MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
माँ सोकरउठी तोँ आमिर कि चुदाई सें अब भि माँ कि चुतओर गांड मे मीठा मीठा दर्द होँ रहा थां। मां साम कों उठकरघऱ कां काम करनेओर वहीसभी रोज कां कामकाज करकेसो गयीँ, सुभह उठकर सबके जाने केँ बाद, मां बाथरूम मे जाकर अच्छे सें नहाकर आईओरआज साडी पहनकर रेडी होनेलगी।
मां नें रेडी होकर शोकत कों मोबाइल मिला लिया शोकत केँ मोबाइल उठाते हि मां नें शोकत कों सलाम करके शुक्रिया भाईजान आपका कहनेलगी, शोकत नें भि सीधे सीधेपूछ लिया लगता हैं मौलवी साहब नें आपको जन्नत कि सैर करवा दि हैं।
यह सुनकर माँ नें कहा – हा भाईजान आपनेसही कहायह तोँ मगर आपको भि नहींछोड सकतीहू मै
यह सुनकर शोकत नें कहा – अरेकोई बात नहीं रेखाजब मोका मिलेगा तौ हम् भि आपके खूबसूरती कां दीदार जरूर करेगे। आपके खूबसूरती कां दीदार कर लिया एक् बारयह भि मेरेलिए कीसी जन्नत कि सैर सें कम नहींओर हंसने लगा!!
मां नें कहा – वोँ तोँ ठीक हैं मगर हफ्ते मै एक् दिन तौ आपको जरूर मिलना होगा
तोँ शोकत नें कहा – रेखादिन मे 12 सें 6 तक एक् दिन कां टाइम तोँ जरूर निकाल लूंगा तुम्हारे खूबसूरती कां दीदार कां करने केँ लिए
तौ मां नें कहा – आप् आमिर सें बातकर लेनामै जल्द हि आपको बताती हूआज मंगलवार हैं रविवार सें पहले मे तुम् सें भि मिलूगी चाहे तुम् दोनो एक् संग हि मिल लेना
तौ शोकत नें कहा – आमिरजी अब अकेले तुम्हे भोगने नहीं देगे मुझे वोँ बडी तारीफ कररहै थें कलसाम कों स्वयं हि चलकरआए थें मेरेपास
तौ माँ नें कहा – आमिर कीसी कों बताएगा तोँ नहीं
तौ शोकत नें कहा – हम् मुस्लिम जुबान केँ पक्के होते हैं आपकेलिए जानदे देगेमगर आप् पर्र कोईआच नहींआने देगेकभी!
यह सुनकर मां अब पूरीतरह निश्चित हौ गयीँ,,
शोकत कों कहा – जल्द मिलते हैं भाईजान तब तक अपनेमाल कों बचाकर रखे
तौ शोकत नें कहा – आप् बस मिलो तौ सही इसबार आपकोमै भि जन्नत कि सैरकर करवाऊगा दुकान पर्र तोँ मात्र ट्रेलर थां, फिल्म तोँ बाकी हैं जान, ओर हसनेलगा
मां कि चुत मे आगलग गयीँ, ओर माँ नें सलामकर केँ मोबाइल रख दियाओर थैला उठाकर आमिर केँ घऱ पहुंच गयीँ,। आमिर माँ कां हि प्रतीक्षा कररहा थां आमिरछत पर्र खडा थां माँ कों देखते हि अंदरआने कां इशारा कहा, मां घऱ मे पहुंची तौ आमिर भि नीचे आँ गय़ा ओर बाहर् जाकर दरवाजा लोककर दिया।
माँ बाहर् केँ कमरे मे हि खडी थि तौ आमिर नें कहा – आप् कों खडे होकर प्रतीक्षा करने कि कोई जरूरत नहींउपर केँ कमरेओर हमारे दिल कि मालकिन होँ आप्, अब सीधाउपर आँ जायाकरो ओर दरवाजे कों लोकलगा दियाकरो!!
मां कों उपर चलने कां हाथ सें इशारा कीया, तोँ माँ अपनी मोटी गांड कों हिलाकर सीढीयो पर्र चढनेलगी। मां कि गांड लेफ्ट राइट केँ संगहिल रही थि मोटी गांड कों देखकर आमिर कां लन्ड खडा होनेलगा पजामे मे मां कमरे मे जाकरखडी होँ गयीँ,।
आमिर नें लाइट जलाकर कमरे कों बंदकर लिया आमिरआज बनियान ओर पजामे मे हि थां, मां कि नजर पजामे मे बनरहे तंबू पऱ चली गयीँ,। तोँ वोँ हंस दि, तभी आमिर नें माँ कों गलेलगा लिया, वोँ उनकीयाद मे New Antarvasna kahani बहोत अधिक पढ़ता थां, उनकीलाल लिपस्टिक कों चुसने लगा आमिर केँ बाहो मे मां ऐसे समाई जैसेदो शरीर एक् जान होँ।
चुदाई कि लत होती हि ऐसी हैं क्याँ करेअब देखलो। एक् जवान बेटा। अपनी मां केँ जवानी केँ किस्से सुनाने कों मजबूर हैं! आमिर मां कि गर्दन होठगाल ओरकान कों चुसता रहादस मिनट मां कमर पऱ हाथ फैलाकर आमिर कों उकसारही थि।
तभी आमिर नें माँ केँ दूध कों ब्लाउज केँ उपर सें दबा दियाजोर सें आमिर कों पतालग गय़ा आज मां नें ब्रा नहीं पहनी हैं दूध कों दबाते हि मां केँ दूधओर कडक हौ गये। तभी आमिर नें माँ केँ ब्लाउज केँ हुक कों खोलकर उनके कबूतरो कों आजादकर दियाओर दोनो हाथो सें पूरी ताकत सें दबाने लगा।
जिससे माँ कि चीखे निकलने लगी दर्द केँ कारण मां उपर सें नंगी होँ चुकी थि अब आमिर नें माँ कि नाभी केँ नीचे बंधी साडीपिन कों खोलाओर उनके पेटीकोट कां नाडाखोल दिया पेटीकोट कां नाडा खोलते हि साडी नीचेगिर गयीँ, ओर माँ पूरी नंगी होँ गई, मां पेरो कों उठाकर साडी केँ उपर सें आगे निकल गई,। आमिर नें झुककर मां कि नाभी कों मुह मे भर लियाओर घुटनो केँ बल बैठकर मां कि चुत कों चुमने लगा।
माँ नें भि टांगो कों फैलाकर आमिर कों अपनी टांगो केँ बीच मे लें लियाअब आमिर मां कि चुत कों चाटने लगा आमिर कि जीभ लगते हि माँ भरभरा करदो मिनट मे हि झडनेलगी। आमिर केँ मुहमै आमिर नें सारा कामरस पीकर मां कों घुमा दियाओर उनकी गांड कों चाटने लगा।
मां कि गांड कों मुह मे भरकर अपने दातो सें बहोत जोर सें काट दिया तोँ माँ कि जोर सें चीख निकलपडी!! मां नें कहा – यह क्याँ किया आमिर!
तौ आमिर नें कहा – अपनी निशानी कि हैं ओरकुछ नहीं
आमिर नें अब गांड कों अपने हाथो सें फैला दियाओर गांड केँ भूरेछेद पर्र अपनीजीभ लगा दि, ओर गांड कों चाटने लगा। पांच मिनट आमिर गांड कों चाटता रहा जिससे मां कि आहै बहोत हि कामुक होँ चली। मां कि चुत कों अब लन्ड कि जरूरत थि। आमिर चुदाई केँ मामले मे भि बहोत हि एक्सपर्ट थां मां नें जैसे हि अपनीहाथ कों चुत पर्र रखा तोँ आमिर नें खडे होकर मां कों बेड पर्र सोने कां कहाओर उनकीकमर केँ नीचे एक् तकिया लगा दिया।
मां नें अपने हाथो कों जाघो पर्र रखकर अपने पेरो कों हवा मे लहरा दिया मां कि गुलाबी चुत आमिर केँ सामने थि। आमिर अपने लन्ड कों मां कि चुत पर्र घिसरहा थां जिससे माँ कि आहै निकलने लगी,
माँ कि मुह सें – अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह,
कि आवाजे तेज होनेलगी आमिर नें अपना लन्ड एक् मिनटचुत पऱ घिसने केँ बाद मां कि चुत मे धकेल दिया। आमिर कां गीला लन्ड मां कि चुत मे आधा सें ज़्यादा अंदरचला गय़ा ओर दूसरे झटके मे पूरा लन्ड चुत केँ अंदर उतार दिया।
माँ नें गांड हिलाकर अपनी पोजीशन सेटकर लीओर आमिर नें अबचुत कि चुदाई चालूकर दि आमिर जैसे हि जोशमै आता गय़ा। वेसै हि अपने कंधे पर्र मां केँ पेरो कों रखकर मां केँ शरीर पर्र झुकने लगा जिससे माँ कि गांडउची हौ गयीँ, ओर आमिर नें पांच मिनट केँ बाद माँ केँ होठो पर्र अपनेहोठ लगा दिये।
आमिर कां लन्ड अब सीधा माँ कि बच्चेदानी कों ठोकर मारने लगा मां मस्त होकर आमिर केँ होठो कों चुसने लगी। मां कों हमेशा चुदाई सें अपने पुराने रवि केँ संग केँ Sex kahaniyan केँ किस्से याद आँ रहे थें। माँ 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद झडने कों रेडी होँ गई, ओर माँ कि चुत नें कामरस कों छोड दिया।
चुत गीली होने पर्र अब झटको कि आवाज़ बदल गई, ओर कमरे मे फचफच कि आवाजे आनेलगी आमिर केँ झटको केँ संगतभी आमिर नें अपना लन्ड बाहर् निकाल लिया। लन्ड केँ बाहर् निकलते हि माँ नें राहत लेतेहुए जोर कि सांसली, एक् ओर हाफने लगीतभी आमिर नें माँ कों कुतिया बनने कों कहाओर आमिर नें माँ कि कमर कों दबाकर उनकी उभरी गांड कों चाटने लगा।
मां कां सरबेड पर्र थां आमिर नें गांड पर्र जोर सें थप्पडो कि बारिश शुरुआत कर दि जिससे मां कि गोरी गांडलाल हौ गई, आमिर नें अब लन्ड कों मां केँ भूरेछेद पऱ टिका दियाओर गांड मे पूरी ताकत लगाकर एक् झटके मे हि पेल दिया। जिससे माँ उचककर आगे खिसक गई, जिससे आमिर कां लन्ड गांड सें बाहर् निकल गय़ा ओर,
माँ नें कहा – आमिर धीरे-धीरे मैयही हू.कही भगी तौ नहींजा रही…
आमिर नें इसबार मां अपने लन्ड कां सुपारा अंदर डालकर कमर कों पकड लियाओर फिन सें पूरी ताकत सें अपने चिकने मुसल लन्ड कों एक् झटके मे हि गांड कि जड मे उतार दिया। औऱ कहा – आपकेलिए तोँ मेँ Mastram sex kahaniyan पढ़नेलगा, ताकि मस्त तरीके चुदाई करसकू, मे तौ चोदुँगा!!!! माँ इसबार चाहकर भि आगे नहीं निकलपाई क्योकी आमिर कि मजबूत पकड केँ आगे वोँ बेबस थि।
एकबार फिन माँ कि इस हमले सें जोर कि चीख निकल गयीँ, – ओरहाय… मार… डाला…रे… मेरी गांड कों फाड दियारे… हायराम रे…अरे बाहर्… निकालो दर्द हौ रहा हैं…। कहकर चिल्लाने लगी!!!!
तभी आमिर नें गांडमै लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा दो मिनट मे माँ कां दर्द समाप्त हुआ, तोँ माँ अब गांड उठाकर लन्ड खानेलगी आमिर नें कमर कों छोड़कर एक् हाथ सें कमर कों दबा लियाओर दूसरे हाथ सें मां कि चोटी केँ बालो कों अपने हाथो मे घुमाकर उसकेसिर कों उपरउठा लिया।
मां कि गर्दन आगे सें उची होँ गयीँ, ओर आमिरअब पूरी ताकत सें मां कि गांड फाडने लगा माँ भि जोर सें आहेभर रही थि हायहाय आँ आँ आँ आँ कररही थि ओर आमिर भि इन आवाजो कों सुनकर कामुक होकर गांड मारने मे लगा।
आमिर नें लगातार 20 मिनट मां कि गांड कों चोदता रहाअब घंटेभरी चली चुदाई केँ बादअब आमिर अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा ओर आमिर सि सि करनेलगा,
तोँ माँ नें आमिर कों कहा – मालमुह मे हि डालना हैं
यह सुनकर आमिर नें माँ कि गांड सें लन्ड कों निकाल लिया आमिर घुटनो केँ बल बिस्तर पऱ खडा थां। तौ माँ नें लेटकर आमिर केँ लन्ड कों मुहमै भर लियाओर आमिर मां पर्र झुककर मां कि चुत पऱ आँ गय़ा ओरचुत कों चुसने लगा। आमिर नें जैसे हि अपना वीर्य माँ केँ मुह मे छोडा वेसै हि मां भि अपनेचरम पऱ पहुंच गई ओर उनकीचुत भि चोथीबार झडने कों बेताब हौ उठी।
मां नें अपनी टागो कि केची सें आमिर केँ सर कों अपनीचुत पऱ दबा दियाओर अपना कामरस आमिर केँ मुह मे छोड दिया। मां नें आमिर केँ लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफ किया तौ उधर आमिर नें भि मां कि चुत कों चाटकर अच्छे सें साफकर दियाओर एक् दूसरे सें लिपटकर आराम करनेलगे।
कुछदेर लेटने केँ बाद माँ खडी होकर साडी पहनने लगीओर आमिर नें भि पजामा ओर बनियान पहनली मां नें साडी पहनकर आमिर कों गले लगाया ओरकिस कर दियाओर कल मिलेगे कहकर सब्जी लेकरघऱ आँ गयीँ,। ओरघऱ केँ काम मे लग गयीँ, माँ कां रोजाना कां अब रूटीन बन गय़ा।
फिन सें चुदने कां अगलेदिन मां नें उठकर शोकत सें बात कि तोँ शोकत नें कहा आमिर आप् सें बहोत खुश हैं ओर उन्होने कहा हैं वोँ दोनो मिलकर आपको भोगने कों सजधजकर हैं तोँ मां नें शोकत कों शनिवार कों दोपहर मे 2 बजेआने कों कह दिया।
ओर आमिर केँ पास जाकर अपनी चुदाई करवाकर लोटआई दोदिन आमिर सें चुदने केँ बाद,
शुक्रवार कों मां नें आमिर कों कहा – वोँ कलदोबजे आएगी शोकत भाईजान केँ संग
तौ आमिर नें कहा – अरेवाउ शोकत भइया साहब आएगे तौ फिन तोँ आनंद हि आँ जाएगा
यह कहकर माँ घऱलोट आयीओर काम करने केँ बाद आमिर औऱ शोकत सें एकसाथ चुदाई कि सोचकर अपनीचुत पऱ हाथ सहलाने लगीओर चुदाई केँ हसीन ख्वाबो मे खोकरसो गयीँ,।
maa kaa nam h kee nahee. Mammy maa dimag bura krr dala. Are kuchh nam hoga. story ayese bata rahe hu jaesa live dekh rahe hu. Are maa k jubani sunao.
