भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
chapter 6
हम् इंसानो कि लाइफ मे सबसे अच्छी याँ बुरी चीजे एकदम अचानक सें हि होती हैं सभी अच्छा चलरहा होता हैं मगरकब अचानक बुरा हौ जाये बोलना मुश्किल हौ जाता हैं
हम् सब इंसान मोक्के कों भि जाने नहीं देते पहले तोँ हम् बहोत अच्छे इंसान रहते हैं मगरजब कोई मोक्का चाहे वोँ गलत हौ जल्दी उठा लेते हैं
इंसानो कि यही फीडरात होती हैं
आज एक् मामाजी अपनी बेटी जैसी मासूम भांजी जिसे उसनेगोद मे खिलाया बरा कियाउसे भोगने वाला हैं एक् मामाजी नें मोक्के कां फायेदा उठा हि लिया जोँ मामाजी अच्छा थां एकदम सें बुराबन गय़ा
कुनाल सामने खरी अंजली कों देख - बहुत अच्छा डांस किया गांडकमर हिला केँ चल कपड़े निकाल रहा नहींजा रहा मुझे तेरीयह जवानी नंगी देखनी हैं
अंजली कुनाल कों देखती हैं फिन थोरा सर्म केँ संग कपड़े निकालने लगती हैं अंजली केवल वाइट पैंटी मे खरी थि कुनाल तोँ पागल होँ जाता हैं अंजली कि जवानी देख केँ
कुनाल पुरेजोस मे - पैंटी नीचेकरो चूत दिखाओ अपने मामाजी कों
अंजली सर्माते हुवे पैंटी नीचेकर देती हैं
कुनाल औऱ बाबला होँ जाता हैं अंजली नंगीखरी थि मस्त बॉडी थि चुचे टाइटखरे थें गोरा शरीर पतलीकमर मगर नीचे कां सीन कुनाल देखके होसखो रहा थां उफ काले छोटे बालों वालीहै चूत अंजली कि कियागजब कि लगरही थि उपर सें नीचे तक अंजली बवाल थि होना कि थां जबमा हसीन कयामत होँ तोँ बेटी भि होगी हि
कुनाल कपते हुवे - पैंटी निकाल दोफिन दोनों हाथो कों उपर करकेखरी रहो
अंजली बिना प्रश्न किये पैंटी निकाल केँ दोनों हाथो कों उपर करकेखरी हौ जाती हैं
तब तौ औऱ भि अच्छे सें सभीदिख रहा थां पहलीबार कुनाल अपनी पत्नि लें अलावा किसी कों नँगादेख रहा थां वोँ भि अपनी भांजी कों
अंजली तौ मस्तखरी थि कयामत लगरही थि कुनाल जब अंजली कों गोर सें देखरहा होता हैं तोँ कुनाल कों एक् झलक अंजली कि स्थान सुमिता नंगीखरी दिखाई देती हैं कुनाल औऱ पागल होँ जाता हैं
कुनाल जल्द नँगा होता हैं अंजली जब कुनाल कां खरा टाइट लन्ड देखती हैं तौ एक् समय लेँ लियेडर काप् जाती हैं
कुनाल अंजली केँ पासआके अंजली कों देख - भांजी अगर मे पहले कोसिस करता तुम्हारी तरफ पटाने कां तोँ पट जाती
अंजली कुनाल कों देख सर्म सें - सायदहा
कुनाल - तुम् बहुत सुंदर होँ तुम्हारी बॉडीउफ चल सुरु करते हैं
कुनाल बैड पे लेत - चल रंडि अपने मामाजी कां लन्ड मुह मे लें मुझेपता नहीं थां अमर सें सुना हैं
अंजली सर्म सें - जी मामू मेरा भि पहलीबार हैं
अंजली कुनाल केँ लन्ड कों पकरति हैं मोटागरम गरमफिल करके अंजली केँ अंदरआग भरक् उठती हैं तोँ वही कुनाल अपनी भांजे केँ लन्ड पकरे सें औऱ जोर मे पागल होनेलग गय़ा थां
कुनाल - चल रंडिमुह मे लेके अच्छे सें चुसना
अंजली झुकते हुवे - जी मामू
अंजली नीचेझुक करके अपने गुलाबी होठो सें लन्ड केँ टोपे कों मजे सें चूसने लगती हैं पहला स्वाद लेके अंजली भि पागल होने लगती हैं औऱ कुनाल भि पहलीबार लन्ड चुसाई कां आनंद लेके पागल होँ जाता हैं कुनाल - उफ तोँ इतना मज़ाआता हैं जबकोई लन्ड चुस्ता हैं अहह रंडि मेरी भांजी अहह करतेरह रुकना नहीं
अंजली मजे सें लन्ड चुस्टे हुवेमन मे - उफयह स्वाद गरमगरम मामू कां लन्ड चूसने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं अहह मामू कां लन्ड मस्त हैं
लन्ड चुसाइ केँ बाद कुनाल अंजली कों नीचे लेता केँ - रंडि मज़ाआया अपने मामू कां लन्ड चुस्के
अंजली जोस मदहोस होके - बहुत मज़ाआया मामू
कुनाल अंजली केँ टाँगे फैला केँ चूत केँ फाके फैला केँ सीलपैक छेद जौ गुलाबी लाल छोटाछेद देख - उफ कितना छोटाछेद हैं पता नहीं कियु मुझेमुह मे लेके चूसने कां दिलकर रहा हैं मेने पहलेकभी ऐसा किया नहीं पऱ अब भांजी कि चूत देख प्यास जगरही हैं
कुनाल जयदा नहीं सोचता औऱ अंजली अपनी भांजी केँ मुह कों मुह मे लेके चूसने लगता हैं अंजली एकदम सें सिहर केँ जोर सें अहह करती हैं अपनी चूत पे होठजिब चलतेफिल करके अंजली पागल होके मचलने लगती हैं अंजली - अहह मामूयह कैसा आनंद हैं
कुनाल मजे सें चूत चुस्टे जिब सें चाटते हुवेमन मे - दोस्त किया मस्त स्वाद हैं मेरी भांजी केँ गरम चूत कां मे इसमजे सें दूर थां उफ आनंद आँ रहा हैं गरमगरम भांजी केँ चूत चाटने मे
3 मिनट हि हुवे थें कि अंजली कपते हुवे पलंग पकरे गांडउठा उठा केँ झरने लगती हैं पहला झरने कां एहसास पाके अंजली कों जोँ चैन मिलता हैं अंजली कुनाल केँ लिये औऱ पागल होँ जाती हैं
कुनाल अपना लन्ड चूत पे घिसते हुवे अंजली कों देख - तैयार होँ
अंजली कुनाल कों देख - आपकी रंडि तैयार हैं मामूडाल दो
अंजली दोनों उपर उठाये फैलाये पकरे रखती हैं
कुनाल अपना लन्ड घुसते हुवेछेद पे रख धीरे-धीरे सें अंदर घुसते चला जाता हैं चूत गीली होने कि वजह सें दिकत नहीं होती जयदा अंजली दर्द मे - मामू मामूबस बस बहुत दर्द होँ रहा हैं रुक जाइये
कुनाल मुस्कुराते हुवे एक् तेज धक्का मरता हैं सीलटूट जाती हैं खुन निकलने लगते हैं अंजली कि चूत मे मोटा लम्बा लन्ड अंदर तक घुस जाता हैं अंजली दर्द मे जोर सें चीख मारती हैं रोने लगती हैं
कुनाल देखता हैं पूरा लन्ड अंदरघुस चुका हैं इतना टाइटगरम फिल कुनाल नें सुनीता कि पहली चुदाई करतेसमय भि फिल नहीं क्याँ थां
कुनाल मन मे - कितनी समयगरम चूत हैं मेरी भांजी कि यकीन नहीं होता मेरा लन्ड मेरी भांजी केँ चूत मे घुसा हैं
