भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chaptar 11
कुनाल सुमिता कों देखमन मे - मेरी बेहन जिसकी हुस्न कां दीवाना पुरागाव हैं यकीन नहीं होताआज मेरे सामने प्यासी नजर सें मेरे लन्ड कों देखरही हैं उफ मेरी क़िस्मत इतनी अच्छी होगी सोचा नहीं थां जवानी सें जयदा मज़ा तोँ इसउमर मे अपनी बेहन कों चुदने मे आयेगा यहसोच कर हि मेरी बेहन सदीसुधा हैं दो बच्चे चूत सें निकाले हैं अब मे उस चूत कों देखने चुदने वालाहु
तभी सुमिता कुछ करती हैं जिसेदेख कुनाल बहुत हैरान होता हैं
आगे
कुनाल बेड केँ पास अपना टाइटखरा लन्ड लेके नँगाखरा थां सुमिता कों देख अपनी क़िस्मत पे खुश हौ रहा थां तभी सुमिता अपने दोनोपेर सें कुनाल केँ लन्ड कों मुठ मरने लगती हें कुनाल यहदेख हैरान होता हैं औऱ सुमिता कों देखता हैं जौ पूरी चुदासी हौ चुकी थि
कुनाल सुमिता कों देख - अहह मेरी बेहन किया मस्त तरीके सें मुठमार रही हौ लगता हैं चूत मे लन्ड लेने कि बहुत जल्द हैं तुम्हे
सुमिता कुनाल कों देख - बहुत भइया बहुत मेरी चूत मे आगलगी हैं
कुनाल मन मे - इतनीआग हैं फिन भि स्वयं कों रोक केँ रखती थि राघव तूने धोका देके अच्छा क्याँ नहीं तोँ सुमिता मुझे नहीं मिलती
राघव सुमिता कों देख - बेहन अपनी जांघे औऱ फैलाओ नां अपनी मस्त फूली चूत दिखाओ पैंटी नहीं पहनी हैं तूनेसाफ पताचल रहा हैं
सुमिता मदहोस चुदासी होके कुनाल कों देखते हुवे अपनी जांघे औऱ थोरा फैला देती हैं फिन नजारा दिखता हैं जिसेदेख कुनाल कां लन्ड औऱ टाइट होँ जाता हैं सुमिता कि छोटे बालों वाली चूत अब कुनाल देखपा रहा थां सुमिता मदहोसी मे - उफ भइया देखाकुछ
कुनाल सुमिता कों देख - दिखरहा हैं बेहन तेरी चूत उफ पर्र गुरिया अच्छे सें दिख नहींरहा थोरा औऱ जांघों कों फैलाओ नाँ
सुमिता लन्ड पैरो सें हिलाते हुवे कुनाल कों देख अपनी जांघे औऱ फैला लेती हैं उफशपथ सें अबसाफ साफ अच्छे सें सुमिता कि छोटे बालों वालीरस सें भरीगरम फूली चूत कुनाल कों दिखरहा थां
कुनाल आखे फ़ारे अपनी बेहन कि चूत देखते हुवे - माशपथ गुरिया तेरी छोटे बालों वाली चूत मस्तउफ फूली हुइ हैं कितनी सुंदर हैं
सुमिता सर्म सें कुनाल कों देख - अच्छा अपनी छोटी बेहन कि चूत देखते हुवे सर्म नहींआती अहह वैसे मस्त चूत हैं नां मेरी
सुमिता चुदासी होकेबोल रही थि कुनाल औऱ गरम होँ जाता हैं
कुनाल सीधा जाके सुमिता कि चूत पे हाथ रखते हुवे अंगुटे फाको कों बालों कों सहलाने लगता हैं सुमिता सिहर जाती हैं सासेतेज होने लगती हैं सिसक् परती हैं सुमिता कुनाल कों देख - अहह भइया बताओ अपनी बेहन कि चूत देख छूके कैसालग रहा हैं अहह मुझे तोँ मज़ा आँ रहा हैं भइयाऐसे हि प्रेम करो मेरी चूत कों
कुनाल सुमिता कों देख - बहुतगरम नर्म फूली चूत हैं तेरी गुरिया बहुत प्रेम करुगा तु टेंसन मत लें तेरा भइया तेरी चूत कि गर्मी निकाल देगाअब तांगे उठा केँ जांघों कों फैलाओ गुरिया
सुमिता वैसा हि करती हैं
कुनाल अब सुमिता कि चूत कों मजे सें सहलाने लगता हैं बुरी चूत कों मालिस् करने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेने लगती हैं सुमिता कों बहुत आनंदआने लगता हैं कुनाल सुमिता कों देख - गुरिया इस चूत सें साहिल अंजलि कों निकाला हैं नाँ तूने
सुमिता कुनाल कों देखगरम चुदासी होके - अहहउफ भइयाहा इसी चूत सें मेने साहिल अंजलि कों निकाला हैं अहह भइया अच्छा लगरहा हैं
कुनाल सुमिता कों देख औऱ बातें सुन पागल होने लगता हैं
कुनाल - बैठजाओ गुरिया लन्ड हिलाओ मेराफिन सें
सुमिता खाट किनारे बैठ लन्ड हिलाने लगती हैं औऱ कुनाल सुमिता केँ ब्लाउस खोलने लगता हैं कुनाल - उफ मेरी बेहन बिकनी पहनी हैं याँ नहीं मुझे नहीं लगता पहनी होगीबोल नाँ
सुमिता लन्ड हिलाते हुवे कुनाल कों नासिलि आखो सें देख - नहीं पहनी हैं भइया ब्लाउस निकलते हि मेरे चुचे नंगे होँ जायेंगे उफमा आपका लन्ड बहुतगरम टाइट हौ गय़ा हैं
ब्लाउस खुलते हि दोनों मस्त गोरेबरे चुचे सुमिता केँ नंगे हौ जाते हैं कुनाल बिना देरी किये एक् चुचे कों पकर दबाने लगता हैं सुमिता सिसक् परती हैं सिसकिया लेने लगती हैं
कुनाल चुचे दबाते हुवे सुमिता कों देख - गुरिया उफ किया मस्त टाइटबरे गोरे चुचे हैं तेरेउफ गुरिया दबाने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं
सुमिता मजे सें सिसकिया लेते हुवे - उफ भइया दबाइये अपनी बेहन केँ चुचे कों बहुत अच्छा लगरहा हैं मुझेअहह प्रेम करो भइया मुझे
