
अंजलि पूरीजोस मे गरम होके साहिल कों देख - अहह मेरे भइया मज़ा तोँ सबसे जयदा मुझे आँ रहा हैं तेरे मोटे लन्ड कि सवारी करने मे
अंजलि साहिल केँ ऊपरलेत तेजी सें गांडउपर नीचे करते हुवे लन्ड घप्घप् लेने लगती हैं अंजलि - अहह भइया मे फिन झरने वालीहु
अंजलि झरने वाली थि इस लिये तेजी सें अपनी गांड चलते हुवे लन्ड चूत मे लेतेजा रही थि साहिल कां मोटा लम्बा लन्ड भि बरे धीरे-धीरे अंजलि कि चूत केँ अंदर बाहर् हौ रहा थां
अंजलि साहिल कों पकरे - अहह भइया आँ गय़ा अहह भइया
अंजलि झर जाती हैं 3 बार
साहिल फिन अंजलि कों घोरी बनकेकमर पकरेतेज धक्के मरते हुवे - दिदी बेहन कों चोदने कां अलग हि मज़ाआता हैं
अंजलि घोरीबनी चुदाई धक्के कां मज़ा लेते हुवे - उफ भइयाअहह तूनेसही कहा बहुत आनंद आँ रहा हैं भइया सें चुदवाने मे चोद भइया अपनी बेहन कि चूत कों आजफार देअहह अंदर तक घुसा अपना लन्ड
साहिल धक्के मरते हुवे - यहलो दिदी अंदर तक मज़ा आँ रहा हैं
अंजलि - भइयाअहह हा अंदर तक तेरा लन्ड जारहा हैं चोदते रहअहह
साहिल फिन अंजलि कों पलंग पे लेता केँ चुदाई करने लगता हैं अब साहिल भि झरने वाला थां अंजलि केँ उपर लेतातेज धक्के मरते हुवे - अहह दिदी मे झरने वालाहु
साहिल एक् शॉट अंदर तक लन्ड घुसा केँ झरने लगता हैं फिन घुटने मे बैठ अपना लन्ड चूत सें निकलता हैं तौ फक केँ संग लन्ड बाहर् आते हि चूत सें गरमगरम साहिल कां माल बाहर् गिरने लगता हैं
अंजलि भि मस्त होँ जाती हैं चूत मे अपने भइया कां गरममाल लेके
साहिल अंजलि खाट पे लेत जाते हैं हफने लगते हैं पसीने सें भीगे हुवे थें 10 मिनटबाद
साहिल अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - कियाहुआ दिदी जोसखतम होते हि दर्दफिल होनेलगा क्याँ
अंजलि साहिल कों देख दर्द मे चूत पे हाथरखे हुवे - भइया तूनेसही कहाअब बहुतजलन दर्द होनेलगा हैं अहह
साहिल हस्ते हुवे - मुझे तोँ पहले सें पता थां जीतने जोस मे स्वयं रही थि अबआया स्वाद
अंजलि कों कि तरफ करवट लेते हुवे - जयदा बोला नाँ लन्ड काट दुगी तेरा
साहिल हस्ते हुवे - मेरा लन्ड कट दोगी तोँ आपकी चूत कि आगकोन ठंडी करेगा
अंजलि - कितना बेसरम भइया मिला हैं मुझे
साहिल मुस्कुराते हुवे - बेसरम होके तौ आप् चुदवा रही थि
अंजलि साहिल कों मारते हुवे - तूँ नहीं मनेगा
साहिल अपने आप् कों बचाते हुवे - सन्त दिदी रोकजाओ
साहिल अंजलि कों बाहों मे लेके प्रेम सें - मज़ाआया नां
अंजलि सर्म सें - मज़ा तौ बहुतआया भइयामगर दर्दजलन अब मेरीमार रही हैं
अंजलि बैड पे देख - भइया बहुतखुन निकाल दिया तूने
साहिल खाट पे खूनदेख - हा आपकीसील तोरी उसका हैं
साहिल पलंग केँ ऊपर दूसरी चादर डालके दोनों फिनलेत जाते हैं
अंजलि - फिन नहीं करना हैं
साहिल - आपकी चूत कि हालतठीक नहीं हैं वैसे भि आप् मेरी हैं
अंजलि साहिल केँ सीने पे सर रखते हुवे - हा मे तेरीहु
दोनों किस करते हैं फिनसो जाते हैं
सुभह 10
सुभह अंजलि कि हालतदेख सुनीता हस्ते हुवे - क्याँ हुआ मेरी भांजी कों चला भि नहींजा रहाचोट लग गई क्याँ
अंजलि सुनीता कों देख - हाहा लेँ लोमजे मेरे
सुनीता साहिल कों देख - लगता हैं स्वयं मजे कियेरात कों
साहिल मुस्कुराते हुवे - आप् कों लेने हैं तोँ बोलिये
सुनीता - नाँ बाबा बहुतकाम हैं
साहिल अंजलि कों किस करते हुवे - दिदी मे आताहु
अंजलि प्रेम सें - ठीक हैं जल्द आँ जानां
साहिल चला जाता हैं तोँ सुनीता - वाउ इतना प्रेम भइया कों पति बना लिया
अंजलि - औऱ क्याँ मेरे भइया जैसाकोई नहीं मेरा पति तौ मेरा भइया हि हैं
सुनीता मुस्कुराते हुवे - वाउ अच्छा हैं वैसेसील टूटी तौ दर्द बहुतहुआ होगा
अंजलि रात कां सीनयाद करके - बहुत दर्दहुआ थां मामीजी वोँ दर्द अभि भि हैं
साहिल कोमल केँ घऱआता हैं कमरे मे साहिल कोमल बैठे होते हैं
साहिल 5 लाख कोमल कों देते हुवे - यह 5 लाख जैसा मेनेकहा थां कर्ज चुका देना बचेंगे उसका अपनेकाम कर लेना
कोमल पैसे लेके एक् स्थान रखते हुवे - ठीक हैं सायद मेरी भाग्य मे यही लिखा थां लाला सें अच्छा तेरे नीचेआने मे इतना बुरा नहीं लगेगा
साहिल कोमल कों खाट पे गिरा केँ कोमल लें उपरआके - कितने दिन हौ गये आपकी चूत मे लन्ड गये हुवे
कोमल साहिल कों देख - गंदी बातें नहीं बेटा जोँ करना हैं करोजाओ
साहिल - करना परेगा बोलिये
कोमल - हफ्ते सें जयदा होँ गये
साहिल - कियु अंकल चुदाई नहीं करतेरोज जबकि आप् तौ बहुत हसीन जवान होँ
कोमल - साहिल बेटे मे जवान दिखती हुमगर तेरे अंकल कि उमर होँ गई hain
साहिल - हा वोँ तौ हैं जब जयदामन करता हैं तोँ चूत मे उंगली करती होगी
कोमल थोरा सर्म सें - तोँ औऱ क्याँ कर सकतीहु
साहिल मुस्कुराते हुवे - यानी चूत मे बहुत गर्मी हैं निकाल दूंगा अभि
साहिल कोमल कों किस करने लगता हैं कों चुचे दबाने लगता हैं हफ्ते सें जयदा नाँ चुदने सें कोमल कों एक् जवान लरके केँ नीचे लेतीकिस चुचे डबवाने कां एहसास कोमल कों अच्छा लगने लगता हैं
1 घंटेबाद
साहिल कोमल कि मस्त चुदाई करके सीधा सुलेखा केँ पासआता हैं
सुलेखा साहिल कों देखखुश होके - आँ गये आप्
साहिल सुलेखा कों देख - आँ गय़ा मेराकाम हुआ
सुलेखा - जी एक् अच्छा घऱ ढूढ़रहे ह जल्दमिल जायेगा
सुलेखा साहिल कों कमरे मे लेकेआती हैं औऱ पूरी नंगी होके - मालिक मेरी चूत मे फिनआग लग गई हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - रण्डी तेरीआग मे ठंडाकर देताहु
सुलेखा नंगी तांगे फैला केँ लेत जाती हैं साहिल भि नँगा होके सुलेखा केँ ऊपरआके चुदाई करने लगता हैं सुलेखा - अहह मालिक चोरिये अपनी रण्डी कों अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं
साहिल धक्के मारते हुवे - मेरी रण्डी तेरी चूत मस्तगरम हैं बहुत मज़ा आँ रहा हैं तेरी जैसी रण्डी चुदने मे अहह
10 मिनट हुवे हि थें कि दरवाजे मे अमर सामने कां सीनदेख शोक पागल होकेजोर सें - मा
सुलेखा शोक मे दरवाजे कि तरफअमर कों देख हैरान होके जल्द सें अपना जिस्म कों धक लेती हैं वही साहिल अमर कों देख मुस्कुरा रहा थां
असल मे साहिल नें हि अमर कों मोबाइल करकेघऱ आने कों बोल दिया थां साहिल चाहता थां अमरआखो सें अपनीमा कों रण्डी कि तरह चुदते देखे औऱ वैसाहुआ भि
अमर गुस्से सें पगल होके साहिल कों मरने जाता हैं
अमर - साले कमीने तेरीयह हिम्मत
अमर साहिल कों मरता उससे पहले साहिल एक् जोरदार चाटे मरता हैं औऱ अमर सीधाबैड पे जाके गिरता हैं अमर कां सर चकरने लगता हैं
सुलेखा - अमर बेटा संत हौ जाओ
अमर गुस्से सें - यहसभी क्याँ हैं मा
साहिल मुस्कुराते हुवे - देख नहींरहा मे तेरी रण्डी मा कों चोदरहा हु
इतना सुनते हि अमरफिन गुस्से सें साहिल कों मरने जाता हैं उसबार साहिल अमर केँ गले कों पकर धीरे-धीरे सें कान मे - पूजायही नाम हैं नाँ उस लरकी कां जिसको तुम् अपनेयार केँ संगरेप किया बेचारी मर गई तुम् तेरे साथी नें लासजहा जमीन मे गारा हैं पता हैं मुझे एक् नहीं 3 औऱ कां रेप किया उसके भि नाम बताऊं कियाकहो तेरीमा कों बताऊं पुलिस वाले कों बताऊं तुँ एक् रेपिस्ट कातिल हैं
अमर कि हवा निकल जाती हैं अमर कि पूरी बॉडी कपने लगती हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - रुपया हैं तेरेपास मगर जौ सबूत मिलेंगे तुम्हें कोईबचा नहीं पायेगा तोँ चुपचाप मा कों बोल तेरीकोई दिकत नहीं औऱ चलाजा समझ गय़ा
साहिल अमर कों छोर देता हैं फिन मुश्किल सें अमर सुलेखा कों देख - मा आप् दोनों लगीरहो मुझेकोई दिकत नहीं हैं
अमरयह केहचला जाता हैं औऱ सुलेखा शोक मे
अमर कपते डरते बाहर् आकेमन मे - केसे केसे साहिल कों सभीपता हैं केसे
साहिल मन मे - पास्ट् देखामगर इन जैसे बुरे लोगो केँ काले कांड भि देखासच कहु तोँ दिल करता हैं सभी जौ जाकेजान सें मारदु मगर मजबूर हु
साहिल फिन सुलेखा कि चुदाई करने लगता हैं चुदाई केँ बाद सुलेखा साहिल सें - तूने क्याँ कहा जौ
साहिल बीच मे मुस्कुराते हुवे - राज कों राज रहनेदो चलताहु
साहिल फिन नीचेआता हैं अमर कों बैठादेख मुस्कुराते हुवेचला जाता हैं
साहिल बाहर् आकेचैन कि सासू माँ लेते हुवे - बदलायहा कां पूराहुआ भोलाबस तुझसे बदला लेना बाकी हैं आँ रहाहु मे आज
साहिल कों राधीमा कि यादआते हि - मेरीजान तुम को देख्ना हैं आजआते हि घऱ तुम को देखने आऊगा
साहिल मोबाइल निकल सुमिता कों मोबाइल करते हुवेघऱ जाने लगता हैं
