MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
एक् सेक्सी हसीन लड़की कि 18 सें 57 तक कि चुदाई दास्तान हैं। ड्राइवर सें, ससुरजी सें, मित्र सें, शोहर सें, अपने बेटे सें, ऐसाकोई नहि थां जिसने इस लड़की कां फयदा नाँ उठाया हौ। एक् लड़की बेटी सें बहु, औऱ बहु सें मां, पहलीसील टूटने सें लेकर अम्मी बनने तक कि Xforum कि असली दास्तान। यह मां कि Xforum बहोत हि जबरदस्त औऱ गजब कि किस्सा हैं, आप् लोगोआज तक ऐसी किस्सा नहि पढ़ी होगी, तौ कथा कों पूरा पढ़ना
यह मेरी माँ कि आत्मकथा हैं जिनकी उम्रआज 57 साल हैं ओर उनकेबदन कां साइज 38 केँ बूब्स ओर उनकी गांड 95 कि भरी हुई हैं उनकी लबाई 5.6 हैं रंग बिलकुल गोरा हैं आज भि माँ सेक्स मै लाजवाब हैं।
मेरी मां अपने परिवार मे भइया बहनो मे सबसेबडी थि मेरे नाना एक् ट्रको कां बिजनेस थां अक्सर वोँ बाहर् रहते थें नाना खेती कां काम करती थि ओर मेरी माँ जौ अपने भइया बहनो कां कामओर घऱ केँ कामकाज केँ लिएघऱ पऱ रहती थि घऱ पर्र ट्रको केँ ड्राइवर आते जाते रहते थें।
उनमे सें एक् मोहम्मद खान साहब मेने उन्हे देखा नहींमगर जब भि खान साहब कि बातआती हैं तौ माँ कि आंखो मे आज भि चमक आँ जाती हैं माँ जब 18 साल कि थि तब माँ कि पहली चुदाई खान साहब नें कि उसदिन सुभह सें बारिश हौ रही थि।
ओरखान साहब कों नानीजी नें वही रूकने कों ओर नाना बाहर् थें देहात मै खानां वक्त सें होँ जाता हैं तोँ माँ नें अपनेसब भइया बेहन कों सुलाकर नानीजी कों दूधदे दियाओर नानीजी नें उन्हे खान साहब केँ कमरेमै दूध देनेभेज दिया।
मां दूध लेकर कमरेमै गई, ओर उनकोदूध लेकर कमरे मे गई, ओर मोमबत्ती केँ उजाले मैदूध दिया, तोँ खान साहब नें पूछा – बच्चे कहा हैं,
तोँ माँ नें कहा – बच्चे सोगये हैं,
तौ कहनेलगे – आजकथा नहीं सुननी तोँ, मां नें कहा – आतीहू
ओर नानीजी नें कहा – सुनकर कमरे मे आकरसो जानां मे सोरही सुभह जल्द उठकरखेत जानां हैं, तुम् सुभह रोटी बनाकर खेत आँ जानां मेरी रोटी लेकर।
फिन मां खान साहब केँ पास जाकरकथा सुनने लगती हैं तोँ खान साहब नें माँ कों कहा – आँ जाओ मेरी चारपाई पर्र आकर सुनलो, ओर मोमबत्ती कों बुझादो…
माँ खान साहब केँ पास जाकरलेट गयीँ, किस्सा सुनने खान साहब कि उम्र 25 साल कि थि ओर मां 19 कि, जवान देहात कि लडकीयो कां जिस्म शहर कि लडकीयो कि तुलना मे ज़्यादा मजबूत ओर विकसित होता हैं। खान साहब sex kahani सुनाते सुनाते मां केँ बोब्स दबाते हुए मजाक करनेलगे।
ओर मेरी माँ नें कहा – यह क्याँ कररहै??!!
तौ चाचाजी नें कहा – देखरहा तेरी चाची सें बडे हैं याँ छोटे!
तौ मां नें पूछा – बताओबडे हैं याँ छोटे!!
तोँ कहा – खोलने पऱ हि पता लगेगा, दबाने सें पता नहींलगा, तोँ छोटे छोटे हि लगरहै हैं,
तौ माँ नें कहा – सुभहदेख लेना, अब मैजारही हू सोने…
तोँ खान साहब नें कहा – यहीसो जाओ,
तौ माँ वहीसो गयीँ, सोने केँ बादजब खान साहब नें बूब्स दबाए, तोँ मां गरम हौ गयीँ, ओर पहलीबार माँ कां कामरस उनकी कुवारी चुत सें बाहर् निकला।
तौ माँ नें कहा – चाचा छोडो मुझे… सुसु निकल गयीँ, हैं…
तब चाचा नें कहा – वोँ सुसु नहींदूध हैं तेरा…
तौ मां – दूध तौ बोबो सें निकलता हैं?!! मुझेसभी पता हैं नीचे सें तौ मुत हि आता हैं!!!
तौ चाचा नें कहा – कलदिन मै तेरादूध नीचे सें निकालकर दिखाऊगा…
फिन दोनोजने सोगये ओरखान साहब सुभह उठकर नहाकर मां कां प्रतीक्षा करनेलगे मां नें सब भइया बहनो कों रेडी करके स्कुल भेजाओर स्वयं नहाकर रोटी लेकरखेत चली गयीँ,। रोटी देते हि वोँ खेत सें लौटकर घऱ पहुची तोँ खान साहब नें पकड लिया।
बोले – दूध निकालू क्याँ नीचे सें?/!!
तोँ माँ नें कहा – चाचाजी मजाकमत करो!ऐसा नहीं होता…
तौ खान साहब नें कहा – ऐसातभी होगामै जैसे कहूगा वेसै वेसै करोगी तौ, वर्ना नहीं होगा, ओर यह कीसी कों बताना भि मत…अबकहो… दूध निकालकर दिखाऊ केँ नहीं?!!
