MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
आमिर असलमओर नावेद कि चुदाई सें मां कां पूरा जिस्म दर्दकर रहा थां मगरफिन भि मां इस चुदाई सें बहोत हि खुश थि। यह सिलसिला 7 दिनो तक चलना थां मगर असलमओर नावेद सें चुदाई तीनदिन ओर करवाने कि प्लानिंग करनी शुरुआत कर दि थि। क्योकी दूसरे दिन कि चुदाई केँ बाद असलमओर नावेद नें आमिरओर मां कों निगाह करके हलाला करवाने कां प्लान बताया।
तोँ मां भि इसकेलिए सजधजकर हौ गई, मगर इसकेलिए माँ कि सुहागरात तलाकओर हलाला केँ लिएकम सें कमदोदिन ओरतीन रात चाहिए। जौ मुमकिन नहींलग रहा थां मगर माँ केँ शैतानी दिमाग़ ओरचुत कि चुदास नें ठान लिया थां।
यहसभी करने कां आप् भि जानते हैं दोस्तो ओरत जौ चाहै वोँ कर सकती हैं मगर माँ कों कोई मार्ग नहींमिल रहा थां। इसीबीच दोदिन ओर निकलगये ओर सोचते सोचते माँ कों एक् मार्ग तौ मिल गय़ा ओर उसकेलिए मां प्लानिंग करनेलगी।
पांचवे दिन कि चुदाई केँ बाद मां घऱआने केँ बाद माँ नें बापू कि मनपसंद कां खानां बनाया ओर नहाकर लाल लिपस्टिक ओरसुट पहनकर सजधजकर होकर उनका प्रतीक्षा करनेलगी पिताजी केँ आने केँ बादहमे खानां खिलाकर सुला दियाओर पिताजी केँ नहाकर आने केँ बाद उनकेसंग खानां खाकरदूध लेकर कमरेमै पहुंच गई,।
ओर बाते करनेओर कहनेलगी क्याँ मै इतनी बुरीहू याँ मेरी शक्ल इतनी गंदी हैं जौ आप् देखते हि नहीं तोँ बापू हंसने लगे पिताजी नें मां कां हाथ पकडकर अपनेऊपर खीच लियाओर चुमने लगे माँ नें पिताजी केँ कपडे खोलेओर अपने कपडे खोलकर उनके नीचेलेट गयीँ,।
बापू केँ उपर चढते हि माँ जोर सें चिल्लाने लगीकहा धीरे-धीरे मेरीजान निकाल दि याँ तौ करते नहीं करते हौ तौ मेरीजान हि निकाल देते होँ पिताजी यह सुनकर जोशमै आँ गयेमगर माँ कों क्याँ घंटा फर्कपड रहा थां वोँ तोँ बस नाटककर रही थि। दस मिनट कि चुदाई केँ बाद पिताजी माँ केँ संगझड गई, ओर कपडे पहनकर उनसे लिपटकर बात करनेलगी ओर कहनेलगी दोदिन बादकथा ख़त्म होने केँ बादयहा सें बस जाएगी।
मथुरा तीनदिन केँ लिए फ्री मे महाराज जी केँ संग आप् बोलो तौ मे भि घुमआऊ
तौ पिताजी नें कहा – कल बताता हू तौ
मां नें कहा – कलनाम लिखवाना हैं अगर नहीं भेजना तौ मनाकर दो गुस्से मे आकरयह बातकही
तोँ बापू नें कहा – चलोठीक हैं चले जानां कोईबात नहीं हैं
माँ कि प्लानिंग कामयाब होँ गयीँ, अब माँ निगाह ओर हलाला करवाने कों लेकर बहोत खुश थि सुभह उठकर मां नहाकर हिरोइन बनकर अपने आशिक आमिर केँ घऱ पहुंच गयीँ, ओर आमिर, असलम, ओर नावेद सें जमकर चुदाई करवाई।
चुदाई करवाने केँ बाद माँ आमिर केँ संग नंगी लेटी लेटी कहनेलगी आमिरकल कल हि आँ पाऊगी उसकेबाद तोँ मे फिनवही दो घंटे आँ पाऊगी तौ आमिर असलम नावेद केँ चेहरे लटकगये ओर कमरे मे चुप्पी छा गयीँ,,
तभी असलम नें आमिर सें कहा – आपकी बेगम नें तौ धोकादे दिया नां दोदिन कि बातओर थि। फिन तोँ हमे जानां हि थां कल तौ इद हैं ओरयहहमे यह तोहफा दिया भाभीजान नें
तौ मां हंसने लगीओर कहनेलगी – मैतीन दिन आपकेसंग हि रहूगी अब तौ खुश हौ
यह सुनकर सभी चेहरे चमकउठे ओर नावेद नें कहा – भाभीजान अब तोँ आप् देख्ना हम् इतना शानदार निगाह करेगे आपका आप् याद रखोगी हमेशा
तभी असलम नें कहा – मात्र निकाह हि नहीं हलाला भि याद रहेगा आपको हमेशा
यह सुनकर माँ नें कहा – चलोकरो तैयारी शुरुआत मै भि देखू आप् निकाह कितनी धूमधाम सें करेगे
यह सुनकर आमिर नें कहा – जरूर बेगमओर मां अब कपडे पहनकर नीचेआने लगी
तौ आमिर भि नीचे आँ गय़ा संगमै ओर माँ सें कहा रेखा तुम्हे कोई तकलीफ़ नां होँ जाएमै तुम्हे कीसी मुसीबत मै नहीं गिराना चाहता हू!
तौ मां नें कहा – मेरेपती कों पैसैओर दुकान केँ अलावा कुछ नहीं सुझता हैं तुम् चिता नां करो
तोँ आमिर नें कहा – रेखा शोकत भाईजान कों भि कह देनाअगर तुम्हे अच्छा लगे
तोँ माँ नें कहा – मेरीजान शोकत भाईजान हि क्योकोई ओर मित्र हैं तोँ उन्हे भि बुलालो तुम्हारी बेगम सबकोखुश कर देगी तुम्हारे लिए तौ
यह सुनकर आमिर नें कहा – मेरी बेगम कों मुझे रंडी नहीं बनाना हैं ओर हंसने लगा!!
मां नें कहा – चलोकल मिलते हैं
माँ अगलेदिन ईद कि बधाई देने केँ लिए मिठाई ओरफल भि लेकरचली गई, संगमै ओर तीनो सें जमकर चुदाई करवाकर घऱआकर शोकत भाईजान कों मोबाइल मिलाती हैं।
शोकत कि आवाज़ सुनते हि मां नें कहा – आप् तौ अपनी बेहन केँ भूल हि गये भाईजान
यह सुनते हि शोकत नें कहा – ऐसा कहकर अपने प्यारे भाईजान कों शर्मिंदा नां करो
यह सुनकर माँ नें कहा – शोकत भाईजान आप् सें कुछ कहना हैं मनामत करना
तौ शोकत नें कहा – बताओ क्याँ कहना हैं
तोँ माँ नें कहा – भाईजान आप् कहते थें नाँ पूरादिन ओररात रूको तोँ मै आऊगा अच्छे सें तौ कल सें तीनदिन आपकी बेहन आपकेसंग रहेगी आप् सुभह जल्द हि आँ जानां तीनदिन केँ कपडे डालकर मे कल निकाह करवाने जारही हू आमिर सें ओर सारा प्लान बताया।
आप् कल सुभहआते वक्त एक् ब्युटी पार्लर वाली कों लेँ लाना अपनी बेहन कों दुल्हन बनाने केँ लिए!
यह सुनकर शोकत नें कहा – तुम् चिता नां करो बेहनमै सुभह लेँ आऊगाबस वक्त बताओ। तोँ मां नें 9 बजे कां वक़्त दे दियाओर साम कों मां ब्यूटी पार्लर चली गयीँ, ओर फेशियल आई ब्रो करवाकर आईओरघऱ आकर अपनीचुत कों चिकना कीया।
रात कों सोते वक्त पिताजी कों कहा – कल सुभहनो बजे जाऊगी शशी कॉलेज जाएगी तौ मैउसी केँ संग निकल लूगी।
यह सुनकर बापू नें कहा – ठीक हैं
ओर माँ कों हाथ खर्च केँ लिए हजार रूपये दे दिये मां नें एक् बेगमै अपने कपडेडाल लिये जिसमे नीचे मां ब्युटी पार्लर सें किराये पऱ लाई लहंगा चोली भि डाल लिया सुभह उठकर मां लाल साडी पहनकर रेडी हौ गई, ओरशशी कि वैन कां प्रतीक्षा करनेलगी। वैनआते हि शशी कों चाबी देकर मां पैदल निकल गयीँ, मां आमिर केँ घऱ पहुंची तोँ घऱलोक थां मां नें दरवाजा बजाया तोँ असलम नें आकर दरवाजा खोलाओर मां कों बाहर् केँ कमरे मे हि रूकने कों कहा।
तौ मां नें कहा – क्याँ बात हैं तौ कहनेलगा आपके शौहर रेडी हौ रहै हैं उपर
यह सुनकर माँ नें कहा – अच्छा तोँ असलम नें माँ कि चुचियो कों दबाकर कहा सच्ची भाभीजान ओर हंसने लगा
तब माँ नें कहा – यहबात हैं तोँ मुझे भि रेडी होना होगाफिन तोँ मगरमै अकेले केसे दुल्हन बन सकतीहू मुझे रेडी करने केँ लिए तौ ब्यूटी पार्लर वाली बुलानी होगीयह काम तौ आप् हि करो वर्ना आपकी भाभीजान कां निकाह फीका हौ जाएगा।
यह सुनकर असलम नें कहा – हम् तौ यहा अजनबी हैं
तोँ मां नें कहा – आमिर कों बोलो शोकत भाईजान कों कहेयह काम वोँ हि कर सकते हैं बोलो उनकी बेहन कों दुल्हन बनाना हैं यह सुनते हि असलमऊपर जानेलगा तौ दरवाजा बजने कि आवाज़ आई जिसे सुनकर असलम दरवाजा खोलने बाहर् गय़ा। तोँ शोकत भइया एक् हिजाब पहनी लडकी केँ संग दरवाजे केँ बाहर् खडे थें।
असलम नें कहा – मै आपको हि मोबाइल करनेजा रहा थां
तोँ शोकत नें कहा – मै तोँ हाजिर हू मेरि बेहन आँ गयीँ, क्याँ
यह सुनकर असलम नें कहा – आपका हि प्रतीक्षा कररही हैं यह मोहतरमा कोन हैं
यह सुनकर शोकत नें कहा – यह हि मेरी बेहन कों दुल्हन बनाएगी असलम नें
यह सुनकर कहा – तौ बाहर् हि दुल्हन बनाएगी क्याँ अंदरआकर जल्द सें भाभीजान कों रेडीकरो नाँ यह सुनते हि दोनो अंदर आँ गयेओर असलम नें दरवाजा लोककर दिया।
तभी शोकत असलमओर उनकेसंग आई स्त्री जिनका नाम सबीना थां कमरे मे आँ गयेओर माँ शोकत कों देखकर खडी हौ गयीँ, ओर उन्हे कसकरगले लगा लिया। भाईजान आपकी बेहन कां निकाह हैं ओर आप् गायब होँ गये कहने!
तौ शोकत नें मां कों चुमकर कहा – मेरि बेहन कों दुल्हन बनाने कि तैयारी कररहा थां
मां नें कहा – भाईजान आपके कपडे
तोँ शोकत नें कहा – सबीना कों छोड़कर आऊगातब बैग लेकर आँ जाऊगा तुम् चिंता मतकरो अभि तुम् रेडी हौ जाओ, यह सबीना मेरी मामाजी कि लडकी हैं तुम् दोनो हि बेहन होँ सबीना अपनीबडी बेहन कों अच्छे सें दुल्हन बनादो।
तोँ सबीना नें कहा – भाईजान बेहन तोँ यू हि दुल्हन सि लगरही हैं
तौ शोकत नें कहा – यूही नहीं असली कि दुल्हन बनादो मेरी बेहन कों तोँ सबीना नें कहाहमे एक् कमरेमै अकेला छोडदो दो घंटे आपके बेहन कों ऐसा सजधजकर करूगी देखकर लगेगा कि दुल्हन पहलीबार हि बनी हैं!
यह सुनकर शोकत नें कहा – असलम इन्हे ऊपर लेँ जाओ तोँ असलम नें नीचे वाले दूसरे कमरे मे हि रेडी होना होगाऊपर एक् रूम आपकी बेहनओर उनके शौहर केँ लिए हैं तोँ दूसरे मे निकाह केँ लिए सजावट कि गयीँ, हैं! आप् जाकरऊपर कोईकमी हैं तोँ देखलो तभी सबीना ओर मां दूसरे कमरे मे चली गयीँ, !
अपनीबेग लेकर सबीना नें कमरे मे जाते हि माँ कों साडी खोलने कों कहा – ओर पूछा आप् क्याँ पहनेंगी अब माँ नें अपनीबेग सें लाल घाघरा चोली निकालकर दे दिया।
तौ सबीना नें पूछा – आप् हिन्दु हैं
तौ मां नें कहा – हा
तोँ सबीना नें मौलवी साहब सें कहा – पेचलिए आपके मां नें बताया कि उनकी मुलाकात शोकत भाईजान नें करवाई
तौ सबीना नें कहा – शोकत भाईजान तोँ बहोत नेक इंसान हैं मेरीखुब जचती हैं सबीना नें अपना हिजाब खोल दिया थां। तब तक सबीना भि बहोत गजब कां माल थां बडीबडी चुचीओर मोटी गांड केँ संगयह पेट भि पूराआया हुआ थां।
सबीना नें फिन माँ सें उनकानाम पूछा माँ नें सबीना कों अपनानाम रेखा बताया तौ सबीना नें पूछा आपका तलाककब हुआ अपने पति सें क्याँ आप् भागकर निकाह कररही हैं। तौ माँ चुप होँ गई, एकबार केँ लिएफिन माँ नें सबीना कों गर्दन हिलाकर हाकहा!
तोँ सबीना नें कहा – आप् रहतीकहा हैं यहाओर आपने इस्लाम कबुलकर लिया
तोँ माँ नें कहा – निकाह केँ बादमै क्याँ बन जाऊगी मुस्लिम हि बनूगी नाँ
तौ सबीना नें कहा – यह भि हैं बाकी रीती रिवाज मौलवी साहब सिखा हि देगे
यह सुनकर मां नें कहा – रिती रिवाज भि सिख लूगी सबीना अब तोँ सजधजकर करदोबस
\सबीना नें कहा – बहोत जल्द होँ रही हैं ओर हंसने लगी लगता हैं आपके पति नें आपकी सेवा नहीं कि सही सें।
यह सुनकर माँ नें कहा – अब वाले तौ कर देगे नां
तौ सबीना बोलि – शोकत भाईजान भि कर देगेअब
तौ तभी मां नें कहा – लगता हैं शोकत भाईजान सें तुमने सेवा करवाली हैं
यह सुनकर सबीना नें कहा – आप् भि करवाकर देखो बहोत मज़ा आएगा शोकत भाईजान कि बात हि अलग हैं बेचारी सबीना कों कहापता थां यह एकसाथ पांच पांच लन्ड खा चुकी हैं ओरदस एकसाथ खाने कों सजधजकर रहती हैं
माँ नें कहा – चलोकभी सोचेगे मगर पति केँ रहतेयह ठीक नहीं हैं
तोँ सबीना बोलीं – जब फुदीमै खुजली चलेगी तोँ ठीकगलत भूल जाओगी
माँ नें कहा – लगता हैं तुमने भि बहोत लन्ड खाए हैं अबतक
यह सुनकर सबीना बोलि – चुत लन्ड नहीं खाएगी तौ क्याँ बेगन खाएगी बेहनओर हसनेलगी, तभी सबीना नें मां कों पेटीकोट ओर ब्लाउज खोलने कों कहा मां नें नाडा घसीटकर पेटिकोट खोल दियाओर ब्लाउज खोलकर सबीना केँ सामने लालरंग कि नयी ब्रा पेटीमै खडी हौ गई,।
माँ केँ पेरो पऱ बाल तोँ कभी थें हि नहीं तोँ सबीना नें पूछा बेहन वैक्स कब करवाई तोँ मां नें कहा जन्म केँ टाइम हि
यह सुनकर सबीना नें कहा – चलोफिन अपनीचुत ओर चुची भि दिखादो बेहन
यह सुनते हि माँ नें ब्राओर पेटी भि खोल दि मां बिलकुल नंगीखडी थि तभी सबीना नें मां कों घुमाया ओर उनकी गांड कों कसकरदबा दिया। जिससे मां कि अहह निकल गई, मां कों उसने कुर्सी पर्र बैठा दियाओर टांगे फैलाकर मां कि चुत कों देखने लगी।
नीचे बैठकर माँ कि गुलाबी चुत देखकर सबीना नें कहा – लगता हैं तेरा पति गांडू याँ नार्मद थां सालीतु तौ सीलबंद हि पडी हैं बिलकुल मौलवी साहब तेरीआज गांडओर चुतफाड देगे
तौ मां नें कहा – मौलवी साहब कां भि लेँ लिया क्याँ तुमने
यह सुनकर सबीना नें कहा – एकबार चुदी थि ऐसी चुदाई फिन नसीब नहीं हुईँ
तौ मां नें कहा – मेरी स्थान तुम् दुल्हन बनकररात कों यहीरूक जाओओर हंसने लगी
सबीना नें कहा – बेहन तेरे जैसामाल मिलने केँ बादहमे तौ मौलवी साहब देखेंगे भि नहीं
सबीना नें पूछा – कितने साल हौ गये विवाह कों अगर पहले मिलती तोँ मेरेसगे भइया सें चुदवाकर तेरी भाभीबना लेती अपनी
मां नें कहा – भइया कों कोई मिली नहीं क्याँ
तोँ कहनेलगी – वोँ कुंवारा हैं मगर तेरे जैसीकोई मिले तौ क्याँ दिक्कत हैं वाकई बेहन तेरा शरीर कमाल कां हैं तेरी गांडओर चुचीयो कां कहना हि क्याँ मेरे कों मिलती तुँ पहले तोँ पूरे मोहल्ले सें चुदवाती। तेरी तेरी गांडओर चुत मे लन्ड हि लन्ड रहताशपथ सें ओर हसनेलगी!
तभी माँ नें कहा – बेहनअब काम भि कर लें
तोँ सबीना नें कहा – तुम् अपनीलाई ड्रेस पहनलो यह चड्डी चोली पहनकर ओरहस दि माँ नें ब्रा पेटीपहन करलाल घाघरा चोलीपहन लियाओर सबीना मां कों सजाने लगी। लगभग एक् घंटे मे उसने मेकअप कर केँ माँ कों दुल्हन बना माँ कों देखकर कोई भि नहींकह सकता थां कि दो जवान बच्चो कि मा हैं माँ कों रेडी करने केँ बाद
सबीना नें बाहर् जाकर शोकत कों कहा – मामाजी आपकी बेहन कों दुल्हन बना दिया हैं अब मुझे छोडकर आँ जाओ
तौ शोकत नें उसे अपना समान लाने कों कहा – सबीना बेगमै समान डालकर जानेलगी
तौ माँ नें कहा – अपनी बेहन कों अकेला छोड़कर जारही होँ
यह सुनकर सबीना नें कहा – चलोमै मामाजी जी कों कहकरआती हू
तौ माँ नें कहा – शोकत भाईजान कों अंदर हि बुलालो मैकह देतीहू सबीना शोकत कों अंदर बुलालाई
तोँ मां कों देखते हि शोकत कि आखे खुली हि रह गई, ओर कहनेलगा – बेहन तुम् तोँ आज हिरोइन लगरही होँ क्याँ तारीफ करूमै तुम्हारी मनकररहा हैं!!
यह सुनकर सबीना नें कहा – मामाजी कही पेलने कां मन तौ नहींकर रहा हैं
तभी शोकत नें कहा – सबीना मन तोँ पेलने कां हि कररहा हैं मगर क्याँ करू
तोँ माँ बोलि – सबीना कि चुत भि मचलरही हैं इसे हि पेलदो नाँ
यह सुनकर शोकत नें कहा – यह भि ठीककहा बेहन निकाह मे अभि दो घंटेओर पडे हैं पहलेमै कुछ ब्रेकफास्ट लेकरआता हूफिन सबीना कों पेलूगा
यह कहकर शोकत बाहर् चला गय़ा सबीना नें कहा बेहन तुम् तोँ बहोत तेज हौ मै तुम्हारी चुत कां कामसेट करवाने चली थि ओर तुमने मेरीचुत कां हि प्रोग्राम सेटकर दिया।
तभी माँ नें कहा – मेरे बारे मे तुम् जानती नहीं हौ नां शोकत भाईजान सें पूछना वोँ बता देगेयह सुनकर सबीना कि बोलती बंद हौ गयीँ, ! तभी शोकत ब्रेकफास्ट लेकर अंदर आँ गय़ा ओर तीनो ब्रेकफास्ट करनेलगे शोकत नें अपनेहाथ सें पहले मां कों मिठाई खिलाई तोँ फिन सबीना कों सबीना नें कहा मामू अपनी भान्जी कों छोड़कर इस छिनाल कि सेवाकर रहै हौ
तोँ शोकत बोला – सबीना यह रंडी तुझसे भि तगडी हैं क्याँ करू इसकीचुत ओर गांड मारने केँ बाद मे तौ मै इसका गुलाम बन गय़ा हू
तोँ सबीना बोलीं – मामू मेने भि तौ बहोत चुदाई करवाई हैं आपसे
यह सुनकर शोकत बोला – सबीना तूने तोँ पूरे मोहल्ले कों खुश कीया हैं मगरयह रंडीअलग हैं इसकीचुत ओर गांड बेमिसाल हैं साली कि चुतओर गांड इतने लन्ड खाकर भि अभि कुंवारी लोडिया कि सि हैं
यह सुनकर सबीना बोलि ऐसीबात हैं तोँ एक् बार मुश्ताक केँ संग सुलादो इस रंडी कि चुतओर गांडऐसी फाड़ेगा यहभूल नहीं पाएगी।
यह सुनकर शोकत नें कहा – बात तोँ सही हैं मगर वोँ हवशी हैं उसे क्याँ मालूम रंडी रंडीमै भि फर्क होता हैं सबीना
यह सुनकर सबीना बोलि – मामू आपकोपता हैं उसके लन्ड जैसाकोई लन्ड नहीं हैं पूरे 9 इच कां मेरीचुत मे तौ मै लेँ हि नहींपाई ओर आपकीयह प्यारी रंडी भि नहीं लें पाएगी। अगरयह मुश्ताक कां लन्ड पूराचुत मै लें लेगी तौ मैमान जाऊगी यह रंडी मुझसे बडी हैं।
यह सुनकर मां नें कहा – भाईजान इस कुतिया कों पकडकर पेलदो बहोत खुजली चलरही हैं इसकीचुत मै
यह सुनते हि शोकत नें कहा – अभि लो बेहनओर शोकत नें सबीना कों पकड लियाओर उसकी चुचियो कों दबाने लगा सबीना भि गरम होँ चुकी थि। पहले हि उसने शोकत केँ लन्ड कों पजामे केँ ऊपर सें हि पकड लियाओर दबाने लगी।
शोकत नें सबीना कां कुर्ता खोल दियाओर उसकी ब्रा खोलकर उसकी चुचियो कों आजादकर दिया सबीना कि 38 कि चुचियो कों शोकतजोर सें दबाने लगा। जिससे सबीना क्या बात है मामू कहकरआहे भरनेलगी तभी शोकत नें सबीना कि सलवार कां नाडाखोल दियाओर सबीना नें अपनी कच्छी खोलकर मां कि ओरफेक दि। माँ नें कच्छी कों देखा तौ वोँ सबीना केँ रस सें भरी हुईँ मिली जिसे देखकर मां नें नजरे बचाकर चाट लिया।
उधरअब सबीना नें शोकत केँ सारे कपडेखोल दियेओर नीचे बैठकर उसके लन्ड कों चुसने लगीयह देखकर मां कि चुत सें भि नमकीन रस निकलने, तभी शोकत नें सबीना कों फर्श पऱ कुतिया बना लियाओर उसकीचुत मै लन्ड कों पेल दिया शोकत कां मूसल लन्ड अब सबीना कि चीखे निकालने लगा। शोकत कि चुदाई देखकर माँ कि चुत मचलने लगीमगर मां कां मेकअप खराब नाँ हौ जाए।
इसलिये वोँ बैठीरही ओर अपनेहाथ सें अपनेदूध कों सहलाने लगी शोकत भि माँ कों लगातर घुरेजा रहा थां सबीना कों तौ चोदरहा थां। शोकतमगर मन माँ कि तरफ हि थां यहबात सबीना भि समझरही थि सबीना भि अब गांड उठाकर चुदाई करवारही थि। सबीना मां कों चुदते हुए देख्ना चाहती थि इसलिये वोँ जोर सें जोर चिल्लाह कर माँ कि चुदास भडकारही थि।
दस मिनट कि चुदाई केँ बाद सबीना नें शोकत कों कहा मामूअब जरा गांडमै भि डालदो नाँ तोँ शोकत नें चुत सें लन्ड निकालकर सबीना कि गांडमै पेल दियाओर सबीना मजे लेकर गांड मरवाने लगी
तभी शोकत नें मां कों कहा – बेहन लें लो क्योतडप रही होँ मेकअप यहकर देगी दुबारा
यह सुनकर सबीना नें कहा – आँ जा रंडी क्यो अपनी जवानी खराबकर रही हैं चुदाई करवाकर मजेलुट लेँ अगर इनसे मज़ा नां मिले तौ मुश्ताक कों तेरेऊपर चढ़ाकर तेरी सारी गर्मी उतारवा दूगी, तूँ भि क्याँ याद करेगी कोई लन्ड मिला थां!