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
अब तक हफ्ते सें लगातर माँ कि चुत कों एक् तगडा लन्ड रोजपेल रहा थां मगर मेरी मां कों जौ व्यक्ति मनपसंद आँ जाएउसे वोँ नहीं छोडती हैं कभीइसी कडी मे शोकत भइया कां नाम भि जुड गय़ा थां। खैर प्रतीक्षा कि घड़ी ख़त्म होँ गई, ओर शनिवार भि आँ गय़ा माँ दोपहर मे खानां बनाकर जीन्स टीशर्ट पहनकर रेडी होँ गयीँ, 1 बजे हि ओर शोकत कों मोबाइल कीया,
ओर शोकत सें कहा – कैसै होँ भाईजान
शोकत नें कहा – आपके ख्याल मे हि खोये हैं
तौ माँ नें कहा – अब ख्याल हकीकत बनने वाला हैं
तोँ शोकत नें कहा – हाजान
तौ मां नें कहा – दोबजे ठीक पहुंच जानां मे गली मे हि मिलूगी
तौ शोकत नें कहा – मे बिलकुल खालीहू बोलो तौ अभि आँ जाऊ
तौ माँ नें – एक् तौ बज गय़ा थोडा सां प्रतीक्षा ओरकरलो
तौ शोकत नें कहा – क्यो नहीं
ओर माँ नें मोबाइल रख दियाउधर दोबजे केँ आसपास शशी केँ आते हि माँ नें उसे खानां डालाओर कहा वोँ कही जाकर आँ रही हैं। अपना ध्यान रखना उसकोसाम हौ जाएगी शशी नें कहाठीक हैं मां ओर माँ फटाफट घऱ सें निकली ओरपाच मिनट पैदल चलकर आमिर कि गली मे पहुंच गयीँ,। शोकत आमिर केँ घऱ केँ आगे स्कूटर पर्र बैठकर हि मां कां प्रतीक्षा कररहा थां।
मां कों देखते हि उसने नें एक् कातिल मुस्कान दि ओर दरवाजा खोल दिया माँ ओर शोकत अंदरचले गयेतभी शोकत नें दरवाजा लोककर दियाओर बाहर् केँ कमरे मे घुसकर सिढीयो सें उपर चढनेलगे।
माँ शोकत केँ आगे थि, तौ शोकत नें पीछे सें गांड पर्र थप्पड लगा दिया!
मां नें हंसकर कहा – भाईजान थोडा सब्रकर लो इतना उतावलापन ठीक नहीं
तौ शोकत नें कहा – इतनी ज़्यादा सेक्स स्टोरी पढ़नेलगा हु कि, मन तौ कररहा थां तुम्हे गली मे पकडकर हि चोददू सब्र नहीं हौ रहा हैं अब तोँ बिल्कुल भि नहीं,
माँ नें उपर केँ कमरे कों खोला तौ आमिर बिस्तर पऱ लेट थां ओरएसी सें रूम बिल्कुल ठंडा होँ रहा थां। शोकत नें दरवाजा बंदकर लियाओर कमरे मे रखे सोफे पर्र बैठ गय़ा। माँ बिस्तर पऱ हि बैठ गई, शोकत नें आमिर कों सलाम कीया तोँ आमिर नें सलाम करके शोकत कां स्वागत कीया,
ओर कहनेलगे – शोकत भइया आपका एहसान रहेगा मुझ पऱ यह
तौ शोकत नें कहा – क्याँ कहरहै, आमिर साहब आप् भि
तौ मां नें कहा – तुम् लडोमत एहसान तुम् दोनो कां मुझ पऱ रहेगा
यह सुनकर तीनो एक् संगहंस दियेओर शोकत नें कहा – सबकी जरूरत पूरी हौ रही।
तोँ माँ नें कहा – हा भाईजान यह उप्परवाले कि हि नेमत हुईँ हैं मुझ पर्र कोई
तभी माँ नें शोकत कों कहा – भाईजान अपनी बेहन केँ पासआओ नाँ… यू…दूर क्यो बैठे हौ… अपनी बेहन सें नाराज हौ क्याँ??!!
तौ शोकत नें कहा – नाराज तौ बीबीयो सें होते हैं बहनो सें तौ केवल प्रेम हि करते हैं वोँ भि पूरा
ओरखडे होँ गये मां नें थोडा पीछे होकर आमिर कां हाथपकड लियाओर खडी होँ गई, आमिर भि बिस्तर सें नीचेउतर गय़ा मां शोकत केँ सीने सें चिपक गयीँ,। तोँ आमिर भि पिछे सें माँ सें चिपक गय़ा मां नें शोकत केँ होठो सें अपनेहोठ मिला दियेओर दोनो एक् दूसरे कों किस करनेलगे।
आमिर नें दोनो केँ बीच अपनेहाथ डालकर मां कि चुचियो कों पकड लियाओर दबाने लगा। इस तरह मां अब जन्नत कि सैर करने कों सजधजकर हौ गयीँ,, पांच मिनटबाद आमिर नें मां कि टीशर्ट कों खोल दियाओर कमर कों चुमने लगा।
मां अभि भि शोकत केँ होठो कों चुसने मे लगी थि तभी आमिर नें मां कि ब्रा केँ हुक कों खोलकर उनकेदूध कों आजादकर दिया। ओर पूरी ताकत लगाकर माँ केँ दूध कों दबा दिया माँ केँ होठ शोकत केँ होठो कि केँ मै होने सें माँ कि चीख दबकररह गयीँ, थि।
इसतरह दस मिनट सें भि ज़्यादा कां टाइमबीत गय़ा तौ मां नें शोकत कां कुर्ता खोल दियाओर फिन आमिर कां दोनो नें आज बनियान नहीं पहनी थि माँ नें अब पोजीशन बदलली ओर आमिर केँ होठो कों अपने होठो सें दबा लिया।
ओर लिपलाक करनेलगी माँ ओर आमिर माँ जीभ बाहर् निकालकर जीभ सें जीभ कों टच करकेकिस करनेलगे शोकत पिछे सें चिपककर मां केँ दूध कों दबाने लगाजोर सें सबकुछ बडी धीरे-धीरे होँ रहा थां। क्योकी साम तक कां उनकेपास वक्त थां आज, माँ केँ शरीर नें अबसंग छोड दियाओर वोँ खडीखडी झडनेलगी।
आमिरयह जान गय़ा मगर वोँ किस करतारहा दस मिनट केँ बाद आमिर नें झुककर मां कि नाभी कों अपनेमुह मे भर लियाओर चुसने लगा। चुसते चुसते हि माँ कि जीन्स केँ बटन कों खोलकर सुकून नीचेकर दि तौ शोकत भइया घुटनो केँ बल बैठकर जीन्स कों खोलने लगेलगे।
दोस्तो पहले जीन्स पेट कि तरह खुली हि होती थि, शोकत नें जीन्स पेरो तक नीचेकर दि तोँ मां नें एक् पेर कों उचाकर दिया। शोकत नें पेट कों पैर सें निकाला तौ मां नें दूसरा पेर नीचेकर दिया जिसके बादपेट कों उठाकर सोफै पर्र फैक दियाओर शोकत वेसै हि बैठकर माँ कि गांड कों चुमने लगा।
तभी आमिर कि कि निशानी उसे दिखाई दि तोँ उसने दूसरी तरह कि गांड कों मुह मे लेकरजोर सें काट दिया,
तौ माँ कि चीख निकल गयीँ, माँ कहनेलगी – शोकत भाईजान यह क्याँ कीया?!!
तोँ शोकत नें कहा – आमिर कि निशानी देखकर तुम्हारे भाईजान नें भि तुमको यह निशानी दि हैं अबहर हफ्ते हम् यू हि निशानी देगेओर फिन सातवे दिनयह निशानी ताजा करते रहेगे
तौ आमिर नें कहा – जरूर भाईजान!
आमिरफिन सें कीस करने मे लग गय़ा, शोकत दोनो हाथो सें मोटी गांड कों दबारहा थां, एक् बात बताओ आपको मां कि गांड कों जब हाथो सें दबाया थां मैने पहलीबार तौ माँ कि चुचियो कों दबाने सें भि ज़्यादा मज़ाआया थां। मुझेतभी शोकत माँ कि पेटी कों घसीटकर नीचे लें आयाओर माँ नें अब अपने पेरो सें स्वयं हि पेटी निकाल दि ओर माँ पूरीतरह नंगी हौ गई,।
मां नें आमिर केँ हाथ कों चुत पऱ रख दिया तौ आमिर नें अपनी मुठ्ठी मे मां कि चुत केँ उपर हिस्से कों दबा लियाओर फिनदो उगलिओ कों चुत मे पेल दिया। मां कि सित्कार निकल गयीँ, ! मां कि चुत भट्टी कि तरह तपनेलगी! माँ नें आमिर कों चुत चाटने कां इशारा किया तोँ आमिर भि घुटनो केँ बलबैठ गय़ा।
तभी माँ नें अपने पैरो कों फैला दिया आमिर नें अपनीजीभ माँ कि चुत कों खोलकर उनकी गुलाबी फांको केँ बीचडाल दिया माँ दो मिनट हि टिकपाई ओर दूसरी बार झडने कों हौ गई,। माँ नें आमिर केँ लंबे बालो कों पकडकर आमिर केँ सिर कों अपनीचुत पऱ दबा दियाओर पीछे सें शोकत अपनीजीभ सें माँ कि गांड केँ भूरेछेद कों चाटता रहा।
तभी मां आमिर केँ मुह मे झडनेलगी आमिर मां केँ झडने केँ पांच मिनटबाद तक चुत कों चाटता रहा माँ भि चुतओर गांड कि चुसाई केँ चलतेफिन सें गरम होँ गई, थि। अब मां कि चुत लन्ड केँ लिए कुलबुलाने लगीओर अरेओह अहहअहह करनेलगी जोर सें तौ आमिरसमझ गय़ा ओरखडा होकरबेड पऱ लेट गय़ा ओर माँ कों अपने लन्ड पऱ बैठने कों कहा। मां बिस्तर पर्र झट सें खडी होकर आमिर केँ लन्ड कों चुत पर्र सेटकर पूरा लन्ड चुत मे लेँ लियाओर आमिर केँ उपरलेट गयीँ, आमिरओर मां नें अपनी टांगो कों पूरा फैला दिया।
तौ आमिर नें शोकत कों कहा शोकत भइया आँ जाओ पीछे कि तरफ तोँ शोकत नें बिनादेर करतेहुए गांड कों फैलाकर मां केँ भूरेछेद पऱ लन्ड रखकर लन्ड कां मोटा सुपारा गांड मे डाल दियाओर बाकीबचा लन्ड दो झटको मे गांड मे पेल दिया। गांड मे लन्ड पूरा जाते हि मां नें गांड हिलाकर दोनो लंडो कों आगे बढने कां इशारा दे दिया तौ आमिर गांड उठाकर चुत मे लन्ड पेलने लगा तोँ शोकत पीछे सें गांड फाडने लगा,
ओर माँ दोनो लंडो केँ झटको पर्र चीख चीखकर – अरेमार डालाहाय अहहअहह अहहअहह
जोर सें चिल्लाने लगी गांडओर चुत कि चुदाई सें मां दस मिनट मे हि झड गयीँ, एकबार ओर इससे मां कि चुत कि आवाज़ बदल गई,। मगर लन्ड अभि भि उसीतरह पेलने मे जुटेरहै लगभग 15 मिनटबाद मां केँ शरीर नें उनकासंग फिन सें छोड दियाओर वोँ फिन सें झडनेलगी आमिर नें अब शोकत कों स्थान बदलने कों कहा। तौ शोकतअब बेड पऱ लेट गय़ा मां भि बिनाकहे खडी हुई ओर अपनी टागो कों फैलाकर शोकत केँ लन्ड कों पकडकर चुत पर्र रखाओर पूरा लन्ड चुत मे लेँ लिया,
ओर क्या बात है! भाईजान! अहहअहह अहह, कहतेहुए,
शोकत सें लिपट गई शोकत नें भि मां केँ होठो कों चुसने लगातभी आमिर नें गांड पऱ थप्पड मारकर अपने मोटे लन्ड कों माँ कि गांड केँ भूरेछेद पऱ रखाओर सुपारा गांड मे डाल दिया। मां कों मालुम थां आमिरअब एक् झटके मे हि अपना लन्ड गांड मे ठोकने वाला हैं। माँ नें गांड कों कसकर टाईटकर लिया थां मगर आमिर कि ताकत केँ आगे उनकी क्याँ ओकात थि आमिर नें पूरी ताकत सें पूरा लन्ड गांड मे उतार दिया।
गांड कों टाइट करने सें उल्टा दर्द हि हुआ,
ओर मां कि चीखने लगी – मार दियारे… जालिम… मेरी गांड कों फाड दिया…रे… धीरे-धीरे मारलो…
इतना सुनते हि आमिर नें पूरा लन्ड बाहर् निकालकर एक् झटके मे पूरा लन्ड फिन सें गांड मे पेल दिया। जिससे मां कि आंखो मे आंसू आँ गये!
तभी शोकत नें अपनी गांड उठाकर मां कि चुत मे लन्ड कों पूराठोक दिया!
तोँ मां कहनेलगी – भाईजान आप् भि नाँ कुछ सासू माँ तोँ लेने देते
मगर उन्होंने मां कि बात कों जैसे सुना हि नहींओर ताबडतोड चुदाई चालुकर दि। माँ दो मूसल लंडो कि मार पऱ जोरजोर सें आहेभर रही थि दोनो लन्ड एकसाथ माँ कि चुतओर गांड कां बाजा बजाने मे लगे थें,
ओर बाजे कि आवाज़ मां केँ मुह सें – अहहअहह क्या बात है हाय
कर केँ निकलरही थि। मां 15 मिनट कां टाइम मुश्किल सें हि निकाल पाईओर उनकीचुत नें फिन सें उन्हे धोखादे दियाओर कामरस इसबार शोकत केँ लन्ड पऱ हि निकल गय़ा। मगर अभि आमिरओर शोकत झडने सें बहुतदुर थें मगर दोनो कि ताकत केँ सामने मेरी माँ हौसला रखकर उनके लंडो कों बराबर सामने सें झटकेदे रही थि।
ओर अपनी कामुक आहो सें कमरे केँ वातावरण कों भि कामुक बनारही थि,
मां – हायओह अहहअहह
कर केँ इसतरह 15 मिनट कि जोरदार ठुकाई केँ बाद आमिरओर शोकत केँ लन्ड भि झडने कों आखिरकार सजधजकर हौ गये।
मां नें आमिर कों कहा – माल गांड मे मत डालना
फिन शोकत कों कहा – भाईजान आपकेमाल केँ स्वाद कों भि चखना हैं आज!
तोँ शोकत नें कहा – क्यो नहीं बेहन?!