मां खान साहब कि बातो सें फिन सें गरम हौ चुकी थि तोँ उन्होने भि, हाकर दि उस वक्त माँ केँ बोबो कों साइज 34 थां ओर हाइट 5.6 इच होँ चुका थां गांड भि पूरीभरी हुइ थि।
जैसे हि मेरी मम्मी नें खान साहब कों हाभरी वैसे हि खान साहब नें मेरी माँ कों पकडकर अपनेगोद मै बिठा लियाओर उनके बुब्स दबाने लगे, बोबो कों दबाते हि माँ गरम होनेलगी। फिनखान साहब नें धीरे-धीरे सें माँ कां कुर्ता उतार दियाओर उनकेबदन पऱ चुम्मो कि बोछार कर दि खान साहब नें बोबो कों उतनीजोर सें दबाया कि मां कि चीख निकल गई,।
ओर माँ नें कहा – मुझे नहीं निकलवाना दूध…
मां केँ मना करते हि खान साहब नें कहा – तेरे सें तोँ तेरी चाची अच्छी ओर मजबूत हैं
यह सुनकर माँ नें कहा – मेरे सें ज़्यादा नहीं होगी,
तोँ खान साहब नें माँ केँ दोनो बोबो कों ओरजोर सें दबाया तोँ माँ सारा दर्द चुपचाप सह गयीँ, फिन मां कि ब्रा खोलकर उसने बोबो कों जोरजोर सें चुसना शुरुआत कर दिया जिससे माँ कि आहै! निकलने लगी। ओर बदन अकडने लग गय़ा तोँ खान साहब नें जल्द सें मां कि सलवार खोलकर उन्हे नंगाकर दिया।
माँ कि चुत पऱ झाटो कां बाग देखकर कहा – मेरा तौ सारामूड हि खराबकर दिया!
मां नें पूछा – क्याँ हुआ?!!
तोँ कहा – यह क्याँ हैं, दूध तौ इन बालोमै हि रह जाएगा!!
तौ माँ नें कहा – मैदिन मैसाफ कर लूंगी ओररात कों हि दूध निकालना.
तोँ खान साहब नें कहा – रात कों लाईट नां रही तौ तुम्हे दूध दिखेगा केसै?!!
तोँ माँ नें कहा – रात कों लाईटतभी जाती हैं जब बारिश आंधीआती हैं, मैमा सें स्टोरी कां बहाने सुनकर आँ जाऊगी, ओरबाल भि साफ करके आऊगी, फिन आप् दूध निकालना!
“माँ कों तब तक नहींपता थां कि उसकीचुत फटने वाली हैं, ओरयहसब ड्राइवर मिलकर उसकीचुत कां भोसडा बनाने वाले हैं”
ओरफिन खान साहबदिन मै बाजार चलेगये ओर चुदाई सें अनजान मेरी माँ अपनी झांटो कि सफाईकर केँ चुदने कि तैयारी करनेलगी साम कों माँ नें आज जल्द खानां बना लियाओर सब भइया बेहन कों डराकर सुलाने केँ बाद नानीजी कों खानां खिलाकर खान साहब कों चुरमा बनाकर खिलाया।
फिनरात होते हि नानीजी कों दूध देकर किस्सा सुनने कां बहाने बनाकर खान साहब केँ पास पहुंच गई, ओर बिना बुलाए हि खान साहब कि चारपाई पऱ लेट गयीँ, ओर कहनेलगी – सुभह कि तरह बोबो कों जोर सें मत दबाना अभि भि दर्द होँ रहा हैं…
मगरमन हि मन माँ बहोत खुश थि क्योकी जवानी मैयहसभी होता हि हैं मगरयह खुशी थोडीदेर कि हि थि क्योकी उनकी खुशीअब दर्दमै बदलने वाली थि ओरइधर खान साहब नें माँ कि मोटी मोटी गांड कों सहलाने लगे। जिससे मां फिन सें गरम होनेलगी थि खान साहब शादीशुदा ओर जवान थें संगमै अनुभव भि थां बहुत।
फिन उन्होने माँ केँ बोबो कों दबाना शुरुआत कर दिया जिससे मां कि आहे निकलने लगीओर वोँ मचलने लग गयीँ, खान साहब मेरी मां केँ गालो कों चुमैजा रहै थें जोर सें जोर सें फिनखान साहब अचानक खडे होकर बाहर् चलेगये पेशाब करने।
फिन आकर मां कों कहा – बच्चो केँ कमरे केँ आगे चिटकनी लगाकर बंदकर आँ… ओर देखकर आओ सेठानी (मेरी नानीजी) जीसो गई, नाँ… ओरसंग मैघी लेकर आनां थोडा!!!
माँ जल्द सें उठकरदस मिनटमै चक्कर लगाकर सबकाम करके आँ गई, ओरआते हि कमरे कों बंद करके लाइटबंद करके चुपचाप चारपाई पऱ सो गई,। तौ खान साहब नें उठकर लाईटजला दि,
तौ माँ नें कहा – लाईटबंद करदो, मुझे लज्जा आँ रही हैं,
यह सुनकर खान साहब नें कहा – लज्जा करोगी तोँ दूध नहीं निकलेगा ओरअगर दर्द होगा तौ चुप रहोगी तभीदूध निकलेगा।
“मां इतनीगरम हौ रही थि वोँ सबकुछ करने कों रेडी थि”
फिनतभी खान साहब नें लाईट जलाकर मां कों चारपाई सें खडा करके उनको चुमने लगगये गालो कों चुमते चुमते उन्होने माँ केँ होथो पऱ किस कीया तौ माँ पिछे हौ गई,, मगरखान साहब नें कमरमै हाथडाल रखाओर मां कों अपनीतरफ खिंचकर उनकेलबो पर्र अपनेलब रखकरजोर सें चुमने लगेअब मेरी माँ कों भि आनंद लानेलगा।
वोँ भि खान साहब केँ लब कों जोर सें चुसने लगीओर उधरखान साहब नें मां केँ बोबो कों दबाना शुरुआत कर दियाओर माँ कि आहै निकलने लगी पांच मिनटकिस करने केँ बाद मां कां सुट खोलकर उन्हे आधा नंगाकर दियाओर ब्रा खोलकर वोँ जोर सें बोबो कों दबाने लगे। जिससे माँ पूरीतरह गरम हौ गई, खान साहबजब माँ कों किसकर रहै थें तौ उनकी दाढी सें मां कों एक् हि उत्तेजना होँ रही थि।
फिनखान घुटने केँ बल बैठकर माँ केँ पेट कों चुमते हुए नाभी कों चाटने लगे जिससे मां गरम होकरखान साहब केँ सिर केँ बालपकड कर खिचने लगी उनकी गर्मी देखकर खान साहब नें जल्द सें सलवार कां नाडा एक् झटके मे खोलकर माँ कों नंगाकर दिया!