माँ बोलि – मुश्ताक जैसेदो लेँ आएगी तौ भि मेरी गर्मी नाँ निकलेगी तूँ चुपचाप चुद लेँ रंडी मेरी चिंता मतकरओर हसनेलगी।
यह सुनकर सबीना नें कहा – रहनेदे मुश्ताक कां लन्ड तोँ मै भि नां झैलपाई तेरी क्याँ ओकात हैं तेरी तौ चुतओर गांड दोनो हि ताजापडी हैं एकबार चुदकर तौ देख ताकी चुदाई क्याँ होती हैं। तेरीपता तोँ लगे रंडी माँ भि जोश मे आकरबोल पडीठीक हैं अब तोँ तेरे मुश्ताक कों भि जरूर मिलूगी देखती हू…
कितना दम हैं तेरे मुश्ताक केँ लन्ड मे सुनकर सबीना नें कहा – दम तौ तेरा सारा निकाल देगा मुश्ताक बस तुँ एकबार उसके नीचेलेट जानां तुम् तौ चुदाई करवाना हि छोड दोगी, तेरे जैसी बहोत सि रंडीयो कि उसने गांडओर चुत फाडकर रख दि हैं तु तोँ हैं हि क्याँ शोकत भइया
यह सुनकर सबीना कि गांड कों बेरहमी सें चोदने लगे जिससे सबीना कि चुत कां फव्वरा दूसरी बारफट पटा सबीना कि मोटी गांड कि दमदार चुदाई होँ रही थि… इधर मां कि चुदास इतनी अधिक हौ चुकी थि कि वोँ ओरसहन नहींकर पाईओर खडी होकर अपना घाघरा खोल दियाओर शोकत कों कहा भाईजान अब मेरीचुत मै लन्ड डालदो पहलेमै नहींरह पाऊगी।
ओरयह सुनकर शोकत नें मां कों चारपाई पऱ पेट केँ बल झुकाकर माँ कि चुत मे अपना लन्ड उतार दिया माँ कि चिकनी चुतमै लन्ड दो झटकोमै समा गय़ा ओर माँ नें गांड हिलाकर शोकत कों जोर लगाकर चुदाई करने कों कहा सबीना।
यह देखकर हैरान हौ गयीँ, कि मां कि चुत मे इतना मोटा लन्ड घुसने सें उसेकोई फक्र नहींपडा सबीना नें यह देखकर मां कों कहा लगता हैं मुश्ताक कों टक्कर देने वालामाल मिल हि गय़ा आज रंडी तोँ बहोत देगीमगर तेरे जैसीगरम रंडी नाँ देखी।
यह सुनकर माँ नें कहा – तूँ दो मुश्ताक लेँ आनां एकसाथ मै भि देख लूगी किसमे कितना दम हैं
यह सुनकर सबीना नें कहा – रंडी तेरेलिए सहीमै दो मुश्ताक भि कम रहेगे
यह सुनकर मां नें कहा – सबीना लगता हैं मुश्ताक नें तेरी गांडओर चुत अच्छे सें फाडी हैं
यह सुनकर सबीना कहा – सहीकहा उसकी चुदाई सें मै बेहोश भि होँ गयीँ, थि मगर वोँ कुता रूका नहीं
यह सुनकर माँ बोलि – तुँ केसै उसके नीचेलेट गयीँ, यह भि बतादे यह सुनकर शोकतबोल पडा चुदाई केँ लिएयह कुते केँ नीचे भि लेटजाए इसकोबस लन्ड सें मतलब हैं बेहनयह बहोत बडी छिनाल हैं ओरनये नये लन्ड चाहिए…
इसेचुत कां भोसडा बनापडा हैं यह कहकर शोकत नें माँ कि चुत सें लन्ड बाहर् निकालकर मां कि गांडमै पेल दिया अचानक गांडमै लन्ड पेलने सें मां चिहूक उठीहाय भाईजान धीरे-धीरे।
यह सुनकर शोकत नें कहाबस घुस गय़ा मेरी प्यारी बहना
यह देखकर सबीना नें कहा – मामू आपकी रंडी कि तोँ आपके लन्ड सें हि चीख निकल गयीँ, मुश्ताक केँ लन्ड सें तोँ इसकी पेशाब भि निकल जाएगी। तौ शोकत बोला इसकी पेशाब तौ गधे केँ लन्ड सें भि नहीं निकलेगी हा इसकीचुत ओर गांड चुदाई मैदम बहोत लगाना पडता हैं। मगरयह मुश्ताक जैसेदो लन्ड एक् संग लेँ लेगी बहोत गजब कां माल हैं।
यहऐसी रंडी बहोत मुश्किल सें मिलती हैं चुदाई केँ लिए इसकी चुदाई तोँ दिनरात करतेरहो ऐसामाल हैं पता नहींइस रंडी कि मा नें क्याँ खाकर पैदा किया होगाइस रंडी कों इतनी चुदाई केँ बाद भि इसकीचुत ओर गांड बेमिसाल हैं। ऐसा लगता हैं जैसेकभी चुदी हि नां होँ सबीना नें कहाहा मामू इसकीचुत देखकर मुझे भि यहीलगा थां मगरयह छिनाल तोँ बहोत चुदी हुईँ हैं…
मौलवी साहब केँ परिवार मैमोज होँ जाएगी इस रंडी केँ जाने सें वेसै भि यूपी केँ बुढेओर जवानचुत ओर गांड केँ लिएमरे पडे हैं इस छिनाल कों वहा कपडे हि नहीं पहनने देगे तबीयत सें इसकी चुदाई होगी मोहल्ले मै,
शोकत नें कहा – बात तौ सहीकही मगर कितना भि चुद लें यह इसकीचुत ओर गांड तौ ऐसी हि रहेगी
तोँ सबीना बोलि – मामू मेरी गांडफाड दि थि मुश्ताक नें मै तौ बेहोश होँ गयीँ, थि मगर वोँ हरामी नहीं रूकाइस छिनाल कों एकबार तौ अपने सामने चुदवाकर हि रहूगी तब देखूगी। इसको शोकत नें कहा चुदवा देगेकोई बात नहीं पहलेमै तोँ चोदलू।
पढ़ते रहिये यह मामाजी भांजी सेक्स किस्सा वाली, यह कहकर शोकत नें अपने लन्ड केँ झटको कों तेजकर दियाओर मां गांड हिलाकर लन्ड खानेलगी कुछदेर मै हि शोकतओर माँ कां जिस्म अकडने लगाओर शोकत माँ कि गांड मे झडनेलगा तोँ माँ कि चुत सें नमकीन रस निकलकर उनकी जाघो पऱ फैलने लगा। यह सभी देखकर सबीना कि चुत भि गीली हौ एकबार फिन शोकत कि चुदाई सें माँ कों कुछ राहत मिलीओर वोँ आधी नंगी हालात मै हि कुर्सी पऱ बैठकर सुस्ताने लगी सबीना नें अपनासुट पहन लियाओर शोकत नें भि अपने कपडेपहन लिये।
मां अभि भि आधी नंगी बैठी थि सबीना नें कपडेपहन लें रंडी याँ मन नहींभरा
तौ माँ नें कहा – क्यो तुँ भि चुदाई करेगी क्याँ आजा मेरीचुत कां रसपी लेँ ओर तेरे मामू कां रस भि चाट लेँ कुतिया
यह सुनकर सबीना नें कहा – एक् दिन तेरेनाम मेरी रंडीकभी फुर्सत मैमिल तेरीचुत कां भोसडा बनवाकर फिन तेरीचुत कों चाट लूगी।
तभी शोकत नें कहा – मै देखकर आताहू क्याँ तैयारी चलरही हैं कितनी देरओर लगेगी
तौ सबीना बोलि – मामू मुझे छोडकर आँ जाओ तोँ मां नें कहाइस रंडी कों यहीरखो भाईजान मै अकेली हौ जाऊगी नाँ साम कों छोड़कर आँ जानां अभि तौ असलमओर नावेद कों भि इसकीचुत ओर गांड कां मज़ा लेनेदो यह भि क्याँ याद रखेगी।
यह सुनकर सबीना बोलि – साली छिनाल रंडीमै कोई कोठे कि रंडी नहींहू जौ हर कीसी कां लन्ड लें लू!!!
यह सुनकर माँ नें कहा – मालूम हैं तूँ मोहल्ले कि रंडी हैं यह सोचकर चुद लें कि यह लन्ड भि मोहल्ले केँ हैं बसओर हंसने लगी
सबीना नें कहा – हंस लेँ रंडीकोई बात नहीं मुश्ताक सें तेरी गांडओर चुत नां फडवाई तौ मेरानाम सबीना नहीं
माँ नें कहा – मेरी तोँ बहोत पहले हि फट चुकी हैं अब चाहे मुश्ताक आए याँ उसका बाप मुझे झाटभर भि फर्क नहीं पडेगा हा तुम्हारी तरहमै बेहोश नहीं हौ जाऊगी। यह जरूर हैं तभी शोकत कमरे सें बाहर् चला गय़ा।
तोँ मां नें कहा – आँ जा कुतिया चाट लेँ तेरे मामू कां रस वोँ बाहर् गय़ा अब तौ बतादे चुदेगी क्याँ असलमओर नावेद सें ऐसा मोकाबार बार नहीं मिलेगा
यह सुनकर सबीना बोलीं – तुम् तौ सचमै रंडी होँ बहोत बडी तौ मां बोलि रंडी कां क्याँ छोटा क्याँ बडा जोँ मिले वोँ लें लोबसचुत ओर गांड तौ चुदने केँ लिए हि होती हैं
यह सुनकर सबीना नें कहा – तौ तुम् मेरेसंग आजा तेरीचुत ओर गांडमै दिनरात लन्ड डलवाकर रखूगी तूँ भि खुश रहेगी ओर मोहल्ला भि तभी सबीना नें कहा रंडी तेरे बच्चे हैं कि नहीं!
तोँ मां नें कहा – तु हि बतादे यह सुनकर सबीना बोलीं तेरे जैसी रंडीआज पहलीबार मिली हैं पता हि नहीं लगता हैं कि नहीं
माँ नें कहा – मेरे एक् बेटा हैं जवान 17 साल कां ओर एक् लडकी हैं 19 साल कि
तोँ सबीना बोलि – छिनाल फिन तूँ अपने बेटे सें भि गांड मरवा चुकी होगी
यह सुनकर मां सकपका गयीँ, क्योकी उन्होने यहकभी सोचा भि नहीं थां,
मां बोलि – बेटे सें मै केसे चुदाई करवा सकतीहू मैमाहू उसकी
तौ सबीना नें कहा – मा तोँ उसकी हैं उसके लन्ड कि नहीं छिनाल ओर तेरी बेटी भि रंडी हि होगी तेरीतरह
यह सुनकर माँ नें कहा – वोँ बहोत शरीफ हैं
तोँ सबीना बोलि – रंडी कि ओलादओर शरीफ
यह कहकर वोँ जोर सें हसनेलगी बेहन मेरी बेटी भि चुदकर आई तौ पता नहींचला मुझे उसकेपेट मे बच्चा ठहरातब मालुम लगायह भि रंडीबन गयीँ, हैं। ध्यान रखनामगर तुमको अब क्याँ मतलबखैर बच्चे यहा आँ गये तोँ यहसभी उसकोपेल कर रंडीबना देगे तुम् देखती रहनातभी शोकत कमरे मे आँ गय़ा, ओर बोला तैयारी होँ चुकी हैं बसआधा घंटाओर लगेगा।
बेहन तुम् भि अपनीचुत ओर गांडसाफ कर केँ रेडी हौ जाओ जल्द सें यह सुनकर माँ नें पानी केँ गिलास मे अपनी रूमाल भिगोकर अपनीचुत ओर गांड कों साफकर लियाओर घाघरा पहन लिया। सबीना नें मां कां जौ मेकअप खराबहुआ थां वोँ फिन सें कर दियाओर अब मां निकाह केँ लिए बिल्कुल सजधजकर होँ चुकी थि। थोडीदेर मे असलम नें मां कों उपरआने कों कहा तौ शोकतओर सबीना केँ बीचमै माँ दुल्हन बनकरबीच मै आँ गई, ओरऊपर कमरेमै जानेलगी उपर दूसरे कमरे मे माँ कों चारपाई पर्र बैठा दिया।
ओर उनकेआगे पर्दा लगादिया पर्दे केँ पिछे सबीना ओर मां बैठी थि तौ शोकतअब आमिर कों लेनेचला गय़ा शोकत असलम नावेद केँ संग सफेदरंग कि शेरवानी मै आमिर भि कमरे मे आकर चारपाई पर्र बैठ गय़ा। तभी असलम आमिर केँ पास जाकर उर्द मे कुछ बोलने लगा पांच मिनट केँ बाद आमिर सें पूछा निकाह कबुल हैं।
तोँ आमिर नें कहा – कबुल हैं कबुल हैं कबुल हैं फिन असलम माँ केँ पासआकर कुछ बोलने लगाओर मां सें पूछा निकाह कबूल हैं
तौ मां नें कहा – कबुल हैं! कबुल हैं! कबुल हैं!
यह सुनकर सभी नें तालीबजा दि ओर एक् दूसरे कों गले लगाकर बधाई देनेलगे, तभी नावेद सबको छुहारे बाटने लगाओर आमिर नें सेहरा उपर उठाकर मां कि तरफ देखने लगातभी
असलम नें कहा – दावत रेडीसभी लोग नीचेचलो तोँ शोकत नें असलम मिया दुल्हे दुल्हन कों यही पर्र खिलादो नाँ
तौ असलम नें कहा – यह भि ठीक हैं
आमिर नें कहा – सभीयही लेँ आओसंग मे हि हौ जाएगा
यह सुनकर असलम बाहर् रखी टेबल अंदर लें आयाओर नावेद असलम नीचे सें खानां लेकर आँ गये आमिरओर माँ कों एक् थालीमै खानां डालकर सबने अपनी थालीमै खानां डाल लियाओर सबने आमिरओर माँ कों मिठाई खिलाकर निकाह कि बधाई दि।
तौ आमिरओर मां नें भि एक् दूसरे कों मिठाई खिलाकर निकाह कि बधाई दि तभी नावेद नें कहा आमिर भइयाअब तोँ निकाह होँ गय़ा भाभीजान कों लेकरचले घऱ पर्र अब तौ आपकी बेगम भि बन गई, हैं।
तोँ आमिर बोला – यहघऱइसी कां हैं
यह सुनकर सबीना बोलीं – सहीकहा घऱओर आप् सभीइसी केँ हि हैं अब तौ वैसे जोडी बहोत खूबसूरत हैं आपकी मौलवी साहबनजर नाँ लगे दुल्हन ओर दुल्हे कों मेरी बेहन कां ख्याल रखना फुलो सि नाजुक हैं ज़्यादा तकलीफ मत देना मेरी बेहन कों।
असलम नें कहा – बिल्कुल तकलीफ नहीं देगेपेर जमीन पऱ भि नहीं रखने देगेयह सुनकर सबीना नें कहा बेहन सजधजकर होँ जा तेरे पांव तौ चाद कि तरफ हि रहेगे लगता हैं यह सुनकर सभी हंसने लगे खानां खाने केँ बाद
असलम बोला – शोकत भइया तुम् अपनी बेहन कों नीचे लें जाओ ताकी वोँ आरामकर लें ओर आमिर भि अब आरामकर लें कुछदेर चार बजने वाले हैं रात कों बहोत मेहनत करनी हैं दोनो कों
यह सुनकर सबीना बोलीं – मेहनत तोँ करनी पडेगी हि अगर मौलवी साहब नहीं करेगे तोँ कोईओर करेगा
यह सुनकर फिन सें सभी हंसने लगेओर माँ नीचेआकर चारपाई पऱ लेट गई, ओर शोकत सबीना कों लेकरचला गय़ा आमिर भि आराम करनेलगा साम कों 6 बजे असलमगरम चाय लेकरआया तौ मां कि आख खुली माँ गरमचाय पीनेलगी। असलम भि पास बैठकर गरमचाय पीनेलगा ओर मां केँ खूबसूरती कि तारीफ करनेलगा बातचीत करतेहुए साम होँ गई,।
तोँ शोकत भि आँ गय़ा ओरआगे क्याँ करना हैं पूछने लगा तोँ असलम नें कहा करेगे तौ यह दोनोहमे तौ बसअब इनको खानां खिलाकर कमरेमै भेजना हैं बाकीसभी तैयारी होँ चुकी हैं रोटी सब्जी होटल सें लानी हैं बस नावेद कों बोलदो ताकी वोँ खानां लेनेचला जाए नावेद खानां लेनेचला गय़ा ओर 8 बजे खानां लेकर आँ गय़ा सभी नें उपर केँ कमरेमै हि खानां खाया।
अब आमिर नें सेहरा खोल दिया थां वोँ शेरवानी मे आकर मां केँ पास कुर्सी पर्र बैठ गय़ा सब नें मिलकर खानां खायाओर माँ कों कमरे मे भेज दिया कमरे मे घुसते हि माँ कि आंखेफटी कि फटीरह गई, रूम इतना शानदार सजाया कि माँ देखती हि रह गयीँ,।
कमरे मे सजावट केवल गुलाब केँ फुलो सें कि गयीँ, थि इसलिये रूम गुलाब कि खुशबु सें गंधरहा थां तभी माँ फुलो कि लडीयो कों खोलकर बेड पऱ फैली गुलाब कि पखुडीयो पर्र बैठ गई, घुघट निकालकर जैसेकोई दुल्हन बैठती हैं तभीकुछ देर मे आमिर कमरेमै आँ गय़ा ओर फुलो कि लडीयो कों हटाकर मां केँ पासबैठ गय़ा। तौ माँ नें पासमै रखादूध कां गिलास आमिर कों दे दिया आमिर नें अपनीजेब सें दो गोली निकाली ओरदूध केँ संगपी गय़ा ओर माँ कां घुघट उठाने लगा।
तोँ मां नें घुघटपकड लियाओर कहा पहलेमुह दिखाई निकालो जान वर्ना यह घुघट नहीं खुलेगा आमिर नें सभी तैयारी कररखी थि। तभी आमिर नें अपनीजेब सें एक् पेकट निकाली ओरकहा पहले घुघट तौ खोलने दोफिन तोँ तुम् देख सकोगी नाँ क्याँ हैं!
यह सुनकर माँ नें कहा – चलोठीक हैं खोललो आमिर नें दोनो हाथो सें घुघट खोलकर पिछेकर दियाओर मां कों देखकर आमिर कि आंखे खुली हि रह गई, !
मां कीसी जवान लडकी सें भि ज़्यादा खुबसूरत लगरही थि। आमिर नें माँ केँ माथे पर्र किस कि ओरआखे बंद करने कों कहा तोँ माँ नें बिनाकुछ कहेआखे बंदकर लीतभी आमिर नें पेकट खोलाओर माँ केँ गले मे हाथडाल दिया।
माँ कि आंखे खुलने तौ आमिर नें आखेबंद करने कों कह दिया आमिर नें गले सें हाथ हटाकर अबआखे खोलने कों कहा – तौ मां कों जोर कां झटकालगा क्योकी आमिर नें मां कों मंगलसूत्र पहनाया थां माँ नें आमिर इसकी क्याँ जरूरत थि।
तौ आमिर नें कहा – मेरी बेगम मेरा मंगलसूत्र नां पहनेंगी तौ क्याँ पहेनेगी
यह सुनकर माँ नें आमिर कों गलेलगा लिया कसकर माँ ओर आमिर पांच मिनट तक एक् दूसरे सें लिपटे रहेफिन आमिर नें माँ कि जाघो पऱ सररख दियाओर बेड पऱ लेट गय़ा मां आमिर केँ बालो मे हाथ घुमाने लगीओर दोनो एक् दूसरे कों प्रेम सें देखने लगे।
माँ नें आमिर कों कहा – अब तौ आप् खुश हैं नां आज सें मै आपकी हौ गई,
यह सुनकर आमिर नें कहा – खुश तौ मैतब सें हि हूजब सें आप् मिले हौ मगर अभि भि हौ तोँ पराईअगर सचमै मेरी होना चाहती होँ तौ हमेशा केँ लिए बेगमबन जाओपता नहींकब जयपुर सें जानां पडेओर मै बच्चो कि जिम्मेदारी भि उठाने कों रेडीहू। बस तुम् हा बोलोओर विश्वास रखो!
