MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
नासिर कि जोरदार चुदाई केँ बादआज मां कों सुकुन कि नीदआई मां अगलेदिन सुभह जल्द उठकर सारा कामकाज जल्द सें समाप्त कर केँ नासिर केँ आने सें पहले हि सजने संवरने लगी थि। माँ नें आज नासिर कों खुश करने केँ कालेरंग कि साडी पहनी थि। हमारे परिवार मै वैसे तौ महिलाए कालेरंग कि साडी नहीं पहनती मगर मां कों कालारंग बहोत मनपसंद थां इसलिये वोँ चोरी सें यहा अकेली हि रहती थि।
तौ पहन लेती थि कभीकभी माँ कालेरंग कि साडीमै हीरे कि तरहचमक रही थि मां नें लालरंग कि लिपस्टिक लगाई मांगभरी ओर मंगलसूत्र केँ संगआज सोने कि चुडिया भि पहनीकमर मे तागडी बांधकर माँ आज दुल्हन कि तरहसज रही थि। मां बाजार सें फुल लेने गई, तौ बाजार मे मां कों देखकर बडे बुढे लन्ड मसलकर आहे भरनेलगे माँ गुलाब केँ फूल लेँ आईओरबेड पर्र फुलो कों बिखेर दिया मां आज बहोत खुश थि ओरइधर दोपहर केँ वक्त दरवाजे पऱ दस्तक हुईँ।
तोँ माँ कि धडकने बढ गयीँ, ओर मां भागकर दरवाजा खोलने पहुंच गई, दरवाजा खोलते हि मां दरवाजे केँ साइडमै हौ गई, नासिर नें आवाज़ लगाईकोई हैं क्याँ तौ मां नें नासिर केँ बाजु कों पकडकर अंदरखीच लियाओर दरवाजे कों अंदर सें बंदकर दियाओर भागकर अंदर आँ गयीँ,।
नासिर भि मां केँ पिछे पिछे अंदर पहुँचा तोँ मां पीठकर केँ खडी थि दूसरे कमरे मे नासिर नें पीछे सें बाहो मे भरकर मां कि गर्दन कों किस कीयाओर अपनीतरफ घुमाकर,
कहनेलगा – आज सें स्वर्ग सें अप्सरा उतरआई हैं
मेरेलिए यह सुनकर मां नें आखेबंद करलीओर नासिर नें मां कि लाल लिपस्टिक कों चुसना शुरुआत कर दिया। मां भि नासिर केँ होठो कों जोर सें चुसना शुरुआत कर दिया थां। पांच मिनट कि किस केँ बाद,
मां नें नासिर कों रोकते हुएकहा – थोडा सब्र तौ करलो
यह सुनकर नासिर नें कहा – भूखे व्यक्ति केँ आगे रोटी पड़ी होँ तोँ वोँ कुछ नहीं देखता
माँ नें कहा – आओ अपने कमरे मे चलेगे
मां नें नासिर कों पानीगरम चाय केँ लिए पूछा
तौ नासिर नें कहा कि – वोँ एक् दावत सें आँ रहा हैं वहा बकराबना थां तौ कुछ अधिक हि खा लियागला सूखरहा हैं पानी लेँ आओ
माँ नें मटके सें नासिर कों गिलास भरकर पानी पिला दिया नासिर नें मां कों आखेबंद करने कों कहाओर दरवाजे कि तरफ गय़ा मां आखे खोलकर देखने लगी,
तोँ नासिर नें कहा – मेरीशपथ हैं अगरआखे खोली तोँ
माँ नें अब आंखें खोलने कि कोशिश नहि कि इतनीदेर मै नासिर नें मां कों अपनेहाथ आगे करने कों कहा नासिर नें माँ केँ हाथमै लिफाफा पकडवा दियाओर आखे खोलने कों कहा,
नासिर सें मां नें पूछा – यह क्याँ हैं चेयरमैन साहब?!!
नासिर नें कहा – चेयरमैन दुनिया केँ लिए तुम्हारा तोँ घरवाला हू
माँ नें जल्द सें लिफाफा खोला तौ उसमेलाल रंग कि साडी काले, ओर लालरंग कां सुट, एक् लाल, ओर कालारंग कि गाऊन केँ संग एक् लालओर कालेरंग कि ब्रा पेटी कां सेट थां।
मां कों आज तक बारह लोगो सें चुदाई करवा चुकी थि मगर मां कों कीसी नें कोई गिफ्ट नहीं दिया थां मां कि आखो सें आंसू निकलगये ओर वोँ नासिर केँ गले लगकर रोनेलगी। नासिर नें गले लगाकर मां कों चुप करवा,
ओरकहा – क्याँ हुआ रोने क्योलगी?!
