❤️🔥❤️🔥बेटे केँ बच्चे कि मम्मी बनी पार्ट 2❤️🔥❤️🔥 – New Episode
Update 14
राजू सिला कों बांहों मे लें करसो जाता हैं।
सिला भि राजू केँ मजबूत बांहों मे समा जाती हैं जिससे उसे बड़ाचैन मिलता हैं
सिला राजू कां अपनेलिए इतना प्रेम देखकर बहोत खुश थि जिससे सिला कि आँखें थोड़ी नम होँ जाती हैं कुछदेर बात सिलाजब अपनी आंखेखोल कर राजू कों देखती हैं राजू आहिस्ता चैनभरी नींदसो गय़ा थां।
शीला - मन मे। कितनी परवाह करता हैं मेरी। मेरेऊपर आने वाली सारी तक़लिफों कों तुमने अपनेऊपर केँ लिया हैं। मुझेपता हैं कि तुमने क्याँ क्याँ सहा हैं मगर मे तेरेलिए कुछ नहि करपाई। तूने तेरे बाप ओर भइया कि वजह सें बहोत दुख देखे हैं हर एक् दुख कां सामना तूने एकेले हि किया हैं
मुझेमाफ करदे मेरे बच्चे मे तेरी मम्मी हौ कर भि कुछ नहि करपाई। सिला सुबक सुबककर रोने लगती हैं मगर आवाज़ नहि निकालती। शीला राजू कों जोर सें अपनी बांहों मे लेँ करसो जाती हैं
रोते रोते सिला कों कब नींद आँ गई उसे स्वयं पता नहि चलता।
दोनोमा बेटे एक् दूसरे कों बांहों मे भर केँ सो जाते हैं। राजूओर सिला आहिस्ता चैनभरी नींदसो जाते हैं।
देहात मे चारों तरफ शांति थि। कुत्ते देहात कि गलियों मे घूमरहे थें। चांदरात कि काली घटाओ मे कहीखो गय़ा थां। यह शांति आने वाले तूफान सें पहले कि थि जौ राजू सिला ताराओर पप्पू कि जीवन मे आने वाला थां। अगली सुभह कां उगने वाला सूरजइन चारों कि जीवन बदलने वाला थां।
देहात एक् घऱ मे एक् व्यक्ति किसी सें मोबाइल पऱ बातकर रहा थां।
Unknown - क्याँ खबर हैं कामहुआ कि नहि।
सामने सें.
UN। - बहोत खूब। तुम् इनाम केँ हकदार हौ। अबपता चलेगा उस राजू कों। बहोत उछलरहा थां नाँ उसदिन अबपता चलेगा उस कमीनें कों
सामने सें -.
Un। - ठीक हैं कलकाम होने केँ बाद मुझे मोबाइल करना।
मोबाइल कट
मोबाइल कट होने केँ बाद वोँ व्यक्ति जोरजोर सें हंसने लगता हैं। रात केँ अंधेरे मे वोँ हंसी
Ek शैतानी हंसीबन जाती हैं।
हर एक् गुजरता हुआ एक् एक् मिनिट इन चारों कि जिन्दगी बदलने केँ लिएपास आँ रहा थां।
सूरज अपने वक्त पर्र उगता हैं। लोग जागते हैं ओर अपने अपने कामों पर्र जाने लगते हैं। व्यक्ति उठकर खेतों तरफ जाने लगते हैं। औरतेघऱ कां काम करने लगती हैं। सूरज निकले वक्त केँ संग आसमान कि ओर जाने लगता हैं
सिला भि अपने वक्त सें उठकरघऱ कां काम करने लगती हैं। ओर राजू आहिस्ता सोया थां। गर्मी कां मौसम होने केँ वजह सें सिला कों पसीने आँ जाता हैं।