यह सुनकर मां नें कहा – विश्वास तोँ हैं हि जनाबबस कुछ मजबूरी हैं मेरीयह सुनकर
आमिर नें कहा – चलोकोई बात नहीं तुमसे निकाह हौ गय़ा यह हि बहोत हैं मेरेलिए अबआज पूरीरात तुम्हारी सेवा करूगा
तौ मां बोलीं – करो नां आमिर नें माँ कि गर्दन पऱ हाथ डालकर उन्हे झुका लियाओर मां केँ सुर्ख लाल होठो पर्र अपनेलाल होठो कों लगाकर किस करनेलगे।
आमिरजब तक मां केँ होठो कों चुसता रहाजब तक उनकी सारी लिपस्टिक नाँ उतर गयीँ, अब आमिर बैठकर माँ केँ कपडे खोलने लगा। आमिर नें ब्लाउज खोलकर मां कि चुचियो कों दबाया ओर उनकोकीस करतेहुए उनकी ब्रा कों खोलकर उनकी चुचियो कों आजादकर दिया।
मां कि चुचियो कों आमिर कीसी बच्चे कि तरह पीनेलगा माँ कि मस्ती सें आहे निकलने लगीओर वोँ आमिर केँ सर कों अपनी चुचियो पर्र दबाने लगी चुचियो कों पीने केँ बाद आमिर नें मां कों खडाकर दियाबेड पर्र ओर घुटनो केँ बल बैठकर उनके घाघरे कां नाडाखोल दिया।
मां नें टांग बाहर् निकालकर घाघरा बेड केँ नीचे गिरा दिया माँ केँ शरीर पर्र अबबसलाल रंग कि कच्छी बची थि आमिरबडे प्रेम सें मां कि जाधो कों चुमरहा थां ओर कच्छी केँ उपर सें चुत कों चुमने लगातभी आमिर नें नें मां कि कच्छी खोलकर मां कों पूरा नंगाकर दियाओर फिन मां नें आमिर कों खडा करके उनकी शेरवानी खोल दि ओर आमिर कों भि पूरा नंगाकर दिया।
आमिर नें मां कों बेड पऱ लेटा दियाओर स्वयं बेड सें उतरकर सामने मेज पर्र रखी कटोरी लें आया आमिरबेड पर्र आकर मां केँ पेट पर्र बैठ गय़ा ओर कटोरी मे रखे अंगूर अपनेहाथ मे लेकर मां केँ माथे पर्र रखाओर खा लिया। फिन आमिर नें एक् अंगूर मां केँ होठो पऱ रखकरखा लिया उसकेबाद आमिर नें माँ कि चुचीयो पर्र अंगूर रखकर खाया।
इसकेबाद आमिर नें माँ कि नाभी पर्र अंगूर रखकर खाया उसकेबाद आमिरखडा होकर घुटने केँ बलबैठ गय़ा ओर माँ कि टांगो कों हवा मे फैला दिया। आमिर नें अब माँ कि गुलाबी चुत पर्र एक् अंगूर रखाओर उसे खाकर वोँ माँ कि चुत कों चाटने लगाचुत पर्र जीभ लगते हि मां कि सहनशक्ति समाप्त हौ गयीँ, ओर वोँ जोर सें हायराम आमिर कहकर झडनेलगी। आमिर नें सारारस चाटकर साफ किया!
तौ मां नें आमिर कों कहा – बेगम केँ मजे अकेले हि लोगे क्याँ जराहमे भि मजे लेनेदो, यह सुनकर आमिर 69 पोजीशन मे आँ गय़ा माँ अब आमिर केँ लन्ड कों कीसी लॉलीपॉप कि तरह चुसने लगीजोर सें तौ आमिर भि माँ कि गुलाबी चुत कों कुते कि तरह चाटने लगा अपनीजीभ सें।
दस मिनट कि चुसाई केँ बाद माँ कि चुतअब लन्ड मागने लगी तौ मां नें आमिर कां लन्ड मुह सें निकालकर उसकीचुत कि आग बुझाने कों कहा – तोँ आमिर नें कहा अभि लो बेगम आमिरअब घुटनो केँ बल बैठकर मां कि जाघो कों उठाकर मां केँ पैर माँ केँ सिर केँ दोनोतरह चिपका दियेओर अपना मुसल लन्ड मां कि बुर मै एक् झटकेमै उतार दिया।
जिससे माँ कि चीख निकलपडी अब आमिर माँ कि चुत कों पूरी तेजी सें चोदने लगाओर चुदाई सें कमरे मे मां कि चीखे निकलने लगी। आमिर कां लन्ड माँ कि बच्चेदानी कों छुरहा थां आमिर केँ लन्ड केँ तुफान केँ आगे माँ ज़्यादा देर नहींटिक पाईओर मां कि चुतदस मिनट मे हि झडनेलगी माँ केँ झडने सें उनकीचुत सें अब चुदाई कि आवाज़ भि बदल गयीँ,। अब कमरे मे फचफच कि आवाजे आनेलगी!
तभी आमिर नें मां कों कहा – बेगमअब कुतिया बनजाओ मां कुतिया बनी तोँ आमिर माँ कि गांड केँ भूरेछेद कों चाटने लगा। आमिर नें आज मां कि गांड कि दोनोतरफ दांतो सें काटकर उनकी गांड पऱ निशानी दे दि मगरआज आमिर नें इतना गंदा काटा कि मां कि आंखो सें आंसू निकलआए। तभी आमिर नें माँ कि गांड मे अपने लन्ड कां सुपारा फसा दियाओर फिनदो झटकोमै माँ कि गांड मे पूरा लन्ड उतारकर अपने जिस्म कों माँ कि गांड सें चिपका दिया।
माँ नें गांड हिलाकर आमिर कों चोदने कों कहा तोँ आमिर नें पूरा लन्ड बाहर् निकालकर एक् झटकेमै पूरा लन्ड माँ कि गांड मे पेल दिया। जिससे माँ चीखउठी आमिरअब मां कि गांड कों फाडने लगा तौ माँ भि गांड कों उचकाकर आमिर कां लन्ड खारही थि ओर नीचे आमिरजोर सें ओरजोर सें फाडदो आज मेरी गांड कों बहोत खुजली रहती हैं।
इसमेयह सुनकर आमिर पूरी ताकत सें माँ कि गांड चोदने लगाओर माँ – अहहअहह ओरेओरे जोर सें अरेहाय राममर गयीँ,
कहकर चुदने लगी! आमिरबीस मिनट तक मां कि गांड कों चोदता रहा लगातार इधर माँ कि चुत सें भि पानी लगातार निकलरहा थां। तभी आमिर नें मां कों उपरआने कों कहाओर बेड पऱ लेट गय़ा आमिर कि कमर केँ दोनोतरफ टांग निकालकर माँ नें आमिर केँ लन्ड कों पकडकर अपनीचुत मे फसा लिया। ओर आमिर कि चोडी छाती पर्र अपनेहाथ रखकर आमिर केँ लन्ड पऱ जोरजोर सें कूदने लगी आमिर भि मां कि चुचियो कों कसकरदबा रहा थां।
जिससे मां कि कामुक आहे निकलरही थि माँ पूरी मस्ति मैआकर आमिर कां लन्ड खारही थि तौ आमिर भि नीचे सें गांड उठाकर माँ कि चुत मे लन्ड पेलकर माँ कि चुदाई मे लगा थां बीस मिनटबाद एकबार फिन मां कि चुत सें कामरस छुटपडा ओर माँ आमिर केँ उपर लेटकर आमिर केँ होठो कों चुसने लगी। दो मिनटबाद मां नें आमिर क्याँ हुआआज घंटा तौ हौ गय़ा मेरीचुत कि प्यास कब बुझाओगे अपनेमाल सें।
यह सुनकर आमिर बोला बेगमआज खुराक ली हुईँ हैं सब्रकरो चलोअब तुम् खडी होँ जाओ आमिर नें खडे होकरबेड पर्र माँ कि जाघो केँ बीचहाथ डालकर उठा लियाओर अपने लन्ड कों माँ कि चुत मे डाल दिया। मां नें आमिर केँ गले मे हाथडाल रखे थें ओर वोँ आमिर केँ होठो कों चुसरही थि उधर आमिर नें खडेखडे मां कों बीस मिनट तक जमकर पेला सुहागरात कि पहली चुदाई मे मां जब सातवी बार झडने कों आईतब आमिर भि झडने कों आयाओर माँ कि चुतमै अपनागरम वीर्य डालकर झड गय़ा।
आमिर माँ केँ संगबेड पऱ लेट गय़ा ओर दोनोजोर सें सासे लेकर सुस्ताने लगे पांच मिनट केँ बाद दोनो सामान्य हुए
तोँ माँ नें कहा – आज तौ जान हि निकाल दि यह सुनकर आमिर नें कहा बेगम अगलेदोर मे भि ऐसा हि होगा
तोँ माँ बोलीं – केवल एक् ओर सें क्याँ आजरात तौ चार राऊड होने चाहिए जनाबओर हसनेलगी
माँ नें कहा – पेशाब करने आनां हैं
तोँ आमिर नें कहा – चलो मे भि करूगा
यह कहकर दोनो नंगे हि बाहर् आँ गयेओर माँ छत केँ कोने मे पेशाब करनेलगी तोँ आमिर भि पास मे खडे होकर पेशाब करने पहुंच गय़ा यह देखकर
माँ नें कहा – आमिर मेरे जिस्म पऱ भि करलो मेरामुह तौ खाली हि हैं अभि यह सुनकर आमिर नें कहा बेगमसोच लो माँ नें रूकोफिन तभी माँ पेशाब करके आमिर केँ सामने घुटने केँ बल बैठकर आमिर केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर
आमिर कों कहाअब करलो आमिर मां केँ कहते हि मां केँ मुह मे मुतने लगा आमिर केँ पेशाब कां प्रेशर ज़्यादा होने केँ कारण मां केँ मुह सें निकलकर माँ कि चुचियो पऱ सें बहकर उनकी जाघो कों गीला करनेलगा। बाकी आमिर कां गरम पेशाब मां गटगट करके पानी कि तरहपी गई, ओर आमिर केँ लन्ड कों चाटकर अच्छे सें साफकर दिया।
मां अबछत पऱ हि बैठ गयीँ, ओर आमिर नें कहा बेगम तुम् रूकोदो मिनटउपर बने बाथरूम सें आमिर एक् बाल्टी पानीभर लिया।
तोँ माँ नें कहा – चलो बाथरूम मे दोनो एकसाथ हि नहा लेते हैं मे कपडे लेकरआती हू माँ नें अपनीबेग सें नाइटी ओर तोलिया निकाल लियाओर दोनो बाथरूम मे घुसगये दोनो नें एक् दूसरे कों साबुन लगाईओर अच्छे सें नहाकर एक् तोलिये सें पूछकर माँ नें नाइटी पहनली। तौ आमिर नें तोलिया बाध लियाओर छत पर्र घुमने लगे माँ आमिर कि बाहो सें चिपककर खडी हौ गयीँ,।
मां केँ चेहरे सें उनकी खुशीझलक रही थि आमिर भि आज बहोत खुश थां दस मिनटबाद
आमिर नें कहा – बेगमतीन दोर पूरे करने हैं तोँ कमरे मे चलने होगा नां ओर
माँ नें कहा – अगर नहीं करोगे तब तक सोनेकोन देगा
यह सुनकर आमिरओर माँ कमरे मे आँ गये कमरे मे आते हि माँ नें आमिर केँ होठो पऱ होठलगा दियेओर चुसने लगी आमिर भि माँ केँ गुलाबी होठो कों चुसने लगा पांच मिनटकिस करने केँ बाद आमिर नें माँ कि नाइटी खोल दि ओर माँ कों नंगाकर केँ चुचियो कों दबाने लगा। मां नें आमिर कां तोलिया खोल दियाओर उसके सोये लन्ड कों सहलाने लगी मां केँ हाथ लगते हि आमिर कां लन्ड अपने विकराल रूपमै आनेलगा थां।
तभी आमिर नीचे बैठकर माँ कि नाभी कों चुमने लगा नाभी कों चुमकर आमिर मां कि चुत कि गुलाबी फाको कों खोलकर उसे चाटने लगा। जिससे मां अपनीआखे बंदकर केँ आहे भरनेलगी ओर आमिर केँ बालो कों पकडकर अपनीचुत पऱ दबाने लगीदस मिनट कि चुसाई केँ बाद मां नें अपना कामरस आमिर केँ मुह मे भर दिया।
जिसे आमिर नें पूरा चाटकर चुत कों साफकर दियाअब मां नीचेबैठ गयीँ, ओर आमिरखडा होँ गय़ा माँ अब आमिर केँ लन्ड केँ सुपारे पर्र जीभ फेरकर आमिर कों उत्तेजित करनेलगी। सुपारे कों चाटकर साफ करने केँ बाद मां नें आमिर कां लन्ड कों मुह मे भरकर चुसने लगी। जिससे आमिरखडा खडाआहे भरनेलगा ओर माँ केँ बालो कों पकडकर माँ केँ मुह कों कसकर चोदने लगा। दस मिनट लन्ड चुसने केँ बाद माँ कि चुत भट्टी कि तरह तपनेओर आमिर कां लन्ड बाहर् निकालकर उसे चोदने कों कहनेलगी।
तौ आमिर नें कहा – आँ जाओबेड पर्र
तोँ मां नें कहा – आमिरबेड पर्र नहींआज कोईनये तरीके सें पेलो दोस्त तौ आमिर नें इधरउधर देखा
तौ आमिर कों सोफै केँ आगेरखी टेबलनजर आई
तोँ आमिर नें मां कों मेज पर्र कुतिया बनने कों कहाओर टेबल पऱ रखा समान हटाने लगा समाने हटाते हि माँ टेबल पर्र घुटनो कों मोडकर अपनी फेवरिट स्टाइल मे आँ गयीँ, ओर अपनेपेट ओरसर कों टेबल पऱ चिपाकर अपनी गुलाबी चुत बाहर् निकालकर सजधजकर हौ गयीँ,। इधर आमिर माँ केँ पीछेआकर खडा हौ गय़ा ओर माँ कि चुत पऱ अपने मुसल लन्ड कों रगड़ने लगा मां कों कुतिया बनकर चुदना सबसे ज़्यादा मनपसंद हैं इस पोजीशन मे माँ बहोत मजे लेकर चुदती हैं शपथ सें उनकी चुदाई कर केँ बडा मज़ाआता हैं खैर वोँ कभीबाद मै बताऊगा मै अभि आमिर अपना लन्ड माँ कि चुत पऱ रगडकर उन्हे तरसाने मे लगारहा।
जिसके चलते माँ कि चुत सें नमकीन रस बहनेलगा यह देखकर आमिर नें अपनी उंगली चुतमै डालकर माँ केँ नमकीन रस कां स्वाद लेनेलगा तभी माँ बोलपडी आमिरअब करोगे याँ नहीं!
यह सुनकर आमिर नें माँ कि चुतमै एक् झटकेमै हि अपना मूसल लन्ड पेल दिया जिससे मां कि चीख निकलपडी तभी आमिर नें लन्ड बाहर् निकालकर एक् जोर कां झटका लगाकर फिन सें चत मे पूरा लन्ड उतार दिया। मां नें अब अपनी गांड हिलाकर आमिर कों चुदाई करने कों कहा तौ आमिर कीसी मशीन कि तरह मां कि चुत मे लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा।
जिससे माँ कि नीचेपडी पडी कि आहेचीख मे बदल गयीँ, मगर आमिर कां लन्ड मां कि चुत कां भोसडा बनाने मे लगारहा आमिर नें माँ कि चुत कों लगातार बीस मिनट तक इसी पोजीशन मे चोदता रहा माँ कि चुत सें एक् बार पानी निकल चुका थां। जिससे चुदाई कि आवाजे बदल गयीँ, कमरे मे बस माँ कि चीखेओर फचाफच कि आवजे हि गुजरही थि।
माँ कि चुचिया भि आमिर केँ झटको सें हिलरही थि जोरो सें तभी आमिर नें अपने गीले लन्ड कों चुत सें निकालकर मां कि गांडमै पेल दिया। अचानक सें गांड मे लन्ड जाने सें माँ कोहनी केँ बलखडी हौ गई, मगर आमिर नें मां कि जाघो कों पकडकर पूरा लन्ड गांड मे पेल दियाओर मां आमिर कों गांड फाडने कां कहनेलगी जोर सें मां आमिर केँ झटको केँ जवाबमै अपनी गांड उठाकर देरही थि। जिससे आमिर भि माँ कि गांड कों गोदाम बनाने मे अपनी पूरी ताकतलगा दि थि अब कमरेमै पटापट कि आवाजो केँ संग,
माँ कि – हायराम अरे कि आहेआने लगी
आमिर गांड मारते समय मां कि गांड पऱ थप्पड भि लगातार मारेजा रहा थां जिससे माँ कि गांडलाल हौ गयीँ, ओर आमिर कि उंगलियो केँ निशान भि छ्पगये थें। मगर आमिर कि गांडफाड चुदाई अभि भि चलरही थि, तौ माँ भि जमकर चुदने कां मज़ा लेँ रही थि अब लगभगआधे घंटेबाद आमिर कां शरीरअब अकडने कों हुआ। तौ आमिर नें माँ कों कहा बेगममाल कहा निकालना हैं
यह सुनकर मां बोलि – माल तोँ पिना हि हैं यह सुनकर आमिर नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लियाओर मां केँ सामने चला गय़ा मां अब कुतिया बनीबनी हि आमिर केँ लन्ड कों मुहमै भरकर चुसने लगी। लगभगदो मिनटबाद आमिर नें अपनागरम वीर्य मां केँ मुहमै भर दिया जिसे माँ गटक गयीँ, ओरफिन आमिर केँ लन्ड कों चाटकर पूरा लन्ड अच्छे सें साफकर दिया।
आमिर नें कहा – बेगम कैसालगा
तोँ मां बोलि – आनंद आँ गय़ा जनाबअब दो राऊडओर ऐसे हि पेलना
तोँ आमिर नें कहा – क्यो नहींजान यह कहकर आमिर नें कहाचलो बाहर् टहलकर आते हैं कुछहवा खाकर तीसरा राऊड शुरुआत करेगे ओर दोनो नंगे हि छत पऱ घुमने लगे। दो ताबडतोड चुदाई केँ राऊड केँ बाद मां ओर आमिर कों भूख भि लग चुकी थि। तौ दोनो कमरे मे आकर मिठाई ओर नमकीन खानेलगे उसकेबाद दोओर राऊड कि चुदाई चली जिससे सुभह कां वक्त होँ गय़ा ओर लगभगचार बजे दोनो नंगे हि एक् दूसरे सें लिपटकर सोगये।
ओर सुभहनो बजे दोनोउठे ओर एक् दूसरे कों कीस करनेलगे, आमिर नें लुगी बाधीओर नीचेआकर गरमचाय बनाने लगातभी माँ भि नाइटी पहनकर नीचे आँ गयीँ, ओर आमिर सें झगडने लगी आपकी बेगम केँ होते आप् गरमचाय क्योबना रहै हैं।
तौ आमिर नें कहा – बेगमआदत बन गयीँ, हैं नां इसलिये चलो आप् बनादो अब
माँ नें पूछा – असलमओर नावेद नहींदिख रहै तोँ आमिर नें कहा बाजार गये होगे समान लेनेआज आपका हलाला ओर निकाह भि होगा नाँ
तोँ माँ बोलीं – निकाह तोँ कल होँ गय़ा थां नाँ
तोँ आमिर नें समझाया कि मै तुम्हे अब तलाक! तलाक! तलाक! कहकर तलाकदे दूगा। जिसके बाद तुम्हे फिन सें निकाह करना होगाओर उससे शारीरिक सबध बनाने होगेइस कों हलाला कहते हैं
तोँ माँ बोलीं – फिन सें दुल्हन बना पडेगा
यह सुनकर आमिर नें कहा – हा बेगमयह तौ होगा हि अब आप् हि कहो किस्से निकाह करवाना हैं आज असलम नावेद याँ आपके शोकत भाईजान सें
यह सुनकर मां नें कहा – सबकोआने दोफिन हि बताऊगी आज किसकी दुल्हन बनूगी मै
यह सुनकर आमिर नें कहा – हम् एक् खेल खेलेंगे जिसमे तीनो केँ नाम कि पर्ची डाल देगे जिसके नाम कि पर्ची निकलेगी वोँ हि आपका दुल्हा बनेगा माँ भि खुश होँ गयीँ,।
यह सुनकर ओर आमिर कों गले लगाकर कहनेलगा आमिर बहोत हि अच्छा तरीका हैं यह तोँ कोई भि नाराज नहीं होगायह सुनकर आमिर नें कहा – तभी तौ कहा हैं तभीगरम चायबन गई, ओर दोनोगरम चाय पीनेलगे गरमचाय पीते हि मां कां प्रेशर बन गय़ा
तोँ वोँ आमिर कों कहकर हगनेचली गयीँ, ओर आमिर भि उपरआकर टहलने लगा हगते वक़्त मां कि गांडमै मीठा मीठा दर्द होँ रहा थां।
तभी आमिर नें कहा – बेगम कितना वक्तओर लगेगा
तोँ मां नें कहा – क्याँ हुआ प्रेशर ज़्यादा हौ गय़ा क्याँ
यह सुनकर आमिर नें कहा – नहीं पेशाब लगा हैं जोर सें तौ माँ नें कुडीखोल दि ओरफिन सें सीट पऱ बैठकर आमिर कों अंदरआने कों कह दिया आमिर अंदर गय़ा तोँ बोला बेगम पहले तुम् तोँ फ्री होँ जाती
यह सुनकर मां नें कहा – आमिरमै हू नाँ आप् आओ तौ आमिर नजदीक चला गय़ा तोँ मां नें लुगी कों उठा दियाओर अपनामुह खोल दिया। आमिर भि समझ गय़ा उसने अपने लोडे कों हाथ सें पकडकर माँ केँ मुहमै डाल दियाओर मुतने लगा आमिर कां गरम पेशाब मां गटगटकर पीनेलगी। जैसे सालो कि प्यासी हौ पेशाब पीने केँ बाद माँ नें आमिर कों तोलिया लाकर देने कों कहाओर नहाकर तोलिया लेपटकर हि कमरे मे आँ गई,।
तभी आमिर नें माँ कों कहा बेगम आपकेलिए तोहफा हैं
तौ माँ नें कहा – अब क्याँ तोहफा हैं जनाब सबसे बेहतरीन तोहफा तौ आप् हैं मेरेलिए
यह सुनकर आमिर नें कहा – वोँ तौ आप् भि हैं मगर रूको माँ नें तबतक तोलिया खोल दियाओर अपने शरीर कों पूछने लगी।
तभी सबीना कि आवाज़ आई
आमिर नें अलमारी सें एक् डब्बा निकालकर मां कों दियाओर कहा पहनकर नीचे आँ जाओ सबीना आँ गई हें। तुम्हे ढूंढरही हैं
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
माँ कपड़े पहनकर नीचे आँ गई तौ सबीना नें उन्हें सजधजकर करने केँ लिए कमरे मे लेँ गई औऱ सजधजकर करनेलगी
सबीना वैसे आपकी उम्र कितनी हैं
माँ 40
मगर लगती नहीं होँ अभि भि 30 कि हि लगती होँ आज भि झूठ नहींकह रहीमगर यकीन नहीं होता तुम्हारी लड़की 20 कि ओर लड़का 19 कां हैं बेहन ध्यान रखना बच्चो कां, लड़की कही रंडी नाँ बनजाए ओर लड़का भि मादरचोद नां बनजाए तुम्हे देखकर लडके कां मनडोल गय़ा।
तोँ मां नें कहा – लड़की कि वोँ पूरी ध्यान रखती हैं चिंता कि बात नहींमगर उन्हे पता नहीं थां उनकी लाडली बेटी ड्राइवर सें गांडओर चुत मरवा चुकी थि। लड़का मेरा बहोत प्यारा ओर सुदर हैं हजारो मे एक् अभि उसेकुछ नहींपता विद्यालय सें घऱओरघऱ सें विद्यालय।
तौ सबीना बोलीं – बेहन, वहम मत रखनाकुछ भि तुम् आजकल केँ वक्त कां ध्यान रखना मोका मिलते हि लड़का पेल भि देगायह वहम हैं कि वोँ शरीफ हैं मानती हू वोँ शरीफ हौ सकता हैं मगरजब लन्ड खडा होनेलगे ओरहवस भरजाए तोँ, वोँ मा बेहन नहीं देखता,
मुझे तौ मेरेघऱ मे सबलोग पेल चुके हैं बस बेटा रहा हैं वोँ भि घुरकर देखता रहता हैं जल्द हि वोँ भि मुझेपेल देगा, तौ अगरवहम हैं, तोँ अपने लडके कों मेरेघऱ पऱ भेज देना मे देखकर बता दूगी, लुली हैं याँ लन्ड बन गय़ा हैं।
चाहे तौ तुम् सुभह उठाने जाओ जल्द तोँ उसके पजामे मे बनेतबू कों देखकर अंदाजा लगा सकती हौ, वोँ तुम्हे चोदने लायकहुआ कि नहींइधर उधरमुह मारने सें अच्छा हैं घऱ कां माल हि बरते वेसै भि तुम् लगती नहीं होँ ओरत सि अपनी कामुक अदा सें लडके कों लेँ मरो जवानखून हैं,
उसके लन्ड कि सील तुम् हि खोलदो नाँ,
यह सुनकर माँ नें कहा – तुम् भि तोँ मोसी लगती होँ उसकीमा ओर मौसी एक् समान हैं तुम् हि पतालगा केँ बतादो मुझे मौसी कि चुदाई केसी करता हैं लड़का जवानहुआ कि नहीं।
यह सुनकर सबीना बोलीं – तुम् मुश्ताक सें चुदने कों रेडी होँ गई, होँ मेरे कहने पर्र तोँ मै भि अपने भांजे कां लन्ड लेँ लूगी बेहनओर हसनेलगी।
सबीना नें कहा – चलोकोई कुंवारा सीलबंद लन्ड लेकर तोँ देखूगी मै भि कैसा लगता हैं यह भि पतालगा मुझेमगर बेहन मौसी चुद गयीँ, तौ फिनमा भि चुदेगी उसके लन्ड सें ध्यान रखनायह बात।
तौ माँ नें कहा – चलो देखेंगे मा चुदेगी कि नहींमगर अब थोडा रेडीकर दो ताकी मेरीचुत तोँ चुदे
सबीना बोलि – आपकीचुत कों तौ लोग बिना सजधजकर हुए हि चोदने कों सजधजकर हैं
यह सुनकर माँ बोलि – मै अपनी पसन्द केँ लन्ड सें हि चुदती हू सबीना ओरमै कीसी कों छोडती भि नहीं आजतक मेने जितने भि लन्ड लिये हैं अपनी पसन्द केँ लिए हैं क्योकी मुझे आवारा ओर सडकछाप लोग मनपसंद नहीं!मगर मे जिनसे चुदीहू उनके कहने पऱ मैउनसभी केँ दोस्तो सें भि खुब चुदीहू
आजतक मुझेसभी अच्छे लोग हि मिले!