अचानक नंगी होने पऱ माँ नें लज्जा केँ मारे अपने हाथो सें अपनेमुह कों छुपा लियामगर आज मां नें अपनीचुत कों साफकर केँ कालेरंग कि चड्डी डाली थि जिसेखान साहब नें सुघते हुए नीचेकर दियाअब मां बिलकुल नंगी थि, खान साहब धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी मालिक कि बेटी कि चुत कि सील खोलने कि तरफबढ रहै थें।
खान साहब नें पासमै रखीघी कि कटोरी मै अपनीदो उंगली डालकर एक् उंगली माँ कि चुतमै डाल दि जिससे मां नें अपनेमुह सें हाथ उठाकर खान साहब केँ सिर पऱ रखकर उनकेबाल खीच लियेजोर सें मां अचानक हुएइस हमले सें थोडा हडबडा गयीँ, थि।
मगरखान साहबमझे हुए खिलाडी थें उन्होने तुरत एक् हाथ माँ केँ बोबो पर्र रखकर उनके बोबो कों दबाना शुरुआत कर दिया थां जिससे माँ कि उत्तेजना बढनेलगे दो मिनटबाद जब एक् उंगली धीरे-धीरे चुत मे अंदर बाहर् होनेलगी।
तौ उन्होने दूसरी उंगली डाल दि जिससे मां नें अपने होटो कों अपनेदात सें काटकर अपना दर्द छिपा लियादो मिनट उंगली करने पऱ मां कि गर्मी बदन सें बाहर् निकलने वाली होँ गई, थि। ओरफिन माँ कां शरीर अकडने लगा मां कों पसीने आनेलगे ओरजब कामरस आने कों हुआ।
तौ मां कहने – चाचा मुझे मेरामुत निकलरहा हैं… क्याँ करूमै?/!!
तौ खान साहब नें – यहमुत नहींयह दूध आँ रहा हैं अभि दिखाता हू, आने दे…
फिन माँ नें खान साहब केँ बालजोर सें पकड लियेउधर खान साहब नें अपनी उंगली कि स्पीड बढाली। ओर माँ केँ कामरस सें खान साहब कां हाथभर गय़ा ओर माँ कि जांघो पर्र फैल गय़ा खान साहब कामरस कि खुशबु लेतेहुए उसे चाटने लगे।
जिसे देखकर माँ नें कहा – चाचाजी यह गंदी हैं
तौ खान साहब नें कहा – यह जन्नत हैं मेरी रानी
माँ कां कामरस निकलते हि मां थककर चारपाई पऱ बैठ गई, थि खान साहबफिन मां केँ पास बैठकर अपना पानी कुर्ता उतारकर सामने वाली चारपाई पर्र फैककर लेटगये ओर मां कों पकडकर अपनेपास सुला लिया। उन्होने मां केँ सिर कों अपने बाजु पर्र रखकर आमने सामने मुहकर लियाओर गालो पर्र किस करके, पूछने लगे – आनंदआया क्याँ दूध निकलने पर्र!!
तोँ माँ नें कहा – बहोत आनंदआया!!
तौ खान साहब नें यह तौ शुरुआत हैं इससे ज़्यादा आनंद भि आता हैं चुदाई मै!!
तोँ मां कहनेलगी – चुदाई मै बहोत दर्द होता हैं, मैने सुना हैं!!
तोँ खान साहब नें – जब उंगली कि तब कितना दर्दहुआ थां उतना हि चुदाई मै होगा!!