सिला अपनाघऱ कां काम करने केँ बाद राजू कों उठाने छत पर्र चली जाती हैं।
सिला राजू केँ कान केँ पासजा कर एक् मीठी सि आवाज़ मे - उठजालला वक्त होँ गय़ा हैं।
राजू अपनी माँ कि मीठी सि आवाज़ सुनकर उठ जाता हैं ओरजब अपनी आंखे खोलता हैं तोँ मुंह खुला कां खुला हि रह जाताह
सामने कां नजारा बहोत हि कातिलाना थां।
राजू अपनी मम्मी कि हुस्न मे खो जाता हैं। इसइस वक्त बहोत हि हॉटओर सेक्सी लगरही थि।
राजूमन मे - मा कितनी सुन्दर लगरही हैं।
काश कि मा मेरी माँ नाँ होती।
सिला बहोत हि हॉटलग रही थि गोल चेहरा रसीले ओर दूधिया गाल हिरणी सि आंखे जिसने एक् अगल हि नशा होँ माथे मे बिंदी मोती छातीओर उस पर्र दो मोटे मोटे बूब्स जिसेहर कोई चूसना चाहे। सिला कि बूब्स कि लकीर बहोत हि जानलेवा लगरही थि। उस लकीर सें पसीने कि एक् बूंद सिला केँ बूब्स मे जाती हैं बाहर् आँ कर सपाटपेट सें होतेहुए सिला कि नाभि मे चली जाती हैं मोती जांघें ओर पीछे एक् मोटी गांड़।
राजू अपनी माँ कि हुस्न मे मदहोश सां होँ जाता हैं। उसेपता हि नहि चला कि सिलाउसे दोबार आवाज़ लगा चुकी हैं
जब तीसरी बार सिला नें राजू कों आवाज़ लगाईतब जाकर राजू अपनी मदहोशी सें। बाहर् निकला।
सिला - अब देख्ना हौ गय़ा होँ तौ उठजाअब। सिलामन हि मन बहोत खुश होँ रही थि क्योंकि सिला जिसके लिए सजधजकर होँ करआई थि वोँ तौ देखकर हि चारों खानेचित हौ गय़ा।
राजू सिला कों खींचकर अपनेबैड पऱ लेता देता हैं ओर स्वयं सिला केँ ऊपर आँ जाता हैं
सिला कों कुछसमझ नहि आया कि यह अचानक क्याँ हुआ।
सिला हैरानी सें राजू कों देखकर - यह क्याँ कररहा हैं
राजू - अपनी मम्मी कों देखरहा हु
सिला शर्मा कर - वोँ तौ तुमने देख लिया नाँ
राजू - नहि अभि पूरामन नहि भरा हैं
सिला - तेरामन भरता भि हैं कभी
राजू - जिसकी इतनीहॉट ओर सेक्सी मा हौ उसकामन केसेभर सकता हैं।
सिला शर्मा कर - हट मेरे बुद्ध कही कां अपनी मम्मी कों हॉट बोलता हैं।
सिला राजू कों अपनेऊपर सें हटा देती हैं
राजू - तोँ किसको बोलूं उस महिला कों बोलूं तोँ चलेगा आप् कों।
राजू गिरीज वाली स्त्री कि बातकर रहा थां।
सिला गुस्से सें राजू कों तकिया मारती हैं
सिला - अगर किसी कि तरफ देखा भि नाँ तौ तेरी टांगें तोड़ दूंगा।
राजूहंस कर - जब मेरी सादी होँ जाएगी तब क्याँ करोगी आप्।
सादी कि बातसुन कर सिला केँ दिल मे दर्द उठता हैं जिससे सिला कि आंखों मे। आंसू आँ जाते हैं।
राजूजब देखता हैं कि सिला कि आँखें। मे आंसू हैं तौ
राजू - क्याँ हुआमा रो क्यूं रही हैं अगर मैनेकुछ गलतबोल दिया हौ तौ सॉरीमा
