हिन्दी में मस्त कहानियाँ - Ghar Par Akeli - Episode 1
हिन्दी मे मस्त कहानियाँ
मेडम कों वाहन चलाना सिखाया
येबात तब कि हैं जब मे 12 क्लास मे थां। मे इंग्लीश केँ सब्जेक्ट मे थोडा वीक थां। हमारी इंग्लीश मॅम कां नाम स्नेहा थां। वोँ एक् साउत इंडियन थि। उनकीएज करीबन 40 साल थि। वोँ कुछ मोटी थि ख़ासकर उनके हिप्स काफ़ी मोटे थें। उनके ब्रेस्ट भि काफ़ी बड़े औऱ भारी थें। वोँ एक् टिपिकल इंडियन वोमेन लगती थि। 11 क्लास मे मेरे इंग्लीश मे बहोत कम मार्क्स थें इसीलिए मैने सोचा केँ 12 मे आते हि इंग्लीश पर्र अधिक ध्यान दियाजाए। 12 क्लास कि सम्मर वाकेशन्स सें एक् दिन पहले मैने छुट्टी मे स्नेहा मॅम कों अप्रोच किया
गुड आफ्टरनून मॅम”
गुड आफ्टरनून सुमित”
मॅम, आइ नीडसम गाइडेन्स ”
याँ”
मॅम, एज यूनो, माइ स्कोर इन इंग्लीश हॅज़नोट बीन वेरीगुड इंप्रेस्सिव इन11थ”
यस, आइनोदट ठाटईज़ व्हाई आइकीप टेल्लिंग यूटू वर्क हार्ड”
यस.मॅम आइडूनोट वॉंटटू रिपीट दासेम रिज़ल्ट इनमाइ बोर्ड एग्ज़ॅम्स”
सोयूहॅव फाइनली अवेकन.अट्लस्ट”
यस मॅम…आइ नोदटआइ विलहॅव टू वर्क हार्ड.आंड आइआम तैयार फॉर इट.बटमॅम आइडूनो हाउटू गो अबौट इट.आइमीन माइ बेसिक्स आरनोट स्ट्रॉंग अट ऑल.सोमॅम इफ़यू कॅन गाइडमी फ्रॉम वहेरे टू स्टार्ट”
डेफनेट्ली सुमित.आइ आम युवर टीचरआंड इट्समाइ ड्यूटी टू गाइड यू…यूडू वन थिंगयू टेकमाइ मोबाइल आंड अड्रेस आंड रिंगमी आफ्टर आँ वीक”
ओके.थ्न्क्स मॅम”
फिन मैनेमॅम कां मोबाइल नंबर औऱ अड्रेस लें लिया।
एक् हफ्ते बाढ़ मैनेमॅम कों मोबाइल किया
हेलो, क्याँ स्नेहा मॅम सें बातकर सकता हूं?”
बोलरही हूं”
मॅम, मे सुमित बोलरहा हूं.मॅम आपनेकहा थां कि एक् हफ्ते बाद मोबाइल कर लेना”
हाँयाद हैं.मोबाइल पर्र तोँ तुम्हारी प्राब्लम डाइक्यूस कर पाना मुश्किल हैं…तुम् एक् कामकरो कलसाम 5 बजे मेरेघऱ आजओ.तभी तुम्हारी प्राब्लम डिसकस कर लेंगे…ठीक हैं”
ओके मॅम.बाइ”
बाइ”
फिन अगले-हि दिन मे साम 5 बजेमॅम केँ घऱ गय़ा। मैनेबेल बजाई औऱ मॅम नें द्वार (दरवाज़ा) खोला
हेलोमॅम”
हेलो सुमित.आओ.अंदर आओ.बैठो.अड्रेस ढूँदने मे कोई दिक्कत तौ नहि हुइ”
थोड़ी सि.क्योंकि मे इस कॉलोनी मे पहलेकभी नहि आया”
चलो.खैर.क्याँ लोगे.चाइ.कप कॉफ़ी.कोल्डद्रिंक.”