तभी आमिर नें अपना लन्ड गांड सें बाहर् निकाल लियाओर बेड पर्र लेट गय़ा माँ नें शोकत केँ लन्ड सें अपनीचुत कों आजाद कीयाओर नीचेआकर शोकत केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर उनकीबोल कों दबाने लगी। माँ कि चुसाई केँ आगे शोकत कां लन्ड नहींटिक पायाओर एक् मिनट मे हि शोकत नें मां केँ सर कों पकडकर अपने लन्ड पर्र कसकरदबा दिया।
मां कि सासेतेज होँ गई, ओरउधर तभी शोकत नें अपने लन्ड केँ गरमगरम वीर्य सें माँ केँ मुह कों भर दियाओर फिन माँ नें पूरा निगलकर शोकत केँ लन्ड कों बाहर् निकाला ओर चाटकर अच्छे सें साफकर दिया। शोकतअब जोर कि सासें लेनेलगा एसी चलने केँ वाबजूद तीनो पसीने सें लथपथ होँ रहे थें।
मां अब आमिर केँ शरीर पर्र 69 मे लेट गई, माँ कां कामरस अब पांचबार निकल चुका थां तौ छठीबार झडने कों रेडी थां। तभी माँ नें आमिर केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर अपनीचुत कि गुलाबी फाको कों आमिर केँ होठो पऱ लगा दिया। आमिर भि मां कि चुत कों चाटने लगादो मिनट केँ बाद वोँ दोनो एकसाथ झडनेलगे ओर दोनो नें चुतओर लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफकर दिया।
मां आमिर केँ उपर सें अब पल्टकर दोनो केँ बीचआकर अपना पसीना सुखाने लगीओर तीनोदस मिनट तक चुपचाप लेटेरहै। पसीना सुखने पर्र आमिर नें कहा – मैकुछ खाने कों लाताहू ओरवहा पडी लुगी लपेटकर नीचेचला गय़ा।
मां शोकत केँ उपरलेट गयीँ, आमिर केँ जाते हि ओर उनको चुमने लगी – भाईजान सच मे आज तौ यूलगा जैसेमै जन्नत मे हि पहुंच गई भाईजान हमेशा अपनी बेहन कां ख्याल रखना।
तोँ शोकत नें – जब तक लन्ड मे तनाव बरकरार हैं तब तक जरूरअब तौ बुढे होँ रहै हैं जब तक लन्ड खडा होगा तबतक जरूर ख्याल रखेगे।
तोँ मां नें कहा – चलोठीक हैं देखती हू मेरे खूबसूरती केँ आगे तनावकम केसै हौ जाएगा
तौ शोकत नें कहा – हायह तोँ बिल्कुल सहीकहा तुमने तुम्हारा खूबसूरती देखकर तौ बुढे बुढो कां खडा हौ जाएओर हंसने लगे।
तभी आमिर एक् तरबूज काटकर लेँ आएओर कमरे मे दोनो कों लिपटकर बाते करतेदेख,
पूछने लगे – हमारी चुगली होँ रही हैं क्याँ, ओर शोकत सें कहनेलगे क्यो शोकत भइया तुम्हारी बेहनखुश तोँ हैं हमारी सेवा सें??!!
तौ शोकत नें कहा – बताओ बेहन आमिर कि सेवा मे कमी तौ नहींकोई
तोँ मां नें कहा – लाखो मे एक् लडका ढुढा हैं आपने मेरेलिए कमी केसै होगी आप् अब इनसे हि पूछो मे तोँ ठीकलगी नाँ मनपसंद भि आयीहू कि नहीं
तौ आमिर नें कहा – मनपसंद नाँ आती तौ आप् अपनेघऱ पर्र होती नाँ
तौ मां नें कहा – देखो भाईजान अपनी बेगम कों आपके सामने क्याँ कहरहै भाईजान क्याँ यह मेराघऱ नहीं हैं, आपके जीजा तौ बहोत हि बेकार हैं, अपनी बेगम कों हरदम अपनेघऱ पर्र हि भेजना चाहते हैं,
बेगम कां घऱ तौ उसके शोहर कां घऱ हि होता हैं नां… भाईजान!!
तौ शोकत नें कहा – हा बेहनसही कहा, जीजा कों ऐसामाल भोगने कों दे दिया तोँ बातआने लगी,
तभी आमिर नें – अरे बेगम क्रोध मतकरो, साले साहब नाराज होँ गये, तौ मेरा क्याँ होगाओर हसनेलगे,
तीनो नें बेड पऱ बैठकर तरबूज खाकर समाप्त कर केँ घडी कि ओर देखा, तोँ चारबज रहे थें मां नें कहा – टाइम कां पता हि नहीं लगता कितनी जल्द जल्द निकलरहा हैं।
तोँ आमिर नें कहा – जब इतनी हसीन बेगमसंग मै होगी तौ टाइम क्यो नहीं निकलेगा
यह सुनकर शोकत नें कहा – जीजा बिलकुल सहीकहा मेरी बेहन हैं हि इतनी खुबसूरत
तभी मां नें आमिर कों नीचे लेटा दियाओर आमिर कि लुगीउपर कर केँ आमिर केँ लन्ड कों मुहेभर लिया आमिर कां सोया लन्ड भि चारइच कां थां। माँ कि जीभ केँ स्पर्श सें आमिर केँ लन्ड मै तनावआने लगा। मां कुतिया बनकर आमिर केँ लन्ड कों गपागप चुसने मे लगी थि।
तभी माँ नें शोकत कों कहा भाईजान आप् भि चुत कां रसपीलो नां ऐसी क्याँ नाराजगी हैं अपनी बेहन सें ओर अपनी गांड कों हिलाने लगी। तौ शोकत बिस्तर केँ नीचे उतारकर मां कि गांड पऱ झुककर उनकी गांड कों चुमकर उनकी गांड कों फैलाकर अपनीजीभ सें गुलाबी चुत कों चाटने लगा। मां भि गांड कों उचकाकर चुत चटवाने कां मज़ा लेनेलगी अबइधर नीचे आमिर कां लन्ड अपने विशालकाय आकार मे आकार मां केँ मुह कों चोदने लगा।
आमिर कां लन्ड बडी मुश्किल सें पुरामुह लेँ पारही थि, माँ मगर कहते हैं नाँ, दोस्तो दर्द मे हि असली मज़ा हैं, ओरत कों चुदाई मे जितना दर्द मिलेगा वोँ उतनी हि खुश होगी।
यहबात आमिर अच्छे सें जानता थां ओर इसतरह दस बारह मिनट केँ बाद मां नें अपना कामरस अपने भाईजान केँ मुह मे हि छोड दियाओर शोकत कामरस कों चाटकर अब माँ कि गांड पऱ थप्पड मारने लगा। ओर खडे होकर अपना लन्ड माँ कि चुत पर्र रगड़ने लगाओर तभी एक् झटके मे शोकत नें अपना लन्ड मां कि चुत केँ अंदर तक घुसैड दियाओर खडेखडे अपने मूसल लन्ड सें माँ कि चुत कों चोदने लगा।
मां केँ मुह मे आमिर कां लन्ड होने केँ कारण चाहकर भि वोँ अपनी चीखे बाहर् नहीं निकाल सकीओर दर्द कों सहतीरही मां लगातर लन्ड चुसेजा रही थि। जिससे आमिर कां लन्ड कां टोपा सुर्ख लाल हौ गय़ा ओर लन्ड कि नसे चमकने लगी मां कां मुह भि अब दर्द करनेलग गय़ा थां ओरइसतरह दस मिनट केँ बाद मां एक् बारफिन सें झड गयीँ,।
तौ माँ नें आमिर केँ लन्ड कों मुह सें बाहर् निकाला ओर कहनेलगी – भाईजान बेहन कां सारा मज़ा आप् अकेले हि लेँ लेगे, तौ मेरे शोहर क्याँ करेगे!
फिनतभी आमिर नें कहा – बेगम भाईजान कों खुशकर दोआज तुम् तोँ मेरेपास हि रहोगी नाँ
तोँ माँ नें कहा – नहींजी मेरे शोहर कि खुशी कां भि ख्याल रखना जरूरी हैं, बेगमहू आपकी,
तोँ यह सुनकर शोकत नें कहा – आओ जीजाअब आप् हि चढाईकरो, वर्ना मेरी प्यारी बेहन नाराज हौ जाएगी!
तौ माँ नें कहा – नहीं भाईजान आपसे क्यो नाराज हौ जाऊगी, मेने भि बहोत सि सेक्स कि किताबे पढ़ी हैं, आओ आप् मेरेपास अभि मेरे भाईजान केँ ओजार कों आनंद देतीहू, उसका ख्याल भि रखना जरूरी हैं नाँ!
तौ शोकत माँ केँ आगेआकर लेट गय़ा ओर माँ केँ पिछे आमिर पहुंच गय़ा ओर उनकी गांड कि छेद कों चुमने लगा अपनेथूक सें मां कि गांड कों गिलाकर केँ आमिर नें अपनी स्टाइल मे लन्ड केँ सुपारे कों अंदर डाला। ओर फिन एक् झटके मे गांड मे ठोक दियाओर आमिर कां लन्ड अब माँ कि गांड कि चीथड़े उडाने लगा।
तोँ माँ चिल्लाने लगी – भाईजान अपने जीजा कों बोलो नाँ… अपनी बेगम कों जरा प्रेम सें चोदे…
तोँ शोकत नें कहा – बेहन प्रेम सें करेगे तौ तुम्हारे लिएकुछ दिनो मे शोहरओर ढुढना होगानया ओर हसनेलगा!
आमिर केँ तेज झटको सें मां कि गांड मे जौ चुद चुदकर गोदाम बन चुकी थि उसमे भि दर्द होनेलगा।
मगर मां केँ मुह मे उनके भाईजान कां मूसल लन्ड थां इसलिये वोँ बस माँ केँ मुह सें गु!गु! कि आवाज़ हि निकलरही थि।
बस 15 मिनट केँ बाद मां कि चुत कां झरनाफिन सें बहने कों सजधजकर थां तोँ मां नें एक् हाथउपर उठाकर अपनी गांड पर्र रखे आमिर केँ हाथ कों पकडकर दबा दियाओर उसकेहाथ सें चुत चाटने कों इशारा करनेलगी। आमिर नें जल्द सें अपना लन्ड निकाला ओर माँ कि चुत पर्र अपनीजीभ कों रख दियाओर चुत केँ अंदरजीभ डालकर चाटने लगा।
जीभ लगते हि मां नें आमिर केँ सर कों अपनी जाघो मे दबा लिया तौ आमिरजोर सें चुत कों चाटने जिससे माँ कि चुत कां झरना आमिर केँ मुह पऱ बहनेलगा।
आमिर नें सारारस चाट लियाओर शोकत कों कहा – शोकत साहबअब आपकी बेहन कों मिलकर जन्नत कि सैर करवादे!
इधर शोकत कां लन्ड चुस चुसकर मां नें लालकर रखा थां!
शोकत नें कहा – जरूर! आमिर!
तोँ आमिर एक् बारफिन बेड पर्र लेट गय़ा ओर मां कों कहा – आओ बेगम तुम्हे जन्नत कि सैर करवाते हैं,
मां नें कहा – जिसका शोहर आप् जैसा ताकतवर होँ ओर जिसका भइया इतना शक्तिशाली होगा तोँ जन्नत कि सैर तौ करेगी हि वोँ
लन्ड कों पकडकर अपनीचुत कि गहराई मे समा लिया, तभी गांड कों फैलाकर शोकत नें अपने लन्ड केँ गीले सुपारे कों गांड केँ अंदरडाल दियाओर फिन दोनो नें मां कि चुदाई शुरुआत कर दि। कुछदेर केँ बाद हि मां कि आवाज़ दर्द सें चीख मे बदलने लगी,
ओरहाय रेअहह अहहओह हायअहह अहह
कर केँ चीखने लगीओर आमिरओर शोकत नें 20 मिनट तक मां कों पूरी ताकत सें पेलाओर तीनो अपनेचरम पऱ पहुंच गये।
माँ नें कहा – भाईजान गांड मे मत डालना
ओर आमिर सें कहा – आप् भि भूलना मत
यह सुनते हि शोकत नें गांड सें लन्ड निकालकर मां केँ सामने आकरमुह मे ठुस दिया, माँ गपागप लन्ड कों चुसने लगी!इधर आमिर भि नीचे सें गांड उठाकर जोर सें चुत कां भोसडा बनाने मे लगाहुआ थां।
तभीदो मिनट केँ बाद शोकत केँ लन्ड नें गरमगरम वीर्य सें माँ केँ मुह कों भर दियाओर माँ नें एकबार ओर शोकत केँ लन्ड कों चाटकर अच्छे सें साफकर दियातभी आमिर अपनेचरम पर्र पहुंचने लगा।
तौ माँ कों कहा – बेगम जल्द सें आँ जाओ नीचे
माँ जल्द सें खडे होकर 69 मे आँ गयीँ, ओर आमिर केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर प्रेम सें अंदर बाहर् करनेलगी। आमिर उत्तेजित होकरजोर सें माँ कि चुत कों चाटने लगा जिससे दोनो एक् संग झडनेलगे। माँ आमिर कां वीर्य पीकर उसके लन्ड कों बाहर् निकालकर उसकी गोलीयो सें लेकर सुपारे तक चाटकर साफ करनेलगी।
तौ उधर आमिर नें माँ केँ कामरस कि अंतिम बूंद तक चुत सें चाटकर साफकर दि अब मां पल्टकर बेड पऱ लेट गई, ओर तीनो सुस्ताने लगेदस मिनट सुस्ताने केँ बाद शोकतखडा होकर कपडे पहनने लगा।
तौ माँ नें कहा – क्याँ हुआ भाईजान
तोँ शोकत नें कहा – अब जानां होगा अगले हफ्ते जब आनां होँ तौ बता देनाओर घडी देखकर कहा 5 बजगये हैं,
ओर फटाफट कपडेपहन लियेतभी आमिरखडा हुआ
तौ मां नें – अब आप् कहाजा रहै
तोँ आमिर नें कहा – बेगम अपने साले साहब कों नीचे छोड़कर आँ रहाहू
तोँ शोकत नें कहा – बेहन जन्नत कि सैर हुई कि नहींआज
तौ मां नें कहा – आज तौ जीजाओर साले नें मिलकर दिन मे चांद तारे दिखा दियेओर हंसने लगी!
तभी शोकत सलाम करने जानेलगा तोँ मां नें बिस्तर पर्र घुटनो केँ बलखडी होकर अपनी बाहो कों फैला दिया शोकत भि अपनी बाहो कों फैलाकर माँ केँ गलेलग गय़ा ओरकमर पर्र हाथ फेरने लगा। मां नें शोकत कों किस कीयाओर सलाम भाईजान कहकर शोकत कों जाने कि परमिशन दे दि।
आमिर शोकत केँ जाते हि दरवाजे कों लोककर केँ अंदर आँ गय़ा ओरबेड पर्र लेट गय़ा माँ आमिर केँ गले लगकर लिपट गई, 10 मिनट केँ बाद।
माँ नें कहा – अब अपनी बेगम कों जाने कि इजाजत देदो
तौ आमिर नें कहा – एक् शोहर अपनी बेगम कों भला जाने कि इजाजत केसैदे सकता हैं ओर माँ कों किस करनेलगा!
तौ माँ नें कहा – आपकी बेगम केँ बच्चे छोटे हैं उनकेलिए तोँ जानां हि होगा नां
तोँ आमिर नें कहा – हा बेगम इजाजत हैं मगरकल सुभह जल्द आनांलेट मत करनाओर बच्चो कों प्रेम देना मेरा भि
तौ माँ नें कहा – आपका प्रेम तोँ मात्र मै हि लूगीओर कोई नहींओर हसनेलगी!