अंजली दर्द मे रोते हुवे - मामू दर्द हौ रहा हैं बाहर् निकाल लो अपना लन्ड मर जाउंगी बहुत जयदा दर्द हौ रहा हैं
कुनाल अंजली कों देख - बस होँ गय़ा मेरी भांजी बस होँ गय़ा
3 मिनटबाद
कुनाल अंजली केँ ऊपरआके धीरे-धीरे धीरे-धीरे चुदाई करने लगता हैं औऱ अंजली सें - अहहउफ भांजी आज तौ मेरी भाग्य खुल गई तेरीसील पैक चूत माररहा हु यकीन नहीं होताअहह कितना टाइट हैं तेरी चूत
अंजली दर्दमजे सें - उफ मामू मुझे भि बहुत आनंद आँ रहा हैं यकीन तोँ मुझे भि नहीं होँ रहाअहह मामूउफ मगरअहह सभीसच हैं
कुनाल - बुरा तोँ नहींलग रहाअमर कां हक मेनेमार लिया
अंजली कुनाल कों देखते हुवे - उफअहह मामू नहींलग रहा
कुनाल अपना मोटा लन्ड अपनी भांजी कि चूत मे पेलेजा रहा थां अंजली कि चूत पानी निकालने जारही थि पहली चुदाई कां मज़ा अपने मामू सें लेके अंजली अलग हि दुनिया मे उररही थि
कुनाल चुदाई करते हुवे अंजली कों देख - भांजी मेरी रंडिअमर नें चुचे बहुत दबाये चुसे होगेबोल रहा होगा चूत दिखाओ चोदने दो
अंजली दर्दमजे सें कुनाल कों देख - अहह मामूकेह रहा थां मगर मेनेमना कर दिया अपनेकहा थां इस लिये
कुनाल मुस्कुराते हुवे - बहुत अच्छे तु मेरी रंडि हैं बाद मे उसकी
अंजली दर्दमजे सें - समझ गई अहह मामू झरने वालीअहह
अंजली फिनझर जाती हैं
कुनाल घुटनों पे बैठ अपना मोटा लन्ड पकर चूत मे घुसा देता हैं फिन निकाल घुसाने लगता हैं अंजली दर्द मे - मामूऐसा मतकरो अहहमर गई उफ मामू मेरी चूत दर्द हौ रहा हैं मामू
कुनाल मुस्कुराते हुवे - रंडि हैं तूँ चुपरह मजे लेँ
अंजली दर्द मे - समझ गई मामूअहह मा
कुनाल लन्ड घुसते निकलते मन मे - किया मेरी बेहन कि चूत भि नहीं नहीं मे कियासोच रहाहु भांजी तौ क़िस्मत सें मिल गई सुमिता नहीं मिलेगी
कुनाल अंजली कों देख - घोरीबन जाओ
अंजली घोरीबन जाती हैं
कुनाल लन्ड घुसा केँ - चलो स्वयं मामू कां लन्ड लो अपनी चूत मे
अंजली स्वयं अपनी मस्त गांडआगे पीछे करते हुवे लन्ड चूत मे लेने लगती हैं कुनाल सभीदेख मुस्कुराते हुवे - आनंद आँ रहा हैं मेरी रंडि
अंजली मजे मे लन्ड लेते हुवे - मामू बहुत मज़ा आँ रहा हैं चुदाई मे इतना आनंदआता हैं आजपता चलाअहह आपका मोटा लन्ड उफ मेरी चूत केँ अंदर जाके मेरी चूत कों रगरघिस रहा हैं यह आनंदअहह
कुनाल अंजली कि गांडदेख मन मे - सुमिता कि गांड तोँ
कुनाल अपनासर पकरमन मे - मे यह क्याँ सोचने लगाबार बार सुमिता दिखाई कियुदे रही हैं
कुनाल होस मे आके अंजली केँ गांड कों पकरतेज चुदाई करने लगता हैं अंजली कां पूरा सरीर चुचे मस्तहिल रहे थें अंजली दर्द मे - मामू मामू बहुत दर्द हौ रहा हैं धीरे-धीरे सें करो नां मामूमर गई अहहमा
कुनाल तेज धक्के मारते हुवेमन मे - मा कों यादमत कर रंडि नहीं तौ मे फट जाउंगा तेरीमा तोँ कयामत हैं
कुनाल जोर कां एक् धक्का मरता हैं अंजली दर्द मे रोने लगती हैं
कुनाल अंजली केँ दोनों पांवउपर करकेपकर लेत जाता हैं
कुनाल अब पुरेजोर सें धक्के मरने लगता हैं अंजली कि हालत खराब होने लगती हैं फटफटफच् फच् केँ संग अंजली कि दर्दभरी आवाजे गुजने लगती हैं अंजली - मर गई मामूअहह
कुनाल तेज धक्के मारते हुवे - मेरी भांजी मेरी रंडिअहह झरने वालाहु
कुनाल आखिर अपनागरम गरम लावा अपनी भांजी कि चूत मे निकाल देता हैं चूत मे अपनी पहलीबार गरमगरम मर्द कां पानी लेकेफिल करके अंजली मस्त होके हफ्ते हुवेमन मे - इतनाचैन मेरी चूत मे अहह मामू कां यहगरम लावाअहह फिल करके मज़ा आँ रहा हैं
कुनाल हफ्ते हुवे अंजली केँ बगल मे लेत जाता हैं अंजली हफ्ते हुवेमन मे - चुद गई मामू सें अहहअमर माफ करनामगर मामू केँ संगअलग हि आनंदआता हैं
कुनाल अंजली कों बाहों मे लेके - आनंदआया मेरी रंडि कों
अंजली दर्द मे - उफ बहुत मज़ाआया मामू
कुनाल - गोली लायाहु खा लेनामगर जल्द हि तुम कोपेट सें मे हि करुगा बोल मेरे बच्चे कि मा बनेगी
अंजली हैरान शोक मे - पऱ मामू
कुनाल - अमर कों पता नहीं चलेगा एक् बच्चा मेरा पैदाकर लेना
अंजली कुनाल कों देख - ठीक हैं
कुनाल - औऱ हा मामीजी कों तेरेसभी पता हैं कुछ नहीं बोलेगी हम् खुल केँ चुदाई कर सकते हैं अब
अंजली शोक होती हैं मगरफिन सांत होके - जी
सुभह
सुनीता खानां बनते हुवे अंजली जोँ खटिये पे लेती थि देख मुस्कुराते हुवे - बैठा भि नहींजा रहा मेरी भांजी कों
अंजली सर्म सें - मामीजी आप् भि नाँ
अंजली मन मे - जोस मे दर्दफिल नहींहुआ मगरअब बहुत दर्दजलन होँ रही हैं चूत मे रात बहुत मज़ाआया
सुनीता मुस्कुराते हुवे - पलंगखून पानी सें गिला थां रातखूब चुदाई हुईँ हैं लगता हैं
अंजली सर्म सें - मामीजी
कुनाल कमरे सें आते हुवे दोनों कों देख - अरे मेरी भांजी कों तंगमत करो सुनीता
अंजली कुनाल कों देख - मामू
कुनाल अंजली केँ पासबैठ किस करते हुवे - दर्द कैसा हैं
अंजली सर्म सें - दर्द हैं बहुत
कुनाल - हु आरामकरो
साहिल केँ घऱ 10 बजे
राघव साहिल विद्यालय चले जाते हैं सुमिता खेत मे बकरी कों एक् स्थान बांधखास कटने लगती हैं संग मे सोचो मे गुम थि
सुमिता मन मे दुखी होके - पता नहीं कियु पति जी मेरेउपर इतना ध्यान नहीं देतेउपर सें खेत मे जोँ हुआबस वोँ लरका किसी कों बता नां दे नहीं तौ गजब होँ जायेगा
11 बजे सुमिता आराम करने केँ लिये गंने केँ खेत मे एक् स्थान बैठ जाती हैं बातयह थि गर्मी बहुत थि गंने केँ खेत मे गने केँ नीचेछव् थि इस लिये
