MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
अब तक आपनेपढा दिल्ली केँ जवान रोशन नें पूरीरात मां कि बुर कां भर्ता बनाया सुभह उठकर रोशन नें माँ कों गरमचाय बनाकर जगाया तौ मां नें गले लगकर रोशन कों प्रेम सें चुम लिया रोशन नें भि जवाबमै माँ कों चुम लिया।
गरम चाय ख़त्म करके मां रोशन केँ घऱ केँ पिछेखेत मै हगनेचली गयीँ, ओरतब तक रोशन नहाकर सजधजकर होँ गय़ा थां मां केँ लोटते हि रोशन नें मां कों नहाकर रेडी होने कां कहा तोँ मां नें मनाकर दिया माँ अभि ओर चुदना चाहती थि मगर रोशन कों पता थां।
हम् गये नहीं तौ कोईघऱ पर्र आँ जाएगा इसलिये रोशन मां कों छोड़कर विवाह मैचला गय़ा वहा उसने भांजे खान कों कहा संतोष नहींआयी वोँ घरपर हि रह गई, तोँ खान नें कहा मामाजी लगता हैं आपने चुदाई मुझझे भि बढिया कर दि हैं रंडी कि, ओरफिन दोनो हंसने लगे रोशन नें भांजे कों समझाकर दोपहर मै हि घऱ आँ गय़ा।
ओरइधर मेरी मम्मी कि चुत भि कुलबुला रही थि रोशन केँ बारेमै सोचकर रोशन केँ आते हि दोनो हवशी कपडे खोलकर चुदाई करनेमै लगगये। मां कीसी रंडी कि तरह 8 इंच कां लन्ड बडे धीरे-धीरे घपाघप अपनीचुत मै लें रही थि ओर रोशन भि जवानी केँ रस कों अच्छी तरह निचोड रहा थां।
रोशन नें मां कों अब चारपाई पर्र उल्टा कर केँ लेटाया ओर गांडउपर निकालने कों कहाओर उसकेबाद रोशन नें एक् झटके मे 8 इंची लन्ड मां कि चुतमै घुसा दिया लन्ड सीधा माँ कि बच्चेदानी सें टकरारहा थां। ओर माँ अपने दोनोहाथ सें चद्दर कों दबाकर अपनीहवश कों बुझारही थि सर्दी केँ दिनो मे भि दोनो कों पसीने आँ रहै थें। मां कि चुत नें दोबार कामरस निकाल दिया थां।
मगर रोशन कां लन्ड अभि भि मां कि चुत कां भोसडा बनाने पर्र तुला थां माँ भि गांड उछाल उछालकर लन्ड खारही थि मगर रोशन अभि छूटने कों रेडी नहीं थां रोशन नें फिन अभि तोँ अपनेउपर आने कों कहा तौ माँ जल्द सें उपरआकर रोशन कां लन्ड लेकर उसपर कूदने लगी।
मगर रोशनआज रात वाला बकरा खाकरआया थां तौ रोशन जोरदार चुदाई करता थां लगभगआधा घंटे कि चुदाई केँ बाद रोशन नें मां कि चुत मे अपना वीर्य डालकर मां कि चुत कों शांतकर दियाचुत मैरस जाते हि माँ निढाल होकर।
रोशन केँ उपरलेट गई, ओर रोशन कों चुमने लगीओर दोनो चारपाई पर्र सोगये साम कों मां नें खानां बनाया ओर दोनोजने खानां खाकर वक्त सें कमरेमै चलेगये माँ नें रोशन सें कहाआज कि रात मेरीऐसी चुदाई करना जिसे उम्रभर यादरख सकूयह सुनकर रोशन नें अपनी ताबीज मै सें अफीम निकालकर उसे खानेलगा।
तौ मां नें पूछा – यह क्याँ हैं?!