तौ मां नें कहा – मैने सोचा तुम्हे केवल मेरीचुत सें मतलब होगामगर तुम् तौ सचमै एक् अच्छे व्यक्ति निकले।
ओर मां फिन सें रोनेलगी ओर कहनेलगी – विवाह केँ बाद बिनाकहे मेरे पति नें कुछ नहीं लाकर दिया हैं आजतक
नासिर नें कहा – आज सें तुम् मुझे अपना पति मानलो, चाहो तोँ निकाह भि करवा सकती होँ, अपनेपती कों छोड़कर मै अकेला हि हू, मेरी बीबी भि अल्लाह केँ घऱचली गई, विवाह केँ दोसाल बाद, बस एक् बेटी हैं।
आगे पिछेयह कहकर नासिर भि भावुक होँ गय़ा ओर मां केँ गलेलग गय़ा तब मां नें नासिर केँ आंसू पूछे,
ओरकहा – आओ अंदरचले कमरे मे
लाईट जलते हि नासिर कि आखेफटी रह गयीँ, मां नें कमरे कों बहोत हसीन सजाया थां गुलाब केँ फुलो कि खुशबु सें कमरेमै अलग हि तरह कां माहोल बन गय़ा थां मां अबबेड पर्र जाकरबैठ गयीँ, नासिर भि अब माँ केँ पासआकर बैठ गय़ा ओर माँ केँ हाथ कों पकडकर चुम लिया। ओर बेड पऱ बडे फुलोओर पतियो कों अठाकर माँ केँ ऊपर डालने लगा माँ भि नासिर केँ उपर फुलो कि पतियो कों डालने लगी नासिर नें अब मां केँ हाथ कों पकडकर अपनीओर खींच लिया।
माँ एक् झटके मे हि नासिर कि बाहो मे समा गई, नासिर नें माँ केँ होठो पऱ अपनेहोठ रखकरकीस करना शुरुआत कर दिया। माँ नासिर कि पीठ पर्र हाथ सहलाने लगीओर नासिर नें किस करतेहुए मां केँ ब्लाउज कों खोल दिया ब्लाउज कों खोलकर किस करतेहुए मां कि कमर पऱ हाथ लें जाकर मां कि ब्राखोल दि ओर मां केँ दूध कों दबाने लगा।
माँ भि पजामे केँ ऊपर सें नासिर केँ लन्ड कों पकडकर दबारही थि जोर सें तभी नासिर नें माँ कों खडा कियाओर साडी कों घसीटकर मां कों अधनंगी कर दिया मां नें पेटीकोट कां नाडा स्वयं हि खोलकर अपनी पेटी उतार दि ओर नासिर केँ कपडे खोलने लगी।
नासिर केँ सब कपडे खोलकर मां नें हाथ पकडकर नासिर कों अपनेसंग बेड पर्र गिरा दिया नासिर नें अब माँ कों पेरो सें चुमना शुरुआत कीयाओर जाघो तक जीभ सें चाटने लगा। नासिर नें मां कि चुत पऱ कीस कीया मां सहमउठी नासिर नें फिन मां कि नाभी कों चाटाकई देर तक नासिर अब माँ केँ दूध कों दबाकर पीरहा थां।
नासिर नें माँ केँ होठो कों किस करना शुरुआत कीयाओर अपनीदो उंगली चुत मे डाल दि चुत मे उंगली डालते हि मां मचलउठी ओरदो मिनटमै हि माँ कि चुत सें रस बहनेलगा नासिर नें अब मां कि टांगो कों फैला दियाओर लन्ड चुत पऱ रखकर एक् झटकेमै मूसल जैसे काले लन्ड कों मां कि चुतमै ठोक दियाओर फिन नासिर मां कि चुत कां भोसडा बनाने मे जुट गय़ा। उसने मां कां भोसड़ा खोल दिया थां अपने लम्बे मंजबूत लन्ड सें।
दस मिनट कि चुदाई मे मां झडनेलगी तौ नासिर नें मां कों उल्टा लेटा दियाओर उसकेउपर होकरचुत मे लन्ड उतार दिया मां उल्टी सोकरआज पहलीबार चुदाई करवारही थि नासिर गर्दन कों चुमरहा थां ओर मां केँ दूध कों दबाते हुए माँ कि चुदाई कररहा थां।
इसबार माँ नें 15 मिनटलगा दिया झडने मे माँ केँ झडते हि नासिर नें माँ कों बेड पऱ खडाकर लियाओर माँ कि जाघो मे हाथ डालकर अपने लन्ड पर्र बिठा लियाओर बिस्तर पर्र खडेखडे वोँ मां कि चुदाई करनेलगा पांच कि मिनट कि चुदाई केँ बाद,
माँ नें कहा – अब गोदीमै लेँ लो… नासिर ओरबैठ जाओ!!
नासिर नें कल कि तरह माँ कों गोदी मे लियाओर अपने लन्ड पऱ बैठा लियाफिन दोनो एक् दूसरे कि कमर पऱ टांगे लेपटकर किस करनेलगे। नासिर नें नीचे सें झटके मारने शुरुआत कर दियेओर दूध कों पीनेलगा मां एक् घंटे कि चुदाई सें अब थकनेलगी थि ओर नासिर भि अब झडने वाला हि थां।
दोतीन बाद माँ केँ झडते हि नासिर भि मां कि चुत मे झड गय़ा ओर थककर मां केँ ऊपर हि लेट गय़ा ओर पसीना सुखाने लगा पसीना सुखते हि नासिर खडे होकर कपडे पहनने लगा, मगर मां अभि भि बेड पऱ पड़ी सुस्ता रही थि।
नासिर नें कहा – अबउसे जानां होगाओर वोँ कलफिन आएगायह सुनकर माँ खडी हुईँ ओर गाऊन पहनकर नासिर केँ गलेलग गयीँ, ओरउसे चुमने लगी। !!
तौ दोस्तो इसतरह नासिर ओर माँ कि अय्याशी भि चारसाल तक चलतीरही चारसाल बाद कपडे केँ होलसेल कामओर हमारी पढाई लिखाई केँ चलते जयपुर मै शिफ्ट हौ गये। सीकरमै घर-मकान किराये पऱ दे दियाइसी केँ संग मां एकबार फिन दुःखी हौ गई,।
मगर मां केँ शरीर केँ हजारो दिवाने थें जोँ भि देखता वोँ चुदाई केँ लिए सोचता जरूर जयपुर आकर माँ केँ रंगढग बदलने लगे जयपुर मै मां कों लेकरजब बापू अपने दुकानदारो कि शादीयो मैगये तोँ मां नें वहा जिन्स ओरटॉप पहनी ओरतो कों देखकर बापू कों जिन्स ओरटाप पहनने कि ईच्छा जताई।
बापू भि माँ कां कहा मानते थें हमेशा मेरे नाना बहुतदबा ओर पेसैवाले थें जब भि पिताजी कों पेसै कि जरूरत पडती तोँ मां मायके सें पेसै लेँ आतीओर वापिस देआती इसी कारण बापू मां कों कभीमना नहीं करते थें। आज भि मां कां फिगर देखकर लगता हैं वोँ चालीस कि हि हुइ हैं माँ नें अब जीन्स ओरटॉप पहनना शुरुआत कर दियाओर हमारा दाखिला इंग्लिश मिडियम मै करवा दिया।
पिताजी नें माँ घऱ पर्र पजामा औऱ टी-शर्ट पहनकर रहनेलगी इसतरह जयपुर आए 6 महीने निकलगये ओर माँ कि चुत कि आग Xforum फिन सें भडकने लगी थि। पिताजी नें जयपुर केँ आर्दश नगर मे अपना घर-मकान लेँ लियाओर एक् गाडी भि लें ली थि
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
