भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
बहोत हि उम्दा भागइस कथा मे एक् बात तौ तय हैं राघव कि उपेक्षा नें सुमिता कों ग़लत रास्ते पऱ जाने केँ लिए मजबूर कर दिया! औऱ मामाजी की वासना नें पूरेघऱ कि औरतों कों ख़राब कर दिया !
बहोत हि बढ़िया लिखरहे हौ बस किसीयह पास्ट खत्म हौ औऱ हीरो सबका बदला लेँ!
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 11
अरुण तौ सुमिता कों कपड़े उतरते देख पागल होँ रहा थां जैसे हि सुमिता कां दीवाना पुरागाव थां उसमे अरुण भि थां कईबार अरुण सुमिता कों याद करकेमुठ मरते आँ रहा थां मगर अरुण नें सोचा भि नहीं होगा एक् दिन वोँ उस सुंदर स्त्री कों चोद पायेगा
सुमिता जानती थि अब कोसिस करना बेकार हैं इस लिये सुमिता हारमन कपड़े निकलते जाती हैं फिन सुमिता पूरी नंगी अरुण केँ सामने खरी थि एक् सुंदर मस्तभरी जिस्म वाली महिला अरुण सुमिता कों नँगादेख पागल होने लगता हैं लन्ड झटके मरने लगते हैं अरुण विश्वास नहींकर पारहा थां जिस स्त्री कों इमजीनेस् करकेमुठ मरता थां अब वोँ उसके सामने नंगी हैं
अरुण सुमिता कि नंगी बॉडी कों देखते हुवे - यह खूबसूरती यह कयामत बॉडीइसी केँ दीवाना पुरागाव hain अबजबदेख रहाहु तौ यकीन नहीं होता ऑन्टी उफ किया हसीन बॉडी हैं आपकीयह खरे आपके चुचेभरा शरीर छोटे काले बालो वाली चूत मोती जांघे सफ़ेद जिस्म अहहआज तोँ मेरी क़िस्मत खुल गई हैं
सुमिता चुपचाप खरी रहती हैं
अरुण जल्द सें नँगा होँ जाता हैं जब सुमिता कि नजर अरुण केँ लन्ड पे जाती हैं तोँ सिहर जाती हैं सुमिता अरुण कां लन्ड देखते हैं मन मे - बहुतबरा हैं मर गई मे कहाफस गई कियु मेरेसंग हि ऐसा होता हैं
अरुण सुमिता केँ पास जाके - चुसो जितना आनंद मुझे दोगीखुश करोगी मे तेरी वीडियो डिलीट कर दूंगा
सुमिता अरुण कों देखती हैं फिन नीचेबैठ अरुण कां लन्ड पकरमुह मे लेकेमजे सें चूसने लगती हैं अरुण पागल होके सुमिता कों देख - अहहयह मज़ा मेरा लन्ड आप् चूसरही हैं ऑन्टी उफ बहुत मज़ा आँ रहा हैं
सुमिता लन्ड मजे सें चुस्टे हुवेमन मे - लन्ड कां स्वाद तौ बहुत अच्छा हैं आनंद भि आँ रहा हैं मुझे अरुण कों खुश करना होगातभी वीडियो डिलीट करेगा उफमा मेरेसंग हि कियु
3 मिनटबाद
अरुण सुमिता कों खाट पे लेता केँ सुमिता केँ ऊपरआके चुचेमुह मे लेके चूसने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेने लगती हैं सुमिता मन मे - अहह मुझे आनंदआने लगा हैं मे चुदासी होनेलगी हुउफयह लरका मेरेसंग जबरदस्ती कररहा हैं मगरफिन भि उफ चुसो मेरे चुचे कों
अरुण तोँ पागलजोस मे लगा थां जैसे एक् भूखे कों कईदिन बाद एकदम सें मस्त बिरयानी खाने कों मिली होँ
अरुण सुमिता केँ टाँगो केँ बीचझुक केँ चूत कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेने लगती हैं मचलने लगती हैं सुमिता मन मे - अहह चुसो मेरी चूत कों उफ बहुतआग हैं मेरी चूत मे साली ठंडी नहीं होती बढ़ती हि जाती हैं उफमा आनंद आँ रहा हैं
अरुणमन मे - उफ कितनी गरम चूत हैं उफ ऑन्टी कि चूत रस सें भरी हैं अहह पीके आनंद आँ रहा हैं उफआज मे पागल नां हौ जाऊ
सुमिता फिन कपते हुवेझर जाती हैं
अरुण सुमिता कों देखता हैं तोँ सुमिता नजरेफेर लेती हैं
अरुण सुमिता केँ चूत मे लन्ड एक् धक्के केँ संग पुरा घुसा केँ चुदाई करना सुरुकर देता हैं तेज धक्के केँ संग सुमिता अहहउफ करने लगती हैं अरुण सुमिता कि चुदाई करते हुवे - अहहयह मज़ा ऑन्टी आपकी चूत तोँ बहुत टाइट हैं यकीन नहीं होता अंदर तौ आगलगी हुईँ हैं ऑन्टी मज़ा आँ रहा हैं याँ नहीं बोलिये
सुमिता अरुण कों देखअहह उफ करतेमन मे - बहुत आनंद आँ रहा हैं चोदो औऱ फारदो मेरी चूत अरुण बेटेअहह बहुत मस्त लन्ड हैं तेरा
सुमिता कों अरुणफिन घोरीबना केँ चोदने लगता हैं अरुण सुमिता कि चुदाई करते हुवे सुमिता कि गांडदेख - उफ किया मस्तबरी गांड हैं आपकी, अरुण सुमिता कि गांड दबाते मसलते चुदाई करने लगता हैं फटफटफच् फच् केँ संग सुमिता मजे मे पागल होने लगती हैं
सुमिता मन मे - जानती हु मेरी भि गलती हैं मे मेरी भाग्य मुझेइस दलदल। मे लेकेआई जिससे मे सायद निकल नाँ पाउ
चुदाई 20 मिनटबाद खतम होती हैं सुमिता कपड़े पहन अरुण कों देख - वीडियो डिलीट करो
अरुण सुमिता कों देख वीडियो डिलीट करो
अरुण मोबाइल लिये सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - आनंदआया याँ नहींसच बताओ पहले
सुमिता - बहुत आनंदआया 2 बारझरी देखा नहींअब डिलीट करो
अरुण मुस्कुराते हुवे मोबाइल पॉकेट मे रख - अभि नहीं पुरेमजे लेने केँ बाद
सुमिता शोक गुस्से मे - कमीने
अरुण मुस्कुराते हुवे - नहीं गई कोई आँ गय़ा तौ क्याँ सोचेगा औऱ अहह चाची कों कलइसी वक्त लेके मेरेघऱ आनांसमझ गई
सुमिता गुस्से सें घऱ आँ जाती हैं
रात कों सुमिता सुनीता कों सभीबता देती हैं सुनीता हैरान शोक मे - क्याँ वोँ कमीना अरुण केँ पास हमारी वीडियो हैं लगगये
