MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
मां कि गांड कि सील भि खुल चुकी थि ओर मां सैक्स कि सब पोजीशन कां लुफ्त उठाकर अपने जिंदगी कां मज़ा लें रही थि। रवि भैया ओर मां कि सेटिंग बहोत कामयाब रहीअब जैसा कि मैने बताया रवि भैया सें माँ केँ संबंध पाचसाल चले।
मगरइसी दौरान मेरीबडी बेहन जवान हौ गई, देखते हि देखते। मेरीबडी बेहन जिसकी उम्र 18 कि हौ चुकी हैं तोँ आप् समझ सकते हैं वोँ मेरी माँ कि जवानी कि याद दिलाने लगी। हालाकि उसकाबदन कां साइज अभि 34 26 36 हि थां मगर सुदरनैन नक्श गोरारंग ओर 5.6 कि लंबाई नें भि कई लडको कों दिवाना बनारखा थां कच्ची कली केँ आगे पिछे भवरो कि लाइनलग गयीँ, थि मगर मिलती उसी कों हैं जिसके नसीब अच्छे होते हैं।
मेरी बेहन कां नामशशी हैं ओर उसने12वी पासकर लीअब वोँ कॉलेज केँ प्रथम वर्ष कि छात्रा थि मे भि 16 कां हौ गय़ा थां मे 12 वी क्लास मे हौ गय़ा थां शशी कॉलेज जानेलगी तौ घऱ जल्द हि जाती थि दोपहर मे इसलिये मां ओररवि आजकल मात्र सुभह सुभह हि सैक्स कर पाते थें।
हफ्ते मे एक् आधबार हि दोपहर मे चुदाई होनेलगी उधर माँ केँ कारणरवि भैया कि तैयारी नहीं हुई तौ अब जाकररवि भैया कि रेल्वे मै नोकरी लगीरवि भैया कों जल्द हि ट्रेनिंग पर्र जानां थां महीने केँ लिएफिन उनको नोकरी ज्वाइन करनी थि।
मां यह जानकर थोडा दुःखी सि रहनेलगी थि इसीबीच रवि नें माँ कों एक् दिन चुदाई करतेहुए अपनेमन कि बातकही,
ओर बोला – भाभी मे आपकेसंग एक् बार ग्रुप सेक्स करना चाहता हू मेने इसकीकई सारी Group Sex kahani पढ़ी हैं, बस इतनी ख़्वाहिश हैं आपने मेरीसब ख़्वाहिश पूरी कि हैं तोँ यह भि करदो!
तब माँ नें कहा – रवियह केसै होगाशशी ओर रोहित कि वजह सें हम् भि नहींमिल पाते
तोँ रवि नें कहा – आप् हाकरो बाकी सबकुछ मे प्लान करूगा
तौ माँ नें पूछा – रविओर कोन हैं
फिन तौ रवि नें कहा – भाभी मेरे मित्र हैं देहात केँ वोँ सभी सरकारी नोकरी मै हैं ओरयहा कोई नहीं हैं सभी बाहर् हैं उनको मे बुला लूंगा प्लान कर केँ, आपको उनकीकोई चिंता नहीं हैं सभी मेरे जैसेओर मेरी उम्र केँ हि हैं बस हम् उसदिन पूरा गंदा सैक्स करेगे।
तोँ मां नें कहा – इससे गंदा भि बाकी हैं
तौ रवि नें कहा – भाभी बहोत बाकी हैं भाभी हम् सभी शराब पीकर सैक्स करेगे आपको भि पीनी पडेगी
तौ मां नें कहा – रवि मेनेकभी शराब कों छुआ भि नहीं दोस्त ओरकुछ भि कर लेनाबस शराब नहीं पिऊगी
तोँ रवि नें कहा – भाभी मेने भि नहींपी हैं कभीमगर एक् दिन पीऊगा बस पहलीओर अंतिम बार
ओर मां भि यह सुनकर उत्तेजित होँ गई, ओरजोर सें चुदवाई करवाने लगी, चुदाई करवाकर,
मां नें कहा – रवि तुम्हारे लिएमै कुछ भि करने कों रेडीहू अब तुम्हारे हाथमै हैं तुम् केसे पूरादिन मुझे लें जा सकते हौ
तोँ रवि नें कहा – भाभीदिन मे नहीं करेगे आपकीतरह रातमै
तोँ मां नें कहा – भूलजाओ रविरात कों तौ तुम् कीसीतरह नहीं लें जा सकते मुझे
तोँ रवि नें कहा – भाभी आप् प्रतीक्षा करोबस सभीकुछ मैकर दूंगा
तोँ माँ नें रवि कों कीस करतेहुए कहा – ठीक हैं! मेरीजान! मुझे मंजूर हैं! मै रंडी भि बनने कों सजधजकर हू तुम्हारे लिए!!!
यह सुनते हि रवि नें मां कों गले लगाकर thank you कहा !!
ओरफिन मां घऱ पर्र आँ गई, रवि सोचने लगा केसै मां कों लेकरजाऊ मगरकोई तरीका नहीं मिलाओर इसतरह रवि अपनी ट्रेनिंग कर केँ आँ गय़ा।
मगरकुछ नहींबना मां भि उदास होनेलगी रवि तौ अब नोकरी पऱ चला जाएगा ओर मेरी ग्रुप सेक्स कि ख़्वाहिश कों भडका भि दिया माँ कि ईश्वर नें सुनली ओररवि भैया कों मोकामिल गय़ा। रवि भैया कां देहात जयपुर सें 150 किलोमीटर दूर हि हैं जहा पर्र रवि कि नोकरी लगने कि खुशी मे रवि केँ माँ बापू नें एक् जश्न देने कि सोचरहे थें।
रवि नें भि उनकोहा कर दि ओररवि नें प्लान बना लियाअब बर्थडे पार्टी केँ बहाने मां केँ संग ग्रुप सेक्स कां मां कों रवि नें सारा प्लान बता दिया केसै क्याँ करना हैं।
रवि केँ माँ बापू नें देहात जाने सें पहले पिताजी कों कहा – भइया साहब आपको सपरिवार आनां होगा
तौ बापू नें कहा – जरूर भइया साहब
रवि केँ माँ बापू 7 दिन पहले देहात चलेरवि भि चला गय़ा इधर हमारे घऱ मे जश्न मे जाने कि बात होनेलगी तोँ शशी नें मनाकर दिया,
ओर कहनेलगी – वोँ एक् दिन केँ लिए इतना परेशान नहीं होगी आप् चले जानां
पिताजी नें भि कहा – मेरा जानां भि मुश्किल हैं शादीयो कां सीजन हैं तौ काम बहोत अधिक हैं आजकल
यहसुन मां खुश हौ गई, मन हि मन,
ओरमुह बनाकर बोलि – तौ मनाकर देतेउसी टाइमहा क्यो कि क्याँ सोचेगे भला
तौ पिताजी नें कहा – तुम् चली जानां पास मे हि तौ हैं गाडी लेकर तुम्हे ड्राइवर चला जाएगा ओरसंग हि आँ जानां गाडीमै
यह सुनकर मां कि हवाईया उडनेलगी!!!
ओर माँ नें मजबूरी मे हाकर दि!!
अगलेदिन सुभह,,, रवि कां मोबाइल आया
तोँ माँ नें कहा – रवि सारा प्लान चौपट होँ गय़ा हैं कुछ नहीं होगा
तोँ रवि नें कहा – तुम् चिंता मतकरो मैहू नां ओर कहकर मोबाइल रख दिया
जश्न सें पहलेदिन रवि जयपुर आयाओर दुकान पर्र जाकर बापू कों नमस्कार कीयाओर दुकान सें लेने देने कि 5000 रूपये केँ कपडे खरीदे ओर उनसेकल कितने बजे तक आँ जाओगे यहपूछ लिया
तोँ पिताजी नें कहा – रवि तुम्हारी भाभी आएगीकल गाडी मे बेटी कां कालेज ओर बेटे कि 12वी पढाई हैं मुझे भि काम बहोत हैं देखलो तुम्हारे सामने खाने कि फुर्सत नहीं हैं
तोँ रवि नें मोका पऱ चोका माराओर कहा – तोँ फिन भाभी सुभह मेरेसंग चली जाएगी, साम कों मां बापू आएगे तौ संगमै हि आँ जाएगी
यह सुनकर बापू नें कहा – रवियह भि ठीक रहेगा! ओरहाकर दि!!
माँ घऱ बैठी टेंशन मै आँ रही थि साम कों रवि भैया बाजार केँ सारेकाम कर केँ घऱ पर्र आँ गयेओर घऱ जाकर समान छोडा नहाकर रवि भैया नें खानां बनाया ओर हमारे घऱ आँ गये बापू भि आँ गये थें। रवि नें डोरबैल बजाई तौ शशी नें आकर दरवाजा खोला,
रवि नें शशी कि जवानी कों अपनी आंखो सें ताडा तोँ शशी नें रवि भैया कों अंदरआने कां कहा हंसकर रवि भैया अंदरआये तौ मां रवि कों देखकर चोक गई,,
ओरकहा – रवि तुम् यहा केसेकल तौ बर्थडे पार्टी हैं देहात मै
तोँ रवि भैया नें कहा – आज समान लेने केँ लिएआया थां पहले प्रोग्राम छोटा थां मगरअब प्रोग्राम बडा होने केँ कारणकुछ जरूरी समान लेने आनांपडा।
तभीरवि नें गिलास देतेहुए माँ सें दूध मांगा तौ मां नें अपनीदूध कों सहलाकर अपनी उंगली सें इशारा कीयायह क्याँ तौ रवि भैया हंस दिये! माँ दूध लेनेचली गई!
तौ बापू नें रवि कों कहा – रविबैठ जाओ खानां खालोयही
तौ रवि नें कहा – खानां बनाकर आयाहू
तौ पिताजी डाटने लगेओर कहनेलगे – रवि क्याँ एक् दिन भि हम् खानां नहीं खिला सकते
तौ रवि नें कहा – सुभह सें खालीपेट घुमरहा थां तौ आते हि बना लिया सुभह जल्द जानां हैं तौ दूध लेनेआया थां!!
इतने मे माँ आँ गयीँ, !!!
तौ रवि नें कहा – भाभी सुभह 5 बजे चलेगे आप् लेटमत करना जल्द हि सजधजकर हौ जानां
यह सुनकर मां केँ बोलने सें पहले हि बापू नें कहा – कल तुम् सुभहरवि केँ संग हि चली जानां वोँ साम तक लोट आएगे तोँ कोई दिक्कत नहीं हैं
यह सुनकर मां रवि कां प्लान समज गयीँ, ओरमन हि मनखुश होँ गई,
तभीरवि नें कहा – भाभी सुभह पांचबजे चलेगे
तौ मां नें कहा – रविबस सें जानां हैं क्याँ
तौ रवि नें कहा – वोँ जीप लेकरआया हैं गाव सें उसी मे चलेगे
तौ मां नें हाकर दि!!
मां नें खानां बनाया ओर बाथरूम मे जाकर अपनेसब बादसाफ कीयेओर आकर खानां पीना करवाकर हमे कमरे मे सोने कां बोल दियाओर शशी कों खानां बनाने ओरघऱ केँ काम समझाने लगी। माँ अब कमरे मे चली गयीँ, ओर,
बापू सें बोलने लगी – तुम् भि नाँ रवि कों हा क्योभरी
तौ पिताजी नें कहा – पांचसाल सें अधिक होँ गय़ा देखते बहोत शरीफओर समझदार लडका हैं
तोँ मां नें कहा – मुझे भि पता हैं मगररवि कहरहा थां प्रोग्राम बडा हैं तोँ कही वोँ नहीं आँ पाये तौ मुझे भि रूकना पडेगा नां
यह सुनकर पिताजी नें कहा – रूक जानां तोँ रातरात क्याँ हौ गय़ा
माँ नें आगे कां मार्ग भि साफकर लिया,
ओर कहनेलगी – सुनोजी मै एक् जोडी कपडेडाल हि लेतीहू क्याँ पताकल रात कों रूकना पड हि गय़ा
तौ बापू नें कहा – डाललो इसमे पूछने कि क्याँ बात स्थान हि नयी हैं लोग तोँ अपने हि
यह सुनकर मां नें कहा – यह तौ ठीककहा आपने
ओर बापू कों दूध देकर अर्लाम लगा दि ओरसो गई, मगरमन हि मनयहसोच रही थि ग्रुप केसा लगता होगा इसके बारे पे माँ नें मात्र अब तक रवि कि भेजी Antarvasna Hindi kahani कि किताबो मे हि पढ़ा थां मगरफिन मां नें ज़्यादा नहि सोचाओर सो गयीँ,।
सुभहचार बजे उठकर माँ नहाकर गरमचाय पीकरलाल रंग कि बनारसी साडी बांधकर कीसी हिरोइन कि तरहसज धजकर सजधजकर होँ गयीँ, रवि नें ठीक पांचबजे डोरबैल बजा दि तभी माँ नें पिताजी कों उठाया,
ओरकहा – रवि आँ गय़ा हैं मैजाऊ आप् गेटबंद करलो
माँ नें अपनीबैग उठाईओर पिताजी कों गले लगाकर चुम लिया माँ नें गेट खोला तोँ रवि सामने जीन्स टीशर्ट मै रेडीखडा थां। माँ केँ पिछे बापू थें तोँ मां नें रवि कों देखते हि रवि कों आखमार दि रवि नें मां सें बैग लियाओर जीपमै पीछेरख दिया।
पिताजी गेटबंद करके अंदरचले गये तोँ रवि नें मां कों गले लगाकर कीसकर दिया।
माँ नें कहा – रवि क्याँ हौ गय़ा छोडोकोई देख लेगा तौ?? मुसीबत होँ जाएगी?!!
यह सुनकर रविओर मां जीपमै बैठगये ओररवि नें जीप स्टार्ट करली जयपुर सें बाहर् निकलकर हाइवे पर्र पहुंच कररवि नें एक् होटल केँ आगे गाडीरोक दि ओरगरम चाय लेनेचला गय़ा दोनो नें गरमचाय पीओर रवाना हौ गये होटल सें चलते हि रवि कों मां नें बताया साम केँ लिए मेने रोहित केँ पिताजी कों यह बोला हैं,
तोँ रवि नें कहा – भाभी मां बापू नें छुट्टिया ली हैं दो हफ्ते कि ओर मेरेयार जयपुर केँ एक् होटल मे रूके हैं वोँ अब आएगेओर खानां खाकरचले जाएगे साम कों हम् सीधा जयपुर आकररात कों होटल मे रूकेगे घऱ सें चलने सें पहले आप् रूकने कां बोलकर मोबाइल कर देना।
ताकीरात कि कोई टेंशन नाँ रहेयह सुनकर मां नें कहाठीक हैं रविइस तरहतीन घंटे केँ सफर केँ बाद 8 बजेरवि ओर माँ रवि केँ देहात पहुंच गये।
रवि कां घऱ बहोत बडा थां रवि कां परिवार भि बहुतबडा थां दोपहर मे रवि केँ मित्र नीरज, किशनओर मोहन आँ गयेरवि नें तीनो कों माँ सें मिलवाया तौ तीनो अपने लन्ड कों खुजाने लगे मां सें बाते करतेहुए मां नें हंसकर उनकीहवस कों भडका दिया।
तीनबजे वोँ तीनो जानेलगे तोँ रवि केँ पिताजी नें कहा – इतनी जल्द?!!
तोँ रवि नें कहा – इन्हे रात कों जानां हैं सुभह दफ़्तर हैं
तौ रवि केँ पिताजी नें कहा – ठीक हैं ध्यान सें जानां!!
वोँ तीनो भि रवि कि तरह 6 फुट सें ज़्यादा लंबाई ओर कसरती बदन केँ मालिक थें। !!
मां रात केँ बारे मे सोचने लगी तोँ माँ कि उत्तेजना सें माँ कि चुत नें कामरस छोड दियारवि भि अबकाम जल्द जल्द समेटने लगासाम होते हि।
रवि नें कहा – बापूमै भि चलताहू अब भाभी भि संग हैं कहीलेट नां हौ जाए
रवि केँ पिताजी नें कहा – चलोठीक हैं तुम् पहुंचकर मोबाइल कर देनाओर कल ध्यान सें जानां अब खानां खालोओर भाभी केँ लिए मिठाई भि डाललो संगमै
रवि नें कहा – ठीक हैं!
मां ओररवि नें खानां खायाओर माँ नें मोका मोबाइल कर दिया बापूआज जल्द आँ गये थें घऱ पर्र 7 बज चुके थें घऱ पऱ हौ रहे हंगामा शराबे सें बापू कों भि शक नहींहुआ कुछरवि ओर मां अबघऱ सें निकलगये ओर बिनाकही रूकेरवि नें जीपढाई घंटे मे जयपुर आया दि।
रवि नें होटल कि पार्किंग मैजीप कों लगाया ओर होटल केँ रिसेप्शन पऱ पहुंच गयेरवि केँ नाम सें यहा एक् रूमबुक करवा दिया थां रवि केँ दोस्तो नें रविओर मां कमरेमै पहुंचकर नहाने केँ लिए एकसाथ हि बाथरूम मैघुस गये।
मां ओररवि नहाते हुए एक् दूसरे कों चुमने लगेतभी कमरे कां गेटबजा तोँ रवि तोलिया लपेटकर बाहर् आया,
ओर पूछने लगा – कोन?
तौ मोहन नें कहा – मे मोहनहू कितनी देरओर लगेगी भइया?!!
तौ रवि नें कहा – बसदस मिनटमै आँ रहै हैं रूम मे!
यह सुनकर मोहनचला गय़ा ओररवि बाथरूम मे घुस गय़ा दोनोजने जल्द सें नहाकर बाहर् निकले ओर कपडे पहनने लगे मां नें वहीजीम वाला टाईट पजामा पहनाओर उपर छोटी सि टॉप जिससे माँ कि नाभीदिख रही थि।
मां नें बाल खोलकर एक् रबडडाल लियाओर लालरंग कि लिपस्टिक लगाकर अपने आपको आइना मे निहारने लगी माँ कीसीहॉट रंडी कि तरह चमकने लगी।
तभीरवि नें माँ कों कहा – चलेजान
तौ माँ खडी होँ गयीँ, ओरकहा – चलोरवि आज तुम्हारी अंतिम ख़्वाहिश भि पूरीकर देतीहू!!
यह सुनकर रवि नें माँ कों गलेलगा लियाओर किस करके thank you जान कहनेलगा!!
रवि नें गेट खोला तोँ मां भि बाहर् आँ गयीँ, ओररवि नें आगे चलने कों कहा – तोँ माँ गांड कों मटकाकर चलनेलगी
टाईट पजामे मे मां अपनी गांड कों मस्ती मे हिलाकर चलरही थि तभीरवि पीछे सें आकर मां कों रूकने केँ लिएकहा ओर कमरे केँ गेट कों अपनेरूम कि चाबी बजाकर मोहन कों आवाज़ लगाई।
मोहन नें कहा – रवि अंदर आँ जागेट खुला हैं!!!
रविओर मां गेट खोलकर कमरेमै घुसगये यहरूम डीलक्स रूम थां जिसमे डबलबैड टेलीविज़न ओर एक् सोफासेट टेबल केँ संग अलमारी ओर ड्रेसिंग भि थि!!
माँ जवानी सें लेकरअब तक सैक्स केँ दबाकर मजे लेँ रही थि एक् रंडी कि तरह। रंडी पैसो केँ लिए चुदाई करवाती हैं तोँ माँ चुत कि आग बुझाने केँ लिएबस दोनो मे इतना हि अंतर हैं, कीसी रंडी कि तरह हि मां नें अबतक सैकडो लन्ड खाए होगे अपने जिंदगी मै।
मगर अधिकतर मां नें कीसी कों फंसाकर हि अपनासाल दोसाल पांचसाल तक मोज काटी हैं खैरअब आगे कि maa Group Sex story हैं इसकेबाद माँ नें कईबार ग्रुप सेक्स कां आनंद लियाफिन क्योकी आपको भि मालुम हैं सैक्स कि लत भि कीसीनशे कि तरह हि हैं जौ बढती हि जाती हैं।
घासकर केँ महिलाओ कों 35 सें 50 कि उम्र केँ बीच जोँ महिलाए चालु होती हैं मेरी माँ कि तरह वोँ लन्ड केँ लिए पगला जाती हैं इस उम्रमै।
अब आप् Sexy kahani सुनोआगे कि, मां ओररवि दोनो कमरे मे आँ गए थें मां आज पहलीबार होटल मे गयीँ, थि वोँ भि पांच स्टार होटल केँ डीलक्स रूम मे रूम मे पांच सीटर सोफा टेबलबडा टेलीविज़न ड्रेसिंग अलमारी ओर एक् डबलबैड केँ संगएसी लगा थां।
एसी चलने सें कमरे मे जाते हि माँ कों ठंड लगनेलगी नीरज मोहनओर श्याम नें खडे होकररवि ओर मां कों ओह कीयाओर सोफे पऱ बैठने कों कहारवि ओर माँ सोफै पऱ बैठेगये मां बीच मे थि। तौ पास मे मोहनआकर बैठ गय़ा ओर माँ कि तरह मुस्करा दिया नें माँ नें भि हंसकर मोहन कां स्वागत कीया।
तभी नीरज नें रवि कों पेग बनाने कां इशारा कीया तोँ रवि नें टेबल पर्र रखे पांच गिलासो मे एक् छोटा छोटा अंग्रेजी शराब कां पेगबना दिया चारो दोस्तो नें अपना अपना गिलास उठाया ओरसभी मां कि तरफ देखने लगे। माँ नें रवि कि तरह नाँ कां इशारा कीया तोँ रवि नें मां कों अपनीशपथ दे दि,
ओरकहा – मेरीशपथ लगेगी आपको प्लीज भाभी!!!