तोँ रोशन नें कहा – यहरात उम्रभर याद रहेगी वोँ चीज हैं,
रोशन नें दूध केँ संग अफीमखा लियाओर कुछदेर बाद वोँ मां केँ पेरोमै बैठकर मां कि उंगलिया चाटने लगा मां कों पहले गुदगुदी होनेलगी।
फिन मां कि वासना भडकने लगी रोशनआज मां केँ अंगो कों बडे प्रेम सें चुमरहा थां अभि वोँ फिन उसने मां कि पेटीओर ब्रा भि खोल दि नाभी कों चुमने केँ बाद उसने अपनीजीभ सें माँ कि चुत केँ ऊपरकीस किया।
तोँ माँ नें चुत पर्र हाथलगा लियामगर रोशन जैसे मर्द केँ आगेहाथ कब तक टिकते रोशन नें माँ कि दोनो टांगे कों चोडीकर केँ अपनामुह माँ कि चुत पर्र रखकर एक् किस कीयाओर अपनीदो उंगलियो कों चुतमै घुसा दियाओर जोरजोर सें चुतमै उंगली करनेलगा।
“मां कि चुतयह हमलासह नहींपाई”
ओरचुत नें पानीछोड दिया रोशन नें तुरत हि अपना लन्ड चुत पर्र टिका दियाओर एक् हि झटकेमै मां कि गीलीचुत मै पूरा लन्ड घुसैड दिया मां नें एक् अहह केँ संग पूरा लन्ड निगल लिया। ओर फिनचुत ओर लन्ड कि घमासान चुदाई कां खेल शुरुआत हौ गय़ा थां।
मां गांड उठाकर पूरा लन्ड लें रही थि तोँ रोशन भि जोरदार झटके मारकर मां कि चुत कां भोसडा बनाने मे लगा थां,
लगभग 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद मां नें दूसरी बाररस बाहर् निकाल दिया थां मगर रोशन तोँ अभि आसपास हि नहीं थां झडने केँ।
रोशन नें माँ कों चारपाई पर्र उल्टा होने कों कहा तौ माँ जल्द सें गांड उठाकर पोजिशन मै आँ गई, यह देखकर,
रोशन नें कहा – संतोष तुम् मेरेसंग चलो दिल्ली तुम्हे रानी बनाकर रखूगा तब,
मां नें हंसते हुएकहा – मामाजी रानी कां पता नहीं रंडी जरूरबन जाऊगी दिल्ली गयीँ, तोँ!!!
“ओर हंसने लगी!!!!”
रोशन केँ कहा – रंडी बनाना हैं तौ मेरीबन जाओ!!
तोँ मां नें कहा – मामाजी काशयह हौ पाता
इस बीच रोशन नें चुत पर्र लन्ड सेट करके माँ कि चुदाई फिन सें शुरुआत कर दि मां भि गांड पिछेकर लन्ड कों चुत मे लेँ रही थि। दूसरे राऊड मे माँ नें 20 मिनट मे पानीछोड दियामगर रोशन अभि भि लगाहुआ थां
इसबार रोशन नें माँ कों चारपाई केँ पासखडा किया। ओर कमर कों चारपाई पर्र कर केँ पीछे सें मां कि चुत मे लन्ड ठोक दिया।
ओर कमरे मे फचाफच कि आवाजे गुजने लगी रोशनअब पूरी ताकत सें लन्ड कों चुतमै ठोकरहा थां ओर मां इस चुदाई सें थकनेलगी थि आधे घंटे कि चुदाई केँ बाद रोशन नें मां कि चुतमै अपनामाल गिरा दिया। ओर दोनो लिपटकर सोगये सुभह जाने सें पहले मां नें रोशन सें एकबार ओर सैक्स कर केँ अपनीचुत कि खुजली कों ठंडा करके दोनो विवाह मे चलेगये।
साम कों लडका दुल्हन लेकर आँ गय़ा ओरइसतरह अगलेदिन माँ अब्दुल्लाह खान केँ संग अपनेघऱ कों लोट गयीँ, घऱ पहुंचते हि खानओर मां कों जोर कां झटकालगा मेरी मां कि सगाई करने आँ रहे थें अगलेदिन ओरफिन एक् महीने मै हि मेरी माँ कि विवाह पिताजी केँ संग होँ गयीँ,
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
अब तक आपनेपढा विवाह सें लोटते हि माँ कि खुशीगुम होँ गई, ओर सगाई केँ बाद महीने मै माँ कि विवाह हौ गयीँ, 19 साल कि उम्रमै माँ कि विवाह होँ गयीँ,। नाना नें माँ कि विवाह मै दहेजमै रेडियो टेलीविज़न साइकल गाय बकरी बर्तन फर्नीचर केँ संग 30 भरी सोनाओर 1 किलो चांदी भि दि थि।