मेरी मां अब राजधानी मे आकरशहर कि हाईफाई लाइफस्टाइल मै जीनेलगी मगरचुत कि आग केँ आगे वोँ फिन सें बेबस होनेलगी औऱ एक् बारफिन मां कों एक् लन्ड कि तलाश थि। जौ उसकीचुत कि आग कों बुझादे।
जैसा कि आपकोपता हैं अभि तक मां नें केवल देहात कि तरह हि सैक्स किया थां मतलब नाँ लन्ड चूसा थां नाँ हि अपनीचुत कों चटवाया थां मै 10 साल कां होँ गय़ा औऱ मेरी बड़ी बेहन 12 कि। मां जीन्स टॉप पहनकर हमे स्कुल बस पर्र छोड़ने जाती थि औऱ फिनघऱ आकर अपनेकाम मे लग जाती। पिताजी नें वाहन पर्र ड्राइवर रख लिया थां ड्राइवर कां नाम सलीम थां।
सलीम कि उम्र 35 साल थि सलीम बहोत हि खूबसूरत औऱ नौजवान युवक थां सलीम केँ चार बच्चे थें सलीम छोटी चौपड़ कां रहने वाला युवक थां। सलीम कां आजजॉब पऱ पहलादिन थां सलीम पिताजी कों छोडने घऱ पर्र आया तोँ पिताजी नें माँ सें उसका परिचय करवाया सलीम कों देखते हि माँ कों अपना अगला शिकार मिल गय़ा।
सलीम नें भि मां केँ पजामे ओर टीशर्ट मैनजर डालकर पूरा शरीरताड लियाओर हंसकर नमस्कार कि मां नें सलीम कों गरमचाय पानी कां पूछा तोँ सलीम नें मनाकर दिया। सलीम गाडी लेकर अपनेघऱ चला गय़ा सुभह सलीम गाडी लेकर 9 बजे हि घऱ पऱ पहुंच गय़ा मां नें देखा तोँ पिताजी ओर सलीम केँ लिएगरम चायबना दि ओर सलीम बाहर् खडा थां।
तोँ आवाज़ लगाकर अंदर बुला लियाओर कहा सलीमगली मैमतखडे हुएकरो बाहर् केँ कमरेमै बैठ जायाकरो सलीम चुपचाप अंदरआकर बैठ गय़ा माँ गरमचाय देने झुकी तोँ सलीम कों खुली टीशर्ट सें अपने 40 कि चुचीयो केँ दर्शन करवा दिये। चुचियो कों देखकर सलीम नें अपने होठो पऱ जीभ फेरकर अपने इरादे जता दिया सलीम नें गरमचाय पी औऱ बापू कों लेकर दुकान चला गय़ा।
अब बापू नें कहा – खानां लेने दोपहर मे सलीम आँ जाया करेगा औऱ सलीम भि खानां यही पर्र खा लिया करेगा,
यह सुनकर मां नें कहा – ठीक हैं
मगर बापू केँ सामने मुंहबना दिया ताकीलगे वोँ खुश नहीं हैं मगर अंदर सें मां बहोत खुश हौ रही थि उनके जाते हि माँ नें खानां बनाया ओर नहाने चली गई, बाहर् आकर मां नें आज कालेरंग कि जीन्स ओरलाल रंग कां टॉप पहनाओर खुलेबाल लाल लिपस्टिक लगाकर मां सलीम कों रिझाने केँ लिए पटाका बनकर सजधजकर हौ गई,।
दोपहर केँ वक़्त जब डोरबैल बजी तोँ माँ बाहर् जाकर दरवाजा खोल दियाओर सलीम कों देखकर हंस दि सलीम नें भि मां कों सलाम किया औऱ टिफिन लाने कों कहा,
तोँ माँ नें – तुम् तोँ यहीखा लो उनका खानां मेने टिफिन डाल दिया हैं
यह सुनकर सलीम अंदरआकर कमरे मे बैठ गय़ा माँ सलीम केँ लिए खानां लेकर कमरे मे गयीँ, ओरमेज पर्र झुककर थालीरखी तोँ टॉप सें माँ केँ दूध बाहर् निकलगये। इतनेबडे दूध देखकर सलीम कि आखेफट गई, मां रोटी लानेचली गयीँ,।
इसतरह मां नें तीनचार बार सलीम कों अपनी चुचियो केँ दर्शन करवा दिये सलीम कां लन्ड भि उसकीपेट मे उभारबना चुका थां। जिसे देखकर मां कि चुत मे खुजली चलनेलगी खानां खाकर सलीम टिफिन लेकरचला गय़ा।
साम कों।
जब सलीम पिताजी कों छोडने आया तौ माँ नें पिताजी ओर सलीम कों गरमचाय बनाकर दे दि सलीम कों गरमचाय देने केँ बहाने एकबार ओर मां नें दूध दिखा दिये सलीमअब कार लेकरचला गय़ा।
अगलेदिन सुभह।
सलीम 9 बजेघऱ पहुंच गय़ा ओर कमरे मे आकरबैठ गय़ा मां गरमचाय लेकर सलीम कों देआईफिन माँ पोचा मारते हुए कमरेमै पहुच गई, माँ कि टीशर्ट मे मां केँ दूध लटकते देख सलीम कां लन्ड पेटमै तनतना उठा। फिन माँ नें सलीम कि तरफ अपनी गांडकर लीओरमेज ओर सोफे केँ नीचे पोछा लगाने लगी।
मां कि बडी गांडआज सलीम पहलीबार देखरहा थां पजामा मां कि बडी गांड केँ बीच घुसापडा थां। सलीमयह देखकर अपने लन्ड कों मसलने लगा मां सलीम कि हवस कों भड़काकर बाहर् पोचा मारकर अंदरचली गयीँ,। कुछदेर बाद सलीम बापू कों लेकर दुकान चला गय़ा माँ नें उनके जाते हि खानां बनाया ओर नहाने चली गई,।
मां नें आज झाटो कि सफाईकर ओर कांख केँ बाल भि साफकर लिये। माँ नें आज कालेरंग कां पारदर्शी गाऊन पहनाओर ब्राओर पेटी नहीं पहनी मां अपनाबदन दिखाकर सलीम कि कामवासना भडकारही थि।
दोपहर मे सलीमजब खानां लेनेआया तौ माँ नें दरवाजा खोला मां कों पारदर्शी गाउन मे देखकर सलीम मां केँ जिस्म कों घूरकर तोड़ने लगा। यह देखकर माँ कि चुतमै खुजली शुरुआत हौ गई, सलीम सोफे पर्र बैठ गय़ा माँ आज पहले पानी लेकरआई ओर खानां डालने कां पूछने लगी, गिलास लेते टाइम सलीम नें माँ कि उंगलियों कों छुवा।
मां नें सलीम कि इस हरकत पऱ हंसकर उसे खुला आमंत्रण दे दिया, पानी पीतेसमय मां वहीखडी रहीओर सलीम भि पानी पीते पीते माँ केँ दूध कों घुररहा थां। मां नें सलीम कों दुबारा खाने कां पूछा,
तोँ सलीम नें कहा – आज थोडा सिर दर्द हौ रहा हैं आप् गरमचाय पिलादे, आप् गरमचाय बहोत अच्छी बनाती हैं! खानां दुकान पऱ हि खा लूगाबाद मे…
मां नें कहा – चलोठीक हैं
तभी माँ अंदर सें बाम लेँ आईओरकहा – सिर पऱ लगाकर मालिश करलो
सलीम नें कहा – मुझे मालिश करनी नहींआती ओर नां हि कभीबाम लगाया हैं मेने
तोँ मां नें कहा – मैलगा देतीकोई बात नहीं
सलीम नें कहा – आप् रहतेदो। सेठानी जी…
माँ नें कहा – क्यो? क्याँ हुआ?! सिरदर्द रूक गय़ा?