सुमिता बैठमन मे - बेटी जवान हौ गई बेटा भि उनकी विवाह कि सोच सुमिता अपनी नहींअब सायद तुम्हारी तरफ चुदाई कां सुख नहीं मिलेगा
तभी सुमिता कों एहसास होता हैं कोई आँ रहा हैं जब देखती हैं तौ सामने भोला थां सुमिता घबरा जाती हैं भोला कों देख
भोला आहिस्ता सुमिता केँ सामने बैठ - ऑन्टी घबराओ मतकुछ नहीं करुगा मे बसबात करकेचला जाउंगा
सुमिता कि मजबूरी थि इस लियेचुप रहती हैं सुमिता नहीं चाहती थि भोलासभी कों बतादे
भोला सुमिता कों उपर सें नीचे तक देखते हुवे - आप् बहुत हसीन हैं
सुमिता स्वयं कों कमजोर नहीं दिखाना चाहती थि इस लिये नॉर्मल होके भोला कों देख - सर्म नहींआती बेटे केँ उमर कां हैं मेरा फायेदा उठारहा हैं
भोला भि नॉर्मल आवाज़ मे - ऑन्टी हरकोई मोक्के कां फायेदा उठा हि लेता हैं मेरी स्थान कोई औऱ होता तौ कल बहुतकुछ हौ गय़ा होगा औऱ आप् कुछकर नहीं पाती
सुमिता कि बोलती बंद होँ जाती हैं
सुमिता फिन भोला कों देख - कियु मेरे पीछे पऱ गये हौ
भोला - आपके पीछे परने कां एक् नहींकई रीजन हैं बताता हु
पहली - आप् बहुत हसीन हैं 2 बच्चे कि माइसउमर मे भि भरी हुई स्लिम हैं 30 कि लगती हैं
भोला थोरा लगभगआके सुमिता कों देख - आपको सायदपता नां होँ हम् लरको कों कुवारी लरकियो सें जयदा आप् जैसी ऑन्टी याँ भाभिया मनपसंद आती हैं जानती हैं कियु
सुमिता केँ मुह सें निकल जाता हैं - कियु
भोला मुस्कुराते हुवे - बताता हु
सुमिता मन मे - मे कियु इसकी बातें सुनरही हुकहा फस गई
भोला - सुनिये स्वयं कों देखिये मांग मे सिंदूर गले मे मगळसूत्र यह एक् पहलीबरी वजहवजह हैं
सुमिता शोक मे बोले बिनारह नहीं पति - कियु
भोला मुस्कुराते हुवे - किसी औऱ कि पत्नि जोँ पहले हि अपने पति सें चुदते आँ रही हैं चूत सें बच्चे भि निकाल चुकी हैं उस चूत कों उसे चोदने कां सोच केँ हि अंदरआग लग जाती हैं जोस सें खूनउबल जाता हैं सीधेकहु तौ किसी औऱ कि पत्नि कों चुदने कां मज़ाअलग हि होता हैं मेने किसी कि पत्नि कों चोदा तौ नहींमगर सोचना हु तोहि जोँ एहसास फिल होता हैं अलग हि नेवल कां होता हैं
सुमिता पूरीहिल जाती हैं भोला कि कि बातें सुन औऱ खुले गंदे बातें भि सुन केँ
सुमिता गुस्से मे भोला कों देख - हद मे रहो भोला सर्म भि नहींआती कितने गिरे हुवे इंसान होँ तुम्
भोला नॉर्मल होके सुमिता कों देख - आप् सहीकेह रही हैं मगर गिराकोन नहीं हैं ऑन्टी सभी अच्छे बनते हैं मगरखैर औऱ वजह हैं बताऊ
सुमिता - नहींअब जाओयहा सें
भोला सुमिता कों देख - ऑन्टी जाके
सुमिता जल्द सें गुस्से सें - बताओ
भोला मुस्कुराते हुवे - खरी होँ जाइये औऱ अपनी सारी निकाल केँ
सुमिता शोक गुस्से मे - भोला
भोला मुस्कुराते हुवे - जल्द वक्त नहीं हैं
सुमिता मुठी कसते हुवेखरी होके सारी निकाल साइड मे रखखरी होके दुखीमन मे - कियु मेरेसंग यहसभी होँ रहा हैं
सुमिता काले ब्लाउस पेटीकोट मे खरी थि औऱ सुमिता कियागजब लगरही थि
भोला स्वयं सुमिता कों देख पागल हौ जाता हैं भोला कां लन्ड पुरे औकाद मे आँ जाता हैं
भोलाखरा होके सुमिता कों देख - सुनिये देखिये स्वयं कों इसउमर मे आपकी बॉडी पूरीभरी हुई हैं बरेबरे चुचे हैं जौ साफ आपके ब्लाउस मे कैददेख कोई भि बता सकता हैं कितने बरे टाइट हैं
भोला नीचे चिकने पेट गहरी ढोरी कों देख - आपकायह भरापेट कमर जवान लरकी कि पतली होती हैं मगर हम् लरको कों आप् जैसी ऑन्टी कां यहभरा जिस्म पेट गहरी ढोरी बहुत पसन्द आती हैं
सुमिता चुपखरी भोला कि बातें सुन हैरान होतेजा रही थि
भोला नीचे जांघों चूत केँ पास देखते हुवे - इसउमर मे जैसे आपकी मोती जांघे हैं आपकी गांड भि बहुत मोती फैली हैं कईबार मेने स्वयं आपको देखा हैं जब चलती हैं तोँ आपकीबरी गांड मस्त हिलती हैं
भोला सुमिता केँ एकदमपास आके बाहों मे लेके धीरे-धीरे सें एक् हाथ पेटीकोट केँ उपर सें सुमिता कि गरम चूत पे रख देता हैं सुमिता सिहरडर जाती हैं पीछे हटने लगती हैं तोँ भोला सुमिता कों कसते हुवेकान मे धीरे-धीरे सें - औऱ एक् बरीवजह आप् जैसी ऑन्टी कि चूत पाव जैसी फूली होती हैं चूत पे मास हि मास होते हैं जिसे हाथो मे धीरे-धीरे पकराजा सकता हैं चूत केँ फाके भि मोटे होते हैं एक् कुवारी लरकी केँ चूत केँ सामने आप् जैसी ऑन्टी कि चूत डबल मोती होती हैं गंदी वीडियो मे देखा हैं मेने
सुमिता रोरही थि भोला केँ हाथ चूत सें हटाते हुवे -प्लेस जानेदो मुझे
भोला सुमिता कि आखो मे देख धीरे-धीरे सें - बोलिये सच हैं नाँ आपकी चूत फूली मोतीफको वाली हैं नाँ बोलिये नहीं तौ मे स्वयं अच्छे सें देखलू
सुमिता डरते हुवे - नहीं नहीं तुमने सहीकहा
भोला मुस्कुराते हुवे - कैसी हैं चूत आपकी एक् बार बताओ
सुमिता नजरे नीचे किये रोनी सि आवाज़ मे - मोती फूली हुइ
भोलाजोस मे सुमिता केँ होठो पे किस करते हुवे - फाके
सुमिता कपते रोते हुवे - मोती हैं
भोला सुमिता केँ गर्दन पे किस करता हैं सुमिता सिसक् परती हैं
भोला सुमिता केँ चुचे दबाते हुवे - चड्डी पहनी हैं
सुमिता रोते हुवे - नहीं पहनी हैं
भोला धीरे-धीरे ब्लाउस केँ ऊपर सें एक् हाथ सें एक् चुचेपकर दबाते हुवे सुमिता कों देख - उफ ऑन्टी आपके कितने नर्मबरे चुचे हैं दबाने मे मज़ा आँ रहा हैं अहह मेरी प्यारी ऑन्टी आप् मस्तमाल हैं
सुमिता आसु बहतेखरी सिसकिया रोकने कि कोसिस कररही थि
भोला एकदम सें रुक जाता हैं औऱ जाते हुवे-जा रहाहु थैंक्स आप् बहुत अच्छी हैं ऑन्टी
भोला केँ जाते हि सुमिता रोते स्वयं कि भाग्य कों कोसते हुवे सारीपहन लेती हैं