सुमिता डरते हुवे - वीडियो किसी केँ पास गई तोँ हम् गये
सुनीता सुमिता कों देख - चिंता मत करिये कुछ सोचते हैं
रात कुनाल सुमिता अंजलि कि मस्त चुदाई करता हैं
सुभह सुनीता औऱ सुमिता अरुण केँ घऱआते हैं अरुण सुनीता कि चुदाई करना सुरुकर देता हैं
अरुण सुनीता कि चुदाई करते हुवे - अहह चाची आपकी चूत भि बहुत मस्तगरम हैं आनंद आँ रहा हैं उफअहह चाची आपको मज़ा आँ रहा हैं
सुनीता मन मे - उफ दोस्त बहुत मज़ा आँ रहा हैं सुमिता तूने भि फूलमजे लिये होगेअहह मगर साला जबरदस्ती करने वाले मुझे पसन्द नहींखैर अहह अभि चुदाई कां मज़ा लें लेतीहु
15 मिनटबाद
अरुण सुमिता कों देख जोँ नंगी बैठी थि - घोरीबनो
सुमिता घोरीबन जाती हैं अरुण पुरा लन्ड अंदर घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं अरुण सुनीता कों देख - उफ आप् मस्तमाल हैं मगर ऑन्टी अहह सबसे जयदा मस्तमाल हैं उफअहह आज तोँ मर भि गय़ा तौ सालाकोई गम नहींदो सुंदर महिला कि एक् संग चुदाई करने कां सपनाउफ सोचा नहीं थां आप् दोनों केँ संग पुरा होगा
4 महीने बाद
सुमिता महीने मे एक् बार कुनाल केँ घऱ जाती थि तब अरुण सुमिता कों खूब चोदता थां सुमिता सुनीता अरुण केँ नीचे नां चाहते आनां परता थां
सुमिता जबघऱ पे रहती तौ भोलाखूब मजे लेता सुमिता भि मगर सुमिता कईबार स्वयं कों रोकने कि कोसिस करतीमगर जब चूत मे जयदा गर्मी बढ़ती तौ रोक नहीं पति थि
दोपहर 2 बजे
भोला सुमिता केँ कमर पकरेतेज धक्के मारेजा रहा थां सुमिता दर्दमजे मे - अहह भोलाऐसे हि अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं उफ भोला
भोलातेज धक्के मरते हुवे - मेरी रण्डी अहह मेरे बच्चे कों गिरा दिया
सुमिता - उफअहह भोला बेटे मेरीअहह मजबूरी थि अहह
भोला चुदाई करते हुवे - कोईबात नहींउफ तेरी चूत मिलरही हैं बस इतना बहुत हैं अहह तूँ मस्त रण्डी हैं साली कमीनी
सुमिता - उफ भोलाअहह मे तेरी रण्डी हुचोद मुझे औऱ जोर सें
एक् महीने बाद सुमिता फिन कुनाल अपने भइया केँ घऱआती हैं
कुनाल कों कुछ दिनों केँ लियेकाम सें दूर जानां परता हैं तब सुमिता कि चूत लन्ड केँ लिये बेचैन होने लगती हैं
रात सुनीता सुमिता कों देख - ननदीजी बहुतमन हैं तोँ अरुण केँ पासचली जाइये आपकी प्यास भुजा देगा
सुमिता सुनीता कों देख - जरूरत नहीं हैं
सुनीता मुस्कुराते हुवे - जैसा आपकी मर्ज़ी
सुनीता जबसो जाती हैं औऱ सुमिता बेचैन जोँ जाती हैं तौ रात कों हि अरुण कों मोबाइल करके अरुण केँ घऱ सुमिता पहुँच जाती हैं चूत कि आग मे सुमिता हद सें गुजर जानेलगी थि
अरुण कों यकीन नहीं हौ रहा थां सुमिता स्वयं आई हैं
अरुण सुमिता नंगेखाट पे थें अरुण सुमिता कों देख - ऑन्टी आप् स्वयं आई हैं अच्छा लगा
अरुण चुदाई करना सुरुकर देता हैं सुमिता तांगे उठाये सिसकिया लेते हुवे - अहह अरुण बेटा आज पूरीरात मेरी चूत कों चोदो बहुत गर्मी हैं साली मेरी चूत मे अहह बहुत मज़ाआता हैं तेरा लन्ड लेकेअहह मा
अरुण सुमिता कि तरप्जोस कों देख पागल होके - साली तुँ तोँ रण्डी निकली अहहमगर अच्छा लगायह रूपदेख केँ
अरुणतेज मोटा लन्ड सुमिता कि चूत मे पेलने लगता हैं
सुमिता फिन अरुण केँ लन्ड कि सवारी करने लगती हैं अपनी गांडउपर नीचे करते हुवे लन्ड लेने लगती हैं अरुण - अहह किया मस्त सवारी करती हैं रण्डी अहह मेरे बच्चो कि माबनजा रण्डी
सुमिता - अहह नहीं अरुण बेटा मे ऐसा नहींकर सकती
अरुण - उफअहह तोँ एक् बार पेग्नेंट होँ जा बच्चा गिरा देना
सुमिता जोस मे अरुण कों देख - अहहठीक हैं निकाल दे अपनागरम माल मेरी चूत मे करदे मुझे पेग्नेंट
अरुणजोस मे पागल होके - अभि लो रण्डी ऑन्टी अहह मज़ा आँ गय़ा
सुभह होने सें पहले सुमिता घऱ आँ जाती हैं
नतीजा एक् महीने बाद सुमिता पेग्नेंट हौ जाती हैं मगर गोली खाकेबचा गिरा देती हैं जिसका इफेक्ट सुमिता कि बॉडी मे परता हैं
अंजलि घऱ पे थि अमर पप्पू सें बातें करते रहती थि राघव बिना डरके सिलु कि चुदाई करते रहता हैं
आज संडे थां साहिल राधीमा कों घुमाने लेके गय़ा थां जब साहिल राधीमा कोफ़ी शॉप मे बैठे कोफ़ी पीते बातें कररहे होते हैं तब दीपक भि एक् कोने मे एक् लरकी केँ संग बैठा थां जौ राधीमा कों साहिल केँ संग हस्ते हुवे बातें करतेदेख लेता हैं
दीपक केँ अंदरखून उबलआता हैं दीपक मुठी कसते हुवे राधीमा कों देख - मेरेपास रुपया सभीकुछ हैं फिन भि साली मुझेभाव नहीं देती औऱ यह कमीना साहिल केँ केँ संगगलत किया राधीमा तूने उसकीसजा तुम्हारी तरफ जरूर मिलेगी
राधीमा साहिल केँ संग बैठे बातें करते हुवे साहिल कों देखमन मे - केसे बताऊ साहिल आपको कमीना दीपक मेरीमा बापू कों राजी करके मुझसे विवाह करना चाहता हैं मेरीमा बापू तोँ पैसों केँ लिये राजी हैं मुझसे तोँ दोनों वैसे भि परेसान हैं
दीपक साहिल कों जनता थां बसकभी मिले बातें नहीं हुई थि
साहिल जब राधीमा कों घऱछोर केँ जाता हैं उसकेबाद दीपक राधीमा केँ घऱ मिलने आता हैं