सुमिता - हा मेरेलाल शाम कों आँ रहा हैं नां
साहिल - जीमा दिदी भि आँ रही हैं
सुमिता हैरान होके - मुझेलगा महीने रहेगी
साहिल मुस्कुराते हुवे - नहींसंग आयेगी मा मेरी सेक्सी मा
सुमिता शोक मे - तूने क्याँ बोला
साहिल भोलेपन मे - सेक्सी
सुमिता - कहा सुना तूने
साहिल - मामाजी मामीजी कों बोलरहे थें तोँ सुना
सुमिता सरपकर - बेटा पति पत्नि कों केह सकता हैं बेटा मा कों नहींसमझ गय़ा
साहिल - मे तौ कहुंगा आप् बहुत सुंदर सेक्सी हैं आपके जैसाकोई नहीं मेरीमा जैसाकोई नहीं
सुमिता थोरा सर्म सें - सुन तुम्हे मे सच मे सेक्सी सुंदर लगतीहु
साहिल मुस्कुराते हुवे - जीमा बहुत सुंदर सेक्सी हैं आप्
सुमिता कों बहुत अच्छा लगता हैं सुनके
सुमिता - सुन मेरे भोलेलाल सबके सामने मत बोल्ना मुझे अकेले मे बोल सकता हैं
साहिल खुश होके - ठीक हैं मेरी सेक्सी मा
सुमिता हस्ते हुवे - बेसरम
साहिल - मा एक् मीठी किस्सी दोमा
सुमिता हस्ते हुवे - उमाउमा अबखुश
साहिल - बहुतखुश माआके आपकोकिस करुगा बरा आनंद आयेगा
सुमिता हस्ते हुवे - अच्छा बाबाआके लें लेनाकिस
मोबाइल कट
सुमिता मन मे - मेरा भोला बेटा केसे समझाऊ आनेदो तोँ बात करनी परेगी अच्छे सें समझाना होगा पऱ पता नहीं कियु मुझे बहुत खुशी अच्छा लगता हैं उसके बातो सें किस मांगने सें
शाम 3 बजे
साहिल अंजलि घऱ केँ लिये निकल परते हैं आधे रास्ते पे साहिल एक् सुमसान् रास्ते पे पेर् केँ नीचे बाइकरोक देता हैं
अंजलि नीचेउतर साहिल कों देख - कियु रोका बाइक
साहिल मोबाइल निकाल अरुण कों वीडियो भेज देता हैं अपनी कोमल कि बीच चुदाई कि
साहिल आने सें पहले कोमल कि एक् बारफिन चुदाई करने वीडियो बनाली थि
साहिल वीडियो केँ संग एक् मैसेज भेजता हैं
मैसेज
ऑन्टी पे क्रोध नहीं करना नाँ किसी कों बताने कि कीसिस नहीं तौ यह वीडियो वाइरल् कर दूंगा सोचरहे होगे मेनेऐसा कियु किया तोँ तुम्हारी तरफ जानने कि जरूरत नहीं हैं
अरुणघऱ पे हि थां वीडियो जैसे हि आती हैं देख गुस्से सें पागल होँ जाता हैं मगर मैसेज पढ़के सन्तमगर अंदर क्रोध भरा थां
अरुण सीधा कोमल केँ पास जाता हैं
अरुण कोमल कों गुस्से सें देख वीडियो दिखते हुवे - मायह किया हैं बताओ वोँ कमीना आप् छि
कोमल अरुण कों देख सन्त आवाज़ मे - लाला कां कर्ज हम् चुका नहींपा रहे थें लाला मुझेबैड पे बुलारहा थां
कोमल पैसे निकाल अरुण केँ सामने रखते हुवे - साहिल नें दिया 5 हैं अबमुह बंद रखना पिताजी कों बोला तोँ अच्छा नहीं होगा
अरुणआसु बहते हुवे - पऱ कियु
कोमल-माफ करना बेटेयही होना लिखा थां सभीभूल जा
कोमल एक् लाख अरुण कों देते हुवे - यह तेरे हैं जौ करना हैं कर बाकीयह पैसे लाला केँ मुह पे मारके आँ
अरुण पैसे लेके बाहर् आता हैं सीने मे दर्द लिये क्रोध साहिल केँ लिये बहुत थां मगरकुछ कर नहीं सकता थां
कोमलमन मे - साहिल तूने कियु वीडियो मेरे बेटे कों दिखाई कियु
यहा अंजलि साहिल सें - कहाखो गये
साहिल होस मे आते हुवे - कही नहीं
साहिल अंजलि कों बाहों मे लेके - किया कहती हैं एक् राउंड होँ जाये
अंजलि साहिल कों बाहों मे कसते हुवे - तेरीहु जब बोले नंगी होँ जाउंगी
साहिल - इतना प्रेम
अंजलि किस करते हुवे - जब तुम्हें अपनासभी मान चुकीहु तोँ प्रेम करुगी हि
अंजलि नीचे सें नंगी होके बाइक पे झुक जाती हैं औऱ साहिल पीछे सें लन्ड घुसा देता हैं अंजलि - अहह भइयारोड मर गई रोड साइड अपनी बेहन कों चोदरहा हैं कोईदेख लेगा तोँ
साहिल धक्के मारते हुवे - अभि तोँ कोई नहीं आँ रहा हैं उफ दिदी
अंजलि - अहहउफ भइया आनंद आँ रहा हैं रोड साइड चुदवाने मे चोद भइयाजहा दिलकरे मुझेचोद मे नंगी लुगी
15 मिनटबाद
अंजलि कपड़े सही करते हुवे - कोईआया नहीं अच्छा हैं तूनेफिन मेरी चूत कां दर्दजलन बढ़ा दिया
साहिल मुस्कुराते हुवे - मज़ा नहींआया
अंजलि साहिल कों प्रेम सें देख - मेरा भइया चोदे मुझे मज़ा नाँ आयेऐसा होँ सकता हैं
साहिल बाइक पे बैठ - चले
अंजलि बाइक पे बैठ साहिल कों पकर - चलो
साहिल फिन निकल परता हैं अपनेघऱ
आज केँ लिये इतना हि
Mast update h lekin sad part yeh h kee jis raftar say kahani jaa rahi h isse too yeh lagta h next 3-5 update mai kahani over hu jayega. lekin still mast kahani h
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 17
कोमल पलंग पे नंगी लेती हुइ थि सहिल केँ मोटे लन्ड देखशोक मे काप्रही थि साहिल कोमल केँ सामने अपने मोटे लन्ड कों हाथो मे पकरे कोमल केँ नंगे शरीर कों देखरहा थां
साहिल कोमल कों देखते हुवे ऑन्टी आपकी बॉडी बहुत कमाल कि हैं आपकी चुचेकमर छोटे बालो वाली फूली चूत मोटे जांघे गोरा जिस्म इस चुदाई कों आप् भूल नहीं पायेगी असली चुदाई किया होती हैं मे आपको एहसास करवाने वालाहु
कोमल साहिल कों देख - मुझे नहींपता जोँ करना हैं जल्दकरो मे नहीं चाहती कोई आँ जाये
कोमलमन मे - एक् जवान लरके केँ सामने नंगी लेतीहु एक् जवान लरके सें चुदने वालीहु अजीब एहसास हैं औऱ इतना मोटा लन्ड हैं साहिल कां डरलगरहा हैं
साहिल पलंग पे कोमल केँ ऊपरआता हैं कोमल कों किस करने लगता हैं फिन दोनों चुचेजोर सें दबाने लगता हैं उसकेबाद एक् चुचेमुह मे लेके चूसने लगता हैं कोमल सिसकिया लेने लगती हैं बैडजोर सें पकर लेती हैं कोमलमन मे - अहहयह एहसास मुझे अच्छा लगरहा हैं मेरेबदन कों एक् जवान लरका प्रेम कररहा हैं
सहिलमन मे - अंदरआग तौ हैं पता नहीं कितनी स्त्री स्वयं कों रोक केँ रखती हैं सभी सेहते हुवे जीती हैं
साहिल चुचे चूसने केँ बाद धीरे-धीरे नीचेपेट चूमते हुवेआता हैं औऱ चूत केँ फ़ाके फैला केँ जिब सें चटने लगता हैं कोमल मचलने लगती हैं जोर सें सिसकिया लेते हुवेमन मे - अहह साहिल क्याँ कररहा हैं उफमर गई
साहिल मजे सें चूत चाटते हुवेमन मे - स्वाद अच्छा हैं मगर मुझे तौ मा केँ चूत कां स्वाद लेना हैं दिदी कां तौ लें लियाउफ मस्त स्वाद थां
4 मिनट चाटने केँ बाद कोमल कपते हुवेझर जाती हैं
साहिल कोमल कों देख मुस्कुराते हुवे - चूत मे इतनीआग हैं
कोमल हफ्ते हुवे - आग हैं बहुत इसकायह मतलब नहीं किसी सें अहहचुद जाऊ
कोमलमन मे - अहह चूत चूसा जाता हैं पता नहीं थां अहह बहुत आनंदआया मे इतनाजोर सें जल्द पहले नहींझरी थि
साहिल पलंग पे लेत केँ - आपकीबरी मेरे लन्ड कों मुह मे लेके चुसो
कोमल हैरान होके - क्याँ
साहिल मुस्कुराते हुवे - प्रश्न नहींकरो मज़ा आयेगा यकीन मानिये
कोमल साहिल केँ लन्ड केँ पास बैठते हुवे - ठीक हैं
कोमल साहिल केँ लन्ड कों पकर झुकते हुवेमुह मे मे लेके चूसने लगती हैं ठोरीदेर बाद कोमलमजे सें लन्ड चूसने लगती हैं साहिल मुस्कुराते हुवे - अहह ऑन्टी बसऐसे हि चुसो मज़ा आँ रहा हैं
कोमल लन्ड मजे सें चुस्टे हुवेमन मे - अहह लन्ड चूसने मे इतना मज़ाआता हैं दिलकर रहा हैं चुस्टे रहुअहह गरमगरम स्वाद उफमा मेरी चूत पानी निकलने लगी हैं इतनाजोस गरम मे पहले नहीं हुई
6 मिनटबाद
साहिल कोमल कों पलंग पे लेता केँ टाँगो केँ बीचआके लन्ड चूत पे घिसते हुवे अंदर घुसाने लगता हैं कोमल दर्द मे - धीरे-धीरे मर गई
साहिल कोमल कों देख - बस होँ गय़ा अहह बहुत टाइट हैं चूत आपकी
साहिल एक् धक्के मारते हुवे पूरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं कोमलजोर सें दर्द मे चीख परती हैं रोने लगती हैं
कोमल - मर गई मा बहुत दर्द हौ रहा हैं सहिल बेटे
साहिल - बस ऑन्टी चला गय़ा अंदरअब मज़ा आयेगा
साहिल अब कोमल केँ ऊपर पूरा लेटते हुवे धक्के मरने लगता हैं कोमल साहिल कों बाहों मे पकरे - अहह साहिल बेटेअहह मर गई
साहिल चुदाई करते हुवे - ऑन्टी बहुत टाइटकसी चूत हैं आपकी
कोमल - अहहमा बेटे तेरा लन्ड बहुत मोटा हैं अहह धीरे-धीरे करोअहह
साहिल चुदाई करते हुवे - उफ ऑन्टी बहुतगरम चूत हैं आनंद आँ रहा हैं
साहिल फिन घुटने पे बैठ कोमल केँ दोनों हाथ पकरे चुदाई करने लगता हैं अपना मोटा लन्ड चूत केँ अंदर पेलने लगता हैं
साहिल चुदाई करते हुवे - आनंद आँ रहा हैं याँ नहीं ऑन्टी
कोमल - अहह साहिल बेटेकुछ मतकेह बस चोदते रह मेरी चूत कों
साहिल मुस्कुराते हुवे - जैसा आप् कहेअहह मस्त चूत हैं आपकी
साहिल फिन कोमल कों घोरी बनके धक्के पे धक्के मरने लगता हैं कोमलअहह मा साहिल बेटेचोद अपनी ऑन्टी कों बहुत आनंद आँ रहा हैं अहह इतना आनंद मुझे पहले नहींआया आज मेरी चूत फारदो.