नोथिन्ग मॅम.कुच्छ नहि”
शरमाओ मत.तुम्हे कुच्छ नां कुच्छ तोँ लेना हि पड़ेगा”
ओके.कॉफफफी”
बस अभि लाती हूं”
फिनमॅम कप कॉफ़ी लेँ आई
ह्म.लो सुमित.कप कॉफ़ी लो”
थॅंक्स”
बिस्कुट भि तौ लो”
नहि मॅम, इसकी ज़रूरत क्याँ”
सुमित तुम् बहोत शाइ लड़के हौ.खैर हमने क्याँ बात करनी थि”
मॅम आपको तौ पता हि हैं कि मेरे इंग्लीश मे केसे मार्क्स आते हें”
ह्म.मेरे ख़याल सें तुम्हारे 11थ क्लास मे 50 सें अधिक मार्क्स नहि आए”
यस मॅम….औऱ हाइयेस्ट मार्क्स 95 तक आते हें.मॅम मे चाहता हूं कि मेरे भि 90+ आए”
बिल्कुल आँ सकते हें.मगर उसकेलिए तुम्हे काफ़ी हार्डवर्क करना पड़ेगा.क्याँ तुम् करोगे”
यसमॅम, मे हार्डवर्क करूँगा…पऱ मेरे बेसिक्स हि क्लियर नहि हें औऱ मेरी ग्राममेर बहोत वीक हैं”
हिन्दी में मस्त कहानियाँ - Ghar Par Akeli – New Episode
सुमित तुम्हे सबसे पहले अपने बेसिक्स हि स्ट्रॉंग बनानी चाहिए.जिसके बेसिक्स स्ट्रॉंग नहि उससे कुच्छ भि नहि आता”
मॅम तोँ बेसिक्स स्ट्रॉंग केसे होंगे”
उम्म…मे तुम्हे बेसिक्स स्ट्रॉंग करने मे हेल्प कर दूँगी”
यस मॅम.आप् मुझे कुच्छ दिन- केँ लिए कोचैंग दे दि जीये”
ओके.तुम् एक् कामकरो तुम् कल सें सुबेह 10 बजे आँ जायाकरो”
ओकेमॅम”
कप कॉफ़ी तौ पियो.ठंडी होँ रही हैं”
येस मॅम.मॅम आपकी फॅमिली मे कौन-कौन हैं”
मे, मेरे हज़्बेंड औऱ एक् लड़की औऱ एक् लड़का”
मॅम कहां हें सभी.कोई दिख नहि रहा”
बच्चे तोँ अपनी नानीमा केँ यहा छुट्टियाँ बिताने गये हें.आक्च्युयली मे भि वहा सें कल हि आई हूं पऱ बच्चे वहींरुक गये हें.औऱ हज़्बेंड 2 हफ्ते केँ लिए ऑफीस केँ काम सें आउटऑफ स्टेशन गये हें”
बच्चे कब तक आएँगे”
वोँ भि दो-एक् हफ्ते बाद आएँगे.यही तोँ दिक्कत हैं.अब मुझे मार्केट सें कुच्छ भि लाना हौ तौ मे नहि ला सकती”
क्यूं मॅम”
मार्केट यहा सें काफ़ी दूर हैं.रिक्शा सें जाने मे बहोत समय लगता हैं…औऱ स्कूटर औऱ गाड़ी मुझे चलानी नहि आती”
मॅमइस मे प्राब्लम क्याँ.आपकोजब कुच्छ चाहिए हौ तौ आप् मुझेकह दीजिएगा”
नहि ऐसीबात नहीं हैं.दट’स नाइसऑफ यू…सुमित.तुम्हे वाहन चलानी आती हैं क्याँ”
यसमॅम”
तुम् मुझे गाड़ी चलाना सिखा सकते हौ…आक्च्युयली मेरे हज़्बेंड तौ सारादिन बिज़ी रहते हें…औऱ आजकल तोँ हमारी गाड़ी खाली हि पड़ी हैं.हज़्बेंड तौ ऑफीस कि गाड़ी लेँ गये हें”
यस मॅम.इट वुडमी माइ प्लेषर.मे आपको वाहन सीखा दूँगा”
कितना वक्त लगेगा वाहन सीखने मे”
करीबन एक् हफ़्ता तौ लगेगा हि”
तोँ ठीक हैं तुम् मुझेकल सें हि गाड़ी सिखाना शुरुआत करदो”
ओके मॅम.पर्र किस वक्त”