मेरे पिताजी कां परिवार बहोत गरीब थां हमारा परिवार बहुतबडा परिवार हैं 6 भइयाओर 4 बहनोमै बापू तीसरे नंबर केँ थें दादा केँ 6 भइयाओर तीन बहने थि ओरउनसब केँ इसीतरह बच्चे हैं 8 सें 10 तक पिताजी पढे लिखेओर 6 फुट केँ जवान थें।
सुहागरात केँ टाइम मां नें चुदाई केँ टाइम रोने कां नाटककर केँ पिताजी कों कुछपता नहीं चलने दिया बापू कां लन्ड भि 6 इंच कां थां माँ उससे संतुष्ट तोँ होँ जाती थि। मगरआज भि उसेखान कि यादआती थि चार महीने केँ बाद पहला सावनआया थां तौ मां अपने पिहर जाने कि तैयारी कररही थि।
ओरउसी दौरान माँ कां पाव भारी हौ गय़ा माँ बडीखुश थि वोँ मम्मी बनने वाली थि ओरफिन माँ पिहरचली गई, सावन केँ लगने सें एक् दिन पहलेओर खान चाचा बडी बेसब्री सें माँ कां प्रतीक्षा कररहे थें, मां केँ जाते हि सभी मिलकर माँ सें बडेखुश हुएओर मां कां पेट भि अब बाहर् निकलआया थां।
रात होते हि हमेशा कि तरहखान मां कां प्रतीक्षा करनेलगा मगर माँ देररात तक नहीं गई, तौ खान पेशाब करने केँ बहाने बाहर् निकला मां कों देखने गर्मीयो केँ दिन थें सब बाहर् सोरहै थें। तोँ माँ चाहकर भि नहीं आँ पाईओर खान चुपचाप जाकरलेट गय़ा अगलेदिन सुभह नानीजी खेतचले ओर बाकी माँ केँ भइया बेहन विद्यालय चलेगये।
उनके जाने केँ बादआज पहलीबार खान साहब नें दिनमै हि दोबार मां कि चुदाई करी माँ नें सोचा थां वोँ अबऐसा नहीं करेगी मगर लन्ड कि हवसऐसा करने सें उन्हे रोक नहींपाई, ओर वोँ एकबार फिन सें खान सें अपनीचुत मरवा बैठी।
सावन केँ पूरे महीने मै मां नें जमकर चुदाई करवाई ओर सावन ख़त्म होते हि मां ससुराल लोटआई, नवंबर मै माँ नें मेरीबडे भइया कों जन्म दियाओर वोँ भइया महीने भरबाद चलबसा, उसकेबाद मेरीबडी बेहन कां जन्महुआ इसतरह ससुराल मैतीन साल निकलगये ओर मेरे बापू नें अपनेशहर मै एक् साबुन फैक्ट्री डाल दि।
जिसके लिए मेरे नाना नें तीस हजार रूपये दिये थें ओरकुछ पैसेलोन ओर गहने बेचकर जमा कीयेमगर दोसाल बादउस फैक्ट्री मै घाटालग गय़ा ओरउस कारण बापू नें अब सेक्स करनाछोड दिया थां। मगर माँ कि चुत कों रोज लन्ड चाहिए थां इतनाबडा परिवार होने केँ कारणवहा मां कुछ नहींकर सकती थि। सिवाए मस्तराम किस्सा पढ़ने केँ औऱ सवयं कों संतुस्ती देने केँ, जौ माँ करना नहि चाहती थि। तौ उन्होने नाना सें बीस हजार रूपये ओर लियेओर बापू कों लेकर दूसरे शहरमै चली गयीँ,।
वहा बापू नें कपडे कि दुकान करली बाजार मैओर बाजार सें बाहर् घऱ लें लिया किराये पर्र माँ नें यहाआकर सुकून कि सासू लीओर अपनीचुत कि खुजली मिटाने केँ लिए अपने आसपास केँ घरोमै देखा, हमारे पडोसमै एक् रूपराम जाटनाम केँ पडोसी थें। बस उनकी मनिहारी कि दुकान थि, रूपराम अभि कुंवारा थां ओर हष्ट-पुष्ट जिस्म कां मालिक थां।
रूपराम कां परिवार 10 किलोमीटर दूरखेत मै हि रहता थां मगर साधन नहीं होने केँ कारण रूपराम महीने मैघऱ जाता थां एकबार मां नें रूपराम सें दुकान सें कुछ समान मंगवाया तोँ रूपराम समान लेकर आँ गय़ा साम कों मगर रूपराम साम कों घऱ पऱ नहींआया समान देने अगलेदिन जब बापूचले गये। तौ रूपराम घऱआया समान देने माँ नें रूपराम सें मेलजोल बढाने केँ लिएगरम चाय पीने कों कहा।
तौ रूपराम भि सजधजकर हौ गय़ा ओर बातचीत लगगये दोनोगरम चाय पीकर रूपराम जानेलगा तोँ,
माँ नें कहा – पैसे लेँ जाओ
रूपराम जी तोँ उसनेकहा – क्याँ भाभीजी क्याँ करेगे इतने पैसो कां
तौ मां नें – मुझे समानओर भि लेना हैं। कितना समानदे दोगे फ्री मे??