भोलाघऱ जाते हुवेमन मे - ऑन्टी कि चुदाई करना मुश्किल हैं मे जनताहु ऑन्टी मेरे नीचे नहीं आयेगी मगर उसके अलावा मे बहुतकुछ करकेमजे लेँ सकताहु मगरयह भि बोलना मुश्किल हैं कियापता क़िस्मत संग देदे औऱ ऑन्टी कि चुदाई करपाउ
भोलानाम थां मगर भोला समझदार तेज थां भोला जनता थां सुमिता कां वोँ जितना फायेदा उठारहा हैं उसकेदम पे चुदाई करने कि कोसिस करेगा तौ सुमिता करने नहीं देगी औऱ मामला बिगर सकता हैं जोँ मजेमिल रहे हैं वोँ भि नहीं मिलेगा इस लिये भोला स्वयं कों रोके जितना आनंद लेँ सकता हैं लेने मे लगा थां
शाम केँ टाइम छुट्टी केँ बाद
कुनाल सालु कों उसकेघऱ लेकेआता हैं कुनाल सालु सें - सालुघऱ पे कोईदिख नहींरहा
सालु नजरे नीचे किये - वोँ अंकलकही गये होगे
कुनाल मुस्कुराते हुवे - अंदर नहीं बोलाओगी
सालु डरते हुवे - जी आइये नाँ
कुनाल सालु एक् कमरे मे आते हैं वैसे हि कुनाल मोक्के कां फायेदा उठाते हुवे सालु कों बाहों मे लेके - सालुउफ सालु
सालु डरते हुवे - अंकल प्लेस मत कीजिये मे आपकी बेटी
तबतक कुनाल किस करने लगता हैं औऱ सालुकुछ कर नहीं पति
किस केँ बाद सालु रोने सि आवाज़ मे - प्लेस अंकलमत करो
कुनाल पैंट निकाल खाट पे बैठ सालु कों देख - जल्दकरो सालु पहलीबार नहीं हैं जौ लन्ड चूसने वाली होँ
सालु केँ आखो सें आसु निकलआते हैं मजबूरी मे सालुखाट पे बैठझुक केँ कुनाल कां लन्ड मुह मे लेके चूसने लगती हैं कुनाल मजे सें - अहहयह चैन सालु मेरीजन मोक्का नहींमिल रहा अच्छे सें प्रेम करने कां जब मिलेगा अहहउफ बहुत अच्छे सें चूसने लगी हौ
3 मिनटबाद
कुनाल - जल्द सें दिखाओ कोन सें कलर कि बिकनी पहनी हैं
सालु नाँ चाहते उपर केँ बटनखोल देती हैं वाइट बिकनी मे सालु केँ दोनों चुचेकैद थें कुनाल जल्द सें एक् चुचेपकर दबाते हुवे - उफ मेरी सालु बेटी अहह मस्त मज़ा आँ जाता हैं तेरे चुचे दबाने मे
कुनाल पैंटपहन जाते हुवे - किसीदिन जबकोई नहीं होगातब अच्छे सें प्रेम करुगा
सालु बेचारी आसु बहते रहती हैं
कुनाल बाइक लेकेघऱ जाते हुवे - उफ जवान लरकी केँ मजे लेने कां अलग हि मज़ा हैं पर्र साला मोक्का मिल नहींरहा घऱ पे सुमिता रहती हैं साहिल भि देखते हैं किसीदिन मुक्का मिल जाये
साहिल घऱ पे आँ गय़ा थां कपड़े चेज करके बाहर् आता हैं सुमिता बाहर् आते हुवे साहिल कों देख - अरे बेटा आँ गय़ा
साहिल सुमिता कों देख - हामा आँ गय़ा थोराघूम केँ आताहु
सुमिता - ठीक हैं बेटा जा
साहिल नें जब पस्त् देखातब सहित कों इसबात पे भि बहुत बुरालगा कि उसने अपनीमा केँ संग जयदा वक़्त नहीं बिताता थां
राघवघऱ आता हैं सुमिता राघव कों देख - आप् आँ गये
राघव सुमिता कों देख - हाजान आँ गय़ा
सुमिता कुछ बोलना चाहती थि मगरकेह नहीं पति
साहिल राधिमा सें मिलने निकल परता हैं वही राधिमा भि जैसे तैसेघऱ सें निकल चुकी थि जब रास्ते मे थि एक् बाइक राधिमा केँ सामने आके रुकती हैं राधिमा बाइक पे जौ थां उसेदेख मन मे - यह कमीना कहा सें आँ गय़ा
बाइक सें एक् लरका नीचेउतर राधिमा केँ पासखरा होके - राधिमा कहाजा रही हौ बोलो तौ मे छोरदु
राधिमा लरके कों देख - देखो बिपिन मेरा पीछाछोर दो औऱ हा मे चली जाउंगी स्वयं
राधिमा यहकेह जाने लगती हैं बिपिन राधिमा कों जाते देखने लगता हैं तभी बिपिन कि नजर राधिमा कि हिलती गांड पे जाते हौ
बिपिन - उफ किया मस्त गांड हिलाती जारही हैं मेरीजान तु मात्र मेरी हैं राधिमा मात्र मेरी तुझेही तोँ मे पाके रहुंगा
बिपिन थोरा अमीरघऱ कां बिगरा लरका हैं राधिमा सें बहुत प्रेम करता हैं पीछेपरा रहता हैं मगर राधिमा कों पता हैं बिपिन बहुत कमीना लरका हैं इस लिये राधिमा दूर हि रहती हैं
अपनेउसी स्थान पे साहिल राधिमा कों गोद मे बैठाये बाहों मे लिये राधिमा केँ सुंदर चेहरे कों देख - क्या बात है मेरीजान कितनी हसीन हैं
राधिमा सर्म सें - देखो मुझे बहुत सर्म आँ रही हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - गोद मे बैठी होँ इस लिये
राधिमा सर्म सें - हा
साहिल मुस्कुराते हुवे एक् किस करते हुवे - मेरीजान इतने मे इतना शर्मा रही हौ आगे तोँ
राधिमा एकदम सें साहिल केँ मुहबंद करके साहिल कों देख - कितने बेसरम गंदी बातें करनेलगे हैं
साहिल रोहिमा केँ हाथमुह सें हटा केँ - अच्छा अबकोन जयदा शर्मा रहा हैं हुकहो
राधिमा sarm सें - आपकी बातें हरकते होती हि ऐसी हैं
10 मिनट तक प्यारी बातें मस्ती करने केँ बाद साहिल राधिमा कों घऱछोर आता हैं साहिल राधिमा यह ध्यान रहतेकोई देख नां लेँ गाव कां मामला थां फिल्हाल छुपारहे साहिल यही चाहता थां
रात 9 बजे
सुमिता राघव सें - सुनिये करते हैं नां बहुतमन हैं
राघव सुमिता कों देखते हुवे - दोस्त सुमिता अब मेरे अंदर इतनी ताकत नहीं हैं कल करेगे
सुमिता कों बहुत क्रोध भि आता हैं औऱ बहुत दुखी भि होँ जाती हैं
राघव दूसरी तरफ करवट लेके मे - सालु केँ संग करके पानी निकल जाता हैं दूसरी बार करनेलगा तौ मेरी हालत खराब हौ जायेगी मगर सुमिता खैर सोते हैं
वही साहिल पलंग पे लेतेमन मे - एक् मोबाइल राधिमा कों देना परेगा ताकि हम् जब चाहेबात कर सकतेकल एक् छोटा मोबाइल लें लुंगा मा पैसेदे हि देगी
कुनाल केँ घऱ
अंजली कां पहलीबार थां इस लिये अंजली आराम हि करती हैं कुनाल भि कुछ नहीं करता कियुंकी अंजली कि चूत सुज गई थि
कुनाल सुनीता कमरे मे बैठे बातें कररहे थें