तुम् 10 बजे मुझसे पढ़ने तोँ आओगे हि। तुम्हे पढ़ाने केँ बाद मे तुमसे वाहनसीख लिया करूँगी.पर्र सुमित। कोई बहोत बड़ा ग्राउंड हैं क्याँ…आक्च्युयली कोई मुझे सीखते देखे तोँ मुझेशरम आयगी.ऐसी कोई स्थान हौ जौ एक् दम खाली हौ औऱ जहाँ अधिकलोग नाँ आते हौ”
यसमॅम.शहर सें बाहर् निकलते हि एक् ग्राउंड हैं जोँ एक् खाली रहता हैं”
ठीक हैं.तौ वहीं चलेंगे कल दोपहर (नून) मे”
पऱ मॅम दोपहर (नून) मे तोँ काफ़ी गर्मी होती हैं”
दोपहर मे इसलिए कि उससमय लोगे बाहर् नहि निकलते औऱ हमारी गाड़ी तौ एर कंडीशंड हैं.मे क्याँ करूँलोग मुझे वाहन सीखते देखें तोँ मुझेशरम आती हैं.बाइ दा वे.तुम्हे तोँ कोई प्राब्लम नहि हैं नां”
बिल्कुल नहि.तौ मॅम मे कलआता हूं 10 बजे”
ओके सुमित…बाइ”
मे अगलेदिन ठीक 10 बजेमॅम केँ घऱ पहुच गय़ा। मॅम नें उसदिन ग्रीन कलर कां सूट पहनाहुआ थां। हलकीमॅम थोड़ी मोटी औऱ डार्क थि.मगर मुझे तोँ मॅम सेक्सी लगती थि। मॅम नें मुझे 10 सें 1 बजे तक पढ़ाया। उसकेबाद हम् वाहन सीखाने शहर सें बाहर् एक् ग्राउंड मे गये.आस पासकोई भि नहि थां क्योंकि दुपहर कां समय थां।
ग्राउंड मे पहुँच कर मैनेमॅम कों गाड़ी सिखानी शुरुआत कि
मॅम.पहले तौ मे आपको गियर डालना सीखाता हूं”
मे कुच्छ देर तक मॅम कों गियर, आक्सेलरेटर, क्लच, ब्रेक एट्सेटरा। केँ बारे मे बताता रहा
चलिए मॅम.अब आप् चलाइए”
मुझेडर लगरहा हैं”
कैसाडर”
कहीं मुझसे कंट्रोल नहि हुइ तौ”
उसकेलिए मे संग हूं नां”
फिनमॅम ड्राइवर सीट पर्र बैठ गई, औऱ मे ड्राइवर कि संग वालीसीट पे आँ गय़ा। फिनमॅम नें गाड़ी चलानी शुरुआत कि मगरमॅम नें एक् दम सें हि रेसदे दि तौ एक् दम सें वाहन बहोत स्पीड मे चल पड़ी.मॅम घबरा गयीँ,.मैने कहा
मॅम आक्सेलरेटर सें पांव हटाइए”
मॅम नें पैरहटा लिया तोँ मैने स्टियरिंग पकड़कर गाड़ी कंट्रोल मे करी
मैनेकहा थां नाँ मुझ सें नहि चलेगी”
कोईबात नहि मॅम.पहली बारऐसा होता हैं”
नहि….मे गाड़ी सीख हि नहि सकती…मुझ सें नहि चलेगी”
चलेगी…चलिए अब स्टार्ट कि जीए औऱ फिन ट्राइ करिए.पर्र इसबार आक्सेलरेटर धीरे-धीरे छोड़ना”
नहि मुझे नहि होगा”
मॅम शुरुआत शुरुआत मे ग़लतियाँ होती हें.कोई बात नहि”
नहि मुझेडर लगता हैं”
अच्छा.एक् काम करते हें.मे भि आपकीसीट पर्र आँ जाता हूं.फिन आपकोडर नहि लगेगा”
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मगर एक् सीट पर्र हम् दोनो केसे आँ सकते हें”
आप् मेरीगोद (लॅप) मे बैठ जानां.मे स्टियरिंग कंट्रोल करूँगा औऱ आप् गियर कंट्रोल करना”