सिला - अपने आंसू पोंछकर - नहि कुछ नहि। यह तोँ आंख मे कचराचला गय़ा थां इसलिए पानी आँ गय़ा। तूँ चल नीचे मे बैड केँ करआती हु
राजू - पका आप् ठीक होना
सिला - हा मैनेकहा नाँ मे ठीकहु तुँ चल नीचे।
राज नीचे जाते हि नहाने लगता हैं। ओर रेडी हौ जाता हैं खेतों कि तरफ जाने केँ लिए।
सिला अपनाकाम करने केँ बाद राजू कां टिफिन सजधजकर करने किचन मे चली जाती हैं
मगरमन हि मन सिला अपने आप् सें हि लड़रही थि
सिला - मुझे राजू कि विवाह कि बातसुन कर इतना क्रोध ओर रोना क्यूं आँ रहा हैं। आज नहि तौ कल राजू कि सादी किसी नां किसी लड़की केँ संग तोँ होनी हैं। मगर मुझे इतना बुरा क्यूं लगरहा हैं जैसे मे राजू कि माँ नहि उसकी लुगाई हु। लुगाई वालीबात सोचकर शीला केँ दिल केँ किसी कोने मे एक् अजीब सि खुशी कि लहर दौड़ती हैं जिसे सिला नें भि महसूस किया।।
सिला किसीतरह सें अपनेमन कों समझाकर अपनेकाम मे ध्यान लगाने लगती हैं
राजू -- मा मे खेतों कि तरफजा करआता हु।
शीला - क्याँ हुआआज गैरिज नहि जानां क्याँ।
राजू - नहि जानां हैं मगरआज थोडा लेट जाऊंगा
शीला - ठीक हैं
राजूघऱ सें निकल पड़ता हैं खेतों पऱ जानेके लिए। राजू जातेहुए बीच मे पप्पू केँ घऱ मे चला जाता हैं। जौ कि राजू केँ खेतों केँ रास्ते मे हि आता थां
राजू अंदर जाता हैं तौ उसे तारा दिखाई देती हैं पप्पू कि माँ जिसेदेख कर राजू अपनी स्थान हि खड़ा हि रह जाता हैं
तारा कों देखकर राजू केँ land मे हरकत होने लगती हैं। जिससे राजू थोडा डर जाता हैं।
ताराओर राजू एक् अलग हि नाता हैं जिसे केवलयह दोनो हि जानते हैं।
ताराजब राजू कों देखती हैं तौ तारा कि आंखों मे चमक आँ जाती हैं।
राजू थोडा डरतेहुए - आंटी पप्पू घऱ पऱ हैं
ताराजब राजू केँ मुंह सें आंटी सुनती हैं तौ तारा कि आंखों थोड़ी नम हौ जाती हैं।
मगर तारा किसीतरह अपने आप् कों संभाल कर
तारा - नहि वोँ खेतों पऱ चला गय़ा हैं। आप् बाहर् क्यूं खड़े हैं अंदरआइए नां।
राजू - नहि खेतों पर्र जाने केँ लिएदेर होँ रही हैं बाद मे आता हैं।
तारा - नम आवाज़ मे - क्याँ आप् मेरेघऱ एक् गिलास पानी भि नहि पिए ge
राजू एक् नज़र तारा केँ चेहरे पऱ डालता हैं तोँ तारा कि आँखें नम थि
राजू - ठीक हैं पानी लेँ आइए
तारायह सुनकर खुशी सें राजू कों पानी देती हैं ओर राजू पानीपी करघऱ सें बाहर् निकल जाता हैं
तारा - मे जानती हूं कि आप् कौनरोक रहा हैं मगर मे उम्मीद नहि छोडूं gi
राजूओर तारा कां यहआपस मे क्याँ नाता हैं यहआगे पता चलेगा.