खान साहब बाते करते करते गांड सहलारहै थें ओर उससे माँ फिन सें गरम हौ रही थि माँ उनकी सीने सें मुह छिपाकर लिपटी हुईँ थि खान साहब नें अब धीरे-धीरे सें अपने पठानी पजामे कां नाडा खोलकर बिना आवाज़ कीये नीचेकर दियाओर चुपचाप माँ केँ हाथ कों पकडकर अपने लन्ड पऱ रखकर दिया जिसे छुते हि मां कों करंट सां लगा।
ओर अपनाहाथ वापिस खीच लियाकुछ देरबाद खान साहब नें फिन सें माँ केँ हाथ कों पकडकर अपने कच्छे मैडाल दिया मां नें हाथ कों बंद करके मुठीबना लीमगर हाथ बाहर् नहीं निकाला खान साहब नें मां केँ होठो कों किस करतेहुए बोबो कों दबाने लगे। थोडीदेर मै माँ गरम होनेलगी ओर उन्होने अपनी मुठ्ठी खोलते हुए लन्ड कों अपनेहाथ सें सहलाकर देखा तौ माँ फिन सें उत्तेजित होनेलगी कुछदेर चुमने केँ बादखान साहब नें अपना कच्छा खोलकर मां केँ मुह केँ पासरख दिया।
ओर सुघने कों कहा मां नें कच्छे कों सुघकर मुह घुमा लियाइधर खान साहब चारपाई पऱ बैठगये ओरफिन सें दो उंगली घीमै डालकर एक् संग हि दोनो उंगलिया माँ कि चुतमै पैल दि मां नें एक् अहह केँ संग दोनो उंगलिया अपनीचुत मै लेँ लीओरआहै भरनेलगी। दो मिनटबाद खान साहब नें माँ कों अपनी टांगे ऊंची करके फैलाने कों कहा जिसके बाद मां कि गांड केँ नीचे एक् तकिया लगाकर अपने लन्ड पऱ घी कि मालिश करनेलगे। उनका लन्ड 6 इच लंबाओर अढाईइच मोटा थां।
वोँ उपरआकर लन्ड कों माँ कि चुत पर्र घीसने लगे जिससे मां ओरगरम हौ गई, ओर कहने – चाचाजी यह क्याँ हौ रहा हैं। मैमर जाऊगी… कुछकरो… जल्द…
यह सुनते हि खान साहब नें लन्ड चुत पऱ सेटकर दिया, माँ केँ होटो कों किस करने केँ संगगले मै दोनोहाथ डालकर लन्ड पऱ दबाव दिया जिससे लन्ड कां टोपा मां कि चुतमै घुस गय़ा। ओर मां कि हल्की सि चीख निकल गई,, मगर वोँ चीख बाहर् नहीं निकली, इसकेबाद खान साहब नें दूसरे झटकेमै तीनइच सें ज़्यादा लन्ड माँ कि चुतमै घुसैड दिया!!!
ओर माँ कि जोर सें चीख निकल गयीँ, मगरइस बार भि चीख बाहर् नहीं निकली मगरअब मां छूटने कि कोशिश करनेलगी ओर रोनेलगी मगर इसकाकोई फायदा नहींहुआ ओरखान साहब नें उसी वक़्त तीसरा झटका देतेहुए माँ कि चुत कों फाड़कर अपना पूरा लन्ड मां कि नाजुक चुतमै घुसा दिया।
मां कि चुतफट गयीँ, ओरचुत सें निकले खून सें चारपाई पर्र बिछी चद्दर लाल हौ गयीँ, थि खान साहब होठो कों जोर सें चुसते रहैओर अब उन्होने बोबो कों भि जोर सें दबाना चालुकर दिया थां। पांच मिनट केँ बादजब मां नें रोनाबंद किया, तौ खान साहब नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया।
ओर थोडीदेर बादजब मां कां दर्द समाप्त हुआ, तोँ खान साहब नें जोरजोर सें झटके मारने चालुकर दियेओर फिन मां भि गरम होकरचुत मै लन्ड लेनेलगी। दस मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ कां बदन अकडने लगा उनका कामरस निकलकर खान साहब केँ लन्ड कों गिलाकर रहा थां।
उससे लन्ड पूरा गिला होकर माँ कि चुतमै जारहा ओर उसके एक् मिनटबाद खान साहब केँ लन्ड कां लावाफुट गय़ा ओर उनके वीर्य सें मेरी माँ कि चुतभर गई, खान साहब केँ लन्ड कां वीर्य चिचोडकर जब माँ कि चुत नें छोडा।
तौ खान साहब माँ केँ बगलमै लैटगये ओर माँ कि चुत सें कईदेर तक वीर्य बहतारहा बाहर् इसतरह माँ नें जवानी मै विवाह सें पहले हि सैक्स कां मज़ा लेँ लियाफिन माँ नें कपडे पहनेओर चद्दर कों बाहर् पानी कि बाल्टी मै भिगोकर अपनीचुत कों धोकर पेशाब कर केँ, वापिस अपने पहले प्रेम ओर दोस्त खान साहब केँ पासआकर चारपाई पऱ उसेकिस कर केँ उसकेसंग सो गयीँ,।
सुभहजब माँ उठी तोँ उनकीचुत पऱ सोजन आँ गयीँ, थि ओर पूरेदिन दर्द मे वोँ घऱ कां काम करतेरही आजरात कों वोँ खान साहब केँ कमरेमै नहीं गई,।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
अब तक आपनेइस मम्मी कि Xforum मे पढा मेरी मम्मी नें केसैसील खुलवा ली थि ! चुदाई करवाने केँ दोदिन बाद तक खान साहब केँ पास नहीं गयीँ, रात कों दूध देनेओर दोदिन बादखान साहब ट्रक लेकर पंजाब चलेगये।