कुनाल अब दोनों चुचे कों दबाने लगता हैं निपल मसलने लगता हें सुमिता सिसकिया लियेजा रही थि अपने भइया सें चुचे दबाने कां आनंद लेँ रही थि कुनाल चुचे दबाते हुवे सुमिता कों देख - कईबार जब तुम् साहिल अंजलि कों दुध पिलाती थि कों मेने देखा थां गोरेबरे तेरे चुचेमगर पुरा नहींदेख पायाउफ गुरिया मगरअब अहहयह तेरे मस्त चुचे मेरे हाथो मे हैं नर्म रसीले उफ कितना सॉफ्ट हैं दबाने मे अलग हि मज़ा आँ रहा हैं तुँ सच मे बहुत सुंदर महिला हैं चलमुह मे लन्ड लेकेचूस फिन तेरी चूत मारुंगा
सुमिता बिना डेरी किये लन्ड मुह मे लेकेमजे सें चूसने लगती हैं कुनाल सुमिता कों देख - मस्तमाल हैं तुँ बहुत जल्दसिख गई हैं अहहयह आनंदउफ चुस्टे रह बहुत आनंद आँ रहा हैं मेरी रण्डी बेहन
सुमिता तौ लन्ड चूसने मे स्वाद लेने मे खोई थि सुमिता मन मे - अहह इतना मज़ाउफ भइया केँ लन्ड चूसने मे अहहअब मेरी चूत मे आयेगा तोँ उफ कितना आनंद आयेगा
कुनाल सुमिता कों पलंग पे लेता देता हैं सुमिता कुनाल कों देख नसीली चुदासी होके जांघों कों पुरा फैला देती हैं कुनाल सुमिता कों देख - उफ कियासीन हैं तेरे कमीने पति केँ लिये तुँ अपनी तांगे फैलती थि मगरअब अपने भइया केँ लिये फैलारही हैं
सुमिता कुनाल कों देख - हा कियुंकी अब आपकी गुरिया आपको अपनी चूत देने केँ लिये चुदने केँ लियेतरप रही हैं
कुनाल सुमिता केँ टाँगों केँ बीच बैठते हुवे - बस तेरी गर्मी सन्तकर दूंगा
कुनाल झुकते हुवे सुमिता कि चूत केँ फाको कों फैला केँ देखता हैं पिंक चूत कि छेद गुडे सें भरी गीलीछेद देख कुनाल कां लन्ड लोहाबन गय़ा थां औऱ कुनाल पागलजोस मे भर गय़ा थां
कुनाल छेद कों देखते हुवे - गुरिया बहुत मस्तछेद हैं तेरी चूत कि देखो कितनी गीली होकेरो रही हैं लन्ड केँ लिये
सुमिता खाट पे लेती सिसकते हुवे - उफ भइया बहुततरप रही हैं आपकी बेहन कि चूत अबदेर मत करिये डाल दीजिये लन्ड अंदर मेरी चूत मे अहहअब रुका नहीं जाता
कुनाल - पहले तेरी चूत कां स्वाद तोँ लेलु मेरी बेहन
कुनाल सीधा अपनेजिब निकाल फाको केँ बीच चाटने लगता हैं सुमिता एकदम सें उछल परती हैं झन्झना जाती हैं चूत पे अपने भइया कां गिलाजिब चलतेफिल करकेयह एहसास चूत चटवाने कां सुमिता कों पागल करने लगता हैं सुमिता - अहह भइयायह कैसा मज़ा हैं चूत चाटी जाती हैं इतना मज़ाआता हैं अबपता चलरहा हैं भइया चाटो औऱ चाटो मेरी चूत कों आज सें पहले किसी नें मेरी चूत नहीं चाटी हैं बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहह चुसो भइया मेरी चूत कों
कुनाल जिब सें चाटते स्वाद लेते हुवेमन मे - अहहयह कैसा स्वाद हैं उफगरम गरमदों बच्चो कि मा मेरी छोटी बेहन कि चूत कां रस स्वाद बहुत अच्छा हैं इसके सामने सभीफेल हैं अहह
तभी सुमिता गांड उठाते कपते हुवेझर जाती हैं औऱ कुनाल मजे सें पानी कों पी जाता हैं
कुनाल अच्छे सें घुटने पे बैठ सुमिता कों देख - कैसालगा मज़ाआया
सुमिता हफ्ते हुवे कुनाल कों देख - उफ भइया बहुत मज़ाआया बिना लन्ड लिये पहलीबार झरीहु
सुमिता कुनाल केँ लन्ड पकर अपनी चूत केँ फाको केँ बीच घिसते हुवे अपनीछेद पे रखती हैं वैसे हि कुनाल पुरा लन्ड सुमिता अपनी छोटी बेहन कि चूत मे अंदर तक घुसा देता हैं सुमिता दर्दमजे मे अपने भइया कां लन्ड अंदर तक फिल करके मस्त होँ जाती हैं औऱ कुनाल अपना लन्ड अंदर तक अपनी बेहन कि चूत मे घुसा केँ अंदर कि गर्मी टाइटफिल करकेमजे मे पागल होने लगता हैं
सुमिता कों थोरा दर्द होता राघव केँ लन्ड सें कुनाल कां लन्ड थोरा मोटा लम्बा थां सुमिता चैन मे खोने लगती हैं पहलीबार पति केँ अलावा किसी दूसरे कां लन्ड चूत मे गय़ा थां वोँ भि भइया कां
कुनाल सुमिता केँ दोनों जांघों कों पकरे धक्के मरने लगता हैं औऱ सुमिता तांगे फिलाये लेती चुदाई कां आनंद लेने लगती हैं
कुनाल चुदाई करते हुवे सुमिता कों देख - बहुतगरम टाइट चूत हैं तेरी गुरिया बता नहीं सकता कितना आनंद आँ रहा हैं मुझे
सुमिता चुदाई कां आनंद लेते हुवे - उफ भइया आनंद तौ मुझे बहुत आँ रहा हैं अहहअब जाकेचैन मिला मुझे चोदते रहिये भइया रुकना मतअहह यह मज़ाउफ अब मेरी चूत कि खुजली मिट जायेगी
कुनाल औऱ तांगे कों पकरे पुरा अंदर तक लन्ड घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं फच्फच् पायल कि आवाजे केँ संग सुमिता कि सिसकिया गुजरही थि कुनाल सुमिता कों देख - गुरिया क़िस्मत वाला निकल तेरी चूत चोदरहा हु तुम्हारी तरफ मज़ा तौ आँ रहा हैं नाँ
सुमिता अंदर तक लन्ड लेते हुवे चुदाई कां आनंद लेते हुवे -बहुत आनंद आँ रहा हैं भइया चोदो अपनी बेहन कों अहहतरप रही थि चुदाई केँ लिये
कुनाल लन्ड निकाल सुमिता कों देख - घोरीबन जाओ मेरी रण्डी
सुमिता घोरी बनते हुवे - जी भइयाबन गई मे घोरी आपकी रण्डी