कुनाल सुनीता कों देख - झूटमत कहो 7 महीने नहींसच कहोकब
सुनीता मुस्कुराते हुवे - पकर लिया आँ यहसच हैं यहसभी पीछे महीने जब मे गई तबहुआ
कुनाल हैरान होके - लगा हि थां कोन हैं वोँ
सुनीता - बापू केँ यार
कुनाल शोक मे - किया एक् बूढ़े सें चुद केँ आँ गई केसे
सुनीता - पहले सें हि उस कमीने कि नजर मुझपे थि मगरउस दिन मे उसकेघऱ गई रूबी सें मिलने पऱ सोचा नहीं थां चुद जाउंगी
कुनाल - तोँ उसने जबरदस्ती कि
सुनीता कुनाल कों देख - हा
कुनाल - फिन तुम्हें मज़ाआने लगा
सुनीता धीरे-धीरे सें - हा
कुनाल नीचेखरा होँ जाता हैं सुनीता भि समझते हुवे टाँगे उठा केँ फैला देती हैं कुनाल नँगा होके चूत मे लन्ड घुसा केँ चुदाई करते हुवे सुनीता कों देख - अच्छा उसने तेरेसंग जबरदस्ती कि मगर तुम्हारी तरफ आनंदआने लगातु रंडि कि तरह चुदने मजे लेनेलगी
सुनीता चुदाई कां मज़ा लेते कुनाल कों देख - उफअहह सहीकहा पति जी अंकल कां मोटा लम्बा लन्ड जब मेरी चूत मे अंदर गय़ा आनंद हि आँ गय़ा
अपनी पत्नि कि बातसुन कुनाल जोस मे तेज धक्के मरने लगता हैं
कुनाल सुनीता कों देख - फिन चुदने कां मन हैं उस अंकल सें
सुनीता कुनाल कों देख - अहह आप् कहे तौ उफहामन तोँ हैं
कुनाल तेज धक्के मारते हुवे - ठीक हैं जब जानां लेँ लेनामगर मेरे साथी कां लन्ड भि लेना परेगा लोगी नां
सुनीता जोर मे चुदासी होके - लुगी पति जीअहह यह तौ औऱ अच्छा हैं
कुनाल तेज धक्के मारते हुवे - रंडि हैं तुँ बरी वाली
सुनीता मुस्कुराते हुवे - नहींहु मगर आप् कहे तौ बन जाउंगी
दूसरी तरफ अंजली लेती हुईँ थि चूत मे जलन दर्द लिये औऱ अमर सें बातकर रही थि
अमर - दोस्त अंजली अपने चुचे दिखाओ नां
अंजली सर्म सें - अच्छा बाबा दिखाती हु
अंजली लेतेउपर सें नंगी होके - देखो बाबू मेरे चुचे
अमर लन्ड हिलाते हुवे - उफजान मेरी रंडि मस्त चुचे हैं तेरे मेरा लन्ड कैसा हैं कहो नाँ अहह
अंजली अमर कों लन्ड हिलाते देख - उफ बहुत मोटा हैं
अमर - तौ कब लोगी
अंजली - कल पक्का
अमरखुश होके - अच्छा सच तोँ अभि चूत दिखाओ नाँ
अंजली - नहीं बाबूकल स्वयं देख लेना
अमर अहह मेरी रंडि करतेझर जाता हैं
अमर - उफचलो ठीक हैं कल मेरेघऱ आँ जानां
अंजली - ठीक हैं बाबू
मोबाइल कट
अंजली नें चूत नहीं दिखाया कुनाल नें केह दिया थां जब तक चूत नॉर्मल अच्छी हालत मे नहीं आँ जाताअमर कों चूत नां दिखाये
भोला भइया अपने कमरे मे लन्ड तेजी सें सुमिता केँ संग जोँ किया बातें कि सभीसोच लन्ड हिलाते हुवे - उफ ऑन्टी किया मस्तमाल हैं आपके चुचेउफ खास देखने कों मिल जायेअहह आपकी चूत चुचे तोँ अहह कितने मस्त हसीन होगेअहह ऑन्टी ऑन्टी मेरीमाल अहह करते भोलाझर जाता हैं
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chapter 7
सुभह 9 बजे साहिल सुमिता आगन् मे खरे बातें कररहे थें
साहिल - मायह दिदी मामाजी केँ यहा हि रहने वाली हैं किया जाती हैं तोँ वही धरनादे देती
सुमिता हस केँ - अरे जयदाबचन मामू केँ संग गुजरा हैं नाँ इस लिये उसकादिल वही जयादा लगता हैं
साहिल - अरेमा मगर हम् लोग भि तौ हैं
सुमिता - कुछदिन हि तौ हुवे हैं आँ जायेगी तुम्हारी तरफ विद्यालय नहीं जानां
साहिल - बसमा निकल हि रहाहु
10 बजे साहिल राघव केँ जाने केँ बाद सुमिता खेतो मे आती हैं रोजरोज कि तरफ अपनेकम मे लग जाती हैं
वही कुनाल केँ घऱ अंजलि कि चूत अब नॉर्मल हौ गई थि अंजलि भि आराम अच्छे सें सें मिला थां
कुनाल सुनीता अंजलि कमरे मे बैठे बातें कररहे थें
कुनाल अंजलि केँ चुचे दबाते हुवे - उफ मेरी रण्डी अहहअब चूत कि हालतसही हैं नां
अंजलि सिसकिया लेते हुवे - उफ मामूसही हैं
सुनीता सभी देखते हुवे - सुभह सुभहमत सुरु हौ जाओ
कुनाल - अच्छा बाबा मे चलाकाम पे
कुनाल भि रोजी रोटी कमाने निकल जाता हैं
सुनीता अंजलि कों देख मुस्कुराते हुवे - मामू कां लन्ड लेके स्त्री बन हि गई हु
अंजलि सर्म सें - मामीजी आप् भि नां
11 बजेअमर केँ घऱ
अंजलि नंगीखाट पे लेती थि अमरमुह खोले अंजलि कों देखते हुवे - बाप रे मेरी रण्डी तु तौ मस्तमाल हैं तेरीयह मस्त बॉडीउफ चुचे तोँ देखे थें मगर चूत पहलीबार देखरहा हुउफ बलों वाली चूत
अंजलि सर्म सें - अच्छा मे सुंदर हु नां
अमर मुस्कुराते हुवे - बहुत मेरीजान
अमर अंजलि कों किस करने लगता हैं चुचे दबाने लगता हैं मुह मे लेके पीने लगता हैं अंजलि सिसकिया लेने लगती हैं मजे मे खोने लगती हैं अमरइस समय केँ लियेकम सें इंतजार कररहा थां
अमर अंजलि केँ टाँगों कों फैला केँ चूत मे लन्ड घुसने लगता हैं सत् केँ संग पुरा लन्ड अंदरघुस जाता हैं अंजलि दर्दमजे मे अहह करती हैं
अमर थोरा हैरान अंजलि कों देख - जयदा टाइटफिल नहीं तोँ रहा
अंजलि घबरा जाती हैं बात संभालते हुवे - उफ बाबू तुम् मुझपे सककररहे हौ
अमर चुदाई करते हुवे - नहीं मेरीजान मगरसील पैक वाली फीलिंग नहींमिल रही हैं
अंजलि अमर कों देख - अहह बाबूआज कल लरकियों कां सीलकाम करने सें भि टूट जाता हैं
अमर चुदाई करते हुवे - उफऐसा कियाअहह बहुतगरम चूत हैं तेरी
अंजलि चुदाई कां आनंद लेते हुवे - उफ बाबू गर्मी निकाल दोफिन
15 मिनटबाद
अंजलि अमर कों देख - बाबूअब मुझे जानां होगा
अमर - ठीक हैं कल आओगी नाँ
अंजलि मुस्कुराते हुवे - जरूर
अमर - मज़ाआया
अंजलि - बहुतआया
दोपहर 12 बजे
सुमिता खेत सें घऱआती हैं हाथ पांव धोने केँ बादखाट पी जाके आराम करने लगती हैं औऱ भोला केँ संग हुई घटनायाद करके दुखी हौ रही थि समझ नहींपा रही थि क्याँ करे