खान साहब केँ जाने केँ दोदिन बाद माँ कि चुत कां सोजन ख़त्म होँ गय़ा ओर खुजली चालू हौ गई, थि अब माँ खान कां बेसब्री सें प्रतीक्षा कररही थि। ऊपर सें बारिश कां मौसम रातभर मां करवट बदलती रहती आखिरकार पांचदिन बाद ट्रक लेकरखान पंजाब सें लोटआया। उसदिन नाना भि आँ गये थें माँ नें खान कों गरम पानी दिया नहाने कों फिन खानां खिलाया।
ओररात होने कां प्रतीक्षा करनेलगे इधरजब माँ दिखाई देती तौ खान अपना लन्ड खुजाने लगता देखकर, मगरसाम कों ट्रक कि बुकिंग हौ गयीँ, पंजाब कि फिन सें यह सुनकर माँ दुःखी हौ गई,। मगरखान नें यह देखकर,
नाना कों कहा – वोँ कल देहात जाकर आएगाईद पर्र भि घऱ नहींजा सका थां,
तौ नाना नें हाभर ट्रक लेकर नाना चलेगये फिन माँ नें सबकाम जल्द जल्द कीयेओर रात होने कां प्रतीक्षा करनेलगे। रात होते हि नानीजी कों दूध देकर वोँ खान केँ लिएदूध लेकर उसके कमरेमै पहुच गई,। कमरेमै पहुचते हि कुछदेर बाद बारिश शुरुआत हौ गई,।
उनकी चुम्मा चाटी केँ बीचमै हि ओर नानीजी आवाज़ लगाई तौ माँ भागकर उनकेपास पास पहुची नानीजी केँ कमरे मे मां सें छोटेदो भइयासो रहे थें ओरदो बहने दूसरे कमरेमै थि मां नें उन्हे भि मां केँ कमरे मे सुलाने लें गई, ओर नानीमा जी कों कहा – मैखान चाचा केँ पास हि सो जाऊगी स्टोरी सुनकर,
उन्हें क्याँ पता थां खान इन्हे Antarvasna kahani सुनाता हैं औऱ गरम करता हैं। इसतरह मां सबकाम समाप्त कर केँ मोमबत्ती लेकर भीगती हुईँ खान केँ पास पहुंच गयीँ, कमरे कि चिटकनी लगाते हि खान नें खडे होकर माँ कों गले लगाकर कीस करना शुरुआत कर दिया। माँ चुत कि खुजली सें परेशान होँ गयीँ, थि ओरखान कि बाहो मे जाते हि आगलग गयीँ,। उनके शरीरमै खान कि हवस भि जाग गयीँ, थि 7 दिनो सें वोँ भि तडपरहा थां, उसने संतोष कों ऐसे दबोचा जैसे हिरण कों शेरओर उस पऱ टूटपडा।
मां ओरखान एक् दूसरो कों जोरजोर सें चुमने लगेइस बीचखान नें अपनेओर मां केँ कपडेखोल दियेओर मां केँ बोबो कों जोरजोर सें दबाने लगाफिन उसने एक् हाथ कच्छी मै डालकर मां कि चुतमै उंगली डाल दि। उंगली डालते हि माँ कि चित्कार निकल गयीँ,।
ओर वोँ खान केँ गले कसकरलग गई, खान नें माँ कि चड्डी निकालकर फैक दि ओर सीने केँ पास सटाकर मां कि गांड कों सहलाने लगा वोँ मां कि कान कों चुसकर माँ कि आग कों भडकारहा थां। ओरइसी बीच माँ नें अपने हाथो सें बिनाकहे खान केँ लन्ड कों पकड लियाओर,
खान कों कहनेलगी – चाचा अबकरो!! जल्दरहा नहीं जाता इतना!!
सुनते हि खान नें माँ कों आज चारपाई पर्र झुका दिया पूरा मां कि गांड उभरकर उठ गई, थि खान नें अपने लन्ड बहोत साराथूक लगाकर चुत पऱ लन्ड रखकर एक् झटके मे आधे सें अधिक लन्ड पेल दिया। आधा लन्ड एक् झटकेमै जाते हि मां आगे निकल गई, ओरखान कां लन्ड चुत सें बाहर् निकल गय़ा,
यह देखकर खान नें कहा – देख चुदना हैं तौ थोडा दर्द सहना होगा, दो तीनबार वर्ना चलीजा!!
माँ नें तुरत हि माफी मांगने लगीओर खान कों कीस करनेलगी खान भि समझ गय़ा कि अभि चुतनयी हैं तोँ उसने मां कों चारपाई पर्र सुलाकर गांड केँ नीचे तकिया लगाया। ओर माँ कि टांगे ऊंची करवाली फिन वापिस एक् बारखान नें अपने 6 इच केँ लन्ड पऱ थूक लगाकर चुत पऱ सेट कीयाओर एक् जोर केँ झटके सें चुतमै आधे सें ज़्यादा लन्ड कों पेल दिया।
मां कि हालात फिन सें खराब होनेलगी मगरआज बिना टाइम दियेखान नें दूसरे झटकेमै पूरा लन्ड मां कि चुतमै डाल दियाओर मां केँ होठो कों चुसने लगाओर बोबो कों दबाने लगादो मिनटमै मां सामान्य हौ गयीँ,। यह देखकर खान नें दोनो टांगो कों अपने हाथो सें उठाकर लन्ड कों जोरदार तरीके सें अंदर बाहर् करनेलगा।
पांच मिनटबाद माँ भि अपनी गांड उठाकर खान कों सामने सें झटके देनेलगी ओरकुछ देरबाद माँ कि चुत नें अपनारस छोड दिया।
मगर खान अभि भि मां कि जोरदार चुदाई कररहा थां ओर मां कि चुतअब धीरे-धीरे खान कां लन्ड अंदर लें रही थि दस मिनट कि जोरदार चुदाई केँ मां कि चुत नें दुबारा पानी छोडा, तौ खान नें भि सातदिन कां जमामाल भि खान नें मां कि चुतमै छोड दिया। दोनो पसीने पसीने हौ रहे थें चुदाई केँ बाद 11 बज चुके,
मां नें कहा – मे पेशाब करके आँ रहीहू हम् फिन सोएगे!!
“मगरखान कां मन अभि भरा नहीं थां”
माँ कपडे पहनने लगी तोँ खान नें कहा – चड्डी चोली अभि मत पहनना सलवार कुर्ता पहनकर पेशाब करआओओर सब अपनी मां कों देख आनां!!