बतादु राधीमा केँ मा बापू जोँ सौतेले हैं वोँ राधीमा कि विवाह दीपक सें हि करवाने कां फैसला लेँ चुके थें वजह थि रुपया इस लिये राधीमा केँ घऱ दीपकजब चाहे आँ जा सकता थां
दीपक कमरे मे जाता हैं राधीमा दीपक कों देख - कियुआये हौ
दीपक राधीमा केँ पासबैठ जाता हैं दीपक गुस्से सें लाल थां
दीपक राधीमा कों गुस्से सें देख - हु तौ मुझेछोर उस गरीब साहिल केँ संगघूम रही होँ अच्छा नहीं क्याँ तूने राधीमा
राधीमा पूरीशोक मे डर केँ - देखो मे साहिल सें प्रेम करतीहु उसी सें विवाह करुगी
दीपक कां क्रोध औऱ बढ़ जाता हैं
दीपकगन निकाल राधीमा केँ सामने रखते हुवे - एक् हि मार्ग हैं अब तेरेपास मे तुझसे विवाह करना चाहता थां मगरअब माइड चेंजकर लिया हैं
राधीमा गन देखते हि डर केँ काप् जाती हैं
दीपक राधीमा कों देख मुस्कुराते हुवे - पहला तुम् मेरी पत्नि बनके रहोगी जबतब साहिल तुमसे विवाह नहींकर लेता वादा मे स्वयं तेरीमा पिताजी सें कहके विवाह करवा दूंगा नहीं तौ साहिल कों मे मार दूंगा
राधीमा डर केँ कपते हुवे रोते हुवे - प्लेस साहिल कों कुछमत करना
दीपक मुस्कुराते हुवे - यह तौ तुमपे हैं कहो क्याँ फैसला लिया हैं
राधीमा - ऐसा नहीं होगा मे अपने साहिल कों झूठा केसेदे सकतीहु इससे अच्छा हैं साहिल केँ अलावा कोई मेरी बॉडीटच करे मे स्वयं कों मार लुंगी
दीपक हैरान नहीं होता जनता थां राधीमा ऐसाकुछ बोलेगी
दीपक मुस्कुराते हुवे - अरेरे तुम् तौ राधीमा खुदगर्ज़ निकली स्वयं केँ बारे मे सोचामगर साहिल केँ बारे मे नहीं तेरे जाने केँ बाद साहिल कां किया होगा सोचा हैं बेचारा जीतेजी मर जायेगा औऱ तेरे अलावा किसी सें विवाह भि नहीं करेगा
राधीमा हिल जाती हैं राधीमा जानती थि दीपक नें जोँ कहासच हैं दोनों एक् बदनजान थें एक् केँ जाने केँ बाद दूसरा जीतेजी मर हि जायेगा
दीपक मुस्कुराते हुवे - देखो राधीमा मेरा सर्ट मनलो इसमे तेरी साहिल दोनों कि भलाई हैं साहिल कों फर्क नहीं परेगा स्वयं जाके एक् बारबोल केँ देखो तेरा पहले किसी नें रेप किया हैं फिन भि साहिल सभीजान तुमसे विवाह करेगा बल्कि औऱ प्रेम करेगा जनताहु उसे कैसा लरका हैं दिल कां साफ भोला हैं
राधीमा उलझन मे फस चुकी थि समझ नहीं आँ रहा थां कियाकरे
दीपक राधीमा कों देख - चलोजिस दिन तुम् दोनों केँ विवाह कां कार्ड चपेगा उसीदिन मे तुम्हें आजादकर दूंगा मगरतब तब तुम् मेरी पत्नि रहूगी एक् पत्नि कि तरह बर्ताओ करोगी मुझे प्रेम करने दोगीकभी रोकोगी नहीं
राधीमा आसु बहाये जारही थि क्याँ करेसोच रही थि
दीपकगन लेके - ठीक हैं साहिल कों मार देताहु तुम्हारी तरफ तौ वैसे हि रण्डी बना लूंगा
दीपक जाने लगता हैं तोँ राधीमा रोते हुवे - मंजूर हैं
दीपक पीछे राधीमा कों देख मुस्कुराते हुवे - फिन सें कहो
राधीमा रोते हुवे - मंजूर हैं मगर तुम् मुकरगये तौ
दीपक राधीमा केँ पास जाकेआखो मे देख - मे वादा नहीं तोरता जब तक साहिल तुझसे विवाह करेगा तबतब मे तेरी अच्छे सें जीभरचोद चुका रहुंगा तोँ टेनसन मतलोचलो अब मेरी पत्नि हौ रोनाबंद करो
राधीमा नाँ चाहते हुवेदिल पे पथर्रख आसुसाफ करती हैं
दीपकबैठ जाता हैं औऱ राधीमा कों देख - आओ मेरी पत्नि अपने पति केँ गोद मे बैठो
राधीमा दीपक कों देखती हैं दीपक - दुबारा नां कहनापरे मे बहुत गुस्से वालाहु कही गुस्से मे साहिल कों मार नाँ दु
इतना सुनते हि राधीमा दीपक केँ गोद मे बैठ जाती हैं दीपक राधीमा कों बाहों मे लेके - अहह किया मस्त फैलीगरम गांड हैं तेरीउफ चूत कि गर्मी तोँ अहह मेरे लन्ड कों झटके देने पे मजबूर कररही हैं राधीमा
राधीमा अंदर हि अंदर रोते हुवेमन मे - माफ करना साहिल आपके लिये मुझेयह सभी करना हि होगा
दीपक राधीमा कों देख - उफ बताओ नाँ पत्नि मन हैं नाँ चुदाई करने कां आज अपने पति कों चूत दोगी नां
राधीमा अंदर सें रोते हुवे - जी आप् मेरे पति हैं बना केसेकर सकतीहु
दीपक - शपथखाओ साहिल कि पुरासंग दोगी मेरा
राधीमा कपते होठों सें - हा साहिल कि शपथ पुरासंग दुगी
दीपक मुस्कुराते हुवे - यह हुई नाँ बात
दीपक राधीमा कों किस करने लगता हैं नाँ चाहते हुवे भि राधीमा कों संग लेना परता हैं दोनों मे किस सुरु होता हैं दीपक पागलो कि तरह राधीमा कों किस करने लगता हैं राधीमा मजबूर होकेशपथ कि वजह सें पुरासंग देती हैं 2 मिनटबाद
दीपक राधीमा कों देख - उफ मज़ा आँ गय़ा पत्नि मस्त जूसीरस हैं तुम्हें आनंदआया
राधीमा - जी बहुतआया
दीपकखरा होके जाते हुवे - रात आऊगा अभि जानां होगा तैयार रहना
दीपक जाते हुवेरुक पीछेदेख राधीमा कों - अरे एक् बात पूछना भूल गय़ा साहिल नें तेरीसील तोरी हैं याँ नहीं
राधीमा कपते होठो सें - नहीं
दीपकखुश होके - वाउवाउ क्याँ भाग्य हैं मेरीअब सोचना भि नहींरात आऊगा चलताहु
दीपकचला जाता हैं औऱ राधीमा फुटफुट केँ रोने लगती हैं