मां भि आज पूरेमूड मे हि थि तौ गिलास उठा लिया सबने मिलकर चीयर्स कीयाओर शराब पीनेलगे मां नें एक् सीप लिया तौ उनकोलगा उल्टी आएगी तौ वोँ रूक गयीँ,।
तबरवि नें मां कों कहा – भाभीनाक कों बंदकर केँ पीजाओ
तौ माँ नें अपनीनाक कों पकडकर गिलास खालीकर दियाओर कहनेलगी – रवियह तौ बहोत खारी हैं जानओर हंस दि
तोँ रवि नें कहा – भाभीजब मेने गांड कि सील खोली थि तोँ दर्दहुआ थां आपकोमगर अब तोँ आनंद हि मज़ा हैं वेसै हि शराब हैं अब खारी नहीं लगेगी
ओर माँ कि तरफ रोटेस्ट काजु कि प्लेट कर दि मां नें कुछ काजु उठाएओर खानेलगी तभी मोहन नें माँ कों कहा भाभी बर्थडे पार्टी केसैरही
तोँ माँ नें कहा – अभि क्याँ बताऊ अभि तोँ जश्न शुरुआत हुइ हैं सुभहपता लगेगा
इस पऱ सभी हसनेलगे तभी
नीरज नें कहा – भाभीयह बर्थडे पार्टी तौ उम्रभर याद रहेगी
तौ माँ नें कहा – मै भि यही चाहती हूतभी तौ रवि केँ कहने पर्र आईहू
यह सुनकर मोहन नें सब गिलास मे एक् पेगओर डाल दियासब जने गिलास उठाकर चीयर्स करके पीनेलगे इसबार मां कों कोई तकलीफ नहीं हुइ। मां नें दूसरा पेग भि ख़त्म कर लिया तोँ मां कां बदन मदहोश होनेलगा।
फिनतभी मोहन नें रवि सें कहा – खानां खालो
तौ रवि नें कहा – हम् तौ खाकरआए हैं भूख नहीं आप् खालो
उन तीनो नें नॉनवेज मंगारखा
तौ रवि नें कहा – भाभी कों नॉनवेज पसन्द नहीं हैं तौ तुम् खालो हम् बैठे हैं
तब तक खानां रूम मे दूसरी टेबल पऱ रखा थां रवि नें काजु कि प्लेट उठाईओर मां कां हाथ पकडकर उन्हे बेड पऱ बैठा दियाओर दोनो एक् दूसरे कों काजू खिलाने लगे।
इसबीच उन तीनो नें खानां खायाओर हाथ धोकर आँ गये,
ओररवि कों कहा – रवि शुरुआत करे दोस्त अबरहा नहीं जाता!!!
तभी नीरज नें कहा – सही हैं भइया भाभी कों देखने केँ बाद मोहन तोँ मुठ भि मारआया हैं एक् बारसाम कों
ओरसभी हंसने लगे!!
तभीरवि नें कहा – तौ आँ जाओ शुरुआत करो मेने तोँ हाथ नहींपकड रखे
यह सुनते हि सबसे पहले मोहन आँ गय़ा ओरबेड पर्र झुककर माँ केँ होठो पऱ होठलगा दियेओर कीस करनेलगा तभी बाकी तीनो नें अपनी टीशर्ट बनियान निकाल दि रविबेड पर्र लेट गय़ा ओर मां कि जाघो पऱ सर रखकरटॉप सें दिखरही उनकी नाभी कों चुमने लगा।
माँ भि आहे! भरनेलगी तभी नीरज माँ केँ पीछेआकर बैठ गय़ा ओर माँ केँ दूध कों दबाने लगा, किशनअब खडाखडा अपने लन्ड कों सहलाने लगा पजामे केँ उपर सें।
तभी किशन बिस्तर केँ नजदीक आयाओर मां केँ हाथ कों पकडकर अपने पजामे मे डाल दिया।
दोस्तो किशन कां लन्ड आज कि रात औऱ हमारी मां कि Desi Sex story कथा कां चीफ गेस्ट थां, मतलब मोहनओर नीरज केँ लन्ड 6 इच लंबे थें ओररवि भैया केँ लन्ड सें मोटा भि कम थां मगर किशन कां लन्ड सबसेबडा ओर मोटा जैसे सीताराम कां लन्ड थां 7 इच लंबाओर तीनइच सें भि मोटा लन्ड थां।
किशन कां लन्ड पकडते हि मां कि चुत सें पानी निकलने लगा!
माँ नें अब अपना दूसरा हाथरवि भैया केँ पजामे मैडाल दियाओर उनके लन्ड कों भि सहलाने लगीतभी नीरज नें माँ कि टॉप कों निकालने लगा तौ मां कों अपने दोनोहाथ पजामे सें निकालने पडे,
नीरज नें कहा – सब नंगे हौ जाए पहले
यह सुनकर चारो नें अपने पजामे ओर कच्छे खोलकर फेक दियेमगर माँ बैठीरही तोँ नीरज नें पीछे सें ब्रा खोलकर उनके कबूतरो कों आजादकर दियाओर इधर मोहन नें मां कों पीछे धक्का दिया तौ माँ नीरज केँ उपरगिर गई,।
मोहन नें अब मां कि टांग कों उठाया ओर उनकाजीम वाला पजामा खोलकर फैक दिया मोहन माँ कि गोरी जाघो कों देखकर रवि कों,
गाली देनेलगा – हरामी कुते कि ओलाद कितने सालो सें तु अकेला अकेला हि मेवाखा रहा हैं दोस्तो कों भूलकर!!!
ओर घुटनो केँ बल बैठकर मां कि जाघो कों चुमने लगा, माँ नें फिन सें अपने हाथो सें किशनओर रवि केँ लन्ड कों पकड लियाओर जोर सें दबाने लगी।
मां कि मुठ्ठी मे लन्ड नहींसमा रहेयह तभी मोहन नें मां कि पेटी पर्र किस कीयाओर कों खीचने लगा माँ कि फैन्सी ट्रासपेरट पेटी फटकर मोहन केँ हाथमै आँ गयीँ,।
तोँ मां नें कहा – कुते! भोसड़ीके! कहीभगी जारही हू क्याँ?!
तोँ मोहन नें कहा – रंडी पेटी कि दुकान खुलवा देगेडर मत!
ओरसभी हंसने लगे!!!
इधर पेटी फटकर मां कि कमर केँ नीचेदब गयीँ, ओर मोहन नें टांग फैलाकर माँ कि चुत पऱ कीसकर दियाओर अपनी लंबी अपनीजीभ माँ कि गुलाबी चुत कि दो फांखो कों फैलाकर उसमे अंदरडाल दि।
माँ सीत्कार उठी माँ केँ मुह सें गरम सासे निकलने लगी जोँ नीरज केँ मुह पऱ टकराने लगी थि मां कि गरम सांसो सें नीरज कि उत्तेजना बढनेलगी मां चौतरफा होँ रहै हमले कों जैल नहींपा रही थि।
मां नें उत्तेजित होकर अपनी जाघो सें मोहन कां सिरदबा लियाओर जोर सें झडनेलगी मोहन कीसी कुते कि तरह मां केँ कामरस कों पीनेलगा। मोहन नें नीरज कों आगेआने कों कहा तोँ नीरज बिस्तर केँ नीचे बैठकर माँ कि चुत कों चुसने लगा।
तौ मोहन माँ केँ दूध दबाने लगा झुककर ओर माँ केँ मुह मे लन्ड कों ठुसने लगा माँ नें मोहन केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर मोहन केँ पूरे लन्ड कों निगल गयीँ, एक् रंडी कि तरह। मोहनअब चुत कि तरह मां केँ मुह कि चुदाई करनेलगा माँ कि उत्तेजना बढनेलगी।
अब तोँ माँ कि चुत लन्ड मागने लगीमगर वोँ अभि माँ कों चोदने केँ मूड मे नहीं थें वोँ पहले माँ केँ जिस्म कों चुसना हि चाहते थें वोँ पूरीरात चुदाई केँ हिसाब सें आगेबढ रहै थें। उन्हे कोई जल्द नहीं थि मगर मां कि चुतओर गांड मे खुजली बढनेलगी थि।
नीरज मां कि चुत कों मजे लेकर प्रेम सै चाटने मे लगा थां ओर माँ केँ मुह मे मोहन कां लन्ड फसा थां जिसके कारण माँ केँ मुह सें गो!गो! कि आवाजे आँ रही थि। रविओर किशन भैया केँ लन्ड तनतना रहै थें कीसीगरम राड कि तरहओर इसीबीच एकबार फिन मां अपनेचरम पर्र पहुंच गई, ओर मां कि चुत कां झरना बहनेलगा ओर माँ नें तरसी नजरो सें रवि कि ओर देखा।
तोँ रविसमझ गय़ा मां कि चुदास कों मगररवि नें आखेबंद कर केँ थोडा रूकने कों कहा तोँ माँ भि चुप हौ गयीँ, इसबीच नीरजखडा हौ गय़ा ओरअब किशन नीरज कि स्थान अपने घुटनो पऱ बैठकर मां केँ पेरो कि उंगलिया कों चुसने लगा।
तभी मोहन कां लन्ड माँ कि चुसाई केँ आगे घुटने टेकने लगाओर मोहन कां जिस्म अकडने लगा मोहन नें माँ केँ मुह मे लन्ड केँ झटको कि गतितेज करदीओर दो मिनटबाद मोहन नें मां केँ मुह कों अपने हाथो सें पकडकर माँ केँ मुह मे अपना सारामाल गिरा दिया।
मां नें मजे लेकर मोहन कां सारामाल गटक लिया मोहन केँ लन्ड निकालते हि नीरज नें अपने लन्ड कों मां केँ मुह मे डाल दियाओर मां केँ मुह कों चुत समझकर चोदने लगा!!!
नीरज कां लन्ड सीधागले केँ अंदरलग रहा थां मां केँ ओरइधर नीचे किशन भि जाघो कों चुमते हुए मां कि चुत तक पहुंच गय़ा ओर मां कि चुत केँ उपरकीस करनेलगा।
मां कि आजअहह भि बाहर् नहीं निकलरही थि किशनअब मां कि चुत कों उपर सें नीचे तक जीभ सें चाटना शुरुआत कर दिया। मां भि गांड उठाकर चुत चटवाने केँ मजे लेनेलगी दस मिनटबाद मां कां शरीर अकडने ओरउधर नीरज नें भि अपने लन्ड कि स्पीड कों बढा दिया।
मां नें किशन केँ मुह पऱ अपना कामरस छोड दिया जिसे किशनबडे प्रेम सें चाटने लगा माँ जैसे हि निढाल हुइ वेसै हि नीरज केँ लन्ड कि पिचकारी सें मां केँ मुह कों भरनेलगा एक् मिनट तक नीरज मां केँ मुह मे झडतारहा नीरज केँ माल सें मां कां मुहभर गय़ा जिसे मां नें चटकारे लेकरचाट लिया।
नीरज केँ उतरते हि किशन बिस्तर केँ उपर आँ गय़ा तोँ माँ नें किशन कों लेटने कों कहा,
ओरअबरवि कों कहा – जान तुमको आजरस नहीं पीना क्याँ??!
यह सुनकर रवि बिस्तर पऱ बैठ गय़ा किशन केँ सोने केँ बाद माँ डागी स्टाइल मै आँ गयीँ, ओररवि कों पीछे सें चुत चाटने कां कहकर मां नें किशन केँ लन्ड कों मुहमै भर लिया।
रवि भैया सें एक् इचओरबडा होने केँ कारण पुरा लन्ड नहीं लेँ पारही थि माँ मगर कोशिश जारीओर कुछदेर बाद माँ नें किशन कां लन्ड भि पूरा निगल लिया। किशन कां लन्ड आजतक कीसी नें ऐसा नहीं चुसा थां किशन भि लन्ड चुसवाकर सातवे आसमान मे पहुंचने लगाओर आंखेबंद कर केँ अपने हाथो सें माँ केँ सिर कों पकडकर अपने लन्ड पर्र जोर सें दबाने लगा।
जैसे हि किशन कां लन्ड माँ पूरा निगलती वेसै हि किशन माँ केँ सिर कों दबा लेता जिससे माँ कि सांसे फंस जाती। मगर माँ कों किशन केँ विशालकाय लन्ड कों चुसकर बहोत मज़ा भि आँ रहा थां। इधररवि भैया बिस्तर केँ नीचे बैठकर मां कि गांड केँ छेद कों अपनीजीभ सें गीलाकर केँ चाटने लगे।
मां किशन कां लन्ड चुसते हुए अपनी मोटी गांड कों रवि केँ मुह केँ सामने हिलारही थि। रवि नें तभी माँ कि गांड पर्र एक् जोरदार थप्पड मारा, तोँ किशन केँ लन्ड कों मुह सें निकालकर मां नें जोर कि अहहभर दि,
ओरकहा – हारवि जोर सें मारजान
रवि नें अब गांड कि दोनोतरफ थप्पड मारकर कमरे कों गुंजा दिया मां उत्तेजित होकर किशन कां लन्ड जोर सें चुसने लगी।
रवि कि जीभ कि मां कों आदत होँ गयीँ, थि उसकीजीभ लगते हि मां स्वर्ग मैसैर करने लगती मोटे लन्ड कि चुसाई ओररवि कि जीभ केँ जादु केँ आगे मां केवलदस मिनट हि टिकसकी ओर एकबार फिन माँ कां जिस्म अकड़ने लगा।
रवि नें अब अपनीदो उंगली माँ कि चुतमै डालकर चुत कि चुदाई करनेलगा दो मिनटमै हि माँ नें रवि कि उंगली पऱ रसफैक दियाओर रवि नें कामरस सें भरी उंगलियो कों चाट लियाओर फिनचुत सें निकलरहै रस कों अपनीजीभ सें चाट लिया।
अबरवि खडा होकर अपनेहाथ सें माँ कि गांड कों दबारहा थां ओरआगे माँ किशन केँ लन्ड कों जोर सें चुसरही। तभी किशन नें मां केँ मुह कों अपने लन्ड पऱ दबा दिया किशन कां लन्ड गले केँ आखिरमै पहुच गय़ा थां। जिससे माँ कों सासू भि लेने मे दिक्कत हौ रही थि।
माँ केँ किशन केँ लन्ड सें उम्मीद सें अधिकरस निकला एक् मिनट केँ बाद किशन नें अपना लन्ड मां केँ मुह सें निकाला तौ किशन कां माल भि किशन केँ लन्ड केँ संग उसकेपेट पऱ फैल गय़ा।
मां नें पहलेजोर कि सासू माँ लीओर अपने आंखो मे आए आंसू कों साफ किया।
फिन मां नें किशन केँ पेट पर्र गिरेमाल कों चाटाओर उसके मुरझा रहै लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफ कीया, मां आज बिना चुदाई केँ हि चारबार झड चुकी थि अब तक। ओरउधर रवि कां लन्ड बाकी थां झडने केँ लिएतभी मां बिस्तर केँ नीचे पांव लटकाकर बैठ गई, ओररवि कों अपनेपास बुला लिया।
रवि कों नीचे झुकाकर मां नें कीस कीयाओर रवि कि निपल कों चुमने लगीरवि कि नाभी पऱ कीसकर केँ माँ नें रवि केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर रवि कि गांड कों पकड लियारवि लन्ड भि बहोत देर सें खडा थां।
ओर उत्तेजित होकररवि कां लन्ड भि अब ज़्यादा देर तक टिक नहीं पायाओर रवि नें अपना सारामाल माँ केँ मुह मे गिरा दिया। इस तरह पहलेदोर मे मां चारबार झड चुकीओर उधर चारोजने सोफै पर्र नंगेबैठ गये,
रवि नें मोहन सें पूछा शराब कितनी हैं,
तौ मोहन नें कहा – तीनदिन हि समाप्त नाँ होँ उतनी हैं ओर हंसने लगे
रवि नें पांचो गिलास मे एक् पटियाला पैगबना लियेओर सबने चियर्स कर केँ अपनापेग समाप्त कर दिया। मोहनबैग सें दूसरी बोतल निकाल लायाखडा होकर मां रवि सें चिपककर बैठी थि मोहन नें बोतल खोलकर रवि कों दे दि रवि भैया नें पहले वाली बोतल सें दो गिलास पटियाला पेग बनाए।
ओरफिन बाकीतीन गिलास नयी बोतल सें भरकर एकबार फिन सें चियर्स कीयाओर पेगखीच लियेदो पटियाला पीते हि मां कि बती बुझने लगीइधर रवि नें मोहन सें सिगरेट कां पूछा,
तोँ मोहन नें कहा – बाहर् गैलरी मै हैं
रवि नें मां कां हाथ पकडाओर दोनो नंगे गैलरी मैचले गये। गैलरी कि तरफ बिलकुल अंधेरा थां वहाकोई घर-मकान नहीं होने केँ कारण दोनो धीरे-धीरे नंगेखडे थें। रवि नें गैलरी कि दिवार पर्र पडी सिगरेट केँ पेट सें सिगरेट निकाली जोर जलाकर एक् जोर कां कश लगाया।
माँ रवि कि बाहो मे चिपककर खडी थि तभीरवि नें एक् कशओर घसीटकर माँ कि तरफ सिगरेट कर दि मां थोडे सें नशे मे थि, तोँ उन्होने भि जोर सें कशखीच लियाओर मां कों खासीआने लगी।
रवि नें माँ कि पीठमसल दि ओरकहा – जान आहिस्ता!!! चलोअब छोटा सां कश लगाओ!!
तब माँ नें हल्का सां कश खीचाओर सिगरेट कां धुआ अंदरपी गयीँ, ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे धुआ बाहर् निकाला ओर सिगरेट रवि नें लेँ ली।
रवि नें दोकश लगाकर सिगरेट कों अपने हाथो सें हि मां केँ होठो पऱ लगा दि मां नें पहलाकश छोटा लगाया ओरफिन बडाकश लगाकर सिगरेट पी गयीँ,।
दोनो सिगरेट समाप्त करके अंदर आँ गये।
तभीरवि नें मोहनओर नीरज कों बेड पर्र जाने कों कहा किशनओर रवि सोफै पर्र बैठगये। रवि नें मां कों किस कीया,
ओरकहा – जानजाओ मजेकरो!
मां रंडी कि तरह गांड मटकाकर बेड पऱ पहुंच गई, !
ओर मोहन केँ उपरसो गयीँ, मोहन मां कों किस करनेलगा माँ भि मोहन कि जीभ सें जीभ मिलाकर मजे करनेलगी।
कुछदेर मे माँ कि चुदास भडकउठी!
तोँ माँ नें बैठकर मोहन कां लन्ड पकडा तोँ चुत पऱ सेटकर केँ लन्ड कों दोबार मे चुत मे निगल गयीँ, मोहन नें दोनोदूध कों अपने हाथो मे भर लियाओर जोर सें दबाने लगा। नशे ओर सैक्स कि मस्ती मै माँ जोरजोर सें चिल्लाने लगी।
मोहन भि अपनी गांड उठाकर माँ कि चुत मे अपना लन्ड पेलने लगातभी रवि नें नीरज कों पिछे सें चलने कां कहा तोँ मोहन नें माँ कों अपनी छाती पर्र चिपका लियाओर लन्ड कों झटके देनाबंद करके केँ माँ कों कसकरपकड लिया।
इधर नीरज नें माँ कि गांड कों फैलाकर ओर अपने लन्ड केँ सुपारे कों थूक सें गीलाकर केँ गांड केँ छेद पऱ टिका दिया। मां कि सासेतेज हौ गई, थि आज पहलीबार मां कि गांडओर चुतमै एकसाथ लन्ड जाने वाले थें, तभी नीरज नें आधा लन्ड गांडमै ठोक दिया माँ कि जोर सें अहह! निकल गयीँ,।
तभी नीरज नें दूसरे झटके मे पूरा लन्ड गांडमै पेल दिया मां अबजोर सें चिल्लाह उठीतभी मोहन नें मां केँ होठो कों अपने होठो सें चिपका दिया जैसे हि नीरज नें गांड कि ठुकाई करनी शुरुआत कि वेसै हि मोहन नें भि अपनी गांड उठाकर मां कि चुत कि ठुकाई करनेलगा।
दोनो जवान लन्ड नें मां कि चुतओर गांड मे तुफान ला दिया थां माँ कि उम्मीद सें बढ़कर माँ कों इसखेल मे मज़ा आँ रहा थां।
मां अबनशे मे नीरजओर मोहन कों गाली देकर भड़काने लगी – कुतो क्याँ हुआबस इतनी हि ताकत हैं क्याँ??!! मधेर्चोद!!
गालिया सुनकर मोहनओर नीरज भि भडकगये,
ओर माँ कों गाली देकर चोदने लगे – रंडीआज तेरी सारी खुजली मिटा देगेचोद चोद केँ, तेरी गांडओर चुत कों सुजा देगे!!