माँ भि समझ गयीँ, थि माँ हंसती हुइ कमरे सें बाहर् गई, ओर पेशाब करकेदस मिनटबाद कमरेमै आँ गई, आते हि खान नें पकडकर उसे अपनेऊपर लिटा लिया। खान 6 फुट कां लंबा चोडा मर्द थां उपर सें उसकी काली दाढी मां कों उपर लिटाकर अब वोँ मां केँ होठो कों चुसने लगाओर माँ कि पीठओर गांड कों सहलाने लगा।
दोनो कां खूनगरम थां जवानी छलकरही थि मां फिन सें गरम होनेलगी खान मात्र कच्छे मै हि थां उस वक़्त उसका काला लन्ड फिरकर सें तनकर सजधजकर हौ गय़ा। ओर माँ कि सलवार मै घुसने लगाखान नें जल्द सें कपडे खोलने कों कहाओर माँ कि चुत तौ पहले हि रेडी थि बस कहने कि देर थि माँ नें खान केँ ऊपर बैठे बैठै सलवार कुर्ता निकालकर फेक दिया।
ओर अपने हाथो सें खान कां कच्छा उतार दियाओर फिन अपने हाथो सें खान केँ लन्ड कों पकडकर हिलाने लगीखान नें माँ कों अपनेउपर खीच लियाओर माँ कों ऊंचा करके लन्ड कों चुत पर्र सेट करके धीरे-धीरे धीरे-धीरे बैठने कों कहा, मां नें इसबार बिना गलती कीये धीरे-धीरे धीरे-धीरे दोबार मै पूरा लन्ड चुतमै लें लिया मां कों दर्द तौ हौ रहा थां।
मगर दर्द सें ज़्यादा आनंद भि आँ रहा थां खान नें फिन माँ कों लन्ड पर्र उपर नीचे होने कों कहा तौ माँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऊपर नीचे होकर लन्ड कों चुतमै लेनेलगी मगर माँ कों आनंद नहीं आँ रहा थां खान खिलाडी थां।
उसेपता लग गय़ा ओर उसने जल्दी माँ कों चारपाई पर्र लेटाकर स्वयं ऊपरचढ गय़ा फिन उसने मां कि चुत कों दस मिनट जोरदार तरीके सें ठोकाइस दौरान माँ कि चुत नें दोबार रस निकाल दिया थां। खान नें अपना वीर्य माँ कि चुतमै डाल दियाओर मां कि चुत कि खुजली मिटा दि अब माँ ओरखान कपडे पहनकर एक् दुसरे सें लिपटकर सोगये थें।
सुभह जल्द उठकरखान देहात चला गय़ा ओर माँ अपनेकाम मैलग गयीँ, मगरअब माँ कों रातमै लन्ड केँ बिना नींद नहींआती खान नें कुछ दिनोमै हि मां कि चुत कां भोसडा बना दियाओर गांडओर मम्मो कां साइजबढा दिया थां। खान हफ्ते मैदोतीन बार मां कि चुत कों बजा हि देता थां,
“ओरयहबात खान केँ संग गाडी पऱ रहने खलासी सुभाष कडेक्टर कों पतालग गयीँ,। ”
ओर उसने मोका देखकर मां कों चोद डाला हालाकि मां उससे चुदवाना नहीं चाहती थि मगर मजबूरी मै एक् बार उसकोचुत देनीपडी खान नें मेरे नाना कों शिकायत करकेउसे नोकरी सें निकलवा दिया। मेरी मां कि चाहतखान हि थां खान मेरी माँ कों अपने भइया कि विवाह मै अपने देहात लेँ गय़ा तीनदिन वहा मां कि सलवार खुली हि रहीखान नें अपनीबहु कि सामने हि माँ कों कमरेमै चोदने लगा।
तोँ मां कहनेलगी – चाचा चाची जी हैं, वोँ क्याँ कहेगी??
तबखान नें कहा – इसेसभी पता हैं यह मेरे मामाजी कि लडकी हैं आज तौ तुम् आयी हौ यहा खुलकर रहोतीन दिन यादगार हौ जाएगे।
फिनरात कों खान नें अपने कमरेमै माँ कि जोरदार चुदाई करी अगलेदिन मां केँ रहने कि व्यवस्था खान केँ चाचा केँ घऱ हुई वोँ भि खान कि उम्र कां नौजवान थां। जबदिन मै माँ ऊपर कमरेमै सोरही थि तौ खान आँ गय़ा ओर माँ कों कीस करनेलगा खान केँ चाचा नें यहदेख लियाओर बाहर् सें हि आवाज़ लगाई ताकीखान ओर मां कों पता नाँ लगे।
खान केँ जाते हि खान केँ चाचा मां केँ कमरेमै पहुचगये ओर पूछने लगे – तुम्हारा नाम क्याँ हैं?
माँ नें कहा – मेरानाम संतोष हैं!
तोँ खान केँ चाचा नें अपनानाम जावेद बताते हुएकहा संतोष तुम् बहोत खूबसूरत हौ अगर तुम् पिछले साल आँ जाती तौ मै तुम्हे भागाकर लें जाता, तुम् बोलो तोँ आज भि मै तुम्हे भगा लें जाऊ। माँ तारीफ सुनकर खुश होनेओर कहने – ऐसा भि क्याँ हैं मुझमे!?!