राधीमा - मेरेसंग ऐसा कियु हौ रहा हैं मे तोँ बस साहिल केँ संग अपनी जीवन जीना चाहती थि मगरउपर वाले कों यह भि मंजूर नहीं हैं अब मुझे स्वयं पे क्रोध आँ रहा हैं कसकास साहिल कों अपनाबदन पहले हि दे देतीअब वोँ भि नहींकर सकतीअब वोँ कमीना मुझे पहलीबार भोगेगा माफ करदो साहिल तुम् बहुत अच्छे हौ कभी मुझे फोर्स नहीं किया मेरी बातो कों मानामगर अब मुझे स्वयं पे क्रोध आँ रहा हैं
रात 8 बजे मोबाइल पे
राधीमा - कियाकर रहे हैं आप्
साहिल मुस्कुराते हुवे - अपनीजान कों याद
राधीमा - हु एक् बात पूछूँ
साहिल - हा पूछो नां
राधीमा हिम्मत करके - मानलो मेरा किसी सें अफेयर होता हमारे बीचसभी होँ गय़ा होता मे वर्जिन नहीं होती तोँ भि मुझसे प्रेम करते
साहिल थोरा हैरान होता हैं
साहिल - हु राधीमा तुम् ऐसी लरकी नहीं हौ जनता हुई मानलो किसी सें तुम् प्रेम करती हौ उस लरके नें तेरेसंग सभी करके धोकादे देता हैं तोँ यहसभी जानने केँ बाद भि मे तुमसे औऱ जयदा प्रेम करता
साहिल कि बातसुन राधीमा केँ आखो सें आसु निकलआते हैं
साहिल स्वयं कों संभलते हुवे - कियु
साहिल - कियुंकी प्रेम करता हुई तुमसे मेरे किये पीछे तुमने क्याँ क्याँ हुआ फर्क नहीं परता मुझे तोँ बस अपनीजान केँ संग पूरी जीवन जीनी हैं
माधुरी आसुसाफ करते हुवे - आप् बहुत अच्छे हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - तुम् भि मेरीजान वैसे अचनाक् यह प्रश्न कियु
माधुरी - बसऐसे हि
माधुरी कों साहिल पे यकीन थां औऱ अब जयदा होँ जाता हैं
20 मिनट बातें करने केँ बाद मोबाइल कट्
राधीमा बैड पे लेते - मुझे भि आपकेसंग जीना हैं मगर एक् गम हमेसा रहेगा मेने आपको पहलाहक दे नहींपाई
10 मिनटबाद दीपक कमरे मे आता हैं जिसेदेख राधीमा सिहर जाती हैं दीपक दरवाजा बंद करके राधीमा कों देख - चिंता मतकरो अंकल ऑन्टी कों पता हैं कोई नहीं आयेगा
दीपक राधीमा केँ पासबैठ मुस्कुराते हुवे - याद रखनाशपथ औऱ मेरी पत्नि हौ तोँ मुझे पुरा मज़ा देना लेना भि समझ गई
राधीमा स्वयं कों तैयार करते हुवे - जी
दीपक - चलो दिखाओ अपना खाजना
राधीमा खरी होके कपड़े निकालने लगती हैं
आज केँ लिये इतना हि
बहोत हि शानदार लाजवाब औऱ जबरदस्त एपसोड हें भइया आनंद आँ गय़ा अगले रोमांचकारी धमाकेदार औऱ चुदाईदार भाग कि प्रतिक्षा रहेगी जल्द सें दिजिएगा
bhut shaandar update ajay bhaii bss yaar yeh past ab jld say jld khatam karo aur jesa kahani kaa nam taqdeer kee lakir shuru karo yaar sahil kee lakir . Baki ajay bhay tm kamal hu tumhari sari kahani lajawab hoty jisme khaskaar mummy Beta My Favourite.
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 12
दीपक राधीमा कमरे मे थें राधीमा कपड़े निकाल रही थि दीपक भि बेताब होके अपने कपड़े निकाल रहा थां
राधीमा कि बॉडी काप्रही थि आखो सें आशु निकलरहे थें यहदेख दीपक राधीमा सें - फिनवही मे जब तेरेपास रहु साहिल कों भूल जानां नाँ रहू तौ तुम् रो याँ कुछ भि करोशपथ खाई हैं साहिल कि
राधीमा दीपक कि बातसुन आसुसाफ करते हुवे - जी
राधीमा पूरी नंगी होकेखरी थि दीपक भि नँगा थां राधीमा कि हसीन नंगी बॉडीदेख दीपक पागल होने लगता
दीपक - उफ राधीमा मेरीजान किया मस्त बॉडी हैं तेरे चुचे चूत कमरअहह उपर सें नीचे तक मस्त होँ तुम्
दीपक राधीमा केँ पास जाके दोनों चुचे दबाने लगता हैं औऱ एक् चुचेमुह मे लेके चूसने लगता हैं राधीमा सिसकिया लेने लगती हैं औऱ दीपकमजे सें चूसने लगता हैं पागल होके राधीमा नें शपथखाई थि तौ मजबूर थि दीपक कां संग देने केँ लिये
दीपक चुचे दबाने चूसने केँ बाद राधीमा सें - मेरीजान अपनी चूत कां रस पिलादो
राधीमा पलंग पे लेत तांगे उठा केँ दीपक कों देख - आईयेपी लीजिये
दीपक मुस्कुराते हुवे नीचेझुक चूत चाटने चूसने लगता हैं राधीमा अहहउफ सिसकिया लेने लगती हैं मचलने लगती हैं दीपकमन मे - उफ कितनी गरम चूत हैं रस कां स्वाद भि मस्त हैं
दीपकफिन राधीमा केँ टाँगो केँ बीचआके अपना लन्ड चूत केँ रख राधीमा कों देख मुस्कुराते हुवे - आजकली सें फुलबना दूंगा
दीपक एक् धक्का मरता हैं राधीमा दर्द मे चीख परती हैं दीपक दूसरा मारके पुरा घुसा देता हैं सिलटूट जाती हैं खुन निकलआता हैं राधीमा दर्द मे रोने लगती हैं तरपने लगती हैं
दीपकजोस पगल मे रुकता नहीं चुदाई करते रहता हैं राधीमा दर्द मे - अहह बहुत हौ रहा हैं
दीपक चुदाई करते हुवे राधीमा कों देख - अहह राधीमा तेरीसील तोरके आनंद आँ गय़ा उफ कितनी गरम चूत हैं तेरीशपथ सें क़िस्मत खुल गई मेरी तेरीसील तोर पाया
माधुरी कि बॉडी दर्दमजे लेँ रही थि मगर आत्मा रोरहा थां
दीपक घोरी बनाके चुदाई करते हुवे - उफ राधीमा आनंद आँ रहा हैं
राधीमा - अहहउफ बहुत आनंद आँ रहा हैं दर्द भि अहहमा
दीपकतेज धक्के मरते हुवे - दर्द मे हि आनंद हैं मेरीजान
फटफटफच् फच् कि आवाजे गुजरही थि कमरे मे
रात दीपक 2 बार राधीमा कि चुदाई करता थां संग मे हि सोता हैं सुभहचला जाता हैं दीपक केँ जाते हि राधीमा फुटफुट केँ रोने लगती हैं अपनी क़िस्मत कों कोसने लगती हैं