कुनाल लन्ड चूत मे घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं फच्फच् कि मधुर आवाजे गुजने लगती हैं चूत पानी निकाले जारहा थां
घोरी बनने सें सुमिता कि बरी फैली गांड मस्त दिखाई देरही थि
कुनाल गांड कों देख चुदाई करते हुवे - गुरिया तेरी गांड बहुतबरी फैली हैं बहुत मस्त गांड हैं तेरी
सुमिता सिसकिया लेते हुवे - अहह भइया आपको मेरी गांड इतनी अच्छी लगीउफ अहहइस उमर मे महिला कि गांडफैल बरी होँ जाती हैं
कुनाल सुमिता कों बैड पे लेता केँ ऊपरआके सुमिता कि टाँगों कों उपर करके पकरे तेजी सें जोर सें धक्के मरने लगता हैं सुमिता दर्द मे अहहमा मर गई भइया दर्द हौ रहा हैं धीरे-धीरे सें चोदो मुझेअहह मा
कुनाल तेज धक्के मारते हुवे - अहह गुरिया झरने वालाहु
सुमिता - उफ भइया मे भि मगर अंदरमत झरनामा बन जाउंगी
कुनाल - उफ गुरिया अंदर अपनी चूत मे झरनेदे गोली हैं मेरेपास खा लेना
सुमिता - अहह भइयाठीक हैं फिन मेरी चूत मे झरजाओ निकाल दो अपनागरम पानी मेरी चूत मे अंदर मे
सुमिता कुनाल एक् संग एक् दूसरे कों पकरे कपते हुवे झरने लगते हैं कुनाल अपनागरम गरममाल सुमिता केँ चूत केँ अंदर निकाल देता हैं सुमिता अपने भइया केँ गरममाल चूत मे फिल करके मस्त हौ जाती हैं
कुनाल सुमिता केँ ऊपर सें साइड मे लेत हफ्ने लगता हैं वही सुमिता मस्त चुदाई केँ मजे मे खोई थि सुमिता कों आज बहुत मज़ाआया थां
5 मिनटबाद
कुनाल सुमिता कों बाहों मे लेके - अब गर्मी सन्त हुई
सुमिता सर्म सें - हा भइयाअब सन्त होँ गई हैं
सुभह 10 बजे कुनाल सुनीता कमरे मे अकेले बातें कररहे थें
कुनाल सुनीता सें - देखो पप्पू कों आने सें मनाकर देना मे भि केह दूंगा सुमिता कों कुछपता नहीं चलना चाहिये अंजलि नहीं हैं वोँ जोँ आसानी सें किसी केँ नीचे आँ जायेगी
सुनीता - समझ गई आप् टेंसन मतलो वैसेरात बहुत आनंदआया होगा अपनी बेहन कों चोद केँ
कुनाल मुस्कुराते हुवे - बहुत मज़ाआया दोस्त राततीन बार चुदाई कि सुमिता कि
सुनीता मुस्कुराते हुवे - जानती हुइस लिये बेचारी लंगरा केँ चलरही थि
सुमिता कमरे मे लेतीरात चुदाई सें चूत मे दर्दजलन थां मगर सुमिता कों जोँ मायाआया वोँ अलग हि थां सोचो मे गुम थि उलझन मे थि सही किया याँ गलत
शाम 5 बजे
साहिल राधिमा कों गोद मे बैठाये बाहों मे लिये बातें कररहे थें
राधीमा साहिल कों देख सर्म सें - देखोजान बुझ केँ मुझे अपनी गोदी मे बैठा लेते होँ औऱ आपका वोँ मुझे चुभता हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - वोँ कां नाम हैं लन्ड जौ अपनेबिल कों पासदेख अंदर जाने कि कोसिस कररहा हैं
राधीमा सर्म सें लाल होते हुवे - छी धीरे-धीरे धीरे-धीरे आप् बहुत गंदी बातें करनेलगे हैं
कुनाल राधीमा केँ चुचे दबाते हुवे - गंदी बातो मे हि मज़ा हैं मेरीजान
राधीमा सिसकिया लेते हुवे - उफमत बताइये अहह
साहिल - कियु
राधीमा साहिल कों देख सर्म सें - कुछकुछ होने लगता हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - तौ चलेखेत मे
राधीमा सर्म सें - नां बाबा मे नहीं जाने वाली बहुततेज मत बनिये विवाह करोफिन जहा कहोगे चलुंगी
साहिल मुस्कुराते हुवे - जल्द हि मा दिदी बापू सें तुम्हारी तरफ मिलवा दुगा
दोपहर 12 बजे सालु केँ घऱ
राघव सालु कि चुदाई करने मे लगा थां तेज धक्के मारेजा रहा थां सालु पलंग पे लेती - अहहमा मर गई उफ अंकल ऑन्टी बहुत गुस्से मे हैं औऱ आप् मुझेअहह चुदने मे लगे हुवे हैं
राघवतेज धक्के मारते हुवे - उफ सालु बेटी अपनी ऑन्टी कि फिकरमत कर गुस्से मे हैं मगर मे उसेमना लूंगा
अंजलि वहीघऱ पे अमर पप्पू सें बातें करते चूत मे उंगली करते हुवे अपने आप् कों सन्तकर लेती हैं
रात 9 बजे कुनाल केँ घऱ
कमरे मे आज सुमिता पूरी नंगीखरी थि औऱ कुनाल अब जाके अपनी बेहन कि पूरी हसीन मस्त बॉडी कों देखरहा थां सुमिता सर्म सें खरी कुनाल कों देख - उफ भइयाऐसे मत देखो सर्मआती हैं
कुनाल सुमिता कों उपर सें नीचे तक देखते हुवे - बहुत सुंदर कयामत बॉडी हैं तेरी गुरिया
कुनाल बैड पे लेत सुमिता कों देख - आजा अपने भइया कों दूध पिला
सुमिता सर्माते हुवे कुनाल लें उपरआके झुकते हुवे अपने मस्त चुचे कुनाल केँ सामने कर देती हैं
कुनाल दोनों चुचे हाथो मे पकरे दबाने लगता हैं फिन एक् निपलमुह मे मे लेके चूसने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेते हुवे - उफमा बहुत आनंद आँ रहा हैं भइया चूसिये दबाइये मेरे चुचे कों अहह भइयाउफ
कुनाल मजे सें चुचे चूसने मे दबाने मे लगा थां कुनाल कि भाग्य भि कितनी अच्छी थि मस्तमा बेटी कों चोदरहा थां