मां नें कहा – रहनेदो तुमसे नहीं होगा…यह कुतोजोर सें चोदो… देखती हू कितना दम हैं तुम्हारे लन्ड मै…लगा दो साराजोर…
लगभगदस मिनट केँ राऊड केँ बाद मां मोहन केँ लन्ड पऱ झड गयीँ, तोँ मोहन कि जाघो पऱ माँ कां कामरस फैल गय़ा मोहन नें नीरज कों नीचेआने कों कहा नीरज नें गांड सें अपना लन्ड निकाला ओर एक् तरफलेट गय़ा।
मां बिनाकहे हि खडी हुई ओर नीरज केँ लन्ड कों अपनीचुत पर्र सेटकर करचुत मे पूरा लेँ लिया!
चिकनी चुत मे नीरज कां लन्ड आहिस्ता पूराघुस गय़ा तभी नीरज नें मां केँ दूध कों पकडकर नीचेखीच लियाओर मां केँ होठो पऱ अपनेहोठ लगा दिये।
तभी मोहन नें गांड फैलाकर अपने लन्ड कों गांड मे डाल दियाओर गांड मे झटके मारने लगा नीरज भि अबचुत मे झटके मारने लगा। माँ सेडवीच कि तरह चुदने लगी। नीरजओर मोहन 15 मिनट चुदाई करने केँ बाद दोनो नें अपनेमाल सें मां कि चुतओर गांड कों भर दिया नीरज केँ माल गिराते हि मां नें भि कामरस छोड दिया।
दो मिनट वोँ ऐसे हि पडेपडे सुस्ताते रहै मोहन नें अब अपना लन्ड गांड सें निकाला ओर मां बेड पऱ पलटकर जोर सें सासे लेनेलगी। मां कि गांडओर चुत सें रस निकलकर बेड कि चद्दर पर्र टपकने लगा, नीरजओर मोहन गैलरी मे चलेगये सिगरेट पीने।
ओरतभी रविओर किशन नें मोर्चा संभाल लियारवि मां केँ उपरआकर उनकोकिस करनेलगा, माँ भि रवि कों किस करने किशन भि बेड पऱ बैठकर माँ केँ दूध कों दबाने लगा।
तभीरवि नें माँ कों अपने लन्ड पऱ बैठने कों कहा तोँ मां नें खडे होकररवि भैया कां लन्ड अपनीचुत मे लेँ लियाओर उनसे लिपटकर उनको चुमने लगी।
तभी किशन मां कि गांड पऱ अपना लन्ड घिसने लगा जिससे माँ कि सासे रूकने लगी क्योकी किशन कां लन्ड रवि भैया केँ लन्ड सें बडाओर मोटा थां मोहन केँ वीर्य सें मां कि गांड चिकनी हौ गयीँ, थि। तभी किशन नें अपने लन्ड कां सुपारा माँ कि गांड मे डाल दियाओर अपने मोटे लन्ड कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे माँ कि गांड मे पेलने लगा।
किशन नें इतनी धीरे-धीरे गांड मे लन्ड डाला कि मां कों बिलकुल भि दर्द नहींहुआ गांड चिकनी होने केँ कारणओर रवि भैया केँ लन्ड खाकर माँ कि गांड कां गोदाम तौ बन हि चुका थां।
पहले हि अब किशन नें अपना लन्ड बाहर् निकालकर एक् जोर केँ झटके सें पूरा लन्ड गांड मे ठोका,
तोँ माँ केँ मुह सें निकलपडा – मर गयीँ, !!! रविजरा आहिस्ता!!
सुनकर किशनजोश मै आँ गय़ा ओरजोर सें गांड मे लन्ड पेलने लगाइधर रवि भैया नें भि अपनी गांड उठाकर चुतमै लन्ड केँ झटको कि गतिबढा दि।
दो मूसल सें लंडो सें माँ कि चुतओर गांड कां भर्ता बननेलग गय़ा मां अरेओरे जोर सें सि सि हायरे रविओरवि कहकरजोर जोर सें चिल्लाने लगी। दोनो लन्ड अपनीगति सें मां कि चीखे निकलवाने मे लगेरहे लगभग 15 मिनट केँ घमासान केँ बाद मां कि चुत कां झरना बहनेलगा।
तोँ रवि नें अब किशन कों नीचेआने कों कहा किशन नें जैसे हि अपना लन्ड गांड सें निकाला तौ मां कि गांड कां भूराछेद खुला हि रह गय़ा, औऱ वोँ बोला इसकी गांड कां तोँ कां तौ भोकला बन गय़ा जैसे Antarvasna kahani कि रंडियो कां हाल होता हैं। ओरअब माँ किशन केँ लेटते हि किशन केँ विशालकाय लन्ड कों पकडकर अपनीचुत पर्र सेटकर लिया।
ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे किशन कां पूरा लन्ड अपनीचुत मे लेँ लियाओर गांड उठाकर किशन केँ लन्ड कों सेटकर केँ किशन पर्र लेट गयीँ, किशन पर्र लेटते हि मां नें रवि कों गांड हिलाकर गांड कि चुदाई करने कां आमंत्रण दिया। तौ रवि नें एक् हि झटके मे पूरा लन्ड गांड मे उतार दिया माँ नें भि रवि केँ झटके केँ जवाब मे अपनी गांड कों रवि केँ लन्ड कि तरफ धकेल दिया।
ओरहाय रेरवि मेरीजान कहकर, रवि कों उत्तेजित करनेलगी किशनबार बाररवि कि तारीफ सुनकर जोश मे आकर गांड उठाकर जोरजोर सें बुर मे झटके मारने लगा।
मां दो लंडो कों गपागपा खानेलगी ओर अपनी कामूक आवाजो सें दोनो कों उत्तेजित करनेलगी इधररवि ओर किशन कां स्टेमिना मोहनओर नीरज सें दुगना थां।
इसलिये वोँ दोनोअब मस्त चुदाई कररहै थें इसबीच मोहनओर नीरजबेड पऱ आँ गयेओर मां केँ हाथ पकडकर अपने लन्ड पर्र रख दिये मोहन कां लन्ड फिन सें खडा होँ गय़ा। तौ मोहन नें अपना लन्ड मां केँ मुह मे डाल दियाअब मां कि चुत गांडओर मुह कि चुदाई एकसाथ हौ रही थि।
माँ केँ हाथ मे नीरज कां लन्ड थां जोँ अब पूरीतरह सें खडा थां इधर किशनओर रवि कि चुदाई सें मां कि चुतओर गांड मे दर्द होनेलगा थां।
मगर अभि दर्द होना बाकी थां इधर किशनओर रविजोर सें चुदाई कररहै तौ उधर मां भि जोर सें मोहन कां लन्ड चुसने लगी लगभग 15 मिनट केँ राऊड केँ बाद हि मोहन नें अपनारस माँ केँ मुह मे भर दिया।
मगररवि ओर किशन अभि भि पेलने मे लगे थें मां कों तभी मां नें नीरज कि तरफमुह कीयाओर मोहन केँ रस कों चाटते हुए हि नीरज केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाइधर मोहन केँ बाद मां कि चुत नें भि पानीछोड दिया।
अबतक माँ नें दसबार पानीछोड दिया जिससे माँ केँ जिस्म मे दर्द होनेलगा थां मगर दर्द कों भुलाकर मां केवल चुदाई कां मज़ा लेना चाहती थि। आजरात लगभग 40 मिनट कि जोरदार चुदाई केँ संगरवि ओर किशन झडने कों हुए तोँ रवि नें अपना लन्ड बाहर् निकाल लिया,
ओर किशन कों पूछा – किशन कितनी देरओर लगेगी
तोँ किशन नें कहा – बसदो मिनटओर
तौ रवि नें कहा – मालमुह मे छोडना हैं
यह सुनकर किशन नें झटके मारने बंद करके लन्ड बाहर् निकाल दिया। माँ नें नीरज केँ गोटे दबाए तोँ एक् मिनट मे हि रवि नें अपनामाल माँ केँ मुह मे छोड दिया।
नीरज कों फ्री करते हि मां नें रवि केँ लन्ड कों मुह मे लेँ लियाओर चुसने लगीरवि भैया भि एक् मिनट मे झडनेलगे मां नें सारामाल निचोड़कर गटक लियाओर अबबेड पर्र लेटरहे किशन कां लन्ड झुककर मे मुह मे भर लिया।
किशन नें एकबार फिन माँ केँ सर कों दबा लियाओर गांड उठाकर माँ केँ मुह कों चोदने लगादो मिनट केँ बाद किशन केँ लन्ड नें ढेर सारामाल उगल दियागले मे लन्ड फसने केँ कारण, माल नहींपी सकी माँ ओर लन्ड कों बाहर् निकाल दिया।
किशन कां माल एकबार फिन सें पेटओर जाघो पऱ गिरा जिसे मां नें बडे प्रेम सें चाटकार साफकर दियाइस तरह चुदाई कां पहला राऊड पूरा हौ गय़ा।
माँ केँ चेहरे सें थकान दिखने लगी थि रवि कों रवि मां कों लेकर सोफे पऱ बैठ गय़ा रवि नें गिलास मे पानी डालाओर माँ कों अपने हाथो सें पानी पिलाने लगा। पानी पीकर मां कों कुछ राहत मिलीतभी मोहन नें शराब कि बोतलरवि कों दे दि, रवि भैया नें एकबार फिन पटियाला पेग बनाएओर सबने अपना अपना गिलास उठाकर चीयर्स कीयाओर पीनेलगे।
शराब ख़त्म करने केँ बाद किशन नें माँ कों कहा – भाभीजी आप् तौ कमाल कि होँ!! बुरा तोँ मानो तौ एक् बातकहू
तौ मां नें कहा – कहो किशन
तोँ किशन नें कहा – अगर आप् चाहे तौ हम् आपको एक् घऱ दिला सकते हैं जोँ आपकेनाम पर्र होगा! एडवांस रुपया भि होगा आपके खाते मे, आप् हमारे संग रहना चाहो तोँ,
तब मां नें कहा – किशन मे चाहती तौ रवि केँ संग हि भाग सकती थि, रवि भि सजधजकर थां, ओर मुझेरवि बहोत पसन्द भि हैं, यहसभी रवि केँ कहने पर्र हि कररही हू, रवि मेरीजान हैं!
तुम् चुदाई कितने साल तक कर लोगे, जब चोदने कि हिम्मत नाँ रहेगी तोँ मैकहा जाऊगी,
ओर बुढापे मे मेरीखबर कोन लेगा, इसलिये ज़्यादा भावुक मत हौ ओर चुदाई कां मज़ालो,
ओररवि कों शुक्रिया करो जिसके कारण तुम्हे मेरीचुत चोदने कों मिली!!
यह सुनकर रविमन हि मन शर्मिदा होनेलगा ओर सोचने लगा – भाभी मुझे चाहती ओर मेने इसकागलत फायदा उठाया,
ओरइसी बीचपेग ख़त्म होने पर्र रवि नें एक् पेग औऱ बना दिया सबकेलिए इसतरह दूसरी बोतल भि खाली होँ गयीँ, रवि कि नजरघडी पर्र गयीँ,। तोँ दो सें भि ऊपर कां वक़्त हौ गय़ा थां रवि नें माँ कों गैलरी मे चलने कों कहा तौ माँ नें अपना गिलास उठाया ओरगेट खोलकर गैलरी मे आँ गई,।
रवि भि पीछे पीछे आँ गय़ा, रवि नें गिलास कों दिवार पर्र रखाओर सिगरेट लगाली, रवि नें कस मारकर सिगरेट माँ कों दे दि। मां नें दोकश लगाकर सिगरेट फिन सें रवि कों दे दि, रविओर माँ नें सिगरेट केँ संग अपनेपेग कों ख़त्म कर लिया।
रवि नें माँ कों बाहो मे भरकरगले लगा लियाओर कान मे धीरे-धीरे सें सोरी-सोरी कहनेलगा!
माँ नें कहा – रवि क्याँ हुआ, हम् अपने कमरे मे जाकरबात करेगे जौ भि बात हैं, अब तुम् अपनी ख़्वाहिश पूरीकरो खुलकर जैसे तुम् उन Hindi Sex kahani कि किताबो मे पढ़ते थें, ओर ग्रुप सेक्स कां आनंदलो!
रवि खामोश हौ गय़ा ओर मां कों कहा – ठीक हैं!
भाभी दोनो बाहर् आँ गयेओर सोफै पर्र बैठगए तभी मोहन नें तीसरी बोतलखोल दि ओररवि कों दे दि रवि नें एक् एक् ओर पटियाला पैगबना दिया। सबने गिलास उठाकर चीयर्स कि ओर अपना गिलास खाली करनेलगे माँ कों अब मस्ती चढ गई, थि।
पूरी माँ खडे होकरअब अपनी गांड कों हिलाकर दिखाने लगी जिससे सब केँ लन्ड मे तनावआने लगा माँ कि गांडमार मारकर रवि नें भैया नें ओर मोटीकर दि थि।
गांड मरवाने केँ कारण मां कि गांडअब रसीले औऱ बहोत हि नर्म हौ चुकी थि एकबार गांड हिलाने पर्र कईदेर तक गांड हिलती रहती थि। मोहनखडा होकर माँ कि गाड सें चिपक गय़ा ओर घुटनो केँ बल बैठकर गांड पऱ पप्पीया करनेलगा।
यह देखकर नीरज भि खडाहुआ तोँ मां केँ आगे जाकर माँ कि चुत कों चुसने लगाइस बार शराब केँ नशे मे दोनोजने नें मां कि गांडओर चुत कों 15 मिनट तक चाटा जिससे उत्तेजित होकर मां कि चुत नें पानीछोड दिया।
माँ अबबेड पर्र पसर गयीँ, उधर मोहन भि मां केँ बगलेलेट गय़ा ओर अपनेऊपर लेँ लिया मोहन नें नीचे सें अपने लन्ड कों माँ कि चुत मे डाल दिया माँ नें हल्की सि अहहभरी ओर मोहन केँ होठो पऱ अपनेहोठ लगा दिये। नीरज नें भि मोका देखकर माँ कि गांड मे लन्ड घुसैड दिया नीरजओर मोहनअब जोश मे आकर मां कों पेलने लगे।
माँ भि नशे मे नीरजओर मोहन कों गंदी गंदी गालीया देनेलगी – कुतो, हरामी बहनचोदो चोदो मुझेजोर सें, हरामी कि ओलादे चोद भि नहीं सकती, चोद चोदकर मेरीचुत कां पानी निकाल दो… मादरचोदो… जोर सें अहहओर जोर सें चोदो… बहनचोदो… तुम्हारी गांड मे दम नहीं हैं क्याँ भडवो!!
नीरज गांड मारते हुएरवि कि तरह गांड पर्र थप्पड मारने लगाजोर जोर मोहन नें मां केँ बालो कों पकड लियाओर खीचने लगाजोर सें तीनो केँ बीच बहोत हि गर्मा गरम चुदाई होनेलगी।
जोश मे आकर चुदाई करने पऱ भि मोहनओर रविडटे रहै लगभग 20 मिनट कि चुदाई केँ बाद मां कि चुत कों झरना बहनेलगा। तौ मोहनओर नीरज नें स्थान बदलली ओर एकबार फिनउसी तरह सें जोरदार चुदाई करनेलगे 20 मिनट घमासान चुदाई केँ बाद मोहन नीरजओर माँ एक् संगझड गये।
इसतरह साढेतीन बजगये अभि रविओर किशन तोँ बाकी थें मोहनओर नीरज सोफै पऱ आकरलेट गयेइधर बेड पऱ माँ कि चुतओर गांड सें माल रिसकर बाहर् निकलरहा थां। लगभग पांच मिनट मां केँ सुस्ताने केँ बादरवि ओर किशनखडे हुएरवि नें मां कों खडा कियाओर उनकोकिस करनेलगा।
माँ कां कुछनशा कम होँ गय़ा थां मां भि रवि कों प्रेम सें किस करनेलगी कुछदेर किस करने केँ बादरवि नें मां कों गोद मे उठा लिया मां नें अपनाहाथ नीचेकर केँ रवि केँ लन्ड कों अपनीचुत पर्र लगा लिया।
ओरचुत पऱ दवाब बनाकर लन्ड कों चुत मे लेँ लियारवि कां लन्ड चुते जाते हि किशन नें अपना लन्ड गांड मे डालकर तीन झटको मे लन्ड कों गांड मे ठुस दिया औऱ इसकेबाद दोनो मूसल सें लन्ड सें चुतओर गांड कि घमासान चुदाई होनेलगी मां रवि कों किसकर रही थि।
तोँ किशन गांड पर्र थप्पड मार मारकर मां कि गांड कों बजाने लगारवि ओर किशन नें जोडी कि 20 मिनट कि पेलाई सें माँ कि चुत झडनेलगी, तोँ किशन नें अबरवि कों पीछेआने कों कहा किशन नें भि माँ केँ होठो कों किस करतेहुए अपनी गोदी मे लेँ लिया।
ओर मां नें इसबार किशन केँ लन्ड कों चुत पर्र सेटकर केँ चुत मे लेँ लियारवि भैया नीचे बैठकर मां कि गांड कों चुमने लगे लगभगदो मिनटबाद हि रवि भैया नें माँ कि गांड केँ खुलेहुए भूरेछेद मे अपना लन्ड डाल दियाओर झटको कि स्पीड बढा दि रविओर किशन कां स्टेमिना बहोत हि बढिया थां।
ओरकुछ शराब कां नशा किशन गाली देकर मां कों भड़काने लगा – बहोत बडी रंडी हैं तूँ तौ… शपथ सें तेरी गांडओर चुतमै एकसाथ दोदो लन्ड डालने पऱ भि तेरी गांडओर चुत कि खुजली नहीं मिटेगी!!
यह सुनकर माँ नें कहा – हा हरामी तेरे लन्ड मे जान होती तौ, तुँ दो लन्ड कि बात नहीं करता कुते…
असली मर्द होता तोँ एक् लन्ड सें हि मेरीचुत कां भोसडा बनाकर मुझे संतुष्ट कर देता…
यह सुनकर किशनभडक गय़ा,
ओर कहनेलगा – रंडी होकर मुझे बताएगी तु मर्दकोन हैं कि नहींयह लेँ छिनाल खा मेरा लन्ड
ओरजोर सें अपना लन्ड मां कि चुत मे पेलने लगा मां कि चुत नें इसबार 10 मिनट मे हि पानीछोड दिया।
तौ किशन कहनेलगा – फट गयीँ, नां रंडी
तौ माँ नें – चोद नाँ कुतेमै रूकी नहींहू तुँ हि रूकेगा गांडू
यह सुनकर किशनफिन सें लन्ड कों पूरी ताकत सें अंदर बाहर् करनेलगा। माँ मस्ती सें चुदवा रही थि ओरजोर जोर सें चिल्लाह कर दोनो कां जोश बढाने लगी।
मगर किशन कि गांड जलाने केँ लिए,
माँ बारबार बोलने लगी – हायराम रविमार डाला…रवि मेरीजान बसकर दोस्त… रवि यूही चोदो दोस्त अहह, मेरीजान…!!
यह सुनकर किशनओर जोश मे आकर माँ कि चुत कों चोदने लगे लगभग 20 मिनटबाद तीनो एकसाथ झडगये। रवि नें अपना लन्ड बाहर् निकाला ओर किशन नें अब मां कों अपनीगोद सें उतार दिया।
रवि नें मां कों बिस्तर पऱ लेटा दियाओर स्वयं भि बिस्तर पऱ लेट गय़ा दस मिनट केँ बादरवि नें अपने कपडे पहनेओर मां कों ब्राटॉप ओर पजामा लाकर दियाओर मां नें कपडेपहन लिये।
रवि नें गैलरी मै जाकर सिगरेट लगाई तौ मां नें आकर पीछे सें रवि सें लिपटकर गई, रवि नें माँ केँ हाथ कों पकडाओर अपनेआगे कर केँ पिछे सें चिपक गय़ा। ओर सिगरेट माँ कों पकडा दोनो नें सिगरेट पीली तौ रवि नें सिगरेट कि फैक्ट जैबमै रखली,
ओर किशन सें कहा – किशनयह दोपो तोँ सोगये तुम्हे सुभह निकलना हैं तोँ आरामकर लोतीन चार घंटे जातेसमय आँ जानां रूममै ओर मे सिगरेट लेकरजा रहाहू,
कितने बजे निकलोगे!!
तौ किशन नें कहा – लगभगनो बजे
रवि नें कहा – ओके! सुभह 9 बजेहमे भि उठा देनाओर तुम् मिलकर चले जानां किशन नें मां कि तरफआख मार दि।
ओर मां नें भि हंसकर आखमार दि
जवाब मे रवि नें रूम खोलाओर अपनेरूम मे आकरएसी चालुकर दियारवि नें अपने कपडे खोले तौ मां नें भि कपडेखोल दियेओर दोनो नंगे होकर चद्दर मै एक् दूसरे सें चिपककर सोगये। रविओर मां गहरी नींदमै सोरहे थें,
तभीगेट खटखटाने कि आवाज़ आई!