तौ सलीम नें कहा – नहीं सिरदर्द तोँ बहोत तेज हौ रहा
तोँ मां नें कहा – चुपचाप बैठेरहो
औऱ माँ सलीम केँ सामने आकरखडी होँ गई, सलीम कों अब मां कि चुत भि दिखाई देनेलगी, कमरे कि खिडकी कां पर्दा लगाकर मां नें ट्यूबलाइट जला दि जिससे माँ कां अंगअंग गाऊन केँ अंदर सें दिखने लगा। माँ नें थोडा सां बाम निकालकर सलीम केँ सिर पऱ लगा दियाओर मालिश करनेलगी।
सलीम नें अपनी टांगे चोडीकर रखी थि माँ सलीम केँ ऊपरझुक कर मालिश करनेलगी सलीम केँ मुह पर्र मां केँ दूधछू रहे थें। जैसे हि मां हिलती दूध सलीम केँ मुह कों टच करते मां नीचेआखे करकेअब पेट मे सलीम केँ खड़े होँ रहे लन्ड कों देखने मे लगी। सलीम नें धीरे-धीरे सें अपनेहाथ मां कि कमर पऱ रख दियेओर मां कि तरफ देखा तोँ मां नें हंसकर सलीम कों सहमति दे दि।
सलीम कि गांडफट रही थि औऱ वोँ मन हि मनयहसोच रहा थां ऐसा केवल Antarvasna Sex kahani मे हि पढता थां औऱ मुठ मरता थां। यह देखकर सलीम नें हिम्मत कर केँ अपने हाथो कों माँ कि गांड पर्र लेँ जाकर गांड कों सहलाने लगा गांड कों सहलाते हि माँ कसमसा उठीओर उनकीअहह! निकल गयीँ,। अहह निकलते हि सलीम नें माँ कों घसीटकर अपने सीने सें लगा लियाओर माँ केँ होठो पर्र होठ रखकरकीस शुरुआत कर दिया।
सलीम नें अपनेहाथ सें गाऊन कों साईड सें नीचे खिसकाकर गाऊनकमर पऱ लें गय़ा ओर मां कि चुचियो कों दोनो हाथो सें जोर सें दबाने लगा। माँ कि चुत कि kamukta कि आगभडक उठी थि। माँ सलीम केँ होठो कों किस कीयेजा रही थि पांच मिनटकिस करने केँ बाद माँ कि चुत सें रस निकलने लगा जिससे मां कां गाऊनभर गय़ा ओर सलीम कि पेट भि गीली होँ गयीँ, थि।
मगर दोनो कों इससेकोई फर्क नहींपडा ओर वोँ लगेरहै मां नें खडे होकर सलीम कों अंदर चलने कों कहा माँ नें अंदर जाते हि गाऊन कों नीचेकर टांगो सें निकाल दियाओर नंगी होकर बिस्तर पर्र सो गई,। सलीम नें भि फटाफट अपने कपडे खोलेओर कच्छा पहनेहुए माँ पऱ लेटकर किस करनेलगा ओरदूध पीनेलगा माँ सें बर्दाश्त नहीं होँ रहा थां।
माँ नें अब सलीम केँ कच्छे मे अपनाहाथ डाल दियामगर माँ कां सारा आनंद हि किरकिरा हौ गय़ा, सलीम कां लन्ड केवल 5 इंच कां हि थां औऱ 2 इंच मोटा हि थां।
मां नें अब तक मूसल जैसे लन्ड खाये थें। मेरीहर Sex kahani मे औऱ हरबार अब तक माँ कि बुर कां भोसड़ा बना हैं। तोँ उसेयह केसे पसन्द आता तभी सलीम नें कच्छा उतार दियाओर मां कि टांगे फैलाकर अपना लन्ड चुत मे उतार दिया।
मां कों तौ पता हि नहींचला दस मिनट कि चुदाई मे माँ एक् बारफिन सें झड गयीँ, ओर जल्द सें कपडे पहनकर सलीम कों खानां देकर रवाना कर दिया।
माँ नें रात कों पिताजी केँ संग सैक्स कीयाओर सलीम कों नोकरी सें निकालने केँ लिएपटा लिया औऱ इसतरह तीनदिन मै सलीम मेरी माँ कि चुत मारकर हमेशा केँ लिएचला गय़ा। तौ कैसीलगी आपको मेरी माँ कि औऱ Driver Sex kahani मज़ाआया नां? मगरइस अधूरी चुदाई सें माँ कि कामवासना ओरभडक उठी।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
सलीम नें माँ कि कामवासना कों भड़काया औऱ मां नें सलीम कि छुट्टी करवा दि अबआगे मां अब कामवासना मे जलरही हैं। मां कों जल्द हि दमदार चुदाई कि जरूरत थि औऱ माँ अबचुत कि आग ठंडी करने केँ लिएकोई मर्द तलाशकर रही थि।
अब अपनी मम्मी औऱ जवान लड़के कि चुदाई किस्सा पर्र आते। “जहा चाहवहा राह” ईश्वर नें मां कि पुकार सुनली जल्द लगभग हफ्ते भरबाद हमारे पडोसमै एक् किरायेदार दंपती रहनेआई। उस दंपती मे पति पत्नि औऱ उनका एक् नौजवान बेटा थां, वोँ दोनो सरकारी जॉब मे थें तौ रविवार कों हि घऱ पर्र रहते बाकी सुभह जल्द जातेओर साम कों आते।
उनके लड़के कां नामरवि थां रवि भैया कि उम्र 25 कि थि वोँ भि सरकारी जॉब कि तैयारी कररहे थें घऱ पऱ माँ नें अंकल आंटी सें मेलजोल बढ़ा लिया औऱ,
रवि कों कहा – कोईचीज कि जरूरत हौ तोँ निसंकोच घऱ पऱ आँ जानां
रवि भैया देर तक पढाई करते थें तौ सुभहलेट हि उठते थें औऱ फिन वोँ स्वयं हि गरमचाय बनाते औऱ ऊपर जाकरगरम चाय पीते टहलते टहलते फिन फ्रेश होकरनहा धोकर नीचेआकर पढ़ने लग जाते। मां नें यहबात नोटकर ली थि जैसे हि रवि केँ ऊपरआने कां वक़्त होता वेसै हि माँ भि कपड़े सुखाने ऊपरचली जाती औऱ कपड़े सुखाकर लास्ट मै अपनी ब्रा औऱ पेटीरवि कि तरफ लेँ जाकर सुखाती। रवि मां कों देखते हि हंस देता औऱ गरमचाय कां ऑफरदे देता।
एक् दिन,
मां नें कहा – आज तौ काम बहोत ज़्यादा हैं गरमचाय पी हि लेतीहू तुम्हारी
रवि नें भि हंसते हुएकहा – हा भाभी आप् कपडे सुखाओ मै अभि बना लाताहू
ओररवि भैया गरमचाय बनाने चलीगये, रवि भैया पांच मिनटमै हि गरमचाय बना लाये मां कां गाऊन गीला होने सां माँ कि ब्राओर पेटीचमक रही थि। गरमचाय देतेसमय पहलीबार रवि भैया नें माँ कि जवानी केँ दर्शन करें औऱ खोगये। मां नें चुचियो कों दिखाने मे कोईकसर नहि रखी।
गरमचाय पीतेहुए मां नें कहा – रवि खानां भि बना लेते हौ याँ गरमचाय हि बनाते हौ?!