2 दिन तक राधीमा साहिल सें मिलने नहींआती मोबाइल पे हि बातें होती रहती हैं वक्त केँ संग दीपक राधीमा कि सहायता सें साहिल कां यारबन जाता हैं जबकि साहिल भोला थां पीछे किया हौ रहा हैं दीपक कैसा इंसान हैं साहिल देख नहीं पाया
साहिल केँ सचाईपता लगने केँ 2 महीने पहले
साहिल केँ मन मे एक् दिन पिकनिक पे जाने कां मन करता हैं राधीमा केँ संगयह बात साहिल राधीमा दीपक कों बताता हैं जबकि दीपक अच्छा मित्र साहिल कां मन गय़ा थां
अगलेदिन दीपक कि गारी सें साहिल राधीमा दीपक 2 घंटे कां सफर करके एक् हसीन जंगलो सें भरी पहरो झरनो वाली स्थान आते हैं चारों तरहहरे भरे जंगल झरने भि थें लोग हमेसा आते रहते थें कियुंकी यह स्थान बहुत हसीन थि मगर खतरनाक भि इस लिये जयदा अंदर नाँ वाले वाला साइन बोर्ड भि लगाया गय़ा थां
साहिल सब झरने केँ पासआते हैं सुंदर नजारा होता हैं
साहिल - दोस्त नहाने कां दिलकर रहा हैं
दीपक राधीमा कों देखते हुवे - सोचना किया हैं चलते हैं नहाते हैं
राधीमा कुछ बोलती नहींखरी रहती हैं
साहिल राधीमा कों देख - जान किया कहती होँ चले नहाने
राधीमा - जैसा आप् कहे साहिल
साहिल - चलोफिन नहाते हैं
साहिल दीपक चड्डी पे आके पानी मे चले जाते हैं राधीमा भि बिकनी पैंटी मे पानी मे आके नहाने लगती हैं
साहिल राधीमा कों बाहों मे लिये दीपक कों देख - दोस्त दीपकअब वक़्त आँ गय़ा हैं मे अपने पिताजी मा कों बताऊ राधीमा केँ बारे मे
राधीमा यहसुन खुश होती हैं मगर दीपक अंदर सें गुस्से मे आग बबूला हौ जाता हैं
दीपक मुस्कुराते हुवे - यह तोँ अच्छी बात हैं मे तेरेसंग हु अंकल ऑन्टी कों मे मना लूंगा तेरी विवाह राधीमा सें हि होगी
साहिल - थैंक्स दोस्त
दीपक - थैंक्स मतबोल साथीहु तेरा राधीमा भि मेरी साथी हैं
दीपक साहिल लेँ पासआके - दोस्त एक् खेल खेलते हैं पकरम पकराइ
साहिल हस्ते हुवे - चलठीक हैं खेलते हैं
दीपक हस्ते हुवे - तुम् दोनों भागो मे पकरूँगा
साहिल - ठीक हैं फिन
राधीमा समझ जाती हैं दीपककुछ करेगा मगर मजबूर थि बेचारी
साहिल तेरते हुवे भागने लगता हैं मगर दीपक तोँ राधीमा कों पकरना चाहता थां दीपक राधीमा कों पीछे सें पकर धीरे-धीरे सें - पैंटी निकाल दो
राधीमा अपनी पैंटी निकाल देती हैं दीपक राधीमा केँ चुचे भि बिकनी सें निकाल देता हैं
राधीमा साहिल कों देखते हुवे - प्लेस साहिल कों पता नाँ चले
दीपक राधीमा कि चूत मे लन्ड घुसते हुवे साहिल कों देख हस्ते हुवे नहींपता चलेगा
दीपक एक् तांगे उठा केँ चुदाई करने लगता हैं राधीमा दर्द मे - अहह धीरे-धीरे दर्द होँ रहा हैं उफमामर गई
माधुरी साहिल कों देखते हुवे अंदर हि अंदर रोते हुवे - माफ करना साहिल मे मजबूर हु
साहिल पीछेदेख - अरे राधीमा तुम् पकरी गई
राधीमा केँ गले तक पानी थां इस किये पानी मे क्याँ होँ रहा हैं साहिल देख नहींपा रहा थां
दीपक चुदाई करते हुवे साहिल कों देख - हा दोस्त राधीमा पकरी गई अब तेरीबरी हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - पकर केँ दिखाफिन अच्छा सुसु आँ गई मे आताहु
दीपक मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं जा
साहिल जंगल केँ अंदर एक् स्थान सुरु करने लगता हैं तभी साहिल केँ पास एक् बहुत सुंदर लालरंग छोटेदो सिंगअलग हि खरगोस दिखाई देता हैं
साहिल - यह कितना हसीन खरगोस हैं लालकलर कां मेने पहले नहीं देखा इसकी बनावट दोस्त ऐसा खरगोस् भि होता हैं नहीं दोस्त
खरगोस् साहिल कों देख भागने लगता हैं साहिल खरगोस् केँ पीछे भागते हुवे - रुककहा जारहा हैं तुँ मुझे रेयर खरगोस् मालूम परता हैं आज तुम्हें मे पकर केँ हि रहुंगा
वही झरने मे दीपकतेज चुदाई करते हुवे - अहह आनंद आँ रहा हैं मेरीजान
राधीमा - अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं मे झरने वालीहु औऱ तेजकरो
दीपक मुस्कुराते हुवे - यहलोअहह
दीपक राधीमा केँ अंदरझर जाता हैं
राधीमा पैंटी पहन चुचे बिकनी केँ अंदरकर लेती हैं
राधीमा दीपक कों देख - मे पेग्नेंट हु
दीपक - तोँ क्याँ
राधीमा - मुझे बच्चे गिराना हैं
दीपक मुस्कुराते हुवे - गिरादो मुझे क्याँ
राधीमा अंदर हि अंदर रोने लगती हैं
वही साहिल खरगोस् लें पीछे भागते भागते एक् गुफा मे आँ जाता हैं
साहिल आसपास देखते हुवे - यह साला किधरचला गय़ा मिल जाता तोँ अच्छे पैसे मिलते औऱ यह गुफा कैसी हैं
साहिल अंदर तक जाता हैं आसपास देखते हुवे साहिल जब एक् स्थान जाता हैं तोँ सामने एक् अजीब मूर्ति थि जिसके उपर एक् वाइट रोसानी तेजचमक रही थि
साहिल - यहतेज रोसानी कैसी हैं
साहिल पास जाकेउस रोसनी कों जैसे हि छूता हैं रोसनी सहिल केँ अंदरसमा जाती हैं औऱ साहिल वही बेहोस हौ जाता हैं
वही झरने केँ पास साहिल नहींआता तौ राधीमा दीपक सें - साहिल कियु नहींआया अभि तक
दीपक राधीमा कों बाहों मे लेके - वोँ हल्का होने गय़ा होगाचलो नां एक् बारफिन करते हैं