इतना कहते हि जावेद नें कहा – बता दिया तौ क्रोध करोगी ओर तोँ कुछ नहीं
माँ नें कहा – क्रोध नहीं करूगी बतादो चाचाजी
जावेद नें कहा – दिलतोड दिया नाँ चाचा कहकर
तोँ मां नें कहा – चाचा नां कहूं तौ क्याँ कहूं, जावेद बोलो नां उम्रभर केँ लिए नां सहीतीन दिन केँ लिए हि पतीबना लोओर हंसने लगा
माँ भि उसकी बातोमै उलझ गई, थि जावेद नें मोका देखकर मां कां हाथपकड लियाओर चुमते हुएकहा – अब तोँ मर भि जाऊ तौ गम नहींयह सुनकर,
माँ नें कहा – जावेद मरना नहीं हैं
जावेद नें कहा – तोँ संतोष जिये तोँ कीसलिए तुमको देखकर जीने कां मन तोँ हैं मगर तुम्हारे बिना नहीं माँ उसकी बातोमै आँ गई, थि। जावेद नें मोका देखकर माँ केँ गालो कों किसकर लिया माँ कि खामोशी सें ऊसे चुदाई कि परमिशन मिल गयीँ,।
फिन जावेद नें बिना देरी कीये माँ केँ होठो कों चुसना शुरुआत कर दियाइधर माँ कि चुत कि गर्मी तौ आपकोपता हि हैं जावेद पक्का खिलाडी थां। उसने टाइम खराब नहीं कीयाओर सीधा सलवार खोलकर अपना लन्ड चुतमै पेल दियामगर उसका लन्ड खान सें छोटा थां जावेद नें दस मिनट चोदकर मां कि चुतमै वीर्य डाल दिया। माँ कि चुतइस चुदाई सें ओरभडक गयीँ, क्योकी मां कों खान पूरेमजे लेकर चोदता हैं खैर माँ नें खान कों यहबात बता दि जिसके बादखान नें माँ कों अपनेघऱ पर्र हि रखा।
दरअसल मां कों वहाखान केँ एक् मामाजी जौ दिल्ली रहते थें वोँ मनपसंद आँ गये थें इसलिये माँ घऱ पर्र आँ गयीँ, थि खान केँ मामाजी उनकानाम रोशन उम्र 35 साल कि होगीतब माँ ओर रोशनमै आंखो केँ इशारे होँ रहै थें, बात नहीं होँ रही थि दोनो एक् दूसरे कों देखकर मुस्कराने लगे थें।
रात कों खान केँ घऱ पऱ बकरा आँ गय़ा दावत केँ लिएओर यह देखकर मां डर गई, जब उसको हलाल कीया तौ खान केँ मामाजी रोशन नें मोका कां फायदा उठाकर खान सें कहा भांजे मैइसी अपने देहात लें जाऊ वेसे भि यहा स्थान नहीं हैं।
मै भि आराम करके आँ जाऊगा कलसाम तक खान नें मां सें पूछा तोँ माँ डरी हुईँ हि थि तौ जल्द सें हाकर दि जब तक मां कों पता नहीं थां दिल्ली वाले रोशन मामाजी कां देहात यही हैं खैरदो कोस मतलब 6 किलोमीटर चलकर माँ रोशन केँ घऱ पहुची तौ वहा तालालगा थां,
माँ नें कहा – रोशनअब क्याँ होगा
रोशन नें – चाबी तोँ हमारे पास हि हैं डरोमत घऱ जाकर
मां पिछे पेशाब करकेआई रोशन दिवार केँ ऊपर सें मां कों देखरहा थां मां कों पताचला तौ उन्होने भि लापरवाह होकर अपनी गांड केँ दर्शन करवा दिया। रोशन गोरी गांड देखकर पगला गय़ा थां उसका लन्ड उसकीपेट भाडने कों रेडी होँ गय़ा थां खैर,
मां नें आकरकहा – साम हौ गयीँ, हैं सर्दी लगनेलगी हैं मुझे जल्द सें खानां बना लेतीहू फिनसो जाएगे
रोशन नें कहा – खानां मै बनाकर खिलाऊगा आज
मां नें कहा – आपकोआता हैं तोँ
रोशन नें कहा – याद रखोगी तुम् हाथमुह धोलोफिन मै कपडे बदलकर खानां बना दूंगा मां हाथमुह धोकरआगन मैआकर चुल्हा जला दिया इतनेमै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आँ गय़ा तोँ
मां नें कहा – मामाजी जी मे आटालगा देतीहू आप् सब्जी बनालो माँ नें आकरकहा – साम होँ गई, हैं सर्दी लगनेलगी हैं मुझे जल्द सें खानां बना लेतीहू फिनसो जाएगे
रोशन नें कहा – खानां मै बनाकर खिलाऊगा आज
मां नें कहा – आपकोआता हैं तौ
रोशन नें कहा – याद रखोगी तुम् हाथमुह धोलोफिन मै कपडे बदलकर खानां बना दूंगा मां हाथमुह धोकरआगन मैआकर चुल्हा जला दिया इतनेमै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आँ गय़ा तोँ
माँ नें कहा – मामाजी जी मे आटालगा देतीहू आप् सब्जी बनालो
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
कहा – ठीक हैं मां जबआटा लगारही तोँ उनके बोबो कों देखकर रोशन कां लन्ड पजामा फाड़कर बाहर् आने कों सजधजकर होँ गय़ा थां इसीबीच रोशन केँ विशाल लन्ड कों देखकर माँ कि चुतमै खुजली होनेलगी मगर मां चुपरही,
मां नें आटा लगाकर कहा – मामाजी कितनी देरओर लगेगी?! आपकोमै तौ रेडीहू
तोँ रोशन नें कहा – संतोष मै भि कल सें सजधजकर हूबस संतोष नें कहाबस क्याँ मामाजी बोलो नाँ रोशन तुम् मुझे मामाजी मत बोलो रोशन बोलोफिन बात करेगे।
ऐसेबात करते करते रोशनओर मां नें खानां बनाकर खा लिया रोशनओर माँ एक् कमरे मे अलगअलग चारपाई पऱ लेटकर बात करनेलगे इधर माँ कि चुतमै खुजली जोर सें चलरही थि। मगर क्याँ करे वोँ उधर मामाजी दूर थें वोँ केसै शुरुआत करेसोच रहै थें तभी रोशन नें कहा संतोष तुम्हे डर नहीं लगता हैं तोँ मै दूसरे कमरेमै सोजाऊ तुम् यहा धीरे-धीरे सोजाओ अकेली।