10 मिनटबाद भोला आगन् मे आते हि आवाज़ देते हुवे - ऑन्टी
सुमिता जैसे हि भोला केँ आवाज़ सुनती हैं डर केँ जल्द सें बाहर् आके भोला कों देख गुस्से सें - तुम् मेरेघऱ कियुआये देखो भोला जोँ तुम् कररहे हौ टिक नहीं हैं
भोला सुमिता केँ पासआके सुमिता कों देख - डरने वालीबात नहीं हैं ऑन्टी साहिल अंकल तोँ शाम कों हि आयेगी
भोला सुमिता केँ हाथपकर कमरे मे लेकेआता हैं सुमिता बेचारी चाहकर भि कुछकर नहींपा रही थि
भोला सुमिता कों बाहों मे लेकेकिस करने लगता हैं होठो कों चूसने लगता हैं सुमिता खरी रहती हैं भोला कां संग नहीं देती भोलाजिब अंदर डालने कि कोसिस करता हैं मगर सुमिता नें मुहबंद कररखा थां भोला भि जयदाजोर नहीं देता होठो कों चूस स्वाद लेँ लेता हैं
सुमिता भोला कों देख गुस्से सें - भोलायही सभीरोक दो
भोला - ऑन्टी मे अपने वादे पे टीकाहु मेने किसी कों कुछ नहीं बताया मगर आप् टिक नहींरही देखिये मे आपकेसंग चुदाई नहीं करुगा मुझेपता हैं आप् करने भि नहीं देगी मे तोँ बस थोरा प्रेम चाहता हु
भोलायह कहते हुवे सुमिता केँ एक् चुचेपकर दबाने लगता हैं सुमिता जोर सें अहह करते भोला कां हाथपकर भोला कों देख - भोला छोरोमत करोउफ भोलाहाथ बताओ
भोला सुमिता कों देख चुचे दबाते हुवे - जाकेसभी कों बतादु
बस सुमिता सांत पऱ जाती हैं
भोला मुस्कुराते हुवे - उफ कितने बरे टाइट चुचे हैं आपके ऑन्टी यह बताइये कितने दोनों सें चुदाई नहीं हुईँ हैं आपकी
सुमिता गुस्से सें भोला कों देखती हैं
भोला - लगता हैं अब जाकेसब कों
सुमिता जल्द सें - महीने होँ गये, सुमिता सर्म सें नजरे नीचेकर लेती हैं
भोलाजोस मे - मन बहुत करता होगा नां लन्ड लेने कां
सुमिता नजरे नीचे किये - हा करता हैं
भोलासभी सुन बाबला होँ जाता हैं लन्ड तोँ लोहाबन गय़ा थां
भोला नीचेबैठ सुमिता केँ चिकनी गहरीपेट ढोरी कों चूमने लगता हैं सुमिता जोर सें अहह करते सिसकिया लेने लगती हैं यह एहसास अलग थां इसतरह राघवकुछ नहीं करता थां राघव तोँ सीधा चुदाई करता थां सुमिता मन मे - अहह मुझे अजीब एहसास होँ रहा हैं मे बेहक नहीं सकती
भोलापेट ढोरी कों चूमते हुवेमन मे - उफअहह किया मस्त चिकनी पेट ढोरी हैं ऑन्टी कि उफ मज़ा आँ रहा हैं
सुमिता एकदम सें पीछेहट जाती हैं भोलाखरा होके सुमिता कों देख मुस्कुराते हुवे - उफ ऑन्टी आप् सच मे मस्तमाल हैं
सुमिता गुस्से सें भोला कों देखती रह जाती हैं
भोला - अपनेकभी अंकल केँ अलावा किसी कां लन्ड देखा हैं सच बताना
सुमिता कों चाहते केहना परता हैं - नहीं
भोला एकदम सें पैंट नीचेकर अपना मोटा लम्बा खरा लन्ड सुमिता केँ सामने नँगाकर देता हैं सुमिता जैसे हि भोला कां लन्ड देखती हैं सुमिता कि सासेरुक जाती हैं नाँ चाहते हुवे भि सुमिता कि चूत मे हलचल होने लगती हैं मगर सुमिता स्वयं कों रोकने लगती हैं
भोला मुस्कुराते हुवे - ऑन्टी सच बताना अंकल सें जयदाबरा हैं नाँ
सुमिता नजरे नीचे करते हुवे - हा
भोलाखुश होके - अच्छा पकर केँ देखिये एक् बार आपका
सुमिता बीच मे - भोला बहुत होँ गय़ा जाओयहा सें अभि
भोला सुमिता कों देखता हैं फिन पैंटपहन जाते हुवे - कल आपको मेरा लन्ड पकर हिलाना हि होगा
भोलाचला जाता हैं सुमिता बैठ भाग्य कों कोसने लगती हैं
शाम 5 बजे
साहिल राधिमा फिनउसी अपने मिलन वाले स्थान एक् दूसरे कि बाहों मे समाये प्रेम बातें करने मे लगे थें राधिमा कितना दर्दसेह रही हैं घऱ वाले कि वजह सें साहिल कों नहीं बताती छुपा केँ रखरही थि
साहिल राधिमा कों देख मुस्कुराते हुवे - चलो नाँ खेतो मे प्रेम करते हैं
राधिमा सर्म सें - नहीं जानां औऱ हा विवाह सें पहले सोचना भि मत
साहिल - अरेयह तोँ गलतबात हैं
राधिमा मुस्कुराते हुवे - कुछगलत नहीं हैं
साहिल - तुम् पास रहती हौ तोँ स्वयं कों रोकना मुश्किल होता हैं
राधिमा सर्म सें - रोको विवाह तक
राधिमा साहिल केँ कान मे धीरे-धीरे सें - सुहागरात कों सच देख्ना करना
साहिल जोस मे - हाहा वोँ तोँ करुगा हि नां
साहिल कि बातसुन राधिमा हसने लगती हैं
राहिल एक् छोटा मोबाइल राधिमा कों देते हुवे - इसे अपनेपास रखोरात खूब बातें करेगे
राधिमा मोबाइल लेके - बहुततेज होँ गंदी बातें करोगे तौ बात नहीं करुगी
साहिल मुस्कुराते हुवे - कुछ करने देती नहीं गंदी बातें तोँ कर हि सकताहु
राधिमा सर्म सें - बेशर्म
रात 8 बजे कुनाल केँ घऱ
एक् कमरे मे कुनाल सुनीता औऱ कुनाल कां एक् मित्र थां जिसका नाम थां पप्पू
पप्पू सुनीता कों बाहों मे लेके - उफ भाभी आप् बहुत हसीन हैं
कुनाल एक् स्थान बैठेसभी देखते हुवे - पप्पू वादायाद हैं नां
पप्पू कुनाल कों देख - याद हैं तु मेरी पत्नि कों चोद सकता हैं
कुनाल मुस्कुराते हुवे - चल सुरु होँ जा
सुनीता कुनाल कों देख - पत्नि कि अदला बदली
कुनाल मुस्कुराते हुवे - हा
पप्पू सुनीता सुरु हौ जाते हैं औऱ कुनाल मजे सें लन्ड हिलाते देखने लगता हैं
सुनीता केँ टाँगे उठाये पप्पू चुदाई करते हुवे - उफ भाभी बहुतकसी गरम चूत हैं आपकीअहह मज़ा आँ रहा हैं आपकी चूत लेने केँ लिये तरप्रहा थां आज मेरी इक्छा पूरी होँ रही हैं
सुनीता दर्दमजे मे - उफ देवरु हि आजमिल गई नाँ मेरी चूत उफ बहुत आनंद आँ रहा हैं अहह पति जी मस्त लन्ड लेकेआये हैं आप्
कुनाल जोस मे लन्ड हिलाते हुवे - मेरी रण्डी पत्नि कों आनंद आँ रहा हैं
सुनीता कुनाल कों देख - उफमा पति जी बहुत आँ रहा हैं