साहिल चुदाई करते हुवे - कहा थां नाँ असली चुदाई कां आनंद दुगा
साहिल चुदाई करते जाता हैं कोमल घोरीबने लन्ड लेती रहती हैं
55 मिनटबाद
कोमल कि हालत खराब हौ गई थि पसीने सें भीगी हफ्ते जारही थि
थोरिदेर बाद साहिल कपड़े पहनते हुवे - आनंदआया
कोमल साहिल कों देख हफ्ते हुए - कहना तौ नहीं चाहती मगर साहिल बेटे असली चुदाई कां आनंद तूने हि दिया एहसास करवाया हैं
साहिल - जब आऊगा तोँ चूत देगी
कोमल साहिल कों देख - हा दूगीऐसा आनंदकोन नहीं लेना चाहेगा
साहिल मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं फिन मे चलताहु शाम कों घरजाने सें पहले एक् बारफिन चोद केँ जाउंगा
कोमल - ठीक हैं बेटा
साहिल चला जाता हैं औऱ कोमल अपनी चूत कों पलंग कों देखमन मे - यकीन नहीं होता मेरीऐसी हालत एक् लरके नें कर दि अच्छा हुआ साहिल सें चुद गई लाला कमीना केँ पास जाती तौ उफ
उसकेबाद साहिल शाम कों आता हैं कोमल कों चोदते हुवे वीडियो भि बना लेता हैं फिन अंजलि कों लेकेघऱ निकल परता हैं
अब पर्जेंट
साहिल घऱ आँ जाता हैं अंदर जाते हि सुमिता साहिल कों देखखुश होकेलगे लगा लेती हैं साहिल भि सुमिता कों बाहों मे भर लेता हैं फिनगाल पे किस करते हुवे - मेरी प्यारी मा हम् आँ गये
सुमिता मुस्कुराते हुवे - हादेख रहीहु
सुमिता अंजलि कों देख - तूँ रहने वाली थि नाँ मामाजी केँ यहा
अंजलि - हामगर आँ गई
अंजलि मन मे - बता नहीं सकती वाहा क्याँ क्याँ हुआ हैं औऱ आपकी बेटी कि सीलटूट चुकी हैं स्त्री बन चुकी हैं आपके बेटे कि
साहिल घऱ पे कुछ मिनट हि रुकता हैं फिन सीधा राधीमा केँ घऱ केँ बाहर् आके बाइकलगा केँ खरा होँ जाता हैं साहिल बहुत बेचैन बेताब थां राधीमा कों देखने केँ लिये
शाम 4 बजरहे थें
साहिल बेचैन होके - राधीमा बाहर् आओ एक् नजर देख्ना हैं
तभी राधीमा बाहर् आती हैं पानी लेने केँ लिये साहिल जैसे हि राधीमा कों देखता हैं बहुत इमोसनल हौ जाता हैं आखो सें आसु निकलआते हैं साहिल आसुसाफ करते हुवे - कितनी सुंदर प्यारी लगरही हौ तुम्
राधीमा पानीजब भर लेती हैं तब राधीमा कि नजर साहिल पे जाती हैं जोँ उसेदेख रहा होता हैं राधीमा मन मे - कोन हैं यह लरका जौ मुझे घूरेजा रहा हैं
राधीमा साहिल केँ पासआने लगती हैं तौ साहिल केँ दिल कि धर्कन् तेज होँ जाती हैं साहिल साहिल केँ पासआके खरी होके - कोन तोँ तुम् मुझेदेख कियुरहे हौ सर्म नहींआती
मगर साहिल तौ राधीमा कि हसीन चेहरे प्यारी आखे गुलाबी होठों कों देखने मे लग खोयाहुआ थां साहिल होस् खोटे हुवे - कितनी प्यारी हौ तुम् मेरीजान राधीमा
साहिल केँ मुह सें बातें सुन राधीमा हैरान फिन गुस्से सें - क्याँ कहा
साहिल होस मे आते हुवे राधीमा कों देख - वोँ वोँ कुछ भि तौ नहीं
राधीमा मन मे - हैंडसम तोँ बहुत हैं
राधीमा - देखो लरकी कों घुरना अच्छी बात नहीं हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - मगर लरकी बहुत सुंदर प्यारी हौ तौ कोई केसे स्वयं कों रोक सकता हैं
राधीमा ताड़ केँ - यह मीठी प्यारी बातें किसी औऱ कों कहना मुझे नहीं
साहिल मुस्कुराते हुवे - तुम् मुझे नहीं जानती मगर मे जनताहु तुम् हि मेरी रानी बनोगी मेरी प्यारी होने वाली पत्नि
राधीमा शोक मे गुस्से सें - बेसरम कमीना जान नां पहचान मे तेरीजान पत्नि ड्रीम्स देखते रहो
राधीमा गुस्से सें जाने लगती हैं तोँ साहिल पीछे सें - भरोसा करके देखो राधीमा जीवनभर संग नहीं छोरुगा रानी बनाके रखुंगा हमारे 10 बच्चे होगे छोटे प्यारे जौ हमे माँ बापू कहेगे
साहिल मुस्कुराने लगता हैं वही राधीमा पीछे साहिल कों देखशोक मे मुह खोले देखने लगती हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - 10 नहीं तौ 20 बच्चे क्याँ कहती हौ मेरीजान
राधीमा चप्पल निकल गुस्से सें साहिल कों मारती हैं तोँ साहिल नीचेझुक केँ हस्ते हुवे - अपने होने वाले पति कों चप्पल सें मारना गलतबात हैं
साहिल बाइक पे बैठ राधीमा कों थोरा इमोसनल होकेदेख - प्लेस राधीमा भरोसा करके एक् मोक्का दोकलशाम विद्यालय सें जब तुम् आओगी मे रास्ते मे पुल केँ पासखरा रहुंगा
साहिल फिनचला जाता हैं राधीमा हैरान होकेमन मे - कोन हैं यह मे जानती नहींफिन भि उसकी बातो मे वोँ साचाइ प्रेम नजर आँ रहा थां
मेरादिल इतना बेचैन कभी नहींहुआ
साहिल घऱआता हैं रात खानां खाने होने केँ बाद साहिल अपने कमरे मे जाके पलंग पे लेटते हुवेमन मे - भोला उसकीमा कों केसे चोदुसभी कि कमजोरी थि मगर भोला कि नहीं हैं उसकीमा भि अच्छी हैं कुछ सोचना परेगा
तभी सुमिता कमरे मे आती हैं साहिल केँ पास बैठते हुवे - कहा खोया हैं
साहिल सुमिता कों देखउठ केँ बैठते हुवे - मा आप् कही नहीं आपनेकहा थां किस दोगी
सुमिता हस्ते हुवे - किस केँ पीछे कितना परा हैं चलदे देतीहु
सुमिता साहिल केँ होठों पे होठसता केँ किस करती हैं फिन साहिल कों देख - अबखुश सोजा मे जातीहु मगरकल बहुत बातें करनी हैं तुझसे
सुमिता उठ केँ जाने लगती हैं तौ साहिल खरा होके सुमिता केँ हाथपकर रोकते हुवे - गीलीकिस चाहिए मुझे
सुमिता हैरान साहिल कों देख - बेटे गीलीकिस नहींदे सकतीमा बेटे मे ऐसा नहीं होता
साहिल भोला बनते प्रेम सें - आपका बेटा हु कियु नहींदे सकती मे आपका हि हिस्सा हु लगता हैं मे भोला बेफकूफ हु नां इस लिये आप् मुझे प्रेम नहीं करती
सुमिता यह सुनते हि साहिल कों बाहों मे कसते हुवे - नहीं मेरेलाल तूँ जैसा हैं मेरा बेटा हैं बहुत प्रेम करतीहु तेरी तूँ तोँ मेरीजान हैं ठीक हैं करले गीलीकिस
साहिल सुमिता कों देखखुश होके - आप् बहुत अच्छी मा हैं
सुमिता हस्ते हुवे - अब अच्छी मा होँ गई
साहिल सुमिता कों बाहों केँ कसते हुवे सुमिता केँ चेहरे कों पकर केँ आखो मे देख - बहुत सुंदर हैं आप्
सुमिता साहिल कों देख - इतनी तारीफ मतकर मेरी
साहिल - आप् तारीफ केँ लायक हैं
साहिल अपनेहोठ सुमिता केँ होठों कि तरफ लेँ जाने लगता हैं सुमिता कों अजीब एहसास होने लगता हैं अंदर अजीब हलचल होने लगती हैं सुमिता कां दिलजोर सें धकधक करने लगता हैं
सुमिता भि आखेबंद करके अपने होठों साहिल केँ होठों सें सता देती हैं एक् दूसरे सें होठटच करते हि सुमिता कों एक् अजीबनया एहसास होता हैं साहिल तोँ पागल होने लगता हैं
साहिल अपनीमा केँ चेहरे कों पकरे प्रेम सें होठों कों चूसने लगता हैं तौ सुमिता अलग हि नयेमजे कि दुनिया मे खोने लगती हैं पहलीबार सुमिता केँ होठों कों कोईचूस रहा थां औऱ वोँ उसका बेटा थां
सुमिता एक् स्त्री थि नये एहसास मे मदहोस होके साहिल होँ बाहों मे लेके पूरासंग देने लगती हैं दोनों मा बेटे एक् दूसरे केँ होठों कों चूसने लगते हैं सभीभूल केँ
साहिल किस करते हुवे सुमिता केँ गर्दन पे किस करते हुवे सुमिता केँ मोटे बाहर् निकले गांड पे साहिल हाथ फेरने लगता हैं तौ सुमिता सिहर जाती हैं सिसकिया लेने लगती हैं साहिल अपनीमा केँ मोटे गांड पे अच्छे सें हाथ फेरते जारहा थां औऱ सुमिता खरी सिसकिया लेतीजा रही थि सुमिता मदहोसी मे खोयेजा रही थि साहिल कि हरकत सुमिता केँ अंदर कि प्यास कों जगा दिया थां तभी सुमिता कों एहसास होता हैं क्याँ हौ रहा तोँ जल्द सें साहिल कों दूरकर देती हैं