तभी मां नें कहा मामाजी आप् अपनी चारपाई मेरी चारपाई केँ पास लगाकर सोओ मुझेरात मै बहोत डर लगता हैं यह सुनकर रोशन नें तुरत अपनी चारपाई मेरी माँ कि चारपाई सें चिपा दि हंसते हुए कहनेलगा – संतोष अब भि डरलगरहा हैं
तोँ मेरी चारपाई पऱ आँ जाओ मेरी रजाईओर चारपाई बहोत बडी हैं,
इतना सुनते हि मां बिना मोका गवाया रोशन कि चारपाई पर्र पलट गई, ओर रजाई खोलकर रोशन केँ संगघुस गई, रोशन नें माँ कों पास चिपका लिया,
ओर कहा – रजाई कों चारोतरफ सें दबालो ताकी सर्दी कमलगे
ओर कहकर वोँ मां केँ संग चिपक गय़ा रोशन 35 साल कां 6 फुट कां स्मार्ट लोडा थां क्लीन शेव लंबेबाल सफ़ेद रंग माँ केँ चिपकते हि रोशन केँ लन्ड नें हरकत शुरुआत कर दि। रोशन नें धीरे-धीरे सें अपने पजामे कों नीचे सरका दिया जिससे लन्ड बाहर् निकलजाए रोशन नें कपडे बदलते समय हि कच्छा उतारकर फैक दिया थां।
पजामा नीचे करते हि लन्ड कों सीधा करकेउपर कर दियाओर एक् हाथ माँ कि कमर पर्र डालकर सहलाने लगा माँ कि गरमआहे निकलने लगे, रोशन माँ कि ऐसी हि चुदाई करने वाला थां, फिन रोशन नें धीरे-धीरे सें अपने होठो कों मां केँ होठो सें सटा दिया होठो केँ लगते हि दोनो पागलो कि तरह एक् दूसरे केँ होठो कों चुसने लगे।
मां नें साम कों जब रोशन कों गांड दिखाई थि तब हि रोशन सें चुदने कि ठानली थि ओर कपडे बदलते वक़्त माँ नें अपनीचडी चोलीखोल दि थि रोशन नें जैसे हि सुटमै हाथ डालकर बोबो कों छुआ,
तोँ कहनेलगा – तुम् भि तैयारी कर केँ आई होँ
तब माँ नें कुछ – नहींकहा ओरअहै भरनीलगी
रोशन नें कुर्ता ओर सलवार उतारकर माँ कों नंगाकर दिया रोशनशहर सें आया थां वोँ शहरो कि तरह माँ केँ अंगो कों चाटरहा रोशन नें जैसे हि मां कि चुत पर्र मुहरखा, तोँ माँ नें मनाकर दिया रोशन भि मान गय़ा रोशन नें चुत कां जायजा लेनेदो उंगली चुतमै डाली, तौ उंगली बिना कीसी रूकावट केँ चुतमै घुस गई,।
तौ रोशन नें पूछा – कितने लन्ड खा लिये हैं मेरी संतोष नें
तोँ मां नें कहा – आपके भांजे मोहम्मद खानओर उसके चाचा जावेद केँ बाद तीसरा हैं दोदिन मै उससे पहलेचार लन्ड खाए हैं बस
रोशन कहनेलगा – कितने लन्ड खाओगी जाननाम संतोष हैं मगर संतोष हैं हि नहीं,
तोँ मां हंसने लगी – अभि तौ शुरुआत हुईँ हैं सो तोँ खाऊगी पक्का
इसबीच उंगली करने सें माँ कि चुत नें कामरस छोड दिया थां रोशन उंगली पर्र लगा कामरस चुस गय़ा ओरबगल मै लेटकर माँ केँ बोबो कों सहलाने लगामम्मी रोशन नें एक् हाथ पकडकर मां कों अपना लन्ड पकडवा दिया मां नें जैसे हि रोशन कां लन्ड पकडा वैसै हि मां कों झटकालगा।
रोशन कां लन्ड थां तोँ वही 6 सें 7 इंच कां मगर मोटाई मुसल जैसी थि मगर माँ खुश होँ गयीँ, यह सोचकर चलो इसकी खुजली तोँ मिटेगी लन्ड कों हिलाते हिलाते माँ कि सांसे गरम हौ गई, ओर लन्ड कों जोर सें दबाने लगी। रोशनसमझ गय़ा चुतगरम होँ चुकी हैं दुबारा रोशन माँ केँ ऊपर आँ गय़ा ओर लन्ड चुत पऱ सेट करके लन्ड कों चुतमै पेलने लग गय़ा माँ टोपा अंदर जाते हि छटपटाने लगी।
रोशन नें दूसरे झटकेमै लन्ड आधे सें ज़्यादा अंदरचला गय़ा मां दर्द सें चिल्लाह उठीमगर वोँ आवाज़ कोई नहीं सुनने वाला थां रोशन नें तीसरे झटके मे लन्ड पूरा घुसा दियाचुत मै, मां केँ आंखोमै आज दुबारा आंसू आँ गये। रोशन नें मां केँ होठो कों चुसना चालूकर दियाओर बोबो कों दबाने लगाकुछ देरमै मां ठीक हुइ।
तौ रोशन नें फिन सें लन्ड बाहर् निकालकर एक् झटकेमै पूराचुत मै डालकर माँ कि चीख निकाल दि रोशन बेरहमी सें माँ कि चुदाई करनेलगा ओर मां कों भि इस चुदाई मज़ाआने लगा मां अब रोशन कों सामने झटके देनेलगी गांड उठाकर दस मिनट कि जोरदार चुदाई केँ बाद मां नें दूसरी बार पानीछोड दिया।
मां कां जिस्म शांत होँ गय़ा मगर रोशन कां अभि हुआ नहीं थां ओर रोशन एक् बार मां केँ पासलेट कर माँ केँ बोबो कों सहलाने लगाकान कों खानेलगा गर्दन पऱ कीस करनेलगा पांच मिनट कि कोशिश मे मां फिनगरम होँ गई,। ओर रोशन कों ऊपर लें लियाइस बारदस मिनट कि चुदाई केँ बाद दोनो नें कामरस एकसाथ छोड दिया मां ओर रोशन यूही नंगे एक् दूसरे सें लिपटकर सोगये।।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Next part miss mat karna
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