तोँ रवि नें कहा – भाभी खानां भि बना लेताहू इसपर
माँ नें कहा – अपनी भाभी कों कब खिलारहे हौ
तोँ रवि नें कहा – जब आप् कहे
मां नें कहा – तौ आज हि बनालो शुभकाम मे देरी क्यो औऱ हंसने लगी
माँ नें कहा – रविसाम कों भि आँ जायाकरो उपरमै भि अकेले बोर हौ जातीहू तुमसे कुछदेर बतला लिया करूगी!!
रवि भि यह सुनकर खुश होकर बोला – जरूर भाभी!!
साम कों पाचबजे आँ जानां 6 बजे तोँ मां बापू आँ जाते हैं
यह सुनकर माँ नें कहा – मां बापूआने नहि देंगे क्याँ औऱ हंसने लगी
रवि भि हंसने लगा…
माँ नें कहा – चलोरवि साम कों मिलते हैं फिन
तौ रवि नें कहा – भाभी दोपहर मे खानां नहीं खानां क्याँ
माँ बोलीं – रविमै तोँ मजाककर रही थि
तौ रवि नें कहा – भाभीडरो मत खानां भि अच्छा बनाता हू
मां नें कहा – चलोठीक हैं कितने बजेआऊ बताओ
रवि नें कहा – आप् दोबजे आँ जानां भाभी
रवि नें मां सें पूछा – भाभी आपको सब्जी कौन सि मनपसंद हैं मै लें आताहू
मां नें कहा – जोँ तुम् बनाओवही पसन्द हैं बस मिर्च ज़्यादा रखना
रवि नें कहा – मिर्च कि आपको क्याँ जरूरत आप् तौ मिर्च सें भि तीखीलग रही हैं!
मां नें कहा – रवि इतनी जल्द केसेपता लग गय़ा तुम्हे, अभि तोँ चखा हि नहीं मेरा टेस्ट!!
तोँ रवि नें कहा – आज अपना टेस्ट भि चखा देना भाभीओर हंस दिया
माँ नें भि मोका देखकर कहा – सोचलो मेरे टेस्ट कि आदत नां लगजाए कही
तोँ रवि नें कहा – भाभीऐसी आदत तोँ कभी छुटे नां औऱ पंजामै मै अपने लन्ड कों खुजा दिया मां नें पजामे पऱ नजर डाली तोँ मां भि खुश होँ रवि कां लन्ड मूसल सां दिखाई देरहा थां।
माँ नें कहा – चलोरवि आतीहू मैदोबजे सजधजकर रहनाआज तुम् देखती हू भाभी कों खुश करेगा भि याँ फिन बाते हि बनाते हौ!!
तोँ रवि नें कहा – भाभी पांचबजे तक सारी खुशीमिल जाएगी औऱ याद हि रखोगी सदा!
माँ नें कहा – चलोमै भि अपनीसाफ सफाईकर केँ नहा लेतीहू तुम् भि अच्छे सें साफ सफाईकर लेना,
रवि इसका मतलबसमझ गय़ा ओर कहनेलगा – भाभी चिंता मतकरो शिकायत कां कोई मौका नहि मिलेगा आजबस आप् आँ जाओ एकबार, यह कहकर दोनोचले गये।
माँ नें नीचेआकर चुत कि सफाईकर केँ चुत कों चिकना कियाओर नहाकर सजधजकर होनेलगी मां सोचरही थि क्याँ पहनू माँ नें आज कालेरंग वाली जीन्स पहनीओर उपर टीशर्ट पहनी जिसमे माँ केँ दूधओर गांड बाहर् निकलरहे थें। माँ नें लालरंग कि लिपस्टिक लगाई, चोटी बनाई, ओर जुते पहनकर घडी मे देखा तोँ अभि 1 हि बजा थां।
यह देखकर माँ रवि केँ बारे मे सोचने लगीरवि कि लंबाई 6.2 थि औऱ गोरेरंग भरेबदन कां नौजवान थां। रवि केँ बारे मे सोचते हुए मां कां हाथचुत कों सहलाने लगा। लगभग 15 मिनट सोचने केँ बाद antarvasna कि आग मे जलरही चुत नें कामरस छोड दिया। माँ नें तुरत जीन्स निकाली ओर अपनी पेटी कों निकालकर दूसरी पेटी पहनीओर जीन्स पहनकर आइने मे स्वयं कों देखा माँ एक् नबर कां टचमाल लगरही थि ओर मां नें प्रतीक्षा करनाछोड रवि केँ घऱ जाने कि सोचीओर वक्त सें तिस मिनट पहले हि रवि केँ घऱ कि डोलबैल बजा दि।
रवि पजामै ओर बनियान मै खानां बनारहा थां खानां बनाते हुए हि रविबीच मे आया औऱ गेट खोला माँ कों देखकर,
हंसते हुएकहा – भाभी सब्र नहि होँ रहा हैं क्याँ?!!