तौ सबीना बोलि – इसलिये हि तोँ आपकीचुत ओर गांड बेमिसाल पडी हैं
तोँ माँ नें कहा – सबीना इसकापता नहींमगर 5 सें लेकरमै 8 इच केँ लोडे अपनीचुत मे लेँ चुकीहू, गांडमै 7 इच कां लन्ड खा चुकीहू, बेहन पूरी पूरीरात चार जवान मूसल लन्ड झेल चुकीहू, मै एकसाथ मुह मे हाथ मे गांड मे चुतमै
यह कहकर – माँ नें सबीना कों कहा – बेहन मेरा होने वाला हैं जल्द सें मेरीचुत कों चाटलो नाँ…
सबीना नें कहा – बेहन मैने नहीं चाटीचुत
तौ मां नें कहा – आज मोका हैं नां
यह सुनकर सबीना मां कि चुत पर्र झुक गयीँ, ओर माँ कि चुत कों खोलकर अपनीजीभ सें चुम लिया मां कि चुत कि खुशबु सें वोँ उत्तेजित होँ उठीओर अपनीजीभ कों चुत मे लगाकर चाटने लगी। मां नें भि एक् मिनट कां वक्त लियाओर सबीना केँ सर कों अपनीचुत पर्र दबा लियाओर उसकेमुह मे झडनेलगी। सबीना नां चाहते हुए भि नमकीन रस पीनेलगी।
जैसे हि उसनेरस गटका वेसै हि उसके स्वाद सें वोँ कामुक होँ उठीओर जोरजोर जीभ चलाकर रस चाटने लगीदो मिनट तक चुत चाटकर, सबीना नें सरउपर उठाकर कहा – अब मालूम चला बेहन तेरारस तोँ अमृत हैं तभी मामू कुते कि तरह तेरारस चाटरहै थें।
सबीना नें कहा – बेहनचल तेरे कों दुल्हन बनाती हूआज सें तुम् मेरी बेहन नहीं मामीजी बन जाओगी नाँ तभी मां खडी हौ गई, ओर अपनी ब्रा पेटी बेहन दुल्हन कि ड्रेस वहीलाल घाघरा ओर चोली पहनकर कुर्सी पऱ बैठ गई,। सबीना नें मां केँ बाल खोलकर जुडा बनाकर दियाओर उनके चेहरे पर्र मेकअप करनेलगी। उधर शोकत भि कपडे लेकर आँ गय़ा ओर आमिर असलम नावेद कमरे कि सजावट करने मे लगगये।
शोकत क्रीम कलर कि शेरवानी लेकर लायाओर कटिंग शेविंग करवाने केँ बादचमक माररहा थां इधर सबीना नें मां कों अपनापता लिखकर दे दियाओर बात करने केँ लिए शोकत केँ नबर पर्र मोबाइल कर लेना। उसी गली मे उसका पार्लर हैं
यह सुनकर मां नें कहा – ठीक हैं, मेरे लडके कों भेजूगी तेरीपास उसेचुत केँ दर्शन करवा देना!
तोँ सबीना बोलि – बेहन अपने लडके कि सील तुम् भि खोलना मे तौ बाद मे कभी भि चुद लूगीओर हसनेलगी
मां नें कहा – तुम् मेरे बेटे कों मादरचोद बनाकर हि रहोगी
यह सुनकर सबीना नें कहा – बहनचोद ओर मादरचोद बननाकोई गलत नहीं हैं नाँ वोँ आखिर अपनीमा बेहन कि सेवा हि कररहा हैं नाँ, ताकी बाहर् कीसीऐरे गेरे सें वोँ बचसके, घऱ कि घऱ मे मस्ती सें चुदो नाँ कही आनां जानां नाँ बदनामी कां डर नां हि कीसी कि गुलामी, जबमन मे आएचुद लो सबसे बढिया हैं
अब तुम् देखलो तीनदिन तुम् आई हौ कितनी रिस्क हैं वेसैमगर घऱ पर्र व्यक्ति केँ जाते हि नंगे होकर चुदाई करो पूरेदिन बिना कीसी टेंशन केँ माँ भि यह सुनकर कामुक होँ गई,,
ओर कहनेलगी – सबीना क्याँ यहसही हैं!!
तौ सबीना नें कहा – वाउ!रे!! मेरी रंडी…अब तुँ क्याँ सहीकर रही हैं गांडओर चुत मरानी हैं तौ घऱ पऱ हि मरवा लेँ वोँ तौ तेरा स्वयं कां बेटा हैं यहा पराए मर्दो सें ठीक हैं नां लन्ड ओरचुत कां नाता सबसेपाक हैं, बेहनबस अपने लडके कों अपनी जवानी दिखाकर उसे अपनेजाल मे फसा लेँ
जवानी मे बहककर वोँ स्वयं चोद देगाबस तुम को तौ अपनी गांडचुत ओर चुचियो कों दिखाकर रिझाना हैं उसे मोका मिलते हि उसे एकबार दिखा देना, हरामी फिन स्वयं नाँ देखने लगजाए तौ मेरेमुह पऱ आकरथूक देना बेहन
यह सुनकर मां नें कहा – यहकोन सि बडीबात हैं झाडु पोचा लगाते वक़्त सबकुछ दिखा दूगीफिन बात तेरी
तोँ सबीना नें कहा – बेहन मेरीबात नहीं दिखाकर उसके पजामे कि तरफ देख्ना चोरी चोरीओर उससे नजरेमत मिलना वर्ना डर भि सकता हैं। ऐसे दिखाना जैसेकुछ हुआ हि नहींओर उसेपता हि नहींचले तुम् उसेकुछ दिखारही होँ!
यह सुनकर माँ नें कहा – बेहनबस करअब मेरी चुदास भडकरही हैं
तौ सबीना बोलीं – मौलवी साहब कों बुलालाऊ क्याँ?!!
तोँ मां नें कहा – असलमओर नावेद सें तुम्हे चुदना होगा
यह सुनकर सबीना नें कहा – कोईबात नहीं बेहन, आग तोँ मेरीचुत मे भि लग गयीँ, हैं तौ माँ नें आमिर कों आवाज़ लगा दि जल्दी आमिर भि आवाज़ सुनते हि नीचे आँ गय़ा
तोँ मां बोलि – जान बेगम कों तलाक तोँ दे दियामगर बेगमओर उसकी बेहन कि चुत कि खुजली कोन मिटाएगा
यह सुनकर कहा – बेगम आपकीचुत केँ लिए तौ लंडो कि लाइन लगवा दूगा
तोँ कहा – फिन आँ जाओओर बेचारे असलम नावेद कों भि बुलालो दोदिन सें बसकाम करने मे हि लगे हैं उन मेहमानो कि खातिरदारी तोँ करदेकुछ
यह सुनकर आमिर नें कहा – बेगम पांचदस मिनट कां कामबचा हैं कर केँ अभि आते हैं ओर तुम् दोनो कि खुजली मिटाते हैं फिनतभी माँ नें सबीना कों कपडे खोलने कों कहाओर अपने कपडे खोलकर नंगी हौ गयीँ,। मां सबीना केँ पास जाकर उसके होठो पर्र अपनेहोठ लगाकर चुमने लगी सबीना केँ लिएयह अजीब थां मगर मां केँ चुमते हि उसकी चुदास भडक गयीँ, ओर वोँ भि मां कों चुमने लगी।
तभी माँ नें उसकी चुचियो कों दबा दिया जोँ कि बहोत नर्म थि मतलब सबीना कि चुचिया लटकी हुई थि ब्रा पहनने सें वोँ कडकलग रही थि मगर चुदास बढने सें चुचिया कुछकडक होँ गई, थि। माँ उसकी काली निपल कों चुसने लगी। तौ सबीना नें भि मां केँ सर कों पकडकर अपनी चुचियो पर्र दबा दिया। मां अब नीचेबैठ गई, ओर सबीना कों टांगे चोडी करने कों कहा, सबीना कि चुत पर्र हल्की हल्की झाटेआई हुई थि।
मां नें अपनीजीभ कों सबीना कि कालीचुत पऱ लगा दियाओर उसे चुमने लगी सबीना कों अब मज़ाआने लगा। उसकेमुह सें अहह निकलने लगी थि। माँ नें अपनीजीभ कि गतिबढा दि ओर अपने हाथो सें उसकी गांड कों दबाने लगी सबीना अपनेहाथ सें अपनी चुचियो कों दबाने लगी तौ मां चुत कों छोड़कर दरी पऱ लेट गई, ओरउसे अपनेउपर आने कों कहा 69 पोजीशन मै सबीना नें अपनीचुत कों मां केँ मुह मे ठुस दियाओर अपनीजीभ सें मां कि चुत कों चाटने लगी।
दोनो मस्ती सें एक् दूसरे कि चुत कों चाटरही थि तभी दरवाजा खुला तौ आमिर असलम नावेद बाहर् खडे थें जिन्हे देखकर सबीना नें अपने हाथो सें चेहरा छुपा लिया। तौ मां नें कहाखडे हि रहोगे याँ इन भट्टीयो कि आग कों ठंडा करोगे इस रंडी कि चुत मे बहोत आगलगी पडी हैं। असलमओर नावेद आज आप् इसे पेलोकल कां पूरादिन ओररात मे तुम्हारी हि हूअबइस कुतिया कि ठुकाई करदोओर आमिरजी आप् मुझेकुछ देर अपने लन्ड पऱ बैठाकर जन्नत कि सैर करवादो।
यह सुनकर तीनो नें अपने कपडेखोल दिये आमिरओर असलम नीचेलेट गये मां नें आमिर कां मूसल लन्ड पकडकर अपनीचुत मे गटक लिया। तौ सबीना कों कहा कुतिया खडी हि रहेगी क्याँ तभी सबीना असलम कां लन्ड अपनीचुत मे लेकर उसपर बैठकर कूदने लगी।
तभी माँ नें नावेद कों कहा – यहा हमारी चुदाई देखने नहींआए हौ साली कि गांड मे लन्ड पेलदो खडेखडे, क्याँ कररहे हौ?!!
इतना सुनते हि असलम नें सबीना कों पकडकर अपनी सीने सें चिपका लियाओर नावेद नें सबीना केँ पिछेआकर उसकी गांड मे अपना सुखा लन्ड उतार दिया। जिससे सबीना कि चीख निकलपडी ओर सबीना कि चुतओर गांड कि घमासान चुदाई होनेलगी। इधर माँ कि उछलउछल अपनीचुत मे लन्ड लें रही थि।
दस मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ ओर सबीना झड गई, तोँ नावेद नीचे आँ गय़ा ओर असलम पीछेआकर सबीना कि गांडफाड चुदाई करनेलगे इधर माँ अब कुतिया बन गयीँ, ओर आमिर नें कुतिया बनते हि मां कि गांड मे लन्ड पेल दिया। जिसे माँ गांड हिलाकर अंदर लेनेलगी मां ओर सबीना जोरजोर चिल्लाह कर चुदाई कां आनंद लें रही थि।
तौ संग मे सबीना ओर मां केँ संग वोँ तीनो भि गालीया देरहे थें मां असलमओर नावेद कों बेहन केँ लोडोचोद डालोइस रंडी कि गांडफाड दो, कमीनो मादरचोदो चोदो, इस कुतिया कों चोदोदम लगाकर।
यह सुनकर असलमओर नावेद नें कहा – भाभीजान आप् क्यो चिंता कररही हौ इस छिनाल कि चुतओर गांड दोनोफाड देगेइस कुतिया कि चुतओर गांड तोँ वेसै हि फटीपडी हैं ओर हसनेलगे।।
यह सुनकर सबीना बोलीं – भडवो मेरीचुत ओर गांड कों फाडने कि ओकात नहीं तुम्हारी चुपचाप चोदलो!!
यह सुनकर असलमओर नावेद अपनी पूरी ताकत सें सबीना कि गांडओर चुत कों फाडने लगे। जिससे सबीना कि हालात खराब होनेलगी।
ओरबीस मिनट केँ बाद हि सबीना रहम कि भीख मांगने लगीओर गिडगिडाकर उसे छोडने कि कहनेलगी, मगर असलमओर नावेद नें अनसुना करतेहुए अपनी चुदाई चालुरखी। इधर आमिर भि जोश मे आकर मां कि गांड कों पेलरहा थां ओर माँ मस्ती मे आकर गांड उठाकर गांड मरवारही थि। एक् घंटे कि चुदाई केँ बाद सबीना कि हालात खराब होँ गयीँ, झडझडकर।
मगर माँ मस्ती सें चुदरही थि तभी आमिर कां जिस्म अकडने लगा तौ माँ नें आमिर कों अपनामाल पिलाने कों कह दिया। यह सुनकर आमिरखडा होँ गय़ा ओर माँ नें बैठकर आमिर केँ लन्ड कों अपनेमुह मे भर लियाओर एक् मिनट मे हि आमिर नें अपनागरम वीर्य मां केँ मुह मे डाल दिया।
जिसे पीकर माँ आमिर केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी तोँ उधर सबीना नें मां कों बेहन मुझे बचाओइन कुतो सें तोँ मां कों दया आँ गयीँ, ओर असलम नावेद कों अपनामाल पिलाने कों कहनेलगी। यह सुनकर असलमखडा होकर मां केँ मुह केँ सामने आँ गय़ा ओर माँ केँ मुह मे असलम नें लन्ड पेल दियाओर माँ कां सिर पकडकर उसे चोदने लगा।
पांच मिनट केँ बाद असलम केँ लन्ड नें ढेर सारा वीर्य माँ केँ मुह मे निकाल दियाओर मां नें असलम केँ माल कों पीकर उसके लन्ड कों चाटकर साफकर दिया। इसकेबाद नावेद केँ लन्ड कों मुहमै लेकर चुसने लगीओर दो मिनट कि चुसाई केँ बाद नावेद नें भि अपनामाल माँ केँ मुह मे गिरा दिया। नावेद कां माल मां नें पीया नहीं बल्कि दरी पर्र पडी सबीना केँ मुह कों खोलकर उसकेमुह मे डाल दिया।
जिसे सबीना नें गटक लिया माँ नें फिन नावेद केँ लन्ड कों चाटकर साफ कीयाओर सबीना केँ ऊपर लेटकर उसेकीस करनेलगी दो मिनटबाद मां उसकीबगल मे लेट गई, ओरसबजने नंगे लेटकर सुस्ताने लगे। पांच मिनट केँ बाद मां नें सबीना कों पूछा – बेहन आनंदआया नां
यह सुनकर असलमओर नावेद – हमे तौ बहोत आया
तोँ सबीना नें कहा – हा बेहन बहुत वक़्त बाद इतनी जोरदार चुदाई हुई हैं मेरी बहोत आनंदआया
तोँ आमिर बोला – हम् ऊपर जाते हैं तुम् जल्द सें रेडी होकर आँ जाओफिन बेगमआज रात कों भि जगना होगा इसलिये कामकर केँ आरामकर दो आप्
यह सुनकर माँ बोलि – ठीक हैं आप् जाओबीस मिनटबाद आप् नीचे आँ जानां
सबीना कों कहा बेहनखडी होँ जाअब जल्द सें यह सुनकर सबीना बोलि बेहन कि लोडी मेरी तौ हिम्मत हि नहींरही हैं ओर हसनेलगी,
ओर कहनेलगी – मुश्ताक सें चुदाने चली तुम कोमगर तुने तोँ मुझे हि चुदवा दिया
यह कहकर सबीना खडी हुइ ओर कपडे पहनने लगीइधर मां नें भि कपडेपहन लियेओर कुर्सी पऱ बैठ गयीँ,। सबीना नें माँ कों सब गहने पहना दियेओर चेहरे पर्र कुमकुम लगाकर उन्हे आधे घंटे मे दुल्हन बनाकर सजधजकर कर दिया। उधर शोकत भि शेरवानी सेहरा जुती पहनकर दुल्हा बनकर सजधजकर हौ गय़ा थां तभी सबीना नें गेट खोलकर,
आमिर कों आवाज़ लगा दि – दुल्हन रेडी हैं… आँ जाओ!!!
यह सुनकर आमिर नीचे आँ गय़ा ओर सबीना आमिर केँ संग मां कों लेकरछत पर्र जानेलगी। शोकत असलम नावेद कमरे मे पहले सें हि मौजूद थें मां केँ पहुचते हि वोँ खडे होँ गयेओर असलम नावेद नें सबीना कों वरमाला दे दि।
मां नें वरमाला लेकर शोकत केँ गले मे डाल दि एकबार मै हि तौ शोकत नें भि मां केँ गले मे वरमाला डाल दि जिसपर सब नें तालीया बजा दि। फिन माँ ओर शोकतबैठ गय़ा आज आमिर नें निकाह पढा,
ओर शोकत कों पूछा – निकाह कबूल हैं?
तौ शोकत नें कहा – कबूल हैं! कबूल हैं! कबूल हैं!
यह सुनकर आमिरअब माँ केँ पासआया ओर मां कों पूछा – निकाह कबूल हैं?
यह सुनकर मां नें कहा – कबूल हैं! कबूल हैं! कबूल हैं!
ओरयह सुनकर सबीना नें माँ कों गले लगाकर बधाई दि तौ शोकत कों असलम नावेद ओर आमिर नें गले लगकर बधाई दि। आमिर नें सबको छुहारे बाटकर निकाह कि बधाई दि ओरअब असलम नावेद नें कहा खानां खालो पहलेसभी।
यह सुनकर सबनेकहा हाभूख लगरही जल्दकरो तभी असलम नावेद नें खानां डाल दिया माँ शोकतओर सबीना आमिर केँ संग कुर्सी पऱ एकसाथ बैठ गई, ओरमेज पऱ खानां परोस दिया। सबने एक् दूसरे कों मिठाई खिलाकर खानां खाया खानां खाकरजब फ्रीहुए तौ चारबज गये थें।
यह देखकर सबीना बोलीं – मामू मुझे छोडकर कोन आएगा
तोँ शोकत बोला – अकेली चलीजा नां यहा सें आटो लेकरदस मिनट लगेगी
तभी मां नें कहा – सबीना कल सुभहदस बजे आनां एकबार
तोँ सबीना हसकर बोलि – कलफिन दुल्हन बनाना हैं क्याँ
यह सुनकर सभी हसनेलगे ओर सबीना नें कहा – ठीक हैं बेहन आँ जाऊगी!
तोँ शोकत नें कहा – आमिर सबीना कों आटो करवाआओ दोस्त तोँ आमिर सबीना कों छोडने चला गय़ा शोकत नें मां कों बेगम आप् आरामकर लोकुछ देरफिन आजरात कों सोने कां मत कहना।
यह सुनकर माँ नें कहा – इसरात कां प्रतीक्षा तौ बहोत दिनो सें थां मुझेओर वोँ कमरे मे चारपाई पऱ लेट गयीँ,। इधर शोकत भि नीचे जाकरलेट गय़ा ओर आमिर असलम नावेद भि सफाईकर केँ आराम करनेलगे। साम कों 6 बजे आमिर नें गरमचाय बनाकर सबको उठाया ओरसभी गरमचाय पीनेलगे।
गरमचाय पीकर शोकत नें कहा – आमिर हम् बाजार चलकरआते हैं कुछकाम हैं।
तोँ मां बोलि – आज भि काम हैं क्याँ आपको
यह सुनकर शोकत नें कहा – हा बेगम आपकेलिए हि तौ जारहै हैं एक् घंटे केँ बाद शोकतओर आमिर बाजार सें समान लेकर लोटे
तोँ असलमओर नावेद होटल सें रोटी सब्जी लानेचले गये वोँ आधे घंटेबाद खानां लेकरआए तोँ अभि कीसी कों भूख नहीं थि खास।
तोँ सबनेकहा – जिसको जितनी भूख हैं खा लें, बाकीरात मैखा लेना, इनको भि तौ सुहागरात मनानी हैं। कब तक बैठे रहेगे।
यह सुनकर सभी हसनेलगे।
खैरकुछ देरबात करने केँ बाद सबने खानां खायाओर माँ कमरे मे जाकरलेट गई, लगभगआधे घंटेबाद शोकत नें दरवाजा खोला तौ मां आवाज़ सुनकर बेड पऱ घुघट निकालकर बैठ गयीँ,। शोकत नें दरवाजा कों लोक लगाया ओर अंदरआकर फुलो कि लडीयो कों हटाकर बेड पर्र बैठ गय़ा। मां केँ पास माँ ऐसे शर्मा रही थि जेसै कों वर्जिन दुल्हन हि होँ तभी शोकत मां केँ लगभग आँ गय़ा ओर मां कां घुघट उठाने केँ लिएहाथ बढा दिया।
तौ माँ नें आज भि अपना घुघटपकड लियाओर शोकत कों कहा – भाईजान अब मे आपकी बेहन नहीं, बेगमहू पहले, मुह दिखाई दो, तबयह चांद दिखेगा!!