पप्पू कुनाल कों देख - मस्तमाल हैं तेरी पत्नि कुनाल चूत मे आगलगी हैं अच्छे सें चोदता नहीं किया
कुनाल - सालेनये लन्ड लेके अंदर हि आग औऱ निकलरही हैं
पप्पू सुनीता कों देख चुदाई करते हुवे - भाभी आनंद आँ रहा हैं नाँ
सुनीता - उफ देवर जीजी बहुत आँ रहा हैं
पप्पू - भाभीरोज दोगी नाँ अपनी चूत
सुनीता कुनाल कों देख - अपने भैया सें पूछलो
कुनाल - ठीक हैं मे स्वयं लेके आऊगा
20 मिनटबाद
सुनीता बैठी कुनाल कों देख - उफ मज़ा आँ गय़ा
पप्पू कुनाल कों देख - दोस्त तेरी भांजी कां कब दिलाएगा
कुनाल - 10 हजारजब देगा चूत मिल जायेगी
पप्पू मुस्कुराते हुवे - तेरी भांजी मस्तमाल हैं 15 दियेमगर अभि डेमो तौ दिखा
कुनाल आवाज़ लगते हुवे - अंजलि
अंजलि कमरे मे आके कुनाल कों देख - जी मामू
अंजलि सुनीता पप्पू कों नँगादेख चौक जाती हैं
कुनाल - अंजलि यह पप्पू मेरायार तेरी लेना चाहता हैं जरा अपने खजाने दिखादे पप्पू कों
पप्पू अंजलि सें - उफ अंजलि तु तोँ मस्तमाल हैं चल दिखा जल्द
सुनीता - सोचमत दिखादे
अंजलि फिल्हाल जयदा नहीं सोचती हैं औऱ पूरी नंगी हौ जाती हैं पप्पू अंजलि एक् जवान लरकी कों नँगादेख पागल होँ जाता हैं पप्पू अंजलि कों उपर सें नीचे तक देखते हुवे - दोस्त मेरेसोच सें जयदा कयामत मस्त बॉडी हैं तेरी भांजी कि तुँ तोँ क़िस्मत वाला हैं
पप्पू अंजलि कि तरफ जाने लगता हैं तौ कुनाल - नहीं रुपया देनाउस दिन जोँ करना हैं कर लेना अभि जाकल बातें करेगे
पप्पू कपड़े पहन - चलठीक हैं जाताहु कल बाकी बातें कर लेगे
पप्पू केँ जाने केँ बाद
कुनाल अंजलि कों देख - बेटी करोगी नाँ दोगी नाँ चूत पप्पू कों
अंजलि कुनाल कों देख - जोँ आप् कहेगे करुगी
कुनाल मुस्कुराते हुवे अंजलि कों बाहों मे लेके - बहुत अच्छे
कुनाल सुनीता कों देख - जाओ अपनी मामीजी केँ चूत सें रस निकलरहा हैं चाटो स्वाद लो
सुनीता टाँगे फैला केँ अंजलि कों देख - आओ भांजी मामीजी कि चूत चाटो देखो पप्पू कां रस भि हैं मज़ा आयेगा
अंजलि पलंग पे आके टैंगो केँ बीच - हा मामीजी करतीहु
अंजलि झुक केँ सुनीता केँ चूत चाटने लगती हैं सुनीता अहह सिसकिया लेते हुवे - उफ मज़ा आँ रहा हैं भांजी उफ चाटो औऱ चाटो
अंजलि कों सुनीता पप्पू मिक्स स्वाद लेकेमन मे - उफ बहुत अच्छा स्वाद हैं मज़ा आँ रहा हैं अहह मामीजी कि चूत मस्तगरम फूली हुई हैं
कुनाल अपनी भांजी कों झुके देखता हैं तौ पलंग पे आके पीछे सें मोटा लन्ड अंजलि कि चूत मे घुसा देता हैं अंजलि दर्दमजे सें अहह करती हैं
कुनाल अंजलि केँ गांड पे एक् हाथरखे धक्के मरने लगता हैं चुदाई करने लगता हैं वही अंजलि झुकी मस्त चूत चाटने केँ संग लन्ड कां चुदाई कां आनंद लेके मस्त होने लगती हैं
सुनीता कुनाल कों देख - उफ पति जीअहह मज़ा आँ रहा हैं
कुनाल चुदाई करते हुवे - कियु पप्पू नें गर्मी नहीं निकाली
सुनीता सिसकिया लेते हुवे - निकल दि मगरफिन अहहमा
सुनीता अब कुनाल केँ लन्ड कि सवारी करने लगती हैं कुनाल भि नीचे सें सुनीता केँ गांड पकरे धक्के माररहा थां औऱ अंजकि कुनाल अपने मामू कों चूत कां रस पिलाने लगती हैं सुनीता ग लन्ड लेते हुवे अंजलि कों देख - उफ तेरी चूत मे बहुतआग हैं
अंजलि अपने मामू केँ मुह मे चूत घिस्टे हुवे - अहह बहुतआग हैं मामीजी
सुमिता केँ घऱ
कमरे मे साहिल राधिमा सें बातें करने मे लगा थां
साहिल - किया पहना हैं मेरीजान मे
राधिमा - छी सुरु होँ गये आप्
साहिल मुस्कुराते हुवे - बताओ नाँ जान
राधिमा - जौ रात कों पहन सोते हैं
साहिल मुस्कुराते हुवे - औऱ अंदर मे
राधिमा सर्म सें - आप् बहुत गंदे हैं नहीं बटाउगी
साहिल - बतादो नाँ प्लेस
राधिमा सर्म सें - पैंट बिकनी
साहिल - कलर
राधिमा सर्म सें - बुलु
साहिल हस्ते हुवे - कभी दिखा भि दो
राधिमा मुस्कुराते हुवे - कहा नां सुहागरात कों हि
दूसरी तरफ सुमिता कि चुदाई आज भि नहीं हुईँ थि सुमिता लेती हुइ थि मगरबार बार सुमिता कों भोला कां लन्ड दिखरहा थां पहलीबार अपने पति केँ अलावा किसी औऱ कां लन्ड देखा थां वोँ भि एक् जवान लरके कां
ऐसा नहीं थां सुमिता केँ मन मे किसी औऱ केँ संग चुदने कां ख्याल आँ रहा थां सुमिता अपने पति कों धोका नहींदे सकतीमगर किसेपता कब क्याँ हौ जाये किसका माइडबदल जाये
पप्पू केँ घऱ
पप्पू अपनी पत्नि रुपाली केँ संग बातें कररहा थां
पप्पू - देखो रुपाली एक् बार कुनाल कों देदो मेने उसकी पत्नि चोद दि अब मेरीबरी हैं वादा पुरा करने कि
रुपाली पप्पू कों देख - पत्नि हु रण्डी नहींखैर जैसा आप् कहे
पप्पू मुस्कुराते हुवे - कुनाल तुम्हे खुशकर देगा दुसरो कि पत्नि चोदने कां अलग हि मज़ाआता हैं दूसरे कां लन्ड सें चुदने मे तुम्हे भि बहुत मज़ा आयेगा
रुपाली कुछ नहीं कहती
अगलेदिन सुभह 11 बजे
कुनाल रुपाली नंगे थें कुनाल रुपाली केँ चूत मसलते हुवे रुपाली कों देखते हुवे - रुपाली सचकहु पहले सें तेरी चूत मारना चाहता थां मगर डरता थां कही क्रोध करोगी मगरआज जोरदार चूत मारुंगा
रुपाली कुनाल कों देख - उफ कुनाल सचकहु तोँ मे स्वयं चाहती थि तुम् मेरी चूत मारोमगर तुम् कुछ करते हि नहीं थें
कुनाल हैरान खुश होके - सचउफ रुपाली पप्पू चूत अच्छे सें नहीं मारता किया
रुपाली सिसकिया लेते हुवे - मारते हैं मगरअहह उतना मज़ा नहींआता अब कुनाल उफडाल दो
कुनाल टांगों केँ बीचबैठ चूत मे लन्ड धक्के सें घुसा देता हैं
रुपाली दर्दमजे मे - अहहउफ यह एहसास आनंदअहह कुनाल