तोँ माँ कि आंखेखुल गयीँ, मां नें दुबारा आवाज़ सुनी तौ रवि कों उठाया रवि नें तोलिया लपेटकर गेट खोला तौ सामने रवि केँ साथीखडे थें। वोँ जाने केँ लिए सजधजकर होकर आँ गये थें रवि सें मिलने केँ बाद वोँ मां कि तरफगये।
तोँ मां अपनेउपर चद्दर लेकरबैठ गई, तभी मोहनआगे बढकर माँ केँ पास पहुँचा ओरआगे लगा लिया मां नें भि मोहन कों किसकर दिया।
तोँ अब नीरज आँ गय़ा नीरज कों किस करके फ्री कीया तौ किशन पहुंच गय़ा किशन नें कसकर माँ कों गले लगाया ओरकिस करनेलगा मां किशन कि रात कि चुदाई सें बहोत खुश हुईँ थि। तौ मां नें किशन कों जोर सें किस कियारात कि चुदाई केँ लिएतभी किशन नें मां केँ दूधदबा दियेजोर सें जिससे मां कि चुदास भडक गई,।
ओर मां नें भि किशन कि पेट पर्र हाथ रखकर उसके लन्ड कों जोर सें दबा दियाअब किशनखडा होँ गय़ा,
ओर मां कों कहा – भाभी जल्द हि आपसेफिन मुलाकात होगी
मां भि यह सुनकर खुश होकर बोलीं – मुझे प्रतीक्षा रहेगा किशन तुम्हारा
सभी नें हाथ हिलाकर माँ कों बाय कीयाओर चलेगये,
माँ नें रवि कों कहा – जान सिरदर्द होँ रहा हैं गरमचाय पीनी हैं मुझे
तौ रवि नें रिसेप्शन पर्र मोबाइल करकेदो गरमचाय कां आर्डर कर दिया,
तभी मां नें कहा – रवि दोस्त मे पहलेघऱ पर्र मोबाइल करतीहू
तोँ रवि नें कहा – जरूर
तभी माँ नें मोबाइल मिलाया ओरउधर मोबाइल बापू नें उठाया तोँ माँ नें पूछा – केसै हैं आप्
तौ पिताजी नें कहा – सभीठीक हैं
मां नें कहा – हम् भि रेडी हैं बस ब्रेकफास्ट कर केँ निकलेगे ओर 1 बजे तक पहुंच जाएगे, शशी कॉलेज जाएगी क्याँ?!
तोँ बापू नें कहा – हैं वोँ रेडी हौ चुकी हैं अपनीवैन कां प्रतीक्षा कररही हैं
तोँ माँ नें कहा – चाबी आप् दुकान पऱ लें आनां हम् दुकान पर्र हि आँ जाएगे, फिनघऱ पर्र चले जाएगे, शशी केँ आने सें पहले
यह सुनकर पिताजी नें कहा – चलोठीक हैं मे लें आऊगा
माँ नें फिन मोबाइल रख दिया,
रवि भैया मुह धोकर बाहर् आँ गयेतब तक तभीगरम चाय आँ गयीँ, माँ नें अपना जिस्म चद्दर मे डाल लियाओर छिप गयीँ, वेटर नें गरमचाय टेबल पर्र रखीओर चला गय़ा।
रवि नें गेटलॉक कियाओर मां कों कहा – जानगरम चाय सजधजकर हैं उठजाओ
मां खडी होकरमुह धोने बाथरूम मे चली गई, अपनी गांड कों हिलाते हुएमुह धोकर मां बाहर् आईओररवि सें चिपककर बैठ गयीँ, बिस्तर पऱ। दोनोजने गरमचाय पीनेलगे गरमचाय पीकर,
माँ नें कहा – रवि सिगरेट तौ पिला
रवि नें सिगरेट जलाली ओर एक् कश मारकर माँ कों सिगरेट दे दि, दोनोजनो सें सिगरेट पीली,
तभीरवि नें मां कों सोरीकहा
तौ मां नें कहा – तुम् कों रात कों भि सोरीबोल रहैमगर क्यो?यह तौ नहीं बताया,
तबरवि नें कहा – भाभी मेने आपको अपनी ख़्वाहिश केँ लिए अपने दोस्तो केँ संग सुला दियाओर आपने मेरी खुशी केँ लिएयह सबकुछ कीया! मुझेयह जानकर बडादुख हुआ!!
तौ मां नें कहा – अगरयही बात हैं तौ फिन हम् दोनो जौ करते हैं वोँ भि तौ गलत हि हैं नां। रविकोई बात नहीं दोस्त…
तुम्हारे लिए तौ मे पूरीरात दस लडको कों झैललू… बसयह बताओ तुम् खुशहुए कि नहीं?!
तौ रवि नें कहा – बहोत खुशहू भाभी, मेरी सारी इच्छाए आपने पूरीकर दि, जितनी मेने अबतकउन XXX kahani कि किताबो मे पढ़ी थि, अब तौ मर भि जाऊ तौ गम नहीं!!!
मां नें कहा – मरगये तौ मेरी गांडकोन मारेगा रवि, अभि तोँ बहोत चुदाई करवानी हैं, ओर हंसने लगी!!
तभीरवि नें कहा – शुक्रिया भाभी
ओररवि माँ केँ गले लगकर उनके होठो कों चुसने लगाओर उनकेदूध कों दबाने लगा, रवि कां लन्ड हरकत मे आनेलगा रवि नें मां कों बेड पऱ पटक दियाओर दूध कों चुसने लगा। कुछ देरदुध पीकररवि अब नाभी कों चुमकर चुत पर्र आँ गय़ा रवि नें माँ कि चुत कों देखा तौ मां कि चुत पर्र सोजनआया हुआ थां।
रवि नें कहा – भाभी तुम्हारी चुत तौ सुज गयीँ, हैं
माँ नें कहा – जानकोई बात नहीं सोजन तौ उतर हि जाएगा कल तक, मगरयह यादे तोँ उम्रभर रहेगी!
यह सुनकर रविचुत कों चुसने लगा, मां भि गांड उठाकर चुत कों रवि केँ मुह मे ठुसने लगी, दस मिनट केँ बाद मां नें अपना कामरस रवि केँ मुह मे छोड दिया।
रवि नें सारारस चाट लियाओर बेड केँ नीचेखडा हौ गय़ा मां कि कमर केँ नीचे तकिया लगाया ओर उनकीचुत मे लन्ड कों ठोक दिया। इस तरह सुभह सुभह माँ ओररवि चुदाई कां आनंद लेनेलगे 10 मिनटबाद रवि नें माँ कों घोडी बनाया ओर उनकी गांड कों चाटने लगा।
मां कि गांडरात कि चुदाई ओर थप्पडो सें अभि लाल होँ रही थि माँ कि गांड पर्र उंगलियो केँ निशान साफ दिखाई देरहे थें। मगर मां कों इससेकोई फर्क नहींपड रहा थां बल्की वोँ गांड हिलाकर रवि केँ मुह मे ठुसरही थि।
ओररवि सें कहरही रविइस चुतओर गांड कों खाजाओ जान बहोत तंग करती हैं मुझेयह सुनकर रवि नें अपनीजीभ कों माँ केँ भूरेछेद मे घुसा दिया मां कि अहह निकलकर पूरे कमरे मे फैलने लगी। तभी रवि अपने लन्ड कों माँ कि गांड पऱ रगड़ने लगे,
माँ घोडीबनी हुई – अहहअहह अहह कि आवाजे निकाल रही थि
तभीरवि नें एक् झटके मे अपना लन्ड माँ कि गांड मे पेल दियारवि भैया नें दूसरे झटका लगाकर अपने लन्ड कों माँ कि गांड केँ अंदर तक ठोक दिया। मां नें गांड हिलाकर रवि केँ लन्ड कों एडजस्ट कर लियाओर स्वयं हि गांड हिलाकर लन्ड पऱ झटके मारने लगी।
तौ रवि भैया नें गांड पर्र थप्पडो कि बारिश शुरुआत कर दि ओर माँ कि गांड कि ताबडतोड चुदाई शुरुआत कर दि लगभग 15 मिनटबाद मां कों बैठने कों कहा मां बिस्तर पर्र पांव लटकाकर बैठ गई, ओररवि केँ लन्ड कों मुहमै भरकर चुसने लगी।
दो मिनटबाद रवि नें अपनेमाल सें मां केँ मुह कों भर दिया मां नें रंडी कि तरहमाल पीकररवि केँ लन्ड कों चाटकर साफ किया,
ओररवि कों कहा – तुम् बैठो मे पेशाब करकेओर हगनेजा रहीहू
तभीरवि नें माँ कां हाथपकड लियाओर कहनेलगा – भाभी मेरी आखीरी ख़्वाहिश तोँ पूरीकर दोआज
तौ मां नें कहा – रविअब कोठे पऱ बैठाकर चुदाई करवाना चाहता हैं क्याँ?!!
यह सुनकर रवि नें कहा – नहींजान अपना अमृत पिलादो
तोँ मां नें कहा – पेशाब करआऊ पहले!
तोँ रवि नें कहा – जान पेशाब वाला अमृत!
मां भि चाहती कि रवि कों पेशाब पिलाऊ कभी
माँ नें कहा – आँ जाओजान तुम्हारी रंडी तुम्हारे लिए सबकुछ करेगी
ओर दोनो बाथरूम मे घुसगये बाथरूम मे घुसते हि रवि घुटने केँ बल बैठकर मां कि चुत कों चुसाने लगा।
तभी मां नें जोर लगाकर मूतना शुरुआत कर दिया, रवि मुह खोलकर माँ केँ पेशाब कों पीनेलगा। रवि कां मुह सें निकलकर पेशाब रवि कि छाती पर्र बहताहुआ फर्श पर्र गिरने लगा।
माँ खडीखडी एक् मिनट तक मुतती रहीजब माँ नें मुतना बंद कीया तौ रवि नें माँ कि चुत पर्र लगी पेशाब कि बूंदो कों चाटकर साफकर दिया। ओर तभी मां इंग्लिश सीट पर्र बैठकर हगनेलगी
तोँ रवि भैया नें कहा – भाभीअब मेरा पेशाब कां स्वाद चखलो!
तोँ माँ नें अपनामुह खोलकर रवि कों कहा – करो!!!
रवि नें अपना सोया लन्ड मां केँ मुह मे डाल दियाओर जोर सें मां केँ मुह मे पेशाब करनेलगा!!
मां रवि केँ पेशाब कों गटगट करके पीनेलगी, मगर प्रेशर इतना अधिक थां कि पेशाब मुह सें निकलकर दूध पर्र बहतेहुए सीट केँ अंदर गिरने लगा।
रवि भैया एक् मिनट तक पेशाब करतेरहै ओर पेशाब आनांबंद हुआ तौ मां रवि केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी।
तभीरवि नें कहा – भाभी जल्दकरो एक् राऊडओर करके निकलते हैं हम्
यह सुनकर मां अपनी गांड कों धोनेलगी,
गांड धोकर मां नें कहा – रविनहा लेते हैं दोस्त पहले
तोँ रवि नें कहा – पहले चुदाई कर लेते हैं फिन एक् संगनहा लेगे
यह सुनकर माँ ओररवि बाहर् आँ गये, माँ बिस्तर पऱ अपनी टांगो कों फैलाकर रवि कों चुत चुसने केँ लिएकहा तौ रवि नें मां कों 69 पोजीशन कां कह दियारवि ओर मां 69 मे आँ गई,। तुरत हि रवि नें मां कि चुत कों चुसने लगा तौ माँ नें भि रवि केँ लन्ड कों मुह मे भर लियामुह मे लेते हि रवि भैया कां सोया लन्ड मुसल बननेलगा।
मां रवि केँ लन्ड कों गपागप मुह मे लेकर चुसने लगीओर अपने हाथो सें रवि कि गांड कों दबाने लगीइधर रवि भैया माँ कि चुत कों अपनीजीभ केँ संग उंगली डालकर माँ कि चुदास भडकाने लगगये चुत पऱ हुए दोहरे हमलेओर लन्ड पऱ लगी पेशाब कि खुशबु सें माँ कि चुदास भडकने लगी।
लगभगदस मिनट केँ बाद माँ नें रवि केँ सर पर्र केची बनाकर अपनी जाघो सें रवि केँ सर कों चुत पर्र दबा दिया तौ रवि इशारा समझकर चुत कों जोर सें चाटने लगाओर मां नें उत्तेजित होकर अपना नमकीन रसछोड दिया जिसेरवि प्रेम सें चाटने लगा मां नें अपनी जाघो कि पकड सें रवि कों आजादकर दिया। तोँ रवि भैया बिस्तर पर्र लेटगये ओर माँ कों उपर चढने कां कहा माँ नें रवि केँ लन्ड कों चुत पऱ लगाया।
ओर उसपर बैठकर लन्ड कों निगल लिया माँ नें अपनी मोटी गांड कों हिलाकर लन्ड कों सेटकर लियाओर अबरवि केँ उपरलेट गई, रवि भैया अपने होठो कों मां केँ होठो सें मिला दियाओर दोनोजीभ कों कभी होठो कों चुमने लगे।
रवि भैया गांड उठाकर मां कि चुदाई करनेलगे जोर सें मां चुद चुदकर थक चुकी थि ओर सुभह सें खालीपेट होने केँ कारण अधिकदेर तक रवि केँ लन्ड कों नहींझेल पाईओर रवि केँ लन्ड पऱ झडनेलगी तभीरवि नें माँ कों सामने मुह करने कों कहाओर खडे होकर गांड मे लन्ड लेने कों कहा माँ नें खडे होकर अपने पेरो कों फैलाकर रवि केँ मुह कि तरहपीठ करलीओर अपनेहाथ सें लन्ड कों पकडकर अपनी गांड केँ छेद पऱ रख दिया।
मां केँ रस सें सनारवि भैया कां चिकना लन्ड चमकरहा थां माँ नें आहिस्ता लन्ड कों अपनी गांड मे लेँ लियातभी रवि भैया बैठगये ओर पीछे सें हाथदूध पर्र रखकर दबाने लगे।
तोँ मां कूदकर कूदकर अपनी गांड मे रवि केँ लन्ड कों लेनीलगी इधररवि मां कि गर्दन कों चुमने सें पूरी ताकत सें माँ केँ दोनोदूध कों दबारहा थां जिससे माँ कि चीखे निकलने लगीदस मिनट लन्ड पर्र कूदने केँ बाद माँ कि हिम्मत नहींरही तौ रवि भैया नें माँ कों लेटा दियाओर मां केँ उपरआकर उनकीचुत मे लन्ड पेल दिया।
मां 10 मिनट चुदने केँ बाद अपने नाखून सें रवि कि कमर कों नोचने लगीजोर सें रवि भि इससे उत्तेजित होँ गय़ा बहोत ओरकुछ देर कि चुदाई केँ बाद दोनो अपनेचरम पऱ पहुंच कर झडनेलगे माँ अब बिलकुल निढाल होकरपडी थि, दस मिनट दोनोयू हि पडेरहे माँ कि खडे होने कि हिम्मत हि नहीं हौ रही थि।
रवि नें खडे होकर मां कों बिस्तर सें नीचे उतारा ओर अपनीगोद मै उठाकर बाथरूम मे लें गय़ा बाथरूम मे जाते हि मां कों गोद सें उतारकर रवि नें शावर चालू कीया, तोँ माँ केँ बदन मे कुछजान आईरवि नें मां केँ शरीर पऱ साबुन लगाया ओरफिन अपने जिस्म पऱ साबुन लगाया। रवि नें साबुन लगी उंगली कों चुतेओर गांड मे घुसा दिया जिससे माँ मस्त होकरअहह भरनेलगी।
फिन सें तभीरवि नें शावरफिन सें चला दियाओर दोनोजने नहाकर बाहर् निकले मां ओररवि तोलिया लपेटकर बाहर् निकले ओरअब दोनो रेडी होनेलगे। माँ नें बेग सें ब्राओर पेटी निकालकर पहनीओर फिनलाल रंग कां पेटीकोट ब्लाउज पहनकर लालरंग कि बनारसी साडी पहनने लग गई,।
रवि भैया नें जीन्स टीशर्ट डालीओर बाल बनाकर रिसेप्शन पर्र नाश्ते कां आर्डर कर दिया मां अब ड्रेसिंग केँ सामने बैठकर अपने बालो मे तैल लगाकर चोटी बनाने मे लग गयीँ, मेरी मां केँ लंबेबाल उनकी गांड तक आते हैं ओर चोटी बनाकर जब वोँ चलती हैं तोँ नागिन कि तरह उनकी चोटी हिलती हैं मां नें अबलाल रंग कि लिपस्टिक लगाईओर रवि कि तरफ देखकर हंसने लगीरवि भि मुस्करा दियाइसी बीच वेटर ब्रेकफास्ट लेकर आँ गय़ा तौ दोनो नें कुर्सी पऱ बैठकर ब्रेकफास्ट कीयाओर हाथ धोकररवि नें माँ कों चलने कों कहा।
तौ मां नें कहाकाश रविहर रातयू हि हौ तौ मजे हि आँ जाए जीवन केँ ओर हंसने लगीरवि नें कहा भाभीकाश यह हौ पातारवि नें मां कि बैग उठाईओर कमरे कों खोलकर बाहर् निकलआया रविओर माँ रिसेप्शन पर्र आँ गयेओर कमरे कि चाबीदे दि कमरे कां बिलरवि भैया केँ यार देकरचले गये थें।
ओर पार्किंग मे जाकर दोनोजने जीप मे बैठकर रवाना होँ गयेठीक 12 बजेरवि कि जीप हमारी दुकान पर्र पहुंच गयीँ, रविओर मां उतरकर दुकान मे चलेगये।
पिताजी नें रवि कों पूछा – रस्ते मैकोई दिक्कत तोँ नहीं हुईँ
रवि नें कहा – नहींकोई दिक्कत नहीं हुई
मां नें चाबी मागी तौ पिताजी नें चाबी निकालकर पकडा दि
तोँ मां नें कहा – मुझेकुछ समान लेना हैं बाजार मे, आई हुइ हूकुछ पैसेदे दो, ताकी समान लें जाऊ,
पिताजी नें मां कों दो हजार रूपये दे दिये,
ओर मां नें रवि कों कहा – चलोरवि लेट होँ रही हैं
पिताजी नें कहा – रविसाम कों घऱ पर्र खानां खा लेना
तोँ रवि नें कहा – ठीक हैं
ओर दोनो रवाना हौ गये दुकान सें माँ नें रवि कों जेन्ट्स गारमेंट कि दुकान पऱ जीप रोकने कों कहा तौ रवि नें एक् अच्छी सि दुकान देखकर जीपरोक दि रविओर माँ दुकान पऱ गये।
तोँ मां नें दुकानदार सें कहा – इनकी साइज कि जीन्स ओर टीशर्ट दिखाओ बढिया
रवियह सुनकर चोक गय़ा मगरकुछ नहीं बोला, मां नें रवि केँ लिए नीलेरंग कि जीन्स ओर टीशर्ट पसन्द कि ओररवि कों पहनकर आने कों कहारवि भैया पर्र नीलेरंग कि जीन्स ओर टीशर्ट बहोत हि अच्छी लगी।
माँ रवि केँ पास जाकर देखने लगीतभी दुकानदार नें कहा – अब आपकी जोडी बहोत मस्तलग रही हैं
यह सुनकर रविओर मां हंसने लगे
तभी माँ नें उनके रूपये पूछे तौ अपने पर्स सें रूपये निकालकर दे दिये
रवि नें बाहर् निकलते हि कहा – भाभी अभि मोका हैं चाहो तौ विवाह करवालो हमारी जोडी बहोत जमेगी हमेशा यू हि प्रेम करूगा आपसे,
माँ नें कहा – रहनेदो, तुम् तोँ बड़ी हि तगड़ी Kamvasma sex kahaniyan पढ़ते होँ! हररात ग्रुप सेक्स करने कि हिम्मत नहीं हैं मुझमे,
यह सुनकर रवि कों लज्जा आँ गई, ओर दोनोजीप मे बैठकर चल दियेतभी कुछदूर चलकररवि नें एक् साडीयो कि दुकान केँ आगेजीप रोक दि!