मगरकोई हमें देखेगे तौ कैसा लगेगा”
मॅमइस वक्तयहा कोई नहि आएगा.औऱ वैसे भि आपकी गाड़ी मे ये शीशों पर्र फिल्म लगी हैं इससे अंदर कां कुच्छ दिखाई नहि देता”
चलोठीक हैं”
फिन मे ड्राइवर सीट पऱ बैठा औऱ मॅम मेरीगोद मे। जैसे हि मॅम मेरीगोद मे बैठी मेरे जिस्म सें करेंट सां दौड़(ऋण) गय़ा। हम् दोनो कां ये पहला स्पर्श थां।
मैने गाड़ी स्टार्ट करी
तैयार मॅम”
हां.मुझे सें सिर्फ़ गियर हि संभालने हें नाँ”
यसमॅम.आज केँ दिन आप् सिर्फ़ गियर हि सीखो”
गाड़ी चलनी शुरुआत हुइ। क्योंकि मेरेहाथ स्टियरिंग पर्र थें औऱ मॅम मेरीगोद मे.इसलिए मेरी बाहें (आर्म्स) मॅम केँ ब्रेस्ट केँ साइड सें टच होँ रही थि औऱ मॅम केँ ब्रेस्ट थें भि काफ़ी बड़े.मॅम थोडा अनकंफर्टबल फीलकर रही थि इसलिए वोँ मेरी जांघों (थाइस) पे नाँ बैठ केँ मेरीनीस केँ पास बैठी थि। जैसे हि मे वाहन कों टर्न करता तौ मॅम कि पूरी ब्रेस्ट मेरी बाहें कों टच करती थि। मॅम गियरसही बदलरही थि
क्यूं सुमित.ठीक कर रहीं हूं नाँ”
पर्फेक्ट.मॅम अब आप् थोडा स्टियरिंग भि कंट्रोल कीजीए”
ओके”
क्योंकि मम्मी मेरीगोद मे काफ़ी आगे होकर बैठी थि इसलिए स्टियरिंग कंट्रोल करने मे उन्हे प्राब्लम हौ रही थि
मॅम.आप् थोड़ी पीछे खिसक जाईए.तभी स्टियरिंग सही कंट्रोल हौ पाएगा”
अबमॅम मेरी जांघों(थाइस) पे बैठ गयीँ, औऱ हाथ स्टियरिंग पर्र रखलिए।
मॅम.थोडा औऱ पीछे हौ जाईए”
औऱ कितना पीछे होना पड़ेगा”
जितना हौ सकती होँ”
ठीक हैं”
अबमॅम पूरीतरह सें मेरे लन्ड पऱ बैठी थि।
मैने अपनेहाथ मॅम केँ हाथों पऱ रखदिए औऱ स्टियरिंग कंट्रोल कराना सिखाने लगा.जब भि वाहन टर्न होती तौ मॅम कि हिप्स मेरे लन्ड मे धँस जाती। मॅम केँ ब्रेस्ट इतने बड़े थें कि वोँ मेरे हाथों कों टचकररहे थें। मे जानबूझ कर उनके ब्रेस्ट कों टच करतारहा।
मॅमअब आक्सेलरटोर भि आप् संभालिए”
कहीं वाहनफिन सें आउटऑफ कंट्रोल नाँ हौ जाए”
मॅमअब तोँ मे बैठा हूं नाँ”
मॅम नें फिरसे पूरा आक्सेलरेटर दबा दिया तौ गाड़ी नें एक् दम स्पीड पकड़ली।
इस पऱ मैने एक् दम सें ब्रेक लगा दि तौ गाड़ी एक् दम सें रुक गयीँ,। मॅम कों झटकालगा तौ वोँ स्टियरिंग मे घुसने लगी.इस पर्र मैनेमॅम केँ ब्रेस्ट्स कों अपने हाथों मे पकड़कर मॅम कों स्टियरिंग मे घुसने सें बचा लिया। वाहनरुक गई, थि औऱ मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे थें। मॅम बोलीं
मैनेकहा थां नां कि मे फिनकुछ ग़लती करूँगी”(मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे हें)