सुमिता सारीसही करते हुवे हफ्ते हुवेमन मे - यहयह क्याँ होँ साहिल बेटा ऐसे केसे मेरेसंग कर सकता हैं मे उसकीमा हु नहीं नहीं वोँ भोला हैं जवान हैं उसेगलत सही नहींपता होगामगर मे केसे इसमेखो गई थि सुमिता तूँ केसेऐसा कर सकती हैं स्वयं कों रोकना चाहिये थां तुम्हें
साहिल सुमिता कों देखते हुवेमन मे मुस्कुराते हुवे - उफमा आनंद आँ गय़ा क्याँ मीठे नर्महोठ हैं आपकेउफ आपकी मोतीबरी गांड केँ क्याँ हि कहने
साहिल - माकुछ हुआ हैं आपको
सुमिता - नहीं नहीं बेटा तुम् सोजाओ मे जातीहु
सुमिता जल्द सें कमरे मे आकेबैड पे लेत जाती हैं राघव सुमिता कों देख - कियाहुआ
सुमिता - कुछ नहीं आप् सोजाओ
सुमिता दूसरी तरफ करवट लेके अपने होठों पे उंगली रखते हुवे - मेरी होठों कों पहलीबार किसी नें इतना चूसा हैं वोँ भि मेरे बेटे नें सचकहु तौ मुझे बहुत आनंद आँ रहा थां केसे साहिल प्रेम सें मुझे बाहों मे लेके मेरे होठों कों चूसरहा हैं औऱ मेरी गांड पे हाथफेर रहा थां
सुमिता कों फिल होता हैं उसकी चूत गीली होँ गई हैं सुमिता चूत मे हाथ रखते हुवेमन मे - नहीं नहींयह केसे हौ सकता हैं सुमिता बेटे सें केसे गीली होँ सकती हौ तुम् मुझे साहिल कों सहीगलत सिखाना होगा
सुमिता बहुत बेचैन होँ गई थि नींदउर गई थि सुमिता कि आखेबंद करते हि साहिल उसकेबीच किस वालासीन आखो केँ सामने आँ जाता थां
वही साहिल मस्त मुस्कुराते हुवे लेता थां तभी अंजलि आती हैं औऱ मुस्कुराते हुवे - तौ कामबना
अंजलि साहिल उपरलेत जाती हैं साहिल अंजलि कों बाहों मे लेते हुवे - हा इतना करना थां कर लियाअब आपकीबरी हैं
अंजलि मुस्कुराते हुवे - सभीकर तोँ लिया हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - करते रहेगे
साहिल नें रास्ते मे अंजलि कों बता दिया थां वोँ मा कों भि चोदने वाला हैं अंजलि हैरान हुईँ थि मगर साहिल नें बताया उसके फायेदे उसके संग अंजलि स्वयं चुद गई थि तोँ साहिल कां संग देना हि थां
अंजलि साहिल कों किस करने लगती हैं साहिल भि अंजलि कों किस करने लगता हैं
अंजलि फिन कपड़े निकलते हुवे - भइया जल्दकर बहुतमन हैं मेरा
साहिल कपड़े निकलते हुवे - बहुतगरम पत्नि मिली हैं मुझे
अंजलि नंगी होके साहिल केँ लन्ड केँ पासबैठ लन्ड हिलाते हुवे - पत्नि हु तेरी तौ पूरा ख्याल रखना हि परेगा
साहिल मुस्कुराते हुवे - ऐसा क्याँ
अंजलि साहिल केँ लन्ड कों मजे सें चुस्ती हैं फिन साहिल चूत चुस्ता हैं उसकेबाद अंजलि कों लेता केँ स्वयं लेत जाता हैं अंजलि एक् तांगे हवा मे उठा लेती हैं साहिल लन्ड चूत मे घुसा देता हैं
साहिल लेते लेते हि अंजलि कों बाहों मे लियेकिस करते हुवे चुदाई करने लगता हैं अंजलि भि पुरेजोस गरम होके पूरासंग देते हुवेमजे सें चुदाई कां आनंद लेने लगती हैं अंजलि - अहह भइया मज़ा आँ रहा हैं
साहिल किस करते हुवे चुदाई करते रहता हैं
40 मिनट चुदाई केँ बाद साहिल अंजलि कि चूत मे पानीभर देता हैं अंजलि भि मस्त होके साहिल कों देख - मेरी चूत मे पानी निकाल रहा हैं माबन गई तौ
साहिल अंजलि कों बाहों मे लेते हुवे - कियु नहीं बनना मेरे बच्चो कि मा
अंजलि साहिल कों किस करते हुवे - अपने भइया कि बच्चो कि मा बनके मुझे बहुत खुशी होगी भइया मे तोँ बेचैन हुबस जल्द सें मा कों पता लेँ औऱ बापू कां क्याँ
साहिल सोचते हुवे - प्लेन हैं दिदी बापू भि कुछबोल नहीं पायेंगे सभी मुझपे छोरदो एक् राउंड औऱ करे
अंजलि मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं जितना चोदना हैं चोद मुझे
2 राउंड होने केँ बाद अंजलि अपने कमरे मे जाकेसो जाती हैं
सुभह
सुमिता गाय कों चारा देते हुवेमन मे - रात तौ मेरी नींदउर गई थि केसे एक् किस सें मेरायह हाल हौ सकता हैं बेटा हैं वोँ मेराफिन भि
वही साहिल सुमिता कि हाल कों समझरहा थां
सुभह 10 बजे
साहिल सीधा भोला कि मा रेखा केँ पासखेत मे पहुँच जाता हैं
रेखाखास काटरही होती हैं साहिल रेखा केँ पासआके बैठते हुवे - ऑन्टी पूराघास आप् काट लेगी तोँ बाकियो कां क्याँ
रेखा साहिल कों देख हैरान होते हुवे - अरे साहिल बेटा तुम् यहा केसे
साहिल भोलाबना थां
साहिल - अपनी हसीन ऑन्टी सें मिलने आयाहु
रेखा हस्ते हुवे - अच्छा मे हसीनहु
साहिल - हा बहुत होँ
रेखा साहिल कों देखमन मे - मेरे बेटे कों सभी भोला कहते हैं मगर भोला तौ साहिल हैं कितना मासूम भोला प्यारा बातें भि बच्चो कि तरह करता हैं
रेखा कों कोन बताये साहिल भोला नहीं हैं
साहिल - ऑन्टी भोलाकहा हैं
रेखा - होगाकही यार केँ संगघूम रहा होगा
साहिल मन मे - खेत मे तूने मेरीमा कां फायेदा उठाया मेरीमा केँ संगअब किया नां तोँ तेरीमा केँ संग भि मे खेत मे हि करुगा
साहिल नाटक करते हुवे - अरे मुझे सुसुजोर सें लग गई
रेखा हैरान होती हैं फिन हस्ते हुवे - जाकेखेत केँ अंदर करले
साहिल खरा होके जल्द सें जाते हुवे - लग गई जोर सें लग गई
रेखा हस्ते हुवे - जल्दजा नहीं तौ पैंट गीली हौ जायेगी
साहिल गंने केँ खेत मे अंदरचला जाता हैं
रेखामन मे - कितना भोला हैं सोचती हु केसेआगे जीवन जियेगा
तभी साहिल केँ चिल्लाने कि आवाज़ आती हैं काट लियाकाट लिया बहुत दर्द हौ रहा हैं
आवाज़ सुन रेखा जल्द सें अंदर साहिल केँ पास जाते हुवे - कियाहुआ बेटा कहा हौ
रेखा अंदर जाती हैं साहिल एक् स्थान खरा होता हैं रेखाजब वहा जाती हैं तोँ जोँ देखती हैं रेखा कि सासेरुक जाती हैं
साहिल अपना मोटा लम्बा लन्ड हाथ मे पकरेखरा थां
साहिल रेखा कों देख रोने सि आवाज़ मे - ऑन्टी देखो नां मेरे नूनू पे चीटि नें काट लिया
रेखाहोस मे आके मोटे लम्बे साहिल केँ लन्ड कों देखती हैं तौ एक् मरा चीटि साहिल केँ लन्ड पे थां
रेखा सर्म सें कपते हुवे - मारदो दियाअब कियुडर रहा हैं
रेखा साहिल केँ इतने मोटे लंबे लन्ड कों देखते हुवेमन मे - कियादेख लिया साहिल बेटे कां इतना मोटा लम्बा लन्ड होता मेने सोचा नहीं थां कितना टाइट हैं नशे भि देखोसाफ दिखरहा हैं
वही साहिल रेखा कों देखमन मे - फस गई मछली
साहिल मन मे - 2 महीने सें जयादा होँ गये हैं अंकल नें आपकी चुदाई नहीं कि आप् भि खेत मे आके चूत मे उंगली करती हैं पास्ट् मे मेने देखा हैं
साहिल नाटक करते हुवे - ऑन्टी दर्द हौ रहाबरी चीटि थि आप् नूनू कों सहलादो नां नहीं तोँ फूल जायेगा
रेखा हैरान होके - क्याँ नहीं बेटा मे केसे
साहिल भोलेपन प्रेम सें - प्लेस ऑन्टी दर्द होँ रहा हैं
रेखा - अच्छा अच्छा ठीक हैं
रेखा कपते हुवे साहिल केँ मोटे लन्ड कों पकर लेती हैं वैसे हि मोटागरम गरमफिल करके रेखा सिहर जाती हैं रेखामन मे - कितनगरम मोटा हैं हाथो मे आँ भि नहींरहा
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रेखा धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड सहलाने लगती हैं तोँ साहिल मुस्कुराते हुवे - अच्छा लगरहा हैं ऑन्टी अब चमरे कों आगे पीछेकरो नां
रेखागरम होने लगती हैं साहिल केँ लन्ड केँ चमरे कों आगे पीछे करते हुवेमन मे - यह मोटा लन्ड मेरी चूत मे जायेगा तोँ फार देगामगर उसकेबाद आनंद भि बहुत आयेगा छि रेखा तूँ यह क्याँ सोचने लगी हैं सर्मकर