राजू अपने खेतो मे जाता हैं ओरफसल कों पानी देता हैं खाद डालता हैं। बाकीओर भि काम करता हैं पप्पू भि अपनेखेत मे काम मे लगाहुआ थां। जब दोनो कां काम पूराहुआ तोँ राजू पप्पू केँ खेत मे जाता हैं।
राजू - वा दोस्त तेरीफसल तोँ अच्छी खड़ी हैं अब कि बार तौ देहात मे सबसे अधिक खेती तेरी हि होगी
पप्पू - हा दोस्त लगता तोँ हैं। राजू मुझे तुमसे एक् जरूरी बात करनी हैं।
राजू पप्पू कि तरफ देखता हैं तौ पप्पू सीरियस थां
राजू - दोस्त तुँ कहीउस बात कों लें कर तोँ टेंशन मे नहि हैं नाँ मैने डॉक्टर सें बात कि हैं वोँ बतारहे थें कि वक्त लगेगा मगरसही हौ जाएगा
पप्पु - नहि राजूबात ओर हैं
राजू - ओर क्याँ बात हैं दोस्त बोल नां
पप्पू - वादाकर कि तुँ मेरासंग देगा
राजू - दोस्त इसमें वादे कि क्याँ बात हैं मैनेकहा नाँ मे तेराहर प्रोब्लेम मे संग दूंगा। तुँ बोल क्याँ दिक्कत हैं
पप्पू - तौ सुनबात यह हैं कि.
aj के leye etana hi। Milte h agle update mai
। Apna payar Banaae rakhna bhay logo
❤️🔥❤️🔥बेटे केँ बच्चे कि मम्मी बनी पार्ट 2❤️🔥❤️🔥 – New Episode
Update 15
राजूओर पप्पू दोनों पप्पू केँ खेत मे बनी एक् कुटिया मे बैठेबात कररहे थें। राजू ध्यान सें पप्पू कि बातसुन रहा थां।
पप्पू - सुन राजूबात यह हैं कि मैने तुम्हे कल बताया थां कि मेरा land खड़ा नहि होता।
( जब राजूओर पप्पू अपनेकाम सें घऱ आँ रहे थें तब पप्पू नें अपनी सादी केँ संगयह बात भि राजू कों बताई थि )
राजू - हा दोस्त तूने बताया थां ओर मैने बाबा सें बातकरी हैं वोँ बोलरहे थें कि उनकीजान पहचान कां एक् डॉक्टर हैं अगर उन्हें एक् बारचेक अप करवादे तौ तेराकुछ होँ सकता हैं।
पप्पू - नहि राजूअब चेकअप कि कोई जरूरत नहि हैं। अबकुछ नहि बचा हैं सभी ख़त्म हौ गय़ा हैं।
राजू - हैरानी सें राजू केँ चेहरे कों देखते हुए - क्याँ मतलब
पप्पू कुछ नहि बोलता पर्र पप्पू राजू सें नजरे चुराने लगता हैं
राजूजब यह देखता हैं पप्पू उसे नजरे चुरारहा हैं तौ उसेकुछ बहोत बड़ी गड़बड़ लगती हैं। जरूरकोई ओरबात हैं जोँ पप्पू राजू सें छुपारहा हैं
राजू - क्याँ बात हैं पप्पू मुझे लगता हैं बातकुछ ओर हैं जोँ तुँ मुझे बताना नहि चाहता।
मगर पप्पू कुछ नहि बोलता बस अपनी गर्दन नीचे झुकाए बैठा रहता हैं।
राजू गुस्से मे - ठीक हैं नहि बताना तौ मतबता मगरआज केँ बाद मुझे मित्र मत कहनाओर नहि मुझसे बात करना