कुनाल चूसने दबाने केँ बाद सुमिता कों देख - सवारी करोगी बैठजाओ अपने भइया लें लन्ड पे
सुमिता सर्माते हुवे लन्ड कों चूत केँ छेद पे रखबैठ जाती हैं पुरा लन्ड अंदर तक घुस जाता हैं कुनाल सुमिता कों पकर अपनेउपर लेता केँ बहुत मे भर चुदाई करने लगता हैं
कुनाल सुमिता कों बाहों मे लिये नीचे सें गांडउठा उठा केँ तेज धक्के मरने लगता हैं सुमिता दर्दमजे मे - अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं भइयाउफ करते रहिये अहह चोदो भइया अपनी बेहन कों औऱ जोर सें अहह बहुतचैन मज़ा आँ रहा हैं
सुनीता अंदरआते हुवे नजारा सीनदेख मुस्कुराते हुवे - वाउ क्याँ सीन हैं
सुमिता सुनीता कों देख - उफ भाभी आप् अहह आईये
सुनीता एक् स्थान बैठ जाती हैं औऱ भइया बेहन कि चुदाई देखने गरम होने लगती हैं
वही साहिल राधीमा सें अंजलि अमर सें बातें करने मे मे लगे हुवे थें
5 दिनबाद सुमिता घऱ आँ जाती हैं इस 5 दिनों मे कुनाल नें बहुत चोदा सुमिता कों मगर सुमिता कों अब लगनेलगा थां वोँ गलतकर चुकी हैं
रात राघव सुमिता लेते हुवे थें राघव सुमिता कों देख - जानमाफ करदो नाराज मतरहो हमारे बच्चे हैं
सुमिता राघव कों देख - आपनेकहा मेनेकर दियाचुद केँ आँ गई
राघवशोक तौ होता हैं मगर अंदर हि अंदरखुश भि अब राघव सिलु कों चोद सकता थां औऱ सुमिता राघव कों अबगलत बोल नहीं सकती थि
राघव - तोँ इतनी दुःखी कियु हौ
सुमिता - कियुंकी मुझे अपनी गलती कां एहसास हौ रहा हैं मगर आपको नहीं
राघव सुमिता केँ नाइटी उठा केँ चूत मे एक् उंगली डालके अंदर बाहर् करते हुवे सुमिता कों देख - उफ थोरिफैल गई हैं हैं तेरी चूत मज़ा नहींआया क्याँ कोन थां बताओ अपने पे डोसमत दो मुझेकोई दिकत नहीं तुम् खुल केँ लन्ड लें सकती होँ किसी कां भि
सुमिता अबगरम होने लगती हैं सिसकिया लेते हुवे राघव कों देख - अहह बहुत आनंदआया मगर वोँ कोन हैं जिसने आपकी पत्नि कों चोद चूत फैला दिया मे नहींअहह बता सकती
राघव चूत मे उंगली करते हुवे - कोईबात नहींमत बताओअब तुम्हारी तरफपता चल गय़ा होगा इतना आनंदआता हैं किसी औऱ केँ संग
सुमिता गांड उठाते हुवे - अहहउफ हापता चल गय़ा हैं उफमा
राघव - तौ मे सिलु कों चोद सकताहु क्रोध नहीं करोगी नाँ
सुमिता राघव कों देख - उफठीक हैं मे क्रोध नहीं करुगी आप् भि नाराज नहीं हैं नाँ मुझसे
राघव - नहींजान बल्कि बहुतखुश हु तेरे किये
राघवफिन सुमिता कि चुदाई करने लगता हैं राघव नें अपना मार्ग साफ करने केँ लिये सुमिता अपनी पत्नि कों एक् दलदल नें डकेल दियाअब राघव कां मार्ग पुरासाफ थां सुमिता भि सभीभूल मजे मे खोने लगती हैं सभीभूल जाती हैं गलतसही
सुभह
अंजलि खानां बनारही थि सुमिता खटिये पे बैठी थि अंजलि सुमिता कों देख - मा मे फिन मामाजी केँ यहा जानां चाहती हु
सुमिता अंजलि कों देख - आये हुवेकुछ दिन हुवे नहींफिन मामाजी केँ यहा जानां हैं चुपचाप रह चलेंगे दोनों संग मे
अंजलि खुश होके - ठीक हैं मा
साहिल कमरे मे बाहर् आते हुवे अंजलि कों देख - मा मे क्याँ केहता हु दिदी कों मामाजी केँ यहा हि रहनेदो यहघऱ तोँ दिदी कों कटने कों डोरता हैं
सुमिता हस्ते हुवे - तुमने सहीकहा बेटा
अंजलि साहिल कों देख गुस्से सें - सुभह सुभहमार खानी हैं किया तुम्हें
साहिल मुस्कुराते हुवे - मार केँ दिखाओ
अंजलि साहिल कों मरने जाती हैं मगर साहिल भाग जाता हैं
सुभह 11 बजे
सुमिता खेत मे घासकाट रही थि तभी भोलाआता हैं जिसेदेख सुमिता थोराडर जाती हैं भोला सुमिता केँ पासबैठ - ऑन्टी कही गई थि आप्
सुमिता घास कटते हुवे - हा भइया केँ यहा
भोला सुमिता कों पीछे सें पकर चुचे दबाते हुवे - बहुत तरपाहु
सुमिता - छोरो भोलाऐसा मतकरो
भोला सुमिता कों छोर देता हैं सुमिता भोला कों देख - देखोअब यहसभी बंदकर दो प्लेस
भोलाकुछ सोचते हुवे सुमिता कों देख - ठीक हैं मगर एक् सर्ट हैं
सुमिता हैरान भोला कों देख - क्याँ
भोला - 2 बार केवलदो बार मुझे चूत चोदने दो वादा हैं मे फिन आपको परेसान नहीं करुगा
सुमिता शोक गुस्से मे - देखोयह नहीं हौ सकता
भोला अपना मोटा लम्बा लन्ड निकाल हिलाते हुवे - ऑन्टी मेने आपकेसंग जयदाकुछ क्याँ नहीं नां मगर आप् मुझे मजबूर कररही हैं
भोला कां लन्ड देख सुमिता कि चूत पानी निकालने लगती हैं कियुंकी अब पहली वाली सुमिता नहीं थि अभि वाली सुमिता नें नये लन्ड कां स्वाद चख लिया थां
सुमिता भोला कों देख - नहीं केवल एक् बार करने दुगी
भोला पुराशोक हैरान मे जल्द सें - चलेगा
भोला मे सोचा नहीं थां सुमिता राजी होँ जायेगी
भोला सुमिता कों देख - ठीक हैं मगर आपको मेरासंग पुरा देना होगा मंजूर
सुमिता - ठीक हैं