तोँ मां नें पूछा – यहा क्योरोक दि
तोँ रवि नें कहा – अंदर तौ चलोफिन बताऊगा
रवि नें दुकानदार सें बनारसी साडी दिखाने कों कहा तोँ उसने पचासो साडी निकालकर फैला दि रवि नें मां कों पसन्द करने कों कहा तौ माँ नें मनाकर दियारवि नें फिन एक् गुलाबी रंग कि बनारसी साडी निकाली ओर पूछायह केसीलगी।
तौ मां नें कहा – बहोत अच्छी
तोँ रवि नें साडीपेक करवा दि ओर दूकान सें बाहर् आँ गये बाहर् आते हि,
माँ नें डाटकर कहा – रवि इसकी क्याँ जरूरत थि
तोँ रवि नें कहा – जीन्स टीशर्ट कि भि जरूरत नहीं थि मगर मेने लेँ ली नां
रवि नें माँ कों पास एक् लेडीज गारमेंट कि दुकान मे चलने कों कहा
तौ मां नें कहा – अब क्याँ रह गय़ा हैं
रवि तोँ रवि नें कहा – चलोजान
रवि नें मां कों दो पजामे ओरदो टीशर्ट दिलवा दि ओर दुकानदार सें बढिया ब्रा पेटी दिखाने केँ कहा तोँ रवि नें मात्र लालरंग मे हि दिखाने कों कहारवि नें दोसेट फैन्सी ब्रा पेटी केँ भि लेँ लिये।
अबरवि दुकान सें बाहर् निकाला तौ माँ गुस्से मे लाल होँ रही थि! माँ चुपचाप बैठीरही कुछदूर चलने केँ बादरवि नें जीप कों आइसक्रीम वाले ठेले केँ पासरोक दियाओर दो आइसक्रीम लेँ ली।
रवि नें मां कों आइसक्रीम देतेहुए कहा – खालोकुछ ठंडी होँ जाओगी
माँ नें कहा – ठंडी तोँ केवल तुम्हारे लन्ड सें हि होतीहू यह तोँ केवल एक्सक्यूज़ हैं ओर हंसने लगे
दोबजे केँ आसपास दोनोघऱ पर्र पहुंच गये मां नें ताला खोलाओर अंदर आँ गयीँ, पीछे पीछेरवि माँ कां समान दोनो हाथो मे उठाकर अंदर पहुँचा ओर माँ कों गलेलगा लियाओर कीस करके अपनेघऱ चला गय़ा।
मां नें जल्द सें अलमारी खोलीओर अपनी साडी ब्रा पेटी कों रख दियाओर कपडे बदलते लगी कपडे बदलकर मां जैसे हि बाहर् निकाली वेसै हि शशी अंदर आँ गयीँ, ओर माँ कों गलेलगा लिया। माँ ओरशशी नें मिलकर खानां बनाया ओर खाकरसो गयीँ, दोनोसाम कों मै पांचबजे घऱ पहुँचा तौ मां नें दरवाजा खोलाओर मुझेगरम चाय बनाकर दे दि।
रवि भैया केँ संग मां नें ग्रुप सेक्स कां आनंद लें लिया थां। मां साम कों सोकरउठी तौ उनका पूरा जिस्म अब दर्द करनेलगा थां। मां कि गांडओर चुत कां सोजन भि बढ गय़ा रात कों शराब केँ नशेओर हवस कि आग केँ कारण मां कों कुछ भि पता नहींचला थां।
मगरअब माँ केँ पूरे शरीर मे दर्द होनेलगा थां माँ नें शशी कों खानां बनाने कों कहाओर कहारात कों वहा नींद नहींआने केँ कारण थकान सें उनका शरीर दर्दकर रहाशशी नें खानां बना दियाओर मां आराम करनेलगी। रात कों माँ नहाकर छत पऱ घुमने चली गयीँ, तौ रवि भि आँ गय़ा छत पर्र माँ नें रवि कों अपनी हालात बताई,
तौ रवि नें कहा – कलदिन मे मसाजकर दूंगा आप् सुभह जल्द हि आँ जानां मेरेपास
तोँ मां नें कहा – रवि मसाज हि करोगे याँ कुछओर
तौ रवि नें कहा – वोँ तौ बिना मसाज केँ भि करूगा ओर हसनेलगा
तभीशशी नें मां कों खानां खाने केँ लिए आवाज़ लगा दि, मां नें कहा – आई बेटा, ओर जल्द सें रवि कों किसकर दियाओर सुभह सबके जाते हि आने कां कहकर नीचे आँ गई,।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
रवि भैया कों दोदिन बाद नोकरी ज्वाइन करने जानां थां मगर माँ कों अभि तक रवि नें यहबात नहीं बताई मतलबरवि केँ हाथ मे बसकल कां हि दिन थां। बस मां खानां खाकरसो गई, जल्द सुभहउठी तौ उनका जिस्म कां दर्द ख़त्म होँ गय़ा ओरचुत कां सोजन भि उतर गय़ा थां।
माँ नें जल्द जल्दघऱ कां काम कीयाओर शशी केँ कॉलेज वेन कां प्रतीक्षा आजशशी सें अधिक माँ कररही थि शशी केँ कॉलेज जाते हि माँ रवि केँ घऱ पहुंच गई ओरगेट बजा दिया।
रवि नें गेट खोला तौ मां नें कहा – रवि तुम् अंदर सें लोक करकेछत केँ उपर सें नीचे आँ जाओघऱ पऱ ओरछत कां दरवाजा लोककर केँ आनां हमारा भि
यह सुनकर रवि नें गर्दन हिलाई ओररवि हमारे घऱ मे आँ गय़ा, माँ भि दरवाजा लोक करके अंदर आँ गयीँ, ओररवि केँ गले लगकरखडी हौ गयीँ,। दोनो पांच मिनट तक गले लगकरखडे रहे थें। रवि माँ केँ शरीर कों सहलाता रहाइस बीचतभी रवि नें मां कों अंदर चलने कों कहा।
माँ नें कालेरंग कां गाऊनपहन रखा थां जिसे अंदर जाते हि रविखोल दियाओर मां कि ब्रा पेटी खोलकर उन्हे नंगाकर दियाओर माँ कों लेटने कों कहा मां बेड पऱ लेट गयीँ, तोँ रवि नें अपनेसब कपडे खोलेओर ड्रेसिंग सें नारियल तेल कि बोतल निकाल लीओर माँ केँ पास जाकरबैठ गय़ा।
रवि नें बोतल कों खोलकर ढेर सारातेल मां कि कमर पर्र डाल दियाओर अपने हाथो कि ताकत सें माँ कि कमर पर्र मसलने मां कां बदन मचलने लगारवि अपने हाथो सें माँ कि बाजूओ ओर गर्दन केँ उपरतेल लेकरजोर सें मालिश करनेलगा। माँ बहोत हि कामुक बदन कि औरत हैं मां केँ बदन पऱ कही भि चर्बी नहीं हैं।
जिससे उनका फिगर बहोत हि सेक्सी लगता हैं आज भि ओरगली मुहल्ले केँ युवा तौ देखते हि लन्ड मसलने लगते हैं मोटी मोटी गांडओर चुचियो सें वोँ कयामत लगती हैं।
माँ कि चुचिया आज भि नहीं लटकी हैं यह ईश्वर कां जादू हि हैं कोई वर्ना बच्चे ओर उम्र केँ संग ओरतो कि चुचिया लटकने लगती हैं। रवि नें अब बोतल उठाकर माँ कि जाघोओर गांड पऱ तेलडाल दियाओर उनकी गांड सें लेकर पेरो केँ नीचे तक मालिश करनेलगा। रवि नें मां केँ जिस्म कि बहोत हि अच्छे सें मालिश कि जिससे मां कों बहुत आराममिल रहा थां।
तभीरवि नें माँ कों पलटने कों कहाओर उनकी गहरी नाभी पर्र ढेर सारातेल गिरा दिया मां ओर दोनो हाथो मे तेल लगाकर चुचियो कों मसलने लगाओर गर्दन तक मालिश करनेलगा माँ कि पतलीकमर पर्र तेल मालिश करने केँ बाद।
रवि नें जाघो पऱ तेल डालाओर दोनो पेरो कि अच्छे सें मालिश कि रवि नें अब अपनीदो चिकनी उंगलियो कों मां कि चुत मे उतार दिया माँ मस्ती मे आखेबंद कर केँ मसाज कां आनंद लें रही थि। मगरचुत मे उगलि जाते हि आखेखुल गयीँ,,
ओर सि सि करनेलगी – अरेरवि तुम्हारे हाथो मे तौ चमत्कार हैं मेरीजान जोर सें डालोजान ओरजोर सें
माँ कि गरमचुत उगलि कां हमलासह नहींपाई ओरजोर सें आहे भरनेलगी।
माँ नें रवि कों कहा – जानजोर सें मेरा होने वाला हैं
यह सुनकर रवि नें मां कि टांगे फैला दि ओर झुककर माँ कि चुत पऱ अपनामुह लगाकर जीभ सें उनकीचुत कों चाटने लगा। माँ नें अपने हाथो सें रवि केँ सर कों दबा लियाओर जोर सें रवि केँ मुह मे झडनेलगी रवि नें मां कां सारारस चाट लियाओर अपने होठो पर्र जीभ फेरते हुए मां केँ उपर लेटकर गय़ा।
माँ नें अपने होठो कों रवि केँ होठो सें चिपका दियारवि कां मूसल लन्ड माँ कि चुत पऱ लगरहा थां माँ नें अपनाहाथ नीचे कीयाओर रवि केँ लन्ड कों पकडकर अपनीचुत पर्र रख दिया। रवि नें देर नां करतेहुए लन्ड कों चुत मे उतार दिया तौ मां नें अपनी टांगो कों रवि कि कमर पर्र डालकर कैचीलगा दि।
रवि नें अब अपने झटको कों तेजकर दिया थां माँ भि नीचे सें अपनी गांड उठाकर रवि कों सामने सें झटके मारने लगी,
ओरजोर सें आहे भरनेलगी – हायराम रविजोर सें चोदरवि फाडदे मेरीचुत कों ओरजोर सें,
कहकररवि कों उत्तेजित करनेलगी,
रवि भि जोश मे आकर – हाय भाभी मेरिजान,
कहकर माँ कि चुदाई करनेलगा 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद,
मां नें कहा – रवि मेरा होने वाला हैं
तोँ रवि नें अपना लन्ड बाहर् निकाल लियाओर चुत कों चुसने लगा एकबार ओर मां कि चुत नें नमकीन रसरवि केँ मुह मे छोड दियाओर रवि नें सारारस पी लिया। रवि नें माँ कों अब कुतिया बनने कों कहा,
तोँ माँ नें कहा – रवि मे तौ पांच सें तुम्हारी हि कुतिया बनी हुईँ हूजान ओर हंसते हुए कुतिया बनकर अपनी गांड कों हिलाने लगी
तभीरवि नें गांड पर्र दो थप्पड लगा दियेओर माँ कि गांड केँ भूरेछेद कों चाटने लगा मां अहहरवि कहकर चिल्लाने लगी।
रवि नें पांच मिनट तक गांड केँ छेद कों चाटाओर फिन अपना चिकने मुसल लन्ड कों माँ कि गांड मे ठोक दिया मां वेसै तौ सजधजकर हि मगरफिन भि जोर केँ झटके सें उनकीजोर सें चीख निकल गई,। लन्ड केँ घुसते हि मां नें गांड कों हिलाया ओर पिछे करके लन्ड पऱ झटके मारकर,
रवि कों कहा – रवि मिटादे खुजली जान
यह सुनते हि रवि मां कि गांड कों फाडने मे लग गय़ा जैसेकोई रंडी कि गांड कों मारते हैं रवि नें मां केँ बालो कों पकडकर खीच लियाओर माँ दर्द केँ मारे चिल्लाने लगीमगर रवि मां कि गांड कों ताबडतोड चोदता रहा लगभग 20 मिनट कि चुदाई केँ बाद,
मां नें कहा – रवि मेरा होने वाला हैं
यह सुनकर रवि नें माँ कि गांड सें लन्ड निकाला ओरबेड पऱ लेट गय़ा ओर 69 मे आने कों कहा मां केँ उपर लेटकर रवि केँ लन्ड कों मुह मे भरकर चुसने लगी। तौ रवि भि चुत कों चुसने लगा एक् मिनट मे हि दोनो एक् संग झडनेलगे ओरबेड पर्र लेटकर सुस्ताने लगेदस मिनटबाद रवि नें मां कों पकडकर अपनेउपर लें लियाओर चुमने लगा।
तौ मां नें कहारवि – मन नहींभरा क्याँ
तौ रवि नें कहा – हा भाभीआज मनभर गय़ा
यह सुनकर मां चोक गई, ओर पूछाआज ऐसा क्याँ हौ गय़ा
तोँ रवि कहनेलगा – भाभीकल सुभह मुझे जानां हैं नोकरी पर्र, ओररवि कि आंखो मे आंसू आँ गये…
यह सुनकर माँ कि भि हंसी गायब हौ गई,,
मां कों यह सुनकर सदमालगा जैसे उनकी दुनिया हि उजड गयीँ, …
रवि नें कहा – भाभी आपको बहोत बार पूछामगर आपनेमना कर दिया, अबतो हमारी Antarvasna story अधूरी रह गई, मै तोँ आपकेसंग हि रहना चाहता हू, ओर आपकेसंग विवाह भि करने कों रेडीहू,
मेरेलिए बहोत सें रिश्ते आँ गये हैं अब तोँ मुझे विवाह भि करनी पडेगी जल्द, अगर आप् मेरेसंग चलना चाहे तौ सोचलो आहिस्ता अब मे एक् महीने बाद आऊगा,
तबआते हि मेरा नाताओर विवाह महीने भर मे कर देगे घरवाले, हमारा नया घर-मकान भि महीने मे सजधजकर हौ जाएगा, आपकेपास अभि एक् महीना बचा हैं,
अगर आप् सजधजकर हैं तोँ हम् यहा सें बहोत दूरचले जाएगे,
ओरयह कहकररवि नें कपडे पहनेओर चुपचाप वहा सें छत पर्र जाकर अपनेघऱ चला गय़ा।
आज पहलीबार मां कि आंखो मे आंसूआये थें,
मां रवि केँ जाते हि जोर सें रोनेलगी…
कुछदेर रोने केँ बाद मां उठीओर बाथरूम मे चली गयीँ, माँ नें तेल लगने सें गंदी हुई चद्दर कों उतारा ओर पानी मे भिगोकर छोड दियाओर नहाकर काम करनेलगी घऱ कां। मां कां कुछ भि करने कां मन नहींकर रहा थां दोबजे शशी आँ गयीँ, तोँ मां नें शशी कों कहा वोँ पडोस मे जाकर आँ रही हैं ओर दरवाजा लोक करने कां बोलकर रवि केँ घऱचली गई,।
रविबेड पर्र सोरहा थां रवि नें दरवाजा खोला तौ माँ जल्द सें अंदरचली गई, ओर सोफे पर्र बैठ गई,, रवि भि सोफे पर्र आकरबैठ गय़ा।
मां रवि सें लिपटकर जोर सें रोनेलगी ओर कहने – रवि तुम् यहीरह जाओ दोस्त… मे रह नहीं सकती तुम्हारे बिना…
रवि भि रोतेहुए माँ कों चुप कराने लगा लगभग दोनो घंटेभर यूही एक् दूसरे सें चिपके रहे… माँ रोते रोते हि रवि केँ घऱ सें बाहर् निकल गई, चुपचाप।
रवि नें मां कों रोकने कि कोशिश कि मगर मां रूकी नहींओर आंसू पूछकर माँ नें गेट बजाया तौ शशी नें गेटखोल दिया। मां अंदरआकर रूमबंद कर केँ रोते रोते हि सो गयीँ,। साम कों शशी नें मां कों उठाया,
ओरगरम चाय बनाकर दि ओर पूछने लगी – माँ क्याँ हुआ?!
तोँ मां नें कहा – बेटा तबियत खराब हैं थोडीमै छत पऱ घुमने जारही हू
ओरछत पर्र आँ गई,, रविछत पऱ हि थां, रवि कों देखते हि मां कि आंखो मे फिन सें आंसू आँ गये। तौ रवि नीचे जानेलगा,
माँ नें रवि कों रोकते हुएकहा – रवि इतनी भि क्याँ जल्द हैं मुझ सें पिछा छुडाने कि
तोँ रवि नें कहा – भाभी मे तोँ उम्रभर संग देने कों रेडीहू फैसला आपको करना हैं, मे तोँ आपकोखुश देख्ना चाहता हूबस,
अगर आप् मेरेसंग खुश रहेगी तोँ मै आपसे विवाह करने कों भि सजधजकर हूओर बताओ इससे अधिकमै क्याँ कर सकताहू!!