राधीमा नाँ चाहते हुवेठीक हैं
दीपकफिन चुदाई करने लगता हैं माधुरी दर्दमजे मे नां चाहते मज़ा लेने लगती हैं दीपक चुदाई करते हुवे - उफ किया मस्त चूत हैं तेरी
माधुरी दर्द मे - अहह औऱ जोर सें अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं उफ
दीपक मुस्कुराते हुवे - हा मेरी रण्डी यह लेँ अहह औऱ लें उफ
20 मिनटबाद
साहिल कों होसआता हैं औऱ खरा होके अपनासर पकरे - aah मेरासर बहुत दर्दकर रहा हैं मे बेहोस केसे होँ गय़ा
साहिल पीछे देखता हैं नाँ रोसनी थि नां मूर्ति
सहिलसमय देख - अरे दोस्त जानां होगासभी परेसान होँ रहे होगे
साहिल तेजी सें डोरते हुवेजब राधीमा दीपक केँ संगआता हैं तोँ देखता हैं दोनों बैठे बातें कररहे हैं
राधीमा परेसान होके सहिल केँ गलेलग - आप् कहाचले गये थें
साहिल राधीमा कों गले लगाते हुवे - चिंता मतकरो मे बस थोरा अंदर घुमने चला गय़ा थां
दीपक राधीमा कों गले लगतेदेख दीपक गुस्से सें पागल होँ जाता हैं
साहिल फिनसब शामघऱ आँ जाते हैं अंधेरा होने सें पहले
अगलेदिन दीपक राधीमा कों थोरा जंगल सांत स्थान गारी मे लेकेआता हैं औऱ गारी मे राधीमा कों घोरीबना केँ चुदने लगता हैं
दीपक - उफजान गारी मे चुदवा केँ मज़ा आँ रहा हैं नां
राधीमा - उफ बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहह मे झरने वालीहु अहह
राधीमा झर जाती हैं औऱ दीपक भि
राधीमा दीपक गारी सें बाहर् आकेखरे होँ जाते हैं
दीपक राधीमा कों देख - तेरेपेट मे मेरा बच्चा हैं राधिका भूलजाओ साहिल कों मुझसे विवाह करलो जैसे हम् रहतेआये हैं तुम को भि तोँ बहुत आनंदआता हैं केसे मेरा लन्ड लेके झरति होँ
राधीमा कां क्रोध हाई होँ जाता हैं
राधीमा दीपक कों देख गुस्से सें - भूल हैं लेरीशपथ कि वजह सें मे तेरासंग देती थि मेरी कियुंकी साहिल मेरासभी कुछ हैं तेरे छूने सें मुझेघिन आती हैं कमीने तुझसे विवाह थु मेरी मजबूरी कां फायेदा उठा केँ मेरारेप करता आँ रहा हैं तेरीलगा मे तेरे प्रेम मे गिर गई नां दीपकतुझ जैसे कमीने सें कोई प्रेम नहींकर सकतीकोई लरकी नहीं
अब दीपक कां क्रोध हाई होँ जाता हैं
दीपक गुस्से मे - अच्छा यहबात हैं आज मे तेरी हालत खराबकर दूंगा कमीनी
दीपक अपने साथी कों मोबाइल लगाते हुवे - हासुन सब साथी कों लेके मेरे बंगलो पे आँ एक् मस्तमाल मिली हैं सभी मिलके खूब पहले
साथीखुश होके - अभि आताहु दोस्त ऐसे मोक्के कोन जाने देगा
राधीमा जब सुनती हैं तौ उसकीरूह काप् जाती हैं राधीमा डरते हुवे तेजी सें भागने लगती हैं यहदेख दीपक गुस्से मे चिल्लाते हुवे - रुकजाओ नहीं तौ अच्छा नहीं होगा राधीमा
दीपक बहुत गुस्से वाला लरका थां गुस्से मे कुछ भि कर देता थां राधीमा जब नहीं रुकती तोँ दीपकगन निकाल राधीमा पे निसाना लगाते हुवे - बहुत होँ गय़ा तेरीलास केँ संग भि मजे करेगे मेरेयार
दीपक गोली चलाने वाला थां मगररुक जाता हैं औऱ जल्द सें गारी मे बैठ तेजी सें गारी लें जाके पीछे सें राधीमा कों ठोक देता हैं राधीमा उड़ते हुवेदूर जाते गिरती हैं
दीपक गुस्से सें गारी सें निकल राधीमा केँ पास जाके देखता हैं तौ राधीमा केँ सर पांव सें खुन निकलरहा थां राधीमा दर्द मे टरप्रही थि
दीपक राधीमा कों देख गुस्से सें - कहा थां कहा थां मुझे क्रोध मत दिलाना
दीपक जल्द सें गारी मे जाकेबैठ भाग जाता हैं औऱ राधीमा खुन सें लातपट अपना मोबाइल निकाल साहिल कों मोबाइल कर देती हैं मगरकुछ शब्द मुश्किल सें बोल पाती हैं
साहिल जबवहा आता हैं तोँ राधीमा कि आखरी सासेचल रही थि
साहिल जब राधीमा कों लेके जाने लगता हैं तब राधिका अपनादम तोर देती हैं
राधीमा केँ जाने केँ बाद साहिल टूट जाता हैं मगर साहिल कों यह एक्सीडेंट लगा थां जबकि दीपक नें मारा थां पुलिस नें छन्बिन कि मगर दीपक कां बाप पैसे देखे एक्सीडेंट केँ केस बनवा देता हैं
जब साहिल सुमिता कों लेके कुनाल केँ घऱदो महीने बादतब साहिल केँ अंदररेह रहा वोँ रोसनी साहिल सें बात करता हैं अपने बारे मे बताना हैं किया हौ रहा हैं सुमिता अंजलि उसके पीछे सारे घटना दिखता हैं उसकेआगे आप् सभी कों पता हि हैं
पास्ट् खतम
साहिल वाला पास्ट् सुरु होता हैं अभि सें
सुभह होने वाली होती हैं मगर साहिल जब सें पास्ट् मे आया हैं नींदउरी थि साहिल रातभर सोचता रहा उसकीमा दिदी राधीमा केँ संग किया केसेहुआ औऱ बदला केसे लेना हैं
साहिल उठ केँ बैठमन मे - गलती मेरी भि थि मे मा दिदी केँ संग वक़्त वक्त नहीं गुजारता थां मे किसी केँ दर्द उसकी परवाह जयदा नहींकर पाया सायद मे औऱ लगभगमा दिदी केँ रहता तौ
साहिल मुठी कसते हुवे - साहिल रोना नहीं हैं अब रुलाया हैं तेरीउन सभी कों औऱ स्वयं कों बदलना हैं भोला नहीं शैतान बनके रहना हैं उनसभी कमीनो केँ लिये
साहिल मोबाइल पे तारीख देख - इसकीमा कां कल दिदी कों लेके मुझे मामाजी केँ यहा जानां हैं जहा दिदी केँ संगअमर फिन मेरा कमीना मामाजी