तोँ मां नें कहा – सब्र होता तोँ जल्द थोडीआती यहभूख चीज हि ऐसी हैं ओरहंस दि,
मां नें कहा – रवि अंदर नहीं बुलाओगे क्याँ?!
रवि मां कि चुचियो मैखो गय़ा थां यह सुनकर रवि नें चोकते हुए मां कों अंदरआने कों कहारवि नें गेट कों अंदर सें लॉक कियाओर माँ केँ पिछे चलतेहुए उनकी गांड कों देखने लगा। मां भि रवि कों गांड मटकाकर दिखारही थि, रवि नें माँ कों सोफै पर्र बैठने कों कहाओर किचनमै चला गय़ा। माँ भि रवि केँ पीछे पीछे किचनमै चलीआई,
ओरकहा – सहायता करवादू रवि!
तौ रवि नें कहा – अब तौ सभी रेडी हैं बस परोसना बाकी हैं
तौ मां नें कहा – तुम् हाथ मुंहधो लोमै खानां लगाती हूं तब तक
तोँ रवि नें कहा – भाभी मेहमान सें काम नहीं करवाते कुछ
यह सुनकर माँ नें कहा – रवि मेहमान नहीं अपना समझो दोस्त
यह सुनकर रवि नें कहा – अपना हि समझता हूं तभी तौ आपकेलिए खानां बनाया हैं भाभीमगर भाभी कि सेवा करना तोँ मेरा अधिकार हैं नां
तौ मां नें कहा – रवि पांचबजे तुम् चाहे जितनी सेवाकर लेना, आज! आज!
रवि नें कहा – तौ भाभीआज आज सें मतलबबाद मै नहीं मोका मिलेगा
मां नें कहा – पहले सेवा देखू तौ सहीअगर सेवा अच्छी कि तोँ रोजकर लेनाभला
तौ रवि नें कहा – भाभीयह बात मुझे भि ठीकलगी
रवि केँ बैठने केँ बाद माँ नें रवि कों खानां डालाओर फिनरवि केँ पास बैठकर अपने लिये भि डाल लिया मां कि जाघेरवि कि जाघो सें चिपकी हुइ थि। रवि नें चम्मच सें माँ कों खानां खिलाने केँ लिएकहा तौ माँ नें रवि चम्मच सें नहींहाथ सें हि खिलाओ। यह सुनकर रवि नें मां कों हाथो सें पहला निवाला खिलाया फूल मिर्च होने केँ कारण मां सि सि करनेलगी, तभीरवि नें पानी डालकर गिलास मां केँ मुह कों लगा दिया।
पानी पीकर माँ नें कहा – आँ! आँ! ओह्ह!!रवि तुमने तौ सच मे कमाल कि सब्जी बनाई हैं आनंद आँ जाएगा आज
तोँ रवि नें कहा – भाभी शुरुआत करो
तोँ मां नें कहा – रूको भि
यह कहकर वोँ बाथरूम मे चला गय़ा ओर मां नें डाइनिंग टेबल पर्र खानां लगा दिया। रवि कमरे मे जाकर कालेरंग कि जीन्स ओर सफेदरंग कि टीशर्ट पहनकर बाहर् आँ गय़ा।
तोँ मां नें कहा – अच्छा जी
रवि नें कहा – भाभी आपका फेवरेट हैं तोँ पहन लिया
यह सुनते हि माँ नें कहा – तुम्हे केसैपता?!
तोँ रवि नें कहा – खाने पर्र आप् कालेरंग कि जीन्स ओर सफेद टीशर्ट पहनकर आई हैं तौ पक्का आपका फेवरेट हि होगा, यह सोचकर मेने भि पहन लिये।
माँ नें कहा – रवि बहोत समझदार होँ
रवि नें थैंक्स कहकरकहा – अब खानां हौ जाए
तोँ मां नें कहा – आओ बैठो
ओर मां नें अपने हाथो सें रवि कों निवाला खिलाया रवि नें भि एक् ओर निवाला माँ केँ मुह मे डाल दिया तोँ मां नें भि रवि कों दूसरा निवाला दे दिया, इस तरह दोनो नें मिलकर खानां खा लिया। रवि बर्तन लेकर किचन मे गय़ा ओर किचन कि सफाई करनेलगा, तौ माँ नें बर्तन धोना शुरुआत कर दिया।
यह देखकर रवि नाराज होतेहुए बोला – भाभी सेवा करने नहीं करवाने आई हौ
मां नें कहा – तुम् किचनमै हि लगे रहोगे तोँ मेरी सेवा तोँ हौ गई, फिन जल्द सें काम ख़त्म करोरवि
रवि भि यह सुनकर चुप हौ गय़ा ओर सफाई करनेलगा किचन सें फ्री होते हि माँ कों कमरे मे चलने कों कहा तोँ
माँ नें कहा – रवि दोस्त मुंहजल रहा हैं कुछदो नाँ
रवि नें कहा – भाभी मुंह तौ मेरा भि जलरहा हैं
रवि नें कहा – भाभी कोने वाली दुकान सें कुल्फी लेँ आऊ
तोँ मां नें कहा – जल्दकर दोस्त रवि
रवि जल्दी हि कुल्फी लेने गय़ा औऱ जानबुझकर एक् कुल्फी हि लेकरआया घऱ मे आते हि गेटलॉक करके,
रवि नें मां कों कुल्फी देतेहुए कहा – भाभी एक् हि मिली हैं आप् खालो
माँ नें कहा – अकेले अकेले मे केसैखाऊ तुम् भि खालोसंग मे
ओर कुल्फी कों चुसकर रवि कि तरफकर दि रवि नें मना किया,
तौ माँ कहनेलगी – झूठा खाने प्रेम बढता हैं
यह सुनकर रवि नें कुल्फी कों चुसकर मां कों दे दि दोनो नें मिलकर कुल्फी खाली माँ नें बाहर् जाकरहाथ मुह धोयाओर रूम मे आकरबेड पर्र लेट गयीँ,। रवि मां केँ दूध कों देखरहा थां,
तभी माँ नें कहा – रविअब सेवा करने कां वक़्त आँ गय़ा हैं
रवि भोला बनतेहुए बोला – बताओ भाभी क्याँ सेवाकरू
मां नें कहा – रविआज काम करते करतेथक गई, हू थोडा जिस्म दबादो नां
रवि नें कहा – जरूर भाभी
माँ उल्टा लेट गयीँ, ओररवि पैरो कों दबाने लगामगर वोँ पांव हि दबाता रहा,
तौ मां नें कहा – रवि पूरा जिस्म टूटरहा हैं दोस्त कमर तक दबाओ नां