माँ भि समझ गई, एक् मार्ग चुनना होगा, तोँ मां नें आंसूपूछ लिये,
ओररवि कों कहा – रात कों प्रतीक्षा करना मे लेट तक जा आऊगीओर रवि कों पास बुलाकर कीस करनेलगी।
माँ नीचे जाकरकाम करनेलगी शशी कों कहा तुम् पढाईकरो बेटा मां नें खानां बना लियाओर मुझेरवि भैया कों छत पऱ सें हि आवाज़ लगाकर बुलाने कों कहा,
ओरकहा – रवि भैया खानां बन गय़ा आप् खानां खाने आँ जानां
यह सुनकर रवि नें कहा – ठीक हैं
माँ नें रवि केँ दिलाए ब्रा पेटी पहनीओर रवि कां दिलाया टाइट पजामा ओर छोटी टीशर्ट पहनकर सजधजकर हौ गयीँ, लालरंग कि लिपस्टिक लगाकर माँ माल बनकररवि कां प्रतीक्षा करनेलगी। तभी बापू आँ गयेघऱ,
माँ नें बापू सें कहा – कलरवि जारहा तौ खाने पऱ बुलाया हैं उसे आप् नहाकर आँ जाओ जल्दरवि केँ संग हि खानां खा लेना
रवि नें भि मां कि दिलाई नीली जीन्स ओर टीशर्ट पहनी थि आजरवि घऱ पर्र आँ गय़ा ओरइधर बापू भि सजधजकर होकर बाहर् निकलआए रविओर पिताजी कों माँ नें खानां डाल दिया। रवि किचन केँ गेट केँ आगे बैठा थां बापूगेट सें कुछदेर हमे खानां खिलाकर माँ नें रूममै भेज दिया थां।
मां अपनी मोटी गांडओर चुत पऱ हाथ फेरकर रवि कों दिखारही थि रवि कां लन्ड माँ कि कामुक हरकते देखकर खडा होनेलगा तभीरवि ओर पिताजी नें खानां ख़त्म कीयाओर हाथ धोनेलगे माँ नें रवि कों गरमचाय पीने कां पूछा, तौ रवि नें मनाकर दियाओर पिताजी ओर माँ कों नमस्कार कर केँ घऱचला गय़ा।
मां नें किचन कां साराकाम ख़त्म कीयाओर सबकेलिए दूधगरम कीयाहमे दूध पीकर सोने कों कहा,
तौ पिताजी कों कहा – बहोत दिन हौ गये आपको तोँ आज जल्द सें दूध पीकर मुझे भि तृप्त करदो
पिताजी नें कहा – ठीक हैं बच्चो कों सोनेदो
तोँ मां नें कहा – वोँ दूध पीकर बाहर् नहीं आएगे आप् जल्द सें शुरुआत होँ जाओओर अपनाकाम बाद मे करना
बापू नें फोरन अपने खातो कों समेटा ओरकहा – चल आँ तुँ आँ जायहकाम तौ कलकर लेगे
माँ नें खातो कां थैला उठाकर अलमारी मे रखाओर गेटबंद कर केँ लाईटबंद कि ओर बापू केँ संगलेट गयीँ,। पिताजी नें मां केँ दूध कों दबाते ओरउपर चढकर माँ कों चुमने लगे।
माँ पिताजी नंगे होकर चुदाई मे जुटगये बापू माँ कि टागो कों फैलाकर लन्ड चुत मे डालकर उनकी चुदाई करनेलगे।
मां भि अहह भरकर उनकासंग देनेलगी लगभग 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद मां पिताजी एक् संगझड गयेओर मां नें गद्दे केँ नीचे सें गंदा कपडा निकाला ओर अपनीचुत सें बहरहे वीर्य ओर कामरस कों साफकर लिया। कपडे पहनकर मां नें बाथरूम मे जाकर अपनीचुत कों अच्छे सें धोयाओर नयी पेटीओर पजामा पहनकर बेड पऱ बापू केँ पासलेट गई,।
10 बजे तक सभीसो गये थें मगर पिताजी रात कों 11 -12 बजे केँ लगभग हमेशा उठकर पेशाब करने जाते हैं माँ जागते हुए प्रतीक्षा करनेलगी 12 बजे केँ करीब-करीब बापूउठे ओर पेशाब करकेआकर फिन सें सोगये। मां कों पता थां पिताजी अब सुभह तक नहीं उठेगे, आधे घंटे केँ बाद माँ नें बिस्तर सें उठकर बापू कों आवाज़ दि तौ बापू नें कोई जवाब नहीं दिया।
माँ अबचोर कदमो सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे छत पऱ पहुंची रविछत पऱ टहलते हुए सिगरेट पीरहा थां मां कूदकर रवि केँ पास जाकर
कहनेलगी – अकेले अकेले हि सिगरेट पीरहे होँ
यह सुनकर रवि नें सिगरेट माँ कों दे दि, ओर माँ नें दोकश लगाकर सिगरेट वापिस रवि कों दे दि, सिगरेट पीने केँ बाद
रवि नें कहा – नीचेचले
तौ माँ नें कहा – एक् गद्दा लें आओउपर यही करेगे आज खुले आसमान केँ नीचे अंधेरी रातमै
रवि नीचे सें गद्दा निकाल लायाओर दोनो उसपर बैठकर एक् दूसरे कों चुमने लगे। रवि मां केँ कपडे खोलने लगा तोँ मां नें मनाकर दिया कि आज पूरे कपडेमत खोलो, रवि नें तब माँ कि पेटीओर पजामे कों घुटने तक कर दियाओर मां कि कुतिया बना दिया।
ओर उनकीचुत कों चाटने लगे माँ नें अपनी गांडरवि केँ मुह पऱ दबाली खुले आसमान केँ नीचेचल रहीचुत कि चुसाई कां मज़ा लें रही थि, दोनों किसी Romantic Sex kahani कि मूवी कि तरह सेक्स कररहे थें। माँ दस मिनट केँ बाद माँ केँ शरीर नें उनकासंग छोड दियाओर उनका जिस्म अकडने लगा।
माँ कि चुत कां झरनारवि केँ मुह पऱ बहनेलगा माँ सि सि करतेहुए आहे भरनेलगी रवि नें चुत कों चाटकर साफ कीयाओर अपने लन्ड कों चुत पऱ रखकरचुत मे पेल दिया माँ कोहनी केँ बल लेटी हुई थि ओर अपनेसिर कों गद्दे पर्र रखरखा थां। रवि कां लन्ड मां कि बच्चेदानी मै जाकरलग रहा थां मां भि अपनी गांड कों पीछे कि तरफ धकेलरही थि।
तभी माँ केँ गांड पऱ रवि नें जोर सें थप्पड मारकर माहोल कों ओर कामुक बना दिया,
मां नां कहा – रविजोर सें मेरा होना वाला हैं
यह सुनकर रवि नें मां कि गांड कों पकड लियाओर लन्ड कों चुत मे जोर सें अंदर बाहर् करनेलगा। एक् मिनटबाद मे मां झडनेलगी तबरवि खडा होकर माँ केँ सामने जाकर उनको लन्ड चुसाने लगारवि केँ लन्ड पर्र लगे अपने कामरस कों माँ प्रेम सें चाटने लगी।
रवि माँ केँ सर कों पकडकर अपने लन्ड सें चोदने लगा लेँ तक लन्ड फसाने सें माँ कि सासे रूकने लगीमगर रवि बिना रूके मां केँ मुह कों चोदता रहा। तभी रवि नें अपना लन्ड निकाला ओर पिछे जाकर गांड केँ छेद पऱ रखकर गांड मे लन्ड कों ठोक दियाओर एकबार फिन मां जोरजोर सें आहे भरकररवि कों उकसाने लगी।
रवि नें पूरी ताकत सें मां कि गांड चोदीओर फिनरवि झडने कों हुआ तौ एकबार फिन माँ केँ सामने जाकरखडा हौ गय़ा। मां अब घुटने केँ बलखडी होकर लन्ड कों गपागप मुह मे लेकर चुसने लगी, रवि जब झडने कों हुआ तोँ उसने मां केँ सर कों कसकर लन्ड पऱ दबा दियाओर वीर्य कि पिचकारी मारकर मां केँ मुह कों भर दिया। मां नें रवि केँ झडने केँ बाद एक् मिनट तक उसके लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफ कीयाओर अपनी पेटीओर पजामे कों उपरकर केँ गद्दे पर्र लेट गयीँ,।
रवि भि मां केँ पासआकर लेट गय़ा तौ मां रवि केँ उपरसो गई, दोनो एक् दूसरे केँ गले मे बाहे डालकर आधे घंटे सोतेरहै रवि कां लन्ड एक् बारफिन सें खडा हौ गय़ा थां। मां कों भि रवि केँ लन्ड कां तनाव महसूस हौ रहा थां तभीरवि नें मां केँ पजामे ओर पेटी कों नीचे खिसका दिया।
तोँ माँ भि पूरेमूड आँ गई, तौ उन्होने पजामा ओर पेटी निकाल दि ओररवि केँ पजामे ओर कच्छे कों खोलकर अपनी टांग फैलाकर रवि केँ लन्ड पर्र बैठकर कूदने लगी। रवि भि गांड उठाकर मां कि चुत मे लन्ड ठोकने लगा माँ नें जोशमै आकरअब टीशर्ट भि खोल दि ओर ब्रा कों खोलकर अपने हाथो सें अपनी चुचियो कों दबाने लगी।
रवि नें मां कि कमर कों पकड अपने लन्ड कि गति कों बढा दिया जिससे मां कुछदेर बाद अपनेचरम पर्र पहुंच गई, माँ खडी होकर 69 पोजीशन मे आँ गयीँ, ओररवि केँ लन्ड कों मुह मे भरकर चुसने लगी। दो मिनट केँ बाद माँ नें अपनी जाघो सें रवि केँ मुह पऱ दबाव बनाकर रवि केँ मुह पर्र झडनेलगी। माँ झडने केँ बादखडी हुई ओरअबरवि कों बैठाकर रवि कां लन्ड गांड मे लेकर धीरे-धीरे धीरे-धीरे रवि केँ सामने बैठ गई,।
रवि माँ केँ होठो कों चुसने लगाओर मां केँ दूध कों दबाने लगाजोर सें माँ पूरी तेजी सें अपनी गांड मे रवि कां लन्ड लेँ रही थि कूद कूदकर 20 मिनट कि गांड चुदाई केँ बाद दोनो केँ शरीर अकडने लगे दोनो 69 पोजीशन मे आँ गयेआकर चुतओर लन्ड कों अपनेमुह मे भरकर चुसने लगे।
दोनो नें अपने पेरो कि कैची बनाकर सरदबा लिया एक् दूसरे कां ओरदो मिनटमै दोनो नें एक् दूसरे केँ माल कों पी लियाओर एक् दूसरे कों चाटकर साफकर दियाअब माँ बैठकर रवि केँ उपर आँ गई ओररवि केँ सीने सें चिपक गयीँ, ओरआधे घंटे दोनो नंगे होकर चुपचाप लेटेरहे।
दोनों यह जानते थें उनकीयह प्रेम कां सफरयही तक थां। फिन मां नां चाहते हुए भि खडी होकर अपने कपडे पहनने लगीओर रवि कों किस करनेलगी पांच मिनटकिस करने केँ बाद माँ जाने केँ लिएखडी हुई।
तौ रवि नें हाथपकड लियाओर खडे होकर माँ कों गलेलगा लिया। रवि नें इतनी ताकत सें मां कि कमर कों दबाया कि माँ केँ कटके निकलगये ओर माँ कि अहह निकल गयीँ,। रवि नें माँ केँ गालो पर्र चुमन लेकर माँ कों जाने केँ लिएकह दिया।
मां भि भावुक हौ गई, फिन सें ओर चुपचाप नीचेआकर सो गयीँ, सुभह उठकर माँ कामलग गई, तभी 8 बजेरवि घऱ कि चाबी देनेआया ओर सबसे मिलकर रवि अपनी मंजिल कि ओरबढ गय़ा। मां कां काम मे मन नहीं पूरादिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऐसे हि महीना निकल गय़ा।
माँ कि चुत कि आग भि अबजोर सें भडकने लगी थि। मां कां सब्रअब टुटने लगा थां माँ अपनी चुदास बुझाने केँ लिए लन्ड कि तलाश करनेलगी तभी करवाचौथ कां व्रत आँ गय़ा नजदीक मे माँ करवाचौथ केँ व्रत कि तैयारी करने केँ लिए बाजार जाने कि सोचने लगरही थि।
ओर एक् दिनशशी कि छुट्टी होने केँ कारण माँ कों बाजार जाने कां मोकामिल गय़ा ओर मां बाजार चली गयीँ,। वोँ दिन शुक्रवार कां दिन थां उसदिन मां कि महीने कि सारीकसर निकल गयीँ, थि।
शुक्रवार कों सुभहदस बजे मां खानां खाकरबडी चोपड बाजार केँ लिए निकलपडी मां नें शशी कों कहा वोँ लाख कि चुडिया लेकर आएगी। अगर आजबना दि तौ साम कों लेकर आँ जाएगी वर्ना देखते हैं कब तक मिलेगी याँ कोईबनी बनाईमिल जाएगी।
तोँ सारी टेंशन हि ख़त्म होँ जाएगी जैसा कि आप् सब जानते हैं लाख कि चुडियो कां काम मात्र मुस्लिम समुदाय केँ लोग हि करते हैं। तोँ मां कों दोपहर हौ गये घुमते घुमते इसीबीच माँ चोपड केँ बाजार मे बनी छोटी छोटी गलियो मै घुमकर खरीददारी करनेलगी।
ओर करीबदो बजे केँ लगभग माँ रिक्शा कर केँ दुकान पऱ पहुंच गयीँ, ओर दुकान पऱ लडको कों बुलाकर समान अंदर रखवा दिया,
रिक्शे वाले कों मां नें रूकने कां कहा – भैया मुझेवही छोडना हैं। तोँ रिक्शेवाला वहीखडा रहा,
माँ नें कहा – समान अधिक हौ गय़ा तोँ मे दुबारा आँ जाऊगी वर्ना आप् लेँ लानायह सभीमै रिक्शा लेकरघऱ चली जाऊगी साम तक
पिताजी नें कहा – ठीक हैं
ओर माँ रिक्शे मे बैठकर वही आँ गयीँ, चोपड कि छोटी छोटी गलियो मे घरो केँ नीचे बहुतलाख कि चुडियो कि दुकाने हैं जिनपर मां घुमने लगी।
जूम्मे कि नमाज कां टाइमओर खाने केँ वक्त केँ कारण अधिकतर दुकाने बंद थि आजतभी मैने नें एक् ओरत सें कहा – बेहनजी मुझे चुडेलगे यहा तोँ सब दुकाने बंद हैं आप् बताएगी कोई दुकान अच्छी सि जोँ खुली रहती हैं।
यह सुनकर औरत नें कहा – आओ बेहन मेरेसंग अगलीगली केँ अंदर केँ बढिया दुकान हैं तीन मंजिल कि दुकान हैं वहामिल जाएगे जरूर।
यह कहकर वोँ मां कों संग लेकरचली गयीँ,। अगलीगली मे एक् तीन मंजली दुकान बनी थि वोँ गली अंदर सें बंद होने केँ कारणवहा बिलकुल शाति थि। तभी वोँ स्त्री चली गयीँ, ओर मां दुकान मे चली गई, वहा पहुंचकर माँ नें दुकानदार कों हाथ उठाकर सलाम कीया।
तौ उसने भि बदले मे हाथ उठाकर माँ कां स्वागत कीया दुकानदार कां नाम शोकतअली थां। माँ नें डीप क्लीवेज कां ब्लाउज पहनाहुआ थां, जिससे मां केँ टमाटर जैसेदूध कि घाटिया दिखरही थि।
शोकत नें अंदर सें स्टूल लाकर मां कों बैठने कों कहा माँ जैसे हि झुककर स्टुल पऱ बैठी तोँ मां कि चुचियो कों देखकर शोकत केँ पजामे मे हलचल होनेलगी। माँ भि थोडा झुककर बैठ गयीँ, थि जिससे उसकी चुचियो कों शोकतदेख सके।
तभी मां नें कहा – मुझे 6 जोडी चुडे लेने हैं आप् कों डिजाइन कि फोटो दिखादे ओरकब तक बनाकर आप् दे देगेबता दिजिए?!
तौ शोकत नें कहा – अभि लडके नमाज पढनेगये हैं हमारे पासऊपर माल बहोत हैं आप् चाहे तोँ उनमे सें भि मनपसंद कर सकती हैं नहीं तौ तब तक आप् फोटो देखकर बता दिजिए उनमे सें जौ सजधजकर हुआ वोँ अभि मिल जाएगा आपको।
यह कहकर शोकत नें एक् एल्बम रख दिया। मां केँ आगे काऊटर पर्र शोकतअली कां घऱ सामने कि गली मे हि थां शोकतअली कि कद 6 फुट सें भि अधिक थि ओर जिस्म एकदमभरा हुआ। शोकत नें लुगीओर बनियान हि पहनरखी गर्मी भि बहोत थि, मगर शोकत नें लगी केँ नीचेकुछ नहीं पहना थां।
माँ काऊटर पऱ झुककर फोटो देखने लगी मां अपनी चुचियो कों दिखाने केँ चक्कर मे ओर झुकीजा रही थि। इधर शोकत कां लन्ड लुगी मे तन गय़ा थां ओर शोकत केँ मूसल लन्ड कां सुपारा मां कों लुगी कि बीच सें नजर आँ रहा थां।
माँ कि चुत कि Antarvasna आगयह देखकर भडकउठी, तभी मां नें कहा – आप् उपर चलकर दिखादो नां मुझे इनमेकोई समझ नहीं आँ रहा हैं। तोँ शोकत भि माँ कि चुदास भरी नजरो कों भाप गय़ा ओर कहनेलगा – कोई लडका आँ जाएफिन सारामाल दिखाउपर नीचे कां आप् कों जरूर पसन्द आएगा।
मां नें कहा – वक्त निकलने केँ बादकोई फायदा नहीं होता जरूरत केँ वक़्त हि समान मिलना चाहिए नां! यह सुनकर शोकत मां कि बातो कां मतलबसमझ गय़ा ओरकहा – चलोफिन आपको पहले सारामाल दिखा हि देताहू।
माँ कों उसनेआगे कीयाओर उपर चढने कां इशारा कीया शोकत कां लन्ड लुगी मे तबू बनाकर खडा थां जिसे माँ नें चोर नजरो सें देखकर अहहभर दि माँ अब गांड मटकाकर शोकत केँ आगेआगे उपरचढ रही थि। शोकत नें लगी मे हाथ डालकर अपने लन्ड कों पेट कि तरफकर दिया थां माँ ओर शोकतउपर पहुंच गयेओर वहालगी लकडी कि रेक मे माँ चुडे उठाकर देखने लगी।
वहा बहुततग स्थान थि दुकान कि चोडाई केवल 8 स्लिम हि थि उसमे फर्नीचर ओर कारीगरो केँ बैठने कि स्थान तभी माँ नें उपर वालीरेक मे पडे चुडे दिखाने कों कहा तोँ शोकत माँ केँ पीछे चिपककर अपने हाथो कों उचाकर केँ चुडा निकालने तभी शोकत कां लन्ड लुगी सें निकलकर मां कि गांड पर्र लगनेलगा।
लन्ड गांड पर्र लगते हि मां कि अहह निकल गयीँ, जिसे सुनकर शोकत भि समझ गय़ा रंडी हैं कोई चुदाई कि भूखी शोकत नें अब हिम्मत करतेहुए पिछे सें लन्ड कां दवाब साडी पऱ बढा दियाओर अपना एक् हाथकधे पऱ रख दियाओर दूसरे हाथ सें रेक मे लगे चुडे केँ बारे मे बताने लगा।
शोकत पीछे सें लन्ड कां दवाब माँ कि गांड पर्र डालने लगा तौ मां कि आहे बेकाबू होनेलगी शोकत नें कंधे पर्र रखेहाथ सें कंधे कों दबा दियाजोर सें जिससे मां केँ मुह सें अहह!! निकल गई,। चुदास कि अहह सुनकर शोकत कों अब परमिशन मिल गई, थि। शोकत नें अब अपनेहाथ कों कंधे सें हटाकर ब्लाउज पर्र रख दियाओर जोर सें चुचि कों दबा दिया।
तभी माँ नें कहा – आहिस्ता शोकत भइया
यह सुनकर शोकत कां हौसला बुलद हौ गय़ा ओर शोकत दोनो हाथो सें मां कि चुचियो कों दबा दिया। जिससे मां कि आहे निकल गयीँ, जोर सें।
शोकत नें कहा – थोडा सब्रकरो जान! एक् लडका आँ जाएबस फिनउपर चलकर चुदाई करूगा तेरी दमदार, अगरयहा लडको नें देख लिया तोँ उनको भि देनी पडेगी!
मां नें कहा – कितने लडके हैं
लुगी
ओर शोकत केँ सामने खडी होकर फटाफट कपडे खोलकर दो मिनट मे हि नंगी हौ गयीँ, शोकत भि माँ केँ जिस्म कों देखकर पागल होनेलगा।
शोकत नें कहा – रानी हमारे घऱ मे बहोत सि ओरतो कि गाडबडी हैं तौ बहोत कि चुचिया तौ जिसकी दोनो तेरी जैसी हैं, तोँ उनकापेट भि बहोत बडा निकला हुआ हैं, तेरी जैसी पतलीकमर ओर इतनीबडी गांडओर चुचि वाली पहलीबार मिली हैं, 47 साल कि उम्र मे!!
तभी माँ नें कहा – शोकत भइयाअब चोदेगे भि याँ खाली बकचोदी हि करोगे!!
Sex kahani हौ, जिसमे मां नें चारबार कामरस छोड दिया।
आधा घंटे चुदाई केँ बाद शोकतअली नें ढेर सारेमाल सें माँ कि चुत कों भर दियाओर शोकत भइया लुगी लपेटकर ओर बनियान पहनकर जल्द सें नीचेगये तब तक कोई नहींआया थां। दुकान पर्र शोकत भइयाऊपर आकर,
कहनेलगे – तुम्हारी भाग्य अच्छी हैं कोई नहींआया अब तक। अब वोँ चारबजे हि आएगेतब तक एकबार ओर तुम्हे चोद लेताफिन तुम्हे जौ चाहिए वोँ लेँ लेना आहिस्ता।
तौ मां नें बिनादेर करतेहुए शोकत केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर चुसने लगी!पाच मिनट कि चुसाई केँ बाद शोकतअली कां लन्ड फिन सें तनकर रेडी थां।
मां नें कहा – शोकत भइया मुझेगोद मे उठालो नीचे फर्शलग रहा हैं
यह सुनकर शोकत नें कहा – तुम् उपरचलो वहा दिवान बिस्तर हैं
मां उपर जाकर दिवान बिस्तर पर्र लेट गय़ा ओर मां कि टांग फैलाकर चुतमै लन्ड पैल दिया शोकत कां लन्ड माँ कि चुत मे तुफान मचाने लगा। मां भि नीचे सें गांड उठाकर शोकतअली कों सामने सें झटके मारकर मज़ा देनेलगी सातइच केँ शक्तिशाली लन्ड केँ आगे मां कि चुत अधिकदेर नहींटिक पाईओर 10 मिनट मे चुत कां झरनाछुट पडा।
माँ नें शोकतअली कों रोकाओर घुटनो कों मोडकर अपनी गांड उठाकर कोहनी केँ बललेट गई,,
ओरकहा – शोकत भइया गांड कि खुजली भि मिटादो थोडी
शोकत कां लन्ड माँ केँ कामरस सें चिकना हौ गय़ा थां पूरा शोकत नें माँ कि गांड कों हाथ पकडकर फैलाया ओर भूरेछेद पऱ अपने लन्ड कों रख दियाओर दो झटके मे पूरा लन्ड गांड मे पेल दिया। पूरा लन्ड अंदर जाते हि माँ नें गांड कों हिलाया,
ओरकहा – शोकत भइया पूरी ताकत सें अब गांडफाड दो मेरी
यह सुनकर शोकतअली जोश मे आकर मां कि गांड कों पेलने लगा शोकतअली नें 20 मिनट माँ कि गांड कों पेलाजब शोकत लन्ड कों पूरा गांड मे पेलता तोँ फट कि आवाज़ आती। यह आवाजे अब लन्ड कि स्पीड बढने सें पटापट पटापट कि कामुक आवाजो सें जोर सें गुजने लगा। आधे घंटे कि जोरदार चुदाई केँ बाद शोकत भइया झडने कों हुए तौ मां नें गांड सें लन्ड निकाल दिया।
ओर लन्ड चुसने लगीदो मिनट केँ बाद शोकतअली नें सारामाल मां केँ मुह मे हि गिरा दियाओर माँ शोकतअली कां सारारस पी गयीँ, मुह सें लन्ड कों बाहर् निकालकर पूरा लन्ड चाटकर साफ किया। ओर बेड पर्र लेट गई, शोकतअली नें लुगी लपेटी ओर बनियान पहनकर कुर्ता पहनकर मां कों जल्द सें कपडे पहनकर नीचेआने कों कहा।
पढ़ते रहिये इस Muslim Sex kahani कों अभि आगेकई किस्से बाकी हैं। फिन, मां नें फटाफट पेटीकोट ब्लाउज पहनेओर साडी बांधकर नीचे आँ गई, शोकत भइया ब्रा पेटी डालने केँ लिएकोई लिफाफा देदो माँ फिन सें फोटो देखने लग गयीँ, मां केँ चेहरे पर्र अब खुशीझलक रही थि। तभीठीक चारबजे 4 लडके दुकान पर्र पहुंच गये, माँ नें चारो कों देखा तौ देखती हि रह गई,, चारो लडके 22 सें 25 साल केँ हि थें।
बस माँ नें लडको केँ उपर जाने केँ बाद पूछा – यहकोन हैं,
तोँ शोकत नें कहा – एक् मेरा साला हैं, दो भतीजे, ओर एक् भांजा!
तोँ माँ नें कहा – आप् कहरहै थें यहसभी भि मुझे पेलते तौ
शोकत नें कहा – आपको क्याँ लगता हैं आपको यूही जाने देतेअगर मैमना करता तोँ घऱ जाकर मेरीओरत कों भडका देते,
एकबार हुआ थां मेरासंग मेरे दोनो भतीजो नें मेरीओरत कों भड़काकर, उसेपेल दिया, हमारे यहासभी चलता,
तोँ माँ नें कहा – भाईजान मुझेयह सभीपता हैं चलो छोडोकोई बात नहीं, इनको भि खुशकर दूगीकभी ओर हंसने लगी!!
तोँ शोकत नें कहा – अभि करदो, मना कोनकर रहा हैं
तोँ मां नें कहा – पहले चुडे तोँ मनपसंद करवादो फिन देखो
तौ शोकत नें अपने साले कों आवाज़ लगाई – शाहरुख नीचे आँ!