भोला सुमिता कों बाहों मे लेके - अंदर पैंटी नहीं पहनी हैं नाँ
सुमिता धीरे-धीरे सें - नहीं
भोला सुमिता कों खेत मे अंदर लें जाने लगता हैं
आज केँ लिये इतना हि
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
update 10
गंने केँ खेत मे भोला सुमिता कों बैठे हुवे बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं सुमिता इसबार पुरासंग देती हैं भोलायह देखखुश हौ जाता हैं भोलामन मे - यकीन नहीं होताउफ कितना मस्त स्वाद हैं ऑन्टी केँ होठो कां
सुमिता मन मे - यह लरका मेरे होठो कों मजे सें चूसरहा हैं पता नहीं कियु मुझेजोस चढ़रहा हैं
किस केँ बाद भोला सुमिता कों देख - औऱ इंतजार नहीं होता ऑन्टी अपने चुचे दिखाओ नां मे देख्ना चाहता हु आपकेबरे मस्त चुचे
सुमिता भोला कों देखती हैं औऱ थोरा सर्म सें ब्लाउस केँ बटनखोल देती हैं वैसे हि सुमिता केँ दोनों मस्तबरे गोरे चुचे नंगे भोला केँ आखो मे सामने आँ जाते हैं जिसेदेख भोला पागल हौ जाता हैं
सुमिता केँ चुचे देखते हुवे भोला सुमिता कों देख - ऑन्टी उफ कितने बरेबरे टाइट चुचे हैं आपके काले निपल तौ औऱ मस्तलग रहे हैं साहिल अंजलि इसी चुचे कां दूध पीकेबरे हुवे हैं उफ ऑन्टी अहह
सुमिता कुछ नहीं कहती हैं बस बैठी रहती हैं
भोला बेताबी सें सुमिता केँ एक् चुचे कों पकरजोर जोर सें दबाने मसलने लगता हैं संग मे निपल कों भि मसलने लगता हैं सुमिता दर्दमजे मे सिसकिया लेने लगती हें सुमिता - अहहमा भोला धीरे-धीरे दबाओ
भोला सुमिता कों देख - ऑन्टी उफ बहुत नर्म रसीले हैं आपके चुचे दबाने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहह
सुमिता मन मे - उफ मुझे भि बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहहउफ
भोला बेताब थां सुमिता कों चोदने केँ कियेइस लिये भोला जल्द सें नीचे सें नँगा होके जमीन मे लेत जाता हैं औऱ सुमिता कों देख - ऑन्टी मुह मे लेके चुसो जल्द सें अहह रुका नहीं जाता
सुमिता भोला केँ लन्ड कों देखती हैं औऱ झुक जाती हैं
सुमिता लन्ड कों पकरेमुह मे लेकेउपर नीचे करते हुवे लन्ड चूसने लगती हैं भोलामजे मे खोने लगता हैं जौ देखरहा थां उसपे भोला कों यकीन नहीं होँ रहा थां सुमिता लन्ड चुस्टे हुवेमन मे - अहह कहना नहीं चाहती मगर मुझे बहुत आनंद आँ रहा हैं इतना आनंद तोँ भइया केँ लन्ड चूसने पे भि नहींआया थां भोला कां लन्ड बहुत मोटा हैं
3 मिनटबाद
भोला सुमिता कों नीचे लेता देता हैं सुमिता भि सारी पेटीकोट उपर करके तांगे फैला देती हैं भोला तौ पागल बेताब नें जोस सें भरा थां
सुमिता कि नंगी चूत देखते हि भोलाहोस खोने लगता हैं
भोला सुमिता केँ चूत कों मसलते हुवे सुमिता कों देख - उफ ऑन्टी जैसा सोचा थां आपकी चूत फूली बहुत हसीन हैं अहह कितना गर्मी हैं आपकी चूत नें देखो गीली भि होँ गई हैं
सुमिता भोला कों देख - अहह भोला जौ करना हैं जल्दकरो अहह
भोला - उफ ऑन्टी करताहु मे स्वयं अहहरुक नहीं सकता
भोला घुटने पे बैठ लन्ड पकर चूत पे घिसते हुवे एकदम सें पुरा लन्ड अंदर घुसा देता हैं सुमिता दर्द मे चीख परती हैं आखो सें आसु निकाल आते हैं भोला कां लन्ड कुनाल सें मोटा लम्बा थां
भोला कों पागल होँ रहा थां जिस हसीन महिला केँ चर्चे पुरेगाव मे होते थें भोलाउसी स्त्री केँ चूत मे लन्ड घुसा चुका थां
भोला चुदाई करते हुवे सुमिता कों देख - उफशपथ सें ऑन्टी आपकी चूत मस्तगरम हैं अहह मेरा लन्ड जलरहा हैं आपकी चूत कसी हुई भि हैं अहह यकीन नहीं हौ रहा मे आपकी चुदाई कररहा हु
सुमिता दर्दमजे मे मन मे - अहह कितना मोटा लन्ड हैं भोला कां मुझे बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहह भोलाचोद मुझेअहह निकाल केँ मेरी सारी गर्मी अहहउफ मा इतना आनंदउफ भइया केँ संग भि नहींआया
8 मिनटबाद सुमिता कपते हुवेझर जाती हैं
भोला जमीन पे लेत जाता हैं औऱ सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - सवारी करिये आनंद आयेगा
सुमिता भोला केँ ऊपरआके लन्ड पकर अपनी चूत केँ छेद पे रखबैठ जाती हैं अंदर लन्ड जाते हि सुमिता - अहहमा उफमर गई
सुमिता अपनी गांडउपर नीचे करते हुवे चुदाई लन्ड अपनी चूत मे लेने लगती हैं औऱ भोला लेतामजे मे सभीदेख रहा थां सुमिता लन्ड चूत मे लेते हुवेमन मे - अहहउफ मज़ा आँ रहा हैं यकीन नहीं होता मेरे बेटे केँ उमर कां लरका मेरी चूत कि गर्मी निकाल रहा हैं
भोला सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - मज़ा आँ रहा हैं नां ऑन्टी
सुमिता सर्म सें - अहह भोलाकुछ मतबोल
घण्टे सें जयदा चुदाई चलती हैं सुमिता कईबार झर जाती हैं सुमिता कपड़े पहनसही करने लगती हैं भोला भि कपड़े पहन लेता हैं