कोईबात नहि.कम सें कम गियर तौ बदलना सीख लिया”(मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे हें)
शायद मुझे स्टियरिंग संभालना कभी नहि आएगा”“(मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे हें)
एक् बार औऱ ट्राइ कर लेते हें” “(मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे हें)
ठीक हैं” “(मॅम केँ ब्रेस्ट मेरेहाथ मे हें)
मॅम नें मुझे ऐहसास दिलाने केँ लिए मेरेहाथ उनके ब्रेस्ट पऱ हें, मॅम नें ब्रेस्ट कों हल्का सां झटका दिया तोँ मैने अपनेहाथ वहा सें हटालिए। मैने गाड़ी फिन सें स्टार्ट करी.मॅम नें अपनेहाथ स्टियरिंग पऱ रखलिए औऱ मैने अपनेहाथ मॅम केँ हाथो पर्र रखदिए
मॅम आक्सेलरेटर मे हि संभालूँगा.आप् सिर्फ़ स्टियरिंग हि संभालीए”
यही मे कहने वाली थि”
कुच्छ देर तक मॅम कों स्टियरिंग मे हेल्प करने केँ बाद मे बोला
मॅमअब मे स्टियरिंग सें हाथउठा रहा हूं.आप् अकेले हि संभालीए”
ओक.अब मुझे थोडा कॉन्फिडेन्स आँ रहा हैं.मगर तुम् अपनेहाथ तैयार रखना.कहीं वाहनफिन सें आउटऑफ कंट्रोल होँ जाए ”
मॅम मेरेहाथ हमेशा तैयार रहतें हें”
मैने अपनेहाथ स्टियरिंग सें उठाकर मॅम कि ब्रेस्ट पर्र रखदिए। मे तोँ मॅम सें डाँट (स्कोल्डिंग) एक्सपेक्ट कररहा थां मगरमॅम नें कुच्छ नाँ कहा
सुमित मुझेकस केँ पकड़ना.कहीं ब्रेक मारने पऱ मे स्टियरिंग मे नाँ घुस जाऊं”
यस मॅम.कस केँ पकड़ता हूं”
मैनेमॅम केँ ब्रेस्ट दबादिए तोँ मॅम केँ मूह सें अहह.आँ निकल गई,।
सुमित.मेरे ख्याल सें आज इतना सीखना हि काफ़ी हैं.चलो अबघऱ चलते हें”
ओकेमॅम”
मॅम मेरीगोद सें उठकर अपनीसीट पर्र बैठ गई, औऱ हम् मॅम केँ घऱचलदिए
ओकेमॅम.मे चलता हूं”
रोटीखा केँ जानां”
नहि मॅम मैने मां कों कहा थां कि रोटी केँ वक्त तक घऱ पऱ आजाऊंगा”
ठीक हैं …तौ कल 10 बजे आओगे नां”
यस मॅम.ऑफ कोर्स”
मे अगलेदिन भि पूरे 10 बजे पहुँच गय़ा। पढ़ने केँ बाद हम् फिन सें गाड़ी सीखने उसी ग्राउंड मे आँ गये।
तौ सुमित आज कहां सें शुरुआत करेंगे”
मॅम मेरे क्याल सें आप् पहले स्टियरिंग मे पर्फेक्ट हौ जाईए.उसके बाद औऱ कुच्छ करेंगे”
ठीक हैं.कल जैसे हि बैठना हैं”
यसमॅम”
आजमॅम नें सिल्क कि सलवार कमीज़ पहनी हुई थि। मॅमआज सीधेआकर मेरे लन्ड पऱ बैठ गयीँ,। आजमॅम कि सलवार थोड़ी टाइट थि औऱ मॅम कि हिप्स सें चिपकी हुइ थि।
हमने वाहन चलानी शुरुआत कि। मॅम नें अपनेहाथ स्टियरिंग पऱ रखलिए। मैने अपनेहाथ मॅम केँ हाथों पर्र रखलिए। आजमॅम कि हिप्स मेरे लन्ड पर्र बारबार हिलरही थि। कुछदेर बाद मैनेकहा
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