तब रूपराम नें कहा – समान केँ संगजान भि लें लो भाभीजी
“इसतरह वोँ हंसने लगे”
तोँ माँ नें कहा – रूकोमै लिस्ट ला देतीहू
फिन माँ नें समान कि लिस्ट पकडा दि रूपराम साम कों समान लेँ आया,
मगरआज कि तरह वोँ अगलेदिन हि घऱआया पिताजी केँ जाने केँ बाद माँ नें रूपराम केँ हाथमै थैला देखा,
तोँ कहा – इतना क्याँ समान लें आए,
तौ कहा – आप् हि देखलो
माँ नें थैला देखा तोँ उसमे 6-6 पीस ब्रा पेटी केँ थें
माँ नें कहा – मुझे मात्र दो जोडी चाहिए
तौ रूपराम नें कहा – आपनेरंग नहीं लिखा तौ तीनरंग केँ आयाहू, पहन केँ देखलो, जोँ मनपसंद आए वोँ रख लेना, मै बाहर् बैठाहू!
माँ अंदर जाकर ब्रा पहनने लग गई, ओर पहनते हुए रूपराम कों आवाज़ लगाकर कहा – रूपराम यह साइज कोनसा हैं… आँ हि नहींरहा हैं!!!
रूपराम नें कहा – अंदरआकर देखू क्याँ?!!
मां नें कहा – आँ जाओ मां सें तबतक ब्राबंद हुई नहीं थि
तौ रूपराम सें कहा – देखोबंद हि नहीं हौ रही हैं, तुम् बंदकरो जराइसे…
रूपराम नें ब्रा घसीटकर बंदकर दि ओरकहा – यह तौ 40 साइज हैं आपने 38 मांगी थि तौ कैसै आएगी
यह सुनकर मां नें कहा – तुमको कैसैपता 40 हैं
तोँ रूपराम नें कहा – मेराकाम हि यही हैं भाभीजी इतनी टाइट पहनोगी तोँ छाती दर्द करनेलग जाएगी
तौ माँ नें कहा – कल कालेरंग कि 2 40 नबर कि ब्राला देनाओर दो पेटीरख ली
रूपराम नें पूछा – भाभी पेटी तौ पूरीआयी हैं नां
माँ नें कहा – वोँ पूरी आँ गई, हैं
तौ रूपराम नें कहा – मुझेलग रहा हैं वोँ भि छोटी हैं
माँ नें – लास्टिक ढीला होने केँ बाद अपने आप् निकलने लग जाती हैं इसलिये छोटी मंगवाई हैं
तोँ रूपराम नें कहा – मै बढिया लाकरदे दूंगा आप् चितामत करो
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इसतरह अगलेदिन,
रूपराम दो कालेरंग कि 40 नबर कि ब्राओर दो कालेरंग कि 95 नबर कि पेटी लेकर आँ गय़ा। मां नहा धोकर रूपराम कां हि प्रतीक्षा कररही थि रूपराम कों गरमचाय बनाकर दि ओर ब्राओर पेटी कमरे मे रखकर बाहर् आँ गयीँ, तब,
रूपराम नें – भाभी पहनकर देखलो कही छोटीबडी हौ तोँ मैयही हू
“माँ कों भि मोकामिल गय़ा”
माँ नें कहा – तुम् बैठोमै अभि पहनकर बताती हू मां घऱ पऱ नाईटी पहनकर रहती थि उन्होने नाईटी उतारकर ब्रा पेटी पहनीओर नाईटी पहनकर रूपराम कों आवाज़ लगाई। रूपराम भि प्रतीक्षा कररहा थां मगर अंदर जाते हि उदास होँ गय़ा।
“मां समझ गयीँ,, ”
माँ नें कहा – रूपराम यहसही हैं बिलकुल बहोत आरामदायक हैं ओर अंदर हि अंदरहंस रही थि
रूपराम नें कहा – अब क्याँ पता आपने पहनी हैं केँ नहीं
तौ माँ बोलि – मुझे लज्जा आती हैं
तौ रूपराम नें कहा – कल भि तौ देखी थि भाभीजी!!