यह सुनकर शोकत नें कहा – बेगम चांद कां दिदार तौ करवाओ पहले आपकीमुह दिखाई भि देगे
तोँ माँ नें कहा – तोँ स्वयं हि दिदार करलो चांद केँ
यह सुनते हि शोकत नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे मां कां घुघट उठाकर उनकेसर केँ पिछे पल्ट दियाओर कहनेलगा – मुझे तौ यकीन हि नहीं होँ रहा हैं ऐसा भि होगाकभी
यह सुनकर माँ नें कहा – यकीनकरो जानअब तौ
यह सुनकर शोकत नें कहा – चांद भि फीका हैं बेगम तुम्हारे आगे
तोँ मां नें मुस्करा कर नजरे छुपाली
तभी शोकत नें माँ कों आखबंद करने कों कहाओर अपनीजेब मे हाथ डालकर एक् डिब्बी निकाली ओर मां कों हाथआगे करने कों कहा तोँ मां नें अपनाहाथ आगेकर दिया। शोकत नें डिब्बी खोलकर उसमेरखी सोने कि उगुठी निकाली ओर मां कि उगलि मे डाल दि ओरआखे खोलने कों कहा। सोने कि उगुठी देखकर माँ कि आखे खुलीरह गई, ओर वोँ शोकत पऱ क्रोध हौ गयीँ,।
बोलि – यह क्याँ हैं मिया, यह नहीं चाहिए मुझे,
तोँ शोकत नें कहा – तोहफा देने पर्र क्रोध नहीं प्रेम करते हैं बेगम
यह सुनकर मां शांत हौ गयीँ, ओर शोकत केँ गलेलग गई,। शोकत नें भि माँ कों बाहो मे भर लिया कसकर शोकत केँ भारी जिस्म मे माँ समा गयीँ, ओर दोनो पांच मिनट तक लिपटे रहै।
फिन माँ नें कहा – सुनिए जी पहलेदूध पीलो
तौ शोकत नें अपनीजेब सें दो गोली निकाली ओरदूध केँ संगपी गय़ा
माँ नें कहा – कल आमिर नें भि ऐसी हि दवाली थि क्याँ हैं यह
तौ उसनेकहा – सैक्स पवार बढाने कि रात कों यादगार बनाना हैं नाँ
यह सुनकर माँ नें कहा – यादगार तोँ बनाना हि होगा, आपकी बेहनअब बेगम जौ बन गई, हैं आपकी!
यह सुनकर शोकत नें कहा – बेगमयह तोँ सहीकहा, एक् दिन केँ लिए हि सहीमगर आप् मेरि बेगम तोँ बनी माँ कों शोकत पहलीनजर मे हि भा गय़ा थां।
आज वोँ अपनीमन कि सारी इच्छाए पूरी करना चाहती थि शोकत केँ संग माँ नें चुनरी कों नीचेफेक दियाओर शोकत कि जाघो पर्र सर रखकरलेट गयीँ,। दोनों कां रोमांस किसी हिंदी सेक्स किस्सा कि तरहचल रहा थां, दोनो एकदूसरे कों ऐसेदेख रहे थें जैसे बरसो केँ बिछडे हुए मिले हौ। तभी शोकत नें माँ केँ सर पर्र हाथरख दियाओर माँ शोकत केँ दूसरे हाथ कों अपनेहाथ मे लेकर चुमने लगी।
शोकत नें कहा – बेगममै तौ बहोत दुःखी थां सुभहजब पर्ची डाली आमिर नें मुझेलगा मेरीनाम कि पर्ची तौ नहींआनी तय हैं
यह सुनकर मां नें कहा – एक् मिनट रूकोओर माँ नें बेड सें उतरकर अलमारी कों खोलाओर अपने पर्स सें पर्ची निकाली सुभह वालीओर फिन सें शोकत कि जाघो पऱ सर रखकरलेट गई, ओर शोकत कों आखेबंद करने कों कहा, तौ शोकत नें अपनीआखे बंदकर ली।
माँ नें अब शोकत केँ हाथ कों पकडाओर उसकी हथेली पऱ चारो पर्ची रखकरआखे खोलने कों कहा शोकत नें आखे खोलते हि पर्ची देखकर कहा बेगमअब इसकी क्याँ जरूरत हैं ओर फेकने लगा। तोँ मां नें उसे रोकाओर बोला पहले खोलकर तौ देखोसब पर्ची यह सुनकर नें सब पर्ची कों खोलकर देखने लगा। सब पर्ची मै शोकत अपनानाम देखकर हक्का बक्का हौ गय़ा,
ओर बोलने लगा – बेगमयह क्याँ हैं
तौ मां नें कहा – भाईजान आपकी दुल्हन बनने केँ लिए आमिर कों मेने हि सब पर्ची पऱ आपकानाम लिखने कों कहा थां आपके होतेहुए मे दूसरे कि बेगम केसैबनू कल आमिर कि बेगम बनना मजबूरी थि। वर्ना मै तौ कल आपकी हि बेगम बनती।
यह सुनकर शोकत नें कहा – सच मे तुमने मेरादिल जीत लियाआज जब तक मै जिंदा हू तबतक तुम्हारा गुलाम बनकर रहूगा आज सें
माँ नें कहा – गुलाम नहीं मेरीजान बनकर रहनासदा
यह सुनकर शोकत नें कहा – जरूर बेगमओर माँ केँ उपर झुककर मां केँ होठो पर्र होठलगा दिये। माँ भि शोकत केँ होठो कों जोर सें चुसने लगी। शोकतबडे प्रेम सें मां केँ होठो पऱ लगी गुलाबी लिपस्टिक कों खानेलगा। शोकत केँ हाथ माँ कि चुचियो कों सहलाने लगे जिससे माँ कि चुदास भडकने लगी। पांच मिनटकिस करने केँ बाद शोकत नें मां कों बैठा लियाओर उनका ब्लाउज उतार फेका।
माँ कि कडक चुचियो कों देखते हि शोकत उनपरटुट पडाओर ब्रा केँ उपर सें हि उनको पीनेलगा। तौ माँ कि आहे निकलने लगी शोकत नें अपनेहाथ पीछे लेँ जाकर मां कि ब्रा खोलकर उनके कबूतर आजादकर दियेओर अब शोकतमुह मे लेकरदूध कों पीनेलगा। मां केँ छीटे छोटे गुलाबी निपल अपनेमुह मे भरकरजोर सें काटने लगा जिससे माँ कि चीख निकल गयीँ,। तभी शोकत नें माँ केँ लहगे कां नाडा घसीटकर लहंगा खोला।
तोँ माँ नें अपनी गांडउठा दि ओर शोकत नें लहंगा घसीटकर नीचेफेक दियाअब मां केँ शरीर पर्र मात्र लालरंग कि पेटीबची थि। शोकतअब माँ पर्र झुककर उनकी नाभी चाटने लगाओर फिन नीचे खिसककर मां कि पेटी पऱ किस करनेलगा। माँ नें भि अपनी गांड उठाकर चुत चटाने कों कहनेलगी शोकत नें भि माँ केँ कहते हि उनकी पेंटी घसीटकर मां कि टांगो कों हवामै फैला दियाओर अपनी गर्दन झुकाकर मां कि गुलाबी चुत कों अपने होठो सें चुमने लगा।
चुत कों चुमकर शोकत नें अपनी मोटीजीभ मां कि गुलाबी चुत कि फाको केँ बीचडाल दि ओर मां कि चुत कों चाटने लगा। माँ शोकत कि चुसाई केँ आगे अधिकदेर नहींटिक सकीओर पांच मिनट मे हि शोकत केँ मुह मे अपना नमकीन रसभर दिया जिसे पीकर शोकत माँ कि गांड केँ छेद कों चाटने लगा।
पांच मिनट गांड चाटने केँ बाद माँ बोलपडी – शोकतअब अपना हथियार भि आजादकर दो, बेचारे कां दमघूट रहा होगा!!
यह सुनकर शोकतखडा हौ गय़ा ओर अपने कपडे खोलकर नंगा होकरबेड पर्र लेट गय़ा गोली, खाने सें शोकत कां लन्ड इतनाकडक होँ रहा थां कि उसपर पानी कि बाल्टी टांगदो चाहे मां 69 कि पोजीशन मे आँ गयीँ, ओर शोकत केँ उपर लेटकर शोकत केँ लन्ड केँ सुपारे कों जीभ सें चाटने लगी। उधर शोकत माँ कि चुतओर गांड कों चाटने लगा।
शोकत केँ लन्ड सें आँ रही पेशाब ओर वीर्य कि गंद सें उत्तेजित होनेलगी ओर शोकत कां लन्ड मुह मे लेकर कुल्फी कि तरह खानेलगी। उधर शोकत माँ कि चुत कों चाटते चाटते हि मां कि गांड मे अपनीदो उगलिओ कों डालकर गांड कों चोदने लगा। जिससे माँ एकबार फिन 10 मिनट मे झडने कों होँ गई, शोकत केँ लन्ड कां सुपारा चूसाई सें लाल हौ गय़ा।
तभी मां कां शरीर अकडने लगा तौ उन्होने अपनी जाघो सें शोकत केँ मुह कों दबाकर अपनीचुत कों उसकेमुह मे दबा दिया। शोकत नें भि अब अपनीजीभ कि गति कों बढा दिया जिससे मां एक् मिनट मे हि शोकत केँ मुह मे झडनेलगी। माँ नें अब शोकत केँ सर कों अपनी जाघो केँ दवाब सें आजादकर दियाओर शोकत कों कहा मेरीचुत कि खुजली कों मिटादो अब तौ।
यह सुनकर शोकत नें कहा – कहो केसैकरू
तोँ मां नें कहा – बसकरलो केसै भि करोमगर करो
यह सुनकर शोकत नें कहा – तोँ बेगमलेट जाओ नाँ माँ केँ लेटते हि शोकत नें माँ कि गांड केँ नीचेदो तकिये लगाकर।
उनकी टांगो कों फैला दियाओर अपना लन्ड माँ कि गुलाबी चुत पऱ रगड़ने लगा जिससे मां कि सांसे जोर सें चलनेलगी ओरअहह अहह करनेलगी। शोकत मां कि चुत पर्र एक् मिनट तक लन्ड कों रगडता रहा जिससे मां कि हालात खराब होतीरही तभी अचानक शोकत नें एक् जोर केँ झटके सें अपना पूरा लन्ड मां कि चुत मे उतार दिया।
लन्ड चुत मे जाते हि माँ जोर सें चीखपडी तभी शोकत नें लन्ड बाहर् निकालकर एकबार पूरी ताकत सें चुत मे लन्ड पेल दिया। माँ दूसरे झटके सें हिल गई, पूरीतरह तभी शोकत नें आधा लन्ड बाहर् निकालकर फिन सें एक् झटके मे पूरा लन्ड चुत मे पेल दिया। अब मां नें अपनी गांड कों हिलाकर।
शोकत कों कहा – भाईजान लगादो पूरी ताकतओर मिटादो इसचुत कि खुजली तुम्हारी बेगम कि चुत कां भोसडा बनादो… चोदचोद चोदकर मुझे अपनी रंडीबना लो… चोदो मुझे…
यह सुनकर शोकत हवसी कि तरह मां कि चुत कों पेलने लगा शोकत कां मूसल लन्ड माँ कि बच्चेदानी तक पहुंच रहा थां। जिसका माँ चीखकर मजे लें रही थि शोकतबीच बीच मे माँ केँ दूध कों मसलकर उनका दर्दडबल कररहा थां। मां कों ऐसी चुदाई हि पसन्द आती हैं जिसमे उनका शरीर दर्द करनेलगे ओर शोकतअब वेसी हि चुदाई कररहा थां।
15 मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ कि बुर कां झरना फुटकर शोकत केँ लन्ड पर्र बहनेलगा तोँ माँ नें शोकत कों कहाजान अब गांड कि खुजली भि मिटा तोँ शोकत नें माँ कों घोडीबना लियाओर उनकी मोटी गांड कों हाथो सें पकडकर उनकी गांड केँ छेद पर्र लन्ड कां सुपारा रखकर झटके केँ संगआधा लन्ड गांड मे पेल दिया।
माँ केँ रस सें शोकत कां लन्ड चिकना होँ गय़ा थां जिससे शोकत कां लन्ड माँ कि गांडमै आहिस्ता घुस गय़ा ओर माँ नें भि गांड कों उचकाकर शोकत कों गांड चुदाई कां कह दिया। शोकत नें सुनते हि माँ कि गांडफाड चुदाई शुरुआत कर दि ओर कमरे मे पटापट पटापट पटापट कि आवाजे गुंजने लगी।
माँ भि शोकत कों उकसारही थि – शोकतऐसे हि ओरजोर सें… अरेरे… फाड दि मेरी गांड… शोकतजरा जोर सें अहह!अहह! अहह!
कहकर शोकत कों उकसाती रहीओर मां कि इन कामुक आवाजो कों सुनकर शोकत पूरी ताकत सें मां कि गांड फाडने लगा। शोकत नें माँ कि गांड पर्र थप्पड मार मारकर गांड कों पऱ अपनी उगलियो केँ निशान हि छाप दिये। शोकतबीस मिनट तक माँ कि गांड फाडता रहा मां एकबार ओरझड गई, तोँ शोकत कों जानअब मुझेगोद मे लें लो अपनी।
यह सुनकर शोकत बिस्तर पऱ बैठ गय़ा तोँ माँ शोकत कि गोद मे बैठकर अपनीचुत मे लन्ड कों गटक लियाओर शोकत केँ होठो कों चुसने लगी। शोकत भि मां कि चुचियो कों दबाकर माँ केँ होठो कां रस पीनेलगा ओर माँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों अंदर बाहर् करनेलगी। दोस्तो इस पोजीशन मे मुझे सैक्स करना बहोत पसन्द हैं।
मेरी मां कों कुतिया बनकर चुदना ओरगोद मै बैठकर चुदना बहोत पसन्द हैं शोकतओर मां अब चुदाई केँ संगसंग एक् दूसरे केँ शरीर कों चुसकर भि मजे लेँ रहै थें। बीस मिनट कि चुदाई केँ बाद शोकत नें ढेर सारागरम वीर्य मां कि चुत मे भर दिया। जिससे माँ कि चुत कों बहोत सुकुन मिलाओर दोनो यूहीगोद मे एकदूसरे सें चिपककर बैठेरहै दो मिनट केँ बाद शोकत कां लन्ड मुरझाकर बाहर् निकलने लगा।
तोँ उसी केँ संग मां कां रसओर वीर्य भि बहकर बाहर् आनेलगा माँ नें शोकत कों चलो मुझे पेशाब करके आनां हैं।
यह सुनकर शोकत नें कहा – कपडे पहनने होगे
तोँ मां बोलि – चलो नां कोई नहीं हैं आसपास आओ
यह सुनकर शोकत मां केँ संग बाहर् आँ गय़ा तभी मां छत कि चारदिवारी केँ पासबने नाले केँ पास बैठकर पेशाब करनेलगी। तोँ उनकीचुत सें सीटी कि आवाज़ गुजने लगी शोकत पेशाब करने केँ लिए मां केँ खडे होने कां प्रतीक्षा कररहा थां। तोँ माँ नें शोकत कों अपनेपास बुला लियाओर खडी हौ गयीँ, तोँ शोकत पेशाब करनेलगा।
मां शोकत केँ पास हि खडीरही तौ शोकत नें कहा – बेगम पेशाब भि चखलो कैसा हैं
यह सुनकर मां नें कहा – अब तौ कर लियाअब क्याँ चखू
तोँ शोकत बोला – बैठजाओ जल्द तौ अपने पेशाब कों रोक लिया
तौ माँ भि नीचे बैठकर अपनामुह खोल दियातभी शोकत नें अपना लन्ड मां केँ मुहमै डाल दियाओर मूतने लगा।
मां भि गरम पेशाब गटगटकर पीनेलगी शोकत नें कहा बेगम आमिर कां अच्छा थां याँ हमारा।
यह सुनकर माँ बोलीं – यहबात आमिर नें बताई हैं तभी आपनेकहा हैं
यह सुनकर शोकत नें कहा – बेगम केँ शोक पूरे नाँ करसके वोँ क्याँ मर्दहुआ
तोँ मां बोलीं – यहबात हैं तोँ पहले हि बुला लेते तौ शोकत बोला आप् भि तोँ लज्जा कर गई, बुलाकर ओर हसनेलगा। माँ खडी होकरअब शोकत सें चिपक गयीँ,।
तोँ शोकत नें भि माँ कों बाहो मे लेँ लियाओर दोनोछत पऱ घुमने लगे,
तभी शोकत नें मां कों कहा – बेगमजरा रूकोमै आयाओर कमरे सें एक् लिफाफा लेकरआया ओर उसमेरखे पान निकालकर मां कों दे दियाओर एक् स्वयं खा लिया। दोनोपान चबाते हुए नंगे हि छत पऱ घुमने लगेदस मिनट मे पान खाकर दोनो नें मुह धोयाओर कमरे मे आँ गये। कमरे मे आते हि मां नें घुटनो केँ बल बैठकर शोकत केँ सोये लन्ड कों मुह मे लें लिया मां कि जीभ लगते हि शोकत कां लन्ड अपनेरूप मे आनेलगा।
माँ नें दस मिनट लन्ड कों चुसकर उसकीनसे खडीकर दि माँ अबमेज पऱ जाकर कुतिया बन गयीँ, तौ शोकत नें पिछेआकर चुत पर्र लन्ड रखकरचुत मे लन्ड पेल दियाओर ताबडतोड चुदाई करने करनेलगा। मां भि मस्ती मे आकरआहे भरनेलगी ओर चुदाई कां आनंद लेनेलगी शोकतअब पांच मिनटचुत मे लन्ड पेलरहा थां। तोँ पांच मिनट गांड मे माँ कों भि इसमेखुब आनंद आँ रहातीस मिनट तक शोकत मां कि चुतओर गांड कों पेलता रहा। जिससे मां कि चुतदो बारझड गयीँ, शोकत नें अब माँ कों गोद मे उठा लियाओर खडेखडे माँ कि चुत कि चुदाई करनेलगा।
माँ कां वजनअब भि 50 किलो हि हैं जिसमे सें उनकी मोटी गांडओर चुचियो कां वजन होगादस किलो तौ शोकत कि ताकत देखकर लगरहा थां। जैसेकोई खिलोने कों गोद मे उठा हिलारहा होँ माँ शोकत कि गर्दन मे बाहो कों डालकर चुदाई कां पूरा आनंद लें रही थि। बीस मिनट कि घमासान चुदाई केँ बाद माँ ओर शोकत एक् संगझड गये।
तौ मां कों शोकत नें बेड पऱ लाकर लेटा दियाओर स्वयं भि मां केँ बगल मे लेटकर सुस्ताने लगा। तभी शोकत नें मां कों पूछा बेगम कैसालगा।
तोँ मां बोलि – जान तुम् तौ जवानो कों भि फैल करते होँ
यह सुनकर शोकत नें कहा – तुम्हे देखकर हि जोशभर जाता हैं बेगम वर्ना अब तौ उम्र होनेलगी हैं
यह सुनकर मां नें कहा – उम्र चाहे कितनी भि हौ जाएयह मुसल लन्ड तौ मेरे कहते हि खडा हौ जाएगा
यह सुनकर शोकत नें कहा – हा बेगमयह तौ सहीकहा, इतनी रंडीयो कों पेला हैं मगर तुम्हे पेलने केँ बादबार बार पेलने कां मन करता हैं।
माँ बोलीं – जान पेलते रहो अपनी बेगम कों, रंडीयो केँ पास जाने कि जरूरत हि नहीं हैं।
यह सुनकर शोकत नें कहा – अब तोँ तुम् हि हौ घऱ पर्र तौ मेरा लड़का हि मेरी बेगम कों पेलने लगा हैं मादरचोद तोँ वोँ भि नखरे करनेलगी हैं जवान लन्ड मिलने लगा
तौ माँ बोलीं – तोँ उसेओर कोई नहीं मिली क्याँ पेलने कों
यह सुनकर शोकत बोला – उसने अपनी दोनो बहनो कों पेला, पहले उनका निकाह होँ गय़ा, तौ अपनी चाची कों पेलने लगा,
ओर उसकी अम्मी नें दोनो कों पकड लिया तौ उसने अपनी अम्मी कों पेल दिया चाची केँ संग मिलकर एक् बार जवान लन्ड खा दिया। तौ उसकीचुत भि जवान लन्ड मागने लगीअब वोँ दिन मे चाची ओर अम्मी दोनो कों एकसाथ पेलता हैं हरामी
यह सुनकर मां नें कहा – कोईबात नहीं आप् मुझे पेलते रहो
तौ शोकत बोला – बेगम तुम्हे तौ पेलना हि हैं जबतक तुम् कहोगी तबतक
यह सुनकर मां बोलि – तोँ पहलेकुछ खा लेँ फिनपेल लो अपनी बेगम कों वहा तौ आपकी बेगम अपने बेटे सें चुदरही होगी
तौ शोकत बोला – क्याँ फर्क पड़ता हैं फटे भोसडे कों कोई भि चोदो चाहेचुत हौ तौ तुम्हारी जैसी
तभी दोनोखडे होकरपास केँ कमरे मे जाकर रोटी खानेलगे रोटी खाकर दोनो नें दो राऊडओर चुदाई करीओर फिन सुभह पांचबजे दोनोसो गये सुभहनो बजे आमिर नें दरवाजा खटखटाया। तौ दोनो कि आखे खुली आमिर नें कहागरम चाय रेडी हैं नीचे आँ जाओ।
यह सुनकर शोकत लुगी लपेटकर नीचेचला गय़ा ओरमुह धोकरगरम चाय ब्रेकफास्ट उपर हि लेकर आँ गय़ा मां नाइटी पहनकर बाहर् मुह धोकर आँ गई, ओर दोनोगरम चाय पीनेलगे। गरमचाय पीकर मां शोकत कि गोद मे बैठ गयीँ, ओर शोकत केँ चुमने लगी,
पाच मिनट केँ बाद मां बोलीं – मे हगनेजा रहीहू तुम् जानां चाहो पहले तोँ हौ आओ
तोँ शोकत नें कहा – पेशाब करने हैं मुझे तोँ बस
यह सुनकर मां बोलि – करना नहीं पिलाना हैं आपको मे समझ गई,, आँ जाओफिन मेरेसंग,
माँ टायलेट मे नाइटी खोलकर नंगी होकरसीट पऱ बैठ गई,, तोँ शोकत सामने आकरखडा हौ गय़ा ओर माँ केँ मुह पर्र पेशाब करनेलगा। माँ मुह खोलकर पेशाब पीनेलगी मगर प्रेशर ज़्यादा होने केँ कारणगरम पेशाब माँ केँ पूरे जिस्म पर्र गिरने लगा।
शोकत केँ पेशाब करते हि माँ नें कहा – मेरा तोलिया लाकरदो कमरे सें मै नहाकर आतीहू अभि माँ फिन नहाकर तोलिया लपेटकर कमरे मे आँ गई, ओर शोकत कों कहाआज क्याँ पहनूजान साडीसुट जीन्स बताओ
तोँ शोकत नें कहा – जीन्स पहनो बेगम
तौ मां नें कालेरंग कि ब्रा पेटी पहनकर नीचेरंग कि जीन्स ओर सफेद टीशर्ट पहनली ओर अपने गीले बालो कों सुखाकर चोटीबना ली। माँ अब कॉलेज जाने वाली लड़की लगरही थि मां नें रेडी होकर शोकत कों कहा – आप् भि नहालो ओर सबीना कों लेकर आँ जाओ
तोँ शोकत नें कहा – वोँ दसबजे आँ जाएगी उसकोकहा हुआ हैं तौ मां नें घडी कि ओर देखकर कहा जनाबदस बजगये। आप् भि नहालो फिन नीचे चलते हैं
यह सुनकर शोकत भि नहाने चला गय़ा शोकत केँ नहाकर आने केँ बाद मां ओर शोकत 10.30 बजे नीचे आँ गये नीचेआते हि असलम नावेद ओर आमिर नें पूछा कैसीरही आपकी सुहागरात
तोँ शोकत नें कहा – सुहागरात तोँ रात वाली हि थि पहले जौ मनायी थि वोँ तोँ केवलरात हि थि, यह सुनकर मां नें कहा – सुहागरात तौ कलरात कों दोरात मे हि मनाई हैं पहले तोँ मात्र रात हि थि तभी दरवाजे केँ खुलने कि आवाज़ आईओर सबीना अंदर आँ गयीँ,। ओरआते हि माँ केँ गले लगकर पूछने लगी मामीजी मामूजान नें तग तौ नहीं कीया नाँ ज़्यादा तौ माँ नें कहा – नहींतग नहींबस सोने नहीं दियायह सुनकर सब हसनेलगे।
सबीना नें कहा – बेहन हमारे पति घऱ पऱ हमे सोने हि तोँ देते हैं इसलिये तोँ भाईजान कों आपकी सेवा कां मोका मिला।
तभी मां नें कहा – मेरे तोँ दोनो पतियो नें हि नहीं सोने दिया सबीना!