यह सुनकर जाघो कों दबाते हुएरवि नें पहलीबार किसी स्त्री कि गांड कों छुआ थां गांड कों छुते हि रवि कां लन्ड जीन्स मैखडा होकररवि कों परेशान करनेलगा। इतनी सेक्सी औरतो कों रवि नें केवल देखा हि थां अपने सपनो मे औऱ Mastram Sex kahani मे जिन्हे पढकर वोँ मुठ मरता थां। रवि जीन्स मै अपने लन्ड कों इधरउधर सेट करने कि कोशिश करनेलगा, मगरयह देखकर माँ नें रवि कों पजामा पहनकर आने कों कहा तौ रवि कों लज्जा आँ गयीँ, रवि पजामा पहनकर आया तौ रवि कां लन्ड अभि भि पजामे मे खड़ा होकर सलामी देरहा थां।
मां यह देखकर खुश होँ रहीरवि मां केँ पास बैठकर कमरओर गांड कों दबाने लगारवि कां उत्तेजना सें बहोत बुराहाल हौ रहा थां तभी मां नें रवि कों रोक दियाओर सीधा होकरलेट गई, ओररवि कों अपनेपास लेटने कों कहारवि भि अच्छे बच्चे कि तरह माँ कि सब बातेमान रहा थां।
माँ कि गरम सांसो सें रवि कों पसीने आनेलगे तभी माँ नें रवि केँ हाथ कों पकडकर पूछा – रवि तुम्हारा चक्कर कहाचल रहा हैं यह बताओ
रवि नें कहा – भाभी अभि तौ कही नहीं
माँ नें कहा – रविझूठ मतकहो
रवि नें माँ केँ सर पर्र हाथ रखकरकहा – आपकीशपथ भाभी
तौ माँ नें पूछा – इसका मतलब आजतक सैक्स भि नहीं कीया
तौ रवि नें कहा – हा! भाभी अभि तक नहीं कीया, अभि तक बस कुंवारी चुदाई XXX story मे हि पढ़ी हैं औऱ उन्हें पढ़केमुठ लेता थां।
माँ नें हसतेहुए कहा – अगरमै किसी सें बातकरू तौ करोगे क्याँ?!
रवि नें कहा – भाभीबस आप् जैसी हौ तोँ जरूर वर्ना नहीं
माँ नें पूछा – मुझमे ऐसा क्याँ हैं
तौ रवि केँ मुह सें निकाला आपके बोबस!!
यह कहकर उसने नीची गर्दन करली
मां नें – बताओरवि डरोमत
रवि – आपकेहोठ, आपकी आंखे, ओर आपकी मोटी मोटी गांड, मुझे बहोत अच्छी लगती हैं।
मां नें कहा – मेरी जैसी तौ चलेगी
रवि नें हिम्मत कर केँ कहा – भाभी आप् होँ नाँ अगर आप् हि बनजाओ तौ बहोत अच्छा रहेगा
माँ नें कहा – चलोमै बनने कों रेडीहू मगर तुम्हे तौ कुछपता हि नहीं तौ करोगे केसे
रवि नें कहा – भाभी मुझेसभी आता हैं, बस कीया नहीं।
मां नें पूछा – तुम्हे केसैआता हैं भला
तौ रवि नें कहा – मैने फिल्मे ओरमै बहोत सारी Kamukta kahani कि किताबे मै देखा हैं बहोत
तौ मां नें कहा – चलोफिन आजकर केँ दिखाओ
यह सुनते हि रवि नें माँ कां हाथ पकडकर अपने सीने सें चिपका लियाओर मां केँ होठो पऱ होठरख दिये, माँ नें भि रवि कों किस करनेलगी, रविनया खिलाडी होतेहुए भि सबकुछ बडे धीरे-धीरे कररहा थां। रवि नें किस करतेहुए अपनाहाथ टीशर्ट पऱ रखाओर दूध कों सहलाने लगा।
मां भि गरम होनेलगी ओरआहे भरनेलगी माँ भि अपनेहाथ कों रवि कि कमर पर्र चलारही थि दिनो तक यहदोर चलाओर माँ कि चुत नें बेकाबू होकर कामरस निकाल दियाओर जोरजोर सांसे लेनेलगी – आँ आँ आहह-आहह आहह-आहह।
रवि नें मां कों बैठा लियाओर टीशर्ट कों खोल दियाओर ब्रा पऱ हाथ रखकर दोनोदूध कों जोर सें दबा दिया माँ कि अहह! निकल गई,, रवि कां लन्ड भि पजामे मे अकडरहा थां जोर सें मां नें रवि कि टीशर्ट निकाल ओर बनियान निकाल दि रवि नें भि ब्रा खोलकर माँ केँ भारी भरकमदूध कों आजादकर दिया।
मां केँ दूध बिलकुल कडे होँ गये थें ओर गुलाबी रंग कि निपल कों रविबडे प्रेम सें चुसने लगा, माँ रवि केँ सिर कों पकडकर दबारही रही थि, चुचियो पर्र माँ कि आगफिन सें बढनेलगी थि।
माँ नें अबरवि केँ पजामे मैहाथ डालकर कच्छे केँ लास्टिक केँ अंदर सें अपनेहाथ सें रवि कां लन्ड पकड लियारवि भैया कां लन्ड 6.5 इच लंबाओर 3 इच मोटा मूसल सां थां, जिसेहाथ मै लेते हि माँ गरम सासेरवि केँ मुह पऱ मारने लगी।
रवि केँ लन्ड सें प्रीकम निकल चुका थां जौ मां केँ हाथो पऱ लगा मां नें अपनाहाथ बाहर् निकाला तोँ रवि नें माँ केँ हाथ कों पकडकर उनकी उंगलियो कों नाक पर्र रखकर वीर्य कि खुशबु सुघाने लगा। मां नें आज पहलीबार किसी केँ वीर्य कि खुशबु कों सुंघा थां खुशबु सें मां ओर उत्तेजित हौ गयीँ,। रवि नें अब माँ कों लेटाया ओर उनकी जीन्स कों निकालने केँ बाद अपना पजामा भि खोल दिया।
मां अब केवल पेटीमै बेड पऱ लेटी थि ओररवि कच्छे मैरवि नें मां कि पेटी मे हाथ डाला तौ उसकी उंगलिया माँ केँ कामरस मे भर गयीँ, रवि नें पेटी कों घसीटकर खोल दियाओर उसकेलगे कामरस कों चाटने लगा।
मां नें कहा – रवियह क्याँ कररहै!! ओ आँ आँ आँ आँ आहह-आहह
रवि नें कहा – भाभीयही तोँ अमृत हैं!!