भोला सुमिता कों देख - ऑन्टी मे यह लम्हा यह चुदाई पूरी जीवन नहीं भूलूंगा आप् जैसी हसीन मस्त महिला कि चुदाई करने कां मोक्का मिला मे भाग्य वालाहु
सुमिता भोला कों देखती हैं
भोला सुमिता केँ पासआके सुमिता कों देख - वादा वादा होता हैं मगर लास्ट एक् बात कहना चाहुंगा ऑन्टी आपकी भि जरूरत हैं जोँ मे पुराकर सकताहु यहराज राज रहेगा बोलिये क्याँ कहती हैं प्लेस ऑन्टी मानजाओ खूबमजे करेगे मे आपको पुरा मज़ा दूंगा
सुमिता भोला कों देख - किसी कों पताचल गय़ा तौ
भोलाखुश होके - नहीं चलेगा प्लेस हा बोलिये
सुमिता मन मे - बहुत आनंदआया इतना आनंद भइया केँ संग भि नहीं
सुमिता भोला कों देख - ठीक हैं
भोला सुमिता कों बाहों मे लेके - तोँ तयरहा आप् मेरी रण्डी बस सें
भोलामन मे - अच्छे सें समझ आँ गय़ा हैं मुझे मेरे लन्ड नें तुम को मेरा दीवाना बना दिया हैं अब तुँ मेरी हैं मे जौ कहुंगा करेगी तुँ रण्डी
सुमिता केँ मुह सें निकल जाता हैं - हा मे तेरी रण्डी
भोला मुस्कुराते हुवे - साली रण्डी
बसयही सें सिलसिला सुरु होँ जाता हैं भोला नें अपने लन्ड कां दम दिखा लेँ सुमिता कों अपनाबना लेता हैं
3 दिनबाद
तीनदिन भोलारोज सुमिता कों आखेखेत मे चोद केँ चला जाता थां ऐसा नहीं थां सुमिता कों एहसास नहीं होता थां वोँ गलतकर रही हैं मगर कहते हैं नां एक् बार दारू कि लतलग जाती हैं औऱ आप् एक् दिन फैसला करते हैं फिनकभी दारू नहीं पियेगा मगरजब दारू सामने आता हैं तौ कोई केसेभला स्वयं कों रोक पायेउस टाइमपी लेता हैं फिनबाद मे पछतता हैं सेम सुमिता कां चलरहा थां
दोपहर 12 बजे साहिल राघव विद्यालय मे थें अंजलि परोसी केँ घऱ औऱ कमरे मे भोला सुमिता कों बाहों मे लिये थां
भोला सुमिता कों देख - इतनी गर्मी हैं आपकी चूत मे अबपता चला
सुमिता - उफ बहुत गर्मी हैं भोला मेरी चूत मे अंजलि नहीं हैं जल्दचोद मुझेअहह रहा नहीं जाता
भोला मुस्कुराते हुवे - चलोफिन आपकी चूत कि आग ठंडीकर देताहु
भोलाखाट पे पैंटी मे लेती सुमिता केँ चुचे चूसने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेते हुवे - उफ भोला चुसो मेरे चुचे कों अहह बहुत मज़ाआता हैं जब तुम् अहह मेरे चुचे कों चुस्टे हौ अहह भोला
भोलामजे सें सुमिता केँ चुचे दबाते हुवे चूसने कां आनंद लेता हैं
उसकेबाद भोला सुमिता कों नँगा कां लेता हैं
1
सुमिता लेती हुई होती हैं औऱ भोलामजे सें सुमिता कि चूत चाटने लगता हैं सुमिता मस्त होके सिसकिया लेते हुवे - उफ भोला चाटो चुसो मेरी चूत कों अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं उफ इतना आनंदअहह
भोला सुमिता कि मस्त फूली चूत कों चाटते हुवेमन मे - अहह किया भाग्य पाई हैं साहिल जिस चूत सें तूँ निकलउसी चूत कों मे चाटरहा हु साहिल कमीने तेरीमा मेरी रण्डी हैं जिसे मे चोदरहा हुअहह
भोलाफिन सुमिता कि चुदाई करते हुवे - मेरी रण्डी आनंद आँ रहा हैं नां
सुमिता दर्दमजे मे - उफ भोला बहुत मज़ा आँ रहा हैं चोदो मुझे
भोला मुस्कुराते हुवे - तूँ मेरी रण्डी हैं चिंता मतकर पुराखुश कर दूंगा
सुमिता - उफ भोला औऱ जोर सें अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं
भोला सुमिता कों देखमन मे - किसने सोचा होगागाव कि हसीनहोत महिला केँ अंदर इतनीआग होगी औऱ मे उसकायह रूप देखुंग
भोला सुमिता कों घोरी मे चुदाई करते हुवे - रण्डी तेरीबरी मस्त गांड हैं गांड मरने कां मन हैं बोल देगी अपनी गांड
सुमिता - उफ भोला नहीं गांड नहीं चूत जितना मारना हैं मार लेँ अहह औऱ तेजकरो मे झरने वालीहु अहहमा निकल गय़ा अहह
भोलाफिन सुमिता कों खुश करकेचला जाता हैं
शाम साहिल राधीमा किसकर एक् दूसरे कों देख मुस्कुरा रहे होते हैं
राधीमा - उफ साहिल आप् भि नां मेरे होठो केँ लिबिस्टि आप् चाट जाते हौ
साहिल मुस्कुराते हुवे - लगा केँ भि तोँ मेरे लियेआती होँ
राधीमा सर्म सें - बिल्कुल नहीं बेसरम
साहिल - अच्छा जीसच तौ यही हैं
साहिल राधीमा कां लोव् कहानी चलरहा थां मगरकब तक
रात 10 बजे
अंजलि कमरे मे मोबाइल पे बातें करने मे लगी थि तोँ साहिल भि राधीमा सें बातें करने मे लगा थां
सुमिता घऱ केँ पीछे कुनाल सें बातें करने मे लगी थि
कुनाल - गुरिया बहुतमन कररहा हैं मे आँ जाऊ
सुमिता सर्म सें - नहीं भइया अभि आईहुमगर जल्द हि मे आउंगी
सुमिता मन मे - माफ करना भइयामगर आपसे जयदा मज़ा मुझे भोला केँ संगआता हैं उफ कितना दम हैं लरके मे मगर आप् केँ संग भि अलग मज़ाआता हैं भइया सें चुदवाने कां आनंदअहह
कुनाल खुश होके - ठीक हैं गुरिया जैसा तुम् बोलो
मोबाइल कट