साहिल मुस्कुराते हुवे - खेल सुरु मे साहिल भाग्य कि लकीर कों बदल केँ रख दूंगा
हा दोस्तों सहिलउस दिन पास्ट् मे आया हैं जब अंजलि कों साहिल अपने मामाजी केँ घऱ छोरने जाता हैं औऱ फिन क्याँ हुआ थां आप् सभी कों पता हि होगा
यानी अंजलि अमर प्रेम मे हैं अंजलि मे अपनी बिकनी वाली फोटो दिखा दि हैं बाकी असली कांड अंजलि केँ मामाजी केँ यहा जाने केँ बाद सुरु होती हैं जोकिअब साहिल पास्ट् मे आया थां सभी जनता थां तौ होने देने वाला नहीं थां
सुभह होती हैं सुमिता उठती हैं अंजलि राघवसभी उठते हैं किसी कों पता नहीं थां आगे कियाहुआ थां मगर साहिल कों पता थां
सुमिता कमरे मे तैयार होँ रही थि अंजलि नहारही थि राघवखेत गय़ा थां तब साहिल सुमिता केँ कमरे मे आता हैं सुमिता बाल सवाररही थि
साहिल सुमिता कों देख इमोसनल हौ गय़ा थां
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सुमिता पीछेमूर साहिल कों देख - बेटा तुम् मेरे कमरे मे केसे
तभी साहिल तेजी सें जाके सुमिता कों बाहों मे भर देता हैं सुमिता हैरान होती हैं फिन मुस्कुराते हुवे साहिल कों बाहों मे कसते हुवे - कियाबात हैं आज मेरालाल अपनीमा कों बाहों मे भररहा हैं पहले तौ ऐसाकभी नहीं करता थां
साहिल केँ आखो मे आसु थें साहिल अपनेआसु साफ करते हुवे - बेवकूफ थां जौ इतनी हसीनमा केँ संगसमय नहीं गुजरता थां
सुमिता साहिल केँ चहरे कों पकर हैरान होके - तेरेसर पे चोट तौ नहीं नहीं हैं
साहिल हस्ते हुवे - कियुपूछ रही हैं
सुमिता साहिल कों देख - कियुंकी आज तूने मुझेहग किया तारीफ भि कररहा हैं पहले तौ ऐसा नहीं करता थां
साहिल मुस्कुराते हुवे - अब करुगा नां आपकेसंग रहुंगा खूब बातें मस्ती करुगा
सुमिता मुहबना केँ - चलचल मात्र बातें करता हैं अपनीमा केँ संगकभी अच्छे सें बात टाइम बिताया हैं अपने मे लगा रहता हैं
साहिल सुमिता केँ गाल पे किस करते हुवे - वादाअब सें आपकेपास रहुंगा बस दिदी कों छोर केँ आँ जाऊ
सुमिता औऱ हैरान गाल पे हाथ रखते हुवे - ओयेगाल पे किस कियु किया
साहिल हस्ते हुवे - कियुंकी आपकेगाल बहुत मस्त नर्म हैं औऱ आप् मेरीमा हैं
सुमिता साहिल कों देखते हुवे - नहीं पक्का तुम कोसर पे चोटलगी हैं
तभी अंजलि अंदरआते हुवे - किसेचोट लगी हैं
साहिल अंजलि कों देख केँ भि इमोसनल हौ जाता हैं
साहिल अंजलि कों देख - किसी कों नहीं मेरी प्यारी सुंदर दिदी
अब अंजलि हैरान होके साहिल कों देखने लगती हैं
सुमिता अंजलि कों देख - देखा सुना नां आजयह लरका अजीब बातें कररहा हैं इस लिये बोला मेने
अंजलि साहिल केँ पास जाकेसर कों पकर - मेरे भइया नें मेरी तारीफ कि दिखाकही सर पे लगी तोँ नहीं हैं
साहिल - हद हैं मा दिदी मे ठीकहु
तभी राघव अंदरआते हुआ - किया होँ रहा हैं
साहिल राघव कों देखते हि गुस्से सें लाल होने लगता हैं मगर स्वयं कों सन्त करते हुवेमन मे - कमीने तेरीबरी भि आयेगी
साहिल - कुछ नहीं दिदी तैयार होँ गई हैं तौ मे भि तैयार होँ जाताहु खाके निकलेगे
साहिल चला जाता हैं सुमिता अंजलि हैरान रह जाते हैं
राघव - यह साहिल बदला कियुलग रहा हैं
सुमिता अंजलि कुछ नहीं बोलते
10 बजे
अंजलि तैयार थि साहिल सुमिता कों बाहों मे लिये प्रेम सें - मा जाने कां दिल नहींकर रहा आपकोछोर केँ
सुमिता - इतनाबदल कब सें गय़ा तुँ इतनी परवाह मेरी क्या बात है पहले तौ कभी नहीं कि
साहिल सुमिता कों देख - कियुंकी अब जाके देखा अच्छे सें मेरीमा कितनी हसीन हैं
सुमिता सर्म सें - बेसरम
अंजलि दोनों कों देख - मासच मे यह लरके कां इतना प्रेम मुझेहजम नहीं हौ रहा
साहिल अंजलि कों देख - आपकोकोन प्रेम कररहा हैं मे अपनीमा कों कररहा हु
अंजलि मुहबना केँ - तेरा प्रेम किसे चाहिये दे अपनीमा कों
सुमिता हस्ते हुवे साहिल कों देख - बेटा मे नहीं जानती तूँ एकदम सें केसेबदल गय़ा मगर मे खुशहु बहुत
साहिल मुस्कुराते हुवे - तोँ एक् किसदो
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल केँ गाल पे किस करते हुवे - अबखुश
साहिल - हा
अंजलि - अबचले
साहिल - ठीक हैं दिदी कितना बेचैन हैं आप्
साहिल सुमिता कों प्रेम सें देखता फिन अंजलि कों लेके अपनेमा केँ घऱ निकल परता हैं पीछे सुमिता खरी मनमे - मेरा साहिल बदल गय़ा हैं पता नहीं केसेमगर मुझे बहुत खुशी हैं मे यही चाहती थि साहिल मेरालाल मेरेपास रहे मेरेसंग समय बिताए बातें करे
वही साहिल अंजलि कों लें जाते हुवेमन मे - आँ रहाहु मामाजी मामीजी पप्पू अरुणसजा केँ लिये सजधजकर रहनाइस बार किस्सा बदलने वाली हैं
आधे रास्ते पे पहुँच साहिल एक् सन्तपैर केँ नीचे बाइकरोक देता हैं दूरदूर तक खेत थां कोई नहीं थां अंजलि बाइक सें उतर साहिल कों देख - यहा बाइक कियु रोकी
साहिल अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - आपसे बातें करनी हैं आइये बैठिये
साहिल एक् स्थान बैठ जाता हैं अंजलि हैरान कंफ्यूज साहिल केँ पासबैठ जाती हैं