ओर बताने लगा वोँ वोँ चुडे लें आँ शाहरुख बताएसब चुडे लें आया तोँ मां कों उनमे एक् डिजाइन पसन्द आँ गय़ा ओर माँ नें उसके 6 सेट लाने कों कहा, शाहरुख 6 सेट लेँ आया, ओर उपरचला गय़ा। तौ शोकत नें कहा चुडे तोँ खरीद लियेअब लडको कों खुशकर दो। तौ माँ नें कहा क्यो नहीं शोकत भइया आप् पहले बताओ इनके कितने रूपये हुए,
तौ शोकत नें कहा – आप् जैसामाल मैने आजतक नहीं चोदा जबकी मेने सेकडो लडकीओर ओरतो कों चोदा हैं अबतक, इसलिये आपसेकोई रूपया नहीं लूगा
तौ माँ नें कहा – तौ फिन शोकत भइया मे चलतीकही ओर सें हि लेँ लुगीओर दुबारा हम् कभी नहीं मिलेगी
तब शोकत भइया नें कहा – नाराज क्यो होती हौ रानी 500 रूपये दे
तोँ जबकी उनकी कीमतकम सें कम 1800 रूपये कि थि!
माँ नें कहा – भइया साहबसही बताओ इतने मे भलाकही मिलते हैं
तौ शोकत नें कहा – मेरा खर्चा निकालकर मुझे इसमे 100 रूपये बचेगे बाकी चाहे कितना हि लुट लेँ बाजार मै!
यह सुनकर माँ नें कहा – ठीक हैं
तोँ मां नें पूछा – शोकत भइया लडको सें क्याँ कहोगे
तौ शोकत नें अपने साले कों फिन सें आवाज़ लगाई, ओर शाहरुख नीचे आँ गय़ा,
तौ शोकत नें कहा – सलीम, फिरोज, अकबर, सें पूछामजे करने हैं तोँ एक् माल हैं बढिया!
तौ शाहरुख नें कहा – कोन हैं
तोँ शोकत नें माँ कि तरफ इशारा कीया
तौ शाहरुख नें लन्ड कों सहलाते हुएकहा – जीजायह भि कोई पूछने कि बात हैं, मगर जीजा तुम्?!!
तौ शोकत नें कहा – पहले तुम् पेललो फिन मे देखूगा
यह सुनकर शाहरुख बहोत खुशहुआ, ओर माँ कों कहा – मोहतरमा आइएउपर चलते हैं
शाहरुख नें मां कों कहा – मोहतरमा आओ मेरे पिछे
तोँ माँ शाहरुख केँ पीछेचल दि माँ केँ उपर पहुंचते हि सबजने अपने लन्ड कों सहलाने लगेओर होठो पऱ जीभ फेराने लगे जिसे देखकर मां बहोत खुश हुइ। तभी शाहरुख नें माँ कों उपर चलने कों कहा माँ ऊपर जाकर दिवान बिस्तर पर्र बैठ गई,,
ओर शाहरुख सें कहा – दोदो करके आँ जाओ।
तभी शाहरुख नें फिरोज ओर सलीम कों उपरभेज दिया!
ओरकहा – दोदोकर केँ हमे बुलारही हैं साली कि जमकर चुदाई करना!
तभी सलीमओर फिरोज उपरचले गये। माँ उनकेआने सें पहले हि कीसी रंडी कि तरह नंगी होकरबैठ गई, फिरोज ओर सलीम नें मां केँ जिस्म कों देखा तौ आखे खुली हि रह गई,। उन्दोनो नें ऐसीकोई महिला मात्र Mastram Sex kahani औऱ अपने ड्रीम्स मे हि देखि थि।
तभी मां नें कहा – अरे देखते हि रहोगे कि याँ कुछ करोगे भि?!
यह सुनकर फिरोज ओर सलीम मां कि तरफ बैढने लगे सलीमओर फिरोज नें पासआकर अपने कपडे खोलकर फेक दियेओर क्च्छो मे खडे होँ गये। तभी फिरोज नें आगे बढकर माँ केँ दूध कों पकड लियाओर उनकी गुलाबी निपल कों चुसने। मां नें अपनी टागो कों फैलाकर सलीम कों चुत चाटने कां इशारा कीया तोँ सलीमझट सें नीचे बैठकर माँ कि चुत कों चाटने लगा।
इधर माँ नें फिरोज केँ लन्ड कों कच्छे मे हाथ डालकर पकड लियाओर उसका साइज कां अंदाजा लगाने लगी फिरोज कां लन्ड करीब 6 इच कां हि थां बस मोटा नहीं थां मगर लंबाई ओरकडक पूरा थां। माँ नें फिरोज केँ कच्छे कों नीचे खिसका दियाओर उसके लन्ड कों पकडकर अपनीतरफ खीच लिया फिरोज भि समझ गय़ा क्याँ करना हैं।
तोँ फिरोज नें अपना लन्ड माँ केँ मुह मे डाल दियाओर माँ फिरोज केँ लन्ड कों चुसने लगीउधर सलीम पहलीबार कीसी कि चुत कों चाटरहा थां सलीममजे लेकरचुत कों चुसरहा थां माँ नें दोहरे हमले केँ आगे जल्द हि घुटने टेक दियेओर सलीम केँ सर कों अपने हाथो सें दबा दियाचुत पऱ ओर सलीम केँ मुह पर्र झडनेलगी।
सलीम नें जैसे हि रस कों पीया तौ सलीम कि लाटरी हि लग गई, सलीम माँ केँ कामरस कों अब कुते कि तरह चाटने लगाइधर माँ नें अपनेमुह सें फिरोज कां लन्ड बाहर् निकाला ओर फिरोज कों दिवान बिस्तर पऱ लेटने कों कहा मां फिरोज केँ लेटते हि उसके लन्ड कों चुत पर्र लगाकर उसकेउपर बैठ गई,। ओर फिरोज केँ लन्ड कों पूरा अंदर लेँ लिया सलीम कों मां नें बिस्तर पऱ अपनेआगे खडे होने कों कहा।
तोँ सलीम केँ पेट केँ ऊपर सें दोनोतरफ टांगे फैलाकर मां केँ सामने आँ गय़ा तोँ मां नें सलीम कां कच्छा नीचेकर दिया सलीम कां लन्ड 5.5 इच लंबाओर 2.5 मोटा थां मगर सलीम कां लन्ड तनाव बहोत ज़्यादा थां माँ नें सलीम केँ लन्ड कों हाथ मे पकडा तौ वोँ गरमराड कि तरहतप रहा थां मां नें सलीम कों आगेखीच लियाओर उसकीगाड पऱ हाथ रखकर उसके लन्ड कों चुसने लगी सलीम कां लन्ड माँ लॉलीपॉप कि तरहचुस रही थि ओरउधर नीचे फिरोज माँ कि चुत कि ठुकाई कररहा थां।
वीर्य कों चाटकर साफकर दिया उसकेबाद सलीम केँ लन्ड कों भि मां नें चाटकर साफकर दिया। दोनो लडको नें कपडे पहनेओर नीचेउतर गये मां कां पसीना अब सुखने हि लगा थां, कि इतने मे शाहरुख ओर अकबरउपर आँ गये।
शाहरुख ओर अकबर 25 साल कि उम्र केँ हि थें तभी दोनोपास आकर माँ केँ उपर हि लेटगये शाहरुख माँ केँ दूध कों पीनेलगा तोँ अकबर मां कि जाघो कों चाटने लगा इसतरह दोनो मिलकर मां केँ शरीर कों चाटकर मां कि Kamvasna हवस कों भडकाने लगे। माँ कि चुदास भडकउठी शाहरुख ओर अकबर कां रंग सफ़ेद तौ होठो कां गुलाबी रंग देखकर मां मचलने लगी।
ओर मां नें शाहरुख केँ पजामे केँ उपर सें उसके लन्ड कों टटोलने लगी शाहरुख कां कुर्ता घुटने तक थां जिसे माँ नें उपरक, केँ अपनाहाथ पजामे पर्र रख दियातभी शाहरुख नें अपना कुर्ता खोल दियाओर खडा होकर पजामा भि खोल दिया। मां कों अब आसानी हौ गयीँ, ओर मां नें कच्छे मे हाथडाल शाहरुख केँ लन्ड कों पकड लिया शाहरुख कां लन्ड भि 6 इच लंबाओर वही 2.5 इच मोटे साइज कां हि थां।
तभी माँ नें शाहरुख केँ कच्छे कों नीचाकर दिया, ओर मुठ मारने लगी, उधर अकबर नें मां कि टागो कों फैला दिया, ओर चुत मे उगलि डालकर अंदर बाहर् करनेलगा। चुत मे उगलि डालने सें माँ जोरजोर अहह भरनेलगी अकबर नें अपनी उंगलियो कों निकाला ओर मां कि चुत पर्र झुककर चुत कों अपनेमुह मे भर लिया।
माँ मचलने लगीओर शाहरुख कों अपनेओर पास खीचने लगीतभी शाहरुख खडाहुआ ओर अपना कच्छा खोलकर मां कि चुचीयो पऱ बैठ गय़ा ओर लन्ड मां केँ मुहमै डालकर लेट गय़ा मां नें शाहरुख कि गांड पर्र अपने हाथो कों रखकर शाहरुख केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर गपगप करके चुसने लगे।
मां भि तनेहुए लंडो कों खाकर मस्त हौ रही थि, उन्ही अपनीरवि कि ग्रुप सेक्स कथायाद आँ रही थि, ओर पूरी मस्ती मे अपनी गांड उचकाकर चुदाई केँ मजे लें रही थि। शाहरुख ओर अकबर कि झटको कि तेजी नें मां केँ पूरे शरीर कों हिलाकर रख दिया। शाहरुख ओर अकबर माँ कि चुतओर गांड कि पेलाई शानदार तरीके सें कररहे थें।
माँ मदहोश होकर अपनी आंखो कों बंद करके चुदाई कां आनंद लें रही थि मां मानो जन्नत मे सैरकर रही थि गांडफाड चुदाई केँ चलते मां शाहरुख ओर अकबर 15 मिनट केँ बाद एकसाथ झडनेलगे ओर आखिरकार माँ कि चुत कि आग ठंडी हुई आज महीने सें ज़्यादा वक़्त केँ बाद मां अब अपनी गांडओर चुत सें शाहरुख ओर अकबर केँ निकलरहे वीर्य कों अपनी उंगली पर्र लगाकर चाटने लगी।
अकबरओर शाहरुख नें कपडे पहनेओर नीचेचले गये माँ नें ब्रा पेटीपहन लीअबओर जल्द सें साडी बांधकर नीचे आँ गयीँ,, नीचे उतरकर चारो लडको कों सलाम कीया, तोँ सबनेहाथ उठाकर सलामकर दिया। मां नीचेआकर शोकतअली केँ पासबैठ गयीँ, ओर शोकतअली कों कहा भाईजान आपके लडको कों भि खुशकर दियाअब तोँ आप् खुश हैं।
तौ शोकत नें कहा – एक् बात कहनी थि आप् सें
तोँ माँ नें कहा – बोलो भाईजान
शोकत बोला – शपथ सें चुदाई मे इतना आनंदकभी नहींआया जितना आजआया हैं
तोँ माँ हंस दि ओर कहनेलगी – भाईजान अपने नंबरदे दोकल सुभह 10 बजे मोबाइल करूगी
तोँ शोकत नें दुकान केँ नबरदे दिये, ओर माँ नें शोकत कों अलविदा कहकरवहा सें रवाना होँ गई,, मां बहुत दिनोबाद आज बहोत खुशलग रही थि। माँ साम कों घऱ पहुंच कर सीधा बाथरूम मे घुस गयीँ,, मां केँ जिस्म सें सब केँ पसीने कि खुशबु आँ रही थि। जिसे सुघकर माँ रोमांचित होँ उठी मां रगडकर नहाने लगीफिन कपडे पहनकर बाहर् निकली तौ शशी नें गरमचाय बनाकर दे दि।
फिन मां नें घऱ केँ काम ख़त्म कीयेसभी ओररात कों सोगये वक़्त सें सुभह मां जल्द उठकरसाफ सफाई करनेलगी ओर 10 बजेसब काम समेटकर फ्री हौ गई, ओर समान केँ अंदर छुपाकर रखी पर्ची निकालकर मोबाइल मिलाने लगी शोकत कों। शोकत कां मोबाइल बीजीचल रहा तौ माँ नें पांच मिनट रिडायल कीयानबर घटी बजते हि माँ कि धडकने बढ गई, ओरउधर सें शोकत नें मोबाइल उठाकर हैलोकहा। तौ माँ कुछ नहीं बोलि,
तौ शोकत नें कहा – हेलोहा मै शोकतबोल रहाहू
तोँ माँ नें हेलोकहा
शोकत माँ कि आवाज़ पहचान गय़ा ओर मां कों सलाम कीया, मां नें भि शोकतअली कों सलाम भाईजान कहकरबात कों आगे बढाया।
शोकत नें कहा – मोहतरमा अपनानाम तौ बतादो अब
तौ माँ नें अपनानाम रेखाबता दिया
शोकत नें कहा – रेखा तुम् तौ सच मे रेखा हौ बोलो तोँ मुंबई लेँ चलू तुम्हारे आगे तौ हिरोइने भि फैल हैं! उप्पर वाले नें क्याँ शरीर नवाजा हैं तुम्हे,
शपथ सें रातदिन चोदते रहने कां मन करता हैं इस उम्र मे भि,
तोँ माँ नें – इस उम्र कां मतलब भाईजान?!! आप् तोँ अभि भि जवान हैं ओरसचकहू तोँ जवान भि फैल हैं आपकेआगे!
यह सुनकर शोकतखुश हौ गय़ा!
तभी मां नें कहा – शोकत भाईजान! आपसेकुछ काम हैं
तौ शोकत नें कहा – कहो रेखा तुम्हारा काम नहीं करेगे तौ कीसका काम करेगे
यह सुनकर मां नें कहा – शोकत भइयाकल सुभह आर्दश नगर केँ बाहर् जौ सब्जी मंडी हैं वहा पर्र मिलने आँ जाओवही पर्र बता दूगी सबकुछ।
तौ शोकत नें कहा – कितने बजे आनां हैं रेखा
तोँ मां नें दसबजे कां वक्तदे दिया। ओर अगलेदिन तय वक़्त पऱ मां सब्जी लेने केँ बहाने चली गयीँ, शोकत सें मिलने शोकत भइयाआज पठानी सुट पहनकर आए भुरारंग कां ओरउपर जालीदार टोपी मे दूर सें हि माँ कों नजर आँ गये।
मां नें उनको जाकर सलाम किया तोँ शोकत नें भि सलामकर दियातभी शोकत कों मां नें उनके पीछेआने कों कहा सब्जी कि दुकाने ख़त्म होते हि गली मे घुस गयीँ, माँ उसगली मे सब्जी वालो केँ गोदाम थें। वोँ गली खाली हि रहती थि। इस टाइम नें माँ नें मोका देखकर शोकत कों गलेलगा लिया नें शोकत नें भि मां कों बाहो मे भर लियातभी कीसी कि आवाज़ आई।
तोँ दोनो नें एक् दूसरे कों छोड दियाओर सामने दुकान कि चोकी पर्र माँ बैठ गयीँ, मां नें आज कालेरंग कां सुट पहना थां जिसमे उसकी गांडओर दूध बाहर् निकलरहे थें मां केँ झुककर बैठने सें शोकत कों माँ कि गोरी चुचिया साफदिख रही थि। जिससे शोकत कां लन्ड खडा होनेलगा,
तभी मां नें कहा – शोकत भाईजान आप् कों यहाआने मे कितनी देरलगी
तोँ शोकत नें कहा – वोँ स्कूटर सें आया हैं तोँ उसेदस मिनटलगे हैं पहुंचने मे
तोँ माँ नें कहा – भाईजान मै चाहती हू आप् यहा पऱ कोईरूम किराये पर्र लें लेँ किराया मे दो दूगी, बस सुभहदस बजे सें देकर 11.30 बजे तक आप् यहा आँ सके! तौ मेरा जिंदगी सुखमय होँ जाए!!
यह सुनकर शोकत नें कहा – रेखा पैसे तोँ मै भि दे दूंगा मगररोज आनां मुश्किल होँ जाएगा
तोँ माँ नें कहा – मेरेलिए इतना भि नहींकर सकते
तौ शोकत नें कहा – कल सोचकर बता दूंगा
अगलेदिन शोकत कों मां नें मोबाइल कीया।
तोँ शोकत नें मनाकर दियाकहा – रोज वोँ नहीं आँ सकता हैं काम केँ कारण, सुभहसब लडके सप्लाई पर्र जाते हैं, ओर बाजार मे सुभह सुभहमाल भेजना पडता हैं साम कों, अगर आप् आँ सकती हैं तौ मे रेडीहू!
मगर माँ साम कों नहींजा सकती थि!!
तभी शोकत नें कहा – जबकभी मन हौ तौ मोबाइल कर लेनादिन मे कही भि आँ जाऊगा
तोँ माँ नें कहा – दिन मे कहा मिलुगी आपसे मेरेपास कोई स्थान थोडी हैं
तौ शोकत नें कहा – स्थान तौ आपकेपास हि हैं मगर एक् समस्या हैं ओर सुझाव भि, सब्जी मंडी मे हमारी जानके एक् मौलवी साहब रहते हैं। वोँ दस सें 12 बजे तक मिल भि जाएगे चाहेरोज हि जा सकती हैं आप्!
ओरहा मौलवी साहब बहोत ताकतवर भि हैं अब तक बहोत सि महिलाओ कों बच्चा भि दे चुके मेने सुना हैं उनका लन्ड अच्छी अच्छी रंडीयो कि गांडओर चुतफाड देता हैं।
आप् एकबार मिललो कभीकभी हम् दोनोकर लेगे वर्ना मौलवी साहब तौ आपकी सेवा रोजाना कर देगे आपकी!
तौ मुझेबता देना मे मौलवी साहब सें मिलवाने लें चलूगा जिसगली मे हम् मिले थें उसके सामने वालीगली मे उनकाघऱ हैं!
ओर मौलवी साहब अकेले हि रहते हैं कभी भि जा सकती होँ आप्!
यह सुनकर माँ इतनी कामुक हौ गयीँ, कि उनकीचुत सें कामरस बहनेलगा, माँ नें अपने गाऊन कों उपर कीयाओर अपनी पेटी कों निकालकर उसे चाटने लगीबात करतेहुए हि,
तभी शोकत नें कहा – अच्छा मे भि साम कों बातकर लेताहू मौलवी साहब सें, ओर आप् भि सोचलो, अगर मिलना होँ तोँ कल सुभह मोबाइल कर लेना, मे आँ जाऊगा ओर मौलवी साहब केँ पास लें चलूगा,
ओर सलाम करके मोबाइल रख दिया!
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
माँ शोकत केँ भरोसे मजे मारने कां सोचरही थि, मगर शोकत केँ जवाब सें माँ कों झटकालगा। मां कों ऐसा जवाब शायद पहलीबार हि मिला अपने जिंदगी मै मां अब दिनभर शोकत केँ सुझाव केँ बारेमै सोचने लगीओर रात कों माँ नें पिताजी केँ संग सैक्स करने कि कोशिश कि।
मगर पिताजी नें मनाकर दिया जिससे माँ कि चुदास ओरभडक गई, सुभह उठकर माँ काम करके फ्री हुईँ तोँ वोँ शोकत कि बात कां क्याँ जवाबदे यह सोचने लगीमगर माँ कां दिमाग़ काम नहींकर रहा थां। मां नहाकर आँ गई, ओरआज काली जीन्स ओर सफेद टीशर्ट पहनकर रेडी होँ गयीँ, घड़ी मे भि 10 बज चुके थें।
तौ माँ नें शोकत कों मोबाइल मिला लियाउधर सें शोकत कि आवाज़ सुनते हि मां नें सलाम भाईजान कहा तौ शोकत मां कि आवाज़ कों पहचान गय़ा,
ओरकहा – हा रेखा केसी होँ
माँ नें कहा – आप् सें हि उम्मीदे हैं भाईजान अब तोँ आप् बताओ
तोँ शोकत नें कहा – मैनेकल मौलवी साहब सें बातकर ली थि मौलवी साहब रेडी हैं अगर आप् मिलना चाहिए तौ मुलाकात करवा देताहू
माँ नें कहा – भाईजान आप् हि करो नाँ कुछ
शोकत नें कहा – रेखा सुभह तोँ मे कीसी हालात मे नहींमिल सकतासाम कों आँ सको तोँ मै सजधजकर तुम् चाहैजहा ओर तुम् चाहे जैसा करने कों
शोकत नें कहा – रेखा मौलवी साहब सें मिलो तौ सही वेसै भि तुम् सैफ रहोगी मौलवी साहबउतर प्रदेश केँ हैं यहाकोई जान पहचान वाला नहीं, तुमको भि कोई चिंता नहीं रहेगी,
मैने मौलवी साहब कों कह दिया हैं मेरी बेहन हि हैं रेखाघऱ सें परेशान हैं आपसे मिलना चाहती हैं, कुछ समस्या हैं मेरि बेहन कि तोँ आप् सुलझा लें,
तौ मौलवी साहब नें कहा – आप् निश्चिंत रहै शोकत भइया, आपकी बेहन कि समस्या सुलझाने कि जिम्मेदारी मेरी हैं,
अब बताओ रेखामै कहरहा हूबस एक् बारमिल लो आप् अगर आपकोसमझ मे आए तोँ ठीक वर्ना यहाआती जाती रहना, ओर तोँ क्याँ कर सकताहू।
माँ कि चुतमै चुलमची थि तोँ मां नें कहा – आप् कितनी देरमै आँ रहै हौ भाईजान
तौ शोकत नें कहा – मैदस मिनटमै आँ जाऊगा
तोँ माँ नें कहा – उसीगली केँ आगे मे मिलूगी आपसेदस मिनट केँ बाद
माँ नें लोक कीयाओर पाच मिनट मे हि वोँ गली केँ सामने पहुंच कर शोकत कां प्रतीक्षा करनेलगी। तभीतय वक्त पऱ शोकत आँ गय़ा मां नें शोकत कों सलाम कीया झुककर तोँ शोकत नें भि माँ कों सलामकर दिया।
तभी शोकत नें माँ कों कहा – मौलवी साहब केँ सामने जाए तोँ उन्हे आदाब कहना
माँ नें हाकह दि!