राजू खड़ा होँ कर जाने लगता तौ पप्पू डर जाता हैं पप्पू जानता थां कि राजूकभी अपनी जबान सें पीछे पीछे नहि हटेगा।
पप्पू राजू कों रोकते हुए - राजूरुक बताता हुमगर मेरी एक् शर्त हैं
राजूमूड कर पप्पू कों देखता हैं।
राजू - कैसी शर्त
पप्पू एक् गहरी सांस लेता हैं ओर राजू सें मुंहफेर कर बोलता हैं
पप्पू - शर्तयह हैं कि मे तुझ सें जोँ मांगूंगा वोँ तुँ मुझे देगा
राजू - मुझ सें। मगर मे क्याँ दे सकताहु तेरी
पप्पू - दे सकता हैं अगर तूँ देना चाहे
राजूकुछ देरचुप रहता हैं ओरकुछ सोचकर
राजू - ठीक हैं अगर तुँ जौ मांगरहा हैं वोँ मेरेबस मे हुआ तोँ मे तुम्हे जरूर दूंगा।
पप्पू - ऐसे नहि पहले तुँ आंटी केँ शपथखा कि तुँ मुझे नां नहि कहेगा
राजू चौंककर - क्याँ। मा कि शपथमगर क्यूं
पप्पू - तूँ सबसे अधिक प्रेम किस सें करता हैं।
राजू - अपनी मम्मी सें। मगरइन सभी केँ बीच मे मेरी मम्मी कहा सें आँ गई।
पप्पू - नहि अगर तूँ आंटी केँ शपथ खाता हैं तोँ मे तुम को बताऊंगा
राज - (मन मे ) ऐसा क्याँ मांगरहा हैं यहमगर अगर पप्पू कों कोई बड़ी प्रॉब्लम हुइ तौ। नहि नहि ऐसा क्याँ हि मांग सकता हैं
राजू - ठीक हैं मे अपनी मम्मी कि शपथखा खाता हैं कि तूँ जोँ मांगे गा मे तेरी दूंगा।
राजू केँ शपथ खाते हि पप्पू केँ चेहरे पर्र चमक आँ जाती हैं।
राजू - बोल क्याँ बात हैं ओरमुझ सें क्याँ चाहिए तुम को
पप्पू - सुन राजूबात यह हैं कि मैनेतुझ सें झूठ बोला थां कि मेरा land खड़ा नहि होतासच तोँ यह हैं कि मे बचपन सें हि गै हूं ओरयहबात मेरी माँ केँ अलावा किसी कों नहि पता
पप्पू एक् नज़र राजू कि तरफ देखता हैं तोँ राजू हैरानी ओरफटी आंखों सें पप्पू कों देखरहा थां।
राजू चौंककर - क्याँ। यह क्याँ बोलरहा हैं तुँ
पप्पू - मे सहीबोल रहाहु
राजू केँ लिएयह बात किसीशौक सें कम नहि थि वोँ यार जिसे मे बचपन सें जानता थां वोँ gee हैं
राजू कां माइंड काम करनाबंद कर देताहाय रेमगर फिन किसीतरह अपने आप् कों संभाल कर
राजू - ओर तूँ मुझ सें क्याँ मांगने वाला थां
पप्पू - सीरियस हौ कर
पप्पू - राजू तुँ मुझेगलत मत समझना। मे चाहता हु कि तुँ मेरी माँ कों अपना लें
इसबात कों सुनकर राजू कों तौ दिमाग़ हिल जाता हैं
इस वक्त राजू चेहरे पऱ शोकडर ओर चिंता केँ कईभाव एक् संग आँ जाते हैं जिसे पप्पू पहचान लेता हैं.