सुमिता बैड पे आकेलेत जाती हैं राघव सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - कितनो कां लन्ड लिया हैं बताओ नाँ
सुमिता राघव कों देख - दो औऱ बहुत मज़ाआता हैं अबकोई प्रश्न नहीं
सुमिता मन मे - गलत रास्ते पे जाने देने वाले आप् हैं मे चाह लें भि निकल नहीं आँ रहीइस सभी सें मुझेडर लगा रहता हैं कही साहिल अंजलि कों पताचला तौ
25 दिनबाद
साहिल सुमिता अंजलि कों फिन कुनाल केँ घऱछोर आता हैं साहिल घऱ लौटते हुवेमन मे - हद हैं दोस्त पहले दिदी अबमा कों भि मामाजी केँ यहामन लगनेलगा हैं औऱ हम् बाप बेटे कों अकेले सभी देख्ना परता हैं
रात 9 बजे
कुनाल सुमिता कि तांगे पुराउपर कियेजोस सें धक्के मारते हुवे चुदाई करने मे लगा थां सुमिता दर्दमजे मे - उफ भइयाअहह आनंद आँ रहा हैं मगर भइया अंजलि यही हैं उफकही उसकोपता चल गय़ा तौ
कुनाल मुस्कुराते हुवे चुदाई करते हुवे - कुछ नहीं होगा मेरी बेहन
तभी कमरे मे अंजलि सुनीता नंगीआती हैं सुमिता शोक मे अजलि कों देखती हैं
अंजलि सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - मा मामाजी नें पहले मुझे हि चोदाफिन आपको
सुमिता कुनाल कों देख - भइया
कुनाल मुस्कुराते हुवे - अब डरने कि कियाबात
कुनाल अंजलि कों लेता केँ चूत मे लन्ड घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं अंजलि सुमिता कों देख - अहहमा देखो आपके भइया मेरी चूत माररहे हैं सुमिता शोक मे थि समझ नहींपा रही थि यह क्याँ होँ रहा हैं
तभी सुनीता सुमिता कों किस करते हुवे चुचे दबाने लगती हैं फिन सुमिता कों बैड पे गिरा केँ सुमिता कि चूत चाटने लगती हैं सुमिता कों बहुत आनंदआने लगता हैं सुमिता सिसकिया लेते हुवे - अहह भाभीउफ जोँ भि कररही हैं बहुत मज़ा आँ रहा हैं
सुनीता मजे सें सुमिता कि चूत चाटने मे लगीरही हैं उसी मे सुमिता झर जाती हैं
सुनीता सुमिता कों देख - कोई दिकत अंजलि अपने मामाजी सें चुदरही हैं तौ
सुमिता अंजलि कुनाल कि चुदाई देखते हुवे - नहीं
कुनाल सुनीता अंजलि चालाकी सें सुमिता कों अपनेसंग कर लेते हैं
अंजलि चुदवाने केँ बाद सुमिता केँ पासआके बैठ सुमिता केँ चुचेदेख - मा आपके चुचे बहुत मस्त हैं
अंजलि सुमिता केँ चुचेमुह मे लेके दबाते हुवे चूसने लगती हैं सुमिता सिसकिया लेते हुवे - उफ बेटी इस चुचे केँ दूध पीके तुँ बरी हुइ हैं अहह पीलेदूध नहींआता मगरचूस जितना चूसना हैं अहह अच्छा लगरहा हैं वही सुनीता कुनाल केँ पासबैठ जाती हैं
अंजलि अपनीमा सुमिता केँ चुचे बहुत दबती चुस्ती हैं उसकेबाद सुमिता कों देख - मा चूत चटनी हैं मुझे आपकी
सुमिता मुस्कुराते हुवेबैड पे लेत तांगे फैला केँ - आजा बेटी चाट अपनीमा कि चूत कों
अंजलि भि झुक केँ अपनीमा कि चूत केँ फाके फैला केँ चाटने लगती हैं चूसने लगती औऱ सुमिता कों बहुत आनंदआने लगता हैं सुमिता - उफमायह अलग हि आनंद हैं बेटी सें चूत चटवाने कां अहहचाट बेटी अपनीमा कि चूत कों उफयह मज़ाअहह सुमिता कुनाल कों देख - उफ भइया
कुनाल मुस्कुराते हुवे - मजेकरो तुम् दोनों
सुमिता फिनझर जाती हैं
अंजलि पलंग पे लेत तांगे फैला केँ - मा मेरी चूत चुसो नाँ
सुमिता भि मदहोसी मे झुक केँ अपनी बेटी कि चूत कों मजे सें चाटने लगती हैं अंजलि सिसकिया लेते हुवे - अहहमा बहुत मस्त चुस्ती चटती हौ चूत अहह बहुत आनंद आँ रहा हैं चुसोअहह अपनी बेटी कि चूत
सुमिता मजे सें अपनी बेटी कि चूत कां स्वाद लेते हुवेमन मे - अहह इतना आनंद मेरी बेटी कि चूत कां स्वाद मस्त हैं
वही सुनीता सभी देखते हुवे कुनाल सें - सुमिता जोस मे होती हैं प्यासी होती हैं तौ गलतसही भूल जाती हैं मगर सुमिता कों बीचबीच मे लगता रहेगा वोँ गलतकर रही हैं
कुनाल सुमिता कों देख - जनताहु मगर सुमिता चाह केँ भि पीछेहट नहीं पायेगी कियुंकी इसमजे मे जबकोई खो जाता हैं तोँ पीछे हटना उससे निकलना मुश्किल हैं
2 दिनबाद शाम 3 मजे
कुनाल सुमिता खेत मे आते हैं घूमने बातें करते हुवे मौसम भि अच्छा थां
कुनाल सुमिता कों देख - गुरिया चल नां एक् राउंड खेत मे करते हैं
सुमिता हैरान सर्म सें - कोईदेख लेगा
सुनीता - अरेकोई नहीं देखेगा
सुनीता सुमिता कों गंने केँ खेत मे अंदर लेकेआती हैं औऱ कुनाल भि आता
कुनाल नँगा होके सुमिता केँ ऊपरचदा चुदाई करने लगता हैं सुमिता तांगे हवा मे उठाये लन्ड लेते हुवेअहह उफमा सिसकिया लीरही थि
सुनीता बैठीसभी देखरही होती हैं तभीउसी खेत सें होते हुवेकोई लरकाजा रहा थां तोँ उसेखेत सें अहहउफ पायल कि आवाज़ केँ संग किसी कि बात करते आवाज़ सुनाई देती हैं
लरकामन मे - हे आवाज़ कैसी हैं