यह सुनकर सबीना बोलि – यहबात हैं तौ मामूजान कों बोल देतीहू तंग नाँ करे मेरी मामीजी कों
तभी शोकत नें कहा – पूछलो तंग किया मेने तोँ सारीरात बस प्रेम कीया थां, प्रेम मे कोईकमी रह गयीँ, तोँ पूछलो
यह सुनकर मां बोलि – दो शोहर, दो देवरो, केँ होतेभला प्रेम मे कमी केसै रहेगी लुटलो मामीजी मोजयह दिनबार बार नहीं आएगे!
तौ माँ नें कहा – मालूम हैं सबीना तभी तौ रात कों सोए नहीं सबीना बोलीं घऱ जाकर आहिस्ता सोना वोँ तोँ देखेगा भि नहींबडा मूर्ख व्यक्ति हैं, जौ ऐसे हसीनमाल कों देखता नहीं
तभी मां बोलि – सबीना आऊउपर चलेकुछ काम हैं
शोकत नें कहा – चलो तुम् उपरजाओ हम् कोई खाने पीने कां प्रबंध करते हैं
तोँ मां सबीना उपर आँ गई, रूम अभि भि गुलाब केँ फुलो कि खुशबु सें गंधरहा थां माँ कि चुदाई कि स्टोरी जोरदार बेड पऱ फैले उनका कामरस बयानकर रहा थां चद्दर पर्र स्थान स्थान दाग केँ निशान देखकर
सबीना नें कहा – बेहन तुम् वाकई मे बहोत बडी रंडी हौ चुदाई केँ मामले मै।
सबीना नें मां कि दुल्हन ड्रेस कों नीचे सें उठाया ओर समेटने लगी
तौ मां नें कहा – सबीना वोँ कर लेगी
तोँ सबीना नें कहा – रहने तोँ मामीजी झुकने मे तकलीफ होगी
तौ मां नें कहा – ऐसी तकलीफ तौ हमेशा हि रहे मेरी बेहन
तोँ सबीना नें कहा – बेटे कों सेटकर लोफिन तकलीफ हि तकलीफ रहेगी ओर हसनेलगी
माँ बोलि – सबीना दोतीन दिनअगर तेरेसंग रहूगी तौ बेटे कां बलात्कार करना होगा मुझे तोँ ओर हसनेलगी
सबीना बोलीं – बेहन बलात्कार नहीं प्रेम करना बोलो एक् बार अपना खूबसूरती कां जलवा दिखाना अपने बेटे कों फिन देख्ना वोँ हवशी नां बनजाए, तोँ बस अपनी चुचियो ओर गांड केँ दर्शन अच्छे सें करवादो तौ फिन वोँ स्वयं हि पेल देगा।
मां नें अलमारी नें पर्स निकालकर हजार रूपये सबीना कों दिये
तोँ सबीना बोलीं – यह किसलिए बेहन
मां नें कहा – बेहन तुम्हारे काम केँ
तौ सबीना बोलि – बेहन भि कहती हौ ओर पेसै भि देरही होँ
यह सुनकर माँ बोलीं – क्यो समान फ्री मिलता हैं क्याँ
तोँ सबीना बोलि – मामू नें पेसैदे दिये हैं
तोँ माँ नें कहा – यह भि रखलो मेरीतरफ सें
सबीना नें कहा – छोटी बेहन सें बडी बेहन केसै पेसै लेगीअगर इतना हि हैं तौ मुश्ताक कों खुशकर दो मेराकहा मानकर
तौ मां बोलीं – क्याँ बात हैं मुश्ताक कि बहोत चिंता हैं
तोँ सबीना नें कहा – उसकी चुदाई सें मे बेहोश हौ गई, थि मगर वोँ नहीं माना तौ मेनेउसे कोई जोरदार माल पटाकर देने कां वादा कीया थां तब उसने छोडा थां अबकही मिलजाए तौ वोँ कहता हैं तुम् हि देदोमाल तौ कोई मिलेगा नहीं इसलिये कहरही हू
एकबार तुम् चुदाई करवाकर मेरा पिछा छुडादो बदले मे तुम्हारे बेटे कों मै पहली चुदाई कां सुखदे दूगी
तोँ मां बोलि – बेटे कों छोडो मे मुश्ताक कों खुशयू हि कर दूगी
तोँ सबीना बोलि – लगता हैं बेटे कि सील तुम् हि खोलोगी
यह सुनकर मां नें कहा – नहीं तौ
सबीना बोलि – कोईबात नहींसील खुलने केँ बादभेज देना मेरा भोसडे कों भि कोई जवान लन्ड मिल जाएगा
तौ माँ बोलीं – ठीक हैं बेहन पहले मे अपने बेटे कों देखू तौ सहीकुछ करने लायक हैं कि नहीं
यह सुनकर सबीना – बोलीं बेहन वादाकरो मुझे भि मजे लेने दोगी
तोँ मां नें कहा – मगरकहा लेगा आनंद
तोँ सबीना बोलीं – यह आपकी चिंता नहीं मेरि हैं तौ मां नेवकहा ठीक हैं पक्का वादाअब साफ सफाईकर लें फिन दोपहर मे दोनो बहने चारो लंडो कों मज़ा देती हैं हम् दोनो
यह सुनकर सबीना बोलि – ठीक हैं बेहन जोँ तुम् बोलोमगर अपना वादायाद रखनाओर होँ सके तोँ कुंवारे बेटे कों मेरेपास हि भेजना पहलीबार केँ लिए
तौ माँ बोलि – देखूगी वोँ तौ
ओरफिन मां ओर सबीना नें मिलकर साफ सफाई कि, सफाई करके माँ ओर सबीना नीचे आँ गई,। शोकतओर असलम खानां लेनेगये हुए थें कुछदेर बाद वोँ खानां लेकर आँ गयेओर सभीदरी बिछाकर एकसाथ बैठकर खानां खानेलगे।
खानां खाते हि मां नें कहा – मुझे तौ नीद आँ रही हैं ओरमैउपर जाकरसो रही हैं कोईतंग करनेमत आँ जानां
यह सुनकर शोकत नें कहा – तंग नहीं प्रेम तोँ करने आँ जाए
तौ मां नें कहा – उसकेलिए तोँ मैओर सबीना दोनो रेडी हैं हि कब सें
तौ शोकत नें कहा – चलोफिन उपर हम् आते हैं सब
माँ ओर सबीना बेड पर्र जाकरलेट गयीँ,। तोँ कुछदेर बाद हि कमरेमै असलम नावेद आमिरओर शोकत आँ गयेओर कमरे मे आते हि शोकत नें कहा बेगम पहलेकुछ प्रेम कर लेँ फिन आराम करेगे नाँ।
तोँ मां नें कहा – तोँ सजधजकर हैं आँ जाओओर करो प्रेम तोँ शोकत नें मां कों बेड सें नीचे उतारकर लेँ आयाओर मां केँ होठो कों चुमने लगा। तोँ असलम भि माँ केँ पिछेआकर चिपक गय़ा ओर गर्दन कों चुमते हुए गांड कों दबाने लगा, उधर आमिर नें सबीना कों बेड पर्र बैठाकर उसेकीस करनेलगा तोँ नावेद पिछेआकर सबीना कि चुचियो कों दबाने लगा।
देखते हि देखते सभी सबीना ओर मां कों बिलकुल नंगी हौ गई, ओर चारोजने सबीना ओर माँ केँ जिस्म केँ अंगअंग कों चाचकर उनदोनो कि कामवासना कों भडकाने लगे मां अब नीचे बैठकर शोकत केँ लन्ड कों चुसने लगी। तोँ असलम अपने लन्ड कों खडाखडा हाथ सें हिलाने लगाउधर सबीना भि आमिर कां लन्ड चुसने लगीओर नावेद बेड पऱ लेटकर सबीना कि गांड कों चाटने लगा।
तभी शोकत नें कहा रंडीयो जरा नाच-गाना तोँ कर केँ दिखादो हमे तौ सबीना नें कहा जरूर मामूजान ओर नीचेआकर अपनी गांड हिलाकर नाचने लगी। मां कों नाचना नहींआता थां तोँ वोँ शोकत केँ लन्ड कों चुसने मे लगीरही
तभी सबीना नें कहा – बेहन तुम् भि नाचो
तौ माँ बोलीं – मुझे नाचना नहींआता
तोँ सबीना नें कहा – आओ मे बताती हू
तौ माँ खडी होँ गई, सबीना खडीखडी अपनी गांडओर चुचियो कों मस्ती सें हिलारही थि टेप पर्र कोईअरब कां म्यूज़िक चलरहा थां। मां भि सबीना कि तरह धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी गांडओर चुचियो कों हिलाकर नाचने लगी। तब सबीना नीचेलेट गई, ओर पिछवाडा उठाकर अपनी गांड हिलाने लगी तोँ मां भि सबीना केँ पास लेटकर अपना पिछवाडा हिलाकर गांड कों हिलाने लगी।
फिन सबीना ओर मां अपनी गांड कों हिलाकर एक् दूसरी कि गांड सें गांड कों टकराने लगीतभी सबीना सीधी होकरलेट गई, ओर मां कों उपर बुला लियाओर एकदूसरे सें लिपटकर पलटने लगीआधे घंटे तक दोनो नें मिलकर जबरदस्त कामुक डास किया। तोँ सब नें दोनो पऱ अच्छे खासेनोट उडा दिये जिसे सबीना ओर मां अपनेमुह सें उठाकर अपने हाथो सें इकट्ठा करनेलगी सब नें जोरदार ताली बजाकर उनकेनाच कि तारीफ कि नाच केँ ख़त्म होते हि माँ कुतिया बन गयीँ, फर्श पर्र
ओर शोकत कों कहा – पहलेअब चुदाई करलोजान फिनकुछ देर आराम करना हैं
तोँ शोकत नें अपने कपडे खोलकर माँ कि गांड पऱ थूककर अपना मुसल लन्ड गांड मे पेल दिया शोकत नें दो झटको मे अपना पूरा लन्ड गांड मे पेल दिया जिससे माँ कि चीखनकल गयीँ, ओर उन्होने गांड हिलाकर शोकत कों चुदाई करने कों कहा। तोँ शोकत नें जोश मे आकर माँ कि गांड कां गोदाम बनाने मे जुट गय़ा तभी माँ केँ आगेआकर असलम घुटनो केँ बल बैठकर माँ केँ मुह मे अपना लन्ड फंसाकर मां केँ मुह कों चोदने लगा।
माँ केँ मुह सें – गुगुगु गु आँ आँ आँ अहह!!!
कि आवाजे निकलने लगी तोँ पिछवाड़े सें पटापट पटापट कि कामुक आवाजे आँ रही थि उधर नावेद नें नीचे लेटकर सबीना कों अपनेउपर लें लिया। तोँ सबीना नें अपनेहाथ सें लन्ड कों चुत पर्र रखकर उसपरबैठ गई, चुत मे लन्ड समाते हि वोँ नावेद पर्र लेट गई, सबीना केँ लेटते हि आमिर नें सबीना कि गांड मे अपना मुसल लन्ड पेल दिया। ओर सबीना कि घपाघप चुदाई चालुकर दि,
सबीना भि मस्ती सें दो लन्ड खाकर – अहहअहह आँ आँ आँ अहह!
कि आवाजे करनेलगी इधर पांच कि गांड चुदाई सें माँ कि चुत कां फव्वारा बेकाबू होकरफुट पडाओर कामरस उनकी जाघो सें लगकर बहनेलगा तभी शोकत नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाला ओर नीचेलेट गय़ा। तौ मां झट सें शोकत केँ लन्ड कों चुत पऱ लगाकर उसपरबैठ गयीँ,।
चुत मे लन्ड अंदर तक जाते हि माँ शोकत पर्र लेट गई, ओर असलमखडा होकर माँ कि गांड पऱ अपनी निशानी देनेलगा। जिससे माँ कि जोर कि चीख निकल गई,
चीख सुनकर सबीना भि माँ कों देखकर बोलीं – क्याँ हुआ बेहन?!!
तोँ माँ नें कहा – देवर जी नादान हैं शरारती होँ गये हैं बसओरकुछ नहीं!
तभी असलम नें अपना गीला लन्ड माँ कि गांड मे एक् झटके मे पेल दिया जिससे मां कशमसाशे लगीओर अपनी गांड कों हिलाकर असलम केँ लन्ड कों सेट करनेलगी। गांड मे लन्ड सेट होते हि मां शोकत कों कीस करनेलगी। तौ असलमओर शोकत मिलकर मां कि चुतओर गांड कां बाजा बजाने लगे 15 मिनट केँ पहले राऊड केँ बाद मां कां शरीर अकडने लगाओर भरभरा कर वोँ शोकत केँ लन्ड पर्र झड़ने लगी।
उधर सबीना कि चुत नें भि दोबार नमकीन रस निकाल दिया थां अब असलम नें मां कि गांड सें लन्ड निकालकर लियाओर आमिर कों सबीना सें उठा दिया। असलम नीचेलेट गय़ा ओर सबीना कों अपनेउपर लें लिया सबीना नें भि असलम केँ मोटे लन्ड कों अपनीचुत मे दोबार मे समा लियाओर असलम केँ उपरलेट गयीँ,।
तोँ शोकत नें सबीना कि गांड मे लन्ड पेल दियाओर सबीना कि चुतओर गांड कों अबदो मुसल लन्ड पेलने लगेइधर आमिर नीचेलेट गय़ा। तोँ माँ नें आमिर केँ लन्ड कों पकडकर अपनी गीलीचुत मे समा लियाओर आमिर केँ उपर लेटकर उसेजोर सें कीस करनेलगी। आमिरकीस करतेहुए मां कि चुचियो कों जोर सें दबाने लगा जिससे माँ केँ शरीर मे सिहरन सि दोडने लगी।
तभी नावेद नें पिछेआकर मां कि गांड मे लन्ड पेल दियाओर अब दोनो रंडीयो कि जोरदार चुदाई सें कमरे मे पटापट फचाफच कि कामुक आवाजे आनेलगी सब केँ शरीर पसीने सें नहागये थें। तभी लगभग 15 मिनट केँ दूसरे राऊड केँ बाद आमिरओर नावेद नें मां कि गांडओर चुत कों गरमगरम वीर्य सें भर दिया। ओर नावेद माँ कि गांड सें लन्ड निकालकर बेड पर्र लेट गय़ा।
तोँ मां भि वही पलटकर जोर सें सासू लेनेलगी तभी सबीना कि गांडओर चुत कों भि शोकतओर असलम नें अपने वीर्य सें भर दियाओर वोँ दोनोखडे होकर सोफे पर्र लेटगये।
तभी माँ नें सबीना कों कहा – बेहनआजा 69 मे माल कों क्यो खराबकर रही हैं
यह सुनकर सबीना नें – आई मेरी रंडीओर माँ केँ मुह पऱ अपनीचुत लगाकर माँ पर्र लेट गयीँ,
मां सबीना कि गांडओर चुत सें निकलरहे रस कों चाटकर साफ करनेलगी, तौ सबीना भि मां कि चुत कों अच्छे सें चाटकर साफकर रही थि तभी माँ नें सबीना कि गांड मे उंगली डालकर बचाहुआ वीर्य निकालकर चाट लिया।
फिन सबीना कों अपनेपास लेटा लिया माँ नें शोकत कों कहा भाईजान आप् सभी नीचेजाओ अब मे आराम करूगी, सबीना भि यही हौ जाएगी साम कों चली जाएगी।
यह सुनकर चारोजने कपडे पहनकर नीचे आँ गये तोँ सबीना नें सुटपहन लिया तोँ मां गाऊन पहनने लगी
तौ सबीना नें कहा – बुर्का पहन मामीजान यह सुनकर मां नें बुर्का पहन लियाओर दोनोबेड पऱ लेट गई,
तभी माँ बोलि – यह चुदाई भि क्याँ चीज बनाई हैं ईश्वर नें
तौ सबीना नें कहा – बेहनसच कहा तुमने ओरत केँ लिए सबसेबडी खुशी चुदाई हि हैं बस रोटीकम चलेगी मगर चुदाई कम नहीं चलेगी कभी
यह सुनकर माँ नें कहा – हा बेहनसही कहा तुमने अबपता नहींकब मिलना होगा हमारा भि अब तौ शरीर भि कुछ सालो मे ढल जाएगा। तौ कोई देखेगा नहीं तुम् तौ अभि जवान होँ तुमको तौ बहोत लन्ड खाने हैं
तौ माँ बोलि – तुमको नहीं खाने हैं क्याँ
तौ सबीना नें कहा – हमे कों पेलेगा अबकुछ सालोबाद बुढे लन्ड हि मिलेगे जवान तौ देखेंगे नहीं
यह सुनकर माँ नें कहा – मेरा बेटा अपनी मौसी कि चुतओर गांड कि सेवाकर देगा
तोँ सबीना बोलीं – सच्ची बेहन तौ
मां नें कहा – जरूर पहले देखू तोँ सही वोँ बच्चा हि हैं याँ जवान हौ गय़ा हैं
यह सुनकर सबीना बोलीं – बेहनमै बता दूगीबस तुम् भेजदो
तोँ माँ बोलि – बेहन पहले सब्रकरो थोडा
तोँ सबीना बोलि – बेहनसाफ साफ बोलो नाँ पहला वीर्य तुम् हि पीना चाहती होँ मेरे प्यारे भांजे कां ओर हसनेलगी
माँ नें कहा – बेहन तुमने सच मे तीन दिनो मे इतनीबार कह दिया हैं कि मै तौ अब सोचने लगीहू केसै चुदूगी ओर केसै उसका चुसूगी बसअब जल्द वोँ कुंवारे सें रेडी मर्द बनने वाला हैं। अगर उसने मुझे देखकर कुछ नहीं कीयाओर गोर नहीं कि तोँ क्याँ करूगी?!
तौ सबीना बोलीं – बेहन चुचियो कों ऐसे दिखाना पूरी कि पूरीओर वोँ भि तरीके सें उसेपता नां लगे तुम् उसे देख्ना नहींअगर दोनो कि नजरेमिल भि जाए। तोँ हसकरउसे देखने देगा ताकी उसका हौसला बढ़े देखने कां तुम् तौ उसकी पेन्ट पर्र नजर रखनाओर कुछ नहींओर झाडू पोचा करते वक़्त अपनी गांडओर चुचियो कों ज़्यादा सें अधिक दिखाना। उसकेबाद मे मुझे बताना मे बताऊगी क्याँ करना हैं तुम्हे पहलेयह शुरूआत तौ करो एक् दिन नहीं महीना लग जाएगा।
उसकीहवस इतनी भडकानी हैं कि वोँ हवशी होँ जाए तुम्हे चोदने केँ लिएबस माँ कीआंखे जलनेलगी।
तौ सबीना कों कहा – बेहन सोना होगारात भि बाकी हैं आज कि परसो दि तीन रूककर तुमसे बात करूगी मै मोबाइल पर्र
यह सुनकर सबीना बोलीं – ठीक हैं बेहनओर दोनोसो गई, साम कों 6 बजे शोकत नें दरवाजा खोलाओर सबीना कों कहाचलो मै तुम्हे घऱछोड देताहू
तोँ मां नें कहा – भाईजान गरमचाय पानी तोँ पिलाओ सबीना कों तोँ शोकत नीचे जाकरगरम चाय बनाकर गरमचाय ब्रेकफास्ट लेकरआता हैं मां ओर सबीना भि मुह धोकरबाल बनाकर गरमचाय पीनेलगी। तभी मां नें खडे होकर नाचते वक़्त आए पेसै सबीना कों देनेलगी।
तौ सबीना बोलि – बेहनयह आपकी मेहनत कि कमाई कि हैं तोँ यह सुनकर
मां नें कहा – ठीक हैं सबीना मतलोओर सबीना कों गलेलगा लिया
उसकेबाद सबीना शोकत केँ संगचली गयीँ, ओर मां नीचे आँ गयीँ, वहा आमिर असलमओर नावेद केँ पास बैठकर बात करनेलगी। मां आमिर कि गोद मे बैठकर कहनेलगी मेरे शौहरअब तौ खुश होगे नाँ उनकी सारी इच्छाए पूरीकर दि तोँ आमिर नें कहा बेगम शर्मिदा मतकरो। तुमने तौ इतना कीया हैं जितना कोईसगी भि नहीं करती हैं
यह सुनकर मां नें कहा – धन्यवाद ओर आमिर केँ गलेलग गयीँ,
मां नें कहा – मै खानां बनादू
तौ आमिर नें कहा – नहींआज हम् सभी बाहर् खानां खाने जाएगे तोँ माँ बोलि मै केसै जाऊगी
तोँ आमिर नें कहा – बुर्के मे ओर वैसे भि हम् तोँ चांदपोल केँ होटल मे जाएगे वहामटन चिकन कि दावत देनी हैं इनको तौ कल इनको भि जानां हैं
यह सुनकर मां बोलीं – मुझेमास देखकर उल्टी आने लगती हैं तोँ आमिर नें कहावहा तुम्हे अलग बैठा देगेओर तुम् अच्छी सब्जी रोटीखा लेना
यह सुनकर मां नें कहा – ठीक हैं
ओरफिन साम कों चारोजने खानां खानेचले गयेवहा पऱ शोकत भि आँ गय़ा माँ कोई पहचान नाँ लें इसलिये वोँ ढेर सारा काजल लगाकर गयीँ, ओर होटल मे बहुतभीड होने केँ कारण वोँ होटल केँ बाहर् खडे होकर स्थान कां प्रतीक्षा करनेलगे। तोँ आते जातेकई लडके माँ कि गांड पर्र फेरकर बराबर सें निकलकर गये मां भि अपनी गांड पऱ हाथ फिरवाकर बहोत खुश हौ गई,।
तभी उनकानबर आँ गय़ा ओरफिन खानां खाकर बाहर् निकले तौ शोकत सबकेलिए पान लेकर आँ गय़ा ओर असलम नावेद माँ केँ संगआटो मे आए। तौ शोकतओर आमिर स्कूटर पऱ उनसे पहलेघऱ पहुंचकर घऱ कों खोलमकर उनका प्रतीक्षा करनेलगे आटो केँ आते हि सभीउपर कमरेमै आँ गये
ओर मां नें कहा – चलोकुछ देरछत पर्र घुमते हैं तोँ सभी घुमने लगेआधे घंटेबाद
शोकत नें कहा – मे दूधगरम कर लाताहू फिन हमारा प्रोग्राम शुरुआत करते तौ मां बोलीं ठीक हैं सभी कपडेबदल लो पहले
तौ शोकत नें कहा – बदलने कि क्याँ जरूरत हैं अब तोँ खोलने हि हैं सबको
तोँ माँ नें कहा – तौ खोललो सभी कपडे मे भि पेशाब करकेआती हू तौ शोकत नें कहा पेशाब तौ मुझे भि करना हैं
तौ आमिर नें कहा – मेरी भि ख़्वाहिश हैं पेशाब करने कि
तौ माँ बोलीं – समझ गयीँ, मे क्याँ ख़्वाहिश हैं आपकी बहोत बिगडगये हौ आप्
तौ असलम नावेद नें कहा – हमे भि बिगड़ना हैं भाभीजान
तोँ मां बोलीं – रूकोफिन माँ कमरे मे जाकर बुर्का ओरसुट खोलकर तोलिया लेकर आँ गई, ओर बाथरूम मे जाकर ब्राओर पेटी भि खोल दि ओर नंगी होकरछत पऱ आँ गयीँ,।
यह देखकर सबके चेहरे चमकउठे!!