राजू अपनासर पकड़कर जमीन पऱ बैठ जाता हैं।
राजू धीरे-धीरे सें - यह तुँ क्याँ बोलरहा हैं।
पप्पू - मे सहीबोल रहाहु। मातुझ सें प्रेम करती हैं ओरयहबात मे आज सें नहि पिछले 1 साल सें जानता हु।
राजूडर कर - नहि ऐसाकुछ नहि हैं जैसा तूँ सोचरहा हैं
पप्पू - झूठमत बोल तूने आंटी केँ शपथखाई हैं।
राजू केँ पासअब कोई चारा नहि थां सच बताने केँ अलावा। राजू अपनी कि शपथ कि जेल मे बंद चुका थां।
राजू - नजर नीचीकिए - हायहसच कि तेरी माँ मुझ सें प्रेम करती हैं ओर उन्होंने मुझ सें अपने प्रेम कां इज़हार भि कियामगर मैने उन्हें मनकर दिया क्योंकि वोँ तेरी माँ हैं
पप्पू - मे जानता हु कि तूँ अब तक मेरीवजह सें हि रुका थां। अब मे स्वयं कहरहा हु कि तूँ मेरी माँ कों अपना लें क्योंकि मेरे बाप नें उन्हें बहोत दुखदिए हैं उन्हें नां तोँ एक् पति कां प्रेम मिलाओर नाँ हि एक् बेटे कां पापुंकी आंखों मे आंसू आँ जाते हैं
राजू किसीतरह सें पप्पू कों शांत करता हैं।
कुछदेर तक दोनोचुप थें कोईकुछ नहि बोलरहा थां।
राजू - तुझेही बुरा नहि लगेगा कि मे तेरी मम्मी केँ संग.
पप्पू - नहि मुझे क्यूं बुरा लगेगा उल्टा मुझे तोँ खुशी होगी कि मेरी माँ खुश हैं। तोँ क्याँ तूँ उन्हें वोँ खुशी देगा
राजूकुछ देर शान्त रहता हैं फिन मुस्कराकर - ठीक हैं मे उन्हें अपनाऊंगा।
पप्पू राजू केँ मुंह सें हासुन करखुश होँ जाता हैं। दोनोबात कररहे थें कि राजू कां मोबाइल बजता हैं राजू अपनीजेब सें मोबाइल निकलकर देखता हैं तौ राजू केँ चेहरे पऱ मुस्कान आँ जाती हैं
राजू - जल्द सें घऱ कि ओर जातेहुए - दोस्त मा कां मोबाइल हैं मे तुम्हें बाद मे मिलता हु
राजू मोबाइल उठाकर
राजू - हेलो
सिला - कहा हैं अभि तक नहि आया
राजू - बस आँ रहाहु मा वोँ खेत मे काम निपटाने मे समयलग गय़ा
सिला - ठीक हैं जल्द आँ
राजू - हंसकर क्यूं मेरे बिनामन नहि लगरहा क्याँ
सिलामन हि मन मुस्कुरा देती हैं राजू नें जौ कहावे सच थां
सिला - नहि ऐसाकुछ नहि हैं वोँ तेरी गैरिज जाने मे लेट होँ जाएगा।
राजूबात करते करते तारा केँ घऱ केँ बाहर् आँ जाता हैं
राजू - मे आताहु मा
सिला - ठीक हैं
मोबाइल कट
राजू धीरे-धीरे सें घऱ मे जाता हैं मगर राजू कों ताराकही दिखाई नहि देती। राजूफिन घऱ कि पीछेबनी किचन मे जाता हैं जहांउसे तारा दिखाई देती हैं तारा कों देखकर राजू कां land खड़ हौ जाता हैं तारा पीछे सें लग हि ऐसीरही थि खुलीकमर मोटी गांड़ ओरऊपर सें तारा केँ पसीने कि महक राजू कों मदहोश कररही थि।
Raju जाकर तारा कों बांहों मे भर लेता हैं।
जिससे बांहों मे भरते हि तारा चौंक जाती हैं।
आरा - कौन हैं। कौन हैं जिसने मुझेछुआ
राजू - तारा केँ कान केँ पास आँ अपना मुंह केँ जाकर - ओरकिन होगा मेरीजान मे हु तुम्हारा राजू
तारा हैरानी सें - आप्। तारा जल्द सें राजू कि बांहों सें निकलकर राजू कों कों देखने लगती हैं।
तारा कों विश्वास नहि होँ रहा थां कि राजू नें उसेछुआ
तारा - आप् यंहा। मतलब केसे। क्यूं
तारा बिल्कुल बोखला सि गई थि राजू कों देखकर।
राजू - क्याँ हुआऐसे क्याँ देखरही। मेरा आनां अच्छा नहि लगा तौ मे जाताहु
तारा जल्ददे राजू कां हाथ पकड़कर - नहि नहि ऐसा नहि मेरा कहना कां मतलब कि आप् अचानक याह केसे