मां बिस्तर सें खडी हुईँ ओर नीचे फर्श पऱ पडी अपनी ब्रा कों उठाकर उसे झडकाकर पहनने लगी। फिन पेटी उठाकर पहनीओर साइड मे पडी टीशर्ट पहनीओर आखिर मे सोफै पऱ पडी जीन्स पहनली ओर ड्रेसिंग केँ सामने गांड तक लंबे बालो कों झुलझाकर चोटी बनाने लगी।
चोटी बनाकर माँ सजधजकर हौ गई, घऱ जाने कों माँ कों छोडने आमिर उनकेसंग नीचेआया तोँ बाहर् निकलने सें पहले कमरे मे आमिर कों गले लगाया ओरदो मिनट तक कीस कीया आमिर कों अब माँ घऱ आँ गयीँ, 6 बजे सें पहले हि माँ जबघऱ पहुंची तोँ उनकीचुत ओर गांड मे दर्द होनेलगा।
मगर माँ इस दर्द सें अबखुश थि दोसाल तक आमिर जयपुर मे हि रहाओर तब तक आमिरओर माँ नें खुबमजे लुटे मिलकर बीचबीच मे शोकत भइया भि मिलकर मां केँ मजे कों दुगना कर देते थें।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
मौलवी साहब कि चुदाई सें मां कां चेहरा ओर भि निखर गय़ा थां आमिरओर शोकत केँ लन्ड कां वीर्य पीकर मां कि खुबसूरती ओरबढरही थि। अगलेदिन सुभह, अपनेतय वक्त केँ हिसाब सें दसबजे आमिर केँ घऱ पर्र पहुंच गयीँ, मगरआज घऱ अंदर सें लोक थां।
मां नें डोरबैल बजाई तोँ एक् व्यक्ति आयाओर उसनेगेट खोल दिया माँ उसको देखकर थोडा घबरा गयीँ, ओर आमिर साहबकहा हैं यह पूछा,
तौ उसनेकहा – आमिरजी उपर हैं आप् अंदर आँ जाओ।
तौ मां नें कहा – उन्हे हि भेजदो नीचे
उसनेकहा – आप् बाहर् केँ कमरे मे बैठजाए मे आमिरजी कों नीचे भेजता हू
यह सुनकर माँ अंदर आँ गयीँ, ओर कमरे मे बैठकर आमिर कां प्रतीक्षा करनेलगी, पांच मिनटबाद आमिर नीचेआया ओरआते हि उसने माँ कों गलेलगा लियाओर चुमने लगा। तभी सिढीयो सें कीसी केँ नीचेआने कि आवाज़ आई तोँ दोनोअलग होकरबैठ गये।
दरअसल, ईद कां त्योहार आँ रहा थां कुछ दिनोबाद तौ आमिर केँ कुछ जिगरी मित्र आये थें वोँ सब मौलवी हि थें एकसाथ हि पढे लिखे थें सबओरसब एक् दूसरे सें मिलते रहते थें। तभी एक् 6.2 कां हट्टा कट्टा आमिर कि उम्र कां व्यक्ति कमरे मे आँ गय़ा, उसने सफेद कुर्ता ओर लुगीबाध रखी थि, सफ़ेद रंग, काली ढाढी, ओर उपर जालीदार टोपी मे वोँ गजब कां लगरहा थां।
उसने माँ कों घुरकर देखाउपर सें नीचे तक मां कि दूध कि घाटीया उनकेटॉप सें नजर आँ रही थि जिसे वोँ घुरकर देखने लगा। माँ नें उसे देखकर अपनी नजरे नीचेकर लीतभी उसने आमिर सें माँ कां परिचय पूछा,
ओरकहा – यह मोहतरमा कोन हैं?!
तौ आमिर नें कहा – उनकी जानकर हैं बच्चो कों झाडा लगवाकर लेकर जाती हैं अपनेओर कोई तकलीफ होँ तौ झाडा लगवाने आती हैं
तोँ उसनेकहा – तुम्हारा झाडा लगने केँ बाद तौ बारबार तुमसे हि झाडा लगवाना पडता हैं आमिर
यह सुनकर मां उसकी बातो कां मतलबसमझ गई, तभी वोँ खडा होकरचला गय़ा ओर आमिर कों कहा झाडा डालकर उपर आँ जानां जल्द।
आमिर नें उसके जाने केँ बादकहा – उसकेदो मित्र आए हैं ईद मनाने केँ लिए तोँ कुछदिन मै चाहकर भि नहींमिल पाऊगा क्योकी मै इनकोमना भि नहींकर सकताहू, तुम् समझ गई, नाँ रेखा, ओर हम् अबतीन जने हैं, तौ तुमको भि तकलीफ हौ जाएगी!
जोँ लोग मेरी माँ कों जानते हें उन्हें पता होगा कि, माँ तोँ दस कों झेल लेँ ओरफिन भि कोई तकलीफ नहीं होगी उन्हे,
मां नें आमिर सें कहा – जब जिगरी यार हैं तोँ मान जाएगे बातकर केँ देख्ना अगर नहीं माने तोँ मै केसे रहूगी दसदिन तक तुम्हारे बिना,
ओरखडी होकर आमिर केँ पासचली गयीँ,, ओर आमिर कों गले लगाकर कीस करनेलगी। आमिर नें पहले हि प्लान बनारखा मां कि सामुहिक चुदाई करवाने कां मगर वोँ स्वयं यह माँ सें सुनना चाहता थां। किस करते करते आमिर नें रूककर,
मां कों कहा – अगर नहीं माने तोँ क्याँ करेगे रेखा
तौ माँ नें कहा – पहलेबात तौ करो
तौ आमिर नें कहा – हम् मिलबाट कर हि खाते हैं इतने सालो सें आज कहूगा तौ आनको बुरा लगेगा ओर हमारा त्योहार भि आँ गय़ा हैं, तुम् समझ सकती होँ नां त्योहार पऱ तोँ हम् बिलकुल भि मना नहींकर सकते हैं,
मै पूछने लायक होता तोँ पूछ हि लेता, कल रात कों हि मेरी मजबूरी हैं तुम् दसदिन तक अब मजबूरी समझकर मेरी मुझेमाफ करदो, मै अपना वादा नहीं निभासका तुम्हे हररोज सुख देने कां!
आमिर केँ चुभते शब्दो नें माँ कों घायलकर दिया!
आमिर नें कहा – दोस्तो केँ बिनाकोई जिंदगी नहीं हैं तुम् भि यार हौ मेरी तुम्हारे बिना जयपुर बेकार हैं जैसे वेसै इनके बिना जिंदगी बेकार हैं, दसदिन केँ लिएआए हैं, ओर इनसे नहींकह पाऊगा इसलिये मै माफी चाहता हू,
दसदिन बाद मे तुम्हे भोगकर दस दिनो कि कसर निकाल दूंगा इनकी सेवा करना मेरा फर्ज हैं, मै अकेला तुम्हे भोगूओर यह बाहर् देखकर ऐसे हि रहे तोँ लानत हैं मेरी दोस्ती पऱ,
तभी मां नें कहा – तुम् इतनाकर रहै होँ क्याँ यह भि तुम्हारे लिए इतना हि करते हैं
तौ आमिर नें कहा – अभि जौ नीचेआए थें, उनकानाम नावेद थां, इनकेपास मे दोदिन केँ लिए गय़ा तौ इन्होने अपनी बीबी कों मेरेपास भेजा थां पूरीरात भोगने केँ लिए जैसा कि मैने पहले हि कहा थां, ओरत भोगने केँ लिए हि होती हैं!
उसे भोगकर उसेखुश करना हि मर्दो कां काम हैं अब बताओ क्याँ कहू तुमसे भि केसेकहू इनकोखुश करने केँ लिए?!
मां कि चुदास कि आग मे भडकउठी थि वोँ पहले भि चार लन्ड एकसाथ खा चुकी इसबार तोँ एक् कम हि थां,
तोँ मां नें कहा – उसकी बेगम तुम्हे खुशकर सकती हैं तौ तुम्हारी बेगम भि तुम्हारी खुशी केँ लिए तुम्हारे दोस्तो कों खुशकर सकती हैं, वोँ भि मुझेभोग सकते हैं चाहे जितना!!!
यह सुनकर आमिरमन हि मनखुश हौ गय़ा ओर उसका प्लान कामयाब होँ गय़ा थां,
आमिर नें माँ कों किस करतेहुए कहा – बेगम तुम् तोँ सच मेरी असली बेगम हौ आज सें,
तौ माँ नें कहा – आजतक नकली हि समझरहै थें
तोँ आमिर नें कहा – रेखा बेगम बेगम होती असली नकली नहीं सच्ची वोँ होती हैं जोँ शोहर केँ लिएकुछ भि करने कों सजधजकर होँ समझी…
तौ मां नें कहा – चलोआज सें तुम्हारी सच्ची बेगम तोँ बनी
आमिर नें माँ कों कल सुभह जल्दआने कों कहा तोँ माँ नें आमिर सें कहा – आमिर एक् काम करना दोस्त अपने दोस्तो कों कहना अपनेबदन केँ नीचेओर काखो केँ बालसाफ कर लेँ, बाकीमै उन्हे उदास नहीं करूगी!
यह कहकर माँ घऱ आँ गई, ओरसाम कों मां ब्यूटी पार्लर जाकरआई ब्रोओर फेशियल करवाकर आईघऱआकर रेजर सें अपने बालो कों साफ कीयाओर कल केँ लिए वोँ पूरीतरह सें रेडी हौ गई,। मगर एक् समस्या थि जिसके बारे मे मां सोचने लगी वोँ थि टाइम कि क्याँ करेतभी माँ कों एक् बहाने सुझ गय़ा ओर मां नें सबको खानां खिलाया ओरदूध देने केँ बाद बापू केँ पासदूध लेकर गयीँ, ओरबात करनेलगी। पिताजी अपनेकाम मे बिजी थें।
तोँ मां नें बात करतेहुए कहा – सुनोजी कल सें टोक फाटक पर्र एक् कथा होने वाली हैं, मोहल्ले कि ओरतेसंग चलने कों कहरही हैं अगर आप् सुभह खानां लेँ जाए तोँ मैकथा सुनने जा सकतीहू,
ओरशशी केँ कॉलेज सें आने सें पहले हि लोटआया करूगी 7 दिन कि बात हैं!
तौ बापू नें कहा – ठीक हैं
मां कां प्लान कामयाब होँ गय़ा ओर वोँ खुश होकरसो गई, सुभह 9 बजे तक मां नें खानां बना लियाओर बापू कों खानां संग मे हि दे दिया मेरा टिफिन भि डाल दियाओर शशी कों ब्रेकफास्ट भि करवा दिया। अब माँ नहाने चली गयीँ, ओरदस मिनट केँ बाद मां नहाकर निकली ओरआज मां नें कालेरंग कि साडी पहनी गुलाबी रंग कि लिपस्टिक लगाईओर चोटी बनाकर लंबी सि मांग भरकर माँ होटमोम बन गई, ओर चुदाई केँ लिए सजधजकर होकर माँ चुदने केँ लिएघऱ सें निकलपडी।
माँ आजदसबजे सें 15 मिनट पहले हि आमिर केँ घऱ पहुंच गयीँ, ओर दरवाजा खुला हि मिला मां बिना झिझक केँ हि अंदर घुसकर दरवाजा लोककर केँ उपरचली गयीँ, कमरे मे। आमिर सहिततीन जने थें कमरे कां दरवाजा खुला हि थां तोँ माँ कमरे मे घुस गयीँ, ओर आमिर केँ दोनो दोस्तो कों गोर सें देखने लगी।
आमिर केँ यार भि माँ कि खुबसूरती पऱ फिदा होँ चुके थें वोँ घुरकर माँ कों देखेजा रहे थें तभी मां नें सबको सलाम कीया तौ सबने मां कों सलामकर दिया,
अब माँ नें आमिर सें कहा – अपने दोस्तो कां परिचय तोँ करवाओ आमिर
तौ आमिर नें कहा – यह हैं मेरेयार नावेद जोँ बंगाल मे रहते हैं, यूपी सें हि हैं, फिनयह असलम जोँ यूपी केँ हैं ओर यूपी मे हि रहते हैं।
आमिर नें कहा – यह हैं हमारी बेगम रेखा
तौ सबसेकहा – भाभीजान आप् तोँ बहोत खुबसूरत हैं बिलकुल चाद कि तरह
तोँ माँ शर्मा गई, आमिर नें कहा – मेरी बेगमआज सें आपकी सेवा मे हाजिर हैं, आप् चाहे जितना भोगे इनको आपको पूरासुख देगी मेरी बेगम,
तौ असलम नें कहा – बेगम नें साडी क्योपहन रखी हैं
तोँ आमिर नें कहा – यह उन्हें मनपसंद हैं मगर आपकी सेवा करनेआई हैं, तोँ काली साडी पहनकर आई हैं इसलिये,
तौ असलम नें कहा – यह तोँ बहोत अच्छी बात हैं तुम्हारी बेगम तौ सच मे कयामत लगरही हैं आज तौ
आमिर नें कहा – असलमआज नहींयह कयामत हि हैं जन्म सें खुदा नें इनको स्वयं हि तरासा हैं हीरा हैं यह,
माँ अभि खडी हि थि असलम करीब-करीब आमिर जैसी हाइट काठीओर लंबाई कां थां, तोँ नावेद 6.2 कां थां, मां कि चुत कि चुदास भडक गयीँ,, दोनो कों देखकर तीनो बिलकुल गोरेरंग केँ ओरभरे बदन केँ मर्द थें।
तभी आमिर नें मां कों पासआने कों कहा तौ मां आमिर केँ लगभग आँ गई,, आमिर नें मां कों पकडकर अपनी गोदी मे लेँ लिया, ओर चुमने लगा, तभी नावेद नें माँ केँ दूध कों पकड लियाओर दबाने लगा। आमिर नें मां कों खडाकर दियाओर उनके कपडे खोलने लगा। असलमओर नावेद कि नजरे माँ केँ जिस्म पर्र हि टिकी थि आमिर नें मां केँ ब्लाउज कों खोलाओर उनकी ब्रा कों खोलकर उनकेदूध आजादकर दिये।
तौ दोनो कि आखेफटी रह गयीँ, 40 साइज कि खडी चुचियो कों देखकर ओर उसपर गुलाबी निपल देखकर दोनो अपने होठो पऱ जीभ घुमाने लगेतभी आमिर नें पेटीकोट कां नाडाखोल दिया जिससे मां कि साडी नीचेगिर गई,। ओर मां कि पेटी खोलकर आमिर नें माँ कों नंगाकर दियाओर आमिर नें माँ केँ कपडे उठाकर सोफै पर्र डाल दिये आमिर मां केँ पासआकर उनकोकीस करनेलगा। दोनो एक् दूसरे मे खोगये ओरजोर सें कीस करनेलगे तभी नावेद ओर असलम केँ लन्ड भि खडे होनेलगे माँ केँ जिस्म कों देखकर,
असलम नें कहा – यह तोँ कोई अप्सरा उतरआई हैं नावेद भइया!