लरका अंदर जाता हैं बहुत धीरे-धीरे धीरे-धीरे जबबीच खेत मे जाके देखता हैं तोँ उसकीआखे बरी होँ जाती हैं लरकाशोक मे मन मे - इसकीमा कि आखयह तौ कुनाल चाचा हैं जौ अपनी बेहन कों चोदरहे हैं औऱ चाची नंगी बैठी हैं भइया मे कियादेख रहाहु
लरका अपनीआखे मलता हैं फिन अच्छे सें देखता हैं वहीसीन दिखाई देता हैं
लरकामन मे - मा कि आखयह सपना नहीं हैं यकीन नहीं होता सुमिता ऑन्टी हमारी गाव कि हसीन सेक्सी महिला हैं जिसकी सभी लेना चाहते हैं जिसेदेख मे स्वयं कईबार मुठमार चूकाहु औऱ यहाखेत मे अपने भइया सें चुदवा रही हैं यकीन नहीं होताअरे एक् मिनट मे सोचने मे मोक्का कियुगवा रहाहु
लरके कां नाम अरुण होता हैं
अरुण जल्द सें मोबाइल निकाल अच्छे सें वीडियो बना लेता हैं फिन मोबाइल अंदररख चुदाई देखते हुवेमुठ मरने लगता हैं
अरुण - उफ किया मस्त चूत हैं सुमिता ऑन्टी कि अहह केसे तांगे उठाये चुदवा रही हैं अपने भइया सें रण्डी सालीअब तुझेही मे पेलूँगा
अरुणझर जाता हैं औऱ धीरे-धीरे सें खेत सें बहार निकलघऱ कि तरफ जाते हुवे मोबाइल मे रेकॉर्ड वीडियो देखते हुवे - यही वीडियो मुझे सुमिता ऑन्टी कि चूत दिलवायेगी
सुमिता इसबात सें अंजान एक् औऱ मुसीबत मे फस गई हैं
5 दिनऐसे हि गुजर जाते हैं अरुण मोक्के कि तलासकर रहा थां सुमिता सें अकेले मे बात करने केँ लियेमगर मोक्का मिल नहींरहा थां इसीबीच सुमिता कों पता चलता हैं वोँ पेग्नेट हैं
रात सुमिता बैड पे लेते टेंसन मे मन मे - एक् बेटे कि उमर केँ लरके सें चुद केँ माबन गई मेरी लापरवाही हैं मुझे pill लेना होगा
तभी भोला कां मोबाइल आता हैं
भोला - कैसी होँ ऑन्टी
सुमिता टेंसन मे - भोला मे पेग्नेट होँ गई हु
भोलाखुश होके - चूत मे हि गिराता थां तोँ होगी हि नां
सुमिता - तुम् खुश होँ रहे हौ मे टेसन मे हु
भोला - अरे मेरी रण्डी बच्चे कों जन्मदो मे तुम् मा बापूबन जायेंगे
सुमिता - नहींयह नहीं हौ सकता मे बच्चे नहीं रखना चाहती
भोला - ठीक हैं जैसा तुम् चाहो
अगलेदिन शाम सुमिता डॉक्टर सें चेक करवा केँ pill लेँ लेती हैं जब सुमिता रिस्के सें उतरजा रही होती हैं तौ क़िस्मत सें अरुण सुमिता कों देख लेता हैं
अरुण जल्द सें सुमिता केँ पास जाके - ऑन्टी कैसी हैं आप्
सुमिता अरुण कों देख - अरे अरुण बेटा मे ठीकहु तेरीमा कैसी hain
अरुण - अच्छी हैं मेने बताया मा कों आप् आई हैं कभीघऱ आइयेमा मिलना चाहती हैं आप् सें
सुमिता मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं आउंगी
अरुणखुश होकेकल सुभह आँ जानां
सुमिता मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबाठीक हैं
अगलेदिन सुभह सुमिता अरुण केँ घऱआती हैं मगरघऱ पे कोई नहीं थां अरुण कि माखेत मे बापूकाम पे थें अरुण नें जानबूझ इस वक्त बुलाया थां
सुमिता कमरे मे बैठी अरुण कों देख - बेटा पूजाकहा हैं
अरुण सुमिता कों एकदम सें पकरखाट पे लेता केँ सुमिता केँ उमरआके - खेत मे
सुमिता हैरान शोक मे - अरुण तुम् यह क्याँ कररहे होँ
अरुण मुस्कुराते हुवे प्रेम
अरुण सुमिता कों किस करने चुचे दबाने लगता हैं तौ सुमिता गुस्से नें अरुण कों धक्का देखेदूर करती हैं औऱ एक् चाटा अरुण कों दे मारती हैं
सुमिता गुस्से मे - तेरी हिम्मत केसे हुईँ मेरेसंग इतना गिराकाम करने कि आनेदे तेरीमा कों बताती हु
अरुणगाल कों सेहलता हैं औऱ जोरजोर सें हसने लगता हैं फिन मोबाइल निकाल वीडियो दिखाते हुवे - जाओ आप् मेरीमा कों बताओ मे यह वीडियो पुरेगाव कों दिखाउवा फिन वैराल् कर दूंगा पूरी दुनिया असली incest वीडियो देखेगी केसे एक् बेहन अपने भइया सें चुदवा रही हैं खेत मे
वीडियो देखते हि सुमिता कि आखेफैल जाती हैं डर सें कपने लगती हैं आखो सें आसु निकलआते हैं मुह सें कुछ नहीं निकलपता
अरुण मुस्कुराते हुवे सुमिता कों बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं औऱ सुमिता कुछबोल रोक नहीं पति अरुण सुमिता देख - कपड़े निकालो जल्द
सुमिता आखो सें आसु बहते हुवे अपने कपड़े निकालने लगती हैं
आज केँ लिये इतना हि
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
kahani achi h past khatam hone kaa intezar h लेकिन muze aesa lag raha h की ismein saari galti sirf sumita और Anjali की h jisse की vo dono iss chakkar mai fas gayi un dono ko kisi ne mazboor नहीं किया hawas की agni mai yeh dono khud rundy ban gayi ismein taqdeer kaa कोई dosh नहीं.
Aage dekhte h sahil kese sab कुछ theek krta h
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) - Next part mein bada twist
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