तोँ मां बोलि – ठीक हैं,
माँ नें नाईटी खोल दि ओर ब्राओर पेटीमै माँ कों देखकर रूपराम केँ लन्ड कां उभार पजामा मै दिखने लगा माँ कों मां कि Antarvasna हवसअब जाग गयीँ, थि।
मां नें रूपराम कों कहा – अबठीक हैं याँ कल कि तरहबंद कर केँ देखोगे तभी मानोगे
“रूपराम भि समझ गय़ा यह चुदना चाहती हैं”
रूपराम जल्द सें गेटबंद कर केँ कमरेमै आँ जाता हैं मां अभि भि पीठ घुमाकर आधी नंगीखडी थि, रूपराम नें ब्रा खोलकर बाहर् निकाल दि,
तोँ रूपराम नें कहा – भाभीजी पता तौ तभी चलेगा
ओरयह कहकर वोँ माँ कि तरफबढा मां पीठ घुमाकर खडी होँ गई,
ओरकहा – जल्द सें बंदकर केँ देखोगेट खुलापडा हैं कोई आँ जाएगा
तब रूपराम नें कहा – भाभी आप् रूकोमै एक् मिनटमै गेटबंद कर केँ आताहू
मां नें कहा – यह क्याँ कररहै??
तौ कहा – भाभीजी रूको तोँ सही
ओर मां कां मुह घुमाकर अपनीतरफ कर लियाओर कमरमै हाथ डालकर मां कों अपनी छाती सें चिपा लियाओर मां केँ नंगे शरीर पऱ हाथ घुमाने लगा। मां गरम सांसे छोडने लगी – आहै भरनेलगी,
रूपराम नें मां केँ दोनो बोबो कों कसकरदबा दियाओर माँ कि चोर कि अहह निकल गयीँ, रूपराम नें माँ केँ होठो पऱ अपनेहोठ रखेओर चुमना शुरुआत कर दिया। माँ नें भि रूपराम केँ होठो कों अपने होठो सें जोर सें चुसना शुरुआत कर दियाखडे खडे दोनोदस मिनट मिनट एक् दूसरे कों चुसते रहै।
फिन रूपराम नें मां कों बेड पर्र पटककर उसकी पेटी निकाल दि ओर अपना कुर्ता पजामा खोल दियाओर माँ केँ ऊपर लेटकर माँ केँ होठो कों चुसने लगे माँ केँ बोबस दबाने लगा मां नें भि रूपराम केँ कच्छे मैहाथ डाल दिया उसके लन्ड कों महसूस करने केँ लिए रूपराम कां लन्ड भि 6 इच लंबाओर 3 इच मोटा थां।
मोटा लन्ड देखकर मां कि चुत सें पानी निकलने लगाओर मां नें रूपराम कों कसकरपकड लिया रूपराम कुवारा जरूर थां मगरमगर एक् नबर चोदू थां।
उसनेदेर नां करतेहुए अपना कच्छा उतारकर लन्ड पऱ थूक लगाकर मां कि चुत पर्र सेट करकेजोर कां झटका मारा रूपराम कां आधा लन्ड चुत केँ अंदरचला गय़ा ओर दूसरे झटकेमै पूरा लन्ड चुतमै समा गय़ा। रूपराम नें फिन अपने कुवारे लन्ड सें माँ केँ भोसडे कि चुदाई शुरुआत कर दि, माँ औऱ पडोसी कि चुदाई चालू हौ गई।
मां भि कुंवारे लन्ड सें चुदकर आजखुश हौ रही थि। दोनोजने जोरदार चुदाई करतेरहै बहुतदेर माँ नें दस मिनटमै पानी छोडा, तौ रूपराम नें 15 मिनट कि चुदाई कि बाद मां कि चुत कों गर्मा गरम वीर्य सें भर दिया थां।
इसतरह माँ नें दो महीने मै अपना पहला शिकार ढूढ लियाअब माँ निश्चित हौ गयीँ, इधर पिताजी कां काम भि ठीक चलनेलगा ओर उन्होने एक् जीप लेँ ली थि कपडे सप्लाई केँ लिएओर कुछ महीने बाद रूपराम कि विवाह होँ गयीँ,। तोँ उसने आनांछोड दियाइस बीच माँ बापू कि चुदाई केँ चलते मां गर्भवती होँ गई, ओर मेरा जन्म नवंबर मैहुआ!!
माँ कि विवाह कों 6 साल होँ गये थें अब तक मेरे जन्म केँ बाद मां नें ऑपरेशन करवा लिया थां जिसके बाद माँ बिलकुल फ्री थि ओर बापू नें अब सीकरमै अपना घर-मकान भि लें लिया थां। बडी बेहन 3 साल कि होँ गई, थि बापू कां काम अच्छा चलनेलगा तोँ बापूघऱ सें बाहर् रहनेलगे।
कपडे कि दुकान पर्र काम करने वाले लडकेओर जीप ड्राइवर कि नजरअब माँ पऱ थि मां कि चुत कों भि लन्ड कि जरूरत थि !
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Aage kya hua? Next part padhiye
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