साहिल देखता हैं रेखाअब पूरीगरम होँ गई हैं अपनी चूत दबारही हैं तोँ साहिल मुस्कुराते हुवेमन मे - अब लोहागरम हैं तोँ हथौरा मार देना चाहिये
साहिल रेखा कों बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं रेखा हैरान हौ जाती हैं बरीआखे कर लेती हैं मगरगरम होने केँ कारण साहिल कों रोक नहीं पति औऱ किस कां मज़ा लेके लगती हैं
साहिल किस करते हुवे दोनों चुचे दबाने लगता हैं अब तौ रेखा कि चूत सें भरभर केँ पानी निकलने लगता हैं
rekha मन मे - क्याँ होँ रहा हैं मुझे साहिल बेटा ऐसा केसेकर रहा हैं
साहिल किस तोरते हुवे भोला मासूम बनके - ऑन्टी मे मामाजी केँ यहा गय़ा थां नां तोँ खेत मे मेने एक् लरके कों ऑन्टी केँ संगऐसा करते देखा थां अबपता चला लरका कियुऐसा कररहा थां कियुंकी यहसभी मे बहुत मज़ाआता हैं
रेखाशोक मे - क्याँ कियाकर रहा थां वोँ लरका ऑन्टी केँ संग
साहिल मुस्कुराते हुवेमन मे - बताता हु मसाला डाल केँ
साहिल फिन मसाला डालके पूरी चुदाई कि कथाबता देता हैं
रेखाशोक मे गरम मे - क्याँ कोन लरका थां कोन महिला थि ऑन्टी केहरहा हैं यानी मेरेउमर कि होगी
साहिल रेखा कों देख - ऑन्टी मुझे भि बहुत आनंदआया क्याँ हम् भि वैसाकर सकते हैं मज़ा आयेगा
रेखा हैरान होके - क्याँ मगर बेटा
साहिल भोले मासूम बनके - ऑन्टी आनंद आयेगा मनजाओ नाँ
रेखा साहिल केँ मोटेखरे लन्ड कों देखमन मे - भोला केँ पिताजी 2 महीने सें मेरी चुदाई नहीं करतेसच कहु अभि मुझे बहुतमन कररहा हैं चुदाई कां मेरी चूत गीली हैं मेरे जिस्म मे आगलगी हुई हैं इतना मोटा लन्ड क़िस्मत सें मिलती हैं लेँ लेतीहु मेरी चूत कि खुजली मिट जायेगी
रेखा - बेटा ठीक हैं कर सकता हैं मगर किसी कों बताना नहीं वादा करते हौ
साहिल - पक्का वाला वादा ऑन्टी
रेखाजोस गरम मदहोसी मे - तोँ कर नाँ साहिल बेटे जौ करना हैं
साहिल रेखा कों देखमन मे - पूरीगरम हौ गई हैं साहिल लगजाकाम पे
55 मिनटबाद
साहिल रेखाखेत सें बाहर् आते हैं रेखा कपते पैरो केँ संग नीचे बैठते हुवेमन मे - असली चुदाई तोँ आजइसखेत मे साहिल बेटे नें कि हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अच्छा ऑन्टी चलताहु बहुत आनंदआया कलआउफिन करने दोगी
रेखा साहिल कों देख डरते हुवे - कल नहीं परोसो साहिल बेटे
रेखामन मे - इतना दर्दजलन तोँ पहलीरात भि नहीं हुइ
साहिल जाते हुवे - ठीक हैं ऑन्टी जैसा आप् कहे
साहिल घऱ जाते हुवेमन मे - चलो भोला तुझेही जौ दर्द जल्द हि सेहना होगाअब मेरे बापू कि बरी हैं
साहिल घऱआता हैं अंजलि साहिल केँ गले लगते हुवे - आँ गय़ा भइया
साहिल अंजलि कों बाहों मे लेके - क्याँ बात हैं बहुतयाद आँ रही थि मेरी
अंजलि - याद मेराबस चले तोँ तुझसे चिपकी रहु
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अंजलि साहिल कों किस करने लगती हैं तोँ साहिल भि अंजलि कों बाहों मे कसते हुवेकिस करने लगता हैं अंजलि मन मे - तुम को अपने पति केँ रूप मे पाकेबता नहीं सकती कितनी खुशहु भइया तेरी बाहों मे मुझे जोँ चैन राहत मिलती हैं बता नहीं सकती
साहिल मन मे - दिदी खुल केँ muj मुझे पति मनके प्रेम करती हैं मे खुशहु दिदी आपको पाके
किस केँ बाद साहिल - दिदी मा नहींआई
अंजलि - नहींसमय होँ गय़ा हैं आती हि होती
साहिल अंजलि कमरे मे बैठे बातें करने लगते हैं 10 मिनटबाद सुमिता खेत सें आती हैं हाथमुह धोती हैं फिन साहिल केँ कमरे मे आती हैं अंजलि सुमिता कों देख एक्सक्यूज़ मरते हुवेचली जाती हैं
सुमिता साहिल केँ पास बैठते हुवे - विद्यालय जानां हैं याँ नहीं
साहिल सुमिता कों देख - जाउंगा मा
सुमिता - उफ मे तौ थक गई
साहिल सुमिता कों पीछे सें बाहों मे लेते हुवे - मा मेरी प्यारी मा
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल केँ सर पे हाथ फेरते हुवे - मेरा बच्चा
साहिल - माकिस दो नाँ मुझे अपने गुलाबी होठों कों चूसना हैं
सुमिता हैरान फिनसंत होके - देखो बेटा मा केँ संगऐसा नहीं करते
सुमिता मन मे - समझाना होगारात किस केँ बादरात सें लेके अभि तक मे बैचैन होँ चुकीहु अजीब थां इतनाअलग एहसास बेटे केँ संग नहीं मुझे बहुत अच्छा लगाफिन भि गलत हैं सभी
साहिल मुह फुला केँ घऱ सें जाते हुवे - आपसेबात नहीं करुगा
साहिल कों जातेदेख सुमिता जल्द सें - रुकजा बेटा कहाजा रहा हैं
मगर साहिल तेजी सें घऱ सें बाहर् निकल बाइक लेकेचला जाता हैं सुमिता बाहर् आके साहिल कों जातेदेख - चला गय़ा नाराज हौ गय़ा मुझसे
वही साहिल कां तोँ प्लान हि थां नाराज होके जाने कां कियुंकी साहिल कों कुछ जरूरी काम करने थें उसकेबाद शाम राधीमा सें मिलना थां
साहिल घूमता हैं औऱ अपनाकाम भि कर लेता हैं उसमे हि शाम 4 बज जाते हैं
साहिल पुल वाले रास्ते पे बेताब खरा राधीमा केँ आने कां इंतजार करने लगता हैं
आज केँ लिये इतना हि
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 18
साहिल नें अब भोला कि मा रेखा कां शिकार कररहा थां भोला कि मा कों भोलापन बनके अपने मोटे लन्ड कों देखा केँ रेखा कों पूरागरम कर दिया थां
रेखा ब्लाउस खोलके चुचे नंगे करके बैठी थि साहिल एक् चुचेपकर दबाने लगता हैं रेखा सिसक् परती हैं साहिल चुचे दबाते हुवे - बहुतबरे बरे चुचे हैं आपके आउंटी दबाने मे मज़ा आँ रहा हैं
रेखागरम होके - अहह साहिल बेटे धीरे-धीरे दबाओ दर्द होता हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - अंकल नहीं दबाते हैं किया
रेखा - उफ बेटा पहले दबाते थें अब तोँ चुदाई भि नहीं करते हैं
साहिल नँगा होके - चलिये मुह मे लीजिये
रेखा - बेटा मेनेकभी लन्ड मुह मे नहीं लिया
साहिल मुस्कुराते हुवे - अब लेँ लीजिये मज़ा आयेगा
रेखा - ठीक हैं बेटा
रेखा झुकते हुवे साहिल केँ लन्ड मुह मे लेके चूसने लगती हैं पहलीबार थां मगर रेखा रुकती रही धीरे-धीरे धीरे-धीरे रेखा कों भि लन्ड चूसने मे स्वाद लेने मे मज़ाआने लगता हैं साहिल रेखा केँ सर पे हाथ रखते हुवे - उफअहह यह एहसास मज़ाउफ ऑन्टी मस्तचूस रही hain आप् लगी रहिये
साहिल मन मे - भोला तेरीमा तौ लन्ड कां स्वाद लें रही हैं देखेगा तोँ कैसा लगेगा उफ वोँ दर्द एहसास मिलेगा तुम को
रेखा हफ्ते हुवे - बस बेटा औऱ नहीं
साहिल - कैसालगा ऑन्टी पहलीबार लन्ड चुस्के
रेखा सर्म सें - बहुत अच्छा लगा बेटा
साहिल रेखा कों नीचे लेता केँ - अब मेरी बारी हैं
साहिल रेखा कि चूत कों मसलते हुवेमुह मे लेके चूसने लगता हैं रेखाअहह सिसकिया लेते हुवे - उफ बेटा चूत भि चुसते हैं अहहआज पताचला मुझेअहह साहिल बेटे बहुत अच्छा लगरहा हैं मज़ा आँ रहा हैं चुसते रहो अपनी ऑन्टी कि चूत कों अहह मस्त मज़ा हैं
साहिल चूत चाटने चुस्टे हुवेमन मे - हु ऑन्टी कि चूत मस्त फूलीगरम हैं चाटने मे मज़ा आँ रहा हैं अहह पेलने मे भि आयेगा
चूत चुसाई केँ बाद साहिल रेखा कि चूत मे लन्ड घुसा देता हैं मोटा लन्ड अंदर जाते हि रेखा दर्द मे तरप् उठती हैं आसु निकलआते हैं मगर साहिल चुदाई करते रहता हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे रेखा कों दर्द मे आनंदआने लगता हैं रेखा - अहह इतना मोटा लम्बा लन्ड पहलीबार मेरी चूत मे गय़ा हैं साहिल बेटेचोद मुझे बहुत तरप्रही थि अहह निकलदे गर्मी