तौ नावेद नें कहा – जन्नत मे ऐसी हि हुरे मिलेगी हमेयह अप्सरा नहींहुर हैं कोई
यह सुनकर माँ नें हंसकर आखमार दि उनकीतरफ!!
तभी नावेद ओर असलम नीचे आँ गयेओर असलम माँ केँ पिछे चिपक गय़ा असलम कां मूसल लन्ड मां कि गांड मे चुभने लगा। आमिरअब नीचे बैठकर मां कि चुत कों चाटने लगा। मां नें नावेद ओर असलम कों बराबर खडाकर लियाओर उनकी लुगी मे हाथडाल डाल दियाउन दोनो नें कच्छा नहींपहन रखा थां।
अब माँ केँ दोनो हाथो मे दो मुसल सें लन्ड थें एक् 6 इच कां तोँ दूसरा 7 इच कां मां लंडो कों जोर सें पकडकर हिलाने लगीतभी पांच मिनट केँ बाद मां आमिर केँ मुह मे झडनेलगी। आमिरचुत कां रस चाटकर खडाहुआ तोँ मां अब घुटनो केँ बल बैठकर आमिर केँ लन्ड कों चुसने लगीओर नावेद असलम केँ लन्ड कों हिलाने लगी।
पांच मिनटबाद माँ नें नावेद कां लन्ड मुह मे भर लियाओर चुसने लगी आमिरओर असलम केँ लन्ड माँ केँ हाथो मे थें सब कि मस्ती सें आखेबंद हौ गयीँ, थि तभी माँ नें असलम कों आगेआने कों कहा। असलम कां 7 इच कां विशालकाय लन्ड माँ केँ मुह केँ आगे थां माँ नें असलम केँ लन्ड केँ सुपारे कों चाटकर साफ कियाओर उसेमुह मे भर लियाओर पुरा अंदर तक लेने कि कोशिश करनेलगी।
एक् मिनटबाद मां नें असलम केँ पूरे लन्ड कों निगल हि लिया जिससे असलम कि अहह निकलने लगी 15 मिनट तक लन्ड चुसाई कां दोरचला जिससे मां केँ जबडे दुखने लगा। तौ माँ खडी हौ गई,,
ओर आमिर कों कहा – बेगम कि प्यास मिटा तोँ अब
यह सुनते हि आमिर नें कहा – क्यो नहीं बेगम
ओरबेड पऱ लेट गय़ा मां भि बिस्तर पर्र चढ़कर चुत मे आमिर कां लन्ड लेकर आमिर पर्र लेट गई, मां केँ लेटते हि आमिर नें नावेद कों पिछे सें चढने कां कह दिया। नावेद नें अपने लन्ड पर्र थोडा सां थूक लगाया ओर माँ कि गांड केँ भूरेछेद पऱ अपना लन्ड टिका दिया मां अब गांड मे लन्ड जाने कां प्रतीक्षा कररही थि कि तभी नावेद नें एक् हि झटके मे अपना लन्ड गांड मे ठोक दिया। जिससे मां कि चीख निकल गयीँ,,
ओरहाय रामओह आँ आँ अम्म आहह-आहह करनेलगी!
तभी आमिर गांड उठाकर चुत मे लन्ड पेलने लगा तौ उधर नावेद भि गांड मे लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा। माँ मस्ती मे आकर चुदवाने लगीओर जोर सें चिल्लाह कर केँ दोनो कों उत्तेजित करनेलगी। असलम सोफै पऱ बैठा अपना लन्ड हिलाकर अपनी बारी कां प्रतीक्षा करनेलगा। इधर माँ कि गांडओर चुत कों दोनो मिलकर फाडरहे थें। मां भि गांड उठाकर दोनो केँ लन्ड पूरेखा रही थि आमिरकीस करतेहुए माँ कि चुचियो कों भि दबाने लगाबीच बीच मे, इससे माँ कि कामुक आहै! कमरे मे गुजने लगी।
दोनों बिलकुल मुस्टंडे थें औऱ मां कों पिछली बार सें भि जबरदस्त चुदाई कररहे थें। दस मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ झडने कों हुइ तौ उन्होने आमिर केँ लन्ड कों अपनीचुत सें जकड लियाजोर सें, आमिर भि समझ गय़ा मां झडने वाली हैं तौ उसने लन्ड केँ झटको कों तेजकर दियाओर तभी मां भरभरा केँ आमिर केँ लन्ड पऱ झड़ने लगी। मां केँ झडते हि आमिर नें नावेद कों नीचेआने कों कहाओर असलम कों माँ केँ पिछेआने कों कहाइस तरह स्थान बदलने केँ बाद माँ नावेद केँ लन्ड पर्र बैठ गयीँ, ओरचुत गीली होने सें नावेद कां लन्ड एक् झटके मे हि मां चुत मे निगल गयीँ,।
ओर नावेद केँ उपरसो गई, अब असलम घुटनो केँ बल माँ केँ पिछे बैठा थां तौ माँ नें गांड हिलाकर असलम कों गांड पर्र चढने कां इशारा कीया इशारा मिलते हि असलम गांड कों चुमने लगाओर थप्पड मारने लगा। असलम नें माँ कि गांड कों फैलाकर अपने लन्ड केँ लाल सुपारे कों भूरेछेद पर्र टिका दियाओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों गांड मे फसा दिया। आधा लन्ड फटने केँ बाद असलम नें अपना सुखा लन्ड माँ कि गांड मे दूसरे झटके मे पूरा अंदर उतार दिया।
माँ कि भि इससेचीख निकल गयीँ, ओर नावेद नें हंसकर कहा लगता हैं पूरा घुसैठ दिया असलम भइया नें,
तभी मां नें कहा – ओरबचा हैं तौ वोँ भि डालदो
तोँ नावेद नें कहा – यह दोनो लन्ड गांड मे डालेंगे तौ फट जाएगी नां ओर हंसने लगा
मां नें गांड हिलाकर असलम कों चुदाई शुरुआत करने कों कहा, तौ नावेद ओर असलम मिलकर माँ कों पेलने लगेचुत गीली होने केँ कारण,
मां कि चुत सें अबफच!फच! कि आवजेआने लगी थि
माँ केँ मुह सें – सि सि अहहअहह आँ आँ अम्म आहिस्ता…
कि आवाजे आनेलगी नावेद 40 कि चुचियो कों पकडकर जोर सें दबारहा थां ओर माँ नें नावेद केँ होठो पऱ अपनेहोठ लगाकर उसे चुसने लगी थि। इसबार कि चुदाई 20 मिनट तक माँ झैल गयीँ, मगर 20 मिनटबाद उनका जिस्म अकडने लगाओर वोँ इसबार नावेद केँ लन्ड पर्र झड गई,। तोँ नावेद नें असलम कों नीचेआने कों कहाओर स्वयं जाकर सोफै पर्र बैठ गय़ा ओर आमिर कों गांड फाडने केँ लिएभेज दिया।
असलम केँ लंबे चोडेबदन केँ उपरखडी होकर माँ अब उसके लन्ड कों पकडकर अपनीचुत पर्र सेटकर केँ उसको अपनीचुत मे लेनेलगी। चुत गीली होने सें चुत कि चिकनाई बहोत बढ गयीँ, थि जिससे माँ कों असलम कां मूसल लन्ड लेने मे ज़्यादा दिक्कत नहीं हुईँ ओर लन्ड पूराचुत मे लेकर असलम केँ जिस्म पऱ लेट गयीँ,। असलम कि बोडी ढाढीओर भरेबदन पर्र मां लट्टु हौ गई, थि।
माँ असलम कि ढाढी मे हाथ फेरकर उसे चुमने लगी तोँ असलम नें अपनेहाथ कमर मे डालकर उसे कसकरपकड लियातभी आमिर नें गांड पर्र थप्पड मारकर गांड कों चाटने लगा। आमिर नें मां केँ गांड कों मुह मे भर लियाओर उनकी गांड कों अपने दांतो सें जोरलगा करकाट दिया जिससे मां कि चीख निकल गयीँ, ओर मां आमिर केँ मुह सें अपनी गांड छुडाने कि नाकाम कोशिश करनेलगी। मगर असलम कि मजबूत पकड केँ चलते वोँ हिल हि नहींपाई ओर चीखकर रह गयीँ,,
तौ माँ नें कहा – आमिर निशानी कि क्याँ जरूरत हैं मै तोँ तुम्हारी हि हू
यह सुनकर आमिर नें कहा – तभी तौ निशानी करताहू जान कि तुम् मात्र मेरी हौ
ओर गांड कों फैलाकर मां कि गांड केँ भूरेछेद कों चाटने लगा, गांड कों गीला करके आमिर नें एक् झटके मे लन्ड कों गांड मे ठोक दियाओर मां नें गांड हिलाकर आमिर कों गांड फाडने कां कहनेलगी। तभी दोनो दोस्तो नें मां कि गांडओर चुत कां जमकर बाजा बजाया ओर 20 मिनट मां कि चीखे इसका सबूत देतीरही कमरे मे माँ कि चीखेगुज रही थि ओर उसकेसंग लन्ड केँ झटको सें आने वाली आवाजे अब तीनो अपनेचरम पर्र पहुंच चुके थें।
सब केँ जिस्म अब अकडने लगे तौ मां नें आमिर कों खडा होने कों कहाओर बिस्तर सें नीचेउतर कर घुटनो केँ बलबैठ गई, नावेद भि अपना लन्ड हिलाकर चरम पर्र पहुंच गय़ा थां तोँ उसने सबसे पहले मां केँ मुह मे लन्ड डालकर माँ केँ सिर कों पकडकर उसे चोदने लगा। नावेद नें गले मे लन्ड फंसाकर अपनागरम गरम वीर्य माँ केँ मुह मे भर दिया मां सारामाल पीकर नावेद केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी।
तोँ आमिर नीचेउतर आयाओर माँ केँ फ्री होते हि वोँ माँ केँ मुह कों चोदने लगा आमिर एक् मिनट मे झड गय़ा तोँ माँ नें आमिर केँ लन्ड कों चाटकर साफकर दियाओर अब असलम भि नीचे आँ गय़ा असलम नें भि माँ केँ मुहमै अपना मुसल लन्ड फसा दिया। ओर जब झडनेलगा तोँ गले केँ अंदर पूरा फंसाकर मां केँ सर कों पकड लिया असलम केँ लन्ड नें इतनामाल निकाला कि माँ सोच हि नहीं सकती थि।
मां केँ गले मे लन्ड फसा होने केँ कारण असलम कां वीर्य बाहर् निकलकर आँ गय़ा मुह सें ओर माँ कि चुचियो पऱ गिरने लगा टपककर असलम केँ लन्ड बाहर् निकालते हि मां नें जोर सें सासू ली पहलेओर फिनमुह मे पडा वीर्य निगल गई, पूरा। चुचियो पऱ लगा वीर्य अपनी उगलिओ पर्र लगाकर उसे भि चाटकर साफकर दिया एक् घंटे सें अधिकचली चुदाई सें मां कों बडा सुकुन मिला।
आज चारोजने पसीने भर चुके थें मगरसभी अपनेचरम पऱ पहुंचकर बहोत खुशहुए मां कों आमिर नें उठाया ओर बिस्तर पर्र लेटा दियाओर स्वयं भि माँ सें चिपककर लेट गय़ा नावेद ओर असलम सोफे पर्र बैठकर सुस्ता रहै थें, चुदाई कां एक् दोर पूरा होने केँ बादसभी खामोश थें,
तभी आमिर नें बात छेड़ते हुएकहा – कैसीलगी मेरी बेगम
यह सुनते हि असलमओर नावेद एकसाथ हि बोलपडे – बहोत खूब!!! बेगम मिले तौ ऐसी हि मिले नहीं तौ नां मिले
तभी नावेद नें कहा – आमिर भइया आपकी बेगम सें कुछपुछ लें बुरा तोँ नहीं लगेगा
यह सुनकर माँ नें कहा – आमिर कि बेगम कों आमिर केँ दोस्तो कि बात कां बुरा भि लगेगा क्याँ
यह सुनकर नावेद खुश होँ गय़ा ओर कहनेलगा – सचसच बताओआज तक कितने लोगो सें चुदाई कां मज़ा लें चुकी होँ?!!
यह सुनकर माँ नें कहा – एक् शोहर केँ सामने उसकी बेगम सें ऐसे प्रश्न नहीं करते नावेद जी!
तोँ नावेद नें कहा – बुरालगा???
तौ मां नें कहा – बुरा आमिर कों लगेगा उसकी बेगम नें कहाकहा अय्याशी कि हैं यह जानकर, खैर नावेद तुम् हि बताओ तुमने तौ अभि सबकुछ कीया हैं तुम्हे क्याँ लगता हैं कितने लोगो सें मज़ा लें चुकीहू, ओर केसे लगता हैं,
नावेद अबफंस गय़ा, क्याँ कहे,
नावेद नें कहा – ओर तौ पता नहींमगर आप् मै चुदास बहोत हैं यह उसने बिलकुल सहीबात कही
तोँ मां नें कहा – ओर बताओ
तोँ कहनेलगा – आपके बच्चे कितने हैं ओर उनकीओर आपकी उम्र क्याँ हैं फिन बताऊंगा बाकी
तोँ माँ नें कहा – यह भि तुम् हि बतादो पता तोँ लगे तुम्हे कितना पता लगता हैं ओरहंस दि
अब नावेद क्याँ कहे, तभी असलम नें कहा – आपकेबदन कों देखकर नां उम्रपता लगती हैं नाँ हि यहपता लगता हैं कि आपके बच्चे भि हैं अगर हैं भि तोँ आपके शरीर कों भोगा नहीं कीसी नें अच्छे सें,
तभी नावेद बोलउठा – बिलकुल असलम भइया, मै तोँ कह हि रहाहू, यह अप्सरा नहींहुर हैं कोई जन्नत कि, ऐसी बाला कि हसीन स्त्री तोँ मेने मात्र सेक्स किताबो मे पढ़ी हैं। आमिरओर माँ एक् दूसरे कों देखकर मुस्कारे रहै थें बस आमिर नें कहा – इनकेदो बच्चे हैं, मगर उम्र तोँ मैने भि नहीं पूछी नावेद आप् हि बतादो,
तौ नावेद नें कहा – 30 सें अधिक नहीं होगी, कम हि होगी, असलम नें कहा – नावेद सें सहमतहू मै आपकी बेगम 30 कि हि हैं अभि तभी इनकाअंग अंग बेमिसाल हैं अभि दो बच्चो केँ बाद भि!!!
यह सुनकर मां शर्मा गयीँ, !!!
माँ अपनी तारीफ सुनकर बहोत हि खुश हौ रही थि तभी, आमिर नें कहा – नावेद भइया असलमजी सें पूछो हमारी बेगम कों ओर भोगना चाहेंगे क्याँ अभि?!
तौ असलम नें कहा – आमिर साहब मेरामन तौ करता हैं, आपकी बेगम केँ संग हि रहजाऊ ओरबस, रात दिन भोगता रहा,
माँ नें कहा – इतना भोगेगे तोँ जल्द हि ऊब जाएगे!
असलम नें कहा – अप्सरा सें कोई केसेउब सकता हैं!!
माँ नें कहा – अच्छा…!!!!
तोँ असलम नें कहा – जीहा.!!