राजू - मे तौ तुमसे मिलने आया थां मगर तुम्हे देखकर लगता हैं कि मुझ सें मिलकर खुश नहि हौ
तारा - नहि ऐसा नहि मे तोँ आप् कां हमेशा प्रतीक्षा करतीहु कि कब आप् आओ
राजू तारा कों पकड़कर पीछे सें गलेलगा लेता हैं ओरगाल पऱ किश करता हैं
सिला केँ पेट पऱ हाथ फेरता हैं तारा केँ जिस्म करंट दौड़ जाता हैं
राजू - प्रेम करती होँ मुझ सें
तारा सीसीकारिया लेतेहुए - हा करतीहु
राजू तारा कों अपनी बांहों सें अलग करता हैं
राजू - मुझ सें सादी करोगी
तारा पूरीतरह सें चौंक जाती हैं
तारा - सादी.मतलब क्याँ केसे क्यूं
राजू - क्यूं क्याँ हुआमुझ सें प्रेम नहि करती क्याँ
तारा केँ आंखों मे आंसू आँ जाते हैं
राजू - यह क्याँ हैं तारारो क्यूं रही होँ
तारा - यह तौ खुशी केँ आंसू हैं जी मुझे विश्वास नहि होँ रहाहै कि आप् नें मुझे अपना लिया हैं।
(Note - update ko bich mai hi post krr rahi ho। Because कुछ Gyaani baba message krr rahe h की message क्या gaali de krr bol rahe h की update kyo नहीं दिया esa kero vesa karo। too mai un gyaani baabao ko bata du की kahani likhne mai waqt lgta h muze कोई pese नहीं milte h की jesa kaho vesa karu। kahani की एक Ridham hoty h। Gifs lagaane padte h सोचना padata kaise क्या likhna hi। So अगर kisi ko intjaar नहीं hu raha h too sabhi से kee kahani ko padna chod sakte h। kahani complete hongi visvaas rakhe। maine kahani ko leke कुछ alag socha h लेकिन ese logo ko dekh krr lagta नहीं h की unhe kahani से कोई matlab h unhe too bus sex aur sex cahiye। Baaki ap sab की marji
Update 3 से 4 दिन के gape mai आते rahenge.अगर ap sabhi bhaiyo ko lagta h की kahani juldi de khtam joo jaae too bata देना ugle 5 से 7 update के bich kahani ko END krr dunga। Comment krr देना की kahani long chaahiye ya short.
Ignore such type of people bro just focus on kahani and carries with rhythm that you have thought slowly and seductive Magical and Pure Love of Mother and Son . Just do it in your way. Wait for next
Bhaiyo ek madad chahiye -- jb update likhte h too esa kya kare kee ek colour parmanent hu jae takii update likhte waqt bich bich mai colour ko vapis badlna naa pade agar kisi bhay ko ptaa hu too batana.
ap kahani apne ganit say likho joo bhok rahe rahe h unko bhokne do achi kahani likhne mai waqt or dimag dono lagta h bus koshish krna kee update thora bada hu jaye too accha hoga
❤️🔥❤️🔥बेटे केँ बच्चे कि मम्मी बनी पार्ट 2❤️🔥❤️🔥 – New Episode
kahani bahut achi h। plot bi accha h kahani kaa joo pure mummi son emotions pe h। aap apne ganit से hi likho। aur ignore karo gyaani babao kaa।। bus aap negetive comments ke chakkar mai plot mat change krr देना जैसे baaki writers karte h।। all the best। kahani bahut achchi h apki।
❤️🔥❤️🔥बेटे केँ बच्चे कि मम्मी बनी पार्ट 2❤️🔥❤️🔥 - Aage kya hua? Next part padhiye
Relavant source : click here