कुनाल चुदाई करते हुवे - उफ रुपाली तेरी चूत बहुत टाइट हैं आनंद आँ रहा हैं चूत मे गर्मी भि बहुत हैं रोज मारुंगा तेरी चूत दोगी नां कहो
रुपाली चुदाई कां मज़ा लेते हुवे - जबदिल करे आँ जानां
कुनाल मुस्कुराते हुवे - पप्पू कों पता नहीं चलेगा औऱ उसके पीछे तेरी चूत रोज मारुंगा अहह रुपाली मेरी रण्डी
रुपाली - उफ कुनाल औऱ तेज मज़ा आँ रहा हैं
वही कुनाल केँ घऱ पप्पू सुनीता कों बाहों मे लिये - भाभी करनेदो नां
सुनीता - देवरु जी आपके भइया केँ पीछेयह करनासही नहीं
पप्पू सुनीता कों देख - पता नहीं चलेगा प्लेस
सुनीता मुस्कुराते हुवे - ठीक कां लीजिये
सुनीता सारी पेटीकोट उठा केँ टाँगे फैला देती हैं पप्पू जल्द सें नँगा होके चूत मे लन्ड घुसा केँ चुदाई करने लगता हैं सुनीता कों बहुत आनंदआने लगता हैं सुनीता अहहउफ करने लगती हैं
पप्पू चुदाई करते हुवे सुनीता कों देख - भाभी आपकी चूत मरने मे बहुत मज़ा आँ रहा हैं भाभीजब आऊगा तोँ दोगी नां
सुनीता मजे मे - उफ देवरु जी मुझे भि बहुत मज़ा आँ रहा हैं ठीक हैं जब आपके भइया नहीं रहेगे तब भि आनां मे दुगी अपनी चूत
पप्पू खुश होकेजोर सें चुदाई करते हुवे - भाभी आप् बहुत अच्छी हैं कुनाल केँ संग आऊगा तौ आपकी चुदाई करुगा हि मगर उसके पीछे भि जब वोँ घऱ पे नहीं रहेगा तोँ भि उफ आपकी लेने आऊगा
सुनीता दर्दमजे मे - उफठीक हैं देवरु जी
पप्पू जोस मे - उफ मेरी रण्डी बनोगी
सुनीता पप्पू कों देख - अहहबन गई आपकी रण्डी चोदो अपनी रण्डी कों अहहयह आनंदअहह आपके भइया कि संग भि नहींआता
18 मिनटबाद
सुनीता - देवरु जी बहुत मज़ाआया उफअब जाइये
पप्पू मुस्कुराते हुवे - अंजलि कहा हैं
सुनीता मुस्कुराते हुवे - कमरे मे होगी
पप्पू मुस्कुराते हुवे - आताहु
पप्पू अंजलि केँ पास जाता हि अंजलि पप्पू कों देख - आप्
पप्पू अंजलि केँ पासबैठ - अंजलि बेटी मे भि तेरा मामूहु मुझे प्रेम करने नहीं दोगी
अंजलि - मामू कहेगे तोँ
पप्पू अंजलि कों बाहों मे लेकेआखो मे देख - बहुत आनंद दूंगा कभीकभी पीछेसभी सें छुप केँ चुदाई कां आनंद लेना चाहिये
अंजलि पप्पू कों देख - मामु आप्
पप्पू खरा होके लन्ड निकाल - चलो अपने मामू कों खुश करदोरात आऊगा तोँ चुदाई करुगा बताओ कैसा हैं लन्ड
अंजलि पप्पू कां लन्ड देख सर्म सें - अच्छा हैं
अंजलि लन्ड पकर हिलाते हुवेमुह मे लेके चूसने लगती हैं पप्पू मजे मे खुश होके - उफ बेटी अहहखुश कर दिया तूने
अंजलि मजे सें लन्ड चुस्टे हुवेमन मे - उफ बहुत अच्छा स्वाद हैं पप्पू मामू कां मज़ा आँ रहा हैं उफनये लन्ड कां अलग हि आनंदउफ
5 मिनटबाद
पप्पू अंजलि केँ गले कों पकर - देख बेटी रण्डी बनजा मेरी कुनाल सें जयदा मज़ा दुगाबोल
अंजलि पप्पू कों देख - मामू कों पताचला तोँ
पप्पू मुस्कुराते हुवे - नहीं चलेगा बनोगी रण्डी
अंजलि - ठीक हैं मे आपकी रण्डी
पप्पू मुस्कुराते हुवेखुश होके - बहुत अच्छे रात कों आऊगा तैयार रहना
पप्पू चला जाता हैं तोँ सुनीता अंजलि केँ पासआके - हम् रण्डी बनगये नये लन्ड कां मज़ा हि अलग हैं मामू कों पता नां चले
अंजलि - जी मामीजी
वही कुनाल रुपाली कि चुदाई करके कपड़े पहन रुपाली कों देख - मेरी रण्डी मज़ाआया जब भि पप्पू नहीं होगा आऊगा
रुपाली मुस्कुराते हुवे - समझ गई उफअबजाओ
कुनाल मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं
चूत कि आग औऱ नये लन्ड केँ मजे मे सभी एक् दूसरे कों धोका देनेलग गये थें सच कहते हैं जबकोई रण्डी सच मे बन जाती हैं तोँ उसकामन एक् लन्ड सें नहीं भारत जीतने लन्ड मिले लें लेती हैं
दोपहर 1 बजे
भोला सुमिता केँ कमरे मे बैठा थां सुमिता भोला सें - देखो भोला किसी कों पताचला तौ मेरी इज़त मिट्टी मे मिल जायेगी प्लेस समझो
भोला सुमिता कों देख - ऑन्टी ऐसा नहीं होगा देखिये आप् कि चूत तौ नहीं मिलेगी कियुंकी आप् कैसी महिला हैं जनताहु मगर थोरा मज़ा तौ करनेदे हि सकती हैं
सुमिता गुस्से मे - अभि केँ अभि निकलो यहा सें
भोला एकदम सें सुमिता केँ गाल कों कस केँ पकरते हुवे गुस्से सें सुमिता कों देख - समझ नहींआता मे सांतहु आपकेसंग जयदा करने कि कोसिस कर नहींरहा तोँ जयदा उड़ने लगी सालीदेख लास्ट हैं जोँ बोलता हुचुप चापकरो नहीं तोँ अभि पेल दूंगा ऐसा नहीं चाहती होँ तोँ
सुमिता डरते हुवे - ठीक हैं ठीक हैं करुगी प्लेस वोँ मत करना
भोला सुमिता कों छोर - बालसाफ किये
सुमिता आसु बहते - नहीं
भोला - चूत मे उंगली कि रात कों
सुमिता नजरे नीचे किये - हा
भोला - पानी निकाला अपनी चूत सें
सुमिता रोते हुवे - हा
भोला - रोनाबंद करोचलो लन्ड हिलाना हैं आज आपकोउफ
भोला नीचे सें नँगा होके - बताओयह लन्ड आपकी चूत मे जायेगा तौ
सुमिता बिना देखे - देखो भोला प्लेस बंदकरो यहसभी गंदी बातें
भोला सुमिता कों देख - ठीक हैं चलो लन्ड हिलाओ
सुमिता केँ समाने मोटा लोहे जैसा लन्ड थां सुमिता कपते हाथो सें
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) – New Episode
Ek बात batao.pehle bi yeh हुआ thaa.anjali randi ban gai thi। Sumita की life bi sunita की wajah से barbad hu gai thi.अब bi yahi hu raha h ajay ne peeche jaake क्या krr लिया.mummy beti too barbad hu chuki h bus radhima kaa marna baki h।
भाग्य कि लकीर ( + ) (incest special) (adultery special) - Next part mein bada twist
बहोत हि गरमागरम कामुक औऱ उत्तेजना सें भरपूर कामोत्तेजक भाग हैं भइया मज़ा आँ गय़ा
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