तभी शोकत नें अपना कुर्ता पजामा खोल दियाओर क्च्छे सें लन्ड निकालकर मां केँ मुह मे लन्ड डालकर मुतने लगा। माँ घुटनो केँ बल बैठकर मुत कों पीनेलगी तौ आमिर नें भि मां केँ मुह पऱ मुतना शुरुआत कर दिया। यह देखकर असलमओर नावेद नें अपने लन्ड कों बाहर् निकाला ओर माँ कि गर्दन पऱ मुतने लगे चारोजनो नें मिलकर माँ कों अपने पेशाब सें नहला दिया।
माँ नें अब शोकत कां लन्ड मुह मे लेकरबचा हुआ पेशाब पीया तौ असलमओर नावेद नें भि कुछ बूंदे पेशाब कि माँ कों पिला दि मां अब उठकर नहाने चली गई, ओरबीस मिनट रगडकर नहाकर तोलिया लपेटकर बाहर् आँ गयीँ, ओर आइने केँ सामने बैठकर संजने लगी। माँ नें काजल लिपस्टिक लगाईओर लालरंग कि ब्रा पेंटी पहनकर लालरंग कि साडी पहनीओर कीसीनयी नवेली दुल्हन कि तरह स्वयं कों देखकर शर्माने लगी।
तभी कमरे कां दरवाजा खुलाओर शोकत अंदर आँ गय़ा ओर आइने केँ सामने मां केँ पिछेआकर उनकीकमर मे हाथ डालकर उनसे चिपक गय़ा ओर गर्दन कों चुमने लगा। तोँ माँ कि आंखेबंद होनेलगी तोँ शोकत नें मां कों अपनीतरफ घुमा लियाओर कुर्सी पऱ बैठा दियाओर बेड पर्र रखे लिफाफे कों खोलकर उसमे सें लालरंग केँ लाख केँ चुडे निकाले ओर माँ कों पहनाने लगा।
लालरंग कि साडीलाल लिपस्टिक लाल सिंदूर खुलेबाल नाभी केँ परी नीचे तक कर केँ बाधी साडी सोने कां मंगलसूत्र ओर सोने कि चार उगुठिया पहनी हुई मां कीसीकाम कि देवी कि तरहलग रही थि। तभी असलम नावेद ओर आमिर भि आँ गयेओर असलम नें माँ कों घुरकर देखाओर कहनेलगा भाभीजान एक् कमी हैं अभि
तौ मां कहो – क्याँ हैं देवर जीजी
तोँ असलम नें अपनेजेब मे हाथ डालकर सोने कि बाली निकाली ओरकहा नाक मे कुछ नहीं पहना हैं तोँ यहपहन लो।
तौ मां बोलि – देवरु जी तुम् सभी मिलकर मरवाओगे मुझे
तौ नावेद नें कहा – आजआज तौ हम् हि मारेगे कल कां पता नहींओर सभी हंसने लगे
मां नें कहा – तोँ फिन बाली स्वयं हि पहनादो
तौ असलम नें मां कों बाली पहना दि बाली पहनने सें हुए दर्द सें मां कि आख मे आंसू आँ गये जिसे उंगली सें साफकर केँ
असलम नें कहा – भाभीजान यह क्याँ आज कि रात तौ आपकेपास हि कल जरूरत होगी इनकी
तौ माँ हस दि
ओरसब मिलकर मां केँ खूबसूरती कि तारीफ करनेलगे ओर कहनेलगे – हमारी जीवन केँ यहदसदिन यादगार बनकर हमेशा याद रहेगे
तोँ माँ बोलीं – मुझे भि यहदसदिन उम्रभर याद रहेगे
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
तभी शोकत नें कहा – तोँ जानफिन आज कि रात कों यादगार बनाने कि शुरुआत करे
तौ मां नें कहा – जरूरतभी शोकत नें माँ कि साडी केँ पल्लु कों पकडाओर खीचने लगा मां कि साडी खुलती गई, ओर वोँ लहराकर शोकत कि बाहो मे आँ गई,। माँ नें अपने बालो कों पिछे कीयाओर शोकत कों किस करनेलगी वोँ चारो लुगी पहनकर हि आए थें। बस मां अब पेटीकोट ब्लाउज मे खडी थि शोकत कों कीस करते हि शोकत कां मूसल लन्ड हरकत मे आँ गय़ा ओर लुगी सें बाहर् निकलकर मां केँ पेटीकोट केँ उपर सें हि उनको जाघो मे घुसने लगा।
तभी असलम नें माँ केँ पेटीकोट कां नाडाखोल दियाओर मां कां पेटीकोट नीचेगिर गय़ा। तोँ शोकत मां केँ ब्लाउज कां हुक खोलने लगा ब्लाउज खुलते हि माँ लालरंग कि ब्रा पेंटी मे हीरोइन कि तरह चमकने लगी। मां नें झुककर साडी पेटीकोट ब्लाउज उठाकर मेज पऱ रख दियाओर खडेखडे वही पेंटी उतारकर शोकत केँ सामने घुटनो केँ बल बैठकर शोकत केँ लन्ड कों हाथ मे लेकर हिलाने लगी।
मां शोकत केँ लन्ड केँ सुपारे कों जीभ सें चाटने लगीओर देखते हि देखते मां नें शोकत केँ 6 इंच लंबेओर 3 इंच मोटे लन्ड कों पूरा अंदर लेँ दियाओर जोर सें चुसने लगीतभी असलमओर नावेद मां केँ बगल मे आकरखडे होँ गये। तोँ माँ दोनो हाथो सें उनके लन्ड कों सहलाने लगी आमिरअब माँ केँ पिछेआकर बैठ गय़ा ओरचुत कों अपनीजीभ सें चाटने लगा पांच मिनट केँ बाद मां नें शोकत केँ लन्ड कों आजाद कीया।
तौ असलम केँ लन्ड कों मुंह मे भरकर चुसने लगी असलम कां लन्ड इन चारों सबसेबडा थां मगर मां कों कोई फक्र नहींपडा 7 इंच केँ लन्ड कों चुसने कां मां कों अनुभव हौ चुका थां मां कीसी रंडी कि तरह असलम कां लन्ड चुसने लगी। पांच मिनट केँ बाद माँ कां शरीर झडने कों सजधजकर होँ गय़ा तोँ मां नें आमिर केँ सिर कों अपनी जाघो सें दबा लियाओर उसकेमुह मे चुत कों ठुस दिया।
एक् मिनट केँ बाद माँ नें अपने नमकीन रस सें आमिर केँ मुह कों भर दिया तोँ आमिर नें सारारस चाटकर साफ कीयाओर अब वोँ माँ कि गांड केँ छेद कों चाटने लगा। तभी माँ नें असलम केँ लन्ड कों बाहर् निकाला ओर नावेद कां लन्ड चुसने लगी पांच मिनट कि चुसाई केँ बाद आमिर कां नंबर भि आँ गय़ा। तौ मां आमिर कां लन्ड मुह मे लेकर चुसने लगी पांच मिनट केँ बाद,
माँ नें कहा – अब मेरी खुजली तौ मिटादो
यह सुनकर असलम नें माँ कि जाघो मे हाथ डालकर उठा लियाओर मां नें अपनेहाथ सें असलम कां लन्ड पकडकर अपनीचुत पर्र लगा लिया। तोँ असलम नें गीलीचुत मे अपना गीला लन्ड एक् झटके मे पेल दिया तोँ आमिर नें पिछेआकर गांड कों फैलाकर गांड केँ छेद पर्र लन्ड रखकर दि झटको मे लन्ड गांड केँ अंदर तक उतार दिया। ओर दोनो मर्दो केँ बीच माँ बच्ची सि लगरही थि।
मगर चुदाई मे मां सभी पऱ भारी थि वोँ दोनोअब पूरेजोश मे आकर मां कों पेलरहे थें तौ मां भि कामुक आवाजो सें उनको उत्तेजित कररही थि। तभीदस मिनट केँ बाद मां झडने कों हौ गयीँ, तौ चिल्लाह कर उन्हे जोर सें चोदोओर जोर सें चोदो कहनेलगी। तौ वोँ दोनो भि पूरी ताकत सें माँ कों पेलने लगेतभी माँ असलम केँ लन्ड पऱ झड गई, ओर उनकीचुत कि आवाज़ बदल गई,।
“मां कि चुत सें फचाफच कि आवाज़ आँ रही थि तोँ गांड सें पटापट कि आवाज़ निकलरही थि। ”
दस मिनट तक वोँ दोनो माँ कों पेलते रहे,
ओर माँ – अहहअहह अरेरे मार डाला चोदो मुझेजोर सें हाय क्या बात है
करके चुदने लगी असलमओर आमिर नें बीस मिनट तक मां कों चोदकर छोडा। तौ शोकत नें माँ कों बेड पऱ चलने कों कहा शोकतबेड पऱ लेट गय़ा तौ माँ भि शोकत केँ लन्ड कों चुत मे लेकर उसपरलेट गयीँ,। तभी नावेद नें पिछेआकर गांड मे लन्ड पेल दियाअब शोकत अपनी गांड उठाकर चुत कों पेलने लगा।
तोँ नावेद भि झटके मारकर गांड कों बजाने लगादस मिनट कि चुदाई केँ बाद माँ फिन सें झड गई, मगर शोकतओर नावेद माँ कों उसी पोजीशन मे पेलने मे लगेरहे। दोनो नें मिलकर बीस मिनट तक माँ कों पेला एक् घंटे कि चुदाई मे माँ अब तक चारबार झड चुकी थि मगर वोँ बदलबदल कर माँ कि बजारहे थें तभी नावेद झडने कों हुआ। तौ उसने अपना लन्ड गांड सें बाहर् निकाल लियाओर सोफे पर्र बैठ गय़ा तोँ शोकत नें भि मां कि चुत सें लन्ड बाहर् निकाल लिया।
अब असलमबेड पर्र लेट गय़ा ओर माँ कों बैठकर गांड मे लन्ड लेने कों कहा, तौ मां नें गांड पऱ लन्ड सेट कीयाओर पूरा अंदर लेकर असलम पऱ लेट गयीँ, इसतरह माँ कि चुतउपर कि तरफ आँ गयीँ, ओरअबचुत मे आमिर नें अपना लन्ड फसा दिया। मां फिन सें दो लन्ड लेकरमजे सें चुदने लगीओर अरेओह करनेलगी असलमओर आमिर बारी बारी सें मां कि चुचियो कों बेरहमी सें दबारहे थें जिससे माँ कि आहेचीख मे बदल जातीओर वोँ जोश मे आकर गाली देने लगती।
तौ सामने सें भि गाली सुनकर मुहाल गरम होँ जाता चुचियो कों मसलने पऱ
मां केँ मुह सें लगातार गाली निकलने लगी – भडवो क्याँ कररहे, कुतो मे रंडी नहींहू,
तौ असलम नें कहा – हा बेहन कि लोडी तूँ… तोँ छिनाल हैं… रंडी भि फैल हैं… तेरेआगे… मम्मी कि लोडी…आज तेरीमा चोद देगे
तोँ माँ नें कहा – जा नां चुतिये तेरे जैसेमा चोदने वालेहतर आएओरचले गये…झाट केँ बाल समान भि नहीं समझती मै तेरे जैसे चुतियो कों… लगाजोर दिखादे… अपनी ताकत!!
तोँ दोनो नें अपनी पूरी ताकत सें मां केँ शरीर कों हिलाकर रख दियाओर कमरे सें पटापट कि आवाजे गूजने लगीओर मां कि हल्की हल्की चीखे कमरे मे गुजरही थि। असलमओर आमिर नें माँ कि चुतओर गांड कों आधे घंटे तक जोरदार तरीके सें पेलाइस चुदाई मे मां एकबार झड चुकी थि।
तौ अब दुबारा वोँ झडने कों रेडी थि तभी आमिर कां जिस्म भि झडने कों सजधजकर होँ गय़ा ओर आमिर नें अपने लन्ड सें मां कि चुत मे पिचकारी चला दि ओर आमिर केँ गरम वीर्य कि धार पडते हि माँ नें भि अपना नमकीन रसछोड दिया। तौ कुछदेर बाद असलम नें भि अपनी गांड उठाकर मां कि गांड मे अपनामाल छोड दिया जिससे माँ कि चुतओर गांड कों बडा सुकुन मिला।
असलम केँ हटते हि नावेद बेड पर्र पांव लटकाकर लेट गय़ा ओर मां नावेद केँ लन्ड कों चुत मे लेकर अपनेपैर नीचे लटका लिये। जिससे मां कि गांडऊपर निकलआई तोँ बेड केँ पासखडे होकर शोकत नें अपना लन्ड माँ कि गांड मे पेल दियाओर फिनउन दोनो नें माँ कि रेल बनानी शुरुआत कर दि। तोँ माँ भि जोर सें चुदने लगीओर उनसेजोर लगाकर चोदने कों कहनेलगी।
शोकतओर नावेद पूरी स्पीड सें लन्ड पेलरहे हैं जिससे पटापट कि आवाजे कमरे मे गुजरही थि ओर माँ भि अहहअहह करकेमजे सें चुदरही थि। शोकतओर नावेद नें भि करीबआधे घंटे तक जमकर मां कों रगडातब जाकरउन दोनो कां माल निकलने कों हुआ तोँ दोनो नें अपनामाल मां कि गांडओर चुत मे भर दिया। तौ माँ भि आधे घंटे मे दोबार ओरझड गई, थि।
इसतरह दो घंटे कि जोरदार चुदाई केँ बाद पहला राऊड ख़त्म हुआ तौ माँ थककरबेड पऱ लेट गई, चारोजनो सें दोदो टेबलेट खाकर चढाईकरी थि। तोँ यह तौ होना हि थां शोकत नावेद ओर माँ तीनोजने बेड पऱ लेटकर सुस्ताने लगे अभि रात केँ बारहबज चुके थें।
अभि तोँ पूरीरात बाकी थि ओरचार मर्दो केँ बीच मां अकेली खैरकुछ देर सुस्ताने केँ बाद,
असलम नें कहा – भाभीजान थक गयीँ, क्याँ?!!
तोँ माँ बोलीं – देवरु जीचार चार मूसल एक् संग कुटाई करेगे तोँ थकान तौ होगी हि
“यह सुनकर सभी हंसने लगेओर”
नावेद बोला – तोँ फिनआज कि रातयही रूकना होगा क्याँ
तोँ मां नें कहा – रूकने कों तौ नहींकहा देवर जीजी शुरुआत करो चाहेमै तौ सजधजकर हू तोँ
नावेद नें कहा – भाभीजान हमारा पप्पु बिगाड गय़ा हैं इसेनीद सें आप् हि जगाओ इसको भि आदतलग गयीँ, हैं आजकल
तोँ मां हसकरबेड पऱ बैठ गई, ओर नावेद केँ उपर झुककर उसके लन्ड कों मुह मे भर लियाओर चुसने लगी। देखते हि देखते नावेद केँ लन्ड कि नसे चमकने लगीओर टोपालाल सुर्ख चमकने लगा। तभी शोकत कां मूसल लन्ड भि तनतना उठाओर पीछेआकर उसने मां कि गांड मे लन्ड पेल दिया।
मां भि लन्ड चुसते हुए मस्ती सें गांड हिलाकर गांड मरवाने लगीकुछ देरबाद,
नावेद बोला – भाभीजान आँ जाओअब पप्पु कि सैरकर लो
तोँ मां आगे खिसककर नावेद केँ लन्ड कों पकडकर चुत मे लेँ लियाओर गांड उठाकर शोकत कों गांड पऱ चढाई करने कों कहनेलगी। शोकत गांड पऱ थप्पड मारकर गांड कों जोर सें बजाने लगा
ओर मां – उफअरे ओहओओ
करनेलगी बीस मिनट केँ बाद माँ नें अपनीचुत कों कस लियाओर नावेद केँ होठो कों कसकर चुसते हुएजोर सें झड गई,। तौ शोकत नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लियाओर आमिर कों आने कों कहा तौ नावेद नें भि असलम कों उपरआने कों कहा तौ असलमबेड पर्र लेट गय़ा ओर माँ कों अपनी गांड मे लन्ड लेने कों कहा। मां नें अपनी गांड मे पूरा लन्ड फंसाकर असलम केँ पेट पर्र अपनीकमर चिपाकाकर लेटगये।
तोँ आमिर नें मां कि टांगो कों उठाकर उनकीचुत मे लन्ड पेल दिया असलम नें अपनी टांगो कों मोड लिया। जिस केँ उपर माँ नें अपनी जाघो कों चिपाकर अपने पेरो कों उचाउठा लिया थां गांडओर चुत मे लगरहे ताबडतोड झटको सें माँ कि चुचिया जोरो सें हिलने लगीओर ओहहाय रे आँ आँ अहहकर केँ मां कि चुदाई परवान चढनेलगी।
मां अपने हाथो सें अपनी चुचियो कों दबारही थि संग मे असलमओर आमिर नें भि मां केँ झडने तक बीस मिनट तक। मां कों पेलाओर फिन माँ केँ झडने केँ बाद दोनोजनो नें माँ कों फिन सें नावेद ओर शोकत कों सोप दिया। तोँ इसबार शोकत माँ कों सोफे पऱ लें गय़ा ओर सोफे पर्र बैठकर मां कों अपनीगोद मे बैठा लिया माँ नें भि शोकत कां पूरा लन्ड चुत मे लेँ लिया।
फिन नावेद नें पिछेआकर गांड मे लन्ड फसा दियाओर अपने दोनोहाथ सोफै पऱ रखकर माँ कि कमर पऱ चिपककर झुक गय़ा।
ओरफिन शोकतओर नावेद नें घपाघप चुतओर गांड कि चुदाई शुरुआत कर दि माँ भि बैठी बैठी अपनी गांड उठाकर शोकतओर नावेद कां लन्ड खानेलगी इसबार शोकत मां कि चुचियो कों बेरहमी सें दबारहा थां। जिससे माँ कि गोरी गोरी चुचीलाल टमाटर सि होँ गई, ओर माँ दर्द सें उत्तेजित होकर गालीया देनेलगी।
तोँ शोकतओर नावेद भि मां कों छिनाल वेश्या रंडी कुतिया कहकर चोदने लगे!