तभी आमिर नें सोते सोते हि माँ कि चुचियो कों दबा दियाजोर सें असलम नें कहा – आमिर धीरे-धीरे धीरे-धीरे बेगम कां ख्याल रखो
तोँ आमिर नें कहा – यही तौ हमारी बेगम कि खासियत हैं नाराज नहीं होती अपने शोहर सें।
तब नावेद नें कहा – आमिर तुम् भाग्य वाले होँ आज तौ तुम्हारी भाग्य सें मुझेजलन हौ रही हैं ओरसोच रहाहू कि जयपुर सें जाऊगा केसै
मां नें कहा – तोँ आमिर केँ पास हि रूकजाओ कोनभेज रहा हैं
नावेद नें कहा – ऐसा अपना नसीबकहा
तौ माँ नें कहा – आँ… जाओ…जब तक हौ तब तक तौ मोजकर लो!!!
यह सुनकर नावेद मां केँ पास आँ गय़ा ओर माँ कों चुमने लगा, मां कां मूड भि बननेलगा, वोँ नावेद कों चुमकर उसकासंग देनेलगी।
आमिर नें माँ कों खडाकर लियाअब बिस्तर पर्र आमिर जाघो कों फैलाकर उसकेबीच मे बैठकर चुत कों चाटने लगा तोँ नावेद खडा होकर चुचियो कों दबाते हुएकीस करनेलगा। तभी असलम पिछेआकर बैठ गय़ा ओर माँ कि गांड कों चाटने लगा माँ कि चुदास अब पूरीतरह भडक गई, ओर वोँ जोरजोर सें आहे भरनेलगी।
तभी असलम नें आमिर कि दि निशानी केँ उपर सें मां कि गांड कों भर लियाओर अपने दांतो सें कसकरकाट लिया। माँ दर्द सें चीखपडी, तौ नावेद नें मां केँ होठो कों अपने होठो सें चिपका दिया मां कि चीखअब दबकर हि रह गई, दस मिनट कि मर्दाना चुसाई केँ आगे मां हार गई, ओर उनकीचुत कां झरनाफुट कर पहनेलगा थां जिसे आमिर नें बडे आहिस्ता चाटकर साफकर दिया।
अब आमिर नें खडे होकर मां कि एक् जाघ मे हाथ डालकर उसेउठा दियाओर मां कि चुत मे लन्ड उतार दियाचुत मे लन्ड जाते हि असलम नें पीछे सें अपना सुखा लन्ड गांडमै पेल दिया जिससे मां कि गांड मे जलन होनेलगी। मगरदो मिनट केँ बाद मां सामान्य होँ गयीँ, ओरअब चुदाई कां मज़ा लेनेलगी ओर उनकोजोर सें चुदाई करने कां कहनेलगी,
माँ – जोर सें चोदो मुझेओर जोर सें! अहहअहह अहहहा जोर सें ऐसे हि अहहअहह अहहअहह…
ऐसे हि जोर सें ओरजोर सें कहकर अपनी चुदवाई करवाने लगी। माँ अब कीसी कामुक मिल्फ पोर्न स्टार कि तरहचुद रही थि, ओर आमिरओर असलम केँ मोटे लन्ड मां कि चुतओर गांड कों दम लगाकर पेलरहै थें।
इधर नावेद बिस्तर पऱ लेटकर अपना लन्ड हिलारहा थां मां नें नावेद कि तरफ देखा तोँ नावेद नें आखमार दि तौ मां नें भि अपने होठो पर्र जीभ फेरकर उसकी कामवासना ओर भडका दि थि।
आमिरओर असलम कि 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद मां दूसरी बार झडनेलगी थि माँ केँ झडते हि आमिर नें अपना लन्ड निकाल लियाओर अब नावेद नें माँ कि टांग कों उठाकर अपना लन्ड उनकी गुलाबी चुत मे पेल दिया,
कमरेमै अब – पटापट! पटापट! पटापट! ओर फचफच! फचफच! फचफच! फचफच!
कि आवाजे आँ रही थि जिससे पतालग रहा थां। चुदाई बहोत शानदार चलरही थि 15 मिनट चुदने केँ बाद माँ एक् बारफिन सें झड गई, ओर उनका शरीर भि थक गय़ा थां मगर उनकामन तौ नहींभरा थां अभि।
तभी मां नें असलम कों लेटने कों कहाओर असलम केँ लेटते हि अपनी गीलीचुत मे एकबार मे 7 इच कां लन्ड गटक लियाओर नावेद कों पिछे सें चढने कां इशारा कीया तौ नावेद नें माँ कि खुली गांड मे एक् झटके मे अपना लन्ड ठोककर चुदाई करनेलगा। मां मस्त होकर चुदवा रही थि ओर वोँ ताकत लगाकर चोदने लगे 20 मिनट केँ बाद असलम अपनेचरम पर्र पहुंच गय़ा तोँ मां भि उसकेसंग तीसरी बार झडने कों बेताब थि जैसे हि असलम केँ लन्ड नें माँ कि बच्चेदानी पर्र माल गिराया वेसै हि माँ भि जोर सें झडनेलगी ओर,
मां – आहह-आहह आहह-आहह उह्हयेह अम्महाय रेहाय राम
करनेलगी। आमिरदो मिनट असलम नें अपने लन्ड माँ कि चुत मे फंसाकर रखेरखा उसकेबाद असलम कां लन्ड मुरझाकर अपने आप् निकलने लगा तोँ माँ कि चुत सें असलम कां वीर्य भि बहकर उनकी जाघो पर्र आँ गय़ा तौ मां नें असलम कां वीर्य अपनी उगलिओ सें चाटकर उनकोगजब कां सुकुन मिला।
इससेअब मां नें नावेद कों नीचेआने कों कहा तोँ नावेद बराबर मे लेट गय़ा माँ खडी होकर नावेद केँ लन्ड पर्र बैठकर उससे लिपट गयीँ,,
ओर आमिर कों कहा – मेरे मियाकहा होँ… आँ जाओ गोदाम खाली हैं…
मौलवी साहब कि चुदाई सें माँ कां चेहरा ओर भि निखर गय़ा थां आमिरओर शोकत केँ लन्ड कां वीर्य पीकर मां कि खुबसूरती ओरबढरही थि। अगलेदिन सुभह, अपनेतय टाइम केँ हिसाब सें दसबजे आमिर केँ घऱ पऱ पहुंच गयीँ, मगरआज घऱ अंदर सें लोक थां।
मां नें डोरबैल बजाई तोँ एक् व्यक्ति आयाओर उसनेगेट खोल दिया मां उसको देखकर थोडा घबरा गई, ओर आमिर साहबकहा हैं यह पूछा,
तौ उसनेकहा – आमिरजी उपर हैं आप् अंदर आँ जाओ।
तोँ माँ नें कहा – उन्हे हि भेजदो नीचे
उसनेकहा – आप् बाहर् केँ कमरे मे बैठजाए मे आमिरजी कों नीचे भेजता हू
यह सुनकर माँ अंदर आँ गई, ओर कमरे मे बैठकर आमिर कां प्रतीक्षा करनेलगी, पांच मिनटबाद आमिर नीचेआया ओरआते हि उसने माँ कों गलेलगा लियाओर चुमने लगा। तभी सिढीयो सें कीसी केँ नीचेआने कि आवाज़ आई तौ दोनोअलग होकरबैठ गये।
दरअसल, ईद कां त्योहार आँ रहा थां कुछ दिनोबाद तौ आमिर केँ कुछ जिगरी मित्र आये थें वोँ सब मौलवी हि थें एकसाथ हि पढे लिखे थें सबओरसब एक् दूसरे सें मिलते रहते थें। तभी एक् 6.2 कां हट्टा कट्टा आमिर कि उम्र कां व्यक्ति कमरे मे आँ गय़ा, उसने सफेद कुर्ता ओर लुगीबाध रखी थि, गोरारंग, काली ढाढी, ओर उपर जालीदार टोपी मे वोँ गजब कां लगरहा थां।
उसने मां कों घुरकर देखाउपर सें नीचे तक माँ कि दूध कि घाटीया उनकेटॉप सें नजर आँ रही थि जिसे वोँ घुरकर देखने लगा। माँ नें उसे देखकर अपनी नजरे नीचेकर लीतभी उसने आमिर सें मां कां परिचय पूछा,
ओरकहा – यह मोहतरमा कोन हैं?!
तोँ आमिर नें कहा – उनकी जानकर हैं बच्चो कों झाडा लगवाकर लेकर जाती हैं अपनेओर कोई तकलीफ होँ तोँ झाडा लगवाने आती हैं
तौ उसनेकहा – तुम्हारा झाडा लगने केँ बाद तौ बारबार तुमसे हि झाडा लगवाना पडता हैं आमिर
यह सुनकर मां उसकी बातो कां मतलबसमझ गई, तभी वोँ खडा होकरचला गय़ा ओर आमिर कों कहा झाडा डालकर उपर आँ जानां जल्द।
आमिर नें उसके जाने केँ बादकहा – उसकेदो मित्र आए हैं ईद मनाने केँ लिए तौ कुछदिन मै चाहकर भि नहींमिल पाऊगा क्योकी मै इनकोमना भि नहींकर सकताहू, तुम् समझ गई, नां रेखा, ओर हम् अबतीन जने हैं, तोँ तुमको भि तकलीफ हौ जाएगी!
जौ लोग मेरी माँ कों जानते हें उन्हें पता होगा कि, मां तौ दस कों झेल लें ओरफिन भि कोई तकलीफ नहीं होगी उन्हे,
मां नें आमिर सें कहा – जब जिगरी यार हैं तौ मान जाएगे बातकर केँ देख्ना अगर नहीं माने तोँ मै केसे रहूगी दसदिन तक तुम्हारे बिना,
ओरखडी होकर आमिर केँ पासचली गई,, ओर आमिर कों गले लगाकर कीस करनेलगी। आमिर नें पहले हि प्लान बनारखा मां कि सामुहिक चुदाई करवाने कां मगर वोँ स्वयं यह माँ सें सुनना चाहता थां। किस करते करते आमिर नें रूककर,
मां कों कहा – अगर नहीं माने तोँ क्याँ करेगे रेखा
तोँ मां नें कहा – पहलेबात तौ करो
तोँ आमिर नें कहा – हम् मिलबाट कर हि खाते हैं इतने सालो सें आज कहूगा तौ आनको बुरा लगेगा ओर हमारा त्योहार भि आँ गय़ा हैं, तुम् समझ सकती होँ नाँ त्योहार पऱ तौ हम् बिलकुल भि मना नहींकर सकते हैं,
मै पूछने लायक होता तौ पूछ हि लेता, कल रात कों हि मेरी मजबूरी हैं तुम् दसदिन तक अब मजबूरी समझकर मेरी मुझेमाफ करदो, मै अपना वादा नहीं निभासका तुम्हे हररोज सुख देने कां!
आमिर केँ चुभते शब्दो नें माँ कों घायलकर दिया!
आमिर नें कहा – दोस्तो केँ बिनाकोई जिंदगी नहीं हैं तुम् भि यार हौ मेरी तुम्हारे बिना जयपुर बेकार हैं जैसे वेसै इनके बिना जिंदगी बेकार हैं, दसदिन केँ लिएआए हैं, ओर इनसे नहींकह पाऊगा इसलिये मै माफी चाहता हू,
दसदिन बाद मे तुम्हे भोगकर दस दिनो कि कसर निकाल दूंगा इनकी सेवा करना मेरा फर्ज हैं, मै अकेला तुम्हे भोगूओर यह बाहर् देखकर ऐसे हि रहे तौ लानत हैं मेरी दोस्ती पर्र,
तभी मां नें कहा – तुम् इतनाकर रहै होँ क्याँ यह भि तुम्हारे लिए इतना हि करते हैं
तोँ आमिर नें कहा – अभि जौ नीचेआए थें, उनकानाम नावेद थां, इनकेपास मे दोदिन केँ लिए गय़ा तौ इन्होने अपनी बीबी कों मेरेपास भेजा थां पूरीरात भोगने केँ लिए जैसा कि मैने पहले हि कहा थां, ओरत भोगने केँ लिए हि होती हैं!
उसे भोगकर उसेखुश करना हि मर्दो कां काम हैं अब बताओ क्याँ कहू तुमसे भि केसेकहू इनकोखुश करने केँ लिए?!
माँ कि चुदास कि आग मे भडकउठी थि वोँ पहले भि चार लन्ड एकसाथ खा चुकी इसबार तौ एक् कम हि थां,
तोँ माँ नें कहा – उसकी बेगम तुम्हे खुशकर सकती हैं तोँ तुम्हारी बेगम भि तुम्हारी खुशी केँ लिए तुम्हारे दोस्तो कों खुशकर सकती हैं, वोँ भि मुझेभोग सकते हैं चाहे जितना!!!
यह सुनकर आमिरमन हि मनखुश हौ गय़ा ओर उसका प्लान कामयाब होँ गय़ा थां,
आमिर नें मां कों किस करतेहुए कहा – बेगम तुम् तौ सच मेरी असली बेगम हौ आज सें,
तौ मां नें कहा – आजतक नकली हि समझरहै थें
तौ आमिर नें कहा – रेखा बेगम बेगम होती असली नकली नहीं सच्ची वोँ होती हैं जौ शोहर केँ लिएकुछ भि करने कों रेडी होँ समझी…
तोँ माँ नें कहा – चलोआज सें तुम्हारी सच्ची बेगम तौ बनी
आमिर नें मां कों कल सुभह जल्दआने कों कहा तोँ माँ नें आमिर सें कहा – आमिर एक् काम करना दोस्त अपने दोस्तो कों कहना अपने जिस्म केँ नीचेओर काखो केँ बालसाफ कर लें, बाकीमै उन्हे उदास नहीं करूगी!
यह कहकर माँ घऱ आँ गई, ओरसाम कों माँ ब्यूटी पार्लर जाकरआई ब्रोओर फेशियल करवाकर आईघऱआकर रेजर सें अपने बालो कों साफ कीयाओर कल केँ लिए वोँ पूरीतरह सें रेडी होँ गयीँ,। मगर एक् समस्या थि जिसके बारे मे मां सोचने लगी वोँ थि वक़्त कि क्याँ करेतभी मां कों एक् बहाने सुझ गय़ा ओर माँ नें सबको खानां खिलाया ओरदूध देने केँ बाद पिताजी केँ पासदूध लेकर गयीँ, ओरबात करनेलगी। बापू अपनेकाम मे बिजी थें।
तोँ माँ नें बात करतेहुए कहा – सुनोजी कल सें टोक फाटक पऱ एक् कथा होने वाली हैं, मोहल्ले कि ओरतेसंग चलने कों कहरही हैं अगर आप् सुभह खानां लेँ जाए तौ मैकथा सुनने जा सकतीहू,
ओरशशी केँ कॉलेज सें आने सें पहले हि लोटआया करूगी 7 दिन कि बात हैं!