साहिल चुदाई करते हुवे - ऑन्टी अंकल आपकी चूत नहीं चोदते हैं तौ क्याँ हुआ मे हु नां आपकी चूत पेलने केँ लिए
रेखा चुदाई कां आनंद लेते हुवे - सहीकहा बेटेअहह चोद मुझे मेरी चूत फैलादे अपने मोटे लन्ड सें
साहिल फिन लीचेलेत जाता हैं रेखा साहिल केँ लन्ड चूत मे लेकेबैठ जाती हैं औऱ उपर नीचे गांड करते हुवेमजे सें सवारी करने लगती हैं रेखा - अहहऐसा लन्ड तोँ हर महिला चाहती हैं मेरी क़िस्मत हैं साहिल बेटे तेरायह मोटा लन्ड मिल गय़ा अंदर तक जाके आनंददे रहा हैं
साहिल लेता मज़ा लेते हुवे - चूत आपकी भि कसीगरम हैं मज़ा आँ रहा हैं
पर्जेंट शाम 4 बजे
साहिल राधिमा कां पुल पे खरा इंतजार कररहा थां राधिमा आती हैं साइकिल सें साहिल कों खरादेख इंग्नोर करके जाने लगती हैं तौ साहिल - कियु भरोसा नहीं हैं क्याँ मुझपे जिसे हम् सुरु सें जानते हैं वोँ अच्छे यार भि धोख़ा दे देते
राधिमा साइकल साइड मे लगा केँ साहिल केँ पासआके खरी होके - तुम् कहना क्याँ चाहते होँ
साहिल - प्रेम करताहु तुमसे विवाह करोगी
राधिमा हैरान होके - ओये दूसरी मुलाकात मे हि विवाह करने कों बोलरहे होँ वाउ
साहिल मुस्कुराते हुवे - जैसा मेनेकहा जरूरी नहीं हम् जिसे सुरु सें जानते हैं वोँ अच्छे निकले जिसेकुछ दिन सें जानते हैं बुरे निकले भरोसा करोसंग निभाऊँगा मेरानाम साहिल हैं घऱ मे मा पिताजी दिदी हैं कहोकब मिलवाउ
राधिमा तौ औऱ हैरान होते हुवे - हद हैं तुम् तोँ पीछे हि पऱ गये
साहिल - तुम्हारा दिल क्याँ कहता देखो मेरीआखो मे किया दिखता हैं
राधिमा साहिल कि आखो मे देखती हैं एक् सचाई बहुत सारा प्रेम
राधिमा साइकल लेके जाने लगती हैं तौ साहिल थोरा दुःखी होकेमन मे - लगता हैं औऱ कोसिस करनी होगी
तभी राधिमा रोकती हैं पीछे साहिल कों देख - साहिल अच्छा नाम हैं टेक्स्ट लुगीफिन सोचुगी
राधिमा फिन मुस्कुराते हुवेचली जाती हैं साहिल मुस्कुराते हुवे राधिमा कों जाते देखने लगता हैं फिनजोर सें - मेरीजान कल घूमने चलेशाम कों
राधिमा पीछे साहिल कों देख - जान नहींबनी अभि बरेआये मे नहींआने वाली नाँ घूमने जानां हैं
साहिल - आउंगी तौ एक् किस दूंगा
राधिमा हैरान मुह खोले साहिल कों देख - बेसरम
राधिमा साइकल पे बैठ जाते हुवेमन मे सर्म सें - कितना बेसरम हैं बातें भि कैसा कैसा करता हैं मगरफनी भि हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - चलोकाम हौ गय़ा लगता हैं तुम् केवल मेरी होँ इसबार तुम को वोँ सभी सहने नहीं दूंगा दीपकअब तेरीबरी हैं
साहिल अंधेरा होने केँ बादघऱ आता हैं सुमिता साहिल कों देख बेचैन दुखी होके - कहाचला गय़ा थां हाबोल अभि जाकेआया हैं
अंजलि खटिये मे बैठीमन मे - लगेरहो मेरे सैयाजी
साहिल मुहबना केँ - आपको क्याँ
सुमिता आसु बहते हुवे - माहु तेरी चिंता करुगी हि
राघव कमरे सें बाहर् आते हुवे - क्याँ हुआ हैं भइया
साहिल - कुछ नहीं
सुमिता मन मे - सोते वक्तआके बात करुगी
रात खानां पीना करने केँ बाद अंजलि सोनेचली जाती हैं साहिल कमरे मे बैड पे लेतासोच मे गुम होता हैं कि सुमिता नाइटी मे कमरे मे आती हैं साहिल पलंग सें खरा होके सुमिता केँ पास जाके - कियुआई आप् एक् किस्सी भि दिया नहीं जाता औऱ बोलती हैं तूँ मेरालाल हैं
सुमिता हस्ते हुवे - मेरेलाल माफ करदेचल करलेकिस नहीं रोकूगी
सुमिता मन मे - एक् किस हि तौ हैं मे अपनेलाल कों नाराज नहींदेख सकती
साहिल मोक्का देखते हुवे सुमिता कों बाहों मे भरते हि किस करने लगता हैं फिनवही नया एहसास आनंद मिलते हि सुमिता फिन मदहोस होकेसभी भूल केँ किस कां मज़ा लेने लगती हैं सुमिता मन मे - फिन मे मदहोस होनेलगी हुयहमा बेटे केँ बीचकिस करने मे अलग हि एहसास हैं पता नहीं मेरी पूरी बॉडी अजीब कां चैनफिल करती हैं
साहिल मजे सें उपर नीचे अपनीमा केँ होठ चूसने लगता हैं रस पीते हुवेमन मे - उफमा आपके होठो कां रस अमृत हैं मेरे लिये
किस करने केँ बाद सुमिता हफ्ते मन मे सर्म सें - क्याँ होँ रहा हैं हमारे बीच मुझे बेटे केँ संगकिस करने मे इतना आनंद केसे आँ सकता हैं
साहिल सुमिता कों बाहों मे किये भोलेपन् मे - मा मुझे नां दूध पीना हैं पिलाओ नां
एक् बरा झटका सुमिता बरीआखे करते हुवे साहिल कों देखती हैं फिन साहिल कों बैड पे बैठा केँ - देख बेटा तेरेमन मे अचनाक् किसदूध पीने वाला ख्याल आयाकहा सें
सुमिता मन मे - पहलेकिस फिनदूध पिलाने कों बोलरहा हैं नहींऐसे हि सभी नहीं होँ सकताकुछ तौ गर्बर् हैं
साहिल मन मे - जैसामा सें उमीद थि मगर मे वोँ साहिल हु जोँ पास्ट् देख पास्ट् मे आया हैं
साहिल भोला मासूम बनते हुवे - वोँ मा पूजा भाभी सिनु कों दूध पिलारही थि तोँ मेने देखातब मुझे भि दूध पीने कां मन करनेलगा जोर सें मा पिलाओ नाँ मे भि आपका बेटा हु नां
सुमिता शोक मे मन मे - तोँ यहबात हैं जौ
सुमिता साहिल कों देख प्रेम सें - बेटा सिनु बच्चा हैं इस लियेअब तुँ बरा हौ गय़ा हैं वैसे भि मुझेअब दूध नहींआता
साहिल जिद करते हुवे - मुझे नहींपता पीना हैं पीना हैं नहीं पिलाया तौ मे मामाजी केँ यहाचला जाउंगा आपसेबात नहीं करुगा
सुमिता हैरान होके - क्याँ अपनीमा कों छोर केँ जायेगा
साहिल सुमिता कों बाहों मे लेके प्रेम सें - मा पिलाओ नां दूध आपकोछोर केँ केसे जाउंगा बहुत प्रेम करताहु आपको मुझे भि आप् बहुत प्रेम करती हैं जनताहु लोवयू मा मेरी प्यारी मा
साहिल केँ प्यारे भोलेपन मासूम चेहरा मीठी प्यारी बातो मे सुमिता हारमन जाती हैं
सुमिता - ठीक हैं मगर किसी कों बाटना नहींठीक हैं
साहिल खुश होके - जीमासमझ गय़ा
सुमिता थोरा सर्माते हुवे नाइटी सें अपने दोनों चुचे बाहर् निकाल देती हैं साहिल बाबला हौ जाता हैं अपनीमा केँ नंगेबरे बरे चुचे कों देख केँ
सुमिता केँ चुचे बाहर् बरे हसीन थें खास करके काले निपल मस्त this लगरहे थें साहिल आखे टिकाए देखता रहता हैं जबकि साहिल कों अपने चुचेइस तरह देखते देख सुमिता शर्मा जाती हैं
साहिल चुचे कों देखते हुवे भोलेपन् मे - मा आपके दोनों दूध बहुतबरे प्यारे सुंदर हैं इसदूध कों पीके हि मे दिदी बरे हुवे हैं नाँ
सुमिता मुस्कुराते हुवे - हा मेरे बेटेइस दूध कों पीके हि तूँ तेरी बेहनबरे हुवे हैं मगरअब दूध नहींआता पियेगा क्याँ
साहिल मन मे - अभि नहीं आँ रहामगर जल्द हि आने लगेगा
साहिल भोलेपन मे - तौ क्याँ हुआ एहसास हौ लें सकताहु नाँ मा मे छूके सकताहु
सुमिता खाट पे लेटते हुवे - ठीक हैं आजा जौ करना हैं करले
सुमिता मन मे - मेरा बेटा भोला हैं क्याँ हि करेगा बच्चो कि तरह हि खेलेगा
वही साहिल मन मे मुस्कुराते हुवे - अब आयेगा आनंद
साहिल सुमिता केँ पासबैठ दोनों चुचे दबाने लगता हैं इतनेबरे थें थि साहिल केँ दोनों हाथो मे आँ भि नहींरहे थें बरे रसीले साहिल कों ऐसालग रहा थां जैसे वोँ नर्मरुई कों दबारहा हैं वही सुमिता सिहर जाती हैं यह एहसास बचे केँ चुचे दबाने कां नहीं थां सुमिता मदहोस होने लगती हैं मुह सें हल्की सिसकिया निकलने लगती हैं सुमिता बैड कों पकर्मन मे - नहींयह वोँ एहसास नहीं हैं जब साहिल बच्चे मे दबाता थां केसे मे मदहोस होँ रहीहु साहिल केँ चुचे दबाने सें मुझे बहुत अच्छा लगरहा हैं मेरी बॉडीगरम होँ रही हैं मेरी चूत मे जैसे चीटीकट रही हैं यह कैसा एहसास हैं क्याँ होँ रहा हैं मुझे