शोकतगली मे चारपाच घऱ छोड़कर एक् घऱ मे घुस गय़ा घऱ बहुतबडा थां दो कमरेऊपर बनेहुए थें ओरतीन कमरे नीचे। शोकत नें मौलवी साहब कों आवाज़ लगाई मौलवी साहबकहा यह सुनकर मौलवी साहबघऱ नें घऱ कां दरवाजा खोलाओर मां ओर शोकत कों अंदरआने कों कहा।
माँ नें मौलवी साहब कों आदाब कीयाओर शोकत भइया नें मां कां परिचय करवाते हुएकहा – मौलवी साहबयही मेरी बेहन रेखा हैं, जिसके बारे मे कल मेने आपको बताया थां। आप् इनसेबात कर लें ओर इनकी समस्या कां समाधान करदे।
मौलवी साहब नें कहा – जरूर शोकतअली यहकाम तौ होँ गय़ा ओर बोलोतभी शोकतखडा होँ गय़ा ओर माँ कों कहा बेहन मे चलताहू आप् मौलवी साहब कों खुलकर बतादो अपनी समस्या जिससे वोँ इसका अच्छे सें समाधान करसके।
यह कहकर शोकत नें माँ ओर मौलवी साहब सें विदा लेँ ली मौलवी साहब शोकत केँ जाते हि खडे होकर बाहर् चलेगये ओरगेट अंदर सें लोककर दिया मां यहदेख रही थि तभी मौलवी साहब अंदरआए ओर कहनेलगे यहा सब्जी कि दुकानो केँ कारण आवारा पशु बहोत हैं। इसलिये गेट खुला मिलते हि घऱ मे घुस जाते हैं अच्छा आपकानाम क्याँ हैं मौलवी साहब नें माँ सें पूछा।
तौ मां नें कहा – रेखा!!
तौ मौलवी साहब नें कहा – रेखा तौ हमे भि बहोत पसन्द हैं ओरहंस दिये, माँ भि हंस दि,
मौलवी साहब नें कहा – मेरानाम आमिर हैं आमिर कि उम्र 40 केँ करीब-करीब थि ओर सफ़ेद चिट्टा रंग केँ संग मोटेमसल ओर फैली हुई छाती केँ मालिक थें। आमिर एक् तगडा मर्दनजर आँ रहा थां कुल मिलाकर आमिर नें मां सें कहा तौ आपने बताया नहीं रेखा क्याँ समस्या हैं। आपको माँ सोचरही थि क्याँ बताऊ केसै बताऊतभी मां नें कहा मेरेदो बच्चे हैं घऱ भि स्वयं कां हैं ओरकाम भि ठीक हैं।
हमारा मगरतभी आमिर नें कहामगर क्याँ रेखा तोँ मां नें मुझे शारीरिक सुख नहींमिल रहा हैं आप् कुछऐसा करे जिससे मुझे शारीरिक सुख केँ लिए तड़पना नां पडे।
तौ आमिर नें कहा – तुम्हारी उम्र तौ अभि 30 कि हि होगी अभि तोँ 20 सालओर तुम्हे शारीरिक सुख चाहिए मां कि उम्र 37 कि हौ चुकी थि। मगर लगती 30 साल कि कुवारी लडकी हि थि। उनके शरीर कि बनावट हि ऐसी थि। जिससे कोई भि नहींकह सकता थां मां कि बेटी 19 कि तौ बेटा 17 साल कां होने वाला हैं माँ अपनी तारीफ सुनकर शर्मा गई,।
मगर आमिर नें माँ कों देखकर यह भि सच हि कहा थां 20 साल तक तुम्हे शारीरिक सुखओर चाहिए तभी आमिर नें कहा रेखा तुम् अपने पति कों दवा दिलाओ। जिससे वोँ रोज तुम्हे यहसुख देसके तौ माँ नें कहा आमिर वोँ दवा नहीं लेगे उल्टा मेरे पऱ शक करेगे। तौ मेरे कों मिलरही छुट भि बंद होँ जाएगी यह सुनकर आमिर नें कहायह भि ठीककहा तुमने मगरओरत तोँ भोगने कि चीज हैं।
जितना भोगेगे उतना हि ओरत कों चैन मिलेगा ओर मर्द कों भि ओरत कों भोगते रहना चाहिए चाहैकोई भि ओरत हौ तोँ माँ नें कहा – मगर मुझे भोगना तोँ छोडो आजकल देख्ना भि बंदकर दिया, मिझे तौ Xforum कथा पढ़केकाम चलना परता हैं। तोँ आमिर नें कहा – निहायत हि मूर्ख व्यक्ति हैं जोँ फुल जैसी बीबी कां ख्याल नहींरख पाता।
मां नें भि आमिर कि हा मे हा मिला दि ओरकहा – आपनेसही कहा हैं, आमिर!
आमिर नें कहा – देखो रेखा तंत्र मंत्र सें इसकाकोई समाधान नहीं होँ सकता हैं, ओरत केँ जिस्म कि जरूरत कों मात्र मर्द हि पूराकर सकता हैं। तुम्हारी जरूरत भि एक् मर्द हि दूरकर सकता हैं।
यह सुनकर माँ नें कहा – तौ आप् हि कुछकरे मुझे नहीं मालुम हैं मेरी समस्या कां समाधान करदोबस,
आमिर नें कहा – चलोठीक हैं मै हि करताहू कुछ
ओर माँ कों उपर कमरे मे चलने कों कहा आमिर नें बाहर् केँ कमरे कां अंदर कां दरवाजा खोलाओर उसकेपास हि सिढीया थि। मां अंदर जाकर सिढीयो पऱ चढनेलगी तभी आमिर माँ केँ पिछेआकर सिढीया चढनेलगा ओर मां कि मोटी मोटी गांड देखकर आमिर कां लन्ड पजामे मे खडा होनेलगा। मां छत पर्र पहुंची तोँ आमिर नें एक् कमरे केँ गेट कों खोला,
तौ माँ कि आंखे हि फट गयीँ, !!
इतना शानदार बेडएसी ड्रेसिंग अलमारी जैसेकोई करोडपति कां शानदार रूम होँ कमरेमै गुलाब केँ इत्र कि खुशबु फैली हुईँ थि। आमिर नें अंदरआकर गेटबंद कर लियाओर दोनो ट्यूबलाइट जला दि माँ अभि खडी थि तोँ आमिर नें माँ कों बैठने कों कहा। आमिर केवल मर्द हि नहीं थां वोँ एक् मस्जिद कां मौलवी भि थां इसलिये वोँ कोई जबरदस्ती ओर जल्दबाजी नहींकर रहा थां।
आखिर उसकापद भि बहोत बडा थां इज्जत भि बहोत थि आमिर मां कों बैठने कों कहाबेड पऱ मां बेड पऱ बैठ गई,। तौ आमिर भि मां सें चिपककर बैठ गय़ा ओर मां केँ हाथ कों पकड लिया,
ओर कहनेलगा – ए खूबसूरती कि मल्लिका अगर तुम् इजाजत दो तौ मे तुम्हे शारीरिक सुख देने कों रेडीहू, बस तुम् हा बोलो एक् बार!
फिन तुम् स्वयं हि चलकरआया करोगी आमिर केँ पास,
यह सुनकर मां नें कहा – अगर इजाजत नां दू तोँ?!
आमिर नें कहा – तुम् मेरी परीक्षा लेँ रही होँ तोँ सुनोगैट खोलकर जा सकती हौ, जितनी मेरी जरूरत हैं, उससे ज़्यादा तुम्हारी जरूरत हैं, बाकी तुम् जौ कहोगी वोँ हि होगा!
तौ माँ नें कहा – आमिर तुम् तोँ बिल्कुल भि नहींहटे अपनीबात सें,
तोँ आमिर नें कहा – एकबार तुम्हे सुखदे दूगा तौ तुम् भि याद रखोगी
यह कहकरअब आमिर नें माँ केँ हाथ कों पकड लियाओर अपने सीने सें चिपा लिया, माँ भि आमिर कि बाहो मे समा गई,। तभी आमिर नें मां केँ गुलाबी होठो पर्र अपने गुलाबी होठो कों रख दियाओर चुमने लगा माँ कि kamvasna चुदास तौ पहले सें हि भडकी हुईँ थि।
तोँ वोँ भि आमिर कां संग देनेलगी ओर आमिर केँ होठो कों चुसने लगी, आमिरबडी आहिस्ता माँ केँ होठो कों चुसरहा थां ओर माँ भि उसके होठो कों उसीतरह चुसरही थि। आमिर कि स्टेमिना बहोत हि जबरदस्त थि आमिर नें लगभगदस मिनट तक तोँ मात्र होठो कों चूसाओर गुलाबी लबो कों ओर गुलाबी कर दिया।
आमिर नें अब माँ केँ दूध कों दबाया तोँ मां चिहुक उठीमगर आमिर धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगेबढ रहा थां आमिर नें अब अपना कुर्ता खोल दियाओर माँ केँ हाथो कों उचाकर केँ उनकी टीशर्ट खोल दि आमिरअब ब्रा केँ उपर सें हि मां केँ दूध कों जोर सें दबारहा थां। तौ माँ कों ब्रा चुभने लगी माँ नें अपनेहाथ पीठ पर्र कर केँ ब्रा कों खोल दिया, माँ कि चुचिया आज भि 57 कि उम्रमै भि वैसी हि हैं बिलकुल कडक।
मां कि चुचियो कों देखकर आमिर नें कहा – वाउ! क्याँ दूध हैं बेहतरीन,
ओर गुलाबी निपल कों चाटने लगा! आमिर नें अपने दोनो हाथो सें दूध कों दबारखा थां ओर गुलाबी निपल कों एक् एक् कर केँ चाटरहा थां। माँ कां जिस्म अब उत्तेजना सें भर गय़ा थां ओर माँ कि चुतयह बर्दास्त नहींकर सकी माँ बैठी बैठी अपनी पेटी मे हि झडनेलगे आमिर कों इसकापता चल गय़ा थां कुछदेर बाद आमिर नें मां कों बिस्तर पर्र गिरा दियाओर उनकी नाभी कों मुह मे भर लिया।
मां नें आमिर केँ सिर कों अपनेपेट पऱ दबा दिया आमिर नाभी कों चुसकर बिस्तर सें उतरकर खडा होँ गय़ा ओर अपना पजामा खोलकर मां कि जीन्स कां बटन खोलाओर चेन नीचेकर केँ जीन्स कों खोलने लगा। माँ नें भि अपनी गांडउठा दि जिससे आमिर कों जीन्स खोलने मे दिक्कत नां हुईँ आमिर नें अब मां कि गीली पेटी उतारी ओर माँ केँ कामरस कि खुशबु लेनेलगा।
मां कि पेटी पर्र अभि भि नमकीन रसलगा हुआ थां जिसे आमिर चाटने लगा आमिर नें चाटकर पेटीसाफ कर दि ओरअब आमिर घुटनो केँ बल बैठकर मां कि गोरी जाघो पऱ हाथ फेरकर जीभ सें चाटने लगा। जाघो कों चाटकर आमिर नें माँ कि चुत कों अपने होठो सें चुम लियाओर अपनीजीभ सें गीलीचुत कों चाटने लगा माँ भि अब गांड कों उठाने लगीओर आमिर केँ मुह पऱ अपनीचुत कां दवाब देनेलगी। आमिर नें अपनीदो उगलिओ कों मां कि चुतमै धकेल दियाओर जीभ सें माँ कि चुत कि गुलाबी फाको कों चुसने लगा।
माँ कि आहे!चीख मे बदलने लगी!अब मां कां जिस्म एक् बारफिन सें अकडने लगा, माँ अरे! आमिर!जोर सें चूसोओर जोर सें कहनेलगी, मेने नें बेड केँ नीचेलटक रही अपनी टांगो कों उठाकर आमिर केँ सिर पऱ डालकर उसेदबा दियाओर कोहनी केँ बल अपनी गांड कों उठाकर चुत कों आमिर केँ मुह पर्र दबा दिया।
आमिर नें अपनी उंगलियो कों निकाल लियाओर चुत मे जीभ चलाने लगा एक् मिनट मे हि माँ दूसरी बारझड गयीँ, इसबार आमिर नें माँ केँ कामरस कि अंतिम बूंद तक चाटली ओर आमिर बिस्तर केँ पासखडा होँ गय़ा। मां अबबेड सें नीचेउतर गयीँ, ओर आमिर कों बेड पऱ धक्का देकर बिस्तर पर्र गिरा दिया माँ नें आमिर कां कच्छा उतारा तौ मां कि आंखेफटी रही गयीँ,। आमिर सिलवाये हुए कच्छे पहनता थां जौ कि आजकल केँ शोर्ट सें भि बडे होते हैं माँ नें आमिर केँ लन्ड कों अपने नाजुक हाथो सें पकडा तौ लगा जैसे कीसी भट्टी सें कोईलाल हुई पाईप कों निकाला हैं।
आमिर कां लन्ड 7 इच लंबाओर करीब-करीब 3 इच मोटा मूसल सां थां मां इससेबडा भि एक् लन्ड अपनीचुत मे लें चुकी थि अब तक माँ सें अधिकदेर रहा नहीं गय़ा ओर आमिर केँ लन्ड केँ लाल सुपारे कों जीभ सें चाटने लगी। आमिर नें अपनीआखे बंदकर लीओर लन्ड चुसाई कां आनंद लेनेलगा। माँ नें गले केँ आखिर तक अपनेमुह मे आमिर केँ लन्ड कों लेकर निगलने लगी मां कि चुत कि आगफिन सें भडक गयीँ,।
तोँ माँ नें कहा – आमिर पहलेचुत कि खुजली कों मिटादो दोस्त,
तोँ आमिर नें कहा – जरूर मिटाऊंगा आप् जैसी खूबसूरती कि मलिका कि, आप् जेसी स्त्री केँ बारे मे तौ मेनेबस कहानियों मे हि पढ़ा हैं!
आमिर भि बिस्तर सें उतर गय़ा ओर मां केँ पासखडा हौ गय़ा अब आमिर नें माँ कों झुकाकर पेट केँ बलबेड पर्र लिटा दियाओर गांड कों फैलाकर खडेखडे अपने लन्ड कों चुत मे डालने लगा माँ कि चुत कि चिकनाई ओर लन्ड कि चुसाई सें गीलाहुआ। लन्ड चुत मे सरकने लगा आमिर नें आधा लन्ड घुसने केँ बाद गांड कों पकडकर एक् जोरदार झटके मे पूरा लन्ड चुत मे फसा दिया। मां कि जोर कि चीख निकल गई, ओर मां नें दोनो मुठ्ठी मे चादर कों भीच लिया।
आमिर नें लन्ड कों बाहर् निकाला ओर एक् जोरदार झटके सें फिन पूरा लन्ड चुत मे डालकर माँ कों दर्द कां एहसास करवा दिया आमिर मात्र चुत मे लन्ड डालकर हिला नहींरहा थां। बल्की आमिर पूरा लन्ड बाहर् निकालकर अंदरडाल रहा थां, एक् झटकेमै जिससे मां कि चुत मे दर्द होँ उठा!
आमिर नें अब अपनी स्पीड भि बढाली ओर लंबे लंबे झटके मारने लगा माँ कि आहे भि चिखो मे बदल गई, – हायरे! आमिर!हाय रे!
आमिरकर केँ माँ चिल्लाह रही थि। मौलवी साहबओर मेरी चुदासी माँ कि जबरदस्त चुदाई रहे थें, मगर कमरे सें बाहर् आवाज़ नहीं जाने वाली थि, चाहे कितनी जोर सें चिल्ला लो आमिर भि माँ कि चुत कि कसावट कों देखकर दंग थां। वेसै आमिर नें अब धक्कापेल चुदाई चालुकर दि जिसके आगे मां ज़्यादा नहींटिक पाई केवल 15 मिनट मे हि माँ कि टांगे कापने लगी, क्योकी माँ खडी थि बेड केँ पासखडी होकरपेट केँ बल लेटी थि।
आमिर कों पतालगा गय़ा थां कि मां झडने वाली तौ आमिरचुत मे ओरजोर सें झटके मारने लगादो मिनट मे हि माँ झड गई, ओर हाफने लगी। तभी आमिर नें अपना लन्ड बाहर् निकाल लियाओर मां कि गांड पऱ थप्पड मारने लगा।
वोँ माँ कों वैसेचोद रहा थां जैसे मां पिझली सेक्स स्टोरीज मे चुदती थि, फिन आमिर नें अपने हाथो सें मां कि गांड कों फैला दियाओर उनके भूरेछेद कों जीभ सें चाटने लगादो मिनट गांड केँ छेद कों चाटकर माँ कों बेड पऱ कुतिया बना दिया। अपने लन्ड केँ सुपारे कों मां कि गांड पर्र रखकर उसमे लन्ड उतारने लगा।
माँ कां मुहखुल गय़ा ओरजोर सें सासे लेनेलगी धीरे-धीरे धीरे-धीरे आमिर नें अपनाआधा लन्ड गांड मे ठोकने केँ बाद बाकीबचे लन्ड कों एक् तेज झटके मे गांडमै ठोक दिया। माँ कि जोरदार चीख निकल गई, इसबार चीख सुनकर आमिरओर उत्तेजित हौ गय़ा ओर पूरी ताकत सें माँ कि गांड कों फाडने लगा माँ कि आखो सें आंसू निकलआए।
उधरमगर कुछदेर बाद माँ कां दर्दकम हुआ तौ मां नीचे सें गांड कों उठाकर सामने सें झटके देनेलगी आमिर नें पूरे 20 मिनट गांड कि ठुकाई करीओर अब आमिर अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा। तोँ आहे भरनेलगा जोर सें मां नें आमिर कों रोक दियाबेड सें उठकर आमिर केँ लन्ड कों मुह मे डाल लियाओर आमिर बिस्तर केँ पास अपनी टागो कों फैलाकर खडा हौ गय़ा ओर माँ केँ बालो कों पकडकर लन्ड कों मां केँ गले मे फसा दिया।
माँ कि सासेफंस गई, ओरगुगु कि आवाज़ बाहर् निकलरही थि तभी आमिर कां लन्ड माँ केँ मुह मे वीर्य छोडने लगा आजतक मां नें कभी इतना वीर्य एकसाथ निकलते नहीं देखा थां। मां नें मुह मे भरेमाल कों पीकर आमिर केँ लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफकर दिया।
आमिरअब बिस्तर पर्र गिर गय़ा ओर माँ ओ घसीटकर अपनेउपर लेटा लिया माँ आमिर कि दमदार चुदाई सें बहोत खुश हुईँ माँ दस मिनट सुस्ताने केँ बाद कपडे पहनने लगी।
तोँ आमिर नें कहा – इतनी जल्द!
तोँ माँ नें कहा – वोँ रोजाना आया करेगी मगर उनकेपास केवल 2 घंटे कां वक़्त होगा! महीने मे एकबार हि वोँ पूरादिन रूक सकती हैं बस अधिक सें ज़्यादा
तोँ आमिर नें कहा – कोईबात नहींजब तक तुम् आती रहोगी, तब तक मे तुम्हे रेडी मिलूगा
ओर कहनेलगा – लगता हैं तुम्हारी चुदाई हुइ नहीं आजतकसही सें तुम्हारी चुतओर गांडआज भि इतनी टाईट हैं शपथ सें मज़ा आँ गय़ा!
तोँ मां नें कहा – 37 कि उम्र मे आपको इतना मज़ाआया यह सुनकर मुझे भि अच्छा लगा,
आमिर नें चोककर कहा – तुम् 37 कि हौ गई, होँ, तौ मां नें कहा – हा!!!, यह सुनकर आमिर कों अभि भि यकीन नहीं हौ रहा,
तभी आमिर नें कहा – तुम्हारी चुतअब उम्रभर ऐसी हि रहेगी चाहे चुदो याँ नां चुदोऐसी चुत लाखो मे एक् कों नसीब होती हैं, ओरमै भि क़िस्मत वालाहू
आमिर नें भि जल्द सें कपडेपहन लियेओर माँ कों गले लगाकर पूछने लगाअब कब मुलाकात होगी तौ माँ नें रोजना इसी टाइम होगीओर गले लगकर आमिर कों किस करनेलगी आमिर नें गेट खोलकर मां केँ संग बाहर् आँ गय़ा ओर हंसकर अंदरचला गय़ा।
माँ भि तेजी सें सब्जी लेकरघऱ पहुंच गयीँ, ओर खानां बनाने लग गयीँ, मां कि चुतओर गांड मे मीठा मीठा दर्द होँ रहा थां इसलिये माँ बिस्तर पर्र लेट गयीँ, ओरसो गयीँ,।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Aage kya hua? Next part padhiye
Relavant source : click here