तोँ बापू नें कहा – ठीक हैं
माँ कां प्लान कामयाब हौ गय़ा ओर वोँ खुश होकरसो गई, सुभह 9 बजे तक मां नें खानां बना लियाओर बापू कों खानां संग मे हि दे दिया मेरा टिफिन भि डाल दियाओर शशी कों ब्रेकफास्ट भि करवा दिया। अब मां नहाने चली गई, ओरदस मिनट केँ बाद मां नहाकर निकली ओरआज मां नें कालेरंग कि साडी पहनी गुलाबी रंग कि लिपस्टिक लगाईओर चोटी बनाकर लंबी सि मांग भरकर माँ होटमोम बन गई, ओर चुदाई केँ लिए सजधजकर होकर मां चुदने केँ लिएघऱ सें निकलपडी।
माँ आजदसबजे सें 15 मिनट पहले हि आमिर केँ घऱ पहुंच गयीँ, ओर दरवाजा खुला हि मिला माँ बिना झिझक केँ हि अंदर घुसकर दरवाजा लोककर केँ उपरचली गई, कमरे मे। आमिर सहिततीन जने थें कमरे कां दरवाजा खुला हि थां तोँ माँ कमरे मे घुस गयीँ, ओर आमिर केँ दोनो दोस्तो कों गोर सें देखने लगी।
आमिर केँ मित्र भि मां कि खुबसूरती पर्र फिदा होँ चुके थें वोँ घुरकर माँ कों देखेजा रहे थें तभी मां नें सबको सलाम कीया तौ सबने माँ कों सलामकर दिया,
अब माँ नें आमिर सें कहा – अपने दोस्तो कां परिचय तोँ करवाओ आमिर
तोँ आमिर नें कहा – यह हैं मेरे साथी नावेद जौ बंगाल मे रहते हैं, यूपी सें हि हैं, फिनयह असलम जौ यूपी केँ हैं ओर यूपी मे हि रहते हैं।
आमिर नें कहा – यह हैं हमारी बेगम रेखा
तौ सबसेकहा – भाभीजान आप् तोँ बहोत खुबसूरत हैं बिलकुल चाद कि तरह
तोँ माँ शर्मा गई, आमिर नें कहा – मेरी बेगमआज सें आपकी सेवा मे हाजिर हैं, आप् चाहे जितना भोगे इनको आपको पूरासुख देगी मेरी बेगम,
तोँ असलम नें कहा – बेगम नें साडी क्योपहन रखी हैं
तोँ आमिर नें कहा – यह उन्हें पसन्द हैं मगर आपकी सेवा करनेआई हैं, तौ काली साडी पहनकर आई हैं इसलिये,
तोँ असलम नें कहा – यह तोँ बहोत अच्छी बात हैं तुम्हारी बेगम तोँ सच मे कयामत लगरही हैं आज तोँ
आमिर नें कहा – असलमआज नहींयह कयामत हि हैं जन्म सें खुदा नें इनको स्वयं हि तरासा हैं हीरा हैं यह,
माँ अभि खडी हि थि असलम करीब-करीब आमिर जैसी हाइट काठीओर लंबाई कां थां, तोँ नावेद 6.2 कां थां, मां कि चुत कि चुदास भडक गई,, दोनो कों देखकर तीनो बिलकुल गोरेरंग केँ ओरभरे बदन केँ मर्द थें।
तभी आमिर नें माँ कों पासआने कों कहा तोँ मां आमिर केँ लगभग आँ गयीँ,, आमिर नें माँ कों पकडकर अपनी गोदी मे लेँ लिया, ओर चुमने लगा, तभी नावेद नें माँ केँ दूध कों पकड लियाओर दबाने लगा। आमिर नें मां कों खडाकर दियाओर उनके कपडे खोलने लगा। असलमओर नावेद कि नजरे मां केँ शरीर पर्र हि टिकी थि आमिर नें मां केँ ब्लाउज कों खोलाओर उनकी ब्रा कों खोलकर उनकेदूध आजादकर दिये।
तोँ दोनो कि आखेफटी रह गयीँ, 40 साइज कि खडी चुचियो कों देखकर ओर उसपर गुलाबी निपल देखकर दोनो अपने होठो पर्र जीभ घुमाने लगेतभी आमिर नें पेटीकोट कां नाडाखोल दिया जिससे माँ कि साडी नीचेगिर गयीँ,। ओर माँ कि पेटी खोलकर आमिर नें माँ कों नंगाकर दियाओर आमिर नें मां केँ कपडे उठाकर सोफै पर्र डाल दिये आमिर माँ केँ पासआकर उनकोकीस करनेलगा। दोनो एक् दूसरे मे खोगये ओरजोर सें कीस करनेलगे तभी नावेद ओर असलम केँ लन्ड भि खडे होनेलगे माँ केँ जिस्म कों देखकर,
असलम नें कहा – यह तौ कोई अप्सरा उतरआई हैं नावेद भइया!
तौ नावेद नें कहा – जन्नत मे ऐसी हि हुरे मिलेगी हमेयह अप्सरा नहींहुर हैं कोई
यह सुनकर मां नें हंसकर आखमार दि उनकीतरफ!!
तभी नावेद ओर असलम नीचे आँ गयेओर असलम मां केँ पिछे चिपक गय़ा असलम कां मूसल लन्ड मां कि गांड मे चुभने लगा। आमिरअब नीचे बैठकर माँ कि चुत कों चाटने लगा। माँ नें नावेद ओर असलम कों बराबर खडाकर लियाओर उनकी लुगी मे हाथडाल डाल दियाउन दोनो नें कच्छा नहींपहन रखा थां।
अब माँ केँ दोनो हाथो मे दो मुसल सें लन्ड थें एक् 6 इच कां तौ दूसरा 7 इच कां मां लंडो कों जोर सें पकडकर हिलाने लगीतभी पांच मिनट केँ बाद माँ आमिर केँ मुह मे झडनेलगी। आमिरचुत कां रस चाटकर खडाहुआ तोँ मां अब घुटनो केँ बल बैठकर आमिर केँ लन्ड कों चुसने लगीओर नावेद असलम केँ लन्ड कों हिलाने लगी।
पांच मिनटबाद मां नें नावेद कां लन्ड मुह मे भर लियाओर चुसने लगी आमिरओर असलम केँ लन्ड मां केँ हाथो मे थें सब कि मस्ती सें आखेबंद होँ गई, थि तभी मां नें असलम कों आगेआने कों कहा। असलम कां 7 इच कां विशालकाय लन्ड मां केँ मुह केँ आगे थां माँ नें असलम केँ लन्ड केँ सुपारे कों चाटकर साफ कियाओर उसेमुह मे भर लियाओर पुरा अंदर तक लेने कि कोशिश करनेलगी।
एक् मिनटबाद मां नें असलम केँ पूरे लन्ड कों निगल हि लिया जिससे असलम कि अहह निकलने लगी 15 मिनट तक लन्ड चुसाई कां दोरचला जिससे मां केँ जबडे दुखने लगा। तौ मां खडी होँ गयीँ,,
ओर आमिर कों कहा – बेगम कि प्यास मिटा तौ अब
यह सुनते हि आमिर नें कहा – क्यो नहीं बेगम
ओरबेड पर्र लेट गय़ा मां भि बिस्तर पऱ चढ़कर चुत मे आमिर कां लन्ड लेकर आमिर पऱ लेट गई, मां केँ लेटते हि आमिर नें नावेद कों पिछे सें चढने कां कह दिया। नावेद नें अपने लन्ड पर्र थोडा सां थूक लगाया ओर माँ कि गांड केँ भूरेछेद पऱ अपना लन्ड टिका दिया माँ अब गांड मे लन्ड जाने कां प्रतीक्षा कररही थि कि तभी नावेद नें एक् हि झटके मे अपना लन्ड गांड मे ठोक दिया। जिससे मां कि चीख निकल गयीँ,,
ओरओहहाय राम आँ आँ अम्म आहह-आहह करनेलगी!
तभी आमिर गांड उठाकर चुत मे लन्ड पेलने लगा तोँ उधर नावेद भि गांड मे लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा। मां मस्ती मे आकर चुदवाने लगीओर जोर सें चिल्लाह कर केँ दोनो कों उत्तेजित करनेलगी। असलम सोफै पर्र बैठा अपना लन्ड हिलाकर अपनी बारी कां प्रतीक्षा करनेलगा। इधर मां कि गांडओर चुत कों दोनो मिलकर फाडरहे थें। माँ भि गांड उठाकर दोनो केँ लन्ड पूरेखा रही थि आमिरकीस करतेहुए मां कि चुचियो कों भि दबाने लगाबीच बीच मे, इससे मां कि कामुक आहै! कमरे मे गुजने लगी।
दोनों बिलकुल मुस्टंडे थें औऱ मां कों पिछली बार सें भि जबरदस्त चुदाई कररहे थें। दस मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ झडने कों हुइ तोँ उन्होने आमिर केँ लन्ड कों अपनीचुत सें जकड लियाजोर सें, आमिर भि समझ गय़ा माँ झडने वाली हैं तोँ उसने लन्ड केँ झटको कों तेजकर दियाओर तभी माँ भरभरा केँ आमिर केँ लन्ड पर्र झड़ने लगी। मां केँ झडते हि आमिर नें नावेद कों नीचेआने कों कहाओर असलम कों मां केँ पिछेआने कों कहाइस तरह स्थान बदलने केँ बाद माँ नावेद केँ लन्ड पर्र बैठ गयीँ, ओरचुत गीली होने सें नावेद कां लन्ड एक् झटके मे हि माँ चुत मे निगल गयीँ,।
ओर नावेद केँ उपरसो गई, अब असलम घुटनो केँ बल माँ केँ पिछे बैठा थां तौ मां नें गांड हिलाकर असलम कों गांड पऱ चढने कां इशारा कीया इशारा मिलते हि असलम गांड कों चुमने लगाओर थप्पड मारने लगा। असलम नें मां कि गांड कों फैलाकर अपने लन्ड केँ लाल सुपारे कों भूरेछेद पऱ टिका दियाओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों गांड मे फसा दिया। आधा लन्ड फटने केँ बाद असलम नें अपना सुखा लन्ड माँ कि गांड मे दूसरे झटके मे पूरा अंदर उतार दिया।
मां कि भि इससेचीख निकल गई, ओर नावेद नें हंसकर कहा लगता हैं पूरा घुसैठ दिया असलम भइया नें,
तभी मां नें कहा – ओरबचा हैं तौ वोँ भि डालदो
तौ नावेद नें कहा – यह दोनो लन्ड गांड मे डालेंगे तोँ फट जाएगी नां ओर हंसने लगा
माँ नें गांड हिलाकर असलम कों चुदाई शुरुआत करने कों कहा, तोँ नावेद ओर असलम मिलकर माँ कों पेलने लगेचुत गीली होने केँ कारण,
मां कि चुत सें अबफच!फच! कि आवजेआने लगी थि
मां केँ मुह सें – सि सि अहहअहह आँ आँ अम्म धीरे-धीरे…
कि आवाजे आनेलगी नावेद 40 कि चुचियो कों पकडकर जोर सें दबारहा थां ओर माँ नें नावेद केँ होठो पर्र अपनेहोठ लगाकर उसे चुसने लगी थि। इसबार कि चुदाई 20 मिनट तक माँ झैल गई, मगर 20 मिनटबाद उनका शरीर अकडने लगाओर वोँ इसबार नावेद केँ लन्ड पर्र झड गयीँ,। तौ नावेद नें असलम कों नीचेआने कों कहाओर स्वयं जाकर सोफै पऱ बैठ गय़ा ओर आमिर कों गांड फाडने केँ लिएभेज दिया।
असलम केँ लंबे चोडे जिस्म केँ उपरखडी होकर माँ अब उसके लन्ड कों पकडकर अपनीचुत पर्र सेटकर केँ उसको अपनीचुत मे लेनेलगी। चुत गीली होने सें चुत कि चिकनाई बहोत बढ गयीँ, थि जिससे माँ कों असलम कां मूसल लन्ड लेने मे अधिक दिक्कत नहीं हुई ओर लन्ड पूराचुत मे लेकर असलम केँ शरीर पर्र लेट गई,। असलम कि बोडी ढाढीओर भरेबदन पर्र माँ लट्टु होँ गयीँ, थि।
मां असलम कि ढाढी मे हाथ फेरकर उसे चुमने लगी तोँ असलम नें अपनेहाथ कमर मे डालकर उसे कसकरपकड लियातभी आमिर नें गांड पऱ थप्पड मारकर गांड कों चाटने लगा। आमिर नें माँ केँ गांड कों मुह मे भर लियाओर उनकी गांड कों अपने दांतो सें जोरलगा करकाट दिया जिससे माँ कि चीख निकल गयीँ, ओर माँ आमिर केँ मुह सें अपनी गांड छुडाने कि नाकाम कोशिश करनेलगी। मगर असलम कि मजबूत पकड केँ चलते वोँ हिल हि नहींपाई ओर चीखकर रह गयीँ,,
तौ माँ नें कहा – आमिर निशानी कि क्याँ जरूरत हैं मै तौ तुम्हारी हि हू
यह सुनकर आमिर नें कहा – तभी तोँ निशानी करताहू जान कि तुम् केवल मेरी होँ
ओर गांड कों फैलाकर माँ कि गांड केँ भूरेछेद कों चाटने लगा, गांड कों गीला करके आमिर नें एक् झटके मे लन्ड कों गांड मे ठोक दियाओर माँ नें गांड हिलाकर आमिर कों गांड फाडने कां कहनेलगी। तभी दोनो दोस्तो नें मां कि गांडओर चुत कां जमकर बाजा बजाया ओर 20 मिनट माँ कि चीखे इसका सबूत देतीरही कमरे मे माँ कि चीखेगुज रही थि ओर उसकेसंग लन्ड केँ झटको सें आने वाली आवाजे अब तीनो अपनेचरम पऱ पहुंच चुके थें।
सब केँ जिस्म अब अकडने लगे तोँ माँ नें आमिर कों खडा होने कों कहाओर बिस्तर सें नीचेउतर कर घुटनो केँ बलबैठ गयीँ, नावेद भि अपना लन्ड हिलाकर चरम पर्र पहुंच गय़ा थां तौ उसने सबसे पहले मां केँ मुह मे लन्ड डालकर मां केँ सिर कों पकडकर उसे चोदने लगा। नावेद नें गले मे लन्ड फंसाकर अपनागरम गरम वीर्य मां केँ मुह मे भर दिया मां सारामाल पीकर नावेद केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी।
तोँ आमिर नीचेउतर आयाओर माँ केँ फ्री होते हि वोँ माँ केँ मुह कों चोदने लगा आमिर एक् मिनट मे झड गय़ा तोँ माँ नें आमिर केँ लन्ड कों चाटकर साफकर दियाओर अब असलम भि नीचे आँ गय़ा असलम नें भि मां केँ मुहमै अपना मुसल लन्ड फसा दिया। ओर जब झडनेलगा तोँ गले केँ अंदर पूरा फंसाकर माँ केँ सर कों पकड लिया असलम केँ लन्ड नें इतनामाल निकाला कि माँ सोच हि नहीं सकती थि।
मां केँ गले मे लन्ड फसा होने केँ कारण असलम कां वीर्य बाहर् निकलकर आँ गय़ा मुह सें ओर माँ कि चुचियो पर्र गिरने लगा टपककर असलम केँ लन्ड बाहर् निकालते हि मां नें जोर सें सासू ली पहलेओर फिनमुह मे पडा वीर्य निगल गयीँ, पूरा। चुचियो पर्र लगा वीर्य अपनी उगलिओ पर्र लगाकर उसे भि चाटकर साफकर दिया एक् घंटे सें अधिकचली चुदाई सें मां कों बडा सुकुन मिला।
आज चारोजने पसीने भर चुके थें मगरसभी अपनेचरम पऱ पहुंचकर बहोत खुशहुए मां कों आमिर नें उठाया ओर बिस्तर पऱ लेटा दियाओर स्वयं भि माँ सें चिपककर लेट गय़ा नावेद ओर असलम सोफे पर्र बैठकर सुस्ता रहै थें, चुदाई कां एक् दोर पूरा होने केँ बादसभी खामोश थें,
तभी आमिर नें बात छेड़ते हुएकहा – कैसीलगी मेरी बेगम
यह सुनते हि असलमओर नावेद एकसाथ हि बोलपडे – बहोत खूब!!! बेगम मिले तौ ऐसी हि मिले नहीं तोँ नां मिले
तभी नावेद नें कहा – आमिर भइया आपकी बेगम सें कुछपुछ लें बुरा तोँ नहीं लगेगा
यह सुनकर माँ नें कहा – आमिर कि बेगम कों आमिर केँ दोस्तो कि बात कां बुरा भि लगेगा क्याँ
यह सुनकर नावेद खुश हौ गय़ा ओर कहनेलगा – सचसच बताओआज तक कितने लोगो सें चुदाई कां आनंद लें चुकी हौ?!!