साहिल अपनीमा कों मचलते पलंग पे सिसकिया लेतेदेख मुस्कुराते हुवेमन मे - अंदर जौ आग हैं बाहर् आँ रही हैं मेरीमा
साहिल झुकते हुवे धीरे-धीरे सें मुह मे एक् चुचे केँ निपल लेके चूसने लगता सुमिता एकदम सें सिसक् परती हैं जोर सें हफ्ते सिसकिया लेते हुवे अपने बेटे कों निपल चुस्टे देख अजीब एहसास मे मदहोसी मे - अहह मेरेलाल चूस अपनीमा केँ निपल कों दूध पीलेअहह
सुमिता साहिल केँ सर पे हाथ फेरते लगती हैं मगर साहिल तौ अलग हि मजे मे खोया थां साहिल मन मे - यह एहसास मा केँ निपल चूसने कां सभी सें अलग एहसास हैं जोँ बया नहीं कियाजा सकता हैं
साहिल चुचे चुस्टे हुवे निपल कों दातों सें कटने लगता हैं सुमिता दर्द मे साहिल कों देख - अहहमा नहीं मेरेलाल निपलमत कट आँ तुँ बच्चा नहीं हैं अहह दर्द होँ रहा हैं उफमा मेरे बेटेछोर दे
साहिल निपलछोर केँ दोनों चुचेपकर दबाने चूसने लगता हैं तभी सुमिता कों फिल होता हैं वोँ झरने वाली हैं तोँ सुमिता शोक मे चली जाती हैं
सुमिता जल्द सें उठ केँ बैठ साहिल कों प्रेम सें देख - बस बेटा हौ गय़ा अबसोजा मे भि सोनेजा रहीहु
साहिल - ठीक हैं मेरी प्यारी मा
सुमिता जल्द सें बाहर् आके नाइटी उठा केँ चूत पे हाथ रखते हुवे - नहीं नहीं दोस्त केसेयह नहीं होना थां कियु मे स्वयं कों रोक नहीं पति कोई औऱ होता तौ समझआता मगर बेटे केँ संग
वही साहिल पलंग पे लेता अपने हाथो कों देख - मा केँ चुचे दबाने कां एहसास उफ कितने नर्म नर्म रसीले थें अहह मेरीमा उफ आप् जैसी सुंदर सेक्सी स्त्री कोई नहीं हैं
तभी अंजलि मुस्कुराते अंदरआते हुवे साहिल केँ ऊपरलेत केँ - मेरे सैयाजी आनंदआया होगा बहुत
साहिल मुस्कुराते हुवे - तौ आप् सभीदेख रही थि
अंजलि मुस्कुराते हुवे - हाउफ कियासीन थां भइयासच केहरही हुमाआगन मे चूत मसलरही थि यानी तुमने मा कि चूत गीली करदी औऱ सभीदेख मेरी चूत गीली होँ गई हैं
अंजलि साहिल केँ पैंट निकलते हुवे - रहा नहींजा रहा तेरे लन्ड कि सवारी करनी हैं मुझे
साहिल मुस्कुराते हुवे - तोँ करिये नाँ
दोनों नंगे हौ जाते हैं अंजलि जल्द सें साहिल केँ ऊपरआके चूत मे लन्ड लेकेबैठ साहिल केँ ऊपरझुक जाती हैं फिन गांडउपर नीचे उठाते हुवे लन्ड चूत मे लेने लगती हैं साहिल अंजलि कों पकरे मुस्कुराते हुवे - क्याँ बात हैं अब दर्द नहीं होता क्याँ
अंजलि दर्दमजे मे - अहह मेरे भइयाअब दर्द मे आनंदआता हैं
साहिल - अहह दिदी मस्त सवारी करती हैं वैसे दिदी मा कि चूत कैसी होगी बहुत फूलीकसी हुईँ बल होगे याँ नहीं होगे
मंजलि मुस्कुराते हुवे - चुचेदेख चूसदबा लिया हैं तौ चूत भि देख लेना मे कहु तौ उफ मस्त हसीनकसी बालों वाली चूत होगी
अंजलि फिन चुदवा केँ चली जाती हैं
सुभह
सुमिता रात हुइ घटना कों लेके हि सोच मे गुम साराकाम कररही थि साहिल भि कुछ बोलता नहीं अंजलि अपनीमा कि हालतदेख अंदर हि अंदरहस रही होती हैं
11 बजे
साहिल दीपक केँ बरेघऱ केँ बाहर् आता हैं साहिल गुस्से सें - अब दीपक तेरीमा कि बारी हैं
साहिल बेल बजता हैं एक् नोकरानी आती हैं साहिल कों देख - कोन
साहिल - जी मे दीपक कां मित्र ऑन्टी हैं क्याँ
नोकरानी - अंदर हैं
साहिल अंदर जाता हैं एक् सुंदर महिला हॉल मे बैठी किसी सें बातकर रही होती हैं साहिल पास मे बैठ जाता हैं
दीपक कि मा शैली
शैली साहिल कों देखती हैं बातें करने केँ बाद साहिल सें - कोन हौ बेटा तुम को मे नहीं जानती
साहिल - जी आप् सही हैं मगर मे आपसेबात करनेआया हु
शैली हैरान होके - कहो क्याँ बात हैं
साहिल आसपास देखते हुवे - आप् टेंसन मे हैं कियुंकी एक् बरीडील केँ बदले एक् बूढ़े नें आपकोरात कों बुलाया हैं यानी आपकीबदन केँ बदले वोँ डील मिलेगी अंकल भि फोर्स कररहे हैं कियुंकी वोँ डील आपकीसभी कि लाइफबदल सकती हैं
साहिल कि बात सुनते हि शैली कि आखेबरी होँ जाती हैं शैली गुस्से सें - कोन हौ तुम् तुम्हे इतनासभी केसेपता हम् किस मुसीबत मे हैं
साहिल मन मे - पास्ट् मे देखा थां बरीडील देने केँ बदले एक् अमीर बूढ़े नें बैडगरम करने कों कहा थां अंकल नें ऑन्टी कों फोर्स किया कियुंकी वोँ डील बहुतबरी थि लाइफबदल सकती थि जोँ हुआ भि मगर ऑन्टी कों उसके बदले शरीर देना परता थां
शैली गुस्से सें - मेनेकुछ पूछा हैं
शैलीमन मे - इतनासभी इसे केसेपता हैं अभि तक हमने किसी कों पता नहीं चलने दिया हैं मीडिया दुनिया कों पताचला तोँ हमारी इज़तसभी डूब जायेगी
साहिल मुस्कुराते हुवे - डरिये नहीं मे कोई खबरी दुश्मन नहींहु आप् कि इज़तमन दाव पे हैं रास्ते पे आने वाली hain जल्द हि पैसे नहीं दिये तौ घऱ गारीसभी बैक वाले लें जायेंगे
शैली गुस्से सें - आये कियु हौ यह बताओ
साहिल - ठीक हैं सीधे दबाता हु आप् इस मुसीबत सें बाहर् निकल सकते हैं यहा तक आप् कई जयदा अमीरबन सकते हैं
शैली साहिल कों देखते हुवे - एक् बच्चा मुझेइस मुसीबत सें निकालेगा किया मजाक हैं
साहिल मन मे - यहलोग अमीर तोँ हैं मगर इतने भि अमीर नहीं हैं छोटी मोती कपनि हैं मे आहिस्ता सहायता कर सकताहु
शैली औऱ शोक हैरान होती हैं
साहिल - मे आपकी सहायता कर सकताहु संग मे आप् कों औऱ अमीरबना सकताहु मगर मुझे भि वही चाहिये आप्
शैली गुस्से सें चिल्लाते हुवे - तुम्हारी यह हिम्मत
नोकर आँ जाते हैं तौ शैलीसभी कों जाने कों बोल देती हैं
साहिल - ऑन्टी सोचलो वोँ बूढ़ा केँ पास गई सहायता तौ करेगा मगर आपका जीना मुश्किल कर देगामगर मे सहायता करुगा औऱ अमीरबना दुगा मुझेबस एक् बार चूत दे देना उसकेबाद मे अंजान आप् अंजान
शैली कां सर फटने लगता हैं एक् लरके पे केसे बिस्वास करेमगर जोँ सच बताया वोँ शैली कों हिला दिया थां
शैलीसंत होते हुवे - केसे विश्वास करू मे
साहिल विश्वास करना होगा यकीन पे दुनिया कायम हैं
शैली - अच्छा तोँ तुम् बताओ केसे सहायता करोगे पैसे दोगे तुम् स्वयं गरीबलग रहे होँ
साहिल मुस्कुराते हुवे - मे जब चाहू दुनिया कां अमीर इंसान बन सकताहु
साहिल मन मे - मगर जयदा नहीं मे स्वयं इससभी मे सामिल नहीं हौ सकतामगर मे आप् जैसे लोगो कों सहायता करके स्वयं रुपया कमा सकताहु
शैलीसर पकर - एक् मेरे पति हैं जोँ उस कमीने बूढ़े केँ बैडगरम करके कों बोलरहे हैं औऱ तुम् जवान गरीब मेरी सहायता केँ बदले मेरी लेनेआये होँ क्याँ मजाक हैं
साहिल - जवानहु बच्चा नहीं सहायता करुगा वादा हैं औऱ संग मे खाट पे वोँ चुदाई करुगा आप् कभी मुझेभूल नहीं पायेगी
शैली हस्ते हुवे - वो किया देख्ना सुनना पर्र रहा हैं मुझे एक् लरका मे अब पागल होँ जाउंगी
शैलीखरी होके - चलो कमरे मे देखती हु मे कितना दम हैं औऱ केसे सहायता करते होँ मेरी
शैली पागल होँ गई थि टेसन मे थि समझ नहीं आँ रहा थां कियाकरे