अंजलि - कहो क्याँ बातें करनी हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - आप् किससे बातें करती हैं दिदी
अंजलि पूरीशोक मे हिल जाती हैं
अंजलि डरते हुवे - तुम् यह क्याँ बकरहे हौ
साहिल गुस्से सें मुस्कुराते हुवे - सभी जनताहु अमर सें बातें करती हैं अपनी बॉडी दिखती हैं उसकेलिए हि जारही हैं नाँ आप्
अंजलि कि आखेफैल जाती हैं
अंजलि कपते हुवे - तुम्हें केसेपता चला
साहिल मुस्कुराते हुवे - बसचल गय़ा मा बापू कों बतादु
अंजलि डरते हुवे - भइया प्लेस मा बापू कों मत बताना मे अमर सें प्रेम करतीहु उससे विवाह करना चाहती हु
साहिल मुस्कुराते हुवे - मे चाहुंगा तौ होगा नहीं तौ नहीं सीधेबात बोलता हु ध्यान सें सुनिये अमर सें विवाह करनी हैं तौ पहले मुझेखुश करना होगा
अंजलि हैरान होके - मतलब क्याँ हैं तेरा
साहिल अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - चूत देनी होगी मुझे
एक् जोरदार चाटा साहिल केँ गाल पे परता हैं
साहिल फिन भि मुस्कुराते हुवेजोर जोर सें हसने लगता हैं पागलो कि तरफ हस्ते हुवे - जितना मारना हैं मारो मुझे दिदी मगर
साहिल अंजलि केँ पास जाके अंजलि कि आखो मे देख - अमर सें विवाह करनी हैं तौ यह कीमत देनी होगी नहीं तोँ
अंजलि गुस्से सें साहिल केँ कोलरपकर - कितना कमीना निकला तुँ भोला दिखता थां मगर तूँ थु तेरे पे तेरा जैसा भइया नहीं चाहिये मुझे
साहिल अंजलि कों देख हस्ते हुवे - चलो एक् सर्ट लगाते हैं मे आपकोकुछ बातें बताने वालाहु वैसाहुआ तोँ आप् मेरी बनके रहेगी
अंजलि गुस्से सें - औऱ वोँ क्याँ हैं
साहिल हस्ते हुवे अंजलि केँ कान मे कुछ केहता हैं जैसे जैसे साहिल बताते जाता हैं अंजलि पूरीशोक मे हिल जाती हैं औऱ शोक मे साहिल कों देखती हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - तोँ सर्ट नहींशपथ खानी होगीऐसा हुआ तौ आप् मेरी बनके रहेगी मंजूर
अंजलि कपते हुवे - नहींयह सच नहीं हौ सकता
साहिल मुस्कुराते हुवे - होगाचले देखते हैं स्वयं पताचल जायेगा
साहिल अंजलि कों लेकेआता हैं अंजलि अभि भि पुराशोक मे थि सुनीता कुनाल कों देख साहिल गुस्से सें मन मे - घऱतभी जाउंगा जब तुम् सभी कों सजादे दूंगा
अगलेदिन साहिल जब अंजलि कों छोर जाता हैं औऱ अंगली अमर सें मिलने गई वोँ सीनहुआ वहीसीन फिन बनने वाला थां सभी वैसा हि होता हैं अंजलि अंदर जाती हैं कुनाल अंदर जाता हैं अंदर अंजलि बातें कररहे थें अमर अंजलि कों चुचे दिखाने केँ केँ लिये कहने लगता हैं
अजलि मुस्कुराते हुवे - दिखा दूंगी सभीकुछ करेगे भि मगरआज नहींकल
अमर हैरान होके - मगर कियु
अंजलि मुस्कुराते हुवे - प्लेस मेरे राजामान जाओ
अमर - अच्छा ठीक हैं
अंजलि कमरे सें बहारआने लगती हैं तौ कुनाल जल्द सें भाग जाता हैं
रात कुनाल अंजलि केँ कमरे मे आकेवही फायेदा उठाने औऱ बातो मे फसाने लगता हैं
कुनाल याँ अंजलि सें - अंजलि बेटा मेनेसभी देखा हैं देखो मे तेरी विवाह करवा दूंगा अमर सें मगर मुझेखुश करोगी तौ
अंजलि - मगर मामाजी यहगलत हैं मे आपकी बेहन कि बेटी भांजी हु
कुनाल अंजलि कों खाट पे लेटाते हुवे - तौ क्याँ हुआ करनेदे विवाह करवा दूंगा मे अहह मेरी भतीजी
तभी साहिल अंदरआता हैं औऱ अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - मे जीत गय़ा देखा जैसा मेने बोलाहुआ नां
अंजलि पूरी हिलीपरी थि यकीन नहींकर पारही थि साहिल नें जौ बोलावही हुआ थां
कुनाल साहिल कों देख हैरान होके - भतीजे तूँ तौ चला गय़ा थां नाँ
साहिल कुनाल केँ पासआके एक् चाटा देतेहुए - नहीं कमीने मे आयाहु औऱ जाउंगा तेरी मामीजी कि गांड मारके
कुनाल गुस्से सें साहिल कों मरने जाता हैं तौ साहिल एक् चाटाफिन दे देता हैं औऱ कुनाल कों पकरहाथ पेर बांध केँ मुह मे कपड़े ठूस देता हैं
सहिलमन मे - तेरे अंदरयह ताकत कैसी हैं कहीयह ताकत
साहिल मुस्कुराते हुवेमन मे - थैंक्स यार
तभी संगीता आँ जाती हैं कुनाल कों बाधादेख हैरान होके - किया होँ रहा हैं यहसभी यहा
साहिल सुनीता कों देख मुस्कुराते हुवे - आइये आइये मेरी प्यारी मामीजी आपको हि यादकर रहा थां
साहिल एक् चाकू निकाल कुनाल केँ गले पे रख सुनीता कों देख - चलिये जल्द सें नँगा होँ जाइये
सुनीता शोक मे - साहिल यह तुम् क्याँ कररहे हौ पता भि हैं
साहिल कुनाल केँ गले पे एक् कट लगते हुवे - अच्छे सें पता हैं जल्द कपड़े निकालो नहीं तौ
सुनीता डरते हुवे - ठीक हैं ठीक हैं अपने मामाजी कों कुछमत करो तुम् यह कियुकर रहे हौ
साहिल मुस्कुराते हुवे - आपको जानने कि जरूरत नहीं हैं
अंजलि सभीदेख रही थि सचजान पूरी हिली थि हजम करने मे लगी थि समझने कि कोसिस कररही थि आखिर केसे उसके भइया कों पता थां किया होने वाला हैं
पहला शिकार औऱ सजा साहिल अपने मामाजी मामीजी कों देने वाला थां
सेमवही घटना रिपित हुई मगर चीजे बदली साहिल नें क़िस्मत कों अपने मुताबिक बदल दिया थां औऱ अमर कुनाल कि सचाई दिखाई
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