यह सुनकर माँ नें कहा – एक् शोहर केँ सामने उसकी बेगम सें ऐसे प्रश्न नहीं करते नावेद जी!
तौ नावेद नें कहा – बुरालगा???
तौ माँ नें कहा – बुरा आमिर कों लगेगा उसकी बेगम नें कहाकहा अय्याशी कि हैं यह जानकर, खैर नावेद तुम् हि बताओ तुमने तोँ अभि सबकुछ कीया हैं तुम्हे क्याँ लगता हैं कितने लोगो सें आनंद लें चुकीहू, ओर केसे लगता हैं,
नावेद अबफंस गय़ा, क्याँ कहे,
नावेद नें कहा – ओर तोँ पता नहींमगर आप् मै चुदास बहोत हैं यह उसने बिलकुल सहीबात कही
तोँ माँ नें कहा – ओर बताओ
तौ कहनेलगा – आपके बच्चे कितने हैं ओर उनकीओर आपकी उम्र क्याँ हैं फिन बताऊंगा बाकी
तौ मां नें कहा – यह भि तुम् हि बतादो पता तौ लगे तुम्हे कितना पता लगता हैं ओरहंस दि
अब नावेद क्याँ कहे, तभी असलम नें कहा – आपके शरीर कों देखकर नाँ उम्रपता लगती हैं नाँ हि यहपता लगता हैं कि आपके बच्चे भि हैं अगर हैं भि तोँ आपके शरीर कों भोगा नहीं कीसी नें अच्छे सें,
तभी नावेद बोलउठा – बिलकुल असलम भइया, मै तौ कह हि रहाहू, यह अप्सरा नहींहुर हैं कोई जन्नत कि, ऐसी बाला कि हसीन महिला तौ मेने केवल सेक्स किताबो मे पढ़ी हैं। आमिरओर मां एक् दूसरे कों देखकर मुस्कारे रहै थें बस आमिर नें कहा – इनकेदो बच्चे हैं, मगर उम्र तौ मैने भि नहीं पूछी नावेद आप् हि बतादो,
तोँ नावेद नें कहा – 30 सें अधिक नहीं होगी, कम हि होगी, असलम नें कहा – नावेद सें सहमतहू मै आपकी बेगम 30 कि हि हैं अभि तभी इनकाअंग अंग बेमिसाल हैं अभि दो बच्चो केँ बाद भि!!!
यह सुनकर मां शर्मा गयीँ, !!!
माँ अपनी तारीफ सुनकर बहोत हि खुश होँ रही थि तभी, आमिर नें कहा – नावेद भइया असलमजी सें पूछो हमारी बेगम कों ओर भोगना चाहेंगे क्याँ अभि?!
तौ असलम नें कहा – आमिर साहब मेरामन तौ करता हैं, आपकी बेगम केँ संग हि रहजाऊ ओरबस, रात दिन भोगता रहा,
मां नें कहा – इतना भोगेगे तोँ जल्द हि ऊब जाएगे!
असलम नें कहा – अप्सरा सें कोई केसेउब सकता हैं!!
मां नें कहा – अच्छा…!!!!
तोँ असलम नें कहा – जीहा.!!
तभी आमिर नें सोते सोते हि मां कि चुचियो कों दबा दियाजोर सें असलम नें कहा – आमिर धीरे-धीरे धीरे-धीरे बेगम कां ख्याल रखो
तौ आमिर नें कहा – यही तोँ हमारी बेगम कि खासियत हैं नाराज नहीं होती अपने शोहर सें।
तब नावेद नें कहा – आमिर तुम् क़िस्मत वाले होँ आज तोँ तुम्हारी क़िस्मत सें मुझेजलन होँ रही हैं ओरसोच रहाहू कि जयपुर सें जाऊगा केसै
माँ नें कहा – तौ आमिर केँ पास हि रूकजाओ कोनभेज रहा हैं
नावेद नें कहा – ऐसा अपना नसीबकहा
तोँ मां नें कहा – आँ… जाओ…जब तक हौ तब तक तोँ मोजकर लो!!!
यह सुनकर नावेद मां केँ पास आँ गय़ा ओर मां कों चुमने लगा, मां कां मूड भि बननेलगा, वोँ नावेद कों चुमकर उसकासंग देनेलगी।
आमिर नें माँ कों खडाकर लियाअब बिस्तर पर्र आमिर जाघो कों फैलाकर उसकेबीच मे बैठकर चुत कों चाटने लगा तोँ नावेद खडा होकर चुचियो कों दबाते हुएकीस करनेलगा। तभी असलम पिछेआकर बैठ गय़ा ओर माँ कि गांड कों चाटने लगा माँ कि चुदास अब पूरीतरह भडक गई, ओर वोँ जोरजोर सें आहे भरनेलगी।
तभी असलम नें आमिर कि दि निशानी केँ उपर सें मां कि गांड कों भर लियाओर अपने दांतो सें कसकरकाट लिया। मां दर्द सें चीखपडी, तौ नावेद नें मां केँ होठो कों अपने होठो सें चिपका दिया माँ कि चीखअब दबकर हि रह गयीँ, दस मिनट कि मर्दाना चुसाई केँ आगे मां हार गयीँ, ओर उनकीचुत कां झरनाफुट कर पहनेलगा थां जिसे आमिर नें बडे आहिस्ता चाटकर साफकर दिया।
अब आमिर नें खडे होकर माँ कि एक् जाघ मे हाथ डालकर उसेउठा दियाओर मां कि चुत मे लन्ड उतार दियाचुत मे लन्ड जाते हि असलम नें पीछे सें अपना सुखा लन्ड गांडमै पेल दिया जिससे मां कि गांड मे जलन होनेलगी। मगरदो मिनट केँ बाद मां सामान्य हौ गई, ओरअब चुदाई कां आनंद लेनेलगी ओर उनकोजोर सें चुदाई करने कां कहनेलगी,
माँ – जोर सें चोदो मुझेओर जोर सें! अहहअहह अहहहा जोर सें ऐसे हि अहहअहह अहहअहह…
ऐसे हि जोर सें ओरजोर सें कहकर अपनी चुदवाई करवाने लगी। माँ अब कीसी कामुक मिल्फ पोर्न स्टार कि तरहचुद रही थि, ओर आमिरओर असलम केँ मोटे लन्ड माँ कि चुतओर गांड कों दम लगाकर पेलरहै थें।
इधर नावेद बिस्तर पर्र लेटकर अपना लन्ड हिलारहा थां मां नें नावेद कि तरफ देखा तोँ नावेद नें आखमार दि तौ माँ नें भि अपने होठो पर्र जीभ फेरकर उसकी कामवासना ओर भडका दि थि।
आमिरओर असलम कि 15 मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ दूसरी बार झडनेलगी थि मां केँ झडते हि आमिर नें अपना लन्ड निकाल लियाओर अब नावेद नें मां कि टांग कों उठाकर अपना लन्ड उनकी गुलाबी चुत मे पेल दिया,
कमरेमै अब – पटापट! पटापट! पटापट! ओर फचफच! फचफच! फचफच! फचफच!
कि आवाजे आँ रही थि जिससे पतालग रहा थां। चुदाई बहोत शानदार चलरही थि 15 मिनट चुदने केँ बाद मां एक् बारफिन सें झड गई, ओर उनका जिस्म भि थक गय़ा थां मगर उनकामन तौ नहींभरा थां अभि।
तभी मां नें असलम कों लेटने कों कहाओर असलम केँ लेटते हि अपनी गीलीचुत मे एकबार मे 7 इच कां लन्ड गटक लियाओर नावेद कों पिछे सें चढने कां इशारा कीया तोँ नावेद नें माँ कि खुली गांड मे एक् झटके मे अपना लन्ड ठोककर चुदाई करनेलगा। माँ मस्त होकर चुदवा रही थि ओर वोँ ताकत लगाकर चोदने लगे 20 मिनट केँ बाद असलम अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा तोँ मां भि उसकेसंग तीसरी बार झडने कों बेताब थि जैसे हि असलम केँ लन्ड नें मां कि बच्चेदानी पऱ माल गिराया वेसै हि मां भि जोर सें झडनेलगी ओर,
माँ – आहह-आहह आहह-आहह उह्हयेह अम्महाय राम क्या बात है
करनेलगी। आमिरदो मिनट असलम नें अपने लन्ड माँ कि चुत मे फंसाकर रखेरखा उसकेबाद असलम कां लन्ड मुरझाकर अपने आप् निकलने लगा तोँ मां कि चुत सें असलम कां वीर्य भि बहकर उनकी जाघो पर्र आँ गय़ा तौ माँ नें असलम कां वीर्य अपनी उगलिओ सें चाटकर उनकोगजब कां सुकुन मिला।
इससेअब मां नें नावेद कों नीचेआने कों कहा तौ नावेद बराबर मे लेट गय़ा मां खडी होकर नावेद केँ लन्ड पर्र बैठकर उससे लिपट गई,,
ओर आमिर कों कहा – मेरे मियाकहा होँ… आँ जाओ गोदाम खाली हैं…
तोँ आमिर नें कहा – बेगम गोदाम तौ मत बोलो अभि गोदाम नहींबना हैं
माँ नें कहा – बना नहीं हैं तोँ आप् तीनो मिलकर बना हि दोगे!!!
यह सुनकर तीनो हसनेलगे!!!
औऱ आमिर नें पिछेआकर गांड मे लन्ड उतार दियाइस तरह एक् बारफिन मां कि चुत कां भोसडा ओर गांड कां गोदाम बननेलगा नावेद 15 मिनट केँ बाद अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा ओर मां कि चुत मे झडनेलगा। मां भि नावेद केँ गरम वीर्य कि गर्मी सें चरम पऱ पहुंच गई, ओर वोँ भि नावेद केँ झडने केँ बाद झडनेलगी।
आमिर नें अब माँ कों कुतिया बना लिया तोँ मां नें नावेद कों इशारा करक
तौ आमिर नें कहा – बेगम गोदाम तौ मत बोलो अभि गोदाम नहींबना हैं
मां नें कहा – बना नहीं हैं तोँ आप् तीनो मिलकर बना हि दोगे!!!
यह सुनकर तीनो हसनेलगे!!
ओर आमिर नें पिछेआकर गांड मे लन्ड उतार दियाइस तरह एक् बारफिन मां कि चुत कां भोसडा ओर गांड कां गोदाम बननेलगा नावेद 15 मिनट केँ बाद अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा ओर मां कि चुत मे झडनेलगा। माँ भि नावेद केँ गरम वीर्य कि गर्मी सें चरम पर्र पहुंच गई, ओर वोँ भि नावेद केँ झडने केँ बाद झडनेलगी।
आमिर नें अब माँ कों कुतिया बना लिया तोँ माँ नें नावेद कों इशारा कर केँ उसके लन्ड कों मुहमै भर लिया, उन्होंने बहोत सि Antarvasna कि किताबे पढ़ी थि तोँ उन्हें पता थां कि व्यक्ति केँ लन्ड कों खुश केसे करते हैं। माँ नें नावेद केँ मुरझाए लन्ड कों चाटकर साफ कीयाओर गांड उठाकर गांड मरवाने लगी। दस मिनट गांड कों चोदने केँ बाद आमिर नें भि अपनामाल मां कि गांड मे छोड दियाओर लन्ड बाहर् निकालकर मां केँ मुह मे दे दिया माँ नें आमिर कां लन्ड भि चाटकर साफ कीयाओर वही बिस्तर पर्र लेट गई,।
चारोजने अपना पसीना सुखाने लगेओर आराम करनेलगे, दस मिनट केँ बाद माँ नें घडी मे देखा तौ 12.30 बज चुके थें।
माँ नें आमिर कों कहा – आमिर अपने दोस्तो सें पूछोअब तौ इजाजत हैं जाने कि
तोँ असलम नें कहा – इजाजत तौ केसैदे, मगर आप् कल सुभहफिन आएगी इसलिये अब जाने देगे आपको!
यह सुनकर मां नें कहा – लगता हैं असलम कां मनभरा नहीं
तोँ असलम नें कहा – मन तोँ आपसेकभी भरेगा भि नहीं
मां कि गांडओर बुर मे मीठा मीठा दर्द हौ रहा थां जिससे माँ बहोत खुश हौ रही थि। मां नें उठकर अपने कपडे पहनने लगी।
तोँ नावेद नें कहा – एक् मिनट रूको तोँ सही…
मां रूक गयीँ, …
तोँ नावेद माँ केँ पिछे जाकरबैठ गय़ा ओर गांड कों चुमने लगाओर असलम आमिर कि दि निशानी केँ उपर उसने माँ कि गांड कों मुह मे भरकरजोर सें काट लिया।
माँ – अरे…रे… जालिम… आँ आहह-आहह… कहचीख पडी!!!
तब नावेद नें कहा – कलउसतरफ निशानी देगे बेगम कों ओरसभी हसनेलगे!
माँ नें अपनी ब्रा पेटी पहनी काली साडी पहनकर ड्रेसिंग केँ आगे जाकरबैठ गई, ओर अपने पर्स सें लाल लिपस्टिक निकालकर लगाने लगीफिन चोटी खोलकर दुबारा बनाईओर अपनी मांग मे पूरी लंबीमाग भरली।
तोँ असलम नें कहा – बेगम आपने तौ बहोत लंबी मांगभर ली
तौ माँ नें कहा – अब आप् भि बेगमकह रहे हैं तौ इतने शोहरो कि लंबी उम्र केँ लिए तौ मांग लंबी भरनी होनी
तोँ असलम नें – वाउ बेगम!!! आप् मात्र जिस्म सें हि नहीं, बल्कि बोलकर अपनी जुबान सें भि खुशकर देती हैं!
यह सुनकर मां हस दि ओरकहा – मै चलतीहू… सुभह मिलते हैं…
तौ सभीखडे होँ गयेओर लुगी बाधने लगे, लुगी बाधकर माँ नें सबकोकीस कीयाओर गले लगाकर सलाम करकेघऱ कि ओर रवाना हौ गई,।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Next part miss mat karna
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