दोनों कमरे मे जाते हैं शैली कपड़े निकलते हुवे - कईलोग मेरे पीछेपरे थें मगर मेने किसी कों भाव नहीं दियारोक केँ रखामगर अब देखो एक् लरका मेरी लेने वाला हैं मुझे मे अपनी भाग्य मे हसू याँ रोउ
साहिल कपड़े निकलते हुवेमन मे - पागल नाँ हौ जाये टेसन मे मुझे जल्द सें ऑन्टी कों मस्त चुदाई देनी होगीतभी संत होगी
2 घंटेबाद
साहिल कपड़े पहन शैली कों देख - बहुत बातें चुदाई हौ गई सच मे इतनीकसी चूत होगी आपकी सोचा नहीं थां अब चलताहु
शैली नंगी लेती साहिल कों देख - तुमने जोँ कहा किया मे इस चुदाई कों कभीभूल नहीं पाउंगी अबकोई गम नहीं तुम् सहायता भि नहीं करोगे तौ चलेगा
साहिल मुस्कुराते हुवे - जोँ कहताहु करताहु एक् कपनि हैं जिसका नाम ××× हैं जितना होँ सकेसैर खरीदलो औऱ भि कुछ कपनि हैं xxx उसके भि जल्द हि उसकासैर उपर जाने वाला हैं
शैलीशोक मे - तुम्हे केसेबता
साहिल - यकीन मानिये यहउसडील सें कही जयदा आपको अमीरबना देगी यकीन करिये आगे भि सहायता करता रहुंगा
साहिल चला जाता हैं शैलीसोच मे चली जाती हैं
साहिल घऱआता हैं अंजलि सोरही थि तोँ साहिल सुमिता केँ कमरे मे आता हैं सुमिता साहिल कों देख - आजा मेरेलाल
साहिल सुमिता केँ पासखाट पे लेत केँ सुमिता कों बाहों मे लेके - प्यारी मा
सुमिता बीच मे - नहीं लालादूध नहींबस अब समझना होगा तूँ बच्चा नहीं हैं
सुमिता मन मे - तेरे छुटे हि मेरी चूत गीली होने लगती हैं मे मदहोस होँ जातीहु जोकि होना नहीं चाहिये थां
साहिल खरा होके जाते हुवे - ठीक हैं मा मे जाताहु सोने
साहिल चला जाता हैं सुमिता कुछबोल नहीं पति उलझन मे पऱ जाती हैं
साहिल अपने कमरे मे आकेखाट पे लेत मुस्कुराते हुवे - रात तोँ मज़ा लेके रहुंगा
शाम 4 बजे
साहिल तैयार होके राधिमा कां इंतजार पुल पे करने लगता हैं तभी राधिमा आँ जाती हैं
राधिमा मन मे - जब सें यह लरका मुझे मिला हैं इसकी बातें आखो मे उसके वोँ प्रेम उफरात कि नींदउरा दिया हैं इसने
साहिल खुश होके मुस्कुराते हुवे - देखा मेरे प्रेम कां पावर
राधिमा मुहबना केँ - हवा मे मतउरो मे बसऐसे हि आँ गई
साहिल बाइक पे बैठ - अच्छा समझ गय़ा चलो बैठो
राधिमा हिम्मत करकेबैठ जाती हैं
साहिल - कमरपकर लो मेरी
राधिमा थोरा सर्म सें कमरपकर लेती हैं
साहिल - थोरा चिपक केँ बैठो नाँ
राधिमा हैरान होके - जयदा चालाक मतबनो चलोअब
साहिल मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं बाबा
साहिल राधिमा कों अच्छी स्थान घूमता हैं खुब बातें करता हैं मस्ती करता हैं अपनेबरे मे सभी बताना हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे टाइम बिता केँ राधिमा केँ अंदर थोरा जौ डर थां उलझन थां साहिल पे भरोसा करे याँ नहींसभी खतम हौ जाता हैं औऱ राधिमा भि साहिल कों दिलदे बैठती हैं
साहिल राधिमा कोफ़ी पीने केँ बादघऱ आने लगते हैं मगरइस बार राधिमा साहिल सें चिपक केँ पकर केँ बैठी थि राधिमा केँ मस्त टाइट चुचे साहिल कों सीने पे फिल होँ रहा थां
साहिल राधिमा कों घऱ सें ठोरीदूर उतार देता हैं
साहिल - क्याँ मे अब तुझेही जानकेह सकताहु याँ
राधिमा सर्म सें - हु आप् केह सकते हैं
साहिल आप् राधिमा केँ मुह सें सुनते हि इमोसनल होने लगता हैं मगर स्वयं कों रोकते हुवे - मेरीजान वादा हैं संग रहेगे हम्
राधिमा - वादा निभाना छोरमत देनादिल दिया हैं आपको भरोसा करकेतोर दिया तोँ सेह नहीं पाउंगी
साहिल बाइक सें नीचेआके राधिमा कों बाहों मे कस लेता हैं राधिमा भि साहिल कि बाहों मे बहुतचैन पाते हुवे साहिल कों कस लेती हैं
साहिल - ऐसाकभी नहीं होगा हमेसा संग रहुंगा
साहिल राधिमा कों देखते हुवे - तुम् बहुत सुंदर हौ मेरीजान
साहिल राधिमा कों किस करने लगता हैं राधिमा सभी दर्दगरम भुलके नये एहसास मे खोटेचली जाती हैं दोनों प्रेम सें एक् दूसरे केँ होठो कों चुस्टे हैं रस पीते हैं 3 मिनटबाद
राधिमा सर्माते हुवेभाग जाती हैं साहिल हस्ते हुवे - कल भि रस पिलाना बहुत मिठा हैं
राधिमा पीछे साहिल कों देख - आप् बहुत बेसरम हैं
राधिमा चली जाती हैं साहिल इमोसनल होके -आखिरफिन तुम् मेरी होँ गई मगरइस बार वैसाकुछ नहीं होगा कियुंकी वक़्त सें पहले मे सभीबदल दिया हैं
रात 9 बजे
साहिल अंजलि कमरे मे संग लेते एक् दूसरे कि बाहों मे बातें कररहे थें
अंजलि - सचबता कोई लरकी हैं नाँ जिसे मिलने तुँ जाता हैं मुझे धोका दिया तुमने
साहिल हैरान होके - क्याँ दिदी आपको केसेपता हा एक् हैं जिसे बहुत प्रेम करताहु पर्र धोका केसे आप् पहली रहेगी राधिमा दूसरी
अंजलि - अच्छा उसकानाम राधिमा हैं हुचलमाफ किया उसकेबाद कोईआई नाँ तौ देख लेना
साहिल अंजलि कों किस करते हुवे - नहीं आयेगी मा तौ सभी सें उपर हैं
अंजलि - हु वैसेकब मिलवा रहा हैं
साहिल - हुमा कों पतालू उसकेबाद
अंजलि मुस्कुराते हुवे - समझ गई
साहिल मन मे - पिछले पास्ट् मे मेरा पहला प्रेम राधिमा थि इस पास्ट् मे आप् फिन राधिमा कियुंकी मेने वक़्त सें पहलेसभी चेंजकर दिया हैं
तभी सुमिता अंदरअति हैं साहिल अंजलि कों लेतादेख - देखो तौ दोनों केसे लेते हैं
अंजलि - मा आइये आइये
सुमिता एक् साइड बैठते हुवे - किया बातें हौ रही थि
साहिल - दिदी सें आपकी सिकायत कररहा थां
अंजलि - मा भइया कों आप् प्रेम नहीं करती क्याँ
सुमिता हैरान होके - बहुत करतीहु
अंजलि - तौ साहिल बोलरहा हैं आप् जोँ मांगता हैं नहीं देती होँ
सुमिता हैरान साहिल कों देखती हैं साहिल भोला चेहरा बना केँ सुमिता कों देखता hain
अंजलि जाते हुवे - एक् लाल हैं आपकादिल कियु तोरति हैं जौ मांगता हैं दे दीजिये मे चली सोने
अंजलि चली जाती हैं
सुमिता साहिल कों देख - कियुरे मेरी सिकायत करता हैं
साहिल हस्ते हुवे - करुगा मुझेदूध पीना हैं पिलादो नहीं करुगा
सुमिता साहिल केँ बगल मे लेत - तुँ नहीं समझेगा खैरचल पिला देतीहु
सुमिता मन मे - बहुत सोचा पर्र साहिल कां भोला मासूम चेहरा देखमना नहींकर पति उपर सें रूठ जाता हैं तौ मुझेदुख होता हैं
साहिल सुमिता कों बाहों मे लेके - होठो कां रस पियुगा फिनदूध
साहिल सुमिता कों पकरकिस करने लगता हैं सुमिता फिन मदहोस हौ जाती हैं सभीगलत सहीभूल किस कां मज़ा लेती हैं
किस केँ बाद साहिल नाटक करते हुवे अपने लन्ड पे हाथ रखते हुवे - अहहमा पता नहीं मेरे नूनू मे दर्द होनेलगा हैं
सुमिता हैरान होके - क्याँ केसे बेटा कहीचोट तौ नहींलगी थि
साहिल - पता नहींमा क्याँ करू मे बताओ नां
सुमिता बेचैन होके - बेटा दिखाओ मुझेकही कुछहुआ तोँ नहीं हैं
साहिल मुस्कुराते हुवेमन मे - मेरी परवाह मे मासभी भूल गई कितनी प्यारी हैं मुझे कितना प्रेम करती हैं माफ करनामा यह तौ नाटक हैं
साहिल यही सुनना चाहता थां जल्द सें अपना पैंट नीचे करता हैं मोटा लम्बा लोहे जैसाखरा लन्ड सुमिता केँ सामने थां जिसेदेख सुमिता काप् सिहर जाती हैं आखेफैल जाती हैं
वही साहिल अपनीमा कों देख मुस्कुरा रहा थां
आज केँ लिए इतना हि
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) - Continue reading for full story
बहोत शानदार एपसोड दिया हैं । भोला केँ भाला ठोकने कां काम हौ गय़ा हैं ! बहोत सहीलिख रहे होँ दोस्त
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