ओर पेटी पर्र लगा सारारस चाट लिया, रवि नें पेटी कि खुशबु लेतेहुए उसे साइडमै फेक दियाओर अपनी उंगली मां कि चुतमै डाल दि दो मिनट तक उंगली अंदर बाहर् कि तौ माँ कां शरीरफिन सें अंकडने लगा। यह देखकर रवि नें जल्दी अपनी उंगली बाहर् निकाली ओर मां कि टांगो कों फैला दिया मां अब चुदाई कि सोचरही थि रवि नें मां कि पेरो कि उंगलिया चुसने शुरुआत कर दि, पेरो कि उंगलिया चुसते हुए वोँ मां केँ दूध दबाने लगा।
रवि नें आगे बढतेहुए जाघो कों चुमाओर मां कि चुत पऱ अपनामुह रख दिया मां नें रवि कां सिर पकड़कर मनाकर दिया, मगर रवि नें मां केँ हाथ कों पकड लियाओर अपनीजीभ सें माँ कि चुत कों किस कीया।
माँ नें आजतककभी अपनीचुत नहीं चटवाई थि,
पहलेरवि नें चुत कि गुलाबी फांको कों खुलकर उसमे अपनीजीभ डाल दि ओरजोर जोर सें चुत कों चाटने लगाइस चुत चटाई सें मां सातवे आसमान पर्र पहुंच गई,, उन्हे बहोत मज़ा आँ रहा थां ओरकुछ देर कि चुसाई केँ बाद माँ कां बदन अकडने लगा।
तोँ मां नें रवि कां सिरपकड लियाओर चुत पऱ दबाने लगीरवि कों पतालग गय़ा थां माँ कां होने वाला तोँ वोँ कुते कि तरह मां कि चुत कों जोरजोर सें चाटने लगा। एक् मिनट केँ बाद माँ नें कामरस छोड दिया जिसेरवि भैया नें पूराचाट लिया मां आज बिना चुदाई केँ दोबार झड गयीँ, थि,
मां नें रवि कों रोकते हुएकहा – रवि इतना मज़ा तौ मेरी 32 साल कि उम्र मे कभी नहींआया
यह सुनकर रवि भि खुश हौ गय़ा दोबार झडने केँ कारण मां थोडा सां थक गयीँ, रवि नें अब अपना कच्छा उतारा तौ रवि केँ लन्ड कां सुपारा लाल होँ रहा थां। रविअब मां केँ मुह केँ पास जाकर मां केँ मुह मे लन्ड डालने लगा माँ नें रवि कों इसकेलिए साफमना कर दिया
तोँ रवि नें अब माँ कि कमर केँ नीचेदो तकिये लगाकर जाघो कों अपने कंधे पऱ रख लियाओर बेड केँ नीचेखडा हौ गय़ा रवि नें अब अपना लन्ड मां कि चुत पऱ सेट कीयाओर चुत केँ अंदर डालने लगा, तौ रवि कां लन्ड फिसल गय़ा माँ नें फिनरवि कि सहायता करतेहुए अपनेहाथ सें रवि केँ लन्ड कों पकडओर अपनीचुत पर्र लगा लियाओर रवि कों इशारा किया।
इशारा मिलते हि रवि भैया नें एक् झटके मे अपनाआधा लन्ड चुतमै घुसेड दियाचुत चिकनी होने केँ कारण मां कों हल्का सां दर्दहुआ उनकीओर एक् अहह! निकल गयीँ,। रवि नें दूसरे झटकेमै पूरा लन्ड मां कि चुत मे उतार दिया पूरा लन्ड जाते हि मां कि आंखो सें आसु निकलआये मगर खुशी केँ, माँ नें थोडी सि अपनी गांड कों हिलाया।
ओररवि कों झटके मारने कों कहारवि भि सारी ताकत सें अपने लन्ड कों चुत कों अंदर बाहर् करनेलगा ओर माँ भि गांड उठाकर रवि केँ झटको कां जवाब देनेलगी ओरजोर जोरअहह आहह-आहह अम्म अम्म! कि आवाज़ करनेलगी। 15 मिनटरवि इसी पोजीशन मे माँ कि चुदाई करतारहा, माँ कां शरीर एकबार फिन अकड़ने लगा,
ओर मां नें रवि कों कहा – जोर सें रवि मेरा होने वाला हैं
यह सुनकर रवि नें अपना लन्ड चुत सें बाहर् निकाल लियाओर घुटानो केँ बल बैठकर मां कि चुत कों अपनेमुह मे भर लिया मां इस हमले सें पगला गयीँ,,
ओररवि कों गाली देनेलगी – भोसड़ीके चुटिया हैं क्याँ कंचोड़ने हैं क्याँ ?? आँ! आँ! आँ! आँ! आहह-आहह!!
मगररवि जोरजोर सें चुत कों चाटने लगा, एकबार फिन एक् मिनट मे मां नें कामरस छोड दियाओर रवि नें इसबार भि पूरा कामरस पी लिया माँ अबजोर जोर सें सांसे लेनेलगी। रवि नें जल्दी हि मां कों बेड पर्र घोड़ी बना लियाओर पीछे सें उनकीचुत मै लन्ड ठोक दियाओर जोरजोर सें अपने मुसल लन्ड कों माँ कि चुतमै ठोकने लगा।
रवि केँ झटको सें मां केँ दूधहवा मे लहरारहै थें, मां ओररवि पसीने मे तर होँ रहे थें, मां कि चुत सें अब फचाफच कि आवाजे आँ रही थि। कमरे केँ अंदर बहोत हि कामुक सीनचल रहा थां दस मिनट कि चुदाई कि बादरवि कां जिस्म अंकडने लगा।
रवि नें पूछा – भाभी वीर्य अंदर डालू याँ मुहमै लोगी
मां नें कहा – रवियह चुत बहोत प्यासी हैं इसी मे डालदे प्लीज!!
ओरदो मिनट केँ बादरवि नें मां कि चुत मे वीर्य कि धार मारने शुरुआत कर दि वीर्य कि धार पडते हि मां कि चुत नें भि कामरस छोड दिया। दो मिनट दोनोऐसे हि रहैओर उसकेबाद रवि नें अपना मुरझाया लन्ड चुत सें बाहर् निकाला ओर दोनोबेड पऱ लेटकर लंबी लंबी सांसे लेनेलगे।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Aage kya hua? Next part padhiye
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