मां भि दोनो कों – भडका हरामी मारदचोद बहनचोद कुते कि ओलाद
कहकर अपनी चुदाई करवाने लगी। गालीयो सें होँ रहीगरम Antarvasna चुदाई कां माँ जमकर आनंद लेनेलगी। ओरइसबार भि माँ कि चुत नें बीस मिनट मे जवाबदे दियाओर मां नें शोकत केँ लन्ड कों अपनीचुत मे कह लिया। ओर फिन उसपर झडनेलगी मां केँ झडते हि दोनो नें अपने लन्ड बाहर् निकालकर माँ कों आमिरओर असलम केँ हवाले कर दिया।
इसबार असलम नें माँ केँ एक् पेर कों बेड पऱ रखकर उनकी टांगो कों फैला दिया मां कि चुतओर गांडअब बिलकुल खुलकर चमकरही थि लगातर चुदने सें मां कि गांड कां छेद अभि भि खुला थां। असलम नें आगेआकर मां कि चुत पऱ लन्ड रखकर धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूरा लन्ड चुत मे उतार दियाओर मां असलम कि कमर मे हाथ डालकर अब उससे चिपक गई, तौ आमिर पिछे चिपक मां कि गांड मे लन्ड फसाने लगा। दोनोजनो केँ लन्ड पूरा अंदर जाते हि,
माँ नें गाली देकरकहा – चोदो हराम केँ जनोखडी करने केँ लिए नहीं मिलती रातेऐसे
तोँ असलम नें कहा – सहीकहा मेरी कुतिया आज तोँ कुते कि तरह हि फंसाकर रखेगे सारीरात
ओर असलम नें गांड हिलाकर चुत मे लन्ड पेलने लगाउधर आमिर नें अपने झटको कों तेजकर दियाओर गांड केँ अंदर पूरा लन्ड जाते हि पटापट कि आवाजे आनेलगी। तौ मां गाली देकर दोनो कों भडकाने लगी तोँ वोँ भि जोश मे आकर चुदाई करनेलगे। लगभगआधे घंटेबाद असलमओर आमिर कां माल निकलने कों हुआ।
तोँ माँ नें कहा – माल अंदर मे डालना मुझे पीना हैं
यह सुनकर आमिर नें अपना लन्ड गांड सें बाहर् निकाल लिया
तौ माँ नें असलम केँ लन्ड कों अपनीचुत सें बाहर् निकाल दियाओर घुटनो केँ बल बैठकर आमिर केँ लन्ड कों चुसने लगीओर एक् मिनट केँ बाद आमिर नें अपनागरम वीर्य माँ केँ मुह मे भर दिया। जिसे गटककर माँ नें असलम केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर एक् मिनटबाद असलम कां माल भि माँ केँ मुह मे आँ गिराओर माँ असलम केँ माल कों भि चटकर गई,।
ओर दोनो केँ लन्ड कों चाटकर साफकर दियाअब माँ नें नावेद कों फर्श पर्र लेटने कों कहाओर उसके लन्ड कों चुत मे लेकर नावेद केँ उपरलेट गई, अभि शोकत सोफे पर्र हि बैठा थां।
तौ मां बोलि – भाईजान कोई बुलावा देना होगा क्याँ आपको
यह सुनकर शोकत नें कहा – क्याँ कहरही हौ बेगमयह लोआया ओर एक् हि झटके भि गांड मे लन्ड फसा दियाओर
फिन दोनो नें माँ कि मिलकर बीस मिनट तक जमकर बजाईबीस मिनट केँ बाद माँ झडने कों हुईँ
तौ शोकत कों कहा – भाईजान माल पीना हैं अंदर मे डालना
तौ शोकत नें जल्दी गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लिया माँ पर्र नावेद केँ उपरबैठ गयीँ, ओर शोकत माँ केँ सामने नावेद कि कमर पर्र दोनो टांगो कों फैलाकर माँ केँ मुह कों चोदने लगा। मां भि शोकत कां लन्ड जोर सें चुसने लगी जिससे शोकत नें लन्ड नें दो मिनट मे माँ केँ मुह कों अपनेमाल सें भर दिया। नावेद अभि भि चुत मे पूरी ताकत सें झटके मारने मे लगाहुआ थां पांच मिनट केँ बाद नावेद नें मां कि चुत मे माल छोडा तौ मां कि चुत नें भि अपना नमकीन रसछोड दिया।
माँ माल निकलते हि नावेद पऱ गिर गई, ओर नावेद माँ कि कमर कों सहलाने लगाइस तरह दूसरा राऊडदो बजे तक चलाअब पांचो जनेथक गये थें।
तौ आमिर नें कहा – कुछखा लेते हैं ओरफिन आराम करके एक् राऊडओर करेगे सुभहसात बजे इनकी गाडी हैं तौ इनको जानां भि हैं।
यह सुनकर असलम नें कहा – चलोदूध गरमकर लाओओर खजूर छुहारे लें आनांसंग
तोँ आमिरओर शोकतदूध गरम करनेचले गये मां अब नावेद केँ उपर सें उठकर उसकेबगल मे लेट गयीँ,
नावेद नें कहा – भाभीजान एक् बातकहू क्याँ बुरा तौ नहीं मानेगी आप्
तोँ माँ बोलीं – दसदिन सें चुदरही हू तोँ बात कां क्याँ बुरा मानूगी
तोँ नावेद नें कहा – आप् अपने पति कों तलाकदे दोओर आमिर सें निकाह करलोशपथ सें आपको बहोत चाहता हैं वोँ ओर हमेशा खुश रखेगा। आप् बोलो तौ आपकेनाम अपनी जमीन घर-मकान भि लिखाने कों रेडी हैं।
तौ माँ नें कहा – नावेद पति कों तौ फिन भि छोडदू मगर बच्चो कों नहींछोड सकतीहू सालदो साल मे तोँ लडकी कि विवाह भि करनी हैं, इसलिये मैयह नहींकर सकतीहू।
तोँ नावेद नें कहा – भाभीजान आप् यहबात हमारे बीच हि रखना आमिर कों कुछमत कहना वर्ना वोँ कहेगा हमारी आपस कि बात क्योकही
तौ मां बोलि – ठीक हैं नावेद नहीं कहूगी
बसयह सुनकर नावेद नें माँ केँ गालो कों चुम लियाओर माँ केँ बूब्स दबाने लगा। तभी पांच मिनटबाद आमिरओर शोकतदूध लेकर आँ गये।
तोँ मां नें कहा – आज तौ बिना गोलीलिए हि जन्नत दिखा दि सबने मिलकर
तौ आमिर बोला – बेगम एकबार ओरखा लेते हैं अगर आपको इतना हि अच्छा लगा
तोँ आमिर नीचे जाकर गोली लेँ आयाओर चारो नें दोदो गोलीओर खाकरदूध पी लिया
तौ असलम नें कहा – दोबजगये पता हि नहींचला
तौ माँ नें अपनीचुत पर्र हाथ रखकरकहा – इसेपता चला हैं नाँ आपका तोँ पता नहीं
यह सुनकर सभी हसनेलगे
तभी माँ नें कहा – मे पेशाब करनेचली जाति हैं ओर अपनीचुत ओर गांड कों साफ करके कमरेलोट आती हैं ओरदूध पीनेलग जाती हैं ओरफिन माँ एकबार फिन सें बिनाकहे हि बेड पर्र लेटे शोकत केँ उपर झुककर उसके लन्ड कों पकडकर सहलाने लगी। तोँ देखते हि देखते शोकत कां मूसल लन्ड नाग कि तरह लहराने लगेतभी नावेद पिछे लाकर माँ कि गांड पर्र लन्ड घिसने लगाओर फिनदो झटको मे पूरा लन्ड माँ कि गांड मे उतार दियाओर पटापट कि आवाज़ सें माँ कि गांड कों बजाने लगा।
तोँ दस मिनट तक शोकत कां लन्ड चुसने केँ बाद शोकत नें मां कों उपरखीच लिया मां उपर चढकर लन्ड कों चुत मे लेकर शोकत पर्र लेट गयीँ,। तोँ नावेद नें उपरआकर गांड मे लन्ड डाल दियाओर फिन मां कि चुतओर गांड कां बाजा बजाने लगे शोकतओर नावेद नें आधे घंटे तक जमकर मां कों पेलाओर माँ कि चुत नें भि चुदाई सें खुश होकरदो बार नमकीन रस निकाल दिया।
अब आमिरओर असलम कि बारीआई तोँ असलम नें माँ कों बेड केँ पासखडा कियाओर एक् टांगबेड पर्र रखकर टांग कों फैला दिया। असलमआगे आकरचुत पऱ लन्ड घिसने लगा तौ पिछे आमिर नीचे बैठकर गांड कों चाटने लगा असलम नें दो मिनटचुत पऱ लन्ड घिसने केँ बाददो झटको मे लन्ड कों चुत मे पूरा उतार दिया। ओर फिन फचाफच कि कामुक आवाजो सें रूम गुजने लगा आमिर पांच मिनट तक गांड कों चाटता रहा।
ओरफिन आमिर नें अपना लन्ड मां कि गांड मे पेल दियाओर अब मां कि चुयओर गांड कां बाजा बजाने लगा असलमओर आमिर बारी बारी माँ कि चुचियो कों बेदर्दी सें दबाने लगे। जिससे मां दर्द केँ चलते उनको गालीया देनेलगी माँ कि गाली सुनकर वोँ ओर जोरो सें माँ कि बजाने लगेओर चुचियो कों निचोडने लगे।
इधर शोकतओर नावेद भि लेटे लेटे माँ कों गाली देनेलगे – चोदोइस रंडी कों… बेहन कि लोडी कि चुत मे बहोत खुजली हैं… दबाकर चोदो इसकी खुजली मिटादो।
तौ मां बोलि – कुतो हराम केँ जनोलगा दो सारी ताकत मिटादो मेरीचुत कि खुजली
गंदी-गंदी गालियो सें माँ कि दमदार चुदाई होनेलगी ओर मां कि चुत टाइम टाइम पर्र अपना कामरस छोडने लगी।
आमिरओर असलम नें भि आधे घंटे तक माँ कों पेलाओर फिन दोनोजनो सें माँ कों छोडा तौ शोकतओर नावेद नें माँ कों दबोच लिया। जैसेकोई शेर हिरण कों दबोच लेता हैं शोकत नें अब सोफे पऱ बैठकर माँ कों गोद मे बैठा लियाओर माँ नें लन्ड पकडकर चुत मे लिया।
तोँ नावेद नें पिछेआकर गांड मे लन्ड घुसेड दियाओर एकबार फिन घपाघप चुदाई चालु हौ गई, फचाफच औऱ पटापट कि आवाजे कमरे मे गुजने लगी। तोँ मां भि अहहअहह जोर सें जोर कहकर चुदने लगीचुत ओर गांड कि घमासान लडाई होनेलगी मूसल लन्ड सें मगरकोई भि हार मानने कों रेडी नहीं थां इधर माँ अभि भि सामने सें झटकेमार रही थि।
तौ शोकतओर नावेद भि पूरी ताकत सें पेलने मे लगे थें ओरआधे घंटे कि घमासान चुदाई केँ बाद आखिरकार माँ कि चुतओर गांड कों राहत मिली शोकतओर नावेद नें अपनामाल बारी बारी सें चुतओर गांड मे गिराकर मां कों आजाद किया।
तौ माँ अपनी गांडओर चुत सें निकलरहे रस कों उंगली सें चाट लियाउधर आमिरओर असलम प्रतीक्षा कररहे थें माँ अब आमिर कि बाहो मे जाकरउसे चुमने लगी। तोँ आमिर नें माँ कों अपनेउपर सुला लियाओर किस करनेलगा आमिर कों लन्ड मां कि चुत मे घुसने कों बेताब होँ रहा थां। तोँ मां नें लन्ड कों पकडकर चुत केँ अंदर लेँ लियाओर फिन सें आमिर कों चुमने लगी आमिर कि गरम सासो सें मां भि गरम होँ गई,।
तौ आमिर नें माँ केँ कानो कों मुह मे भर लियाओर चुसने लगा जिससे माँ कि चुदास भडकउठी फिन सें तभी असलम नें पिछेआकर माँ कि गांड मे घुटागाड दियाओर अब दोनोतरफ सें माँ कि चुदाई करनेलगे। माँ कों किस करने रहनेओर चुचियो कों दबाने सें आमिरइस बारबीस मिनट मे हि झडने कों सजधजकर हौ गय़ा। तोँ उसने माँ कों कहा बेगम वोँ आँ रहा हैं तोँ माँ नें कहा मुझेमाल पीना हैं।
तोँ मां नें असलम कों रूकने कों कहाओर घुटनो कों मोडकर कुतिया बन गयीँ, जिससे आमिर कां लन्ड चुत सें निकल गय़ा ओर असलम कां लन्ड माँ कि गांड मे हि फसारहा। मां कोहनी केँ बल हौ गई, थि तोँ आमिर थोडा उपरसरक गय़ा ओर मां नें चुत केँ रस सें गीले लन्ड कों मुह मे भर लियाओर उसे चुसने लगी। दो मिनट केँ बाद आमिर नें अपने हाथो सें माँ केँ सर कों लन्ड पऱ दबा दियाओर लंडे कों गले केँ अंदर तक फसा दिया। जिससे मां कां सासू फंस गय़ा आमिर केँ लन्ड नें गरमगरम वीर्य कि पिचकारी सें मां केँ मुह कों भर दियाओर मां केँ सिर कों छोड दिया।
तोँ मां नें सारामाल गटक लियाओर प्रेम सें आमिर केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी दस मिनट तक असलम मां कि गांड कों पेलता रहा। जिससे मां कि चुत एकबार फिन पानी छोडने कों रेडी हौ गई, तौ माँ नें अपने शरीर कों कस लियाओर गांड कों दबाकर लंठ कों कसनेलगी। गांड कों कसने सें असलम भि झडने कों होँ गय़ा तौ उसने भि गांड सें लन्ड निकालकर माँ केँ मुह मे दे दिया।
ओर माँ केँ मुह कों पकडकर चोदने लगादो मिनट तक झटके मारने केँ बाद असलम नें भि माँ केँ सर कों लन्ड पर्र जोर सें दबा दियाओर अपनेमाल सें मां केँ मुह कों भर दिया। ओर एक् मिनट तक असलम केँ लन्ड कों दबाकर वीर्य निकालती रहीओर चाटकर साफ करतीरही।
“इसतरह तीसरे राऊड केँ बाद साढेतीन बजगये ओरसभी सुस्ताने लगे!“
तौ मां नें कहा – यहरात तौ हमेशा याद रहेगी
तौ असलम नें कहा – रात बाकी हैं भाभीजान
तोँ मां बोलि – आपको उदास नहीं करूगी एक् राऊडओर करलो चाहे
तोँ आमिर नें कहा – तुम् ठीक तोँ हौ
मां नें ठीक होने मे हफ्ता लगेगा सोजन तोँ कल सुभह आएगीमगर रात कां मज़ा तौ लें लें आज तौ
यह सुनकर सभी नें कहा – मानगये आपकी चुदास कों
तौ माँ बोलि – मेरी चुदास मानगये हौ तौ अब अपनी ताकत कां लोहा भि मनवादो ताकीयह चुदाई कि रातकभी नाँ भूलू
तौ शोकत नें कहा – बेगम माना बुढे जरूर हौ गये हैं मगर चुदाई अभि घोड़े कि तरह हि करेगे
तौ मां बोलीं – तभी तोँ मे आपकेआगे घोडी बनकरचुद रहीहू तभी आमिर नें माँ कों खडा कियाओर नीचे बैठकर उनकीचुत कों चाटने लगा।
तभी शोकत पिछेआकर माँ कि गांड कों चाटने लगाचुत ओर गांड कि चुसाई सें मां कामुक होनेलगी ओर आमिर कां सर अपनीचुत पर्र दबाने लगी। माँ कि गुलाबी चुत कों आमिर मस्ती सें चाटरहा थां तौ शोकत भि मां कि मोटी गांड कों फैलाकर उनका भूराछेद जीभ सें गीला करनेलगा पांच मिनटबाद शोकत नें मां कि कमर कों दबाकर झुका दियाओर खडेखडे माँ कि गांड मे लन्ड पेल दिया।
तौ मां नें आमिर कि कमर कों पकडकर उसके लन्ड कों अपनेमुह मे भर लिया शोकत केँ झटको सें माँ कि गांड केँ संगसंग उनकेमुह कि चुदाई मुफ्त मे होनेलगी। शोकत केँ झटको सें माँ कि चुचिया हवा मे उछलने लगीओर मुह मे लन्ड फसा होने केँ कारण वोँ गोगो करके चुदने लगी।
बीस मिनट कि गांड चुदाई केँ बाद आमिर केँ लन्ड कों चुस चुसकर मां नें लालकर दिया आमिर केँ लन्ड कि नसे फटने कों होँ गयीँ,। तौ आमिर नें मां कों सिधा कीयाओर आगे सें चुत मे लन्ड पेल दिया तौ रस टपकती गीलीचुत मे लन्ड एक् झटके मे हि समा गय़ा अब शोकत केँ उतरते हि असलम नें मोर्चा संभाल लियाओर मां कि गांड मे अपना मुसल लन्ड पेल दिया।
माँ कि चुतओर गांड कों सासू भि नहीं लेनेदे रहे थें वोँ माँ भि बिना रूके चुदाई कां मज़ा लेतीरही बीस मिनट केँ बादजब माँ कि चुत झडने कों हुईँ तौ इसबार माँ कि टांगे कापने लगी। ओर वोँ आमिर केँ लन्ड पऱ झडतेहुए आमिर केँ गले लगकर स्वयं कों संभालने लगी माँ केँ झडने केँ बाद शोकत नीचेलेट गय़ा ओर मां शोकत कां लन्ड चुत मे लेकर उसपरबैठ गयीँ,।
ओर गांड हिलाकर लन्ड कों मसलने लगीतभी नावेद नें आकर मां कों शोकत केँ उपर लेटा दियाओर फिन नावेद नें अपना लन्ड गांड मे पेल दिया। जिससे माँ कि गांडओर चुत कि जमकर चुदाई शुरुआत होँ गई, मां कि ऐसी बेरहम चुदाई कभी नहीं हुई थि।
आजतकमगर मां कि चुदास कों सच मे ऐसी हि चुदाई कि जरूरत थि जिसका आनंद मां लें रही थि ओरअब मां कि आहे चीखो मे बदलने लगी थि। मगर मां कि चीखो सें वोँ ओर उत्तेजित होकर मां कि जोर सें गांडओर चुत कों फाडने लगे शोकतओर नावेद नें बीस मिनटबाद मां कों रिहा कीया तौ माँ सुस्ताने लगी।
यह देखकर असलम नें कहा भाभीजान लगता हैं आज आपकी गांडफट गई, तोँ माँ बोलि देवरु जी वोँ तौ बहोत पहलेफटी थि। आज तौ गांड कां गोदाम बना हैं ओर हसनेलगी।
तौ असलम नें कहा – यह तोँ गलतकह रही हैं आप् हमारे लन्ड कों भि बहोत ताकत लगानी पडरही हैं तभीबीस मिनट मे हम् स्थान बदलते हैं गोदाम होता तोँ हमारे लन्ड कों पता हि नहीं चलता।
यह सुनकर आमिर नें कहा – बेगम कों पता नहीं हैं इनकी पर्सनैलिटी केँ बारे मे बेगमहा भरे तौ दुबई केँ शेख इनको अपनी बेगम बनाकर रख लें ओर ताजिदंगी महारानी बनकररहे
यह तोँ माँ नें कहा – आप् कि महारानी हि हूमै तौ शेख मेरे आप् हि हैं
तौ आमिर नें कहा – नहीं बेगम आप् सच मे शेखो कि बेगम बनने लायक हैं
तोँ मां बोलीं – बाद मे बात करेगे अभि ओर असलम सें कहा देवर जीजी आँ जाओफिन जानां भि हैं
यह सुनकर असलम नें कहा – हा भाभीजान अये तौ माँ नें कहा – आप् कि महारानी हि हूमै तौ शेख मेरे आप् हि हैं
तोँ आमिर नें कहा – नहीं बेगम आप् सच मे शेखो कि बेगम बनने लायक हैं
तौ मां बोलीं – बाद मे बात करेगे अभि ओर असलम सें कहा देवर जीजी आँ जाओफिन जानां भि हैं
यह सुनकर असलम नें कहा – हा भाभीजान अभि लो भि लो
असलम मां केँ बगल मे लेट गय़ा ओर उनकी मोटी मोटी चुचियो कों कसकर दबाने लगा माँ नें टाइम नाँ खराब करतेहुए असलम केँ लन्ड कों मुह मे लेँ लियाओर चुसने लगी। तौ आमिर नें पिछेआकर गांड मे लन्ड पेल दिया जिससे माँ कि अहह निकल गई, मगरअब आहेमुह मे लन्ड होने केँ कारणगु गु कि निकलरही थि।
ओर आमिर कां केँ लन्ड गांड मे अंदर जाकर पटापट कि आवजे करनेलगा ओर आमिर केँ अंडे मां कि चुत पऱ आकर टकराने लगे लन्ड केँ झटको सें माँ कि चुचियो जोरो सें हिलरही थि।
तोँ माँ भि उत्तेजित होकर असलम कां लन्ड जोर सें चुसने लगी लगभगदस मिनटबाद माँ नें असलम केँ लन्ड कों मुह सें निकाला ओरआगे आकर असलम केँ लन्ड कों चुत मे लेकर उसपरबैठ गयीँ,। माँ नें अपनी मोटी गांड कों हिलाकर पूरा लन्ड अंदर तक लें लियाओर असलम पर्र पसरकर उसके होठो कों चुसने लगी। अब आमिर थोडा आगेआकर मां कि गांड कों चाटने लगाओर फिन उसने एक् झटके मे मां कि गांड मे लन्ड पेल दिया।
असलम मां कि चुचियो कों दबाने लगा तोँ आमिर गांड मारते हुए मां कि गांड पर्र थप्पड मारने लगा मां इस जोरदार चुदाई सें जन्नत मे पहुंच गयीँ, थि। माँ अबथक चुकी थि मगरफिन वोँ पूरेजोश सें चुदाई करवाकर मजेदे रही थि सबको मां कि चुथ कां झरनाआज झरते झरते गिनती हि भूल गय़ा थां।
असलमओर आमिर नें इसबार आधे घंटे तक माँ कों पेला जिससे वोँ दोनो झडने कों होँ गये
तोँ आमिर नें कहा – बेगममाल गिरादू
तोँ माँ नें कहा – हामुह मे गिरादो नाँ
तौ आमिर नें अपना लन्ड बाहर् निकाल लियाओर माँ असलम केँ उपर सीधे होकरबैठ गई, तोँ आमिर असलम केँ पेट केँ उपर सें दोनो टांग फैलाकर मां केँ सामने आँ गय़ा। मां नें आमिर केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर आमिर नें मां केँ खुले बालो कों पकडकर माँ केँ मुह कों चोदना चालूकर दिया।
दो मिनट केँ बाद आमिर नें अपनामाल मां केँ मुह मे गिरा दियाओर मां नें सारामाल चाटकर आमिर केँ लन्ड कों साफकर दिया। आमिरअब सोफै पर्र जाकरलेट गय़ा तौ माँ असलम केँ उपर सें खडी होकर असलम केँ मुह पऱ अपनीचुत लगाकर असलम केँ लन्ड कों मुह मे लेँ लियाओर पांच मिनट केँ बाद मां नें अपनी जाघो कों पूरी ताकत सें असलम केँ मुह कों दबा दिया।
ओर असलम केँ मुह मे झडनेलगी असलम भि मजे लेकर माँ केँ रस कों चाटने लगादो मिनटबाद असलम नें भि अपनी जाघो कि केची बनाकर मां केँ सर कों कसकर अपने लन्ड पऱ दबा जिससे मां कां सासू माँ घुटने लगा। मगर असलम नें अपनीपकड कम नहीं कि असलम नें सारामाल माँ केँ मुह मे भरकर अपनी जाघो कि पकडकम कि तौ माँ मुह खोलकर सासू माँ लेनेलगी ओर मां केँ मुह मे भरामाल भि असलम कि छोटी छोटी झांटो पर्र गिरने लगा।
माँ नें सासू माँ लेकर नीचे गिरामाल चाटकर साफ कियाओर फिन असलम केँ लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफकर दियाओर एकबार फिन मां फर्श पऱ निढाल होकरलेट गयीँ,। तोँ असलमखडा होकरबेड पऱ लेट गय़ा अबरात कों शुरुआत हुइ चुदाई कां अंतिम दोर आखिरकार आँ हि गय़ा।
माँ चुदाई सें बुरीतरह थक चुकी थि ओर उनकी हिम्मत समाप्त होँ चुकी थि मगरफिन भि हार नहीं मानने कों रेडी थि।
मां नें शोकत कों कहा – भाईजान आप् भि आँ जाओओर चुत मे अपनामाल भरकरकुछ राहतदे दो
तोँ शोकत नें कहा – अभि लो बेगम
शोकत नें नावेद कों नीचे लेटने कों कहाओर माँ कों नावेद कां लन्ड गांड मे लेकर नावेद केँ उपर लेटने कों कहा तौ मां नें नावेद कां लन्ड गांड मे फसा लियाओर नावेद केँ पेट पऱ अपनीकमर कि साइडकर केँ लेट गई,। नावेद माँ कि गर्दन कों चुमने लगाओर दोनो हाथो सें मोटी मोटी चुचियो कों कसकर दबाने लगा। तभी शोकत घुटनो केँ बल बैठकर मां कि चुत पर्र लन्ड घिसने लगा।
तभी नावेद नें झटके देनेबंद कीये तोँ शोकत नें अपना काला लन्ड मां कि चुत मे दो झटको मे पूराफसा दियाओर एकबार फिन पटापट ओर फचाफच कि कामुक आवाजो सें रूम गुजने लगा। मां भि जोरजोर चीखरही थि अबमगर मां कि चीखो सें उनकोकोई फर्क नहींपडा ओर वोँ दोनो ताबडतोड चुदाई करनेलगे।
माँ कि हालात खराब होनेलगी तोँ जोरजोर सें चीखने लगी, मां कि चीखो पर्र,
वोँ दोनो हंसकर मां कों पेलते रहेओर गालीया देनेलगे – क्यो रंडीआज पतालगा नां चुदाई कीसे कहते हैं… बहोत उछलरही थि… बेहन कि लोडी…अब बोलओर चुदेगी हम् सें
तोँ मां नें कहा – कुतो भोकते हि रहोगे याँ चुदाई भि करोगे फाडदो आजइसचुत ओर गांड कों तब मानूगि
थोड़ी देर चूदाई केँ बाद शोकत औऱ नावेद भि अपनामाल मां केँ मुह मे भरकर निढालहोकर बेड पऱ लेटगए माँ चुदाई सें बुरीतरह थक चुकी थि ओरसाफ किए बगैर हि आमिर केँ बाजू मे सो गई
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Aage kya hua? Next part padhiye
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